अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर शहीद हुए सिरमौर के 23 वर्षीय लाल अंचित कुमार का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक गांव धार पंजेहरा पहुंचा। शहीद का पार्थिव शरीर गांव में पहुँचते ही हज़ारों की संख्या में जनसैलाब उनके आखिरी दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। हर तरफ केवल "भारत माता की जय","अंचित शर्मा अमर रहे" के नारे ही सुनाई पड़ रहे थे। माँ-बाप का इकलौता लाल तिरंगे में लिपटा हुआ जब अपने घर पहुंचा तो उनकी परिवार वालों की आंसुओं से भरी आँखे उनके दर्द बयां कर रहीं थी। माँ और बहन के रो-रो कर बुरे हाल थे जबकि पिता की नम आँखे और उनका चौड़ा सीना उनके गर्व को दर्शा रहा था। दोपहर के समय अंचित शर्मा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिमसंस्कार किया गया।
कोरोना वैक्सीन का हर कोई बेसब्री से इंतजार कर रहा है इसके लिए विश्व भर में प्रयास चल रहे हैं। वहीं अब इन प्रयासों में हिमाचल भी अपना योगदान देगा। बता दें कि खबर आ रही है कि रूस की कोरोना वैक्सीन हिमाचल के बद्दी में तैयार की जाएगी। इसके लिए बद्दी की एक कंपनी पनेशिया से करार हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर में यह कंपनी स्पूतनिक टीके का उत्पादन शुरू करेगी। बताया जा रहा है कि सिरमौर जिले के पांवटा में स्थापित मैनकाइंड कंपनी के साथ भी दवा की मार्केटिंग को लेकर बातचीत चल रही है। जानकारी के अनुसार पनेशिया से करार से पहले बद्दी की दो और कंपनियों डा. रेड्डी और हेट्रो से वैक्सीन तैयार करने के लिए रूस की ओर से बातचीत चल रही थी। लेकिन उत्तर भारत में वैक्सीन बनाने वाली पनेशिया ही एकमात्र कंपनी है इसलिए रूस ने इसी कंपनी के साथ करार किया है। बताया जा रहा है कि इसकी वैक्सीन बनाने के लिए कंपनी को तकनीक ट्रांसफर हो चुकी है।
हिमाचल प्रदेश के बिजली उपभोगताओं को हाई कोर्ट ने बड़ी राहत प्रदान की है। हिमाचल में अब बिजली के नये कनेक्शन पुरानी सिक्योरिटी राशि पर ही मिलेंगे। बता दें बिजली के मीटर लगाने के लिए उपभोगताओं से ली जाने वाली राशि कई गुना बढ़ा दी गई थी। पर अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद राज्य बिजली बोर्ड ने इस सिक्योरिटी राशि के आदेश स्थगित कर दिए हैं। एडवांस कंज्यूमर डिपॉजिट की नई दरें तय करने के लिए जल्द विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेजा जाएगा। आयोग द्वारा नई दरें तय करने तक प्रदेश में पुरानी सिक्योरिटी राशि पर ही नए बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। शुक्रवार को बोर्ड प्रबंधन की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सिक्योरिटी राशि की नई दरों पर स्टे दे दिया है। इससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल गई है। बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक आरके शर्मा ने बताया कि सिक्योरिटी की नई दरें तय होने तक प्रदेश में पुरानी दरें लागू रहेंगी। बिजली बोर्ड ने घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक कनेक्शनों पर एडवांस कंज्यूमर डिपॉजिट में भारी बढ़ोतरी कर दी थी। प्रदेश भर में विरोध के बाद सरकार ने बढ़ाई दरें वापस लेने का एलान किया था। शुक्रवार को बोर्ड प्रबंधन ने नई दरों के आदेश को स्थगित करते हुए पुरानी सिक्योरिटी राशि के मुताबिक ही नया बिजली कनेक्शन देने का फैसला लिया है।
कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रदेश सरकार के आदेशों अनुसार प्रदेश के सभी छोटे बड़े बाजार 15 दिसम्बर तक रविवार को ही बंद रहेंगे। प्रदेश के कुछ बाजारों की तरह जिला सोलन का उभरता कुनिहार बाजार भी सोमवार को बन्द रहता है क्यूंकि रविवार को बाजार में ग्राहकों की काफी भीड़ रहती है। लेकिन अब सरकार व जिला प्रशासन के रविवार को बाजार बंद रखने के आदेशों का कुनिहार व्यापार मण्डल पूरा पालन करेगा व आगामी आदेशो तक कुनिहार बाजार भी सोमवार की बजाय रविवार को बन्द रहेगा। व्यापार मन्डल प्रधान सुमित मित्तल ने बताया कि सभी व्यापारी भाई पहले भी सरकार व प्रसासन के दिशा निर्देशों का पूरा पालन करते रहे है और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि कुनिहार व्यापार मण्डल किसी भी सहयोग के लिए हमेशा तैयार रहता है। उन्होंने सभी व्यापारी भाइयों से अपील की है कि सभी व्यापारी भाई प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करें व मास्क, सैनिटाइजर व उचित दूरी का विशेष ध्यान रखे।
दाड़लाघाट। नायब तहसीलदार दाड़लाघाट द्वारा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने को लेकर गांव स्यार के निवासी को अवैध रूप से डंगा लगाने को लेकर नोटिस जारी किया है। नायब तहसीलदार बंसत लाल राजटा ने कहा कि मदन लाल, धर्मेन्द्र व देवी चंद आदि निवासी गाँव स्यार ने 23 नवंबर 2020 को उप मंडल अधिकारी (नागरिक) के समक्ष एक पत्र प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने कहा की देवी चंद पुत्र गोपाला, नीरज कुमार पुत्र देवी चंद, गोदवारी पुत्री देवी चंद व सुशील कुमार पुत्र देवी चंद निवासी स्यार ने सरकारी भूमि खसरा नम्बर 124 रकवा 0-02-07 पर डंगा लगा कर अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगाया है, जिससे आम रास्ता-सड़क जो गांव को जाता है को वह जानबूझ कर संकरा कर रहा है। इस बाबत पटवारी हल्का दाड़लाघाट से छानबीन करवाई गई थी जिसमे मामला सही साबित हुआ। इस बाबत जब उन्हें काम को बंद करने की हिदायत सलाह दी गई तो उन्होंने काम को बंद करने से मना कर दिया। इस सम्बन्ध में उप मंडल अधिकारी अर्की द्वारा 27 नवंबर 2020 को दिए आदेश जिसकी मूल प्रति इस पत्र के साथ सलंग्न कर नायब तहसीलदार दाड़लाघाट को कहा है कि वह स्वयं मौका पर जाकर सरकारी भूमि निशानदेही देकर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस मामला में यदि पुलिस सहायता की आवश्यकता समझते हों तो स्थानीय पुलिस थाना दाड़लाघाट से संपर्क कर सकते हैं। नायब तहसीलदार दाड़लाघाट बसंतलाल लाल राजटा ने इस मामले की पुष्टि की है।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने जिला में आवश्यक वस्तुओं का अधिकतम परचून मूल्य निर्धारित करने के संबंध में अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी रोकथाम आदेश 1977 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी की गई है। अधिसूचना के अनुसार बकरा अथवा भेडे का मीट 400 रुपये प्रति किलोग्राम, सूअर का मीट 250 रुपये प्रति किलोग्राम, ड्रेस्ड चिकन तथा डेªस्ड ब्राॅयलर 180 रुपये प्रति किलोग्राम, बिना तली मछली 250 रुपये प्रति किलोग्राम, तली हुई मछली 300 रुपये प्रति किलोग्राम तथा जीवित मुर्गे का मूल्य 110 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। यह सभी करों एवं अन्य शुल्क सहित अधिकतम परचून मूल्य है। जिला के ढाबों तथा प्रतिष्ठानों में तंदूरी चपाती 07 रुपये प्रति चपाती, तवा चपाती 05 रुपये प्रति चपाती, भरा हुआ परांठा 20 रुपये प्रति परांठा, फुल डाईट ( चावल चपाती एवं दाल तथा सब्जी) 60 रुपये, एक प्लेट चावल 50 रुपये प्रति प्लेट, दाल फ्राईड 50 रुपये प्रति प्लेट, मीट करी 110 रुपये प्रति प्लेट, चिकन करी 90 रुपये प्रति प्लेट, वेजीटेबल स्पेशल 70 रुपये प्रति प्लेट, मटर अथवा पालक पनीर 80 रुपये प्रति प्लेट, सब्जी अथवा चना एवं दही के साथ 02 पूरी 35 रुपये प्रति प्लेट तथा रायता 30 रुपये प्रति प्लेट निर्धारित किया गया है। यह अधिकतम परचून मूल्य है। स्थानीय दूध की दर 40 रुपये प्रति लीटर, सभी ब्रान्ड के पैकेट वाले दूध की दर मुद्रित मूल्य के अनुसार, पनीर 250 रुपये प्रति किलोग्राम तथा दही का मूल्य 55 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। यह अधिकतम परचून मूल्य है। सभी ब्रान्ड के शीतल पेय मुद्रित दर के अनुसार विक्रय किए जा सकते हैं। आदेशों के अनुसार उक्त सभी विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठान के द्वार पर हस्ताक्षरित मूल्य सूची प्रदर्शित करनी होगी। उपभोक्ता की मांग पर कैश मेमो जारी करना आवश्यक होगा।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच अभी से तलवारें खींच गई है। सर्वदलीय बैठक में विपक्ष विधानसभा के शीतकालीन सत्र को बुलाए जाने पर अड़ गया है। विपक्ष के रवैये पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने दो टूक कहा कि यदि सत्र होगा तो धर्मशाला के तपोवन में ही होगा। उन्होंने कहा की विपक्ष के नेताओं की सत्र को लेकर आपसी सहमति नहीं है। उनके नेताओं के सत्र को लेकर अलग अलग बयान आ रहे है। विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री को पहले अपने विधायको से सत्र को लेकर राय ले लेनी चाहिए।
हिमाचल में कोरोना संक्रमण का कहर बढ़ता जा रहा है। कोरोना से मरने वालों के आंकड़े में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। प्रदेश में अब तक 37,544 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं जबकि 596 लोगों की कोरोना से मौत हो गयी है। जिलावार बात करें तो सबसे ज़्यादा प्रभावित हिमाचल की राजधानी हुई है, कोरोना से अब तक शिमला में 156 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, तो वहीं काँगड़ा में भी अब तक 117 लोग कोरोना के चलते अपनी जान गंवा चुके है l हिमाचल में कोरोना से मृत्यु दर अब 1.58 पहुँच चुका है जो हिमाचल के लोगों के लिए चिंता का सबब बना हुआ है l वहीं राजधानी की बात करें तो मृत्यु दर सबसे अधिक है, शिमला में मृत्यु दर अब 2.46 हो चुका है। प्रदेश में स्थिति पिछले एक महीने से ही ज़्यादा बिगड़ी है l इस महीने हिमाचल में 15000 से ज़्यादा नए मामले सामने आये है l कोरोना पर काबू पाने के लिए हिमाचल सरकार कई प्रयास कर रही है और, मास्क न लगाने वालों के चालान भी किये जा रहे है l पर क्या सिर्फ मास्क लगाने से कोरोना रुकेगा ये एक बड़ा सवाल है l
कोरोना को मात देकर डीसी शिमला एक्शन मोड में आ गए हैं। शिमला जिला में पिछले दिनों कोरोना के मामलों में इज़ाफ़ा हुआ है जिसकी वजह लोगों की लापरवाही है। इसी को ध्यान में रखते डीसी शिमला आदित्य नेगी ने शिमला शहर का औचक निरीक्षण किया और मास्क न पहनने, सब्जियों के तय दामों पर बेचने के लिए चालान भी काटे साथ ही लोगों को जागरूक करने का काम भी किया। डीसी शिमला आदित्य नेगी ने बताया कि वह खुद भी कोरोना महामारी की चपेट में आ गए थे और पिछले 17 दिन से होम आइसोलेशन में थे। शिमला जिला में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं जिसका मुख्य कारण लोगों की लापरवाही और कोविड नियमों की पालना न करना है। इसलिए जिला प्रशासन ने आज शहर के बाजारों और रिज मैदान का औचक निरीक्षण किया और जायजा लिया की लोग सरकार के निर्देश का कितना पालन कर रहे हैं। साथ ही सब्जियों के दामों को भी चेक किया गया है। जो लोग नियमों की पालना नहीं कर रहे हैं उनके चालान भी काटे गए हैं। जिला प्रशासन इस मुहिम को आगे भी जारी रखेगा और निरीक्षण के लिए भी टीम भेजी जाएगी।
पूर्व संस्कृत अकादमी सचिव हिमाचल प्रदेश डॉ मस्तराम शर्मा ने सांसद डॉ गौरव शर्मा को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रदान की है।उन्होंने कहा की हमीरपुर के विद्वान डॉ गौरव शर्मा बधाई के पात्र है, जो न्यूजीलैंड के नवनिर्वाचित सांसद होते हुए संविधान की रक्षा के लिए जिन्होंने हाल ही में शपथ ग्रहण की, इससे हिमाचल प्रदेश और भारतवर्ष का गौरव बढ़ा है। न्यूजीलैंड की माओरी भाषा में तथा भारत की प्राचीनतम भाषा संस्कृत में शपथ लेकर डॉ गौरव शर्मा ने दोनों देशों का मान सम्मान बढ़ाया है। मस्त राम ने कहा कि डॉक्टर गौरव शर्मा सांसद ने भारत और न्यूजीलैंड दोनों देशों की सांस्कृतिक भाषाओं परंपराओं के प्रति गहरा सम्मान दिखाया है, जिसके लिए यह बधाई के पात्र हैं।
