हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में पर्यटक अब 12 महीने पैरा मोटर का लुत्फ उठा सकेंगे। गोबिंद सागर झील किनारे पैरा मोटर का सफल ट्रायल किया गया। ट्रायल सफल रहने पर प्रशासन ने ऑपरेटर को एयरो स्पोर्ट्स नियमों के तहत पर्यटन विभाग से लाइसेंस लेने के लिए कहा गया है। लाइसेंस के बगैर ऑपरेटर व्यावसायिक उड़ानें शुरू नहीं कर पाएगा। जिले में वाटर स्पोर्ट्स के बाद अब जिला प्रशासन एयरो स्पोर्ट्स को बढ़ावा देगा। शुक्रवार को जिला प्रशासन ने धराड़सानी के पास पैरा मोटर का ट्रायल करवाया। ऑपरेटर ने ट्रायल में पांच उड़ानें भरीं और यह जगह पैरा मोटर के लिए उचित पाई गई। प्रशासन ने एक माह तक ऑपरेटर को ट्रायल करने को कहा है, ताकि अगर कोई किसी तरह की दिक्कत आती है तो उसे दूर किया जा सके। वहीं, ऑपरेटर एयरो स्पोर्ट्स नियमों के तहत लाइसेंस के लिए पर्यटन विभाग के पास आवेदन करने के लिए कहा गया है। जैसे ही विभाग लाइसेंस जारी करेगा तो यहां व्यावसायिक रूप से पैरा मोटर उड़ानें शुरू होंगी। यह 12 माह चलने वाली गतिविधि है। इससे पहले बंदला पैराग्लाइडिंग साइट को भी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अधिसूचित किया जा चुका है। इसके बाद अब पैरा मोटर पर्यटन की दृष्टि से बड़ी उपलब्धि है।पैरा मोटरिंग अल्ट्रालाइट विमान का एक रूप है। इसमें पायलट अपनी पीठ पर एक मोटर पहनता है जो एक अनुकूलित पैराग्लाइडर या पैरा मोटर विंग का उपयोग करके उड़ान भरने के लिए पर्याप्त जोर प्रदान करता है। पैरा मोटर के साथ पैराशूट भी लगा होता है, जो हवा में उड़नें और दिशा नियंत्रित करने में सहायता करता है। इसमें शांत हवा में और समतल जमीन पर अकेले पायलट टेक ऑफ करता है। किरतपुर नेरचौक फोरलेन पर मंडी भराड़ी पुल के पास पैरा मोटर शुरू करने के लिए ट्रायल कराया गया है। यह सफल हुआ है। ट्रायल एक माह का रहेगा। हालांकि, पहले ही दिन इसके लिए अच्छा रिस्पांस मिला है। जैसे ही पर्यटन विभाग ऑपरेटर को लाइसेंस प्रदान करेगा यहां पर पैरा मोटरिंग शुरू हो जाएगी। इससे जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बीते दिन हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड, ऊर्जा विभाग व अन्य उपक्रमों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि विद्युत बोर्ड को और अधिक दक्ष व व्यावसायिक बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है। बोर्ड की गतिविधियों को सशक्त बनाने के लिए नवोन्वेषी प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में यह अवगत करवाया गया कि राज्य विद्युत बोर्ड द्वारा उपभोक्ताओं की केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए अंतिम तिथि 15 फरवरी, 2025 निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने सम्पन्न विद्युत उपभोक्ताओं से स्वैच्छिक तौर पर सब्सिडी छोड़ने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने बोर्ड की विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए । उन्होंने निर्माणाधीन विद्युत परियोजनाओं की भी विस्तृत जानकारी ली। बैठक में विधायक संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के अध्यक्ष संजय गुप्ता, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
**समस्याओं का समाधान न हुआ तो करेंगे धरना-प्रदर्शन आज शिमला में जल शक्ति विभाग शक्ति विभाग के पैरा यूनियन वर्कर के प्रदेश अध्यक्ष महेश शर्मा ने शिमला में प्रेसवार्ता के माध्यम से पैरा वर्करों की समस्याएं और मांगे सबके समक्ष रखी। जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि साल 2017 में बिना किसी पॉलिसी के जल शक्ति विभाग में पैरा वर्करों की नियुक्तियां की गई। लेकिन आज भी उनके कम वेतन ये कर्मचारी तय समय से ज्यादा घंटे अपनी सेवाएं दे रहे है। उन्होंने कहा की 2017 में जल शक्ति विभाग में पैरा वर्करों को तीन अलग-अलग श्रेणियों में नियुक्त किया गया था - पैरापंप ऑपरेटर, परफेटेर और मल्टीपर्पस वर्कर। उनका वेतन औसतन ₹5000 से ₹6300 तक है, जबकि इनकी कार्य अवधि छह घंटे निर्धारित है, लेकिन इतनी ठंड में भी वे अक्सर 10-12 घंटे अपनी सेवाएं दे रहे है। कर्मचारियों को न तो मेडिकल लीव मिलती है और न ही कोई अवकाश। इसके बावजूद तो कई कर्मचारी जनजातीयक्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे है उनको तो सेवा देने के लिए भी 100-100 किलोमीटर तक यात्रा करनी पड़ती है, फिर भी वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। क्या है मांगे : पैरापंप ऑपरेटर और परफेटेर के लिए 60 रुपए प्रति घंटा वेतन। मल्टीपर्पस वर्करों के लिए 50 रुपए प्रति घंटा वेतन। स्थायी नीति लागू की जाए। सरकार द्वारा दिए गए कोटे को खत्म किया जाए: 15% कोटा पंप ऑपरेटर और परफेटेर के लिए और 10% मल्टीपर्पस वर्करों के लिए, और पांच साल की स्थायी नीति को सरकार स्वीकार करे। महेश शर्मा ने बताया कि अपनी मांगो को लेकर वो पहले भी धर्मशाला और शिमला में प्रदर्शन का चुके है लेकिन इस दौरान जल शक्ति विभाग की तरफ से मुकेश अग्निहोत्री उनसे मुलाकात करने के लिए तक नहीं आये जिसका उन्हें खेद है। हालाँकि धर्मशाला में सीएम सुक्खू से हुई मुलाकात में कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं उठाई। सीएम ने कहा कि आप अपने काम पर टिके रहो। लेकिन अब कर्मचारियों का कहना है कि हमे टिके हुए सात साल हो गए है। और अब उन्हें अपनी मांगों के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता महसूस हो रही है। जल शक्ति विभाग के पैरा वर्करों ने कहा है कि आगामी बजट सत्र में वे शांतिपूर्वक मुख्यमंत्री सुक्खू से मुलाकात करने का प्रयास करेंगे और अपनी मांगों को उनके समक्ष रखेंगे। अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
मैसर्ज़ नैना सिस्टम प्राइवेट लिमिटिड परवाणू में 40 पदों पर भर्ती के लिए कैंपस इंटरव्यू 14 जनवरी, 2025 को ज़िला रोज़गार कार्यालय सोलन में आयोजित किए जा रहे हैं। यह जानकारी ज़िला रोज़गार अधिकारी सोलन जगदीश कुमार ने दी। जगदीश कुमार ने कहा कि उक्त पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता आई.टी.आई. से मैकेनिकल, फिटर डिप्लोमा व आयु 22 से 29 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन पदों की विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक विभागीय पोर्टल ई.ई.एम.आई.एस. से प्राप्त कर सकते हैं। सभी योग्य एवं इच्छुक आवेदक विभाग के पोर्टल पर कैंडिडेट लॉग इन टैब के माध्यम से पंजीकृत करने के उपरांत अपनी रजिस्ट्रेशन प्रोफाइल पर अधिसूचित रिक्तियों के लिए अपनी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर आवेदन कर सकते है। उन्होंने कहा कि आवेदन करने से पूर्व प्रत्येक आवेदक का नाम रोज़गार कार्यालय में पंजीकृत होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इच्छुक उम्मीदवार अपनी योग्यता सम्बन्धी सभी अनिवार्य प्रमाण-पत्र व दस्तावेजों सहित ज़िला रोज़गार कार्यालय सोलन में 14 जनवरी, 2025 को प्रातः 10.30 बजे पहुंचकर कैंपस इंटरव्यू में भाग ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि कैंपस इंटरव्यू में भाग लेने वाले उम्मीदवारों को कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा। ज़िला रोज़गार अधिकारी ने कहा कि अधिक जानकारी के लिए आवेदक कार्यालय के दूरभाष नम्बर 01792-227242 तथा मोबाईल नम्बर 78768-26291 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
** एक वर्ष में प्राकृतिक खेती पद्धति से जोड़े जाएंगे एक लाख किसान परिवार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बीते कल कृषि विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभाग के अधिकारियों को प्रदेश में प्राकृतिक खेती से गेहूं व मक्की उगाने वाले क्षेत्रों की मैपिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि विभाग के सभी फार्म को सिर्फ प्राकृतिक खेती पद्धति से ही खेती करने के लिए विकसित किया जाएगा। आगामी वर्ष से इन सभी में प्राकृतिक खेती की जाएगी। यहां प्राकृतिक खेती करने के लिए बीजों का उत्पादन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं व मक्का के भंडारण के लिए हाई एंड तकनीक से भंडारण केन्द्र का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष में एक लाख परिवारों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाएगा। उन्होंने हमीरपुर के ताल में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की संभावना तलाश करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों का विकास खंड के आधार पर डेटा तैयार किया जाए और इसे हिम परिवार से भी जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के दौरान यदि फसल किसी बीमारी से ग्रसित होती है तो उसका उपचार भी प्राकृतिक पद्धति से ही किया जाना चाहिए। उन्होंने प्राकृतिक खेती के बीजों का प्रमाणीकरण करने के लिए प्रक्रिया निर्धारित करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के दृष्टिगत भूमि व बीज की जांच के लिए प्रदेश में हाई-एंड प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने को विशेष अधिमान दे रही है। इसी दिशा में नीतियों एवं कार्यक्रमों को लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में हल्दी व अदरक के प्रसंस्करण के लिए प्रसंस्करण संयंत्र खोलने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर मंे डेयरी आधारित डिग्री पाठ्यक्रम शुरू किये जाएंगे ताकि प्रदेश के युवाओं को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को प्राकृतिक खेती पद्धति के उत्पादों के प्रभावी विपणन के लिए ई-कामर्स वेबसाइट से समन्वय करने के निर्देश भी दिए। बैठक में यह अवगत करवाया गया कि प्रदेश मे खरीफ सीजन 2024-25 के दौरान प्राकृतिक खेती से उगाई गई 3989 क्विंटल मक्का की खरीद की गई है तथा आगामी रबी सीजन के दौरान प्राकृतिक खेती से उगाई गई 8050 क्विंटल गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव कृषि सी पालरासु, निदेशक डिजीटल प्रौद्योगिकी एवं नवाचार डॉ. निपुण जिंदल, निदेशक कृषि कुमुद सिंह, कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक हेमिस नेगी, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सोलन: पुलिस थाना बागा के अंतर्गत सहकारी सभा के अधीन चल रहे ट्रक में भेजे गए सीमेंट को निर्धारित स्थानों पर न पहुंचाने व बीच में ही सीमेंट को कैश में बेचने वाले ट्रक चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चालक ने ट्रक को भी पंजाब में बेच डाला और सभा में भी धोखाधड़ी कर नकली मोहर व जाली हस्ताक्षर वाली बिल्टी प्रस्तुत की। पुलिस ने सभा व ट्रक मालिक को लाखों रुपए का चूना लगाने वाले इस आरोपी चालक से पूछताछ शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार बीती 26 दिसंबर को सचिव दी मांगल लैंड लूजर्स एवं इफेक्टिव परिवहन सहकारी सभा समिति बागा ने पुलिस थाना बागा में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि गाड़ी (एचपी-11सी-2625) जो सोनू कुमार निवासी गांव पडयार के नाम से चलती है। इस ट्रक में सभा के माध्यम से 19 सिंतबर, 2024 को बिल्ड बिल्डकॉन लिमिटेड बिलासपुर, 23 सितंबर , 2024 को गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड मल्याणा, 25 सितंबर, 2024 को दोबारा गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड मल्याणा और 28 सितंबर, 2024 को पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड पवारी के लिए सीमेंट भेजा गया था, लेकिन इन चारों ही स्थानों पर गाड़ी के चालक व गाड़ी मालिक के द्वारा सीमेंट का भुगतान नहीं किया गया और कंपनी द्वारा सभा की चार लाख 43 हजार 728 रुपए की राशि काट दी गई। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी। सीमेंट को एक अन्य चालक जो जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है की आईडी का इस्तमाल करके बेचा और वापसी में बिल्टी जमा नहीं करवाई। जांच के बाद मिले पर्याप्त सुबूतों के आधार पर बागा थाना की टीम ने नौ जनवरी को आरोपी चालक हेमराज निवासी खारसी जिला बिलासपुर को गिरफ्तार किया है। इतना ही नहीं गिरफ्तार आरोपी ने ट्रक (एचपी-11सी-2625) को गाड़ी मालिक की बिना सहमति के मंडी गोविंदगढ़ पंजाब में बेच दिया है। पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के पूर्व अपराधिक रिकार्ड की पड़ताल की जा रही है।
जिला में धोखाधड़ी के मामले खत्म होने का नाम नहीं ले रहे। ऐसा ही एक मामला अब मसरेडू क्षेत्र से सामने आया है। सदर पुलिस थाना के तहत आते भोटा क्षेत्र के मसेरड़ू गांव निवासी एक व्यक्ति के बैंक खाते से किसी अज्ञात शातिर ने लगभग 1.96 लाख रुपए निकाल लिए हैं। शिकायतकर्ता के साथ यह धोखाधड़ी 18 दिसंबर, 2024 को हुई थी। पुलिस को दी शिकायत में पीडि़त ने बताया कि बीते 18 दिसंबर को वह भोटा स्थित एक एटीएम से रुपए निकालने के लिए गया था। इस दौरान एटीएम में मौजूद किसी शातिर व्यक्ति ने उसका एटीएम बदल लिया। शातिर ने बैंक खाते से लगभग 1.96 लाख रुपए की राशि निकाली ली है। शातिर ने सबसे पहले भोटा स्थित एटीएम से पैसे निकाले तथा उसके बाद बिलासपुर के घुमारवीं और हरियाणा के सिरसा से भी रुपए निकाले हैं। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर भगत सिंह ठाकुर का कहना है कि मामले में कार्रवाई की जा रही है।
शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के ननखड़ी की खोली घाट पंचायत में एक दर्दनाक घटना घटी, जब एक दो मंजिला मकान में आग लग गई। आग इतनी तेज़ी से फैली कि पूरा मकान आग की लपटों में समा गया और घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। इस घटना में परिवार के पांच सदस्य बेघर हो गए हैं। घटना करीब तीन बजे के आसपास हुई, जब घर के सभी सदस्य अपने-अपने कामों पर गए हुए थे। मकान बणी बासा गांव के निवासी राम लाल का था। ग्राम पंचायत प्रधान अनिता ने बताया कि आग की लपटें इतनी भयंकर थीं कि घर का पूरा सामान जलकर राख हो गया, जिसमें कपड़े, बर्तन और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं। उन्होंने कहा कि इस घटना की जानकारी प्रशासन को दे दी गई है और ग्राम पंचायत की ओर से भी मदद की जाएगी। इसके अलावा, अनिता ने अन्य स्थानीय लोगों से अपील की कि वे पीड़ित परिवार की सहायता करें। पीड़ित परिवार के सदस्य राम लाल ने बताया कि उन्हें आग लगने की खबर तब मिली जब वे अपने काम से घर लौटे। घर की हालत देखकर वे बेहद दुःखित थे, हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने उद्योगों के लिए बंद हुई एक रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी पर कोई राहत नहीं दी है। अदालत ने उद्योगों की ओर से अंतरिम राहत के लिए दायर अर्जी को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद अब उद्योगों को बढ़े हुए बिजली बिल चुकाने होंगे। मुख्य याचिका अभी अदालत में लंबित है। इस मामले पर मार्च में सुनवाई होगी। उद्योगों की ओर से हाईकोर्ट के एकल जज के फैसले को डबल बेंच में चुनौती दी गई थी। दलीलों में कहा था कि राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने बिना सोचे-समझे राज्य सरकार की ओर से जारी सब्सिडी बंद करने की अधिसूचना को लागू कर दिया। टैरिफ में सिर्फ साल में एक बार ही संशोधन किया जा सकता है, जबकि सब्सिडी को बिना टैरिफ संशोधन के बदलाव नहीं किया जा सकता। उन्होंने अदालत से सरकार की ओर से 3 मार्च 2024 को जारी अधिसूचना को वापस लेने की गुहार लगाई थी। वहीं सरकार ने अदालत को बताया कि सरकार को किसी भी समय सब्सिडी वापस लेने का अधिकार है। राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने कहा कि टैरिफ में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सिर्फ सरकार की ओर से जारी सब्सिडी को वापस लिया गया है। उद्योगों का विवाद जारी किए गए बिल से है। बता दें कि एकल जज ने राज्य सरकार की ओर से उद्योगों को एक रुपये प्रति यूनिट मिलने वाली सब्सिडी को बंद करने के निर्णय को सही ठहराया था। सरकार ने उद्योगों को एक रुपये प्रति यूनिट मिलने वाली सब्सिडी को बंद कर दिया था। सरकार के इस फैसले से प्रदेश में स्थापित करीब 200 कंपनियां प्रभावित हुई हैं।
हिमाचल सरकार ने प्रचार और प्रसार के लिए इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक और पीवीसी बैनर को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की ओर से जारी अधिसूचना के तहत 100 माइक्रोन से कम प्लास्टिक या पीवीसी बैनर के उपयोग पर रोक लगा दी गई है। भारत सरकार की ओर से पर्यावरण संरक्षण के लिए जारी निर्देशों पर हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस बाबत राजपत्र में अधिसूचना जारी की। पर्यावरण को बचाने के लिए पेडों पर बैनर लगाने पर कार्रवाई के प्रति चेताया गया है। डिजिटल होर्डिंग को बढ़ावा देने का आग्रह भी किया गया है। सरकारी योजनाओं, विभागों के शिक्षाप्रद बैनर 200 माइक्रोन से कम नहीं होने चाहिए। सरकारी कार्यक्रम के लिए बैनर 100 माइक्रोन से कम नहीं होने चाहिए। चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के कटआउट 200 माइक्रोन, चुनावी रैली के लिए 100 माइक्रोन से कम नहीं होने चाहिए। निजी विज्ञापन 30 दिनों के लिए 100 माइक्रोन से कम नहीं, 30 दिन से अधिक के लिए 200 माइक्रोन से कम नहीं होना चाहिए। बैनर और होर्डिंग स्थानीय निकाय की मंजूरी से ही लगाए जाएंगे। फ्लेक्स हटाने के बाद स्थानीय निकाय को रिसाइक्लिंग के लिए देना अनिवार्य होगा। बैनर पर विभाग का नाम, अवधि, प्रिंटर का नाम प्रकाशित करना होगा। केंद्र सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करने पर पर्यावरण विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग जुर्माना वसूल सकेगा।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के ठियोग विधानसभा क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के कथित गड़बड़झाले में प्रारंभिक जांच में कई खुलासे हुए हैं। टेंडर की शर्तों के मुताबिक लेलू पुल के पास से स्वच्छ पानी की सप्लाई की जानी थी, लेकिन जांच में सामने आया है कि ठेकेदार ने इस स्थान से टैंकरों और पिकअप में पानी भरा ही नहीं। टैंकर और पिकअप के चालक नालों से पानी भरकर ले गए। यह भी पता चला है कि यह पानी पीने लायक नहीं था। नालों से उठाया गया मटमैला पानी लोगों को पिलाया गया। पानी के फेरों में भी गड़बड़ियां हुई हैं। चार की जगह पानी के दस टैंकरों के चक्कर बताए गए हैं। जब टैंकरों से पानी की सप्लाई हो रही थी तो उस समय मौके पर जल शक्ति विभाग का कर्मचारी नहीं था। अपनी मर्जी से ही टैंकरों और पिकअप के चक्कर दर्शाए गए। कार्यालय में ही मौके की रिपोर्ट बनाई गई। जूनियर इंजीनियर और लिपिक की भी प्रारंभिक रिपोर्ट में लापरवाही सामने आई है। पानी के कई बिल लेलू पुल खड्ड से जहां पानी पहुंचाया जाना है, उस गांव तक बनाए गए हैं। जबकि लेलु पुल से पानी उठाया ही नहीं गया। विजिलेंस का मानना है कि गिरी नदी के ऊपर बने लेलू पुल के पास पानी को साफ किया गया है, यहां से पानी शिमला के लिए सप्लाई हो रहा है। विजिलेंस की टीम ने लेलू पुल (जहां से पानी उठाया जाना ले जाया जाना था) पंपिंग स्टेशन में तैनात कर्मचारियों से भी बात की, लेकिन उन्होंने कहा कि यहां से पानी नहीं ले जाया गया है। बड़ी बात यह है कि जूनियर इंजीनियर और कर्मचारी ने ठेकेदारों के बिल तैयार किए। इन्हें सहायक अभियंता ने भी नहीं देखा, सीधे हस्ताक्षर कर दिए। इसके बाद फाइल अधिशासी अभियंता के पास गई। बिल को वेरिफाई किए बिना उन्होंने भी हस्ताक्षर कर फाइल आगे सरका दी। इसके बाद इन ठेकेदारों को पेमेंट कर दी। शुक्रवार को भी विजिलेंस कार्यालय में इंजीनियरों, ठेकेदारों और कर्मचारियों से पूछताछ चलती रही। निलंबित इंजीनियरों, जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों, ठेकेदारों, चालकों के बयान दर्ज करने के बाद विजिलेंस टीम ने यह मामला डीजीपी विजिलेंस अशोक तिवारी से साथ डिस्कस किया। डीजीपी ने मामले की तह तक जाने की बात कही है। जिला शिमला के ठियोग विधानसभा क्षेत्र में पानी के कथित गड़बड़झाले में विजिलेंस ने शुक्रवार को 25 लोगों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए हैं। यह पूछताछ टैंकर मालिक, चालक और ठेकेदारों से हुई है। ठियोग के पूर्व विधायक राकेश सिंघा भी विजिलेंस कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने विजिलेंस अधिकारियों से मामले में निष्पक्षता से जांच की मांग की। सिंघा ने कहा-आरटीआई के माध्यम से इस मामले की जानकारी ली है। विजिलेंस की टीम रिकॉर्ड खंगालने में जुटी है। विजिलेंस का दावा है कि एक सप्ताह के भीतर मामले का खुलासा हो जाएगा। दो दिन के भीतर मामला दर्ज हो सकता है। जांच टीम डिजिटल डाटा का विश्लेषण कर रही है।
हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में शनिवार और रविवार को बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में बदलाव आने का पूर्वानुमान है। इसके चलते कई क्षेत्रों में दो दिनों तक शीतलहर चलने का पूर्वानुमान भी है। 13 जनवरी से प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। इस दौरान धूप खिलने से तापमान में और बढ़ोतरी दर्ज होने की संभावना है। शुक्रवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। प्रदेश के मैदानी जिलों में शुक्रवार को सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण ऊना में दो ट्रेनें और कालका-शिमला ट्रेन ढाई घंटे देरी से चली। हरियाणा में कोहरा पड़ने से कालका तक आने वाली शताब्दी ट्रेन तय समय से लेट पहुंची। इस कारण कालका से शिमला की ओर से आने वाली ट्रेन भी देरी से चली। ऊना तक भी कोहरे के चलते ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। उधर, जिला कुल्लू व लाहौल में शुक्रवार को मौसम साफ रहा। घाटी में बड़ी संख्या में सैलानी बर्फ का दीदार के लिए पहुंच रहे हैं। केलांग से मनाली-कुल्लू से केलांग के लिए अटल टनल रोहतांग होकर 13 दिन बाद बस सेवा शुरू हो गई है। मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सैलानियों को संवेदनशील इलाकों की ओर न जाने की अपील की है। शुक्रवार को धर्मशाला में अधिकतम तापमान 22.0, मंडी में 21.3, भुंतर में 20.6, सुंदरनगर में 19.3, कांगड़ा-हमीरपुर में 18.7, बिलासपुर में 18.0, शिमला में 17.0, ऊना में 15.6, मनाली में 14.6, नाहन में 11.9 और कल्पा में 9.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। बिलासपुर, कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी, सोलन और सिरमौर के कई क्षेत्रों में भी शुक्रवार सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाया रहा। इन क्षेत्रों में दोपहर 12 बजे के बाद धूप खिली। शाम चार बजे के बाद दोबारा कोहरा छा गया। शनिवार को बारिश और बर्फबारी की संभावना के चलते कोहरा पड़ने से कुछ राहत मिल सकती है।
धर्मपुर/डिंपल: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू आज धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक चंद्रशेखर के पिता काहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करने उनके पैतृक गांव बहरी पहुंचे। काहन सिंह का लंबी बीमारी के उपरांत गत दिनों जिला मंडी के धर्मपुर में उनके पैतृक स्थान बहरी में 82 वर्ष की आयु में देहांत हो गया था। मुख्यमंत्री ने विधायक चंद्रशेखर, उनकी माता जयवंती देवी तथा शोकाकुल परिवारजनों को ढाढस बंधाया और इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की। इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व सीपीएस संजय अवस्थी, विधायक सुरेश कुमार, एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, सरकाघाट से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी पवन ठाकुर, जोगिंदर नगर से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी जीवन ठाकुर, राज्य सहकारी सभाएं के निदेशक मंडल सदस्य लाल सिंह कौशल, एचपीएमसी के निदेशक मंडल सदस्य जोगिंदर गुलेरिया, शशी शर्मा व उपायुक्त अपूर्व देवगन और पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा सहित अन्य उपस्थित थे।
आस्था कॉलेज ऑफ एजुकेशन (बीएड कॉलेज) कुनिहार में फ्रेशर पार्टी और नववर्ष स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए द्वितीय वर्ष के छात्रों द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें संस्थान की प्रधानाचार्या किरण बाला ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ। कॉलेज प्रवक्ता जयपाल सिंह ने बताया कि कार्यक्रम को दो चरणों में विभाजित किया गया था। पहले चरण में मुख्य आकर्षण मॉडलिंग रही, जिसमें सभी प्रशिक्षुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और रैंप पर अपने जलवे बिखेरे। इस दौरान कमलदीप को मिस्टर फ्रेशर और तनवी को मिस फ्रेशर चुना गया, जबकि रितिक और वंदना को फर्स्ट रनरअप, संजय को मिस्टर पर्सनेलिटी और कुसुम को मिस परसोना चुना गया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रशिक्षुओं ने कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें दर्शकों का मनोरंजन किया गया। रोहित और ग्रुप द्वारा सरस्वती वंदना, आकृति और ग्रुप द्वारा बॉलीवुड नृत्य, खुशबू और ग्रुप द्वारा भांगड़ा, कृतिका और ग्रुप द्वारा नाटी, पंकज और ग्रुप द्वारा लेजी नृत्य, तनवी और ग्रुप द्वारा पंजाबी नृत्य, सिमरन और ग्रुप द्वारा बॉलीवुड नृत्य की प्रस्तुतियाँ दी गई। इसके अलावा, आरची, आरती, दीपा और पायल द्वारा एकल नृत्य की प्रस्तुति भी की गई। कार्यक्रम के अंत में, कॉलेज की प्रधानाचार्या और मुख्यातिथि किरण बाला ने सभी प्रशिक्षुओं और अध्यापकों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर प्रवक्ता सीएल भारद्वाज, अमिता, शिवानी, पूजा, राजन, आशा और लवली भी उपस्थित थे।
तहसील रक्कड़ के अंतर्गत पड़ती पंचायत भरोली जदीद में शुक्रवार को भाजयुमो जिला अध्यक्ष रमन शर्मा व मंडल उपाध्यक्ष अनीश ठाकुर ने बाबा बालक नाथ यूथ क्लब भरोली जदीद द्वारा आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता का पहला मुकाबला प्रागपुर और चपलाह के बीच हुआ। प्रागपुर ने 57 रनों से चपलाह को हराया। मुख्य अतिथि रमन शर्मा ने कहा कि इस तरह के टूर्नामेंट से गांव की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर यूथ क्लब आयोजक रोबिन राणा, निर्भय, अक्षित ठाकुर, विशु,पुष्कर, निखिल, अंकुश,अर्पित, ईशान और गुलशन साहित अन्य लोग मौजूद रहे।
शूलिनी विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित मानव-कंप्यूटर इंटरैक्शन और संज्ञानात्मक कंप्यूटिंग (एचसीआईसीसी-2025) पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में शिक्षा जगत और उद्योग जगत की व्यापक भागीदारी के साथ प्रसिद्ध राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वक्ता एक साथ आए। सम्मेलन में मानव-कंप्यूटर इंटरैक्शन (एचसीआई) और संज्ञानात्मक कंप्यूटिंग में अत्याधुनिक विकास को संबोधित करने वाले आकर्षक सत्र आयोजित किए गए। नॉर्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी, संयुक्त राज्य अमेरिका से डॉ. संदीप कौर कुट्टल और जायद यूनिवर्सिटी, संयुक्त अरब अमीरात से डॉ. सना कद्दौरा ने गुणवत्ता विकास में मानव-केंद्रित कारकों के महत्व पर जोर देते हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और बड़े भाषा मॉडल में मूल्यवान अंतर्दृष्टि साझा की। सम्मेलन का मुख्य आकर्षण पी.के. गुप्ता का व्याख्यान था। डेल टेक्नोलॉजीज, संयुक्त राज्य अमेरिका में ग्लोबल सीटीओ गुप्ता ने 2025 और उससे आगे के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों और अवसरों का शीर्षक दिया। गुप्ता ने स्वास्थ्य सेवा, कृषि, रक्षा और विनिर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मौजूदा अनुसंधान कमियों के बारे में विस्तार से बताया और ठोस समाधान विकसित करने के लिए मजबूत आईटी उद्योग सहयोग का आह्वान किया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के प्रोफेसर तपन गांधी और आईआईटी मंडी के प्रोफेसर वरुण दत्त ने संज्ञानात्मक विज्ञान को आगे बढ़ाने में एचसीआई अनुसंधान की भूमिका को रेखांकित किया। प्रोफेसर गांधी ने ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस पर अपना काम प्रस्तुत किया, जबकि प्रोफेसर दत्त ने मानव-केंद्रित समाधान बनाने के लिए एचसीआई सिद्धांतों के एकीकरण पर प्रकाश डालते हुए व्यवहारिक साइबर सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया। एचसीआईसीसी-2025 आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर मोहिंदर सिंह ठाकुर ने शूलिनी विश्वविद्यालय प्रबंधन, एनआईटी हमीरपुर और राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) शिमला, आईक्रिएट गुजरात, विज्ञान संग्रहालय, उच्च शिक्षा निदेशक हिमाचल प्रदेश, अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ), और विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी), भारत सरकार सहित अन्य प्रमुख भागीदारों का आभार व्यक्त किया । उन्होंने सम्मेलन को उल्लेखनीय सफल बनाने में वक्ताओं, सत्र अध्यक्षों और प्रतिभागियों के अमूल्य योगदान को स्वीकार किया। प्रोफेसर ठाकुर ने एचसीआईसीसी-2025 के संयोजक डॉ. अरविंद शर्मा और आयोजन टीम को इस कार्यक्रम की निर्बाध मेजबानी में उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए बधाई दी।
कुल्लू पुलिस टीम ने खलाड़ा नाला में नाकाबंदी के दौरान राहुल ठाकुर (20 वर्ष), पुत्र महेन्द्र सिंह, निवासी गांव जिंदी, डाकघर शालंग, तहसील और जिला कुल्लू से 203 ग्राम चरस बरामद की। इस संबंध में आरोपी राहुल ठाकुर के खिलाफ कुल्लू पुलिस थाना में मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
बंजार पुलिस टीम ने बठाड़ चौक पर गश्त और नाकाबंदी के दौरान सतपाल सिंह (28 वर्ष), पुत्र मंगा सिंह, निवासी हाउस नंबर 133, वार्ड नंबर 7, सुनाम तहसील, जिला संगरूर (पंजाब) को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 114 ग्राम चरस बरामद हुई। इस मामले में बंजार पुलिस थाना में आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 20 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार किया गया है और आगामी जांच की जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस की कड़ी निगरानी और मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।
जिला कांगड़ा की तहसील फतेहपुर की पंचायत मच्छोट में दिसंबर 2023 में हुए युवक मुनीश राणा की आत्महत्या मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के मेवात से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुनीश राणा गाड़ी चलाता था और दसबर 2023 में अचानक लापता हो गया था। उसके चाचा और पंचायत प्रधान हरपाल सिंह के अनुसार, मुनीश को किसी महिला की आवाज में फोन कर ब्लैकमेल किया जा रहा था और पैसे की मांग की जा रही थी। परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली। 1 जनवरी 2024 को उसका शव घर से थोड़ी दूरी पर जंगल में मिला। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।पुलिस चौकी रे के प्रभारी विकास दीप शर्मा और उनकी टीम ने कॉल डिटेल्स और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कर आरोपियों सचिन और पंकज, निवासी अलवर, राजस्थान, को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को फतेहपुर लाकर पूछताछ जारी है। पुलिस की तत्परता से इस मामले में कार्रवाई हुई। आगे की जांच में और भी खुलासे हो सकते हैं।
