राजकीय महाविद्यालय रक्कड़ में चुनावी पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों को मतदाता पंजीकरण से संबंधित जानकारी दी गई। इसके साथ अपने मत का सही प्रयोग किस प्रकार से करें। इसके बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य पंकज सूद, कार्यक्रम की आयोजक प्रोफेसर शैलजा, भारत चुनाव आयोग स्वीप जसवा प्रागपुर के नोडल ऑफिसर सुरजीत ठाकुर और महाविद्यालय के अन्य प्रवक्ता प्रोफेसर विकास चंद्र, डॉ जसपाल राणा, प्रोफेसर मीना कुमारी , प्रोफेसर रविंद्र कुमार, डॉ सुषमा कुमारी व प्रोफेसर श्वेता कुमारी उपस्थित रहे।
प्राचीन शिव मंदिर सुधार सभा काठगढ़ द्वारा गत वर्षों की तरह इस वर्ष भी संचालित की जाने वाली मेधावी छात्रवृति प्रतियोगिता के अयोजन बारे सभा के प्रधान ओम प्रकाश कटोच की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें परीक्षा संयोजक रमेश शर्मा, वेव सचिव प्रधानाचार्य मोहन शर्मा, प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा, परीक्षा प्रभारी प्रवक्ता सरताज सिंह, केंद्रीय मुख्य शिक्षक जसदेव सिंह, महिपाल सिंह, मुख्य शिक्षक बलविंद्र गुलेरिया, बोधराज, टीजीटी अनिल खोखर, बीरबल कुमार, राम गोपाल शर्मा और राजीव ठाकुर सहित अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। सभा के प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा ने बताया कि समस्त केंद्रो में परीक्षा संबंधी सामग्री पहुंचाने की प्रक्रिया सभा द्वारा जल्दी आरंभ कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि गत वर्षों की तरह इस वर्ष भी परीक्षा ओएमआर प्रणाली के तहत ली जाएगी और मूल्यांकन कंप्यूटर के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ दिल्ली में करवाया जायेगा। इसके साथ उन्होंने बताया की परीक्षा के आवेदन पत्र मंदिर की वेबसाइट काठगढ़ मंदिर.इन से भी डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा फीस भी ऑनलाइन मंदिर अकाउंट में जमा करना सकते हैं। इस बार परीक्षा में इंविजिल्टर सभा की ओर से नियुक्त किए जाएंगे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोग्रवां में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ब्लॉक इन्दौरा के सौजन्य से नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में आयुष विभाग की डॉक्टर निशा एवं नागरिक अस्पताल इंदौरा की स्वास्थ्य शिक्षिका निर्मला कुमारी ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं को नशे की दुष्प्रभावों से अवगत करवाया तथा उन्हें नशे से दूर रहने की हिदायत दी। सत्र के समापन पर विद्यालय के प्रधानाचार्य रामकृष्ण शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया तथा बच्चों को स्वास्थ्य के महत्व के बारे में बताते हुए , नशे के विरुद्ध एकजुट होकर नशा मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने का आहवान किया। इस अवसर पर विद्यालय के 311 छात्रों एवं सभी अध्यापकों ने भाग लिया।
**क्या मेयर पद पर सहमति बना पायेगा कांग्रेस आलाकमान ? **कांग्रेस की रार में, भाजपा मौके की तलाश में ! **संतुलन बनाने के लिए एक गुट से मेयर तो दूसरे से डिप्टी मेयर सम्भव किसी को 'सरदार' के तौर पर 'सरदार' मंजूर नहीं, तो कोई सरदार पर ही अड़ा है। ये ही सोलन नगर निगम में कांग्रेस की सियासत का मौजूदा हाल है। दो गुटों में बंटे पार्षद आमने सामने है और इनको एक पाले में लाना आलाकमान के लिए पापड़ बेलने से कम नहीं। सरदार सिंह को मेयर बनाने का जो वादा 2021 में नगर निगम चुनाव नतीजों के बाद हुआ था वो पूरा होगा, या पार्टी मेयर -डिप्टी मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा, ये सवाल बना हुआ है। कांग्रेस के पास कुल नौ पार्षद है और नगर निगम पर कब्ज़ा बरकरार रखने के लिए इतने ही उसे चाहिए, न एक कम न एक ज्यादा। पर ये होगा कैसे, यहीं पेंच अटका है। पार्टी के बड़े नेताओं को क्रॉस वोटिंग का डर खाये जा रहा है और भाजपा मौके की तलाश में है। 17 वार्डों वाली सोलन नगर निगम में 9 पार्षद कांग्रेस के है, 7 भाजपा के और एक निर्दलीय। 2021 में चुनाव के बाद कांग्रेस के मेयर और डिप्टी मेयर बने थे। कहते है तब ढाई साल के लिए पूनम ग्रोवर मेयर बनी तो अगले ढाई साल का वादा सरदार सिंह से हुआ। वहीँ डिप्टी मेयर पद के लिए चार लोगों में 15 -15 महीने का कार्यकाल बांटने की बात हुई। पहला नंबर राजीव कोड़ा का था और अब तक पुरे ढाई साल वो ही डिप्टी मेयर रहे। कहते है इसी बात को लेकर कुछ पार्षदों में नाराजगी थी। ऐसे ही चार पार्षद 2022 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा पार्षदों के साथ मिलकर अविश्वास प्रस्ताव ले आएं। इनमे सरदार सिंह, ईशा, संगीता और पूजा शामिल है। तब कांग्रेस के इन चार और भाजपा के पार्षदों के बीच तय हुआ था कि पूजा मेयर बनेगी और भाजपा के कुलभूषण गुप्ता डिप्टी मेयर। पर तकीनीकी कारणों से इनका अविश्वास प्रस्ताव गिर गया और सारे अरमान धरे रह गए। इसके बाद पूनम ग्रोवर और राजीव कोड़ा अपने पदों पर बने रहे। पर कांग्रेस के पार्षदों के बीच की तल्खियों की झलक अक्सर जनरल हाउस में दिखती रही। अब अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले उन्हीं चार में से एक पार्षद सरदार सिंह मेयर पद के दावेदार है। अविश्वास प्रस्ताव में शामिल होने के चलते लाजमी है उनके नाम पर कुछ लोगों को अप्पत्ति हो। वहीँ वार्ड 12 पार्षद उषा शर्मा का नाम भी चर्चा में है। बहरहाल आलाकमान के सामने सभी नौ पार्षदों को एक नाम पर राजी करने की चुनौती है। माना जा रहा है कि संतुलन सुनिश्चित करने के लिए मेयर और डिप्टी मेयर अलग अलग गुट से हो सकते है। सियासत में जो दीखता है, जरूरी नहीं वैसा ही हो। 9 पार्षद होने के बाद भी मेयर डिप्टी मेयर कांग्रेस के हो, ऐसा जरूरी नहीं है। हालांकि कांग्रेस की ही तरह भाजपा भी दो गुटो में बंटी हुई है, लेकिन निर्दलीय को जोड़ लिया जाएँ तो कांग्रेस से संख्या में सिर्फ एक कम है। अगर भाजपा ने कैंडिडेट दिया तो कुलभूषण गुप्ता पार्टी उम्मीदवार हो सकते है। 6 बार की पार्षद मीरा आनंद भी रेस में है। पर क्रॉस वोटिंग की सम्भावना तो यहाँ भी है। हालांकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल सोलन नगर परिषद् के अध्यक्ष रह चुके है और यहाँ की हर सियासी नब्ज से वाकिफ भी। ऐसे में बिंदल के रहते भीतरखाते बहुत कुछ पक सकता है। बहरहाल कांग्रेस के नौ पार्षद क्या किसी एक नाम पर साथ आएंगे या नहीं, इसी पर निगाह टिकी है।
**कब मिलेंगे चार नगर निगमों को मेयर और डिप्टी मेयर ? **भाजपा का आरोप, जानबूझकर विलम्ब कर रही सरकार **क्या सोलन की वजह से बाकी चुनावों में भी हो रहा विलम्ब ? एक माह से ज्यादा वक्त बीत गया पर प्रदेश के चार नगर निगमों को मेयर और डिप्टी मेयर नहीं मिल पाए है। नगर निगम मंडी, पालमपुर, सोलन और धर्मशाला में न मेयर है और न डिप्टी मेयर। जाहिर है इससे कार्य प्रभावित हो रहे है। उधर भाजपा इसे लेकर सरकार पर हमलावर है। अभी तक चुनाव की नोटिफिकेशन नहीं आई है और ऐसे में अब सरकार की देरी पर सवाल उठना तो लाजमी है। आखिर क्यों हो रहा है ये विलम्ब, इसे लेकर कयासबाजी जारी है। आपको बता दें कि नगर निगम पालमपुर और सोलन में जहाँ कांग्रेस का कब्ज़ा है तो वहीँ मंडी और धर्मशाला में भाजपा के पास संखयाबल है। यूँ तो ये चुनाव पार्टी सिंबल पर हुए थे पर हिमाचल प्रदेश के स्थानीय निकायों में एंटी डिफेक्शन कानून लागू नहीं होता, ऐसे में क्रॉस वोटिंग से इंकार नहीं किया जा सकता। पेंच दरअसल यहीं फंसा है। माना जा रहा है कि मंडी में भाजपा और पालमपुर में कांग्रेस के मेयर डिप्टी मेयर तो लगभग तय है, पर धर्मशाला और सोलन में ट्विस्ट मुमकिन है। धर्मशाला में कांग्रेस जहाँ सम्भावना तलाश रही है तो सोलन में कांग्रेस को डर होना लाजमी है। सोलन में कांग्रेस के ही पार्षद अपने मेयर डिप्टी मेयर के खिलाफ 2022 में विश्वास प्रस्ताव ला चुके है और यहाँ पार्षदों में मतभेद नहीं बल्कि मनभेद की स्थिति दिखती है। इसी में भाजपा को संभावना दिख रही है। ऐसे में कांग्रेस फूंक फूंक कर कदम बढ़ाना चाहती है। सोलन से विधायक कर्नल धनीराम शांडिल कैबिनेट मंत्री है, सीपीएस संजय अवस्थी कभी इसी निकाय में पार्षद थे, ऐसे में यहाँ चूक हुई तो इन दिग्गजों पर भी सवाल उठेगा। बहरहाल चर्चा आम है कि सोलन में कांग्रेस अपने पार्षदों को एकसाथ लाने में अब तक कामयाब नहीं हुई है। पार्टी को क्रॉस वोटिंग का डर है और ये ही कारण है की मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव को लम्बा खींचा जा रहा है। वहीँ धर्मशाला में पार्टी जोड़ तोड़ कर सभावना देख रही है। इसी के चलते अन्य दो नगर निगमों में भी विलम्ब हुआ है। हालांकि आपको बता दें कि मेयर डिप्टी मेयर चुनाव में विधायक के वोट को लेकर पहले स्थिति स्पष्ट नहीं थी, जो विलम्ब का एक कारण बना है। उधर भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस सरकार इसे जानबूझकर खींच रही है। अब विधायकों के वोटों को लेकर स्थिति साफ हो गई है, फिर भी सरकार ये चुनाव नहीं करा रही है। आपदा के दौर में मेयर डिप्टी मेयर न होने से विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए है। बहरहाल सियासी वार पलटवार के बीच सियासी जोड़ तोड़ भी जारी है। कांग्रेस सत्ता में है और यदि पार्टी कहीं भी चुकी तो सवाल तो उठेंगे ही। वहीँ 2021 के उपचुनावों से हिमाचल में लगातार हार का सामना कर रही भाजपा भी मुफीद मौके की तलाश में है। अगर भाजपा मेयर-डिप्टी मेयर चुनाव में कांग्रेस को पटकनी दे पाई तो लोकसभा चुनाव से पहले ये पार्टी के लिए बूस्टर डोज होगा।
-मल्टी सेक्टर कमेटी ने राज्य सरकार को प्रस्तुत की अंतरिम रिपोर्ट राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि प्रदेश में हाल ही की बरसात में आई प्राकृतिक आपदा के उपरांत गठित मल्टी सेक्टर कमेटी ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है, जिसमें आपदा के लिए जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ अवैज्ञानिक और अवैध खनन को प्रमुख कारक पाया गया है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ब्यास नदी बेसिन पर 131 स्टोन क्रशर स्थापित हैं, जिनमें से 68 के पास इनके संचालन के लिए जरूरी अनुमति नहीं पाई गई तथा 50 संचालकों के पास ही जरूरी अनुमति पाई गई है। इसके अतिरिक्त 7 क्रशर बाढ़ से प्रभावित पाए गए जबकि 6 में भण्डारण से संबंधित तथा अन्य अनियमितताएं पाई गई हैं। इसके साथ-साथ नदी में अत्याधिक मलबा फैंकने के कारण बाढ़ ने गंभीर रूप धारण किया, जिससे आस-पास के सामुदायिक ढांचे और जान माल को भारी नुकसान पहुंचा। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ब्यास नदी का पर्यावरणीय संतुलन भारी दबाव में है, जिसका वैज्ञानिक अध्ययन करने की आवश्यकता है तथा स्टोन क्रशरों के संचालन के लिए लघु, मध्यम तथा दीर्घावधि उपाय सुझाने पर भी बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि समिति ने जरूरी अनुमति प्राप्त 50 स्टोन क्रशर को कुछ शर्तों के साथ संचालित करने की अनुमति प्रदान करने की सिफारिश की है, जिसके तहत यह क्रशर सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक 12 घंटे के लिए संचालित किए जा सकते हैं। समिति ने सिफारिश की है कि किसी भी क्रशर पर डीजी सेट का प्रयोग अवैध बनाया जाना चाहिए। भविष्य में सभी स्टोन क्रशरों में सीसीटीवी कैमरा लगाने की भी सिफारिश की गई है, जिनकी निगरानी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा खनन विभाग के अधिकारी करें। स्टोन क्रशर के 500 मीटर दायरे में अगर कोई भी गैर-कानूनी खनन पाया गया तो स्थानीय अधिकारी लिखित में रिपोर्ट दें, अन्यथा उसी स्टोन क्रशर पर कार्रवाई की जाए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जिन स्टोन क्रशर के पास जरूरी अनुमतियां नहीं हैं, उन्हें पहले यह अनुमतियां प्राप्त करनी होंगी, जिसके बाद मामला दर मामला आधार पर उन्हें खोलने पर विचार किया जाए। प्रवक्ता ने कहा कि समिति ने यह भी सिफारिश की है कि प्रदेश के पर्यावरणीय संतुलन के लिए राज्य सरकार खनन व स्टोन क्रशरों के संचालन की अनुमति, नवीनीकरण आदि भविष्य में एक खिड़की आधार पर उच्च स्तरीय अधिकृत समिति के माध्यम से प्रदान की जाएं। समिति की अंतिम रिपोर्ट आने तक प्रदेश में नए स्टोन क्रशर खोलने पर अस्थाई प्रतिबंध रहे। रिपोर्ट में कैप्टिव स्टोन क्रशर के संचालन की प्रक्रिया को भी सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया है ताकि उनका उपयोग गैरकानूनी गतिविधियों में न हो सके। प्रवक्ता ने कहा कि उद्योग विभाग समिति की सिफारिशों का अध्ययन कर रहा है।