ऊना के ईसपुर में स्कूटी और गाड़ी की टक्कर में 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। मामला शुक्रवार सुबह का है जब स्कूटी पर सवार यशपाल सिंह ईसपुर के समीप से गुजर रहा था। इस दौरान उसकी स्कूटी की एक मिनी ट्रक से टक्कर हो गई और वह घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया है। वहीँ गाड़ी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुर्वेद मन्त्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा कसौली विधानसभा क्षेत्र का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित बनाया जा रहा है। डाॅ. सैजल आज कसौली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत आंजी मातला में 24 लाख रुपए की योजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के उपरान्त उपस्थित लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने ग्राम पंचायत आंजी मातला के बेहड़े का खेच में 07 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाले आंगनबाड़ी केन्द्र तथा सिहाड़ी ब्राहम्णा में 02 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाले सामुदायिक भवन की आधारशिला रखी। उन्होंने आंजी मातला में 15 लाख रुपए की लागत से निर्मित ग्राम सभा हाॅल का लोकार्पण भी किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने कसौली विधानसभा क्षेत्र में समग्र एवं संतुलित विकास के लिए अनेक पग उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ही कसौली विधानसभा क्षेत्र के लिए उपमण्डलाधिकारी कार्यालय स्वीकृत किया गया है। शीघ्र ही कसौली विधानसभा क्षेत्र में उपमण्डलाधिकारी कार्यालय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धर्मपुर में 50 बिस्तरों का अस्पताल भी स्वीकृत किया गया है। इसके निर्माण के लिए भूमि चयनित कर ली गई है और एक वर्ष के भीतर यह बनकर तैयार हो जाएगा। प्रदेश सरकार ने इस कार्य के लिए प्रथम किस्त के रूप में 3.50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। डाॅ. सैजल ने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र के निवासी केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना स्वास्थ्य बीमा के क्षेत्र में क्रान्तिकारी सिद्ध हुई है। देश के लगभग 50 करोड़ परिवार योजना के दायरे में लाए गए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वस्थ रखने और पर्यावरण की सुरक्षा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा आरम्भ की गई हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना को देशभर में सराहा जा रहा है। प्रदेश में लगभग 02.67 लाख पात्र परिवार योजना से लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र में भी 3000 से अधिक पात्र परिवारों को इस योजना के दायरे में लाया गया है। आयुर्वेद मन्त्री ने कहा कि आमजन के सहयोग से ही प्रदेश में कोविड-19 महामारी पर नियन्त्रण पाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सावधानी ही इस रोग का उपचार है और सभी को अनुशासित होकर कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए 03 सूत्रों का पालन करना चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि विशेष रूप से सार्वजनिक स्थानों पर सभी उचित तरीके से मास्क पहनें, 02 व्यक्तियों के मध्य कम से कम 02 गज की दूरी रखें और बार-बार अपने हाथ साबुन से धोते रहें। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाया कि कसौली विधानसभा क्षेत्र की विकास सम्बन्धी सभी आवश्यकताओं को चरणबद्ध आधार पर पूरा किया जाएगा। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर जन समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को इनके निपटारे के निर्देश दिए। उन्होंने इस अवसर पर कोविड-19 महामारी के समय में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया। भाजपा मंडल कसौली के अध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा, ग्राम पंचायत गुल्हाड़ी के प्रधान राज्य परिवहन प्राधिकरण के सदस्य मदन मोहन मेहता, बघाट बैंक के निदेशक कृपाल सिंह, ग्राम पंचायत आंजी मातला के प्रधान खुशी राम, ग्राम पंचायत धर्मपुर के प्रधान ओपी पंवर, उप प्रधान सुशील शर्मा, बीडीसी सदस्य दीक्षा शर्मा, भाजपा किसान मोर्चा के जगदीश ठाकुर, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष वीरेंद्र, भारतीय जनता युवा मोर्चा के रोहित ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेन्द्र तेगटा, लोक निर्माण, जल शक्ति एवं पंचायती राज विभाग, प्रदेश विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी, भाजपा तथा भाजयुमो के पदाधिकारी, गणमान्य व्यक्ति तथा पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित क्षेत्रवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।
सविधान दिवस के अवसर पर 1 एचपी बीएन एनसीसी सोलन के तत्वावधान में पाइनग्रोव स्कूल द्वारा एक वेबिनार का आयोजन किया गया था। इस वेबिनार का संचालन क्रमशः एएनओ सुनील कुमार वर्मा और एएनओ विनीता ठाकुर ने धर्मपुर और सुबाथू शाखाओं में किया। इस अवसर पर पाइनग्रोव स्कूल के विशाल गौरी जो कि सामाजिक विज्ञान विभाग के अध्यापक और संसाधन व्यक्ति सांस्कृतिक मामलों के प्रभारी उपस्थित थे। उन्होंने वेबीनार के लिए एजेंडा एनसीसी कैडेटों को संविधान, संविधान के क्यूरेटर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर और कोरोना प्रभावित समय के दौरान जीवन के बारे में बच्चों को शिक्षित किया। गौरी ने छात्रों को संविधान बनाने, इसकी मुख्य विशेषताओं और बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जीवन के बारे में बताया। अनिल कुमार वर्मा ने इस दौरान कैडेटों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमारे जीवन पर एनओएन के योगदान और एनसीसी के योगदान पर विशेष चर्चा की। भारतीय संविधान पर एक ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गई थी। स्कूल के कार्यकारी निदेशक, कैप्टन ए जे सिंह ने छात्रों के बीच हमारे संस्थापक सिद्धांतों की अधिक समझ को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के और अधिक विभिन्ना करने की आवश्यकता व्यक्त की। इस वेबिनार में 300 से अधिक कैडेट्स ने भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश के मंडी (Mandi) जिला में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म (Rape) का मामला सामने आया है। यह नाबालिग शादी समारोह (Marriage ceremony) में गई थी। वहीं पर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। दुष्कर्म का यह मामला उपमंडल थुनाग (Thunag) की बगड़ाथाच पंचायत में सामने आया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी जांच (Investigation) शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार बगड़ाथाच पंचायत में एक नाबालिग लड़की शादी समारोह में भाग लेने आई थी।
प्रदेश में लगातार कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है। वीरवार देर रात IGMC शिमला में कोरोना के चलते 5 मौतें हुई हैं। इनमे सोलन के अर्की का एक 61 वर्षीय व्यक्ति जिसे निमोनिया भी था, की मौत हो गई। 21 नवंबर को पॉजिटिव पाए जाने के बाद उसे आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था। वहीं शिमला के दूधली इलाके की रहने वाली एक 62 वर्षीय महिला ने भी IGMC में दम तोड़ा। महिला 26 नवंबर को अस्पताल में दाखिल करवाई गई थी और उसने सांस की दिक्कत और कोरोना के संक्रमण के चलते दम तोड़ दिया। महिला निमोनिया से भी ग्रसित थी और उसका उपचार वेंटिलेटर पर चल रहा था। वहीं शिमला के एक 46 वर्षीय व्यक्ति ने भी गंभीर संक्रमण के चलते दम तोड़ दिया। वह निमोनिया से भी ग्रसित था और उसे सांस की दिक्कत भी थी। इसके अलावा पंडोह और बिलासपुर के रहने वाले मरीजों ने आइजीएमसी में दम तोड़ दिया है।
देहा थाना क्षेत्र के अधीन गांव धार तरपुनु में आज सुबह करीब 4:30 प्रातः बंसी लाल वर्मा ,रमेश बर्मा व नरेंद्र वर्मा के मकान में आग लगने की सूचना मिली। इस आगजनी में इन तीनों लोगों के मकान जलकर खाक हो गए हैं। रमेश वर्मा s/o स्वर्गीय हरिराम वर्मा गांव धार डाकघर चनेर सव तहसील देहा कि मकान के अंदर जलकर मौत हो गई है। रमेश वर्मा पब्लिक सर्विस कमीशन बोर्ड शिमला में बतौर क्लर्क कार्यरत थे और आज कल छुट्टी पर थे। स्थानीय पुलिस फायर बिग्रेड ने आग पर काबू पा लिया है। इस आगजनी में लाखों के नुकसान का अनुमान है। प्रशासन मौके पर पहुंचकर आगामी कार्यवाही की रणनीति बना रहा है। मृतक के पोस्टमार्टम हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इस दुखद घटना पर स्थानीय विधायक बलवीर सिंह वर्मा ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
विद्युत मंडल जुब्बल कोटखाई के अंतर्गत एक्सप्रेस 22 केवी फिडर लाइन बन कर तैयार हो गई है और 25 नवंबर से इसे चालू कर दिया गया है बुधवार को नोगली से 66 के वी के अवरुध होने पर जुब्बल को सफलता पूर्वक इस लाइन के माध्यम से आपूर्ति की गई। भविष्य में नोगली कोटला वाली बिजली आपूर्ति अवरुद्ध होने के बावजूद भी जुब्बल को कोटखाई 22 के वी के माध्यम से बिजली की आपूर्ति की जाएगी। इस लाइन के बन जाने से अभी तक जो बिजली की समस्या जुब्बल क्षेत्र में आती थी वह दूर होगी। इससे पूर्व जब भी 66kv नोगली एवं रोहड़ू इत्यादि में जो भी अवरोध आता था उसके कारण जुब्बल की बिजली अवरुध होती थी अब यह समस्या दूर हो जाएगी। जुब्बल नगर पंचायत के चेयरमैन बृजलाल,वाइस चेयरमैन सुधा सूद,पूर्व वाइस चेयरमैन दिलिप चौहान,देवेन्द्र सोखटा,महावीर सिंह,बिशंबर शर्मा,अनुराधा ससरामटा,लीला सुद ने बताया कि नरेंद्र बरागटा ने इस क्षेत्र की जनता से कोटखाई से जुब्बल के लिए 22 केवी एक्सप्रेस फीडर लाइन बनवाने का जो वादा किया था आज उन्होंने उस वादे को पुरा कर दिया है। अब जब भी नोगली कोटला से विद्युत आपूर्ती ठप पड़ेगी तो कोटखाई द्वारा बिजली की आपूर्ति की जाएगी जिससे कि स्थानीय जनता को लाभ होगा। इस जनहित कार्य के लिए जुब्बल क्षेत्र से करम सिंह, अनिल चंतराटा, अजय बिष्ट, प्रेम सिंह, चमन शर्मा, अनिता जकटा, दलीप, चरण सिंह, जय किशन शर्मा, बिशन लाल शर्मा, खुशी राम शर्मा, अजय कोटवी, पंकज जोबटा, करण सिंह चौहान, मनोज, अकुश चौहान, सोनू सुबरेटा, काकु धौलटा, गोपी चंद शर्मा, निकम सिंह, भादर सिंह, छोटु चौहान ने जुब्बल कोटखाई के विधायक नरेंद्र बरागटा का धन्यवाद किया है।
