-छात्र वर्ग में हमीरपुर तथा छात्रा वर्ग में सोलन रहा उप विजेता -मंडी के मंजीत राठौर तथा सोलन की कनु प्रिया सर्वश्रेष्ठ एथलीट धर्मशाला में आयोजित अंडर-19 राज्य स्तरीय छात्र-छात्रा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में कांगड़ा जिला आल ओवर चैंपियन रहा, छात्र वर्ग की प्रतियोगिता में कांगड़ा पहले तथा हमीरपुर दूसरे स्थान पर रहा, इसी तरह से छात्रा वर्ग में भी कांगड़ा पहले तथा सोलन दूसरे स्थान पर रहा। छात्र वर्ग में मंडी के मंजीत राठौर तथा छात्रा वर्ग में सोलन की कनु प्रिया ने सर्वश्रेष्ठ एथलीट का खिताब जीता। शुक्रवार को प्रतियोगिता के समापन अवसर पर कांगड़ा सहकारी प्राइमरी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के चेयरमैन राम चंद पठानिया ने बतौर मुख्यातिथि विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रतिभागी खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए राम चंद पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य में आधारभूत खेल ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए प्रयास कर रही है तथा राज्य की खेल नीति में परिवर्तन लाने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में भी खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं इसके साथ ही पंचायत स्तर पर भी चरणबद्व तरीके से खेल मैदान निर्मित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है ताकि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल की बेटियां बेटों की तरह ही हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उनकी सफलता उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरक है। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों से युवाओं को समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित करने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों में हिमाचल के खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खु ने सत्ता सम्भालते ही अनाथ बच्चों को अपनाने का संकल्प लिया। उन्हें चिल्ड्रन ऑफ स्टेट का दर्जा दिया। मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना आरम्भ की और मुख्यमंत्री सुखाश्रय कोष की स्थापना की। योजना के अंतर्गत अनाथ बच्चों को गुणात्मक शिक्षा, मार्गदर्शन, करियर परामर्श, वस्त्र भत्ता जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। त्योहारों पर भी इन बच्चों को 500 रुपये दिए जा रहे हैं। इससे पहले सहायक निदेशक शारीरिक शिक्षा कमला ठाकुर ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए एथलेटिक प्रतियोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर प्रिंसिपल ब्वायज स्कूल धर्मशाला यशपाल मनकोटिया, प्रिंसिपल ममता ठाकुर, डीएसएसए के उपाध्यक्ष कुलदीप शर्मा, शमसेर शर्मा, प्रिंसिपल करेरी रविंद्र राणा, एडीपीओ अतुल कटोच, महासचिव डीपीई एसोसिएशन बलबिंद्र राणा, सीएंडवी यूनियन के सलाहाकार वीरेंद्र चैहान सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे।
एचपीयू में बीएड के इंडक्शन कार्यक्रम का आज अंतिम दिन था। अंतिम दिन जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय दिल्ली के आचार्य करतार सिंह मुख्य वक्ता रहे। ड़ॉ करतार सिंह ने गतिविधि आधारित शिक्षण विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि यह एक बेहतर तथा व्याहारिक शिक्षण पद्धति का एक भाग है। द्वितीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. चमन लाल बंगा ने की। उन्होंने बीएड प्रशिक्षुओं से पृष्ठपोषण प्राप्त किया। इंडक्शन कार्यक्रम के समापन में मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के मुख्य छात्रपाल, आचार्य रोशन लाल जिंटा रहे। उन्होंने शिक्षा के महत्व, नैतिक शिक्षा एव शिक्षा मनोविज्ञान की विस्तृत में चर्चा की। विभाग में बीएड प्रथम सत्र के विद्यार्थियों ने रंगोली गतिविधि का आयोजन किया। शिक्षा विभाग की सहायक आचार्य डॉक्टर कनिका हांडा, डॉ. युद्धवीर, डॉ. राकेश कुमार शर्मा कार्यक्रम में उपस्थित रहे। अंतिम सत्र में बीएड प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा किए।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि दिल्ली और शिमला में खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का शिमला आगमन स्थगित हो गया है। दिल्ली में आज खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाया। अब मुख्यमंत्री का शनिवार को शिमला में आगमन अपेक्षित है।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में दिवाली की रात 8 से 10 बजे के बीच ही ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर आदेशों को सख्ती से लागू करवाने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड के सदस्य सचिव अनिल जोशी ने बताया कि एनजीटी की ओर से वायु प्रदूषण के लिहाज से अति संवेदनशील शहरों में पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है। जबकि मॉडरेट और सामान्य श्रेणी में आने वाले शहरों में सिर्फ ग्रीन पटाखे दो घंटे चलाने की छूट दी गई है।
ज्वालामुखी उप मंडल के स्कूलों के चार खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता में भाग लेंगे। शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न श्रेणियों में करवाई गई राज्य शतरंज प्रतियोगिता में ज्वालामुखी उप मंडल के स्कूलों के खिलाड़ियों का दबदबा रहा है। अंडर-19 लड़कियों के वर्ग में बाल स्कूल ज्वालामुखी की छात्रा केशवी का चयन लगातार दूसरी बार नेशनल के लिए हो गया है। बाल स्कूल ज्वालामुखी के ही गणेश बहादुर का चयन भी नेशनल के लिए हो गया है। गणेश बहादुर ने अकेले ही अपने दम पर जिला कांगड़ा की टीम को पहली बार अंडर-19 का स्टेट चैंपियन बनाया। गणेश बहादुर ने अपने सारे मैच जीतकर जिला कांगड़ा को स्टेट चैंपियन बनाया। अंडर-14 में वेद धारा स्कूल के आदित्य सोनी और डीएवी भरौली के शौर्य बहल का चयन भी नेशनल के लिए हो गया है। शौर्य बहल ने भी अंडर-14 में अपने सारे मैच जीतकर जिला कांगड़ा की टीम को उप विजेता बनाया। ज्वाला चेस क्लब ज्वालामुखी के प्रधान मोहिंदर धीमान, उप प्रधान अमिता भूषण, मनोज कुमार, सचिव बंदना धीमान, सह सचिव तरुण शर्मा, वित्त सचिव विजय कुमार और प्रेस सचिव अंजन कुमारी ने इन सभी खिलाड़ियों को बधाई दी और नेशनल में अच्छे प्रदर्शन की कामना की। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा से चार खिलाड़ियों का चयन नेशनल के लिए हुआ है और ये चारों ही खिलाड़ी ज्वालामुखी उप मंडल के स्कूलों से हैं, यह ज्वालामुखी क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। ज्वाला चेस क्लब ज्वालामुखी क्षेत्र में चेस खेल को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहा है। आने वाले समय में इससे भी बढ़िया परिणाम देखने को मिलेंगे।
-स्कूल में आयोजित दो दिवसीय स्पोर्ट्स मीट का समापन -मुख्य अतिथि ने पुरस्कृत किए विभिन्न खेलों के विजेता एसवीएन स्कूल कुनिहार में आयोजित दो दिवसीय स्पोर्ट्स मीट का समापन बहुत ही धूमधाम के साथ हुआ। कार्यक्रम में राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार के प्रधानाचार्य भूपेंद्र ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। दीप प्रज्ज्वलित कर व बंदे मातरम गीत से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, वहीं एसवीएन परिवार ने फूल मालाओं के साथ मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मुख्य अतिथि द्वारा वॉलीबाल, कबड्डी, बैडमिंटन और अन्य मनोरंजक खेलों के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी खेलों में प्रदर्शन के आधार पर बेस्ट हाउस और बेस्ट प्लेयर घोषित कर ट्रॉफी प्रदान की गई। पूरे वर्ष की गतिविधियों के आधार पर टैगोर हाउस ने बेस्ट हाउस की ट्रॉफी पर कब्जा किया। विद्यार्थियों ने सदनानुसार, स्काउट-गाइड व कबज-बुलबुल समूह में मार्च पास्ट करके खेलों को विराम दिया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा विद्यालय में इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के मनोबल को बढ़ाते हैं व बच्चों में खेल के प्रति भी रुचि उत्पन्न करते हैं। उन्होंने बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए भी प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह विद्यालय जिला स्तर पर ही नहीं, अपितु प्रदेश में भी अपने नाम का परचम लहरा चुका है, जिसके लिए विद्यालय के सभी अध्यापक व अभिभावक बधाई के पात्र हंै। इस मौके पर एसवीएन चेयरमैन टीसी गर्ग, पुष्पा गर्ग, लूपिन गर्ग, प्रधानाचार्य पद्मनाभम, गुरप्रीत सिंह, राकेश, दीक्षा, कुसुम, पूजा व योगेश सहित विद्यालय के सभी अध्यापक, छात्र व अभिभावक गण मौजूद रहे।
-बच्चों को पढ़ाया गया कानून का पाठ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण दिवस के अवसर पर मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरमौर के द्वारा एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूल के बच्चों को कानून का पाठ पढ़ाया गया। बच्चों को संविधान तथा उनके मौलिक अधिकार व कर्तव्यों, मोटर व्हीकल एक्ट तथा साइबर क्राइम के बारे में जागरूक किया गया, मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था के संस्थापक डॉक्टर अनुराग गुप्ता (एडवोकेट)के द्वारा बच्चों को साइबर क्राइम के बारे में जागरूक किया तथा उन्हें कहा कि उनकी सतर्कता व जागरूकता से साइबर धोखाधड़ी होने से बच सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालिगल वालिएंटर संजीव कुमार के द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के गठन व योजना के बारे जानकारी दी गई। बच्चों को नालसा के थीम सांग भी सुनाया व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरमौर के किए गए कार्यों की डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था द्वारा बच्चों से प्रश्न भी पूछे गए सही जवाब देने के लिए, रेखा, युगवीर, कशिश चौहान, कशिश राणा,अमन व पूनम को प्रोत्साहित किया गया। संस्था के द्वारा जरूरतमंद बच्चों को स्वेटर भी दिए गए। इस मौके पर मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था के अध्यक्ष पुष्पा खंडूजा व स्कूल स्टाफ तथा पैरा लीगल वालिएंटर आशा अनिला मौजूद रहे।
-दोबारा नहीं बनेगी 556 की मेरिट हिमाचल हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड 817 के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। इस भर्ती के कुल पदों में कोई कटौती नहीं होगी। अंकिता ठाकुर एंड अदर्स बनाम हिमाचल प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन कमिशन के इस केस में जजमेंट रिजर्व हुई थी और वीरवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हाई कोर्ट द्वारा दी गई रिलेक्सेशन को कानूनी तौर पर अस्थिर बताते हुए उसे रद्द कर दिया। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि जूनियर ऑफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड 556 के लिए दूसरे भर्ती विज्ञापन के आधार पर बनाई गई मेरिट लिस्ट को री ड्रॉ नहीं किया जाएगा और उसमें उन अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किया जाएगा, जो रिलेक्सेशन ऑर्डर के आधार पर एलिजिबल हुए थे। उच्चतम न्यायालय ने पोस्ट कोड 817 के लिए 21 सितंबर, 2020 को जारी तीसरे विज्ञापन के आधार पर विज्ञापित सीटों को सैगरीगेट करने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि पहले विज्ञापन के आधार पर होने वाली नियुक्तियों को डिस्टर्ब नहीं किया जाएगा, सिर्फ इसलिए कि कुछ अभ्यर्थियों ने रिलेक्सेशन ऑर्डर के आधार पर पात्रता प्राप्त कर ली है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को यह निर्देश दिए कि वह सारे पेंडिंग आवेदनों को 2020 के रूल्स के हिसाब से डिस्पोज करे। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में हिमाचल हाई कोर्ट के ऑर्डर के पैरा 33 और 34 को भी खारिज कर दिया। इस केस में हिमाचल सरकार द्वारा हाई कोर्ट में दी गई क्लेरिफिकेशन को भी सुप्रीम कोर्ट ने गलत माना। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद जेओए के तीन पोस्ट कोड को लेकर स्थिति साफ हो गई है। यह मामला पोस्ट कोड 447, पोस्ट कोड 556 और पोस्ट कोड 817 को लेकर था। 817 के मामले में हिमाचल सरकार की ओर से ही सुप्रीम कोर्ट में यह भी कह दिया गया था कि यह मामला पेपर लीक में भी उलझा है। इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने मेरिट पर ही फैसला दिया है।
