शहरी विकास, आवास, नगर नियोजन, संसदीय कार्य, विधि एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज कुसुम्पटी बाजार मे स्मार्ट सिटी के मिशन के तहत 83 लाख 87 हजार रुपये की लागत से व लाईट स्टील फ्रेम युक्त की नई तकनीक से निर्मित होने वाले तीन मंजिला भवन का विधिवत शिलान्यास किया। उन्होने कहा कि इस क्षेत्र में विकास और अन्य मूल भूत सुविधाओं की उपलब्धता के लिए इस निर्माण से क्षेत्रवासियों को अत्यधिक लाभ होगा। उन्होंने बताया कि इस भवन मे धरातल पर पार्किंग, प्रथम मन्जिल पर 8 दुकानें तथा बुक कैफे का निर्माण कर लोगों को पार्किंग की सुविधा के साथ-साथ रोजगार तथा साहित्य व पठन पाठन से जुड़े लोगों को सुविधा मिलेगी। उन्होनें अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस युद्ध गति से कार्य करते हुए इस परिसर को तीन महीने के भीतर तैयार करें ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि भविष्य में साथ लगते भवन में भी पार्किग की व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि इस क्षेत्र के लोगों की पार्किंग सम्बन्धी सबसे बड़ी समस्या से भी निजात मिलेगी। इसके साथ ही कुसुम्पटी क्षेत्र में शौचालय की समस्या को देखते हुए सार्वजनिक शौचालय ईत्यादि का निर्माण भी किया जायेगा। इस अवसर पर महापौर शिमला सत्या कौण्डल, उपमहापौर शैलेन्द्र चैहान, पार्षद राकेश चैहान, स्मार्ट सिटी परियोजना के सीईओ आबिद हुसैन, जरनल मेनेजर तकनीकी नितिन गर्ग, आरटीडीसी के मुख्य प्रबन्धक अजय शर्मा, महाप्रबंधक रोहित ठाकुर, सहायक महाप्रबंधक मनीष साहनी, प्रबंधक गीता राम, व्यापार मण्डल कुसुम्पटी के पदाधिकारी एवं सदस्य सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
निष्पादन एजेंसी को उन पर्यटन परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करनी चाहिए, जिनका कार्य पूरा होने वाला हो, ताकि उन्हें समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जा सके। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड की 10वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मशाला से मैक्लोडगंज रोप-वे जून, 2021 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके निर्माण पर 150 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के कार्यशील होने पर राज्य कोएक करोड़ रुपये वार्षिक फीस प्राप्त होगी। उन्होंने जिला कांगड़ा में आदि हिमानी से चामुण्डा जी रोप-वे और कुल्लू जिला में भुतंर से बिजली महादेव रोप-वे जिसके लिए रियायत समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और सर्वे का कार्य पूर्ण हो गया है, के कार्य में देरी पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि श्री आन्नदपुर साहिब से श्री नैनादेवी जी रोप-वे के लिए रियायत समझौता और पूर्व व्यवहार्यता (प्री फिजिवल्टी) रिपोर्ट को अन्तिम रूप दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना 200 करोड़ रुपये व्यय कर पूर्ण की जाएगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि लाइट एंड साउंड शो का कार्य मार्च, 2021 तक पूरा हो जाएगा और यह टाउन हाॅल द माॅल शिमला में राज्य की संस्कृति, परम्परा और अनछुए मनमोहक स्थानों की झलक प्रस्तुत करेगा। यह राज्य में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का अतिरिक्त साधन होगा। उन्होंने कहा कि शिमला में 12.13 करोड़ रुपये की लागत से शिमला हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य अगले वर्ष मार्च तक पूरा हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के हिमालयन सर्किट के तहत सोलन जिले के क्यारीघाट में कन्वेंशन सेंटर का कार्य पूर्ण होने वाला है। उन्होंने कहा कि 30 करोड़ रुपये लागत की यह परियोजना अगले साल मार्च तक पूर्ण हो जाएगी। उन्होंने कहा कि शिमला जिले के हाटकोटी में मां हाटेश्वरी मंदिर का विकास कार्य आरम्भ किया गया है, यह अगले साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार ने 11.75 करोड़ रुपये की लागत से फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट धर्मशाला को इंस्टीट्यूट आॅफ होटल मैनेजमेंट में स्तरोन्नत करने के लिए मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि इसमें से 4.10 करोड़ रुपये की पहली किस्त प्राप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत आध्यात्मिक सर्किट के एकीकृत विकास के तहत 100 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भारत सरकार को मंजूरी के लिए भेजी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सूरजकुंड शिल्प मेले की तर्ज पर राज्य में शिल्प मेला आयोजित करने का भी निर्णय लिया है, जिसके लिए कालका शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग 95 बीघा भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न स्वीकृतियों की शीघ्र मंजूरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि उनका कार्य शुरू किया जा सके। सचिव पर्यटन देवेश कुमार ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि राज्य में कार्यान्वित की जा रही सभी पर्यटन परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाएगा। निदेशक पर्यटन यूनुस ने बैठक में मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) आर.डी. धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, सचिव (आयुर्वेद) डाॅ. अजय शर्मा, सचिव (वित्त) डाॅ. अक्षय सूद, सचिव युवा सेवाएं एवं खेल एस.एस. गुलेरिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोलन शहर के वार्ड नम्बर 07 में ट्रांसफार्मर के कार्य के दृष्टिगत 26 दिसम्बर, 2020 को विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड सोलन के सहायक अधिशाषी अभियन्ता विपुल कश्यप ने दी। उन्होंने कहा कि इस कारण 26 दिसम्बर, 2020 को वार्ड नम्बर, 07 धोबीघाट, आदर्श नगर, संस्कृत महाविद्यालय तथा आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 10.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक तथा कोटलानाला, टैंक रोड, ऑफिसर्स काॅलोनी, खलीफा लाॅज, फोरेस्ट रोड, मतियूल, खनोग, चैंरीघाटी तथा आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 10.00 बजे से 11.00 बजे तक एवं सांय 4.30 बजे से सांय 5.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
नेरचौक नगर परिषद के वार्ड -7, मझयाठल-II (अनारक्षित ) से युवा नेता एवं वर्तमान पार्षद रजनीश सोनी ने नामांकन पत्र दाखिल किया। कोविड -19 के मद्देनज़र SOP गाइडलाइन के तहत उन्होंने नामांकन भरा। नामांकन पत्र भरने के उपरांत मीडिया के साथ अनौपचारिक बातचीत में रजनीश सोनी ने कहा कि पूर्व में उनके घर के पुराने गृह वार्ड को इस बार नए परिसीमिन के अंतर्गत तीन भागो में बाँटा गया है जिसमे नेरचौक मेडिकल कालेज, चाक का गोहर गावं और भंगरोटू वार्ड का कुछ हिस्सा और मझयाठल वार्ड के क्षेत्र को मिलाकर नया वार्ड बनाया है। उन्होंने बताया कि इस वार्ड के स्थानीय युवा साथियों के बार बार आग्रह पर ही उन्होंने इस वार्ड से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। उन्हें पूरा विश्वास जताया है कि क्षेत्र के शिक्षित और बुद्धिजीवी मतदाता उनके साथ है और उन्होंने वार्ड के समस्त मतदाताओं से अपील की है कि अगर वार्ड को सर्वश्रेष्ठ बनाना है तो उनको वोट करे। वहीं दूसरा नामांकन वार्ड-6, मझयाठल -1 (अनुसूचित जाति ) से पूर्व बीडीसी दिनेश कुमार ने दाखिल किया, पार्षद मनी राम ने वार्ड नंबर-6, भंगरोटू और पार्षद अमरप्रीत कौर ने वार्ड नंबर-4, नेर-2 वार्ड से पर्चा भरा। 9 वार्डों कि नगर परिषद नेरचौक में पहले दिन 5 नामांकन आए।
शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा राजकीय महाविद्यालय पालमपुर के एनसीसी कैडेट रक्षित भड़वाल का चयन इस वर्ष आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस शिविर के लिए हुआ है। इस वर्ष हिमाचल प्रदेश से 8 एनसीसी कैडेट्स, एनसीसी निदेशालय के 34 और पूरे भारतवर्ष से 597 कैडेट्स का चयन गणतंत्र दिवस शिविर के लिए हुआ है। रक्षित भडवाल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ एनसीसी निदेशालय का बेस्ट कैडेट और 26 जनवरी को राजपथ पर होने वाली ड्रिल, जिसमें गणतंत्र दिवस शिविर के चुनिंदा कैडेट्स हिस्सा बनते हैं, के रूप में प्रतिनिधित्व करेंगे। गणतंत्र दिवस शिविर के चुनिंदा कैडेट्स 26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनेंगे और इस वर्ष के मुख्य अतिथि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को राजपथ पर सलामी देंगे। रक्षित भड़वाल की इस उपलब्धि पर शिमला ग्रुप के कमांडर ब्रिगेडियर राजीव ठाकुर, कमान अधिकारी कर्नल भूपेंद्र सिंह मान, प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल विनोद कुमार, महाविद्यालय प्राचार्य डॉक्टर प्रदीप कौंडल, शिक्षक और गैर शिक्षक वर्ग, एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉक्टर दीप कुमार और लेफ्टिनेंट रेनू डोगरा ने बधाई दी और गणतंत्र दिवस शिविर के दौरान रक्षित को उत्कृष्ट प्रदर्शन की शुभकामनाएं दी।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दिशा-निर्देशानुसार मिनी सचिवालय सोलन में स्थापित वेयरहाउस में भण्डारण की गई 08 कन्ट्रोल यूनिट को आज जिला कोषागार सोलन के स्ट्रान्ग रूम में स्थानातंरित किया गया। यह जानकारी मतदाता पंजीकरण अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव ने दी। अजय यादव ने कहा कि पूर्ण प्रक्रिया को जिला निर्वाचन कार्यालय सोलन तथा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पूरा किया गया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के सोलन मंडल के उपाध्यक्ष चन्द्रकांत शर्मा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जिला महासचिव शिवदत्त ठाकुर, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया के अनूप पराशर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सावित्री सांख्यान तथा कंचन राणा, तहसीलदार निर्वाचन राजेन्द्र शर्मा एवं नायब तहसीलदार महेन्द्र ठाकुर उपस्थित थे।
बंद कमरों में चर्चा और ज़ीरो कोर्डिनेशन, जिला सोलन कांग्रेस की कार्यशैली की इससे बेहतर व्याख्या नहीं हो सकती। निकाय चुनाव की जंग शुरू हो चुकी है पर कांग्रेस संगठन के हाल देखकर लगता नहीं है की पार्टी की मौजूदा ब्रिगेड बेडा पार लगा पाएगी। जिला संगठन की सक्रियता मीटिंग्स तक ही सिमित दिख रही है। जिला अध्यक्ष से पार्टी की अपेक्षा मैदान में उतर कर लीड करने की होती है। खासतौर से जब पार्टी विपक्ष में है तो अपेक्षा ये ही है की संगठन सड़क पर उतर सरकार की नाकामियां उजागर करे, पर जिला कांग्रेस अब तक ऐसा करने में पूरी तरह विफल रही है। जिला मुख्यालय सोलन की बात करें तो यहाँ कांग्रेस की शहरी इकाई ही कुछ हद तक सक्रीय दिखती है। जिला मुख्यालय होने के बावजूद यहाँ कांग्रेस की जिला इकाई का होना न होना एक ही बात है। जिला कांग्रेस कभी कभार पत्रकार वार्ता कर अपनी मौजूदगी दर्ज करवाने का प्रयास करती है, पर दिलचस्प बात तो ये है की अकसर इस बारे में उनकी शहरी इकाई को भी जानकारी नहीं होती। अब आप तालमेल का अंदाजा खुद लगा सकते हैं। जो मुद्दे सड़क पर उतर कर उठाए जाने चाहिए उन्हें जिला कांग्रेस का बंद कमरे से उठाने का प्रयास महज खानापूर्ति से ज्यादा नहीं है। अमूमन जिला के सभी क्षेत्रों में कांग्रेस का ऐसा ही हाल है। एकाध अपवाद है, पर वहां स्थानीय नेता जिला संगठन के भरोसे नहीं है बल्कि खुद मोर्चा संभाले हुए है। मौजूदा जिला अध्यक्ष की पार्टी कार्यकर्ताओं में कितनी स्वीकार्यता है, इसे लेकर भी सबकी अपनी-अपनी राय है। पर एक बात तय है की यदि कांग्रेस को वापसी करनी है तो संगठन में लगे जंग को अतिशीघ्र हटाना अनिवार्य है। साथ ही संगठन में ऐसे लोगों को लाने की आवश्यकता है जिनकी कार्यशैली में आक्रामकता भी हो और सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर फ्रंट फुट से पार्टी को लीड कर सके।