जिला शिमला के जुब्बल तहसील के अंतर्गत उतराखंड के साथ लगती आख़िरी पंचायत सोलंग में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पंचायत स्तर पर आपातकालीन मासिक बैठक बुलाई गई जिसकी अध्यक्षता पंचायत प्रधान ने की। इसमें पंचायत प्रधान पवन कुमार, ज़िला परिषद् सदस्य कौशल मुँगटा, उपप्रधान मेहर सिंह चौहान, पंचायत सचिव संजीव मेहता विशेष रूप से मौजूद रहे। आपातकालीन बैठक में कोरोना के बढ़ते मामलों को मद्देनज़र रखते हुए पंचायती राज अधिनियम की शक्तियों का प्रयोग कर अपने स्तर पर कई कड़े फ़ैसले लिए गए। इसमें पंचायत में मौजूद सभी दुकानदारों को बिना मास्क व ग्लव्स सामान बेचने पर 500 रुपये जुर्माना किया जाएगा। बिमारी छिपाने वाले परिवारों के ख़िलाफ़ पंचायत स्वयं FIR करेगी। उत्तराखंड की सीमा पर होने के कारण पंचायत में बाहर से आने वाले लोगों के लिए 7 दिन का आवश्यक क्वारंटाइन और RTPC रिपोर्ट अनिवार्य होगी। सभी आशा वर्कर की निगरानी में रहेंगे, गाँव में सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा। सोलंग से बाजार की तरफ़ जाने वाली रूट की गाड़ियां कर्फ़्यू तक केवल आपातकाल स्तिथि पर चलेगी। कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति का परिवार 14 दिनों तक आवश्यक क्वारंटाइन पर रहेगा। आंगनबाड़ी आशावर्कर अपने क्षेत्र की मेडिकल हिस्ट्री और हालात से लगातार पंचायत को अवगत करवाएंगे।
बच्चों की तार्किक बुद्धि और दिमाग की क्षमता जानने के लिए अर्की तहसील में एक नई तकनीक आ गई है। जिसके जरिए बच्चों के करियर से जुड़े सवाल व आपकी चिंता दूर होगी।इस तकनीक से आप अपने बच्चों के भविष्य में उसके द्वारा कौन सा करियर चुना जाएगा या कौन सा करियर उसके लिए अच्छा होगा इस पर भी सहमति बन सकेगी।इसके अलावा बच्चों में विद्यालय न जाना,पढा हुआ अधिक देर तक याद न रहना,बच्चे का चिड़चिड़ा होना पढ़ाई में रुचि न रखना,अधिक शरारती होना,विद्यालय में होने वाले किसी भी कार्यक्रम में रुचि न लेना व अन्य कई प्रकार की समस्याएं जो बच्चों में हो उसका समाधान डीएमआईटी टेस्ट द्वारा किया जाएगा व इसकी जानकारी आपको अब यही मिल जाएगी।अभी इस तकनीकी में आप बच्चों के करियर को चुन सकते हैं,जिसको शुरू करने वाले दाड़लाघाट सब उपमंडल के गांव फांजी निवासी किशन शर्मा ने कहा कि उपरोक्त समस्याओं से अवगत माता पिता के लिये यह तकनीक बहुत ही अच्छी साबित होगी,क्योंकि यह तकनीक बच्चों के भविष्य में उन्हें आगे बढ़ने में भी मदद करेगी क्योंकि भारत मे साल भर में उचित केरियर न मिलने से लगभग आठ हजार बच्चे आत्महत्या तक कर लेते है,जिससे माता पिता समेत समाज को बहुत क्षति पहुंचती है ओर यह रिपोर्ट बच्चों को उनके अनुसार केरियर चुनने में मददगार होगी,उन्होंने कहा कि अभी वह अर्की के दाड़लाघाट में इसकी शुरुआत कर रहे हैं,उन्होंने कहा की यह डीएमआईटी टेस्ट बच्चों के फिंगरप्रिंट से जुड़ा हुआ है,वह इसे अभी फिलहाल ऑनलाइन भी टेस्ट ले लेंगे व क्षेत्र के तकरीबन बच्चे उनके अभिभावक इस तकनीक का फायदा,उन्हें फोन करके पता कर सकते हैं।जल्द ही वह दाड़लाघाट में इस तकनीक से संबंधित दफ्तर खोलेंगे जिसमें बच्चों के लिए एक बड़ा हॉल होगा जिसमें बच्चों के ग्रोथ करने से सबंधित कई तकनीकीया अपनाई जाएगी,उन्होंने कहा कि जल्द ही वह अर्की में भी इस प्रकार का ऑफिस खोलेंगे।किशन शर्मा ने कहा कि बच्चों के अभिभावक ज्यादा जानकारी के लिये उनके दूरभाष 8894902028 व 8580757765 पर बात कर सकते है।
राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में पिछले कुछ समय से कोविड-19 मामलों में निरंतर वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि सभी कोविड पाॅजिटिव मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती है। इसलिए हल्के लक्षणों वाले मरीजों को घर में ही होम क्वारन्टीन होना चाहिए। प्रवक्ता ने कहा कि जिनका कोविड-19 परीक्षण पाॅजिटिव पाया जाता है उन्हें अपने आप को घर के अन्य लोगों से अलग होकर साफ-सुथरे और हवादार कमरे में आइसोलेट करना चाहिए और हर समय ट्रिप्पल लेयर या एन-95 मास्क पहनना चाहिए। मास्क को 8 घंटे प्रयोग करने के बाद नष्ट कर देना चाहिए। देखभाल करने वाले व्यक्ति को भी मास्क का प्रयोग करना चाहिए और हर समय डिस्पोजबेल दस्ताने पहनने चाहिए। मरीज के सीधे संपर्क में आने से बचना चाहिए। कोविड मरीज को घर के अन्य सदस्यों की व्यक्तिगत वस्तुओं को प्रयोग करने से बचना चाहिए। मरीज को नियमित तौर पर अपने बुखार और ऑक्सीजन स्तर की जांच करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीज कोे नियमित तौर पर अपने बुखार की हर 4 घंटे के बाद जांच कर उसे नोट कर लेना चाहिए। सांस लेने में तकलीफ या सीने में दर्द होने पर मरीज को चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। ऑक्सीजन स्तर 94 प्रतिशत से नीचे चला जाए तो डाॅक्टर को सूचित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष से अधिक आयु के मरीज जो उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, फेफड़ों की पुरानी बीमारी, लीवर, गुर्दे की बीमारी, सेरेब्रोवास्कुलर रोग आदि से गस्त हो उन्हें चिकित्सा अधिकारी द्वारा जाचं के बाद ही होम क्वारन्टीन होने की अनुमति दी जानी चाहिए। कोमर्बिड मरीज द्वारा नियमित तौर पर ली जाने वाली दवाई को होम क्वारन्टीन के दौरान अपने डाॅक्टर्ज से सलाह लेने के बाद ही जारी रखना चाहिए। कोविड मरीज की देखभाल करने वाले व्यक्ति को मरीज की देखभाल के लिए हर समय उपलब्ध रहना चाहिए और देखभाल करने वाले व्यक्ति को डाॅक्टर से सलाह के बाद हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का प्रोफीलैक्सिस लेना चाहिए। मरीज के होम क्वारन्टीन की समयावधि के दौरान देखभालकर्ता और अस्पताल में निरन्तर संपर्क बना रहना चाहिए।
दाड़लाघाट में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्र व्यापी विरोध प्रदर्शन के अंतर्गत भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिला परिषद अध्यक्ष हीरा कौशल की अध्यक्षता में बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा वहां के भाजपा कार्यकर्ताओं पर किए गए हमलों के विरोध में प्रदर्शन किया। अर्की किसान मोर्चा भाजपा मंडल के अध्यक्ष जगदीश्वर शुक्ला ने बताया कि उन्होंने इस बारे में नायब तहसीलदार कार्यालय में एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि पश्चिमी बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर तृणमूल कांग्रेस द्वारा हमले किए जा रहे हैं, उनकी दुकानें जलाई जा रही है, हत्याएं की जा रही है जिस पर तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी मूक दर्शक बनी हुई है। उन्होंने अभी तक दोषियों पर कोई भी कार्यवाही नहीं की है। अतः उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इस विरोध प्रदर्शन में जिला परिषद सदस्य हीरा कौशल, प्रदेश भाजपा मीडिया सहप्रभारी संतोष शुक्ला, किसान मोर्चा अध्यक्ष जगदीश शुक्ला, पंचायत प्रधान दाड़लाघाट बंसीराम भाटिया, उपप्रधान हेमराज, कला ठाकुर, नागु राम, मनीराम शर्मा, ललित शर्मा, सुनीला, महेंद्र ठाकुर, अनिल इत्यादि शामिल रहे।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के अंतर्गत विश्वव्यापी कोरोना महामारी का संक्रमण लोगों में बढ़ने की आशंका को देखते हुए पंचायत प्रधान बंसीराम भाटिया तथा उप प्रधान हेमराज ने सचिव धनीराम शांडिल व पंचायत चौकीदार पवन शर्मा के साथ मिलकर ग्राम पंचायत कार्यालय तथा दाड़लाघाट की मार्केट, सार्वजनिक स्थानों एवं दुकानों को सफाई कर्मचारियों की मदद से सेनेटाइज़ करवाया। पंचायत प्रधान बंसीराम भाटिया ने कहा कि क्षेत्र में कोविड-19 के मामले बढ़ने की आशंका होने के कारण पंचायत ने कस्बे की पूरी मार्केट तथा सार्वजनिक स्थानों को सेनेटाइज़ करने का निर्णय लिया ताकि कोरोना संक्रमण की श्रृंखला को ब्रेक किया जा सके। उन्होंने लोगों को हर समय मास्क पहनने, हाथों को साबुन से धोने तथा पर्याप्त समाजिक दूरी बनाए रखने हेतु जागरूक भी किया।
प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना महामारी को फैलने से कैसे रोका जाए जब अधिकतर स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई कर्मी के पद खाली चल रहे हो। सफाई कर्मियों के न होने से उक्त चिकित्सालय में तैनात डॉक्टरों को ही मजबूरन स्वास्थ्य केंद्रों की सफाई व्यवस्था कायम रखने के लिए आगे आना पड़ रहा है। कुछ ऐसा ही नज़ारा कंडाघाट ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले स्वास्थ्य केंद्र सायरी में देखने को मिला। स्वास्थ्य केंद्र में सफाई कर्मी के न होने के कारण केंद्र में तैनात एक डॉक्टर ने ही अपने कंधो पर सेनेटाइज़ करने का पम्प उठा लिया व चिकित्सालय को सेनेटाइज़ करना शुरू कर दिया। ऐसी स्तिथि देखकर चिकित्सालय में पहुंचे ग्रामीणों ने सरकार के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया है। अधिकतर ग्रामीणों ने कहा कि सरकार द्वारा कोरोना जैसी महामारी पर काबू पाना आसान नहीं है। फ्रंट लाइन वारियर से नवाज़े जाने वाले चिकित्सक जब खुद चिकित्सालय को सेनेटाइज़ कर रहे हैं तो मरीजो की जांच कब करेंगे। सफाई कर्मी न होने की वजह से चिकित्सालय के शौचालयों में गन्दगी पसर रही है। पूर्व प्रधान काहला रोशन लाल ने कहा कि सरकार चिकित्सालय में उचित व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे तो कर रही है लेकिन यह दावे कहीं न कहीं खोखले ही है। चिकित्सालय में स्टाफ की कमी चल रही है। सरकार सात दिनों के भीतर स्टाफ को भरे अन्यथा उक्त चिकित्साल को बंद कर दे। जब चिकित्सक खुद ही सेनेटाइज़ेशन करेगा तो मरीज को कब देखेगा।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि कोरोना महामारी के व्यापक प्रसार को रोकने के लिए टीकाकरण ही एक प्रभावी रणनीति है। स्वास्थ्य विभाग के विश्लेषण के अनुसार राज्य में 14 अप्रैल, 2021 से 30 अप्रैल, 2021 तक कोविड महामारी से 362 लोगों की मृत्यु हुई है, जिनमें से 67 लोग ऐसे है जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक ली थी और केवल मात्र 2 ऐसे लोग है, जिनकी मृत्यु वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बाद हुई है। उन्होंने कहा कि मौत के इन दोनों मामलों में एक व्यक्ति की मृत्यु वैक्सीन लगवाने के 4 दिन बाद जबकि दूसरे व्यक्ति की मृत्यु वैक्सीन लेने के 16 दिन बाद हुई है। जिससे पता चलता है कि दोनों व्यक्ति टीकाकरण के बाद प्रभावी इम्यूनिटी विकसित होने से पहले ही कोरोना महामारी से संक्रमित हो गए। इससे यह भी पता चलता है कि टीकाकारण सीधे तौर पर कोविड से होने वाली मृत्यु दर को कम करने में मदद करता है। प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में 91.9 प्रतिशत स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं (एचसीडब्ल्यू) को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक दी है, जबकि राष्ट्रीय औसत 88.7 प्रतिशत है। प्रदेश में वैक्सीन की दूसरी खुराक 90.3 प्रतिशत स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओ को दी है, जिसका राष्ट्रीय औसत 79.1 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि राज्य में 45 वर्ष से अधिक जनसंख्या वर्ग में वैक्सीन की पहली खुराक 78 प्रतिशत लोगों को दी है, जबकि राष्ट्रीय औसत 30 प्रतिशत है। प्रवक्ता ने कहा कि पात्र लोगों का टीकाकरण की कवरेज को बढ़ाने के लगातार प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को 4 से 6 सप्ताह पहले वेक्सीन की पहली खुराक लगाई जा चुकी है उन्हें वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने के लिए आगे आना चाहिए ताकि प्रभावी इम्यूनिटी विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता वाले समूहों जैसे 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोग, स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं और अग्रिम पक्ति कार्यकर्ताओं के लिए वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य को भारत सरकार के माध्यम से आज कोविशिल्ड वैक्सीन की 50 हजार वैक्सीन और प्राप्त हो गई है। प्रवक्ता ने कहा कि 18-45 वर्ष के आयु वर्ग के टीकाकरण को शुरू करने के लिए राज्य सरकार ने भारत सरकार के सिरम संस्थान को कोविशिल्ड वैक्सीन की 107620 खुराकों की आपूर्ति के लिए 3.39 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है, जिसकी आपूर्ति शीघ्र आपेक्षित है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन प्राप्त होते ही 18 से 45 वर्ष के आयु वर्ग के लिए टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 18 से 45 वर्ष के आयु वर्ग में टीकाकरण करवाने की उत्सुकता और भीड़भाड़ की संभावना को मध्यनजर रखते हुए सभी जिलों आम जनता की सुविधा के लिए शहरी कलस्टर में अधिक कोविड टीकाकरण केंद्र संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग शिमला, मंडी और धर्मशाला शहरों में प्राथमिकता वाले समूहों (यानी 45 वर्ष से अधिक आयु, एचसीडब्ल्यू और एफएलडब्ल्यू) के लिए टीकाकरण स्थलों की सूची प्रकाशित करेगा। यह सूची वेबसाइट www.nrhmhp.gov.in पर भी देखी जा सकती है।
