कोरोना संक्रमण को देखते हुए सब उपमंडल सुधार सभा दाड़लाघाट की महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में प्रधान जगदीश ठाकुर व महासचिव प्रेम केशव द्वारा ग्राम पंचायत दाड़ला, रौड़ी (धार) व बरायली के वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, युवाओं से इस महामारी के दौरान होने वाली दिक्कतों का जायजा लिया गया। बैठक में कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण के बारे सभी ने चिंता व्यक्त की और इस श्रृंखला को तोड़ने के लिए सभी ने अपने विचार सांझा किए। बैठक में आमजन से अनुरोध किया गया कि इस खतरनाक दौर में भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने और आने से भी परहेज करें, तभी हर इंसान की सुरक्षा संभव होगी। वर्चुअल बैठक में गैस एजेंसी के प्रबंधक से आग्रह किया गया कि गैस की आपूर्ति पिछले लॉकडाउन के मुताबिक लोगों के घर द्वार जहां गाड़ी से उचित है, वह भी प्रावधान करें,ताकि लोगों को बाहर ना जाना पड़े। सभा प्रधान जगदीश ठाकुर व महासचिव प्रेम केशव ने लोगो से अपील करते हुए कहा है कि अर्की व प्रदेश में कोविड-19 के बढ़ते कदमो को देखते हुए सभी सरकार द्वारा जारी किए गए नियमो के तहत मास्क व डिस्टेंस नियम का पालन कर स्वस्थ रहे।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए समुदाय को जागरूक करने की अत्यंत आवश्यकता है। यह बात स्वास्थ्य कार्यकर्ता अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट सीता नेगी, पंचायत सदस्य ग्राम पंचायत नवगांव राकेश कुमार चंदेल और कांन्ता देवी ने ग्राम पंचायत नवगांव के वार्ड संख्या दो और चार में घर-घर जाकर कोरोना वायरस के बचाव के दौरान सैनीटाइज करते हुए कही। ग्राम पंचायत नवगांव ने पहल करते हुए समुदाय के लोगों को मास्क पहनने, सामजिक दूरी के नियमो का पालन कोरोना के संक्रमण से बचाव करने के लिए आवश्यक है। पिछले कई दिनों से कोरोना के कई संक्रमित मरीज ग्राम पंचायत नवगांव में आये है,जिनका देखरेख स्वास्थ्य कार्यकर्ता,आशा कार्यकर्ता और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नवगांव के चिकित्सक के देखरेख और निगरानी में किया जा रहा है। इस दौरान सीता नेगी अपने टीम के सदस्यों के साथ घर-घर जाकर कोरोना के संक्रमण से बचाव हेतु प्रत्येक घर को सेनिटाइज किया और इसकी महत्ता पर बल दिया।
ग्राम पंचायत पारनु से संबंध रखने वाले, सोशल मिडिया पर मेडलिप्स द्वारा अपनी कला का जादू बिखेरने वाले राहुल शर्मा ने भी अर्की बखालग कोविड सेंटर में प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं तथा वहां के स्टाफ द्वारा दी जा रही सेवाओं की प्रशंसा की है। दरअसल कोरोना संक्रमित होने पर राहुल शर्मा को इलाज करवाने हेतु इस कोविड सेंटर में जाना पड़ा। राहुल शर्मा ने अपने अनुभव सांझा करते हुए बताया कि जब वह कोरोना संक्रमित हुए तो कुछ रोज घर पर ही आइसोलेट हुए लेकिन जब देखा कि उनका बुखार ठीक नहीं हो रहा है तो उन्होंने कोविड सेंटर जाने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि जैसे ही सेंटर में जाने को फोन पर बात हुई आधे घंटे बाद उनके पास कोविड सेंटर से रोगी वाहन पहुंच चुका था। कोविड सेंटर की व्यवस्ता देख कर राहुल काफी प्रभावित हुए। उन्होंने बताया की कोविड सेंटर में मरीज़ों का अचे ख्याल रखा जा रहा है। वहन समय-समय स्वास्थ्य कर्मचारी उनका हाल चल जानने आते है। इसके आलावा वहां पर मौजूद जो लोग कोरोना से जंग जीत चुके है वह भी केयर सेंटर में अपनी सेवाएं दे रहे है। साथ ही राहुल ने उन लोगों पर भी सख्त टिप्पणी की स्वस्थ्य व्यव्बस्था के खिलाफ झूटी अफवाएं फैलते है। उन्होंने ने कहाँ की यह वैश्विक महामारी है और इस संकट की घडी में हमे एक दूसरा का साथ देना चाहिए, न की राजनीती करनी चाहिए।
कोविड-19 महामारी के कारण वर्तमान में संकट का सामना कर रही मानवता को सम्बल प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन सोलन द्वारा विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। जहां एक और कोविड-19 पोजिटिव रोगियों को बेहतर उपचार एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं वहीं ऐसे रोगियों के बच्चों के उचित वातावरण में रहने की व्यवस्था भी की गई है। यह जानकारी आज यहां जिला बाल संरक्षण इकाई की प्रवक्ता ने दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने सोलन जिला के कोविड-19 संक्रमित अभिभावकों के बच्चों की देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित बनाई है। यह व्यवस्था ऐसे माता-पिता के लिए की गई है जो कोविड संक्रमण के कारण अस्पताल में उपचाराधीन हैं। विभाग द्वारा उन बच्चों के लिए भी व्यवस्था की गई है जिनके माता-पिता कोविड-19 संक्रमण के कारण असमय काल का ग्रास बन गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों की उचित देखभाल के लिए सोलन जिला के सुबाथु स्थित ‘शान्ति निकेतन चिल्ड्रन होम’ के साथ-साथ जिला के अर्की स्थित बाल आश्रम में पृथक व्यवस्था की गई है। यहां इन बच्चों की भोजन सहित अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने का उचित प्रबन्ध किया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि जिला सोलन के ऐसे बच्चों को सुबाथु स्थित केन्द्र में भेजने के लिए दूरभाष नम्बर 01792-275450, 94183-21547, बाल आश्रम अर्की में भेजने के लिए मोबाईल नम्बर 98051-84656, बाल कल्याण समिति के मोबाईल नम्बर 70183-64230 तथा जिला बाल संरक्षण इकाई सोलन से दूरभाष नम्बर 01792-225388 अथवा मोबाईल नम्बर 82192-44094 पर सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि संकट की इस घड़ी में ऐसे बच्चोें की उचित देखभाल के लिए यह जानकारी जन-जन तक पंहुचाएं ताकि महामारी के इस समय में आश्रय की राह तक रहे बच्चों को सहारा मिल सके और स्वस्थ वातावरण में उनकी उचित देखभाल की जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों की जानकारी उपरोक्त दूरभाष एवं मोबाईल नम्बरों पर प्रदान करें।
रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 मई, 2021 को विद्युत लाईन बदलने के दृष्टिगत 11 केवी शामती फीडर की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी बोर्ड के सहायक अभियन्ता दिनेश कुमार ने दी। उन्होंने कहा कि इस कारण 19 मई, 2021 को टटूल, सैंज कोटला, मंझोली तथा आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 09.30 बजे से सांय 05.30 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
राज्य रेड क्राॅस सोसायटी, अस्पताल कल्याण शाखा हिमाचल प्रदेश की अध्यक्षा डाॅ. साधना ठाकुर ने आज कोविड महामारी से निपटने के लिए जिला कांगड़ा को 250 पल्स ऑक्सीमीटर व 6000 मास्क तथा जिला मण्डी को 250 पल्स ऑक्सीमीटर व 4000 मास्क भेजे ताकि इस संकट की घड़ी में लोगों को इसकी कमी न हो। उन्होने कहा कि राज्य रेड क्राॅस सोसायटी जिला रेड क्राॅस शाखाओं के माध्यम से दवाइयां, उपकरण, मास्क तथा सेनिटाइजर इत्यादि उपलब्ध करवा रही है। इसके अतिरिक्त, राज्य रेड क्राॅस ने मुख्यालय स्तर पर कोविड डाॅक्टर परामर्श सेवा भी शुरू की है। यह सुविधा होम आइसोलेशन में रह रहे रोगियों एवं उनकी देखभाल कर रहे लोगों के लिए सूचीबद्ध चिकित्सकों से परामर्श कर सेवाएं प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। डाॅ. साधना ठाकुर ने कहा कि जिला स्तर पर चल रहे हेल्पलाइन नंबरों को भी राज्य रेड क्राॅस की हेल्पलाइन सेवा के माध्यम से प्रसारित किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे लाभान्वित हो सकें।
पंजाब विश्वविद्यालय, चण्डीगढ़ की साॅफिस्टिकेटेड एनालिटिकल इंस्ट्रूमेन्टेशन फेसिलिटी (एसएआईएफ) के निदेशक डाॅ. गंगा राम चैधरी ने आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को इन्दिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल शिमला के लिए 40 एयर प्यूरीफायर यूनिट भेंट किए। यह एयर प्यूरीफायर पंजाब विश्वविद्यालय चण्डीगढ़ को माॅलिक्यूल इंक यूएसए द्वारा कोविड-19 महामारी से निपटने में सहायता प्रदान करने के दृष्टिगत प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए एसएआईएफ के निदेशक का आभार व्यक्त किया। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, विधायक विनोद कुमार और आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. जनक राज भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हमीरपुर, 18 मई : सर्व कल्याणकारी संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा के दिशानिर्देशानुसार सर्वकल्याणकारी संस्था एवं कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर सुजानपुर में जनसेवा का कार्य युद्ध स्तर पर जारी रखा है। इसी कड़ी में इन दिनों, जहां भी कोरोना संक्रमित मामले सामने आ रहे हैं, उस क्षेत्र में संस्था व पार्टी के कार्यकर्ता जाकर संबंधित क्षेत्र को सैनिटाइज कर कोरोना संक्रमित प्रभावित परिवारों को खाद्य सामग्री मुहैया करवा रहे हैं। संस्था के जिलाध्यक्ष लेखराज ठाकुर ने बताया कि मंगलवार को सुजानपुर विस क्षेत्र के विभिन्न इलाकों घलोटा, खिऊंद,चमियोला, त्याल, चकरीयाणा, जिड़, थडा़, वार्ड नं 5 सुजानपुर व व्यास पुल के पास पुलिस की चेकिंग पोस्ट में जाकर सैनिटाइजेशन किया। व पटलांन्दर में 17 परिवारों को खाद्य सामग्री वितरित की गई। विधायक राजेंद्र राणा ने बताया कि संस्था के माध्यम से यह कार्य तब तक जारी रहेगा, जब तक की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आती। उन्होंने जनता से भी आग्रह किया कि कोविड-19 एडवाइजरी का पूरी तरह पालन करें तथा बेवजह घर से बाहर न निकलें। इसी दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन ज्योति प्रकाश, जिला इंटक के महासचिव रमेश चंद, जिला परिषद सदस्य सुमना देवी, रजत राणा उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और ओलावृष्टि के अलर्ट के बीच मौसम बिगड़ना शुरू हो गया है। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई अन्य भागों में सुबह से बादल छाए हुए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज प्रदेश के मैदानी और मध्य पर्वतीय जिलों में मंगलवार को अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं,19 और 20 मई को पूरे प्रदेश में भारी बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। 23 मई तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में यह बदलाव आ रहा है। मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर जिले के लिए येलो-ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उच्च पर्वतीय जिलों किन्नौर व लाहौल-स्पीति में कहीं-कहीं बर्फबारी होने की संभावना भी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से देश भर के राज्य और जिला अधिकारियों के साथ कोविड-19 प्रबंधन पर बातचीत की। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए उनकी प्रतिबद्धता और समर्पण की सराहना की। उन्होंने स्थानीय कंटेनमेंट जोन, कोविड जांच में तेजी और लोगों को सही और पूरी जानकारी देने के महत्व पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने शिमला से और उपायुक्त राकेश प्रजापति ने भी धर्मशाला से वर्चुअल माध्यम से वीडियो काॅन्फ्रेंस में भाग लिया। मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव जेसी शर्मा, स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डाॅ. निपुण जिंदल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ शिमला में उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म और हत्या मामले में दोषी की सजा पर सुनवाई अब 28 मई तक टल गई है। शिमला जिले के कोटखाई में साल 2017 में हुए गुड़िया दुष्कर्म व हत्याकांड में सीबीआई की ओर से पेश चालान में चरानी अनिल उर्फ नीलू को जिला शिमला की विशेष अदालत ने 28 अप्रैल को दोषी करार दिया था, जिस पर दोषी को मंगलवार को सजा को लेकर सुनवाई होनी तय थी। लेकिन कोरोना कर्फ्यू की बंदिशों के चलते शिमला की एक विशेष अदालत में अब सजा को लेकर इस मामले में 28 मई की तारीख तय की गई है। गौरतलब है कि जिला शिमला के कोटखाई की एक छात्रा 4 जुलाई, 2017 को लापता हो गई थी। 6 जुलाई को कोटखाई के तांदी के जंगल में पीड़िता का शव मिला। जांच में पाया गया कि छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी।
