जिला में कोविड-19 की बढ़ती संख्या को मद्देनजर रखते हुए जिला के सभी शैक्षणिक संस्थानों, स्कूलों, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को 15 अप्रैल तक बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला दण्डाधिकारी शिमला आदित्य नेगी ने कहा कि इन संस्थानों के सभी शिक्षक, गैर शिक्षक कर्मचारी नियमित रूप से संस्थानों में अपनी उपस्थिति देंगे। जिन विद्यार्थियों की निकट भविष्य में परीक्षाएं निर्धारित है वे अपने अभिभावकों या माता-पिता से लिखित अनुमति लेकर विद्यालयों व शैक्षणिक संस्थानों में आ सकते हैं। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयाारी करवाने वाले सभी कोचिंग सेंटर, नर्सिंग, चिकित्सा तथा दंत महाविद्यालय खुले रहेंगे। जिन स्कूलों व संस्थानों के पास आवासीय सुविधाएं उपलब्ध है, उन्हें अपने छात्रावास बंद करने की आवश्यकता नहीं है। परन्तु यह संस्थान सरकार द्वारा समय-समय पर जारी कोविड-19 संबंधी विशेष मानक संचालन प्रक्रियाओं की अनुपालना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि जिन शैक्षणिक संस्थानों को परीक्षा केन्द्र के रूप में चिन्हित किया गया है उन्हें उपयोग में लाने से पूर्व पूर्ण रूप से सैनेटाइज करना होगा। उप-निदेशक उच्च एवं प्राथमिक शिक्षा तथा स्कूल, महाविद्यायल, विश्वविद्यालय व कोचिंग सेंटर के प्रमुख/प्रबंधक अपने संस्थानों में इन आदेशों की सख्ती से अनुपालना के लिए उत्तरदायी होंगे। पुलिस तथा उपमण्डलाधिकारी को अपने कार्य क्षेत्र में अनुपालना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। इन आदेशों की अवहेलना करने वालों के प्रति कड़ी कानूनी कार्यवाही कि जाएगी।
प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी मनु जैन ने द्रंग विधानसभा क्षेत्र के अनुज चंदेल को प्रदेश युवा कांग्रेस सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव का मैम्बर बनाया। नवनियुक्त मैम्बर अनुज चंदेल ने कहा कि जो जिम्मेदारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा उन्हें सौंपी गई है उसका निर्वाहन वह पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करेंगे और कांग्रेस पार्टी को सोशल मीडिया पर मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। साथ ही आने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी की फिर से सत्ता में वापसी करवाने और प्रदेश में सरकार बनाने के लिए कड़ी मेहनत कि जाएगी। इस मौके पर अनुज चंदेल ने अपने आदर्श व प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह, युवा अध्यक्ष निगम भण्डारी, पूर्व युवा अध्यक्ष मनीष ठाकुर, भारतीय युवा कांग्रेस के सोशल मीडिया चीफ वैभव वालिया, प्रदेश युवा कांग्रेस सोशल मीडिया प्रभारी मनु जैन, प्रदेश सोशल मीडिया सयोंजक जयवर्धन खुराना, आर पी नेगी, प्रदेश महासचिव रजनीश मैहता, प्रेम डोगरा, पूर्व प्रदेश सचिव व वर्तमान जिला परिषद सदस्य जसवीर सिंह, दिनेश पटियाल, जिला उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर, द्रंग युवा कांग्रेस अध्यक्ष मनोज ठाकुर, द्रंग महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा रेशमा ठाकुर व तमाम साथियों व वरिष्ठजनों को अपनी नियुक्ति के लिए धन्यवाद किया।
कोरोना संक्रमण से निपटान के लिए हमीरपुर जिला प्रशासन ने पहल करते हुए परिवहन सेवाओं में नो मास्क नो सर्विस अभियान शुरु कर दिया है। जिसके तहत एचआरटीसी बस सर्विस समेत निजी बस सर्विस और टैक्सी ऑपरेटर की गाड़ियों पर नो मास्क नो सर्विस के स्टिकर्स चिपकाए गए हैं। अगर किसी सवारी ने मास्क नहीं लगाया हो तो ऐसे में सवारी को बस या टैक्सी में नहीं बिठाया जाएगा। एचआरटीसी हमीरपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक लखनपाल ने बताया कि 450 नो मास्क नो सर्विस के स्टिकरों को एचआरटीसी बसों के अलावा निजी परिवहन सेवा और टैक्सिओं पर लगाया जा रहा है ताकि कोरोना के बढ़ते प्रकोप से बचा जाए और लोगों में जागरूकता पैदा की जाए। उन्होंने बताया की कार्यालयों और सभी सार्वजनिक स्थानों पर नो मास्क नो सर्विस के स्टिकर को चिपकाया गया है। बता दें कि जिला हमीरपुर में अब तक 3662 कोविड के मामले आ चुके हैं, जिसमें 326 केस एक्टिव हैं और 3282 लोग स्वस्थ हो चुके हैं जबकि 53 लोग अपनी जान गवा चुके हैं। इसके चलते जिला प्रशासन ने कोविड के खिलाफ अपनी जंग और भी मज़बूत कर दी है और नो मास्क नो सर्विस स्टिकरों के माध्यम से हमीरपुर में बढ़ते कोरोना मामलों को नियंत्रित करने की एक मुहीम शुरु की है जिसके तहत वाहनों के अंदर और बाहर स्टीकर लगाए गए हैं। वहीं, बसों में स्टीकर लगने के बाद अब मास्क लगाकर ही सफर किया जा रहा है और गाइडलाइन्स का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
नूरपुर के एसडीएम डॉ.सुरेंद्र ठाकुर सहित उनके कार्यालय के तीन अन्य कर्मचारी काेरोना संक्रमित पाए गए हैं। इनकी कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद एसडीएम कार्यालय को आगामी दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। एसडीएम डॉ.सुरेंद्र ठाकुर ने इसकी जानकारी दी। दो दिन पूर्व डॉ.सुरेंद्र ठाकुर व उनके कार्यालय के एक अन्य कर्मचारी की कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। लेकिन आज एसडीएम कार्यालय के दो और कर्मचारियों की कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद एसडीएम डॉ.सुरेंद्र ठाकुर ने आगामी दो दिनों के लिए एसडीएम कार्यालय बंद करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने लोगों से सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दिन प्रतिदिन कोविड-19 के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सावधानी से ही इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से मॉस्क पहनने, शारीरिक दूरी बनाए रखने हाथों को सैनिटाइज करने की अपील की।
नगर निगम सोलन तथा नगर पंचायत कण्डाघाट की परिधि में 07 अप्रैल को निर्वाचन के दृष्टिगत सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इस सम्बन्ध में उपायुक्त सोलन एवं निर्वाचन अधिकारी द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार नगर निगम सोलन तथा नगर पंचायत कण्डाघाट की परिधि में सभी सरकारी कार्यालयों, बोर्डों, निगमों, शिक्षण संस्थानों तथा औद्योगिक संस्थानों में अवकाश रहेगा। उक्त क्षेत्रों की परिधि में 07 अप्रैल को दुकानें भी बन्द रहेंगी। नेगोशिएबल इन्स्ट्रूमेन्ट अधिनियम 1881 की धारा 25 के तहत दिहाड़ीदारों के लिए भी यह वैतनिक अवकाश होगा।
हिमाचल प्रदेश निकाय अधिनियम 1994 की धारा 304-आर के प्रावधानों के अनुसार 07 अप्रैल को नगर निगम सोलन तथा नगर परिषद कण्डाघाट में सामान्य निर्वाचन के दृष्टिगत मतदान के लिए निर्धारित समय की समाप्ति से 48 घंटे पूर्व से नगर निगम सोलन तथा नगर पंचायत कण्डाघाट की परिधि में मदिरा आदि की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस सम्बन्ध में जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। मतदान वाले क्षेत्रों में उक्त अवधि को ड्राई डे घोषित किया गया है। मतगणना एवं परिणाम दिवस पर भी ड्राई डे रहेगा। इस अवधि में मतदान वाले क्षेत्रों में किसी होटल, रेस्तरां, दुकान, सार्वजनिक स्थल इत्यादि में किसी भी प्रकार की मदिरा एवं अन्य मादक द्रव्यों की बिक्री एवं वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जिला दंडाधिकारी ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तुरंत प्रभाव से नगर निगम सोलन तथा नगर पंचायत कण्डाघाट की परिधि में शस्त्र साथ रखने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने तक जारी रहेंगे। शस्त्र तथा गोला-बारूद साथ लेकर चलने पर विधि अनुसार उचित कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश सेना, अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस, गृह रक्षा तथा केंद्रीय पुलिस बल पर लागू नहीं होंगे। इन आदेशों की अवहेलना पर उल्लंघनकर्ता को नियमानुसार दण्डित किया जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने छतीसगढ़ में नक्सली हमले में देश के 22 जवानों के शहीद होने पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार को इस प्रकार हिंसा रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री इस जघन्य अपराध में अपनी विफलता की नैतिक जिम्मेदारी से नहीं बच सकते, इस हमले में शहीद हुए जवानों के परिजनों से अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हुए कहा है कि देश इन शहीदों की कुर्बानी को हमेशा याद रखेगा। राठौर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि गृह मंत्री होने के नाते वह देश की आंतरिक सुरक्षा का दायित्व निभाने में पूरी तरह असफल साबित हुए है। और कहा है कि गृह मंत्री को अपनी राजनीति व चुनावों की ज्यादा चिंता रहती है। राठौर ने इस नक्सली हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि हिंसा किसी भी समस्या का हल नहीं है, नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़ समस्या के समाधान के लिए किसी भी बातचीत के लिए आगे आने को कहा है।