जोगिन्दर नगर क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के कारण गंभीर स्थिति में जरूरतमंद मरीजों को कोविड अस्पताल लाने व ले जाने में अब एंबुलेंस की सुविधा से महरूम नहीं होना पड़ेगा। कोविड 19 संक्रमण की दृष्टि से सिविल अस्पताल जोगिन्दर नगर में तैनात एक एंबुलेंस को तैयार कर लिया गया है तथा अब जरूरत पडऩे पर कोविड के गंभीर मरीजों के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस बात की पुष्टि करते हुए वरिष्ठ चिकित्साधिकारी (एस.एम.ओ.) सिविल अस्पताल जोगिन्दर नगर डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि जोगिन्दर नगर प्रशासन के सहयोग से अस्पताल में उपलब्ध एक एंबुलेंस को गंभीर कोविड 19 मरीजों की दृष्टि से तैयार कर लिया गया है। उन्होने बताया कि गंभीर कोविड संक्रमित लोगों को लाने व ले जाने के लिए अब एंबुलेंस सुविधा के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा तथा इसके लिए अस्पताल में ही उपलब्ध एक एंबुलेंस को तैयार कर लिया गया है। इस सुविधा के कारण अब कोविड संक्रमित गंभीर रोगियों को कोविड अस्पताल पहुंचाने में सुविधा होगी तथा समय पर उपचार भी संभव होगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक ने राज्य में कोविड-19 स्थिति की समीक्षा की और राज्य में कोविड -19 मामलों की संख्या में तेज वृद्धि पर चिंता व्यक्त की। इसके दृष्टिगत वायरस श्रृंखला को तोड़ने के लिए कैबिनेट ने पूरे राज्य में कोरोना कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। सभी सरकारी और निजी कार्यालय / प्रतिष्ठान 7 मई से 16 मई की मध्यरात्रि तक बंद रहेंगे। यह भी तय किया गया था कि सभी आवश्यक सेवाएं जैसे स्वास्थ्य, बिजली, दूरसंचार, जल आपूर्ति, स्वच्छता आदि खुली रहेंगी। मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया कि नागरिक कार्य स्थलों, बागवानी / कृषि और अन्य परियोजना स्थलों पर काम जारी रहेगा। राज्य में शैक्षणिक संस्थान 31 मई तक बंद रहेंगे। सभी सरकारी और निजी परिवहन अधिभोग का 50 प्रतिशत होगा और अंतर-राज्यीय परिवहन जारी रहेगा। औद्योगिक प्रतिष्ठान राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार काम करेंगे। राज्य में कोरोना के मामलों की तीव्र वृद्धि को ध्यान में रखते हुए बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन की 10 वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा रद्द कर दी जाएगी। बोर्ड द्वारा 10 वीं कक्षा के सभी छात्रों को सीबीएसई द्वारा सुझाए गए मानदंडों के अनुसार 11 वीं कक्षा में पदोन्नत किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन की 12 वीं कक्षा की परीक्षा और कॉलेजों की वार्षिक परीक्षा भी अगले आदेश तक स्थगित रहेगी। राजस्व संग्रहण, जो प्रदेश की राजस्व का एक प्रमुख साधन है, से संबंधित कार्यों में आबकारी एवं कराधान विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए और प्रदेश में विभिन्न कर कानूनों के बेहतर प्रबंधन एवं विनियमन के लिए बैठक में आबकारी एवं कराधान विभाग में अधिकारियों के वर्तमान पदों के स्थान पर विशेष एवं समर्पित हिमाचल प्रदेश राजस्व (राज्य कर एवं आबकारी) सेवा सृजित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल अस्पताल सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न श्रेणियों के 76 पदों के सृजन के साथ क्षेत्रीय अस्पताल ऊना को 300 बेडेड क्षेत्रीय अस्पताल के रूप में अपग्रेड करने के लिए अपनी स्वीकृति दी। मंत्रिमंडल ने क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए आवश्यक पदों के साथ मंडी जिले के धरमपुर में एक नया जल शक्ति सर्किल बनाने का निर्णय लिया। वहीं, ऊना जिले के कुटलेहर विधानसभा क्षेत्र में थानाकलां में एक नया जल शक्ति प्रभाग खोलने के लिए भी अपनी सहमति दी। तथा डिवीजन के बेहतर प्रशासनिक कामकाज के लिए जल शक्ति सब डिवीजन नंबर 2 ऊना में बेसल को मौजूदा कर्मचारियों और बुनियादी ढांचे को स्थानांतरित करने की अनुमति दी।
पश्चिम बंगाल में चुनावों के पश्चात ममता बनर्जी व उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं व आम जन पर किए जा रहे अत्याचार व हिंसात्मक घटनाओं के खिलाफ भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के आह्वान पर भाजपा मंडल डल्हौजी द्वारा मंडल अध्यक्ष विजय कुमार की अध्यक्षता में उप मंडल अधिकारी सलूणी किरण भड़ाना के समक्ष ज्ञापन सौंप कर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। इस दौरान मंडल महामंत्री देशराज बसंत व चैन लाल, जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष बालम सिंह, जिला आई टी सेल संयोजक दीपक कालिया, जिला उपाध्यक्ष खेम राज, जिला कार्यकारी सदस्य कुलदीप दीपा, अजीत सिंह, मुकेश शर्मा, मंडल सचिव अश्वनी शर्मा, मंडल उद्योग प्रकोष्ठ संयोजक अनिल ठाकुर, जिला अल्पसंख्यक मोर्चा महामंत्री आसिफ बट्ट व मौसम दीन, मंडल कोषाध्यक्ष प्रहलाद कुमार व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी की चुप्पी इन हिंसात्मक घटनाओं का मौन समर्थन है।
छात्र अभिभावक मंच ने शिक्षा निदेशालय द्वारा दयानंद स्कूल की फीसों के संदर्भ में जारी की गई अधिसूचना के बावजूद अभिभावकों को बार-बार मैसेज भेजकर फीस जमा करवाने के लिए मानसिक दबाव बनाने व जिन बच्चों ने अभी फीस जमा नहीं की है उन्हें ऑनलाइन क्लास से बाहर करने पर दयानंद प्रबंधन की कड़ी निंदा की है व इसे तानाशाही करार दिया है। मंच ने शिक्षा निदेशक से स्कूल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। मंच दयानंद स्कूल की तानाशाही के खिलाफ 6 मई को शिक्षा निदेशक से मुलाकात करके इस मसले को उठाएगा व स्कूल पर 5 दिसम्बर 2019 की अधिसूचना में लिखित आदेश के अनुसार कठोर कार्रवाई की मांग करेगा। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, मंच के सदस्य भुवनेश्वर सिंह, कमलेश वर्मा, रमेश शर्मा, राजेश पराशर, अंजना मेहता, राजीव सूद, विक्रम शर्मा, हेमंत शर्मा, मनीष मेहता, विकास सूद, योगेश वर्मा, अमित राठौर, विवेक कश्यप, सोनिया सबरबाल, कपिल नेगी, रजनीश वर्मा, ऋतुराज, यशपाल, पुष्पा वर्मा, संदीप शर्मा, यादविंद्र कुमार, कपिल अग्रवाल, नीरज ठाकुर, रेखा, शोभना सूद, निशा ठाकुर व दलजीत सिंह ने कहा है कि दयानंद स्कूल तानाशाही पर उतर आया है व शिक्षा निदेशालय की हालिया अधिसूचना को ठेंगा दिखाकर अभिभावकों को डराने की कोशिश कर रहा है। शिक्षा निदेशालय ने फीसों के संदर्भ में स्कूल से पांच दिन के भीतर जबाव देने को कहा था परन्तु उसके बजाए अभिभावकों की प्रताड़ना शुरू कर दी गई है जिसे किसी भी तरह सहन नहीं किया जाएगा। स्कूल बार-बार अभिभावकों को मैसेज भेजकर व फोन करके पचास से साठ प्रतिशत बढ़ी हुई फीस को जमा करने के लिए दबाव बना रहा है। जो अभिभावक स्कूल की मनमानी फीसों का विरोध कर रहे हैं उनके बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर करके मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है। यह न केवल शिक्षा निदेशालय की 5 दिसम्बर 2019 की अधिसूचना का खुला उल्लंघन है अपितु हाल ही के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का भी उल्लंघन है। उच्चतम न्यायालय ने निजी स्कूलों के संदर्भ में दिए गए निर्णय में स्पष्ट लिखा है कि किसी भी बच्चे को ऑनलाइन क्लास से बाहर नहीं किया जा सकता है। दयानंद स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर करना माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय की अवमानना है। अभी तक शिक्षा निदेशालय को स्कूल ने फीसों के संदर्भ में दिए गए नोटिस का कोई जबाव नहीं दिया है। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को बार-बार मैसेज भेज कर मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहा है जो की तानाशाही है। शिक्षा निदेशालय के 5 दिसम्बर 2019 की अधिसूचना में स्पष्ट अंकित है कि बिना आम सभा के फीस बढ़ोतरी करने पर किसी भी निजी स्कूल पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती जिसमें स्कूल की एनओसी भी रद्द हो सकती है। इसके बावजूद भी इस स्कूल की तानाशाही समझ से परे है।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं हिमाचल सरकार के वित्त आयोग के अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री एवं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर बताएं कि वह किस बात की खुशी मना रहे हैं। कांग्रेस का ममता बनर्जी से क्या लेना देना और अगर कांग्रेस इसी प्रकार की खुशी मनाना चाहती है तो बाकी प्रदेशों में भी कांग्रेस की इसी प्रकार की दुर्गति हो इसके लिए कांग्रेस को बधाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने बारे में बात करें दूसरों की जीत की खुशी ना मनाएं, वर्तमान पांच राज्यों के चुनावों के बारे में बात की जाए तो भाजपा का कुल मिलाकर अच्छा प्रदर्शन रहा है। पश्चिम बंगाल के चुनावों में ममता बनर्जी जो कि मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही थी वह नंदीग्राम से हारी और सूत्रों के हवाले से पता चला है कि ममता बनर्जी ने लगातार सोनिया गांधी और राहुल गांधी से संपर्क साध कर रखा और कई रैलियां भी रद्द हूई थीं। कांग्रेस यहां पर 92 सीटों पर चुनाव लड़ी और खाता भी नहीं खोल पाई। भाजपा 2016 में 3 सीटों पर विजय प्राप्त करके बैठी थी और आज 77 सीटों पर पहुंची है। भाजपा का वोट शेयर लग भग 40 प्रतिशत पहुंच गया है और कांग्रेस का 1 प्रतिशत। 2016 की तुलना में कांग्रेस 44 सीटों पर जीती थी और अब वह शून्य पर है। इसी प्रकार वामपंथी भी पश्चिम बंगाल से समापन की ओर बढ़ रहे हैं। जिस प्रकार से बीजेपी का ग्राफ बढ़ रहा है अगली बार पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत निश्चित है। उन्होंने कहा कि केरला जहां से कांग्रेस के नेता राहुल गांधी स्वयं सांसद के रूप में जीतकर आए हैं वहां से भी कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है। अगर यही परिस्थिति रही तो अगली बार राहुल गांधी भारत में नई सीट पर चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस केरला में केवल 21 सीटों पर सिमट कर रह गई है। उन्होंने कहा कि असम जैसा प्रदेश जो एक समय पर कांग्रेस का गढ़ माना जाता था वहां पर भाजपा को दूसरी बार भारी बहुमत मिला है। 2011 में भाजपा के पास 26 सीटें थी 2016 में यह 60 की बढ़त से 86 पहुंची और इस बार एक बार फिर असम की जनता ने भाजपा को जिताया है। कांग्रेस की लोकप्रियता यहां घटती चली जा रही है। 2011 में कांग्रेस के पास 78 सीटें थी जो कि 2016 में 26 सीटें रह गई। पांडिचेरी में भाजपा ने इतिहास दर्ज किया है। इस बार पहली बार भाजपा की सशक्त सरकार पांडिचेरी में बनी है। भाजपा की इस बार 16 सीटें आई है जो कि 2016 की तुलना में 10 से ज्यादा है। यहां कांग्रेस के पास 2016 में 15 सीटें थी जो अब केवल 2 ही रह गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपनी चिंता करें और भाजपा की चिंता छोड़े। भाजपा एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल है जो अपने आप में बहुत मजबूत है और हर चुनाव में भाजपा का वोट शेयर बढ़ता ही चला जा रहा है।
