शिमला: हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से 30 जून को हिमाचल प्रशासनिक सेवा (HAS) का एग्जाम होगा। सभी अभ्यर्थियों को एग्जाम शुरू होने से एक घंटे पहले पहुंचना होगा। सुबह और शाम को दो सत्र में ये एग्जाम होगा। इस बार आयोग की ओर से अभ्यर्थियों को ये भी निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा में केवल काले या नीले रंग के पेन का ही प्रयोग करना होगा। एचएएस एग्जाम के लिए अभ्यर्थी अधिकारिक वेबसाइट www.hppsc.hp.gov.in से ई-एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा एग्जाम सेंटर में फोन और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने पर पूरी तरह से मनाही है। इसके साथ ही एग्जाम सुबह 10 बजे से शुरू होगा। वहीं, शाम के सत्र की परीक्षा 2 बजे से शुरू होगी। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HAS) की प्रीलिमिनरी परीक्षा में 32,371 उम्मीदवार बैठेंगे। इस परीक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने लाहौल-स्पीति को छोड़कर सभी जिलों में एग्जाम सेंटर स्थापित किए हैं। एचएएस एग्जाम के लिए कुल 119 एग्जाम सेंटर स्थापित किए हैं। इन परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए जाएंगे, इसके लिए लोक सेवा आयोग ने तैयारियां कर ली है। वहीं, एग्जाम सेंटर में जैमर लगाए जाएंगे। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी एग्जाम सेंटरों पर नजर रखी जाएगी. इस दौरान सीसीटीवी फुटेज को मॉनिटर किया जाएगा, ताकि एग्जाम के दौरान कोई गड़बड़ी न हो। एग्जाम सेंटर उन्हीं स्कूलों में बनाए गए हैं, जहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। आयोग की ओर से एचएएस की प्रीलिमिनरी एग्जाम के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. एग्जाम सेंटरों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
**पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी हिमाचल प्रदेश में बरसात के चलते साहसिक खेल गतिविधियों पर 15 जुलाई से दो माह के लिए रोक लग जाएगी। प्रदेश के कुल्लू-मनाली, बीड़ बिलिंग, धर्मशाला, बिलासपुर, डलहौजी के खज्जियार और अन्य क्षेत्रों में साहसिक खेल गतिविधियों पर 15 जुलाई से 15 सितंबर तक प्रतिबंध रहेगा। दो माह न तो पैराग्लाइडिंग कर सकेंगे और न ही नदियों में रिवर राफ्टिंग का लुत्फ सैलानी उठा पाएंगे। सैलानियों को पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग के लिए दो माह तक इंतजार करना पड़ेगा। बरसात में बारिश और भूस्खलन, बाढ़ आदि को ध्यान में रखते हुए दो माह के लिए साहसिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाती है। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ पर्यटन विभाग की ओर कार्रवाई की जाती है। विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़-बिलिंग, धर्मशाला के इंद्रूनाग, कुल्लू-मनाली सहित अन्य पर्यटन स्थलों में सैलानियों को साहसिक गतिविधियों का आनंद लेने के लिए 2 माह का इंतजार करना होगा। अगर 15 जुलाई से पहले ही भारी बरसात होती है तो इन साहसिक गतिविधियों पर पहले भी रोक लगाई जा सकती है। उधर, जिला पर्यटन अधिकारी जिला कांगड़ा विनय धीमान ने बताया कि बरसात के मौसम में दो माह के लिए साहसिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। 15 जुलाई से 15 सितंबर तक प्रदेशभर में पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग सहित अन्य गतिविधियां पूरी तरह से प्रतिबंधित रहती हैं।
शिमला: हिमाचल में मौसम की बेरुखी का असर फसलों की पैदावार पर पड़ा है, जिससे मांग अधिक होने से बाजार में खाने पीने की वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। इन दिनों खाद्य वस्तुओं सहित सब्जियां भी बहुत अधिक महंगी हो गई हैं। ऐसे में प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए उचित मूल्य की दुकानें ही सस्ते राशन खरीदने के लिए एकमात्र सहारा बची है, जिसके तहत सरकार ने जुलाई महीने के लिए सस्ते राशन का आवंटन कर दिया है। हिमाचल प्रदेश के पांच लाख से अधिक डिपुओं में एपीएल परिवारों को अगले महीने 14 किलो आटा और 6 किलो चावल कोटा प्रति राशन कार्ड मिलेगा। सरकार ने अगस्त 2023 से एपीएल परिवारों दिए जाने वाले आटे और चावल के कोटे में कोई कट नहीं लगाया है। उससे पहले हर दो तीन महीने में राशन के कोटे को घटाया और फिर से बढ़ाया जाता रहा है, लेकिन अब करीब एक साल से आटे और चावल की मात्रा से कोई फेरबदल नहीं किया गया है। हालांकि अधिक सदस्यों वाले परिवारों के लिए राशन की मात्रा अभी कम है। ऐसे उपभोक्ता राशन का कोटा बढ़ाए जाने की भी लंबे समय से मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने जुलाई माह के लिए राशन कोटे का आवंटन कर दिया हैं। इस बारे में सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, उचित मूल्यों की दुकानों में उपभोक्ताओं को समय पर सस्ता राशन उपलब्ध कराने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। जुलाई महीने के लिए एपीएल परिवारों के लिए 25 हजार मीट्रिक टन से अधिक चावल और आटे के कोटे का आवंटन हुआ है। अब तय की गई मात्रा के हिसाब से डिपो धारकों को परमिट जारी होंगे। ऐसे में लाखों उपभोक्ताओं को डिपुओं में एक जुलाई से सस्ता राशन मिलना शुरू हो जाएगा।डिपो में समय पर सस्ता राशन उपलब्ध हो, इसके लिए सरकार ने पहले ही जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में राशन धारकों को आटे की तर्ज पर फोर्टिफाइड चावल दिया जा रहा है। इस चावल में आयरन के साथ विटामिन 12, फोलिक एसिड समेत शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्व मिलाए गए हैं। प्रदेश में एपीएल परिवारों की संख्या 12,24,448 है। इसमें एपीएल कार्ड धारकों की संख्या 11,52,003 है। वहीं, एपीएल टैक्स पेयर की संख्या 72,445 है. इसमें एपीएल कार्ड धारकों की कुल आबादी 44,19,312 है, जिसमें एपीएल आबादी 41,26,583 है। वहीं, टैक्स पेयर की आबादी 2,92,729 है, जिन्हें अगले महीने 14 किलो आटा और 6 किलो चावल प्रति राशन कार्ड के दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के 3 जिलों में आज भारी बारिश का अनुमान है। मानसून के साथ पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता को देखते हुए मौसम विभाग ने शनिवार के लिए तीन और रविवार को चार जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों के लिए आज के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कल के लिए मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले 48 घंटों के दौरान इन जिलों के कुछ इलाकों में एक-दो बार भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने का आग्रह किया है। लोगों को ऊंचाई वाले, भूस्खलन वाले इलाकों और नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी गई है। आईएमडी के मुताबिक अगले छह दिन यानी 4 जुलाई तक राज्य में लगातार बारिश की संभावना है। प्रदेश के ऊना, शिमला और सोलन जिला में मानसून ने धमाकेदार एंट्री की है। अन्य जिलों में हल्की बारिश हुई है। बारिश के बाद प्रदेशभर में लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल ने बताया, इस बार मई माह में 'रेमल' चक्रवात के कारण थोड़ी देरी हुई है। उन्होंने बताया कि हिंद महासागर और अरब सागर से चलने वाली हवाओं का दबाव नहीं बन पाया। इस कारण मानसून बीच में ही रुक गया था।
स्वास्थ्य एवं सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में आज यहां हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम के निदेशक मंडल की 51वीं बैठक का आयोजन हुआ। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों एवं दिव्यांगों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निगम की स्थापना हुई है और मौजूदा वक्त के बदलते परिदृश्य के अनुसार इस निगम का प्रशासनिक एवं संरचनात्मक पुनर्गठन किया जाएगा। इस कदम से अल्पसंख्यकों एवं दिव्यांगों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित होंगी। बैठक में निगम से संबंधी विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा नई भर्तियों सहित अन्य मांगों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में बताया गया कि वित्त वर्ष 2023-2024 के दौरान अल्पसंख्यकों को 1296.45 लाख रुपये का ऋण तथा दिव्यांगजनों को इसी अवधि में 540.83 लाख रुपये का ऋण निगम द्वारा रियायती ब्याज दर पर दिया गया है। अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम द्वारा प्रदेश के अल्पसंख्यकों और दिव्यांगों को व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण करने तथा अपने व्यवसाय के लिए कम दरों पर ऋण प्रदान किया जाता है। 18 से 55 वर्ष की आयु वर्ग के आवेदकों को छोटे व्यवसायों, परिवहन सेवाओं, दुकानों, पार्लर एवं कृषि आदि क्षेत्रों में व्यवसाय के लिए कम ब्याज दरों पर ऋण प्रदान किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले अल्पसंख्यक जिनकी वार्षिक आय 98 हजार रुपये या इससे कम है तथा शहरी क्षेत्रों में रहने वाले अल्पसंख्यक जिनकी वार्षिक आय एक लाख 20 हजार रुपये या इससे कम है, उन्हें अधिकतम 30 लाख रुपये तक का ऋण 6 प्रतिशत ब्याज दर पर प्रदान किया जाता है। इसी प्रकार जिनकी सालाना पारिवारिक आय आठ लाख रुपये से कम है, ऐसे पुरूषों को 8 प्रतिशत एवं महिलाओं को 6 प्रतिशत ब्याज दर पर अधिकतम 30 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया जाता है। शिक्षा के लिए भी 4 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण आवंटित किया जाता है। इसी प्रकार दिव्यांगजनों को 50 हजार तक का ऋण 5 प्रतिशत, 50 हजार से 5 लाख रुपये तक का ऋण 6 प्रतिशत, 5 लाख से 15 लाख रुपये तक का ऋण 7 प्रतिशत, 15 लाख से 30 लाख रुपये तक का ऋण 8 प्रतिशत तथा 30 लाख से 50 लाख रुपये तक का ऋण 9 प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जाता है। निगम द्वारा स्थापना से अब तक अल्पसंख्यक समुदाय के 3486 लाभार्थियों तथा 1900 दिव्यांगों को 159.68 करोड़ रुपये का ऋण 31 मार्च, 2024 तक दिया गया है। बैठक में सचिव सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग के सचिव आशीष सिंहमार, निदेशक ईसोम्सा किरण भड़ाना, निगम के प्रबन्ध निदेशक प्रदीप कुमार और निगम के निदेशक मंडल के अन्य सदस्यों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
