स्वास्थ्य मंत्री ने डाईट सोलन में दिव्यांगजन को वितरित किए उपकरण स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार बेसहारा का सहारा बनकर उनके उत्थान के लिए दृढ़ संकल्प है। डॉ. शांडिल आज ज़िला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) सोलन में दिव्यांग जन को विभिन्न उपकरण वितरित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन समग्र शिक्षा अभियान सोलन द्वारा किया गया। कार्यक्रम आर्टिफिश्यिल लिम्बज़ मेनूफेक्चरिंग कॉपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा प्रायोजित किया गया। डॉ. शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सत्ता सम्भालने से पूर्व निराश्रित महिलाओं एवं बच्चों के लिए सुखाश्रय योजना की परिकल्पना की। यह योजना सभी पात्र निराश्रित बच्चों एवं बेसहारा महिलाओं को आश्रय प्रदान करेगी और बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन कर उन्हें भावी जीवन के लिए समर्थ बनाएगी। उन्होंने कहा कि कोई भी अक्षम नहीं होता और किसी भी दिव्यांगजन को स्वयं को अशक्त नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि उचित मार्गदर्शन एवं सतत् अभ्यास के साथ सभी दिव्यांगजन बहुत बेहतर कर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने डाईट सोलन को इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए बधाई दी। डॉ. शांडिल ने कहा कि डाईट सोलन परिसर में प्रधानाचार्य एवं अन्य अध्यापकों के आवास तथा छात्रों के लिए छात्रावास निर्माण का मामला मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने प्रदेश विद्युत बोर्ड के अधीक्षक अभियंता को डाईट सोलन परिसर में स्थापित ट्रांसफार्मर को अन्यत्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डाईट परिसर में पेयजल के लिए बोरवेल के लिए 4.68 लाख रुपये भी स्वीकृत किए। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले डाईट के छात्रों को 21 हजार रुपये अपनी ऐच्छिक निधि से प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम में 25 दिव्यांग जन को विभिन्न उपकरण प्रदान किए गए। 133 विभिन्न उपकरण सोलन ज़िला के सभी विकास खण्डों को भेजे गए। कार्यक्रम में डाईट के प्रशिशुओं और उपस्थित लोगों को एम.एम.यू अस्पताल एवं चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार एवं दुर्घटना के समय घायल व्यक्ति के प्राथमिक उपचार और उन्हें अस्पताल पहुंचाने के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर जोगिंद्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, खण्ड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, रोगी कल्याण समिति के सदस्य विनेश धीर, रोटरी क्लब के अध्यक्ष विजय दुग्गल, ग्राम पंचायत सलोगड़ा के पूर्व प्रधान लक्ष्मी दत्त शर्मा, युवा कांग्रेस के कुनाल सूद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल, साईं संजीवनी अस्पताल के डॉ. संजीव अग्रवाल, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, डाईट सोलन के प्रधानाचार्य डॉ. शिव कुमार, डाईट के प्रवक्ता, प्रशिक्षु एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान पर तीन श्रेणियों में शुरू होंगे राज्य स्तरीय पुरस्कार राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां गेयटी थिएटर में आयोजित एक कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम लिमिटेड का नाम च्हिमक्राफ्ट कॉर्पोरेशनज् करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस रीब्रॉडिंग का उद्देश्य निगम के कार्य को विस्तार प्रदान करना और बाजार में एक विशिष्ट ब्रांड के रूप में उत्पादों को बढ़ावा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हथकरघा एवं हस्तशिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करते हुए तीन श्रेणियों में राज्य स्तरीय पुरस्कार शुरू करने पर विचार कर रही है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के पारंपरिक शिल्प में उत्कृष्ट हुनर की पहचान कर प्रोत्साहन प्रदान करना है। व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से परिवर्तन की इस प्रक्रिया में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य में आर्थिक संकट के लिए पूर्व सरकार एवं उनकी नीतियां जिम्मेवार हैं। वर्तमान सरकार राज्य को आत्मनिर्भर बनाने और कर्ज पर निर्भरता कम करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी चार वर्षों में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा और अगले दस वर्षों में हिमाचल देश का सबसे समृद्ध राज्य बन कर उभरेगा। मुख्यमंत्री ने राज्य में हाल ही में प्राकृतिक आपदा के कारण ८ से १० हजार करोड़ रुपये के अनुमानित नुकसान और पर्यटन क्षेत्र में इसके प्रतिकूल प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार स्थिति सामान्य करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार क्षतिग्रस्त सड़कों के बावजूद किसानों के सेब और सब्जियों जैसे उत्पादों को परिवहन सुविधा प्रदान कर इन्हें समयबद्ध बाजार तक पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने राहत नियमावली में बदलाव कर मुआवजा राशि में कई गुणा बढ़ौतरी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान के बारे में अवगत करवाया और उनसे अंतरिम राहत की पहली किस्त शीघ्र प्रदान करने का अनुरोध किया है ताकि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने एनडीआरएफ के पिछले कुछ वर्षों से लंबित ३१५ करोड़ रुपये भी जारी करने का अनुरोध किया है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान की है। सरकार ने रिकॉर्ड समय में लगभग ७०,००० पर्यटकों और १५,००० वाहनों को सुरक्षित निकाला। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी ने माइनस चार डिग्री तापमान में लाहौल-स्पीति जिला के चंद्रताल पहुंच कर वहां फंसे २९० लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी आमूल-चूल परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के कौशल में वृद्धि की जा सके। इसके साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का समावेश किया जा रहा है और सभी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी शुरू की जा रही है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर हथकरघा एवं हस्तशिल्प पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारम्भ भी किया। इस अवसर पर गेयटी थिएटर में पारंपरिक और आधुनिक परिधानों में फैशन शो का भी आयोजन किया गया। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कहा कि प्रदेश के उच्च गुणवत्ता वाले ऊनी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं जिनकी देश और विदेशों में भारी मांग है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों, संस्कृति और हथकरघा को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल हथकरघा उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जा रहा है और हिमक्राफ्ट नाम से एक नया लोगो भी जारी किया गया है।
कहा-प्रदेश में 14997 तथा सोलन जिले में 1266 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने आज क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से राज्य स्तरीय सघन मिशन इंद्रधनुष-5 का शुभारंभ किया। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित बना रही है कि शून्य से 5 वर्ष आयुवर्ग के सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का समय पर टीकाकरण हो। उन्होंने कहा कि सघन मिशन इंद्रधनुष-5 के तहत तीन चरण आयोजित किए जाएंगे। पहला चरण 7 से 12 अगस्त तक आयोजित होगा। मिशन इंद्रधनुष के प्रथम चरण में प्रदेश में शून्य से 2 वर्ष आयुवर्ग के 13903 तथा 2 से 5 वर्ष आयुवर्ग के 1094 बच्चों का विभिन्न बीमारियों के लिए टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोलन जिले में प्रथम चरण में शून्य से 2 वर्ष आयुवर्ग के 1060 तथा 2 से 5 वर्ष के 206 बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोलन जिला में प्रथम चरण में 212 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मिशन का दूसरा चरण 11 से 16 सितंबर तथा तीसरा चरण 9 से 14 अक्तूबर तक आयोजित किया जाएगा। कहा कि सोलन जिला में उच्च प्रवासी दर, दैनिक आधार पर नियमित रूप से आने-जाने वाले लोग तथा सीमांत ज़िला होने के कारण टीकाकरण के लिए लाभार्थियों का सही आकलन किया जाना आवश्यक है। इस दिशा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने योजनाबद्ध तैयारी की है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी ज़िलों को उचित निर्देश जारी किए गए हैं। मिशन इन्द्रधनुष 5.0 के तहत यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि ऐसे सभी क्षेत्रों को कवर किया जाए जहां अभी तक शून्य टीकाकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है तथा घर-घर जाकर सर्वेक्षण के माध्यम से यह चिन्हित किया गया है कि कहां-कहां अभियान के तहत टीकाकरण किया जाना है।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी 8 अगस्त को सोलन जिला के अर्की विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर आ रहे हैं। अवस्थी प्रात: 10.30 बजे अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरयांज में आयोजित वन महोत्सव में भाग लेंगे। मुख्य संसदीय सचिव तदापेरांत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरयांज के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
परवाणू-सोलन फोरलेन निर्माण पर उठ रहे सवाल ना आसमान से आफत बरसने का दौर थम रहा है और न ही पहाड़ों के दरकने का। हिमाचल के पहाड़ लगातार टूट रहे है और प्रदेश के लोगों का जीवन व्यापन उतना ही कठिन हो गया है जितना शायद प्रकृति के लिए विकास के नाम पर हो रहे बेतरतीब निर्माण को सहना हुआ हो । सड़कों पर सफर करना तो खतरों से खाली है ही नहीं मगर कई क्षेत्रों में तो अपने घर में चैन की नींद से सो पाना भी नागवार हो गया है। हिमाचल में बने फोरलेन कि तस्वीरें कुछ इस तरह सामने आ रही है कि रूह कांप उठे। कालका-शिमला एनएच-5 की स्थिति भी कुछ यूँ ही बनी हुई है। पहाड़ दरक रहे है और सड़के धंस रही है। ये बेतरतीब निर्माण अभी कितने और ज़ख्म देगा, मालूम नहीं, मगर सवालों का अम्बार ज़रूर लग गया है। हिमाचल की सड़कों को हिमाचल की जीवन धारा माना जाता है। कठिन भौगौलिक परिस्थितियों वाले इस प्रदेश के दूर दराज़ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ये सड़कें ही मुख्य धारा से जोड़ती है। मगर क्या इन सड़कों का निर्माण सही ढंग से हो रहा है ? क्या प्रदेश की जीवन धारा को बनाने वाले अपनी ज़िम्मेदारी सही तरीके से निभा रहे है ? क्या इस विनाश के लिए सिर्फ प्रकृति ज़िम्मेदार है या कारण और भी है ? कालका-शिमला एनएच-5 का इस कदर बह जाना क्या दर्शाता है ? क्या निरीक्षण में कोई कमी रह गई या फिर सड़क की गुणवत्ता ही खराब थी ? सवाल जहाँ सड़क निर्माण कि कंपनी को लेकर उठ रहे है तो कई आरोप अधिकारियों पर भी दागे जा रहे है, लेकिन इस वक्त सबसे अहम् सवाल ये है कि क्या अब एनएचएआई द्वारा सड़क निर्माण कंपनी पर कोई एक्शन लिया जाएगा या फिर सेटलमेंट कर दी जाएगी ....... आपको बता दें कि कालका-शिमला नेशनल हाईवे 5 के निर्माण में 748 करोड़ रुपये खर्च किये गए है। जबसे इस फोरलेन का निर्माण किया गया है तब से ये फोरलेन चर्चा में बना हुआ है। शुरू से शुरुआत करते है। परवाणू से सोलन तक फोरलेन का निर्माण कार्य नवंबर 2015 के आस पास शुरू किया गया था। फिर फोरलेन निर्माण के लिए एनएचएआई द्वारा इसका टेंडर ग्रिल कंपनी को दिया जाता है। कंपनी द्वारा फोरलेन बनाने के लिए पहाड़ियों को काटना शुरू किया जाता है और ज़्यादातर जगहों पर 90 डिग्री में पहाड़ों को काट दिया जाता है। अब मौसम चाहे कोई भी हो ये पहाड़ सड़को पर उतर आते है। सड़को के साथ लगे डंगे भी इन पहाड़ो को रोकने में सक्षम नहीं है। अधिकांश क्षेत्रों में रिटेनिंग वाल भी 7 8 फ़ीट की ही है। ऐसे में पहाडोनो का दरकना तो जायज़ है। फोरलेन के साथ बने भवन भी खतरे की जद्द में हैं। हाइवे के निर्माण के समय यहाँ कल्वर्ट ठीक से नहीं डाले गए जिस कारण अब पानी लोगो के घरो तक पहुंच रहा है। इसे फोरलेन निर्माण कंपनी कि लापरवाही ही कहेंगे जिसका खामियाज़ा अब इन लोगो को भुगतना पड़ रहा है। परवाणू से सोलन हाइवे की तस्वीरें देखने के बाद अब हाईवे के दूसरे चरण के फोरलेन निर्माण को लेकर भी सवाल उठने लगे है। अब सोलन से कैथलीघाट तक भी इसी तरह का दृश्य देखने को मिल रहा है। परवाणू से सोलन तक का ये सफर अब लोगों के लिए आफत बन गया है। निसंदेह इस प्राकृतिक आपदा से जन जीवन अस्त व्यस्त हो चूका है, लेकिन भारी बरसात से हुई तबाही ने इस वक्त कई निर्माण कंपनियों को सवालों के कठघरे में खड़ा कर दिया है। इस बरसात में भारी भूस्खलन से सड़को को तो नुकसान पहुंचा ही है लेकिन कई लोगो के आशियाने भी टूट कर बिखर चुके है। कई लोग इस आपदा में जान गवां चुके है। बरसात की इस तबाही के बाद अब हिमाचल में हो रहे बेतरतीब निर्माण को लेकर हाईकोर्ट भी सख्त चूका है। एनएचआई