राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कफोटा में 5 नवंबर को प्रात: 9 बजे से 4 बजे तक निशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया जा रहा है इस चिकित्सा शिविर का शुभारम्भ उद्योग, संसदीय कार्य एवम् आयुष मंत्री हर्षवर्धन चौहान द्वारा किया जायेगा। रोटरी क्लब पांवटा साहिब की अध्यक्षा कविता गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया की यह निशुल्क चिकिस्ता शिविर उद्योग मंत्री के आदेशानुसार सीएसआर के अंतर्गत विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की सहायता एवं सहयोग से क्षेत्र वासियों की सुविधा के लिए आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस शिविर में मुख्यत: विशेषज्ञ डॉक्टरों के द्वारा क्षेत्र के लोगों का मुफ्त प्रशिक्षण किया जायेगा तथा निशुल्क दवाईयों का वितरण किया जायेगा। शिविर के दौरान आंखों की जांच तथा चश्मों का मुफ्त वितरण, महिलाओं में कैंसर की जांच मैमोग्राफी मशीन द्वारा की जायेगी। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायतों द्वारा चिन्हित दिव्यांगों को व्हीलचेयर, बैशाखियों इत्यादि भी वितरित की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों व नज़दीकी ग्राम पंचायतो के लोगों से इस निशुल्क चिकित्सा शिविर में बढ़ चढ़ कर भाग लेने की अपील की ।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने मंडी जिला के करसोग में एक निजी वाहन के दुर्घटना में मारे गए पांच लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोकग्रस्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना भगवान से करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। प्रतिभा सिंह ने मंडी जिला प्रशासन से प्रभावित परिवारों की हर सम्भव मदद देने को कहा है।
-अलसिंडी के समीप हुई दुर्घटना में 6 लोग घायल -जसल से गाड़ी में सवार होकर किसी कार्यक्रम में अलसिंडी जा रहे थे लोग शिमला-करसोग सड़क पर शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया है। इस हादसे में चार महिलाओं सहित पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। वहीं, अन्य 6 गंभीर रूप से घायल हुए है। हादसा करसोग उप मंडल के अलसिंडी के समीप हुआ है। जहां एक टाटा सूमो गाड़ी सड़क हादसे की शिकार हो गई। हादसे के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मृतकों के शवों को अपने कब्जे में ले लिया, वहीं हादसे में घायल हुए लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मिली जानकारी के अनुसार जसल के ये लोग टाटा सूमो में सवार होकर अलसिंडी में किसी कार्यक्रम में जा रहे थे। अलसिंडी के पास चालक अचानक गाड़ी से नियंत्रण खो बैठा और टाटा सूमो सड़क से लुढ़ककर गहरी खाई में जा गिरी। वहीं, मामले की सूचना मिलने के तुरंत बाद करसोग पुलिस स्टेशन के एसएचओ मोहन जोशी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर जांच में जुट गए। थाना प्रभारी करसोग ने बताया कि पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है।
राज्य विद्युत बोर्ड पेंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन की कुनिहार उप इकाई की मासिक बैठक इकाई प्रधान ई. रत्न तनवर की अध्यक्षता में आज कुनिहार में संपन्न हुई। इसमें करीब 45 सदस्यों ने भाग लिया। सबसे पहले इकाई सदस्य स्व . सुंदर सिंह की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया गया तथा 2 मिनट का मौन रख कर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की गई। उसके उपरांत इकाई में नए शामिल हुए सदस्यों का हार पहनाकर स्वागत किया गया । बैठक में इकाई प्रधान ने सभा की केंद्रीय कार्यकारिणी द्वारा समय समय पर पेंशनर्ज हित में उठाए गए कदमों की जानकारी हाउस को प्रदान की, जिसका सभी ने तालिया बजा कर स्वागत किया। बैठक में बोर्ड से मांग की गई कि पेंशनर्ज का बकाया संशोधित वेतन का एरियर तथा मंहगाई भत्ते को 8 प्रतिशत बकाया दो किस्तों का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने बोर्ड से आग्रह किया कि हमारी स्टेट बॉडी के साथ जल्द बैठक करके अन्य मांगों को जल्दी माना जाए। बैठक में सभी पैन्शनर्ज से वर्ष 2023-24 केलिए जीवन प्रमाण सर्टीफीकेट भी भरवाए गए जो कि इसी माह में बोर्ड कार्यालय में जमा करवा दिए जाएगे । बैठक में प्रधान के अलावा आरएन कश्यप, रुपेेेंद्र कौशल, दलबीर सिंह, संतराम कश्यप, सुरेश शर्मा, हेमचंद, देवी सिंह, आरपी तनवर, राम प्रकाश ठाकुर, बाल चंद्र शर्मा रामदास तनवर, सोहन लाल, देवी चंद, गोपाल गर्ग, ओम प्रकाश, ललित सेन, परमानंद, भूपेेंद्र पाठक, सुनील कुमार, राजेश कुमार, रोशन लाल, राजेंद्र कुमार, शीश राम, रूपरामपाल, कृष्ण चंद आदि सदस्यों ने भाग लिया।
जिला सोलन पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन की आपात बैठक 8 नवंबर प्रात: 11 बजे बरोटीवाला में पतराम की आरा मशीन के समीप बैठक हॉल में रखी गई है। संगठन के जिला मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने बताया कि संगठन के जिला अध्यक्ष केडी शर्मा तथा जिला महासचिव जगदीश पंवर ने जिला कार्यकारिणी के तमाम पदाधिकारियों व जिला की सभी यूनिटों के प्रधान, महासचिव और अन्य कार्यकारणी सदस्यों से अपील की है कि इस आपात बैठक में सभी अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें। बैठक में पेंशनरों के कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा व विचार-विमर्श कर अगली रणनीति तैयार की जाएगी।
-प्रदेश सरकार 9900 करोड़ का संशोधित नोट तक केंद्र सरकार को भेज चुकी -प्राकृतिक आपदा का क्लेम केंद्र सरकार से न मिलने के लिए हिमाचल भाजपा दोषी उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्राकृतिक आपदा पर राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए भाजपा को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने शुक्रवार को प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा कि आपदा के क्लेम के 4950 करोड़ रुपये केंद्र सरकार से न मिलने के लिए हिमाचल भाजपा दोषी है। भाजपा नेताओं की वजह से ही केंद्र ने यह राशि रोकी हुई है। आपदा से नुकसान का 6746 करोड़ रुपये का पहला क्लेम नोट हिमाचल सरकार ने 10 अगस्त को केंद्र सरकार को भेज दिया था। उसके बाद 9900 करोड़ रुपये का संशोधित क्लेम नोट 10 अक्तूबर को भेजा गया है। उप मुख्यमंत्री व राजस्व मंत्री ने कहा कि कुल क्लेम का 50 फीसदी यानि 4950 करोड़ रुपये हिमाचल प्रदेश का हक बनता है। यह राशि केंद्र सरकार को तुरंत जारी करनी चाहिए ताकि लोगों के पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके। मुकेश अग्निहोत्री व जगत सिंह नेगी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अभी तक क्लेम का एक पैसा भी केंद्र सरकार ने हिमाचल को नहीं दिया है। केंद्र की तीन टीमें अब तक प्रदेश में आकर बाढ़ व भारी बारिश से हुए नुकसान का आंकलन कर लौट चुकी हैं। क्लेम की राशि प्रदेश का अधिकार है, यह प्राकृतिक आपदा आने पर सभी राज्यों को मिलता है, इसे राजनीतिक आधार पर नहीं रोका जा सकता। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल में आई आपदा को न तो राष्ट्रीय आपदा घोषित किया गया और न ही इस आपदा से उबरने के लिए कोई विशेष राहत पैकेज दिया गया। आपदा प्रभावित हिमाचल प्रदेश की जनता अब विशेष राहत पैकेज की मांग भी नहीं कर रही, बल्कि हिमाचल को 4950 करोड़ रुपये मिलने चाहिए जो हिमाचल प्रदेश का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल भाजपा के नेता इस धनराशि को जारी नहीं होने दे रहे हैं। इसी तरह से बिजली कंपनियों से वाटर सेस लेने के लिए बार-बार रोका जा रहा है, केंद्र सरकार पत्र जारी कर रही है, उससे स्पष्ट है कि भाजपा नेताओं को हिमाचल प्रदेश की जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं है। उप मुख्यमंत्री व राजस्व मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा का क्लेम रुकवाकर भाजपा ने अपना असली चेहरा जनता के सामने ला दिया है। प्रदेश के लोग समय आने पर भाजपा को सबक सिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। भाजपा नेताओं के कारनामों से साफ हो गया है कि उन्हें आपदा प्रभावितों से कोई सहानुभूति नहीं है, उनका मूल उद्देश्य केवल और केवल राजनीति करना ही है।
-भुंतर के पंचायत समिति सदस्य प्रशिक्षण वर्ग में बोले पूर्व मुख्यमंत्री - केंद्र सरकार की योजनाओं को घर तक पहुंचाएगी भाजपा - लोकसभा चुनाव में इस बार टूटेगा पिछला रिकॉर्ड -हिमाचल की कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर फेल, एक भी वादा नहीं निभाया नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के भले के लिए हम जान देने के लिए तैयार हैं। जो आज कुछ भी बोल रहे हैं उन्हें याद रखना चाहिए कि हिमाचल के लिए हमने हमेशा संघर्ष किया है। उन्होंने कि सरकार में बैठकर लोगों को बेसिक पैर की बात नहीं करनी चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल को ज़्यादा से ज़्यादा सहयोग मिले इसके लिए हमने खूब प्रयास किए हैं। हमारे प्रयासों का नतीजा है कि केंद्र से आर्थिक सहयोग आया और उससे राज्य सरकार आपदा राहत पैकेज दे रही है। नेता प्रतिपक्ष ने यह बातें कुल्लू के भुंतर में पंचायत समिति के प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में कही। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दस महीने से ज़्यादा के कार्यकाल में पूरी तरह नाकाम हो गई है। प्रदेश भर में लोग हर जगह सरकार के विरुद्ध सड़कों पर आ रहे हैं। मात्र दस महीनें के कार्यकाल में ही सचिवालय के बाहर रोज़ धरने हो रहे हैं। यह धरने कांग्रेस के द्वारा चुनाव जीतने के लिए बोले गए झूठ का परिणाम है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश के लोकतंत्र में पंचायत की इकाई सबसे महत्वपूर्ण है। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता ही पार्टी की ताक़त हैं। आने वाले लोक सभा चुनाव में देश, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से जनादेश देने जा रहा हैं। इस बार के लोकसभा चुनाव पिछली बार के सारे रिकॉर्ड भी टूट जाएंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी एक-एक देशवासी तक केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री द्वारा चलाई जा रही जनहित की योजनाओं को पहुंचाएगी। सरकार द्वारा समाज के हर वर्ग के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिससे देश के हर वर्ग का समुचित विकास हो सके। हर बूथ और हर पंचायत से बीजेपी को मज़बूत बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मज़बूत करना है। यह बातें जयराम ने कुल्लू के भुंतर में पंचायत समिति सदस्य के प्रशिक्षण वर्ग में कहीं। इस मौक़े पर उनके साथ प्रदेश महामंत्री बिहारी लाल शर्मा, बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, बीजेपी नेत्री धनेश्वरी ठाकुर, ज़िलाध्यक्ष अरविंद चंदेल, पूर्व बीजेपी ज़िलाध्यक्ष भीमसेन, नगर पंचायत भुंतर की अध्यक्ष मीना शर्मा समेत अन्य पंचायत समिति सदस्य व कार्यकर्ता उपस्थित थे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस आपदा में सरकार ने आपदा प्रभावितों के ज़ख्मों को हरा करने का काम किया है। इस सरकार के तुगलकी फ़ैसलों की वजह से लोगों की आपदा से निपटने की कोशिशें भी परवान नहीं चढ़ पा रही हैं। सरकार में आने के बाद फिर आपदा आने के बाद डीज़ल के दाम बढ़ा दिये। सीमेंट के दाम बढ़ा दिये। आपदा राहत के लिए काम में आने वाली सारी चीजें महंगी हो गई। अब क्रशर बंद कर दिया और लोगों को भवन निर्माण से जुड़ी सामग्री ढूंढे नहीं मिल रही है। रेता-बजरी जैसे अत्यंत आवश्यक वस्तुएं आज बाज़ार में तीन गुना महंगी मिल रही हैं। ऐसे में आपदा में अपना सब कुछ खो चुके लोग घर कैसे बनायेंगे। आपदा से तहत नहस हो चुका पर्यटन का कारोबार सरकार के 'विशेष पथ करÓ जैसी तानाशाही योजना की वजह से उबर नहीं पा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि सरकार जनहित में फ़ैसले ले जनविरोध में नहीं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वर्तमान की कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर नाकाम है। चुनाव जीतने के लिए प्रदेश के लोगों से झूठ बोला। सरकार बन जाने के बाद एक भी वादे को पूरा नहीं किया। यह सरकार सिफ़र् हमारी सरकार के समय किए कामों को बंद करके लोगों को परेशान करने का काम कर रही है। इस तरह से काम नहीं चलेगा। प्रदेश के लोग लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के इस झूठ का जवाब देने के लिए तैयार है।
