जिला रोजगार कार्यालय सोलन में 31 अगस्त को 242 विभिन्न पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी आज यहां जिला रोजगार अधिकारी सोलन संदीप ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि इन 242 पदों पर भर्ती के लिए इच्छुक उम्मीदवार सभी अनिवार्य प्रमाण-पत्रों तथा दस्तावेजों सहित जिला रोजगार कार्यालय सोलन में 31 अगस्त को प्रात: 10.30 बजे पहुंचकर कैंपस इंटरव्यू में भाग ले सकते है। संदीप ठाकुर ने कहा कि मैसर्ज कोरोना रेमिडिज प्राईवेट लिमिटिड सोलन में 14 पद, मैसर्ज टेक्निको एग्री लिमिटिड बद्दी में 13 पद, मैसज़र् गेबरियल इंडिया परवाणू के 15 पद, मैसर्ज औरो टेक्सटाइल प्राईवेट लिमिटिड बद्दी के 100 पद तथा एसआईएसलिआरटीए बिलासपुर में 100 पदों पर भर्ती के लिए कैंपस इंटरव्यू 31 अगस्तको जिला रोजगार कार्यालय सोलन में आयोजित किए जाएंगे। संदीप ठाकुर ने कहा कि उक्त पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं, बी.फार्मा, एम.फार्मा, बी.एस.सी, एम.एस.सी, डिप्लोमा मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलैक्ट्रिोनिकल निर्धारित की गई है। उम्मीदवार की आयु 19 से 37 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिक्योरटी गार्ड पद के लिए विशिष्ट शारीरिक मापदण्ड ऊंचाई 168 सेमी, भार 56 किलोग्राम निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 01792-227242 तथा मोबाईल नंबर 70189-18595 व 78768-26291 पर संपर्क किया जा सकता है।
सोलन जिला के अर्की उपमंडल का सुप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक सायर मेला इस वर्ष 17 से 19 सितम्बर, 2023 तक अर्की के चैगान मैदान में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी आज यहां इस संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य ससंदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा श्रम एवं रोज़गार विभाग) संजय अवस्थी ने दी। संजय अवस्थी ने कहा कि इस वर्ष हिमाचल विकट प्राकृतिक संकट का सामना कर रहा है। प्रदेश सरकार आपदा के प्रभाव एवं कारकों को न्यून करने, राहत एवं पुनर्वास सुनिश्चित बनाने और प्रभावितों को आश्वस्त करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं के आशीर्वाद और सभी के सहयोग से हिमाचल पुन: प्रगति पथ पर अग्रसर होगा तथा सभी प्रभावितों को समुचित आश्रय प्राप्त होगा। उन्होंने आपदा के समय में एकजुट होकर कार्य करने और आपदा प्रभावितों की समुचित सहायता सुनिश्चित बनाने के लिए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और गैर-सरकारी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।
केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं युवा व खेल मामलों के मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया है कि हिमाचल प्रदेश में आपदा पीड़ितों के लिए केंद्र सरकार 6,000 घर बनाएगी। पीएम ग्रामीण आवास योजना के तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसकी मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को अनुराग ठाकुर ने नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात कर मंजूरी देने के लिए आभार जताया। अनुराग ने बताया कि हाल ही में 5,000 घरों को मंजूरी मिली थी। इस आपदा में केंद्र से अब तक कुल 11,000 घर मंजूर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार केंद्र हिमाचल की हरसंभव सहायता कर रहा है। बीते दिनों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल के साथ उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी ने आज सोलन जि़ला के अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नवगांव के गोदन गांव में बाढ़ प्रभावित परिवारों का कुशलक्षेम जाना और त्रासदी में उनके पशुधन की मृत्यु पर राहत राशि प्रदान की। गोदन गांव में भारी वर्षा के कारण बाढ़ प्रभावित परिवारों के पशुधन की मृत्यु हो गई थी। मुख्य संसदीय सचिव ने प्रभावित राकेश कुमार सुपुत्र स्व. दया राम निवासी गांव गोदन को पशुधन की मृत्यु पर 30 हजार रुपये प्रदान किए। प्रभावित व्यक्ति को त्वरित राहत के रूप में 10 हजार रुपये पहले ही प्रदान किए जा चुके हैं। संजय अवस्थी ने इस अवसर पर प्रभावित परिवारों को विश्वास दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार एक-एक व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित बनाने और प्रभावितों को समय पर राहत सामग्री एवं राशि उपलब्ध करवाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों का उचित पुनर्वास प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। यह प्रयास किया जा रहा है कि न केवल प्रभावितों का जीवन पुन: सही दिशा में आगे बढ़े अपितु उनकी आर्थिकी भी मज़बूत हो सके। उन्होंने कहा कि पीडि़त परिवार की यथा सम्भव सहायता सुनिश्चित बनाई जाएगी। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि भारी वर्षा के कारण हुए एवं हो रहे नुकसान की रिपोर्ट शीघ्र पे्रेषित करें ताकि समुचित राहत त्वरित प्रदान की जा सके। उन्होंने ग्राम पंचायत प्रधानों से आग्रह किया कि नुकसान की रिपोर्ट शीघ्र तैयार करने में सहायता करें। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सी.डी. बसंल, जि़ला कांग्रेस महामंत्री राजेन्द्र रावत, अर्की व्यापार मण्डल के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, उपमण्डलाधिकारी अर्की यादविंदर पॉल, अन्य अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति एवं ग्रामवासी उपस्थित थे।
शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला ने प्रतिष्ठित 'जी20 यूनिवर्सिटीज इंपैक्ट समिट' कार्यान्वयन और एसडीजी में मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई), लंदन, एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) और ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित शिखर सम्मेलन, जेजीयू इंटरनेशनल एकेडमी, ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। भारत की जी20 की अध्यक्षता के अनुरूप शिखर सम्मेलन में सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) और उनके कार्यान्वयन पर विचार-विमर्श करने के लिए जी20 देशों के विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों, विद्वानों और दूरदर्शी लोगों को एक साथ लाया गया। इस कार्यक्रम ने वैश्विक स्थिरता की खोज में जी20 समुदाय में विश्वविद्यालयों द्वारा प्राप्त प्रगति और चुनौतियों के बारे में व्यापक समझ प्रदान की। प्रोफेसर अतुल खोसला ने सतत विकास और उच्च शिक्षा पर अपनी बात रखते हुए एसडीजी को प्राप्त करने की दिशा में सकारात्मक प्रभाव, नवाचार और परिवर्तन लाने में विश्वविद्यालयों द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर खोसला ने अनुसंधान, शिक्षा और सामुदायिक जुड़ाव में विश्वविद्यालयों द्वारा किए जा सकने वाले बहुमुखी योगदान पर भी प्रकाश डाला। इस तरह के महत्वपूर्ण वैश्विक संवाद में योगदान देने के अवसर के लिए आभार व्यक्त करते हुए, प्रोफेसर अतुल खोसला ने कहा कि इस सभा का हिस्सा बनना एक सम्मान की बात है जो एक स्थायी भविष्य को आकार देने में विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका की कल्पना करता है। उन्होंने आगे कहा कि शूलिनी विश्वविद्यालय एसडीजी के साथ हमारे प्रयासों को संरेखित करते हुए अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस हाई-प्रोफाइल शिखर सम्मेलन में शूलिनी विश्वविद्यालय की भागीदारी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति इसकी प्रतिबद्धता और वैश्विक स्थिरता एजेंडे को आगे बढ़ाने के प्रति इसके समर्पण को रेखांकित करती है। एसडीजी और उससे आगे के कार्यान्वयन पर चर्चा में सक्रिय रूप से शामिल होकर, विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और सामुदायिक आउटरीच के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने में एक वैश्विक नेता के रूप में अपनी स्थिति की पुष्टि करता है। शिखर सम्मेलन जी20 में विश्वविद्यालयों के बीच एसडीजी में अपने प्रयासों और सहयोग को तेज करने और अधिक न्यायसंगत, समृद्ध और सशक्त संसार बनाने में योगदान करने के सामूहिक दृढ़ संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी 26 अगस्त को सोलन के प्रवास पर आ रहे हैं। संजय अवस्थी 26 अगस्त को प्रात: 11.30 बजे उपायुक्त कार्यालय सोलन में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सायर मेला समिति अर्की की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने दो बच्चों की संख्या वाले 143 स्कूल डि नोटिफाई किए हैं। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने 117 प्राथमिक विद्यायल और 26 माध्यमिक विद्यालय बंद किए जाने को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं। बिलासपुर जिले में 6, चंबा में 8, हमीरपुर में 4, कांगड़ा में 17, किन्नौर में 5, कुल्लू में 4, लाहौल-स्पीति में 19, मंडी में 18, शिमला में 25, सिरमौर में 3, सोलन में 7 और ऊना में 1 प्राथमिक विद्यालय डि नोटिफाई किया गया है। चंबा जिले में 2, कांगड़ा में 3, किन्नौर में 2, लाहौल-स्पीति में 7, मडी में 5, शिमला में 6 और सिरमौर में 1 माध्यमिक विद्यालय डि नोटिफाई किया गया है। वहीं विद्यार्थियों की संख्या बढऩे पर हिमाचल सरकार ने बंद किए 20 स्कूलों को दोबारा खोलने की अधिसूचना जारी की है। चंबा, कांगड़ा, शिमला, सिरमौर, सोलन और मंडी जिले में ये स्कूल दोबारा खोले गए हैं।
