राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज यहां राज भवन में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में प्रदेश मंत्रिमंडल के दो नए सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कार्यवाही का संचालन किया। बिलासपुर जिला के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र से चुने गए राजेश धर्माणी का जन्म 2 अप्रैल, 1972 को जिला बिलासपुर के घुमारवीं में बिमला देवी एवं रतन लाल धर्माणी के घर हुआ। इन्होंने एनआईटी हमीरपुर से बीटेक (सिविल) और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से एमबीए की शिक्षा ग्रहण की। इनका विवाह सोनिका शर्मा से हुआ। इनकी एक पुत्री है। धर्माणी प्रदेश कांग्रेस समिति के सचिव, उपाध्यक्ष तथा महासचिव पद पर कार्य कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त राज्य युवा कांग्रेस के अध्यक्ष, जिला कांग्रेस समिति के सचिव, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव एवं एनएसयूआई तकनीकी प्रकोष्ठ के संयोजक भी रहे। राजेश धर्माणी दिसंबर, 2007 में प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए और वर्ष 2012 में पुन: निर्वाचित हुए। वह वर्ष 2007-2012 तक प्राक्कलन और मानव विकास समितियों के सदस्य और वर्ष 2013 से 2017 तक मुख्य संसदीय सचिव रहे। दिसंबर, 2022 में प्रदेश विधानसभा के लिए तीसरी बार चुने गए और मानव विकास समिति के अध्यक्ष के रूप में नामित हुए। साथ ही लोक लेखा और ई-गवर्नेंस-सह-सामान्य प्रयोजन समितियों के सदस्य नामित हुए। कृषि एवं सेरीकल्चर में विशेष अभिरुचि रखने वाले धर्माणी समाज सेवा में भी निरंतर सक्रिय रहे हैं और गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने में इनका उल्लेखनीय योगदान रहा है।
-सड़क सुरक्षा को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का किया आह्वान -कहा, यातायात नियमों के अनुपालन से बचेंगे मूल्यवान जीवन सड़क सुरक्षा अभियान को मजबूती देने के लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ऊना के कार्यालय में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आरटीओ अशोक कुमार ने शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से सड़क सुरक्षा को लेकर जागरुकता फैलाने, वाहन चालकों व आम जनता को यातायात नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को जीवन का अभिन्न अंग बनाकर इसकी अनुपालना की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए। यातायात नियमों की अनुपालना से ही कई मूल्यवान जीवन बचाए जा सकते हैं। उन्होंने ओवर स्पीड को भी सड़क दुर्घटनाओं की एक अहम वजह करार दिया। वहीं, 18 साल से कम आयु के बच्चों को वाहन न चलाने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को इस दिशा में आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए तथा अवयस्क किशोरों को वाहन चलाने से रोकने में सहयोग करना चाहिए। बैठक में रोड रोड़ सेफ्टी क्लब के प्रधान डा. सुभाष शर्मा ने ऊना शहर में वाहन गति को सीमित करने के लिए कड़ी कार्रवाई करने का सुझाव दिया। वहीं हिमोत्कर्ष परिषद के अध्यक्ष जतिंद्र कंवर ने ऊना-पीरनिगाह मार्ग पर वाहनों की गति व यातायात नियमों की अनुपालना को सुनिश्चित करने के लिए आटोमैटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों को यातायात नियमों की सुरक्षा व अनुपालना के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। अदवेता फाउंडेशन की अध्यक्ष मोनिका सिंह, जन हित मोर्चा के अध्यक्ष राजीव भनोट, रोटरी क्लब ग्रेटर से महिंद्र वर्मा व अजय शर्मा ने भी अपने विचार रखें। सामाजिक संस्थाओं को किया गया सम्मानित आरटीओ ऊना अशोक कुमार ने सड़क सुरक्षा अभियान में सहयोग करने के लिए ऊना की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को शॉल, टॉपी व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाली संस्थाओं में हिमोत्कर्ष संस्था से जतिंद्र कंवर, ऊना जनहित मोर्चा के अध्यक्ष राजीव भनोट व सूरज, रोटरी क्लब ग्रेटर से महिंद्र वर्मा व अजय शर्मा, अदवेता फाउंडेशन से मोनिका सिंह, प्रेस क्लब ऊना से मनोहर लाल, विनोद कुमार, लखविंद्र सिंह लक्की शामिल हैं।
-फतेहपुर के पास नोरबलिंगा में किराये के मकान में रहती थी -एसपी शलिनी अग्निहोत्री ने की मामले की पुष्टि धर्मशाला में एक स्कूली छात्रा की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस थाना धर्मशाला के तहत फतेहपुर के समीप नोरबलिंगा में किराये के मकान में रह रही लाहौल-स्पीति जिले की यह स्कूली छात्रा 12वीं कक्षा में पढ़ रही थी। इस बारे में छात्रा के पड़ोसियों ने पुलिस को बीती देर रात सूचना दी थी, जिसके बाद पुलिस छात्रा के कमरे में पहुंची, जहां वह मृत पड़ी थी। पुलिस ने इसकी सूचना फोरेंसिक टीम को दी, जिसने कमरे से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने इसकी सूचना फोरेंसिक टीम को दी, जिसने कमरे से साक्ष्य जुटाए हैं। प्रथम दृष्टि में मामला हत्या का लग रहा है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू करते हुए कुछ लोगों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। मृतका के परिजन भी धर्मशाला पंहुच गए हैं। मृतका की आयु करीब 18 साल बताई जा रही है। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने अपनी कार्रवाई करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए धर्मशाला अस्पताल भेज दिया है। वहीं, एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर हत्या का मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि इस मामले में कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच से पता चला है कि कमरे में मृतका के अलावा और लोग भी थे। पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिया है, जिसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
नेतृत्व और सामुदायिक सहभागिता के एक उल्लेखनीय प्रदर्शन में शूलिनी विश्वविद्यालय के छात्र स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा हाल ही में शुरू किए गए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (एबीएचए) कार्ड अभियान के प्रेरक शक्ति के रूप में उभरे हैं। अभियान, जिसका उद्देश्य व्यक्तियों को विशेष कवरेज प्रदान करना है में 30 से अधिक समर्पित छात्र, जिन्होंने जागरूकता फैलाने और अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने का बीड़ा उठाया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में, छात्रों को एबीएचए कार्ड कार्यक्रम के राजदूत बनने के लिए गहन प्रशिक्षण सत्र से गुजरना पड़ा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों ने शूलिनी विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा प्रदर्शित नेतृत्व गुणों के लिए अपनी प्रशंसा व्यक्त की। उन्होंने स्वीकार किया कि इस तरह की सक्रिय भागीदारी दुर्लभ है और एबीएचए कार्ड के बारे में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित करने के लिए आगे बढ़ने के लिए छात्रों की सराहना की। उनके उत्कृष्ट प्रयासों की मान्यता में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा कुलपति को एक विशेष प्रशंसा पत्र भेजा गया। पत्र में डीन छात्र कल्याण कार्यालय और अभियान में शामिल छात्रों द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों पर प्रकाश डाला गया।
-शिमला, हमीरपुर व नादौन में केबल बिछाने पर खर्च होंगे 65 करोड़ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार शहरों का सौंदर्यीकरण करने और बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि शहरों में अकसर पाया जाता है कि ओवरहेड बिजली की और अन्य तारों का जंजाल शहरों की सुन्दरता पर ग्रहण लगाते हैं। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार ने बिजली की तारें भूमिगत करने के कार्य को प्राथमिकता प्रदान करते हुए इसके लिए 65 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत शिमला शहर को तारों के जंजाल से मुक्त कराने के लिए 25 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे, जिससे कि आपरेशन सर्कल हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सीमित, कसुम्पटी, शिमला में विद्युत केबल की डक्टिंग की जाएगी। इसके अलावा नादौन क्षेत्र और हमीरपुर शहर में भूमिगत केबल बिछाने के साथ-साथ सम्बंधित कार्यों पर 20-20 करोड़ रुपये व्यय किए जायेंगे। मुख्यमंत्री ने विद्युत बोर्ड को इन कार्यों को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोगों को निर्बाध और बेहतर बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए भी प्रतिबद्ध है और बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए विभिन्न आधुनिक तकनीकें अपना रही है।
-राजभवन में राज्यपाल ने दिलाई मंत्री पद की शपथ हिमाचल प्रदेश को दो नए मंत्री मिल गए हैं। आज शाम राजभवन शिमला में बिलासपुर जिले के घुमारवीं से विधायक राजेश धर्माणी और कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर से यादविंदर गोमा सुक्खू कैबिनेट में शामिल हो गए। शाम करीब 4:45 बजे राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने दोनों मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। देर रात ही यह फैसला हुआ और आज शपथ हुई। शपथ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित मंत्री व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। बता दें कि राजेश धर्माणी बिलासपुर जिले से कांग्रेस पार्टी के एकमात्र विधायक हैं। वे घुमारवीं विधानसभा से विधायक हैं। बिलासपुर को बीते एक साल से मंत्री पद का इंतजार था। वहीं, कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर से विधायक यादविंदर गोमा को भी मंत्री बनाया गया है। काफी समय से उनको मंत्री बनाए जाने की अटकलें लग रही थीं।
-मुख्य परियोजना निदेशक नागेश गुलेरिया ने किया शुभारंभ -बोले, पूरे प्रदेश में खोले जाएंगे ऐसे आउटलैट -जापान के श्रीलंका प्रतिनिधि नाकाजीमा व जाइका इंडिया प्रतिनिधि इनागाकी ने की सराहना - जापान व श्रीलंका में भी प्रोजेक्ट के हिमट्रेडिशन ब्रांड की गूंज जाइका वानिकी परियोजना ने जोगिंद्रनगर में आउटलैट खोल दिया है। मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने यह आउटलैट जनता को समर्पित किया। उन्होंने यहां पूजा-अर्चना कर इस आउटलैट का शुभारंभ किया। शहर के बीचो-बीच यानी वन मंडल जोगिंद्रनगर परिसर में अब जाइका वानिकी से जुड़े स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित सभी तरह के उत्पादों की बिक्री होगी। टौर के पत्तल, पाइन नीडल से बने उत्पाद, बैग, आचार, कोदे का आटा, काला मटर, लाल चावल, किन्नौरी राजमाह, हिमाचली टोपी और शॉल समेत कई तरह के उत्पाद इस आउटलैट में उपलब्ध होंगे। जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जाइका से जुड़े स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित सभी प्रकार के उत्पाद बाजार से बेहतरीन और अच्छी कीमत पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी वन मंडल स्तर पर आउटलैट खोले जाएंगे। इस अवसर पर हिमाचल दौरे पर आई जाइका श्रीलंका में सेवाएं दे रही जेंडर एक्सपर्ट नाकाजीमा और जाइका इंडिया की प्रतिनिधि इनागाकी ने जाइका के ऐसे प्रयासों की सराहना की। नाकाजीमा और इनागाकी ने जाइका के हिमट्रेडिशन ब्रांड की भी तारीफ की। इस अवसर पर जाइका की प्रतिनिधि भी उपस्थित रही। दूरदराज क्षेत्रों में पहुंची नाकाजीमा व इनागाकी जाइका श्रीलंका में सेवाएं दे रही जापान की प्रतिनिधि एवं जेंडर एक्पर्ट नाकाजीमा और जाइका इंडिया की प्रतिनिधि इनागाकी जिला मंडी के दूरदराज क्षेत्रों में पहुंची। उन्होंने जाइका से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से सीधा संवाद किया। ग्राम वन विकास समिति जालपा के अंतर्गत दारट बगला में महिलाओं द्वारा हल्दी उत्पादन के प्रयासों की खूब सराहना की। उन्होंने ग्राम वन विकास समिति पंचजन द्वारा की जा रही मशरूम की खेती का मुआयना किया। नाकाजीमा और इनागाकी ने मंडी जिला के गुम्मा के समीप दूरदराज गांव जनवान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने यहां के सभी स्वयं सहायता समूहों का हौंसला बढ़ाया और हर तरह के उत्पाद तैयार करने के लिए प्रोत्साहित भी किया। जाइका की नर्सरी व पौधरोण पर फिदा हुई जापानी मंडी जिला के चौंतड़ा स्थित जाइका वानिकी परियोजना की नर्सरी और जालपा के जंगलों में हुए पौधरोपण को देख जापान की प्रतिनिधि काफी उत्साहित हुई। मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया के नेतृत्व वाली टीम ने नर्सरी और पौधरोपण क्षेत्र का निरीक्षण किया। नागेश गुलेरिया ने जाइका की नर्सरियों में तैयार किए जा रहे सभी प्रजातियों के पौधों की जानकारी दी।
शाहपुर उप मंडल के अंतर्गत शाहपुर-क्यारी-चतरेर रोड के उन्नयन कार्य के चलते यह मार्ग 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक हर प्रकार के यातायात के लिए पूर्ण रूप से बंद रहेगा। इस दौरान गाड़ियों की आवाजाही के लिए द्रमण-ढुखरू मार्ग का उपयोग किया जाएगा। जिलाधीश कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी है।
हाटकोट पंचायत के वार्ड 1 में आज सुबह ही एक किशोर की मौत होने से पूरा इलाका शोक में डूब गया। प्राप्त जानकारी अनुसार हाटकोट निवासी संजय राघव का 16 वर्षीय बेटा महेश्वर कुमार बॉक्सिंग वाले बैग की डोरी से उलझ गया। परिजनों ने सुबह उठ कर देखा, तो वह बॉक्सिंग बैग की डोरी से लटक रहा था। संजय ने बताया कि महेश्वर हर रोज सुबह उठकर बॉक्सिंग प्रेक्टिस करता था, परंतु आज जब वह कमरे से बाहर ही नहीं आया। उन्होंने वहां जाकर देखा तो वह बॉक्सिंग बैग की रस्सियों में उलझा हुआ था। उन्होंने पुलिस थाना में सूचना दी व पुलिस द्वारा उसे प्राथमिक उपचार के लिए सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए अर्की ले जाया गया। दोपहर 2 बजे के बाद पोस्टमार्टम करके बॉडी परिजनों को सौंप दी गई। वहीं, डीएसपी सोलन भीष्म ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रथम दृष्टि में यह आत्महत्या का मामला लगता है। बाकी पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पायेगा।
राजकीय उच्च विद्यालय रोहाड़ा की मेधावी छात्रा सोनम शर्मा ने तुलसी से कागज बनाया और सर्वे रिपोर्ट में जिलाभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया। अब यह छात्रा अंडर-14 वर्ग में जिला कांगड़ा का प्रतिनिधित्व करेगी। सोनल शर्मा एनआईटी हमीरपुर में होने वाले प्रदेश स्तरीय बाल विज्ञान मेले में भाग लेने जा रही है। ॥ढ्ढरूष्टह्रस्ञ्जश्व की ओर से 14 दिसंबर से 17 दिसंबर तक मेले का किया जाएगा। सोनल ने यह सर्वे रिपोर्ट तुलसी के पत्तों से कागज बनाते समय तैयार की थी। इसमें सोनल के अभिभावकों ने उसका बहुत हौसला बढ़ाया। विद्यालय के सभी अध्यापकों एवं मुख्यअध्यापिका ने छात्रा की इस सफलता पर उसे बधाई दी।