नग्गर मेडिकल ब्लॉक में कार्यांवित संस्था हंस फाउंडेशन की मोबाइल मेडिकल यूनिट 1 के द्वारा 17 नबंबर को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाहंग में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस स्वास्थ्य शिविर में 124 विद्यार्थियों व अध्यापकों का सफल निरीक्षण कर औषधियां वितरित कीं और आवश्यकता अनुसार लैब टेस्ट भी किए गए। शिविर में मोबाइल मेडिकल यूनिट 1 में कार्यरत डॉ. सारांश चौहान, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी आयुशी सूद, लैब टेक्नीशियन वीरपाल सिंह, फार्मासिस्ट निकिता ठाकुर और पायलेट केहर सिंह मौजूद रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य आशा नेगी के द्वारा हंस फाउंडेशन की इस अनूठी मुहिम की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को संचालित करते रहने की अपील की।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संजय करोल शुक्रवार को देर सायं अचानक अपने पैतृक गांव गरली पहुंचे। इससे पहले उन्होंने गांव रक्कड़ के प्राचीन ऐतिहासिक शक्तिपीठ नरसिंह मंदिर में माथा टेकने के बाद अपनी कुलदेवी माता नारी वंडा जाकर पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात वे गरली में अपने पूर्वजों के मकान, जो कई वर्षों से बंद पड़ा है, वहां गए और उसकी दहलीज पर जाकर माथा टेका। वे गरली में सभी लोगों से आम नागरिक की तरह मिले और इलाके का हालचाल जाना। वहीं, स्थानीय लोगों ने कई जनसमस्याओं को न्यायाधीश करोल के समक्ष रखा। वहीं, न्यायाधीश ने लोगों की इन जन समस्याओं को सुनने के बाद कहा कि गरली से उनका गहरा लगाव है और वे लोगों इन समस्याओं को तुरंत हल करने के लिए प्रयास करेंगे।
हिमाचल प्रदेश उपोष्ण कटिबंधीय बागवानी सिंचाई एवं मूल्य संवर्द्धन परियोजना (एचपी शिवा) के तहत एशियन विकास बैंक का एक शिष्टमंडल 14 से 21 नवंबर तक राज्य के आठ दिवसीय दौरे पर हैं। शिष्टमंडल ने आज यहां बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी से भेंट की तथा परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। बागवानी मंत्री ने एशियन विकास बैंक की वित्तीय सहायता से एचपी शिवा परियोजना के तहत स्वच्छ पौध सामग्री, नर्सरी विकास, फसल कटाई उपरान्त प्रबन्धन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत करने पर बल दिया। इसके उपरांत सचिव बागवानी की अध्यक्षता में शिष्टमंडल के साथ एक बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रदेश में लगभग 6000 हेक्टेयर में लागू की जाने वाली एचपी शिवा मुख्य परियोजना के कार्यान्वयन के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। इस परियोजना पर पांच वर्षों के लिए 130 मिलियन डॉलर का वित्तीय पोषण एशियन विकास बैंक द्वारा किया जाएगा।
-विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए होंगे व्यापक सुधार -जिला में बेहतर कार्य करने वाले 5 स्कूल होंगे सम्मानित -शैक्षणिक सत्र में अनिवार्य 220 अध्यापन दिवस सुनिश्चित करने को तैयार होगा कैलेंडर वर्ष 2026-2027 तक राज्य की प्राथमिक से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक स्तर की 2050 पाठशालाओं को चरणबद्ध तरीके से मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिक्षा विभाग की एक समीक्षा बैठक में दी। अगले शैक्षणिक सत्र से यह संस्थान गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने में मील का पत्थर सिद्ध होंगे। उन्होंने 31 दिसंबर तक इनकी सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए व्यापक स्तर पर सुधार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है तथा इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। राज्य में सरकारी क्षेत्र में अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले जाएंगे। इसके साथ ही स्कूल एडॉप्शन प्रोग्राम भी शुरू किया जाएगा, जिसके लिए खंड, उपमंडल व जिला स्तर के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा, ताकि शिक्षा के स्तर में सुधार आ सके। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को गेस्ट लेक्चरर योजना शुरू करने की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिये। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन लेने और चयन के बाद उन्हें रिक्त पदों वाले स्कूलों में एक साल के लिए तैनात करने संबंधी प्रावधान भी किए जाएंगे। उन्होंने विभाग को इस योजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विभाग को प्राथमिक और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के क्लस्टर बनाकर उनके संसाधनों का सांझा उपयोग करने की रूपरेखा को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने को कहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अन्य गतिविधियों के साथ-साथ एक शैक्षणिक सत्र में अनिवार्य 220 अध्यापन दिवस सुनिश्चित करने के लिए कैलेंडर तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का प्रमुख दायित्व विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करना है तथा उन्हें अपने दायित्व का निर्वहन करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। पहली नियुक्ति पर अध्यापकों को अनिवार्य प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले स्कूलों और अध्यापकों को राज्य सरकार प्रोत्साहित करेगी और इसके तहत जिला स्तर पर 5 स्कूलों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार की एजेंसियों के साथ-साथ प्रमुख गैर सरकारी संस्थाओं का सहयोग लेने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में लाए जा रहे सुधारों के तहत सरकारी शिक्षण संस्थानों में भी छह वर्ष की आयु में पहली कक्षा में दाखिला सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को आयु वर्ग के अनुसार जीवन उपयोगी कौशल (लाइफ स्किल) में पारंगत किया जाएगा, ताकि उनका ज्ञान केवल किताबों तक ही सीमित न रहने पाए। उन्होंने प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से खोले जा रहे राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गोहर, धर्मपुर तथा बंगाणा में निर्माणाधीन अटल आदर्श विद्यालय के निर्माण कार्य को वर्तमान राज्य सरकार पूरा करेगी और इनके लिए पर्याप्त धन उपलब्ध करवाया जाएगा। इन्हें अगले वर्ष से संचालित किया जाएगा। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, सचिव शिक्षा राकेश कंवर, निदेशक उच्च शिक्षा अमरजीत शर्मा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा आशीष कोहली, परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान राजेश शर्मा, संयुक्त सचिव सुनील वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
पुलिस थाना देहरा की चौकी संसारपुर टेरेस के अंतर्गत पुलिस चौकी प्रभारी द्वारा टोल वैरियर स्वां पुल के पास बिना परमिट के लकड़ी से भरा एक ट्रक पकड़ा गया है। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने यातायात चेकिंग के दौरान नूरपुर की तरफ से आ रहे एक ट्रक को जब चेकिंग के लिए रोका तो उसमें बिना परमिट अलग-अलग प्रकार की लकड़ी पाई गई। ट्रक में सवार चालक राकेश कुमार निवासी गांव सदवां नूरपुर सहित एक अन्य व्यक्ति सुरेश कुमार गांव छत्रवासा नूरपुर के खिलाफ पुलिस थाना देहरा में मामला दर्ज किया गया है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी देहरा अनिल कुमार ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ट्रक को भी बांड कर लिया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी, उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार दिनांक 1.01.2024 कीे अर्हता तिथि के आधार पर फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण करवाया जा रहा है। इसके संदर्भ में जिला कांगड़ा के समस्त 15 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की फोटोयुक्त मतदाता सूचियों को शतप्रतिशत त्रुटिरहित बनाने में प्रत्येक मतदान केंद्र हेतु नियुक्त किये गये बूथ लेवल अधिकारियों को सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि फोटायुक्त मतदाता सूचियों को अद्यतन करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जो व्यक्ति दिनांक 1-01-2024 को 18 वर्ष या उससे अधिक आयु पूर्ण करने वाले पात्र मतदाताओं का नाम फोटोयुक्त मतदाता सूची में दर्ज करने के लिए दिनांक रविवार 19 नवंबर को विशेष अभियान दिवस निर्धारित किया गया हैं। जो व्यक्ति किसी कारणवश कार्यदिवस में अपना नाम अभिहित अधिकारी के पास दर्ज नही करवा सके हैं, वह व्यक्ति विशेषकर 19 नवंबर (रविवार) को प्रात: 10 बजे से सायं 5 बजे तक अपना आवेदन अभिहित अधिकारी के पास संबंधित मतदान केंद्र पर प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके साथ-साथ फोटोयुक्त मतदाता सूची में नामों को दर्ज, विलोपन या संशोधन करवाने का कार्य 9 दिसंबर तक लगातार जिला कांगड़ा में चलेगा। इसके अतिरिक्त उपरोक्त संदर्भ में कोई भी नागरिक अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय, धर्मशाला के कॉल सेन्टर में नि:शुल्क टेलीफोन सेवा 01892-1950 पर कार्यालय समयावधि प्रात: 10 बजे से सायं 5 बजे तक लंैडलाइन या मोबाइल फोन से संपर्क करके विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
ज्वालामुखी की गगडूही पंचायत की आर्किटेक्ट आकांक्षा भारद्वाज उत्तर प्रदेश के नोयडा स्थित प्रतिष्ठित कॉलेज में सहायक प्रोफेसर के पद पर नियुक्त हुई हैं। वह के बरोटा जगीर दरीण गांव के रविंदर भारद्वाज की बेटी हैं। इससे पहले आकांक्षा नई दिल्ली के छत्तरपुर के क्रिएटिव ग्रुप एसएसपी के कार्यालय में भी आर्किटेक्ट के रूप में काम कर चुकी हैं। उनके पिता रविंदर भारद्वाज ने बताया कि आकांक्षा ने एपीजे टेक्निकल यूनिवर्सिटी से आर्किटेक्ट में पांच साल की डिग्री हासिल की है। इसके बाद इसी विषय में उसने एमिटी यूनिवर्सिटी के एमिटी कैंपस से मास्टर्स किया है। वह ज्वालामुखी विकास सभा के अध्यक्ष अमर चंद कमल की पोत्री है। वह केजीवीसी दिल्ली के चिल्ड्रन विंग की सचिव पद की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। उनकी सहायक प्रोफेसर पद पर नियुक्ति से इलाके में खुशी का माहौल है।
-भोरंज के विधायक सुरेश कुमार ने मुख्यमंत्री से उठाई मांग भोरंज के विधायक सुरेश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से उनके सरकारी आवास ओकओवर में भेंट की तथा उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री को एक मांग पत्र भी सौंपा, जिसमें उन्होंने हमीरपुर में बिजली बोर्ड के मुख्य अभियंता का कार्यालय खोलने की मांग की। सुरेश कुमार ने अवगत करवाया कि हमीरपुर के लोगों की यह चिरप्रतीक्षित मांग है क्योंकि बिजली बोर्ड के मुख्य अभियन्ता का कार्यालय वर्षों से मण्डी में कार्यरत है जिस कारण हमीरपुर के लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मण्डी में कार्यरत कार्यालय यथावत चलता रहे लेकिन हमीरपुर में मुख्य अभियन्ता का कार्यालय अलग से खोलना जनहित में रहेगा। वहीं, मुख्यमंत्री ने सुरेश कुमार के आग्रह को सुनने के पश्चात उन्हें शीघ्र ही उनकी मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया।
