सेब सीजन के रफ्तार पकड़ने से पहले ही सेब के मालभाड़े की दरें प्रति क्विंटल, प्रति किलोमीटर तय करने से बागवानों को झटका लगा है। पिकअप से सेब की ढुलाई का मालभाड़ा बीते साल के मुकाबले करीब 20 फीसदी तक बढ़ा दिया है। प्रदेश सरकार ने इस सीजन में पहली बार सेब की ढुलाई की दरें प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर के आधार पर तय की हैं। हिमाचल में सेब ढुलाई की दरें अब तक पेटी के आधार पर तय होती थीं। उपमंडल से प्रदेश और बाहरी राज्यों की बड़ी मंडियों तक प्रति पेटी के आधार पर प्रशासन ढुलाई की दरें अधिसूचित करता था। इस साल सरकार ने उपायुक्तों को ढुलाई की दरें प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर के आधार पर तय करने के निर्देश दिए हैं। बागवानों का कहना है कि पिकअप के किरायों में अनुचित बढ़ोतरी की गई है। सेब उत्पादक क्षेत्रों से सड़कें संकरी होने के कारण 80 फीसदी सेब पिकअप गाड़ियों से ही लोकल मंडियों तक पहुंचाया जाता है। पिकअप के किराये बढ़ने से बागवानों की लागत और फसल को मंडियों तक पहुंचाने का खर्चा बढ़ जाएगा। संयुक्त किसान मंच के सह संयोजक संजय चौहान का कहना है कि सेब सीजन के लिए पिकअप का प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर किराये का निर्धारण पुन: किया जाना चाहिए। बीते साल के मुकाबले दरों में करीब 20 फीसदी बढ़ोतरी से बागवानों पर अनावश्यक बोझ पड़ेगा। सोलन और परवाणू सेब मंडी में कारोबार की तैयारियां पूर्ण हो गई हैं। मंगलवार को पूजा-अर्चना के साथ यहां पर कारोबार भी शुरू हो जाएगा। हालांकि कुछ क्षेत्रों से अर्ली किस्म का सेब पहुंचना भी शुरू हो गया है। जोकि अभी स्थानीय क्षेत्र में ही बिक रहा है। मंगलवार से बाहरी राज्यों के कारोबारी भी मंडी में पहुंचना शुरू हो जाएंगे। इसके लिए मंडी समिति की ओर से सभी तैयारी पूरी कर ली हैं। परवाणू सेब मंडी में मंगलवार को चौपाल, करसोग, कुमारसैन और ठियोग से सेब किस्म टाइडमैन और नाशपाती की पहली खेप पहुंचेगी। परवाणू मार्किट कमेटी के सचिव राजेश कुमार ने बताया कि सेब सीजन को लेकर सभी तैयारी पूरी कर ली हैं।
कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर बरसात में फिर खतरा मंडराना शुरू हो गया है। परवाणू से कैथलीघाट तक फोरलेन में पहाड़ियों पर बड़े-बड़े पत्थर अटके हैं। बारिश से ये पत्थर कभी भी सड़क पर आ सकते हैं। इसके अलावा मलबा गिरने का खतरा भी हर समय रहता है। मलबा और पत्थरों के सड़क पर आने से हाईवे फिर बाधित होने की आशंका है। आने वाले दिनों में बारिश में हाईवे पर चलना खतरे से खाली नहीं है। हालांकि परवाणू से सोलन और सोलन से चंबाघाट तक फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी की टीम की ओर से कर्मचारियों की तैनाती की है। यह कर्मचारी जैसे ही भूस्खलन होता है सड़क को सुचारु करेंगे, लेकिन इस बरसात में भी वाहन चालकों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। हैरत की बात तो यह है कि कई जगह सड़क किनारे बनी ड्रेनेज भी बंद हुई। वहीं, डक्ट में भी मिट्टी घुसी है जिसे अभी तक ठीक नहीं किया है। इस कारण पानी लोगों के घरों में जाने की भी आशंका है। परवाणू से कैथलीघाट तक फोरलेन को लेकर पहाड़ियों की कटिंग की गई है। चक्कीमोड़ में भी पहाड़ी खिसक सकती है। यहां पर केवल पांच मीटर का डंगा लगाया गया है। यह डंगा बड़ी पहाड़ी के लिए नाकाफी है। इसके अलावा जाबली, सनवारा, पट्टामोड़, सोलन-बड़ोग बाइपास, दोहरी दीवार, चंबाघाट, सलोगड़ा, कंडाघाट समेत दर्जन भर ऐसे क्षेत्र है जहां पर पहाड़ियों पर बड़े-बड़े पत्थर अटके हैं। गौरतलब है कि हाईवे पर पिछली बरसात के दौरान भी काफी नुकसान हुआ था। चक्कीमोड़ में पूरी सड़क ढह गई थी। इसके अलावा सनवारा और तंबूमोड़ में एक तरफ सड़क ढह गई थी। इसके अलावा कई जगहों पर पहाड़ी से भूस्खलन के मामले भी सामने आए थे। दोहरी दीवार पर भूस्खलन के बाद डंगा भी टूटा था। बीते दिनों हुई बारिश के दौरान भी सड़क पर मलबा और पत्थर गिरे थे। हालांकि अभी बरसात की शुरुआत है। लेकिन पहाड़ियां दरकनी शुरू हो गई हैं। दोहरी दीवार में सुबाथू की ओर जाने वाले रास्ते में भूस्खलन हुआ था। यहां पर पहाड़ी से बड़ा पत्थर सड़क पर आ गया था। इसके अलावा पट्टामोड़ में भी भूस्खलन हाल ही में हुआ है। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर बीती बरसात में ढही सड़क एक वर्ष बाद भी वैसे ही पड़ी है। तंबूमोड़, चक्कीमोड़, सनवारा और पट्टामोड़ में एक लेन से दोनों ओर आवाजाही होती है। आगामी दिनों में यदि बारिश से भूस्खलन होता है तो यहां पर यह लेन भी बंद हो जाएगी। परवाणू-सोलन फोरलेन पर बरसात के मौसम से निपटने के लिए 120 कर्मचारी, छह जेसीबी की तैनात कर दी गई हैं। बरसात में यदि पहाड़ी से भूस्खलन होता है तो तुरंत वहां से मिट्टी हटा दी जाएगी। हाईवे बंद नहीं होने दिया जाएगा।
हिमाचल के स्कूलों में नशे के खिलाफ एंटी ड्रग स्क्वायड बनेंगे। बच्चों को नशे से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में नशा विरोधी दस्तों के गठन की घोषणा की है। यह पहल हिमाचल प्रदेश एकीकृत नशा निवारण नीति को लागू करने के प्रयास के हिस्से के रूप में की गई है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने सभी उप निदेशकों को स्कूलों में एंटी ड्रग स्क्वायड का गठन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नशा विरोधी दस्ते का नेतृत्व स्कूल के प्रिंसिपल करेंगे। इसमें 2-3 स्टाफ सदस्य और 2 से 3 छात्र प्रतिनिधि शामिल होंगे। छात्र प्रतिनिधियों को स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी), अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) या पंचायतों (ग्राम परिषदों) जैसे निकायों से चुना जा सकता है। स्कूलों को ऐसी प्रणाली स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां छात्र-कर्मचारी गुमनाम रूप से किसी भी ड्रग से संबंधित रिपोर्ट कर सकते हैं। मासिक आधार पर जानकारी की एंटी-ड्रग स्क्वायड समीक्षा करेंगे। जरूरी हुआ तो स्क्वायड आगे की जांच और कार्रवाई के लिए पुलिस को जानकारी देंगे। छात्रों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में शिक्षित करने के लिए वाद-विवाद और निबंध लेखन प्रतियोगिता करवाई जाएगी। नशा विरोधी दस्तों को स्कूलों के भीतर, स्कूल आने-जाने के रास्तों और आसपास की दुकानों में संदिग्ध गतिविधि की निगरानी का काम सौंपा जाएगा। वहीं, दस्ते स्कूल समुदाय के भीतर संभावित ड्रग उपयोगकर्ताओं, विक्रेताओं या प्रभावित करने वालों के बारे में भी जानकारी एकत्र करेंगे। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे नशे के मामलों पर राज्यपाल भी चिंता जता चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि युवाओं को नशे की दलदल में डूबने से बचाने के लिए मिलकर सभी को प्रयास करने होंगे। युवा पीढ़ी के भविष्य को बचाने के लिए शिक्षण संस्थानों को भी आगे आना होगा और सख्त नियम बनाने होंगे। उन्होंने पुलिस को नशा तस्करों पर कार्रवाई के सख्त निर्देश भी दिए हैं और स्कूल, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के बाहर नशा बेचने वालों पर पैनी नजर रखने के लिए कहा गया है।
हिमाचल प्रदेश: तीन हलकों में होने जा रहे उपचुनाव के लिए आज चुनाव प्रचार थम जाएगा। 10 जुलाई को मतदान होना है और नतीजे 13 जुलाई को आएंगे। तीन विधानसभा सीटों के 2 लाख 59 हजार, तीन सौ चालीस मतदाता प्रत्याशियों के किस्मत का फैंसला करेंगे। आज अंतिम दिन है तो ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने फील्ड में सक्रियता बढ़ा दी है। इस समय देहरा हॉट सीट बनी है। इस विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश चुनाव मैदान में हैं। वहीं, भाजपा ने निर्दलीय विधायक होशियार सिंह को ही प्रत्याशी बनाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सोमवार को देहरा और हमीरपुर में मोर्चा संभालेंगे, जबकि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मंत्री विक्रमादित्य सिंह और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री नालागढ़ में होंगे। कांग्रेस के केंद्रीय नेता सचिन पायलट भी सोमवार को नालागढ़ आ रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल देहरा, सांसद अनुराग ठाकुर हमीरपुर और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर नालागढ़ में डटेंगे। भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. श्रीकांत शर्मा तीनों उपचुनावों के प्रचार का मोर्चा संभाले हैं। हमीरपुर हलके में भाजपा के प्रत्याशी आशीष शर्मा और कांग्रेस के डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा चुनाव मैदान में हैं। वहीं, नालागढ़ विधानसभा सीट की बात करें तो भाजपा ने निर्दलीय विधायक केएल ठाकुर को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस के इंटक के प्रदेशाध्यक्ष रहे हरदीप सिंह बावा चुनाव मैदान में हैं। उधर, इस सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी हरप्रीत सैनी में चुनावी मैदान में है।
माँ शूलिनी सेवा ट्रस्ट, हंगर डिफेंस आर्मी और सोल फ्रोम हिल्स द्वारा 7 जुलाई,रविवार को सोलन शहर के आस पास के क्षेत्रों में वृक्षारोपण किया गया। इस अभियान में सौ से अधिक पेड़ लगाए गए। यह वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत सोलन शहर के मोहन पार्क से की गई जिसमें ट्रस्ट के स्वयंसेवकों द्वारा बान, देवदार और पीपल के पेड़ लगाए गए। शहर में देखा जा सकता हैं कि वनों की काफी कटाई की गई है जो की पर्यावरण में असंतुलन पैदा कर रहा है और उससे मानव जीवन को खासकर हमारी आगे आने वाली पीढ़ी के लिए खतरा काफ़ी बढ़ गया है। जिससे बचने के लिए लोगो को जागरूक होना पड़ेगा और अधिक पेड़ पौधे लगाने पड़ेंगे। इस वृक्षारोपण में ट्रस्ट के सभी सदस्य मौजूद रहे और लोगों से पेड़ लगाने की अपील की। और बताया की हमारे जीवन में और जंगल में रहने वाले जानवरों के लिए पेड़ो की क्या महत्वता है इसलिए सबको अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए ताकि पर्यावरण को सुंदर और रहने योग्य बनाया जाए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा कि प्रदेश की तीनों विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस भारी बहुमत से जीत हासिल कर रही है। हमीरपुर, देहरा व नालागढ़ के मतदाताओं का रुझान कांग्रेस के पक्ष में है और लोग प्रदेश में कांग्रेस सरकार को मजबूत करने के लिए एकजुट हैं। तीन उपचुनाव के बाद प्रदेश में कांग्रेस विधायकों की संख्या 41 होने जा रही है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि भाजपा का कोई भी राजनीतिक दांव अब प्रदेश में चलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में उपचुनाव के लिए भाजपा पूरी तरह जिम्मेदार है और इससे वह कभी भी दोषमुक्त नहीं होगी। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि तीनों पूर्व निर्दलीय विधायकों ने अपने मतदाताओं के उस भरोसे को तोड़ा है, जिसके लिए उन्होंने उन्हें चुना था। इसलिए उन्हें अब क्षेत्र के लोग कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा है कि इन तीनों पूर्व विधायकों को लोगों से अपने इस कृत्य के लिए माफी मांगनी चाहिए। प्रतिभा सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से कहा है कि अब चुनाव के तीन दिन शेष हैं। मतदाताओं को सचेत करते हुए पार्टी के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा व ईमानदारी से पूरा करना है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों को ओपीएस बहाल कर व महिलाओं को 1500 रुपए की सम्मान राशि जारी कर अपनी गारंटी को पूरा किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस जनहित के प्रति पूरी तरह समर्पित है। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि भाजपा झूठी बयानबाजी कर लोगों को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रही है। लोग भाजपा की नीति व नियत से भली भांति परिचित है। सत्ता हथियाने के लिए प्रदेश में पूर्ण बहुमत वाली कांग्रेस सरकार को जिस प्रकार से अस्थिर करने की कोशिश की गई थी वह प्रदेश के लोकतंत्र व जनमत का अपमान था जिसे कभी सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह मजबूत है जो अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करेगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार की इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना को लेकर युवतियां और महिलाएं उत्साहित हैं। योजना के तहत 1500 रुपये के फार्म जमा करवाने के लिए इन दिनों जिला कल्याण कार्यालय (डीडब्लयूओ) में महिलाओं की लाइनें लग रही हैं। जिला कल्याण कार्यालय में शिमला ग्रामीण और शिमला शहरी के तहसील कल्याण कार्यालय हैं। यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में महिलाएं आवेदन जमा करवाने पहुंच रही हैं। कई बार महिलाओं की संख्या अधिक होने से लाइनें कार्यालय के बाहर तक पहुंच रही हैं। जिला कल्याण विभाग के मुताबिक 17 मार्च से 30 जून तक जिलाभर से करीब 70,532 आवेदन मंजूरी के लिए पहुंचे हैं। इसमें चौपाल से सबसे ज्यादा 11,891, ठियोग से 9,377 और रोहड़ू से 7,167 आवेदन आए हैं। इसके अलावा रामपुर से 7,093, चिड़गांव से 5,724, कुमारसैन से 5,707, शिमला ग्रामीण से 5,652, कोटखाई से 4,500, जुब्बल से 4,189, सुन्नी से 3,779, ननखरी से 3,625, शिमला शहरी से 1,281 और डोडरा-क्वार से 547 आवेदन आए हैं। अब आवेदनों की छंटनी की जा रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही इन्हें भी लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। जिला कल्याण अधिकारी केआर चौहान के मुताबिक योजना के तहत महिलाओं के आवेदनों की छंटनी प्रक्रिया जारी है। सुख सम्मान निधि योजना के तहत जिले में करीब 2,569 महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। महिलाओं को अप्रैल से जून तक के प्रतिमाह 1500-1500 रुपये जारी किए हैं। प्रदेश सरकार ने 14 जून को जिले में करीब 2,569 महिलाओं को योजना के तहत तीन माह की राशि एकमुश्त जारी कर एक करोड़ 15 लाख 60 हजार 500 रुपये की धनराशि वितरित की थी। विभाग के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले (16 मार्च तक) फॉर्म जमा करवाने वाली महिलाओं को यह राशि जारी की है।
ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया कि नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के उप-चुनाव के दृष्टिगत मतदान केन्द्र 87 दत्तोवाल-2 जो राजकीय प्राथमिक पाठशाला दत्तोवाल (पश्चिमी भाग) में जर्जर हालत में स्थित था, स्कूल प्रशासन द्वारा गिरा दिया गया है। अब इस मतदान केन्द्र को राजकीय प्राथमिक पाठशाला दत्तोवाल के परिसर में ही स्थित दूसरे भवन (दक्षिण भाग) में परिवर्तित किया गया है। इस बारे में ज़िला निर्वाचन अधिकारी की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।
विद्युत उपमंडल कुनिहार के अंतर्गत आने वाले सभी उपभोक्ताओं को सूचित किया जाता है कि 220 केवी कुनिहार जाबल जमरोट से निकलने वाले 33 केवी कुनिहार फीडर के नियमित रखरखाव और मुरम्मत तथा 33 केवी सबस्टेशन कुनिहार, 11 केवी यार्ड, 33 केवी यार्ड के रखरखाव और 33 केवी जाबल जमरोट से कुनिहार लाइन पर आने वाले पेड़ों/झाड़ियों टहनियों की कटाई-छंटाई के कारण 8 जुलाई सोमवार को प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। जिसके कारण खंड कुनिहार व पट्टाबरारी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों अर्थात कुनिहार, उचागांव, बेहली, आँजी, पट्टाबरारी, कोटी, देलगी कन्यारा, स्यांवा, नमोल, प्लासी, खाड़ी, हरिपुर, दोची, बांवा, जेएनवी, कंडला, कोठी, बडोरी, जाडली, टुकाडी, बानी, झांडी, भटयूएन, चाकलू, भरोल, रिवीं, बिल आदि क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इसके अलावा 11 केवी डूमेहर फीडर पर भी विद्युत आपूर्ति उपलब्ध नहीं होगी, जिसके कारण डूमेहर, भूमती, बलेरा, जयनगर, कुन्हार आदि क्षेत्र बंद रहेंगे। यह जानकारी इंजीनियर मोहिंदर सिंह चौधरी सहायक अभियंता, विद्युत उपखंड एचपीएसईबीएल कुनिहार द्वारा साझा की गई है और उन्होंने प्रभावित उपभोक्ताओं से सहयोग का अनुरोध किया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण योजना में पौधारोपण के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इस राशि का उद्देश्य राज्य में हरित क्षेत्र का विस्तार और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना है। इस परियोजना के अंतर्गत 50 करोड़ रुपये राज्य वन विभाग को आवंटित किए गए हैं। यह राशि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पौधरोपण और वन संरक्षण के कार्यों के लिए प्रयोग की जाएगी। वन विभाग ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए 1.8 करोड़ पौधों के रोपण की योजना बनाई है, जो 76 वन बीटों में फैले होंगे। करीब 1,500 हेक्टेयर में पौधारोपण किया जाएगा। इस वनीकरण अभियान के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य है कि वन आवरण को बढ़ाकर पर्यावरणीय संतुलन को बहाल किया जा सके और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम किया जा सके। प्रदेश में पिछले साल आपदा के कारण पौधरोपण नहीं हो पाया था। विभाग का इस साल उस टारगेट को भी पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये की राशि प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (कैंपा) को आवंटित की गई है। कैंपा का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों में पौधरोपण करना है, जहां वन क्षेत्र को नुकसान हुआ है। यह राशि विभिन्न परियोजनाओं और योजनाओं के माध्यम से वनों के पुनर्वास के लिए प्रयोग की जाएगी। कैंपा के माध्यम से राज्य सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि वन क्षेत्र के नुकसान की भरपाई की जा सके और जैव विविधता की रक्षा की जा सके। प्रधान मुख्य अरण्यपाल राजीव कुमार ने बताया कि प्रदेश में पौधरोपण के जिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अभियान राज्य के पर्यावरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान न केवल वन आवरण को बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगा। जंगलों में आग के खतरे को देखते हुए वन विभाग ने चीड़ के पौधे नहीं लगाने का निर्णय लिया है। विभाग ने देवदार, अखरोट, कवार, चमेली, बान, शहतूत और ब्रास के पौधे तैयार किए हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में विभिन्न प्रकार के स्थानीय और दुर्लभ प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा। अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल कैंपा गिरिश होसुर ने बताया कि निर्माण कार्यों के लिए काटे गए सभी पौधों की भी भरपाई की जाएगी। कैंपा में 3,000 हेक्टेयर में नेट प्रेसेंट के लिए, 900 हेेक्टेयर में साइट के हिसाब से और 1,000 हेक्टेयर में निर्माण कार्यों के कारण नष्ट हुए जंगलों की भरपाई के लिए पौधे लगाए जाएंगे। कैंपा को अप्रैल में पेड़ लगाने की अनुमति मिल गई थी और पेड़ लगाने के लिए योजना बना ली गई है।
हिमाचल में सेब कारोबार से जुड़े लाखों लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए एचपीएमसी आज से कार्टन की सप्लाई शुरू कर देगा। इसके लिए पहले चरण में करसोग सहित कम ऊंचाई वाले ऐसे क्षेत्रों में सप्लाई भेजी जाएगी, जहां सेब की फसल तैयार है। इसके बाद बागवानों की मांग के मुताबिक प्रदेश के मध्यम और अधिक ऊंचाई वाले सेब बहुल क्षेत्रों में एचपीएमसी विक्रय केंद्रों में कार्टन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में शिमला, रोहड़ू, जुब्बल, गुम्मा, रिकांगपिओ, रामपुर, चैल चौक व चिंडी आदि सेब उत्पादन करने वाले क्षेत्रों में एचपीएमसी के कुल 12 फंक्शनल विक्रय केंद्र हैं। जहां पर सेब सीजन में कार्टन की अधिक मांग रहती है। ऐसे में बागवानों को इन सभी विक्रय केंद्रों में डिमांड के मुताबिक कार्टन उपलब्ध होगा। इसके लिए सरकारी उपक्रम एचपीएमसी ने शॉर्ट लिस्ट की गई तीन कंपनी शिवालिक कंटेनर्ज, जेज पैकर्स और जसमेर मेकर्स को पहले ही सप्लाई आर्डर जारी किया है। वहीं, बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के मुताबिक बागवानों को यूनिवर्सल कार्टन की कोई कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। बागवानी पर हर साल लागत बढ़ने से परेशान बागवानों के लिए राहत की बात है कि इस बार कार्टन पिछले साल की तुलना में 7 रुपए तक सस्ता मिलेगा। जीएसटी काउंसिल ने कार्टन पर जीएसटी 18 से घटाकर 12 फीसदी तय किया है। ऐसे में इस साल कार्टन पर जीएसटी पिछले साल के मुकाबले में 6 फीसदी कम लागू होगा, जिसका फायदा हिमाचल में लाखों बागवानों को होगा। एचपीएमसी ने यूनिवर्सल कार्टन के दाम फाइनल कर दिए हैं। इसके मुताबिक बागवानों को अलग-अलग कीमत में ब्राउन और सफेद कार्टन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसका न्यूनतम मूल्य 47.75 रुपए और अधिकतम मूल्य 56 रुपए तय किया गया है। जिस पर जीएसटी अलग से वसूला जाएगा। ऐसे में इस बार बागवानों को दोहरी राहत मिलने वाली है। एक तो इस बार मंडियों में यूनिवर्सल कार्टन में 20 किलो पैकिंग में सेब बिकेगा। जिससे बागवानों को अब पहले की तरह अधिक पैकिंग में सेब बेच कर नुकसान नहीं उठाना होगा। वहीं, इस बार बागवानों को यूनिवर्सल कार्टन पिछले सालों के मुकाबले में 3.50 से 7.50 रुपए सस्ता मिलेगा। यूनिवर्सल कार्टन में अब 20 किलो सेब ही भरा जाएगा। इससे पहले टेलीस्कोपिक कार्टन में प्रति पेटी 7 से 8 ट्रे सेब भरा जाता था, जिसका प्रति पेटी वजन भी 30 किलो के करीब रहता था, लेकिन मंडियों में बागवानों को 24 किलो पेटी के हिसाब से ही सेब की कीमत दी जाती थी। इस कारण अधिक पैकिंग होने से बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। बागवानों को नुकसान न हो इसके लिए यूनिवर्सल कार्टन अनिवार्य किया गया है। ये कार्टन सिंगल बॉक्स का होगा। इसका साइज लंबाई में 500 एमएम, चौड़ाई में 300 एमएम और ऊंचाई में 310 एमएम होगा, जिसे घटाया और बढ़ाया नहीं जा सकता है। जिस कारण इसमें 20 किलो ही सेब भरा जाएगा। इससे मंडियों में वजन को लेकर इस बार विवाद होने से बचा जा सकता है।
**कई जगह जलभराव की स्थिति उत्पन हिमाचल प्रदेश के कई भागों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इससे जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में शनिवार सुबह 10:00 बजे तक एक नेशनल हाईवे व 150 सड़कों पर आवाजाही ठप रही। सबसे ज्यादा सड़कें मंडी व सिरमौर जिले में ठप हैं। इसके अतिरिक्त राज्य में 334 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं। वहीं 55 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। जिला सिरमौर में शनिवार सुबह बड़ा सड़क हादसा टल गया है। जिले के रेणुका विधानसभा क्षेत्र में रेणुका-संगड़ाह सड़क पर कालथ के समीप बस पर एक चट्टान गिर गई। हादसे में बस चालक और एक महिला को चोटें आई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के संगड़ाह उपमंडल के कालथ के समीप शनिवार को एक निजी बस पर चट्टान गिरने के बाद बड़ा हादसा होने से टला है। जिला कुल्लू व लाहौल में तीसरे दिन भी बारिश का दौर जारी रहा। वहीं, जिला कुल्लू के साथ लाहौल घाटी में रातभर जमकर बारिश हुई। 13050 फुट ऊंचे रोहतांग दर्रा में फाहे गिरने से मौसम कूल-कूल हो गया है। ब्यास के साथ चंद्रा, पार्वती नदी सहित नाले भी उफान पर हैं। बारिश से कुल्लू जिले में आठ सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि बारिश के बाद बंजार बस स्टैंड तालाब बन गया है। बस स्टैंड में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने से यहां पर यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर किसान व बागवान बारिश के बाद गदगद हैं। बारिश ने किसानों व बागवानों के चेहरों पर चिंता की लकीरों को मिटा दिया हैं। अब जहां बिजाई का कार्य शुरू होगा। वहीं सेब, नाशपाती, जापानी फल, मेरीपोजा, प्लम आदि के लिए बारिश लाभकारी साबित होगी। मंडी जिले में भारी बारिश से तबाही हुई है। भूस्खलन से जगह-जगह 112 सड़कें बंद हैं। मंडी-पठानकोट-हाइवे पर गलू के समीप पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है। चंडीगढ़-मनाली एनच पर मंडी-पंडोह, छह मील के पास पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। सुबह सात मील के पास एनएच ठप रहा। भूस्खलन के बीच मंडी-पंडोह का सफर जोखिम भरा हो गया है। फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। कांगड़ा जिले के शाहपुर में नेशनल हाईवे को भारी बारिश के काफी नुकसान हुआ है। हाईवे जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं कई जगह जलभराव हुआ है।