स्वामी विवेकानंद स्कूल कंदरोड़ी की छात्रा मृणाल भनोट ने अमेरिका की नामी युनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस में एकीकृत स्वास्थ्य विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल कर स्कूल का नाम रोशन किया है। मृणाल भनोट ने अपनी स्कूली शिक्षा स्वामी विवेकानंद स्कूल कंदरोड़ी से पूरी की और बाद अपनी आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका की यूनीवर्सिटी ऑफ इलिनोइस शिकागो में दाखिल हुई, जहां पर उन्होंने एकीकृत स्वास्थ्य विज्ञान में स्नातक में अपनी शिक्षा ग्रहण की और अपने सपनों को साकार किया मृणाल बचपन से पढ़ाई में दिलचस्पी रखती थी। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा दसवीं और बारहवीं में शत प्रतिशत अंक लेकर प्रथम स्थान प्राप्त किया था। मृणाल भनोट के पिता पंकज भनोट व्यवसायी हैं और उनकी माता रचना भनोट एक निजी स्कूल की प्रधानाचार्य हैं। मृणाल ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने जीवन में मौजूद हर उस व्यक्ति को देना चाहा, जिन्होंने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी खासकर अपने अभिभावकों और गुरुजनों का आभार व्यक्त किया।
-टीसीपी ने प्रदेश सरकार से मांगी अनुमति -मामले में सरकार ले रही कानूनी राय शिमला शहर और नगर निगम की परिधि में अभी सरकार ने ढाई मंजिला तक एटिक की ऊंचाई बढ़ाने की अनुमति दी है। लेकिन जल्द ही तीन और चार मंजिला भवन मालिक भी एटिक बना सकते हैं। इसको लेकर टीसीपी ने प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी है। सरकार की ओर से मामले में कानूनी राय ली जा रही है। इसी सप्ताह अंतिम निर्णय लिया जाना है। गौर रहे कि शिमला प्लानिंग एरिया, नगर निगम में लोगों ने भवनों का निर्माण किया है। एनजीटी के फैसले के बाद प्लानिंग एरिया में ढाई मंजिला से अधिक भवन निर्माण पर रोक है। ऐसे में लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने एटिक की ऊंचाई बढ़ाई है। पहले एटिक की सेंटर से ऊंचाई 2.75 मीटर थी अब इसे बढ़ाकर 3.05 मीटर किया है। पहले लोग एटिक को बेच भी नहीं सकते थे, लेकिन अब जरूरतमंदों को बेचने का भी अधिकार दिया गया है।प्रदेश सरकार ने एटिक में बिजली और पानी के कनेक्शन देने का फैसला किया है। बता दें कि लोग मुख्यमंत्री कार्यालय में लगातार एटिक को रिहायशी बनाने की मांग कर रहे थे। विधानसभा चुनाव और नगर निगम चुनाव में भी कांग्रेस ने लोगों को इस बारे में आश्वस्त किया था। सरकार ने ढाई मंजिला और प्लॉट मालिकों को फायदा तो दे दिया है, अब तीन से चार मंजिला भवन मालिकों को राहत देने पर फैसला होना है।
5 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग महक योजना के अंतर्गत हुआ RHRTS जाछ में संपन्न हुआ। इसमें परागपुर ब्लॉक के 20 किसानों ने भाग लिया उनके साथ एसएमएस डॉ. विवेक गर्ग, उद्यान प्रसार अधिकारी डॉ. अरुण पराशर उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के संबंध में मुख्य अतिथि एसोसिएट निदेशक डॉ. विपन गुलेरिया , डॉ. धरमिंदर, डॉ. राजेश ने सभी 20 किसानों का मार्गदर्शन किया।
9 और 10 दिसंबर को बद्दी में आयोजित 6 लीजेंड्स ताइक्वांडो प्रतियोगिता में खुंडिया के नौ बच्चों ने ताइक्वांडो प्रतियोगिता में 6 गोल्ड मेडल, एक सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल जीते। फाइट प्रतियोगिता में प्रांजल, अंशिका, वर्णिका, ऋषिका और मनिका ने गोल्ड मेडल जीते द्य तथा ऋषभ चौधरी ने सिल्वर मेडल जीता और दिव्यांश, शिवांश और अरशिता ने ब्रॉन्ज मेडल जीते। वहीं, बोर्ड ब्रेकिंग में प्रांजल धीमान ने गोल्ड मेडल, ऋषिका धीमान , अरशिता राणा, शिवांश राणा, दिव्यांश ने ब्रॉन्ज मेडल जीता तथा स्पीड कीकिंग में ऋषिका धीमान, दिव्यांश शर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता इस खुशी के मौके पर अकादमी के संचालक सुनील कुमार और मीना कुमारी ने सब बच्चों और उनके माता-पिता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारी अकादमी के बच्चे हर बार मेडल जीत कर लाते हैं। आज तक पिछले 5 सालों से कभी ऐसा नहीं हुआ कि हमारे बच्चे बिना मेडल से आए हों। सुनील कुमार का कहना है खेल से हमारा शरीर विकसित होता है और खेल में हार जीत मायने नहीं रखती। खेल से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
-17 दिसंबर को सुबह 10 बजे आयोजित होगी परीक्षा पाइनग्रोव स्कूल सूबाथू में निशुल्क शिक्षा के लिए लड़कियों की चयन परीक्षा 17 दिसंबर को सुबह 10 बजे से आयोजित की जाएगी। यह योजना हिमाचल प्रदेश जिला सोलन के परिवारों में एक उम्मीद की किरण ला सकती है। याद रहे पाइनग्रोव स्कूल पिछले कई वर्षों से जिला सोलन की छात्राओं को चयनित कर रहा है और कुछ छात्राएं आज भी स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। इन छात्राओं को पाइनग्रोव स्कूल द्वारा निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। पाइनग्रोव स्कूल सी बीएसई, आईपीएससी, आईएवाईपी और एनसीसी, बिट्रिश कौंसिल आइएसओ 9001.2000 से प्रमाणित है। पाइनग्रोव स्कूल न केवल हिमाचल प्रदेश का अपितु देश के प्रतिषिठत स्कूलों में से एक है, जहां विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों से डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार किया जाता है। पाइनग्रोव स्कूल ने डीसी सोलन के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को सूचित किया है कि वह अपने बलबूते पर सोलन की लड़कियों की सहायता कर रहे हैं और अनेक लडकियां अपनी योग्यता, कला, गुणों से संपन्न तो हैं ही परंतु आर्थिक समस्या के कारण उन्हें अच्छे विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर नहीं मिलता है। ये हैं चयन के लिए शर्तें परीक्षा में भाग लेने के लिए छात्रा हिमाचल प्रदेश, जिला सोलन की स्थाई निवासी होनी चाहिए। छात्रा प्रथम कक्षा से ही सरकारी पाठशाला में पढ़ रही हो। छात्रा की आयु 10 वर्ष होनी चाहिए तथा वर्तमान में पांचवीं कक्षा में पढ़ रही हो। प्रत्येक वर्ष चयन परीक्षा के आधार पर दो सर्वश्रेष्ठ छात्राओं को पाइनग्रोव स्कूल, सूबाथू में प्रवेश दिया जाता है। पाइनग्रोव स्कूल जिला सोलन की लड़कियां जो पढ़ाई में होशियार हो उनको अपने स्कूल में शिक्षा देने की जिम्मेदारी इस वर्ष भी लेने की रुचि प्रस्तुत की है। यदि सोलन जिला की लड़कियों की सहायता की जाए तो वे जीवन में अच्छी नौकरी प्राप्त करके अपने उद्देश्य में सफल हो सकती हैं। पाइनग्रोव स्कूल पहले से ही समाज सेवा करने में जुटा है, ताकि उन लड़कियों के माता-पिता और हिमाचल प्रदेश को गर्व महसूस करने का अवसर दे सके।
हिमाचल प्रदेश के सुक्खू मंत्रिमंडल का आज विस्तार हो सकता है। कैबिनेट में बिलासपुर जिले से कांग्रेस के एक मात्र विधायक राजेश धर्माणी और कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर से विधायक यादवेंद्र गोमा जुड़ सकते हैं। सूत्रों की मानें तो दोनों शिमला के लिए रवाना हो गए हैं। शाम 5 बजे के करीब दोनों मंत्री पद की शपथ ग्रहण कर सकते हैं। देर रात ही यह फैसला हुआ है।राजेश धर्माणी घुमारवीं विधानसभा से विधायक हैं। घुमारवीं कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राजीव शर्मा ने उनके नाम की पुष्टि की है। धर्माणी के अलावा एक और मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। कांगड़ा से गोमा के अलावा एक और विधायक को भी शिमला बुलाया गया है। सारे मंत्री भी बुलाए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, आज दोपहर बाद शपथ समारोह होगा। बिलासपुर से राजेश राजेश धर्माणी और कांगड़ा से यादविंद्र गोमा मंत्री बनना लगभग तय है। फिलहाल, दो ही मंत्री बनाए जाने की सूचना है। हालांकि राज भवन सचिवालय अभी किसी भी समारोह की जानकारी से इनकार कर रहा है। कुछ मंत्रियों के पोर्टफोलियो बदलने की भी संभावना कुछ मंत्रियों के पोर्टफोलियो बदलने की भी तैयारी है। मिली जानकारी के मुताबिक, एक ब्राह्मण, एक राजपूत और एक अनुसूचित जाति चेहरे को मंत्री बनाने की तैयारी है।
-पहले दिन 782 किसानों ने खरीदे 22,324 से अधिक पौधे डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी और विवि के कृषि विज्ञान केंद्रों और अनुसंधान स्टेशनों में बागवानों के लिए फलदार पौधे की वार्षिक बिक्री सोमवार से पहले आओ पहले पाओ के आधार पर शुरू हो गई। फल रोपण सामग्री की वार्षिक बिक्री के लिए हिमाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों के किसान विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय केंद्रों पर एकत्र हुए। इस बिक्री के दौरान किसानों द्वारा सेब, नाशपाती, खुमानी, आड़ू, नेक्टराइन, चेरी, कीवी फ्रूट, अखरोट, अनार, प्लम, जापानी फल और बादाम आदि की विभिन्न किस्मों को खरीदा गया। हिमाचल और आसपास के राज्यों के विभिन्न हिस्सों से किसान विभिन्न किस्मों के फलों के पौधे खरीदने के लिए विश्वविद्यालय और अनुसंधान केंद्रों पर आए। बिक्री के पहले दिन 782 किसानों ने नौणी में विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में तीन नर्सरियों, कंडाघाट, रोहड़ू में कृषि विज्ञान केंद्र और मशोबरा, बजौरा और शारबो (किन्नौर) में अनुसंधान केंद्रों से विभिन्न फलों की किस्मों के 22,324 से अधिक पौधे खरीदे। इस वर्ष, किसानों ने फलों की फसलों के विविधीकरण के प्रति रुचि दिखाई है और यह बिक्री के दौरान भी दिखाई दी, जहां सेब की विभिन्न किस्मों के साथ-साथ जापानी फल, अखरोट, कीवी और अन्य गुठलीदार फलों की मांग में वृद्धि देखी गई। इस वर्ष, विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय स्टेशनों पर बिक्री के लिए उपलब्ध पौधों की कुल संख्या 2.72 लाख से अधिक है। इस बिक्री के दौरान किसानों को सेब, कीवी, अनार, खुमानी, आड़ू, नेक्टराइन, चेरी, अखरोट, नाशपाती, प्लम आदि की विभिन्न किस्में उपलब्ध कारवाई जाएंगी। सेब के लगभग 50000 क्लोनल रूटस्टॉक भी उपलब्ध होंगे। आने वाले दिनों में यह बिक्री जारी रहेगी।
-ग्रामीणों को दी गई भारत सरकार की योजनाओं की जानकारी विकसित भारत संकल्प यात्रा आज हमीरपुर ब्लॉक में स्थित ग्राम पंचायत धरोग पहुंची। कार्यक्रम मै भारत सरकार की ओर से पत्र सूचना कार्यालय सूचना कार्यालय, नई दिल्ली के महानिदेशक राजीव जैन भी उपस्थिति रहे। राजीव जैन ने कहा कि इस यात्रा का मकसद भारत सरकार द्वारा शुरू की गई जन कल्याणकारी योजनाओं और पहलों को लोगो तक पहुंचाना है। उन्होंने ने लोगों को संबोधित किया और कहा कि पीएम आवास योजना ने व्यक्तियों, विशेषकर महिलाओं को मालिकाना हक प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाया है। उन्होंने उपस्थित जन समूह को उनके जीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न ग्रामीण और शहरी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं पर केंद्रित एक क्विज भी आयोजित की गई। कार्यक्रम में पीएनबी बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक विनय श्रीवास्तव ने कई कल्याणकारी योजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। जिन योजनाओं की जानकारी दी गई उनमें प्रमुख हैं जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, किसान समान निधि और अटल पेंशन योजना शामिल हैं। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए, आयुष्मान भारत, मातृ वंदना योजना और पीएम जन औषधि योजना के बारे में बहुमूल्य जानकारी साझा की।
विद्युत उपमंडल-2 धर्मशाला के सहायक अभियंता रमेश चंद ने बताया कि 13 दिसंब को विद्युत लाइनों की सामान्य रख-रखाव के चलते 11 केवी बगली फीडर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों नंदेहड़, पुराना मटौर, घुंडी, बगली, अनसोली, पटोला, घना, गंग भैरों, गगली, चैतड़ू, बनवाला, मनेड़, मस्तपुर, कंदरेहड़, चकवां ढगवार, सराह, लोअर सकोह, पुलिस लाइन सकोह तथा साथ लगते क्षेत्रों में प्रात: 9 बजे से सायं 6 बजे अथवा कार्य समाप्ति तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। वहीं 11 केवी दाड़ी फीडर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों शीला चौक, भटेहड़, पास्सू, शीला, कनेड़, हरनेड़ तथा साथ लगते क्षेत्रों में भी प्रात: 9 बजे से सायं 6 बजे अथवा कार्य समाप्ति तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने की स्थिति में यह कार्य अगले दिन किया जाएगा।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जिला हमीरपुर के प्रवक्ता एवं हिमाचल प्रदेश स्टेट बार काउंसिल सदस्य रोहित शर्मा एडवोकेट ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का प्रदेश की लोकप्रिय सुक्खू सरकार का विरोध प्रदर्शन करना हिमाचली जनता के साथ छलावा है। ये धरना प्रदर्शन मात्र पुत्र मोह में खिसकती हुई सियासी जमीन को बचाने के लिए प्रयास है। प्रदेश में भाजपा मार्गदर्शकमंडल की टीम का नेतृत्व कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल जी यह स्पष्ट करें कि प्रदेश में कोरोना काल में एवं इस वर्ष प्रदेश में आई भीषण आपदा में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की लोगों के प्रति संवेदनहीनता क्यों नजर आई? अनुराग ठाकुर जी ने हमेशा प्रदेश के लोगों के लिए भी घोषणाओं का मात्र झुनझुना ही बजाया है। पहले अनुराग अपने पिता पूर्व मुख्यमंत्री की कृपा से सांसद बने फिर मोदी नाम का चुनावों में सहारा मिला। लेकिन 2024 में प्रदेश की जागरूक जनता काम का हिसाब मांगेगी। केंद्रीय मंत्री अपना रिपोर्ट कार्ड जारी कर जनता को यह बताएं कि उन्होंने चाहे कोरोना काल हो या इस वर्ष प्रदेश में आई भीषण आपदा या अपने संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए अपनी सांसद एवं निजी निधि से लोगों के लिए कितना पैसा जारी किया है या केंद्र सरकार से जारी करवाया है? इन्हीं यक्ष प्रश्नों की वजह से वर्ष 2024 के चुनाव में माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी भी अनुराग ठाकुर को चुनावी हार से नहीं बचा पाएंगे। भाजपा नेतृत्व को चश्मा लगा कर प्रदेश में सुक्खू सरकार की 1 वर्ष की उपलब्धियां दिखेंगी। क्योंकि यह आमजन भली भांति समझते हैं कि सुक्खू सरकार ने सबसे पहले कांग्रेस संगठन ने जो 10 गारंटियों की बात की थी उनमें सबसे पहले ओपीएस बहाली की,अनाथ बच्चों के लिए सुख आश्रय योजना लेकर आए। प्रदेश में आई आपदा में सरकार द्वारा आमजन के लिए किए गए राहत कार्य हों चाहे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा अपनी संपत्ति से प्रदेश जनहित में अपनी 51 लाख की पूंजी का दान करना हो। रोहित शर्मा ने समस्त प्रदेशवासियों को प्रदेश सरकार का एक वर्ष पूरा होने पर बधाई एवं आने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा के ओछे हथकंडों से बचकर रहने की सलाह दी।