-पीड़ितों के लिए न्याय और एक सुरक्षित परिसर की उठाई मांग एसएफआई की राज्य कमेटी ने आईआईटी बीएचयू के दो स्टूडेंट्स पर हमला व छात्रा का यौन उत्पीड़न करने के खिलाफ गहरा रोष प्रकट किया है। बता दें कि पिछले कल लगभग 2 बजे आईआई टीबीएचयू के दो छात्रों पर परिसर के अंदर मोटरसाइकिल पर तीन गुंडों द्वारा हमला किया गया। गुंडों ने कथित तौर पर परिसर के अंदर बंदूक की नोक पर छात्र के साथ मारपीट की और महिला छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया। छात्र इस जघन्य अपराध और प्रशासन द्वारा दिखाई गई असंवेदनशीलता और उदासीनता के विरोध में सामने आए हैं और पीड़ितों के लिए न्याय और एक सुरक्षित और समावेशी परिसर की मांग कर रहे हैं। यह कोई अकेली घटना नहीं है जो बीएचयू में घटी हो। परिसर में यौन उत्पीड़न के ऐसे ही मामले पहले भी सामने आए हैं, जहां छात्र समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किया और महिला छात्रों के लिए एक सुरक्षित और अधिक समावेशी परिसर की मांग की। पिछले कुछ वर्षों में यौन उत्पीड़न की कई घटनाओं के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन जीएसकैश की स्थापना जैसे प्रभावी माध्यमों से छात्रों की सुरक्षा और विश्वविद्यालय में लैंगिक संवेदनशीलता पर काम करने में विफल रहा है। इस जघन्य अपराध के अपराधी बाहरी लोग थे जो देर रात अपनी मोटरसाइकिल पर विश्वविद्यालय में दाखिल हुए थे। इससे उत्तर प्रदेश राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति स्पष्ट होती है, जहां सरकार द्वारा गुंडों और अपराधियों को बिना किसी प्रभाव के महिलाओं के खिलाफ आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की छूट दी जाती है। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) आईआईटी-बीएचयू में प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ एकजुटता से खड़ा है और मांग करता है कि उत्तर प्रदेश सरकार दोषियों को गिरफ्तार करे और उनके खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करे। एसएफआई देश भर के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में यौन उत्पीड़न के खिलाफ लिंग संवेदनशील कमेटी के गठन (जीएसकैश) की मांग करता है।
-कहा, 4 से 7 नवंबर होगा फिल्म फेस्टिवल का आयोजन जिला मुख्यालय धर्मशाला पिछले कुछ वर्षों से एक इवेंट सिटी के रूप में अपना स्थान न केवल देश बल्कि विश्व पटल में बना रहा है। पूर्व में हुए कईं महत्वपूर्ण आयोजनों के बाद अब 4 नवंबर से 7 नवंबर तक धर्मशाला में फिल्म फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने आज वीरवार को इवेंट के आयोजकों से फिल्म फेस्टिवल की तैयारियों को लेकर हुई मंत्रणा के बाद दी। उपायुक्त ने आयोजकों को फिल्म फेस्टिवल के आयोजन के लिए प्रशासन द्वारा हर संभव सहयोग उपलब्ध करवाने की बात कही। पर्यटन राजधानी को देगा मजबूती उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिला कांगड़ा को राज्य की पर्यटन राजधानी बनाने की प्रतिबद्धता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन इस दिशा में कारगर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि धर्मशाला लिटरेचर फेस्टिवल, कांगड़ा वैली कार्निवल, जी20 देशों की बैठकें, देश के पर्यटन मंत्रीयों की कॉन्फ्रेंस, क्रिकेट वर्ल्ड कप के मैच, मुख्य सचिवों की बैठक जैसे कईं महत्वपूर्ण इवेंट्स का आयोजन धर्मशाला में हाल ही के वर्षों में हुआ है। उन्होंने बताया कि धर्मशाला अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के आयोजन से जिले में पर्यटन को मजबूती मिलेगी। उपायुक्त कहा कि ने फिल्म फेस्टिवल में देश ही नहीं अपितु अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्में भी शामिल की जाएंगी तथा इसमें देश-विदेश से कई लोग फेस्टिवल में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में फिल्म फेस्टिवल के आयोजन से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सभी उठा सकेंगे फिल्म फेस्टिवल का लुत्फ डीसी ने बताया कि धर्मशाला अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के नाम से विख्यात इस फिल्म फेस्टिवल का इस वर्ष 12वां एडिशन अप्पर धर्मशाला के नड्डी स्थित डल झील के समीप 'तिब्बतन चिल्ड्रेंस विलेज' में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिल्म फेस्टिवल के आयोजकों के अनुसार यह फेस्टिवल सबके लिए खुला होगा और काई भी व्यक्ति इसमें भाग ले सकता है। फिल्म मेकिंग के माध्यम से करें स्थानीय संस्कृति का प्रमोट उन्होंने कहा कि फिल्म मेकिंग और इससे जुड़े कार्यों में रूचि रखने वाले युवा इस आयोजन से बहुत कुछ सीख सकते हैं और फिल्म मेकिंग के माध्यम से अपनी स्थानीय कहानियों और कथाओं को प्रोमोट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म फेस्टिवल में बहुत से जाने-माने फिल्मकार धर्मशाला आएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनके अनुभव का लाभ लेकर स्थानीय संस्कृति को फिल्म मेकिंग के माध्यम से आगे बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए। 4 स्क्रीन में दिखाई जाएंगी 90 से अधिक फिल्में फिल्म फेस्टिवल की प्रबंधक ऋतु सरीन ने बताया कि धर्मशाला अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में इस दौरान चार सक्रीनों के माध्यम से 90 से अधिक फिल्मों को दिखाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन फिल्मों को देखने के लिए पेटीएम इनसाइडर या डीआईएफएफ डॉट सीओ डॉट आईएन से टिकट लेनी पड़ेगी। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में फिल्म फेस्टिवल से जुड़ते हुए इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
हाल ही में उप मुख्यमंत्री द्वारा शिमला से मां भंगायणी होते हुए लानी बोराड के लिए बस सेवा को हरी झंडी दिखाई गई। यह बस सेवा प्रथम दर्शन सेवा के तहत शुरू की गई, जिसका लोगों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। इस बस सेवा के शुरू होने से रोनहाट और लानी बोराड सहित साथ लगती पंचायत के लोगों में भी खुशी की लहर है। इस बस सेवा के आरंभ होने से जहां महिलाओं को 50 प्रतिशत किराए में छूट की सुविधा मिलेगी तो वहीं एचआरटीसी के अन्य डिस्काउंट कार्ड्स की सुविधा भी लोगों को उपलब्ध होगी। आपको बता दें कि इससे पहले शिमला से रोनहाट-लानी बोराड़ के लिए एचआरटीसी की कोई भी सीधी बस सेवा नहीं थी, जिससे लोगों को प्राइवेट बसों में सफर करना पड़ता था और वे एचआरटीसी बसों की सुविधा का लाभ नहीं उठा पा रहे थे। इस बस सेवा को शुरू करने के लिए लोग काफी समय से मांग उठा रहे थे, कई बार बस सेवा को शुरू करने के लिए मंत्री को ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन बसों की कमी के कारण रूट को शुरू नहीं किया जा रहा था। जैसे ही नई बसें एचआरटीसी के बेड़े में शामिल हुईं तो उसके बाद इस बस सेवा को शुरू कर दिया गया। क्षेत्रवासियों सरकार एवं विभाग का जताया आभार हरिपुरधार, जरवा, पनोग, रोनहाट और लानी बोराड के लोगों ने बस का जोरदार स्वागत किया और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित मंत्री हर्षवर्धन चौहान, एमडी एचआरटीसी, आरएम सोलन और उन सभी लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने इस बस सेवा को शुरू करवाने में अपनी भूमिका निभाई। आपको बता दें कि बस सेवा को शुरू करवाने में लानी गांव के रामलाल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर कई बार इस मांग को एमडी एचआरटीसी के समक्ष भी रखा और अब उनकी और लोगों की यह मांग सिरे चढ़ गई है। लोगों ने रामलाल का भी धन्यवाद किया है। पूरे क्षेत्र में बस सेवा के शुरू होने से खुशी की लहर है।
- डीसी, पूर्व विधायक सतपाल रायजादा, अमरजोत बेदी ने शुरू करवाया कार्य ऊना मुख्यालय की ऐतिहासिक 84 पौड़ियों के जीर्णोद्धार के कार्य जिसकी लंबे समय से मांग चली आ रही थी ,उसे जिला प्रशासन द्वारा पहल के आधार पर करवाया जा रहा है, लंबे समय से ऐतिहासिक 84 पौड़ियों की खस्ता होती हालत पर ध्यान आकर्षित किया जा रहा था । 84 पौड़ियों के महत्व को देखते हुए इनका जीर्णोद्धार किया जाए इसको लेकर लगातार मांग उठ रही थी। जिलाधीश ऊना राघव शर्मा के पास इस मांग को लेकर रिप्रेजेंटेशन भी दी गई, जिस पर कार्रवाई करते हुए जिलाधी ऊना ने लगातार इस पर प्रयास किया और अंत तक केंद्र सरकार की एजेंसी इंटेक के साथ संपर्क कर इस कार्य को आगे बढ़ाने की इच्छा शक्ति दिखाते हुए अंतत: इस काम को शुरू करवाने में सफलता प्राप्त कर ली है। इंटेक हेरिटेज स्थानों का जीर्णोद्धार करने का काम करती है। जिसमें एक्सपर्ट शामिल है ,जीर्णोद्धार कार्य में इंटेक को काफी महारत हासिल है ,इंटेक हिमाचल चैप्टर द्वारा अब इस कार्य को अपने हाथों में जिला प्रशासन के कहने पर लिया गया है ,करीब 40 लाख रुपए की राशि इस पर खर्च होगी ऐसे में जिला प्रशासन व इंटेक् मिलकर इस जीर्णोद्धार के हेरिटेज कार्य को कर रहे हैं। जिला ऊना में इंटेक् का यह पहला कार्य है जिसको लेकर इंटेक की टीम भी आशावान है, गुरुवार को 84 पोडियों पर ऐतिहासिक कार्य के शुभारंभ पर पूजा अर्चना का कार्यक्रम किया गया, जिसमें जिलाधीश राघव शर्मा, ऊना सदर के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा, नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष बाबा अमरजोत बेदी सहित गण मान्य व्यक्ति उपस्थित रहे । वहीं एसडीएम उन विश्वा देव मोहन, नगर परिषद के एसडीओ राजेंद्र सैनी भी उपस्थित रहे। इस कार्य का शुभारंभ पर जिलाधीश ऊना राघव शर्मा ने बताया कि 224 वर्ष पुरानी यह 84 पोडियां बाबासाहीब सिंह जी बेदी द्वारा बनाई गई थी, इनका अपना ऐतिहासिक महत्व है, शहर का ऐतिहासिक स्थल है ,इसी स्थल को शहर की एंट्री के लिए प्रयोग किया जाता था ।उन्होंने कहा कि इस कार्य को इंटैक्ट भारत सरकार की हेरिटेज भावनों को बेहतर करने की एजेंसी करेगी, जिसमें जिला प्रशासन द्वारा हर संभव सहयोग दिया जाएगा ।उन्होंने कहा कि जिला ऊना के इस ऐतिहासिक स्थल को ऐतिहासिक स्वरूप में बरकरार रखते हुए बेहतर करने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तीन से पांच महीने के अंदर इस कार्य को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, इतिहास की जानकारी भी लोगों को मिले और यह रमणीक स्थल बने, लोग जहां आए इसका प्रयास रहेगा। उन्होंने कहा कि इंटेक की अच्छी टीम है, स्थानीय लोगों के सहयोग से यह बेहतर काम करेगी। ऐसी मुझे उम्मीद है।उन्होंने की इसके अलावा जीर्णोद्धार के और क्या कार्य हम कर सकते हैं, इसको लेकर के भी भविष्य में चर्चा की जाएगी। वहीं पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने कहा कि जिलाधीश ऊना राघव शर्मा के प्रयासों से एक ऐतिहासिक कार्य की शुरुआत हो रही है यह अपने आप में ऐसा स्थल है जिसको बेहतर बनाने का लक्ष्य होना चाहिए और आने वाले समय में यह बेहतर स्थल के रूप में हमें देखने को मिलेगा ,इसके लिए जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना है । वहीं नगर परिषद पुर्व अध्यक्ष बाबा अमरजोत बेदी ने कहा कि उनके पूर्वजों द्वारा यह 84 पोडियां बनाई गई यह शहर का प्रवेश द्वार रहा है। उन्होंने कहा कि हमने कई बार इसका प्रयास भी किया है कि इसको बेहतर किया जाए, हमने नगर परिषद के माध्यम से भी कई बार इसका कार्य किया लेकिन अब जिलाधीश राघव शर्मा के प्रयासों से इंटेक एक अनुभव भी एजेंसी इस काम को करेगी यह खुशी का विषय है ,उन्होंने की जल्द लोगों को एक अच्छा स्थल मिलेगा। इस अवसर पर इंटेक की तरफ से उपस्थित मिताली ने कहा कि 84 पौड़ियों के कार्यों को शुरू किया जा रहा है, जितना जल्द हो सकेगा हम इस कार्य को खत्म करेंगे ,इसका ऐतिहासिक महत्व बरकरार रखा जाएगा।
-8 नवंबर को पातका से साहला मार्ग के अपग्रेडेशन कार्य का करेंगे भूमि पूजन विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया 4 नवंबर को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चुवाड़ी में चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। विभागीय प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि विधानसभा अध्यक्ष के जारी प्रवास कार्यक्रम के अनुसार वह 6 नवंबर को दोपहर बाद राइजिंग स्टार प्ले पब्लिक स्कूल चुवाड़ी के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष 7 नवंबर को चंबा में राहत, पुनर्वास एवं पुन: बहाली कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। दोपहर बाद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मैहला के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता करेंगे। 8 नवंबर को विधानसभा अध्यक्ष पातका में सिहूंता - लाहडू मार्ग सीआरआईएफ परियोजना अपग्रेडेशन के भाग पातका से साहला का भूमि पूजन करने के साथ जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
