धर्मपुर खंड की खंड स्तरीय तीन दिवसीय अंडर 14 खेलकूद प्रतियोगिता में वॉलीबॉल में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पट्टाबराबरी ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोटी को फाइनल में हराकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। खिलाड़ियों का विद्यालय पहुंचने पर प्रधानाचार्य कमलेश चौहान व संपूर्ण स्टाफ ने जोरदार स्वागत किया तथा इस उपलब्धि पर बधाई दी। इस उपलब्धि के लिए विद्यालय के पी टी आई सुधीर कुमार की सराहना की गई। विद्यालय के चार खिलाड़ी जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित भी हुए हैं।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला सोलन की ब्लॉक इकाई कुनिहार ने अध्यक्ष सुनील दत्त की अगुवाई में मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी से शिमला सचिवालय में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान इकाई की ओर से उन्हें शॉल टोपी व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। पुरानी पेंशन बहाली पर इकाई की ओर से सरकार का आभार व्यक्त किया गया। मुख्य संसदीय सचिव व अर्की विधान सभा से विधायक संजय अवस्थी ने कुनिहार ब्लॉक इकाई के सभी सदस्यों को आश्वस्त करते हुए कहा,कि सरकार प्रदेश के कर्मचारियों के साथ है व उनकी किसी भी समस्या का समाधान करने को प्रतिबद्ध है। इस दौरान इकाई अध्यक्ष सुनील दत्त, सुरेश कुमार वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बलदेव ठाकुर महासचिव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने बताया कि आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश का 75 वर्ष पूर्ण होने पर गेयटी सभागार शिमला में बहुत ही धूमधाम से किया गया। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजशरण शाही मुख्य अतिथि व वशिष्ठ अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान बबिता फोगाट उपस्थित रहीं। फोगाट ने संबोधन करते हुए विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित मिशन साहसी कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद को ऐसे ओर कार्यक्रम छात्राओं के लिए करवाने चाहिए व यहां मेरे सहयोग व सहायता की जरूरत होगी वह मैं करूंगी। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम अमृत महोत्सव समारोह की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। आकाश नेगी ने बताया कि इस अमृत महोत्सव समारोह कार्यक्रम में देश व प्रदेश कानाम ऊंचा करने वाले व सामाजिक क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले महानुभावों को भी सम्मानित किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के इस अमृत महोत्सव समारोह कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश की संस्कृति की भी झलक सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से देखने को मिली। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से अभाविप के पूर्व कार्यकर्ता, शिमला जिला की विभिन्न इकाइयों के कार्यकर्ता व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से कार्यान्वित करने और लोगों को लाभान्वित करने के लिए राज्य सरकार ने ग्राम पंचायतों की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों में भी 'परिवार रजिस्टर' बनाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के परिवार रजिस्टर के रखरखाव नियम, 2023 के एक प्रारूप को हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। शहरी क्षेत्रों में परिवार रजिस्टर को लागू करने के लिए राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा 48 ए धारा 308 ए और हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा 43 (5) और धारा 393 में संशोधन किया गया है ताकि परिवार रजिस्टर के रखरखाव का प्रावधान किया जा सके। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार का यह नवोन्मेषी कदम शहरी क्षेत्रों के लिए योजनाओं को तैयार करने के दृष्टिगत निर्णय लेने में मील पत्थर साबित होगा। इससे इन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के बारे में महत्वपूर्ण डॉटा उपलब्ध होगा, जिसके उपयोग से संसाधनों के बेहतर आबंटन सुनिश्चित कर जन कल्याण के लिए स्टीक योजनाएं बना जा सकेंगी। अभी तक केवल ग्राम पंचायतों में ही परिवार रजिस्टर रखे जाते थे। इस पहल के साथ, शहरी आबादी की आपत्तियों और सुझावों के उपरांत अंतिम मंजूरी मिलने के बाद शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं का प्रभावी ढंग से लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त प्रत्येक वर्ष 31 जनवरी तक परिवार रजिस्टर को संशोधित किया जा सकता है और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आवश्यक संशोधन किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार में रहने वाले सदस्यों, उनके व्यवसाय, जाति, शैक्षणिक स्थिति और अन्य आवश्यक विवरणों का रिकार्ड रखना महत्वपूर्ण है। पारिवारिक रिकार्ड सुनिश्चित होने से सरकार द्वारा प्रायोजित कल्याणकारी योजनाओं का स्थानीय निकायों के लोगों को लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी। संशोधित नियमों के तहत वार्ड समिति के संबंधित सचिव को वार्ड के वास्तविक निवासियों के परिवारों के विवरण के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण करना आवश्यक होगा। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी या नगर पंचायत के सचिव या इसके लिए विशेष रूप से नामित सत्यापन अधिकारी द्वारा रजिस्टर सत्यापित किया जाएगा। सभी आवश्यक संशोधन और सत्यापन पूरे होने के उपरांत तैयार किया गया अंतिम परिवार रजिस्टर अनुमोदन के लिए सदन के समक्ष रखा जाएगा और राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद संबंधित अधिकारी द्वारा यह डाटा ऑनलाइन मोड के माध्यम से आम जनता को उपलब्ध करवाया जाएगा।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा राशन वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के दृष्टिगत उपभोक्ताओं के राशन कार्डों में उनकी आधार संख्या पंजीकृत की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी तक 99.60 प्रतिशत राशनकार्ड लाभार्थियों के राशनकार्ड को आधार संख्या से जोड़ा जा चुका है। प्रदेश में कुल 74,60,584 लाभार्थी हैं, जिनमें से 74,30,737 लाभार्थियों के आधार राशनकार्ड से जोड़ दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लाभार्थियों ने अभी तक अपने राशनकार्ड को आधार से नहीं जोड़ा है वह 15 अगस्त से पूर्व नजदीकी राशन डिपो में जाकर अपना आधार दर्ज करवा सकते हैं। यदि कोई अपना आधार 15 अगस्त तक दर्ज नहीं करवाता है तो इस स्थिति में राशनकार्ड को अस्थाई रूप से बंद कर दिया जाएगा तथा आधार की जानकारी उपलब्ध करवाने के बाद ही राशनकार्ड को फिर से शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राशनकार्ड धारकों की सुविधा के लिए लाभार्थिर्यों के मोबाइल नंबर को भी उनके राशनकार्ड के साथ जोड़ा जा रहा है ताकि उचित मूल्य की दुकानों पर उपलब्ध करवाए जा रहे खाद्यान्नों की सुविधा संबंधित जानकारी उपभोक्ताओं को पंजीकृत मोबाइल पर दी जा सके। उपभोक्ता विभागीय वेबसाइट/पारदर्शिता पोर्टल पर जाकर अपडेट मोबाइल नम्बर विकल्प के अधीन अपने 12 अंकों के आधार नम्बर दर्ज करवाने के उपरांत अपना मोबाइल नम्बर अपडेट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से ई-केवाईसी के माध्यम से यह सुनिश्चित कर रहा है कि राशनकार्ड में दर्ज व्यक्ति का नाम, जन्मतिथि तथा लिंग आधार में दर्ज डाटा के अनुरूप ही हो। इस विषय में उपभोक्ता अधिक जानकारी विभागीय वेबसाइट/पारदर्शिता पोर्टल पर प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी उचित मूल्य दुकानदारों को समयबद्ध ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के लोगों के पांच दशकों का शांतिपूर्ण संघर्ष लाया रंग, अब बिल जाएगा राष्ट्रपति के पास हिंदुस्तान की सबसे बड़ी पंचायत संसद भवन से सिरमौर जिला के गिरिपार क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी और अच्छी खबर आई है। बुधवार को चर्चा के बाद राज्यसभा में गिरिपार क्षेत्र का हाटी समुदाय जनजातीय संशोधन बिल को पारित हो गया है। लोकसभा में यह बिल पहले ही पारित हो चुका था। इस खबर के बाद गिरिपार क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। लोगों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है और इस ऐतिहासिक फैसले के लिए केेंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्यसभा के सांसद और जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा का तहेदिल से आभार प्रकट किया है। गौर हो कि बीते मंगलवार को छत्तीसगढ़ के 12 समुदाय के एसटी संशोधन बिल को पास करने के बाद हिमाचल प्रदेश के गिरिपार क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें और अधिक बलवान हो गई थीं कि बुधवार को उनका संशोधन बिल भी पास होगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी हाटी समुदाय जनजातीय संशोधन बिल का समर्थन किया था। बुधवार को दोपहर दो बजे के बाद हाटी समुदाय को हिमाचल प्रदेश की अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने के बिल पर चर्चा शुरू हुई। हिमाचल के राज्यसभा सासद प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने हाटी समुदाय के बारे में जानकारी के साथ-साथ पचास वर्ष के शांतिपूर्ण संघर्ष के बारे में बताया। उसके बाद अन्य सांसदों ने भी इसका समर्थन किया। गौर हो कि हाटी समिति के पदाधिकारियों ने मॉनसून सेशन शुरू होने से पहले ही कहा था कि हाटी समिति को पूरा भरोसा है कि यदि राज्यसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चली तो हिमाचल प्रदेश जनजातीय संशोधन बिल में हाटी समुदाय को भी जनजाति का संवैधानिक अधिकार मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। हाटी समीति केंद्रीय कार्यकारिणी के अध्यक्ष डॉ. अमीचंद कमल और महासचिव कुंदन सिंह शास्त्री ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। क्षेत्र के लोगों का पांच दशकों से अधिक का शांतिपूर्ण संघर्ष आज उस मुकाम पर पंहुच गया है जहां से हम बहुत जल्द अपनी मंजिल हासिल कर लेंगे। इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार सहित प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से इस संघर्ष में सहयोग देने वालों का समिति आभार प्रकट करती है। पिछली बार ऐसे रुकी प्रक्रिया इसी वर्ष फरवरी माह में केंद्रीय हाटी समिति का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय जनजाति मंत्री अर्जुन मुंडा और राज्य मंत्री रेणुका सिंह से मिला था जिसमें अर्जुन मुंडा ने विश्वास दिलाया था कि हाटी समुदाय को जनजाति का अधिकार दिलाना हमारी प्राथमिकता है,लेकिन फरवरी का संसद सत्र विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ा और 5 बार कार्य सूची में आने के बावजूद भी पास नहीं हो सका।