-मुख्यमंत्री ने की दूध का खरीद मूल्य 6 रुपये बढ़ाने एवं गोबर खरीद योजना शुरू करने की घोषणा -विधवा महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च वहन करेगी राज्य सरकार -कांगड़ा जिला के आपदा प्रभावित 581 परिवारों को 13.58 करोड़ की पहली किस्त जारी वर्तमान राज्य सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर जिला कांगड़ा के धर्मशाला में आयोजित 'व्यवस्था परिवर्तन का एक सालÓ राज्य स्तरीय समारोह के अवसर पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार आम लोगों की सरकार है, जिसमें महिलाओं, युवाओं, किसानों और कर्मचारियों सहित हर वर्ग को सम्मान मिल रहा है। उन्होंने लाहौल-स्पिति जिला की 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं को जनवरी माह से 1500 रुपए की राशि देने की घोषणा की और कहा कि सरकार निकट भविष्य में सभी महिलाओं के साथ किया गया वादा निभाएगी। जिन महिलाओं को अभी 1100 रुपए पेंशन के रूप में मिलते हैं, उन्हें भी अगले वर्ष से बढ़ाकर 1500 रुपए प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अगले वित्त वर्ष से विधवा महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन करने की घोषणा भी की। उन्होंने दूध का खरीद मूल्य 6 रुपये बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनवरी, 2024 से गोबर खरीद योजना शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसानों की समृद्धि की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के दृष्टिगत अनेक महत्वपूर्ण फैसले ले रही है। पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में जेओए (आईटी) की भर्ती रुकी रही, लेकिन हमारी सरकार ने इसकी बेहतर ढंग से पैरवी की और सुप्रीम कोर्ट से राज्य सरकार के हक में फैसला आया। उन्होंने कहा कि जल्द ही पोस्ट कोड 817 व 939 का रिजल्ट भी घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी कुछ माह में वर्तमान राज्य सरकार सरकारी क्षेत्र में 20 हजार रोजगार के अवसर प्रदान करेगी, जिनमें वन मित्र भर्ती, पटवारी भर्ती, मल्टीटास्क वर्कर, पुलिस व शिक्षक भर्ती इत्यादि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में भी इतनी नौकरियां नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में अनेक फैसले ले रही है। राजस्व बढ़ोतरी के लिए कई उपाय किए गए हैं और शराब ठेकों की नीलामी से सरकार का राजस्व 500 करोड़ रुपए बढ़ा है। इस एक वर्ष में आत्मनिर्भर हिमाचल की नींव रखी गई है तथा वर्ष 2027 तक हिमाचल आत्मनिर्भर और वर्ष 2032 तक देश का सबसे समृद्धतम राज्य बनेगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनके परिवार का कोई सदस्य राजनीति में नहीं था, लेकिन 40 वर्ष की तपस्या को देखते हुए पार्टी हाईकमान ने मुझे प्रदेश की सेवा का मौका दिया। मुख्यमंत्री बनने के बाद रुटीन कार्य करने के बजाए उन्होंने अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना अपना लक्ष्य बनाया। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में आम और खास के बीच का फासला कम करने के लिए कई कदम उठाए गए। आने वाले वर्ष में सरकार की योजनाएं आम आदमी, किसानों और युवाओं से जुड़ी होंगी। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में तीन गारंटियां पूरी कर दी गई हैं। बिना किसी राजनीतिक लाभ को देखते हुए पहली ही कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन लागू की ताकि कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके। साथ ही 680 करोड़ रुपए की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के पहले चरण के तहत ई-टैक्सी योजना शुरू की गई है। जिसके तहत ई-टैक्सी की खरीद के लिए युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है तथा उन्हें निश्चित आय भी सुनिश्चित की जाएगी। अगले सत्र से सभी सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी मीडियम शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार संवेदनशील सरकार है, जो जनता की भावना को बेहतर ढंग से समझती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में कर्मचारी चयन आयोग में पेपर बिकते रहे। भ्रष्टाचार रोकने और युवाओं केे हितों के साथ हो रहे खिलवाड़ को देखते हुए इसे भंग करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने चुनाव जीतने की नीयत से अपने अंतिम वर्ष में 14 हजार करोड़ का भारी-भरकम कर्ज लिया, जिसका खामियाजा वर्तमान कांग्रेस सरकार को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति पर उप-मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कमेटी बनाकर श्वेत-पत्र लाया गया।
ऊर्जा विज्ञान और प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र (सीईईएसटी) शूलिनी विश्वविद्यालय ने आईक्यूएसी और डीन छात्र कल्याण, शूलिनी विश्वविद्यालय के सहयोग से स्थानीय ग्रामीण समुदायों के लिए सतत विकास लक्ष्यों को लागू करना पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में विकास खंड सोलन, परियोजना अधिकारी/खंड विकास अधिकारी (बीडीओ), सोलन पंचायत सचिवों, इंजीनियरों, पंचायत अध्यक्षों (प्रधान) और ग्राम पंचायत सन्होल, सुल्तानपुर, शामती, सीईईएसटी, आईक्यूएसी, डीएसडब्ल्यू के लगभग 30 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। . प्रो. पीके शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर खोसला ने कार्यशाला का उद्घाटन किया और कहा कि विश्वविद्यालय एसडीजी 7 से संबंधित योजना के कार्यान्वयन के लिए सतत विकास के लिए पहले चरण में सोलन ब्लॉक के सनहोल, सुल्तानपुर, ओचघाट और शामती को गोद लेगा। सभी के लिए आधुनिक, स्वच्छ और किफायती ऊर्जा, जो पीएम आवास योजना के तहत बनाए जाने वाले आरामदायक घरों के लिए निष्क्रिय सौर डिजाइन प्रदान करेगा। प्रोफेसर खोसला ने आगे कहा कि ऊर्जा विज्ञान और प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र (सीईईएसटी), जिसने संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों पर उत्कृष्ट काम किया है, बीडीओ सोलन के सहयोग से गहन सर्वेक्षण करने के बाद इन पंचायतों में नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों का समन्वय और कार्यान्वयन करेगा। शूलिनी विश्वविद्यालय के ऊर्जा विज्ञान और प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र के निदेशक प्रोफेसर एसएस चंदेल ने गांवों में सतत विकास और ग्राम पंचायतों के लिए सेवाओं के लिए नवीकरणीय प्रौद्योगिकियों पर सीईईएसटी की कार्य योजना पेश की, साथ ही कम लागत वाली सौर प्रौद्योगिकियों पर विशेष जानकारी दी। उन्होंने अपने प्रेजेंटेशन में कहा कि इसे गांवों में लागू किया जाए। रजनी गौतम बीडीओ सोलन ने टिकाऊ ऊर्जा लक्ष्य को लागू करने के लिए चार पंचायतें स्थापित करने और शूलिनी विश्वविद्यालय में टिकाऊ प्रथाओं को प्रदर्शित करने के लिए मॉडल गांवों की स्थापना के लिए प्रोफेसर पीके खोसला की सराहना की। प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय की सौर ऊर्जा सुविधाएं दिखाई गईं और सीईईएसटी ने साइट का दौरा किया। राहुल चंदेल ने केंद्रित सौर-संचालित सामुदायिक भाप खाना पकाने की प्रणाली का वर्णन किया, जो 500 लोगों के लिए भोजन पका सकती है, साथ ही विश्वविद्यालय भवनों और कार पार्किंग शेडों की छतों पर स्थापित 400 किलोवाट ग्रिड से जुड़े सौर फोटोवोल्टिक बिजली संयंत्र का भी वर्णन किया।
-विधायक सत्ती ने कहा, हर गारंटी में फेल हुई सुक्खू सरकार -कहा, गोबर की ट्राली भरकर सीएम के आवास पर फेंके पशुपालक हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के 1 वर्ष पूर्ण होने के कार्यकाल को भारतीय जनता पार्टी ने आक्रोश रैली निकाल कर विरोध के रूप में मनाया। जिला ऊना द्वारा एमसी पार्क के बाहर की गई आक्रोश रैली में बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता उपस्थित हुए। रैली की अध्यक्षता जिला भाजपा के अध्यक्ष बलवीर चौधरी ने की, जबकि इस रैली में ऊना सदर के विधायक सतपाल सिंह सत्ती, पूर्व विधायक राजेश ठाकुर, भाजपा के हरोली से पूर्व प्रत्याशी प्रोफेसर रामकुमार, जिला परिषद अध्यक्ष नीलम कुमारी, नगर परिषद अध्यक्ष पुष्पा देवी, महिला मोर्चा भाजपा की राज्य सचिव मीनाक्षी राणा, आईटी सेल बीजेपी के राज्य संयोजक अनिल डढवाल, जिला भाजपा महामंत्री राजकुमार पठानिया सहित अन्य प्रमुख नेता उपस्थित रहे। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सुक्खू सरकार के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी की। भाजपा कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां पकड़ी हुई थीं, जिन पर लिखा सुक्खू भाई गारंटियां किथे पाई, 1500 रुपये महिलाओं के खाते में क्यों नहीं आए, गोबर कब खरीदेंगे, युवाओं से धोखा है सूक्खु सरकार रोजगार देने में फेल हुई, जैसे अनेक नारे लिखे गए थे। रैली को संबोधित करते हुए विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि कांग्रेस की सरकार हर गारंटी में फेल हुई है, बुरी तरह से इस सरकार की लोकप्रियता गिरी है। जनता सवाल पूछ रही है, सरकार जवाब नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था का बुरा हाल है। आए दिन चोरी डकैती हत्या हो रही हैं, माफिया बढ़ गया है, खनन व नशा माफिया रिकॉर्ड तोड़ रहा है। कांग्रेस की सरकार हर मोर्चे पर फेल ह। सत्ती ने कहा कि हर क्षेत्र में निराशा है ,महिलाओं को 1500 रुपये क्यों नहीं मिले, 300 यूनिट फ्री बिजली के क्यों नहीं मिली। उन्होंने कहा कि गोबर खरीद का वादा किया सरकार उसे पर निर्णय नहीं कर पाई। पशुपालकों को गोबर की ट्रालियां भरकर सुक्खू के घर के बाहर फेंकने चाहिए, ताकि सरकार जाग सके। सत्ती ने कहा कि एक साल में कोई नया काम यह सरकार कर नहीं पाई, भाजपा सरकार द्वारा किए गए कार्यों का उद्घाटन शिलान्यास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ऊना में आए पांच उद्घाटन किए। उन्होंने कहा कि सभी भाजपा के कार्यकाल के हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को धोखा देने वाली कांग्रेस है, भ्रष्टाचार की जननी कांग्रेस से माफिया को संरक्षण देने का काम कांग्रेस कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस की असलियत जान गई है ।उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में कांग्रेस को जानता सबक सिखाएगी।
एसएफआई की प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने आज कुलपति को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन पत्र के माध्यम से एस एफ आई ने मांग की है कि विश्वविद्यालय से 12 छात्रों को निष्कासित किया गया है उनके निष्कासन को वापस लिया जाए। अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन का नकारात्मक रवैया सामने आया है। अभी तक 12 छात्रों के निष्कासन को वापस करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक किसी भी तरह का कदम नहीं उठाया है। विश्वविद्यालय के अंदर 12 दिसंबर से परीक्षा शुरू होने वाली है परंतु अभी तक वह छात्र अपना परीक्षा फॉर्म भी भर नहीं पाया है यदि आज उन 12 छात्रों का निष्कासन वापस नहीं लिया जाता है तो वह कल से उन परीक्षाओं के अंदर नहीं बैठ पाएगा। इस मांग पर आश्वासन देते हुए कुलपति ने कहा है कि कल हम अनुशासनात्मक कमेटी की बैठक करेंगे और छात्रों के निष्कासन पर जल्दी से डिसीजन लेंगे। उन्होंने इस बात का भी आश्वासन दिया है कि जिन 12 छात्रों को विश्वविद्यालय से निष्कासित किया गया है उनकी जो कल परीक्षा होनी है उनके लिए स्पेशल चांस देकर बाद में उनकी परीक्षाएं करवाई जाएगी। एसएफआई का मानना है कि यह अवैध निष्कासन छात्रों का वापिस करे ताकि छात्रों का भविष्य खराब न हो। एसएफआई ने प्रशासन की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कल छात्रों का निष्कासन रद्द नही होता है तो एसएफआई सभी छात्रों को लामबंद करते हुए पी जी परीक्षाओ के समय भी एक उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी सारी जिम्मेदारी विश्वविधालय प्रशासन की होगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल 12 दिसंबर को सोलन के प्रवास पर आ रहे हैं। डॉ. शांडिल दोपहर 2 बजे जिला सोलन के कंडाघाट उपमंडल के ममलीग के गण-रा-घाट (थान) मेले में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे।
-जापान में एक्सपोजर विजिट पर जा सकते हैं हिमाचल के स्वयं सहायता समूह -तीन दिवसीय हिमाचल दौरे पर पहुंची जेंडर एक्सपर्ट नाकाजीमा और इनागाकी -सीपीडी नागेश गुलेरियो बोले, जापान व श्रीलंका में हिमाचल जाइका वानिकी परियोजना की गूंज जाइका वानिकी परियोजना को अब भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका भी फॉलो करेगा। यह बात जाइका जापान से आई प्रतिनिधि एवं जेंडर एक्सपर्ट नाकाजीमा ने जिला कांगड़ा के रैत में आयोजित कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल में जाइका वानिकी परियोजना बेहतर कार्य कर रही है। नाकाजीमा ने कहा कि हिमाचल में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं श्रीलंका की तुलना में अच्छा काम कर रही है। वे यहां की महिलाओं की भागीदारी देख नाकाजीमा काफी उत्साहित हुई। उन्होंने यहां उपस्थित विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं एवं पुरुषों से वन-टू-वन बात की। इस दौरान उन्होंने श्रीलंका में जाइका के तहत हो रहे कार्यों को सांझा किया। नाकाजीमा ने कहा कि आने वाले समय में जाइका श्रीलंका की टीम हिमाचल में एक्पोजर विजिट करेगी। इसके साथ-साथ हिमाचल के स्वयं सहायता समूहों को जापान में एक्सपोजर विजिट का ऑफर भी दिया। उन्होंने हिमाचल के बेहतरीन कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों को जापान में एक्पोजर विजिट का ऑफर भी दिया। नाकाजीमा ने कहा कि जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया के नेतृत्व में हिमाचल में बेहतरीन कार्य हो रहे हैं। इस अवसर पर जाइका इंडिया की प्रतिनिधि इनागाकी ने भी महिलाओं को सशक्तिकरण का पाठ पढ़ाया। रैत में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने कहा कि हिमाचल जाइका वानिकी परियोजना की गूंज आज जापान के साथ-साथ श्रीलंका तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के ऐसे स्वयं सहायता समूह जो बेहतर कार्य करेंगे उन्हें जापान में एक्पोजर विजिट पर भी ले जा सकते हैं। नागेश कुमार गुलेरिया ने जापान की प्रतिनिधियों को अवगत करवाया कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी वन मंडलों में आउटलैट खोले जाएंगे। नागेश कुमार गुलेरिया ने कहा कि जल्द ही एक आउटलैट धर्मशाला में भी खोला जाएगा। रैत में आयाजित कार्यशाला में मौजूद विभिन्न सहायता समूहों के कार्यों को देख नागेश कुमार गुलेरिया ने खूब तारीफ की। इस अवसर पर डीएफओ धर्मशाला दिनेश शर्मा, अतिरिक्त परियोजा निदेशक जाइका डीके विज, सेवानिवृत वन सेवा अधिकारी बीके यादव, जीवन लाल टांक, प्रोग्राम मेनेजर मार्केटिंग विनोद शर्मा, प्रोग्राम मेनेजर जीआईएस रजनीश कुमार, नेहा चक्रवर्ती समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पालमपुर के गोपालपुर में जाइका के आउटलैट्स जाइका वानिकी परियोजना के उत्पाद अब पालमपुर में भी खरीदने को मिलेंगे। जापान से आई जाइका जापान की प्रतिनिधि एवं जेंडर एक्सपर्ट नाकाजीमा और जापान इंडिया की प्रतिनिधि इनागाकी ने गोपालपुर में आटलैट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने पूजा-अर्चना के साथ आउटलैट का शुभारंभ किया। ऐसे में अब गोपालपुर चिड़ियाघर के मुख्य द्वार पर स्थापित इस मार्केटिंग आउटलैट्स पर जाइका से जुडे स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री होगी। जहां पर ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स उपलब्ध होंगे। जाइका वानिकी परियेाजना का अपना ब्रंाड हिमट्रेडिशन के तहत इस आउटलैट में ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स, हिमाचली टोपी, शौल, आचार समेत कई अन्य उत्पादों की बिक्री होगी। नाकाजीमा और इनागाकी ने जाइका के हिमट्रेडिशन ब्रांड की भी तारीफ की। इस अवसर पर जाइका की प्रतिनिधि भी उपस्थित रही। नाकाजीमा ने महिलाओं को पढ़ाया सशक्तिकरण का पाठ जापान की जेंडर एक्पर्ट नाकाजीमा ने जाइका वानिकी परियोजना से जुड़ी सभी महिलाओं को सशक्तिकरण का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे छोटे राज्य में महिलाएं विभिन्न स्वयं सहायता समूह बनाकर अपनी आजीविका को सशक्त करने में आगे आ चुकी हैं। नाकाजीमा ने कहा कि अधिक से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह जाइका वानिकी परियोजना से जुड़ेंगे तो उनकी आर्थिकी मजबूत होंगी और जहर मुक्त ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स बेच कर लोगों की सेहत का भी ख्याल रखेंगी। ड्रोन से होगी कार्यों की निगरानी जाइका वानिकी परियोजना ने शाहपुर रेंज के तहत दरिणी में ड्रोन के माध्यम से इस क्षेत्र में हो रहे कार्यों की निगरानी की गई। जाइका के पीएमयू जीआईएस रजनीश कुमार की देखरेख में यहां ड्रोन से करीब दो किलोमीटर के जंगलों को कैमरे में कैद किया। उन्होंने ड्रोन के माध्यम से हो रहे कार्यों के बारे मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया, जापान से आई प्रतिनिधियों समेत धर्मशाला वन मंडल के अधिकारियों को भी अवगत करवाया। इस अवसर पर जापान की प्रतिनिधि नाकाजीमा और इनागाकी ने इस कार्य की सराहना की।