जिला प्रशासन ने आज शहर के शामती क्षेत्र के आपदा प्रभावितों को लगभग 20 लाख रुपए की राहत राशि प्रदान की। अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव ने यह जानकारी दी। अजय यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि भारी वर्षा से त्रस्त जन-जन को न केवल समयबद्ध राहत प्रदान की जाए अपितु आवश्यकतानुसार उनके भोजन एवं रहने की व्यवस्था भी सुनिश्चित बनाई जाए। उन्होंने कहा कि ज़िला प्रशासन मुख्यमंत्री के निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बना रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आपदा के कारण प्रभावितों को त्वरित सहायता प्रदान करने एवं उनकी सुरक्षा के लिए कृत संकल्प है। हाल ही में हुई भारी वर्षा के कारण जहां एक और क्षतिग्रस्त अधोसंरचना को युद्ध स्तर पर ठीक किया जा रहा है वहीं पीड़ित व्यक्तियों तक शीघ्र राहत भी पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि 1-2 दिनों में सभी प्रभावितों को राहत राशि प्रदान कर दी जाएगी। अजय यादव ने कहा कि शामती में खतरे का आभास मिलते ही ज़िला प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही कर न केवल संकटग्रस्त आवासों को खाली करवाया अपितु प्रभावित परिवारों के रहने-खाने की व्यवस्था भी की। उन्होंने कहा कि शामती में अभी तक कुल 45 भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें से 25 भवन पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हैं जबकि 20 भवनों में दरारें आई हैं। उन्होंने भू वैज्ञानिकों के साथ शामती क्षेत्र का दौरा कर एहतियाती उपाय सुनिश्चित किए। उन्होंने कहा कि भू वैज्ञानिकों के परामर्श के अनुसार शामती क्षेत्र की पहाड़ी में में आई दरारोंं को राख और चूने के मिश्रण के साथ भरा जा रहा है, ताकि दरारों को ठीक किया जा सके और मिट्टी को स्थाई पकड़ मिले। अजय यादव ने कहा कि शामती क्षेत्र में आम जन की सुरक्षा के लिए खतरा दर्शाने के लिए सूचना पट्ट स्थापित किए गए हैं। पूरे क्षेत्र में पुलिस द्वारा नियमित गश्त लगाई जा रही है। क्षेत्र में विभिन्न निर्माण कार्यों पर भी रोक लगाई है। उन्होंने कहा कि शामती में जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि अत्यधिक भू-जल को 2-3 बोरवेल के माध्यम से बाहर निकाला जाए। कृषि विभाग द्वारा खेतों से अतिरिक्त जल को निकाला जा रहा है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि ज़िला प्रशासन यह प्रयास कर रहा है कि आम जन की सुरक्षा सुनिश्चित हो और अधोसंरचना को हुई क्षति की शीघ्र मुरम्मत हो ताकि जन-जीवन सामान्य हो सके।
अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने बीआरओ और उनके निजी ऑपरेटर का चंद्रताल और बातल में फंसे लोगों के रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग करने के लिए आभार जताया। अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने बताया कि बीआरओ के निजी ऑपरेटर में गर्ग एंड गर्ग सनस एस्टेट प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड और न्यू इंडिया कांट्रेक्टर एंड डेवलपर के दो जेसीबी ऑपरेटर सहित बीआरओ की लेबर का योगदान रेस्क्यू ऑपरेशन में काबिल तारीफ है। अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने बताया कि इतनी विषम परिस्थितियों के बाद भी बीआरओ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन को थमने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जेसीबी ऑपरेटर सुखदेव ने 47 घंटे जेसीबी चलाकर सड़क बहाल करने का कार्य किया है । इसके साथ ही बीआरओ की लेबर में नौरबू सैंफल उर्फ बुद्धा ने भी अहम भूमिका निभाई है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि आगामी कुछ दिनों में रेस्क्यू ऑपरेशन में हिस्सा रहे हर सदस्य को सम्मानित किया जाएगा और इन सबके लिए सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। बीआरओ की लेबर में रेस्क्यू ऑपरेशन में विशेष तौर पर फूंचोक नेगी, जावेद खान, तेनजिन ज्ञालसन जेई ऋषिकेश मीणा, तेनजिन अंगदुई , छेरिंग तोपगे, सोनम लामा शामिल रहे । इस अवसर पर तसीलदार भूमिका जैन भी शामिल रहीं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि भारी वर्षा के कारण अभी तक सोलन जिला में 141 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने की संभावना है और यह आंकड़ा बढ़ रहा है। डॉ. शांडिल वर्षा से हुए नुकसान के बारे में गत देर सायं उपायुक्त कार्यालय सोलन के सभागार में अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सोलन जिला में गत कई दिनों से हो रही भारी वर्षा के कारण अभी तक सड़कों एवं पुलों के क्षतिग्रस्त होने, जल शक्ति विभाग की विभिन्न पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं को हुए नुकसान, प्रदेश विद्युत बोर्ड की विद्युत लाईनें एवं विद्युत केंद्रों तथा उप केंद्रों के क्षतिग्रस्त होने, कृषि योग्य भूमि को नुकसान पहुंचने तथा अन्य कारणों से लगभग 141 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान की जानकारी प्राप्त हुई है। राजस्व विभाग द्वारा अन्य नुकसान का आकलन किया जा रहा है। डॉ. शांडिल ने कहा कि भारी वर्षा के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 05 शिमला-परवाणू पर भूस्खलन के कारण अनेक स्थानों पर यातायात बार-बार बाधित हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश दिए गए हैं कि इस महत्वपूर्ण राजमार्ग पर वाहनों की निर्बाध आवाजाही के लिए सभी एहतियाती उपाय अपनाए जाएं। उन्होंने कहा कि सोलन जिला में 111 मार्ग अवरुद्ध हुए हैं और 40 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ज़िला में अवरुद्ध 78 मार्ग खोल दिए गए हैं। स्वासथ्य मंत्री ने कहा कि जिला में अभी तक जल शक्ति विभाग की 113 सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं को पुन: आरंभ कर दिया गया है। जिला में अन्य सिंचाई योजनाओं को शीघ्र आरम्भ करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। उन्होंने कहा कि सोलन शहर की पेयजल आपूर्ति योजना को आरंभ कर दिया गया है। डॉ. शांडिल ने कहा कि पूरे जिला में विद्युत बोर्ड द्वारा हर सम्भव प्रयास कर विद्युत आपूर्ति सुचारू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्युत बोर्ड को अभी तक लगभग 6 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि जिला सोलन में अभी तक किसानो को लगभग 8.28 करोड़ रुपये का तथा बागवानों को 90 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा अन्य नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ज़िला में भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन से तीन व्यक्तियों की मृत्यु भी हुई है। डॉ. शांडिल ने कहा कि वर्षा के कारण हुई क्षति एवं आमजन को राहत पहुंचाने के संबंध में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वयं दूर दराज कि इलाके में जाकर जायजा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी स्थिति से निपटने और क्षतिग्रस्त मार्गों, पुलों तथा योजनाओं को सुचारू बनाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं और शीघ्र ही आवश्यक आपूर्ति शृंखला को सुचारू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोलन के शामती में 25 भवन क्षतिग्रस्त होने से लगभग 70 परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह एक प्राकृतिक आपदा है। उन्होंने केंद्र सरकार से इसे राष्ट्रीय आपदा के रूप में घोषित करने तथा भारी वर्षा से हुए नुकसान के लिए भरपूर सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि गांव की सड़कें किसानों की भाग्य रेखाएं हैं। उन्होंने गांव के अवरुठ्ठ मार्ग मनरेगा के तहत ठीक करवाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रयासों के फलस्वरूप वीरवार सायं आवासीय आयुक्त द्वारा अन्तरराज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी) नई दिल्ली में फंसे 22 खिलाड़ियों व अन्य स्टाफ को सुरक्षित बचाया गया। ये खिलाड़ी कर्नाटक के शिमोगा में 7 से 9 जुलाई तक आयोजित 40वीं राष्ट्रीय जूनियर ताइक्वांडो चैंपियनशिप में भाग लेने के उपरांत वीरवार दोपहर रेलगाड़ी के माध्यम से नई दिल्ली लौटे थे। इस टीम में 9 लड़के, 10 लड़कियां, 2 कोच और एक मैनेजर शामिल हैं। क्षेत्र में जलभराव के कारण पूरी टीम आईएसबीटी नई दिल्ली में फंस गई। टीम के कोच अश्विनी कुमार ने मुख्यमंत्री से दूरभाष पर संपर्क किया। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती को उन्हें सुरक्षित बचाने के निर्देश दिए। आवासीय आयुक्त एवं नई दिल्ली में मुख्यमंत्री के ओएसडी के.एस. बांश्टू ने हिमाचल भवन लाए गए खिलाड़ियों से भेंट की। राज्य सरकार द्वारा उन्हें सुरक्षित घर भेजने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
ग्रीनबेरी आरकेजी ग्रुप व ग्रीनबेरी वेलफेयर फाउंडेशन के संस्थापक राजेश कुमार गुप्ता ने परिवार सहित बागेश्वर पीठ आचार्य धीरेंद्र शास्त्री से उनके निवास स्थान एमपी के बागेश्वर धाम में शिष्टाचार भेंट की। यहां पर उनके साथ विशेष तौर से सनातन, धर्म और संस्कृति पर चर्चा हुई। इस अवसर पर राजेश कुमार ने आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को हिमाचली टोपी, शॉल और डांगरू भेंट स्वरूप देकर हिमाचल प्रदेश आने का निमंत्रण भी दिया।