बद्दी को पिंजौर से जोडऩे वाला मुख्य समेत वैकल्पिक पुल भी ढहा गया है। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ के लिए ट्रक रूपनगर होकर आएंगे। इससे वाहनों को 100 किमी का अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा। उद्योगों समेत स्थानीय लोगों का संपर्क भी कट गया है। सुबह से सड़े मार्ग पर जाम लग रहा है। प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है। बीबीएन में लोगों को कई दिन तक परेशानी झेलनी पड़ सकती है। बीबीएन की लाइफलाइन बद्दी पुल के टूटने से प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में 35 फीसदी तक उत्पादन ठप हो गया है। बीबीएन में प्रतिदिन 500 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। यहां कामगार व कर्मचारी हरियाणा के पिंजौर, कालका व पंचकूला की ओर से आते हैं। इन कामगारों को लाने के लिए बसें तो लगी हैं, लेकिन 15 किमी का रास्ता तीन घंटे में तय हो रहा है। वैकल्पिक मार्गों पर जाम लग रहा है। बीबीएन में कच्चा माल लेकर बड़े ट्रक आते हैं। वह इस मार्ग पर नहीं चल पाएंगे। इससे जिन उद्योगों के पास कच्चा माल नहीं है, वह तो बंद हो जाएंगे। इस बीच अगर प्रशासन की ओर से पुल की रिपेयर नहीं की गई तो बड़े उद्योगों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा। इस बारे में बीबीएनआईए ने केंद्रीय भू-तल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को भी पत्र लिखा है। संघ ने औद्योगिक क्षेत्र को बचाने के लिए वैकल्पिक पुल बनाने की मांग की है। बीबीएनडीए के सीईओ ललित जैन के साथ वीरवार को हुई बैठक में आपदा को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। बीबीएनआई के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि यह प्राकृतिक आपदा है और इसके लिए वह किसी को दोषी नहीं मान रहे हैं। अभी ढेरोंवाल व बालद खड्ड पर पुल है। हालांकि जाम तो लग रहा है लेकिन यहां पर पूरी तरह से आवाजाही ठप नहीं हुई है। बद्दी पुल बीबीएन की लाइफलाइन है और एनएचआई को बरसात से पहले ही पुल तैयार करना चाहिए था।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 6,000 से अधिक पद भरने के लिए अक्तूबर से भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि नया भर्ती आयोग गठित होते ही शिक्षा विभाग भर्तियां शुरू करेगा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग में 5,300 और उच्च शिक्षा विभाग में 1,000 पद भरे जाएंगे। प्रदेश कैबिनेट ने इन पदों को भरने के लिए पहले ही मंजूरी दे दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा है विभाग अपने स्तर पर भी प्रयास कर रहा है कि रिक्त पद जल्द भरे जाएं। पदोन्नति और बैचवाइज आधार पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। पांच वर्ष बाद नियमित प्रिंसिपल कॉलेजों में पदोन्नत कर दिए गए हैं। अन्य श्रेणियों के शिक्षकों के पद पदोन्नति से भरे जा रहे हैं। बैचवाइज आधार पर भी जिला शिक्षा अधिकारी भर्तियां कर रहे हैं। बीते दिनों ही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश में भर्तियां करने के लिए नया आयोग गठित करने की बात कही है। इसके लिए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दीपक सानन की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी अक्तूबर में अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के मिलते ही नया भर्ती आयोग गठित किया जाएगा। पेपर लीक मामले में भंग किए गए हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग की जगह नया भर्ती आयोग बनाया जाना है।
जिला युवा सेवा एवं खेल सोलन द्वारा 26 अगस्त को ज़िला स्तरीय मेजर ध्यानचंद स्मारक प्रतिभा खोज हॉकी खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी आज यहां ज़िला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी सविंद्र सिंह कायथ ने दी। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता का आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कंडाघाट के समीप युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के खेल मैदान में किया जाएगा। सविंद्र सिंह कायथ ने कहा कि प्रत्येक वर्ष हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंति के अवसर पर 29 अगस्त को खेल दिवस का अयोजन किया जाता है। इस उपलक्ष्य में ज़िला युवा सेवाएं एवं खेल विभाग सोलन द्वारा पुरूष वर्ग में ज़िला से राज्य स्तर तक अंडर 19 हॉकी खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रत्येक खण्ड से एक टीम आएगी। जिन प्रतिभागियों का जन्म वर्ष 2005 या उसके बाद हुआ है, वह इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। खेल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए इच्छुक प्रतिभागियों को 26 अगस्त, 2023 को प्रात: 10.00 बजे तक अपने आयु प्रमाण पत्रों सहित कण्डाघाट खेल मैदान में पहुंचना होगा। ज़िला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी ने कहा कि ज़िला स्तरीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली 16 सदस्यीय टीम 28 व 29 अगस्त, 2023 को ऊना ज़िला में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेगी। उन्होंने कहा कि इस टीम को विभाग द्वारा प्लेइंग किट व अन्य सामान उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ज़िला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को विभागीय नियमानुसार साधारण बस किराया अथवा भत्ता, दैनिक भत्ता प्रदान किया जाएगा।
उपायुक्त को प्रभावितों को भूमि उपलब्ध करवाने के दिए निर्देश मुख्य संसदीय सचिव (उद्योग, राजस्व तथा नगर नियोजन) राम कुमार ने आज दून विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सौड़ी के गांव नवानगर और माजरी में भारी वर्षा से हुए नुकसान का जायज़ा लिया और प्रभावित लोगों को यथा सम्भव का आश्वासन दिया। राम कुमार ने कहा कि आपदा के दु:खद क्षणों में प्रदेश सरकार प्रभावित लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को सरकार द्वारा सहायता राशि बढ़ौतरी दरों के अनुसार राहत राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को मकान बनाने के लिए शीघ्र ही 03-03 बिस्वा भूमि शीघ्र उपलब्ध करवाने के संबंध में उपायुक्त सोलन को निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि आपदा के प्रभाव को न्यून करना और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित बनाना प्रदेश सरकार का कर्तव्य है। प्रदेश सरकार इस दिशा में दिन-रात कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उनके कैबिनेट के सभी सहयोगी, सभी मुख्य संसदीय सचिव तथा अन्य जन एवं अधिकारी व कर्मचारी 24ग7 कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अतिरिक्त उपायुक्त को निर्देश दिए कि प्रभावितों तक त्वरित सहायता पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन से बालद नदी में इक्_ा हो रहा है जिससे खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि नुकसान के कारणों को जानने के लिए प्रशासन द्वारा शीघ्र ही भू-सर्वेक्षण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि माजरी गांव के प्रभावित लोगों को भटोली कलां स्थित स्थानीय स्कूल तथा गुरुद्वारे में स्थानांतरण कर दिया गया है। प्रभावितों को प्रशासन की ओर से तरपाले तथा राशन वितरित किया गया है। राम कुमार ने भारी वर्षा से नवानगर गांव के 15 परिवारों तथा माजरी गांव के 7 परिवारों को जिसके मकान टूटे है, को अपनी ओर से 10-10 हजार रुपये तथा कम क्षतिग्रस्त मकान मालिकों को अपनी ओर से 5-5 हजार की सहायता राशि वितरित की। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव, उपमंडलाधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल, खण्ड विकास अधिकारी नालागढ़ गौरव धीमान सहित ग्राम पंचायत सौड़ी के पूर्व प्रधान राम प्रकाश एवं जल शक्ति तथा लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित ग्रामीण उपस्थित थे।
गुरुवार को जिला प्रशासन के आदेशों के बाद ग्रामीण राजस्व अधिकारी, पंचायत प्रधान, पंचायत सदस्य व ग्रामीणों ने कोट बेजा स्कूल के पुराने भवन का निरीक्षण किया व भवन को सभी लोगों ने बच्चों के लिए सुरक्षित बताया। स्कूल का पुराने भवन में बिजली, पानी की उचित व्यवस्था होने के साथ साथ कोई खतरा नहीं पाया गया। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यहां पर स्कूल शिफ्ट होना चाहिए। गौरतलब है कि कोट बेजा स्कूल का नया भवन नदी के साथ होने के कारण स्कूल को जाने वाला एकमात्र रास्ता भारी बरसात के कारण दस जुलाई को हुई बह गया था तथा दो दिन पूर्व हुए बारिश से स्कूल के पीछे पहाड़ से भारी मलबा भवन के अंदर आ गया था। साथ ही स्कूल की निचली मंजिल में पानी पानी हो गया था। बुधवार को ग्रामीणों ने स्कूल को दौरा कर बताया था कि स्कूल का नया भवन बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं है। मामला मीडिया में आने के बाद जिला प्रशासन के आदेशों के बाद गुरुवार को ग्रामीण राजस्व अधिकारी नीरज कुमार, पंचायत प्रधान किरण ठाकुर, वार्ड मेंबर लोकनाथ, पुष्पेंद्र कंवर, नरेश कुमार, नंदलाल, लालसिंह, हीरालाल, बिटू कंवर, सोनू कपूर मस्तराम, मनोहर सिंह, राकेश ठाकुर, देवराज,आदि ने स्कूल के पुराने भवन के कमरों का दौरा किया। वहीं, ग्रामीण राजस्व अधिकारी ने बताया कि स्कूल के पुराने भवन का ग्रामीणों के सामने निरीक्षण किया गया। पुराने भवन के सुरक्षित होने की सूचना प्रशासन को भेज दी गई है।
चार साल की समायरा का वो मुस्कुराता चेहरा अब कभी नहीं दिखेगा। घर के उस आंगन में हंसती खेलती समायरा अब कभी नजर नहीं आएगी। कुदरत के इस कहर ने न जाने कितने परिवारों को उजाड़ दिया है। तबाही की ये तस्वीरें जब भी जहन में आती है रूह कांप उठती है। ये त्रासदी इतने गहरे जख्म देगी इस बात का अंदेशा भी नहीं था। शिव बावड़ी का वो हादसा भुलाए नई भूलता। पल भर में मंदिर मलबे में तब्दील हो चुका था। सोमवार का वो दिन उन लोगो के लिए काल का दिन बनकर आया था जो उस दिन शिव बावड़ी मंदिर में मौजूद थे। समायरा का पूरा परिवार इस हादसे में खत्म हो चुका है। 7 लोगों का एक साथ चले जाना बेहद दुखद है और उससे भी ज़्यादा दुखद अपनों की आखिरी झलक को तरस जाना। 11 दिन बीत चुके जाने के बाद समायरा का शव आज बरामद किया गया है। 11 दिन तक वो परिवार उस नन्ही सी बेटी की आखरी झलक देखने के लिए तरस गया था। वो परिवार पूरी तरह से बिखर चुका है। इस हादसे ने वो नासूर दर्द दिया है जो शायद ही किसी के जहन से कभी जाए।