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। मंत्रिमण्डल ने निर्णय लिया कि चार जिलों में लगाया गया कफ्र्यू अब रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रहेगा। इसके अलावा आम जनता और विभिन्न ट्रेड संघों की मांग पर विचार करके राज्य में पहले की तरह रविवार को बाजार खोलने की अनुमति प्रदान करने का निर्णय भी लिया। बैठक में चिनाब घाटी में 104 मेगावाट तांदी, 130 मेगावाट राशिल और 267 मेगावाट साच खास जल विद्युत परियोजनाओं को एसजेवीएनएल को आबंटित करने के लिए सहमति प्रदान की गई। यह आबंटन चिनाव बेसिन में एसजेवीएनएल को पहले आबंटित की गई तीन परियोजनाओं की शर्तों के अनुसार ही होगा। मंत्रिमण्डल ने सहकारिता विभाग में सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं के दो पद सीधी भर्ती द्वारा भरने का निर्णय लिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि ग्रीष्मकाल में बन्द होने वाले सभी स्कूल 12 फरवरी, 2021 तक बन्द रहेंगे और आॅनलाइन माध्यम से पढ़ाई जारी रहेगी। मंत्रिमण्डल ने निजी स्कूलों द्वारा लगाए जा रहे अत्यधिक शुल्क के मुददे पर भी विचार किया और सम्बन्धित जिलों के उपायुक्तों की अध्यक्षता में उच्च शिक्षा और प्राथमिक शिक्षा के उप-निदेशकों को सदस्य के रूप में शामिल कर समिति गठित की। समिति द्वारा यह देखा जाएगा कि निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा लिए जा रहे शुल्क और चार्जिज स्कूलों में कर्मचारियों के वेतन और बुनियादी सुविधाओं के अनुरूप हैं और यह किसी का शोषण तो नहीं कर रहे।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज राजभवन से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और इसके क्रियान्वयन पर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कुलपतियों के साथ बातचीत की। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के कुलपति प्रो. सिकन्दर कुमार डाॅ. वाय.एस.परमार बागवानी और वाणिकी विश्वविद्यालय नौणी सोलन के कुलपति डाॅ. परविन्दर कौशल, चैधरी सरवण कुमार, हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एच.के. चैधरी, हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर के कुलपति प्रो. एस.पी. बन्सल, अटल चिकित्सा एवं शोध विश्वविद्यालय मण्डी के कुलपति प्रो. (डाॅ.) सुरेन्द्र कश्यप और सरदार वल्लभ भाई पटेल क्लस्चर विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. सी.एल. चन्दन ने भी इस वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में भाग लिया। राज्यपाल ने सभी कुलपतियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत दृष्टि पत्र तैयार कर 15 फरवरी, 2021 तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थानों की रैंकिंग को सुधारने के लिए नीति तैयार करने और उसके तहत कार्य करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने महामारी के दौरान विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और प्रयासों पर विस्तृत रिपोर्ट भेजने को भी कहा। उन्होंने कहा कि उन्हें कृषि व्यवसाय, खाद्य प्रसंस्करण, कटाई के बाद, तकनीक, स्वास्थ्य देखभाल और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में इंटरनशिप, वर्चुअल इंटरनशिप, पूर्व छात्रों की मदद, आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और राॅबोटिक्स नए सेक्टर होंगे। उन्होंने लोक मित्र केन्द्रों और महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने पर बल दिया और कहा कि शोध, रोजगार और उद्यमिता में परिणाम का मापदण्ड होना चाहिए। राज्यपाल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों को आॅनलाइन शिक्षा प्रदान करने की दिशा में सभी कुलपतियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। सभी कुलपतियों ने वर्चुअल मंच के माध्यम से अपनी कार्य योजना प्रस्तुत की। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर ने राज्यपाल और सभी सदस्यों का स्वागत किया और बैठक का संचालन किया।
प्रदेश सरकार राज्य के लिए एक एकीकृत ड्रग प्रिवेंशन नीति तैयार करेगी। यह नीति राज्य में मादक पदार्थों की रोकथाम, उपचार, प्रबन्धन और पुनर्वास/सोशल/इंटीग्रेशन कार्यक्रम के लिए होगी। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां आयोजित हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए पुलिस, मीडिया और नशा निवारण बोर्ड के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में ड्रग पेडलर्स पड़ोसी राज्यों के हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके द्वारा शुरू की गई पहल से ही संभव हुआ है कि इस क्षेत्र में ड्रग्स के खतरे की जांच के लिए एक संयुक्त रणनीति बनाने के लिए कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के पंचकुला में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि सभी मुख्यमंत्री और अन्य उत्तरी राज्यों के प्रतिनिधि मादक पदार्थों की तस्करी के बारे में जानकारी सांझा करने के लिए सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक अन्य बैठक की मेजबानी पंजाब ने की, जिसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह पहल ड्रग्स के खतरे को रोकने में एक शानदार कदम साबित हुई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में छः नशामुक्ति केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग के कारण अपराध दर में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में जरूरतमंदों को बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए नशा और नशामुक्ति केंद्रों के लिए पहले से ही कार्यरत पुनर्वास केंद्रों को विनियमित और नियंत्रित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने पर भी विचार करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में नशीली दवाओं के उत्पादन की मात्रा और स्वरूप, साइकोट्राॅपिक पदार्थों सहित प्रिक्यूरसोरस के विचलन और प्रदेश में मादक पदार्थों के सेवन के परिमाण को जानने के लिए आधिकारिक सर्वेक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य वार ड्रग जागरूकता अभियान/संवेदीकरण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसमें पंचायती राज संस्थानों, शहरी स्थानीय निकायों, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों और महिला मंडलों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस के मौजूदा नारकोटिक्स कंट्रोल सेल को इस खतरे से निपटने के लिए सुदृढ़ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में ड्रग की समस्या से निपटने के लिए कृत संकल्प है, क्योंकि यह राज्य और देश में एक गंभीर सामाजिक समस्या है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के दुरूपयोग की जांच करने की दृष्टि से राज्य सरकार ने एक व्यापक योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का नशीली दवाओं के खिलाफ रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा उन दवाओं पर ध्यान केन्द्रित करता है, जो मूल रूप से भांग और अफीम जैसे पौधों से प्राप्त होती हैं। राज्य सरकार ने उन पौधों के उन्मूलन के लिए कड़े कदम उठाए है, जिनसे ड्रग्स का उत्पादन होता है। ग्राम पंचायत, वन और अन्य सरकारी भूमि सहित सभी भूमि पर भांग/अफीम के उन्मूलन के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जय राम ठाकुर ने कहा कि पूरे प्रदेश में भांग और अफीम उन्मूलन अभियान प्रभावी तरीके से क्रियान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भांग और अफीम उन्मूलन अभियान को तेज करने के लिए प्रदेश सरकार ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस समस्या के समाधान के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को तैनात किया है और उन्हें भांग, अफीम के पौधों को खत्म करने के लिए आधुनिक उपकरण प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग योजना के अंतर्गत समय-समय पर विद्यालयों और महाविद्यालयों के निकट युवाओं में मादक पदार्थों के दुरूपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नारकोटिक सेल, सभी पुलिस अधीक्षकों और सीआईडी की फील्ड यूनिट द्वारा आम जनता और शैक्षणिक संस्थानों के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बढ़ते नशे के खतरे के दृष्टिगत सरकार ने विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए सरकारी विद्यालयों के पाठ्यक्रम में नशे के दुरूपयोग से दुष्प्रभाव पर एक अध्याय शुरू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मादक पदार्थों की तस्करी को गैर जमानती अपराध बनाने के लिए एक बिल भी लाया है। मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि बोर्ड की कार्यकारी समिति का गठन किया जाएगा और बोर्ड की सिफारिशों के उचित क्रियान्वयन के लिए नियमित बैठकें आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए प्रदेश सरकार के विभिन्न योजनाओं के लिए अधिक समन्वय के साथ कार्य करेंगे। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने कहा कि प्रदेश पुलिस राज्य में नशे के व्यापारियों पर शिकंजा कसने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग ने अपने खुफिया तंत्र को सुदृढ़ किया है, ताकि मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्रय के बारे में जानकारी सांझा की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एनडी एंड पीएस मामलों का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाए गए हैं, जो समय-समय पर प्रदेश पुलिस द्वारा शुरू किए गए हैं। हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार ओ.पी. शर्मा ने इस अवसर पर ‘प्रिवेलिंग ड्रग सिचुएशन इन हिमाचल प्रदेश’ विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए गहन जनजागरूकता अभियान शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के उपयोग से न केवल व्यक्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, बल्कि यह समाज को विकृत कर देता है और शिक्षा में खराब प्रदर्शन, खराब स्वास्थ्य, जघन्य अपराधों का कारण बनता है। आबकारी एवं कराधान आयुक्त रोहन चन्द ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। इस अवसर पर बोर्ड के गैर सरकारी सदस्योें प्रकाश भारद्वाज, भानु लोहमी, अंकुर चैहान और देवेन्द्र दत्त शर्मा ने भी प्रदेश में मादक पदार्थों के दुरूपयोग को रोकने के बारे में अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व आरडी धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जेसी शर्मा, सचिव स्वास्थ्य अमिताभ अवस्थी, सचिव शिक्षा राजीव शर्मा और प्रदेश सरकार के विभागाध्यक्षों ने बैठक में भाग लिया।
ग्राम पंचायत सरयांज के युवा मंडल पबड़ ने शुरू की क्रिकेट खेलकूद प्रतियोगीता जिसका शुभारंभ ग्राम पंचायत के समाज सेवक राजेश ठाकुर ने किया उनके साथ और भी समाजसेवी सदस्य मौजूद रहे। इस अवसर पर युवक मंडल के अध्यक्ष शुभम ने कहा की युवक मंडल का उद्देश्य यही है कि युवाओं को नशे से दूर रखा जाए और खेलों के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसी संदर्भ में हमने यह खेल प्रतियोगिता आयोजित की है और इस शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि रहे। राजेश ठाकुर ने कहा की वह खेल का मैदान को भविष्य में इस स्वरूप में सुधरेंगे कि यहां पर बड़े बड़े टूर्नामेंटों का आयोजन किया जा सके व उन्होंन 5100 रुपए की राशि भी भेंट की। युवक मंडल के अध्यक्ष शुभम ने सभी खेल प्रेमियों से निवेदन किया है कि वह अधिक से अधिक जनसंख्या में इस प्रतियोगिता में भाग ले। युवक मण्डल ने सहयोग के लिए सरयांज की जनता का आभार जताया। शुभारंभ के समय उपाध्यक्ष देवेंद्र सहित चंदेल कोषाध्यक्ष, जसवंत शर्मा, कमलेश शर्मा, जितेंद्र ठाकुर, राहुल भारद्वाज सदस्य मौजूद रहे।
