कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने शिमला जिला में बढ़ते कोरोना पर चिंता प्रकट करते हुए पार्टी पदाधिकारियों को प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करने को कहा है। उन्होंने कहा कि गांधी हेल्पलाइन से जो भी व्यक्ति सम्पर्क कर किसी भी सहयोग या सहायता की गुहार लगाते हैं उन्हें तुरंत सहायता उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। आज शिमला जिला कांग्रेस कमेटी शहरी व ग्रामीण के पदाधिकारियों की वर्चुअल बैठक को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस संकट की घड़ी में कांग्रेस ने पूर्व की भांति इस बार भी कोरोना प्रभावित लोगों की हर प्रकार की मदद का बीड़ा उठाया है जिसे सफलता पूर्वक पूरा करना है। उन्होंने कहा कि गांधी हेल्पलाइन लोगों की सेवा का एक प्रमुख केंद्र है और सेवा,समर्पण व सदभाव के प्रण को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि सभी ब्लॉकों को गांधी हेल्पलाइन के तहत की गई दैनिक सेवा का पूरा व्योरा रखते हुए इसकी जानकारी प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में स्थापित गांधी हेल्पलाइन कंट्रोल रूम को देनी होगी। इस दौरान जिला में हाल ही में हुई भारी वर्षा व ओलावृष्टि से हुए बागवानों व किसानों के नुकसान पर भी चर्चा की गई। बैठक में शिमला जिला कांग्रेस कमेटी शहरी के अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, ग्रामीण के अध्यक्ष यशवंत सिंह छाजटा, ब्लॉक अध्यक्ष ग्रामीण गोपाल शर्मा, ठियोग अध्यक्ष कवंर नरेंद्र सिंह, रोहड़ू अध्यक्ष करतार सिंह कुल्ला, रामपुर अध्यक्ष साहिब सिंह मेहता, कुसम्पटी अध्यक्ष रामकृष्ण शांडिल, जुब्बल कोटखाई अध्यक्ष मोती लाल देरटा, चौपाल अध्यक्ष सुरेंद्र मेहता के अतिरिक्त कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रभारी गंगू राम मुसाफिर, कांग्रेस महासचिव चेतराम ठाकुर, ठाकुर सिंह भरमौरी, जगत सिंह नेगी, रवि ठाकुर, दवेंद्र जग्गी, हरिकृष्ण हिमराल, अमित नंदा, सत्यजीत नेगी, अतुल शर्मा, श्रीमती आशा कवंर, राजेंद्र वर्मा, विश्व राज चौहान, पवन चौहान व राजीव वर्मा ने बैठक में भाग लिया।
डॉक्टर पुष्पेंद्र वर्मा फैंस क्लब ने लगातार करोना महामारी से अपनी जंग को जारी रखा हुआ है। हर पंचायत को सैनिटाइज किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज एक साथ 6 पंचायतों को, ग्राम पंचायत आघार ,पंचायत नंदन ,पंचायत दरुही , ग्राम पंचायत नेरी, ग्राम पंचायत बरहालड़ी और ग्राम पंचायत सेर स्वाहल के आधे से ज्यादा गाँव को सैनिटाइज कर दिया गया है। साथ ही सभी को मास्क लगाना और शारीरिक दूरी को 2 मीटर से ज्यादा रखना, इस संदेश को घर-घर पहुंचाया जा रहा है ताकि हमारी ग्रामीण जनता इस महामारी के प्रकोप से बच सके। इसके अलावा होम आइसोलेशन में रह रहे रोगियों के घरों के आसपास सैनिटाइजेशन की गई और साथ में होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमित रोगियों को डॉक्टर पुष्पेंद्र वर्मा फैंस क्लब की डॉक्टरी हेल्पलाइन 24 * 7 का फोन नंबर भी उन्हें दिया गया ताकि वह किसी भी आपातकालीन स्थिति में या बीमारी के बारे में या बीमारी के दौरान खानपान के बारे में कोई भी सवाल हो तो डॉक्टर पुष्पेंद्र वर्मा से 24 घंटे में कभी भी संपर्क कर सकते हैं। उन्होनें बताया कि अभी तक 10 ,000 से ज्यादा लोगों ने कॉल कर इसका लाभ उठाया है। जिसमें से करीब 2500 कोविड-19 रोगी गृह संगरोध में थे। क्लब के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि यह जंग हम जारी रखेंगे और इस महामारी को हम सब मिलकर हराएंगे ।
कोविड महामारी के दौरान मातृ, नवजात और बच्चे की देखभाल, डायलिसिस, क्षयरोग, एचआईवी, स्वैच्छिक रक्तदान आदि गैर-कोविड स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डाॅ. निपुण जिंदल ने आज यहां कहा कि प्रदेश के सभी अस्पतालों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों व चिकित्सा अधीक्षकों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि वे किसी भी मरीज की कोविड रिपोर्ट नेगेटिव आने के इंतजार में आवश्यक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में देरी न करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाले सभी कर्मियों को अपने कार्य के दौरान सावधानियों का पालन करना चाहिए। इसके अलावा, संक्रमण नियंत्रण प्रक्रियाओं का भी पालन किया जाना चाहिए और स्वयं का भी कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण करवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीज को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने का कोई भी मामला पाया जाता है तो उस संबंध में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मिशन निदेशक ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाली मातृ स्वास्थ्य सेवाएं और मार्गदर्शन चार्ट के अनुसार सभी गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं व एएनएम आदि के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की देखभाल के लिए योजना बनाई जानी चाहिए। उन्हें गर्भवती महिलाओं के साथ निरन्तर सम्पर्क में रहना चाहिए ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करवाई जा सके। गर्भवती महिलाओं को अनावश्यक रूप से दूसरे लोगों से सम्पर्क में आने से बचना चाहिए और जांच के लिए अस्पताल आने के दौरान उन्हें कोविड अनुरूप व्यवहार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। गर्भवती महिलाओं की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए और उन्हें नियमित मरीजों से अलग रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं को प्रसूति रोग विशेषज्ञ के साथ टेली-परामर्श की व्यवस्था की जानी चाहिए। यदि किसी गर्भवती महिला में कोविड-19 के लक्षण पाए जाते हैं तो उनके कोविड सैंपल घर से या किसी स्वास्थ्य संस्थान में उनकी स्वास्थ्य स्थिति का उचित मूल्यांकन करने के उपरान्त लिए जाने चाहिए। यदि गर्भवती महिला में फ्लू के लक्षण पाए जाते हैं और कोविड-19 टेस्ट नेगेटिव आता है तो नियमित अल्ट्रासांउड सहित अन्य प्रकार की स्वास्थ्य जांच 14 दिनों तक नहीं की जानी चाहिए। यदि गर्भवती महिला का कोविड टेस्ट पाॅजिटिव पाया जाता है तो समर्पित कोविड स्वास्थ्य संस्थान में उसका प्रसव करवाया जाना चाहिए जिसके बारे में पहले ही दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 गर्भवती महिलाओं की प्रसूति की बेहतर व्यवस्था के लिए हर सम्भव प्रयास किए जा रहे है।
दाड़लाघाट : एक ही परिवार के 16 लोगों के संक्रमित पाए जाने के बाद प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायत सुरजपुर के बाणन गांव को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। संक्रमितों और गांव के अन्य लोगों को आवश्यक वस्तुओं और दवाइयों की किल्लत न हो इसके लिए पंचायत प्रधान ओम प्रकाश द्वारा लोगों को उनके घर द्वार पर ही राशन के साथ साथ रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं और दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही है। इस दौरान प्रधान के साथ पथेड़ वार्ड से पंचायत सदस्य नरेश, संदीप, धनी राम, राशन डीपो सहायक व सोखर से कुलदीप आदि मौजूद रहे।
कोरोना संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लागू कोरोना कर्फ्यू के तहत नई बंदिशों की अनुपालना की निगरानी व निरीक्षण कर उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज विभिन्न क्षेत्रों में जाकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लागू की गई बंदिशों को जांचने के लिए आज शिमला नगर के छोटा शिमला, संजौली, ढली व मशोबरा क्षेत्र के बाजारों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इन जगहों पर लोगों व दुकानदारों द्वारा नई बंदिशों का पालन किया जा रहा है। उन्होंने इस दौरान एक बजे तक दुकान बन्द न करने वाले दुकानदारों को चेतावनी देते हुए कोरोना कफ्र्यु की अनुपालना व कोरोना संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए सहयोग की अपील की। सरकार व प्रशासन के साथ साथ सामान्य नागरिक भी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी सलाहों व मानकों की अनुपालना कर कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने में अपना सहयोग प्रदान करें। घर से बाहर निकलने पर उचित रूप से मास्क का प्रयोग करने, कर्फ्यू के खुलने पर भीढ़ न लगाने , सामान खरीदते समय परस्पर दूरी बनाए रखने, हाथों की सफाई व सेनेटाईज करने, फल सब्जी विक्रेताओं को ताजे फल व सब्जी रखने तथा सही दाम पर बेचने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण प्रवास के दौरान उपमण्डलाधिकारी शहरी मनजीत शर्मा भी उनके साथ रहे ।
बढ़ते कोरोना संक्रमण के दौरान कुछ लोग मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। जिला काँगड़ा बढ़ते कोरोना मामलों के चलते सूबे का हॉटस्पॉट बन चूका है। इसी बीच पालमपुर के बुड्ढा मल एंड संस ज्वेलर्स के एमडी मानिक करवाल ने कोरोना के खिलाफ सराहनीय कदम बढ़ाया है। मानिक करवाल ने आज एसडीएम पालमपुर धर्मेश रामोत्रा को 51 हजार रुपये का चेक भेंट किया। यह धनराशि ऑक्सीमीटर, फ्लोमीटर, पीपीई किट इत्यादि सामान खरीदने के लिए भेंट किये गए हैं। एसडीएम धर्मेश रामोत्रा ने उक्त राशि भेंट करने के लिए मानिक करवाल का आभार जताया है।
उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद ने आज कोविड-19 से बचाव के लिए गठित खण्ड स्तरीय कार्यबल के साथ बैठक की। डाॅ. सूद ने खण्ड चिकित्सा अधिकारी सायरी से उपमण्डल के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में दवाईयों, सेनिटाइजर, ऑक्सीमीटर, ऑक्सिजन सिलेण्डर तथा अन्य उपकरणों की मात्रा के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में आवश्यक उपकरणों की कमी है तो ऐसे सामान को स्टाॅक में रखें ताकि किसी आपात स्थिति में परेशानी का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य संस्थानों में बिस्तरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित बनाई जाए। यदि किसी क्षेत्र में कोविड-19 के अधिक मामले सामने आ रहे हैं तो इसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को प्रदान करना सुनिश्चित करें ताकि इन क्षेत्रों को कन्टेनमेंट जोन या सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित किया जा सके। उपमण्डलाधिकारी ने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित किया जाए। कण्डाघाट में 8030 लाभार्थियों को कोविड-19 टीकाकरण की पहली डोज तथा 1113 लाभार्थियों को दूसरी डोज दी जा चुकी है। डाॅ. सूद ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि समय-समय पर बाजारों का औचक निरीक्षण किया जाए ताकि कोरोना क्फ्र्यू में लगाई गई पाबंदियों का पालन सुनिश्चित हो। उन्होंने सभी व्यावसासियों से आग्रह किया सभी दुकानें तय समय पर ही खोलें और बन्द करें ताकि कोविड-19 की महामारी की इस श्रृंखला को तोड़ा जा सके। अग्निशमन सेवा के माध्यम के माध्यम से कण्डाघाट के बाजार को सेनिटाइज करवाया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति प्रदेश सरकार एवं प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशांे का उल्लंघन करता हुआ पाया गया तो उसके विरूद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर तहसीलदार कण्डाघाट अमन राणा, खण्ड चिकित्सा अधिकारी सायरी डाॅ. संगीता उप्पल, सीडीपीओ पवन कुमार, पुलिस विभाग से एएसआई नरेंद्र कुमार उपस्थित थे।