हिमाचल की बेटियों ने जूनियर नेशनल हैंडबाल प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में कड़े संघर्ष में हिमाचल की टीम ने हरियाणा को 28-32 से हराकर प्रतियोगिता का फाइनल अपने नाम कर लिया। रविवार को कानपुर में प्रतियोगिता का फाइनल खेला गया। हिमाचल की टीम ने फाइनल में दमदार खेल दिखाया और कड़े संघर्ष में जीत हासिल की। हिमाचल की टीम ने प्रतियोगिता में ने बिहार, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और हरियाणा को पराजित किया। समाहरोह के समापन में स्थानीय विधायक सुनील मैथानी और सीनियर आईएएस बोवड़े, हैंडबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और भारतीय ओलंपिक संघ के कोषाध्यक्ष आनंदेश्वर पांडे ने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। आर्यव्रत हैंडबॉल अकादमी के अध्यक्ष जसवीर बिसला और मोरसिंघी पंचायत के पूर्व प्रधान जगदीश ठाकुर ने बताया कि प्रदेश की बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर नाम चमकाया है और नेशनल चैंपियन बनना हिमाचल के लिए गर्व की बात है। वहीं, आर्यव्रत हैंडबाल अकादमी मोरसिंघी की कोच स्नेहलता ने खिलाड़ियों को बधाई दी।
हिमाचल प्रदेश में निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने निजी विश्वविद्यालयों के खिलाफ एक बार फिर जांच का आदेश जारी किया है। आयोग के पास आई शिकायत के आधार पर जांच के लिए तीन अलग-अलग कमेटियां गठित की गई हैं। तीनों ही कमेटियों को बीते दिन नोटिफाई कर दिया दिया गया है। जल्द ही कमेटियां अपना काम करना शुरू कर देंगी। इस मामले पर आगामी कार्रवाई रिपोर्ट के बाद ही कि जाएगी। हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल (सेवानिवृत) अतुल कौशिक ने कहा कि यह कमेटियां विश्वविद्यालय के मूलभूत सुविधाओं, वेतन और लैबोरेटरी की जांच करेंगी। इसमें पहली कमेटी विश्वविद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर और लैबोरेटरी की सुविधाओं को जांचेगी। दूसरी कमेटी द्वारा शिक्षकों की योग्यता को जांचा जाएगा। इसके पहले चरण में कुलपति की योग्यता को जांचा गया था, जिसमें काफी कुलपति अयोग्य पाए गए थे। वहीं, तीसरी कमेटी शिक्षकों के वेतन मामले की जांच करेगी। आयोग के पास ज़्यादातर शिकायतें वेतन से ही संबंधित हैं। शिक्षकों को यूजीसी नियमों के अनुसार वेतन नहीं दिया जाता है। इस मामले में कई विवि जांच की जद में आ सकते हैं।
पश्चिम बंगाल के सिंगुर में सीमा सुरक्षाबल में तैनात कुल्लू की पीज पंचायत के घूंघर गाँव का जवान नरेश ठाकुर आसमानी बिजली गिरने के कारण शहीद हो गया है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही कुल्लू का माहौल गमगीन हो गया है। बताया जा रहा है कि नरेश ठाकुर शाम के समय सिंगुर सीमा पर ड्यूटी पर तैनात थे। अचानक आसमानी बिजली गिरी जिसके चलते वह घायल हो गया। बीएसएफ के अधिकारीयों द्वारा उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, बीएसएफ के अधिकारीयों ने शहीद जवान नरेश ठाकुर की जानकरी उनके परिजनों को दी। उनके पिता देवी सिंह ने बताया की नरेश ठाकुर साल 2004 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे और उनकी एक पत्नी और दो बच्चे भी हैं। उन्होंने बताया कि बीएसएफ अधिकारीयों द्वारा उनको सूचित किया गया और अब पार्थिव शरीर को कुल्लू लाया जा रहा है।
चम्बा व लाहौल स्पीति में आज भूकंप के झटके महसूस किए गए। लाहौल स्पीति में सुबह 3 बजकर 39 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 2.8 आंकी गई है। इसके अलावा चंबा जिले में भी एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। सोमवार को चंबा में 2 बजकर 1 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता 2.4 थी। गनीमत ये रही कि भूकंप से किसी भी तरह के नुकसान की कोई ख़बर सामने नहीं आई है।
लाहौल-स्पीति के केलांग, योचे, दरचा, जिस्पा और चिका रारीक में जिला प्रशासन तथा महिला मण्डल द्वारा स्वत्छता अभियान चलाया गया। अभियान में शामिल जिला प्रशासन तथा महिला मंडल ने स्थानीय लोगों को गीले व सुखे कचरे के निपटान के बारे में जागरूक किया। बता दें कि 75 दिन तक चले स्नो फेस्टिवल के बाद लाहौल को स्वच्छ रखनें में लाहौल-स्पीति प्रशासन का यह एक छोटा सा कदम है। जिलाधिश पंकज राय ने कहा कि 15 अप्रैल को यह स्वत्छता अभियान सम्पूर्ण लाहौल-स्पीति में चलाया जाएगा, ताकि घाटी में कचरे का सही निपटान किया जाए। साथ ही पर्यटकों से भी आग्रह किया जाएगा कि वे लाहौल-स्पीति को साफ रखने में जिला प्रशासन का साथ दें। बरलचा दर्रा खुलने के बाद लाहौल-स्पीति में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से, घाटी में गन्दगी फैलने की आशंका बढ़ गई है ।
नगर निगम मंडी के लिए चुनाव प्रचार सोमवार 5 अप्रैल को सायं 5 बजे थम जाएगा। इसके बाद से 7 अप्रैल को चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक नगर निगम मंडी क्षेत्र में जनसभा अथवा जलूस आयोजित करने एवं भाग लेेने पर मनाही रहेगी। इसके अतिरिक्त उक्त अवधि में चुनावों के मद्देनजर जनमत को प्रभावित करने के उद्देश्य से किसी तरह के म्यूजिकल कंर्सट, नाटक प्रस्तुतियां व जन लुभावाने मनोरंजक कार्यक्रमों पर भी प्रतिबंध रहेगा। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी और उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान करवाने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मतदान 7 अप्रैल को सुबह 8 बजे से सायं 4 बजे तक होगा। मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद मतों की गिनती की जाएगी। नगर निगम मंडी के सभी वार्ड के मतों की गिनती के लिए व्यास सदन भ्युली को मतगणना केंद्र बनाया गया है। शराब की बिक्री व वितरण पर पाबंदी ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि चुनावों एवं मतगणना के दृष्टिगत नगर निगम मंडी में मतदान क्षेत्र के दायरे में आने वाले होटलों, ढाबों, दुकानों अथवा अन्य निजी व सार्वजनिक स्थानों पर शराब इत्यादि किसी भी प्रकार के मादक पदार्थो की बिक्री व वितरण पर पाबंदी रहेगी। यह पाबंदी मतदान से 48 घंटे पूर्व से मतदान व मतों की गिनती की प्रक्रिया सम्पन्न होने तक लागू रहेगी। अधिसूचना के अंतर्गत आदेशों की अवहेलना करने पर हिमाचल प्रदेश शहरी निकाय एक्ट-1994 के तहत कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। आग्नेयास्त्रों के साथ चलने पर प्रतिबंध उन्होंने बताया कि चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न करवाने के उद्देश्य से मतदान वाले दिन आग्नेयास्त्रों को साथ लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह आदेश चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न होने तक लागू रहेंगे। आदेशों की अवहेलना करने वालों पर कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में चुनावी प्रचार से जुड़ी कोई गतिविधि नहीं की जा सकेगी।
शिमला शहर में स्मार्ट सिटी व अमरूत परियोजना के तहत 900 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए गत माह निविदाएं आमंत्रित कर कार्य शुरू कर दिए गए हैं। यह जानकारी शहरी विकास, आवास, नगर नियोजन, संसदीय कार्य, विधि एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने अनाडेल वार्ड नम्बर 4 में ‘‘ आपका विधायक आपके द्वार ’’ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दी। भारद्वाज ने इस वार्ड की जनता की समस्याओं को सुना व अधिकांश का मौके पर ही निपटारा किया। शेष समस्याओं को सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को जल्द निपटारे के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि गवाही गांव की सड़क निर्माण का कार्य मई माह तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अनाडेल से शहर गांव तक एम्बुलैंस रोड का सर्वे सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा किया गया, जिसकी फोरेस्ट कलीयरैंस मिलने के उपरांत ही कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने इस क्षेत्र की जनता से अनुरोध किया कि वे राजकीय उच्च पाठशाला को वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला स्तरोन्नत करने के लिए निर्धारित मापदंडो को पूरा करना अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने स्थानीय जनता से स्कूल के लिए स्थान चिन्हित करने व निर्धारित मापदंडो को पूरा करना का आग्रह किया ताकि स्कूल को स्तरोन्नत किया जा सके। उन्होंने बताया कि शमशान घाट के मार्ग को चैड़ा व सुविधाजनक बनाने के विधायक निधि से धन का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को इस मार्ग को जल्द दरूस्त करने बारे आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस वार्ड में 100 गाड़ियों के लिए पार्किग का जल्द निर्माण किया जाएगा ताकि सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों से उत्पन्न समस्या से जनता को राहत मिल सके। अध्यक्ष, हिम फैड गणेश दत्त ने इस क्षेत्र में किए गए विकास कार्यो के लिए मंत्री का आभार प्रकट किया तथा उन्हें जन समस्याओं से अवगत करवाया। इस अवसर पर अध्यक्ष हिम फैड गणेश दत्त, शिमला भाजपा मंडलाध्यक्ष राजेश शारदा, पार्षद खलीनी वार्ड, पूर्णचंद, पूर्व पार्षद प्रदीप कश्यप, उपमंडलाधिकारी मंजीत शर्मा, अधिशासी अभियंता नगर निगम राजेश ठाकुर, एसजेपीएनएल हरमेश भाटिया व अन्य विभागों के अधिकारी व स्थानीय लोग उपस्थित थे।