कोरोना महामारी के बीच मरीजों के लिए मंदिर न्यास चिंतपूर्णी ने भी मदद के हाथ बढ़ाए हैं। मंदिर न्यास मरीजों के लिए मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराएगा। श्रद्धालुओं के लिए भी मंदिर न्यास चिंतपूर्णी की वेबसाइट पर लिंक बनाया गया है। श्रद्धालु मास्क, ऑक्सीमीटर समेत 13 तरह के मेडिकल उपकरण दान कर सकते हैं। माता श्री चिंतपूर्णी की ऑफिशियल वेबसाइट खोलते ही मेडिकल सामग्री दान देने के लिए लिंक दिखेगा। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार मेडिकल उपकरण दान कर सकते हैं। ऐसे करें सामग्री दान इनमें पल्स ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, पीपीई किट, मास्क, ऑक्सीजन सिलिंडर और दवाइयां आदि शामिल हैं। सारा सामान मंदिर अधिकारी श्री माता चिंतपूर्णी तहसील जिला ऊना हिमाचल प्रदेश को कुरियर के माध्यम से भेजा जा सकता है। इसके अलावा श्रद्धालु खुद चिंतपूर्णी सदन में आकर भी मेडिकल सामग्री दान कर सकते हैं। वेबसाइट के लिंक पर रजिस्टर किए गए श्रद्धालुओं से मंदिर कर्मचारी खुद संपर्क करेंगे। मंदिर न्यास को मेडिकल सामग्री दान करने के मामले की पुष्टि मंदिर अधिकारी अभिषेक भास्कर ने की है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु धन के बजाय मेडिकल सामग्री दान करें। एसडीएम अंब मनेश यादव का कहना है कि कोरोना से जंग लड़ने के लिए सभी लोगों को मदद के लिए आगे आना चाहिए। इस आपदा के समय मेडिकल उपकरणों की बहुत ज्यादा जरूरत है, इसलिए मंदिर न्यास को अगर कोई मेडिकल उपकरण दान करना चाहता है तो वे मंदिर ट्रस्ट की वेबसाइट पर जाकर सामान कुरियर से भेज सकते हैं।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मंगलवार से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। पहली से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को नई कक्षा का सिलेबस पढ़ाना शुरू कर दिया जाएगा। बीते दिनों हुई पिछली कक्षा के सिलेबस की रिवीजन के आधार पर तीस मई तक पहली से आठवीं कक्षा का एफए वन मूल्यांकन किया जाएगा। उधर, 31 मई तक स्कूलों में दाखिले देने की प्रक्रिया भी जारी रहेगी। बीते वर्ष की तर्ज पर ही अभी सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जाएगी। व्हाट्सअप के माध्यम से शिक्षण सामग्री विद्यार्थियों को भेजी जाएगी। अब डाउट क्लीयर करने के लिए भी अलग से बच्चों को समय दिया जाएगा। शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने बताया कि सभी जिला अधिकारियों को नया शैक्षणिक सत्र शुरू करने को कह दिया गया है। 18 मई से इसकी शुरूआत होगी। ऑनलाइन पढ़ाई में बदलाव किए जाने को लेकर मंथन जारी है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों का भविष्य जून में तय होगा। सीबीएसई के अंतिम फैसले के बाद प्रदेश सरकार परीक्षाओं को लेकर निर्णय लेगी। राज्य शिक्षा विभाग दोनों विकल्पों प्रमोट करने और परीक्षाएं करवाने के लिए तैयार है। सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक के साथ राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने वर्चुअल बैठक में यह विचार साझा किए। केंद्रीय मंत्री ने सभी राज्यों के शिक्षा सचिवों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान शिक्षा मंत्रालय ने कोविड काल में बदली शिक्षा प्रणाली को लेकर प्रस्तुति भी दी। राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को बताया कि 12वीं कक्षा का एक पेपर हो चुका है। केंद्र सरकार आगामी दिनों में 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए जो भी फैसला लेगी, उसका पालन किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अगर 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रमोट करना पड़ा तो प्री बोर्ड परीक्षाओं और फर्स्ट और सेंकेड टर्म की परीक्षाओं के अंकों के आधार पर ऐसा किया जा सकेगा। अगर परीक्षाएं लेने का फैसला होता है तो हिमाचल उचित बंदोबस्त अपनाते हुए परीक्षाएं लेने के लिए भी तैयार है।
कोरोना महामारी के कारण 10 वीं कक्षा के सभी विद्यार्थियों को सरकार व शिक्षा विभाग द्वारा प्रमोट कर दिया गया है अब जमा एक के विभिन्न संकायों मे प्रवेश लेने हेतु विद्यार्थी राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में ऑनलाइन प्रवेश ले सकते हैं। विद्यालय प्रधानाचार्य बी एस ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि सेंशन 2020-21 के लिए विद्यालय द्वारा जारी ऑनलाइन लिंक https//forms.gle/FX7CkQMPAb6xWGjf7 पर जाकर विद्यार्थी अपना प्रवेश फॉर्म भर कर जमा एक कक्षा में 31 मई तक बिना विलम्ब शुल्क के प्रवेश ले सकते हैं। उन्होंने ने बताया कि इसकी अधिक जानकारी व अन्य कक्षाओं में भी प्रवेश हेतु जानकारी के लिए 9805762507 पर सम्पर्क करें।
राज्य में अब तक 1,24,434 व्यक्ति कोरोना महामारी से जंग जीतकर स्वस्थ हो चुके हैं और रिकवरी दर 75.5 प्रतिशत है। यह जानकारी राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक कुल 161072 लोग कोरोना पाॅजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि हालांकि फरवरी माह में कोरोना मरीजों के सक्रिय मामलों की संख्या 200 तक सीमित हो गई थी, लेकिन दूसरी लहर आने के बाद इसमें तेजी से बढ़ौतरी हुई, जिसके चलते राज्य में अब कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 34258 हो गई है। प्रवक्ता ने बताया कि पिछले सप्ताह के दौरान राज्य में कुल 28817 पाॅजिटिव मामले सामने आए हैं और पाॅजिटिविटी दर 28.9 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि इस दौरान 439 लोगों की मृत्यु हुई और मृत्यु दर 1.52 प्रतिशत दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह में विभिन्न जिलों में 99807 कोरोना परीक्षण किए गए, जिनमें से 28817 व्यक्ति पाॅजिटिव पाए गए। जिलों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर में 10006 कोरोना टेस्ट किए गए जिनमें 2055 लोग पाॅजिटिव पाए गए। इसी प्रकार जिला चम्बा में कुल 11149 परीक्षणों में से 2003, हमीरपुर जिला में 7169 में से 2255, कांगड़ा जिला में 22824 में से 8686, किन्नौर जिला में 2287 में 248, कुल्लू में 3276 में 691, लाहौल-स्पीति में 2267 में 196, मण्डी जिला में 10896 मामलों में 3471, शिमला जिला में 7926 मामलों में 2418, सिरमौर जिला में 5948 मामलों में 2215, सोलन जिला में 7945 में 2624 तथा ऊना जिला में 8114 मामलों में 1955 व्यक्ति पाॅजिटिव पाए गए। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी सेे ठीक होने के बाद बहुत से लोग थकान, शरीर में दर्द, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में कठिनाई सहित अन्य कई तरह के लक्षण बता रहे हैं, लेकिन ऐसे लोगों को उचित देखभाल और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। प्रवक्ता ने बताया कि कोविड अनुरूप व्यवहार जैसे मास्क का प्रयोग, हाथों को बार-बार धोना, सैनेटाईजर का प्रयोग तथा सामाजिक दूरी बनाए रखने जैसे नियमों का निरन्तर पालन करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि पर्याप्त मात्रा में गर्म पानी पीना, इम्युनिटी बढ़ाने वाली दवाईयों का प्रयोग, रोजाना योगासन, प्राणायाम, ध्यान, श्वास प्रक्रिया, प्रातकालीन एवं सायंकालीन सैर, संतुलित आहार, पर्याप्त मात्रा में नींद एवं आराम करना भी आवश्यक है। इसके अतिरिक्त शराब पीने व धूम्रपान करने से भी बचना चाहिए। गले में कफ अथवा खराश की शिकायत होने पर भाप लेना तथा गरारे करना चाहिए। उन्होंने कोरोना रोगियों को सलाह दी कि वे स्वस्थ होने के उपरान्त अपने अनुभवों को सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों और अपने दोस्तों अथवा रिश्तेदारों के साथ सांझा करें ताकि समाज के अन्य लोगों को इस महामारी के प्रति जागरूक किया जा सके।
जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने विभाग के मुख्य अभियन्ताओं तथा अधीक्षण अभियन्ताओं के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक कर मुख्यमंत्री तथा जल शक्ति मंत्री द्वारा की गई घोषणाओं एवं शिलान्यासों के अतिरिक्त जल जीवन मिशन तथा नाबार्ड वित्त पोषित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जल जीवन मिशन के अन्तर्गत चल रही विभिन्न परियोजनाओं सहित अन्य कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए तथा सभी कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता पर बल दिया। महेन्द्र सिंह ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का प्रदेश को जल जीवन मिशन के अन्तर्गत उदार वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रयासों से सम्भव हो पाया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत चल रही हर घर नल से जल योजना में प्रदेश ने गत दो वर्षों के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत चालू वित्त वर्ष के दौरान राज्य को केन्द्र सरकार ने 1262.79 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है, जिसमें से 315.70 करोड़ की पहली किश्त मिल चुकी है। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत चालू वित्त वर्ष में 880 योजनाओं को पूरा किया जाना है और 2.26 लाख घरों में नल लगाये जाने प्रस्तावित हैं। चालू वित्त वर्ष के दौरान प्रदेश के लिए स्वीकृत 1262.79 करोड़ रूपये की वार्षिक योजना में चार गुणा वृद्धि हुई है। जल शक्ति मंत्री ने नवगठित पंचायतों में भी नल लगाने पर विशेष बल दिया तथा कहा कि वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरन्तर प्रयास किए जाने चाहिए ताकि इस वर्ष के अन्त तक लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन को पर्यटन के साथ जोड़ने के प्रयास किए जाने चाहिए और राज्य के प्रवेशद्वारों के अतिरिक्त मनाली, शिमला, डलहौजी, धर्मशाला तथा कसौली आदि प्रमुख पर्यटन स्थलों में चिन्हित जगहों पर इस मिशन को दर्शाने वाली जानकारी पर आधारित बैकग्राउंड के साथ नल लगाए जाने चाहिएं, जहां पर बाहर से आने वाले पर्यटकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। बैठक का संचालन जल शक्ति विभाग के सचिव विकास लाबरू ने किया। इस अवसर पर विभाग के प्रमुख अभियन्ता नवीन पुरी, शिमला क्षेत्र के मुख्य अभियन्ता सुशील जस्टा बैठक में उपस्थित रहे, जबकि अन्य क्षेत्रों के मुख्य अभियन्ता तथा अधीक्षण अभियन्ता अपने-अपने स्थानों से वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में 18 वर्ष से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को कोविड-19 वैक्सीन टीकाकरण के तहत कोविन पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकृत 2800 में से 2673 लोगों का टीकाकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि जिला में 27 स्वास्थ्य केन्द्र टीकाकरण के लिए स्थापित किए गए है जिनमें 31 मई तक कोविड प्रोटोकाॅल के तहत प्रत्येक सोमवार व गुरूवार को यह टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कोरोना संक्रमण के फेलाव को रोकने के लिए सभी से टीकाकरण करवाने की अपील की ताकि कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने में सफलता पाई जा सके। उन्होंने बताया कि आज विभिन्न केन्द्रों पर टीकाकारण के लिए युवाओं में काफी उत्साह देखने को मिला। टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल अथवा आरोग्य सेतू ऐप पर ऑनलाइन पूर्व पंजीकरण करवाना आवश्यक है। पंजीकरण करवाने के उपरान्त पात्र व्यक्ति को स्लाॅट बुक करवाना अवश्यक होगा तदोपरान्त एसएमएस के माध्यम से लाभार्थी को सूचना मिलने के उपरान्त ही टीकाकरण किया