राज्य वन विभाग, भारती इन्स्टिट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी (बीआईपीपी) की टीम के सहयोग के साथ हिमाचल में वनों पर आधारित अर्थव्यस्था बढ़ाने के लिए समूहों के विकास व वन औषधि मूल्यवर्धन रणनीति बनाएगा। हाल ही में बीआईपीपी की चार सदस्यीय टीम ने इस संदर्भ में प्रधान मुख्य अरण्यपाल, वन डॉ. सविता के साथ बैठक की। डॉ. सविता ने बताया कि प्रदेश में ग्रामीण समुदायों के काफी लोग वनों से प्राप्त औषाधीय पौधों, जड़ी-बूटियों तथा अन्य वन उपजों की बिक्री पर निर्भर रहते हैं। बहुत से वन उत्पादों को वे बहुत कम दामों पर बेच देते हैं जबकि उद्योग उन उपजों का उपयोग हर्बल दवाओं इत्यादि में कच्चे माल के तौर पर उपयोग करता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय सरकारी एजेन्सियों और जिम्मेदार व्यवसायियों के साथ मिल कर अपनी आजीविका को बढ़ाने के साथ-साथ वनों को संरक्षित रखने में सहयोग दे सकते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वन आजीविका सुरक्षा और जैव विविधता संरक्षण आदि लाभ प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए वनों द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं में तालमेल तथा व्यापार को सन्तुलित करना महत्वपूर्ण है। बीआईपीपी वन उत्पादों के उत्पादन, सतत् निष्कासन व बिक्री के डेटा को संकलित करेगा तथा वन विभाग के सहयोग से वन्य औषधियों, जड़ी-बूटी के संग्रह, खरीद, मूल्य संवर्धन, विपणन और उद्योगों की स्थापना की विकेन्द्रीकृत प्रणाली के लिए एक प्रारूप तैयार करेगा। बीआईपीपी की टीम इस संदर्भ में सर्वप्रथम पायलट आधार पर प्रमुख उत्पादों के क्षेत्रों की मैपिंग कर रणनीति को वन विभाग के साथ साझा करेगा।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज आदेश जारी करते हुए बताया कि कोविड-19 रोगी के उपचार और देखभाल के लिए खेल छात्रावास दत्तनगर, रामपुर बुशहर को कोविड देखभाल केंद्र के रूप में अधिसूचित किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला को इस केंद्र में एक चिकित्सा अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात करने के आदेश दिए गए है ताकि कोविड देखभाल केंद्र के संचालन में सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों का सख्ती से अनुपालन हो सके। यह आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने होम क्वारंटाइन कोविड मरीजों के लिए नए दिशा-निर्देश और उपचार संबंधी प्रोटोकाॅल जारी किया है। इसके अन्तर्गत जिलों को बच्चों और व्यस्क कोविड मरीजों के लिए उपचार संबंधी अलग-अलग व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए है। स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि नए दिशा-निर्देशों में कोविड मरीजों व उनके सहायकों को कोविड सुरक्षित वातावरण प्रदान करने पर बल दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि कोविड-19 मरीजों के सहायकों के लिए अस्पतालों में अलग क्षेत्र चिन्हित किया जाना चाहिए जहां उनके लिए पेयजल और चिकित्सकों से संपर्क करने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। सभी सहायक प्रतिदिन वरिष्ठ चिकित्सकों से अपने मरीज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और मरीज भी अपने सहायकों से प्रतिदिन कम से कम एक बार वीडीओ काॅल कर बाचतीत कर सकेंगे। राज्य मुख्यालय ने चिकित्सा ऑक्सीजन स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश जारी किए हैं और औद्योगिक ऑक्सीजन के उपयोग के प्रतिबंध के संबंध में भी उचित कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। राज्य में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 14 लाख 28 हजार लोगों का टीकाकरण किया गया है। इनमें से 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 1,71,812 लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक भी दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज चम्बा से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कांगड़ा जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले में कोविड के मामलों में हुई तीव्र वृद्धि के दृष्टिगत कोविड रोगियों की सुविधा के लिए बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिले के परौर में अस्थाई प्रबन्ध किए जाएंगे जिससे अगले दस दिनों में 250 अतिरिक्त बिस्तरों की क्षमता उपलब्ध होगी। आने वाले दिनों में यहां बिस्तरों की क्षमता को लगभग 1000 तक बढ़ा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से बीमार रोगियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए आईसीयू बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने के अलावा ऑक्सीजन की सुचारू आपूर्ति की जानी चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए निजी प्रयोगशालाओं को भी सूचीबद्ध किया जाना चाहिए ताकि अधिक संख्या में कोविड के लिए जांच की जा सके और रोगियों को जल्द से जल्द जांच की रिपोर्ट उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि रोगियों को अस्पताल ले जाने और उपचार के उपरांत घर वापिस छोड़ने को वाहनों की सुविधा प्रदान करने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने प्रदेश के लिए छह पीएसए ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत किए हैं। इन्हें नागरिक अस्पताल पालमपुर, क्षेत्रीय अस्पताल मण्डी, शिमला जिले के नागरिक अस्पताल रोहड़ू व नागरिक अस्पताल खनेरी, डाॅ. यशवंत सिंह परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नाहन और क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में स्थापित किया जाएगा। इससे इन स्वास्थ्य संस्थानों में 1400 बिस्तरों को ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोविड अस्पताल में तैनात विभिन्न श्रेणियों के चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ को 30 जून तक प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। चैथे व पांचवें वर्ष के एमबीबीएस विद्यार्थियों, अनुबंध चिकित्सकों, सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डाॅक्टरों को 3000 रुपये प्रतिमाह का प्रोत्साहन दिया जाएगा। कोविड ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग विद्यार्थियों, जीएनएम तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों और अनुबंध प्रयोगशाला स्टाफ को 1500 रुपये प्रतिमाह का प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। प्रदेश सरकार पूरे राज्य और विशेषकर उन जिलों में बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने के हर संभव प्रयास कर रही है जहां कोविड-19 के मामले अधिक हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा परौर में बिस्तरों की क्षमता को 1000 तक बढ़ाया जाएगा। मण्डी के राधास्वामी सत्संग ब्यास परिसर में 200 बिस्तरों की क्षमता और आईजीएमसी शिमला के नए ओपीडी ब्लाॅक में अतिरिक्त 300 बिस्तरों की क्षमता सृजित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा बद्दी-बरोटीवाला क्षेत्र में कोविड रोगियों के लिए अतिरिक्त 500 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए उपयुक्त स्थान चयनित कर लिया गया है। इसके साथ उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति ने कहा कि अब तक जिले में कोविड के 359489 सैंपल की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 19570 पाॅजीटिव पाए गए है। वर्तमान में जिले में 5384 सक्रिय मामले हैं और जिले की पाॅजीटिविटी दर 5.44 प्रतिशत जबकि रिकवरी दर 70.34 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि जिला में टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है और अभी तक अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं, कोरोना योद्धाओं और 45 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को वैक्सीन की 3,82,851 खुराकें दी जा चुकी हैं। प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, उपाध्यक्ष हंस राज, सांसद इन्दु गोस्वामी, विधायक मुल्ख राज प्रेमी, वूल फेडरेशन के अध्यक्ष त्रिलोक कपूर, पूर्व विधायक प्रवीण शर्मा, डा. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा के प्रधानाचार्य डाॅ. भानु अवस्थी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज चंबा से वर्चुअल माध्यम से मंडी जिले के सिराज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत थुनाग क्षेत्र के लिए लगभग 66.36 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं की आधारशिलाएं रखीं। मुख्यमंत्री ने नई राहें नई मंजिलें के अंतर्गत 3.79 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत बगश्याड़ के देवनाला में निर्मित होने वाली सड़क किनारे सुविधाओं, 2.75 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सराची के भवन, मण्डी गागल, चैल, जंजैहली सड़क पर थुनाग और लम्बाथाच के मध्य 20.85 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली 165 मीटर लम्बी डबल लेन यातायात सुरंग, 12.61 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले शिल्लीबागी से दियोल जैनशला सड़क मार्ग जिसमें नाबार्ड के अन्तर्गत 30 मीटर लम्बा पुल भी शामिल है, थुनाग में रोपड़ी खड्ड पर 3.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 30 मीटर डबल लेन पुल, 1.11 करोड़ रुपये की लागत से नागरिक अस्पताल गाड़ागुशैणी के लिए कर्मचारी आवास, 13.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली पटीकरी बारा शिल्ली कशमबलीधार सड़क, जिसमें नाबार्ड के अन्तर्गत बाखलीखड्ड पर पुल भी शामिल है, की आधारशिलाएं रखीं। चच्योट तहसील में 1.64 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, गाड़ागुशैणी में 24 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले ओक बीज भंडार भवन, धरोट की ग्राम पंचायत तरजून में 37 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाला रेशम पालन साधन केन्द्र, थुनाग में 2.03 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाला बस अड्डा, नेहरा, कंधाल, भजौनी, ग्राम पंचायत ककड़ाधार के चवाग, उप तहसील छतरी के लिए 80 लाख रुपये की लागत से जल आपूर्ति योजना सेरीबागा को पुनः तैयार करने, तहसील थुनाग के अनुसूचित जाति गांवों झुंडी, क्योली और बलेंदा के लिए 87 लाख रुपये की लागत से विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं की रिमाॅडलिंग और तहसील थुनाग की ग्राम पंचायत सुनाह लमाथाच के निहरी, मजौन गांव के लिए 2.03 करोड़ रुपये की लागत की उठाऊ जल आपूर्ति योजना की भी आधारशिलाएं रखीं। मुख्यमंत्री ने निष्पादन एजेंसियों को उन सभी परियोजनाओं का निर्माण कार्य समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिनका उन्होंने आज शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं सिराज क्षेत्र के लोगों को सुविधा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि मंडी गागल-चैल-जंजैहली सड़क पर प्रस्तावित सुरंग के निर्माण से दूरी 2.50 किलोमीटर कम हो जाएगी और इसका निर्माण राज्य लोक निर्माण विभाग द्वारा 20 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि थुनाग में बस अड्डे का निर्माण किया जाएगा जिससे सिराज विधानसभा क्षेत्र में बसों के परिचालन के लिए उचित स्थान सुनिश्चित होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि अधिकारियों को विकास परियोजनाओं को एक वर्ष के भीतर पूर्ण करने के लिए उचित अनुसूची तैयार करनी चाहिए ताकि वह व्यक्तिगत रूप से इन परियोजनाओं को क्षेत्र के लोगों को समर्पित कर सकें। उन्होंने कहा कि सिराज विधानसभा क्षेत्र में उनका दौरा काफी समय से प्रस्तावित है लेकिन कोविड महामारी के कारण वह क्षेत्र का दौरा नहीं कर पा रहे हैं। भाजपा सिराज मण्डलाध्यक्ष भागीरथ शर्मा ने कहा कि पिछले लगभग तीन वर्षों के दौरान सिराज विधानसभा क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है जिसका श्रेय मुख्यमंत्री को जाता है। विधानसभा उपाध्यक्ष हंस राज, विधायक पवन नैयर एवं जिया लाल, भाजपा जिलाध्यक्ष डी.एस. ठाकुर मुख्यमंत्री के साथ चम्बा में और सिराज के भाजपा नेता शेर सिंह, डोले राम, खेम देसी और रजनी थुनाग में इस अवसर पर उपस्थित थीं