द्वारा अवैज्ञानिक तरीके से सुरंगें और फोरलेन बनाने पर हाईकोर्ट ने अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया है। खासकर चंडीगढ़ से शिमला और चंडीगढ़-मनाली हाईवे को हुए नुकसान पर अदालत ने अटॉर्नी जनरल से जवाब मांगा है। अब इसमें गलती चाहे निर्माण कंपनी की हो या फिर किसी और कि लेकिन इस गलती के कारण कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है। पहले भी ढह गया था सड़क का एक हिस्सा ये पहली दफा नहीं है कि चंडीगढ़-शिमला फोरलेन पर सड़क धसने का मामला सामने आया हो। इससे पहले भी इस मार्ग पर जगह-जगह लैंडस्लाइड होते रहे है। नेशनल हाईवे पर जब प्रथम चरण में परवाणू-सोलन फोरलेन का कार्य लगभग पूरा होने वाला था उस वक़्त भी बारिश के बाद सड़क के लगातार धंसने के मामले सामने आ रहे थे। तारीख थी 11अगस्त 2022 जब फोरलेन टनल को जोड़ने वाला कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 का एक हिस्सा अचानक से भरभरा कर ढह गया था। इस लैंडस्लाइड की चपेट में दो गाड़ियां भी आ गईं थी । तब गनीमत ये रही थी कि इन गाड़ियों में कोई नहीं था। इस हादसे के बाद टनल वाले मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया था। इससे पहले भी कई बार यहां पर सड़क में दरारें आ चुकी हैं। इस सड़क पर सफर करना अब जोखिम भरा हो गया है। हाईवे की रेनोवेशन तक नहीं लिया जायेगा टोल टैक्स भारी बारिश की वजह से कालका शिमला फोरलेन को काफी नुकसान पहुंचा है। इस फोरलेन की एक लेन पूरी तरह से बंद है। कालका से शिमला तक एक लेन पर जगह जगह लैंडस्लाइड हुए हैं। ऐसे में जब सड़क जोखिमपूर्ण है और बमुश्किल एक लेन चालू है तो यात्रियों से टोल टैक्स लेने का मुद्दा बेहद चर्चा में था। परवाणू - सोलन हाइवे पर सनवारा टोल प्लाजा को लेकर लोगो में भारी रोष नज़र आ रहा था। इस हाईवे पर परवाणू के पास करीब 200 मीटर सड़क नक्शे से ही गायब हो गई है। ऐसे में अब डीसी सोलन ने हाईवे पर मौजूद टोल को बंद करने के आदेश जारी कर दिए है। हाईवे बंद होने के बाद भी संपर्क मार्गों से आवाजाही कर रहे वाहन चालकों से टोल लिया जा रहा था और इस पर लगातार टोल प्लाजा पर बहसबाजी देखने को मिल रही थी। इसी पर सोलन डीसी ने अब टोल वसूली पर रोक लगा दी है। डीसी सोलन का कहना है कि कालका शिमला हाईवे बंद पड़ा है और ऐसे में सनावरा टोल प्लाजा पर टोल देने का लोग विरोध कर रहे हैं। यहां पर विरोध के चलते लॉ एंड ऑर्डर की दिक्कत हो सकती है और इसी वजह से टोल बंद करने के आदेश दिए गए हैं। जब तक हाईवे की रेनोवेशन नहीं हो जाती, तब तक टोल बंद रहेगा।
हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि निगम प्रदेश के राशनकार्ड धारकों को चीनी का निर्धारित कोटा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा जुलाई माह के लिए 36,206 क्विंटल चीनी का आपूर्ति आदेश जारी किया गया था। इसमें से 25,202 क्विंटल चीनी अत्याधिक वर्षा के कारण शाहबाद चीनी मिल में सभी गोदामों में पानी भरने के कारण प्राप्त नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस चीनी की मात्रा को अगस्त माह के लिए जारी किए गए आपूर्ति आदेश में सम्मिलित किया गया है। उन्होंने कहा कि अगस्त माह के लिए 60,121 क्विंटल चीनी का आपूर्ति आदेश जारी किया गया है और एक-दो दिनों में प्रदेश के सभी गोदामों में चीनी की प्राप्ति शुरू होने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगस्त माह के आवंटित चीनी के साथ जुलाई माह की शेष बची चीनी की मात्रा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार विभिन्न विकास योजनाओं को समय पर पूर्ण करने के लिए प्रयासरत है ताकि लक्षित वर्ग इनसे समुचित लाभ प्रदान कर सकें। डॉ. शांडिल शनिवार को सोलन विधानसभा क्षेत्र के लिए विधायक क्षेत्रीय विकास निधि योजना तथा खनन निधि की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने विकास खंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोलन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकास खंड कंडाघाट और सोलन में निर्माणाधीन कार्यों एवं योजनाओं को समयबद्ध पूरा करना सुनिश्चित बनाएं ताकि धन और समय की बचत हो सके। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें तथा निर्माण कार्य का समय-समय पर निरीक्षण भी सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य क्षेत्र विशेष की बेहतरी के लिए आवश्यक हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गत 6 वर्षों में विधायक क्षेत्रीय विकास निधि योजना के तहत सोलन विधानसभा क्षेत्र में लगभग 4 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सोलन विधानसभा क्षेत्र में 6 वर्षों में विधायक क्षेत्रीय विकास निधि योजना के तहत 415 कार्य स्वीकृत किए गए। इनमें से 176 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं जबकि 126 योजनाओं का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि शेष 113 योजनाओं का कार्य शीघ्र आरम्भ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्ण किए गए 176 कार्यों पर लगभग 02 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। डॉ. शांडिल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए धन की दूसरी किस्त तभी जारी की जाए जब पहली किस्त का उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध हो जाए। उन्होंने प्रधानों को विभिन्न विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि को समयबद्ध व्यय करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न महिला मण्डलों से आग्रह किया कि विधायक निधि के तहत विभिन्न सामान के लिए स्वीकृत राशि का शीघ्र उपयोग सुनिश्चित करें। डॉ. शांडिल ने कई वर्षों से लम्बित कार्यों को शीघ्र आरम्भ करने के निर्देश भी दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर ज़िला खनन अधिकारी से खनन निधि के तहत किए जा रहे विकास कार्यों पर चर्चा की और उचित निर्देश जारी किए। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर उपस्थित ग्राम पंचायत प्रधानों, महिला मण्डलों और अन्य से विकास कार्यों के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की और उनकी विभिन्न समस्याओं के समयबद्ध निपटारे के अधिकारियों को निर्देश दिए। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने इस अवसर पर विश्वास दिलाया कि विधायक निधि तथा खनन निधि के तहत विभिन्न निर्माण कार्यों को समयबद्ध पूरा किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर धनराशि के समुचित उपयोग के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। खण्ड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल, विकास खण्ड अधिकारी कण्डाघाट नरेश शर्मा, विकास खण्ड अधिकारी सोलन रजनी गौतम, कार्यकारी खनन अधिकारी दिनेश कुमार, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी (योजना) दिनेश शर्मा, विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान व उप प्रधान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल के 7 अगस्त के प्रवास कार्यक्रम में आंशिक संशोधन किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार डॉ. शांडिल 7 अगस्त को प्रात: 10 बजे क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के एमसीएच केंद्र से सघन मिशन इंद्रधनुष 5 का शुभारंभ करेंगे। तदोपरांत प्रात: 11.00 बजे जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) सोलन में दिव्यांग बच्चों को स्वास्थ्य उपकरण वितरित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्यातिथि होंगे।
भारत के निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची को शुद्ध, त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाए रखने के उद्देश्य से वर्तमान में जिला सोलन के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का सत्यापन किया जा रहा है। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने दी। मनमोहन शर्मा ने कहा कि यह अभियान 21 अगस्त, तक आयोजित किया जाएगा। इस अवधि में बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) जिला के 50-अर्की, 51-नालागढ़, 52-दून, 53-सोलन (अ.जा.) तथा 54-कसौली (अ.जा.) विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का सत्यापन करेंगे। उन्होंने कहा कि बी.एल.ओ घर के मुखिया की सहायता से यह सुनिश्चित करेंगे कि परिवार के समस्त पात्र सदस्यों के नाम मतदाता सूची में सही दर्ज हैं तथा किसी प्रकार की अशुद्धि पाई जाने पर उसे ठीक करवाने के लिए प्रारूप-8 के माध्यम से कार्यवाही करेंगे। उन्होंने कहा कि बीएलओ प्रथम अक्तूबर की अहर्ता तिथि के आधार पर पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करेंगे। बी.एल.ओ प्रथम जनवरी, 2024 की अहर्ता तिथि के आधार पर पात्र भावी मतदाताओं के साथ-साथ ऐसे भावी मतदाताओं की जानकारी भी प्राप्त करेंगे जो प्रथम अप्रैल, 2024, प्रथम जुलाई, 2024 तथा प्रथम अक्तूबर, 2024 को मतदाता बनने के लिए पात्र हों।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तथा जिला सोलन राहत एवं पुनर्वास समिति के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह ने जिला प्रशासन सोलन को निर्देश दिए कि भारी वर्षा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राहत कार्यों में तेजी लाएं और सोलन जिला की परीधि में आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों को शीघ्र सुचारू बनाने तथा अन्य मरम्मत कार्यों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मामला उठाएं। अनिरुद्ध सिंह गत सायं सोलन में भारी वर्षा से हुए नुकसान के आकलन एवं राहत तथा पुनर्वास की दिशा में किए गए कार्यों के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। पंचायती राज मंत्री ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल की आर्थिकी का महत्वपूर्ण आधार सेब भी मंडियों तक पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में आवश्यक है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 5 सहित जिला के अन्य राजमार्ग सुचारू रहें, ताकि सेब समय पर मंडियों में पहुंचे और यात्रियों सहित किसानों-बागवानों को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि इस दिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को और अधिक तेजी से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने इस संबंध में उपायुक्त सोलन को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि आपदा के समय में पड़ोसी राज्यों के उन ज़िलों से भी निरंतर तालमेल आवश्यक है जिनकी सीमाएं सोलन ज़िला के साथ लगती हैं। अनिरुद्ध सिंह ने निर्देश दिए कि विभिन्न राहत कार्यों में तेजी लाई जाए ताकि प्राभावितों को शीघ्र उचित राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि आपदाओं के समय में प्रभावितों को मानसिक क्षति भी उठानी पड़ती है। यह आवश्यक है कि सभी प्रभावितों को समयबद्ध राहत एवं पुनर्वास सुनिश्चित हो। उन्होंने राहत राशि सीधे प्रभावितों तक पहुंचाने और ग्राम स्तर के लिए स्वीकृत राहत राशि ग्राम पचंायत प्रधानों को निर्धारित समयावधि में उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए। पंचायती राज मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश पर प्रदेश के सभी मंत्री जिलों में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर नुकसान का वास्तविक आकलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सही आकलन उचित राहत राशि दिलावाने में सहायक बनेगा और बेहतर पुनर्वास संभव होगा। उन्होंने सभी से अग्राह किया कि आपदा से सफलतापूर्वक निपटने के लिए एकजुट होकर कार्य करें। उन्होंने सोलन जिला में अब तक हुए नुकसान का जायजा लिया और विभागवार नुकसान एवं राहत की समीक्षा की। प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि आपदा में त्वरित राहत एवं स्थाई पुनर्वास आवश्यक है। उन्होंने सोलन जिला की परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक सुझाव भी दिए। मुख्य संसदीय सचिव (उद्योग, राजस्व एवं नगर नियोजन) राम कुमार तथा कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने आपदा राहत, बचाव व पुनर्वास के संबंध में सुझाव दिए। बैठक में अवगत करवाया गया कि ज़िला में विद्युत बोर्ड द्वारा विद्युत आपूर्ति सुचारू कर दी गई है। कुल 184 क्षतिग्रस्त मार्गों में से 177 मार्ग बहाल कर दिए गए हैं। जल शक्ति विभाग की 294 क्षतिग्रसत परियोजनाओं में से 290 योजनाएं सुचारू कर दी गई है। शेष 04 में से 02 योजनाओं को अस्थाई रूप से बहाल कर दिया गया है।