जाएगा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भ्रष्टाचार के आरोपीयों, टीएमसी के दो मंत्री एवं एक विधायक को पूछताछ के लिए ले जाने पर टीएमसी गुंडो द्वारा सीबीआई कार्यालय के बाहर केंद्रीय सुरक्षा बल पर हमले की कड़ी निन्दा करती है और मानती है कि बंगाल में अराजकता को बढ़ावा देने में बंगाल की मुख्यमंत्री स्वयं ज़िम्मेदार है। तृणमूल नेताओं की गिरफ़्तारी के विरोध में टीएमसी के गुंडे सीबीआई के कार्यालय के सामने लॉकडाउन और कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियाँ उड़ाकर प्रदर्शन करने एकत्रित हुए। वहां उपस्थित केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा रोकने पर उन्होंने केंद्रीय सुरक्षा बल पर हमला किया जो कि अत्यंत ही निंदनीय है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने कहा की "पश्चिम बंगाल में सत्ता का गलत इस्तेमाल कर हिंसा का वातावरण बनाकर ममता बनर्जी ने तानाशाही होने का प्रमाण दे दिया है। मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद का गलत इस्तेमाल करते हुए जिस तरह ममता बनर्जी द्वारा पश्चिम बंगाल में हिंसा करने वाले गुंडों को सरंक्षण दिया जा रहा है और लोकतंत्र का चीरहरण करते हुए जिस तरह विपक्षी दलों के समर्थकों के ऊपर जानलेवा हमले और लूटपाट की जा रही है यह किसी भी प्रदेश के लिए बहुत शर्मनाक है तथा निंदनीय है।" अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री सप्तऋषि सरकार ने कहा कि ”बंगाल में चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद न्याय एवं क़ानून व्यवस्था हासिये पर पहुँच गई हैं। अभी तक तो विपक्षी पार्टी और राजनैतिक लोगों को निशाना बनाया जा रहा था आज केंद्रीय सुरक्षा बल पर हमला करके टीएमसी गुंडो ने राज्य सरकार के संरक्षण को जग ज़ाहिर कर दिया है”। अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि," जिस राज्य में मुख्यमंत्री स्वयं महिलाओं के साथ हुए दुराचार, हत्या और शारीरिक शोषण की घटनाओं पर आँख मूँद कर बैठी रही आज भ्रष्टाचार के आरोपियों को बचाने के लिए स्वयं सीबीआई दफ़्तर पहुँच कर अपने पार्टी के लोगों से केंद्र बल पर हमला करवा रही है।
शिमला :शहरी विकास, आवास, नगर नियोजन, विधि, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज यहां दीन दयाल उपाध्याय समर्पित कोविड अस्पताल में कोविड-19 के रोगियों के लिए तनाव से मुक्ति एंव साकारात्मक वातावरण उत्पन्न करने के उददेश्य से म्युजिक सिस्टम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि कोविड रोगियों की मनोदशा को सहज और साकारात्मक भाव उत्पन्न करने के लिए प्रत्येक वार्ड में इस प्रणाली के माध्यम से मनोरंजन प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए इस प्रकार की पहल अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने संगीत सिस्टम के उपकरणों को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल प्रबनधन को साठ हजार रूपए की राशि प्रदान करने के लिए शशीबाला सूद का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कोविड वार्ड के प्रत्येक कमरे में स्पीकर स्थापित किए गए है जिसके माध्यम से कोविड रोगी समयवद्ध तरीके से सुबह-शाम ध्यान, योग, मंत्रो का जाप कर सकेंगे। आर्ट ऑफ़ लीविंग संस्था इस सम्बन्ध में अस्पताल प्रबन्धन को सहयोग प्रदान करेंगी। उन्होंने बताया कि इससे कोविड वार्ड में रोगी मानसिक अवसाद से बचने में सक्ष्म होंगे तथा सहज व साकारात्मक वातावरण में उन्हें जल्द स्वास्थ्य लाभ मिलेगा इसके अतिरिक्त मनोरंजन युक्त गीत संगीत का भी वे इसके माध्यम से लाभ उठा सकेगें। उन्होंने विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं व अन्य लोगों का भी कोविड वार्ड में सेवाऐं व सहयोग प्रदान करने के लिए भी आभार व्यक्त किया ।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने सोलन के माल रोड पर कर्फ्यू अवधि में ढील के समय प्रातः 08.00 बजे से प्रातः 11.00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। यह निर्णय कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत लिया गया है। यह आदेश मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 115 एवं 117 तथा अन्य आवश्यक अधिनियमों के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। एम्बुलेंस, अग्नि शमन वाहन तथा कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए प्रयुक्त किए जा रहे वाहन इन आदेशों के दायरे से बाहर रहेंगे। यह आदेश 18 मई, 2021 से लागू होंगे। इसके साथ ही सोलन जिला में स्थापित एपीएमसी की सभी सब्जी मण्डियों को खुला रखने के आदेश जारी किए हैं। इस सम्बन्ध में 06 मई, 09 मई तथा 16 मई, 2021 को जारी आदेशों के अनुरूप सभी छूट तथा पाबन्दियां लागू रहेंगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
शिमला स्मार्टसिटी परियोजना के तहत 968 करोड़ रूपये शिमला नगर में विभिन्न विकास कार्यों पर व्यय किए जाएगें जिसके तहत 600 करोड़ रू के विभिन्न कार्यो का क्रियान्वयन सक्रीयता से किया जा रहा है। यह जानकारी आज शहरी विकास, आवास, नगर नियोजन, विधि, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शिमला नगर में स्मार्ट सिटी के तहत किए जा रहे विभिन्न कार्यो का निरीक्षण करने के उपरान्त दी। उन्होंने बताया कि यह निर्माण कार्य प्रदेश सरकार के विभिन्न विशेषज्ञ विभागों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कार्यो के पूरा होने पर जहां लोगों को बेहतर सुविधाऐं मिलेगी वहीं सौन्दर्य व पर्यटन की दृष्टि से भी यह योजना अत्याधिक लाभदायक सिद्ध होगी । कोरोना संकट काल के कारण अवश्य कार्यों की पूर्ति में समय लगा है किन्तु विभागीय दक्षता एवं अधिकारियों की तत्परता से इन कार्यो को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके तहत जहां शिमला के विभिन्न क्षेत्रों में बुक कैफे, सड़कों को चैड़ा करने, यात्रियों को पैदल चलने के लिए आकर्षक पैदल मार्ग, ओवर हैड पुलों तथा रज्जू मार्गों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शिमला नगर के अलग अलग क्षेत्रों में किए जा रहे है। उन्होंने सब्जी मण्डी का दौरा कर वहां बन रही 109 दुकानों के निर्माण सम्बधी जांच व जानकारी भी ली । उन्होंने इन दुकानो के निर्माण कार्यो में तेजी लाने तथा दीवार आदि के निर्माण को शीघ्र पूर्ण करने के सम्बन्ध में भी अवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। उन्होंने घोड़ा अस्पताल के समीप आवासीय निर्माण कार्य के सम्बन्ध में इसके जल्द निर्माण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए तथा वहां बनने वाले रास्ते के निर्माण के सम्बन्ध में नगर निगम के अधिकारियों को भी शीघ्र निर्माण के लिए कहा । उन्होंने आज छोटा शिमला, टाॅलेंड, टिम्बर हाउस, लिफ्ट तथा अन्य क्षेत्रों का दौरा कर कार्यो का निरीक्षण किया । इस अवसर पर प्रबन्ध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी शिमला स्मार्ट सिटी आबिद हुसैन, आयुक्त नगर निगम आशीष कोहली, अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग सुरेश कपूर, संयुक्त आयुक्त नगर निगम अजीत भारद्वाज, प्रबन्ध निदेशक रोप वे काॅर्परेशन अजय शर्मा, अधीक्षण अभियन्ता हिमुडा अंजूरी कपूर , अधीशासी अभियन्ता रोपवे रोहित ठाकुर, अधीशासी अभियन्ता लोनिवि सुधीर गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे ।
हिमाचल प्रदेश में 18 वर्ष से लेकर 44 वर्ष के आयु वर्ग के लिए टीकाकरण अभियान का आगाज हो गया है । इस दौरान प्रदेश भर में टीकाकरण हेतु सभी युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। इसी कड़ी में सिविल हॉस्पिटल कुनिहार में सोमवार को करीब 94 युवाओ को कोविड वेक्सिनेशन टिका लगाया गया। गौरतलब है प्रदेश सरकार द्वारा 17 मई 2021 से 18 से 44 वर्ष के लोगो के लिए वेक्सिनेशन का शुभारंभ किया गया है। जिसके लिए वेक्सिनेशन के लिए प्रदेश की पोर्टल साइट पर रेजिस्ट्रेधन की गई थी। कुनिहार सिविल हॉस्पिटल में इस अभियान में पंजीकृत युवाओ सहित अन्य लोगो को भी कोविड वेक्सिनेशन का पहला टिका लगाया गया। मिली जानकारी के अनुसार इस माह में पंजीकृत पहले टीकाकरण दिवस पर 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के करीब 94 लोगो को कोविड वेक्सिनेशन टिका लगाया गया।
जिला प्रशासन सोलन को आज यहां ऑक्सीजन सिलेंडर में प्रयोग होने वाले 100 रेगुलेटर तथा 200 पल्स ऑक्सीमेटर भेंट किए गए। उपायुक्त सोलन के.सी. चमन को यह उपकरण प्रदान किए गए। ऑक्सीजन सिलेंडर में प्रयोग होने वाले 100 रेगुलेटर बिरला टेक्सटाईल मिल्स बद्दी की और से कम्पनी के कार्यकारी अध्यक्ष राजीव गुप्ता तथा उपाध्यक्ष आर.के.शर्मा द्वारा प्रदान किए गए। माईक्रोटेक के प्रबन्ध निदेशक सुबोध गुप्ता की और से 200 पल्स ऑक्सीमेटर प्रदान किए। उपायुक्त ने कोरोना महामारी के वर्तमान संकट काल में उपकरण प्रदान करने के लिए बिरला टेक्सटाईल मिल्स बद्दी तथा माईक्रोटेक का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट से निपटने के लिए उपलब्ध करवाई जा रही प्रत्येक सामग्री बहुमूल्य मानवीय जीवन के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह चिकित्सा उपकरण संकट काल में रोगियों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। के.सी.चमन ने कहा कि जिला में कार्यरत उद्योग महामारी से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन को सहयोग प्रदान कर रहे हैं। काॅरपोरेट सोशल रिस्पोंसेबिलिटी के तहत भी सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने उद्योग जगत से आग्रह किया कि आपदा के वर्तमान समय में प्रशासन का सहयोग करते रहें। उन्होंने आग्रह किया कि उद्योगोें में सरकार एवं प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित बनाएं।
सुजानपुर के विधायक व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राजेंद्र राणा ने कहा है कि हाल ही में बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों व बागवानों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है और किसान बागवान सरकार की तरफ उम्मीद से टकटकी लगाए बैठे हैं लिहाजा सरकार को फौरन आपदा प्रबंधन फंड से इनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए और अविलंब राहत प्रदान करनी चाहिए। राजेंद्र राणा ने कहा कि किसानों व बागवान आज दोहरी मार झेल रहे हैं। एक तरफ खादों व कीटनाशक के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं और ऊपर से डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने किसानों की आर्थिक स्थिति पतली कर दी है। रही सही कसर प्राकृतिक आपदा ने पूरी कर दी है। उन्होंने कहा कि खेती बाड़ी और बागवानी ही किसान व बागवान की आय का स्रोत है, जिस पर प्रकृति की मार पड़ी है। राजेंद्र राणा ने कहा कि सरकार को फौरन किसानों व बागवानों के लिए राहत पैकेज का ऐलान करना चाहिए और आपदा प्रबंधन के तहत इन्हें जितनी जल्दी हो सके, मुआवजा प्रदान करना चाहिए क्योंकि आपदा प्रबंधन के तहत केंद्र से भी पर्याप्त मात्रा में फंड मिलते हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि आज कोविड महामारी के इस दौर में मजदूरों, टैक्सी चालकों , छोटे दुकानदारों व पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी बुरी तरह से प्रभावित हुई है। देश के विभिन्न राज्यों में प्राइवेट सेक्टर में काम करके अपनी जीविका चलाने वाले प्रदेश के हजारों नौजवान बेकार होकर अब घर बैठ गए हैं। संकट की इस घड़ी में सरकार को इन सभी वर्गों को राहत प्रदान करनी चाहिए ताकि इनके परिवारों में चूल्हा जलता रहे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम द्वारा आशा कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करते हुए उन्हें होम आइसोलेशन में कोविड-19 रोगियों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने का आग्रह किया ताकि उनके स्वास्थ्य मानकों पर उचित निगरानी रखी जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में लगभग 90 प्रतिशत कोविड-19 रोगी होम आइसोलेशन में हैं और रोगियों तथा स्वास्थ्य विभाग के मध्य समन्वय स्थापित करने में आशा कार्यकर्ताओं की सेतु के रूप में कार्य करने की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि कोविड रोगियों को होम आइसोलेशन से अस्पतालों में स्थानांतरित करने में देरी रोगियों की मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को रोगियों के मापदंडों की नियमित रूप से निगरानी करनी चाहिए और यदि उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता हो तो उन्हें तुरंत अस्पतालों में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोविड-19 के प्रथम चरण के दौरान एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान को सफलता दिलाने में आशा कार्यकर्ताओं ने अहम भूमिका निभाई। इस अभियान के कारण ही राज्य सरकार सह-रुग्णता वाले लोगों की पहचान करने और निवारण के उपाय करके उन्हें कोरोना वायरस से बचाने में सक्षम हुई। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को महामारी के दौरान क्या करें और क्या न करें, के बारे में आम जनता को शिक्षित करने के लिए आगे आना चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि होम आइसोलेशन में मरीजों को पर्याप्त सेनिटाइजर, फेसमास्क और जरूरी दवाएं भी प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को रोगियों को दवाओं के उपयोग करने और स्वच्छता बनाए रखने के बारे में भी परामर्श देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को रोगियों को मनोबल बढ़ाने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए ताकि वह शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं होम आइसोलेशन में 200 से अधिक कोविड-19 रोगियों से बात की है और सभी ने आशा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को लोगों को टीकाकरण का पंजीकरण करवाने के लिए प्रेरित करने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे देश के अन्य हिस्सों से अपने क्षेत्रों में आने वाले लोगों पर भी नजर बनाए रखने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाए रखें। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को होम क्वारंटाइन में रहने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए और यदि उनमें कोई लक्षण हैं तो उनका परीक्षण अवश्य करवाया जाना चाहिए। जय राम ठाकुर ने आशा कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि उनकी सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए इस महामारी के दौरान आशा कार्यकर्ताओं द्वारा निभाई जा रही भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि आम लोगों के साथ जमीनी स्तर पर संपर्क बनाए रखने के लिए आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने आशा कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करने के लिए अपना बहुमूल्य समय देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डाॅ. निपुण जिंदल ने बैठक का संचालन किया। बिलासपुर से आशा कार्यकर्ता सोनू, चंबा से दिनेश कुमारी, हमीरपुर से निर्मला देवी, मंडी से तरुना और उषा, किन्नौर से सोनम डोलमा, कुल्लू से दुर्गा देवी, कांगड़ा से शशिलता, शिमला से कोमल ठाकुर, सोलन से अनीता कुमारी और सिरमौर से समीम अख्तर ने भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ अपने विचार और अनुभव साझा किए।
उपायुक्त सोलन के.सी. चमन ने आज भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा द्वारा गत दिवस नई दिल्ली से प्रदेश के सभी जिलों सहित सोलन जिला के अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं के लिए भेेजी गई सामग्री ग्रहण की। यह सामग्री केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने निजी प्रयासों से उपलब्ध करवाई है। प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया ने संकट के इस समय में कोरोना योद्धाओं के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए केन्द्रीय वित्त राज्य मन्त्री अनुराग ठाकुर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान संकट काल में जन-जन की सेवा हमारा कत्र्वय है और इस दिशा में भाजपा के सभी कार्यकर्ता केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रहे हैं। के.सी. चमन ने इस अवसर पर सोलन जिला के कोरोना योद्धाओं के लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरण एवं अन्य सामान उपलब्ध करवाने के लिए केन्द्रीय वित्त राज्य मन्त्री अनुराग ठाकुर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सोलन जिला को 5000 तीन प्लाई मास्क, 2000 गलव्स, 400 पीपीई किट, 100 फेस शील्ड, 100 एनआरएम (नाॅन रिब्रिदर मास्क), 50 पल्स ऑक्सीमेटर , 150 ऑक्सीजन मास्क तथा 300 एन-95 मास्क प्राप्त हुए हैं। जिला को सामग्री की द्वितीय किस्त भी शीघ्र ही प्राप्त हो जाएगी। के.सी.चमन ने कहा कि यह पूरी सामग्री विभिन्न स्थानों पर तैनात कोरोना वारियर्स को प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रयास जहां कोरोना योद्धाओं का मनोबल बढ़ा रहा है वहीं जन-जन को केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के सघन प्रयासों के साथ-साथ निजी स्तर भी सम्बल प्रदान कर रहा है। उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर इस आपात समय में स्वंय सभी स्तरों पर किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण कर उचित दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं तथा यह सुनिश्चित बना रहे हैं कि आपदा में पीड़ितों को सही राहत मिले। जिला भाजपा अध्यक्ष आशुतोष वैद्य सहित भाजपा के भरत साहनी, नन्द राम कश्यप, धर्मेन्द्र ठाकुर, लक्ष्मी ठाकुर, पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश में कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला, कसुम्पटी में 18 से 44 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण के लिए 213 टीकाकरण केन्द्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने लोगों से स्वयं का पंजीकरण करवा कर अपनी अपाॅइंटमेंट बुक करने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से टीकाकरण केन्द्रों में अनावश्यक भीड़ से बचने के लिए अपनी अपाॅइंटमेंट के अनुसार टीकाकरण केन्द्रों में आने को कहा। उन्होंने कहा कि अब तक 21090 लोगों ने अपनी सारिणी बुक करवा दी है। उन्होंने लोगों से टीकाकरण केन्द्रों में कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 18 से 44 वर्ग आयु के लोगों के लिए टीकाकरण की अगली तिथि 20 मई, 2021 निर्धारित की गई है, जिसके लिए 18 मई, 2021 को कोविन पोर्टल सत्र की जानकारी उपलब्ध करवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस आयु वर्ग के लिए टीकाकरण के अन्य सत्र 24, 27 और 31 मई, 2021 को आयोजित किए जाएंगे। जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश 31 प्रतिशत जनसंख्या का टीकाकरण कर देश के अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक लोगों को वैक्सीन की 2150353 खुराकें दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं के लिए 16 जनवरी, 2021 को, अग्रणी पंक्ति के कार्यक्रर्ताओं के लिए 2 फरवरी, 2021, 60 से ऊपर की आयु वर्ग और 45-60 वर्ष की आयु वर्ग वाले गम्भीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए 1 मार्च, 2021 और 45 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए 1 अप्रैल, 2021 को टीकाकरण अभियान शुरू किया गया गया था। उन्होंने कहा कि कोविड-10 महामारी की रोकथाम के लिए अधिक संख्या में लोग टीकाकरण के लिए आगे आ रहे हैं, जो हम सभी के लिए सन्तोष का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य वैक्सीन भंडार-1 और क्षेत्रीय वैक्सीन भंडार-2 सहित राज्य में 386 कोल्ड चेन प्वाइंट स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से इन टीकों का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्राॅनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (ईवीआईएन) के आधार पर इन कोल्ड चेन प्वाईंट्स की निगरानी की जा रही है। जय राम ठाकुर ने लोगों से कोरोना महामारी से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी मानक संचालन प्रक्रियों और दिशा-निर्देशों का पालन करने के अलावा फेस मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का पालन करने का आग्रह किया। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, शिमला नगर निगम की महापौर सत्या कौंडल, स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कनिष्ठ वर्ग में कक्षा चौथी के लिए ऑनलाइन अंग्रेजी कविता वाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कक्षा चौथी के वर्ग 'अ' और 'ब' दोनों वर्गों के छात्रों ने हर्षोल्लास के साथ इस प्रतियोगिता में भाग लिया। सभी छात्रों ने कविता का सही उच्चारण करके, हाव -भाव के साथ सुंदर प्रस्तुतियाँ दीं। याचना शर्मा और रुचि शर्मा ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या प्रवीणा झा ने ऑनलाइन प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की ऑनलाइन प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों के टैलेंट को उभारती हैं। उन्होंने बच्चों को भविष्य में भी इस तरह की प्रतियोगिताओं का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिता के परिणाम:- चौथी 'अ' प्रथम : अरयांश सिंह द्वितीय :-अनन्या योलमा, वियान रघुवंशी तृतीय :-अन्वी चौहान चौथी 'ब' प्रथम :- अनन्या ठाकुर द्वितीय :- आरव चंदेल, काव्या शर्मा तृतीय :- उधव सिंह
नई पेंशन स्कीम कर्मचारी एसोसिएशन ने सरकार से आग्रह किया है कि कोविड ड्यूटी में लगाए गए 18 से 44 साल के कर्मचारियों को सरकार वैक्सीन लगा कर ही ड्यूटी पर भेजे। एसोसिएशन के कांगड़ा जिला प्रधान राजेंद्र मन्हास ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें पिछले सप्ताह में 15 से अधिक कर्मचारियों की कोरोना से मौत हुई है, जिसमें अधिकतर 45 साल से कम उम्र के कर्मचारी हैं। ऐसे में कर्मचारी बेहद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से 2009 की केंद्र की अधिसूचना की भी मांग करते हुए कहा कि समय की नजाकत को देखते हुए सरकार को यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू कर देनी चाहिए क्योंकि इस अधिसूचना के तहत सेवा के दौरान कर्मचारी की मौत पर एनपीएस कर्मचारी के परिवार को परिवारिक पेंशन का प्रावधान है। जिला प्रधान ने कहा कि सरकारी कर्मचारी सरकार के हर आदेश का पालन बड़ी मुस्तैदी से कर रहे हैं और वैक्सीन, कोविड एंट्री से लेकर कोविड मरीजों की मॉनिटरिंग जैसे कई कार्य कर रहे हैं, जिसमें उनके संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में सरकार का भी फर्ज बनता है कि अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं।
