किन्नौर जिले के सांगला-छितकुल संपर्क मार्ग पर राजाल पानंग के नजदीक एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में 4 लोगों की मौके पर मौत हो गई। एक अन्य घायल हो गया। उसे उपचार के लिए सांगला अस्पताल लाया गया। कार में सवार 5 लोग बरात में रोघी से बटसेरी की ओर जा रहे थे। रोघी से बटसेरी बरात में जा रही कार (एचपी 25ए-4725) सांगला-छितकुल संपर्क सड़क पर राजाल पानंग के पास अनियंत्रित होकर 300 मीटर नीचे बटसेरी संपर्क मार्ग पर जा गिरी। सूचना मिलते ही पुलिस थाना सांगला से एएसआई विजय शर्मा की अगुवाई में आरक्षी मोहित, सुरजीत, मनमीत और अभय की टीम घटनास्थल पर पहुंची। बटसेरी गांव के ग्रामीणों के सहयोग से चारों शव निकाले गए। घायल को सांगला अस्पताल लाया गया। चारों शव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के शवगृह में रखे गए हैं। हादसे में वाहन चालक रमेश कुमार (42), गांव रोघी, तहसील कल्पा, किन्नौर घायल हुआ है। जबकि अजय कुमार (40), किशोरी लाल (48) निवासी रूनंग, मदन लाल (48), गांव किल्बा और जिया लाल निवासी रोघी की मौके पर ही मौत हो गई।
राजधानी में आने वाले समय में हर घर से लेकर सरकारी दफ्तरों की छत पर सौर ऊर्जा का प्लांट लगा हुआ दिख सकता है। राज्य सरकार ने इसे प्रोत्साहित करने के लिए शिमला शहर के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में ये प्रावधान किया है। इसमें राजधानी में 1428 किलोवाट सौर ऊर्जा घरों की छतों पर ही पैदा हो, इसके लिए स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को लक्ष्य दिया है। इसमें से 888 किलोवाट बिजली सौर ऊर्जा लोगों के घरों के छत पर ही बनेगी। शहर में सौर ऊर्जा का उत्पादन और इस्तेमाल होने से राजधानी के पर्यावरण को फायदा होगा, साथ ही बिजली उत्पादन के स्रोतों का कम दोहन कर आने वाली पीढ़ियों के लिए बिजली को बचाया जा सकता है। शहर को ज्यादा सुंदर व आकर्षक बनाने के लिए इस दिशा में काम किया जा सकता है। शहर की स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम भी सौर ऊर्जा के माध्यम से किया जाएगा। राजधानी में सर्दियों के दौरान लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसलिए हर वार्ड में जहां भी स्ट्रीट लाइटें लगी है, चल नहीं रही उन्हें बदलने और नई लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा। स्मार्ट सिटी के तहत सोलर लाइटों लगाने का काम भी जल्द ही पूरा करने का निर्देश दिए गए है ।
कहीं बहुत देर तो नहीं हो गई मेहरबां आते आते......चार साल के लम्बे इंतज़ार के बाद कर्मचारियों को संयुक्त सलाहकार समिति का तोहफा मिलने वाला है। दो महीने में दूसरी बार तारीख मिल गई है और 27 नवंबर की दिनांक और सुबह 11 बजे का वक्त तय हुआ है। उपचुनाव में भाजपा को लगे झटके के बाद ही सही मगर सरकार अब सही मायनों में कर्मचारी हितैषी नजर आने लगी है। कोर्ट में लटके हुए मामले हो या कर्मचारियों की लंबित मांगें, मानो अब मुख्यमंत्री सब तेजी से निपटाने में लगे है। इस जेसीसी की बैठक में कर्मचारियों से जुड़े 62 एजेंडों पर चर्चा होनी है। ये 62 एजेंडे सरकार के सामने रखने की जिम्मेदारी अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ को सौंपी गई है। जयराम सरकार के कार्यकाल में चार साल बाद अब ये पहली बैठक होने जा रही है। इस बैठक के बाद सरकार नए पे-कमीशन पर भी ऐलान कर सकती है। जेसीसी बैठक से कर्मचारी वर्ग को खासी उम्मीद है। उपचुनाव के नतीजे सरकार देख चुकी है और 2022 के विधानसभा चुनाव भी अब दूर नहीं है, ऐसे में अपेक्षित है कि सरकार कई लंबित मसलों पर सकारात्मक फैसले ले। सत्ता प्राप्त करने में प्रदेश का कर्मचारी वर्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और ऐसे में जाहिर सी बात है कि सरकार पर कर्मचारी वर्ग की अपेक्षाओं का बोझ है। वहीं सरकार द्वारा अधिकृत हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ से भी कर्मचारी वर्ग को उम्मीदें रहेगी। यानी दबाव दोतरफा होगा। उधर, सरकार के नज़रिए से देखा जाए तो सरकार की भी अपनी मजबूरी है। कर्मचारी उम्मीदों पर खरा न उतरे तो सत्ता खोने का डर बढ़ जाता है, और यदि कर्मचारियों को नई राहतें - सौगातें दे तो आर्थिक स्थिति खराब होती है। पहले से कर्ज़े में डूबी हिमाचल प्रदेश सरकार के लिए ये बेहद मुश्किल समय है। 2022 विधानसभा चुनाव का काउंट डाउन शुरू हो चुका है और माना जा रहा है कि जेसीसी बैठक के साथ कर्मचारियों पर मेहरबानी का जो दौर शुरू होगा वो आचार सहिंता लगने तक जारी रहेगा। पर क्या हर पांच साल में निष्ठा बदलने वाला हिमाचल का कर्मचारी चुनावी वर्ष में मिलने वाली राहतों के बाद अपनी वोट रुपी कृपा सत्ता रूढ़ दल पर बनाये रखेगा, ये यक्ष प्रश्न है। सरकार ने जो इन्तजार करवाया है क्या उस लम्बे इन्तजार की टीस बरकरार रहेगी या राहतें मिलने की स्थिति में कर्मचारी बड़ा दिल दिखायेगा, ये देखना दिलचस्प होने वाला है। इन कर्मचारी मांगो पर रहेगी रहेगी नज़रें : - कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान देने की मांग - अनुबंध कार्यकाल दो साल करने की मांग - अनुबंध कार्यकाल को वरिष्ठता में शामिल करने की मांग - कर्मचारियों को 4-9-14 साल की सेवा अवधि में टाइम स्केल देना - कनिष्ठ ऑफिस सहायकों के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन - महंगाई भत्ते की पांच फीसदी किश्त जारी करने की मांग - नई पेंशन स्कीम के तहत केंद्र सरकार की 2009 की अधिसूचना के अनुसार निधन या स्थायी अपंगता पर पूरी पेंशन देने की मांग - केंद्र सरकार की तर्ज पर महिला कर्मियों को बच्चे की देखभाल के लिए दो साल का अवकाश देने का मसला - कर्मचारियों के अन्य मसले जैसे की प्रतिपूरक भत्ता, पूंजी भत्ता और मकान किराया भत्ता बढ़ाने की मांग - एनजीओ फेडरेशन के एक प्रतिनिधि को हाउस अलॉटमेंट कमेटी में शामिल करने की मांग - तीसरी और चतुर्थ श्रेणी के सभी खाली पदों को जल्द भरने की मांग - आउटसोर्स कर्मचारियों को अनुबंध पर लाने की मांग - पुलिस कॉन्स्टेबल्स का अनुबंध काल घटाकर 3 वर्ष करने की मांग - दैनिक वेतन भोगियों को 5 की बजाए 4 साल में नियमित करने की मांग - आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों का वेतन बढ़ाने की मांग - करुणामूलक नौकरियां बहाल करने की मांग - नव नियुक्त कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18000 करने की मांग - छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को जल्द लागू करवाना नए पे कमीशन पर भी रहेगी नजर जेसीसी की बैठक में नए पे कमीशन पर भी चर्चा हो सकती है। बता दें कि राज्य में पे-कमीशन करीब 4.15 लाख कर्मचारी और पेंशनरों को दिया जाना है। नए पे-कमीशन को लागू करने से पहले इसके बारे में वित्त विभाग मुख्यमंत्री को प्रेजेंटेशन देगा। इस बारे में बीते दिनों भी प्रेजेंटेशन रखी गई थी, जो किसी कारणवश टल गई। अब यह 27 नवंबर को तय हुई जेसीसी से पहले होगी। इससे पहले वित्त विभाग ने पे स्केल वाइज स्टडी कर लिया है, लेकिन फिर भी कुछ पेचीदा मसलों पर फैंसला होना बाकी है। यही वजह है कि जेसीसी बैठक से पहले मुख्यमंत्री के साथ एक बैठक होगी। कर्मचारियों के लिए 'जिन्न' बने चन्नी, अब जयराम पर दबाव ! वेतनमान को लेकर हिमाचल प्रदेश पंजाब का अनुसरण करता है। पंजाब संशोधित वेतनमान जारी कर चुका है लेकिन प्रदेश में महंगाई भत्ते (डीए) के मामले भी नहीं सुलझ पाए हैं। पंजाब में मुख्यमंत्री बनते ही चरणजीत सिंह चन्नी, पंजाब के कर्मचारियों के लिए 'जिन्न' बन गए है। एक नहीं चन्नी ने कर्मचारियों की कई मांगों को पूरा कर दिया है। पंजाब सरकार ने हाल ही में 36,000 कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। ये सभी कर्मचारी विभिन्न सरकारी विभागों में अनुबंध, तदर्थ, दैनिक वेतन एवं अस्थायी तौर पर काम कर रहे थे। इसी के साथ 2020 से न्यूनतम वेतन में वृद्धि को भी मंजूरी दी गई है। इसमें 415.89 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे यह अब 8776.83 रुपये से बढ़कर 9192.72 रुपये हो गया है। कुछ ही समय पहले पंजाब में 2009 की अधिसूचना को भी लागू किया गया था। यही नहीं बीते दिनों पंजाब सरकार ने दिवाली से पहले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में भी 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। अब क्योंकि कर्मचारियों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए हिमाचल पंजाब का अनुसरण करता है, तो जाहिर है मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर पर अपेक्षाओं का दबाव बढ़ गया है।
मंडी संसदीय क्षेत्र का उपचुनाव बेशक कांग्रेस जीत गई हो लेकिन जिला मंडी में पार्टी के दिन फिरते नहीं दिख रहे। संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाली जिला की नौ सीटों में से आठ पर कांग्रेस पिछड़ी है। जिला में सिर्फ नाचन में कांग्रेस को बढ़त मिली, बाकी सब जगह भाजपा आगे रही। उपचुनाव में पार्टी के बड़े नेताओं का बड़ा अहम और सुनहरे अतीत पर टिका उनका वहम दोनों जनता ने दूर कर दिए। 2022 से पहले ये स्थिति कांग्रेस के लिए अच्छी नहीं है। तब प्रदेश की सल्तनत और कांग्रेस के बीच एक बड़ी चुनौती जिला मंडी की रणभूमि होगी और संसदीय उपचुनाव में यहाँ फिर कांग्रेस ने मुँह की खाई है। इससे पहले जिला परिषद् और नगर निगम चुनाव में भी कांग्रेस की खूब किरकिरी हुई है। बहरहाल प्रतिभा सिंह की जीत से मंडी कांग्रेस में ऊर्जा का संचार जरूर हुआ है। परन्तु क्या सिर्फ उम्मीद से कांग्रेस सत्तासीन हो पाएगी ? क्या प्रतिभा की जीत सच में कांग्रेस की जीत है ? सवाल ये भी है कि जितने वोट प्रतिभा सिंह को मिले क्या वहां कांग्रेस के किसी अन्य प्रत्याशी को मिल पाते ? इन सवालों का जवाब मंडी कांग्रेस के बड़े नेताओं को खोजना होगा और जिला में पार्टी की धरातल स्थिति पर आत्ममंथन भी करना होगा। मंडी लोकसभा का उपचुनाव भले ही कांग्रेस जीत गई हो पर कहीं न कहीं इस जीत को कांग्रेस की जीत से ज्यादा पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के लिए सहानुभूति की जीत बताया जा रहा है, इसे वीरभद्र सिंह परिवार की जीत बताया जा रहा है। गौर करने लायक बात ये है कि जिला मंडी में कांग्रेस को पराजय मिली है और इस बात को कांग्रेस को जहन में रखकर आगे बढ़ने की जरुरत है। हवाई दावे जो भी हो किन्तु तथ्य ये ही है कि मंडी संसदीय क्षेत्र में जिला मंडी की नौ सीटें आती है जिनमें से आठ पर कांग्रेस पिछड़ी है। यानी मंडी जिला में कांग्रेस की स्थिति कमजोर है। आंकड़ों पर गौर करें तो कांग्रेस के कई दिग्गजों के गढ़ में भी प्रतिभा सिंह को लीड नहीं मिल पाई है। इन दिग्गजों में सबसे पहले नाम आता है पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर का। ये उन नेताओं में से है जिन्हें कांग्रेस की सत्ता वापसी की स्थिति में मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जाता है। उपचुनाव के दौरान ठाकुर कौल सिंह पूरी निष्ठा के साथ प्रतिभा के प्रचार प्रसार में जुटे दिखे परन्तु फिर भी उनके अपने ही निर्वाचन क्षेत्र द्रंग में प्रतिभा सिंह पिछड़ गई। द्रंग में भाजपा प्रत्याशी को 2612 अधिक मत प्राप्त हुए है। ऐसा ही कुछ हाल पूर्व मंत्री एवं मंडी जिला कांग्रेस के अध्यक्ष प्रकाश चौधरी के गृह क्षेत्र में भी रहा। उनके क्षेत्र बल्ह में भी भाजपा को 956 अधिक मत प्राप्त हुए। यहां सवाल आश्रय शर्मा पर भी खड़े होते है। आश्रय लगातार कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे परन्तु टिकट न मिलने पर उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह के लिए प्रचार प्रसार भी किया। इसके बावजूद भी मंडी सदर से भाजपा को बढ़त मिली जबकि उनके पिता अनिल शर्मा ने न तो भाजपा के लिए प्रचार किया न ही भाजपा के साथ अधिक दिखे। मंडी सदर से पिछले चुनाव कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर ने लड़ा था, सो सवाल चंपा पर भी उठेंगे। करसोग, जोगिंद्रनगर और सरकाघाट में भी कांग्रेस लीड की उम्मीद में थी, लेकिन स्थानीय नेता विफल रहे। स्पष्ट है कि जिला मंडी में कई दिग्गजों की पॉलटिकल मैनेजमेंट फेल हो गई है। अगर स्थिति ये ही रहे तो कांग्रेस के लिए 2022 का चुनाव कठिन होने वाला है। बड़े नेताओं को ये स्वीकार करना होगा कि अकेले जयराम ठाकुर के आगे जिला मंडी में वे पस्त हुए है। जिसने मंडी जीता, सरकार उसी की बनी ! इतिहास गवाह है कि 10 विधानसभा सीटों वाला जिला मंडी जिस भी राजनैतिक दल ने जीता वही सत्ता पर काबिज हुआ और जिसे मण्डी ने ठुकराया उसे सत्ता से भी हाथ धोना पड़ा। 1982 से 2017 तक हुए 9 विधानसभा चुनाव भी इस बात की तस्दीक करते है। इन 9 में से 7 बार उसी पार्टी की सरकार बनी जिसने मंडी में सर्वाधिक सीटें जीती। जबकि 1998 में भाजपा की सरकार इसलिए बनी क्योंकि मंडी में 4 सीट कब्जाने वाली हिमाचल विकास कांग्रेस से उसका गठबंधन हुआ। वहीं 2012 में कांग्रेस और भाजपा दोनों को 5 - 5 सीटें मिली थी, हालांकि सरकार बनाने में कांग्रेस कामयाब रही थी। 2017 में कांग्रेस का सूपड़ा साफ़ हो गया। अब कांग्रेस यदि उपचुनाव को सत्ता का सेमीफाइनल मान रही है तो 2022 में भी कांग्रेस की डगर आसान नहीं होने वाली। विस चुनाव कांग्रेस भाजपा अन्य 1982 5 2 3 कांग्रेस की सरकार बनी 1985 7 2 1 कांग्रेस की सरकार बनी 1990 1 8 ( गठबंधन ) 1 भाजपा की सरकार बनी 1993 9 0 1 कांग्रेस की सरकार बनी 1998 4 3 4 सुखराम के समर्थन से भाजपा सरकार बनी 2003 6 2 2 कांग्रेस की सरकार बनी 2007 3 6 1 भाजपा की सरकार बनी 2012 5 5 0 कांग्रेस की सरकार बनी 2017 0 9 1 भाजपा की सरकार बनी