आईजीएमसी के दो सौ के लगभग सफाई, वार्ड अटेंडेंट, सुरक्षा कर्मी, स्टाफ नर्सों, डेटा एंट्री ऑपरेटरों, मैस कुकों व हेल्परों, लैब टेकनिशियनों व अन्य कोविड कर्मियों तथा 20 सुरक्षा कर्मियों को नौकरी से बाहर रखने के मुद्दे पर मजदूर संगठन सीटू के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने श्रम विभाग शिमला पर दो घंटे तक जोरदार मौन प्रदर्शन किया। इस दौरान सीटू प्रतिनिधियों व श्रमायुक्त की बैठक हुई जिसमें उप श्रमायुक्त, श्रम अधिकारी व श्रम निरीक्षक मौजूद रहे। सीटू ने आरपार की लड़ाई का एलान किया है। सीटू ने चेतावनी दी है कि अगर नौकरी से निकाले गए सुरक्षा कर्मियों व कोविड कर्मियों को न्याय न मिला तो आंदोलन उग्र होगा। आंदोलन की अगली कड़ी में जेल भरो आंदोलन, गिरफ्तारियां, चक्का जाम, ओक ओवर व सचिवालय मार्च होगा। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, रमाकांत मिश्रा व जिला कोषाध्यक्ष बालक राम ने आईजीएमसी मसले पर श्रमायुक्त से हस्तक्षेप करके मजदूरों को न्याय देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी से दो सौ कोविड योद्धाओं को रोज़गार से बाहर करना मानवता को शर्मसार करने की घटना है। उन्होंने कहा कि 20 सुरक्षा कर्मियों के नौकरी से बाहर करना देश के कानून का गला घोंटना है। उन्होंने कहा कि सिक्योर गार्ड को दिए गए सुरक्षा कर्मियों के ठेके में महाघोटाला है। उन्होंने कहा कि इस घोटाले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। टेक्निकल बिड इवैल्यूएशन के 70 अंकों के आधार पर सिक्योर गार्ड कम्पनी ठेके के लिए एप्लाई करने के लिए भी पात्र नहीं थी क्योंकि उसके 70 में से शून्य अंक हैं। ठेके के लिए वर्ष 2019 से हर साल इनकम टैक्स रिटर्न भरना अनिवार्य था परंतु कंपनी सितंबर 2020 में बनी तो फिर इसने वर्ष 2019 का आयकर कैसे भर दिया। कम्पनी को ठेके की शर्तों के अनुसार वर्ष 2017 से 2022 तक के पांच वर्षों में एक जगह पर 100 से अधिक व कुल 300 सुरक्षा कर्मियों से कार्य अनुभव होना अनिवार्य था परंतु कंपनी का कार्य अनुभव तो तीन वर्ष का भी नहीं है। इस तरह कंपनी को ठेका मिलना तो दूर की बात यह कम्पनी बिडिंग प्रक्रिया में शामिल होने के लिए भी पात्र नहीं थी। इस घोटाले को जनता में उजागर किया जाएगा व इसके खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। उन्होंने आईजीएमसी में कर्मियों को नौकरी से बाहर करने व ठेके में हुए घोटाले के खिलाफ आंदोलन तेज करने का आह्वान किया है। हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र लाल, सुरक्षा कर्मी यूनियन अध्यक्ष देवराज बबलू, सफाई कर्मी यूनियन अध्यक्षा निशा व महासचिव सरीना ने कहा कि आईजीएमसी में अंग्रेजों के ज़माने के काले कानून आज भी जारी हैं। यहां हायर एन्ड फायर नीति जारी है व कानून का गला घोंट कर दो सौ कोविड कर्मियों व 20 सुरक्षा कर्मियों को नौकरी से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मियों को नौकरी से बाहर करने का निर्णय गैर कानूनी है। इसे तुरन्त वापिस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में सुरक्षा कर्मियों व कोविड कर्मियों की मानसिक प्रताड़ना की जा रही है। ठेकेदार बदलने पर उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है जोकि यूनियन से आईजीएमसी प्रबंधन द्वारा किए गए समझौते व औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 25 एच का खुला उल्लंघन है। आईजीएमसी प्रबन्धन भी नए ठेकेदार के साथ मिलकर श्रम क़ानूनों की खुली अवहेलना कर रहा है।
कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां क्षेत्र में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां की जसौर पंचायत में एक व्यक्ति ने अपने भाई और भाभी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। आरोपी भाई ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से इस वारदात को अंजाम दिया। हत्या का कारण भूमि विवाद बताया जा रहा है। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। नगरोटा बगवां के डीएसपी और एसडीएम घटनास्थल पर पुलिस टीम के साथ पहुंच गए है। जांच जारी है।
विद्युत उपमंडल-2 धर्मशाला के सहायक अभियंता रमेश चंद ने जानकारी देते हुए बताया कि 4 नवंबर को विद्युत लाइनों की सामान्य रख-रखाव के चलते 11 केवी मंदल फीडर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों मंदल, मसरेड़, भड़वाल, त्रैंबलू, हरनेड़, घियाना खुर्द, ढगवार, खटेहड़, मनेड़, अप्पर बगली, कोहाला, मटौर तथा साथ लगते क्षेत्रों में प्रात: 9 बजे से सायं 5 बजे अथवा कार्य समाप्ति तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने की स्थिति में यह कार्य अगले दिन किया जाएगा। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
-इससे पहले हिमाचल में आज तक नहीं हुई फिरौती के लिए गोलीबारी नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था का जनाज़ा उठ गया है। फिरौती के लिए दिनदहाड़े, खुलेआम लोगों को गोली मारी जा रही है। आज तक हमने हिमाचल प्रदेश में इस तरह के माफ़ियाराज की घटना नहीं सुनी। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार को इस तरह के माफिया का फ़न कुचलना होगा, उसके लिए चाहे जो कार्रवाई करनी पड़े। उन्होंने कहा कि ऊना के हरोली में फिरौती न देने पर कारोबारी को गोली मारने की घटना से आज पूरे ऊना में दहशत का माहौल है। ऊना के कई लोगों से मेरी बात हुई, सबने यही कहा कि इस बात की कल्पना भी नहीं की जा सकती कि हिमाचल में फिरौती और गुंडा टैक्स जैसी चीजों की मांग करके गोलीबारी करेगा। उन्होंने कहा कि आज नगरोटा में ज़मीनी विवाद में एक प्राइवेट स्कूल संचालक ने अपने सगे भाई और भाभी की दिन दहाड़े गोली मार कर कर हत्या कर दी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में यदि किसी को भी इस तरह के अपराध की उम्मीद नहीं थी तो सरकार का भी यह दायित्व बनता है कि ऐसे अपराध प्रदेश में होने भी न पाए। माफिया का फन कुचलने के लिए सरकार जो भी कदम उठाएगी विपक्ष पूरी ज़िम्मेदारी से सरकार के साथ खड़ा है लेकिन इस तरह की घटना पर अंकुश लगना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश क़ानून से चलेगा माफिया से नहीं। कारोबारी सरकार को टैक्स देते हैं, वह गुंडा टैक्स नहीं देंगे। इसलिए सरकार की ज़िम्मेदारी है कि हर नागरिक की सुरक्षा करे और माफिया को उनकी सही जगह दिखाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुंडा टैक्स नहीं चलेगा। हिमाचल प्रदेश अपनी शान्तिप्रियता और क़ानून व्यवस्था के लिए जाना जाता है और यही हमारे प्रदेश की पहचान रहनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह प्रदेश की पहली घटना है सरकार यह सुनिश्चित करे कि यही आद्घख़री घटना भी हो। इस तरह की घटनाएं प्रदेश में किसी तरह स्वीकार नहीं की जाएगी। कांगड़ा के जसौर में शिक्षक और उनकी पत्नी की हत्या पुलिस और प्रशासन की नाकामी नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज कांगड़ा के नगरोटा बगवां से लगते जसौर में में ज़मीनी विवाद में एक प्राइवेट स्कूल संचालक ने अपने सगे भाई और भाभी की दिन दहाड़े गोली मार कर कर हत्या कर दी। इस तरह से प्रदेश में दिन दहाड़े गोलीय चल रही हैं। पिछले माह 6 अक्टूबर को ऊना के ही बहड़ाला में सहकारी सभा के सचिव की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस तरह की निजी रंजिश में हत्या पुलिस की नाकामी और उसके खुफ़िया सूचना तंत्र की विफलता है। एक दिन में इस तरह की घटनाएं नहीं हो सकती है। इस तरह के मामले पुलिस के गोपनीय सूचना तंत्र की सहायता से रोके जा सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम द्वारा विभिन्न व्यवसायों में निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। निगम के जिला प्रबंधक सौरभ शर्मा ने बताया कि वर्ष 2023-24 के लिए अनुसूचित जाति से संबंधित युवक/युवतियों को निगम की व्यावसायिक प्रशिक्षण योजना के तहत विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इन व्यवसायों में मिलेगा प्रशिक्षण निगम द्वारा कुल 16 व्यवसायों में निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिला प्रबंधक ने बताया कि अनुसूचित जाति से संबंधित युवक/युवतियां हथकरघा/खडडी, मोटर ड्राइविंग, मोटर मकैनिक/ऑटो रिपेयर, शू मेकिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयर, पलम्बर, इलेक्ट्रीशियन/मोटर वाइंडिंग, वैल्डिंग/स्टील फेबरीकेशन/ब्लैक स्मिथ, प्रूनिंग तथा ऑरचर्ड ऑपरेशन, कारपैन्टरी, फोम का सामान बनाना, ब्यूटीशियन, बांस का सामान बनाना, नाई का काम, कटिंग टेलरिंग और कंप्यूटर प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऐसे करें आवेदन उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण हेतु आवेदक को सादे कागज पर प्रार्थना पत्र या निगम की वेबसाइट से आवेदन पत्र निकाल कर सभी आवश्यक दस्तावेजों की सत्यापित छायाप्रतियों सहित निगम के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस पर जमा करवाना होगा। यह रहेगी योग्यता कंप्यूटर प्रशिक्षण हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बारहवीं होना अनिवार्य है तथा शेष सभी व्यवसायों में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रार्थी कम से कम दसवीं व आठवीं पास होना चाहिए। जिला प्रबंधक ने बताया कि आवेदक अनुसूचित जाति से संबंधित हो तथा हिमाचल प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए। आवेदक के परिवार की समस्त साधनों से वार्षिक आय 35 हजार रूपये से अधिक नहीं होनी चाहिए या वे आईआरडीपी/बीपीएल परिवार से संबंधित होना चाहिए। 18 से 35 वर्ष आयुवर्ग के युवक ही प्रशिक्षण हेतु आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए निगम के दूरभाष न. 01892223108 या इमेल द्वारा किसी भी कार्य दिवस में संपर्क कर सकते हैं।
सोलन जिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंडी में आज आयुष्मान भव: स्वास्थ्य मेला आयोजित किया गया। यह जानकारी खंड चिकित्सा अधिकारी चंडी डॉ. उदित कुमार ने दी। डॉ. उदित कुमार ने कहा कि आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंडी में इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल शिमला द्वारा आयुष्मान भव: अभियान के तहत बहु विशेषज्ञ स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि इस स्वास्थ्य मेले में 186 लाभार्थियों का पंजीकरण हुआ। इनमें 37 लाभार्थियों ने सामान्य व 149 लाभार्थियों ने बहु विशेषज्ञ चिकित्सकीय सुविधाओं का लाभ उठाया। डॉ. उदित कुमार ने कहा कि इस मेले में शल्य चिकित्सा सुविधा का लाभ 5, औषधी चिकित्सा का लाभ 45, नेत्र रोग चिकित्सा का लाभ 15, शिशु रोग चिकित्सा का लाभ 20, मनोचिकित्सा का लाभ 2, हड्डी रोग चिकित्सा का लाभ 17, महिला रोग चिकित्सा का लाभ 20, चमरी रोग चिकित्सा विभाग की सुविधा 10, दंत चिकित्सा का लाभ 13 और सामान्य ओपीडी का लाभ 37 लाभार्थियों ने उठाया। उन्होंने कहा कि 23 लाभार्थियों ने सूक्ष्म शल्य चिकित्सकीय सुविधाओं, 166 लाभार्थियों ने परिवार नियोजन व प्रसव, प्रसूति और शिशु स्वास्थ्य सुविधाओं सहित जागरूकता का लाभ उठाया। उन्होंने कहा कि 907 व्यक्तियों की रक्त जांच की गई। मोतियाबिंद के 14 रोगी जांच उपरांत शल्य निदान के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर किए गए। उन्होंने कहा कि मुख्य शल्य चिकित्सकीय जांच के लिए 06, सूक्ष्म शल्य चिकित्सकीय सुविधा के लिए 1 और 14 लाभार्थियों को विभिन्न रोगों की जांच उपरांत आईजीएमसी शिमला में निदान के लिए रेफर किया गया। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल शिमला के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनमोल गुप्ता और सहायक प्राचार्य व विशेषज्ञ डॉ. अंजलि महाजन के मार्ग दर्शन में मेला सफल रहा। स्वास्थ्य मेला आयोजन के लिए रजिस्ट्रार डॉ. राजू कटोच, शिशु रोग विभाग, आईजीएमसी शिमला, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हितेषी, आईजीएमसी शिमला, औषधि चिकित्सा विशेषज्ञ आईजीएमसी शिमला डॉ. रवि, मनोचिकित्सा विशेषज्ञ और रजिस्ट्रार आईजीएमसी शिमला, डॉ. कुशल, शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ और रजिस्ट्रार आईजीएमसी शिमला, डॉ. रमेश, रजिस्ट्रार हड्डी रोग विशेषज्ञ और रजिस्ट्रार आईजीएमसी शिमला, डॉ. हरि मोहन शर्मा, महिला रोग विशेषज्ञ और रजिस्टार आईजीएमसी शिमला, डॉ. शालिनी और चमड़ी रोग विशेषज्ञ आईजीएमसी शिमला डॉ. अश्वनी राणा ने इस अवसर पर लाभार्थियों की जांच की।