नवाचार, कौशल विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम में, शूलिनी विश्वविद्यालय और आईहब अनुभूति- आईआईआईटी दिल्ली विश्वविद्यालय ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह ऐतिहासिक समझौता एक सहयोगात्मक यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है जिसका उद्देश्य पेशेवरों को सशक्त बनाना, अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देना और दूरदर्शी छात्र परियोजनाओं को वास्तविकता में बदलना है। एमओयू के तहत शामिल कुछ मुख्य बिंदुओं में कौशल विकास कार्यक्रम शामिल हैं। इन्हें उभरते क्षेत्रों में ज्ञान और कौशल बढ़ाने के लिए संकाय और छात्रों के लिए डिज़ाइन और संचालित किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पेशेवरों का एक विविध समूह भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो। भारत में सार्वजनिक और सामुदायिक हित के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को संबोधित करने वाले नवीन समाधान और प्रबंधन उपकरण विकसित करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान को बढ़ावा देना, वास्तविक सामाजिक परिवर्तन लाना समझौते का अन्य उद्देश्य होगा। शूलिनी विश्वविद्यालय और आईहब अनुभूति- आईआईआईटी दिल्ली विश्वविद्यालय दुनिया में स्थायी बदलाव लाने के लिए पेशेवरों की एक नई पीढ़ी को सशक्त बनाने, नवाचार और सहयोग में नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं, शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला ने कहा। प्रो चांसलर विशाल आनंद ने कहा कि एमओयू सहयोग के एक महत्वाकांक्षी दायरे की रूपरेखा तैयार करता है जिसमें पहल की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है, जो सभी पूरकता, तालमेल और पारस्परिक लाभ पर केंद्रित है। सहयोग के प्रमुख क्षेत्र भारत में शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में क्रांति लाने के लिए तैयार हैं, जिससे सामाजिक प्रभाव और सतत विकास होगा। शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला ने कहा, हम नवाचार और सहयोग की यात्रा शुरू करने के लिए आईहब अनुभूति- आईआईआईटी दिल्ली विश्वविद्यालय के साथ हाथ मिलाकर रोमांचित हैं। यह साझेदारी भारत में उच्च शिक्षा और अनुसंधान के परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर दर्शाती है। साथ मिलकर, हमारा लक्ष्य हमारे छात्रों और शिक्षकों के बीच रचनात्मकता, समस्या-समाधान और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना है। दोनों संस्थान अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और शिक्षा के माध्यम से सार्थक परिवर्तन लाने का एक साझा दृष्टिकोण साझा करते हैं। यह समझौता भविष्य के सहयोग के लिए मंच तैयार करता है जो समाज पर सकारात्मक प्रभाव पैदा करेगा, वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों को सरलता और रचनात्मकता के साथ संबोधित करेगा।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने आज कारगिल विजय दिवस की 24वीं वर्षगांठ के अवसर पर यहां कारगिल शहीद स्मारक पर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मनमोहन शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के वीर जवानों की बहादुरी, शौर्य और पराक्रम को याद करने का दिवस है। उन्होंने कहा कि यह दिवस असंख्य वीरों की वीरगति के उपरांत कारगिल जीत की स्मृति दिलवाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को पूरे विश्व में अपनी बहादुरी, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाना जाता है। भारतीय सेना ने विषम परिस्थितियों में भी सदैव जीत का ही वरण किया है। आज के दिन हम सभी भारतीय सेना को सच्चे हृदय से नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के 527 जवानो ने अपने जीवन का बलिदान देकर राष्ट्र की अस्मिता की रक्षा की। भारतीय सेना के असंख्य शहीदों को यही सच्ची श्रद्धाजंलि होगी कि हम सभी अपना कार्य समर्पण और ईमानदारी से पूर्ण करे। उपायुक्त ने विश्वास दिलाया कि ज़िला प्रशासन सदैव ज़िला के पूर्व एवं सेवारत सैनिकों तथा उनके परिजनों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। नगर निगम की महापौर पूनम ग्रोवर, नगर निगम सोलन के पार्षदगण, जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, सेवानिवृत्त कर्नल सुरेश कुमार अग्निहोत्री सहित वरिष्ठ नागरिक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा पूर्व सैनिक इस अवसर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर ज़िला के सभी उपमण्डलों एवं विकास खंडों में शहीद सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और शपथ भी दिलाई गई।
कसौली विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेजा को जाने वाली सड़क का करीब दो सौ मीटर का भाग भारी बरसात के कारण बह गया है। हालांकि आजकल स्कूल में छुटियां हैं, लेकिन 31 जुलाई को स्कूल खुल जाएंगे। ऐसे में अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने की चिंता सता रही है। इस साल हुई भारी बारिश नदी का जलस्तर बढ़ने से स्कूल को जाने वाला एक मात्र रास्ते का नामोनिशान मिट गया है। स्कूल खुलने पर बच्चों को नदी पार कर स्कूल जाना पड़ेगा। आजकल नदी में पानी बहुत अधिक है, जिस कारण बच्चे पानी में नहीं जा सकते नदी में एकाएक पानी आने से कोई हादसा भी हो सकता है। स्कूल को जाने के लिए पूरा रास्ता नदी के साथ होकर गुजरता है। वहीं इतनी जल्दी टूटे रास्ते को बनाना संभव नहीं दिख रहा। कुछ अभिभावकों का कहना है कि अभी बरसात का मौसम खत्म नहीं हुआ है और अगर पिछले दिनों हुई बरसात फिर होती है तो यहां पर बच्चों के साथ कोई हादसा हो सकता है। बताया जा रहा है कि अभी तक शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी तक इसकी सूचना नहीं दी गई है, जबकि करीब पंद्रह दिन सड़क टूटे हो गए हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ न किया जाए व जब तक स्कूल को जाने वाले रास्ते का निर्माण नहीं हो जाता तब तक शिक्षा विभाग के पुराने भवन में क्लासे लगाई जाएं। पुराने भवन में क्लासे लगने से बच्चे की सुरक्षित रहेंगे। समस्या को लेकर मंगलवार को एसएमसी व क्षेत्र के लोगों की बैठक भी हुई, जिसमें इस समस्या पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें सभी बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर दिखे। एसएमसी प्रधान आशा कंवर ने बताया कि एसडीएम कसौली व शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी को मौका पर बुलाया जाएगा। वहीं, स्कूल के कनिष्ठ लिपिक अजय गुप्ता ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि स्कूल नए भवन में रहेगा। वहीं शिक्षा उप निदेशक सेकेंडरी सोलन जगदीश नेगी ने बताया कि इस बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं है। स्कूल प्रशासन को एसडीएम कसौली को सूचना देनी चाहिए।
आज सुबह कुनिहार-नालागढ़ मार्ग बढलग भाट की हट्टी के समीप एक ट्रक अनियंत्रित होकर पहाड़ी से जा टकराया जिसकारण कुनिहार-नालागढ़ मार्ग अवरुद्ध हो गया। दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रुक गई और वाहन चालकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। इस दौरान वाहनों की आवाजाही बाया मान से होकर चलाई जा रही है। लोक निर्माण विभाग कुनिहार अनुभाग मान के सहायक अभियंता अमरसिंह ने बताया कि ट्रक की वजह से मार्ग अवरुद्ध है फिलहाल वाहन चालक मान सड़क मार्ग का प्रयोग कर रहे हैं। जल्द ही इस मार्ग से ट्रक को निकाल कर यातायात के लिए मार्ग सुचारू कर दिया जाएगा।
आज जनवादी महिला समिति, सीटू, हिमाचल किसान सभा, एसएफआई, डीवाईएफआई आदि संगठन के द्वारा सोलन के चिल्ड्रन पार्क में धरना-प्रदर्शन किया गया। यह धरना-प्रदर्शन मणिपुर में पिछले 86 दिनों से जारी हिंसा के विरोध में किया गया। इस हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। हिंसा में 70 हजार लोग प्रभावित होकर बेघर हुए हैं। ये सभी लोग राहत शिविरों में गुजर बसर करने को मजबूर हैं। भाजपा की प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह की संवेदनहीन व पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली के कारण स्थिति दिनोंदिन भयावह होती जा रही है। राज्य में महिलाओं, बच्चियों व लड़कियों के यौन शोषण व बलात्कार की घटनाएं आम हो गयी हैं। गत दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुई दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके उनके सामूहिक बलात्कार की 4 मई की घटना ने देश व सभ्य समाज के रौंगटे खड़े कर दिए हैं। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह बेहद लज्जाजनक घटना है। प्रदेश की भाजपा सरकार इस तरह की घटनाओं को लगातार छिपाने की कोशिश करती रही है व दोषियों को मूक समर्थन देती रही है। सरकार की अक्षमता व भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली के कारण मणिपुर में स्थिति लगातार बिगड़ रही है। आश्चर्यजनक बात है कि इस तरह की हिंसा व बलात्कार की घटनाओं पर देश के प्रधानमंत्री तीन महीने तक मौन रहे। जब दो महिलाओं के बलात्कार व निर्वस्त्र करने का वीडियो वायरल हुआ तो प्रधानमंत्री ने मीडिया को संबोधित करते हुए भारी संवेदनहीनता का परिचय दिया तथा राजस्थान व छतीसगढ़ के मसले उठाकर मणिपुर मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश की। उनका बयान पूरी तरह गैर जिम्मेदाराना था व उन्होंने देश में बलात्कार, सामूहिक हत्याओं व हिंसा की घटनाओं जैसे संवेदनशील मुद्दों को राजनीति का शिकार बना दिया। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों के यह मंजूर नहीं हो सकता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह, देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व देश के गृह मंत्री अमित शाह की कार्यप्रणाली मणिपुर हिंसा में संदेह के घेरे में रही है। उनकी अक्षमता, पक्षपात व भेदभाव पूर्ण कार्यप्रणाली के कारण मणिपुर व देश की जनता का विश्वास मणिपुर की भाजपा सरकार वह केंद्र सरकार से पूर्णत उठ चुका है इस सारी पृष्ठभूमि में मणिकर के विषय पर आपका सकारात्मक हस्तक्षेप अपेक्षित है आशा है कि आप इस विषय पर तुरंत कार्रवाई अमल में लाएंगे। जनवादी महिला समिति, सीटू, हिमाचल किसान सभा, एसएफआई, डीवाईएफआई इस धरना प्रदर्शन से मांग करती है कि मणिपुर हिंसा पर तत्काल रोक लगाई जाए। वहां सांप्रदायिक सौहार्द कायम किया जाए। मणिपुर में तत्काल शांति बहाल की जाए। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह तथा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अक्षम भेदभाव व पक्षपात पूर्ण कार्यप्रणाली के कारण उन्हें तत्काल अपने पदों से हटाया जाए। मणिपुर में सिटी उत्पीड़न बलात्कार व यौन शोषण पर रोक लगाई जाए। बेघर लोगों को राहत शिविरों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए व उन्हें उनके मूल निवास में पहुंचाने के यथाशीघ्र ठोस उपाय किए जाए। हिंसा बलात्कार व सामूहिक हत्याओं के लिए जिम्मेवार लोगों पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उनके खिलाफ मुकदमे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए व उन्हें कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए । हिंसा व बलात्कार की घटनाओं का शिकार हुए लोगों में महिलाओं को उचित राहत उपलब्ध करवाई जाए। इस धरना प्रदर्शन में 50 से ज्यादा लोग शामिल रहे।
