प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने प्रदेश में 7 सितम्बर की प्रस्तावित भारत जोड़ो यात्रा, भारत जोड़ो सम्मेलन के लिए पार्टी पदाधिकारियों को जिला बार जिम्मेदारियां सौंपी हैं। प्रदेश कांग्रेस महासचिव संगठन रजनीश किमटा ने एक अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची व सचिव इंद्रजीत सिंह को शिमला कांग्रेस महासचिव चेतराम ठाकुर मंडी भुवनेश्वर गौड़ कुल्लू, रोहित वत्स धामी लाहुल स्पीति, महासचिव आशीष बुटेल कांगड़ा, विनोद सुल्तानपुरी सोलन,धर्म सिंह पठानिया चंबा, महेंद्र स्तान किन्नौर, अजय सोलंकी सिरमौर, विवेक कुमार बिलासपुर पवन ठाकुर हमीरपुर व अविनाश कपिला को ऊना जिला में भारत जोड़ो यात्रा व भारत जोड़ो सम्मेलन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बोले- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृव में हमेशा देश के प्रतीकों का सम्मान हुआ नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज 'मेरी माटी मेरा देश' कार्यक्रम के तहत देश भर से मिट्टी एकत्रित करने के चलाई जा रही अमृत कलश यात्रा में भाग लिया। शिमला शहरी विधानसभा के जाख़ू वार्ड स्थित जोधा निवास के आस पास से उन्होंने दिल्ली में बनाई जाने वाली 'अमृत वाटिका' के लिए मिट्टी एकत्र की। अमृत कलश यात्रा में जयराम ठाकुर अश्वनी मनोचा, अशोक मनोचा, अनिला कश्यप सूद, वीना भाटिया, नंदन चोपड़ा, केवल कृष्ण सचदेवा के यहां से अमृत कलश में मिट्टी एकत्र की। उनके साथ मंडल अध्यक्ष सुनील धर, डॉ. सपना कश्यप, प्रत्याशी संजय सूद, गणेश दत्त, किमी सूद, अनूप वैद, अजय सरना, बिट्टू पाना, गगन लखनपाल, श्रवण शर्मा, पिंकी गोयल, विजय चौहान, गोपाल सूद, राजन अग्रवाल, शैली शर्मा, दीपक, शुभ महाजन आदि पदाधिकारी व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश के कोने-कोने से एकत्र की हुई मिट्टी को देश की राजधानी में बनने वाली अमृत वाटिका में इस्तेमाल किया जाएगा। देश के अमर बलिदानियों को सच्ची श्रद्धांजलि देने का इससे अच्छा तरीक़ा नहीं हो सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के महान विभूतियों को हमेशा सर्वोच्च सम्मान दिया है। भारत के एकीकरण के सबसे बड़े नायक लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के लिए प्रधानमंत्री द्वारा देशसे लोहा एकत्र करके 'स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी. का निर्माण किया गया। इसी तरह देश के अमर बलिदानियों के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने 'राष्ट्रीय समर स्मारक' का निर्माण करवा कर देश के अमर बलिदानियों को समर्पित किया है।
केंद्रीय मंत्री ने हरोली व गगरेट में घर-घर जाकर मांगी मिट्टी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर आज मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम के अंतर्गत हिमाचल पहुंचे, जहां उन्होंने हरोली और गगरेट विधानसभाओं के कार्यक्रमों में भाग लिया। अनुराग ने कहा कि हिमाचल बलिदानियों की भूमि है। यहां मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम को लेकर अपार उत्साह। मेरी माटी मेरा देश हमारे शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों को याद करने का उन्हें श्रद्धांजलि देने का प्रयास है। मेरी माटी, मेरा देश आजादी के अमृत महोत्सव का अंतिम कार्यक्रम है। इसके अंतर्गत देश के साढ़े 6 लाख गांवो में अमृत कलश यात्रा निकाली जाएगी। 30 करोड़ घरों से मिट्टी ली जाएगी। प्रत्येक गांव में अमृत वाटिका बनेगी। प्रत्येक गांव की मिट्टी को ब्लॉक स्तर से होते हुए देश की राजधानी लाया जाएगा। पंच प्रण के शपथ लिए जाएंगे। वीरों का नमन मिट्टी का वंदन होगा। अनुराग ने कहा कि हम घूम-घूम कर स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों का सम्मान कर रहे हैं। मिट्टी के दिल्ली आने पर कर्तव्य पथ से होते हुए इंडिया गेट की ओर एक अमृत वाटिका का निर्माण किया जाएगा। इंडिया गेट के पास आजादी का अमृत महोत्सव मेमोरियल बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य देश में एकता एकजुटता की भावना बनाए रखना, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पाना और अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व करना है ताकि देश का हर नागरिक अपने कर्तव्य को पूरा कर एक विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सके।
कहा- सभी कंपनियां 7 से 10 तारीख तक करें वेतन का भुगतान राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज किन्नौर जिला के आई.टी.डी.पी भवन में जिला के एचपीपीसीएल और पटेल कंपनी के प्रतिनिधियों, इंटक यूनियन के प्रतिनिधियों व ठेकेदारों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने पटेल कंपनी के अधिकारियों को कंपनी में कार्यरत मजदूरों का रुका हुआ वेतन 5 से 15 सितंबर तक देना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रम विभाग को श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करने व कानूनों की अवेहलना करने पर संबंधित कंपनी या ठेकेदार के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री ने सभी कंपनियों के अधिकारियों को कंपनी में कार्यरत मजदूरों और दिहाड़ीदारों को हर माह की 7 से 10 तारीख तक हर हाल में वेतन की अदायगी करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कंपनियों के श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है तथा मजदूरों के किसी भी प्रकार के शोषण के प्रति असहिष्णु है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिकों के उत्थान व कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा उन्हें हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कड़े प्रयास कर रही है।
कहा- चयन आयोग के माध्यम से की जाएगी 6000 हजार शिक्षकों की भर्ती नादौन में मुख्यमंत्री संबल योजना के शुभारंभ पर जनसभा को किया संबोधित पेपर लीक मामले में भंग किए गए कर्मचारी चयन आयोग की जगह जल्द ही हमीरपुर में राज्य चयन आयोग का गठन किया जाएगा। कहा कि 6,000 हजार शिक्षकों की भर्ती चयन आयोग के माध्यम से की जाएगी। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गृह जिले हमीरपुर के नादौन में मुख्यमंत्री संबल योजना के शुभारंभ पर जनसभा को संबोधित करते हुए कही। कहा कि जल्द कैबिनेट बैठक होने वाली है। तीन हजार अभी भरे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चिट्टे व अन्य तस्करी को राकने के लिए स्पेशल कमांडो फोर्स का गठन किया जा रहा है। इसमें 1200 पद भरे जाएंगे। इसी साल 10 हजार पद भरे जाएंगे इसी साल करीब 10 हजार पद भरे जा रहे हैं। इसमें आपदा के चलते समय लग रहा है। लेकिन अगले दो महीनों के भीतर राज्य चयन आयोग का गठन कर भर्ती परीक्षाएं शुरू की जाएंगी। सीएम ने कहा कि अब कोई पेपर लीक नहीं होगा, कोई भर्ती परीक्षा रद्द नहीं होगी। जो भी भर्ती होगी, पारदर्शी तरीके से कंप्यूटर के माध्यम से होगी। परीक्षा देने के एक हफ्ते के भीतर परिणाम जारी होगा। जिन अभ्यर्थियों का रिजल्ट आठ महीनों या दो साल से लंबित है, उन्हें आयु में भी छूट दी जाएगी ताकि वे भी भर्तियों के लिए आवेदन कर सके। दिव्यांग बच्चों को अब प्रति माह मिलेंगे 1 हजार रुपये इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गृह जिला हमीरपुर के नादौन में मुख्यमंत्री संबल योजना का शुभारंभ किया। गौना करौर स्थित राज्य शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में आयोजित कार्यक्रम में विशेष रूप से सक्षम जिला हमीरपुर के 120 से ज्यादा दिव्यांग बच्चों को सहायता उपकरण भी वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के शिक्षकों और बच्चों लिए चार अन्य कार्यक्रम भी लांच किए। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी में दिव्यांग बच्चों को दो प्रतिशत का आरक्षण दिया है। दिव्यांग बच्चों को अब 1 हजार रुपये की राशि मासिक मिलेगी। अगले बजट में इसका प्रावधान करेगी। आने वाले पांच सालों में सभी गारंटियों को पूरा करेंगे। हिमाचल को अपने पैरों पर खड़ा होना पड़ेगा पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि आपदा में केंद्र से कोई राहत नहीं मिली, लेकिन राज्य सरकार ने सड़कों व पानी की स्कीमों को खोलकर रखा, 75 हजार पर्यटकों को सुरक्षित निकाला। आपदा से 12 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हिमाचल को अपने पैरों पर खड़ा होना पड़ेगा, आत्मनिर्भर होना पड़ेगा। इसके लिए व्यवस्था परिवर्तन करना होगा। कुछ विभागों में यह पहल हो चुकी हैं। पहली बार लोक निर्माण विभाग व आईपीएच में विकास कार्यों के टेंडर 60 दिन के बजाय 20 दिन में जारी हो रहे हैं। पहली बार है कि आपदा में लोक निर्माण विभाग में तीन दिन के भीतर टेंडर लगाकर सड़कें खुलवाई गईं। हमारी सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करेगी।
सोलन जिले में 30 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण माह आयोजित किया जा रहा है। यह जानकारी आज यहां जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र सिंह नेगी ने दी। राजेेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि इस वर्ष का राष्ट्रीय पोषण माह का विषय 'सुपोषित भारत, साक्षर भारत, सशक्त भारतÓ है। उन्होंने कहा कि पोषण माह के तहत स्तनपान, पूरक आहार, स्वस्थ बालक स्पर्धा, पोषण भी पढ़ाई भी, मेरा माटी मेरा देश, मिशन लाइफ माध्यम से पोषण में सुधार, आयुर्वेद के माध्यम से स्वस्थ जीवन इत्यादि कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ज़िला के आंगनवाड़ी केंद्रों में भी सामुदायिक आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों में गोद भराई तथा अन्न्प्राशन इत्यादि आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह में आगंनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पोषण अभियान भी चलाया जाएगा।
भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने मेरा देश, मेरी माटी कार्यक्रम में शिमला ग्रामीण की नालदेहरा पंचायत में भाग लिया। इस कार्यक्रम के मध्यम से प्रदेश के कोने-कोने से दिल्ली को माटी भेजी जाएगी, जिससे अमृतवन का निर्माण होगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को अपने नेता राजेंद्र राणा से टिप्स लेेने चाहिए और इनपर अमल भी करना चाहिए। उन्होंने कहा की सुजानपुर से कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा ने फिर से अपनी ही सरकार पर हमला बोलते हुए कटघरे में खड़ा किया है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा विपक्ष में रहते जनहित में उठाए गए मुद्दों की याद दिलाई तथा उन्हें पूरा करने का सुझाव दिया है। पत्र में उन्होंने सीएम से अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को बहाल करने, भर्ती परीक्षाओं के लटके परिणाम घोषित करने, पुलिस भर्ती व फर्जी डिग्री मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है। यह सभी सुझाव अति महत्वपूर्ण हैं और इन सुझावों पर कांग्रेस पार्टी को गंभीरता से काम करना चाहिए। कश्यप ने कहा कि इससे पहले भी विधायक राणा ने सोशल मीडिया पर सरकार पर हमला बोला था, जिस पर कांग्रेस के विधायक सुधीर शर्मा ने कमेंट किया था। कश्यप ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने पूर्व में आउटसोर्स व करुणामूलक के हक की भी आवाज उठाई थी। राणा ने पत्र के माध्यम से याद दिलाया कि विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने आउटसोर्स कर्मचारियों व करुणामूलक आधार पर नौकरी पाने के लिए संघर्ष कर रहे युवाओं के हक की आवाज उठाई थी। अब करुणामूलक आधार पर नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं को सरकार से न्याय की उम्मीद है। राणा ने कहा है कि कोरोना महामारी के दौर में नर्सिंग स्टाफ (कोरोना वॉरियर्स) का हित और भविष्य सुरक्षित रहना चाहिए तथा उनके साथ परा न्याय होना चाहिए। कश्यप ने कहा कि कांग्रेस को नेताओं को अपने विधायक और अपने कांग्रेस के नेता से सीख लेनी चाहिए।
जिला सोलन के अंतर्गत कुनिहार के पुनीत अत्री को शिमला में रविवार को प्रदेश के राज्य पाल शिव प्रताप शुक्ल द्वारा डीजीपी डिस्क अवॉर्ड से नवाजा गया। इससे कुनिहार क्षेत्र में खुशी की लहर है। उल्लेखनीय है कि पुनीत अत्री जिला सोलन के कुनिहार के हाटकोट से संबंध रखते हैं। उनकी प्रारंभिक पढ़ाई कुनिहार स्कूल से हुई है। पुनीत अत्री के पिता कृष्ण लाल कृषक हैं, जबकि माता लता देवी कृषि विभाग में कार्यरत हैं। पुनीत की बहन भी पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, उनके चाचा जगदीश अत्री भी पुलिस विभाग शिमला से सेवानिवृत्त हुए हैं व वर्तमान में ग्राम पंचायत हाटकोट के प्रधान पद पर हैं। पुनीत की पत्नी शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी करती हैं। इस अवॉर्ड के लिए संभव चेरिटेबल संस्था कुनिहार की अध्यक्ष प्रतिभा कंवर, कौशल्या कंवर, हिमांशु झांजी, अक्षरेस शर्मा, संजय जोशी, प्रदीप पूरी, संदीप जोशी, प्रधुमन शर्मा, अरविंद जोशी, अशोक कुमार, मुकेश शर्मा, रणजीत ठाकुर, राम लीला जनकल्याण समिति कुनिहार व ग्राम पंचायत हाटकोट के सभी सदस्यों ने इस उपलब्धि पर पुनीत व परिवार को बधाई दी है।
हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षक दिवस से एक दिन पूर्व राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस बार 13 शिक्षकों को इस पुरस्कार से नवाजा जाएगा। चयनित शिक्षकों को मंगलवार को राजभवन शिमला में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल सम्मानित करेंगे। शिक्षकों के यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और विद्यार्थियों को पढ़ाने में विशेष रुचि लेने के लिए दिया जा रहा है। इनमें से तीन शिक्षकों को सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य के लिए शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों की सूची शिक्षक का नाम स्कूल का नाम पद अमर चंद चौहान जीएसएसएस आनी प्रिंसिपल दीपक कुमार जीबीएसएसएस चंबा प्रवक्ता बायोलॉजी अशोक कुमार जीबीएसएसएस मंडी प्रवक्ता वाणिज्य कृष्ण लाल जीएसएसएस बजौरा डीपीई हेम राज जीएसएसएस हिमरी शिमला टीजीटी नॉन मेडिकल कमल किशोर जीएसएसएस त्यूरी ऊना कला शिक्षक नरेश शर्मा जीपीएस गिरथरी मुख्य शिक्षक प्रदीप कुमार जीपीएस सलोह जेबीटी शिव कुमार जीपीएस ककराना जेबीटी कैलाश सिंह शर्मा जीसीपीएस लालपानी जेबीटी किशोरी लाल उप शिक्षा निदेशक कार्यालय हमीरपुर सीएचटी दलीप सिंह जीएसएसएस वसवानी प्रवक्ता अंग्रेजी हरि राम शर्मा जीएमएसएसएस नेरवा प्रिंसिपल
देश व प्रदेश स्तर पर मनाए जा रहे पोषण माह के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग किन्नौर द्वारा जिला के विकास खंड पूह में पोषण जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय महिलाओं को पोषण से संबंधित जानकारी प्रदान की गई। जिला कार्यक्रम सहायक आरजू ने शिविर में उपस्थित महिलाओं को जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष सितंबर माह में छठा राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जीवन-चक्र दृष्टिकोण के माध्यम से कुपोषण से पूर्णत: निपटना है, जो मिशन पोषण 2.0 की आधारशिला है। इस दृष्टिकोण पर आधारित, पोषण माह 2023 का केंद्र बिंदु महत्वपूर्ण मानव जीवन चरणोंरू गर्भावस्था, शैशवावस्था, बचपन और किशोरावस्था के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा करना है इसका उद्देश्य सुपोषित भारत, साक्षर भारत, सशक्त भारत (पोषण-समृद्ध भारत, शिक्षित भारत, सशक्त भारत) पर केंद्रित थीम के माध्यम से पूरे भारत में पोषण संबंधी समझ को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर उप प्रधान पूह तनजिन दोरजे स्वास्थ्य अधिकारी प्रतिभा नेगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूह तथा स्थानीय महिलाएं उपस्थित थी।
विकास कार्यों में तेजी लाने और सभी परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए आज यहां आयोजित प्रशासनिक सचिवों की मंडे मीटिंग की अध्यक्षता की। उन्होंने विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में सभी फाइलें ई-फाइल प्रणाली के माध्यम से भेजी जाए। इससे समय की बचत होगी और कार्यों को शीघ्र निपटाने में मदद भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली सभी जन सेवाओं के लिए ऑनलाइन प्रणाली समयबद्ध कार्यान्वित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गवर्नेंस में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग को विशेष अधिमान दे रही है। इससे प्रशासन में पारदर्शिता के साथ-साथ दक्षता भी सुनिश्चित होती है। उन्होंने सभी नगर निगमों और शहरी स्थानीय निकायों का पूर्णतया डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने को भी कहा। इससे लोगों को अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से उनके घर में ही प्राप्त हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने नींबू प्रजाति फल उत्पादन बहुल क्षेत्र में अतिरिक्त जूस से साइडर बनाने के लिए आधुनिक संयंत्र स्थापित करने की संभावनाएं तलाश करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए उन्होंने शिमला, रिज स्थित पुस्तकालय के खुलने का समय बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, राजीव गांधी रोजगार योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा भी की। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, विभिन्न प्रधान सचिव और अन्य सचिव उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि राष्ट्र निर्माण व समाज में शिक्षकों का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पर हर वर्ष 5 सितंबर को शिक्षकों के सम्मान में इस दिन को मनाया जाता हैं। उन्होंने कहा कि यह दिवस भारत के पूर्व राष्ट्रपति और शिक्षा शास्त्री डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पर उनके सम्मान में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि जीवन मे सफलता प्राप्त करने के लिए हमें शिक्षको का सम्मान करना चाहिए।
बैंक अधिकारी बोले, सोच-समझकर अपने दस्तावेज दें लोग ऊना जिला में बाहर से आए हुए कुछ लोगों द्वारा नि:शुल्क कर्जा मुक्ति केंद्र खोला गया है, जहां लोगों से फॉर्म भरवाकर उनसे अहम आईडी प्रूफ लिए जा रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि जिन लोगों ने बैंक से कर्ज लिया हुआ है, चाहे वह गाड़ी का लोन हो जा अन्य किसी प्रकार के कारोबार को शुरू करने के लिए लिया गया कर्ज हो और वे उसे देने में असफल हो गए हैं, उसको लेकर यह कर्ज मुक्ति अभियान चलाए हुए हैं, जिसमें वे लोगों से कर्ज की डिटेल सहित जरूरी आईडी प्रूफ लेकर फॉर्म भरवा रहे हैं। ये लोग इन फॉर्म को दिल्ली में जाकर रजिस्टर करवाएंगे। उसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इन लोगों ने मीडिया से रू-ब-रू होते हुए बताया कि वे किसी से कोई फ्रॉॅड नहीं कर रहे हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत काम किया जा रहा है। अगर कोई व्यक्ति आरटीआई के तहत भी इसकी जानकारी लेना चाहे तो वह भी ले सकता है। उन्होंने कहा कि जब बड़े लोगों का कर्ज माफ किया जा सकता है तो देश की आम जनता का कर्ज क्यों नहीं माफ हो सकता, इसलिए वे लोगों का कर्ज माफ नहीं कर रहे हैं बल्कि लोगों को कर्ज मुक्त करने के लिए अभियान के तहत उनकी मदद कर रहे हैं। वहीं, जब इस मामले को लेकर बैंक के सीनियर अधिकारियों से बातचीत की गई तो बैंक के सीनियर अधिकारियों ने इस प्रकार का कर्ज मुक्त किए जाने को लेकर कोई भी जानकारी ना होने का हवाला दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर इस प्रकार से कोई कर्ज मुक्त करने के दावे कर रहा है और लोगों से जरूरी दस्तावेज मांग रहा है तो लोग सोच समझकर ही अपने दस्तावेज उनको दें।
लोक अदालत के माध्यम से आम जनमानस को शीघ्र व सुलभ न्याय उपलब्ध करवाया जाता है। यह जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण कांगड़ा की सचिव शिखा लखनपाल ने बताया कि कि कांगड़ा जिले के सभी न्यायालयों में 9 सितम्बर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इनमें विभिन्न मामलों का निपटारा समझौते के आधार पर होगा। लोक अदालत में श्रम विवाद और सेवा मामले, मोटर दुर्घटना दावे, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट मामले, बीमा संबंधी मामले, वैवाहिक मतभेद, दीवानी मामले, भूमि अधिग्रहण, पारिवारिक कानूनी मामले, समझौता योग्य फौजदारी मामले, सभी प्रकार के सिविल मामले, बैंक रिकवरी मामले, बिजली एवं जल विवाद के साथ साथ अन्य किसी भी श्रेणी के मामले निपटाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जो मामले न्यायालय में अब तक दायर नहीं हुए हैं, उन मामलों का भी लोक अदालत में निपटारा किया जाएगा। शिखा लखनपाल ने लोगों से अनुरोध किया कि अपने मुकदमों को 9 सित्मबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में लाएं जिससे उनका सुलभ और शीघ्र समाधान हो सके।
हिमाचल प्रदेश में आई आपदा के कारण हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। किसानों को भी आपदा से भारी नुकसान झेलना पड़ा है। जिला कांगड़ा की बात करें तो पौंग डैम से पानी छोड़े जाने इंदौरा तथा फतेहपुर के निचले क्षेत्रों में सड़कों, घरों तथा किसानों की जमीनों को भारी नुकसान पहुंचा है तथा अभी तक उनके घर तथा जमीन पानी में ही डूबी हुई हंै, जिसको लेकर भारतीय किसान संघ ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा तथा उपायुक्त के माध्यम से केंद्र सरकार से मांग की है कि इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। जानकारी देते हुए भारतीय किसान संघ जिला कांगड़ा के अध्यक्ष होशियार सिंह पठानिया ने बताया कि संघ द्वारा हिमाचल में आई आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है, जिससे की हिमाचल की अर्थव्यवस्था को धरातल पर दोबारा लाने के लिए योजनाएं बनाकर सुचारु रूप से कार्य किया जाए। प्रदेश में आई इस आपदा पर सरकार तथा प्रशासन कार्य तो कर रहा है, परंतु उस गति से कार्य नहीं हो रहा, जिस गति से होना चाहिए। वे लोग जो बेघर हो चुके हैं, जिनकी पूरे जीवन की जमा पूंजी नष्ट हो चुकी है, उनको पुन: स्थापित करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जाना चाहिए।
राइट टू एजुकेशन फोरम ने मणिपुर में हुई जातीय हिंसा के कारण राज्य भर के बच्चों की शिक्षा और उनके शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य को भी बुरी तरह प्रभावित होने पर गहरी चिंता जाहिर की है। राइट टू एजुकेशन फोरम ने मणिपुर में चल रही जातीय हिंसा के दौरान खराब हालात के मद्देनजर बच्चों की शिक्षा को फिर से सामान्य रूप से बहाल करने और बच्चों के अधिकारों को सुनिश्चित करने की मांग की है। गौरतलब है कि आरटीई फोरम शिक्षा का अधिकार कानून, 2009 के जमीनी क्रियान्वयन के जरिये देश भर में बच्चों के लिए समावेशी, समतामूलक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी एवं सार्वजनिक शिक्षा के लोक व्यापीकरण की मांग को लेकर 20 राज्यों में काम कर रहा है। धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान राइट टू एजुकेशन फोरम की स्टे्ट कन्वीनर आयेत्री सेन ने बताया कि इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान दलील दी गई थी कि मणिपुर के आदिवासी इलाकों में 200 स्कूल शुरुआती दौर में ही बंद कर दिए गए थे। कुछ स्कूलों को जला दिया गया या क्षतिग्रस्त कर दिया गया। सुगनू में 11 स्कूलों के जलाए जाने की सूचना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक भारतीय बच्चे का संवैधानिक अधिकार है। भारत में प्रत्येक बच्चे के लिए निर्बाध शिक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और मणिपुर सहित सभी राज्य सरकारों के पास आपातकालीन शिक्षा के लिए एक नीति होनी चाहिए। उन्होंन चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह की आपात स्थितियों और अशांति एवं संघर्ष के दौरान, बच्चे अकसर बगैर किसी आवाज और प्रतिरोध के आसान और खामोश शिकार साबित होते हैं। ऐसे हालात उनके कोमल मस्तिष्क और जीवन पर गहरा शारीरिक- मनोवैज्ञानिक असर डालते हैं। क्षति पहु इस हिंसा में कई लोग अनाथ हो गए हैं और धीरे-धीरे उन्हें ष्बाल सुरक्षा एवं देखभाल घरोंष् में रखा जा रहा है। स्कूलों के आस-पास हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर सुरक्षा की चिंता और डर के कारण कई माता-पिता बच्चों को स्कूल नहीं भेज पा रहे हैं। हालाँकि, कई मामलों में, शिक्षकों ने बहादुरी का परिचय दिया और अपने छात्रों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मणिपुर में शिक्षा विभाग ने विस्थापित बच्चों की शिक्षा में तेजी से बहाली का प्रयास किया है। लेकिन मणिपुर के सामने स्थितियों को सामान्य बनाने की बड़ी चुनौती है और राज्य सरकार तात्कालिक उपायों के साथ-साथ दीर्घकालिक उपायों पर ध्यान देने और आगे की योजना बनाने की जरूरत है ताकि इस अशांति और हिंसा के कारण पड़े दीर्घकालिक प्रभावों से भी निजात पाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कनाडा के कैलगरी में आयोजित हिमाचली धाम कार्यक्रम को वर्चुअली किया संबोधित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम से कनाडा में हिमाचली एसोसिएशन ऑफ अल्बर्टा, कैलगरी द्वारा आयोजित 'हिमाचली धामÓ कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विदेशों में रह रहे हिमाचलियों को अपनी समृद्ध विरासत और संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जीवंत संस्कृति के अग्रदूत के रूप में प्रवासी हिमाचली विश्व भर में प्रशंसनीय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को राज्य की परंपराओं और संस्कृति से परिचित करवाने में इस प्रकार के आयोजन महत्वपूर्ण हैं और इससे युवा अपनी संस्कृति के प्रति और अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन विश्व भर में रह रहे हिमाचलियों और उनकी मातृभूमि के मध्य अटूट बंधन का भी प्रतीक हैं। उन्होंने प्रदेश से दूर रहने के बावजूद हिमाचल की संस्कृति के संरक्षण में एसोसिएशन के प्रयासों की सराहना की। हिमाचली एसोसिएशन ऑफ अल्बर्टा के अध्यक्ष, अमित शर्मा ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से एसोसिएशन हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत के संवर्द्धन के साथ-साथ भौगोलिक दूरियों को कम करते हुए हिमाचल के प्रवासियों और निवासियों के मध्य संबंधों को सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि कनाडा के अल्बर्टा प्रांत के कैलगरी में वार्षिक हिमाचली धाम के आयोजन ने हिमाचलियों को राज्य की समृद्ध परंपराओं, स्वादिष्ट व्यंजनों, मधुर संगीत और मनमोहक नृत्य के प्रदर्शन ने एकजुट किया है। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कनाडा के अल्बर्टा प्रांत से बड़ी संख्या में प्रवासी हिमाचली कैलगरी में एकत्र हुए।