शूलिनी इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बिजनेस मैनेजमेंट (एसआईएलबी), सोलन द्वारा आज भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) के तहत हिमालयन फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एचएफआरआई), शिमला के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह सहयोग पर्यावरण संरक्षण, जैव प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति पारस्परिक समर्पण को रेखांकित करता है, जिसका लक्ष्य क्षेत्र के लिए एक स्थायी और समृद्ध भविष्य बनाना है। समझौता ज्ञापन पर एचएफआरआई के प्रभारी निदेशक डॉ. संदीप शर्मा और एसआईएलबी की निदेशक डॉ. शालिनी शर्मा ने हस्ताक्षर किए। समारोह में उपस्थित अन्य लोगों में वैज्ञानिक डॉ. अश्वनी तपवाल, एचएफआरआई के वैज्ञानिक डॉ. बाल कृष्ण तिवारी और एसआईएलबी की निदेशक डॉ. शालिनी शर्मा शामिल थीं। इस कार्यक्रम में शूलिनी विश्वविद्यालय के विशेष आमंत्रित अतिथि प्रोफेसर पी.के. खोसला, प्रोफेसर सुनील पुरी और एसआईएलबी की अध्यक्ष सरोज खोसला और एसआईएलबी के विभिन्न विषयों के विभागाध्यक्षों की उपस्थिति भी देखी गई। समझौता ज्ञापन एचएफआरआई और एसआईएलबी के बीच सहयोग के लिए एक मजबूत ढांचा स्थापित करता है, जो निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करता है। महत्वपूर्ण पर्यावरणीय और वैज्ञानिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, वैज्ञानिक ज्ञान का आदान-प्रदान और सहयोगात्मक अनुसंधान पहल। पर्यावरण और जलवायु चुनौतियों के लिए नवीन समाधानों का विकास, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए स्थायी प्रथाओं और प्रौद्योगिकियों का नेतृत्व करना। एमओयू में कौशल विकास कार्यक्रम, क्षेत्र के उद्योगों के लिए उच्च कुशल कार्यबल तैयार करने के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शामिल हैं। जैव प्रौद्योगिकी और जीवन विज्ञान उद्योगों को बढ़ावा देना, शैक्षणिक और व्यावहारिक प्रगति के माध्यम से जैव प्रौद्योगिकी और जीवन विज्ञान क्षेत्रों के विकास को बढ़ाना। अपनी विशेषज्ञता के संयोजन से, एचएफआरआई और एसआईएलबी अपने साझा लक्ष्यों को कुशलतापूर्वक प्राप्त करने के लिए प्रक्रियात्मक और नौकरशाही बाधाओं पर काबू पाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह साझेदारी उत्तर पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सामाजिक प्रगति और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने का वादा करती है एचएफआरआई, भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) के तहत एक प्रमुख वानिकी अनुसंधान संस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में जैव विविधता मूल्यांकन, कीट-कीट प्रबंधन, कृषि वानिकी प्रथाओं और पर्यावरण-बहाली में माहिर है। एसआईएलबी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध और विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त, जीवन विज्ञान और व्यवसाय प्रबंधन शिक्षा में उत्कृष्ट है। संस्थान एम.एससी. जैव प्रौद्योगिकी, एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी, एम.एससी. वनस्पति विज्ञान, एम.एससी. रसायन विज्ञान, बी.एससी. जैव प्रौद्योगिकी, बी.एससी. माइक्रोबायोलॉजी, बीबीए, और बीसीए। सहित विविध प्रकार के पाठ्यक्रम प्रदान करता है।
**ज़िला प्रशासन ने सावधानी बरतने की अपील की उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान केन्द्र शिमला द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 03 जुलाई, 2024 तक सोलन ज़िला में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि खराब मौसम में बारिश व भूस्खलन सम्भावित क्षेत्रों तथा पहाड़ी भागों में जाने से परहेज करें। इस बारे में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एडवाइजरी भी जारी की गई है। इसके अनुसार इस अवधि में खराब मौसम में ट्रैकिंग करना तथा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाना खतरनाक हो सकता है, इसलिए इससे बचें। बिजली चमकने की सूरत में कम से कम 30 मिनट तक घरों या सुरक्षित इमारतों के अंदर रहे, नदी-नालों के किनारे न जाएं, क्योंकि बरसात में अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है। मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी पर ध्यान दें तथा रेडियो व टेलीविज़न पर मौसम बारे प्रसारित बुलेटिन को सुनें और सुरक्षित रहें। प्राकृतिक आपदा व मौसम सम्बन्धी जानकारी के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सचेत मोबाईल एप विकसित किया है। यह ऐप मौसम व अन्य आपदाओं की सटीक जानकारी मोबाइल पर भेजता है, जिससे समय पर भारी वर्षा, आंधी तूफान और हिमस्खलन इत्यादि के बारे में सूचना प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में व्यक्ति ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के टोल फ्री नम्बर 1077, दूरभाष नम्बर 01792-220049 व 01792-220882 तथा व्हट्सएप नम्बर 94594-57292 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
**नालागढ़ के लोग विकास के लिए समर्पित धरतीपुत्र के साथ हैं नालागढ़: नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंझौली व रामशहर में हुई जनसभाओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार के डेढ़ वर्ष के फेल कार्यकाल पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि एरिया के लोगों में भाजपा के प्रति उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि हिमाचल में दो बड़े प्रोजेक्टों को केंद्र की भाजपा सरकार ने दिया है जिसमें एक ब्लक ड्रग पार्क व दूसरा मेडिकल डिवाइस पार्क है जो कि आपके नालागढ़ में स्थापित हो रहा है, जिसमें केंद्र सरकार 300 करोड़ खर्च कर रही है। ठाकुर ने कहा कि देश भर के लिए तीन स्वीकृत हुए थे जिसमें एक-एक प्रोजेक्ट को हम हिमाचल लेकर आए है जिससे प्रधानमंत्री का हिमाचल के प्रति स्नेह साफ़ नज़र आता है। उन्होंने कहा कि यह सभी विकास भाजपा की पूर्व में सरकार व केंद्र सरकार के द्वारा ही संभव हो सका। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ज्यादा दिनों तक चलने वाली नही है जल्द ही प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने वाली है और सत्ता में आकर एक बार फिर से विकास रफ्तार पकड़ेगा। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि उप चुनाव को जो मुकाबला होने जा रहा है वह भाजपा व कांग्रेस के साथ-साथ धरतीपुत्र व बाहरी के बीच में होगा जिसमें आपने अपने एरिया के लोकल उम्मीदवार को जिताना है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मात्र डेढ़ साल के कार्यकाल में सुक्खू सरकार की यह स्थिति हो गई है। सरकार झूठी गारंटियां और झूठे वादे करके सत्ता में आई और सत्ता में बने रहने के लिए भी सिर्फ़ झूठ का सहारा लिया। सरकार के झूठ की वजह से प्रदेश के लोगों ने सुक्खू सरकार को नकार दिया। प्रदेश की कुल 68 में 61 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को बढ़त दे दी है। मुख्यमंत्री अपने हल्के में भी बढ़त नहीं मिली। लोकसभा के चुनाव में मुख्यमंत्री अपने हलके नादौन में ही चुनाव हार गये हैं।। हिमाचल प्रदेश के लोगों ने सूक्खू सरकार की जनविरोधी नीतियों और तालाबाज़ी करने वाली सरकार को ख़ारिज कर दिया है।
** बारिश से कई मार्ग अवरूद्ध, यातायात प्रभावित हिमाचल प्रदेश में मानसून जल्द ही दस्तक देने वाला है। लेकिन प्रदेश की जनता बीते साल हिमाचल में मची तबाही से अब तक उभरी ही नहीं है कि एक बार फिर लोगों के मन में बाढ़ का खतरा उन्हें ड़रा रहा है। बीते साल मानसून सीजन में भारी बारिश के कारण हिमाचल में आपदा की स्थिती आ गई थी, जिसमें न केवल करोड़ें का नुकसान हुआ था ब्लकि भारी प्रकृतिक आपदा ने हिमाचल को उथल-पुथल करके रख दिया था। वहीं, सोलन में भी वीरवार रात हुई भारी बारिश से कुनिहार के कई मार्ग अवरूद्ध हो गए, जिससे यातायात प्रभावित हो गया हैं। नालागढ़ मार्ग गंभरपुल पर मलवा आने के कारण सड़के बंद हो गई हैं । कुनिहार कुफ्टू मार्ग भी बारिश से प्रभावित हुआ हैं। सुबह लोगों को अपने काम पर पहुंचने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी। गंभरपुल पर जहां कुछ दिन पहले बादल फटने की घटना सामने आई थी कल रात भारी बारिश से लोग सहमे हुए थे कि कोई अनहोनी न हो जाए। उसी नाले से बारिश के पानी से पुल के ऊपर मलवा आने से कुनिहार नालागढ़ मार्ग बन्द हो गया। बरसात को देखते हुए वहां खतरा अभी भी बना हुआ है। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जी एन शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा सुबह से ही इन मार्गो को खोलने का कार्य आरंभ कर दिया गया था व 9 बजे तक सभी मार्गो से मलवा हटाकर यातायात शुरू कर दिया गया है।
26 जून, को विद्यालय में अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस मनाया गया। इस वर्ष का थीम " साक्ष्य स्पष्ट है, रोकथाम पर निवेश करें" के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस उपलक्ष्य पर अंतर सदन भाषण प्रतियोगिता ( कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग), चित्रकला व नारालेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशीली दवाओं से दूर रखना और नशीली दवाओं की तस्करी पर अंकुश लगाना है। नशे की लत से होने वाले खतरो को अपने भाषण के माध्यम से प्रतिभागियो ने उजागर किया। भाषण प्रतियोगिता में कनिष्ठ वर्ग में कुमारी सानवी कक्षा आठवीं प्रथम स्थान, कुमारी हर्षिता आठवीं कक्षा ने द्वितीय स्थान व कुमारी प्रियंका आठवी कक्षा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि वरिष्ठ वर्ग में सुजल गर्ग जमा एक कक्षा ने प्रथम स्थान, ध्रुव शर्मा जमा दो कक्षा ने द्वितीय स्थान व यश कक्षा नवम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं चित्रकला में कुमारी नीलम कक्षा सातवी प्रथम, कुमारी राइमा परमार कक्षा सातवी ने द्वितीय स्थान तथा कुमारी हिमांशी कक्षा आठवी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।विद्यालय की प्रधानाचार्या स्मृति नेस्टा ने अपने संबोधन में कहा कि हमें स्वस्थ व नशा मुक्त समाज निर्माण के लिए नशे पर पूर्ण अंकुश लगाना होगा साथ ही दवा व्यापार के जोखिमों के बारे में जागरूक किया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षकों व विद्यार्थियों ने नशा न करने की शपथ भी ली।