-246 परिवारों को मकान के किराए के रूप में प्रदान की जा रही है वित्तीय सहायता प्रदेश में मानसून के दौरान आई आपदा से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने खजाना खोल दिया है। राज्य सरकार प्रभावितों को हर संभव मदद प्रदान कर रही है। आपदा के कारण बेघर हुए 246 परिवारों को मकान किराये के रूप में 74.25 लाख रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। जिला बिलासपुर में इस योजना के तहत 55 प्रभावित परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है, जिनमें बिलासपुर उपमंडल के दो, घुमारवीं उपमंडल के 44, झंडुता उपमंडल के 9 परिवार शामिल हैं। 31 मार्च, 2024 तक इन परिवारों को किराये के रूप में राज्य सरकार की ओर से 16.95 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। झंडुता निवासी निर्मला देवी ने बताया कि आपदा के दौरान उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया था तथा उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं थी, ऐसे में राज्य सरकार की ओर से उन्हें पहले राहत शिविर में ठहराया गया तथा अब उन्हें किराये के मकान में शिफ्ट कर दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा मकान का किराया अदा करने के लिए उन्हें प्रतिमाह 5000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसके साथ-साथ राज्य सरकार की ओर से नि:शुल्क गैस कनेक्शन दिया गया है और राशन भी नि:शुल्क ही प्रदान किया जा रहा है। वहीं बिलासपुर जिला निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि आपदा के दौरान उनके घर में दरारें आ गई थीं तथा घर रहने लायक नहीं रहा था। राज्य सरकार द्वारा अब उन्हें मकान का किराये अदा करने के लिए प्रतिमाह 5000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं जिसके कारण वे सम्मान के साथ अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का इस मद्द के लिए उनका आभार व्यक्त किया है। वहीं, जिला कांगड़ा में 73 परिवारों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है जिनमें से 7 कांगड़ा उपमंडल, 13 ज्वाली, 24 नूरपुर, 11 धीरा तथा 18 परिवार ज्वालामुखी उपमंडल के हैं। इन परिवारों को मकान किराये के रूप में राज्य सरकार 21.90 लाख रुपये की सहायता प्रदान करने जा रही है। मंडी जिला में 118 परिवार राज्य सरकार की मकान का किराये प्रदान करने की सुविधा का लाभ ले रहे हैं। जिला के तहत थुनाग उपमंडल में 13, सरकाघाट उपमंडल में 75, धर्मपुर में 10, बालीचौकी में 8, जोगिंद्रनगर में 9 तथा गोहर उपमंडल में 3 परिवार इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य सरकार इन आपदा प्रभावित परिवारों को 35.40 लाख रूपये मकान किराये के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में संवेदनशील सरकार काम कर रही है। प्रदेश सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण के साथ आपदा प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज जारी किया है। यह मुख्यमंत्री की ही सकारात्मक सोच का परिणाम है कि आपदा प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक तरीके से जीवन-यापन के दृष्टिगत मकान का किराया अदा करने के लिए र्ग्रामीण क्षेत्रों में 5000 रुपये तथा शहरी क्षेत्रों में 10,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन आपदा प्रभावितों ने मकान के किराए के लिए आवेदन नहीं किया है, वे भी आवेदन करने के उपरांत इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। राज्य के इतिहास में किसी भी सरकार ने अब तक इस तरह का कदम नहीं उठाया है जबकि ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रत्येक आपदा प्रभावित की पीड़ा को समझते हुए निर्णय ले रहे हैं। हर प्रभावित के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सुलह के पदाधिकारी व अन्य कार्यकर्ता माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कुशल क्षेम लेने ब्लॉक अध्यक्ष संजय सिंह चौहान से मिले। इस कांग्रेसी जत्थे में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सुलह के ब्लॉक युवा अध्यक्ष, ब्लॉक इंटक महिलाअध्यक्षा, ब्लॉक अनुसूचित विभाग के अध्यक्ष, ब्लॉक पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष, ब्लॉक कामगार विभाग, ब्लॉक पेन्शनर विभाग, ब्लॉक मत्स्य विभाग, ब्लॉक सेवा दल अध्यक्ष, ब्लॉक पंचायती राज अध्यक्ष, ज़िला खोजबीन विभाग अध्यक्ष, थुरल एनएसयूआई अध्यक्ष, नौरा एनएसयूआई अध्यक्ष, ब्लॉक इंटक अध्यक्ष, ब्लॉक किसान मोर्चा अध्यक्ष व अन्य कई विभागों के लगभग चौबीस विभागों के अध्यक्ष उपस्थित थे। सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने का संदेश संजय सिंह चौहान के माध्यम से भेजा। उन्होंने यह भी कहा इतिहास में पहले कभी ऐसा मुख्यमंत्री नहीं देखा जिसने प्रदेश की सेवा में अपनी जीवन की संचित पूंजी आपदा से निपटने में प्रदेशवासियों पर निछावर कर दी। इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने कहा की चिंता की कोई बात नहीं है माननीय मुख्यमंत्री बिलकुल स्वस्थ हैं और केवल लगातार थकान व खाने में बदपरहेजी के कारण चिकित्सकों ने उन्हें कुछ टेस्ट करवाने व आराम करने की सलाह दी है। अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने कांग्रेस की कमेटी के पदाधिकारीयों की एक बैठक बुलाई जिसमें लोकसभा चुनाव 2024 में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सुलह की रहने वाली भागीदारी एवं तय रणनीति के ऊपर विशेष चर्चा की तथा प्रारूप तैयार किया। इस बैठक मेंअध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने कांग्रेस की कमेटी के पदाधिकारीयों के एक लोकसभा चुनाव 2024 में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सुलह की रहने वाली भागीदारी एवं तय रणनीति के ऊपर विशेष चर्चा की तथा प्रारूप तैयार किया।
शूलिनी विश्वविद्यालय की मूट कोर्ट सोसाइटी, कानूनी विज्ञान संकाय ने हाल ही में अपनी पहली इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया, जो तीन दिनों तक चली। प्रतियोगिता बीए एलएलबी और एलएलबी छात्रों के लिए डिजाइन की गई थी। इस कार्यक्रम में दस टीमों ने भाग लिया। विवादास्पद प्रस्ताव का केंद्रीय विषय एक काल्पनिक कानूनी मामले के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसमें दो प्रमुख पक्ष शामिल हैं, अर्थात संगीत संकल्प फाउंडेशन और इंद्रपुरा राज्य। मामले ने भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए शिक्षा के अधिकार से जुड़े विवादास्पद मुद्दों को संबोधित किया, जिससे छात्रों को जटिल कानूनी तर्क और समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया गया। इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता ने छात्रों के लिए अपने वकालत कौशल को निखारने के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया। शूलिनी विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉ. मोनिका ठाकुर ने छात्रों की सक्रिय और उत्साही भागीदारी की सराहना की। उन्होंने वकालत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपनी कानूनी यात्रा शुरू करने के लिए छात्रों के प्रयासों की सराहना की। धन्यवाद ज्ञापन मूट कोर्ट सोसाइटी की संकाय समन्वयक डॉ. कुसुम वर्मा द्वारा किया गया, उन्होंने सभी प्रतिभागियों को कानूनी क्षेत्र में अच्छा कार्य करने क लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिता के विजेताओं जिसमें अनामिका शर्मा, तनु सुराणा और शिवांशु लवानिया की टीम आईएमसीसी-१०५ ने शीर्ष स्थान हासिल किया। उपविजेता टीम आईएमसीसी-१०४ रही, जिसमें सलोनी ठाकुर, ममता तिवारी और उपासना सिंह शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल का पुरस्कार आईएमसीसी-१०३ को मिला, जिसमें नितिन जॉय, अंश शर्मा और राजदीप मान को प्रशंसा मिली। राजदीप मान को सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता के रूप में मान्यता दी गई, जबकि अनामिका शर्मा को सर्वश्रेष्ठ वक्ता नामित किया गया। प्रारंभिक दौर में सभी दस टीमों ने भाग लिया, जिन्होंने इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता में बहुत साहस और पूर्ण भागीदारी का प्रदर्शन किया। वकील सहित कानूनी पेशेवर एडवोकेट विवेक मेहता, एडवोकेट वकील वंदना मेहता, एडवोकेट अभिषेक दुल्टा, एडवोकेट अजय सिपाहिया, और एडवोकेट ईशान कश्यप एवं अधिवक्ता एवं निर्णायक थे। उन्होंने न केवल टीमों का मूल्यांकन किया बल्कि छात्रों को कानून के व्यावहारिक पहलुओं और वास्तविक जीवन के मामलों के साथ निर्णय कैसे संबंधित हैं, इस पर मूल्यवान मार्गदर्शन भी प्रदान किया। प्रारंभिक दौर के बाद, सेमीफाइनल दौर में जाने के लिए चार टीमों का चयन किया गया, जहां उन्हें न्यायाधीशों के एक नए पैनल का सामना करना पड़ा, जिसमें एडवोकेट भी शामिल थे। एडवोकेट तेजस्वी शर्मा, एडवोकेट नितिन ठाकुर, डॉ. कनु शर्मा, एडवोकेट दीक्षित सहोत्रा, और एडवोकेट पंकज। इन कानूनी विशेषज्ञों ने प्रतिस्पर्धा को अपने अनुभव से समृद्ध करते हुए अपनी अंतर्दृष्टि और विशेषज्ञता की पेशकश की। एसोसिएट डीन प्रो. नंदन शर्मा ने सभी निर्णायकों का आभार व्यक्त किया और छात्रों को ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मूट कोर्ट सोसाइटी का गठन छात्रों के वकालत कौशल को विकसित करने और कानून के छात्रों के बीच तर्कसंगत सोच को बढ़ावा देने के प्राथमिक लक्ष्य के साथ किया गया था। सहायक प्रोफेसर पलक शर्मा ने प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा की और पहली इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता का औपचारिक समापन किया। विजेताओं को ट्रॉफी वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह के करीबी जितेंद्र राणा उर्फ जुग्ना और संदीप सांख्यान को हिमाचल पथ परिवहन निगम में जिम्मेवारी सौंपी गई है। उन्हें प्रदेश हिमाचल पथ परिवहन निगम की महत्वपूर्ण स्टोर परचेज कमेटी का गैर सरकारी सदस्य बनाया गया है। पथ परिवहन निगम में सरकार द्वारा गैर सरकारी सदस्य बनाने पर जितेंद्र राणा ओर संदीप ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि जो महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री ने सौंपी है उसे पूरी कर्तव्य निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे और इस पद की गरिमा को बढ़ाएंगे। संदीप सांख्यान व जितेंद्र राणा कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ता रहे हैं। जितेंद्र राणा शिमला जिला से संबंध रखते है ओर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह के करीबी माने जाते है। जितेंद्र राणा ज़िला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी के सचिव व महासचिव पद पर भी कार्य कर चुके है ओर वर्तमान में कांग्रेस सेवा दल शिमला के अध्यक्ष है । वहीं, संदीप सांख्यान हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के वरिष्ठ प्रवक्ता हंै और सदर विधानसभा क्षेत्र से टिकट के दावेदारी में अग्रिम पंक्ति में रहे हैं संदीप सांख्यान वाणिज्य (आनर्स) में स्नातक स्नाकोत्तर और एमबीए (अंतरास्ट्रीय मार्केटिंग व व्यवसाय) व अधिवक्ता भी है। संदीप सांख्यान व जितेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री का हर फैसला दूरदर्शिता पूर्ण होता है। मुख्यमंत्री खुद एक लंबे संघर्षों और छात्र राजनीति से निकल कर समाज के हर वर्ग का दर्द जानते हैं और सामाजिक संवेदनाओं को बखूबी समझते है। उनके नेतृत्व में प्रदेश नई दिशाओं की तरफ अग्रसर हो रहा है। भगवान से प्रार्थना करते हुए संदीप सांख्यान व जितेंद्र राणा ने उनके स्वास्थ्य लाभ को लेकर भी प्रार्थना की है की वह जल्द स्वस्थ होकर प्रदेश में विकास की गति बढ़ाएंगे।
-सरकार की मदद से सब्जी उत्पादन में महकने लगा स्वरोजगार -सालाना 15 से 17 लाख रुपये की हो रही आमदनी सरकार से सिंचाई सुविधा के लिए उपदान पर मिले बोरवेल, स्प्रिंकल सिंचाई की सुविधा तथा पॉली हाउस तथा पावरग्रिड ने किसानों की जिंदगी में स्वाबलंबन के नए आयाम स्थापित किए हैं। मेरे देश की धरती सोना उगले उगले हीरे मोती........स्वरों को चरितार्थ करते हुए अपने गांव की माटी में सोना उगाने की कांगड़ा उप मंडल के पंचायत नंदेहड़ के कोट क्वाला के किसान बलबीर सैणी की कोशिशों को सरकार की मदद से आत्मनिर्भरता के नए पंख लगाए हैं। पॉली हाउस में पनीरी तथा खेतों में सब्जियां उगाकर बलबीर सैनी प्रतिवर्ष 15 से 17 लाख की आमदनी अर्जित कर मिसाल कायम कर रहा है। यही नहीं अब उनके बेटे ने बीएससी की डिग्री हासिल करने के उपरांत सब्जी उत्पादन से ही अपने कैरियर को संवारने की पहल भी की है और अब उनके आसपास के किसानों ने भी प्रेरित होकर सब्जी उत्पादन का कार्य आरंभ किया है। उपमंडल कांगड़ा के कोट-क्वाला के प्रगतिशील किसान बलबीर सैणी ने बताया कि माता-पिता पारंपरिक खेती-बाड़ी करते थे। उनकी रूचि भी खेती-बाड़ी में बहुत थी। सरकार की मदद से पारंपरिक खेती को आधुनिक रूप से करने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की ओर से खेतों में सिंचाई की उपयुक्त व्यवस्था के लिए बोरवेल के लिए उपदान दिया गया इसके साथ ही स्प्रिंकल सिंचाई की सुविधा तथा उपदान पर पॉली हाउस भी दिया गया। इसके साथ उन्नत किस्म के बीज सब्जी उत्पादन के लिए कृषि विभाग के माध्यम से उपलब्ध करवाए गए जिसके फलस्वरूप रबी तथा खरीफ दोनों की सीजन में सब्जी उत्पादन करते हैं। उन्होंने बताया कि गर्मियों में करेला, पंडोल, बैंगन, घीया , लौकी, भिंडी इत्यादि सब्जियों का उत्पादन करते हैं जबकि सर्दियों में धनिया, ब्रोकली, पालक, शलगम, मूली, गोभी, मेथी, आलू प्याज चुकंदर मटर इत्यादि का उत्पादन करते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उनकी सालाना आमदनी लगभग 15 से 17 लाख रुपए है। पॉलीहाउस में उगा रहे जहर मुक्त पनीरी प्रगतिशील किसान बलबीर सैणी ने बताया कि पॉलीहाउस में जहरमुक्त सब्जियों की पनीरी भी तैयार कर रहे हैं, इसमें शिमला मिर्च, देसी मिर्च, टमाटर, करेला, घीया, पंडोल, कद्दू, लौकी, गठ गोभी, टमाटर, प्याज की हाइब्रिड पनीरी तैयार की जाती है। इस पनीरी की सप्लाई जम्मू, राजस्थान, इंदौरा, पठानकोट, मंडी बिलासपुर तथा देहरा तक जाती है तथा विभिन्न क्षेत्रों के किसान स्वयं ही पनीरी खरीदने के लिए उनके गांव आते हैं। खेतों में ही बिक जाती हैं सब्जियां प्रगतिशील किसान बलबीर सैणी का कहना है कि सब्जी उत्पादन के लिए उन्नत किस्म के बीजों का इस्तेमाल करते हैं जिसके चलते उनके खेतों में उत्तम क्वालिटी की सब्जियों की पैदावार हो रही है तथा लोग तथा सब्जी खरीददार उनके खेतों से ही नब्बे प्रतिशत उत्पाद उठा लेते हैं इसके अलावा दस प्रतिशत उत्पाद सब्जी मंडी में जाते हैं। उन्होंने कहा कि मार्केटिंग की किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं होती है। उन्होंने कहा कि मार्केट कि हिसाब से सब्जियों के उचित दाम भी उनको प्राप्त हो रहे हैं। कृषि विवि के प्रशिक्षु भी सब्जी उत्पादन की सीखते हैं बारीकियां बलबीर सैणी ने बताया कि अब कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर से प्रशिक्षु छात्र फील्ड विजिट के लिए उनके खेतों में आते हैं तथा सब्जी उत्पादन की बारीकियां सीखते हैं। उन्होंने बताया कि सब्जी उत्पादन के लिए युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं ताकि स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें। यही कारण है कि अब उनके बेटे ने भी डिग्री हासिल करने के बाद खेती बाड़ी को ही अपने कैरियर के रूप में चुना है। क्या कहते हैं अधिकारी उप निदेशक कृषि विभाग डॉ. राहुल कटोच ने कहा कि कांगड़ा जिला में किसानों को सब्जी उत्पादन के लिए प्रेरित करने के लिए नियमित तौर पर जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाते हैं तथा विभाग के अधिकारियों की ओर से किसानों को उनके खेतों में जाकर सब्जी उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, विभाग की तरह से उपदान पर विभिन्न उपकरण तथा उन्नतशील बीज भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि सब्जी उत्पादन में स्वरोजगार की असीम संभावनाएं हैं तथा कांगड़ा जिला में किसानों को उत्पादों की मार्केटिंग के लिए बेहतर व्यवस्था करने के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं इस के लिए किसानों को उत्पाद बेचने के लिए विभिन्न स्तरों लिकेंज भी सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसान बेहतर आय अर्जित कर सकें।