** एसडीएम कार्यालय में तैयारियों के लिए विभागीय अधिकारियों की हुई बैठक पधर में उप मंडल स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह नेता जी सुभाष चंद्र मेमोरियल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पधर के खेल मैदान में आयोजित होगा। शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय में इसकी तैयारियों के लिए विभागीय अधिकारियों की बैठक हुई। कार्यकारी उपमंडल अधिकारी डॉ. भावना वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में प्रातः 11 बजे मुख्य अतिथि राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। पुलिस, एनसीसी, एनएसएस कैडेट्स द्वारा परेड की सलामी दी जाएगी। इसके बाद विद्यार्थियों, महिला मंडल और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। स्वतंत्रता सेनानियों और समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। सभी विभागीय अधिकारियों को कार्यक्रम की तैयारी के दिशा निर्देश दिए गए।
** शिमला समेत हिमाचल में बारिश और बर्फबारी की संभावना हिमाचल प्रदेश में 11 और 12 जनवरी को बारिश और बर्फबारी की संभावना है। किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू और शिमला में बर्फबारी जबकि निचले इलाकों में बारिश हो सकती है। शिमला, मनाली और नारकंडा में भी बर्फबारी की उम्मीद है। आज मौसम साफ रहेगा, लेकिन मैदानी इलाकों में शीतलहर और कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिक का संदीप ने कहा कि बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश में मौसम साफ बना हुआ है हालांकि मैदानी इलाकों सोलन बिलासपुर मंडी के कुछ एक इलाकों में कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है और शनिवार को इन इलाकों में शीतलहर की चेतावनी भी है। मौसम विभाग ने कहा कि 11 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी छात्रों तक गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए कृत संकल्प है और यह सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि सभी स्तरों पर अध्यापकों को नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। रोहित ठाकुर गत दिवस यहां नव नियुक्त प्रशिक्षित स्नातकों के लिए 15 दिवसीय प्रेरणा प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस 15 दिवसीय नव नियुक्त स्नातक प्रशिक्षिण कार्यक्रम में प्रदेश के सभी ज़िलों के बैचवाईज भर्ती के माध्यम से नव नियुक्त 81 प्रशिक्षित स्नातक कला तथा 33 प्रशिक्षित स्नातक विज्ञान अध्यापकों ने भाग लिया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए सभी विद्यालयों में शिक्षकों के खाली पड़े पदों को भरा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की शिक्षा क्षेत्र की योजनाओं को अध्यापकों के सहयोग से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों का प्रशिक्षण जहां उन्हें तकनीक एवं पाठ्यक्रम की नवीनतम जानकारी प्रदान करता है वहीं शिक्षा विभाग की योजनाओं से अवगत भी करवाता है। उन्होंने सभी शिक्षकों का आह्वान किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्राप्त ज्ञान को विद्यार्थियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने आशा जताई कि प्रशिक्षण कार्यक्रम नव नियुक्त अध्यापकों के ज्ञानवर्धन में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने इस अवसर पर रिसोर्स पर्सन को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्युत उपमण्डल नम्बर 01 के अंतर्गत आने वाले विद्युत उपभोक्ताओं के मीटर खाता संख्या को आधार कार्ड से लिंक (ई-केवाईसी) करने की प्रक्रिया कार्यान्वित की रही है। यह जानकारी विद्युत उपमण्डल सोलन नम्बर 01 के सहायक अभियंता विमल अत्री ने दी। विमल अत्री ने कहा कि विद्युत उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए विद्युत बोर्ड द्वारा नियुक्त कर्मचारी घर-घर जाकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी करवाने के लिए उपभोक्ता के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, कोई भी नया या पुराना विद्युत बिल, आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नम्बर और मोबाइल फोन होना आवश्यक है। उन्होंने विद्युत उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए विद्युत बोर्ड द्वारा नियुक्त कर्मचारी को सहयोग दें। उन्होंने कहा कि विद्युत उपभोक्ता अपनी सुविधा अनुसार सर्कुलर मार्ग स्थित विद्युत कार्यालय में प्रातः 10.00 बजे से सांय 05.00 के मध्य आकर भी ई-केवाईसी करवा सकते हैं।
हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल यहां एक कंक्रीट से ईंट बनाने वाले कारोबारी को जब दो अरब से अधिक का बिजली बिल आया तो उसके होश उड़ गए। आनन-फानन में कारोबारी ने बिजली बोर्ड को इसकी सूचना दी, जिसके बाद बोर्ड ने इसे तकनीकी गलती मानते हुए इसमें सुधार किया। बता दें कि हमीरपुर जिला के उपमंडल भोरंज के तहत बेहड़वीं जट्टा गांव में कंक्रीट की ईंट बनाने वाले कारोबारी ललित धीमान को दो अरब से अधिक का बिजली बिजली आया। 2 अरब 10 करोड़ 42 लाख 8 हजार 405 रुपये का बिजली बिल देख कर कारोबारी के होश उड़ गए। अरबों रुपये का बिल देखकर ललित धीमान को जोर का झटका लगा, जिसकी सूचना उन्होंने बिजली बोर्ड को दी। कारोबारी ललित धीमान और उनके बेटे आशीष धीमान ने कहा, उन्हें जब बिजली का बिल आया तो वे बिल देखकर घबरा गए। पहले तो बिजली बिल की राशि देखकर उन्हें यकीन नहीं हुआ। उन्होंने आनन-फानन में बिजली विभाग को सूचना दी, जिसके जवाब में बिजली विभाग की ओर से कहा गया कि टेक्निकल खराबी आने की वजह से ये मामला सामने आया है। बिजली बोर्ड ने दो से तीन घंटे बाद उनको दोबारा से दूसरा बिल दिया, जो 4047 रुपए का था। ललित धीमान ने कहा कि हर माह चार से पांच हजार बिल आता है। आज जब हमें 2 अरब से ऊपर का बिजली बिल मिला तो पहले वे घबरा गए कि कैसे बिजली बोर्ड के कर्मचारी ने उन्हें अरबों रुपये का का बिल थमा दिया। लेकिन बाद में उन्होंने बिजली बोर्ड कार्यालय में जाकर इसकी शिकायत की, जिसके बाद बिजली बोर्ड ने उनकी समस्या का हल कर दिया। अब उन्हें 4047 रुपये का बिल आया है। इस बारे में बिजली बोर्ड भोरंज के एसडीओ अनुराग चंदेल ने कहा, तकनीकी कारणों के चलते इतना का बिल आया है, जिसकी बोर्ड को शिकायत मिली थी, अब उनका बिल दुरस्त कर दिया गया है। अब उपभोक्ता 4047 रुपये का नया बिल दिया गया है।
हमीरपुर: अणु के सिंथेटिक ट्रैक ग्राउंड एवं डिग्री कॉलेज परिसर में 17 से 24 जनवरी तक आयोजित होने वाली थल सेना की अग्निवीर भर्ती के फिजिकल टेस्ट, मेडिकल परीक्षण और दस्तावेजों की जांच के लिए जिला प्रशासन की ओर से भी सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। गुरुवार को हमीर भवन में पुलिस, अन्य संबंधित विभागों, नगर निगम और सेना भर्ती कार्यालय हमीरपुर के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान एडीएम राहुल चौहान ने बताया कि इस भर्ती रैली में जिला हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना के केवल उन युवाओं का ग्राउंड टेस्ट, मेडिकल जांच और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा जो संयुक्त प्रवेश परीक्षा पास कर चुके हैं। रैली के दौरान प्रतिदिन करीब 600 उम्मीदवारों का फिजिकल टेस्ट, मेडिकल परीक्षण और दस्तावेजों की जांच होगी। कार्यवाहक उपायुक्त राहुल चौहान ने कहा कि भर्ती रैली स्थल पर पेयजल, शौचालय, बिजली, जलपान, चिकित्सा सुविधा, परिवहन सुविधा, पार्किंग, टेंट और अन्य आवश्यक प्रबंधों के लिए पहले ही संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। इन विभागों के कार्यालय अध्यक्ष भर्ती रैली के दौरान अणु में तैनात होने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची एवं मोबाइल नंबर सेना भर्ती कार्यालय के साथ साझा करें और मैदान के अंदर तैनात होने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के कार्ड भी बनवा लें। राहुल चौहान ने कहा कि पात्र उम्मीदवारों को मैदान में एंट्री सुबह 3 से 4 बजे तक मिलनी शुरू हो जाएगी। सभी विभागों को इसी समय के अनुसार तैयारी करनी होगी। भर्ती के लिए बाहर से आने वाली सेना की टीम के रहने और वाहनों की पार्किंग इत्यादि के लिए जिला पंचायत संसाधन केंद्र सलासी, एनआईटी और अन्य स्थानों पर विशेष व्यवस्था की जा रही है। बैठक में रैली से संबंधित अन्य मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर एसपी भगत सिंह ठाकुर, सहायक आयुक्त अपराजिता चंदेल, एसडीएम संजीत सिंह, सेना भर्ती कार्यालय हमीरपुर के मेजर हरीश और अन्य अधिकारियों ने भी विभिन्न प्रबंधों पर महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज से तीन दिनों तक अपनी गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन के प्रवास पर रहेंगे। सीएम 10 जनवरी को शाम के समय गौना हेलीपैड पर पहुंचेंगे और उसके तुरंत बाद सेरा के विश्राम गृह में लोगों की समस्याएं सुनेंगे। 11 जनवरी को भी सेरा में जनसमस्याओं की सुनवाई के बाद सीएम दोपहर करीब साढ़े 12 बजे हड़ेटा में आर्थिक विकास एवं आजीविका सृजन परियोजना ‘नवजीवन’ की आधारशिला रखेंगे। इस प्रोजेक्ट पर पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। यहां पर ट्री हाउस स्टे और एडवेंजर जोन का निर्माण होगा। 12 जनवरी को मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अमलैहड़ में राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल का शिलान्यास करेंगे। यहीं पर ही सीएम किटपल-बल्ह नौरी सड़क पर त्रिंगाल के पास मसेह नाले पर बनने वाले पुल का भी शिलान्यास करेंगे। इसी दिन दोपहर बाद करीब 2 बजे वह गौना हेलीपैड से शिमला रवाना हो जाएंगे। एडीएम राहुल चौहान ने बताया, मुख्यमंत्री 10 जनवरी को दोपहर बाद करीब 3 बजकर 40 मिनट पर हेलीकॉप्टर से नादौन पहुंचेंगे। इसके लिए जिला के सभी अधिकारियों और नादौन के उपमंडल स्तर के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बता दें की सीएम सुक्खू ने बीते साल नवंबर माह में अपने गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन का दौरा किया था। उस दौरान सीएम सुक्खू ने नादौन में दो दिन का प्रवास किया था।नए साल में सीएम सुक्खू का अपने विधानसभा क्षेत्र में ये पहला दौरा है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्रामीण बैंक में अंशकालिक कर्मियों के रूप में काम करने वालों पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने कहा कि कर्मचारियों को बैंक नौकरी से नहीं निकाल सकता है। प्रदेश उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने वर्ष 29 मार्च 2019 में ग्रामीण बैंक में पार्ट टाइम काम करने वाले वर्करों को निकालने पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद ग्रामीण बैंक ने कुछ कर्मचारियों को सेवाओं से हटा दिया है। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में आवेदन दायर किया गया, जिसमें कहा कि अदालत की रोक के बाद भी अंशकालिक कर्मियों को हटाया जा रहा है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आवेदन का निपटारा करते हुए बैंक कर्मियों को नहीं निकालने के आदेश दिए हैं। अगर कोई अधिकारी ऐसा करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। वहीं, हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं कि सेली प्रोजेक्ट मामले में अपफ्रंट प्रीमियम समय पर जमा न करने में जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ जांच रिपोर्ट को अदालत के रिकॉर्ड में लाया जाए। उधर, हिमाचल सरकार की ओर से शुक्रवार को महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि अगली सुनवाई से पहले इस रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लाया जाएगा। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सेली प्रोजेक्ट का 64 करोड़ रुपए का अपफ्रंट प्रीमियम जमा न करने पर अधिकारियों के विरुद्ध जांच के आदेश दिए थे। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही की वजह से सरकार को 29 करोड़ रुपए अतिरिक्त जमा करने पड़े। अफसरों की लापरवाही से सरकारी खजाने को नुकसान हुआ, इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। इस मामले की सुनवाई अब मार्च में होगी। हाईकोर्ट ने छह न्यायिक अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर यजुविंद्र सिंह को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय-2 शिमला बदला गया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक विशेष अदालत पोक्सो किन्नौर स्थित रामपुर हरमेश कुमार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर, वरिष्ठ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नेहा दहिया को पदोन्नति के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक विशेष अदालत पोक्सो किन्नौर स्थित रामपुर के पद पर नियुक्त किया गया है। वरिष्ठ सीनियर सिविल जज पालमपुर उपासना शर्मा को वरिष्ठ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नाहन, जिला विधिक न्यायिक प्राधिकरण शिमला के सचिव उमेश वर्मा को वरिष्ठ सिविल जज शिमला में नियुक्ति दी गई है। एकांक्ष कपिल को सिविल जज द्वितीय ग्रेड के पद से पदोन्नत कर वरिष्ठ सिविल जज यानी अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट नंबर दो में नियुक्त किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में बीपीएल सूचियों में व्यापक फेरबदल होने वाला है। अप्रैल से शुरू होने वाले बीपीएल सर्वेक्षण में कोठियों और गाड़ियों वाले कई परिवार सूचियों से बाहर होंगे। सूचियों में बदलाव के लिए ग्रामीण विकास और पंचायतीराज विभाग की ओर से तैयार किए गए दिशा-निर्देशों को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। बीपीएल चयन में फर्जीवाड़ा पकड़ने का दायित्व एसडीएम और बीडीओ की दो सदस्यीय कमेटी को सौंपने की व्यवस्था की गई है। बीपीएल परिवारों की आय सीमा 2500 रुपये मासिक से बढ़ाकर 12,500 रुपये मासिक करने का फैसला लिया गया है। सरकार ने महिला मुखिया वाले परिवार, ऐसे परिवार जिनके मुखिया की विकलांगता 50 फीसदी या इससे अधिक है, ऐसे परिवार जिन्होंने पिछले वित्त वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम 100 दिन काम किया है और ऐसे परिवार जिनके कमाने वाले सदस्य कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसंस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी या थैलेसीमिया से पीड़ित हैं या जिसके कारण स्थायी विकलांगता हो सकती है, ऐसे सभी परिवार बीपीएल सूची में शामिल होंगे। प्रदेश में बीपीएल चयन में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बनने वाली एसडीएम और बीडीओ की कमेटी हर पंचायत में बीपीएल सूची फाइनल होने से पहले निरीक्षण करेगी। अब तक जो पंचायत प्रधान या ग्राम सभा तय करती थी, उन्हें बीपीएल सूचियों में शामिल कर दिया जाता था। सूची तैयार होने के बाद अपील की व्यवस्था थी, लेकिन गरीब लोग प्रभावशाली लोगों के खिलाफ एसडीएम के पास अपील में जाने का साहस नहीं कर पाते थे। एसडीएम ही अपात्र लोगों को सूची से हटा सकते थे। सरकार ने व्यवस्था में बदलाव कर अब सूची तय होने से पहले ही एसडीएम और बीडीओ को निरीक्षण का जिम्मा सौंपने का फैसला लिया है।
शिमला जिले के ठियोग में पानी की आपूर्ति के लिए किया गया टेंडर ही घोटाले की पहली दस्तक रही। टेंडर के आवंटन में पारदर्शिता नहीं बरती गई। इसके अलावा एक भी ऐसी रसीद नहीं मिली जिसमें यह साबित हो सके कि इन्होंने पानी की सप्लाई टैंकरों के माध्यम से प्रभावित पंचायतों में की हो। जिस पंचायत में पानी पहुंचाया गया उसके लिए सबूत के तौर पर ग्राम पंचायत प्रधान या उप प्रधान के हस्ताक्षर तक नहीं लिए गए। एसडीएम ठियोग ने बिना सत्यापन के ही एक करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर दिया। एसडीएम ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों की ओर से पेश किए गए बिलों पर हस्ताक्षर किए हैं। एसडीएम अगर बिलों का सत्यापन कर लेते तो घोटाला रकम के भुगतान से पहले ही सामने आ जाता। इन बिंदुओं का जिक्र राज्य सरकार को एडीसी शिमला की ओर से तैयार की जांच रिपोर्ट में किया गया है। जांच में सामने आया है कि ठियोग के नागोधार और करयाली गांव अब तक सड़क से नहीं जुड़े हैं, लेकिन यहां भी पानी की आपूर्ति की गई। यहां पानी के आपूर्ति करने वाले संचालकों ने बयान दिया कि दोनों गांव के बाहर बने टैंकों में पानी की आपूर्ति कर दी गई थी। जांच रिपोर्ट में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही का भी साफ उल्लेख किया गया है। जांच रिपोर्ट पर राज्य सरकार आगामी क्या कदम उठाती है इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने मामला सामने आने के बाद डीसी शिमला को जांच के आदेश दिए थे। इस पर उपायुक्त ने एडीसी शिमला को जांच अफसर नियुक्त किया। जांच रिपोर्ट तैयार होने पर उपायुक्त के माध्यम से ही अतिरिक्त मुख्य सचिव को भेजी जाती है।
हिमाचल: गर्मियों के स्कूलों में वार्षिक समारोह कराने वाले प्रिंसिपलों पर होगी कार्रवाई, चेतावनी जारी
हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की रोक के बावजूद वार्षिक समारोह करवा रहे ग्रीष्मकालीन स्कूलों के प्रिंसिपलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निदेशालय की ओर से इस संदर्भ में स्कूल प्रिंसिपलों को चेतावनी पत्र जारी किए गए हैं। 31 दिसंबर तक ही वार्षिक समारोह आयोजन करने की छूट दी गई थी। कई ग्रीष्मकालीन स्कूलों में आजकल भी समारोह हो रहे हैंश्र। इस पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने कड़ी आपत्ति जताई है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित ना हो, इसके लिए समारोह करने पर रोक लगाई गई थी। पहले 20 दिसंबर 2024 तक आयोजन करने के निर्देश दिए थे फिर 31 दिसंबर 2024 तक इस बाबत छूट दी गई थी। उन्होंने बताया कि आज कल भी कई ग्रीष्मकालीन स्कूलों में वार्षिक समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। इस कारण स्कूलों में पढ़ाई का माहौल नहीं बन रहा है। शिक्षा निदेशक ने कहा कि रोक के बावजूद जिन-जिन स्कूलों में वार्षिक समारोह मनाए गए हैं, उनकी जानकारी जिला शिक्षा उपनिदेशकों के माध्यम से मांगी गई है। ऐसे स्कूलों के प्रिंसिपलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा निदेशक ने कहा कि अब किसी भी स्कूलों में वार्षिक समारोह आयोजित नहीं होना चाहिए। प्रदेश सरकार के निर्देशों का पालन नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई के प्रति भी शिक्षा निदेशक ने चेताया है।
ऊना में जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह अपूर्व भव्यता के साथ मनाया जाएगा। देशभक्ति के रंग में रंगा यह आयोजन 26 जनवरी को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक छात्र स्कूल ऊना के प्रांगण में होगा। समारोह में आकर्षक परेड, शानदार झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां जिले के गौरवशाली इतिहास और उज्ज्वल भविष्य की झलक पेश करेंगी। उपायुक्त जतिन लाल ने बुधवार को संबंधित विभागों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया और समारोह को यादगार बनाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने बताया कि मुख्य अतिथि 26 जनवरी को पूर्वाह्न 10:40 बजे एमसी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद पूर्वाह्न 10:55 बजे स्कूल प्रांगण में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। ध्वजारोहण के बाद मुख्य अतिथि परेड का निरीक्षण करेंगे, मार्च पास्ट की सलामी लेंगे और जिला वासियों को संबोधित करेंगे। परेड में पुलिस और होमगार्ड की टुकड़ियों के साथ-साथ एनसीसी और एनएसएस के छात्र-छात्राएं भी शामिल होंगे। समारोह में जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के बच्चे तथा नाट्य दल सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। बारिश की स्थिति में समारोह के लिए टाउन हॉल में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उपायुक्त ने कहा कि समारोह में प्रदेश सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं पर आधारित झांकियां भी प्रस्तुत की जाएंगी। इनमें मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना, स्वास्थ्य, कृषि, बागवानी और पर्यटन विकास से जुड़ी झांकियां शामिल होंगी। संबंधित विभागों को आकर्षक और सूचनात्मक झांकियां तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में मिनी सचिवालय भवन को विशेष ‘फसाड लाइटिंग’ के जरिए राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों में सजाया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इसे लेकर व्यवस्था करने के निर्देश दिए। समारोह में विभिन्न विभागों के जनसेवा से जुड़े उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित भी किया जाएगा। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र शर्मा, एसडीएम ऊना विश्वमोहन देव चौहान, सहायक आयुक्त वरिंद्र शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में उद्योग और रोजगार के साधन बहुत सीमित हैं। जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को नौतोड़ भूमि मिलने से लोग बागवानी और खेतीबाड़ी कर आर्थिक तौर पर सशक्त होंगे जिससे प्रदेश की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में 20 बीघा से कम भूमि वाले परिवार नौतोड़ भूमि के लिए पात्र हैं। राजस्व मंत्री ने कहा कि वह नौतोड़ विधेयक को मंजूरी देने के संबंध में विधायकों के साथ राज्यपाल से पांच बार भेंट कर निवेदन कर चुके हैं और छठी बार फिर भेंट कर मंजूरी के लिए आग्रह करेंगे। राजस्व मंत्री ने कहा कि नौतोड़ के संबंध में राजभवन द्वारा मांगी गई जानकारी प्रेषित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि नौतोड़ के 12,742 मामले लंबित हैं जो प्रक्रियाधीन हैं। राजस्व मंत्री ने कहा कि पहले भी तीन राज्यपालों द्वारा वन संरक्षण अधिनियम को निलंबित किया गया है जिससे लाखों लोगों को भूमि के पट्टे प्रदान किए गए। यह भूमि मिलने से लोगों ने मेहनत कर बाग-बगीचे लगाए और खेतीबाड़ी कर आर्थिक तौर पर सुदृढ़ होने तरफ कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि इससे जनजातीय क्षेत्रों के लोगों का उत्थान हुआ है। राजस्व मंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉ. यशवंत सिंह परमार ने वर्ष 1968 में नौतोड़ भूमि के नियम बनाए। वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) 1980 के आने तक यह नियम लागू रहा जिससे कई लोगों को लाभ मिला। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) 1980 को पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में एक व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए निलंबित कर उसे नौतोड़ भूमि दी गई। जबकि अन्य मामलों को ठंडे बस्ते में डाले रखा। जगत सिंह नेगी ने कहा कि बाइव्रेंट विलेज स्कीम के तहत प्रदेश सरकार ने केंद्र को 700 करोड़ रुपये की स्कीमों का प्रस्ताव भेजा है लेकिन अब तक कोई राशि जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के कार्यकाल में पांच साल में सिर्फ एक बार जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक की गई। उन्होंने कहा कि नौतोड़ के खिलाफ बयानबाजी कर नेता प्रतिपक्ष की मंशा जाहिर है कि वह जनजातीय लोगों के विरोधी हैं। राजस्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने कोई गैर-संवैधानिक काम नहीं किया है और जब तक वह राजनीति में हैं तब तक जनजातीय लोगों के हितैषी रहेंगे।