हाटी समुदाय ने करार दी ऐतिहासिक जीत हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गिरीपार में रहने वाला हाटी समुदाय अब अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल हो गया है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने संशोधित अनुसूचित जनजाति विधेयक को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। अब यह विधायक कानून बनेगा। हाटी समुदाय ने इसे ऐतिहासिक जीत करार दिया है। इसके लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन सिंह मुंडा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ,केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शांता कुमार, प्रेम कुमार धूमल, शिमला के सांसद एवं पूर्व अध्यक्ष भाजपा सुरेश कश्यप, पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप, सांसद डॉ. सिकंदर कुमार, शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव सिंह तोमर, भाजपा के प्रदेश नेतृत्व और राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार जताया है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला का भी विशेष आभार जताया है। इस संबंध में हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉक्टर रमेश सिंगटा ने कहा कि केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के बूते असंभव सा काम संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से मंच के पदाधिकारियों ने मुलाकात की थी इस मुलाकात के गहरे मायने निकाले जा रहे हैं। पिछले महीने 26 जुलाई को यह विधेयक राज्यसभा से पारित हुआ था और अब इस पर राष्ट्रपति ने अपनी सहमति दे दी है। इसे अब राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अथक प्रयास रंग लाए हैं। उनके सम्मान में रविवार को सिरमौर के हाटी शिमला में जुड़ेंगे और उनका स्वागत करेंगे,आभार जताएंगे। अध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि हाटी आंदोलन देशभर का ऐसा अनूठा आंदोलन रहा है, जहां हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई। 56 वर्षों के संघर्ष का नतीजा सबके सामने आया है। आंदोलन की शुरुआत पिछले वर्ष महाखुमली के जरिए 1 जनवरी को रोनहाट से हुई थी। इसमें हजारों लोगों ने एसटी बनने का दृढ़ संकल्प लिया था। इसके बाद शिलाई, पझौता, संगड़ाह जैसे क्षेत्र में महाखुंबलिया हुई। इसके बाद पिछले वर्ष अप्रैल महीने में रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया में हाटी समुदाय की 14 जातियां और उपजातियां पंजीकृत हुई। आंदोलन की जीत का यह पहला पड़ाव था दूसरा पड़ाव तब आया जब सितंबर महीने में केंद्रीय कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए हाथी को एसटी का दर्जा दे दिया इसके बाद दिसंबर महीने में लोकसभा में संशोधित एसटी विधेयक पारित हुआ। बेशक तब तयो ने किंतु परंतु लगाएं लेकिन मौजूदा सत्र में पिछले ही महीने 26 जुलाई को राज्यसभा ने भी बिल पर अपनी मुहर लगाई। पुरोधाओं के तौर पर दर्ज हो गया नाम आंदोलन को लीड करने वालों का नाम पुरोधाओं के तौर पर सिरमौर के इतिहास में अंकित हो गया है। इन्होंने रणनीतिकार और आंदोलनकारी दोनों की सशक्त भूमिका निभाई.. जब विरोधी प्रहार कर रहे थे तब हाटी समाज के लिए सुरक्षा कवच भी बने। इन्हें हाटी निर्माता के तौर पर भी याद रखा जाएगा....इनमें डॉक्टर रमेश सिंगटा, प्रदीप सिंगटा सबसे चर्चित रहे। निस्वार्थ भावना से अपने समाज के प्रति समर्पित रहे ऐसे चेहरे बिरले ही मिलते हैं।धरातल पर आंदोलन की न केवल पूरी स्क्रिप्ट लिखी बल्कि लोगों को हकों की लड़ाई के लिए शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र भी किया। जब जब संकट आता दिखा तब तक इन्होंने अग्रिम पंक्ति में आंदोलन की अगुवाई की। एक पेशेवर पत्रकार और दूसरे रिसर्च स्कॉलर हैं। इनके साथ-साथ डॉक्टर अमि चंद कमल, महासचिव कुंदन शास्त्री और उनकी टीम का योगदान भी अविस्मरणीय रहेगा। एकेडमिक इनपुट देने में अमित चंद कमल की बड़ी भूमिका रही। जबकि कुंदन सिंह शास्त्री कुशल रणनीतिकार माने जाते हैं। क्या बोले हाटी विकास मंच के पदाधिकारी हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉ. रमेश सिंगटा, महासचिव अतर सिंह तोमर प्रवक्ता जी एस तोमर , ठाकुर खजान सिंह, मदन तोमर, कपिल चौहान, दलीप सिंगटा, काकू राम ठाकुर, मुकेश ठाकुर, नीतू चौहान, शूरवीर ठाकुर, अनुज शर्मा, दिनेश कुमार, भीम सूर्यवंशी, अमित चौहान, पिंकू बिरसांटा, विक्की ठाकुर , कपिल कपूर, विपिन पुंडीर, भीम सिंह, बलबीर राणा, दिनेश ठाकुर, दीपक नेगी, प्रताप मोहन चौहान खदराई कपिल शर्मा,,लाल सिंह, श्याम सिंह, खजान सिंह ठाकुर,सुशील, आशु चौहान, सुरजीत ठाकुर, अमन ठाकुर, राकेश शर्मा, सुरेश सिंह, जय ठाकुर, ओमप्रकाश शर्मा, ओमप्रकाश ठाकुर, चंद्रमणि शर्मा, आत्माराम शर्मा, गोपाल ठाकुर, सचिन तोमर ,खजान ठाकुर, भरत पुंडीर ,दलीप सिंह तोमर, भीम सिंह तिलकान, कपिल शर्मा, सहित पवन शर्मा, रण सिंह ठाकुर, सतीश चौहान, दिनेश चौहान ने बड़ी जीत के लिए केंद्र का आभार जताया।
जिला परिषद सोलन की त्रैमासिक बैठक 11 अगस्त को आयोजित की जाएगी। यह जानकारी जिला परिषद सोलन के सचिव जोगिंद्रा प्रकाश राणा ने दी। उन्होंने कहा कि यह बैठक 11 अगस्त को प्रात: 11 बजे जिला परिषद सोलन के बैठक कक्ष में आयोजित की जाएगी।
प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तथा ज़िला सोलन राहत एवं पुनर्वास समिति के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह ने आज सोलन स्थित चिल्ड्रन पार्क में हिमाचल निर्माता एवं प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार को उनकी 117वीं जयंती पर प्रदेशवासियों की ओर से भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार के संघर्ष एवं दूरदर्शी सोच के कारण ही हिमाचल एक राज्य के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि स्व. डॉ. परमार के सशक्त हिमाचल के निर्माण के लिए कार्यान्वित की गई योजनाओं के लिए प्रदेशवासी सदैव उन्हें याद रखेंगे। इस अवसर पर कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी, प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष राहुल सिंह ठाकुर एवं सुरेेंद्र सेठी, बघाट बैंक के अध्यक्ष अरुण शर्मा, प्रदेश कांग्रेस महासचिव संजय भण्डारी, सिरमौर कल्याण मंच के सचिव अजय कवंर, कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी, ज़िला प्रशासन के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
सोलन में अभी तक लगभग 516 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तथा ज़िला सोलन राहत एवं पुनर्वास समिति के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में प्रभावित परिवारों की समुचित सहायता की जाएगी। अनिरुद्ध सिंह ने आज सोलन ज़िला के कसौली एवं सोलन उपमंडलों में भारी वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों का जायज़ा लिया और प्रभावित परिवारों से बातचीत कर वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी प्राप्त की। अनिरुद्ध सिंह ने ग्राम पंचायत अन्हेच में प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार को उनकी 117वीं जयंती पर कृतज्ञ प्रदेशवासियों एवं ज़िलावासियों की ओर से पुष्पाजंलि अर्पित की। अनिरुद्ध सिंह ने लोगों को विश्वास दिलाया कि संकट के समय में प्रदेश सरकार उनके साथ है और उनके हित के लिए योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्षा से प्रभावित लोगों के लिए 2000 नए आवास निर्मित किए जाएंगे। इस निर्माण कार्य पर 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने निर्देश दिए है कि भारी वर्षा से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत पुनरुद्धार कार्य करें। पंचायत एवं ग्राम स्तर पर अधिक से अधिक पुनरुद्धार कार्य मनरेगा के तहत किए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को उनके घर के समीप कार्य मिलेगा और मुश्किल समय में आर्थिक सम्बल भी प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र में भारी वर्षा से लगभग 100 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। यहां 136 मकानों को क्षति पहुंची है। सोलन ज़िला में भारी वर्षा से लगभग 516 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन है। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश के साथ सोलन ज़िला में भी क्षतिग्रस्त मार्गों को युद्ध स्तर पर बहाल किया जा रहा है। पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं को सुचारू किया जा रहा है और विद्युत आपूर्ति बहाल की जा रही है। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला में राष्ट्रीय राजमार्ग 5 को शीघ्र-अतिशीघ्र सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नुकसान का उचित प्रकालन शीघ्र प्रेषित करें। पंचायती राज मंत्री ने बड़ोग गांव के निवासी महेन्द्र सिंह पुत्र बलवंत सिंह को फौरी राहत के तौर पर 10 हजार रुपये प्रदान किए। उन्होंने ग्राम पंचायत नारायणी में वर्षा से हुए नुकसान का जायज़ा लिया और प्रभावितों से भेंट की। अनिरुद्ध सिंह ने ग्राम पचंायत नेरी कलां के गांव कनाना में भारी वर्षा से हुई क्षति की जानकारी प्राप्त की और प्रभावितों से बातचीत की। उन्होंने ग्राम पंचायत भोजनगर के पंचायत भवन कार्यालय में प्रभावितों से भेंट की और उन्हें समुचित सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने इसके उपरांत ग्राम पंचायत अन्हेच में वर्षा से प्रभावित लोगों से मुलाकात की और समुचित सहायता का आश्वासन दिया। अनिरुद्ध सिंह ने शामती में हुए भारी नुकसान का जायज़ा लिया और प्रभावितों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रभावितों की सहायता के लिए कृत संकल्प है। इस अवसर पर कसौली के विधायक विनोद सुल्तानुपरी, ज़िला सोलन कांग्रेस के अध्यक्ष शिव कुमार, प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष राहुल सिंह ठाकुर, प्रदेश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम निदेशक मण्डल के सदस्य जतिन साहनी, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, नगर निगम शिमला के पार्षद नरेंद्र ठाकुर, खण्ड कांग्रेस कसौली के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, ग्राम पंचायत नारायणी के प्रधान श्रीराम शर्मा, ग्राम पंचायत नेरी कलां के प्रधान सुच्चा सिंह, ग्राम पंचायत प्राथा की प्रधान सरोज ठाकुर, ग्राम पंचायत प्राथा के उप प्रधान कर्म सिंह, ग्राम पंचायत नेरी कलां के उप प्रधान अशोक शर्मा, ग्राम पंचायत अन्हेच के प्रधान मोहन लाल, ग्राम पंचायत भोजनगर के प्रधान मनोज कुमार, ग्राम पंचायत शामती के उप प्रधान सुनील, मशोबरा खण्ड के बीडीसी उपाध्यक्ष वीरेन्द्र ठाकुर, नगर निगर सोलन के आयुक्त ज़फ़र इकबाल, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, उपमंडलाधिकारी कसौली गौरव महाजन, खण्ड विकास अधिकारी मुकेश, तहसीलदार सोलन मुलतान सिंह बनियाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं स्थानीय निवासी उपस्थित थे।
प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री एवं हिमाचल निर्माता स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार की 117वीं जयंती पर आज सोलन में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सोलन के चिल्ड्रन पार्क स्थित स्व. डॉ. परमार की प्रतिमा पर आज प्रात: स्व. डॉ. परमार को कृतज्ञ ज़िलावासियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इन पुनीत अवसर पर सिरमौर कल्याण मंच सोलन की ओर से इस रक्तदान शिविर आयोजित किया गया तथा नगर निगम सोलन के हाल में प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री की स्मृति में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कवि गोष्ठी सत्र की अध्यक्षता की। मनमोहन शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि एक राज्य के रूप में हिमाचल की नीतियों को परिभाषित करने, प्रदेश के विकास को गति देने और राज्य के ईमानदार एवं कर्मठ लोगों के साथ मिलकर विकसित हिमाचल की नींव रखने के लिए प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री एवं हिमाचल निर्माता स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार को सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि सिरमौर कल्याण मंच हर वर्ष हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार की जयंती को भव्य रूप में आयोजित करता है। उन्होंने कहा कि इस माध्यम से युवा पीढ़ी को हिमाचल निर्माता की परिकल्पना, सोच और उनके जीवन के बारे जानने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश भौगोलिक रूप से पूरी तरह जुड़ा हुआ नहीं था। डॉ. परमार की दूरगामी सोच के कारण ही हिमाचल एक हो पाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान हिमाचल में पर्यटन, उद्योग, सड़क, विद्युत परियोजनाओं के विकास की नींव डॉ यशवंत सिंह परमार ने रखी थी। हिमाचल प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने में डॉ. परमार की महत्वपूर्ण भूमिका है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि स्व. डॉ. परमार ने हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी बोली के संरक्षण के लिए कार्य किया। उन्होंने स्व. डॉ. परमार के साथ रहे वरिष्ठजनों से आग्रह किया कि अपने अनुभवों को किताब या वृतचित्र के रूप में सहेजें ताकि युवा पीढ़ी को उनके व्यक्तित्व के बारे में अवगत करवाया जा सके। मनमोहन शर्मा ने इस अवसर पर स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार के चित्र पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। नगर निगम सोलन के आयुक्त ज़फ़र इकबाल ने इस अवसर पर हिमाचल निर्माता को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए कहा कि मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों वाले प्रदेश को विकास की डगर पर आगे बढ़ाकर स्व. डॉ. परमार ने सभी के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। नगर निगम सोलन की महापौर पूनम ग्रोवर, उप महापौर राजीव कौड़ा, पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, ज़िला कांग्रेस के अध्यक्ष शिव कुमार, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव सुरेन्द्र सेठी, नगर परिषद सोलन के पूर्व अध्यक्ष कुल राकेश पंत, वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता जगमोहन मल्होत्रा, लक्ष्मी दत्त शर्मा, पी.डी. भारद्वाज, रवि मदान, विजय कुमार, स्व. डॉ. वाई.एस परमार के पौत्र आनन्द परमार, पड़पौत्र यशस्वी सिंह परमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्दी रमेश शर्मा, सिरमौर कल्याण मंच के अध्यक्ष बलदेव चैहान, उपाध्यक्ष पदम पुण्डीर, महासचिव राम गोपाल शर्मा, सचिव अजय कंवर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप ममगई, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेन्द्र कंवर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं स्थानीय निवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हिमाचल के लिए विशेष आर्थिक पैकेज मांगा है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से हुए भारी नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री से हिमाचल को जल्द अंतरिम राहत राशि जारी करवाने का अनुरोध किया। साथ ही बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम भेजने पर उनका धन्यवाद किया।