**परिणाम के आधार पर मिलेंगे शिक्षक पुरस्कार हिमाचल प्रदेश में विद्यार्थियों की कम संख्या वाले स्कूल मर्ज किए जाएंगे। ऐसे स्कूलों को पहले चरण में मर्ज किया जाएगा, जहां आसपास में भी स्कूल स्थित होंगे। इन स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को साथ लगते स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य सचिवालय में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा। स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए यह फैसला लेना जरूरी हो गया है। शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि अब राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए शिक्षकों के चयन का मुख्य आधार परीक्षा परिणाम रहेगा। अन्य गतिविधियों को भी देखा जाएगा, लेकिन प्राथमिकता सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाले शिक्षकों को ही दी जाएगी। बैचवाइज आधार पर चयनित करीब 2000 जेबीटी और टीजीटी को इसी माह नियुक्तियां देने के शिक्षा मंत्री ने बैठक में निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर ही नवनियुक्त शिक्षकों को स्टेशन अलॉट कर दिए जाएंगे, जिन स्कूलों में सिर्फ एक-एक शिक्षक हैं और विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, वहां नए शिक्षकों को पहली नियुक्ति दी जाएगी। बैठक के दौरान एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने के लिए पुराने नियमों में संशोधन करने के प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिए गए। राज्य सरकार ने एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने को फैसला लिया है। एसएमसी शिक्षक पहले सीधी सीमित भर्ती (एलडीआर) से अनुबंध पर आएंगे और फिर दो साल बाद नियमित होंगे। बैठक के दौरान प्रिंसिपलों की पदोन्नति सूची जल्द जारी करने पर भी सहमति बनी। रोहित ने कहा कि वर्ष 2022 के अंत तक शिक्षा विभाग में करीब 15 हजार पद रिक्त थे। मुख्यमंत्री सुक्खू ने 6 हजार पद भरने को मंजूरी दी है। 2000 पद एक सप्ताह में भर दिए जाएंगे। बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
**गर्जन और बिजली को लेकर भी अलर्ट हुआ जारी हिमाचल प्रदेश में मौसम लगातार करवट ले रहा है। बीते दिनों जहां बारिश के कम होने की संभावना जताई गई थी, तो अब वहीं बारिश को लेकर मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में 3 जुलाई की रात से मौसम ने करवट ली है और बारिशों का दौर एक बार फिर शुरू हुआ। बारिश के कारण प्रदेश के कई स्थानों में तबाही का मंजर भी देखने को मिला है। जानकारी के अनुसार, 115 से ज्यादा सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गई हैं। कई जगह सड़कें धंस गई हैं। कई स्थानों पर बारिश से भूस्खलन हुआ है। राज्य में 212 ट्रांसफार्मर काम नहीं कर रहे। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज और कल भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही गर्जन और बिजली को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, इसके बाद मौसम के सामान्य रहने के आसार है। इस दौरान बारिशों का दौर थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन अधिकतर स्थानों ने बादल छाए रहेंगे।
भारतीय राज्य पेंशनर्ज महासंघ इकाई जयनगर की मासिक बैठक इकाई अध्यक्ष सोहन लाल ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में परिवहन सेवा निवृत कर्मचारी कल्याण मंच के राज्य कार्य कारिणी अध्यक्ष बृजलाल ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। सरकार द्वारा सेवानिवृत कर्मचारियों जो कि 1-1-16 से जनवरी 2022 तक सेवानिवृत हुए है को संशोधित पेंशन, लीव इनकेशमेंट, कम्यूटेंशन व संशोधित वेतन का बकाया नही देने पर भारी रोष व्यक्त किया गया। साथ ही हिमाचल पथ परिवहन निगम से सेवानिवृत कर्मचारियों को संशोधित वेतन के बकाया राशि की कोई भी किश्त न देने व समय पर पेंशन न मिलने के प्रति भी रोष प्रकट किया गया। इसके अलावा 12 प्रतिशत महंगाई भत्ते के किश्त जारी न करना व लंबित मैडिकल बिलों का भुगतान न होने पर भी सरकार को जमकर घेरा । बृजलाल ठाकुर ने बताया कि बैठक में परिवहन निगम से सेवानिवृत कर्मचारियों द्वारा प्रस्तावित धरना प्रदर्शन का महासंघ ने समर्थन करने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि सरकार की हठ को देखते हुए भारतीय राज्य पेंशनर्ज महासंघ ने सभी सेवानिवृत अधिकारियों व कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि प्रदेश में होने वाले उप चुनाव में सरकार के विरुद्ध मतदान करे। इस बैठक में सोहन लाल ठाकुर,बाल कृष्ण ठाकुर, दीपराम ठाकुर, रतिराम, रामलाल, श्याम लाल ठाकुर,लच्छी राम , संतराम सहित काफी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी 5 जुलाई, 2024 को अर्की विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर आ रहे हैं। संजय अवस्थी 5 जुलाई, 2024 को प्रातः 11.15 बजे उपमण्डलाधिकारी अर्की के कार्यालय में अर्की विधानसभा क्षेत्र के चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे। मुख्य संसदीय सचिव तदोपरांत दोपहर 02.30 बजे ग्राम पंचायत जलाणा के राहु गांव में वन महोत्सव में भाग लेंगे।
उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग (एस.जी.एल.आर.) के कार्यान्वयन ज़िला के लिए खुले में शौच मुक्त प्लस मॉडल स्थिति प्राप्त करने के लिए पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मनमोहन शर्मा आज यहां ज़िला में स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग प्रणाली के कार्यान्वयन के लिए आयोजित प्रथम बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से जल शक्ति मंत्रालय द्वारा स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग पहल शुरू की गई है। इसका उद्देश्य पर्यटन उद्योग में स्वच्छता मानकों को और बेहतर करना है। उन्होंने कहा कि एस.जी.एल.आर. का उद्देश्य पर्यटन इकाइयों के संयुक्त प्रयासों से सौंदर्यकरण और स्वच्छता में सुधार करके पर्यटन स्थलों की प्रतिष्ठा में भी सुधार करना है। इसके अतिरिक्त, पर्यटन क्षेत्र में विश्वस्तरीय स्वच्छता और सफाई को बढ़ावा देना, जल निकायों में प्रदूषण की रोकथाम के साथ-साथ पर्यटन उद्योग में स्वच्छता मानकों को उन्नत करने के साथ पर्यावरण को स्वच्छ रखना भी एस.जी.एल.आर. का मूल उद्देश्य है। इसके अतिरिक्त एस.जी.एल.आर. का लक्ष्य स्वच्छता मानकों तक पहुंच बनाना भी है, जैसे कचरा प्रबंधन पद्धतियां, स्वच्छता, कूड़ेदानों की उपलब्धता और पर्यटन उद्योग में लागू की जा रही स्वच्छता और स्थिरता पर सार्वजनिक अभियान चलाना है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि पर्यटन और स्वच्छता के स्तर को बढ़ाने के लिए ज़िला के पांचों उपमंडल स्तर पर उपमण्डलाधिकारी की अध्यक्षता में एस.जी.एल.आर. समिति का गठन किया जाएगा। एस.जी.एल.आर. के तहत आतिथ्य क्षेत्र की इकाइयों को उनके प्रदर्शन के आधार पर एक से पांच के पैमाने पर रेटिंग दी जाएगी। उन्होंने ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण व पर्यटन विभाग को स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग बारे पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए। ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी ओम प्रकाश ठाकुर ने बैठक का संचालन किया। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार, उपमंडलाधिकारी कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य, उपमंडलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, पुलिस उपाधीक्षक बद्दी खजाना राम सहित ज़िला के होटल व होमस्टे के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
शूलिनी विश्वविद्यालय में आयोजित किए जा रहे 37वें इंस्पायर विज्ञान शिविर भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा प्रायोजित, को समृद्ध और आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला द्वारा चिह्नित किया गया था, शिविर ने प्रश्नोत्तरी, व्याख्यान और व्यावहारिक शिक्षण सत्रों के मिश्रण के साथ युवा दिमागों को प्रेरित और शिक्षित करना जारी रखा। दिन की शुरुआत एक आकर्षक जीवविज्ञान और गणित प्रश्नोत्तरी के साथ हुई, जिसका संचालन स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल एंड एनवायर्नमेंटल साइंसेज में सहायक प्रोफेसर डॉ. धृति कपूर और शूलिनी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डॉ. नीरज गंडोत्रा ने किया। प्रश्नोत्तरी के बाद, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर, पंजाब में प्रोफेसर और अनुसंधान निदेशक डॉ. रेनू भारद्वाज ने दिन का पहला व्याख्यान दिया। डॉ. भारद्वाज, 500 से अधिक प्रकाशनों, पांच पेटेंट, 15 प्रमुख अनुसंधान परियोजनाओं और 41 पीएच.डी. के साथ एक शोधकर्ता है । उनके मार्गदर्शन में छात्रों ने "फाइटोरेमीडिएशन: प्रकृति की हरित स्वच्छ प्रौद्योगिकी" विषय पर अपनी बात से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल प्रदूषण और नदी प्रदूषण जैसी पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में फाइटोरेमेडिएशन के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. भारद्वाज ने पारिस्थितिकी तंत्र को बाधित किए बिना प्रदूषकों से निपटने के लिए पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके व्याख्यान को खूब सराहा गया, छात्रों ने चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया। दूसरा व्याख्यान, "बीजगणित और क्रिप्टोग्राफी," प्रोफेसर आर.के. द्वारा प्रस्तुत किया गया था। शर्मा, कंसेंसिस ब्लॉकचेन चेयर प्रोफेसर और आईआईटी दिल्ली में गणित विभाग के पूर्व प्रमुख। प्रो. शर्मा ने क्रिप्टोग्राफी में बीजगणित के अनुप्रयोगों और सुरक्षित संचार और डेटा सुरक्षा में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। इस बौद्धिक रूप से प्रेरक व्याख्यान ने छात्रों को गणित और प्रौद्योगिकी के अत्याधुनिक अंतर्संबंधों से अवगत कराया। फार्मास्युटिकल साइंसेज संकाय के प्रोफेसर डॉ. रोहित गोयल के सत्र के दौरान व्यावहारिक सीखने के लिए समर्पित था। छात्रों ने सॉक्सलेट निष्कर्षण जैसी पादप औषधि निष्कर्षण तकनीकों, उच्च-प्रदर्शन तरल क्रोमैटोग्राफी (एचपीएलसी) का उपयोग करके फाइटोकॉन्स्टिट्यूएंट्स की मात्रा निर्धारित करना, गोलियों के लिए विघटन और भुरभुरापन परीक्षण करना, काम्बर्ट पंचिंग मशीन का उपयोग करके गोलियां तैयार करना, ठोस खुराक रूपों के विघटन की दर का अध्ययन करना सहित प्रयोग किए। और अनुसंधान में प्रयुक्त जानवरों की सामान्य विशेषताओं का अवलोकन करना। इन व्यावहारिक अभ्यासों ने वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों के साथ सैद्धांतिक ज्ञान को मजबूत करते हुए, अमूल्य व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया। शिविर में विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का भी अवसर मिला। इनमें डॉ. पीयूष सेवल के नेतृत्व में कंप्यूटर-एआई कक्षाएं, अमित कुमार द्वारा प्रबंधित एक विज्ञान वृत्तचित्र सत्र, विक्रांत चौहान द्वारा पर्यवेक्षण किए गए इनडोर खेल और डॉ. राधा द्वारा आयोजित योगानंद पुस्तकालय का दौरा शामिल था। इसके अतिरिक्त, फिल्म "12वीं फेल" की स्क्रीनिंग ने लचीलेपन और दृढ़ संकल्प पर एक प्रेरक कहानी प्रदान की।
हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लि पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन उप इकाई कुनिहार की मासिक बैठक का आयोजन इकाई अध्यक्ष ई रत्तन तनवर की अध्यक्षता में कुनिहार के एक निजी होटल में किया गया। बैठक में एसोसिएशन के राज्य उपाध्यक्ष ई जे सी शर्मा विशेष रूप से उपस्थित हुए । बैठक का शुभारंभ करते हुए इकाई महासचिव आर एन कश्यप ने बोर्ड द्वारा एक महीने में किए गए विभिन्न आदेशों से सभा को अवगत करवाया । सभा अध्यक्ष ई रत्तन तनवर ने बोर्ड की निष्क्रियता पर सबकी ओर से अफसोस व्यक्त किया। उन्होंने बोर्ड से मांग की कि 1.1.2016 के बाद रिटायर्ड पेंशनर्स संशोधित वेतनमान में पे फिक्सेशन अविलंब की जाए, उनके ग्रेच्युटी - लीव एंकेशमेंट - कॉम्युटेशन का भुगतान जल्दी किया जाए । बीमार पेंशनर्स के मेडिकल बिलों का भुगतान, सभी पेंशनर्स के एरियर के भुगतान,1.7.2022 से 31.3.2024 तक के 4% डी आर के एरियर का भुगतान तथा देय 12% बकाया महंगाई भत्ते को जारी करने आदि के आदेश जल्द किए जाए। जो एरियर की एक किश्त जारी करने के आदेश चुनाव के दौरान किए थे उसका भुगतान पेंशनर्स को आज तक नहीं हो पाया है वह भुगतान जल्द से जल्द जारी किया जाए । 1.1.2016 से पहले के पेंशनर्स की नोशनल पे फिक्सेशन में फैक्टर को एसोसिएशन के राज्य महासचिव के सुझाव अनुसार लगा कर पे फिक्सेशन संशोधित की जाए । इसके उपरांत ई जे सी शर्मा राज्य उपाध्यक्ष ने पेंशनरों को भविष्य की चुनौतियों से सावधान करते हुए कहा कि सभी को एकजुटता से रह कर उन चुनौतियों से लड़ने के लिए प्रतिक्षण तैयार रहने की आवश्यकता है। सरकार बिना लड़े कुछ भी देने को राजी नहीं है। इसलिए इसका एक ही सूत्र है हम सबकी एकता ।उन्होंने आशा व्यक्त की कि बोर्ड जल्द ही हमारी एसोसिएशन को बातचीत के लिए आमंत्रित करेगा और उस मीटिंग में सभी मांगों का हल निकल जाएगा, उन्होंने 1 जुलाई 2024 को चंबा में राज्य कार्यकारणी की बैठक में लिए गए निर्णयों से भी विस्तार पूर्वक सभी को अवगत करवाया। इस बैठक में कुनिहार के अलावा अन्य दूर-दूर क्षेत्रो से लगभग 60 पेंशनरों ने पहुंच कर बैठक में भाग लिया।
छावनियों के सिविल क्षेत्रों को स्थानीय निकायों में मिलाने को लेकर रक्षा मंत्रालय ने नई शर्त तय की है। मंत्रालय छावनियों से सिविल क्षेत्रों को बाहर करने को तैयार है, लेकिन इसमें राज्य सरकारों को छावनियों की सभी देनदारियां भी लेनी होंगी। तभी छावनियों से सिविल क्षेत्र बाहर होंगे। मंत्रालय की संपदा शाखा ने शहरी विकास (यूडी) सचिवों को नई शर्त से संबंधित पत्र भेज दिए हैं। छावनियों में पुरानी और लीज पर दी गई सभी संपत्तियां भी राज्य सरकार को मिलेंगी। मंत्रालय सिविल क्षेत्रों को निशुल्क बाहर करने को भी तैयार है। छावनी से सिविल क्षेत्र बाहर आने के बाद इसमें टैक्स लगाना, सुविधाएं देना राज्य सरकार का निर्णय होगा। हालांकि इसमें यह भी तय किया है कि जो क्षेत्र सेना के लिए जरूरी हैं, उन्हें बाहर करने पर दोबारा विचार होगा, चाहे वह कृषि भूमि ही क्यों न हो। बीते दिन हुई छावनियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। रक्षा मंत्रालय की संपदा शाखा के दक्षिण कमान के उप निदेशक हेमंत यादव ने फिलहाल देश की 13 छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी को पत्र भेजे हैं। संपदा शाखा ने यह पत्र देश की 13 छावनी अधिकारियों को भेजे हैं। इनमें सैन्य स्टेशन भी हैं। इनमें महाराष्ट्र में अहमदनगर, कामठी, औरंगाबाद, खड़की, पुणे व मध्य प्रदेश में मोरार, सागर, राजस्थान में अजमेर, नसीराबाद, केरल में कन्नूर देवलाली, उत्तर प्रदेश में बबीना, कर्नाटक में बेलगाम व तेलंगाना में सिकंदराबाद शामिल है। रक्षा मंत्रालय से आई शर्तों के बाद राज्य सरकारों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसमें जल्द शहरी विकास विभाग के सचिव संबंधित छावनियों के उपायुक्तों के साथ बैठक कर दोबारा रिपोर्ट बनाई जाएगी। आचार संहिता से पहले संबंधित उपायुक्त इसकी एक रिपोर्ट सौंप चुके हैं। रक्षा मंत्रालय से नए निर्देश जारी हुए हैं। दोबारा रिपोर्ट तैयार कर सरकार के माध्यम से रक्षा मंत्रालय की संपदा शाखा को भेजेंगे। हिमाचल प्रदेश में चंबा जिले में बकलोह और डलहौजी, सोलन में सपाटू, कसोल, डगशाई और शिमला में जतोग छावनी क्षेत्र हैं।
**मंडियों में पहली बार कंपटीशन में बिकेगा सेब हिमाचल की फल मंडियों में बाहरी राज्यों के लदानी (खरीदार) भी सीधे बागवानों से सेब की खरीद कर सकेंगे। सरकार मंडियाें में आढ़तियों का एकाधिकार खत्म करने जा रही है। लदानियों को मंडियों में दुकानें उपलब्ध करवाने की तैयारी की जा रही है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के निर्देशों पर कृषि उपज विपणन बोर्ड ने यह व्यवस्था बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी हफ्ते बागवानी सचिव के साथ इसे लेकर बैठक आयोजित होनी है। लदानियों को दुकानें मिलने पर आढ़तियों और लदानियों में प्रतिस्पर्धा से बागवानों को सेब के ऊंचे दाम मिलेंगे। मौजूदा समय में कृषि विपणन बोर्ड के अंतर्गत प्रदेश में चल रही 10 एपीएमसी की मंडियों में सेब कारोबार के लिए आढ़तियों को दुकानें उपलब्ध करवाई गई हैं। आढ़तियों को एपीएमसी एक्ट के तहत लाइसेंस जारी किए जाते हैं, जिसका सालाना नवीकरण करना अनिवार्य होता है। मंडियों के बाहर कारोबार के लिए निदेशक कृषि विभाग की ओर से लाइसेंस जारी होते हैं। आढ़ती बागवानों का सेब लदानियों को बेचते हैं और इसके एवज में कमीशन वसूलते हैं। कुछ सेब खरीदार मंडियों के बाहर सड़क किनारे कारोबार कर रहे हैं। इन्हें भी मंडियाें में दुकानें दी जाएंगी। इतना ही नहीं, बाहरी राज्यों से सेब खरीदने के लिए आने वाले लदानी भी अगर मंडियों में सेब खरीद के लिए दुकानें लेने को आवेदन करेंगे तो उन्हें भी दुकानें उपलब्ध करवाई जाएंगी।
** 6 से 10 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हिमाचल प्रदेश के कई भागों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इससे कई जगह भूस्खलन व मलबा आने से सड़कों पर आवाजाही भी प्रभावित हुई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार सुबह 10:00 बजे तक राज्य में 115 सड़कों पर आवाजाही ठप थी। सबसे ज्यादा सड़कें मंडी जिले में बाधित हैं। इसके अतिरिक्त राज्य में 212 बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित हैं। गाद आने से 17 जल आपूर्ति योजनाएं भी ठप हो गई हैं। बीती रात को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अन्य भागों में झमाझम बारिश हुई। मंडी जिले के सुंदरनगर में देर रात से हो रही बारिश के कारण कुछ सड़क मार्ग पूरी तरह से बंद हो गए हैं। इसे लेकर उपमंडल अधिकारी ने इन सड़क मार्ग से सफर नहीं करने की अपील की है। उपमंडल अधिकारी नागरिक सुंदरनगर गिरीश समरा ने कहा कि सलापड़-सेराकोठी मार्ग, पंडार-तातापानी मार्ग, मलोह-कटेरु मार्ग, खुराहाल-कंदार मार्ग, कटेरू-सलापड़-पोड़ाकोठी मार्ग, करंगल-किंदर मार्ग, सलापड़-तातापानी मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। उपमंडल अधिकारी ने कहा कि भारी बरसात से मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में सफर करने से परहेज करें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में जिला प्रशासन सहित उपमंडल प्रशासन के दिए गए नंबर 01907-266001 पर संपर्क करें। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के कई भागों में गुरुवार व शुक्रवार के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 6 से 10 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट है। आज भी शिमला व आसपास भागों में मौसम खराब बना हुआ है। बीती रात से गुरुवार सुबह तक हुई भारी बारिश से शिमला के विकासनगर में मलबा आने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं, हिमलैंड के समीप एक पेड़ गिरा है। शिमला-चक्कर-बिलासपुर मार्ग पर बारिश होने के कारण काफी ज्यादा मलबा आ गया। सड़क पर मलबा आने से वाहनों की आवाजाही दोनों तरफ रुक गई। हालांकि, अब मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है।
जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी पोस्ट कोड 817 का नतीजा 20 जुलाई से पहले घोषित कर दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब चयनित अभ्यर्थियों को मेरिट और उनकी प्राथमिकताओं के आधार पर पसंदीदा विभागों के आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। हिमाचल में पोस्ट कोड 817 के तहत 74 विभागों, बोर्ड और निगमों में करीब 1,867 पद भरे जाने हैं, लेकिन पेपर लीक प्रकरण और कर्मचारी चयन आयोग के भंग होने से 12 पदों पर फिलहाल भर्ती नहीं होगी। भंग आयोग के पांच पद फिलहाल रिक्त रखे जाएंगे, जबकि सात पदों पर पेपर लीक प्रकरण की वजह से नतीजा घोषित नहीं होगा। दस्तावेजों की मूल्यांकन प्रक्रिया को पिछले माह पूरा कर लिया गया है। इस काम के लिए राज्य चयन आयोग हमीरपुर ने चार टीमें गठित की है। इसमें शिक्षा विभाग और बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को शामिल किया गया है ताकि जल्द से जल्द कार्य को पूरा किया जा सके। चार-चार टीमों में काम करते हुए 20 कर्मियों ने अंतिम परिणाम तैयार कर दिया है। आयोग के करीब 12 कर्मचारी अब मेरिट और प्राथमिकता के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों के विभागों का आवंटन कर रहे हैं। अभ्यर्थी सालों से चयन की उम्मीद लगाए हैं। दरअसल पोस्ट कोड 817 के तहत पहले 1,388 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया हुई। इसके लिए चार हजार के करीब विद्यार्थियों को मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए चयनित किया गया। इस बीच मामला कोर्ट में पहुंच गया। इसके बाद पोस्ट कोड में 479 और पद जोड़े गए। अब सभी अभ्यर्थियों का एक साथ अंतिम परिणाम विभागों के आवंटन के साथ घोषित किया जाएगा। 73 विभागों, बोर्ड, निगमों में लिपिकीय स्टाफ की कमी परीक्षा परिणाम के घोषित होने से कुछ हद तक पूरी होगी। पोस्ट कोड के तहत शिक्षा विभाग और बिजली बोर्ड में सबसे अधिक पद भरे जाएंगे। प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया चर्चित रही है जिसमें एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने अपना भविष्य आजमाया था। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग ने 21 सितंबर 2020 में जेओए पदों के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। 21 अक्तूबर 2020 और 22 जनवरी 2021 को विभिन्न पदों से आ रही मांग के अनुसार 1,867 पदों पर भर्ती शुरू की थी। अब 479 पदों के लिए ली लिखित परीक्षा और टाइपिंग परीक्षा के आधार पर 1,375 अभ्यर्थियों को मूल्यांकन परीक्षा के लिए चयनित किया है। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर के प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र सांजटा ने बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर परिणाम तैयार कर लिया गया है। मेरिट और चयनित अभ्यर्थियों की प्राथमिकता के आधार पर विभागों का आवंटन किया जा रहा है। विभागों का आवंटन मेरिट के आधार पर होगा। मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान सभी अभ्यर्थियों से विभागों को लेकर प्राथमिकता वैकल्पिक रूप से लिखित तौर पर ली गई है। अब मेरिट के आधार पर विभाग आवंटित किए जा रहे हैं। एक विभाग में पद भर जाने पर अभ्यर्थी की अन्य प्राथमिकताओं पर विभाग आवंटित होंगे।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में आयोजित किए जा रहे 1 एचपी गर्ल्स बटालियन के वार्षिक एनसीसी प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन अनुशासन स्थापित करने और फिटनेस बढ़ाने के लिए कई सत्र और गतिविधियां आयोजित की गई। शिविर में 22 संस्थानों के लगभग 719 कैडेट भाग ले रहे हैं। तीसरे दिन की शुरुआत जोरदार शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) सत्र के साथ हुई, जिसमें कैडेटस ने बहुत उत्साह और अनुशासन का प्रदर्शन किया और अपनी शारीरिक फिटनेस और टीम वर्क को बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न अभ्यासों में भाग लिया। पीटी सत्र के बाद, कैडेट्स ने ड्रिल प्रशिक्षण में भाग लिया। इस सत्र में उनकी मार्चिंग कौशल, समन्वय और अनुशासन को सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया गया। कैडेट्स ने महत्वपूर्ण सुधार और समर्पण दिखाया, जो उनके प्रशिक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कैंप कमांडेंट कर्नल संजय शांडिल के प्रयासों ने यह सुनिश्चित किया कि कैडेट्स फायरिंग अभ्यास कर सकें। कर्नल शांडिल की देखरेख में एक नया फायरिंग रेंज पहचाना और तैयार किया गया। तृतीय अधिकारी कृष्णा मेहता ने आपदा प्रबंधन पर एक सूचनात्मक व्याख्यान दिया। व्याख्यान का उद्देश्य कैडेट्स को आपात स्थितियों और आपदाओं को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए ज्ञान और कौशल से लैस करना था। सत्र अत्यंत जानकारीपूर्ण था और कैडेट्स को संकट के समय में आत्मविश्वास से प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार किया। चिकित्सा पेशेवरों द्वारा कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) पर एक व्यापक व्याख्यान और प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह सत्र अमूल्य था क्योंकि इसने कैडेट्स को जीवन रक्षक कौशल से सशक्त बनाया। कैडेट्स ने प्रदर्शन में सक्रिय रूप से भाग लिया, सीपीआर करने में शामिल महत्वपूर्ण कदमों को समझा। इस अवसर पर एक समूह गीत प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सभी भाग लेने वाले संस्थानों ने हिस्सा लिया। कैडेट्स ने अपनी संगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभाओं और टीम भावना का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता ने सौहार्द को बढ़ावा दिया और कैडेट्स को रचनात्मक रूप से खुद को व्यक्त करने के लिए एक मंच प्रदान किया। दिन का समापन एक ऊर्जावान खेल वर्ग के साथ हुआ। सभी कैडेट्स ने पूरी ऊर्जा के साथ विभिन्न खेलों में भाग लिया। इस सत्र ने न केवल शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा दिया बल्कि कैडेट्स के बीच टीमवर्क और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी प्रोत्साहित किया।