** घर पर बधाई देने वालों का लगा तांता जिला चम्बा के भटियात विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत छलाड़ा के नितिन राणा ने एचएएस परीक्षा पास कर जिला कल्याण कम प्रोबेशन अधिकारी के पद पर नियुक्ति पाई है। नितिन की इस बड़ी सफलता पर पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है, और उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। जब वे घर पहुंचे, तो उनका भव्य स्वागत हुआ और फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया गया। नितिन, जो मंदराला गांव के रहने वाले हैं, के पिता जगरूप सिंह इतिहास के प्रवक्ता हैं और उनकी माता पिंकी राणा गृहिणी हैं। नितिन ने अपनी नर्सरी से दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई शाहपुर के एक निजी स्कूल से की, फिर 12वीं जीएवी पब्लिक स्कूल कांगड़ा से की और 2020 में बीटेक सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की। नितिन ने बताया कि बीटेक की पढ़ाई के दौरान उन्होंने एचएएस अधिकारी बनने का सपना देखा। हालांकि, उन्हें पहले तीन प्रयासों में सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार मानने की बजाय चौथे प्रयास में सफलता प्राप्त की। नितिन का कहना है कि अब वह जिला कल्याण अधिकारी के रूप में सरकार की जनहित योजनाओं को लागू करने के लिए काम करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि लोगों को योजनाओं का पूरा लाभ मिले। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
शूलिनी विश्वविद्यालय के योगानंद स्कूल ऑफ एआई, कंप्यूटर और डेटा साइंसेज द्वारा एनआईटी हमीरपुर और आईक्रिएट, गुजरात के सहयोग से आयोजित मानव-कंप्यूटर इंटरैक्शन और संज्ञानात्मक कंप्यूटिंग (एचसीआईसीसी-2025) पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आज से परिसर में आरम्भ हुआ। सम्मेलन के प्रमुख भागीदारों में शूलिनी विश्वविद्यालय एसीएम छात्र चैप्टर और सीएसएलसी विज्ञान संग्रहालय, शिमला, भारत सरकार के विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) की सहायक कंपनी अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) और एनआईईएलआईटी शिमला द्वारा वित्तीय रूप से समर्थित सम्मेलन ने वैश्विक विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और उद्योग के पेशेवरों के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया। मानव-कंप्यूटर इंटरेक्शन (एचसीआई) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में प्रगति पर चर्चा करने के लिए शामिल थे। स्वागत भाषण प्रोफेसर वीरेंद्र रिहानी ने दिया, जिन्होंने टीआईएच आईआईटी मंडी और आईक्रिएट गुजरात सहित ज्ञान भागीदारों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। प्रोफेसर रिहानी ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, छात्रों, उद्योग के पेशेवरों को एक मंच प्रदान करना और मूल अनुसंधान, व्यावहारिक विकास अनुभव का प्रसार करने, मानव कंप्यूटर इंटरैक्शन और संबंधित उप-क्षेत्र में अपने स्टार्टअप विचारों को प्रदर्शित करने के लिए एक साथ लाना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में बुद्धिमान समाधानों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए एचसीआईसीसी - 2025 का आयोजन किया गया है। अपने संबोधन में प्रो. पी.के. शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर खोसला ने टाइपराइटर से लेकर आधुनिक कंप्यूटर विज्ञान तक प्रौद्योगिकी के विकास पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों से शासन और नैतिक प्रथाओं के साथ एआई नवाचार के अगले चरण का नेतृत्व करने का आग्रह किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर दमन देव सूद, आईईईई दिल्ली अनुभाग में पीआर और पी के अध्यक्ष और चितकारा विश्वविद्यालय में प्रैक्टिस के प्रोफेसर, ने प्रौद्योगिकी में लचीलापन, स्थिरता और नैतिकता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, सभी शोधों में मानवता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। लचीलापन और स्थिरता साथ-साथ चलनी चाहिए। यूके के ग्रीनविच विश्वविद्यालय में व्याख्याता डॉ. सामिया खान ने जिज्ञासा और नवाचार पर अपने विचारों से दर्शकों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा, "नैतिकता प्रौद्योगिकी विकास के केंद्र में रहनी चाहिए। अखंडता और सम्मान का भारतीय लोकाचार टिकाऊ एआई भविष्य के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में काम कर सकता है।" सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में 45 वर्षों के अनुभव के साथ एक सम्मानित विशेषज्ञ डॉ. लिन रॉबर्ट कार्टर ने भोजन और जल प्रणालियों में एआई की भूमिका को प्रदर्शित करते हुए "एआई इन्फ्लेक्शन प्वाइंट फॉर लाइफ क्रिटिकल सिस्टम्स" पर प्रस्तुति दी। और एनआईटी हमीरपुर में सहायक प्रोफेसर डॉ. अरुण कुमार ने अंतःविषय शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अधिक संकाय विकास कार्यक्रमों और सेमिनारों की आवश्यकता पर जोर दिया। शूलिनी यूनिवर्सिटी में इनोवेशन और लर्निंग के निदेशक प्रोफेसर आशीष खोसला ने युवाओं को एआई में तेजी से हो रही प्रगति का जिम्मेदारी से उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा, "आप प्रौद्योगिकी के भविष्य के संरक्षक हैं। इसे बुद्धिमानी से नियंत्रित करें। शूलिनी विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. पीयूष सेवल द्वारा संचालित सम्मेलन ने प्रतिभागियों को शोध पत्र प्रस्तुत करने, व्यावहारिक विकास के अनुभव साझा करने और एचसीआई और संबंधित उप-डोमेन में स्टार्टअप विचारों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान किया।
** प्रदेश के चीफ कोच भुवनेश सिंह कटोच के नेतृत्व में खिलाड़ी पहुंचे चम्बा राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर जिला चम्बा का नाम चमकाने वाले खिलाड़ियों का आज जिला मुख्यालय में भव्य स्वागत किया गया। हिमाचल प्रदेश के चीफ कोच भुवनेश सिंह कटोच के नेतृत्व में खिलाड़ी चम्बा पहुंचे। भरमौर चौक में लोगों ने फूल मालाएं पहनाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। भरमौर चौक से चम्बा शहर तक स्वागत रैली भी निकाली गई। आपको बता दें कि हरिद्वार के प्रेम नगर आश्रम में आयोजित 30वीं राष्ट्रीय स्तर की थांग-ता प्रतियोगता में दो खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्र स्तर पर जिले का नाम चमकाया है। कार्तिकेय कटोच ने -50 किलोग्राम वर्ग जबकि हर्षित ठाकुर ने -58 किलोग्राम वर्ग में अपने सभी प्रतिद्वंदियों को पराजित करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। थांग-ता टीम हिमाचल प्रदेश के चीफ कोच भुवनेश सिंह कटोच ने इस उपलब्धि के लिए दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने इस खेल को बढ़ावा देने के लिए सरकार के समक्ष मांग भी उठाई।
हिमाचल प्रदेश वन पारिस्थितिकीय तंत्र-प्रबन्धन और आजीविका में सुधार के लिए हिमाचल में आरम्भ की गई जाईका परियोजना (जापान इंटरनेशनल कॉआपरेशन अजेंसी) से जुड़कर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आजीविका में सुधार कर रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने आज जाईका के मुख्य कार्यालय टूट (शिमला) में जाईका के संवाद पत्र के विमोचन अवसर पर बोलते हुए कही। उन्होंने कहा कि जाईका परियोजना प्रदेश के सात जिलों किन्नौर, शिमला, बिलासपुर, मण्डी, कुल्लू, कांगड़ा तथा लाहौल-स्पीति जिलों में कार्यान्वित की जा रही है जिसकी अवधि 10 वर्षो तक है। उन्होंने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को इस परियोजना के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया । परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नन्द शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा जाईका द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया । उन्होंने कहा कि परियोजना के संवाद पत्र में गत तीन महीनों की अवधि के दौरान सफलतापूर्वक संचालित गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। उन्होेंने कहा कि इस पत्रिका के प्रकाशन के लिए फील्ड स्तर पर सेवाएं दे रहे विषय वस्तु विशेषज्ञ, क्षेत्रीय तकनीकि इकाई समन्वयक और वन विभाग के अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे पूर्व नरेश चौहान ने परियोजना के हिन्दी संस्करण संवाद पत्र के 14वें संस्करण तथा अंग्रेजी संस्करण न्यू लैटर का विमोचन किया। उन्होंने जाईका परियोजना की टीम को इन संस्करणों के प्रकाशन के लिए बधाई दी और उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर परियोजना के मुख्य निदेशक एवं वन विभाग के प्रमुख अरण्यपाल समीर रस्तोगी, जैव विविधता विशेषज्ञ डा. एस.के.काप्टा, परियोजना एवं वन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।
कुल्लू: उपमंडल निरमंड के रहने वाले अंकुश कुमार ने पहले ही प्रयास में HAS के एग्जाम में सफलता पाई है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा में 18वां रैंक हासिल किया है। ऐसे में अंकुश ने अपने पिता का सपना पूरा किया है। अंकुश ने बताया "तैयारी के दौरान वह 3 साल तक सोशल मीडिया से दूर रहे जिसके बाद उन्हें पहले ही प्रयास में ये सफलता मिली है। इस सपने को पूरा करने के लिए रोजाना पढ़ाई की और जो भी पढ़ा उसे लिखकर याद किया।
