गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दिनांक 13 मई २०२१ को कनिष्ठ वर्ग में कक्षा तीसरी के लिए ऑनलाइन 'हिंदी कविता वाचन' प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कक्षा तीसरी के वर्ग 'अ' और 'ब' दोनों वर्गों के छात्रों ने हर्षोल्लास के साथ इस प्रतियोगिता में भाग लिया। सभी छात्रों ने कविता का शुद्ध उच्चारण करके, हाव -भाव के साथ सुंदर प्रस्तुतियाँ दीं। शालू गोयल और सोनिका रानी ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या 'प्रवीणा झा' ने ऑनलाइन प्रतियोगिता के विषय में अपने विचार अभिभावकों और अध्यापकों के साथ सांझा किए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए ऐसी ऑनलाइन प्रतियोगिताएँ होती रहेंगी। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साह एवं शब्दों का शुद्ध उच्चारण करने की खूब सराहना की और इसका श्रेय अध्यापकों और अभिभावकों को दिया। प्रतियोगिता के परिणाम:- तीसरी 'अ' प्रथम :-जेनिल शर्मा, रागा वत्स द्वितीय :-सीरत गुप्ता, प्रभव वर्मा तृतीय :-आरव जोशी, नित्या शेरेवाला तीसरी 'ब' प्रथम :- काव्या कौशल द्वितीय :- चेष्टा तृतीय :- अनुष्का
दाड़लाघाट : ग्राम पंचायत पारनु में आज कोरोना संक्रमण के चलते सैनिटाइजेशन करवाया गया। पंचायत प्रधान केशव राम ने कहा कि क्षेत्र में कोविड-19 के मामले बढ़ने की आशंका होने के कारन पंचायत ने पारनु के समस्त वार्डो को सैनिटाइज करवाया। पंचायत प्रधान केशव राम ने लोगों से कहा कि वे सभी सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें और कोरोना से बचाव के लिए मास्क का प्रयोग करें और थोड़ी-थोड़ी देर बाद साबुन से हाथ धोये जिससे कि लोगों में कोरोना वायरस की रफ्तार को कम किया जा सके। उन्होंने लोगों को हर समय मास्क पहनने, हाथों को साबुन से धोने तथा पर्याप्त समाजिक दूरी बनाए रखने हेतु जागरूक भी किया। इस अभियान में ग्राम पंचायत पारनु के प्रधान केशव राम, उप प्रधान खेमराज भोला, वार्ड सदस्य विजय महाजन, वंदना ठाकुर, रीटा, सोमा, विजय कुमार, रविन ठाकुर, खेमराज ने अपना सहयोग दिया।
दाड़लाघाट : बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते ग्राम पंचायत दानोघाट के युवक मंडल कराड़ाघाट के प्रधान विनय कुमार की अध्यक्षता में कराड़ाघाट सहित अन्य जगहों को सेनिटाइज किया गया। इस अवसर पर पंचायत वार्ड सदस्य नीम चंद विशेष तौर पर उपस्थित रहे। जानकारी देते हुए युवक मंडल के सचिव अनिल शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को सदस्यों द्वारा पूरे गांव को सेनीटाइज किया गया। उन्होंने बताया कि मंडल के सदस्यों ने कराडाघाट चौक सहित मंदिर, रास्तों व घर घर जाकर सेनीटाइज किया। साथ ही लोगों को कोरोना महामारी के बारे में भी जागरूक किया। इस मौके पर युवक मण्डल के सचिव अनिल शर्मा, मोहित शर्मा, विशाल शर्मा, तनुज शर्मा व संदीप शर्मा सहित युवा मंडल के अन्य सदस्यों ने भाग लिया।
जोगिन्दर नगर में नप वार्ड नं 5 में एक वृद्ध महिला की मृत्यु हो जाने पर पीड़ित परिवार की मदद के लिए कोई आगे नहीं आया , हालांकि यह एक सामान्य मृत्यु थी। परिवार ने नगर परिषद् उपाध्यक्ष अजय धरवाल से संपर्क साधा और अजय धरवाल तुरंत मौके पर पहुंचे व् मृत वृद्धा को शमशानघाट तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था कर अन्तिम संस्कार करवाया। गौरतलब है कि कोरोना काल में अब तक इस से पहले कोरोना बिमारी से मृत चार व्यक्तियों के अन्तिम संस्कार में भी उपाध्यक्ष अजय धरवाल स्वयं मौजूद रह कर अन्तिम संस्कार में मदद कर चुके हैं। महामारी के इस दौर में जब अपने सगे संबंधी भी ऐसे हालातों में मुँह फेर रहें है तो ऐसे समय में अपन जन प्रतिनिधि होने का कर्तव्य निभाना एक अनूठी मिसाल पेश करता है तथा दूसरे जन प्रतिनिधियों के लिए भी प्रेरणा देने का कार्य करता है। बताते चलें कि पिछले कोरोना काल में भी अजय धरवाल के द्वारा लोगों को घर घर रोज मर्रा का जरूरी सामान होम डिलीवरी के माध्यम से ओर पशुओं को चारा खिलाने का सराहनीय कार्य किया जा चुका है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ.राजीव सैजल ने सोलन से वर्चुअल माध्यम से आयुष विभाग द्वारा होम आईसोलेटिड कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों को योग के माध्यम से स्वस्थ रखने के लिए राज्य स्तरीय ‘आयुष घर-द्वार’ कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उन्होंने कार्यक्रम से सम्बन्धित पुस्तिका का अनावरण भी किया। यह कार्यक्रम प्रदेश के आयुष विभाग एवं आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में योग भारती के प्रशिक्षक भी सेवाएं प्रदान करेंगे। आज के कार्यक्रम में प्रदेशभर से लगभग 80 होम आईसोलेटिड कोविड पाॅजिटिव रोगी भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। डाॅ सैजल ने इस अवसर पर कहा कि आयुर्वेद मात्र एक चिकित्सा पद्धति ही नहीं अपितु स्वस्थ एवं निरोग रहने की जीवनशैली भी है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद जहां एक ओर स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा का साधन है वहीं रोगी को निरोग करने का स्थायी सूत्र है। योग आयुर्वेद पद्धति का आधार स्तम्भ है और योग के माध्यम से अनेक जटिल रोगों को भी ठीक किया जा सकता है। आयुष मंत्री ने कहा कि प्राणायाम जैसी आधारभूत यौगिक क्रियाएं व्यक्ति को कोरोना संक्रमण से उभरने में सहायता प्रदान करती हैं। योग रोगी को मानसिक रूप से सम्बल प्रदान करता है और उसे शारीरिक रूप से अधिक क्रियाशील कर स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने सभी कोविड पाॅजिटिव रोगियों से आग्रह किया कि बीमारी के क्षणों में अपना आत्मबल बनाए रखें। डाॅ.सैजल ने कहा कि कोविड-19 महामारी से उभरने में आधुनिक चिकित्सा पद्धति, आयुर्वेद एवं आयुष की अन्य शाखाएं पूर्ण समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने निरन्तर कार्य कर पीड़ित मानवता को सम्बल प्रदान करने के लिए चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मियों तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को निष्प्रभावी बनाने एवं कोविड पाॅजिटिव रोगियों एवं उनके परिजनों को सहायता पहुंचाने के लिए विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं तथा धार्मिक संस्थाएं भी सरकारी प्रयासों में सहायक बन रही हैं। उन्होंने आशा जताई कि ‘आयुष घर-द्वार’ कोविड पाॅजिटिव रोगियों के लिए राहत का सम्बल बनकर उभरेगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने इस अवसर पर होम आईसोलेटिड कोरोना पाॅजिटिव रोगियों के घर तक भोजन पहुंचाने के लिए आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के मोबाइल नम्बर भी जारी किए। आयुष विभाग के निदेशक डीके रतन ने कार्यक्रम का शुभारम्भ करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आयुष घरद्वार कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 30 हजार कोविड पाॅजिटिव होम आईसोलेटिड रोगियों को सहायता प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य रोगी की चिंता को समाप्त कर उनके स्वस्थ होने की दर को बढ़ाना, उनके जीवन स्तर में सुधार लाना तथा कोविड-19 संक्रमण के उपरान्त उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है। यह कार्यक्रम रोगियों के मानसिक, सामाजिक, आध्यात्मिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य में वृद्धि करेगा। कार्यक्रम में अवगत करवाया गया कि प्रत्येक रोगी तक पहुंचने के लिए जूम, व्हाट्सऐप तथा मीट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर लगभग 1000 वर्चुअल समूह गठित किए जा रहे हैं। प्रत्येक समूह में 20 से 30 रोगी, एक आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी, पैरामेडिकल कर्मी, नोडल अधिकारी तथा आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक सम्मिलत रहेंगे। वर्चुअल सत्र में रोगियों को लाईव चैट, वीडियो लैक्चर एवं दृश्य-श्रव्य सामग्री के माध्यम से योग, प्राणायाम, ध्यान क्रिया, मानसिक स्वास्थ्य, आयुष सिद्धान्त एवं अन्य जानकारियां प्रदान की जाएंगी। वर्तमान में 20 हजार से अधिक रोगियों के 840 वर्चुअल समूह तैयार कर लिए गए हैं। इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग की अन्तरराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षक सुश्री मीनाक्षी ने सभी को वर्चुअल माध्यम से यौगिक क्रियाओं का अभ्यास करवाया। योगभारती के राष्ट्रीय संयोजक श्रीनिवास मूर्ति एवं आर्ट एवं लिविंग की सुश्री कमलेश ने योग के माध्यम से निरोगी रहने के विषय पर सारगर्भित जानकारी प्रदान की। आयुष विभाग की संयुक्त निदेशक डाॅ. राखी सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, सोलन में अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत न्यूनतम आर्थिक लाभ की आठवीं किश्त जारी की। इस किश्त के तहत 9.5 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को लगभग 20,000 करोड़ रुपये वितरित किए गए। किश्त जारी करने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान लाभार्थियों के साथ बातचीत की। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी शिमला से इस वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की आठवीं किश्त जारी करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। इसके उपरान्त, मुख्यमंत्री ने राज्य में इस योजना के तहत प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि यह योजना 24 फरवरी, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरम्भ की गई थी, जिसके तहत आय सहयोग के तौर पर छोटे तथा सीमांत किसानों को 6000 रुपये प्रतिवर्ष की राशि 2000 रुपये की तीन बराबर किश्तों में दी जा रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र, कुल राज्य सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 13.62 प्रतिशत का योगदान देता है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 9.97 लाख कृषक परिवार हैं, जिनमें से लगभग 89 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसान हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 9,26,963 पात्र किसानों को 1355.80 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत वर्ष 2021-22 के लिए 642.47 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसान समुदाय को लाभान्वित करने के लिए मुख्यमंत्री नूतन पाॅलीहाउस परियोजना, कृषि से सम्पन्नता योजना, कृषि कोष, प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना, जायका चरण-2, जल से कृषि को बल योजना जैसी अनेक योजनाएं आरम्भ की हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनिल खाची, निदेशक भू-अभिलेख हंस राज चैहान, निदेशक कृषि नरेश ठाकुर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने देश मे कोविड वेक्सिन की कमी और तेजी से बढ़ते इसके संक्रमण पर चिंता प्रकट करते हुए कहा है कि सरकार ने आज देश में गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। देश को आत्मनिर्भर का स्वप्न दिखाने वाले प्रधानमंत्री को वेक्सीन से लेकर ऑक्सीजन व स्वास्थ्य उपकरण विदेशों से मंगवाने पड़ रहे है।देश आज चारों तरफ से गंभीर चुनोतियों से गुज़र रहा है।भाजपा ने अपनी राजनैतिक महत्वकांक्षा के चलते देश को बर्बादी के कगार पर ला कर खड़ा कर दिया है। सम्भतः आजादी के बाद देश की ऐसी भयावह स्थिति देखने को मिल रही है जहां नदियों में भी लाशों का अंबार लगा है। कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि आज सरकार को न तो किसानों की कोई चिंता है और न ही देश की गिरती अर्थव्यवस्था की। किसान अपने अधिकारों के लिए पिछले सात महीनों से सड़कों पर बैठा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से उन्हें बहलाने में लगें है। उन्होंने कहा कि देश मे एकतरफ कोरोना का कहर तो दूसरी तरफ सरकार की जनविरोधी नीतियों ने लोगों को देश की आजादी से पहले की विदेशी गुलामी की याद दिला दी है, जहां लोग सरकार का विरोध नही कर पाते थे। राठौर ने कहा की प्रदेश में कोरोना की इस दूसरी लहर ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए है। कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है। सरकार प्रभावित परिवारों की कोई भी मदद नही कर रही। देव भूमि में लोग अपने मृत परिजनों को कही कूड़े के ट्रेक्टर में तो कही अपने कंधों पर अंतिम संस्कार के लिए ढोने पर मजबूर हो गए है । सरकार व प्रशासन पूरी तरह संवेदनहीन हो गया है। राठौर ने प्रदेश में वेक्सिनेशन की ढीली रफ्तार पर चिंता प्रकट करते हुए कहा है कि प्रदेश सभी लोगों का टिक्का कर्ण जल्द पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने दूरदराज व दुर्गम क्षेत्रों में कोरोना के फेलाब पर भी चिंता प्रकट करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में टिक्का कर्ण विशेष केम्प लगाये जाने चाहिए, जिससे लोगों की समय पर रक्षा की जा सकें। राठौर ने प्रदेश में लॉक डाउन के चलते सभी प्रभावित लोगों को राहत देने और उनकी आर्थिक मदद देने की गुहार भी सरकार से लगाई है। उन्होंने कहा है कि सरकार को इस समय अपने सभी टैक्सों की बसूली स्थागित करते हुए बैकों से किसी भी प्रकार के लोन की ईएमआई को फिलहाल स्थागित रखने का आदेश देना चाहिए।