लगातार 6 दिन युद्ध स्तर पर काम करने के दौरान आज सातवें दिन लक्कड़ डिपो पुल को सभी छोटे-बड़े वाहनों के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। यह बात मुख्य संसदीय सचिव और दून विधानसभा हलके के विधायक चौधरी राम कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि वे सभी बीबीएन व दून और नालागढ़ के निवासियों को बताता चाहते हैं कि उनके आग्रह पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने नेशनल हाइवे अथॉरिटी को सख्त निर्देश देकर बद्दी, पिंजोर रोड पर गिर हुए पुलों के पास एक-मीटर के छोटे पाइपों द्वारा वैकल्पिक रास्ते बनाने के निर्देश दिए हंै, जिसका कार्य मढांवाला पुल से शुरू कर दिया गया है और शेष इलाके में बिजली पानी की बहाली के लिए वे खुद व विभाग युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। दून के पहाड़ी क्षेत्र में लगभग १० जेसीबी मशीनें व निचले क्षेत्र में ४ जेसीबी मशीन और बद्दी से लेकर नालागढ़ तक सभी पुलों पर १-१ जेसीबी मशीन व पोकलेन बड़े पुलों को दुरुस्त करने में लगाई गई है। ५-६ दिन की मशक्कत के बाद बीबीएन के एरिया की पूरी स्थिति काबू में है। उन्होंने कहा कि इसमें पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, लोकनि, जल शक्ति और बिजली विभाग के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों का बहुत सहयोग रहा है। इस आपदा की घड़ी में सहयोग करने के लिए वे सभी अधिकारियों, कर्मचारियों व अपने इलाकावासियों का भी धन्यवाद करते हैं।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत 15 जुलाई को परवाणु के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता परवाणु विकास गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई को प्रात: 9 बजे से सायं 6 बजे तक सेक्टर-1, सेक्टर-1ए, सेक्टर-3, सेक्टर-4, सेक्टर-5, सेक्टर-6, खड़ीन गांव, जोधपुर, कामली, धागड़, टिपरा, अंबोटा, टकसाल, ऊंचा परवाणू, गुम्मा, पुरला, जाबली, कोटी, चक्की मोड़, बनासर, सोघी, दतयार, कसौली मार्ग, नरयाल, नाथ का पानी, बीसीआई बियरिंग, ईएसआई अस्पताल, नगर परिषद कार्यालय परवाणु, परवाणु बाजार, पुलिस थाना, गेबरियल मार्ग, मैसर्ज गेबियल (यूनिट-1 और 2), मैसर्ज एबी टूलज, मैसज़र् कोस्मो फेराईटस लिमिटिड (यूनिट 1 और 2), मैसज़र् माहले, मैसेर्ज पूरोलेटर एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में अथवा किसी अन्य अपरिहार्य कारणों के दृष्टिगत निर्धारित तिथि व समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने आज लगातार दूसरे दिन सोलन विधानसभा क्षेत्र में भारी वर्षा से हुए नुकसान का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क, पेयजल, विद्युत जैसी आधारभूत सुविधाओं को नियमित रूप से बहाल रखा जाए। डॉ. शांडिल ने आज सोलन से सलोगड़ा तक विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय उच्च राजमार्ग पर भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन एवं नुकसान का जायज़ा लिया। उन्होंने इस अवसर पर स्थानीय निवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना। स्थानीय निवासियों से इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री को अवगत करवाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा उच्च मार्ग के फोर-लेन कार्य को पहाड़ों में किए जाने वाले कार्य के मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है। लोगों ने अवगत करवाया कि इस कारण जहां राष्ट्रीय राजमार्ग पर बार-बार भूस्खलन एवं पत्थर गिरने की घटनाएं हो रही हैं वहीं अनेक प्राकृतिक जलस्त्रोत भी बंद हो गए हैं। लोगों ने मांग की कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को इस लापरवाही को ठीक करने के निर्देश दिए जाएं ताकि जनजीवन सामान्य हो सके। डॉ. शांडिल ने लोगों को विश्वास दिलाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की लापरवाही का मामला उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर प्राधिकरण के उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय निवासियों की समस्याओं का त्वरित हल सुनिश्चित बनाया जाए। उन्होंने ग्राम पंचायत पड़ग के डडोग गांव में भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हुए राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण किया और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को इसे ठीक करने के निर्देश दिए। डॉ. शांडिल ने सलोगड़ा में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को स्थानीय निवासी दीवान चंद और सुरेश शर्मा के घरों को सुरक्षित करने के लिए डंगा लगाने के उचित दिशा-निर्देश भी जारी किए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वह गत दो दिनों से सोलन विधानसभा क्षेत्र में हुए नुकसान का जायज़ा ले रहे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वयं दिन-रात जहां एक और सामान्य जन की पीड़ा को दूर कर रहे हैं वहीं देश-विदेश के पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए देव दूत के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा से सामान्य जन के बचाव के लिए सभी स्तरों पर अथक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आशा जताई कि शीघ्र ही सब कुछ सामान्य होगा। डॉ. शांडिल ने गत सांय सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सन्होल के गांव क्यार में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का जायज़ा लिया। डॉ. शांडिल ग्राम पंचायत सन्होल के गांव क्यार के निवासी देवदत्त, हेतराम, सुनील, दवेंद्र तथा शतानंद के घर पहुंचे और इनके आवासों को हुए नुकसान का जायज़ा लिया। उन्होंने सभी को आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार लोगों की हर संभव सहायता करेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने तदोपरांत सोलन शहर के वार्ड नंबर 2 के आनंद रेज़िडेंस वेलफेयर सोसायटी के अवरुद्ध संपर्क मार्ग को संबंधित अधिकारियों को खोलने के निर्देश जारी किए। इस अवसर पर नगर निगम सोलन की पार्षद संगीता ठाकुर, सरदार सिंह ठाकुर, जोगिंद्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, नगर निगम सोलन के मनोनीत पार्षद रजत थापा, पुनीत नारंग, विजय ठाकुर तथा गुरप्रीत, ज़िला कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष शिव कुमार, खंड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, उपमंडलाधिकारी कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य, सहायक पुलिस अधीक्षक सोलन अनिल धौलटा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल, तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनियाल, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के टीम लीडर देवश्री सरकार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी सहित ग्रामीण उपस्थित थे।
हिमाचल और आसपास का क्षेत्र भारी बारिश के कारण गंभीर आपदा की चपेट में है। इस समय हर कोई किसी न किसी प्रकार से प्रभावित हुआ है। संकट की इस घड़ी में अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए अटल शिक्षा कुंज स्थित प्रसिद्ध आईईसी यूनिवर्सिटी ने इस आपदा से प्रभावित छात्रों को मुफ्त शिक्षा या विशेष छात्रवृत्ति प्रदान करने की तैयारी कर ली है। आपदा प्रभावित परिवारों के छात्रों के लिए प्रवेश को आसान बनाने के लिए आईईसी विश्वविद्यालय के सभी विषयों में 10 फीसदी सीटें विशेष तौर पर आरक्षित की गई हैं। सर्वश्रेष्ठ प्लेसमेंट उपलब्धि हासिल करने वाले आईईसी विश्वविद्यालय ने अपने सभी कर्मचारियों और छात्र सुविधाओं की एहतियात के तौर पर मरम्मत भी कर ली है। विश्वविद्यालय सभी काम सुचारू रूप से शुरू करने की ओर अग्रसर है। इसके साथ ही सरकार द्वारा समय समय पर दिए जा रहे दिशानिर्देशों का भी पालन किया जा रहा है। आईईसी विश्वविद्यालय की मैनेजमेंट ने इस आकस्मिक प्राकृतिक आपदा के समय सभी को अपने सामाजिक दायित्व को समझते हुए एक साथ आकर सभी संभावित तरीकों से एक-दूसरे की मदद करने का आह्वान भी किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ एवं भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई गई है। सबसे अधिक प्रभावित कुल्लू जिला तथा लाहौल-स्पिति में फंसे पर्यटकों एवं अन्य लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए पिछले लगभग 60 घंटे से निरंतर बचाव अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री ने कुल्लू एवं मंडी में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि वह गत तीन दिनों से कुल्लू, लाहौल-स्पिति तथा मंडी में प्रभावित क्षेत्रों का दौरे पर हैं। उन्होंने कहा कि कुल्लू एवं लाहौल-स्पिति जिला के विभिन्न स्थानों पर लगभग 70 हजार पर्यटक एवं अन्य लोग फंसे हुए थे, इनमें से 60 हजार लोगों की सुरक्षित वापसी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बचाव अभियान में एक हजार कर्मचारी एवं अधिकारियों ने चौबीसों घंटे युद्धस्तर पर कार्य करते हुए इसे संभव बनाया। उन्होंने कहा कि इस विपदा में सबसे चुनौतिपूर्ण बचाव अभियान के तहत लाहौल-स्पिति के चंद्रताल में फंसे पर्यटकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई है। लैंडिंग स्थल उपलब्ध न होने के कारण यहां वायुसेना के लिए हैलीकाप्टर उतारना संभव नहीं था। प्रदेश सरकार की ओर से राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी तथा मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी बचाव अभियान की निगरानी के लिए भारी बर्फबारी के बीच शून्य से नीचे तापमान में तीन जेसीबी मशीनों के साथ तड़के सुबह दो बजे ग्राउंड जीरो (चंद्रताल) पर पहुंचे। इसके उपरान्त 57 वाहनों के माध्यम से लगभग 250 पर्यटकों को वहां से सुरक्षित काजा लाने के साथ ही यह अभियान पूरा हुआ। उन्होंने अभियान से जुड़े सभी लोगों का उनके सक्रिय सहयोग एवं अथक प्रयासों के लिए आभार भी व्यक्त किया। अपनी गाड़ियां छोड़कर जाने को तैयार नहीं कई पर्यटक मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी भी तीर्थन तथा कसोल क्षेत्र में काफी संख्या में पर्यटक हैं और उनमें से अधिकांश ने अपनी गाड़ियों सहित ही घर वापसी की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि चूंकि भारी बारिश से सड़कों को व्यापक नुकसान पहुंचना है और ऐसे में इन पर यातायात सामान्य करने में समय लग सकता है। प्रदेश सरकार ने उन्हें गाड़ियां वहीं छोड़कर सार्वजनिक परिवहन सेवा के माध्यम से घर वापसी का विकल्प दिया है। पर्यटकों को उनकी गाड़ियों से संबंधित एक पावती भी जिला व पुलिस प्रशासन के माध्यम से दी जाएगी तथा इसी के आधार पर सड़क मार्ग बहाल होने पर उन्हें यह गाड़ियां वापस उपलब्ध करवाई जाएंगी। इन पर्यटकों से संवाद के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी को भी कसोल भेजने के निर्देश दिए गए हैं। घाटी में सभी विदेशी पर्यटक सुरक्षित एक सवाल के जवाब में सुक्खू ने कहा कि तीर्थन तथा कसोल क्षेत्र में कुछेक इजरायली पर्यटक भी हैं और इजरायली दूतावास की ओर से उन्हें अपने स्तर पर हेलिकाप्टर के माध्यम से सुरक्षित निकालने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पर प्रदेश सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि घाटी में सभी विदेशी पर्यटक सुरक्षित हैं और उन्हें भोजन सहित सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करवाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू में इतनी बड़ी विपदा के बावजूद प्रदेश सरकार ने जनजीवन सामान्य बनाने के लिए पूरी तत्परता से कार्य किया है। क्षेत्र में 48 घण्टों में बिजली तथा पानी की आपूर्ति आंशिक तौर पर बहाल करने के साथ ही मोबाइल सेवा पुन: सुचारू करने में भी सफलता हासिल की है। इसके लिए उन्होंने जिला व पुलिस प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों के प्रयासों की सराहना भी की। बाढ़ प्रभावित परिवारों को 50 लाख की राहत राशि जारी मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक बाढ़ प्रभावित परिवारों को 50 लाख रुपये की राहत राशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा राहत राशि में बढ़ौत्तरी करते हुए सभी प्रभावितों को एक-एक लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। किन्नौर के कड़छम, कुप्पा और सांगला में लिया नुकसान का जायजा मुख्यमंत्री ने किन्नौर जिला के कड़छम, कुप्पा और सांगला घाटी का दौरा भी किया और वहां हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने टापरी उप-तहसील के चोलिंग में स्थित सेना के राहत शिविर में सांगला से सुरक्षित निकाले गए लोगों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिला में बादल फटने की घटना के बाद वहां फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव दल ने बेहतरीन कार्य करते हुए 118 लोगों को हेलिकाप्टर की छह उड़ानों में सांगला से चोलिंग (कड़छम) सुरक्षित पहुंचाया गया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए उन्होंने जिला प्रशासन और भारतीय सेना की सराहना भी की। इस अवसर पर मंडी में मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया तथा किन्नौर में उपायुक्त तोरुल रवीश सहित सेना एवं विभिन्न प्रशासनिक व विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अंतर्गत तीन दिवसीय लेह- लद्दाख यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने लेह से 211 किलोमीटर दूर, भारत- चीन सीमा से लगे गांव करजोक में रात बिताई। मंत्री ने 14000 फुट की ऊंचाई पर पुगा आवासीय विद्यालय के अपने दौरे के दौरान युवाओं संग वॉलीबॉल भी खेला और युवाओं के आमंत्रण रात्रि में मोबाइल फ़ोन की रोशनी में टेबल टेनिस में भी हाथ आजमाया। ठाकुर ने कहा कि लेह लद्दाख के युवा प्रतिभा से भरे हैं। 