कोविड-19 संक्रमण तेज़ी से फेल रहा है। हिमाचल प्रदेश में भी कोरोना के मामलों में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है। बढ़ते मामलों के चलते जिला कांगड़ा सूबे में कोरोना हॉटस्पॉट बन गया है। रोजाना एक हजार के अधिक मामले सामने आने के बाद जिला काँगड़ा प्रदेश में संक्रमण और मौत के आंकड़ों में सबसे अधिक चल रहा है। पिछले 38 दिनों में जिला कांगड़ा में एक साल के मुकाबले डेढ़ गुना से भी अधिक मामले सामने आए हैं। जिला कांगड़ा में कोरोना संक्रमण के 16035 मामले और 272 मरीजों की मौत दर्ज की गई है। यानी पिछले 38 दिनों में औसतन हर दिन 422 लोग संक्रमण की चपेट में आए हैं और करीब सात संक्रमित मरीजों की मौत दर्ज की गई है। बढ़ते मामलों के साथ जिला कांगड़ा में टेस्टिंग भी बढ़ा दी गई है। अब रोजाना जिला में चार हजार के करीब लोगों की कोरोना जांच की जा रही है, जिसमें से एक हजार से अधिक लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई जा रही है। यानी रोजाना टेस्ट करवाने वाले लोगों में करीब 25 फीसदी की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई जा रही है।
Greater thrust must be laid on effective use of modern technologies and social media for proper and wider dissemination of policies, programmes and initiatives of the State Government. This was stated by Chief Minister Jai Ram Thakur while presiding over the meeting of Information and Public Relations department through video conferencing, here today. Jai Ram Thakur said that the officers of the department must think out of the box and reach out to the media with positive, success and developmental stories. He said that they must maintain personal liaison and rapport with the media persons. He said that the department must plan stories separately for print and electronic media so that they could get adequate space. Chief Minister said that the Covid-19 crisis has drastically changed media scenario thus the PR professionals must adopt themselves in accordance with the demand of the media. He said that special emphasis must be laid on immediately issuing contradictions and rebuttals regarding any news appearing in the media which seemed to be devoid of facts. The concerned District Public Relations Officers must also bring to the notice such negative news in their districts to the concerned Ministers of the district besides bringing it to the notice at the Directorate level. Jai Ram Thakur said that efforts must be made to rope in noted writers and eminent professionals to draft developmental write ups which could be used in print media. He said that similar concept should be adopted for producing developmental stories for electronic media so that these could be highlighted in the right perspective. He said that better mechanism must also be evolved for redressing the queries from the media particularly during the pandemic. He said that proper mechanism must also be evolved for better coordination between the state headquarters, zonal, district and sub divisional levels so that collective media strategy could be chalked out by reviewing various news appearing from different quarters in different media. He said that the Zonal officers must also maintain proper liaison with Editors and senior journalists of media houses. Jai Ram Thakur said that the PR professionals must also ensure that they get adequate positive stories from various departments so that the same could be developed and weaved for both social and print media. He said that effective use of local FM channels, Community Radio or any other media platform must also be ensured for proper dissemination of positive news. He said that during this Covid pandemic, the role of PR professionals has increased manifold as they have to build positive image of the government and government institutions to instil faith in the minds of the masses. Chief Minister said that with the changing media scenario it was vital that the PR professionals upgrade their skills to meet out the emerging challenges. The department must also act as a bridge between the State Government and masses for which effective feedback mechanism must be evolved so that the government could get feedback about its policies and programmes. Jai Ram Thakur also released a booklet 'Home Isolation' brought out by Information and Public Relations department. The book has complete details regarding do's and don'ts for persons who are under home isolation. Director Information and Public Relations welcomed the Chief Minister and made a detailed presentation regarding initiatives taken by the department for effective implementation of the policies and programmes of the State Government. The officers of the department also detailed the initiatives being taken by them for better dissemination of government policies and programmes. Urban Development Minister Suresh Bhardwaj, Information Technology Minister Dr. Ram Lal Markanda, Health Minister Dr. Rajeev Saizal, Political Advisor to CM Trilok Jamwal, Additional Chief Secretary, Information and Public Relations J.C. Sharma, Health Secretary Amitabh Awasthi and other senior officers attended the meeting
शिमला: कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कोरोना कर्फ्यू के बाद आज से प्रदेश में पूर्ण बंदी, जिसके तहत सार्वजनिक बसों की आवाजाही पर पूर्ण रोक कर दी गई है पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार नींद में अपनी सुविधा अनुसार फैसले ले रही है। सरकार को लोगों की कोई चिंता नही है। सरकार के पास कोई स्पष्ट नीति न होने की वजह से आज प्रदेश में लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। इसका सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है जो दैनिक आधार पर दिहाड़ी या अन्य छोटा मोटा कामकाज कर अपनी रोजीरोटी कमाते है, व अपने परिवार का लालन पालन करते है। सरकार की ऐसे लोगों पर कोई भी दया दृष्टि नही हो रही है। राठौर ने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह असंवेदनशील हो गई है। प्रदेश में बढ़ते कोरोना के मामलों से लोगों में भय फैलता जा रहा है। प्रदेश सामुदायिक संक्रमण की ओर बढ़ गया है। प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में इसके बढ़ते मामलों से लोगों में भय फैलना शुरू हो गया है। कोरोना संक्रमित लोगों को अस्पतालों में बेड तक नही मिल रहे है। ऑक्सीजन, रेगुलेटर, वेन्टीलेटर के अभाव में अस्पतालों में लोग परेशान है। राठौर ने कहा है कि सरकार ने किसी भी वर्ग को अबतक कोई भी राहत नही दी है। सरकारी स्तर पर कोई भी ऐसा राहत शिविर स्थापित नही किया है जिससे गरीब व जरुरत मंद लोगों को कोई सहायता मिल सकें। राठौर ने कहा है कि कांग्रेस ने सभी जिलों व ब्लॉकों में गांधी हेल्पलाइन, सहायता केंद्र स्थापित कर दिए है जो लोगों की किसी भी प्रकार की सेवा के प्रति समर्पित है। कांग्रेस के सभी नेता, कार्यकर्ता एकजुट होकर इस विपदा के समय लोगों की सहायता कर रहें है। राठौर ने भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि न तो उनकी सरकार ने कोई अपना राहत केंद्र स्थापित किया है और न ही उनकी पार्टी भाजपा ने लोगों की सहत्यार्थ कोई हाथ बढ़ाया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस ने इस विपदा के समय अपने सभी राजनैतिक कार्यक्रम स्थागित कर जनसेवा का संकल्प लिया है जिसे वह तन,मन,धन से पूरा कर रही है।
ऑक्सीजन की मांग को पूरा करने और रोगियों के जीवन रक्षण में हमीरपुर में स्थापित पीएसए ऑक्सीजन प्लांट सहायक सिद्ध होगा। हमीरपुर में ऑक्सीजन प्लांट के शुभारंभ अवसर पर आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने खुशी व्यक्त करते हुए यह बात कही है। प्रो० धूमल ने कहा है कि संकट की घड़ी में हमीरपुर को यह स्वास्थ्य सुविधा मिलना हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि इससे पहले कोरोना अथवा श्वास संबंधी अन्य गंभीर बीमारीयों से पीड़ित मरीजों को हमीरपुर में यह सुविधा ना मिलने के चलते नेरचौक अथवा शिमला स्थित आईजीएमसी की ओर भेजा जा रहा था, लेकिन अब हमीरपुर में ऑक्सीजन प्लांट के सुचारू रूप से चलने पर इन मरीजों को हमीरपुर में ही स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो सकेगा। ऑक्सीजन प्लांट के उद्घाटन पर पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां बताया कि राज्य में कोविड-19 मामलों में वृद्धि के दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों, क्षेत्रीय अस्पतालों, कोविड समर्पित अस्पतालों आदि में बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने के अलावा प्रदेश के विभिन्न भागों में मेक शिफ्ट अस्पतालों का निर्माण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डी जिला के भंगरोटू में कोरोना मरीजों के लिए मेक शिफ्ट अस्पताल लगभग बनकर तैयार है और आॅक्सीजन आपूर्ति सम्बन्धी में जाॅंच प्रक्रिया अन्तिम चरण में है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल विशेष रूप से मण्डी जिले और पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान साबित होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि भंगरोटू के मेक शिफ्ट अस्पताल में प्रभावी केन्द्रीय ऑक्सीजन न आपूर्ति के साथ 90 ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों की सुविधा है। इस मेक शिफ्ट अस्पताल में गम्भीर रूप से बीमार मरीजों के लिए आईसीयू की सुविधा भी होगी। इस अस्पताल के कार्यान्वित होने से श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल नेरचैक में ईलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भंगरोटू के अलावा मण्डी के निकट खलियार में मेक शिफ्ट अस्पताल के निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि 200 बिस्तरों वाले इस अस्पताल का कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इस अस्पताल के सभी 200 बिस्तरों के लिए केन्द्रीय ऑक्सीजन सुविधा के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाएगी। मण्डी जिला में चरणबद्ध तरीके से ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों की क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्हेांने कहा कि श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल नेरचैक में ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों की सुविधा को 120 बिस्तरों से बढ़ाकर 220 कर दिया गया है और इसे 300 बिस्तरों तक बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इसी प्रकार बीबीएमबी अस्पताल सुन्दरनगर में 40 ऑक्सीजनयुक्त बिस्तर, मातृ एवं शिशु अस्पताल सुन्दरनगर में 50 बिस्तर और नागरिक अस्पताल रत्ती में ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों की संख्या को 25 से बढ़ाकर 45 किया गया है