ग्राम पंचायत कुंहर में कोरोना महामारी से लोगों को निजात दिलवाने के लिए हर गांवों में लोगों को जागरूक करने और क्षेत्र को सैनिटाइज करने का काम किया जा रहा है। ग्राम पंचायत प्रधान निशा ठाकुर ने इस कड़ी में कुंहर व लड़ोग गांव में सैनिटाइज करवाने का कार्य शुरू कर दिया है। ग्राम पंचायत कुंहर के अंतर्गत चोरूंटू बाजार,उप-स्वास्थ्य केंद्र,पंचायत घर व आस पास के गांव को पंचायत प्रधान निशा ठाकुर ने सेनेटाइज करवाया है। वहीं बाजार में मौजूद सभी लोगो को कोरोना महामारी से बचने के लिए मास्क को पूरी तरह पहनने तथा उचित दूरी बनाये रखने के लिए भी जागरूक किया गया। पंचायत प्रधान निशा ठाकुर ने पंचायत के लोगों व सभी जन प्रतिनिधियों को कोरोना से बचने के लिए सरकार की ओर से दिए गए सुझावों को अमल करने और कोरोना कर्फ्यू के नियमों का पंचायत क्षेत्र में पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग जरूरी कार्य होने पर ही घर से बाहर निकले और जब भी घर से बाहर निकलें सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करे तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही वेक्सीन ड्राइव में सभी जरूर भाग ले। पंचायत सैनिटाइज करवाने के इस अभियान में निशा ठाकुर के साथ पंजाब नेशनल बैंक के कारोबार सहायक दलीप ठाकुर,विद्युत विभाग के कर्मचारी भूपेंद्र,वार्ड मेम्बर वरुणा शर्मा और सरहेच वार्ड की वार्ड सदस्य ने भाग लिया।प्रधान निशा ठाकुर द्वारा किए गए इस कार्य की क्षेत्र के लोग सराहना कर रहे हैं।
पुलिस थाना दाड़लाघाट में कोरोना नियमों का उल्लंघन करने पर दुनकानदार के खिलाफ हुआ मामला दर्ज । मिली जानकारी के मुताबिक दाड़लाघाट के अम्बुजा रोड़ पर स्तिथ एक दुकान जिसका आधा शटर खुला हुआ था,जैसे ही दुकान का पूरा शटर खोल कर देखा गया तो दुकान के अन्दर दुकान का मालिक पाया गया। यह दुकान करयाना व दैनिक भोग आदि वस्तुओ की दुकान थी। कर्फ्यू के समय पर दुकान खुली होने पर आईपीसी के तहत धारा 188 के अंतर्गत राकेश कुमार के विरुद्ध मामला दर्ज किया डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामला दर्ज करके आगामी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।
हमीरपुर 13 मई सुजानपुर के विधायक व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राजेंद्र राणा कहां है कि कोविड महामारी की इस लहर में जब देश में स्थितियां बद से बदतर होती जा रही हैं और स्वास्थ्य सेवाओं का जनाजा उठ गया है , ऐसे में पीएम केयर्स के वेंटिलेटर कहीं खराब पड़े हैं तो कहीं धूल खा रहे हैं जिसका खामियाजा गंभीर रोगियों को अपनी जान गंवा कर चुकाना पड़ रहा है। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि 27 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री राहत कोष पहले से मौजूद होने के बावजूद कोविड-19 को देखते हुए पीएम केयर्स फंड का ऐलान करते हुए देशवासियों से इसमें बढ़-चढ़कर सहयोग देने की अपील की थी। प्रधानमंत्री की इस अपील पर देश हित को सामने रखते हुए देश की कई जानी-मानी हस्तियों और औद्योगिक घरानों के अलावा देश की जनता ने भी पीएम केयर फंड में खुलकर रकम दान की थी। सरकारी विभागों और सार्वजनिक निगमों में लोगों की सैलरी का कुछ हिस्सा काटकर पीएम केयर्स में डोनेट किया गया था। राजेंद्र राणा ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि इस फंड से जो हजारों वेंटिलेटर खरीदे गए थे, उनमें से अधिकांश या तो धूल फांक रहे हैं या फिर खराब पड़े होने के कारण उनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा देश के विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की भारी कमी के चलते हजारों लोग अपनी जान गवां चुके हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि आज देश भर में हालत यह हो गई है कि कई जगहों से इन वेंटिलेटरों के ठीक से काम न करने की शिकायतें मिल रही हैं तो कहीं प्रशिक्षित स्टाफ़ की कमी के कारण वेंटिलेटर धूल फांक रहे हैं। कहीं वायरिंग ख़राब है तो कहीं एडॉप्टर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आज महामारी के इस दौर में देश के अस्पतालों में जो मंज़र है, उसके लिए 'भयावह' शब्द भी छोटा है। एक-एक साँस के लिए तड़पकर दम तोड़ने वालों की ख़बरें हर दिन मीडिया में प्रकाशित होने से जनता का मनोबल भी टूट रहा है और देशवासी खुद को ईश्वर भरोसे महसूस कर रहे हैं । राजेंद्र राणा ने कहा कि अब तक पीएम केयर्स फंड में कितने पैसे जुटे और उन पैसों का क्या हुआ , इसकी जानकारी भी देश की जनता को नहीं मिल पा रही क्योंकि सरकार ने इस फंड को आरटीआई एक्ट के दायरे से बाहर रखा है। राजेंद्र राणा ने कहा कि 18 मई 2020 को प्रधानमंत्री के सलाहकार भास्कर कुल्बे ने स्वास्थ्य मंत्रालय को एक चिट्ठी लिखकर पीएम केयर्स फ़ंड से दो हज़ार करोड़ की रक़म से 50 हज़ार 'मेड इन इंडिया'वेंटिलेटर्स का ऑर्डर दिए जाने की जानकारी दी थी जबकि स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मार्च 2020 के अंत में ही वेंटिलेटर ख़रीदने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी थी। उन्होंने कहा कि यह सब कुछ आनन-फानन में हुआ और वेंटीलेटरों की गुणवत्ता का भी कोई पैमाना तय नहीं किया । राजेंद्र राणा ने कहा कि इससे यह आशंका पनपती है कि वेंटिलेटर खरीद की आड में कहीं ना कहीं गोलमाल हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे वेंटिलेटर लगातार खराब निकलने और बेकार पड़े होने की खबरें लगातार मीडिया में आ रही हैं, जिससे सरकार की नीति व नीयत पर भी सवाल उठ रहे हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि कोरोना महामारी के इस भयावय दौर में भी देश की जनता की जान की रक्षा करने की वजह मोदी सरकार को अपनी इमेज संवारने की पड़ी है। उन्होंने कहा पूरी दुनिया देख रही है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश में स्वास्थ्य सुविधाएं पाताल में चली गई हैं।
शिमला,भाजपा प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा द्वारा कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गांधी को लिखे पत्र से कांग्रेसी नेताओं की पोल खुल गई है। उन्होंने कहा कि जगत प्रकाश नड्डा के इस पत्र से कांग्रेस नेताओं की संवेदनहीनता, नकारात्मक दृष्टिकोण व संकुचित मानसिकता उजागर हुई है। पत्र के माध्यम से सोनिया गांधी को एहसास करवाया गया है कि कांग्रेस पार्टी के नेता कोरोना महामारी के इस संकट काल में भी गैरजिम्मेदाराना बयानबाजी कर जनता के बीच हास्य का पात्र बन रहे हैं। रणधीर शर्मा ने कहा भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कोविड वेक्सीन पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर और कांग्रेसी सरकारों के दोहरेपन पर कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया है। भारत में बनी कोविड-19 वैक्सीनेशन के बारे में जनता में भ्रम पैदा करने के लिए अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी के नेता भी जिम्मेदार है। जिस प्रकार से कांग्रेसी नेताओं ने वैक्सीनेशन के बारे में जनता को गुमराह करने की कोशिश की और कहा कि इसके प्रयोग पूरी तरह नहीं हुई है, यह भाजपा की वैक्सीन है, मोदी की वैक्सीन है इसके साइड इफेक्ट हो सकते हैं यह दुर्भाग्यपूर्ण है। आज भारत सरकार ने 17 करोड़ से ज्यादा कोविड टीके वितरित कर दिए हैं, खरीदे जाने वाले कुल टीकों में से 50 % केंद्र द्वारा खरीदे जाते हैं । ये राज्यों को मुफ्त में दिए जाते हैं । इसके अतिरिक्त कई भाजपा शासित राज्यों ने भी सभी के लिए मुफ्त टीकों की घोषणा भी की है जिसमें हिमाचल भी एक है । कांग्रेस शासित राज्यों ने ऐसा नहीं किया है जिसके कारण जनता को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया नड्डा ने अपने पत्र में सेंट्रल विस्टा पर जो आरोप कांग्रेस लगा रही है उसको लेकर स्पष्ट किया है कि यूपीए के समय भी नई संसद की आवश्यकता का मुद्दा उठाया गया था । पूर्व लोकसभा अध्यक्ष , आदरणीया मीरा कुमार ने स्वयं एक नए संसद भवन की आवश्यकता को रेखांकित किया था । केंद्रीय शहरी विकास मंत्री ने भी इस परियोजना के संबंध में बड़ी संख्या में अन्य प्रश्नों के तथ्यों सहित उत्तर दिए हैं । कांग्रेस की छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नए विधानसभा परिसर का निर्माण किया जा रहा है । उन्होंने कहा देश के सर्वोच्च न्यायालय ने भी कहा है कि पिछले 70 वर्षों में हमें जो स्वास्थ्य ढांचा विरासत में मिला है , वह अपर्याप्त है । यह कहने की या बताने की आवश्यकता नहीं है कि इन सात दशकों में भारत की राजनीति में किस पार्टी का वर्चस्व रहा है । उन्होंने कहा कि 2020 में कोरोना महामारी के बाद से , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महामारी के खिलाफ लड़ाई में गति लाने के लिए सरकार के सभी संसाधनों को साथ लेकर काम कर रहे हैं । आवश्यक क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ चिकित्सा क्षमताओं में वृद्धि की जा रही है और जरूरतमंदों के लिए पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं । कोरोना का मुकाबला करने के लिए सभी आवश्यक दवाएं और अन्य सामग्रियां पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं । 2020 में भारत सरकार ने 8 महीनों के लिए 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन बांटा था । अब भी वही किया जा रहा है ।
भारतीय सेना में सैनिक जनरल ड्यूटी, सैनिक लिपिक व स्टोर कीपर तकनीकी में भर्ती के लिए 30 मई, 2021 को आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। यह जानकारी निदेशक भर्ती कर्नल शाल्व सनवाल ने दी। कर्नल सनवाल ने कहा कि यह लिखित परीक्षा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर, शिमला में 30 मई को आयोजित की जानी थी। परीक्षा को वैश्विक महामारी कोविड-19 के दृष्टिगत लागू की गई पाबंदियों के कारण स्थगित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह लिखित परीक्षा सोलन, शिमला, सिरमौर तथा किन्नौर जिलों के उन उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जानी थी जिन्होंने 28 मार्च से 03 अप्रैल 2021 तक इंदिरा गांधी खेल मैदान ऊना में आयोजित भर्ती रैली में सभी शारीरिक मापदण्ड एवं मेडिकल परीक्षण उत्तीर्ण किए थे। लिखित परीक्षा की तिथि एवं जानकारी उचित समय पर उपलब्ध करवाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्युत लाईनें बदलने के कारण 11 केवी शामती फीडर की विद्युत आपूर्ति 15 मई, 2021 को बाधित रहेगी। यह जानकारी बोर्ड के सहायक अभियन्ता दिनेश ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत 15 मई, 2021 को टटूल, मंझोली, जाबली, क्यार, मोलों, घड़सी तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 09.30 बजे से सांय 5.30 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि के दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से राज्य के फार्मा उद्योग के प्रमुखों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक की अध्यक्षता करते हुए उनसे सामूहिक रूप से महामारी से लड़ने के लिए अपना पूरा सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य एशिया के फार्मा हब के रूप में उभरा है और पिछले एक साल से अधिक समय से कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ने में राष्ट्र की सहायता करने में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि पहली लहर के दौरान भारत ने संयुक्त राज्य अमेरिका को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन (एचसीक्यू) की 50 मिलियन टेबलेट भेजी थीं और हिमाचल प्रदेश ने मानवता की सुरक्षा के लिए इस वैश्विक प्रयास में एचसीक्यू का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि इस महामारी से लड़ने में फार्मा उद्योग की भूमिका महत्वपूर्ण थी और फार्मा उद्योग के प्रमुखों ने न केवल कोविड-19 से लड़ने में राज्य सरकार को अपना पूरा सहयोग दिया, बल्कि सीएसआर के तहत सरकार को सहायता भी प्रदान की। उन्होंने इन मुश्किल परिस्थितियों में राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता स्वास्थ्य अधोसंरचना के लिए आर्थिक योगदान करने के लिए फार्मा कंपनियों का धन्यवाद किया। उन्होंने राज्य को आॅक्सीजन सिलेंडर प्रदान करने के लिए भी फार्मा उद्योग का धन्यवाद किया, जिसके कारण राज्य भंडारण क्षमता को लगभग 25 मीट्रिक टन बढ़ाने में सफलता मिली। उन्होंने फार्मा कंपनियों को आॅक्सीजन कंसेंट्रेटर, सिलेंडर