खंड स्तरीय चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस में डीएवी अंबुजा विद्या निकेतन दाड़लाघाट के विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में नए कीर्तिमान स्थापित किए। चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस का आयोजन राज्य विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद शिमला तथा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोलन द्वारा ऑनलाइन माध्यम से करवाया गया। इसमें सीनियर साइंस प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में कशिश और यक्ष ने प्रथम स्थान, सीनियर सेकेंडरी साइंस एक्टिविटी में खुशबू गुप्ता, सीनियर साइंस एक्टिविटी में दीक्षित चंदेल, सीनियर सेकेंडरी मैथ्स ओलंपियाड में गौरव, सीनियर मैथ्स ओलंपियाड में अंजली तथा जूनियर मैथ्स ओलंपियाड में जयंत का जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए चयन हुआ। अन्य गतिविधियों में सीनियर साइंस प्रोजेक्ट रिपोर्ट सर्वे में जाह्नवी का चयन जिला स्तर के लिए हुआ। स्कूल प्रबंधन समिति के चेयरमैन मनोज जिंदल तथा प्रधानाचार्य मुकेश ठाकुर ने बच्चों को जिला स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित होने पर बधाई दी। प्रधानाचार्य मुकेश ठाकुर ने बताया कि जिला स्तरीय प्रतियोगिता का भी शेड्यूल उप निदेशक शिक्षा विभाग सोलन की तरफ से प्राप्त हुआ है, जिसमें हम अपने विद्यार्थियों द्वारा बेहतर प्रदर्शन की कामना करते है। मुकेश ठाकुर ने कहा कि इस प्रतियोगिता में विद्यालय के अनुभवी अध्यापकों की मेहनत व बच्चों का सराहनीय सहयोग रहा।
पंचायत चुनाव का बिगुल बजने के बाद से चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। नए नए युवा प्रत्याशी उभर कर सामने आ रहे हैं। कई पंचायतों में तो प्रत्याशियों की भारी भीड़ जुट गई है। प्रत्याशियों की भीड़ देख कर सोशल मीडया पर भी इसको लेकर खूब व्यंग हो रहा है। इस चुनावी समर के बीच कुछ पहली बार अपना भाग्य आजमा रहे है, तो कई पुराने सत्ता से बेदखल लोग फिर से अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाश रहे है। पुराने प्रत्याशी जनता को विकास के सब्जबाग दिखाकर उनकी नाड़ी टटोलने में लग गए हैं। जनता के हाव भाव जानने के बाद वोटों की जोड़ तोड़ के समीकरण भी तैयार गए है। विकास के साथ-साथ नैतिक मूल्यों पर चुनाव लड़ने वाले कम ही दिख रहे हैं। सभी प्रत्याशी चुनाव की घोषणा होने के बाद से अपने अपने कुनबे को एकजुट करने में लगे हैं। जनता की नब्ज टटोलने के लिए प्रत्याशियों ने बैठकों और नुक्कड़ सभाओं का दौर तेज कर रखा है। प्रत्याशियों का मानना है कि पहले घर ठीक होना चाहिए उसके बाद ही बाहर का सोचा जा सकता है। जिला परिषद वार्ड दाड़लाघाट के तहत आने वाली 17 पंचायतों में प्रधान और उप प्रधान पद के लिए निर्विरोध प्रतयाशी की संभावना दूर-दूर तक कहीं नही दिख रही है। हर जगह पांच से सात प्रत्याशी मैंदान में कूदने को आतुर है। दाड़लाघाट पंचायत की बात करें तो यहां प्रधान व उप प्रधान पद के लिए इस बार पांच से सात लोगों के मैदान में उतरने की सम्भावना है। दाड़लाघाट से अलग हुई रोड़ी पंचायत में प्रधान पद सामान्य महिला लिए आरक्षित है लिहाजा यहां पर अभी तक दो महिलाओ के नाम सामने आए है। बरायली पंचायत में चार से पांच लोगों ने अभी तक प्रधान व उप प्रधान के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। सूरजपुर पंचायत में भी प्रधान व उप प्रधान पद के लिए तीन से चार प्रत्याशियों के मैदान में उतरने की संभावना जताई जा रही है। पंचायत चुनावों में इतनी भीड़ भाड़ देख कर लोग सोशल मीडिया पर चुटकी ले रहे है कि इतनी भीड़ तो पटवारी की परीक्षा में भी नहीं दिखी थी जितनी पंचायत चुनावों में इस बार देखने को मिल रही है।
ये चुनाव नहीं आसान। कांग्रेस इस बात से भलीभांति वाकिफ है। जयराम ठाकुर को एक्सीडेंटल मुख्यमंत्री कहने वाली कांग्रेस पर स्थानीय निकाय चुनाव में खुद को साबित करने का दबाव है ताकि 2022 में जनता उसे गंभीरता से ले। प्रदेश के नव नियुक्त प्रभारी राजीव शुक्ला का भी ये पहला इम्तिहान है। इस इम्तिहान में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है पार्टी के तमाम गुटों को एकसाथ लेकर चलना। कांग्रेस के दिग्गज साथ चले तो मंजिल शायद आसां रहे पर खींचतान ज़ारी रहती है और नतीजे मनमुताबिक नहीं आते तो कांग्रेस का बैकफुट पर आना तय है। इसी बीच बुधवार को कांग्रेस ने अपनी इलेक्शन स्ट्रेटेजी कमेटी का एलान कर दिया है जो राजीव शुक्ला की सरदारी में काम करेगी। इस 14 सदस्यीय कमेटी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, विप्लव ठाकुर, कर्नल धनीराम शांडिल, सुखविंदर सिंह सुक्खू, आशा कुमारी, सुधीर शर्मा, जीएस बाली, हर्षवर्धन चौहान, रामलाल ठाकुर, राजेंदर राणा, जगत सिंह नेगी और पवन काजल को स्थान मिला है। इसमें मुख्यमंत्री के गृह जिला मंडी के किसी नेता को स्थान नहीं मिला है। सीधे तौर पर कहे तो इलेक्शन स्ट्रेटेजी कमेटी में कौल सिंह ठाकुर को स्थान नहीं मिला है। एक और खासबात इस लिस्ट में है। इन 14 में से तीन नेता ऐसे है जिन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था। पर पार्टी के लिए मंडी से चुनाव लड़ने वाले आश्रय शर्मा को इस लिस्ट में स्थान नहीं मिला है। हालाँकि इन दोनों नेताओं को अन्य कमेटियों में शामिल कर संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है, किन्तु मंडी जिला के किसी नेता का इलेक्शन स्ट्रेटेजी कमेटी में न होना फिलवक्त चर्चा का विषय जरूर है। जाहिर है किसी स्थानीय नेता का कमेटी में होना रणनीतिक तौर पर ज्यादा असरदार होता। वैसे एक तर्क ये भी है की जब मंडी से सांसद रह चुके पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह खुद इस कमेटी में शामिल है तो बाकी नेताओं की शायद कोई जरुरत नहीं है। लिस्ट से कौल सिंह ठाकुर की गैरमौजूदगी को कुछ राजनैतिक माहिर राजा गुट की तरफ आलाकमान के झुकाव के तौर पर देख रहे है तो कुछ चिट्ठी बम के साइड इफ़ेक्ट के तौर पर। बहरहाल लकवाग्रस्त संगठन के बावजूद अगर कांग्रेस को निकाय चुनाव में अच्छा करना है तो पार्टी के दिग्गजों को आपसी रंज भुलाकर एक साथ आना होगा।
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव का बिगुल बज चूका है। उम्मीदवारों ने चुनावी दंगल में अपनी ताल ठोकनी शुरू कर दी है। सोलन जिला परिषद् चुनाव में इस बार सबसे रोचक जंग वार्ड न 6 सलोगड़ा में देखने को मिलेगी है। यहाँ से भाजपा ने कुमारी शीला को तो कांग्रेस ने बलदेव ठाकुर को मैदान में उतारा है। इस मुकाबले को शीला के नाम विरुद्ध बलदेव के काम के तौर पर देखा जा रहा है। वार्ड 6 भाजपा की तेजतरार्र नेता कुमारी शीला का वार्ड का है, इसी वार्ड से जीतकर वो जिला परिषद् अध्यक्ष भी रह चुकी है और उनकी मजबूत जमीनी पकड़ के बुते इस वार्ड को भाजपा के गढ़ की तरह देखा जाता है। कुमारी शीला का सरल व्यक्तित्व, सहज उपलब्धता और आम आदमी से जुड़ाव उनकी सबसे बड़ी मजबूती है। साथ ही उनका राजनैतिक कद भी उन्हें इस चुनाव में फायदा दे सकता है। वे 2012 में सोलन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रह चुकी है और बीते चुनाव में भी पार्टी टिकट की दावेदार रही है। जानकार मानते है की 2022 विधानसभा चुनाव में भी कुमारी शीला का दावा मजबूत होगा। पर भाजपा के इस गढ़ में सेंध लगाने के लिए इस बार कांग्रेस ने भी तुरुप का इक्का फेंका है। यहाँ से नौणी पंचायत प्रधान बलदेव ठाकुर कांग्रेस के प्रत्याशी है। बलदेव ठाकुर के कार्यकाल में नौणी पंचायत को एक विशिष्ट पहचान मिली है, इसे हिमाचल प्रदेश की सबसे विकसित पंचायत माना जाता है और इसका पूरा श्रेय बलदेव ठाकुर को जाता है। देश प्रदेश के कई प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें मिल चुके है। साथ ही उनकी ईमानदार छवि भी उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाती है। दबे मुँह विरोधी विचारधारा के लोग भी बतौर प्रधान बलदेव ठाकुर के काम की सराहना करते है। बलदेव की विकास पुरुष की ये छवि इस चुनाव में निर्णायक साबित हो सकती है। निश्चित तौर पर बलदेव अपने प्रचार में नौणी मॉडल का जमकर इस्तेमाल करेंगे और ऐसे में विकास के नाम पर यदि मतदान होता है तो उन्हें इसका लाभ मिल सकता है। दोनों ही मुख्य राजनैतिक दल इस चुनाव के लिए कमर कस चुके है। पर संगठनात्मक तौर पर बात की जाए तो जहाँ संगठन भाजपा की शक्ति है तो कांग्रेस का लचर संगठन उसकी सबसे बड़ी खामी। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भी इसी क्षेत्र से आते है पर उनकी राजनीति बंद कमरों तक सिमित दिखती है। विपक्ष में होने के बावजूद कांग्रेस में ऐसा कोई पदाधिकारी नहीं दीखता जो जमीनी लड़ाई लड़ रहा हो। कांग्रेस पूरी तरह विधयक कर्नल धनीराम शांडिल पर आश्रित दिख रही है। उधर भाजपा के पास मजबूत संगठन तो है पर अंतर्कलह जगजाहिर है। ऐसे में कुमारी शीला यदि इस चुनावी समर में परास्त होती है तो 2022 में उनका दावा भी एक तरह से खत्म सा हो जाएगा। इस चुनाव का 2022 कनेक्शन भाजपा में भीतरघात को बढ़ा सकता है। बहरहाल नतीजा जो भी रहे इतना तय है की ये चुनावी मुकाबला बेहद रोचक रहने वाला है।
स हफ्ते लगातार तीन दिन तक बंद रहने वाले हैं, इसलिए कोई आवश्यक कार्य हो तो गुरुवार तक निपटा लें। असल मे बैंक हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं। इस बार 26 दिसंबर को महीने का चौथा शनिवार पड़ रहा है, इसके चलते बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 27 दिसंबर, रविवार को साप्ताहिक अवकाश है, जिसके चलते बैंक बंद रहेंगे। वहीं, 25 दिसंबर, शुक्रवार को क्रिसमस है, जो राष्ट्रीय अवकाश रहेगा। इसके चलते इस दिन बैंकों में छुट्टी रहेगी। ऐसे में इस हफ्ते आपकों बैंकों से जुड़ा कोई कार्य करना है, तो उसे गुरुवार तक ही निपटा लें, क्योंकि उसके बाद 25, 26 और 27 दिसंबर को बैंकों की छुट्टी रहने वाली है। वहीं, 31 दिसंबर को इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की लास्ट डेट भी है। इसलिए अगर आपको बैंक से कोई डॉक्यूमेंट चाहिए या कोई अन्य जरूरी काम है तो उसके लिए अभी से मुस्तैद रहना सही रहेगा।
GNA University has attempted to set a record of preparing maximum types of Phirni. The Faculty of Hospitality has always taken this innovative initiative. Dean Faculty of Hospitality Dr. Chef P.R. Sandilyan along with 3 faculty chefs named Chef Dhiraj Pathak, Chef Manjinder Singh and Chef Tarunveer Singh and ten Student chefs also accompanied and supported the gala attempt. The project started with the plan to make around 550 to 600 variations of Phirni, As the available ingredients and flavorings were received the chefs started making variations and combinations using the available ingredients and reached 851 varieties of Phirni. The chefs worked with 6 types of Sweeteners and 131 types of flavorings. On the completion of the event Dr. Chef P.R. Sandilyan, Dean, Faculty of Hospitality, GNA University congratulated all the participating members for the weeklong efforts to put on this event and finally accomplishing it with full zeal and unflinching fervor. Ms. Meenu Gupta, Principal, Government Senior Secondary School (Girls), Phagwara and Mr. Gursharan Singh, Government Senior Secondary School, Jagatpur Jattan joined the Event as a Verifier and Witnessed the event. They were very happy and congratulated the faculty and the University for the wonderful attempt. S. Gurdeep Singh Sihra, the Pro-chancellor GNA University, Prof. V.K. Rattan, the Vice-Chancellor, GNA University, Dr. R.K. Mahajan, Registrar GNA University, Dr. Monika Hanspal, Dean Academics, Mr. Sameer Verma, Dean Student’s Welfare and Ms. Shweta, Deputy Registrar Establishment also experienced the event and congratulated all the Faculty and Students for their strenuous efforts in putting up an exquisite display of phirnis. S. Gurdeep Singh Sihra, the Pro-chancellor GNA University expressed, “Persistent endeavors of the Hospitality department have always been a mark of great pride. I appreciate the out of box thinking in preparing a dainty variety of phirnis.”