हिमाचल किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज ने दो पंचायतों नौहली व वाता-री-बिहूं को जोगिंदर नगर पुलिस थाने के अधीन दोबारा करने के संधर्व में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा। जिसमे लिखा गया कि द्रंग में नया पुलिस थाना बनने के बाद इन गांवों को जोगिंदर नगर थाना क्षेत्र से हटाकर द्रंग थाना के अधीन कर दिया गया। तभी से जनता की मांग रही है कि इन सभी गांवों को जोगिंदर नगर थाना के अधीन ही रहने दिया जाये। ये सभी गाँव जोगिंदर नगर विधान सभा क्षेत्र में आते हैं तथा इनका तहसील मुख्यालय व उपमंडल मुख्यालय भी जोगिंदर नगर ही है। तहसील मुख्यालय व एसडीएम कार्यालय से द्रंग थाना की दूरी 42 किलोमीटर है। ये गाँव वैसे भी जोगिंदर नगर से 15 से 25 किलोमीटर की दूरी पर हैं तथा यहाँ के निवासियों को तहसील व उपमंडल से संबन्धित काम करवाने के लिए जोगिंदर नगर आना पड़ता है। यदि कोई थाने से संबन्धित काम है तो फिर 42 किलोमीटर का और सफर करना पड़ता है। जब किसी व्यक्ति को एक ही काम के लिए पुलिस स्टेशन भी जाना पड़ता है और उसके बाद 42 किलोमीटर दूर तहसील या एसडीएम कार्यालय में भी जाना पड़ता है तथा वहाँ से घर लौटने के लिए 15 से 25 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ता है। इस कारण नौहली व बिहूं पंचायतों के सभी राजस्व गांवों की जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इन गांवों को द्रंग थाना से जोड़ने का निर्णय बिल्कुल भी तर्कसंगत नहीं था। अतः यहाँ की समस्त जनता उन्होंने सरकार से मांग की कि इस समस्या व मांग को ध्यान में रखते हुए नौहली व वाता-री-बिहूं पंचायतों के सभी राजस्व गांवों को द्रंग थाना क्षेत्र से निकाल कर पुनः जोगिंदर नगर थाना के अधीन किया जाये।
पुरानी पेंशन बहाल करने का अब वक्त आ गया है : चौहान - विडम्बना : विधायक व सांसद शपथ लेने के बाद ताउम्र - मोटी पेंशन के हकदार और कर्मचारी लाचार हिमाचल प्रदेश जलशक्ति विभाग अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष व पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा हिमाचल प्रदेश के राज्य महामंत्री एल डी चौहान ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि कर्मचारियों की 2003 से छीनी गई उनके बुढ़ापे की लाठी यानी पुरानी पेंशन योजना को केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को पुरानी पेंशन को बहाल करना ही पड़ेगा। ये विडम्बना है कि एक विधायक व सांसद शपथ लेने के बाद ताउम्र -मोटी पेंशन के हकदार हो जाते है और कर्मचारियों को 33 साल सेवा देने के बाद भी नियमित पेंशन से वंचित कर दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर किया जा रहा है। एल डी चौहान ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर जयराम एक ईमानदार नेता है लेकिन अफसरों द्वारा जानबूझकर कर्मचारियों के मुद्दों को लटकाया जा रहा है व मुख्यमंत्री को गुमराह किया जा रहा है, जिसके चलते आज प्रदेश का कर्मचारी सरकार से नाराज है। पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री से दृष्टि पत्र की मांगों पर गौर करने का भी आग्रह किया है जिसमें 4-9-14 वेतनवृद्धि पर फैंसला, पेंशन पर कमेटी का गठन करने की बात, पिछले वेतन आयोग में विसंगतियों को दूर करने जैसी बातें कही गयी थी। पर चार वर्ष बीत जाने के बाद भी उस ओर कार्यवाही न होना दुख का विषय है और अब कर्मचारियों में रोष है। चौहान ने कहा कि एनपीएस पर केंद्र द्वारा जारी 5 मई 2009 की अधिसूचना को प्रदेश में जल्द लागू करने के बारे में स्वयं मुख्यमंत्री ने कहा था लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री समय रहते केंद्र की 2009 की अधिसूचना को प्रदेश में लागू करवाकर शीघ्र पुरानी पेंशन की बहाली हेतु कमेटी के माध्यम से कार्य प्रारंभ करें तथा प्रदेश के लगभग 80 हजार एनपीएस कर्मियों हेतु पुरानी पेंशन को बहाल करवाकर इतिहास रचे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा महंगाई भत्ता व छठे वेतन आयोग की सिफारिशें कर्मियों का कानूनी हक है, वो हर हाल में शीघ्र मिलना चाहिए।
कांग्रेस नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद की किताब 'सनराइज ओवर अयोध्या : नेशनहुड इन ऑवर टाइम्स' में हिंदुत्व की तुलना आईएसआईएस और बोको हराम जैसे कुख्यात आतंकी संगठनों से की गई है। इस किताब में हिंदुत्व को लेकर जो कुछ कहा गया है, उस पर विवाद हो गया है और खुर्शीद एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने इस किताब में हिन्दुत्व की तुलना आतंकी संगठन बोको हराम और आईएसआईएस से करने पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सिर्फ हिन्दू ही नहीं बल्कि भारत की आत्मा को भी ठेस पहुंचाती है। इस मामले में खुर्शीद के खिलाफ दिल्ली पुलिस से शिकायत भी की गई है। यूपी समेत 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले आई खुर्शीद की इस किताब पर उठा विवाद और ज्यादा तूल पकड़ सकता है। उधर, खुर्शीद के खिलाफ पार्टी के अंदर से भी विरोध की आवाज बुलंद होने लगी है। कांग्रेस के G-23 नेताओं की खिलाफत करने वाले सलमान खुर्शीद पर पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने सीधा हमला बोला है। आजाद ने खुर्शीद की पुस्तक का उल्लेख करते हुए ट्वीट किया, ‘हम भले ही हिंदुत्व को हिंदू धर्म की मिली जुली संस्कृति से अलग एक राजनीतिक विचारधारा मानकर इससे असहमति जताएं, लेकिन हिंदुत्व की तुलना आईएसआईएस और जेहादी इस्लाम से करना तथ्यात्मक रूप से गलत और अतिशयोक्ति है। सलमान खुर्शीद की किताब के जिस अंश पर सबसे ज्यादा विवाद हुआ है, वह है कट्टर जिहादी और कुख्यात आतंकी संगठनों से हिंदुत्व की तुलना। 'द सैफ्रन स्काई' नाम के खुर्शीद लिखते हैं, 'साधु-संत जिस सनातन धर्म और क्लासिकल हिंदुइज्म को जानते हैं, उसे किनारे करके हिंदुत्व के ऐसे वर्जन को आगे बढ़ाया जा रहा है। जो हर पैमाने पर आईएसआईएस और बोको हराम जैसे जिहादी इस्लामी संगठनों के राजनीतिक रूप जैसा है।' उनका कहना है कि हिंदुत्व का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जाता है। चुनावी रैलियों में इसका जिक्र होता है। पर जो भी हो सलमान खुर्शीद द्वारा हिंदुत्व की तुलना आतंकी संगठनों से करना देश के करोड़ों हिन्दुओं को स्वीकार्य नहीं हो सकता। ये शर्मनाक है, ये अस्वीकार्य है और कोई भी तर्क देकर इसे जायज नहीं ठहराया जा सकता। हिंदुत्व सिर्फ धर्म नहीं है, ये जीने की पद्धति है।
मिसाल : सेवा ही सर्वोपरि के सिद्धांत को जैन परिवार ने किया आत्मसात - डॉ अजित पाल जैन ने करीब चार दशक पहले की थी लार्ड महावीर नर्सिंग कॉलेज एंड हॉस्पिटल की शुरुआत - पुत्र डॉ गगन जैन और उनकी पत्नी डॉ आशिमा जैन भी जुटे है मानव सेवा में सोलन जिला में एक परिवार प्रदेश के लोगों को वर्षों से बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं देने में दिन रात जुटा है। हम बात कर रहें है डॉ अजित पॉल जैन व डॉ गगन जैन की, जो काफी वर्षो से लार्ड महावीर नर्सिंग कॉलेज एंड हॉस्पिटल व गगन हॉस्पिटल को चला रहे है। बता दें कि लार्ड महावीर नर्सिंग कॉलेज व अस्पताल (नालागढ़) प्रदेश का पहला नर्सिंग कॉलेज है, जिसकी नींव डॉ अजित पॉल जैन ने करीब चार दशक पूर्व रखी थी। आज लार्ड महावीर नर्सिंग कॉलेज व अस्पताल प्रदेश भर में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। डॉ अजित के बेटे गगन को भी बचपन से ही सामाजिक कार्यों के प्रति रूचि थी और अपने पिता से बेहद प्रेरित थे। गगन जैन को उन्हीं से चिकित्सक बनने की प्रेरणा मिली। पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए डॉ गगन जैन ने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद मुंबई से एमबीबीएस किया। डॉ गगन ने करीब पांच साल तक सरकारी अस्पताल में अपनी सेवाएं दी। इसके बाद लार्ड महावीर नर्सिंग कॉलेज व अस्पताल में भी कुछ वर्षों तक काम किया। तदोपरांत डॉ गगन जैन ने बद्दी में गगन हॉस्पिटल की स्थापना की। आज दोनों अस्पताल न केवल बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सोलन जिला में प्रसिद्ध है बल्कि पूरे प्रदेश से मरीज यहाँ उपचार करवाने आते है। आज लॉर्ड महावीर नर्सिंग कॉलेज और गगन हॉस्पिटल में नवीनतम तकनीक से परिपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर है और सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही है। हर वर्ष करीबन 15 हजार से अधिक मरीज यहाँ उपचार करवाने आते है। खास तौर पर सोलन, शिमला, सिरमौर जिला के लोगो के लिए यह अस्पताल वरदान साबित हुआ है। यहां 16 स्पेशलिटी डिपार्टमेंट्स है जहां छात्रों को बेहतरीन शिक्षा दी जा रही है, साथ ही मरीजों का क्वालिटी ट्रीटमेंट कर समाज के प्रति अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अस्पताल में कार्डियोलॉजी, डेंटल, ईएनटी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (चिकित्सा और शल्य चिकित्सा), सामान्य सर्जरी, स्त्री रोग सर्जरी, न्यूरोलॉजी, प्रसूति और स्त्री रोग, नेत्र विज्ञान, बाल चिकित्सा सर्जरी, पल्मोनोलॉजी और मूत्रविज्ञान सहित अन्य सुविधाएँ शामिल है। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर और पूरी तरह से आधुनिक उपकरणों से लेस आईसीयू, दो ओटी, लेबर रूम, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे मशीन 500 एमए, 100 एमए (पोर्टेबल), सी-आर्म मशीन, लिथोट्रिप्सी मशीन, क्लिनिकल लैब, ऑडियोमेट्री, पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट, ईईजी, ईसीजी, टीएमटी, फिजियोथेरेपी के लिए कई उपकरण इन्सटाल्ड किए गए है। जरुरतमंदो की सेवा में भी आगे : लार्ड महावीर नर्सिंग कॉलेज और अस्पताल व गगन अस्पताल में गरीब तबके के लोगों को फ्री मेडिकल सुविधाएं भी दी जाती है। समय समय पर चिकित्सा जांच शिविर, दवा वितरण, जागरूकता वार्ता और सब्सिडी के तहत गरीबों का इलाज किया जाता है। इसके अतिरिक्त लोगों को नशे से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से अब तक सैंकड़ों शिविर आयोजित किये जा चुके है। परिवार की जड़ मजबूत हो तो हर कार्य सम्भव- डॉ गगन रिश्तों का तानाबाना स्नेह बांटना भी सिखाता है और हर कार्य में साथ देना भी। डॉ गगन जैन ने बताया कि उनके हर पग पग पर उनके परिवार का अहम योगदान रहा है। आज वो जो कुछ भी अपना लक्ष्य पूर्ण कर चुके है, जो भी समाज के लिए कर पा रहे है इन सब के पीछे परिवार की एकता भी है। उनके माता- पिता ने उनको सही मार्गदर्शन दिखाया तो उनकी पत्नी डॉ आशिमा जैन उनकी ताकत बनीं। डॉ जैन कहते है की साथ रहते हुए इंसानियत से जुड़ी जो समझ और सीख घर के सदस्यों को मिलती है वो हमेशा उन्हें जमीन से जोड़े रखने का काम करती है। अपनों से मिले अनुभव और संस्कार किसी भी इंसान के जीवन को सही और सार्थक दिशा दे सकते हैं।