-विस्थापित फरीद बोले, राजस्थान में उनके मुरब्बों पर कब्जा जमाए बैठे हैं वहां के लोग -मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से लगाई न्याय दिलाने की गुहार पौंग डैम बनने के पांच दशक बीतने के बाद भी विस्थापितों की समस्याएं हल नहीं हो पाई हैं। इलाके के कुछ लोगों ने कहा है कि उनके नाम पर आवंटित मरब्बों पर अवैध रूप से कब्जा हो चुका है। इसे लेकर उन्होंने प्रदेश सरकार ने न्याय की गुहार लगाई है। देहरा के सुनहेत में ढलियारा पंचायत के उप प्रधान एवं समाजसेवी वीरेंद्र मनकोटिया की अगुआई में मीडिया से बातचीत में गांव बड़ा से संबंधित फरीद मोहम्मद ने बताया कि 1972-73 में पौंग डैम बनने के बाद उन्हें अपने गांवों से विस्थापित होना पड़ा था। इसकी एवज में हिमाचल सरकार ने उन्हेंं राजस्थान के अनूपगढ़ में मरब्बे दिए, लेकिन उन्हें इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं थी। कुछ समय पहले उन्हें पता चला कि उनके नाम पर कितने मरब्बे हैं। इसके बाद जब वे कब्जा लेने वहां पहुंचे तो पता चला कि वहां के कुछ प्रभावशाली लोग उस पर कब्जा कर चुके हैं। वहां जाने पर उन लोगों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की है कि उन्हें न्याय दिलाया जाए। मनकोटिया ने बताया कि प्रभावित लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के वकील रमजान खान से इस संबंध में बात की है। वह 19 नवंबर को देहरा पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी तरह अन्य प्रभावितों को भी वकील से मिलने के लिए बुलाया है। पांग बांध विस्थापित फरीद मोहम्मद ने अन्य सभी विस्थापितों से अनुरोध किया है 19 नवंबर को सुबह 11 बजे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी समस्याओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं से मिलने पहुंचे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने प्रदेश के जनजातीय सीमावर्ती इलाकों में खाली पड़ी सरकारी जमीन वहां के स्थायी निवासियों को 9 तोड़ भूमि प्रदान करने की वकालत की है। उन्होंने कहा है कि इस निर्णय से एक ओर जहां जनजातीय क्षेत्रों में खाली पड़ी इस जमीन का पूरा सदुपयोग होगा, वहीं दूसरी ओर दूसरे देश के किसी भी अतिक्रमण का डर नहीं रहेगा। प्रतिभा सिंह ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों किन्नौर, लाहौल-स्पीति व चंबा जिला के भरमौर व पांगी के सीमावर्ती ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां हजारों बीघा जमीन खाली पड़ी है। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों में तो पिछले कई सालों से यहां के लोग अस्थाई तौर पर अपनी खेतीबाड़ी भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर 9 तोड़ प्रदान कर दिए जाते हंै तो उनकी खेतीबाड़ी के साथ उन क्षेत्रों में बागवानी को भी बढ़वा मिलेगा। प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का भी दोहन हो सकेगा। उन्होंने कहा कि गत दिनों जनजातीय क्षेत्रों के दौरे के दौरान वहां के लोगों ने 9 तोड़ बहाली की मांग उनके समक्ष रखी थी और इस बाबत उन्होंने एक पत्र मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को भी लिखा था। प्रतिभा सिंह ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्होंने राज्यपाल से सीमावर्ती जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को 9 तोड़ भूमि प्रदान करने की अनुमति मांगी है का पुरजोर समर्थन करते हुए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से जल्द मंजूरी प्रदान करने का आग्रह किया है,जिससे जनजातीय क्षेत्र के लोगों की चिरकाल से चली आ रही मांग पूरी हो सकें और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा में भी स्थानीय लोगों का बल मिल सकें।
-कहा, उच्च शिक्षा व स्टाइपेंड पर 60.92 लाख व्यय करेगी सरकार मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष के तहत गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक शुक्रवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अनाथ बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 68 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई। डॉ. शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पहल पर आरंभ की गई इस योजना के तहत प्रदेश में लगभग 4000 निराश्रित एवं अनाथ बच्चों को शिक्षा तथा रोज़गारपरक व्यावसायिक पाठ्यक्रम के माध्यम से उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि बैठक में स्नातकोत्तर एवं पीएचडी सहित अन्य उच्चतर शिक्षा पाठ्यक्रमों के लिए 68 आवेदन स्वीकृत किए गए। इन 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेटÓ की उच्च शिक्षा पर प्रदेश सरकार 28 लाख 28 हजार 457 रुपये तथा इन्हें स्टाइपेंड प्रदान करने पर 32 लाख 64 हजार रुपये व्यय किए जाएंगे। स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता के 4 आवेदन भी स्वीकृत बैठक में स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता से संबंधित 4 आवेदनों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके तहत लाभार्थियों को 7 लाख 45 हजार 500 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त व्यावसायिक प्रशिक्षण से संबंधित 42, कोचिंग से संबंधित 16 तथा कौशल विकास के 2 आवेदनों पर भी चर्चा की गई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने बताया कि आज की बैठक में प्रस्तुत सभी आवेदनों के तहत प्रदेश सरकार 134 लाभार्थियों को 83 लाख 26 हजार 321 रुपये के लाभ प्रदान करेगी। साथ ही 4000 रुपये प्रतिमाह प्रति लाभार्थी स्टाइपेंड के तहत 128 लाभार्थियों को 59 लाख 60 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। इन दोनों मदों में कुल एक करोड़ 42 लाख 86 हजार 321 रुपये के लाभ इन बच्चों को प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व अगस्त माह में हुई समिति की बैठक में उच्च शिक्षा से संबंधित 48 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसके तहत इन बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए 15 लाख 52 हजार 678 रुपये तथा स्टाइपेंड के रूप में 23 लाख 4 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। डॉ. शांडिल ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस कल्याणकारी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समयबद्ध सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में निदेशक महिला एवं बाल विकास रूपाली ठाकुर, निदेशक अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक तथा विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों का सशक्तिकरण विभाग के निदेशक प्रदीप कुमार, महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त निदेशक मोहन दत सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
भारतीय जनता पार्टी की जिला देहरा के प्रवक्ता विनोद शर्मा ने प्रदेश में बंद पड़े स्टोन क्रशरों को अविलंब खोलने और प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में क्रशरों के बंद होने से कुछ लोग महंगे दामों पर मेटीरियल बेच रहे हैं। इस कारण मजदूरों, दिहाड़ीदारों, मेटीरियल लोड करने वालों एवं ट्रैक्टर वालों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हो रही है। विनोद शर्मा ने कहा है कि सरकार स्पष्ट करे कि सरकार को प्रदेश को तीन माह तक क्रशर बंद करने का क्या परिणाम हासिल हुआ है। उन्होंने कहा कि मीडिया ने भी जनहित में क्रशरों को खोलने हेतु आवाज बुलंद की है। उन्होंने प्रदेश सरकार से क्रशरों को खोलने व प्रभावित परिवारों को आर्थिक मुआवजा देने की मांग की है।
ज्वालामुखी उप मंडल के तहत ब्लॉक देहरा की जखोटा पंचायत में एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के प्रतिनिधिमंडल ने एचपीएसएचआईवीए प्रोजेक्ट के अंतर्गत बन रहे क्लस्टर का निरीक्षण किया। इस मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि जखोटा में हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा बगीचा बनेगा। इस टीम में एडीबी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। उनके साथ उद्यान विभाग के उप निदेशक डॉ. कमलशील नेगी, एचपीएसएचआईवीए प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश्वर परमार, जिला समन्वयक डॉ नीरज, एसएमएस डॉ. विवेक गर्ग, क्लस्टर इंचार्ज डॉ. काजल और क्लस्टर जखोटा के प्रधान अक्षय कुमार और ग्राम पंचायत जखोटा, धनोट, अधवानी, घुरकाल के किसान मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने क्लस्टर में हो रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इस क्लस्टर में 200 हेक्टेयर भूमि पर विभिन्न प्रकार के फलों का उत्पादन किया जाएगा। इनमें अमरूद, संतरा, मौसमी और अनार आदि शामिल हैं। इस क्लस्टर के बनने से स्थानीय किसानों को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी मदद मिलेगी। क्लस्टर में अभी तक रोपण के लिए भूमि तैयार की जा रही है। इसके लिए खेतों की जुताई, खाद डालने, नालियों का निर्माण आदि कार्य किए जा रहे हैं। रोपण के लिए फलदार पौधों का बीज भी तैयार किया जा रहा है। कलस्टर में रोपण के लिए उन्नत किस्म के पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधों को वैज्ञानिक विधि से तैयार किया जाएगा। इससे किसानों को अधिक उत्पादन मिलेगा क्लस्टर में सिंचाई के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए ड्रिप सिंचाई प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पानी की बचत होगी और उत्पादन भी बेहतर होगा। क्लस्टर में फलदार पौधों की देखभाल के लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें फलदार पौधों की खेती के बारे में जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में किसानों को पौधों की रोपण, खाद, पानी, कीटनाशक आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी। इससे किसानों को फलदार पौधों की बेहतर खेती करने में मदद मिलेगी।
-बीबीएन के 8 और सिरमौर के 2 उद्योग शामिल -मानकों के अनुसार सब स्टैंडर्ड निकलीं दवाइयां स्टेट ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी द्वारा हिमाचल प्रदेश में घटिया क्वालिटी की दवाइयां बनाने वाली कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। ऑथोरिटी ने गुणवत्ता के मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले 10 उद्योगों में दवा बनाने पर रोक लगा दी है। स्टेट ड्रग कंट्रोलर की इस बड़ी कार्रवाई से दवा निर्माताओं में हड़कंप मच गया है। अथॉरिटी ने यह कार्रवाई लेबोरेटरी में दवाइयों का टेस्ट करने के बाद की है। इनमें बद्दी-बरोटीवाला व नालागढ़ के 8 और सिरमौर के 2 उद्योग शामिल हैं। जानकरी के अनुसार स्टेट ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी ने रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन के तीसरे चरण में अलग-अलग क्षेत्रों में स्थापित दवा उद्योगों में बहुत सी अनियमितताएं पाई हैं। इस दौरान दवाएं सब स्टैंडर्ड निकली। सीडीएससीओ और स्टेट ड्रग कंट्रोलर अथॉरिटी दवा निर्माता कंपनियों का तीसरे चरण का रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन कर रही है। पहले दो चरण में भी कई उद्योगों में बनी दवाइयां घटिया पाई गई थीं। क्या कहते हैं स्टेट ड्रग कंट्रोलर... इस बारे में स्टेट ड्रग कंट्रोलर नवनीत मारवाह ने कहा कि क्वालिटी पर खरा नहीं उतरने की वजह से यह कार्रवाई की गई है। इस तरह की कार्रवाई आगामी दिनों में भी जारी रहेगी। मारवाह ने कंपनियों को मानकों के अनुसार ही दवाएं बनाने के निर्देश दिए हैं।