बाहरा विश्वविद्यालय के होटल मैनेजमेंट एवं टूरिज्म विभाग द्वारा एक दिवसीय वाइन टेस्टिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला एक दिन तक होटल मैनेजमेंट विभाग के रेस्टोरेंट में चली। इसमें मुख्य अतिथि सोमेलियर मुकेश सुला वाइन वाईन्यार्ड्स उपस्थित रहे। बाहरा विश्वविद्यालय पहुंचने कुलपति डॉ. किरण अरोड़ा व रजिस्ट्रार विनीत कुमार ने मुख्य अतिथि को शाल व हिमाचली टोपी पहनाकर उनका स्वागत किया गया। उन्होंने विभिन्न-विभिन्न तरीक़ों से विस्तारपूर्वक कार्यशाला में अलग-अलग एक्सपेरिमेंट करवाकर सभी विद्यार्थियों को अछे से समझाया। उन्होंने वाइन बनाने के तरीक़ों के बारे में भी बताया।उन्होंने बहुत सी वाइन के प्रकार होटल मैनेजमैंट के विद्यार्थियों को बताए। होटल मैनेजमेंट एवं टूरिज़्म विभाग के विभागाध्यक्ष डाक्टर वैभव वर्मा ने बाहरा विश्वविद्यालय आने पर उनका धन्यवाद किया। इस अवसर पर कुलपति बाहरा विश्वविद्यालय डाक्टर किरण अरोड़ा, रजिस्ट्रार विनीत कुमार, डायरेक्टर मार्केटिंग एंड एडमिशन अनुराग अवस्थी, होटल मैनेजमेंट विभाग के सभी प्राध्यापक व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय में शोक सभा का आयोजन किया गया डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के छात्रों, कर्मचारियों और शिक्षकों ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार रहे संदीप नेगी को श्रद्धांजलि अर्पित की। नेगी का लंबी बीमारी के कारण पीजीआई चंडीगढ़ में बुधवार को निधन हो गया था। गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में एक शोक सभा का आयोजन किया गया जिसमें छात्र और विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारी शामिल हुए। अपने शोक संदेश में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल ने नेगी और उनके कुशल एवं त्वरित कार्य करने के तरीके और उनके मिलनसार स्वभाव को याद किया। विश्वविद्यालय स्टाफ ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार के सदस्यों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। बुधवार को चंडीगढ़ में दिवंगत के अंतिम संस्कार में विश्वविद्यालय के कुलपति और वैधानिक अधिकारियों सहित कई कर्मचारी शामिल हुए। नेगी 2016 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी थे और जनवरी 2022 से विश्वविद्यालय के कुलसचिव के रूप में कार्यरत थे।
मंत्री ने अर्की उपमंडल में लिया राहत एवं पुनर्वास कार्यों का जायजा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तथा जिला सोलन राहत एवं पुनर्वास समिति के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार जन-जन की सुरक्षा सुनिश्चित बनाकर समयबद्ध राहत एवं पुनर्वास कार्य कर रही है। अनिरुद्ध सिंह आज सोलन जिला के अर्की में गत दिनों भारी वर्षा से हुए नुकसान एवं राहत तथा पुनर्वास के संबंध में अर्की में आयोजित समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समय पर लिए गए निर्णयों तथा त्वरित कार्रवाई के साथ वर्तमान में प्रदेश में राहत एवं पुनर्वास का कार्य समयबद्ध कार्यान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपदाओं का स्थान एवं समय निश्चित नहीं होता। आपदा पूर्व प्रबंधन, आपदा के समय ठोस निर्णय और समय पर उपलब्ध सहायता राशि के माध्यम से आपदा के कारण हुई क्षति को न्यून कर बहुमूल्य मानवीय जीवन को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित बनाया कि आपदा उपरांत बहुमूल्य मानवीय जीवन की सुरक्षा हो, समय पर राहत मिले और दुर्गम स्थानों में फंसे पर्यटकों एवं स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों, कर्मचारियों, विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं और प्रदेशवासियों के सहयोग से संकट की इस घड़ी में सुरक्षा एवं समय पर राहत सुनिश्चित हुई है। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि भारी वर्षा के कारण अर्की उपमण्डल में भी काफी नुकसान हुआ है। अभी तक के आकलन के अनुसार अर्की उपमण्डल में भारी वर्षा से लगभग 92 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि अर्की उपमण्डल में लोक निर्माण विभाग को भारी वर्षा से 31.11 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि उपमंडल में आपदा से 56 सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इनमें से 50 सड़कों एवं संपर्क मार्गों को बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शेष 6 मार्गों को बहाल करने का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग द्वारा अर्की उपमण्डल में सभी स्थानों पर जलापूर्ति सुचारू कर दी गई है। उपमण्डल में अभी तक फौरी राहत के रूप में लगभग 21 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि राज्य की प्रत्येक पंचायत में भारी वर्षा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए शुरूआत में एक-एक लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न नुकसान कार्यों को मनरेगा के तहत करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा से हुए नुकसान के दृष्टिगत आमजन को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने फौरी राहत को 20 गुना बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। नष्ट फसलों के लिए फौरी राहत को 10 गुना बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रति कनाल कर दिया गया है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वर्षा से होने वाले नुकसान की रिपोर्ट प्रतिदिन प्रस्तुत करें। मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश में इस वर्ष भारी वर्षा से 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान आंका गया है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रभावितों के साथ है तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार को समय पर उचित सहायता राशि पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अर्की उपमंडल में वह स्वयं वर्षा से प्रभावित जन को समयबद्ध सहायता पहुंचाने और उनके पुनर्वास का नियमित अनुश्रवण कर रहे हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि इस संकट काल में धैर्य रखें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ितों को समय पर सहायता पहुंचाएं तथा अधिक संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। बैठक के उपरांत पंचायती राज मंत्री तथा मुख्य संसदीयस सचिव ने प्रशासनिक अमले के साथ अर्की उपमंडल में भिन्न-भिन्न स्थानों पर नुकसान का जायज़ा लिया और उचित दिशा-निर्देश जारी किए। दल ने बखालग-चंदपुर-सेरी-सांगली-गम्भरपुल-बवासी-मान-बढ़लग मार्ग पर हुई क्षति का जायज़ा लिया। दल ने कृपाल सिंह निवासी बखालग के क्षतिग्रस्त मकान का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत बखालग के गांव चंदपुर में बारिश के कारण हुए नुकसान का जायज़ा भी लिया गया। अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोठी के पोलिंग बूथ हरदेवपूरा ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 5 हजार रुपए का चैक भेंट किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट की। मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री से स्पिति घाटी के रंगरीक में सामरिक दृष्टि से हवाई पट्टी के निर्माण का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह स्थान उत्तरी सीमा से 50 किलोमीटर की हवाई दूरी पर स्थित है और स्पिति घाटी के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 505 के अतिरिक्त अन्य कोई सम्पर्क साधन नहीं है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से गोला बारूद डिपो पोवारी को स्थानांतरित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने अवगत करवाया कि इसके दृष्टिगत दो वैकल्पिक स्थलों की पहचान की गई है। उन्होंने उचित कार्यवाही के लिए आग्रह किया और कहा कि राज्य सरकार भूमि उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 450 मेगावाट क्षमता की शोंगटोंग कड़छम जल विद्युत परियोजना इस डिपो के ठीक सामने सतलुज नदी के बाएं किनारे पर स्थित है और कहा कि सिल्ट फ्लशिंग टनल का उत्खनन का कार्य गोला-बारूद डिपो की पाबंदियों के कारण आउटलेट पोर्टल के बजाए इनलेट पोर्टल से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस डिपो के स्थानांतरित होने तक नियंत्रित विस्फोटन प्रणाली निर्धारित करने के लिए इस मामले पर सेंटर फॉर फायर एक्सप्लोसिव्स एंड एनवायरमेंट सेफ्टी के साथ चर्चा की गई है ताकि राज्य सरकार उत्खनन का कार्य आउटलेट पोर्टल के माध्यम से भी कर सके। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों को जोड़ने के लिए नई सड़कों के निर्माण के अलावा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का भी आग्रह किया। उन्होंने पुरानी हिंदुस्तान-तिब्बत सड़क के पुनर्विकास, ज्यूरी से भाबानगर तक समानांतर स्टेऊच विकसित करने, खाब-लियो-चांगो सड़क को विकसित करने तथा भाबा-मुद सड़क पर भाबा टॉप के नीचे टनल बनाने पर चर्चा की। इससे काजा और शिमला के मध्य दूरी 70 किलोमीटर कम हो जायेगी। उन्होंने मध्यवर्ती सड़कें विकसित करने पर भी बल दिया। रक्षा मंत्री ने राज्य को हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
कहा- जनता के साथ छल कर रही प्रदेश की सरकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा हिमाचल प्रदेश सरकार को 3आर पर काम करना चाहिए रिस्टोरेशन, रिहैबिलिटेशन और रिपेयर। अभी तक इन तीनों कार्यों में गति धीमी चल रही है और अगर हिमाचल प्रदेश की जनता को राहत प्रदान करनी है तो इस 3आर में तेजी लानी होगी। वर्तमान प्रदेश सरकार को केंद्र सरकार का स्पष्ट शब्दों में धन्यवाद और आभार व्यक्त करना चाहिए, क्योंकि पिछले दिनों ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी संसद छोड़ हिमाचल प्रदेश में बाढ़ से नुकसान का जायजा और बड़ी राहत भी प्रदान करके गए, इस आपदा की घड़ी में प्रदेश सरकार को खुले धीरे करके आगे बढ़ना चाहिए। डॉ. बिंदल ने कहा, 'मैं स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि हिमाचल प्रदेश की सरकार जनता के साथ छल और राजनीति कर रही है।