देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से हड़कंप मचा हुआ है। यह वायरस पहले से और अधिक प्रभावशाली व भयानक रूप ले रहा है। इसी के चलते नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर, महासचिव भरत शर्मा, महिला विंग अध्यक्षा सुनेश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरभ वैद, कोषाध्यक्ष शशि पाल शर्मा संविधान पर्यवेक्षक श्यामलाल गौतम ने सरकार को कुछ सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक दिन के वेतन को काटने का फरमान जारी किया है। यदि सरकार को सचमुच जरूरत है तो 1 दिन के वेतन कटने से किसी कर्मचारी को कोई एतराज नहीं हो सकता। नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ ने पिछले वर्ष भी सरकार को एक सुझाव दिया था कि यदि सरकार को कोरोना काल में सचमुच आर्थिक रूप से सहायता की जरूरत है या आर्थिक रूप से सरकार थोड़ा खुद को असहज महसूस कर रही है तो सरकार को नई पेंशन में आने वाले कर्मचारियों का जो पैसा काट कर कंपनी को दिया जाता है वह 10% पैसा तथा सरकार द्वारा दिए जाने वाला 14% पैसा कुल कर्मचारी और सरकार का 24% पैसा जो कंपनी को सरकार की तरफ से जा रहा है वह पैसा सरकार को अपने पास रखना चाहिए, जिससे सरकार के पास लगभग हर महीने 90 करोड़ पैसा बचेगा। कर्मचारी इसके बदले सिर्फ अपनी सुरक्षा की गारंटी पुरानी पेंशन चाहते हैं। जिससे सरकार को किसी भी तरह का आर्थिक नुकसान नहीं होगा। सरकार चाहे तो कंपनी में दिया अभी तक हिमाचल के कर्मचारियों का 5 हज़ार करोड़ भी वापस ले सकती है और यह पैसा आर्थिक संकट से बाहर निकलने के लिए काफी कारगर साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का एक-एक दिन का वेतन इस तरह से काटना समझ से परे है जबकि सरकार के पास इतनी बड़ी रकम इस संकट के दौर में खर्च के लिए एक ऑप्शन है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से सरकार को यह सुझाव दिया है और साथ ही कहा है कि इस संबंध में पुनः एक लिखित पत्र सरकार को भेजा जाएगा ताकि सरकार इस संबंध में विचार करें। कोरोना काल में व्यर्थ में जो धन सरकार और कर्मचारियों का कंपनी के खाते में जा रहा है वह देश और प्रदेश के हित में प्रयोग में लाया जा सके।
कोरोना महामारी के चलते प्रदेश सरकार ने कई नए दिशा निर्देश जारी किए है। प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार बाहर से आने वाला हर हिमाचली सात दिन तक आईसोलेट रहेगा। वहीं इसी बीच कांग्रेस व भाजपा के बीच ज़ुबानी जंग भी लगातार जारी है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री व राष्ट्रीय सचिव सुधीर शर्मा ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने भाजपा सरकार के इस फ़रमान को तुग़लकी फ़रमान करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिकांश लोगों के पास घरों में अलग-अलग कमरे और शौचालय की व्यवस्था नहीं है। सरकार ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। शासन और प्रशासन इनकी कोई सुध नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना की पहली लहर में भी अगर सामाजिक संगठन आगे ना आए होते तो आईसोलेशन सेंटर में लोग भूखे मर जाते। सरकार के यह दावे है कि कोरोना के मरीज़ों के लिए अस्पतालों में पूरी सुविधा है पर यह खोखले साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अस्पतालों के अंदर CCTV केमरा लगवाए ताकि मरीज़ों के परिजन बाहर से उनका हाल चाल देख सकें और उनको व्यवस्था की पूरी जानकारी रहे। उन्होंने संयुक्त बयान में कहा की अगर बाहर से आने वाले किसी भी व्यक्ति को रहने की अलग व्यवस्था न हो तो वह उनसे सम्पर्क कर सकते है। सब अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों में उचित प्रबंधन के साथ व्यवस्था करेंगे ताकि कोरोना महामारी को फैलने से रोका जा सके, उन्होंने ने कहा कि जो भी साधन उनके पास हैं वह पीड़ित तथा असहाय व्यक्तियों के लिए उपलब्ध करवाए जाएंगे और सारे समाज को मिलकर इस महामारी से लड़ना होगा। उन्होंने सामाजिक संगठनो से भी अपील की है कि वह भी आगे बढ़कर पहले की भाँति अपना योगदान दें। इस मौके पर पूर्व विधायक जगजीवन पाल, यादवेंद्र गोमा, संजय रत्न, किशोरी लाल, एवं कांग्रेस नेता केवल सिंह पठानीया, कमल किशोर, सूरिंदर मनकोटिया व OBC सेल के प्रदेश अध्यक्ष दिलाबर सिंह छोटू उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में सोमवार से बैंक अब शाम 4 बजे बंद होंगे। बैंक में पब्लिक डीलिंग का समय सुबह 10 बजे दोपहर 2 बजे तक का होगा। कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर देश के कई राज्यों ने बैंकों के समय में बदलाव कर दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रदेश की राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति ने मुख्य बैंकों के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर यह फैसला लिया। प्रदेश के वित्त महकमे ने भी समिति के प्रस्ताव को मंजूर कर दिया है। अभी तक बैंक बंद करने का समय शाम पांच बजे रहता था। इसके अलावा पब्लिक डीलिंग का समय दस से चार बजे तक था। कुछ जिलों में नाइट कर्फ्यू के चलते बैंकों के समय में बदलाव किया गया है। 26 अप्रैल से एक मई तक प्रदेश में यह व्यवस्था लागू होगी। स्थिति की समीक्षा करने के बाद आगामी फैसला होगा। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि बिना मास्क के बैंक शाखाओं में आने वाले लोगों को सेवा नहीं दिन जाएगी। सभी बैंकों को 1 मई तक शाखाओं में रोजाना सिर्फ पचास फीसदी स्टाफ को ही बुलाने को कहा है। सरकार से मांग की गई कि एक मई से 18 से 44 वर्ष की आयु के लोगों के लिए शुरू होने वाले वैक्सीन अभियान में बैंक कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाए।
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ की अगुवाई में शिमला में मिले शिष्टमंडल द्वारा मुख्यमंत्री से की गई। जिसमें अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव पवन मिश्रा, प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार, उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर, राज्य महामंत्री विनोद सूद शामिल रहे। इस संबंध में महासंघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी दर्शन लाल ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ की तरफ से शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर 13 सूत्रीय मांग पत्र सरकार को सौंपा गया है। जिसमें मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को गौर करके क्रमबद्ध पूरा करने का आश्वासन दिया है। मांग पत्र में प्रमुख रूप से योग्यता पूरी करने वाले भाषा अध्यापकों को आरएंडपी रूल्स में सुधार करके टीजीटी बनाने, 2010 से पहले नियुक्ति टीजीटी को पदोन्नति में मुख्याध्यापक और प्रवक्ता की दोनों ऑप्शन बहाल करने, डाइट में कार्य कर रहे सभी अध्यापकों के प्रवक्ता होने के नाते डाइट का नियंत्रण उच्च शिक्षा निदेशालय के अधीन करने, 2012 से पहले पदोन्नत एचटी को पदोन्नति वेतन वृद्धि प्रदान करने, मार्च 2004 से पहले की पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग शामिल की गई है। इसके साथ वर्तमान में कोरोना के चलते स्कूलों को खोलने और चलाने के लिए पांच सुझाव रखे गए हैं। जिसमें सामान्य स्थिति होने पर बाहरवीं की परीक्षा करवाने, स्कूलों में बच्चों की एडमिशन करवाने के लिए 1 मई के बाद रोटेशन के आधार पर अध्यापकों को स्कूल बुलाने, स्कूलों में टीकाकरण के योग्य अध्यापकों का बिना टीकाकरण के प्रवेश वर्जित करने संबधी सुझाव सरकार के समक्ष रखे गए। शिक्षकों से जुड़ी ज्वलंत मांगों को लेकर मुख्यमंत्री ने महासंघ को पूरा करने का आश्वासन दिया है।
प्रदेश मे लगातार बढ़ रहे कोविड के सक्रमंण के दौरान एक तरफ प्रदेश सरकार ने एक मई तक सभी शिक्षण संस्थानो को बंद कर दिया है, वंही हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडी में परिक्षाएं लगातार चल रही है। जिसकी NSUI ने कड़ी निंदा की है। NSUI प्रदेश महासचिव यासीन बट्ट ने कहा कि एक तरफ सरकार कोविड के खिलाफ लडा़ई लड़ने की बात कर रही और सभी शिक्षण संस्थानो को एक मई तक बंद कर रही, वही दूसरी तरफ विवि में ही बिना SOP का पालन करवाए परीक्षांए करवा कर प्रदेश के हजारों विद्यार्थीयों के जीवन को खतरे मे डाला जा रहा। यासीन बट्ट ने कहा कि जब इस वैश्विक महामारी के कारण स्कूलों में बोर्ड परीक्षाएं और कॉलेज परीक्षाएं स्थगित हो सकती है तो विश्वविद्यालय मे भी सभी प्रकार की परीक्षांए स्थगित की जाए। उन्होंने कहा कि जब विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति पर प्रदेश हाई कोर्ट मे मामला चला है। NSUI के साथ-साथ विभिन्न संगठनों द्वारा भी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे है। ऐसे में NSUI की सीधी मांग है कि जब तक कुलपति पर चल रहे मामले मे सुनवाई पूरी नही हो जाती तब तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
जिला सोलन ट्रांसपोर्ट ट्रक ऑपरेटर सोसाइटी दाड़लाघाट स्थित यूनियन कार्यालय में 7 वार्डों के लिए चुनाव हुआ। खंड निरीक्षक सहकारी सभा कुनिहार बुद्धि सिंह की देख-रेख में उपमंडल अर्की के 6 व जिला सोलन के एक वार्ड के लिए चुनाव हुए। इसमें कण्डाघाट वार्ड से पुष्पेंद्र शर्मा, दसरेन वार्ड से विजेंदर, भराड़ीघाट वार्ड-1 से अश्वनी कुमार, भराड़ीघाट वार्ड-2 से नीलम भारद्वाज, सन्याड़ी मोड़ वार्ड से जगदीश चंद, भूमती से राज कुमार, व वार्ड मटेरनी से रमेश चंद ने चुनाव में जीत हासिल की है। गौर रहे कि जिला सोलन ट्रांसपोर्ट ट्रक आपरेटर सोसाइटी दाड़लाघाट के जिला में कुल 21 वार्ड हैं। इन दिनों यूनियन की चुनावी प्रक्रिया चल रही है। यूनियन के 14 वार्डों पर सदस्यों का चुनाव निर्विरोध हो चुका है। जबकि 7 वार्डों पर आम सहमति नहीं बन पाई थी। लिहाजा शुक्रवार को यूनियन के 7 वार्डों में सदस्यों के चयन के लिए चुनावी प्रक्रिया संपन्न हुई। चुनावी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अब यूनियन के मलाईदार पदों को झटकने के लिए जोड़-तोड़ की राजनीति आरंभ हो गई है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत देश के निर्धन परिवारों को आगामी मई और जून माह के लिए निःशुल्क पांच-पांच किलो अनाज वितरित करने के निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का यह सराहनीय निर्णय है जिससे प्रदेश के निर्धन परिवार भी लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संकट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के हर वर्ग को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता प्राप्त हो रही है।