-देश में पांच राज्यों में चुनाव हैं और कांग्रेस हर जगह लोगों को हिमाचल की तरह ठगना चाहती हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया और देश के लोगों से झूठ बोला। कांग्रेस जब भी सत्ता में आई, यही किया। देश के ग़रीबों और वंचितों के विकास के बजाय कांग्रेस ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। पांच साल सरकार चलाने वाले कांग्रेस के दो मुख्यमंत्रियों के नाम गूगल पर सर्च किए जाए तो उनके नाम पर सिफ़र् महादेव घोटाला और लाल डायरी का ज़िक्र आता है। लाल डायरी और महादेव एप ने कांग्रेस की नींदे उड़ा रखी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने भगवान महादेव के नाम पर भी भ्रष्टाचार किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि दूसरी तरफ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ऐतिहासिक विकास हुआ। साढ़े नौ साल के कार्यकाल में एक भी नए पैसे के भ्रष्टाचार का आरोप कोई नहीं लगा पाया है। यह सिफ़र् प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के कारण हुआ है। आज ख़ुद को ईमानदारी का सर्टिफिकेट देने वाले नेता जेलों में हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति का दूसरा सबसे बड़ा हथकंडा है झूठ बोलना। आज पूरे हिमाचल प्रदेश के लोग कांग्रेस के झूठ की वजह से परेशान हैं। स्थानीय नेता लोगों के बीच जाने से बच रहे हैं। इसका कारण हैं कांग्रेस की दस झूठी गारंटिया। जिसे कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने हिमाचल के विधान सभा चुनावों में बड़े ज़ोर शोर से दी थी। उसी तरह की की गारंटियां आज फिर कांग्रेस के नेता पूरे देश में देने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन एक ही झूठ के सहारे बार-बार देश के लोगों को नहीं धोखा दिया जा सकता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस की सभी गारंटियां पूरी तरह झूठी हैं। 11 महीने पहले हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जो गारंटियां दी थी वही अब राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिज़ोरम और तेलंगाना में भी दी जा रही हैं। लेकिन हर जगह के लोग कांग्रेस के बड़े नेताओं से पूछ रहे हैं कि हिमाचल की तरह ही गारंटियां कहां गई। हिमाचल में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने शिमला में प्रेसवार्ता करके कहा कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी जो वादा करते हैं उसे पूरा करते हैं। चुनाव जीतने के बाद न राहुल गांधी गारंटी की शुध लेते हैं और न ही अशोक गहलोत और भूपेश बघेल। आज वही नेता फिर से गारंटियों का पिटारा खोलकर बैठे हैं और लोग उनकी पुरानी गारंटियों का हिसाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकार ने आयुष्मान, हिमकेयर, सहारा, हर घर नल से जल, किसान सम्मान निधि, स्वच्छ भारत, पीएम आवास योजना जैसी सैकड़ों जनहितकारी योजनाएं बीजेपी सरकारों देश के लोगों को बिना गारण्टी के ही दी हैं। जयराम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सरकार बनने से पहले कांग्रेस ने 10 गारंटीयां दी थीं, जिसमें कहा गया था कि प्रदेश की 18 साल से 70 साल उम्र की 22 लाख महिलाएं हैं उनके लिए कैबिनेट की पहली ही बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि उनके खाते में 1500 रुपये प्रत्येक महीने डाले जाएंगे। लगभग 12 महीने हो चुके लेकिन अभी तक किसी महिला के खाते में एक रूपया भी नहीं आया। इसके अलावा कांग्रेस ने गारंटी दी थी कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी, लेकिन मुफ्त बिजली देना तो दूर कांग्रेस सरकार ने वहां बिजली की दरें बढ़ा दी। दूसरी ओर भाजपा ने बिना गारंटी के भी वहां काम किया और जो पहले से ही 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलती थी वह चालू रखी।
-बैल पूजन व सास-दामाद दूज भी है त्योहार का अहम हिस्सा -पोड़ोई पर्व पर गौवंश को परोसे गए पकवान -दीपावली के एक माह बाद मनाई जाती है बूढ़ी दिवाली सिरमौर जनपद की सदियों पुरानी लोक संस्कृति व परंपराओं को संजोए रखने के लिए मशहूर गिरिपार क्षेत्र में यूं तो हिंदुओं के कई त्योहार अलग अंदाज में मनाए जाते हैं, मगर यहां सप्ताह भर चलने वाली दिवाली तथा एक माह बाद आने वाली बूढ़ी दिवाली हमेशा चर्चा में रही है। क्षेत्र में दीपावली से एक दिन पूर्व चौदश से उक्त त्योहार शुरू होता है तथा इसके बाद अवांस, पोड़ोई, दूज, तीज व चौथ आदि नाम से सप्ताह भर चलता है। सोमवार को मनाए जाने वाले पोड़ोई पर्व पर क्षेत्र मे बैलों अथवा गोवंश के पूजन की परंपरा निभाई गई तथा उन्हें पारंपरिक व्यंजन अथवा पकवान परोसे गए। पोड़ोई पर इलाके के विभिन्न गांवों में बुड़ेछू लोक नृत्य भी हुआ। दिवाली के दौरान अलग-अलग दिन अस्कली, धोरोटी, पटांडे, सीड़ो व तेलपकी आदि पारंपरिक व्यंजन परोसे जाते हैं। दीपावली के अगले रोज पोड़ोई, दूज, तीच व चौथ आदि पर ग्रेटर सिरमौर के कईं गांव में सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाता है, जिसमें से कुछ जगहों पर रामायण व महाभारत का मंचन किया जाता है। गिरिपार के अंतर्गत आने वाले उपमंडल संगड़ाह, शिलाई, कफोटा व राजगढ़ की 154 के करीब पंचायतों में दिवाली को आज भी इसी तरह पारंपरिक अंदाज में मनाया जाता है। क्षेत्र में कुछ दशक पहले तक बिना पटाखे चलाए पर्यावरण मित्र ढंग से यह उत्सव मनाया जाता था, हालांकि अब देश के अन्य हिस्सों की देखा-देखी में आतिशबाजी दीपावली का हिस्सा बन गई है। विशेष समुदाय से संबंध रखने वाले पारंपरिक बुड़ेछू कलाकारों द्वारा इस दौरान होकू, सिंघा वजीर, चाय गीत, नतीराम व जगदेव आदि वीर गाथाओं गायन किया जाता है। कलाकारों द्वारा फास्ट बीट के सिरमौरी गीतों पर बूढ़ा नृत्य भी किया जाता है। सदियों से क्षेत्र में केवल दीपावली अथवा बड़ी दिवाली तथा बूढ़ी दिवाली के दौरान ही बुड़ेछू नृत्य होता है तथा इसे बूढ़ा अथवा बुड़ियाचू नृत्य भी कहा जाता है। स्थानीय लोग बुड़ेछू दल के सदस्यों को नकद बक्शीश के अलावा घी के साथ खाए जाने वाले पारंपरिक व्यंजन भी परोसते हैं तथा इस परंपरा को ठिल्ला कहा जाता है। भैया दूज पर दामाद अपनी सास को उपहार देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। बहरहाल क्षेत्र में सदियों से इस तरह दीपावली मनाने की परंपरा कायम है। एक माह बाद आने वाली अमावस्या से ग्रेटर सिरमौर कईं गांव में सप्ताह भर चलने वाली बूढ़ी दिवाली मनाई जाती है तथा कुछ गांवों में इसे मशराली के नाम से भी मनाया जाता है। ग्रेटर सिरमौर अथवा गिरिपार में दीपावली के अलावा लोहड़ी, गूगा नवमी, ऋषि पंचमी व वैशाखी आदि त्यौहार भी शेष हिंदोस्तान से अलग अंदाज में मनाए जाते हैं। बुढ़ाह नृत्य का इतिहास बात राजवाड़ा शाही से शुरू करते हैं सिरमौर रियासत मे बुढ़ाह नृत्य बेहद पुरानी विरासत है जो सदियों से चली आ रही है। बुढाह नृत्य मे पहाड़ी शैली में अपने भाषा और विधाओं में बुढाह नृत्य को गाया जाता है स्थानीय कलाकार चोलना (एक प्रकार की पोशाक घागरा जैसी) हुड़क दुमानु छनका जैसे साज बाज़ के साथ बुढाह नृत्य किया जाता है।बुढाह नृत्य की विशेषता यह भी है कि यह अपनी स्थानीय भाषा मे गाया व नाच किया जाता है। बुढाह नृत्य में विशेष रूप में वीर गाथाओं को गाया जाता है जैसे कमना, सामी, हक्कू मियां, राउत, सिंघा वज़ीर, इत्यादि इलाके के प्रसिद्ध रहे वीरों की गाथाओं को गाया जाता है। साथ मे देव स्तुति भी की जाती है जिस स्थान में जो देवी देवता के मंदिर होते है उन्हें भी बुढाह नृत्य के द्वारा सेवा के रूप में देव गुणगान किया जाता है। इसके इलावा किसी के घर मे कोई शुभ कार्य हुआ हो जैसे शादी ब्याह, पुत्र प्राप्ति जैसे कार्यों में भी सीस (बधाई) दी जाती है। लोग बधाई के रूप में कुछ रुपये इन बुढाह नृत्य के दल को भेंट करते है। इसके इलावा गांव के प्रमुख व्यक्ति सयाने लोगों के घर जा कर उनके घर आंगन में भी नाच गाना करते हैं। सिरमौर जिला की यह बहुत पौराणिक विधा है। हालांकि भाषा एवं संस्कृति विभाग भी इस बुढाह नृत्य को बचाने की कवायद में जुटा है जो अपने आप मे बहुत बड़ा कार्य है।
-20 नवंबर तक चलेगी प्रतियोगिता, देश-विदेश की 36 टीमें ले रही भाग -विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने दीप प्रज्वलन कर की शुरुआत कसौली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल सनवारा (किप्स) में आज सीबीएसई की अंडर-19 गर्ल्स नेशनल वॉलीबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता की शुरुआत मुख्यातिथि विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने दीप प्रज्वलन तथा ध्वजारोहण के साथ की। यह प्रतियोगिता 20 नवंबर तक चलेगी। इसमें देश-विदेश की कुल 36 टीमें भाग ले रही हैं। आज खेले गए मैचों में से एक में मेजबान किप्स ने डीपीएस मॉर्डन स्कूल कतर को 2-1 से पराजित किया। वहीं, मुख्यातिथि ने विद्यालय द्वारा खेल और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और सीबीएसई से सेवानिवृत्त डायरेक्टर पुष्कर वोहरा ने सभी खिलाड़ियों को खेल की भावना के साथ खेलने के लिए प्रेरित किया तथा उनका मनोबल बढ़ाया। अंत में विद्यालय के प्रबंध निदेशक हीरा ठाकुर, प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद व उप प्रधानाचार्य पूनम ठाकुर ने सभी टीमों, अतिथियों और दर्शकों का अभिनंदन और धन्यवाद किया।
हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर द्वारा एमबीए द्वितीय सेमेस्टर का परिणाम घोषित किया गया, जिसमें एलआर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के विद्यार्थियों ने फिर से विश्वविद्यालय रैंकिंग में तीन स्थान हासिल किए हैं। इसमें रुचिका शर्मा ने 7.92 एसजीपीए के साथ छठी रैंक, मनीष और निशा ने एसजीपीए 7.58 के साथ दसवां स्थान हासिल किया। वहीं, एमबीए की छात्रा किरण को 8.80 सीजीपीए के साथ गोल्ड मेडलिस्ट घोषित किया गया। एलआर ग्रुप के प्रबंध निदेशक डॉ. आरके गुप्ता ने इस सफलता के लिए सभी विद्यार्थियों को और प्रबंधन विभाग के सभी शिक्षकों को बधाई दी। विभागाध्यक्ष श्वेता गुप्ता ने भी विद्यार्थियों पर गर्व महसूस किया और उन्हें खूब बधाई दी और उनके भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया। एलआर संस्थान ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस किया और उनके आगामी भविष्य के लिए उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। बता दें कि एलआर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की स्थापना 2006 में हुई थी, जो एआईसीटीई नई दिल्ली द्वारा अनुमोदित है और एचपीटीयू हमीरपुर से संबद्ध है।