प्रदेश में पंचायत चुनाव का डंका बज गया है। हर तरफ चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। वहीं हिमाचल की स्पीति घाटी में भी चुनाव की तैयारियां हैं। पर स्पीति घाटी में जनवरी में चुनाव करवाना प्रशासन और चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। इस साल समुद्रतल से करीब 4650 मीटर की ऊंचाई पर स्थित दुनिया के सबसे ऊंचे मतदान केंद्र टशीगंग में पहली बार पंचायत चुनाव के लिए मतदान होगा। माइनस 25 डिग्री तापमान में बर्फ के बीच टशीगंग पोलिंग बूथ में मतदान करवाना किसी जंग से कम नहीं होगा। जनवरी में स्पीति घाटी के कई इलाकों में पारा माइनस 29 डिग्री तक लुढ़क जाता है। ऐसे हालात में यहां सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। बर्फबारी की सूरत में इन पोलिंग बूथ में चुनाव करवाना तो दूर पोलिंग टीमों का बूथों तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। बता दें, स्पीति घाटी की लांगचा पंचायत के अंतर्गत टशीगंग को साल 2017 के विधानसभा चुनाव में पहली बार मतदान केंद्र बनाया गया था। बताया जा रहा है कि स्पीति में पहली बार जनवरी में चुनाव होने जा रहा है।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) ने इस साल (शैक्षणिक सत्र 2020-21) प्रैक्टिकल परीक्षा न लेने का फैसला लिया है। इसके लिए स्कूलों को अपने स्तर पर ही परीक्षाएं आयोजित करवानी होंगी। प्रश्न पत्र से डेटशीट तक सबकुछ स्कूलों को खुद ही करना होगा। ऐसा पहली बार होगा, जब मार्च माह में संचालित होने वाली परीक्षाओं के प्रैक्टिकल हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड स्वयं नहीं लेगा। शिक्षा बोर्ड अधिकारियों का कहना है दसवीं, जमा दो व अन्य कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं की परीक्षा तिथियां व प्रैक्टिकल संचालन के लिए शिक्षा उपनिदेशकों व स्कूलों के प्रधानाचार्य व मुख्य अध्यापकों से वीडियो कांफ्रेंस से इस विषय पर चर्चा की है, जिसमें परीक्षाओं को लेकर लंबी चर्चा हुई है। बोर्ड का कहना है की सभी कक्षाएं ऑनलाइन चल रही हैं और बोर्ड पूरी तरह से नहीं जनता है की शिक्षक छात्रों को ऑनलाइन कैसे शिक्षित कर रहे हैं। ऐसे में अगर बोर्ड प्रैक्टिकल लेता है तो विद्यार्थियों को दिक्कतें होंगी। इसलिए बोर्ड ने इस बार प्रैक्टिकल परीक्षा न लेने का फैसला लिया है।
आज हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक का आयोजन होना है। यह बैठक बहुत अहम होने वाली है। इस बैठक में प्रदेश के कई बड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। 25 दिसंबर क्रिसमस व 31 दिसंबर नववर्ष के जश्न के लिए प्रदेश में रात्रि कर्फ्यू हटाया जा सकता है। नया साल मनाने के लिए हजारों पर्यटक शिमला सहित प्रदेश के अन्य स्थानों पर आते हैं। ऐसे में पर्यटकों की सुविधा के लिए सरकार इन दो दिनों के लिए रात्रि कर्फ्यू हटाने पर विचार कर सकती है। बता दें, कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश के 4 जिलों में 5 जनवरी तक कर्फ्यू लगाया गया था। पर आज बैठक में इसको लेकर फैसला सुनाया जा सकता है। प्रदेश भर में रविवार को बाजार बंद रखने के फैसले पर भी पुनर्विचार किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त निजी स्कूलों के फीस के साथ फंड वसूले जाने के मामले पर भी मंथन होगा। बैठक में सरकार 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को अंतिम रूप देगी। 27 दिसंबर को सरकार के तीन साल पूरे हो रहे हैं, वर्चुअल कार्यक्रम को गांवों में बूथ स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रबंधों पर भी विचार होगा।
हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम सीमित, शिमला के निदेशक मण्डल की बैठक आज यहां उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में निगम द्वारा वित्त वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 की छःमाही वित्तीय उपलब्धियों का अवलोकन किया गया। यह अवगत करवाया गया कि इस अवधि के दौरान निगम द्वारा अनुमानित 2315 लाख रुपये का व्यापार किया गया और अनुमानित 148.83 लाख रुपये का लाभांश अर्जित किया गया। बैठक में वित्त वर्ष 2019-20 के प्रारूप लेखों का भी अनुमोदन किया गया। बैठक में सामान्य उद्योग निगम के उपाध्यक्ष मनोहर धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) राम सुभग सिंह, निदेशक उद्योग हंस राज शर्मा, विशेष सचिव (वित्त) राकेश कंवर, निगम के प्रबन्ध निदेशक अमित कश्यप, निदेशक मण्डल के सदस्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
शिमला ( ब्यूरो ) : पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश में 17 पीएचसी ( प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्रों ) को बंद करने के सरकार के निर्णय को जनविरोधी करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। वीरभद्र बोले कि सरकार के इस निर्णय से ये साफ है कि भाजपा ग्रामीण क्षेत्रों की विकास विरोधी है और उसे ग्रामीण लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं की कोई चिंता नहीं है। वीरभद्र ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश में बगैर किसी भेदभाव के विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अनेक स्वास्थ्य केंद्र और स्कूलों को खोला है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार के इस फैसले को अफ़सोस जनक बताया है साथ ही उन्होंने कहा की सरकार इन पीएचसी को बंद कर अपनी संकीर्ण मानसिकता का परिचय दे रही है। मुख्यमंत्री को इस निर्णय पर पुन: विचार करते हुए जनहित में इस फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि वह ज़्यादा से ज़्यादा मताधिकार का प्रयोग करते हुए अपने गांव और क्षेत्र की प्रगति के लिए वोट करें। कांग्रेस ने सदैव ही ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी है। इसलिए अब फिर से उनके पास कांग्रेस को मजबूत करने का मौका है। वीरभद्र ने उम्मीद जताई है की इन चुनाव में कांग्रेसी विचारधारा को मज़बूती मिलेगी और कांग्रेस से जुड़े लोग ही जीत कर आएँगे।
प्रत्येक चुनौती अपने साथ कुछ नए अवसर भी लाती है, जरूरत है उन अवसरों को पहचानने और उनका लाभ उठाने की। स्थानीय एपीजी शिमला विश्वविद्यालय की ओर से मंगलवार को 'प्रारब्ध-2020' विषय पर विशेष वेबिनार आयोजित किया गया। वेबिनार का सुभारम्भ एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. रमेश कुमार चौधरी की अगुवाई में किया गया। इस वेबिनार में एमिटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.बी. शर्मा (पूर्व कुलपति डीटीयू) ने बतौर वशिष्ठ मुख्यातिथि शिरकत कर वेबिनार में शामिल एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के छात्रों व शिक्षकों को 'एडवांटेज टेक्नोलॉजी व डिजिटल टेक्नोलॉजी' विषय पर विशेष संदेश दिया। छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रो. पीबी शर्मा ने कहा कि हम जानते हैं कि दुनियाभर में युवा, महिलाएं और पुरुषों जिनके पास नए और अभिनव विचार हैं, जिनके पास टेक्नोलॉजी है जिसके जरिए कोविड जैसी महामारी का मुकाबला कर सकते हैं, लेकिन उन विचारों व अन्वेषणों को फलीभूत करने के लिए उन्हें सहारे व मार्गदर्शन की जरूरत है। प्रो.शर्मा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि भारत डिजिटल क्रांति और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है जिसके पीछे देश की युवा शक्ति काम कर रही है और विश्वविद्यालयों को छात्रों के एडवांटेज टेक्नोलॉजी के ज्ञान में अधिक बढ़ोतरी कर ज्ञान हासिल करने के लिए नए अवसर करने चाहिए और उन्हें प्रकृति के साथ भी तालमेल बैठाना सिखाना चाहिए। प्रो. पीबी शर्मा ने एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमेश कुमार चौधरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनके कुशल नेतृत्व में एपीजी शिमला विश्वविद्यालय उच्च टेक्नोलॉजी और अनुसंधान व रोजगारनमुख शिक्षा प्रदान करने में आगे बढ़ रहा है और साथ ही विश्वविद्यालय को शिमला की प्रकृति ने चिंतनशीलता व अध्ययन के लिए अनूठे प्राकृतिक सोपान दिए हैं। प्रो. शर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल लर्निंग समूहों में औपचारिकता और अनौपचारिकता दोनों सीखने के साथ-साथ सेल्फ-लर्निंग मोड के लिए एक व्यापक कैनवास प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारत को कनेक्टिविटी, इंटरनेट, टेक्नोलॉजी व डिजिटल सिस्टम में गहरी पैठ है और इस प्रकार भारत शानदार एडवांटेज आईटी बन रहा है और उससे भारत की युवा पीढ़ी आत्मनिर्भर होकर जॉब सृजन करने में सफल होंगे! प्रो. पीबी शर्मा ने कहा कि हमारी तत्काल प्राथमिकता और उसके बाद हमारे युवा भारत के लिए पच्चीस साल की आयु में छः सौ छियासठ मिलियन से अधिक लाभ कमाने के लिए एडवांटेज आईटी का उपयोग करना चाहिए और इस कार्य के लिए राष्ट्र और समाज की बेहतरी के लिए सभी को अपना सर्वोत्तम कार्य करना होगा ताकि टेक्नोलॉजी से बेहतर इंसान भी बनें और मानव संसाधनों में भी सकारात्मक विकास हो सकें। एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमेश कुमार चौधरी ने मुख्यतिथि प्रो. पीबी शर्मा का वर्चुअल स्वागत करते हुए कहा कि प्रो. पीबी शर्मा देश के प्रख्यात टेक्नोलॉजी विद्वान हैं, शिक्षाविद हैं, एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों का मार्गदर्शन करने के लिए उनका धन्यवाद किया। कुलपति प्रो. चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि आज ऑनलाइन सिस्टम व डिजिटल टेक्नोलॉजी को और बेहतर करने की जरूरत है ताकि छात्रों को न केवल शैक्षणिक कार्यों के लिए इस इस्तेमाल करना है बल्कि इसे विकसित समाज व राष्ट्र के उत्थान के लिए भी किया जाना चाहिए और इस दिशा में विश्वविद्यालय में गहन अध्ययन के लिए बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है। इस वेबिनार के दौरान डॉ. रमेश चौहान डीन जर्नलिज्म ने भी अपने विचार सांझा किए और डॉ. नील कुमार सिंह डीन मैनेजमेंट ने धन्यवाद प्रस्ताव पढ़कर सभी वक्ताओं और मुख्यतिथि का धन्यवाद किया। वेबिनार में एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार आर.के. कायस्थ, डॉ. आनंद मोहन डीन इंजीनियरिंग, डॉ. अनिल पाल और विजिटिंग प्रो. राकेश शर्मा भी मौजूद रहे है और प्राची वैद कार्यक्रम की संचालिका रही।
सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला द्वारा दिसंबर 16 से चलाए जा रहे वस्त्र एकत्रीकरण का आज अंतिम दिन था। आज भी वस्त्र दान को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। शिमला के संजौली बस स्टैंड, बीसीएस, पुराना बस स्टैंड, समरहिल चौक, टुटु चौक आदि स्थानों पर ट्रस्ट के कार्यकताओं द्वारा वस्त्र एकत्र किए जा रहें थे। इन पाँच स्थानों में लोगों द्वारा काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। पिछले 16 दिसंबर को भी लोगो द्वारा काफी वस्त्र दान किए गए और 19 दिसंबर भी लोगो द्वारा अपनी सहभागिता इसमें देखने को मिला। ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेन्द्र शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि ट्रस्ट प्रत्येक वर्ष विभिन्न कार्यक्रम समाज एवं राष्ट्र हित में करवाता आ रहा है। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी वस्त्र बैंक कार्यक्रम में लोगों ने अपना सहयोग दिया। मानव सेवा ही उत्तम सेवा है। हमारे द्वारा निधारित स्थानों पर सभी शिमला वासियों ने अपने वस्त्रों को दान किया उसके लिए हम सभी का आभार व्यक्त करते हैं और आने वाले समय में हम उन कपड़ों को जरूरत मंद को वितरित करेंगे। सुनील उपाध्याय एजुकेशन ट्रस्ट के साथ समाज के भिन्न भिन्न वर्गों ने भी इसमें अपनी रुचि दिखाई, जिसमें भिन्न भिन्न स्थानों के प्रबुद्ध लोग सेवानिवृत्त कर्मचारी, बच्चे, बूढे और व्यवसायक वर्ग सभी लोगो ने इसमें अपनी सहभागिता दिखाई। आने वाले समय मे एकत्रित किए गए वस्त्रो को ट्रस्ट द्वारा जरूरतमन्द व्यक्तियों तक पहुचाने का कार्य भी ट्रस्ट के माध्यम से किया जाएगा।
