हिमाचल प्रदेश के नूरपुर जिले के थाना डमटाल के अंतर्गत भदरोआ में पुलिस ने एक महिला तस्कर को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। नूरपुर के SP अशोक रत्न ने बताया कि आरोपित महिला परमजीत उर्फ गोशा, जो पंजाब के पठानकोट जिले के डोड़बा की निवासी है, अपनी बहू के घर भदरोआ आई हुई थी। जैसे ही पुलिस को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत भदरोआ स्थित उसके घर पर छापा मारा और महिला की तलाशी ली। तलाशी के दौरान महिला के पास से 11.63 ग्राम चिट्टा और 40 हजार रुपये नकद बरामद हुए। महिला को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस महिला पर पहले भी पंजाब के पठानकोट और हिमाचल प्रदेश के नूरपुर तथा डमटाल में चिट्टा तस्करी के 7 मामले दर्ज हैं। जिला पुलिस नूरपुर ने जनता से अपील की है कि अगर उन्हें कहीं भी चिट्टा तस्करी के बारे में जानकारी हो, तो वे नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें। पुलिस सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखेगी।
हिमाचल प्रदेश का एक और लाल देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गया। 29 वर्षीय जवान अक्षय कुमार ने अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान अपनी जान देश के लिए न्यौछावर कर दी है। अक्षय कुमार धर्मशाला के सिद्धबाड़ी के रहने वाले थे। शहीद अक्षय कुमार 19 डोगरा बटालियन में तैनात थे। वहीं, उनकी शहादत की खबर गांव में पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। अक्षय कुमार ने साल 2015 में महज 19 साल की उम्र में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। शहीद के पिता संसार चंद ने बताया कि बचपन से ही अक्षय का सपना देश की सेवा करना था। उनका सपना तो पूरा हुआ, लेकिन अक्षय का ये बलिदान परिवार और गांव के लिए बड़ा सदमा है। उन्होंने बताया कि अक्षय कुमार को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मौत हो गई। शहीद अक्षय की दो महीने पहले ही शादी हुई थी। आंखों में नमी लिए भारी मन से शहीद के पिता ने कहा कि इतनी खुशी के बाद इतना बड़ा गम हमारा इंतजार कर रहा था। शादी के बाद अक्षय अपनी पत्नी के साथ नए जीवन की शुरुआत करने की तैयारी की ही थी, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही तय कर रखा था। अक्षय कुमार के शहीद होने की खबर जैसे ही उनके गांव पहुंची तो पूरा गांव गमगीन हो गया। हर कोई उनकी शहादत पर गर्व तो कर रहा है, लेकिन उनकी कमी से सबकी आंखें नम हैं। गांव वाले शहीद को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं। अक्षय कुमार का पार्थिव शरीर शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव बागनी लाया जाएगा। शहीद के पैतृक गांव में उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।
** उपभोक्ताओं को मिल रहा आधा सामान हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच लोगों को उचित मूल्य की दुकानों में भी राहत नहीं मिल रही है। दिसंबर महीने का पहला सप्ताह बीतने को है, लेकिन डिपुओं में से आधा सामान अभी भी गायब है। डिपुओं में सस्ते राशन के नाम पर सिर्फ आटा, चावल और चीनी ही मिल रही है, जबकि दो महीने से प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को डिपुओं में सरसों का तेल और दाल नहीं मिल रही है। ऐसे में लाखों परिवार बाजार से महंगे रेट पर दालें और तेल खरीदने को मजबूर हैं। हालांकि हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम से मलका और चने की दाल के रेट अप्रूव होने के बाद दोनों दालों की सप्लाई का ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है, लेकिन अभी तक उचित मूल्य की दुकानों में दालों का ये स्टॉक नहीं पहुंचा है। ऐसे में खासकर गरीब परिवारों की जेब पर सबसे ज्यादा असर पर पड़ रहा है। वहीं, सरसों के तेल के लिए उपभोक्ताओं को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। हिमाचल में उपभोक्ताओं को दो महीने के सरसों के तेल का कोटा नहीं मिला है। प्रदेश में बहुत से डिपुओं में उपभोक्ताओं को तीन महीने से सरसों का तेल उपलब्ध नहीं हुआ है। प्रदेश में कुल राशन कार्ड धारकों की संख्या 19,65,589 है. जो 4500 से ज्यादा डिपुओं के जरिए सस्ते राशन की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। ऐसे में इन उपभोक्ताओं को अब सरसों तेल का बैकलॉग कोटा भी दिया जाना है, जिसके लिए हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को करीब 70 लाख लीटर सरसों के तेल की जरूरत है। हिमाचल में लोगों को महंगाई से राहत दिलाने के लिए डिपुओं के जरिए उपभोक्ताओं को आटा, चावल, तीन अलग-अलग किस्म की दालें, सरसों का तेल और नमक बाजार से सस्ते रेट पर मुहैया करवाया जाता है। महंगाई के चलते डिपुओं में सरसों के तेल की मांग ज्यादा रहती है। सरसों के तेल के कोटे को कोई भी उपभोक्ता नहीं छोड़ता है, जिस कारण प्रदेश में हर महीने डिपुओं में करीब 34 लाख लीटर सरसों के तेल की खपत होती है। हिमाचल प्रदेश सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत डिपुओं के जरिए बाजार से सस्ते रेट पर तीन दालें उपलब्ध करा रही है, जिस कारण डिपुओं में लगातार दालों की भी मांग बढ़ती जा रही है। प्रदेश में हर महीने राशन कार्ड धारक डिपुओं से नियमित तौर पर दाल का कोटा उठा रहे हैं।उचित मूल्य की दुकानों में दालों की लिफ्टिंग सौ फीसदी के करीब है। ऐसे में डिपुओं में हर महीने दालों की खपत करीब 5500 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने सरकार से अप्रूवल मिलने के बाद दिसंबर महीने के लिए 40,510 क्विंटल मलका और 79,160 क्विंटल दाल चना का सप्लाई ऑर्डर जारी कर दिया है।
देहरा उपमंडल के तहत पुलिस थाना हरिपुर के अन्तर्गत पड़ते भटेड के 70 वर्षीय केवल कृष्ण सुपुत्र बरडू राम की दुःखद मौत होने की सूचना प्रकाश में आई है। बता दें कि केवल कृष्ण 3 दिसम्बर को किसी कार्य से समीप पड़ते गाँव लंज की और गए थे जहां वह एक डंगे से नीचे गिर गए। तदोपरान्त इनका उपचार टाण्डा में चल रहा था जहां इनकी मौत हो गई है। मामले की पुष्टि करते हुए हरिपुर थाना प्रभारी मनजीत मनकोटिया ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
**समय पर कार्य पूर्ण न होने पर अधिकारियों की जवाबदेही होगी सुनिश्चित उपायुक्त हेमराज बैरावा ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को सब्जी, फल एवं दुग्ध उत्पादन के लिए प्रेरित करें ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहां कि निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध पूरा करने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए ताकि लोगों को समय पर सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि समय पर कार्य पूर्ण नहीं होने पर अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाएगी तथा आगामी बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों से इसकी रिपोर्ट ली जाएगी। बुधवार को ज्वालामुखी उपमंडल में विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि राजस्व मामलों को बिना किसी कारण के लटकाएं नहीं तथा राजस्व मामलों के निपटारे में देरी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसे मामले जिनका समाधान आपके स्तर पर हो सकता है, उनका त्वरित निपटारा करें। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि राजस्व के कार्य आम जनता के हितों से जुड़े हुए महत्वपूर्ण कार्य होते हैं। उपायुक्त ने इस दौरान तहसील और उप-तहसील स्तर पर अतिक्रमण, निशानदेही, तकसीम हुक्मी और खानगी, वारंट निष्पादन, इंतकाल (म्यूटेशन) तथा जमाबंदी के मामलों के निपटारे की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राजस्व मामलों के समयबद्ध निपटारे पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल पर इसके लिए हर महीने के आखिरी दो दिन राजस्व अदालतें लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी रणनीति बनाकर राजस्व मामलों का निपटारा सुनिश्चित करें। छह महीने से अधिक लंबित मामलों को निपटाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि पंचायतों के समग्र विकास में समाज की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गांवों में प्राकृतिक स्रोतों और अन्य संसाधनों के संरक्षण में समाज के सभी घटकों को जागरूक कर उनका सहयोग लेना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए खंड विकास अधिकारी की भूमिका अहम होती है। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को विकास के तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिये। बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका योजना, स्वच्छ भारत अभियान (ग्रामीण), ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के अन्तर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में महिलाओं को स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य के साथ स्वयं सहायता समूहों के गठन पर बल दिया। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को पंचायत स्तर पर समग्र मनरेगा पर विशेष फोकस करने को कहा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग लाभान्वित हो सकें। उन्होंने पंचायतों में विकास कार्यों के लिए आवंटित धनराशि का सदुपयोग करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर निर्माण कार्यों का नियमित तौर पर निरीक्षण किया जाए इससे पहले एसडीएम डॉक्टर संजीव कुमार ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में चल रही विभिन्न कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने शिवा परियोजना के तहत निरीक्षण किया तथा सिंचाई एवं विभिन्न विकास योजनाओं के सम्बन्ध में अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। उन्होंने शिवा प्रोजेक्ट के तहत धनोटू में बने बगीचे का निरीक्षण किया तथा उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यहां उत्पादित फलों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों की आर्थिकी सुदृढ हो। इसके उपरांत उपायुक्त हेमराज बैरवा ने लुथान में निर्मित हो रहे सुख आश्रय परिसर का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को परिसर के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि निराश्रित बच्चों को शीघ्र इसका लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुख शिक्षा योजना के तहत बच्चों को शामिल करने के कार्य में तत्परता लाई जाए और सुख आश्रय योजना के तहत भूमिहीन बच्चों को जमीन उपलब्ध करवाने के कार्य में भी तेजी लाई जाए।
हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में 200 डाॅक्टरों की भर्ती होगी। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य अधिकारियों के 200 पद लोकसेवा आयोग के माध्यम से भरने जा रही है। राज्य लोकसेवा आयोग(HPPSC) ने बुधवार को भर्ती के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों से ऑनलाइन भर्ती आवेदन (ओआरए) आमंत्रित कर दिए हैं। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2024 तय की गई है। उम्मीदवार 31 दिसंबर 2024 को 11:59 बजे तक आवेदन शुल्क का भुगतान कर सकेंगे। एक बार भुगतान किया गया परीक्षा शुल्क वापस नहीं किया जाएगा। सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शुल्क 600 रुपये निर्धारित किया गया है। अनारक्षित बीपीएल श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और ईडब्ल्यूएस के पुरुष उम्मीदवार तथा हिमाचल प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणियों से संबंधित भूतपूर्व सैनिक उम्मीदवार के लिए 150 है। महिला अभ्यर्थियों व भूतपूर्व सैनिक पुरुष अभ्यर्थी से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही आयोग ने पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन विभाग में अनुबंध आधार पर पर्यावरण अधिकारी, वर्ग-I (राजपत्रित) के 12 पदों को भरने के लिए ऑनलाइन भर्ती आवेदन (ओआरए) मांगे हैं। इस पदों के लिए भी उम्मीदवार 31 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसका परीक्षा शुल्क 600 रुपये होगा। महिला उम्मीदवार व कुछ अन्य श्रेणी के अभ्यर्थियों से शुल्क नहीं लिया जाएगा।