जिला प्रशासन सोलन द्वारा कोविड-19 संकट काल में आमजन की सुविधा के लिए कोविड-19 सहायता नम्बर जारी किए गए हैं। उपमण्डल स्तर पर दूरभाष एवं मोबाईल नम्बर जारी किए गए हैं। यह नम्बर 24X7 कार्यरत रहेंगे। अर्की उपमण्डल में कोविड-19 से सम्बन्धित सहायता के लिए दूरभाष नम्बर 01796-220666 तथा उपमण्डलाधिकारी से मोबाईल नम्बर 70180-16882 पर सम्पर्क किया जा सकता है। कण्डाघाट उपमण्डल में कोविड-19 से सम्बन्धित सहायता के लिए दूरभाष नम्बर 01792-256100 तथा उपमण्डलाधिकारी से मोबाईल नम्बर 94180-00089 पर सम्पर्क किया जा सकता है। कसौली उपमण्डल में कोविड-19 से सम्बन्धित सहायता के लिए दूरभाष नम्बर 01792-294121 तथा उपमण्डलाधिकारी से मोबाईल नम्बर 94184-86089 पर सम्पर्क किया जा सकता है। नालागढ़ उपमण्डल में कोविड-19 से सम्बन्धित सहायता के लिए दूरभाष नम्बर 01795-223024 तथा उपमण्डलाधिकारी से मोबाईल नम्बर 77427-45492 पर सम्पर्क किया जा सकता है। सोलन उपमण्डल में कोविड-19 से सम्बन्धित सहायता के लिए दूरभाष नम्बर 01792-297707 तथा उपमण्डलाधिकारी से मोबाईल नम्बर 87508-84399 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि जिस प्रकार हिमाचल प्रदेश सरकार कोविड-19 महामारी से लड़ने का अथक प्रयास कर रही है वह सराहनीय है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर स्वयं फील्ड का दौरा कर और जनता का फीडबैक लेकर कार्य कर रहे हैं। सरकार की यह कार्यप्रणाली अपने आप में ही सरकार की गंभीरता को दिखाता है। हाल ही में जिस प्रकार से कोविड-19 के नियमों को और सख्त किया गया है यह जनहित में है। जनता इन सभी नियमों का पालन करें और इस महामारी के समय अपने और अपने परिवार के सदस्यों को बचाने का प्रयास करें। हिमाचल सरकार कोरोना महामारी से निपटने और कोविड मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रभावी कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा ऑक्सीजन की निगरानी और भंडारण के लिए ऑक्सीजन नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने के लिए आप 01772623507 पर कॉल कर सकते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र सरकार द्वारा दिए गए छह ऑक्सीजन प्लांट के लिए भी केंद्र सरकार का धन्यवाद किया। केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए 6 और नए पीएसए प्लांट स्वीकृत किए हैं। यह नए पीएसए प्लांट नागरिक अस्पताल पालमपुर, जोनल अस्पताल मण्डी, एमजीएमएससी खनेरी व नागरिक अस्पताल रोहडू, मेडिकल कॉलेज नाहन और क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में स्थापित किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने प्रदेश में डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और अनेकों कोरोना योद्धा जिस प्रकार से जनसेवा का अथक प्रयास कर रहे हैं उसे सराहनीय कहा है और सभी योद्धाओं का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस संकट के समय भगवान सद्बुद्धि प्रदान करें। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से आग्रह किया कि कांग्रेस पार्टी इस संकट की घड़ी में कोविड-19 से लड़ने के लिए जनता और सरकार का सहयोग करें और राजनीति करने का प्रयास ना करें।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने जिला में कोविड-19 संक्रमण मामलों में वृद्धि के दृष्टिगत 06 मई को जारी आदेशों में जन हित में आवश्यक संशोधन के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 10 मई की प्रातः 06.00 बजे से 17 मई की प्रातः 06.00 बजे तक लागू रहेंगे। इन आदेशों के अुनसार सोलन जिला में अब रोज़मर्रा की आवश्यक वस्तुओं जैसे खाद्य पदार्थ, किराना, फल एवं सब्जी, दूध एवं दूध से बने पदार्थ, मीट तथा मछली, पशु चारा, बीज, खाद एवं कीटनाशक की दुकानों के अतिरिक्त अन्य सभी दुकानें बन्द रहेंगी। केवल वहीं दुकानें खुली रहेंगी जो मुख्य रूप से उपरोक्त का ही क्रय-विक्रय करती हों। इन दुकानों के खुलने का समय प्रातः 08.00 बजे से प्रातः 11.00 बजे तक निर्धारित किया गया है। इन दुकानों में उत्पादों की आपूर्ति प्रातः 06.00 बजे से प्रातः 08.00 बजे तक आधा शटर खुला रखकर की जा सकेगी। वाहन शोरूम सहित अन्य सभी प्रकार के शोरूम बन्द रहेंगे। निर्माण उपकरण एवं सीमेंट, सरिया जैसी निर्माण सामग्री की दुकानें अब बन्द रहेंगी। दवा की दुकानों पर यह आदेश लागू नहीं होगे। अनाज मण्डी नालागढ़ में जहां भारतीय खाद्य निगम द्वारा वर्तमान में गेहूं की खरीद की जा रही है पर यह आदेश लागू नहीं होगे। किन्तु यहां उपस्थित सभी को प्रदेश कृषि विपणन बोर्ड द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित बनाना होगा। इन निर्देशों की अनुपालना एपीएमसी सचिव द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। जिला में स्थित अन्य एपीएमसी मण्डियां प्रातः 05.00 बजे से दिन में 02.00 बजे तक कार्य कर सकेंगी। औद्योगिक कामगारों एवं कर्मियों की पैदल आवाजाही सीमित रहेगी। अब औद्योगिक कामगारों एवं कर्मियों को शिफ्ट आरम्भ होने से 30 मिनट पूर्व एवं शिफ्ट समाप्त होने के 30 मिनट बाद तक ही पैदल आवागमन की अनुमति होगी। औद्योगिक कामगारों एवं कर्मियों को फोटोयुक्त पहचान पत्र जिसमें शिफ्ट की जानकारी हो अपने साथ रखना होगा। प्रातः 11.00 बजे के उपरान्त उचित कारण के अतिरिक्त पैदल आवाजाही पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित रहेगी। चिकित्सा एवं अन्य आपात स्थिति, कोविड-19 टीकाकरण, परीक्षण एवं उपचार के अतिरिक्त निजी वाहनों की आवाजाही प्रतिबन्धित रहेगी। सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी की अनुमति के साथ आवश्यक दवा आपूर्ति एवं जन सेवाओं के लिए निजी वाहन प्रयोग किए जा सकेंगे।। इस अवधि में परिवहन विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुरूप आवश्यक सेवा, औद्योगिक कामगारों एवं कर्मियों को शिफ्ट परिवर्तन समय में घर से कार्यस्थल एवं वापिस लाने-ले जाने के अतिरिक्त अन्य सार्वजनिक एवं अनुबन्धित परिवहन सेवा निलम्बित रहेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ढाबे, खाने के स्थान, वाहनों की मुरम्मत एवं अतिरिक्त पुर्जों की दुकानें खुली रहेंगी। मुख्य जिला मार्गों पर स्थापित ऐसी सभी दुकानें बन्द रहेंगी। प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुरूप होटलों में ठहरे हुए व्यक्तियों को ही भोजन इत्यादि परोसा जाएगा। रेस्तरां से केवल होम डिलीवरी की अनुमति ही होगी। होम डिलीवरी के लिए नियुक्त कर्मियों को नियोक्ता द्वारा जारी वैध पहचान पत्र अपने साथ रखने होंगे। 06 मई के आदेशों में प्रदत्त अन्य छूट एवं प्रतिबन्ध यथावत रहेंगे। इन आदेशों की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188, आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 एवं हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम-2007 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मां के सम्मान में हर साल मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। इस दिन बच्चे अपनी मां से अपनी जिंदगी में उनकी क्या जगह है इस बात को बताने के लिए तमाम तरीके अपनाते हैं। इसी दिन को मनाते हुए रुद्रा पब्लिक स्कूल धुन्धन में ऑनलाइन चित्र प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें छात्रों द्वारा भिन्न-भिन्न चित्र बना कर अपनी अपनी माँ को भेंट किए गए। जानकारी देते हुए रुद्रा पब्लिक स्कूल धुन्धन के प्रधानाचार्य ईशान भाटिया ने बताया कि इस प्रतियोगिता में छात्रों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया व सुंदर कार्ड बना कर अपनी माताओं को दिए। उन्होंने बताया कि स्कूल द्वारा करवाई गई ऑनलाइन चित्र प्रतियोगिता में अर्जुन सिंह प्रथम, कृशिव द्वितीय व पार्थ सोनी व काव्य तृतीय स्थान पर रहे।
नई पेंशन स्कीम कर्मचारी एसोसिएशन के सोलन जिला प्रधान अशोक ठाकुर ने सरकार से आग्रह किया है कि कोविड ड्यूटी में लगाए गए 18 से 44 साल के कर्मचारियों को सरकार वैक्सीन लगा कर ही ड्यूटी पर भेजे। जिला प्रधान ने कहा पिछले कुछ दिनों से उन्हें लगातार कर्मचारियों के फोन आ रहे हैं कि इस मांग को सरकार के सामने रखा जाए क्योंकि पिछले 10 दिनों में 15 कर्मचारियों की कोरोना से मौत हुई है जिसमें अधिकतर 45 साल से कम उम्र के थे। ऐसे में कर्मचारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से 2009 की केंद्र की अधिसूचना की भी मांग करते हुए कहा कि समय की नज़ाकत को देखते हुए सरकार को यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू कर देनी चाहिए। क्योंकि इस अधिसूचना के तहत सेवा के दौरान कर्मचारी की मौत पर एनपीएस कर्मचारी के परिवार को परिवारिक पेंशन का प्रावधान है। जिला प्रधान ने कहा सरकारी कर्मचारी सरकार के हर आदेश का पालन बड़ी मुस्तैदी से कर रहे हैं और वैक्सीन व कोविड एंट्री से लेकर कोविड मरीजों की मॉनीटरिंग जैसे कई कार्य कर रहे हैं जिसमें उनके संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में सरकार का भी फर्ज बनता है कि अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं।
नई पेंशन स्कीम कर्मचारी एसोसिएशन के कांगड़ा जिला प्रधान राजिंदर मन्हास ने सरकार से आग्रह किया है कि कोविड ड्यूटी में लगाए गए 18 से 44 साल के कर्मचारियों को सरकार वैक्सीन लगा कर ही ड्यूटी पर भेजे जिला प्रधान ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें लगातार कर्मचारियों के फोन आ रहे हैं कि इस मांग को सरकार के सामने रखा जाए क्योंकि पिछले 10 दिनों में 15 कर्मचारियों की कोरोना से मौत हुई है जिसमें अधिकतर 45 साल से कम उम्र के कर्मचारी हैं। ऐसे में कर्मचारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से 2009 की केंद्र की अधिसूचना की भी मांग करते हुए कहा कि समय की नज़ाकत को देखते हुए सरकार को यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू कर देनी चाहिए क्योंकि इस अधिसूचना के तहत सेवा के दौरान कर्मचारी की मौत पर एनपीएस कर्मचारी के परिवार को परिवारिक पेंशन का प्रावधान है। जिला प्रधान ने कहा कि सरकारी कर्मचारी सरकार के हर आदेश का पालन बड़ी मुस्तेदी से कर रहे हैं और वैक्सीन और कोविड एंट्री से लेकर कोविड मरीजों की मॉनिटरिंग जैसे कई कार्य कर रहे हैं जिसमें उनके संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में सरकार का भी फर्ज बनता है कि अपने कर्मचारियों की सुरक्षा हेतु जरूरी कदम उठाएं।