चंबा में मंगलवार को मूसलाधार बारिश ने जमकर कहर बरपाया। लिहल व पल्यूर ईलाकों में भारी बारिश होने की वजह से बादल फटे। जिससे इन ईलाकों में तबाही मच गई। इस तबाही में कहीं पर कोई जानी नुक्सान नहीं हुआ। हालांकि नालों में आई बाढ़ से लोगों के घरों में जमीनों को भारी नुक्सान पहुंचा। लिहल के कुनेड़ गांव में बादल फटने से काफी नुक्सान पहुंचा। नाले में बादल फटने से बाढ़ आ गई। कुनेड़ में लोगों के घरों में पानी घुस गया। लोगों ने खुद को बचाने के लिए घरों से भाग अपनी जान बचाई। यही घटना अगर रात को घटती तो शायद जान मान का भी नुक्सान हो सकता था। नाले में बाढ़ आने से कलसूंई के पास चंबा-भरमौर एनएच बंद हो गया। इसके अलावा एनएच अन्य स्थानों पर भी क्षतिग्रस्त हुआ। कुनेड़ में जिन लोगों के घरों में पानी घुसा है। ऐसे परिवारों ने फिलहाल दुसरों के घरों में शरण ली है। साथ ही प्रशासन से आर्थिक सहायता जारी करने की मांग की है। पंचायत प्रतिनिधिओं ने भी सरकार व प्रशासन से मदद की मांग की है। जिला के अन्य क्षेत्रों में भी बारिश ने कहर मचाया है। शासन व प्रशासन बारिश से हुए नुक्सान का आंकलन करने में लगे हैं।
वैश्रिवक महामारी कोरोना के बीच गुरूद्वारा सिंह सभा सपरून सोलन हर परिस्थती में जिला प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलकार खड़ा रहेगा। लंगर की सेवा हो या फिर इस आपदा स्थित में औक्सीजन लगाने की प्रकिया प्रशासन करना चाहता है तो गुरूद्वारा सिंह सभा सपरून अग्रिम पंक्ति में खड़ी होकर प्रशासन का सहयोग करेगी। गौरलतलब है कि पीड़ित मानवता की सेवा हुतु गुरूदारा सिंह सभा हमेशा से कार्य करता रहा है। जिसके बाद अब इस विपदा की घड़ी में गुरूद्वारा सिंह सभा हर सेवा के लिए तैयार है। गुरूद्वारा सिंह सभा सपरून के चैयरमैन अमरप्रीत सिंह पुंज ने बताया कि बीते वर्ष भी गुरुद्वारा सिंह सभा ने प्रशासन के साथ-साथ पीड़ित मानवता की सेवा हेतु लॉकडाउन में कार्य किया था। जरूरतमंद लोगो के लिए लंगर लगाया था। इस बार भी सभा किसी भी परिस्थिति में लोगो की सहायता हेतु तैयार है। वही गुरुद्वारा साहिब के प्रधान मनमोहिंद्र सिंह ने बताया कि कोई भी लोग इस विपदा की घड़ी में भूखे पेट ना रहे इसके लिए भी वह प्रशासन की अनुमति से कार्य करने को तैयार है।
हाटकोटी (सरस्वतीनगर) से ज़िला परिषद् सदस्य कौशल मुँगटा ने क्षेत्र में लगातार बढ़ते हुए कोरोना मरीज़ों को देखते हुए जल्द से जल्द सरकार से सरस्वती नगर में कम से कम 100 बेड का कोविड अस्पताल स्थापित करने का आग्रह किया है, जिसमें ऑक्सीजन सिलेंडर व कुछ वेंटिलेटर भी उपलब्ध हो। मुँगटा का कहना है की उनके वार्ड में उत्तराखण्ड की सीमा से लगा हुआ दूर दराज़ का क्षेत्र भी है और ऑक्सीजन की कमी मरीज़ को सामने आई तो हाटकोटी पहुँचना भी बहुत मुश्किल है रोहरू, शिमला तो छोड़िए। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है की अगर उनके क्षेत्र के साथ नाइंसाफ़ी और अनदेखी हुई व एक भी मरीज आकसीजन की कमी या नज़दीक में अस्पताल ना होने के कारण मरा तो वो बर्दाश्त नहीं करेंगे, व सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलने का कार्य करेंगे। सरस्वतीनगर 19 पंचायते व 25000 से अधिक जनसंख्या वाला वार्ड है जहाँ वर्तमान में PHC व CHC में 50% से ज़्यादा पद ख़ाली चल रहे है, कोरोना की वर्तमान स्थिति की बात करें तो कई पंचायतो में कंटेनमेंट ज़ोन बना दिए गये है जो की आने वाले ख़तरे के लिए हमें तैयार होने को कह रहे है| मूँगटा का कहना है की सरकार बुरी तरह नाकाम हो चुकी है 28 दिन के बाद लगने वाली दूसरी खुराक अब 40-50 दिन बाद लग रही है जो सरकार की बदिन्तज़ामी को दर्शाता है।18 वर्ष से अधिक लोगों को 1 मई के बाद लगने वाले बयान को भी सरकार की असवेदनशीलता क़रार देते हुए मूँगटा ने इसे देश के साथ धोखा कहा है उनका कहना है कि आज भारत,पाकिस्तान बांग्लादेश नेपाल व भूटान जैसे देशों से भी बदतर हालत में है जिसके लिए चुनावी रैली वाली सरकार व उसकी घटिया नीतियाँ ज़िम्मेवार है। उनका कहना है की वो जल्द SDM के माध्यम से भी सरकार को इस बावत ज्ञापन सौंपेंगे।
कोरोना की दूसरी लहर ग्रामीण क्षेत्रो में घातक रूप लेने लगी है। अर्की उपमंडल में बीते कुछ हफ़्तों में कोविड से मौत का कोई न कोई समाचार सुर्खियों में रहता ही है। सोमवार को कुनिहार नागरिक चिकित्सालय में पट्टाबरौरी पंचायत की कला देवी 67 वर्षीय महिला की मृत्यु कोविड के कारण हो गई। कुनिहार में लिए गए कोविड के 27 सैम्पलों में 16 के पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रो में गेंहू की कटाई चल रही है व कोविड का रुख ग्रामीण क्षेत्रो की ओर होने से अब लोगो मे ख़ौफ़ होने लगा है। लोगो मे अपने परिवार के रोजी रोटी की चिंताएं बढ़ने लगी है। सरकार व प्रशासन के दिशा निर्देशों के कारण हर एक छोटा बड़ा कारोबार कोविड के चलते प्रभावित होने लगा है। दुकानदार हो ,टैक्सी चालक या फिर कोई ट्रांपोर्टर होआज के दौर में सभी के कार्य प्रभावित हुए व सभी आर्थिक मंदी की मार झेल रहे है। कोविड से हो रही मौतो ने लोगो को डर के साये में जीने को मजबूर कर दिया है। नागरिक चिकित्सालय कुनिहार में कार्यरत डॉ अरुण शर्मा ने बताया कि आज कोविड से पट्टाबरौरी गावँ की एक 67 वर्षीय महिला की मृत्यु हुई है। उन्होंने इस नाजुक समय मे लोगो से सरकारी दिशा निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया ताकि इस वैश्विक महामारी से बचा जा सके।
देश व प्रदेश सहित किन्नौर जिला में बढ़ते कोविड-19 मामलों के मद्देनज़र देश के अन्य राज्यों व प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले लोगों का किन्नौर जिला के मुख्य द्वार चौरा में ही पंजीकरण सुनिश्चित किए जाने के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने आदेश जारी किए हैं। इसके लिए उपमण्डलाधिकारी निचार को उनकी परिधि में आने वाले विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का एक दल गठित करना होगा जो रोटेशन आधार पर 24 घंटे कार्य करेगा। यह दल देश के अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्तियों तथा प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले लोगों का पंजीकरण करेगा तथा आवश्यक दस्तावेजों, कोविड-19 वैक्सीनेशन प्रमाण-पत्र व 72 घंटे के भीतर ली गई कोविड रिपोर्ट का सत्यापन कर इसकी जानकारी संबंधित ग्राम पंचायतों व प्रशासन को एस.एम.एस/व्ह्टस ऐप ग्रुपों में तत्काल भेजेगा। उपायुक्त ने जिलावासियों से भी आग्रह किया है कि वे कोविड-19 को लेकर प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें और यदि अति आवश्यक हो केवल तभी भीड़-भाड़ वाले स्थानों में जाएं।
उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद ने आज कण्डाघाट विकास खण्ड की सभी ग्राम पंचायतों के प्रधानों के साथ वर्चुअल माध्यम से कोविड-19 से सम्बन्धित समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी प्रधानों को कोविड-19 के सम्बन्ध में जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी तथा प्रधानों से उनकी पंचायतों में कोविड-19 की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। डाॅ. विकास सूद ने सभी ग्राम पंचायत प्रधानों से आग्रह किया कि उनकी पंचायत में जो भी व्यक्ति बाहर से आता है की पूरी जानकारी अपने पास रखें और यह भी सुनिश्चित करें कि बाहर से आए व्यक्ति का कोविड-19 परीक्षण शीघ्र करवाया जाए। यदि बाहर से आया कोई भी व्यक्ति आरटीपीसीआर परीक्षण नहीं करवाता है तो इस सम्बन्ध में प्रशासन को सूचित किया जाए ताकि उचित कार्यवाही कर सभी सुरक्षा सुनिश्चित बनाई जा सके। कोरोना संक्रमितों से होम आईसोलेशन नियम की पूर्ण पालना सुनिश्चित करवाई जाए। होम आईसोलेशन कोरोना संक्रमण को न्यून करने में अत्यंत सहायक है। उपमण्डलाधिकारी ने कहा कि होम आईसोलेशन में रह रहे कोविड-19 रोगी के लिए अलग शौचालय होना चाहिए। अलग शौचालय एवं आईसोलेशन में रह रहे व्यक्ति के आने-जाने के लिए अलग प्रवेश की व्यवस्था न होने पर उसके परिजनों के अलग रहने की व्यवस्था ग्राम पंचायत द्वारा की जाए। व्यवस्था न होने की स्थिति में प्रशासन को सूचित किया जाए ताकि ऐसे व्यक्ति के परिजनों के रहने की व्यवस्था की जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों केे बाजारों को नियमित रूप से सप्ताह में कम से कम एक बार पूरी तरह सेनेटाइज़ किया जाए। उपमण्डलाधिकारी ने कहा कि सम्भावित कोविड-19 रोगियों को परीक्षण उपरान्त घर छोड़ने एवं होम आईसोलेशन में रह रहे ऐसे रोगियों को समर्पित कोविड देखभाल केन्द्र अथवा अस्पताल पहुंचाने के लिए ‘समर्पित वाहन’ की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायत प्रधानों के पास कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों के लिए शीघ्र ही चिकित्सा किट पहुंचाई जा रही है। यदि दुःखद परिस्थिति में किसी रोगी की मृत्यु हो जाती है तो रोगी के अन्तिम संस्कार के लिए पूर्ण संवेदनशीलता अपनाते हुए मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन किया जाए। इस अवसर पर विभिन्न ग्राम पंचायतों के परधावों ने वर्चुअल माध्यम से अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों की वर्तमान स्थिति के बारे में अवगत करवाया।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव संजय अवस्थी ने देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर चिंता ज़ाहिर की है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण प्रदेश में तेज़ गति से बढ़ रहा है। अर्की विधानसभा क्षेत्र में भी प्रतिदिन कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार व प्रशासन को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि बेकाबू होते इस संक्रमण को काबू करने के लिए समय रहते तुरन्त प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि दाड़लाघाट में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान विधायक वीरभद्र सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण हेतु बजट का प्रावधान किया था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन बनकर तैयार भी हो चुका है लेकिन कई माह बीत जाने पर अभी तक उसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से आग्रह किया है कि इस मुश्किल घड़ी में इस भवन को उपयोग में लाया जाए और इस स्वास्थ्य केंद्र को सुचारू रूप से चलाने हेतु डॉक्टर्स और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की तुरंत नियुक्ति की जानी चाहिए ताकि जनता इस मुश्किल घड़ी में इसका लाभ उठा सके। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव ने कहा कि प्रशासन यह भी सुनिश्चित करें कि क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीजन सिलेंडर या अन्य मेडिकल संबंधी सुविधाओं की कमी ना आए अतः समय रहते इसकी व्यवस्था कर ली जाए। आरटी पीसीआर टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए व आरटी पीसीआर किट की कमी को दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय भयंकर आपदा पर तभी विजय प्राप्त की जा सकती है यदि हम राजनीतिक स्वार्थ भूलकर एकजुट होकर आम जनमानस के हित में कार्य करेंगे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने जिला में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के दृष्टिगत उपलब्ध स्वास्थ्य अधोसंरचना में वृद्धि के उद्देश्य से आवश्यक आदेश जारी किए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने महर्षि मारकण्डेश्वर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल कुम्हारहट्टी में कोविड-19 पॉजिटिव रोगियों को विशेष चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाने के लिए 60 बिस्तर और अधिगृहित किए हैं। इनमें 57 बिस्तरों के साथ ऑक्सीजन सुविधा तथा 03 बिस्तरों के साथ वेंटिलेटर सुविधा उपलब्ध है। पूर्व में महर्षि मारकण्डेश्वर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल कुम्हारहट्टी में कोविड-19 के पुष्ट मामलों के लिए 50 बिस्तरों का अधिग्रहण किया जा चुका है। इनमें 38 बिस्तरों के साथ ऑक्सीजन सुविधा तथा 12 बिस्तरों के साथ वेंटिलेटर सुविधा उपलब्ध है। यह आदेश आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। यह आदेश 04 मई से लागू होंगे तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