दाड़लाघाट में करुणामूलक संघ की मीटिंग संघ के अध्यक्ष अजय की अगुवाई में गूगल मीट के जरिए हुई। उन्होंने सरकार के प्रति अपना रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जो राजनैतिक पार्टी करुणामूलक नौकरियां बहाल करेगी, वे उसी पार्टी को आने वाले विधानसभा के चुनाव में समर्थन प्रदान करेगी। इस मौके पर संघ के अध्यक्ष अजय ने कहा कि करुणामूलक आश्रितों ने सरकार बनाने मे अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने सरकार का घेराव करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उन्हें विधानसभा बजट सत्र में अनदेखा किया है। एक तरफ मुख्यमंत्री बोलते हैं की हमारी मंशा है कि हम नौकरी देंगे लेकिन दूसरी तरफ इस करुणा भरी मंशा को वे भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के मन में करुणामूलक परिवारों को नौकरी देने की मंशा होती तो वे बिना किसी शर्त के सबको नौकरी दे देते। आने वाले विधानसभा चुनाव मे हिमाचल के करुणामूलक आश्रित परिवारों ने ठान लिया है कि जो करुणा की मंशा से इन परिवारों की तरफ देखेगा उन्हीं को ही राजनीती का तेज़ पहनाया जाएगा।
प्रदेश सरकार की हिमकेयर याेजना के तहत पंजीकरण करने की अंतिम तारीख 15 अप्रैल की है। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। उन्हाेंने कहा कि हिमकेयर योजना के लिए पंजीकरण हर वर्ष जनवरी से मार्च माह तक किया जाता है, लेकिन इस वर्ष पंजीकरण करने की अंतिम तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 15 अप्रैल की गई है। हिमकेयर योजना के तहत राज्य में अब तक 144 करोड़ रुपये से अधिक व्यय कर 1 लाख 51 हजार 157 लोगों का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है। इस योजना के तहत प्रदेश के 5 लाख 21 हजार 698 लोग अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। इस योजना के तहत प्रदेश सरकार द्वारा बिलासपुर जिला के 8,987 लाभार्थियों के निःशुल्क उपचार पर 7 करोड़ 28 लाख 85 हजार रुपये, जिला चम्बा में 5,922 मरीजों पर 5 करोड़ 34 लाख 66 हजार रुपये, जिला हमीरपुर में 14,554 लोगों के लिए 9 करोड़ 21 लाख 84 हजार रुपये, जिला कांगड़ा में 35,430 लोगों के लिए 34 करोड़ 95 लाख 56 हजार रुपये, जिला किन्नौर में 1,541 लोगों के लिए एक करोड़ 89 लाख 51 हजार रुपये, जिला कुल्लू में 12,382 लोगों के लिए आठ करोड़ 48 लाख 71 हजार रुपये, लाहौल-स्पीति जिला में 391 लोगों के लिए 34 लाख 58 हजार रुपये, जिला मण्डी में 19,639 लोगों के लिए 18 करोड़ 29 लाख 85 हजार रुपये, जिला शिमला में 13,266 लोगों के लिए 19 करोड़ 86 लाख 15 हजार रुपये, जिला सिरमौर में 13,756 लोगों के लिए 9 करोड़ 45 लाख 72 हजार रुपये, जिला सोलन में 13,433 व्यक्तियों के लिए 10 करोड़ 50 लाख रुपये, ऊना जिला में 9,684 व्यक्तियों के लिए पांच करोड़ 79 लाख 65 हजार रुपये जबकि पीजीआई चण्डीगढ़ में 2,172 प्रदेशवासियों के निःशुल्क उपचार के लिए 12 करोड़ 57 लाख रुपये व्यय किए गए हैं।
प्रदेश के चार नगर निगम में 7 अप्रैल काे हाेने वाली वाेटिंग के लिए कल शाम यानी साेमवार काे प्रचार थम जाएगा। अंतिम दिन 6 मार्च काे डाेर-टू-डाेर वाेट मांग सकेंगे। बीते 22 मार्च से लेकर अब तक चाराें नगर निगम क्षेत्राें में कांग्रेस और भाजपा ने जमकर प्रचार किया। भाजपा प्रत्याशियाें की जीत सुनिश्चित करने के लिए सरकार और संगठन दाेनाें ने खूब पसीना बहाया, ताे कांग्रेस ने भी काेई कसर नहीं छाेड़ी। सीएम जयराम ठाकुर ने चाराें नगर निगम के लिए अपना समय निकला और सहयाेगी मंत्रियाें काे जाे जिम्मेवारियां साैंपी गई उसका भी परिणाम सात अप्रैल काे सामने आएगा। हालांकि हार या जीत का फैसला जनता 7 अप्रैल काे करेगी, लेकिन दाेनाें राजनीतिक दलाें ने अपनी-अपनी दावेदारी जताने में काेई कमी नहीं रखी। ऐसे में अब देखना है कि नगर निगम साेलन, पालमपुर, धर्मशाला और मंडी की जनता किसे शहरी निकाय की चाबी साैंपती है।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने लोगों से कांग्रेस को मजबूत करने और नगर निगम मंडी में कांग्रेस प्रत्यशियों को अपना मत देने का आह्वान करते हुए कहा कि मंडी शहर और इसमें शामिल किए गए सभी ग्रामीण क्षेत्रों के एक समान विकास के लिए नगर निगम मंडी में कांग्रेस का काबिज होना बहुत ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर केवल सराज और धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र को ही प्रमुखता दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि मंडी मुख्यालय के साथ साथ बल्ह विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी हो रही है और इस अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर नगर निगम के इन चुनावों में भाजपा को करारी शिकस्त देनी है। बल्ह विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 14 और 15 में नुक्कड़ सभाओं को सम्बोधित करते हुए राठौर ने कहा कि कांग्रेस के समय मे बल्ह विधानसभा क्षेत्र का जो विकास हुआ था आज वह वहीं ठहर गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मंडी शहर के साथ विकास के मामलें में सौतेला व्यवहार कर रहें है। भाजपा अंदरूनी कलह से गुजर रही है और इसका असर मंडी के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों कांगड़ा, शिमला,सोलन पर भी पड़ा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के चुनावों में कांग्रेस के प्रति भारी उत्साह है और कांग्रेस इन चारों नगर निगमों में शानदार जीत हासिल करेगी। इस दौरान विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। मुख्यमंत्री केवल मंडी जिला के दो क्षेत्रों को ही प्राथमिकता देते हैं जिसमें एक उनका अपना निर्वाचन क्षेत्र सिराज है और दूसरा उनके परम मित्र महेंद्र सिंह का धर्मपुर निर्वाचन क्षेत्र शामिल है। उन्होंने कहा कि रोजगार के मामले में भी प्रदेश के अन्य सभी जिलों के साथ बहुत बड़ा अन्याय किया जा रहा है। इस अन्याय और भेदभाव के खिलाफ एकजुट होकर भाजपा को सत्ता से बाहर करना है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश चौधरी ने मुख्यमंत्री सहित भाजपा नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि बल्ह के लोगों के साथ सरकार ने बहुत बड़ा धोखा किया है।उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में शुरू हुई इस क्षेत्र की विकास योजनाओं को अधर में लटका दिया गया है। इस क्षेत्र के लिए सरकार ने घोषणाएं तो बहुत की है पर धरातल पर कुछ नही हुआ है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने जिला मंडी के सुंदरनगर में 3 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय के कन्या छात्रावास का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कन्या छात्रावास 16 महीनों की रिकाॅर्ड अवधि में बनकर तैयार हुआ है जिसके लिए उन्होंने निष्पादन एजेंसी बीएसएनएल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह छात्रावास 69 छात्राओं को रहने की बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाएगा और यह सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं। इस छात्रावास के निर्माण से बहुतकनीकी महाविद्यालय की छात्राओं की लंबे समय से लंबित मांग पूरी हो गई है। वहीं, उन्होंने कहा की वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश में शैक्षणिक संस्थानों को सुदृढ़ करने के लिए संकल्पबद्ध है ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके बाद, मुख्यमंत्री ने जिला मंडी के भंगरोटू में निर्माणाधीन मेकशिफ्ट प्रीफेब्रिकेटिड अस्पताल के निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया और अधिकारियों को समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने शिमला ग्रामीण में एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा इन होने वाले नगर निगम चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में जयराम सरकार के पक्ष में अच्छा वातावरण है, प्रदेश की जनता सरकार की जनकल्याण नीतियों से संतुष्ट है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को नगर निगम चुनाव में अपनी हार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है जिसके करण उनके सभी नेतागण तथ्यहीन बयानबाज़ी कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा कि चारों नगर निगम पर भाजपा का परचम लहराएगा। जिस प्रकार से कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर टिप्पणीयां कर रहे है, वह कांग्रेस की सोच का स्तर दिखता है। कांग्रेस का आने वाले समय में वर्चस्व खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं का राजनीतिक दल है और कांग्रेस एक परिवार की पार्टी है।