एमराल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल इंदौर में आईपीएससी अंडर-17 सॉकर टूर्नामेंट फॉर बॉयज-2023 का आयोजन किया गया। इसमें पाइनग्रोव स्कूल के लड़कों की सॉकर टीम ने अत्यंत कौशलपूर्ण खेल का प्रदर्शन किया। टीम के सभी खिलाड़ियों ने प्रत्येक मैच में सच्ची खेल भावना, दृढ़ संकल्प और कौशल दिखाया। आसाम वैली स्कूल के खिलाफ 3-2 से मैच जीता, मॉडर्न स्कूल बाराखम्बा-दिल्ली के खिलाफ 2-0 से, लॉरेंस स्कूल सनावर के खिलाफ 5-0, डेली कॉलेज (पेनल्टी किक्स) के खिलाफ 6-5 के अंतराल से शानदार जीत के साथ फाइनल में जगह बनाई। मेजबान एमराल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल इंदौर के खिलाफ कड़ा मुकाबला रहा, जिसने दर्शकों को सीटों से बांधे रखा। मैच 1-1 से बराबर रहा। हार-जीत का फैसला अब 10 मिनट का अतिरिक्त समय देकर होना था। अंत में मेजबान एमराल्ड हाइट्स ने मैच 2-1 के मुकाबले से जीत लिया। पाइनग्रोव स्कूल के आरुष सेन मेहता और दीनव गोयल को क्रमश: टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइकर और सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर घोषित किया गया। पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निदेशक कैप्टन एजे सिंह ने खिलाड़ियों को उनके जज़्बे एवं उम्दा प्रदर्शन के लिए बधाई दी एवं प्रशंसा की कि सभी खिलाड़ियों ने खेल की उच्च भावना एवं मुकाबले के स्तर को कायम रखा।
अंबुजा सीमेंट कर्मचारी संघ संबंधित भारतीय मजदूर संघ दाड़लाघाट के कार्यकर्ताओं ने सुल्ली मुख्य मैन गेट में 69वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। कार्यक्रम में भारतीय मज़दूर संघ के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर मुख्यातिथि रहे, जबकि कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग सेवा प्रमुख शिमला राजेेंद्र वर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। मुख्यातिथि ने दीप प्रज्वलित कर ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्यातिथि व अन्य गणमान्य व्यक्तियों को पदाधिकारियों ने शॉल व टोपी पहनाकर सम्मानित किया। राष्ट्रीय महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा ने सभी को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय,समान काम का समान वेतन का स्वागत किया। कहा कि यह भारत के प्रत्येक सीमेंट उद्योग में लागू किया जाएगा। इसके लिए शीध्र ही दिल्ली संसद भवन का घेराव किया जाएगा। यदि उद्योग के शासक वर्ग ने इस कानून का उलंघन किया। इस संदर्भ में उद्योग में भी भविष्य में श्रमिक हड़ताल पर जाएगा। ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि क्योंकि भारत सरकार यदि श्रमिकों के मन की आवाज यदि नहीं सुनेगी। जब से भारत स्वतंत्र हुआ मजदूरों के साथ सरेआम शोषण हो रहा है,लेकिन अब यह शोषण सहन नहीं होगा। भारतीय मज़दूर संघ के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर ने सभी को 69वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन में कहा कि यदि हम सब मिलकर अपना कार्य किसी भी क्षेत्र में ईमानदारी से निस्वार्थ भाव से करेंगे तो फिर स्वयम के लिए औऱ जहां भी हमारा कार्य क्षेत्र है स्वयं ही राष्ट्र हित, उद्योगहित तथा श्रमिक स्वयमेव ही हो जाता है,क्योंकि भारतीय मज़दूर संघ का मूलभूत सिद्धांत है शोषण मुक्त समाज और शोषित पीड़ित दलित जनों के हितों का ध्यान रखना। इस मौके पर शिमला सेवा विभाग प्रमुख राजेंद्र वर्मा,अखिल भारतीय सीमेंट मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा,अंबुजा सीमेंट कर्मचारी संघ दाड़लाघाट के अध्यक्ष सुरेश कुमार, महामंत्री नरेश कुमार, कोषाध्यक्ष रुवेश कुमार, सचिव राकेश कुमार, कमल भट्टी उपाध्यक्ष टेकचंद, लाभचंद, दीपचंद, अमर देव शर्मा सहित काफी संख्या में मजदूर उपस्थित रहे।
श्रद्धा मिस व चिंतामणि को चुना मिस्टर फेयरवेल आस्था कॉलेज ऑफ एजुकेशन (बीएड) कुनिहार में 16वां वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बीएड प्रशिक्षुओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुत कर समा बांध दिया। समारोह का शुभारंभ कॉलेज प्राचार्य डॉ. कश्मीर सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कॉलेज प्रवक्ता जयपाल सिंह ने बताया कि समारोह के प्रथम चरण में बीएड प्रथम वर्ष के प्रशिक्षुओं ने द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं के लिए विदाई समारोह आयोजित किया। इसमें श्रद्धा मिस व चिंतामणि मिस्टर फेयरवेल चुने गए। दूसरे चरण में कॉलेज प्राचार्य ने विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को पारितोषिक देकर सम्मानित किया। पूरे सत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने पर शुभम को बेस्ट प्रशिक्षु और अर्चना, पंकज, गौरव व वर्षा को बेस्ट वालंटियर चुना गया। इससे पूर्व प्रशिक्षुओं ने रंगारंग पहाड़ी नाटी, पहाड़ी गिद्दा, एकल नृत्य, युगल नृत्य से मन मोह लिया।
शिव तांडव गुफा विकास समिति कुनिहार व शंभू परिवार के सौजन्य से 24 जुलाई को सावन सोमवार के उपलक्ष्य पर भजन संध्या व विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। जानकारी देते हुए समिति अध्यक्ष राम रतन व उपाध्यक्ष रितु ठाकुर ने बताया कि सोमवार को सुबह विधि विधान के साथ गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग का मंत्रोचारण के साथ पंचामृत स्नान व जलाभिषेक होगा। दोपहर में हवन व पूर्णाहुति के साथ शिव भक्तों व क्षेत्रवासियों के लिए विशाल भंडारा आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि संध्या बेला में भवानी कीर्तन मंडल कोटी द्वारा भगवान भोले नाथ की चौकी भरी जाएगी। समिति व शंभू परिवार ने सभी शिव भक्तों से गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन करने,भजन संध्या में हाजरी लगाने व भण्डारा ग्रहण करने की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि निगम अपने होटलों में कमरों की बुकिंग पर 50 प्रतिशत तक छूट प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह छूट तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है और 15 सितंबर, 2023 तक जारी रहेगी। प्रवक्ता ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के दृष्टिगत प्रदेश में पर्यटकों को सुलभ आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाने तथा निगम के होटलों में आमद दर (अक्युपेंसी) बढ़ाने के दृष्टिगत लिया गया है।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में पिछले कुछ सप्ताह से पौधरोपन अभियान चलाया गया है। शनिवार को विश्वविद्यालय के मॉडल फार्म में वन महोत्सव कार्यक्रम मनाया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के स्टाफ और छात्रों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और विभिन्न प्रजातियों के पेड़ लगाए जिससे परागण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली मधुमक्कियों और अन्य मित्र कीटों को वर्ष भर भोजन उपलब्ध होगा। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने कहा कि वृक्षारोपण प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने बताया की विश्वविद्यालय द्वारा वन महोत्सव को पिछले एक माह से मनाया जा रहा है और कैम्पस में सभी विभागों, एनसीसी कड़ेट्स और लाइफ मिशन के तहत अलग अलग दिन पर पौधरोपण किया गया है और 12-13 हेक्टेयर भूमि पर 4000 पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। उन्होनें सभी से वन महोत्सव को अपने जीवन का अंग बनाने का आग्रह किया और सभी से विशेषकर छात्रों से इस तरह के सामाजिक कार्यों का निरंतर हिस्सा बनने का आग्रह किया। प्रोफेसर चंदेल ने कहा की वृक्षारोपण हमारे प्रकृति के लिए बहुत आवश्यक है क्योंकि बहुत सी जरूरी विकास गतिविधियों के लिए पेड़ों को काटना पड़ता है। उन्होनें छात्रों से प्रकृति के संरक्षण के लिए छोटे छोटे प्रयास करने का आवाहन किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के खतरे के कारण वन महोत्सव जैसी गतिविधियों का महत्व और अधिक बढ़ गया है। उन्होंने छात्रों और कर्मचारियों से आग्रह किया कि वह अपने द्वारा लगाए गए हर पौधे को अपनाएं और देखभाल करें। इससे पहले निदेशक अनुसंधान ने सभी से 'एक पेड़ देश के नामÓ के नारे को अपनाने को कहा और वृक्षारोपण के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष फयदों के बारे में बताया। उन्होनें नियोजित वृक्षारोपण से जलवायु परिवर्तन को कम करने और कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन में योगदान के बारे में बात की। सिल्वीकल्चर एंड एग्रोफोरेस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. डीआर भारद्वाज ने वन महोत्सव और इस पहल के तहत विवि द्वारा की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। डॉ. अनिल सूद द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस वर्ष विश्वविद्यालय में परमार जयंती तक वन महोत्सव मनाया जाएगा और मुख्य परिसर में 4000 पौधे लगाए जाएगें। इस अभियान में पीला गुलमोहर, शीशम, खैर, पाजा, तुनी, जकरंडा आदि के पौधे लगाए गए। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय स्टेशनों और कृषि विज्ञान केंद्रों ने भी अपने-अपने स्टेशनों पर वन महोत्सव का आयोजन किया। वृक्षारोपण अभियान में सभी वैधानिक अधिकारियों, यूको बैंक, एसबीआई और जोगिंद्रा सहकारी बैंक की स्थानीय शाखाओं के प्रतिनिधियों, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण के वैज्ञानिकों सहित छात्रों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