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज मां गिरी गंगा के मंदिर में शीश नवाया व आशीर्वाद लिया। तदोपरांत शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने जुब्बल तहसील की ग्राम पंचायत शिल्ली के अंतर्गत गिरी गंगा माता मंदिर के सड़क संपर्क मार्ग को पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करने हेतु 6 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से चल रही मेटलिंग व टारिंग के कार्य का निरीक्षण किया।
11केवी फीडर संघोल चढ़ियार लाइन के जरूरी रखरखाव व मरम्मत कार्य के चलते कल को गांव कणाल जग्गियां, मक्कड़, बीजापुर, सिविल अस्पताल जयसिंहपुर, नेत्रू, हलेड, थनपाल चंबी, रामनगर तथा 11केवी हारसी- संघोल फीडर के जरूरी रखरखाव हेतु शनिवार को गांव संघोल, हारसी टिकरु, टंडर, संंध, दुहकी काथला खालटा व आसपास के गांवो सुबह 9 बजे से काम समाप्त होने तक विद्युत आपूर्ति वाधित रहेगी। सहायक अभियंता सुशील शर्मा ने जनता से सहयोग की अपील की है।
-बोले, प्राकृतिक खेती योजना को बंद करने का निर्णय राजनीतिक से प्रेरित वर्तमान कांग्रेस की सरकार, पूर्व भाजपा सरकार द्वारा लिए गए सभी अच्छे निर्णयों को राजनीतिक द्वेष की भावना से बदल रही है, जिसका बड़ा दुष्परिणाम हिमाचल प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है यह बात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. बिंदल कही। उन्होंने कहा कि स्कूलों को बंद करना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को बंद करना, पटवार सर्कल, तहसील ऑफिस, पीडब्ल्यूडी, आईपीएच, बिजली बोर्ड के दफ्तर, एसडीएम के दफ्तर और कॉलेज इत्यादि को बंद करना केवल और केवल राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से लिए गए अदूरदर्शी निर्णय है। बिंदल ने कहा कि इसी कड़ी में कांग्रेस सरकार ने प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना को बंद करने का निर्णय लिया है जो कि पूरी तरह से राजनैतिक प्रतिद्वंदिता के आधार पर लिया गया निर्णय है। हिमाचल प्रदेश को ऑर्गेनिक फारमिंग का बहुत बड़ा केंद्र बनाने के उदेश्य से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना की शुरूआत की गई और हजारों किसानो ने प्रदेशभर में इसका प्रशिक्षण लिया और प्राकृतिक खेती करनी शुरू की जिसके अच्छे परिणाम हिमाचल में आये। किसान को समृद्ध बनाने वाली इस योजना को जहां जयराम ठाकुर सरकार ने शुरू किया, वहीं तत्कालीन राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी का बड़ा योगदान रहा और तो और हिमाचल प्रदेश के कार्यों से प्रभावित होकर राष्ट्रीय स्तर पर माननीय संसद सदस्यों को आचार्य देवव्रत जी ने सम्बोधित किया। इस तकनीक से बनाई गई खाद का उपयोग कई देशों के विभिन्न हिस्सों में कामयाबी से किया जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस सरकार द्वारा इस महत्वकांक्षी योजना को बंद करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और भारतीय जनता पार्टी इस निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा करती है। बिंदल ने कहा कि गोबर, गौ मूत्र और गुड़ से निर्मित खाद सदैव ही गुणकारक रहेगी और इस प्रकार तैयार की गई फसलें मनुष्य शरीर को स्वस्थ रखने में अपना योगदान देंगी।
-217 संख्या तय करने पर घोड़ा कारोबारियों में मचा हड़कंप शिमला के मशहूर पर्यटन स्थल कुफरी के घोड़ा कारोबारियों को बड़ा झटका लगा है। इनकी रोजी-रोटी पर बड़ा संकट गहरा गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के 25 मई और 12 जुलाई के आदेशों की अनुपालना करते हुए वन विभाग ने कुफरी में घोड़ों की संख्या अधिकतम 217 निर्धारित कर दी है। इस संबंध में डीएफओ ठियोग ने कुफरी में नोटिस लगा दिया है। इससे घोड़ा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। कुफरी में अभी 700 से 1000 घोड़े काम कर रहे हैं। वहां पर अब तय संख्या से ज्यादा घोड़े चलाए की इजाजत नहीं मिलेगी। यह आसपास की पांच छह पंचायतों के घोड़ा कारोबारियों के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि बहुत से परिवारों की रोजी-रोटी घोड़ों से होने वाली कमाई पर निर्भर करती है। एनजीटी ने एक याचिका की सुनवाई का निपटारा करते हुए कुफरी में घोड़ों के कारण पर्यावरण व देवदार के जंगल को हो रहे नुकसान को देखते हुए एक कमेटी गठित की थी। जस्टिस सुधीर अग्रवाल और ज्यूडिशियल मेंबर डॉ. ए. सेंथिल वेल विशेषज्ञ सदस्य की बेंच ने कमेटी को 2 महीने के भीतर रिपोर्ट देने को कहा था कमेटी ने फील्ड विजिट के बाद एनजीटी को अपनी रिपोर्ट दी। इसमें 200 से 217 घोड़ों की आवाजाही की सिफारिश की गई। इसके आधार पर डीएफओ ठियोग ने कुफरी में घोड़ों की संख्या को लेकर नोटिस लगाया है। अब देखना होगा कि किस तरह कुफरी में जिला प्रशासन और वन विभाग घोड़ों की संख्या नियंत्रित करता है।
-प्रतिमाह कमा रहे 25 हजार, पशुपालन विभाग की हिम कुक्कुट योजना बनी मददगार जोगिंदर नगर उपमंडल की ग्राम पंचायत चौंतड़ा के गांव लोअर चौंतड़ा निवासी 37 वर्षीय राजेश कुमार के लिए मुर्गी पालन स्वरोजगार का मजबूत आधार बना है। मुर्गी पालन से वे न केवल अपनी आजीविका को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं, बल्कि प्रतिमाह औसतन 25-30 हजार रुपये की आय भी अर्जित कर पा रहे हैं। वर्तमान में राजेश कुमार के लिए पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन विभाग की हिम कुक्कुट योजना की 3 हजार ब्रायलर चूजा योजना न केवल मददगार साबित हो रही है बल्कि मुर्गी पालन आज उनकी आर्थिकी को सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। 10 वर्ष तक दिल्ली में की है ड्राइविंग आत्मविश्वास से लबरेज 12वीं कक्षा तक शिक्षित राजेश कुमार का कहना है कि लगभग 10 वर्षों तक दिल्ली में रोजी रोटी जुटाने को ड्राइविंग का काम किया। फिर वर्ष 2014 में वापस घर आए तथा स्वरोजगार को रोजगार का माध्यम बनाने की दिशा में प्रयास करते हुए 50 मुर्गियों से मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया। इस बीच वर्ष 2015 में कुक्कुट पालन केंद्र चौंतड़ा से 15 दिन, वर्ष 2017 व 2018 में केंद्रीय कुक्कुट विकास संगठन (सीपीडीओ) चंडीगढ़ से एक सप्ताह का मुर्गी पालन में प्रशिक्षण हासिल किया। दिसम्बर 2022 में केंद्रीय कुक्कुट विकास संगठन (सीपीडीओ) चंडीगढ़ से ही एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में भी भाग लिया। मार्च 2023 में पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन विभाग ने 3 हजार ब्रायलर चूजा योजना स्वीकृत की। इस योजना के अंतर्गत पहले बैच में एक हजार ब्रायलर चूजा तैयार कर वे बाजार में बेच चुके हैं तथा इससे उन्हें औसतन 40 से 50 हजार रुपये की आमदन प्राप्त हुई है। साथ ही अब दूसरे बैच के एक हजार चूजों को वे पाल रहे हैं। इस तरह 50 मुर्गियों के पालन से शुरू हुआ उनका यह कार्य अब एक हजार चूजों के पालन पोषण तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने विभाग के माध्यम से जहां उपदान दरों पर मुर्गियों के लिए शेड बनाकर दिया है तो वहीं मुर्गियों की फीड तथा दवाईयां भी उपलब्ध करवाई हैं। राजेश कुमार कहते हैं कि कोविड-19 के कठिन दौर में जब लाखों लोग बेरोजगार होकर घर बैठ गए थे तो उन्होने मुर्गी पालन से ही न केवल अच्छी खासी आमदनी प्राप्त की बल्कि मुर्गी पालन परिवार की आजीविका को चलाने में मददगार साबित हुआ। लेकिन अब विभाग की मदद से वे इस व्यवसाय को बेहतर तरीके से कर पा रहे हैं तथा उनके आत्मबल को भी मजबूती मिली है। दूध गंगा योजना के तहत डेयरी पालन में भी कर चुके हैं राजेश राजेश कुमार कहते हैं कि परिवार की आजीविका को चलाए रखने के लिए वर्ष 2018 में मुर्गी पालन के साथ-साथ डेयरी पालन का कार्य भी शुरू किया। दूध गंगा योजना के तहत बैंक से तीन लाख रुपये का ऋण लेकर 11 गायों को पालकर दूध उत्पादन शुरू किया। जिससे भी उन्हे अच्छी आमदनी हासिल हुई, लेकिन वर्ष 2021 में लंपी वायरस रोग के चलते उनकी कुछ गायें मौत का शिकार हो गई। वर्तमान में उनके पास दो गाय हैं तथा दूध बेचकर भी वे अतिरिक्त आमदनी जुटा रहे हैं। इसके अतिरिक्त वे अपनी पुश्तैनी जमीन में विभिन्न तरह की पारंपरिक व नकदी फसलें भी तैयार कर रहे हैं। स्वरोजगार कर युवा घर बैठे कर सकते हैं अच्छी कमाई उन्होंने प्रदेश के युवाओं से आह्वान किया है कि वे यदि स्वरोजगार को अपनाते हैं तो इसके माध्यम से भी जीवन में आगे बढ़ने की अनेकों संभावनाएं मौजूद हैं। उनका कहना है कि स्वरोजगार अपनाने से पहले युवा अपनी कार्य क्षमता व प्राथमिकताओं को तय करते हुए ऐसा स्वरोजगार अपनाएं जिसमें वे बेहतर कर सकते हैं। उनका कहना है कि युवाओं का यह छोटा सा कदम न केवल उन्हे रोजगार के द्वार खोलेगा बल्कि घर बैठे ही वे अच्छी आमदनी भी अर्जित कर सकते हैं। क्या कहते हैं अधिकारी पशु चिकित्सा अधिकारी एवं प्रभारी पशु चिकित्सालय चौंतड़ा डॉ. मुनीश चंद्र का कहना है कि लोअर चौंतड़ा निवासी राजेश कुमार मुर्गी पालन से अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ बना रहे हैं। विभाग ने हिम कुक्कुट योजना के अंतर्गत तीन हजार ब्रायलर चूजा इकाई स्वीकृत की है। जिसके तहत तीन हजार चूजे लाभार्थी को तीन किस्तों में प्रदान किये जा रहे हैं। हिम कुक्कुट योजना के अंतर्गत 60 प्रतिशत सरकारी अनुदान लाभार्थी को कुक्कुट बाड़ा, आहार, बर्तन व चूजों की कीमत पर दिया जाता है जबकि 40 प्रतिशत लाभार्थी को स्वयं वहन करना होता है। इसके अलावा फीड व दवाईयां भी उपलब्ध करवाई जाती है तथा बिजली का बिल भी विभाग द्वारा वहन किया जाता है। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा बेरोजगार युवाओं से सरकार की स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया है।
-एसआईटी के पास पहुंचा ढाई लाख निवेशकों का रिकॉर्ड -घोटाले में संलिप्त आरोपियों का जल्द होगा पर्दाफाश क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का लालच देकर बनाई गई ढाई लाख निवेशकों की आईडी का पूरा रिकॉर्ड एसआईटी ने जुटा लिया है। ढाई लाख आईडी में नेता, डॉक्टर, अधिकारी, पुलिस, ठेकेदार और किसान शामिल हैं। अब यह देखा जा रहा है कि किस व्यक्ति ने डबल रिटर्न के लालच में कितने का निवेश किया है। किसके खाते में कितनी राशि आई है। इस रिकॉर्ड से एसआईटी जल्द ही घोटाले में संलिप्त आरोपियों का पर्दाफाश करेगी। इस मामले में और गिरफ्तारियां होनी हैं। 2000 करोड़ रुपये का घोटाला जांच में सामने आया है कि क्रिप्टोकरेंसी घोटाला में ढाई लाख के करीब लोगों की आईडी बनी और करीब 2,300 करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन सामने आई है। इसमें 2000 करोड़ का घोटाला है। आरोपियों ने साल दर साल धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए नए-नए नाम से कंपनियां बनाईं। अब तक की जांच में पूरे फ्रॉड का मास्टरमाइंड सुभाष और अभिषेक को माना जा रहा है। इसके साथ ही घोटाले में संलिप्त कुछ अन्य आरोपियों को भी विभिन्न कपंनियों के एमएलएम से जुड़े बिजनेस में काम करने का अनुभव था। ऐसे में घोटाले से जुड़ी गैंग के सदस्यों को मालूम था किस तरह से लोगों को लालच देकर में जल्द से जल्द चेन को आगे बढ़ाना है। यही कारण रहा कि चंद सालों में करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम देने में आरोपी सफल रहे। इसी बीच जब आरोपियों को पूरे खेल का भंडाफोड़ होने का अंदेशा हुआ तो मास्टर माइंड सुभाष पुलिस का शिकंजा कसने से पहले ही विदेश फरार हो गया। कई आरोपी भूमिगत हो गए। पुलिस एसआईटी घोटाले में अब तक साढ़े 9 करोड़ की संपत्तियों को सीज किया जा चुका है। एसआईटी की ओर से इन दिनों आरोपियों की संपत्तियों को सीज करने का सिलसिला जारी है।