आदि मेडिकल उपकरणों के लिए विनिर्माण इकाइयाँ स्थापित करने के लिए भी आमंत्रित किया। जय राम ठाकुर ने कहा कि महामारी की दूसरी लहर अधिक घातक है और आॅक्सीजन की आपूर्ति के लिए हिमाचल प्रदेश पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली जैसे पड़ोसी राज्यों के लिए जीवन रेखा बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि यही नहीं, डब्ल्यूएचओ द्वारा अनुमोदित कोविड किट और कई जीवनरक्षक दवाएं हिमाचल प्रदेश में निर्मित की जा रही हैं। उन्होंने फार्मा कंपनियों से अपने उत्पादन स्तर को बढ़ाने का आग्रह किया और उन्हें आश्वासन दिया कि राज्य सरकार सभी आवश्यक सहायता और सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में पेशेवर होने के नाते प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश को फार्मा क्षेत्र में अग्रणी निर्यातकों में से एक बनाने के लिए फार्मा उद्योग की भागीदारी चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व्यापार में सुगमता को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और उद्योगों के समर्थन के फलस्वरूप राज्य ने ईज आॅफ डूइंग बिजनेस में देश में 7वां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में वैक्सीन की आपूर्ति के दृष्टिगत फार्मा कंपनियों के श्रमिकों का टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर करवाने की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। उन्होंने फार्मा उद्योग को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों और मुद्दों का भी शीघ्र निवारण किया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभाग सिंह ने कहा कि ईएसआई अस्पताल काला अंब को शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिले के काला अंब में 220 केवी के सब स्टेशन के निर्माण का कार्य आवंटित कर दिया गया है। निदेशक एवं आयुक्त उद्योग हंसराज शर्मा ने मुख्यमंत्री एवं बैठक में उपस्थित अन्य अधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि फार्मा उद्योग में उत्पादन निर्बाध रूप से हो। उन्होंने धन्यवाद प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया। हिमाचल प्रदेश राज्य ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ. राजेश गुप्ता ने फार्मा उद्योग को पिछले साल लाॅकडाउन के दौरान और कोरोना कफ्र्यू के दौरान भी अपने उत्पादन को बनाए रखने में हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश न केवल बेहतर वातावरण प्रदान करता है बल्कि सुशासन, बेहतर कानून एवं व्यवस्था तथा बेहतर औद्योगिक संबंधों को भी सुनिश्चित करता है, जो औद्योगिक विकास के लिए वरदान हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि एसोसिएशन सीएसआर के तहत राज्य सरकार को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। मोरपेन के संजय सूरी, तिरुपति ग्रुप के अशोक गोयल, सन फार्मा के डाॅ. ए.एच. खान, एक्मे लाइसेंस के विराल शाह, सिप्ला के संजय मिश्रा, बी.आर. सीकरी, फारमंेटा बायो-टेक के सुरेश उनियाल, डाॅ. रेड्डी लैब्स के नारायण रेड्डी और चेतन, एबाॅट के राकेश चितकारा, जायडस कैडिला के दीपक, ग्लेनमार्क के सत्य शिव देसाई और संजय सिंगला ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने मुख्यमंत्री से फार्मा उद्योग के श्रमिकों का टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर करवाने का भी आग्रह किया।
कोरोना से लड़ने को हिमाचल के सभी ज़िलों में भेज रहे मेडिकल उपकरण: अनुराग ठाकुर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ,ऑक्सीजन रेगुलेटर ,एनआरएम ,नेजल कैनुला ,फ़ेस शील्ड ,पीपीई किट ,ग्लव्स व मास्क सभी ज़िलों को 13 मई 2021 , हिमाचल प्रदेश : केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर कोरोना आपदा से लड़ने के लिए प्रदेश के सभी ज़िलों में मेडिकल उपकरण भेज रहे हैं जिससे कोरोना वॉरियर्स एवं मरीज़ों को काफ़ी मदद मिलेगी। श्री अनुराग ठाकुर ने कोरोना की इस लड़ाई में हर ज़िले की आवश्यकता के अनुसार भेजे जाने वाले इन सामानों की विस्तृत जानकारी दी है। श्री अनुराग ठाकुर ने कहा “ कोरोना आपदा की गम्भीर स्थिति को देखते हुए केंद्र व राज्य सरकारें युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं । हम सब की सामूहिक ज़िम्मेदारी है कि जिस से जैसा बन पड़े अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दूसरों की मदद के लिए आगे आए । हिमाचल प्रदेश में कोरोना से लड़ाई के लिए संसाधनों की कोई कमी ना आने पाए इसलिए मैंने भी अपने निजी प्रयासों से प्रदेश के सभी ज़िलों में मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराने जा रहा हूँ जिनकी सूची निम्नवत है.. 1- थ्री प्लाइ मास्क -2,00,000 2- ग्लव्स -25,000 3- ऑक्सीजन मास्क -6,000 4-नेजल कैनुला -250 5- एन-95 मास्क -50,000 6- फ़ेस शील्ड -10,000 7- पीपीई -किट -5,000 8-ऑक्सीजन रेगुलेटर -1,500 9-एनआरएम -3,200 10-ऑक्सीजन कंसंट्रेटर- 100 आगे बोलते हुए श्री अनुराग ठाकुर ने कहा “महामारी की इस गम्भीर स्थिति में मैं अपने संसदीय क्षेत्र के सभी ज़िला प्रशासन के साथ नियमित सम्पर्क में हूँ ।कोरोना के उपचार के दौरान हमीरपुर संसदीय में ऑक्सीजन की कोई समस्या ना आने पाए इसके लिए सभी ज़िलों (काँगड़ा ,मंडी ,बिलासपुर ,हमीरपुर व ऊना) में ऑक्सीजन सिलेंडर , ऑक्सीजन कंसंट्रेटर वितरित करने व तीन पीएसए ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगवाने का निर्णय लिया है जिससे हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सभी पाँचों ज़िलों को लाभ पहुँचेगा। पिछले हफ़्ते हमीरपुर व ऊना में कोविड उपचाराधीन मरीज़ों को ऑक्सीजन से जुड़ी कोई समस्या आए इस दिशा में ऑक्सीजन सिलेंडर ज़िला प्रशासन को हैंडओवर किए गये ।इन सारे उपायों से हम लगभग 500 बेडों को सीधा ऑक्सीजन सप्लाई उपलब्ध कराने में सफल होंगे” श्री अनुराग ठाकुर ने कहा “दिल्ली में रह रहे प्रवासी हिमाचली भाई बहन को कोरोना महामारी के इस दौर में आपातक़ालीन स्थिति में ऑक्सीजन कमी ना हो इसलिए मैंने अपने निजी प्रयासों से 50 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर यहाँ पर विभिन्न हिमाचली कल्याणकारी संस्थाओं को उपलब्ध कराया है। आपदा की इस घड़ी में किसी भी परिस्थिति में पूरे सेवा भाव से सदैव उपलब्ध हूँ”
वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने स्वर्गीय जगदेव चंद ठाकुर की धर्मपत्नी एवं हमीरपुर के विधायक नरेंद्र ठाकुर की माता राजकुमारी ठाकुर जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रो० धूमल ने कहा कि राजकुमारी ठाकुर जी के निधन का समाचार सुना जो बहुत दुख:द है। उन्होंने परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा शोकाकुल परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
शहरी क्षेत्रों में उचित साफ-सफाई बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करने वाले शहरी स्थानीय निकायों, नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर परिषदों तथा नगर पंचायतों में कार्यरत सभी सफाई कर्मचारियों को अप्रैल, मई तथा जून, 2021 के लिए प्रतिमाह 2000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह घोषणा आज यहां शिमला से शहरी स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित करते हुए की। मुख्यमंत्री ने शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों से उनके संबंधित क्षेत्रों में कोविड-19 वायरस के कारण होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों के परिवार के सदस्यों के साथ निरन्तर सम्पर्क बनाए रखने का आग्रह किया ताकि उन्हें उचित चिकित्सा परामर्श तथा उपचार प्राप्त हो व उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि वे यह भी सुनिश्चित करें कि लोग स्वयं अपनी जांच करवाने के लिए आगे आएं, क्योंकि ऐसा पाया गया है कि अस्पतालों में जाने में देरी के कारण स्थिति बिगड़ती है तथा मृत्यु की संख्या में बढ़ौतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को टीकाकरण के लिए आगे आने के लिए भी प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों से इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाने का भी आग्रह किया। जय राम ठाकुर ने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि न केवल अपने संबंधित क्षेत्रों के लोगों को समय-समय पर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करने के प्रेरित करें, बल्कि यह भी सुनिश्चित करें कि कोविड-19 के मरीजों की मृत्यु होने पर प्रोटोकाॅल के अनुसार मृतक व्यक्ति का अन्तिम संस्कार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निकटतम स्वास्थ्य संस्थानों को पीपीई किट प्रदान करने पर भी विचार कर रही है ताकि वे लोगों को पीपीई किट प्रदान कर सकें और प्रोटोकाॅल के अनुसार अंतिम संस्कार किया जा सके। मुख्यमंत्री ने शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि इस संकट के समय में जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों को कोई परेशानी न आए, इसके लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए तथा उन्हें प्रदेश में रहने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों को देश के अन्य भागों से उनके संबंधित क्षेत्रों में आने वाले लोगों पर भी निगरानी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे व्यक्तियों में कोई लक्षण हैं तो उन्हें आरटी-पीसीआर जांच करवाने और कम से कम 10 दिनों के लिए होम क्वारंटीन में रहने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को गरीबों तथा जरूरतमंद लोगों को फेस मास्क, हैंड सेनिटाइजर तथा फूड किट वितरित करने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को उचित सुरक्षा उपकरण प्रदान किए जाने चाहिए ताकि वे संक्रमित न हों। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के मामलों में हुई वृद्धि चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में इस वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिस कारण शहरी स्थानीय निकायों के लिए इस वायरस को रोकने के लिए रणनीति तैयार करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस महामारी ने विश्व की आर्थिकी को बुरी तरह प्रभावित किया है, लेकिन लोगों के बहुमूल्य जीवन को बचाना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वायरस की चेन को तोड़ने के लिए पूरे प्रदेश में कोरोना कफ्र्यू लागू किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण प्रक्रिया भी सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों के लिए टीकाकरण इस माह की 17 तारीख से आरम्भ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीकाकरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा तथा लोगों को टीकाकरण के लिए अपना पंजीकरण करवाना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस अभियान को सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों की सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने के लिए अपना समय देने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करने के लिए प्रदेश के सभी जिलों का व्यक्तिगत तौर पर दौरा किया है। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों को अंतिम संस्कार करने में मृतक व्यक्ति के परिवार सदस्यों की सहायता करने के लिए भी आगे आना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से राज्य वन निगम को मृतक व्यक्ति के अंतिम संस्कार के लिए निःशुल्क लकड़ी प्रदान करने का आग्रह किया। प्रधान सचिव शहरी विकास रजनीश ने वीडियो काॅन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों ने अपने संबंधित क्षेत्रों में कोरोना वायरस को रोकने के लिए प्रभावी तथा सक्रिय रूप से कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी उचित साफ सफाई सुनिश्चित कर रहे हैं तथा विभाग के सफाई कर्मचारियों द्वारा शहरी स्थानीय निकायों में डिसइन्फेक्शन का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका योजना का भी प्रभावी रूप से क्रियान्वयन कर रही है। निदेशक शहरी विकास आबिद हुसैन सादिक ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा वर्चुअल बैठक का संचालन किया। नगर निगमों के महापौर तथा उप महापौर, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा पार्षद, नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा आयुक्त ने वर्चुअल माध्यम से इस बैठक में भाग लिया और इस अवसर पर अपने बहुमूल्य सुझाव भी दिए। उन्होंने इस वायरस की चेन को प्रभावी रूप से तोड़ने के लिए कोरोना कफ्र्यू की अवधि को कम से कम एक सप्ताह के लिए और बढ़ाने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री के ओएसडी शिशु धर्मा तथा मुख्यमंत्री के सलाहकार डाॅ. आर.