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आज यहां सर्दी के मौसम से संबंधित तैयारियों को लेकर विभिन्न विभागों के प्रमुखों और सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को हिमस्खलन और भारी बर्फबारी वाले क्षेत्रों में मानव संसाधन, मशीनरी और अन्य आवश्यक सामग्री की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपायुक्तों से यह भी कहा कि भारी बर्फबारी के खतरों को देखते हुए ऊंचे दर्रोंं या अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की ओर ट्रैकर्स या यात्रियों की आवाजाही को प्रतिबंधित करने के लिए तत्काल आदेश जारी किया जाए। बैठक के दौरान, भारतीय मौसम विभाग ने सर्दियों के मौसम के पूर्वानुमान, पिछले रुझानों और मौसम संबंधी सलाह के प्रसार के लिए वर्तमान व्यवस्था पर एक प्रस्तुति दी। सामान्य सर्दी के पूर्वानुमान को देखते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सभी विभाग मौसम की चुनौतियों के लिए तैयार रहें। उन्होंने संबंधित विभागों को सड़कों का प्रभावी ढंग से रख-रखाव करने और सड़क के किनारे नालियों और पुलियों से बर्फ हटाने, किसी भी अप्रिय घटना के मामले में तत्परता सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में अग्नि हाइड्रेंट का एक नेटवर्क बनाने, पानी के पाइप और बिजली के खंभों के भण्डारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों से जरूरत पड़ने पर जेसीबी, ट्रक और 4ग्4 वाहनों सहित अन्य मशीनरी किराए पर लेने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने उपायुक्तों से उन क्षेत्रों में पर्याप्त भोजन और ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा जहां भारी बर्फबारी और सड़क अवरोध के कारण सर्दी के मौसम में सम्पर्क कट जाता है। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि ऐसे क्षेत्रों में संचार व्यवस्था सुचारू रखें। बैठक में शिमला और अन्य जिलों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की पूर्व तैनाती के मामले पर भी चर्चा की गई। एनडीआरएफ ने अपनी बचाव टीमों के लिए 9,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थान प्रदान करने का भी प्रस्ताव दिया। इससे बचाव कर्मियों को अधिक ऊंचाई की स्थितियों के अनुरूप ढलने में आसानी होगी जो आपातकालीन बचाव कार्यों की स्थिति में फायदेमंद होगा।
अनिल नेगी। अंतरराष्ट्रीय लवी मेले में विभिन्न सरकारी उपक्रमों के साथ-साथ एसजेवीएन लिमिटेड के नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन द्वारा भी प्रदर्शनी सजाई गई। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को विद्युत क्षेत्र में हुई क्रांति और उसकी उपयोगिता को समझाना था। हर वर्ष 11 से 14 नवंबर तक मनाए जाने वाले लवी मेले का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल द्वारा किया गया। उन्होंने झाकड़ी परियोजना द्वारा आम जनमानस के लिए लगाई प्रदर्शनी का रिबन काटकर शुभारंभ किया। परियोजना द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में पहुंचने पर परियोजना प्रमुख मनोज कुमार द्वारा राज्यपाल को पुष्पगुच्छ और स्थानीय परंपरा अनुसार सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके साथ राज्यपाल की धर्मपत्नी जानकी शुक्ला को भी परियोजना प्रमुख द्वारा सम्मानित किया गया। वहीं 11 नवंबर की शाम को प्रदर्शनी में पधारने पर स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल और विधायक रामपुर नंद लाल को भी सम्मानित किया गया। प्रदर्शनी में लगे स्टॉल के माध्यम से लोगों को यह भी अवगत कराया गया कि किस तरह से निगम विद्युत उत्पादन करके राष्ट्रीय उन्नति में अपना योगदान दे रहा है। साथ ही बिजली बनाने के अलावा कॉर्पोरेट सोश्ल जिम्मेवारी के माध्यम से समाज हित के लिए लगातार एसजेवीएन कार्य कर रहा है। चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय लवी मेले में देश और प्रदेश से आए लोगों ने प्रदर्शनी का विजिट किया। इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय लवी मेले का समापन 14 नवंबर को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा किया गया। उप मुख्यमंत्री ने परियोजना द्वारा लगाई प्रदर्शनी का दौरा किया। प्रदर्शनी में पहुंचने पर परियोजना प्रमुख मनोज कुमार द्वारा उप मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ एवं स्थानीय परंपरा अनुसार सम्मानित किया गया। उप मुख्यमंत्री ने परियोजना की कार्यकप्रणाली की सराहना करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। वहीं अंतिम सांस्कृतिक संध्या में परियोजना प्रमुख मनोज कुमार को मेला कमेटी रामपुर द्वारा नवाजा गया।
-ज्वालामुखी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आवासीय भवन का लोकार्पण विधायक संजय रत्न ने कहा कि प्रदेश सरकार धरातल पर स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत कर सभी के लिए बेहतर और सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कर रही है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य मुख्यमंत्री द्वारा अपने पहले बजट में की गई घोषणा के अनुरूप प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से 'आदर्श स्वास्थ्य संस्थानÓ स्थापित करना है। वीरवार को 74 लाख की लागत से निर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्वालामुखी के आवासीय भवन का लोकार्पण करने तथा 73.27 लाख की लागत से निर्मित होने वाली संपर्क सड़क डंडे दा पीपल से मुख्य सड़क अंब पठियार सिधोड़ापट्टन तक ( वाया स्वतंत्रता सैनानी दीनानाथ के घर तक ) का भूमिपूजन तथा 73.27 लाख से निर्मित होने वाली संपर्क सड़क अंब पठियार सिधोड़ापट्टन से गुग्गा चैक वाया गुज्जर बस्ती का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, सड़क तथा शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा स्वास्थ्य विभाग को चरणबद्ध तरीके से ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थानों का मजबूत ढांचा विकसित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों को तैनात करने और अत्याधुनिक उपकरणों को अपग्रेड करने की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करने के साथ-साथ, राज्य भर के मुख्य अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों में उन्नत तकनीक का समावेश किया जाएगा। विशेषज्ञ डॉक्टरों की बढ़ोतरी से मरीजों को उपचार के लिए पहले की अपेक्षा कम प्रतीक्षा करनी होगी।
नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में हिमाचल के उत्पादों की बिक्री में वृद्धि दर्ज की जा रही है। 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित इस ट्रेड फेयर में हिमाचल मंडप स्थापित किया गया है जिसका उद्घाटन आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती द्वारा किया गया। मंडल में 14 स्टॉल स्थापित किए गए हैं। इनमें विशुद्ध हिमाचली उत्पाद बिक्री के लिए रखे गए हैं। विशेष तौर पर हथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पाद, फल उत्पाद के अलावा कांगड़ा चाय, सीबकथोर्न इत्यादि लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। आगन्तुक सिरमौर ज़िले के मैसर्ज डिलमन डेलिकेसी द्वारा तैयार चीड़ की पत्तियों पर आधारित लीवर डेटॉक्स व अन्य उत्पादों के प्रति भी खासी रूचि दिखा रहे हैं। इन उत्पादों को बढ़ते प्रदूषण से शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को कम करने में कारगर माना जा रहा है। हिमाचली उत्पादों के लिए विदेशों से भी आपूर्ति आदेश प्राप्त हो रहे हैं। उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक व हिमाचल पैवेलियन के निदेशक ज्ञान सिंह चौहान ने बताया कि विभाग द्वारा अपने कैंप ऑफिस में इन उत्पादों की बिजनेस नेटवर्किंग की भी सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
ब्रिटिश उप उच्चायुक्त कैरोलिन रोवेट ने आज यहां लोक निर्माण, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह से भेंट की। इस अवसर पर आपसी सहयोग के विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में विशेष तौर पर प्रदेश में खेल ढांचे के सुदृढ़ीकरण एवं खिलाड़ियों के प्रशिक्षण आदान-प्रदान कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। इसके तहत हिमाचल एवं ब्रिटेन के मध्य मैत्री मैच आयोजित करने पर भी चर्चा की गई। इससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ ही क्षमता विकास और संबंधों को मज़बूत करने में भी सहायता मिल सकेगी। हिमाचल ने खेल ढांचे के उन्नयन एवं इसमें निवेश, विभिन्न खेलों से जुड़े कोचों को आधुनिक कोचिंग, खिलाड़ियों के ऑनलाइन तथा ऑफलाइन कोचिंग, खेल मनोविज्ञान से संबंधित कोर्स एवं एक स्थायी संयुक्त समिति के गठन का भी आग्रह किया। इसके अतिरिक्त विभिन्न गतिविधियों के लिए निधि, प्रशासनिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता में वृद्धि के दृष्टिगत अनुकूलन पाठ्यक्रम तथा हाई एल्टीट्यूड प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने ब्रिटिश उप-उच्चायुक्त से प्रदेश में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने में हर संभव सहयोग का आग्रह किया।बैठक में हाल ही में भारी बरसात के कारण प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से भूधंसाव व भूस्खलन के कारण सड़कों व पुलों को हुई क्षति तथा प्रदेश सरकार व विभाग द्वारा जारी पुनर्निर्माण एवं पुनर्वास कार्यों पर भी चर्चा की गई।
-धर्मशाला में प्रेस दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से बदलते समय में मीडिया जगत के लिए काफी उपयोगी सिद्व हो सकती है इससे विभिन्न सामग्री को व्यवस्थित करने, क्रमबद्ध करने और रिपोर्टिंग में मदद मिलेगी।यह उद्गार उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने वीरवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर में प्रेस दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में सूचनाओं के अत्यधिक प्रवाह के कारण प्रासंगिक सूचनाएं आज के समय की जरूरत हैं। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि किसी भी तकनीक के फायदे तथा नुकसान होते हैं तथा इन तकनीकों का उपयोग विवेक के आधार पर किया जाए तो निश्चित रूप से समाज को लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि मानवीय बुद्धिमत्ता का कृत्रिम बुद्धिमत्ता कभी 100 प्रतिशत स्थान नहीं ले सकती है। उन्होंने इसके सकारात्मक उपयोग करने पर बल दिया। इस अवसर पर सभी पत्रकारों को शुभकामनाएं देते हुए उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय प्रेस दिवस के उपलक्ष्य पर चर्चा के लिए इस बार भारतीय प्रेस परिषद ने बहुत ही महत्वपूर्ण विषय निर्धारित किया है। इस अवसर पर मुख्य वक्ता प्रोफेसर डा प्रदीप नायर ने कहा कि कि प्रौद्योगिकी के इस युग में हर क्षेत्र में बड़ी तेजी से नित नए बदलाव देखने को मिल रहे हैं। विशेषकर, सूचना प्रौद्योगिकी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे आम जनजीवन में बहुत बड़े परिवर्तन ला रही है। पत्रकारिता का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि समय के साथ कुछ काम खत्म हो जाते हैं परन्तु इससे नई संभावनाएं भी पैदा होती हैं। उन्होंने पत्रकारों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने पर बल देते हुए कहा कि इससे नुकसान कम और फायदे ज्यादा हैं। इंटेलिजेंट मशीनों से पत्रकारों की रिपोर्टिंग बेहतर हो सकती है। उनकी रचनात्मकता और दर्शकों को जोड़ने की क्षमता बढ़ सकती हैं। इसके आधार पर किसी डेटा पैटर्न को समझने के लिए पूर्वानुमान का उपयोग किया जा सकता है। साथ ही, इन पैटर्न में बदलाव को भी समझना अब संभव है। ऐसे एल्गोरिदम को सीखना पत्रकारों के लिए काफी उपयोगी होगा। चर्चा में सभी पत्रकारों ने आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस की मीडिया में उपयोगिता को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को कार्यान्वित करने के लिए निवेशकों को अनुकूल सुविधाएं प्रदान कर रही हैं। राज्य सरकार प्रदेश में स्थापित विभिन्न परियोजनाओं में शामिल प्रोजेक्ट डवेल्पर कंपनियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रयासरत है। आज यहां प्रदेश में स्थापित विभिन्न परियोजनाओं में शामिल प्रोजेक्ट डवेल्पर कंपनियों के साथ पट्टा राशि (लीज मनी) के संदर्भ में आयोजित बैठक के दौरान राजस्व मंत्री ने कहा कि विभिन्न प्रोजेक्ट डवेल्पर कंपनियों ने अपना-अपना पक्ष रखा, जिस पर प्रदेश सरकार गहन विचार करेगी और लीज मनी से संबंधित मामलों को निपटाने का प्रयास किया जाएगा। प्रदेश सरकार राज्य में निवेश करने वाली कम्पनियों को सभी सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ आवश्यक सहयोग भी प्रदान कर रही है। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को ऐसे सभी मामलों की सूची तैयार कर सभी कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के बहुमूल्य संसाधनों का सदुपयोग कर विकास को गति प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, निदेशक ऊर्जा हरिकेश मीणा, विभिन्न प्रोजेक्ट डवेल्पर कंपनियों के प्रतिनिधि, ऊर्जा तथा राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