प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक कांगड़ा कार्यालय द्वारा प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक पदों को भरने के लिए 9 नवंबर को आर्ट्स, 10 नवंबर को नॉन मेडिकल तथा 14 नवंबर को मेडिकल के अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होने जा रही है। उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मोहिंद्र कुमार धीमान ने बताया कि इस दौरान टीजीटी आर्ट्स के 420, टीजीटी नॉन मेडिकल के 306 तथा टीजीटी मेडिकल के 172 पदों को अनुबंध आधार पर भरने के लिए नर्सरी मिडल स्कूल धर्मशाला में उपरोक्त तिथियों को प्रात: 10 बजे काउंसलिंग का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को इन पदों के लिए बैच आधार पर भरा जाएगा। वेबसाइट में उपलब्ध है सभी जानकारी उन्होंने बताया कि काउंसलिंग में भाग लेने के लिए आवेदन प्रपत्र, शैक्षिणिक योग्यता, श्रेणी वाइस बैच की जानकारी, बायोडाटा फार्म व आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी जानकारी उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा कांगड़ा स्थित धर्मशाला की वेबसाइट www.ddekangra.in पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि प्रार्थी बायोडाटा फार्म इस कार्यालय की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की अन्य जानकारी के लिए विभाग की वेबसाइट या दूरभाष नंबर 01892-223155 पर किसी भी कार्य दिवस में संपर्क कर सकते हैं।
इंतकाल अदालतों में किया गया 74.22 प्रतिशत लंबित मामलों का निपटारा प्रदेश में इंतकाल के लंबित मामलों की समस्या का समाधान करने के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार ने पहली बार अनूठी पहल करते हुए 30 व 31 अक्तूबर,2023 को विशेष इंतकाल अदालतों का आयोजन किया। व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में उठाया गया यह कदम प्रदेश के लोगों के लिए वरदान सिद्ध हुआ है। इन इंतकाल अदलतों में प्रदेशभर में इंतकाल के लंबित 41907 मामलों में से 31105 का निपटारा कर दिया गया। दो दिनों के भीतर ही 74.22 प्रतिशत लंबित मामलों का निपटारा कर दिया गया,जो सरकार की कुशल कार्यप्रणाली को इंगित करता है।बिलासपुर जिला में इन दो दिनों के दौरान सबसे अधिक 90.78 प्रतिशत मामलों का निपटारा किया गया। यहां लंबित 1943 मामलों में से 1764 में इंतकाल दर्ज किये गए। किन्नौर जिला में 90.75 प्रतिशत मामलों का निपटारा हुआ तथा यहां कुल लंबित 400 में से 363 मामलों में इंतकाल दर्ज किए गए जबकि ऊना जिलामें 89.12 प्रतिशत मामलों में इंतकाल दर्ज हुए। यहां 3670 लंबित मामलों में से 3271 इंतकाल सत्यापित किए गए।मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि गुडगवर्नेस के लिए गुड गवर्मेंट का होना आवश्यक है। प्रदेशभर में लंबित इंतकाल के मामलों से लोग बहुत परेशान थे और वर्षों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। ऐसे लोगों को राहत प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने विशेष इंतकाल अदालतें लगाने का निर्णय लिया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। प्रदेशभर में आयोजित की गई इंतकाल अदालतों से आम आदमी लाभान्वित हुआ है तथा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया जा रहा है।जिला कांगड़ा निवासी मीना देवी ने दो दिवसीय विशेष इंतकाल अदालतों के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री का आभार आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मामला वर्ष 1996 से लंबित था। लेकिन वर्तमान सरकार की इस पहल से वर्षों का काम चंद मिनटों में ही पूरा हो गया। वहीं ऊना निवासी गुरचरण सिंह ने कहा किइस विशेष इंतकाल अदालत का लाभ उन्हें भी मिला है। काफी वर्ष पहले उन्होंने इंतकाल के लिए आवेदन किया था, जो काफी समय से लंबित था, लेकिन अब दोनों भाइयों के नाम पर इंतकाल सत्यापित हो गया है। मण्डी निवासी मनजीत ने भी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के इस विशेष प्रयास की सराहना की है।उन्होंने कहा कि इंतकाल दर्ज कराने के लिए काफी समय से उन्हें कार्यालयों में चक्कर काटने पड़ रहे थे, लेकिन मण्डी में लगी विशेष इंतकाल अदालत में चंद मिनटों में ही उनका काम पूर्ण हो गया। वहीं चम्बा निवासी देवेश वर्मा ने भी राज्य सरकार का विशेष इंतकाल अदालत के आयोजन के लिए आभार जताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गंभीरता से प्रयास कर लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया।वर्तमान राज्य सरकार आम लोगों की सरकार है तथा उनकी समस्याओं का निदान करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता से निपटारा करने के लिए राज्य सरकार आने वाले दिनों में भी इसी तरह के प्रयास जारी रखेगी।
बाल विकास परियोजना लंबागांव के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के पद के लिए सात अक्तूबर तक आवेदन मांगे गए थे। बाल विकास परियोजना अधिकारी रोहित थापा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिसका परिणाम आज निकाल दिया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के लिए वंदना,सपना शर्मा, वर्षा चौहान, अंकिता, शिवानी, पूजा और आंगनबाड़ी सहायिका के लिए रेखा, वीना,सुनैना, मीनू, मंजू, ममता, शिवानी, शिवानी, शिल्पा, नीलम कुमारी, शानू व नरेश कुमारी को चयनित किया गया।
सोलन में इनरव्हील क्लब मिडटाउन सोलन द्वारा करवा चौथ का त्यौहार धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने विधिवत उपवास रख कर अपने पति की दीर्घायु की कामना की। इस अवसर पर एक निजी होटल में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं ने एकजुट होकर करवा चौथ का त्यौहार मनाया । इस दौरान महिलाओं ने सज धजकर नाच गाकर इस दिन को खास बनाया। इस कार्यक्रम में महिलाओं के लिए कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई ।इस मौके पर महिलाओं ने करवा चैथ की कथा सुनी सामूहिक आरती की व अपने अपने पतियों की दीर्घायु की कामना की । इस दौरान क्लब की प्रधान ऊषा ठाकुर ने बताया कि करवा चौथ के त्यौहार का पूरे साल उन्हें बेसब्री से इंतजार रहता है उन्होंने कहा कि आज उन्हें निर्जला उपवास अपने सुहाग की खुशहाली एंव दीर्घायु के लिए रखा है।
अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती के लिए सोलन, शिमला, सिरमौर और किन्नौर ज़िलों के उन उम्मीदवारों को शारीरिक परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं जिन्होंने ऑनलाइन परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। यह जानकारी भर्ती कार्यालय शिमला की निदेशक कर्नल पुष्विन्दर कौर ने दी। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि इस भर्ती रैली का आयोजन शिमला ज़िला के रामपुर बुशहर स्थित प्रिथी मिलिट्री स्टेशन अवेरीपट्टी में 18 नवम्बर से 24 नवंबर के मध्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 18 नवंबरको इस रैली में सोलन ज़िला की अर्की तहसील और शिमला ज़िला की सभी तहसीलों के उम्मीदवार भाग ले सकेंगे। 19 नवंबर को सोलन ज़िला की बद्दी तहसील के अतिरिक्त अन्य सभी तहसीलों के उम्मीदवार भाग ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि 20 नवंबर को सोलन ज़िला की बद्दी तहसील के साथ सिरमौर ज़िला की हरिपुरधार, नारग, पझौता, माजरा, कमरउ, नाहन, नोहरा, रोनहाट तथा शिलाई तहसीलों के उम्मीदवार भाग ले सकेंगे। उन्हांने कहा कि 21 नवंबर को सिरमौर ज़िला की पांवटा साहिब, राजगढ़, रेणुका, पच्छाद और ददाहू तहसीलों के उम्मीदवारों की शारीरिक परीक्षा आयोजत की जाएगी। निदेशक भर्ती ने कहा कि 22 नवंबर को सोलन, शिमला और सिरमौर ज़िलों के अग्निवीर टैक्नीकल, अग्निवीर लिपिक, स्टोरकीपर टैक्नीकल और अग्निवीर ट्रेड्समैन तथा किन्नौर ज़िला के अग्निवीर जनरल डयूटी, अग्निवीर टैक्नीकल, अग्निवीर लिपिक, स्टोरकीपर टैक्नीकल और अग्निवीर ट्रेड्समैन पद के लिए उम्मीदवार भर्ती रैली में भाग लेंगे। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण उम्मीदवारों की अगले दिन चिकित्सा परीक्षा आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि शारीरिक परीक्षा के तहत युवाओ को 1.6 किलोमीटर की दौड़ लगानी होगी। कम से कम 6 और अधिकतम 10 पुलअप करने होंगे। 09 फीट गड्ढे को पार करना होगा और जिग ज़ैग बैलेंस दिखाना होगा। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि उम्मीदवारों को अपने साथ 10वीं, 12वीं पास अंकतालिका, मूल निवास स्थाई प्रमाण पत्र, डोगरा, अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण, चरित्र प्रमाण पत्र केवल नायब तहसीलदार अथवा तहसीलदार द्वारा ऑनलाइन जारी किया हुआ लाना होगा। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार को साथ में शपथ पत्र (भर्ती नोटिफिकेशन के अनुसार), 20 रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो और अविवाहित होने का प्रमाण पत्र भी लाना होगा। उन्होंने कहा कि जिन उम्मीदवारों के पास टेक्निकल शिक्षा प्रमाण पत्र, एनसीसी और वैध खेलकूद प्रमाण पत्र हों तो वह इन्हें अपने साथ जरूर लाएं। जिन उम्मीदवारों के पिता सेवानिवृत या सेवारत हैं वे उम्मीदवार रिलेशनशिप प्रमाण पत्र एवं साथ में डिस्चार्ज बुक की कॉपी लेकर आएं। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि भर्ती रैली के लिए प्रवेश पत्र रंगीन एवं हाई रिजोल्यूशन में प्रिंट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) डाउनलोड करने में समस्या होने पर युवा भर्ती कार्यालय शिमला में संपर्क कर सकते हैं। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि सेना में भर्ती नि:शुल्क है और यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं उम्मीदवार की काबिलियत पर निर्भर करती है। उन्होंने उम्मीदवारों से आग्रह किया कि भर्ती के लिए दलालों के बहकावे में न आएं।
जवाहर नवोदय विद्यालय पपरोला में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान नौंवीं एवं 11वीं कक्षा की खाली सीटों पर लेटरल एंट्री के लिए 10 फरवरी 2024 को प्रवेश परीक्षा होगी। इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 7 नवंबर कर दी गई है। विद्यालय के प्रधानाचार्य रेणु शर्मा ने बताया कि पहले आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर निर्धारित की गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 7 नवंबर कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि नौंवीं कक्षा में प्रवेश के लिए एक मई 2009 से 31 जुलाई 2011 तक जन्में तथा शैक्षणिक सत्र 2023-24 के दौरान जिला कांगड़ा के मान्यता प्राप्त स्कूल में आठवीं कक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। ग्यारहवीं कक्षा के लिए एक जून 2007 से 31 जुलाई 2009 तक जन्में तथा शैक्षणिक सत्र 2023-24 के दौरान जिला कांगड़ा के मान्यता प्राप्त स्कूल में दसवीं कक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थी पात्र हैं। प्रधानाचार्य ने बताया कि आवेदन से संबंधित जानकारी नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाइट नवोदया.जीओवी.इन पर उपलब्ध है। इसके अलावा विद्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के राशन कार्ड की ई-केवाईसी करवाने की तिथि 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। पहले यह 31 अक्तूबर तक निर्धारित की गई थी। उन्होंने कहा कि कुछ उपभोक्ता अपना व अपने परिवार के सदस्यों का ई-केवाईसी करवाने से वंचित रह गए थे। विभाग द्वारा ऐसे लोगों की सुविधा के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने की तिथि बढ़ाई गई है। विभाग द्वारा राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ई-केवाईसी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशन कार्ड में दर्ज व्यक्ति का नाम, जन्मतिथि तथा लिंग, आधार में दर्ज डाटा के अनुरूप हो, इसके दृष्टिगत प्रदेश भर में ई-केवाईसी की प्रक्रिया आरम्भ की गई है। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे ई-केवाईसी की प्रक्रिया को सयमबद्ध पूर्ण करने में सहयोग प्रदान करें। सरकार की