ग्राम पंचायत सुधार सभा के महासचिव प्रेम केशव ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज विभाग के तहत जिला परिषद, ब्लॉक समिति, प्रधान, उपप्रधान व पंचों के चुनाव का बिगुल बज चुका है। इन चुनावों की कड़ी का जायजा तय करने के लिए पंचायत के हर वार्ड व गांव में सकारात्मक बैठकें की जा रही है। इन बैठकों में बुद्धिजीवी वरिष्ठ नागरिक महिलाएं व युवाओं द्वारा जोर-शोर से ऐसे ईमानदार छवि के उम्मीदवार का समर्थन किया जाएगा, जिसकी लग्न विकास के साथ लोगों की दिक्कतों पर नजरें रखना लाजमी होगा। दाड़लाघाट उपमंडल के नजदीक दाड़लाघाट व दो नई पंचायतें रौड़ी व बरायली शामिल है। कानून के तहत महिलाओं की भागीदारी भी पुरुषों के समान आंकी गई है, जो एक सही कदम है। उपमंडल के सभी मतदाताओं पर दाड़लाघाट ग्राम पंचायत सुधार सभा को पूर्ण विश्वास है कि पंचायतों के प्रतिनिधियों की पृष्ठभूमि मतदाताओं के पक्ष में निष्पक्ष व ईमानदारी व हर गांव व वार्ड का विकास एक समान सुनिश्चित होना ही एक सशक्त कदम रहना अनिवार्य होना चाहिए।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सामजिक विकास की अग्रणी संस्था अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट मास्क नहीं तो रोको, मास्क नहीं तो टोको अभियान और कोविड शपथ जन भागीदारी हेतू निरंतर प्रयासरत है।समुदाय के भागीदारी से ही कोरोना के संक्रमण से बचाव संभव है। दाड़लाघाट परिक्षेत्र के समुदाय को जागरूक करने की महती आवश्यकता है क्योकि बहुत से लोग अब भी कोरोना के बढ़ते संक्रमण के प्रति उदासीन है। इस दौरान कोविड शपथ और रोको टोको अभियान 30 गांवों में संपन्न हुआ। इकाई प्रमुख अम्बुजा सीमेंट लिमिटेड मनोज जिंदल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए संदेश प्रेषित किया है कि लॉक डाउन खुलने के बाद लोगो मे संक्रमण न फैले इसके लिए गांव गांव में कोविड शपथ कार्यक्रम अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन के करीब 101 गांवों में यह अभियान सतत जारी रहेगी। कार्यक्रम प्रबंधक एसीएफ भूपेन्द्र गांधी ने कहा कि जो लोग बिना मास्क के घरों से बाहर निकल कर स्वछंद विचरण कर रहे है वे ही कोरोना के वाहक और संक्रमण को फैलाने में सहयोगी है, ऐसे लोगो को चिन्हित करने और जागरूक करने की महती आवश्यकता है। स्वास्थ्य परियोजना सम्यवक अजीत कुमार सिंह ने कहा है कि प्रत्येक क्षण कोरोना से सावधान होने, संक्रमण से बचने और कोविड शपथ गतिविधियों के माध्यम से जन भागीदारी को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य परियोजना की पूरी टीम सलंग्न है। स्वास्थ्य परियोजना की 30 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने बिना मास्क वाले व्यक्तियों को पहचान कर हाथ को सैनिटाइज करने के पश्चात मास्क को पहनाया और वितरण किया। कपड़े से निर्मित 900 से अधिक मास्क जिसे पुनः प्रयोग में लाया जा सकता है, उसका वितरण किया जिससे जनभागीदारी को प्रेरित की जा सकें। इस मौके पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता बंटी देवी, स्नेह, लता शर्मा, नीलम ठाकुर, पूजा शर्मा, सीता नेगी, बिमला देवी, सावित्री देवी, सुनता देवी, उमा शर्मा, संगीता शर्मा और सरोज शर्मा ने अपना अमूल्य सहयोग मास्क वितरण करने और इसके उपयोग करने के बारे में जानकारी प्रदान की।
ग्राम पंचायत कुंहर में सोमवार रात भीषण आग लगने से दो जर्सी गाय व 10 बकरियां जलकर राख हो गई। इसके अलावा रिहायशी मकान के जलने के भी समाचार है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कुंहर पंचायत के करूयूटी गांव में भयानक अग्नि कांड हुआ है जिसमें रतिराम के रिहायसी मकान व पशुओं का मवेशी खाना पूरी तरह से आग की भेंट चढ़ गए है व पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए है। पंचायत के उप प्रधान अमर सिंह ने बताया कि इस आगजनी में 2 गाय और 10 बकरी जलकर राख हो गई है। उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला वह मौका पर गए वह अग्नि को बुझाने के लिए भरसक मदद की और रात को ही पुलिस व अग्निशमन केंद्र में फोन किया। उन्होंने कहा कि वह उनके साथ सुबह भी मौके पर गए जिसमें उनके साथ गांव के नंबरदार बलदेव ठाकुर भी मौके पर रहे व जांच की तो देखा कि उनका सब कुछ ही जलकर राख हो चुका था। उन्होंने बताया कि लगभग 4 से 5 लाख का नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने पुलिस व प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है ताकि उनकी मदद की जा सके। पंचायत ने भी उनकी मदद करने का फैसला लिया है।
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद संजौली महाविद्यालय इकाई की नव 2020-21 की कार्यकारिणी की घोषणा की गई जिसमें मुख्य रूप से जिला संगठन मंत्री अमित और चुनाव अधिकारी विभाग संयोजक सचिन मौजूद रहे। कार्यकारिणी में सर्वसम्मति से कर्ण सिंह को अध्यक्ष और कर्ण शर्मा को इकाई सचिव चुना गया। उनके साथ 120 कार्यकर्ताओं की कार्यकारिणी बनाई गई। इसी के साथ Covid-19 के सभी नियमों का ख्याल रखते इस कार्यक्रम को ऑफलाइन व ऑनलाइन माध्यम से चलाया गया जिसमें ऑफलाइन कार्यक्रम में 46 कार्यकर्ता उपस्थित रहे और ऑनलाइन माध्यम से भी काफी विद्यार्थियों ने भाग लिया। चुनाव अधिकारी सचिन ने विद्यार्थी परिषद के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा की अखिल भारतीय विद्यार्थी सन 1949 से नियमित रूप से राष्ट्र हित, समाज हित और छात्रहित में कार्य करती आई है, छात्रों की आवाज को उठाने का निरन्तर प्रयास किया है और छात्रों को उनके हितों से परिचित करवाया है। इसी के साथ पूर्व में इकाई के सचिव रहे धीरज काल्टा ने ऑनलाइन माध्यम से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और धन्यवाद करते हुए नव निर्वाचित सदस्यों को शुभकामनाएं दी।
GNA University organized a virtual webinar on “Research publication in ABDC & High Impact Journals” for the research scholars and faculty members. The resource person for the Webinar was Dr. Nripendra Singh, Professor of Marketing, Clarion University of Pennsylvania, United States. The Webinar commenced with a warm welcoming of the Resource person by the Deputy Dean, GNA Business School, and the Assistant Dean, Research Division, GNA University. The main objective of the Webinar was to acquaint the research scholars and the faculty members with the knowledge of processes related to research publication in journals of international repute such as ABDC Journals and Scopus Indexed International Journals. Dr. Nripendra Singh started the session with the perspective that the contemporary academic ideology in the universities across the world is now either publish or perish. In this regard, the resource person elaborated the concept of impact factor and other research metrics (i.e. SCI, etc.) for understanding the worth of a journal. Dr. Nripendra Singh talked about the components of writing a good research paper and shared examples from varied domains and explained meaningfully how pre and post coherent communication with the journal officials is pivotal in understanding their perspective towards the submitted research paper. The Webinar session was quite interactive, as research scholars and faculty members asked pertinent queries from the Resource person which were appropriately handled and answered. In the end, Dr. Disha Khanna, Deputy Dean, Faculty of Liberal Arts shared her formal views on the Webinar expressing it to be a thorough journey of knowing all the nuances of good research writing. Dr. Sandilyan, Dean, Faculty of Hospitality presented a formal Vote of Thanks and expressed his deep gratitude on behalf of the Management and scholars. S. Gurdeep Singh Sihra, the Pro-Chancellor, GNA University expressed, “I acknowledge the efforts of GNA Business School in organizing such virtual sessions to increase the academic acumen of the research scholars and faculty members”. Dr. V. K. Rattan, the Vice-Chancellor, GNA University said “GNA University always provides periodic training to their research scholars and faculty members to enhance their research capabilities”. Dr. Monika Hanspal, Dean Academics, GNA University commented, “I firmly believe that these virtual webinars will surely add to the academic potential of the research scholars and the faculty members of the University giving them a new cutting edge to delve deep into research”.
टिक्कर क्षेत्र से संबंध रखने वाले स्टैटिस्टिकल असिस्टेंट के पद से सेवानिवृत्त तपेन्दर टेगटा पूर्व संसदीय सचिव एवं विधायक रोहित ठाकुर के नेतृत्व पर विश्वास जताया हैं। शराचली क्षेत्र की मांदल पंचायत से सम्बंध रखने वाले अनिल शर्मा ने भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ़ भाजपा छोड़कर कांग्रेस पार्टी में परिवार सहित घर वापसी की हैं। तपेंदर टेगटा और अनिल शर्मा पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर की उपस्थिति में विधिवत रूप से कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल-नावर-कोटखाई के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा ने पार्टी कार्यालय जुब्बल में तपेन्दर तेगटा और अनिल शर्मा का कांग्रेस पार्टी में शामिल होने पर स्वागत किया।
कोरोना के चलते लगाए गई पाबंदियों के कारण हिमाचल प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय लगातार प्रभावित हो रहा है l हाल ही में कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से शिमला, कांगड़ा, मंडी और कुल्लू जिले में 5 जनवरी तक रात्रि कर्फ्यू लगाया गया था जिसे अब पर्यटन कारोबारियों के आग्रह पर क्रिसमस से पहले हटाया जा सकता है। पर्यटन सीजन के चलते हिमाचल प्रदेश सरकार व्यापारिक संगठनों और पार्टी पदाधिकारियों के भारी दबाव में है। बुधवार यानि 23 दिसंबर को हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक होनी है। इस बैठक में रात्रि कर्फ्यू को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। प्रदेश भर में रविवार को पूरी तरह से बाजार बंद रखने के फैसले पर भी पुनर्विचार किया जा सकता है। सार्वजनिक समारोहों में 50 से ज्यादा लोगों की मौजूदगी पर प्रतिबंध के फैसले पर पुनर्विचार को लेकर सरकार दबाव में है तत्पश्चात इसे भी बदला जा सकता है। इस सीजन के दौरान रविवार को हिमाचल में पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में अगर पर्यटन गतिविधियों को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा तो इसका सीधा असर पर्यटन सीजन पर पड़ेगा। कोविड-19 के चलते गर्मी का पूरा सीजन बुरी तरह से पिट चुका है। ऐसे में पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग व उनके हितैषी अब नए साल के आसपास के सीजन को खराब नहीं होने देना चाह रहे हैं। साथ ही रविवार को बाजार बंद रखने के कारण आम जनता को भी खासी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। इस पर यदि जनता का भी यही कहना है कि एक दिन बाज़ारों को बंद रखने से कोरोना के मामलो में कमी नहीं आएगी।