-कहा, आधुनिक तकनीक के साथ चलकर होगा विकास सूचना प्रौद्योगिकी के दौर में किसी भी कार्य को करने के लिए निरंतर नई.नई तकनीकों का विकास व इस्तेमाल हो रहा है जिससे कम श्रम शक्ति से अधिक उत्पादकता के लक्ष्य को प्राप्त किया जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सूचना प्रौद्योगिकी का ही एक अग्रिम चरण है जो कि अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ मीडिया से संबंधित कार्यों के लिए भी सुअवसर के साथ-साथ एक चुनौती भी है। यह बात उपायुक्त राघव शर्मा ने जिला मुख्यालय में आयोजित जिला स्तरीय राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर जिला भर से आए प्रिंट तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी विकास के साथ हो रहा कोई भी परिवर्तन कितना लाभदायक या हानिकारक है यह व्यक्ति के इस्तेमाल और विवेक पर निर्भर करता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि एआई का इस्तेमाल मीडिया जगत के लिए आम जनता तक गुणात्मक व रचनात्मक समाचार पहुंचाने तथा मीडिया से संबंधित कार्य को सुगम बनाने के लिए एक कारगर साबित होगा। इस अवसर पर उपायुक्त ने जिला के सभी पत्रकारों को राष्ट्रीय प्रेस दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पत्रकार बेहतर सूचना दें, सामाजिक बदलाव के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का समाज को अहम योगदान है, इसलिए पत्रकार लोकतंत्र का चौथा मजबूत स्तंभ है। उन्होंने कहा कि निरंतर होने वाला विकास व तकनीक का आधुनिककरण व्यवसाय व प्रोफेशन के लिए लाभदायक रहता है। उन्होंने कहा कि हमें सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए नशे पर भी प्रहार करना है। कार्यक्रम में सर्वप्रथम जिला लोक संपर्क अधिकारी मीना बेदी ने उपस्थित मीडिया कर्मियों का स्वागत किया तथा उन्हें राष्ट्रीय प्रेस दिवस की बधाई दी। उन्होंने बताया कि प्रेस परिषद की ओर से जो विषय रखा गया है, यह आधुनिक तकनीक से संबंधित है, जिसमें नए आविष्कार हो रहे हैं, नई तकनीक आगे बढ़ रही है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सूचना क्षेत्र में भी नया अवतार ला रही है, इसका सदुपयोग निश्चित रूप से क्रांति लेगा। कार्यक्रम के अंत में प्रेस क्लब ऊना के महासचिव जितेंद्र कंवर ने कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए सभी पत्रकारों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर वरिष्ठ पत्रकार जोगिंदर देव आर्य व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से संबंधित सूरज शर्मा ने भी अपने विचार रखें और नई तकनीक को लेकर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में जिला ऊना के विभिन्न प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े संवाददाता गण उपस्थित रहे।
-उप मुख्यमंत्री ने की राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर 'कृत्रिम मेधा के दौर में मीडिया की भूमिकाÓ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता की और मीडिया जगत से जुड़े लोगों को इस दिवस पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि पत्रकार महत्वपूर्ण सामाजिक घटनाओं, सरकार के काम से सम्बंधित जानकारी और अन्य सूचनाओं को सच्चाई और तथ्य के आधार पर समाज के समक्ष प्रस्तुत करने का दायित्व निभाते हैं। उन्होंने कहा कि खबरों से ही एक पत्रकार की पहचान होती है और पाठकों के बीच पत्रकार की विश्वसनियता ही उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में सत्यता, वस्तुनिष्ठा, पारदर्शिता और निष्पक्षता की अपेक्षा रहती है। पिछले दो दशकों में पत्रकारिता के क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन का प्रभाव साफ देखा जा सकता है। आधुनिक युग में सूचनाओं का आदान-प्रदान बहुत तेजी से हो रहा है। इसमें सोशल मीडिया की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है। समय के साथ पत्रकारिता के तरीकों में भी बदलाव देखने को मिला है और मीडिया में आज नयी तकनीकें अपनायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया और ब्रॉडकास्ट मीडिया के साथ ही आज सोशल मीडिया का दौर है, लेकिन हर माध्यम की अपनी एक महत्ता है जो कभी कम नहीं होगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भी नवीन प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को अपने विभागों में शामिल करने की पहल की है। इसी का परिणाम है कि आज सरकारी क्षेत्र के सभी विभाग ई-ऑफिस से जुड़ रहे हैं। इसके अलावा सड़क सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, पुलिस विभाग व शिक्षा आदि क्षेत्रों में सरकार नवीनतम प्रौद्योगिकी व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से उल्लेखनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के विस्तार से आज प्रत्येक व्यक्ति सूचना सम्प्रेषण का एक माध्यम बन चुका है। हाल ही की प्राकृतिक आपदा में हुए नुकसान से संबंधित विभिन्न वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से आम लोगों द्वारा ही प्रसारित किए गए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में आज भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरकार व जनता के मध्य संवाद कायम करने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने आह्वान किया कि वर्तमान प्रदेश सरकार के विकासात्मक कार्यक्रमों एवं कल्याणकारी योजनाओं को प्रदेश के लोगों तक पहुंंचाने में अपनी सार्थक भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम की बसों में न्यूनतम शुल्क पर सामान भेजने की सुविधा, वाहनों के नम्बरों की ऑनलाइन नीलामी और चिंतपूर्णी मंदिर में वीआईपी दर्शन की सुविधा जैसी नवोन्मेषी पहलों से प्रदेश के राजस्व में करोड़ों रुपयों की वृद्धि होने के साथ ही पारदर्शिता भी बढ़ी है। ऐसे निर्णयों के सकारात्मक पहलुओं को सही परिप्रेक्ष्य में लोगों तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका सराहनीय रही है। मुख्य संसदीय सचिव, सूचना एवं जन संपर्क संजय अवस्थी ने कहा कि आजादी से लेकर वर्तमान तक मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। परिवर्तन के इस दौर को आत्मसात करते हुए हमें अपने मूल्यों एवं आदर्शों पर ही अडिग रहना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आयोजित परिचर्चा हमें सामयिक मुद्दों पर विमर्श का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान मीडिया की भूमिका सराहनीय रही है। परिचर्चा में विभिन्न मीडिया प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर स्थानीय विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, सूचना एवं जन संपर्क विभाग की अतिरिक्त निदेशक आरती गुप्ता, संयुक्त निदेशक प्रदीप कंवर एवं महेश पठानिया सहित अन्य विभागीय अधिकारी व शिमला स्थित विभिन्न मीडिया संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी (डब्ल्यूएसयू), ऑस्ट्रेलिया के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। दोनों विश्वविद्यालय छात्रों की रोजगार क्षमता, कौशल, अनुभव और प्रौद्योगिकी-आधारित बागवानी, वानिकी, जैव प्रौद्योगिकी और खाद्य प्रौद्योगिकी की समझ को बढ़ाने के लिए मिलकर बीएससी, एमएससी और डॉक्टरेट कार्यक्रमों शुरू करेगें। नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल और वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर बार्नी ग्लोवर के बीच आज ऑस्ट्रेलिया में इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी में दोनों विश्वविद्यालय सहयोगी अनुसंधान परियोजनाओं; सम्मेलन, संगोष्ठी और व्याख्यान जैसी संयुक्त गतिविधियाँ; संयुक्त प्रकाशन और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां; संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम और संयुक्त पाठ्यक्रम और शैक्षणिक स्टाफ और छात्र के एक्स्चेंज आदि के लिए अवसर तलाशने के लिए मिलकर काम करेंगे। प्रोफेसर चंदेल के नेतृत्व में नौणी विश्वविद्यालय का दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इन दिनों ऑस्ट्रेलिया के रिचमंड, न्यू साउथ वेल्स में वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के हॉकसबरी परिसर में चल रही बैठक में हिस्सा ले रहे है। प्रोफेसर चंदेल के साथ एनएएचईपी आईडीपी के प्रधान अन्वेषक प्रोफेसर केके रैना भी इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे है। इसी विजिट के दौरान समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह दौरा उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल बैठक का हिस्सा है जिसमें नाबार्ड के अध्यक्ष के वी शाजी सहित वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अधिकारी, कई राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारी और सरकारी प्रतिनिधि भी शामिल हैं। इस दौरे में भारत और ऑस्ट्रेलिया में जलवायु-स्मार्ट और हाई-टेक कृषि में अनुसंधान, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण को आगे बढ़ाने पर चर्चा शामिल थी। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर केंद्रित बैठक सटीक कृषि, कम उत्सर्जन कार्बन खेती, कृषि में बिग डेटा और डेटा विश्लेषण में महत्वपूर्ण पहल की पहचान करने के लिए उपयोगी होगी। प्रतिनिधिमंडल ने जलवायु-स्मार्ट कृषि, कार्बन खेती पर एक कार्यक्षाल में भाग लिया जिसमें डेटा एनालिटिक्स आदि में अनुसंधान प्राथमिकताओं को संरेखित करने वाले अनुसंधान कार्यक्रमों पर वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा चर्चा और प्रस्तुतियां शामिल रहीं। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए नवीन और व्यवहार्य परियोजनाओं को बढ़ावा देने के अवसरों और कार्यक्रमों पर भी इस कार्यक्रम में चर्चा हुई। रिचमंड परिसर में सतत विकास लक्ष्यों और कार्बन क्रेडिट लेखांकन के क्षेत्र का दौरा, डब्ल्यूएसयू लॉन्च पैड और डब्ल्यूएसयू वित्त और व्यापार प्रयोगशाला का दौरा इस यात्रा का एक हिस्सा रहे। लचीली कृषि प्रणाली और उद्यमशीलता सुनिश्चित करने के लिए जलवायु-स्मार्ट और हाई-टेक कृषि, कम उत्सर्जन कार्बन खेती जैसे क्षेत्रों में नाबार्ड के साथ साझेदारी करने के लिए डब्ल्यूएसयू और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के संभावित अवसरों पर चर्चा भी इस कार्यक्रम में होगी।