दाड़लाघाट। आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्ज यूनियन एवं मिड डे मील वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू अर्की द्वारा एरिया प्रभारी सीटू अर्की अमर चंद गजपति की अध्यक्षता में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को नायब तहसीलदार दाड़लाघाट बसंत लाल राजटा के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्ज यूनियन एवं मिड डे मील वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू अर्की द्वारा अपनी मांगों को लेकर आज रोष प्रदर्शन कर रहे हैं। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने अपनी कुछ मांगो में आंगनवाड़ी वर्कज एवं हेल्पर्ज को एवं मिड डे मील वर्कर को 45वे श्रम सम्मेलन की सिफारिश के अनुसार पक्का किया जाए। जबकि आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्ज को हरियाणा के तर्ज पर मानदेय दिया जाए। वही आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स और मिड डे मील वर्कर को कर्मचारी बनाया जाए व पेंशन के लाभ दिया जाए। मांगो में आंगनवाड़ी केंद्र को प्री नर्सरी का दर्जा दिया जाए। मिड डे मील वर्कज को 275 रुपये दिहाड़ी प्रतिदिन व 8250 रुपये मासिक वेतन दिया जाए और मिड डे मील वर्कज को शिक्षा विभाग में मल्टी टास्क वर्कर्स भर्ती में प्राथमिकता दी जाए। स्कूलों में मिड डे मील वर्कर की छंटनी रोकी जाए व 25 बच्चों की प्राथमिकता हटाई जाए। आंगनवाड़ी वर्कज एवं हेल्पर्ज यूनियन एवं मिड डे मील वर्कर यूनियन की समस्त कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से अनुरोध किया कि आप इन सभी मांगों पर गौर करके इसे पूरे करने का प्रयास करेंगे। इस अवसर पर एरिया प्रभारी सीटू अर्की अमर चंद गजपति, बिमला, पार्वती, कांता, गोपाल चंद, उर्मिला, सुषमा, कुसम सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सोलन। सिर्फ ग्यारह साल पहले स्थापित शूलिनी यूनिवर्सिटी ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट साइंसेज, जो कि हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित है, ने साइटेशन इंडेक्स की 2021 क्यूएस रैंकिंग में पूरे भारत में शीर्ष स्थान हासिल किया है। साइटेशन इंडेक्स की क्यूएस रैंकिंग है, जो संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान का एक संकेतक है। संस्थाइन को इसी क्षेत्र में पूरे एशिया में 14वां स्थान प्राप्त हुआ है। कुआक्आरेली साइमंड्स (क्यूएस) शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक स्वतंत्र और एक अत्यधिक प्रतिष्ठित विश्वसनीय वैश्विक रैंकिंग संगठन है और इसकी एशिया रैंकिंग आज एक ऑनलाइन समारोह में घोषित की गई। सूची में शीर्ष रैंकिंग वाले विश्वविद्यालयों में शूलिनी यूनिवर्सिटी सबसे युवा है। शूलिनी यूनिवर्सिटी, को देश के सभी निजी विश्वविद्यालयों में सातवें और सभी विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच संयुक्त तौर पर 38वें स्थान पर रखा गया है। इसमें अधिकांश आईआईटी, पंजाब यूनिवर्सिटी और कई अन्य स्थापित संस्थानों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन शामिल है। सूची में स्थान पाने वाला यह हिमाचल प्रदेश का एकमात्र संस्थान है। क्यूएस एशिया रैंकिंग ने शूलिनी यूनिवर्सिटी को एशिया के शीर्ष 300 विश्वविद्यालयों में भी रखा है। गौरतलब है कि यह पहली बार है कि यूनिवर्सिटी को क्यूएस रैंकिंग में शामिल किया गया है। इसने 2021 में 43.4 प्रतिशत के प्रतिशत एवोल्यूशन के साथ शानदार शुरूआत की है। युवा, ट्रस्ट संचालित यूनिवर्सिटी, जो रिसर्च और इनोवेशन में लगातार सफलता हासिल कर रही है, को हाल ही में देश में पेटेंट दाखिल करने के लिए शिक्षा मंत्रालय की सूची में तीसरा स्थान दिया गया था, जो देश में सभी 23 आईआईटी संस्थानों के संयुक्त आउटपुट में सबसे ऊपर था। शूलिनी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो.पी.के.खोसला ने कहा कि ‘‘हमारी यूनिवर्सिटी ने क्यूएस रैंकिंग ने अर्जित की है और यूनिवर्सिटी में शोधकर्ताओं की ईमानदारी और कड़ी मेहनत को सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी और ऊंचे नए शिखरों पर पहुंचने के लिए तैयार है और इसका मिशन शीर्ष वैश्विक विश्वविद्यालयों में शामिल होना है, जिसमें काफी हद तक सफलता मिल चुकी है।’’ यह उपलब्धि इस तथ्य के मद्देनजर और अधिक महत्वपूर्ण है कि यूनिवर्सिटी ने ये रैंकिंग 1000 से अधिक संस्थानों में हासिल की है, जिनमें आईआईटी, आईआईएम और केंद्रीय अनुसंधान संस्थान और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च आदि प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं। रिपोर्ट का एक और मुख्य आकर्षण यह है कि यूनिवर्सिटी को क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स के शीर्ष 44 संस्थानों में से एक है। क्यूएस रैंकिंग प्रमुख वैश्विक संकेतकों पर आधारित है जैसे शैक्षणिक प्रतिष्ठा, कर्मचारी प्रतिष्ठा, संकाय-छात्र अनुपात, पीएचडी कर चुके स्टाफ सदस्य, साइटेशन प्रति पेपर, इंटरनेशनल रिसर्च नेटवर्क, रिसर्च पेपर्स प्रति फैकेल्टी, इंटरनेशनल फैकेल्टी और स्टूडेंट्स, इनबाउंड एक्सचेंज स्टूडेंट्स और आउटगोइंग एक्सचेंज स्टूडेंट्स आदि। क्यूएस एशिया रैंकिंग्स में एशिया के अनुमानित 20,000 संस्थानों में से 634 संस्थान प्रमुख रैकिंग प्राप्त करने में सफल रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के बजहोल गांव में स्थित शूलिनी यूनिवर्सिटी, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग्स फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) के 101-150 दायरे में पिछले चार वर्षों से अपनी जगह बनाए हुए है। देश की सबसे युवा यूनिवर्सिटी ने अब तक लगभग 450 पेटेंट दाखिल किए हैं और इसके कम से कम सात फैकेल्टी सदस्यों को हाल ही में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत चुनिंदा वैज्ञानिकों के बीच रखा गया है। हाल ही में इसे हाल ही में अखिल भारतीय स्तर पर नवाचारों और उपलब्धियों (एआरआईआईए) पर निजी संस्थानों की अटल रैंकिंग में 6 से 25 तक के दायरे में रखा गया था। यूनिवर्सिटी को अकादमिक डिजिटलाइजेशन में उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित क्यूएस इंटरनेशनल सर्टीफिकेशन भी मिली है और यूनिवर्सिटी को एशिया अवॉर्ड्स 2020 के लिए ‘आउटस्टैंडिंग स्टूडेंट सपोर्ट’ की श्रेणी में टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई) के लिए चुना गया है। प्रकाशन के अनुसार प्राप्त किए गए साइटेशंस की औसत संख्या से रिसर्च पेपर्स को मापा जाता है, और यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए वैज्ञानिक कार्यों के प्रभाव और 10 प्रतिशत गुणवत्ता की एक प्रॉक्सी है। स्कोपस द्वारा पेपर्स और साइटेशंस को भी सूची में शामिल किया गया है। पांच व्यापक फैकेल्टी क्षेत्रों में साइटेशंस के प्रभाव को बराबर करने के प्रयास में पेपर और साइटेशंस को सामान्यीकृत किया जाता है। इससे पहले, शूलिनी यूनिवर्सिटी एक लाख संस्थानों में से केवल 35 में से एक था, जिसमें देश भर के 900 से अधिक विश्वविद्यालय शामिल थे, जिन्हें एकेडमिक डिजिटलाइजेशन में एक्सीलेंस के लिए सर्टीफिकेशन प्रदान की गई है। यूनिवर्सिटी को अपने स्किल प्रोग्ररेशन थ्रू रैपिड इंटेसिव एंड इनोवेटिव ट्रेनिंग (स्प्रिंट) प्रोग्राम को सिकंदर.एआई को लागू करने के लिए ‘‘आउटस्टैंडिंग सपोर्ट फॉर स्टूडेंट्स’’ कैटेगरी में भी चुना गया है। इस सॉफ्टवेयर को सॉफ्ट स्किल्स और इंटरव्यू के लिए छात्रों का आकलन और मार्गदर्शन करने के लिए विकसित किया गया है।
Eleven-year-old Shoolini University of Biotechnology and Management Sciences, based out of Solan district of Himachal Pradesh, has topped India in the 2021 QS rankings for citation index, an indicator of quality research in institutions. It has been ranked at number 14 across Asia in the same field. Quacquarelli Symonds (QS) is an independent and highly prestigious credible global ranking organization for educational institutions and its Asia rankings were declared on Wednesday night at an online function. Shoolini University, the youngest to be among top-ranked, has been ranked joint seventh among all private universities in the country and 38th all universities and educational institutions. This includes better performance than most IITs, Panjab University and several other established institutions. It is the only institution in Himachal Pradesh to be ranked on the list. The QS Asia rankings also placed Shoolini University among the top 300 Universities of Asia. Significantly, it is for the first time that the University has been included in the QS rankings. It has debuted in the 2021 edition with a percentile evolution of 43.4 percent. The young, Trust-run university, which has been making waves in the field of research and innovation, was recently placed third in the Education Ministry’s list for filing patents in the country which was topped by the combined output of all the 23 IITs of the country. Vice-Chancellor Prof PK Khosla said the QS rankings the University has earned reflected the sincerity and hard work of the researchers at the University. He said the University was poised to reach greater heights and added that its mission was to be among the top global universities. The achievement is all the more significant in view of the fact that the ranking is among over 1,000 institutions, including IITs, IIMs and central research institutes and the Indian Institute of Science Education and Research, in India. Another highlight of the report is that the University has figured among the top 44 percent of the QS World University Rankings. The QS rankings are based on key global indicators such as academic reputation, employee reputation, faculty-student ratio, staff with Ph.D., citations per Paper, international research network, Papers per faculty, international faculty and students, inbound exchange students and outgoing exchange students. The QS Asia rankings have included 634 institutions from among estimated 20,000 institutions in Asia. The University, located at Bajhol village in Solan district of Himachal Pradesh, has been retaining its place in the 101-150 band of the National Institutional Rankings Framework (NIRF) by the government of India’s education ministry for the last four years in a row. The young University has so far filed nearly 450 patents and at least seven of its faculty members were recently placed among the top two percent of scientists of the world as per a study done by Stanford University. It was recently placed in the band from six to 25 in the Atal Rankings of private Institutions on Innovations and Achievements (ARIIA) at the all-India level recently. The University had also got the prestigious QS international certification for excellence in Academic digitalization and was shortlisted for Times Higher Education (THE) in the category of “Outstanding Student Support” for the Asia Awards 2020. Citations per paper are measured by the average number of citations obtained per publication and is a proxy of the impact and 10 percent quality of the scientific work done by the universities. Underlying data of paper and citations is indexed by Scopus. The paper and citation counts are normalized in an attempt to equalize the influence of citations across five broad faculty areas. Earlier, Shoolini University was among only 35 of the one lakh institutions, including over 900 universities, across the country to be awarded certification for Excellence in Academic Digitisation. It was also shortlisted for the category of “Outstanding Support for Students” for the implementation of its Skill Progression Through Rapid Intensive and Innovative Training (SPRINT) Programme with SIQANDAR.AI, a software developed for assessing and guiding students for soft skills and interviews.