परवाणू के उद्यमी प्रकाश चंंद वर्मा को औद्योगिक संगठन लघु उद्योग भारती का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वह लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए हैं और इंडस्ट्रियल एरिया परवाणु में अपना लघु उद्योग चलाते हैं। आज बददी में लघु उद्योग भारती कोर कमेटी की बैठक राजीव कंसल प्रदेशाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई जिसमें प्रदेश संरक्षक एम.पी शर्मा व वरिष्ठ उपप्रधान नेत्र प्रकाश कौशिक विशेष तौर पर उपस्थित हुए। संगठन को गति देने वाले व विस्तार के लिए प्रकाश चंद वर्मा को प्रदेश उपाध्यक्ष व परवाणु का सदस्यता प्रभारी नियुक्त किया गया। परवाणु इकाई में ज्यादा से ज्यादा नए सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया और वह वर्तमान परवाणु इकाई का सहयोग करेंगे। राज्य वरिष्ठ उपप्रधान नेत्र प्रकाश कौशिक ने कहा कि अब हमें हाईकमान के दिशा निर्देशानुसार सब गिले शिकवे भुलाकर संगठन को मज़बूत करना है और कोरोना काल में हर एमएसएमई उद्यमी की मदद करनी चाहिए। हमने एक साल में परवाणू को नंबर वन इकाई बनाना है इसका लक्ष्य मिलकर लेना है। लघु उद्योगों के बगैर किसी की भी गति नहीं है क्योंकि यह भारत में अस्सी फीसदी रोजगार उपलब्ध करवाते हैं। इस अवसर पर फार्मा विंग के प्रदेश हैड चिरंजीव ठाकुर, परवाणू के पूर्व प्रधान प्रमोद शर्मा, प्रदेश संरक्षक एम.पी शर्मा, प्रमोद वर्मा व पैकेजिंग विंग के प्रदेश चेयरमैन आलोक सिंह भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने हिमाचल सरकार तथा स्थानीय प्रशासन से आग्रह करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के कई जिला शिमला, किन्नौर, कुल्लू व लाहौल स्पीति में बर्फबारी व ओलावृष्टि से हुए भारी नुकसान का जायजा लेने के लिए स्थानीय हलका पटवारी को मौके पर जाने के आदेश दें तथा सूची बनाकर हर बागवानों को मुआवजा देने की कृपा करें। उन्होने कहा कि इस भारी बर्फबारी व ओलावृष्टि से उनके सेब के पौधे काफी नष्ट हो चुके हैं। नेगी ने कहा कि जहां अच्छी फलावरिंग को देखकर बागबान खासे उत्साहित नजर आ रहे थे, वहीं मौसम के अप्रैल माह में एकाएक बदलने से सेब की अच्छी फसल होने पर पूरी तरह से पानी फिर गया है। उन्होने कहा कि इसके साथ-साथ चेरी, नाशपाती व पलम की फसलों को भी खासा नुक्सान पहुंचा है। इस क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी इन्ही फसलों पर निरभर करती है और वर्ष भर का अधिकतर खर्चा भी इन फसलों पर निर्भर करता है। नेगी निगम भंडारी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि बागवानों की मजबूरी को समझते हुए बर्फबारी व ओलावृष्टि से हुए भारी नुकसान का आंकलन कर बागबानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर 24 अप्रैल को प्रदेश कांग्रेस के सभी जिलाध्यक्षों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा वर्चुअल माध्य्म से कोविड़ को लेकर एक समीक्षा बैठक करेगें। इस बैठक में प्रदेश में बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर कांग्रेस पार्टी के योगदान, लोगों को सहयोग और सहत्यार्थ के बारे में चर्चा और रणनीति पर आपसी विचार विमर्श किया जाएगा। इसी के साथ पार्टी अध्यक्ष जिलाध्यक्षों को इस बारे आवश्यक दिशा निर्देश भी देंगे। कांग्रेस सचिव हरिकृष्ण हिमराल ने बताया कि प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर कांग्रेस बहुत चिंतित है। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने लोगों की सहत्यार्थ उल्लेखनीय योगदान दिया था और वह इस साल भी काँग्रेस पार्टी इसमें कोई कमी नही रहने देगी।कांग्रेस को आम लोगों के स्वाथ्य की चिंता है और इसी के चलते कांग्रेस पार्टी अपने सामर्थ्य से जितना भी सम्भव हो रहा है उसे कर रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल होने के नाते कांग्रेस अपने सामाजिक दायित्व से भी कभी पीछे नही हटी है और न हटेगी। उन्होंने लोगों से इस महामारी के प्रति पूरी तरह सजग रहने का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें इस बीमारी के खात्मे के लिए सभी सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। हिमराल ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन शिमला व कांगड़ा में कोविड़ कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी है। उन्होंने बताया कि शिमला मुख्यालय के कंट्रोल रूम में डॉक्टर दलीप सिंह, नेरचौक मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य की देख रेख में वालंटियर्स रामिन्दर फोन नम्बर 9418100036, वेद प्रकाश शर्मा 9418010004, मुकल गुप्ता 9218005555, ऊषा मेहता राठौर 7807666777, शशि बहल 8219718267 व किरण धान्टा 9459245592 को प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के परम देव शर्मा, मनीषा मेहता, मान सिंह ठाकुर व भगत राम कोविड़ हेल्पलाइन 0177 2805522 व 0177 2660169 पर किसी भी सहत्यार्थ व सूचना के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसी तरह कांगड़ा कंट्रोल रूम डॉ.राजेश शर्मा की देखरेख में डॉक्टर आदित्य 9736059190, डॉ.शाहील डोगरा 9805377031, डॉ.आस्था 7018705704, इंदिरा उप्पल 9882801180 व रंजना सचन वालंटियर्स से कोरोना से संबंधित किसी भी आपदा सुरक्षा व सहयोग के लिए उनके नाम के आगे दर्शाए गए दूरभाष पर सम्पर्क कर सकतें है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में कोविड-19 टीके की दूसरी खुराक ली। उन्होंने 4 मार्च को कोरोना की पहली खुराक ली थी। इसके उपरान्त, इलैक्ट्राॅनिक मीडिया के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से कोरोना वायरस से बचाव के लिए टीका लगवाने के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य में टीकाकरण अभियान सुचारू रूप से चल रहा है और अब तक वैक्सीन की 13.89 लाख खुराकें दी जा चुकी हैं। फेस मास्क का उपयोग, परस्पर दूरी के नियमों का कड़ाई से पालन और नियमित रूप से हाथ धोना इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान देश में सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया जा रहा है, जो हमारे वैज्ञानिकों तथा डाॅक्टरों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। केंद्र सरकार ने 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों का टीकाकरण करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वीरवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य सरकार ने भी 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का निःशुल्क टीकाकरण करवाने का निर्णय लिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.सुरेखा चौपड़ा और चिकित्सा अधीक्षक डाॅ.रविंद्र मोक्टा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
दाड़लाघाट व आसपास के क्षेत्रों में पिछले दो तीन दिनों में ज़ोरदार बारिश हो रही है। किसानों को लिए यह बारिश संकट बनकर बरस रही है। बता दें कि आजकल गेंहू की कटाई चल रही है, वंही गेंहू भीगने से लोगों की फसल खराब हो रही है। स्थानीय लोग अनिल गुप्ता, इंदरसिंह चौधरी, नरेन्द्र सिंह चौधरी, ओमप्रकाश, राकेश, देवराज, उमेश, बृजलाल, प्रदीप, मंगल, योगेश, मुकेश, राजेंद्रकपिल, पंकज, मनोज, अमित, मदन, निशांत, पवन चौधरी, दीपक गजपति, श्याम चौधरी, बृजलाल, कमल सहित अन्य लोगों का कहना है कि ज्यादातर किसानों ने गेंहू की फसल खराब होने के कारण किसानों की छह महीने की मेहनत पानी में मिलती दिखाई दे रही है।
हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर परवाणू-सोलन अनुभाग में फोर लेन परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। वर्तमान में इस परियोजना की कुल लम्बाई 36.139 किलोमीटर में से 35.652 किलोमीटर कार्य पूरा हो चुका है और अनुबंध समझौता के अनुसार परियोजना का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने पर टोल लगाने के प्रावधान के अनुसार, टोल लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अनुबंध समझौता और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार टोल प्लाजा 19 अप्रैल से कार्यशील कर दिया गया है। इस टोल हाईवे पर ठेकेदार द्वारा 19 अप्रैल से 17 एसओएस टेलीफोन बूथ, पैट्रोल, व्हीकल रिकवरी वैन और पैरा मेडिकल स्टाफ सहित एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। टोल प्लाजा में स्थानीय लोगों को भी रोजगार प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों को मासिक पास की सुविधा उपलब्ध है। निजी वाहनों के लिए 285 रुपये प्रतिमाह की दर से टोल प्लाजा भवन से पास खरीदा जा सकता है। प्रवक्ता ने कहा कि सोलन में सपरून ओवर पास, तीन वायाडक्ट और अन्य छोटे कार्य प्रगति पर हैं जो जून 2021 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे।
कण्डाघाट उपमण्डल के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कोविड-19 टीकाकरण के सम्बन्ध में टीकाकरण स्थल एवं तिथियां निर्धारित की गई हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के एक प्रवक्ता ने दी। उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल को नागरिक अस्पताल कण्डाघा, नागरिक अस्पताल चायल, स्वास्थ्य उप केन्द्र ममलीग तथा स्वास्थ्य उपकेन्द्र झाझा में कोविड-19 टीकाकरण किया जाएगा। प्रवक्ता ने कहा कि 25 अप्रैल को स्वास्थ्य उप केन्द्र शारडाघाट, 26 अप्रैल को नागरिक अस्पताल कण्डाघाट, नागरिक अस्पताल चायल, स्वास्थ्य उपकेन्द्र रूगड़ा तथा स्वास्थ्य उपकेन्द्र टिक्करी (गौड़ा) में कोविड-19 टीकाकरण किया जाएगा। 27 अप्रैल को नागरिक अस्पताल कण्डाघाट, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सायरी, स्वास्थ्य उप केन्द्र बशील, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र छावशा तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कुरगल में कोविड-19 टीकाकरण किया जाएगा। 28 अप्रैल, 2021 को नागरिक अस्पताल कण्डाघाट तथा नागरिक अस्पताल चायल में कोविड-19 टीकाकरण किया जाएगा। 29 अप्रैल को नागरिक अस्पताल कण्डाघाट, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सायरी, स्वास्थ्य उप केन्द्र रूगड़ा तथा स्वास्थ्य उपकेन्द्र दंघील (ढोल का जुब्बड़) में कोविड-19 टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल को नागरिक अस्पताल कण्डाघाट, नागरिक अस्पताल चायल, स्वास्थ्य उप केन्द्र काहला तथा स्वास्थ्य उप केन्द्र टिक्करी में कोविड-19 टीकाकरण किया जाएगा। इन क्षेत्रों के पात्र लोगों से अपील की कि कोविड-19 टीकाकरण के लिए निर्धारित तिथियों पर अपना टीकाकरण करवाएं।
उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ.विकास सूद ने कण्डाघाट उपमण्डल की विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान, उपप्रधान, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ कोविड-19 के सम्बन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।डाॅ.विकास सूद ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के मामलों में वृद्धि हो रही है, तथा इसके दृष्टिगत यह आवश्यक है कि सभी सतर्क रहें और प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि उपमण्डल में यदि कोई व्यक्ति कोविड-19 पाॅजिटिव आता है तो उसे स्वास्थ्य मानकों के अनुसार होम आईसोलेशन अथवा अस्पताल में रखा जाए। उन्होंने कहा कि होम आईसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों को यदि किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो ग्राम पंचायतों के प्रधान, उप प्रधान द्वारा उस समस्या को हल किया जाना चाहिए। कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के प्राथमिक सम्पर्क में आए व्यक्तियों को भी आईसोलेशन के लिए प्रेरित करें एवं 5 दिन बाद उनका आरटीपीसीआर परीक्षण करवाएं। उपमण्डलाधिकारी ने कहा कि विवाह तथा अन्तिम यात्रा के मामलों में उपमण्डल प्रशासन द्वारा 50 व्यक्तियों के सम्मिलत होने की ही अनुमति प्रदान की जाएगी। उन्होंने ग्राम पंचायतों के प्रधान से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में यह सुनिश्चित करें कि किसी भी समारोह में 50 से अधिक लोग एकत्र न हों। समारोहों में भोजन पकाने वाले तथा पंडित का आरटीपीसीआर परीक्षण अनिवार्य है। डाॅ.विकास सूद ने कहा कि यदि किसी गांव अथवा क्षेत्र में 5 लोग कोविड-19 पाॅजिटिव आते हैं तो उस क्षेत्र को सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपमण्डल में सभी दुकानें प्रातः 9.00 बजे से सांय 7.00 बजे तक ही खोली जाएंगी। उपमण्डलाधिकारी ने क्षेत्र की होटल एसोसिएशन, टैक्सी यूनियन इत्यादि के साथ बैठक की और उन्हें पर्यटन विभाग द्वारा इस दिशा में जारी मानक परिचालन प्रक्रिया की जानकारी दी। इस अवसर पर विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान एवं उपप्रधान, तहसीलदार कण्डाघाट अमन राणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सायरी डाॅ. संगीता उप्पल तथा खण्ड विकास अधिकारी हेमचन्द शर्मा उपस्थित थे।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों के दृष्टिगत प्रेस वार्ता को सम्बोधित किया। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अफवाहों से बचें और कोविड-19 सुरक्षा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए स्वस्थ रहें। केसी चमन ने कहा कि सोलन जिला में वर्तमान में न तो किसी प्रकार का कर्फ्यू लगाया गया है और न ही लाॅकडाउन किया गया है। जनहित के दृष्टिगत शनिवार और रविवार को जिला में सभी दुकानें बन्द रहेंगी। केवल फल, सब्जी, दूध एवं दूध से बने उत्पाद, अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानें तथा दवाई की दुकानें खुली रहेंगी। सप्ताह के अन्य दिनों में सभी दुकानें प्रातः 09.00 बजे से सांय 07.00 बजे तक ही खुली रहेंगी। दवा की दुकानें पूर्व की भान्ति खुली रह सकेंगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई दुकान निर्धारित समयावधि से अधिक समय तक खुली पाई गई तो दुकान मालिक के विरूद्ध हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक संस्थान अधिनियम, 1969 के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। केसी चमन ने कहा कि वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में उतरोत्तर वृद्धि हो रही है। इसके दृष्टिगत यह आवश्यक है कि लोग न केवल एहतिसयात बरतें अपितु विभिन्न सुरक्षा मानकों का पालन भी करें। जिला प्रशासन कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए पूर्ण रूप से सजग है और इस दिशा में सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। जिला में कोविड-19 से बचाव के लिए नियमित परीक्षण, पाॅजिटिव रोगियों के सम्पर्क में आए व्यक्तियों की पहचान एवं उपचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला में अभी तक कुल 10672 व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। वर्तमान में जिला में कुल 2060 कोविड-19 रोगी हैं। इनमें से 2006 व्यक्तियों को उनके आवास पर ही आईसोलेट किया गया है। 33 व्यक्ति अस्पताल में उपचाराधीन हैं। जिला में कोरोना वायरस संक्रमण से अब तक कुल 85 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। केसी चमन ने कहा कि जिला में वर्तमान में 45 वर्ष से अधिक व्यक्तियों का कोरोना वायरस संक्रमण से सुरक्षा के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। अभी तक कुल 96279 व्यक्तियों का टीकाकरण किया जा चुका है। 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के शेष व्यक्तियों का टीकाकरण भी शीघ्र कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि1 मई से जिला में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। सोलन जिला में कोविड-19 से बचाव के लिए एक हजार आक्सीजन युक्त बिस्तर सुविधा तैयार करने पर बल दिया जा रहा है। जिला में वर्तमान में 7 कोविड केयर केन्द्र कार्यरत हैं। इनकी कुल बिस्तर क्षमता 350 है। नालागढ़ में मेकशिफ्ट अस्पताल पूरी तरह तैयार है। केसी चमन ने कहा कि कोविड-10 संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए जिला में उपमण्डल स्तर पर आवश्यक कार्यवाही की गई है। ग्राम पंचायत स्तर पर सभी प्रधानों एवं वार्ड सदस्यों को जागरूक कर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय शहरी निकायों एवं पंचायती राज प्रतिनिधियों से आग्रह किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में हरिद्वार में आयोजित हुए महाकुम्भ से लौटे एवं अधिक समय अवधि तक बाहर रहे व्यक्तियों की जानकारी एकत्रित करें और ऐसे सभी व्यक्तियों को आईसोलेशन में रखकर उनका कोविड-19 परीक्षण सुनिश्चित बनवाएं। उपायुक्त ने सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 से बचाव के लिए दिशा-निर्देशों का पालन करें और टीकाकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसन्धान ने यह सिद्ध किया है कि टीकाकरण की दोनों खुराक लेने के उपरान्त यदि कोरोना वायरस संक्रमण पाया भी जाता है तो वह पूर्व की भान्ति घातक नहीं होगा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.राजन उप्पल सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित थे।
कांग्रेस विधायक व पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बेमौसम बर्फबारी, ओलावृष्टि व आंधी-तूफान से सेब की फसल को हुए भारी नुकसान पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि ऊपरी शिमला सहित कुछ अन्य जिलों में भी सेब की अधिकांश फसल तबाह हो गई है। भारी बर्फबारी के बाद आंधी से सेब की फसल को बचाने के लिए लगाए गए एंटी हेल नेट तक टूट गए हैं। आंधी से सेब के काफी पेड़ जड़ से उखड़ गए हैं। सेब से लदे पेड़ों की टहनियां भी काफी संख्या में टूटी हैं। अन्य नगदी फसलों व फलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। सरकार प्राकृतिक आपदा से किसानों को हुए नुकसान की रिपोर्ट लेकर तुरंत भरपाई करे। जिससे सेब उत्पादकों व अन्य किसानों के जख्मों पर मरहम लग सके। सेब उत्पादकों को इस बार अच्छी फसल होने की उम्मीद थी। मौसम भी अभी तक मेहरबान था, लेकिन बीते कुछ दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के कारण आये बदलाव से बारिश के साथ ही बर्फबारी, ओलावृष्टि व तेज आंधी-तूफान ने खूब तबाही मचाई। इससे सेब उत्पादकों व अन्य किसानों की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फिर गया है। सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि वह सेब की फसल वाले जिलों में बर्फबारी व आंधी से हुए नुकसान की रिपोर्ट जल्द मंगवाकर उत्पादकों व किसानों को फौरी आर्थिक सहायता मुहैया कराएं। साथ ही एंटी हेल नेट की भी व्यवस्था की जाए। चूंकि, किसानों व सेब उत्पादकों के लिए रोजी-रोटी का यही जरिया है। सेब, अन्य नगदी फसलों व फलों से होने वाली आय से ही वे अपना व परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इसलिए, सरकार बिना देरी किए उन्हें राहत पहुंचाने के लिए उचित कदम उठाए।
छात्र अभिभावक मंच के बैनर तले दयानंद पब्लिक स्कूल के अभिभावक स्कूल भवन के बाहर एकत्रित हुए व स्कूल की टयूशन फीस में 65 प्रतिशत फीस बढ़ोतरी को वापिस लेने की मांग की। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को चेतावनी दी कि अगर यह फीस बढ़ोतरी वापिस न ली तो प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन तेज़ होगा। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, मंच के सदस्य भुवनेश्वर सिंह, रमेश शर्मा, राजीव सूद ,विक्रम शर्मा, हेमंत शर्मा, मनीष मेहता, अंजना मेहता, रजनीश वर्मा, ऋतुराज, यशपाल, पुष्पा वर्मा, संदीप शर्मा, यादविंद्र कुमार व कपिल अग्रवाल ने कहा है कि सुबह दस बजे अभिभावक स्कूल परिसर के बाहर एकत्रित हुए व स्कूल प्रबंधन से मुलाकात करने की मांग करते रहे परन्तु स्कूल के प्रधानाचार्य व प्रबंधन के अन्य लोग अभिभावकों से नहीं मिले। अभिभावकों के बार-बार आग्रह के बावजूद भी स्कूल प्रबंधन ने मुलाकात व बातचीत करने के बजाए स्कूल गेट को ही बन्द कर दिया। यह पूरी तरह तानाशाही है। उन्होंने शिक्षा निदेशक से मांग की है कि वह तुरन्त दयानंद पब्लिक स्कूल के मामले में हस्तक्षेप करें व पांच दिसम्बर 2019 की शिक्षा निदेशालय की अधिसूचना को लागू करवाएं। यह अधिसूचना वर्ष 2019 में जारी हुई थी व इसमें स्पष्ट किया गया था कि वर्ष 2020 व उसके तत्पश्चात कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों के जनरल हाउस के बगैर कोई भी फीस बढ़ोतरी नहीं कर सकता है। इसके बावजूद भी डीपीएस स्कूल ने वर्ष 2020 में फीस बढ़ोतरी की। वर्ष 2021 में इस स्कूल ने सारे नियम कायदों की धज्जियां उड़ाते हुए टयूशन फीस में भारी-भरकर बढ़ोतरी करके सीधे 65 प्रतिशत तक फीस बढ़ोतरी कर दी। पहली से दसवीं कक्षा तक की प्रतिमाह टयूशन फीस में एक हज़ार रुपये की फीस बढ़ोतरी करके वार्षिक बारह हज़ार रुपये टयूशन फीस की बढ़ोतरी कर दी गई। प्लस वन व टू में प्रतिमाह एक हज़ार दो सौ पचास रुपये की बढ़ोतरी करके सालाना टयूशन फीस पन्द्रह हज़ार रुपये बढ़ा दी गई। यह पूर्णतः छात्र व अभिभावक विरोधी कदम है व इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने हैरानी व्यक्त की है कि शिक्षा विभाग की नाक तले अंधेरा है व इस से दो सौ मीटर दूर डीपीएस स्कूल में ही शिक्षा विभाग अपने आदेशों को ही लागू नहीं करवा पा रहा है जिसका सीधा मतलब है कि निजी स्कूलों के साथ प्रदेश सरकार की सीधी मिलीभगत है। उन्होंने बताया कि अगर यह फीस बढ़ोतरी तीन दिन के भीतर वापिस न ली गई तो छात्र अभिभावक मंच शिक्षा निदेशालय की ओर कूच करेगा।
जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव रणजीत मंडयाल ने बल्ह के बीजेपी विधायक को आड़े हाथो लेते हुए प्रेस में जारी बयाँन में कहा कि देश और प्रदेश जहाँ कोरोना जैसी सर्वव्यापी महामारी से जूझ रहा है तथा जिसके लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन द्वारा आदेशों में सभी राजनैतिक व अन्य कार्यक्रमों पर रोक लगाई गई है, वहीं बल्ह के बीजेपी विधायक भवनों के उद्घाटन कार्यक्रम कर रहें हैं जबकि विधायक को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और ऐसे कार्यक्रमों को बंद करने चाहिए और जनता को महामारी से बचने के लिए जागरूक करने की आवश्यकता है परन्तु विधायक को जनता के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है। रणजीत मंडयाल ने कहा कि शायद विधायक को उद्घाटन और शिलान्यासों की बहुत जल्दी लगी हुई है, क्या पता फिर भविष्य में मौका मिल भी पाएगा या नहीं। रणजीत मंडयाल ने बताया कि जिस रत्ती हस्पताल के भवन का उद्घाटन अभी हाल में किया है, उसकी शुरुआत और शिलान्यास पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी द्वारा किया गया था और बल्ह में अधिकांश विकास कार्य और सरकारी कार्यालय कांग्रेस की सरकारों में मिले है जिसका श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को जाता है। उन्होंने बल्ह विधायक को सलाह दी है कि कांग्रेस के कार्यकाल में हुए कामों का श्रेय लेने के बजाय खुद के कोई किए गए काम जनता के बीच लेकर जाएँ। प्रदेश में नगर निगम चुनाव, बल्ह क्षेत्र में पंचायती राज और नगर निकाय रिवालसर और नेर चौक में जनादेश कांग्रेस की तरफ है और 2022 में कांग्रेस की सरकार हिमाचल में बनेगी और बल्ह क्षेत्र से कांग्रेस एक तरफा जीत हासिल करेगी।
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अप्रैल माह में पिछले दो दिनों से अपना रौद्र रूप दिखाया है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में ओलावृष्टि व बारिश ने हाल बेहाल कर रखा है। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने बताया कि उपनगर संजौली में आज सुबह एक बहुमंजिला भवन गिर गया। भवन गिरने से फिलहाल कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि इसकी नींव के नीचे खुदाई का कार्य चल रहा था जिसके बाद भारी बारिश होने के कारण यह इमारत ढह गई। इस इमारत को खाली करवा दिया गया था जिससे इस हादसे में किसी का जानी नुकसान नहीं हुआ है। आसपास के भवनों को भी आंशिक नुकसान ही हुआ है। पिछले 2 दिनों से प्रदेश में भारी बारिश व बर्फबारी हो रही है जिससे प्रदेश के ऊपरी इलाको चांसेल, खड़ा पत्थर और नेरवा में कुछ रोड अवरुद्ध हो गए हैं। जैसे ही बारिश थमेगी इन्हें बहाल करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों के दृष्टिगत जनहित में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला में शनिवार एवं रविवार को सभी दुकाने बन्द रहेंगी। यह आदेश फल, सब्जी, दूध एवं दूध से बने उत्पाद, अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानों तथा दवा की दुकानों पर लागू नहीं होंगे। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि सप्ताह के अन्य दिनों में सभी दुकानें प्रातः 09.00 बजे से सांय 07.00 बजे तक ही खुली रहेंगी। दवा की दुकानें पूर्व की भान्ति खुली रह सकेंगी। यदि कोई दुकान निर्धारित समयावधि से अधिक समय तक खुली पाई गई तो दुकान मालिक के विरूद्ध हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक संस्थान अधिनियम, 1969 के अनुसार कार्रवाही की जाएगी। जिला में राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष एवं मुख्य सचिव द्वारा 20 अप्रैल को जारी आदेश पूर्ण रूप से लागू होंगे। सभी शिक्षण संस्थान (विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, संसथान, कोचिंग केन्द्र) प्रथम मई तक बन्द रहेंगे। पूर्व निर्धारित परीक्षाएं शिक्षण संस्थान परिसर में आयोजित की जा सकेंगी। अध्यापक वर्ग को भी प्रथम मई तक शिक्षण संस्थान में नहीें आना होगा। गैर शिक्षक कर्मियों एवं संस्थान प्रमुखों तथा ऑनलाइन कक्षाओं के विषय में शिक्षा विभाग द्वारा विस्तृत निर्देश जारी किए जाएंगे। सभी नर्सिंग, चिकित्सा, दन्त महाविद्यालय कोविड-19 मानक परिचालन प्रक्रिया की पालना करते हुए खुले रहेंगे। सभी सामाजिक, अकादमिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं अन्य समारोह के आयोजन पर पूर्ण पाबन्दी लगा दी गई है। विवाह एवं अन्तिम यात्रा में अधिकतम 50 व्यक्तिय ही सम्मिलित हो सकेंगे। 23 अप्रैल से सभी धार्मिक संस्थानोें में आमजन का प्रवेश पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित रहेगा। परम्परा के अनुसार दैनिक पूजा आयोजित की जा सकेगी। प्रथम मई तक सभी बाजार, दुकानें, माॅल, व्यायमशालाएं, खेल परिसर, स्विमिंग पूल जैसे वाणिज्यिक संस्थान शनिवार एवं रविवार को बन्द रहेंगे। यह आदेश फल, सब्जी, दूध एवं दूध से बने उत्पाद तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानों एवं दवा की दुकानों पर लागू नहीं होंगे। रेस्तरां, ढाबों, होटलों इत्यादि को पर्यटन विभाग द्वारा कोविड-19 से बचाव के लिए जारी मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुरूप कार्य करने की अनुमति होगी। सभी सरकारी विभाग, सार्वजनिक उपक्रम, स्थानीय निकाय, स्वायत संस्थान शनिवार एवं रविवार को बन्द रहेंगे। प्रथम मई तक यह सभी संस्थान कुल क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ कार्य करेंगें। दिव्यांग एवं गर्भवती महिला कर्मियों को प्रथम मई तक कार्यालय आने से छूट प्रदान की गई है। उच्च न्यायालय एवं अन्य न्यायिक कार्यलयों के लिए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा अलग से आदेश जारी किए जाएंगे। कुल यात्री क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ कोविड-19 नियमावली का पालन करते हुए सार्वजनिक परिवहन को राज्य में एवं राज्य के बाहर परिचालन की अनुमति होगी। इस सम्बन्ध में विस्तृत आदेश परिवहन विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे। सभी प्रकार के मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर किसी प्रकार का प्रतिबन्ध नहीं है। इन आदेशों की अवहेलना पर आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 सहित भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति परीक्षा में मेहुल ठाकुर ने 93 अंक हासिल कर अपने स्कूल व कुनिहार क्षेत्र का नाम रौशन किया है। मेहुल ठाकुर ने इस परीक्षा को पास कर छात्रवृत्ति प्राप्त की है। बता दे कोरोना के चलते जहां सभी शिक्षण संस्थान बन्द है वहीं मेहुल ठाकुर ने कड़ी मेहनत कर इस परीक्षा को पास कर सफलता हासिल की है। मेहुल के पिता गोपाल ठाकुर ने बताया कि उन्हें बहुत गर्व महसूस हो रहा है। कोरोना काल में जहां बच्चों कि पढ़ाई पर खासा प्रभाव पड़ा हैं वहीं मेहुल ने कड़ी मेहनत व लगन के साथ एनएमएमएसएस की परीक्षा को पास कर छात्रवृत्ति प्राप्त की है। उन्होंने स्कूल के प्राधनाचर्य व सभी अध्यापको का भी आभार जताया।
हिमाचल प्रदेश की पहली फूल मंडी अब सोलन के परवाणू में बनने जा रही है। इसका कार्य भी शुरु हो चुका है। विभाग की माने तो अक्तुबर तक यह मंडी बनकर तैयार हो जाएगी। बुधवार को विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भंडारी खुद मौके पर पहुंचे और कार्य में तेज़ी लाने के निर्देश दिए। गौर रहे कि हिमाचल प्रदेश में फूलों का कारोबार लगभग हर वर्ष 100 करोड़ रुपए से अधिक होता है। प्रदेश के सोलन, सिरमौर शिमला, कुल्लू, कांगड़ा और बिलासपुर में किसान फूलों की खेती करते है। लेकिन किसानों को परेशानी तब झेलनी पड़ती है जब फूलों को बेचने के लिए बाहरी राज्यों के चक्कर काटने पड़ते है। यह समस्या कई बार प्रदेश सरकार के समक्ष भी रखी गई। किसान बार-बार हिमाचल में फूल मंडी को खोलने की मांग करते आए है। ऐसे में इस बार सरकार ने किसानों की यह मांग पूरा करने के लिए परवाणू में बनी सेब मंडी के साथ खाली पड़ी जगह पर फूल मंडी बनाने का निर्णय लिया। इस मंडी का अब कार्य भी शुरु हो चुका है। कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भंडारी ने कहा कि बुधवार को परवाणू में फूल मंडी बनाने को लेकर निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि सेब मंडी के साथ जो जगह खाली है, उस पर फूल मंडी बनाई जाएगी। यह प्रदेश की पहली सेब मंडी है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने फूल विक्रय करने की समस्या को लेकर मद्देनज़र रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सीएम जयराम ठाकुर की घोषणा के बाद राज्य आपदा प्रबंधन सेल की ओर से जारी बंदिशों के नए आदेश आज से पूरे प्रदेश में लागू होंगे। इसके तहत शादी व अंतिम संस्कारों में केवल पचास लोग ही शामिल सकेंगे। इसके अलावा सभी तरह के सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक व राजनीतिक आयोजनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू रहेगा। वहीं, आवश्यक वस्तुओं की बिक्री करने वाली दुकानों को छोड़कर अन्य सभी तरह की दुकानें शनिवार व रविवार को बंद रहेंगी। आज से सूबे के सभी सरकारी दफ्तरों में पचास फीसदी कर्मचारी ही आएंगे। बाकी पचास फीसदी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। शनिवार को सभी कर्मचारी घर से काम करेंगे। दिव्यांग और गर्भवती कर्मचारी आज से दफ्तर नहीं आएंगे। बसों में भी सिर्फ पचास फीसदी सवारियों के साथ ही संचालित हो सकेंगी। इसके साथ ही प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थान बच्चों और शिक्षकों के लिए एक मई तक बंद रहेंगे। गैर शिक्षण स्टाफ के लिए शिक्षा विभाग अलग से आदेश जारी करेगा। हालांकि, शिक्षण संस्थान परीक्षाएं सुचारु रूप से करवा सकेंगे।