निर्वाचन अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल ने बताया कि नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में उप-चुनाव के लिए पोस्टल बैलेट के माध्यम से मतदान प्रक्रिया पूर्ण करवा दी गई है। दिव्यांशु सिंगल ने बताया कि नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के उप-चुनाव में कुल 359 मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट के माध्यम से घर से ही मतदान किया। इनमें 85 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 257 मतदाताओं तथा 102 दिव्यांग मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट के माध्यम से मतदान किया। उन्होंने बताया कि इन सभी मतदाताओं के लिए 14 पोलिंग टीमें गठित की गई थीं, और इन मतदान दलों द्वारा घर-घर जाकर मतदान प्रक्रिया पूर्ण करवाई गई।
एल आर इंस्टीट्यूट सोलन ने आज अपने कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव समारोह का भव्य आयोजन किया। ड्राइव में पॉलिटेक्निक ,एमबीए ,बीबीए, बीसीए ,बी फार्मेसी ,एम फार्मा, होटल मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग के 118 छात्रों ने भाग लिया। कैंपस चयन में एक्मे जेनेरिक प्रा॰, क्लब महिंद्रा, आनन्द टोयटा, निचर वेलूयर, डेकरेको कारपोरेशन, क़ोरोना , विहास डिज़ाइन एवं अन्य 10 कंपनियों ने हिस्सा लिया। केंपस प्लेसमेंट पाने वाले बहुत से विद्यार्थी तो ऐसे हैं, जिन्हें एक से अधिक कंपनियों में नौकरी का ऑफर मिला, जिसके लिए एल आर के विद्यार्थियों ने प्रबंधन का धन्यवाद किया है और उनके प्रयासों को सराहा है। केंपस प्लेसमेंट ड्राइव में डायरेक्टर डॉक्टर नेंटा ने बताया कि इस वर्ष का शानदार प्लेसमेंट हमारे छात्रों को मिलने वाली शिक्षा की गुणवत्ता और समग्र विकास का सबूत है। वर्तमान में चुनौती पूर्ण माहौल के बावजूद छात्र-छात्राओं ने शीर्ष कंपनियों में पद हासिल किया जो उनकी योग्यता और हमारे संस्थान पर इंडस्ट्रीज के भरोसे के बारे में बताता है। इस आयोजन में पॉलिटेक्निक के 45 मनेजमेंट के 40, फार्मेसी के 21 और बी टेक के 12 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया। संस्थान के सभी 118 छात्रों को अच्छे पैकेज के साथ नौकरी के प्रस्ताव मिले। पहले कैंपस सिलेक्शन में ही छात्रों के चेहरे खिल उठे। नियोक्ताओं ने सालाना अधिकतम 5,50,000 और न्यूनतम 3 लाख का सालाना पेकेज के साथ जॉब आफ़र किया। एलआर कॉलेज के प्रिन्सिपल डा पी पी शर्मा, कंचन बाला जसवाल ,श्वेता गुप्ता और प्रिया ठाकुर ने बताया कि आगामी सत्र में छात्र-छात्राओं की ट्रेनिंग पर विशेष फोकस रहेगा, जिसमें की प्लेसमेंट के साथ-साथ पैकेज भी बड़े। साथ ही उन्होंने बताया कि पहले भी कई कंपनियों के साथ एमओयू साइन किए गए हैं और भविष्य में भी विभिन्न नामी कंपनियों के साथ एमओयू साइन किए जाएंगे।
शूलिनी विश्वविद्यालय में योगानंद स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), कंप्यूटर और डेटा साइंसेज एप्लाइड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एएआई) पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य कंप्यूटर विज्ञान, डेटा विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सुरक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी में वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करना है, साथ ही शोधकर्ताओं, छात्रों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला, प्रो चांसलर विशाल आनंद, वाइस चांसलर प्रोफेसर अतुल खोसला और इनोवेशन एंड मार्केटिंग के निदेशक प्रोफेसर आशीष खोसला जैसे विश्वविद्यालय प्रबंधन के संबोधन शामिल थे। सम्मेलन में साउथ डकोटा विश्वविद्यालय से डॉ. केसी संतोष, कर्नाटक केंद्रीय विश्वविद्यालय से डॉ. रवींद्र हेगड़ी, शिव नादर इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस और टेलर यूनिवर्सिटी से डॉ. बालामुरुगन बालुसामी, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से डॉ. मंजू खारी और इमाम मोहम्मद इब्न सऊद इस्लामिक यूनिवर्सिटी से डॉ. साकिर खान मुख्य वक्त क रूप में भाग ले रहे है। पहली मुख्य वक्ता प्रोफेसर मंजू खारी ने "साइबर सुरक्षा और सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता" शीर्षक से एक जानकारीपूर्ण सत्र दिया, उन्होंने डिजिटल परिवेश की सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर बालामुरुगन बालुसामी ने "टिकाऊ शहरों, गांवों और समाज के लिए शहरी एआई और सूचना विज्ञान" शीर्षक से एक मुख्य व्याख्यान दिया, जिसमें शहरी स्थिरता को बढ़ाने में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। प्रोफेसर राहुल कटार्या ने "ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के लिए एआई की शक्ति को अनलॉक करना" नामक एक सत्र का नेतृत्व किया, जिसमें ऑटिज्म से पीड़ित व्यक्तियों के लिए नए एआई अनुप्रयोगों की खोज की गई। दिन भर तकनीकी सत्रों की श्रृंखला जारी रही, जिससे प्रतिभागियों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान में वृद्धि हुई। प्रदीप चिंताले को योगानंद लाइब्रेरी में पुस्तक प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के लिए विशेष आभार मिला , जो एआई नवाचार में एक और मील का पत्थर साबित हुआ। इनोवेशन और मार्केटिंग के निदेशक प्रोफेसर आशीष खोसला ने कहा, एएआई 2024 ने पूर्ण प्रस्तुतियों, कार्यशालाओं और तकनीकी सत्रों सहित गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला की पेशकश की। इन प्रस्तुतियों में डेटा विज्ञान, मशीन लर्निंग और वास्तविक समय कंप्यूटिंग में नवीनतम प्रगति पर प्रकाश डाला गया, जिसमें कठिन सामाजिक और आर्थिक चिंताओं को दूर करने के लिए इन प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने पर जोर दिया गया।
हिमाचल प्रदेश अपनी खूबसूरत प्राकृतिक वादियों के लिए पूरे विश्व भर में खासा पहचान रखता है। यही वजह है कि हर साल यहां के हसीन वादियों को देखने के लिए देश-विदेश से लाखों सैलानी खींचे चले आते हैं। वहीं, इस साल देश के मैदानी राज्यों में पड़ी भीषण गर्मी की वजह से बड़ी संख्या में पर्यटकों ने हिमालय की गोद में बसे पहाड़ी राज्य हिमाचल का रुख किया, जिसकी वजह से महज 6 महीनों में ही प्रदेश आने वाले पर्यटकों की संख्या 1 करोड़ के पार जा पहुंची। देश के मैदानी राज्यों में इस साल भीषण गर्मी पड़ी। इस साल पड़ी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने से हिमाचल का पर्यटन कारोबार गुलजार हो गया। बीते 6 माह की बात करें तो हिमाचल में जनवरी से लेकर जून माह तक एक करोड़ से अधिक सैलानियों ने प्रदेश के विभिन्न इलाकों का रुख किया है, जिससे यहां का पर्यटन कारोबार अपने चरम पर रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार को इस बात की भी उम्मीद है कि साल के अंत तक यह आंकड़ा 2 करोड़ पार कर जाएगा। पर्यटन विभाग लगातार पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की सुविधा का ख्याल रख रहा है। हिमाचल प्रदेश की अगर बात करें तो जनवरी से लेकर मई माह तक जिला कुल्लू में 14 लाख 94 हजार 104 देसी सैलानी पहुंचे थे और 3 हजार 819 विदेशी सैलानियों ने भी कुल्लू जिला का रुख किया। वहीं, प्रदेश में दूसरे नंबर पर शिमला जिला रहा। यहां पर मई माह तक 9 लाख 86 हजार 467 देसी सैलानी पहुंचे और 12 हजार 598 विदेशी सैलानियों ने शिमला की वादियों का रुख किया था। ऐसे में जून माह में भी 25,000 से अधिक पर्यटकों की गाड़ियां हिमाचल में रोजाना आते रहे और जून माह में भी लाखों सैलानी प्रदेश के विभिन्न इलाकों में पहुंचे थे। हिमाचल प्रदेश में पर्यटन कारोबार की अगर बात करें तो साल 2019 में सबसे अधिक 1 करोड़ 72 लाख 12 हजार 107 सैलानी आये थे. साल 2020 में यह आंकड़ा 32 लाख 13 हजार 379 रहा था। साल 2021 में 56 लाख 37 हजार 102 सैलानी आए थे। साल 2022 में यह आंकड़ा 1 करोड़ 51 लाख 227 रहा था और साल 2023 में यह आंकड़ा 1 करोड़ 60 लाख 4 हजार 924 तक पहुंचा था। पर्यटन नगरी मनाली के होटल कारोबारी चमन कपूर और जसवंत ठाकुर का कहना है कि हिमाचल के पर्यटन स्थल इस साल सैलानियों से गुलजार रहे। हर साल लाखों सैलानी बर्फबारी को देखने के लिए भी विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पहुंचते हैं। होटल कारोबारी भी सैलानियों की सुविधा का खास ख्याल रखते हैं और सरकार द्वारा भी पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है। ऐसे में सैलानियों की लगातार बढ़ रही संख्या एक अच्छा संकेत है। क्योंकि इससे प्रदेश के लाखों लोगों को भी घर द्वार पर रोजगार मिल रहा है। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग की निदेशक मानसी सहाय ने बताया कि प्रदेश में इस साल सैलानी काफी संख्या में आए है और बरसात के बाद भी सैलानी प्रदेश के विभिन्न इलाकों का रुख करते है। विभाग को उम्मीद है कि इस साल यह आंकड़ा 2 करोड़ पार कर जाएगा।
हिमाचल में दूध के साथ-साथ अब घी,पनीर,बटर भी महंगा हो गया हैं। मिल्क फेडरेशन की ओर से दूध के दामों में की गई बढ़ोतरी के बाद कीमतों में ये उछाल देखने को मिला है। फरवरी माह में दूध के दामों में 2 रुपए की बढ़ोतरी करने के बाद अब मिल्क फेडरेशन ने मिल्क प्रोडक्ट्स के भी दाम बढ़ा दिए हैं। दाम बढ़ने से लोगों को अब अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ेगी। वहीं, घी के दामों में 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। घी की कीमत पहले 620 रुपये थी, नई कीमत पर अब घी 670 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलेगा। वहीं, पनीर 360 रूपए प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है। पहले पनीर 340 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलता था। इसमें भी 20 रुपये का इजाफा किया गया है। इसके साथ ही बटर 580 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलना शुरू हो गया है। पहले इसकी कीमत 540 रुपये प्रति किलो थी। बटर की कीमतों में भी 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बढ़ोतरी की गई है। कीमतें 20 जून से लागू कर दी गई हैं। हिमाचल में मिल्क फेडरेशन के छह प्लांट हैं। मुख्य प्लांट शिमला के दतनगर में स्थित है। इस प्लांट में चिलिंग सेंटर से दूध एकत्रित किया जाता है। यहां से प्रतिदिन दूध, घी , पनीर और बटर प्रोसेस कर लोगों को उपलब्ध करवाया जाता है। वहीं, अब दूध, घी, पनीर,बटर के दामों में बढ़ोतरी से आम लोगों की जेब पर महंगाई की मार जरूर पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि 'फेडरेशन ने पिछले वर्ष मार्च माह में दूध के दाम बढ़ाए थे, लेकिन इस बार तो फरवरी माह में ही दूध के दामों में वृद्धि कर दी थी। अब घी,पनीर, बटर के दाम भी बढ़ा दिए हैं। दाम के साथ दूध की गुणवत्ता को भी बढ़ाना चाहिए।