एचपीटीडीसी (हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम) पहली बार अपने होटलों में कमरों की बुकिंग का काम निजी कंपनी मेक माय ट्रिप को सौंपने जा रहा है। मेक माय ट्रिप कंपनी पर्यटन निगम को अग्रिम 2 करोड़ रुपये देकर कमरों की बुकिंग करेगी। निजी होटल समूहों के साथ स्पर्धा के लिए निगम ने यह फैसला लिया है। निगम अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पर्यटन निगम के चेयरमैन आरएस बाली ने यह जानकारी दी।बाली ने कहा कि निगम ने अगले 6 माह में निगम का टर्नओवर 300 करोड़ पहुंचाने का निर्णय लिया है। करीब 16 करोड़ की लागत से शिमला के होटल हॉलिडे होम, पीटरहॉफ और हमीरपुर के होटल हमीर का जीर्णोद्धार होगा। निगम ने बीते साल के मुकाबले इस साल अब तक करीब 2.67 करोड़ अधिक राजस्व अर्जित कर दिया है। तकनीकी तौर पर दक्ष स्पेशल कुक और प्रबंधकों की भर्ती शुरू करने को लेकर प्रदेश सरकार से मंजूरी मिल गई है। बैठक में स्लाफ के युक्तिकरण का भी फैसला लिया गया है। जहां कमी है, वहां कर्मचारियों को स्थानांतरित किया जाएगा। निगम की आय बढ़ाने के लिए कमरों की ऑनलाइन बुकिंग करने वाली अन्य कंपनियों से भी बात की जाएगी। निगम के महाप्रबंधक अनिल तनेजा को इस काम के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। निजी कंपनियों को निगम के होटलों का ऑनलाइन वेबसाइट पर प्रचार भी करना होगा और चैनल मैनेजर सहित दो कर्मी भी उपलब्ध करवाने होंगे। बाली ने बताया कि पेंशनरों के देय लाभ जारी करने को लेकर न्यायालय के फैसले के बाद निगम ने 1.89 करोड़ की देनदारियां अब तक निपटा दी हैं। बाली ने कहा कि वाइल्ड फ्लावर हॉल पर सरकार उचित फैसला लेगी, फिलहाल पर्यटन निगम का इस संपत्ति पर कोई स्वामित्व नहीं है। निगम कर्मचारी महासंघ की ओर से चेयरमैन को भेजे गए पत्र के बाद मामला खत्म करने की भी बात कही। निगम की संपत्तियों के आय-व्यय का साप्ताहिक रिव्यू चेयरमैन करेंगे और जरूरी दिशा-निर्देश भी देंगे। बाली ने बताया कि स्पेशल असिस्टेंट टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत हिमाचल की अनदेखी के सवाल पर बाली ने कहा कि केंद्र ने पहले ही हिमाचल के लिए 2500 करोड़ का प्रोजेक्ट स्वीकृत कर दिया है। काजा और छितकुल के लिए 36 करोड़ का चैलेंजिंग डेस्टिनेशन प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से फिर मुलाकत करेंगे और हिमाचल के लिए नए प्रोजेक्ट मांगेंगे।
**आखिर कैसे होगी हजारों क्विंटल धान की अनाज मंडी फतेहपुर में सुरक्षा.. ** सरकार लोगों के घरों में कर रही अनाज का भंडारण हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा की फतेहपुर अनाज मंडी में अब तक 65 हजार क्विंटल सरकारी धान खरीदा जा चुका है। लेकिन समस्या यह है कि लगभग 40 हजार क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है, और मौसम बदलने के कारण इसे बारिश से बचाने की चिंता बढ़ गई है। मंडी में अनाज को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त गोदाम नहीं हैं। सरकार ने कुछ लोगों के घर किराए पर लेकर अनाज भंडारण की कोशिश की है, लेकिन इसके बावजूद भी बड़ी मात्रा में धान मंडी के मैदान में पड़ा हुआ है। बारिश से बचाने के लिए केवल छोटे-छोटे तिरपाल की व्यवस्था की गई है, जो पर्याप्त नहीं है। इस संबंध में अनाज मंडी के इंचार्ज सुनील कुमार का कहना है कि गोदामों की कमी के कारण अनाज को मैदान में रखना पड़ा है। उन्होंने उच्च अधिकारियों को इस स्थिति की जानकारी दी है और मांग की है कि जल्द से जल्द अनाज को उठाकर सुरक्षित स्थान पर भंडारित किया जाए।
** नेर चौक अस्पताल में एक एमआरआई मशीन नहीं लगा पाए जयरामः मुख्यमंत्री ** मुख्यमंत्री ने कहा, मेरा उद्देश्य आम आदमी की सेवा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बीते कल मंडी जिला की सिराज विधानसभा क्षेत्र के बाखली में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार 11 दिसंबर को सात गारंटियां पूरी करने जा रही है। प्रदेश सरकार आने वाले समय में और योजनाएं ला रही है। उन्होंने कहा कि मेरा मकसद आम आदमी की सेवा करना है और मेरे मंत्रिमंडल के सभी सदस्य इस दिशा में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं ताकि आम जनता को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा ‘‘जब पुलिस भर्ती के पेपर लीक हुए और अधीनस्थ चयन आयोग हमीरपुर में पेपर नीलाम हो रहे थे, तब जयराम ठाकुर कहाँ थे। मैं अपनी आंखों के सामने युवाओं के भविष्य के साथ धोखा होते हुए नहीं देख सकता, इसलिए हमने अधीनस्थ चयन आयोग को भंग कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले सरकार बदलने के साथ ही पुराने काम रोक दिए जाते थे। लेकिन हमने भाजपा के इस रिवाज को बंद किया और 28 करोड़ रुपए बगलामुखी रोपवे के लिए प्राथमिकता पर आवंटित किए। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में सिराज में बड़े भवन बने लेकिन उनमें स्टाफ तक नियुक्त नहीं हुआ। भवन लोगों के काम आए तभी उसका फायदा है। सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार विधानसभा चुनावों से ठीक पहले 900 संस्थान खोल दिए, लेकिन बिना स्टाफ तथा समुचित बजट के संस्थान खोलना जनता के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि हमने फैसला किया कि जब तक अध्यापक भर्ती नहीं होते, जब तक डॉक्टर भर्ती नहीं होते, तब तक नए संस्थान नहीं खोले जाएगें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर ने प्रदेश का खजाना खाली कर दिया। जब वह सत्ता से बाहर हुए तब एक महीने सरकार चलाने के लिए भी पैसा नहीं था। इसलिए हमने नीतिगत बदलाव किए और दो साल में आम आदमी को ध्यान में रखकर फैसले लिए गए जिनके लाभ मिलना शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की। उन्होंने कहा कि आज भाजपा का एक भी नेता कह दे कि वह ओपीएस देंगे। राजस्थान में भाजपा की सरकार बनते ही उन्होंने ओपीएस बंद कर दी। वर्तमान राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों एवं पैंशनरों को 11 प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी किया तथा पुलिस की डाइट मनी बढ़ाकर एक हजार रुपए की। यह हिमाचल प्रदेश की आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नीतिगत बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि गाय का दूध 45 रुपए और भैंस का दूध 55 रुपए प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित मक्की 30 रुपये तथा गेहूं 40 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदा जा रहा है। इसके अतिरिक्त मनरेगा की दिहाड़ी में 60 रुपये की उल्लेखनीय वृद्धि की है जिससे अब दिहाड़ी 240 रुपए से बढ़कर 300 रुपए हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर मंडी जिला के नेरचौक अस्पताल में एक एमआरआई तक की मशीन नहीं लगा पाए और पूरे प्रदेश के अस्पतालों को रेफरल अस्पताल बना दिया। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए प्रदेश का खजाना लुटा दिया। लेकिन हम प्रदेश के संसाधनों को लुटने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के छह हजार अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए वर्तमान राज्य सरकार ने कानून बनाया। प्रदेश में विधवा महिलाओं के 23 हजार बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन करने के लिए मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना आरंभ की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हितों की बात करने की बजाए भाजपा ने शौचालय कर और समोसे जैसे मामलों पर राजनीति करना शुरू की है। प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर दुष्प्रचार किया जाता रहा है। जबकि वर्तमान प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से आपदा प्रभावित परिवारों को 4500 करोड़ रुपए का विशेष आर्थिक पैकेज जारी किया। सुक्खू ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत मकान बनाने के लिए दो बच्चों को भूमि प्रदान करने के प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने पिछली आपदा में अपनी भूमि से वंचित हो चुके दो परिवारों को तीन-तीन बिस्वा भूमि प्रदान करने के प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने सुख-शिक्षा योजना के 14 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी दिए। इस योजना के तहत राज्य सरकार विधवा व एकल महिलाओं के बच्चों का पूरा खर्च वहन करती है। इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि रोपवे की दुनिया विदेश की दुनिया है, जहां रोपवे कंपनियां काम करती है। इसे हिमाचल प्रदेश में लाना एक बहुत बड़ी चुनौती है, लेकिन आज भारत में हिमाचल प्रदेश रोपवे की दुनिया में बहुत आगे निकलने वाला है। शिमला में बनने वाला रोपवे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रोपवे 1750 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है। रोहतांग, बिजली महादेव, बाबा बालकनाथ तथा चिंतपूर्णी में रोपवे बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मेरी धर्मपत्नी सिम्मी अग्निहोत्री की बगलामुखी मंदिर में अपार श्रद्धा थी और मैं कई बार उनके साथ यहाँ आया, लेकिन अब रोपवे बनने से यहां आना सुविधाजनक हो गया है। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी 1000 बसें खरीदने जा रहे हैं, जिनमें 350 ई बसें भी खरीद कर रहे हैं। लोगों की सुविधा के लिए एचआरटीसी टैम्पो ट्रेवलर भी चलाएगा, ताकि सभी को परिवहन की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी में पेंशन और सैलरी न मिलने के जयराम ठाकुर झूठे दावे कर रहे हैं, जबकि सत्य यह है कि सभी सरकारी कर्मचारियों को सैलरी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर एचआरटीसी का एक भी कर्मचारी बता दें, जिसे सैलरी व पेंशन न मिली हो। पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने रोपवे के रूप में एक बड़ा तोहफा मंडी जिला को देने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार बेहतर काम कर रही है और दस में से पाँच गारंटियों को पूरा कर दिया है। इसलिए सभी कार्यकर्ता इन उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले वर्ष आई आपदा के दौरान मंडी जिला को 35 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की और लोगों को राहत पहुंचाई। कांग्रेस नेता चेतराम ठाकुर ने कहा कि सिराज के विकास में वर्तमान राज्य सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में मजबूत संगठन के दम पर सिराज की सीट कांग्रेस की झोली में आएगी। उन्होंने कहा कि ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू सिराज विधानसभा क्षेत्र की जनता के दिल में बसे हैं और सिराज कांग्रेस के सभी नेता मुख्यमंत्री के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। उन्होंने कहा कि दूध के दाम में वर्तमान सरकार ने ऐतिहासिक बढ़ौतरी की है, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ मिल रहा है। कांग्रेस नेता विजय पाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वयं आपदा के दौरान सिराज का दौरा किया और लोगों को राहत पहुंचाई। घर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने पर उन्होंने 7-7 लाख रुपए की मदद प्रदान की। सुक्खू का एक ही उद्देश्य के साथ काम कर रहे हैं कि पिछड़े और वंचित वर्ग का कल्याण सुनिश्चित हो।