Ó केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश की मदद की है, उसको स्पष्ट रूप से जनता के समक्ष लाया नहीं जा रहा है। यह कांग्रेस सरकार इस आपदा की घड़ी में गरीबों को जो राहत राशि प्रदान कर रही है उसमें भाई भतीजावाद हो रहा है, किसी को कम या किसी को ज्यादा राशि प्रदान की जा रही है। सरकार की ओर से कोई मापदंड नहीं है। आज के जमाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बटन दबाते हैं तो देश के सभी किसान भाइयों के खाते में किसान सम्मान निधि पहुंच जाती है, पर कांग्रेस के नेता आपदा में दी जाने वाली राहत राशि को नकद बांट रहे हैं। हम मांग करते हैं कि यह राशि डीबीटी के माध्यम से व्यक्ति के खाते में सीधी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार किसानों के साथ भी राजनीति कर रही है। सेब के विषय में किसान भाइयों को उलझा के रखा है, कभी सेब के कार्टन और वेट में। अब इस सरकार से सड़के ही नहीं खुल रही है, हर जिले में लगभग 300 सड़कें बंद है और आज सेब, टमाटर, मटर की फसलें मंडी तक नहीं पहुंच पा रही है। इस समय फसलें पहुंचती हंै तो यकीनन किसानों को दाम कम मिलता है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट की। मुख्यमंत्री ने 830 करोड़ रुपये की विशेष केंद्रीय सहायता के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया और राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने, संसाधन सृजन और बहाली कार्यों की गति में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त विशेष केंद्रीय सहायता का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में बाढ़ के दौरान सड़कों, पुलों, जलापूर्ति योजनाओं, सिंचाई योजनाओं, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थानों, पशुधन व मानव जीवन, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को हुई भारी क्षति के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि लगभग 8000 करोड़ के नुकसान का आकलन किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने स्वयं के अल्प संसाधनों से राहत और बहाली अभियान चलाया जो राज्य के बुनियादी ढांचे को पटरी पर लाने के लिए अपर्याप्त है। ऐस में उन्होंने केंद्र से समर्थन और सहायता का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री से किया आग्रह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। मुख्यमंत्री ने भारी बारिश एवं बाढ़ से हुई क्षति का आकलन करने के लिए केंद्रीय समिति को प्रदेश में भेजने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने केंद्रीय समिति की अनुशंसा के अनुसार राज्य को शीघ्रातिशीघ्र राशि जारी करने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रदेश में क्षतिग्रस्त आधारभूत संरचना के पुनर्निर्माण में लगभग एक से दो वर्ष का समय लगेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में भारी बारिश और बादल फटने इत्यादि की घटनाओं से हुए भारी नुकसान से उन्हें अवगत करवाया और राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए 2 हजार करोड़ रुपये की तुरंत राहत प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने अवगत करवाया कि आपदा राहत के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए केंद्र से प्राप्त निधि सम्बंधित विभागों और उपायुक्तों को राहत अभियान के लिए जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019-2020 तथा वर्ष 2020-2021 के लिए राष्ट्रीय और राज्य आपदा राहत निधि के तहत लम्बित 315 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र जारी की जाए, क्योंकि अभी तक प्राप्त राशि प्रदेश में बड़े स्तर पर हुई क्षति के विपरीत बहुत कम है। गृह मंत्री ने राज्य को हरसम्भव सहायता का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की कुनिहार उप इकाई की मासिक बैठक रुपेेंद्र कौशल की अध्यक्षता में कुनिहार में हुई। बैठक में नए सदस्यों का पंजीकरण कर सभी ने उनका तालियों से स्वागत किया। इकाई महासचिव रमेश कश्यप ने सदस्यों को बताया कि सभी पेंशनर्स को बोर्ड ने 1 जनवरी, 2022 से 30 अप्रैल, 2023 तक 16 महीनों का डीपी के एरियर का भुगतान जुलाई माह की पेंशन के साथ कर दिया है। उन्होंने बताया कि 2016 के बाद रिटायर हुए सदस्यों की पे फिक्सेसन का कार्य भी करीब पूरा होने को है। आशा की जाती है कि अगली पेंशन सभी सदस्यों को संशोधित दर से ही प्राप्त होगी। महासचिव ने मुख्यमंत्री आपदा कोष में एक दिन की पेंशन देने के लिए सभी सदस्यों का आभार प्रकट किया तथा आग्रह किया कि भविष्य में भी यदि प्रदेश सरकार पर कोई आपदा आए तो सभी सदस्य इसी प्रकार सहयोग करते रहें। बैठक में बोर्ड के नए चेयरमैन राजीव शर्मा की नियुक्ति का भी स्वागत किया गया। बैठक में इकाई अध्यक्ष रतन तनवर सहित सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।
फार्मास्युटिकल साइंसेज संकाय में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ललित शर्मा ने एम्स्टर्डम में 2023 अंतरराष्ट्रीय अल्जाइमर एसोसिएशन सम्मेलन में अपना अभूतपूर्व शोध प्रस्तुत किया। स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज का प्रतिनिधित्व करने वाले डॉ. ललित शर्मा, डॉ. अदिति शर्मा और डॉ. रवीन चौहान ने अभूतपूर्व शोध कार्य का प्रदर्शन किया, जिसमें चिकित्सा परिदृश्य को बदलने की क्षमता है, जिससे उनके संस्थान और पूरे देश को बहुत गर्व है। प्रस्तुति अमाइलॉइड बीटा के एकत्रीकरण को रोकने के लिए डिज़ाइन किए गए नवीन यौगिकों को विकसित करने पर केंद्रित थी, जो एडी प्रगति में एक महत्वपूर्ण कदम है। शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला ने डॉ. शर्मा को उनके अग्रणी शोध के लिए बधाई दी। अपनी अंतर्दृष्टिपूर्ण प्रस्तुति के साथ, डॉ. शर्मा और शूलिनी विश्वविद्यालय ने अब अल्जाइमर रोग उपचार में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण योगदानकर्ताओं के रूप में मान्यता प्राप्त कर ली है। सम्मेलन में अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों के अलावा, उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन, ग्लासगो विश्वविद्यालय, स्ट्रैथक्लाइड विश्वविद्यालय और कैलेडोनियन विश्वविद्यालय जैसे विश्वविद्यालयों का दौरा भी उतना ही महत्वपूर्ण था। वे शिक्षकों और छात्रों के साथ जुड़े शूलिनी विश्वविद्यालय की अनुसंधान उपलब्धियों पर उत्साहपूर्वक चर्चा की और गर्व से हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति के बारे में जानकारी साझा की।
मुख्य संसदीय सचिव ने अर्की में किया जनसमस्याओं का निपटारा मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कहा कि जन समस्याओं का समयबद्ध निकारण और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य एवं सड़क सुविधा उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। संजय अवस्थी आज सोलन ज़िला के अर्की स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनने के उपरांत अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न जन समस्याएं सुनी और अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्यरत है। उन्होंने कहा कि निराश्रित बच्चों एवं बेसहारा महिलाओं इत्यादि के लिए सुखाश्रय योजना आरंभ की गई है। योजना के तहत जहां पात्र बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाया जाएगा वहीं बेसहारा महिलाओं इत्यादि के बेहतर जीवनयापन की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि अपने-अपने क्षेत्र में सुखाश्रय योजना के पात्रों को चिन्हित कर इसकी जानकारी उपमण्डलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचाएं ताकि इन्हें सहायता प्रदान की जा सके। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि ग्रामीण आर्थिकी को संबल प्रदान करने और पशुपालकों की सहायता के लिए 500 करोड़ रुपये की हिम गंगा योजना आरंभ की जा रही है। इससे जहां पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य प्राप्त होगा, वहीं दुग्ध विपणन श्रृंखला में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए कर्मचारी बहुमूल्य हैं। उनके और उनके परिजनों के सुरक्षित बुढ़ापे के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने सभी लगभग 1.80 लाख एनपीएस कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अगले चार वर्षों में हिमाचल प्रदेश को समृद्ध राज्य बनाने के लिए संकल्पित है। संजय अवस्थी ने कहा कि भारी वर्षा के कारण हाल ही में अर्की विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में व्यापक नुकसान हुआ है। इन परिस्थितियों में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अत्यन्त संवेदनशीतला के साथ सभी की सुरक्षा सुनिश्चित बनाई है। उन्होंने आग्रह किया कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार का साथ दें और मुख्यमंत्री राहत कोष में उदारतापूर्वक अंशदान करें। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमर चंद पाल, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अनुज गुप्ता, खण्ड कांग्रेस समिति की उपाध्यक्ष देव कली, महासचिव जगदीश और कमलेश शर्मा, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सीमा देवी, बीडीसी सदस्य शशिकांत, उप पुलिस अधीक्षक दाड़लाघाट संदीप शर्मा, तहसीलदार अर्की रमन ठाकुर सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने ममलीग में किया तृतीय वन महोत्सव का शुभारंभ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, समाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने युवाओं का आह्वान किया है कि रोपित किए गए पौधों की देखभाल शिशु की तरह करें ताकि पौधे स्वस्थ वृक्ष का आकार लेकर हम सब की सुरक्षा के प्रहरी बन सकें। डॉ. शांडिल ने आज सोलन जिला के कंडाघाट विकास खंड की ग्राम पंचायत ममलीग में चिनार का पौधा रोपित कर क्षेत्र के तृतीय वन महोत्सव का शुभारंभ किया। डॉ. शांडिल ने कहा कि रोपित किए गए पौधों की उचित देखभाल आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पौधों को सुरक्षा के साथ-साथ निर्धारित समय पर खाद-पानी दिया जाना चाहिए। सुरक्षा के साथ ही पौधे वृक्ष का आकार ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में वृक्षों की भूमिका से हम सभी परिचित हैं। पौधरोपण के माध्यम से ही वन भूमि का दायरा बढ़ाकर भू एवं भू-जल का संरक्षण किया जा सकता है और पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे भूस्खलन के खतरे को न्यून करते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान में भारी वर्षा के कारण आई आपदा में भूस्खलन से प्रदेश को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। चिन्हित क्षेत्रों में वनाच्छादित भूमि से भूस्खलन के खतरों को कम किया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों सेे मानसून के दौरान बड़ी संख्या में पौधारोपण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जन्मदिवस और घर में मनाए जा रहे त्यौहार पर एक पौधा अवश्य रोपित करना चाहिए और लगाए गए पौधे की देखभाल भी करनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर उप-तहसील के लिए उपलब्ध भूमि का निरीक्षण भी किया। उन्होंने नायब तहसीलदार ममलीग को इस भूमि पर नायब तहसीलदार आवास निर्माण की सम्भावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारी को निर्देश दिए कि इस कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग के साथ आपसी समन्वय स्थापित कर शीघ्र प्राकलन तैयार करें। उन्होंने निर्देश दिए कि ममलीग में उप कोषागार निर्माण के सम्बन्ध में उचित कार्यवाही अमल में लाई जाए। इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के विद्यार्थियों, स्थानीय पंचायत के प्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों ने चिनार, जडीनू, रीठा व बहेड़ा के लगभग 100 पौधे रोपित किए। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी और संबंधित अधिकारियों के इनके निपटारे के निर्देश दिए। खंड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ग्राम पंचायत काहला की प्रधान रीता देवी, ग्राम पंचायत ममलीग के उप प्रधान संदीप ठाकुर, ग्राम पंचायत ममलीग के पूर्व उप प्रधान अजय ठाकुर, वन मण्डलाधिकारी सोलन कुनाल अंगरीश, सहायक अरण्यपाल सोलन चंद्रिका शर्मा, खंड विकास अधिकारी नरेश शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी डॉ. अल्पना कौशल, वन परिक्षेत्र अधिकारी दिनेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी अन्य गणमान्य व्यक्ति व ग्रामीण उपस्थित थे।