मंडी: सरकाघाट में दो बार नमकीन के सैंपल फेल होने पर दुकानदार को कोर्ट में पूरा दिन खड़ा रहने की सजा भुगतनी पड़ी। इसके साथ ही कोर्ट ने दुकानदार पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त एलडी ठाकुर ने बताया जिला की खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दुकानदार द्वारा बेची गई नमकीन के सैंपल भरे थे। दो बार लैब में टेस्ट करवाने के बाद सैंपल फेल हो गए। विभाग की टीम ने पहली बार 11 अगस्त 2023 को सैंपल भरे थे जिसके बाद कंडाघाट लैब की रिपोर्ट में ये सैंपल फेल पाए गए। रिपोर्ट में बताया गया कि दुकानदार द्वारा जो नमकीन बेची जा रही है उसमें सल्फर ऑक्साइड की मात्रा तय मानकों से अधिक पाई गई थी और यह खाने योग्य नहीं थी। विभाग की इस रिपोर्ट पर उक्त दुकानदार द्वारा आपत्ति जताते हुए दोबारा सैंपल जांच की मांग की गई थी जिसके बाद विभाग की टीम ने 3 जनवरी 2024 को दोबारा नमकीन के सैंपल राष्ट्रीय फूड लैब मैसूर भेजे थे। एलडी ठाकुर ने बताया, दूसरी बार भी जांच में यह सैंपल फेल पाए गए। वहीं, दुकानदार बिल भी पेश नहीं कर पाया था, जिस कंपनी से उसने यह नमकीन खरीदी थी। इसके बाद नियमों के तहत दुकानदार पर कार्रवाई करने की फाइल सरकार को भेजी गई जहां से मंजूरी मिलने के बाद न्याययिक दंडाधिकारी सरकाघाट की अदालत में ये मामला पेश किया गया। यहां दुकानदार ने अपनी गलती को स्वीकारा किया जिसके बाद कोर्ट ने दुकानदार को पूरा एक दिन कोर्ट परिसर में खड़ा रहने और 10 हजार रुपए जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई. खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त एलडी ठाकुर ने बताया दुकानदार को जो सजा सुनाई गई थी वह पूरी हो गई है। उन्होंने जिले के दुकानदारों से अपील करते हुए कहा कि गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थों को ही बेचें और जिस भी सामान को वह बेच रहे हैं उस कंपनी से की गई खरीद के बिल भी अपने पास रखें।
फरवरी में बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों का भाजपा में दल-बदल होने के बाद मानसून सत्र में सरकार ने सदन में यह विधेयक पारित करवाया था। यह उल्लेखनीय है कि इस कानून के बनने के बाद पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा और देवेंद्र भुट्टो की विधायक पेंशन और भत्ते बंद हो सकते हैं। सुधीर शर्मा, राजेंद्र राणा, आईडी लखनपाल, रवि ठाकुर के पूर्व कार्यकाल की भी पेंशन में गणना नहीं हो सकेगी। राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल के पास लंबे समय से यह विधेयक अटका हुआ था। इसे अब राज्य सरकार को जवाब दायर करने के लिए भेजा गया है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बीते कुछ समय के दौरान बंद या मर्ज हुए 1094 स्कूलों में पढ़ने वाले 674 बच्चों ने अन्य जगह दाखिले ले लिए हैं। दाखिले नहीं लेने वाले 60 बच्चों की पहचान करने का काम जारी है। प्रारंभिक जांच के अनुसार यह प्रवासियों के बच्चे थे, जो सर्दियों में अपने राज्यों में लौट गए हैं। इनमें अधिकांश बच्चे जिला शिमला में थे। जिला उपनिदेशक इस बारे में पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि यहां रहने वाले वाले हर बच्चे को शिक्षा का न अधिकार प्राप्त हो। राज्य सचिवालय में न मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि पूर्व पूर्व की भाजपा सरकार के समय में प्रदेश में 3400 स्कूल सिर्फ एक-एक शिक्षक के सहारे चल रहे थे। कांग्रेस ने सत्ता में आते ही ऐसे स्कूलों की पहचान कर शिक्षकों की नियुक्तियां की हैं। अब सिंगल टीचर वाले 2600 स्कूल रह गए हैं। पूर्व सरकार के समय में करीब 350 स्कूलों में स्थाई शिक्षक ही नहीं थे। अब ऐसे स्कूल 125 शेष रह गए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न श्रेणी के शिक्षकों के पदों को भरा जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही 700 स्कूल प्रवक्ताओं की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। सरकार ने फैसला लिया है कि जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या अधिक है, वहां पर शिक्षकों की नियुक्ति करने को प्राथमिकता दी जाएगी। हर विषय का शिक्षक स्कूलों में देने के प्रयास जारी हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि आउटसोर्स के माध्यम से प्री प्राइमरी स्कूलों में भर्ती किए जाने वाले प्रशिक्षकों के मामले में हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है। जल्द ही कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी आउटसोर्स भर्तियां कर रही है। उम्मीद है कि कोर्ट से राहत भरा फैसला आएगा।
**खराब मौसम के चलते रुके हुए थे सेशन बुधवार को एक हफ्ते के लंबे इंतजार के बाद शिमला के आइस स्केटिंग रिंक में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने स्केटिंग का आनंद लिया। साल 2025 के पहले दिन स्केटिंग का आयोजन हुआ था, लेकिन उसके बाद खराब मौसम के कारण स्केटिंग रुक गई थी। 8 जनवरी को इस साल का दूसरा स्केटिंग सत्र हुआ, जिससे लोगों में उत्साह देखा गया। अब तक इस सीजन में 21 सत्र पूरे हो चुके हैं, और आने वाले दिनों में बेहतर मौसम की उम्मीद के साथ और सत्र होने की संभावना है। फिलहाल, केवल सुबह के सत्र ही आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि शाम के सत्र शुरू होने का इंतजार जारी है। शिमला आइस स्केटिंग क्लब के आयोजक सचिव रजत मल्होत्रा ने बताया कि 1 जनवरी के बाद दूसरा सत्र 8 जनवरी को हुआ। सभी आयु वर्ग के लोगों ने इसमें भाग लेकर स्केटिंग का मजा लिया। इसके अलावा, शिमला के बच्चों की एक टीम आइस स्केटिंग के ट्रायल के लिए काजा गई है। ये ट्रायल हिमाचल प्रदेश की टीम चयन के लिए 11 जनवरी को आयोजित होंगे। खेल विभाग ने इसके लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं, और क्लब ने अपनी तरफ से एक कोच भी काजा भेजा है। इस बार "खेलो इंडिया" में शिमला के बच्चों की बड़ी भागीदारी की उम्मीद है।
** खाद्य आपूर्ति निगम प्रदेश सरकार को भेजेगा निविदाओं का प्रस्ताव ** सरकार से मंजूरी के बाद फाइनल होंगे रिफाइंड और सरसों तेल के टेंडर प्रदेश के राशन डिपुओं में मिलने वाले सरसों और रिफाइंड तेल के टेंडर के लिए छह अलग-अलग कंपनियों ने आवेदन किए हैं। खाद्य आपूर्ति निगम द्वारा तेल कंपनियों की निवादाओं की सूची फाईनल करने के लिए जल्द ही प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलने के बाद ही प्रदेश के राशन डिपुओं में मिलने वाले सरसों और रिफाइंड तेल का सप्लाई ऑर्डर जारी किया जाएगा। पिछले कई माह से तेल कंपनियों के टेंडर में सरसों और रिफाइंड तेल के दामों को लेकर सहमती न बनने से टेंडर फाईनल नहीं हो पाए हैं। अब खाद्य आपूर्ति निगम ने फिर से तेल कंपनियों से निविदाए आमंत्रित की हैं, जिसमें छह तेल कंपनियों ने टेंडर के लिए आवेदन किया है। तेल कंपनियों में गोकुल एग्री इंटरनेशनल, शक्ति न्यूट्रेशन और श्री महावीर जनरल ऑयल कंपनी सरसों के तेल की सप्लाई के टेंडर के लिए आवेदन किए हैं। इसके अलावा रिफाइंड तेल के लिए अजनता सोया लिमटेड, गोकुल एग्री इंटर नेशनल और गोकुल एग्रो रिसोसिस लिमटेड ने आवेदन किए हैं। खाद्य आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक राजेश्वर गोयल का कहना है कि सरसों और रिफादंड तेल के टेंडर को छह कंपनियों ने आवेदन किया है।
कुल्लू: रायसन में मंगलवार को एक पैराग्लाइडर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में एक सैलानी की मौत हो गई। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और अब इस मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के मुताबिक बीती शाम के समय रायसन में पैराग्लाइडिंग की जा रही थी। इस दौरान अचानक हवा तेज हो गई और पैराग्लाइडर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि इस हादसे में पैराग्लाइडर के पायलट की जान बच गई। पायलट को हल्की-फुल्की चोटें आई हैं। वहीं, पैराग्लाइडर में सवार सैलानी गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां पर उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया लेकिन तब तक सैलानी की मौत हो गई थी। मृतक की पहचान महेश रैडी उम्र 31 साल निवासी हैदराबाद के रूप में हुई है। एसपी कुल्लू डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने बताया, पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस की टीम ने पैराग्लाइडर के संचालक व पायलट के बयान भी दर्ज किए हैं और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि पर्यटन नगरी मनाली में बर्फबारी होने के बाद बाहरी राज्यों से सैलानी यहां का रुख कर रहे हैं और यहां पर बर्फ का मजा लेने के साथ सैलानी राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग का भी आनंद ले रहे हैं। ऐसे में साहसिक गतिविधियों में कई बार सैलानियों की जान को भी खतरा बना रहता है।
पंजाब पुलिस और औषधि नियंत्रक विभाग की टीम ने मंगलवार को बद्दी की एचपीएसआईडीसी की एक कंपनी में दबिश दी। पुलिस ने कंपनी का रिकाॅर्ड खंगाला और देर शाम कुछ रिकाॅर्ड अपने साथ ही ले गई। यह दबिश पंजाब में कत्थूनंगल थाने के तहत पकड़ीं हजारों नशे की गोलियों के सिलसिले में दी। ड्रग विभाग के राज्य नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि पकड़ी गईं गोलियां इसी कंपनी में बनी थीं, जिनका कंपनी के पास लाइसेंस है और गोलियों को सप्लाई का ऑर्डर भी कंपनी के पास आया था। कत्थूनंगल थाना पुलिस ने पुल ड्रेन के पास नाके के दौरान कार सवार दो आरोपियों मंगा सिंह और परमिंदर सिंह से 50,500 नशे की गोलियां बरामद की हैं। जब पुलिस ने कार को रोका तो पीछे सीट पर बैठा आरोपी मंगा सिंह तीन बैग लेकर ड्रेन की ओर भागने लगा। पुलिस ने करीब 200 मीटर तक युवक का पीछा करके उसे पकड़ा। तीनों बैग की तलाशी ली तो दो बैग में 16,500-16,500 औ एक बैग में 17,500 नशे की गोलियां बरामद हुईं। पंजाब पुलिस ने यह कार्रवाई रविवार रात 8:00 बजे की। पकड़ी गई नशे की गोलियां बद्दी की कंपनी में बने होने पर पंजाब पुलिस और औषधि नियंत्रक विभाग ने एचपीएसआईडीसी की कंपनी में दबिश दी। पुलिस और औषधि नियंत्रक विभाग की टीम पंजाब पुलिस की चार गाड़ियाें में आई थी।सुबह करीब 10 बजे से देर शाम तक जांच चलती रही। पुलिस ने कंपनी के रिकाॅर्ड की जांच की और कुछ रिकॉर्ड अपने साथ भी ले गई। निरीक्षण के दौरान बंदी का दवा निरीक्षक भी साथ था। पंजाब से आई टीम ने इसे बद्दी के दवा निरीक्षक के साथ चेक किया, लेकिन कंपनी के पास बेचने का ऑर्डर भी पाया गया और कंपनी के पास इस दवा को बनाने का लाइसेंस भी था। इसके अलावा विभाग अपने स्तर पर भी मामले की जांच करेगा।