कांग्रेस नेता जगदीश रेड्डी ने मुख्यमंत्री का सिराज विधानसभा क्षेत्र में पधारने के लिए स्वागत किया और रोपवे की सौगात के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, पूर्व सीपीएस सोहन सिंह ठाकुर, एपीएमसी मंडी के चेयरमैन संजीव गुलेरिया, एपीएमसी कुल्लू के चेयरमैन मियाँ राम सिंह, कांग्रेस नेता पवन ठाकुर, चंपा ठाकुर, नरेश चौहान, जीवन ठाकुर, विजय पाल सिंह, महेश राज, राजीव किम्टा, उपायुक्त अपूर्व देवगन, एसपी साक्षी वर्मा सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
** आनंद मल्लिगवाड फाउंडेशन ने सौंपी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने बीते कल मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि धर्मशाला स्थित डल झील के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए आनंद मल्लिगवाड फाउंडेशन की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्राप्त हुई है जिसकी अनुमानित राशि 2 करोड़ 18 लाख 72 हजार 164 रुपये है। मुख्यमंत्री ने उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया।केवल सिंह पठानिया ने बताया कि डल झील कांगड़ा जिले के मैकलोडगंज-नड्डी सड़क मार्ग पर धर्मशाला से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरी डल झील से हजारों लोगों की श्रद्धा और आस्था जुड़ी हुई है। लगभग एक हेक्टेयर क्षेत्र में फैली डल झील में भगवान शिव का ऐतिहासिक मंदिर भी है, जिसे लेकर मान्यता है कि यह 200 साल से अधिक पुराना है। हर वर्ष यहां 15 से 35 हजार श्रद्धालु आते हैं। उन्होंने बताया कि बीते कुछ वर्षों में झील के जलस्तर में तेजी से कमी आई है। नगर निगम, आईआईटी, मंडी और अन्य सरकारी एजेंसियों द्वारा झील को संरक्षित करने के प्रयास किए गए लेकिन झील को उसके पूर्व स्वरूप में नहीं लाया जा सका। पानी की कमी को अस्थायी रूप से दूर करने के लिए फिलहाल जल शक्ति विभाग झील में पानी छोड़ रहा है।
** एसडीएम संगड़ाह और एसडीएम चौपाल ने जारी की एडवाइजरी... सिरमौर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चूड़धार में पूरे साल श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। लेकिन सर्दियों में भारी हिमपात और ठंड के कारण मंदिर तक पहुंचना जोखिमपूर्ण हो जाता है। इस वजह से हर साल मंदिर के कपाट अप्रैल तक बंद कर दिए जाते हैं। इस साल भी प्रशासन ने 1 दिसंबर से लेकर अप्रैल तक चूड़धार यात्रा पर पूरी तरह रोक लगा दी है। एसडीएम संगड़ाह और एसडीएम चौपाल ने इस संबंध में एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें सभी से यात्रा न करने की अपील की गई है। चूड़धार में इन दिनों सुबह और शाम तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे ठंड बढ़ गई है। चूड़धार का अधिकतम तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस है, जबकि न्यूनतम तापमान -2 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है। इसके चलते चूड़धार में पानी की पाइपलाइन भी जम गई है, जिससे पानी की कमी हो गई है। इसलिए प्रशासन ने सलाह दी है कि यात्रा के दौरान भारी हिमपात और ठंड के कारण जोखिम हो सकता है।
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर 53.89 करोड़ रुपये की लागत से बना बगलामुखी रोपवे मंगलवार को जनता को समर्पित किया गया। पंडोह के समीप ब्यास के ऊपर से नेशनल हाईवे और बगलामुखी मंदिर को जोड़ने वाले इस रोपवे का उद्घाटन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व मंत्री काैल सिंह ठाकुर भी मौजूद रहे। 32 महीनों में बनकर तैयार हुआ यह रोपवे पंडोह के कैंची मोड़ से लेकर माता बगलामुखी मंदिर बाखली तक 800 मीटर लंबा है। रोपवे की ट्राॅली में 32 लोग बैठ सकेंगे। रोपवे के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने माता बगलामुखी मंदिर में हाजिरी लगाई। इसके बाद नेचर पार्क बाखली में जनसभा को संबोधित किया। यह देश का पहला नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित रोपवे है। पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने इसकी आधारशिला रखी थी। बगलामुखी रोपवे के आसपास के गांव के स्थानीय लोगों के लिए किराया कम रखा गया है। यहां स्थानीय लोग केवल 30 रुपये देकर रोपवे में सफर कर सकेंगे। रोपवे के निर्माण का एक मकसद यह भी था कि स्थानीय लोगों को सुविधा मिले। उनके लिए बसों की आवाजाही उतनी ज्यादा नहीं है और रोड भी ठीक नहीं है। बरसात के दिनों में रोड बह जाता है जिससे लोग वहीं फंसकर रह जाते हैं। ऐसे में सामान लाने और ले जाने में उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनके लिए किराया कम रखा गया है, जबकि पर्यटकों के लिए 250 रुपये किराया लगेगा। यह किराया दोनों तरफ का होगा। 10 साल की उम्र तक के बच्चों का 50 फीसदी किराया ही लगेगा। इसके अलावा 5 साल तक की उम्र के बच्चों को निशुल्क सुविधा रहेगी। रोपवे बनने से स्थानीय लोगाें को रोजगार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष साधन खुलेंगे। एनएच से रोप-वे के जरिये पर्यटक बाखली पहुंचेंगे। यहां प्रकृति के बीच पर्यटक समय गुजार सकते हैं।
कांग्रेस के 2 साल के समारोह को लेकर शिमला में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई, जिसमें सभी विधायकों को समारोह के लिए भीड़ जुटाना के निर्देश दिए गए। खासकर उन विधायकों को ज्यादा भीड़ लाने को कहा गया जो बिलासपुर के नजदीक विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं । समारोह में 30 हजार तक भीड़ एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 साल का कार्यकाल पूरा होने पर बिलासपुर में समारोह का आयोजन किया जा रहा है इसको लेकर आज बैठक बुलाई गई थी और विधायकों को जरूरी दिशा निर्देश देने के साथ ही इस समारोह में 25 से 30 हजार तक की भीड़ एकत्रित करने को लक्ष्य रखा गया है। बिलासपुर के नजदीक के विधायकों को ज्यादा लोगो को एकत्रित करने का जिम्मा दिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने 2 साल में काफी बड़ी उपलब्धियां हासिल की लेकिन भाजपा की बात करें तो भाजपा ने प्रदेश को 5 सालों में भ्रष्टाचार पेपर ऑन सेल दहेज में दिया। भाजपा के समय पेपर लीक हुए और युवा रोजगार से मेहरून हुए इसके अलावा भ्रष्टाचार वर्तमान सरकार को दहेज में मिला है। भाजपा ने जो 5 साल में कार्य किए हैं उनको जनता के बीच अदालत में ले जाया जाएगा। कांग्रेस सरकार ने एक लाख 36 हजार सरकारी कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम दी है। क्या भाजपा सरकारी कर्मचारियों को बोलेंगे कि पेंशन स्कीम देने का हिम्मत रखते हैं नहीं बोल सकते क्योंकि वह देने की हिम्मत नहीं रखते है। इसके अलावा प्यारी बहनों को ₹1500 सुख सम्मान निधि दी है। युवाओं के लिए 600 आशिक रोड के फंड की शुरुआत इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 23000 बच्चों के लिए योजना शुरू करने और विधवा और अनाथ बच्चों के लिए योजना चलाई गई। गाय और भैंस के दूध के दाम बढ़ाए है। इसके अलावा बिलासपुर में गोबर खरीदी की जो गारंटी कांग्रेस सरकार ने दी थी इसकी शुरुआत करने जा रही है।
** गर्मियां आने पर ये पक्षी वापस लौट जाते हैं अपने देश हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के फतेहपुर में स्थित पौंग झील इस समय प्रवासी पक्षियों से भरी हुई है, जैसे ही सर्दियां शुरू होती हैं, पौंग झील में करीब 41 हजार परिंदे आ चुके हैं। ये पक्षी नवंबर महीने से आना शुरू हो गए थे। ये पक्षी दूर-दराज देशों जैसे नाइजीरिया, साइबेरिया, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, मंगोलिया आदि से आते हैं। इन देशों में सर्दी बढ़ने के कारण झीलों का पानी बर्फ में बदल जाता है, जिससे पक्षियों को यहां आने के लिए हजारों किलोमीटर का सफर करना पड़ता है। गर्मियां आने पर ये पक्षी फिर वापस लौट जाते हैं। इन पक्षियों की सुरक्षा के लिए वन्य प्राणी विभाग ने फतेहपुर के धमेटा, नगरोटा सुरिया, ज्वाली और पौंग झील के आसपास के क्षेत्रों में 15 टीमों का गठन किया है। वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ रेजीनोड रॉयस्टोन ने बताया कि इन पक्षियों की निगरानी के लिए दिन-रात इन टीमों को तैनात किया गया है। अगर कोई इन पक्षियों का शिकार करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, पौंग झील के किनारे पर खेती करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
हिमाचल के राशन कार्ड उपभोक्ताओं को अब डिपुओं से मिलने वाली चना दाल महंगी मिलेगी। सरकार की ओर से चना दाल को लेकर नए रेट जारी कर दिए हैं। नए मूल्यों में एपीएल उपभोक्ताओं को चना दाल के लिए 17 रुपये, बीपीएल राशन कार्ड उपभोक्ताओं को 27 और टैक्स देने वाले राशन कार्ड उपभोक्ताओं को 19 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। तेल के टेंडर की फाइल सरकार के पास फंसी है। इसी सप्ताह डिपुओं में करीब दो माह के बाद दाल की सप्लाई शुरू हुई है। जबकि उड़द की दाल के लिए सप्लाई ऑर्डर जारी किया गया है। हाल ही में चना दाल को लेकर दाम तय हुए हैं। इनमें एपीएल और बीपीएल उपभोक्ताओं को 65 और टैक्स देने वाले राशन कार्ड उपभोक्ताओं को 69 रुपये किलोग्राम के दाम चुकाने होंगे। इससे पहले यह दाम क्रमश: 48, 38 और 56 रुपये थे। नए दाम तय होने के बाद बीपीएल उपभोक्ताओं को एक किलोग्राम चना दाल के 27 रुपये अधिक चुकाने होंगे, जबकि एपीएल उपभोक्ताओं को 17 और टैक्सपेयर उपभोक्ताओं को 13 रुपये अधिक चुकाने होंगे। प्रदेश सरकार की ओर से उचित मूल्य ही सहकारी दुकानों के जरिये राशन कार्ड उपभोक्ताओं को सस्ता राशन उपलब्ध करवाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन सरकार की ओर से हर बार दालों के दामों में बदलाव किया जा रहा है। नए दामों के साथ राशन कार्ड उपभोक्ताओं को चना दाल उपलब्ध करवाई जाएगी। डिपो में जल्द ही उपभोक्ताओं को उड़द भी उपलब्ध होगी।
देहरा उपमंडल के तहत सुनहेत में सोमवार को हिन्दू तन मन संगठन के सूचना विभाग प्रमुख व जिलाध्यक्ष कांगड़ा रविन्द्र चंबियाल ने कहा कि हिमाचल में बढ़ते नशे की रोकथाम के लिए अब इनका संगठन फील्ड पर उतरने जा रहा है। हिन्दू तन मन संगठन जल्द इसकी रोकथाम के लिए टास्कफोर्स का गठन करेगा । संगठन के जिलाध्यक्ष रविन्द्र चंबियाल ने यह बड़ा ऐलान किया है इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि संगठन कुछ मुख्य उद्देश्यों पर काम कर रहा है, जिसमें समाज को सनातन धर्म, धार्मिक शिक्षा, योग शिक्षा, ध्यान के बारे में जागरूक करना और उन्हें शिक्षित करना, समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करना, युवाओं के विकास के लिए सद्भावना पैदा करना और खेलों को बढ़ावा देना, समाज को गौ संरक्षण, गौ पालन एवं पशुओं की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना, हिमाचल प्रदेश में जरूरतमंदों की देखभाल और मदद के लिए वृद्धाश्रम, अनाथालय, अस्पताल का दौरा, हिमाचल में छोटे बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत के दुष्परिणामों के बारे में बच्चों और उनके अभिभावकों को जागरूक करना और बच्चों को मोबाइल की लत से बाहर निकालने में मदद करना, विश्व एवं समाज में शांति, सद्भाव एवं सद्भावना हेतु नुक्कड़ सभाएं, सामाजिक बैठकें, समन्वय बैठकें, यज्ञ, सत्संग आदि का आयोजन करना, पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण के लिए समाज को प्रोत्साहित करना। वृक्षारोपण, स्वच्छता जैसे कार्य कर रहे हैं,लोक परंपराओं, लोक गीतों, पारंपरिक खाद्य पदार्थों/खाद्य पदार्थों, पारंपरिक अनाज, पारंपरिक वेशभूषा, पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्र, पारंपरिक खेती आदि के बारे में समाज को जागरूक करना और उनके संरक्षण के लिए काम करना, समाज के गरीब, पिछड़े, वंचित, शोषित और दलित लोगों को स्वरोजगार और रोजगार के अवसर प्रदान करना, उन्हें जन कल्याण के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करना और यह सुनिश्चित करना कि योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचे सहित विभिन्न विषयों पर कार्य किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के लाहाैल-स्पीति, चंबा, किन्नाैर, कांगड़ा व कुल्लू जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आज व कल हल्की बारिश-बर्फबारी की संभावना है। प्रदेश के अन्य जिलों में आगामी सात दिनों तक माैसम साफ रहने के आसार हैं। 4 दिसंबर से सभी भागों में माैसम साफ रहने की संभावना है। उधर, मनाली-लेह नेशनल हाईवे-03 पर दारचा-सरचू के बीच हुई ताजा बर्फबारी और सड़क पर ब्लैक आइस जमने के कारण इस मार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। लाहौल को स्पीति से जोड़ने वाली कोकसर-लोसर सड़क को भी यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। हालांकि, दारचा-शिंकुला सड़क में वाहनों की आवाजाही का समय दोनों ओर से सुबह 10:00 बजे से दोपहर बाद 1:00 बजे के बीच निर्धारित किया गया है। इस दौरान सभी वाहन चालकों को दारचा में पुलिस चेक पोस्ट में अपना नाम और पता दर्ज करना होगा, जिससे आपात स्थिति में पुलिस टीम उनकी सुरक्षा के लिए समय पर मदद को पहुंच सके।