**सामान्य पर्यवेक्षक ने नोडल अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता की नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के उप-चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए आज यहां भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त सामान्य पर्यवेक्षक (भा.प्र.से.) वेद पति मिश्र की अध्यक्षता में नोडल अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप-चुनावों के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त व्यय पर्यवेक्षक एन. कार्तिक सहित ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त मनमोहन शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। सामान्य पर्यवेक्षक ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न करने के लिए सभी नोडल अधिकारी अपनी तैयारियां समय रहते पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि ई.वी.एम. के भण्डारण एवं परिवहन में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित की जाए। सभी निगरानी दल अपने कार्यों का पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा से निर्वहन करें। उन्होंने मतदाताओं को लुभाने के लिए शराब एवं अन्य मद्य पदार्थों के वितरण, नकदी व अन्य प्रलोभनों पर कड़ी नज़र बनाए रखने के निर्देश दिए। पुलिस व राज्य कर एवं आबकारी विभाग को अवैध रूप से वितरित अथवा भण्डारण किए गए मद्य पदार्थों एवं नकदी की धर-पकड़ के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से सम्बन्धित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए। इस सम्बन्ध में कोई भी व्यक्ति सी. विजिल ऐप अथवा टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर 1950 पर शिकायत कर सकता है। उन्होंने लाईसेंस धारकों से हथियार जमा करवाने, मतदान दलों के आवागमन के लिए परिवहन की समुचित व्यवस्था, दिव्यांग मतदाताओं (पीडब्ल्यूडी) के लिए मतदान केन्द्रों पर सभी न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता (स्वीप) गतिविधियों के बारे में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वेद पति मिश्र ने कहा कि सभी राजनीतिक दल आदर्श आचार संहिता की अनुपालना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान व्यक्तिगत आक्षेप करने से बचें। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल अपने स्टार प्रचारकों की सूची समय पर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सार्वजनिक स्थलों पर प्रचार सामग्री लगाने से सम्बन्धित दिशा-निर्देशों की अनुपालना करने को भी कहा। व्यय पर्यवेक्षक एन. कार्तिक ने कहा कि उप-चुनाव के दौरान उम्मीदवारों एवं राजनीतिक दलों द्वारा किए जाने वाले चुनावी व्यय पर कड़ी नज़र रखी जाए। उन्होंने उड़न दस्तों, स्थैतिक निगरानी दलों, वीडियो निगरानी दलों, वीडियो व्यूइंग दलों तथा लेखा दलों को इस संदर्भ में निरंतर निगरानी बनाए रखने एवं चुनावी व्यय से सम्बन्धित रिपोर्ट प्रेषित करने व आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि एक उम्मीदवार के लिए चुनावी व्यय की अधिकतम सीमा 40 लाख रुपए तय की गई है। उन्होंने 10 लाख रुपए से अधिक की निकासी तथा अन्य संदिग्ध नकदी निकासी पर कड़ी नज़र रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को चुनावी व्यय से सम्बन्धित शैडो रजिस्टर तैयार करने और लेखा दल से इसका मिलान सुनिश्चित करने को भी कहा। ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि उप-चुनावों के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध पूर्ण की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के साथ लगते अंतरराज्यीय सीमा क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने दायित्वों का पूरी गम्भीरता के साथ निर्वहन करना सुनिश्चित करें। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक बद्दी इलमा अफ़रोज़, निर्वाचन अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल, सहायक आयुक्त विवेक शर्मा सहित ज़िला व निर्वाचन क्षेत्र स्तर के सभी नोडल अधिकारी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शिवदत्त एवं संधीरा सीनू सिंह, भारतीय जनता पार्टी के चंद्रकांत शर्मा व राजपॉल वर्मा, बहुजन समाज पार्टी से राकेश बराड़, निरंजना एवं सुनीता चौहान तथा निर्वाचन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के उप-चुनाव के दृष्टिगत आज डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में सहायक पीठासीन अधिकारियों (पी.आर.ओ) और सहायक पीठासीन अधिकारियों (ए.पी.आर.ओ) तथा मतदान अधिकारियों (पी.ओ.) के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता इन उप-चुनावों के लिए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से नियुक्त सामान्य पर्यवेक्षक भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. वेद पत्ति मिश्र ने की। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित पीठासीन अधिकारियों और सहायक पीठासीन अधिकारियों तथा मतदान अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह मतदान प्रक्रिया से सम्बन्धित सभी नियमों एवं निर्देशों तथा ई.वी.एम. एवं वी.वी.पैट. की कार्य प्रणाली के बारे में समुचित जानकारी प्राप्त कर लें। साथ ही इन मशीनों के संचालन के बारे में पूरी गम्भीरता और सजगता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान सम्पन्न करने में पीठासीन व मतदान अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की शंका के निवारण के लिए वह अपने उच्चाधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। निर्वाचन अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल ने कहा कि मतदान प्रक्रिया के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ई.वी.एम.) के सुचारू संचालन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित मतदान कर्मियों को रिहर्सल के दौरान सिखाई गई प्रक्रिया को ठीक से समझने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर नायब तहसीलदार (निर्वाचन) दीवान सिंह ठाकुर ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से उपस्थित मतदान कर्मियों को मतदान प्रक्रिया, ई.वी.एम संचालन और मतदान कर्मियों के दायित्वों व कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। नालागढ़ विधानसभा उप-चुनाव के लिए मतदान के लिए 121 मतदान केंद्र स्थापित किए गए है। इन मतदान केन्द्रों में 62 पीठासीन अधिकारी, 76 सहायक पीठासीन अधिकारी और 142 मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय कुमार यादव, नायब तहसीलदार निर्वाचन दीवान सिंह ठाकुर, निर्वाचन कानूनगो राखी पुंडीर व ललित कुमार सहित मतदान अधिकारी उपस्थित थे।
ज़िला दण्डाधिकारी सोलन मनमोहन शर्मा ने आमजन की सुरक्षा के दृष्टिगत नदी-नालों एवं खड्डों इत्यादि के किनारें न जाने बारे आवश्यक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार सोलन ज़िला की सीमा में अश्वनी खड्ड में, खड्ड के दोनों किनारों पर तथा इसके आस-पास के स्थानों और सोलन तहसील के राजस्व गांव सेर बनेड़ा में गिरीपुल पर गिरी नदी के किनारे स्थित शनि मंदिर के समीप एवं आस-पास के क्षेत्र में सभी प्रकार की अनाधिकृत पर्यटन और व्यवसायिक गतिविधियों को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन आदेशों के अनुसार अश्वनी खड्ड और गिरी नदी में स्नान करने तथा इनके किनारों पर पिकनिक मनाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इन आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि मानसून के मौसम में भारी वर्षा के कारण नदी, नालों के किनारे जाना खतरनाक सिद्ध हो सकता है। अधिकतर मौकों पर पर्यटक नदी एवं खड्डों में नहाने के लिए चले जाते हैं। ऐसे में किसी भी कारण से नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि पर्यटकों के जीवन को खतरा पैदा कर सकती है। उन्होंने स्थानीय पुलिस को ज़िला पर्यटन अधिकारी के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित करते हुए इन निर्देशों को अक्षरशः लागू करने के भी निर्देश दिए हैं। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं और अगले दो माह तक प्रभावी रहेंगे। इन आदेशों का उल्लंघन करने पर विधि सम्मत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर देर रात कोटी रेलवे स्टेशन के समीप ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौ*त हो गई है। मृत*क परवाणू क्षेत्र का रहने वाला था। हादसे के बाद रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर श*व कब्जे में लेकर जांच शुरू की। ट्रेन शिमला से कालका की तरफ जा रही थी। रेलवे पुलिस निरीक्षक कुलवंत नेगी ने हादसे की पुष्टि की है ।
हिमाचल प्रदेश में कल से अगले छह दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट खास तौर पर 29 और 30 जून के लिए जारी किया गया है। ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर को छोड़कर नौ जिलों में आज और कल के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, जब खतरा कम होता है तो येलो अलर्ट जारी किया जाता है। जब सावधानी की जरूरत होती है और खतरा ज्यादा होता है तो ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है और जब खतरा बहुत ज्यादा होता है तो रेड अलर्ट जारी किया जाता है। इस दौरान बारिश के साथ-साथ कुछ जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इस सीजन में मौसम विभाग ने पहली बार बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया है। इसे देखते हुए प्रदेशवासियों को सावधानी बरतनी होगी। स्थानीय लोगों सहित पर्यटकों को भी अधिक ऊंचाई वाले, लैंड स्लाइड संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास नहीं जाना चाहिए। प्रदेश के कई क्षेत्रों में प्री-मानसून की बारिश बीते तीन दिन से हो रही है। इससे प्रदेशवासियों ने भीषम गर्मी से राहत की सांस जरूर ली है। मगर ऊना सहित दूसरे शहरों का तापमान अभी भी नॉर्मल से ज्यादा चल रहा है।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बैचवाइज आधार पर नियुक्त होने वाले जेबीटी और टीजीटी को स्कूल जाने से पहले पढ़ाई करवाने के तरीकों का 15 दिन तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कई वर्षों से नौकरी का इंतजार कर रहे इन शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने यह फैसला लिया है। जुलाई में 1,100 जेबीटी और 1,023 टीजीटी की बैचवाइज आधार पर स्कूलों में नियुक्तियां होनी हैं। लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव के चलते आदर्श चुनाव आचार संहिता लगने से टीजीटी और जेबीटी की भर्तियां लटक गई हैं। चुनावों की घोषणा से पहले शिक्षा विभाग ने 1023 टीजीटी का बैचवाइज भर्ती के माध्यम से चयन कर लिया था। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के चलते इन शिक्षकों को नियुक्तियां नहीं दी जा सकी थीं। शिक्षा मंत्री ने नियुक्तियों से संबंधित सभी औपचारिकताओं को इस माह पूरा करने को कहा है। इसके अलावा करीब 1,100 पदों पर जेबीटी की बैचवाइज भर्ती भी पूरी कर ली गई है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने 13 मार्च 2024 को अक्तूबर-नवंबर 2023 के दौरान हुई बैचवाइज काउंसलिंग का परिणाम घोषित किया है। इसमें टीजीटी आर्ट्स में 496, नॉन मेडिकल में 333 और मेडिकल में 194 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। शिक्षा विभाग ने जेबीटी शिक्षकों के बैचवाइज 1,161 पद भरने के लिए हाईकोर्ट से मंजूरी मांगी थी। कोर्ट ने कुछ भर्तियों के परिणाम नहीं निकालने के आदेश देते हुए करीब 1,100 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने को हरी झंडी दे दी है। अब इन शिक्षकों को नियुक्तियां देने से पहले निदेशालय ने प्रशिक्षित करने का फैसला लिया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि बैचवाइज भर्ती होने वालों को स्कूलों में पढ़ाने के नए तरीकों से अवगत करवाना आवश्यक है। चयनित होने वाले कई शिक्षक बीते कुछ वर्षों में शिक्षण के अलावा अन्य काम भी कर रहे होंगे। ऐसे में इन्हें 15 दिन का प्रशिक्षण देने का फैसला लिया गया है।