कृषि सचिव सी पालरासू ने बताया कि प्रदेश में गेहूं के बीज का उत्पादन बढ़ाने के दृष्टिगत विभाग द्वारा इस वर्ष 800 क्विंटल प्रजनक बीज राज्य के विभिन्न जिलों में आबंटित किया जा रहा है। इस वर्ष गेहूं के प्रजनक बीज का मूल्य 7050 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जिसे विभाग के अपने फार्मों व पंजीकृत किसानों को वितरित किया जा रहा है। इसके अलावा गेहूं के प्रमाणित बीज पर राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष 1500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जा रहा हैै। राज्य में किसानों की आर्थिकी को देखते हुए इस वर्ष लगभग 600 क्विंटल प्रजनक बीज किसानों में वितरित किया जा रहा है, प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं के प्रजनक बीजों पर 3000 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान देने का फैसला लिया है, जिसे सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इसके अलावा 200 क्विंटल प्रजनक बीज जिलों में स्थित विभागीय फार्मों में उपलब्ध करवाया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से किसानों में बीज उत्पादन के प्रति और ज्यादा जागरूकता आएगी व इससे प्रदेश में बीज उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। कृषि निदेशक कुमद सिंह ने बताया कि प्रदेश में अधिकतर किसान लघु एवं सीमांत है। कृषि व्यवसाय की सफलता व पैदावार बहुत कुछ उच्च गुणवता बीजों की उपलब्धता पर निर्भर करती है। प्रदेश में उत्तम बीजों की मांग बढ़ती जा रही है क्योंकि कोरोना महामारी के बाद अधिकतर नौजवान कृषि से जुड़े है। विभाग खाद्यान्नों आदि के बीजों को प्रदेश में ही उत्पादित कर किसानों को वितरित करने की ओर आत्मनिर्भर हो रहा है।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई के दूरदर्शी मार्गदर्शन के तहत टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा कर्नाटक राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए 9 नवंबर को बैंगलोर में केपीसीएल (कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) और केआरईडीएल (कर्नाटक नवीकरणीय ऊर्जा विकास लिमिटेड) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इन सहयोगात्मक प्रयासों में विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं का विकास शामिल है, जिसमें भूमि पर मांउट करके स्थापित की जाने वाली, फ्लोटिंग सौर परियोजनाएं और पंप स्टोरेज परियोजनाओं सहित हाइब्रिड परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी संचयी क्षमता लगभग 3270 मेगावाट हैं। कर्नाटक सरकार ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज अपनी गरिमामयी उपस्थिति के साथ समारोह की शोभा बढ़ाई। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने कहा कि यह रणनीतिक गठबंधन न केवल स्वच्छ ऊर्जा के प्रति टीएचडीसीआईएल की प्रतिबद्धता दर्शाता है, बल्कि कर्नाटक की अग्रणी विद्युत संस्थाओं के सहयोग से इस क्षेत्र के विद्युत परिदृश्य के लिए एक आशाजनक प्रगतिगामी मार्ग भी प्रशस्त करता है। केपीसीएल का प्रतिनिधित्व करते हुए, अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा एवं केपीसीएल के प्रबंध निदेशक गौरव गुप्ता एवं और केआरईडीएल की ओर से केपी रुद्रप्पैया, प्रबंध निदेशक, केआरईडीएल द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की ओर से भूपेंद्र गुप्ता, निदेशक (तकनीकी) द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर विजय कुमार, विशेष अधिकारी समन्वय, संदीप सिंघल, सीजीएम (एनसीआर) और मल्लिकार्जुन, डीजीएम भी उपस्थित थे। टीएचडीसीआईएल 1587 मेगावाट की संस्थापित क्षमता के साथ देश के प्रमुख बिजली उत्पादकों में से एक है, जिसका श्रेय इसकी प्रचालनाधीन परियोजनाओं को जाता है जिनमें उत्तराखंड में टिहरी बांध और एचपीपी (1000 मेगावाट), कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट), गुजरात के पाटन और द्वारका में क्रमश: 50 मेगावाट और 63 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाएं और उत्तर प्रदेश के झांसी में 24 मेगावाट की ढुकवां लघु जल विद्युत परियोजना तथा केरल के कासरगोड में 50 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना शामिल हैं।
-सीपीएस ने बही में 2 लाख से निर्मित सामुदायक भवन का किया लोकार्पण मुख्य संसदीय सचिव कृषि, पशुपालन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज किशोरी लाल ने कहा कि प्रदेश में आम आदमी, गरीब तथा असहाय लोगों की सरकार है और लोगों के दुख-तकलीफ को अच्छी तरह से समझती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने समाज कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है निर्धन तथा गरीब लोगों के उत्थान के लिए प्रदेश में अनेक योजनायें और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। सीपीएस ने वीरवार को बैजनाथ निर्वाचन क्षेत्र की ग्राम पंचायत बही में 2 लाख से निर्मित सामुदायक भवन ब्राह्मण बस्ती का लोकार्पण किया। उन्होंने 2 लाख की लागत से बनने वाले युवक मण्डल बही के अप्पर मंजिल का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में इस बार इतिहास की सबसे बड़ी आपदा से भारी भरकम नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खु के नेतृत्व में प्रदेश में आपदा प्रभावितों की हर संभव मदद के लिए कारगर कदम उठाए गये। लोगों के राहत और पुर्नवास के लिये राज्य सरकार द्वारा 4500 करोड़ का आपदा राहत पैकेज जारी किया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित को कच्चे या पक्के मकान के पूर्ण क्षतिग्रस्त होने 7 लाख रुपए की राशि देने के अलावा सरकारी दरों पर सीमेंट तथा मुफ्त में पानी तथा बिजली के कनेक्शन देने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए मकानों के लिए एक लाख रुपए की राशि देने का प्रावधान किया गया। उन्होंने कहा कि भूमिहीन हुए प्रभावितों को घर बनाने के लिए शहरी क्षेत्र में 2 बिस्वा तथा ग्रामीण क्षेत्र में 3 बिस्वा भूमि प्रदान की जा रही है। किशोरी लाल ने कहा कि बैजनाथ में साफ सुथरा एवं पारदर्शी शासन और प्रशासन उपलब्ध करवाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बैजनाथ हलके में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी क्षेत्र में किसी प्रकार से कोई भी मांग करता है तो इसकी जानकारी उन तक पहुंचाई जाये। सीपीएस किशोरी लाल ने युवक मंडलबही के अप्पर मंजिल भवन निर्माण के लिये अतिरिक्त 2 लाख रुपए तथा सामुदायिक भवन ब्राह्मण बस्ती के शेष कार्य के लिये डेढ़ लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने बही के लिए बस ब बही सकडी दियोडा सड़क को पक्का करने का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम में प्रधान बही बलवीर सिंह ठाकुर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष रविंदर राव, घनश्याम चंद, राजेंद्र शर्मा ,शशी राणा, संसार राणा, बीडीओ बैजनाथ राकेश पटियाल, एसडीओ जल शक्ति विभाग शर्ती शर्मा, राजेश परिहार, जगरूप बरबाल, पंकज कुमार, कश्मीर सिंह, प्रकाश बख्शी, जनक शर्मा विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
पालमपुर शहर में यातायात के सुचारू संचालन हेतु जंगी चौक से राम चौक लिंक रोड तथा मंगलानी चौक से बुटेल चौक लिंक रोड पर सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक वन-वे ट्रैफिक का संचालन होगा। वहीं मिनी सचिवालय की पिछली ओर से सेंट पॉल स्कूल लिंक रोड पर भी सुबह 8 से 10 तथा दोपहर 2 से 4 बजे तक वन-वे ट्रैफिक रहेगा। जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (अधिनियम संख्या 59) की धारा 115 के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह अधिसूचना जारी की है।
भारत के अग्रणी अनुसंधान-केंद्रित विश्वविद्यालय, शूलिनी यूनिवर्सिटी ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट साइंसेज को क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग द्वारा प्रति पेपर उद्धरण में देश का नंबर एक विश्वविद्यालय और एशिया का नंबर पांचवां विश्वविद्यालय घोषित किया गया है। शूलिनी विश्वविद्यालय भी भारत के सबसे उल्लेखनीय रूप से बेहतर संस्थान के रूप में उभरा है, जिसने वैश्विक रैंकिंग में 213 वां स्थान हासिल करने के लिए प्रभावशाली 38 स्थान हासिल किए हैं। शोधकर्ताओं और संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए, प्रोफेसर अतुल खोसला, कुलपति, शूलिनी विश्वविद्यालय ने कहा, अनुसंधान में हमारे प्रयास शूलिनी विश्वविद्यालय में अनुसंधान और नवाचार की गुणवत्ता के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए फल-फूल रहे हैं। कल रात जारी रैंकिंग के अनुसार, शूलिनी विश्वविद्यालय ने भारत में निजी विश्वविद्यालयों के बीच नियोक्ता प्रतिष्ठा में छठा स्थान हासिल किया है, जो ऐसे स्नातक तैयार करने में इसकी सफलता को दर्शाता है जिन्हें नियोक्ताओं द्वारा अत्यधिक सम्मान दिया जाता है। शूलिनी विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय संकाय के मामले में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और भारत में 7वें स्थान पर है। शूलिनी यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला ने कहा कि प्रति पेपर उद्धरण में हमारी सफलता उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान के उत्पादन के प्रति हमारे समर्पण को दर्शाती है जो वैश्विक ज्ञान पूल में योगदान देती है। हम अनुसंधान उत्कृष्टता और नवाचार में निवेश करना जारी रखेंगे। प्रो. चांसलर विशाल आनंद ने सभी संकाय और कर्मचारियों को बधाई दी और कहा कि रैंकिंग हमारे संकाय और छात्रों की कड़ी मेहनत का प्रमाण है। डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रोफेसर सौरभ कुलश्रेष्ठ ने कहा, यह उपलब्धि उत्कृष्टता की दिशा में एक कदम आगे है। हम भविष्य में और भी बड़े मील के पत्थर हासिल करने के लिए एक विश्वविद्यालय समुदाय के रूप में मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
जिला सोलन के विकास खंड धर्मपुर की ग्राम पंचायत गड़खल सनावर के पंचायत घर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन एवं एलआर संस्थान ओच्छघाट के संयुक्त तत्वावधान से आज राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस का आयोजन किया गया। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव आकांक्षा डोगरा ने दी। उन्होंने कहा कि इस दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य उचित निष्पक्ष और न्याय प्रक्रिया के बारे सभी नागरिकों को जागरूक करना है। आकांक्षा डोगरा ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस की शुरूआत वर्ष 1995 में सर्वोच्च न्यायलय द्वारा समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिए की गई थी। उन्होंने कहा कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को कानून के बारे में जागरूक करना है। सभी लोगों तक न्याय पहुंचाने के लिए आरम्भ की गई विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाना है। एल.आर संस्थान ओच्छघाट के वरिष्ठ प्रोफेसर टीडी वर्मा ने इस अवसर लोक अदालत तथा साइबर क्राइम के बारे में उपस्थित लोगों को विस्तृत जानकारी दी। थाना प्रभारी कसौली यशपाल शर्मा ने इस अवसर पर सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी उपस्थित लोगों को प्रदान की। इस अवसर पर ग्राम पंचायत गड़खल की प्रधान मोना चंचल, एलआर संस्थान की सहायक प्रो. प्रियंका शर्मा, र्कीति बनाल, अनिता वर्मा सहित ग्रामीण उपस्थित थे।
-देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों को जारी किया 5.27 लाख रुपये का उत्सव भत्ता इस दीपावली पर जब प्रदेश भर में मां लक्ष्मी की आराधना में लाखों दिए जलाये जाएंगे तो इनमें कई ऐसे दिए भी होंगे जो प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत प्रदान किये जा रहे उत्सव भत्ते के कारण रोशन होंगे। जब प्रदेश के लाखों घरों में खुशियों की फुलझड़ियां जल रही होंगी तो कई चेहरे इसलिए खिल रहे होंगे क्यूंकि वो अब निराश्रित नहीं, बल्कि 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेटÓ हैं यानी कि प्रदेश सरकार उनकी माता और पिता है। इस बार बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों के आंगन में भी दिए जगमगाएंगे, पटाखे फूटेंगे और मिठाइयां बंटेगी। वह भी दीपावली उत्सव धूम-धाम से मनाएंगे। यह सब संभव हो पाया है मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के संवेदनशील नेतृत्व वाली सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के कारण। वर्तमान प्रदेश सरकार ने राज्य के बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों (चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट) को दीपावली पर्व पर उत्सव भत्ते के रूप में 5,27,000 रुपये जारी कर दिए हैं। इसके अलावा इन संस्थानों को भी दीपावली के उपलक्ष्य पर 3,27,500 रुपये जारी किये गए हैं ताकि इन संस्थानों में भी इस त्योहार से संबंधी सभी तैयारियां समय पर सुनिश्चित की जा सके। सरकार द्वारा सभी 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेटÓ को त्यौहारों पर उत्सव भत्ते के रूप में 500 रूपए प्रति बच्चा प्रदान किये जाते हैं। इसके अलावा उन बाल देखभाल संस्थानों को, जिनमें बच्चों के रहने कि क्षमता 25 या इससे कम हो, उन्हें 5,000 तथा 25 से अधिक की क्षमता वाले बाल देखभाल संस्थानों को 10,000 रूपए प्रदान किये जाते हैं। इससे पूर्व राज्य सरकार ने दशहरा उत्सव पर भी उत्सव भत्ते के रूप में इन बच्चों को 5,27,000 रुपये व बाल देखभाल संस्थानों को 3,27,500 रुपये जारी किये थे। इन त्यौहारों पर सरकार द्वारा कुल 17,09,000 रुपये जारी किए गए हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकार के गठन के तुरंत बाद अपने पहले निर्णय में समाज के संवेदनशील आश्रित वर्ग का सहारा बनने का संकल्प लेते हुए मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की शुरुआत की थी। मानवीय संवेदनाओं को अधिमान देते हुए सरकार ने अनाथ बच्चों और अन्य निराश्रितों के उत्थान के लिए कई कदम उठाये हैं। प्रदेश सरकार 27 वर्ष तक के अनाथ बच्चों को 4,000 रुपये मासिक जेब खर्च, कोचिंग के लिए एक लाख, तीन बिस्वा भूमि और मकान निर्माण के लिए 3 लाख रुपये, विवाह के लिए दो लाख रुपये का अनुदान और सूक्ष्म व लघु उद्योग लगाने के लिए दो लाख रुपये का अनुदान प्रदान कर रही है। जनहितैषी मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष का भी गठन किया गया है जिसमें मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने एक माह का वेतन तथा कांग्रेस विधायकों ने एक-एक लाख रुपये दिए हैं। दानी-सज्जन भी इसमें यथासंभव योगदान दे रहे हैं। इस कोष के गठन का उद्देश्य जरूरतमंदों के लिए निकट भविष्य में सुविधा, सम्पन्नता और सामान अवसर के मार्ग प्रशस्त करना है। इन हितकारी निर्णयों से यह स्पष्ट है की प्रदेश सरकार सत्ता सुख भोगने के लिए नहीं अपितु व्यवस्था परिवर्तन के उद्देश्य को सार्थक करने के संकल्प के दृष्टिगत कल्याणकारी निर्णय ले रही है और इस नीति वाक्य को अपना मूल सिद्धांत मानकर आगे बढ़ रही है।
-एक सप्ताह में समस्या हल न होने पर प्रदर्शन की चेतावनी भी दी सिरमौर जिला के उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह में आए दिन घोषित पावर कट लगने तथा घंटो बिजली गुल को रहने की समस्या को लेकर स्थानीय व्यापार मंडल द्वारा बुधवार को एसडीएम सुनील कायथ को ज्ञापन सौंपा गया। व्यापार मंडल पदाधिकारी विजेंद्र शर्मा, चेत सिंह तोमर, केशवानंद व रवि दत्त आदि ने एसडीएम से विद्युत आपूर्ति के मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों से जवाब तलब करने की मांग की। पूर्व प्रदेश सरकार द्वारा 12 जुलाई 2022 को संगड़ाह में शुरू किए गए विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता व सहायक अभियंता कार्यालय को वर्तमान सरकार द्वारा गत 12 दिसंबर को बंद किया जा चुका है और इसके बाद यहां विभाग की लापरवाही व स्टाफ की कमी के चलते आए दिन घंटों अघोषित पावर कट लग रहे हैं। व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने कहा कि, अधिशासी अभियंता कार्यालय बंद होने के बाद से यहां नियुक्त कनिष्ठ अभियंता जहां 26 किलोमीटर ददाहू में रहता है, वहीं 33 केवी लाइन संगड़ाह-चाढ़ना 8 माह से बंद पड़ी है। मंगलवार को मुख्य बाजार संगड़ाह में जहां करीब 5 घंटे के लगातार बिजली गुल रही, वहीं बुधवार को भी दो दर्जन के करीब अघोषित पावर कट लगे। व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने सप्ताह भर में अघोषित पावर कट का सिलसिला न थमने पर विभाग व सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की भी चेतावनी दी। सहायक अभियंता ददाहू कोमल शर्मा ने बताया कि, बुधवार को मुख्य बाजार काली-मिट्टी, संगड़ाह का ट्रांसफार्मर खराब हो गया था, जिसे ठीक किया जा रहा है।
राजकीय महाविद्यालय में आयोजित 3 दिवसीय कला प्रदर्शनी में स्थानीय की 147 कलाकृतियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां रखी गई हिंदू भगवान अथवा देवी-देवताओं की पेंटिंग के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश की कुछ मशहूर हस्तियों की तस्वीरें दर्शकों के अनुसार पेशेवर कलाकारों की तरह इन स्थानीय शौकिया कलाकारों द्वारा हू-ब-हू बनाई गई है। कला संगम प्रदर्शनी के संयोजक प्रो ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि, 3 दिवसीय इस प्रदर्शनी का शुभारंभ सोमवार कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. देवराज शर्मा ने किया था और बुधवार को इसका समापन हुआ।
केंद्र सरकार के पिछले 9 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी नीतियों पर राजधानी शिमला के रिज मैदान में आयोजित प्रदर्शनी के तीसरे दिन शिमला के जनसामान्य ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। खचाखच भरे प्रदर्शनी स्थल में लोगों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। हिमाचल की लोक संस्कृति से ओत-प्रोत इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में राष्ट्र निर्माण एवं सामाजिक चेतना का संदेश भरा हुआ था। नाटी की प्रस्तुति के साथ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया गया।वहीं नुक्कड़ नाटक के ज़रिये नशा मुक्ति का आह्वान था । आज के कार्यक्रम की सबसे ख़ास बात लोगों के लिए आयोजित की गई राष्ट्र निर्माण प्रश्नोत्तरी रही। इस प्रश्नोत्तरी में भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में सवाल पूछे गये। विकास की दिशा में भारत द्वारा प्राप्त की गई ऐतिहासिक उपलब्धियों के बारे में भी प्रश्न थ। इस प्रतियोगिता में सत्यप्रकाश, संतोष तोमर, चुन्नीलाल शर्मा, कमल एवं रणजीत रॉय ने प्रश्नों के सही उत्तर देकर पुरस्कार जीते। यह प्रदर्शनी स्थानीय लोगों में ख़ासा रूची का केंद्र बनी रही और यह प्रदर्शनी 11 नवंबर तक जारी रहेगी।
-बोले, सुखुघाट में मॉर्डन आंगनबाड़ी, पलोथा को मिलेगा पंचायत का भवन शाहपुर विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि धारकंडी क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। यहां सभी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ नई सुविधाओं के विकास पर फोकस के साथ काम होगा ताकि स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। वीरवार को विधायक केवल सिंह पठानिया ने धारकंडी क्षेत्र की पलोथा पंचायत में मोबा, लंगा, पौलुन, पलोथा, सुखुघाट, चमियारा, दुल्ली में विकास कार्यां का निरीक्षण किया तथा लोगों की समस्याओं भी सुनीं। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि वे सातों दिन 24 घंटे जनता की सेवा के लिए उपलब्ध हैं तथा शाहपुर विस के कठिन भूगौलिक परिस्थितियों वाले धारकंडी क्षेत्र में बागवानी, कृषि, स्वास्थ्य समेत हर क्षेत्र में नए दृष्टिकोण के साथ, नई गति से काम किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगी सड़क सुविधा विधायक केवल सिंह पठानिया ने चानोघाट से सुखुघाट तथा कूट चमियारा से सुखुघाट तक चार किलोमीटर तक शीघ्र सड़क निर्मित की जाएगी। नोली, बरलेह, चानोघाट, लंगा पलून पलोथा सुखुघाट सड़क की वन विभाग से स्वीकृति के लिए फाइल भेज कर स्वीकृति करवा के जल्दी से जल्दी इन गांवों को सड़क से जोड़ा जाएगा। उन्होंने लांगा में प्राइमरी स्कूल के कमरों की मरम्मत तथा बच्चों के लिए पार्क में झूले लगाने के लिए विधायक निधी से दो लाख स्वीकृत किए गए। उन्होंने कहा कि सुखुघाट में मॉर्डन आंगनबाड़ी तथा पलोथा पंचायत का भवन तथा पलून में युवाओ के लिए मैदान बनाया जाएगा। विधायक ने दो दिन में पैदल तय किया 25 किमी का सफर विधायक केवल सिंह पठानिया ने धारकंडी क्षेत्र के दूरदराज के गांवों में लोगों की समस्याएं सुनने के लिए दो दिन में 25 किमी का सफर तय किया तथा विकास कार्यों का जायजा भी लिया। विधायक केवल सिंह पठानिया का दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों की जनता ने जोरदार स्वागत भी किया।
-हिमाचल में जो वादे किए, जो गारंटियां दीं, एक भी पूरी नहीं की नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने हिमाचल के लोगों से जो वादे किए, जो भी चुनावी गारंटियां दीं, एक भी पूरी नहीं की। अब देश के अलग-अलग राज्यों में हो रहे लोक सभा चुनावों में इसी तरह गारंटी देकर देश भर में लोगों को ठगना चाह रही है। उन्होंने कहा कि अब लोग समझ गये है, उन्हें बार-बार धोखा नहीं दिया जा सकता है। अब कोई भी कांग्रेस के झांसे में नहीं आने वाला है। आज के सूचना प्रौद्योगिक के युग में कांग्रेस का यह सफ़ेद झूठ ज़्यादा टिक नहीं सकता। पूरा देश जानता है कि कांग्रेस के नेताओं ने हिमाचल की मातृशक्ति को प्रतिमाह 1500 रुपये देने की गारंटी दी। चुनाव के पहले ही माताओं-बहनों से इसके लिए फ़ज़ीर् फॉर्म भी भरवा लिए थे। अब चुनाव जीत गये तो कांग्रेस के नेता कहते हैं कैसी गारंटी। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, मिज़ोरम और तेलंगाना में हो रहे विधान सभा के चुनाव में भी कांग्रेस हिमाचल प्रदेश की तरह चुनावी गारंटियां दे रही है। लेकिन पूरे देश ने हिमाचल से सबक़ ले लिया है। आज कांग्रेस के नेता मंचों पर ही जनता द्वारा तिरस्कृत किए जा रहे हैं। देश के लोग पूछ रहे हैं कांग्रेस द्वार हिमाचल प्रदेश के विधान सभा चुनाव में किया गया वादा कहां गया। बड़े से बड़े नेता छोटी छोटी जनसभाओं में सीना ठोक के सारी गारंटिया तत्काल लागू करने की बात करता था लेकिन एक साल में एक भी गारंटी पूरी नहीं कर पाया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एक साल से कम के कार्यकाल में भी आज प्रदेश के हर वर्ग में असंतोष है। इस सरकार के क्रियाकलाप से कोई भी संतुष्ट नहीं है। सरकार के ख़िलाफ़ लोगों की इस नाराज़गी और असंतोष का प्रमुख कारण है कांग्रेस के झूठे वादे और विकास विरोधी काम। इसी की वजह से हिमाचल प्रदेश विकास की दौड़ में पिछड़ता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस द्वारा किए गए झूठे वादे की वजह से देश भर में कांग्रेस के चुनावी वादों पर कोई विश्वास नहीं कर पा रहा है। इसलिए विधान सभा के चुनावों में हर जगह पर कांग्रेस बुरी तरह से हार रही है। आज सोशल मीडिया का जमाना है, किसी का झूठ ज़्यादा दिनों तक टिक नहीं पाता है। यही कारण है आज हिमाचल कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता प्रदेश में मुंह छिपाए घूम रहे हैं। आने वाले लोक सभा चुनावों कांग्रेस को अपने झूठ का जवाब मिल जाएगा।