** 300 इलेक्ट्रक बसें भी जल्द दाैड़ेंगी सड़कों पर हिमाचल पथ परिवहन निगम को 250 डीजल बसों को खरीदने की मंजूरी मिल गई है। यह जानकारी सोमवार को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने अंतरराज्यीय ढली बस अड्डा के उद्घाटन के बाद दी। उन्होंने कहा कि यह बसें 36-37 सीटर होंगी। अगले एक से डेढ़ महीने में एचआरटीसी को मिल जाएंगी। मुकेश ने कहा कि 300 इलेक्ट्रिक बसों के लिए भी पैसा प्राप्त हो गया है। जल्द हिमाचल की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसें दाैड़नी शुरू हो जाएंगी। 100 टेंपो ट्रैवलर भी खरीदे जा रहे हैं। कहा कि इलेक्ट्रिक स्टेशन व वर्कशाॅप के लिए 100 करोड़ से अधिक राशि प्राप्त हुई है। एचआरटीसी कर्मियों व पेंशनरों को हर महीने समय पर वेतन-पेंशन दी जा रही है।
हिमाचल के सबसे बड़े जिला को सरकार बड़ी सौगात देने जा रही है। प्रदेश सरकार कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए प्रयासरत है, ताकि यहां पर बड़े हवाई जहाज उतर सकें। एयरपोर्ट प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने के साथ हरसंभव मदद की जाएगी। सीएम सुक्खू ने कांगड़ा के कांग्रेस नेताओं से जिले की विकासात्मक परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि, राज्य सरकार कांगड़ा जिला के विकास को प्राथमिकता दे रही है। पिछले दो वर्ष में जिला का विकास सुनिश्चित करने के लिए अनेक योजनाएं आरंभ की गई हैं। राज्य सरकार ने कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी का दर्जा दिया है और क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए भी महत्वाकांक्षी पहल की गई है। जिला में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तारीकरण किया जाएगा और यहां बड़े जहाज उतारे जाएंगे। प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। सीएम सुक्खू ने कहा कि, 'देहरा में 650 करोड़ रुपये की लागत से अंतर्राष्ट्रीय स्तर का चिड़ियाघर तैयार किया जा रहा है। राज्य सरकार पौंग बांध में भी बिलासपुर की तर्ज पर जल क्रीड़ा गतिविधियां आरंभ करने के लिए प्रयास कर रही है। जल क्रीड़ा गतिविधियां शुरू होने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय लोगों की आर्थिकी में सुधार आएगा। इसके साथ-साथ जिला के अन्य स्थानों पर भी पर्यटन की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं। पालमपुर और धर्मशाला के साथ-साथ जिला कांगड़ा के अन्य स्थानों पर भी पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बाद वो जनवरी माह में जिला कांगड़ा के प्रवास पर रहेंगे। सरकार मटौर-शिमला नेशनल हाईवे के निर्माण को भी गति प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, राज्य सरकार ने पिछले दो सालों में अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं आरंभ की हैं। सभी जन प्रतिनिधियों को इन योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के प्रयास करने चाहिए। ढंगवार में 1.50 लाख लीटर क्षमता का मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जिसका जल्द ही शिलान्यास किया जाएगा। राज्य सरकार स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र पर विशेष ध्यान दे रही है और डॉ. राजेन्द्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है ।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सभी सरकारी विभागों में वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) भरने का तरीका बदला जाएगा। अब काम के आधार पर ग्रेडिंग होगी। एसीआर दर्ज करने के लिए न्यूमेरिकल आधारित प्रणाली अपनाई जाएगी। अब गुड और वैरी गुड नहीं, अंकों के आधार पर आंका जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन प्रणाली विकसित की जा रही है। शनिवार देर शाम को शिमला के पीटरहॉफ में प्रदेश के सभी कॉलेजों के प्रिंसिपलों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम ने आश्वासन दिया कि संस्कृत महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर कक्षाएं जल्द आरंभ करेंगे। जिला मुख्यालय स्थित महाविद्यालयों को और सशक्त करेंगे, जबकि दूरदराज के क्षेत्रों के महाविद्यालयों को आवश्यकतानुसार हर सहायता देंगे। सीएम ने कहा कि हिमाचल देश का पहला राज्य है जो विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं की रैंकिंग कर रहा है। इससे शैक्षणिक संस्थाओं का आत्मनिरीक्षण व अंकेक्षण सुनिश्चित होगा। जिन शैक्षणिक संस्थाओं की बेहतर रैंकिंग होगी, उनके लिए परफार्मेंस बेस्ड ग्रांट देंगे। सीएम ने कहा कि कॉलेजों के प्रिंसिपलों की वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां बढ़ाएंगे। शिक्षा विभाग में डिसेंट्रलाइजेशन ऑफ पावर किया जाएगा, इससे सुशासन और कार्यों की समयबद्धता सुनिश्चित होगी। प्रिंसिपलों को जरूरतमंद छात्रों को आवश्यक वित्तीय सहायता देने के लिए वित्तीय शक्तियां दी जाएंगी। सभी विधानसभा क्षेत्रों में एकीकृत खेल परिसर विकसित करेंगे। उन कॉलेजों में बीएड पाठ्यक्रम शुरू करेंगे, जहां पर्याप्त आधारभूत ढांचा है। सरकार अगले वित्त वर्ष से शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही है। शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य शिक्षा में भी गुणात्मक बदलाव ला रहे हैं और नवीनतम चिकित्सा प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित करने के लिए नवोन्मेषी कदम उठाए हैं। इस वर्ष इस क्षेत्र के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल, डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा और प्रधानाचार्यों के साथ संवाद किया। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ रिक्त पद भरने पर विशेष अधिमान दे रही है। दो वर्ष में शिक्षा विभाग में अध्यापकों के लगभग 15,000 पद सृजित किए हैं , जिन्हें चरणवद्ध भरा जा रहा है। ऐसा पहली बार हुआ कि कैबिनेट की एक बैठक में शिक्षकों के 5,800 पद भरने की स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के बाद अब स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। हिमाचल के मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी और एमआरआई मशीनें स्थापित की जाएंगी। आपातकालीन व अन्य विभागों में डाॅक्टर 24 घंटे नहीं, बल्कि आठ घंटे ही ड्यूटी देंगे। सीएम ने यंह जानकारी 37वें विश्व एड्स दिवस पर पीटरहॉफ में हुए सही राह पर चलें विषय पर आधारित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दी। सीएम ने एचआईवी जागरूकता और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए कार बिन पहल की शुरुआत की। पहले चरण में 4,000 टैक्सियों को कार बिन निःशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से राज्य में 30,000 टैक्सियों को कवर करने की योजना है। इन कार बिन में गाड़ी के अंदर पड़े रहने वाला कूड़ा-कचरा डाला जाएगा, ताकि कूड़ा सड़क पर न फेंकें। सीएम ने भी अपनी गाड़ी में कार बिन लगाकर इसकी पहल की। मुख्यमंत्री ने एचआईवी की रोकथाम के लिए गेट अवेयर, गेट टेस्टिड व गेट विक्ट्री ओवर एचआईवी 3-जी फार्मूला दिया। उन्होंने युवाओं से इस सिद्धांत को अपनाने और जागरूकता बढ़ाने में भूमिका निभाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां कांगड़ा के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से जिला की विकासात्मक परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कांगड़ा जिला के विकास को प्राथमिकता दे रही है और पिछले दो वर्ष में जिला का विकास सुनिश्चित करने के लिए अनेक योजनाएं आरंभ की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी का दर्जा दिया है और क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए भी महत्वाकांक्षी पहल की गई हैं। जिला में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए प्रयासरत है ताकि यहा पर बड़े हवाई जहाज उतर सकें। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को राज्य सरकार उचित मुआवजा देगी और उनकी हरसंभव मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे का विस्तार कांगड़ा जिला के विकास के लिए मील पत्थर सिद्ध होगा। इसके अतिरिक्त देहरा में 650 करोड़ रुपये की लागत से अंतर्राष्ट्रीय स्तर का चिड़ियाघर तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पौंग बांध में भी बिलासपुर की तर्ज पर जल क्रीड़ा गतिविधियां आरंभ करने के लिए प्रयास कर रही है। जल क्रीड़ा गतिविधियां शुरू होने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय लोगों की आर्थिकी में सुधार आएगा। इसके साथ-साथ जिला के अन्य स्थानों पर भी पर्यटन की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं। पालमपुर और धर्मशाला के साथ-साथ जिला कांगड़ा के अन्य स्थानों पर भी पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बाद वह जनवरी माह में जिला कांगड़ा के प्रवास पर रहेंगे। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार मटौर-शिमला नेशनल हाईवे के निर्माण को भी गति प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि ढगवार में 1.50 लाख लीटर क्षमता का मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जिसका जल्द ही शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र पर विशेष ध्यान दे रही है और डॉ. राजेन्द्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं आरंभ की हैं और सभी जन प्रतिनिधियों को इन योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के प्रयास करने चाहिए। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 11 दिसंबर को प्रदेश सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर बिलासपुर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम पर भी चर्चा की। इस अवसर पर कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, उपाध्यक्ष हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड रघुवीर सिंह बाली, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक किशोरी लाल, संजय रतन, आशीष बुटेल, मलेंद्र राजन, कमलेश ठाकुर, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी ग्रामीण एवं कृषि विकास बैंक के अध्यक्ष संजय सिंह चौहान, पूर्व विधायक अजय महाजन, सुरेंद्र काकू, कांग्रेस नेता सुरेंद्र मनकोटिया तथा देवेंद्र जग्गी उपस्थित रहे। सभी जन प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित परियोजनाओं के संबंध में मुख्यमंत्री से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सभी कांग्रेस जनप्रतिनिधियों को पूरा सम्मान मिल रहा है और मुख्यमंत्री के सशक्त नेतृत्व में जिला कांगड़ा में कांग्रेस पार्टी को मजबूती मिल रही है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू दिल्ली से वापस लौट आए हैं। शिमला में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ भेदभाव कर रही है। जहां-जहां गैर भाजपा की सरकारें हैं, वहां उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जब आपदा आई, तो राज्य सरकार ने नियमों के मुताबिक पीडीएनए (Post-Disaster Needs Assessment) का 10 हजार करोड़ रुपए मांगा। इसके साथ ही लंबे वक्त से एनपीए का नौ हजार करोड़ रुपए भी मांगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह हिमाचल प्रदेश का हक है, जो हिमाचल को नहीं मिल रहा है। आने वाले समय में केंद्रीय मंत्रियों से मिलूंगा और कहूंगा कि हिमाचल छोटा राज्य है तो इसका भी ध्यान रखिए। उन्होंने कहा कि 20 दिसंबर को जैसलमेर में पूरे देश के वित्त मंत्रियों की एक बैठक होने वाली है। जिसमें हिमाचल के वित्त मंत्री के तौर पर हिस्सा ले रहा हूं। वह प्रदेश के हितों की पैरवी कर रहे हैं और हिमाचल प्रदेश के अधिकारों को लेकर रहेंगे। सीएम सुक्खू ने कहा कि 11 दिसंबर 2024 को हिमाचल में कांग्रेस सरकार दो साल का कार्यकाल पूरा करने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस दौरान एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। ये कोई जश्न नहीं है, बल्कि एक कार्यक्रम है। जश्न शब्द का इस्तेमाल तो सिर्फ राजनीतिक दृष्टि से ही किया जाता है। कार्यक्रम में सभी पार्टी के पदाधिकारी शामिल होंगे। बता दें कि हाल ही में एचआरटीसी की बस में राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेताओं के खिलाफ डिबेट सुनने के मामले ने भी तूल पकड़ा था, जिसपर मुख्यमंत्री सुक्खू से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वे नहीं जानते किस तरह की बातें क्यों सामने आ रही हैं, साथ ही उन्होंने पूर्व कांग्रेस नेता रहे आचार्य प्रमोद कृष्णम के बयान पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया, जिसमें आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा था कि हिमाचल प्रदेश में आपातकाल जैसे हालात हैं।