2014 से पहले इनकी प्रतिभा को देखने वाला कोई नहीं था। आज मोदी जी के नेतृत्व में इनकी प्रतिभा को तराशा जा रहा है। ठाकुर ने कारजोक व पुगा में खेल उपकरण भी वितरित किए। भारत चीन सीमा से सटे गावों के विकास के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार भारत-चीन सीमा पर स्थित इलाकों में प्रसारण तथा नेटवर्क कनेक्टिविटी बढाने के लिये कृत संकल्पित हो कर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, हम जल्द भारत-चीन सीमा पर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वालों को दूरदर्शन फ्री डिश का कनेक्शन उपलब्ध कराएंगे। इसके अलावा बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने हेतु भी तेज़ी से कार्य किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि डीडी फ्री डिश प्लेटफार्म के जरिए सीमावर्ती और सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य हासिल करने के लिये सरकार ने सीमावर्ती इलाकों के गांवों में 1.5 लाख मुफ्त फ्री डिश वितरित करने का प्रस्ताव किया था। ठाकुर ने आगे कहा, 'हम लेह लद्दाख को विकास के मामले में बाकी भारत के समकक्ष लाने हेतु लगातार काम कर रहे हैं. फिजिकल कनेक्टिविटी जैसे सड़क, पुल, टनल इत्यादि के साथ साथ हम यहाँ डिजिटल कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित कर रहे हैं। पर्यटन हो या खेल, मोदी सरकार लेह लद्दाख की सभी बुनियादी जरूरतों को जल्द से जल्द पूरा करेगी।
हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच अर्की इकाई अध्यक्ष बलबीर चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि इकाई की मासिक बैठक 15 जुलाई को सुबह 10बजे पेंशनर भवन कुनिहार में आयोजित की जाएगी। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभ व 1- 1- 16 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को नया वेतनमान का एरियर न मिलने व न्यायलयों द्वारा दिए गए निर्णय का पालन न करने के बारे में गंभीरता से चर्चा की जाएगी। साथ ही अगली रणनीति भी तय की जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के सभी एचआरटीसी सेवानिवृत्त कर्मचारियों से बैठक में बढ़ चढ़कर भाग लेने की अपील की है।
भारी बारिश से प्रदेश में हुई तबाही के बाद अब पर्यटकों को रेस्क्यू करने और जन जीवन को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ख़ुद दो दिनों से कुल्लू, मनाली, लाहौल स्पीति और मंडी में राहत एवम बचाव कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और मंत्रियो को भी अब सीएम सुक्खू ने जिम्मेदारियां सौंप दी है। प्रदेश में अब तक मॉनसून से 88 लोगों की मौत हो गई है जबकि 14 लोग लापता हैं। इस मानसून में प्रदेश को 4000 करोड़ के आसपास का नुकसान हो गया है जो आने वाले समय में और अधिक बढ़ने की आशंका है।
उद्योग विभाग के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज निदेशक राकेश प्रजापति के नेतृत्व में अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा और एसडब्ल्यूसीए, परवाणू के अधिकारियों और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ भारी बारिश के कारण हुए नुकसान का जायज़ा लेने के लिए औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर ५ और कमली-खादीम का दौरा किया, ताकि औद्योगिक गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए उचित कदम उठाए जा सकें। निदेशक उद्योग ने औद्योगिक संघों के प्रतिनिधियों और फैक्ट्री मालिकों के साथ विस्तृत चर्चा की और कहा कि उद्योग मंत्री ने विभाग को औद्योगिक क्षेत्र में नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने औद्योगिक गतिविधियों की बहाली के लिए समयबद्ध उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। औद्योगिक क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मूसलाधार बारिश के कारण नाले में बाढ़ आने से औद्योगिक क्षेत्र की आंतरिक सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं हैं। बाढ़ के पानी के साथ मलबा फैक्ट्रियों के परिसर में आ गया है। निदेशक उद्योग ने तत्काल राहत का आश्वासन दिया और एसडब्ल्यूसीए अधिकारियों को सड़क साफ करने के लिए पर्याप्त मशीनें तैनात करने को कहा। उन्होंने नुकसान के आकलन व मरम्मत की लागत का आकलन तैयार करने के निर्देश भी दिए। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के हिमाचल चैप्टर के अध्यक्ष गगन कपूर ने जमीनी स्तर पर मूल्यांकन के लिए एक टीम भेजकर त्वरित कार्रवाई के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र कामली तक सड़क संपर्क बहाल करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया। परवाणू इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (पीआईए) के अध्यक्ष सुनील तनेजा ने कहा कि परवाणू के सेक्टर ४ और ५ के बीच नाले के चैनलाइजेशन के साथ-साथ नाले में जल प्रवाह को सुचारू बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि आपदा के इस समय में प्रदेश सरकार प्रभावितों के साथ है और प्रदेशवासियों तथा पर्यटकों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार यथासम्भव प्रयास कर रही है। डॉ. शांडिल ने आज सोलन विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न प्रभावित ग्राम पंचायतों और शामती में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का जायज़ा लिया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। डॉ. शांडिल ने ग्राम पंचायत डांगरी के गांव भाणत, हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर घट्टी तथा शामती में भारी वर्षा के कारण प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने सभी स्थानों पर नुकसान का जायजा लिया और शामती के प्रभावित परिवारों के लिए जि़ला प्रशासन द्वारा जटोली में स्थापित आश्रय स्थल का निरीक्षण भी किया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आपदा का समय और स्थान कभी भी निश्चित नहीं होता। सही तैयारी, प्रबंधन और त्वरित कार्यवाही के माध्यम से आपदा से होने वाले नुकसान को न्यून किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश एवं सोलन जि़ला में गत ४-५ दिनों से हो रही भारी वर्षा ने न केवल जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है अपितु सम्पत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि इस आपदा से सोलन जि़ला में तीन व्यक्ति असमय काल का ग्रास बने हैं। उन्होंने परमपिता परमात्मा से प्रदेश एवं सोलन जि़ला में असामायिक मृत्यु को प्राप्त हुए सभी जन की आत्मिक शांति की कामना की। डॉ. शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जि़ला प्रशासन प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए तत्पर है और विभिन्न अवरूद्ध मार्गों, पेयजल योजनाओं, विद्युत योजनाओं इत्यादि को पुनः आरम्भ करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो चट्टान शामती मार्ग पर गिर गई है को तोड़कर हटाया जाए और बाधित सम्पर्क मार्गों को सुचारू बनाया जाए। उन्होंने शामती की प्रभावित निवासी आशा देवी और विद्या देवी को फौरी राहत के तौर पर १५ हजार-१५ हजार रुपये की राशि प्रदान की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार द्वारा सभी प्रभावितों को हर सम्भव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने शामती के निवासी सुरेश शर्मा, अशोक शर्मा, बाबू राम, अजय चंदेल को आश्वासन दिया कि सरकार द्वारा पूर्ण सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने इससे पूर्व ग्राम पंचायत डांगरी के गांव भाणत के निवासी लीला दत्त को फौरी राहत के तौर पर १५ हजार रुपये की राशि प्रदान की। उन्होंने हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर के घट्टी स्थित भवन का निरीक्षण भी किया। उन्होंने देहूंघाट में हुए भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का जायजा भी लिया। उन्होंने भारी वर्षा के कारण अवरूद्ध हुई सड़कों, पेयजल आपूर्ति, विद्युत आपूर्ति को ठीक करने के सम्बन्धित अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को यशा शीघ्र मार्ग ठीक करने के निर्देश दिए ताकि स्थानीय लोगों को आवाजाही में सुगमता मिल सके।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज सोलन जिला के शामती में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का जायजा लिया और जिला प्रशासन को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राज्यपाल ने शामती में भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन से अवरूद्ध सोलन-राजगढ़ मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से भेंट भी की। भारी वर्षा के कारण शामती में हुए भूस्खलन एवं चट्टानों के गिरने से सोलन-राजगढ़ मार्ग अवरूद्ध हो गया है तथा इस कारण कुछ आवासों को भी नुकसान पहुंचा है। राज्यपाल ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि अवरूद्ध मार्ग को शीघ्र बहाल किया जाए तथा प्रभावित परिवारों को राहत एवं बचाव के लिए सभी प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने उपायुक्त तथा पुलिस अधीक्षक सोलन को सभी एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह और जिला के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