-दीया डेकोरेशन, हैंडमेड फ्लावर तथा रंगोली प्रतियोगिता का किया आयोजन मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, इंदौरा बीएड तृतीय सत्र के प्रशिक्षुओं ने शिक्षण प्रक्रिया के दौरान विभिन्न गवर्नमेंट स्कूलों में दीपावली के उपलक्ष्य में दीया डेकोरेशन, हैंडमेड फ्लावर तथा रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया। दीपावली के पर्व पर विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित अनेक गतिविधियों का दृश्य अति मनमोहक व ज्ञानप्रद रहा। रंगोली प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कृत भी किया गया। छात्र-छात्राओं को शिक्षकों ने काफी प्रोत्साहित किया। शिक्षकों ने बच्चों को ईको-फ्रेंडली दीपावली मनाने के लिए कहा। उन्होंने बच्चों को सुरक्षित ढंग से त्योहार मनाने और पर्यावरण की सुरक्षा का ध्यान रखने के प्रति भी जागरूक किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से स्कूल के प्रधानाचार्य ने स्टाफ व मिनर्वा कॉलेज के प्रशिक्षु अध्यापकों और छात्रों को दिवाली पर्व की शुभकामनाएं दीं।
शूलिनी विश्वविद्यालय के शोधकर्ता, स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज के प्रोफेसर डॉ. दीपक कुमार और उनके छात्र विवेक पंवार ने 40 के प्रभाव कारक वाले प्रतिष्ठित पत्रिका नेचर 'सिग्नल ट्रांसडक्शन एंड टारगेटेड थेरेपी' में एक शोध पत्र प्रकाशित किया। अध्ययन का उद्देश्य एमटीओआर (रैपामाइसिन का स्तनधारी लक्ष्य) सिग्नलिंग मार्ग और मानव स्वास्थ्य और बीमारी में इसकी कई भूमिकाओं के गहन रहस्यों को उजागर करना था, जिसमें कैंसर में इसके निहितार्थ पर विशेष ध्यान दिया गया था। इस पेपर में प्रस्तुत अंतर्दृष्टि कैंसर जीव विज्ञान में एमटीओआर की महत्वपूर्ण भूमिका, वर्तमान चुनौतियों का समाधान करने और चिकित्सीय हस्तक्षेप के लिए इसकी क्षमता की खोज पर प्रकाश डालती है। इस लेख में उम्र बढ़ने, उम्र से संबंधित तंत्रिका संबंधी विकारों, मधुमेह और मानव घातक बीमारियों में एमटीओआर के महत्व को दिखाया गया है। एमटीओआरसी1 सिग्नलिंग की खोज न केवल जीवन प्रत्याशा बढ़ाती है बल्कि प्रतिरक्षा को भी बढ़ावा देती है, जिससे स्तनधारियों और मनुष्यों में उम्र से संबंधित न्यूरोलॉजिकल विकार, कैंसर और चयापचय रोगों का खतरा कम हो जाता है। इस खोज पत्र में भारत के अन्य सहयोगी लेखक थे ऐश्वर्या सिंह, मानिनी भट्ट, डॉ. राजीव टोंक, डॉ. आगा साकिब रज़ा, डॉ. शिंजिनी सेनगुप्ता, एमिटी यूनिवर्सिटी से डॉ. मनोज गर्ग। इस खोज अध्ययन में कैंसर के उपचार के परिदृश्य को बदलने और अधिक प्रभावी और कम विषाक्त उपचारों का मार्ग प्रशस्त करने की क्षमता है। वैज्ञानिक समुदाय उत्सुकता से अनुवर्ती अनुसंधान और नैदानिक परीक्षणों का इंतजार कर रहा है जो निस्संदेह इस उल्लेखनीय सफलता से प्रेरित होंगे।
कुनिहार: संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक नहीं बुलाई तो डीसी ऑफिस का घेराव करेंगे पेंशनर्स : केडी शर्मा
जिला पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के जिलाध्यक्ष एवं राज्य कार्यकारिणी के मुख्य सलाहकार केडी शर्मा ने उपायुक्त सोलन से अपील की है कि पेंशनरों की जिला स्तरीय बैठक पहली दिसंबर तक बुलाई जाए। अगर पहली दिसंबर तक बैठक नहीं बुलाई तो 4 दिसंबर को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष संकेतिक धरना प्रदर्शन व रोष रैली का आयोजन किया जाएगा। केडी शर्मा ने यह बात बरोटीवाला में आयोजित पेंशनरों की जिला स्तरीय आपात बैठक में पेंशनरो को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि 27 मई को पेंशनरों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त सोलन से संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक बुलाने बारे मिला था, जिसमें उपायुक्त सोलन ने प्रतिनिधिमंडल को विश्वास दिलवाया था कि शीघ्र ही संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक बुलाई जाएगी। लेकिन साढ़े 5 महीने बीत जाने पर भी अभी तक बैठक नहीं बुलाई गई। केडी शर्मा ने जिले के तमाम पेंशनर्सर् सब यूनिटों से आग्रह किया है कि हर यूनिट से 10-15 सक्रिय पेंशनरों को 4 दिसंबर को होने वाले धरना प्रदर्शन व रोष रैली में उपायुक्त कार्यालय के समीप पहुंचना सुनिश्चित करें। इस आपात बैठक में 17 दिसंबर को होने वाले राज्य स्तरीय अखिल भारतीय पेंशन दिवस समारोह मनाने बारे विशेष रूप से चर्चा की गई और सभी के सुझाव के उपरांत केडी शर्मा ने कहा कि इस बार इस राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन जिला सोलन में किया जाएगा जिसका वेन्यू जल्द ही तय किया जाएगा। इसके अलावा बैठक में पेंशनरों ने अपनी विभिन्न मांगों को जल्द पूरा करने की सरकार से मांग की। इस अवसर पर जगदीश पंवर, मनसा राम पाठक, राम लाल शर्मा, दलीप राणा, अंजना शर्मा, डीडी कश्यप, जिया लाल ठाकुर, नरेश घई, कृष्ण सिंह चौहान, जगदीश सिंह, बेलीराम राठौर, रोशन लाल, सूर्यकांत जोशी, ईश्वर दत्त शर्मा, चैतराम भारद्वाज, कैलास राणा, लेखराम शर्मा, राजेश शर्मा आदि पेंशनर्स मौजूद रहे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज यहां उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की पत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री तथा डॉ. विजय सिंह द्वारा लिखित पुस्तक 'एम्पावरिंग ट्राईब्स-ए पाथ टूवॉर्ड्स सस्टेनेबल डेवेल्पमेंटÓ का विमोचन किया। राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ने दुनिया को अपनी ओर आकृष्ट किया है। प्रदेश में हुए अभूतपूर्व विकास के फलस्वरूप अब जनजातीय क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा व अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रकाशित पुस्तक में लेखक-द्वय द्वारा विश्व के जनजातीय क्षेत्रों में विकास के बाद हुए बदलाव के बारे में बताया गया है, जो पाठकों के लिए रूचिकर होगा। इसके अतिरिक्त पुस्तक में वैश्विक स्तर पर जनजातीय आबादी के समक्ष पेश आ रही चुनौतियों, इनके सशक्तिकरण, अनूठी जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और इनके सतत् भविष्य के दृष्टिगत नवोन्मेषी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा, प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की सुपुत्री आस्था अग्निहोत्री व अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।
दिवाली से ठीक एक दिन पहले छोटी दिवाली का पर्व मनाया जाता है। दिवाली से पहले छोटी दिवाली इसलिए मनाई जाती है क्योंकि, इस दिन हनुमान ज्यंति भी होती है और इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर नामक असुर का वध किया था। इसलिए इसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। इस दिन दिवाली से कम मात्रा में दीप आदि प्रज्वलित किए जाते हैं। इस दिन सौंदर्य व्रत भी रखा जाता है। आइए जानते हैं छोटी दिवाली कब मनाई जाएगी... 11 या 12 नवंबर कब मनाई जाएगी छोटी दिवाली? छोटी दिवाली पर नरक चतुर्दशी के दिन मनाई जाती है। 11 नवंबर को 1 बजकर 59 मिनट से चतुर्दशी तिथि आरंभ हो रही है और अगले दिन 12 नवंबर को दोपहर के 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगी। छोटी दिवाली 11 नवंबर शनिवार 2023 को मनाई जाएगी।
-रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नहीं चला सकेंगे पटाखे राज्य के सरकारी स्कूलों के बच्चे ग्रीन दिवाली मनाने का संदेश देंगे। अपने परिवार व आसपास के लोगों को जागरूक करेंगे। पटाखों से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के बारे में बताएंगे ताकि सभी लोग ग्रीन दिवाली मनाएं। निदेशक शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में स्कूलों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसमें स्कूलों को कहा गया है कि वह बच्चों को जागरूक करें व उन्हें बताए कि पटाखों से प्रदूषण फैलता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार प्रदेश में दिवाली की रात 10 बजे के बाद सुबह 6 बजे तक पटाखे चलाने पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। इसके बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाए। पहले से एक परंपरा विकसित हुई है जिसमें दीपोत्सव के दिन तेज आवाज के पटाखे चलाए जाते हैं। ये पर्यावरण को क्षति पहुंचाती है। ध्वनि व वायु प्रदूषण बहुत तेजी से फैलता है। वायु की गुणवत्ता असंतुलित हो जाती है। इस बार स्वयं बच्चे ही जागरूकता की बेहतरीन मिसाल पेश करेंगे।
धनतेरस दिवाली के दो दिन पूर्व मनाया जाने वाला त्योहार है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था। इसलिए इसे धनतेरस के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है। इस दिन धन्वंतरि देव के साथ मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन बर्तन के अलावा कोई भी सामान खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि धनतेरस का त्योहार क्यों मनाया जाता है और इसकी शुरुआत कैसे हुई... भगवान धन्वंतरि का हुआ था जन्म मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। ऐसी मान्यता है कि सृष्टि में चिकित्सा विज्ञान के विस्तार के लिए ही भगवान विष्णु ने धन्वंतरि का अवतार में जन्म लिया था। शास्त्रों के अनुसार भगवान धनवंतरी देवताओं के वैद्य हैं। इनकी पूजा से आरोग्य सुख यानी स्वास्थ्य लाभ मिलता है। धन्वंतरि के प्रकट होने के उपलक्ष्य में ही हर साल कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। वहीं कहा जाता है कि भगवान धन्वंतरि के उत्पन्न होने के दो दिनों बाद देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थीं, इसलिए धनतेरस के दो दिन बाद दीपावली का पर्व मनाया जाता है। श्री हरि विष्णु के वामन अवतार से भी है संबंध धनतेरस से जुड़ी एक और मान्यता के अनुसार, देवताओं को राजा बलि के भय से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया और राजा बलि के यज्ञ स्थल पर पहुंच गए। शुक्राचार्य ने वामन रूप में भी भगवान विष्णु को पहचान लिया और राजा बलि से आग्रह किया कि वामन कुछ भी मांगे उन्हें इंकार कर देना। लेकिन बलि ने शुक्राचार्य की बात नहीं मानी। वामन भगवान द्वारा मांगी गई तीन पग भूमि, दान करने के लिए कमंडल से जल लेकर संकल्प लेने लगे। बलि को दान करने से रोकने के लिए शुक्राचार्य राजा बलि के कमंडल में लघु रूप धारण करके प्रवेश कर गए। इसकी वजह से कमंडल से जल निकलने का मार्ग बंद हो गया। वामन अवतार में भगवान विष्णु शुक्राचार्य की चाल को समझ गए। भगवान वामन ने अपने हाथ में रखे हुए कुशा को कमंडल में ऐसे रखा कि शुक्राचार्य की एक आंख फूट गयी। शुक्राचार्य छटपटाकर कमण्डल से निकल आये। बलि ने संकल्प लेकर तीन पग भूमि दान कर दिया। इसके बाद भगवान वामन ने अपने एक पैर से संपूर्ण पृथ्वी को नाप लिया और दूसरे पैर से अंतरिक्ष को। तीसरा पग रखने के लिए कोई स्थान नहीं होने पर बलि ने अपना सिर वामन भगवान के चरणों में रख दिया। बलि दान में अपना सब कुछ गंवा बैठा। इस तरह बलि के भय से देवताओं को मुक्ति मिली और बलि ने जो धन-संपत्ति देवताओं से छीन ली थी उससे कई गुणा धन-संपत्ति देवताओं को मिल गई। इस उपलक्ष्य में भी धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है।