हिमाचल प्रदेश के ग्रीष्म और शीतकालीन स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 30 छुट्टियां फिक्स रहेंगी। 22 छुट्टियां मौसम के हिसाब से जिला उपायुक्त तय करेंगे। अधिक गर्मी, सर्दी और बरसात पड़ने पर इन 22 छुट्टियों को दिया जाएगा। सरकारी स्कूलों की 52 वार्षिक छुट्टियाें का कैलेंडर बनाने में जुटे शिक्षा विभाग ने यह प्रस्ताव तैयार कर दिया है। इस साल छुट्टियों का पुराना शेड्यूल ही जारी रहेगा। बीते पांच साल के दौरान प्राकृतिक कारणों के चलते कब-कब किस-किस क्षेत्र के स्कूल में छुट्टियां देनी पड़ीं, अब इसका रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। जनवरी और फरवरी 2025 में एसएमसी, विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और आम जनता से भी इसके बारे में सुझाव मांगे जाएंगे। सुझावों पर विचार करने के बाद 2025-26 की छुट्टियों का शेड्यूल तैयार किया जाएगा। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने बताया कि प्रदेश की भौगोलिक स्थिति भिन्न है। ऊना, बिलासपुर जैसे जिलों में जहां गर्मियां बहुत अधिक होती हैं, वहीं लाहौल-स्पीति, किन्नौर व चंबा में बर्फबारी अधिक रहती है। शिमला, कांगड़ा, मंडी, सोलन में बरसात अधिक होती है। अभी ग्रीष्म व शीतकालीन स्कूलों में छुट्टियों का एक तय प्रारूप है। कई बार देखा गया है कि बरसात की छुटि्टयां समाप्त होने के बाद बारिश की तीव्रता अधिक रहती है। ऐसे में स्कूलों में छुट्टियां करनी पड़ती हैं। कई जिलों में लू चलने पर स्कूल बंद करने पड़ते हैं। इन कारणों के चलते स्कूलों में निर्धारित 52 छुट्टियाें से ज्यादा अवकाश हो जाते हैं। शिक्षा सचिव ने कहा कि इसे ठीक करने के लिए अब 30 छुट्टियां स्कूलों में फिक्स रहेंगी। ये छुट्टियां त्योहारी सीजन और परीक्षा समाप्त होने के बाद मिलेंगी। शेष 22 पर जिला प्रशासन मौसम की स्थिति को देखते हुए देने का फैसला करेंगे। इस प्रस्ताव को लेकर सभी हितधारकों से चर्चा की जाएगी। अगर कोई और अच्छा विकल्प मिलेगा तो उस पर भी विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के कॉलेजों में पीरियड आधार पर शिक्षक रखे जाएंगे। किसी कॉलेज में कोई शिक्षक छुट्टी पर जाता है तो इनके माध्यम से पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी। सीएम ने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं का कॉलेज स्तर पर डाटा एकत्र होगा। आवश्यकता पड़ने पर कॉलेज प्रिंसिपल इनसे संपर्क कर इनकी पीरियड के आधार पर सेवाएं ले सकेंगे। शिक्षा विभाग जल्द इस संदर्भ में दिशा-निर्देश जारी करेगा। सीएम उच्च शिक्षा के समक्ष चुनौतियां विषय पर शिमला में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र से स्कूलों में पढ़ाई के तरीकों में किए बदलाव के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। स्कूलों के बाद अब कॉलेजों में बदलाव के लिए रूपरेखा बनाई जा रही है। नए सत्र से कई कॉलेजों में बीएड भी शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेजों के पुस्तकालयों की रैंकिंग वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से तय की है। कॉलेज में खेलकूद सहित अन्य गतिविधियों पर भी फोकस किया जा रहा है। शिमला के डिग्री और संस्कृत कॉलेजों के प्रिंसिपलों समेत शिक्षा विभाग के अधिकारियों से सीएम ने कहा कि गुणात्मक शिक्षा पर सरकार जोर दे रही है। शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई का माहौल निरंतर बनाए रखने के लिए ही शिक्षकों के साल भर होने वाले तबादलों पर रोक लगाई गई है।
राजकीय महाविद्यालय डाडासीबा में वर्ड एड्स डे के उपलक्ष पर आज रेड रिबन क्लब की नोडल अधिकारी सहायक प्राध्यापक शीतल के दिशा निर्देश में, रेड रिबन क्लब ने, राष्ट्रीय सेवा योजना तथा स्काउट एंड गाईड एवं सड़क सुरक्षा के संयुक्त तत्वाधान में महाविद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करवाईं। इसमें चित्रकला , नारा लेखन और मेंहदी जैसी प्रतियोगिताओं के साथ-साथ छात्रो के समूहों ने गांव में घर घर जाकर लोगों जागरूक किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के खेल के मैदान में ह्यूमन चैन भी बनाई और छात्रों ने डाडासीबा के बाजार एवं गांव में एक रैली निकाली। इस रैली का उद्देश्य लोगों एड्स तथा टीबी जैसी बीमारियों से बचाब की जानकारी देना था l इस रैली की अध्यक्षता नोडल अधिकारी प्रोफेसर शीतल ने की । इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रोफेसर देवेंद्र सिंह, प्रोफेसर खेमचंद और प्रोफेसर पलक सिंह, पुस्तकालयाध्यक्षा अंजना कुमारी भी मौजूद रही।
** पुलिस ने बताया महिला पर पहले से हिमाचल और पंजाब में पांच केस दर्ज जिला पुलिस नूरपुर के अंतर्गत उपमंडल इंदौरा के भदरोआ क्षेत्र में पुलिस ने एक रिहायशी मकान से 51 ग्राम चिट्टा बरामद किया है और मकान की मालकिन को हिरासत में लिया है। इस बारे में जानकारी देते हुए एसपी नूरपुर अशोक रत्न ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर भदरोआ स्थित एक घर पर कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान 51 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया और घर की मालकिन, अलका पत्नी राज कुमार, को हिरासत में लेकर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि आरोपी महिला के खिलाफ पहले से ही हिमाचल प्रदेश और पंजाब के विभिन्न पुलिस थानों में कुल पांच मामले दर्ज हैं। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
लगातार दो महीने से बारिश न होने और सूखे जैसी हालात के बीच हिमाचल प्रदेश की पेयजल योजनाओं में 20 फीसदी तक पानी घट गया है। इससे राज्य के कई इलाकों में पेयजल सप्लाई भी प्रभावित होने लगी हैं। आगे भी अगर यही हालात रहे तो इससे न केवल सर्दियों में पेयजल की कमी सकती है, बल्कि अगले वर्ष की गर्मियों तक इसका असर नजर आ सकता है। राज्य में कुल जलापूर्ति योजनाओं की संख्या 10,067 है, जबकि 41,835 हैंडपंप हैं। इनमें पानी का स्तर प्रभावित होने लगा है। बरसात के बाद से सूखे जैसी स्थिति बन चुकी है। इसके बाद जलापूर्ति योजनाओं की स्टेटस रिपोर्ट लेने के लिए राज्य सरकार के जल शक्ति विभाग ने ब्योरा मांगा। उसके बाद फील्ड से आई प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार कई योजनाओं में 20 प्रतिशत तक पानी की कमी दर्ज की गई है। जलशक्ति विभाग की प्रमुख अभियंता अंजु शर्मा ने कहा कि बारिश न होने से कई जगहों पर जलापूर्ति योजनाओं के स्रोतों में पानी की 5 फीसदी ताे कहीं 10 और कुछ जगह 20 फीसदी कमी भी दर्ज की गई है, मगर अभी कहीं से भी ऐसी रिपोर्ट नहीं आई है कि पेयजल की बड़ी किल्लत हुई हो। सोमवार को फील्ड से इस संबंध में ताजा रिपोर्ट ली जाएगी। चंबा जिले में मौसम की मार से प्राकृतिक जलस्रोतों, नदी-नालों और खड्डों में 20 से 30 फीसदी पानी की कमी दर्ज की गई है। वहीं, कांगड़ा, हमीरपुर और मंडी जिले की कुछ पेयजल योजनाओं में भी जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। जलस्तर में कमी आने से जलशक्ति विभाग की चिंताएं भी बढ़ गई है। विभाग का कहना है कि अगर बारिश, बर्फबारी न हुई तो कुछ स्थानों पर पानी की किल्लत गहरा सकती है। जलशक्ति विभाग उपभोक्ताओं से अभी से पेयजल की बचत करने की अपील भी कर रहा है।
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में माैसम ने करवट बदली है। रोहतांग के साथ कुल्लू व लाहौल की ऊंची चोटियों पर रुक-रुककर बर्फबारी का दाैर शुरू हो गया है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से माैसम में यह बदलाव आया है। जिला कुल्लू में सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं और ठंड भी पहले के मुकाबले अधिक हो गई है। तापमान में आई गिरावट से रोहतांग के साथ ऊंची चोटियों में बर्फ के फाहे गिर रहे हैं। किसान-बागवान बारिश व पर्यटन कारोबारी लंबे समय से बारिश-बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं। कुल्लू सहित अन्य जिलों में तीन माह से सूखा पड़ा है।माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार चंबा, कुल्लू, लाहाैल-स्पीति, कांगड़ा और किन्नाैर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आज से 3 दिसंबर तक बारिश व बर्फबारी का पूर्वानुमान है। अन्य जिलों में आगामी सात दिनों तक माैसम साफ रहने के आसार हैं। 4 दिसंबर से सभी जिलों में माैसम साफ रहने की संभावना है। वहीं शनिवार सुबह मंडी में हल्का कोहरा दर्ज किया गया। शिमला में न्यूनतम तापमान 8.2, सुंदरनगर 4.9, भुंतर 3.2, कल्पा 0.4, धर्मशाला 8.8, ऊना 4.5, नाहन 11.1, पालमपुर 6.0, सोलन 4.5, मनाली 2.5, कांगड़ा 6.2, मंडी 5.6, बिलासपुर 6.3, चंबा 6.8, जुब्बड़हट्टी 8.3, कुकुमसेरी -5.4, भरमाैर 6.0 , सेऊबाग 2.5, धाैलाकुआं 8.1, बरठीं 4.2, समदो -2.2, सराहन 7.1, ताबो -9.4 व देहरा गोपीपुर में 9.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस का मजबूत संगठन बनाने के लिए हाईकमान ने मुख्यमंत्री सुक्खू और प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के साथ शुक्रवार को विस्तार से चर्चा कर कई टिप्स दिए। दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान हाईकमान ने सरकार और संगठन में बेहतर तालमेल बनाकर चलने का दोनों नेताओं को पाठ पढ़ाया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई बैठक में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महासचिव प्रियंका गांधी, प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि कमेटी की बैठक के बाद मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने केसी वेणुगोपाल और राजीव शुक्ल के साथ अलग से बैठक की। वेणुगोपाल और शुक्ल को मुख्यमंत्री ने सरकार की गतिविधियों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने भाजपा की ओर से सरकार के खिलाफ किए जा रहे दुष्प्रचार से भी अवगत कराया। उन्होंने सरकार का दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर 11 दिसंबर को बिलासपुर में होने वाले समारोह में आने के लिए कई वरिष्ठ नेताओं को न्योता भी दिया। उधर, प्रतिभा सिंह ने संगठन की नई कार्यकारिणी गठित करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। सह प्रभारी विदित चौधरी और चेतन चौहान ने तीन दिनों तक प्रदेश पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में कई वरिष्ठ नेताओं सहित फ्रंटल संगठन के प्रतिनिधियों से बैठक की है। जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यकारिणी गठित करने के लिए पर्यवेक्षकों ने भी काम संभाल लिया है। केसी वेणुगोपाल ने पार्टी के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं को संगठन में स्थान देने को कहा। राजीव शुक्ल ने युवाओं और महिलाओं को भी उचित प्रतिनिधित्व देने को कहा। आज मुख्यमंत्री दिल्ली से सीधे रोहड़ू जाएंगे। रोहड़ू में कई शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। दोपहर बाद राजधानी शिमला लौटकर राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में उच्च शिक्षा के समक्ष चुनौतियों को लेकर आयोजित कॉलेज प्रिंसिपलों की बैठक में जाएंगे
