** आठ दिन में एसी और स्लीपर कोच पैक प्रयागराज महाकुंभ के लिए शुक्रवार से ऊना से विशेष ट्रेन चलेगी। महाकुंभ जाने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। आठ दिन में ही एसी थ्री टियर और स्लीपर के पांच कोच पैक हो गए हैं। 23 फरवरी तक छह ट्रेनों के इन डिब्बों में वेटिंग चल रही है। अप और डाउन दोनों ओर के डिब्बे पैक हो गए हैं। अब टिकट कन्फर्म करने के लिए लोग वेटिंग में हैं। इन डिब्बों में 17, 20, 25 वेटिंग है। ऊना रेलवे स्टेशन में टिकट बुक करवाने पहुंच रहे यात्री अब खाली हाथ लौट रहे हैं। वहीं सामान्य के दस डिब्बों के लिए शुक्रवार को ट्रेन चलने से दो घंटे पहले यानी शाम 8:00 बजे के बाद टिकट मिलेगी। महाकुंभ के लिए लोगों के रुझान को देखते हुए शुक्रवार को टिकट काउंटरों के बाहर लोगों की भारी भीड़ रहने की संभावना है। उत्तर रेलवे ने 2 जनवरी को ऊना से प्रयागराज महाकुंभ जाने वाली ट्रेनों का शेड्यूल जारी किया था। छह दिन बाद रिजर्व डिब्बों के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू हुई। आठ दिन में रिजर्व डिब्बे बुक हो गए। स्लीपर कोच का किराया 620 रुपये और एसी थ्री- टियर का किराया 1670 रुपये है। 17 डिब्बों के साथ स्पेशल ट्रेन का संचालन होगा। इसमें एसी थ्री टियर का एक, स्लीपर के पांच, सामान्य के दस और दो डिब्बे गार्ड एवं लगेज के होंगे। महाकुंभ के लिए शुक्रवार को अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन से पहली विशेष ट्रेन 04528 नंबर से रात 10:05 बजे चलेगी। ऊना रेलवे स्टेशन में रात 10:30 बजे ट्रेन पहुंचेगी। पांच मिनट स्टॉपेज के बाद रात 10:30 बजे प्रयागराज के लिए विशेष ट्रेन रवाना होगी। प्रयागराज के फाफामऊ जंक्शन में अगले दिन शनिवार शाम 06:00 बजे पहुंचेगी। शनिवार रात 10:30 बजे फाफामऊ जंक्शन से ट्रेन ऊना आएगी। रविवार शाम 5:50 बजे ऊना के अंब- अंदौरा रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। रेलवे की ओर से इसी निर्धारित समय पर ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। दूसरी ट्रेन ऊना से 20 जनवरी, प्रयागराज से 21 जनवरी को चलेगी। तीसरी ट्रेन ऊना से 25 जनवरी और प्रयागराज से 26 जनवरी को चलेगी। चौथी ट्रेन ऊना से 09 फरवरी, प्रयागराज से 10 फरवरी, पांचवीं ट्रेन ऊना से 15 फरवरी और प्रयागराज से 16 फरवरी को रवाना होगी। छठी और अंतिम ट्रेन ऊना से 23 फरवरी को चलेगी और प्रयागराज से वापसी में 24 फरवरी को आएगी। ये होंगे स्टॉपेज ऊना के अंब अंदौरा से स्पेशल ट्रेन चलेगी। ऊना में पांच मिनट का स्टॉपेज होगा। इसके बाद नंगल डैम, आनंदपुर साहिब, रूप नगर, मोरिंडा, चंडीगढ़, अंबाला कैंट, यमुनानगर जगाधरी, सहारनपुर, रुड़की, नजीबाबाद, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, लखनऊ, राय बरेली में स्टॉपेज होगा। इस दौरान स्टॉपेज पर ट्रेन दो, पांच और दस मिनट रुकेगी। प्रयागराज के फाफामऊ जंक्शन तक विशेष ट्रेन जाएगी।
धर्मपुर/डिंपल: हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने समाज के सम्पन्न वर्ग से आग्रह किया है कि वे बिजली पर मिलने वाली सब्सिडी को त्याग दें, ताकि इसका लाभ वास्तव में जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों तक पहुंच सके। मुख्यमंत्री सुक्खू के इस आह्वान पर धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर ने स्वेच्छा से बिजली मीटर पर मिलने वाली सब्सिडी को छोड़ दिया है। इस अवसर पर विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। विशेष रूप से, आर्थिक रूप से सशक्त व्यक्तियों को बिजली सब्सिडी छोड़कर इसके लाभ को उन लोगों तक पहुंचाना चाहिए, जिनकी इस सहायता को सबसे ज्यादा जरूरत है। यह कदम प्रदेश के विकास में एक सकारात्मक योगदान होगा। इस पहल से राज्य सरकार को वित्तीय संसाधनों का संकलन करने में मदद मिलेगी और यह कदम समाज में सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित करेगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज गैर सरकारी संस्था ‘नीडल लीफ फांऊडेशन -द सेवियर’ द्वारा प्रदेश में कार्यान्वित की जाने वाली दो परियोजनाओं का शुभारम्भ किया। संस्था द्वारा इन परियोजनाओं के माध्यम से वनों की आग के नियंत्रण और युवाओं में नशा निवारण व रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा वन संरक्षण व वनों की आग को नियंत्रित करने के लिए बहुआयामी उपाय सुनिश्चित किये गए हैं। इसके दृष्टिगत आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मादक पदार्थों व नशीली दवाओं के दुरूपयोग के लिए व्यापक स्तर पर अभियान आरम्भ किया गया है। मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए अंतरराज्यीय स्तर पर समन्वय से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि संस्था के प्रयासों से सरकार द्वारा इस दिशा में किये जा रहे कार्यों को संबल मिलेगा। संस्था के अध्यक्ष सुनील ग्रोवर ने नवीन योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, नीडल लीफ फांऊडेशन के सदस्य डा. अनिल चौहान, प्रदीप कुमार, एस.एन.कपूर, अजय कोचर, कोषाध्यक्ष राजीव सूद और अन्य लोग व्यक्ति उपस्थित थे।
** योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अहम - डॉ. शांडिल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अहम है और राज्य सरकार मीडिया कर्मियों के हित के लिए निरंतर कार्यरत है। डॉ. शांडिल गत रात्रि यहां प्रेस क्लब सोलन के सौजन्य से आयोजित लोहड़ी मिलन कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मीडिया हितों के प्रति संवेदनशील है और उनका यह प्रयास है कि मीडिया बन्धुओं की विभिन्न मांगों को उचित स्तर पर निराकरण किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सोलन ज़िला मुख्यालय में प्रेस क्लब निर्माण उनकी प्रतिबद्धता है और इस दिशा में उचित भूमि का चयन कर अगली कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि प्रदेश सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी नीतियों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाचारों एवं अन्य माध्यमों से मीडिया द्वारा प्राप्त फीडबैक का नियमित अनुसरण कर यह सुनिश्चित बनाती है कि आमजन की भावनाओं के अनुरूप कार्य हों। डॉ. शांडिल ने सभी को लोक आस्था, भाईचारा व एकता के प्रतीक लोहड़ी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए आशा जताई कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, खुशहाली, समृद्धि तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करे। उन्होंने कहा कि प्रकृति से जुड़े हमारे पर्व हमें अपनी समृद्ध सनातन संस्कृति और विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण हैं। हमें अपनी प्राचीन संस्कृति के संरक्षण के लिए एकजुट होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं भी प्रेषित की। डॉ. शांडिल ने इससे पूर्व लोहड़ी पूजन भी किया। इस अवसर पर जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, हिमाचल प्रदेश प्रथम कन्या बटालियन एन.सी.सी. सोलन के आदेशक कर्नल संजय शांडिल, पूनम शांडिल, ज़िला राजस्व अधिकारी सोलन सुमेध शर्मा सहित प्रेस क्लब सोलन के सदस्य उपस्थित थे।
** सुराडा मोहल्ले से शुरू हुआ मशाल जुलूस विभिन्न मढ़ियों से होकर गुजरा चंबा में लोहडी के मौके पर शहर में गत रात्रि रियासतकालीन परंपरा का निर्वाहन करते हुए मशाल जलूस निकाला गया। शहर के सुराडा मोहल्ला से आरंभ हुआ मशाल जलूस विभिन्न मोहल्लों में स्थापित मढियों से होकर गुजरा। इस परंपरा के निर्वाहन के दौरान कानून व सुरक्षा व्यवस्था को कायम रखने के लिए चप्पे- चप्पे पर पुलिस का पहरा बिठाया गया था। चम्बा शहर में लोहडी के पर्व को अनोखे अंदाज में मनाया जाता है। लोहडी की रात्रि सुराडा मोहल्ला स्थित शिव मंदिर से मशाल जलूस, जिसे स्थानीय बोली में मुशाहरा कहते हैं, आरंभ होकर शहर के विभिन्न मोहल्लों की 14 मढियों से होकर गुजरता है। शहर के राजनौण में राज मुशाहरा की वजीर से मिलनी होती है। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से टकराव होता है। इस दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी तादाद में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहता है।
** लोगों ने उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपस्वाल को सौंपा ज्ञापन विकास खंड चम्बा की ग्राम पंचायत चम्बी के अंतर्गत गौंडा गांव के ग्रामीणों ने उन्हें जडेरा पंचायत में शामिल करने की मांग उठाई है। इस मांग को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपस्वाल को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2020 में जडेरा पंचायत का विभाजन किया गया था। इस दौरान गौंडा गांव को ग्रामीणों की इच्छा के विरुद्ध चम्बी पंचायत में शामिल कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि गौंडा गांव की दूरी जडेरा पंचायत से मात्र 200 मीटर की दूरी पर है। वहीं चम्बी पंचायत से गांव की दूरी 7 किलोमीटर है। लिहाजा, विभाजन के उपरांत लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं। कई बार प्रशासन के समक्ष इस समस्या को उठाया गया है लेकिन अब तक समस्या का निवारण नहीं हो पाया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी इस मांग को जल्द पूरा न किया गया तो वे इस वर्ष होने वाले पंचायत चुनावों में मतदान नहीं करेंगे।
** कल शिलाई में आयोजित होगी हाटी समिति की बैठक सिरमौर जिला के शिलाई में हाटी समिति की बैठक कल आयोजित की जाएगी, जिसमें हाटी समुदाय को विशेष दर्जा देने के मामले पर चर्चा की जाएगी। एस सी समुदाय को भी बैठक में आमंत्रित किया गया है, लेकिन उन्होंने साफ किया है कि जब तक सरकार उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए अधिसूचना नहीं जारी करती, तब तक वे इसमें शामिल नहीं होंगे। गिरिपार अनुसूचित जाति अधिकार सरंक्षण समिति ने नाहन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखी। समिति के अध्यक्ष अनिल कुमार मंगेट ने कहा कि उनका अन्य जातियों से कोई विवाद नहीं है, लेकिन वे तभी शामिल होंगे यदि सरकार किन्नौर की तर्ज पर उन्हें भी दोहरा दर्जा दे। समिति के सुरेंद्र धर्मा ने बताया कि 26 जनवरी को रेणुका में एस सी वर्ग की बैठक होगी, जिसमें सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
** स्नान और तुलादान कर रहे लोग... मकर संक्रांति पर मंडी जिला की सीमा पर स्थित धार्मिक स्थल तत्तापानी में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ी है। मकर संक्रांति पर तत्तापानी में स्नान और तुलादान का विशेष महत्व रहता है। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो लोहड़ी के एक दिन 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है।इस दिन से ही ऋतु में भी परिवर्तन होने लगता है।इसके अलावा मकर संक्रांति पर्व पर तुलादान करने का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन नवग्रहों की शांति के लिए तत्तापानी में हजारों की संख्या में श्रद्धालु तुलादान करवाते हैं। मकर संक्रांति पर खिचड़ी, चावल, दाल, उड़द की दाल और ऊनी कपड़ों का दान किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन धार्मिक स्थलों पर स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।