A road linking the university to a new farm block was inaugurated by Dr. Parvinder Kaushal, Vice-Chancellor of Dr. YS Parmar University of Horticulture and Forestry, Nauni. The Khaltoo farm to Kuhat road has a total length of 2 km and has been constructed at a cost of Rs 16.7 lakh. It will provide access to a new farm being established by the department of forest products. Dr. Meenu Sood, Professor, and Head, Department of Forest Products welcomed the Chief Guest and explained the activities undertaken by the department. Explaining about the activities to be carried out, farm in-charge Dr. Yashpal Sharma said that the department has plans to develop around 50 bighas under this project. A short-term crop of wild marigolds has already been harvested for seed and can be used for raising future plantations. In addition to wild marigold, Babuna, mint, and Kalihari (for seed production) along with lemongrass (for extraction of oil), sandalwood will be planted in the sloped areas so that a sustainable model of medicinal and aromatic plants can be developed. The new farm at Kuhut was a barren area, covered with shrubs and bushes until a year ago. Dr. Kaushal shared his vision for developing the area as a model farm for commercial cultivation of Medicinal and Aromatic plants along with space for carrying out other research activities. During the lockdown period last year, the department planted wild marigolds in a small portion of the farm as a short-term rain-fed crop without any inputs. While addressing the statutory officers and the heads of all departments, Dr. Kaushal said that the development of the road and the farm was conceptualized during a visit last year to a large barren portion of land which was largely underutilized due to lack of road connectivity and its terrain. The new road, developed by the Estate organization of the university will provide a large chunk of land for research activities for the students and faculty and will also be helpful for the transfer of technology to the farmers. He congratulated the forest product department and the Estate Office of the university for completing the project in a short time. He also planted a ‘reetha’ tree at the farm. Dr. Bhupender Dutt presented the vote of thanks. The statutory officers, HODs of all departments, faculty, and staff of the department of forest products and Estate office were present on the occasion.
ग्राम पंचायत बरायली के अंतर्गत पंचायत प्रधान रीता शर्मा की अगुवाई में गांव छटेरा तथा ककेड़ गांव को सेनेटाइज़ किया गया। ज्ञात रहे कि इस पंचायत के इन 2 गांव में गत दिनों कुछ व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव आए थे। पंचायत प्रधान रीता शर्मा ने बताया कि इस कार्य में उन्हें अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन एवं जलागम समिति बरायली फगवाना ने सैनिटाइज़र इत्यादि मुहैया करवाकर पूर्ण सहयोग दिया तथा भविष्य में भी इस प्रकार की सहायता करने का आश्वासन दिया। पंचायत प्रधान ने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी पंचायत क्षेत्र में सड़क किनारे चल रही सब्जियों की दुकानों तथा अन्य दुकानों को भी सेनेटाइज़ करवाया ताकि देश प्रदेश में बढ़ रही इस महामारी से लोगों का बचाव किया जा सके। उन्होंने गांव में जाकर लोगों को विश्वव्यापी इस महामारी से बचाव हेतु प्रशासन द्वारा दी गई हिदायतों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह भी किया। इस कार्य में ककेड़ की वार्ड मेंबर स्नेह लता साथ रही तथा चल्यावन वार्ड से दिनेश ने सेनिटाइज छिड़काव में स्वयंसेवी भावना ने अपना योगदान दिया।
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल शिमला में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि कोविड-19 की दूसरी लहर में कोविड मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिसके चलते ऑक्सीजन की आवश्यकता भी बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश में 21 मेट्रिक टन ऑक्सीजन की खपत है तथा पूरे प्रदेश में 65 मेट्रिक टन ऑक्सीजन की उपलब्धता है। बढ़ते कोरोना मरीजों की संख्या के मद्देनजर ऑक्सीजन की खपत भी बढ़ेगी। इसी दृष्टि से ऑक्सीजन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए भारत सरकार द्वारा आवंटित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल शिमला में ऑक्सीजन प्लांट का कार्य क्रियान्वित किया गया है। यह ऑक्सीजन प्लांट कोरोना महामारी के बाद भी इस अस्पताल में ऑक्सीजन की आवश्यकता को पूरा करेगा। ऑक्सीजन प्लांट को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल शिमला में स्थापित करने के लिए भारत सरकार तथा मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश जयराम ठाकुर का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया की आगामी दिनों में हिमाचल प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि शिमला के अस्पतालों में मरीजों की संख्यां कम करने के लिए रोहड़ू व रामपुर में आक्सीजन का माकूल प्रबंध जा रहा है यदि यह प्लांट उपरी क्षेत्रों में स्थापित होते है तो उनके क्षेत्रों में ही कोविड मरीजों के साथ साथ अन्य बिमारियों से ग्रस्त मरीजों को भी आक्सीजन की सुविधा मिलेगी।
तकनीकी शिक्षा, जनजातीय विकास, सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्री डाॅ. रामलाल मारकण्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत यह सुनिश्चित बना रही है कि छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से बेहतर शिक्षा प्राप्त हो। डाॅ. मारकण्डा ने सोलन जिला के कण्डाघाट स्थित राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय (महिला) का निरीक्षण करने के उपरान्त उपस्थित शिक्षकोें एवं अन्य के साथ विचार-विमर्श किया। उन्होंने महाविद्यालय में 3.50 लाख रुपए की लागत से निर्मित व्यायामशाला का विधिवत शुभारम्भ भी किया। निरीक्षण के उपरान्त उन्होंने उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट को निर्देश दिए कि महाविद्यायल परिसर स्थित पुराने भवन को नियमानुसार असुरक्षित घोषित किया जाए। उन्होंने प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि महाविद्यालय के छात्रावास एवं आवासों की मुरम्मत के लिए रिपोर्ट प्रेषित की जाए ताकि मुरम्मत का कार्य शीघ्र आरम्भ हो सके। तकनीकी शिक्षा मन्त्री ने कहा कि इस महाविद्यालय में आवश्यकतानुसार और पाठ्यक्रम आरम्भ करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने अध्यापकों से आग्रह किया कि छात्राओं को रोज़गारपरक व्यावसायिक एवं व्यवहारिक शिक्षा प्रदान करें ताकि छात्राओं को भविष्य में रोज़गार एवं स्वरोज़गार के बेहतर अवसर प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि कण्डाघाट स्थित राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय (महिला) को गुणवत्तायुक्त शिक्षा के लिए जाना जाता है और यहां शिक्षा प्राप्त छात्राओं ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। डाॅ. मारकण्डा ने इस अवसर पर सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 से बचाव के लिए उचित प्रकार से मास्क पहनें, बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाइज़र से धोएं तथा सोशल डिस्टन्सिंग नियम का पालन करें। उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद, महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डाॅ. दिनेश बिन्द्रा सहित अन्य अध्यापक इस असवर पर उपस्थित थे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुन्दन में विश्व मजदूर दिवस पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यकारी प्रधानाचार्य पीसी बट्टू ने की। इस कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी करुणा तथा एनएसएस के लगभग 50 स्वयंसेवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवियों में श्रमिकों के प्रति सम्मान व राष्ट्रीय विकास में उनके योगदान पर चर्चा की गई। स्वयंसेवियों ने अपने-अपने घर से चित्रकला का आयोजन किया जिसमे स्वयंसेवी हिमानी भक्त की चित्रकला सराहनीय तथा प्रभावशाली रही। इसके माध्यम से उसने राष्ट्र के विकास में श्रमिकों के योगदान को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू ने श्रमिक दिवस के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी राष्ट्र या समाज में श्रमिकों की भूमिका सर्वोपरि रहती है परंतु भारत में अज्ञानता वश इसे इतना ज़्यादा महत्व नहीं दिया जाता। भारत में श्रमिकों के योगदान को सर्वप्रथम डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने पहचाना और उन्हें सम्मान दिलाने के लिए प्रयास किए।
जिला सोलन के अर्की में कोरोना के चलते दम तोड़ने वाले बाबा कृपाल भारती को प्रशासन को बिना सूचना दिए समाधि दे दी गई। इसमें कोविड-19 अंतिम संस्कार प्रोटोकॉल की अवहेलना के चलते 14 लोगों के खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। अर्की के लुटरू महादेव गुफा में रहने वाले 69 वर्षीय बाबा एमएमयू कुमारहट्टी में उपचारधीन थे। वीरवार को बाबा का निधन हो गया। अर्की पुलिस ने एसडीएम विकास शुक्ला की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। नगर पंचायत के अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने प्रशासन के आधिकारिक वाट्सएप ग्रुप में समाधि देने को लेकर जानकारी दी। शिकायत में कहा गया था कि बाबा को मृत्यु के पश्चात मंदिर परिसर में लाया गया था। बकायदा पूर्ण रीति रिवाज के साथ समाधि दी गई है।