हिमाचल के युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में चिट्टा, सिंथेटिक नशा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले तस्करों को जेल की सलाखों के पीछे डालने की सख्त जरूरत है। उन्होंने बाहरी राज्यों के साथ लगती हिमाचल की सीमाओं और चोर रास्तों पर नाके लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे बाहरी राज्यों से हिमाचल में चिट्टा न पहुंच सके। साथ ही युवाओं पर कड़ी नजर रखें। प्रदेश सरकार ने हिमाचल के साथ लगते राज्यों के पुलिस महानिदेशकों से भी लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा है। संयुक्त अभियान से नशा माफिया पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। नशा तस्करों को पकड़ने के लिए जिलों की पुलिस के साथ सीआईडी के सक्षम अधिकारियों व कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने गृह विभाग और पुलिस महकमे से चिट्टा तस्करों पर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। पुलिस को चिट्टा और अन्य तरह के नशे की तस्करी करने वाले लोगों के ठिकानों पर नजर रखने को कहा है। पुलिस मुख्यालय में हर सप्ताह पुलिस अधिकारियों की बैठक होती है। इसमें नशाखोरी के कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। इसमें यह खुलासा हुआ है कि हिमाचल प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में भी नशा तस्करों ने सेंधमारी कर रखी है। प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को नशा तस्कर निशाने पर लिए हुए हैं। यह भी बात सामने आ रही है कि हिमाचल प्रदेश में जो कई नशा निवारण केंद्र निजी तौर पर चल रहे हैं, उनके इर्द-गिर्द भी नशा तस्कर सक्रिय हैं।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीत सत्र के चलते शिक्षा विभाग में 11 से 21 दिसंबर तक छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। 18 दिसंबर से शुरू होने वाले शीत सत्र के चलते उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शुक्रवार को प्रस्तावित छुट्टियों और टूर पर रोक लगाने के निर्देेश भी जारी कर दिए हैं। विभागीय आदेशों के तहत अधिकारियों और उनके तहत काम करने वाले कर्मचारियों को शीत सत्र के चलते रविवार सहित अन्य छुट्टियों के दौरान भी बुलाया जा सकता है। विभाग ने विधानसभा में शिक्षा विभाग से संबंधित लगे सभी प्रश्नों के जवाब जल्द देने को भी कहा है। शिक्षा निदेशालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि शीत सत्र के दौरान विभाग से संबंधित सभी प्रश्नों के जवाब तैयार होने चाहिए।अधिकारियों के पास हर तरह की जानकारी होनी चाहिए। कहा गया है कि विभाग की हर शाखा में कम से कम एक अधिकारी इस दौरान रोजाना सुबह साढ़े आठ बजे आफिस में होना चाहिए। शाम को पांच बजे के बाद भी अफसरों को दफ्तर में मौजूद रहने को कहा गया है। अतिरिक्त निदेशक प्रशासन, संयुक्त निदेशक कॉलेज, संयुक्त निदेशक फाइनेंस एंड अकाउंट, सह निदेशक, उच्च शिक्षा के सभी उपनिदेशक, सभी सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल, कमांडर एनसीसी और चीफ लाइब्ररेरियन सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी सोलन, प्रारंभिक शिक्षा के सभी उपनिदेशक, प्रिंसिपल डाइट की छुट्टियां रद्द करने के आदेश दिए गए हैं। इन अधिकारियों के तहत काम करने वाले स्टाफ को भी छुट्टियां नहीं मिलेंगी।
बाबा कांशी राम राजकीय महाविद्यालय डाडा सीबा में गुरुवार को वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्य अतिथि कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्वउपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह मनकोटिया ने की। महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य जितेंद्र कुमार ने मुख्य अतिथि का और उनके साथ आए अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यातिथि सुरेंद्र मनकोटिया ने खिलाड़ियों को खेलो को खेल की भावना से खेलने की शपथ दिला कर इस वार्षिक खेल कूद प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस दौरान विभिन प्रतियोगिताएं जैसे 100,200, 400 तथा 800 मीटर की बॉयज और गर्ल्स की दौड़ो, ऊंची कूद, लंबी कूद, गोला फेंक, भाला फेंक इत्यादि करवाई गई। इस दौरान पुरुष वर्ग में बेस्ट एथलीट विशाल शर्मा कला संकाय तृतीय वर्ष और महिला वर्ग में पलक कुमारी कला संकाय तृतीय वर्ष रहे। वही 100 मीटर दौड़ में विशाल शर्मा सचिन सहोत्रा और रेहान प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे। महिला वर्ग में प्रथम पलक कुमारी द्वितीय प्रीति ठाकुर तृतीया आरती रहे। वही 200 मीटर में पुरुष वर्ग में प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान पुरुष वर्ग में विशाल सचिन और अमित ने झटका और वही महिला वर्ग में पलक कुमारी शगुन और पलक ने हासिल किया। ऊंची कूद में प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान क्रमशः रितेश विशाल और राजीव ने और वही छात्राओं में पलक प्रीति और सेजल ने हासिल किया। इस दौरान शतरंज की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें प्रथम स्थान तनिका द्वितीय सिमरन और तृतीय मन्नत शर्मा ने हासिल किया। इस अवसर पर मुख्यातिथि सुरेंद्र मनकोटिया ने प्रतिभागियों को खेलो को जीवन में अपनाने, देश के निर्माण में विशेष योगदान देने ब सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़ कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जसवा़ प्रागपुर पूर्व ब्लाक अध्यक्ष कुशल स्पेहिया, व्यापार मंडल डाडा सिबा के प्रधान राजिंदर गोगा उप प्रधान ग्राम पंचायत डाडा सिबा परमेश्वरी दास, दंगल कमेटी के प्रधान रितेश शर्मा रंजीत परमार अजय कुमार जितेंद्र सिंह इत्यादि तथा महाविद्याल से प्रो. दविंदर खेम चंद शीतल पलक ओर सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष अंजना उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश के राशन डिपुओं में अब अन्य राशन के साथ मक्की का आटा भी उपभोक्ताओं को दिया जाएगा। यह जानकारी डीएफसी कांगड़ा पुरु षोतम सिंह तंवर ने दी। उन्होंने बताया कि शुरूआती चरण में मक्की का आटा जिला कांगड़ा के कुछ डिपो में भेजा जाएगा और उसके बाद सभी डिपुओं में इसकी सप्लाई भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि युवाओं को खेती बाड़ी के पेशे से जोड़ने के लिए सुक्खू सरकार ने अहम फैसला लिया है। ग्रामीणों की आर्थिकी मजबूत करने के लिए सुक्खू सरकार प्राकृतिक खेती से तैयार पारंपरिक फसलों को किसानों से महंगे भाव में खरीदने की योजना लेकर आई है। इसी के तहत मक्की खरीदी जा रही है। इस योजना के तहत सरकार पहली बार किसानों से प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की की फसल को 30 रु पए प्रति किलो के हिसाब से खरीद रही है, जिसके लिए प्रदेशभर में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत किसानों से मक्की खरीदी जा चुकी है। ऐसे में प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की की खपत बढ़ाने के लिए सरकार ने डिपुओं में मक्की का आटा बेचने की योजना तैयार की है। इसके तहत हिमाचल के डिपुओं में पहली बार बिना कीटनाशकों और रसायनों से तैयार की गई मक्की का आटा मिलेगा। ये मक्की का आटा एक किलो और पांच किलो की पैकिंग में उपलब्ध होगा। इसका मूल्य 80 रुपए प्रति किलो होगा, जिसके लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने फ्लोर मिलों से मक्की की पिसाई करवा ली है। जल्द मक्की का आटा उचित मूल्यों की दुकानों में बेचने के लिए उपलब्ध होगा। खासकर शहरी क्षेत्नों में सर्दियों के मौसम में मक्की के आटे की काफी अधिक मांग रहती है। प्रदेश भर में प्राकृतिक खेती करने वाले 3,218 प्रमाणति किसान चयनित किए गए हैं। बता दें कि इस साल लाहौल-स्पीति और किन्नौर के अलावा अन्य 10 जिलों में प्राकृतिक खेती से 13.304 हेक्टेयर भूमि पर 27,768 मीट्रिक टन मक्की तैयार की गई है। इसमें से 508 मीट्रिक टन अतिरिक्त मक्की सरकार किसानों से खरीदेगी। इस सीजन में 92,516 किसानों ने प्राकृतिक खेती से मक्की की फसल तैयार की है, जिसमें खरीद के लिए विभाग ने 3,218 किसान चयनित किए हैं।
देश में 90 दवाइयां मानकों पर सही नहीं पाई गई हैं। इनमें से 38 दवाएं हिमाचल में बनीं हैं। राज्य ड्रग नियंत्रक और केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन की ओर से दवाओं के सैंपल लिए गए थे। उधर, राज्य ड्रग नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि दवाएं मानकों पर सही न पाए जाने पर कंपनियों को नाेटिस जारी कर लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, दवाओं का स्टॉक भी वापस मंगवाया गया है। अक्तूबर में ड्रग नियंत्रक ने देशभर में 34 सैंपल लिए थे, इनमें हिमाचल में बनीं 14 दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। झाड़माजरी की डॉक्सीन कंपनी की टॉन्सिल की दवा सेपकेम, सोलन के चिरोस फार्मा की जीवाणू संक्रमण की दवा सेफोप्रोक्स, भटोली कलां की टास मेड कंपनी की मिर्गी की दवा डिवालप्रोक्स के तीन सैंपल, कांगड़ा के संसारपुर टैरेस स्थित सीएमजी बायोटेक कंपनी की चक्कर आने की दवा बीटा हिस्टीन, नालागढ़ के सैणी माजरा स्थित थियोन फार्मास्युटिकल कंपनी की बैक्टीरिया की दवा सेफेक्मीस, बद्दी के जुड़ी कलां की स्काई मेप फार्मास्युटिकल कंपनी की बुखार की दवा बायोसिटामोल, सुबाथू की गटी स्थित जेएम लैबोरेट्री की बीपी की दवा टारविग्रेस, बद्दी के लोधी माजरी की सनफाइन कंपनी का खांसी का कफ सीरप, मोरपिन लैबरोटरी की दमा की मोंटीलुकास्ट, बद्दी के विंग बायोटेक की दमे की दवा मोंटी लुकास्ट, बद्दी के मलकू माजरा की कंपनी मट्रिन एवं ब्राउन कंपनी की उल्टी की दवा स्टेमेरिल इंजेक्शन और किशनपुरा के एलविस फार्मा की पेशाब के संक्रमण की दवा अल्सिप्रो के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं। केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन की ओर से 56 दवाओं के सैंपल लिए गए थे। इनमें हिमाचल में बनीं 24 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। केविट फार्मास्युटिकल कंपनी बद्दी की सूजन की दवा ट्रिपिसन, बागवानियां स्थित यूनाइटेड बायोटेक कंपनी की कैंसर की दवा लिपोसोमल, कालाअंब स्थित प्रिमस फार्मास्युटिकल कंपनी की फंगल इंफेक्शन की दवा नेटमाइसिन, मलकू माजरा स्थित मार्टिन एंड ब्राउन की एनीमिया की दवा आयरन सुक्रोज, बरोटीवाला के मंधाला स्थित ईजी फार्मास्युटिकल कंपनी के सूजन की दवा बेटा मेथासोन, कालाअंब की विद्याशाला कंपनी के कोलेस्ट्रोल की दवा रोसूवाईस्टोरिन, बद्दी के मानपुरा स्थित शिवा बायोटेक कंपनी की उल्टी की दवा रेबेप्रोजोल, मधाला स्थित मेरिन मेडिकेयर कंपनी की सूजन की दवा एसोक्लोफेनाक, लविश आइडल फार्मेसी कंपनी की एंटीबायोटेक की दवा एनरोपाक्सासिन, काठा स्थित अल्ट्रा ड्रग कंपनी की उल्टी की दवा रेबोप्रोजोल के सैंपल फेल हुए हैं। बद्दी की कोरफेक्स मेडिकर कंपनी की बीपी की दवा टेलमीसारटन, कांगड़ा के संसारपुर टैरेस स्थित सीएमजी बायोटेक कंपनी की संक्रमण की दवा सिपरो फ्लोक्सासिन, खरुणी के नंदपुर स्थित तनिष्का फार्मास्युटिकल कंपनी की एसिड की मात्रा कम करने की दवा एसोमेप्राजोल, बद्दी के किशनपुरा स्थित एलवेंटा फार्मा की सूजन की दवा एसेक्लोपेनाक, कालाअंब के ओगली स्थित ओरिसन फार्मा की हार्ट की दवा एनालाप्रिल, थाना बद्दी की नेपचुन लाइफ साइंस की फंगल इंफेक्शन की दवा टबिनाफोर्स, झाड़माजरी की कलरेक्स हेल्थकेयर कंपनी की अल्सर की दवा रेबोप्रोजोल, भटोली कलां की मेडिवेल बायोटेक की निमोनिया की दवा अमोक्सीक्लीन, बद्दी के संडोली स्थित हेल्थ बायोटेक कंपनी की निमोनिया की दवा अमोक्सीक्लीन के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं।