तत्तापानी में सदियों से लोग बैसाखी व लोहड़ी स्नान कर पुण्य के भागीदार तो बनते ही आ रहे है, लेकिन यहां गरम पानी के प्राकृतिक चश्मों मे स्नान करने से चर्म रोग से भी निजात पाते हैं। ऐसे में लोगों की इन चश्मों के प्रति गहरी आस्था है। तत्तापानी को ऋषि जमदग्नि और परशुराम की तपोस्थली के रूप में जाना जाता है। यहां पर दूर-दूर से धार्मिक श्रद्धालु गर्म पानी में नहाने के लिए आते हैं।
** प्रदेश में लोहड़ी के अवसर पर कड़ाके की ठंड शिमला: इन दिनों उत्तर भारत समेत हिमाचल प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लोहड़ी के पर्व पर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी गई है। हाल ही में निचले पहाड़ी इलाकों और ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी से तापमान में यह गिरावट आई है। मौसम विभाग ने 14 और 15 जनवरी को प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके कारण प्रदेश में मौसम में फिर से बदलाव हो सकता है। इस दौरान, मध्यम और ऊंचाई वाले कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। यह पश्चिमी विक्षोभ 19 जनवरी तक सक्रिय रहेगा। हालांकि, निचले पहाड़ी क्षेत्रों जैसे मंडी, बिलासपुर, ऊना और अन्य जगहों पर मौसम साफ रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में सुबह के समय कोहरे को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है। बीते 24 घंटों में, मंडी जिले के सुंदरनगर में अधिकतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, स्पीति घाटी के कुकुमसेरी में प्रदेश का सबसे कम तापमान -12.3 डिग्री सेल्सियस रहा। अन्य प्रमुख स्थानों पर तापमान इस प्रकार रहा: शिमला 2.4 डिग्री सेल्सियस, मनाली -1.1, भरमौर 0.3, कुफरी -0.8, पालमपुर 1.0, केलांग -8.7, बिलासपुर 5.4 और ऊना 3.6 डिग्री सेल्सियस।
** अटल टनल पर्यटकों के लिए हुई बहाल, मनाली में बढ़ी सैलानियों की संख्या कुल्लू: पर्यटन नगरी मनाली में अटल टनल को पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिया गया है। अब पर्यटक वाहनों को सिस्सू तक जाने की अनुमति मिल गई है। अटल टनल के उत्तर और दक्षिण पोर्टल के साथ-साथ सिस्सू में भी पर्यटकों ने बर्फबारी का आनंद लिया और साहसिक गतिविधियों में भाग लिया। जनवरी के शुरुआती दिनों में हो रही बर्फबारी ने पर्यटकों को आकर्षित किया है। घाटी में मौसम साफ होने के कारण लाहौल जाने वाले सैलानियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। मनाली के होटलों में भी बुकिंग्स बढ़ी हैं, क्योंकि लोग बर्फ देखने के लिए अटल टनल से होते हुए लाहौल की ठंडी वादियों में पहुंच रहे हैं। पर्यटक सिस्सू में बर्फ के बीच साहसिक गतिविधियों का लुत्फ भी उठा रहे हैं। अटल टनल और सिस्सू में बर्फ की मोटी परत जमा हुई है। पर्यटक मनाली के विभिन्न पर्यटन स्थलों जैसे सोलंगनाला, अंजनी महादेव, फातरु, कोठी, वहामटा पर बर्फ के बीच मस्ती करते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं, सोलंगनाला की ढलानों पर पर्यटक स्कीइंग का आनंद भी ले रहे हैं। पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधियां भी पर्यटकों की पसंदीदा गतिविधियों में शामिल हो चुकी हैं। डीएसपी मनाली, केडी शर्मा ने बताया, "पर्यटकों को अटल टनल तक जाने की अनुमति दी गई है। मंगलवार को दिनभर पर्यटकों ने पर्यटन स्थलों में बर्फ का आनंद लिया और अब सभी प्रमुख मार्गों पर यातायात सुचारू रूप से चल रहा है। मनाली और इसके आसपास के क्षेत्र बर्फबारी के कारण इस समय खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
राज्य की सांस्कृतिक विरासत, शिल्प और व्यंजनों का भव्य जश्न मनाने वाला 15 दिवसीय हिमाचल प्रदेश हिम महोत्सव कल देर शाम दिल्ली हाट में अपार सफलता के साथ संपन्न हुआ। हिम महोत्सव का आयोजन हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के सहयोग से किया गया। महोत्सव में न केवल राज्य की कलात्मक विरासत को प्रदर्शित किया गया, बल्कि स्थानीय कारीगरों को 2 करोड़ रुपये का कारोबार भी दिया गया। महोत्सव से जहां कारीगरों के उत्पादों को व्यापक स्तर पर पहचान मिली वहीं सांस्कृतिक संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक प्रगति भी सुनिश्चित हुई। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए कहा कि हिम महोत्सव ने हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और आधुनिक व्यावसायिक दुनिया में अलग पहचान बनाई है। हिम महोत्सव ने राज्य के विविध हस्तशिल्प, पारंपरिक परिधानों और व्यंजनों को पहचान दिलाने के साथ-साथ कारीगरों के लिए सफलतापूर्वक नए व्यावसायिक अवसर सृजित किए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से पारंपरिक शिल्पकला को समसामयिक व्यापार गतिविधियों के साथ-साथ आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम ने आगंतुकों से मिली प्रतिक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि इससे हिमाचली शिल्प में देश की बढ़ती रुचि की झलक दिखती है। उन्होंने कहा कि इस सफलता से कारीगरों के लिए नए अवसर सृजित होंगे और राष्ट्रीय मंच पर हिमाचल की उपस्थिति और मजबूत होगी। महोत्सव में विभिन्न प्रकार के 60 स्टॉल लगाए गए जहां कारीगरों ने ऊनी शॉल, चंबा रूमाल, कांगड़ा पेंटिंग और पारंपरिक आभूषणों सहित हस्तनिर्मित उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की। इसके अतिरिक्त राज्य के प्रसिद्ध व्यंजन हिमाचली धाम के जायके ने आगंतुकों को आकर्षित किया जिससे प्रदेश की संस्कृति का अनुभव और समृद्ध हुआ। हिमाचल की जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं का जश्न मनाते हुए कार्यक्रम में कांगड़ा के गद्दी नृत्य और सिरमौर की नाटी भी शानदार प्रस्तुित दी गई। ग्रैंड फिनाले में हिमाचली फैशन शो भी हुआ जिसमें पारंपरिक परिधानों का प्रदर्शन किया गया जो इस उत्सव का मुख्य आकर्षण रहा। उत्सव में दो करोड़ रुपये का कारोबार हुआ जिससे हिमाचल प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों के कारीगरों की आर्थिकी सुदृढ़ हुई। आगंतुकों के साथ सीधे संपर्क ने कारीगरों को उन्हें अपने बाजार की पहुंच बढ़ाने, वित्तीय स्थिरता बढ़ाने और व्यापक स्तर पर पहचान बनाने में मदद की। हिम महोत्सव प्रदेश के कारीगरों के लिए एक उम्मीद की किरण बन गया है, जिसमें पारंपरिक कला को आधुनिक व्यवसायिक गतिविधियों के साथ जोड़ा गया है। महोत्सव ने हिमाचल की समृद्ध विरासत के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए संस्कृति के संरक्षण तथा विकास को सुनिश्चित करने में मदद की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी केएस बांशटू, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती, प्रबंध निदेशक हिमक्राफ्ट्स कॉरपोरेशन गंधर्व राठौर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
** चलौंठी के पास बनाया जा रहा है 900 मीटर लंबा फ्लाओवर कालका-शिमला फोरलेन के कैथलीघाट-ढली हिस्से से शहर का सर्कुलर रोड भी जुड़ेगा। इससे शहर के हजारों लोगों को लाभ होगा। फोरलेन को सर्कुलर रोड से जोड़ने के लिए चलौंठी में 900 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। यह फ्लाईओवर चलौंठी में निकलने वाली टनल को ढली-आईजीएमसी सड़क से जोड़ेगा। फ्लाईओवर चाप आकार में बनेगा और जमीन से इसकी ऊंचाई 72 मीटर होगी। शहर के लोग चलौंठी से सीधे कालका-शिमला फोरलेन से सफर कर चंडीगढ़ जा सकते हैं। इससे शहर में क्रॉसिंग के पास लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। फ्लाईओवर का पहला पिलर 71 मीटर, दूसरा 65 मीटर, तीसरा 55 मीटर और बाकी पिलर 45 मीटर ऊंचे होंगे। फोरलेन का निर्माण होने के बाद शिमला से चंडीगढ़ पहुंचना आसान हो जाएगा। फ्लाईओवर में कुल 15 पिलर होंगे। अगले सात महीनों में सभी पिलर तैयार होने की उम्मीद है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्य में 200 से अधिक मजदूर लगे हुए हैं ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे पूरा किया जा सके। स्ट्रक्चर इंजीनियर अनवर अली ने बताया कि फिलहाल ठंड के चलते सुबह 8 से शाम 7 बजे तक काम किया जा रहा है। अभी पिलर की शटरिंग का कार्य किया जा रहा है। पिलर के ऊपरी हिस्से में सरियों का ढांचा बनाया जा रहा है। इसके लिए मजदूर जमीन से 70 मीटर की ऊंचाई पर क्रेन से लटक कर निर्माण कार्य कर रहे हैं। इसके बाद सरियों को कंक्रीट से मजबूती दी जाएगी। पिलर तैयार होने के बाद मोल्ड में फ्लाईओवर प्लेटफार्म तैयार किए जाएंगे। इन्हें क्रेन के जरिये पिलर के ऊपर रखा जाएगा। चलौंठी में बेहतर यातायात संचालन के लिए चंडीगढ़ की तर्ज पर गोल चौराहा भी बनाया जाएगा। इसके लिए ढली-आईजीएमसी सड़क को 10 मीटर चौड़ा किया गया है। यह फ्लाईओवर न केवल यातायात की समस्या को कम करेगा बल्कि शहर की सुंदरता में भी निखारा लाएगा। वर्तमान में शहर में यातायात की समस्या प्रमुख चुनौती है, खासकर पर्यटन सीजन के दौरान। इस फ्लाईओवर के निर्माण से शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन सुचारु होगा और यात्रा का समय कम होगा। एनएचएआई के साइट इंजीनियर योगेश वर्मा ने बताया कि फोरलेन का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस फोरलेन के बनने के बाद चंडीगढ़ का सफर आसान होगा। कैथलीघाट-ढली के बीच फोरलेन परियोजना का निर्माण कार्य दो चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में कैथलीघाट से शकराल तक 17.5 किलोमीटर लंबा फोरलेन बनाया जा रहा है। 1,844 करोड़ रुपये की लागत से इस चरण में 20 पुल, 4 सुरंगें, एक अंडरपास और एक टोल प्लाजा का निर्माण हो रहा है। दूसरे चरण में शकराल से ढली-मशोबरा जंक्शन तक 11 किलोमीटर का कार्य 2,070 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है। इसमें 6 सुरंगें और सात पुल और फ्लाईओवर शामिल हैं।
** प्रदेश में चार मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए तैयार होगा मास्टर प्लानः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बीते कल भाषा एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबा बालक नाथ, माता चिंतपूर्णी, नैनादेवी और ज्वालाजी मंदिर परिसरों के सौन्दर्यीकरण के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इन मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए विश्व स्तरीय सुविधाओं का सृजन किया जाएगा, जिससे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी वित्त वर्ष से सभी जिलों में ‘जिला स्तरीय उत्सव’ आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश में आयोजित किये जाने वाले मेलों एवं उत्सवों में कम से कम एक सांस्कृतिक संध्या स्थानीय कलाकारों के लिए आरक्षित की जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कुल व्यय की 33 प्रतिशत राशि स्थानीय कलाकारों को दिए जाने का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कलाकारों का मानदेय निर्धारित करने तथा मानदेय का युक्तिकरण करने के भी निर्देश दिए। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 107 मेले अधिसूचित किए गए हैं जिनमें 4 अन्तर्राष्ट्रीय स्तर, 5 राष्ट्रीय स्तर, 29 राज्य स्तर तथा जिला स्तर के 69 मेले शामिल हैं। प्रदेश सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 में अभी तक इन मेलों के आयोजन के लिए 1.10 करोड़ रुपये सहायता अनुदान राशि प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि शिमला स्थित बैंटनी कैसल में डिजिटल संग्रहालय की स्थापना का कार्य इस वर्ष पूर्ण कर लिया जाएगा और अंतर्राष्ट्रीय रौरिक स्मारक ट्रस्ट को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने और शिमला विंटर कार्निवाल के आयोजन को अधिसूचित करने के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा भी की। बैठक में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, निदेशक भाषा एवं संस्कृति डॉ. पंकज ललित और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार बड़े स्तर पर हरित ऊर्जा के दोहन का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि 72 मैगावाट क्षमता की सात सौर ऊर्जा परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं जिनका मूल्यांकन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इनका कार्य शीघ्र ही सम्बन्धित कम्पनियों को आवंटित कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त 325 मैगावाट की 8 परियोजनाओं का सर्वेक्षण एवं जांच का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि पहली बार सरकार राज्य की 200 पंचायतों को ‘हरित पंचायत’ के रूप में विकसित करने की ओर अग्रसर है जिसमें 200 केवी के ग्रांऊड माउंटेड सोलर संयंत्र लगाए जाएंगे तथा इन संयंत्रों से प्राप्त आय को पंचायत के विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सौर ऊर्जा क्षेत्र में ऊना जिले में 32 मैगावाट की पेखुबेला सौर ऊर्जा परियाजना को 15 अप्रैल, 2024 को जनता को समर्पित किया गया था तथा अप्रैल से अक्तूबर 2024 तक साढ़े छः महीने की अवधि में इस परियोजना के माध्यम से 34.19 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया है, जिससे 10.16 करोड़ रुपये की आय हुई है। उन्होंने कहा कि इससे अतिरिक्त ऊना जिला के भंजाल में 5 मैगावाट सौर ऊर्जा परियोजना को 30 नवम्बर 2024 को शुरू कर दिया गया है, जबकि 10 मैगावाट की अघलौर सौर ऊर्जा परियोजना का निर्माण कार्य भी इस माह पूर्ण होना अपेक्षित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार हिमाचल प्रदेश को 2026 तक देश का पहला ‘हरित ऊर्जा’ बनाने की दिशा में प्रयासरत है ताकि प्रदेश के पर्यावरण को किसी प्रकार का नुक्सान न हो। उन्होंने कहा कि हरित ऊर्जा के दोहन से जहां पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, वहीं कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा। उन्होंने कहा कि हरित ऊर्जा स्रोत अक्षय हैं और समाप्त नहीं होते, जिससे भविष्य की पीढ़ियों को ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित हो पाएगी। यह जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त, 2 टन प्रतिदिन की क्षमता के कम्प्रेस्ड बायो-गैस के प्लांट की ड्राफ्ट डीपीआर तैयार कर दी गई है। इसके अलावा प्रदेश के बाल एवं बालिका आश्रमों तथा वृद्ध आश्रमों और राजीव गांधी मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूलों में ग्रिड से जुड़े रूफ टॉप सोलर प्लांट और वाटर हिटिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह मंगलवार को दिल्ली रवाना होंगे। बुधवार को नई दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के नए कार्यालय का शुभारंभ होना है। हाईकमान ने सभी वरिष्ठ नेताओं को समारोह में मौजूद रहने के निर्देश जारी किए हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष सहित कई कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस विधायक भी दिल्ली जा रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार मुख्यमंत्री सुक्खू 15 या 16 जनवरी को दिल्ली से ही कांगड़ा प्रवास के लिए धर्मशाला रवाना होंगे। 25 जनवरी तक मुख्यमंत्री सुक्खू जिला कांगड़ा के दौरे पर रहेंगे। पूर्ण राज्यत्व दिवस का राज्य स्तरीय समारोह भी इस बार जिला कांगड़ा के बैजनाथ में हो रहा है। 25 जनवरी को इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री सुक्खू करेंगे। समारोह के बाद मुख्यमंत्री शिमला लौटेंगे और 26 जनवरी को ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस में शामिल होंगे।
कुनिहार: नमबरदार यूनियन की बैठक आज सोमवार को अर्की एसडीएम कार्यालय में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधान दिला राम ने की, और जिला प्रधान राजेन्द्र ठाकुर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई, जिनमें मुख्य रूप से मुख्यमंत्री से मिलने और नमबरदारों की समस्याओं के बारे में बात की गई। यूनियन के सदस्यों ने बताया कि मुख्यमंत्री से लेकर तहसीलदार तक को ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर अब तक कोई ध्यान नहीं दिया गया। सदस्यों ने यह निर्णय लिया कि वे फिर से मुख्यमंत्री के पास अपनी समस्याओं को लेकर जाएंगे। बैठक में यह मुद्दे उठाए गए कि पिछले 11 महीनों से उन्हें मानदेय नहीं मिला, बार-बार अनुरोध करने के बावजूद फर्दवाच नहीं मिल रही, पटवारी मौके पर मदद नहीं करते और पटवारियों द्वारा मनमाने तरीके से नमबरदारों को डिमार्केशन और तकसीम पर नहीं बुलाया जाता। सदस्यों ने कहा कि सरकार उन्हें 4200 रुपये मानदेय दे रही है, लेकिन वे चाहते हैं कि सरकार यह राशि बढ़ाए ताकि काम के अनुसार उन्हें उचित भुगतान मिल सके। बैठक में जिला सचिव प्रताप ठाकुर, उपप्रधान चमनलाल, प्रदीप ठाकुर, मदन सिंह, जगत राम, मोहन सिंह, पदम सिंह, नेम चंद, कन्हैया राम, राकेश सहित कई अन्य नमबरदार भी उपस्थित थे।
नववर्ष के आगमन के साथ ही लोहड़ी का पर्व शुरू होता है, जो खास महत्व रखता है। इस अवसर पर डाडा सीबा, नंगल चौक, चनोर, बढ़ल, ढलियारा और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह देखने को मिला। यहां के बच्चे, युवाओं और युवतियों ने ठंड की परवाह किए बिना टोलियां बनाकर घर-घर जाकर लोहड़ी मांगी। वे "सुंदर मुंदरिये," "दुल्ला भट्टी वाला," "सेर शक्कर पाई हो" जैसे गीत गाते हुए लोहड़ी की खुशियां बांटते रहे। खासकर डाडा सीबा गांव में, जहां युवाओं ने नई शादी होने वाले घरों में लोहड़ी और बधाई गीत गाकर खुशी मनाई। यह पर्व समाज में सौहार्द, भाईचारे और खुशहाली का संदेश देता है ।
** बंजार में पक्की सड़क और सड़क मरम्मत के लिए सीएम ने की 1.75 करोड़ देने की घोषणा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज कुल्लू जिले की बंजार घाटी के तांदी गांव में आग से प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने राहत कार्यों का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत कार्यों को तेज़ी से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने किराए पर रहने वाले परिवारों को छह महीने तक 5000 रुपये प्रति माह किराया देने की घोषणा की और कहा कि अगर उनके घर फिर से नहीं बन पाते, तो अगले छह महीने तक उन्हें यह सहायता मिलती रहेगी। इसके अलावा, पशु-शालाओं के निर्माण के लिए 50,000 रुपये देने का भी फैसला किया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन घरों को पूरी तरह से नुकसान हुआ है, या जो अब रहने के लायक नहीं हैं, उनके लिए सात लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, मुफ्त बिजली और पानी का कनेक्शन मिलेगा, और घर बनाने के लिए लकड़ी भी उपलब्ध कराई जाएगी। जिन घरों का सामान जल गया है, उनके लिए आवश्यक सामान, बर्तन और कपड़े दिए जाएंगे। उन्होंने गांव में पक्की सड़कों के निर्माण के लिए 75 लाख रुपये और गांव तक पहुंचने के लिए 4 किलोमीटर सड़क की मरम्मत के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बंजार में अग्निशमन केंद्र खोलने की बात भी की और कम वोल्टेज की समस्या को हल करने के लिए सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाने पर विचार करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर विधायक भुवनेश्वर गौड़, सुरेंद्र शौरी, पूर्व मंत्री खिमी राम शर्मा, एपीएमसी कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति के अध्यक्ष राम सिंह मियां, जिला परिषद के अध्यक्ष पंकज परमार, उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक कुल्लू भी मौजूद थे।
** सौंदर्यीकरण कार्य हुआ सम्पन्न, आर्टिस्ट सुनील सुरी ने किया है सौंदर्यीकरण का कार्य शिमला के पुराने बस अड्डे के नीचे स्थित टनल का सौंदर्यीकरण कार्य पूरा हो गया है। अब यहां से गुजरने वाले लोगों को हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) का इतिहास देखने को मिलेगा। इस कार्य में 1958 से लेकर आधुनिक इलेक्ट्रिक बसों तक के मॉडल पेंटिंग के माध्यम से दर्शाए गए हैं।यह डिज़ाइन हिम चटर्जी द्वारा तैयार किया गया, जबकि ऊना के सुनील कुमार सूरी ने पेंटिंग का काम किया। इस प्रोजेक्ट पर 19.28 लाख रुपये खर्च हुए। टनल में 1958 की कुल्लू-मनाली बस से लेकर 2016 की इलेक्ट्रिक बस तक के मॉडल बनाए गए हैं। एचआरटीसी के प्रबंधन निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि यह सौंदर्यीकरण एचआरटीसी के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया है। टनल में एक तरफ बसों के मॉडल और दूसरी तरफ यात्रियों की उम्मीदों को दर्शाया गया है। हिमाचली रंगों और संस्कृति को विशेष महत्व दिया गया है।
हिमाचल में महंगाई की मार झेल रहे लाखों उपभोक्ताओं को फरवरी माह राहत भरा रहने वाला है। केंद्र से सस्ते राशन का आवंटन हो गया है जिसके आधार पर प्रदेश सरकार ने भी फरवरी महीने में सरकारी डिपुओं के माध्यम से APL परिवारों को दिए जाने वाला आटे और चावल की मात्रा निर्धारित कर दी है। राहत की खबर ये है कि सरकार ने प्रदेशभर में 4500 से अधिक डिपुओं के माध्यम से एपीएल परिवारों को अगले महीने दिए जाने वाले आटे और चावल की मात्रा में कोई कटौती नहीं की है। ऐसे में फरवरी महीने में भी APL परिवारों को 14 किलो आटा और 6 किलो चावल कोटा प्रति राशन कार्ड मिलेगा। प्रदेश में अगस्त 2023 से एपीएल परिवारों को डिपुओं में मिलने वाले आटे और चावल की दी जाने वाली मात्रा में कोई कट नहीं लगा है। वहीं, इससे पहले हिमाचल में हर दो से तीन महीने में सस्ते राशन के कोटे को घटाया और फिर से बढ़ाया जाता था, लेकिन 17 महीनों से APL परिवारों को दिए जाने वाले आटे और चावल की मात्रा में कोई फेरबदल नहीं हुआ है। केंद्र से राशन का आवंटन होने के बाद प्रदेश के सभी जिलों में डिपुओं के माध्यम से दिए जाने वाले आटे और चावल की मात्रा निर्धारित कर दी गई है। एपीएल परिवारों को आबादी के आधार पर 20 हजार 286 मीट्रिक टन राशन का आवंटन हुआ है। इसमें 14 हजार 131 मीट्रिक टन गेहूं और 6,155 मीट्रिक टन चावल की मात्रा शामिल है। इस बारे में सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, अब तय की गई मात्रा के हिसाब से डिपो धारकों को जनवरी महीने के आखिर में परमिट जारी किया जाएगा ताकि डिपुओं में फरवरी के पहले ही सप्ताह से सस्ता राशन उपलब्ध हो सके। हिमाचल प्रदेश में कुल राशन कार्ड धारकों की संख्या 19 लाख 65 हजार 589 है। इसमें कुल एपीएल कार्डधारकों की संख्या 12 लाख 24 हजार 448 है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इसमें एपीएल टैक्स पेयर कार्डधारकों की कुल संख्या 72 हजार 445 है। वहीं, 11 लाख 52 हजार 3 नॉन टैक्स पेयर एपीएल कार्ड धारक हैं। हिमाचल में एपीएल कार्ड धारकों की कुल आबादी 44 लाख 19 हजार 312 बनती है, जिसमें नॉन टैक्स पेयर एपीएल परिवारों की आबादी 41 लाख 26 हजार 583 है। वहीं, टैक्स पेयर की आबादी 2 लाख 92 हजार 729 है जिन्हें अगले महीने डिपुओं के माध्यम से 14 किलो आटा और 6 किलो चावल प्रति राशन कार्ड मिलेगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक राम कुमार गौतम ने कहा, फरवरी महीने के लिए राशन का आवंटन किया गया है। अगले महीने एपीएल परिवारों को पहले की तरह 14 किलो आटा और 6 किलो चावल प्रति कार्ड दिया जाएगा।