राजनैतिक लाभ की महत्वकांक्षाओं और योजनाओं को भूल कर तथा नफे और नुकसान के गणित को दरकिनार कर जिस प्रकार से कोविड-19 के इस वैश्विक संकट में हिमाचल वासियों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिल्ली से भरपूर मदद केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफेयर्स राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर भेज रहे हैं, वह साबित करता है कि हिमाचलीयों की सेवा ही हिमाचल के छोकरे का परम धर्म है। जबकि दूसरी और अभी भी कई नेता जनता जनार्दन को भूलकर अभी भी अपनी राजनीति साधने के निमित्त मात्र काम कर रहे हैं। हमीरपुर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा ने यह बात कही है। सदैव लीक से हटकर राजनीति करने वाले अनुराग ठाकुर ने जिस प्रकार प्रदेश के 12 जिलों को संसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की सातारा एंबुलेंस शो में भरकर स्वास्थ्य उपकरण एवं कोविड-19 के लिए जरूरी सामान भेजा है, उस सेना का केवल हिमाचल वासियों का प्रेम उन्हें प्राप्त हुआ बल्कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी उनकी पीठ थपथपाई है। भले ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाता व हिमाचल प्रदेश से ही हो लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की शाबाशी और हिमाचल वासियों का प्यार निश्चित रूप से अनुराग ठाकुर को एक ऊंचे मुकाम तक पहुंचाएगा। गौरतलब है कि केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोविड-19 संक्रमण के फ़ैले हुए प्रकोप के बीच रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी से हरी झंडी दिलवा कर हिमाचल के सभी जिलों को मेडिकल उपकरण व सहायता सामग्री की खेप भेजी है। भेजे गए मैडिकल उपकरणों और सामग्री में तीन लाख थ्री प्लाइ मास्क, पचास हज़ार एन-95 मास्क, पच्चीस हज़ार ग्लव्स, दस हज़ार फ़ेस शील्ड , सात हजार पीपीई किट्स, छ: हज़ार ऑक्सीजन मास्क, बत्तीस सौ एआरएम, डेढ़ हज़ार ऑक्सीजन रेगुलेटर और ढाई सौ नेजल कैनुला शामिल हैं। अनुराग ठाकुर की पहल को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी सराहते हुए इससे हिमाचल में कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई को बल मिलने की बात कही है। जिला मीडिया प्रभारी ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र के लिए कोविडकाल में भेजी गई , बहुत ही उपयोगी मेडिकल उपकरण व आवश्यक सामग्री की मदद भले ही आम जनता को समझना मुश्किल हो लेकिन स्वास्थ्य के क्षेत्र से जुड़े लोगों को अच्छी प्रकार से पता है कि यह मदद कितने व्यापक स्तर पर प्रदेशवासियों के काम आएगी। बहरहाल अनुराग ठाकुर भी इससे मदद से कोई राजनीतिक लाभ लेने की इच्छा नहीं रखते लेकिन फिर भी ना केवल हमीरपुर को बल्कि पूरे हिमाचल को हिमाचल के छोकरी पर नाज है।
कई ऐतिहासिक फैसलों का गवाह रहा सोलन का दरबार हॉल आज उचित संरक्षण के लिए तरस रहा है। इसे विडम्बना ही कहेंगे कि जिस ईमारत में कभी बघाट रियासत का दरबार सजता था, वहां आज लोक निर्माण विभाग सोलन के अधीक्षण अभियंता का दफ्तर है। इसी दरबार हॉल में हिमाचल का नामकरण हुआ था और इसी दरबार हॉल में बघाटी राजा दुर्गा सिंह ने 28 रियासतों के राजाओं को राज -पाट छोड़ प्रजामण्डल में विलय होने के लिए मनाया था। बावजूद इसके किसी भी हुकूमत ने अब तक इसे हेरिटेज तक घोषित करने की जहमत नहीं उठाई। हालांकि वर्ष 2015 में बघाटी सामाजिक संस्था सोलन की मांग पर तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दरबार हॉल को धरोहर संग्रहालय बनाने की घोषणा की थी। योजना थी कि इसे संग्रहालय के तौर पर विकसित किया जाएगा तथा बघाट व आसपास के क्षेत्रों की संस्कृति से संबंधित दुर्लभ वस्तुओं को इस हॉल में प्रदर्शित किया जाएगा। तब जिला भाषा एवं संस्कृति विभाग को योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। आदेशानुसार विभाग ने रिपोर्ट भी बनाई और सरकार को भेजी भी। किंतु इसके बाद इस संदर्भ में कुछ नहीं हुआ। दरबार हॉल को हेरिटेज घोषित करने की आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी ही नहीं हुई। आचार्य दिवाकर दत्त शर्मा ने सुझाया था नाम बघाट रियासत के राजा दुर्गा सिंह संविधान सभा के चेयरमैन थे और उन्हें प्रजामण्डल का प्रधान भी नियुक्त किया गया था। उनकी अध्यक्षता में 28 जनवरी 1948 को दरबार हॉल में हिमाचल प्रदेश के निर्माण हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में डॉ यशवंत सिंह परमार व स्वतंत्रता सैनानी पदमदेव की उपस्तिथि को लेकर भी तरह-तरह की कहनियां है। कहा जाता है कि डॉ परमार वर्तमान उत्तराखंड राज्य का जौनसर-बाबर क्षेत्र का कुछ हिस्सा भी हिमाचल प्रदेश में मिलाना चाहते थे, किन्तु राजा दुर्गा सिंह इससे सहमत नहीं थे। साथ ही डॉ परमार प्रदेश का नाम हिमालयन एस्टेट रखना चाहते थे जबकि राजा दुर्गा सिंह की पसंद का नाम हिमाचल प्रदेश था। ये नाम संस्कृत के विद्वान आचार्य दिवाकर दत्त शर्मा ने सुझाया था जो राजा दुर्गा सिंह को बेहद भाया। अंत में राजा दुर्गा सिंह की चली और नए गठित राज्य का नाम हिमाचल प्रदेश ही रखा गया। 28 रियासत के राजाओं ने जब एक स्वर में प्रांत का नाम हिमाचल प्रदेश रखने की आवाज बुलंद की तो डॉ. परमार ने भी इस पर हामी भर दी। एक प्रस्ताव पारित कर तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को मंजूरी के लिए भेजा गया। सरदार पटेल ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगाकर हिमाचल का नाम घोषित किया। लचर व्यवस्था की बलि चढ़ रही राजसी शान-ओ-शौकत का गवाह रही इमारत मौजूदा समय में दरबार हॉल का इस्तेमाल लोक निर्माण विभाग कर रहा है। ऐतिहासिक दरबार हॉल में जर्जर दीवारें अपनी अनदेखी की कहानी बयां कर रही हैं। सोचने वाली बात तो ये है की जिलाभर के सरकारी भवनों को बनाने और रखरखाव करने वाले लोक निर्माण विभाग का कार्यालय इस जर्जर भवन में चल रहा है। दरबार हॉल को उचित पहचान दिलाना तो दूर इस स्थान का अस्तित्व तक खतरे में है। दरबार हॉल में राजशाही के दौर की तीन कुर्सियां आज भी मौजूद हैं। आज भी दरबारी द्वार पर की गई बेहद सुंदर नकाशी को देखा जा सकता है। आज भी ये दरबार हॉल अपनी खूबसूरती और अपने शानदार इतिहास का लोहा ना सिर्फ सोलन बल्कि समूचे प्रदेश में कायम करता है। पर विडम्बना ये हैं कि राजसी शान-ओ-शौकत का गवाह रही यह इमारत आज धीरे-धीरे लचर व्यवस्था की बलि चढ़ रही है।
टीम जयराम में चंबा ज़िले काे वो स्थान नहीं मिला जिसकी अपेक्षा थी। पिछली बार यानी 2017 के विधानसभा चुनाव में इस जिले की 5 में से 4 सीटाें पर भाजपा काबिज हुई, लेकिन एक भी कैबिनेट मंत्री नहीं बनाया गया। यहां सिर्फ हंसराज काे विधानसभा में डिप्टी स्पीकर की कुर्सी दी गई। हालांकि भाजपा के सत्ता में आते ही संभावनाएं जताई जा रही थी कि चंबा जिला से किसी एक विधायक को मंत्रीमंडल में जगह मिलेगी, मगर ऐसा नहीं हाे पाया। चम्बा को डिप्टी स्पीकर पद से ही संतुष्ट हाेना पड़ा। भटियात विधानसभा से भाजपा विधायक विक्रम जरयाल काे कैबिनेट मंत्री बनाने की चर्चाएं शुरु से ही थी। पर शुरुआत में उन्हें जगह नहीं मिली। इसके बाद अनिल शर्मा के इस्तीफे, विपिन सिंह परमार के विधानसभा अध्यक्ष बनने और किशन कपूर के सांसद बनने के चलते 2019 में तीन मंत्रिपद खाली हो गए। पिछले साल मंत्रीमंडल विस्तार में भी जरयाल का नाम काफी आगे था, लेकिन शायद जयराम ठाकुर की सियासी गणित में वे फिट नहीं बैठे। जरियाल को कैबिनेट में स्थान नहीं मिला। गाैरतलब है कि पिछली कांग्रेस सरकार में ठाकुर सिंह भरमाैरी काे मंत्री पद मिला था। उससे पहले धूमल सरकार में तुलसीराम शर्मा काे विधानसभा स्पीकर बनया गया था। पर चार सीट जीतने के बावजूद जयराम सरकार में चम्बा को अपेक्षित स्थान नहीं मिला। स्थानीय राजनीति में कांग्रेस ने भी इस मसले पर खूब चुटकी ली है और ये 2022 में महत्वपूर्ण फैक्टर बन सकता है। अब देखना है कि अगले साल हाेने वाले विधानसभा चुनाव में सत्ता की चाबी किसके पास जाएगी और चंबा काे मंत्रीमंडल में स्थान मिलेगा या नहीं ? पर उससे पहले चम्बा किसके साथ जाता है, ये देखना भी रोचक होगा। आखिरकार राजनीतिक पिच पर भी सफल हुए पवन नैयर चंबा सदर से भाजपा विधायक पवन नैयर ने क्रिकेट की पिच से राजनीतिक सफर तय किया है। हालांकि वे इससे पूर्व कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ते रहे, लेकिन जीत नसीब नहीं हुई। यही वजह है कि 2017 के चुनाव में दल बदल लिया और विधानसभा में भी पहुंचे। बता दें कि पवन नैयर अपने समय के हिमाचल से रणजी खिलाड़ी रह चुके हैं। वर्तमान में वे हिमाचल प्रदेश टेबल टेनिस एसाेसिएशन के प्रेसिडेंट भी हैं। आशा ने बचाई कांग्रेस की लाज, नहीं ताे क्लीन स्वीप पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने 2017 में कांग्रेस की लाज बचाई। पांच में चार सीटाें पर भाजपा का कब्जा रहा, जबकि डलहाैजी सीट पर जीत दर्ज कर आशा कुमारी ने कांग्रेस काे क्लीन स्वीप से बचा लिया। यह बात अलग है कि 2012 में वीरभद्र सरकार में आशा कुमारी काे कैबिनेट में जगह नहीं दी गई थी, फिर भी उन्हाेंने अपनी सीट कायम रखने में सफलता हासिल की। ये हैं चंबा जिले के माननीय हंसराज -डिप्टी स्पीकर हिमाचल विधानसभा विक्रम सिंह जरयाल- भाजपा विधायक जिया लाल- भाजपा विधायक पवन नैयर- भाजपा विधायक आशा कुमारी- कांग्रेस विधायक
हिमाचल प्रदेश में सत्ता सुख उसी राजनैतिक दल का नसीब होता हैं जिसपर जिला कांगड़ा की कृपा बरसती हैं। इतिहास भी इस बात की तस्दीक करता हैं कि प्रदेश की सत्ता का रास्ता कांगड़ा से होकर गुजरता हैं। जो कांगड़ा फ़तेह नहीं कर पाता उसे सत्ता हासिल नहीं होती। वर्ष 1985 से ये सिलसिला चला आ रहा हैं। 1985, 1993, 2003 और 2012 में कांग्रेस पर कांगड़ा का वोट रुपी प्यार बरसा तो सत्ता भी कांग्रेस को ही मिली। वहीं 1990, 1998, 2007 और 2017 में कांगड़ा में भाजपा इक्कीस रही और प्रदेश की सत्ता भी भाजपा को ही मिली। यानी 1985 से 2017 तक हुए आठ विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सत्ता में जिला कांगड़ा का तिलिस्म बरकरार रहा हैं। इससे पहले 1982 के चुनाव में भाजपा को 10 सीटें मिली थी लेकिन प्रदेश में सरकार कांग्रेस की बनी थी। जिला कांगड़ा का सियासी मिजाज समझना बेहद मुश्किल हैं। कांगड़ा वालों ने मौका पड़ने पर किसी को नहीं बक्शा, चाहे मंत्री हो या मुख्यमंत्री। जो मन को नहीं भाया उसे कांगड़ा वालों ने घर बैठा दिया। अतीत पर नज़र डाले तो 1990 में जब भाजपा-जनता दल गठबंधन प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता पर काबिज हुआ तब शांता कुमार ने जिला कांगड़ा की दो सीटों से चुनाव लड़ा था, पालमपुर और सुलह। जनता मेहरबान थी शांता कुमार को दोनों ही सीटों पर विजय श्री मिली थी। पर 1993 का चुनाव आते -आते जनता का शांता सरकार से मोहभंग हो चूका था। नतीजन सुलह सीट से चुनाव लड़ने वाले शांता कुमार खुद चुनाव हार गए। वहीँ पिछले चुनाव में वीरभद्र कैबिनेट के दो दमदार मंत्री सुधीर शर्मा और जीएस बाली को भी हार का मुँह देखना पड़ा। वर्ष कुल सीट कांग्रेस भाजपा अन्य 1985 16 11 3 2 1990 16 1 12 3 ( जनता दल जिसका भाजपा के साथ गठबंधन था ) 1993 16 12 3 1 1998 16 5 10 1 2003 16 11 4 1 2007 16 5 9 2 2012 15 10 3 2 2017 15 3 11 1 2017 में मिले थे चार मंत्रिपद, अब तीन मंत्री 2017 के विधानसभा चुनाव में जिला कांगड़ा की 15 में से 11 सीटें भाजपा के खाते में आई थी। सरकार गठन के बाद जिला को चार कैबिनेट मंत्री पद मिले। विपिन सिंह परमार को स्वास्थ्य, किशन कपूर और खाद्य आपूर्ति, सरवीण चौधरी को शहरी विकास और विक्रम सिंह को उद्योग मंत्रालय मिला। यानी जयराम कैबिनेट में जिला कांगड़ा को दमदार महकमे मिले। इसके बाद 2019 में किशन कपूर सांसद बनकर लोकसभा चले गए। जबकि विपिन सिंह परमार से मंत्री पद लेकर उन्हें माननीय विधानसभा स्पीकर बना दिया गया। तदोपरांत 2020 में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में सरवीण चौधरी से शहरी विकास जैसा महत्वपूर्ण महकमा लेकर उन्हें सामजिक न्याय मंत्रालय का ज़िम्मा दे दिया गया। वंही राकेश पठानिया की कैबिनेट में वन, युवा एवं खेल मंत्री के तौर पर एंट्री हुई। विक्रम सिंह ही एकमात्र ऐसे मंत्री है जो शुरू से जयराम कैबिनेट में बने हुए है और जिनका वजन भी बढ़ा है। मंत्रिमंडल विस्तार में उनके पोर्टफोलियो में परिवहन जैसा महत्वपूर्ण महकमा भी जोड़ दिया गया। वर्तमान में तीन मंत्रिपद और विधानसभा स्पीकर का पद कांगड़ा के हिस्से में है। सियासी माहिर मानते है की स्वास्थ्य और शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय छीनने की टीस जरूर कही न कही कांगड़ा में मन में रह सकती है। मिशन 2022 में क्या ध्वाला के लिए जगह होगी ज्वालामुखी के विधायक रमेश चंद ध्वाला के ज़िक्र के बिना कांगड़ा में भाजपा का सियासी जोड़ भाग अधूरा है। कांगड़ा में भाजपा का बड़ा ओबीसी चेहरा माना जाने वाले ध्वाला को कैबिनेट रैंक तो मिली लेकिन पद नहीं। इतना ही नहीं पार्टी संगठन के साथ उनकी खींचतान भी जगजाहिर है। कई मौकों पर ध्वाला ने खुलकर अपनी ही सरकार काे घेरने से भी गुरेज नहीं किया। हालांकि अब तक ध्वाला सीएम के खिलाफ खुलकर बोलने से बचते दिखे है, पर उनके मन की टीस साफ दिखती है। 2022 आते-आते ध्वाला की ज्वाला और भड़कती है या नहीं, ये देखना दिलचस्प होगा। इसी तरह क्या भाजपा की 2022 योजना में उनके लिए स्थान है या नहीं, ये भी बड़ा सवाल है। कांग्रेस: एकजुट रहकर ही 2022 फ़तेह संभव कांगड़ा में कांग्रेस की बात करें तो हालहीं में हुए दो नगर निगमों के चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा है। पालमपुर में कांग्रेस को शानदार जीत मिली तो धर्मशाला में भी मामला ठीक ठाक रहा। अब फतेहपुर में उप चुनाव होना है जिसके लिए भी पार्टी तैयार दिख रही है। खासबात ये है कि पिछले चुनाव में धराशाई होने वाले कांग्रेसी दिग्गज भी अब वापस मुख्यधारा में दिख रहे है। पर पार्टी के दो बड़े नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई हमेशा ही पार्टी की परेशानी बढ़ाती रही है। इन दो ब्राह्मण नेताओं की खींचतान से न सिर्फ पार्टी का नुक्सान हुआ है बल्कि इन दिग्गजों की निजी साख भी धूमिल हुई है। ऐसे में 2022 फ़तेह करने के लिए जरूरी है कि पार्टी एकजुट रहे।