** तीन सिंचाई योजनाओं का कार्य जुलाई 2025 तक पूरा करने के भी निर्देश उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने आज एशियन विकास बैंक और जलशक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन उठाऊ पेयजल योजना के कार्य को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में अवगत करवाया कि मनाई-परगोड़-लंज-नौशेरा उठाऊ पेयजल योजना की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। एशियन विकास बैंक द्वारा वित्त पोषित इस योजना पर लगभग 32 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। केवल सिंह पठानिया ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि योजना के निर्माण कार्य में तेजी लाए जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कमांड एरिया डेवलपमेंट के तहत निर्माणाधीन भोगल, धामल और बंडी सिंचाई योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इन सिंचाई योजनाओं का कार्य जुलाई 2025 तक पूरा करना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए ताकि अगले वर्ष किसानों को फसलों के लिए सिंचाई सुविधा मिल सके। बैठक में जल शक्ति विभाग की प्रमुख अभियंता अंजु शर्मा, धर्मशाला वृत्त के अधीक्षण अभियंता विशाल जस्वाल, शाहपुर मंडल के अधिशाषी अभियंता अमित डोगरा, धर्मशाला मंडल के अधिशाषी अभियंता सुमित कटोच और एशियन विकास बैंक के सहायक अभियंता नितिन चिनौरी उपस्थित थेे।
जयसिंहपुर/ नरेंद्र डोगरा: 21वीं आल इंडिया डॉ. यशवंत सिंह परमार मेमोरियल वॉलीबाल टूर्नामेंट का आयोजन 29 नवंबर से पहली दिसंबर तक जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के पंचरुखी में डॉ. भीमराव अम्बेडकर खेल मैदान में किया जा रहा है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि 29 नवंबर को प्रतियोगिता का शुभारंभ आयुष, युवा सेवायें एवं खेल मंत्री, यादविंदर गोमा करेंगे। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता में देश की आठ टीमें भाग ले रही हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश सहित उत्तर प्रदेश, राजस्थान, ओएनजीसी, इंडियन रेलवे, इंडियन नेवी, इंडियन आर्मी और हरियाणा की टीमें शामिल हैं।प्रवक्ता ने बताया कि विजेता टीम को 2 लाख, उपविजेता को एक लाख तथा तीसरे स्थान पर आने वाली टीम को 75 हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया जाएगा । पहली दिसंबर को समापन समारोह में मुख्यातिथि के रूप में उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा शिरकत करेंगे और विजेता टामों को पुरस्कृत करेंगे। प्रवक्ता ने बताया कि प्रतियोगिता के सफलतापूर्ण आयोजन के लिए सभी तैयारियों को पूर्ण कर लिया गया। इस क्षेत्र में पहली बार इतनी बड़ी प्रतियोगिता का आयोजन होने से लोग उत्सुक है कि उन्हें राष्ट्रीय खिलाड़ियों को खेलते हुए देखने का अवसर मिलेगा।
उपमंडल देहरा के तहत ढलियारा स्थित प्राइमरी स्वास्थ्य केन्द्र में बुधवार को स्वास्थ्य केम्प का आयोजन हुआ, जिसमें 67 लाभार्थीयों ने डिजिटल एक्सरे की सुविधा प्राप्त की, वहीं 85 लोगों ने इस कैंप में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। पीएचसी ढलियारा में प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशो के अनुसार एक दिवसीय कैंप का आयोजन बीएमओ डाडा सिबा डॉक्टर सतीश कुमार की देख-रेख में हुआ वहीं इस कैंप में टांडा मेडिकल कॉलेज से आई टीम ने वहां उपस्थित लोगों का चैक-अप किया। इस दौरान डॉक्टर निर्भय, एफएचएस रूप रानी, फार्मासिस्ट अश्वनी, सुशील बाला, श्रेष्ठा देवी, सरोज बाला, किरण ,स्वर्णा, बॉबी, हरदीप ,अनिता इत्यादि उपस्थित रहे ।
** अभियान के तहत राज्य स्तरीय नशामुक्त अभियान समिति की बैठक आयोजित प्रदेश सरकार नशामुक्त हिमाचल बनाने के लिए नशामुक्त भारत अभियान के तहत केंद्र सरकार को विस्तृत प्रस्ताव भेजेगी। इस प्रस्ताव में प्रदेश में नशामुक्ति केंद्र खोलने सहित विभिन्न क्रियाकलापों का विवरण शामिल किया जाएगा। इसी प्रस्ताव के आधार पर केंद्र सरकार से नशामुक्त भारत अभियान के तहत वित्तीय सहायता का आग्रह किया जाएगा। अभियान के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, मामले पर आवश्यक कार्रवाई कर रहा है। इसी अभियान के तहत आज यहां राज्य स्तरीय नशामुक्त अभियान समिति की पहली बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता आशीष सिंघमार ने की। आशीष सिंघमार ने विभाग के अधिकारियों को जिला स्तर पर जिला नशामुक्त अभियान समिति के तहत विस्तृत प्रस्ताव बनाने के दिशा-निर्देश जारी किए। राज्य स्तरीय प्रस्ताव को शीघ्र ही अंतिम रूप देने के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य, पुलिस, और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ नशामुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए इन विभागों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संस्थाओं का भी अहम योगदान अपेक्षित है। विभागीय अधिकारियों ने अवगत करवाया कि नशे की लत से ग्रस्त लोगों के लिए प्रदेश में कुल्लू, हमीरपुर और ऊना में 15 बिस्तर क्षमता और नूरपुर व कुल्लू में 15 बिस्तर क्षमता का एकीकृत पुनर्वास केंद्र चलाया जा रहा है। इसके अलावा सिरमौर, मंडी, शिमला जिलों में नशामुक्ति केंद्र स्थापित करने के लिए विचार-विमर्श किया गया। शेष अन्य जिलों में व्यवहारिकता एवं उपयोगिता के आधार पर केंद्र खोलने को लेकर चर्चा की गई। प्रदेश के कारावासों में भी नशामुक्ति अभियान चलाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर विभिन्न अधिकारियों ने अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। बैठक में राज्य स्तरीय नशामुक्ति अभियान समिति में शामिल पुलिस, शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
** लगेज पॉलिसी में रियायत, एचआरटीसी की बसों में दूध और सब्जियों का किराया माफ **ऊना पुराने बस अड्डे में सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी मोड पर बनेगा कार पार्किंग एवं व्यावसायिक परिसर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बीते दिन हिमाचल पथ परिवहन निगम निदेशक मंडल की 158वीं और बस अड्डा प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण निदेशक मंडल की 70वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए और विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। अग्निहोत्री ने कहा कि परिहवन निगम में वर्ष 2022 से जेओए (आईटी) के 177 और कम्प्यूटर ऑपरेटर के 12 पद रिक्त हैं। यह परीक्षाएं हमीरपुर चयन आयोग के पेपर लीक होने के कारण स्थगित हुई थीं, अब इन पदों को दोबारा भरने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि निगम के बेड़े में 297 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है। बैठक में 100 मिनी बसों की खरीद को भी मंजूरी दी गई। उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि पथ परिवहन निगम सात माह के भीतर यूपीआई क्रेडिट डेबिट एनसीएमसी कार्ड लागू करने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के राजघाट के समीप एचआरटीसी के चालकों-परिचालकों के लिए 120 बिस्तर क्षमता के ठहराव स्थल की बेहतर व्यवस्था की गई है। बैठक में लगेज पॉलिसी में रियायत देते हुए एचआरटीसी की बसों में दूध और सब्जियों के किराये को माफ करने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में अवगत करवाया कि एचआरटीसी ने अब तक 66 करोड़ की आय अर्जित की है और आय में लगभग 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बैठक में बैजनाथ पुराने बस अड्डे में पार्किंग एवं व्यावसायिक परिसर का निर्माण करने का निर्णय लिया गया। सरकाघाट पुराने बस अड्डे को बरछवाड़ स्थित नए बस अड्डे में स्थानातंरित करने की भी मंजूरी दी गई। चंबा पुराने बस अड्डे में कार पार्किंग एवं व्यावसायिक परिसर का निर्माण करने का निर्णय लिया गया। ऊना पुराने बस अड्डे में सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी मोड पर कार पार्किंग एवं कॉमर्शियल कॉम्प्लैक्स बनाया जाएगा। बिलासपुर स्थित मंडी भराड़ी में बस अड्डे का निर्माण किया जाएगा। प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बैठक का संचालन किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में निगम की कार्य प्रणाली में और सुधार लाया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ निगम की आय में भी वृद्धि की जा सके। बैठक में निदेशक मण्डल के सदस्य, प्रधान सचिव आर.डी. नजीम, निदेशक डीसी नेगी और विशेष सचिव वित्त रोहित जम्वाल उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि निर्माण, कृषि, चिकित्सा, आपदा के दौरान खाद्य वस्तुओं का वितरण आदि में ड्रोन तकनीक कारगर साबित हो सकती हैं। ड्रोन तकनीक के माध्यम से प्रदेश में लगभग 15 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। सुक्खू ने कहा कि सोलर एनर्जी के माध्यम से भी प्रदेश में लगभग तीन हजार से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। राज्य में घरों की छतों पर लगभग 16 लाख सोलर रूफटॉप लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह बात प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं कृषि पारिस्थितिकी संस्था की ओर से ग्रीन हिमाचल समृद्ध हिमाचल विषय को लेकर दी गई प्रस्तुति के दौरान कही। इससे पूर्व प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं कृषि पारिस्थितिकी संस्था के निदेशक राजीव ने ग्रीन हिमाचल-समृद्ध हिमाचल विषय को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी। सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2023 में प्रदेश में लगभग 1.6 करोड़ पर्यटक पहुंचे। पर्यटन के माध्यम से लगभग तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। प्रदेश सरकार के दो साल पूरा होने पर बिलासपुर में करवाए जा रहे समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। रैली का समय 11 दिसंबर को सुबह 10ः30 बजे तय किया गया है। इस कार्यक्रम में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने समारोह की तैयारियों के संबंध में बैठक की। उन्होंने इस कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की और कहा कि इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम में सभी मंत्रीगण, कांग्रेस विधायक, विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित अन्य शामिल होंगे। उन्होंने यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के भी निर्देश दिए, जिससे लाेगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सरकार उपलब्धियां जनता के समक्ष रखेगी और व्यवस्था परिवर्तन से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को रेखांकित किया जाएगा। सीएम ने सूचना एवं जन संपर्क विभाग को सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों पर एक वृत्तचित्र तैयार करने के निर्देश दिए। इस बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा व कमलेश कुमार पंत, पुलिस महानिदेशक डॉ. अतुल वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, प्रशासनिक सचिव उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आउटसोर्स के तहत स्वीकृत पदों पर कौशल विकास निगम में तैनात तीन जूनियर ऑफिस असिस्टेंट की