बडूखर में आज जय मां चामुंडा एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी के सौजन्य से हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया। इस मेडिकल कैंप में कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश महासचिव चेतन चंबियाल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। स्वास्थ्य चेकअप कैंप में सैकड़ों की तादाद में लोगों ने अपने रोगों का चेकअप करवाया। इस स्वास्थ्य कैंप अमनदीप अस्पताल के डॉक्टरों ने लोगों के स्वास्थ्य को जांच की। कैंप में फतेहपुर विधानसभा के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र मंड बेला ठाकरा, बेला लुधिड़ाचां, कोडूबेला, मंड सरियाणा, मंझीर, मंड रियाली आदि के कई गांवों के लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई। यह स्वास्थ्य कैंप कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश महासचिव चेतन चंबियाल के सौजन्य से लगाया गया। मंड क्षेत्र के रहने वाले अर्जुन सिंह ने बताया कि इस स्वास्थ्य कैंप में लोगों के स्वास्थ्य की निशुल्क जांच की गई है। कांग्रेस पार्टी के पूर्व महासचिव चेतन चंबियाल ने कहा कि वह समाजसेवा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि मंड क्षेत्र में बाढ़ से भारी तबाही हुई है। बाढ़ के बाद किसानों को अपने पुर्नवासन के लिए भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चेतन चंबियाल ने कहा कि पुर्नवासन के लिए वह जनता साथ खड़े है जो भी जनता को मुश्किल आएगी, उसको हर तरीके से हल करने की कोशिश की जाएगी। चेतन ने कहा कि उनके पिता सैनिक थे, जो वतन की हिफाजत के लिए खड़े रहे ओर मैं मंड क्षेत्र में आए संकट के लिए जनता के साथ खड़ा हूं। मुझसे जो भी होगा मै तन मन धन जनता की सेवा में तत्पर रहूंगा। इस मौके पर विजय सेखड़ी, मोनू चौधरी, रिशू शर्मा, नीरज शर्मा, अर्जुन धीमान, संजीव कुमार, जितेंद्र पठानिया बीडीसी, बिक्रम, संदीप पाटिल आदि कई लोग मौजूद थे। इस मेडिकल कैंप में अमन अस्पताल पठानकोट के डॉक्टरों ने लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। इस मेडिकल जांच टीम में डॉ. राकेश भट्ट, डॉ. संजय कृष्ण धार, डॉ. विनेश चंबियाल, डॉ.नवनीत आदि ने अपनी मुख्य भूमिका निभाई।
जिला सोलन के पुलिस थाना कसौली के एसएचओ यशपाल शर्मा को उनके साहसिक एवं कर्तव्यनिष्ठा व ईमानदारी से कार्य करने पर राज्यपाल राम प्रसाद शुक्ल द्वारा गत दिवस गेयटी थियेटर, शिमला में डीजीपी डिस्क अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यशपाल शर्मा मूलत: जिला सिरमौर के धार टी धार क्षेत्र की सैर पंचायत के गांव थान के निवासी हैं। वे 1987 में पुलिस विभाग में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। वर्तमान में थाना कसौली में बतौर एसएचओ कार्यरत हैं। इन्हें पहले भी उत्कृष्ट कार्य के लिए विभाग व सामाजिक संस्थाओं ने कई बार सम्मानित किया है।
सिरमौर के जिला मुख्यालय नाहन के 12 और औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के एक एटीएम से 24.65 लाख रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। हैरानी इस बात की है कि पैसे गायब करने वाला और कोई नहीं, बल्कि एटीएम में पैसे डालने वाला यानी बैंकों की ओर से अधिकृत कंपनी का एक एग्जीक्यूटिव अफसर निकला। फिलहाल, बैंक प्रबंधकों की ओर से शिकायत के बाद सदर पुलिस थाना नाहन में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी से पुलिस सात लाख रुपये की रिकवरी भी कर चुकी है। इस मामले में पुलिस आगामी कार्रवाई में जुटी है। बता दें कि नाहन में एसबीआई, एचडीएफसी समेत अन्य बैंकों के एटीएम हैं। एसबीआई के जिला मुख्यालय नाहन में जगह-जगह एटीएम हैं। वहीं, कालाअंब में भी कई एटीएम चल रहे हैं, जहां से कंपनी का अधिकारी बैंकों की ओर से दिए गए कोड से एटीएम में बची राशि की निकासी करता रहा। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंकों की ओर से आडिट किया गया। खुलासा हुआ कि एटीएम में पड़े कैश और उपभोक्ताओं की ओर से निकाली गई राशि में काफी अंतर है। बताया जा रहा है कि एटीएम में कैश डालने वाला अधिकारी दूसरी बार कैश डालने से पहले ही कुछ राशि को बाहर निकाल लेता था। यह सिलसिला कई दिनों तक चलता रहा। यह राशि एसबीआई और एचडीएफसी बैंकों के एटीएम से निकाली गई। जब बैंक प्रबंधन ने आरोपी के खिलाफ नाहन पुलिस सदर थाना में शिकायत दर्ज करवाई तो आरोपी दीपचंद निवासी रामाधौन, जिला सिरमौर ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली। मामला दर्ज होते ही आरोपी ने सात लाख रुपये जमा करवा दिए हैं। पुलिस अधीक्षक सिरमौर रमन कुमार मीणा ने बताया कि बैंक प्रबंधकों की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ है। पुलिस आगामी कार्रवाई में जुटी है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में विद्युत वाहनों के लिए इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन विकसित करने के दृष्टिगत एक प्रभावी नीति बनाएगी। यह जानकारी उन्होंने रविवार देर सायं यहां आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि इस नीति में चार्जिंग स्टेशन में सुलभता, सुविधा और रोजगार सहित विभिन्न पहलुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निजी ऑपरेटरों को चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 50 प्रतिशत की दर से उपदान भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्रदेश में स्थापित और वर्तमान में निर्माणाधीन चार्जिंग स्टेशनों के बारे में विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश को विद्युत वाहनों के लिए आदर्श राज्य के रूप में विकसित किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्बन उत्सर्जन कम करने के उद्देश्य से राज्य में निजी एवं सरकारी क्षेत्र के सहयोग से विद्युत वाहनों को प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में प्रथम चरण में राष्ट्रीय एवं राज्य उच्च मार्गों को विद्युत वाहनों के माध्यम से छह ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन मार्गों की लंबाई 2137 किलोमीटर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम में चरणबद्ध तरीके से विद्युत बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है ।उन्होंने हिमाचल पथ परिवहन निगम को विद्युत बसों के परिचालन के लिए रूट चिन्हित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को विद्युत परिवहन के रूप में विकसित करने से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए विकसित किए जाने वाले आधारभूत ढांचे के लिए चिह्नित की जाने वाली भूमि, संरचना निर्माण के लिए उपयुक्त होनी चाहिए। भूमि का मौके पर अध्ययन कर ही निर्माण कार्य आरंभ किया जाना चाहिए। इस प्रक्रिया में व्यावहारिक पहलुओं का अध्ययन नितांत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा परियोजनाओं के निर्माण की वस्तु स्थिति की समीक्षा भी की। उन्होंने इन परियोजनाओं के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन अमोनिया और बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की संभावना तलाश करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने इसके लिए पायलट आधार पर संयंत्र स्थापित करने के लिए 31 अक्तूबर, 2023 तक एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि हरित हाइड्रोजन भविष्य के लिए स्वच्छ ऊर्जा का स्रोत है। यह पानी के इलेक्ट्रोलिसिस से पर्यावरण को बिना किसी नुकसान तथा प्रदूषण रहित ढंग से बनती है ।हिमाचल प्रदेश को ग्रीन हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रदेश सरकार ग्रीन हाइड्रोजन को बढ़ावा देगी । उन्होंने कहा कि हरित ऊर्जा के रूप में जल ऊर्जा के दोहन में भी तेजी लाई जाएगी। वर्ष 2023-24 में 1000 मेगावाट क्षमता की पन- विद्युत परियोजनाओं को पूर्ण कर लिया जाएगा। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव भरत खेड़ा एवं आर. डी. नजीम, मनीष गर्ग, विभिन्न सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
साकिचरंग मंदिर के निर्माण के लिए उचित राशि प्रदान करने का दिया आश्वासन राजस्व, बागवानी एवम जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने गत दिवस किन्नौर जिला के निचार उपमंडल स्थित विकासनगर में 25 लाख 50 हजार रुपए की राशि से निर्मित रावा से विकासनगर स्पेन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा की इस स्पेन के बनने से क्षेत्र के किसान व बागवान सेब तथा अन्य नकदी फसलों को मंडी तक और अधिक शीघ्रता से पहुंचा सकेंगे। इसके उपरांत राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने सुंगरा पंचायत के बारो-भादो मेले में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय जिला किन्नौर समृद्ध एवं पारंपरिक संस्कृति के लिए पूरे देश भर में जाना जाता है। यहां की वेश-भूषा, खान-पान, मेले एवं त्यौहार अपने आप में एक अलग पहचान रखते हैं जिससे जिला किन्नौर की एक अलग पहचान कायम है। उन्होंने जिला के सभी नौजवानों से किन्नौर की समृद्ध संस्कृति के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया तथा जिला में आयोजित होने वाले मेले एवं त्यौहारों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने बारो-भादो मेले के सफल आयोजन के लिए उचित राशि का प्रावधान करने का भी आश्वासन दिया। राजस्व मंत्री ने साकिचरंग मंदिर के निर्माण के लिए उचित राशि प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने महिला मण्डल बारो-साकिचरंग की महिलाओं द्वारा रखी गई सभी उचित मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने जनसभा को संबोधत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय जिलों का समग्र विकास सुनिश्चित कर रही है तथा लोगों को हर प्रकार की सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा की वर्तमान प्रदेश सरकार ने सत्ता संभालते ही विकास के हर एक क्षेत्र में कार्य किया है तथा प्रदेश को विकास की दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य बनाने की और अग्रसर है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि पूरे प्रदेश ने भारी बारिश व बाढ़ से हुई तबाही का मंजर देखा है, परंतु इसके बावजूद भी प्रदेश अपने पैरों पर खड़ा होने की और अग्रसर है और प्रदेश सरकार क्षति की भरपाई का भरसक प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावितों को उचित राशि प्रदान कर पुन: स्थापित किया जा रहा है। इससे पूर्व जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने बरी पंचायत के विकासनगर में भी जनसभा को संबोधित किया तथा प्राप्त हुए सभी उचित मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने का आश्वासन दिया। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी का बरी पंचायत पहुंचने पर ग्राम पंचायत प्रधान छूनित डोलमा व स्थानीय ग्रामवासियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष उमेश नेगी, किनफैड चेयरमेन चंद्रगोपाल नेगी, हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक के निदेशक बिक्रम सिंह, जिला कांग्रेस समिति के महा सचिव जगदीश नेगी, सुंगरा पचंायत के प्रधान राकेश नगी, पूर्व उपप्रधान सुंगरा पंचायत अमृत लाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सुबह के वक्त सरकारी आवास ओकओवर से पैदल ही सचिवालय के लिए निकले। इस दौरान बीच-बीच में मुख्यमंत्री ने रास्ते में पैदल चलते हुए लोगों से बातचीत की। इससे पहले भी मुख्यमंत्री कई बार ओक ओवर से सचिवालय पैदल आते रहे हैं। सचिवालय में मुख्यमंत्री सुक्खू कुछ देर बाद सभी विभागों के सचिवों की मीटिंग ले रहे हैं। इसमें सरकार की प्रमुख योजनाओं और बजट घोषणाओं की प्रोग्रेस रिव्यू की जा रही है। इसी तरह 2023-24 के बजट भाषण की घोषणाओं का भी मुख्यमंत्री स्टेट अधिकारियों से पूछ रहे हैं और सभी अधिकारियों को योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र 18 सितंबर से शुरू हो रहा है। इसमें विपक्ष सुक्खू सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। लिहाजा सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री केंद्र व राज्य की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने, प्रदेशभर में आपदा के कारण तबाह हुए इन्फ्रॉस्ट्रक्चर को बहाल करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के सचिवों को मीटिंग में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। दोपहर बाद नादौन जाएंगे सुक्खू सचिवालय में मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू अपने गृह चुनाव क्षेत्र नादौन जाएंगे। यहां पर मुख्यमंत्री सबल योजना को लांच करेंगे और डाईट हमीरपुर में विशेष बच्चों को विभिन्न उपकरण देंगे। इसके बाद हमीरपुर के सेरा रेस्ट हाउस में स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनेंगे और रात को भी यहीं रुकेंगे।