मां की नजरे अपने दुलारे बेटे का इंतजार करती रही, एक पत्नी अपने सुहाग की सलामती के लिए दिन-रात प्रार्थना करती रही और वो नन्ही बच्ची रोज पूछती थी पापा कब आएंगे। नीरज के परिवार की नजरें घटनास्थल पर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन पर थी और आस थी कि कुछ ऐसा चमत्कार हो जाए की नीरज सकुशल लौटे। दिन बीतता गया और परिवार की हिम्मत और आस्था अब जवाब दे रही थी। नीरज के सकुशल लौटने की उम्मीद दिन-व-दिन कम होते जा रही थी। 24 अगस्त को शिमला के शिव बावड़ी हादसे के घटनास्थल से नीरज का शव 11 दिन बाद मिला। हादसे वाले दिन नीरज शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए गया था, लेकिन चंद लम्हों में शिव बावड़ी मंदिर का नामोनिशान तक नहीं रहा। तबाही के उस मलबे में 20 लोगों ने अपनी जान गवां दी। जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों पर दुखो का पहाड़ टूट चूका है, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। नीरज के परिवार वालो का दु:ख शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। 11 दिन तक वो परिवार इस आस में बैठा रहा की शायद नीरज वापस लौट आएंगे। हर रोज इसी उम्मीद में वो नम आंखें इंतजार में रहीं, लेकिन आज लापता नीरज ठाकुर का शव बरामद कर लिया गया है। नीरज समरहिल के रहने वाले थे। नीरज का कुल्लू में होटल का कारोबार था। इस दुखद हादसे में नीरज ठाकुर अपनी मां शांति देवी, पत्नी समा ठाकुर और बेटी सान्या को पीछे छोड़ गए हैं। पल भर में नीरज के परिवार की खुशियां खत्म हो गई है। इस आपदा ने लोगो को जो जख्म दिए हैं, वो कभी नहीं भूल सकते।
मकान नहीं, जीवन भर की पूंजी थी। वो सपनों का आशियाना था जो पल भर में तबाह हो गया। कितना दर्दनाक रहा होगा वो मंजर जब लोगों ने अपने घरों को अपनी आँखों के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखरते हुए देखा होगा। ये सोचना भी बेहद मुश्किल है। हिमाचल में आसमान से बरस रही आफत से सैकड़ों लोग बेघर हो चुके हैं। दरकते पहाड़, धंसती जमीन और टूटते मकान इस ओर इशारा कर रहे है कि हिमाचल पर ये संकट बड़ा है और ये संकट अभी टला नहीं है। आफत की बरसात ने ऐसा कोहराम मचाया है कि लोग रात को अपने घरों में चैन की नींद भी नहीं सो पा रहे हैं। 24 जून वो तारीख थी जब हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की एंट्री हुई थी। तबसे अब तक भारी बारिश का दौर जारी है। हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन की तरफ से जारी रिपोर्ट में अब तक 2220 घर पूरी तरह से जमींदोज हो चुके हैं। जबकि 11 हजार के करीब घरों में दरारें आई हैं। इसी तरह 9819 घर ऐसे है जिन्हे थोड़ा बहुत नुक्सान पहुंचा है। इस रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में बारिश और फ्लैश फ्लड में 4695 से अधिक गौशालाएं बह गई हैं। 300 से अधिक दुकानें बारिश में ढह गई हैं। भारी बारिश के कारण हिमाचल में अब तक 8 हजार 99 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। कुदरत के इस कहर के कारण अब तक 350 से अधिक लोगों की मौत भी हो चुकी है। इस आपदा से जो हिमाचल को नुक्सान पहुंचा है शायद वो कुछ वक्त के बाद सामान्य भी हो जाए, कुछ समय बाद सब वापिस पटरी पर लौट आए, लेकिन जिन लोगों ने इस त्रासदी में अपनों को खोया है वो अब कभी लौट कर नहीं आएंगे। जब भी तबाही की ये तस्वीरें जहन में आएंगी उन लोगो की आंखें फिर नम हो जाएंगी। आपदा के दिए ये जख्म सदा हरे रहेंगे।
14 अगस्त को नितिका का जन्मदिन था। हमेशा की तरह वो अपने पापा के विश करने का इंतज़ार कर रही थी। नितिका अपने पापा की फोन कॉल का इंतज़ार करते-करते थक गयी। जब उसके पापा का कॉल नहीं आया तो उसने खुद कॉल की लेकिन नंबर नहीं लगा। इसके बाद जो खबर शिमला के समरहिल से आई वो दिल दहला देने वाली थी ।यहाँ सावन की शिवरात्रि की पूजा के लिए जिस शिव बावड़ी मंदिर में सात लोगों का पूरा परिवार पूजा करने गया था, वहां लैंडस्लाइड हुआ और सभी मलबे में दब गए हैं। वो लुधियाना से तुरंत शिमला के लिए निकली। शाम को यहां पहुंचीं तो देखा कि सात में से चार परिजन उनकी मां संतोष शर्मा, भाई अमन और भाई की बेटियों नायरा और साशा के शव मलबे से निकाले जा चुके थे। सावन का छठा सोमवार और 14 अगस्त का वो दिन, नितिका अब शायद कभी नहीं भूल पाएगी। इन चार शवों को मुखाग्नि भी नितिका ने ही दी। तीसरे दिन उनके भाई अमन की पत्नी अर्चना का शव मिला, जिसका संस्कार अर्चना के भाई ने किया। परिवार में इकलौती बची नितिका का कहना है कि उसे 14 अगस्त का दिन कभी नहीं भूल सकता। पापा पवन शर्मा और भतीजी समायरा अभी भी लापता हैं। नितिका का रो रो कर बुरा हाल है। नितिका कहती है, 'वक्त बीत जायेगा, लेकिन यह जख़्म कभी नहीं भर पायेगा।Ó
हिमाचल प्रदेश में आई त्रासदी ने जो दर्द दिया है वो नासूर है। त्रासदी ने जो गहरे जख्म दिए हैं, इन जख्मों का न मरहम है और न कोई दवा और न ही आने वाला वक्त ये जख्म भर सकता है। मंडी के पड़ोह के रहने वाले नितीश भी इसी दर्द से गुजर रहे हैं। 14 अगस्त की वो सुबह नितीश के परिवार के लिए नया सवेरा नहीं, बल्कि काल का ग्रास ले आया। 14 अगस्त की सुबह लगभग 5 बजे नितीश के घर के पीछे अचानक ढेर सारा मलबा आ गया। अफरातफरी में सभी घर से बाहर निकल आए, लेकिन 6 महीने की सानिया घर के अंदर ही रह गई थी। नितेश की 18 वर्षीय पत्नी मोनिका और 17 वर्षीय बहन रविता उस दुधमुंही को बचाने के लिए घर के अंदर गई। ये दोनों यही सोचकर घर में गई कि बच्ची को उठाकर तुरंत बाहर आ जाएंगी, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। अचानक मलबा घर पर आ गया और तीनों घर सहित उस मलबे में दब गईं। 45 वर्षीय माता रचना देवी और 11 वर्षीय एक अन्य बहन गोपी मलबे की चपेट में आ गई और उसके साथ बहती चली गई। इतने में गांव वालों को पता चल गया और उन्होंने दोनों मां-बेटी को बाहर निकाल दिया। नितीश और उसकी एक अन्य 15 वर्षीय बहन जाह्नवी भागकर खुद को बचाने में कामयाब हो सके। मां के पांव में गंभीर चोट लग चुकी थी। पांव का इन्फेक्शन इतना बढ़ गया कि डॉक्टरों को घुटने से नीचे पांव ही काटना पड़ गया। माता हॉस्पिटल में उपचारधीन है, लेकिन अभी पत्नी, बेटी और बहन का कोई सुराग नहीं लग पाया है। परिवार के इकलौते सहारे नितीश के सिर पर दुखों का पहाड़ टूटने के साथ-साथ जिम्मेदारियों का बोझ भी है। अब नितीश को समझ नहीं आ रहा कि वो अस्पताल में उपचाराधीन मां को संभाले या फिर सांबल में आकर दिन भर अपनी पत्नी, बेटी और बहन के लिए चल रहे तलाशी कार्य को देखे। नितीश पर जो दुखो का पहाड़ टूटा है उस दर्द को शब्दों में बयां करना नामुमकिन है और नामुमकिन है इस हानि की भरपाई कर पाना।
हिमाचल प्रदेश भवन, सड़क एवं अन्य निर्माण मजदूर यूनियन (सीटू) की राज्य कमेटी के आह्वान पर जिला कमेटी सोलन का एक प्रतिनिधिमंडल श्रम कल्याण अधिकारी सोलन से मिला व उनके माध्यम से कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश भवन एवम् अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड को निर्माण मजदूरों की मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भेजा। इस ज्ञापन के माध्यम से यूनियन ने निम्नलिखित मांगों को उठाया है : 1. राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड से पंजीकृत मजदूरों की सहायता राशि संबंधीत पिछले तीन वर्षों की राशि तुरंत जारी की जाये। 2. 12 दिसंबर 2022 को बोर्ड से जारी पत्र के बाद रोक गए बोर्ड के कार्य को तुरंत बहाल किया जाये 3. निर्माण मजदूरों का पंजीकरण, नवीनीकरण और सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया तुरंत बहाल की जाये। 4. भवन निर्माण में कार्य करने वाले मजदूरों के रोजगार प्रमाण पत्र में सैस (उपकर) अदायगी की शर्त हटाई जाये। 5. निर्माण मजदूरों को रोजगार प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार पूर्व की भांति पंजीकृत मजदूर यूनियनों के लिये बहाल किया जाये। 6. ग्राम पंचायतों में विभिन्न मद्दों के तहत होने वाले निर्माण कार्यों को बोर्ड के साथ पंजीकृत होने के लिये मान्य किया जायें। 7. बोर्ड के बजट से प्रशासनिक खर्चे कम और मजदूरों की सहायता संबंधी खर्चे अधिक किये जाये। 8. बोर्ड से पंजीकृत मजदूरों को प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुक्सान की भरपाई के लिये सहायता राशि प्रदान की जाये। 9. पंजीकृत मजदूर की पत्नी या पति की मौत होने पर भी उसे मृत्यु प्रसुविधा प्रदान की जाये। 10. बोर्ड के संसाधन बढ़ाने के लिये सैस एक्ट के प्रावधानों का सख्ती से लागू किया जाये। 11. पिछले एक साल से बोर्ड में पंजीकृत मजदूरों का नवीनीकरण न होने के कारण इसके लिये एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया जाये। गौरतलब है कि उक्त मांगों को इससे पूर्व भी प्रदेश भर से मजदूरों के द्वारा सरकार के समक्ष उठाया जा चुका है। मगर सरकार के द्वारा इन समस्याओं को हल करने के बजाए महज आश्वासन दिए जा रहे हैं और प्रदेश सरकार मजदूरों के पंजीकरण की प्रक्रिया में फसे पेंच को सुलझाने के लिए कोई सकारात्मक पहल करती हुई नजर नहीं आ रही है। इस मौके पर जिला सचिव राकेश कुमार, जिलाध्यक्ष जोगिंदर धीमान व कोषाध्यक्ष मोहित वर्मा सहित ललित कुमार, प्रेम सिंह, सोनम किशोर नेगी, सुरेश आदि सदस्य शामिल रहे।