रोटरी क्लब ऊना के पूर्व प्रधान बरजिंद्रजीत सिंह गोल्डी को रोटरी जिला 3070 का वर्ष 2024-25 के लिए जिला सचिव मेंबरशिप ग्रोथ मनोनीत किया गया है। रोटरी जिला 3070 के वर्ष 2024-25 के लिए जिला गर्वनर डा. पीएस ग्रोवर ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। उन्होंने रोटे. बरजिंद्रजीत सिंह गोल्डी की सेवाओं को देखते हुए उन्हें इस पद के लिए नामित किया है। बरजिंद्रजीत सिंह गोल्डी इससे पहले तीन बार सहायक गर्वनर रह चुके है। जबकि चार बार वह जिला सचिव का भी दायित्व निभा चुके है। उन्होंने 2002 में रोटरी क्लब ऊना में सदस्यता ली थी। वहीं वह 2009-10 में रोटरी क्लब ऊना के प्रधान भी रहे। उन्हें बेहतरीन सेवाओं के लिए उत्कृष्ठ रोटरी प्रधान का अवार्ड भी मिल चुका है। रोटरी क्लब ऊना ने उनकी नियुक्ति का स्वागत किया है। रोटरी क्लब ऊना के प्रधान जगदीश राव, सचिव संजीव पुरी, रोटे. एचएन चीटू, रोट. बलदेव, रोटे. संजीव अग्रिहोत्री व अन्य सदस्यों ने इस नियुक्ति का स्वागत करते हुए जिला गर्वनर पीएस ग्रोवर का धन्यवाद किया है।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने मीडिया कर्मियों का आह्वान किया है कि वे कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के लाभ अपनाकर भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करें। मनमोहन शर्मा आज यहां राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। मनामोहन शर्मा ने कहा कि तकनीक के आने से कार्यप्रणाली में बदलाव आना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग से जानकारी के आदान-प्रदान में सुलभता आई है और भविष्य में इस तकनीक का प्रयोग मीडिया जगत के समक्ष चुनौतियों से अधिक अवसर प्रस्तुत करेगा। उपायुक्त ने कहा कि प्रौद्योगिकी में हो रहे बदलाव आज सभी क्षेत्रों को प्रभावित कर रहे हैं। मीडिया में कृत्रिम मेधा के प्रयोग से क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ दृष्टिगोचर भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक तकनीक के दो पक्ष होते हैं। तकनीक के प्रयोग के समय अनेक बार आरंभिक समय में हानि दृष्टिगोचर होती है और कार्यप्रणाली स्थापित होने पर लाभ सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि 80 के दशक में टेलीविज़न पर लाईव प्रसारण आश्चर्य से कम नहीं था किंतु आज टेलीविजन के साथ सोशल मीडिया पर लाईव प्रसारण एक आम बात है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि तकनीक का अधिक प्रयोग हमारे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि हमारी स्मृति का धीरे-धीरे क्षीण होना इसका सर्वोत्तम उदाहरण है। उपायुक्त ने कहा कि कृत्रिम मेधा के उपयोग के समय भी मानवीय सृजनात्मकता का मूल्य कम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सृजनात्मकता ही तकनीक के प्रयोग को संतुलित कर सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार सदैव यह सुनिश्चित बनाती है कि तकनीक का दुरुपयोग न हो और इस दिशा में समय-समय पर आवश्यक अधिनियम एवं नियम लागू किए जाते हैं। मनमोहन शर्मा ने मीडिया से आग्रह किया कि तकनीक का प्रयोग करते समय संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और लोगों के कल्याण को सर्वोपरि रखें। उन्होंने आशा जताई कि मीडिया भविष्य में कृत्रिम मेधा के प्रयोग के साथ संतुलन बनाकर कार्य करेगा। वरिष्ठ पत्रकार सुशील शर्मा ने इस अवसर पर मीडिया की कार्यप्रणाली में आए बदलावों पर सारगर्भित जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी मनुष्य का सृजन है और इसके उपयोग की सीमा भी मनुष्य को ही तय करनी होगा। उन्होंने कहा कि मानवीय मस्तिष्क की शक्ति अनंत है और सभी क्षेत्रों में सफलता के लिए हमे अपने उपर विश्वास करना सीखना होगा। पत्रकार यशपाल कपूर ने कहा कि तकनीक वरदान भी है और अभिशाप भी। उन्होंने कहा कि आज का मीडिया तार से होकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक पहुंच गया है। इसके सदुपयोग की दिशा में सचेत रहना होगा। पत्रकार पवन ठाकुर ने कहा कि कृत्रिम मेधा एक नवीन अवधारणा है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा पत्रकारों की संवेदनशीलता का स्थान नहीं ले सकती। उन्होंने आशा जताई कि यह तकनीक पत्रकारों के कौशल विकास का माध्यम बनेगी। पत्रकार अमित डोभाल ने कहा कि कोविड के समय में तकनीक के प्रयोग ने लोगों तक समय पर जानकारी पहुंचाने और उनके जीवन को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पत्रकार अनुराग शर्मा ने कहा कि कृत्रिम मेधा के प्रयोग से पत्रकार अपनी लेखनी को और सशक्त बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में कृत्रिम मेधा का प्रयोग अवसर और चुनौतियों का मिश्रण है। पत्रकार र्कीति कौशल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सदुपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए बड़ी चुनौती है। पत्रकार मोहन चौहान ने कहा कि मीडिया को सकारात्मक रूप में कृत्रिम मेधा को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रयोग से बचा नहीं जा सकता। पत्रकार सुखदर्शन ठाकुर ने कहा कि कृत्रिम मेधा के लाभ और हानि इसके प्रयोग पर निर्भर करते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार का ज्ञान सदैव सर्वोपरि रहेगा। पत्रकार हेमंत अत्री ने कहा कि तकनीक के वर्तमान समय में सक्षम ही चुनौती का सामना कर पाएगा। उन्होंने 'आईनाÓ नाम कविता से अपनी बात सबके सामने रखी। पत्रकार दीपक ने कहा कि तकनीक का उपयोग कर ही भविष्य को सुरक्षित रखा जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आदिवासी कांग्रेस विभाग के अध्यक्ष व लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने आदिवासी कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश के चारों संसदीय क्षेत्रों के लिए प्रदेश पदाधिकारियों को प्रभारी व सह प्रभारी नियुक्त किए हैं। इसके अतिरिक्त संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने व संगठन की गतिविधियों की निगरानी के लिए जिला प्रभारियों की भी नियुक्तियां की गई है। हिमाचल प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के संयोजक संगठन महेश शर्मा ने कहा है कि प्रदेश अध्यक्ष रवि ठाकुर के आदेशानुसार कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लिए ठाकुर सिंह बिष्ट को प्रभारी व तेनजिन टंडुप को सह प्रभारी लगाया गया है। शिमला संसदीय क्षेत्र के लिए शेर सिंह को प्रभारी व ज्ञालसन दोर्जे को सह प्रभारी बनाया गया है। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लिए ललित कुमार को प्रभारी व सुभाष नेहरिया को सह प्रभारी बनाया गया है। मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए सोहन सिंह को प्रभारी व कुमारी सुरेखा को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। महेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार जिला स्तर पर संगठन के क्रियाकलापों व गतिविधियों की निगरानी एवं संचालन के लिए प्रदेश पदाधिकारियों को जिलावार जिमेवारियां दी गई हैं, जिसके तहत सुंरेश ठाकुर को जिला कांगड़ा व चंबा का प्रभार त्रिलोक चंद को जिला बिलासपुर व मंडी का प्रभार दिया गया है। कैलाश ठाकुर को जिला लाहुल स्पिति व कुल्लू, लोबजंग को जिला किन्नौर व शिमला दिगविजय कटोच को ऊना व हमीरपुर जिला तथा दविंद्र सिंह को सोलन व सिरमौर जिला का प्रभार सौंपा गया है। ये नियुक्तिया तत्काल प्रभावी होंगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ आज यहां आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता की और प्रदेश में सौर ऊर्जा योजनाओं की रूपरेखा जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने 100 किलोवाट से लेकर एक मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना पर युवाओं को 40 प्रतिशत सब्सिडी देने की घोषणा की है तथा विभाग इस योजना को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाने के दृष्टिगत इसकी रूपरेखा शीघ्र तैयार करे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस योजना से जहां हिमाचली युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, वहीं हिमाचल को हरित राज्य बनाने के वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों को भी इससे बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल को 31 मार्च, 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि यहां के पर्यावरण का संरक्षण किया जा सके। राज्य सरकार सौर ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से स्थापित इकाइयों से 25 वर्ष के लिए बिजली की खरीद करेगी, जिससे युवाओं को आय के स्थाई स्रोत प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा इकाइयां स्थापित करने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करने के दृष्टिगत राज्य सरकार 40 प्रतिशत सब्सिडी भी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा, 'नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति राज्य सरकार का यह सक्रिय दृष्टिकोण न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा देगा, बल्कि विकास और रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा, जिससे हिमाचल देश में स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में अग्रणी बनेगा।Ó मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सौर ऊर्जा के दोहन को बढ़ावा दे रही है और वर्ष 2023-24 में 500 मेगावाट सौर ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस दिशा में अनेकों कदम उठाए जा रहे हैं और वर्तमान राज्य सरकार ने अपना पहला बजट भी हरित बजट के रूप में प्रस्तुत किया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने और प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों का पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा का उत्पादन महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार ई-वाहनों के संचालन को भी बढ़ावा दे रही है तथा आने वाले समय में इससे प्रदेश में बिजली की मांग और बढ़ेगी। उन्होंने 21 नवंबर को भी ऊर्जा विभाग की दोबारा बैठक बुलाई है। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, प्रबंध निदेशक हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड हरिकेश मीणा, हिमऊर्जा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शुभ करण सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
-डीसी ने की राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आयोजित जिला स्तरीय संगोष्ठी की अध्यक्षता राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आज उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय के सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उपायुक्त ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मीडिया लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती में मीडिया की स्वतंत्रता प्रतिबिंबित होती है। रिपोर्टिंग में कई चुनौतियों के बावजूद भी मीडिया अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करता रहा है। अपूर्व देवगन ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसÓ से मीडिया कर्मियों के समक्ष कार्य निर्वहन में सुविधाओं के साथ कई चुनौतियां भी उत्पन्न हुई हैं। उन्होंने समाचार संकलन में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसÓ आधारित सेवाओं के उपयोग के दौरान समाचार संप्रेषण से पहले सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की।
-उपायुक्त कार्यालय में मनाया गया राष्ट्रीय प्रेस दिवस -'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में मीडिया' विषय पर की गई परिचर्चा राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आज जिला लोक संपर्क कार्यालय किन्नौर द्वारा उपायुक्त कार्यालय के सभागार रिकागं पिओ में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में मीडिया' पर एक विचार-विमर्श सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें जिला के विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सहायक आयुक्त-उपायुक्त संजीव कुमार भोट ने कहा कि बदलते समय के साथ तकनीक में बदलाव भी आवश्यक है और बदलते समय के साथ इससे अपनाना भी आवश्यक है। कृत्रिम बुद्धिमता आगामी समय की मांग है जो पत्रकारिता को आगे बड़ाने में सहायक सिद्ध होगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आने वाले समय में पत्रकारिता में क्रांतिकारी परिवर्तन लायेगा। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में मीडिया की भूमिका में भी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि एक सशक्त राष्ट्र निर्माण व विकास में मीडिया की अहम भूमिका है तथा लोकतंत्र में मीडिया का प्रमुख स्थान है तथा इसे लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ भी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि मीडिया सरकार व प्रशासन के बीच सेतु के रूप में कार्य करता है तथा सरकार की विकासात्मक नीतियों व कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका रहती है। वहीं इन योजनाओं से मिलने वाले लाभों व योजना की सफलता व कमियों के बारे में फीडबैक देने भी में मीडिया की अहम भूमिका है। जिला लोक संपर्क अधिकारी ममता नेगी ने मुख्य अतिथि को सम्मानित व सभी पत्रकारों का कार्यक्रम में पधारने पर स्वागत किया तथा इस अवसर पर आयोजित विचार-विमर्श सत्र का शुभारंभ किया। परिचर्चा सत्र में भाग लेते हुए उपस्थित सभी पत्रकारों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में मीडिया के लाभ व हानियों के बारे में विस्तृत चर्चा की और अपने विचार साक्षा किए। इस अवसर पर विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकार व अन्य उपस्थित रहे।