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट का शमेली गांव स्वतंत्रता प्राप्ति से अभी तक सड़क की मूलभूत सुविधा से वंचित है। प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष एवं हिमाचल प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव डेवलपमेंट फेडरेशन लिमिटेड के चेयरमैन रतन सिंह पाल ने लोगों की इस समस्या को देखते हुए इस गांव के लिए एंबुलेंस रोड के निर्माण हेतु उपायुक्त सोलन के माध्यम से ढाई लाख रुपए का प्रावधान करवा कर इस रोड के निर्माण के कार्य का शुभारंभ करवाया। शुभारंभ के मौके पर उन्होंने कहा कि इस राशि से 300 मीटर बनने वाले इस एंबुलेंस रोड का निर्माण जहां तक भी पूरा होगा उसे किया जाएगा, उससे आगे और राशि का प्रावधान करवाया जाएगा और इस एंबुलेंस रोड को शीघ्र ही तैयार कर लोगों की मूलभूत जरूरत को पूरा किया जाएगा। गांव के समस्त लोगों ने एंबुलेंस रोड के निर्माण कार्य को शुरू करने तथा धनराशि उपलब्ध करवाने हेतु अपने नेता रत्न सिंह पाल का हार्दिक आभार जताया है। ज्ञात रहे कि यह गांव मुख्य सड़क मार्ग से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर है और इसे निर्माणाधीन बरायली-शिवनगर सड़क मार्ग से जोड़ा जा रहा है जिससे इसकी दूरी 300 मीटर ही बनती है। इस मौके पर भाजपा सोलन जिला के सचिव राकेश गौतम, अर्की किसान मोर्चा के अध्यक्ष जगदीश्वर शुक्ला, बंटू शुक्ला, कृष्ण भट्टी, नरेश ठाकुर, अरुण गौतम, पवन कुमार, ओम प्रकाश गौतम, ठेकेदार रूपराम इत्यादि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व राष्ट्रीय फेडरेशनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर केंद्र व राज्य सरकार की मजदूर कर्मचारी किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ अल्ट्राटेक बागा में लाल झंडा सीमेंट प्लांट वर्कर्स यूनियन ने 3 घंटे का जबरदस्त प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सीटू यूनियन बागा के अध्यक्ष बलवीर की अध्यक्षता में हुआ। इस दौरान सीटू राज्य उपाध्यक्ष जगतराम विशेष रूप से मौजूद रहे। सीटू अध्यक्ष बलवीर ने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी हाल ही में सभी 44 श्रम कानूनों को खत्म करके चार श्रम सहिंताओ में बदलने का जो मजदूर विरोधी कार्य किया है उससे मजदूरों में भारी रोष है। इन श्रम सहिंताओ को बनाने से 29 श्रम कानूनों को पूर्ण रूप से खत्म करने तथा कमजोर करने की कोशिश की गई है तथा यह सब कुछ मालिकों के पक्ष में किया गया है।मालिकों को मजदूरों का शोषण करने की पूर्ण छूट दी गई है। सरकार ने कोरोना काल का फायदा उठाकर फैक्ट्री मजदूरों के काम के घण्टे 8 से 12 कर दिए। इसी दौरान ईपीएस में मालिकों के शेयर को 12 से घटाकर 10% कर दिया गया। मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा फंड का 24 हजार करोड रुपए और ईएसआई का 75 हजार करोड रुपए उद्योगपतियों को दे दिया गया। इन सभी प्रकार के हमलों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। सीटू राज्य उपाध्यक्ष जगतराम ने कहा कि जो नीतियां मजदूरों के पक्ष में किसानों के पक्ष में होनी चाहिए।भाजपा सरकार उन सभी नीतियों को उद्योगपतियों के पक्ष में बना रही है। महंगाई को लेकर पूरे देश में रोष है। आवश्यक वस्तु और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि की जा रही है, जिससे आम जनता को जीवन पर बहुत बुरा असर हो रहा है। इन सब मुद्दों के खिलाफ आंदोलन है। केंद्र सरकार इन सभी मजदूर विरोधी किसान विरोधी कानूनों वापस ले अन्यथा यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शन में अध्यक्ष बलवीर, सचिव बृजलाल, संजय कुमार, बालक राम, तिलक राज, गणपत राम सहित अन्य मजदूर मौजूद रहे।
क्षेत्र में 108 एंबुलेंस में तैनात कर्मचारियों ने एम्बुलेंस में बुधवार को एक महिला का सफलतापूर्वक प्रसव करवाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार दिन के समय 2:36 बजे के करीब 108 एंबुलेंस पर सूचना प्राप्त हुई कि गांव छामला की एक महिला शकुंतला पत्नी बलदेव राज का प्रसव समय नजदीक है। महिला को प्रसव के लिए दाड़लाघाट से 108 एंबुलेंस लेकर ईएमटी सुशील स्याल और चालक रविन्द्र कुमार मौके पर पहुंचे। महिला की तबीयत अधिक खराब होने के कारण उच्च चिकित्सक के साथ संपर्क करके उन्होंने उसे प्राथमिक उपचार दिया लेकिन महिला की हालत में सुधार न होने पर उन्होंने महिला का प्रसव वाहन में ही करवाने का निर्णय लिया। जिसके बाद उसका सफलतापूर्वक प्रसव शालाघाट से आगे करवाया गया जहां महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित व स्वस्थ है। प्रसव के बाद उन्हें एफआरयू अर्की में भर्ती करवाया गया है।
शिमला। ऊर्जा मंत्री सुख राम ने आज जारी वक्तव्य में कहा कि विपक्ष के नेता कोविड-19 पर राजनीति कर रहे हैं और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री आधारहीन बयानबाजी कर रहे हैं। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के लिए प्रत्येक प्रदेशवासी का जीवन अनमोल है। जय राम ठाकुर ने कोविड-19 महामारी के संकट से निपटने के लिए प्रारम्भ में ही कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे। राज्य में आवश्यक दवाओं, आॅक्सीजन सिलेण्डर और आइसोलेशन बैड जैसी आवश्यक सुविधाओं की कोई कमी नहीं है। पिछले कुछ दिनों से कोरोना मरीजों की संख्या और मृत्यु दर में हुई बढ़ोतरी के प्रमुख कारण सामाजिक समारोह और आम जनता द्वारा बरती गई ढील है। इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने खुले स्थानों पर सभी सामाजिक कार्यक्रमों में सामाजिक दूरी के नियम के साथ 200 लोगों के शामिल होने और सार्वजनिक स्थलों पर मास्क न लगाने पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कोविड-19 के संकट को देखते हुए पूरे प्रदेश में ‘हिम सुरक्षा अभियान’ की शुरूआत की है। इस अभियान के दौरान 8 हजार टीमें घर-घर जाकर क्षय, कुष्ठ, मधुमेह, रक्तचाप जैसी बीमारियों से सम्बन्धित सूचनाएं एकत्रित करेंगी। कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में अस्थाई तौर पर विभिन्न श्रेणियों के 294 पदे भरने को मंजूरी प्रदान की है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी से आज समूचा विश्व जूझ रहा है और संकट के इस समय में कांग्रेस पार्टी को ओछी राजनीति करने की बजाय सरकार के प्रयासों को पूरा सहयोग देना चाहिए। प्रदेश सरकार की कार्य प्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाने से पहले उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि कांग्रेस पार्टी का कोविड-19 संकट के दौरान प्रदेश के लिए क्या योगदान रहा है।
संविधान दिवस के अवसर पर आज सोलन जिला में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान की अनुपालना के लिए शपथ दिलाई गई। जिला स्तर पर उपायुक्त सोलन के.सी. चमन ने उपायुक्त कार्यालय सोलन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान की अनुपालना की शपथ दिलाई। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा, सहायक आयुक्त भानु गुप्ता, जिला राजस्व अधिकारी केशव राम सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव ने अपने कार्यालय के कर्मियों को संविधान दिवस पर शपथ दिलाई। उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. संजीव धीमान ने भी अपने कार्यालय में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान दिवस की शपथ दिलाई। इस अवसर पर कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत जारी निर्देशों का पूर्ण पालन किया गया।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज यहां राजभवन में 71वें संविधान दिवस के अवसर पर अधिकारियों को संविधान की शपथ दिलाई। संविधान दिवस को राष्ट्रीय विधि दिवस के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन भारतीय संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। संविधान सभा ने 26 नवम्बर, 1949 को संविधान को अपनाया था, जिसे 26 जनवरी, 1950 को पूरे देश में लागू किया गया।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 9 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला परिषद सोलन के निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) संख्या 1 से 17 को अंतिम रूप से अधिसूचित कर दिया है। अधिसूचना के अनुसार जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 1- दाड़ला में कुनिहार विकास खंड की ग्राम पंचायत बेरल, चाखड़, दाड़ला, रौड़ी, बरायली, दसेरन, क्यारड़, ग्याणा, कशलोग, कोटलू, मांगल, बागा, मांगु, नवगांव, पारनु, संघोई, सनयाड़ी मोड़ तथा सेवड़ा चंडी को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 2- धुन्धन में कुनिहार विकास खंड की ग्राम पंचायत हनुमान बड़ोग, बखालग, बलेरा, सांई, बड़ोग, बसन्तपुर, धुन्धन, कुंहर, जघून, मटेरनी, पट्टा, घनागुघाट, सारमा, सरयांज, शहरोल, सूरजपुर तथा दावंटी को शामिल किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 3- डुमैहर में कुनिहार विकास खंड की ग्राम पंचायत सरली, भूमती, सानण, चम्यावल, दानोघाट, समोग, डुमैहर, बनोह, मान, पलानियां, चईयां धार, रोहांज जलाना, देवरा, कोटली, पलोग, खनलग, दधोगी तथा बातल को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 4-कुनिहार में कुनिहार विकास खंड की ग्राम पंचायत हाटकोट, कुनिहार, कोठी, काहला, कनैर, ममलीग, सतडोल, सायरी, जधाणा तथा विकास खंड सोलन की ग्राम पंचायत हरिपुर, भारती, जाबल जमरोट, जाडली, कक्ड़हट्टी तथा पट्टाबरावरी को शामिल किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 5-सिरिनगर में कण्डाघाट विकास खंड की ग्राम पंचायत बांजणी, बाशा, बिशा, सैंज, चायल, छावशा, देलगी, दंघील, हिन्नर, रेहड़, झाझा, क्वारग, नगाली, सकौड़ी, सिरिनगर, मही, तुन्दल, वाकना, कोट तथा पौधना को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 6- सलोगड़ा में सोलन विकास खंड की ग्राम पंचायत बसाल, धरोट, जौणाजी, कोठों, मशीवर, ओच्छघाट, पड़ग, सलोगड़ा, सन्होल, सेरबनेड़ा, सेरी, शामती, नौणी मझगांव तथा शमरोड़ को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 7- सपरून में सोलन विकास खंड की ग्राम पंचायत अन्हेच, बड़ोग, सुल्तानपुर, भोजनगर, बोहली, चामत भड़ेच, चेवा, डांगरी, आंजी, सपरून, देवठी, रणो, काबाकलां, नेरी कलां, शडियाणा, तोप की बेड़ तथा कोरों को शामिल किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 8- धर्मपुर में धर्मपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत आंजी मातला, बनासर, मेहलों, चम्मो, धर्मपुर, गुल्हाड़ी, हुड़ंग, जाबली, कोटी नाम्ब, जंगेशु, प्राथा, रौड़ी, कोटला, टकसाल तथा नरायणी को शामिल किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 9- कसौली गढ़खल में धर्मपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत चामियां, गनोल, गढ़खल सनावर, कालुझिंडा, कसौली गढ़खल, सनवारा, कोट, कोटबेजा, कृष्णगढ़, मंधाला, नाहरी, निचली गांगुड़ी, पट्टा नाली तथा कैंडोल को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 10- दाड़वां में धर्मपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत बढलग, बाड़ियां, भावगुड़ी, बुघार कनैता, चंडी, दाड़वां, ढकरियाणा, घड़सी, गोयला, जाडला, मन्ढेसर, नालका तथा जगजीत नगर को शामिल किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 