राज्य विद्युत बोर्ड पेंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन की कुनिहार इकाई ने की बैठक राज्य विद्युत बोर्ड पेंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन की कुनिहार इकाई ने मासिक बैठक का आयोजन एक निजी होटल में इकाई अध्यक्ष ई. रत्न तनवर की अध्यक्षता में किया। बैठक में सभी सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। सबसे पहले सदस्यों ने दो मिनट का मौन धारण कर आपदा में जान गंवाने वाले लोगोंं को भावभिनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके उपरांत इकाई की सदस्यता ग्रहण किए नए सदस्यों का फूलमाला पहना कर स्वागत किया गया। सदस्यों ने प्रदेश सरकार से एक सुर में मांग की कि संशोधित वेतनमानों का बकाया एरियर तथा 8 प्रतिशत डीए/डीआर एकमुश्त पेंशनर्ज को दिया जाए। बोर्ड से मांग की गई कि पेंशनर्ज को संशोधित वेतनमानों के अनुसार फिक्स मेडकल भत्ता लेने के लिए ऑप्शन देने का एक मौका प्रदान किया जाए। यह भी मांग की गई कि 1.1.16 के बाद रिटायर हुए सभी पेंशनर्ज को संशोधित पेंशन निर्धारण की कॉपी उपलब्ध करवाई जाए। बैठक में यह भी मांग की गई कि बोर्ड कर्मचारियों को ओपीएस जल्द से जल्द लागू की जाए। ई. रतन तनवर ने बोर्ड से आग्रह किया कि राज्य महासचिव द्वारा लिखे गए पत्रों का संज्ञान लेकर नेशनल पेंशन निर्धारण उचित फार्मुले के तहत सही से किया जाए तथा अकाउंट विंग की शाखाओं में उचित समन्वय बनाया जाए, ताकि कर्मचारियों की गलती का दंड पेंशनर्स को न भुगतना पड़े। बैठक में रत्न तनवर, रुपेेंद्र कौशल, आरपी तनवार, रमेश कश्यप, देवी सिंह तनवर, हेम चंद तनवर, रामदास तनवर, गोपाल गर्ग, ओमी दत्त शांडिल, प्रेमसिंह चौहान, नरेंद्र्र सिंह पाल, देवी चंद, सोहन लाल, रूप राम पाल, परमा नंद संत राम कश्यप, सुरेश शमा, कैलाश शर्मा, देशराज पाठक, दलीप कुमार, ओम प्रकाश, ललित सेन, कालु राम, चेतराम, धर्म सिंह, बाबूराम ठाकुर, कमल कांत, भुवनेश आदि पेंशनर उपस्थित रहे।
केंद्र सरकार द्वारा संसद का विशेष सत्र बुलाने से ठीक पहले नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सोमवार भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई है। यह बैठक सर्किट हाउस शिमला में शुरू होने वाली है। हिमाचल में विधानसभा का मानसून सत्र 18 सितंबर से शुरू हो रहा है। इसलिए अब ये अटकलें हैं कि इस बैठक को बुलाने का मकसद क्या है? एक तरफ भाजपा नेता लोकसभा के चुनाव जल्दी होने की संभावनाओं के अनुसार तैयारी कर रहे हैं, दूसरी तरफ संसद के विशेष सत्र को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। भाजपा विधायकों की ड्यूटी इस बार राजस्थान चुनाव में भी लगेगी। ऐसे में संभव है कि मानसून सत्र की रणनीति को लेकर ही आज कोई चर्चा फाइनल हो। अभी विधायक मानसून सत्र के लिए अपने सवाल दे रहे हैं। विधायक दल की बैठक में विपक्ष विधानसभा सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए भी रणनीति तैयार करेगा। हिमाचल में कांग्रेस की सरकार के नौ महीने पूरे हो चुके है। इसके अलावा हिमाचल में भारी बारिश के कारण आई आपदा के कारण प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर भी विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हंै। विधानसभा सत्र के दौरान इस पर ज्यादा गहमागहमी होने के आसार है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि उनके विधानसभा क्षेत्र में कई सडक़ें काफी समय से बंद हैं। इन सडक़ों को खोलने के जब विपक्ष के लोगों ने अपनी जेसीबी लगाई तो फिर सरकार ने भाजपा की जेसीबी हटाने के आदेश जारी किए। हिमाचल प्रदेश में बंद पड़ी सडक़ों को ठीक करने की बजाए, सरकार कांग्रेस के ठेकेदारों की लिस्ट बना रही है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चेतन बरागटा ने कहा की महंगाई हटाने का वादा कर सत्ता में आई कांग्रेस ने आते ही डीजल के दामों में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी। उसके तीन महीने बाद दोबारा 3.50 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी।जिस कारण जनता पर भारी बरसात के साथ-साथ कांग्रेस सरकार की मार भी पड़ रही है। उन्होंने ने कहा कि पिछले 8 महीने में खाद्य तेलों के दाम राशन डिपुओं में दो बार बढ़ गए। डिपुओं में दाल पर 16 रुपये किलो का दाम बढ़ना प्रदेश की जनता के साथ धोखा है। भारी बरसात के कारण गरीब जनता का वैसे ही परेशान है, उपर से दालों और डीजल का रेट बढ़ा कर प्रदेश सरकार ने जनता पर दोहरी मार की है। उन्होंने कहा की प्रदेश सरकार की इस कार्यप्रणाली से प्रदेश की जनता परेशान है। चेतन बरागटा ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार हिमाचल की जनता पर अतिरिक्त बोझ ढ़ालकर उनके जीवनयापन में कठिनाई पैदा कर रही है, वहीँ दूसरी ओर केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की जनता के बोझ को कम करने मे प्रयासरत्त है। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में 200 रुपये की कटौती की गई है। जिससे दिल्ली में अब घरेलू गैस सिलेंडर के दाम घटकर 903 रुपये हो गए हैं जो पहले 1103 रुपये थे। ऐसे में हिमाचल प्रदेश में भी अब 200 रुपये की कटौती की गई है और जिन महिलाओं के पास उज्ज्वला योजना के गैस सिलेंडर है। उन्हें अब सिलेंडर भरने के लिए 400 रुपये कम अदा करने होंगे। जिससे उज्जवला योजना के तहत सिलेंडर लेने वालों को दोहरा फायदा होगा। मोदी सरकार ने LPG सिलेंडर की कीमतों में 200 रुपये की कटौती करने का जो फैसला लिया है। इससे करीब 30 करोड़ ग्राहकों को फायदा होगा वहीं, 75 लाख महिलाओं को उज्जवला के तहत नए कनेक्शन भी दिए जाएंगे।
शिक्षा का उद्देश्य पूर्ण रूप से विकसित और शांतिप्रिय व्यक्तित्व रखने वाले व्यक्तियों का निर्माण करना है, जिनका पोषण विश्व और उनके आसपास के समाज के लिए कुछ बड़ी सोच रखने के लिए किया गया हो। एक बालक को केवल सूचनाएं प्रदान करने की प्रक्रिया के द्वारा नहीं बल्कि समग्र रूप से शिक्षित किया जाना चाहिए। गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर का मानना है, 'कक्षा में बैठने से ही कोई शिक्षित हो रहा है, हम ऐसा नहीं मान सकते। हमें बच्चे के मन और शरीर के संपूर्ण विकास पर ध्यान देने के साथ-साथ उसमें अपनापन, साझा करने और दूसरों की देखभाल करने की भावना, प्रेम, अहिंसा और शांति जैसे मानवीय मूल्यों को विकसित करने पर भी ध्यान देना होगा।Ó एक सुंदर विचार है, जो प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा का हिस्सा था, जिसे आज पुनर्जीवित किया जाना चाहिए। एक अच्छा शिक्षक सदा यही चाहेगा कि उसका छात्र विजयी हो और एक अच्छा छात्र उस शिक्षक की जीत की कामना करेगा, जिसका ह्रदय विशाल है। छात्र जानता था कि उसके अल्प ज्ञान की विजय केवल दुख लाएगी, जबकि गुरु के महान ज्ञान की जीत केवल अच्छाई लाएगी। इस सोच ने छात्र और शिक्षक के मध्य एक स्वस्थ संबंध बनाया, जहां छात्र और शिक्षक अपनी वृद्धि और विकास की यात्रा पर एक-दूसरे पर पूरा भरोसा करते थे। अच्छे शिक्षक का धैर्यवान होना जरूरी एक अच्छे शिक्षक को बहुत धैर्य की आवश्यकता होती है। एक शिक्षक का धैर्य छात्रों के जीवन में चमत्कार पैदा कर सकता है, भले ही वे सीखने में थोड़े धीमे हों। माता-पिता को घर पर केवल एक या दो बच्चों को संभालना होता है, जबकि शिक्षकों को छात्रों से भरे कक्ष को संभालना होता है। यह स्पष्ट रूप से शिक्षकों के लिए अधिक तनावपूर्ण और कठिन है। इसलिए शिक्षकों को अधिक केंद्रित होने की जरूरत है। ध्यान और श्वास अभ्यास जैसी विधियाँ शिक्षकों को शांत और केंद्रित रहने के लिए तैयार करने में काफी मदद कर सकती हैं। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि बच्चे हर समय शिक्षकों को देख रहे होते हैं और उनसे सीख रहे होते हैं। शिष्य को प्रत्येक कदम पर मार्गदर्शन की आवश्यकता आज शिक्षकों के लिए यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि छात्र कहां खड़े हैं और उन्हें वहां से अंतिम लक्ष्य तक जाने में प्रत्येक कदम पर मार्गदर्शन की आवश्यकता है। यहां हम भगवान कृष्ण से सीख सकते हैं कि किस तरह वे कदम दर कदम धैर्य और प्रेम के साथ अर्जुन को अंतिम मंजिल तक ले जाते हैं। आरंभ में अर्जुन भ्रमित थे और उनके मन में बहुत सारे सवाल थे। जैसे-जैसे एक छात्र बड़ा होता है, उसे बहुत अधिक भ्रम होना स्वाभाविक है क्योंकि उसकी अवधारणाएं टूटती रहती हैं। उदाहरण के लिए, हम सीखते हैं कि सूर्य पूर्व में उगता है, बाद में हमें पता चलता कि वास्तव में ग्रह कैसे गति करते हैं। इसलिए एक अच्छा शिक्षक छात्र के मन में उठने वाले इन सवालों के दौरान मार्गदर्शन करने के लिए उपलब्ध होता है। एक अच्छा शिक्षक जानकार होता है और छात्र को इन भ्रमों को दूर करने के लिए मार्गदर्शन करता है। साथ ही कई बार जरूरत पड़ने पर शिक्षक भ्रम पैदा भी कर सकते हैं। विद्रोही लोगों को प्रोत्साहन और पीठ थपथपाने की जरूरत शिक्षकों को एक नाजुक संयोजन के लिए प्रयास करना चाहिए जो है प्रेम के साथ दृढ़ता। ऐसे शिक्षक हैं, जो बहुत प्रेम करते हैं और कुछ अन्य केवल कठोर हैं। ऐसे बच्चे हैं जो विद्रोही हैं और ऐसे बच्चे हैं जो भीरु और शर्मीले हैं। विद्रोही लोगों को प्रोत्साहन और पीठ थपथपाने की जरूरत है। आपको उन्हें प्यार और उनकी देखभाल का एहसास कराना चाहिए और यह एहसास दिलाना चाहिए कि वे आपके अपने हैं। लेकिन जो बच्चे शर्मीले और डरपोक हैं, उन्हें खुलकर आगे आने और बोलने में सक्षम बनाने के लिए आप थोड़ा दृढ़ हो सकते हैं। उनके साथ सख्ती से पेश आएं और प्रेम भी करें। अक्सर हम इसका विपरीत करते हैं। शिक्षक विद्रोही बच्चों के साथ सख्ती से पेश आते हैं और शर्मीले बच्चों के साथ उदार बन जाते हैं। तब उनका व्यवहार का क्रम बेहतरी के लिए नहीं बदलेगा। आपको कठोर और कोमल दोनों होने की आवश्यकता है, अन्यथा आप छात्र का मार्गदर्शन उस दिशा की ओर नहीं कर पाएंगे जहां आप उन्हें ले जाना चाहते हैं।