ग्राम पंचायत रौड़ी में अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन के सहयोग से बाज़ार तथा सभी वार्डों को सेनिटाइज़ करवाया गया। पंचायत प्रधान रीना शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में कोविड-19 के मामले बढ़ने की आशंका होने के कारण पंचायत द्वारा रौड़ी मार्केट तथा समस्त वार्डों को सेनिटाइज़ करवाया गया। रीना शर्मा ने लोगों से कहा कि वे सभी सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें साथ ही कोरोना से बचाव के लिए मास्क का प्रयोग करें और साबुन से हाथ धोते रहें जिससे की कोरोना की रफ्तार को कम किया जा सके। उन्होंने लोगों को पर्याप्त समाजिक दूरी बनाए रखने हेतु भी जागरूक किया। इस अभियान में ग्राम पंचायत रौड़ी की प्रधान रीना शर्मा, उप प्रधान जीत राम, वार्ड सदस्य रजनी गौतम, मदन शर्मा, हरदेव शर्मा, कृष्णा देवी, मीना देवी, कविता शर्मा और लता देवी ने अपना सहयोग दिया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने सोलन जिला के ऐसे बच्चों के रहने की व्यवस्था की है जिनके माता-पिता कोरोना संक्रमण के कारण या तो अस्पताल में उपचाराधीन हैं अथवा असमय काल का ग्रास बन गए हैं। यह जानकारी जिला बाल संरक्षण सोलन की एक प्रवक्ता ने दी। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों की उचित देखभाल के लिए सोलन जिला के सुबाथु स्थित ‘शान्ति निकेतन चिल्ड्रन होम’ में पृथक व्यवस्था की गई है जिनकी देखभाल के लिए उपरोक्त के कारण कोई नहीं है। यहां इन बच्चों की भोजन सहित अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने का उचित प्रबन्ध किया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि जिला सोलन के ऐसे बच्चों को इस केन्द्र में भेजने के लिए दूरभाष नम्बर 01792-275450, 94183-21547, बाल कल्याण समिति के मोबाईल नम्बर 70183-64230 तथा जिला बाल संरक्षण इकाई सोलन से दूरभाष नम्बर 01792-225388 अथवा मोबाईल नम्बर 82192-44094 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के लंबागांव इलाके की एक पंचायत मझेड़ा में एक बहु ने अपने ही 102 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी सुसर सुखीराम को डंडो से बुरी तरह से पीटा है। एसडीएम जयसिंहपुर और पुलिस ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए अब आरोपी बहु को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद एसडीएम ने डीएसपी बैजनाथ को इस पूरे मामले में जांच के आदेश दिए हैं, जिसके बाद पुलिस ने धारा 452, 323, 504 और 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और महिला को गिरफ्तार भी कर लिया है। इस पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल भी हो रहा है। जिस के बाद हर कोई अब बहु की निंदा कर रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस वायरल वीडियो में दिख रहा है कि लंबागांव विकास खंड की मझेड़ा पंचायत में स्वतंत्रता सेनानी को उसकी बहु डंडो से पीट रही है। वहीं इस महिला का पति यानि बुजुर्ग का बेटा इस मामले को चुपचाप देख रहा है। इस आरोपी महिला का पति क्लास वन अधिकारी बताया जा रहा है। ससुर को पिटता देख दूसरी बहु सुसर को जब अपने कमरे में ले आई तो बुजुर्ग उनके सामने काफी रोने लगा। वहीं जब पिटाई करने वाली इस आरोपी महिला को इस बात का पता चला कि उसकी इस हरकत का वीडियो बन चुका है तो उसने डंडा लेकर अपने भतीजे के ऊपर भी हमला कर दिया। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया। एसडीएम जयसिंहपुर पवन कुमार ने डीएसपी बैजनाथ को इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। डीएसपी बैजनाथ बीडी भाटिया ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय विधायक रविंद्र रवि धीमान ने भी इस घटना को शर्मसार बताया है और पुलिस से कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा है।
प्रदेश के अन्य उपमंडलों के बाद अब सब उपमंडल दाड़लाघाट में भी कोरोना मामलों में बढ़ोतरी के साथ साथ अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। विगत दिन उपमंडल अर्की में कोरोना के 146 मामले सामने आए थे। इन नए मामलों में दाड़लाघाट के साथ लगती पंचायत दसेरन के गांव भराड़ीघाट व आली में 44 कोरोना पॉजिटिव व पंचायत सूरजपुर के गांव पिपलुघाट में 16 मामले सामने आए है। कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए एसडीएम अर्की विकास शुक्ला ने आस पास व साथ लगते इलाकों के लोगो के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए व कोविड महामारी को फैलने से रोकने हेतु पंचायत दसेरन के गांव भराड़ीघाट व आली व पंचायत सूरजपुर के गांव पिपलुघाट को माइक्रो कंटेन्मेंट जोन घोषित कर दिया है। इस बारे में उन्होंने उपायुक्त सोलन को सूचनार्थ व एसपी सोलन, बीएमओ अर्की, तहसीदार अर्की को आगामी जरूरी सुरक्षा उपायों के लिए पत्र लिखा है। एसडीएम अर्की विकास शुक्ला ने कहा कि उपमंडल के सभी लोग कोविड 19 नियमों का सख्ती से पालन करें। कोई भी बिना कार्य के घर से बाहर ना निकले। यदि किसी आवश्यक कार्य से बाहर आना पड़े तो वह मुंह पर मास्क लगाएं व हाथों को बार बार धोते रहे। इसके अलावा सेनिटाइज करते रहे व सोशल डिस्टेंस बना कर रखे।उन्होंने कहा कि माइक्रो कॉंटेन्मेंट ज़ोन में आने जाने वाला वाहन सेनिटाइज किये जायें एवम अपने आप तथा अपने परिवार को सुरक्षित रखे।
फोर्टिस अस्पताल कांगड़ा में शनिवार से कोविड-19 से संक्रमित रोगियों के लिए ऑक्सीजन सहित सभी सुविधाएं आरंभ हो चुकी हैं। कोविड मरीज को सीएमओ कार्यालय धर्मशाला की अनुमति द्वारा ही फोर्टिस अस्पताल में दाखिला मिलेगा। इस संबंध में फोर्टिस कांगड़ा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ अनिल कायस्था ने बताया कि मरीजों को चिंता करने जरूतरत नहीं है, फोर्टिस कांगड़ा में कोविड वार्ड अलग बिल्डिंग में स्थापित किया गया है, ताकि नाॅन कोविड पेंशेंट को संक्रमण का कोई खतरा न हो और वे अपना इलाज सुचारू रूप से करवा सकें। साथ ही उन्होंने कहा कि फोर्टिस कांगड़ा की मुख्य बिल्डिंग में ओपीडी सेवाओं के साथ-साथ आईपीडी एवं एमरजेंसी सेवाएं पहले की तरह ही पूर्ण रूप से चल रही हैं। कोविड सुरक्षा के मद्देनजर थर्मल सक्रिनिंग के साथ-साथ रेपिड एंटीजन की पूरी सुविधा मरीजों को दी जारी है।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, जो हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्राॅस सोसाइटी के अध्यक्ष भी है, ने कहा कि राज्य रेडक्राॅस और इसकी सभी शाखाओं के अलावा सभी संबंधित स्वयंसेवियों को कोरोना महामारी के दौरान अधिक सर्तक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह समय समन्वय स्थापित कर कार्य करने का है। यह महत्त्वपूर्ण है कि रेडक्राॅस प्रशासन, गैर सरकारी संस्थाओं और विभिन्न सामाजिक सेवा संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करें ताकि कोविड-19 से पीड़ित लोगों की अधिक से अधिक सहायता की जा सके। राज्यपाल ने आज राजभवन में विश्व रेडक्राॅस के अवसर पर प्रदेश रेडक्राॅस द्वारा कोविड-19 मरीजों के लिए वितरित की जाने वाली स्वच्छता किट और अन्य सामग्री वाली रेडक्राॅस वेन को भी झण्डी दिखाकर रवाना किया। राज्य रेडक्राॅस अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्षा डाॅ. साधना ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थी। विश्व रेडक्राॅस दिवस हर वर्ष 8 मई को रेडक्राॅस के संस्थापक जीन हेनरी ड्यूनेंट की जयंती के उपलक्ष्य पर मनाया जाता है। इस अवसर पर राज्यपाल और डाॅ. साधना ठाकुर ने रेडक्राॅस कोष के लिए अंशदान भी किया। राज्यपाल ने कहा कि सुरक्षा और सहायता की आवश्यकता महसूस करने वाले सभी लोगों के प्रति सार्वभौमिक समन्वय की भावना महत्त्वपूर्ण है ताकि मानव पीड़ा को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें संकट में फंसे लोगों की करूणा और दया भाव से मदद करने की हमारी जिम्मेदारी की याद दिलाता है। उन्होंने महामारी के दौरान राज्य रेड क्राॅस सोसाइटी द्वारा लोगों की सहायता करने के प्रयासों की सराहना की और खुशी व्यक्त की कि जिला स्तर पर रेड क्राॅस की समितियों द्वारा इस दिशा में अच्छा कार्य किया जा रहा है। विश्व रेडक्राॅस दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष रेडक्राॅस का थीम है ‘यस टूगेदर वी आर अनस्टोपेबल’। उन्होंने रेडक्राॅस की सभी जिला शाखाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बिलासपुर में बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों पर विशेष ध्यान देना, चम्बा में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अन्तर्गत आइएजी की शुरूआत और हमीरपुर रेड क्राॅस शाखा में ऐप आधारित सुविधा जैसी कई पहल की गई है। इसी प्रकार राज्यपाल ने कोविड मरीजों की सुविधा के लिए मोबाइल वेन की सुविधा प्रदान करने के लिए कांगड़ा शाखा और कुल्लू कार्यालय द्वारा सभी स्वयं सहायता समूहों को एक मंच पर लाने की भी सराहना की। उन्होंने किन्नौर जिला द्वारा सामुदायिक सहयोग से क्षमता वृद्धि करना और मण्डी जिला द्वारा पंचायत स्तर पर एसइआरवी सेवकों के माध्यम से समूहों का गठन करने की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिमला जिला में लोगों के लिए विभिन्न प्रकार की सहायता सेवाएं चलाई जा रही हैं, सिरमौर जिला में रीति-रिवाज द्वारा अन्तिम संस्कार और ऊना जिला में स्वास्थ्य नियन्त्रण कक्ष स्थापित करना अन्यों के लिए बेहतर उदाहरण है जो अति प्रशंसनीय है।
केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने वित्त मंत्रालय द्वारा कोरोना आपदा की इस घड़ी में स्वास्थ्य संस्थानों जैसे निजी अस्पताल, कोविड सेंटर, डिस्पेंसरी, नर्सिंग होम समेत सभी मेडिकल सेंटरों द्वारा अब दो लाख रुपए से ज्यादा की कैश पेमेंट ले सकने के निर्णय की जानकारी दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा “ मोदी सरकार कोरोना आपदा की इस घड़ी में देशवासियों की हरसम्भव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है कोरोना मरीज़ों के परिजनों को उपचाराधीन मरीज़ों के इलाज में पेमेंट संबंधी समस्या लगातार हमारे ध्यान में लाई जा रही थी। इसे दृष्टिगत रखते हुए वित्त मंत्रालय ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों जैसे निजी अस्पताल, कोविड सेंटर, डिस्पेंसरी, नर्सिंग होम समेत सभी मेडिकल सेंटर को अब दो लाख रुपए से ज्यादा की कैश पेमेंट ले सकने संबंधी आदेश जारी कर दिया है। यह छूट 31 मई तक लागू रहेगी। दो लाख रुपए से ऊपर की कैश पेमेंट के लिए आधार कार्ड या पैन कार्ड देना होगा। मरीज का विवरण, भुगतानकर्ता का पैन या आधार, मरीज और भुगतानकर्ता के बीच रिश्ते की जानकारी लेकर अस्पताल दो लाख रुपए से ज्यादा की कैश पेमेंट ले सकेंगे। अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज और उनके रिश्तेदारों को पेमेंट को लेकर हो रही समस्याओं को दूर करने के लिए हमने यह निर्णय लिया है” अनुराग ठाकुर ने कहा “ आयकर कानून की धारा-269ST के अंतर्गत देश में किसी भी व्यक्ति को 2 लाख रुपए से ज्यादा के नकद लेनदेन को प्रतिबंधित करती है।मगर महामारी के इस समय में इलाज करा रहे लोगों को इस क़ानूनी बाध्यता के चलते किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े इसलिए वित्त मंत्रालय द्वारा यह कदम उठाया गया। वित्त मंत्रालय के अधीनस्थ केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने कोविड संबंधी आयात से जुड़े सवालों के समाधान के लिए एक सहायता प्रकोष्ठ बनाया है, ताकि सीमा शुल्क विभाग से ऐसे सामान की त्वरित निकासी हो सके जिसके त्वरित व सकारात्मक परिणाम हमें मिले हैं।वित्त मंत्रालय पूरी गम्भीरता के साथ प्रधानमंत्री जी के निर्देशों का पालन करते हुए कोरोना से राहत देने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठा रहा है”
प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा संचालित गांधी हेल्पलाइन की एक वर्चुअल समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कांग्रेस पार्टी के अग्रणी संगठनों और पार्टी के पदाधिकारियों ने अपने अपने क्षेत्रों में राहत कार्यों की जानकारी दी। राजीव भवन में स्थापित गांधी हेल्पलाइन में डॉक्टर दलीप सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य नेरचौक मेडिकल कॉलेज ने कहा कि किसी भी संक्रमित व्यक्ति को अगर ओक्ससीज की कमी पाई जाती है तो उन्हें तुरंत अस्पताल में दाखिल करवाना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए गांधी हेल्पलाइन से एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को वेक्सिनेशन का कार्य जल्द पूरा करने की बहुत आवश्यकता है जिससे इसका ग्रामीण क्षेत्रों में फैलाव न हो। बैठक में कांगड़ा से डॉक्टर राजेश शर्मा ने कोरोना को लेकर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में शर्मीला पटियाल ने सभी ब्लॉकों के दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में गांधी हेल्पलाइन से लोगों की मदद की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यह समय लोगों की सेवा का है। बैठक में ऊषा राठौर, शशि बहल, वेद प्रकाश शर्मा व मुकल गुप्ता ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि गांधी हेल्पलाइन से जितने भी लोग सम्पर्क कर रहें है उन्हें उचित सलाह के साथ पूरी मदद की जा रही है। बैठक में कांग्रेस सचिव हरिकृष्ण हिमराल के अतिरिक्त सोशल मीडिया के अध्यक्ष अभिषेक राणा,नन्द लाल,सुजय अग्रवाल व आदितत्य राणा भी बैठक में मौजूद थे।