विधान सभा अध्यक्ष, विपिन सिंह परमार कोरोना संक्रमित लोगों का कुशलक्षेम जानने रविवार को स्वयं सिविल अस्पताल थुरल पहुंचे। उन्होंने कोविड-19 संक्रमित लोगों से बात की और उन्हें उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी हासिल की। उन्होंने संक्रमित लोगों के उपचार के लिए सरकार द्वारा हर सम्भव सहायता की प्रतिबद्धता जताते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से पूरा विश्व बुरी तरह प्रभावित है और प्रदेश में भी कोविड की दूसरी लहर का व्यापक असर देखने में आया है। उन्होनें कहा कि हमारे चिकित्सक, नर्सेज एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ पूरी तन्मयता से दिन रात संक्रमितों के उपचार में लगे हैं और आशा वर्कर होम आइसोलेशन में रखे लोगों का ध्यान रख रही हैं। दिन-रात सेवा के लिए थपथपाई स्वस्थ कर्मचारियों की पीठ उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट में चिकित्सक, नर्सेज, सफाई कर्मचारी, आशा वर्कर, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिस और प्रशासन निःस्वार्थ मानव सेवा का अनुकरणीय कार्य कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के लोग बिना आराम दिन रात कोविड संक्रमितों को बचाने में लगे हैं। उन्होंने चिकित्सकों, नर्सेज के साथ बैठक कर मौजूदा स्तिथि पर चर्चा की। उन्होंने अस्पताल में ऑक्सीजन की उपलब्धता और दवाइयों की जानकारी हासिल करने के साथ आशा वर्करों को होम आइसोलेशन में रखे गए कोरोना संक्रमित के लिये दवाई और ऑक्सीमीटर और पीपीई किट इत्यादि की उपलब्धता के बारे में जानकारी हासिल की साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को भरोसा दिलाया की सरकार कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने के लिए गंभीरतापूर्वक कार्य कर रही है। संक्रमितों के प्रति संवेदनशीलता जरूरी परमार ने कहा कि लोग कोरोना की भेंट चढ़ असमय मौत का ग्रास बन रहे हैं। कोरोना संक्रमण से निधन के उपरांत कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार पीड़ित परिवार के समुख सबसे बड़ी चुनोती का कार्य बन रहा है और यह समाज और प्रदेश के लिए बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण हैं। पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनशील होने के स्थान पर लोग उनसे दूर भाग रहे हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, आशा वर्करों को किसी के कोरोना संक्रमित होने पर उसकी हर सम्भव सहायता और दुर्भाग्यवश किसी की मौत होने पर उसके अंतिम संस्कार के लिए सभी कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर की अनुपालना के साथ सहयोग की अपील की। 6 करोड़ से बनेगा थुरल अस्पताल का अतिरिक्त भवन इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष ने सिविल हॉस्पिटल थुरल के 6 करोड़ की लागत से बनने वाले अतिरिक्त भवन निर्माण स्थल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि थुरल अस्पताल को 100 बिस्तरों के अस्पताल में स्तरोन्नत करने के उपरांत यहां अतिरिक्त भवन का निर्माण किया जा रहा रहा है। साढ़े 19 करोड़ से हो रहा दो पुलों का निर्माण इसके उपरांत विपिन सिंह परमार ने थुरल बछवाई सड़क निर्माण और न्यूगल नदी में साढ़े 10 करोड़ की लागत से बनने वाले पुल के कार्य और हमीरपुर पालमपुर सड़क मार्ग पर मोल खड्ड पर बैरघट्टा के पास 9 करोड़ 40 लाख से निर्मित होने वाले पुल के कार्य का भी निरीक्षण किया और लोक निर्माण विभाग को इन्हे समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर भाजपा मंडलाध्यक्ष देश राज शर्मा, महामन्त्री विपिन जम्वाल, बीएमओ डॉ केएल कपूर, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण मुनीष सहगल उपस्थित रहे।
कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए दूरदराज की ग्राम पंचायत बेरल में राशन डिपो, दुकानों, स्वास्थ्य केंद्र, गांव के प्रत्येक घरों में सैनिटाइजेशन किया गया। वही कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए लोगों से आग्रह किया कि बिना कार्य से गांव के बाहर ना जाए। पंचायत प्रधान ललिता देवी, उपप्रधान अजीत सिंह सेन सहित समस्त पंचायत सदस्यों ने लोगों को आश्वासन दिया कि किसी भी सहायता की आवश्यकता हो तो, तुरंत अवगत कराएं। इस दौरान अल्ट्राटेक कंपनी बागा ने अपनी तरफ से 10 लीटर सैनिटाइजर मुहैया करवाया व ग्राम पंचायत बैरल ने भी अपने खर्चे पर 10 लीटर सैनिटाइजर का प्रबंध किया। जबकि बीडीसी सदस्य बनिता चौहान ने भी 5 लीटर सेनेटाइजर व 50 मास्क भेंट किए।ग्राम पंचायत बैरल ने अल्ट्राटेक कंपनी व बीडीसी सदस्य बनिता चौहान का सेनिटाइजर के लिए आभार व्यक्त किया। इस मौके पर बीडीसी सदस्य बनिता चौहान, बागा थाना के एसएचओ भूपेंद्र सिंह, बैरल की प्रधान ललिता देवी, उपप्रधान अजीत सिंह सेन, वार्ड सदस्य शकुन्तला देवी, इंदिरा देवी, विकास कपिल, जयंती देवी, नंदलाल मौजूद रहे।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने देर रात रोहडू क्षेत्र का प्रवास कर उपमण्डलाधिकारी बी.आर. शर्मा से डोडरा क्वार में कोविड संक्रमण की रोकथाम तथा लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के संबंध में विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उपमण्डलाधिकारी को डोडरा क्वार में संक्रमण के फैलाव को रोकने और प्रभावित लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि डोडरा क्वार में टेस्टिंग कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत 346 सैंपल लिए जा चुके है, जिनमें से 60 मामले पाॅजिटिव पाए गए हैं। दूर-दराज क्षेत्र पंडार में विशेष दल द्वारा दूसरी बार सैम्पिलंग का कार्य किया गया है, जिसके तहत 71 लोगों के गत दिवस टेस्ट किए गए, जिसमें से 5 मामले पाॅजिटिव पाए गए। डोडरा क्वार क्षेत्र में संक्रमण के सभी रोगियों में हल्के लक्षणों के मामले पाए गए हैं। अभी तक केवल कोविड के कारण नागरिक अस्पताल क्वार में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जिसे रोहडू स्थानांतरित किया जा रहा था। जिसकी उम्र 75 वर्ष थी। डोडरा क्वार में दुनी चंद चैहान को विशेष सैक्टर अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो कोविड-19 संबंधी कार्य की निगरानी, समीक्षा व प्रगति देखेंगे। उन्होंने कहा कि इनसे मोबाईल नम्बर 82191-65001 पर सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि राधा स्वामी सत्संग भवन क्वार में डेडीकेटिड कोविड सेंटर तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द बना दिया जाएगा, जिसमें 5 डी तथा 5 बी प्रकार के 10 सिलेंडर की उपलब्धतता सुनिश्चित की जाएगी। डोडरा क्वार क्षेत्र में 5 पंचायतों के लिए 5 डाॅक्टर तैनात है। क्वार क्षेत्र में डेडीकेटिड एम्बुलेंस सुविधा की उपलब्धतता सुनिश्चित की गई है। जस्कून, जाखा व पंडार क्षेत्र में 3 माइक्रो कटेंनमेंट जोन बनाए गए हैं। डोडरा क्वार क्षेत्र में टीकाकरण कार्य को गति प्रदान करते हुए अभी तक 1040 लोगों का वैक्सीनेशन टीकाकरण किया गया है। स्थानीय प्रशासन के पास उपलब्ध संसाधनों को स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा कर्मचारियों को प्रदान किया गया है ताकि किसी प्रकार की आपातकाल स्थिति में इन अधिकारियों, कर्मचारियों व रोगियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उपायुक्त ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को टेस्ट सैपलिंग या एम्बुलेंस संबंधी कोई आवश्यकता या शिकायत हो तो वो तुरन्त उपमण्डलाधिकारी रोहडू को सम्पर्क करें। स्थानीय प्रशासन व चिकित्सा अधिकारियों के संयुक्त प्रयासों से कोविड संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं तथा प्रभावितों की संख्या को कम करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि इस क्षेत्र में वैक्सीनेशन कार्य को जल्द पूर्ण कर संक्रमण के प्रभाव को कम किया जा सके।
भारत सरकार द्वारा कोविड टीकाकरण कार्यक्रम के लिए (कोविशील्ड के लिए) जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार अब टीकाकरण की दूसरी खुराक 84 दिन पूर्ण होने के उपरान्त दी जाएगी। यह जानकारी आज यहां जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मुक्ता रस्तोगी ने दी। डाॅ. मुक्ता रस्तोगी ने सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 टीकाकरण की पहली खुराक लेने के कम से कम 84 दिन के उपरान्त ही दूसरी खुराक लें। उन्होंने कहा कि दूसरी खुराक की निर्धारित तिथि कोविन पोर्टल https://selfregistration.cowin.gov.in पर पंजीकृत मोबाईल नम्बर दर्ज कर प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर 84 दिन का कार्यक्रम 16 मई, 2021 को केन्द्र सरकार द्वारा सम्मिलित किया गया है तथा 84 दिन से पूर्व पोर्टल पर न तो द्वितीय खुराक की जानकारी सत्यापित की जाएगी और न ही अन्तिम प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन प्राइवेट आईटीआई दाड़लाघाट ने वर्चुअल माध्यम से इस सप्ताह को मातृत्व सप्ताह के रूप में मनाया। इस दौरान समस्त प्रशिक्षुओं की माताओं को विशेष तौर पर कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। इस मौके पर प्रशिक्षुओं ने अपनी माताओं के प्रति अपना प्रेम व उनके प्रति सम्मान को वर्चुअल तरीके से विभिन्न वीडियो,पोस्टर मेकिंग व पत्र लिखकर अपनी भावनाओं को प्रकट किया। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के प्रधानाचार्य राजेश शर्मा ने कहा कि संस्थान में वर्तमान समय में सात विभिन्न कोर्स करवाए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 170 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन सभी की कक्षाएं वर्चुअल ही लग रही है जिसके लिए कंपनी ने जो जस्ट रोजगार संस्था के साथ अनुबंध किया है, जिसके माध्यम से प्रशिक्षण को एक बेहतर तरीके से चलाया जा सके तथा नई-नई तकनीकों के माध्यम से इन विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुचि को कायम रखा जाए। प्रशिक्षुओं ने भी बढ़-चढ़कर इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में उनकी माताओं ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिस तरीके से कोरोना महामारी का दौर हमारे आसपास चला है,उसके लिए भी इन समस्त माताओं को उनके परिवार के सदस्यों को इन वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से जागरूक भी किया गया, ताकि हम लोग मिलजुलकर अपने व अपने परिवार के सदस्यों का किस तरीके से बचाव कर सकते हैं तथा इस महामारी से लड़ सकते हैं, अतः हम लोग जब तक मिलकर इस बीमारी से नहीं लड़ेंगे यह खत्म नहीं होगी। संस्थान के प्रधानाचार्य राजेश शर्मा ने यह बताया कि जो व्यक्ति 18 साल की उम्र का हो चुका है, वह पंजीकरण करवा ले तथा कोरोना का टीका जरूर लगवाएं। आपकी व आपके परिवार की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है और हम यही कामना करते हैं कि जल्दी से जल्दी इस बीमारी से हम लोग छुटकारा पाएं और जिंदगी को फिर से पुराने स्वरूप में लेकर कार्य करें। राजेश शर्मा ने सभी प्रशिक्षुओं व उनकी माताओं को मातृत्व दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं भी दी।