पुलिस चौकी ढांगूपीर प्रभारी एएसआई राजपाल ठाकुर को आज राज्यपाल ने डीजीपी डिस्क अवॉर्ड से सम्मानित किया। जिला चंबा बनीखेत के एक छोटे से गांव ढलोग के स्थाई निवासी राजपाल के पिता बलदेव राज ठाकुर जो होमगार्ड पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी माता माया देवी एक गृहिणी हंै। राजपाल ठाकुर को डीजीपी डिस्क अवॉर्ड जिला चंबा के तूनूहट्टी बैरियर पर बतौर प्रभारी कार्य करते हुए चरस व चिट्टा तस्करों की कमर तोड़ने के े लिए मिला है। इन्होंने वर्ष 2019 में एक विशेष केस में एक व्यक्ति से गाड़ी में साढ़े 13 किलो चरस बरामद की थी। राजपाल ठाकुर वर्ष 1998 में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे, 2004 में लोअर कोर्स को पूरा किया। वर्ष 2006 में यह मुख्य आरक्षी बने। इसके बाद वर्ष 2021 में बतौर एएसआई प्रमोट हुए व 9 अप्रैल 2022 से बतौर चौकी प्रभारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद व केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम के लिए गगरेट व हरोली विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर 4 सितंबर को पहुंचेंगे। जिला ऊना भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री राजकुमार पठानिया ने बताया कि अनुराग ठाकुर मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम की कलश यात्रा के लिए गग्रेट क्षेत्र के कुठेडां जसवाला में दोपहर 2:30 बजे पहुंचेंगे, जहां भाजपा नेतृत्व उनका स्वागत करेगा और अनुराग ठाकुर मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम की कलश यात्रा में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि इसके बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर 4 बजे हरोली विधानसभा क्षेत्र के सलोह गांव में पहुंचेंगे, जहां मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम की कलश यात्रा में भाग लेंगे, यहां हरोली भाजपा का नेतृत्व व संगठन उनका स्वागत करेगा। राजकुमार पठानिया ने कहा कि मेरी माटी, मेरा देश एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसके तहत भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता प्रत्येक बूथ पर घर-घर जाकर माटी कलश में एकत्रित कर रहे हैं, जिससे शहीद स्मारक दिल्ली के पास वाटिका बनाई जाएगी।
कहा- केवल एक व्यक्ति के अहम की तुष्टि के लिए खोली गई सरदार पटेल यूनिवर्सिटी शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर पलटवार करते हुए कहा है कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय (एसपीयू) का मुद्दा उठाकर वह केवल राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। केवल मात्र अपने अहम की तुष्टि के लिए जयराम ठाकुर हजारों युवाओं के भविष्य को अंधकार में झोंकने पर अमादा है। सत्ता में रहते हुए जयराम ठाकुर ने सरदार पटेल विश्वविद्यालय को केवल एक कॉलेज के भवन में शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि यहां पर गुणात्मक शिक्षा तो दूर, न विद्यार्थियों के लिए कक्षा लगाने की सही व्यवस्था थी और न ही उनकी परीक्षाएं करवाने में विश्वविद्यालय सक्षम हो पाया। श्री जय राम ठाकुर ने सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक लाभ को देखते हुए सरदार पटेल यूनिवर्सिटी खोली और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। प्रेस वक्तव्य में रोहित ठाकुर ने कहा कि सरदार पटेल यूनिवर्सिटी में पर्याप्त टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ भी नहीं है। ऐसे में वहां पढ़ रहे विद्यार्थियों को उचित सुविधाएं कैसे मिल सकती हैं। इन हालात को देखते हुए कुछ कॉलेजों ने स्वयं लिख कर दिया था कि उन्हें सरदार पटेल यूनिवर्सिटी से हटाकर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के साथ जोड़ा जाए, ताकि उनके यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में 500 से ज्यादा टीचिंग स्टाफ है और नॉन टीचिंग स्टाफ भी पर्याप्त संख्या में हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का सरदार पटेल विश्वविद्यालय को बंद करने का कोई इरादा नहीं है और न ही इस विश्वविद्यालय को बंद किया जा रहा है। लेकिन आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए श्री जय राम ठाकुर ने एक बार फिर सरदार पटेल विश्वविद्यालय का राग छेड़ दिया है और वह क्षेत्रीय भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। अच्छा होता कि सत्ता में रहते हुए वे विश्वविद्यालय खोलने के लिए पहले आधारभूत ढांचा विकसित करते। लेकिन, खेद की बात है कि उन्हें केवल अपने राजनीतिक लाभ की चिंता थी, बच्चों के भविष्य से उनका कोई लेना देना नहीं है। रोहित ठाकुर ने कहा कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय की बात छेड़ कर वह लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन राज्य के लोग भाजपा की इस छल की राजनीति से अच्छी तरह से वाकिफ हैं।
जब पुलिस के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं माफिया तो आम आदमी कैसे करेगा खनन की शिकायत नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांगड़ा के लंज में अवैध खनन कर रहे माफिया को जब पुलिस ने रोका तो वह पुलिस से ही उलझ गया और उनसे ही अभद्रता करने लगे। यह कोई पहला मामला नहीं है, जब खनन माफिया ने पुलिस के साथ ही दुर्व्यवहार किया हो। इसके पहले प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से इस तरह की खबरें आए दिन सामने आ रही है। सरकार को यह बताना होगा कि आखिर खनन माफियाओं में इतना हौसला कहां से आ रहा है। उनकी इतनी हैसला अफजाई कौन कर रहा है। कौन इन खनन माफ़ियाओं को शह दे रहा है कि वह पुलिस से उलझने से भी बाज़ नहीं आ रहे है। उन्होंने कहा की प्रदेश में माफियाओं का इस तरह मन बढ़ जाना प्रदेश के लिए सही नहीं हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस तरह के माफ़ियाओं पर सरकार गंभीरता से कार्रवाई करे। जल्दी से जल्दी कड़ी से कड़ी सजा दिलवाए। जिससे माफ़ियाओं के हौसले टूटे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि खनन से एक तरफ़ पेयजल और सिंचाई वाली इन परियोजनाओं को जहां नुक़सान हो रहा है तो दूसरी तरफ़ स्थानीय लोगों के खेतों, फसलों और घरों को ख़तरा बढ़ रहा हैं। ऐसे में सरकार द्वारा अवैध खनन रोकने की दिशा में सख़्त से सख़्त कदम उठाए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि प्रदेश में आपदा प्रभावित इलाक़ों में खनन का काम पूरी तरह से बंद है लेकिन खनन माफिया मान नहीं रहे हैं। वह खनन भी कर रहे हैं और लोगों की शिकायत के बाद उन्हें रोकने के लिए आने वाली पुलिस के साथ भी दुर्व्यवहार कर रहे हैं। कांगड़ा के लंज स्थित पेयजल योजना हरिपुर और सिंचाई योजना लंज के पास अवैध खनन करने की सूचना पर जब पुलिस माफ़ियाओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने पहुंची तो खनन माफिया पुलिस के जवानों से ही भिड़ गये। खनन कर रही जेसीबी और ट्रैक्टर को सीज करने का जमकर विरोध किया, मामले को बढ़ता देख कार्रवाई करने गई पुलिस ने और फ़ोर्स बुलाई तब जाकर खनन कर रहे माफिया को क़ाबू में किया जा सका। जयराम ठाकुर ने कहा कि अख़बारों की मानें तो कि कांगड़ा थाने के अन्तर्गत आने वाली लंज चौकी में ही दो महीनें में खनन माफ़ियाओं द्वारा, मार-पीट, डराने-धमकाने के चार मामले पेश आ चुके हैं। बाक़ी प्रदेश के हाल का अंदाज़ा इससे भी आसानी लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि खनन के मामले में स्थानीय लोगों भी पुलिस को सूचनाएं भी देते हैं, जिससे खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाती है। जब पुलिस के साथ माफिया इस तरह का से बदसलूकी करेंगे तो आम जनता माफ़ियाओं के खिलाफ आवाज कैसे उठाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनी राम शांडिल ने कहा कि सोलन के कथेड़ में बहु उद्देश्य अस्पताल के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल के निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। डॉ. शांडिल आज सोलन स्थित कथेड़ में बहुउद्देशीय अस्पताल निर्माण का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल सोलन, शिमला, सिरमौर के साथ-साथ पर्यटकों के लिए जीवन रक्षक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल के निर्माण कार्य को समय पर पूरा करना और निर्माण कार्य की गुणवत्ता विश्व स्तरीय बनाए रखने के लिए वह स्वयं नियमित तौर पर निरीक्षण सुनिश्चित बना रहे है। निर्माण कार्य में संलग्न सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदार को निर्देश दिए गए है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने आज पुन: निर्माण कार्य का जायज़ा लिया और उचित दिशा-निर्देश जारी किए। डॉ. शांडिल ने कहा कि लोगों को विश्व स्तर की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सोलन के कथेड़ में लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत से विश्व स्तरीय अत्याधुनिक बहुविशेषज्ञ अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। यहां लगभग 30 करोड़ रुपए की लागत से मातृ-शिशु इकाई का निर्माण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में त्वरित उपचार के दृष्टिगत हेलीकॉप्टर उतारने की सुविधा भी होगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में तृतीय स्तर के ट्रॉमा सेंटर के निर्माण से प्रदेश के इस महत्वपूर्ण राजमार्ग पर आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। इस अवसर पर नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, शहरी कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अंकुश सूद, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल, तहसीलदार सोलन मुलतान सिंह बनियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कहा, पीएम मोदी ने लिए हैं ऐतिहासिक निर्णय, यह निर्णय बचत के साथ विकास को आगे बढ़ाएगा भारतीय जनता पार्टी की ऊना मंडल की बैठक रविवार को आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष हरपाल सिंह गिल ने की, जबकि विधायक सतपाल सिंह सत्ती और प्रदेश सचिव व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र प्रभारी सुमित शर्मा बतौर मुख्य अतिथि इस बैठक में पहुंचे। बैठक के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल द्वारा तय किए गए कार्यक्रमों और आगामी क्रियाकलापों को लेकर चर्चा की गई और बूथ स्तर पर उन्हें लागू करने के लिए रणनीति तैयार की गई। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा एक देश एक चुनाव प्रणाली के तहत मंडल भाजपा द्वारा प्रस्ताव पारित करते हुए केंद्र सरकार को भेजा गया जिसके तहत उन्होंने एक देश एक चुनाव प्रणाली को स्वीकार करते हुए इसे लागू करने की मांग उठाई। विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लिए अनेकों अनेक ऐसी योजनाएं लागू की है जिनके चलते देशवासियों को राहत मिल सके। वहीं देश में यदि एक देश एक चुनाव प्रणाली लागू होती है तो इससे साल भर में देश के कई चुनाव में होने वाले फालतू खर्च से बचा जा सकता है। सतपाल सती ने कहा कि इस प्रकार के निर्णय का हम समर्थन करेंगे, सभी राजनीतिक दलों का इसका समर्थन करना चाहिए ।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जो एक देश एक चुनाव को लेकर कमेटी बनाई गई है निश्चित रूप से इस पर सकारात्मक पहल करेगी। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय होगा। सतपाल सिंह सत्ती ने प्रदेश सरकार के असफलताओं को गिनाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार राहत कार्यों को तेज नहीं कर पाई है, माफिया को रोक नहीं पाई है ,कांग्रेस के लोग आपस में लड़ रहे हैं, युवा वर्ग नौकरियों के लिए भटक रहा है, भर्तियों के परिणाम घोषित नहीं हो रहे हैं, लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है, युवाओं को सड़कों पर आना पड़ रहा है कांग्रेस सरकार के विरुद्ध नारे लग रहे हैं ।उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार का टोटल फैलियर हो रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर भी रणनीति तैयार की गई है इस चुनाव में संसदीय क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी को मजबूत बढ़त दिलाने के लिए काम किया जाएगा। जिला महामंत्री राजकुमार पठानिया, जिला उपाध्यक्ष पहु लाल भारद्वाज, मंडल अध्यक्ष अशोक धीमान, महेंद्र छिब्बर, पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश भड़ोलिया, सागर दत्त भारद्वाज, जिला परिषद अध्यक्ष नीलम कुमारी, नगर परिषद अध्यक्ष पुष्पा देवी,जिला प्रवक्ता विनय शर्मा, जिला आईटी सेल संयोजक चंदन कालिया,सतीश भटोली, बलवंत ठाकुर, विजय शर्मा, बलविंदर कौर, अनु ठाकुर, मोना मनकोटिया, सुखराज कौर, कमला प्रधान, रितिका भारद्वाज, रितु असोत्रा, सीमा दत्ता, पवन कपिला, नवदीप कश्यप, विनोद पुरी, राजेंद्र चौधरी, रमेश मल्ली, सोमनाथ ठाकुर, अश्विनी कपिल, शिव वत्स, राजेश कौशल, उमंग ठाकुर, राजेश प्रभाकर, हरमेश प्रभाकर, खामोश जैतिक ,बीडीसी के सदस्य, भाजपा समर्थित प्रधान, उप प्रधान, नगर परिषद के सदस्य व मंडल कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लोक निर्माण विभाग जयसिंहपुर डिवीजन के तहत मल्टी टास्क वर्कर भर्ती का परिणाम घोषित कर दिया है। अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग विजय वर्मा ने बताया कि लोक निर्माण विभाग जयसिंहपुर डिवीजन में 705 अभियार्थियों ने मल्टी टास्क वर्कर के 74 पदों के लिए आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि इस भर्ती संबंधित सारी प्रक्रिया विस चुनावों से पहले पूरी हो चुकी थी, लेकिन आचार संहिता लागू होने से इस भर्ती का परिणाम घोषित नहीं हो पाया। अब इस भर्ती का परिणाम घोषित कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग जयसिंहपुर उपमंडल में 29 पंचरुखी 24 और बालकरूपी में 21 लोगों की नियुक्ति हुई हैं। विजय वर्मा ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को उनके पत्ते पर नियुक्ति पत्र भेज दिए है साथ में लोक निर्माण विभाग कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर लगा दी है।