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के 1 साल पूरा होने पर मनाए जा रहे जश्न में कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नहीं आना सरकार को बहुत बड़ा झटका दे गया। हालांकि प्रियंका गांधी इस कार्यक्रम के लिए पहले ही शिमला पहुंच चुकी थीं, लेकिन मुख्यमंत्री के मानने के बावजूद वह धर्मशाला के कार्यक्रम में नहीं आईं और इसका कारण बताया जा रहा है कि पार्टी हाईकमान को भी सुखविंदर सिंह द्वारा की गई गारंटियां एक वर्ष बीत जाने पर भी पूरा नहीं करना अखर गया है और पार्टी हाईकमान भी खुद को जनता का सामना करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि एक पूरा वर्ष मुख्यमंत्री ने कांगड़ा के साथ राजनीतिक भेदभाव किया और अब कांगड़ा को दिए गए जख्मों का जश्न भी कांगड़ा के मुख्यालय में मनाना कांगड़ा जिला की जनता के साथ भद्दा मजाक है। स्कूली बच्चों को और सरकारी कर्मचारियों को सरकार के दबाव में रोड शो के लिए और कार्यक्रम के लिए खड़ा रखना सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग है, जबकि सरकार ने 1 साल में कई सरकारी स्कूल व कई सरकारी कार्यालय पूर्व की सरकार में खोले थे उन्हें बंद कर दिया। प्रदेश से 1000 सरकारी बसों को रैली के लिए लगाया गया और 1000 रूट बंद कर दिए गए जिससे प्रदेश की जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा और सरकारी खजाने को करोड़ों रुपए का बोझ पड़ा है इसकी भरपाई कौन करेगा सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। निजी बस मालिकों को दबाव बनाकर रैली के लिए मुफ्त में बसें देने के लिए मजबूर किया गया। वर्तमान सरकार का 1 वर्ष 365 झूठ के लिए जाना जाएगा क्योंकि सरकार ने हर दिन एक झूठ बोला है और जनता को ठगा है। वर्तमान सरकार का 1 वर्ष 10 गारंटियों में से एक भी पूरी नहीं कर पाने के लिए जाना जाएगा, जबकि सरकार ने पहली कैबिनेट में 1500 रुपये प्रति महीना प्रदेश की 22 लाख से अधिक महिलाओं को देने का वादा किया था और युवाओं को एक लाख रोजगार भी पहली कैबिनेट में देने का वादा किया था, लेकिन कोई भी वादा पूरा नहीं किया तो जश्न किस बात का है। सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चल रही कांग्रेस पार्टी की प्रदेश सरकार देश में पहली ऐसी सरकार होगी, जो अपनी नाकामियों का जश्न जनता के करोड़ों रुपये खर्च करके मना रही है, जबकि प्रदेश की जनता अभी भी बरसात की आपदा के दिए जख्मों को झेल रही है। धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए वन विभाग की औपचारिकता को पूरा करने के लिए दिए जाने वाला 30 करोड़ रुपये सरकार नहीं दे सकती, लेकिन करोड़ों रुपये के होर्डिंग अपने झूठे प्रचार के लिए सड़कों के ऊपर खड़े कर दिए हैं। सुख की सरकार प्रदेश में जनता के लिए दुखों की सरकार बन गई है और इस बात को कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व में भी महसूस किया जा रहा है इसी के चलते राहुल प्रियंका और खड़गे का नहीं आना सरकार को आईना दिखाने के लिए काफी है ।
-राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने दिल्ली से वर्चुअली किया संबोधित राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में '2047 तक विकसित भारत-वायस ऑफ यूथ' विषय पर आयोजित कार्यशाला को दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व का प्रतिनिधित्व कर रहा है। हमें अगले 25 वर्षों में एक विकसित भारत बनाने के लिए युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक दिशा में लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र में हमारे योगदान को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दृष्टिकोण और आमंत्रित विचार अधिक महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी भारत का युग होगा, क्योंकि देश अपनी क्षमताओं पर विश्वास के साथ भविष्य की ओर बढ़ रहा है। राज्यपाल ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए एक विजन डाक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है। इसका मसौदा उन संस्थागत और संरचनात्मक परिवर्तनों और सुधारों की रूपरेखा तैयार करेगा जिनकी देश को एक विकसित राष्ट्र बनने के लिए आवश्यकता होगी। युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह शिक्षण संस्थानों तक पहुंच रही है, जिस पर विचार करने व अंकुश लगाने की जरूरत है। शुक्ल ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है। 144 करोड़ की आबादी के साथ, भारत 29 वर्ष की औसत आयु वाले सबसे युवा देशों में से एक है। यह विश्व की कुल युवा जनसंख्या का लगभग 20 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत बड़ा अवसर है, जिसके 2047 तक बने रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस जनसांख्यिकीय लाभांश का सदुपयोग करके हम भारत को विकसित भारत के रूप में आगे ले जा सकते हैं। उन्होंने विकसित भारत के अभियान को विश्वविद्यालय स्तर पर संचालित करने और युवाओं के सुझाव आमंत्रित कर उन्हें दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करने को कहा। इससे पहले प्रधानमंत्री द्वारा इंडिया-2047 आइडिया पोर्टल के लॉन्चिंग कार्यक्रम और उनके वर्चुअल संबोधन का भी यहां प्रसारण किया गया। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा ने यहां नीति आयोग द्वारा निर्धारित विषयवस्तु पर विस्तृत प्रस्तुति दी। कार्यशाला में पांच समूह बनाये गये, जिन्होंने इस अवसर पर सशक्त भारतीय, संपन्न एवं सतत अर्थव्यवस्था, नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सुशासन एवं सुरक्षा तथा विश्व में भारत विषय पर अपनी प्रस्तुति दी। कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, निदेशक, प्रति कुलपति, डीन, प्राचार्य, प्रोफेसर और संकाय सदस्यों ने भाग लिया।
-सरकार के एक साल के जश्न में की चौथी गारंटी को पूरा करने की घोषणा - कहा, आगामी बजट में तीन और गारंटियों को करेंगे पूरा हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की व्यवस्था परिवर्तन की सरकार का आज एक साल का कार्यकाल पूरा हो गया। इस उपलक्ष्य में कांगड़ा जिला के मुख्यालल एवं प्रदेश की दूसरी राजधानी धर्मशाला में कार्यक्रम किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस ग्राउंड में आयोजित किया गया। हिमाचल कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला, प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह डिप्टी सीएम मुकेश के मंच पर पहुंचे के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी मंच पर पहुंचे। उन्होंने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने एक साल में 10 में से तीन गारटियां पूरी की हैं। ओपीएस को लागू किया। अगले शैक्षणिक सत्र से सरकारी प्राथमिक स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2024-25 से पहली-दूसरी कक्षा से अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई की शुरुआत होगी।। 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना को शुरू किया। इसके तहत बेरोजगारों के लिए ई-टैक्सी योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने चौथी गारंटी के रूप में लाहौल-स्पीति में 18 वर्ष की आयु से ऊपर की सभी महिलाओं को नए साल से प्रथम चरण में 1500 रुपये मिलना शुरू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाद में सभी जिलों में इसे लागू किया जाएगा। जनवरी से किसानों से गोबर खाद की खरीद 31 मार्च से पहले की जाएंगी हजारों भर्तियां सीएम ने कहा कि आगामी बजट में तीन और गारंटियों को पूरा किया जाएगा। सभी महिलाओं को अगले साल से 1500 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। वहीं, अगले साल पहली जनवरी से किसानों से दो रुपये प्रति किलो के हिसाब से गोबर खाद खरीदी जाएगी। सुक्खू ने ऐलान किया कि अभी सरकार 31 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध खरीदती है। अब जनवरी 2024 से छह की रुपये बढ़ोतरी के साथ 37 रुपये प्रति लीटर पर दूध खरीदा जाएगा। छह रुपये बढ़ोतरी होगी। इसी साल 31 मार्च से पहले हजारों भर्तियां होंगी। जयराम सरकार में पांच साल में केवल 20 हजार भर्तियां हुई होंगी। वे भी कोर्ट के पचड़ों में फंसीं। हम एक साल में इतने पद भर रहे हैं। इससे पहले धर्मशाला पहुंच कर सीएम ने कचहरी चौक से रैली स्थल कर रोड शो किया। सीएम ने धर्मशाला पहुंचने पर सबसे पहले शहीद स्मारक में शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। बता दें कि प्रदेशभर से कांग्रेस कार्यकर्ता इस जश्न के लिए पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को आना था, लेकिन सूत्रों की मानें तो सरकारी कार्यक्रम होने के कारण वे यहां नहीं पहुंचीं।
जयसिंहपुर के पूर्व विधायक रविंद्र रवि धीमान ने जारी बयान में कहा कि कांग्रेस सरकार एक साल की कौन सी उपलब्धि का जश्न मना रही है। कांग्रेस सरकार को जश्न मनाने की बजाय इस बात का दुख मनाना चाहिए कि वह विधानसभा चुनावों में दी गई एक भी गारंटी को पूरा नहीं कर पाई है। कांग्रेस सरकार ने एक वर्ष-रोते- रोते व्यतीत किया है। प्रदेश की जनता को गुमराह करते हुए चुनावों के समय हिमाचल की जनता को झूठी गारंटियां दी। अब सरकार को बने एक साल हो चुका है, लेकिन कांग्रेस की एक भी गारंटी पूरी नहीं हुई है। इसके विपरीत कांग्रेस धर्मशाला में अपने एक साल का कार्यकाल पूरा होने का जश्न मना रही है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि एक साल के कार्यकाल का जश्न कार्यक्रम भी वहीं हो रहा है, जिस क्षेत्र से पिछले हैं एक साल में सबसे अधिक भेदभाव हुआ है। पिछले एक साल में कांग्रेस ने जिला कांगड़ा की जनता के साथ हर मोर्चे पर भेदभाव किया है। अब जश्न का कार्यक्रम जिला मुख्यालय धर्मशाला में रखकर कांग्रेस सरकार कांगड़ा की जनता से हुए भेदभाव के जख्मों पर नमक डालने का काम करने जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार को हर मोर्चे पर फेल बताते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्तासीन होने के बाद से हिमाचल प्रदेश में युवा बेरोजगार घूम रहे हैं, जबकि भाजपा सरकार थी तो युवाओं के रोजगार के लिए सरकार की तरफ से हर संभव प्रयास किए थे। उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश की जनता बरसात में हुई प्राकृतिक आपदा से उभर नहीं पाई है और सुखविंदर सिंह सुक्खू वाली कांग्रेस सरकार को जश्न की पड़ी है। कांग्रेस एक तरफ कह रही है कि सरकारी खजाना खाली है, दूसरी और जनता का करोड़ों रुपया जश्न पर उड़ा रहे हैं।
कुनिहार के गांव खनोल के पूर्व सैनिक 86 वर्षीय गुलाब सिंह ठाकुर के निधन पर आज 14 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर सुबाथू से आर्मी के जवान उनके घर पहुंचे, जहां उन्होंने गुलाब सिंह के शव पर तिरंगा लपेटा व शमशानघाट पर पहुंचकर उन्हें पुष्पांजलि देकर सलामी दी। वहीं, गुलाब सिंह के सबसे छोटे बेटे रजनीश ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। गौर रहे कि गुलाब सिंह ठाकुर तोपखाना रेजिमेंट से सेवानिवृत्त हुए थे। लंबी बीमारी के बाद आज सुबह 4 बजे अपने घर पर उन्होंने अंतिम सांस ली और गांव के श्मशानघाट पर आज हिंदू रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर पूर्व सैनिक संघ कुनिहार इकाई के अध्यक्ष कैप्टन रणधीर सिंह कंवर, सूबेदार एलआर चौधरी, नायब सूबेदार कृष्णदत्त, हवलदार सोहन लाल ठाकुर सहित सैकड़ों लोगों ने मृतक रिटायर फौजी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
-विधानसभा अध्यक्ष ने बच्चों को विधानसभा की कार्यवाही से कराया अवगत -यूथ क्लब प्रभारी सुरेश ठाकुर एवं इको क्लब प्रभारी अलका ने किया टूअर का नेतृत्व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल छोग टाली ने अपने मेधावी छात्र एवं छात्राओं तथा राष्ट्रीय खेलों हेतु चयनित विद्यार्थियों के लिए यूथ क्लब प्रभारी सुरेश ठाकुर एवं इको क्लब प्रभारी अलका भलेईक के नेतृत्व में ऐतिहासिक शहर शिमला का एक दिवसीय भ्रमण करवाया। इस दौरान जहां एक ओर विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा संस्थान तथा हिमाचल प्रदेश विधानसभा का संपूर्ण अवलोकन किया, वहीं उन्होंने उच्च न्यायालय, ओक ओवर, मुख्य्मंत्री कार्यालय आदि के बाहरी दृश्य तथा ऐतिहासिक रिज मैदान, अतिथि गृह पीटर हॉफ आदि घूमने का भी आनंद लिया। विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा ने विधानसभा के ऐतिहासिक कौंसिल चेंबर तथाभारत की केंद्रीय धारासभा (सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली) हेतु अंग्रजी हकुमत के दौरान 1925 में पहले भारतीय चुने हुए अध्यक्ष वि_ल भाई पटेल की पृष्ठभूमि पर अपने अमूल्य विचार विद्यार्थियों के साथ सांझा किए। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विधानसभा की कार्यवाही तथा विधायक चयन प्रक्रिया पर विद्यार्थिर्यों को अवगत करवाया। साथ ही सभी विद्यार्थियों को उस गरिमामय ऐतिहासिक काउंसिल चेंबर का आंतरिक भ्रमण करवाया, जहां बैठकर सरकार तथा प्रतिपक्ष हिमाचल प्रदेश के हितार्थ विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विधानसभा सत्र में चर्चा करते हैं तथा प्रदेश की जनकल्याणकारी नीतियों का निर्माण करते हैं। इस दौरान वरिष्ठ प्रवक्ता भूपेंद्र चौहान, राजूराम उनियाल, दलीप शर्मा, राम लाल सूर्या तथा रामलाल ठाकुर ने बताया कि काउंसिल चेंबर का यह अवलोकन विद्यार्थियों के साथ साथ शिक्षकों के लिए भी एक ऐतिहासिक अनुभव रहा। वहीं, विद्यालय के कार्यकारी प्रधानाचार्य सुरेंद्र पुंडीर ने इस सफल आयोजन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यद्यपि इस बार समय के अभाव के कारण अनुमति के बावजूद भी विद्यार्थी राजभवन का दीदार नहीं कर पाए, तथापि विद्यालय का प्रयास होगा कि आगामी वर्षों में विद्यार्थियों के लिए राजभवन तथा मशोबरा स्थित द रिट्रीट, राष्ट्रपति निवास का शैक्षणिक भ्रमण करवाया जाए।