एन. बत्ता अन्य गणमान्यों सहित इस अवसर पर शिमला में उपस्थित थे।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने वीरवार को हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के नाम से अखबारों में छपी उस खबर का खंडन किया है जिसमें हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के नाम से एक स्वयंभू नेता ने अपने आप को संघ का प्रदेश अध्यक्ष होने का दावा किया है और गूगल मीट में 115 शिक्षकों की बैठक होने का दावा किया है और कहा गया है कि बैठक में संघ के पदाधिकारियों ने एफ ए 1 मूल्यांकन का विरोध किया है और इस मूल्यांकन के लिए विभाग के फैसले को सरासर गलत करार दिया है। इस संदर्भ में वीरेंद्र चौहान ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि सबसे पहले तो आपको बता देना चाहता हूँ कि ना तो हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की कोई गूगल मीट हुई है और ना ही संघ के प्रदेशाध्यक्ष तथाकथित शिक्षक नेता नरेश महाजन है वर्तमान में हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान है जिन्हे लगातार तीसरी बार शिक्षकों ने यह जिम्मेदारी दी है उस नाते यह स्पष्टीकरण देना जरूरी है कि जो लोग FA 1 का विरोध कर रहे हैं वह हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के निष्कासित लोग हैं उनका इस संगठन से कोई लेना देना नहीं है । हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ का मानना है कि यदि हिमाचल सरकार व शिक्षा विभाग ने बच्चों को व्यस्त रहने के लिए और उनका मूल्यांकन करने की दृष्टि से मई माह में FA1 का मूल्यांकन करने का निर्णय लिया है उसमें कोई हर्ज नहीं है कुल मिलाकर इससे शिक्षकों के द्वारा दी गई शिक्षा व पिछले 2 महीनों में बच्चों के द्वारा की गई पढ़ाई का मूल्यांकन ही तो होगा । मूल्यांकन कभी भी हो उससे बच्चे की गुणवत्ता में निखार आता है इसलिए हमें किसी तरह के मूल्यांकन का स्वागत करना चाहिए ना कि उसका विरोध करना चाहिए संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान एवं समस्त कार्यकारिणी ने कहा की जो लोग 115 शिक्षकों की गूगल मीट का के माध्यम से मीटिंग का दावा कर रहे हैं उनके पास ना तो कोई राज्य कार्यकारिणी की नोटिफिकेशन है और ना ही जिला कार्यकारिणी की नोटिफिकेशन है और ना ही खंडों की कार्यकारिणी की कोई नोटिफिकेशन संगठन की ओर से जारी हुई है। इसलिए हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ हिमाचल सरकार एवम शिक्षा विभाग से मांग करता है कि इस गंभीर महामारी के दौर में सरकार एवम विभाग के फैसले के खिलाफ जाकर होच्छि एवं घटिया राजनीति करने वाले स्वयंभू शिक्षक नेताओं के ऊपर डिजास्टर मैनेजमेंट के दायरे में अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सबक सिखाना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी अपंजीकृत संगठन विभाग और सरकार के ऊपर उंगली ना उठा सके l चौहान ने सरकार और विभाग से मांग की है कि यदि पंजीकृत संगठन के तीन पदाधिकारियों के खिलाफ विभाग शो कॉज नोटिस जारी कर सकता है तो इन स्यम्भू नेताओं के खिलाफ भी विभाग को अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लानी चाहिए इसे ही सरकार वह विभाग की निष्पक्षता का पता चलेगाल शिक्षकों को covid ड्यूटी में लगाए जाने की स्थिति में उन्हें वैक्सीनेशन लगाने और Frontline Warriors घोषित करने की संघ की मांग को सरकार द्वारा प्रमुखता से अमल करने पर संघ सरकार व विभाग का आभार व्यक्त करता है।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कांग्रेस ट्रेनिंग विभाग के पदाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक
शिमला, कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कांग्रेस ट्रेनिंग विभाग के पदाधिकारियों से पार्टी की नीतियों व कार्यक्रमों को जन जन तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा है कि देश की एकता व साम्प्रदायिक सौहार्द को मजबूत रखने की कांग्रेस पर एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि भाजपा की धुर्वीकरण की नीति से आज देश की एकता और अखंडता को खतरा पैदा हो रहा है,इसलिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कंधों पर एक बहुत बड़ी जिम्मेवारी है,जिसे उन्हें पूरा करना है। वीरवार को प्रदेश कांग्रेस ट्रेनिंग विभाग के पदाधिकारियों की वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हैं कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में इस समय कोरोना महामारी से हर वर्ग परेशान व प्रभावित हैं।कोरोना को लेकर स्वास्थ्य सेवाएं अस्त व्यस्त हो कर रह गई है। प्रदेश में कोरोना से मरने वालों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही हैं,जबकि कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या से चिंताएं ओर भी बढ़ती जा रही है। राठौर ने कहा कि आज देश प्रदेश में मानवता और आपसी भाईचारे को बढ़ाने की बहुत ही आवश्यकता है।इस महामारी के दौर में हमें एक दूसरे का सहारा बनते हुए आगे आना है।आपदा में अवसर तलाशने वालो को बेनकाब करते हुए लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।यह सब कांग्रेस ट्रेनिंग विभाग बखूबी कर सकता है। राठौर ने कहा कि कोरोना को लेकर लोगों में भय फैलता जा रहा है क्योंकि देश प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं व शासकीय व्यवस्था पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गई है।लोग हतोत्साहित हो गए है।देश मे आज ऐसी सरकार बेठी है जिसे लोगों की नही अपनी राजनीति की ज्यादा चिंता है।कांग्रेस देश प्रदेश में लोगों का दुःख दर्द दूर करने का हरसंभव प्रयास कर रही है।प्रदेश में गांधी हेल्पलाइन के तहत कोरोना प्रभावित लोगों व परिवारों की हर संभब मदद की जा रही है।इस मदद को बढ़ाने के लिए पार्टी के सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की समान भागीदारी आवश्यक है तभी कांग्रेस का सपना साकार होगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ट्रेनिंग विभाग के प्रभारी हरिकृष्ण हिमराल ने इस दौरान कहा कि हाल ही में प्रदेश में कांग्रेस के ट्रेनिंग कैम्प आयोजित किये गए थे।इनमें नए युवाओं को जोड़ा गया है।उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते फिलहाल ट्रेनिंग का यह कार्य अभी पूरा नही हो सका है।उन्होंने कहा कि जितने भी पदाधिकारी है वह सब कोरोना से लोगों की सेवा में पार्टी का सहयोग कर रहें है। बैठक में डॉक्टर दलीप सिंह धीमान ने कहा कि अभी देश में कोविड़ की दूसरी लहर कहर बन कर आई है जिससे पूरी तरह सावधान रहने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि इसके लिए वेक्सिनेशन का कार्य तेज करते हुए लोगों को जागरूक करने की बहुत आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि लोगों को मानसिक तनाव से बाहर निकालने के प्रयास भी तेज करने होंगे।उन्होंने कहा कि संभावित कोविड़ की तीसरी लहर केसी रहती है इसके लिए हमें सभी को इसके सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए लोगों को जागरूक करना होगा। बैठक में डॉक्टर विजय ठाकुर, आलोक नंदा हांडा,अतुल शर्मा,वासु सोनी, रीना कुमारी,राज कुमारी सोंनी,रीना पुंडीर,विक्रम चौधरी, विद्यासागर चौहान, पंकज मुसाफिर, डॉक्टर निशा शर्मा,राजिंदर मोहन,उदय नंद शर्मा, इंद्रजीत सिंह ने भाग लिया।
सेब बाहुल इलाकों में जहां उपरी शिमला के किसानों को ओलावृष्टि से भारी क्षति हुई हैं वहीं जुब्बल नावर कोटखाई की पंचायतें जिनमें नावर की कुठाड़ी, कडिवन, पुजारली नम्बर 3, सामरा, टिक्कर, धराडा़ वहीं कोटखाई की बाघी, रत्नाड़ी, रामनगर, घयाल, देवरी-खनेटी और जुब्बल की मंढो़ल, कायना, झड़ग में भी ओलावृष्टि से भारी नुक़सान पहुँचा हैं। यह बात पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व जुब्बल नावर कोटखाई के पूर्व विधायक रोहित ठाकुर ने ज़ारी प्रेस विज्ञप्ति में कही। उन्होंने भारी ओलावृष्टि पर गहरा दुःख और चिंता व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों से लगातार हो रही ओलावृष्टि से बागवानों की सालभर की सेब की फ़सल नष्ट हो गई। रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार उपरी शिमला में पिछले महीनें बैमौसमी हिमपात और ओलावृष्टि का अभी तक सही आंकलन नही करवा पाई जो दर्शाता हैं की सरकार बागवानों-किसानों के प्रति कितनी गम्भीर हैं। उन्होंने सरकार से भारी ओलावृष्टि से हुए नुक़सान को देखते हुए बागवानों को राहत और मदद करने के लिए बिना विलंब आगे आने की मांग की हैं।
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने कोरोना से निपटने हेतु व इस महामारी में ज़रूरत लोगो की सहायता करने हेतु प्रदेश भर से एक 35 सदस्यों समिति का गठन किया है। जिनका मुख्य उद्देश्य जरूरत लोगो की सहायता करना है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ प्रदेश के सभी जिलों में अपने कार्यकर्ताओं के द्वारा स्कूल सत्र तक, मंडल सत्र तक और खण्ड के अपने कार्यकर्ताओं से जिले की टीम से संपर्क करेगी और जरूरत तक सुविधा उपलब्ध करवाएगी। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि इस समिति की अगुवाई प्रान्त संगठन मंत्री पवन मिश्रा जी करेंगे। इस समिति में सभी जिलों के अध्यक्ष, महासचिव जिला स्तर पर और उसके बाद खण्ड स्तर पर समिति को सहयोग हेतु टीमो का गठन करेंगे। प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ पुंडीर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के कार्यकर्ता इस महामारी में कंधे से कंधे मिलाकर सरकार के साथ खड़ा है और सरकार के हर आदर्शो का पालन करेंगे। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के कई कार्यकर्ता पहले से ही कोविड में सेवाएं दे रहे हैं। यह समिति गरीब बच्चों को किताबे, राशन, जो घरों में कोरोना मरीज आइसोलेशन पर है उनके लिए खाने का बंदोबस्त करेंगे। प्रदेश के गांव गांव जाकर लोगो को वैक्सीनेशन के लिए जागरूकता अभियान चलाएंगे। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ शिक्षा क्षेत्र के साथ साथ समाज मे काम करने वाला संगठन है जिनके कार्यकर्ता राष्ट्र निर्माण में समर्पित है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत संगठन मंत्री पवन मिश्रा, प्रान्त अध्यक्ष पवन कुमार, प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर, प्रान्त महामंत्री विनोद सूद, प्रान्त उपाध्यक्ष विजय कंवर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय शंकर, श्री भीष्म, प्रान्त मीडिया प्रभारी दर्शन लाल, सुधीर गौतम ने प्रदेश के सभी कर्मचारियों से अनुरोध किया कि सभी लोग वेक्सीनेशन में सहयोग करे और इस कोरोना महामारी को खत्म करने में अपना योगदान दे। डॉ मामराज पुंडीर ने सभी कर्मचारियों, बुद्धिजीवियों ,समृद्ध लोगो सहित शिक्षक महासंघ के कर्मठ कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सभी लोग अपने अपने समय मे वेक्सीनेशन जरूर लगाएं और वेक्सीनेशन के बाद प्रधानमंत्री कोविड और मुख्यमंत्री कोविड फण्ड में वेक्सीनेशन के खर्च की राशि सहयोग में दान दे। आज भारत माता खतरे में है और हम सबका दायित्व बनता है कि हम तन, मन, धन से भारत माता की रक्षा हेतु आगे आये।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 मरीजों की संख्या में वृद्धि के दृष्टिगत राज्य सरकार ने हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी कोविड-19 रोगियों को कोविड के लिए समर्पित पंजीकृत निजी अस्पतालों में निःशुल्क उपचार प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह बात उन्होंने आज यहां राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और कोविड-19 प्रबन्धन कमेटियों के सदस्यों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। जय राम ठाकुर ने कहा कि आयुष्मान भारत के तहत 4.16 लाख परिवार और राज्य सरकार की हिमकेयर योजना के तहत 5.13 लाख परिवार पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी परिवार अब कोविड-19 के निःशुल्क उपचार के लिए पात्र हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में आॅक्सीजन भंडारण क्षमता को लगभग 25 मीट्रिक टन बढ़ाने के अलावा पीएसए आॅक्सीजन संयंत्रों को कार्यशील करने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोविड रोगियों के लिए उपलब्ध 3080 बिस्तरों की क्षमता को अगले कुछ दिनों में 1100 बिस्तर तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आॅक्सीजनयुक्त बिस्तरों की क्षमता 2505 है और यह चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जाएगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने समाज के कुछ वर्गों का उनकी डयूटी के आधार पर प्राथमिकता से टीकाकरण करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के चालकों व परिचालकों, निजी ट्रकों और बसों के चालकों और परिचालकों, ईंधन पम्प संचालकों, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की उचित मूल्य दुकानों के धारकों, कोविड डयूटी पर अध्यापकों, बैंकों व वित्तीय सेवाओं के स्टाफ, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति के स्टाफ, कैमिस्ट और लोकमित्र केन्द्रों के संचालकों का प्राथमिकता के आधार पर कोविड टीकाकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लिए टीकाकरण पंजीकरण की प्रक्रिया पहले से ही आरम्भ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य को इस आयुवर्ग के लिए 1.07 लाख वैक्सीन खुराकें आवंटित हुई हैं और टीकाकरण इस माह की 17 तारीख से आरम्भ होगा। उन्होंने कहा कि टीकाकरण पंजीकरण के समय पर पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड रोगियों को एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाने और वाहन से वापिस घर छोड़ने के लिए जिला स्तर पर समर्पित जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि एम्बुलेंस में पर्याप्त आॅक्सीजन और अन्य उपकरण हो ताकि अस्पताल ले जाए जा रहे मरीज को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने विभिन्न ओद्यौगिक घरानों से आग्रह किया कि वे मुख्यमंत्री कोविड फंड में उदारतापूर्वक योगदान करने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि राज्य में उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग और संसाधनों को जुटाने की भी आवश्कता है। लाॅजिस्टिक समिति के संयोजक अरिंदम चैधरी, रिसोर्स मोबलाइजेशन समिति के संयोजक आबिद हुसैन सादिक, कोविड-19 मरीज व एम्बुलेंस प्रबंधक समिति के संयोजक डाॅ. राजेश ठाकुर और आईईसी समिति के संयोजक डाॅ. निपुण जिंदल द्वारा प्रस्तुतियां दी गईं।