जीएसटी छह फीसदी कम होने के बाद बागवानों को अब सेब कार्टन तीन रुपये तक सस्ता मिलेगा। सेब कार्टन पर पहले जीएसटी 18 फीसदी था। कुछ दिन पहले दिल्ली में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में कार्टन पर जीएसटी छह फीसदी कम कर 18 से 12 फीसदी किया गया। इस बार प्रदेश में सेब की ढाई से तीन करोड़ पेटियों के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। उद्योगपतियों ने यूनिवर्सल कार्टन बनाना शुरू कर दिया है। इस बार सेब यूनिवर्सल कार्टन में ही बिकेगा। प्रदेश सरकार की ओर से इसको लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। यूनिवर्सल कार्टन के अलावा अन्य कार्टन में बागवान सेब नहीं बेच सकेंगे। जीएसटी कम होने से गत्ता उत्पादकों को भी इसका फायदा होगा। अगले माह से सेब सीजन शुरू होने वाला है। तीन रुपये बॉक्स सस्ता होने से सेब उत्पादकों को फायदा होगा। कई बागवानों के 2 से 3 हजार तक बॉक्स प्रतिवर्ष सेब के लगते हैं। ऐसे में उन्हें 6 से 9 हजार रुपये तक का फायदा मिलेगा। गत्ता उद्योग संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मुकेश जैन ने बताया कि इस बार उत्पादकों ने यूनिवर्सल कार्टन बनाना शुरू कर दिया है। इस कार्टन की क्वालिटी काफी बेहतर होगी। यह कार्टन विदेशों से आयात होने वाले सामान के कार्टन की तरह होगा। इसमें एक महीने तक कार्टन खराब नहीं होगा। गत्ता उद्योग संघ के प्रदेशाध्यक्ष आदित्य सूद ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होती है तो गत्ता उत्पादक कार्टन के दाम कर देंगे। सेब का सीजन शुरू होने वाला है और गत्ता उत्पादकों ने कार्टन बनाना शुरू कर दिया है। इस बार यूनिवर्सल कार्टन ही बनाए जाएंगे। इस बार गर्मी अधिक होने से सेब की फसल कम बताई जा रही है लेकिन उसके बावजूद भी ढाई से तीन करोड़ कार्टन तैयार किए जा रहे हैं।
कुनिहार के दशहरा मैदान में 10 वर्षों बाद डे एंड नाइट फुटबॉल खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 27 जुन से 30 जून तक अशोका-हरी मैमोरियल फुटबॉल कप के नाम से यूथ क्लब व राम लीला जनकल्याण समिति द्वारा संयुक्त रूप से करवाई जा रही है। प्रतियोगिता पहले ठाकुर हरिदास मेमोरियल खेल समिति कुनिहार द्वारा करवाई जाती थीं, लेकिन 2014 के बाद किन्हीं कारणों से यह प्रतियोगिता नहीं हो पाई। यूथ क्लब के अध्यक्ष परीक्षित शर्मा व राम लीला जनकल्याण समिति के अध्यक्ष रितेश जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि खिलाड़ियों व फुटबाल प्रेमियों के मांग पर यूथ क्लब व समिति ने इस डे नाईट प्रतियोगिता को करवाने का निर्णय लिया। कुनिहार क्षेत्र के जाने माने फुटबॉल खिलाड़ी स्वर्गीय अशोक कुमार व स्वर्गीय हरी सिंह की याद में यह प्रतियोगिता करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के अधिकतर मैच दूधिया रोशनी में करवाए जाएंगे। लेकिन मौसम के हिसाब से कुछ मैच दिन मे भी करवाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में स्थानीय टीमों सहित सोलन, शिमला, नाहन, चंडीगढ़, पांवटा साहिब आदी क्षेत्रों की लगभग 15 टीमें भाग लेंगी। प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में विजेता टिम को 31000 व ट्रॉफी तथा उप विजेता टिम को 21000 व ट्रॉफी से नवाजा जाएगा, तो वहीं बेस्ट प्लेयर, बेस्ट गोल कीपर के सम्मान से भी समिति द्वारा खिलाड़ियों को समानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाली टीमों के खाने व ठहरने की व्यवस्था क्लब व समिति द्वारा की जाएगी।
रिटर्निंग अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल ने बताया कि नालागढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के उप-चुनाव के लिए आज नामांकन वापिस लेने की अंतिम तिथि को एक नामांकन पत्र वापिस लिया गया। उन्होंने बताया कि नालागढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के उप-चुनाव के लिए आज़ाद उम्मीदवार गुरनाम सिंह पुत्र जागर सिंह, गांव चुहुंवाल, डाकघर एवं तहसील नालागढ़, ज़िला सोलन ने अपना नामांकन पत्र वापिस लिया है। दिव्यांशु सिंगल ने बताया कि अब 05 उम्मीदवार नालागढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के उप-चुनाव के लिए पात्र हैं। उन्होंने बताया कि 10 जुलाई, 2024 को वोट डाले जाएंगे, जबकि 13 जुलाई, 2024 को मतगणना होगी।
नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में उप-चुनाव के दृष्टिगत ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में आज उपायुक्त कार्यालय के एन.आई.सी. सभागार में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ई.वी.एम) व वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वी.वी.पैट.) मशीनें मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में नालागढ़ के लिए प्रदाय की गई। यह कार्य अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव की उपस्थिति में सम्पन्न करवाया गया। मनमोहन शर्मा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए उपलब्ध बैलेट यूनिट (बीयू)-169, कन्ट्रोल यूनिट (सीयू)-169 तथा वी.वी.पैट.-181 मशीनों को प्रदाय किया गया। मशीनों को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में खोला गया और ई.एम.एस. सॉफ्टवेयर के माध्यम से नालागढ़ उप-चुनाव के लिए उक्त ई.वी.एम. तथा वी.वी.पैट. मशीनों को भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार निर्वाचन अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ द्वारा प्रतिनियुक्त नोडल अधिकारियों को प्रदाय किया गया। इस अवसर पर तहसीलदार निर्वाचन ऊषा चौहान, नायब तहसीलदार दीवान सिंह ठाकुर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शिवदत्त ठाकुर व संधीरा सीनू सिंह, भारतीय जनता पार्टी के चन्द्रकांत शर्मा, बहुजन समाजवादी पार्टी के राकेश बराड़ तथा आम आदमी पार्टी के भरत ठाकुर उपस्थित थे।
उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने आज यहां अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को नशा निवारण की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर उन्होंने सभी उपस्थित अधिकारी व कर्मचारियों को ‘आज हम एकजुट होकर नशामुक्त भारत अभियान के तहत एक प्रतिज्ञा लेते हैं कि न केवल हमारे समुदाय, परिवार दोस्त बल्कि खुद को नशामुक्त बनाएंगे क्योंकि परिवर्तन भीतर से शुरू होता है, इसलिए आओ मिलकर अपने राज्य हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाने का संकल्प लें। मैं प्रतिज्ञा करता हूं कि मैं अपने देश को नशामुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा’ की शपथ दिलाई। अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव, सहायक आयुक्त विवेक शर्मा, ज़िला राजस्व अधिकारी नीरजा शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर सोलन ज़िला के विभिन्न विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपने-अपने कार्यालयों में नशा निवारण पर शपथ ली। इसके अतिरिक्त ज़िला में स्थित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में भी इस उपलक्ष्य में रैली सहित अन्य गतिविधियां आयोजित की गई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सौजन्य से सोलन शहर में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत स्कूली छात्रों की रैली निकालकर नशा निवारण संदेश दिया गया।
**हिमाचल में दो जगह फ़्लैश फ्लड हिमाचल प्रदेश में अभी मानसून ने दस्तक दी भी नहीं और भारी बारिश से तबाही की तस्वीरें सामने आने लगी है। सोलन जिला के कुनिहार में दोपहर बाद करीब तीन बजे बादल फटने की घटना पेश आई है । महज़ थोड़ी देर हुई भयंकर बारिश के चलते गंभरपुल पर भारी मलबा आ गया। इससे कुनिहार को नालागढ़ से जोड़ने वाला हाइवे तक बंद हो गया। ये मलबा गंभरपुल में तीन दुकानों में घुस गया जिससे एक ढाबा जमींदोज हो गया। फ्लैश फ्लड में दो गाड़ियों को भी नुकसान हुआ है। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। हालांकि एक व्यक्ति सहित उसका छोटा बेटा मलबे में चपेट में आ गए थे । यही नहीं आज सुबह चार बजे के करीब लाहौल स्पीति जिला के उदयपुर सब डिवीजन में बीती रात को तेज बारिश के बाद फ्लैश फ्लड आया । इससे उदयपुर-तांदी स्टेट हाइवे मधग्राम नाला के पास रात से बंद हो गया था जिसे सात घंटे बाद बहाल किया जा सका। बता दें की हिमाचल में प्री मानसून की शुरुआत हो गई है। 27 जून से मानसून भी दस्तक दे सकता है। प्री-मानसून की पहली बारिश ने ही कहर बरपाना शुरू कर दिया है। उम्मीद है इस बार प्रशासन हर परिस्थिति के लिए पहले से तैयार रहेगा।
**अपने पिता से फिरौती के रूप में मांगे 1 लाख बिज़नेस से परेशान होकर एक व्यक्ति ने खुद को ही किडनैप करने की झूठी साजिश रची और अपने ही पिता से फिरौती के रूप में 1 लाख रुपए की मांग की। ये मामला है सोलन शहर का। पिछले कल सोलन के कथेड़ निवासी अभय गोयल ने पुलिस थाना सदर सोलन में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि 23 जून को साढ़े 6 बजे उनका भाई अमन मेले में जाने के लिए निकला था। कुछ देर बाद उसके दोस्त को व्हत्सप्प में मैसेज आया कि वह अमन के पिता को बता दे कि अमन हमारे पास है। एक घंटे बाद मैसेज आएगा तो 1 लाख रुपए ट्रांसफर कर देना। खबरदार अगर पुलिस की मदद ली। इस दौरान उसका एक फोटो भी भेजा है जिसमें अमन बेहोश दिखाया गया। अभय ने बताया कि अमन बेकरी चलाता है। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाही करते हुए सीसीटव फुटेज खंगाली और अमन के मोबाइल नंबर और कनेक्शन की तकनीकी जांच की। मामले की जांच के लिए पुलिस ने एक टीम बनाई । पुलिस टीम ने अमन गोयल को हरियाणा क्षेत्र के शाहपुर स्थित एक गुरुद्वारा के पास सड़क से अकेले ही बरामद किया। पूछताझ के दौरान अमन गोयल ने बतलाया कि वह बिजनेस से परेशान था व अपने परिवार से भी मनमुटाव था । जिस कारण यह परेशान होकर घर से चला गया था । इसे पैसों की भी सख्त जरूरत थी जिस पर इसने अपने परिवार से पैसे लेने के लिये अपने अपहरण की झूठी साजिश रची। व अकेले ही बस द्वारा कालका पहुंचा तथा इसने कालका बस स्टैण्ड में बने वाशरूम में सैल्फी के माध्यम से फोटो ली और उक्त फोटो को अपने नम्बर से अपने भाई अभय गोयल को भेजा उसके बाद वह बस में बैठकर शाहपुर पहुंचा। मामले की जांच जारी है। मामले की पुष्टि एसपी सोलन गौरव सिंह ने की है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने आज बताया कि प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्रों देहरा, हमीरपुर और नालागढ़ में उपचुनाव के लिए मतदान के मद्देनजर इन क्षेत्रों के पंजीकृत मतदाताओं के लिए सरकार के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 10 जुलाई, 2024 को राजपत्रित अवकाश घोषित किया गया है। इस दिन इन क्षेत्रों के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी सवैतनिक अवकाश मिलेगा। उन्होंने बताया कि पंजाब के जालंधर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के चलते ऊना, कांगड़ा, चंबा और सोलन जिलों में सेवाएं दे रहे पंजाब के पंजीकृत मतदाताओं और उत्तराखंड के बद्रीनाथ और मंगलौर विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के चलते सिरमौर और शिमला में सेवाएं दे रहे उत्तराखंड के पंजीकृत मतदाताओं के लिए भी 10 जुलाई को विशेष सवैतनिक अवकाश घोषित किया गया है। इन राज्यों में पंजीकृत मतदाता जो सरकारी, अर्ध-सरकारी और औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत हैं, उनके लिए भी विशेष सवैतनिक अवकाश घोषित किया गया है। इसके अलावा इन विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता जो अन्य स्थानों में काम कर कर रहे हैं, उनके लिए भी विशेष आकस्मिक अवकाश का प्रावधान है।