सोलन जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) के किसानों के लिए आज से नालागढ़ में ही गेहूं की खरीद आरम्भ हो गई है। कृषि उत्पाद विपणन समिति द्वारा संचालित अनाज मण्डी नालागढ़ में क्षेत्र के किसानों की गेहूं का क्रय आरम्भ हो गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जब 17 अप्रैल, 2021 को बीबीएन क्षेत्र के दौरे पर आए थे तो उनके ध्यान में लाया गया था कि बीबीएन क्षेत्र के किसानों का गेहूं पंजाब स्थित मण्डियों में नहीं खरीदा जा रहा है और इस कारण क्षेत्र के किसानों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने किसानों की गम्भीर समस्या के दृष्टिगत कृषि विभाग को इसके त्वरित एवं समयबद्ध निदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीबीएन क्षेत्र में किसानों से गेहूं खरीद की समस्या का शीघ्र हल किया जाए ताकि किसानों को अपनी उपज विक्रय करने के लिए यहां-वहां भटकना न पड़े। तदोपरान्त भारतीय खाद्य निगम ने सर्वेक्षण कर नालागढ़ स्थित अनाज मण्डी को गेहूं की खरीद के लिए उपयुक्त माना था। प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने बीबीएन क्षेेत्र के किसानों की समस्या का त्वरित हल करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सदैव समाज के सभी वर्गों के हित के लिए प्रयत्नशील हैं और उनके प्रयासों से नित नवीन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के सभी वर्गों का कल्याण सुनिश्चित बनाया जा रहा है। इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी प्रदान करते हुए एपीएमसी सोलन के सचिव डाॅ. रविन्द्र शर्मा ने कहा कि आज से नालागढ़ स्थित अनाज मण्डी में बीबीएन के किसानोे से गेहूं की खरीद आरम्भ हो गई है। उन्होंने कहा कि यहां गेहूं की खरीद के लिए किसानों को पहले अपना पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण के लिए किसानों को अपनी कृषि भूमि की जमाबन्दी, आधार कार्ड की प्रति, किसान बुक की प्रति, बैक खाते की प्रति साथ रखनी है। पंजीकरण के उपरान्त किसानों को दूरभाष के माध्यम से विक्रय के लिए गेहूं लाने के सम्बन्ध में सूचित किया जाएगा। यहां एक दिन में 800 क्विटंल गेहूं की खरीद की जाएगी। यह केन्द्र रविवार को भी कार्यरत रहेगा। भारतीय खाद्य निगम यहां किसानों से गेहूं की खरीद 1975 रुपए प्रति क्विटंल की दर पर कर रहा है।
सब तहसील दाड़लाघाट के सभागार में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें सब तहसील दाड़लाघाट में तैनात नायब तहसीलदार बीएल राजटा व तामील कुनिन्दा मदन लाल को सेवानिवृत्ति पर शॉल व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान वरिष्ठ सहायक राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार बसंत लाल राजटा व तामील कुनिन्दा मदन लाल ने प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी के बीच सामंजस्य बनाकर शासकीय कार्य के सम्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने हर छोटे और बड़े व्यक्ति को समय देकर उनकी बात सुनी। कानूनगो विजय कांत शर्मा ने सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार बीएल राजटा व तामील कुनिन्दा मदन शर्मा को सरल एवं मृदुभाषी बताया। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार एवं तामील कुनिन्दा ने कड़ी मेहनत एवं ईमानदारी से कार्य करते हुए जनता का दिल जीता है। यही कारण रहा कि इतने लम्बे कार्यकाल के दौरान उनकी एक भी शिकायत सामने नहीं आई। इस अवसर पर फील्ड कानूनगो विजय कांत शर्मा, कार्यालय कानूनगो कृष्ण लाल ठाकुर, वरिष्ठ सहायक राजेन्द्र ठाकुर, ललित कुमार, पटवारी कृष्ण प्रकाश, कपिल, विजेंद्र, अनिल, पूर्व पंचायत समिति उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर, पूर्व पंचायत उपप्रधान दाड़लाघाट राजेश गुप्ता, क्यारड़ पंचायत के उपप्रधान मोहन लाल सहित कार्यालय के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिला अध्यक्ष आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला दंडाधिकारी आदित्य नेगी के आदेशानुसार कोविड महामारी के बढते संक्रमण तथा जिला में चल रहे टीकाकरण अभियान को मध्यनजर रखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नगर निगम शिमला के 34 वार्डों के लिए कलस्टर कंटोनमैंट सर्वे टीमें गठित की गई। उन्होंने कहा कि चिकित्सक दल की टीम के सदस्य नगर निगम शिमला के समस्त वार्डों में कोरोना पीड़ित, होम क्वांरटीन नागरिकों को दवाईयों की किट का वितरण, उनके सम्पर्क में आए लोगों की सूची तैयार करना, कोविड सुरक्षा टीकाकरण में सहयोग देना तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा दिए गए दायित्वों का निर्वहन करेगी। जनता की सुरक्षा को मध्यनजर रखते हुए सम्बन्धित स्वास्थ्य अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगें कि सीसीएसटी के समस्त सदस्यों को उनकी डियूटी के बारे प्रशिक्षण दिया जाए। इन आदेशों का पालन न करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 तथा 3 मई को चम्बाघाट से शिमला तक राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन कार्य के दृष्टिगत सोलन शहर के कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के सहायक अभियन्ता आर.विदुर ने दी। आर.विदुर ने कहा कि इसके दृष्टिगत 2 मई को प्रातः 10.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक सलोगड़ा, बस्ती रोड, रेलवे स्टेशन, कथोग तथा आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि 3 मई को पड़ग क्षेत्र, पंजाब नेशल बैंक, मैसर्ज विन्सम होटल तथा आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति प्रातः 10.00 बजे से दिन में 2.00 बजे तक बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि के दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 मई को सोलन शहर के चम्बाघाट क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन कार्य के दृष्टिगत 11 केवी वाटर सप्लाई फीडर की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के सहायक अभियन्ता दिनेश ठाकुर ने दी। दिनेश ठाकुर ने कहा कि इसके दृष्टिगत 2 मई को प्रातः 10.00 बजे से सांय 6.00 बजे तक फोरेस्ट काॅलोनी, डीआईसी, चम्बाघाट चैक, बेर पानी, बेर खास, बेर गांव, एनआरसीएम, करोल विहार, बेर की सेर, झानू गांव, सलाकना तथा आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि के दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
प्रदेश में वर्तमान में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में तीव्र वृद्धि दर्ज की गई है। इसी के चलते उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कोविड-19 संक्रमण तथा कोविड से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान के सफल कार्यान्वयन के लिए गठित जिला कार्यबल की बैठक की अध्यक्षता की। केसी चमन ने कहा कि कोविड-19 की वर्तमान वृद्धि दर के दृष्टिगत यह आवश्यक है कि सभी स्तरों पर नियम पालन के साथ सावधानी बरती जाए और सभी पक्ष पूर्ण समन्वय स्थापित कर कार्य करें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जहां उचित प्रकार से मास्क पहनना, बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाइजर से धोना तथा सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करना जरूरी है वहीं खांसी, जुखाम, बुखार सहित अन्य लक्षण होने पर चिकित्सक से सम्पर्क स्थापित कर परीक्षण करवाना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नियम पालन से ही कोरोना संक्रमण की श्रृखंला को तोड़ा जा सकता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि जन-जन को इस दिशा में सचेत करें ताकि हम सभी महामारी को सफलतापूर्वक रोक सकें। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर सोलन जिला में भी उपमण्डल स्तर पर कार्यबल गठित कर दिए गए हैं। यह कार्यबल स्थानीय स्तर पर अनुमति प्राप्त समारोहों में मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना सुनिश्चित बनाएंगे तथा निर्देशों एवं मानक परिचालन प्रक्रिया की अवहेलना पर दोषियों के विरूद्ध कार्रवाही भी आरम्भ कर सकेंगे। यह कार्यबल होम आईसोलेशन में रखे गए रोगियों का स्थापित प्रोटोकोल के अनुसार ध्यान भी रखेंगे। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि स्थापित प्रक्रिया के अनुरूप होम आईसोलेशन में रखे गए रोगियों की स्थिति का अनुश्रवण किया जाए ताकि कोरोना वायरस संक्रमण को रोका जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि दूरभाष के माध्यम से इन रोगियों का हालचाल पूछकर उनकी स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों को दूर करने में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। केसी चमन ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए हर स्तर पर नियमानुसार सख्ती आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी कोविड-19 पाॅजिटिव रिपोर्ट छुपाता है तो उसके विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन का यह हरसंभव प्रयास है कि कोविड-19 संक्रमण से जन-जन को बचाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि दुःखद परिस्थिति में किसी रोगी की मृत्यु हो जाती है तो रोगी के अन्तिम संस्कार के लिए पूर्ण संवेदनशीलता अपनाते हुए मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन किया जाए। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार सोलन जिला में 18 से 45 वर्ष आयुवर्ग के व्यक्तियों का कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाना है। उन्होंने कहा कि इस आयुवर्ग को टीकाकरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवाना आवश्यक है। इस आयुवर्ग को बिना पंजीकरण के टीका नहीं लगाया जाएगा। पंजीकरण के उपरान्त मोबाइल पर संदेश के माध्यम से टीकाकरण की तिथि बताई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला में वर्तमान में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं सहित 45 से अधिक वर्ष आयुवर्ग का टीकाकरण किया जा रहा है। जिला में 29 अप्रैल, 2021 तक कुल 119222 व्यक्तियों का टीकाकरण किया गया है। उन्होंने 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सभी व्यक्तियों से आग्रह किया कि कोविड-19 से बचाव के लिए अपना टीकाकरण शीघ्र करवाएं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अनुराग चन्द्र शर्मा, उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ महेन्द्र पाल गुर्जर, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद, उपमण्डलाधिकारी कसौली डाॅ.संजीव धीमान, खण्ड विकास अधिकारी धर्मपुर रीतिका, समादेशक गृह रक्षा डाॅ. शिव कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.राजन उप्पल, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डाॅ.राजेन्द्र शर्मा, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ.एसएल वर्मा, नगर निगम सोलन के आयुक्त एलआर वर्मा, बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ इन्डस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय खुराना, परवाणू इन्डस्ट्रियल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष संजीव कटोच सहित विभिन्न विभाागें के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्मयंत्री जय राम ठाकुर ने आज जिला सिरमौर के अन्तर्गत नाहन में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि डाॅ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नाहन के प्रधानाचार्य को इस महामारी के नियंत्रण और प्रबंधन के लिए अस्थाई रूप से 50 नर्सों, चार डेटा एंट्री ऑपरेटर, 20 चतुर्थ श्रेणी वार्ड ब्याॅज, तीन प्रयोगशाला तकनीशियनों और 10 ऑपरेशन थियेटर सहायकों को प्राधिकृत सेवा प्रदानकर्ता एजेंसियों के माध्यम से 30 जून, 2021 तक आउटसोर्स आधार पर कोविड ड्यूटी पर तैनात करने के लिए अधिकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार पीपीई किट्स, फेस मास्क, सेनिटाजर और ऑक्सीज़न की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करने पड़े। राजकीय चिकित्सालय, नाहन में बिस्तरों की क्षमता को 110 तक बढ़ाया जाएगा। आयुर्वेदिक अस्पताल के भवन को समर्पित कोविड देखभाल केन्द्र के रूप में समर्पित किया जाएगा जिसमें 25 अतिरिक्त बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों, गैर-सरकारी संगठनों और सामाजिक संगठनों से लोगों की सहायता करने और इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सरकार की सहायता करने के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सम्बन्धित क्षेत्रों में बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों पर निगरानी रखने को कहा ताकि अन्य राज्यों से आए लोगों की कोविड जांच या उन्हें होम आइसोलेशन में रखना सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा की चिकित्सक और अन्य पेरा-मेडिकल स्टाफ कोविड-19 मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करें और सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाएं क्योंकि यह उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहायक सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए की इस महामारी के संबंध में प्रदेश सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, सांसद सुरेश कश्यप, विधायक डाॅ. राजीव बिन्दल एवं रीना कश्यप, उपाध्यक्ष राज्य नागरिक आपूर्ति निगम बलदेव तोमर, स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी और अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लक्कड़ बाज़ार शिमला में विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी गई है। विद्यालय में सभी कक्षाओं के लिए सभी विषयों की ऑनलाइन कक्षा की समय सारणी बना दी गई है। अध्यापक अपने घरों से ही गूगल मीट और जूम जैसे ऑनलाइन माध्यम से लाइव कक्षाएं ले रहे हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस संदर्भ में विद्यालय के अध्यापकों के साथ एक वर्चुअल स्टाफ मीटिंग की गई जिसमें यह निर्णय लिया गया की ऑनलाइन कक्षाएं एक निर्धारित समय सारणी के अनुसार नियमित रूप से ली जाएं ताकि विद्यार्थियों के साथ संपर्क बना रहे और उनकी पढ़ाई प्रभावित ना हो। यह सारी प्रक्रिया हर घर पाठशाला के अतिरिक्त रहेगी। विद्यालय प्रबंधन ने विद्यालय के स्टाफ और छात्रों के अभिभावकों के साथ इस बारे में संवाद स्थापित किया जिसमें 100 से अधिक अभिभावक ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। इस मीटिंग में अभिभावकों से सहयोग की अपेक्षा की गई। अभिभावकों ने विद्यालय द्वारा शुरू की गई ऑनलाइन कक्षाओं का स्वागत किया और आश्वासन दिया कि वह विद्यालय प्रशासन की इस पहल का पूर्ण सहयोग करेंगे।
चौपाल के नेरवा में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। नेरवा से 1 किलोमीटर दूर हडेऊनाला के पास एक कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। गाड़ी में तीन लोग स्वार थे। तीनों लोग इस दुर्घटना में जख्मी हुए, घायलों को स्थानीय लोगों व पुलिस द्वारा सिविल अस्पताल नेरवा लाया गया। इस दुर्घटना में घायल हुए व्यक्तियों की पहचान दिनेश चौहान (41) पुत्र किरपा राम गांव व डाकघर बिजमल तहसील नेरवा जिला शिमला, कमलेश (38 ) पत्नी दिनेश चौहान व अक्षय चौहान पुत्र श्याम सिंह ( 27) के रूप में हुई है। गाड़ी के चालक दिनेश चौहान अपनी पत्नी कमलेश व अपने भतीजे अक्षय के साथ अपने घर बिजमल से नेरवा बाजार आ रहें थे। अचानक कार अनियंत्रित होने से यह दुर्घटना हो गई। तीनों घायलों को सिविल अस्पताल नेरवा से प्रार्थमिक उपचार के बाद IGMC शिमला रेफर किया गया है। तहसीलदार नेरवा अरूण शर्मा द्वारा रेफर किए गए घायलों को पांच-पांच हज़ार रूपए की राशि फौरी राहत के तौर पर दी गई।
लुटरू महादेव मन्दिर अर्की के बाबा कृपाल भारती व नाहन के महंत कृष्णानाथ का कोरोना से निधन हो गया है। इस पर रामलोक मन्दिर कंडाघाट के बाबा अमरदेव ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से असमय मृत्यु होना बहुत दुःखद घटना है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस विश्व व्यापी महामारी से खुद को सुरक्षित रखने के लिए सरकार व प्रसासन के दिशा निर्देशों का पालन करें।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शुक्रवार को जिला सिरमौर के एक दिवसीय दौरे पर नाहन पहुंचे। मुख्यमंत्री सीधे हेलीपैड से सर्किट हाउस पहुंचे जहां उन्होंने कुछ मिनट रुकने के बाद नहान मेडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया, जिसके बाद वह सीधे नहान मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री इमरजेंसी कक्ष और आईसीयू का जायजा लेने भी पहुंचे। हैरानी करने वाली बात तो यह थी कि आईसीयू पूरा का पूरा खाली था और कोरोना से पीड़ित मरीज सड़कों पर पड़े थे। पीड़ित परिजनों ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए नर्सिंग स्टाफ की जमकर तारीफ भी करी। वास्तु सिटी के बारे में स्थानीय विधायक ने भी लोगों की बातों का समर्थन करते हुए चिकित्सकों की लापरवाही की बारे में जानकारी दी। कोरोना संक्रमित पेशेंट की तीमारदार महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि कोविड-19 वार्ड में केवल नर्स और सफाई कर्मचारी ही उनकी देखरेख करते हैं। जबकि डॉक्टर कभी भी उनके वार्ड में निरीक्षण करने नहीं आते हैं। बता दें कि जिला सिरमौर में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। बीते कल जिला प्रशासन के द्वारा पत्रकार वार्ता भी आयोजित करवाई गई थी। इस वार्ता में मीडिया कर्मियों के द्वारा भी अस्पताल प्रबंधन को सवालिया घेरे में खड़ा किया गया। हालांकि जिला सिरमौर प्रशासन अपनी तरफ से हर स्थिति से निपटने को लेकर प्रतिदिन रणनीतियां बना रहा है। इसके बावजूद जिला में अब स्थिति लगभग नियंत्रण से बाहर होती नज़र आ रही है। इस मौके पर सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी व नाहन के विधायक राजीव बिंदल सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे।
नई पेंशन स्कीम कर्मचारी एसोसिएशन के आह्वान पर आज कांगड़ा के अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों ने अपने दिवंगत कर्मचारी सुरेश गौतम को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस आशय की जानकारी देते हुए कांगड़ा जिला प्रधान रजिंदर मन्हास ने बताया की 30 अप्रैल 2018 को जिला बिलासपुर से संबंध रखने वाले जल शक्ति विभाग के कर्मचारी सुरेश गौतम बिलासपुर के कर्मचारियों के साथ दिल्ली में पेंशन बहाली के आंदोलन में शामिल होने गए थे और वापसी में आज ही के दिन एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। उनकी याद में एनपीएस कर्मचारियों ने आज उनका तीसरा शहीदी दिवस मनाया और कर्मचारियों ने प्रण लिया की सुरेश गौतम की कुर्बानी को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा और पेंशन बहाली तक यह आंदोलन जारी रखा जाएगा। जिला प्रधान ने कहा कि कांगड़ा के 20 खंडों में संगठन की 20 खण्ड कार्यकारणी ने यह श्रद्धांजलि समारोह मनाया और कोविड-19 नियमों का पालन कर श्रदांजलि अर्पित की। सभी कर्मचारियों ने सरकार से मांग की सुरेश गौतम की धर्मपत्नी को अभी तक करुणामूलक आधार पर नौकरी नहीं मिल पाई है। अतः सरकार उन्हें तत्काल नियुक्ति पत्र प्रदान करें। जिला प्रधान ने कहा कि पिछले एक सप्ताह में 9 कर्मचारियों की कोविड की वजह से सेवा के दौरान मृत्य हो चुकी है आज संगठन ने उन्हें भी श्रद्धासुमन अर्पित की। साथ ही सरकार से आग्रह किया कि 2009 की अधिसूचना को तत्काल एनपीएस कर्मचारियों के लिए लागू किया जाए जिससे दिवंगत कर्मचारी के परिवार को परिवारिक पेंशन का लाभ मिल सके।
प्रदेश में कोविड मरीजों को सुविधा प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कोविड समर्पित 33 और एम्बुलेंस उपलब्ध करवाई हैं जिनमें 108 एम्बुलेंस सेवा की 13 व 102 एम्बुलैंस सेवा की 20 एम्बुलेंस शामिल हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डाॅ.निपुण जिन्दल ने यह जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में कुल 123 कोविड समर्पित एम्बुलेंस लोगों को सेवाएं प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवाओं की 47 एम्बुलेंस पहले से ही अपनी सेवाएं उपलब्ध करवा रही हैं जिनमें 13 और एंबुलेंस शामिल की गई हैं। इस प्रकार, 108 एम्बुलेंस सेवा की 60 एम्बुलेंस के माध्यम से लोगों को सेवाएं प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि 102 एम्बुलेंस सेवा की कुल 63 एम्बुलेंस कोविड मरीजों को सेवाएं प्रदान कर रही हैं। 102 एम्बुलेंस सेवा की 22 एम्बुलेंस पहले से ही सेवारत थीं जबकि 20 और एम्बुलेंस शामिल की गई है। उन्होंने कहा कि 21 एम्बुलेंस को सैम्पल एकत्रीकरण के कार्य में लगाया गया है। मिशन निदेशक ने बताया कि 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को कोविड का टीका लगाने के लिए 28 अप्रैल से पंजीकरण कार्य आरम्भ हो गया है। कोविन पोर्टल और आरोग्य सेतू ऐप पर पंजीकरण करवाया जा सकता है। इस आयु वर्ग के लोगों के लिए वैक्सीन उपलब्ध होते ही टीकाकरण का कार्य आरम्भ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में इस आयु वर्ग के सभी पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क टीकाकरण करने का निर्णय लिया गया है।
उपायुक्त सोलन के.सी. चमन ने जिला सोलन की पंचायती राज संस्थाओं के सभी प्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि कोविड-19 संक्रमण संकटकाल में पूर्ण सजगता के साथ अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करें और जन-जन को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों के विषय में जागरूक बनाएं। के.सी. चमन ने आज वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से जिला के पंचायती राज प्रतिनिधियों, उपमण्डलाधिकारियों एवं खण्ड विकास अधिकारियों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि संकट काल को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और सभी के सहयोग से इस महामारी पर नियन्त्रण पाया जा सकेगा। वर्तमान में सावधानी अत्यन्त आवश्यक है। कोरोना वायरस संक्रमण में वृद्धि की दर तीव्र है और विभिन्न सावधानियों का पालन तथा पात्रता अनुसार टीकाकरण इस दिशा में बचाव का बेहतर माध्यम है। उन्होंने कहा कि संकट के इस काल में सभी अधिकारयों और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र के कोरोना पॉजिटिव रोगियों की सूची सम्बन्धित ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों से साझा करें ताकि होम आईसोलेशन की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित हो। ऐसी परिस्थिति में कोरोना पॉजिटिव रोगी एवं उसके परिजनों के भोजन तथा पशुओं के चारे इत्यादि का प्रबन्ध सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उपायुक्त ने पंचायती राज प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि अपने-अपने क्षेत्र में बाहर से आने वाले व्यक्तियों पर नज़र रखें ताकि आवश्यकतानुसार होम आईसोलेशन में कोई परेशानी न हो। जिला की सीमाओं पर बाहर से आने वालों की जानकारी पंचायत स्तर तक उपलब्ध करवाई जाएगी। के.सी. चमन ने आग्रह किया कि कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए निगरानी, सतर्कता और रोकथाम के सूत्र का पालन करें। गांव-गांव में बाहर से आनेे वालों के साथ-साथ समारोह इत्यादि की निगरानी करें तथा नियमानुसार 14 दिन की होम आईसोलेशन प्रक्रिया पूरी करवाएं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि केवल आवश्यकतानुसार ही घर से बाहर निकलें। सभी सार्वजनिक स्थानों पर नाक से ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनें, दो व्यक्तियों के मध्य उचित दूरी बनाए रखें और बार-बार अपने हाथ साबुन या एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से धोते रहें। कोरोना संक्रमण की श्रृंखला को नियम पालन से ही तोड़ा जा सकता है। इसलिए आवश्यक है कि संक्रमण के न्यून होने तक स्व घोषित लाॅकडाऊन का पालन किया जाए। के.सी. चमन ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव रोगियों के होम आईसोलेशन के लिए घरों में उचित व्यवस्था का होना आवश्यक है। उपमण्डलाधिकारी टीमें गठित कर यह सुनिश्चित बनाएं कि ऐसे घरों में रोगी के लिए पृथक शौचालय, अलग प्रवेश की व्यवस्था हो। ऐसा न होने पर रोगी को संस्थागत कोरंटीन किया जाए। उन्होंने आग्रह किया कि 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सभी व्यक्तियों का टीेकाकरण करवाया जाए। टीकाकरण कोरोना संक्रमण के विरूद्ध कारगर है और बहुमूल्य मानवीय जीवन बचाने में उपयोगी है। 18 वर्ष से 45 वर्ष आयुवर्ग के लोग कोविड-19 टीकाकरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवाएं। टीकाकरण की तिथि के बारे में ऑनलाइन ही सूचित किया जाएगा। 18 से 45 वर्ष आयुवर्ग के व्यक्तियों को सूचना मिलने के उपरान्त ही टीकाकरण के लिए आना होगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल तथा डाॅ. अजय सिंह ने आवश्यक सावधानियों की जानकारी प्रदान की। जिला के पंचायती राज प्रतिनिधि, उपमण्डलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी तथ अन्य इस अवसर पर उपस्थित थे।