आपदा प्रबंधन को सलाम, महिलाओं को 1500 का इंतजार **पुरानी पेंशन बहाल कर सरकार ने निभाया बड़ा वादा ** सुखाश्रय योजना से सुक्खू सरकार ने जीता दिल ** सियासी संतुलन बनाने में असफल रही सरकार "...सत्ता परिवर्तन का जो सियासी रिवाज हिमाचल प्रदेश में 1990 से चला आ रहा था उसे जनता ने 2022 में भी बरकरार रखा। 8 दिसंबर 2022 को विधानसभा चुनाव के नतीजे आएं और कयासों के मुताबिक ही कांग्रेस सत्तासीन हुई। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के दो मुख्य कारण अगर देखे जाएँ, तो सम्भवतः पहला कारण रहा भाजपा का कमजोर चुनाव लड़ना। एक तिहाई सीटों पर भाजपा के बागी मैदान में थे और ये उसकी हार का बड़ा कारण बना। दोनों पार्टियों के वोट शेयर में अंतर एक प्रतिशत से भी कम रहा, जबकि निर्दलीयों के खाते में करीब दस प्रतिशत वोट गए। इनमें अधिकांश भाजपा के बागी थे। दूसरा कारण था, कांग्रेस की गारंटियां। कांग्रेस ने भाजपा से बेहतर चुनाव लड़ा और उसका गारंटी कार्ड चल गया। ये ही कारण है कि सिमटते कैडर के बावजूद कांग्रेस ने दमदार वापसी की। कांग्रेस के खाते में 40 सीटें आई, लेकिन भाजपा भी तमाम गलतियों के बावजूद 25 का आंकड़ा छू गई। यानी सरकार बेशक कांग्रेस ने बना ली हो लेकिन पहले दिन से उस पर परफॉरमेंस प्रेशर है। फिर तारीख आई 11 दिसंबर 2022, जगह थी हिमाचल की राजधानी शिमला का रिज मैदान, सर्दी का मौसम मगर तेज़ धूप और उस धूप में उबाल खाता हज़ारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह। अर्से बाद वीरभद्र सिंह की जगह कोई और कांग्रेसी चेहरा सीएम पद की शपथ ले रहा था। जो सुखविंदर सिंह सुक्खू सालों वीरभद्र सिंह के सामने एक किस्म से अपने सियासी रसूख को बचाये रखने की लड़ाई लड़ते रहे थे, वे अब उनके बाद मुख्यमंत्री बन चुके थे। पार्टी के 40 विधायक जीत कर आए थे और इन 40 विधायकों में से सबसे ज्यादा सुक्खू के पक्ष में थे। होली लॉज खेमे के विधायक प्रतिभा सिंह और मुकेश अग्निहोत्री के बीच बंटे हुए थे। ये ही सुक्खू के पक्ष में गया था। राजधानी कांग्रेसमय दिख रही थी, मैदान खचाखच भरा था और नारे लग रहे थे 'प्रदेश का मुख्यमंत्री कैसा हो, सुक्खू भाई जैसा हो। कांग्रेस में ये नए दौर की शुरुआत थी। शपथ ग्रहण मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री स्व राजा वीरभद्र सिंह की तस्वीर भी रखी गई थी, उन्हें शपथ से पहले श्रद्धांजलि दी गई और फिर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने शपथ ली। धुआंधार लॉबिंग और मैराथन बैठकों के बाद सुक्खू मुख्यमंत्री तो बन गए थे लेकिन ये ताज काँटों भरा ताज है। सुक्खू सरकार के सामने पहले दिन से न सिर्फ परफॉर्म करने की चुनौती है बल्कि पार्टी के भीतर भी सामंजस्य बैठाना है। एक साल बीत गया है और कई मोर्चों पर सरकार हिट साबित हुई है, तो कई पैमानों पर अब सरकार का असल इम्तिहान होना है। " सुक्खू सरकार एक साल की हो गई है ...सत्ता पक्ष इसे 'सुख की सरकार' कह रहा है तो विरोधी 'दुख की सरकार', कांग्रेस उपलब्धियों की बुकलेट बाँट रही है तो भाजपा नाकामी के पर्चे। ये तो सियासत के रस्म-ओ-रिवाज है जो सत्ता पक्ष को भी निभाने है और विपक्ष को भी। बहरहाल एक साल की सुक्खू सरकार को लेकर भी सबका अपना-अपना विश्लेषण है। सरकार का कामकाज उसकी गारंटियों की कसौटी पर भी आँका जा रहा है, आपदा प्रबंधन पर भी और सरकार की जमीनी पकड़ भी इसका मापदंड है। कहीं शांता कुमार जैसे दिग्गज सरकार की तारीफ कर रहे है, तो कहीं पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष ही सीएम को पत्र लिखकर वादे याद दिला रहे है। इस बीच सुक्खू सरकार जनता के बीच सुछवि गढ़ने के प्रयास में लगी है, तो भाजपा छवि बिगाड़ने का कोई मौका नहीं चूक रही। खेर, बनती बिगड़ती सियासी इक्वेशन अपनी जगह, लेकिन कामकाज की कसौटी पर आंके तो सुक्खू सरकार ने कई ऐसे काम किये है जो अपनी छाप छोड़ गए। पुरानी पेंशन बहाली का वादा भी सरकार ने पूरा किया और सुख आश्रय योजना से सरकार का मानवीय चेहरा भी दिखा। वहीँ आपदा में सुक्खू सरकार के कामकाज पर तो वर्ल्ड बैंक और नीति आयोग ने भी ताली बजाई। हालांकि, सरकार के लिए सब हरा हरा नहीं है, महिलाओं को 1500 रुपये देने की गारंटी भी अभी अधूरी है और सियासी संतुलन बनाने में भी सरकार असफल दिखती है। पुरानी पेंशन के अलावा भी कर्मचारियों के मसले है जो अनसुलझे है। युवा एक साल में ही सड़कों पर उतर आए थे, कोई रिजल्ट मांग रहा है तो कोई नौकरी। प्रयास तो जारी है मगर फिलहाल खाली खजाना सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। सरकार के बड़े काम ... अनाथ बच्चे अब 'चिल्ड्रन ऑफ़ स्टेट' हिमाचल प्रदेश के सभी अनाथ बच्चे अब 'चिल्ड्रन ऑफ स्टेट' है। ये सुक्खू सरकार का वो फैसला है जिसने सबका दिल छुआ। अनाथ बच्चों का पालन पोषण, शिक्षा, आवास, विवाह आदि का खर्चा सरकार ने उठाने का निर्णय लिया है। सुक्खू सरकार की इस मानवीय पहल को चौतरफा तारीफ मिली है। सुख आश्रय योजना निसंदेह सुक्खू सरकार का वो काम है जो सदा याद रखा जायेगा। राज्य में अब तक 4000 अनाथ बच्चों को पात्रता प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए हैं, जिससे अब वह मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना का लाभ उठा सकेंगे। इस योजना के तहत 27 वर्ष की आयु तक अनाथ बच्चे की देखभाल का ज़िम्मा राज्य सरकार का है। इसके साथ ही अनाथ बच्चों को क्लोथ अलाउंस व त्यौहार मनाने के लिए भत्ता प्रदान किया जा रहा है। उनकी उच्च शिक्षा, रहने का खर्च, 4000 रुपए पॉकेट मनी राज्य सरकार की ओर से प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार अनाथ बच्चों को नामी स्कूलों में दाख़िला दिलाने के लिए भी प्रयास कर रही है। इसके साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा घर बनाने के लिए 3 बिस्वा भूमि तथा 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। पुरानी पेंशन बहाल करके दिखाई वादे के मुताबिक सुक्खू सरकार ने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली का तोहफा दिया है। प्रदेश की ख़राब आर्थिक स्थिति के बावजूद सरकार ने कर्मचारियों से वादा निभाया है। प्रदेश सरकार द्वारा चौथी कैबिनेट की बैठक में ही पुरानी पेंशन बहाली की एसओपी को मंज़ूरी दे दी गई थी और 1 अप्रैल, 2023 से पुरानी पेंशन लागू कर दिया गया । चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा जनता को दी गई गारंटियों में से पुरानी पेंशन बहाली पहली गारंटी थी। प्रदेश की नई सरकार ने कर्मचारियों की पेंशन की सबसे बड़ी टेंशन को खत्म कर दिया। हिमाचल में करीब सवा लाख कर्मचारी इस समय एनपीएस के दायरे में आते थे जिन्हे इसका लाभ मिला । इस फैसले से प्रदेश सरकार पर सालाना करीब 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ गया मगर सरकार अपने वादे से पीछे नहीं हटी। अब इसका सियासी लाभ कांग्रेस को होगा या नहीं, ये तो वक्त ही बताएगा लेकिन ये सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला है। ग्रीन हिमाचल मुहीम हरित राज्य प्रदेश सरकार ने राज्य को 31 मार्च, 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रदेश सरकार ने राज्य के प्रत्येक जिले में दो-दो ग्राम पंचायतों को पायलट आधार पर हरित पंचायत के रूप में विकसित करने की रूपरेखा तैयार की है। इन पंचायतों में 500 किलोवाट से एक मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। हिमाचल प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत इन परियोजनाओं की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। सुक्खू सरकार ने 100 किलोवाट से लेकर एक मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना पर युवाओं को 40 प्रतिशत सब्सिडी देने की भी घोषणा की है। इन परियोजनाओं से उत्पन्न बिजली की खरीद राज्य विद्युत बोर्ड करेगा। सरकार सार्वजनिक परिवहन को विद्युत परिवहन के रूप में विकसित करने के लिए भी प्रयास कर रही है। इसके लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को सरकारी महकमों में भी इस्तेमाल किया जा रहा है और इलेक्ट्रिक टैक्सी की खरीद पर सरकार सब्सिडी भी दे रही है। हिमाचल को ग्रीन राज्य बनाने में सुक्खू सरकार जुटी है, और ये सरकार की बेहतरीन पहल है। दशकों से लंबित इंतकाल के मामलों का निबटारा इंतकाल और तकसीम के दशकों पुराने मामलों को लेकर सुक्खू सरकार एक्शन मोड में है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को 24 जनवरी तक इंतकाल और तकसीम के मामलों को सुलझाने के निर्देश दिए हैं। इससे सालों से लंबित मामलों का निपटारा हो सकेगा। राजस्व लोक अदालतों का आयोजन कर सरकार हाज़ों मामले निबटा चुकी है। अब तक इंतकाल के लम्बित कुल 45 हजार 055 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। किलो के हिसाब से सेब, अगले सीजन से यूनिवर्सल कार्टन किलो के हिसाब से सेब बेचने का फैसला हो या अगले सीजन से यूनिवर्सल कार्टन लागू करने का निर्णय, सुक्खू सरकार ने सेब बागवानों के हितों को महफूस रखने की दिशा में इच्छाशक्ति भी दिखाई है और फैसले भी लिए है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी हर मसले पर एक्टिव दिखे है और उनकी कार्यशैली की असर साफ दिख रहा है। एचपीएमसी को लेकर भी सरकार ने बड़े बदलाव लाने की दिशा में काम शुरू किया है और उम्मीद है इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे। अब 40 साल तक ही लीज पर जमीन सुक्खू सरकार ने लीज पर जमीन लेने की अवधि को 99 वर्ष से घटाकर अब अधिकतम 40 साल कर दिया है। हालांकि पुरानी लीज की अवधि नहीं बदलेगी। उद्योग लगाने और अन्य विकास परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए अब 40 साल के लिए ही लीज पर जमीन का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि अब धौलासिद्ध, लुहरी फेज-1 तथा सुन्नी जल विद्युत परियोजनाओं को 40 वर्ष के बाद हिमाचल प्रदेश को वापिस सौंपना होगा। वाईल्ड फ्लावर हॉल होटल को वापिस पाने के लिए राज्य सरकार कानूनी लड़ाई लड़ रही है। शानन प्रोजेक्ट को वापस लेने के लिए भी हिमाचल सरकार एक्शन मोड में दिखी है। आपदा प्रबंधन पर सुक्खू सरकार हिट... एक साल के कार्यकाल में सुक्खू सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी आपदा। आपदा में खुद सीएम सुक्खू दिन रात मैदान में डेट दिखे और हिमाचल सरकार ने बेहतरीन काम किया। वर्ल्ड बैंक और नीति आयोग ने भी सरकार के काम की तरफ की। सुक्खू सरकार 4500 करोड़ का बड़ा आपदा राहत पैकेज लेकर आई और मुआवजे की राशि में भारी वृद्धि कर पीड़ितों को राहत पहुँचाने का काम किया। राजनीति से इतर कई दूसरी विचारधारा के लोगों ने भी सरकार के कामकाज को सराहा। वहीँ केंद्र से मिलने वाली मदद को लेकर भी खूब सियासत हुई। भाजपा कहती है कि केंद्र से भरपूर मदद मिली और सीएम सुक्खू खुलकर कहते है कि अगर मदद मिली है तो भाजपा बताएं। इसमें कोई संशय नहीं है कि केंद्र ने हिमाचल को कोई विशेष आपदा राहत पैकेज नहीं दिया है। वहीँ प्रदेश की आर्थिक स्थीति भी खराब है। बावजूद इसके सुक्खू सरकार ने साहस भी दिखाया और बड़ा दिल भी। बहरहाल, सीमित संसाधनों के बीच सरकार के सामने अब चुनौती बड़ी है और सुक्खू सरकार का असल इम्तिहान अभी बाकी है। बढ़ता कर्ज सबसे बड़ी चुनौती .... हिमाचल प्रदेश पर 78,430 करोड़ रुपए कर्ज है। राज्य सरकार पर डीए और एरियर के रूप में करीब 12 हजार करोड़ रुपए के करीब देनदारियां हैं। यदि इसी रफ्तार से कर्ज लिया जाता रहा तो अगले साल हिमाचल पर कर्ज का बोझ एक लाख करोड़ रुपए को पार कर जाएगा। कर्ज को लेकर सियासत भी खूब हुई है। सुक्खू सरकार विधानसभा में श्वेत पत्र लेकर इसका ठीकरा पूर्व की जयराम सरकार पर फोड़ चुकी है तो भाजपा का कहना है कि सुक्खू सरकार प्रतिमाह एक हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज ले रही है। बहरहाल, प्रदेश की आर्थिक हालत पतली है, केंद्र ऋण लेने की सीमा कम कर चुका है, ओपीएस का बोझ भी सरकार पर अभी पड़ना है और आपदा ने भी कमर तोड़ दी है। ऐसे में सुक्खू सरकार के लिए आने वाला समय बेहद कठिन होने वाला है। राजस्व बढ़ाने के हुए प्रयास, पर इतना काफी नहीं .... इस वर्ष हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व में 1100 करोड़ रुपये की वृद्धि का अनुमान है। वर्तमान राज्य सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शराब के ठेकों की नीलामी से राज्य सरकार को 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। इसके अलावा कई छोटे छोटे फैसलों से सरकार को राजस्व बढ़ोतरी हो रही है, हालंकि ये नाकाफी है। फिर भी सरकार के प्रयास जरूर दिखे है। हिमाचल सरकार ने प्रदेश की आर्थिकी को पटरी पर लाने के लिए ऊर्जा उत्पादकों पर वॉटर सेस लगाने का निर्णय लिया था। वॉटर सेस की दर 0.06 से लेकर 0.30 रुपये प्रति घन मीटर तय की गई थी। राज्य जल उपकर आयोग ने सितंबर में कई ऊर्जा उत्पादकों को वाटर सेस के बिल जारी कर दिए थे। बीबीएमबी,एनटीपीसी,एनएचपीसी समेत कई अन्य ऊर्जा उत्पादकों ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय को हाई कोर्ट में चुनौती दे रखी है। वहीँ केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने 25 अक्टूबर को सभी राज्यों को एक पत्र लिख वॉटर सेस को अवैध व असंवैधानिक बताते हुए इसे शीघ्र बंद करने के निर्देश दिए हैं। सुक्खू सरकार की तरफ से पर्यटन को बढ़ावा देने के कुछ प्रयास भी दिखते है और इच्छाशक्ति भी। हालांकि आपदा ने सरकार को बड़ा झटका जरूर दिया है। अलबत्ता पर्यटन आधारभूत या पॉलिसी सुधार की दिशा में अब तक कोई बड़ी कामयाबी सरकार को नहीं मिली है, लेकिन उम्मीद जरूर जगी है कि जल्द सरकार एक्शन मोड में दिखेगी। एडवेंचर टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन की दिशा में सरकार के थोड़े प्रयास दिखे है, लेकिन सरकार से अपेक्षा किसी बड़ी योजना है। माहिर भी मानते है कि पर्यटन की दिशा में कोई बड़ा कदम उठाकर ही सरकार आत्मनिर्भर हिमाचल के लक्ष्य की तरफ बढ़ सकती है। धर्म संकट...खाली खजाना और 1500 देने का अधूरा वादा हिमाचल में कांग्रेस पर गारंटियां पूरी करने का दबाव है। जिन दस गारंटियों के बुते कांग्रेस सत्ता में आई उनमे से एक मुख्य गारंटी थी महिलाओं को हर माह पंद्रह सौ रुपये देना। बढ़ते कर्ज के बीच सुक्खू सरकार कैसे इसे पूरा करती है , इस पर निगाह टिकी है। जाहिर है हिंदी पट्टी के तीन राज्यों में कांग्रेस की हार के बाद हिमाचल सरकार पर आधी आबादी से किया गया वादा पूरा करने का दबाव है, लेकिन खराब आर्थिक स्थीति इसमें रोड़ा है। भाजपा इसे जमकर भुना रही है और अब ये 1500 रुपये का वादा बड़ा मुद्दा बन चूका है। लोकसभा चुनाव दस्तक दे रहे है और ये गारंटी कांग्रेस के गले की फांस बन चुकी है। खाली खजाने के बीच सरकार धर्म संकट में है। कई अन्य गारंटियां भी अभी अधूरी है जिनमें 300 यूनिट मुफ्त बिजली और पांच लाख रोजगार प्रमुख है। कैबिनेट में असंतुलन..10 विधायक देने वाले कांगड़ा को एक मंत्री पद ! एक साल में विपक्ष द्वारा सुक्खू सरकार को घेरना इतना चर्चा में नहीं रहा जितनी चर्चा अपनों की नाराजगी की हुई। किसी ने नाराजगी खुलकर जाहिर की तो किसी ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी। बात पार्टी के भीतरी संतुलन की ही नहीं, बात कैबिनेट असन्तुलन की भी हुई। सीएम सहित 9 लोगों की कैबिनेट कई पैमानों पर असंतुलित है। कांगड़ा और मंडी संसदीय क्षेत्र से सिर्फ एक-एक मंत्री है। ज़िलों के हिसाब से बात करें तो सबसे बड़े जिला कांगड़ा से कांग्रेस के दस विधायक है, पर मंत्री सिर्फ एक। जबकि सात विधायक वाले शिमला से तीन मंत्री है। ये असंतुलन सिर्फ सियासी मसला नहीं है, जिस जनता ने कांग्रेस को वोट दिया वो भी अपेक्षा रखती है कि क्षेत्र में कोई मंत्री होगा तो विकास को रफ़्तार मिलेगी। इसी तरह हिमाचल कैबिनेट में अभी 9 में से 6 क्षत्रिय है, जबकि ब्राह्मण, एससी और ओबीसी सिर्फ एक-एक है। पांच साल के लिए सरकार चुनी गई है और एक साल बीत चुका है लेकिन अब तक कैबिनेट पूरी नहीं हुई है। ये ही हाल बोर्ड निगमों का है। अब सरकार का रुख जल्द विस्तार का दिख जरूर रहा है लेकिन इच्छा से ज्यादा शायद मजबूरी है। तीन राज्यों की हार ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है और संभवतः अब आलाकमान भी पार्टी के भीतरी संतुलन को सुनिश्चित करे। बहरहाल मुख्यमंत्री का ताजा बयान ये है कि नए मंत्री इसी साल में मिलेंगे। कोर्ट में गया सीपीएस नियुक्ति का मामला सुक्खू सरकार ने ने छह सीपीएस नियुक्त किए थे – अर्की विधानसभा क्षेत्र से संजय अवस्थी, कुल्लू से सुंदर सिंह, दून से राम कुमार, रोहड़ू से मोहन लाल बराकटा, पालमपुर से आशीष बुटेल और बैजनाथ से किशोरी लाल। इनके अलावा मुकेश अग्निहोत्री को उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। भाजपा नेताओं ने इनकी नियुक्ति को कोर्ट में चुनौती दे दी है।