** प्रदेश में अब प्री प्राइमरी टीचर के भरे जाएंगे 6297 पद हिमाचल में सरकारी स्कूलों में नौकरियों का पिटारा खुलने जा रहा है। प्रदेश में दो साल की नर्सरी टीचर की ट्रेनिंग (NTT) का डिप्लोमा करने वालों को सरकारी स्कूलों में नौकरी पाने का सुनहरा अवसर मिलने वाला है। प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी टीचरों के 6,297 पद भरने जा रही है। ये भर्ती राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन के माध्यम से की जाएगी। इस बारे में सरकार की तरफ से प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को पत्र जारी किया जा चुका हैं। ऐसे में अब जल्द ही जरूरी प्रक्रिया को पूरी कर प्री प्राइमरी टीचरों की भर्ती की जाएगी। हिमाचल में अब नर्सरी टीचर की ट्रेनिंग करने वालों का इंतजार खत्म होने वाला है। प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में करीब 60 हजार विद्यार्थी रजिस्टर हैं, लेकिन अभी तक प्री प्राइमरी स्कूलों में टीचर नहीं है। पिछले करीब डेढ़ सप्ताह पहले संपन्न हुई कैबिनेट मीटिंग में प्री प्राइमरी स्कूलों में भर्ती को हरी झंडी दी गई थी, जिसके बाद अब शिक्षा विभाग ने भी इनकी भर्ती को लेकर आदेश जारी कर दिए है। सरकारी स्कूलों में भर्ती होने वाले प्री प्राइमरी टीचरों को 10 हजार रुपए मासिक मानदेय मिलेगा। इसमें एजेंसी चार्जेज, जीएसटी, अन्य खर्च शामिल है। इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन वर्तमान में 5 फीसदी एजेंसी चार्ज लेता है। वहीं, 10 फीसदी की कटौती ईपीएफ के लिए होती है। आउटसोर्स भर्ती पर जीएसटी 18 फीसदी है। ऐसे में प्री प्राइमरी टीचरों को हर महीने करीब 7 हजार कैश इन हैंड मिलेगा। बता दें कि प्रदेश में दो सालों से प्री प्राइमरी टीचरों की भर्ती लटकी हुई थी। प्रदेश में अधिकतर युवाओं ने एनटीटी का एक साल का डिप्लोमा किया है, लेकिन नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन के मुताबिक एनटीटी के लिए 2 साल का डिप्लोमा जरूरी है।अब इसे लेकर स्पष्टीकरण मिलने के बाद प्री प्राइमरी टीचरों की भर्ती में अटका रोड़ा हट गया है।
**एक हफ्ते तक भारी बारिश की दी चेतावनी **लोगों को नदी-नालों के किनारे ना जाने की दी हिदायत **शिमला, सोलन और अन्य इलाकों में बीती रात से ही बारिश का दौर जारी हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग केंद्र शिमला की ओर से जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के तहत प्रदेश में 8 जुलाई तक भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर, चंबा, कुल्लू, मंडी व शिमला के लिए बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की भी संभावना है। बारिश की संभावना के चलते पर्यटकों सहित आम लोगों को नदी-नालों के किनारे ना जाने की हिदायत दी गई है। बारिश के बाद जगह-जगह लैंडस्लाइड हो रहे हैं तो वहीं बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप है। इसके अलावा शिमला सहित सोलन और अन्य इलाकों में बीती रात से ही बारिश का दौर जारी है।
**राज्य सरकार ने मेधावियों को पुरस्कृत करने की योजना में किया बदलाव हिमाचल प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों के 10,000 मेधावी इस बार अपनी पसंद का कोई भी एक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले सकेंगे। दसवीं, बारहवीं और कॉलेजों के मेधावियों को पुरस्कृत करने की योजना में राज्य सरकार बदलाव करने जा रही है। चयनित दुकानों से 15 से 18 हजार रुपये तक के पसंदीदा गैजेट लेने को मेधावियों को कूपन दिए जाएंगे। कौन-कौन से गैजेट योजना में शामिल होंगे, इस पर उच्च शिक्षा निदेशालय विचार कर रहा है। राज्य इलेक्ट्राॅनिक्स काॅरपोरेशन के माध्यम से गैजेट्स की कॉन्फ़िगरेशन तय करवाई जाएगी। योजना के तहत टैबलेट, स्मार्टफोन, आईपैड और किंडल देने का अभी प्रारंभिक स्तर पर विचार चल रहा है। एक माह के भीतर योजना तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। स्कूल शिक्षा बोर्ड के नतीजों में अव्वल रहने वाले दसवीं और बारहवीं कक्षा तक और कॉलेजों में फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड ईयर के 10 हजार विद्यार्थियों को सरकार हर साल पुरस्कृत करती है। वर्ष 2007 में तत्कालीन धूमल सरकार के समय में लैपटॉप देने के साथ इस योजना को शुरू किया गया था। 2012 में वीरभद्र सरकार ने इस योजना को जारी रखते हुए विद्यार्थियों की संख्या का दायरा इस योजना में बढ़ाया। 2017 में जयराम सरकार योजना को बंद करने और जारी रखने की पसोपेश में फंसी रही। बाद में सरकार ने योजना जारी रखते हुए लैपटॉप दिए। बाद में टैबलेट दिए गए। अब सुक्खू सरकार योजना में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इलेक्ट्राॅनिक्स गैजेट्स की एक बास्केट तैयार करने का फैसला लिया गया है। इस बास्केट के तहत कई गैजेट्स शामिल किए जाएंगे। मेधावी विद्यार्थियों को सरकार सम्मानित करते हुए एक कूपन देगी। इस कूपन के माध्यम से मेधावी अपनी पसंद की कंपनी का गैजेट ले सकेंगे। इसके तहत कंपनियों और दुकानों को चयनित किया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय इन दिनों गैजेट्स की बास्केट में शामिल करने वाली चीजों को चुनने में जुटी है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा और इलेक्टानिक्स कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल ने बताया कि जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर सरकार की मंजूरी को भेजा जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 15 से 18 हजार की कीमत के गैजेट्स देने पर विचार चल रहा है। क्या राशि तय होगी, इसको लेकर मंथन जारी है। अगर कोई मेधावी तय राशि से अधिक कीमत का गैजेट लेना चाहेगा तो इसकी मंजूरी मिलेगी। कूपन के तहत तय राशि के अलावा शेष राशि मेधावी को स्वयं दुकानदार को देनी होगी।
ज़िला सोलन में फसलों का बीमा करवाने के लिए पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्रियान्वित की जा रही है। मक्की व धान की फसल का बीमा करवाने की अन्तिम तिथि 15 जुलाई, 2024 निर्धारित की गई है। यह जनाकरी कार्यकारी कृषि उप निदेशक सोलन डॉ. सीमा कंसल ने दी। उन्होंने बताया कि टमाटर की फसल का बीमा करवाने की अन्तिम तिथि 31 जुलाई, 2024 निर्धारित की गई है। डॉ. सीमा कंसल ने बताया कि इच्छुक किसान फसलों का बीमा अपने नज़दीकी लोकमित्र केन्द्र के माध्यम से करवा सकते हैं। किसान अपनी जमाबन्दी, आधार कार्ड, बैंक पास बुक, बिजाई प्रमाण पत्र आदि लेकर लोकमित्र केन्द्रों में जा कर बीमा करवा सकते है। किसान ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से भी फसल आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मक्की व धान की फसल के लिए 60 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है। मक्की तथा धान की फसल का बीमा करवाने के लिए किसानों को 96 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। इसके अलावा टमाटर की फसल के लिए 02 लाख रुपये प्रति हैक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है। किसानों को टमाटर की फसल के लिए 800 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत कम वर्षा, सूखा, बाढ़, सैलाब, भूमि कटाव, ओलावृष्टि और फसल कटाई के उपरांत दो सप्ताह तक होने वाले नुकसान तथा स्थानीयकृत आपदा को कवर किया जाता है। उन्होंने बताया कि ऋणी किसानों के लिए यह योजना ऐच्छिक की गई है। उन्होंने आग्रह किया कि किसान अपनी मक्की, धान व टमाटर की फसल का बीमा करवाएं ताकि फसलों का नुकसान होने की स्थिति में उन्हें कृषि बीमा कम्पनियों से मुआवज़ा मिल सके। उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी के लिए किसान अपने नज़दीकी खण्ड के कृषि विषय वाद विशेषज्ञ तथा बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि से सम्पर्क कर सकते है।
इनर व्हील क्लब सोलन द्वारा दयानन्द आदर्श विद्यालय के कनिष्ठ विभाग में आज हाइजीन चेकअप कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में डॉक्टर्स क्लब सदस्यों के साथ मिलकर छात्र व छात्रों की दाँतो की जाँच की व उनको ओरल हेल्थ के बारे में जानकारी दी। इस कैंप में विद्यालय की प्रधानाचार्य उमा मित्तल ने भाग लिया और बच्चो को इस कैंप की महत्ता बताई और इनर व्हील क्लब सोलन के सदस्यों का धन्यवाद किया।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के उप-चुनाव के दृष्टिगत एक मतदान केन्द्र में परिवर्तन करने को लेकर विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक आयोजित की गई। नालागढ़ निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केन्द्र 87 दत्तोवाल-2 जो राजकीय प्राथमिक पाठशाला दत्तोवाल (पश्चिमी भाग) में जर्जर हालत में स्थित था, स्कूल प्रशासन द्वारा गिरा दिया गया है। ऐसे में अब इस मतदान केन्द्र को राजकीय प्राथमिक पाठशाला दत्तोवाल के परिसर में ही स्थित दूसरे भवन में परिवर्तित करने पर राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श कर सहमति जताई गई। मनमोहन शर्मा ने इस अवसर पर उप-चुनाव को पारदर्शी व निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न करवाने के लिए राजनीतिक दलों से सहयोग का आग्रह भी किया। इस अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की संधीरा सीनु सिंह, भारतीय जनता पार्टी के चन्द्र कांत शर्मा, बहुजन समाज पार्टी के राकेश बराड़, आम आदमी पार्टी के भरत ठाकुर सहित तहसीलदार निर्वाचन सोलन ऊषा चौहान एवं निर्वाचन विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार के 26 NCC कैडेट्स NCC वार्षिक शिविर में भाग ले रहे हैं I जानकारी देते हुए विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने बताया कि विद्यालय से 26 ( छात्र व छात्रा ) NCC कैडेट्स एनसीसी वार्षिक शिविर में भाग ले रहे हैं, जो की महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय कुमारहट्टी में प्रथम छात्र वाहिनी एनसीसी सोलन के सौजन्य से 1 जुलाई 2024 से 10 जुलाई 2024 तक आयोजित किया गया हैI इनके साथ ANO अमर देव भी शिविर मे NCC कैडेट्स के साथ भाग ले रहे हैंI इस शिविर मे लगभग 500 कैडेट्स के करीब स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय से NCC कैडेट्स भाग लेंगे I ये शिविर प्रथम छात्र वाहिनी सोलन के कमांडिंग ऑफिसर के मार्ग दर्शन मे चलाया जा रहा है I इस शिविर मे NCC कैडेट्स के लिए सैनिक प्रशिक्षण, समाजिक सेवा ज्ञान, खेलकूद प्रतियोगिता, सांस्कृतिक प्रतियोगिता और ड्रिल प्रतियोगिता करवाई जाएगीI विद्यालय अध्यक्ष, विद्यलय प्रधानाचार्य, विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष और समस्त अध्यापक वर्ग ने सभी एनसीसी शिविर में भाग ले रहे कैडेट्स को बधाई दी I बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार के NCC कैडेट्स हर वर्ष एनसीसी वार्षिक शिवर मे भाग लेते हैं और शिविर से अच्छा परीक्षण प्राप्त कर स्कूल और कुनिहार का नाम रोशन करते हैंI सभी NCC कैडेट्स मे शिविर के प्रति बड़ा ही हर्षो उल्लास है I
भारतीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (आईआईआरएफ) की ओर से जारी देश की टॉप-50 केंद्रीय विश्वविद्यालयों की रैकिंग में वर्ष 2023 की अपेक्षा 2024 में ए++ ग्रेड प्राप्त हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय का स्तर सात पायदान नीचे खिसक गया है। हालांकि बीते साल के मुकाबले अंक ज्यादा हासिल किए हैं। वर्ष 2023 में रैंकिंग में 42वां स्थान था, जबकि इस वर्ष जारी रैकिंग में सात पायदान नीचे लुढ़क कर सीयू 49वें नंबर पर पहुंच गई है। भारतीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (आईआईआरएफ) ने देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग जारी की है। आईआईआरएफ ने यह रैंकिंग सात विभिन्न मानदंडों को आधार बना कर दी है। टॉप पर रहने वाले दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के ओवरआल 989.28 अंक हैं, जबकि 49वें स्थान पर रहने वाले केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश को 894.36 अंक प्राप्त हुए हैं। इसी संस्था की ओर से वर्ष 2023 में किए सर्वे के अनुसार हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय को 876.51 अंक प्राप्त हुए थे और उसे टॉप-50 में से 42वें स्थान मिला था। वहीं जेएनयू 983.12 अंकों के साथ पहले स्थान पर रही थी। आईआईआरएफ ने यह सर्वे सात विभिन्न मानकों को आधार बना कर किया था। इसमें यूनिवर्सिटी का प्लेसमेंट परफॉरमेंस, टीचिंग लर्निंग रिसोर्सेस एंड पेडागोजी, रिसर्च, इंडस्ट्री इनकम एंड इंटीग्रेशन, प्लेसमेंट स्ट्रैटेजी एंड सपोर्ट, फ्यूचर ओरिएंटेशन और एक्सटर्नल परसेप्शन एंड इंटरनेशनल आउटलुक शामिल था। प्लेसमेंट परफॉरमेंस में 217.3, टीचिंग लर्निंग रिसोर्सेस एंड पेडागोजी में 199.2, रिसर्च में 179.9, इंडस्ट्री इनकम एंड इंटीग्रेशन में 142.2, प्लेसमेंट स्ट्रैटेजी एंड सपोर्ट 62, फ्यूचर ओरिएंटेशन में 54.8 और एक्सटर्नल परसेप्शन एंड इंटरनेशनल आउटलुक में 37.9 अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि सीयूएचपी को ओवरऑल 894.36 अंक प्राप्त हुए हैं।
** मार्केट यार्ड, कोल्ड स्टोर निर्माण के लिए विश्व बैंक से चार माह बढ़ी मियाद हिमाचल प्रदेश में 1,134 करोड़ के बागवानी विकास प्रोजेक्ट को चार माह का विस्तार मिल गया है। विश्व बैंक की ओर से विस्तार को मंजूरी से संबंधित पत्र प्रदेश सरकार को मिला गया है। अब यह प्रोटेक्ट अक्तूबर में पूरा होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में 7 नए कोल्ड स्टोर का निर्माण और 8 कोल्ड स्टोर के उन्नयन किया गया है। प्रोजेक्ट के विस्तार से महेंदली में मार्केट यार्ड का काम पूरा होगा और जरोल टिक्कर में बनाए जा रहे कोल्ड स्टोर का निर्माण कार्य भी पूरा होगा। इसके अलावा करोेड़ों की सिंचाई योजनाओं का काम भी पूरा होगा। दो महीने पहले प्रोजेक्ट की समीक्षा के लिए विश्व बैंक की टीम हिमाचल आई थी। प्रदेश सरकार ने प्रोजेक्ट की मियाद आगे बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे विश्व बैंक ने स्वीकृति दे दी है। प्रोजेक्ट के तहत अब तक विदेशों से उन्नत किस्म के करीब 30 लाख सेब, नाशपाती, चेरी, प्लम, बादाम व आड़ू के पौधे और रूट स्टॉक आयात किए जा चुके हैं। 500 विभागीय अधिकारियों और 5000 से अधिक किसानों-बागवानों को विशेषज्ञों की ओर से प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा 70 विभागीय अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।
डॉक्टर्स डे सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है, जो लोगों की सेवा कर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की कभी न खत्म होने वाली भावना को सलाम करने के लिए, साई इंटरनेशनल स्कूल ने डॉक्टर्स डे मनाया। प्रतिभाशाली शिक्षार्थियों ने जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सोलन के प्रसिद्ध डॉक्टरों को सुंदर फूलों के गुलदस्ते और ग्रीटिंग कार्ड के माध्यम से धन्यवाद दिया। डॉ संजय अग्रवाल (सर्जन), डॉ संजय ग्रोवर (नेत्र विशेषज्ञ), डॉ रवि कांत सूद (सामान्य चिकित्सक),डॉ रोहित वा शुभ्रा सबलोक (दंत चिकित्सक), डॉ विनय पटियाल (त्वचा विशेषज्ञ) को विशेष धन्यवाद कि उन्होने अपना बहुमूल्य समय साई इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों को दिया। यह वास्तव में एक अद्भुत दिन था, जिसे डॉक्टरों के प्रति कृतज्ञता की भावना के साथ मनाया गया। स्कूल प्रबंधक रामिंदर बावा ने भी सभी डॉक्टर्स को विषेश शुभकानाएं दी।
देशभर में आज रात 12 बजे से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं। 51 साल पुराने सीआरपीसी की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) लेगी। भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय अधिनियम (BNS) लेगा और इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रावधान लागू होंगे। महिलाओं से जुड़े ज्यादातर अपराधों में पहले से ज्यादा सजा मिलेगी। इलेक्ट्रॉनिक सूचना से भी FIR दर्ज हो सकेगी। एक जुलाई से पहले दर्ज हुए मामलों में नए कानून का असर नहीं होगा। यानी जो केस 1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज हुए हैं, उनकी जांच से लेकर ट्रायल तक पुराने कानून का हिस्सा होगी। एक जुलाई से नए कानून के तहत एफआईआर दर्ज हो रही है और इसी के अनुसार जांच से लेकर ट्रायल पूरा होगा। BNSS में कुल 531 धाराएं हैं। इसके 177 प्रावधानों में संशोधन किया गया है, जबकि 14 धाराओं को हटा दिया गया है। 9 नई धाराएं और 39 उप धाराएं जोड़ी गई हैं। पहले CrPC में 484 धाराएं थीं। भारतीय न्याय संहिता में कुल 357 धाराएं हैं। अब तक आईपीसी में 511 धाराएं थीं। इसी तरह भारतीय साक्ष्य अधिनियम में कुल 170 धाराएं हैं। नए कानून में 6 धाराओं को हटाया गया है। 2 नई धाराएं और 6 उप धाराएं जोड़ी गई हैं। पहले इंडियन एविडेंस एक्ट में कुल 167 धाराएं थीं। नए कानून में ऑडियो-वीडियो यानी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पर जोर दिया गया है। फॉरेंसिक जांच को अहमियत दी गई है। कोई भी नागरिक अपराध के सिलसिले में कहीं भी जीरो FIR दर्ज करा सकेगा। जांच के लिए मामले को संबंधित थाने में भेजा जाएगा। अगर जीरो एफआईआर ऐसे अपराध से जुड़ी है, जिसमें तीन से सात साल तक सजा का प्रावधान है तो फॉरेंसिक टीम से साक्ष्यों की जांच करवानी होगी। अब ई-सूचना से भी एफआईआर दर्ज हो सकेगी। गंभीर धाराओं में भी ई-एफआईआर हो सकेगी। वॉइस रिकॉर्डिंग से भी पुलिस को सूचना दे सकेंगे। E-FIR के मामले में फरियादी को तीन दिन के भीतर थाने पहुंचकर एफआईआर की कॉपी पर साइन करना जरूरी होंगे। फरियादी को एफआईआर, बयान से जुड़े दस्तावेज भी दिए जाने का प्रावधान किया गया है। फरियादी चाहे तो पुलिस द्वारा आरोपी से हुई पूछताछ के बिंदु भी ले सकता है। FIR के 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी जरूरी होगी। चार्जशीट दाखिल होने के 60 दिनों के भीतर कोर्ट को आरो तय करने होंगे। मामले की सुनवाई पूरी होने के 30 दिन के भीतर जजमेंट यानी फैसला देना होगा। जजमेंट दिए जाने के बाद 7 दिनों के भीतर उसकी कॉपी मुहैया करानी होगी। पुलिस को हिरासत में लिए गए शख्स के बारे में उसके परिवार को लिखित में बताना होगा। ऑफलाइन और ऑनलाइन भी सूचना देनी होगी। महिलाओं-बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को BNS में कुल 36 धाराओं में प्रावधान किया गया है। रेप का केस धारा 63 के तहत दर्ज होगा। धारा 64 में अपराधी को अधिकतम आजीवन कारावास और न्यूनतम 10 वर्ष कैद की सजा का प्रावधान है। धारा 65 के तहत 16 साल से कम आयु की पीड़ित से दुष्कर्म किए जाने पर 20 साल का कठोर कारावास, उम्रकैद और जुर्माने का प्रावधान है। गैंगरेप में पीड़िता यदि वयस्क है तो अपराधी को आजीवन कारावास का प्रावधान है। 12 साल से कम उम्र की पीड़िता के साथ रेप पर अपराधी को न्यूनतम 20 साल की सजा, आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान है। शादी का झांसा देकर संबंध बनाने वाले अपराध को रेप से अलग अपराध माना गया है। यानी उसे रेप की परिभाषा में नहीं रखा गया है। पीड़ित को उसके केस से जुड़े हर अपडेट की जानकारी हर स्तर पर उसके मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए दी जाएगी। अपडेट देने की समय-सीमा 90 दिन निर्धारित की गई है। राज्य सरकारें अब राजनीतिक केस (पार्टी वर्कर्स के धरना-प्रदर्शन और आंदोलन) से जुड़े केस एकतरफा बंद नहीं कर सकेंगी। धरना- प्रदर्शन, उपद्रव में यदि फरियादी आम नागरिक है तो उसकी मंजूरी लेनी होगी। गवाहों की सुरक्षा के लिए भी प्रावधान है। तमाम इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी कागजी रिकॉर्ड की तरह कोर्ट में मान्य होंगे। मॉब लिंचिंग भी अपराध के दायरे में आ गया है। शरीर पर चोट पहुंचाने वाले अपराधों को धारा 100-146 तक बताया गया है। हत्या के मामले में धारा 103 के तहत केस दर्ज होगा। धारा 111 में संगठित अपराध के लिए सजा का प्रावधान है। धारा 113 में टेरर एक्ट बताया गया है। मॉब लिंचिंग के मामले में 7 साल की कैद या उम्रकैद या फांसी की सजा का प्रावधान है। चुनावी अपराध को धारा 169-177 तक रखा गया है। संपत्ति को नुकसान, चोरी, लूट और डकैती आदि मामले को धारा 303-334 तक रखा गया है। मानहानि का जिक्र धारा 356 में किया गया है। दहेज हत्या धारा 79 में और दहेज प्रताड़ना थारा 84 में बताई गई है।
हिमाचल प्रदेश में रविवार को मानसून कमजोर पड़ गया। खराब माैसम के ऑरेंज अलर्ट में भी धूप खिली रही। 1 और 2 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 3 से 6 जुलाई तक यलो अलर्ट है। इस दौरान गर्जना के साथ बारिश और कई जगह बिजली गिर सकती है। हिमाचल प्रदेश में मानसून के प्रवेश के बाद से कुछ स्थानों पर ही हल्की बारिश हो रही है। ऊना का पारा रविवार को भी 36 डिग्री सेल्सियस के पार रहा।
सोलन: हिमाचल प्रदेश में बीते दिनों हुए बिलासपुर गोलीकांड के बाद अब सोलन से भी फायरिंग का मामला सामने आया है। सोलन के औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के थाना गांव में आपसी रंजिश में गोलियां चली। इस घटना में गोली लगने से एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसे बद्दी अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टर ने पीजीआई रेफर कर दिया है। गोली व्यक्ति के दाईं जांघ में लगी है। वहीं, गोली चलाने वाला आरोपी मौके से फरार हो गया। सोलन जिले के कड़ूवाना गांव में आपसी रंजिश के चलते गोली चली। जानकारी के अनुसार कड़ूवाना का दीदार सिंह (34) थाना गांव में चल रही क्रिकेट प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुआ था। वहां पर इसी गांव के एक अन्य व्यक्ति को भी मुख्य अतिथि बुलाया हुआ था। दीदार सिंह जैसे ही स्टेज पर चढ़ा तो वहां पर पहले से स्टेज पर बैठा अन्य मुख्यातिथि इस बात से नाराज हो गया। वह दीदार सिंह को देखकर स्टेज से उतर गया। बाद में उसने पीछे से फायर कर दिया और गोली दीदार सिंह के दाईं जांघ में जा लगी और वह लहूलुहान हो गया। वहीं, गोली मारने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। अचानक गोली चलने से मौके पर अफरा तफरी मच गई। यह हादसा रविवार दोपहर करीब 3 बजे का है। स्टेज पर मौजूद लोग दीदार सिंह को बद्दी अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टर ने दीदार सिंह की हालत को देखते हुए पीजीआई रेफर कर दिया। डीएसपी खजाना राम ने घटना को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि थाना गांव में गोली चलने की सूचना मिली है। सूचना मिलते ही बद्दी पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन घायल को तब तक उसके परिजन पीजीआई ले गए थे। पुलिस की एक टीम घायल व्यक्ति के बयान लेने के लिए पीजीआई रवाना हो गई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