1947 में मिली आजादी भीख थी, असली आजादी तो 2014 के बाद मिली'...इससे शर्मनाक बात और क्या हो सकती है। इससे भी अधिक खेदजनक बात ये है कि ये विचार पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित कंगना रनौत के है। दरअसल बीते दिनों एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कंगना रनौत ने कहा था कि 1947 में मिली आजादी भीख थी, असली आजादी तो 2014 के बाद मिली, जब देश की बागडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में आई। कंगना रनौत के इस बयान की देशभर में निंदा हो रही है। इसमें कोई संशय नहीं है कि कंगना एक बेहतरीन अदाकारा है। लेकिन कंगना का ये बयान स्वीकार्य नहीं हो सकता। निसंदेह ये उन महान साहसी स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है जिनका नेतृत्व महात्मा गांधी, नेहरू और सरदार पटेल ने किया था। हैरत की बात ये है कि तमाम विरोध के बीच भी कंगना ने अपने बयान पर अब तक खेद नहीं जताया है। ये समझना बेहद जरूरी है कि सिर्फ फिल्म में झाँसी की रानी का किरदार निभाना देश भक्ति नहीं हो सकता। जो कंगना के इस बयान पर चुप है, उन पर सवाल उठना भी लाजमी है। कंगना रनौत के बयान के बाद सोशल मीडिया के बाद अब कई नेताओं ने एकसुर में कंगना रनौत का विरोध करना शुरू कर दिया है। राष्ट्रपति और सरकार से कंगना का पद्मश्री अवॉर्ड वापस लेने की मांग उठ रही है। सिंर्फ अन्य राज्यों के नेता ही नहीं बल्कि कंगना को हिमाचल की बेटी कहने वाले हिमाचल के कई नेताओं ने भी उनके शब्दों का कड़ा विरोध किया है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने इस बयान को चौंकाने वाला और अपमानजनक करार दिया। उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से उनका पद्मश्री वापस लेने की मांग की है। शिमला ग्रामीण विधायक विक्रमादित्य सिंह ने फेसबुक पर एक पोस्ट कर लिखा " हिमाचल की बेटी को पद्मश्री दिए जाने पर उन्हें बधाई दी थी, परंतु इस तरीके की बयानबाज़ी बहुत ही निंदनीय है। कंगना के इस बयान की प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने भी कड़ी निंदा की है। हिमाचल कांग्रेस के अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने शिमला में प्रैस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कंगना का बयान राष्ट्र के खिलाफ है और यह स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है। राठौर ने कहा कि शायद ये बयान देने के लिए ही कंगना को पद्मश्री दिया गया। उन्होंने कंगना के बयान पर सीएम से स्पष्टीकरण मांगा और साथ ही कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी इस मसले पर जवाब देना चाहिए। हिमाचल ही नहीं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी कंगना की बयान को बेहूदा बताया। कंगना रनौत के बयान पर भाजपा से भी प्रतिक्रिया आई है। लोकसभा सांसद वरुण गांधी ने सोशल मीडिया पर कंगना रनौत का वीडियो शेयर करते हुए पूछा, "क्या मुझे इसे पागलपन या देशद्रोह कहना चाहिए"। वरुण गांधी ने ट्वीट किया था, "कभी महात्मा गांधी के बलिदान और तपस्या का अपमान, कभी उनके (महात्मा गांधी के) हत्यारे का सम्मान, और अब लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का अपमान - शहीद मंगल पांडे से लेकर रानी लक्ष्मीबाई, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस तक। क्या मुझे इसे पागलपन या देशद्रोह कहना चाहिए ?
उपचुनाव नतीजों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर के खिलाफ उठती रही आवाजों पर फिलवक्त विराम लगा दिया है। क्यूकी जिसे सब कम आंकते थे वो अव्वल भी आ सकता है, यह किसी ने सोचा भी नहीं होगा। इसके अलावा कुछ भाजपाई तो उन्हें लेकर उल जुलूल बयान भी देते थे कि कांग्रेस के भीतर भी उन्हें बदलने को लेकर लगातार अटकलें लग रही थी। कभी सत्ता के गुरूर में चूर होकर कोई उन्हें मंद बुद्धि का मालिक कहता रहा है, तो कभी संगठन की सर्जरी के नाम पर अपने भी निशाना साधते रहे। पर अब उपचुनाव नतीजों के बाद बदली राजनैतिक फिजा में राठौर का सियासी वजन इतना बढ़ गया है कि उन्हें हिलाना मुश्किल होगा। दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद से ही प्रदेश कांग्रेस का चेहरा कौन होगा, इसे लेकर कयासों का सिलसिला जारी रहा। कई बड़े नेता अपने बड़े सियासी अरमानों के साथ संगठन की सरदारी पर नजर गड़ाए दिख रहे थे। सत्ता वापसी की स्थिति में संगठन की सरदारी से सीएम की कुर्सी का फासला कम हो सकता है, ये थ्योरी कई चाहवानों को प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए प्रेरित करती रही। जाहिर है कि प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर रहते हुए नेता अपने निष्ठावानों को टिकट देने में भी अपनी चला सकते है। ऐसे में माना जाता रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर कई नेता नजरें जमाएं बैठे है, पर इस स्थिति में भी कुलदीप राठौर जैसे -तैसे अपनी जगह बचा कर आगे बढ़ते रहे और अब जब उपचुनाव के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में आये है तो राठौर को भी जीत का क्रेडिट मिलना जायज है। अगर कुलदीप सिंह राठौर की सबसे बड़ी ताकत उनका किसी गुट में ना होना माना जाये तो गलत नहीं होगा। उनकी अब तक की कार्यशैली से तो ऐसा ही दिखता है। जब उन्हें प्रदेश कांग्रेस की कमान मिली तो उन्हें एक बड़े नेता का करीबी माना जाता था। पर इसके बावजूद राठौर हिमाचल कांग्रेस के सबसे दमदार नेता रहे वीरभद्र सिंह की गुड बुक्स में थे। ये उनकी बड़ी सफलता है कि उनके अब तक के कार्यकाल में कांग्रेस के भीतर खुलकर उनके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठी है, जबकि प्रदेश कांग्रेस कई गुटों में विभाजित रही है। बल्कि राठौर के होने से बंटी हुई कांग्रेस एकसाथ दिखने लगी है। ऐसे में शायद ही पार्टी आलाकमान उन्हें हटाकर गुटबाजी बढ़ाने का जोखिम ले।
पक्ष : शिक्षकों के साथ बेईमानी है जेसीसी बैठक का प्रारूप ! - हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा हिमाचल प्रदेश में जेसीसी बैठक की तारीख तय होने से कर्मचारियों में फिर उम्मीद की लहर जाग उठी है। कर्मचारी आस लगाए बैठे है कि चार साल बाद शायद अब उनके मसलों का निवारण होगा। परन्तु प्रदेश का एक कर्मचारी तबका अब भी नाखुश है। प्रदेश के स्कूलों कॉलेजों में पढ़ा रहे शिक्षक अब भी सरकार से खफा नजर आ रहे है। दरससल जेसीसी की बैठक में शिक्षक संगठनों की तरफ से किसी प्रतिनिधि को शामिल न करने को लेकर कुछ शिक्षक संगठन नाराज चल रहे है। जेसीसी में शामिल न करने पर हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ का कहना है कि प्रदेश सरकार अपने आप को कर्मचारी हितैषी होने का दावा तो करती है लेकिन हकीकत तो यह है कि सरकार के चार साल का कार्यकाल पूरा होने को जा रहा है और अब तक सरकार ने शिक्षकों एवं कर्मचारियों के किसी भी मुद्दे को हल नहीं किया है, या यूं कहें कि सरकार ने अपने 4 साल के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों को किसी भी प्रकार का कोई भी लाभ नहीं दिया है। संघ ने सरकार पर शिक्षकों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि हिमाचल में 90 हजार के आसपास शिक्षक कार्यरत है लेकिन सरकार ने उनकी मांगों को सुनने के लिए जेसीसी जैसा कोई भी उचित प्लेटफार्म नहीं बनाया है जिससे शिक्षकों एवं शिक्षार्थी हित में मांगों पर चर्चा उपरांत उसका निराकरण किया जा सके l हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ का कहना है कि जेसीसी की बैठक का प्रारूप अपने आप में एक बेईमानी है क्योंकि इसमें शिक्षकों का इतना बड़ा वर्ग समायोजित नहीं किया गया है l एनजीओ को मान्यता के स्थान पर लोकतांत्रिक तरीके से सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को चुनाव के माध्यम से जेसीसी के गठन करने की संघ लंबे समय से मांग कर रहा है, जिससे सभी कर्मचारियों के हितों का एक उचित व तार्किक प्लेटफॉर्म के माध्यम से निराकरण संभव है l इस संदर्भ में संघ ने कई मर्तबा मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को ज्ञापन देकर शिक्षकों के लिए जेसीसी बैठक की मांग उठाई जिसको सरकार नजरअंदाज कर रही हैl संघ ने सरकार से मांग की है कि प्रदेश के कर्मचारियों एवं शिक्षकों के भत्ते का भुगतान केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर किया जाए l प्रदेश के कर्मचारियों के लंबित 5 प्रतिशत डीए का भुगतान तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए क्योंकि केंद्र सरकार बहुत पहले इसे जारी कर चुकी है और पंजाब ने भी एकमुश्त 11 प्रतिशत डीए की किस्त जारी कर दी है इसलिए हिमाचल के कर्मचारियों को डीए की किश्त देने के लिए किसी औपचारिक बैठक का इंतजार करना प्रदेश के कर्मचारियों के साथ बेईमानी है l शिक्षक संघो की अभिव्यक्ति की आज़ादी छीनने का प्रयास : चौहान हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि शिक्षा सचिव व शिक्षा निदेशक ने अभी तक संघ के साथ एक भी एजेंडा बैठक नहीं की है, जिससे शिक्षकों के मुद्दे हल हो सके l चौहान का कहना है कि सरकार कुछ कर्मचारी नेताओं को खुश करने में लगी है और कर्मचारियों एवं शिक्षकों के मुद्दों पर मौन है l कर्मचारी वर्ग लंबे समय से आस लगाए बैठा हैं, इसी वजह से कर्मचारियों में रोष है l सरकार के प्रति कर्मचारियों की नाराजगी का अंदाजा उपचुनाव के नतीजों से लगाया जा सकता है l चौहान ने कहा कि शिक्षा निदेशक उच्च की तानाशाही का अंदाज़ा 17 .04 .2021 जारी अधिसूचना से लगाया जा सकता है जिसमें शिक्षक संघो की अभिव्यक्ति की आज़ादी को छीनने का प्रयास किया गया है l इसमें कहा गया है कि कोई भी शिक्षक नेता सरकार व विभाग के निर्णय के खिलाफ मीडिया या किसी भी माध्यम से विरोध स्वरूप अपनी आवाज उठाएगा तो उसके खिलाफ सीसीएस रूल 1964 के दायरे में अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। इसकी आड़ में संघ के तीन पदाधिकारियों पर कार्यवाही की गयी। संघ द्वारा मामला मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के ध्यान में लाने पर भी आज तक इस तुगलकी फरमान को निरस्त नही किया गया है, जो सरकार की सबसे बड़ी नाकामी है। चौहान का आरोप है कि उनकी आवाज़ रोकने के लिए उन पर दो - दो झूठी चार्जशीट बनाई गई है और कम से कम 10 शो कॉज नोटिस अभी तक दिए जा चुके है। आखिर कब लागू होगा छठा वेतन आयोग : हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ का कहना है कि प्रदेश का छठा वेतन आयोग 1.1. 2016 से देय है, पांच वर्ष की अवधि बीत जाने पर भी सरकार द्वारा अभी तक इस संदर्भ में कोई कदम नहीं उठाया गया है l संघ ने सरकार से बार-बार आग्रह किया है कि जब हम सेवा नियमों पर केंद्र का अनुसरण करते हैं तो वित्त नियमों पर भी हिमाचल को केंद्रीय वित्त आयोग का अनुसरण करना चाहिए l संघ का कहना है कि अब तो पंजाब सरकार ने भी छठा वेतन आयोग लागू कर दिया है इसलिए हिमाचल में इसे लागू करने के लिए सरकार को किसी जेसीसी जैसी बैठक का इंतजार करने का कोई औचित्य नहीं है, इससे तुरंत प्रभाव से हिमाचल में लागू करने की आवश्यकता है l