मामले की सुनवाई जारी है और कोर्ट के फैसले का इंतजार है। इस मामले में अब 20 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में अगली सुनवाई है। बीजेपी नेता सतपाल सिंह सत्ती और 11 अन्य बीजेपी विधायकों ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि सीपीएस और डिप्टी सीएम का ऐसा कोई पद संविधान के तहत या संसद द्वारा पारित किसी कानून या अधिनियम के तहत मौजूद नहीं है। उन्होंने याचिका में दलील दी कि सीपीएस के पदों पर नियुक्ति राज्य के खजाने पर बोझ है। याचिका के अनुसार, 91वें संशोधन में मंत्री पदों की संख्या सदन की कुल संख्या का 15 प्रतिशत कर दी गई और इस मानदंड के अनुसार राज्य में 12 मंत्री हो सकते हैं क्योंकि विधानसभा की सदस्य संख्या 68 है।आगे आरोप लगाया गया कि 6 सीपीएस की नियुक्तियां संविधान के विपरीत हैं। उन्हें सीपीएस के रूप में नियुक्त किया गया है, जो बिना बुलाए ही वास्तविक मंत्री हैं और मंत्रियों की सभी शक्तियों और सुविधाओं का आनंद लेते हैं। बहरहाल इस मामले में, विशेषकर सीपीएस की नियुक्ति को लेकर कोर्ट का क्या फैसला आता है, इस पर सबकी निगाह टिकी है। शिमला नगर निगम चुनाव जीते ...अब सोलन ने दिया झटका सुक्खू सरकार के एक साल के कार्यकाल में शिमला नगर निगम का चुनाव हुआ जहाँ कांग्रेस को शानदार जीत मिली। इसके बाद हालहीं में चार नगर निगमों में नए मेयर और डिप्टी मेयर चुनने की बारी थी। किस्मत की बदौलत कांग्रेस धर्मशाला नगर निगम में कब्ज़ा करने में कामयाब रही लेकिन सोलन में बहुमत होते हुए भी पार्टी की फजीहत हुई। कांग्रेस के दोनों अधिकृत उम्मीदवार हार गए। यहाँ मेयर पद कांग्रेस की बागी ने कब्जाया तो भाजपा को डिप्टी मेयर का पद मिल गया। वो फैसला जिसपर हुई विपक्ष ने जमकर घेरा सुक्खू सरकार ने आते ही सैकड़ों संस्थानों को डी नोटिफाई कर दिया। संस्थानों की डेनोटिफिकेशन पर भाजपा सरकार को जमकर घेरती रही है। भाजपा का आरोप है कि इस सरकार ने 10 महीने के कार्यकाल में ही हिमाचल के 1000 से अधिक चले हुए संस्थान बंद किए बंद कर दिए थे। कई शिक्षण स्थान भी बंद हुए और निसंदेह इससे कई छात्रों को कई दिक्क्तों कि खबरें भी सामने आई।
-पालकवाह में नवनिर्मित ऑडिटोरियम का किया लोकार्पण हरोली विधानसभा क्षेत्र के तहत पालकवाह में 4.74 करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधाओं से लैस नवनिर्मित पालकवाह में हरोली ऑडिटोरियम का उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर पालकवाह में संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऑडिटोरियम चंडीगढ़ की तर्ज पर बनाया गया है जोकि आधुनिक सुविधाओं से लैस है। उन्होंने बताया कि इस ऑडिटोरियम में 500 चेयर्स के नवनिर्मित आडिटोरियम में फ़ुली ऑटोमेटेड पर्दे, साउंड सिस्टम, आधुनिक लाइटिंग, ग्रीन रूम, रेस्ट रूम, वेटिंग रूम, इलेक्ट्रिक पैनल रूम, प्रोजेक्टर रूम व एलइडी की सुविधा से लैस है। उन्होंने कहा कि अब हरोली हल्के की जनता विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम करने के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में रूचि रखने वाले बच्चों को भी एक अच्छा मंच मिला है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता से वायदा किया था कि हरोली में आधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के साथ किया गया यह वायदा पूर्ण कर दिया गया है और एक साल भीतर हरोली वासियों को ऑडिटोरियम बनाकर समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द ही क्षेत्र के लोगों को इस ऑडिटोरियम में हिमाचल प्रदेश के सभी 12 ज़िलो की सांस्कृतिक की झलक देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा की हरोली क्षेत्र को सम्पूर्ण हरोली विकसित हरोली बनाने के विज़न पर कार्य किया जा रहा है ताकि आने वाली युवा पीढ़ी को अपना भविष्य संवारने के लिए हरोली हल्के में हर प्रकार की मूलभूत सुविधा मिल सके। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा की उनका मुख्य लक्ष्य दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हरोली विधानसभा क्षेत्र को सम्पूर्ण हरोली विकसित हरोली बनाना है। उन्होंने कहा कि आगामी पाँच वर्षों में हरोली में बिना किसी राजनीति भेदभाव के विकास की गाथा लिखी जाएगी और पूरे हिन्दोस्तान के मानचित्र पर हरोली विधानसभा क्षेत्र एक समृद्ध और संपूर्ण क्षेत्र रूप में उभकर सामने आएगा। 3.65 करोड़ के टै्रफिक पार्क का किया शिलान्यास उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हरोली रामपुर के समीप 3.65 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित होने वाले ट्रैफिक पार्क का विधिवत रूप से शिलान्यास किया। इस मौक़े पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इस ट्रैफिक पार्क में यातायात नियमों की जानकारी, गड़ियों के लाइसेंस बनाने और उनकी जाँच के लिए सेंसर युक्त ऑटोमैटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग ट्रैक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि टैऊफिक टैऊक में बच्चे, बुजुर्ग, महिला और पुरुष सेहत लाभ के साथ-साथ यातायात नियमों की जानकारी ले पाएंगे। उन्होंने कहा कि लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया भी इसी ट्रैक पर देखने को मिलेगी। अत्यधुनिक ट्रैक पर सेंसर युक्त प्रक्रिया से कुशल वाहन चालक ही उत्तीर्ण होंगे। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इस टैऊफिक पार्क का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। मुकेश अग्निहोत्रीने कहा कि हरोली हल्के को विकास के मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए विस क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में विकासात्मक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 18 साल पूरे कर चुके हर बच्चे को अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का संकल्प लेना होगा। इसके लिए उन्होंने सभी स्कूली प्रिंसिपल और हेडमास्टर को भी सभी बच्चों को सड़क सुरक्षा के बारे जागरूक करने के साथ-साथ ड्राइविंग लाइसेंस बारे भी शिक्षित करने को कहा। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश को हरित राज्य बनाने के भरसक प्रयास किए जा रहे हैं जिसके तहत ई-टैक्सी के लिए आवेदन करने वाले पहले 500 लोगों को ई-टैक्सी के लिए 50 प्रतिशत अनुदान सरकार की ओर से दिया जाएगा। ई-टैक्सी को पहले चार साल एचआरटीसी के बेड़े में शामिल किया जाएगा और हर माह ई-टैक्सी चालक को 50 हज़ार रुपये दिये जाएंगे।
-इंडो-तिब्बतन फ्रेंडशिप एसोसिएशन के हिमालयन फेस्टिवल में की शिरकत -बोल, दलाई लामा की शिक्षाओं पर चलते हुए इस मैत्री को और आगे लेकर जाएंगे भारत और तिब्बत एक साझी सांस्कृतिक विरासत के वाहक हैं। यह सांकृतिक विरासत दोनों समुदायों को एक परिवार के रूप में जोड़कर रखती है। यह उद्गार रविवार को मैक्लोडगंज के टिप्पा में इंडो-तिब्बतन फ्रेंडशिप एसोसिएशन द्वारा मनाये जाने वाले हिमालयन फेस्टिवल के 27वें संस्करण में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष व पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) आरएस बाली ने व्यक्त किए। इस दौरान केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग भी उपस्थित रहे। बता दें कि इंडो-तिब्बतन फ्रेंडशिप एसोसिएशन दलाई लामा को नोबल शांति पुरस्कार मिलने की खुशी में हर वर्ष हिमालयन फेस्टिवल कार्यक्रम का आयोजन करता है। बाली ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि परमपावन दलाई लामा को 1989 में नोबल शांति पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्होंने कहा कि वैसे तो दलाई लामा का व्यक्तित्व किसी भी सम्मान से ऊपर है, फिर भी उनको सम्मान मिलने की जितनी प्रसन्नता तिब्बती समुदाय को है, उतनी ही भारत और यहाँ के लोगों को भी है। उन्होंने कहा कि उनको यह सम्मान मिलने की खुशी में दोनों समुदायों के लोग इंडो-तिब्बतन फ्रेंडशिप एसोसिएशन के बैनर तले हर वर्ष इसे मनाते हैं। बाली ने कहा कि दलाई लामा ने भारत और धर्मशाला को अपना घर माना और यहां के लोगों ने भी पूरे तिब्बती समुदाय को परिवार के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि आपको अपने परिवार के रूप में यहां पाकर हम स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि जो प्यार और सम्मान भारत तथा तिब्बती समुदाय ने एक दूसरे को दिया वह अपने आप में एक मिसाल है। बाली ने कहा कि दलाई लामा की शिक्षाओं पर चलते हुए तथा साझी सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए हम इस मैत्री को और अधिक ऊंचाई पर लेकर जाएंगे। दलाई लामा आवास के परिक्रमा मार्ग में लगेंगी 40 लाइट बाली ने कार्यक्रम में तिब्बती समुदाय द्वारा रखी गई मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि तिब्बती समुदाय ने उन्हें बताया कि वे परमपावन दलाई लामा के आवास की परिक्रमा करते हैं तथा उस मार्ग पर बहुत अंधेरा रहता है। बाली ने परिक्रमा मार्ग में 15 फरवरी से पूर्व 40 लाइटें लगाने की घोषणा की। मैक्लोडगंज मॉनेस्टरी के बाहर बनेगा भव्य द्वार कार्यक्रम में तिब्बती समुदाय ने मैक्लोडगंज मॉनेस्टरी के बाहर द्वार बनाने की मांग रखी। आर.एस बाली ने उनकी इस मांग पर मोहर लगाते हुए गेट के निर्माण के लिए टूरिज्म विभाग की ओर से 20 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह द्वार भव्य बनना चाहिए तथा इसके लिए यदि और पैसे की जरूरत हुई तो उसे भी वे उपलब्ध करवायेंगे। मनोनीत नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ कार्यक्रम में की शिरकत इससे पूर्व बाली ने नगरोटा बगवां में नवनिर्वाचित मनोनीत पार्षदों के शपथ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। हाल ही में गिरीश धवन, मुकेश मेहता, वंदना शर्मा और शेखर कुमार को मनोनीत पार्षद चुना गया था। आरएस बाली और एसडीएम की मौजूदगी में सभी मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाई गई। मुख्य अतिथि ने सभी पार्षदों को इस पद को प्राप्त करने के लिए बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन दौरान मनोनीत पार्षदों सहित सभी सदस्यों को लोगों की भलाई के लिए हर समय बिना किसी भेदभाव के कार्य करने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा लोगों की भलाई करना ही एकमात्र हम सभी का उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा हम सभी को माननीय मुख्यमंत्री के पद चिन्हों पर चलते हुए अंतिम पंक्ति में बैठे हुए व्यक्ति तक विकास तो पहुंचना है क्योंकि अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के विकसित होने पर ही हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने पूर्वाचल के लोगों से आने वाली पीढ़ियों के लिए पूर्वाचल की समृद्ध संस्कृति को संरक्षित करने के लिए यहां परंपराओं और विरासत को संजो कर रखने का आह्वान किया। यह बात उन्होंने आज नई दिल्ली में माटी ट्रस्ट द्वारा आयोजित 7वें माटी सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए कही। यह कार्यक्रम पूर्वाचल की कला और समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया गया था। राज्यपाल ने पूर्वांचल की संस्कृति को प्रतिबिंबित करने वाले समृद्ध लोक गीतों को संरक्षित करने के महत्व पर प्रकाश डाला और आने वाली पीढ़ियों के लिए पौराणिक परंपराओं के साथ एक मजबूत संबंध स्थापित करने में इन लोकगीतों की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हालांकि देशभर में भाषा, खान-पान, रीति-रिवाज और परंपराएं अलग-अलग हैं, लेकिन पूर्वांचल की भावना देशभर में रहने वाले सभी पूर्वांचलियों को एकजुट करती है। राज्यपाल ने सनातन संस्कृति के महत्व पर भी बल दिया तथा वर्तमान व भावी पीढ़ियों से इस सम्बंध में जागरूक होने और गर्व करने का आह्वान किया। उन्होंने पवित्र शहर काशी और देश भर के घरों में पाई जाने वाली रामायण जैसी पवित्र पुस्तकों के प्रकाशन के लिए प्रसिद्ध गोरखपुर के गीता प्रेस जैसे स्थलों के बारे में भी बताया। राज्यपाल ने स्वतंत्रता संग्राम में क्षेत्र के नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और स्वतंत्रता संग्राम में इस धरती के नायकों की भूमिका व अन्याय के खिलाफ इनके संघर्ष की सराहना की। इस अवसर पर राज्यपाल ने लोक गायिका मालिनी अवस्थी, डॉ. एनएल खन्ना, रवि दुबे, रजनीकांत राय, चन्द्रशेखर सिंह, एन.के. यादव सहित अपने-अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली पूर्वाचल की लोकप्रिय हस्तियों को सम्मानित किया। माटी ट्रस्ट के अध्यक्ष राम बहादुर राय ने ट्रस्ट के लक्ष्यों और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
ऊना: तीन राज्यों के चुनावी नतीजे से स्पष्ट हो गया, जनता कांग्रेस के बहकावे में आने वाली नहीं : भाजपा
जिला भाजपा आईटी सेल और सोशल मीडिया विंग की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश आईटी सेल संयोजक अनिल डडवाल ने की, जबकि भाजपा के जिला महामंत्री राजकुमार पठानिया विशेष रूप से इस बैठक में उपस्थित हुए। लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत भारतीय जनता पार्टी द्वारा लगातार गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, उसी कड़ी में आईटी सेल और सोशल मीडिया विंग को मजबूत करने की दृष्टि से पार्टी हाई कमान के नए दिशा निर्देश और पार्टी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की गई। इस मौके पर विपक्ष द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रांति पूर्ण प्रचार का जवाब देने के लिए भी कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से पारंगत किया गया। अनिल डडवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की पिछले 10 साल की गतिविधियां बेहद महत्वपूर्ण रही हंै। प्रत्येक वर्ग को लाभ पहुंचाने के लिए नीति निर्धारण किया गया। जिला महामंत्री राजकुमार पठानिया ने कहा कि कार्यकर्ता वर्तमान प्रदेश सरकार की एक साल की विफलताओं को जनता के बीच लेकर जाएं आईटी और सोशल मीडिया के माध्यम से सभी लोगों को उससे अवगत करवाया जाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में तीन राज्यों के चुनाव नतीजे से स्पष्ट हो गया है कि जनता कांग्रेस के झूठे बहकावे में आने वाली नहीं है। एक तरफ जहां मध्य प्रदेश में जनता ने दोबारा भाजपा को कमान सौंपी है वहीं राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को जनता द्वारा सत्ता से बेदखल किया गया है। आगामी लोकसभा चुनाव से पूर्व इन विधानसभा चुनाव को सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है।आईटी सेल के जिला संयोजक चंदन कालिया,सोशल मीडिया के जिला संयोजक सूरज शर्मा, रितिका भारद्वाज, नीलम शर्मा, निशा भुल्लर, आकाश राणा, सक्षम कपिला, शुभम जरियाल बा पांचो मंडलों के संयोजक सह संयोजक और पदाधिकारी इस बैठक में मौजूद रहे।