कोविड-19 की दूसरी लहर को ध्यान में रखते हुए वर्चुअल माध्यम से एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, शांता कुमार सहित प्रदेश पदाधिकारी, जिला प्रभारी, मोर्चोें के प्रदेश अध्यक्ष, सभी मंत्री, सभी विधायक, 2017 के सभी प्रत्याशी, जिलाध्यक्ष एवं मण्डल अध्यक्ष उपस्थित रहे। बैठक को सम्बोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि जागरूकता के लिए पार्टी पूर्व की भांति सेवा ही संगठन फेज-2 अभियान की शुरूआत करने जा रहा है जिसके तहत जरूरतमंदो को फेस कवर, सैनिटाईजर, दवाईयां, भोजन, रक्तदान शिविर, प्लाज्मा डोनेशन, काढ़ा आदि जरूरत की चीजे वितरित की जाएगी। इसके अतिरिक्त पार्टी ने एक डेडिकेटिड हैल्पलाईन नं0 0177-2832764 जारी कर दिया है। इस नम्बर पर कोरोना से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता के लिए लोग काॅल कर सकते हैं और भारतीय जनता पार्टी का संगठन उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का प्रयास करेगा। सुरेश कश्यप ने बताया कि सेवा ही संगठन फेज-2 के लिए प्रदेश स्तर पर 4 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। जिसमें प्रदेश उपाध्यक्ष एवं हथकरघा निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल को प्रमुख, प्रदेश सचिव पायल वैद्य, वीरेन्द्र चैधरी तथा कार्यालय सचिव प्यार सिंह को सह प्रमुख बनाया गया है। उन्होनें कहा कि भाजपा महिला मोर्चा स्वयं सहायता समुहों के साथ मिलकर फेस कवर बनाएगा और उसका वितरण करेगा। जिन परिवारों के सभी सदस्य कोविड-19 से संक्रमित हो गए हैं उस परिवार को भाजपा परिवार सम्पर्क करेगा और हर संभव मदद करेगा। युवा मोर्चा के कार्यकर्ता रक्तदान शिविर एवं प्लाजमा डोनेशन कैम्प लगाएगा। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हर कार्यक्रम में भाजपा के चुने हुए प्रतिनिधी अग्रणी भूमिका निभाएंगे। आज की बैठक के तीन दिन के अंदर संसदीय प्रभारी अपने संसदीय क्षेत्र, जिला प्रभारी अपने प्रभारी जिला एवं मण्डल अध्यक्ष अपने-अपने मण्डल की वर्चुअल बैठकें करेंगे। उन्होनें कहा कि पार्टी के आगामी सभी बैठकें एवं कार्यक्रम वर्चुअल माध्यम से होंगे। भाजपा कार्यकर्ता अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता की माॅनिटरिंग भी करेंगे तथा 18 वर्ष से उपर के लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित करेंगे और वैक्सीन के बारे में फैलाई जा रही भ्रांतियों के बारे में भी लोगों को जागरूक करेंगे। वैक्सीनेशन केन्द्रों के बाहर हैल्प डैस्क लगाए जाएंगे तथा लोगों की हर संभव सहायता भी की जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा कोविड-19 को लेकर साहित्य प्रकाशित किया जाएगा जिसको किसान मोर्चा के माध्यम से वितरित किया जाएगा। सुरेश कश्यप ने कहा कि भाजपा कोविड महामारी से बचाव एवं जागरूकता के लिए धरातल स्तर तक कार्य करेगी और मेरा बूथ कोरोना मुक्त बूथ अभियान भी चलाया जाएगा और यदि कोविड के कारण किसी की मृत्यु होती है तो उसकी मदद भी की जाएगी। उन्होनें बताया कि सभी सामाजिक संस्थाओं मठ, मंदिर इत्यादी से सतत संपर्क रखा जाएगा। भारतीय जनता पार्टी का संगठन इस कोरोना संकटकाल में प्रदेश की जनता की हर संभव मदद के लिए तत्पर है। उन्होनें कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर बेहद खतरनाक है और हम सभी को इससे बचने के लिए प्रशासन द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का स्वयं भी पालन करना है और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना है ताकि प्रदेश का हर नागरिक इस महामारी के प्रकोप से बच सके।
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने आज जारी एक बयान में कहा कि कोरोना महामारी के दूसरे स्ट्रेन से निपटने के लिए प्रदेश सरकार को युद्ध स्तर पर कार्य करना चाहिए। महामारी को रोकने के लिए कर्फ्यू में और सख़्ती करनी होगी। जहाँ तक वैक्सीन का सवाल है तो प्रदेश के अंदर वो सारी सुविधाएँ उपलब्ध है जिनसे की घर घर जाकर वैक्सीन का टीकाकरण किया जा सकता है। कोल्ड चैन को मेन्टेन करने के लिए प्रदेश के अधिकतर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ILR (ice land refrigerator) हैं और घर घर वेक्सीन लगाने की सुविधा भी है। साथ ही सभी वेटनेरी अस्पतालों, डिस्पेंसरियों तथा पी.वी.डी. में रेफ्रिजरेटर और वैक्सीन करियर उपलब्ध है। यह प्रदेश की हर पंचायत में स्थित हैं जिनकी सहायता से स्वास्थ्य विभाग का फ़ील्ड स्टाफ़ जो की पहले भी करोना महामारी से निपटने के लिए मुस्तैद रहा है अब प्रदेश के हर घर में जाकर वैक्सीन भी लगा सकता है। और ये भी पता लगा सकता है कि उस परिवार के कितने सदस्यों को वैक्सीन लगी, कितने लोग करोना संक्रमित हुए और वास्तु स्थिति क्या है। इससे जहाँ ये पता चल जाएगा की अब तक कितने लोगों को वास्तव में वेक्सीन लगी है वही इस महामारी से हम प्रदेश की जनता को बचा पाएंगे और घर में ही रहते हुए सभी को वैक्सीनेशन की सुविधा दी जा सकेगी। आज के समय में जब महामारी तेज़ी से बढ़ रही है और बार बार लोगों से ही आग्रह किया जा रहा है कि वो घर से ना निकलें तो सरकार को जो संसाधन अपने पास उपलब्ध है उनका पूरा दोहन करना चाहिए ताकि समय रहते प्रदेश के 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को वैक्सीन की सुविधा उपलब्ध हो। प्रदेश सरकार जितना जल्द इस अभियान को शुरू करती है उतना जल्द महामारी को रोका जा सकता है। इस महामारी से सबको मिलकर लड़ना होगा और अगर सरकार टीकाकरण को घर घर जा कर करवाने की पहल करती है तो इस से जुड़ी भ्रांतियां भी दूर होंगी। इस प्रक्रिया से पूरे प्रदेश को दस दिन के भीतर वेक्सीन लगाई जा सकेगी जिससे की सभी सुरक्षित रहें।
जिला सिरमौर के संगडाह के नजदीक बोरली में मंगलवार रात सड़क हादसा पेश आया है। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गए। गाड़ी में चार लोग सवार थे। जिनकी पहचान सुनील दत्त(38) पुत्र बिशन सिंह निवासी गांव शिवपूर, सुरजन सिंह पुत्र बिशन सिंह, विपिन ठाकुर पुत्र सुरजन सिंह निवासी शिवपूर जिला सिरमौर व बैल्डिंग मिस्त्री विकास के रूप में हुई है। गाड़ी के चालक सुनील दत्त अपने भाई, भतीजे तथा विकास के साथ सामान खरीदने गया था वापस आते समय बोरली के पास गाड़ी से नियन्त्रण खोने के कारण गाड़ी सड़क से गहरी खाई में करीब 400/500 मीटर नीचे गिर गई। इस हादसे में सुरजन सिंह व विपिन ठाकुर की मौके पर मौत हो गई जबकि सुनील दत्त व विकास को स्थानीय निवासियों ने पुलिस की मदद से खाई से निकाला तथा इलाज के लिए CHC संगडाह भेज दिया था। जानकारी के अनुसार बैल्डिंग मिस्त्री विकास की भी आज सुबह गहरी चोटों के कारण अस्पताल में मृत्यु हो गई। पुलिस द्वारा इस मामले की उचित जांच की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के जिला लाहौल-स्पीति के सिस्सू में देश के सबसे ऊँचे क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की पहली बाधा पार कर ली गई है। स्टेडियम के लिए स्थानीय पंचायत और राजस्व विभाग ने 38 बीघा ज़मीन की निशानदेही के बाद फाइल वन विभाग को भेज दी है। वन विभाग अब हिमाचल प्रदेश सरकार से लेटर ऑफ इंटेंट मिलने के इंतजार में है। स्टेडियम के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। लाहौल-स्पीति जिला क्रिकेट संघ ने सात साल पहले सिस्सू में स्टेडियम निर्माण की कवायद शुरू की। अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल से महज आठ किमी दूर 11000 हजार फीट की ऊंचाई पर बनने वाला 10 हजार दर्शक क्षमता वाला क्रिकेट स्टेडियम देश में सबसे ऊंचा होगा। अभी सोलन के चायल में 7500 फीट की ऊंचाई पर देश का सबसे ऊंचा क्रिकेट स्टेडियम है, जिसे 1891 में पटियाला के महाराजा भूपेंद्र सिंह ने बनवाया था। लाहौल-स्पीति क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर का दावा है कि स्टेडियम चंदे के पैसे से तैयार होगा। वहीं, जिला खेल अधिकारी एवं एसडीएम केलांग राजेश भंडारी ने बताया कि सिस्सू झील के समीप क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के लिए 38 बीघा जमीन लाहौल-स्पीति जिला क्रिकेट संघ के लिए दी गई है। यह स्टेडियम मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा की प्राथमिकता में है। मारकंडा ने कहा कि सरकार से स्टेडियम निर्माण के लिए जल्द लेटर ऑफ इंटेंट जारी करवाकर भूमि अधिग्रहण की फाइल को देहरादून भेजा जाएगा। बारिश और प्रचंड गर्मी के कारण अप्रैल से सितंबर तक देश में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों नहीं हो पाते। इस दौरान लाहौल घाटी में तापमान 20 से 25 डिग्री रहता है और बारिश न के बराबर होती है। लिहाजा, सिस्सू में यूरोपियन देशों की तर्ज पर यहां क्रिकेट खेला जा सकता है।
ग्राम पंचायत सुधार सभा दाड़लाघाट की पंचायत रौडी (धार) द्वारा चलाए गए प्राकृतिक जल स्त्रोतों की सफाई व जल की गुणवत्ता की समीक्षा के लिए प्रधान,उपप्रधान ने अम्बुजा कंपनी प्रबंधन से आग्रह किया कि कन्वेयर बेल्ट के नीचे आम रास्ते पत्थर व मिट्टी के गिरने से बचाव के लिए जल्द से जल्द कदम उठाए। आम मानस को पत्थर व मिट्टी के गिरने से दिक्क्तों का सामना करना पड़ता है। अध्यक्ष जगदीश ठाकुर व महासचिव प्रेम केशव ने कहा कि कंपनी अंबुजा के लैंड विभाग से सुधार सभा द्वारा एक बैठक में खराब पड़ी भूमि के लीज का मुद्दा उठाया था, परंतु कंपनी के आश्वासन के बाद भी कोई सकारात्मक फैसला नहीं किया जा रहा है,जो किसानों के साथ साथ सरासर अन्याय ही नहीं बल्कि कंपनी प्रबंधन के आश्वासन पर भी जुमला है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से आग्रह है कि सभी समझौते बारे किसानों के हक को बरकरार रखा जाए।
एसजेवीएन द्वारा 20 और 21 अप्रैल को शिमला में अपने कारपोरेट मुख्यालय में कोविड टीकाकरण अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान के दौरान एसजेवीएन के कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों, सुरक्षा कर्मियों एवं ठेकेदारों द्वारा तैनात कार्मिकों को कोविड-19 वैक्सीन लगाई जा रही है। अभियान के दौरान एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंदलाल शर्मा ने आज कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज़ प्राप्त की। उनके साथ लगभग 150 व्यक्तियों ने वैक्सीन की पहली/दूसरी डोज प्राप्त की। एसजेवीएन में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 75%से अधिक कर्मचारियों ने पहले से वैक्सीन की कम से कम पहली डोज़ प्राप्त कर ली है। इस अवसर पर शर्मा ने कहा कि, हम कोविड-19 महामारी का एक और पुर्नरुथान देख रहे हैं। यह एक ऐसा समय है जब संवेदना और सहानुभूति पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आगे बताया कि एसजेवीएन में हमारी पहली और सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता सदैव हमारे कर्मचारी और उनके परिवार रहे हैं। इस संदर्भ मेंसक्रिय कदम के रूप में एसजेवीएन द्वारा संबंधित राज्य सरकारों के सहयोग से कारपोरेट मुख्यालय और विभिन्न परियोजनाओं में कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।