इस दिन माता रेणुका से मिलने श्री रेणुका जी पहुँचते है भगवान परशुराम ! फर्स्ट वर्डिक्ट। सिरमौर देवभूमि हिमाचल के जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र का पहला पड़ाव है श्री रेणुकाजी, जिसे भगवान परशुराम की जन्मभूमि माना जाता है। यहाँ स्थित पवित्र रेणुका झील करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और मान्यता है कि इस झील में भगवान परशुराम की माता रेणुका निवास करती है। माता रेणुका के नाम पर ही इस झील और स्थान का नाम पड़ा है। मान्यता है कि दशमी से एक दिन पहले मां रेणुका अपने पुत्र परशुराम से मिलने यहाँ आती है। इस दौरान यहाँ उत्सव मनाया जाता है और विशाल शोभा यात्रा भी निकाली जाती है। पवित्र झील के जल में लाखों श्रद्धालु स्नान करते हैं। आस्था से सराबोर रेणुका मेले का आयोजन पांच दिन तक किया जाता है। रेणुका झील दुनिया भर में प्रसिद्ध है। हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी झील होने के साथ- साथ इसे काफी पवित्र भी माना जाता है। कहा जाता है कि झील भगवान परशुराम की माता रेणुका का स्थाई निवास है जो सदियों से इसी झील में वास कर रही हैं। पौराणिक कथाओं के मुताबिक रेणुका वही जगह है जहां भगवान विष्णु के छठे स्वरूप परशुराम का जन्म हुआ था। कहते हैं महर्षि जमदाग्नि और उनकी पत्नी भगवती रेणुका जी ने झील के साथ लगती चोटी तापे का टिब्बा में सदियों तक तपस्या की थी। उस समय इस झील का नाम राम सरोवर होता था। भगवान विष्णु ने इनकी तपस्या से खुश होकर वर दिया कि वह स्वयं उनके पुत्र के रूप में जन्म लेंगे जिसके बाद भगवान परशुराम का जन्म हुआ। पर इसके कई वर्षों बाद सहस्त्रबाहु नाम के एक शक्तिशाली शासक ने इस इलाके पर हमला कर दिया। दरअसल महर्षि जमदाग्नि के पास कामधेनु गाय थी जिसे हासिल करने के लिए उसने महर्षि जमदाग्नि को भी बंधक बना लिया। किन्तु महर्षि जमदाग्नि ने यह कहकर गाय देने से इंकार कर दिया कि यह गाय उन्हें भगवान विष्णु ने दी है। ऐसे में वह इस गाय को किसी और को देकर भगवान का भरोसा नहीं तोड़ सकते। ऐसे में क्रोधित होकर सहस्त्रबाहु ने महर्षि की हत्या कर दी। उनकी हत्या के बाद उनकी पत्नी रेणुका जी साथ लगते राम सरोवर में कूद गई और हमेशा के लिए जल समाधि ले ली। उक्त घटना के वक्त भगवान परशुराम वहां नहीं थे, पर बाद में जब परशुराम को इसका पता चला तो उन्होंने सहस्त्रबाहु का वध कर दिया। साथ ही तपस्या से पिता को भी नया जीवन दे दिया। परशुराम ने अपनी माता रेणुका से विनती की कि वह झील से बाहर आये, मगर मां रेणुका ने कहा कि वह अब हमेशा के लिए इस झील में वास करेंगी। पर वह परशुराम से मिलने साल में एक बार आएंगी। इसके बाद ही झील का नाम रेणुका झील पड़ा और उसी समय से इसकी आकृति भी महिला के आकार में ढल गई। मान्यता है कि दशमी से एक दिन पहले मां परशुराम से मिलने आती है। कोई नहीं माप पाया झील की गहराई : भगवान परशुराम की जन्मभूमि श्रीरेणुकाजी उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में से एक है। श्रीरेणुकाजी झील हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील है और लगभग तीन किमी में फैली है। खास बात ये है कि इस झील का आकार स्त्री जैसा है और इसे माता रेणुका की प्रतिछाया माना जाता है। कहते है कि कई बार वैज्ञानिकों ने इस झील की गहराई को मापने की कोशिश की, मगर वे इस काम में सफल नहीं हो सके। ये भी कहा जाता है कि जब भी कोई व्यक्ति झील को तैरकर पार करने की कोशिश करता है, तो वह बीच में ही डूब जाता है। झील के किनारे माता श्रीरेणुका व भगवान परशुराम के भव्य मंदिर हैं। न सिर्फ हिमाचल प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों से भी लोग यहाँ दर्शन लाभ हेतु पहुँचते है। असकलियां, पटांडे, लुश्के का जवाब नहीं: श्रीरेणुकाजी जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र में आता है और इस क्षेत्र में हाटी समुदाय के लोग रहते हैं। गेहूं व चावल के आटे से बनने वाली असकलियां, पटांडे, पत्थर के तवे पर बनने वाले लुशके, सिड्डू, मालपुड़े व खीर यहाँ के पारम्परिक पकवान हैं। सभी शुभ अवसरों पर और त्यौहारों ल पर इन्ही पकवानों को बनाया जाता है। श्री रेणुकाजी मेला हो या संक्राति, अमावस्या, पूर्णिमा और दूसरे उत्सव, स्थानीय लोग ये पारंपरिक पकवान बनाते हैं। खान पान के शौकीनों के लिए ये पकवान आकर्षण का केंद्र है। श्रीरेणुकाजी विकास बोर्ड संभालता है प्रबंधन : श्रीरेणुकाजी आने वाले पर्यटकों के लिए श्रीरेणुकाजी विकास बोर्ड ने झील में बोटिंग की व्यवस्था की है। झील की परिक्रमा के लिए बैटरी से संचालित गाड़ी भी पर्यटकों के लिए उपलब्ध है। श्रीरेणुकाजी झील में स्नान के बाद पर्यटक झील की परिक्रमा करते हैं। झील की परिक्रमा करते हुए एक छोर पर हिमाचल वन्य प्राणी विभाग का मिनी जू है जिसमें तेंदुआ, हिरण, कक्कड़, घोरल, सांभर सहित कई पशु-पक्षी मौजूद हैं। प्रदेश सरकार ने साल 1984 में श्रीरेणुकाजी विकास बोर्ड की स्थापना की थी जो श्रीरेणुकाजी झील, मां श्रीरेणुकाजी मंदिर, भगवान परशुराम मंदिर,परशुराम तालाब व श्रीरेणुकाजी विकास बोर्ड के तहत आने वाले अन्य दर्शनीय स्थलों की देखभाल व उनके जीर्णोद्धार का कार्य करता है। भगवान परशुराम के मंदिर को पुरानी देवठी के नाम से पुकारा जाता है। कुछ साल पहले इसका जीर्णोद्धार किया गया है पर इसके मूल स्वरूप को नहीं छेड़ा गया है। अंतरराष्ट्रीय मेले का दर्जा प्राप्त : मेला श्री रेणुका मां के वात्सल्य एवं पुत्र की श्रद्धा का एक अनूठा आयोजन है। पांच दिन तक चलने वाले इस मेले में आसपास के सभी ग्राम देवता अपनी-अपनी पालकी में सुसज्जित होकर मां-पुत्र के इस दिव्य मिलन में शामिल होते हैं। राज्य सरकार द्वारा इस मेले को अंतरराष्ट्रीय मेला घोषित किया गया है। इस वर्ष नहीं हो रही सांस्कृतिक संध्याएं : कोरोना संक्रमण के चलते 2 साल बाद इस बार 13 से 19 नवंबर तक अंतरराष्ट्रीय मेला श्री रेणुका जी का आयोजन हो रहा है लेकिन मेले का स्वरूप काफी हद तक बदला हुआ है। इस वर्ष सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित नहीं हो रही है बल्कि मेले में इस बार खेलों को बढ़ावा दिया गया है। इसमें उन्हीं खिलाड़ियों को हिस्सा लेने की इजाजत दी गई है, जिन्हें कोविड वैक्सीनेशन की दोनों डोज लग चुकी है। इसी तरह से व्यवसायिक गतिविधियों के लिए भी कोविड वैक्सीनेशन की दोनों डोज की शर्त है। मेले में मुख्य तौर पर केवल 4 देव पालकियों को ही न्यौता दिया गया है। परंपरा के मुताबिक प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा ही मेले का शुभारम्भ किया गया है, वहीं समापन समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल करेंगे।
किन्नौर जिला में सांगला तहसील के बटसेरी के समीप रविवार शाम 4 बजे के करीब एक ओल्टो कार के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। जानकारी के मुताबिक वाहन में सवार 4 व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई है। जबकि वाहन में सवार एक अन्य घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के किए सीएचसी सांगला लाया गया है। दरअसल सभी व्यक्ति रोघी गांव से शादी समारोह से बारात में सम्मिलित होकर सांगला स्थित बटसेरी गांव जा रहे थे तभी यह दर्दनाक हादसा पेश है। जानकारी के अनुसार मृतकों में जियालाल 51 वर्षीय रोघी निवासी, किशोरीलाल 49 वर्षीय रुंनग निवासी ,संजय 42 वर्षीय रुंनग निवासी, मदनलाल 49 वर्षीय किल्बा निवासी शामिल हैं। वही घायल व्यक्ति की पहचान रमेश 45 वर्षीय रोघी निवासी के रूप में हुई है।
रक्कड़ बाजार के बीच स्थित नरसिंह मंदिर परिसर में प्रदेश कांग्रेस सेवादल के सौजन्य से शुक्रवार को शुरू हुए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का रविवार को समापन हुआ। शिविर के समापन अवसर पर पहुंचे जिला कांगड़ा कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अजय महाजन द्वारा ध्वजारोहण किया गया तदोपरांत कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम गीत से हुई। मुख्यातिथि अजय महाजन को जसवां-परागपुर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुरिंद्र मनकोटिया ने टोपी एवं शाल भेंटकर सम्मानित किया। इस ध्वजारोहण समारोह में प्रदेश कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष अनुराग शर्मा, विशेष अतिथि आरके अग्रवाल, जसवां-परागपुर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुरेन्द्र मनकोटिया, दीपक गुलेरिया, कैंप कमाडेंट एमएल कौंडल, जगवीर सिंह(गग्गी) सहित अन्य पदाधिकारियों व प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।
देश के प्रथम प्रधानमंत्री स्व. पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती के उपलक्ष्य पर मुख्यअतिथि अजय महाजन व अन्य सभी अतिथियों सहित कैंप पदाधिकारियों व कैंप प्रशिक्षुओं ने पुष्पार्पण किया। प्रदेश कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने इस दौरान पंडित नेहरू के जीवन पर प्रकाश डाला तथा मौजूद प्रशिक्षुओं को पंडित नेहरू के स्वतंत्रता संग्राम के योगदान बारे जानकारी दी। कैंप कमांडैंट एमएल कौंडल द्वारा कैंप की विस्तृत रिपोर्ट पेश की गई तथा कैंप के सफल आयोजन के बारे में सभी कैंप पदाधिकारियों व कैंप प्रशिक्षुओं का आभार जताया गया। इस मौके पर मुख्यातिथि अजय महाजन ने कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारियों को सम्मानित कर उन्हें प्रमाणपत्र दिए। कार्यक्रम के अंत में जिला कांगड़ा कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अजय महाजन तथा जसवां-परागपुर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुरिंद्र मनकोटिया की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा निरंतर बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, खनन माफिया के विरोधस्वरूप रक्कड़ से परागपुर तक पदयात्रा निकाली गई। जहां इन ज्वलंत मुद्दों हेतु प्रदेशव्यापी जनजागरण अभियान की शुरूआत की गई। इस दौरान नूरपुर के पूर्व विधायक एवं कांगड़ा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय महाजन ने बताया कि इस जनजागरण अभियान के माध्यम से कांग्रेस कमेटी प्रत्येक घरद्वार पहुंचकर लोगों को मौजूदा सरकार की कुनीतियों बारे में अवगत करवाएगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण किन्नौर द्वारा आज रिकांगपिओ में पेन इंडिया अवेयरनेस कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रभात फेरी निकाली गई। यह प्रभात फेरी राजकीय टीएस नेगी कॉलेज की छात्राओं द्वारा रामलीला ग्राउंड से लेकर आइटीबीपी मार्केट रेकोंगपियो तक निकाली गई। गौतरतलब है कि पैन इंडियाअवेयरनेस कार्यक्रम पूरे भारतवर्ष में 2 अक्टूबर से लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए चलाया जा रहा था। जिसका आज बाल दिवस के अवसर पर प्रभातफेरी निकाल का विधिवत रूप से समापन किया गया। इस दौरान किन्नौर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा लीगल वॉलनटियर, लॉयर्स, कॉलेज के छात्र,आंगनबाड़ी वर्कर,आशा वर्कर, खंड विकास अधिकारी, हिमाचल परिवहन निगम के कर्मचारियों मौजूद रहे। व कर्मचारी
जिला किन्नौर में 11 नवंबर से 13 नवंबर तक आयोजित उपमंडल स्तर का बाल विज्ञान सम्मेलन का रविवार को समापन हुआ। इस बाल विज्ञान सम्मेलन का शुभारंभ 11 नवंबर को शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक किन्नौर अशोक नेगी द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किया गया था जबकि समापन परियोजना अधिकारी डाइट किन्नौर कुलदीप नेगी द्वारा किया गया। इस सम्मेलन में जिला के तीनों खंडों के लगभग 449 बाल वैज्ञानिकों ने ऑनलाइन भाग लिया। इस कार्यक्रम में मैथमेटिकल ओलंपियाड, प्रश्नोत्तरी, साइंस एक्टिविटी व साईंस मॉडल आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसके लिए तीन नियंत्रण कक्ष बनाए गए थे। विज्ञान पर्यवेक्षक गणेश नेगी ने बताया कि इन प्रतियोगिताओं में प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे बाल विज्ञानक 7,8 व 9 दिसंबर को अपने खंड का प्रतिनिधित्व करेंगे तथा साईटिफिक परियोजना रिपोर्ट के अनुसार जिला स्तर पर भाग लेंगे।