प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत 26 अगस्त को सोलन के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता सोलन राहुल वर्मा ने दी।राहुल वर्मा ने कहा कि 26 अगस्त को दोहपर 1.00 बजे से सांय 3.30 बजे तक सोलन के दामकड़ी, जौणाजी, सेर चिराग, कोटला, मशीवर, दयारग बुखार, रोमी बस्सी, हदेची, शेरपा रिजॉर्ट, बालूघाटी, बायला, चंगर, शिल्ली, फशकना, अश्वनी खड्ड, बजलोग, जल शक्ति विभाग की शिल्ली तथा अश्वनी खड्डी स्थित योजना, रिधिधार, कनाह बजनाल, चम्बाघाट चैक, फोरेस्ट कालोनी, बसाल मार्ग, कुल्जा उद्योग, डीआईसी कालोनी, करोल विहार, एन.आर.सी.एम, मोक्षधाम, बेर खास, फ्रेन्डज कालोनी, बेर गांव, बेर पानी तथा आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में अथवा किसी अन्य अपरिहार्य कारणों के दृष्टिगत निर्धारित तिथि व समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
प्रदेश में भारी बारिश के बीच सोलन, शिमला, मंडी और हमीरपुर जिले में बिजली संकट गहरा गया है। ऑरेंज अलर्ट के बीच जारी भारी बारिश के चलते प्रदेश में 2897 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। आधे से अधिक ट्रांसफार्मर इन चार जिलों में हैं। मंडी में 1142, शिमला में 598, हमीरपुर में 376 और सोलन में 410 ट्रांसफार्मर बंद हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने नौ एचपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। एएसपी आईआरबी बस्सी नरेंद्र कुमार को एएसपी सिरमौर, एएसपी सिरमौर सोम दत्त को एएसपी आईआरबी बस्सी, डीएसपी पीटीसी डरोह अमित ठाकुर को डीएसपी लीव रिजर्व शिमला, डीएसपी सिटी शिमला तजिंदर कुमार को डीएसपी सेकंड आईआरबी सकोह, एसडीपीओ कांगड़ा मदन लाल धीमान को डीएसपी फर्स्ट आईआरबी बनगढ़, डीएसपी फर्स्ट आईआरबी बनगढ़ अंकित शर्मा को एसडीपीओ कांगड़ा, डीएसपी विजिलेंस एसआईयू शिमला, वरुण पटियाल को डीएसपी सिटी शिमला, एसडीपीओ आनी चंद्र शेखर को डीएसपी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स शिमला और एसडीपीओ सुंदरनगर दिनेश कुमार को डीएसपी सेकंड आईआरबी सकोह लगाया गया है। इसके साथ ही नियुक्ति का इंतजार कर रहे भरत भूषण को एसडीपीओ सुंदरनगर और निशा सिंह को डीएसपी लीव रिजर्व धर्मशाला लगाया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल ने बताया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में आज भी भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसे देखते हुए आज ऑरेंज अलर्ट और कल के लिए यलो अलर्ट दिया गया है। परसों से मानसून के कमजोर पड़ने के आसार हैं।रहा है। वहीं किसानों को मार्केट तक अपने उत्पाद पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
44 मरीजों में स्क्रब टाइफस की पुष्टि, 59 मरीजों में टाइफाइड के लक्षण हिमाचल प्रदेश में जलजनित रोग पांव पसारते जा रहे हैं। दिन प्रतिदिन बढ़ रहे जलजनित रोग को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इसको लेकर एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों को आसपास साफ-सफाई और उबालकर पानी पीने की सलाह दी है। जानकारी के अनुसार स्क्रब टाइफस बीमारी की आशंका के चलते प्रदेश के अस्पतालों में 129 मरीजों के सैंपल लिए गए। इसमें 44 लोगों में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई। इसके अलावा 217 लोगों की टाइफाइड को लेकर जांच की गई। इनमें 59 मरीजों में बीमारी के लक्षण पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने बीमारियों को लेकर मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अलर्ट किया है। ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के टेस्ट कराने को कहा गया है। अस्पताल प्रशासन को पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में मूसलाधार बारिश के चलते लोगों के घरों में मटमैला पानी की सप्लाई हो रही है। इससे जलजनित के आंकड़ों में इजाफा हो रहा है। एनएचएम के निदेशक सुदेश मोक्टा ने कहा कि प्रदेश में जलजनित रोग के मामले बढ़ने से स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट किया गया है। प्रतिदिन जिलों से बीमारी से ग्रसित मरीजों की रिपोर्ट ली जा रही है। बीमारी के लक्षण तेज बुखार 104 से 105 डिग्री तक आ सकता है जोड़ों में दर्द और कंपकंपी के साथ बुखार आना शरीर में अकड़न या शरीर टूटा लगना अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजू के नीचे कूल्हों के ऊपर गिल्टियां आना
इंडियन ऑयल कारपोरेशन में छूट न देने का फैसला वापस लिया हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के बीच एचआरटीसी को बड़ी राहत मिली है। एचआरटीसी को डीजल पर मिलने वाली प्रति लीटर डेढ़ रुपए की छूट अब जारी रहेगी। इंडियन ऑयल कारपोरेशन में छूट न देने का अपना फैसला वापस ले लिया है। इंडियन ऑयल कारपोरेशन के फैसले से निगम को प्रति माह करीब एक करोड़ रुपए की बचत होगी। वहीं, सालाना 10 से 15 करोड़ रुपए की बचत होने का अनुमान है। गौरतलब है को इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने पहले एचआरटीसी को डीजल पर मिलने वाली छूट को बंद करने का फैसला लिया था। इसके बाद एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर की ओर से केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के समक्ष यह मामला उठाया गया था। इनके आग्रह पर इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने फैसला वापस ले लिया है। इस बारे में एक पत्र के माध्यम से एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर को इंडियन ऑयल कारपोरेशन की ओर से जानकारी प्रदान की गई है।
भारतीय जनता पार्टी जिला सोलन के अध्यक्ष रतन सिंंह पाल ने शीर्ष नेतृत्व से चर्चा के उपरांत जिला सोलन के पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों की घोषणा कर दी है। इसमें नंदराम कश्यप (सोलन) रमेश ठाकुर (अर्की), अमर संधू (दून), सुनीता रोहाल (सोलन), उपेंद्र शर्मा (कसौली), योगेश्वर सिंह (नालागढ़) तथा हीरानंद शर्मा (कसौली) को जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, बलवीर ठाकुर (दून) तथा भरत साहनी (सोलन) को महामंत्री बनाया गया है। राकेश गौतम (अर्की), श्रवण चंदेल (नालागढ़), धमेंद्र ठाकुर, सोलन जिला कार्यालय प्रभारी, कमलेश पवार (अर्की), सुनील कश्यप (कसौली) तथा गुरमेल चौधरी (दून) को सचिव नियुक्त किया गया है। लक्ष्मी ठाकुर (सोलन) को कोषाध्यक्ष, संजीव मोहन (सोलन) को मीडिया प्रभारी, इंद्रपाल शर्मा (अर्की) को सह मीडिया प्रभारी व शैलेेंद्र गुप्ता को प्रवक्ता बनाया गया है। इस के अलावा खेमचंद ठाकुर (दून), सुरेश कुमार (दून), धीरेंद्र कुमार (दून), नरिेंद्र कुमार (दून), सिकंदर कुमार (दून), जमुुना ठाकुर (दून), दुर्गावती (दून), जतिंद्र सिंह (नालागढ़), हरपाल सिंह सैनी (नालागढ़), परमानंद चंदेल (नालागढ़), प्रीतम सिंह चंदेल (नालागढ़), राजकुमार चौधरी (नालागढ़), राजीव भल्ला (नालागढ़), स्वर्ण सिंह गरेवाल (नालागढ़), हेमराज ठाकुर (नालागढ़), सोमा देवी (नालागढ़), विनोद सोनी (अर्की), भूप सिंह (अर्की), करतार सिंह (अर्की), रामचंद पाल (अर्की), जगदीश ठाकुर (अकी), भुवनेश्वरी शर्मा (अकी), हरिकृष्ण ठाकुर (अर्की), नंदलाल पाल (अर्की), प्रेम चोपड़ा (अर्की), भगतराम शर्मा (अर्की), सुनील ठाकुर (सोलन), शांता धीमान (सोलन), सोमा ठाकुर (सोलन), कृष्णा ठाकुर (सोलन), संदीप ठाकुर (सोलन), सीमा कुमारी (सोलन), संजीव शर्मा (सोलन), रिया शर्मा (सोलन), मनीष गुप्ता (कसौली), अश्वनी शर्मा (कसौली), कृष्णा मंडयाल (कसौली), कौशल्या ठाकुर (कसौली), रविंद्र कुमार (कसौली), रमा शर्मा (कसौली) तथा हिमांशु गुप्ता (कसौली) जिला कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त किया गया है।
अभिभावक बोले, सेफ नहीं नया भवन; पुराने भवन में शिफ्ट किया जाए स्कूल जिला सोलन के तहत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माद्यमिक विद्यालय कोट बेजा स्कूल भवन बच्चों, स्टाफ के लिए असुरक्षित हो गया है। भवन के पिछले हिस्से पर साथ लगती पहाड़ी से लगातार भारी भूस्खलन हो गया है तथा मलबा स्कूल के दरवाजे, खिड़कियां तोड़ता हुआ अंदर आ गया है भवन में पानी पानी हो गया है, जबकि स्कूल जाने वाला रास्ता दस जुलाई को हुई भारी बारिश से बह गया था। ऐसे में बच्चे जान हथेली पर रखकर स्कूल जा रहे थे। बच्चों को को काफ़ी दूर से घूमकर एक असुरक्षित पुल से गुजरना पड़ रहा था। बीती रात हुई मूसलाधार बारिश से स्कूल के भवन के पीछे पहाड गिर गया है। अभिभावकों ने आज स्कूल का दौरा कर पाया कि स्कूल में बच्चे सुरक्षित नहीं हंै। उन्होंने मांग की कि स्कूल पुराने भवन में शिफ्ट कर दिया जाए। अभिभावकों का कहना था कि स्कूल को जाने वाला रास्ता दस जुलाई की बारिश में पहले ही बह गया था। अब न तो स्कूल जाने को रास्ता है और न ही स्कूल सेफ है। अभिभावकों ने कहा कि अगर प्रशासन ने स्कूल पुरानी बिल्डिंग में शिफ्ट नहीं किया तो वे अपने बच्चे स्कूल में नहीं पढ़ाएंगे। अभिभावकों ने कहा कि ऐसा न हो कि कोई हादसा होने के बाद प्रशासन अपनी आंखें खोलें। अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि मौसम साफ होने पर स्कूल को जाने वाला रास्ते का निर्माण किया जाए। नई बिल्डिंग पर उठे सवाल क्षेत्र के लोग कोट बेजा स्कूल के नए भवन पर सवाल खड़े कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बहल खड्ड के साथ बने इस स्कूल में हमेशा बच्चों को खतरा रहेगा तथा हर बरसात में स्कूल की सड़क टूट जायेगी। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के लिए सड़क का निर्माण करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। सड़क निर्माण कई लाखों में होने के बाद अगली बरसात तक टिक जायगी, इसकी गारंटी नहीं होगी। स्कूल का निर्माण करते समय केवल बिल्डिंग बनाने पर ही ध्यान रहा। करीब चार करोड़ की लागत से बनी ये बिल्डिंग अब अपने पर आंसू बहाती नजर आ रही है।