11- बरोटीवाला में धर्मपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत बरोटीवाला तथा सूरजपुर एवं नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत हरिपुर संढोली, गुल्लरवाला, भटोली कलां, ठाणा तथा लेही को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 12- खेड़ा में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत ढेला, खेड़ा, किरपालपुर, किशनपुरा, नन्दपुर, मलपुर, मानपुरा, सुनेहड़ तथा लोधीमाजरा को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 13- मंझोली में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत भाटियां, ढांगनिहली, मंझोली, गागुवाल, माजरा, प्लासीकलां, रडियाली, राजपुरा तथा बारियां को शामिल किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 14- दभोटा में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत बरूणा, भोगपुर, रेडु उपरला, गोलजमाला, कश्मीरपुर, रिया, दभोटा, नवागांव तथा पंजैहरा को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 15- बवासनी में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत बधोखरी, बेहड़ी, बायला, चमदार, छियाछी, दिग्गल, सौड़ी, मनलोगकलां, चिल्लड़, मटूली, बवासनी, रामशहर तथा साईं को शामिल किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 16- रतवाड़ी में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत लूनस, नंड, भियुंखरी, धरमाणा, डोली, क्यार कनैतां, कोइडी, लग, जयनगर, मितियां, मलौण, कोहू, पोले दा खाला, रतवाड़ी, सरौर, सौर तथा चड़ोग को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 17- कुण्डलू(जुखाड़ी) में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत बेरछा, घोलोंवाल, जगतपुर, जोघों, जुखाड़ी, करसौली, खिल्लियां, कुण्डलु, बाहा, मस्तानपुर, मलैहणी, घड़याच, बघेरी, जगनी तथा बगलैहड़ को सम्मिलत किया गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुर्वेद मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित बना रही है कि कोविड-19 महामारी के संकट समय में बहुमूल्य श्रम शक्ति को सुरक्षित रखते हुए विकास को गति प्रदान की जा सके। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित बनाया जा रहा है। डाॅ. सैजल आज सोलन जिला के कसौली विधानसभा क्षेत्र के तहत ग्राम पंचायत बड़ोग के रूंदन घोड़ों में 4.50 लाख रुपए की लागत से निर्मित आंगनबाड़ी केन्द्र का लोकार्पण करने के उपरान्त रूंदन घोड़ों और मंझोली में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने तदोपरांत ग्राम पंचायत बोहली के अन्तर्गत मंझोली से निचली मंझोली, उपरली मंझोली तथा दोची बझोल्टी सम्पर्क मार्गों का शुभारम्भ भी किया। उन्होंने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रूंदन घोड़ों में आंगनबाड़ी केन्द्र के अतिरिक्त कार्य के लिए शीघ्र ही धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाया कि क्षेत्र में विकास के लिए विभिन्न कार्यों के लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्री ने कहा कि कोविड-19 के संकट समय में हिमाचल प्रदेश में न केवल श्रम शक्ति को सुरक्षित रखने का कार्य किया गया है अपितु यह भी सुनिश्चित बनाया गया कि विभिन्न विकास कार्यों के लिए धन आबंटन समय पर हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सशक्त नेतृत्व में प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में समयबद्ध उत्पादन कार्य हो रहे हैं। सोलन जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ सहित सिरमौर, कांगड़ा तथा ऊना जिला के औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक कार्य सुचारू गति से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में गत वर्ष आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट के माध्यम से प्रदेश को 97 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह विकसित एवं सम्पन्न हिमाचल की नींव रखने में सहायक सिद्ध होंगे। डाॅ. सैजल ने सभी आग्रह किया कि कोविड-19 महामारी से बचने के लिए लोगों को स्वयं सतर्क रहें। विवाह सहित विभिन्न सामूहिक कार्यक्रमों में विशेष एहतियात बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर सही प्रकार से मास्क पहने, 02 गज की दूरी के सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें और अपने हाथों को बार-बार साबुन से धोते रहें। उन्होंने कहा कि दवा आने तक ढिलाई बरतना सभी के लिए नुकसानदेह सिद्ध हो सकता है। आयुर्वेद मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्राम पंचायतांे को सशक्त इकाई बनाने के लिए कृत संकल्प है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रशासनिक एवं विकास आवश्यकताओं के अनुसार प्रदेश एवं जिला में नई ग्राम पंचायतांे का गठन किया गया है। उन्होंने नई ग्राम पंचायत सुलतानपुर के सृजन के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई दी। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के अन्तर्गत ग्राम पंचायत बड़ोग की 02 कन्याओं हर्शिता तथा इशिता के अभिभावकों को बधाई पत्र व उपहार प्रदान कर सम्मानित किया। बेटी है अनमोल योजना के तहत 02 कन्याओं रावि तथा दिव्या को 12000-12000 रुपए की एफडी प्रदान की। आयुर्वेद मंत्री ने इस अवसर पर एक बूटा बेटी के नाम योजना के अन्तर्गत आंवले का पौधा भी रोपित किया। इस अवसर पर भाजपा मंडल कसौली के अध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य राजकुमार सिंगला, जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष यशपाल ठाकुर, ग्राम पंचायत बड़ोग की प्रधान वीना पराशर, वार्ड सदस्य सत्या देवी, भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर, उपाध्यक्ष सुनील कश्यप, भाजयुमो कसौली के अध्यक्ष वरूण शर्मा, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष दीपक शर्मा, सचिव कपिल ठाकुर, छावनी परिषद डगशाई के निर्वाचित सदस्य राकेश कुमार, भाजपा मंडल कसौली के पूर्व महामंत्री हीरानंद शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र तेगटा, खण्ड विकास अधिकारी सोलन ललित दुल्टा, सीडीपीओ पदम देव शर्मा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, भाजपा तथा भाजयुमो के वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि व ग्रामीण इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला के कुफरी ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। बीती रात को हुई बर्फ़बारी के बाद आज सुबह से कुफरी बर्फ से पूरी तरह से ढकी नजर आई। कुफरी में तीन से चार इंच बर्फ़बारी हुई है। वहीं इस बार बर्फ़बारी का आनंद लेने बहुत कम पर्यटक कुफरी पहुच और बर्फ के साथ अठ कलियां करते नजर आए। बर्फ़बारी के बाद तापमान में भी काफी गिरवाट आई है जिससे ठंड में इजाफा हो गया है। गुजरात से आए पर्यटकों का कहना है कि वे पहली बार बर्फ़बारी देख रहे है और बर्फ़बारी की सूचना मिलते ही शिमला से यहाँ पहुच गए। उन्होंने कहा कि बर्फ़बारी के बाद यहां का नजारा अदभुत है और बर्फ के साथ मस्ती का मजा ले रहे है। वहीं बर्फ़बारी से जहां हर साल कारोबारी काफी खुश होते थे वहीं इस बार पर्यटकों के न आने से कारोबारी मायूस है। कारोबारियों का कहना है कि हर साल बर्फ गिरते ही यहां पर्यटकों का जमावड़ा लग जाता था लेकिन इस बार कोरोना की वजह से बहुत कम पर्यटक यहां आ रहे है और कारोबार न के बराबर है। पर्यटक हाइवे से ही वापिस जा रहे है। बता दे मौसम विभाग ने बुधवार को बारिश और बर्फ़बारी को लेकर येलो अलर्ट जारी किया था जिसके बाद देर रात कुफरी नारकंडा , खड़ापत्थर और चौपाल में बर्फ़बारी हुई है जिससे ऊपरी क्षेत्रो में यातयात ठप्प हो गया है। लोकनिर्माण विभाग द्वारा बर्फ हटाने का कार्य किया जा रहा है और अधिकतर सड़को को खोल दिया गया है।
हमीरपुर। कोरोना काल के दौरान आर्थिक संकट से जूझ रही जनता की जेब पर डाका डालते हुए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ौतरी की गई। केंद्र सरकार व तेल कंपनियों ने उस दौर में जनता को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यह बात प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कही। उन्होंने कहा कि पिछले साल कच्चे तेल की प्रति बैरल लागत 4100 से 4400 रूपए तक थी, जोकि कोरोना काल में 2000 रूपए प्रति बैरल तक पहुंच गई, लेकिन उस समय डीजल-पेट्रोल की कीमतें कम कर जनता को फायदा पहुंचाने की बजाय पेट्रोल पर 10 रूपए तथा डीजल पर 13 रूपए प्रति लीटर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगा दी। अब भी कच्चे तेल की प्रति बैरल कीमत 3000 रूपए के करीब है, लेकिन पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई कटोती नहीं की गई है। सबका साथ-सबका विकास की बात करने वाली केंद्र सरकार कोरोनाकाल में जनता का हमदर्द बनने की बजाए पर्दे के पीछे से खलनायक की भूमिका निभाती रही। यही कारण रहा कि अप्रैल-मई में कच्चे तेल की कीमत में कमी के बावजूद पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने से सरकार व तेल कंपनियों ने इस साल सितम्बर माह तक ही 25 हजार करोड़ से ज्यादा कमाई की। तेल के दाम बढ़ने से मालभाड़ा में भी बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम आदमी को महंगाई से भी जूझना पड़ रहा है। विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि कोरोना काल में महामारी से खुद व परिवार को बचाए रखने के लिए आर्थिक संकट से जूझने के बावजूद लोगों में दोपहिया व चौपहिया वाहन खरीदने की होड़ मची हुई थी, लेकिन उस समय पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने की बजाय उनमें बढ़ौतरी कर सरकार ने पीठ में छुरा घोंपने का काम किया। आम आदमी को लूटने के सरकार नित नए-नए तरीके इजाद कर रही है तथा तानाशाह की तरह जनता पर निर्णय थोपे जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को आम आदमी से कोई मतलब नहीं है। चुनावों के समय स्वयं सरकार ने महामारी से बचने की एडवाइजरी की अनुपालना नहीं की और अब मामले बढ़ने के बाद नींद से जाग रही है। यही हाल प्रदेश सरकार का है, जिसने अपनी रैलियों में नियमों की जमकर उल्लंघना कर जनता की जान सांसद में डाली और अब नियमों का सख्ती से पालन करने की बात कही जा रही है।
चंबा। चंबा-तीसा मुख्य मार्ग पर पुलिस की एसआईयू सैल टीम ने 906 ग्राम चरस सहित एक तस्कर को दबोचने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मादक द्रव्य अधिनियम की धारा 20 के तहत मामला दर्ज कर हवालात में बंद कर दिया है। आरोपी को अदालत से 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लेने के बाद चरस खेप की खरीद-फरोखत को लेकर पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार पुलिस की एसआईयू सैल टीम ने तीसा मार्ग पर चांजू पुल के पास नाका लगा रखा था। इसी दौरान वहां से पैदल गुजर रहा राजदीन वासी गांव करमुंड तहसील चुराह पुलिस टीम को देखकर घबरा गया। पुलिस को राजदीन की गतिविधियां संदिग्ध दिखने पर पूछताछ के लिए रोका गया। पुलिस ने राजदीन की संदेह के आधार पर तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 906 ग्राम चरस बरामद की। पुलिस ने राजदीन के खिलाफ चरस तस्करी के आरोप में तीसा पुलिस थाना में मामला दर्ज किया है। उधर, एसपी चंबा अरुल कुमार ने 906 ग्राम चरस सहित एक तस्कर के पकड़े जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि जिला में सक्रिय चरस माफिया की धरपकड़ के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