विधानसभा अर्की के उपमंडल कुनिहार के गांव बाड़ी में बीते दो दिन पहले मूसलाधार बारिश से हुए नुकसान के चलते गांव के लोगों को स्थानीय नवोदय विद्यालय परिसर में स्थानांतरित किया गया। इस बचाव कार्य की समीक्षा हेतु सीपीएस एवं विधायक अर्की संजय अवस्थी के आदेशानुसार ब्लॉक कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप और युवा कांग्रेस अर्की कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने दौरा किया और प्रशासन द्वारा राहत बचाव हेतु स्थानीय जनता को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं के बारे में पता किया। नवोदय विद्यालय परिसर से अब राहत कैंप को दूसरे विद्यालय परिसर में बदला गया है और सरकार द्वारा भोजन आदि सुविधाओं को उपलब्ध करवाया जा रहा है। अध्यक्ष सतीश कश्यप द्वारा यह जानकारी दी गई और उन्होंने बाड़ी गांव का दौरा किया और मौके पर ही जल शक्ति विभाग अधिशाषी अभियंता को सूचित किया की गांव के ऊपर एक पानी की बहुत बड़ी बॉडी के पानी को विभाग द्वारा निकाला जाए। जिसके लिए विभाग के अधिकारियों ने काम करना भी शुरू कर दिया है। अध्यक्ष द्वारा इसके बाद ग्राम पंचायत डूमेहर के गांव घाट में नंदलाल के घर गिरने की सूचना पर भी मौके का जायजा लेकर नन्द लाल के परिवार से मिल कर फौरी राहत और प्रशासन की हर सुविधा उपलब्ध करवाने को कहा। इस अवसर पर ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वर्मा,कुनिहार कांग्रेस के प्रधान राजेंद्र शर्मा, विधायक अर्की कार्यालय निजी सचिव रविंद्र सिंह,बीडीसी सदस्य हेम राज ठाकुर,राजेश शांडील, प्रकाश चौधरी,जय पाल योगिराज,जगदीश गर्ग, अनिल तंवर,जगदीश ठाकुर, डूमेहार के दिनेश, तिलक राज, एडवोकेट खेम चंद आदि मौजूद रहे।
सोलन जिले में भारी वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, विद्युत योजनाओं तथा पेयजल योजनाओं को पुन: आरम्भ करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और अधिकांश योजनाओं को बहाल कर दिया गया है। यह जानकारी आज यहां उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने दी। मनमोहन शर्मा ने कहा कि गत सांय तक सोलन ज़िला में भारी वर्षा के कारण लगभग 120 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ज़िला में भारी वर्षा से उत्पन्न कारणों से तीन लोगों की दु:खद मृत्यु हुई है। उपायुक्त ने कहा कि सोलन ज़िला में भारी वर्षा के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित हुए हैं। ज़िला प्रशासन का यह प्रयास रहा है कि सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को शीघ्र बहाल किया जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग 05 पर सोलन से शिमला-सोलन की सीमा तक यातायात निर्बाध चल रहा है। सोलन से परवाणू के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग 05 पर परिस्थिति के अनुसार एक लेन को यातायात के लिए सुचारू किया गया है। इस लेन पर शिमला से परवाणू के मध्य यातायात चलाया जा रहा है। परवाणू से शिमला की ओर आने वाले वाहनों को जं़गेशू-कसौली होकर सोलन की ओर भेजा जा रहा है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि सोलन के शामती में भारी वर्षा के कारण कुछ मकान क्षतिग्रस्त हुए है। प्रशासन ने पूर्व सूचना के अनुसार ही खतरे की ज़द में आए मकानों को खाली करवाकर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि शामती से कुछ परिवारों के लिए नगर निगम सोलन के रेन बसेरा में प्रबंध किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि ज़िला के परवाणू में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि अर्की उपमंडल के बाड़ी गांव के प्रभावितों के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय कुनिहार में प्रबंध किया गया है। सभी प्रभावितों के रहने एवं खाने-पीने का पूर्ण प्रबंध सुनिश्चित बनाया गया है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि ज़िला में भारी बारिश से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। विद्युत बोर्ड, जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। पूर्ण नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गत सांय इस सम्बन्ध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की गई। ज़िला प्रशासन किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और प्रभावितों की हर सम्भव सहायता सुनिश्चित बनाई जा रही है।
ज़िला दंडाधिकारी सोलन मनमोहन शर्मा ने आमजन की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक आदेश जारी किए हंै। ये आदेश आपराधिक दंड संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार सोलन जिला की सीमा में अश्वनी खड्ड में, खड्ड के दोनों किनारों पर तथा इसके आस-पास के स्थानों और सोलन तहसील के राजस्व गांव सेर बनेड़ा में गिरीपुल पर गिरी नदी के किनारे स्थित शनि मंदिर के समीप एवं आस-पास के क्षेत्र में सभी प्रकार की अनाधिकृत पर्यटन और व्यवसायिक गतिविधियों को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया है। इन आदेशों के अनुसार अश्वनी खड्ड और गिरी नदी में स्नान करने तथा पिकनिक मनाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं और अगले दो माह तक प्रभावी रहेंगे। इन आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि मॉनसून के समय में भारी वर्षा के कारण नदी, नालों के किनारे जाना खतरनाक सिद्ध हो सकता है। अधिकतर मौको पर पर्यटक नदी एवं खड्डों में नहाने के लिए जाते हैं। किसी भी कारण से नदी के जलस्तर में वृद्धि पर्यटकों के जीवन को खतरा पैदा कर सकती है। आदेशों के अनुसार स्थानीय पुलिस ज़िला पर्यटन अधिकारी के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित कर इन आदेशों को अक्ष:रक्ष लागू करेगी। इन आदेशों का उल्लंघन करने पर विधि सम्मत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने आज डांगरी पंचायत के लावी घाट और गांव घट्टी का दौरा किया। उन्होंने यहां उस क्षतिग्रस्त मकान का दौरा किया, जहां पर बहुत बड़ा विशालकाय पत्थर बाथरूम पर अटका पड़ा है। मंत्री ने मौके पर अधिकारियों को जल्द से जल्द इसे तोड़ने के आदेश दिए। वहीं परिवार को फौरी तौर पर 15000 रुपये की नकद सहायता दी।
उपायुक्त किन्नौर तोरूल रवीश ने जानकारी दी कि जिला किन्नौर के भावा वैली के कारा क्षेत्र में लगभग 28 व्यक्तियों के फंसे होने की जानकारी प्राप्त हुई थी, जिसके उपरांत पुलिस, एनडीआरएफ, आईटीबीपी व होमगार्ड के बचाव दलों को शीघ्र भेजा गया। उन्होंने कहा कि कारा में 28 व्यक्ति मवेशियों सहित फंसे हुए थे, जिनमें से 8 व्यक्ति ज्यूरी प्रजनन केंद्र, 4 ककस्थल फॉर्म, 3 नाथपा के निवासी और 10 भावा घाटी के निवासी थे, जिन्हें सुरक्षित मूलिंग गांव पहुंचाया गया है तथा 3 व्यक्ति कारा में मवेशियों की देख-रेख के लिए रुके हैं, जिन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री उपलब्ध करवा दी गई है। इसके अतिरक्ति इंडिया हाईक्स की ट्रैकर टीम के 18 व्यक्तियों को भी काफनू बेस में सुरक्षित पहुंचाया जा चुका है।
एचआरटीसी ने प्रदेश के 224 रूटों पर बस सेवा को बहाल कर दिया है। बुधवार से शिमला से चंडीगढ़-दिल्ली के लिए बस सेवा फिर से शुरू कर दी गई है। मंगलवार शाम को शिमला-कालका हाईवे पर परवाणू के समीप चक्की मोड़ पर सड़क धंसने के कारण एचआरटीसी ने शिमला से चंडीगढ़ दिल्ली के लिए रात्रि सेवाएं बंद कर दी थीं। अब इन सेवाओं को दोबारा से बहाल कर दिया है। प्रदेश के अलग अलग क्षेत्रों में फंसी एचआरटीसी की 363 बसें अपने-अपने डिपो को लौट चुकी हैं। हालांकि एचआरटीसी 316 बसें अभी भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में फंसी हुई है। प्रदेशभर में 1193 रूटों पर बस सेवा अभी तक बहाल नहीं हो पाई है। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि प्रदेश की जैसे जैसे सडक़ें बहाल होंगी, एचआरटीसी दोबारा से सभी रूटों पर बस सेवा फिर से शुरू कर देगा।
हिमाचल प्रदेश में अत्याधिक बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने राज्य पर विनाशकारी प्रभाव डाला है और कृषि विभाग के प्रारंभिक अनुमान में फसलों को 83 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि राज्य भर में हुई तबाही अभूतपूर्व है, इसलिए केंद्र को हिमाचल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर बचाव एवं राहत कार्यों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज जारी करना चाहिए। आज आयोजित एक बैठक में चंद्र कुमार ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार राज्य में प्रभावित कुल 28,495 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में से 6,978 हेक्टेयर में सब्जी उत्पादन को लगभग 40 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मक्का, धान, रागी, बाजरा और खरीफ दलहन को लगभग 21,517 हेक्टेयर पर करीब 17 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मंत्री ने कहा कि इसके अलावा, खेती की जमीन बह जाने और खेतों में आई गाद के कारण फसलों को लगभग 26 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा नुकसान मंडी जिले में हुआ जोकि 23.38 करोड़ रुपये आंका गया है। इसके बाद शिमला में 17.63 करोड़ रुपये, सिरमौर में 13.29 करोड़ रुपये, सोलन में 8.16 करोड़ रुपये, लाहौल स्पिति में 5.74 करोड़ रुपये, कुल्लू में 4.38 करोड़ रुपये, कांगड़ा में 3.99 करोड़ रुपये, ऊना में 2.99 करोड़ रुपये, चंबा में 1.53 करोड़ रुपये, बिलासपुर में 1.01 करोड़ रुपये, किन्नौर में 59 लाख रुपये और हमीरपुर में 29 लाख रुपये का नुकसान हुआ। भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए मृदा संरक्षण पर बल देते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में मृदा संरक्षण की तकनीकों और तरीकों को बढ़ावा दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिले के शाहपुर निर्वाचन क्षेत्र में गज खड्ड के उचित तटीकरण और राजोल, अवाड़ी, अनसुई और डेग गांवों के निवासियों द्वारा मिट्टी संरक्षण को अपनाने के कारण हाल ही में हुई भारी बारिश से न्यूनतम नुकसान दर्ज किया गया हैै। चंद्र कुमार ने कहा कि कृषि और पशुधन के नुकसान के संबंध में उप निदेशकों को अंतिम रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है और शीघ्र ही इससे संबंधित बैठक की जाएगी। बैठक में शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया, निदेशक कृषि डॉ. राजेश कौशिक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जिला लोक संपर्क अधिकारी कार्यालय सोलन के सरकारी वाहन (जिप्सी एवं बोलेरो) के 16 पुराने टायरों की नीलामी 22 जुलाई को सायं 3 बजे कार्यालय के प्रागंण में की जाएगी। यह जानकारी जिला लोक संपर्क अधिकारी सोलन ने दी। उन्होंने कहा कि इच्छुक उम्मीदवार 22 जुलाई तक नीलाम होने वाले टायरों को कार्यालय समयावधि में देख सकते है। उन्होंने कहा कि नीलामी की शर्ते उसी दिन उम्मीदवारों को बताई जाएंगी। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस पर कार्यालय दूरभाष नंबर 01792-220089 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल में सभी पर्यटक सुरक्षित हैं, सरकार सबका परिवार की तरह ख्याल रख रही है। उन्होंने मंगलवार को मंडी में अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले के विभिन्न हिस्सों में अत्यधिक बारिश से पैदा हुई स्थिति की समीक्षा के बाद मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में यह बात कही। उन्होंने मीडिया के माध्यम से पर्यटकों के परिजनों को भरोसा देते हुए किसी प्रकार की चिंता न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम अतिथि देवो भव की नीति पर चलने वाले लोग हैं। प्रदेश में आया हर सैलानी हमारा मेहमान है। हम सभी का उसी प्रकार ध्यान रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि बारिश और बाढ़ से रास्ते बंद होने के कारण पर्यटक अलग अलग जगहों पर होटल और रिसॉर्ट में रुके हैं । बिजली सप्लाई बाधित होने और मोबाइल नेटवर्क डाउन होने के कारण उनसे बात न हो पाने के कारण परिवार जनों का चिंतित होना स्वाभाविक है। पर सभी धैर्य रखें, रास्ते बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। रास्ते खुलते ही सभी को सुरक्षित उनके घरों को रवाना किया जाएगा। सभी होटल, रिसॉर्ट मालिकों को भी स्थिति सामान्य होने तक सहयोग को कहा गया है। 24 घंटे में बहाल कर ली जाएंगी पेयजल परियोजनाएं मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में अगले 24 घंटे में पेयजल की 4 हज़ार परियोजनाएं बहाल कर ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि बारिश और बाढ़ से प्रदेश में पानी की 5 हज़ार छोटी- बड़ी परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। इनमें से 4 हज़ार को अगले 24 घंटे में रिस्टोर कर लिया जाएगा। इसके लिए जल शक्ति विभाग के तमाम अधिकारी पूरी मशीनरी के साथ फील्ड में डटे हैं। मंडी में जल्द सुचारू होगी पेयजलापूर्ति उन्होंने कहा कि मंडी शहर में भी अगले 24 से 48 घन्टों के भीतर पेयजल आपूर्ति को पूरी तरह बहाल कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण गाद भरने से मंडी शहर की दोनों बड़ी पेयजल परियोजनाएं फ़िलहाल बंद हैं। शहर में अन्य छोटी परियोजनाओं से पेयजल आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था की गयी है। जल्द ही पेयजल आपूर्ति सुचारू हो जाएगी। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को पेयजल योजनाओं के साथ साथ सीवरेज परियोजनाओं को भी यथाशीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए। बाढ़ पीड़ितों से मिले उप मुख्यमंत्री इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने मंडी में बारिश और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। वे मंडी के ब्यास सदन और गुरुद्वारे में बनाए राहत शिविरों में रह रहे लोगों से भी मिले और उनका दुख दर्द जाना। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को सरकारी की ओर से हर सम्भव सहायता का भरोसा दिलाया और प्रशासन को सभी हर तरह से ख्याल रखने के निर्देश दिए। बता दें, प्रशासन ने बाढ़ के खतरे के चलते 200 के करीब लोगों को राहत शिविर बना कर ठहराया है। उनके ठहरने, भोजन,पानी, दवाओं की पूरी व्यवस्था की गयी है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भारी बारिश से कुल्लू, मंडी व लाहौल में हुए नुकसान का मंगलवार को हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हेलीकॉप्टर से कुल्लू, मंडी, औट व भुंतर क्षेत्र में बरसात से हुए नुकसान का जायजा लिया। चंद्रताल में फंसे 300 लोगों का आज सुबह 5:00 बजे से बचाव अभियान शुरू कर दिया था। पहली टीम मशीनरी के साथ लोसर से चंद्रताल के लिए रवाना हुई है, जबकि दूसरी टीम काजा से एडीसी राहुल जैन की अध्यक्षता में रवाना हुई है। करीब 40 लोगों का बचाव दल जिसमें पंगमो और लोसर गांव के युवा के अलावा स्पीति के अन्य गांव से युवा शामिल हैं। अब तक 10 से अधिक बुजुर्गों व छोटे बच्चों वाले परिवारों को भुंतर कुल्लू के लिए एयरलिफ्ट कर लिया गया है। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने खुद यह जानकारी दी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सहजल ने परवाणू में मूसलाधार बारिश के कारण प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। सहजल ने कहा कि जिस ब्लॉक का दौरा हमने परवाणू में किया, वहां पर 42 परिवार रहते थे और इन 42 परिवारों को जान का खतरा था, क्योंकि यह बिल्डिंग गिरने की स्थिति में पहुंच चुकी थी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनको दूसरे ब्लॉक में शिफ्ट किया, जहां पर खाली जगह थी। इस मौके पर डॉ. राजीव सहजल ने लोकल अधिकारियों से भी बात की और राहत पहुंचाने का कार्य किया। रात को सभी परिवार सुरक्षित रहें, इसको निश्चित करने के लिए सभी परिवारों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने का कार्य करते हुए सभी परिवारों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया गया।
कार्यकारी जिला दंडाधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव ने भारी वर्षा से हुए भूस्खलन एवं अन्य कारणों से सोलन में डमरोग से पाजो तथा न्यायालय मार्ग से वार्ड नंबर 12 व 13 एवं वार्ड नंबर 12 स्थित पार्क से न्यायालय तक के मार्ग को सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। ये संपर्क मार्ग बहाल किए जाने तक बंद रहेंगे। ये आदेश मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए हैं।
जिला सोलन के शामती के समीप मध्य रात्रि करीब 2 बजे बादल फटने से दो बिल्डिंग मलबे के नीचे दब गई हैं। विशालकाय चट्टान के साथ-साथ मलवा आने से पूरा रास्ता धंस गया है व राजगढ़ रोड सोलन से आने-जाने की आवाजाही बिल्कुल ठप हो गई है। घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस व प्रशासन को दी, जिसके बाद जेसीबी मशीन से मलवा हटाने का काम शुरू कर दिया है। बता जा रहा है कि पहाड़ी दरकने से आसपास के मकानों में भी दरारें आ गई हैं, जिसे देखते हुए एहतियातन लोगों ने शामती बाजार खाली दिया है व परिजनों ने रिश्तदारों के घर पनाह ले ली है। जिला में भारी वर्षा के कारण अब तक लगभग 77.50 करोड़ का नुकसान हो चुका है। ज़िला में लोक निर्माण विभाग के 158 विभिन्न मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव ने कहा कि भारी वर्षा के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 05 शिमला-परवाणू पर अनेक स्थानों पर भूस्खलन के कारण यातायात बार-बार बाधित हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश दिए गए हैं कि महत्वपूर्ण राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही के लिए सभी एहतियाती उपाय अपनाए जाएं। उन्होंने कहा कि सोलन से हरियाणा के पंचकूला ज़िला से होकर बद्दी-नालागढ़ के लिए जाने वाला राजमार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।
सिरमौर जिले में हरिपुरधार स्थित मानव हिल रिजॉर्ट के प्रबंध निदेशक मेलाराम शर्मा ने हरिपुरधार क्षेत्र में फंसे पर्यटकों और बाहरी लोगों के लिए अपने रिजॉर्ट में नि:शुल्क ठहराव और भोजन इत्यादि की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय उन्होंने दुर्गम क्षेत्र हरिपुरधार और आसपास क्षेत्रों में फंसे पर्यटकों और सैलानियों को शोषण से बचाने और कठिनाई की घड़ी में उन्हें आवासीय और भोजन सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से लिया है। मानव हिल रिजॉर्ट के प्रबंध निदेशक मेलाराम शर्मा ने सार्वजनिक सूचना जारी कर क्षेत्र में फंसे पर्यटकों और सैलानियों से आग्रह किया है कि वे इस आपदा की घड़ी में परेशान ना हो और निशुल्क ठहराव एवं भोजन इत्यादि की व्यवस्था के लिए किसी भी समय मानव हिल रिजॉर्ट बड़याल्टा, हरिपुरधार के परिसर में पहुंच सकते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पूरे क्षेत्र में भारी बरसात के कारण त्राहि-त्राहि मची है और सारी सड़कें अवरुद्ध होने के कारण आवाजाही पूर्णता ठप हो गई है। ऐसे में क्षेत्र में फंसे सैलानियों और पर्यटकों को भी भारी कठिनाइयों से दो चार होना पड़ रहा है। मेलाराम शर्मा ने बताया कि अतिथि देवो भव. की परिपाटी को आत्मसात करने के उद्देश्य से उन्होंने क्षेत्र में फंसे सैलानियों और पर्यटकों को निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है और क्षेत्र के लोगों से भी आग्रह किया है कि यदि उन्हें क्षेत्र में किसी पर्यटक के फंसे होने की सूचना मिलती है तो वह मानव हिल रिजॉर्ट के प्रबंध निदेशक को मोबाइल नंबर 94180 86948 या फिर रिजोर्ट के प्रबंधक कमल शर्मा के मोबाइल नंबर 6230921899 पर सूचना देकर पर्यटकों को यहां भेज सकते हैं। उन्होंने बताया कि मानव हिल रिजॉर्ट द्वारा क्षेत्र में फंसे पर्यटकों और सैलानियों के लिए यह सुविधा तब तक जारी रहेगी जब तक यहां की सड़कें बहाल करके परिवहन सुविधा शुरू नहीं होती। उन्होंने बताया कि मानव हिल रिजॉर्ट द्वारा इस आशय की सूचना उपायुक्त सिरमौर, पुलिस अधीक्षक सिरमौर,आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिरमौर,उपमंडल अधिकारी नागरिक संगड़ाह व नायब तहसीलदार हरिपुरधार तथा डीएसपी संगड़ाह और पुलिस चौकी प्रभारी हरिपुरधार को भी पत्र भेजकर दी गई है ताकि क्षेत्र में फंसे पर्यटक मानव हिल रिजॉर्ट पहुंच सके।