श्रम एवं रोजगार विभाग द्वारा 25 जुलाई को ओबीसी भवन नजदीक राजकीय महाविद्यालय नगरोटा बगवां जिला कांगड़ा में रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा हैं यह जानकारी जिला रोजगार अधिकारी सोलन संदीप ठाकुर ने दी। संदीप ठाकुर ने कहा कि इस रोजगार मेले में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र की निजी कंपनियां भाग ले रही हैं, जिसमें विभिन्न रिक्त पदों पर नियुक्ति की जानी है। उन्होंने कहा कि अभ्यार्थी की शैक्षणिक योग्यता 8वीं, 10वीं, 12वीं, स्नातक, बीफार्मा, आईटीआई डिप्लोमा, बीटेक, जीएनएम, एमबीए तथा आयु 18 से 45 वर्ष से मध्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इच्छुक उम्मीदवार योग्यता संबंधी सभी अनिवार्य प्रमाण-पत्रों व दस्तावेजों सहित ओबीसी भवन नजदीक राजकीय महाविद्यालय नगरोटा बगवां जिला कांगड़ा में 25 जुलाइ को प्रात: 9 बजे से सायं 4.00 बजे तक रोजगार मेले में भाग ले सकते हैं।
जिला सोलन में फसलों का बीमा करवाने के लिए पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्रियान्वित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2023 में खरीफ की फसलों मक्की तथा धान को शामिल किया गया है। मक्की व धान की फसल का बीमा करवाने की अन्तिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी गई है। पहले यह तिथि 15 जुलाई थी। यह जानकारी कृषि उप निदेशक सोलन डॉ. डीपी गौतम ने दी। उन्होंने कहा कि टमाटर की फसल का बीमा करवाने की अन्तिम तिथि भी 31 जुलाई निर्धारित की गई है। गौतम ने कहा कि इच्छुक किसान फसलों का बीमा अपने नज़दीकी लोकमित्र केन्द्र के माध्यम से करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमाबंदी, आधार कार्ड, बैंक पास बुक, बिजाई प्रमाण पत्र आदि लेकर लोकमित्र केंद्रों में जा कर बीमा करवा सकते है। उन्होंने कहा कि किसान ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी फसल आवेदन कर सकते हंै। उप निदेशक ने कहा कि मक्की व धान की फसल के लिए 60 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि मक्की तथा धान की फसल का बीमा करवाने के लिए किसानों को 96 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। डॉ. गौतम ने कहा कि टमाटर की फसल के लिए 2 लाख रुपये प्रति हैक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है। किसानों को टमाटर की फसल के लिए 800 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। उन्होंने कहा कि पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत कम वर्षा, सूखा, बाढ़, सैलाब, भूमि कटाव, ओलावृष्टि और फसल कटाई के उपरांत दो सप्ताह तक होने वाले नुकसान तथा स्थानीयकृत आपदा को कवर किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऋणी किसानों के लिए यह योजना ऐच्छिक की गई है। उप निदेशक ने सभी किसानों से आग्रह किया कि किसान अपनी मक्की, धान व टमाटर की फसल का बीमा करवाएं ताकि फसलों का नुकसान होने की स्थिति में किसानों को कृषि बीमा कम्पनियों से मुआवज़ा मिल सके। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए किसान अपने समीप के खण्ड के कृषि विषयवाद विशेषज्ञ तथा बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि से सम्पर्क कर सकते हैं।
स्वास्थ्य बोले- प्रभावितों की मदद के लिए आगे आएं लोग स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान के प्रभावितों को यथा सम्भव सहायता उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। डॉ. शांडिल गत सांय सोलन की ग्राम पंचायत शमरोड़ के गांव डोग में प्रभावितों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान, खेत और डंगों को भारी वर्षा से नुकसान हुआ है, वह पटवारी को रिपोर्ट करें ताकि उन्हें उचित मुआवज़ा मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को मनरेगा के तहत गांव की सड़कें व डंगे ठीक करवाने के निर्देश दिए। डॉ. शांडिल ने ग्राम पंचायत सेर बनेड़ा में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान के प्रभावितों से पंचायत के समुदायिक केंद्र में बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि इस संकट की घड़ी में प्रदेश सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है ताकि प्रभावितों को यथा सम्भव सहायता शीघ्र प्रदान की जा सके। उन्होंने संबन्धित अधिकारियों को सभी अवरुद्ध संपर्क मार्ग और जलापूर्ति योजनाओं को शीघ्र सुचारू बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में जिला की कई संस्थाओं ने सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने प्रभावित लोगों की सहायता करने के लिए लोगों का उनके सक्रिय सहयोग एवं अथक प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रभावित लोगों की मदद के लिए सभी लोगों से आगे आने की अपील की। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके निपटारे के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत शमरोड़ के प्रधान नंद राम, उप प्रधान जनमोहन, बीडीसी सदस्य कली राम, उपमंडलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कसौली के विधायक विनोद सुलतानपुरी ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा की इस समय में प्रदेश की जनता के साथ खड़ी है। सुल्तानपुरी शनिवार को प्रदेश सरकार द्वारा आपदा राहत कोष के राहत राशि वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। विनोद सुल्तानपुरी ने इस अवसर पर फॉरेस्ट रेस्ट हाउस कुमारहट्टी में बारिश से प्रभावित हुए 20 परिवारों को, सरकार की तरफ से 11 लाख 55 हजार रुपये नकद फौरी राहत की तौर पर वितरित किए। यह राशि कसौली विधानसभा की ग्राम पंचायत, चेवा, सुल्तानपुर, बड़ोग व कोरों के ग्रामीणों को वितरित की गई। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि इससे पहले भी प्रदेश सरकार द्वारा इस क्षेत्र की जनता को चार लाख वितरित किए जा चुके हैं। विधायक सुल्तानपुरी ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के आपदा प्रबंधन मैनुअल में परिवर्तन करते हुए ग्रामीणों की सहायता राशि को बढ़ाया है, जो एक सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार का भी बारिश से नुकसान उनके विधानसभा क्षेत्र में हुआ है। सभी परिवारों को सरकार द्वारा सहायता राशि वितरित की जाएगी। सोलन व कसौली राजस्व विभाग के कर्मचारी व अधिकारी गांव गांव जाकर बारिश से हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नवीन सूद, तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह, कानूनगो राजेंद्र शर्मा, अश्वनी, रिखी राम, पटवारी यतिन, सचिन, अमनदीप, अनिल मेहता, सहायक मदन लाल भी उपस्थित थे। बैठक में स्थानीय पंचायत प्रधान सुमनलता, उप प्रधान संजय, बड़ोंग पंचायत के उपप्रधान हुक्म चंद, सुल्तानपुर पंचायत के उपप्रधान जीतराम ठाकुर, राजकुमार ठाकुर, गौरव गुप्ता, वार्ड मेंबर रूपी देवी, हिमांशु सूद, सुषमा थापर व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
ज़िला रेडक्राॅस समिति सोलन द्वारा सोलन की ग्राम पंचायत अन्हेच व बोहली में भारी वर्षा से प्रभावित 41 व्यक्तियों को राहत सामग्री वितरित की गई। ज़िला रेडक्राॅस समिति द्वारा प्रभावित व्यक्तियों को राशन एवं सफाई किट तथा किचन सेट वितरित किए गए। ज़िला रेडक्राॅस समिति सोलन की सीमा मेहता, संरक्षक रेनू कुरियन, उप संरक्षक लेख राज कौशिक, आजीवन सदस्य अजय शर्मा, एलएल संस्थान की प्रधानाचार्य श्वेता अग्रवाल सहित अन्य सदस्यों ने बोहली व अन्हेच में यह सामग्री वितरित की।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि सोलन के कथेड़ में अत्याधुनिक बहुविशेषज्ञ अस्पताल के साथ एक क्रिटिकल केयर सेंटर भी निर्मित किया जाएगा। क्रिटिकल केयर सेंटर के निर्माण से गम्भीर रोगों से ग्रस्त रोगियों को 24ग7 विशेषज्ञ सुविधाएं उपलब्ध होंगी। डॉ. शांडिल ने यह जानकारी अस्पताल निर्माण के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित एक बैठक को सम्बोधित करते हुए दी। डॉ. शांडिल ने कहा कि क्रिटिकल केयर सेंटर के निर्माण के लिए कथेड़ में अतिरिक्त भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने दूरभाष पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से कथेड़ में प्रदेश पथ परिवहन निगम के पास उपलब्ध भूमि इस सेंटर के निर्माण के लिए प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रधान सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एम. सुधा देवी को दूरभाष पर ही क्रिटिकल केयर सेंटर के निर्माण के सम्बन्ध में शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सोलन की भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत यहां क्रिटिकल केयर सेंटर का निर्माण अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल सहित क्रिटिकल केयर सेंटर के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार कृत संकल्प है। इसके लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस निर्माण कार्य को दो वर्ष की अवधि में पूर्ण किया जाना है। उन्होंने कहा कि इस बहुउद्देशीय अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर के साथ-साथ मातृ शिशु इकाई का पृथक निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तृतीय स्तर के ट्रॉमा सेंटर के निर्माण से प्रदेश के इस महत्वपूर्ण राजमार्ग पर आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का केंद्र सिद्ध होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी बड़े अस्पतालों में हैलीपेड निर्मित करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। यहां भी ट्रामा सेंटर भवन की छत पर हेलीपैड निर्मित किया जाएगा। डॉ. शांडिल ने कहा कि निर्मित होने पर इस अस्पताल में रोगियों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञ हर समय उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन एवं लोक निर्माण विभाग को इस दिशा में समयबद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के मुख्य वास्तुकार राजीव शर्मा से अस्पताल निर्माण के विषय में सारगर्भित चर्चा की। इस अवसर उपमंडलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता रवि भट्टी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल वर्मा सहित संबन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