पुलिस पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन जिला सोलन की त्रैमासिक बैठक अध्यक्ष धनीराम तंवर की अध्यक्षता में पुराने डीसी ऑफिस सोलन में आयोजित की गई। बैठक में सर्वप्रथम प्रदेश के उन व्यक्तियों व उनके परिवारों के प्रति संवेदना व शोक प्रकट किया गया, जिन्होंने इस त्रासदी में अपना सब कुछ गवां दिया। जान माल का बहुत नुकसान हुआ। प्रदेश सरकार को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है, जिसके लिए पहले ही पुलिस पेंशनर्स ने 1 दिन की पेंशन आपदा कोष में देने का फैसला किया है। सभी सदस्यों ने एकमत से कहा कि यह वक्त इस आपदा घड़ी में अपनी पेंशन के वित्तीय लाभ मांगने का नहीं है। जब प्रदेश के हालात सामान्य हो जाएंगे तो सरकार हमारे वित्तीय लाभ के बारे में जरूर सोचेगी। आयोजित बैठक में पुलिस महानिदेशक से आग्रह किया गया कि जो हमारी पुरानी मांगें पेंडिंग पड़ी है, उन पर विचार किया जाए और जो विभाग के करने की नहीं होगी उसे सरकार द्वारा पूरा करने की कोशिश की जाए। एसोसिएशन ने जिला सोलन के नवनियुक्त एसपी सोलन से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित करके एक ज्ञापन भी दिया गया। ज्ञापन द्वारा मांग की गई कि कुनिहार शहर एक बहुत बड़ा व्यापारी केंद्र है । जहां पर ट्रैफिक बहुत बड़ी समस्या है । क्योंकि इसी स्थान से मनाली, शिमला, रोपड़, नालागढ़, धर्मपुर, सोलन के लिए गाड़ियों का आना जाना होता है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले भी कुनिहार विकास सभा की ओर से यह आग्रह किया था कि जब यहां पर पुलिस चौकी हुआ करती थी तब भी एक हेड कांस्टेबल व 3 जवान ट्रैफिक के लगे थे। मगर अब पुलिस थाना बनने पर कोई भी ट्रैफिक स्टाफ नहीं है, जबकि वहां 3 पॉइंट जरूरी है जहां ज्यादा ट्रैफिक व पैदल लोगों का आना जाना है और कई प्राइवेट स्कूल सडक के किनारे हैं। एसोशिएशन ने मांग करते हुवे कहा कि जनहित को देखते सिविल हॉस्पिटल कुनिहार, पुरानी पुलिस चौकी के समीप, और पुराना बस स्टैंड चौक में एक एक ट्रैफिक कांस्टेबल को युक्त किया जाए, ताकि कोई भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना ना हो। अध्यक्ष धनीराम तनवर ने कहा कि एस पी सोलन ने हमारी मांगों पर जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया है। बैठक में संतराम चंदेल, पतराम पंवर, दीपराम, जगदीश चौहान, नेकीराम, पुष्पा सूद, बीना चौहान, आशा राणा, जसबीर सिंह, सतपाल शर्मा, वेद प्रकाश, नगेंद्र ठाकुर, ओमप्रकाश, केके शर्मा, रतिराम शर्मा, दौलतराम जयलाल, रामआसरा, अबतार, इत्यादि मौजूद रहे।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तथा जिला सोलन राहत एवं पुनर्वास समिति के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह 3 व 4 अगस्त को सोलन जिला के प्रवास पर आ रहे हैं। अनिरुद्ध सिंह 3 अगस्त को प्रात: 11.00 बजे लोक निर्माण विभाग के अर्की स्थित विश्राम गृह में विभिन्न विभागों के कार्यालय अध्यक्षों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्री तदोपरांत दोपहर 1.00 बजे बखालग-चांदपुर-सेरी-सांगली-पौघाटी-मंज्याट-गम्भरपुर-मान-बवासी-जाबल मार्ग पर भारी वर्षा से हुए नुकसान का जायजा लेंगे। वह सायं 3.30 बजे नालागढ़ उपमंडल में दभोटा पुल, सायं 4.00 बजे खेड़ा-नैनोवाल पुल, सायं 4.30 बजे बद्दी टोल नाका पुल का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लेंगे। अनिरुद्ध सिंह इसके उपरांत सायं 4.50 बजे बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ औद्योगिक संघ के झाड़माजरी बद्दी स्थित हॉल में स्थानीय प्रशासन एवं अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर आपदा के कारण हुए नुकसान का आकलन करेंगे। पंचायती राज मंत्री 4 अगस्त को प्रात: 11 बजे सोलन ज़िला के प्राथा में, दिन में 12.15 बजे चक्की मोड़, दोपहर 12.40 बजे सूजी गांव, दिन में 01.00 बजे सिहारड़ी 1.20 बजे धर्मपुर-कंडा मार्ग तथा दिन में 2.15 बजे शामती-सोलन वाया सुल्तानपुर मार्ग पर भारी वर्षा के कारण हुई क्षति का जायजा लेंगे। तदोपरांत सायं 4.00 बजे उपायुक्त कार्यालय सोलन के सम्मेलन कक्ष में जिला प्रशासन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करेंगे। ग्रामीण विकास मंत्री इसी दिन सायं 5.45 बजे साधुपुल-कंडाघाट मार्ग पर आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
युवाओं को अब रोजगार कार्यालय में ऑनलाईन पंजीकरण की सुविधा प्राप्त हो गई है। अब युवा रोजगार कार्यालय में अपना नाम ऑनलाईन दर्ज करवा सकेंगे। यह जानकारी जिला रोजगार अधिकारी सोलन संदीप ठाकुर ने दी। संदीप ठाकुर ने कहा कि नाम दर्ज करवाने कि ऑनलाईन सुविधा प्राप्त होने से युवाओं को अपने दस्तावेज जमा करवाने के लिए रोज़गार कार्यालय नहीं आना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोज़गार कार्यालय में ऑनलाईन पंजीकरण के लिए द्धह्लह्लश्च://द्गद्गद्वद्बह्य.द्धश्च.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ/ पर जाना होगा और लॉगईन कर अपने स्वयं प्रमाणन (सेल्फ अटेस्टेड) संबन्धित दस्तावेजों को अपलोड कर ऑनलाईन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नम्बर 01792-227242 पर संपर्क किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप धर्मपुर में आवश्यक पदों के सृजन के उपरांत जल शक्ति विभाग का मंडल प्रथम जनवरी, 2024 से क्रियाशील कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री गत देर सायं परवाणू में 18.50 करोड़ रुपये की लागत से टर्मिनल मंडी परवाणू के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण, संपर्क सड़क एवं पार्किंग का लोकार्पण करने के उपरांत विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री को इस अवसर पर आढ़ती एसोसिएशन परवाणू की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 11 लाख रुपये, गुरूद्वारा साहिब सिंह सभा परवाणू की ओर से 1,51,000 रुपये तथा परवाणू विकास मंच की ओर से 50 हजार रुपये का ड्राफ्ट भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने पीड़ित मानवता को राहत पहुंचाने के लिए दी जा रही धनराशि के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने 28.38 करोड़ की लसेब एवं फल मंडी सोलन तथा टर्मिनल मंडी परवाणु का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सोलन जिला में 28.38 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सेब एवं फल मण्ंडी सोलन तथा टर्मिनल मंडी परवाणु का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड एवं कृषि उपज मण्डी समिति सोलन के अंतर्गत सोलन में 9.88 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित सेब एवं फल मंडी सोलन का लोकार्पण किया। उन्होंने सोलन जिला के परवाणु में 18.50 करोड़ रुपये की लागत से टर्मिनल मंडी परवाणु के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण, सम्पर्क सड़क एवं पार्किंग का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री को इस अवसर पर फल एवं सब्जी मंडी आढ़ती ऐसोसिएशन सोलन द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए सहयोग राशि के रूप में 11 लाख रुपये का चेक भेंट किया गया। उत्तराखंड भ्रातृ मंडल सोलन की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 51 हजार रुपये का चैक भेंट किया गया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस अवसर पर सोलन तथा परवाणु में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों एवं बागवानों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। राज्य सरकार क्षेत्र विशेष की परिस्थिति के अनुसार फल उत्पादन बढ़ाने के लिए फल केंद्र (हब) विकसित करने की ओर अग्रसर है। यह प्रयास किया जा रहा है कि राज्य में उच्च घनत्व फल पौधरोपण एवं सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाकर बागवानी का क्षेत्रफल बढ़ाया जाए। इससे बागवानों की आय में आशातीत वृद्धि होगी और प्रदेश की विविध जलवायु के अनुरूप फलों के विभिन्न किस्में उगाई जा सकेंगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिवा परियोजना के तहत प्रदेश में 6000 हैक्टेयर क्षेत्रफल में दो चरणों में बागवानी विकास सुनिश्चित किया जाएगा। 1292 करोड़ रुपये की इस परियोजना से 15 हजार से अधिक बागवान परिवार लाभान्वित होंगे। यह परियोजना प्रदेश के 07 जिलों सोलन, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और ऊना में कार्यान्वित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत संतरा, अमरूद, अनार, लिची, प्लम, परसीमन, आम इत्यादि के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस वर्ष भारी बारिश के कारण प्रदेश को व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है। राज्य सरकार एक ओर जहां मूलभूत सुविधाओं को युद्ध स्तर पर बहाल कर रही है, वहीं आमजन को निश्चित समयावधि में राहत पहुंचाई जा रही है। आपदा में घिरे लोगों की सहायता के लिए प्रदेश सरकार ने फौरी राहत को बढ़ा कर एक लाख रुपये किया है। नष्ट फसलों की एवज में अब तीन हजार रुपये प्रति कनाल प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से हिमाचल को इस आपदा से उबारा जायेगा। कसौली सेे विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने परवाणु में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए टर्मिनल मण्डी के विधिवत शुभारम्भ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के संवेदनशील नेतृत्व में प्रदेश सफलता के साथ आपदा से उभर रहा है। मुख्यमंत्री की कुशल कार्यप्रणाली को हाल ही में विश्व बैंक द्वारा भी सराहा गया है। मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी एवं संजय अवस्थी, चिंतपूर्णी से विधायक सुदर्शन बबलू, नगर निगम सोलन की महापौर पूनम ग्रोवर, उप महापौर राजीव कौड़ा, पार्षदगण, प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष राहुल सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र सेठी, एपीएमसी सोलन के पूर्व अध्यक्ष रमेश ठाकुर, जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष शिव कुमार, बघाट बैंक के अध्यक्ष अरुण शर्मा, जोगिन्द्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, कांग्रेस पार्टी के अन्य पदाधिकारी, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, बागवान, आढ़ती तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
भारतीय वायु सेना ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर वायु प्रवेश जनवरी, 2024 के लिए चयन परीक्षा के लिए अविवाहित भारतीय पुरुष और महिला उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। कमांडिंग आफिसर विंग कमांडर एसवीजी रेड्डी ने आज यहां बताया कि इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है और 17 अगस्त को रात 11 बजे तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा 13 अक्तूबर से ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि 27 जून, 2003 से 27 दिसंबर, 2006 के बीच जन्में युवा आवेदन के लिए पात्र होंगे, जिसमें यह दोनों तिथियां भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक योग्यता के तहत विज्ञान विषय तथा विज्ञान के अलावा अन्य विषयों के अभ्यर्थी पात्र होंगे। पंजीकरण और परीक्षा शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रवेश स्तर की योग्यता पर विस्तृत जानकारी तथा चिकित्सा मानक, नियम और शर्तें, ऑनलाइन आवेदन और पंजीकरण के लिए निर्देश इत्यादि के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल 2 अगस्त को सोलन जिला के प्रवास पर आ रहे हैं। डॉ. शांडिल 2 अगस्त को प्रात: 11.00 बजे कंडाघाट विकास खंड की ग्राम पंचायत ममलीग में वन महोत्सव कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई कुनिहार व पट्टाबरावरी की इकाइयों ने संयुक्त रूप से वन महोत्सव कार्यक्रम आयोजित कर पट्टाबरावरी पंचायत के गांव पन्याली के समीप शमशानघाट परिसर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टाबरावरी के परिसर में पौधरोपण किया। मीडिया प्रभारी व इकाई पट्टाबरावरी के अध्यक्ष डीडी कश्यप ने बताया कि कुनिहार इकाई के अध्यक्ष जगदीश सिंह के जन्म दिवस पर यह वन महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर वटवृक्ष, पीपल, आंवला, गुरवेलिया, बांस आदि कई प्रजाति के पौधे पेंशनरों द्वारा रोपे गए। उसके पश्चात 80 वर्ष से ऊपर आयु के पेंशनरों को शॉल टोपी से सम्मानित किया गया। सभी पेंशनरों के लिए खाने की व्यवस्था भी की गई।
हिमाचल में भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी मंगलवार सुबह कुल्लू पहुंचे। भुंतर हवाई अड्डे में नितिन गडकरी के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इसके बाद गडकरी फोरलेन के निरीक्षण के लिए मनाली रवाना हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी उनके साथ मौजूद रहे। मनाली पहुंचकर गडकरी ने भारी बारिश व बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए फोरलेन का निरीक्षण किया। इस दौरान वे बाढ़ प्रभावितों से भी मिले। ञ्जह्म्द्गठ्ठस्रद्बठ्ठद्द ङ्कद्बस्रद्गशह्य कुल्लू पहुंचने से पहले गडकरी ने मंडी में बाढ़ प्रभावित इलाकों और फोरलेन का हवाई निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के अलावा लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी मौजूद रहे। हेलिकाप्टर में विक्रमादित्य ने केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री व अन्य के साथ सेल्फी भी ली। बताया जा रहा है कि फोरलेन का निरीक्षण करने के बाद नितिन गडकरी नग्गर के बड़ागढ़ रिजॉर्ट में एनएचएआई के साथ बैठक करेंगे। बता दें, बीते दिनों में भारी बारिश, बाढ़ व बादल फटने से सबसे अधिक फोरलेन को नुकसान कुल्लू और मनाली में हुआ है। यहां पर कई स्थानों पर तो फोरलेन का नामोनिशान तक मिट गया है। बारिश और बाढ़ से कारण एनएचआई को भारी नुकसान हुआ है। इसी तरह कालका-शिमला फोरलेन को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