निर्वाचन विभाग के एक प्रवक्ता ने आज बताया कि स्क्रूटनी के उपरान्त अब तीन विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उप-चुनावों में अब कुल 15 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। उन्होंने बताया कि उम्मीदवार 25 व 26 जून, 2024 को तीन बजे तक नामांकन वापस ले सकते हैं। प्रवक्ता ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि देहरा में अब कुल पांच, हमीरपुर में चार व नालागढ़ में छः प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। कांगड़ा जिला के देहरा विधानसभा क्षेत्र में कमलेश (53) इण्डियन नेशनल कांग्रेस, होशियार सिंह (57), भारतीय जनता पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशी सुलेखा देवी (59), अरूण अंकेश स्याल (34) तथा एडवोकेट संजय शर्मा (56) चुनावी मैदान में हैैं। विधानसभा क्षेत्र देहरा से दो कवरिंग प्रत्याशियों कांग्रेस के हरि ओम (66) तथा भाजपा के वीर सिंह (60) के नामांकन पत्र रद्द हुए। अब यहां से पांच प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र से आशीष शर्मा (37) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), डॉ. पुष्पिंदर वर्मा (48) इण्डियन नेशनल कांग्रेस तथा निर्दलीय प्रत्याशी प्रदीप कुमार (58) व नन्द लाल शर्मा (64) चुनावी मैदान में हैैं। विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर से कोई भी नामांकन रद्द नहीं हुआ। यहां से चार प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र से हरदीप सिंह बावा (44) इण्डियन नेशनल कांग्रेस, के.एल. ठाकुर (64) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), किशोरी लाल शर्मा (46) स्वाभिमान पार्टी तथा गुरनाम सिंह (48), हरप्रीत सिंह (36) व विजय सिंह (36) निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं । नालागढ़ क्षेत्र से एक निर्दलीय प्रत्याशी उदय कुमार सिंह (46) तथा कांग्रेस के कवरिंग प्रत्याशी परमिंदर कौर बावा (43) का नामांकन रद्द हुआ। यहां से अब छः प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।
**मुख्य संसदीय सचिव ने किया सम्मानित सोलन: तीन दिवसीय मां शूलिनी मेला के दौरान पुलिस विभाग व शूलिनी मेला समिति के संयुक्त तत्वावधान में कुश्ती प्रतियोगिता एवं दंगल का आयोजन किया गया। मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कहा कि मां शूलिनी का यह मेला ऐतिहासिक ठोडो मैदान में वर्षों से मनाया जा रहा है और ठोडा व दंगल जैसे प्राचीन खेल इसे अनूठा बनाते हैं। उन्होंने कहा कि मेलों के दौरान खेल गतिविधियों का आयोजन लोगों के मनोरंजन के साथ ही खिलाड़ियों के शारीरिक सौष्ठव व मानसिक दृढ़ता का भी परिचायक होता है। इससे युवा खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए उचित मंच प्राप्त होता है। उन्होंने विजेता पहलवानों को बधाई दी तथा इसमें भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों से हार-जीत की परवाह किए गए बगैर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए और कड़ी मेहनत का आह्वान भी किया। लड़कियों की कुश्ती प्रतियोगिता में फाइनल मुकाबला चंडीगढ़ की गौरी व मैदा के बीच खेला गया। इसमें गौरी विजयी रहीं। दंगल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला पंजाब पुलिस के गगन और पंजाब के रहने वाले ताज गोनी के बीच खेला गया। इसमें गगन ने खिताब जीत लिया। विजेता को 40 हजार रूपए तथा उप-विजेता को 35 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर विनोद सुल्तानपुरी, कांग्रेस महासचिव सुरेंद्र सेठी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राज कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
सोलन: मां शूलिनी मेला की तीसरी व अंतिम सांस्कृतिक संध्या में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने उन्हें मेला आयोजन समिति व शहरवासियों की ओर से सम्मानित किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी व विनोद सुल्तानपुरी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हिमाचल की समृद्ध लोक-संस्कृति व देव परम्परा देश-विदेश में विख्यात है। यहां के अधिकतर मेले व त्यौहार देवी-देवताओं से जुड़े हैं और मां शूलिनी का यह तीन दिवसीय मेला माता के प्रति शहर व प्रदेशवासियों की अगाध श्रद्धा व आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन हमारी लोक मान्यताओं, परम्पराओं और लोक संस्कृति को न केवल जीवंत बनाए रखने में मददगार होते हैं, अपितु इनके संरक्षण एवं संवर्द्धन में भी अपनी उल्लेखनीय भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संध्याओं के माध्यम से हिमाचल की विशिष्ट लोक संस्कृति व लोक कलाकारों को प्रोत्साहन मिलता है, वहीं बाहरी राज्यों से आने वाले कलाकार हमारी सांस्कृतिक विविधता को नए आयाम प्रदान करते हुए संस्कृति के आदान-प्रदान में सहायक बनते हैं। उन्होंने कहा कि शूलिनी मेला के अवसर पर आयोजित ठोडा नृत्य धनुर्विद्या की हमारी पुरातन विरासत को संजोए हुए है, वहीं कुश्तियां एवं दंगल के आयोजन प्राचीन खेलों को आगे ले जाने में अपनी भूमिका बखूबी निभा रहे हैं। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन व मेला समिति को बधाई दी और इसमें शहरवासियों सहित सभी के सहयोग की भी सराहना की। इस अवसर पर जोगिंद्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, नगर निगम सोलन के पार्षदगण, प्रदेश कांग्रेस महासिचव सुरेंद्र सेठी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस के अध्यक्ष अंकुश सूद, नगर निगम की आयुक्त एकता काप्टा, उपमंडलाधिकारी डॉ. पूनम बंसल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
** शूलिनी शक्तिपीठम से 100 मीटर पहले आया हार्ट अटैक स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल के ओएसडी संजय शर्मा (53) का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। रविवार देर शाम वह सोलन के प्रसिद्ध शूलिनी शक्तिपीठम में माथा टेकने पहुंचे थे। करीब 100 मीटर पहले ही उन्हें हार्ट अटैक आया और वह गिर गए। दुकानदार उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल सोलन ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृ*त घोषित कर दिया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और विधायक विनोद सुल्तानपुरी रेस्ट हाउस में थे। उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं थी। अग्निहोत्री शूलिनी मेले की सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। सभी मंत्री और नेता ठोडो मैदान चले गए। वहां संजय शर्मा के निधन का समाचार मिलते ही उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल, विधायक विनोद सुल्तानपुरी समेत अन्य नेता भी तुरंत अस्पताल पहुंच गए। सभी कांग्रेसी नेताओं ने संजय शर्मा के निधन पर शोक प्रकट किया है। संजय लंबे समय से डॉक्टर शांडिल के साथ जुड़े थे। वह सिरमौर जिला के नारग के रहने वाले थे।
सोलन में आयोजित तीन दिवसीय शूलिनी मेला के अवसर पर आयोजित उत्तर क्षेत्रीय ओपन शतरंज प्रतियोगिता आज सम्पन्न हो गई। प्रतियोगिता के अंडर-13 आयु वर्ग में मोक्ष बरेट प्रथम तथा मनन शर्मा द्वितीय रहे। अंडर-15 वर्ग में अर्पण कश्यप प्रथम व ईशान गुप्ता द्वितीय तथा आराध्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अंडर-17 वर्ग में मल्हार बेक्टा पहले, पार्थ शर्मा दूसरे तथा अर्नव तीसरे स्थान पर रहे। अंडर-19 वर्ग में मयूर सक्सेना पहले, अधृत शर्मा दूसरे और तरूल तीसरे स्थान पर रहे। भाविका सूद को यंगेस्ट फीमेल खिलाड़ी चुना गया। वरिष्ठ वर्ग में उत्तम प्रकाश पहले, सूरज दहीया दूसरे स्थान पर रहे। वरिष्ठ वर्ग में गौरव शर्मा को सोलन में सर्वश्रेष्ठ चुना गया। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ वर्ग में सम्मानित किया गया। सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी का पुरस्कार सूर्यांशी शर्मा को दिया गया। विजेता खिलाड़ियों को सोलन ज़िला बार ऐसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ता डी.के. शर्मा ने पुरस्कार वितरित किए। इस अवसर पर सदस्य गौरव शर्मा, संकेत शर्मा, अधिवक्ता पियूष चंदेल, कौस्तुभ भारद्वाज सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
सोलन: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने आज शूलिनी मेला के अंतिम दिवस पुलिस विभाग के सहयोग से आयोजित रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता के समापन समारोह की अध्यक्षता की। ऐतिहासिक ठोडो मैदान में आयोजित रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता का फाईनल सोलन और कण्डाघाट के बीच खेला गया। इनमें सोलन की महिलाएं विजयी रहीं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने विजेता टीम को पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं मेले के स्वरूप को विविधता प्रदान करती है। इससे महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के मेले समिति के प्रयासों की भी उन्होंने सराहना की। इस अवसर पर जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, कांग्रेस महासचिव रमेश ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजीलेंस श्वेता ठाकुर सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
सोलन: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने शूलिनी मेला के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सौजन्य से ठोडो मैदान में आयोजित हेल्दी बेबी शो के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों के पोषण के प्रति लोगों में जागरूकता लाना है। इससे अभिभावकों को बच्चों के प्रतिरक्षण से सम्बन्धित टीकें इत्यादि समय पर लगाने, उम्र के अनुसार वज़न और लम्बाई, आयु के अनुरूप उनके विकास तथा व्यक्तिगत स्वच्छता इत्यादि के प्रति जागरूक एवं प्रेरित भी किया जाता है। उन्होंने विजेता शिशुओं एवं उनके माता-पिता को शुभकामनाएं दी तथा सभी प्रतिभागियों का इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल ने बताया कि हेल्दी बेबी शो में शून्य से एक, एक से तीन तथा तीन से पांच साल तक के तीन वर्गों में शिशुओं व बच्चों को शामिल किया गया। इनमें विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुरूप तीन श्रेणियां हरित, पीली व लाल रखी गई थी। प्रतियोगिता में कुल 51 प्रतिभागियों ने भाग लिया और कोई भी बच्चा रेड ज़ोन में शामिल नहीं पाया गया। 35 बच्चे ग्रीन ज़ोन तथा 16 बच्चे यलो ज़ोन में पाए गए। इस अवसर पर जोगिन्द्र सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, संधीरा सीनू सिंह, ज़िला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित रंजन तलवार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी व चिकित्सक उपस्थित थे।