छात्र नेतृत्व वाले नवाचार को प्रज्वलित करने के लिए शूलिनी विश्वविद्यालय ने छात्र अनुसंधान परिषद (एसआरसी) की स्थापना की। परिषद की स्थापना अनित्य कुमार गुप्ता द्वारा की गई जो छात्र अनुसंधान, सहयोग और रचनात्मकता को बढ़ावा देने वाला एक गतिशील मंच होगा। समारोह में प्रतिष्ठित वक्ताओं ने बहुमूल्य अंतर्दृष्टि और अनुभव साझा किए। इनमें शूलिनी यूनिवर्सिटी के संस्थापक और चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला, डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रोफेसर सौरभ कुलश्रेष्ठ, प्रेसिडेंट इनोवेशन एंड मार्केटिंग आशीष खोसला, चीफ लर्निंग ऑफिसर डॉ. आशु खोसला, प्रेसिडेंट और डीन फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट साइंस मुनीश सहरावत, डीन ऑफ इंजीनियरिंग प्रोफेसर वीरेंद्र रिहानी, सहायक प्रोफेसर पुनीत कपूर और अरविंद शर्मा शामिल हैं। अकादमिक उन्नति को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए, प्रोफेसर पीके खोसला ने छात्र अनुसंधान परिषद के लिए विशेष निधि के रूप में 5 लाख रुपये के आवंटन की घोषणा की। उन्होंने छात्रों के समर्पण और नवीन विचारों की सराहना की और उन्हें प्रगतिशील दुनिया के लिए अनुसंधान में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। अंत: विषय अनुसंधान को प्रोत्साहित करते हुए, डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रोफेसर कुलश्रेष्ठ ने आग्रह किया कि इसे एसटीईएम क्षेत्रों से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने अनुसंधान के सामाजिक प्रभाव पर जोर दिया और बताया कि कैसे सामूहिक शैक्षणिक प्रयास एक उज्जवल भविष्य को आकार दे सकते हैं। इनोवेशन और मार्केटिंग के अध्यक्ष आशीष खोसला ने नवाचार को बढ़ावा देने में जिज्ञासा की भूमिका के बारे में बात की। न्यूटन और आइंस्टीन जैसे इतिहास के प्रसिद्ध विचारकों से प्रेरणा लेते हुए, उन्होंने समस्या-समाधान के लिए बहु-विषयक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित किया। मुख्य शिक्षण अधिकारी डॉ. आशु खोसला ने छात्रों को यह शाश्वत कहावत बताई कि 'भगवान उनकी मदद करता है जो अपनी मदद खुद करते हैं,Ó यात्रा कहां से शुरू करें और कहां समाप्त करें, यह समझकर प्राथमिकता के सार पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता देने में सामान्य समस्याओं को हल करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालना शामिल है। प्रबंधन विज्ञान संकाय के डीन मुनीश सहरावत ने टीम वर्क के महत्व पर प्रकाश डाला, उन्होंने एक एकजुट इकाई बनाने में प्रभावी संचार और समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी अपने विचार साझा किए। इंजीनियरिंग के डीन प्रोफेसर वीरेंद्र रिहानी ने शोध के दोहरे लाभों पर चर्चा की। सहायक प्रोफेसर पुनीत कपूर और सहायक प्रोफेसर अरविंद शर्मा ने अनुसंधान के प्रारंभिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने नवोदित शोधकर्ताओं से आग्रह किया कि वे अपने अनुसंधान परियोजनाओं में उतरने से पहले समीक्षा पत्रों से जुड़ें। यह घोषणा भी की गई कि यह नया छात्र-संचालित अनुसंधान केंद्र जल्द ही भारत सरकार के साथ सहयोग करेगा। इस आगामी गठबंधन का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर परिषद की पहुंच और प्रभाव को बढ़ाना है।
सतेंद्र राणा को महासचिव और विशाल शर्मा को वित्त सचिव चुना हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ चंबा जिला इकाई का त्रैवार्षिक चुनाव रविवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल) चंबा में करवाए गए। इसमें जिला चंबा के सभी 15 शिक्षा खंड के प्रधान सहित लगभग 200 खंड प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस चुनाव में जिला कांगड़ा से प्रधानाचार्य नागेश्वर सिंह पठानिया जिला चुनाव आयुक्त व सचिन जसवाल उपचुनाव आयुक्त के रूप में उपस्थित रहे। ऑब्जर्वर के रूप में जिला कांगड़ा से रसपाल और मनीष सूद उपस्थित रहे। यह सारी प्रक्रिया इन सभी महानुभावों की देखरेख में संपन्न की गई, जिसमें हरिप्रसाद शर्मा को जिला अध्यक्ष, सतेंद्र राणा को महासचिव और विशाल शर्मा को वित्त सचिव के पद के लिए निर्विरोध चुना गया। इसके साथ ही सुरेंद्र मोहन, ओम वर्मा और नारायण सिंह को वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी प्रदान की गई। चुनाव के बाद जिला प्रधान हरिप्रसाद शर्मा ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ राज्य सरकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु तथा पूरे मंत्रिमंडल का आभारी है कि उन्होंने सरकार बनते ही बनते ही बहुत पुरानी मांग पुरानी पेंशन को सभी कर्मचारियों के लिए लागू किया। संघ ने सरकार से मांग की कि एसएमसी अध्यापकों को जल्द से जल्द कोई पॉलिसी बनाकर नियमित करना या अनुबंध में लाया जाए। वहीं, 24 अप्रैल 2010 के बाद के पदोन्नति प्रवक्ता जो 2010 से पहले के टीजीटी हैं ,उन्हें मुख्य अध्यापक की ऑप्शन में छूट दी जाए। उच्चतम न्यायालय के हाल ही में दिए गए महत्वपूर्ण निर्णय को सरकार जल्द लागू करें जिसमें कहा गया है कि अनुबंध कार्यकाल को नियमित सेवा में जोड़ा जाए व अन्य लाभ प्रदान किए जाएं। जिला प्रधान ने यह भी कहा कि अध्यापक संघ के राज्य प्रधान वीरेंद्र चौहान ने माननीय मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को अपना 25 सूत्री मांग पत्र पहले ही सौंप दिया है, उम्मीद है कि संघ के सदस्यों को जल्द ही सरकार चर्चा के लिए आमंत्रित करेगी। इसके साथ ही जिला महिला विंग का भी गठन किया गया जिसमें रेनू शर्मा को जिला अध्यक्ष, रक्षा राणा को महासचिव पद के लिए सर्वसम्मति से चुना गया। नवनिर्वाचित सभी सदस्यों ने उपस्थित प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया।
प्राकृतिक आपदा में राज्य पुलिस के योगदान की सराहना, नशे पर अंकुश लगाने पर बल दिया राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज यहां ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में आयोजित डीजीपी डिस्क पुरस्कार समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। तीन वर्ष बाद आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल ने वर्ष 2020, 2021 और 2022 के लिए 334 पुलिस कर्मियों को डीजीपी डिस्क अवार्ड प्रदान किए। इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रदेश में हाल ही की प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रदेश पुलिस द्वारा किए गए बचाव कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जिस प्रकार प्रभावित क्षेत्रों से देश-विदेश के पर्यटकों सहित अन्य सभी लोगों को सुरक्षित निकालने का कार्य किया गया, उससे आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास और सम्मान बढ़ा है। राज्यपाल ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि राज्य पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल ने अकेले कुल्लू जिला से विदेशी पर्यटकों सहित 70,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला। उन्होंने नशे के बढ़ते अवैध कारोबार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे निपटना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध नशीली दवाओं के कारोबार पर रोक के दृष्टिगत गंभीर प्रयास किए हैं। नशे के नियंत्रण और इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए भी सरकार बेहतरीन कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबारियों पर पुलिस की निगरानी बेहद आवश्यक है और ऐसे असामाजिक तत्वों को कानून के दायरे में नियंत्रित कर हम युवा शक्ति को इस सामाजिक बुराई से बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस ने अपने निरंतर प्रयासों से मादक पदार्थ के तस्करों को गिरफ्तार किया है तथा अवैध रूप से अर्जित उनकी 13 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति की कुर्की के 23 मामले भी सक्षम प्राधिकारी को भेजे गए हैं। इसके अलावा, नारकोटिक्स अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार वित्तीय जांच के लिए 10 मामलों को प्रवर्तन निदेशालय को भेजा गया है। राज्यपाल ने एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली जैसी तकनीक के उपयोग पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस के इस प्रयास से वर्ष 2023 में सड़क दुर्घटनाओं, चोटों और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में भारी कमी आई है। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस के नाम कई उपलब्धियां हैं, जिनमें पासपोर्ट सत्यापन में भारत में पहला स्थान, वर्ष 2022 में इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के कार्यान्वयन में तीसरा स्थान और वर्ष 2020-2021 में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम के कार्यान्वयन में 11वां स्थान प्राप्त करना शामिल है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस भारत की 8वीं राज्य पुलिस है जिसे 'प्रेसिडेंट कलरÓ सम्मान का गौरव प्राप्त हुआ है और इसने पहाड़ी और उत्तर पूर्वी राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य पुलिस साइबर अपराध की समस्या से निपटने में भी तकनीकी रूप से सक्षम है। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश पुलिस में अनेक नवोन्मेषी प्रयास किए गए हैं, जिन्हें अन्य राज्यों की पुलिस भी अपना रही है। विभाग द्वारा नशीली दवाओं पर रोक, सड़क दुर्घटनाओं में कमी, संगठित अपराध की रोकथाम और पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए प्रत्येक पुलिसकर्मी पूरी लगन से काम कर रहा है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था, अभिषेक त्रिवेदी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर पुलिस बैंड 'हार्मनी ऑफ पाइन्सÓ ने भी प्रस्तुति दी। नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार देर सायं यहां 'हम ना हारेंगे-वादियों में लम्हें फिर से मुस्कुराएंगेÓ शीर्षक से एक गीत जारी किया। आशा का संदेश देता यह गीत जगत गौतम द्वारा निर्देशित और धमाका रिकॉर्ड्स द्वारा निर्मित किया गया है। इस गीत में गीतकार, संगीतकार और गायक प्रशांत मेहता ने अपनी कलात्मक क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री ने इस वीडियो गीत के निर्माण के लिए जगत गौतम और धमाका रिकॉर्ड्स के निर्माताओं की रचनात्मक योग्यता की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि एकजुट प्रयासों और अटूट संकल्प से हिमाचल प्रदेश न केवल वर्तमान परिस्थितियों से उबरेगा बल्कि विकास पथ पर भी अग्रसर होगा। यह प्रेरक गीत हिमाचली लोगों के अदम्य साहस को चित्रित करता है, जिन्होंने अटूट विश्वास के साथ विपरीत परिस्थितियों का सामना किया है। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, केवल सिंह पठानिया और अजय सोलंकी, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, कांग्रेस नेता पवन ठाकुर, निर्देशक जगत गौतम, धमाका रिकॉर्ड्स के निर्माता प्रियांक शर्मा और पारस के. मेहता और गीतकार प्रशांत मेहता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सुखाश्रय ने निराश्रित बच्चों के सपनों को साकार करने में स्वाभिमान के पंख लगा दिए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने निराश्रितों को चिल्ड्रन आफ स्टेट का दर्जा दिया गया है। अब सरकार अभिभावक के रूप में निराश्रितों की उचित देखभाल सुनिश्चित कर रही है। सरकार की इस पहल में निराश्रित बच्चों को अपना भविष्य भी सुनहरा दिखाई दे रहा है। कांगड़ा जिला की बात करें तो विभिन्न बालश्रमों तथा चाइल्ड केयर संस्थानों तथा अन्य जगहों जीवन यापन कर रहे 1224 निराश्रित बच्चे लाभांवित होंगे। सुखाश्रय योजना के आरंभ होने पर निराश्रित बच्चों के चेहरों पर रौनक देखते ही बनती है। कांगड़ा जिला में सुखाश्रय योजना के तहत बालिका आश्रम गरली, तितली चिल्ड्रन होम, रामानंद गोपाल रोटरी हॉस्टल सलयाणा, होम फॉर लोकोमोटर डिसेबल्ड चिल्ड्रन, ओपन शेल्टर होम शामिल हैं। इन संस्थानों में बच्चों के उचित देखभाल के लिए सुखाश्रय कार्यक्रम के तहत सरकार द्वारा मदद मुहैया करवाई जा रही है। इन देखभाल संस्थानों में 81 निराश्रित बच्चे जीवन यापन कर रहे हैं इसके अतिरिक्त कांगड़ा जिला में सुखाश्रय योजना के तहत 1143 निराश्रित बच्चों की सरकार अभिभावक के तौर पर अपना फर्ज अदा करेगी। सुखाश्रय की मदद से 15 निराश्रित बच्चों को मिलेगी उच्च शिक्षा राज्य में सुखविंदर सिंह सुक्खु की सरकार बनने के बाद सुखाश्रय योजना के आरंभ होने पर कांगड़ा जिला के 15 निराश्रित बच्चों के लिए उच्च शिक्षा की राहें खोल दी हैं वहीं पर चार निराश्रित बच्चों को वोकेशनल ट्रेनिंग में दाखिला दिया गया है इसी तरह से दो निराश्रित बच्चों को गृह निर्माण तथा एक को विवाह अनुदान के लिए स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है। निराश्रित बच्चों की अभिभावक बनी सरकार अब हिमाचल में 27 वर्ष तक की आयु केे निराश्रित बच्चों की सरकार अभिभावक की भूमिका निभाएगी। अनाथ बच्चे किसी भी तरह की उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहे वो एमबीबीएस या आईआईटी ही क्यों न हो, इसकी पूरी फीस और हॉस्टल का सारा खर्च सरकार वहन करेगी। इसके अतिरिक्त प्रतिमाह 4000 रुपये पॉकेट मनी अलग से दी जाएगी। अनाथ बच्चे साल में एक बार हवाई जहाज से शैक्षणिक भ्रमण कर पाएंगे। उनके भारत के किसी भी राज्य में आने जाने और ठहरने का पूरा खर्च भी सरकार उठाएगी। जिस भी प्रदेश में जाएंगे उन्हें तीन स्टार होटल में ठहराया जाएगा। 