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव का बिगुल बज गया है। राज्य चुनाव आयोग ने सोमवार को पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। वहीं बात कि जाए पंचायत चुनाव के परिणामों कि तो इस बार प्रदेश में पंचायती राज चुनावों में प्रत्याशियों का परिणाम ऑनलाइन दिखेगा। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने एक सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। इसके माध्यम से प्रत्याशियों के रिजल्ट जल्द मिल जाएंगे। इसे मतगणना स्थल समेत मुख्य केंद्र से लगातार अपडेट किया जाएगा, जिससे प्रत्याशियों का परिणाम जल्द घोषित हो सकेगा। जानकारी के मुताबिक अगले माह होने वाले पंचायती राज चुनावों को लेकर इस बार विभाग ने कई तरह के बदलाव किए हैं। इनमें विभाग की सबसे बड़ी उपलब्धि चुनाव परिणामों को ऑनलाइन दिखाना है। सॉफ्टवेयर के जरिये वोटों की गिनती को लेकर पल-पल की सूचना अपडेट होती रहेगी। इसके चलते जहां प्रत्याशियों का परिणाम जल्द घोषित किया जा सकेगा, वहीं घर बैठे लोग भी इसे आसानी से देख सकेंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी आदित्य नेगी ने शिमला जिला के पंचायत चुनावों को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। उन्होंने बताया कि जिला की 412 पंचायतों के चुनाव तीन चरणों में होंगे। 17 जनवरी को पहले चरण में 138 पंचायतों, दूसरे चरण में 19 जनवरी को 139 और तीसरे चरण में 135 पंचायतों में चुनाव होंगे। डोडरा- क्वार विकास खंड की जाखा और जिस्कून में 17 जनवरी, धंदरवाड़ी और डोडरा में 19 जनवरी और क्वार में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। छौहरा विकास खंड में 17 जनवरी को तांगनू-जाखलिख, बनोटी, टोडसा, रोहल, सिंदासली, गांवसारी, खशधार, कलोटी और शिलादेश में चुनाव होंगे। दिउदी-मायला, सारीबासा, थाना, आंध्रा, खबाल, भंफड, ढाकगांव, डिसवानी और खरशाली में 19 जनवरी और पेखा, रनोल, जांगला, भेतियानी, घगोली, कुलगांव, मसली, गवास और टिक्करी में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। चौपाल विकास खंड की ननाहर, जावग-छमरोग, सरांह, बगाहर चौकी, चांजू-चौपाल, मशडोह, गोरली मढ़ावग, बम्टा, चंदलोग-नेरवा, हलाउ, बागना, भराणू, किरण, टिक्करी, मधाना और रुसलाह में 17 जनवरी और झीना, सरी, लिंगजार, धवास, ठांणा, देवत, मकडोग, पैड़िया, गढ़ा, बिजमल, बौहर, मानू-भाविया, टेलर, चईंजन, थरोच और पुजारली में 19 जनवरी को चुनाव होंगे। इसी तरह थुंदल, जोड़ना, खद्दर, लालपानी, खगना, झिकनीपुल, माटल, पंदराडा, देईया-दोची, पौलिया, पवाहन, मुंडली, धन्नत, खूंद नेवल, कुताह और केदी ग्राम सभा में में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। जुब्बल-कोटखाई विकास खंड की रांवी, झड़ग, झंगटान, नंदपुर, बढ़ाल, धार, अंटी, पराली, पांदली, हिमरी, कलबोग, क्यारवीं, महासू, पुड़ग, क्यारी और थरोला में 17 जनवरी को चुनाव होंगे। पंदराणू, नकराड़ी, मांदल, कठासू, जयपिढ़ी माता, कोट कायना, सरस्वती नगर, दरकोटी, बाग डुमैहर, घंडा, रतनाड़ी, चौगन कुलटी, बखोल, रावला क्यार, पनोग और देवरी खनेटी में 19 जनवरी और कुड्डू, गिलटाड़ी, सारी, भोलाड़, बरथाटा, शिल्ली, मंढोल, थाना, गरावग, प्रेमनगर, देवगढ़, बाघी, नगान, गुम्मा, रामनगर, बगाहर और पराली बदरूनी में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। कुपवी विकास खंड में झोकड़, जुडडू शिलाल, मझोली, चडौली और मालत में 17 जनवरी और भालू, कांडा-बनाह, बांदल कफलाह, बावत और कोठी आहनोग में 19 जनवरी और धौताली, कुलग, नौरा-बौरा, धार चांदना और जुब्बली में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। ननखड़ी विकास खंड की थाना बड़ाच, ननखरी, शोली, देलठ, थैली चकटी और बड़ोग में 17 जनवरी को चुनाव होंगे। करांगला, बगलती, टिप्पर मझोली, खमाड़ी, कलेडा-मझेवटी और कुंगल बाल्टी में 19 जनवरी और जाहु, खुन्नी-पनोली, गाहन, खड़ाहन, अडडु और खोलीघाट में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। नारकंडा विकास खंड की थानाधार, भूट्टी, जरोल, सिंहल-नारकंडा, मधावनी, शलौटा, डीव, कोटीघाट, जंजैहली और जदून में 17 जनवरी और मंगसु, शमाथला, मैलन, करेवथी, खनेटी, बडगांव, कुमारसैन, कांगल और बनाहर में 19 जनवरी और किरटी, दलान, कोटगढ़, मलैडी, क्वानं-बटाडी, जार, मोगड़ा, भरेडी और शिवान में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। रामपुर विकास खंड की पंचायत कूट, फांचा, जघोरी, सराहन, किन्नू, मशनू, झाकड़ी, डंसा, देवनगर, बाहली, दरकाली और काशापाट में 17 जनवरी को चुनाव होंगे। 19 जनवरी को नीरथ, बधाल, लबाणा-सदाना, क्याव, बौड़ा, गोपालपुर, दोफदा, त्यावल-जयूरी, लालसा, नरैण, तकलेच और मुनिश पंचायत में चुनाव होगें। सनारसा, सरपारा, गानवी, शाहधार, धारगौरा, फूंजा, रचोली, शिंगला, भडावली, दतनगर, देवठी और कुंहल पंचायत में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। रोहड़ू विकास खंड की पंचायत कडीवन, मुंन्छाड़ा, लोअर कोटी, टिक्कर, खारला, पुजारली-4, शरोग-बराड़ा, खंगटेड़ी, भलून, बाड़ीधार, दलगांव और बराल में 17 जनवरी को चुनाव होंगे। दूसरे चरण में कुठाड़ी, सीमा-रंटाड़ी, पारसा, शरौंथा, धराड़ा, करासा, अढ़ाल, कुई, समरकोट, ब्रासली, कुटाड़ी, कटलाह में 19 जनवरी को चुनाव होंगे। तीसरे चरण में पुजारली-3, समोली, शेखल, करछारी, हंसटाड़ी, उकली-मेहंदली, बशला, भलाड़ा, भमनोली, जगोठी, गांवणा, शील और करालश में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। ठियोग विकास खंड की पंचायत, क्यारा, कोट-शिलारू, धार कांदरू, भराणा, क्यारटू, सतोग, टियाली, धमांदरी, टिक्कर, पुंदर स्थित चनौत, शरमला, कमांह, देवठी, घोड़ना, घूंड, शटैयां, भराड़ा, क्यार, बलग और कथोग में 17 जनवरी को चुनाव होंगे। दूसरे चरण में कलजार-मतियाणा, संधू, शडी मतियाणा, भाज, धर्मपुर, धरेच, चियोग, ददास, बासाधार, कुठार, कलींड, सरीवन, धार तरपुनू, बागडी, चरैण टिक्कर, मखडोल, चिखड़, बगैण, सैज और देवरीघाट में 19 जनवरी को चुनाव होंगे। तीसरे चरण में कलिडा-मतियाना, गवाही स्थित देवीमोड़, रौणी मतियाना, केलवी, बड़ोग, नाहोल, देहना, बणी, धगाली, मुंडू, माहौरी, माहोग, पडगैया, बलधार, डमयाना, मझार, वासा ठियोग, सरोग और जैस पंचायत में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। टुटू विकास खंड की धमून, शोघी, हलोग-धामी, ओखरू, घेच-कोहबाग, घंडल, चनोग, गलोट, गनयोग-नेहर, पाहल, नेरी और कोट पंचायत में 17 जनवरी और गिरब-खुर्द, थड़ी, घनाहटटी, पिपलीधार, मायली-जेजड, शकराह, बागी, शमलाघाट, मूलबरी-देवगनर, जनोल, सांगटी-सन्होग और आनंदपुर में 19 जनवरी को चुनाव होंगे। इसके अलावा बढ़ई, जलेल, दुघाल्टी, बठमाना-जाबरी, चलहोग, बलोह, रामपुर-क्योंथल, बायचड़ी, चायल और टुठू मजठाई में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। वहीं मशोबरा खंड की जनेडघाट, दरभोग, मैहली, पीरन, नाला, चमियाना, बलदेयां, डूम्मी और भौंट में 17 जनवरी और जुन्गा, बलोग, पुजारली, सतलाई, भड़ेच, कुफरी, ढली, मांजू, चेड़ी, नालदेहरा, और मशोबरा में 19 जनवरी को चुनाव होंगे। इसी तरह में 21 जनवरी को तीसरे चरण में मल्याणा, कोटी, रझाना, घडोत कड़ेहरी, पटगेहर, मूलकोटी, बरमु, गुम्मा, पगोग और कोलू जुब्बड़ में चुनाव होंगे। विकास खंड बसंतपुर की धरोगड़ा, हिमरी, खटनोल, मझीवड़, देवला, नैहरा, चनावग और चलाहल में 17 जनवरी को मतदान होगा। बाग, ओगली, बसंतपुर, डुमैहर, नीन, थाची, मंढोलघट और कोटला में 19 जनवरी और पंचायत घैणी, करयाली, भराड़ा, शकरोड़ी, चेबडी, जूणी, घरयाणा और रेवग में 21 जनवरी को चुनाव होंगे।
प्राकृतिक आपदा से निपटने की तैयारियां की समीक्षा के लिए गठित जिला अंतर एजेंसी समूह की समीक्षा बैठक आज अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अनुराग चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस मौके पर अनुराग चन्द्र शर्मा ने कहा कि कहा कि प्राकृतिक आपदा को टाला नहीं जा सकता, लेकिन बेहतर प्रबंधन व पूर्ण तैयारियों से नुकसान को कम किया जा सकता है। आपदा प्रबंधन को लेकर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना है ताकि प्राकृतिक आपदा के समय एकजुट होकर इसका सामना किया जा सके। उन्होंने कहा कि आपदा की परिस्थिति में सही समय पर सूचना का सम्प्रेषण आवश्यक होता है और समय पर प्रभावी सूचना उपलब्ध करवाने के लिए सही तंत्र विकसित कर आपदा के प्रभाव को न्यून किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डीआईएजी द्वारा गत एक वर्ष के दौरान कोेविड-19 के सम्बन्ध में आम लोगों को जागरूक करने के लिए शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में लोगों को सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनने तथा सोशल डिस्टेन्सिग नियम के पालन करने का परामर्श दिया गया। लोगों को किसी भी प्रकार की प्राकृतिक प्राकृतिक आपदा के खतरे को न्यून करने के सम्बन्ध में भी विशेषज्ञों द्वारा जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि जिला आपदा से निपटने के लिए तैयारियों एवं प्रतिक्रिया के लिए खंड स्तर पर स्वयंसेवी युवाओं के कार्यबल गठित कर उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आपदा तैयारी एवं कार्यवाही के लिए युवा स्वयंसेवियों का कार्यबल तैयार किए गए हैं। इस अवसर पर समादेशक गृह रक्षा डाॅ. शिव कुमार शर्मा, शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ब्रिगेडियर नीरज पराशर, स्वयंसेवी संस्था शिक्षा क्रान्ति के सत्यन, अर्थजस्ट संस्था के अभिषेक तनेजा, गणपति एजुकेशन सोसायटी के सौरभ शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
ब्लाॅक कांग्रेस अर्की ने प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बागा को बंद करने का विरोध किया है। ब्लाॅक कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर व मांगल पंचायत के प्रधान दीपचंद शर्मा ने संयुक्त ब्यान में प्रदेश सरकार के इस निर्णय का विरोध किया है।इनका कहना है कि इस पीएचसी की अधिसूचना पूर्व कांग्रेस सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 11अक्तूबर 2017 को जारी की गई थी। लगभग 3 वर्षो तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सुविधा मिल रही थी।ग्राम पंचायत बेरल जोकि एक पिछड़े क्षेत्र में आती है व ग्राम पंचायत मांगल जहां अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी में हजारों ट्रांसपोर्टर और मजदूर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।जिन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए 50 किलोमीटर के अंदर कोई भी स्वास्थ्य केंद्र नहीं है।उपरोक्त स्वास्थ्य केंद्र के खुलने से दोनों पंचायतों की जनता और साथ लगते बिलासपुर क्षेत्र के लोगो को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार द्वारा 8 दिसम्बर 2020 को इस पीएचसी को बन्द करने के आदेश जारी किए हैं जो कि बहुत निंदनीय है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि इस आदेश के विरोध में हम माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे और सरकार के जन विरोधी निर्णय के खिलाफ धरना प्रदर्शन और चक्का जाम किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 दिसम्बर को 33/11 विद्युत उपकेन्द्र कथेड़ में आवश्यक मुरम्मत कार्य के चलते 11 केवी विद्युत हिमाचल कंडक्टर फीडर, 11 केवी जलापूर्ति फीडर तथा 11 केवी शिवालिक बाईमेटल फीडर की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड सोलन के वरिष्ठ अधिशाषी अभियन्ता विकास गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि मुरम्मत कार्य के चलते मंगलवार को दोपहर 01.00 बजे से दोपहर 01.40 बजे तक देहूंघाट, बड़ोग, कायलर, आंजी, बाड़ा, अश्वनी खड्ड, शिल्ली, सलोगड़ा, शिवालिक इंडस्ट्री, चम्बाघाट तथा आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना के बाद सोमवार को चुनाव आयोग ने पंचायती राज चुनाव की भी तारीखे जारी कर दी गई है। प्रदेश में अब पूरी तरह से चुनावी बिगुल बज गया है । बता दें की हिमाचल में पंचायत चुनाव तीन चरणों करवाएंगे जाएंगे । हिमाचल में चुनाव आयोग द्वारा 17, 19 और 21 जनवरी को मतदान करवाया जाएगा। पंचायत प्रधान, उपप्रधान, पंचायत समिति और जिला परिषद के लिए 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद 4 जनवरी को नामांकन पत्रों की छटनी की जाएगी। नामांकन वापस लेने की तारीक 6 जनवरी तय की गई है। 6 जनवरी को 10 बजे से लेकर 3 बजे तक प्रतयाशी नामांकन वापिस ले सकते है। 6 जनवरी को ही अंतिम नाम की सूची और उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही चुनाव आयोग 31 दिसंबर को मतदान केंद्रों की सूची जारी करेगा । प्रदेश में तीन चरणों में चुनाव करवाएं जाएंगे। हिमचाल में 17 ,19 ,21 जनवरी को सुबह आठ बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। चुनाव के नतीजों की बात की जाए तो पंचायत प्रधान और उपप्रधान के चुनाव नतीजे मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसी दिन घोषित किए जाएंगे। इसके अलावा पंचायत समिति एवं जिला परिषद् के परिणाम 22 जनवरी को घोषित किए जाएंगे । चुनाव आयोग 23 जनवरी तक चुनाव प्रक्रिया को पूरी कर लेगा।