हिमाचल प्रदेश सर्व अनुबंध कर्मचारी महासंघ जिला मण्डी की इकाई का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को सुन्दरनगर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से सुंदरनगर के पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में मिला। यह प्रतिनिधिमंडल राज्य कार्यकारिणी कोषाध्यक्ष अविनाश सैनी, जिला मंडी के अध्यक्ष गिरधारी लाल चौहान, जनकराज की अगुवाई में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को हिमाचल प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत 17000 अनुबंध कर्मियों की गत तीन वर्षों से प्रदेश भाजपा सरकार के ठंडे बस्ते में पड़ी एकमात्र मांग, अनुबंध कार्यकाल को 3 वर्ष से घटाकर 2 वर्ष करने की घोषणा आगामी 15 अप्रैल को स्वर्ण जयंती हिमाचल दिवस के उपलक्ष्य पर करने हेतु ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों को हर बार की तरह इस बार भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आश्वस्त करवाया कि अनुबंध कर्मचारियों की मांग को हिमाचल प्रदेश सरकार शीघ्र ही पूरा कर देगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कभी भी अनुबंध कर्मचारियों की इस मांग को न तो सिरे से खारिज किया है तथा न ही इस मांग को पूरा करने में कोई सकारात्मकता दिखाई है। मुख्यमंत्री के आश्वासन कहीं ना कहीं 17000 अनुबंध कर्मचारियों को एक झुनझुना ही प्रतीत हो रहा है। नगर निगम चुनाव और बजट सत्र से पहले महासंघ की राज्य कार्यकारिणी का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से शिमला में मिला था तथा मुख्यमंत्री ने अनुबंध कार्यकाल को कम करने के सार्थक संकेत दिए थे। परंतु बजट सत्र में मुख्यमंत्री द्वारा इस मांग को नजरअंदाज कर देने से अनुबंध कर्मचारियों में खासा रोष व्याप्त हो रहा है। महासंघ के वित्त सचिव अविनाश सैनी और जिला मण्डी के अध्यक्ष गिरधारी लाल चौहान ने कहा कि यदि आगामी कैबिनेट की मीटिंग में सरकार अनुबंध कार्यकाल को कम करने के मुद्दे पर सहमति जताती है तथा 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस के उपलक्ष्य पर अनुबंध कार्यकाल को कम करने की घोषणा के साथ ही शीघ्र इसकी अधिसूचना जारी करवाती है, तो ही सही मायने में अनुबंध कर्मचारी भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र के वायदे को पूरा किया हुआ मानेंगे। परंतु यदि सरकार यही निर्णय लेने से 15 अप्रैल को चूक जाती है तो प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत अनुबंध कर्मचारी स्वयं को ठगा हुआ महसूस करेंगे। हिमाचल प्रदेश सर्व अनुबंध कर्मचारी महासंघ की राज्य कार्यकारिणी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय पटियाल, उपाध्यक्ष सुनील कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष गोपाल सिंह वर्मा, उपाध्यक्ष संदीप शर्मा तथा महासचिव सुरेंद्र नड्डा ने बताया कि यदि सरकार 15 अप्रैल को अनुबंध कार्यकाल को घटाने की घोषणा नहीं करती है तो अनुबंध कर्मचारियों के भीतर भाजपा सरकार के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण पैदा हो सकता है , जिसकी भरपाई भाजपा के लिए भविष्य में कठिन होगी। इस मौके पर महासंघ के प्रतिनिधि मंडल में जिला मंडी के तकनीकी शिक्षा विभाग से जनक जमवाल, नवीन, देवेंद्र, हितेश कुमार, सुनील कुमार ,शुभम, अविनाश, राजेश, विजेंद्र, वीरेंद्र सिंह, प्रदीप, अजय, पदम् देव, प्रेमनाथ, दुर्गा देवी, रविंद्र, रवि धीमान, सरवन कुमार, घनश्याम वर्मा, कुशल, जनक राज, संजीव कुमार, संजय कुमार, जितेंद्र सिंह, संजीव कुमार, प्रवीण सिंह, अनिल कुमार, भूप सिंह और लाल सिंह आदि सदस्य उपस्थित रहे।
कुनिहार के न्यू बस स्टैंड पर लगे गन्दगी के ढेर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान स्वच्छ भारत मिशन को ठेंगा दिखा रहे हैं। पिछले दो-तीन हफ़्तों से बस स्टैंड पर गन्दगी के ढेर लगे है। हालांकि, बस स्टैंड पर शुलभ शौचालय है व सफाई कर्मचारी भी तैनात है। बस स्टैंड पर नियमित रूप से निजी व सरकारी बसों में हजारों मुसाफिर सफर करते हैं व बस स्टेंड पर कूड़े कचरे के लिए कोई स्थायी व्यवस्था न होने से कचरे के ढेर लगे हुए हैं जिसके कारण यात्रियों, व्यापारियों व स्थानीय लोगों को यंहा से गुजरते हुए बदबू के कारण अपने नाक मुंह बंद करने पड़ते है। जानकारी के अनुसार पिछले काफी समय से पंचायत द्वारा यंहा से कचरा उठाया जाता रहा है जिसके लिए परिवहन विभाग इस कचरे को उठाने के लिए पंचायत को कुछ राशि दिया करता था। परन्तु, पिछले एक साल से सफाई व कचरे को उठाने के लिए पैसा न आने के कारण पंचायत ने कूड़ा-कचरा उठाना बन्द कर दिया। परिवहन व पंचायत की इस आपसी खींचतान में मुसाफिरों और आम लोगों सहित व्यापारियों को भी तकलीफें झेलनी पड़ रही है। मनोज कुमार, विनोद, धीरज, सिकन्दर, पवन आदि व्यापारियों ने परिवहन व पंचायत से इस मसले को जल्द हल करके कूड़े-कचरे को उठाने की मांग की है। वहीं, हाटकोट पंचायत प्रधान जगदीश अत्रि ने बताया कि परिवहन विभाग से कचरे को उठाने के लिए पंचायत को पैसा दिया जाता था, जोकि पिछले कई महीनों से विभाग ने देना बंद कर दिया है। विभाग से बस स्टैंड पर सफाई व्यवस्था के लिए पंचायत की ओर से लिखित व मौखिक तौर पर कई बार बात की जा चुकी है, परन्तु परिवहन विभाग की ओर से सफाई के लिए पिछले काफी समय से कोई भी राशि जारी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सफाई शुल्क मिलते ही पंचायत के सफाई कर्मचारी यंहा से गन्दगी उठाना शुरु कर देंगे। वहीं, आरएम सोलन शुगल सिंह ने बातचीत के दौरान बताया कि कुनिहार न्यू बस स्टैंड पर सफाई व्यवस्था की ज़िम्मेवारी शुलभ शौचालय वालों की है। पंचायत को कोई भी सफाई शुल्क विभाग की ओर से नही दिया गया है। शुलभ शौचालय के ठेकेदार को इस बारे में नोटिस निकाल दिया गया है व जल्द ही कुनिहार बस स्टैंड पर सफाई व्यवस्था सुचारु रूप से की जाएगी।
कुनिहार क्षेत्र में मुख्य मार्ग पर विशालकाय सफेदे और पोपलर के पेड़ किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। क्षेत्र में चलने वाली तेज़ हवाओं के कारण अक्सर पेड़ों की बड़ी-बड़ी टहनियां टूटकर गिरती रहती है। जिससे कई बार सड़क में खड़े वाहनों को भी नुकसान हो चुका है। इतना ही नहीं पेड़ो की टहनियों के गिरने से विद्युत विभागीय मेन लाइन भी कई बार क्षतिग्रस्त हो जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार सुबह कुनिहार शिमला मार्ग तालाब के नज़दीक देखा गया, जंहा सफेदे के विशालकाय पेड़ से एक मोटी टहनी अचानक विद्युत विभागीय मेन लाइन पर जा गिरी। जिससे क्षेत्र के कुछ हिस्सों में काफी देर तक विद्युत आपूर्ति भी बाधित रही। विभागीय कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद विभागीय लाइन के ऊपर गिरे पेड़ की टहनी को हटाया। गनीमत यह रही कि बड़ा हादसा होने से टल गया। क्योंकि जिस जगह पेड़ की टहनी गिरी उसी पेड़ के नीचे कुछ वाहनों की आवाजाही के अतिरिक्त लोग भी इधर-उधर टहल रहे थे। अध्यक्ष नव चेतना समाजिक संस्था कुलदीप कंवर, अध्यक्ष विकास सभा कुनिहार धनीराम तनवर, सुरेश जोशी, अनिल गर्ग, देवराज, अशोक कुमार, हरजिंदर, कर्मचन्द आदि ने कहा कि कुनिहार क्षेत्र में सफेदे व पोपलर आदि के काफी पेड़ है। वह इतने विशालकाय हो गए हैं कि आए दिन उनकी मोटी-मोटी टहनियां अक्सर गिरती रहती है। क्षेत्र में चलने वाली तेज़ हवाओं के कारण कई बार सड़को में खड़े वाहनों के अतिरिक्त विद्युत विभागीय लाइन भी टूट जाती है। कई पेड़ मकानों के लिए भी खतरा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार वन मण्डल कुनिहार, लोक निर्माण विभाग से आग्रह किया जा चुका है कि विशालकाय पेड़ो की छंगाई करवाई जाए, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। इसी विषय में कनिष्ठ अभियंता विद्युत विभाग एम.एस. चौधरी ने कहा कि पेड़ की टहनी अचानक मेन लाइन के ऊपर गिर गई थी। जिसे विभागीय कर्मियों ने हटाकर लाइन को दरुस्त कर दिया है।