सुजानपुर के विधायक व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राजेंद्र राणा ने कहा है कि मोदी सरकार देश के लोकतांत्रिक इतिहास की पहली ऐसी सरकार है जिसमें लोग लाचार हैं, हर तरफ हाहाकार है और हालात सरकार के काबू से बाहर हैं। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि जो भाजपाई यह दावे करते नहीं थकते थे कि मोदी सरकार में भारत विश्व शक्ति बनने की ओर अग्रसर है, आज उन्हीं की हुकूमत में देश की अर्थव्यवस्था पाताल में चली गई है। गरीब आदमी और गरीब होता जा रहा है और उसके लिए 2 जून की रोटी जुटाना मुश्किल हो गया है। गरीबी रेखा से नीचे आने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा ताजा सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि मोदी शासन के दौरान देश के शहरी क्षेत्रों में 20% और ग्रामीण क्षेत्रों में 15% आबादी गरीबी रेखा की चपेट में आ गई है, जो एक चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा मोदी सरकार अपने वायदे के अनुरूप ना तो देश के दो करोड़ युवाओं को प्रतिवर्ष नौकरी दे पा रही है और ना ही महंगाई पर नियंत्रण रख पा रही है उन्होंने कहा नई नौकरियां मिलना तो दूर लाखों युवा मोदी सरकार की गलत नीतियों के चलते बेकार होकर घर बैठ गए हैं और डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार की माया है कि अपने हकों के लिए आज किसान और मजदूर सड़कों पर हैं। देश की परिसंपत्तियां बेची जा रही है। देश को चंद पूंजीपति घरानों के हाथों गिरवी रख दिया गया है। महामारी के इस दौर में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं भी हासिल नहीं हो रही है। देश में कहीं लोग ऑक्सीजन की कमी से मर रहे तो कहीं भुखमरी से। कहीं अस्पताल में बेड नहीं मिल रहे तो कहीं दवाइयां नहीं मिल रही। देश में त्राहि-त्राहि मची है और सरकार ने धृतराष्ट्र की तरह आंखों पट्टी बांध ली है। राजेंद्र राणा ने कहा कि मोदी सरकार को भाषण बाजी छोड़कर जमीनी हकीकत समझना चाहिए । उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि रोम जल रहा है और नीरो चैन की बंसी बजा रहा है। राजेंद्र राणा ने कहा कि आज अरबों रुपए की लागत से बनने वाले संसद भवन और भाजपा कार्यालयों के निर्माण से देश का भला होने वाला नहीं है। न ही गरीब को इससे कुछ लेना देना है । मोदी सरकार को जुमलेबाजी छोड़कर देश की गिरती अर्थव्यवस्था संभालनी चाहिए और आम आदमी का दर्द व पीड़ा समझनी चाहिए।
कोरोना महामारी को चलते उपमंडलाधिकारी नागरिक जोगिन्दर नगर द्वारा कोरोना टेस्ट को लेकर शिकायत पत्र सौंपा गया। जोगिंदर नगर नप उपाध्यक्ष अजय धरवाल द्वारा हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव और जिलाधीश मंडी को ईमेल के माध्यम से शिकायत पत्र भेजा गया है। जिस में मुख्यसचिव हिमाचल प्रदेश व जिलाधीश मंडी के ध्यान में लाया गया कि सिविल अस्पताल जोगिन्दर नगर में बिना आधार कार्ड नंबर लिए कोरोना के टेस्ट किये जा रहे हैं। जिस से किये गए टेस्ट की विश्वसनीयता पर प्रशन चिन्ह लग जाता है कि टेस्ट रिपोर्ट उसी व्यक्ति की है या नहीं। इसी तरह सिविल अस्पताल में जब भी कोई व्यक्ति टेस्ट करवाने के बाद पॉजिटिव आता है तो उसे अपने घर तक पहुंचाने के लिए वाहन की कोई व्यवस्था नहीं कि गई है। स्थानीय टैक्सी ड्राइवर उस संकृमित व्यक्ति को ले जाने को इनकार करते हैं,तो उस पॉजिटिव आये व्यक्ति को मजबूरन पैदल अथवा बस में अपने घर जाना पड़ता है। जिस से संक्रमण फैलने का अंदेशा सदा बना रहता है। गैरतलब है कि जोगिन्दर नगर सिविल अस्पताल में लगभग 35 km दूर तक के व्यक्ति निर्भर करते हैं। वहीं जोगिन्दर नगर उपमंडल में कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर नगर परिषद जोगिन्दर नगर के वार्ड 1 में स्थित शमशानघाट में अन्तिम संस्कार किया जा रहा है। यह शमशान घाट घनी आबादी से बस लगभग 1oo फुट की दूरी पर है। जिस से हमेशा संक्रमण फैलने का अंदेशा बना रहता है। जितनी मर्तबा भी कोरोना संकृमित व्यक्तियों की मृत्यु हुई है उस के अन्तिमसंस्कार के समय किसी भी अधिकारी के मौजूद रहने के आदेश नहीं किये गए हैं। जिससे इस बात का भी पता नहीं चल रहा कि वहां कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार हो रहा है या नहीं। शिकायत पत्र में कहा गया है कि नगर परिषद जोगिन्दर नगर के द्वारा मांग करने पर भी अभी तक कोरोना संक्रमितों का रोज मर्रा के कूड़े के निष्पादन को जगह मुहैया नहीं करवाई गयी है। जोगिन्दर नगर उपमंडल के तहत सभी चुने हुए प्रतिनिधियों को उनके क्षेत्र में आये पॉजिटिव व्यक्तियों की सूची प्रतिदिन उप्लब्ध नहीं करवाई जा रही है, जिस कारण इन सभी पंचायत प्रतिनिधियों को पॉजिटिव आये व्यक्तियों की आइसोलेशन के दौरान मदद करने का जो सरकार का आदेश है उस की पालना करना मुश्किल हो रहा है। नगर परिषद के प्रतिनिधियों को सिर्फ दो दिन पूर्व से संक्रमित व्यक्तियों की सूची बार बार निवेदन करने के पश्चात उपलब्ध करवायी जा रही है। इतना ही नहीं पॉजिटिव आये व्यक्तियों को न ऑक्सओमीटर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं न ही समय पर जरूरी दवायें। उल्टा टीकाकरण का जो अभियान चला है उस में संक्रमित होने का अधिक खतरा हो गया है क्यों कि टीका लगाने के बाद टीकाकरण करने वाले के द्वारा अपने हाथ सेनेटाइज किये बिना अगले व्यक्ति को टिका लगाया जा रहा है। इसी तरह जिस कुर्सी पर टीकाकरण करने के लिए व्यक्ति को बिठाया जा रहा है उसे एक व्यक्ति की बारी होने के बाद सेनेटाइज नहीं किया जा रहा है। जिस से संक्रमण फैलने का अंदेशा बना रहता है। साथ ही टीकाकरण से पहले सभी व्यक्तियों का तापमान भी नहीं मापा जा रहा है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुन्दन की एनएसएस इकाई ने अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस दिवस ऑनलाइन मनाया। इस अवसर पर चित्रकला प्रतियोगिता रखी गई। स्वयंसेवी हिमानी भगत ने चित्रकला के माध्यम से रेड क्रॉस निशान की जानकारी दी व अपने भावों को व्यक्त किया। वहीं कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू ने अंतरराष्ट्रीय संगठन रेड क्रॉस के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सन 1863 में हैनरी डयुनेट ने रैड क्रॉस की स्थापना की थी। इनका जन्म दिवस 8 मई को रेडक्रॉस के रूप में मनाया जाता है। 8 मई 1948 को पहला अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस दिवस मनाया गया था। भारत में रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना सन 1920 में की गई थी। इस संगठन का उद्देश्य कोरोना महामारी से प्राकृतिक आपदा में पीड़ितों की सहायता करना है। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने कोरोना महामारी में रैड क्रॉस सोसाइटी का नारा "अपने अंदर के स्वयंसेवक को पहचाने" की जानकारी दी।
कोरोना महामारी के चलते ग्राम पंचायत रौड़ी के फ़ाउंटेन यूथ क्लब द्वारा चलाई गई मुहिम "हर घर मास्क हर घर सेनिटाईजेशन "के अंतर्गत रौड़ी पंचायत के गांव बागा को क्लब सदस्यों द्वारा सेनिटाईज किया गया। क्लब सदस्यों द्वारा ग्रामीणों को कोरोना नियमों के बारे में अवगत करवाया गया व पूर्ण रूप से नियमों का पालन करने हेतु आग्रह किया गया। क्लब सदस्यों द्वारा ग्रामीणों को कोरोना कर्फ्यू का पालन करने का अनुरोध भी किया गया। फ़ाउंटेन यूथ क्लब ने बताया कि अत्यंत आवश्यक कार्य के लिए ही घर से बाहर निकलें। बाहर निकलने पर एक दूसरे से दो गज की दूरी बनाए रखें और मास्क लगा कर रखें। इस समाज कल्याण कार्य के लिए ग्रामीणों ने क्लब सदस्यों को सराहा। फाउंटेन यूथ क्लब द्वारा "हर घर मास्क हर घर सेनिटाईजेशन "की ग्राम पंचायत रौड़ी के गांव रौड़ी व बागा के बाद अब यह मुहिम पंचायत रौड़ी के बटेड़, सुल्ली, खाता व पछियूर गांव में भी चलाई जाएगी। इस अभियान में फाउंटेन यूथ क्लब के मुख्य सदस्य व गांव बागा के निवासी तरुण ठाकुर, नीतीन, रजत, हर्ष व अन्य मंडल सदस्य शामिल रहे।
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ इन्डस्ट्रीज एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमण्डल ने अध्यक्ष संजय खुराना की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भेंट कर मुख्यमंत्री कोविड फंड में 31.47 लाख रुपये का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए योगदानकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योगदान समाज के परोपकारी और सम्पन्न वर्ग के लोगों को इस फंड में उदारतापूर्वक दान देने के लिए प्रेरित करेगा जो संकट के समय में जरूरतमंदों और गरीब लोगों की मदद के लिए उपयोग किया जा सकेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह, आयुक्त उद्योग हंसराज शर्मा, प्रबन्ध निदेशक राज्य नागरिक आपूर्ति निगम आबिद हुसैन सादिक सहित उद्योगों के अन्य प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्य सरकार की पहली और महत्वपूर्ण प्राथमिकता स्वास्थ्य चिकित्सा के उद्देश्य से ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना है ताकि ऑक्सीजन के कारण किसी को परेशानी न झेलनी पड़े। यह बात आज मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के ऑक्सीजन उत्पादकों को सम्बोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान इस वायरस के प्रभाव को कम करने के लिए समाज में एक-दूसरे की सहायता करना हम सबका दायित्व बनता है। राज्य में ऑक्सीजन का उत्पादन सरप्लस है, लेकिन ऑक्सीजन के परिवहन के लिए हमें सिलेंडरों की आवश्यकता है। ऑक्सीजन उत्पादकों को राज्य में ऑक्सीजन का अधिकतम उत्पादन सुनिश्चित करना चाहिए ताकि इसका उपयोग कर मानव जीवन को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन के रिसाव और अपव्यय को भी प्रभावी ढंग से रोकने की आवश्यकता है। कोविड-19 मरीजों के लिए ऑक्सीजन की मांग बढ़ने के कारण ऑक्सीजन की खपत भी काफी बढ़ गई है। केन्द्र सरकार ने राज्य के लिए 15 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन का कोटा निर्धारित किया है। राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 30 प्रतिशत मीट्रिक टन करने का केन्द्र सरकार से आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आईजीएमसी के ऑक्सीजन प्लांट की उत्पादन क्षमता को 20 मीट्रिक टन तक बढ़ाएगी। इससे राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित होगी। राज्य में अन्य ऑक्सीजन प्लांटों की उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से मांग को पूरा करने के लिए राज्य को डी-टाइप के 5000 और बी-टाइप के 3000 सिलेंडर उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है। राज्य में स्थित सभी ऑक्सीजन संयंत्रों को राज्य सरकार बिजली की पर्याप्त और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगी ताकि ऑक्सीजन की कमी न हो और ऑक्सीजन का उत्पादन सुचारू रूप से चले। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन उत्पादकों को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन की आपूर्ति निर्बाध और सुचारू रूप से सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि लोग ऑक्सीजन के लिए परेशान न हों। राज्य सरकार निजी ऑक्सीजन उत्पादकों के विभिन्न मुद्दों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी और उन्हें समय पर भुगतान सुनिश्चित करेगी। प्रदेश सरकार ने ऑक्सीजन का उचित भंडारण और उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ऑक्सीजन नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह ने मुख्यमंत्री व अन्य गणमान्यों का स्वागत किया और कहा कि विभाग ऑक्सीजन प्लांट की उचित कार्यशीलता सुनिश्चित करने के लिए ऑक्सीजन उत्पादकों को लॉजिस्टिक की हर संभव सहायता प्रदान करेगा। प्रदेश में स्थापित ऑक्सीजन संयंत्रों के मालिक सुधांशु कपूर, सुरेश शर्मा, पुष्पेन्द्र मित्तल, विशांत गर्ग, अजय मोदी, रोहित मित्तल, हर्ष गुप्ता और रवि धीमान ने भी इस अवसर पर अपने विचार सांझा किए। आयुक्त उद्योग हंसराज शर्मा, विशेष सचिव अरिंदम चैधरी मुख्यमंत्री के साथ जबकि मण्डी, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और ऊना के उपायुक्त बैठक में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद के निर्देश पर आज तहसीलदार कण्डाघाट अमन राणा ने स्थानीय बाजार का औचक निरीक्षण किया और दुकानदारों सहित अन्यों को कोविड-19 बचाव नियमों की जानकारी दी। डाॅ. विकास सूद ने कहा कि प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देशानुसार कण्डाघाट उपमण्डल में विभिन्न नियमों का पालन सुनिश्चित बनाया जा रहा है और लोगों को इस सम्बन्ध में जागरूक किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार 17 मई की प्रातः 6.00 बजे तक कोरोना कर्फ्यु काल में मदिरा की दुकानें, अहाता एवं बार इत्यादि बन्द रहेंगे। इस अवधि में सार्वजनिक वितरण प्रणाली सहित राशन की अन्य दुकानें, क्षेत्र विशेष में कार्यरत, सड़क के किनारे, गली के छोर पर स्थापित ऐसी दुकानें जो खाद्य पदार्थ, किराना, फल एवं सब्जी, दूध एवं दूध विक्रय केन्द्र, मीट तथा मछली, पशु चारा, बीज, खाद एवं कीटनाशक का विक्रय करती हैं, खुली रहेंगी। इन वस्तुओं का परिवहन, भण्डारण एवं सम्बन्धित गतिविधियां भी सुचारू रहेंगी। उक्त सभी दुकानों को सांय 6.00 बजे तक बन्द करना होगा। डाॅ. सूद ने कहा कि कण्डाघाट उपमण्डल में नियम पालन सुनिश्चित बनाया जा रहा है और नियम न मानने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। नियम पालन के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन द्वारा कोविड पाॅजिटिव रोगियों का पूर्ण ध्यान रखा जा रहा है और उनसे नियमित वार्तालाप कर समस्याओं को दूर किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट से सम्पर्क कर सकते हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कोरोना कर्फ्यु का पालन करें। यदि किसी कारणवश बाजार इत्यादि जाना पड़े तो उचित प्रकार से मास्क पहनें, सामाजिक दूरी के नियम का पालन करें और अपने हाथ बार-बार धोते रहें।
हिमाचल प्रदेश विद्युत परिषद सेवानिवृत्त वेलफेयर एसोसिएशन दाड़लाघाट एवं नम्होल यूनिट की मासिक बैठक कोविड-19 महामारी के बढ़ते प्रकोप के कारण स्थगित कर दी गई। महासचिव प्रेम केशव ने बताया की इस बैठक के बारे में सभी सदस्यों से अनुरोध है कि आगामी बैठक की जानकारी अलग से सूचित की जाएगी। इसके अलावा सभी सदस्यों से आग्रह है कि इस महामारी के दौरान मास्क व दूरी तथा अपने आप को सर्दी, जुकाम, खांसी के प्रकोप के लिए अपने नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र की सलाह अवश्य लें। उन्होंने अनुरोध किया है कि बिना आवश्यक कार्य के घर से बाहर ना निकलें।
सुजानपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन ज्योति प्रकाश व जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष लेखराज ठाकुर ने सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा व प्रदेश कांग्रेस मीडिया के चेयरमैन अभिषेक राणा के खिलाफ बयान बाजी करने वाले भाजपा नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि ऐसे नेताओं को पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखना चाहिए और फिर टीका टिप्पणी करनी चाहिए। आज यहां जारी एक बयान में इन दोनों नेताओं ने कहा कि बयानबाजी करने वाले भाजपाइयों की असलियत सुजानपुर हलके की जनता से छुपी हुई नहीं है और सुजानपुर की जनता यह भली-भांति जानती है कि सेना में भर्ती करवाने के नाम पर गरीब लोगों के साथ कौन लूट घसीट कर रहा है और अपने रेस्टोरेंट में अवैध तरीके से शराब परोसने का कारोबार कौन लोग राजनीतिक संरक्षण में कर रहे हैं यह बात किसी से छुपी नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर विधायक राजेंद्र राणा और अभिषेक राणा मोदी शासन में देश भर में ऑक्सीजन सिलेंडर व अस्पतालों में बेड की कमी से निरंतर हो रही मौतों को लेकर आम आदमी की पीड़ा जाहिर कर रहे हैं तो भाजपाइयों के पेट में मरोड़ किस लिए उठ रहे हैं। इन नेताओं ने कहा कि कि अगर देश की अर्थव्यवस्था पताल में चली जाने, बेरोजगारी से युवाओं में हाहाकार मचने और कमरतोड़ महंगाई की चक्की में आम आदमी के पिसने की पीड़ा को अगर राजेंद्र राणा व अभिषेक राणा आवाज दे रहे हैं तो भाजपाइयों को सांप क्यों सूंघ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि क्या भाजपा नेता चाहते हैं कि मोदी सरकार की तरह विपक्ष के लोग भी अपनी आंखों पर पट्टी बांध लें और देश में मची त्राहि-त्राहि पर अपनी आवाज ना उठाएं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजेंद्र राणा का सामाजिक कार्यों में क्या योगदान है और किस तरह वह दिन रात अपने इलाके की जनता के सुख दुख में शामिल रहते हैं, इस बात को सुजानपुर की जनता ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की जनता जानती है। उन्होंने कहा कि राजेंद्र राणा परिवार ने अपना जीवन गरीबों को समर्पित कर रखा है लेकिन दूसरी तरफ भाजपा के लोग सिर्फ भाषण बाजी और जुमलेबाजी में ही यकीन रखते हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिन भाजपाइयों ने अखबारों में राजेंद्र राणा के खिलाफ टीका टिप्पणी की है, उनकी असलियत और किरदार इलाके की जनता भलीभांति जानती है। ऐसे लोग बयानबाजी करके जनता के बीच हंसी का पात्र बन रहे हैं।
कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को रोकने तथा जन-जन को प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा इस सम्बन्ध में जारी आदेशों के विषय में जागरूक करने के लिए एक ओर जहां जागरूकता अभियान कार्यान्वित किया जा रहा है वहीं जिला सोलन में आयोजित हो रहे विवाह समारोहों में कोविड-19 दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाई जा रही है। यह जानकारी उपायुक्त सोलन केसी चमन ने दी। केसी चमन ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा आज प्रातः 6.00 बजे से 17 मई की प्रातः 6.00 बजे तक कोरोना कर्फ्यू लागू किया गया है। जिला सोलन में इस सम्बन्ध में उचित आदेश जारी कर लोगों को जागरूक किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि जिला में विवाह समारोहों इत्यादि में निर्देशों की अनुपालना के लिए व्यक्तिगत सम्पर्क पर ध्यान दिया जा रहा है। सोलन जिला में 03 दिनों में 276 विवाह समारोह अनुमति उपरान्त आयोजित होने हैं। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित बना रहा है कि यह विवाह समारोह पूर्ण कोविड प्रोटोकाॅल के साथ आयोजित हों ताकि न केवल इनमें आने वाले आगन्तुक सुरक्षित रहें अपितु यह अन्य के लिए भी उदाहरण प्रस्तुत कर सकें। जिला के सभी पांचों उपमण्डलाधिकारियों और सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं कि व्यक्तिगत स्तर पर दूरभाष के माध्यम से उन घरों के मुखिया से सम्पर्क करें जहां विवाह समारोह आयोजित किया जा रहा है। आज प्रातः से ही उपमण्डलाधिकारियों एवं तहसीलदारों द्वारा ऐसे घरों के मुखिया से सम्पर्क स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा सभी से आग्रह किया गया है कि कोविड-19 संकट के दृष्टिगत विभिन्न आदेशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाएं ताकि मांगलिक समारोह सुरक्षित बने रहें। लोगों को अवगत करवाया जा रहा है कि विवाह समारोह इत्यादि में जिला प्रशासन की अनुमति के उपरान्त 20 व्यक्ति ही एकत्र हो सकते हैं तथा यह समारोह अनुमति प्राप्त स्थान परिसर के भीतर ही आयोजित होने चाहिए। उन्हें यह भी अवगत करवाया जा रहा है कि विवाह समारोह में आने वाले अतिथियों की आवाजाही की अनुमति सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी द्वारा जारी की जा रही है। सभी से आग्रह किया गया है कि इन नियमों के साथ-साथ अन्य सभी आवश्यक नियमों का पालन सुनिश्चित बनाएं। केसी चमन ने कहा कि कोरोना के दृष्टिगत जिला में विभिन्न स्थानों पर आवाजाही का अनुश्रवण किया जा रहा है। लोगों से आग्रह किया गया है कि अकारण घर से बाहर न निकलें और आवश्यक खाद्य सामग्री इत्यादि अपने घर के समीप स्थित दुकानों से ही खरीदें। उन्होंने कहा कि कोरोना कर्फ्यू के दौरान भी कोविड बचाव टीकाकरण निर्धारित रूप से कार्यान्वित किया जा रहा है। वर्तमान में फ्रन्ट लाईन वर्कर के साथ-साथ 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के व्यक्तियों का टीकाकरण किया जा रहा है। टीकाकरण के लिए पात्र व्यक्ति एक सहयोगी के साथ निर्धारित टीकाकरण स्थल तक जा सकते हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि सभी पात्र व्यक्ति अपना टीकाकरण सुनिश्चित बनाएं ताकि कोरोना के संकट से बचा जा सके। केसी चमन ने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए आवश्यकता पड़ने पर घर से बाहर जाने पर सभी नाक से ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनें। 02 व्यक्तियों के मध्य उचित दूरी के नियम का पालन करें और बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाइजर से धोते रहें। यदि किसी को सर्दी, खांसी, जुखाम, बुखार एवं सांस लेने में तकलीफ इत्यादि की समस्या हो रही हो तो वह शीघ्र अपना कोविड-19 परीक्षण करवाएं और चिकित्सक के परामर्श के अनुरूप कार्य करें। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाए रखने के साथ-साथ सभी को सुरक्षित रखने के लिए कार्यरत है। नियम पालन न करने की स्थिति में विधि सम्मत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार चम्बाघाट से शिमला के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन कार्य के दृष्टिगत 10 मई को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी बोर्ड के सहायक अभियन्ता आर विदुर ने दी। उन्होंने कहा कि फोरलेन कार्य के दृष्टिगत 10 मई को सोलन के सलोगड़ा, बस्ती रोड़, रेलवे स्टेशन, कथोग तथा आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 10.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि के दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान प्रदेश के मेडिकल काॅलेजों, अस्पतालों, समर्पित कोविड अस्पतालों में कोविड ड्यूटी देने वाले एमबीबीएस के चौथे व पांचवें वर्ष के प्रशिक्षुओं, सीनियर व जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों, अनुबंध आधार पर तैनात चिकित्सकों, प्रशिक्षु नर्सो, अनुबंध लैब कर्मियों को दिए जाने वाले मानदेय की अधिसूचना स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि 30 जून तक कोविड ड्यूटी पर तैनात सीनियर व जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों को 10 हज़ार रुपये, अनुबंध आधार पर तैनात चिकित्सकों को 10 हजार रुपये और एमबीबीएस के चौथे व पांचवें वर्ष के प्रशिक्षु छात्रों को भी 10 हज़ार रुपये मानदेय प्रतिमाह दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त कोविड ड्यूटी देने वाली बीएससी व एमएससी प्रशिक्षु नर्सो को 6 हजार रुपये, अनुबंध लैब कर्मियों को 5 हजार रुपये और जीएनएम प्रशिक्षु नर्सो को 5 हज़ार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह मानदेय इन्हें मिलने वाले नियमित वेतन या भुगतान के अतिरिक्त होगा।
शिमला: प्रदेश में महामारी से राहत कार्यो के लिए पूर्व मंत्री जी.एस बाली को प्रभारी किया गया नियुक्ति