चंडीगढ़-शिमला फोरलेन समेत 700 सड़कें बंद हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बादल फटने की दो घटनाएं हुईं। पंडोह में मलबे की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक स्कूल की बिल्डिंग नाले में बह गई। भारी बारिश के बाद चंडीगढ़-शिमला, चंडीगढ़-मनाली फोरलेन सहित 700 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए शिमला, हमीरपुर और मंडी जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूल-कॉलेज दो दिन के लिए बंद कर दिए गए हैं। पालमपुर, देहरा, जयसिंहपुर के स्कूल बंद रहेंगे। हिमाचल यूनिवर्सिटी में 23-34 की परीक्षाएं भी स्थगित की गई हैं।
स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति में संशोधन का लिया निर्णय, अब 40 वर्ष की अवधि के लिए होगा एमओयू हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शिमला में आयोजित हुई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में भारी बारिश के कारण हुई भारी तबाही के कारण जान गंवाने वाले लोगों पर दुख व्यक्त किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। राजस्व विभाग ने आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को हुए भारी नुकसान पर विस्तृत प्रस्तुति दी। कैबिनेट ने बैठक में शिक्षा विभाग में उन अंशकालिक जलवाहकों की सेवाओं को नियमित करने को मंजूरी दी गई, जिन्होंने 31 मार्च, 2023 और 30 सितंबर, 2023 को संयुक्त दैनिक वेतन और अंशकालिक सेवाओं के 11 वर्ष पूरे कर लिए हैं। बैठक में स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति में संशोधन करने का निर्णय लिया, जिसमें एमओयू 40 वर्ष की अवधि के लिए होगा। रॉयल्टी पहले 12 वर्षों के लिए 15 प्रतिशत, अगले 18 वर्षों के लिए 20 प्रतिशत और शेष 10 वर्ष की अवधि के लिए 30 प्रतिशत होगी। इसके बाद परियोजना राज्य सरकार को नि:शुल्क और सभी बाधाओं और देनदारियों से मुक्त होकर वापस कर दी जाएगी। हालांकि विस्तारित अवधि के लिए राज्य को देय रॉयल्टी 50 प्रतिशत से कम नहीं होगी। इसमें 210 मेगावाट लूहरी चरण-एक, 66 मेगावाट धौलासिद्ध, 382 मेगावाट सुन्नी बांध और 500 मेगावाट डुगर जलविद्युत परियोजनाओं के लिए एसजेवीएनएल और एनएचपीसी के पक्ष में क्रमबद्ध मुफ्त बिजली रॉयल्टी के लिए दी गई छूट को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने जल विद्युत परियोजनाओं पर लिए जाने वाले जल उपकर की दरों को तर्कसंगत बनाने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने राज्य में वर्ष 2023-24 के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत खरीदे जाने वाले सेब, आम और नींबू वर्गीय फलों के समर्थन मूल्य को बढ़ाने की मंजूरी दी। अब से सेब और आम का समर्थन मूल्य 12 रुपये प्रति किलो होगा। साथ ही किन्नू, माल्टा और संतरे का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 20 रुपए कर दिया गया है। बैठक में मिड डे मी योजना के तहत कुक कम हेल्पर का मानदेय 1 अप्रैल 2023 से बढ़ाकर 2000 रुपये करने पर सहमति दी गई। इसके अलावा मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी भी बढ़ाई गई। इसके तहत गैरजनजातीय क्षेत्रों में 240 रुपए जनजातीय क्षेत्रों में 294 रुपए दिहाड़ी मिलेगी। बैठक में कीरतपुर-मनाली चार पर यातायात प्रबंधन और नियंत्रण तथा सडक़ सुरक्षा मानदंडों को सुनिश्चित करने के लिए बिलासपुर, मंडी और कुल्लू जिलों में नव स्थापित तीन यातायात सह पर्यटक पुलिस स्टेशनों के लिए विभिन्न श्रेणियों के 48 पद बनाने और भरने को मंजूरी दी गई। इसके अलावा, कैबिनेट ने ग्रामीण विकास विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के 35 पद भरने का भी फैसला किया। कैबिनेट ने श्रम एवं रोजगार विभाग का नाम बदलकर श्रम रोजगार एवं विदेशी प्लेसमेंट विभाग करने पर सहमति दे दी। सफाई कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा कैबिनेट ने राज्य के सफाई कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने के लिए उन्हें आयुष्मान भारत योजना में शामिल करने पर सहमति दी। इसने राज्य में अगले पांच वर्षों में तैनात किए जाने वाले पटवारियों और 16 चेन-मैन के रूप में 874 उम्मीदवारों का चयन और प्रशिक्षण करने का निर्णय लिया। वन भूमि से पेड़ कटान को मंजूरी वन भूमि से बचे पेड़ों की गणना, चिन्हांकन, निष्कर्षण और निपटान के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को अपनी मंजूरी दे दी। इससे स्थानीय स्तर पर लकड़ी की उपलब्धता, परिवहन लागत में कमी, राजस्व में वृद्धि, फील्ड स्टाफ की बेहतर और बढ़ी हुई दक्षता और कच्चे रूपों में रूपांतरण सुनिश्चित होगा। ई टैक्सी पर सबसिडी बैठक में किसी भी सरकारी विभाग/स्थानीय प्राधिकरण/ स्वायत्त निकाय/ बोर्ड/ निगम/सरकारी उपक्रम या किसी अन्य प्रतिष्ठान द्वारा राजीव गांधी स्वरोजगार योजना-2023 के तहत ई-टैक्सी किराए पर लेने के लिए मानक संचालन प्रक्रिक्रयाओं (एसओपी) को अपनी मंजूरी दे दी। इस योजना से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे और राज्य सरकार ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत की सबसिडी प्रदान करेगी जो प्रदूषण को कम करने में काफी मदद करेगी और हरित राज्य बनने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाएगी। इसे 2 अक्तूबर, 2023 से लागू किया जाएगा।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने अपने शैक्षणिक परिवार में नए छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए एक रोमांचक इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की योजना नए प्रवेशित छात्रों को विश्वविद्यालय के परिसर और इसके विशिष्ट मूल्यों से परिचित कराने के लिए की गई थी। छात्र कल्याण अधिष्ठाता पूनम नंदा द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया उन्होंने तीन दिन तक चलने वाले इंडक्शन कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अतुल खोसला ने छात्रों को शूलिनी के मूल मूल्यों से अवगत कराया, उन्हें महानता की आकांक्षा करने, विविधता को अपनाने और विभिन्न क्षेत्रों और विषयों में मित्रता विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। छात्रों ने संस्थान की अखंडता और मूल्यों को बनाए रखने के प्रति अपने समर्पण को दर्शाते हुए शपथ भी ली। शूलिनी विश्वविद्यालय की मुख्य शिक्षण अधिकारी श्रीमती आशू खोसला ने शूलिनी के शैक्षणिक वातावरण में रचनात्मकता को बढ़ावा देने पर अपने विचार साझा किए। ट्रस्टी और प्रवेश निदेशक, अवनी खोसला ने प्रसिद्ध वैश्विक निगमों के साथ रोमांचक अवसरों की रूपरेखा बताते हुए, प्लेसमेंट के विश्वविद्यालय के वादे का खुलासा किया। डॉ. रोहित गोयल ने छात्रों को इनोवेटिव शूलिनी ऐप और ईयूनिव प्लेटफॉर्म से परिचित कराया। अनुसंधान के डीन, प्रोफेसर सौरभ कुलश्रेष्ठ ने छात्रों के बीच रचनात्मकता की मानसिकता को जागृत करते हुए अनुसंधान और नवाचार के महत्व पर जोर दिया। छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा पर सत्र भी आयोजित किए गए, डॉ. पूर्णिमा बाली और एकता सिंह ने क्रमश: सत्र संचालित किए। विपणन और संचार टीम ने एक प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया। छात्रों ने अपने अनुभव भी साझा किए, जिसमें बी.कॉम के आदित्य कुमार ने एक वैश्विक विश्वविद्यालय का हिस्सा बनने पर खुशी व्यक्त की और बीबीए फाइनेंस एंड मार्केटिंग की पलक चौहान ने अपनेपन की मजबूत भावना महसूस की। सशक्त नई शुरुआत केवल स्नातक (यूजी) तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि स्नातकोत्तर (पीजी) छात्रों के लिए भी थी। पीजी इंडक्शन ने एकता और विकास की भावना को आगे बढ़ाया। पीजी इंडक्शन प्रोग्राम ने स्नातकोत्तर अध्ययन में अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया। उन्नत अन्वेषण और बौद्धिक योगदान के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए अनुसंधान के दायरे पर विचारपूर्वक चर्चा की गई। पीजी कार्यक्रमों के लिए भी मानसिक स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, रैगिंग और नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर सत्र आयोजित किए गए और सकारात्मकता और पुष्टि के महत्व पर जोर दिया गया, इन सत्रों का उद्देश्य छात्रों को जीवन कौशल से लैस करना था जो शिक्षाविदों से परे है। प्रवेश दिवस का समापन ओपन-एयर थिएटर (ओएटी) में एक जश्न मनाने वाले मीट एंड ग्रीट कार्यक्रम के साथ हुआ। उत्सव ने छात्रों के बीच संबंधों को बढ़ावा दिया और शूलिनी विश्वविद्यालय की एकता की भावना को प्रदर्शित किया।
जोगिंद्र बैंक के चेयरमैन मुकेश शर्मा ने ट्यूबरक्लोसिस के 75 मरीजों को हाई प्रोटीन किट का वितरण किया। यह किट सत्य साईं सेवा ट्रस्ट सोलन द्वारा सीएमओ सोलन डॉ. राजन उप्पल और बीएमओ डॉ. उदित रस्तोगी को सौंपी गई। मुकेश शर्मा ने कहा, 'मैं आभारी हूं डॉ. संजय अग्रवाल और ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों का, जिन्होंने इस पुनीत कार्य में मुझे शामिल होने का सुअवसर प्रदान किया।'
थाना धर्मपुर में रविंद्र प्रताप सिंह ने 21 अगस्त को शिकायत दर्ज करवाई कि कि 19 अगस्त को धर्मपुर कॉलेज में एक ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी और परीक्षा के बाद परीक्षा प्राधिकरण द्वारा सभी प्रयोगशालाओं व बाहर के दरवाजों को लॉक कर दिया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि जब परीक्षा होनी थी तो बाहर के दरवाजे का ताला खुला हुआ था। साथ ही लैब का दरवाजा भी खुला था तथा अंदर से एक सेंटरल प्रोसेसिंग यूनिट गायब था। शिकायत पर थाना में आईपीएस की धारा 454,380 में अभियोग दर्ज किया गया, जिसकी तफ्तीश में कई लोगों से पूछताछ की गई और सीसीटीवी फ़ुटेज भी चेक की गई। जांच-पड़ताड़ करने पर पता चला कि कॉलेज के सिक्योरिटी गार्ड ने इस चोरी की घटना को अंजाम दिया है। आरोपी को गिरफ्तार करके उसके कमरे की तलाशी ली गई जो इसके कमरे से चोरीशुदा सेंटरल प्रोसेसिंग यूनिट को बरामद किया गया। आरोपी की पहचान विरेंदर सिंह पुत्र मदन सिंह गांव चबयोगा मझेड़ तहसील पच्छाद, लिजा सिरमौर के रूप में हुई है। इसके साथ ही यह पता चला कि यह आरोपी अपने स्तर पर ही देसी शराब लाहन भी बनाता है और उसे कॉलेज छात्रों आदि लोगों को भी बेचता है। उसके पास से 15 लीटर देसी लाहन भी बरामद की गई। आरोपी के खिलाफ एक्साइज एक्ट के अंतर्गत भी कार्रवाई की गई है।