जून माह में हिमाचल प्रदेश में बनीं 14 समेत देश की 48 दवाओं के सैंपल फेल हो गए। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने जून के ड्रग अलर्ट में ये दवाएं मानकों पर सही नहीं पाई हैं। प्रदेश में निर्मित जिन 14 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें सोलन की आठ, कांगड़ा-सिरमौर की दो-दो और ऊना जिले में बनी एक दवा शामिल है। ड्रग कंट्रोलर नवनीत मारवाह ने बताया कि दवाओं के कुल 1,273 सैंपल लिए थे, जिनमें 1,225 सैंपल खरे उतरे, जबकि 48 फेल हुए हैं। इनमें एनजाइना की दवा, खून के थक्के रोग, संक्रमण रोकने, बाल झड़ने, एनिमिया, अस्थमा, त्वचा संक्रमण, उच्च रक्तचाप, आंख की रोशनी और एलर्जी की दवा के अलावा एसिड के सैंपल फेल हो गए हैं। ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने बताया कि सैंपल फेल होने वाले उद्योगों को नोटिस जारी कर दिए हैं।
इस वर्ष छह माह के अंदर ही करीबन 1.06 करोड़ सैलानियों ने हिमाचल प्रदेश में विजिट किया है । प्रदेश में पहली बार जून तक ही सैलानियों की संख्या एक करोड़ पार हो गई है। इससे पहले साल 2019 में जनवरी से जून तक सबसे अधिक 90.61 लाख सैलानी देवभूमि हिमाचल पहुंचे थे। अप्रैल से जून तक प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों में आने वाले सैलानियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल में करीब 15 लाख, मई में 21 लाख और जून में 25 लाख सैलानी हिमाचल प्रदेश पहुंचे। जनवरी से मार्च तक प्रतिमाह 12 से 13 लाख सैलानियों का आना हुआ। विदित है कि सुक्खू सरकार प्रदेश का राजस्व बढ़ाने के लिए पर्यटन क्षेत्रों की ओर फोकस कर रही है। सरकार ने कांगड़ा को पर्यटन राजधानी का दर्जा दिया है और राजस्व बढ़ाने की दिशा में प्रयत्नों क्षेत्रों को विकसित भी किया जा रहा है। आंकड़ों की ओर देखे तो वर्ष 2018 में 88,98,620, 2019 में 90,61,269 और 2020 में 22,05,634 सैलानियों ने प्रवेश किया है। वहीं 2021 में 19,76,091, वर्ष 2022 में 86,42,390 जबकि 2023 में अब तक तकरीबन 1,0006,743 सैलानी प्रदेश की वादियां निहारने पहुंचे है।
शूलिनी इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बिजनेस मैनेजमेंट (एसआईएलबी), सोलन और गवर्नमेंट कॉलेज, सोलन ने शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। सरोज खोसला अध्यक्ष और संस्थापक एसआईएलबी और प्रोफेसर पी के खोसला, संस्थापक, एसआईएलबी और दोनों संस्थानों के संकाय सदस्यों की उपस्थिति में, दोनों संस्थानों के प्रमुखों द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। एसआईएलबी की अध्यक्ष सरोज खोसला ने कहा कि इस पहल से छात्र और संकाय विनिमय पहल के माध्यम से दोनों संस्थानों के छात्रों और संकाय सदस्यों को लाभ होगा। विभिन्न गतिविधियां शुरू की जाएंगी, जिनमें शैक्षणिक भागीदारी, विशेष रूप से अनुसंधान जागरूकता कार्यक्रमों को पढ़ाने के लिए संकाय और छात्रों का आदान-प्रदान शामिल होगा। छात्र दोनों संस्थानों में अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं और साथ ही सेमिनार, कार्यशाला, प्रशिक्षण कार्यक्रम, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों जैसे संयुक्त कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं। शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रो. खोसला ने कहा की कि इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से ये दोनों संस्थान सीखने की प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए अनुसंधान और शिक्षाविदों के माध्यम से अकादमिक सहयोग को प्रोत्साहित करेंगे। एमओयू में अनुसंधान में संलग्न होने के उद्देश्य से एक संस्थान से दूसरे संस्थान में संकाय के दौरे को प्रोत्साहित करने की भी परिकल्पना की गई है। इसके अलावा, यह प्रकाशनों और विद्वतापूर्ण सूचनाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा। दोनों संस्थान संस्थागत और व्यक्तिगत स्तर पर जीवन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, व्यवसाय प्रबंधन और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में सहयोगात्मक अनुसंधान कार्य करेंगे।
पशुपालन विभाग जिला सोलन द्वारा गांव कथार व बाड़ी के पशु पालकों के लिए एक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया, जिसमें पशु चिकित्सालय कुनिहार के प्रभारी डॉ. राजेश आजाद व विभागीय कर्मचारी फार्मासिस्ट सुरेश कुमार, दलीप कुमार व जमना देवी ने पशुपालकों को विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं बारे विस्तृत जानकारी दी। तथा पशुओं को होने वाले रोगों व उसके उपचार बारे भी पशुपालकों को जागरूक किया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों ने लोगों की पशुओं संबंधी समस्याओं को सुना व पशुओं के रोगों का उपचार भी मौके पर किया तथा उपलब्ध दवाइयों का वितरण भी पशुपालकों को किया। कथार व बाड़ी गांव के लोगो ने इस आपात स्थिति में लगाए इस जागरूकता शिविर के लिए विभाग का धन्यवाद किया।
सोलन विकास खंड की ग्राम पंचायत सपरुन के देहूं गांव की हैप्पी वैली में आज उपमण्डलीय विधिक सेवा समिति द्वारा विशेष पौधरोपण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उमंडल विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मोहित बंसल ने की। मोहित बंसल ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण व वर्षा के समय होने वाले भूमि कटाव को रोकने के लिए पौधरोपण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे जहां पृथ्वी पर जीवनदायनी ऑक्सीजन देते हैं वहीं पर्यावरण में बढ़ते प्रदूषण को कम करने में सहायक भी बनते हंै। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं भू-कटाव को रोकने में वृक्षारोपण महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि बरसात के मौसम में अधिक से अधिक पौधे लगाएं, ताकि पृथ्वी को हरा-भरा रखकर प्रदूषण को कम किया जा सके। मोहित बसंल ने इस अवसर पर परसीमल का पौधा लगाया। इस अवसर पर परसीमल, दाडू, कचनार, कैंथ और देवदार के लगभग 100 पौधे रोपित किए गए। ग्राम पंचायत सपरुन की प्रधान रेणू, उप प्रधान विक्रम ठाकुर, बीडीसी सदस्य ललिता, डिप्टी रेंजर सोलन रेखा कंवर, ग्राम पंचायत सपरुन के पंचायत व युवक मण्डल के प्रतिनिधि, स्वयं सहयता समूह संयम, कुश व सन्नी के सदस्यों सहित ग्रामीण इस अवसर पर उपस्थित थे।
जोगिंद्रा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की बैठक का आयोजन बुधवार को बैंक के हेड ऑफिस सोलन में बैंक के चेयरमैन एडवोकेट मुकेश शर्मा की अध्यक्षता में हुआ। इसमें करीब 50 एजेंडा पर विस्तृत चर्चा की गई। यह बैंक इस वर्ष 100 वर्ष में प्रवेश कर रहा है, इसके भव्य आयोजन को लेकर भी रूपरेखा तैयार की गई। इस बैंक का गठन सन 1924 में हुआ था। बैंक के उत्थान के लिए किस तरह से सभी लोग अपना प्रयास कर सकते हैं उस बारे में विचार विमर्श किया गया। वित्त वर्ष 2023 24 के लिए बैंक का शुद्ध लाभ 25 करोड़ से ऊपर रखने का टारगेट भी फिक्स किया गया। इस अवसर पर बैंक के प्रबंधक निदेशक एल आर वर्मा, डायरेक्टर जितेंद्र ठाकुर, असगर अली, किरण कौंडल, बुधराम ठाकुर, हजूरा सिंह, लाज किशोर उपस्थित थे।
भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने आज भाजपा के 17 संगठनात्मक जिलों के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की है। उन्होंने बताया कि चंबा जिला के अध्यक्ष के रूप में धीरज नरयाल, कांगड़ा सचिन शर्मा, नूरपुर रमेश राणा, देहरा संजीव शर्मा, पालमपुर हरिदत्त शर्मा, लाहौल स्पीति राजेंद्र बोद्ध, कुल्लू अरविंद चंदेल, मंडी निहाल चंद, सुंदरनगर हीरा लाल, हमीरपुर देशराज शर्मा, ऊना बलबीर चौधरी, बिलासपुर स्वतंत्र संख्यान, सोलन रत्न सिंह पाल, सिरमौर विनय गुप्ता, महासू अरुण फाल्टा, शिमला प्रेम ठाकुर, किन्नौर यशवंत नेगी को जिला अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सभी नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को शुभकामनाएं दीं। इसके अतिरिक्त डॉ. राजीव बिंदल ने निवर्तमान जिला अध्यक्ष चंबा जसवीर सिंह नागपाल, निवर्तमान जिलाध्यक्ष कांगड़ा चंद्रभूषण नाग, निवर्तमान जिला अध्यक्ष कुल्लू भीम सेन, निवर्तमान जिला अध्यक्ष मंडी रणवीर सिंह, निवर्तमान कार्यकारी जिला अध्यक्ष हमीरपुर हरीश शर्मा, निवर्तमान जिला अध्यक्ष ऊना मनोहर लाल शर्मा, निवर्तमान जिलाध्यक्ष सोलन आशुतोष विद्य, निवर्तमान कायकारी जिला अध्यक्ष शिमला विजय परमार, निवर्तमान जिला अध्यक्ष किन्नौर संजीव हारा को प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य नियुक्त किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि यह सभी नियुक्तियां तत्कालीन प्रभाव से लागू होगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि भारी वर्षा से प्रभावित व्यक्तियों का उचित पुनर्वास करने के लिए प्रदेश सरकार युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को समय पर राहत प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार दिन-रात कार्य किया जा रहा है। डॉ. शांडिल गत सांय सोलन के शामती में भारी वर्षा से प्रभावित व्यक्तियों को राहत राशि एवं राशन किट प्रदान कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर शामती में भारी वर्षा से प्रभावित परिवारों को प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित राशि के अनुसार लगभग 27.50 लाख रुपये की राशि वितरित की। उन्होंने कहा कि शामती में अभी तक 105 प्रभावित परिवारों को 65 लाख रुपये से अधिक की राहत राशि वितरित की गई है। उन्होंने कहा कि इसमें से 60 परिवारों को पूर्व में भी लगभग 37 लाख रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला में अभी तक आपदा प्रभावित परिवारों को 1.18 करोड़ रुपये से अधिक की राहत राशि प्रदान की गई है। डॉ. शांडिल ने कहा कि ज़िला में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रभावितों को यथा संभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में भारी वर्षा से हुए नुकसान का आकलन करने और प्रभावित क्षेत्रों को सहायता पहुंचाने के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इस अवसर पर जोगिंद्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, नगर निगम सोलन के मनोनीत पार्षद रजत थापा, ग्राम पंचायत शामती की प्रधान जयवंती, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अंकुश सूद, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, पुलिस उपाधीक्षक अनिल धोल्टा, तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनियाल, रोगी कल्याण समिति के सदस्य विनेश धीर सहित अन्य गणमान्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कंडाघाट स्थित कृषि विज्ञान केंद्र सोलन द्वारा बुधवार को सेब दिवस का आयोजन किया गया जिसमें सोलन जिला के 70 किसानों ने भाग लिया। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ जितेंद्र चौहान ने किसानों का स्वागत किया व उन्हें मध्य पर्वतीय क्षेत्र में उगाई जाने वाली सेब की किस्मों जैसे अर्ली रेड वन, जीरोमाइन, रेड वेलोक्स, स्कारलेट स्पर ढ्ढढ्ढ, रेड लम गाला, गेल गाला, शिंको गाला, डार्क बैरन गाला आदि के विषय में विस्तृत जानकारी दी। केंद्र के प्रधान कार्य मैनेजर डॉ. डीडी शर्मा ने सेब में कांट- छांट एवं क्लोनल रूट स्टाक के विषय पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ पौध रोग विशेषज्ञ डॉ. आरती शुक्ला ने सेब में लगने वाले रोगों के प्राकृतिक प्रबंधन पर जानकारी दी व कीट रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग शर्मा ने कीटों के पर्यावरणीय अनुकूल प्रबंधन के विषय में जानकारी दी। मृदा वैज्ञानिक डॉ. मीरा देवी ने सेब में प्राकृतिक कृषि के घटकों जैसे जीवामृत एवं घन जीवामृत तैयार करने व इस्तेमाल करने की जानकारी साझा की। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा एक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया जिसमें सेब की विभिन्न किस्मों तथा प्राकृतिक खेती में प्रयुक्त होने वाले घटकों जैसे जीवामृत घन जीवामृत, दशपर्णी अर्क, पौधास्त्र, सौंठास्त्र, ब्रह्मास्त्र, अग्निअस्त्र एवं खट्टी लस्सी को प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को दर्शाया गया।