जिला कांगड़ा के उपमंडल ज्वाली के अधीन सिविल हस्पताल ज्वाली की एक थ्रोट सैंपल ले जाने वाली एंबुलेंस का ज्वाली हड़सर रोड पर एक्सीडेंट हो गया । जिसमें दोनों चालकों को स्थानीय लोगों की सहायता से बचा लिया गया तथा ज्वाली उपमंडल की पुलिस को भी सूचित कर दिया गया । सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
सिराज विधानसभा क्षेत्र में आज शाम हल्की सी बारिश होने के कारण ग्राम पंचायत छतरी के समीप रईधार में एक नाला आने से एक गाड़ी मलबे से पूरी तरह से दब गई। पीडब्लूडी विभाग छतरी ने जेसीबी लाकर गाड़ी को तुरंत मलबे से निकला और सड़क को गाड़ियों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा जिस तरह मलबे में फसी इस गाड़ी को निकालने के लिए और रोड को खोलने के लिए कार्य किया है वह बहुत ही सराहनीय है। पीडब्ल्यूडी विभाग का ग्राम पंचायत छतरी के प्रधान रघु कटोच ने बहुत आभार जताया है। प्रधान रघु कटोच का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग दिन रात हमारी सेवा में तैनात है हमें इनका धन्यवाद करना चाहिए तथा पब्लिक को भी इनका पूर्ण सहयोग करना चाहिए।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 पर नियंत्रण प्राप्त करने के लिए विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करना होगा ताकि कोरोना वायरस के प्रभाव को न्यून किया जा सके। केसी चमन आज सोलन जिला के नालागढ़ में उपमण्डल के अधिकारियों, स्वास्थ्य तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। केसी चमन ने कहा कि जिला प्रशासन सोलन वैश्विक महामारी कोविड-19 संकटकाल में हरसम्भव प्रयास कर रहा है ताकि बहुमूल्य मानव जीवन को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस दिशा में प्रशासन, चिकित्सकों, पैरामेडिकल कर्मियों, पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी संकट की इस स्थिति में पीड़ित मानवता को बाहर निकालने के लिए समन्वित प्रयास करें। उपायुक्त ने बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में सभी निजी अस्पतालों के संचालकों को निर्देश दिए कि कोविड-19 रोगी का प्राथमिकता से उपचार किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि इस दिशा में कोई त्रुटि पाई जाती है तो नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार कोविड-19 रोगियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन द्वारा निजी अस्पतालों में आवश्यकतानुसार बिस्तरों का अधिग्रहण किया गया है। इस दिशा में सभी का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने निजी क्षेत्र में कार्यरत अस्पतालों के संचालकों से आग्रह किया कि संकट के इस समय में सभी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि रोग के निदान में संवेदनशील एवं मानवीय व्यवहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में रोगी के परिजनों को वास्तविक स्थिति से अवगत करवाएं और आवश्यकता पड़ने पर समय पर रोगी को उचित सुविधा के लिए परामर्श दें। उन्होंने आशा जताई कि इस दिशा में सभी अपना कर्तव्य समझ कर कार्य करेंगे। इस अवसर पर उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ महेन्द्र पाल गुर्जर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्दी नरेंद्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल, उप पुलिस अधीक्षक नालागढ़ विवेक तहसीलदार बद्दी मुकेश, उप निदेशक उद्योग संजय कंवर, मल्होत्रा अस्पताल के डाॅ. मुकेश मल्होत्रा, आकाश अस्पताल के डाॅ. भूपेश तथा महावीरा अस्पताल के डाॅ. गगन जैन सहित अन्य उपस्थित थे
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि सोलन जिला में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिला के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत विभिन्न संयंत्र समुचित मात्रा में ऑक्सीजन का उत्पादन करें। केसी चमन आज सोलन जिला के नालागढ़ उपमण्डल के बद्दी में ऑक्सीजन का उत्पादन कर रहे विभिन्न उद्योगों का निरीक्षण करने के उपरान्त उनके प्रबन्धन के साथ विचार-विमर्श कर रहे थे। केसी चमन ने कहा कि कोविड संक्रमण में बहुमूल्य मानवीय जीवन के लिए ऑक्सीजन आवश्यक घटक है और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के निर्देश पर सोलन जिला में ऑक्सीजन की आपूर्ति एवं उत्पादन का नियमित अनुश्रवण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोलन जिला से प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों को भी ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने इस अवसर पर बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में ऑक्सीजन का उत्पादन का कर रहे चारों उद्योगों के प्रबन्धन के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। उन्होंने सभी उद्योगों को निर्देश दिए कि वर्तमान संकट के दृष्टिगत ऑक्सीजन उत्पादन में कमी न आने दें और नियमानुसार ऑक्सीजन की आपूर्ति सुचारू रखें। उन्होंने ऑक्सीजन उत्पादन कर रहे विभिन्न उद्योगों को निर्देश दिए कि अपने-अपने संयंत्र में ऑक्सीजन निर्माण क्षमता बढ़ाएं ताकि आवश्यकता पड़ने पर मांग से अधिक आपूर्ति होती रहे। केसी चमन ने निर्देश दिए कि सभी औद्योगिक इकाईयां कोविड-19 दिशा-निर्देशों का पालन करें और शिफ्ट की ऐसी व्यवस्था बनाएं कि कामगारों एवं कर्मियों को सुविधा हो।
हिम जन कल्याण संस्था द्वारा पालमपुर के साथ-साथ गांव में भी सेनिटीज़िंग का कार्य शुरू किया गया है। इसी कड़ी में पट्टी में भी संस्था के स्वयंसेवियों द्वारा सेनिटीज़िंग का कार्य किया गया व् मास्क भी बांटे गए। जानकारी देते हुए संस्था के उपाध्यक्ष रमन अवस्थी ने बताया कि संस्था द्वारा घर में आइसोलेटेड लोगों के लिए खाने का प्रबंध किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सेनिटीज़िंग का कार्य भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज पट्टी में सेनिटीज़िंग की गई। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा समय-समय पर समाज सेवा के कार्य किए जाते हैं तथा कोरोनाकाल में लोगों को कोरोनावायरस से बचाने के लिए सेनिटीज़िंग तथा मास्क वितरण का कार्य किया जा रहा है।
कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए जिला कांग्रेस सेवादल सोलन की वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। इस दौरान सोलन जिला में चल रही गतिविधियों के लिए चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता सेवादल सोलन के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेन्द्र वर्मा ने की। उन्होंने बताया कि बैठक में सभी ब्लाकों से सुझाव व उपायों पर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि बैठक में सरकार से मांग की गई कि सीमेंट उद्योग व फार्मा उद्योग लगातार कार्य कर रहे हैं, इन उद्योगों से जुड़े हुए कर्मचारियों व परिवहन सभाओं में कार्यरत कर्मचारियों ट्रक ड्राइवरों व क्लीनरों को करोना वारियर घोषित किया जाए व 18 वर्ष से ऊपर सभी लोगों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सिनेशन करवाया जाए, क्योंकि आज इस महामारी में सबसे ज्यादा जोखिम भी इन्ही लोगों को लेना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि प्रदेश में स्थापित उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों, ट्रक चालकों, क्लीनरों व सहकारी सभा (परिवहन) में कार्यरत कर्मचारियों को कोविड-19 से सुरक्षा प्रदान करने के लिए तुरंत प्रभाव से वैक्सिनेशन करवाया जाए। इस अवसर पर वर्चुअल बैठक में जयप्रकाश ठाकुर, सुमित शर्मा, घनश्याम कंवर, नरदेव, हरबंस, मनशा राम, विद्यासागर, रमेश ठाकुर, मनमोहन आदि उपस्थित रहे।
नर्सिंग करियर मानव जाति की सेवाए के लिए समर्पित एक महान कार्य है। वे दिन-रात काम करती हैं। वे दूसरों के प्रति बहुत विनम्र और सहानुभूति रखती हैं। इसी के चलते 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग डे के रूप में मनाया जाता है। इसी उपलक्ष्य पर फोर्टिस अस्पताल कांगड़ा में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें अस्पताल की सभी नर्सिंस को बेहतरीन सेवाएं प्रदान करने के लिए नवाजा गया और उनका हौसला अफजाई किया गया। इस अवसर पर फोर्टिस अस्पताल के एमएस डाॅ अनिल कायस्था एवं नर्सिंग हैड मेजर बलजीत कौर ने कहा कि कोविड-19 के इस मुश्किल दौर में नर्सिंस समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझती हुईं बेहतरीन सेवाएं प्रदान कर रही हैं। साथ ही वे अपने परिवार को भी संभाल रही हैं। उन्होंने कहा कि एक नर्स का विनम्र स्वभाव एवं मुस्कान मरीज के जीवन में नई सफूर्ति लाता है और उसे जीने के लिए प्रेरित करता है।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए सोलन जिला में प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार उचित प्रबन्ध किए गए हैं। उपायुक्त आज सोलन जिला के परवाणू में अंतरराज्यीय सीमा, परवाणू-कालका क्षेत्र की सीमा तथा नालागढ़ उपमण्डल के बरोटीवाला में हिमाचल-हरियाणा की सीमा का निरीक्षण करने के उपरान्त वहां तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों से विचार विमर्श कर रहे थे। उपायुक्त ने प्रदेश के सोलन जिला के सीमा क्षेत्रों में कोविड-19 संकट के दृष्टिगत स्थापित विभिन्न प्रणालियों का निरीक्षण किया और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। वैश्विक महामारी कोविड-19 के संकटकाल में प्रदेश की अन्य राज्यों के साथ स्थित सीमाओं पर आवश्यक दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन आवश्यक है। इसके लिए जरूरी है कि यहां तैनात अधिकारी एवं कर्मचारी अपने उत्तरदायित्व का पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से निवर्हन करें। केसी चमन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के बाहर से आने वाले सभी वाहनों के नियम अनुसार आवश्यक दस्तावेजों का कोविड-19 मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुरूप निरीक्षण सुनिश्चित बनाएं। वर्तमान में प्रदेश में प्रवेश के लिए कोविड-19 ई-पास होना आवश्यक है और इसके बिना किसी को भी राज्य की सीमा में प्रवेश न दिया जाए। उन्होंने कहा कि नियम पालन से ही कोविड संक्रमण को रोका जा सकता है। ड्यूटी पर तैनात सभी अधिकारी व कर्मचारी उचित प्रकार से मास्क पहनें, हाथों में दस्ताने पहनकर रखें तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करें। उन्होंने सभी को निर्देश दिए कि कोविड-19 प्रोटोकाॅल के अनुसार अपने हाथ स्वच्छ रखें। उपायुक्त ने तदोपरान्त जिला के नालागढ़ उपमण्डल की बरोटीवाला सीमा पर भी निरीक्षण किया। उन्होंने बरोटीवाला में भी विभिन्न व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उचित दिशा-निर्देश जारी किए। केसी चमन ने परवाणू तथा बरोटीवाला सीमा पर प्रदेश के बाहर से आने वाले व्यक्तियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 ई-पास प्राप्त होने से पहले अपनी यात्रा आरम्भ न करें और सभी निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाएं। उपायुक्त ने बरोटीवाला सीमा पर उपस्थित सभी ऑटो संचालकों से आग्रह किया कि कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित मानक परिचालन प्रक्रिया तथा सोशल डिस्टेंस नियम का पालन करें और मास्क लगाकर रखें। उन्होंने ऑटो चालकों को आ रही समस्याओं की जानकारी भी प्राप्त की। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक परवाणू योगेश रोल्टा, पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे ।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने आज रिकांग पिओ के सरांय भवन में कोविड केयर सैन्टर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कोविड केयर सैन्टर में दाखिल कोरोना मरीजों के साथ भी वार्तालाप किया। उन्होंने कोरोना मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं के साथ अन्य सुविधाओं संबंधी जानकारी भी दाखिल मरीजों से हासिल की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन द्वारा कोविड केयर सैन्टर में कोरोना मरीजों के लिए की गई व्यवसथाओं पर संतोष व्यक्त किया तथा कहा कि जो छुट-पुट कमियां हैं उनमें शीघ्र सुधार लाया जाएगा। उन्होंने कोविड केयर सैन्टर में सफाई व्यवस्था व मरीजों को दी जा रही सुविधाओं में और सुधार लाने की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड केयर सैन्टर में दाखिल अधिकतर रोगी ऐसे हैं जिनका ऑक्सीजन स्तर 90 से अधिक है। एक-दो मामले ऐसे हैं जिनका ऑक्सीजन लेवल 90 से नीचे है उनका चिकित्सकों द्वारा विशेष ध्यान रखा जा रहा है और यदि आवश्यक हो तो चिकित्सकों की सलाह पर ही उन्हें जिला कोविड अस्पताल शिमला के लिए रेफर किया जाता है। उपायुक्त ने इससे पूर्व क्षेत्रीय अस्पताल रिकांग पिओ में हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत पीएसए ऑक्सीजन निर्माण संयत्र को स्थापित करने के स्थान का अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों के साथ दौरा किया। उन्होंने कहा कि इस ऑक्सीजन संयत्र में 1000 लीटर प्रतिमिनट की दर से ऑक्सीजन तैयार होगी। ऑक्सीजन संयत्र से जेरेटिक वाॅर्ड व एक अन्य वाॅर्ड को निर्वाध आॅक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि जब तक यह संयत्र लगता है उसी बीच हमारा अन्य सेटअप भी तैयार हो जाएगा ताकि रोगियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इस संयत्र के लग जाने से ऑक्सीजन सिलैण्डर पर निर्भरता भी कम हो जाएगी। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सोनम नेगी, जिला आयुर्वैदिक अधिकारी डाॅ. अशोक चन्द्र, तहसीलदार कल्पा विवेक नेगी, निगरानी अधिकारी डाॅ. कविराज, डाॅ. राजकुमार व डाॅ. अविनाश उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने आज शिमला नगर के सब्जी मंडी, मीट मार्केट, कार्ट रोड़, पुराना बस अड्डा तथा एजी ऑफिस क्षेत्र का दौरा किया। उन्होने सब्जी मंडी में दुकानों के बाहर बैठने वाले विक्रेताओं तथा दुकानों के बाहर सामान लगाने वाले विके्रताओं को बाहर न बैठने के प्रति कारवाई करने के लिए आयुक्त नगर निगम को निर्देश दिए। उन्होनें कहा कि सब्जी मंडी में विक्रेताओं के इस फैलाव से जगह की कमी के कारण भीड़ लग रही है जिसको रोका जाना अतयन्त आवश्यक है। अन्य जगहों पर लोगों द्वारा कोरोना कर्फ्यू की अनुपालना की जा रही है। अधिकतर बाजारों में भीड़ नहीं देखी गई। मास्क लगाने व अन्य सलाहों का भी लोगों द्वारा पालन किया जा रहा है। दुकानदारों द्वारा तय समय में दुकानों का सामान उठाया व दुकानों को बंद किया जा रहा है। कोरोना की बढ़ती रफ्तार को रोकने व कोरोना कर्फ्यू को कारगर बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी द्वारा व्यक्तिगत तौर पर निरंतर निगरानी व निरिक्षण किया जा रहा है। कोविड 19 के तहत स्वास्थ्य केन्द्रों की जांच तथा कोरोना कर्फ्यू की व्यव्स्थाओं के अंतर्गत स्थिती का जायजा लेने के लिए रामपुर, रोहड़ू व ठियोग के प्रवास के अतिरिक्त उपायुक्त द्वारा शिमला नगर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया है। जिला के अन्य क्षेत्रों में भी स्थानीय अधिकारियों और पुलिस द्वारा निगरानी व जांच का कार्य किया जा रहा है। प्रवास के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय जिला शिमला) सुशील भी मौजूद रहे ।
हिमाचल प्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ ने आज सरकार की जारी उस अधिसूचना का संज्ञान लेते हुए उस पर कड़ा अफसोस और विरोध जताया है जिसमें उनके सन्ग्रोध पीरियड को खतम किया गया है। प्रदेश महासचिव डॉ पुष्पेंद्र वर्मा ने बताया कि सरकार को इस महामारी के समय में इस तरह के फरमान जो कि दूसरे प्रदेशों में या दूसरी बड़े शहरों में जारी हो रहे हैं उनका अनुसरण करने से बचना चाहिए। यह बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है और हमारे करोना वारियर्स के लिए दुखदाई है कि सरकार 10 दिन लगातार कोविड वार्ड में ड्यूटी देने के बाद 7 दिन के आइसोलेशन के पीरियड को खत्म कर रही है,जोकि इस समय बहुत ही गलत निर्णय है। चिकित्सक, स्टाफ नर्सेज अन्य पैरामेडिकल स्टाफ 10 दिन एक बहुत ही बड़े वायरल लोड के वातावरण के अंदर काम कर रहे हैं और इसलिए उसके बाद उनको आइसोलेशन पीरियड वैसे ही जारी रहना चाहिए जैसे पहले था ।सरकार का कहना है कि इनको दोनों वैक्सीन की डोज लग चुकी है , इसलिए आप तब तक काम करते रहें जब तक आप का शरीर करोना संक्रमित नहीँ हो जाता, जो कि एक बहुत ही असंवेदनशील और मानवीय मूल्यों के हितों के विरोधात्मक तर्क है। सरकार कहती है कि एम्स दिल्ली में इस तरह की व्यवस्था है, इसलिए हम भी ऐसी करेंगे, तो सरकार से हम पूछना चाहते हैं कि एम्स दिल्ली में तो और भी बहुत सारी व्यवस्थाएं हैं अपने चिकित्सकों के लिए , तो क्या वह भी आपने आज तक लागू करी है? AIIMS स्वास्थ्य संस्थान अपने हर चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ को आवासीय सुविधा परिसर में उपलब्ध करवाता है क्या हिमाचल में भी सरकार ऐसा कर रही है? और सबसे बड़ा सवाल वैक्सीन तो करोना वॉरियर्स को लगी है उनके बच्चों को या उनके घर वालों को नहीं लगी है, तो क्या करोना वारियेर्स के परिवार वालों की जान की कोई कीमत नहीं है? दूसरा सरकार को हम यह बता देना चाहते हैं कि सबसे ज्यादा जो मृत्यु दर है वह क्रोना वारियेर्स और उनकी परिवारों के सदस्यों की है। पूरे देश में आज तक 750 से ऊपर चिकित्सक और 1200 सौ से ऊपर पैरामेडिकल स्टाफ अपनी जान की आहुति इस महामारी के साथ लड़ाई में अपने प्रदेश और देश के लोगों की जान बचाने के लिए दे चुके हैं। सबसे मजेदार सवाल यह है कि क्या सरकार इस बात की गारंटी दे सकती है के कोरोना वॉरियर्स को वैक्सीन लगने के बाद वह करोना से संक्रमित नहीं होंगे और हुए तो क्या उनका और उनके परिजनों का पूरा ख्याल रखेगी? और रही ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट को अनुसरण करने की बात तो सरकार के ध्यान अर्थ हम लाना चाहते हैं के एम्स में जो भी कोरोना वॉरियर्स कोविड वार्ड में ड्यूटी दे रहे हैं वह सिर्फ 6 घंटे प्रतिदिन की ड्यूटी दे रहे हैं और 1 सप्ताह में उनको सिर्फ 5 बार ही यह ड्यूटी करनी पड़ती है और उसके बाद उनको 2 दिन का अवकाश दिया जाता है, और साथ में हम यह भी बता देते हैं कि इस समय एम्स दिल्ली में ओपीडी सर्विस बंद है केवल टेली मेडिसन सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा हर समय एक चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम हमेशा तैनात रहती है अगर ड्यूटी पर किसी भी चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ को कोई भी समस्या हो रही हो तो उसको स्थानांतरित करने के लिये। अंत में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि जितने चिकित्सक ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज दिल्ली में है उतने पूरे हिमाचल प्रदेश के अंदर नहीं है , तो इसलिए सरकार को अपने प्रदेश के हिसाब से सबको विश्वास में लेकर क्रोना वारियेर्स के बारे में कोई नीति बनानी चाहिए।हिमाचल प्रदेश मेडिकल अफसर इस अधिसूचना का विरोध करती है और इस विरोध में हमारे साथ प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजेस के रेजिडेंट डॉक्टर संघ हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। अगर इस अधिसूचना को 3 दिन के भीतर वापस नहीं लिया जाता है तो सारे प्रदेश के चिकित्सक काले बिल्ले लगाकर इसका विरोध करेंगे। यह समय महामारी का है इसलिए हम अपनी जनता को एक भी पल का कष्ट नहीं दे सकते इसलिए सरकार इस मसले पर गंभीरता पूर्वक विचार करें और इस अधिसूचना को तुरंत वापस लिया जाए ।हम माननीय मुख्यमंत्री जी और माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी से यह विशेष अनुरोध करते हैं कि इस मामले में आप खुद विशेष रूप से हस्तक्षेप कर पुनर्विचार करके इस अधिसूचना को जल्द से जल्द रद्द करवा कर करोना वारियेर्स के मनोबल को बढ़ाएं।
दाड़लाघाट : कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायत मांगल में पंचायत प्रधान उर्मिला देवी की अध्यक्षता में सार्वजनिक स्थानों को सेनिटाइज किया गया। इन स्थानों में ग्राम पंचायत प्रांगण, पटवार घर मांगल, राजकीय केंद्र पाठशाला व वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मांगल, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र मांगल, दी बहुउद्देशीय सहकारी सभा राशन मांगल, पोस्ट ऑफिस कंधर, कनिष्ठ अभियंता राज्य विद्युत बोर्ड कार्यालय व फॉरेस्ट गार्ड कार्यालय कंधर तथा कंधर बाजार की पूरी मार्केट को सेनिटाइज़ किया गया। पंचायत उप प्रधान सीताराम ने लोगों से आग्रह किया कि लोग प्रशासन द्वारा दिए दिशा निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि मास्क का प्रयोग करें, बिना वजह घर से बाहर ना निकले।किसी प्रकार की सहायता हो तो पंचायत प्रतिनिधियों को 9805783933 व 8894527663 पर संपर्क करें। इस मौके पर देवी राम चौहान,चंपा देवी, निर्मला देवी, देवेंद्र कुमार, प्रेम लाल चौहान, आयुर्वेदिक डॉक्टर सुरेंद्र कुमार सहित अन्य पंचायत सदस्य मौजूद रहे।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर आज राजभवन में इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, शिमला की नर्स पीना शर्मा को नर्सिंग समुदाय की ओर से सम्मानित किया। राज्यपाल की धर्मपत्नी वसंथा बंडारू भी इस अवसर पर उपस्थित रही। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान नर्सों द्वारा समर्पण भाव से दी गई सेवाएं और प्रयास सराहनीय हैं। वे अपनी जान की परवाह किए बिना ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाने में जुटी हैं। 12 मई को मनाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर नर्सों के इसी योगदान को नमन करना बेहद जरूरी है। फ्लोरेंस नाइटिंगेल के त्याग व समर्पण को याद करते हुए हम इस व्यवसाय से जुड़े सभी कोरोना योद्धाओं का आभार व्यक्त करते हैं। Attachments area
बिलासपुर : कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने बिलासपुर में बने नव निर्मित एम्स को कोविड केंद्र के तौर पर उपयोग करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा है कि इस अस्पताल में ओपीडी भवन व 76 डॉक्टरों की सेवाओं का सद्पयोग किया जा सकता है। उन्होंने बिलासपुर जिला अस्पताल व घुमारवीं अस्पताल को कोविड केंद्र बनाए जाने से आम रोगियों को आ रही मुश्किलों पर भी अपनी चिंता जताते हुए कहा कि सभी लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होनी चाहिए। आज जिला बिलासपुर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों से वर्चुअल बैठक में जिले की कोविड स्थिति की जानकारी लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी द्वारा शुरू की गई गांधी हेल्पलाइन से कोविड प्रभावित लोगों को दिए जा रहें राहत कार्यो की समीक्षा बैठक की।उन्होंने कहा कि कोरोना से प्रभावित किसी भी व्यक्ति या परिवार को जो किसी मदद की गुहार उनसे करता है उसकी पूरी मदद की जाए। उन्होंने कहा कि शहरों के साथ साथ अब इसका संक्रमण गांव में फैल रहा है,इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। राठौर ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर लोगों को चिंता में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि कोविड़ नियमों को लेकर सरकार की ढुलमुल नीति से आज प्रदेश बहुत ही विकट स्थिति से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी,बेंटिलेटर व बेड की कमी,वेक्सिन की कमी ने सरकार की ढुलमुल व्यवस्था की पूरी पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि सरकार इस महामारी से निपटने में पूरी तरह असफल रही है। राठौर ने पार्टी पदाधिकारियों का आह्वान किया की वह अपने स्तर पर इस महामारी से प्रभावित लोगों का ध्यान रखते हुए उन्हें चिकित्सा व्यवस्था से लेकर उनके खाने पीने की सुविधा के प्रति गांधी हेल्पलाइन के तहत पार्टी के दिशानिर्देशों के अनुसार अपने दायित्व को पूरा करें और इस बारे दैनिक रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सूचना केंद्र को दे। बैठक में बिलासपुर जिला कांग्रेस प्रभारी हर्षवर्धन चौहान ने ग्रामीण क्षेत्रों में चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं पर चिंता प्रकट करते हुए सरकार से इन सेवाओं को सुदृढ करने की मांग की। इंद्रदत्त लखनपाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोगों की सेवा में बढ़चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया। जिलाध्यक्ष अंजना धीमान ने कहा कि जिला में सभी ब्लॉक अध्यक्ष अपने अपने क्षेत्रों में स्थिति पर अपनी नजर रखे हुए है और गांधी हेल्पलाइन दूरभाष नंबर डिस्प्ले किये गए है जिससे कोविड़ प्रभावित किसी भी व्यक्ति या परिवार की आवश्यकता अनुसार मदद की जाएं। बैठक में कांग्रेस सचिव हरिकृष्ण हिमराल,ब्लॉक अध्यक्ष सतीश चंदेल,जागीर सिंह मेहता,देश राज गौतम सचिव प्रभारी बलदेव ठाकुर,सोनिया चौहान,राजेंद्र शर्मा व सोशल मीडिया के नंदलाल व नितिन राणा भी उपस्थित रहे।