सोलन के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में आयोजित शूलिनी मेले के दौरान नन्हे बच्चों की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें बड़ी संख्या में बच्चों ने भाग लिया। इन प्रतियोगिताओं में चम्मच दौड़, फ्रोग रेस, गुब्बारा फुलाना, शू टाई रेस, सैक रेस, गोलगप्पा खाओ जैसी रोचक खेलें शामिल रही। गोलगप्पा प्रतियोगिता में मोनिका, दिक्षा तथा मीना, सूई-धागा दौड़ में हिमानी, स्वाती व करीना, गुब्बारा फुलाओं में गोलू, अनिकेत व अनिष, शू टाई रेस में राजीव ठाकुर, उज्जवल व सोनाक्षी तथा सैक रेस में आरव शर्मा, आदित्य व आरव ठाकुर क्रमशः पहले, दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। इसके अतिरिक्त महिलाओं व लड़कियों के लिए म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें महिला वर्ग में सविता तथा लड़कियों के वर्ग में भाव्या ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सभी विजेताओं को आयोजन समिति की ओर से पुरस्कृत भी किया गया।
**स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विशेष रूप से रहे उपस्थित सोलन: माँ शूलिनी मेला-2024 की द्वितीय सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष विनय कुमार ने बतौर मुख्यातिथि भाग लिया। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। स्थानीय विधायक एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल भी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे। शूलिनी मेला समिति की ओर से मुख्यातिथि तथा विशिष्ट अतिथियों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मेले एवं त्यौहार हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए हैं। इनके माध्यम से हिमाचल की लोक संस्कृति एवं परम्पराओं का सम्वर्द्धन एवं संरक्षण भी सुनिश्चित होता है। सांस्कृतिक संध्याओं के माध्यम से उभरते हुए लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का उचित मंच प्राप्त होता है। उन्होंने मेला आयोजन समिति की सरहाना करते हुए कहा कि इस बार पहाड़ी लोक कलाकारों को अधिमान देते हुए अच्छी पहल की है। दूसरी सांस्कृतिक संध्या में ए.सी. भारद्वाज तथा अजय तोमर व अजय चौहान ने अपनी प्रस्तुतियां दी। इनके अतिरिक्त मदन झाल्टा, विक्की राजटा व अरुण जस्टा सहित अन्य कलाकारों ने अपने कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मेला समिति की ओर से की गई विशेष पहल के तहत राजकीय विद्यालयों की छात्राएं भी अपनी प्रस्तुति दे रही हैं। दूसरे संध्या में गीता आदर्श विद्यालय के विद्यार्थियों ने कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बघाट बैंक के अध्यक्ष अरुण शर्मा, जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, प्रदेश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम निदेशक मण्डल के सदस्य जतिन साहनी, नगर निगम सोलन के विभिन्न पार्षदगण, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव सुरेन्द्र सेठी व रमेश ठाकुर, ज़िला कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष शिव कुमार, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस अध्यक्ष अंकुश सूद, कांग्रेस पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, नगर निगम सोलन की आयुक्त एकता काप्टा, उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में 28 जून को मानसून पहुंचने का पूर्वानुमान है। 26 जून से प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश का दौर शुरू होगा। रविवार को कई क्षेत्रों में मौसम खराब बना रहने के आसार हैं। 24 और 25 जून को धूप खिली रहने की संभावना है। शनिवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे। बारिश नहीं होने से मौसम में उमस बढ़ गई है। राजधानी शिमला में शनिवार को दिन भर बादल छाए रहे। प्रदेश के मैदानी जिलों में भी हल्के बादल छाए रहने के साथ धूप खिली। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि 26 जून से प्रदेश में बारिश शुरू होगी। 27 और 28 जून को अधिक बारिश होने के आसार हैं। 28 जून तक प्रदेश में मानसून के दस्तक देने की संभावना है। मानसून इस वर्ष सामान्य तारीख को ही हिमाचल में प्रवेश कर सकता है। उन्होंने बताया कि रविवार को कई जगह बादल बरसेंगे। 24 और 25 जून को मौसम साफ बना रहेगा।
अपनी अनूठी परम्परा के लिए विख्यात माँ शूलिनी मेला के दूसरे दिन प्राचीन खेल ठोडा का आयोजन ऐतिहासिक ठोडो मेला मैदान में किया गया। शाठा-पाशा दलों में होने वाले तीरंदाजी के इस रोचक एवं प्राचीन खेल का जुड़ाव महाभारत कालीन कौरवों एवं पांडवों से माना गया है। इस वर्ष शूलिनी मेला के ठोडा खेल में चार ठोडा दल भाग ले रहे हैं। इनमें ठोडा दल डरोल-ठियोग, कोटी-टिब्बा (सिरमौर), किशोर (ठियोग) तथा पाशी ठोडा दल दंवा (क्योंथल) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त वाद्य यंत्र दल सिरमौर भी इसमें सहभागिता जता रहा है। इसमें अध्यक्ष राजीव ठाकुर, उपाध्यक्ष मनमोहन शर्मा, सचिव हेमन्त अत्री, कोषाध्यक्ष मनीष कुमार तथा सदस्य ललित कश्यप, भूषण कुमार शामिल हैं।
नौणी विश्वविद्यालय में NSUI नौणी द्वारा रक्त दान शिविर अयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में विनीत काम्बोज (राष्ट्रीय महासचिव युवा कांग्रेस एवं प्रभारी हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस) मौजूद रहे ।कार्यक्रम में जयवर्धन खुराना (प्रदेश उपाध्यक्ष हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस) डॉ. रणजीत वर्मा (प्रदेश सचिव हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस) छत्तर ठाकुर (प्रदेश अध्यक्ष एनएसयूआई) मदन हिमाचली प्रधान ग्राम पंचायत नौणी) तथा बलदेव ठाकुर (राजीव गाँधी पंचायती राज हिमाचल प्रदेश के प्रभारी) भी उपस्थित रहे । रक्तदान शिविर में 40 छात्र छात्राओं ने रक्त दान किया। इस मौके पर ईकाई अध्यक्ष ध्रुव सागर ने सभी अतिथियों और छात्रों का कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद किया और कहा कि NSUI नौणी छात्र हित में सदैव तत्पर है और आगे भी छात्र एवं समाज हित में कार्य करती रहेगी।
शूलिनी मेले के दौरान आज उद्यान विभाग सोलन द्वारा नगर निगम सोलन के परिसर में इन्नर व्हील क्लब सोलन सिटी के सौजन्य से ‘फ्लावर शो’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्यान विभाग की अध्यक्षता डॉ. शिवाली ठाकुर ने की। इस पुष्प प्रदर्शनी में सोलन ज़िला के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने विभिन्न श्रेणियों में अपनी सहभागिता दर्ज करवाई। आयोजन के दौरान गमले में उगाए जाने वाले फूलों, पुष्प प्रबंधन व नारा लेखन श्रेणी में विद्यार्थियों ने भाग लिया। फ्लावर शो प्लांट श्रेणी में स्थानीय लोगों तथा कट फ्लावर श्रेणी में पुष्प उत्पादकों द्वारा अपनी सहभागिता जताई गई। फ्लावर ऑफ द शो का पुरस्कार झाझा गांव के गगन दीप को लीलियम फूल की उत्कृष्ट किस्म के लिए दिया गया। कार्यक्रम में नौणी विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक डॉ. सुमन भाटिया और पुष्प विशेषज्ञ दुर्लभ पुरी भी उपस्थित थे।
नालागढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के उप-चुनावों के लिए बीते रोज पांच नामांकन पत्र दाखिल किए गए। निर्वाचन अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उदय कुमार सिंह पुत्र विद्या सिंह, निवासी गांव निचला खेड़ा, डाकघर खेड़ा, तहसील नालागढ़, गुरनाम सिंह पुत्र जागर सिंह, गांव चुहुंवाल, डाकघर एवं तहसील नालागढ़, हरप्रीत सिंह पुत्र अवतार सिंह गांव एवं डाकघर राजपुरा तहसील नालागढ़ तथा विजय सिंह पुत्र श्याम सिंह, गांव मंगूवाल, डाकघर राजपुरा, तहसील नालागढ़ ने आज़ाद प्रत्याशियों के रूप में अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इसके अतिरिक्त किशोरी लाल शर्मा पुत्र राम लोक शर्मा, गांव अम्बवाला, डाकघर पंजैहरा, तहसील नालागढ़ ने स्वाभिमान पार्टी के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। दिव्यांशु सिंगल ने बताया कि नामांकन की अंतिम तिथि तक कुल 08 नामांकन पत्र प्राप्त हुए हैं। नामांकन पत्रों की छंटनी 24 जून, 2024 को की जाएगी, जबकि नामांकन वापिस लेने की तिथि 26 जून, 2024 को सायं 03.00 बजे तक निर्धारित की गई है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने गत देर सायं माँ शूलिनी मेला-2024 की प्रथम सांस्कृतिक संध्या में मुख्यातिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने दीप प्रज्जवलित कर सांस्कृतिक संध्या का विधिवत शुभारम्भ भी किया। इस अवसर पर सोलन वासियों को माँ शूलिनी मेला की शुभकामनाएं देते हुए डॉ. शांडिल कहा कि मेले हमारी समृद्ध संस्कृति एवं लोक परम्पराओं को सहेजने में अपनी प्रमुख भूमिका निभाते हैं। देव भूमि हिमाचल में अधिकंश मेले एवं उत्सव देव परम्परा से गहरे से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि माँ शूलिनी के प्रति लोगों की अगाध श्रद्धा एवं आस्था का प्रतीक यह मेला निरंतर विस्तार पा रहा है जिसके लिए स्थानीय लोग एवं आयोजन समिति बधाई के पात्र हैं। इस अवसर पर मेला आयोजन समिति की ओर से स्वास्थ्य मंत्री को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर माँ शूलिनी मेला-2024 की स्मारिका का विमोचन भी किया। इससे पूर्व उन्होंने मेला मैदान में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया एवं इनका अवलोकन कर इनमें गहन रूचि दिखाई। प्रथम सांस्कृतिक संध्या में सारेगामा फेम तन्मय चतुर्वेदी, अभिज्ञ बैंड तथा रैप आई.डी. ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। इसके अतिरिक्त एन.जेड.सी.सी. की ओर से प्रायोजित सांस्कृतिक दल द्वारा हरियाणवी नृत्य प्रस्तुत किया। मेला आयोजन समिति द्वारा स्थानीय सांस्कृतिक दलों व लोक कलाकारों को भी उचित अधिमान दिया गया है। ज़िला के तीन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के बच्चों की ओर से भी सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। पहले दिन राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अर्की की छात्राओं ने मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बघाट बैंक के अध्यक्ष अरुण शर्मा, जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, प्रदेश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम निदेशक मण्डल के सदस्य जतिन साहनी, नगर निगम सोलन के विभिन्न पार्षदगण, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव सुरेन्द्र सेठी व रमेश ठाकुर, ज़िला कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष शिव कुमार, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस अध्यक्ष अंकुश सूद, कांग्रेस पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, नगर निगम सोलन की आयुक्त एकता काप्टा, उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, कसौली नारायण सिंह चौहान, कण्डाघाट सिद्धार्थ आचार्य सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