सोलन ज़िला में गत तीन दिनों से हो रही भारी वर्षा के कारण अभी तक सड़कों एवं पुलों के क्षतिग्रस्त होने, जल शक्ति विभाग की विभिन्न पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं को नुकसान पहुंचाने, प्रदेश विद्युत बोर्ड की विद्युत लाईनें एवं विद्युत केन्द्रों तथा उप केन्द्रों के क्षतिग्रस्त होने, कृषि योग्य भूमि को नुकसान पहुंचने तथा अन्य कारणों से लगभग ७७.५० करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान की जानकारी प्राप्त हुई है। राजस्व विभाग द्वारा अन्य नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव ने इस सम्बन्ध में अवगत करवाया कि ज़िला में गत तीन दिनों से हो रही भारी वर्षा से जानो-माल की क्षति को न्यून करने के लिए एहतियाती उपाय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ज़िला के सभी उमण्डलाधिकारियों एवं राजस्व विभाग को पूर्व में निर्देश दे दिए गए थे कि वर्षा की स्थिति में आमजन की सुरक्षा के दृष्टिगत किए जाने वाले उपायों की पूर्ण तैयारी रखें। अजय यादव ने कहा कि गत तीन दिनों में सोलन ज़िला में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अभी तक ज़िला में लोक निर्माण, जल शक्ति विभाग, प्रदेश विद्युत बोर्ड, कृषि विभाग और बद्दी-बरोटीवाल-नालागढ़ विकास प्राधिकरण को लगभग ७७.५० करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला में लोक निर्माण विभाग के १५८ विभिन्न मार्ग वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं। पुल एवं सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से विभाग को ४० करोड़़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग की लगभग २०० पेयजल एवं सिंचाई योजनाएं वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस कारण जल शक्ति विभाग को ३१.९५ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश विद्युत बोर्ड को भारी वर्षा के कारण ज़िला में लगभग १.२५ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग को २.६७ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ज़िला के नालागढ़ उपमण्डल में भारी वर्षा के कारण बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण को विभिन्न कार्यों के क्षतिग्रस्त होने से लगभग १.३५ करोड़ का नुकसान हुआ है। अजय यादव ने कहा कि भारी वर्षा के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या ०५ शिमला-परवाणू पर अनेक स्थानों पर भूस्खलन के कारण यातायात बार-बार बाधित हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश दिए गए है कि इस महत्वपूर्ण राजमार्ग पर वाहनों की निर्बाध आवाजाही के लिए सभी एहतियाती उपाय अपनाए जाएं। उन्होंने कहा कि सोलन से हरियाणा के पंचकूला ज़िला से होकर बद्दी-नालागढ़ के लिए जाने वाला राजमार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। हरियाणा के मंडावाला में पुल के क्षतिगस्त होने के कारण इस मार्ग को बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि ज़िला में अभी तक जल शक्ति विभाग की ५० सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं को पुनः आरम्भ कर दिया गया है। ७० योजनाओं को शीघ्र आरम्भ करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। उन्होंने कहा कि सोलन शहर की पेयजल आपूर्ति योजना को पुनः आरम्भ कर दिया गया है। बद्दी की योजना सुचारू है। उन्होंने कहा कि नालागढ़ क्षेत्र की दो जलापूर्ति योजनाएं सुचारू है जबकि एक योजना को आरम्भ करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अर्की उपमण्डल में विभिन्न जलापूर्ति एवं सिंचाई योजनाओं को आरम्भ करने का कार्य जारी है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा ज़िला में विभिन्न अवरूद्ध मार्गों को खोलने के लिए ५७ जे.सी.बी तथा २३ टिप्पर तैनात किए गए हैं। अजय यादव ने कहा कि विद्युत बोर्ड द्वारा हर सम्भव प्रयास कर विद्युत आपूर्ति सुचारू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा अन्य नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ज़िला में भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन से दो व्यक्तियों की दुःखद मृत्यु का समाचार प्राप्त हुआ है। कसौली उपमण्डल के तरोल के समीप झारखंड के श्रमिक प्रकाश तथा नेपाल के श्रमिक भीम सेन की मृत्यु की जानकारी मिली है। अजय यादव ने अवगत करवाया कि वर्षा के कारण हुई क्षति एवं आमजन को राहत पहुंचाने के सम्बन्ध में आज प्रातः प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। ज़िला प्रशासन द्वारा इस विषय में मुख्यमंत्री द्वारा जारी सभी निर्देशों का पूर्ण पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी स्थिति से निपटने और क्षतिग्रस्त मार्गों, पुलों तथा योजनाओं को सुचारू बनाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं और शीघ्र ही आवश्यक आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू कर दिया जाएगा।
जिला कुल्लू में थाना निरमंड के अंतर्गत केदस मार्ग पर पीपलहट्टी में एक गाड़ी के गहरी खाई में गिर जाने से पांच लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। हादसा आज सोमवार सुबह निरमंड के केदस-देवढांक सड़क पर पेश आया, जहां एक मारुति सिलेरियो गहरी खाई में लुढ़क गई। हादसे में घायल कार चालक एवं मालिक कुलदीप की मौत निरमंड सिविल अस्पताल से रामपुर बुशहर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हुई, जबकि चार अन्य लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान जुगत राम पुत्र हुक्मी राम गांव नाबा तहसील निरमंड, हरदयाल पुत्र चूडा राम गांव केदस निरमंड, सीमा नेगी पत्नी गणेश नेगी गांव कुमसू रामपुर और बर्षा पत्नी कुलदीप गांव केदस निरमंड जिला कुल्लू, कुलदीप वर्मा पुत्र हरदयाल गांव केदस जिला कुल्लू उम्र 40 साल के रूप में हुई है। निरमंड पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंच कर दुर्घटना के कारणों की जांच आरंभ कर दी है।
भारी बारिश से सड़कें बंद होने से प्रदेश भर में एचआरटीसी के 1007 रूट बंद हो गए हैं। वहीं, अलग-अलग क्षेत्रों में निगम की 452 बसें फंसी हुई हैं। इसके अलावा हिमाचल से बाहर भी कई बसें फंसी हुई हंै। एचआरटीसी प्रबंधन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार प्रदेश में नाहन यूनिट की एक बस देहरादून पांवटा सड़क पर फंसी हुई है। वहीं एक बस सुंदरनगर यूनिट की सहारनपुर अंबाला के बीच फंस गई है। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि मंडी का धर्मपुर डिपो सुरक्षित है। सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, वीडिया 2015 का है। उन्होंने बताया कि रामपुर-रिकांगपिओ बस रूट बंद है। इसके कारण रिकांगपिओ में स्थानीय बसों का संचालन बंद हो गया है। रामपुर से रोहड़ू के रूट भी भूस्खलन के कारण बंद है। शिमला शहर के अंदर एचआरटीसी बसों की आवाजाही जारी है, लेकिन शहर के साथ लगते कई क्षेत्रों में बसों की आवाजाही बंद है। नाहन में मुख्य सडक़े अलावा सभी लिंक रूट बंद है। इसी तरह सोलन में भी मुख्य सडक़ के अलावा लिंक रूट बंद है। चंबा में एचआरटीसी की सभी बस सेवाएं प्रभावित है। कुल्लू जिला के भी सभी रूट बंद है। धर्मशाला डिपो के लोकल रूट बंद है। हमीरपुर में मुख्य रूट बहाल हैं, लेकिन लिंक रूट बंद है।
हिमाचल में तीन दिन से जारी बारिश प्रदेश को गहरे जख्म दे रही है। अब तक करीब 15 लोगों को यह बेरहम बरसात लील गई है। बरसात के कारण कई जगह लोगों के घर और अन्य भवन जमींदोज हो गए हैं तो कहीं पानी अपने साथ लोगों के आशियाने बहाकर ले गया है। मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन, बादल फटने, घर ध्वस्त होने, पेड़ और बिजली गिरने से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। 6 नेशनल हाईवे समेत 828 सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हैं। 4686 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। सबसे ज्यादा नुकसान कुल्लू और मंडी जिले में हुआ है। मनाली में चार लोग बहने से लापता हैं। वहीं, दो-तीन वोल्वो बसों के बहने की सूचना है। अखाड़ा बाजार में बैली ब्रिज को भारी नुकसान हुआ है। आवाजाही बंद कर दी गई है। मंडी में ब्यास नदी के उफान में 40 साल पुराना पुल बह गया है। जिला ऊना के उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में रविवार देर रात तथा सोमवार सुबह को लगातार हो रही बारिश से यातायात प्रभावित है। वहीं कुछ स्थानों पर रिहायशी मकान तथा गोशालाएं गिर गई हैं। रौद्र रूप दिखा रही ब्यास बारिश से ब्यास नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। नदी के तटीय इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। ब्यास किनारे कई घर व होटल बह गए हैं। वहीं पार्वती व तीर्थन नदी व अन्य नदी नालों में बाढ़ जैसे हालात हैं। नदी किनारे बसें गांवों व घरों में पानी घुस गया है। लाहौल के तेलिंग नाला में तीन दिन से फंसे हैं 50 लोग जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में बारिश ने तबाही मचा दी है। मनाली-लेह मार्ग के बीच आने वाले तेलिंग व पागलनाला में बाढ़ आने से सड़क मार्ग बंद है। यहां एचआरटीसी की चार बसों के साथ कुछ छोटे वाहन भी फंसे हैं। बसों में सवार करीब 50 लोग तीन दिनों से भूखे प्यासे हैं। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन ने कोई भी मदद नहीं की है। किन्नौर की भावा खड्ड में तीन मकान बहे किन्नौर जिले की भावा खड्ड में रविवार रात बाढ़ आने से तीन मकान बह गए हैं, जबकि दो मकानों को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है। एक टिप्पर, एक पिकअप और एक कार बाढ़ मे बह गई है। कई सेब के बागीचों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं भावा खड्ड पर बने पैदल पुल भी बाढ़ की चपेट में आने से बह गए हैं। जबकि कई मकान खतरे की जद में हैं। ऊना आने वाली सभी ट्रेनें रद्द ऊना आने वाली सभी ट्रेनें आज भी रद्द रहेंगी। बारिश की वजह से रेल सेवा पर सबसे बुरा असर पड़ा है। वंदे भारत, जनशताब्दी, हिमाचल एक्सप्रेस सहित पेसेंजर ट्रेने भी नहीं चलेंगी। ऊना, अंब, अंदौरा व दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन भी खाली पड़ हैं। ऊना में कुल नौ ट्रेने अवगमन करतीं हैं। सीएम ने की राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बारिश से हुई तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। सीएम सुक्खू रात भर मंडी, कुल्लू, सोलन जिलों में हो रही तबाही की जानकारी लेते रहे। फंसे हुए लोगों को सकुशल निकालने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश में फोरलेन निर्माण के दौरान मलबे के ढेर अब बर्दाश्त नहीं होंगे। एनएचएआई ने निर्माता कंपनी को सख्त निर्देश दिए हैं। चिन्हित जगह से बाहर कंपनियां मलबा फेंकती हैं, तो उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है। एनएचएआई ने बरसात को देखते हुए यह कदम उठाए हैं। जगह-जगह मलबा फेंकने की वजह से सडक़ से निचले क्षेत्रों में बाढ़ आने के हालात बने हुए हैं। इन्हें देखते हुए यह निर्देश जारी किए हैं। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित ने बताया कि फोरलेन पर मलबे के ढेर अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। प्रदेश में कालका-शिमला, शिमला-मटौर, कीरतपुर-मनाली, पठानकोट मंडी और पिंजौर-नालागढ़ समेत अन्य एनएच पर यह आदेश लागू रहेंगे। उन्होंने कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे पर्यावरण के प्रति अपनी भूमिका को बखूबी निभाएं। गौरतलब है कि केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दो दिन पहले ही इंडियन रोड कांग्रेस अधिवेशन में पेड़ों को बचाने के आदेश दिए थे। इसमें उन्होंने पेड़ काटने की जगह उन्हें उखाड़ कर दूसरी जगह स्थापित करने के निर्देश दिए थे। केंद्रीय मंत्री ने देश भर के इंजीनियरों को यह आदेश दिए थे कि वे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सडक़ों के निर्माण को विश्वस्तरीय पहचान दें। उन्होंने नए एनएच निर्माण के दौरान काटे गए पेड़ों के एवज में 68 हजार पेड़ लगाने की बात कही है। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी ने तमाम निर्माता कंपनियों की एक अहम बैठक ली है। इस बैठक के दौरान उन्होंने एनएच के किनारे लगे ढेर को हटाने की बात कही। फोरलेन निर्माण के दौरान जो मलबा निकल रहा है उसे डंप करने के लिए जगह चिन्हित की गई हैं। इन जगहों के अलावा दूसरे स्थानों पर ढेर नहीं लगाए जा सकते हैं। कंपनी प्रबंधकों को इस बात का ख्याल रखना होगा।