दीपावली भारत का एक प्रमुख त्योहार है। 5 दिवसीय इस त्योहार को बड़ी ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार को अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई, अज्ञानता पर ज्ञान की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घरों को सजाते हैं, विशेष अनुष्ठान और लक्ष्मी पूजा करते हैं, व्यंजन तैयार करते हैं, पटाखे फोड़ते हैं। पांच दिवसीय उत्सव धनतेरस से शुरू होता है और भाई दूज के साथ समाप्त होता है। दिवाली न सिर्फ भारत के अलग-अलग राज्यों में, बल्कि विदेश में भी मनाया जाता है। भारत के अलावा दिवाली को करीब 11 देशों में राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाया जाता है। इनमें गुयाना, फिजी, नेपाल, सिंगापुर, मॉरीशस, म्यांमार, श्रीलंका, सूरीनाम, मलेशिया, त्रिनिदाद और टोबैगो शामिल हैं। ये हैं दिवाली से जुड़ी कुछ रोचक बातें -दिवाली हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है, लेकिन सिख, जैन सहित अन्य धर्मों के लोग भी पूरे उत्साह के साथ इस त्योहार को मनाते हैं। -भगवान राम 14 साल का वनवास काटकर जब अयोध्या वापस लौटे थे, उसके बाद समस्त अयोध्या वासियों ने दीप जलाकर भगवान राम का स्वागत किया था। तभी से दीपावली का त्योहार मनाया जा रहा है। - कार्तिक मास की अमावस्या को मां लक्ष्मी समुंद्र मंथन के बाद धरती पर प्रकट हुई थीं। दीपावली के त्योहार को मनाने का सबसे खास कारण यही है। इस पर्व को मां लक्ष्मी के स्वागत के रूप में मनाते हैं। -प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर की नींव दिवाली के दिन रखी गई थी। -भारत के बाहर यूके के लीसेस्टर शहर में सबसे बड़ा दिवाली समारोह आयोजित होता है। इस समारोह में हजारों लोग भाग लेते हैं। -दिवाली का त्योहार अलग-अलग देशों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। नेपाल में लोग दिवाली के त्योहार को तिहाड़ या स्वंती के रूप में मनाते हैं। मलेशिया में लोग अस्वायुजा महीने में दिवाली को हरि दिवाली के रूप में मनाते हैं। थाईलैंड में लोग दिवाली के त्योहार को लम क्रियाओंघ के रूप में मनाते हैं, वे पटाखे फोड़ने से बचते हैं और इसके बजाय केले के पत्तों से बने दीपक जलाते हैं। -भारत के अलग-अलग राज्यों में भी दिवाली को अलग-अलग रूप में मनाया जाता है। गोवा में दिवाली को राक्षस नरकासुर पर भगवान कृष्ण की जीत के रूप में मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल के लोग इस त्योहारों को काली पूजा के रूप में मनाते हैं। -कुछ लोग दीपावली को एक नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के रूप में भी मानते हैं। -दिवाली के दिन मिट्टी के दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। मिट्टी का दीपक पंचतत्वों से मिलकर बनाता है जो घर और आसपास के वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। ऋग्वेद के अनुसार दीपक में देवताओं का तेज रहता है, इसकी रोशनी से यश और प्रसिद्धि प्राप्त होती है। सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
इस साल 12 नवंबर को दीपावली है। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह की अमावस्या तिथि पर पूरे देशभर में दिवाली का पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व होता है। दिवाली की तैयारियां कई दिनों पहले से होने लगती है। दिवाली पर पूरे घर को दीयों और रंगबिरंगी लाइटों से सजाया जाता है। हर वर्ष दीपोत्सव का पर्व 5 दिनों तक मनाया जाता है। धनतरेस से दिवाली का त्योहार शुरू हो जाता है और फिर इसके बाद नरक चतुर्दशी जिसे छोटी दिवाली भी कहते हैं मनाया जाता है। इसके बाद दिवाली फिर अगले दिन गोवर्धन पूजा और आखिरी दिन भाई दूज का त्योहार आता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक इस साल दीपावली बहुत ही खास रहेगी, क्योंकि कई दशकों के बाद दिवाली पर एक साथ कई शुभ योग और राजयोग का निर्माण हुआ है। दिवाली का त्योहार कार्तिक माह के अमावस्या तिथि पर मनाने का विधान होता है। दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन का काफी महत्व होता है। दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के लिए प्रदोष काल का समय सबसे अच्छा माना जाता है। दिवाली पर अमावस्या तिथि 12 नवंबर को दोपहर करीब 2 बजकर 30 मिनट पर शुरू हो जाएगी। वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक दिवाली की शाम के समय जब लक्ष्मी पूजा होगी उसी दौरान 5 राजयोग का निर्माण भी होगा। इसके अलावा आयुष्मान, सौभाग्य और महालक्ष्मी योग भी बनेगा। इस तरह से दिवाली 8 शुभ योगों में मनाई जाएगी।ज्योतिषाचार्यो का मनाना है कि दीपावली पर इस तरह का शुभ योग कई दशकों के बाद बना है। ऐसे में इस शुभ योग में दिवाली सभी के लिए सुख-समृद्धि और मंगलकामना साबित होगी। इस साल दिवाली पर एक साथ 5 राजयोग देखने को मिलेगा। ये 5 राजयोग गजकेसरी, हर्ष, उभयचरी, काहल और दुर्धरा नाम के होंगे। इन राजयोगों का निर्माण शुक्र, बुध, चंद्रमा और गुरु ग्रह स्थितियों के कारण बनेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गजकेसरी योग को बहुत ही शुभ माना जाता है। यह योग मान-सम्मान और लाभ देने वाला साबित होता है। वहीं हर्ष योग धन में वृद्धि और यश दिलाता है। जबकि बाकी काहल ,उभयचरी और दुर्धरा योग शुभता और शांति दिलाता है। वहीं कई सालों बाद दिवाली पर दुर्लभ संयोग भी देखने को मिलेगा जब शनि अपनी स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान होकर शश महापुरुष राजयोग का निर्माण करेंगे। इसके अलावा दिवाली पर आयुष्मान और सौभाग्य योग का निर्माण भी होगा। इस वर्ष छोटी और बड़ी दिवाली दोनों ही एक दिन यानी 12 नवंबर को ही मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार 12 नवंबर को सुबह तक रूप चौदस रहेगी फिर दोपहर ढाई बजे के बाद कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी। शास्त्रों के अनुसार दिवाली पर लक्ष्मी पूजन हमेशा अमावस्या की रात को होती है। इस वजह से दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा 12 नवंबर को रात को होगी। अमावस्या तिथि 13 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक ही रहेगी। कार्तिक माह की अमावस्या तिथि पर दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। इस बार कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि 12 और 13 नवंबर दोनों ही दिन रहेगी, लेकिन दिवाली का त्योहार 12 नवंबर को ही मनाया जाएगा। 12 नवंबर को दोपहर अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी ऐसे में रविवार की रात को ही लक्ष्मी पूजन के साथ दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। दरअसल हिंदू धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि दिवाली पर लक्ष्मी पूजा हमेशा ही अमावस्या तिथि और प्रदोष काल के संयोग में ही करना चाहिए। इस कारण से 12 नवंबर को ही शुभ दीपावली मनाई जाएगी।
-इस समय पूजा करने से होगी धन की वर्षा पंच-पर्व दीपावली का पहला पर्व धनतेरस इस बार पराक्रम योग के साथ 10 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन शुक्र प्रदोष भी रहेगा, जिस कारण से शुक्र प्रदोष और धन त्रयोदशी का महासंयोग बन रहा है। साथ ही विष कुंभ योग भी है। त्रयोदशी तिथि 10 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 36 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 11 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 58 तक रहेगी। यदि प्रदोष काल, स्थिर लग्न यानि वृषभ लग्न के दौरान धनतेरस पूजा की जाये तो लक्ष्मीजी घर में ठहर जाती है। यह है धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त इस दिन प्रदोष काल- शाम 5 बजकर 46 मिनट से रात 8 बजकर 25 मिनट तक है। वहीं वृषभ लग्न का मुहूर्त- शाम 6 बजकर 8 मिनट से रात्रि 8 बजकर 5 मिनट तक है। दीपदान के लिए मुहूर्त सांय 5 बजकर 46 मिनट से लेकर रात्रि 8 बजकर 26 मिनट तक का समय शुभ है। कब करें खरीदारी इस बार खरीददारी के लिए धनतेरस पर दोपहर से शाम तक शुभ समय रहेगा। विशेषकर दोपहर 12 बजकर 56 मिनट से 2 बजकर 6 मिनट तक और फिर शाम 4 बजकर 16 मिनट से 5 बजकर 26 मिनट तक श्रेष्ठ समय रहेगा। धनतेरस के दिन जरूर करें ये काम मान्यता है कि आज के दिन समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए, इसलिए आज के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा चली आ रही है। बर्तन खरीदारी के बाद यदि दुकानदार आपके खरीदे हुए बर्तनों में 1, 2 या 5 का सिक्का अपनी ओर से भेंट स्वरूप डाले दें तो उसका चमत्कारिक असर होता है। जब आप धनतेरस के दिन बर्तन खरीद लें और उस बर्तन का पैसा चुकाने के बाद दुकानदार को कहें कि अपनी ओर से जितनी उसकी इच्छा हो एक सिक्का उस बर्तन में भेंट स्वरूप रख दें। यह सिक्का दुकानदार से आप हाथ में नहीं लें, बल्कि स्वयं दुकानदार ही आपके खरीदे गए बर्तन में डाले। फिर इस बर्तन को घर ले आएं और घर लाकर इस बर्तन में खीर अथवा मिठाई रखकर सबसे पहले भगवान कुबेर को अर्पित कर दीजिए। यह उपाय किस्मत बदलने और सभी दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलने का काम करता है। यमराज के लिए करें दीपदान धनतेरस पर यमराज के निमित्त दीपदान किया जाता है। यमराज के निमित दीपदान करने से अकाल मृत्यु नहीं होती। इसके लिए संध्याकाल के समय आप आटे का चौमुखी तेल का दीपक बनाकर उसे अपने घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की तरफ लगाये, साथ ही उसमें थोड़ी सरसों, कालीमिर्च और लौंग डाल दें. इसी के साथ ही आप दीपदान अवष्य करें। इसके लिए आप 13 ही दीपक घर के अंदर प्रज्जवलित कर सजाएं। इस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दीपक, रूई, तेल, माचिस दान देते हैं तो यम देवता प्रसन्न होंगे और आपके जीवन से अकाल मृत्यु का भय भी समाप्त हो जाएगा और मां लक्ष्मी की कृपा आप पर सदैव बनी रहेगी। यह एक जरूरी काम करना ना भूलें लक्ष्मी प्राप्ति कल्पों में से एक बहुत ही जरूरी सामग्री है झाड़ू। धनतेरस तथा दीपावली के दिन झाडू खरीदने की परंपरा सदियों पुरानी है। इस दिन नई झाड़ू को खरीदकर उसका पूजन करें और इसे खरीदते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि यह विषम संख्या में खरीदा जाएं यानि 1, 3, 5 और 7 इस तरीके से झाड़ू खरीदना सौभाग्यदायक माना जाता है। दीपावली की रात्रि में लक्ष्मी पूजन के बाद कुमकुमम तथा चावल से इस झाड़ू का भी पूजन करें और उस पर पांच बार मोली लपेट दें और किसी स्वच्छ स्थान पर रख दें। फिर अगले दिन से उसे उपयोग में लें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा के साथ-साथ घर की सारी नेगेटिव एनर्जी भी दूर हो जाएगी।
दिवाली की धूम आपको घरों से लेकर बाजारों तक में दिखाई देने लगी है। लोगों ने अपने-अपने घरों को बेहद ही खूबसूरत तरह से सजा लिया है। इसके साथ ही हर कोई त्योहार के हिसाब से नए-नए कपड़े खरीदने में लगा है। दिवाली के इस महापर्व पर जिस तरह से नए-नए कपड़े खरीदने की परंपरा है, ठीक उसी तरह इस दिन घरों में तरह-तरह के पकवान बनते हैं। वैसे तो सभी के घरों में पूजी कचौड़ी और सब्जी बनती है, लेकिन अगर आप कुछ अलग बनाकर अपने परिवार को इंप्रेस करना चाह रहीं है तो ये लेख आपके लिए है। दरअसल, आज के लेख में हम आपको कुछ ऐसे पकवानों के बारे में बताएंगे, जिसे बच्चे से लेकर बड़े तक सभी मन से खाते हैं। हर कोई ये खाकर आपसे इंप्रेस होगा और दिवाली के दिन आपके घर में खुशियां ही खुशियां होंगी। छोले भटूरे यह एक ऐसा पकवान है, जो त्योहार के हिसाब से परफेक्ट है। इसके लिए आपको बस छोले पहले से बनाकर तैयार कर देने हैं और जब कोई खाना खाए उसे गर्मागर्म भटूरे बना कर देने हैं। इसके साथ सलाद जरूर परोसें। खस्ता सब्जी उत्तर भारत का ये बेहद ही प्रिय नाश्ता है। इसके लिए आपको कुछ ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं पड़ेगी। खस्ता को पहले से सेक कर रखना है और फिर बस गर्मागर्म सब्जी उसके ऊपर डालनी है। इडली सांभर अगर आपके घर वाले कुछ हल्का खाना चाहते हैं, तो इडली सांभर एक बेहतर ऑप्शन है। इडली को आप पहले से बनाकर तैयार करें। गर्म सांभर के साथ इसका स्वाद भी कई गुना बढ़ जाएगा। वेज बिरयानी अगर आप पहले से कुछ बनाकर तैयार करके रखना चाहती हैं तो वेज बिरयानी बनाकर आराम से तैयार करके रख लीजिए। इसे रायते के साथ परोस कर आप अपने घर वालों का दिल जीत सकती हैं। पकौड़े अगर आप चाहें तो घर पर ही मिक्स पकौड़े तैयार करा सकती हैं। ये खाने में भी काफी स्वादिष्ट लगते हैं। आप इसे चटनी के साथ परोस सकती हैं
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज यहां बालिका आश्रम टूटीकंडी तथा सर्वोदय बाल आश्रम में दीवाली के उपलक्ष्य में यहां रहने वाले बच्चों को बधाई दी तथा मिठाई का वितरण किया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल भी उनके साथ उपस्थित थीं। अपने संबोधन में राज्यपाल ने छात्राओं से आत्मबल बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि आपस में मिलजुल कर रहें तथा अपने जीवन को आदर्श बनाएं। उन्होंने कहा कि वे व्यक्तित्व विकास के साथ ही समाज व राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए आगे बढ़ें। उन्होंने इन दोनों आवासीय संस्थाओं में प्रदत्त की जा रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थान के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