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने सोलन जिला में कोरोना कर्फ्यू की अवधि को 17 मई, 2021 की प्रातः 06.00 बजे से 26 मई, 2021 की प्रातः 06.00 बजे तक बढ़ाने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश प्रदेश के मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना में जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार विवाह समारोह में केवल घर में अधिकतम 20 व्यक्तियों के सम्मिलित होने के आदेश की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी। विवाह समारोह के लिए विवाह पैलेस, सामुदायिक हाॅल अथवा अन्य बाहरी स्थल का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। विवाह समारोह में बाहर भोजन परोसने, डीजे अथवा बैंड का प्रयोग करने एवं बारात पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा। विवाह समारोह घर के भीतर ही आयोजित किए जा सकेंगे। आयोजक यह सुनिश्चित बनाएंगे कि समारोह में सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पूर्ण पालन हो। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। इन आदेशों के अनुसार हार्डवेयर की दुकानें मंगलवार तथा शुक्रवार को प्रातः 08.00 बजे से प्रातः 11.00 बजे तक खुली रहेंगी। आबकारी एवं कराधान विभाग को न्यूनतम कर्मियों के साथ कोविड-19 से सम्बन्धित सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कार्य करने की अनुमति होगी। अन्य सभी प्रतिबन्ध एवं छूट 06 मई तथा 09 मई, 2021 को जारी आदेशों के अनुरूप यथावत रहेंगी। आदेशों की अवहेलना पर विधि सम्मत कार्रवाही अमल में लाई जाएगी।
महिला मंडल ग्याणा की प्रधान यशु ठाकुर की अध्यक्षता में गांव ग्याणा में घर घर जाकर सेनिटाइज किया गया। इस दौरान स्लोगनों व चित्रों के माध्यम से पोस्टर लगाकर लोगों को जागरूक किया गया। महिला मंडल ग्याणा की प्रधान यशु ठाकुर ने हर समय मास्क लगाने के लिए लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गांव ग्याणा के लोग जागरूक होने के साथ इस महामारी से भी दूर है, वही गांव गयाणा में कोई भी कोरोना का मामला सामने नही आया है फिर भी हम इस भय में ना रहकर गांव ग्याणा में साप्ताहिक सेनिटाइज करेंगे। इस दौरान महिला मंडल के सदस्यों द्वारा गांव के सभी ग्रामवासियों से आग्रह किया कि मास्क को सही तरीके से लगाए, हर थोड़ी देर बाद हाथों को साबुन से धोने तथा पर्याप्त सामाजिक दूरी बनाए रखने हेतु जागरूक भी किया। उन्होंने कहा कि अगर सभी सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करके अपने गांव व अपने परिवार को इस वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की रफ्तार से बचाया जा सकता है। इस अवसर पर महिला मंडल ग्याणा की प्रधान यशु ठाकुर, सोनिया, प्रभादेवी, मीरा, शीला, द्रोपती वर्मा सहित अन्य सदस्यों का सहयोग रहा।
सीमा महाविद्यालय के जॉब प्लेसमेंट सेल द्वारा महाविद्यालय और हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए ऑनलाइन माध्यम से रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 200 युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से रोजगार मेले में भाग लिया। घर से काम करने के लिए इस ऑनलाइन जॉब प्लेसमेंट के लिए लगभग 40 युवा सीमा महाविद्यालय के पुराने विद्यार्थी हैं और 20 अन्य जिलों से हैं। आज जब करोना महामारी से दुनिया में रोजगार कम हुआ है तो ऐसे में महाविद्यालय की जॉब प्लेसमेंट सेल ने युवाओं को घर से काम करने का सुनहरा मौका प्रदान किया है। चयनित उम्मीदवारों को 24 मई 2021 से सी सूट( C-SUITE) माध्यम से दुनिया के सुप्रसिद्ध प्रशिक्षकों - 1.डॉ. कासिम, अनुसंधान एवं विकास प्रमुख, तुर्की 2. सुश्री डायना, मानव संसाधन एवं प्रशिक्षण प्रमुख, चिली 3. सुश्री ओलिविया सुसान, शैक्षणिक प्रशासन और योजना के प्रमुख, केन्या 4. डॉ0 सुदर्शन, जीव विज्ञान प्रमुख, भारत 5. सुश्री अभिशेवा ,पूर्व प्राथमिक अंग्रेजी विभाग की प्रमुख, कजाकिस्तान 6. सुश्री नेहेल, *माध्यमिक अंग्रेजी विभाग की प्रमुख, मिस्र 7. औद्योगिक इंजीनियर इसाबेला प्रमुख गणित विभाग, कोलंबिया 8. केमिकल इंजीनियर कैमिलो, रसायन विज्ञान प्रमुख, कोलंबिया 9. श्री डेविड, प्रशिक्षक रसायन विज्ञान विभाग, कोलंबिया 10. केमिकल इंजीनियर मारियल, ट्रेनर केमिस्ट्री डिपार्टमेंट, कोलंबिया 11. डॉ0 जाइरो, भौतिकी विभाग के प्रमुख, कोलंबिया 12. डॉ0 लौरा, भूगोल के प्रमुख, कोलंबिया 13. सुश्री रितिका, मानव संसाधन सहायक प्रबंधक , भारत 14. डॉ0 अपर्णा ,रिट्ज़ी ग्रुप, संस्थापक और अध्यक्ष, इटली 15. एम.एन.आर.गुप्ता, सिविल इंजीनियर, वैश्विक सीईओ एवं निदेशक, रिट्ज़ी समूह, इटली 16. केसी एंड्रियाज़ो, प्रबंध निदेशक, रिट्ज़ी समूह, इटली 17. 18. सुश्री कैटालिना, प्रशिक्षक रसायन विज्ञान विभाग, कोलंबिया इत्यादि रिट्ज इंटरनेशनल ग्रुप द्वारा शिक्षा की आधुनिक तकनीक पर निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा और तत्पश्चात ही चयनित उम्मीदवार शिक्षण का कार्य ऑनलाइन माध्यम से करेंगे। शिक्षण के लिए इन्हें पहली कक्षा से दसवीं कक्षा तक के सीबीएसई के विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाना होगा। महाविद्यालय युवाओं के कौशल विकास, रोजगार और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए समय-समय पर कार्यक्रम करता है, जिसमें स्कूल कॉलेज व विश्वविद्यालय के अनेक छात्र छात्राएं पूरे प्रदेश से भाग लेते हैं। इस रोजगार मेले में नावर, छुहारा जुब्बल ब्लॉक व प्रदेश के अन्य जिलों से चयनित उम्मीदवारों के नाम इस प्रकार हैं..1. गीतिका 2. सुरेंद्र 3.निशा खांगटा 4. भवानी सिंह 5. गरिमा बांशटु 6.अदिति कोटवी 7. दीक्षा संख्यान 8.ज्योति केस्टा 9. कृतिका शर्मा 9.शिवानी शोंगी 10. पूनम चौहान 11. साक्षी 12. मीतू राठोर 13.महक भाइक 14. साक्षी शर्मा 15. सोनिका 16. रोहित रावत 17. शिवानी जंगटा 18. रचना 19. दीपिका कुल्ला 20.सतीश 21.विक्रम 22. विश्लेष 23. शिवांगी 24 विशाली 25.श्रुति शर्मा 26. जयललिता 27. निशा शर्मा 28. महेश्वरी रावत 29.चंपा 30. रोहित भूषण 31.उमा देवी 32. सुधीर चौहान 33.नेहा शर्मा 34. मीनाक्षी शर्मा 35. मीनाक्षी चौहान 36.मधु चौहान 37. प्रीति ठाकुर 38. अनीता बाला 39. शीतल 40.दीक्षा भारद्वाज 41.अश्लेषा 42.अमन 43. श्वेता 44. दीपिका 45. रुचि हिमराल 46.दिव्या चौहान 47.हिमांशी रचना 48.प्रतिभा 49.मीनाक्षी 50.जानवी शर्मा 51.आरती 52.लिली प्रसाद 53.रितु हंसरेटा 54.रजनी सा 55.मोनिका देष्टा 56.रजनी शर्मा 57.अविका डरटा 58.कोकिला 59.पल्लवी. 60 सचिन पापटा इत्यादि है। नौकरी शुरू होने के बाद घर से काम करने के लिए इन युवाओं को 8000 से 12000 रुपए प्रति माह वेतन मिलेगा और समय 4:00 बजे के बाद का रहेगा ताकि दिन में अपने अन्य काम और उच्च शिक्षा पूरी करने का अवसर भी मिल पाए। करोना महामारी के खत्म होने पर ये चयनित शिक्षक ₹25000 विद आउट बोर्डिंग लॉजिंग तथा ₹15000 विद बोर्डिंग लॉजिंग ऑफिस से काम कर सकते हैं। पांच दिन तक चले इस रोजगार मेले का आयोजन रोजगार सेल के सदस्य डॉ0 ललिता रावत, डॉ0 हर्ष भारद्वाज, प्रो0 संजीव जस्टा, डॉ0 निशा चौहान, डॉ0 सुरेंद्र कुल्ला, प्रो0 ज्योत्सना तथा प्रो0 आराधना देश्टा ने कॉलेज प्राचार्य डॉ0 बृजेश सिंह के मार्गदर्शन में किया। इस अवसर पर प्राचार्य ने कॉलेज द्वारा पिछले एक वर्ष में किए गए अनेक शैक्षणिक और पाठ्यक्रम कार्यक्रमों की भी जानकारी दी और विभाग के उच्च अधिकारियों का पूर्ण सहयोग के लिए धन्यवाद किया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा यूथ कांग्रेस अध्यक्ष से दिल्ली पुलिस की पूछताछ पर कांग्रेस की राजनीति शर्मनाक है। उन्होंने कहा दिल्ली पुलिस ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर चल रही जाँच में कोविड -19 दवाओं की अवैध खरीद और वितरण के आरोपों को लेकर 14 मई 2021 को युवा कांग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवास बी से पूछताछ की। पुलिस पहले ही इस मामले में कुछ AAP और भाजपा नेताओं से पूछताछ कर चुकी है । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सांसद गौतम गंभीर , भाजपा नेता हरीश खुराना , आप विधायक दिलीप पांडेय सहित कई लोगों से दिल्ली पुलिस अब तक पूछताछ कर चुकी है । कांग्रेस पार्टी ने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवास बी से पूछताछ पर नाराजगी जताई एवं कोविड-19 सहायता वितरित करने के लिए किसी की जाँच करने की उपयुक्तता पर सवाल उठाया । कांग्रेस का आरोप राजनीति से प्रेरित हैं क्योंकि ये पूछताछ दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर हो रहा है, कांग्रेस द्वारा पूछताछ पर लगाए गए आरोप एक तरह से अदालत के आदेश की अवमानना है। उन्होंने कहा दिल्ली पुलिस द्वारा पूछताछ दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार की जा रही है , जिसने उन्हें COVID - 19 दवाओं के कथित अवैध वितरण में राजनेताओं की संलिप्तता की जाँच करने के लिए कहा है । हृदुआ फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ . दीपक सिंह ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी , जिसमें कथित ' मेडिकल माफिया - राजनेता गठजोड़ ' और राजनेताओं द्वारा कोविड दवाओं के अवैध वितरण की सीबीआई जाँच की माँग की गई थी । याचिकाकर्ता ने गंभीर , श्रीनिवास , साथ ही भाजपा नेताओं सुजय विखे , गौतम गंभीर और शिरीष चौधरी , कांग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा और कांग्रेस विधायक मुकेश शर्मा , एनसीपी नेता शरद पवार और रोहित पवार का उल्लेख किया था । इसमें उनके द्वारा वितरित किए गए रेमडेसिविर का उदाहरण दिया गया था । उन्होंने कहा याचिका में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून , 1980 के अनुसार कोविड -19 दवाओं की कालाबाजारी में लिप्त होने और विधायकों और सांसदों को अयोग्य ठहराने के लिए ऐसे व्यक्तियों को हिरासत में लेने के लिए भी अपील की गई थी । अदालत ने 4 मई को एफआईआर और सीबीआई जाँच की याचिका को खारिज कर दिया था , लेकिन दिल्ली पुलिस से इस मुद्दे की जाँच करने के लिए कहा था । अदालत ने पुलिस से कहा था कि राजनेताओं द्वारा कथित तौर पर सीधे रेमडेसिविर की खरीद और उन्हें कोविड -19 मरीजों को वितरित करने के मामलों पर ध्यान दें और यदि कोई अनियमितता मिलती है तो प्राथमिकी केस दर्ज करे । अदालत ने राज्य को एक सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा और मामले को सुनवाई के लिए 17 मई को सूचीबद्ध किया ।
नई पेंशन योजना का आज रिवालसर ब्लाक में सरकारी कर्मचारियों द्वारा काला दिवस मनाया गया व काले बिले लगाकर विरोध किया गया। इन कर्मचारियों ने बताया कि आज के दिन उन से उनका संवैधानिक अधिकार छीना गया था। संघ के कोषाध्यक्ष अनिल शर्मा संयुक्त सचिव कृष्ण यादव अरविंद गर्ग ,राकेश शर्मा शर्मा ,योगेश शर्मा, पंकज, कुसुमलता व महिला विंग की प्रधान चंचल लता शर्मा ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि सीसीई नियम 1972 के तहत जल्द से जल्द कर्मचारियों की पुरानी स्कीम पेंशन योजना को 2009 से बहाल किया जाए। एनपीएस के कर्मचारियों द्वारा हिमाचल सरकार से कई बार ज्ञापन देकर के पुरानी पेंशन स्कीम योजना को बहाल करने की गुहार लगाई गई है परंतु अभी तक सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई है ।संघ के सभी सदस्यों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से गुहार लगाई है कि एनपीए की मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए अन्यथा संघ के सदस्य धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। कोषाध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन लागू करने की बात कही गई थी वही मुख्यमंत्री ने 20 मार्च 2001 की रैली के दौरान 2009 की नोटिफिकेशन लागू करने की बात कही थी जो आज तक लागू नहीं की गई है। जिससे कर्मचारियों व उनके परिवार के सदस्यों में भारी रोष है जो कि आने वाले समय में भाजपा को चुनावों में मंगा पड़ सकता है।