प्रदेश में लगातार जारी भारी बारिश के चलते प्रदेश उच्च न्यायालय व जिला न्यायपालिका के सभी न्यायालय में सोमवार को अवकाश घोषित किया गया है। इस संबंध में प्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने आदेश जारी किए हैं। आदेशों में कहा गया है कि अवकाश के स्थान पर भविष्य में किसी अन्य गैर कार्य दिवस को प्रदेश उच्च न्यायालय में कार्य दिवस घोषित किया जाएगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश इसे हिमाचल प्रदेश राज्य के बार एसोसिएशन के माध्यम से आम जनता, वादिकरियों और अधिवक्ताओं के ध्यान में लाएंगे। लगातार हो रही बारिश के कारण वकीलों, कर्मचारियों और न्यायिक अधिकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके बाद ही ये आदेश जारी किए गए हैं।
अखिल भारतीय हिमाचल सामाजिक संस्था संघ (पंजी) नई दिल्ली के एक प्रतिनिधिमंडल ने संघ के अध्यक्ष केएम लाल की अध्यक्षता में केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात की तथा जर्मनी (बर्लिन) में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय स्पेशल ओलंपिक खेलों में टीम इंडिया को बास्केटबॉल में स्वर्ण पदक जीतने वाले हिमाचल प्रदेश जिला सोलन के कुनिहार से संबंध रखने वाले मुख्य कोच राज कुमार पाल तथा टीम के कप्तान अवनीश कौंडल के बारे में चर्चा की। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष केएम लाल ने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से अनुरोध किया कि खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने हेतु उन्हें उचित पुरस्कार राशि तथा कोच को नौकरी में पदोन्नति किया जाना चाहिए और बेरोजगार कप्तान खिलाड़ी को केंद्र सरकार अथवा प्रदेश सरकार में नियमों के अनुसार नौकरी भी दी जानी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में संघ के राष्ट्रीय महासचिव राकेश शर्मा, कोषाध्यक्ष शीश राम पाल एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश में बीते दिन से बारिश का कहर जारी है। रविवार को प्रउेश में पांच लोगों की मौत हो गई। बारिश की वजह से शिमला में एक मकान गिर गया। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। कुल्लू में एक महिला और रामपुर में एक व्यक्ति की मौत हुई है। कुल्लू जिले के बाहंग में एक दुकान ढह गई। कुल्लू में ब्यास के साथ पार्वती और तीर्थन नदी भी उफान पर हैं। इसके अलावा, मंडी शहर में ब्यास नदी उफान पर है। भूस्खलन की वजह से कई हाईवे बंद हैं। मौसम की मार से वंदे भारत, अम्बाला से ऊना आने वाली ट्रेन प्रभावित हैं। लाहौल में ताजा बर्फबारी और मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रामशिमला से मनाली मार्ग यातायात के लिए बंद है। सांगरी बैग से बायां तट होते हुए नग्गर मनाली तक भी यातायात के लिए बंद है। कुल्लू के ब्यासा मोड़ में कार फंस गई।
प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर नुकसान की खबर है। नदी नाले उफान पर है। पहाड़ों,चट्टानों और पेड़ों के गिरने का डर है। यह क्रम अभी दो दिन तक और जारी रहेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लोगों से अपील की है कि ज्यादा जरूरी काम न हो तो घर से बाहर न जाएं। जनता की सुविधा के लिए प्रशासन को हर संभव सहायता प्रदान करने और सतर्क रहने के आदेश दे दिए गए हैं। सरकार हर वक्त आपके साथ खड़ी है। अपना ख्याल रखें और सावधान रहें।
हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश के बीच मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से हिमाचल प्रदेश में 9 जुलाई के लिए बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में 10 जुलाई के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है। पूरे प्रदेश में 14 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने हिमाचल के लाहौल-स्पीति में अचानक बाढ़, हिमस्खलन की चेतावनी भी दी है। रेड अलर्ट को देखते हुए मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों व पर्यटकों को संबंधित विभागों की ओर से जारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। विभाग के अनुसार मौसम के संबंध में जारी की गई किसी भी यातायात सलाह का पालन करें। -इन जिलों के लिए जारी हुआ रेड अलर्ट प्रदेश के ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिले के लिए बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी हुआ है। वहीं, शिमला, सोलन, सिरमौर व लाहौल-स्पीति के लिए येलो-ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। उधर, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से भी लोगों को एसएमएस के जरिये सचेत रहने की सलाह दी जा रही है।
सोलन जिले में पर्यटन इलाके कसौली में भूस्खलन होने के बाद तीन निर्माणाधीन भवन खतरे की जद्द में आ गए है। इनमें से एक भवन धंस गया है, जबकि दो भवनों को भी नुकसान पहुंचा है। भूस्खलन के चलते किम्मूघाट-चक्की मोड़ सड़क भी बंद हो गई है। वहीं कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर भी कई जगह बारिश में पत्थर और मलबा आया है। इस कारण सड़क पर कई जगह पहाड़ी वाली लेन को बंद कर दिया गया है।
शिमला : चलती ट्रेन में सजा साहित्य मंच, स्वास्थ्य मंत्री ने किया राष्ट्रीय साहित्य यात्रा का शुभारंभ
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज रेलवे स्टेशन शिमला से हिमालय साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच द्वारा आयोजित बाबा भलकू स्मृति कालका शिमला रेल राष्ट्रीय साहित्य यात्रा एवं संवाद 2023 का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हिमालय साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच द्वारा की गई यह पहल अत्यंत सराहनीय है, जिनके प्रयासों से हिमालयन क्वीन एक्सप्रेस शिमला-कालका रेल में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लगभग 35 साहित्यकारों, पत्रकारों, लेखकों, रंग कर्मी एवं लोक गायक ने बाबा भलकू की स्मृति पर उन्हें चलती हुई रेल में याद किया। इस तरह का राष्ट्रीय आयोजन चलती हुई रेल में अपने आप में एक अनूठी पहल है। डॉ. शांडिल ने कहा कि शिमला-कालका रेल का इतिहास बाबा भलकू के साथ जुड़ा है जिनके प्रयासों एवं सहयोग से ही इस रेल लाइन का कार्य पूर्ण हुआ है। उन्होंने कहा कि कंडाघाट में कंडाघाट से बाबा भलकू के पुश्तैनी गांव की और जाने वाली सड़क पर उनकी स्मृति में बाबा भलकू द्वार की स्थापना की जा रही है। इसी तर्ज पर उनकी स्मृति पर समय-समय पर अलग-अलग प्रकार की संगोष्ठी एवं आयोजन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा की यह साहित्य यात्रा शिमला रेलवे स्टेशन से बड़ोग रेलवे स्टेशन तक और वहां से वापस शिमला रेलवे स्टेशन आएगी। चलती रेल में कहानी, संस्मरण, कविता, गजल, संगीत के कई सत्र रेलवे स्टेशनों के नाम से संपन्न होंगे। सभी लेखक दूसरे दिन बस से बाबा भलकू के पुश्तैनी गांव और घर जाएंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे हम सब भारतवासियों की संस्कृति, सभ्यता, भाईचारा, समरसता एवं अखंडता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। उन्होंने रेलवे को भारतीय सेना के साथ जोड़ने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि जैसे भारतीय सेना को अनुशासन एवं समय के लिए जाना जाता है उसी तर्ज पर भारतीय रेलवे भी अपने दायित्व का निर्वहन कर रहा है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए साहित्यकारों को सम्मानित किया तथा उनके द्वारा लिखी गई पुस्तकों का विमोचन भी किया। स्वास्थ्य मंत्री ने साहित्यकारों के साथ उनकी साहित्य यात्रा में शिमला रेलवे स्टेशन से समरहिल स्टेशन तक का सफर तय किया। इस अवसर पर अध्यक्ष एवं संयोजक एस आर हरनोट, शिमला रेलवे स्टेशन अधीक्षक संजय गेरा सहित अन्य साहित्यकार एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। इससे प्रदेश में 160 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं। मौसम विभाग ने आगे दो दिन तक हाईअलर्ट जारी किया गया है। शिमला और सोलन जिले में धुंध के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर तक गिर सकती है। मौसम विभाग की मानें तो ऊना, कांगड़ा, चंबा, बिलासपुर, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और हमीरपुर जिले में कुछ स्थानों पर भारी से भी भारी बारिश हो सकती है। इसलिए इन जिलों में मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। मौसम विभाग की मानें तो बारिश होने से मौसम में गिरावट आई है। अगले 2-3 दिन में भी तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरवाट आएगी। प्रदेश का अधिकतम तापमान औसत से 2.4 डिग्री नीचे लुढ़क चुका है। शिमला का अधिकतम पारा 22.8 डिग्री, ऊना का 33.2 डिग्री, नाहन 26.7 डिग्री, सोलन 27.4 डिग्री, मनाली 22.8 डिग्री, कांगड़ा 31.3 डिग्री, बिलासपुर 32 डिग्री और हमीरपुर 32.4 डिग्री दर्ज किया गया।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत 10 जुलाई को सोलन के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता सोलन राहुल वर्मा ने दी। राहुल वर्मा ने कहा कि 10 जुलाइ को प्रात: 10 बजे से दोहपर 12 बजे तक तथा सांय 4 बजे से सायं 6 बजे तक चम्बाघाट चैक, फोरेस्ट कालोनी, करोल विहार, डीआईसी, बेर गांव, बेर पानी, औद्योगिक क्षेत्र, कुलजा उद्योग, एनआरसीएम, बेर खास, दामकड़ी, जौणाजी, सेर चिराग, कोटला, मशीवर, दयारग बुखार, रोमी बस्सी, हदेची, शेरपा रिसोर्ट, बालूघाटी, बायला, चेंजर, शिल्ली, फशकना, अश्वनी खड्ड, रिडिधार, कनाह बजनाल एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में अथवा किसी अन्य अपरिहार्य कारणों के दृष्टिगत निर्धारित तिथि व समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