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश में कोरोना महामारी से लोगों के राहत कार्यो के लिए कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री जी.एस. बाली को प्रभारी नियुक्ति किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला ने बताया कि जी.एस बाली, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, प्रतिपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री, सभी कांग्रेस विधायक, पूर्व सासंद, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक व सभी जिलाध्यक्षों से समन्वय स्थापित करते हुए प्रदेश कांग्रेस द्वारा शुरू की गई हेल्पलाइन की निगरानी भी करेंगे, जिससे प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा स्थापित इन राहत केंद्रों में बेहतर कार्य हो सके। शुक्ला ने कहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, प्रतिपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री व जी.एस बाली आपसी समन्वय के साथ राहत कार्यो की निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा स्थापित सभी राहत केंद्रों को अपनी दैनिक रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में स्थापित कंट्रोल रूम को देनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ते कोरोना से प्रभावित लोगों को ऑक्सीजन, दवाइयों व उनके रहने व खाने आदि की हर सम्भव सहायता की जानी चाहिए।
हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ की बैठक वर्चुअल माध्यम से सुबह 10:00 बजे से 1:00 बजे तक चली। प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर की अध्यक्षता में 3 घंटे चली इस बैठक में सभी जिला की यूनियन के पदाधिकारियों एवं जिला के अध्यक्ष ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया कि जब तक सरकार द्वारा निजी बस ऑपरेटर की मांगों पर फैसला नहीं किया जाएगा तब तक हड़ताल वापिस नहीं होगी। इस बैठक में सभी निजी बस ऑपरेटर की यही राय थी कि सरकार द्वारा बार-बार आश्वासन और घोषणा करने के बावजूद भी कोई फैसला निजी बस ऑपरेटरों के हक में नहीं किया गया। 26 अप्रैल को सभी जिला की यूनियन ने जिलाधीश के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया था कि 8 दिन के अंदर अगर हमारी मांगे नहीं मानी गईं तो 3 मई से निजी बस ऑपरेटर अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए चले जाएंगे। लेकिन सरकार द्वारा इस पर कोई भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। हड़ताल के दौरान परिवहन विभाग के एक आला अधिकारी निजी बस ऑपरेटरों के संपर्क करते रहे और यह आश्वासन देते रहे कि इस कैबिनेट बैठक में निजी बस ऑपरेटर की मांगों पर सकारात्मक फैसला लिया जाएगा लेकिन जिस दिन कैबिनेट की बैठक हुई उस दिन उन्होंने भी हथियार डाल दिए। उसके पश्चात परिवहन मंत्री द्वारा एक प्रेस रिलीज जारी की गई है जिसमें कहा गया है कि कर्फ्यू के बाद निजी बस ऑपरेटर की मांगों पर सकारात्मक फैसला किया जाएगा। जबकि इस पर भी निजी बस ऑपरेटर सहमत नहीं है क्योंकि इस तरह के आश्वासन और घोषणाएं परिवहन मंत्री ही नहीं मुख्यमंत्री द्वारा भी कई बार की गई है। 18 फरवरी को निजी बस ऑपरेटर संघ का एक प्रतिनिधिमंडल धर्मशाला में मुख्यमंत्री से मिला था जहां गहन चर्चा करने के पश्चात मुख्यमंत्री ने पूरा आश्वासन दिया था कि शीघ्र ही निजी बस ऑपरेटर की मांगों पर विचार विमर्श करके इस पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उसके पश्चात शिमला पीटरहॉफ में भी निजी बस ऑपरेटर संघ ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की तथा वह भी यही आश्वासन दिया गया। 25 मार्च को प्रधान सचिव के के पंत की अध्यक्षता में एक बैठक हुई जिसमें यह आश्वासन दिया गया था कि जैसे ही नगर निगम और नगर निकाय चुनाव खत्म होंगे उसके बाद जो पहली बैठक होगी उसमें यह मुद्दा ले जाया जाएगा और इस मुद्दे पर सकारात्मक फैसला होगा लेकिन वहां भी ऐसा नहीं हुआ। हिमाचल दिवस के अवसर पर जब मुख्यमंत्री ने अगले 3 महीने का 50 फ़ीसदी टैक्स माफ करने की घोषणा तो निजी बस ऑपरेटरों को लगा कि सरकार द्वारा उन्हें केवल बेवकूफ बनाया जा रहा है क्योंकि जब तक पिछली मांग का फैसला नहीं किया जाता, तब तक टैक्स माफ करने की घोषणा का कोई भी औचित्य नहीं रह जाता है। इसलिए निजी बस ऑपरेटरो ने फैसला किया कि जब तक सरकार द्वारा बस ऑपरेटरों की मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं किया जाता तब तक हड़ताल वापस नहीं ली जाएगी। जिला कुल्लू के प्रधान रजत जमवाल ने कहा कि जब तक सरकार द्वारा हमारी मांगे नहीं मानी जाती तब तक हमारी हड़ताल जारी रहनी चाहिए। जो छिटपुट बसे कुल्लू जिला में चल रही है उनमे से भी अधिकतर आज खड़ी हो गई है अब जो थोड़ी बहुत चला रहे है उनको भी समझा बुझा कर खड़ा कर दिया जाएगा। सोलन जिला के प्रधान जॉनी मेहता ने कहा कि सरकार द्वारा हमेशा ही हमें बेवकूफ बनाया जा रहा है इसलिए यह तय करना चाहिए कि जब तक सरकार द्वारा हमारी मांगे नहीं मानी जाती तब तक हड़ताल जारी रहनी चाहिए l उन्होंने कहा कि अपनी इस हड़ताल को और भी मजबूत करना चाहिए l शिमला शहरी यूनियन के महासचिव सुनील चौहान, पूर्व महासचिव अमित चड्ढा, उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने कहा कि जो बसें चल रही है उनको भी खड़ी करने का प्रयास किया जाना चाहिए तथा जैसा भी बहुमत से तय होगा हम उसी पर अडिग रहेंगे। शिमला शहरी यूनियन के ही सुनील शर्मा ने कहा कि जब तक सरकार द्वारा हमारी मांगे नहीं मानी जाती तब तक हड़ताल वापस नहीं लेनी चाहिए l मां भीमा काली यूनियन रामपुर के प्रधान मनीष शर्मा ने कहा कि जब हमने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है तो तब तक पीछे नहीं हटना चाहिए जब तक कि सरकार द्वारा हमारी मांगे नहीं मानी जाती है। जिला बिलासपुर के प्रधान राजेश पटियाल महासचिव, राहुल चौहान व अनिल कुमार मिंटू ने कहा कि सरकार द्वारा हमेशा ही निजी बस ऑपरेटरों को बेवकूफ बनाया जा रहा है इसलिए हमें अपनी हड़ताल को वापस नहीं लेना चाहिए l जिला हमीरपुर से विजय आरटीसी, भरत भूषण, कपिल तथा मनोज कुमार ने एकजुट होकर कहा कि जिला हमीरपुर में कोई भी बस नहीं चलने दी जाएगी जो भी बस बाहर से हमीरपुर में प्रवेश करेगी उनको समझा-बुझाकर बंद करवाने का प्रयास किया जाएगा l नालागढ़ से मनोज राणा एवं अरुण चंदेल ने कहा कि नालागढ़ यूनियन प्रदेश यूनियन के साथ खड़ी हैं तथा जैसा भी प्रदेश यूनियन तय करेगी उन्हें मान्य होगा जबकि उन्होंने भी हड़ताल को निरंतर जारी रहने का निवेदन किया। सुजानपुर के प्रधान भीम सिंह रागडा ने कहा कि जब तक फैसला नहीं होगा तब तक अपनी हड़ताल वापस नहीं देनी चाहिए। जिला मंडी के प्रधान सुरेश कुमार, सचिव हँस ठाकुर तथा चेयरमैन गुलशन दीवान ने कहा कि जब तक सरकार द्वारा फैसला नहीं किया जाएगा तब तक जिला मंडी में हड़ताल वापस नहीं की जाएगी तथा मंडी में चलने वाली 2-4 बसे को भी रोकने का प्रयास किया जाएगा। हिमालयन निजी बस यूनियन के प्रधान वीरेंद्र कंवर ने कहा कि हम अपनी हड़ताल पर अडिग हैं तथा जब तक सरकार द्वारा कोई फैसला नहीं किया गया तब तक हम अपनी हड़ताल को वापस नहीं लेंगे। हिमालय निजी बस ऑपरेटर यूनियन के चेयरमैन पंकज चौहान ने कहा कि इस हड़ताल को और मज़बूत करना चाहिए। कुछ बसें जो चल रही है उन को समझा-बुझाकर बंद करने का प्रयास करना चाहिए तथा जैसे भी कर्फ्यू खत्म हो जाएगा उसके पश्चात यह आंदोलन और उग्र रूप से चलाना चाहिए। चंबा के प्रधान रवि महाजन ने कहा कि हमारी हड़ताल जारी है तथा तब तक जारी रहेगी जब तक की सरकार द्वारा कोई फैसला नहीं लिया जाता। ऊना के प्रधान रामकिशन ने कहा कि सरकार द्वारा हमेशा ही हम को बेवकूफ बनाया जा रहा है इसलिए जिला ऊना तब तक हड़ताल पर रहेगा जब तक कि सरकार द्वारा फैसला नहीं किया जाता है। कांगड़ा के प्रधान रवि दत्त शर्मा, विनय बेदी, मुन्ना वालिया इत्यादि ने कहा कि जिला कांगड़ा अपनी हड़ताल पर अडिग है। जो दो चार लोग कांगड़ा में बसें चला रहे है वह मात्र ऑपरेटर को गुमराह कर रहे हैं। आज जिला कांगड़ा में सिर्फ चार पांच बसें चल रही है जिनका की कोई औचित्य नहीं है। जिला सिरमौर के प्रधान मामराज़ शर्मा ने कहा कर्फ्यू होने के कारण हड़ताल चाहे वापस ले चाहे ना ले, सवारिया ना होने के कारण प्रदेश का हर निजी बस ऑपरेटर बस चलाने में समर्थ है। इसलिए हड़ताल का कोई औचित्य नहीं रह जाता है,जबकि जिला सिरमौर में भी बसे रूट परमिट पर नहीं चल रही है। जिला सिरमौर के बलदेव ठाकुर एवं अखिल शर्मा ने कहा कि जिला सिरमौर में कोई भी बस रूट पर नहीं चल रही है और न ही चलेगी। हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के उपाध्यक्ष वीरेंद्र गुलेरिया ने कहा कि सरकार से बातचीत कर रास्ता निकाल देना चाहिए। जाहु के विरेंदर चंदेल ने कहा हड़ताल वापस लेने का कोई भी मतलब नहीं बनता हैl
पिछले 13 वर्षों से काबिज भाजपा समर्थित जिला सोलन ट्रांसपोर्ट ट्रक ऑपरेटर सोसाइटी दाड़लाघाट (एसडीटीओ) के प्रधान पद पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार ने कब्जा करने में विजय हासिल की है। ज्ञात रहे कि जिला सोलन ट्रांसपोर्ट ट्रक ऑपरेटर सोसाइटी दाड़लाघाट में पिछले 13 वर्षों से भाजपा का कब्जा था। वीरवार को सम्पन्न हुई चुनाव प्रक्रिया में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार ने इस पद पर कब्जा करने में कामयाबी हासिल की है। जिला सोलन ट्रांसपोर्ट ट्रक ऑपरेटर सोसाइटी दाड़लाघाट में वीरवार को दाड़लाघाट स्थित यूनियन कार्यालय में निदेशक गुरमुख सिंह की अध्यक्षता में प्रधान, वरिष्ठ उपप्रधान व कोषाध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न हुई। जिला निरीक्षक सहकारी सभा सोलन बुद्धि सिंह की देख रेख में सर्वसम्मति से जयदेव कौंडल को प्रधान चुना गया। वहीं वरिष्ठ उपप्रधान नरेश कुमार गुप्ता तथा कोषाध्यक्ष राम कृष्ण बसंल को चुना गया। गौर रहे कि जिला सोलन ट्रांसपोर्ट ट्रक आपरेटर सोसाइटी दाड़लाघाट के जिला में कुल 21 वार्ड हैं। कुछ दिनों पहले ही यूनियन की चुनावी प्रक्रिया सम्पन्न हुई जिसमें यूनियन के 14 वार्डों पर सदस्यों का चुनाव निर्विरोध हुआ, जबकि 7 वार्डों पर आम सहमति नहीं बन पाई थी। लिहाजा 23 अप्रैल को यूनियन के 7 वार्डों में सदस्यों के चयन के लिए चुनावी प्रक्रिया संपन्न हुई। चुनावी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद वीरवार को यूनियन के मलाईदार पदों को झटकने के लिए जोड़-तोड़ की राजनीति को विराम लग गया जिसमें यह दिलचस्प रहा कि तीनों पदों पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार यूनियन के बड़े पदों पर विराजमान होने में सफल हुए।