पालमपुर : कोविड की दूसरी लहर समूचे देश में चुनौती के रूप में उभर रही है। जहाँ सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए भरसक प्रयास कर रही है, वहीँ कई स्वयं सेवी संस्थायें भी इस अभियान से जुड़ रही हैं और इस पुनीत कार्य मे बहुमूल्य योगदान निभा रहे है। इसी कड़ी में दिल्ली में विशेष बच्चों की सशक्तिकरण, रोजगार, आर्थिक स्वावलम्बन, व् वेस्ट प्रबंधन मे कार्यरत संस्था शक्ति फाउंडेशन ने हिमाचल के पालमपुर क्षेत्र में बढ़ते कोरोना के मामलों के चलते प्रशासन की मदद के लिए अपना हाथ बढ़ाया है। राधा स्वामी सत्संग परौर में बनाये जा रहे डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर के लिए संस्था ने 5 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर शक्ति फॉउंडेशन के प्रतिनिधि राजीव अहल ने उपमंडल अधिकारी धर्मेश रमोत्रा को सपुर्द किये। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से ज़िला कार्यक्रम अधिकारी डॉ राजेश सूद,समाजसेवी एवं हिमोत्कर्ष प्रदेश सचिव मनोज कंवर भी उपस्थित रहे। संस्था ने होम आइसोलेशन में रहने वाले संक्रमितों की मदद के लिए ऑक्सीजन सेचुरेशन व् बुखार जांच के लिए पल्स ऑक्सीमीटर व् डिटिजल थर्मामीटर भी प्रशासन को प्रदान किये। शक्ति फॉउंडेशन के प्रतिनिधि राजीव अहल ने इस अवसर पर जानकारी दी कि इस संस्था ने पिछले 11 वर्ष से दिल्ली मैं विशेष बच्चों के लिए 85000 थेरेपी सेशन, 550 स्कूल के छूटे बच्चों को पढ़ाकर वापिस शिक्षा से जोड़ा, 150 महिलाओं को कूड़े कचरे के काम से आगे बढ़ाते हुए वैलाकपिक रोजगार दिए, और पिछले वर्ष से लॉकडाउन में 6000 जरूरतमंद परिवारों को राशन उपलब्ध कराया। शक्ति फॉउंडेशन के संस्थापक अनुराग कश्यप ने बताया कि उत्तराखंड के कुछ कोविड प्रभावित पहाड़ी क्षेत्रों में भी इस प्रकार की मदद कर रही है। वहीँ उन्होंने अन्य समाज सेविओं से इस कार्य में जुड़ने का आह्वान किया। एसडीएम धर्मेश रमोत्रा ने शक्ति फाउंडेशन की पहल का स्वागत किया।उन्होंने कहाँ की संस्था द्वारा मुहैया करवाई गई मदद कोरोना से पीड़ित लोगों के काम आएगी।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज बताया कि जिला में होटल ,ढाबा व रेस्टोरेंट विशेष मानक संचालन की अनुपालना सुनिश्चित करते हुए 1 बजे के पश्चात भी खुले रहेंगे। उन्होंने पुलिस को इन निर्देशों की अनु पालना के आदेश भी दिए। उन्होंने बताया कि होटल ढाबा तथा रेस्टोरेंट के मालिक कोविड-19 के तहत जारी सभी दिशानिर्देशों तथा सलाहों की अनुपालन सुनिश्चित करते हुए कार्य करेंगे उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी प्रकार की अवहेलना नहीं की जानी चाहिए। उपायुक्त ने कोरोना कर्फ्यू के तहत लागू की गई नई बंदिशों के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में जाकर स्थिति का जायजा लिया जिसके अंतर्गत उन्होंने ठियोग, ढली, माल रोड, बालुगंज आदि क्षेत्र का दौरा किया इस अवसर पर उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील शर्मा भी मौजूद रहे उन्होंने विभिन्न नाकों पर जांच व निगरानी के संबंध में की जा रही कार्रवाई के संबंध में पुलिस अधिकारियों व जवानों से जानकारी प्राप्त की।
मंगलवार को सुजानपुर विधानसभा के दोनों सिविल अस्पतालों एवं सभी स्वास्थ्य केंद्रों में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल तथा केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट अफेयर्स राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने पीपीई किट्स एवं मास्क वितरित करवाए। इस अवसर पर प्रो० धूमल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लगे वीर कोरोना योद्धाओं की अथक मेहनत और कड़ी तपस्या निश्चित रूप से सफल होगी। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर ने विश्व भर में जो कहर बरपाया है वह किसी से छुपा नहीं है, जहां एकदम से कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है तो वही स्वास्थ्य संस्थानों एवं वहां पर सेवाएं देने वाले कोरोना योद्धाओं पर भी दबाव बढ़ा है। वीर स्वास्थ्य योद्धा अपना वह अपनों का मोह त्याग कर और जोखिम उठाकर दिन-रात स्वास्थ्य संस्थानों में कोरोना से जूझ रहे रोगियों की सेवा करने में उनकी देखभाल करने में लगे हुए हैं। वीर स्वास्थ्य योद्धाओं की तपस्या मेहनत त्याग और हिम्मत का भारतीय जनता पार्टी सम्मान करती है और उनकी ऋणी है। क्योंकि वो सब की हिफाज़त करते हैं तो उन की हिफाजत भी हो सके, इसके लिए कोरोना वायरस का सामना करने हेतु यह सामग्री चिकित्सा संस्थानों के स्वास्थ्य योद्धाओं को उपलब्ध करवाई गई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा है कि जब हम सभी जिम्मेदारी समझते हुए कोविड-19 सेफ्टी गाइडलाइंस का अच्छी तरह पालन करेंगे, वैक्सीनेशन करवाएंगे, मास्क का उपयोग करेंगे, सैनिटाइजर का उपयोग करेंगे, समाजिक दूरी रखेंगे, स्वच्छता अच्छी तरह अपनाएंगे और कोरोना कर्फ्यू का पालन करेंगे, तब हमें कोविड महामारी की दूसरी लहर से जीतने से कोई नहीं रोक सकता। गौर तलब है कि मंगलवार को सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के सिविल हॉस्पिटल सुजानपुर और टौणीदेवी तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों कुठेड़ा, गुब्बर, ऊटपुर, ऊहल, जंगलबैरी तथा पटलांदर में पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री की ओर से स्वास्थ्य योद्धाओं को व्यक्तिगत रूप से सुजानपुर भाजपा मंडल के अध्यक्ष विरेंद्र ठाकुर एवं महामंत्री पवन शर्मा द्वारा पीपीई किट्स और मास्क इत्यादि सामग्री बांटी की गई।
द्रंग विधानसभा क्षेत्र से नेशनल हाई-वे NH-21 हणोगी से सिराज विधानसभा क्षेत्र के लिए निर्माणाधीन केवल स्टैंडर्ड पुल का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चला हुआ है। इस केवल स्टैंडर्ड पूल के बनने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को घर द्वार पर रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे और मेडिकल आपात स्थिति मे यह पूल मिल का पत्थर साबित होगा। इसका सपना मुख्यमंत्री ने विधायक रहते हुए सबसे पहले देखा था और इसकी प्रकिया को पूरा करने के लिए इस पर पिछले 15 साल पहले काम चला हुआ था और मुख्यमंत्री उस समय पुल का निर्माण कार्य जल्दी करवाना चाहते थे और इसके लिए बजट में पैसे का प्रावधान भी किया गया था ताकि सिराज की दुर्गम व दूर दराज़ की पंचायते सड़क सुविधा से जल्द-से-जल्द जुड़े। बहुत जल्द ही यह पूल जनता को समर्पित होने वाला है । जल्द ही इसका निर्माण कार्य 2022 के अगस्त महीने तक पूरा होने की संभावना है।
जिला के अग्रणी बैंक यूकों बैंक ने सूचित किया है कि कोविड-19 महामारी के कारण प्रदेश में लागू किए गए कोरोना कर्फ्यु के दृष्टिगत जिला के सभी बैंकों की कार्य अवधि को नियमानुसार लागू किया गया है। बैंक के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य स्तरीय बैंकर्ज समिति तथा प्रदेश के विशेष सचिव वित्त राकेश कंवर के साथ आयोजित वीडियो काॅन्फ्रेन्स में लिया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि जिला के सभी बैंकों में आमजन के लिए कार्य अवधि का समय प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। बैंक अपना कार्य प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों में यह व्यवस्था आज से 31 मई तक लागू रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार अथवा जिला प्रशासन इस अवधि के मध्य कोई अन्य आदेश जारी करते हैं तो उन आदेशों को भी अक्षरशः लागू किया जाएगा। उन्होंने बैंक आने वाले सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि कोविड-19 से बचाव के लिए प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा बैंक में उचित प्रकार से मास्क पहनकर आएं और सोशल डिस्टन्सिंग नियम का पालन करें। प्रवक्ता ने कहा कि सभी बैंकों में कर्मियों तथा उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए कोविड-19 मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।
कोरोना महामारी के कारण ‘होम आइसोलेशन’ में रह रहे व्यक्तियों और उनकी देखभाल कर रहे परिजनों के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्राॅस ने सार्थक पहल की है। रेडक्राॅस ने ऐसे व्यक्तियोें के लिए ‘डाॅक्टरर्स परामर्श सेवा’ की सुविधा आरम्भ की है ताकि उन्हें डाॅक्टर का परामर्श मिले तथा वे लोग किसी प्रकार के डिप्रेशन का शिकार भी न हों। हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्राॅस के एक प्रवक्ता ने बताया कि संस्था ने मुख्यालय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है, जहां प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक राज्य रेडक्राॅस का स्टाॅफ और स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। होम आइसोलेशन में रह रहा कोई भी व्यक्ति नियंत्रण कक्ष में 0177-2621868 तथा 0177-2629969 लैंडलाइन दूरभाष नम्बर पर संपर्क कर सकता है। स्टाॅफ के ये सदस्य एवं स्वयंसेवक काॅल प्राप्त करेंगे और संपर्क करने वाले व्यक्ति को चिकित्सक के पैनल में से उपलब्ध चिकित्सक का नम्बर देंगे। लैंडलाइन के इन नम्बरों के अतिरिक्त 94599-77733 मोबाईल नम्बर भी उपलब्ध रहेगा। चिकित्सकों के इस दल में विभिन्न संकायों के विशेषज्ञ चिकित्सक भी उपलब्ध रहेंगे। चिकित्सकों की यह परामर्श सेवा प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक उपलब्ध रहेगी। रोगी ऑडियो अथवा वीडियो क्लिप भी चिकित्सकों को भेज सकते हैं ताकि वे इसका आकलन कर परामर्श दे सकें। प्रवक्ता ने कहा कि पीड़ित व्यक्ति अथवा परिवार के सदस्य को चिकित्सक का संपर्क नम्बर देने के एक घण्टे बाद नियंत्रण कक्ष से पुनः फोन कर स्थिति की जानकारी ली जाएगी ताकि मरीज़ को किसी प्रकार की असुविधा न हो। चिकित्सक कोरोना महामारी से पीड़ित व्यक्तियों एवं उनके परिवार के सदस्यों को परामर्श तो देंगे ही साथ ही उनके प्रश्नों के उत्तर भी देंगे। लेकिन, जहां तक सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रश्न है, उसके लिए भी यह सेवा तत्परता से कार्य करेगी। नियंत्रण कक्ष में तैनात व्यक्ति पीड़ित व्यक्ति को संबंधित जिले के रेडक्राॅस केंद्र का संपर्क नम्बर उपलब्ध करवाएगा ताकि जिला प्रशासन के सहयोग से किसी भी प्रकार की सहायता ली जा सके। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने रेडक्राॅस द्वारा आरम्भ की गई परामर्श सेवा सुविधा की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनकी देखभाल कर रहे व्यक्तियों को इसका लाभ मिलेगा। राज्य रेडक्राॅस अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्ष डाॅ. साधना ठाकुर, जो इस परामर्श सेवा सुविधा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, ने परामर्श सुविधा में सक्रिय भूमिका निभा रहे चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि महामारी के इस दौर में व्यस्त्ता के बावजूद उन्होंने रेडक्राॅस द्वारा शुरू की गई परामर्श सेवा में सहयोग का कदम बढ़ाया है, जो सराहनीय है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के निर्देश पर सोलन शहर में कोविड-19 महामारी संकट के समय में आवश्यकता पड़ने पर सक्रंमित रोगियों को और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने का कार्य अन्तिम चरण में हैं। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सोलन स्थित राधा स्वामी सत्संग केन्द्र में आरम्भिक चरण में 200 बिस्तरों वाला मेकशिफ्ट अस्पताल तैयार किया जा रहा है। यह जानकारी आज यहां उपायुक्त सोलन केसी चमन ने दी। केसी चमन ने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री स्वयं प्रदेश के सभी जिलों में कोविड-19 संकट से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं और प्रदेश के साथ-साथ जिला स्तर पर आवश्यक निर्देश जारी कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने सोलन शहर में आवश्यकता पड़ने पर उचित सुविधाएं स्थापित करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर रबौण स्थित राधा स्वामी सत्संग केन्द्र का चयन किया गया है। गत वर्ष कोविड-19 संकट के आरम्भ के समय से ही राधा स्वामी सत्संग केन्द्र सोलन जहां पीड़ित मानवता की सेवा का सम्बल बनकर उभरा है वहीं इस दिशा में जिला प्रशासन को भी उचित सहायता उपलब्ध करवा रहा है। राधा स्वामी सत्संग द्वारा जिला के सोलन एवं नालागढ़ के साथ-साथ अन्य स्थानों पर भी इस दिशा में सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। सोलन के रबौण स्थित राधा स्वामी सत्संग केन्द्र का मेकशिफ्ट अस्पताल के लिए चयन विभिन्न मानकों के अनुरूप किया गया है। केसी चमन ने कहा कि यहां मेकशिफ्ट अस्पताल का निर्माण कार्य प्रगति पर है और शीघ्र ही यह सुविधा पूरी तरह तैयार कर ली जाएगी। आरम्भिक चरण में यहां कोविड-19 संक्रमित रोगियों के लिए ऑक्सीजन सुविधा युक्त 200 बिस्तरों की व्यवस्था की जाएगी। स्थान की समुचित उपलब्धता के दृष्टिगत यहां बिस्तरों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। यहां 20 बिस्तर सघन जांच इकाई (आईसीयू) के अधीन रखे जाएंगे साथ ही केन्द्र में 50 बिस्तर स्थापित भी कर दिए गए हैं। उपायुक्त ने कहा कि इस कार्य को शीघ्र पूरा करने एवं कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियन्ता की अगुवाई में एक समिति गठित की गई है। इस समिति की देखरेख में निर्माण कार्य पूरा किया जा रहा है। केसी चमन ने कहा कि जिला सोलन में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों के लिए वर्तमान में समर्पित कोविड अस्पताल ईएसआई काठा में 38, एमएमयू कुम्हारहट्टी में 135 तथा नालागढ़ स्थित मेकशिफ्ट अस्पताल में 45 बिस्तर उपलब्ध हैं। एमएमयू कुम्हारहट्टी में 135 में 120 बिस्तरों के साथ ऑक्सीजन सुविधा तथा 15 के साथ वेन्टीलेंटर सुविधा उपलब्ध है। कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े इसके लिए जिला प्रशासन ने नालागढ़ उपमण्डल स्थित आकाश अस्पताल में 35, गगन अस्पताल में 50 एवं मल्होत्रा सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में 75 बिस्तर अपने अधिकार क्षेत्र में लिए हैं। इन सभी के साथ ऑक्सीजन सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि जिला में अर्की उपमण्डल के बखालग स्थित समर्पित कोविड केयर केन्द्र में 100, परवाणू स्थित समर्पित कोविड केयर केन्द्र में 70, नालागढ़ स्थित समर्पित कोविड केयर केन्द्र में 80 तथा नौणी स्थित समर्पित कोविड केयर केन्द्र में 85 बिस्तर उपलब्ध हैं। इन सभी केन्द्रों में ऑक्सीजन कन्सनट्रेट की सुविधा उपलब्ध है। केसी चमन ने कहा कि सोलन जिला में कोविड-19 रोगियों की सुविधा के लिए विभिन्न स्तरों पर आवश्यकतानुसार उपकरण एवं अन्य साजो सामान उपलब्ध करवाया गया है।
प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कोविड महामारी के दौरान मरीजों के उपचार में उपयोग होने वाला रेमडेसिविर इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और किसी भी जिले में इस इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है। प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यकता और मांग के अनुसार इस इंजेक्शन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसी को रेमडेसिविर के लिए परेशानी न उठानी पड़े। राज्य के पास वर्तमान समय में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश भर में कुल 6425 रेमडेसिविर इंजेक्शन स्टाॅक में उपलब्ध हैं। इनमें से लगभग 2300 रेमडेसिविर इंजेक्शन स्वास्थ्य विभाग के राज्य भंडारण केंद्र में हैं जबकि 4125 इंजेक्शन विभिन्नि जिलों को उपलब्ध करवाए गए हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में रेमडेसिविर इंजेक्शन की स्थिति पर नजर डाली जाए तो जिला शिमला में सबसे अधिक रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध हैं जहां एक हजार इंजेक्शन उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त मंडी जिले में 713, चंबा में 250, हमीरपुर में 250, सोलन में 534, कुल्लू में 238, सिरमौर में 400, ऊना में 120, बिलासपुर में 100 और कांगड़ा में 520 रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डाॅ. निपुण जिंदल ने बताया कि राज्य में महामारी की इस दूसरी लहर में मरीजों के जीवन को बचाने के लिए आवश्यक जीवन रक्षक दवाईयों, रेमडेसिविर इंजेक्शन व ऑक्सीजन सहित अन्य विभिन्न वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि मरीजों के उपचार में आवश्यक हर चीज को राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश की जनता का आह्वान किया है कि वे कुछ लोगों द्वारा फैलाई जा रहीं अफवाहों पर विश्वास नहीं करें और न इन पर कोई ध्यान दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य संस्थानों और होम क्वारंटीन केंद्रों में बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है और ऑक्सीजन, दवाओं, मास्क, पीपीई किट्स आदि की कोई कमी नहीं है। इसके अलावा, संक्रमित लोगों की उचित देखभाल के लिए भी पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं।
सिराज विधानसभा क्षेत्र में आज सुबह 7:00 बजे ग्राम पंचायत जुफर कोट और ग्राम पंचायत धाट खोली थाचाधार में भारी ओलावृष्टि हुई जिसके कारण लोगों के सेब, मटर, गोभी इत्यादि फसलों की भारी क्षति हुई है। किसानों की मेहनत पर इस ओलावृष्टि ने पानी फेर दिया है। यहां के लोगों का कहना है कि उनका जीना बेहाल हो गया है। वह अपनी मटर, आलू ,सेब और गोभी की फसल पर ही निर्भर रहते थे और आज ओलावृष्टि के कारण उनकी फसल बुरी तरह से तबाह हो चुकी है। लोगों ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि विभाग को भेजकर उनकी फसल का मौका करवाया जाए ताकि सरकार द्वारा कुछ राहत राशि प्रदान की जाए।
कोरोना महामारी के कारण हिमाचल सरकार ने इस बार दसवीं के विद्यार्थियों को प्रमोट कर जमा एक कक्षा में बिठाने का निर्णय लिया है। सरकार के फैसले के बाद हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने भी बच्चों को प्रमोट करने के लिए प्रारूप तैयार कर लिया है। शिक्षक संघों एवं शिक्षाविदों के सुझावों के अनुरूप तैयार हो रहे प्रारूप के अनुसार दसवीं में राज्य मुक्त विद्यालय के तहत पेपर देने वाले सभी बच्चों को प्रमोट नहीं किया जाएगा। एसओएस के तहत केवल उन परीक्षार्थियों को प्रमोट किया जाएगा, जिन्होंने दो या तीन पेपरों में री-अपीयर भरा है। जिन बच्चों ने पहली बार पंजीकरण करवाया है उन्हें प्रमोट करने का कोई आधार नहीं है इसलिए उन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी। इस पर सभी शिक्षक संघ ने सहमति जताई है। नियमित बच्चों के लिए प्री-बोर्ड परीक्षा को आधार रखा है। नियमित छात्रों के लिए प्री-बोर्ड परीक्षा परिणाम के अधिकतम 45 अंक तय किए हैं जबकि फर्स्ट व सेकेंड टर्म परीक्षा के 15-15 अंक रखे हैं। निर्धारित अंकों के आधार पर ही परिणाम तय किया जाएगा। जिन बच्चों ने प्री-बोर्ड समेत कोई भी परीक्षा नहीं दी है, ऐसे परीक्षार्थियों से कारण जानने के बाद ही उन्हें प्रमोट करने का फैसला लिया जाएगा। इस बार यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि इस साल मेधावी बच्चों की मेरिट सूची बोर्ड जारी नहीं करेगा। इस बार दसवीं के नियमित 1,16,954 और 14,931 परीक्षार्थी एसओएस के तहत परीक्षा देने के लिए पंजीकृत हुए हैं। बोर्ड की ओर से तैयार किए गए प्रारूप को स्वीकृति के लिए प्रदेश सरकार के पास भेजा जाएगा। दसवीं के बच्चों को प्रमोट करने पर बोर्ड अध्यक्ष डा. सुरेश कुमार सोनी व सचिव अक्षय सूद ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अध्यापक संघों के सदस्यों से चर्चा की। सभी की राय थी कि नियमित परीक्षार्थियों को फर्स्ट व सेकेंड टर्म तथा प्री बोर्ड व इंटरनल असेस्मेंट के आधार पर अंक आवंटित करने के लिए प्रक्रिया अपनाई जाए।
ग्राम पंचायत बरायली के अंतर्गत पंचायत प्रधान रीता शर्मा की अगुवाई में गांव शमेली तथा गांव ककेड़ को सेनिटाइज़ किया गया। पंचायत प्रधान रीता शर्मा ने बताया कि इस कार्य में उन्हें अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन एवं जलागम समिति बरायली फगवाना ने सेनिटाइज़र इत्यादि मुहैया करवाकर पूर्ण सहयोग दिया तथा भविष्य में भी इस प्रकार की सहायता करने का आश्वासन दिया। पंचायत प्रधान रीता शर्मा ने लोगों से कहा कि वे सभी सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें और कोरोना से बचाव के लिए मास्क का प्रयोग करें और हर थोड़ी देर बाद साबुन से हाथ धोएं जिससे कि कोरोना वायरस की रफ्तार को कम किया जा सके। उन्होंने लोगों को हर समय मास्क पहनने, हाथों को साबुन से धोने तथा पर्याप्त समाजिक दूरी बनाए रखने हेतु जागरूक भी किया। इस कार्य में पंचायत उपप्रधान कृष्ण चंद भट्टी, पंचायत सदस्य स्नेह लता, सरोज गौतम, बसंत लाल, दिनेश, हीरा लाल ने सेनिटाइज़ छिड़काव में अपना योगदान दिया।
हिमाचल प्रदेश के डिपुओं में बायोमीट्रिक प्रणाली से ही राशन दिया जाएगा। साथ ही कोविड काल में जरूरतमंद लोगों को पांच किलो राशन निशुल्क दिया जाएगा। ऑफलाइन वितरण प्रणाली से कोविड संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है, ऐसे में खाद्य आपूर्ति मंत्री ने निर्णय लिया है कि डिपुओं में राशन ऑनलाइन प्रणाली से ही वितरित होगा। वहीं, प्रदेश के डिपोधारक सरकार से मांग कर रहे हैं कि डिपुओं में बायोमिट्रिक प्रणाली से राशन का वितरण कोरोना काल में बंद किया जाए। विभाग ने साफ किया है कि डिपुओं में बायोमीट्रिक प्रणाली से ही राशन वितरित होगा। खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रदेश राजेंद्र गर्ग ने बताया कि उन्होंने डिपोधारकों को पत्र जारी किया है कि डिपो में आने वाले सभी उपभोक्ताओं के हाथों को सेनिटाइज़ किया जाए। अंगूठा लगाने से पहले और बाद में मशीन को भी सेनिटाइज़ किया जाए। इसका खर्च विभाग व्यय करेगा।
आनी खण्ड की लझेरी पंचायत के डीम व छलाली गांव में कोरोना संक्रमण के 20 नए मामले सामने आए हैं जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा हो गया है। हालांकि प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल ऐड के साथ कोरोना संक्रमित लोगों को होम आईसोलेशट कर दिया है। बता दें कि लझेरी पंचायत के डीम गांव में पिछले दिनों पंचायत उपप्रधान प्रताप ठाकुर द्वारा गांव में एक साथ बहुत सारे लोगों के बीमार पड़ने की सूचना प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को दी गई थी। जिस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जाकर लोगों की जांच की जिसमें 7 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। टीम द्वारा गांव डीम व छलाली से 34 लोगों के आरटीपीसीआर सैम्पल लेकर आईजीएमसी भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट में 20 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। गांव में 27 लोग कोरोना संक्रमित हो गए हैं, जिससे लोगों में दहशत और भय का माहौल पैदा हो गया है। इस संदर्भ में एसडीएम आनी चेतसिंह ने लोगों का हौसला बढ़ाते हुए आग्रह किया है कि कोरोना महामारी को लेकर लोग डरें नहीं बल्कि इसके बचाव को लेकर सभी एतिहात बरते। उन्होंने कहा कि संक्रमित लोग होम आईसोलेट होकर अपने स्वास्थ्य के प्रति पूरी सावधानी बरतें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई आवश्यक दवाओं का सेवन कर सरकार के दिशा निदेशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि लझेरी पंचायत के दो वार्डों को कंटेन्मेंट ज़ोन घोषित किया जाएगा ताकि अनावश्यक रूप से लोगों की आवाजाही न हो और संक्रमण फैलने के खतरे को रोका जा सके।
कोरोना मैनेजमेंट पर मोदी सरकार को घेर रही कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भाजपा ने जवाब दिया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को कहा कि आज के हालात में कांग्रेस की करनी से हैरान नहीं हूं, दुखी हूं। उन्होंने कहा कि एक ओर उनकी पार्टी के कुछ मेंबर्स लोगों की मदद करने का काम कर रहे हैं तो वहीं, दूसरी ओर उनके वरिष्ठ नेताओं की फैलाई नकारात्मकता से ये सराहनीय काम धूमिल हो रहा है। जेपी नड्डा ने कहा कि ये खत गहरी पीड़ा और दुख के साथ लिख रहा हूं। मैंने कभी ऐसा पत्र नहीं लिखा है, लेकिन जिस तरह से कांग्रेस के मेंबर्स भ्रम फैला रहे हैं, उनके मुख्यमंत्री ऐसा कर रहे हैं उसके बाद मुझे यह खत लिखना पड़ा। जिस वक्त भारत कोरोना महामारी के साथ पूरी ताकत से लड़ रहा है, उस वक्त कांग्रेस की टॉप लीडरशिप को लोगों को गुमराह करना और झूठा डर फैलाना बंद कर देना चाहिए। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में सोनिया गांधी ने कहा था कि मोदी सरकार कोरोना काल में फेल हो गई। CWC में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया था।


















