शहीद कैप्टन विक्रम बतरा राजकीय महाविद्यालय पालमपुर में आगामी 31 दिसम्बर 2020 तक नियमित कक्षाए नहीं लगेगी। यह जानकारी देते हुए कालेज के प्राचार्य डॉ प्रदीप कौंडल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश मे कोरोना संक्रमण के कारण सरकार ने 31 दिसम्बर तक केवल आनलाइन क्लासिज के माध्यम से पढ़ाई जारी रखने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि इस सम्बंध मे शिक्षा सचिव की ओर से भी निर्देश दिए गए है कि शिक्षकों को प्रिन्सिपल की ओर से केवल जरूरत के हिसाब से कालेज बुलाया जा सकेगा बाकी दिन शिक्षक अपने घर से ही आनलाइन माध्यम से अध्यापन जारी रखेंगे। प्राचार्य ने शिक्षकों व विधार्थीयो से आग्रह किया कि वे इस कोरोना काल के दौरान अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए सरकार द्वारा समय समय पर जारी सभी दिशानिर्देशो का पालन करें। साथ ही उन्होंने संविधान दिवस के अवसर पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए गौरव का दिन होने के साथ-साथ अपने राष्ट्र के प्रति जागरूक व कर्तव्यनिष्ठा के साथ मिलकर काम करने के लिए भी प्रेरित करता है।
चंबा। चंबा- खजियार मार्ग पर बुधवार देर रात एक कार के करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरने से तीन युवकों की मौत हो गई। कार में तीन ही लोग ही सवार थे। पुलिस ने मृतक युवकों के शवों का मेडिकल कॉलेज चंबा में पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के विस्तृत कारणों की जांच आरंभ कर दी है। बुधवार देर रात चंबा से खजियार की ओर जा रही एक कार गेट के समीप अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। परिणाम स्वरूप इसमें सवार अमित कुमार वासी गांव तुंदा, अनूप वासी गांव चनाडू और मनोज वासी गांव परेल के तौर पर की गई है। हादसे की सूचना मिलते ही सदर पुलिस थाना से टीम ने मौके पर पहुंचकर लोगों के सहयोग से सर्च ऑपरेशन के जरिए खाई में गिरे मृतकों को शवों को उठाकर मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया। हादसा इतना भयंकर था कि कार के खाई में गिरते ही परखच्चे उड़ गए, जबकि मृतकों के शव इधर-उधर बिखर गए दुर्घटना में मारे गए दो युवकों के शव देर रात ही बरामद कर लिए गए थे। एक शव गुरुवार सवेरे खाई से निकाला गया। उधर, एसपी चंबा अरुल कुमार ने खजियार मार्ग पर कार के खाई में गिरने से तीन लोगों के मारे जाने की पुष्टि की।
आज पूरे केंद्र के साथ प्रदेश की भी कई ट्रेड यूनियनें राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं। आज देश भर में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ करोड़ों लोग गरजेंगे। इस हड़ताल का असर प्रदेश में भी दिख रहा है। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के सभी जिलों में कुछ प्राइवेट बस यूनियनें हड़ताल पर हैं। इस कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं। लोग घंटो से बसों का इंतज़ार कर रहे हैं। अगर बात की जाए राजधानी शिमला की तो शिमला में आज बसों से भरा लक्कड़ बाजार बस स्टैंड खाली नज़र आया। हालांकि वहां इक्का दुक्का सरकारी बसें नज़र आईं पर केवल 50% ऑक्यूपेंसी होने के कारण कई यात्रियों को अगली बस के लिए लम्बा इंतज़ार करना पड़ रहा है। वहीँ सीमेंट प्लांट में कार्यरत ट्रक ऑपरेटर यूनियनें भी इस हड़ताल का हिस्सा बन सकती हैं। इससे सीमेंट ढुलाई प्रभावित होगी। साथ ही कुछ टैक्सी ऑपरेटर्स भी हड़ताल पर रहेंगे। ये संगठन हड़ताल पर... हिमाचल में मजदूर संगठन सीटू, इंटक, एटक, केंद्रीय कर्मचारी समन्वय समिति, पोस्टल कर्मचारी यूनियन, नॉर्थ जोन इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया ऑडिट एंड अकाउंट्स पेंशनर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन, प्रदेश प्राइवेट बस ड्राइवर कंडक्टर यूनियन, हिमाचल किसान सभा, जनवादी महिला समिति, डीवाईएफआई, एसएफआई, दलित शोषण मुक्ति मंच हड़ताल करेंगे।
बिलासपुर। रैड क्रॉस सोसाइटी की अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्ष झुम्पा जम्वाल ने बिलासपुर के लुहणू में रह रहे प्रवासी बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पढाई के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर बातचीत के दौरान पाया गया कि बच्चों के माता पिता नलवाडी के दौरान बिलासपुर आए हुए थे और कोविड-19 के कारण उनको यहाँ रुकना पड़ा, जिसके कारण बच्चो की पढाई छूट गई और ये बच्चे भिक्षा वृति में संलिप्त है। उन्होंने बच्चो से बात की और उनको कोरोना के खतरे से भी अवगत करवाया तथा उनको सफाई का विशेष ध्यान रखने आग्रह किया। इस दौरान उनको मास्क, साबुन, सर्दी से बचने के लिए कपडे और बच्चों को चोकलेट भी गई, साथ में उन्होंने बच्चों की पढाई की उचित व्यवस्था करने का भी आग्रह किया। उन्होंने गर्ल्स स्कूल के पास रह रहे बच्चों से भी बातचीत की जिसके तहत वहां शिक्षा की उचित व्यवस्था के लिए विभाग से बातचीत और रेड क्रॉस सोसाइटी के समन्वय से एक केंद्र स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया। इसके लिए सुशील पुंडीर को विशेष रूप से अधिकृत किया गया। इस अवसर पर सुशील पुंडीर, अजय उपाध्याय, विजय कुमार उपाध्याय, चाइल्ड लाइन बिलासपुर के प्रतिनिधि बलबीर, बाबू राम और प्रवीण कुमारी भी मौजूद रहे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष द्वारा 24 नवम्बर, 2020 को जारी निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए हैं। इन आदेशों के अनुसार पूर्व में जारी आदेशों में जनहित में कुछ संशोधन किए गए हैं। आदेशों के अनुसार 15 दिसम्बर, 2020 तक राज्य के भीतर एवं राज्य से बाहर जाने वाली सभी बसों में कुल क्षमता के 50 प्रतिशत यात्रियों को ही लाया-ले जाया जा सकेगा। जिला में 15 दिसम्बर, 2020 तक सभी बाजारों एवं दुकानों को साप्ताहिक आधार पर रविवार को बन्द रखा जाएगा। करियाना, दूध, ब्रेड, फल, सब्जी, मीट, मछली तथा दवा की दुकानों पर यह आदेश लागू नहीं होंगे। सामाजिक, अकादमिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं अन्य समारोहों में एकत्रित लोगों की संख्या के सम्बन्ध में आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार कन्टेनमेंट जोन के बाहर खुले स्थानों में मैदान तथा स्थान के आकार के अनुसार कुल क्षमता के 50 प्रतिशत तक लोगों को एकत्र होने की अनुमति होगी। अधिकतम 200 लोग ही एकत्र हो सकेंगे। सभी को सोशल डिस्टेन्सिग, मास्क पहनना, बार-बार साबुन अथवा सेनिटाइजर से हाथ साफ करना और थर्मल स्केनिंग के प्रावधानों का अनुसरण करना होगा। कन्टेनमेंट जोन के बाहर बन्द स्थानों पर कक्ष की कुल क्षमता के 50 प्रतिशत तक लोगों को एकत्र होने की अनुमति होगी। ऐसे स्थानों पर अधिकतम 100 लोग ही एकत्र हो सकेंगे। सभी को सोशल डिस्टेन्सिग, मास्क पहनना, बार-बार साबुन अथवा सेनिटाइजर से हाथ साफ करना और थर्मल स्केनिंग के प्रावधानों का अनुसरण करना होगा। यदि जनसमूह का कार्यक्रम खुले एवं बन्द दोनों स्थान पर है तो मैदान, स्थान एवं हाॅल के आकार के अनुसार अधिकतम 200 लोग ही एकत्र हो सकेंगे। सामुदायिक भोज अथवा धाम या व्यावसायिक कैटरिंग की स्थिति में यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि केवल जैविक रूप से नष्ट होने वाले प्लेट एवं गिलास इत्यादि का उपयोग किया जाए। ऐसे सभी कार्यक्रमों में उच्चतम व्यक्तिगत एवं आवश्यक साफ-सफाई सुनिश्चित बनानी होगी। भोजन पकाने, वितरण, खाने एवं बर्तन इत्यादि के निपटारे के समय कोविड-19 नियमों एवं साफ-सफाई का पूर्ण ध्यान रखना होगा। ऐसे आयोजनों की पूर्व सूचना सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी अथवा तहसीलदार को देनी अनिवार्य होगी। उक्त अधिकारी यदि चाहें तो आयोजन की वीडियोग्राफी करवा सकेंगे। कोविड-19 के सम्बन्ध में प्रदेश सरकार एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों एवं मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना का उत्तरदायित्व कार्यक्रम आयोजक का होगा। ऐसा न होने की स्थिति में कार्यक्रम आयोजक पर जुर्माना लगाया जाएगा और विधि सम्मत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि इन निर्देशों तथा कोविड-19 के सम्बन्ध में 16 अक्तूबर, 2020 को जारी आदेशों एवं मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना का कार्य सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी एवं पुलिस प्रशासन का होगा। आदेशों की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188, 269 तथा 270 के प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं।
शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज जम्मू से प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव, सचिवों और उपायुक्तों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग की। उन्होंने अधिकारियों को स्थिति पर निगरानी रखने और इस महामारी से लड़ने के लिए कारगर कदम उठाने के निर्देश दिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोविड रोगियों को उपचार की उचित सुविधा मिले और लोगों को सार्वजनिक स्थलों पर फेस मास्क के उपयोग और परस्पर दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि लोगों को सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए क्योंकि इससे महामारी फैलने की सम्भावनाएं बढ़ जातीं हंै। होम आईसोलेशन में रखे गए कोविड मरीजों को आवश्यक उपचार की सुविधा प्रदान की जाए और उनके स्वास्थ्य पर निरंतर निगरानी रखी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आॅक्सीजन और स्वास्थ्य उपकरणों की कोई कमी नहीं हैं और लोग इस बारे में चिन्तित न रहें। उन्होंने कहा कि उप-मण्डलाधिकारियों और खण्ड विकास अधिकारियों को विवाह आदि सामाजिक आयोजनों में मानक संचालन प्रक्रिया को उचित प्रकार से लागू करना सुनिश्चित करना चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि आम जनमानस को कोविड-19 महामारी के प्रति जागरूक करने और प्रदेश में घर-घर जाकर क्षय, कुष्ठ, मधुमेह, रक्तचाप जैसी बीमारियों से सम्बन्धित सूचना एकत्रित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने ‘हिम सुरक्षा अभियान’ का शुभारम्भ किया है। यह अभियान 25 नवम्बर से 27 दिसम्बर, 2020 तक चलाया जा रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को उनकी बीमारियों और स्वास्थ्य मापदण्डों के बारे में उचित जानकारी देकर प्रदेश सरकार का सहयोग करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई स्थानों पर हिमपात के दृष्टिगत सड़कों के उचित रख-रखाव के लिए आवश्यक प्रबन्ध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण स्थानों पर मशीनों और मजदूरों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्य सचिव अनिल खाची ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि प्रदेश में कोविड वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन हर सम्भव प्रयास करेगा और सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत सोलन जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में जून 2021 तक नल के माध्यम से शुद्ध जल उपलब्ध होगा। केसी चमन जलजीवन