ऊना के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) महेंद्र पाल गुर्जर ने सोमवार को नवगठित नगर निगम ऊना के प्रथम आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला। इस अवसर पर उन्होंने आयुक्त के तौर पर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करते हुए कहा कि नए नगर निगम के वार्डों की पहचान, वार्डबंदी, और मतदाता सूचियों की तैयारी प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी, ताकि निगम के चुनाव समय पर और सुचारू रूप से संपन्न हो सकें। गुर्जर ने कहा कि नगर निगम का संचालन मानक प्रक्रियाओं के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए अभी से कार्य आरंभ कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करना, सीवरेज से संबंधित समस्याओं का समाधान, और शहर के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बरसात के दौरान शहर में पानी निकासी से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए गहन विचार-विमर्श कर एक व्यापक योजना तैयार की जाएगी। उल्लेखनीय है कि अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर को सरकार द्वारा नगर निगम ऊना के प्रथम आयुक्त के रूप में अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। इस संबंध में शुक्रवार देर सायं अधिसूचना जारी की गई थी।
** बलबीर सिंह चौधरी ने की अर्की इकाई के सदस्यों से बैठक में भाग लेने की अपील हिमाचल पथ परिवहन सेवा निवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच अर्की इकाई की मासिक बैठक बुधवार 15 जनवरी को पेंशनर्ज कार्यालय तालाब कुनिहार में इकाई अध्यक्ष बलबीर सिंह चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है। बलबीर सिंह चौधरी ने अर्की इकाई के सभी सदस्यों से इस अहम बैठक में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कल्याण मंच के नव नियुक्त प्रदेशाध्यक्ष बृजलाल ठाकुर इस बैठक में विशेष तौर पर उपस्थित होंगे । उन्होंने सभी पेंशनरों से आग्रह किया है कि 15 जनवरी को ठीक 11 बजे पेंशनर कार्यालय तालाब कुनिहार में पहुंचे तथा पेंशनरो की समस्या व आगामी रणनीति बारे चर्चा में बढ़चढ़ कर भाग लें।
वीरभूमि हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में सेंट्रल गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम सीजीएचएस का वेलनेंस सेंटर धर्मशाला की रेडक्रॉस भवन में धरातल मंजिल में खोला जाएगा। केंद्र के कर्मचारियों व पेंशन भोगियों को अब पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इसके लिए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय दिल्ली की ओर से धर्मशाला में सेंट्रल गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम का एलोपैथिक वेलनेस सेंटर खोलने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। टीम व प्रशासन के संयुक्त दौरे के तहत रेडक्रॉस भवन धर्मशाला की धरातल मंजिल सेंटर खोलने की सहमति दी गई है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर जनवरी माह के अंत में सभी औपचारिक्ताएं पूरी कर फरवरी तक इलाज शुरू कर दिया जाएगा। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के इस फैसले से हिमाचल में हजारों लोगों को लाभ मिलेगा। जिला कांगड़ा में लगभग 20 से ज्यादा केंद्र सरकार के कार्यालय हैं, जिनमें लगभग दस हजार से अधिक सीजीएचएस का लाभ लेने वाले केंद्रीय कर्मचारी कार्यरत हैं, इसके अलावा आर्मी व अन्य पैरा मिलिट्री फोर्स में सेवा दे रहे जवान व उनके परिवार के सदस्य भी रहते हैं, उनके लिए भी सीजीएचएस की सुविधा लेना आसान हो जाएगा। इतना ही नहीं, रिटायर्ड कर्मियों की भी सबसे बड़ी संख्या कांगड़ा-चंबा, ऊना, हमीरपुर व आसपास के जिलों में ही रहती है। सेंटर के केंद्र सरकार के कर्मचारी और उनके आश्रित परिवार के सदस्य, वर्तमान और पूर्व सांसद, पूर्व राज्यपाल और उपराज्यपाल, केंद्र सरकार के पेंशनर और उनके परिवार के पात्र सदस्य, स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व उपराष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के मौजूदा और पूर्व न्यायाधीश, केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार, रेलवे बोर्ड के कर्मचारी व पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी भी शामिल रहेंगे। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से धर्मशाला में सीजीएचएस के हेलोपैथिक वेलनेस सेंटर खोलने की रेडक्रॉस भवन धर्मशाला में प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में इन दिनों प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से वातावरण गूंज उठा है। जिले की नदियां, झीलें और जलाशय इन पक्षियों के आगमन से भर गए हैं। हालांकि, इस साल इन प्रवासी पक्षियों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले कुछ कमी देखने को मिली है। वन विभाग की ओर से इनकी आधिकारिक गणना नहीं की जाती, लेकिन अनुमान के आधार पर इनकी संख्या का आकलन किया जाता है। प्रवासी पक्षी हर साल दिसंबर महीने में ठंड के कारण अपने देशों से हिमाचल के जलाशयों में प्रवास के लिए आते हैं। यह प्रवास दिसंबर से शुरू होकर फरवरी तक जारी रहता है। इनमें प्रमुख प्रजातियों के पक्षी जैसे कॉमन कूट, टफ्ड डक, मल्लार्ड, कॉमन पोचार्ड, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, लिटिल ग्रैब और कार्मोरेंट शामिल हैं। इस समय ये पक्षी मंडी जिले की ब्यास नदी, पंडोह डेम, लारजी डेम, रिवालसर झील और सुंदरनगर झील में देखे जा सकते हैं। मुख्य अरण्यपाल वन वृत मंडी, अजीत ठाकुर ने कहा, "प्रवासी पक्षी हर साल दिसंबर में आते हैं और फरवरी के अंत तक वापस चले जाते हैं। इस दौरान हमारे फिल्ड स्टाफ को इन पक्षियों की निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इनका कोई भी नुकसान न हो। इस साल पक्षियों की संख्या पिछले साल के समान ही है।
हिमाचल प्रदेश के लाहुल-स्पीति, किन्नौर और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बीते 24 घंटों में ताजा बर्फबारी के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। शिमला के ऊपरी हिस्सों, कुल्लू, चंबा के भरमौर उपमंडल और इन जिलों के जनजातीय क्षेत्रों में बर्फबारी दर्ज की गई है। बर्फबारी से तापमान में भारी गिरावट आई है और कई जगहों पर तापमान पांच डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। बर्फबारी के कारण प्रदेशभर में सौ से ज्यादा सड़कों पर यातायात ठप हो गया है, जिससे लोगों को आवश्यक सामान की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। लाहुल-स्पीति और किन्नौर में स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं। इन दोनों जिलों में लगभग 90 सड़कों पर बर्फ के कारण यातायात अवरुद्ध है। पीडब्ल्यूडी विभाग का कहना है कि सड़कों को बहाल करने के लिए मौसम साफ होने का इंतजार किया जा रहा है और मार्च के अंत तक सड़कों को बहाल करने की योजना है, लेकिन यह सब मौसम के अनुकूल होने पर ही संभव होगा। सर्दियों में पहले ही निचले इलाकों में पलायन कर चुके लोग अब घरों और मवेशियों की देखभाल के लिए वहां फंसे हुए हैं। छोटे-मोटे इलाज के लिए भी ग्रामीण अब हेलिटैक्सी पर निर्भर हो गए हैं। बीते चौबीस घंटे में बर्फबारी के आंकड़े में गोंडला में 6 सेंटीमीटर, केलांग, कोठी, खदराला और शिल्लारू में 5 सेंटीमीटर, जोत और भरमौर में 4 सेंटीमीटर, हंसा में 2.5 सेंटीमीटर, कुफरी में 2 सेंटीमीटर, कल्पा में 0.8 सेंटीमीटर और कुकुमसेरी में 0.5 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 15 जनवरी से एक बार फिर बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान चंबा, कुल्लू, किन्नौर, लाहुल-स्पीति और शिमला जिलों में बर्फबारी का असर ज्यादा होगा, और मैदानी इलाकों में घना कोहरा छा सकता है। विभाग ने इस स्थिति को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।
हिमाचल प्रदेश के ग्रीन कॉरिडोर में सरकार ने 41 और इलैक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन लगाने की स्वीकृति दे दी है। हिमाचल प्रदेश को ग्रीन स्टेट बनाने के लिए सरकार जो प्रयास कर रही है उसके लिए सरकार ने एक हाई पावर कमेटी बनाई है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हाल ही में हाई पावर कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया है कि ग्रीन कॉरिडोर में अधिक से अधिक संख्या में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। अभी तक 23 स्टेशन बना दिए गए हैं, लेकिन इस साल 41 और स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके साथ ही हिमाचल में पेड़ कटान पर पहले से प्रतिबंध है और अभी सरकार ने कुछ और प्रजातियों के पेड़ों को काटने पर भी रोक लगाई है।सरकार ऐसे काम करना चाहती है, जिससे प्रदूषण न हो और हिमाचल ग्रीन स्टेट के रूप में जाना जाए। इससे हिमाचल को ग्रीन बोनस मिलने में भी आसानी होगी। परिवहन विभाग के निदेशक डीसी नेगी ने बताया कि जियो, बीपी कंपनी मंडी-जोगिंद्रनगर-पठानकोट के साथ कीरतपुर-मनाली-केलांग ग्रीन कॉरिडोर पर ईवी चार्जिंग स्टेशन बना रही है। ईवीआई टेक्नोलॉजी कंपनी परवाणू-ऊना-संसारपुर टैरेस-नूरपुर और परवाणू- शिमला-रिकांगपिओ-लोसर ग्रीन कॉरिडोर पर इस कार्य को कर रही है। इलेक्ट्रो वेब कंपनी शिमला-हमीरपुर-चंबा ग्रीन कोरिडोर को विकसित करने का काम करेगी। दोनों चयनित कंपनियां 75 लाख रुपए प्रति वर्ष लीज मनी के रूप में सरकार को देगी। बीते 10 दिसंबर को इस संबंध में परिवहन विभाग ने दो कंपनियों के साथ चार ग्रीन कोरिडोर में सुविधाएं बढ़ाने के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किया था। प्रदेश में अभी ईवी चार्जिंग स्टेशन की संख्या 23 है, जो दिसंबर महीने तक बढक़र 64 हो जाएगी। बीते 10 दिसंबर को इस संबंध में सरकार ने कंपनियों के साथ एमओयू साइन किया था। हाई पावर कमेटी की बैठक में इसको लेकर चर्चा की गई है। कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए जो भी औपचारिकताएं हैं, उन्हें जल्द पूरा करें। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम भी प्रदेश के सभी बस अड्डों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेगा। उसने कुछ नए बस अड्डों पर इसकी सुविधा तैयार कर ली है। इसके लिए एचआरटीसी को नाबार्ड के तहत 100 करोड़ मंजूर हुए हैं। अभी शिमला, धर्मशाला, कुल्लू सहित कुछेक स्थानों पर ही इवी चार्जिंग स्टेशन की सुविधा है, क्योंकि एचआरटीसी के बेड़े में इलेक्ट्रिक व्हीकल बड़ी संख्या में आने वाले दिनों में शामिल होंगे, लिहाजा उनके लिए चार्जिंग स्टेशन भी सभी स्थानों पर चाहिए। फिलहाल ग्रीन कोरिडोर में लगभग सभी जगहों पर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश ने प्रदेशवासियों को कड़ी ठंड का सामना कराया। मौसम विभाग के अनुसार, 13 जनवरी से मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन 15 जनवरी से फिर से बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। मौसम विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटों में गोंडला में 6 सेंटीमीटर, कोठी, खदराला और नशल्लारू में 5 सेंटीमीटर, जोत और भरमौर में 4 सेंटीमीटर, हंसा में 2.5 सेंटीमीटर, कुफरी में 2 सेंटीमीटर, कल्पा में 0.8 सेंटीमीटर और कुकमसेरी में 0.5 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई। शिमला के सराहन में 18.1 मिलीमीटर, रोहड़ू में 15 मिलीमीटर, पच्छाद में 5.1 मिलीमीटर और मनाली में 5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। 13 और 14 जनवरी को मौसम साफ रहेगा, लेकिन 14 जनवरी रात से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद 15 जनवरी से प्रदेश के ऊंचाई और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। हालांकि, निचले इलाकों में इसका असर कम रहेगा। प्रदेश में 12 जनवरी को सिरमौर जिले के धौला कुआं में 15.7 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि लाहौल-स्पीति का ताबो -5.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा।
बर्फबारी के बाद हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार हो गए हैं। बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी हिमाचल के पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं। रविवार को शिमला और मनाली में सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ी। बर्फ में अठखेलियां करने के लिए सैलानी शिमला के कुफरी और रोहतांग टनल के पास सिस्सू पहुंचे। नए साल के जश्न के बाद हिमाचल में सैलानियों की आवाजाही बढ़ गई है। बर्फबारी सैलानियों को खासा आकर्षित कर रही है। शनिवार रात हुई बर्फबारी के बाद रविवार को पूरे दिन शिमला और मनाली में सैलानियों के पहुंचने का क्रम जारी रहा। पर्यटक वाहनों की संख्या बढ़ने पर ट्रैफिक जाम की समस्या भी पेश आई। शिमला और मनाली के अलावा पर्यटक कसौली, चायल, धर्मशाला और डलहौजी भी पहुंच रहे हैं। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से पर्यटन कारोबारी खासे उत्साहित हैं। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन पॉल का कहना है कि नए साल पर बर्फबारी से टूरिस्ट की संख्या बढ़ रही है। आने वाले दिनों में भी अगर बर्फबारी का क्रम जारी रहता है तो टूरिस्ट आते रहेंगे और बढि़या कारोबार होगा। ऑल हिमाचल कॉमर्शियल व्हीकल ज्वाइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि नए साल में भी लगातार टूरिस्ट प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर पहुंच रहे हैं। कालका शिमला रेलवे ट्रैक से भी बड़ी संख्या में टूरिस्ट शिमला पहुंच रहे हैं। मनाली के द तारागढ़ पैलेस के संचालक सन्नी शर्मा ने बताया कि बर्फबारी से टूरिस्ट सीजन को बूस्ट मिला है। बर्फबारी होते ही एकाएक पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। बड़ी संख्या में टूरिस्ट बर्फबारी को लेकर इंक्वायरी भी कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के कसोल में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां पंजाब की 23 वर्षीय युवती की हत्या कर दी गई। वह दो युवकों के साथ होटल में ठहरी थी। यह घटना शनिवार रात हुई, और अब तक हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवकों ने युवती को होटल के मेन गेट पर मृत अवस्था में छोड़कर भाग गए थे। होटल के कर्मचारियों ने देखा कि दोनों आरोपी एक युवती को उठाकर सीढ़ियों से नीचे ला रहे थे और उसके नथुने से झाग निकल रहा था। जब कर्मचारियों ने पूछा, तो आरोपियों ने दावा किया कि युवती बाथरूम में गिर गई है। बाद में वे घबराए हुए थे और सड़क की ओर भाग गए, लेकिन पीछा करने पर वे स्कॉर्पियो में बैठकर फरार हो गए। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और हत्या का मामला दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। युवती के शव को अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, जहां उसे मृत घोषित किया गया। होटल के कर्मचारियों से पूछताछ की गई और युवती के परिजनों को सूचित किया गया। एसपी कुल्लू, डॉ. कार्तिकेयन गोकुल चंद्रन ने बताया कि आरोपी आकाशदीप सिंह और उसका दोस्त होटल के कमरे में ठहरे थे, और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के नालदेहरा पंचायत के झोलो गांव के पास खेत समतल करते वक्त जेसीबी मशीन से गिरते पत्थरों की चपेट में आने से एक दादी और उनकी पोती की मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब दोनों घास काटने के लिए खेत में गई थीं। अचानक जेसीबी से पत्थर गिरने के कारण दोनों उसकी चपेट में आ गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मृतकों की पहचान 70 वर्षीय गीता देवी और उनकी 21 वर्षीय पोती वर्षा के रूप में हुई है। वर्षा शिमला के आरकेएमवी कॉलेज में बीकॉम फाइनल वर्ष की छात्रा थी। यह हादसा रविवार दोपहर करीब 1:00 बजे हुआ, जब झोलो गांव में खेत को समतल करने का काम चल रहा था। गीता देवी और उनकी पोती घास काटने के लिए खेत के नीचे जा रही थीं। इस दौरान जेसीबी से कई बड़े पत्थर पहाड़ी से नीचे गिर गए, जिनकी चपेट में दोनों आ गईं। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने शोर मचाकर उन्हें आगाह करने की कोशिश की, लेकिन तब तक यह हादसा हो चुका था। पंचायत प्रधान सुषमा कश्यप और अन्य ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। पोती का शव पत्थरों की चपेट में आकर नाले की ओर झाड़ियों में फंस गया था, जिसे बाहर निकालने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी। पुलिस को सूचना मिलते ही टीम घटनास्थल पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी अस्पताल भेजा। पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। एडीशनल एसपी रतन सिंह नेगी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस हादसे से मृतकों के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और पूरे गांव में शोक की लहर है।
सोलन: देवभूमि हिमाचल में एक बार फिर ममता को शर्मसार करने वाली घटना पेश आई है। यहां पर एक महिला ने नवजात बच्ची को जन्म देकर उसे शमशान घाट के गेट पर छोड़ दिया और अपने आप वहां से चली गई। पुलिस थाना कंडाघाट में इसको लेकर एक शख्स ने शिकायत दी है। पुलिस को दी शिकायत में शख्स ने बताया "वह 12 जनवरी को सुबह 7 बजे ढाबे में काम कर रहा था तभी फोरलेन में सड़क निर्माण में लगी लेबर का एक व्यक्ति उसके पास आया और कहा पीछे शमशानघाट के गेट के पास सड़क किनारे एक नवजात शिशु पड़ा हुआ है। व्यक्ति तुरंत श्मशान घाट के गेट के पास गया तो उसने देखा कि गेट के पास सड़क किनारे एक नीले रंग के कपड़े में एक नवजात बच्ची पड़ी हुई है। मौके पर बच्ची के आसपास कोई भी मौजूद नहीं था। व्यक्ति ने बच्ची को उठाकर नेपाली मूल की महिला को सौंप दिया और खुद पुलिस स्टेशन में मामले की शिकायत देने चला गया। नवजात बच्ची को किसी अज्ञात महिला द्वारा जन्म देने के बाद शमशान घाट के गेट के सामने छोड़ दिया गया था। एसपी सोलन गौरव सिंह ने बताया, बच्ची का अस्पताल में मेडिकल करवाया जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अस्पतालों में हाल ही में आए डिलीवरी के केसों की सूचना एकत्रित की जा रही है।
** सरकार से अपने पैसे नहीं पा रहे हैं लोग, अनिवार्य सेवाओं पर भी पढ़ रहा है असर शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सरकार की नाकामियों की वजह से अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा कि पिछले दो महीने से प्रदेश की ट्रेजरी अघोषित रूप से बंद है, लोग सरकार से अपने पैसे भी वापस नहीं पा रहे हैं। ट्रेजरी से हर प्रकार के भुगतान रुके हैं जिसकी वजह से प्रदेश का नुकसान हो रहा है। प्रदेश में आज तक ऐसी स्थिति कभी नहीं आई की इस प्रकार से अघोषित रूप से ट्रेजरी बंद करनी पड़ी हो और आम आदमियों से लेकर तमाम सेवाओं के वेंडर्स के भुगतान रुके पड़े हो। आज तक प्रदेश में ऐसी स्थिति नहीं आई की एसेंशियल दवाओं की सप्लाई भी दवा सप्लायरों ने रोक दी हो। व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार वह सारे काम कर रही है जो एक नाकाम सरकार की निशानी होती है। इतनी नाकामी के साथ प्रदेश के लोगों को परेशान करने के बाद भी यह सरकार व्यवस्था परिवर्तन का हवाला देकर वाहवाही लूटना चाहती है। सुक्खू सरकार व्यवस्था पतन की सरकार है जिसकी नाकामी की कीमत पूरे प्रदेश के लोग चुका रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि इस समय पूरा प्रदेश सरकार की वजह से परेशानी उठा रहा है। विकास के काम ठप पड़े हैं। स्कूल जैसे संस्थान बंद किए जा रहे हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सरकार बर्बाद करने पर आमादा है। सुख की सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था का जिस प्रकार बेड़ागर्क हुआ है वह पूरे प्रदेश से छुपा नहीं है। दवाइयों के पैसे मांगते-मांगते दवा सप्लायरों ने दवाओं की सप्लाई भी अस्पताल में बंद कर दी है। हिमकेयर के भुगतान रोके जाने की वजह से प्रदेशवासियों को मिलने वाले नि:शुल्क इलाज का रास्ता सरकार बंद कर चुकी है। प्रदेश में जहां भी जाओ लोग सरकार की नाकामी का हवाला दे रहे हैं। सरकार के पास पड़े लोगों के अपने पैसे भी सरकार नहीं दे पा रही है। अस्पतालों में दवाई नहीं है और न ही कर्मचारियों के इलाज के बिल पास हो रहे हैं। ऐसी स्थिति प्रदेश में कभी नहीं आई जब लोगों का सरकार से भरोसा उठ गया हो। सुक्खू की सरकार व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर व्यवस्था पतन और सुख की सरकार के नाम पर दुख की सरकार चला रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस प्रकार से ट्रेजरी को अघोषित रूप से बंद करके प्रदेश के विकास कार्यों को कैसे गति दी जा सकती है? सरकार को इसके परिणाम के बारे में सोचना चाहिए। अगर ट्रेजरी बंद होगी तो प्रदेश का काम प्रभावी तरीके से कैसे चलेगा। जिस तरह यह सरकार चल रही है उससे प्रदेश का भला होने वाला नहीं है। आज हर दिन कोई न कोई वर्ग सरकार के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा है, सरकार को चुनाव और चुनाव के बाद किए गए वादों की याद दिला रहा है। झूठी गारंटियों के दम पर आई कांग्रेस ने अब गारंटियों से किनारा ही कर लिया है। मुख्यमंत्री से निवेदन है कि वह इस तरह की गैर जिम्मेदारी से बचें और लोगों की समस्याओं को समझते हुए ट्रेजरी पर लगाया गया पहरा हटाएं। लोगों के बिलों का भुगतान रोककर इस तरह उन्हें परेशान करना सरकार का काम नहीं है। सरकार व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर अराजकता फैलाना बंद करे।