प्रदेश सरकार द्वारा हर पंचायतों में जिम खोलने के लिए प्रयास के साथ बढ़ावा तो दिया जा रहा है,लेकिन कुछ एक पंचायतों में जिम स्थापित होने पर भी इतनी महंगी-महंगी मशीने धूल खाने को मजबूर है। हालत यह है की ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में जिम तो स्थापित कर दिया है, लेकिन दुर्भाग्य ये है कि स्थानीय युवाओं को इसका फायदा नही मिल रहा है,क्योंकि जिस समय से जिम पंचायत में स्थापित किया है तब से लेकर अब तक इसका फायदा युवाओं को ना मात्र मिला है और इतने महंगी जिम मशीनरी का सरकार द्वारा खर्च किये गए लाखों रुपये को पंचायत द्वारा जिम मशीनरी को स्टोर रूम में रखकर धूल फांक रही है। गौर रहे की ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में 2010 में प्रदेश सरकार ने जिम को स्थापित किया था,लेकिन दुर्भाग्य ये है कि जिम मशीनरी का कोई फायदा स्थानीय युवाओं को नही मिल रहा है,जिसके कारण स्थानीय युवाओं को प्राइवेट जिमों का सहारा लेना पड़ रहा है। पंचायत दाड़लाघाट में जब जिम स्थापित किया था तो पंचायत के खुले हॉल में जिम रखा हुआ था लेकिन अभी हाल में ही जिम की मशीनों को खोल कर स्टोर में रख दिया है,जिससे प्रदेश सरकार के पंचायतों में जिम खोलने के बढ़ावे को ग्राम पंचायत दाड़लाघाट द्वारा ठेंगा दिखा जा रहा है। स्थानीय युवाओं में संजय,मोक्षित,रमन,रोहित,मुकेश,दिनेश,अक्षय,शुभम,संदीप,मनीष सहित अन्य युवाओं ने कहा कि पंचायत दाड़लाघाट के प्रतिनिधियों को चाहिए कि सरकार द्वारा इतनी महंगी जिम मशीनों को स्थानीय युवाओं के प्रयोग में लाकर प्रदेश सरकार द्वारा बढ़ावे दिए जा रहे हर पंचायत में जिम खोलने से जहाँ स्थानीय युवाओं में शाररिक विकास होगा वही नशे जैसे ग्रस्त चीजों से दूर रहने में युवाओं को जिम का फायदा मिल सकेगा। जब इस बारे पंचायत प्रधान दाड़लाघाट बंसी राम भाटिया से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्होंने बताया कि यहाँ काफी समय से जिम लगा हुआ था लेकिन अब कोई भी जिम सीखने नहीं आ रहा था जिस कारण आधार कार्ड अपडेट करने के लिए लोकमित्र संचालक को हॉल दे दिया,अगर अब भी कोई जिम सीखने के लिए आता है तो चला दिया जाएगा और इसका समय सुबह 10 से 5 बजे तक ही रहेगा।
भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ हिमाचल प्रदेश के उपाध्यक्ष कृष्ण चंद शर्मा ने अभी हाल ही में 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस के अवसर पर पेंशनरों के लिए कोई भी घोषणा न करने पर पेंशनर संघ की तरफ से नाराज़गी ज़ाहिर की है। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि गत वर्ष वैश्विक महामारी कोरोना के चलते सभी मंत्रियों एवं विधायकों के वेतन में तीस प्रतिशत की कटौती की थी जो की इस माह अप्रैल से सरकार ने पुनः शुरू कर दी है। परंतु कर्मचारियों एवं पेंशनरों का डीए अभी तक जारी नहीं किया गया जो कि बहुत ही चिंतनीय है। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि सभी पेंशनरों की लम्बित मांगों को शीघ्र पूर्ण किया जाए, जेसीसी का गठन किया जाए और पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ का गठन किया जाए। इसके साथ 65, 70 और 75 वर्ष की आयु में मिलने वाले 05, 10 और 15 फीसद अतिरिक्त भत्ते को मूल वेतन के साथ जोड़ने का आग्रह किया।
प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 अप्रैल को सोलन के चम्बाघाट में राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन कार्य के कारण विद्युत लाइन को स्थानांतरित किया जाना है। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के सहायक अभियन्ता दिनेश ठाकुर ने आज यहां दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत 22 अप्रैल को 11 केवी वाटर सप्लाई फीडर की विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहेगी। उन्होंने कहा कि इस कारण 22 अप्रैल को प्रातः 10.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक चम्बाघाट चैक, फोरेस्ट काॅलोनी, एनआरसीएम, बेर खास, डीआईसी, करोल विहार, बेर पानी, जौणाजी, अश्वनी खड्ड, दामकड़ी, फ्लाई, शिल्ली, फशकणा तथा आस-पास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्षा राशिमधर सूद ने बताया कि प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा ने कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर प्रदेश की जनता व जनसेवा कार्य के लिए पूर्व की भांति कार्य करते हुए निम्न जिलाशः कोविड सहायता मोबाईल नम्बर जारी किए हैं। कोविड-19 महामारी में सहायतार्थ ज़िलाश समन्वयक कुछ इस प्रकार रहेंगे। चंबा से कांता ठाकुर, कांगड़ा से रंजू रस्तोगी, नूरपुर से परमजीत मनकोटिया, देहरा से अनिता सिपहिया, पालमपुर से किरण भंगालिया, लाहौल स्पिति से शकुंतला शर्मा, कुल्लू से मनीषा सूद, मण्डी से मंजू,सुन्दरनगर से शारदा चौहान, हमीरपुर से वाटिका सूद, ऊना से मीनाक्षा राणा, बिलासपुर से शीतल भारद्वाज, सोलन से रिया शर्मा, सिरमौर से स्नेहलता, महासू से सुरेन्द्रा, शिमला से कल्पी शर्मा और किन्नौर से रवीना नेगी। इसी प्रकर से युवा मोर्चा द्वारा भी हर जिला स्तर पर हेल्पलाइन नंबर शुरू किए है इसकी सूची भाजयूमो प्रदेश अध्यक्ष अमित ठाकुर द्वारा इस प्रकार बनाई गई है चम्बा से अनिल कुमार, कांगडा से प्रणव शर्मा, नूरपुर से आदर्श शर्मा, देहरा से मुकेश सोनी, पालमपुर से अरविंद कुमार, लाहोल स्पिति से तेजिन कारपा, कुल्लू से नवल नेगी, मण्डी से राकेश वालिया, सुन्दरनगर से अमीचंद, हमीरपुर से अजय रिटू, ऊना से कमल सैणी, बिलासपुर से पंकज शर्मा, सोलन नरिंदर ठाकुर, सिरमौर से पवन चौधरी, महासू से अंकुश चौहान, शिमला पारुल शर्मा और किन्नौर से प्रवीण मोयान इस कार्य को देखेंगे।
कोविड-19 की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए और सभी शैक्षणिक संस्थानों के बंद होने के कारण प्रदेश सरकार ने 2 मई को निर्धारित संयुक्त एकलव्य माॅडल आवासीय विद्यालय परीक्षा (ईएमआरएस) 2021 को स्थगित करने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां जानकारी दी कि प्रदेश सरकार ने 1 मई तक सभी एकलव्य माॅडल आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों को भी बंद रखने का निर्णय लिया है।
कोरोना महामारी के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने सभी शहरी क्षेत्रों में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना को वित्तीय वर्ष 2021-22 में भी जारी रखने का निर्णय लिया है। शहरी विकास विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि इस योजना के अन्तर्गत शहरी क्षेत्रों में आजीविका की सुरक्षा के लिए प्रत्येक इच्छुक परिवार को वर्ष में 120 दिन का रोजगार देने का प्रावधान है। योजना के अन्तर्गत रोजगार प्राप्त करने के लिए किसी भी शहरी क्षेत्र में रहने वाले परिवार के वयस्क सदस्य को संबंधित शहरी निकाय में स्वयं को पंजीकृत करवाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत कार्य करने के लिए ऊपरी आयु सीमा 65 वर्ष रखी गई है। पात्र लाभार्थियों को बेहतर आजीविका मुहैया करवाने के लिए उनका कौशल प्रशिक्षण भी करवाया जाएगा तथा प्रशिक्षित लाभार्थियों को दीनदयाल अन्तोदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अन्तर्गत बैंकों से सस्ती दर पर ऋण भी उपलब्ध करवाया जाएगा। जो भी शहरी निकायों में रह रहे इच्छुक व्यक्ति इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, वे संबंधित शहरी निकाय से आवश्यक प्रपत्र प्राप्त करके, स्वयं को संबंधित शहरी निकाय में पंजीकृत करवा सकते हैं। पंजीकरण के बाद संबंधित शहरी निकाय द्वारा पंजीकृत व्यक्ति का निःशुल्क जाॅब कार्ड बनाया जाएगा। प्रवक्ता ने कहा कि योजना के अन्तर्गत पात्र लाभार्थी को 15 दिन के भीतर रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। यदि किसी भी पात्र लाभार्थी को उक्त अवधि के भीतर रोजगार नही दिया जाता है तो वह उपरोक्त योजना के अन्तर्गत 100 रुपये प्रतिदिन की दर से बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने का भी हकदार होगा। इस योजना के अन्तर्गत पात्र लाभार्थी को सरकार द्वारा अधिसूचित न्यूनतम मजदूरी अथवा 300 रुपये प्रतिदिन, जो भी अधिक हो, दिया जाएगा। मजदूरी का भुगतान 15 दिन का रोजगार समाप्त करने के बाद सात दिन की अवधि के भीतर सीधा लाभार्थी के बैंक खाते में किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुरेखा चोपड़ा की अध्यक्षता में दीन दयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल में आज प्रसव पूर्व शिशु लिंग जांच निषेध अधिनियम के अंर्तगत आज जिला सलाहकार कमेटी की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि जिला में वर्ष 2020-21 में खंड चिकित्सा अधिकारी ननखड़ी को 0-6 लिंग अनुपात में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है जिसके लिए सरकार द्वारा इस खंड को 5 लाख रूपए की राशि प्रदान की गई है। बैठक में निजी अल्ट्रा साउंड मशीनों के पंजीकरण के लिए प्राप्त प्रार्थनापत्रों पर भी विचार विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि जिला में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आशा वर्कर, हेल्थ वर्कर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर घर जाकर लोगों को बेटा-बेटी के जन्म में भेदभाव न रखने के प्रति जागरूकता में अहम भूमिका निभाई जा रही है। बैठक में जिला न्यायवादी रणदीप सिंह परमार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी एच.आर.ठाकुर व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई अन्य भागों में बारिश दर्ज की गई है। वहीं, ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है। शिमला में दोपहर के समय झमाझम बारिश शुरू हुई, इससे तापमान में गिरावट आ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के मैदानी और मध्य पर्वतीय नौ जिलों में मंगलवार और बुधवार को अंधड़, ओलावृष्टि और बारिश की चेतावनी जारी हुई है। 23 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में बादल बरसने का पूर्वानुमान है। 24 अप्रैल से मौसम साफ रहने की संभावना है। विभाग ने बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, ऊना, कुल्लू, मंडी, शिमला और सोलन जिले के लिए बारिश-ओलावृष्टि व अंधड़ का अलर्ट जारी किया है। उधर, केलांग में न्यूनतम तापमान माइनस 0.5, कल्पा 3.0, मनाली 7.4, भुंतर 8.8, कुफरी 9.9, डलहौजी 10.2, सुंदरनगर 10.4, सोलन 10.0, मंडी 10.1, धर्मशाला 10.8, शिमला 12.7, कांगड़ा 13.6, हमीरपुर 14.7, बिलासपुर 15.0, ऊना 14.8 और नाहन में 19.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 32.2, बिलासपुर 22.0, हमीरपुर 21.8, कांगड़ा 30.7, सुंदरनगर 25.5, नाहन 27.1, सोलन 18.0, चंबा 26.9, भुंतर 23.0, धर्मशाला 22.6, शिमला 16.4, कल्पा 13.7, डलहौजी 13.7 और केलांग में 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