द साइलेंस ऑन इनफर्टिलिटी विषय पर शिमला के होटल मरीना में इंदिराआईवीएफ फर्टिलिटी एंड आईवीएफ सेंटर द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं आयुर्वेद मंत्री डॉ राजीव सैजल ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी के विकास के साथ उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए सीएमई गतिविधियां अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा भी इन गतिविधियों का चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ाने का प्रयास किया जाए ताकि विशेषज्ञों के नवीन विचारों को अपनाकर चिकित्सा विज्ञान में विकास हो सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश में निजी संस्थानों द्वारा भी विभिन्न क्षेत्रों में विकास की प्रक्रिया में सहभागिता सुनिश्चित की गई है। प्रत्येक क्षेत्र में नित्य नवीनतम सूचनाओं के कारण सामयिक होने की चुनौतियों के अंतर्गत इस प्रकार के कार्यक्रम से नवीन जानकारी प्राप्त होती हैं।
जयसिंहपुर उपमंडल के तहत लोअर लंबागांव में रविवार को मोटिवेशन एवं फिटनेस क्लब के सौजन्य से दौड़ प्रतियोगिता करवाई गई। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जयसिंहपुर के जिला परिषद संजीव ठाकुर मौजूद रहे। वही मोटिवेशन एवं फिटनेस क्लब के प्रधान विकी राणा ने बताया कि इस प्रतियोगिता में लड़को और लड़कियों के साथ छोटे बच्चों ने भाग लिया। बच्चों की अधिक संख्या देख कर जिला परिषद संजीव ठाकुर ने कहां कि इस तरह के कार्यक्रम बहुत कम देखने को मिलते है। वंही प्रतियोगिता के अंत में जिला परिषद संजीव ठाकुर ने पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले बच्चों को पुरूस्कार देकर सम्मानित किया।
उपमण्डल देहरा के अन्तर्गत पड़ते ख़बली में बीते दिवस देर सायें पुलिस ने नाके के दौरान पाइसा निवासी व्यक्ति से 2500 एमएल देसी मार्का संतरा बरामद की है। जानकारी के मुताबिक उक्त व्यक्ति की कन्फैक्शनरी की दुकान है, जहां पुलिस ने गश्त के दौरान देसी शराब बरामद की है। मामले की पुष्टि करते हुए एसएचओ देहरा कुल्दीप सिंह ने कहा कि पुलिस ने उक्त व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस मामले की गहनता से तफ़्तीष कर रही है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज जिला सिरमौर के नाहन विधानसभा क्षेत्र के सतीवाला में 161 करोड़ रुपये लागत की 28 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए। सिरमौर जिले के सतीवाला में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कालाअम्ब में उप-तहसील खोलने, रीगड़वाला ग्राम पंचायत कौलांवाला भूड़ में नई प्राथमिक पाठशाला, राजकीय प्राथमिक पाठशाला कून को राजकीय माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने, राजकीय उच्च विद्यालय बोहलियों, जंगलाभूड व टोकियो में जमा दो कक्षाएं आरम्भ करने तथा बिजली बोर्ड के उच्च विद्यालय गिरिनगर को हिमाचल शिक्षा बोर्ड के अधीन करने की घोषणा की।मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में पटवार वृत्त खोलने की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री को इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक संगठनों ने सम्मानित किया।
प्रदेश में हर पात्र व्यक्ति की सहायता के लिए जयराम सरकार कृतसंकल्पित है। जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के परागपुर में 241 पात्र लाभार्थियों को 7815800 रूपये की सहायता राशि के चेक वितृत करने के अवसर पर उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने यह बात कही। इसके अतिरिक्त उन्होंने शगुण योजना के तहत 16 बेटियों के विवाह हेतु 4 ,96000 रूपये के चेक भी दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एक साधारण परिवार से संबंध रखने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने अपने जीवन में अभावों को झेला है इसलिए वह जन साधारण के संकटों और परेशानियों को भलिभांति जानते हैं। उन्होंने कहा कि जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र में इसी प्रकार जरूरतमंद लोगों की आर्थिक सहायता करते हुए उनके द्वारा लगभग 6 करोड़ रूपये से अधिक सहायता राशि के रूप में वितृत किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री राहत कोष से सबसे ज्यादा राशि यदि कहीं मिली है तो वह जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को मिली है। इसके अतिरिक्त अपनी ऐच्छिक निधि और तहसीलों के माध्यम से भी उन्होंने हर जरूरतमंद परिवार को सहायता उपलब्ध करवाने का सदा प्रयास किया है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हर वर्ग की आवश्यकताओं को समझते हुए सबके उत्थान हेतु विभिन्न योजनाएं चलाई हैं। उन्होंने लोगों को वृद्ध पेंशन योजना, सहारा योजना, मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना, कामगार बोर्ड द्वारा मनरेगा में पंजीकृत लोगों के लिए चलाई जा रही योजनाएं और अन्य योजनाओं की जानकारी लोगों को देते हुए उनका लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वह घरों में जाकर लोगों को इन योजनाओं से अवगत करवाएं और पंजीकृत करें। उद्योग मंत्री ने जनसमस्याओं को सुनते हुए अधिकत्म का स्थान पर निपटारा किया और शेष के समयबद्ध निवारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला परिषद् उपाध्यक्षा सनेह परमार, एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर, तहसीलदार जसवां अंकित शर्मा, नायब तहसीलदार डाडासीबा अभिराय सिंह ठाकुर, सीडीपीओ परागपुर जीत सिंह, हरबंस कालिया, प्रधान ग्राम पंचायत जनडौर सुरेश ठाकुर, रुपिन्द्र डैनी, सुदेश कुमारी सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
जवालामुखी के तहत पड़ते बग्गी युवक मंडल द्वारा आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन पर सैकड़ों युवाओं ने समाज से नशा मुक्ति का संकल्प लिया और प्रतिज्ञा लेकर प्रशासन का सहयोग करने की भी बात कही। क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन पर लगडू की टीम का मुकाबला चिंतपूर्णी की टीम से हुआ। इस मुकाबले में चिंतपूर्णी की क्रिकेट टीम विजेता रही। इस अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथि एडवोकेट अभिषेक पाधा ने कहा कि खेल शरीर को ठीक रखने के साथ, अच्छी भावना से समाज में रहने की प्रेरणा भी देता है। विजेता और उपविजेता टीम को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर युवक मंडल थलाकन के अध्यक्ष रोहित शर्मा, युवा मोर्चा अध्यक्ष अजय राणा, युवक मंडल बग्गी के अध्यक्ष शानू, बीडीसी सदस्य मनोज धीमान और अन्य युवा उपस्थित रहे।
चिडग़ांव के संदासु के गांव खरशाली में एक माकन आग लगने का मामला सामने आया है। दरअसल गांव खरशाली में स्थानीय निवासी राजदेव के मकान में अचानक आग लग गई। बगीचे में बना दो मंज़िला मकान जलकर राख हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस व फायर ब्रिगेड मौके पर पहुँची। वंही आग के शांत होने पर राजदेव का अधजला शव कमरे में मिला है। स्थानीय लोगो की मदद से शव को बाहर निकाला गया। वंही CHC सन्दासु में शव का पोस्मार्टम करवाया जायगा।
जिला किन्नौर अनुसूचित जनजाति विकलांग संघ ने जिला किन्नौर के तीनों खंड पूह ,कल्पा और निचार के पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ बैठक की। यह बैठक रिकांगपिओ में संघ के उपाध्यक्ष सीताराम की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में विकलांगजनों की समस्या व केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार की सभी योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा हुई। वही संघ ने कहा कि 20 नवम्बर को प्रदेश के मुख्यमंत्री किन्नौर आ रहे है। इस दौरान संघ द्वारा 11 सूत्रीय मांग का समरण पत्र देकर संघ की मांग को आगामी एक दिसंबर तक पूरा करने का आग्रह किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि हमारी मांगों को तय समय से पहले पूरा नहीं किया गया तो किन्नौर जिला के समस्त विकलांगजन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
खण्ड चिकित्सा अधिकारी ड़ॉ.अजय देओल ने जानकारी देते हुए बताया कि उपमंडल पांवटा साहिब में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए 14 नवम्बर को 29 स्थानों पर कोविड-19 टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 14 नवम्बर को राजपुरा स्वास्थ्य खण्ड के सिविल अस्पताल पांवटा साहिब, ज्ञान चंद धर्मशाला, मोबाइल टीम पांवटा साहिब, चैम्बर ऑफ कॉमर्स, ईएसआई. मालवा कोटन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुरा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोरखूवाला, उप स्वास्थ्य केंद्र कांडो भैला, उप स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर बन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कफोटा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंडियों, उपस्वास्थ्य केंद्र तारूवाला, उपस्वास्थ्य केंद्र गोज्जर, उपस्वास्थ्य केंद्र मिस्रवाला, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर भारापुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माजरा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाखणा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमरगढ़, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भरोग बनेडी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोलर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सतौन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमरऊ, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भगानी, आरबीएस के टीम 1, आरबीएस के टीम 2, ए डब्ल्यू टटयाना, उपस्वास्थ्य केन्द्र अजोली, ग्राम पंचायत ठौठा मत्रालिओं इन सभी स्थानों पर कोविड-19 से बचाव के लिए वैक्सीन लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी क्षेत्रवासी तथा बाहर से आए प्रवासी इन केन्द्रों र जाकर टीका लगवा सकते हैं। ड़ॉ.अजय देओल ने बताया कि टीका लगवाने के लिए आधार कार्ड या अन्य कोई भी फोटोयुक्त पहचान पत्र अपने साथ ज़रुर लाएं। उन्होंने क्षेत्रवासियों तथा प्रवासी लोगों से टीकाकरण का लाभ उठाने की अपील भी की।
दो दिवसीय जिला सब जूनियर एवं जूनियर वर्ग बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन धर्मशाला इंदौर स्टेडियम में किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ कांगड़ा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक केअध्यक्ष डॉक्टर राजीव भारद्वाज ने किया। इस प्रतियोगिता में जिला कांगड़ा के अलग-अलग स्थानों तथा बैडमिंटन अकैडमी से लगभग 134 प्रतिभागी अंडर 13, अंडर 15 एवं अंडर 17 के एकल एवं युगल मुकाबलों में भाग ले रहे हैं। अंडर 13 बालक एकल मुकाबले में ऋषि सफिया धर्मशाला ने भावेश ठाकुर को, शाश्वत शर्मा ने सुशील शर्मा को, प्रांशु ने शन्यान कपूर को, वेदांत शर्मा ने अयान वैद को, तन्मय ने अरिंदम दास को हराकर अगले राउंड में प्रवेश किया। इस मौके पर संघ के महासचिव पंकज शर्मा, संघ के संयुक्त सचिव एवं इस चैंपियनशिप के रेफरी विश्वनाथ मलकोटिया, सुमन शर्मा, अरविंद गुप्ता, सर्व चंद धीमान, सोम जयकरिया, करमचंद राठौर, विश्वनाथ मनकोटिया, पवन चौधरी उपस्थित रहे। वंही इस दौरान विशिष्ट अतिथि के तौर पर कपूर बैडमिंटन अकादमी ज्वालामुखी के अध्यक्ष एवं कोच रविंदर कपूर तथा धर्मशाला स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया बैडमिंटन अकदमी के कोच प्रेम लाल उपस्थित रहे।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान शिमला आईआरएसी में एक दिवसीय बागवानी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में 31 किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का आयोजन अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट के द्वारा करवाया गया। बागवानी प्रशिक्षण में आईआरएसी शिमला की तरफ से डॉ प्रमाणिक, डॉ एके शुक्ला, डॉ संतोष ने बागवानों को प्रशिक्षण दिया। इस प्रशिक्षण में बागवानों को कटिंग, बडिंग, पुनिग ट्रेनिंग की जानकारी दी गई तथा बीमारियों के बारे में भी अवगत करवाया गया। इस दौरान फलों के बारे में भी जानकारी दी गई। इस बागवानी प्रशिक्षण शिवर में एसीएफ से सरिता, अनिल कुमार, रेखा, चम्पा देवी, मीना देवी, रजनी, गीता, वीना, नीना, जगदीश, निर्मला सहित अन्य उपस्थित रहे।
जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी राकेश धौटा ने धामी में आज़ादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में मेगा वर्क कैंप का उदघाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि युवाओं का समाज के उत्थान में विशेष योगदान रहा है। उन्होने कहा कि हमें प्रत्येक कार्य पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा से करना ही आज़ादी का सच्चा स्वरूप है। कुरीतियों से लड़ना ही आजादी के सही मायने हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न खंडों से120 प्रतिभागी इसमें भाग ले रहे है। वंही इस दौरान स्कूल और बाज़ार में स्वच्छता अभियान के अंतर्गत सफाई कार्य किया।
हिमाचल के मुख्यमंत्री ने रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र में घोषणाओं का अंबाार लगाया है। नौहराधार में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नौहराधार में डिग्री काॅलेज खोलने का ऐलान किया है। इसके अलावा हरिपुरधार में बिजली बोर्ड के एसडीओ कार्यालय को मंजूरी दी है। हरिपुरधार में 33 केवी सब स्टेशन की भी घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने चाड़ना में 132 केवी सब स्टेशन के अलावा अटल आदर्श विद्यालय का भी ऐलान किया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा नौहराधार में 80 करोड़ रुपए की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकापर्ण व शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित किया जा रहा था। मुख्यमंत्री ने गत्ताधार में जलशक्ति विभाग का जेई सेक्शन खोलने का भी ऐलान किया है। अरट में स्वास्थ्य उपकेंद्र व बोगधार में तीन ट्रेड की आईटीआई की घोषणा भी की है। इसके अलावा हरिपुरधार में तीन अतिरिक्त कमरों के निर्माण की भी घोषणा की। सीएम ने नहरस्वार स्कूल का दर्जा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला करने का ऐलान भी किया है। इसके अलावा संगड़ाह के प्राइमरी स्कूल व पनियाली स्कूल को भी अपग्रेड किया गया है। मुख्यमंत्री ने हरिपुरधार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा बढ़ाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर दिया है। भराड़ी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की घोषणा हुई है। चाडना में पशुपालन डिस्पेंसरी का दर्जा बढ़ाकर अस्पताल का कर दिया गया है। अरट में स्वास्थ्य उपकेंद्र की घोषणा हुई है। इस मौके पर सीएम ने कहा कि राज्य सरकार अगले महीने की 27 तारीख को अपने कार्यकाल के चार साल पूरा करने वाली है। ये वर्ष उपलब्धियों भरे रहे हैं। इस अवसर पर संगड़ाह खण्ड विकास समिति के अध्यक्ष मेला राम शर्मा ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा और क्षेत्र में क्रियान्वित की जा रही विभिन्न कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी। पच्छाद की विधायक रीना कश्यप, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर, हिमाचल प्रदेश कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भंडारी, राज्य भाजपा महासचिव चंद्र मोहन ठाकुर, उपायुक्त सिरमौर आर.के. गौतम, पुलिस अधीक्षक ओमापति जम्वाल तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
ठियोग हाटकोटी सड़क पर पुलों का कार्य चल रहा है। जिसमे की छोटे व बड़े 8 पुलों का कार्य निर्माणाधीन है। वंही छैला,बागड़ा निहारी लगभग तैयार हो चुके है। इस बात की जानकरी चेतन बरागटा ने दी। चेतन बरागटा ने बताया कि स्वर्गीय नरेन्द्र बरागटा के प्रयासों से पुलों व ढंगों के कार्य को गति देने के लिए लगभग 80 करोड़ की राशि का प्रावधान करवाया गया था। हाल फिलहाल निहारी, छेला व बागड़ा में पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है व वाहनों की आवाजाही इन पुलों पर आरंभ हो चुकी है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि नरेंद्र बरागटा द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए किए गए विभिन्न कार्य धरातल पर नज़र आ रहे है। चेतन बरागटा ने बताया कि वर्ष 2014 नवम्बर में स्वर्गीय नरेंद्र बरागटा ने ठियोग हाटकोटी सड़क की दुर्दशा को देखते हुए सड़क संघर्ष अभियान कार्यकर्ताओं व जनता के सहयोग से आरंभ किया था। उन्होंने कहा कि हम लगातार क्षेत्र में हो रहे विकासात्मक कार्यों पर नज़र बनाए हुए है। जनसमस्याओं व क्षेत्र की उन्नति के लिए हम संघर्षरत रहेंगें व समय-समय पर सरकार के समक्ष जनहित कार्यों को भी उठाएंगे।
बॉलीवुड स्टार कंगना रनौत के खिलाफ मनाली में भी विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। देश की आजादी का साल 2014 बताकर कंगना विवादों में घिर गई हैं। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने आज बॉलीवुड स्टार कंगना के मनाली स्थित घर के बाहर धरना प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कंगना के घर के बाहर शांतिपूर्वक तरीके से प्रदर्शन किया। एनएसयूआई ने कहा कि हम देश का अपमान सहन नहीं करेंगे।वंही कार्यकर्ताओं ने कंगना से पद्मश्री वापस लेने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी को भी आजादी की लड़ाई या फिर स्वतंत्रता सेनानियों पर नकारात्मक टिप्पणी करने का हक नहीं है। ऐसा करना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन की आलोचना कदापि सहन नहीं की जा सकती है। NSUI मांग करती है कि जल्द से जल्द कंगना के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करे व कंगना का पद्मश्री वापिस लिया जाए ।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रख-रखाव के दृष्टिगत 14 नवम्बर को सोलन शहर के कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियन्ता विकास गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत 14 नवम्बर को प्रातः 10.00 बजे से सांय 05.30 बजे तक ओल्ड कोर्ट रोड, चैक बाजार, होस्पिटल रोड (होस्पिटल रोड से दुर्गा क्लब से लोक निर्माण विभाग के वृत कार्यालय से चौक बाजार), बान मोहल्ला के कुछ क्षेत्रों, शूलिनी माता मन्दिर मार्ग तथा आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
जिला दण्डाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण सोलन की अध्यक्ष कृतिका कुल्हारी ने कोविड-19 टीकाकरण की द्वितीय खुराक का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के सम्बन्ध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़, परवाणु, कसौली तथा सोलन उपमण्डल में स्थापित सभी औद्योगिक इकाईयों को सम्बन्धित स्वास्थ्य अधिकरियों से सम्पर्क स्थापित कर अपने-अपने संस्थान में कार्यरत कामगारों एवं कर्मचारियों का कोविड-19 से बचाव के लिए दूसरी खुराक का टीकाकरण 24 नवम्बर की निर्धारित अवधि तक सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए हैं। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि सोलन जिला में कार्यरत सभी औद्योगिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, प्रोत्साहक, सेवा प्रदाता, कच्चे माल के आपूर्तिकर्ता तथा विभिन्न औद्योगिक इकाईयों के निरीक्षण प्राधिकरण जिला में आवागमन के दौरान कोविड-19 से बचाव के लिए दूसरी खुराक के टीकाकरण का प्रमाणपत्र अपने साथ रखें। जिला सोलन में स्थापित सभी औद्योगिक इकाईयों के प्रमुख यह सुनिश्चित बनाएंगे कि उनके सभी कर्मियों एवं कामगारों का निर्धारित अवधि में कोविड-19 से बचाव के लिए दूसरी खुराक का टीकाकरण हो जाए। इस विषय में सम्बन्धित श्रम अधिकारी को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से प्रभावी हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे। आदेश आपदा प्रबन्धन अधिनियम की धारा 33 एवं 34 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं।
जिला दण्डाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण सोलन की अध्यक्ष कृतिका कुल्हारी ने कोविड-19 टीकाकरण की द्वितीय खुराक का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के सम्बन्ध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश के मिशन निदेशक के आदेशों के अनुरूप आवश्यक आदेश जारी किए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने जिला सोलन के सभी केन्द्रीय एवं राज्य विभागों सहित सभी केन्द्रीय तथा राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों के विभाग प्रमुखों को यह सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए हैं कि उनके अधीन कार्यरत सभी अधिकारी एवं कर्मियों का कोविड-19 से बचाव के लिए दूसरी खुराक का टीकाकरण 24 नवम्बर की निर्धारित अवधि तक हो जाए। इस सम्बन्ध में सभी जिला स्तरीय विभागाध्यक्ष, जिला टीकाकरण अधिकारी को ई-मेल dpo4solan@gmail.com पर रिपोर्ट प्रेषित करना सुनिश्चित करेंगे। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से प्रभावी हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे। आदेश आपदा प्रबन्धन अधिनियम की धारा 33 एवं 34 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं।
आंगनबाड़ी वर्करज़ एवम हैल्परज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू की बैठक यूनियन कार्यालय शिमला में सम्पन्न हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों को लेकर 15 फरवरी को प्रदेशव्यापी हड़ताल होगी। इस दिन प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्र बन्द रहेंगे। प्रदेशभर के पांच हज़ार से ज़्यादा आंगनबाड़ी कर्मी अपनी मांगों को लेकर प्रदेश सरकार सचिवालय शिमला पर जोरदार प्रदर्शन करेंगे। बैठक में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम, यूनियन प्रदेश उपाध्यक्षा खीमी भंडारी, महासचिव वीना शर्मा, हिमी देवी, मीना देवी, हमिन्द्री देवी, सुदर्शना देवी, किरण भंडारी, माया देवी, लता देवी, नीलम देवी, बिमला देवी आदि ने भाग लिया। यूनियन उपाध्यक्षा खीमी भंडारी व महासचिव वीना देवी ने बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि कर्मियों की मांगों को लेकर यूनियन 15 फरवरी को प्रदेशव्यापी हड़ताल करेगी। इस दौरान आंगनवाड़ी कर्मी प्री प्राइमरी में नियुक्ति, इस नियुक्ति में 45 वर्ष की शर्त खत्म करने, सुपरवाइजर नियुक्ति के लिए भारतवर्ष के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्विद्यालय की डिग्री को मान्य करने, वरिष्ठता के आधार पर मेट्रिक व ग्रेजुएशन पास की सुपरवाइजर में तुरन्त भर्ती करने, सरकारी कर्मचारी के दर्जे, हरियाणा की तर्ज़ पर वेतन देने, रिटायरमेंट की आयु 65 वर्ष करने की मांग तथा नन्द घर बनाने की आड़ में आईसीडीएस को वेदांता कम्पनी के हवाले करके निजीकरण की साज़िश तथा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर व पोषण ट्रैकर ऐप के खिलाफ आंदोलन करेंगे। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों को वर्ष 2013 का नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत बकाया राशि का भुगतान तुरन्त करने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि प्री प्राइमरी कक्षाओं व नई शिक्षा नीति के तहत छोटे बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा आंगनवाड़ी वर्करज़ को दिया जाए क्योंकि वे काफी प्रशिक्षित कर्मी हैं। इसकी एवज़ में उनका वेतन बढाया जाए व उन्हें नियमित किया जाए।
जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुलहरी ने जिला में आवश्यक वस्तुओं के अधिकतम परचून मूल्य निर्धारित करने के संबंध में अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी रोकथाम आदेश 1977 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी की गई है। अधिसूचना के अनुसार बकरा अथवा भेडे का मीट 500 रुपये प्रति किलोग्राम, सूअर का मीट 250 रुपये प्रति किलोग्राम, ड्रेस्ड चिकन तथा डेªस्ड ब्राॅयलर 200 रुपये प्रति किलोग्राम, बिना तली मछली 250 रुपये प्रति किलोग्राम, तली हुई मछली 300 रुपये प्रति किलोग्राम तथा जीवित मुर्गे का मूल्य 150 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। यह सभी करों एवं अन्य शुल्क सहित अधिकतम परचून मूल्य है। जिला के ढाबों तथा प्रतिष्ठानों में तंदूरी चपाती 07 रुपये प्रति चपाती, तवा चपाती 06 रुपये प्रति चपाती, भरा हुआ परांठा 25 रुपये प्रति परांठा, फुल डाईट (चावल चपाती एवं दाल तथा सब्जी) 70 रुपये, एक प्लेट चावल 50 रुपये प्रति प्लेट, दाल फ्राईड 60 रुपये प्रति प्लेट, मीट करी 120 रुपये प्रति प्लेट, चिकन करी 100 रुपये प्रति प्लेट, वेजीटेबल स्पेशल 70 रुपये प्रति प्लेट, मटर अथवा पालक पनीर 90 रुपये प्रति प्लेट, सब्जी अथवा चना एवं दही के साथ 02 पूरी 50 रुपये प्रति प्लेट तथा रायता 50 रुपये प्रति प्लेट निर्धारित किया गया है। यह अधिकतम परचून मूल्य है। स्थानीय दूध की दर 40 रुपये प्रति लीटर, सभी ब्रान्ड के पैकेट वाले दूध की दर मुद्रित मूल्य के अनुसार, पनीर 260 रुपये प्रति किलोग्राम तथा दही का मूल्य 60 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। यह अधिकतम परचून मूल्य है। सभी ब्रान्ड के शीतल पेय मुद्रित दर के अनुसार विक्रय किए जा सकते हैं। आदेशों के अनुसार उक्त सभी विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठान के द्वार पर हस्ताक्षरित मूल्य सूची प्रदर्शित करनी होगी। उपभोक्ता की मांग पर कैश मेमो जारी करना आवश्यक होगा। यह मूल्य सूची आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से एक माह की अवधि तक वैध होगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी सोलन कपिल शर्मा ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता से जीवनयापन का अधिकार प्रदान करता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला वासियों को इस दिशा में जागरूक करने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। कपिल शर्मा आज यहां विधिक सेवाएं सप्ताह के अवसर पर अखिल भारतीय विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कपिल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि हमारा संविधान देश के सभी नागरिकों को सभी स्तरों पर एवं सभी क्षेत्रों में समान रूप से आगे बढ़ने एवं सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जहां विभन्न अधिनियम एवं कानून बनाए गए हैं वहीं राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तरीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नियमित रूप से जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि विधिक सेवाओं से लाभ प्राप्त करने के लिए असपने समीप के न्यायिक अधिकारी अथवा पैरा लीगल वालंटियर से जानकारी प्राप्त करें अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन से दूरभाष नम्बर 01792-220713 अथवा ई-मेल secy-dlsa-sol-hp@gov.in पर सम्पर्क करें। उन्होंने कहा कि विधिक सेवाओं के विषय में लोगों को जागरूक बनाने में अखिल भारतीय विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान विशेष रूप से सफल रहा है। उन्होंने कहा कि शोषण, घरेलू हिंसा एवं अन्य उत्पीड़न से महिलाओं को बचाने के लिए जहां महिलाओं को कानून की व्यापक जानकारी होनी चाहिए वहीं समाज के सभी वर्गों का इस दिशा में सचेत रहना भी आवश्यक है। कपिल शर्मा ने इस अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की पीड़ित प्रतिपूर्ति योजना, प्रदेश में कार्यान्वित की जा रही अपराध प्रतिपूर्ति योजना सहित लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, कर्मचारी प्रतिपूर्ति अधिनियम एवं श्रम अधिनियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामले सुलझाने का आग्रह किया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी ने कहा कि 03 लाख रुपए से कम वार्षिक आय वाले व्यक्ति, महिला, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या बच्चों को निःशुल्क कानूनी प्रदान करने का प्रावधान है ताकि धन के अभाव या अन्य किसी लाचारी के कारण ज़रूरतमंदों को न्याय से वंचित न होना पड़े। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन की डाॅ.शालिनी ने इस अवसर पर कहा कि अब सभी दिव्यांग जनों को विकलांगता प्रमाणपत्र के स्थान पर यूडी आईडी प्रदान की जा रही है। इसके लिए दिव्यांग व्यक्ति को कम से कम एक बार अस्पताल आना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता जांच के लिए क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में प्रत्येक बृहस्पतिवार तथा नालागढ़ में प्रत्येक द्वितीय शुक्रवार को शिविर आयोजित किए जाते हैं। जिला कल्याण अधिकारी जीएल शर्मा ने इस अवसर पर सामाजिक पैंशन सहित कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। स्वास्थ्य शिक्षक सुषमा शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग तथा सीडीपीओ सोलन कविता गौतम ने महिला कल्याण की दिशा में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर शिशुओं के अन्न प्राशन संस्कार सहित शगुन, बेटी है अनमोल, मदर टेरेसा मातृ असहाय सम्बल योजना इत्यादि के लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया। पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में महिलाएं इस अवसर पर उपस्थित थीं।
कांग्रेस पार्टी बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी के विरोध में पहले चरण में प्रदेश के पांच विधानसभा क्षेत्रों में 14 से 19 नवम्बर तक जन जागरण अभियान चलाएगी। इसका नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर करेंगे। इस दौरान प्रभात फेरियों सहित नुक्कड़ सभाओ का भी आयोजन किया जाएगा। पार्टी के एक प्रवक्ता ने बताया कि 14 नवम्बर पांवटा साहिब, 15 को कसौली, 16 को कुटलेहर, 17 को शाहपुर व 18 को झंडूता में जन जागरण पद यात्रा का नेतृत्व करेंगे। इस दौरान इन स्थानों में सुबह प्रभात फेरी के साथ पद यात्रा का आयोजन होगा। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष सहित ब्लॉक अध्यक्ष व पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।
देश की आजादी को लेकर अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा दिए गए विवादित बयान की अब हर तरफ निंदा हो रही है। शनिवार को मंडी जिला में एनएसयूआई संगठन ने कंगना रनौत का पुतला जलाकर जमकर नारेबाजी की और पदमश्री पुरुस्कार कंगना से वापिस लेने के नारे लगाए गए। एनएसयूआई के जिला महासचिव अरविंद कुमार ने कहा कि जिस तरह से अभिनेत्री कंगना रनौत ने देश की आजादी को लेकर विवादित बयान दिया है उसे पूरे प्रदेश में आक्रोश है। इस मौके पर हरविंदर कुमार ने बताया कि कंगना रनौत ने देश के हजारों स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है और अगर वह जल्दी अपने बयान पर सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मानती हैं तो इसके खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी आग्रह किया है कि देश के खिलाफ बोलने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनसे पदमश्री अवार्ड को भी वापिस लेना चाहिए।
प्रदेश हाईकोर्ट ने जेबीटी बैचवाइज भर्ती मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने पुष्पा देवी व अन्यों द्वारा दायर याचिकाओं पर हुई सुनवाई के पश्चात फैसला सुरक्षित रख लिया। प्रार्थियों का कहना है कि वे बीएड पास हैं और 28 जून 2018 की एनसीटीई की अधिसूचना के तहत जेबीटी के इन पदों के लिए वे पात्रता रखते हैं। परन्तु सरकार उन्हें इस अधिसूचना का लाभ नहीं दे रही है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि उन्हें भी जेबीटी बैचवाइज भर्ती के लिए साक्षात्कार के लिए बुलाया जाए व इन पदों के लिए कंसीडर किया जाए।
चम्बा की रहने वाली तृषा महाजन ने बाहरवीं के आर्ट्स संकाय में प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल किया है। हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से बीते दिनों मेरिट सूची जारी की गयी है। इसमें तृषा महाजन ने आर्ट्स संकाय में 99 फीसदी अंक हासिल कर जिला का नाम प्रदेश भर में रोशन किया है। बेटी की इस कामयाबी से परिजन काफी खुश है। तृषा के पिता विकास महाजन इंस्पेक्शन विंग में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत है। जबकि माता अमिल गुप्ता बतौर इतिहास प्रवक्ता सेवाएं दे रही है। वहीं तृषा ने दसवीं कक्षा जिला के डीएवी स्कूल से उत्तीर्ण की थी और 98 प्रतिशत अंक हासिल कर छठा स्थान प्राप्त किया था। तृषा का चयन आगामी पढ़ाई के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में इकोनॉमिक्स ऑनर्स में हो गया है और पढ़ाई जारी है।
अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चिकित्सा विज्ञानी पद्मश्री डॉ. ओमेश भारती 14 नवंबर को उमंग फाउंडेशन के सप्ताहिक वेबीनार में रोगियों के अधिकार एवं कर्तव्य विषय पर व्याख्यान देंगे। वह प्रतिभागियों के सवालों का जवाब भी देंगे। वह उमंग फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य भी हैं। उमंग फाउंडेशन की प्रवक्ता और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से वनस्पति शास्त्र में पीएचडी कर रही अंजना ठाकुर ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में लोगों में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए हर रविवार को मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों पर वेबीनार किया जा रहा है। इस अभियान का यह नौवां कार्यक्रम होगा। उन्होंने बताया कि पद्मश्री से सम्मानित डॉक्टर ओमेश भारती अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चिकित्सा विज्ञानी हैं। जिन्होंने जानवरों के काटने से होने वाली जानलेवा बीमारी रेबीज के इलाज की नई और सस्ती पद्धति विकसित कर विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत अनेक अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को हैरान कर दिया था। उन्हें कई अन्तर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय सामानों के अलावा राष्ट्रपति ने पद्मश्री से भी अलंकृत किया। वह थैलेसीमिया, सर्पदंश और पशुओं की टीबी आदि जैसे जटिल रोगों पर अपने विश्वस्तरीय शोध के लिए जाने जाते हैं। अंजना ठाकुर ने कहा कि रोगियों के अधिकार और कर्तव्य विषय इसलिए अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि आमतौर पर किसी मरीज को उसके अधिकार पता ही नहीं होते। इससे रोगियों को बहुत नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि इस साप्ताहिक वेबिनार में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी और प्रदेश के अनेक महाविद्यालयों के अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं छात्र भी शामिल होते हैं।