-कहा, भारत वर्ष के प्रत्येक बच्चे को रामायण से सीखना चाहिए वशिष्ठ पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में छात्रों ने अनुराग ठाकुर के सामने रामायण समेत अन्य कई प्रस्तुतियां दीं, जिसके बाद अनुराग ने कहा कि भारत वर्ष के प्रत्येक बच्चे को रामायण से सीखना चाहिए। एक आदर्श पिता, पुत्र, पत्नी, माता, भाई, बहन या पुत्री कैसे बना जा सकता है, यह हमें रामायण से सीखने को मिलता है। कहा कि नवयुग का नवसृजन युवाओं तुम्हारे हाथ में है, उठो, जागो संघर्ष करो यह युग तुम्हारे साथ में हैं। अनुराग ठाकुर ने आगे छात्रों और शिक्षकों के साथ सार्थक संवाद करते हुए उन्हें नए भारत की नई उपलब्धियां से अवगत कराया व छात्रों के लिए बन रही असीम संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने स्कूलों में शिक्षा के साथ-साथ खेलों पर भी विशेष ध्यान देने का आग्रह किया और बच्चों से अपने अंदर साइंटिफिक टेंपरामेंट डेवलप करने को कहा। अनुराग ठाकुर ने बच्चों को अपने आहार में बदलाव लाते हुए उनमें मिलेट्स व अन्य पौष्टिक तत्वों को शामिल करने का आग्रह किया और उन्हें खेलो इंडिया समेत अन्य कार्यक्रमों से भी अवगत कराया। इसके अलावा बच्चों से पर्यावरण व खासकर पानी संरक्षण में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने को कहा और माई भारत पोर्टल की जानकारी देते हुए उससे जुड़ने का भी आग्रह किया।
-बोले, माई युवा भारत से जुड़ें युवा, बनें बदलाव के भागीदार केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर विकसित भारत संकल्प यात्रा में शामिल होने हेतु दो दिनों के हिमाचल प्रवास पर हैं। आज अपने प्रवास के दूसरे दिन अनुराग कुटलैहड़ विधानसभा के बंगाणा ग्राम व चिंतपूर्णी जी विधानसभा के नैहरियां ग्राम में आयोजित विकसित भारत संकल्प यात्रा के कार्यक्रमों में शामिल हुए व आम जन मानस के साथ सार्थक परिचर्चा की। विकसित भारत संकल्प यात्रा कार्यक्रम में लोगों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा केंद्र सरकार द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की अंतिम आदमी तक पहुंच सुनिश्चित करने हेतु शुरू किया गया एक देशव्यापी अभियान है। इसमें मोदी की गारंटी की गाड़ी देश के सभी पंचायत और नगर निकायों में जाएगी। ये मोदी की गारंटी की गाड़ी विकास का सशक्त हस्ताक्षर है। अनुराग ने आगे मोदी सरकार के 9 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियां का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि मात्र 9 वर्षों के अपने कार्यकाल में मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने चार करोड़ से ज्यादा जरूरतमंदों को पक्के आवास दिए। आज यह सभी गरीब दो कमरों के मकान के साथ लखपति बन गए हैं। मोदी जी ने पूरे देश में 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनवाए हैं। पहले जहां पानी ढोते ढोते माता- बहनों के पूरे दिन निकल जाया करते थे, वहां आज मोदी जी ने 13 करोड़ से ज्यादा नल से जल के कनेक्शन पहुंचा दिए। अगले दो वर्षों में हम 25 करोड़ घरों तक नल से जल पहुंचा देंगे। इसी प्रकार लगभग 10 करोड़ माता बहनों को रसोई गैस का सिलेंडर दिया गया। आज जरूरतमंदों को रसोई गैस का सिलेंडर मात्र 603 रुपए में दिया जा रहा है। मोदी जी ने देश के अंतिम गांव तक बिजली पहुंचाई, 60 करोड़ जरूरतमंदों को सालाना ?5 लाख का स्वास्थ्य बीमा दिया गया, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को पिछले 5 वर्षों से प्रतिमाह मुफ्त अनाज दिया जा रहा है। यह अनाज अगले 5 वर्षों तक इसी प्रकार मुफ्त में मिलता रहेगा। इस पर लगभग 12 लाख करोड रुपए का खर्च आएगा। मोदी सरकार पूरे देश में किसी भी गरीब को भूखा नहीं रहने देगी। आज पूरे देश के 11 करोड़ से ज्यादा किसानों को सालाना 6000 रुपये मिलते हैं। कांग्रेस और भाजपा के शासन में स्पष्ट अंतर बताते हुए ठाकुर ने कहा कि जहां एक ओर राजस्थान और छत्तीसगढ़ से कांग्रेस सरकारों की विदाई हुई, वहीं मध्य प्रदेश में 20 वर्षों से शासन में भारतीय जनता पार्टी की फिर से रिकॉर्ड 166 सीटों के साथ वापसी हुई।
प्रदेश उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार के एक वर्ष पूरा होने पर प्रदेश की जनता को बधाई दी है, वहीं कांग्रेस की सरकार को हर कदम पर सहयोग देने के लिए आभार भी व्यक्त किया। कांग्रेस सरकार के 1 वर्ष पूरा होने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार ने 1 वर्ष में जनता को राहत देने के लिए काम किया है। इस दौरान प्रदेश में आई बड़ी आपदा में भी सरकार लगातार फील्ड में सक्रिय रही ,जनता के दुख में शामिल रही, जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया गया। इस 1 साल में जनता को हर संभव मदद करने का काम करते हुए सरकार ने बेहतरीन नीतियां बनाकर हर वर्ग को आगे बढ़ने का काम किया है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस ने 10 गारंटियां दी हाई कमान ने उनपर एक-एक कर मोहर लगाई जा रही है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने इन गारंटीयों को अपना राज धर्म माना है, हम हर गारंटी को पूरा करेंगे। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बेहतर शासन देते हुए कांग्रेस की सरकार ने ओपीएस सहित तीन गारंटीयों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित किया है ,इंग्लिश मीडियम स्कूल हर विधानसभा क्षेत्र में बने इसके लिए काम शुरू कर दिया गया है, स्टार्टअप योजना के तहत रोजगार देने का काम शुरू कर दिया गया है। युवाओं को रोजगार अधिक से अधिक मिले इसके लिए लगातार काम किया जा रहा है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हम हर गारंटी को पूरा करेंगे। भाजपा के विरोध प्रदर्शन महज दिखावा मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार के 1 साल पूरा होने पर भाजपा के रोज प्रदर्शन में मछजे दिखावा है, अपनी परेशानियां, हताशा, निराशा, कमियों को छुपाने का माध्यम है ।उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को तो जनता को 1 साल पूरा होने पर यह जवाब देना चाहिए हिमाचल की विधानसभा में आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने विशेष आर्थिक पैकेज देने के प्रस्ताव का समर्थन भाजपा के नेताओं ने क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि वास्तव में भाजपा के पास कोई विरोध का कारण नहीं है, इसलिए विरोध के लिए विरोध करना भाजपा की नीति बन गई है. भाजपा का विरोध पत्रक कागजी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि साल के 1 साल पूरा होने पर भाजपा ने कुछ आरोपों के साथ एक पत्रक छपाए है, यह पत्रक कागजी है। उन्होंने कहा कि भाजपा अगर खुद इन पत्रको को पढ़ेगी, तो उसे स्वयं यह हवाई नजर आएंगी ।मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मंदिर चिंतपूर्णी में बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए सुगम दर्शन प्रणाली शुरू की गई है,भाजपा ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं ने इसे सराहा एक करोड़ से ज्यादा की आय मंदिर ट्रस्ट को हुई है, जो निर्धन कन्याओं की शादी पर खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार नौकरियों में जो हो रहा था ,उसका पर्दाफाश हुआ है, भाजपा को उसे पर पत्र छपना चाहिए ।मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जनता के लिए काम करना हमारी प्राथमिकता है, भाजपा की आलोचना से जनता भ्रमित नहीं होगी।
-बौद्ध धर्मगुरु को मिले गिफ्ट म्यूजियम में सजे -दुनिया भर के पर्यटकों के लिए बने आकर्षण का केंद्र कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुधीर शर्मा ने कहा कि मकलोडगंज से धार्मिक पर्यटन के नए अध्याय का गवाह बनकर वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। सुधीर शर्मा रविवार को मकलोडगंज में बौद्ध धर्मगुरु दलाइलामा के नए म्यूजियम के शुभारंभ पर संबोधित कर रहे थे। रविवार को सुबह आठ बजे मकलोडगंज में ऐसा अनूठा म्यूजियम शुरू हुआ, जिसमें परमपावन बौद्ध धर्मगुरु दलाइलामा को मिले गिफ्ट पर्यटकों के लिए सजाए गए हैं। इसमें आडियो और वीडियो डाक्यूमेंट भी दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों के लिए रखे गए हैं। माना जा रहा है कि इससे हिमाचल में धार्मिक पर्यटन का नया अध्याय शुरू होगा। सुधीर शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया भर से पर्यटक मकलोडगंज में दलाईलामा से जुड़ी ऐतिहासिक चीजों का अवलोकन कर पाएंगे। इससे धार्मिक हाई एंड टूरिज्म को नया बल मिलेगा। सुधीर शर्मा ने कहा कि बौद्ध धर्मगुरु दलाइलामा का मकलोडगंज में होना हिमाचल समेत पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उनके कारण इस शहर को दुनिया भर में नई पहचान मिली है। दुनिया भर से पर्यटक व वीवीआईपी मकलोडगंज आते हैं। आज पर्यटन हिमाचल की रीढ़ बन गया है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला की बात करें,तो मां चामुंडा, बज्रेश्वरी व ज्वालाजी माता के दर्शनों के लिए देशी व विदेशी पर्यटक आते हैं, जिससे धार्मिक पर्यटक को बढ़ावा मिला है। मंदिरों के चढा़वे में भी इजाफा हुआ है और विदेशी मुद्रा भी मंदिरों में चढ़ावे के रूप में चढ़ रही है। इसी तरह बौद्ध धर्मगुरु दलाइलामा के यहां होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। इसे हमें बनाए रखना है। सुधीर शर्मा ने आगे कहा कि धर्मशाला में ऐतिहासिक डल झील, खनियारा में अघंजर महादेव, भागसूनाग, कुणाल पत्थरी आदि धार्मिक स्थल हैं। इन्हें प्रदेश सरकार संवारेगी। स्मार्ट सिटी के कामों ने पकड़ी रफ्तार सुधीर शर्मा ने कहा कि धर्मशाला में स्मार्ट सिटी के कार्यों में तेजी लाई जा रही है। सभी 75 प्रोजेक्टों को समय पर पूरा करना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम शहर के सभी 17 वार्डों में कामों को स्पीडअप करेगी। हर वार्ड में कार्यों की मानीटरिंग की जा रही है। सरकार ने लिए अच्छे फैसले सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार का एक साल का कार्यकाल अच्छा रहा है। एक साल में दस में से तीन गारंटियां पूरी की है। बाकी की गारंटियां भी पूरी की जाएंगी। कांग्रेस जो कहती है, उसे पूरा करती है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में होने जा रहे कार्यक्रम को लेकर जनता में उत्साह है। पूरे हलके से लोग धर्मशाला के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन को कार्यक्रम में आने वाले लोगों को हर सहूलियत देने के निर्देश दिए हैं।
-कपिल रामटा बने बेस्ट प्लेयर ऑफ दी टूर्नामेंट अनिल नेगी। एसजेवीएन की इंटर प्रोजेक्ट दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन में किया गया। प्रतियोगिता के समापन मौके पर परियोजना प्रमुख मनोज कुमार बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला एनजेएचपीएस और आरएचपीएस के मध्य खेला गया, जिसमें कड़े मुक़ाबले में रामपुर की टीम ने 1-0 के अंतर से जीत हासिल की। फुटबॉल प्रतियोगिता में पहले स्थान पर रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन, दूसरे स्थान पर नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन और तीसरे स्थान पर कोरोपोरेट हेडक्वार्टर शिमला की टीम रही। कार्यक्रम के अंत में मुख्यातिथि परियोजना प्रमुख मनोज कुमार ने सभी विजेताओं को ट्राफी और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में कपिल रामटा(आरएचपीएस) को बेस्ट प्लेयर ऑफ दी टूर्नामेंट, भीम देव नेगी (आरएचपीएस) को बेस्ट डिफेंडर, कपिल (आरएचपीएस ) को गोल्डन गल्ब्ज और अंजन सेवगी ( एनजेएचपीएस) को गोल्डन बूट के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अंत मे मुख्यातिथि ने सभी टीमों को बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई दी।
-45वें ऑल इंडिया इलेक्ट्रीसिटी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड बैडमिंटन टूर्नामेंट संपन्न ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि आज के व्यस्त जीवन में खेल हमें तनाव मुक्त एवं स्वस्थ रखने में सहायक है। अनिरुद्ध सिंह आज सोलन जिला के कुमारहट्टी में तीन दिवसीय 45वें ऑल इंडिया इलेक्ट्रीसिटी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड बैडमिंटन टूर्नामेंट के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकारी एवं निजी क्षेत्र में कार्यरत कर्मियों को आज पहले से कहीं अधिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी परिस्थितियों में खेल एवं व्यायाम जहां कर्मियों को मानसिक रूप से स्वस्थ रखते हैं वहीं उनकी शारीरिक क्षमताओं में वृद्धि भी करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को खेलों में प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत का आरक्षण प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से खिलाड़ियों को सरकारी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। अनिरुद्ध सिंह ने इस अवसर पर ऑल इंडिया इलेक्ट्रीसिटी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड बैडमिंटन टूर्नामेंट की स्मारिका का विमोचन भी किया। उन्होंने राष्ट्रीय खेलों में कबड्डी में हिमाचल की स्वर्ण पदक विजेता टीम की वंदना ठाकुर को 51 हजार रुपये का चैक भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया। टूर्नामेंट के ये रहे विजेता ऑल इंडिया इलैक्ट्रीसिटी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड बैडमिंटन टूर्नामेंट में 14 इकाइयों के लगभग 100 खिलाड़ियों ने भाग लिया। डबल वर्ग में पीएसपीसीएल के हरमिंदर सिंह गिल तथा लखविंदर पाल सिंह प्रथम, यूपीएसजी के गोपाल सिंह तथा ललित कुमार द्वितीय व एचपीएसजी के सुरेेंद्र कुमार तथा वीरेेंद्र कुमार एवं ओपीटीसीएल के जय प्रकाश सिंह तथा सत्या नारायण प्रधान तृतीय स्थान पर रहे। एकल वर्ग में पीएसपीसीएल के लखविंदर पाल सिंह पहले, पीएसपीसीएल के हरमिंदर सिंह गिल दूसरे व एमएसपीजीसीएल के प्रियम शुभलोक तथा यूपीएसजी के रक्षित भंडारी तीसरे स्थान पर रहे।पुरुष टीम प्रतियोगिता में पीएसपीसीएल पंजाब प्रथम, यूपीएसजी उत्तराखंड द्वितीय व ओपीटीसीएल ओडिसा एवं बीबीएमबी पंजाब तृतीय स्थान पर रहे। कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह का विधानसभा क्षेत्र में पधारने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस नेता रमेश चौहान, ग्राम पंचायत अन्हेच के प्रधान मोहन लाल, ग्राम पंचायत बड़ोग के उप प्रधान गुरदेव, नगर निगम शिमला के पार्षद नरेंद्र ठाकुर, हिमफेड के निदेशक मोहन मैहता, ऑल इंडिया विद्युत खेल नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष जगदीश रे, महासचिव राकेश ठाकुर, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव, पुलिस उपाधीक्षक परवाणू प्रणव चौहान सहित अन्य गणमान्य व विद्युत बोर्ड के प्रतिभागी उपस्थित थे।