हिमाचल में बढ़ते कॅरोना के मामलों को देखते हुए सामाजिक व विवाह सामारोह में अब केवल 50 ही लोग शामिल हो पाएंगे। सरकारी कार्यालयों में 5 डे वीक होगा, शनिवार व रविवार को छुट्टी रहेगी। बाक़ी दिनों में भी 50 फ़ीसदी कर्मचारियों के साथ दफ्तरों में कामकाज होगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि नवरात्रों के बाद मंदिर आम जनता के लिए बंद कर दिए जाएंगे। बस 50 फ़ीसदी सवारियों के साथ चलेंगी। 22 अप्रैल से मंदिरों को केवल पूजा के लिए ही खोला जाएगा। मुखयमंत्री ने आगामी 22 अप्रैल को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में कोरोना पर अन्य महत्वपूर्ण फैसले लेने के भी संकेत दिए है। बाहर से आने वाले लोगों पर भी बंदिशे लगाने के संकेत मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने दिए है। गौरतलब है कि हिमाचल में बीते 24 घंटो के दौरान 1700 मामले सामने आए है और 13 कोरोना संक्रमित लोगों की मौत हुई है। प्रदेश में अब 10 हज़ार के करीब एक्टिव मामले हो चुके है। वंही 1202 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।
मुख्यमंत्री विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड सिराज के ग्राम पंचायत क्योली के गांव लेह में तकनीकी प्रबंधक सहायक संजय नायक द्वारा दो दिवसीय सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। इस दौरान किसानो को प्राकृतिक खेती के फायदे बताए गए और ज़हर मुक्त खेती करने की सलाह दी गई। इस खेती को अपनाने से किसानो की आय में वृद्धि होगी। वहीं, रसायनिक खेती के मुकाबले यह खेती बहुत ही कम खर्च वाली है। रसायनिक खेती से किसान कर्ज में रहते हैं। प्राकृतिक खेती से किसान कर्ज़ मुक्त होंगे और बीमारियों से निजात पा सकेंगे। साथ ही प्राकृतिक खेती करने से किसानो को शुद्ध अनाज, फल और सब्जियां प्राप्त होंगे। शिविर के दौरान संजय नायक ने बताया कि इस तरह के दो दिवसीय प्रशिक्षण पुरे सिराज में हर पंचायत में किए जा रहे हैं और किसानो को इस खेती से जोड़ा जा रहा है ताकि किसानो को इस खेती का लाभ मिल सके। किसानो को प्रशिक्षण के प्रदर्शन के रूप में जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, अग्नि अस्त्र, दशपर्णी अर्क, कड़वी अस्त्र, खट्टी लस्सी तथा सोंठ अस्त्र बनाना भी सिखाया गया।
कण्डाघाट में कोविड-19 से बचाव के सम्बन्ध में आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद की। बहक में डाॅ. विकास सूद ने कहा कि क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में कोविड-19 से सम्बन्धित मानक परिचालन प्रक्रिया की जानकारी प्रदान करने के लिए टीमें गठित की जा रही हैं। वर्तमान में लोगों को जागरूक करने के लिए समुचित प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कण्डाघाट उपमण्डल में अभी तक 4864 व्यक्तियों को कोविड-19 से बचाव के लिए प्रथम खुराक तथा 439 व्यक्तियों को द्वितीय खुराक दी गई है। उपमण्डल के सभी पात्र व्यक्तियों का शीघ्र टीकाकरण किया जाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि उपमण्डल स्तर पर कोरोना संक्रमण जांच के लिए परीक्षण का आंकड़ा बढ़ाया जाए। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग उपमण्डल में 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सभी व्यक्तियों का कोविड-19 से बचाव के लिए शीघ्र टीकाकरण सुनिश्चित बनाए। उन्होंने रैण्डम सैम्पलिंग के साथ क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों का ध्यान रखने के निर्देश भी दिए। कोविड-19 पोजिटिव रोगी होम आईसोलेशन नियम का पालन करें ताकि सभी सुरक्षित रह सकें। डाॅ. सूद ने सोलन-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन कार्य में संलग्न एरिफ कम्पनी को निर्देश दिए कि कम्पनी के आईसोलेशन में रह रहे पोजिटिव कर्मियों का ध्यान रखा जाए और कोविड-19 पोजिटिव रोगियों की जानकारी प्रशासन के साथ साझा की जाए। घरों में आईसोलेट किए गए व्यक्तियों से आईसोलेशन नियम का पालन सुनिश्चित बनाया जाए। पोजिटिव पाए जाने वाले परिवार की दैनिक आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाए और ऐसे परिवारों को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित करें जो हरिद्वार में आयोजित हो रहे कुम्भ मेले से वापिस आए हैं ताकि इन्हें आवश्यकतानुसार होम क्वारेनटाईन किया जा सके। डाॅ. सूद ने निर्देश दिए कि प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न सामाजिक समारोहों के लिए समय-समय पर जारी निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाया जाए। समारोहों में भोजन पकाने वाले सभी व्यक्तियों का कोविड-19 परीक्षण आवश्यक है। कोरोना से बचाव के लिए सभी का जागरूक रहना जरूरी है। सभी लोग सार्वजनिक स्थानों पर उचित प्रकार से मास्क पहनें, दो व्यक्तियों के मध्य दो गज की दूरी के नियम का पालन करें और बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से धोते रहें। पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, तहसीलदार कण्डाघाट अमन राणा, खण्ड विकास अधिकारी कण्डाघाट एच.सी. शर्मा, खण्ड चिकित्सा अधिकारी सायरी डाॅ. संगीता उप्पल सहित पुलिस एवं अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बैठक में उपस्थित थे।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी की अध्यक्षता में आज मंडी संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले रामपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के संबंध में जिला शिमला के राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। आदित्य नेगी ने कहा कि वर्तमान मतदान केंद्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला रनपू का मतदान केंद्र क्षतिग्रस्त होने के कारण 300 मीटर की दूरी पर स्थित मतदान केंद्र राजकीय माध्यमिक पाठशाला रनपू के धरातल मंजिल में स्थानांतरित किया गया है। कोरोना महामारी के दृष्टिगत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार वर्तमान मतदान केंद्र में मतदाताओं की संख्या 950 से अधिक होने पर 2 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। इसके तहत मतदान केंद्र बनिवासा, ननखड़ी, शोली, दत्तनगर, शिंग्ला व शाहधार के वर्तमान मतदान केंद्र भवन में ही सहायक मतदान केंद्र बनाया गया है ताकि कोरोना महामारी के मद्देनजर विशेष मानक संचालन प्रक्रिया की अनुपालना की जा सके। उपायुक्त ने कहा कि इसके अतिरिक्त मंडी संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रामपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्रों के नामावली में परिवर्तन किया गया है जिसके तहत वर्तमान मतदान केंद्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला मझधारठी के बंद होने के कारण भवन में आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किया गया है। वर्तमान मतदान केंद्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला डोई के नामावली में परिवर्तन के कारण मतदान केंद्र का नाम राजकीय प्राथमिक पाठशाला शरण कांदल परिवर्तित किया गया है। वर्तमान मतदान केंद्र दरकाली के राजकीय उच्च पाठशाला दरकाली से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दरकाली, वर्तमान मतदान केंद्र राजकीय उच्च पाठशाला काओबिल से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला काओबिल, वर्तमान मतदान केंद्र राजकीय उच्च पाठशाला फांचा से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला फांचा, वर्तमान मतदान केंद्र राजकीय माध्यमिक पाठशाला कूट से राजकीय उच्च पाठशाला कूट कर दिया गया है।
हिमाचल के जिला मंडी में पुलिस थाना औट क्षेत्र में औट ट्रैफिक टनल के अंदर एक निजी बस व ट्राला के बीच टक्कर होने से 16 व्यक्ति घायल हुए। दो घायलों को सीएच नगवाईं में प्राथमिक उपचार देने के बाद जोनल अस्पताल मंडी रेफर किया गया जबकि तीन अन्य घायलों को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू रेफर किया गया है। इसके अतिरिक्त सभी घायल व्यक्तियों का सीएच नगवाईं में इलाज चल रहा है। हादसे का शिकार हुई निजी बस मनाली से धर्मशाला जा रही थी। स्थानीय पुलिस ने थाना औट में बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया है। घायलों की पहचान गोविंद सिंह(60) पुत्र मुल्कू राम गांव लोहारडा, ललिता देवी(32 ) पत्नी हेम सिंह गांव कुफरी, केशव राम(65) पुत्र चेत्रु गांव दोहरी नाल, राम लाल(33 ) पुत्र छिपु राम गांव सनवाल बैजनाथ कांगड़ा, अमर चंद(55) पुत्र सूरत राम गांव उखल धार मंडी, तारा चंद(45) पुत्र इंद्र सिंह गांव उहड़ी सेरी मंडी, सुदामा(48) पुत्र भगवान दास गांव मंडी, चेरिंग(36) पुत्र पेमा गांव शांग मनाली, सुनीता(41 ) पत्नी हरि सिंह गांव बजौरा कुल्लू, मीनू(48) पत्नी संत राम गांव शुरड भुंतर, नीतू(33) पत्नी भूप सिंह गांव सैन मुहला सदर मंडी, राज कुमार(44) पुत्र हल्फू राम गांव टकोली मंडी, अनिता देवी(40) पत्नी चिरंजी लाल गांव देवखान मंडी, किशोरी लाल(26) पुत्र श्री माधू राम गांव कशल वालीचौकी, राजेंद्र सिंह(45) पुत्र फतेह सिंह गांव नरौरा भुंतर और अंकित डडवाल(22) पुत्र नरेंद्र पाल गांव पिपला आगे भुंतर जिला के रूप में हुई है।