** मुख्यमंत्री ने मसेह खड्ड पर पुल निर्माण की वर्ष 1970 से चली आ रही मांग को किया पूरा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज नादौन विधानसभा क्षेत्र और कांगड़ा जिला के जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के दुर्गम इलाकों को जोड़ने के लिए मसेह खड्ड पर 5.11 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पुल का शिलान्यास किया। इस पुल के निर्माण से प्रदेश के तीन जिलों हमीरपुर, ऊना और कांगड़ा के लोग लाभान्वित होंगे। पुल के बनने से नादौन की चार ग्राम पंचायतों, ऊना की दो ग्राम पंचायतों और कांगड़ा जिला की छह ग्राम पंचायतों के लगभग 10 हजार लोगों को सुविधा मिलेगी। क्षेत्र के लोगों की वर्ष 1970 से इस पुल को बनाने की मांग थी जिसे वर्तमान राज्य सरकार ने पूरा कर दिया है। इस पुल के बनने से नादौन और बंगाणा के मध्य दूरी लगभग 7.50 किमी तथा नादौन-पीर सलूही के बीच की दूरी लगभग 6 किमी तक कम हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता को बधाई देते हुए कहा कि पुल का निर्माण एक वर्ष के भीतर कर दिया जाएगा, जिससे लोगों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि गांव की सड़क को भी पक्का किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश का एक समान विकास सुनिश्चित कर रही है ताकि लोग लाभान्वित हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौरी गांव के लोगों ने इस पुल को बनाने की मांग को लेकर उनसे कई बार भेंट की। कांग्रेस नेता सुरेंद्र मनकोटिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का जसवां प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता के साथ विशेष स्नेह है तथा कांगड़ा जिला के विकास के लिए उन्होंने कई योजनाओं की सौगात दी है जिनका लाभ जसवां प्रागपुर की जनता को भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान अपनी जीवन भर की पूंजी प्रभावित परिवारों के लिए दान कर दी। बिजली पर मिलने वाली सब्सिडी छोड़कर मुख्यमंत्री ने एक मिसाल पेश की है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक हमीरपुर भगत सिंह ठाकुर,अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी हमीरपुर राहुल चौहान सहित पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधि व अन्य लोग उपस्थित रहे।
** पूरे1 महीना चलेंगे माता जी के व्रत व कार्यक्रम रक्कड़ (पंजपीरी) स्थित श्री स्वस्थानी माता धाम में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी माता जी की विशाल शोभा यात्रा का आयोजन बड़े धूमधाम से किया गया। स्थानीय और दूर-दराज के क्षेत्रों से आए भक्तों ने भारी संख्या में शोभा यात्रा में भाग लिया। माताजी की शोभा यात्रा स्वस्थानी माता मंदिर से शुरू होकर रक्कड़ बाजार से होते हुए कलोहा, गरली ब, प्रागपुर, नेहरनपुखर, सुनहेत से होते हुए नलेटी के शिव मंदिर पहुंची, जहां भक्तों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसके पश्चात नलेटी से कालेश्वर, कुहना, बसालग, चौली होते हुए शोभा यात्रा स्वस्थानी माता धाम पहुंची। स्वस्थानी माता धाम में पूरे एक महीने तक यह धार्मिक कार्यक्रम चलते हैं, जिसमें दूर-दूर से भक्त माता के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। 13 जनवरी से माता के व्रत की शुरुआत होती है, और भक्त पूरे एक महीने तक इस व्रत को करते हैं। 12 फरवरी को व्रत का समापन बड़े धूमधाम से होगा, जिसमें विशाल भंडारा और जागरण का आयोजन किया जाएगा।14 जनवरी को माता जी की 13वीं जयंती भी धूमधाम से मनाई जाएगी, जिसमें सुबह 9 बजे झंडा रसम और हवन, 10 बजे से 2 बजे तक माता की चौकी का आयोजन होगा, साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस भव्य शोभा यात्रा में मुकेश पंडित, नवीन पंडित, विनोद शर्मा, राजीव शर्मा, नरेश ठाकुर, नरेश कुमार, सुदर्शन, अनुज शर्मा, देवराज, अश्वनी, अरविंद, मनीष, राजीव, डॉ. सुनील, सोनू, विपन, राज कुमार, पाली, सुरजीत, सेंटी, विकी, अनन्या, अनाया, सोनिया शर्मा, श्यामा, रीना, इंदु, बबीता, पूनम, मंजू, अंजना, कमला देवी, रिशु, नीरू, यीशु, साक्षी और अन्य भक्त मौजूद रहे।
** बाल-बाल बचा चालक कसौली/हमेंद्र कंवर: जाबली के समीप चक्की मोड़-किमूघाट मार्ग पर थड गांव के पास एक चलती कार पर अचानक पेड़ गिरने से हाई वोल्टेज तार टूट गई, जिसके कारण कार में आग लग गई। गनीमत यह रही कि कार सवार बाल-बाल बच गए। जानकारी के अनुसार, दिव्येन ठाकुर पुत्र लायक राम, निवासी पघेत, डाकघर जाबली, जिला सोलन ने बताया कि वह पेशे से वकील हैं और शनिवार रात करीब 10:30 बजे अपनी अल्टो कार से घर जा रहे थे। उस दौरान तेज तूफान और बारिश हो रही थी। थड गांव के पास अचानक कार पर एक हाई वोल्टेज तार गिर गई, जिससे करंट फैल गया और कार के टायरों में आग लग गई। किसी तरह जान बचाकर वह बाहर निकले। रात में थड गांव के लोगों को सहायता के लिए बुलाया गया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। गांववालों ने फायर ब्रिगेड को सूचित किया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। कार में कुछ सामान और मोबाइल फोन भी जल गए। बताया जा रहा है कि घटना स्थल से आगे तूफान के कारण एक पेड़ टूटकर तारों पर गिर गया, जिससे तार सड़क पर गिर गई।
कुनिहार पंचायत के गांव सिंहावां के पूर्व सैनिक हवलदार जीतराम का शनिवार रात देहांत हो गया। 69 वर्षीय जीतराम कुछ समय से बीमार चल रहे थे और आईजीएमसी शिमला में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके देहांत की खबर से उनके परिवार सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। भारतीय सेना की 16 डोगरा रेजिमेंट में हवलदार जीतराम ने कई वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। रविवार को पूरे सैनिक सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। 14 जीटीसी सुबाथू से सूबेदार प्रताप सिंह श्रीश, हवलदार हरि थापा, नायक मुकेश छेत्री, पूर्व सैनिक लीग कुनिहार के उपाध्यक्ष कैप्टन राकेश कुमार, सूबेदार लेखराज, हवलदार सोहन लाल, कृष्ण लाल और सब मेजर मंजीत कुमार अर्की लीग ने राष्ट्रीय ध्वज और पुष्प चक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की और पूर्व सैनिक जीतराम की अंतिम यात्रा में भाग लिया। सभी ने भगवान से उनकी आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत देने की प्रार्थना की। गांव के शमशान घाट पर हवलदार जीतराम का अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके बेटों दीपक, दिनेश और नितिन ने उन्हें मुखाग्नि दी। उनकी मृत्यु की खबर सुनकर पूर्व सैनिक लीग कुनिहार के अध्यक्ष कैप्टन रणधीर सिंह कंवर, रमेश अरोड़ा और अन्य पूर्व सैनिकों ने भी दुख व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की और शोक व्यक्त किया।
भूतपूर्व सैनिक यूनियन रक्कड़ की मासिक बैठक सदवां स्थित विश्राम गृह में सुबेदार मनजीत सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस बैठक में कैप्टन सोमराज, कैप्टन सुजान सिंह, कैप्टन करनैल सिंह, नायब सुबेदार करनैल सिंह, सुबेदार मेजर अजमेर सिंह और 45 भूतपूर्व सैनिकों ने भाग लिया। बैठक में भूतपूर्व सैनिकों को मिलने वाली सुविधाओं, कैंटीन काउंटर की व्यवस्थाओं और 26 जनवरी के कार्यक्रम को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
** प्रशासन की अपील, बर्फबारी और फिसलन वाले मार्गों पर न चलाएं वाहन सिरमौर जिले में रविवार को हुई बर्फबारी के बाद कई मुख्य मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। कुपवी-हरिपुरधार मार्ग पर शिमला जाने वाली दो निजी बसों और दर्जनों छोटी-बड़ी गाड़ियों के फंसने की खबर सामने आई है। इस कारण लोग अपने गंतव्य की ओर पैदल जा रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि इस मार्ग पर लोक निर्माण विभाग की कोई व्यवस्था नहीं है।दोपहर बाद तेज बर्फबारी और सड़कों पर बर्फ जमने के कारण फिसलन बढ़ गई है, जिससे कुपवी-हरिपुरधार, नाहन-हरिपुरधार और अन्य कई संपर्क मार्गों पर वाहनों का चलाना जोखिम भरा हो गया है। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे ऐसे मार्गों पर वाहन न चलाएं जहां अधिक बर्फ और फिसलन हो। बता दें कि विगत दिनों हुई बर्फबारी के चलते हरिपुरधार, नौहराधार और अन्य सड़कों पर कई हादसे हुए थे, जिसमें कई लोग घायल हुए थे और कुछ ने अपनी जान गंवा दी थी। ऐसे में एहतिहात बरतने की जरूरत है ताकि किसी भी प्रकार के दुर्घटना से बचा जा सके।
** हिमपात के कारण क्षेत्र के तापमान में आई है भारी गिरावट हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और शिमला जिलों की सबसे ऊंची चोटी, चूड़धार में इस सीजन का चौथा हिमपात दर्ज किया गया है, जबकि नौहराधार और हरिपुरधार में तीसरी बर्फबारी हुई है। हालांकि, नौहराधार में हल्की बर्फबारी हुई है, लेकिन इसके साथ लगती चोटियों पर बर्फबारी का सिलसिला खबर लिखे जाने तक जारी था। हिमपात के कारण क्षेत्र के तापमान में भारी गिरावट आई है, जिससे पूरे क्षेत्र में शीतलहर का प्रभाव बढ़ गया है। रविवार को स्थानीय बाजारों में रौनक गायब रही और लोग अपने घरों में दुबके रहे। शनिवार रातभर तेज हवाओं के कारण ठंड अत्यधिक बढ़ गई थी। बता दें कि शनिवार शाम करीब 6 बजे के बाद आसमान में घने बादल छा गए थे, और लगभग 10 बजे के बाद चूड़धार की चोटी पर बर्फबारी शुरू हो गई। इसके साथ ही, रात को नौहराधार और हरिपुरधार की पहाड़ियों पर भी हल्की बर्फबारी हुई।
** गाँव के बच्चों को मिलेगी उच्च शिक्षा की सुविधा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज अपने गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन की अमलैहड़ पंचायत में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा सुविधाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसी कड़ी में अमलैहड़ पंचायत में भी यह स्कूल स्थापित किया जाएगा। अमलैहड़ पहुंचने पर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने किपटल क्षेत्र के लिए भी कई विकासात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
वाटर स्पोर्ट्स के बाद जिले को एयरो स्पोर्ट्स हब बनाने के लिए अब यहां हॉट एयर बैलून राइड शुरू करने की तैयारी चल रही है। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर मंडी भराड़ी पुल के पास हॉट एयर बैलून राइड के लिए प्रशासन औपचारिकताएं पूरी कर रहा है। कवायद सिरे चढ़ी तो जल्द ही यहां हॉट एयर बैलून राइड का लुत्फ उठाया जा सकेगा। हॉट एयर बैलून की सुविधा शुरू होने के बाद जिले की गिनती उन चुनिंदा स्थानों में होगी, जहां पर्यटक हवा में उड़ते हुए प्रकृति के खूबसूरत नजारों का आनंद ले सकेंगे। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि पर्यटकों को साल भर के लिए आकर्षित किया जाए। इससे न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। हॉट एयर बैलून राइड जैसी रोमांचक गतिविधि शुरू करने के लिए प्रशासन डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन से लाइसेंस, मंजूरी लेने समेत अन्य औपचारिकताएं पूरी कर रहा है। बैलून उड़ाने वाले पायलटों को प्रशिक्षित और प्रमाणित किया जाना भी जरूरी है। बैलून के साथ सभी जरूरी सुरक्षा उपकरण, जैसे फायर सेफ्टी सिस्टम, रेडियो संचार और प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध होनी चाहिए। पर्यटकों और उपकरणों की सुरक्षा के लिए बीमा पॉलिसी लेना जरूरी है। साथ ही संचालन से संबंधित कानूनी औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी है। पर्यावरणीय प्रभाव को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग की भी अनुमति चाहिए। बैलून राइड के लिए उचित स्थल का चयन, टेक-ऑफ और लैंडिंग के लिए सुरक्षित स्थान सुनिश्चित करना आवश्यक है। पुलिस, फायर ब्रिगेड और अन्य स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करना होता है ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। हॉट एयर बैलून एक बड़ा गुब्बारा होता है, जिसे गर्म हवा की मदद से उड़ाया जाता है। इसके निचले हिस्से में एक बास्केट होती है, जिसमें लोग खड़ रह सकते हैं। बैलून में लगी बर्नर की मदद से हवा को गर्म किया जाता है, जिससे वह ऊपर उठता है। यह गतिविधि पूरी तरह सुरक्षित और रोमांचक अनुभव प्रदान करती है। हॉट एयर बैलून राइड के जरिए पर्यटक न केवल ऊंचाई से प्राकृतिक नजारों का आनंद ले सकते हैं, बल्कि रोमांच और एडवेंचर का भी अनुभव कर पाएंगे। जिले को पर्यटन दृष्टि से विकसित करने के लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स सबसे महत्वपूर्ण है। पैरा मोटर के सफल ट्रायल के बाद अब हॉट एयर बैलून राइड शुरू करने के लिए फाइल तैयार की जा रही है। अगर इसे शुरू करने में सफलता मिलती है तो यह बड़ी उपलब्धि होगी। सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो बिलासपुर जल्द ही एयरो स्पोर्ट्स एडवेंचर का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
मेडिकल कॉलेज चंबा में तैनात एक डॉक्टर को तीन लोगों ने अस्पताल के बाहर रॉड से पीटकर घायल कर दिया। घटना शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे की है। डॉक्टर मयंक नेत्र वार्ड में मरीजों की जांच कर रहे थे। उस दौरान उन्होंने वार्ड में मौजूद तीमारदार नोवी को वार्ड से बाहर जाने के लिए कहा, लेकिन वह डॉक्टर से किसी मुद्दे पर चर्चा करने की बात कहने लगा। डॉक्टर मरीजों की जांच करने में व्यस्त हो गए। इसके बाद जब वह अपनी ड्यूटी करके अस्पताल के बाहर निकले तो वहां नोवी और उसके साथ अन्य दो लोगों ने अपनी कार से रॉड निकाली और उन्हें पीटना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ लोग डॉक्टर की मदद के लिए भी आग आ गए। लोगों की जुटती भीड़ को देख आरोपी वहां से फरार हो गए। इसके बाद घायल डॉक्टर को वापस अस्पताल लाया गया, जहां पर उनका इलाज किया गया। उन्होंने पुलिस को भी सूचना दी। पुलिस ने उनकी शिकायत पर तीन लोगों पर मामला दर्ज कर लिया। घटना को लेकर डॉक्टरों ने रोष जताया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि डॉक्टर से मारपीट मामले की जांच पुलिस गहनता से कर रही है। मेडिकल कॉलेज चंबा के प्रवक्ता एवं फैकल्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि डॉक्टर के साथ मारपीट निंदनीय है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
** कहा, अब दिल्ली में नहीं चलेगा केजरीवाल का जादू पूर्व मंत्री और जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को फर्जी वोटर कहकर अपमानित करने का आरोप लगाया है। विधायक बिक्रम ठाकुर ने यहां प्रेस बयान में कहा कि केजरीवाल ने हाल ही में चुनाव आयोग के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान यह बयान दिया था कि उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को लाकर फर्जी वोटर बनाए जा रहे हैं। इस बयान का भाजपा विधायक ने विरोध किया है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि पिछले दस वर्षों से दिल्ली में भ्रष्टाचार और लूट मचाकर केजरीवाल को हार का डर सता रहा है, और इसी कारण वह बौखलाकर उत्तर प्रदेश और बिहार के हमारे भाई-बहनों के खिलाफ इस प्रकार की अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। केजरीवाल ने यूपी-बिहार के लोगों को फर्जी वोटर कहकर उनका अपमान किया है, जिसे दिल्ली की जनता आगामी चुनावों में सत्ता से उखाड़कर इसका जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि केजरीवाल वर्षों से उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों से नफरत करते हैं और पहले भी दिल्ली की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर बोझ होने की बात कह चुके हैं। पूर्वांचल के लोगों की दिल्ली के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका रही है, और वे इस चुनाव में केजरीवाल के अपमान का बदला जरूर लेंगे। विक्रम ठाकुर ने यह भी कहा कि केजरीवाल की हिम्मत अब उन पर उल्टी पड़ने वाली है। वह बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के वोट बनवाते हैं और पूर्वांचल के मेहनती लोगों को फर्जी वोटर कहकर अपमानित करते हैं। पूर्वांचलवासी दिल्ली में आकर परिश्रम करते हैं और अपनी आजीविका कमाते हैं, लेकिन कभी भी अपने आत्म-सम्मान से समझौता नहीं करते। 2019 में केजरीवाल ने कहा था कि बिहार के लोग 500 रुपये का टिकट लेकर दिल्ली आते हैं और पांच लाख रुपये का मुफ्त इलाज कराकर लौट जाते हैं। विधायक बिक्रम ठाकुर ने कहा कि जिस केजरीवाल को पूर्वांचलियों ने मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाया, अब वे पूर्वांचलवासी आगामी विधानसभा चुनावों में अपने अपमान का बदला जरूर लेंगे। उनका जादू अब दिल्ली में नहीं चलेगा।
प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व महामंत्री नीरज शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में विधायक संजय रतन ने ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के हर कोने में विकास के कार्य किए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलों, सड़कों, पेयजल और नए कार्यालयों के निर्माण के क्षेत्र में संजय रतन ने ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र को हिमाचल प्रदेश का आदर्श क्षेत्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसमें वह पूरी तरह से सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधायक संजय रतन ने हमेशा राजनीति में सिद्धांतों, इंसानियत और विकास को प्राथमिकता दी है। जब से विधायक संजय रतन जनता के लिए बड़े पैमाने पर विकास कार्य करवा रहे हैं, भाजपा के नेताओं में बुरी तरह से हलचल मच गई है। भाजपा वाले विकास कार्यों को देखकर तिलमिला गए हैं और उन्हें स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। नीरज शर्मा ने यह भी कहा कि ज्वालामुखी के भाजपा के कुछ छुटभैया नेता, जिन्हें जनता ने नकार दिया है, सोशल मीडिया और फेसबुक पर झूठी अफवाहें फैला कर और गलत टिप्पणियां कर विधायक की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि युवा कांग्रेस इस प्रकार की गलत हरकतों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और जल्द ही इन लोगों के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया जाएगा।इस मौके पर युवा कांग्रेस अध्यक्ष कपिल चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष रोहित काकू, सादिक मोहम्मद, विक्रमजीत सिंह, राज राणा, रिंकू, नीरज राणा, गौरव, शंकर, निखिल अगन, सुनील, कबीर, रसीद, संजीव, अरुण, अविनाश सहित अन्य युवा कांग्रेसी भी उपस्थित रहे।
हिमाचल में मौसम ने फिर करवट बदली है। एक सप्ताह बाद प्रदेश का मौसम बिगड़ा है। नारकंडा और कुफरी समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शनिवार रात को बर्फबारी हुई है। इससे देश-विदेश से यहां घूमने के लिए आने वाले सैलानी चहक उठे हैं। बर्फबारी के कारण एनएच 5 पर वाहनों की आवाजाही अवरुद्ध हो गई है। इस वजह से एनएच पर बसों की आवाजाही बंद रही। इसके अलावा चौपाल मार्ग भी बंद है। सड़कों को खोलने का कार्य जारी है। मौसम में आए अचानक बदलाव से शनिवार रात को चंबा के प्रसिद्द पर्यटन स्थल डलहौजी के लक्कड़मंडी, डायन कुंड और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी हुई। रविवार कि सुबह बर्फ की सफेद चादर देख पर्यटक भी खुशी से झूम उठे। इस ताजा बर्फबारी से पर्यटन व्यवसायी भी खुश हैं। इस बर्फबारी से समूचा क्षेत्र ठंड की चपेट में हैं। वहीं, लाहौल सहित प्रदेश की ऊंची चोटियों पर शनिवार को बर्फबारी हुई, मैदानों में कोहरा छाया रहा। इससे प्रदेश में ठंड में इजाफा हुआ है। शनिवार को बदले मौसम के बीच अधिकतम पारे में शुक्रवार के मुकाबले आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई। रविवार को बारिश-बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। बिलासपुर, ऊना, कांगड़ा और मंडी के कई क्षेत्रों में शनिवार को सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाया रहा। रविवार को भी कोहरा पड़ने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। ऊना में शनिवार को ट्रेनें ढाई से तीन घंटे देरी से पहुंचीं। मैदानी जिलों में सुबह 11 बजे के बाद धूप खिली। अपराह्न चार बजे फिर कोहरा छा गया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 13 से 16 जनवरी तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। 17 को फिर बारिश- बर्फबारी के आसार हैं। लाहौल में रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही। इससे कुल्लू से लेकर लाहौल तक ठंड व शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया। रोहतांग दर्रा के साथ कुंजम दर्रा, बारालाचा, शिंकुला व जलोड़ी दर्रा में फाहे गिरने से तापमान में कमी आई है। सोलंगनाला से आगे पर्यटक वाहनों के जाने पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। फोर बाई फोर वाहनों को ही जाने की अनुमति है। ऊना में शनिवार को ट्रेन नंबर 19307 तीन घंटे और दिल्ली एक्सप्रेस ढाई घंटा देरी से ऊना स्टेशन पहुंची। 12 जनवरी को मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बारिश-बर्फबारी व निचले पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
हमीरपुर: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन के तीन दिवसीय प्रवास पर हैं। शनिवार को उन्होंने अपने पैतृक गांव भबड़ां का दौरा किया। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने अपनी माता संसार देवी से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने घर पहुंचते ही सबसे पहले अपनी मां के पांव छुए और फिर दोनों ने एक दूसरे को गले लगा लिया। मुख्यमंत्री की मां संसार देवी भावुक नजर आईं जब उनका बेटा घर पर पहुंचा। इसके बाद, सीएम ने घर पर मौजूद अन्य परिवार के सदस्यों से भी मुलाकात की और बातचीत की। सीएम सुक्खू के घर आने की खबर सुनकर गांव के अन्य लोग भी उनके घर के बाहर एकत्रित हो गए और उन्होंने सीएम का हाल-चाल पूछा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के पिता एचआरटीसी में ड्राइवर थे, और वे एक सामान्य परिवार से हैं। मुख्यमंत्री 10 जनवरी को दोपहर बाद नादौन पहुंचे थे और 12 जनवरी तक अपने गृह विधानसभा क्षेत्र में रहेंगे। वे रविवार शाम को शिमला के लिए रवाना होंगे, जबकि 14 जनवरी को उनका दिल्ली जाने का कार्यक्रम है। यह नए साल में उनका गृह विधानसभा क्षेत्र का पहला दौरा है। इससे पहले, उन्होंने पिछले साल नवंबर में नादौन का दौरा किया था। इस दौरान, सीएम सुक्खू ने नादौन के लोगों के लिए करोड़ों रुपये के विकासात्मक कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया।