उपायुक्त कार्यालय के आदेश के अंतर्गत ग्राम पंचायत डाडासीबा विकास खंड परागपुर, जिला कांगड़ा के प्रधान पद को रिक्त किया गया है। जब तक पंचायत का नया प्रधान चुना नहीं जाता, तब तक हिमाचल प्रदेश पंचायती राज सामान्य नियम 1997 के नियम 136 (2) के तहत प्रधान के समस्त कार्य और उसकी समस्त शक्तियों का उपयोग उप प्रधान परमेश्वरी दास करेंगे। इससे पहले भी पंचायत प्रधान के अचानक 1 साल छुट्टी पर चले जाने पर उनके तमाम कार्यों एवं शक्तियों के उपयोग का अधिकार उप प्रधान को परमेश्वरी दास को दिया गया था।
-जयभवानी सरोग को हराकर कब्जाई ट्रॉफी, जीता 51000 रुपये इनाम -ब्लैक बॉयज रहीघाट के विशाल वर्मा रहे मैन ऑफ द सीरीज जिला शिमला के उप मंडल ठियोग की क्यारटू पंचायत के नाल गांव में सौ वर्ष से दीपावली मेले का आयोजन किया जा रहा है। वहीं, मेले में गत 28 वर्ष से लगातार क्रिकेट प्रतियोगिता करवाई जा रही है। इस बार 29वें टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि ढली के आढ़ती कुशंग ट्रेडर के संयोजक यशवंत शर्मा थे। इस टूर्नामेंट में अलग-अलग पंचायतों की कुल 32 टीमों ने भाग लिया था। टूर्नामेंट की विजेता टीम ब्लैक बॉयज रहीघाट रही व उप विजेता जयभवानी सरोग रही। मैन ऑफ द सीरीज का खिताब ब्लैक बाइस रहीघाट टीम के विशाल वर्मा को दिया गया। मुख्य अतिथि के द्वारा विजेता टीम को ट्रॉफी व 51000 रुपये नकद तथा उप विजेता टीम को ट्रॉफी व 22000 रुपये नकद इनाम के रूप में प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि ने दोनों टीमों को जीत की बधाई दी तथा युवक मंडल नाल को प्रोत्साहन के तौर पर 11000 रु पये धनराशि प्रदान की, जिसके लिए युवक मंडल नाल व ग्रामीण विकास समिति नाल व समस्त ग्रामवासियों ने मुख्य अतिथि का आभार प्रकट किया। युवक मंडल के प्रधान योगेश शर्मा, सचिव प्रमोद शर्मा, कोषाध्यक्ष सौरव शर्मा ने मुख्य अतिथि का इस टूर्नामेंट के पारितोषिक वितरण कार्यक्रम में आने के लिए विशेष आभार प्रकट किया।
- राज्य स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने पर राष्ट्रीय स्पर्धा के लिए हुआ चयन -विद्यालय पहुंचने पर फूल मालाओं से हुआ स्वागत, मिला सम्मान बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कुनिहार की छात्रा गुंजन ठाकुर ने राज्य स्तरीय शॉट पुट व डिस्कस थ्रो स्पर्धा में पहला स्थान प्राप्त किया है। जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि धर्मशाला में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बीएल स्कूल की गुंजन और दिशिता ने शॉट पुट व डिस्कस थ्रो में भाग लिया था, जिसमें गुंजन ने सोलन जिले के लिए दो गोल्ड मेडल हासिल किए। राज्य स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने पर गुंजन का चयन राष्ट्र स्तरीय स्पर्धा के लिए हुआ है। वहीं, विद्यालय पहुंचने पर गुंजन व दिशिता शर्मा का फूल मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि गुंजन ठाकुर का राष्ट्र स्तर पर चयन होना विद्यालय के लिए बड़े ही हर्ष की बात है। उन्होंने बताया कि गुंजन ठाकुर एक बहुत उम्दा खिलाड़ी है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए जिला खेल शिक्षा अधिकारी सोलन महेंदर, उच्च उप शिक्षा निदेशक सोलन जगदीश नेगी, प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक सोलन का धन्यवाद व्यक्त किया है और कहा कि उनके मार्गदर्शन से गुंजन हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करेगी।
मंगलवार देर रात वाले गांव बलियाना में एक घर आगजनी का मामला प्रकाश में आया था। बताते चलें कि घटना बलियाना के वार्ड नंम्बर 5 में रहने वाले नरेश कुमार पुत्र धनी राम के घर मे आगजनी की घटना पेश आई । पीड़ित निर्मला देवी ने बताया कि यह घटना 14 नवंबर की शाम है जब पड़ोसियों ने निर्मला देवी को बताया कि उनके घर के ऊपरी दो कमरों से धुआं निकल रहा है। जब उन्होंने कमरों को देखा तो वहां आग लग चुकी थी। आनन फानन में स्थानीय लोगो की मदद से आग पर काबू पाया गया। इस आगजनी की सूचना जैसे ही समाजसेवी कैप्टन संजय पराशर को मिली तो उन्होंने तुरंत अपनी टीम को घटनास्थल पर भेजा। वहीं 15000 रुपये की मदद परिवार को प्रदान की।
आज कुनिहार में एक व्यक्ति को बारबर की दुकान में गिरने के कारण गम्भीर चोट लग गई। प्राप्त जानकारी अनुसार ललित कुमार उम्र 30 वर्ष गांव चढ़ाव डैल कुनिहार नये बस अड्डे पर एक सैलून में बाल कटवाने के बाद जैसे ही कुर्सी से उतर कर दुकान से बाहर निकलने लगा तो अचानक में गिरने से दुकान के दरवाजे में लगे शीशे से उसकी टक्कर हो गई। इस दौरान कांच का हिस्सा ललित के गले मे लग गया। वहां पर दुकानदारों ने उसे तुरंत सिविल अस्पताल कुनिहार पहुंचाया और डॉक्टर्स ने चोट की गम्भीरता के कारण उसे आईजीएमसी रैफर कर दिया। मुख्य चिकित्सक सिविल अस्पताल कुनिहार डॉ अरुण शर्मा ने बताया कि इस व्यक्ति के गले के पास चोट लगी है जिसे प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला को रैफर कर दिया व स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई थी।
विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि शाहपुर विधानसभा के धारकंडी क्षेत्र की पलोथा तथा खडीबेहि पंचायतों में सामुदायिक भवनों के निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है ताकि पंचायत प्रतिनिधियों को कामकाज निपटाने के लिए बेहतर सुविधा मिल सके। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि पलोथा तथा खडीबेहि नवगठित पंचायतें हैं तथा बीते दिनों ही इन पंचायतों का प्रवास कर लोगों की समस्याएं सुनीं तथा पंचायत में सामुदायिक भवन निर्माण के बारे आवश्यक कदम उठाने का भरोसा लोगों को दिया था। इस बाबत मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खु के समक्ष भी धारकंडी क्षेत्र के विकास की योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की गई थी। उन्होंने कहा कि लोगों से किए गए सभी वायदों को चरणबद्व तरीके से पूरा किया जाएगा। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि वर्तमान सरकार आम जनमानस की समस्याओं के त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए कृतसंकल्प है तथा व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय के साथ लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने का बीड़ा उठाया है। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि शाहपुर के धारकंडी क्षेत्र वर्षांे से विकास की दृष्टि से उपेक्षित क्षेत्र रहा है तथा इस क्षेत्र के विकास के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य किया जाएगा ताकि लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो सके। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि शाहपुर विस क्षेत्र के समग्र विकास के लिए दिनरात कार्य किया जाएगा तथा लोगों की सहभागिता से विकास कार्यों को गति प्रदान की जाएगी। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि लोगों की समस्याओं को घर द्वार पर निपटाने के लिए विधायक आपके द्वार कार्यक्रम आरंभ किया गया
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहिए। संजय अवस्थी गत सांय अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत पलोग के मांजू गांव में बाल दिवस मेले के अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह में उपस्थित जन समूह को सम्बोधित कर रहे थे। संजय अवस्थी ने कहा कि प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहर लाल नेहरू का बच्चों के प्रति प्रेम सर्वविदित है। पण्डित नेहरू युवा शक्ति को मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए सदैव क्रियाशील रहे। बच्चों के लोकप्रिय ‘चाचा नेहरू’ के जन्मदिवस पर बाल दिवस का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि स्व. पंडित जवाहर लाल नेहरू के जीवन से प्रेरित होकर प्रत्येक बच्चे और व्यक्ति को अपने जीवन को निखारना चाहिए ताकि देश-प्रदेश को शिखर तक पहुंचाया जा सके।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों, योजनाओं व कार्यक्रमों का गीत-संगीत एवं नाटकों के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने के लिए निजी सांस्कृतिक दलों को दो वर्ष के लिए सूचीबद्ध किया जा रहा है। स्क्रीनिंग में प्रस्तुति के आधार पर उत्तीर्ण होने वाले सांस्कृतिक दलों को सूचीबद्ध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए हिमाचल प्रदेश सहकारिता अधिनियम के अधीन पंजीकृत सांस्कृतिक दल आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक निजी सांस्कृतिक दल में कम से कम चार महिला कलाकारों सहित कुल 11 कलाकार होने अनिवार्य हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सांस्कृतिक दल अपना आवेदन निदेशालय, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, हि.प्र., शिमला-171002 के कार्यालय में 04 दिसम्बर, 2023 तक जमा करवा सकते हैं। इस तिथि के उपरांत आवेदन-पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदनकर्ता सूचिबद्धता की शर्तें एवं आवेदन-पत्र को विभागीय वेबसाइट www.himachalpr.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस के उपलक्ष्य पर 16 नवंबर को दोपहर 12ः40 बजे उपायुक्त कार्यालय परिसर के सभागार कमरा नं 823 में मीडियाकर्मियों के लिए जिला स्तरीय संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त डा निपुण जिंदल करेंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से आयोजित की जा रही इस संगोष्ठी में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार भारतीय प्रेस परिषद की ओर से दिए गए विषय पर चर्चा करेंगे। भारतीय प्रेस परिषद ने इस बार प्रेस दिवस के उपलक्ष्य पर चर्चा के लिए ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में मीडिया’ यानि ‘मीडिया इन द ईरा ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस’ विषय निर्धारित किया है। जिला लोक संपर्क अधिकारी ने जिला के पत्रकारों से इस संगोष्ठी में भाग लेने का आग्रह किया है।
प्रदेश के जिला काँगड़ा के कोटला बेहड़ के अमितोज मनकोटिया ने अपनी गायकी से हर किसी को अपना मुरीद बना लिया। उनका 'ब्राउन आईज’ यूट्यूब पर रिलीज हो चुका है, रिलीज होने के बाद से ही यह लोगो को बहुत पसंद आ रहा है I अमितोज ने कहा कि उनका बचपन से ही गायकी एक सपना था जो आज पूरा हुआ। गाने का पूरा श्रेय अपने माता - पिता को देते हुए कहा की उनके आशीर्वाद के बिना ये सम्भव नहीं था I गाने को स्वयं अमितोज ने गाया व लिखा, इसे संगीतब्ध सुमित सोखेय ने किया है व इसका निर्देशन मनी चौधरी द्वारा किया गया है। गाने में मुख्य भूमिका में आंचल शर्मा हैI गाना ऐमज़ॉन म्यूजिक , जिओ सावन , व सभी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है I


















