जिला परिषद सोलन के प्रागंण में बनी कैंटीन को एक वर्ष की अवधि के लिए किराए पर देने के लिए संविदाएं आमंत्रित की गई है। यह जानकारी जिला परिषद सोलन के सचिव जोगिन्द्र प्रकाश राणा ने दी। उन्होंने कहा कि इच्छुक बोलीदाता 16 नवंबर को दोपहर 12.30 बजे जिला परिषद भवन सोलन के बैठक हाल में सार्वजनिक बोली के लिए आ सकते हैं। जोगिंद्र प्रकाश राणा ने कहा कि बोली 4,490 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से शुरू होगी। इच्छुक बोलीदाता को 14 नवंबर सायं 5.00 बजे तक जिला परिषद सोलन के कार्यालय में 15 हजार रुपए की राशि नकद या बैंक ड्राफ्ट के रूप में अमानत के तौर पर जमा करवानी होगी। उन्होंने कहा कि इच्छुक बोलीदाता किसी भी कार्य दिवस को प्रात: 11.00 बजे से शाम 5 तक उक्त कैंटीन का निरीक्षण कर सकते हंै। उन्होंने कहा कि निर्धारित तिथि के उपरांत कोई भी संविदाएं मान्य नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि बोली के समय समिति के निर्णय को अंतिम माना जाएगा।
-दीपावली की बधाई के साथ सामाजिक कार्यों की दी प्रेरणा -होटल होलीडे होम में हिमाचली संस्कृति के साथ किया कार्यक्रम शिमला के संगिनी ग्रुप द्वारा महिला सशक्तिकरण का संदेश देते हुए दीपावली के शुभ अवसर के उपलक्ष्य पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संगिनी ग्रुप की प्रतिभा बाली व किरण बाबा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में शिमला की पूर्व मेयर मधु सूद व सामाजिक कार्यकर्ता रूपा शर्मा ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया । इस कार्यक्रम में हिमाचली संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं को प्रेरित किया गया। वहीं, सामाजिक कार्यों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बड़े इसके लिए विशेष रूप से आग्रह किया गया। दीपावली का पर्व सुरक्षा व स्वच्छ पर्यावरण के साथ मनाया जाए इसका संदेश दिया गया। वहीं, महिलाओं ने वर्तमान पीढ़ी को नशे से दूर रहने का भी संदेश दिया। शिमला की पूर्व मेयर मधुसूद ने महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया और कहा कि निरंतर इस प्रकार के आयोजन होने चाहिए, जिससे हिमाचली संस्कृति परिवारों में आगे बढ़े, नैतिकता की शिक्षा मिले, सुख-दुख में एक दूसरे के भागीदार बने वही अलग-अलग क्षेत्र में सफलता से कार्य कर रही महिलाओं की पहचान भी बनाने में हम सब मददगार बने। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता रूपा शर्मा ने कहा कि समाज में सामाजिक कार्यों में महिलाओं की लगातार भागीदारी बढ़ रही है,उन्होंने कहा की महिलाएं समाज परिवर्तन का काम कर रही है, हर क्षेत्र में महिला आगे बड़ी है। उन्होंने कहा कि यह एक बेहतर आयोजन संगिनी ग्रुप द्वारा किया गया है, सभी को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई ,भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन हो और बढ़चढ़कर कर महिलाएं इसमें भाग वहीं हम देवभूमि की संस्कृति को भी आगे बढ़ाएं।
-उप मुख्यमंत्री ने हरोली में किए 43 करोड़ 20 लाख के शिलान्यास व लोकार्पण -बोले, प्रदेश के विकास में आड़े नहीं आने देंगे धन की कमी हिमाचल प्रदेश का संपूर्ण एवं संतुलित विकास प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसे धरातल पर उतारने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक योजनाएं व कार्यक्रम आरंभ किए गए हैं। यह बात उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हरोली विधानसभा क्षेत्र में 43 करोड़ 20 लाख के विभिन्न 22 विकास कार्यों के शिलान्यास व लोकार्पण के अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने ने बताया कि आज 33.56 करोड़ के विभिन्न विकासात्मक कार्यों के शिलान्यास तथा 9.64 करोड़ के विकास कार्यों के लोकार्पण किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों के लिए धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा तथा शुरू किए जा रहे प्रत्येक विकास कार्य को न्यूनतम निर्धारित समयावधि में पूरा करना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शुरू किए गए कार्यों की गति के अलावा गुणवत्ता का भी खास ख्याल रखें। उन्होंने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र निर्णायक विकास की ओर अग्रसर है तथा यहां पर सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल जल तथा सिंचाई के क्षेत्र में परियोजनाओं का सुनियोजित ढंग से निर्माण किया जा रहा है ताकि क्षेत्र की वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओ के अलावा भावी पीढ़ियों के लिए भी इनका लाभ सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने जानकारी दी कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में स्थापित किए जा रहे बल्क ड्रग पार्क में पेयजल जल उपलब्ध करवाने के लिए 32 करोड रुपए, सड़क निर्माण के लिए 40 करोड रुपए तथा विद्युत आपूर्ति उपलब्ध करवाने के लिए लगभग 15 करोड रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि भाखड़ा - जमालपुर विद्युत लाइन को हरोली से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा बल्क ड्रग पार्क की विद्युत संबंधी आवश्यकताओं के मध्य नजर नैहरियां से पेखूबेला तथा पोलियां तक 95 करोड़ की लागत से विद्युत लाइन बनाई जा रही है। इसके अतिरिक्त 31 करोड रुपए की लागत से टाहलीवाल में एक नया विद्युत उपकेंद्र स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी विद्युत परियोजनाओं के पूर्ण होने पर इस क्षेत्र में आने वाले कई दशकों के लिए विद्युत संबंधी आवश्यकताएं पूर्ण हो जाएंगी। मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि जिला ऊना में एशियन विकास बैंक के माध्यम से 19 पेयजल योजनाएं निर्माणाधीन हैं जिन पर 139 करोड रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने एशियन विकास बैंक के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिला में एडीबी की सभी परियोजनाओं को मई 2024 तक तथा बालीआल व नगनोली में निर्माणाधीन परियोजनाओं को आगामी 1 माह के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि हरोली में लगभग 7 करोड रुपए की लागत से बनाया जा रहे बस अड्डे का निर्माण कार्य एक वर्ष के भीतर पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सबसे लम्बे रामपुर-हरोली पुल को पर्यटकों की सुविधा के दृष्टिगत विकसित किया जा रहा है तथा यहां पर आने वाले लोगों सुरक्षा व सुविधाओं में इजाफा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रामपुर-हरोली पुल पर सुरक्षा के दृष्टिगत सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं। जबकि लोगों की सुविधा के लिए प्याऊ तथा रैंन शैल्टर यहां बनकर तैयार हो गए हैं।
-जिला पुलिस ने चलाया विशेष सतर्कता अभियान -शाम 5 बजे से रात्रि 9 बजे तक भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर हो रही गश्त दीपावली व अन्य त्यौहारी के दृष्टिगत जिला पुलिस ऊना द्वारा आम जनता की सुविधा के लिए 7 से लेकर 14 नवंबर तक विशेष सतर्कता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिला पुलिस के समस्त अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में सायं 5 बजे से रात्रि 9 बजे तक बाजारों, बस एवं टैक्सी स्टैंडों व अन्य भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर कर्मचारियों सहित उपस्थित रहकर असामाजिक एवं उपद्रवी तत्वों पर पैनी नजर रख रहे हैं। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य आम जनता के मध्य सुरक्षा की भावना को विकसित करना और त्योहार के कारण अपेक्षित भीड़ को ध्यान में रखते हुए सटीक यातायात प्रबंधन एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना है। पुलिस अधीक्षक ऊना ने आम लोगों का आह्वान किया है कि वे भी अपने स्तर पर सतर्कता बनाए रखें व किसी भी संदेहजनक या आपातकालीन अवस्था में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
सरकार भले ही सार्वजनिक मंचों से प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे करती है, लेकिन धरातल पर शून्य है। इस बात का ताजा उदाहरण इन दिनों सिविल अस्पताल डाडासीबा में देखा जा सकता है। 25 पंचायतों के करीब 50 हजार लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल करने वाला सिविल अस्पताल डाडासीबा में करीब 6 डाक्टरों का जिम्मा मात्र दो डाक्टरों के कंधों पर थोप रखा है, यहां आने वाले मरीजों और तीमारदारों स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को कोसते हुए दिखते हैं। डाडासीबा में बीएमओ का पद पिछले 18 महीनों से रिक्त पड़ा है। यहां पर चिकित्सकों के 6 पद हैं, लेकिन अस्पताल में सिर्फ दो ही चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं । हॉस्पिटल में प्रतिदिन 250 से ज्यादा मरीज पहुंचते हैं। लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण मरीज को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है उन्होंने सरकार से मांग की है कि शीघ्र ही रिक्त पदों को भर जाए। वहीं, पिछले कुछ समय से आंखों के विशेषज्ञ की ट्रांसफर होने के कारण लोगों ने लाइसेंस बनवाने के लिए अस्पताल में मेडिकल करवाना था। आंखों के विशेषज्ञ की ट्रांसफर होने के कारण लोगों के मेडिकल भी नहीं बन रहे हैं। लोगों को यहां से 25 किलोमीटर दूर मेडिकल करवाने के लिए सिविल हॉस्पिटल देहरा जाना पड़ रहा है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि शीघ्र ही इस पद को भी भर जाए, ताकि ग्रामीणों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसके अलावा डाडा सीबा हॉस्पिटल में अल्ट्रासाउंड मशीन तो है, लेकिन पिछले कुछ समय से रेडियोलॉजिस्ट ना होने के कारण लोगों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए तलवाड़ा, होशियारपुर, ज्वालाजी व मेडिकल कॉलेज टांडा के लिए जाना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है शीघ्र ही रेडियोलॉजिस्ट का पद भरा जाए। उधर, इस संबंध में कार्यवाहक बीएमओ डाडासीबा नीतिन शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया अस्पताल में चिकित्सकों की छह पोस्ट हैं, लेकिन दो ही चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस बारे उच्च अधिकारियों को लिखा गया है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जंबल में राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय शिविर संपन्न हुआ। प्रधानाचार्य ब्रह्मानंद ने सरस्वती पूजन तथा दीप प्रज्वलित कर इसका विधिवत समापन किया। स्कूल के हाल में उपस्थित स्वयंसेवियों ने मुख्य अतिथि, प्रधानाचार्य, शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों का अभिनंदन किया। उपस्थित शिक्षकों ने छात्रों को राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम का महत्व और उद्देश्यों के विषय में जानकारी दी। मुख्यतिथि प्रधानाचार्या ब्रह्मानंद ने स्वयंसेवियों को शुभकामनाएं देकर राष्ट्र और समाजसेवा का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस कैंप के दौरान भिन्न रिसोर्स पर्सन ने एनएसएस के स्वयंसेवियों का मार्गदर्शन किया एनएसएस के स्वयं साबिया ने आस पास सफाई व्यवस्था वह एक रैली के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। एनएसएस कार्यक्रम प्रभारी सुरेश नरयाल और सरोज शर्मा ने ये जानकारी देते हुए बताया कि इस साप्ताहिक शिविर में 39 स्वयंसेवी छात्रों भाग लिया। इस मौके पर एसएमसी कमेटी के प्रधान सुभाष चंद विशेष रूप से मौजूद रहे।