10 हजार उनको कपड़ों के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा। स्वरोजगार के लिए भी आर्थिक मदद दी जाएगी इसके अतिरिक्त 27 वर्ष की आयु के उपरान्त घर बनाने के लिए भी जमीन भी सरकार उपलब्ध करवाएगी। पहली मर्तबा किसी सरकार ने निराश्रित बच्चों की उठाई जिम्मेदारी ओपन शेल्टर होम के संचालक स्वास्तिक मस्ताना द्वारा सुखाश्रय योजना आरंभ करने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि पहली बार किसी सरकार ने निराश्रित बच्चों को निशुल्क शिक्षा, कोचिंग तथा त्यौहार भत्ता देने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खु ने सभी निराश्रित बच्चों को स्वाभिमान से जीने के लिए पहल की है इस के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खु का धन्यवाद करते हैं। होम फॉर लोकोमोटर डिसेबल्ड चिल्ड्रन की संचालिका लीला ठाकुर का कहना है कि वह पिछले वर्षों से निराश्रित संस्थानों का संचालन कर रहे हैं लेकिन पहली मर्तबा किसी सरकार ने निराश्रित बच्चों के लिए सराहनीय कार्य किया है। लुथान में बनेगा आदर्श ग्राम सुखाश्रय परिसर उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि निराश्रित बच्चों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं एवं कार्यक्रमों का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लुथाण में आदर्श ग्राम सुखाश्रय परिसर के लिए भी भूमि भी चयनित की गई है।
आपदा राहत कोष में 163 करोड़ रुपए से अधिक का अंशदान सोमा देवी शिमला शहर के पंथाघाटी में रहने वाली एक वरिष्ठ नागरिक हैं। गत दिनों वे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से विशेष तौर पर मिलने पहुंचीं और अपनी एक माह की पेंशन 61 हजार रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए अंशदान के रूप में प्रदान की। इसी तरह अवनि सिंह ने अपने 15वें जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री से भेंट की और उन्हें 51 हजार रुपए राहत कोष के लिए प्रदान किए। यह राशि उन आपदा प्रभावितों को सहारा देने के लिए स्वेच्छा से प्रदान की गई जिन्होंने भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण चंद पलों में ही जिंदगी को बिखरते हुए देखा है। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोग हमेशा के लिए अपनों से बिछुड़ गए और सैकड़ों ने अपनी जीवन भर की मेहनत से बनाये आशियाने खो दिए। सोमा देवी, अवनि सिंह जैसे हजारों लोग विपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों की मदद के लिए प्रदेश सरकार के हमराह व सहयोगी बन रहे हैं, ताकि पहाड़ों का वह जज्बा कायम रहे कि संकट को सीने पर सहते भी हैं और इससे उबर कर पुन: खड़े होने का हौसला भी रखते हैं। इस बरसात जुलाई और अगस्त माह में बहुत भारी बारिश के कारण प्रदेश भर में तबाही का एक ऐसा दौर शुरू हुआ जिसमें 330 से अधिक लोग असमय काल का ग्रास बने हैं। इसके अलावा निजी एवं सार्वजनिक सम्पत्ति को भी भारी नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा से मिले जख्मों को भरने व प्रभावितों की मदद के लिए अनेक लोग एवं संस्थाएं प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सहयोग कर रही हैं और हजारों की संख्या में सहायता के लिए हाथ बढ़े हैं। इस वर्ष बरसात में बादल पिछले 50 वर्षों की तुलना में सर्वाधिक बरसे हैं जिस कारण सड़क अधोसंरचना, जल आपूर्ति परियोजनाएं, विद्युत लाईनें, भवन, निजी एवं सार्वजनिक सम्पत्ति बड़े स्तर पर क्षतिग्रस्त हुई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के संवेदनशील नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने अवरूद्ध मार्गों तथा बाढ़ के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे लगभग 80 हजार लोगों को सकुशल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश सरकार ने आपदा के प्रथम दिन से ही राहत एवं बचाव सहित पुनर्वास कार्यों के लिए प्रभावी एवं ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने आपदा राहत कोष-2023 स्थापित करने का सराहनीय निर्णय लिया और लोगों से इसमें सामर्थ्य अनुसार अंशदान करने की अपील की ताकि केंद्र से सीमित सहायता के बीच ऐसी कठिन स्थिति में इस कोष के माध्यम से अधिक से अधिक प्रभावितों को सहायता प्रदान की जा सके। कोष की स्थापना से अब तक समाज के सभी वर्गों की ओर से सहयोग मिला है और 2 सितम्बर तक इसमें 163 करोड़ रुपये से अधिक का अंशदान प्राप्त हो चुका है। प्रदेश में स्थित शक्तिपीठों ने भी आपदा प्रभावितों की सहायता के लिए इस कोष में अंशदान दिया है। श्री ज्वालामुखी मंदिर न्यास ने 5 करोड़ रुपये, मां श्री चिंतपूर्णी ट्रस्ट ने दो करोड़ रुपये प्रदान किए, वहीं तारा देवी मंदिर, संकटमोचन मंदिर शिमला अन्य न्यास व संस्थान भी इसमें सहयोग राशि प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न स्वयं सेवी व सामाजिक संगठनों, सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों सहित अन्य संस्थाओं, परियोजना प्रबंधन, उद्योग वर्ग इत्यादि ने भी राहत कोष में उदारतापूर्ण योगदान किया है। प्रदेश ही नहीं, अपितु बाहरी राज्यों से भी इस कोष में राशि प्रदान की जा रही है। विभिन्न राज्य सरकारों ने इसमें अपना योगदान दिया है। राजस्थान व कर्नाटक सरकार ने 15-15 करोड़ रुपये, छतीसगढ़ ने 11 करोड़ रुपये, तमिलनाडू ने 10 करोड़ रुपये और हरियाणा सरकार ने 5 करोड़ रुपये की सहयोग राशि प्रदान की है। मुख्यमंत्री, उनके मंत्रिमण्डलीय सहयोगियों, मुख्य संसदीय सचिवों और सभी विधायकों ने अपने एक माह का वेतन इस कोष में दान दिया है। प्रदेश की प्रगति में सदैव कर्तव्यनिष्ठ रहने वाले कर्मचारी वर्ग ने भी अपने एक दिन का वेतन इस कोष में दान दिया है। विभिन्न कर्मचारी संगठन अपने स्तर पर भी राशि एकत्र कर इसमें दान कर रहे हैं। आपदा प्रभावितों की मदद के लिए इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थाएं आपदा राहत कोष-2023 पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से अंशदान कर सकती हैं। इसके अलावा नेट बैंकिंग, क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड, यूपीआई, क्यूआर कोड, चेक अथवा डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से भी कोष में सहायता राशि प्रदान की जा सकती है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा की इस घड़ी में अतुलनीय योगदान के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अंशदान प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने और उनके पुनर्वास में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासियों के समन्वित प्रयासों से हिमाचल इस आपदा से उबर कर पुन: और मजबूती के साथ उठ खड़ा होकर प्रगति पथ पर आगे बढ़ेगा।
पुलिस थाना कुनिहार के अंतर्गत एक व्यक्ति पर दुकान में 58 बोतल देशी शराब रखने का मामला दर्ज हुआ है। प्राप्त जानकारी अनुसार थाना कुनिहार एएसआई केशव राम पुलिस टीम के साथ गम्बरपुल, मान, बवासी आदि स्थानों पर गस्त पर थे। जब पुलिस टीम गस्त के दौरान गांव बवासी एक दुकान पर पहुंची तो दुकान मालिक प्रताप सिंह पुलिस को देखकर हड़बड़ा गया। दुकान में कोई मादक पदार्थ व अन्य संदिग्ध वस्तु होने का शक होने पर दुकान की तलाशी लेने पर दुकान के अंदर एक कोने में छुपाकर रखी 58 बोतल देसी शराब की बरामद हुई। जानकारी देते हुए डीएसपी सोलन भीष्म ठाकुर ने बताया कि पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 18 करोड़ सदस्यों वाली भाजपा का सदस्य होना सम्मान की बात हमीरपुर जिला भाजपा की नवगठित टीम का लगातार समीरपुर में पहुंचना जारी है। जिला कार्यकारिणी सहित पांचों मंडलों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता समीरपुर में पहुंच कर पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार धूमल से आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को भारतीय जनता पार्टी बड़सर मंडल के नवनियुक्त पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने समीरपुर में पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूर्व मुख्यमंत्री धूमल ने सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं को उनकी नई जिम्मेवारियों हेतु बधाई एवं शुभकामनाएं दीं साथ ही विश्वास जताया कि वे सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाएंगे। प्रेम कुमार धूमल ने अपने संबोधन में कहा कि अपने कार्यकर्ताओं के नाम यदि मैं लेने लगा, तो इसमें काफी समय व्यतीत होगा क्योंकि मुझे हर एक कार्यकर्ता नाम से याद है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं कि आप इतनी संख्या में आए और ढोल नगाड़ों के साथ आए हैं। बाबा बालक नाथ जी की पवित्र भूमि से आप आए हैं, आपका हार्दिक अभिनंदन है। उन्होंने कहा कि मंडलों का गठन हमेशा दो-तीन साल बाद होता रहा है, इस बार नई टीम जो बलदेव शर्मा के नेतृत्व में बनी है, वह युवा टीम बनी है। धूमल ने कहा कि कोई भी पोस्ट परमानेंट नहीं है, कोई प्रधानमंत्री हो, मुख्यमंत्री हो, मंत्री हो, कुछ समय के बाद उनके साथ पूर्व या पूर्व लग जाता है, लेकिन एक पद ऐसा होता है जिसका हमेशा मान रहता है, वह कार्यकर्ता होता है। कार्यकर्ता के साथ कभी पूर्व नहीं लगता। भाजपा राष्ट्रीय स्तर की पार्टी है, इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी कार्यकर्ता हैं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी भी कार्यकर्ता हैं एवं हम सभी भी कार्यकर्ता हैं। भारतीय जनता पार्टी, जिसके 18 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं, इसका कार्यकर्ता होना एक सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि पार्टी के विचारधारा को आगे ले जाते हुए देश की सेवा करनी है। यह एक युग परिवर्तन है, केंद्र में कहीं ताकतें एकजुट हो रही हैं कि देश को तोड़ना है, लेकिन हमें देश को बचाना है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में कश्मीर के घर-घर में तिरंगा लहराया गया है, साथ ही अब चांद पर भी तिरंगा लहरा दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी जी की ताकत देश के 140 करोड़ लोग हैं। धूमल ने कहा कि हमारे लिए राजनीति सेवा का साधन है, धन कमाने का नहीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आवाहन किया कि वह जितनी मेहनत करेंगे, उतनी ही पार्टी आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्र पर एक कार्यकर्ता बैठा हो और एक तरफ में बैठा हूं, तो इसमें कार्यकर्ता का अधिक महत्व है। बड़े नेता तो मात्र भाषण कर सकते हैं, लेकिन मतदान केंद्र पर वोट कार्यकर्ता के माध्यम से ही होता है। उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि हमें ऐसा नेतृत्व मिला है जिसे विश्व भर में लोग सर आंखों पर उठते रहते हैं। अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया गए, तो वहां के प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी इज द बॉस। इतना मान सम्मान मिला है कि इससे समस्त भाजपा परिवार गौरवान्वित है। पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मौके पर चुटकी लेते हुए कहा कि गत दिवस को कंज्याण की हेलीपैड पर प्रदेश के मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतर रहा था तो नीचे गाय और बैल एकत्रित हो गए, मानो वे पूछ रहे हों कि हमारे गोबर और दूध का मूल्य कब मिलेगा? उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास बोलने के लिए कुछ नहीं है। उनका अपना 10 गारंटियों का मेनिफेस्टो ही उनके जी का