कहा-सेब उत्पादक क्षेत्रों में सड़क बहाली को दी जाएगी प्राथमिकता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां लोक निर्माण विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और भू-स्खलन के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और शीघ्र बहाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि सेब उत्पादक क्षेत्रों की सड़कों की बहाली को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि बागवानों की उपज को समय पर बाजार तक पहुंचाया जा सके। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा प्रभावित सड़कों की शीघ्र बहाली के लिए 23 करोड़ रुपये और स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि इस राशि में से पांच करोड़ रुपये यशवंत नगर से छैला तक की सड़क के मरम्मत कार्य पर खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, शिमला जिले के सेब उत्पादक क्षेत्रों के तहत लोक निर्माण विभाग के सात मण्डल में प्रत्येक को सड़कों की मरम्मत एवं बहाली के लिए एक-एक करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उन लोक निर्माण विभाग मण्डलों को भी एक-एक करोड़ रुपये आबंटित किए गए हैं, जहां प्राकृतिक आपदा के कारण क्षति अधिक हुई है, जिनमें कुल्लू जिले के चार विकास खण्ड, सिरमौर जिले के शिलाई और राजगढ़ विकास खंड शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही वह चौपाल और जुब्बल-कोटखाई क्षेत्रों का दौरा करेंगे तथा इन क्षेत्रों में किए जा रहे मरम्मत कार्यों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों पर गिरा मलबा हटाने के लिए मशीनरी खरीदने से लेकर उसे प्रभावित क्षेत्रों में तैनात करने का कार्य समयबद्ध सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों की मरम्मत के लिए राज्य सरकार धन की कोई कमी नहीं आने देगी। उन्होंने अधिकारियों को अग्रिम भुगतान के साथ लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृहों की ऑनलाइन बुकिंग प्रारम्भ करने को कहा साथ ही कहा कि जल शक्ति विभाग को भी इस प्रक्रिया का अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की अनुमानित लागत में बढ़ोतरी की प्रथा को रोकने पर बल देते हुए अधिकारियों को क्लॉज 10 सीसी को हटाने के भी निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक चंद्रशेखर और चैतन्य शर्मा, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार शर्मा, प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग भरत खेड़ा, सचिव वित्त अक्षय सूद, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग अजय गुप्ता एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रथम अगस्त को सोलन जिला के प्रवास पर आ रहे हैं। वे 4 बजे सोलन स्थित सेब एवं फल मंडी का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री तदोपरांत कालका-शिमला राष्ट्रीय उच्च मार्ग के परवाणु-सोलन हिस्से को भारी वर्षा के कारण पहुंची क्षति का जायज़ा लेने के लिए हवाई सर्वेक्षण करेंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू इसी दिन सायं 5.45 बजे कसौली विधानसभा क्षेत्र के परवाणु में निर्मित टर्मिनल मंडी का लोकार्पण भी करेंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि महिलाएं समाज की धुरी हैं और महिला शक्ति समाज को दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण है। डॉ. शांडिल गत रात्रि इनरव्हील सोलन मिड टॉउन की इंस्टालेशन सेरेमनी को बतौर मुख्यातिथि सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने इनरव्हील सोलन मिड टॉउन की नई अध्यक्ष ऊषा ठाकुर और उनकी नवनियुक्त टीम को बधाई दी। उन्होंने आशा जताई कि इन्रव्हील क्लब सोलन मिड टॉउन भविष्य में भी अपनी लोक कल्याणकारी गतिविधियों को जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि इनरव्हील क्लब से जुड़ी महिलाएं समाज के गरीब लोगों के उत्थान के लिए बेहतरीन कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लोगों के कल्याण के लिए अन्य योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में बेसहारा, गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए सुखाश्रय योजना आरम्भ की है। डॉ. शांडिल ने इनरव्हील सोलन मिड टॉउन के सदस्यों से आग्रह किया कि नशा मुक्त हिमाचल का सपना साकार करने में अपना सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या का निवारण हर स्तर पर आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह समझना होगा कि नशा एक धीमा ज़हर है, जिसकी लत युवाओं को पूरी तरह खोखला कर देती है। उन्होंने इनरव्हील सोलन मिड टॉउन की टीम से आग्रह किया कि वह पौधोरोपण में भी बढ़-चढ़ कर भाग लें और अधिक से अधिक पौधे लगाएं ताकि पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित हो सके। इनरव्हील सोलन मिड टॉउन की नवनियुक्त अध्यक्ष ऊषा ठाकुर ने आगामी वर्ष ने किए जाने वाले सामाजिक कार्यो के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर नगर निगम सोलन की महापौर पूनम ग्रोवर, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव राहुल ठाकुर, महिला कांग्रेस की महासचिव वरिधी, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, इनरव्हील सोलन मिड टॉउन की सचिव रैना गुप्ता, जेडसीसी सबीता भल्ला, सम्पादक नीलम ठाकुर, मोनिका बसंल, अंजू पबयाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं क्लब के सदस्य उपस्थित थे।
पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू ने हाल ही में छात्रों के बीच खेल भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा करने के उद्देश्य से लीग आधार पर अंतर्सदनीय फुटबॉल मैचों की मेजबानी की। इस प्रतियोगिता में टीम वर्क, शारीरिक फिटनेस और समन्वय पर जोर दिया गया, जबकि छात्रों को अपने फुटबॉल कौशल और जुनून का प्रदर्शन करने का मौका मिला। कनिष्ठ वर्ग में टीक सदन ने अन्य तीन सदनों पर जीत हासिल की, जबकि चिनार सदन ने वरिष्ठ वर्ग में अपना दबदबा बनाए रखा। वरिष्ठ वर्ग में चिनार सदन के खिलाड़ियों ने ओक सदन को छह-एक से करारी शिकस्त दी। दूसरे दिन सुबह चिनार सदन का मुकाबला टीक सदन के साथ था। टॉस जीतने बाद टीक सदन के हरसिमरजीत ने अपना पहला गोल किए। आधे समय तक टीक सदन का स्कोर चार -एक था। प्रतियोगिता का दूसरा हाफ शुरू होते ही चिनार सदन के खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और एक के बाद अनेक गोल दागे। चिनार सदन के खिलाड़ियों ने टीक सदन की कमर तोड़ दी और प्रतियोगिता का मुकावला आठ-एक से जीत कर ट्राफी पर कब्ज़ा किया। चिनार सदन के अयान महाजन ने अपनी टीम के लिए सर्वाधिक तीन गोल किया। कनिष्ठ वर्ग में, माणिक चौहान उल्लेखनीय गोल स्कोरिंग क्षमताओं के साथ सर्वोच्च स्कोरर के रूप में चमके, जबकि बलकरण सिंह को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर से नवाजा गया। वरिष्ठ वर्ग में अयान महाजन ने अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा गोल किया और उन्हें सर्वोच्च स्कोरर का खिताब दिया गया, जबकि देवदार सदन के दीनव गोयल ने सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का खिताब अपने नाम अर्जित किया। हेमांग ठाकुर कनिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में सामने आए, जबकि हरसिमरजीत सिंह विरदी ने उल्लेखनीय नेतृत्व और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का खिताब दिया गया ,जिससे उन्हें वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब दिया गया। अंत में विजयी सदन के विद्यार्थियों को मंच पर हेड टीचर पंकज शर्मा, के द्वारा पुरुस्कृत किया गया और उन्होंने सभी खिलाड़ियों से फाइनल तक पहुंचने के सफ़र पर बातचीत करके सभी से व्यक्तिगत रूप में मिलकर शुभकामनाएं ज्ञापित की। इस अवसर पर गतिविधि प्रभारी गुरप्रीत सिंह, हेड ऑफ स्पोर्ट्स दिगंबर भट्ट, फुटबॉल कोच विनीत सिंह और अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
"जो चाचा है वो ही भतीजा है, जो भतीजा है वो ही चाचा है "...सोलन नगर निगम की सियासत कुछ यूँ ही दिखती है। कहीं भाजपाई, कांग्रेस के साथ है तो कहीं कांग्रेसी, भाजपाइयों के साथ। बेशक नगर निगम के चुनाव पार्टी सिंबल पर हुए थे, लेकिन निगम की अंदरूनी सियासत पर पार्टी का बहुत असर दिखता नहीं है। यूँ तो नगर निगम पर कांग्रेस का कब्ज़ा है, लेकिन कांग्रेस के ही पार्षद भाजपा के साथ मिलकर अविश्वास प्रस्ताव ला चुके है। ये अलग बात है कि तब तकनीकी नासमझी के चलते उनका दांव उल्टा पड़ गया था। अब भी कांग्रेस के कुछ पार्षद अलग थलग दिख रहे है। निगम के जनरल हाउस में अमूमन हंगामा भी भाजपाइयों से ज्यादा कांग्रेसी ही करते है। उधर, मेयर और डिप्टी मेयर की राजनैतिक सेहत को कोई नुक्सान होता नहीं दिखता। दोनों जमे हुए है, डटे हुए है और इनके पास आवश्यक समर्थन भी दिखता है। हालांकि ढाई साल बाद नियम के मुताबिक मेयर बदला जाना है और ढाई साल इसी अक्टूबर में पूर्ण होंगे। ऐसे में राजनैतिक सरगर्मियां फिर तेज है। वहीँ कांग्रेस की इस खींचतान में भाजपा संभावना तलाश रही है। अविश्वास प्रताव के वक्त भी कांग्रेस के कुछ पार्षदों के साथ जो तय हुआ था उसमें भाजपा का डिप्टी मेयर और कांग्रेस का मेयर बनना था। पर माहिर मान रहे है कि भाजपा की निगाह अब मेयर पद पर है। डॉ राजीव बिंदल के अध्यक्ष बनने के बाद निसंदेह भाजपा को किसी तिगड़म की उम्मीद जरूर होगी। अगर बिंदल किसी भी तरह ऐसा कर देते है तो ये कांग्रेस के लिए तो झटका होगा। हालांकि ऐसा मुश्किल जरूर है, पर गीले शिकवे भूलकर कांग्रेसी एकजुट नहीं हुए तो ये मुमकिन तो है ही। सोलन नगर निगम में कुल 17 पार्षद है, 9 कांग्रेस के, 7 भाजपा के और एक निर्दलीय जीतकर आएं है। निर्दलीय पार्षद पूर्व में भाजपाई थे और उनका झुकाव भाजपा की तरफ रह सकता है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के बीच सिर्फ एक का अंतर रह जाता है। विभाजित दिख रहे कांग्रेस के पार्षदों के बीच इस एक के अंतर को पाटना भाजपा के लिए शायद मुश्किल न हो। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि कांग्रेस के पार्षदों की राजनैतिक निष्ठा भी अलग अलग नेताओं के साथ है। जाहिर है कांग्रेस को अभी से न सिर्फ स्थिति कंट्रोल में लानी होगी, बल्कि फूंक फूंक कर कदम बढ़ाना होगा। वहीँ इस पूरी राजनैतिक खींचतान के बीच निजी तौर पर कांग्रेस के डिप्टी मेयर राजीव कोड़ा की पकड़ जरूर मजबूत दिखती है। होली लॉज के करीबी माने जाने वाले कोड़ा की पकड़ दोनों ही तरफ के कई पार्षदों पर दिख रही है। कोड़ा की पोलिटिकल मैनेजमेंट फिलवक्त बेहतर लगती है और माहिर मान रहे है कि मौजूदा स्थिति में राजीव कोड़ा को कम नहीं आँका जा सकता। ऐसे में कांग्रेस आलाकमान के लिए भी आगे का कोई निर्णय आसान नहीं होने वाला। बहरहाल सवाल ये ही है कि क्या सोलन नगर निगम में कोई अप्रत्याशित गठजोड़ देखने को मिलेगा या कांग्रेस स्थिति कंट्रोल कर लेगी।
पर्यावरण-अनुकूल समाधान अपनाकर हिमालयी समुदायों को एकजुट होने पर दिया जोर भारी बारिश और विनाशकारी बाढ़ के मद्देनजर, हिमालय के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर झटका लगा है, जो बेलगाम लालच और उपेक्षा के परिणामों को उजागर करता है। लेख 'कुल्लू तबाहÓ ब्यास नदी के किनारे बहुमंजिला होटलों के अंधाधुंध निर्माण के कारण होने वाली भयावहता, दुख, विनाश और जीवन की हानि पर प्रकाश डालता है। पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था के बीच नाजुक संतुलन पर विचार किए बिना, होटल व्यवसायियों द्वारा लाभ की निरंतर खोज विनाशकारी साबित हुई है। पिछले पांच दशकों में, ढलान वाली पहाड़ियों और नदी तटों पर बड़े पैमाने पर निर्माण गतिविधियों ने क्षेत्र की प्राकृतिक सद्भाव को बाधित कर दिया है, जिससे यह पर्यावरणीय आपदाओं के प्रति संवेदनशील हो गया है। हाल ही में शामती, सोलन (हि.प्र.) में आई आपदा, जहां अव्यवस्थित जल प्रवाह के कारण कई घर ढह गए, भूवैज्ञानिक स्तर की अनदेखी और बिना सावधानी के निर्माण के गंभीर परिणामों पर जोर देती है। वर्षा का बदलता पैटर्न, जिसमें छोटे और तीव्र दौर शामिल हैं, भी चिंता का कारण बन गया है। पतझड़, गर्मी और सर्दी के सुपरिभाषित मौसम अब धुंधले हो गए हैं, उनकी जगह जलवायु परिस्थितियों की अतिव्यापी अवधि ने ले ली है। इन अनियमित मौसम पैटर्न के कारण अभूतपूर्व बाढ़ और भूस्खलन हुआ है, शहरों में पानी भर गया है और जान-माल का नुकसान हुआ है। जैसे ही हम 2023 की विनाशकारी घटनाओं के साक्षी बनते हैं, यह स्पष्ट हो जाता है कि यह पर्यावरणीय लापरवाही जारी नहीं रह सकती। प्रकृति का प्रकोप एक सख्त अनुस्मारक के रूप में कार्य करता है कि हमारे कार्यों के परिणाम होते हैं, और योजना और दूरदर्शिता की कमी के परिणामस्वरूप गंभीर परिणाम हो सकते हैं। दिल्ली का डूबना और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन सभी के लिए खतरे की घंटी होनी चाहिए। तत्काल समाधानों की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए, हमें यह समझना चाहिए कि मानवीय सरलता से प्रेरित अस्थायी सुधार केवल अल्पकालिक राहत प्रदान कर सकते हैं। एक स्थायी भविष्य के लिए, एक व्यापक दृष्टिकोण जो अनियंत्रित विकास पर पारिस्थितिक संरक्षण को प्राथमिकता देता है, जरूरी है। शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रोफेसर पी के खोसला ने इस नव चुनौती का सामना करने के लिए एकजुट प्रयास का आग्रह किया। वह इस बात पर जोर देते हैं कि पुनर्प्राप्ति का मार्ग पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था के बीच एक नाजुक संतुलन खोजने में निहित है, जहां टिकाऊ प्रथाएं और जिम्मेदार विकास साथ-साथ चलते हैं। उन्होंने भरी मात्रा में पेड़ लगाने पर भी ज़ोर दिया और कहा की केवल सामूहिक कार्रवाई, दूरदर्शिता और हिमालय के प्राकृतिक आश्चर्यों को संरक्षित करने की प्रतिबद्धता के माध्यम से ही हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और अधिक लचीला भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं। (लेखक शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर हैं)।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार के अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के तत्वावधान में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में छठी कक्षा में प्रवेश के लिए २९ जुलाई को आयोजित होने वाली परीक्षा (ईएमआरएसएसटी-२०२३) स्थगित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि यह परीक्षा भारी बारिश से सम्पर्क मार्गों के अवरूद्ध होने तथा संचार सुविधा में बाधा उत्पन्न होने के दृष्टिगत स्थगित गई है। परीक्षा की आगामी तिथि पुनः घोषित की जाएगी।
उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाएं लक्षित वर्गों का सम्बल बनकर उभरी हैं। मनमोहन शर्मा गत सांय यहां जिला स्तरीय सार्वजनिक वितरण प्रणाली व जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को पात्रता अनुसार खाद्यान, खाद्य तेल एवं नमक इत्यादि उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के कार्यान्वयन सहित समय-समय पर निरीक्षण के माध्यम से उपभोक्ताओं के हित संवर्द्धन के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए समयबद्ध कार्य करें और औचक निरीक्षणों के द्वारा उपभोक्ताओं के हित एवं स्वास्थ्य का ध्यान रखें। उपायुक्त ने कहा कि सोलन ज़िला में वर्तमान में 324 उचित मूल्य की दुकाने है। उन्होंने कहा कि इन उचित मूल्य की दुकानो के माध्यम से अप्रैल से जून, 2023 तक विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को लगभग 7414 क्विंटल चीनी, लगभग 32,747 क्विंटल चावल, लगभग 49,818 क्विंटल आटा, लगभग 7036 क्विंटल उड़द, चना, मूंग एवं मलका दाल, 5,57,227 लीटर खाद्य तेल तथा लगभग 1968 क्विंटल आयोडाईज्ड नमक वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि ज़िला में 324 उचित मूल्य की दुकानो में से 195 दुकाने सहकारी सभाओं द्वारा, 122 व्यक्तिगत, 02 महिला मण्डलों द्वारा तथा 05 ग्राम पंचायतों द्वारा संचालित की जा रही हैं। मनमोहन शर्मा ने कहा कि सोलन ज़िला में वर्तमान में 19 गैस एजेन्सियों के पास 2,03,209 घरेलू गैस उपभोक्ता पंजीकृत हैं। सभी उपभोक्ताओं को समयबद्ध गैस आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के लिए निर्धारित योजनाओं के अनुसार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अंतर्गत ज़िला सोलन में अब तक 2,35,880 पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया। योजना के तहत इस अवधि में बीपीएल व अन्तोदय कार्ड धारकों को 1823 मीट्रिन टन चावल तथा 2234 मीट्रिक टन आटा और एपीएल कार्ड धारकों को 1137 मीट्रिक टन चावल तथा 2399 मीट्रिक टन आटा वितरित किया गया।
प्रदेश में सभी जिलों में विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जा रहा है और राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 2 रेफरल लैब व 12 जिला रेफरल प्रयोगशालाओं द्वारा प्रदेश में वायरल हेपेटाइटिस की रैपिड स्क्रीनिंग की जा रही है। यह बात मुख्य संसदीय सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संजय अवस्थी ने कही। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत सभी पात्र रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण तथा दवाएं नि:शुल्क हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई की जांच और उपचार के लिए 12 उपचार केंद्रों के अलावा दो मॉडल उपचार केंद्र भी हैं। गर्भवती महिलाओं, उच्च जोखिम समूहों (कैदियों, नशीली दवाओं के उपयोगकर्ताओं, ट्रक ड्राइवरों, ट्रांसजेंडर आदि) की नियमित जांच का कार्य किया जा रहा है। श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में वायरल लोड टेस्टिंग नि:शुल्क की जा रही है। हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी के मरीजों की वायरल लोड टेस्टिंग के बाद मरीज को उपचार के लिए पात्र पाए जाने पर राज्य अधिसूचित उपचार केंद्रों में उपचार प्रदान किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत मरीजों को मुफ्त दवाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मंत्रालय का यह कार्यक्रम देश में वायरल हेपेटाइटिस की रोकथाम और इसे नियंत्रित करने के लिए सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) हासिल करने की दिशा में एकीकृत पहल है। इसके तहत वायरल हेपेटाइटिस को 2030 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष केंद्र सरकार ने विश्व हेपेटाइटिस दिवस की विषयवस्तु 'हेपेटाइटिस का सामनाÓ हाथ मिलाना एकीकरण तथा विकेंद्रीकरण से प्रतिक्रिया में तेजी लाना रखी गई है। उन्होंने कहा कि एनवीएचसीपी कार्यक्रम तहत हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई, की रोकथाम, रोग के कारण का पता लगाना और उपचार के परिणामों की मैपिंग की जा रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा आज सोलन विकास खंड की ग्राम पचंायत सलोगड़ा में विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह जनाकरी आई.बी.सी.सी समन्यवक राधा चैहान ने दी। राधा चैहान ने कहा कि हेपेटाइटिस लीवर से जुड़ा एक रोग है जो वायरल संक्रमण के कारण होता है। इसका मुख्य लक्षण लीवर में सूजन आना है। हेपेटाइटिस चार प्रकार का होता है जिसमें हेपेटाइटिस ए, बी, सी तथा ई शामिल है। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस, संक्रमित सुइयों के प्रयोग से, असुरक्षित यौन सम्बन्ध से तथा संक्रमित माँ से बच्चों में फैलता है। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस ए और ई दूषित भोजन व पानी के सेवन से फैलता है जिसका लक्ष्ण वज़न कम होना, भूख न लगना, खारिश, पेट दर्द व सूजन, उल्टी, बहुत अधिक थकान होना, मूत्र का रंग बदलना इत्यादि हैं। राधा चैहान ने कहा कि हेपेटाइटिस बीमारी से बचाव के लिए अपने हाथ अच्छे से धोएं, असुरक्षित यौन सम्बन्ध न बनाएं, हेपेटाइटिस ए और बी का टीकाकरण करवाएं, अधिक पानी पीएं, मदिरा का कम सेवन करें, अपना रेज़र व टूथब्रश किसी से शेयर न करें, टैटू बनाते समय सुरक्षित उपकरणो का उपयोग करें तथा भोजन को चबा-चबा कर खाएं। इस अवसर पर हेल्थ वेलनेस सेंटर की स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा वर्कर, आगंनबाडी कार्यकर्ता सहित स्वास्थ्य केन्द्र सलोगडा के कर्मचारी उपस्थित थे।
पंचायत में हुए विकास की सराहना की स्वच्छ भारत मिशन की टीम ने नौणी पंचायत का निरीक्षण किया। टीम ने स्वच्छ भारत मिशन निधि से हुए कार्यों की जांच की। इसके अलावा टीम ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत बनें नलों तथा शौचालयों का निरीक्षण भी किया। स्वच्छ भारत मिशन निधि से बने शौचालयों का भी निरीक्षण किया तथा श्रेष्ठ गुण लता युक्त कार्य की सराहना की। पंचायत प्रधान मदन हिमाचली, उप प्रधान हरदेव सिंह वार्ड मेंबर अनीता, विद्या, नरेंद्र व शिवचरण ने टीम का अभिनंदन किया। टीम ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शमरोड में भी स्वच्छता की जांच की, जहां प्रधानाचार्य पुनम कालटा तथा स्टाफ द्वारा टीम का स्वागत किया गया। उन्होंने कूड़ा संयंत्र को भी देखा। स्वच्छता मूल्यांकन टीम में भारत सरकार की ओर से जूनैद उस्मानी ग्रामीण विकास मंत्रालय हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से अजय शर्मा जिला प्रशासन सोलन की ओर से खेम राज बीडीओ ऑफिस सोलन की ओर से रीना शर्मा ने भाग लिया। सभी सदस्यों ने पंचायत में हुए विकास की सराहना की और बताया कि यह मॉडल पंचायत बन चुकी है। वहीं, पूर्व प्रधान बलदेव सिंह ने भी 15 वर्षों में हुए विकास की टीम को विस्तृत जानकारी दी।
रक्तदाताओं को रक्त सेवा सम्मान से किया जाएगा सम्मानित जिला बिलासपुर के घुमारवीं में पंजीकृत नेहा मानव सेवा सोसायटी अपना 13वां रक्तदान शिविर बद्दी के निकट मलकू माजरा में स्थित हरे कृष्णा गौशाला में आयोजित करने जा रही हैं। यह रक्तदान शिविर स्वर्गीय अनुज बरूर की याद में आयोजित किया जा रहा है। यह रक्तदान शिविर थैलासीमिया बीमारी से पीड़ितों के लिए विशेष रूप से लगाया जा रहा है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय अनुज बरूर को भी थैलासीमिया की वजह से बेवक्त ही इस दुनिया को अलविदा कहना पड़ा था। थैलासीमिया से पीड़ित बच्चों का जीवन रक्तदानियों के सहयोग से ही बच पाता है। चंडीगढ़ पीजीआई की ब्लड बैंक टीम इस रक्तदान शिविर में थैलासीमिया पीड़ित बच्चों के लिए रक्त एकत्रित करने पहुंच रही है। रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को रक्त सेवा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। जिन रक्तवीरों ने 100 या इससे अधिक बार रक्तदान किया है उन्हें रक्त रत्न सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। रक्तदानियों के साथ-साथ शिविर में विभिन्न सेवाएं निभाने वाले सेवादारों को रिफ्रेशमेंट व भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है। नेहा मानव सेवा सोसाइटी के संस्थापक एवम् सचिव पवन बरूर जी का सभी रक्तदानियोंं से विनम्र निवेदन है कि उनके नंबर 8219337757 पर अपना रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करवा लें, ताकि आपके आने जाने और खाने की उचित व्यवस्था की जा सके। नेहा मानव सेवा सोसाइटी ने अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा रक्तदानी शिविर में पहुंचे और रक्तदान शिविर को सफल बनाने में अपना योगदान दें।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- हर साल बनते हैं दवाइयों के लाखों बैच, कम गुणवत्ता वाली दवाओं की दर महज एक प्रतिशत हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कर्नल (रिटा.) धनी राम शांडिल ने हिमाचल में फार्मा कंपनियों द्वारा उत्पादित की जा रही दवाइयों की गुणवत्ता को लेकर लगातार उठ रहे आशंकाओं को दूर करने की पहल की है। शांडिल ने कांगड़ा दौरे के दौरान जारी बयान में कहा कि महज कुछ लोगों की वजह से पूरे प्रदेश के फार्मा उद्योग को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए और जो भी लोग इस पर अनापशनाप बयानबाजी करते हैं वो तकनीकी तथ्यों से अनभिज्ञ है। ऐसे लोग तथ्यों की जानकारी बिना गलत बयानबाजी न करें क्योंकि इससे देश में हिमाचल की छवि खराब होती है। कर्नल शांडिल ने कहा कि प्रदेश में बन रही दवाइयां गुणवत्ता के सभी मानकों पर खरी उतरती हैं। हर साल प्रदेश की फार्मा कंपनियों से दवाइयों के लाखों बैच बिक्री के लिए निकलते हैं। शांडिल ने कहा कि दवाइयों की गुणवत्ता में कमी आने के कई कारण होते हैं। इनमें रखरखाव में कमी, उचित तापमान का अभाव , ट्रांसपोर्टेशन के दौरान हुई लापरवाही आदि शामिल हैं। ऐसे में हर दवाइयों की शुद्धता पर सवाल उठाना सही नहीं है। दवाओं की गुणवत्ता पर हायतौबा मचाने वाले पहले तकनीकी जानकारी हासिल करें तो बेहतर होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य ड्रग कंट्रोलर विभाग द्वारा प्रदेश में चल रही फार्मा कंपनियों में उत्पादन का नियमित निरीक्षण किया जाता है। कमी मिलने पर तुरन्त कार्रवाई होती है। कांग्रेस सरकार ने अपने सात माह के कार्यकाल में शिकायतें मिलने पर करीब 30 दवा निर्माताओं के लाइसेंस रद्द किए हैं। इतना ही नहीं, राज्य के दवा निरीक्षकों ने पहली बार अनियमितताएं बरतने वाले कई दवा निर्माताओं पर केस दर्ज करवाकर उन्हें गिरफ्तार भी करवाया है जिनकी संख्या 11 के आसपास है। शांडिल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर एनएसक्यू दवाओं का प्रतिशत 3: के लगभग है जबकि उसके आगे हिमाचल का प्रतिशत कुछ भी नहीं है । फिर भी हम सख्त कदम उठा रहे हैं और आगे भी उठाएंगे । हिमाचल में अंतरराष्ट्रीय स्तर की दवा कंपनियां काम कर रही हैं और इनकी वजह से हिमाचल का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है। कुछ काली भेड़ों की वजह से पूरे प्रदेश और यहां के उद्योगों को बदनाम करना सही नहीं है। शांडिल ने कहा कि वह आने वाले समय में सेहत महकमे को और सशक्त करेंगे। फील्ड में कार्यरत विशेषकर छापेमारी में संलग्न विभागीय अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाएगी। विभाग में किसी भी स्तर पर यदि कोई भी कमी पाई जाती है तो उसे शीघ्र दूर किया जाएगा।
बघाट टैक्सी यूनियन ने आज फिर एक बार मानवता का उदाहरण पेश किया है। टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों नेसोलन के रबोन में एक दिव्यांग छात्र को एक व्हील चेयर भेंट की। इसको लेकर बघाट टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें जानकारी मिली थी कि राजकीय प्राथमिक स्कूल रबोन में एक छात्र दिव्यांग है और उससे व्हील चेयर की आवश्यकता है। जानकारी मिलते ही टैक्सी यूनियन के सदस्यों ने पैसे एकत्रित कर व्हील चेयर खरीदी। पदाधिकारियों ने बताया कि यूनियन द्वारा समय-समय पर जरूरतमंद लोगों की सहयता की जाती है।


















