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं भारतीय राज्य पेंशनर संघ के वारिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार कर्मचारी विरोधी साबित हुई है। शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को जहां 46 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किश्त जारी की है, वहीं हिमाचल सरकार ने कर्मचारियों को केवल 34 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किश्त ही जारी कर अपना पल्लू झाड़ रही है। जबकि हिमाचल सरकार को भी अपने कर्मचारियों को केंद्र सरकार की तर्ज पर 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी करना चाहिए था। शर्मा ने कहा कि प्रदेश के विकास को रीढ़ रहे कर्मचारियों को उनका हक देने में प्रदेश सरकार पूरी तरह से नाकाम रही है। शर्मा ने कहा कि यहीं नहीं वर्ष 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को अभी तक रिवाइज्ड लीव इन कैशमेंट तथा अन्य वित्तीय लाभ नहीं दिए गए हैं, जिससे प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों में कांग्रेस सरकार के प्रति भारी रोष पनपता जा रहा है। घनश्याम शर्मा ने कहा है कि केंद्र सरकार ने कर्मचारियों की मनोदशा को समझा है व कर्मचारियों के हितों को देखते हुए सभी लाभ दिए हैं। लेकिन प्रदेश सरकार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों को उनके वित्तीय लाभ तक नहीं दे पा रही है। शर्मा ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार को सत्ता में आये एक वर्ष का समय हो गया, लेकिन अभी तक भाजपा सरकार के समय शुरु हुए विकास कार्य भी पूरे नहीं कर पाई है। प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार अब इन विकास कार्यों को पूरा करने के लिए बजट तक जारी नहीं कर पा रही है। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में जल शक्ति विभाग के पास बचे विकास के बजट को सरकार द्वारा वापस मंगवाना सरकार की मनोदशा को दर्शाता है।
भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला महासू की परिचय बैठक जिला अध्यक्ष अतुल शर्मा की अध्यक्षता में ठियोग के द वाइट हाउस कैफे होटल में आयोजित की गई। इस बैठक भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील कदशोली, प्रदेश सह-मिडिया सह प्रभारी सुनिल शर्मा अप्पू व जिला के सभी पदाधिकारी व पांचों मंडलों के अध्यक्ष और महामंत्री उपस्थित रहे। बैइक में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा प्रदेश सरकार की दमनकारी नीतियों को विरोध किया गया। साथ ही आगामी योजनाओं और कार्यक्रमों पर चर्चा की गई।
- हुआ जोरदार धमाका, दूर तक सुनाई दी आवाज -लोगों ने अग्निशमन विभाग को किया फोन -फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू सोलन में नरसिंह मंदिर के समीप शॉर्ट सर्किट होने से भयंकर आग लग गई। शॉर्ट सर्किट होने के कारण छत में लगी लकड़ी ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते कुछ मिनटों में ही आग ने भयंकर रूप ले लिया और तभी एक जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज दूर तक सुनाई दी। आस पास मौजूद लोगों ने बताया कि जब आग बहुत फैल गई तो उन्होंने इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी। मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद टीम ने आग पर काबू पाया। वहीं, तहसीलदार सोलन का कहना है कि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। घटना में एक महिला के पैर पर चोट लगी है। वहीं, प्रभावित परिवार को 15000 रुपये की फौरी राहत दी गई है। घटना में कोई सिलेंडर ब्लास्ट नहीं हुआ है शॉर्ट सर्किट की वजह से यह आग की घटना सामने आई है।
-हिमाचल अंबेडकर संयुक्त मोर्चा ने नोटिफिकेशन रद्द करने की उठाई मांग -मुख्यमंत्री, राज्यपाल और राष्ट्रपति को प्रेषित किए ज्ञापन प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार देने के लिए वन विभाग में वन मित्र के पदों को भरने के लिए नोटिफिकेशन जारी की गई है। इसके तहत राज्य के अलग-अलग जिलों में वन मित्र रखे जाएंगे। लेकिन इस नोटिफिकेशन का हिमाचल अंबेडकर संयुक्त मोर्चा ने विरोध किया है। मोर्चा के सदस्यों का मानना है कि नोटिफिकेशन के तहत आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया है, जिसके चलते एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग को बड़ा धक्का लगा है। इसलिए उन्होंने इस नई नोटिफिकेशन को जल्द रद्द किए जाने को लेकर डीसी के माध्यम से प्रदेश मुख्यमंत्री, राज्यपाल और देश के राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित कर इसको जल्द निरस्त करने की मांग की है। हिमाचल अंबेडकर संयुक्त मोर्चा ने साफ कहा है कि अगर सरकार द्वारा इस नोटिफिकेशन को जल्द रद्द नहीं किया गया तो इसको लेकर मोर्चा विरोध प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेगा। ज्ञापन देने वालों में कांग्रेस के पूर्व उद्योग मंत्री कुलदीप कुमार धीमान भी शामिल हैं और उन्होंने इस नोटिफिकेशन में आरक्षण का प्रावधान न किए जाने पर अपनी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
न्यूजीलैंड उच्चायोग और भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने उत्तर पश्चिमी और उत्तर पूर्वी हिमालय क्षेत्र में कीवी फल उत्पादन और संबंधित मूल्य शृंखला गतिविधियों के सुधार और विकास के लिए संभावित क्षेत्रों का पता लगाने के लिए डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी का एक चार सदस्यीय टीम ने दौरा किया। टीम में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण पूर्व एशिया के लिए विश्व बैंक सलाहकार डॉ. स्टेफनी मोंटगोमरी, न्यूजीलैंड के नॉर्थलैंड क्षेत्र के कीवीफ्रूट विशेषज्ञ डेनियल ब्लैक, भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय में सलाहकार एमआईडीएच चिराग भाटिया और शिवा रेड्डी शामिल थे। टीम ने अनुसंधान निदेशक डॉ. संजीव चौहान और विश्वविद्यालय के फल विज्ञान के विभागअध्यक्ष डॉ. डीपी शर्मा के साथ जिला सिरमौर के नारग और दाड़ों देवरिया क्षेत्रों और जिला सोलन के शामती में कीवी के बगीचों का दौरा किया। विदेशी विशेषज्ञों और मंत्रालय के सदस्यों ने किसानों के साथ उनके बगीचों में बातचीत की और न्यूजीलैंड में अपनाई जा रही प्रशिक्षण और छंटाई तकनीकों का भी किसानों को प्रदर्शन किया। टीम ने विश्वविद्यालय के फल विज्ञान विभाग के कीवीफल प्रायोगिक क्षेत्र का भी दौरा किया, जो 1985 में लगाया गया देश में कीवीफ्रूट का पहला व्यावसायिक कीवी उद्यान है। उन्होंने विश्वविद्यालय के नर्सरी क्षेत्र और प्रयोगशालाओं का भी दौरा किया। कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूरे हिमालय क्षेत्र की मध्य पहाड़ियों के लिए एक विविधकरण के लिए कीवी की व्यवहार्यता पर चर्चा की गई। बैठक में दोनों विशेषज्ञों द्वारा न्यूजीलैंड और भारत के बीच सहयोग की व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए प्रस्तुति दी गई। डॉ. डीपी शर्मा ने कीवी के पैकेज ऑफ प्रैक्टिस के मानकीकरण और वैज्ञानिक जनशक्ति के संबंध में विश्वविद्यालय की ताकत, प्रकाशित शोध पत्र, कीवीफ्रूट पर एमएससी और पीएचडी छात्रों द्वारा पूरे किए गए शोध, जलवायु डेटा, और भारत में कीवी फल की खेती के लिए पैकेज ऑफ प्रैक्टिस के मानकीकरण के लिए अग्रणी संस्थान होने के नाते क्षेत्र और प्रयोगशाला के बुनियादी ढांचे और नर्सरी उत्पादन में हुई प्रगति पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी।
-एचआरटीसी की बस में ले जा रहे थे नशे की खेप शिमला जिले के कोटखाई उप मंडल के अंतर्गत बाघी में पुलिस ने 107.93 ग्राम चिट्टे के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने चिट्टे की यह खेप पकड़ी है। इसे रोहड़ू नारकंडा बस में छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस द्वारा पकड़ी गई इस वर्ष की यह सबसे बड़ी खेप है। कोटखाई पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी रोहड़ू से नारकंडा जा रही बस एचपी 10 ए 9717 में बैठे थे। गुप्त सूचना के आधार पर एएसआई अंबी लाल के नेतृत्व में पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने कोटखाई के बाघी घाट में बस को रोककर तलाशी ली तो चार आरोपी बस में चिट्टे की खेप के साथ बैठे हुए थे। तलाशी के दौरान 107.93 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। आरोपियों की पहचान बलबीर सिंह पुत्र कौल राम गांव तपड़ोग (ननखड़ी), विपिन श्याम पुत्र जय सिंह गांव खुलीघाट (ननखड़ी), रमन पुत्र मोती राम गांव बनी (ननखड़ी), गणेश पुत्र मोहन लाल गांव शाना पोखरा नेपाल के रूप में हुई है। डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि पुलिस के स्पेशल सेल ने गुप्ता सूचना के आधार पर कार्रवाई। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
-मंगलवार देर रात हुआ हादसा, एक गंभीर घायल पीजीआई चंडीगढ़ रेफर बिलासपुर जिले में देर रात एक कार के गहरी खाई में गिर जाने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया है। यह हादसा उप मंडल घुमारवीं के गांव टिक्कर (सोई) में हुआ। मृतक और घायल पूरी रात दुर्घटनाग्रस्त कार में फंसे रहे। जब लोगों को सुबह हादसे का पता चला तो उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार श्याम सुंदर सोनी (60) पुत्र चमन लाल निवासी गांव गलासी, सरवन कुमार(62) निवासी गांव टिक्कर और जगत पाल (60) पुत्र सुखराम निवासी गांव दाड़ी तहसील घुमारवीं जिला बिलासपुर मंगलवार रात को सोई गांव में एक समारोह से लौट रहे थे। घुमारवीं के गांधी चौक पर सुनार की दुकान करने वाले श्याम सुंदर सोनी अपनी कार में सरवन कुमार और जगत पाल को घर छोड़ने जा रहे थे। रास्ते में सोई पुली के पास कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। श्याम सुंदर और सरवन कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि जगतपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल जगतपाल पूरी रात कार में ही फंसे रहे। लोगों को हादसे का पता बुधवार सुबह लगा। हालांकि तीनों के परिजन उन्हें रात से ही ढूंढ रहे थे। बुधवार सुबह स्थानीय लोगों ने कार को खाई में गिरा हुआ देखा। सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पुलिस कर्मियों ने स्थानीय लोगों की सहायता से कार में फंसे तीनों लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद घुमारवीं अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने श्याम सुंदर और सरवन कुमार को मृत घोषित कर दिया जबकि घायल को प्राथमिक उपचार देने के बाद पीजीआई रेफर कर दिया। विधायक राजेश धर्माणी ने भी अस्पताल पहुंच कर पीड़ित परिवारों के सदस्यों से बात की और उन्हें सांत्वना दी। मामले की पुष्टि घुमारवीं थाना प्रभारी विपिन चौधरी ने की है।
-ऐसा शख्स, जिसने पशु-पक्षियों को समर्पित कर दिया अपना पूरा जीवन -जिन बेजुबानों की जिंदगी बचाई वो बन गए दोस्त, घर तक आते हैं मिलने को हिमालय की गोद में बसे खूबसूरत शहर धर्मशाला के निवासी धीरज महाजन का मानना है कि भगवान की पूजा करने से पहले भगवान द्वारा बनाए गए जीवों की आप पूजा करें...उनसे प्यार करें...उनकी रक्षा करें, भगवान तो अपने आप ही खुश हो जाएंगे। इतना ही नहीं, यह इन बेजुबानों से बातें भी करते हैं, इनके दर्द को अपना दर्द समझते हैं। यह सुनकर आप आश्चर्यचकित हो जायेंगे कि कई पशु-पक्षी इनके दोस्त बन चुके हैं और इनसे मिलने इनके घर तक आते हैं। बचपन से ही धीरज महाजन को प्रकृति व पशु-पक्षियों से प्यार था। जानवरों पर हो रहे अत्याचार इनसे देखे नहीं जाते थे। पशु-पक्षियों से इतना स्नेह रखने वाले धीरज आज तक कई बेजुबानों का रेस्क्यू कर चुके हैं और बेजुबानों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ कई शिकायतें पुलिस से कर चुके हैं। गौवंश और कुत्तों के अलावा इन्होंने अनेकों जंगली जीवों का भी रेस्क्यू किया है। इस निस्वार्थ सेवा भाव के लिए उन्हें 15 अप्रैल, 2022 को 'हिमाचल प्रेरणा स्रोत' से सम्मानित किया गया था। धीरज का कहना है कि रेस्क्यू हमेशा असान नहीं होते। कुछ रेस्क्यू आपकी जान भी ले सकते हैं और वहीं दूसरी ओर किसी को नयी जिंदगी भी दे सकते हैं। कभी तोता तस्करों, कभी जंगली जीवों का शिकार करने वाले शिकारियों को तो कभी पालतू गाय को छोड़ने वाले लोगों को धीरज महाजन ने अपनी जान जोखिम में डालकर पकड़वाया है। धीरज कहते हैं, 'मेरी यह जिंदगी मेरी नहीं, बल्कि इन जीवों की है।'
मिनर्वा स्कूल घुमारवीं के पांच विद्यार्थी जिला स्तर पर आयोजित होने वाले बाल विज्ञान सम्मेलन में भाग लेंगे। खंड स्तर पर विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन के बाद उनका चयन जिला स्तर के लिए हुआ है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या घुमारवीं में आयोजित खंड स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी छात्रों को विद्यालय में सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य परवेश चंदेल ने जिला स्तर के चयनित सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। प्रधानाचार्य परवेश चंदेल ने बताया कि जिला स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन के लिए मैथमेटिक्स ओलंपियाड के सीनियर सेकेंडरी वर्ग में प्रिशा चौहान, सीनियर वर्ग में आदित्य तथा जूनियर वर्ग में गौरिश शर्मा का चयन हुआ है। इसके अलावा साइंस एक्टिविटी कॉर्नर में सीनियर सेकेंडरी गु्रप से शुभम शर्मा व जूनियर ग्रुप से वैदिक शर्मा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। परवेश चंदेल ने बताया कि खंड स्तर पर मैथमेटिक्स ओलंपियाड के सीनियर सेकेंडरी वर्ग में प्रिशा चौहान ने पहला स्थान प्राप्त किया। जबकि सीनियर वर्ग में आदित्य तथा जूनियर वर्ग में गौरिश शर्मा प्रथम व द्वितीय स्थान झटका। वहीं एक्टिविटी कॉर्नर में सीनियर सेकेंडरी ग्रुप से शुभम शर्मा व जूनियर ग्रुप से वैदिक दूसरा व तीसरा स्थान प्राप्त किया है। सीनियर सेकेंडरी क्विज प्रतियोगिता में प्रशम कपिल व प्रियल गुलेरिया ने दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं सीनियर वर्ग के क्विज कंपटीशन में दर्शल व आयुष ने दूसरा स्थान हासिल किया। जूनियर वर्ग क्विज कंपटीशन में अवनी शर्मा व सिद्धार्थ ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। प्रधानाचार्य व अन्य अध्यापकों ने सभी छात्रों को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