दाड़लाघाट के अंतर्गत 108 कर्मचारियों ने एंबुलेंस के अंदर सफल प्रसव करवाया। महिला ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया है और दोनों स्वस्थ हैं। दोनों को एफआरयू अस्तपाल अर्की में भर्ती किया गया है। 108 के पायलट राकेश ने बताया कि दसेरन निवासी नीलम पत्नी राकेश को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने पर महिला के परिजनों ने 108 पर कॉल कर सूचना दी। सूचना मिलते ही दाड़लाघाट से 108 एंबुलेंस वाहन दसेरन गांव में पहुंचा और महिला को लेकर अस्पताल के लिए रवाना हुआ। रास्ते में महिला की तबीयत और खराब होने लगी। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए ईएमटी कुसम ने बाघल होटल के पास फोन पर डॉक्टर से सलाह ली और एंबुलेंस के अंदर ही महिला का सफल प्रसव करवाया। इस दौरान महिला ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। महिला के परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों की सराहना की है। बता दें कि इससे पहले भी दाड़लाघाट एम्बुलेंस लोगों के लिए वरदान साबित हुई है। दाड़लाघाट एम्बुलेंस में आज तक 24 डिलीवरी हुई जो जिला सोलन में नंबर 1 में मानी जाती है तथा 108 कर्मचारियों को सम्मानित भी किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लोगों को कोविड से सम्बन्धित मामलों में सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 पर समर्पित कोविड-19 हेल्पलाइन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस हेल्पलाइन को विकसित करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कोविड-19 सम्बन्धित मामलों में किसी भी प्रकार की सहायता के लिए लोग प्रातः 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक टोल फ्री नम्बर 1100 पर काॅल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि काॅल पर शिकायत दर्ज कर लोगों के जांच, टीकाकरण, होम क्वारनटीन, दवाइयां, एम्बुलेंस और ऑक्सीजन जैसे विभिन्न मुद्दों पर सम्बन्धित प्राधिकरण को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए उनसे सम्पर्क किया जाएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह हेल्पलाइन प्रौद्योगिकी के माध्यम से लोगों को सुविधा सुनिश्चित करने के लिए अपने आप में ही एक अनूठा प्रयास है। उन्होंने इस सेवा को और अधिक सरल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधान सचिव आईटी रजनीश ने इस हेल्पलाइन की विशेषताओं की विस्तार में जानकारी दी। निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी आशुतोष गर्ग ने इस हेल्पलाइन पर प्रस्तुति दी। अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार डा. आर.एन. बत्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ सचिव और एनएचएम के मिशन निदेशक डा. निपुण जिंदल ने वर्चुअल माध्यम इस बैठक में भाग लिया।
उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद ने कहा कि जिला दण्डाधिकारी सोलन के निर्देशानुसार सम्भावित कोविड-19 रोगियों को परीक्षण उपरान्त घर छोड़ने एवं होम आईसोलेशन में रह रहे ऐसे रोगियों को समर्पित कोविड देखभाल केन्द्र अथवा अस्पताल पहुंचाने के लिए 02 ‘समर्पित वाहन’ तथा एक एम्बूलेंस की व्यवस्था की गई है। डाॅ. विकास सूद ने कहा कि परीक्षण के उपरान्त सम्भावित रोगियों को उनके घर तक छोड़ने अथवा होम आईसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमित रोगियों को समर्पित कोविड देखभाल केन्द्र अथवा अस्पताल या तदोपरान्त वापिस घर पहुंचाने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि कण्डाघाट तथा कुरगल के लिए ‘समर्पित वाहन’ की सुविधा प्राप्त करने के लिए चिकित्सा अधिकारी डाॅ. पी.एस नंदा के मोबाइल नम्बर 98160-68959 पर सम्पर्क किया जा सकता है। चायल के लिए सुविधा प्राप्त करने के लिए चिकित्सा अधिकारी डाॅ. शुभम के मोबाइल नम्बर 94592-04250 तथा सायरी एवं छावशा के लिए नायब तहसीलदार ममलीग आर.एस.बेदी के मोबाइल नम्बर 94181-39293 पर सम्पर्क किया जा सकता है। सम्भावित रोगियों अथवा पाॅजिटिव रोगियों के सम्बन्धी इन नम्बरों पर सम्पर्क कर सकते हैं। डाॅ. सूद ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कोविड पाॅजिटिव पाया जाता है तो उसके सम्पर्क में आने वाले व्यक्ति भी परीक्षण करवाने के लिए इन वाहनों का प्रयोग कर सकते हैं। वाहन में चालक तथा सवारियों के कक्ष के मध्य ग्लास शील्ड लगानी सुनिश्चित की जाएगी। कोविड-19 रोगी को लाने तथा छोड़ने के उपरान्त वाहन को पूरी तरह सेनिटाइज़ करना होगा।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 08 मई को सोलन शहर के चम्बाघाट क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन कार्य के दृष्टिगत 11 केवी वाटर सप्लाई फीडर की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के सहायक अभियन्ता दिनेश ठाकुर ने दी। दिनेश ठाकुर ने कहा कि इसके दृष्टिगत 08 मई को प्रातः 09.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक फोरेस्ट काॅलोनी, डीआईसी, चम्बाघाट चैक, बेर पानी, बेर गांव, एनआरसीएम, करोल विहार तथा आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि के दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
बाल विकास परियोजना अधिकारी शिमला शहरी ममता पॉल ने जानकारी देते हुए बताया कि 10 मई को आंगनबाड़ी केंद्र भगवती नगर, टूटू एवं चलोंठी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के लिए साक्षात्कार की तिथि निर्धारित की गई थी जो सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सरकारी कार्यालयों के बंद रहने के परिणामस्वरूप स्थगित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि साक्षात्कार के लिए आगामी तिथि कार्यालय खुलने के पश्चात निर्धारित की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 7018800702 व 9418496736 पर संपर्क करे।
भारतीय सेना में सैनिक सामान्य ड्यूटी, सैनिक लिपिक व स्टोर कीपर तकनीकी भर्ती के लिए लिखित परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। यह जानकारी निदेशक भर्ती कर्नल शाल्व सनवाल ने दी। कर्नल सनवाल ने कहा कि यह लिखित परीक्षा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर, शिमला में 30 मई को आयोजित की जानी थी। परीक्षा को वैश्विक महामारी कोविड-19 के दृष्टिगत लागू की गई पाबंदियों के कारण स्थगित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह लिखित परीक्षा सोलन, शिमला, सिरमौर तथा किन्नौर जिलों के उन उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जानी थी जिन्होंने 28 मार्च से 03 अप्रैल तक इंदिरा गांधी खेल मैदान ऊना में आयोजित भर्ती रैली में सभी शारीरिक मापदण्ड एवं मेडिकल परीक्षण उत्तीर्ण किए थे। लिखित परीक्षा की तिथि एवं जानकारी उचित समय पर उपलब्ध करवाई जाएगी।
डाक जीवन बीमा के विस्तार के लिए भारतीय डाक विभाग सोलन मंडल में प्रोत्साहन आधार पर डाक जीवन बीमा एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा के प्रत्यक्ष एजेंट तथा फील्ड अधिकारी पद के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। यह जानकारी अधीक्षक डाकघर सोलन रतन चन्द शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए सोलन तथा सिरमौर जिला के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं परीक्षा उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। प्रत्यक्ष एजेंट के लिए आयु सीमा 18 वर्ष से 50 वर्ष निर्धारित है जबकि फील्ड अधिकारी के लिए आयु सीमा 50 से 65 वर्ष निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवार आवेदन पत्र आवश्यक दस्तावेजों सहित अधीक्षक डाकघर सोलन मंडल, सपरून-173211 के कार्यालय में 25 मई 2021 तक स्वयं या स्पीड पोस्ड के माध्यम से प्रेषित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में सोलन मंडल द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। विस्तृत जानकारी किसी भी समीप के डाकघर से प्राप्त की जा सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नंबर 01792-223850 तथा 01792-225293 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
राष्ट्रीय शोध पत्र लेखन प्रतियोगिता में लाखों शिक्षक शामिल होंगे। यह बात शिक्षक महासंघ की राज्य कार्यकारिणी की वर्चुअल मीटिंग में बतौर मुख्य अतिथि शामिल रहे अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री महेंद्र कपूर ने कही। बैठक की अध्यक्षता शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार ने की। जिसमें प्रदेश कार्यकारिणी के 60 पदाधिकारियों ने भाग लिया। अपने संबोधन में राष्ट्रीय महामंत्री महेंद्र कपूर ने कहा कि कोरोना के संकट काल में शिक्षकों को प्रांतीय रक्षक के रूप में बड़ी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने शिक्षक महासंघ की राज्य इकाई से लोगों की मदद के लिए खुलकर आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रीय शोध पत्र लेखन प्रतियोगिता के संबंध में बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर यह प्रतियोगिता दो हिस्सों में संपन्न होगी जिसमें देशभर के लाखों शिक्षक भाग लेंगे। प्रतियोगिता में देश की शिक्षा और संस्कृति से जुड़े विषय रहेंगे जिसके पहले हिस्से में शिक्षा के माध्यम से एक श्रेष्ठ भारत की भावना को बढ़ाना, ऑनलाइन शिक्षा की प्रभावशीलता, बच्चों का समग्र विकास में मातृभाषा की भूमिका, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन में अवसर और चुनौतियों से जुड़े विषय शामिल रहेंगे। जबकि दूसरे हिस्से में कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर के प्रतिभागियों के लिए आत्मनिर्भर भारत अवसर और चुनौतियां, लोकतंत्र में सोशल मीडिया की भूमिका, शिक्षा के माध्यम से धारणक्षम विकास के रूप में मुख्य विषय होंगे जिसमें राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹21000, द्वितीय पुरस्कार ₹15000, तृतीय पुरस्कार ₹11000 के साथ ₹51000 के रूप में 7 सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के लिए ऑनलाइन 31 मई तक देशभर में पंजीकरण किया जाएगा। बैठक में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव पवन मिश्रा, शिक्षक महासंघ के प्रांत महामंत्री विनोद सूद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयशंकर, उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर, अतिरिक्त महामंत्री सुधीर गौतम, प्रदेश मीडिया प्रभारी दर्शन लाल, रविंद्र ठाकुर, सुमित भारद्वाज, श्याम सिंह ,मंडी के प्रधान भगत चंदेल, कुल्लू से चतर सिंह, बिलासपुर से ललित मोहन, ऊना से सुशील मल्होत्रा, कांगड़ा से जोगिंदर शर्मा, नरेंद्र शर्मा, किन्नौर से बलवीर नेगी, शिमला से अशोक कुमार, सोलन से नरेंद्र कपिला, चंबा से नरेश मिन्हास शशि शर्मा, टिशम ठाकुर समेत अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने एचपीयू के हॉस्टल चीफ वार्डन को छात्रावासों को बन्द न किए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। हिमाचल सरकार द्वारा राज्य में कोरोना कर्फ्यू लगाए जाने के चलते प्रशासन द्वारा छात्रावासों में रह रहे छात्रों को हॉस्टल छोड़कर जाने के निर्देश दिए जाने का एनएसयूआई ने विरोध किया है। परिसर अध्यक्ष प्रवीण मिन्हास ने कहा कि जहां एक तरफ़ पूरा देश और प्रदेश कोरोना जैसी महामारी से प्रभावित है और देश के प्रधानमंत्री भी लोगों को जहां है वहां रहने कि अपील कर रहें है, ऐसे में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इसके विपरीत काम कर रहा है। उन्होंने छात्रों को हॉस्टल खाली करने का तुगलकी फरमान सुना दिया है। जहां प्रदेश विश्वविद्यालय में प्रदेश के कोने-कोने से ही नहीं अपितु प्रदेश के बाहर के छात्र भी प्रदेश विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रहते है ऐसे में इस तुगलकी फरमान ने छात्रों को दुविधा में डाल दिया है क्यूंकि इस समय जब कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है तो छात्रों का यूनिवर्सिटी से अन्य जिलों व राज्यों में अपने घर की ओर यात्रा करना उनकी जान को जोखिम में डाल सकता है। प्रदेशाध्यक्ष छत्तर ठाकुर ने कहा कि हॉस्टल में मैस बन्द होने के बावजूद भी एनएसयूआई ने छात्रों के लिए छात्रावास खुले रखने की मांग थी और ऐसे में एनएसयूआई द्वारा इन छात्रों को भोजन की व्यवस्था प्रदान करने की पेशकश भी हॉस्टल प्रशासन से की थी। इस मौके पर एनएसयूआई के प्रदेश संगठन महासचिव मनोज चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष वीनू मेहता, प्रदेश सचिव रजत राणा, परिसर उपाध्यक्ष रजत भारद्वाज, अरविन्द ठाकुर, ललित ठाकुर और सनी कपूर मौजूद रहे।


















