राज्य सचिवालय में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना की चौथी टास्क फोर्स बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना की मौजूदा स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर चर्चा की गई। मुख्य सचिव अनिल खाची ने परियोजना की अभी तक की प्रगति पर संतोष जताया और योजना से जुड़े अधिकारियों को प्राकृतिक खेती के विस्तार के प्रयास तेज करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों के उत्पादों के विपणन और प्रमाणीकरण का काम जल्द पूरा करने के आदेश दिए। इस मौके पर अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि निशा सिंह ने बताया कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती तेज़ी से आगे बढ़ रही है। अभी तक प्रदेश की 3,026 पंचायतों में 1,20,882 से ज़्यदा किसान-बागवानों ने इस विधि को अपना लिया है। विशेष सचिव कृषि एवं प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के राज्य परियोजना निदेशक राकेश कंवर ने कहा कि पिछले वर्ष कोविड-19 महामारी की बंदिशों के बावजूद 59 हज़ार से ज़्यादा किसान इस विधि से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि एक विभागीय सर्वे के दौरान इस विधि से कृषि लागत में 56% कमी और किसान आय में 27% वृद्धि दर्ज की गई है। सेब बागवानी में भी इस विधि से आकस्मिक पतझड़ और स्कैब रोग के प्रकोप में कमी आई है। समीक्षा बैठक में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के कार्यकारी निदेशक प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने परियोजना को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि बैठक में प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न विषयों के साथ प्रदेश में सतत खाद्य प्रणाली (सस्टेनेबल फूड सिस्टम) की शुरूआत करने को लेकर एवं प्राकृतिक खेती से बीज उत्पादन एवं गुणन को लेकर भेजे गए प्रस्ताव तथा उसके लिए संभावी कार्य योजना पर चर्चा के बाद मुख्य सचिव ने अनुमति प्रदान की है। वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बनाई गई कार्ययोजना को भी मुख्य सचिव से स्वीकृति मिली है। इस बैठक में मुख्य सचिव के साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि निशा सिंह, विशेष सचिव कृषि राकेश कंवर, सचिव पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संजीव भटनागर, निदेशक बागवानी जे पी शर्मा, निदेशक (अनुसंधान) कृषि विवि पालमपुर डॉ. डी के वत्स, कार्यकारी निदेशक प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिला बिलासपुर के बचत भवन में कोविड-19 और सूखे जैसी स्थिति की समीक्षा बैठक की। उन्होंने बैठक की अध्यक्षता में कहा कि, चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को कोविड स्वास्थ्य संस्थानों और होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड-19 मरीजों के बेहतर उपचार के लिए अपने व्यवहार में परिवर्तन कर और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकतर चिकित्सक और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ कोविड-19 रोगियों का इलाज प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कर रहे है, लेकिन फिर भी बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए अधिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। जयराम ठाकुर ने व्यापार मण्डल के सदस्यों से राज्य सरकार को इस महामारी से लड़ने के लिए अपना पूर्ण सहयोग देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को कोविड-19 मामलों की अधिकता वाले राज्यों से धार्मिक समारोहों से घर वापस आने वाले स्थानीय लोगों के समूहों पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए। आशा कार्यकर्ताओं को अन्य गम्भीर बीमारियों से ग्रसित कोविड-19 मरीजों का रिकाॅर्ड तैयार करना होगा ताकि कोविड-19 मरीजों का बेहतर उपचार किया जा सके। सूखे जैसी स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने योजनाबद्ध तरीके से जलापूर्ति की आवश्यकता को महसूस किया। उन्होंने कहा कि उन क्षेत्रों में हैंडपम्प लगाए जा सकते हैं जहां पानी के भारी संकट का सामना किया जा रहा है। जलापूर्ति योजनाओं के विस्तार के अतिरिक्त जल योजनाओं को जोड़ने के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए। जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को पानी की आपूर्ति का उचित वितरण सुनिश्चित करना चाहिए और पानी के रिसाव की भी जाॅंच करनी चाहिए।
जिला रेडक्राॅस समिति सोलन के वाहन के नकारा सामान की नीलामी 30 अप्रैल को प्रातः 11.00 बजे उपायुक्त कार्यालय परिसर में आयोजित की जाएगी। यह जानकारी जिला रेडक्राॅस समिति सोलन के सचिव एवं सहायक आयुक्त सोलन भानु गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बोलीदाता को धरोहर राशि के रूप में 1,000 रुपए नीलामी आरम्भ होने से पूर्व जमा करवाने होंगे। असफल बोलीदाताओं की धरोहर राशि नीलामी उपरान्त वापिस कर दी जाएगी। किसी भी कार्य दिवस पर प्रातः 10.00 बजे से सांय 05.00 बजे के मध्य नकारा सामान का निरीक्षण किया जा सकता है। अधिक जानकारी जिला रेडक्राॅस समिति सोलन के कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
मिनी सचिवालय सोलन में फोटोस्टेट मशीन स्थापित करने के लिए नीलामी 30 अप्रैल को प्रातः 11.00 बजे उपायुक्त कार्यालय के बैठक कक्ष में आयोजित की जाएगी। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा ने दी। अनुराग चन्द्र शर्मा ने कहा कि इच्छुक व्यक्ति को प्रार्थना पत्र के साथ धरोहर राशि के रूप में उपायुक्त सोलन के नाम 15,000 रुपए का ड्राफ्ट अथवा चैक संलग्न करना होगा। अधिक जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त सोलन के कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
प्रेस क्लब सोलन द्वारा सोमवार को विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अद्यक्षता प्रेस क्लब सोलन के मुख्य संरक्षक मुकेश कुमार व प्रधान मनीष कुमार शारदा ने की। इस दौरान प्रेस क्लब सोलन के प्रधान मनीष कुमार शारदा ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सभी को कोरोना से बचाव संबंधी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य जो 45 वर्ष या उससे ऊपर के हैं, कोरोना वैक्सीन जरूर लगवाए व दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। किसी के मन में यदि कोई संदेश है तो उसका भी समाधान करेंगे। इस दौरान सभी सदस्यों को आग्रह करते हुए प्रधान मनीष शारदा ने कहा कि प्रेसवार्ता व अन्य कार्यक्रमों में भाग लेते हुए सभी उचित दूरी व मास्क का प्रयोग सही तरीके से करे ताकि सभी सक्रमण से खुद को व दूसरों को बचा सके। बैठक को आगे बढ़ते हुए उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब सोलन द्वारा क्लब के सभी सदस्यों को चिंता मुक्त करने के लिए खेल गतिविधियों से भी जोड़ा जाता है ताकि व काम के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखे। इसी कड़ी में प्रेस क्लब सोलन द्वारा शीघ्र ही बैडमिंटन व क्रिकेट खेल स्पर्धाओं का आयोजन करवाएगा। बैठक में क्लब के उपाध्यक्ष सुनील शर्मा के तबादले के कारण उन्हें विदाई पार्टी देने पर निर्णय लिया गया। बैठक में क्लब में शामिल होने पर मनीष कुमार का स्वागत भी किया गया। बैठक के दौरान कीर्ति कौशल, अनुराग शर्मा, शशि भूषण पुरोहित, मोहिनी सूद, आदित्य सोफत, भूपेंद्र ठाकुर, योगेश शर्मा ,सौरभ शर्मा, ललित कश्यप, मनमोहन वशिष्ट, दया राम कश्यप, वासु, अंजली, काजल, राजन अरोड़ा, अजय जोशी, मनोज ठाकुर, मनीष कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
GNA University organized GU-DAT (GNA University- Design Aptitude Test) Abhikalp in a virtual mode with the sole objective to search and appreciate new emerging talent in the form of creativity and innovation in the field of design. More than 250 students participated in the event from the different schools. The students showcased their hidden talent and creativity in the field of design through the mode of sketches. The University congratulated and acknowledged the participation of the students- The first winner of GU-DAT was Ms. Anmol, Saraswati DAV Senior Secondary School Amritsar, who bagged the cash award of Rs 5100, the first runner Ms. Rajwinder Kaur from Lyallpur Khalsa Collegiate Sr. Sec. School Jalandhar, who won Rs 3100, and the second runner Mr. Amandeep from DCM International School Ferozpur was honoured with Rs 2100 as the cash award. S. Gurdeep Singh, the Pro-Chancellor, GNA University expressed, “I am really elated to witness the huge participation of the students even during the unprecedented times. I appreciate the efforts of the students and their zeal in showcasing their creativity in the field of design.” Mr. C.R. Tripathy Dean Faculty of Engineering Design and Automation remarked, “GNA University is always striving for excellence and will always offer his best in producing future company designers. The University is always on its toes to render the best to the community and unleash the hidden acumen of the deserving students.” During the event Vice-Chancellor GNA University Dr. V. K. Ratan and Dr. Monika Hanspal, Dean Academics was also present and appreciated the student’s talent and designing skills.
नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ की राज्य स्तरीय बैठक राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में जिला सोलन के खण्ड दाड़लाघाट में संपन्न हुई। बैठक में पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करवाने के बारे में आगे की रणनीति तैयार की गई l 30 अप्रैल को संगठन शहीदी दिवस मनाया जाएगा l 15 अप्रैल को ब्लैक डे l जून महीने में सभी रिटायर कर्मचारियों के साथ एक राज्य स्तरीय बैठक की जाएगी। अगस्त में हिमाचल के सभी ब्लॉक में एक ही दिन धरना दिया जाएगा l इसके बाद सभी 68 विधायकों के घर के बाहर धरना दिया जाएगा। बैठक में सभी उपस्थित सदस्यों ने सरकार को आगाह किया कि यदि सरकार जल्दी ही कर्मचारियों की पुरानी पैंशन व्यवस्था बहाल नहीं करती है तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। इस बैठक में राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर, महासचिव भरत शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरभ वैद्य, प्रदेश संविधान पर्यवेक्षक श्याम लाल गौतम, आईटी सेल सह प्रभारी घनश्याम बिरला, राज्य उपाध्यक्ष नित्यानंद शदाट, दीपक ओझा, बलदेव बिष्ट, राज्य प्रचार सचिव। देश राज भारद्वाज, जिला कांगड़ा के अध्यक्ष राजेंद्र मिन्हास, जिला चंबा के अध्यक्ष सुनील जरयाल, जिला हमीरपुर के अध्यक्ष राकेश धीमान, जिला मंडी के अध्यक्ष लेखराज, जिला मंडी की महिला विंग अध्यक्षा मंजुला वर्मा, जिला कुल्लू के महासचिव ओम प्रकाश, जिला बिलासपुर के अध्यक्ष राजेंद्र वर्धन, जिला सोलन के अध्यक्ष अशोक ठाकुर, जिला शिमला के अध्यक्ष कुशाल शर्मा और विभिन्न जिलों के महासचिवों व कोषाध्यक्षों ने भाग लिया l


















