जिला पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के जिला अध्यक्ष के डी शर्मा तथा महासचिव जगदीश पंवर ने हिमाचल सरकार द्वारा कोविड के तहत कर्मचारियों तथा पेंशन भोगियों के खाते से एक दिन की राशि काटे जाने की घोर निंदा की है। के डी शर्मा व जगदीश पंवर ने संयुक्त ब्यान जारी करते हुए कहा कि पिछले वर्ष जनवरी व जुलाई तथा इस वर्ष जनवरी 2021 से महंगाई भत्ता लगभग 13 प्रतिशत पर भी सरकार ने रोक लगाई है और ऊपर से सरकार ने एक दिन की पेंशन की भी कटौती कर दी है। उन्होंने कहा कि लम्बे अरसे से चली आ रही पेंशनरों की मांगों के प्रति सरकार का रवैया ठीक नहीं है आज तक सरकार ने पेंशनरों की समस्या को गम्भीरता से नहीं लिया। सरकार अपने फिजूल खर्चों पर तो कोई अंकुश नहीं लगा रही है। पेंशनरों ने कोविड फंड में पहले भी योगदान किया है और अब भी पेंशनर पीछे नहीं हटेंगे पर सरकार को भी पेंशनरों की मांगों पर गौर करना चाहिए। यह जानकारी संगठन के जिला प्रेस सचिव डी डी कश्यप ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।
कोरोना संक्रमण के तेज़ी से बढ़ते मामलों ने हर व्यक्ति की चिंता बढ़ा दी है। कोरोना मामलों के बढ़ते ग्राफ की वजह लोगों द्वारा कोविड नियमों में लापरवाही बरतना व सामाजिक समारोहों में शामिल होना भी है। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार के आयोजनों में पहले ही पाबंदी लगा रखी हैं। जिला मंडी में भी कोरोना के मामले सामने आ रहे है तथा लोगोें की सुरक्षा हेतु जिलाधीश ने आज धारा 144 के अन्तर्गत आयोजनों को लेकर नए आदेश जारी किए हैं। एसडीएम थुनाग पारस अग्रवाल ने जानकारी दी है कि इन आदेशों के अन्तर्गत अब 1 मई से शादी व अन्य आयोजनों में सार्वजनिक धाम पर पाबंदी रहेगी। यह शर्त पहले से ली गई अनुमति पर भी लागू रहेगी। अब सभी प्रकार के जलूस, देवी देवताओं की आवाजाही, शोभायात्रा, मंदिरों व घरों में धार्मिक पाठ-पूजा, सोशल गैदरिंग व सार्वजनिक धाम पर पाबंदी रहेगी। इन आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
छात्र अभिभावक मंच ने उच्चतर शिक्षा निदेशक से मांग की है कि वह दयानंद पब्लिक स्कूल के मामले में हस्तक्षेप करें व पांच दिसम्बर 2019 की शिक्षा निदेशालय की अधिसूचना को लागू करवाएं। यह अधिसूचना वर्ष 2019 में जारी हुई थी व इसमें स्पष्ट किया गया था कि वर्ष 2020 व उसके तत्पश्चात कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों के जनरल हाउस के बगैर कोई भी फीस बढ़ोतरी नहीं कर सकता है। इसके बावजूद भी डीपीएस स्कूल ने वर्ष 2020 में फीस बढ़ोतरी की। वर्ष 2021 में इस स्कूल ने सारे नियम कायदों की धज्जियां उड़ाते हुए टयूशन फीस में भारी-भरकर बढ़ोतरी करके सीधे 55 प्रतिशत तक फीस बढ़ोतरी कर दी है। डीपीएस प्रबंधन ने नर्सरी व केजी कक्षा की फीस को एक हज़ार नौ सौ से बढाकर दो हज़ार आठ सौ पचास रुपये, पहली से पांचवीं कक्षा तक की प्रतिमाह टयूशन फीस दो हज़ार से बढ़ाकर तीन हज़ार रुपये, छठी से आठवीं कक्षा की फीस को दो हज़ार एक सौ से बढ़ाकर तीन हज़ार दो सौ पचास रुपये तथा नौंवीं-दसवीं कक्षा की प्रतिमाह फीस को दो हज़ार दो सौ पचास रुपये से बढ़ाकर तीन हज़ार पांच सौ रुपये कर दिया है। इस तरह वार्षिक बारह हज़ार रुपये से पन्द्रह हज़ार रुपये की टयूशन फीस बढ़ोतरी की गई है। यह पूर्णतः छात्र व अभिभावक विरोधी कदम है व इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने हैरानी व्यक्त की है कि शिक्षा विभाग की नाक तले अंधेरा है व इस से दो सौ मीटर दूर डीपीएस स्कूल में ही शिक्षा विभाग अपने 5 दिसम्बर 2019 के आदेशों को ही लागू नहीं करवा पा रहा है जिसका सीधा मतलब है कि निजी स्कूलों के साथ प्रदेश सरकार की सीधी मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि अगर इस फीस बढ़ोतरी पर अंकुश न लगाया गया तो आंदोलन तेज़ होगा जिसके तहत 28 अप्रैल को शिक्षा निदेशालय का घेराव होगा।
अमिताभ अवस्थी ने सोलन जिला के नालागढ़ उपमण्डल के बद्दी में ऑक्सीजन उत्पादकों एवं वितरकों के साथ आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के दृष्टिगत प्रदेश सरकार विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ कर रही है तथा यह सुनिश्चित बना रही है कि प्रदेश में कोविड-19 मामलों की वृद्धि को रोकने के साथ-साथ कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। अमिताभ अवस्थी ने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों की संख्या में उतरोत्तर वृद्धि हो रही है। रोगियों की संख्या में वृद्धि के साथ ही विभिन्न स्तरों पर जीवनदायिनी ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ रही है। कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों में संक्रमण का स्तर अधिक बढ़ जाने पर ऑक्सीजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि प्रदेश में किसी भी स्तर पर ऑक्सीजन की कमी न हो ताकि सभी रोगियों को आवश्यकता पड़ने पर ऑक्सीजन प्रदान की जा सके। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति मांग से अधिक है। आने वाले समय में यदि कोविड-19 रोगियों की संख्या में और वृद्धि होती है तो ऑक्सीजन की मांग में भी बढ़ोत्तरी होगी। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए बद्दी में यह बैठक आयोजित की गई है ताकि ऑक्सीजन उत्पादकों एवं वितरकों को आवश्यकता व मांग के विषय में उचित जानकारी दी जा सके। अमिताभ अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी स्तरों पर ऑक्सीजन आपूर्ति व मांग का अनुश्रवण एवं समीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योग जगत से आग्रह किया है कि ऑक्सीजन की उद्योग आधारित खपत को न्यून रखा जाए और इसे आवश्यकता पड़ने पर रोगियों को दी जाने वाली ऑक्सीजन में बदला जाए ताकि बहुमूल्य मानवीय जीवन की कम से कम क्षति हो। प्रदेश सरकार कोविड-19 नियम पालन के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने का प्रयास भी कर रही है कि किसी भी श्रमिक अथवा अन्य व्यक्ति को परेशानी का सामना न करना पड़े। बीबीएन क्षेत्र में कार्यरत औद्योगिक इकाईयों के लिए इस सम्बन्ध में उचित आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 से बचाव के लिए नाके से ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनें, बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाइजर से धोते रहें और उचित सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करें। बैठक में उपमण्डल स्तर के अधिकारियों सहित ऑक्सीजन निर्माता, वितरक एवं विक्रेता उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी जिला के सुंदरनगर में नवनिर्मित मातृ एवं शिशु अस्पताल का दौरा कर वहां उपलब्ध सुविधाओं सेे संबंधित जानकारी प्राप्त की। यह अस्पताल कोविड-19 रोगियों के लिए समर्पित किया गया है। उन्होंने सलापड़ में बीबीएमबी कालोनी के पुराने भवनों का भी दौरा किया ताकि आवश्यकता पड़ने पर कोविड-19 रोगियों के लिए अतिरिक्त सुविधाओं की संभावनाओं का पता लगाया जा सके। मुख्यमंत्री ने श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचैक में कोविड-19 की स्थिति के दृष्टिगत बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश में कोविड-19 मामलों में तीव्र वृद्धि को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश में कोविड रोगियों के लिए बिस्तर की क्षमता को बढ़ाकर लगभग 5000 करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि नेरचैक चिकित्सा महाविद्यालय को कोविड-19 अस्पताल के रूप में समर्पित किया गया है और अस्पताल के निकट परिसर में अतिरिक्त 100 बिस्तरों वाले अस्थायी अस्पताल का कार्य भी अगले चार-पांच दिनों के भीतर पूरा कर दिया जाएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी विपरीत स्थिति का सामना करने के लिए अपनी क्षमता को और अधिक बढ़ाने के प्रयास कर रही है। कांगड़ा जिले के राधास्वामी परिसर, परौर में कोविड रोगियों के लिए एक हजार बिस्तरों तक की क्षमता वाले अस्थायी अस्पताल में परिवर्तित कर इसे क्रियाशील बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंडी में एमसीएच भवन का काम एक माह के भीतर पूरा हो जाएगा, जिसके लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बाहर से प्रदेश में प्रवेश करने वाले लोगों से आरटीपीसीआर परीक्षण की नेगेटिव रिपोर्ट साथ लाने और दो सप्ताह की अवधि के लिए होम आइसोलेशन में रहने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकािरयों को ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने और चिकित्सा महाविद्यालय नेरचैक में अधिकतम बिस्तरों में ऑक्सीजन सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रत्ती के अस्पताल में बिस्तरों की क्षमता को 25 से बढ़ाकर 50 किया जाना चाहिए। जयराम ठाकुर ने अधिकारियों को जिले की सभी संस्थाओं/भवनों को सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए। कोविड-19 मरीजों की संख्या में वृद्धि होने पर इनका उपयोग मरीजों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर और हमीरपुर जिलों में स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं को सुदृढ़ करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि चिकित्सा महाविद्यालय नेरचैक पर मरीजों के बोझ को कम किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को इस महामारी से प्रभावशाली तरीके से निपटने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के भी निर्देश दिए। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री ने मंडी जिले के भंगरोटू में निर्माणाधीन प्री-फैब्रिकेटिड अस्पताल का भी निरीक्षण किया। जयराम ठाकुर ने मण्डी में मातृ शिशु स्वास्थ्य देखभाल केन्द्र का दौरा किया और सम्बन्धित अधिकारियों को इसका निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने खलियारा में राधास्वामी सत्संग व्यास का भी दौरा किया, जहां आवश्यकता पड़ने पर 200 बिस्तरों वाले प्रीफैब्रिकेटिड ढांचे का निर्माण किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ.राजीव सैजल, विधायक राकेश जम्वाल, इंद्र सिंह गांधी, जवाहर ठाकुर, भाजपा प्रवक्ता अजय राणा, उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री, मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवेंद्र शर्मा और अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।


















