मिशन के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी आवासों को नल के माध्यम से शुद्ध जल उपलब्ध करवाने के लिए एक जल समिति गठित की जाएगी। ग्राम पंचायतों में कार्यरत स्वयंसेवी संगठनों को इस समिति के साथ जोड़ा जाएगा। केसी चमन ने कहा कि आरम्भ में जिला में 27 ग्राम पंचायतों को पायलट आधार पर चयनित किया गया है। जल मिशन के अन्तर्गत पायलट आधार पर चिन्हित इन ग्राम पंचायतांे में नल के माध्यम से शुद्ध जल की आपूर्ति के लिए योजनाबद्ध कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पायलट आधार पर सर्वप्रथम सोलन जल शक्ति मण्डल के अन्तर्गत ग्राम पंचायत जधाणा, कनैर, वाकना, छावशा, कोट, देलगी, पोधना, ममलीग, सायरी तथा सतडोल को चिन्हित किया गया है। मिशन के अन्तर्गत जल शक्ति मण्डल अर्की के तहत ग्राम पंचायत पलानियां, पलोग, रोहांज जलाणा, दधोगी, डूमेहर, सानन, भूमती, बलेरा, बड़ोग तथा मटेरनी को सम्मिलत किया गया है। उन्होंने कहा कि जल शक्ति मण्डल नालागढ़ के तहत ग्राम पंचायत किरपालपुर, रतवाड़ी, डोली, धरमाणा, बुघार कनैता, चण्डी तथा सनेड़ को सम्मिलत किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि मिशन के तहत जल के समान वितरण के लिए पेयजल पाइपों की अलग-अलग लाइन बिछाई जाएगी ताकि सभी को गुणवत्ता के साथ प्रचुर मात्रा में जल उपलब्ध करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि मिशन को जून 2021 तक पूर्ण किया जाएगा। इसके माध्यम से महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अन्तर्गत अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मिशन की प्रगति के सम्बन्ध में प्रतिमाह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि मिशन के तहत विभिन्न कार्यों को समयबद्ध पूरा किया जाए ताकि सभी को नल के माध्यम से शुद्ध जल उपलब्ध हो। इससे पूर्व जलशक्ति वृत्त सोलन के अधीक्षण अभियन्ता मुकेश हीरा ने जल जीवन मिशन के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अनुराग चन्द्र शर्मा, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी राजकुमार, जल शक्ति मण्डल सोलन के अधिशाषी अभियन्ता सुमित सूद, जल शक्ति मण्डल अर्की की अधिशाषी अभियन्ता कंचन शर्मा, जल शक्ति मण्डल नालागढ़ के अधिशाषी अभियन्ता पुनीत शर्मा, उपनिदेशक कृषि राजेश कौशिक सहित सम्बद्ध विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अर्की में अभी हाल ही में निरीक्षक के पद का कार्यभार अरविंद कुमार ने संभाल लिया है। अरविंद ने दाड़लाघाट से अपने निरीक्षण कार्य की शुरुआत की। उन्होंने दाड़ला में उचित मूल्य की दुकान, गैस एजेंसी तथा अन्य दुकानों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सब्जी की दुकानों पर दुकानों पर जाकर विभिन्न प्रकार की सब्जियों के भाव जाने और मूल्य सूची का विशेष तौर पर निरीक्षण किया। जिन दुकानदारों ने रेट लिस्ट दुकान के बाहर नहीं लगाई थी उन्हें रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सब्जी विक्रेताओं को निर्देश दिए कि वे रेट लिस्ट पर लगे दामों से अधिक दाम पर सब्जी न बेचें व भविष्य में सभी दुकानों पर रेट लिस्ट लगी होनी चाहिए।
कुल्लू। दैनिक जीवन में व्यक्ति को हर कहीं हाथ का उपयोग करना पड़ता है जिस कारण हाथों में हर समय कीटाणुओं की मौजूदगी रहती है। बहुत सी बीमारियां इन्हीं कीटाणुओं से व्यक्ति को संक्रमित करती हैं इसलिए आवश्यक है कि हम अपने हाथों को हर समय स्वच्छ रखने का प्रयास करें। इसके लिए घर पर अथवा कार्यस्थल पर बार-बार साबुन से कम से कम 20 सैकेण्ड तक हाथ धोने से कोई भी वायरस आपके हाथों को नहीं छू सकता। कोविड-19 के संकट के दौरान हाथों की सफाई को लेकर बार-बार एडवाईजरी जारी की जाती रही है, लेकिन हम यदा-कदा लापरवाह हो जाते हैं। यह बात मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सुशील चंद्र ने कोरोना वायरस के व्यवहार पर चर्चा करते हुए क्षेत्रीय अस्पताल में कही। उन्होंने कहा यदि व्यक्ति अच्छे से ट्रिप्पल लेयर का मास्क प्रयोग करें और अपने हाथों की सफाई रखें तो सम्भवतः कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है। मास्क की महता पर उन्होंने कहा कि सामने से आ रहा व्यक्ति यदि छींकता है अथवा खांसी करता है तो मास्क न होने की स्थिति में कीटाणु आपको संक्रमित कर सकते हैं। हो सकता है वह व्यक्ति कोरोना पाॅजिटिव हो। इसलिए मास्क को महज दिखावे अथवा चालान से बचने के लिए नहीं पहना जाना चाहिए, बल्कि अच्छे कपड़े का अथवा सर्जिकल मास्क होना चाहिए। सर्जिकल मास्क का उपयोग भी केवल एक दिन अथवा एक बार ही किया जा सकता है। बाजार में कपड़े से बडी मात्रा में उपलब्ध मास्क की गुणवत्ता की अच्छे से जांच करनी चाहिए। डाॅ. सुशील चंद्र ने कहा कि मास्क के अच्छे से उपयोग और हाथ धोने को लेकर किसी को भी लापरवाही नहीं बरतनी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इन नियमों का ईमानदारी के साथ पालन करें और अपने आप को तथा अपने प्रियजनों को सुरक्षित रखें। उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि यदि खांसी, तेज बुखार अथवा सांस लेने की दिक्कत महसूस होती है तो तुरंत से चिकित्सक से संपर्क करें। उधर, चिकत्सा अधीक्षक ने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में सामाजिक दूरी व मास्क के उपयोग के नियमों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पर्ची बनाने के लिए जिला आपदा प्रबंधन की ओर से दो तम्बु प्रदान किए गए हैं जो अस्पताल के प्रांगण में स्थापित किए गए हैं। लोग वहीं पर खांसी, बुखार इत्यादि की पर्ची बनवाते हैं और चिकित्सक के पास बारी-बारी परामर्श के लिए जा रहे हैं। हालांकि कोरोना संक्रमण के खतरे के दृष्टिकल आजकल काफी कम लोग अस्पताल आ रहे हैं।
मंगलवार सुबह कमांद और रियागड़ी के बीच टिककरी नाला के पास खाई में गिरी ऑल्टो कार में घायल हुए महिला ने चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया है। महिला मंजुला सरकारी स्कूल में अध्यापिका थी। पुलिस से मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त महिला भी चालक प्रशिक्षण वाहन में बैठी थी। वही इस वाहन में पांच लोग सवार थे जिनमें से एक कि मौके पर ही मौत हो चुकी थी जबकि चार अन्य घायल थे। वहीं घायल महिला को मंडी से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए चंडीगढ़ रेफर कर दिया था। परिजनों ने घायल महिला को चंडीगढ़ पहुंचा दिया था लेकिन महिला ने चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया। बाद में परिजन महिला को मृत अवस्था मे रात को चंडीगढ़ से वापिस मंडी ले आए। मृतक महिला का पोस्टमार्ट मंडी अस्पताल में किया गया। महिला का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव में बुधवार को कर दिया है। महिला अपने पीछे एक बेटा छोड़ गई है। वही अन्य तीन लोगों का भी मंडी में इलाज चल रहा था लेकिन दो को बीती रात ही आईजीएमसी रैफर कर दिया गया है। इनमें एक ड्राइवर अक्षय कुमार व महेंद्र कुमार है। यह जानकारी आईओ कमांद श्रवण ने दी।
कुछ दिनों पहले ही सरकार ने नगर परिषद् मंडी को नगर निगम का दर्जा दिया था। अब नगर निगम मंडी में चुनावी बिगुल बज चूका है। मंडी में नगर निगम चुनाव का रोस्टर जारी कर दिया गया है। रोस्टर के मुताबिक 15 में से 6 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं जबकि 4 वार्ड SC उम्मीदवारों के खाते में भरे गए हैं। अन्य बचे 5 वार्डों को अनारक्षित रखा गया है। नगर निगम मंडी में 15 वार्ड हैं। इनमे वार्ड नंबर 1 खलियार है और इसे महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। वार्ड नंबर 2 पुरानी मंडी, वार्ड 3 पड्डल, वार्ड 4 नेला, वार्ड 5 मंगवाईं, वार्ड 14 बहना व वार्ड 8 पैलेस कॉलोनी-1 को अनारक्षित रखा गया है। वहीं वार्ड 6 संयाहरद को एससी के लिए आरक्षित है। वार्ड 7 तल्याहड़, वार्ड 9 पैलेस कॉलोनी-2, वार्ड 11 समखेतर, वार्ड 12 भगवाहन, वार्ड 13 थनेहरा को महिलाओं के लिए आरक्षित रखा गया है जबकि वार्ड 10 सुहरा और वार्ड 15 दौंधी को SC महिलाओं के लिए आरक्षित रखा गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुर्वेद मन्त्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 महामारी से बचाव का एकमात्र उपाय सावधानी है। उन्होंने सभी से आग्रह किया है कि कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना न भूलें, सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें और अपने हाथों को स्वच्छ रखें। डाॅ. सैजल आज यहां सोलन जिला के लिए हिम सुरक्षा अभियान का शुभारम्भ करने के उपरान्त उपस्थित जिला प्रशासन, चिकित्सकों, आशा कार्यकर्ताओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर सभी को शपथ भी दिलाई और आग्रह किया कि शपथ का स्वयं भी पालन करें और अन्य को भी इस दिशा में जागरूक बनाएं। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को सुरक्षा किट भी वितरित की। डाॅ. सैजल ने कहा कि आज से 27 दिसम्बर, 2020 तक कार्यान्वित किए जाने वाले हिम सुरक्षा अभियान का उद्देश्य कोरोना संक्रमण के साथ-साथ तपेदिक, कुष्ठ रोग, मधुमेह एवं रक्तचाप जैसी बीमारियों का पता लगाना है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्री ने उपायुक्त सोलन को निर्देश दिए कि हिम सुरक्षा अभियान को उचित तरीके से कार्यान्वित किया जाए ताकि सोलन जिला के जन-जन तक अभियान के तहत टीमें पहुंचे। उन्हांेने कहा कि जिला में कार्यरत विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों को अभियान के साथ जोड़ा जाए ताकि कोई भी अभियान की पहुंच से बाहर न रहे। प्रदेश सरकार का उद्देश्य सभी को स्वस्थ रखना है ताकि देश एवं राज्य के विकास में सभी नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। डाॅ. सैजल ने कहा कि प्रदेश में नवम्बर माह में कोविड-19 रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है। प्रदेश सरकार इस वृद्धि को न्यून करने एवं कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी की दवा अथवा टीका न आने तक सावधानी ही बचाव का एकमात्र उपाय है। हिम सुरक्षा अभियान के तहत लोगों को कोविड-19 से बचने के लिए अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। आयुर्वेद मन्त्री ने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि सावधानी अपनाकर न केवल अपना अपितु अपने परिवार का बचाव भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अभी भी लोग सही प्रकार से मास्क पहनने एवं सोशल डिस्टेन्सिग के नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि इन नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाएं। डाॅ. सैजल ने कहा कि प्रदेश में इस अभियान को सफल बनाने के लिए आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद विभाग के कार्यकर्ताओं की 8000 टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम को प्रतिदिन के अनुरूप लक्ष्य प्रदान किए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्पल ने अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि सोलन जिला की लगभग 7 लाख 68 हजार की जनसंख्या तक पहुंच सुनिश्चित बनाने के लिए 518 टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने कहा कि सोलन जिला में अभी तक कोविड-19 जांच के तहत लगभग 50 हजार परीक्षण किए गए हैं। जिला में कोविड-19 पाॅजिटिव दर 9.1 प्रतिशत, जबकि मृत्युदर 1.06 प्रतिशत है। जिला में कोविड-19 से ग्रसित रोगियों के ठीक होने का प्रतिशत 83 है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मुक्ता रस्तोगी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया, विधानसभा चुनावों में सोलन से भाजपा के उम्मीदवार रहे डाॅ. राजेश कश्यप, बघाट बैंक के अध्यक्ष पवन गुप्ता, दुग्ध पशु सुधार सभा समिति सोलन के अध्यक्ष रविन्द्र परिहार, जिला परिषद सदस्य शीला, उपायुक्त सोलन केसी चमन, पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, ग्राम पंचायत शामती के प्रधान संजीव सूद, जिला भाजपा महामंत्री भरत साहनी, भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष रोहित भारद्वाज, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एनके गुप्ता, भाजपा तथा भाजयुमो के अन्य पदाधिकारी, गणमान्य व्यक्ति तथा आशा कार्यकर्ता इस अवसर पर उपस्थित थीं।