पूर्व मुख्यमंत्री के मीडिया को-ऑर्डिनेटर रहे व वर्तमान में हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आखिर लोगों के चूल्हे-चौंके उजाड़कर व खुशी छीनकर किस बात का जश्र मनाया जा रहा है। विश्च चक्षु ने कहा कि प्रदेश के लाखों परिवारों को लगातार दो माह से उचित मूल्यों की दुकान में चीनी का कोटा ही नहीं मिल पाया है। इतना ही नहीं डिपुओं में दालें भी न के बराबर ही मिल रही हैं। इसमें कभी एक दाल गायब होती है, तो इस बार दो-दो दालें अब तक गायब हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मूंग की दाल के बदले चने की दाल डबल देने की बात कही थी, लेकिन अब तक वो भी डिपुओं में नहीं पहुंच पाई है। भाजपा प्रदेश मीडिया सह प्रभारी ने कहा कि भाजपा के समय टेंडर से पहले सस्ते राशन का कोटा जनता को उपलब्ध करवाया जाता था, जबकि कांग्रेस की सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार प्रदेश के हर परिवार को राहत की बजाय सरकार आर्थिक बोझ डालने का काम कर रही है। चीनी व दालें गरीब परिवारों को भी बाजारों से दोगुने से अधिक दामों में हर माह खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। चक्षु ने कहा कि हाल ही में हिमाचल प्रदेश पर इतनी आपदा आई पर प्रदेश सरकार को पता नहीं किस बात की खुशी छाई हुई है। किस चीज का जश्न मनाया जा रहा है। प्रदेश की सुक्खू सरकार आर्थिक संसाधन खुद नहीं जुटा पा रही और कंगाली का ठीकरा भाजपा सरकार पर फोड़ रही हैं। जहां पर चुनावों के समय जो प्रदेश की भोली भाली जनता को कांग्रेस ने गारंटिया दी थीं, वो पूरी नहीं हुई। गारंटियों से सीएम व मंत्री भी दूर-दूर भागते हुए नज़र आ रहे हैं। एक तरफ सरकार कह रही है कि सरकारी खजाना खाली है, दूसरी ओर जनता के करोड़ों रुपये जश्न पर उड़ाए जा रहें हैं। चक्षु ने आरोप लगाया कि ज़िला कांगड़ा के साथ भी बड़ा भेदभाव किया जा रहा है। आज प्रदेश का अधिकारी-कर्मचारी भी परेशान हैं। प्रदेश का हर वर्ग वर्तमान सरकार से त्रस्त है, परंतु सरकार मस्त है। सरकार का कोई विजन नहीं है, सुक्खू सरकार पूरी तरह से विजिनलेस है। कई विभागों, निगमों व बोर्डों में कर्मचारियों के तनख्वाह तक के लाले पड़ चुके हैं। ऐसे में जश्र में सरकारी तंत्र के लाखों रुपये जलाकर कांग्रेस सरकार एक बार फिर अपना जनता के प्रति अपने उदासीन रवैये का चेहरा आम लोगों के सामने रख रही है।
उप मंडल ज्वालामुखी के तहत गांव पंचायत अलुहा की रहने वाली अंकिता शर्मा ने एमए गणित में पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इससे पहले भी अंकिता शर्मा ने डीएवी कॉलेज कांगड़ा से बीए में पहला स्थान हासिल किया था। अंकिता शर्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अमर शांति माडल पल्लिक स्कूल खुंडियां से शुरू की तथा आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने डीएबी कॉलेज कांगड़ा में की। बता दें कि अंकिता शर्मा जिला कांगड़ा की तहसील खुंडिया के तहत पंचायत अलुहा के कमल नयन की बेटी है व चंगर क्षेत्र में प्रतिष्ठित जय पब्बू माता सेवा सदन खुंडिया में सबसे ज्यादा रक्तदान करने वाले अंबे पंडित की भतीजी हैं। अंकिता शर्मा के माता-पिता, गुरुजनों व परिवार के अन्य लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
भारत के निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सोलन ज़िला के 53-सोलन (अजा) निर्वाचन क्षेत्र में व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और निर्वाचन भागीदारी कार्यक्रम (स्वीप) के तहत इलेक्ट्रिॉनिक वोटिंग मशीन और वोटर वैरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) के विषय में आमजन को जागरूक करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम 11 दिसंबर से आरंभ होंगे। यह जानकारी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि स्वीप के तहत 53-सोलन (अजा) निर्वाचन क्षेत्र में 11 दिसम्बर, 2023 को मतदान केंद्र संख्या 87-सोलन वार्ड नंबर 9 (1) के लिए जागरूकता कार्यक्रम राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सोलन के ग्राउंड फ्लोर स्थित विज्ञान खंड, मतदान केंद्र संख्या 88 सोलन वार्ड संख्या 9 (2) के लिए लोक निर्माण विभाग सोलन के अधिशाषी अभियंता वृत्त कार्यालय, मतदान केंद्र संख्या 91 सोलन वार्ड नंबर 11 (1) के लिए तहसील कार्यालय सोलन तथा वार्ड संख्या 92 सोलन वार्ड नंबर 11 (2) के लिए राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सोलन में प्रात: 11 बजे से सायं 3 बजे तक आयोजित होंगे। 12 दिसंबर को जागरूकता कार्यक्रम मतदान केंद्र संख्या 89 सोलन वार्ड नंबर 10 (1) के लिए डाईट सोलन, वार्ड संख्या 90 सोलन वार्ड नंबर 10 (2) के लिए डाईट-1 सोलन, वार्ड संख्या 93 सोलन वार्ड नंबर 12 (1) के लिए पुराना उपायुक्त कार्यालय (पूर्वी भाग) तथा मतदान केंद्र संख्या 94 सोलन वार्ड नंबर 12 (2) के लिए पुराना उपायुक्त कार्यालय (पश्चिमी भाग) में प्रात: 11.00 बजे से सायं 3 बजे तक आयोजित होंगे।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आउटलुक बिजनेस पत्रिका की प्रतिष्ठित 'चेंजमेकर्स ऑफ द ईयर-2023' की सूची में स्थान अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिष्ठित सम्मान मुख्यमंत्री को उनके असाधारण नेतृत्व और उल्लेखनीय योगदान विशेषकर इस वर्ष मानसून के दौरान भीषण आपदा को प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का संकट से निपटने का सराहनीय नेतृत्व उन्हें इस विशिष्ट सूची में शामिल होने वाले देश के एकमात्र मुख्यमंत्री के रूप में दर्शाता है। प्रदेश के विकास के प्रति गतिशील दृष्टिकोण और जन कल्याण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के कारण उन्हें यह उल्लेखनीय पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, विराट कोहली और नीरज चोपड़ा जैसी प्रभावशाली हस्तियों के समान सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देने में उनके प्रभावशाली योगदान को रेखांकित करता है।
-कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग भी चौकस -1200 के करीब पुलिस जवान संभालेंगे सुरक्षा का जिम्मा प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपने एक साल के कार्यकाल का जश्न धर्मशाला में मनाने जा रही है। 11 दिसंबर को होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। पुलिस मैदान में पंडाल को सजाया जा रहा है। वहीं, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग भी चौकस हो गया है और अपनी ओर से इंतजामों को पुख्ता करने में जुटा है। सरकार की रैली के लिए 1200 के करीब पुलिस जवान सुरक्षा, कानून व ट्रैफिक व्यवस्था के लिए शहर सहित जिला के आवाजाही वाले स्थानों में तैनात रहेंगे। इसके अलावा पांच ड्रोन और सीसीटीवी से भी हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। एसपी कांगड़ा शालिनी अग्रिहोत्री ने बताया कि 11 दिसंबर को धर्मशाला शहर में ट्रैफिक व्यवस्था वन-वे रहेगी। जनसभा स्थल के लिए आने वाले वाहन कांगड़ा गगल से बाया शीला चौक होते हुए धर्मशाला में प्रवेश कर पाएंगे। अग्रिहोत्री ने बताया कि धर्मशाला से कांगड़ा की ओर जाने वाले वाहन बाया सकोह होते हुए कांगड़ा के लिए जाएंगे। इसके अलावा पठानकोट की ओर से आने वाले वाहन चंबी से बाया चड़ी होते हुए सुधेड़ व बस स्टैंड पहुंचेंगे। यह व्यवस्था सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक लागू रहेगी। हालांकि यह व्यवस्था भीड़ को देखते हुए ही की जाएगी। 11 को मालवाहक वाहनों की धर्मशाला में आवाजाही बंद रहेगी। सुरक्षा व ट्रैफिक की दृष्टि से पुलिस विभाग के कर्मचारियों ने शनिवार को पुलिस मैदान धर्मशाला में पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। पैराग्लाडिंग गतिविधियों पर भी रोक इस दौरान पैराग्लाडिंग गतिविधियों पर भी रोक रहेगी। समारोह के दौरान रैली स्थल पर पानी की बोतल लाने पर रोक रहेगी। धर्मशाला में रैली स्थल पर पहुंचने से पहले सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू धर्मशाला में रोड शो कर लोगों का अभिभावदन स्वीकार करेंगे। यह रोड शो सिविल लाइन से पुलिस मैदान तक होगा। इसके लिए भी पुलिस की अतिरिक्त व्यवस्था रहेगी। एसपी शालिनी अग्रिहोत्री ने बताया कि रैली स्थल पर खाने और पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि धर्मशाला में होने वाले प्रदेश सरकार के व्यवस्था परिवर्तन समारोह के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। यहां-यहां होगी पार्किंग की सुविधा डीसी ऑफिस पार्किंग, जोरावर स्टेडियम, दाड़ी मैदान व चरान स्थित फुटबॉल ग्राउंड का चयन किया गया है। इसके अलावा बीएड कालेज, साई स्टेडियम और ग्राउंड के आसपास उपलब्ध स्थान पर वीआईपी पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पार्किंग स्थल से सभा स्थल के लिए स्टल बसों से लोगों को लाने और ले जाने की व्यवस्था रहेगी।
-कहा, युवाओं का भविष्य सुरक्षित बनाने में अध्यापकों की अहम भूमिका शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री रोहित ठाकुर ने शिक्षकों का आह्वान किया कि भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप छात्रों को तैयार करने में आधुनिक तकनीक के साथ-साथ अपने अनुभव का भी लाभ उठाएं। रोहित ठाकुर गत सांय सोलन जिला के परवाणू में डीएवी पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में आयोजित 'स्पेक्ट्रा फेस्टÓ को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। रोहित ठाकुर ने दीप प्रज्जवलित कर स्पेक्ट्रा फेस्ट का विधिवत शुभारम्भ किया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अध्यापक अपने अनुभव के माध्यम से छात्रों को न केवल सही राह दिखा सकते हैं अपितु भविष्य में लक्ष्य प्राप्ति में उनके पथ प्रदर्शक भी बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि अध्यापकों और अभिभावकों को युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने अध्यापकों से छात्रों के लिए पथ प्रदर्शक की भूमिका निभाने का आह्वान किया और छात्रों की प्रतिभा की पहचान कर इन्हें ओर निखारने की दिशा में सकारात्मक शुरुआत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चे ही हमारा भविष्य है और इन्हें निखारने तथा सवारने में सबसे बड़ा योगदान अध्यापकों का ही होता है। रोहित ठाकुर ने विद्यालय के होनहार विद्यार्थियों को उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएं दी और आशा जताई कि छात्र अपने सहपाठियों को और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि वार्षिक उत्सव संस्थान में वर्षभर के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियों के लिए सम्मानित करने का अवसर होता है। इसके आयोजन से छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है और छात्रों को उचित मंच पर प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त होता है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने के साथ-साथ खेल, योग तथा अतिरिक्त पाठ्येतर गतिविधियों को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है ताकि छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके। प्रदेश सरकार वर्ष 2026-2027 तक राज्य की प्राथमिक से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक स्तर की 2050 पाठशालाओं को चरणबद्ध तरीके से मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में परिवर्तित करेगी। अगले शैक्षणिक सत्र से यह संस्थान गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने में मील का पत्थर सिद्ध होंगे। इसके कार्यान्वयन के लिए 31 दिसंबर, 2023 तक इनकी सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए व्यापक स्तर पर सुधार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है तथा इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। रोहित ठाकुर ने कहा कि राज्य में सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई आरम्भ की जाएगी। स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा ताकि शिक्षा के स्तर में सुधार आ सके। उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले स्कूलों और अध्यापकों को राज्य सरकार प्रोत्साहित करेगी और इसके तहत ज़िला स्तर पर 5 स्कूलों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से खोले जा रहे राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों की प्रगति की समीक्षा भी समय-समय पर की जा रही है। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. हरनीत सिंह ने इससे पूर्व मुख्यातिथि का स्वागत किया और वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया जिसकी मुख्यातिथि द्वारा खूब सराहना की गई। कार्यक्रम में कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी, नगर परिषद परवाणू की पूर्व अध्यक्ष मोनिशा शर्मा, उपाध्यक्ष लखविंदर सिंह, मनोनीत पार्षद कांता कपूर, चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष एच.एस लकी, सहायक आयुक्त प्रोटोकॉल महेंद्र प्रताप, पुलिस उप अधीक्षक प्रणव चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, अध्यापक, छात्र, अभिभावक और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
-न चुनावी वादे पूरे किए और न ही 10 गारंटियां -युवाओं को नौकरी और महिलाओं को 1500 रुपये का इंतजार भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश ने हिमाचल की सुक्खू सरकार के 1 साल पूरे होने पर एक पत्रक बनाया है, पार्टी के कार्यकर्ता मंडल स्तर पर वितरित करेंगे, इस पत्र को धरना प्रदर्शन के समय भी वितरित किया जाएगा। इस पत्रक में भाजपा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखे हमले किए हैं। भाजपा का कहना है कि सुक्खू सरकार का एक साल का कार्यकाल बेहद निराशाजनक रहा है, क्योंकि इस सरकार ने एक साल में प्रदेशहित और जनहित में कोई काम नहीं किया। यहां तक कि जो चुनावी वादे विधानसभा चुनाव के दौरान किए थे, जो चुनावी गारंटियां कांग्रेस ने दी थीं, उनको भी अभी तक पूरा नहीं किया गया। पूरा साल देव भूमि हिमाचल प्रदेश की 22 लाख महिलाएं 1500 रुपये महीने का इंतजार करती रहीं, बेरोजगार युवा नौकरी की प्रतीक्षा करते रहे, किसान 2 रुपये किलो गोबर खरीदने के लिए सरकार को ताकते रहे, पशुपालक 100 रुपये लीटर दूध खरीदने का इंतजार करते रहे और मुख्यमंत्री केवल आर्थिक कंगाली का रोना रोते रहे। इस सरकार ने इस एक साल में पिछली भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर प्रदेश को कर्ज में डुबोने के निराधार आरोप लगाये परन्तु स्वयं एक साल में 12000 करोड़ रुपये का कर्जा लेकर प्रदेश की आर्थिक स्थिति को बिगाड़ने का काम किया। इस सरकार ने एक साल में अनेक जन विरोधी निर्णय लेकर प्रदेश की जनता को इतना तंग एवं परेशान किया कि आज इस सरकार से जनता परेशान है और जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। डीजल महंगा, डिपो में दालें महंगी, चीनी गायब, सीमेंट की बोरी महंगी इससे प्रदेशवासियों को भारी नुकसान हुआ। वर्तमान कांग्रेस सरकार ने इस प्रकार प्रदेशवासियों पर महंगाई का बोझ डाला है। 300 यूनिट बिजली फ्री का वादा करने वाली वर्तमान सरकार ने घरेलू बिजली पर 22 पैसे प्रति यूनिट रेट बढ़ाया। औद्योगिक क्षेत्र के लिए 19 प्रतिशत बिजली महंगी कर उद्योगों को प्रदेश से पलायन करने पर मजबूर किया। राजस्व विभाग में रजिस्ट्री से लेकर स्टैंप ड्यूटी को बढ़ाकर जनता पर आर्थिक बोझ डाला। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने सेब बगवानों को अपनी फसल का रेट तय करने का वादा किया था, परन्तु सेब बागवान को परेशान कर दिया। पर्यटन उद्योग पर प्रहार करते हुए बाहर से आने वाली ट्रांजेक्शन पर टैक्स बढ़ा दिया।जल शक्ति और स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों को घर का रास्ता दिखाया। मंदिरों में दर्शन करने की फीस लगा दी। शराब की बोतल 10 रुपये (मिल्क सेस) महंगी इसलिए की ताकि 100 रुपये लीटर दूध खरीद सके पर आज तक दूध नहीं खरीदा। विधायक निधि की एक भी किस्त अभी तक जारी नहीं की गई, इससे स्थानीय विकास ठप हुआ।


















