जंजाल बना हुआ है। कोई काम नहीं हो रहा है और कहते हैं कि केंद्र से कुछ नहीं मिल रहा। केंद्र जितना दे सकता है, दे रहा है, बल्कि ज्यादा ही दे रहा है। लेकिन जब गारंटियां देने लगे थे, तो बड़े-बड़े सब्ज बाग जनता को दिखा दिए। अंत में उन्होंने कहा कि सभी भाजपा कार्यकर्ता मिल-जुल कर काम करें ताकि लगातार तीसरी बार केंद्र में भाजपा सरकार बने। हिमाचल की चारों सीटों पर कमल खिलाकर मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाना है। इससे पहले समीरपुर पहुंचने पर सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री का गर्मजोशी के साथ अभिनंदन किया एवं आभार जताया। इस अवसर पर पूर्व विधायक बलदेव शर्मा, वरिष्ठ महिला नेत्री माया शर्मा, बड़सर मंडल के अध्यक्ष यशवीर पटियाल, महामंत्री संजीव कुमार, मुकेश बन्याल, उपाध्यक्ष मांगा राम, कमलेश ढिल्लों, सुभाष बनियाल, चतर सिंह, जिला भाजपा अध्यक्ष देशराज शर्मा एवं उपाध्यक्ष अभयवीर सिंह लवली सहित अन्य भाजपा पदाधिकारी को कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जिला सिरमौर के संगड़ाह ब्लॉक की ग्राम पंचायत संैज में आजकल नशे और जुए की गतिविधियां बहुत जोरों पर हंै। नारी शक्ति ग्राम संगठन ग्राम पंचायत सैज की महिलाओं ने रविवार को डालयानु से सैंज घाट और संैज घाट से सैज गांव तक नशे और जुए के खिलाफ एक रैली निकाल कर लोगों को इन बुराइयों के खिलाफ जागरूक किया। रैली दो सड़का से सैंज गाव तक निकाली गई, जिसमें काफी महिलाओं ने भाग लिया। महिलाओं का कहना है कि इस पंचायत में शराब, जुआ, चरस आदि नशा बढ़ता जा रहा है। नशे के आदी लोग जंगलों, ढाबों, दुकानों व होटलों में बैठे रहते हैं, जिससे गांव के बच्चों पर गलत असर पड़ रहा है। इस रैली की संचालक व प्रधान, नारी शक्ति ग्राम संगठन, ग्राम पंचायत सैज सुरेंद्रा ठाकुर का कहना है कि हमारी मुहिम हर घर नशा मुक्त की है और यह मुहिम लगातार जारी रहेगी। इस रैली में आशा कार्यकर्ताओं व ग्राम पंचायत सैंज के 13 स्वयं सहायता समूह तथा महिला मंडलों की महिलाओं ने भी भाग लिया। रैली में शामिल किरण (आशा कार्यकर्ता), सुमित्रा देवी, दया देवी, चद्रेश, किरण, प्रोमिला, सोमो देवी, विनीता, बबली शर्मा, नीतू बाला, उषा, निकिता, बबली शर्मा, ग्राम पंचायत प्रधान सैज करतार सिंह व उप प्रधान मेला राम व सभी वार्ड मेंबर का भी पूरा सहयोग रहा। इस रैली में संगड़ाह एसडीएम व पुलिस प्रशासन का काफी सहयोग रहा।
पुलिस थाना नूरपुर प्रभारी एसएचओ सुरेंद्र धीमान और पुलिस चौकी ढांगू के इंचार्ज एएसआई राजपाल सिंह को राष्ट्रीय एकता के प्रति प्रतिबद्धता, सामाजिक सौहार्द तथा कानून-व्यवस्था का बेहतर परिवेश कायम करने के लिए किए गए कार्यों के लिए शिमला में डीजीपी डिस्क अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। सुरेंद्र धीमान एवं राजपाल सिंह को यह अवॉर्ड मिलने पर प्रेस ग्रुप ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
एक लाख में बिकने वाला मशरूम रहेगा मुख्य आकर्षण खुंब निदेशालय सोलन (डीएमआर) में दस सितंबर को राष्ट्र स्तरीय खुंब मेले का आयोजन किया जा रहा है। तैयारियां शुरू हो गई हैं। मेले का मुख्य आकर्षण एक लाख रुपये प्रति किलो बिकने वाली कोर्डिसीपस मीलिट्रेनस (कीड़ा-जड़ी) समेत मशरूम की सात नई किस्में भी रहेंगी। मेले में देशभर से करीब 1200 मशरूम उत्पादकों सहित विभिन्न विभागों के वैज्ञानिक भी भाग लेंगे। मेले के दौरान हिमाचल प्रदेश में कच्चा माल महंगा होने से घट रही मशरूम पैदावार पर भी चर्चा कर इसके लिए विकल्प भी तलाशा जाएगा। जानकारी के अनुसार खुंब मेला वर्ष 1998 से मनाया जा रहा है। इसमें देश भर के मशरूम उत्पादक भाग लेते हैं। इस दौरान उत्पादकों को मशरूम तैयार करने में आ रही समस्याओं सहित मशरूम में लगने वाले रोगों पर चर्चा की जाती है। देश भर में हर वर्ष 3010 मीट्रिक टन मशरूम तैयार की जाती है। इससे करीब चार अरब से अधिक का कारोबार होता है। इसके अलावा अकेले हिमाचल में ही 15 हजार टन मशरूम से करीब दो करोड़ का कारोबार होता है। लेकिन अब हिमाचल में मशरूम की पैदावार में कमी आई है। इसका मुख्य कारण कच्चा माल महंगा होना बताया जा रहा है। उधर, खुंब अनुसंधान एवं निदेशालय के निदेशक डॉ. वीपी शर्मा ने बताया कि राष्ट्रस्तरीय मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस मेले के दौरान देशभर से आए मशरूम उत्पादकों की नई तकनीक सहित अन्य विषयों की जानकारी प्रदान की जाएगी। प्रदर्शनी में गेनोडोरमा, हेरेशियम, शिटाखे, ऑस्टर मशरूम सहित मशरूम से तैयार खाद्य वस्तुएं, जिनमें आचार, मशरूम केक, मशरूम कैंडी, मशरूम ज्वार बिस्कुट समेत अन्य मशरूम के मूल्य संवर्धित उत्पाद शामिल रहेंगे। इसके अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छतीसगढ़, तमिलनाडु, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, गुजरात, चंडीगढ़, जम्मू व कश्मीर, मणिपुर सहित अन्य राज्यों के किसान भी मेले में भाग लेगे।
रोहड़ू उपमंडल के नावर टिक्कर क्षेत्र में शनिवार की देर रात को आग ने तांडव मचा दिया है। रात्रि करीब 12:30 बजे टिक्कर के दरोटी गांव में एक मकान में आग लग गई। सभी मकान लकड़ी के बने हुए थे और आग तेज़ी से फैलती गई। देखते ही देखते एक दर्जन से ज्यादा मकान आग की चपेट में आ गए। इन मकानों में 21 परिवार रह रहे थे। आगजनी प्रदीप रांटा की चौथी मंजिल से शुरू हुई और बगल के कई घरों को अपनी जद में ले लिया। प्रारम्भिक आंकलन के मुताविक इस आगजनी में करीब दो करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है। इस आगजनी की घटना में छह लोगों के मकान (10 परिवार) पुरी तरह से जल चुके है तथा 11 लोगों के मकानों को आंशिक नुकसान हुआ है। मुताविक उप प्रधान सुशील रांटा के अनुसार कोई भी जानी नुक्सान न हुआ है मौका पर फायर ब्रिगेड, तहसीलदार महोदय, एसडीएम साहब, स्वयं प्रभारी थाना भी मौजूद रहे। अभी तक के हालात व गांव वासियों के ब्यानात से उक्त घटना बिजली के शॉट सर्किट से होना पाया जा रहा है। घटना की आगामी जाँच जारी है । घटना स्थल का जायजा लेने । रोहड़ू के एसडीएम शनी शर्मा ने बताया कि इस घटना में नौ (तीन व चार मंजिला मकान) पूरी तरह जल गए हैं। इसके अलावा पांच अन्य मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि अग्निकांड में 21 परिवारों के 74 लोग प्रभावित हुए हैं। इन्हें ठहराने का प्रबंध किया जा रहा है। घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। इस घटना में बड़े पैमाने पर संपत्ति नष्ट हो गई है। रोहड़ू पुलिस अग्निकांड के कारणों को खंगाल रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अग्निकांड की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट रहा है।
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा का प्रदेश के लोगों और देव समाज को बेसब्री से इंतजार है। 24 अक्तूबर से शुरू होने वाले कुल्लू दशहरा के लिए समिति ने जिला कुल्लू के 332 देवी-देवतओं को उत्सव में आने के लिए निमंत्रण भेज दिए हैं। यह निमंत्रण पत्र सभी कारदारों को उपमंडल अधिकारियों, तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों की मदद से पहुंचाए जाएंगे। आपदा के चलते रास्ते व सड़कों के अवरुद्ध होने से निमंत्रण पत्र 15 सितंबर तक सभी कारदारों तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद देव समाज दशहरा की आगामी तैयारियों में जुट जाएगा। उल्लेखनीय है कि विश्वविख्यात कुल्लू दशहरा में बाह्य सराज आनी-निरमंड से लेकर मनाली तक के देवी-देवता भाग लेते हैं। भगवान रघुनाथ की अगवाई में मनाए वाले कुल्लू दशहरा में माता हिडिंबा, बिजली महादेव के साथ बाह्य सराज के अधिष्ठाता खुडीजल, टकरासी नाग, ब्यास ऋषि, कोट पझारी,चोतरू नाग, देवता चंभू, सप्त ऋषि समेत 300 देवी-देवता अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हैं। दशहरा उत्सव में साल दर साल देवी देवताओं की संख्या में वृद्धि हो रही है। खास बात है कि बाह्य सराज के देवी देवता 150 से 200 किलोमीटर का पैदल सफर कर दशहरा उत्सव में पहुंचते हैं। 2021 में रिकॉर्ड 283 देवताओं ने उत्सव में भाग लिया था। जबकि 2022 में 304 देवी देवताओं ने दशहरा की शोभा को बढ़ाया था, जो दशहरा के इतिहास में सबसे अधिक मौजूदगी थी। जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि दशहरा उत्सव समिति की ओर से भेजे निमंत्रण पत्र देवी-देवताओं को अगले दो सप्ताह तक मिलना शुरू हो जाएंगे। कहा कि जिला मुख्यालय के आसपास के कई देवताओं को निमंत्रण पत्र मिलना शुरू हो गए हैं। सहायक आयुक्त कुल्लू शशिपाल शर्मा ने कहा कि दशहरा उत्सव समिति कुल्लू ने जिला के 332 अधिक माफीदार और गैर माफीदार देवी-देवताओं को निमंत्रण पत्र भेजा है।
त्योहारी सीजन से पहले ही हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन ने दुग्ध उत्पादों के दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं को झटका दे दिया है। फेडरेशन ने अलग-अलग उत्पादों के 2.50 से 50 रुपये तक दाम बढ़ा दिए हैं। फेडरेशन का हिम देसी घी 50 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 650 रुपये प्रतिकिलो मिलेगा। हालांकि दूध के दामों में बढ़ोतरी नहीं हुई। फेडरेशन ने देसी घी के अलावा पनीर के 200 ग्राम पैकेट के दाम में छह रुपये बढ़ोतरी की है। हिम खोया में प्रतिकिलो के हिसाब से 20 रुपये बढ़ोतरी की गई है। हिम बटर में 25 रुपये आधा किलो के हिसाब से बढ़ाए गए हैं। मिल्क फेडरेशन के चक्कर स्थित प्लांट के यूनिट प्रभारी शुभम ने बताया कि दुग्ध उत्पादों के बढ़े हुए दाम 1 सितंबर से लागू हो गए हैं।
आईआईटी रुड़की, आईआईडी मंडी, सीयू धर्मशाला और एनआईटी हमीरपुर से चल रही बात हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते जगह-जगह भूस्खलन से हुई भारी तबाही के बाद चार संस्थानों को आपदा के कारणों को तलाशने का जिम्मा सौंपा गया है। आईआईटी रुड़की, आईआईडी मंडी, केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला और एनआईटी हमीरपुर से इस संबंध में बातचीत चल रही है। अध्ययन रिपोर्टों के आधार पर ही तय किया जाएगा कि भूस्खलन के पूर्वानुमान के लिए किस तरह की पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित की जाए। इस बार मानसून में हुई भारी तबाही के बाद राज्य सरकार जहां आपदा राहत कार्यों में जुटी है, वहीं भूस्खलन के कारणों पर अब एक विस्तृत अध्ययन करवाया जा रहा है। राज्य में शिमला, मंडी, कुल्लू समेत अन्य आपदा प्रभावित जिलों में पिछले दिनों बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। भूस्खलन में दबने व नदी-नालों में बहने से बड़ी संख्या में लोगों की मौतें हो गईं। हजारों लोगों के घर ढह गए और बेघर हो गए। राज्य सरकार के प्रधान सचिव राजस्व व आपदा प्रबंधन ओंकार शर्मा ने बताया कि राज्य में जिस तरह से भारी बारिश के बाद आपदा आई, उसके बाद यह तय किया गया है कि आईआईटी रुड़की, आईआईटी मंडी, केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला और एनआईटी हमीरपुर से इस संबंध में एक विस्तृत अध्ययन करवाया जाएगा कि भूस्खलन के क्या-क्या कारण हैं। अध्ययन पर होने वाला खर्चा प्रदेश सरकार वहन करेगी। इस अध्ययन के बाद ही पूर्व चेतावनी प्रणाली लगाई जाएगी, जिससे कि भूस्खलन का पता लग जाए। 50 स्थानों पर लगाई पूर्व चेतावनी प्रणाली नहीं आई काम आईआईटी मंडी की ओर से तैयार की गई पूर्व चेतावनी प्रणाली राज्य में करीब 50 स्थानों पर लगाई गई थी, लेकिन यह प्रणाली भी काम नहीं आई। हिमाचल प्रदेश के इतिहास में सदी की यह इस तरह की सबसे बड़ी तबाही है। राज्य में कंक्रीट के कई भवन भरभराकर ढह गए, कई सड़कें और पुल बह गए।
मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना ने आज यहां राज्य आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 24 (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य में निर्माण गतिविधियों के संबंध में आदेश जारी किए हैं। इन आदशों के अनुसार आपदा प्रभावित इमारतों और सड़कों के पुनर्निर्माण कार्यों को छोड़कर किसी भी प्रकार के निजी विकास और निर्माण गतिविधि के लिए पहाड़ियों के कटान पर पूरे राज्य में 16 सितंबर तक प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अतिरिक्त शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, सोलन और चंबा जिलों में वाणिज्यिक, पर्यटन इकाइयों के निर्माण के संबंध में 16 सितंबर तक नई योजना अनुमति एवं भवन अनुमति पर प्रतिबंध रहेगा।यह निर्णय प्रदेश में भारी बरसात के कारण आई प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत मानवीय जीवन, आधारभूत संरचना, पारिस्थितिकी की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है।


















