सोलन जिला में पुनरोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनरोत्थान मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत विभिन्न रबी फसलों का बीमा किया जा रहा है। यह जानकारी कृषि उपनिदेशक सोलन डाॅ. राजेश कौशिक ने दी। राजेश कौशिक ने कहा कि पुनरोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत रबी मौसम में गेहूं व जौ की फसलों को शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत बीमा करवाने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर 2020 निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि पुनरोत्थान मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अन्तर्गत रबी मौसम में टमाटर व जिला के धर्मपुर विकास खंड के लिए शिमला मिर्च की फसल को शामिल किया गया है। इस योजना के तहत बीमा करवाने की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2020 निर्धारित की गई है। कृषि उपनिदेशक ने कहा कि किसान इन फसलों का बीमा अपने नजदीकी लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से करवा सकते हैं। किसान अपने दस्तावेज जैसे जमाबंदी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बिजाई प्रमाण पत्र इत्यादि लेकर लोकमित्र केंद्रों में जाएं अथवा आॅनलाइन पोर्टल पर आवेदन करें। उन्होंने कहा कि ऋणधारक किसान यदि इन योजनाओं का लाभ नहीं लेना चाहते तो वह संबंधित बैंक को इस बारे अंतिम तिथि से 7 दिन पूर्व अवश्य सूचित करें अन्यथा उनकी फसल का बीमा स्वतः हो जाएगा। राजेश कौशिक ने कहा कि गेहूं की फसल के लिए कुल बीमित राशि 2400 रुपए तथा जौ की फसल के लिए बीमित राशि 2000 रुपए प्रति बीघा निर्धारित की गई है। किसानों को गेहूं की फसल के लिए 36 रुपए प्रति बीघा तथा जौ की फसल के लिए 30 रुपए प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। टमाटर की फसल के लिए कुल बीमित राशि 8000 रुपए प्रति बीघा तथा शिमला मिर्च की फसल के लिए कुल बीमित राशि 3200 रुपए प्रति बीघा निर्धारित की गई है। किसानों को टमाटर की फसल के लिए 400 रुपए प्रति बीघा तथा शिमला मिर्च की फसल के लिए 160 रुपए प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। कृषि उपनिदेशक ने कहा कि पुनरोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व पुनरोत्थान मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत कम वर्षा, सूखा, बाढ़, सैलाब, भूमि कटाव, ओलावृष्टि और फसल कटाई के उपरांत 02 सप्ताह तक होने वाले नुकसान तथा स्थानीय आपदाओं को कवर किया जाता है। उन्होंने जिला के किसानांे से आग्रह किया है कि इन योजनाओं के अन्तर्गत अपनी फसलों का बीमा करवाएं ताकि फसलों का नुकसान होने पर बीमा कंपनियों से मुआवजा मिल सके। उन्होंने कहा कि बीमा करवाने के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी को चयनित किया गया है। इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी कृषि अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।
कुनिहार। कुनिहार ब्लॉक में बनाए जाने वाली उप तहसील कार्यालय भवन को लेकर कुछ लोगों द्वारा इसके निर्माण पर उठाए गए सवाल निराधार है। यह बात आज कुनिहार लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में हाटकोट तथा कोठी पंचायत के जन प्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों की आयोजित बैठक में कही गई। बैठक में इसका पुरजोर विरोध किया गया। बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि बीडीओ कार्यालय में भूमि का चयन जिला प्रशासन ने खुद किया है। यहां पर 11 बीघा भूमि है जिसमे से 2-5 बीघा भूमि इसके लिए चिन्हित की गई है। उन्होंने कहा की उपरोक्त 5 बिस्वा में भवन बनेगा और बाकी पर पार्किंग की सुविधा होगी। मुख्य सड़क से विश्राम गृह के रास्ते को खोल कर सड़क को 12 फुट चौड़ा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त डुमेंहर साइड से आने वाले मुख्य बाज़ार वाली सड़क को भी पक्का किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह जगह तीनो पंचायतो का केंद्र बिन्दु है। बैठक में बीडीसी सीमा महंत, प्रधान हाटकोट पंचायत सुनीता ठाकुर, वार्ड मेम्बर नवनीत शर्मा, भूपेंदर कालिया, कमला देवी, पैन्शनर चेत राम तंवर, हेमचन्द ठाकुर, राजिंदर धीमान, ओम प्रकाश गर्ग, सुशिल शर्मा, गोपाल कृष्ण, जन कल्याण समित हाटकोट के प्रधान हंस राज ठाकुर सहित अन्य उपस्थित रहे।
सिरमौर जिला के राजगढ़ उपमंडल से समबन्ध रखने वाला एक 23 वर्षीय जवान अंचित कुमार एलएसी पर शहीद हो गया है। अंचित राजगढ़ उपमंडल की बोहल पंचायत के धार पंजेहरा गांव का रहने वाला था। अंचित कुमार ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी है। अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर 21 डोगरा के जवान एक पोस्ट से दूसरी पोस्ट पर जा रहे थे, इसी दौरान अंचित कुमार शहीद हो गया। यह घटना मंगलवार 6 बजे की है। परिवार वालों को इसकी जानकारी देर रात दी गई। बता दें अंचित अपने माता पिता का इकलौता बेटा था। परिवार में माता-पिता के अलावा दादा-दादी और एक छोटी बहन भी है। अंचित कुमार की शहादत से परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर है।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए हिमाचल कैबिनेट ने फैसला सुनाया है। हिमाचल के सभी जिलों में हर रविवार को बाजार बंद रहेंगे और केवल आवश्यक वस्तुओं की दुकानें ही खुली रहेंगी। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि नाइट कर्फ्यू के दौरान भी सरकारी और निजी बसें प्रदेश और बाहरी राज्यों के लिए दौड़ेगी। कर्फ्यू वाले जिलों में यात्री का टिकट बतौर पास चलेगा। वही नाइट कर्फ्यू वाले जिलों, शिमला, मंडी, कुल्लू और कांगड़ा में रात को सवारियां उतरी तो जाएंगी लेकिन चढ़ाई नहीं जाएंगी। बता दें इससे पहले सरकार ने फैसला लिया था कि इन 4 जिलों में रात 8:00 से सुबह 6:00 तक बस सेवा बंद रहेगी। वही गाइडलाइन के अनुसार शादियों, सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों समेत भीड़भाड़ वाले बड़े आयोजनों के लिए तहसीलदार, एसडीएम या उनके ऊपर के अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। 15 दिसंबर तक दिव्यांग कर्मचारियों के लिए सरकारी कार्यालयों में आना जरूरी नहीं है। वहीं सरकार द्वारा प्रदेश में 50 फ़ीसदी सवारियों के साथ बस से चलाने 4 जिलों में रात्रि कर्फ्यू और बिना मास्क हजार रुपए जुर्माने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के मुताबिक प्रदेश में कोरोनावायरस की स्थिति को देखते हुए गत 10 दिसंबर तक विद्यार्थियों के लिए स्कूल व कॉलेज भी बंद रहेंगे। साथ ही सरकार द्वारा बुधवार से सरकारी कर्मचारियों के लिए work-from-home भी कर दिया गया है। अधिसूचना के मुताबिक 50-50 फीसदी स्टाफ तीन-तीन दिन कार्यालय आएगा। करमचारी दो समूहों में कार्यालय आएंगे। पहला समूह 10:00 से 5:00 बजे तक कार्यालय पहुंचेगा, वहीं दूसरा समूह 10:30 से 5:30 के बीच पहुंचेगा।
सेंट्रल ड्रग्स लेबाेरेटरी (CDL) कसौली ने अहमदाबाद की एक कंपनी का रेबीज वैक्सीन का सैंपल फेल किया है। CDL में सैंपल फेल होने के बाद अब यह कंपनी उस बैच को बाजार में नहीं भेज सकेगी। जानकारी के अनुसार अहमदाबाद की कैडिला हेल्थ केयर कंपनी का रेबीज वैक्सीन का सैंपल सीडीएल में जांच के लिए आया था। तमाम टेस्टिंग से गुजरने के बाद यह वैक्सीन सीडीएल के गुणवत्ता के मानकों पर खरा नहीं उतर पाया। इसे सीडीएल द्वारा नॉट ऑफ स्टेंडर्ड क्वालिटी घोषित किया गया है। सीडीएल ने कंपनी को इस वैक्सीन को बाजार में न भेजने के निर्देश जारी किए है।
रामपुर नगर परिषद के अंतर्गत लगातार बढ़ रहे कोरोना मामलों को लेकर प्रशासन द्वारा आगामी 26 नवंबर तक नगर परिषद के 9 वार्डो को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। यह निर्णय प्रशासन द्वारा इसलिए लिया गया है क्योंकि लगातार इस क्षेत्र में कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं जिसको लेकर 24 नवंबर रात 8:00 बजे से 26 नवंबर को घोषित कर दिया गया है। जानकारी देते हुए एसडीएम रामपुर सुरेंद्र मोहन ने बताया कि आज एमसी रामपुर में कुल 14 पॉजिटिव केस सामने आए हैं। पिछले कल भी 8 पॉजिटिव केस नगरपरिषद क्षेत्र में आए थे इसलिए कोरोना के सामुदायिक फैलाव को रोकने के लिए इस चेन को तोड़ना जरूरी हो गया है। इस कारण रामपुर प्रशासन ने अगले 48 घंटों के लिए एमसी एरिया रामपुर को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। यह आदेश शुक्रवार रात 8 बजे से 26 तारीख को शाम 5 बजे तक लागू रहेगा। बता दें कि नगर परिषद क्षेत्र में रामपुर बाजार भी मौजूद है यह भी आगामी आदेश तक बंद रहेगा। वही एसेंशियल सर्विस की दुकानें ही खुली रहेगी।
ग्राम पंचायत घनागुघाट के प्रधान धनीराम रघुवंशी ने पशु डिस्पेंसरी को अपग्रेड करने हेतु सरकार से अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि ग्राम पंचायत घनागुघाट में एक पशु डिस्पेंसरी वर्तमान में कार्यरत है,क्योंकि इस क्षेत्र के लोगों का मुख्य व्यवसाय दुग्ध उत्पादन पर निर्भर है,इस कारण पंचायत में पशुओं की संख्या भी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है,जिसमें दुधारू पशुओं की तादाद ज्यादा हो रही है। पंचायत प्रधान ने कहा है कि ऐसे में क्षेत्रवासियों को महसूस हो रहा है कि उक्त पशु डिस्पेंसरी का पशु चिकित्सालय के रूप में अपग्रेड होना अति आवश्यक है।पशु चिकित्सालय के होने से पंचायत वासियों को अपने पशुओं का इलाज करवाने के लिए यहां नजदीकी सुविधा भी मिलेगी व यह कार्य जनहित में भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस कार्य को अंजाम देने के लिए उन्होंने पंचायत द्वारा प्रस्ताव विभाग को भेजा था जिसमें सरकारी जमीन की उपलब्धता के कागज भी लगाए गए थे लेकिन अभी तक वन विभाग की ओर से एनओसी न मिलने के कारण यह कार्य लटका हुआ है।उन्होंने कहा कि जिस भूमि का चयन चिकित्सालय हेतु किया गया है उसमें कोई भी पेड़ मौजूद नहीं है,अतः वन विभाग को उसमें एनओसी देने हेतु कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।पंचायत प्रधान ने सरकार से निवेदन किया है कि यहां के लोगों की कठिनाई को देखते हुए यहां शीघ्र ही पशु चिकित्सालय अपग्रेड किया जाए।ताकि लोगों को अपने पशु का इलाज करवाने या टीका लगवाने कई कई किलोमीटर दूर न ले जाना पड़े।


















