हिमाचल प्रदेश के मटर की आजकल बंगलुरु में धूम है। ठियोग की पराला मंडी से भारी मांग के चलते करीब 6 से 8 टन मटर हवाई सेवा के जरिए बंगलुरु जा रहा है। मटर खाने में स्वादिष्ट और सेहत के लिहाज से पौष्टिक है इसलिए हिमाचल के पहाड़ी मटर की इन दिनों बंगलुरु में भारी डिमांड है। शिमला जिला के ठियोग, मंडी के करसोग और सिरमौर के गिरीपार का मटर ऑन डिमांड बंगलुरु तक पहुंचाया जा रहा है। पराला मंडी के कारोबारी विशेष पैकिंग के बाद छोटे ट्रकों से मटर चंडीगढ़ पहुंचा रहे हैं, जहां से कार्गो के जरिए मटर बंगलुरु पहुंच रहा है। मंडी में किसानों से मटर की 50 से 52 रुपये प्रति किलो खरीद हो रही है। चंडीगढ़ तक पहुंचने का ट्रक का प्रति किलो भाड़ा करीब 3 रुपये और चंडीगढ़ से बंगलुरु के लिए कार्गो का प्रति किलो भाड़ा करीब 47 रुपये पड़ रहा है। ट्रांसपोर्टेशन के लगभग 100 रुपये खर्चे के बाद बंगलुरु में हिमाचली मटर 110 से 120 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। पराला मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष और नीटू फ्रूट एजेंसी के संचालक नीटू चौहान ने बताया कि हवाई सेवा के जरिए बंगलुरु के लिए मटर भेजा जा रहा है, जिस पर करीब 50 रुपये प्रति किलो खर्चा पड़ रहा है। शिमला जिला में सालाना मटर का करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। हिमाचल से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और सूरत सहित अन्य शहरों को मटर की सप्लाई होती है। इस साल 180 से 200 मीट्रिक टन मटर के उत्पादन का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के वार्डों में अब कोरोना मरीज भर्ती नहीं होंगे और न ही ओपीडी और ऑपरेशन थियेटर बंद होंगे। अस्पतालों में इन मरीजों को अलग से रखने की व्यवस्था होगी। मेडिकल कॉलेज में संक्रमण न फैले और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके चलते यह व्यवस्था की जा रही है। इन मरीजों को मेक शिफ्ट अस्पतालों के अलावा अलग से वार्ड स्थापित करने की व्यवस्था होगी। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को इसके बारे में अवगत करा दिया है। आईजीएमसी के नए ओपीडी ब्लॉक में कोरोना मरीजों को भर्ती करने के लिए एक या दो फ्लोर रखे जा रहे हैं। इन वार्डों में भर्ती मरीजों के लिए डॉक्टर शिफ्टों में सेवाएं देंगे। सरकार ने ये भी निर्णय लिया है कि मेेडिकल कॉलेज में ओपीडी बंद नहीं होंगे। डॉक्टर मास्क लगाकर मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करते रहेंगे। प्रदेश के सभी 6 मेडिकल कालेजों में ऑपरेशन चलते रहेंगे। सरकार ने संक्रमित मरीजों के लिए 70 एंबुलेंसों को स्पेयर रखा है। यह 108 और 102 एंबुलेंस घर पर आइसोलेट मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाएंगी। राज्य में चार में से तीन मेक शिफ्ट अस्पताल बनकर तैयार हैं। इसमें नालागढ़, शिमला आईजीएमसी, टांडा मेडिकल कॉलेज में भी मेक शिफ्ट अस्पताल शुरु हो चुके हैं। यहीं कोरोना मरीजों का उपचार किया जा रहा है। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में अभी मेक शिफ्ट अस्पताल तैयार नहीं हुआ है। बता दें प्रदेश में कोरोना के सैंपल लेने का ग्राफ गिरा है। सरकार ने मेडिकल कॉलेजों और सीएमओ को प्रतिदिन 10 हजार सैंपल लेने को कहा है। छुट्टियों के चलते प्रदेश में पांच हजार से ज्यादा सैंपल नहीं लिए जा रहे।
हिमाचल प्रदेश में शनिवार को आठ कोरोना पॉज़िटिव मरीजों की मौत हो गई है। ऊना में 58 वर्षीय महिला, 91 वर्षीय बुजुर्ग और 65 वर्षीय संक्रमित महिला ने दम तोड़ दिय। आईजीएमसी शिमला में ऊना के 53 वर्षीय व कोटगढ़ की 85 वर्षीय बुजुर्ग कोरोना संक्रमित महिला की मौत हो गई है। टांडा में कांगड़ा के जसवां की 72 वर्षीय महिला व ओल्ड रोड होशियारपुर के 90 वर्षीय बुजुर्ग की भी मौत हो गई। सोलन में भी कसौली के एक संक्रमित की मौत हुई है। वहीं, प्रदेश में 408 लोगों के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉज़िटिव आई है। कांगड़ा जिले में 104, सोलन 83, ऊना 54, शिमला 45, हमीरपुर 42, मंडी 23, चंबा 21, बिलासपुर 13, कुल्लू 13, सिरमौर 9 और किन्नौर में एक नया मामला आया है। वहीं, प्रदेश में गुरुवार को कोरोना की जांच के लिए 5758 लोगों के सैंपल लिए गए। इनमें से 4444 की रिपोर्ट निगेटिव और 1058 सैंपलों की रिपोर्ट आनी है। इसके साथ ही प्रदेश के कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 64838 पहुंच गया है और सक्रिय मामले 3441 हो गए हैं। अब तक 60331 संक्रमित ठीक हो चुके हैं और 1047 की मौत हुई है। बिलासपुर में कोरोना के सक्रिय केसों की संख्या 296, चंबा 60, हमीरपुर 311, कांगड़ा 701, किन्नौर सात, लाहौल-स्पीति शून्य, कुल्लू 71, मंडी 180, शिमला 322, सिरमौर 212, सोलन 630 और ऊना जिले में 651 है।
हिमाचल प्रदेश में 10 शहरी निकायों और 128 पंचायतों में चुनाव के लिए सोमवार शाम चार बजे प्रचार का दौर थम जाएगा। इसके बाद प्रत्याशी घर-घर जाकर वोटरों से संपर्क कर पाएंगे। इसी दिन मतदान केंद्रों के लिए चुनाव सामग्री के साथ पोलिंग पार्टियां रवाना की जाएंगी। नजदीक के पोलिंग स्टेशनों के लिए 6 अप्रैल को कर्मचारी भेजे जाएंगे। राज्य चुनाव आयोग ने साढ़े पांच सौ पोलिंग पार्टियां तैनात की हैं। 7 अप्रैल को सुबह 8 से 4 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद एक घंटे का समय कोविड संक्रमित वोटरों को वोट देने के लिए रखा गया है। मतदान के तुरंत बाद वोटों की गिनती होगी और चुनाव नतीजे घोषित किए जाएंगे। 6 अप्रैल यानी मतदान से एक दिन पहले सभी मतदान केंद्रों को सैनिटाइज़ किया जाएगा। मतदान के समय सैनिटाइज़र का उपयोग करना होगा और मास्क पहनकर ही मतदान केंद्र में प्रवेश करना अनिवार्य होगा। मतदान के लिए करीब तीन हजार कर्मचारी चुनाव ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। इनके अलावा प्रत्येक मतदान केंद्र में कम से कम दो सुरक्षा कर्मी रहेंगे। इनमें एक पुलिस कर्मी और एक होमगार्ड जवान शामिल रहेगा। इनके अलावा कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य कर्मी भी चुनाव ड्यूटी में रहेंगे। प्रत्येक वोटर की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। चुनाव अधिकारी संजीव महाजन का कहना है कि शहरी निकायों और पंचायत चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली है। 5 अप्रैल 4 बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा। इसी दिन पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्रों के लिए रवाना कर दिया जाएगा। चार नगर निगमों, 6 नगर पंचायतों और 128 पंचायतों में चुनाव करवाए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में पांच अप्रैल से विद्यार्थियों की दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी। अभिभावक फोन के माध्यम से भी शिक्षकों से संपर्क कर अपने बच्चों के दाखिले करवा सकेंगे। इसके अलावा विद्यार्थियों के बिना भी अभिभावक स्कूलों में आकर दाखिलों से संबंधित औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे। स्कूलों में पांच अप्रैल से शिक्षक और गैर शिक्षक आना शुरू कर देंगे। उधर, स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई कब से शुरू होगी। इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। आने वाले दिनों में शिक्षा विभाग इस बाबत प्रस्ताव तैयार कर सरकार की मंजूरी को भेजेगा। नया शैक्षणिक सत्र 12 अप्रैल से शुरू किया जाना प्रस्तावित था लेकिन 15 अप्रैल तक विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद होने के चलते फिलहाल इस बाबत भी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ.अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में नए शैक्षणिक सत्र और ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर फैसला ले लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल से प्रदेश में 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होनी है। सभी जिला उपनिदेशकों और स्कूल प्रिंसिपलों को पत्र जारी कर परीक्षा केंद्रों में सैनिटाइजेशन अभियान चलाने को कह दिया है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बनाए गए एसओपी में ही परीक्षाएं ली जाएंगी।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने जिला की विभिन्न ग्राम पंचायतों में 7 अप्रैल को होने वाले मतदान के दृष्टिगत शराब की बिक्री पर तुरन्त प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए है। उन्होंने बताया कि इन मतदान केन्द्रों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में दुकानों, ढाबों, होटलों, सार्वजनिक स्थलों तथा घरों में शराब का वितरण व बिक्री को पूर्णतयः प्रतिबंधित किया गया है। यह प्रतिबंध 48 घंटे के लिए लगाया गया है, जो मतदान समाप्त होने के निर्धारित समय तक जारी रहेगा। इन आदेशों की अवहेलना करने वालों पर नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में शनिवार को सेवानिवृत्त अध्यापक धनीराम चौधरी के घर में बाडुबाड़ा देव का शुभागमन हुआ। इस आयोजन में देवों के देव बाड़ूबाड़ा देव ने उनके पुत्र श्याम सिंह चौधरी के नवगृह में पदार्पण किया। इस अवसर पर देवताओं के करींदो ने क्षेत्र की भलाई के लिए देवता से आशीर्वाद मांगा। बाडुबाड़ा देव कार्य समिति के सचिव श्याम सिंह चौधरी ने बताया कि क्षेत्र के लोगों में बाडुबाड़ा देवता के प्रति अटूट आस्था है। इसमें देवता लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इस दौरान कोविड-19 के दृष्टिगत सरकार और प्रशासन द्वारा जारी किए गए आदेशों का पालन किया गया। विशेषकर सोशल डिस्टेंसिंग का खास ध्यान रखा गया ।जात्रा के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इस मौके पर बीडीसी कुनिहार की अध्यक्षा सोमा कौंडल, पंचायत प्रधान बंसी राम भाटिया, उप प्रधान हेमराज, पूर्व उपप्रधान राजेश गुप्ता, धनीराम चौधरी, जयपाल चौधरी, श्याम चौधरी, देवराज कौंडल, संतराम पंवर, ओमप्रकाश शर्मा, संजू, केशव वशिष्ठ, लोकेश, मनीष, नरेन्द्र चौधरी, विजय कौंडल, बालक राम शर्मा, कमल, पवन शर्मा, रमेश, कृष्ण चंद भट्टी सहित स्थानीय ग्रामीणों ने देवता का आशीर्वाद लिया।