-अवैध निर्माण पर करें उचित कार्रवाई, ठोस कूड़ा कचरा प्रबंधन पर करें विशेष फोकस उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि कांगड़ा जिला के स्थानीय नगर निकायों में अवैध निर्माण को लेकर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए इसके लिए सभी नगर निकाय अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं। इस बाबत मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर के सभागार में कांगड़ा जिला के नगर निकायों के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि नगर निकायों को आमदनी के स्रोत बढ़ाने के लिए भी आवश्यक प्लान तैयार करना होगा ताकि नगर निकायों को सुचारू तौर पर विकसित किया जा सके। इसके साथ ही बकाया हाउस टैक्स को प्राप्त करने के लिए भी उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैें। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि नगर निकायों को सुंदर तथा स्वच्छ बनाने के लिए भी कार्य योजना तैयार करना अत्यंत जरूरी है इस के लिए नगर निकायों के अधिकारियों को नियमित तौर पर नागरिकों की भविष्य की सुविधाओं को देखते हुए प्लान तैयार करना चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि शहरी निकायों में ठोस कूड़ा कचरा प्रबंधन के लिए आवश्यक कदम उठाना अनिवार्य है तथा इस के लिए आवश्यक फंड सभी नगर निकायों को उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन नगर निकायों ने ठोस कूड़ा कचरा संयंत्र के लिए साइट चिह्न्ति नहीं की है, उन नगर निकाय के अधिकारी तत्काल प्रभाव से ठोस कूड़ा कचरा संयंत्र के लिए साइट फाइनल करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं ताकि नगर निकायों की स्वच्छता की दिशा में आगे बढ़ा जा सके। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक कचरा के निष्पादन के लिए आवश्यक कदम उठाएं इस के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ नगर निकायों का समन्वय स्थापित किया जाएगा। लंबित कार्यों की भी रिपोर्ट तैयार करें उपायुक्त ने कहा कि नगर निकायों को विभिन्न मद्दों के तहत विकास कार्यों के लिए फंड उपलब्ध करवाए गए हैं जिन विकास कार्यों को अभी तक आरंभ नहीं किया गया है उसकी रिपोर्ट तैयार करके शीघ्र भेजी जाए इसके साथ ही लंबित विकास कार्यों की अपडेट स्थिति से अवगत करवाया जाए ताकि नगर निकायों के विकास कार्यों की समीक्षा की जा सके। आवास योजना, स्वनीधि योजना पर भी हुई चर्चा उपायुक्त जिंदल ने शहरी आवास योजना, स्वनिधि योजना तथा शहरी स्वयं सहायता समूह योजना पर भी विस्तार से चर्चा की तथा इन योजनाओं के तहत शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश नगर निकाय के अधिकारियों को दिए गए। उन्होंने कहा कि स्वनिधि योजना के तहत पात्र लोगों को लाभांवित करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं इसके साथ ही शहरी स्वयं सहायता समूहों के सुदृढ़ीकरण के लिए भी कार्य योजना तैयार की जाए ताकि स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। नदियों तथा नालों को प्रदूषित होने से बचाएं उपायुक्त ने नगर निकायों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सीवरेज तथा अन्य तरह की गंदे जल की निकासी से किसी भी तरह से खड्डों तथा नदियों का पानी दूषित नहीं हो इस के लिए विशेष ध्यान रखा जाए। इस बाबत ज्वालामुखी तथा देहरा नगर निकायों के अधिकारियों सतर्कता के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में किसी भी स्तर पर नदियों तथा खड्डों के पानी को दूषित नहीं किया जाए इस के लिए कांगड़ा बाईपास के पास भी श्रद्वालुओं के लिए स्नानघर तथा कुकिंग एरिया बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर एडीसी सौरभ जस्सल, कांगड़ा, ज्वालामुखी, देहरा, बैजनाथ, नगरोटा, शाहपुर, नुरपुर, ज्वाली के नगर निकायों के अधिकारी उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वाटर सेस पर हम केंद्र सरकार के सुझाव को नहीं मानेंगे। यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है और फैसला भी न्यायालय का ही लागू होगा। मंगलवार को मीडिया से बातचीत में अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बहने वाली नदियों पर कंपनियों ने बिजली प्रोजेक्ट लगाए हैं। पानी हमारा, बिजली हमारी और प्रोजेक्ट की जमीन भी हमारी है। इसलिए प्रदेश सरकार ने अपना राजस्व बढ़ाने के लिए इन कंपनियों पर वाटर सेस लगाने का निर्णय लिया है, वाटर सेस कमीशन स्थापित किया है, उसी की अनुशंसा पर कंपनियों पर सेस लगाया है। इससे सरकार को 1,842 करोड़ राजस्व आने की संभावना है। वाटर सेस न लगाने के संबंध में केंद्र सरकार का बार-बार पत्र लिखना अनुचित है। वाटर सेस लगाना प्रदेश के अधिकार क्षेत्र में आता है। केंद्र से पिछले दिनों प्रदेश सरकार को पत्र आया है, जिसमें वाटर सेस को अनुचित करार दिया गया है। मुकेश ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मियों और पेंशनरों को हर महीने वेतन और पेंशन दी जा रही है। उनका हड़ताल पर जाने की धमकियां देने का तरीका सही नहीं है। प्रदेश आपदा का सामना कर चुका है। मुख्यमंत्री अस्वस्थ हैं। कर्मचारी धैर्य रखें, अपनी समस्याएं निगम प्रबंध निदेशक को बताएं, उन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। सीएम के स्वास्थ्य में हो रहा सुधार, शीघ्र लौटेंगे हिमाचल मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू के स्वास्थ्य को लेकर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। टेस्ट रिपोर्ट ठीक आई है। मुख्यमंत्री स्वस्थ होकर जल्द हिमाचल हिमाचल आएंगे।
-समलोटी में एनएसएस के पंद्रह दिवसीय शिविर का हुआ समापन -विधायक ने बेस्ट एनएसएस वॉलंटियर तानिया और साहिल को किया सम्मानित पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों को सृजनात्मक एवं रचनात्मक कार्यों के प्रति प्रेरित कर समाज सेवा का अवसर प्रदान करती है और उनके व्यक्तित्व को निखारने एवं भविष्य में उन्हें कर्तव्यनिष्ठ, संवेदनशील तथा उपयोगी नागरिक के रूप में संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मंगलवार को पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला समलोटी में एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) शिविर के समापन समारोह बतौर मुख्यातिथि एनएसएस के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के अंदर नैतिक मूल्यों के निर्माण के लिए एनएसएस शिविर आयोजित करना बहुत उपयोगी है। उन्होंने कहा कि परिश्रम के अलावा सफलता का कोई दूसरा रास्ता नहीं होता थे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जीवन में एक उद्देश्य लेकर आगे बढ़ना चाहिए और कभी भी मन में नकारात्मकता पैदा नहीं होने दे। उन्होंने कहां प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु के नेतृत्व में युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न योजनाएं एवं कार्यक्रम आरंभ किए गए हैं इसके साथ ही स्कूलों में शिक्षा की बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए भी कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य अब ठीक है और जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने उपरांत वे अपने विधानसभा के क्षेत्र में उन्हें बुलाकर विकास को और गति देंगे। इससे पहले पाठशाला के प्रधानाचार्य नारायण दत्त शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए एनएसएस कैंप के बारे में विस्तृत जानकारी दी। एनएसएस शिविर का आयोजन 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक किया गया। इस शिविर में 52 छात्र-छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम अधिकारी सुरजीत भाटिया ने मुख्य अतिथि को इस शिविर की सारी दिनचर्या के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान बच्चों को श्रमदान सिखाया गया है। मुख्यातिथि ने बेस्ट वालंटियर एनएसएस छात्रा तानिया और बेस्ट वालंटियर एनएसएस छात्र साहिल डोगरा को स्मृति चिन्ह से पुरस्कृत किया। उन्होंने राज्य स्तर पर बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीतने पर वंशिका और सिल्वर मेडल जीतने पर राखी चैधरी को भी स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कृत किया। मुख्यातिथि ने एनएसएस शिविर में छात्रों को 11000 रुपये की राशि अपनी ओर से स्वीकृत की। इस अवसर पर एसडीम मुनीष शर्मा, पाठशाला के प्रधानाचार्य नारायण दत्त शर्मा, एक्शन पीडब्ल्यूडी राकेश वालिया, कार्यक्रम अधिकारी सुरजीत भाटिया, कार्यक्रम अधिकारी कुमारी आरती, शारीरिक अध्यापक कैलाश शर्मा, दिवाकर शर्मा, अमरचंद वर्मा, सुमित्र सिंह मसंद, ओंकार चंद, रमेश चंद, तेजपाल, निर्मल पाराशर, प्रकाश चंद, पाठशाला के अध्यापक, अध्यापिकाएं और अन्य छात्र मौजूद रहे।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेसनीत सुक्खू सरकार को बने हुए एक साल होने को है लेकिन मुख्यमंत्री अभी तक बदले की भावना से काम करते हुए सिफ़र् बीजेपी सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं को बंद करने का ही काम कर रही है। अब कांग्रेस सरकार प्रदेश के लाखों किसानों और बाग़वानों को परेशान करने के लिए प्राकृतिक खेली जैसी जनहितकारी योजनाएं बंद कर रही है। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसी सरकार आई है जो नई योजनाएं शुरू करने के बजाय पुरानी योजनाओं को बंद करने का काम कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकारों का काम किसी योजना को और मज़बूत करना हारता है, यदि योजनाओं में कोई कमी रह गई हो तो उसे दूर करना होता है। जयराम ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया प्राकृतिक खेती को अपना रही है लेकिन हिमाचल सरकार प्राकृतिक खेती के प्रोत्साहन के लिए चलाई जा रही योजना को बंद कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती योजना की हिमाचल में सफलता के लिए केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश की कई बार सराहना की गई। इस खेती के ज़रिए किसान रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग न करके जैविक उर्वरकों का प्रयोग करते हैं। जिससे किसानों की कृषि लागत एकदम कम हो जाती है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित खाद्य पदार्थ एक तरफ़ किसानों के स्वास्थ्य के लिए फ़ायदेमंद है तो दूसरी तरफ़ बाज़ार में ऐसे उत्पादों की भारी मांग की वजह से अच्छी क़ीमत भी मिल जाती है। लेकिन वर्तमान सरकार प्राकृतिक खेती योजना को बंद करके प्रदेश के किसानों और बागवानों को परेशान कर रही। सुख की सरकार का नारा लगाने वाले प्रदेश के लोगों को दु:ख देने का काम कर रहे हैं। ग़ौरतलब है कि अभी तक प्रदेश में लगभग 2 लाख से ज़्यादा किसान-बागवान परिवारों ने इस खेती विधि को पूर्ण या आंशिक भूमि पर अपना लिया है। प्रदेश की 99 प्रतिशत पंचायतों में यह विधि पहुंच बना चुकी है और 1,17,762 बीघा ( 9,421 हैक्टेयर) से अधिक भूमि पर इस विधि से खेती-बागवानी की जा रही है। इस योजना के तहत 2023 के अंत तक 20 हजार हैक्टेयर से ज़्यादा भूमि को प्राकृतिक खेती के अधीन लाने का लक्ष्य था लेकिन कांग्रेस सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज यहां ऐतिहासिक रिज में भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिवंगत इंदिरा गांधी द्वारा देशहित में लिए गए महत्त्वपूर्ण निर्णयों को भारतवासी कभी नहीं भूल सकते। वह 'आयरन लेडीÓ के रूप में न केवल भारत अपितु विश्वभर में विख्यात हैं। राज्यपाल ने मीडिया के साथ अनौपचारिक बातचीत के दौरान कहा कि आज 31 अक्तूबर को लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्म जयंती भी है। इस दिवस को देश भर में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की उपलब्ध्यिों को देश कभी नहीं भुला सकता। उन्होंने अखंड भारत का सपना देखा और स्वतंत्रता प्राप्ति के उपरांत देश की छोटी-छोटी रियासतों को एकजुट कर वृहद भारत के निर्माण में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक हरीश जनारथा, ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर, नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, अन्य पार्षदगण, उपायुक्त आदित्य नेगी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।


















