हिमाचल में जल प्रलय से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम हिमाचल पहुुंच गई है। बुधवार को केंद्र की ओर से एक स्पेशल टीम परवाणु पहुंची। इस दौरान टीम ने परवाणु के सभी क्षेत्रों का दौरा किया और नुकसान का जायजा लिया, जिसमें मुख्यत: सेक्टर चार स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनाए गए मकानों को बने खतरे को देखा, सेक्टर पांच में कंपनियों को हुए भारी नुकसान का भी जायज़ा लिया और फिर कामली खड़ीण में कंपनियों को बने खतरे की जानकारी ली। साथ ही कौशल्या नदी पर बने चैक डेम का भी निरिक्षण किया, जिसको काफी नुकसान हुआ है। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। जिला उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने केंद्र से आई पूरी टीम के समक्ष बारिश के कारण हुए नुकसान की जानकारी साझा की और टीम से सहायता की मांग रखी। केंद्रीय टीम ने जिला उपायुक्त व उनके साथ सभी स्थानीय जनता व उद्योगपतियों को हर तरह की सहायता किए जाने का आश्वासन दिया। केंद्र से आई टीम ने भी माना कि, जो नुकसान हुआ है, वह बहुत गंभीर है और उसका हल निकाला जाना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला सोलन की उप तहसील ईकाई ममलीग के चुनाव निरीक्षण कुटीर जल शक्ति विभाग ममलीग में चुनाव परिवेक्षक हरीश कुमार, सह परिवेक्षक सुनील दत्त की देख रेख व अध्यक्ष सुरेश कुमार पशुपालन विभाग की अध्यक्षता में सर्व सम्मति से सम्पन्न हुए। जिसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की व विवेक कुमार को प्रधान, अनिल कुमार को वरिष्ठ उप-प्रधान, हरिंद्र ठाकुर को महासचिव व ललित कुमार को कोषाध्यक्ष चुना गया। नव नियुक्त प्रधान विवेक कुमार ने कहा है कि पहली बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के कर्मचारियों से वार्तालाप करने के उपरान्त कार्यकारणी का विस्तार किया जायगा और सभी विभागों के कर्मचारियों को विशेष स्थान कार्यकारणी में दिया जाएगा। उन्होनें हाऊस में उपस्थित सभी कर्मचारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि जो विश्वास कर्मचारियों ने उन पर जताया है वह पूरी कोशिश करेगें कि वह कर्मचारियों के विश्वास पर खरा उतर कर कर्मचारियों की सभी समस्या का समाधान कर सके।
कालका-शिमला धरोहर रेलवे ट्रैक पर 6 अगस्त तक के लिए सभी ट्रेनें स्थगित कर दी गई हैं। सोलन और कालका के बीच रेल ट्रैक पर जगह-जगह भूस्खलन, पेड़ और पत्थर गिरने से ट्रैक प्रभावित होने के चलते यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, शिमला से सोलन तक ट्रैक को ट्रेनों के संचालन के लिए दुरुस्त कर दिया गया है। उत्तर रेलवे की शिमला और सोलन के बीच लोकल ट्रेन चलाने की भी योजना है। बता दें कि 9 जुलाई से कालका-शिमला हैरिटेज रेल ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन बंद है। रेल लाइन पर सोलन और कालका के बीच जगह-जगह हुए भूस्खलन के चलते गाड़ियों का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा। रेल लाइन को गाड़ियों के संचालन के लिए ट्रैक को दुरुस्त करने का काम 9 जुलाई से चल रहा है और मौजूदा समय में शिमला से सोलन तक ट्रैक को गाड़ियों के लिए फिट घोषित कर दिया गया है। रेल सेवा बहाल करने के लिए शिमला और सोलन के बीच बकायदा इंजन का ट्रायल भी हुआ है। लेकिन, सोलन से कालका तक अभी भी ट्रैक गाड़ियों के लिए ठीक नहीं हुआ है। सोलन से धर्मपुर के बीच पेड़ गिरने, कोटी और सोलन के बीच दो जगह भूस्खलन, धर्मपुर और कुमारहट्टी के बीच भूस्खलन और जल जमाव, सोलन और धर्मपुर स्टेशनों के बीच जल जमाव और भूस्खलन, धर्मपुर सलोगड़ा और कोटी के बीच रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन और पेड़ गिरने से रेल की आवाजाही बंद है। कुछ जगहों पर रेल ट्रैक को भी नुकसान पहुंचा है जिसके कारण रेल सेवा बहाल करने के लिए अगले 3 हफ्तों के लिए गाड़ियों की आवाजाही रोकने का फैसला लिया गया है। 21 दिन बाद 6 अगस्त को ट्रैक का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में यदि ट्रैक गाड़ियों के संचालन के लिए सही पाया गया तो रेल सेवा बहाल की जाएगी। फिलहाल, शिमला और सोलन के बीच लोकल ट्रेन चलाने की योजना है। उत्तर रेलवे अंबाला मंडल को इस पर फैसला लेना है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल 18 व 19 जुलाई को सोलन विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर रहेंगे। डॉ. शांडिल 18 जुलाई को प्रात: 11.30 बजे सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत काहला, दोपहर 12.05 बजे ग्राम पंचायत सायरी तथा दोपहर 2.00 बजे ग्राम पंचायत कोट के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री तदोपरांत सायं 03.30 बजे सोलन में भारी वर्षा के कारण प्रभावित लोगों को तत्काल राहत के रूप में चेक प्रदान करेंगे। डॉ. शांडिल 19 जुलाई को दोपहर 12.05 बजे सोलन विकास खंड की ग्राम पंचायत डांगरी की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोठी देवरा के भवन निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री तत्पश्चात दिन में 1.20 बजे ग्राम पंचायत डांगरी के बेरटी गांव का दौरा करेंगे। डॉ. शांडिल इसके उपरांत सांय 4.00 बजे उपायुक्त कार्यालय सोलन में रोगी कल्याण समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
व्यवस्था परिवर्तन की ओर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने राज्य में फील्ड दौरों के दौरान सामान्य तौर पर विभिन्न माननीयों को पुलिस द्वारा दिए जाने वाले 'गार्ड ऑफ ऑनरÓ (सलामी) को 15 सितंबर तक स्थगित कर दिया है। हालांकि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इन आदेशों में छूट रहेगी। यह निर्णय प्रदेश में हाल ही में आई आपदा से वृहद स्तर पर जारी राहत व बचाव कार्यों के दृष्टिगत लिया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों में पुलिस बल की तैनाती में वृद्धि पर बल देते हुए इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को गार्ड ऑफ ऑनर जैसे कार्यों में संलग्न करने के बजाए इस संकट के समय में प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आपदा के प्रभावों से निपटने के लिए प्रदेश के संसाधनों के सही उपयोग के उद्देश्य से लिया गया है। बचाव कार्यों के दृष्टिगत पुलिस बल द्वारा प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है। सीएम सुक्खू ने कहा कि गार्ड ऑफ ऑनर स्थागित करने से सरकार प्रदेश में आपदा से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य के संसाधनों तथा श्रम शक्ति का और बेहतर उपयोग करेगी। इस निर्णय से सरकार की आपदा प्रभावित क्षेत्रों को तुरंत राहत पहुंचाने तथा इस कठिन समय में प्रभावी प्रशासन की प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में राहत तथा बचाव कार्य जारी है और प्रदेश सरकार इस आपदा से प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए मज़बूती से कार्य कर रही है। यह निर्णय प्रदेश के लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च अधिमान देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कुनिहार क्षेत्र की प्राचीन शिव तांडव गुफा कुनिहार में सावन माह के पहले सोमवार को भक्तों की अटूट आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही भक्तों की भीड़ गुफा में जुटने लगी। दोपहर तक अपने आराध्य शिव तांडव गुफा नाथ की प्राकृतिक पिंडी के दर्शन के लिये लोगो की तादात बढ़ने लगी व शिव भक्तों ने कतारबद्ध होकर अपने आराध्य के दर्शन किये। समिति अध्यक्ष राम रतन तनवर ने बताया कि आज दो दिवसीय राम चरित मानस कथा अखंड पाठ को हवन व पूर्णाहुति के साथ विराम दिया गया। शाम को भजन संध्या में रूहदार म्यूजिकल ग्रुप द्वारा एक से एक सुंदर भजनों से भोले का गुणगान किया गया। इस दौरान समिति व शम्भू परिवार की ओर से आयोजित भंडारे में हजारों लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक ब्यान जारी करते हुए कहा है कि देवभूमि हिमाचल को शर्मसार करने वाली घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कोटखाई में हैवान चाचा द्वारा अपनी चार साल की भतीजी के साथ दुष्कर्म करने के बाद उस मासूम बच्ची की हत्या कर दी जाती है। ऐसे आपराधिक मामले हिमाचल प्रदेश में वर्तमान सरकार में बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान सरकार के राज में ऐसी घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। उन्होंने कहा कि हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए उस मासूम बच्ची से उसके चाचा ने पहले दुष्कर्म किया, फिर उसकी हत्या कर उसका शव बगीचे में छुपा कर रख दिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ऐसी निंदनीय घटना का कड़ा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसी अपराधिक घटनाओं पर मौन धारण करके बैठी हुई है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि उस आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जाए।ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने के बारे में सोच भी ना सके। अन्यथा विद्यार्थी परिषद उग्र से उग्र आंदोलन करेगी।