क्रिकेट प्रेमी बुक माई शो वेबसाइट पर करवा सकते हैं बुकिंग भारत और न्यूजीलैंड मैच की टिकटों की बुकिंग एक सितंबर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में अक्तूबर में होने वाले आईसीसी वनडे विश्वकप के मैचों की टिकटें क्रिकेट प्रेमी बुक माई शो वेबसाइट पर बुक करवा सकते हैं। 25 अगस्त से आईसीसी की ओर से बुक माई शो पर टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू की जाएगी। क्रिकेट प्रेमी भारतीय टीम के मैच को छोड़कर अन्य टीमों के मैचों की टिकटें ऑनलाइन बुक करवा सकते हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले मैच के लिए टिकटों की बुकिंग आईसीसी की ओर एक सितंबर से शुरू की जाएगी। टिकटों के रेट आईसीसी की ओर से अगले दो दिन में जारी किए जाएंगे। आईसीसी की ओर देश में होने वाले वनडे विश्व कप के मैचों की टिकटों की ब्रिकी का शेड्यूल पहले ही जारी कर दिया गया था। भारतीय टीम के मैचों की टिकटों की बुकिंग को छोड़कर अन्य टीमों के मैचों को टिकटों की सेल 25 अगस्त शुरू करने जानकारी दी थी। वहीं, धर्मशाला में होने वाले भारतीय टीम के मैच के लिए टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग मुंबई और लखनऊ के साथ एक सितंबर से होगी। 5 क्रिकेट मैच खेले जाने हैं धर्मशाला में धर्मशाला स्टेडियम में आईसीसी वनडे क्रिकेट विश्व कप के पांच मुकाबले खेले जाने हैं। जिसमें पहला मुकाबला 7 अक्तूबर को बांग्लादेश और अफगानिस्तान के बीच खेल जाएगा। 10 को बांग्लादेश और इंग्लैंड, 17 को दक्षिण अफ्रीका-नीदरलैंड, 22 को भारत-न्यूजीलैंड और 28 को न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच भिड़ंत होगी। अवनीश परमार, सचिव, एचपीसीए ने बताया कि क्रिकेट प्रेमी धर्मशाला में होने वाले मैचों के लिए टिकटों की बुकिंग ऑनलाइन बुक माई शो वेबसाइट पर कर सकते हैं। 25 अगस्त से भारत के मैच को छोड़कर अन्य टीमों के मैचों की टिकट की बुक की जा सकती हैं। भारत और न्यूजीलैंड मैच की टिकटों की बुकिंग एक सितंबर से शुरू होगी। एक या दो दिन में आईसीसी की ओर से टिकटों की कीमतें में भी जारी कर दी जाएगी।
हिमाचल सरकार ने ग्रुप सी और डी यानी क्लास 3 और क्लास 4 कर्मचारियों के तबादलों से बैन हटा दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश के अनुसार 21 अगस्त से 31 अगस्त और फिर 20 सितंबर से 30 सितंबर के बीच प्रतिबंध हट जाएगा। इस दौरान संबंधित कैबिनेट मंत्री ट्रांसफर आर्डर कर सकेंगे। इसके बाद फिर से प्रतिबंध लागू हो जाएगा। ट्रांसफर बैन की अवधि में सिर्फ मुख्यमंत्री को ही तबादला आदेश जारी करने का अधिकार है। सोमवार को जारी आदेशों के अनुसार सभी प्रशासनिक सचिवों, विभाग अध्यक्षों, मंडल युक्त और जिला उपायुक्तों को ये निर्देश भेजे गए हैं। इसके अनुसार संबंधित मंत्री 3 साल का स्टे पूरा करने वाले कर्मचारियों के आवेदनों पर ही विचार करेंगे, लेकिन यदि प्रशासनिक जरूरत है तो 2 साल एक स्टेशन पर पूरा करने वाले कर्मचारी भी तबादले के लिए कंसीडर किए जा सकेंगे। ये तबादले कुल कैडर के 3 फ़ीसदी से ज्यादा नहीं होंगे। यदि तबादले का आवेदन कंप्रिहेंसिव गाइडिंग प्रिंसिपल 2013 के अनुसार नहीं है, तो मुख्यमंत्री को मामला अनुमति के लिए भेजना होगा। तबादला आदेश करती बार संबंधित विभाग अध्यक्ष को यह भी ध्यान होगा कि आपदा राहत और पुनर्वास के कामों में लगे कर्मचारियों के तबादले न हों।
निगम की बसों में पहली बार बिना यात्री भी भेज सकेंगे सामान हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) निगम प्रबंधन ने लोगों की सुविधा, आय बढ़ाने और परिचालकों की मनमानी रोकने के लिए बसों में ले जाने वाले सामान के टिकट की दरें तय की हैं। सब्जी, फल, फूल सहित लोग अब ऑफिस और डाइनिंग चेयर, टेबल, सोफा सेट, बेड बॉक्स और अलमारी भी निगम की बसों पर ले जा सकेंगे। नई दरों में निगम की बस में अब लैपटॉप व वॉशिंग मशीन का फुल और अलमारी का डबल टिकट कटेगा। यात्री अब सफर के दौरान बिना अतिरिक्त किराया चुकाए 30 किलो घरेलू सामान या दो बैग साथ ले जा सकेंगे। इसके अलावा बसों में पहली बार बिना यात्री सामान भेजने की सुविधा मिलेगी। 40 किलो का आधा टिकट और 80 किलो का पूरा टिकट बनता था। अब 30 किलो से अधिक सामान के लिए 15 किलो का एक चौथाई टिकट लेना होगा। पहले 25 किलो पर एक चौथाई टिकट लेना होता था। सेब का हाफ बॉक्स मुफ्त जाएगा। फुल बॉक्स के लिए आधा टिकट लगेगा। बिना यात्री हाफ बॉक्स के लिए आधा टिकट, फुल बॉक्स के लिए पूरा टिकट लगेगा। अब तक एक यात्री अपने साथ सेब का एक फुल बॉक्स मुफ्त ले जा सकता था। पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एसिड, गन पाउडर, गुटका, पान मसाला सहित 25 अन्य सामान ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यात्री के साथ दो लैपटॉप मुफ्त और बिना यात्री के पूरे टिकट के पैसे देने होंगे। यात्रियों को सुविधा मिलेगी, आय भी बढ़ेगी एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि यात्रियों की सुविधा, आय में बढ़ोतरी और गड़बड़ी करने वालों पर नकेल के लिए व्यवस्था लागू की है। कुछ लोग बिना यात्रा किए बसों से सामान भेजते हैं, लेकिन निगम को इससे आय नहीं हो रही, अब यात्री साथ हो या न हो सामान की टिकट अनिवार्य होगी। बिना टिकट सामान मिला तो कंडक्टर ड्राइवर नपेंगे नई व्यवस्था के तहत अब अगर बस में बिना टिकट सामान मिला कंडक्टर, ड्राइवर पर कार्रवाई होगी। दोषी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। सवाल : बिना कैरियर बसों में कैसे जाएगा सामान? दिल्ली सहित अन्य लंबी दूरी के रूटों पर निगम की बिना कैरियर वाली बीएस-6 बसें संचालित की जा रही हैं। इन बसों में छोटी डिग्गी की सुविधा है ऐसे में लंबी दूरी के लिए भारी सामान का परिवहन कैसे होगा यह बड़ा सवाल है।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आर. विश्नोई ने बताया कि संगठन को जल संरक्षण और प्रबंधन पर ध्यान देने के साथ कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए प्रतिष्ठित सीएसआर टाइम्स अवार्ड से सम्मानित किया गया है। पुरस्कार समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रो. एसपी. सिंह बघेल ने की। डॉ. लास्ज़लो मक्क, मिशन के उप प्रमुख, दूत असाधारण और मंत्री पूर्णाधिकारी, हंगरी दूतावास ने 21 अगस्त को सीएसआर टाइम्स द्वारा विकासशील अर्थशास्त्र में सीएसआर के माध्यम से एसडीजी हासिल करना जी20 राष्ट्रों की भूमिका विषय पर आयोजित 10वें राष्ट्रीय सीएसआर शिखर सम्मेलन में यह पुरस्कार सौंपा। जल संरक्षण और पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में टीएचडीसीआईएल के उल्लेखनीय प्रयास ने न केवल सराहना हासिल की है, बल्कि टिहरी गढ़वाल के ग्रामीण गांवों में जीवन बदल दिया है। इन प्रयासों ने पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करके ग्रामीणों के वित्तीय और शारीरिक बोझ को काफी कम कर दिया है। विश्नोई ने आगे कहा कि जूरी सदस्यों और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने अपने परिचालन क्षेत्र में पानी की गंभीर कमी के मुद्दों को संबोधित करने के लिए टीएचडीसीआईएल की गंभीर प्रतिबद्धता की सराहना की। यूएनडीपी से जल संकट की गंभीरता के बारे में गंभीर चेतावनियों के जवाब में, टीएचडीसीआईएल ने अपनी सीएसआर-संचालित जल संरक्षण और प्रबंधन परियोजना शुरू की, जिसे अपनी प्रायोजित सोसायटी सेवा-टीएचडीसी के माध्यम से क्रियान्वित किया गया। इस अभूतपूर्व पहल के तहत, टीएचडीसीआईएल ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जिसमें 972 वर्षा जल संचयन टैंक, 2282 जल पुनर्भरण गड्ढे, 610 जल खाइयां, 70 चेक बांध और 63 चाल-खाल संरचनाओं का निर्माण शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों ने न केवल खराब मौसम के दौरान पानी की कमी को कम किया है, बल्कि टिहरी जिले के प्रतापनगर और भिलंगना ब्लॉकों में भी नई जान फूंक दी है।
कसौली तहसील के नायब तहसीलदार अशोक कुमार ने आज पंचायत कोट बेजा के बनोई गांव में भारी बारिश से लोगों के घरों को हुये नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों को फौरी राहत के तौर पर प्रशासन की ओर से पांच हजार रुपये प्रति परिवार प्रदान किये व कुछ परिवारों को तरपाल भी प्रदान किये गए। पंचायत के बनोई गांव में दस लोगों व ठंदू गांव के तीन लोगों को फौरी राहत दी गई। गौरतलब है कि बीते गुरुवार को हुई भारी बारिश के चलते बनोई गांव के लोगो के घरों के दरारे आ गई थीं। लोगों ने अपने घर खाली कर सामान शिफ्ट कर आसपास शरण ले ली थी। बारिश के कारण पूरे गांव को खतरा बना हुआ है। बनोई गांव के ऊपर से जा रही गुनाई बरोटीवाला सड़क पर भी दरारे आ गई है। लोगों ने अपने गांव को छोड़कर आस पड़ोस में पनाह ले ली हैं। रविवार को देर शाम कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने गांव में पहुंच कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की है व लोगों को आश्वस्त किया कि आपदा के इस समय मे सरकार लोगों के साथ खड़ी है। सरकार प्रभावित परिवारों की हर संभव मदत करेगी। उधर, इस विषय में ग्रामीण राजस्व अधीकारी नीरज कुमार ने बताया कि सोमवार को नायब तहसीलदार कसौली अशोक कुमार ने बनोई गांव में दस और ठंदू गांव के तीन प्रभावित परिवारों को फौरी तौर पर पांच हजार प्रति परिवार राहत राशि प्रदान की है तथा कुछ लोगों को तरपाल भी दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को जल्दी कागजी कार्रवाई पूरी करने को कहा गया है, ताकि उनके केस टाइम पर बनाए जा सकें।
देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर आज नालागढ़ में प्रदेश कांग्रेस महासचिव हरदीप बावा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हुसन चंद ठाकुर, नालागढ़ यूथ कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गुरदीप चौधरी सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की व नालागढ़ सिविल हॉस्पिटल में फल व जूस वितरित किया।
हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के घुमारवीं जनपद स्थित गुणात्मक शिक्षा व कोचिंग के लिए जाने-माने शिक्षण संस्थान मिनर्वा से हर साल की भांति इस साल भी कई विद्यार्थियों का चयन बहुप्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों में हुआ है। इस कड़ी में सर्वप्रथम संस्थान के 11 छात्रों का चयन प्रौद्योगिकी में स्नातक बै़चलर ऑफ टेक्नोलॉजी करने के लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान एनआईटी हमीरपुर में हुआ है। मिनर्वा संस्थान से शिक्षा व कोचिंग प्राप्त कर संस्थान के छात्रा तनिष्क चौधरी पुत्री कश्मीर सिंह का कंप्यूटर साइंस, पलक शर्मा पुत्री सतीश कुमार का कंप्यूटर साइंस संभव पुत्र विशाल गुप्ता का मैथेमैटिकल एंड कंप्यूटिंग, कुमारी स्नेहा पुत्री श्रवण कुमार का मैथेमैटिकल एंड कंप्यूटिंग, केशव चंदेल पुत्र कुलदीप सिंह चंदेल का इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन, अशुंल शर्मा पुत्र जोगिंदर कुमार का इलैक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन, अक्षय आनंद पुत्र दिला राम का मकैनिकल, हर्षित पुंडीर पुत्र देश राज का मकैनिकल, आकर्ष ठाकुर पुत्र विनोद कुमार का सिविल, आदित्य ठाकुर पुत्र रत्न लाल का सिविल तथा श्रमय शर्मा पुत्र संदीप शर्मा का कैमिकल ने अपनी-अपनी लग्न, मेहनत और सबके आशीर्वाद से अपनी चमक चारों ओर बिखेरी है। मिनर्वा के इन होनहारों से जहां संस्थान में खुशी की लहर है, वहीं दूसरी ओर इन सबके माता-पिता व अभिभावक भी गदगद हैं। इस मौके पर मिनर्वा संस्थान के संस्थापक व संयोजक परवेश चंदेल व राकेश चंदेल ने इन सभी बच्चों, इनके माता-पिता व अभिभावकों को बधाई प्रेषित कर सबके लिए सर्वमंगल कामनाएं की तथा भगवान से जो अभी हिमाचल में आपदा आई है उससे लड़ने और सबके सुरक्षित रहने की कामना की है।
ग्रीनबेरी आरके जी ग्रुप व ग्रीनबेरी वेल्फेयर फाउंडेशन के संस्थापक राजेश कुमरार गुप्ता द्वारा हिमाचल प्रदेश आपदा राहत कोष 2023 के लिए एक करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई। ग्रीनबेरी संस्था के संचालक राजेश कुमार गुप्ता ने बताया की बीते कुछ दिनों से हिमाचल प्रदेश के सभी क्षेत्रो से आ रही खबर बिलकुल झकझोर कर रख देने वाली है और वह सरकार के साथ तत्पर खड़े है और इस समय हिमाचल के सभी वासियों और परिवारों को एक दूसरे के सहारे की ज़रूरत है। प्रदेश के सभी वासियों से आह्वान करते हुए राजेश गुप्ता ने सभी से क्षमता अनुसार आपदा राहत कोष में सरकार का सहयोग करने के लिए भी निवेदन किया। बता दें की राजेश कुमार गुप्ता पहले भी कोरोना के दौरान प्रदेश सरकार को 21 लाख की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष और 11 लाख प्रधानमंत्री केयर फंड के लिए भी दे चुके हैं और समाज में महिलाओं और गरीब परिवार के प्रति अपनी सेवा भाव के लिए जाने जाते हैं।
भारी बारिश के कारण प्रदेश भर में बंद हुए करीब 3700 रूटों में से एचआरटीसी ने 2500 रूटों पर बस सेवा को बहाल कर दिया है, लेकिन अभी भी 1226 रूट प्रदेश भर में बंद हैड्ड। इन रूटों के बंद होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रूट बंद होने से जहां प्रदेश के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। वहीं एचआरटीसी को रोजाना लाखों रुपए का घाटा उठाना पड़ रहा है। एचआरटीसी प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में सबसे ज्यादा रूट मंडी और कुल्लू जिला में प्रभावित हैं। मंडी जिला में 130 और कुल्लू जिला में 167 रूट प्रभावित हैं। इसके अलावा रामपुर यूनिट में 118 और सुंदरनगर यूनिट में 96 रूट प्रभावित है। वहीं प्रदेश में एचआरटीसी की 180 बसें अभी भी प्रदेश के अलग-अलग स्थानों में फंसी हुई हैं। एचआरटीसी की बसें ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचाने, नौकरी पेशा लोगों को दफ्तरों तक पहुंचाने और किसानों-बागबानों व दुग्ध उत्पादकों के उत्पादों को मार्केट तक पहुंचाती हैं। ऐसे में एचआरटीसी की सेवाएं बंद होने से प्रदेश के हजारों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां सरकार व एचआरटीसी प्रबंधन एचआरटीसी को घाटे से निकालने के लिए योजनाएं बना रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर हिमाचल में आई आपदा से एचआरटीसी की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता मेला 22 अगस्त को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) सोलन के प्रधानाचार्य ललित कुमार शर्मा ने दी। ललित कुमार शर्मा ने कहा कि मेला 22 अगस्त, 2023 को प्रात: 11.00 बजे आरंभ होगा। मेले में शिमला, सोलन व सिरमौर ज़ोन के इच्छुक उम्मीदवार भाग ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि मेले में विभिन्न व्यवसायों में आईटीआई पास प्रशिक्षुओं के अतिरिक्त दसवीं, व्यवसायिक विषय के साथ 12वीं पास विद्यार्थी तथा डिप्लोमा होल्डर अभियर्थी अपना पंजीकरण करवाकर मेले में आई हुई कंपनियों में साक्षात्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मेले में जिन कम्पनियों ने भाग लेना है वह अप्रेंटिस पोर्टल पर पंजीकृत करवाकर मेले में आए अभ्यर्थियों का पंजीकरण अपनी संस्थान में कर सकती हंै। उन्होंने इच्छुक उम्मीदवारों से अप्रेंटिस मेले में आकर लाभ उठाने का आग्रह किया। ललित कुमार शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के मेले का आयोजन प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर प्रत्येक माह किया जाता है। इस बार प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता मेला का आयोजन सोलन में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मेला कम्पनियों को कुशल श्रम शक्ति प्रदान करने और शिक्षित युवाओं को बेहतर रोजगार प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने आज सोलन स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को इनके निपटारे के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार देर शाम श्री नयनादेवी जी मंदिर में शीश नवाया और प्रदेश के लोगों की सुख-समृद्धि की कामना की। नयनादेवी मंदिर न्यास की ओर से घवांडल सीएचसी के लिए पांच करोड़ जारी किए। मुकेश ने कहा कि श्री नयनादेवी विधानसभा क्षेत्र के विकास में पैसे की कमी नहीं आएगी। मंदिर के लिए लिफ्ट बनाने के कार्य को भी जल्द स्वीकृति दी जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने श्री नयनादेवी क्षेत्र के लिए जो घोषणाएं की थीं उन सभी को वर्तमान सरकार पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष में नयना देवी मंदिर न्यास की ओर से दो करोड़ और बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास की ओर से एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। समस्त मंदिर ट्रस्ट के सदस्य शिमला में मुख्यमंत्री से मिलेंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देश के बड़े मंदिरों की तरह हिमाचल के मंदिरों का भी कायाकल्प होगा। बसों के माध्यम से सभी तीर्थ स्थलों को आपस में जोड़ा जाएगा। कहा कि हिमाचल प्रदेश के मंदिरों के लिए योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधाएं मिलेंगी। अग्निहोत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को राष्ट्रीय आपदा घोषित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भरमौर में आपदा के दौरान पेयजल योजना की स्कीम में कार्य करते हुए गुड्डू राम की जान चली गई। उनके परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। वहीं विभाग के अंतर्गत जिन व्यक्तियों ने आपदा के दौरान अपनी जान गंवाई है, उनके परिवारों को सरकार अकेला नहीं छोड़ेगी। परिवार के किसी एक सदस्य को रोजगार देगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में आपदाओं से होने वाली क्षति को न्यून करने के लिए योजनाबद्ध कार्य कर रही है। डॉ. शांडिल आज सोलन जिला के कंडाघाट उपमंडल के साधुपुल बाजार में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का जायज़ा ले रहे थे। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार अश्वनी खड्ड का तटीकरण भी सुनिश्चित बनाया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस विषय में स्वीकृति के लिए मामला उच्च स्तर पर भेजने के निर्देश दिए। डॉ. शांडिल ने कहा कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थिति के दृष्टिगत आपदाओं को न्यून करने के लिए कुछ अधोसंरचनात्मक बदलाव किए जाने आवश्यक हंै। इस दिशा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सतत् क्रियाशील हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि आपदा से निपटने के लिए एकजुट रहें। स्वास्थ्य मंत्री ने साधुपुल बाजार में सिंकिंग जोन (धंस रहे क्षेत्र) का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि साधुपुल के बाजार का हिस्सा और सड़क धंस रही है। उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा के लिए लोक निर्माण विभाग को शीघ्र आकलन तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह जरूरी कार्य के लिए ही वर्षा के मौसम में घर से बाहर निकलें। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनी। स्थानीय लोगों ने अवगत करवाया कि साधुपुल क्षेत्र में कई जगह अश्वनी खड्ड अपना रास्ता बदल रही है जिस कारण यहां का बाजार लगभग एक मीटर तक धंस गया है। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, उपमंडलाधिकारी कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सोलन जिला में आमजन की सुविधा के लिए सरकारी व निजी बैंकों सहित विभिन्न डाकघरों, खंड विकास अधिकारी कार्यालयों और चिन्हित सामान्य सेवा केन्द्रों में 70 आधार केंद्र कार्य कर रहे हैं। यह जानकारी आज यहां अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव ने दी। अजय यादव ने कहा कि आधार से संबंधित कोई भी कार्य इन 70 आधार केन्द्रों में जाकर करवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह 70 केंद्र ज़िला के सभी 5 उपमंडलों में आमजन की सुविधा के लिए स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी केंद्र स्थाई रूप से कार्यरत हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने लोगों से आग्रह किया कि आधार से सम्बन्धित विभिन्न सुविधाओं का लाभ इन केंद्रों पर उठाएं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम की कार्य प्रणाली को ऑनलाइन किया जाएगा। डॉ. शांडिल आज निगम की कार्य प्रणाली का निरीक्षण करने के उपरांत हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम के उच्च अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि पात्र वर्गों की सुविधा के लिए शीघ्र ही हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम की कार्य प्रणाली को ऑनलाइन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम की वेबसाइट पर शीघ्र ही पात्र वर्ग ऑनलाईन कार्य कर सकेंगे। उन्होंने निगम की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। डॉ. शांडिल ने कहा कि निगम द्वारा प्रदत्त ऋणों के विषय में 'वन टाईम सेटलमेंटÓ पर सभी पक्षों से विचार-विमर्श के उपरांत उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के संबंध में विचार करना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि वर्तमान आपदा के समय में सभी को सचेत रहकर अन्य की सहायता करने के लिए तत्पर रहना होगा। निगम की प्रबंध निदेशक सोनाक्षी सिंह तोमर ने निगम की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
सीएम बोले प्रदेश में 10 हजार करोड़ से भी अधिक का नुकसान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि प्रदेश में भारी बारिश से हुए नुकसान के दृष्टिगत राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश को 'प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्रÓ घोषित किया है। उन्होंने कहा कि विगत दिनों से जारी भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं से प्रदेश में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। राज्य में पेयजल, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था व सड़कों सहित अन्य संसाधनों को भी भारी क्षति पहुंची है। अभी तक राज्य में 12 हजार से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और 330 लोगों की बहुमूल्य जान चली गई हैं। प्रदेश में अभी तक 10 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक का नुकसान आंका गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि और बागवानी को भी भारी नुकसान हुआ है। राज्य में संचार व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। राज्य में जन-जीवन अस्त-व्यस्त हुआ है और व्यावसायिक गतिविधियां भी आपदा से अछूती नहीं रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। खतरे के दृष्टिगत बहुत से लोगों को उनके घरों से सुरक्षित निकालकर दूसरे स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रदेश सरकार राहत, बचाव एवं पुनर्वास के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। आपदा प्रभावितों को हरसंभव मदद सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि मौसम के अनुकूल होने पर संबंधित जिलों और विभागों द्वारा संपत्ति, पशुधन, आधारभूत संरचना और अन्य नुकसान का आकलन कर पुनर्निर्माण और उपयुक्त कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
खिलाड़ियों ने बैडमिंटन, चेस व वॉलीबाल में रनरअप का खिताब किया अपने नाम मिनर्वा स्कूल घुमारवीं के खिलाड़ी छात्रों ने अंडर-14 खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। स्कूल प्रबंधन द्वारा खिलाड़ी छात्रों के प्रदर्शन करने पर उन्हें एक सादे समारोह में सम्मानित किया। पाठशाला प्रधानाचार्य प्रवेश चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया कि अंडर 14 खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में स्कूल के खिलाड़ी छात्रों ने वॉलीबॉल, बैडमिंटन व चेस में रनरअप का किताब अपने नाम कर स्कूल का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि विक्रम भारद्वाज, तनिष भाटिया, दक्ष का चयन वॉलीबॉल, नैतिक भारद्वाज, अक्षत का चयन बैडमिंटन, आद्यंत, पुष्कल ठाकुर का चयन चेस व वैभव का चयन कबड्डी प्रतियोगिता के लिए हुआ है। इसके अलावा खेलकूद प्रतियोगिता में विक्रम भारद्वाज, वैदिक शर्मा, नमन शर्मा, नवजीत सिंह, अनिरुद्ध ठाकुर, नितिन शर्मा, लक्ष्य शर्मा, नैतिक भारद्वाज, गौरीश, चेतन, तनिष्क भाटिया, कार्तिक, पदम विभूषण, सौर्य कौंडल, शौर्य शर्मा, वरुण गौतम, आयुष राणा, अंशुल गौतम, शिवम ठाकुर, आद्यंत सिंह, बालादित्य, अभिनव, करण ने भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उम्मीद है बच्चे जिला स्तर की प्रतियोगिता में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर अपना तथा स्कूल का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने सभी खिलाड़ी छात्रों को इसके लिए बधाई दी। प्रवेश चंदेल ने कहा कि स्कूल में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद व अन्य गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। उन्होंने सभी छात्रों से खेलकूद प्रतियोगिता अन्य गतिविधियों में भाग लेने के लिए आवाहन किया। प्रवेश चंदेल ने कहा कि खेलों में भाग लेने से बच्चों का शारीरिक मानसिक व बौद्धिक विकास होता है। पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद प्रतियोगिता जीवन का अभिन्न हिस्सा है इसमें बच्चों को बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। उन्होंने शारीरिक शिक्षक व अन्य स्टाफ को इस प्रदर्शन पर बधाई दी।
प्रशासन की ओर ग्रामीण राजस्व अधिकारी ने किया गांव का दौरा भारी बरसात के कारण हो रहा नुकसान थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार बारिश से लोगों की निजी संपत्ति को हुये नुकसान के कारण लोग बेघर हो रहे हैं। इसी कड़ी में कसौली तहसील के तहत आने वाली ग्राम पंचायत कोट बेजा के बनोई गांव में गुरुवार को देर शाम हुई भारी बारिश से गांव के करीब सात मकानों में दरारें पड़ गई हैं। लोगों ने अपने घर खाली कर सामान शिफ्ट कर आसपास शरण ले ली है। बारिश के कारण पूरे गांव को खतरा उत्पन्न हो गया है। पूरे गांव में दरारें देखी जा सकती हंै। बनोई गांव के ऊपर से जा रही सड़क में भी दरारें आ गई हैं। फलस्वरूप गांव को खतरा पैदा हो गया है। लोगों को अपने परिवार की चिंता सता रही है। शुक्रवार को प्रशासन की ओर से ग्रामीण राजस्व अधिकारी कोट बेजा नीरज कुमार ने गांव का दौरा किया व पीड़ित परिवारों से बातचीत की। ग्रामीण राजस्व अधिकारी ने बताया कि बनोई गांव के गीता राम, रविंदर, प्रेम सिंह, कृष्ण दत्त, बेलीराम, रूपराम, सुंदर सिंह के मकानों में बारिश के कारण मकानों में दरारें आ गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को तरपाल लेने के लिए रसीदे दे दी गई हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि सोलन ज़िला में अब तक 556 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान आंका गया है। प्रदेश में 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का आकलन है। डॉ. शांडिल ने आज चगांव से हिन्नर संपर्क मार्ग को लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत निर्मित करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कल्याणा स्थित सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य के लिए आरंभिक तौर पर 3 लाख रुपये स्वीकृत किए। उन्होंने महिला मंडल कल्याणा को सामान क्रय करने के लिए 25 हजार रुपये स्वीकृत किए। उन्होंने ग्राम पंचायत हिन्नर में खेल मैदान के निर्माण के लिए 15 लाख रुपये स्वीकृत किए। उन्होंने संबन्धित अधिकारियों को टिकरी घलेच क्षेत्र के समीप गिरि नदी पर फुटब्रिज निर्माण के लिए सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए। डॉ. शांडिल ने क्षेत्र में गिरि नदी से उठाऊ सिंचाई योजना तैयार करने के सम्बन्धित विभाग को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना से क्षेत्र के 15 गांव को जोड़ा जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के 6 गांव को 33 के.वी. विद्युत परियोजना से जोड़ने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव राहुल ठाकुर, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, नगर निगर सोलन के मनोनीत पार्षद रजत थापा, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, रोगी कल्याण समिति के सदस्य विनीश धीर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पलक राम कश्यप एवं जितेन्द्र ठाकुर, अजय कंवर, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, ग्राम पंचायत हिन्नर के प्रधान अनिल शर्मा, उप प्रधान नरदेव कश्यप, ग्राम पंचायत रहेड़ के उप प्रधान विकास ठाकुर, बीडीसी सदस्य मनीष ठाकुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गौड़ा की प्रधानाचार्य संतोष कुमारी, ग्राम पंचायत हिन्नर के पूर्व उप प्रधान हरबंस चैहान, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट सिद्धार्थ आचार्य, खण्ड विकास अधिकारी कण्डाघाट नरेश शर्मा सहित अन्य विभागों के अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


















