** विधायक राम चौधरी ने कांग्रेस उद्योग मंत्री के खिलाफ ही खोल दिया मोर्चा पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व दून के विधायक चौधरी राम कुमार ने सोलन में भाजपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि उन्होंने करोड़ों की ज़मीन निजी कम्पनी को कौड़ियों के दाम पर दे दिया है। जो उसकी वर्तमान कीमतों से बेहद कम है। लेकिन अभी तक उन्होंने उस ज़मीन पर कोई भी कार्य नहीं किया है। लेकिन इस मामले में उन्होंने वर्तमान उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान को भी लपेट लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने तो जो किया सो किया लेकिन उद्योग विभाग निजी कम्पनी को नौ करोड़ की रिटेनिंग वॉल बना कर दे रहा है। जिस पर जांच करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने 125 करोड़ कीमत वाली ज़मीन महज दो करोड़ में इंडोफार्म कम्पनी को दे दी। यही नहीं इसके अलावा भी 150 बीघा ज़मीन को भी रेवड़ियों की तरह इस कम्पनी को बाँट दिया गया। जिस तरह से प्रदेश सरकार ने डिवाइस पार्क की ज़मीन वापिस ली है उसी तर्ज पर यह ज़मीन भी वापिस लेने की आवश्यकता है। क्योंकि प्रदेश सरकार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और दून में विकास कार्यों के लिए पैसे की कमी आड़े आ रही है ऐसे में अगर यह ज़मीन वर्तमान दरों पर हिमाचल वासियों को बेची जाए तो यह इस तंजी को दूर कर सकती है। वहीँ उन्होंने कहा कि जब ज़मीन निजी कम्पनी को दे दी गई है तो उसके बावजूद भी उद्योग विभाग उन्हें कांग्रेस सरकार में नौ करोड़ की रिटेनिंग वॉल बना कर दे रहा है जिसकी वह जांच की मांग करते है।
** बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों पर होगी नजर हयूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) के देश में मामले सामने आने के बाद हिमाचल प्रदेश में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सरकार के निर्देशों के तहत स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और कफ के गंभीर लक्षण वाले मरीजों के आरटीपीसीआर टेस्ट करवाने को कहा है। साथ ही विशेष लैब शुरू करने की तैयारी है, जिसमें संक्रमण की पुष्टि नहीं होने पर अन्य टेस्ट होंगे। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रशासन को इन्फ्लूएंजा और गंभीर तीव्र श्वसन के संबंधित रोगियों की निगरानी रखने को कहा है। बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वाले लोगों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में ऐसे रोगियों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था करने को कहा है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि यह एक सामान्य वायरस है, जिससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। इस वायरस से इंफेक्शन देश में पहले भी होते रहे हैं। स्वास्थ्य सचिव एम सुधा ने मंगलवार को सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों, जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और चिकित्सा अधीक्षकों के साथ वर्चुअल बैठक की। स्वास्थ्य सचिव ने इन्फ्लूएंजा और गंभीर तीव्र श्वसन के संबंधित रोगियों पर नजर रखने को कहा है। इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में सभी राज्यों व केंद्रशासित राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों के साथ बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि यह एक सामान्य वायरस है, जो ज्यादातर बच्चों, व्यस्कों और कमजोर प्रतिरक्षा क्षमता वाले लोगों में फैलता है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि यह एक सामान्य वायरस है, जिससे घबराने की जरूरत नहीं है। इसके मुख्य लक्षण खांसी, बुखार, नाक बंद होना, गंभीर मामलों में सांस का फूलना इत्यादि है। इससे ब्रोंकाइटिस और निमोनिया भी हो सकता है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने, छींकने व हाथ मिलाने आदि से फैलता हैं। उपरोक्त लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने यह निर्देश भी दिए हैं कि जिन बच्चों को बुखार, खांसी के लक्षण हैं, उन बच्चों और उनके परिवार वाले मास्क जरूर पहनें।
नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में परिवहन मंत्रियों की बैठक आयोजित हुई। इसमें हिमाचल प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने राज्य के परिवहन क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने 7,000 से अधिक सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग पर राज्य को आने वाले वित्तीय बोझ का जिक्र करते हुए केंद्र से विशेष सहायता की मांग की। उन्होंने स्क्रैपिंग प्रक्रिया को सरल बनाने और समय सीमा को 31 मार्च 2025 तक बढ़ाने का आग्रह किया। इसके अलावा, उन्होंने राज्य में विकसित हो रहे 1,734.70 करोड़ के शहरी रोपवे नेटवर्क की जानकारी दी, जो भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा। एआईटीपी बसों से राज्य परिवहन को हो रही चुनौतियों पर भी चर्चा हुई, और केंद्र से उचित नियम बनाने की मांग की गई। नितिन गडकरी ने हिमाचल के सभी मामलों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एफआईआर दर्ज करने के लिए पंजीकृत पुलिस चौकियों को अधिकृत करेंगे। इन चौकियों को अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क प्रणाली से जोड़ेंगे। ड्रग माफिया के खिलाफ प्रदेश में एंटी ड्रग एक्ट भी बनाया जाएगा। कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए सरकार शीघ्र खाली पद भरेगी। इसके अलावा पुलिस विभाग में डाटा संग्रहण करने और व्यवस्थित करने के लिए डाटा वेयरहाउस और क्लियरिंग एजेंसी स्थापित की जाएगी। पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम ने कहा कि कार्यप्रणाली में सुधार और परिचालन कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर जनसेवा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस थानों को जनसंख्या, भौगोलिक कारक, ग्रामीण और शहरी आधार पर वर्गीकृत करेंगे। इनकी कार्य क्षमता बेहतर बनाने के लिए स्टाफ उपलब्ध करवाया जाएगा। सीएम ने कहा कि कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए सरकार शीघ्र भर्तियां करेगी। अभी 1,226 पुलिस जवान और 30 सब इंस्पेक्टरों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और अग्निशमन विभाग को सुदृढ़ कर रही है। गृह रक्षक के 700 पद भरे जा रहे हैं। सरकार 86 नियमित प्रतिक्रिया केंद्रों के डिजिटलीकरण के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। सीएम ने कहा कि सरकार कानून प्रवर्तन और आपातकाल सेवाओं को मजबूत बनाने के अलावा साइबर अपराध और आपदा प्रबंधन संबंधी चुनौतियों से लड़ने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न बोर्डों और निगमों में गृहरक्षक तैनात करेंगे। बिलासपुर जिले के मारकंड में एक गृह रक्षक बटालियन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेंगे, जिससे प्रशिक्षण सुविधाएं सुधरेंगी। आपदा या आपातकाल के दौरान राहत व पुनर्वास कार्यों के लिए जरूरी वाहन किराये पर लेने के लिए सक्षम प्राधिकारी को अधिकार देंगे। आपदा प्रतिक्रिया बल में स्थायी स्टाफ की भर्ती होने तक अस्थायी तौर पर गृह रक्षक तैनात होंगे। इसके अलावा अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक बनाया जाएगा और इसके लिए 19.40 करोड़ की पहली किस्त शीघ्र जारी होगी। सीएम सुक्खू ने राज्य में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्ष 2024 में साइबर अपराध की 11,892 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें 114.94 करोड़ की धोखाधड़ी शामिल है।
यह कार्यक्रम महिला एवम बाल विकास विभाग, बाल विकास परियोजना प्रागपुर के सौजन्य से खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय रक्कड़, जिला कांगड़ा के अधीन आयोजित किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" योजना को बढ़ावा देना और इसके अंतर्गत महिलाओं और लड़कियों के प्रति जागरूकता फैलाना था। कार्यशाला में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के प्रमुख उद्देश्यों पर विस्तृत चर्चा की गई, जैसे घटते लिंगानुपात को सुधारना, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, लिंग आधारित भेदभाव को समाप्त करना, लड़कियों की सुरक्षा और शिक्षा को बढ़ावा देना, और लड़कियों के व्यक्तिगत कौशल को बढ़ाना। सीडीपीओ प्रागपुर बलजीत सिंह ने इस विषय पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि शिक्षा के आरंभिक चरण से लड़कों और लड़कियों को बराबरी का दर्जा देना, और लड़कियों में नेतृत्व की क्षमता को विकसित करना भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सुपरवाइजर प्रागपुर संदीप कुमार ने बताया कि "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" योजना में शिक्षा विभाग का योगदान अहम है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला एवम बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग को मिलकर काम करना होगा, ताकि एक बेहतर और समावेशी समाज का निर्माण किया जा सके। कार्यशाला में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाली विभिन्न योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, मिशन वात्सल्य, मुख्यमंत्री सुख शिक्षा, मुख्यमंत्री कन्यादान, शगुन योजना, बेटी है अनमोल योजना और विधवा पुनर्विवाह पर भी जानकारी दी गई। इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक सशक्तिकरण और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। इस प्रकार, यह कार्यशाला महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों और उनके विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
महर्षि विद्या मंदिर पाठशाला रक्कड़ में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह मंगलवार को बड़ी धूमधाम से मनाया गया। वंदे मातरम तथा स्वागत गीत के साथ सरस्वती मां के आगे दीप प्रज्वलित कर हुआ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। वार्षिक समारोह में बतौर मुख्य अतिथि स्थानीय तहसीलदार अनुजा शर्मा ने शिरकत की। स्कूल के प्रधानाचार्य अनिल और स्कूल स्टाफ सदस्यों ने मुख्य अतिथि को शॉल, टोपी व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा हिमाचली, पंजाबी, हिन्दी गानों पर एक से एक बढ़कर रंगारंग प्रस्तुतियां दी गईं। बच्चों को बच्चों द्वारा प्रस्तुत डांस को सभी ने सराहा। बच्चों द्वारा पर्यावरण तथा नशा निवारण को लेकर भाषण प्रस्तुत किए3 गए। मुख्य अतिथि ने विद्यालय के होनहार छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल शर्मा द्वारा विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी गई । प्रधानाचार्य ने कहा कि वर्ष दर वर्ष इस स्कूल में बच्चों की प्रतिभा में निखार आता जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक पढ़ाई ही है जिससे आप परिस्थितियों को बदल सकते है। इस अवसर पर ज़िला परिषद् अश्वनी, वी डी सी रेणु जांबला, स्थानीय प्रधान जीवनलता,एडवोकेट नरेश ठाकुर, प्रधान कुहना रामपाल , पूर्व प्रधान रतन सिंह राठौर, पिटीआई रिटायर्ड कश्मीर चंद ,भाजयुमो जिला अध्यक्ष संगठनात्मक जिला देहरा रमन शर्मा अन्य पंचायतों से आए प्रतिनिधि व अभिभावकों सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


















