उपायुक्त कांगड़ा डाॅ. निपुण जिंदल ने कहा कि विकास कार्यों को समयबद्ध पूरा करने के लिए विकास खंड और पंचायतों के कर्मचारियों में आपसी समन्वय होना जरूरी है। शुक्रवार को परागपुर विकास खंड कार्यालय में पंचायत स्तर पर चल रहे विकास कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त कांगड़ा ने सभी कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि 14वें वित्तायोग, मनरेगा, विधायक निधी, सांसद निधी के तहत आवंटित धनराशि का सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा पंचायतों में लंबित पड़े विकास कार्यों को समयबद्ध पूर्ण किया जाए। उन्होंने कर्मचारियों को मनरेगा, सवच्छ भारत मिशन और ग्राम विकास से जुड़े अन्य कार्यों पर बल देने को कहा। उपायुक्त डाॅ. निपुण जिंदल ने कहा कि प्रशासन द्वारा सभी पंचायतों में विकास कार्यों की नियमित समीक्षा भी की जा रही है तथा जिन पंचायतों में निर्धारित लक्ष्य पूर्ण नहीं किए जाएंगे उन पंचायतों के पंचायत सचिवों तथा तकनीकी सहायकों की जबावदेही भी सुनिश्चित की जाएगी। उपायुक्त डाॅ. निपुण जिंदल ने कहा कि मनरेगा में 90 दिन का कार्य पूर्ण करने वाले कामगारों को श्रम विभाग में पंजीकृत करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि मनरेगा कामगारों को भी श्रम विभाग द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने विकास खंड परागपुर द्वारा सबसे अधिक कार्य दिवस के साथ लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाने के प्रयासों की सराहना की। उपायुक्त ने इसके बाद ग्राम पंचायत कून्हा का दौरा भी किया। उन्होंने वहां विकास खंड कार्यालय के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों द्वारा की जा रही तुलसी व अन्य आयुर्वेदिक उतपादों की खेती का निरिक्षण कर उनके प्रयासों की सराहना की और भविष्य में ऐसे कार्यों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इससे पहले बीडीओ परागपुर कंवर सिंह ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए परागपुर विकास खंड में चल रहे विकास कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि मनरेगा के तहत गत वर्ष 2020-21 में लगभग 19 करोड़ 66 लाख की राशि व्यय की गई है जबकि चालू वित वर्ष में भी निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही विकास खंड परागपुर ने सबसे अधिक व्यक्ति दिवस उत्पन्न कर पंचायतों में सबसे अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया है। उन्होंने कहा कि पंचायतों में विकास कार्यों के साथ लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाने का यह क्रम इसी प्रकार जारी रखने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर विकास खंड परागपुर के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोरोना संकटकाल मे दो वर्षो से लगातार मंदी की मार झेल रहे तमाम हिमाचल भर के निजी स्कूल जहां बन्द खडी स्कूली बसों का टैक्स इंश्योरेंस अभी भर नही पाए थे कि अब लम्बे अरसे से एक जगह खडी स्कूली बसे स्टार्ट होने का नाम ही नहीं ले रही है। सरकार द्वारा जारी तीसरी से सातवीं कक्षा के बच्चों को स्कूल कैसे पहुंचाया जाए इस बात की चिंता सताने लगी है। ऐसा ही एक ताजा मामला गुरुवार यानी 11 नवम्बर को गरली के निकटवर्ती गांव सदवां मे चल रहे लोटस इन्टरनेशनल कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल मे देखने को मिला। यहां गुरुवार सुबह ज्यौ ही ड्राईवर स्कूल बसों को स्टार्ट करने लगे तो तमाम सभी बसे जवाब दे गई। सभी ने मिलकर उक्त बसों को मिलकर धक्का लगाकर स्टार्ट करने की कडी मशककत की लेकिन इसके बाद भी वह तस से मस नहीं हुई। यही हाल गांंव खबली मे चल रहे देहरा पब्लिक स्कूल खबली "सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गरली व आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला परागपुर मे देखने को मिला। उक्त बस चालको की माने तो लम्बे अरसे से खडी उक्त कई बसों की बैटरियां जवाब दे गई है तो कई बसो के यहां खडे खडे रहने पर टायर खराब हो चुके है, तो स्कूल प्रशासन को पहले सरकार को दिए जाने वाले स्कूली बसो के टैक्स इंश्योरेंस भरने की चिंता सता रही थी लेकिन अब उन्हे रात दिन यही परेशानी पैदा हो रही है कि करीब 21 महीने बाद सरकार ने तीसरी से सातवीं कक्षा के तमाम स्कूली बच्चों को स्कूल आने की इजाज़त तो दे दी है लेकिन अब यहां जाम हो चुकी उक्त स्कूली बसो को कैसे ठीक करवाए जाए।
ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के चंगर् क्षेत्र की ग्राम पंचायत सूराणी में विधायक एवं राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला ने नौं पंचायतो के प्रतिनिधियों व लोगो से संवाद किया। जिसमे टिहरी, अलुहा, टिप, हरदीप पुर, पूखरू, सलिहार, बग, लगड़ू शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित किया तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, वन, सड़को के विकास कार्यो की समीक्षा की गई तथा चल रहे विकास कार्यों मे तेजी लाने के लिए सम्बंधित विभाग के अधिकारियो कर्मचारियों को दिशा निर्देश दिए गए। इस कार्यक्रम में 9 पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और अपने अपने क्षेत्र की समस्याओं से विधायक को अवगत करवाया। विधायक ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से लोगों की समस्याओं का मौके पर ही हल किया और इन 9 पंचायतों में निकट भविष्य में करवाए जाने वाले कार्यों की भी समीक्षा की गई और शीघ्र ही काम शुरू करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए। पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि जो पैसा उनकी पंचायतों में विकास कार्यों के लिए पड़ा हुआ है उसको शीघ्र खर्च किया जाए ताकि और पैसा विकास कार्यों के लिए भेजा जा सके। इस मौके पर भाजपा नेता मान सिंह राणा, विमल चौधरी, रामस्वरूप शास्त्री, प्रकाश राणा, मनमोहन सिंह, देशराज अत्री, कुलदीप शर्मा, केहर सिंह ठाकुर, बीरबल, अनिल कुमार धीमान, विजय मेहता व अन्य लोग उपस्थित थे l
ज्वालामुखी के विधायक एवं राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला ने शुक्रवार को ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत आधवाणी और आसपास के क्षेत्रों में नवनिर्मित सड़कों का निरीक्षण किया और ठेकेदार तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा नर्देश जारी किए। इस मौके पर पंचायत समिति सदस्य आरती राणा व अन्य जनप्रतिनिधियों ने विधायक रमेश धवाला का आठवाणी क्षेत्र में पहुंचने पर स्वागत किया और क्षेत्र की समस्याओं को उनके समक्ष रखा। विधायक ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी समस्याओं का तुरंत हल किया जाए ताकि लोगों को सुविधा मिल सके और इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से आग्रह किया कि जहां भी सरकारी कार्य चले हुए हैं वहां पर जो निर्माण सामग्री लगाई जा रही है उसका स्वयं निरीक्षण करें। यदि उन्हें लगे की कहीं कोई खामी पाई जा रही है तो तुरंत उन्हें मोबाइल नंबर पर सूचना दें और संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दें ताकि सरकार द्वारा जनता के हित के लिए भेजा गया धन भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़ जाए। उन्होंने कहा कि ठेकेदार यदि गलत काम करेंगे तो उनके साथ अधिकारी भी नपे जाएंगे। इसमें किसी के साथ भी कोई रियायत नहीं बरती जाएगी l
डीएवी भड़ोली स्कूल के बच्चों ने तीन दिवसीय बाल विज्ञान मेलें में अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया। प्रधानाचार्य सुरजीत कुमार राणा ने बताया कि यह प्रतियोगिताएं 8 से 10 नवंबर 2021 के बीच ज्वालामुखी के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में ऑनलाइन करवाई गई थी। इसमें हमारे विद्यालय के 7 बच्चों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पहला, दूसरा और तीसरा स्थान अर्जित कर विद्यालय के नाम को रोशन किया। जिसमें गणित ओलंपियाड सीनियर वर्ग में दसवीं कक्षा की प्रांजल चौधरी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। वही साइंस एक्टिविटी जूनियर रूलर में आठवीं कक्षा की शांभवी शर्मा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया और साइंस एक्टिविटी सीनियर रूलर में दसवीं कक्षा की आकृति ने पहला स्थान प्राप्त किया। साइंस प्रश्नोत्तरी स्पर्धा रूलर वर्ग में माही और अक्षित चौधरी ने पहला स्थान प्राप्त किया और सीनियर सेकैंडरी में बारहवीं कक्षा के अर्चिता जैन और यतिन शर्मा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। प्रधानाचार्य ने बच्चों की इस उपलब्धि पर उन्हें और उनके अध्यापकों को बधाई दी और दूसरे बच्चों को भी हर प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष लालजी देसाई व प्रदेशाध्यक्ष अनुराग शर्मा के आदेशानुसार जसवां, परागपुर विधानसभा के रक्कड़ में 3 दिवसीय ‘‘सहयोगी’’ प्रशिक्षण शिवर का शुम्भारभ किया गया। जिसमें प्रदेश कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने विधिवत रूप से कार्यक्रम की शुरुआत की। 11 बजे ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी जसवां परागपुर के अध्यक्ष सुरेन्द्र मनकोटिया ने शिविर कमांडेट मनोहर लाल कौंडल की अध्यक्षता में ध्वजारोहण किया, जिसके पश्चात ‘‘सहयोगी’’ प्रशिक्षण शिवर के बौद्धिक कक्षा व शिविर की अन्य गतिविधियां की गई। ‘‘सहयोगी’’ प्रशिक्षण शिवर के प्रथम दिन कुल 45 लोग उपस्थित रहे। जिनमें विशेष रूप से सुरेन्द्र मनकोटिया व सुरेन्द्र गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष अनुराग शर्मा, कैंप कमांडैंट मनोहर लाल कौंडल, कैंप संयोजक संजीव जसवाल, कैंप सह-संयोजक जगबीर सिंह गग्गी, पुरुषोत्तम प्रकाश कार्य नायक, पवन चौधरी, मुख्य प्रशिक्षक सोमा चैहान वास्तु नायक, वीरेन्द्र कुमार ठाकुर कार्यालय नायक, शशीभूषण गुप्ता, जीत सिंह राणा संतरी नायक, दीनू राही गीत नायक, बीरेन्द्र ठाकुर स्वास्थ्य नायक, गुरचरण सिंह आवास नायक, विक्रमजीत सिंह संचार व प्रचार-प्रसार नायक और हेमंत राणा संचार व प्रसार नायब इत्यादि पदाधिकारियों ने भाग लिया।
उपायुक्त डॉ निपुण जिंदल ने देहरा अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। ताकि कोविड संक्रमितों के उपचार में मदद मिल सके। शुक्रवार को उपायुक्त डॉ निपुण जिंदल ने देहरा अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण करने के उपरांत ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने के लिए चल रहे कार्य का भी जायजा लिया। इससे पहले कूहना में कोविड टीकाकरण केंद्र तथा कोविड को लेकर चल रहे सर्वेक्षण अभियान का निरीक्षण भी किया। उपायुक्त डॉ निपुण जिंदल ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क तथा सजग है। इसी कड़ी में देहरा अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट भी स्थापित किया जा रहा है ताकि देहरा तथा इसके आसपास के क्षेत्रों के कोविड संक्रमितों को उपचार की बेहतर सुविधा मिल सके। उपायुक्त डॉ निपुण जिंदल ने कहा कि नागरिक अस्पताल देहरा, कांगड़ा, नुरपुर, बैजनाथ तथा पालमपुर में सांय चार बजे के बाद भी कोविड वैक्सीन लगाने की व्यवस्था की गई है। ताकि दुकानदारों, व्यापारियों या अन्य लोग जो दिन में कोविड टीकाकरण करवाने में असमर्थ हैं उनको टीकाकरण की सुविधा मिल सके। निपुण जिंदल ने कहा कि कांगड़ा जिला में कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने के लिए अभियान तेज किया गया है तथा अब प्रत्येक पंचायत में टीकाकरण सेशन भी आयोजित किए जा रहे हैं। एक पंचायत में सप्ताह में एक बार टीकाकरण सेशन आयोजित किया जाएगा इस के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दे दिए गए हैं। उपायुक्त डॉ निपुण जिंदल ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है तथा सभी नागरिकों को टीकाकरण के लिए आगे आना चाहिए। निपुण जिंदल ने कहा कि कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। इसके साथ ही कोविड के उपचार के लिए अस्पतालों में भी उचित व्यवस्था की गई है।


















