** किसान पशुपालक होने लगे लाभान्वित करसोग/राज सोनी: राज्य सरकार ने प्रदेश के किसान और पशुपालकों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिए गोबर खरीद गारंटी योजना को लागू किया है। इस योजना के तहत किसान और पशुपालक अब अपने पशुओं का गोबर 3 रुपये प्रति किलो की दर से कृषि विभाग को बेच सकते हैं और इसका भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में किया जाता है। करसोग उपमंडल की ग्राम पंचायत भडारनू की निवासी प्रोमिला देवी और राधू देवी ने गोबर बेचकर लाभ अर्जित किया है। प्रोमिला देवी ने 4.5 क्विंटल गोबर बेचकर 1350 रुपये प्राप्त किए, जबकि राधू देवी ने 3.5 क्विंटल गोबर बेचकर 1050 रुपये कमाए। दोनों ने इस योजना की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का धन्यवाद किया। कृषि विभाग करसोग के प्रभारी नरेश चंदेल ने बताया कि योजना के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए काम किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़लग में सड़क सुरक्षा और कम्युनिटी मोबिलाइजेशन के बारे में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महेंद्र सिंह ठाकुर और विशेष अतिथि सुरेन्द्र शर्मा ने भाग लिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं एसएमसी द्वारा मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा के साथ-साथ नशे के दुष्प्रभाव और पर्यावरण संरक्षण पर भी जानकारी दी गई। इस मौके पर कुठाड़ पुलिस चौकी प्रभारी राजीव कुमार और प्रेम कुमार ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आजकल कई युवा सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हैं, जिससे न केवल उनकी अपनी जान को खतरा होता है, बल्कि अन्य लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। इसलिए हमें इन नियमों का पालन करते हुए समाज में जागरूकता फैलानी चाहिए। मुख्य अतिथि महेंद्र सिंह ठाकुर ने सड़क सुरक्षा के साथ-साथ समाज में फैल रहे नशे के खतरों और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी बच्चों को जागरूक किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक शर्मा ने इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन के लिए मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का धन्यवाद किया और भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की। इस कार्यक्रम में विद्यालय के सभी विद्यार्थी, विद्यालय स्टाफ, और एसएमसी अध्यक्ष सतीश ठाकुर सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में कहा है कि सरकार के नेताओं के बड़े-बड़े दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। उनके हर दावे सरकार के झूठों की फ़ेहरिस्त लंबी करते है और यह भी साफ़ हो जाता है कि सरकार में किसी प्रकार का समन्वय नहीं हैं। लाखों प्रशिक्षित बेरोजगार और अभ्यर्थी पूछ रहे हैं कि लंबित परिणाम निकलेंगे भी या अभी भी इंतज़ार ही करना पड़ेगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब सरकार करोड़ों रुपए खर्च करके 11 दिसंबर को बिलासपुर में सरकार के गिरते पड़ते दो साल का जश्न मना रही थीं तो कुछ नेता अति उत्साह में गला फाड़-फाड़ कर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे। इसी में एक दावा यह भी था कि एक महीने में कर्मचारी चयन आयोग में लंबित सभी परीक्षा परिणाम जारी किए जाएंगे। आज एक माह पूरा हो चुका है और उनके दावे के अनुसार एक भी परिणाम नहीं निकल पाया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि कहीं वह नेता सिर्फ अखबारी सुर्खियां पाने के लिये ऐसी टिप्पणी और बयानबाजी तो नहीं करते हैं या फिर उनकी आदत भी झूठ ही बोलने की हो गई है। या उनकी बात कहीं सुनी नहीं जा रही है इसलिए वह मंचों से बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने झूठ बोलकर सत्ता तो हथिया ली लेकिन अब अपने किये वायदों से भी मुकर रही है। कहा था हर साल एक लाख सरकारी नौकरी हम दिलाएंगे लेकिन अभी तक ये सरकार हमारी सरकार के समय में शुरू की भर्तियां ही कर पा रही है। दो साल से ये सरकार लंबित परीक्षा परिणाम तक जारी नहीं कर पाई है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ये सरकार नौकरी देने वाली नहीं छीनने वाली सरकार के रूप में जानी जाएगी। इन्होंने डेढ़ लाख से अधिक खाली पद खत्म कर दिये हैं। अब आउटसोर्स भर्तियां भी इनकी नालायकी से हाईकोर्ट को बंद करनी पड़ रही है क्योंकि हाईकोर्ट ने इनकी आउटसोर्सिंग एजेंसियों की भर्ती प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े किये हैं। फ़िनाइल बेचने वाली कंपनियों को आउटसोर्स के लिए लिस्ट करने पर हाई कोर्ट ने सवाल उठाए थे। जो पहले से तैनात हैं उनको ये सरकार पगार नहीं दे पा रही है। यही नहीं हमारे समय में नियुक्त ऐसे कर्मचारियों को इस सरकार ने नौकरी से ही हटा दिया और इन्होंने तो वायदा किया था कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए हम पालिसी लेकर आएंगे। अब ये सरकार न पॉलिसी बना पा रही है और न रोजगार दे पा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और पूरी सरकार झूठ बोलकर समय निकाल रहे हैं। अगर कोई किया हुआ वायदा पूरा नहीं कर सकते हैं तो ऐसे वादे इनके नेताओं को करने भी नहीं चाहिये थे। सिर्फ अपनी साख बचाने के लिए झूठ का सहारा लिया जा रहा है जो ज्यादा दिन तक नहीं चलेगा। एक एक करके इनके दावों की पोल खुलती जा रही है और जनता इनके कारनामों पर हंस रही है।
**नशा तस्करी के मामले में पिछले दशक में 340 प्रतिशत की वृद्धि, स्थिति गंभीर हिमाचल सरकार ने पिछले तीन सालो में प्रदेश में नशा तस्करी करने वाले तस्करों की 16 करोड़ की अवैध संपत्ति को जब्त किया है। हिमाचल प्रदेश में बढ़ रहे नशा तस्करी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। पिछले एक दशक में तो बढ़ रहे इन मामलो में 340 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा आयोजित ‘नशीली दवाओं की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा’ पर क्षेत्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सम्मेलन में नादौन से आभासी माध्यम से भाग लिया और बढ़ते नशे के संकट से निपटने के लिए हिमाचल प्रदेश की प्रतिबद्धता पर बल दिया। सम्मेलन में नशीले पदार्थों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संबंधों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें आठ उत्तरी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर विशेष ध्यान दिया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में 340 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो वर्ष 2012 में लगभग 500 मामलों से बढ़कर वर्ष 2023 में 2,200 मामले हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, हेरोइन से जुड़े मामलों का प्रतिशत भी दोगुना हो गया है, जो वर्ष 2020 में 29 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2024 में 50 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने सिंथेटिक दवाओं की चिंताजनक स्थिति का उल्लेख किया, जोकि दुष्प्रभावी होने के साथ-साथ इसकी रासायनिक संरचना के कारण नियंत्रित करना भी कठिन है। उन्होंने नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया, विशेष रूप से अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में, जो अवैध गतिविधियों का केंद्र बन चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी अक्सर संगठित अपराध और आतंकवाद का कारण बनती है, जो देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए बढ़ा खतरा पैदा करती है। उन्होंने कानून प्रवर्तन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, पुनर्वास और न्यायिक सुधारों के समन्वयन से मादक पदार्थों को नियंत्रित करने के लिए हिमाचल प्रदेश की बहुआयामी रणनीति को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत से पीड़ित लोग स्वभाव से अपराधी नहीं होते। उन्होंने कहा, ‘हमारा दृष्टिकोण दंडात्मक उपायों से आगे बढ़कर मज़बूत पुनर्वास ढांचा विकसित करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य विधायिका ने एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 37 में संशोधन किया है, ताकि आदतन अपराधियों को जमानत हासिल करने की अनुमति देने वाली कानूनी खामियों को दूर किया जा सके। इस संशोधन से कानूनी ढांचा मज़बूत हुआ है, जिससे यह अधिक कठोर और निवारक बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांस (पीआईटी-एनडीपीएस) अधिनियम को राज्य में लागू करने के बाद अवैध तस्करी की रोकथाम शुरू कर दी गई है। यह अधिनियम मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में लगातार शामिल अपराधियों को हिरासत में लेने में सक्षम बनाता है, जिससे सार्वजनिक हितों की रक्षा होती है। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने पिछले तीन वर्षों में 16 करोड़ रुपये की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति जब्त की है, जिसमें पिछले वर्ष जब्त किए गए 9 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य मादक पदार्थों और नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों के लिए समर्पित एक विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का गठन करने जा रहा है, जिसके पास विशेष संसाधन, स्वायत्तता और समर्पित पुलिस स्टेशन होंगे, ताकि नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज़ किया जा सके। मुख्यमंत्री ने खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त अभियानों को मज़बूत करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग के महत्व पर, खासकर सीमा पार नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों और केंद्र सरकार के साथ सहयोग क्षेत्रीय सीमाओं पर सक्रिय तस्करी नेटवर्क को खत्म करने में महत्त्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि हमारे सामने चुनौतियां बहुत बड़ी हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश के लोगों के अटूट समर्थन, हमारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समर्पण और पुनर्वास के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ, हम एक नशा मुक्त राज्य बना सकते हैं। हम सब मिलकर शांति, सद्भाव और सुरक्षा के मूल्यों की रक्षा करेंगे, जिन्हें हिमाचल प्रदेश ने हमेशा कायम रखा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित हो सके।


















