द एसवीएन स्कूल बडोर घाटी में विद्यालय के अलंकरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवनिर्वाचित स्कूल कमेटी के सदस्य, चयनित हेड ब्वाय, हेड गर्ल और विद्यालय के चारों सदनों के कप्तान व उप कप्तानों का औपचारिक प्रवेश हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चेयरमन टी सी गर्ग, पुष्पा गर्ग,सोना गर्ग उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल निदेशक लूपिन गर्ग ने की। समारोह का शुभारंभ छात्राओं द्वारा गणेश वंदना व दीप प्रज्वलित करते हुए किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि की आज्ञानुसार मार्च पास करते हुए सभी सदस्यों व सदनों का परिचय दिया गया। तत्पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा नवगठित विद्यालय समिति के हेड बॉय, हेड गर्ल तथा चारों सदनों के कप्तानों व उप कप्तानों को औपचारिक रूप से बैज पहनाकर अलंकृत किया गया। इसके उपरान्त सभी सदस्यों ने पूरे सत्र में निष्ठा, समर्पण और निष्पक्षता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने की शपथ ली। निदेशक लूपिन गर्ग ने बताया कि 30 मई को विद्यालय में कक्षा 5 से 11वीं तक के विद्यार्थियों ने स्वयं वोट देकर विद्यालय के हेड गर्ल के रूप में योगिता और हेड बॉय के रूप में आर्यन पाल का चुनाव किया था । इसके अतिरिक्त डिसिप्लिन इंचार्ज रितिका, कल्चरल इंचार्ज निवेदिता, स्पोर्ट्स इंचार्ज तनिष्क अरोड़ा, हेल्थ एंड हाइजीन इंचार्ज दिव्यांशी, आर्ट इंचार्ज हर्षिता, हॉस्पिटालिटी इंचार्ज स्नेहा, उदय हाउस के कप्तान के रूप में अदिति, उप कप्तान सूर्यांश, उज्जवल हाउस के कप्तान कनिष्क, उप कप्तान सियांशी, उमंग हाउस के कप्तान निकिता, उप कप्तान अदम्य व उड़ान हाउस के कप्तान शगुन व उप कप्तान चेतना को चुना गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि टी सी गर्ग ने सभी चयनित विद्यालय समिति के सदस्यों को शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। साथ ही विद्यालय में सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए समिति की भूमिका की महत्वपूर्णता भी बताई और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में उप-चुनाव के दृष्टिगत ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में आज उपायुक्त कार्यालय के एन.आई.सी. सभागार में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ई.वी.एम) व वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वी.वी.पैट.) मशीनों की मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रथम स्तरीय रैंडमाइजेशन की गई। मनमोहन शर्मा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए उपलब्ध बैलेट यूनिट (बीयू)-169, कन्ट्रोल यूनिट (सीयू)-169 तथा वी.वी.पैट.-181 मशीनों की प्रथम स्तरीय छंटनी प्रक्रिया मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की उपस्थिति में कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ की गई। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार ई.वी.एम. व वी.वी.पैट. अतिरिक्त संख्या में रखी जानी अनिवार्य हैं ताकि मतदान के दौरान इनमें कोई खराबी आने पर तुरंत दूसरी ई.वी.एम. से बदला जा सके। ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के 121 मतदान केन्द्रों के लिए 169 बीयू, 169 सीयू तथा 181 वी.वी.पैट उपलब्ध हैं। इस अवसर पर ज़िला के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को ई.वी.एम. तथा वी.वी.पैट. के रैंडमाइजेशन की एक-एक सत्यापित प्रति भी उपलब्ध करवाई गई। प्रथम स्तरीय रैंडमाईजेशन में तहसीलदार निर्वाचन ऊषा चौहान, नायब तहसीलदार दीवान सिंह ठाकुर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शिवदत्त ठाकुर व संधीरा दुल्टा, भारतीय जनता पार्टी के चन्द्रकांत शर्मा, बहुजन समाजवादी पार्टी के राकेश बराड़ तथा आम आदमी पार्टी के भरत ठाकुर उपस्थित थे।
सोलन पुलिस ने शूलिनी मेले को लेकर इस वर्ष एक नई पहल शुरू की है। इस बार सोलन पुलिस द्वारा मेले के दौरान 100 वालंटियर्स युवाओं का एक कोर ग्रुप तैयार किया गया है इस कोर ग्रुप में लड़के व लड़कियों की बराबर की हिस्सेदारी रहेगी। यह युवा मेले में आने जाने वाले लोगों को असामाजिक तत्वों के बारे में अवगत करवाएँगे तथा असामाजिक तत्वों की पहचान भीड़भाड़ वाले इलाके में करेंगे। इसके अतिरिक्त यह वालंटियर मेले में आने जाने वाले बाहरी राज्यों के लोगों की भी सहायता करेंगे तथा बुजुर्गों या बच्चो को यदि किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होगी तो यह वालंटियर्स उन्हें सहायता उपलब्ध करवाएंगे। शहर में यातायात को सुचारू रूप से चलाने में भी यह युवा पुलिस की सहायता करेंगे।
**सरकार बनाने के सपने छोड़ दे जयराम! **अपने नौ विधायकों की करें चिंता आने वालो दिनों में बीजेपी के 9 विधायकों की सदस्यता जा सकती है। ये बयान प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज हमीपुर में दिया है। दरअसल सीएम सुक्खू आज हमीरपुर में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा के नामांकन में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी के नौ विधायकों ने बीते बजट सत्र के दौरान विधानसभा में गुंडागर्दी की थी, स्पीकर के सामने सदन पटल पर रखे कागजात को फाड़कर हवा में लहराया था। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की ओर से दी गई याचिका पर स्पीकर को फैसला लेना है और कांग्रेस विधायक दल ने इस मामले में जल्दी फैसला लेने का आग्रह किया है। अगर ये नौ विधायक अयोग्य घोषित हुए तो दोबारा चुनाव में एक-दो ही गलती से जीतकर आएंगे। इससे कांग्रेस विधायकों की संख्या 50 तक पहुंच सकती है। अब ऐसा होता है या नहीं ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन अगर ऐसा हुआ तो भारतीय जनता पार्टी की परेशानी बढ़ सकती है।
हिमाचल में बनी 22 दवाओं के सैंपल फेल हो गए हैं। हिमाचल समेत देश में निर्मित 52 दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतरी हैं। पांवटा साहिब की दवा कंपनी जी लेबोरेटरी के तीन और झाड़माजरी के डेक्सीन फार्मा के दो सैंपल एक साथ फेल हुए हैं। ड्रग कंट्रोलर मनीष कपूर ने बताया कि फेल होने वाली दवा उद्योगों को नोटिस जारी किए जाएंगे। बाजार से स्टॉक को वापस मंगवाया जाएगा। मई के ड्रग अलर्ट में यह सैंपल फेल हुए हैं। हिमाचल में दवा के सैंपल लेने का अनुपात अन्य राज्यों से 90 फीसदी अधिक है। केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन ने मई में देशभर में दवाओं के सैंपल लिए। इसमें देश में 52 दवाएं मानकों पर सही नहीं पाई गई। सिरमौर के पांच, ऊना का एक और 16 सैंपल सोलन जिले के फेल हुए हैं। इसमें गले का इंफेक्शन, उच्च रक्तचाप, कैंसर, दर्द, जीवाणु संक्रमण, अल्सर, खांसी, एलर्जी, वायरस संक्रमण, एसिडिटी, खुजली और बुखार की दवा के सैंपल सही नहीं पाए गए हैं। बरोटीवाला के झाड़माजरी के स्काटाडलि कंपनी की बीपी की मेट्रोप्रोजल, झाड़माजरी डेक्सीन फार्मा की गले के इंफेक्शन की सेफुरोक्साइम और संक्रमण की दवा सेफिक्सिम, बद्दी की विंगस बायोटेक की कैंसर की दवा प्रेडनिसोलोल, ऊना के टाहलीवाल स्थित न्यूरो पैथिक की अल्फा लिपोईक एसिड, लोदी माजरा की नवकार कंपनी की उच्च रक्तचाप, पांवटा साहिब के पेस बायोटक कंपनी की जीवाणु संक्रमण, बद्दी के बायो एटलस फार्मा की बीपी की दवा टेलमीसार्टन, बद्दी की हिल्लर लैब की अल्सर की दवा पेंटा प्रोजोल, बरोटीवाला की डब्लयूपीबी फार्मा की खांसी की दवा लेवोसाल, पांवटा की जी लेबोरेटरी की एलर्जी की दवा डेक्सामेथासोन इंजेक्शन, बद्दी के गल्फा लेबोट्री की दर्द की दवा डेक्लोफेनाक के सैंपल फेल हुए हैं। काठा स्थित एलियन बायोटेक कंपनी की एलर्जी की मोंटीलुकास्ट, पांवटा की जी लेबोरेटरी की बैक्टीरिया की सेफ्ट्रिएक्सोन, बरोटीवाला की फार्मा रूट्स हेल्थ केयर की उच्च रक्तचाप की दवा रेमीजोल, झाड़माजरी की केप टेप कंपनी की बैक्टीरिया की दवा सेफ्ट्रिएक्सोन, पांवटा साहिब की जी लेबोरेटरी की नेत्र संक्रमण की जेटामाईसीन, कालाअंब की इंटीग्रेटेड कंपनी की वायरस संक्रमण की दवा सेक्ट्राई एक्सन, बद्दी की विंग्स नोविटास हेल्थकेयर कंपनी की इंफेक्शन की दवा मोक्सीटेस, बद्दी के एलवी लाइफ साइंस की एसिडिटी की दवा रेबोप्रोजोल, नालागढ़ के मझोली की रेकिन केयर लाइफ कंपनी की दर्द और बुखार की दवा लेबोटेज, सोलन को बड़ोग के रोमा फार्मा की दर्द और बुखार की दवा एसिक्लोफेनाक दवा के सैंपल मानकों पर खरा नहीं उतरे हैं।
सोलन की अधिष्ठात्री देवी माँ शूलिनी में अपार श्रद्धा एवं विश्वास का प्रतीक तीन दिवसीय माँ शूलिनी मेले का आज सोलन में हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ शुभारम्भ हुआ। मेले में पारम्परिक एवं रंग-बिरंगे परिधानों में सैंकड़ों लोग माँ शूलिनी मन्दिर में एकत्र हुए और मंगलमयी शोभायात्रा में भाग लिया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. कर्नल धनी राम शांडिल ने प्रदेशवासियों एवं ज़िलावासियों की ओर से पुरानी कचहरी में माँ शूलिनी की सुसज्जित पालकी की अगुवाई की। उन्होंने इस अवसर पर माँ के समक्ष शीश नवाया और सभी के सुखी जीवन की कामना की। उन्होंने पवित्र शोभायात्रा में भी भाग लिया। उन्होंने बघाट बैंक से माँ की पवित्र पालकी पर पुष्प वर्षा भी की। इस अवसर पर सोलन शहर के विभिन्न स्थानों पर तीन दिनों तक भण्डारे भी आयोजित किए जाते हैं। इन तीन दिनों तक सोलन शहर भक्ति रस से ओत-प्रोत रहता है। राज्य स्तरीय माँ शूलिनी मेला अपने ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। इससे पूर्व आज प्रातः माँ शूलिनी की पूजा एवं हवन के साथ मेले का विधिवत शुभारम्भ हुआ। डॉ. शांडिल ने ऐतिहासिक ठोडो मैदान में शूलिनी मंच पर आयोजित हवन में भाग लिया। इसके साथ ही राज्य स्तरीय तीन दिवसीय मेले में विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं भी आज से आरम्भ हो गई। स्वास्थ्य मंत्री ने वॉलीबाल प्रतियोगिता के प्रतिभागियों से भेंट की और खिलाड़ियों का उत्साहवर्द्धन किया। उन्होंने आयोजक मण्डल को खेल प्रतियोगितायों के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं भी दीं। नगर निगम सोलन के पार्षदगण, बघाट बैंक