राजस्व, बागवानी तथा जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि नशा मुक्त भांग की खेती संभव है और भांग के औषधीय व औद्योगिक उपयोग का लाभ उठाना आवश्यक है। जगत सिंह नेगी आज सोलन में हिमाचल प्रदेश में औषधीय व औद्योगिक उपयोग के लिए भांग की खेती को वैधता प्रदान करने के सम्बन्ध में प्राधिकृत समिति द्वारा आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। राजस्व मंत्री ने सोलन जिला के विभिन्न पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से इस महत्वपूर्ण विषय पर सारगर्भित चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भांग की खेती को वैधता प्रदान करने के सम्बन्ध में सभी की राय एवं सुझावों पर चर्चा के उपरांत राज्य हित में निर्णय लेगी। जगत सिंह नेगी ने कहा कि भांग की खेती के विषय में जन-जन को जागरूक बनाया जाना आवश्यक है ताकि सभी भांग के औषधीय एवं औद्योगिक गुणों से परिचित हो सकें। उन्होंने कहा कि डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सोलन तथा चैधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर, कांगड़ा के माध्यम से प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के लिए इस विषय में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला के प्रतिनिधियों के लिए नौणी विश्वविद्यालय द्वारा शीघ्र ही भांग की खेती एवं उपयोगिता के संबंध में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन होगा। बागवानी मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक परीक्षण यह सिद्ध करते हैं कि भांग की उपयोगिता आर्थिकी का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है। उन्होंने कहा कि भांग में पाए जाने वाले सीबीडी (कैनाबीडियोल) का प्रयोग विभिन्न रोगों के उपचार के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक रूप से प्रयोग कर भांग के पौधे से कपड़ा, कागज़, तेल एवं पेंट इत्यादि बनाया जा सकता है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि नशे के रूप में भांग के दुरुपयोग पर कानून पूर्ववत रहेंगे और नशे के सौदागरों के विरुद्ध मुहिम को और गति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी चुने प्रतिनिधियों को जन-जन को इस दिशा में जागरूक बनाना होगा कि भांग की उपयोगिता का लाभ उठाकर आर्थिक सशक्तिकरण को और मज़बूत किया जा सकता है। राजस्व मंत्री ने इस अवसर पर पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का विस्तृत उत्तर देकर उनकी शंकाओं का समाधान भी किया। मुख्य संसदीय सचिव (बहुउदेशीय परियोजनाएं, विद्युत, पर्यटन, वन एवं परिवहन) सुदंर सिंह ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस दिशा में गठित यह समिति अभी तक कुल्लू, मण्डी, कांगड़ा, चम्बा और आज सोलन में यह बैठक आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा कि समिति का मुख्य उद्देश्य इस विषय में आमजन की राय जानना और भांग के औषधीय एवं औद्योगिक लाभों को प्रोत्साहित करना है। समिति द्वारा हाल ही में केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो सहित अन्य राज्यों का भ्रमण कर वहां भांग के उपयोग इत्यादि की विषय में गहन जानकारी प्राप्त की गई। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि भांग के औषधीय एवं औद्योगिक गुणों के सम्बन्ध में लोगों को जागरूक बनाएं। समिति के सदस्य एवं द्रंग के विधायक पूर्ण चंद ठाकुर, शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया, बंजार के विधायक सुरेन्द्र शौरी तथा भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने इस अवसर पर भांग की उपयोगिता एवं इसके लाभों पर विस्तृत प्रकाश डाला। समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य एवं अधिवक्ता देवेन कृष्ण खन्ना ने भांग से संबंधित विधिक विषयों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। पुलिस अधीक्षक बद्दी मोहित चावला ने भी विषय पर अपने विचार रखे। राज्य कर एवं आबकारी ज़िला सोलन के उपायुक्त देवकांत खाची ने सभी का स्वागत किया और समिति के कार्य के संबंध में जानकारी प्रदान की। कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी, जिला परिषद सोलन के अध्यक्ष रमेश ठाकुर, नगर निगम सोलन की महापौर पूनम ग्रोवर, उप महापौर राजीव कौड़ा, प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष राहुल सिंह ठाकुर एवं रमेश ठाकुर, ज़िला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष शिव कुमार, प्रदेश कांग्रेस महासचिव सुरेंद्र सेठी, कांग्रेस के अजय कंवर, सोलन ज़िला के पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव, इस समिति के सदस्य सचिव एवं राज्य कर एवं आबकारी के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. राजीव डोगरा, उप पुलिस अधीक्षक सोलन भीष्म ठाकुर, राज्य कर एवं आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के युवा नेता अखिल गौतम ने नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र की पंचायत बघलेहर में लोगों की समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि काफी वर्षों से जायिवाला की सड़क पर सिर्फ रोड़ी और बजरी डली है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम मे बच्चों को स्कूल जाने में भी परेेशानी होती है। इस कारण बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं। उन्होंने बताया कि जायिवाला की सड़क 8-9 पंचायतों को जोड़ती है। अखिल गौतम ने कहा कि बहुत जल्द इस रोड का मुद्दा लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के समक्ष रखा जाएगा व इस रोड को जल्द से जल्द बनवाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
उद्योग, संसदीय कार्य, आयुष मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हिमाचल को देश का सर्वश्रेष्ठ निवेश स्थल बनाने के लिए प्रयासरत है। इस दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा उद्योग स्थापित करने के लिए सरल नीति बनाई जा रही है। हर्षवर्धन चौहान गत सायं सोलन ज़िला के दून विधानसभा क्षेत्र में बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ उद्योग संघ (बीबीएनआईए) के साथ आयोजित वार्षिक बैठक तथा संवाद कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार बीबीएन सहित राज्य के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृत संकल्प है। उन्होंने कहा कि बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र प्रदेश की आर्थिकी का हब है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल के उद्योगपतियों की हर समस्या का निदान करने के लिए उचित कदम उठा रही है ताकि उद्योगपतियों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए कठिनाई का सामना न करना पड़े। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र में सभी मूलभूत एवं अधोसंरचनात्मक सुविधाओं के विकास पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से पिंजौर-नालागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि नालागढ़ के लखनपुर में मेडिकल डिवाइज पार्क का निर्माण किया जा रहा है जिसमें अंतरराष्ट्रीय उद्योग स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उद्योगों के स्थापित होने से लगभग 15 हजार युवाओं को रोज़गार के अवसर प्रदान होंगे। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योगपतियों व औद्योगिक संगठनों की समस्याओं को बातचीत के माध्यम से हल कर रही है। बेहतर निवेश वातावरण प्रदान करना प्रदेश सरकार का लक्ष्य है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने बीबीएनआईए की स्मारिका का विमोचन भी किया। मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का सपना प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में उद्योगों अहम भूमिका निभाएंगे। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ललित जैन ने इस अवसर पर कहा कि बीबीएन उत्तर भारत का ऐसा औद्योगिक क्षेत्र है जहां पर उद्योगपतियों को कार्य करने के लिए सौहार्दपूर्ण वातावरण उपलब्ध है। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने इस अवसर उद्योगपतियों का आह्वान किया कि प्रदेश के पर्यावरण के दृष्टिगत ऐसे उद्योग स्थापित करें जिनका कच्च माल भी हिमाचल में उपलब्ध हो। पुलिस अधीक्षक बद्दी मोहित चावला ने कहा कि बद्दी क्षेत्र में सभी की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने लगभग 04 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। कार्यक्रम में बीबीएनआईए के अध्यक्ष राजेंद्र गुलेरिया तथा आगामी अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने उद्योग मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि बीबीएनआईए ने 28 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर लिया है। उन्होंने सरकार के कार्यकाल के दौरान बीबीएन औद्योगिक क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्र में उद्योगपतियों को आ रही समस्याओं के बारे में अवगत भी करवाया। औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों व उद्योगपतियों ने बीबीएन क्षेत्र में बेहतरीन औद्योगिक वातावरण तथा सुविधाएं स्थापित करने के विषय में अपने-अपने सुझाव दिए। उपमंडलाधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल, उप निदेशक उद्योग बद्दी संजय कंवर, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेंद्र कुमार आहलूवालिया, पुलिस उपाधीक्षक नालागढ़ फिरोज़ खान, बीबीएनआईए के पदाधिकारी तथा उद्योगपति उपस्थित थे।
बाहरा विश्वविद्यालय में एचपीपीईआरसी द्वारा एंटी ड्रग क्लब, पर्यावरण क्लब और हरीत ऊर्जा क्लब पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि आई जी सीआईडी संतोष पटियाल रहे। मेजर जनरल अतुल कौशिक अध्यक्ष एचपीपीईआरसी , प्रो. शशिकांत शर्मा सदस्य एचपीपीईआरसी, ललित कुमार सदस्य एचपीपीईआरसी और हिमाचल प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि और नोडल अधिकारी मौजूद रहे। इस कार्यशाला में सभी विषयों पर चर्चा परीचर्चा हुई। इस अवसर पर कुलपति बाहरा विश्वविद्यालय डॉ. किरण अरोड़ा, रजिस्ट्रार विनीत कुमार डीन एकेडमिक्स डॉ. एस मार्कंडेय उपस्थित रहे।
एएनटीएफ राज्य सीआईडी शिमला रेंज ने एक नेपाली मूल के व्यक्ति से 5 लाख रुपये मूल्य की 1.876 किलोग्राम चरस बरामद की है। इस संदर्भ में पुलिस थाना सदर, जिला सोलन में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20-61-85 के तहत मामला दर्ज किया गया है। व्यक्ति की पहचान बहादुर (57) पुत्र अमृत बहादुर, निवासी पाताल कटेरी तेह विजयवर, नेपाल के रूप में हुई है। आरोपी वर्तमान में सोलन के कदारी खुर्द में रहता है।
मन में हो इरादा कुछ करने का तो कोई भी कार्य किया जा सकता है। ऐसा ही इरादा लेकर कुनिहार पंचायत के गांव चिसवा की महिलाओं ने गांव को जाने वाले खस्ताहाल रास्ते को स्वयं ही दुरुस्त कर दिया। गौर रहे कि गांव चिसवा के अलावा कई गांवों के शमशान घाट व क्षेत्र की पेयजल योजना जाबलू को भी यही रास्ता जाता है। कच्चा होने के कारण हर बरसात में इस रास्ते की हालत बहुत खस्ता हो जाती है और इसपर वाहन चालकों व पैदल चलने वालों को खासी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। जब इस बारे पंचायत प्रधान राकेश ठाकुर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह रास्ता लोगों की निजी भूमि से होकर जाता है। इसे पक्का करने के लिए लोगों की एनओसी जरूरी है। अगर जमीन मालिक इसे पक्का करने की एनओसी दे देते हैं तो इसे पक्का करवा दिया जाएगा।


















