कंडाघाट ब्लॉक की ग्राम पंचायत ममलीग की पूर्व प्रधान सत्या ठाकुर को पार्टी ने प्रदेश महिला किसान कल्याण बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया है, जिसके लिए सत्या ठाकुर ने प्रदेश मुख्यमंत्री सुखबिंदर सिंह सुक्खू व सोलन विधानसभा के विधायक व प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनिराम शांडिल का धन्यवाद किया। सत्या ठाकुर ने कहा कि आज तक पार्टी ने उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी है, उसे बखूबी निभाया है और वह इस नई जिम्मेदारी को भी वह बखूबी निभाएंगी। गौर रहे कि सत्या ठाकुर ने वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस सेवादल में सचिव व महिला मोर्चा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष का कार्य भी संभाला हुआ है।
पिछले दो-तीन दिनों से जारी भारी बारिश के बाद भी गिरि नदी व अश्वनी खड्ड में आई गाद फिलहाल जल शक्ति विभाग के लिए विलेन नहीं बन पाई है। जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में कर्मचारी मुस्तैदी से कार्य कर रहे हैं और बिना किसी बड़ी रुकावट के पानी की लिफ्टिंग को सुचारू बनाए हुए हैं। जल शक्ति विभाग द्वारा नगर निगम सोलन को भी भरपूर मात्रा में पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। बावजूद इसके शहर के कई इलाकों में अभी भी लोगों को पानी की किल्लत से दो-चार होना पड़ रहा है। निगम की मानें तो हर क्षेत्र में प्रतिदिन पानी सप्लाई कर पाना मुनासिब नहीं, जिसे देखते हुए तयबद्ध तरीके से ही वार्डों में पेयजल सप्लाई की जा रही है। जल शक्ति विभाग सोलन के अधिशासी अभियंता ई. सुमित सूद के कुशल मार्गदर्शन में विभागीय कर्मचारी दिन-रात एक कर लिफ्टिंग को सुचारू बनाए रखने में प्रयासरत हैं। हालांकि अश्वनी खड्ड में आई गाद समय-समय पर दिक्कतें पेश कर रही है, लेकिन यह दिक्कत इतनी बड़ी नहीं है कि लिफ्टिंग को सुचारू न रखा जा सके। दोनों ही परियोजनाओं से रोजाना पानी लिफ्ट कर न केवल नगर निगम की मांग को पूरा किया जा रहा है बल्कि उन स्थानों पर भी सप्लाई की जा रही है जहां पेयजल वितरण का जिम्मा स्वयं विभाग के पास है। गौरतलब है कि सोलन शहरवासी पेयजल के लिए गिरि व अश्वनी खड्ड योजना पर निर्भर हैं। इन परियोजनाओं में पानी की लिफ्टिंग का जिम्मा जल शक्ति विभाग के पास है। जल शक्ति विभाग द्वारा पेयजल निगम को दिया जाता है, जिसके बाद शहर में पेयजल वितरण का जिम्मा नगर निगम देखती है। गाद आने के बावजूद पानी की लिफ्टिंग को सुचारू बनाने के लिए मुस्तैदी से कार्य किया जा रहा है।
जिला पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन जिला सोलन की विशेष आपात बैठक जिलाध्यक्ष केडी शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सर्वप्रथम अर्की यूनिट की संगठन सचिव तुलसी देवी की लंबी बीमारी के बाद 13 जुलाई को निधन होने पर उनकी आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन रख कर प्रार्थना की गई तथा शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की गई। जिला पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के जिलाध्यक्ष केडी शर्मा ने बताया कि तुलसी देवी लगभग 68 वर्ष की थी। वह अपने पीछे भरापूरा परिवार छोड़ गई है। प्रेस सचिव डीडी कश्यप एवं पट्टाबरावरी-हरिपुर यूनिट के अध्यक्ष ने जिला की सभी यूनिटों की ओर से तुलसी देवी के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि सोलन ज़िला में भारी वर्षा से अब तक 190 करोड़ रुपये से अधिक का नुक्सान हुआ है। प्रदेश सरकार एवं ज़िला प्रशासन युद्ध स्तर पर कार्य कर पीड़ितों को राहत पंहुचाने के लिए कार्यरत हैं। डॉ. शांडिल आज सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कनैर, जधाणा तथा सतड़ोल में भारी वर्षा से हुए नुकसान का जायजा लेने के उपरान्त प्रभावित परिवारों से बातचीत कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार आपदा की इस घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ है और प्रभावितों के नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रभावितों को ढांढस बंधाया और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी पीड़ा का समाधान प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने कुफरी धार माता मंदिर में माथा टेका और जन-जन की सुरक्षा की कामना की। डॉ. शांडिल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सभी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली, पानी और मोबाइल नेटवर्क जैसी आवश्यक सेवाएं 48 घंटों के भीतर बहाल की गई हैं। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से 70,000 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की सुविधा के लिए सड़कों एवं पुलों की बहाली को प्राथमिकता दे रही है। वह स्वंय सोलन विधानसभा क्षेत्र का निरीक्षण कर पीड़ितों की सहायता सुनिश्चित बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम नागरिक की जीवन अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है और भविष्य मैं हमें ऐसी प्राकृतिक आपदा से सीख लेने की ज़रूरत है। डॉ. शांडिल ने भारी वर्षा से क्षतिग्रस्त डंगों, नालियों व गलियों को मनरेगा के तहत ठीक करवाने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सड़कें, जल शक्ति विभाग को सिंचाई और पेयजल योजनाएं तथा विद्युत बोर्ड को बिजली व्यवस्था बहाली में और तेज़ी लाने के निर्देश भी दिए।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्यण तथा सूचना एवं जन संपर्क) संजय अवस्थी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावितों के पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। संजय अवस्थी ने गत सांय अर्की विधानसभा क्षेत्र के बाड़ी गावं के प्रभावितों से मुलाकात कर उन्हें समुचित सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने राजकीय माध्यमिक पाठशाला जुबला में बाड़ी गांव के पाड़ितों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में प्रदेश सरकार का पहला प्रयास पीड़ितों का पुनर्वास सुनिश्चित बनाना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए मुख्यमन्त्री के निर्देशानुसार सभी स्तरों पर योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाड़ी गावं में प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण कर यह जांचा जाएगा कि आपदा उपरान्त यह स्थान सुरक्षित है अथवा नहीं। संजय अवस्थी ने कहा कि बाड़ी गांव सहित पूरे अर्की विधानसभा क्षेत्र में राहत एवं पुनर्वास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने लोक निर्माण, जल शक्ति सहित अन्य विभागों को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेज़ी लाने और विभिन्न समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावितों को आश्वस्त किया कि इस संकट काल में प्रदेश सरकार उनके साथ है। लोगों ने मुख्य संसदीय सचिव से समस्या का समुचित निराकरण करने की मांग की। मुख्य संसदीय सचिव ने तदोपरान्त प्रभावित बाड़ी गांव का दौरा कर वास्तविक स्थिति जानी और उपमण्डल प्रशासन को उचित निर्देश जारी किए। इस अवसर पर खंड कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप, युवा कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष हेमंत वर्मा, खंड कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रोशन वर्मा, उपमण्डलाधिकारी यादविंद्र पाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा स्थानीय निवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सोलन के समीप शामती क्षेत्र का दौरा किया और क्षेत्र में भूस्खलन से हुए नुकसान की समीक्षा की तथा प्रभावित परिवारों से बातचीत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के साथ है और प्रभावितों को नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने उपायुक्त सोलन को प्रत्येक प्रभावित परिवार को एक-एक लाख रुपये की अंतरिम राशि जारी करने और शेष धनराशि अंतिम मूल्यांकन रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन से बहाली कार्य में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा। शामती क्षेत्र में भारी बारिश के कारण 30 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए, जबकि 50 अन्य घरों को आंशिक क्षति हुई, जिससे क्षेत्र के लगभग 108 परिवार प्रभावित हुए है। प्रभावित परिवारों के लिए जटोली में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं जिनमें वर्तमान में 50 परिवार परिवारों को आश्रय प्रदान किया गया है। इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सभी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से कई लोगों की जान बचाने में सफलता मिली और बिजली, पानी और मोबाइल नेटवर्क जैसी आवश्यक सेवाएं 48 घंटों के भीतर अस्थायी रूप से बहाल की गई है। उन्होंने कहा कि 70,000 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया। उन्होंने कहा कि एक चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान में शून्य से चार डिग्री नीचे तापमान में लाहौल-स्पीति जिला के चंद्रताल से 250 व्यक्तियों को बचाया सुरक्षित निकाल गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की एक टीम सोमवार को नुकसान का आकलन करेगी। लेकिन अभी तक कोई वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य के सेब बाहुल्य क्षेत्रों में सड़कों की बहाली को प्राथमिकता दे रही है और जिसके लिए लोक निर्माण विभाग को 50 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने शिमला-चण्डीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर धर्मपुर का भी दौरा किया जहां राष्ट्रीय राजमार्ग का बड़ा हिस्सा भूस्खलन में ढह गया है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग से मलबे को शीघ्र हटाने के निर्देश दिए और अधिकारियों को सड़क के पुनर्निर्माण के लिए कहा ताकि यात्रियों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने जटोली में राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों को प्रदान की जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक विनोद सुल्तानपुरी, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, सोलन नगर निगम की महापौर पूनम ग्रोवर, उप महापौर राजीव कौड़ा, बघाट बैंक के अध्यक्ष अरुण शर्मा, जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, कांग्रेस नेता दयाल प्यारी, सुरेंद्र सेठी, शिव कुमार, राहुल ठाकुर, उपायुक्त मनमोहन शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति और अधिकारी भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूूचना एवं जन सम्पर्क) संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार जन-जन की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है। संजय अवस्थी आज सोलन ज़िला के अर्की विधानसभा क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण हुई क्षति तथा समयबद्ध राहत प्रदान करने के विषय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। संजय अवस्थी ने कहा कि आपदा के वर्तमान समय में सभी के समन्वय से ही विपरीत परिस्थितियों पर विजय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंन्त्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू के संवेदनशील प्रयासों एवं ऊर्जावान नेतृत्व में राज्य सरकार न केवल त्वरित राहत एवं पुनर्वास सुनिश्चित बना रही है अपितु अब तक खराब मौसम के कारण राज्य में फंसे 70,000 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संकट की इस घड़ी में बेसहारों का सहारा बनी है। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि इस आपदा में राज्य को 8000 करोड़ रुपए से अधिक का नुक्सान हुआ है। प्रदेश सरकार जन-जीवन को सामान्य करने की दिशा में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमन्त्री न केवल स्वंय प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावितों में आशा का संचार कर रहे हैं अपितु हालात का नियमित अनुश्रवण भी कर रहे हैं। सभी प्रभावित ज़िलों में योजनाबद्ध पुनर्वास की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र में भी भारी वर्षा से करोड़ों रुपए की क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि उपमण्डल में अभी तक मानवीय क्षति का कोई समाचार नहीं है। संजय अवस्थी ने लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, प्रदेश विद्युत बोर्ड और अन्य विभागों को निर्देश दिए कि विधानसभा क्षेत्र में अभी तक अवरूद्ध विभिन्न सम्पर्क मार्गों, किसी कारणवश अभी बन्द पड़ी पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं तथा क्षतिग्रस्त विद्युत लाईनों को शीघ्र बहाल करें। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि विधानसभा क्षेत्र में वर्षा के कारण होने वाले जल जनित रोगों एवं शवान तथा बन्दरों के काटे जाने की आवश्यक दवा एवं टीकाकरण की तैयारी भी रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं आनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि भूस्खलन के कारण प्रभावित बाड़ी ग्राम के प्रभावितों को समुचित राहत उपलब्ध करवाई जाए। संजय अवस्थी ने आपदा, राहत एवं प्रगति की दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अवगत करवाया गया कि अर्की उपमण्डल में लोक निर्माण विभाग को लगभग 25 करोड़, जल शक्ति विभाग को लगभग 10 करोड़, विद्युत बोर्ड को लगभग 2 करोड़ का नुक्सान होने का आकलन है। इसके बाद उन्होंने बखालग, जहां भारी वर्षा के कारण आज बड़ी चट्टान के मार्ग पर आने के कारण सड़क मार्ग अवरूद्ध हो गया है, का दौरा किया और सम्पर्क मार्ग को शीघ्र दुरूस्त करने और क्षति का ब्यौरा देने के निर्देश दिए। उन्होंने इस कारण क्षतिग्रस्त दो आवास मालिकों से मिलकर उन्हें समुचित सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी अर्की यादविन्दर पाल, उपपुलिस अधीक्षक सन्दीप शर्मा, जल शक्ति विभाग की अधिशाषी अभियन्ता कंचन शर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियन्ता रवि कपूर, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. तारा चन्द नेगी, अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारीउपस्थित थे।
शूलिनी विश्वविद्यालय प्रतिष्ठित इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एग्रीकल्चर म्यूजियम द्वारा आयोजित भारत में कृषि संग्रहालय के पहले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की सह मेजबानी करेगा। यह कार्यक्रम 13 से 15 अक्टूबर तक हिमाचल प्रदेश के सोलन में शूलिनी विश्वविद्यालय परिसर में होगा। इसके बाद 16 से 18 अक्टूबर तक पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना में होगा। शूलिनी विश्वविद्यालय में सम्मेलन के पहले चरण के दौरान, प्रतिभागियों को हिमालय में कृषि और कृषि वानिकी के विकास में गहराई से जाने का अवसर मिलेगा, जिसमें वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों के अनुकूलन और टिकाऊ मॉडल के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सम्मेलन का यह खंड हिमाचल प्रदेश की कृषि पद्धतियों और कृषि वानिकी के गहन महत्व पर प्रकाश डालेगा, जिसमें क्षेत्र की कृषि विरासत का सार शामिल होगा। इस सम्मेलन के प्रमुख परिणामों में से एक हिमाचल प्रदेश में बागवानी और कृषि-वानिकी संग्रहालय की शुरुआत होगी, एक परिवर्तनकारी प्रयास जो न केवल भौतिक रूप से मौजूद होगा बल्कि एक शैक्षिक और जागरूकता पोर्टल के रूप में एक स्वतंत्र ऑनलाइन उपस्थिति भी होगी। अन्य क्षेत्रों में पहले से चल रही कृषि पद्धतियों की सफल मौखिक इतिहास परियोजना के आधार पर, इस पहल का विस्तार हिमाचल प्रदेश की अनूठी कृषि पद्धतियों को शामिल करने के लिए किया जाएगा। शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला ने कहा कि क्लास रूम शिक्षण के अलावा उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए संग्रहालय एक नई विधा है। उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय को इसके लिए भारत सरकार से अनुदान भी मिलेगा। समाज में कृषि के महत्व को प्रस्तुत करने के महत्व को पहचानते हुए, यह सम्मेलन खेती और कृषि वानिकी के लिए समर्पित संस्थानों के एक मजबूत नेटवर्क की शुरुआत का प्रतीक होगा। विश्वविद्यालयों से लेकर संग्रहालयों, कृषि संगठनों से लेकर सामूहिक और गैर-लाभकारी क्षेत्रों से लेकर वाणिज्यिक क्षेत्रों तक, यह नेटवर्क दक्षिण एशिया नेटवर्क ऑफ ग्रासरूट्स एग्रीकल्चर म्यूजियम के माध्यम से सहयोग करेगा। इसका उद्देश्य कृषि विषयों, विरासत, परंपरा, अनुकूलन और खोजों पर जानकारी साझा करने के पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना है। हिमाचल प्रदेश सरकार इस प्रयास में सक्रिय भागीदार होगी। दुनिया भर से उद्योग विशेषज्ञ, विद्वान, शोधकर्ता, किसान और उत्साही लोग इस ऐतिहासिक सम्मेलन में भाग लेंगे, जो कृषि संग्रहालयों में वास्तव में परिवर्तनकारी घटना होने का वादा करता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मन्त्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल 16 जुलाई, 2023 को सोलन विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर आ रहे हैं। डॉ. शांडिल 16 जुलाई, 2023 को दिन में 12.05 बजे सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कनैर, दिन में 02.00 बजे ग्राम पंचायत जधाणा तथा तदोपरान्त सांय 04.00 बजे ग्राम पंचायत सतड़ोल का दौरा करेंगे। स्वास्थ्य मन्त्री इसी दिन सांय 05.45 बजे ग्राम पंचायत ममलीग में जल शक्ति विभाग की निरीक्षण कुटीर में जन समस्याएं सुनेंगे।
प्रसिद्ध पर्वतारोही व हिमाचल की बेटी बलजीत कौर और एनआरएलएम यानी नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन की अध्यक्ष सीमा हनोथ ने गांव के छोटे बच्चों के साथ मिल कर पौधरोपण किया। उन्होंने बच्चों के साथ मिलकर जिला सोलन के ममलिग क्षेत्र के प्लास्ट पंजडोल गांव के साथ लगते क्षेत्र में करीब 150 पौधे रोपित किए। बलजीत कौर ने कहा कि वह इससे पहले भी विभिन्न लोगों और संस्थाओं के साथ मिलकर इस तरह के कार्य करती रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यों से जहां पर्यावरण को लाभ होता है तो वहीं लोगों को भी जागरूकता मिलती है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा 1000 पौधों को रोपित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके मद्देनजर पहले चरण में 150 पौधों को रोपित किया गया है और आगे भी यह क्रम जारी रहेगा। पौधरोपण के दौरान बलजीत कौर और सीमा हनोथ के साथ गांव के छोटे बच्चें माही, चारू, प्रिया, पिंकी, ईशिता, प्राची, अमन, श्रुति, अंशु, अदिति, शनेया, बलजीत कौर के भाई बहन गुरदीप सिंह और कमलजीत कौर भी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने आज लगातार तीसरे दिन सोलन विधानसभा क्षेत्र में भारी वर्षा से हुए नुकसान का जायज़ा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि मूलभूत अधोसंरचना को शीघ्र दुरूस्त करें तथा आम जन की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित बनाएं। डॉ. शांडिल ने आज कण्डाघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत सकोड़ी के गांव दोची में शान्ति देवी के भारी वर्षा से हुए क्षतिग्रस्त मकान का निरीक्षण किया और उपमण्लाधिकारी कंडाघाट को क्षतिग्रस्त मकान के मामले पर कार्यवाही कर शीघ्र मुआवज़ा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संकट के समय जन-जन के साथ है। उन्होंने कहा कि आपदा के ज़ख्मों को भरने में समय लगता है और विपरीत हालात में लोगों को सहायता पंहुचाने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने इसके उपरांत ग्राम पंचायत बांजनी के थरोला नाला के समीप हुए भूस्खलन एवं नुकसान का जायजा भी लिया। उन्होंने इस अवसर पर स्थानीय निवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना। स्थानीय निवासियों ने इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री को अवगत करवाया कि गांव के विभिन्न हिस्सों में बार-बार भूस्खलन की घटनाएं घट रही हैं। डॉ. शांडिल ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय निवासियों की समस्याओं का त्वरित हल सुनिश्चित बनाया जाए तथा सड़क की सुरक्षा के लिए डंगे इत्यादि लगाने का कार्य मनरेगा के तहत करवाया जाए। उपमंडलाधिकारी कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य ने अवगत करवाया कि प्रशासन वर्षा के कारण उत्पन्न हालात के प्रति सजग है और पीड़ित परिवारों को त्वरित सहायता इत्यादि उपलब्ध करवाई जा रही है। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस महासचिव रमेश ठाकुर, खंड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, जोगिंद्रा सहकारी बैंक के निदेशक जितेन्द्र वर्मा, ग्राम पचांयत सकोड़ी के पूर्व प्रधान प्रेम कश्यप, ग्राम पचांयत बांजनी के पूर्व प्रधान मदन ठाकुर, विकास खंड अधिकारी कंडाघाट नरेश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा ग्रामीण उपस्थित थे।


















