दीवाली के सामान की शिक्षकों व छात्रों ने की जमकर खरीदारी -प्रिंसिपल ने विशेष बच्चों को आगे बढ़ने में किए डॉ. मल्लिका नड्डा के प्रयासों को सराहा दीपों का त्योहार दीपावली को जहां महज कुछ ही दिन बाकी है तो ऐसे में चेतना संस्था बिलासपुर से जुड़े दिव्यांग विशेष बच्चों द्वारा अपने हाथों से दीवाली का सामान बनाया गया है, जिसे चेतना संस्था के सदस्य स्कूलों में जाकर स्टॉल लगाते हैं और स्कूली छात्रों व अध्यापकों द्वारा इन्हें खरीदा जाता है। वोकल फ़ॉर लोकल के नारे को साकार करते हुए चेतना संस्था की संस्थापिका डॉक्टर मल्लिका नड्डा द्वारा विशेष बच्चों के हुनर को आगे लाने व दीवाली के शुभ अवसर पर इन विशेष बच्चों द्वारा दीये, मोमबत्ती व भगवान की मूर्तियों सहित कईं तरह के समान बनवाए जाते हैं, जिन्हें बनाने में चेतना संस्था के सदस्य पूरी मदद करते हैं और फिर इनकी स्कूलों में बिक्री की जाती है, ताकि इन विशेष बच्चों के हुनर को समाज तक पहुंचाया जाए और इनमें छिपी प्रतिभा को भी आगे लाया जाए। इसी के मद्देनजर बुधवार को चेतना संस्था बिलासपुर द्वारा मिनर्वा सीनियर सेकेंडरी स्कूल घुमारवीं में भी स्टॉल लगाया गया, जिसमें स्कूली छात्रों व अध्यापकों ने दीवाली के इन सामानों की जमकर खरीदारी की है। वहीं चेतना संस्था बिलासपुर की प्रिंसिपल पूजा कुमारी ने कहा कि त्योहारों के मौके पर इन विशेष बच्चों द्वारा विभिन्न तरह के समान बनाये जाते हैं, जिनकी बिलासपुर जिला के विभिन्न स्कूलों में स्टॉल लगाकर बिक्री की जाती है। आज उन्होंने मिनर्वा सीनियर सेकंडरी स्कूल घुमारवीं को चुना है, जहां स्कूली छात्रों ने बढ़चढ़ कर खरीददारी की है और इससे यह विशेष बच्चे भी काफी खुश हैं। वहीं मिनर्वा पब्लिक स्कूल घुमारवीं के प्रिंसिपल परवेश चंदेल ने कहा कि डॉक्टर मल्लिका नड्डा द्वारा विशेष बच्चों को आगे बढ़ने व उनमें छिपे हुनर को समाज के सामने लाने के जो प्रयास हैं वे काबिले तारीफ हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में भी डॉक्टर मल्लिका नड्डा व उनके पुत्र हरीश नड्डा इसी तरह विशेष बच्चों की सेवा करते रहेंगे और विभिन्न गतिविधियों के जरिये इन बच्चों को आगे बढ़ने का मौका देते रहेंगे।
-कहा, जिला कांगड़ा बनेगा साहसिक पर्यटन का हब -पैराग्लाइडिंग उड़ान के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई जिला कांगड़ा को साहसिक पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। बीड़ बिलिंग में हाल ही में संपन्न हुए प्री-पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप के बाद अब धर्मशाला की नरवाणा पैराग्लाइडिंग साइट पर भी इसका आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन कांगड़ा में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रहा है। जिले में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों के लिए चार साइटों को विकसित किया जा रहा है। जिसमें बीड़ बिलिंग, इंद्रूनाग, नरवाणा और मझीण में सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने आज बुधवार को धर्मशाला में आयोजित जिला स्तरीय पैराग्लाइडिंग नियामक समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। डीसी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिला कांगड़ा को राज्य की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में पैराग्लाइडिंग और अन्य साहसिक खेलों से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में पैराग्लाइडिंग के लिए विश्व स्तरीय स्थान उपलब्ध हैं और लोग देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों से इसका लुत्फ उठाने के लिए यहां आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने विशेषकर जिले को साहसिक पर्यटन का हब बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को जिले की चारों पैराग्लाइडिंग साइट के विकास और वहां सुविधाएं बढ़ाने के लिए काम करने को कहा। ऐरो स्पोर्ट्स क्लब करेगा गतिविधियों का संचालन डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि जिले में पैराग्लाइडिंग से जुड़ी गतिविधियों के संचालन के लिए ऐरो स्पोर्ट्स क्लब बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐरो स्पोर्ट्स क्लब में पैराग्लाइडिंग ऑपरेटरों और प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मलित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐरो स्पोर्ट्स क्लब के बनने के बाद पैराग्लाइडिंग से जुड़ी सारी गतिविधियों को इसके माध्यम से रेगुलेट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऐरो स्पोर्ट्स क्लब के माध्यम से पैराग्लाइडिंग गतिविधियों के संचालन में सभी नियमों की अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई उपायुक्त ने पैराग्लाइडिंग ऑपरेटरों को निर्देश दिए कि पैराग्लाइडिंग की उड़ाने निर्धारित समय पर ही की जाएगी। उन्होंने कहा कि बहुत बार देखने में आया है कि पैराग्लाइडिंग पायलट उड़ान के लिए मनमर्जी करते हैं और निर्धारित समय के अवाला भी उड़ान भरते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ पायलट खराब मौसम में भी उड़ान भरते हैं। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पायलट निर्धारित उड़ानों से ज्यादा उड़ान न भर सके। उपायुक्त ने कहा कि जो भी ऑपरेटर या पायलट नियमों का उल्लंघन करते हुए लोगों की जान खतरे में डालते हैं, उसके विरुद्ध नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आर्थिक दंड के अलावा लाइसेंस तक रद्द किए जाएंगे। मार्शलों की तैनाती हो सुनिश्चित उपायुक्त ने कहा कि पैराग्लाइडिंग साइट्स पर मार्शल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी दिनों में धर्मशाला के नरवाणा में होने वाले प्री-पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप में उपयुक्त मार्शलों की तैनाती की जाए। उन्होंने कहा कि नियमानुसार मार्शलों की तैनाती आवश्यक है, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके तथा त्वरित कार्रवाई को अंजाम दिया जा सके। जिले में हैं 14 पंजीकृत पैराग्लाइडिंग संचालन इकाइयां कांगड़ा जिले में 14 पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन अथवा संचालन इकाइयां, 346 पायलट और 387 पैराग्लाइडिंग इक्यूप्मेंट पंजीकृत हैं। पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन अथवा संचालन इकाइयों में 8 बीड़ बिलिंग में, 4 इंद्रुनाग में, तथा एक-एक नरवाणा और मझीण में कार्यशील हैं।
विधायक संजय रत्न ने ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। इस बाबत ज्वालामुखी विश्राम गृह में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विधायक संजय रत्न ने कहा कि ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र को विकास की दृष्टि से मॉडल विस क्षेत्र के रूप् में पूरे राज्य में विकसित किया जाएगा, विकास में धन की कमी किसी भी स्तर पर आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने विकास कार्यों को समयबद्व पूरा करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि लोगों से किये वायदों को पूर्ण करना उनकी जिम्मेवारी है और चरणबद्ध इन्हें पूरा किया जा रहा है। विधायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य तथा शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं ताकि गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके। विधायक संजय रत्न ने कहा कि समाज सेवा उनका ध्येय है तथा जब भी ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने उनको अपना आशीर्वाद दिया है, तब तब विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी है। ज्वालामुखी में उपमंडल कार्यालय, महाविद्यालय से लेकर कई विकास की योजनाएं इस विस क्षेत्र के लिए स्वीकृत करवाई हैं। विधायक ने कहा कि लोगों के घरद्वार जाकर समस्याओं सुनना और उनका समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक संवेदनशील सरकार है जो, गांव, गरीब और प्रदेश के लोगों के लिये समर्पण भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं का त्वरित निदान सुनिश्चित करने के लिए भी विभागीय अधिकारी तत्परता के साथ कार्य करें, ताकि लोगों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं हो। इस अवसर पर एसडीएम संजीव शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
पौधों में क्वारंटाइन के महत्व और स्वच्छ रोपण सामग्री की अवधारणा पर जागरूकता बढ़ाने के लिए डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के स्नातक कार्यक्रम के प्रायोगिक शिक्षण प्रोग्राम के छात्रों के लिए पोस्ट एंट्री क्वारंटाइन पर एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन बुधवार को आयोजित किया गया। शिविर का आयोजन एनएएचईपी आईडीपी के सहयोग से विश्वविद्यालय के पादप रोग विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष और आईडीपी के प्रधान अन्वेषक डॉ. केके रैना इस अवसर पर मुख्य अतिथि रहे। प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पादप रोग विज्ञान विभाग की प्रोफेसर और हैड डॉ. सुनीता चंदेल ने कहा कि पोस्ट एंट्री क्वारंटाइन का महत्व और अधिक बढ़ गया है क्योंकि हर साल बड़ी मात्रा में पौधों का आयात किया जा रहा है जिससे नए कीटों और वायरस के आने का खतरा हो सकता है। कार्यशाला के महत्व पर बोलते हुए डॉ. अनिल हांडा ने कहा कि पौधों के संगरोध में सबसे बड़ी चुनौती प्रवेश के बाद क्वारंटाइन है और इसलिए विश्वविद्यालय न केवल संबंधित विभागों के अधिकारियों बल्कि संकाय और विद्यार्थी के बीच भी इस विषय पर जागरूकता लाने का निरंतर प्रयास कर रहा है। छात्रों को संबोधित करते हुए डॉ. केके रैना ने विश्वविद्यालय के ईएलपी छात्रों के बीच प्लांट क्वारंटाइन और स्वच्छ रोपण सामग्री के बारे में जागरूकता बढ़ाने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि पोस्ट एंट्री क्वारंटाइन भविष्य में कृषि स्नातकों के लिए आकर्षक नौकरी और व्यवसाय के अवसर प्रदान कर सकता है। डॉ. रैना ने कहा कि पौधों से नई बीमारियां जैव सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हैं और आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए इसे प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए सख्त उपायों की आवश्यकता है। उन्होंने छात्रों से नए विचारों और अवधारणाओं के प्रति अनुकूलनशील बनने का आह्वान किया ताकि उन्हें सफल उद्यमों में परिवर्तित किया जा सकता है। उन्होंने आयोजकों से नेरी और थुनाग में विश्वविद्यालय के घटक कॉलेजों के छात्रों के लिए इसी तरह की कार्यशालाएं आयोजित करने का भी अनुरोध किया।
-नगरोटा स्कूल के वार्षिक उत्सव में मेधावी छात्रों को किया पुरस्कृत पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि नगरोटा बगबां क्षेत्र को शिक्षा के हब के रूप में विकसित किया जाएगा इस के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं ताकि नगरोटा क्षेत्र के बच्चों को घर के नजदीक ही उच्च शिक्षा सुविधाएं मिल सकें। बुधवार को सीनियर सेकेंडरी स्कूल नगरोटा बगबां के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह तथा एनएसएस के समापन शिविर में बतौर मुख्यातिथि पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोल रही है। नगरोटा बगबां में भी डे बोर्डिंग स्कूल के लिए भूमि चयनित कर ली गई है। उन्होंने कहा कि विकास पुरूष जीएस बाली ने नगरोटा विस क्षेत्र में इंजीनियरिंग कालेज, आईटीआई तथा महाविद्यालय जैसी संस्थाएं खुलवाकर नगरोटा के बच्चों के शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के सार्थक प्रयास किए हैं तथा उनके द्वारा आरंभ किए गए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए तत्परता के साथ कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जीवन में कामयाबी के लिए दृढ़संकल्प और मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। सबसे पहले जीवन में अच्छा इंसान बनना चाहिए और फिर समाज को वापिस देना भी सीखना चाहिए। असफलता से ही सफलता का रास्ता निकलता है और युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। इससे पहले पिं्रसिपल दीपक मनु ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए वार्षिक गतिविधियों का ब्योरा भी दिया। इसके साथ ही पाठशाला में आयोजित सात दिवसीय एनएसएस शिविर के बारे में कार्यक्रम अधिकारी संगीता महाजन व महेश्वर सिंह ने एनएसएस शिविर के बारे में मुख्य अतिथि को विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। मुख्यातिथि ने बच्चों को पुरस्कार वितरित किए।
उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा कांगड़ा द्वारा जेबीटी के विभिन्न पदों को बैच वाइज भरने के लिए 20 नवंबर से काउंसलिंग की शुरूआत की जाएगी। उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा मोहिंद्र कुमार धीमान ने बताया कि काउंसलिंग का आयोजन नर्सरी मिडल स्कूल धर्मशाला में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा से संबंध रखने वाले पात्र अभ्यर्थी जिनका नाम संबंधित रोजगार कार्यालय में दर्ज हो, इस प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। वर्ग अनुसार तिथि निर्धारित उक्त काउंसलिंग 166 पदों के लिए वर्ग अनुसार होगी। उन्होंने बताया कि सामान्य वर्ग से संबंध रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए 20 नवंबर, ओबीसी के लिए 21 नवंबर तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए 22 नवंबर की तिथि निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी अपने वर्ग अनुसार नर्सरी मिडल स्कूल धर्मशाला में काउंसलिंग में भाग ले सकते हैं। यह रहेगी पात्रता उन्होंने बताया कि साक्षात्कार में भाग लेने के लिए उम्मीदवार का नाम संबंधित रोजगार कार्यालय में दर्ज होना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस चयन प्रक्रिया में आर एंड पी नियमों के तहत निर्धारित योग्यता पूर्ण करने वाले अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त अभ्यर्थी जेबीटी, डीएड, डीएलएड, बीएड, डीएसई समकक्ष हो तथा टेट पास हो। वेबसाइट में उपलब्ध है पूर्ण जानकारी उन्होंने बताया कि आवेदन प्रपत्र, आवश्यक दस्तावेजों, शैक्षिणिक योग्यता व बायोडाटा फार्म की जानकारी जानकारी उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा कांगड़ा स्थित धर्मशाला की वेबसाइट पर उपल्बध है। उन्होंने बताया कि प्रार्थी बायोडाटा फार्म इस कार्यालय की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं तथा किसी भी प्रकार की अन्य जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 01892-223155 पर किसी मी कार्य दिवस में संपर्क कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश विवि में बीएड प्रथम सत्र के प्रशिक्षुओं के लिए इंडक्शन कार्यक्रम के तृतीय दिवस पर डॉ. किरन लता डंगवाल, सह आचार्य शिक्षा लखनऊ विश्वविद्यालय मुख्य वक्ता रहीं। किरन लता ने भविष्य के लिए शिक्षा को नया स्वरूप देना विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की शिक्षा सबसे असाधारण चुनौतियों का सामना कर रही है। तकनीकी शिक्षकों को व्यक्तिगत छात्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए निर्देश तैयार करने के नए तरीके प्रदान करती है। डॉ. कनिका हांडा, सहायक आचार्य ने संयोजक की भूमिका का निर्वहन किया। द्वितीय तकनीकी सत्र के वक्ता डॉ. राकेश कुमार रहे। उन्होंने भारत में शिक्षा व्यवस्था के विकासात्मक चरणों की उदाहरण सहित व्याख्या की। विभाग के शोधार्थी ललित कुमार ने विभागीय गतिविधियों और विस्तार गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की। अंतिम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. चमन लाल बंगा ने की। उन्होंने डिजिटल शिक्षा नवोन्मेषी शिक्षाशास्त्र के लिए मार्गदर्शिका पर अपना व्याख्यान दिया एवं बीएड प्रशिक्षुओं से पृष्ठपोषण प्राप्त किया।
पाइनग्रोव स्कूल के वार्षिक समारोह-2023 के दूसरे दिन का आगाज सभागार 'द कलोजियम' में मुख्य अतिथि विधायक विनोद सुल्तानपुरी की गरिमामय उपस्थिति के साथ हुआ। सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा की पहली प्रस्तुति 'पाइरेट्स ऑफ द कैरेबियन सी' और 'माई हार्ट विल गो ऑन' दर्शकों को गहरे समुद्र की संगीतमय यात्रा पर ले गई। इसके पश्चात अनेक दर्शकों के पसंदीदा गायक बॉब डायलन के ' नॉकिंग ऑन हैवन्स डोर' गीत पर सभी की जुबां गुनगुनाने लगी। बॉब डायलन के ' नॉकिंग ऑन हैवन्स डोर' गीत के पश्चात अपनी नाट्य कला से सभी को अचंभित करते हुए कक्षा एक से पांच के छात्रों द्वारा रस्किन बॉन्ड की सुप्रसिद्ध कृति 'द ब्लू अंबरेला' को न्यायसंगत अभिनय के साथ प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं और सिद्ध कर दिया कि अभिनय उम्र के बंधनों से परे है। इस प्रस्तुति के पश्चात अहंकार एवम सत्ता के लालच को दर्शाता नृत्य नाटक 'भस्मासुर' प्रस्तुत किया गया, जिसमें दर्शक, मुख्य अतिथि, अभिभावक एवम अन्य दर्शक एकटक देखते रह गए कि नृत्य के रूप में किस कुशलता से एक कहानी को बखूबी दर्शकों के दिलों में उतारा गया। कार्यक्रम की अगली कड़ी भावुक थी जिसमें हिमाचल प्रदेश में हाल ही में आई बाढ़ त्रासदी के दुखद क्षण स्मरण हो आए। पाइनग्रोव स्कूल के विद्यार्थियों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों एवम कर्मचारियों द्वारा हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री राहत कोष में बाढ़ त्रासदी की क्षतिपूर्ति हेतु ग्यारह लाख धनराशी का चैक पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निदेशक कैप्टन एजे सिंह के कर कमलों द्वारा मुख्य अतिथि को सुपुर्द किया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि नें अपना सम्बोधन प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने पाइनग्रोव द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, समाज के प्रति उन्हें संवेदनशील बनाने एवम अद्भुत सुविधाओं के लिए खूब सराहा। विदित हो कि कोविडके समय भी पाइनग्रोव स्कूल द्वारा डीसी सोलन एवं मुख्यमंत्री राहत कोष में अलग-अलग बहुत बड़ी धनराशी का सहयोग दिया गया था। कार्यक्रम के पश्चात, भोजनोपरांत कक्षा 1-5 के विद्यार्थी आउट पास लेकर दिवाली अवकाश पर चले गए।
-विधायक ने 16 करोड़ से बनने वाले रिहायशी भवनों का किया शिलान्यास पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज टांडा को उत्कृष्ट मेडिकल कालेज के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि रोगियों को उपचार की बेहतर सुविधाएं मिल सकें इसके साथ टांडा मेडिकल कालेज के चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को ठहरने के लिए उचित व्यवस्था भी जा रही है। बुधवार को टांडा मेडिकल कालेज में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष व पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) आरएस बाली कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त रिहायशी भवन (टाइप- 5 और टाइप- 4) का शिलान्यास किया। टाइप 5 रिहायशी पर 12.5 करोड रुपए की राशि खर्च होगी और टाइप 4 पर 3.5 करोड रुपए की राशि व्यय की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में व्यवस्था परिवर्तन की ओर अग्रसर हिमाचल सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार धरातल पर स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत कर सभी के लिए बेहतर और सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कर रही है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य मुख्यमंत्री द्वारा अपने पहले बजट में की गई घोषणा के अनुरूप प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से 'आदर्श स्वास्थ्य संस्थान' स्थापित करना है। आरएस बाली ने कहा स्वास्थ्य विभाग को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश भर में ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थानों का मजबूत ढांचा विकसित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों को तैनात करने और अत्याधुनिक उपकरणों को अपग्रेड करने की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करने के साथ-साथ, राज्य भर के मुख्य अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों में उन्नत तकनीक का समावेश किया जाएगा। चिकित्सा महाविद्यालयों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की बढ़ोतरी से मरीजों को उपचार के लिए पहले की अपेक्षा कम प्रतीक्षा करनी होगी। इस अवसर पर टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य भानु अवश्थी, स्वास्थ्य सुपरिटेंडेंट मोहन सिंह ,अधिशासी अभियंता आईपीएच सुरेश वालिया, कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रताप रियाड़, चिकित्सक और प्रशिक्षु डॉक्टर मौजूद रहे। 40 लाख से निर्मित पुल का किया लोकार्पण पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली बगबां नगरोटा इंडस्ट्रियल एरिया में चोर नाला पर 40 लाख रुपये की राशि से निर्मित पुल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आरएस बाली ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की सुविधा के लिए सड़क संपर्क को मजबूत करने पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर रही है। कहा कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत प्रदेश में सड़कें लोगों की जीवन रेखा कही जाती हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सड़क निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा इन सड़कों का निर्माण कार्य समयबद्ध पूरा करने के भी निर्देश दिए, ताकि लोगों को सड़क सुविधा का लाभ समय पर मिल सके। हिमाचल प्रदेश में पहली बार सड़कों का निर्माण फुल डेप्थ रेक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनने वाली सड़कों में इस तकनीक का उपयोग करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
सहायक अभियंता विद्युत उपमंडल सांगला सुधीर नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 केवी करच्छम-रूकती फीडर में मरम्मत कार्य के चलते सांधला-3, केतरा, बारचो, रूकती, आजाद कश्मीर, सांगला-कण्डा उपकेंद्रों में 9 नवंबर को प्रात: 10 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि यदि खराब मौसम के कारण कार्य पूर्ण नहीं होता है तो अगले दिन भी विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने विद्युत आपूर्ति की असुविधा के चलते जनसाधारण से सहयोग की अपील की है।
-मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा रहे मुख्य अतिथि यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (यूआईटी) शिमला का वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव 'उत्कर्ष-2023' का आज यहां शुभारंभ हुआ। उत्सव के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा ने विद्यार्थियों को किया संबोधित किया, उन्होंने अपने जीवन के अनुभव और संघर्ष को साझा किया और छात्रों को प्रेरित करने के लिए गौतम बुद्ध और स्वामी विवेकानंद का उदाहरण दिया। उन्होंने आगे कहा कि यूआईटी को विभिन्न गतिविधियों के लिए एक अलग खेल का मैदान और स्थान मिलेगा क्योंकि खेल किसी के व्यक्तित्व के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का उदाहरण दिया उन्होंने कहा कि किसी की विनम्र पृष्ठभूमि जीवन में सफलता की राह में कभी बाधा नहीं बननी चाहिए। प्रो. राजिंदर वर्मा, प्रति-कुलपति ने तकनीकी कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए बधाई दी और सांस्कृतिक उत्सव के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि विश्वविद्यालय बुनियादी ढांचे के विकास और अलग छात्रावास की आवश्यकता के लिए यूआईटी को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगा। इससे पहले निदेशक यूआईटी प्रोफेसर एजे सिंह ने सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। अपने संबोधन में सभी छात्रों को न केवल शैक्षणिक बल्कि सह-पाठ्यचर्या संबंधी गतिविधियों में भी उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने राष्ट्र के निर्माण में इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित किया।
-विभिन्न खेल गतिविधियों में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा -प्राथमिक वर्ग की मनोरंजक खेलें रहीं पहले दिन का आकर्षण एसवीएन स्कूल कुनिहार में प्रधानाचार्य पद्मनाभम की अध्यक्षता में दो दिवसीय स्पोर्ट्स मीट का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ गर्ल्स स्कूल उच्चा गांव की प्रिंसिपल दीपिका शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि किया। मीट के पहले दिन का आकर्षण प्राथमिक वर्ग की मनोरंजक खेलें रहीं, जिनमें जलेबी रेस, बनाना रेस, हुला-हुप, कलेक्ट द बॉल, स्मार्ट स्प्रिंग प्रमुख थीं। इन सभी खेलों में विद्यार्थियों ने बड़े ही उत्साह के साथ भाग लिया। वहीं, स्कूल चेयरमैन टीसी गर्ग ने बताया कि हर विद्यार्थी के जीवन में जितना महत्व शिक्षा का होता है, उतना ही खेलों का भी है। खेलों से विद्यार्थियों का शारीरिक व मानसिक दोनों तरह का विकास होता है, इसलिए हर विद्यार्थी को खेलों में भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसवीएन स्कूल शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों की सेहत के लिए हमेशा अग्रसर रहता है और इस तरह के आयोजन करवाता रहता है।


















