सोलन नगर निगम चुनाव के चलते 3 अप्रैल को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भाजपा प्रतियाशियों के लिए प्रचार प्रसार कार्यक्रम चलाया। स्वयं मुख्यमंत्री ने कुछ वार्ड में जाकर भाजपा प्रतियाशियों के लिए वोट अपील की। वही यदि उनके कार्यक्रम की शुरुआत की बात करे तो मुख्यमंत्री का कार्यक्रम वार्ड 4 से शुरू हुआ। जहां से स्वाति मैदान में है, जो पहले भी पार्षद रही है। स्वाति वार्ड न 4 में पहले से अपने सरल व सुलझे व्यक्तित्व से लोगों का दिल जीतती आई है। अब मुख्यमंत्री के आगमन के बाद उनकी जीत का इरादा पक्का नज़र आ रहा है। मुख्यमंत्री ने स्वयं लोगों को सम्बोधित करते हुए स्वाति के लिए वोट अपील की। बता दें कि स्वाति काफी लम्बे समय से चुनाव प्रचार में जुटी हुई है। स्वाति डोर टू डोर जाकर प्रचार कर रही है। उन्होंने घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं सुनी और उन्होंने वार्डवासियों को आश्वस्त किया है कि यदि उन्हें जनता का प्यार मिला, तो वे जल्द से जल्द उनकी समस्याओं का समाधान निकालेगी। चुनाव के प्रचार में काफी लोग उनके साथ जुड़ रहे है। लोगों से उन्हें प्रचार में काफी समर्थन मिल रहा है। लोगों का कहना है कि स्थानीय निवासी होने के चलते स्वाति इस चुनावी रण में जीत हासिल करेगी।
हिमाचल की किसान की बेटियों ने फुटबॉल में इतिहास रच दिया है। यह पहला मौका है जब प्रदेश की महिला फुटबॉलर किसी पेशेवर क्लब से खेलेंगी। अकादमी की सात खिलाड़ियों रिया शर्मा, प्रेरणा दत्ता, प्रियंका दत्ता, मीनू दत्ता, हर्षिता, प्रवीण और सुरैया का चयन इंडियन वुमन लीग के लिए हुआ है। ये सभी प्रतियोगिता में फुटबॉल क्लब टेक्ट्रो स्वदेश यूनाइटेड से खेलेंगी। हिमाचल प्रदेश फुटबॉल संघ के मीडिया कोऑर्डिनेटर सत्यदेव शर्मा ने बताया कि खड्ड के फुटबॉल स्टेडियम में हुई क्लब चैंपियनशिप में गर्ल्स फुटबॉल अकादमी की ओर से खेलने वाली सात लड़कियों का चयन पेशेवर फुटबॉल क्लब टेक्ट्रो स्वदेश यूनाईटेड में हुआ है। चयनित फुटबॉलर प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के लिए अंबाला (हरियाणा) चली गईं हैं। इसके बाद यह सभी 5 से 15 अप्रैल तक नई दिल्ली के नेहरू स्टेडियम में होने वाली इंडियन वुमन लीग में दमखम दिखाएंगी। पेशेवर फुटबॉल क्लब का हिस्सा बनी इन सभी महिला फुटबॉलर के पिता खेतीबाड़ी करते हैं।
प्रदेश में तीन दिन बाद नगर निगम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच चुनाव करवाना चुनौती से कम नहीं होगा। नगर निगम चुनाव में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से मतदान होगा। 7 अप्रैल को चार नगर निगम, छह नई नगर परिषदों और 128 पंचायतों में मतदान होगा। नगर पंचायत और पंचायत के चुनाव में बैलेट पेपरों से वोटिंग होंगे। माना जा रहा है कि कोरोना महामारी के खौफ से मतदान प्रतिशत प्रभावित हो सकता है। राज्य चुनाव आयोग के आदेशों पर मतदान से एक दिन पहले सभी मतदान केंद्रों को सैनिटाइज करना अनिवार्य होगा। चुनाव आयोग के जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कोरोना संक्रमित वोटरों के लिए 4 बजे के बाद एक घंटे का समय वोट डालने के लिए रखा है। ऐसे वोटरों को पीपीई किट पहने स्वास्थ्य कर्मी मतदान कराने के लिए लेकर जाएंगे। इसके बाद ईवीएम को सैनिटाइज किया जाएगा और दूसरे वोटर से मतदान करवाया जाएगा। इस दौरान इस्तेमाल दस्तानों और मास्क को सुरक्षित तरीके से नष्ट कराया जाएगा। ऐसे वोटरों से पहले सुबह 8 बजे से दोपहर बाद 4 बजे तक दूसरे वोटर मतदान करेंगे। राज्य चुनाव आयोग के अनुसार थर्मल स्कैनर, मास्क, पीपीई किट, सैनिटाइजर फेस शील्ड का स्टाक उपलब्ध होगा । इनका इस्तेमाल मतदान के समय किया जाना है। राज्य चुनाव आयोग के चुनाव अधिकारी संजीव महाजन का कहना है कि चुनाव अधिकारियों ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए तैयारियां कर ली हैं।
हिमाचल प्रदेश में चार अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम बदलेगा। मध्य ऊंचाई वाले भागों में बारिश के आसार हैं। वहीं, पांच से सात अप्रैल तक मैदानी व मध्य ऊंचाई वाले भागों में बारिश और अंधड़ चलने का अनुमान लगाया जा रहा है। उच्च पर्वतीय भागों में चार से आठ अप्रैल तक बारिश-बर्फबारी की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने पांच, छह और सात अप्रैल को ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर के कुछ स्थानों में अंधड़ और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार सुबह से ही राजधानी शिमला समेत प्रदेश के अन्य भागों में मौसम साफ बना हुआ है। जबकि केलांग में न्यूनतम तापमान माइनस 3.4, कल्पा में माइनस 0.7, मनाली में 3.0, कुफरी में 2.4, डलहौजी में 6.1, सुंदरनगर में 5.8, सोलन 6.5, बिलासपुर 6.1, हमीरपुर 5.7, शिमला 7.2, मंडी 6.1, धर्मशाला 10.8, ऊना 9.0, कांगड़ा 8.3 और नाहन में 13.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, शुक्रवार को ऊना में अधिकतम तापमान 30.2, बिलासपुर में 30.0, नाहन में 28.5, सोलन में 28.0, कांगड़ा में 28.2, सुंदरनगर में 27.5, हमीरपुर में 27.0, भुंतर में 26.0, चंबा में 24.2, धर्मशाला में 23.6, शिमला में 19.2, कल्पा में 13.6, डलहौजी में 11.4 और केलांग में 7.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
यूजी के प्रथम और द्वितीय वर्ष के कई विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। गुरुवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने इन दोनों कक्षाओं के करीब 90 हजार विद्यार्थियों को प्रमोट कर दिया, लेकिन उन विद्यार्थियों को प्रमोट नहीं किया गया है। जिनके असेसमेंट में कम अंक हैं। साफ है कि इन्हें फेल माना जाएगा। अब इन्हें फिर से पिछली कक्षा की परीक्षा देनी होगी। हैरानी इस बात की है कि इन विद्यार्थियों ने अगली परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर दिया है। इसकी विवि ने 800 से 1600 रुपये की फीस भी वसूल कर ली है। असेसमेंट में कम अंक होने के कारण ये अगली कक्षा की परीक्षा नहीं दे पाएंगे। 17 अप्रैल से यूजी की कक्षाएं शुरू हो रही हैं। प्रमोट न होने वाले विद्यार्थी परीक्षा कैसे देंगे। यह सवाल है। इन विद्यार्थियों ने पिछली कक्षाओं की परीक्षा के लिए न तो फार्म भरे हैं और न ही तैयारी की है। कोरोना काल के बीच ये विद्यार्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन अगली कक्षाओं की पढ़ाई करते रहे। अब रिजल्ट में इन्हें प्रमोट नहीं किया गया है। विश्वविद्यालय ने अभी तक इस मामले पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। यूजी की वार्षिक परीक्षाओं को शुरू होने के लिए अब 16 दिन शेष बचे हैं। इस समय के भीतर ही विवि प्रशासन को यूजी के इन विद्यार्थियों को लेकर कोई फैसला लेना होगा। यूजी के सभी विद्यार्थी अभी तक यही मानकर चल रहे थे कि सभी को प्रमोट कर दिया जाएगा। हालांकि, विवि ने पहले ही साफ कर दिया था कि इन दोनों कक्षाओं में जिन विद्यार्थियों के तीस अंक की इंटरनल असेसमेंट में से 11 अंक से कम कॉलेज से दिए जाएंगे। उन्हें प्रमोट नहीं किया जाएगा। लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के कारण यूजी के पहले और दूसरे वर्ष की परीक्षाएं नहीं हुईं। जिस पर सरकार के फैसले पर विद्यार्थियों को पिछले परीक्षा परिणाम और इंटरनल असेसमेंट के आधार पर प्रमोट किया गया। अब सवाल यह है कि इन दोनों वर्ष के यूजी छात्रों ने दूसरे और तीसरे वर्ष की कक्षाएं लगाई हैं। परीक्षा की तैयारी भी अगली कक्षाओं की कर रखी है। यूजी परीक्षा को कुछ दिन ही बचे हैं, लेकिन विद्यार्थियों को अब तक अपने परिणाम का पता नहीं चल सका है। विवि की वेबसाइट पर भी परीक्षा परिणाम का पता नहीं चल रहा है। इससे विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई है।
प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों को 15 अप्रैल तक बंद करने का ऐलान किया है, लेकिन इस दौरान शिक्षक और गैर-शिक्षक अपनी सेवाएं देंगे। हालांकि, 4 अप्रैल तक उक्त स्टाफ को छुट्टियां रहेंगी। लेकिन 5 अप्रैल से इन्हें स्कूल आना होगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत सरकार से स्कूलों में शिक्षकों और गैर-शिक्षकों की सेवाएं लेने की सिफारिश की गई है। विभाग के मुताबिक 13 अप्रैल से बोर्ड परीक्षाएं शुरु हो रही है। इन परीक्षाओं से पहले विद्यार्थियों के प्रैक्टिकल लिए जाने है। इसके आलावा प्रदेश में नगर निगमों के चुनाव में शिक्षकों व गैर-शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। स्कूलों में नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया से लेकर अन्य शैक्षणिक कार्य किए जाने हैं। 5 अप्रैल से स्कूलों में ऑनलाइन ऐडमिशन शुरु की जाएगी, जो 10 अप्रैल तक जारी रहेगी। ऐसे में अभिभावक फोन से भी बच्चों की ऐडमिशन करवा सकते है। हालांकि, बीते दिनों जारी अधिसूचना में शिक्षा विभाग ने 11 अप्रैल से नियमित कक्षाएं लगाने को कहा था, लेकिन 15 अप्रैल तक स्कूल बंद हो जाने की स्तिथि में इसमें बदलाव किया जा सकता है। इस दौरान शिक्षा विभाग ऑनलाइन क्लास लेने की योजना बना रहा है। इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं। प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशक डॉ अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि 4 अप्रैल के बाद शिक्षकों और गैर-शिक्षकों को स्कूलों में बुलाया जाएगा। इस दौरान इनकी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। उन्होंने बताया की विभाग ने इस मामले पर प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे सरकार को भेजा जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किये गए हैं। सूबे के लाहौल-स्पीति में भूकंप से धरती हिली है। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3 रही। मौसम विज्ञान ने शिमला केंद्र की ओर से भारतीय समय के अनुसार आधी रात 12 बजकर 10 मिनट पर भूकंप आने की पुष्टि की है। भूकंप के कारण किसी जानमाल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई। बता दें की इससे पहले भी पिछले महीने में दो बार हिमाचल की धरती हिली है। पिछले महीने के पहले पखवाड़े में हिमाचल के चम्बा में लगातार 2 दिन भूकंप आया था, जिससे लोगों में दहशत फैल गई थी।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने पूर्व राज्य मंत्री मोहन लाल के निधन पर शोक व्यक्त किया। राज्यपाल ने अपने शोक सन्देश में कहा कि मोहन लाल को उनके समाज कल्याण की दिशा में किए गए कार्यों और योगदान के लिए सदैव याद रखा जाएगा। इस अपूर्णीय क्षति के लिए उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोहन लाल एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ नेता थे, जो गरीबों और कमजोर वर्ग के लोगों के कल्याण के प्रति सदा समर्पित रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश और विशेषकर जिला चंबा के विकास में उनके योगदान को सदा याद रखा जाएगा। जयराम ठाकुर ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश पावर इंजीनियर एसोसिएशन के चुनाव संपन्न हो गए है। इसमें नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। लोकेश ठाकुर को पावर इंजीनियर एसोसिएशन का नया अध्यक्ष और तनुज गुप्ता को महासचिव चुना गया। विनोद वर्मा व विकास शर्मा को उपाध्यक्ष, रविंद्र ठाकुर को वित्त सचिव और सुरेश शर्मा को संगठन सचिव चुना गया। पावर इंजीनियर एसोसिएशन के चुनाव कोविड के कारण तकरीबन चार साल बाद करवाए गए। महासचिव तनुज गुप्ता ने बताया कि कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों को नवनियुक्त कार्यकारिणी द्वारा एक सप्ताह के भीतर नामित कर दिया जाएगा। नवनियुक्त प्रधान लोकेश ठाकुर ने बताया कि उनका लक्ष्य पावर इंजीनियरों की मांगों को सरकार के समक्ष उठाना और उनका समाधान निकालने का होगा। उन्होंने बताया कि लंबे समय से पावर इंजीनियरों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे इंजीनियरों में रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि बोर्ड प्रबंधन वस्तुस्थिति जाने बगैर अधिकांश मुद्दों को लिए इंजीनियरों को दोषी ठहरा रही है, जबकि फील्ड में स्टाफ नहीं है।
कोविड महामारी के कारण भारी व्यावधानों के बावजूद वित्त वर्ष 2020-21 में राज्य आबकारी एवं कराधान विभाग के कुल राजस्व संग्रह में पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज यह जानकारी देते हुए कहा कि पहली तिमाही में राजस्व संग्रह में 52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कोविड-19 महामारी के कारण लगे लाॅकडाउन के कारण शुरुआती महीनों के दौरान आई रुकावटों को कम किया गया। जिसके फलस्वरूप राजस्व संग्रह दूसरी, तीसरी और चैथी तिमाही के दौरान क्रमशः 4 प्रतिशत, 23 प्रतिशत और 34 प्रतिशत बढ़ा। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह ने मार्च 2021 के महीने में 44 प्रतिशत की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की। मार्च 2021 के लिए कुल राजस्व संग्रह 1006 करोड़ रुपये रहा जो पिछले वित्त वर्ष में इस अवधि के दौरान 699 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्राप्तियों में समग्र वृद्धि के प्रमुख कारणों में आर्थिक गतिविधियों का पुनरुद्धार, सरकार की अनलाॅक रणनीति, करदाताओं द्वारा बेहतर अनुपालन और विभाग का बेहतर प्रशासन शामिल हैं। इसके अलावा, विभाग की नई पहल ने विशेष रूप से प्रदर्शन कार्ड के माध्यम से फील्ड इकाइयों की निगरानी से बहुत ही स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार किया जिसके परिणामस्वरूप अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रेरणा मिली है। साथ ही, विभाग ने हाल ही में एक प्रदर्शन कार्ड का उपयोग करके अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए भी एक पहल की है। जयराम ठाकुर ने कहा कि बढ़ी हुई विश्लेषणात्मक और डेटा संचालित ज्ञान-आधारित क्षमताओं के साथ कार्य इकाइयों के प्रयासों को और मजबूत किया गया है। इन पहलों से राज्य के राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि विभाग ने राज्य के राजस्व संग्रह को बढ़ाने के लिए प्रमुख केंद्र क्षेत्रों की पहचान की है। विरासत मामलों के समाधान योजना के अंतर्गत वसूली, ई-वे बिल का भौतिक सत्यापन, जीएसटीआर3बी रिटर्न फाइलिंग का अनुपालन, देर से रिटर्न दाखिल करने पर ब्याज की वसूली, अनुचित आईटीसी की वसूली, कर घाटे की वसूली और कर चोरी से संबंधित मामलों की पहचान और गलत रिफंड इन्हें शामिल हैं।
शुक्रवार को कुल्लू पुलिस ने चरस मामले में फरार अपराधी को पीओ सेल से हिरासत में ले लिया है। जिसकी पहचान 49 वर्षीय खेम चंद निवासी भोसाधार दियार तहसील भुंतर के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक व्यक्ति दो किलो 100 ग्राम चरस मामले में 10 साल की सजा नाहन सेंट्रल जेल में काट रहा था, इस दौरान यह व्यक्ति पैरोल पर 19 जनवरी 2018 से 19 फरबरी 2018 एक महीने तक घर आया, लेकिन उसके बाद यह व्यक्ति वापिस सेंट्रल जेल नाहन नहीं लौटा और लापता हो गया।
हिमाचल प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में कमी आई है। सिलेंडर 10 रुपये सस्ता हो गया है। प्रदेशवासियों के लिए यह अच्छी खबर है। अप्रैल माह में घरेलू उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी सहित 906 रुपये चुकाने पड़ेंगे। रसोई सिलेंडर का दाम 856 रुपये तय हुआ है जिसमें 50 रुपये डिलीवरी चार्ज होगा। मार्च में घरेलू सिलेंडर 25 रुपये महंगा हुआ था और फरवरी में तीन बार बढ़ोतरी होने से सिलेंडर के दाम 100 रुपये बड़े थे। व्यावसायिक सिलेंडर के दाम 35 रुपये बढ़ गए हैं। अप्रैल में व्यावसायिक सिलेंडर उपभोक्ताओं को कुल 1790 रुपये चुकाने पड़ेंगे, जिसमें डिलीवरी चार्ज भी शामिल हैं। घरेलू सिलेंडर पर अप्रैल 2021 से 2022 तक सब्सिडी कोटे में 12 सिलेंडर मिलेंगे।
कोटखाई के थरोला गांव में गत दिवस हुए भीषण अग्निकांड में प्रभावित परिवारों से मिलकर मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने संवेदना व्यक्त की तथा पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी। उन्होंने बताया कि इस भीषण अग्निकांड में 6 घरों के 50 कमरे जलकर राख हुए हैं। पूर्ण रूप से प्रभावित 15 परिवारों को 10,000 प्रति परिवार सहायता राशि तुरंत प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त नरेंद्र बरागटा ने प्रभावित परिवारों को एक लाख देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को बिस्तर, रजाई, गद्दे, बर्तन व राशन मुहैया करवाया गया है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों के नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट जल्द सरकार को प्रस्तुत करें ताकि इन्हें मैनुअल के मुताबिक सहायता प्रदान की जा सके। प्रदेश के ग्रामीण, ऊपरी व दूरदराज क्षेत्रों में मकान बनाते समय अग्निशामक यंत्रों की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाए तो आगजनी की घटनाओं से कुछ हद तक बचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आग की सूचना मिलते ही प्रशासन, अग्निशमन गाड़ियां और पुलिस के अधिकारी तुरन्त मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य में सहयोग दिया। इस क्षेत्र में जल भंडारण सुविधा को अधिक बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने विभाग को वर्षा जल संग्रहण के लिए व्यापक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। प्रभावित परिवारों को मकान बनाने के लिए टी डी की लकड़ी की उपलब्धता प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाएगी, जिसके लिए उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी संभव होगा प्रभावित परिवारों को अधिक से अधिक सहायता प्रदान की जाएगी। प्रभावित परिवारों का अस्थाई रूप में ठहरने की व्यवस्था कर दी गई है।
राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। जिसके चलते आज बॉय स्कूल के सभी अध्यापक व कर्मचारियों का कोविड टेस्ट किया गया वहीं स्कूल की प्रधानाचार्य का कहना है कि उनके एक कर्मचारी महिला को तीन-चार दिन से सर्दी जुखाम लग रहा था।इसके चलते उनका कोविड टेस्ट करवाया गया। रिपोर्ट आने के महिला कोरोना पॉजिटिव पायी गई। वर्किंग डे होने से वह महिला और लोगों के संपर्क में आई थी, जिसके चलते एक अध्यापक और कोरोना पॉजिटिव आ गए। इसके चलते कोरोना की चैन को तोड़ने के लिए स्कूल प्रबंधन द्वारा स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी गई। जिसके चलते आज सभी अध्यापक और कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट करवाया गया, ताकि यह वायरस घर-घर तक ना पहुंचे।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में इंदर सिंह चौधरी व नरेन्द्र सिंह चौधरी के घर पर देवताओं के देव बाडुबाडा दाड़लाघाट, देव बाडुबाडा कांगरी धार वाले की जात्रा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर देवताओं के करींदो ने क्षेत्र की भलाई के लिए देवता से आशीर्वाद मांगा दोनों देवताओ के कारिंदों ने पारंपरिक विधि विधान व वाद्य यंत्रों की मंगल धुनों के साथ देवता की स्तुति की। देवताओं ने अपने पुजारियों के माध्यम से लोगों को आशीर्वाद दिया। देव दाड़लाघाट के सचिव श्याम चौधरी ने बताया कि क्षेत्र के लोगों में बाडुबाड़ा देवता के प्रति अटूट आस्था है। इसमें देवता लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इस दौरान कोविड-19 के दृष्टिगत सरकार और प्रशासन द्वारा जारी किए गए आदेशों का पालन किया गया। इस मौके पर सोशल डिस्टेंसिंग का खास ध्यान रखा गया। जात्रा के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा, अमर सिंह ठाकुर, बालकराम, धर्मपाल धर्मा, सुरेंद्र ठाकुर, इंदर सिंह शर्मा, जीत राम, इंदर सिंह चौधरी, नरेन्द्र सिंह चौधरी, राहुल चौधरी, हेतराम, बाबूराम शर्मा, बलिराम शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा, संजीव, करमचंद चौधरी, संजू सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
द कृषक उत्पादक एवं विपणन सहकारी सभा समिति के प्रधान रत्न चंद बट्टू ने बताया कि कृषक उत्पादक एवं विपणन सहकारी सभा समिति द्वारा 8 अप्रैल को दुर्गा माता मंदिर धुन्दन में स्वास्थ्य चिकित्सा आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक कैंप का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें लोगों के स्वास्थ्य की जांच चिकित्सा विशेषज्ञ द्वारा की जाएगी। इस कैंप में लोगों को निशुल्क दवाइयां बांटी जाएगी। उन्होंने लोगों से इस अवसर का लाभ उठाने को कहा। उन्होंने लोगों से अपील कि की सभी अपने स्वास्थ्य की जांच करवाएं और ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर इस केम्प को सफल बनाएं।
मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना हिमाचल में सुरक्षित खेती की नई इबारत लिख रही है। किसी समय जंगली जानवरों व बेसहारा पशुओं के उत्पात के कारण खेती छोड़ चुके किसान अब दोबारा फसल उत्पादन की ओर लौटे हैं। योजना के तहत पूरे प्रदेश सहित हमीरपुर जिला में भी सोलर फैंसिंग व कांटेदार तार के माध्यम से बाड़बंदी कर फसलों का संरक्षण सुनिश्चित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत सोलर बाड़बंदी के लिए 80 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है। वहीं किसान समूह आधारित बाड़बंदी के लिए 85 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। योजना में कांटेदार व चेन लिंक बाड़बंदी भी शामिल की गई है, जिस पर 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध है। इसी प्रकार कम्पोजिट बाड़बंदी पर 70 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। पूरे प्रदेश में गत तीन वर्षों में 3,873 से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। प्रदेश में योजना पर 105 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं और गत वित्त वर्ष में इसके लिए 40 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। हमीरपुर जिला में भी गत तीन वर्षों में इस योजना के अंतर्गत लगभग साढ़े सात करोड़ रुपए की राशि व्यय की गई है। इस अवधि में 312 लाभार्थी किसानों ने सोलर फैंसिंग व कांटेदार तार द्वारा बाड़बंदी कर फसलों का संरक्षण किया है। किसानों का कहना है कि जंगली जानवरों विशेष तौर पर बंदरों के उत्पात से फसलें खराब होने के कारण उनका खेती के प्रति उत्साह कम हो गया था, मगर मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना वरदान बनकर आई है। इससे बंदरों के उत्पात से उनकी फसलों का बचाव संभव हुआ है और अब इसमें सोलर फैंसिंग के साथ-साथ कांटेदार बाड़बंदी का प्रावधान जुड़ने से अन्य जंगली व बेसहारा जानवरों से भी फसल सुरक्षित हुई है। हमीरपुर जिला में किसानों के मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के प्रति बढ़ते उत्साह को देखते हुए प्रदेश सरकार ने भी इस योजना के लिए बजट प्रावधान में उतरोत्तर वृद्धि की है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2018-19 में योजना के अंतर्गत दो करोड़ 60 लाख रुपए व्यय कर 92 किसानों को लाभ पहुंचाया गया। वर्ष 2019-20 में दो करोड़ चार लाख रुपए व्यय किए गए। इस वर्ष लाभार्थियों की संख्या 101 रही। वर्ष 2020-21 में कोरोना संकट के बावजूद योजना का बेहतर क्रियान्यवन करते हुए दो करोड़ 80 लाख रुपए का व्यय जिला में किया गया और लाभार्थी किसानों की संख्या बढ़कर 119 तक पहुंच गई।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने नगर निगम मंडी में भाजपा प्रीतशियों के लिए प्रचार किया और बैहना, तल्याडा एवं थानैडा में सभाओं को संबोधित किया। उन्होंने मंडी नगर निगम क्षेत्र की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र में भाजपा की मोदी सरकार और प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की भाजपा सरकार है, और अब मंडी में सभी भाजपा प्रत्याशियों को जीतकर मंडी के संपूर्ण विकास के लिए भाजपा को लाना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी कभी भी विकास नहीं करती केवल विकास के नाम पर राजनीति करती है। अब ग्रामीण क्षेत्र जो नगर निगम क्षेत्र में जोड़े है उनमें और तेज़ गति से विकास होगा, मंडी को केंद्र सरकार से कई ज़्यादा मदद मिलेगी। जिससे मंडी में हो रहे विकास को और गति मिलेगीं। उन्होंने कहा कि भाजपा जो कहती है वो करके दिखती है, हमारा किया एक एक वायदा पूर्ण किया जाएगा, अब मंडी को पानी की समस्या से निजात मिलेगा, मुख्यमंत्री द्वारा 100 करोड़ की पार्किंग का शिलान्यास किया है जिससे मंडी को पार्किंग की समस्या खत्म होगी , मंडी के हर वार्ड को एम्बुलेंस रोड मिलेंगे, 70 करोड़ की लागत से ग्रामीण क्षेत्र को सिवरेज की योजना प्राप्त हुई है। मंडी को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल बनाया जा रहा है, 150 करोड़ की लागत से शिव धाम एवं मंडी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मंडी के विकास को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि मंडी को एनडीआरएफ की बटालियन मिली है जो कि मंडी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह हमारा सौभाग्य है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मंडी के बेटे है जिन्होंने मंडी को नगर निगम का दर्जा दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा एक परिवार का राजनीतिक दल नही है अपितु कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। जब-जब कांग्रेस आई है तब-तब भर्ष्टाचार का बोल बाला रहा है, और जब से भाजपा का शासन आया है तब से भ्रष्टाचार का नामो निशान समाप्त हो गया है। आने वाली 7 तारीक को मंडी में भी हमारा महापौर और उपमहापौर होगा। जनता का रुख भाजपा के पक्ष में है। इस कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल, बल्ह से भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी एवं प्रदेश सरकार में मंत्री राम लाल मार्कण्डेय उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय ने बीकॉम, बीए, बीएससी कोर्स की डेटशीट जारी की है जिससे 17 से परीक्षाएं शुरु होने से यूजी कोर्स कर रहे छात्र-छात्राओं को परीक्षा की तैयारी करने के लिए 15 दिन का समय मिल गया है। इन परीक्षाओं में पूरे प्रदेश भर में सत्यापित किए जाने वाले परीक्षा केंद्रों के करीब एक लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने कहा कि छात्र वेबसाइट पर यूजी परीक्षा का शेड्यूल देख सकते हैं और आपत्ति होने पर पांच अप्रैल तक दर्ज कर सकते है। इसके लिए विश्वविद्यालय ने संभावित परीक्षा शेड्यूल भी जारी कर दिया है। शेड्यूल विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आम परीक्षार्थियों की सूचना को उपलब्ध करवाया गया है।
हिमाचल के राशन कार्ड उपभोक्ताओं को अब सस्ता राशन लेने के लिए दूर के डिपो में जाने से मिलेगा छुटकारा। सरकार शहरी क्षेत्रों में तीन और ग्रामीण क्षेत्रों में दो किलोमीटर के दायरे में सस्ते राशन के डिपो खोलने जा रही है। पहले पांच व इससे ज्यादा किलोमीटर में डिपो खोले जाते थे। कैबिनेट की मंजूरी के बाद खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। विभाग पंचायतों व अन्य क्षेत्रों में मांग पर भी सरकार डिपो खोलेगी। इसके अतिरिक्त प्रदेश में नए मिट्टी के तेल के डिपो नहीं खुलेंगे। वर्तमान में जिन डिपुओं में केरोसिन तेल मिल रहा है, उन्हीं डिपो में मिलता रहेगा।


















