**नालागढ़ की जनता केएल ठाकुर के साथ, सरकार को प्रदेश के लोगों ने नकारा **निर्दलियों से जबरिया समर्थन लेना चाहते थे मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नालागढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था ध्वस्त है और अराजकता चरम पर है। कांग्रेस अपराध को संरक्षण दे रही है। नालागढ़ के कांग्रेस प्रत्याशी के ऊपर लगभग 132 मामले चल रहे हैं। प्रदेश के कोर्ट परिसर में भी दिन दहाड़े गोलियां चल रही हैं जिसमें भी कांग्रेस के नेता और पूर्व विधायक और उनके बेटे की संलिप्तता की बात सामने आ रही है। प्रदेश में इस तरह के स्थिति की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही लोकसभा चुनाव और विधानसभा के उपचुनाव हुए हैं यदि तीनों निर्दलीय विधायकों का इस्तीफ़ा पहले ही स्वीकार कर लिया जाता तो यह चुनाव भी तभी हो सकते थे। कांग्रेस सरकार ने विधानसभा अध्यक्ष पर दबाव डालकर निर्दलीय विधायकों के त्यागपत्र स्वीकार करने में देरी की, जिससे हिमाचल प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त चुनावी बोझ पड़ा है। जयराम ठाकुर ने नालागढ़ में ही दो जनसभाओं को भी संबोधित किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री निर्दलीय विधायकों को बेसहारा समझते थे और उनसे अपने हर काम के लिए जबरिया समर्थन लेना चाहते थे। जहां तक हो सका उन्होंने समर्थन किया लेकिन हर बात पर समर्थन ही किया जाए यह ज़रूरी नहीं। राजसभा में भी निर्दलीय विधायकों से उन्होंने कांग्रेस को प्रत्याशी को वोट देने के लिए कहा लेकिन सभी ने हिमाचल के रहने वाले भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन का समर्थन किया। बहुमत के बाद भी कांग्रेस हार गई। यही बात मुख्यमंत्री को नागवार गुजरी और उन्होंने निर्दलीय विधायकों को सत्ता के दम पर प्रताड़ित करने लगे। आज तक हिमाचल के इतिहास में यह भी नहीं हुआ था कि किसी नेता को परेशान करने के लिए उसके बिजनेस, परिवार सेज संबंधियों को निशाना बनाया गया हो और उनके घर गिराने और रास्ते बंद करने का कुचक्र रचा गया हो। सरकार की प्रताड़ना से तीनों निर्दलीय विधायकों ने मजबूरन इस्तीफ़ा दिया और वह भाजपा के साथ आए जिससे सदन में मुख्य मंत्री के ज़बरदस्ती समर्थन देने से बच सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने कांग्रेस को नकार दिया और 68 में से 61 विधानसभा सीटों पर बीजेपी को बढ़त दिलाने के लिए समस्त प्रदेशवासियों का आभार जताया। जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि विकास की दृष्टि में प्रदेश बहुत पीछे चला गया है। जब भाजपा की सरकार थी, तो नालागढ़ में बहुत सारे विकास कार्य हुए थे, लेकिन कांग्रेस सरकार ने उन योजनाओं को बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री सेक्टर में भी कांग्रेस सरकार के संरक्षण में लूट का माहौल है, जिससे इंडस्ट्रीज हिमाचल प्रदेश छोड़ने को मजबूर हैं। भाजपा की सरकार ने नालागढ़ में इंडस्ट्रीयल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे, जिनमें ग्लोबल इन्वेस्टर मीट और मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना शामिल है। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने भाजपा द्वारा नालागढ़ के विकास के लिए किए गए कार्यों को रोक दिया। जबकि यहां पर उद्योगों को परेशान करने के लिए एक माफिया गिरोह सक्रिय हो गया। जो उद्योगों की प्रताड़ित कर रहा है। जिसके कारण प्रदेश के उद्योग हिमाचल छोड़ कर जा रहे हैं। यह बात उद्योगमंत्री मुख्यमंत्री को ज़ुबानी भी बता चुके हैं और लिखित में भी दे चुके हैं। आख़िर माफिया सरकार से भी बढ़कर कैसे हो गये हैं। कांग्रेस के नेताओं के भ्रष्टाचार और अपराध के मामलों की संख्या बहुत अधिक है, जो क्षेत्र के विकास को बाधित कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी नैतिक अधिकार खो चुकी है और भाजपा आने वाले तीन उपचुनावों में बड़ी बहुमत से जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सत्ता में तकनीकी आधार पर है, लेकिन नैतिक रूप से नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा की जीत से हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार इतिहास की बात हो जाएगी। इस मौक़े पर उनके साथ राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार, विधायक सुखराम चौधरी, बलवीर वर्मा, डॉ राजीव सहजल, पूर्व विधायक परमजीत सिंह पम्मी उपास्थि रहे।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में राशन कार्डों की eKYC करवाने की अन्तिम तिथि 31 जुलाई, 2024 तक बढ़ा दी गई है। यह सुविधा देश के सभी लोकमित्र केन्द्रों में उपलब्ध है। उन्होंने बाहरी राज्यों में रहने वाले हिमाचल प्रदेश के सभी राशन कार्ड उपभोक्ताओं से भी आग्रह किया है कि वह अपने निकटतम लोक मित्र केन्द्र में जाकर eKYC करवाना सुनिश्चित करें।
हिमाचल में मानसून रविवार से फिर रफ्तार पकड़ेगा। 30 जून से 2 जुलाई तक प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज, 3 से 5 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी हुआ है। शनिवार को मंडी और शिमला में बूंदाबांदी हुई। अन्य क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहने के साथ धूप खिली। अधिकतम तापमान में सामान्य से दो डिग्री की बढ़ोतरी हुई। ऊना में अधिकतम तापमान 37 और बिलासपुर में 36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार से फिर मानसून के सक्रिय होने की संभावना जताई है। निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि दो दिन के दाैरान प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मानसून का प्रवेश हो जाएगा। पहाड़ी राज्यों में जहां बारिश के चलते भूस्खलन से सड़कें बंद हैं, वहीं मैदानी राज्यों में सड़कों पर पानी भर गया है। अरुणाचल प्रदेश में टेलीफोन की लाइनें टूट गई हैं। मौसम विभाग ने दिल्ली समेत उत्तर पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अगले चार दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने बताया कि उत्तर-पूर्व राजस्थान, पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी यूपी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति बनी हुई है।
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में अगले साल से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी माध्यम लागू होगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है। नए सत्र के लिए अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों की छपाई शुरू हो गई है। वर्ष 2024-25 से पहली-दूसरी कक्षा में अंग्रेजी माध्यम शुरू हो गया है। अब तीसरी से पांचवीं कक्षा में इसे लागू किया जा रहा है। तीसरी से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी भाषा में गणित और पर्यावरण विषय पढ़ाए जाएंगे। प्रदेश के 10,300 प्राथमिक स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 से नई व्यवस्था के लागू होने के बाद हिंदी माध्यम में पढ़ाई बंद हो जाएगी। निजी स्कूलों का मुकाबला करने और सरकारी स्कूलों से विद्यार्थियों का पलायन रोकने को सरकार ने पहली से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाने का फैसला लिया है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से करवाए गए सर्वेक्षण से पता चला कि सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई न होने के चलते ही अभिभावक निजी स्कूलों को अधिक तवज्जो दे रहे हैं। मौजूदा शैक्षणिक सत्र में सरकार ने पहली और दूसरी कक्षा में अंग्रेजी माध्यम लागू किया है। पहली और दूसरी कक्षा में हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषय पढ़ाए जाते हैं। इन कक्षाओं में गणित को अंग्रेजी में पढ़ाया जाता है। तीसरी से पांचवीं कक्षा में गणित, पर्यावरण, हिंदी और अंग्रेजी विषय पढ़ाए जाते हैं। नए सत्र से गणित और पर्यावरण विषय अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाए जाएंगे। नए शैक्षणिक सत्र से प्रदेश में लागू होने वाली नई व्यवस्था को सफलतापूर्वक चलाने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने 20 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दे दिया है। ये अध्यापक पहली से पांचवीं तक के बच्चों को पढ़ाएंगे। बीते दिनों ही जिला और ब्लाॅक स्तर पर प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। राज्य सरकार ने नई व्यवस्था को शुरू करने की अनुमति दे दी है। राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड को अंग्रेजी माध्यम की किताबें छापने को कह दिया है। नए शिक्षा सत्र से सभी प्राइमरी स्कूलों की कक्षाएं इंग्लिश मीडियम पर चलेंगी। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से एनरोलमेंट भी बढ़ेगी।
कुनिहार नालागढ़ मार्ग गंबरपुल पर सीपीएस व अर्की के विधायक संजय अवस्थी एक बार फिर गंबरपुल पहुंचे, जहां बारिश की वजह से लोगो को भारी नुकसान हो रहा है। गौर रहे कि पिछले सोमवार को दोपहर में वहां बादल फटा, जिससे गांव के नीचे गंबरपुल पर एक ढाबा बिल्कुल तबाह हो गया व दुकानों और लोगो के घरों के अंदर पानी व मलवा घुसने से भारी नुकसान हुआ था। वहीं एक घर में पानी काफी तेज बहाव से घुसा था। वीरवार रात को फिर बरसात ने अपना रौद्र रूप दिखाया। आज सीपीएस संजय अवस्थी ने एक बार फिर यहां पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया व पीडब्ल्यूडी विभाग को आदेश दिया कि यहां पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज, व डंगे का कार्य जल्द शुरु किया जाए। उन्होंने लोगो को आश्वासन दिया कि सरकार हर संभव सहायता के लिए आपके साथ खड़ी है। वहीं इस मौके पर एसडीओ पीडब्ल्यूडी कुनिहार जेएन शर्मा, जूनियर इंजीनियर पुनीत शर्मा सहित अन्य लोग मौजुद रहे।
हिमाचल प्रदेश चुनाव आयुक्त के निर्देशानुसार लोकसभा चुनाव-2024 के दौरान उपयोग में लाई गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ई.वी.एम.) तथा वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वी.वी.पैट.) मशीन से अड्रेस टैग तथा पेपर रोल आज अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय कुमार यादव की देख-रेख में निकाले गए। इस अवसर पर समस्त इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ई.वी.एम.) तथा वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वी.वी.पैट.) मशीन एड्रेस टैग तथा पेपर रोल मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में निकाले गए। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मंजुल, बहुजन समाज पार्टी के राकेश बराड़ सहित तहसीलदार निर्वाचन ऊषा चौहान, नायब तहसीलदार निर्वाचन दीवान सिंह ठाकुर इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल 30 जून, 2024 (रविवार) को सोलन के प्रवास पर आ रहे हैं। शिव प्रताप शुक्ल 30 जून, 2024 को प्रातः 11.30 बजे सोलन के शमलेच में री-फोरेस्टर सभा द्वारा आयोजित 9वें वृक्षारोपण कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कुफ़टू में शुक्रवार को स्कूल प्रबंधन समिति की आम सभा का आयोजन किया गया। आम सभा के माध्यम से प्रबंधन समिति में सत्र समाप्ति पर रिक्त हुए सदस्यों के पदों के स्थान पर नए सदस्यों का चयन आम सहमति से किया गया, जिसमें प्रधान दीक्षा शर्मा, सदस्य सचिव स्मृति नेस्टा, कार्यकारिणी सदस्य रंजना, उमा देवी, रीता देवी, कान्ता देवी, वीना शर्मा, विनिता शर्मा, सुमित्रा देवी, पूनम गर्ग, विमला देवी, लेख राम, कौशल्या, ज्ञान चंद गर्ग, मीना शर्मा, किरण गर्ग, पदेन सदस्य किशोर गर्ग प्रधान ग्राम पंचायत जधाणा तथा अध्यापक सदस्य तरूण नेस्टा व दीपिका पुंडीर को चुना गया। आम सभा में प्रभारी समग्र शिक्षा संजय कुमार ने अभिभावकों का स्वागत किया और वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। तरूण नेस्टा प्राध्यापक व प्रभारी बोर्ड परीक्षा ने शिक्षा सत्र 2023-24 में विद्यालय के बोर्ड परीक्षा परिणाम को प्रस्तुत किया। मनु महेश शर्मा प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक ने क्लस्टर कमेटी व पीटीए फ॔ड व उपयोग पर प्रकाशा डाला। अभिजीत बादुडी प्राध्यापक वाणिज्य व प्रभारी स्कॉलरशिप ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न छात्रवृत्ति से संबंधित अभिभावकों को जानकारी दी। प्रधान स्कूल प्रबंधन समिति दीक्षा शर्मा ने विद्यालय में रिक्त पड़े प्रवक्ता रसायन शास्त्र, प्रवक्ता समाज शास्त्र, प्रवक्ता कम्प्यूटर सांईस,डीपीई व लिपिक के पदो को भरने के लिए सरकार से बच्चों के भविष्य को मध्य नजर रखते शीघ्र भरने का आग्रह किया। अंत में प्रधानाचार्य स्मृति नेस्टा ने विद्यालय में चल रही गुणात्मक शिक्षा व विभिन्न गतिविधियों के सफल संचालन के लिए सभी शिक्षक व अभिभावक को साधुवाद व बधाई दी। गत शिक्षा सत्र में विद्यालय के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम व अन्य क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए सभी की सराहना व प्रशंसा की।


















