कुनिहार। ग्राम पंचायत चुनावों, जिला परिषद व पंचायत समिति के रोस्टर जारी होते ही पंचायत, नगर पंचायत व नगर परिषद क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई है। नगर पंचायत व नगर परिषद के चुनाव की तिथि 10 जनवरी 2021 को घोषित हो चुकी है। पंचायत चुनाव की तारीख भी सरकार जल्द ही घोषणा कर देगी। शहरों के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रो में चुनावी चौपाल लगनी शुरू हो गई है। चाय की दुकान हो या फिर नाई की अक्सर लोग चुनावी चुस्कियां लेते नजर आ जाएंगे। कुनिहार विकास खण्ड के तहत कुनिहार क्षेत्र में भी नेता जी चुनावी गोटियां बैठाने में लग गए है। पंचायत चुनाव में प्रधान, उप प्रधान, वार्ड मेम्बर के लिए चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग अपने अपने तरीको से मतदाताओं को रिझाने लगे है। हालांकि अभी पंचायत चुनाव की तारीख तय नहीं हुई है, परन्तु चुनावी समर में उतरने वाले नेता अभी से साम-दण्ड-भेद के सभी फार्मूले आजमाने लगे है। फेसबुक व वाट्सएप्प पर अपनी उम्मीदवारी जताकर लोगों से वोट अपिलकर रहे है। अपनी-अपनी जीत का दम भरकर सुबह से शाम तक उम्मीदवार घर-घर घूम रहे है। गावँ की दुकानों, बस स्टैंड, चौराहों पर चाय के साथ साथ पंचायती चौपाल सजने लगी है।
पर्यटन स्थल कसोल के समीप छलाल गांव में देर रात एक कैफ़े में चल रही रेव पार्टी पर पुलिस ने दबिश दी। जिला में नाईट कर्फ्यू के बावजूद यह पार्टी की जा रही थी। पुलिस ने पार्टी में मौजूद विदेशी पर्यटकों सहित 150 लोग मौजूद थे। जब पुलिस ने छापा मारा तो सभी डीजे पर नचा रहे थे। पुलिस ने रेव पार्टी आयोजित करने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। डीजे का सामान भी जब्त कर लिया है। जानकारी के अनुसार पुलिस को कुल्लू, भुंतर, जरी और कसोल की गश्त पर थे। कसोल के छलाल गांव में करीब एक बजे उन्हें एक कैफे में डीजे बजने की आवाज सुनी। पुलिस उस कैफे में पहुंची तो देखा कि विदेशी सैलानियों सहित करीब 150 महिला और पुरुष डीजे पर नाच रहे थे। पुलिस को देखते ही हड़कंप मच गया और कुछ लोग भाग गए। इसके बाद पुलिस ने डीजे बजाने वाले ऋषभ भदौला (25), पुत्र विनोद भदौला, निवासी आदर्श गांव ऋषिकेश (उत्तराखंड), दिनेश कुमार उर्फ ओमी (33) पुत्र चेत राम निवासी गांव चौहकी, डाकघर जरी, तहसील भुंतर (कुल्लू), अंकुर पारिक (34) पुत्र भगत सरण वोहरा निवासी एस डलब्यू-40 स्वामी बाग, दयाल बाग आगरा (उत्तर प्रदेश) को 150 लोगों की भीड़ एकत्रित करने और कोरोना नियमों का उल्लंघन करने पर गिरफ्तार किया।
देवभूमि हिमाचल प्रदेश में अब जबरन धर्मांतरण (Forced Conversion) करवाने पर 7 साल तक की सजा हो सकती है। प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम-2019 के विधेयक की अधिसूचना जारी कर दी है। इस कानून के प्रावधानों के तहत अब जबरन धर्मांतरण पर तीन माह से सात साल तक की सजा दी जाएगी। इस क़ानून में अलग-अलग वर्गों और जातियों के लिए अलग-अलग प्रावधान रखा गया हैं। हिमाचल प्रदेश धर्मांतरण पर कानून लाने वाला पहला राज्य था लेकिन कुछ पेचिदगियों की वजह से ये कानून आज से लागू किया गया। इससे पहले 2006 के एक्ट के मुताबिक़ इसमें 2 साल की सजा का प्रावधान था। अब महिला, नाबालिग और अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग से धर्म परिवर्तन के मामले में सात साल तक की सजा का प्रावधान है। झांसा, प्रलोभन या किसी अन्य तरीके से धर्मांतरण पर रोक रहेगी। यदि कोई व्यक्ति अपने मूल धर्म में वापस आता है तो उसे धर्म परिवर्तन नहीं माना जाएगा। विधानसभा में अधिनियम धर्म की स्वतंत्रता 2019 को मानसून सत्र में सरकार ने पारित करवाया था। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज के मुताबिक़ इस कानून में लव जेहाद पर भी सख्ती के प्रावधान है। यदि जरूरत पड़ी तो इसमें संशोधन किया जाएगा।
जिला किन्नौर के कल्पा व रोघी गाँव के मध्य स्थित सुसाइड पॉइंट नामक स्थान जितना मशहूर अपने गहराई के लिए जाना जाता है उतने ही गहरे इसके किस्से है। इस खाई में बीते वर्ष भी एक स्थानीय युवक ने कूदकर जान दे दी। इसके बाद अब बीते कल एक महिला जो मूलतः हरियाणा से किन्नौर के कल्पा घूमने आए थी, सुसाइड पॉइंट पर सेल्फी लेते हुए खाई में गिर गई। बताया जा रहा है की महिला सुसाइड पॉइंट के एक कोने में सेल्फी लेने के लिए खड़ी हुई और पैर फिसलने से महिला गहरी खाई में जा गिरी। इसके बाद आनन फानन में पुलिस को इसकी सूचना दी गई, लेकिन अंधेरा अधिक होने के कारण शव को ढूंढना मुश्किल था। पुलिस ने आज सुबह खाई से शव बरामद कर आगामी कार्यवाही शुरू कर दी है। खबर की पुष्टि करते हुए एसडीएम कल्पा अवनींद्र शर्मा ने कहा कि मामले की जांच पुलिस कर रही है और शव को पुलिस ने कब्ज़े में ले लिया है महिला हरियाणा से किन्नौर आई थी और सुसाइड पॉइंट पर सेल्फी लेते हुए पैर फिसलने से महिला की मौत हुई है। सुसाइड पॉइंट पर प्रशासन द्वारा क्रेश बेरियर लगाने के बावजूद भी इस जगह पर यह दूसरी मौत हुई है, ऐसे में इस स्थान पर आने वाले समय में प्रशासन और सख्ती कर सकता है।
जिला परिषद दाड़लाघाट वार्ड की पंचायत चुनाव संबंधी महत्वपूर्ण बैठक शिव मंदिर दाड़लाघाट के प्रांगण में 20 दिसम्बर को आयोजित होनी थी वह अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है। प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील ठाकुर व बीडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर ने बताया कि 20 दिसम्बर 2020 रविवार को जो बैठक होनी थी उसे स्थगित कर आने वाले दिनों में सभी कार्यकर्ताओं को सूचित कर दिया जाएगा। सुशील ठाकुर व जगदीश ठाकुर ने बताया कि आने वाले दिनों में बैठक में प्रत्याशी का चयन किया जाएगा। वही पंचायत चुनाव की अगली रणनीति भी बनाई जाएगी। सुशील ठाकुर व जगदीश ठाकुर ने बताया कि रविवार को विभिन्न पंचायतों में कार्यकर्ताओं ने चुनाव सम्बंधित बैठक रखी है। जिसे कार्यकर्ता के आग्रह पर इस बैठक को स्थगित कर दिया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आने वाले दिनों में बैठक की जानकारी सभी कार्यकर्ताओं को दे दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला परिषद वार्ड दाड़लाघाट के कार्यकर्ताओं से आवाहन है कि आने वाले दिनों में बैठक में अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित होकर अग्रिम रणनीति बनाने हेतु अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे।
दाड़लाघाट क्षेत्र में 108 एंबुलेंस में तैनात कर्मचारियों ने शनिवार को एक महिला का सफलतापूर्वक प्रसव करवाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 4:03 बजे 108 एंबुलेंस पर सूचना प्राप्त हुई कि गांव कोटी (अर्की) की एक महिला सुनीता कुमारी पत्नी अरुण कुमार जो कि एफआरयू अर्की अस्तपाल में दाखिल थी, की तबीयत बहुत खराब है। महिला की रात के समय तबीयत अधिक बिगडने पर केएनएच शिमला के लिए रफेर कर दिया। जिसे सीएचसी अस्तपाल दाड़लाघाट की एंबुलेंस के माध्यम से केएनएच शिमला के लिए ले जा रहे थे, जिस पर दाड़लाघाट से 108 एंबुलेंस लेकर ईएमटी सुशील स्याल और चालक रविन्द्र कुमार मौके पर थे और महिला की तबीयत अधिक खराब होने के कारण उच्च चिकित्सक डॉक्टर के साथ संपर्क करके उसे प्राथमिक उपचार दिया। लेकिन महिला की हालत में सुधार न होने पर उन्होंने महिला का प्रसव वाहन में ही करवाने का निर्णय लिया। जिसके बाद उसका सफलतापूर्वक प्रसव घणाहटी में करवाया गया और महिला ने एक लड़के को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित है और समय रहते प्रसव होने में 108 एंबुलेंस कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई। प्रसव के बाद उन्हें केएनएच शिमला में भर्ती करवाया गया है।
शिमला। ग्रामीण क्षेत्रों को चलने वाली यूनिट 3 की बसों के सही ढंग से संचालन न होने से लोग परेशान है। सरकार के सप्ताह में पांच कार्यदिवस करने के बाद परिवहन निगम की ग्रामीण क्षेत्रों को चलने वाली अधिकतर बसें भी पांच दिन ही चल रही है, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां परिवहन निगम के अधिकारी पर्याप्त स्वारियों के न होने का बहना बना कर अपना पल्ला झाड़ रहें है वहीं सरकार को लोगों की समस्याओं से कुछ लेना देना नहीं लग रहा है। कांग्रेस सचिव हरिकृष्ण हिमराल ने परिवहन निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कोविड के चलते पचास प्रतिशत स्वारियों के नियम के चलते ग्रामीण क्षेत्रों को हर रोज सभी बसें चलनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि प्रायः देखा जा रहा है कि शनिवार व रविवार को बसों के न चलने से लोग परेशानी झेल रहें है। हिमराल ने सरकार को परिवहन निगम की व्यवस्था को सुचारू करने के आदेश देने का आग्रह करते हुए कहा है कि हफ्ते में सातों दिन बसें नियमित रूप से चलनी चाहिए जिससे दैनिक काम काज वाले ग्रामीण व सभी लोंगो को किसी भी असुविधा से छुटकारा मिल सके।
शिमला। जिला में पन बिजली क्षेत्रों में निवेशकों की कठिनाईयों के निवारण के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी स्तरों पर सहयोग प्रदान किया जाएगा। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज निवेशकों को वन टाईम एमिनिटी योजना के तहत बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पन बिजली निवेशकों को स्थानीय जनता व पंचायतों से परस्पर सहयोगात्मक रवैया प्रदान करने के लिए उपमण्डलाधिकारी व स्थानीय प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे ताकि निवेशकों को कार्य करने में कोई भी व्यवधान उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि निवेशकों के सभी स्थानीय मुद्दोें को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। निवेशकों द्वारा बैठक में स्थानीय लोगों, पंचायतों व अन्य दिक्कतों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न पन बिजली योजनाओं के प्रतिनिधियों द्वारा जिला प्रशासन के साथ-साथ इस संबंध में सरकार से भी निवेशकों ने भरपूर सहयोग की मांग की ताकि लोगों को परियोजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिल सके। बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) प्रभा राजीव, जीसी हाइड्रो प्रोजेक्ट पावर लिमिटिड के पंकज ठाकुर, एसबी पावर रूपिन प्रोजेक्ट के जे. गौस्वामी, तांगनु रोमाई 1 व 2 परियोजना के घनश्याम ठाकुर, ग्रीनको हाटकोटी के विनोद ठाकुर, राजपुर हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट लिमिटिड के सुनील कुमार शर्मा उपस्थित थे।
तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण, जनजातीय विकास, सूचना प्रौद्योगिकी तथा जन शिकायत निवारण मंत्री डाॅ. रामलाल मारकण्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में ऐसे पाठ्यक्रम आरम्भ कर रही है जो व्यवहारिक एवं रोजगारोन्मुखी हों। डाॅ. मारकण्डा आज सोलन जिला के कण्डाघाट विकास खण्ड के सायरी में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सायरी का निरीक्षण करने के उपरान्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के अध्यापकों एवं अन्य से विचार-विमर्श कर रहे थे। डाॅ. मारकण्डा ने कहा कि सायरी में एक वर्ष में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का नया भवन तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां प्री-फैबरीकेटिड संरचना निर्मित की जाएगी। उन्होंने यहां अगले वर्ष से दो और टेªड आरम्भ करने का आश्वासन भी दिया। वर्तमान में आई.टी.आई सायरी में इलैक्ट्रीशियन और फैशन डिजाईनिंग के पाठ्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने आई.टी.आई सायरी के लिए चयनित 09 बीघा भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि आई.टी.आई भवन सायरी के निर्माण के लिए 1.23 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध करवाई जाएगी। तकनीकी शिक्षा मन्त्री ने कहा कि युवाओं को ऐसी व्यवहारिक जानकारी प्रदान की जानी आवश्यक है जो उन्हें वर्तमान की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करे। इसके लिए उद्योग जगत की मांग के अनुरूप तथा आधुनिक टेªड आरम्भ करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। डाॅ. मारकण्डा ने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजनाबद्ध कार्य कर रही है। स्टार्टअप इण्डिया योजना तथा मुख्यमन्त्री स्वावलम्बन योजना के तहत युवाओं को अपना स्वरोजगार आरम्भ करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमन्त्री स्वावलम्बन योजना के तहत प्रदेश में अभी तक 936 इकाईयां स्थापित की गई हैं और 47.78 करोड़ रुपए उपदान के रूप में प्रदान किए गए हैं। उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. संजीव धीमान, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियन्ता अजय कपूर, ग्राम पंचायत सायरी की प्रधान अंजू राठौर, पूर्व प्रधान सुन्दर सिंह जसवाल, आई.टी.आई सायरी के प्रधानाचार्य जोगेन्द्र शर्मा, भाजपा मण्डल उपाध्यक्ष मदन कौशल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं स्थानीय निवासी उपस्थित थे।
शिमला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने आज वर्तुल माध्यम से सभी जिला अध्यक्ष एवं मंडल अध्यक्षों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 27 दिसंबर को प्रदेश में जयराम ठाकुर के नेतृत्व में चलने वाली भाजपा सरकार के 3 साल पूर्ण होने जा रहे हैं यह 3 साल सुशासन एवं उपलब्धि भरे रहे हैं। अपने 3 सालों में जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के सभी वर्गों का ख्याल रखा है जन कल्याणकारी योजनाओं में हिमाचल प्रदेश पूरे देश में अग्रिम प्रदेशों में से एक है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को केंद्र सरकार के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा वर्चुअल माध्यम से संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम हेतु प्रत्येक मंडल में भारतीय जनता पार्टी द्वारा दो एलईडी स्क्रीन लगेगी जिसमें कोविड-19 के चलते प्रत्येक स्थान पर 50 लोग एकत्रित होंगे। सभी प्रदेश पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी एवं नेतागण अपने-अपने मंडल में इस कार्यक्रम के साक्षी बनेंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र शिमला होगा, कार्यक्रम को सोशल मीडिया के समस्त माध्यमों से भी टेलीकास्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ,प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन ,केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार एवं प्रेम कुमार धूमल भी इस कार्यक्रम में जुड़ेंगे। उन्होंने बताया कि जयराम ठाकुर सरकार ने अपने 3 वर्ष के कार्यकाल में वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने व 9.61 लाख परिवारों को वर्ष 2022 तक प्राकृतिक खेती के तहत लाने का लक्ष्य तय किया है, मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत 936 इकाइयां स्थापित की एवं 47.78 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी, हिम केअर योजना के अंतर्गत 128.95 करोड़ रुपये खर्च किए,1.24 लाख से अधिक लोगों का किया उपचार योजना के तहत प्रदेश में 4.61 लाख परिवार पंजीकृत हुए। हिमाचल ग्रहणी सुविधा योजना में 2.85 लाख महिलाओं को दिए निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन , यह उपलब्धि प्राप्त करने वाला हिमाचल देश का प्रथम राज्य बना ।
राज्यस्तरीय कला उत्सव-2020 में जिला सोलन का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा। सोलन ज़िला के प्रतिभागियों ने राज्य स्तर पर दो प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान, पांच प्रतियोगिताओं में द्वितीय स्थान व एक प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त किया। कुल नौ तरह की कला विधाओं में राज्यस्तर पर आठ स्थान प्राप्त करना ज़िला सोलन के लिए गौरव की बात है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धर्मपुर सोलन की छात्रा वसुंधरा ने शास्त्रीय गायन प्रतियोगिता में व अर्की विद्यालय की छात्रा सोनिया ने शास्त्रीय संगीत में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इन दोनों। छात्राओं का चयन प्रदेश से राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिता के लिए हुआ है। इसके अतिरिक्त उदित भारद्वाज अर्की विद्यालय शास्त्रीय गायन, अर्की से ही हिमानी पारम्परिक लोक संगीत, लक्षित भारद्वाज अर्की विद्यालय से एकल शास्त्रीय नृत्य, आकांक्षा राजकीय कन्या वरिष्ठ विद्यालय नालागढ़ दृश्य कला व भावना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कल्होग सोलन indegenous toy making प्रतियोगिता में राज्य स्तर पर दूसरे स्थान पर रहे। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोठों के छात्र पारम्परिक लोक गायन में तीसरे स्थान पर रहे। इसका श्रेय जहां प्रतिभागियों को जाता है वहीं उनके अभिभावक, अध्यापक, सभी खंड स्त्रोत समन्वयक व जिला समन्वयक विशेष बधाई के पात्र है। इस बार की कला उत्सव प्रतियोगिता अपनेआप में एक अनूठा अनुभव था। यह प्रतियोगिता ऑनलाइन माध्यम से करवाई गई और सभी प्रतिभागियों ने पूर्ण लग्न से इसमे भाग लिया। डाइट सोलन के लिए सभी प्रतिभागियों से संपर्क में रहना व राज्यस्तर पर समन्वय बनाना भी एक चुनैतिपूर्ण कार्य था जिसको कार्यक्रम समन्वयक अंजू गर्ग और सहयोगी स्टाफ ने भलीभांति अंजाम दिया।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने सोलन जिला में कार्यरत विभिन्न बैंकों को निर्देश दिए कि वे लम्बित पड़े ऋण मामलों सहित बैंकों से सम्बन्धित विभिन्न कार्यों को समय पर निपटाएं। केसी चमन आज यहां जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक द्वारा निर्धारित जिला सलाहकार समीति की 161वीं त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। केसी चमन ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित करने के लिए प्राप्त आवेदनों का पात्रता अनुसार ऋण शीघ्र स्वीकृत किया जाना चाहिए ताकि युवा उद्यमी समय पर लाभ प्राप्त कर अपना व्यवसाय आरम्भ कर सकें। उन्होंने कहा कि सभी बैंकर्ज को दिए गए लक्ष्य को समय पर प्राप्त करना चाहिए। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ऋण सम्बन्धी मामलों के अविलम्ब निपटारे के लिए बैंकों के साथ समन्वय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण उत्पन्न खतरे के मध्य वर्तमान में युवा शक्ति को सही दिशा प्रदान करना और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के माध्यम से आर्थिकी को सुदृढ़ करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापित करने के लिए ऋण आवश्यक है और यदि बैंक समय पर ऋण प्रदान करें तो स्थिति को संभालने में सहायता मिल सकती है। बैठक में जानकारी दी गई कि जिला में 30 सितम्बर 2020 तक प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 218861 खाते खोले गए हैं। इन खातों में 8019.92 लाख रुपए जमा किए गए हैं। 64 प्रतिशत खाता धारकों को रूपे कार्ड जारी कर दिए गए हैं जबकि 88.98 प्रतिशत खातों को आधार संख्या से जोड़ा गया है। इस अवधि तक प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से 285211 लाभार्थियों को जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से 170709 तथा अटल पैंशन योजना से 36504 लाभार्थी जुड़ चुके हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सोलन जिला में सितम्बर 2020 तक 14878 खाते खोले गए हैं। योजना की शिशु श्रेणी के तहत 4745 लाभार्थियों को लगभग 2333 लाख रुपए, किशोर श्रेणी में 7292 व्यक्तियों को लगभग 18699 लाख रुपये तथा तरूण श्रेणी के तहत 2841 लाभार्थियों को लगभग 20202 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जिला में सितम्बर, 2020 तक 28579 किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं। बैठक में अवगत करवाया गया कि वार्षिक ऋण योजना 2020-21 के तहत अभी तक कुल लक्ष्यों का लगभग 70 प्रतिशत प्राप्त किया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबन्धक स्वर ग्रोवर ने बैंकों को समय-समय पर जारी होने वाले दिशा-निर्देशों की जानकारी दी तथा इनकी अनुपालना का आग्रह करते हुए सभी बैंक अधिकारियों से खंड स्तरीय बैंकर्ज समिति की प्रत्येक कार्यशाला में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला उद्योग केन्द्र के महा प्रबन्धक राजीव कुमार, जिला अग्रणी बैंक यूको बैंक के प्रबन्धक केके जसवाल, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी राजकुमार, डीडीएम नाबार्ड अशोक चैहान, जिला राजस्व अधिकारी केशव राम सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न बैंको के प्रबंधक तथा प्रतिनिधि उपस्थित थे।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि सोलन जिला की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आवश्यकता अनुसार ठोस एवं तरल कचरा प्रबन्धन के लिए संयन्त्र स्थापित किए जाने चाहिएं ताकि जिला में सभी क्षेत्रों को पूर्ण रूप से स्वच्छ रखा जा सके। केसी चमन आज जिला स्वच्छ भारत मिशन प्रबन्धन समिति (ग्रामीण) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उपायुक्त ने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि ठोस एवं तरल कचरा प्रबन्धन के लिए संयन्त्र स्थापित करना सुनिश्चित करें ताकि कूड़े-कचरे का उचित निपटान सुनिश्चित बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि ठोस एवं तरल कचरा प्रबन्धन के लिए विकास खण्ड कण्डाघाट के अन्तर्गत ग्राम पंचायत बीशा में 32.50 लाख रुपए की लागत से संयन्त्र स्थापित किया जा रहा है। विकास खण्ड धर्मपुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत जाबली में 81 लाख रुपए की लागत से संयन्त्र स्थापित किया जा रहा है। नालागढ़ के रामशहर में 25.50 लाख रुपऐ की लागत से ठोस एवं तरल कचरा प्रबन्धन के लिए संयन्त्र स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिला में 369 सामुदायिक स्वच्छता परिसर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिला में अभी तक 307 सामुदायिक स्वच्छता परिसर स्थापित किए जा चुके हैं। शेष 62 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि इन सभी को 31 मार्च 2021 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। जिला सोलन की 192 ग्राम पंचायतों को पंचायत सचिवों द्वारा गूगल शीट पर अद्यतन किया जा चुका है। शेष पंचायतों का कार्य प्रगति पर है। अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के उपनिदेशक एवं परियोजना अधिकारी राजकुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र तेगटा, जिला पंचायत अधिकारी मोती लाल, विभिन्न विकास खण्डों के खण्ड विकास अधिकारी, नेहरू युवा केन्द्र की प्रभारी ईरा प्रभात सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।


















