के अध्यक्ष अरुण शर्मा, जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, प्रदेश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम निदेशक मण्डल के सदस्य जतिन साहनी, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव सुरेन्द्र सेठी व रमेश ठाकुर, ज़िला कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष शिव कुमार, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस अध्यक्ष अंकुश सूद, कांग्रेस पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, नगर निगम सोलन की आयुक्त एकता काप्टा, उपमण्डलाधिकारी (ना.) सोलन डॉ. पूनम बसंल, कसौली नारायण सिंह चौहान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में 21 जून 2024 को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गयाI जानकारी देते हुए विद्यालय प्रधानाचार्य ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस स्कूल के प्रांगण में शारीरिक शिक्षिका अरुणा शर्मा, एनएसएस प्रभारी पूनम शर्मा, लायन एको क्लब प्रभारी दिनाक्षी ठाकुर , एनसीसी प्रभारी अमर देव स्कॉउट & गाइड्स कप्तान पिंकी कुमारी एवं विद्यालय के समस्त अध्यापक वर्ग द्वारा आयोजित किया गया I शारीरिक शिक्षिका अरुणा शर्मा ने सभी बच्चों को विभिन्न प्रकार के योग आसन करवाए I विद्यालय प्रधानाचार्य ने बताया कि इस अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर विद्यालय में सभी इकाइयों के बच्चों और अध्यापकों ने योग एवं प्राणायाम किया I विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष , पीटीए अध्यक्ष ने भी सभी बच्चों और अध्यापकों को योग दिवस की बधाई दी I इन योग क्रियाओं मे लगभग 150 बच्चों ने, जिसमे एन०सी०सी० केडेट, एन एस एस स्वयंसेवियों , स्काउट एंड गाइड और लायन इको क्लब के बच्चो और इसके प्रभारियों ने भी भाग लिया I इस योग दिवस पर सभी बच्चों को योग के महत्व से अवगत करवाया गया। मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि योग न केवल हमारे शारीर को ही ठीक रखता हे बल्कि हमारे मानसिक दिमाग को भी ताज़ा करता हैं और योग करने से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है I उन्होंने बच्चो को योग क्रियाओं को प्रतिदिन करने के लिए प्रेरित किया I कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चो को फल बांटे गए I
एसवीएन स्कूल कुनिहार ने 21 जून 2024 को गर्व से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया, जिसमें छात्रों और शिक्षकों के बीच स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने में योग के महत्व पर प्रकाश डाला गया। यह कार्यक्रम स्कूल के बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित किया गया और इसमें छात्रों और शिक्षकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई। उत्सव की शुरुआत स्कूल के शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षक के स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने दैनिक जीवन में योग के महत्व और शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए इसके लाभों पर जोर दिया। इसके बाद स्कूल के एनएसएस दल और शावक और बुलबुल के नेतृत्व में योग सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित की गई। विभिन्न कक्षाओं के छात्रों ने विभिन्न योग मुद्राओं (आसन), श्वास तकनीक (प्राणायाम), और ध्यान प्रथाओं का प्रदर्शन किया। प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को लचीलेपन, शक्ति और विश्राम पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक व्यापक योग दिनचर्या के माध्यम से मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण किंडरगार्टन के बच्चों द्वारा समूह योग प्रदर्शन था । इस प्रदर्शन को तालियाँ और सराहना मिली। प्राचार्य ने अपने समापन भाषण में सभी को उनकी भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया। स्कूल के चेयरमैन ने अपने संबोधन में कहा, "योग हमारी परंपरा का एक मूल्यवान उपहार है जो हमें स्वस्थ और अधिक संतुलित जीवन जीने में मदद कर सकता है। हमें उम्मीद है कि आज का कार्यक्रम हर किसी को योग को अपने जीवन का नियमित हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करेगा।" कार्यक्रम का समापन सामूहिक ध्यान सत्र के साथ हुआ, जिससे प्रतिभागियों को तरोताजा और शांतिपूर्ण महसूस हुआ। एसवीएन स्कूल का अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाना एक बड़ी सफलता थी, जिससे स्कूल समुदाय के बीच योग के लाभों के बारे में जागरूकता फैल गई और एक स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा मिला।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य पर गणपति एजुकेशनल सोसाइटी कुनिहार में योग शिविर का आयोजन किया गया। इस योग शिविर में 40 विशेष बच्चों तथा उनके अभिभावकों, शिक्षकों तथा अन्य लोगों सहित 120 लोगों ने भाग लिया। योग शिविर में 'आर्ट ऑफ लीविंग' आयुष मंत्रालय से सर्टीफाइड योगा ट्रेनर संजीव हरनोट ने बच्चों को अलग-अलग तरह के योग, ध्यान, प्राणायाम, अनुलोम-विलोम प्राणायाम, नोका आसन, वृक्षा आसन,अर्धउष्ट आसन, शशांक आसन, पवनं-मुक्त आसन तथा बच्चों की सुविधानुसार अनेक आसन सिखाएं। इस अवसर पर संस्थान के समन्वयक रोशन लाल शर्मा ने योग से होने वाले लाभों तथा योग के इतिहास के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा संजीव हरनौट का संस्था के लिए बहुमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद किया। इस अवसर पर समन्वयक, स्पेशल एजुकेटर ज्योति ,चन्द्रकाता, अंजना, संगीत अध्यापक शादीराम तथा बालक राम उपस्थित रहें।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने शुक्रवार सुबह अपने मुख्य परिसर में 10वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल उपस्थित रहे। योगानंद स्कूल ऑफ स्पिरिचुअलिटी एंड हैप्पीनेस के योग विशेषज्ञ और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुबोध सौरव सिंह और डॉ. माला त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय के छात्रों, कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए योग सत्र का नेतृत्व किया। प्रोफेसर चंदेल ने अपने संबोधन में योग के महत्व पर जोर देते हुए इसे स्वस्थ मन और शरीर को बनाए रखने के लिए आवश्यक विज्ञान आधारित भारतीय अभ्यास बताया। उन्होंने कहा कि भले ही विकास और प्रगति ने हमें हर संभव सुविधा दी है लेकिन यह अपने साथ जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियां भी लेकर आया है जो उच्चतम स्तर पर कार्य करने की हमारी क्षमता को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को स्वस्थ और तनाव मुक्त जीवन प्राप्त करने के लिए योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर योग विशेषज्ञ डॉ. सुबोध सौरव सिंह और डॉ. माला त्रिपाठी ने सभी के लिए योग और ध्यान के महत्व को रेखांकित किया, योग को जीवन के एक तरीके के रूप में चित्रित किया जिसे दैनिक गतिविधियों में सहजता से शामिल किया जा सकता है। 90 मिनट के कार्यक्रम के दौरान, प्रतिभागियों ने विभिन्न योग आसन और उनकी सही तकनीकों के साथ-साथ इन अभ्यासों के लाभों को भी सीखा। इससे पहले, बागवानी के डीन डॉ. मनीष शर्मा ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और योग दिवस के इतिहास को साझा करके कार्यक्रम की शुरुआत की। डीन छात्र कल्याण डॉ. केके रैना ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया। इस कार्यक्रम में सभी वैधानिक अधिकारियों, एचओडी, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों सहित 150 से अधिक व्यक्तियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, नेरी और थुनाग में विश्वविद्यालय के बागवानी और वानिकी कॉलेज में भी योग दिवस मनाया गया।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने शूलिनी इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बिजनेस मैनेजमेंट (एसआईएलबी) के सहयोग से "महिला सशक्तिकरण के लिए योग" थीम के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया। कार्यक्रम में महिलाओं के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण को बढ़ाने में योग की परिवर्तनकारी शक्ति पर प्रकाश डाला गया। समारोह में भाग लेने वाले अतिथियों एसआईएलबी की अध्यक्ष सरोज खोसला, चांसलर प्रो. पी.के. खोसला, मुख्य शिक्षण अधिकारी डॉ. आशू खोसला और संचालन निदेशक ब्रिगेडियर एस डी मेहता शामिल थे। सरोज खोसला को महिला सशक्तिकरण और शिक्षा में उनके योगदान के लिए योगानंद स्कूल ऑफ स्पिरिचुअलिटी एंड हैप्पीनेस (YSSH) के निदेशक प्रोफेसर डॉ. समदु छेत्री द्वारा सम्मानित किया गया। अपने मुख्य भाषण में, सरोज खोसला ने महिलाओं की क्षमता और ताकत के बारे में बात की, उन्होंने आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास प्राप्त करने के लिए योग को एक उपकरण के रूप में भी उजागर किया। सहायक प्रोफेसर डॉ. सुमन रावत और पीएचडी स्कॉलर रेनिता सिन्हा ने कार्यक्रम की मेजबानी की। डॉ. रावत ने योग सत्र का नेतृत्व किया और प्रतिभागियों को विभिन्न आसन और श्वास अभ्यास के माध्यम से मार्गदर्शन किया गया । सत्र में लगभग 120-130 व्यक्तियों की भागीदारी देखी गई, जिसमें एसआईएलबी और शूलिनी विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों और छात्रों के साथ-साथ आउटरीच टीम और उनके छात्र भी शामिल थे। शूलिनी विश्वविद्यालय में योगानंद पुस्तकालय ने भी योग और सशक्तिकरण पर विषयगत पुस्तकों की दो दिवसीय प्रदर्शनी के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया। यह प्रदर्शनी 20 और 21 जून को आयोजित की गई, जिसमें कुलाधिपति और योग संकाय सहित 110 से अधिक छात्र, संकाय और कर्मचारी शामिल हुए। योग सत्रों के अलावा वाईएसएसएच ने पंचकुला में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के लिए एक महत्वपूर्ण योग कार्यक्रम का आयोजन किया, जहां 3000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों ने सत्र में भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य योग के माध्यम से सुरक्षा बलों की शारीरिक और मानसिक लचीलापन को बढ़ाना था। प्रोफेसर डॉ. समदु छेत्री की देखरेख में सहायक प्रोफेसर डॉ. अपार कौशिक ने प्रभावशाली भागीदारी सुनिश्चित करते हुए इन कार्यक्रमों का समन्वय किया। इस अवसर पर योगानंद स्कूल ऑफ स्पिरिचुअलिटी एंड हैप्पीनेस (YSSH) के निदेशक प्रोफेसर डॉ. समदु छेत्री ने कहा, “प्रत्येक अस्तित्व योग में उत्पन्न होता है और योग में विलीन हो जाता है। यह न केवल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए एक अभ्यास है, बल्कि इसे मानव के हर सांस लेने के क्षण का हिस्सा बनना चाहिए ताकि परम के साथ अंतिम मिलन से पहले प्रत्येक व्यक्ति का स्वयं के साथ, स्वयं का दूसरों के साथ, और स्वयं का प्रकृति के साथ मिलन हो सके।


















