पधर उपमंडल में कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों को लेकर होम आइसोलेट किए गए कोरोना संक्रमितों को किसी भी समय स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति में अब निकटम स्वाथ्य केंद्र तक पहुंचाने हेतु पधर प्रशासन द्वारा अब एक एम्बुलेंस वाहन ऑक्सीजन के साथ स्वास्थ्य विभाग को सौंपा है। जिससे अब होम आइसोलेट हुए कोरोना संक्रमितों को किसी भी स्वास्थ्य आपात में इस वाहन की सेवाएं लेते हुए लोगों की जान बचाई जा सकेगी। इस बारे में जानकारी देते हुए एसडीएम पधर शिव मोहन सिंह सैनी ने बताया कि पधर उपमंड़ल में होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोन संक्रमितों के लिए प्रशासन द्वारा किसी भी समय आपात स्थिति में कोविड डेडिकेट एम्बुलेंस खंड चिकित्सा अधिकारी पधर विनय कुमार को सौंपी गई है। जिस किसी भी होम आइसोलेट संक्रमित स्वास्थ्य आपात में इस एम्बुलेंस का प्रयोग करते हुए निकटम स्वाथ्य केंद्र तक पहुंचकर स्वाथ्य उपचार ले सकता है। कहा कि इस वाहन में एक ऑक्सीजन सिलेंडर भी साथ लगा हुआ है ताकि अगर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है तो तुरंत दी जा सके और इस वाहन में कोविड -19 के नियमों के तहत ही इसे तैयार किया गया है। एसडीएम पधर शिव मोहन सिंह सैनी ने आम जनता से कोविड-19 के प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए मास्क पहनने, दो गज की दूरी बनाए रखने और बार बार हाथ धोने की विधि का प्रयोग करते हुए घरों में रहकर सुरक्षित रहने की अपील की है।
पालमपुर : जिला में कोरोना संक्रमितों के निधन पर अंतिम संस्कार प्रशासन की देखरेख में सुनिश्चित किया जा रहा है। पालमपुर, बैजनाथ, धीरा में आज विभिन्न स्थानों पर कोरोना संक्रमितों के निधन पर अंतिम संस्कार प्रशासन की देखरेख तथा कोविड प्रोटोकॉल के साथ किया गया। जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने बताया कि विकास खंड पंचरुखी ग्राम पंचायत गदियाडा के राजकुमार का दाह संस्कार विकास खंड पंचरुखी के अधिकारी राजेश्वर भाटिया ने सम्पन्न करवाया। राजकुमार के पिता प्रकाश चंद का भी निधन कोरोना के कारण पिछले कल ही हुआ था। घर में छोटी बेटी तथा बेटा और पत्नी ही होने के कारण अंतिम संस्कार प्रशासन ने करवाया। संस्कार मे स्थानीय पंचायत के उप प्रधान विनोद कुमार एवं वार्ड पंच ने मिलकर कार्य किया। प्रवक्ता ने बताया कि गांव मझेरना तहसील बैजनाथ की मीना देवी, पंचायत महलपट्ट के नरेश कुमार का दाह संस्कार महाकाल मे प्रशासन द्वारा करवाया गया। इसके अलावा गांव कोटली व रीत में विधि राम और प्रकाशो देवी का अंतिम संस्कार तहसीलदार की मौजूदगी में कोविड प्रोटोकॉल के तहत किया गया। रीत की प्रधान भी दाह संस्कार के लिए आगे आए और बीडीओ भी मृतक के घर पहुंचे। उपमंडल धीरा के अतंर्गत कोविड 19 के कारण मरने वाले गांव पनापर की वीना देवी और गांव धनियारा के कुलदीप चंद राणा का अंतिम संस्कार पीपीई किट इत्यादि उपलब्ध करवा कर कोविड नियमों की अनुपालना के साथ प्रशासन द्वारा किया गया l
उपमंडलाधिकारी कल्पा डॉ मेजर अवनींद्र कुमार ने आज कल्पा स्थित बालिका आश्रम का दौरा कर वहां कोरोना पॉजिटिव आई संगरोध बालिकाओं से मिलकर उनसे वार्तालाप की। उल्लेखनीय है कि कल्पा स्थित बालिका आश्रम से 16 बालिकाये व 4 स्टाफ सदस्य पॉजिटिव आये हैं। उप मण्डलाधिकारी ने बताया कि आश्रम की एक मंजिल में पॉजिटिव आई बालिकाओं को रखा गया है। जबकि अन्य बालिकाओं को दूसरी मंजिल पर अलग से रखा गया है । उनके खाने का भी अलग अलग से प्रबंध किया गया है। और उन्हें सभी सुविधाएं दी जा रही है। उन्होंने बताया कि उपायुक्त हेमराज बैरवा ने जिला स्वास्थ्य प्रशासन को निर्देश दिए हैं की पॉजिटिव आई बालिकाओं का दिन में दो बार चिकित्सकों द्वारा जांच सुनिश्चित बनाई जाए। और सभी को पोष्टिक आहार उपलब्ध करवाने के निर्देश भी जारी किये ।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री , राजिन्द्र गर्ग की अध्यक्षता में आज आयोजित बैठक में उचित मूल्य की दुकानों में राशन वितरण की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में राजिन्द्र गर्ग ने विभागीय अधिकारियों को हिमाचल प्रदेश में कार्यरत सभी उचित मूल्यों की दुकानों में आई.आर.आई.एस. सुविधा शीघ्र उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। इसके लिए विभाग द्वारा जारी ई.ओ.आई. में छः पार्टियों ने भाग लिया है। खाद्य आपूर्ति मन्त्री ने निर्देश दिए कि इस प्रक्रिया को तुरन्त निपटाया जाए तथा उचित मूल्य की दुकानों में आई.आर.आई.एस. व्यवस्था यथाशीघ्र शुरू की जाए। उन्होंने बायोमेट्रिक प्रणाली से वितरित किए जा रहे खाद्यान्नों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी उचित मूल्य की दुकानों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए खाद्यान्नों का वितरण किया जा रहा है। बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से इस माह 75.80 प्रतिशत खाद्यान्न वितरित किए गए है। उन्होंने कहा कि बायोमीट्रिक प्रणाली से खाद्यान्नों का वितरण एक सुरक्षित उपाय है, जिसमें प्रत्येक उपभोक्ता के हाथों एवं पी.ओ.एस. मशीन को सैनिटाइज करने के पश्चात ही उपभोक्ताओं को खाद्यान्नों का वितरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए सभी जिला नियन्त्रकों की अध्यक्षता में कमेटियां गठित की गई हैं तथा जिला नियन्त्रक एवं निरीक्षक उचित मूल्य की दुकानों के निरीक्षण कर रहे हैं। जो भी उचित मूल्य की दुकानधारक मानक संचालन प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहा है उसके खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि खाद्यान्न वितरण के लिए आधार ओ.टी.पी. व्यवस्था को भी तुरन्त लागू किया जाए ताकि उपभोक्ता इस व्यवस्था से मशीन के सम्पर्क में आए बिना खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए विभाग द्वारा प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि ओ.टी.पी. से खाद्यान्न वितरण शुरू कर दिया गया है तथा आज 240 उपभोक्ता आधार ओ.टी.पी. के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता उचित मूल्य की दुकानों से दोनोेें माध्यमों, बायोमेट्रिक प्रणाली एवं आधार ओ.टी.पी. से खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है परन्तु मानक संचालन प्रक्रिया की अनुपालना सभी उचित मूल्य की दुकानों द्वारा यथावत की जाएगी ताकि पैसे के लेन-देन या खाद्यान्नों के वितरण के समय संक्रमण के खतरे से बचा जा सके। राजिन्द्र गर्ग ने यह निर्देश भी दिए कि नकदी रहित सुविधा को भी अबिलम्ब शुरू किया जाए ताकि राशन वितरण में वायरस से संक्रमण की संभावना न रहे। उन्होनें सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि जब तक नकदी रहित तथा आई.आर.आई.एस. की सुविधा पी.ओ.एस. मशीन में उपलब्ध नहीं होती, तब तक बायोमेट्रिक या आधार ओ.टी.पी. से खाद्यान्न प्राप्त करने से न डरें तथा हाथों को धोकर तथा सैनिटाइज करके बिना झिझक उचित मूल्य की दुकानों से खाद्यान्न प्राप्त करें।
स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार ने कोविड-19 की अपेक्षित तीसरी लहर से निपटने के लिए स्थिति के अध्ययन के लिए पीडीऐट्रिक टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया। प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान में 18 से 44 वर्ष के आयुवर्ग के लोगों का टीकाकरण कार्य तेजी से चल रहा है और अगले तीन-चार माह में इस आयुवर्ग के अधिकतर लोगों का टीकाकरण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाली इस लहर से केवल बच्चे ही प्रभावित हो सकते है, जिससे निपटने के लिए सरकार ने इस पीडीऐट्रिक टास्क फोर्स का गठन करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह फोर्स समय-समय पर उचित परामर्श प्रदान करने के अलावा विभिन्न पीआईसीयू, एम-एनआईसीयू, एसएनसीयू, एनबीएसयू आदि में आधारभूत ढांचे की उपलब्धता का अध्ययन करेगी। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स इस महामारी से निपटने के लिए आवश्यक मशीनरी, यंत्र और श्रमशक्ति प्रदान करने के लिए उपयुक्त योजना भी तैयार करेगी। प्रदेश सरकार आने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपना रही है और सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार ने कोविड-19 की अपेक्षित तीसरी लहर से निपटने के लिए स्थिति के अध्ययन के लिए पीडीऐट्रिक टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया। प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान में 18 से 44 वर्ष के आयुवर्ग के लोगों का टीकाकरण कार्य तेजी से चल रहा है और अगले तीन-चार माह में इस आयुवर्ग के अधिकतर लोगों का टीकाकरण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाली इस लहर से केवल बच्चे ही प्रभावित हो सकते है, जिससे निपटने के लिए सरकार ने इस पीडीऐट्रिक टास्क फोर्स का गठन करने का निर्णय लिया है। यह फोर्स समय-समय पर उचित परामर्श प्रदान करने के अलावा विभिन्न पीआईसीयू, एम-एनआईसीयू, एसएनसीयू, एनबीएसयू आदि में आधारभूत ढांचे की उपलब्धता का अध्ययन करेगी। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स इस महामारी से निपटने के लिए आवश्यक मशीनरी, यंत्र और श्रमशक्ति प्रदान करने के लिए उपयुक्त योजना भी तैयार करेगी। प्रदेश सरकार आने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपना रही है और सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कर रही है।
हमीरपुर :सर्व कल्याणकारी संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने संस्था के पदाधिकारियों व सदस्यों द्वारा कोरोना महामारी के संक्रमण के इस दौर में सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में सेनेटीजेशन अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और गरीब आदमी की मदद के लिए हाथ बंटाने पर उनकी पीठ थपथपाई है और इस अभियान को जारी रखने का आह्वान भी किया है। राजेंद्र राणा नेे कहा कि सेवा भाव ही संस्था का सर्वोच्च लक्ष्य है और इसी मूल मंत्र को सामने रखकर सर्व कल्याणकारी संस्था पिछले 20 सालों से समाज के कमजोर वर्गोंं, महिलाओं ,अबलाओं व जरूरतमंदों की सेवा को पूरी तरह समर्पित रही है। उन्होंने कहा कोरोना महामारी के इस दौर से वैसेे तो समाज का हर तबका और पूरा दश प्रभावित हुआ है लेकिन समाज का गरीब तबके के लिए यह स्थिति कहर बनकर आई है। इसलिए उन्होंने पिछले दिनों वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से संस्था के पदाधिकारियों सदस्यों व पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक आयोजित करके उनसे यह आह्वान किया था कि संकट की इस घड़ी में सर्वाधिक प्रभावित होने वाले समाज के गरीब तबके की मदद के लिए हाथ बढ़ाएं और स्वयं को भी सुरक्षित रखते हुए ऐसी परिवारों की सहायता करें ताकि संकट की इस घड़ी में वे स्वयं को अकेला महसूस ना करें। राजेंद्र राणा ने कहा कि उनके इस आह्वान पर संस्था के स्वयंसेवकों ने इलाके में सैनिटाइजेशन अभियान तो शुरू किया ही है, साथ ही जरूरतमंदों की मदद के लिए भी स्वयंसेवी आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा सर्व कल्याणकारी संस्था का यह इतिहास रहा है कि उसने कभी भी पीड़ित मानवता की मदद से अपनेेेे हाथ पीछे नहीं खींचे।


















