सेवाएं समाप्त करने के फैसले पर रोक लगा दी है। तीनों अगली सुनवाई तक अपने पदों पर बने रहेंगे। याचिकाकर्ताओं ने कौशल विकास निगम के 14 नवंबर के फैसले को चुनौती दी है। निगम ने इन आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को 30 नवंबर से समाप्त करने का फैसला लिया है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की एकल पीठ ने मामले में अगली सुनवाई को राज्य सरकार सहित सभी प्रतिवादियों को जवाब दायर करने के लिए कहा है। मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने अदालत को हिमाचल सरकार की ओर से जारी 26 अक्तूबर के आदेश के बारे में अवगत कराया। इसके तहत कौशल विकास निगम ने प्रोजेेक्ट को 30 जून 2025 तक बढ़ाया है। कर्मचारियों की नियुक्तियां वर्ष 2017 में की गई थी। सरकार की ओर से स्वीकृत पदों पर कौशल विकास निगम ने राष्ट्रीय इलेक्ट्राॅनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के माध्यम से आउटसोर्स आधार पर तैनाती दी गई है। निगम ने इनका कार्यकाल समय-समय पर बढ़ाया भी है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ताओं की सेवाओं के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम ने वोल्वो बसों की खरीद का टेंडर रद्द कर दिया है। यह निर्णय निगम के निदेशक मंडल की आज शिमला में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। निदेशक मंडल के इस निर्णय के बाद निगम में नई वोल्वो बसों का इंतजार बढ़ गया है। मुकेश अग्निहोत्री ने बैठक के बाद शिमला में पत्रकार वार्ता में कहा कि वोल्वो बसों की खरीद के लिए सिर्फ एक ही टेंडर आया था। ऐसे में निगम के निदेशक मंडल ने सिंगल टेंडर पर वोल्वो बसें नहीं खरीदने का निर्णय लिया। एचआरटीसी ने अपनी सभी 24 वोल्वो बसों के फ्लीट को बदलने का निर्णय लिया है। मुकेश अग्निहोत्री ने राज्य पथ परिवहन निगम की लगेज पॉलिसी में बदलाव की घोषणा की। उन्होंने कहा कि निगम के निदेशक मंडल ने लगेज पॉलिसी में जनता से मिले फीडबैक के आधार पर छूट देने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के मुताबिक अब HRTC की बसों में किसानों द्वारा सब्जियां और दूध ले जाने पर उनसे किराया नहीं वसूला जाएगा। अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य पथ परिवहन निगम इस साल के अंत तक अपनी 1000 पुरानी बसें बदलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि निगम ने 327 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का निर्णय लिया है और यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसी तरह निगम ने 250 डीजल बसें भी खरीदने का फैसला किया है। यही नहीं निगम ने 100 मिनी बसें और टेंपो ट्रैवलर खरीदने का भी फैसला किया है। निगम के फ्लीट में इस समय लगभग 3200 बसें हैं। उन्होंने कहा कि निगम में 350 कंडक्टरों की भर्ती कर दी गई है और इन्हें नियुक्तियां भी दे दी गई हैं। इसके अलावा 189 जेओएआईटी और कंप्यूटर ऑपरेटर की भर्ती निगम ने राज्य चयन आयोग के माध्यम से करने का निर्णय लिया है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि निगम के निदेशक मंडल ने निगम की बसों पर गुटखा और शराब के विज्ञापन नहीं लगाने का फैसला किया। यही नहीं जो विज्ञापन पहले से चल रहे हैं उन्हें हटाने का भी निर्णय लिया गया। अग्निहोत्री ने कहा कि आईएसबीटी शिमला के मामले को मंत्रिमंडल की बैठक में ले जाया जाएगा ताकि इस पर कोई फैसला लिया जा सके। उन्होंने कहा कि इस बस अड्डे का संचालन कर रही कंपनी ने बस अड्डे को सरकार को वापस करने की इच्छा जताई है और इसके लिए सरकार से 82 करोड़ रुपए मांगा है ताकि वह बस अड्डे के संचालन के लिए हुए समझौते से बाहर निकल सके। उन्होंने यह भी कहा कि मैकलोडगंज और कांगड़ा बस अड्डे का 25 करोड़ का आर्बिट्रेशन सरकार के खिलाफ आया है और निगम ने इस मामले को भी मंत्रिमंडल में ले जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि निगम के इस समय 3000 से अधिक मामले विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि परिवहन निगम निदेशक मंडल ने यह भी फैसला लिया है कि अब निगम के किसी भी कर्मचारी को घर में शादी अथवा बीमारी की स्थिति में केवल 200000 रुपये ही पीएफ अकाउंट से मिलेगा। हिमाचल पथ परिवहन निगम हर साल 1000 करोड़ रुपए का रियायती सफर लोगों को करवाता है। उन्होंने कहा कि निगम अकेले महिलाओं के रियायती सफर पर ही हर रोज 50 लाख रुपए खर्च कर रहा है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के गंभीर स्तर तक पहुंच जाने के चलते दिल्ली सरकार ने हिमाचल पथ परिवहन निगम की 16 बसों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी है। यह रोक ग्रेप स्टेज 4 के लागू होने के दृष्टिगत लगाई गई है क्योंकि हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें बीएस-4 श्रेणी की है। अग्निहोत्री ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि दिल्ली स्थित हिमाचल भवन हिमाचलियों की पहचान है और इसे कोई भी उंगली तक नहीं लगा सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने उसके खिलाफ आए आर्बिट्रेशन के बाद इस मामले में 64 करोड रुपए जमा करवा दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोग हिमाचल भवन सहित पर्यटन विकास निगम के 18 होटलों को बंद करने के अदालत के फैसले को लेकर सचेत है और इस मामले में सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में प्रगति मैदान में आयोजित 43वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का दौरा किया। 14 नवम्बर से शुरू हुआ यह मेला 27 नवम्बर तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम, विभिन्न स्वयं सहायता समूहों, हिम ईरा, एचपीएमसी द्वारा लगाए गए 16 स्टालों का अवलोकन किया जिनमें शहद और कृषि उत्पाद, शॉल, फल उत्पाद, हस्तशिल्प, ऊनी वस्त्र इत्यादि के स्टॉल शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में राज्य के उत्कृष्ट उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए उद्योग विभाग के प्रयासों की सराहना की। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि लगभग 2 लाख लोग हिमाचल पैवेलियन का दौरा कर चुके हैं और लगभग 40 लाख रुपये कीमत के उत्पादों की बिक्री दर्ज की जा चुकी है। निदेशक उद्योग यूनुस ने मेले के दौरान प्रदर्शित विभिन्न उत्पादों और गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती सहित राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
** हर विधानसभा क्षेत्र से 100 विद्यार्थियों का किया जाएगा चयन: सीएम सुक्खू मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज कहा कि प्रदेश के 6,800 युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी के लिए क्रैक अकादमी 34 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में इस संस्था के माध्यम से 100 विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान कर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा। प्रदेश के छठी कक्षा से लेकर स्नातक स्तर तक के विद्यार्थियों को इस संस्था के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं सहित कौशल विकास पर भी जानकारी प्रदान की जाएगी। इससे पूर्व क्रैक अकादमी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नीरज कंसल ने ‘समावेशी शिक्षा की ओर यात्रा’ विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, शिक्षा सचिव राकेश कंवर भी उपस्थित थे।
संविधान दिवस का कार्यक्रम ज्वालामुखी विधान सभा की पंचायत सलिहर में मुख्य अतिथि महापंचायत के संस्थापक सीता राम भाटिया की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभ आरम्भ मुख्य अतिथि सीता राम भाटिया द्वारा दीप प्रजल्लित कर के किया गया । कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सेवा निवृत एक्सन साहब पूर्ण चंद उपस्थित रहे । कार्यक्रम के प्रबंधक पंचायत प्रधान बीरवल कैथ व घसीटू राम, प्रीतम चंद आदि ने मुख्य अतिथि को चीफ गेस्ट स्मृति चिन्ह व मुख्य वक्ता को भी इकाई ज्वालामुखी कमेटी द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया । मुख्य अतिथि महापंचायत संस्थापक सीता राम भाटिया ने संक्षिप्त में बताया कि संविधान की सुरक्षा उसमें मिले हुए हक अधिकारों की रक्षा की जिम्मेदारी आने वाले समय में महाँ पंचायत लेगी । उन्होंने ये भी बताया कि महाँ पंचायत में कोई अलग से संगठन या तीसरा मोर्चा नहीं होगा बल्कि, महाँ पंचायत एक ऐसा मंच प्रदान करेगी जहां सभी बहुजन समाज के समाजिक संगठनों के प्रतिनिधि व समाज के स्वतंत्र बुद्धि जीवी व ख्याति प्राप्त व्यक्ति मिलकर समाज का नेतृत्व करेंगे । महाँ पंचायत में कोई भी अध्यक्ष नहीं होगा । महाँ पंचायत में सिर्फ सदस्य होंगे । महाँ पंचायत में परिस्थितियों को देखते हुए कोर कमेटी निर्णय लेने में समर्थ होगी । महाँ पंचायत का प्रभाव हिमाचल प्रदेश में हि नहीं बल्कि साथ लगते राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। इस मौके पर एक्स सर्विस मैन गुरदेव सिंह, लेख राज, प्रीतम चंद, गुजर राम आदि सेंकड़ों सदस्यों ने भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश लोकसेवा आयोग प्रदेश पुलिस विभाग में विशेष ड्यूटी के लिए कांस्टेबल (पुरुष) के 708 पद और कांस्टेबल (महिला) के 380 पद भर रहा है। इन पदों को 4 अक्तूबर 2024 को विज्ञापित किया गया था। भर्ती प्रक्रिया जारी है। आयोग को इन विशेष ड्यूटी कांस्टेबल (पुरुष एवं महिला) के पदों के लिए ऑनलाइन भर्ती आवेदन पत्र यानि ओआरए में सुधार के लिए अभ्यर्थियों से बहुत सारे आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। इसलिए आयोग ने फैसला लिया है कि अभ्यर्थी अपने ऑनलाइन भर्ती आवेदनों में श्रेणी परिवर्तन, नाम परिवर्तन, पिता का नाम, माता का नाम में सुधार के लिए 3 दिसंबर 2024 तक ईमेल आईडी यानी so.setbranch@gmail.com या ऑफलाइन मोड के माध्यम से आयोग को प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। ओआरए में पुरुष से महिला या इसके विपरीत सुधार स्वीकार्य नहीं हैं, इसलिए इस पर विचार नहीं किया जाएगा। लोक सेवा आयोग की सचिव निवेदिता नेगी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि अंतिम तिथि के बाद ओआरएम में किसी भी प्रकार के सुधार के लिए आयोग की ओर से कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। बता दें, प्रदेश में 1,088 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती के लिए करीब 1.15 लाख आवेदन पहुंचे हैं। पहले आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 अक्तूबर तय की गई थी। इस दौरान तक 92 हजार आवेदन हुए थे। बाद में कुल आवेदनों की संख्या बढ़कर 1.15 लाख पहुंच गई है।
** विक्रमादित्य सिंह ने सड़क निर्माण को लेकर दिए निर्देश हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सरकार में लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह डोडरा क्वार क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, उनका डोडरा क्षेत्र से काफी पुराना रिश्ता है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस क्षेत्र के विकास की शुरुआत की थी। पहली बार क्षेत्र के लिए सड़क की सुविधा उन्होंने ही शुरू की थी। डोडरा क्वार सड़क को मेटलिंग अक्टूबर 2025 तक पूरी हो जाएगी, जिसके लिए विभाग को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा, छिवोड़ कैंची से उत्तराखंड को जोड़ने वाली सड़क का एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला क्वार के भवन निर्माण कार्य मार्च 2025 तक तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग के निर्माणाधीन रेस्ट हाउस में देरी को लेकर विभाग से रिपोर्ट तलब की गई है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा, विकासात्मक कार्यों के लिए प्रदेश सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है। हाल ही में मुख्यमंत्री सुक्खू ने करोड़ों रुपए की सौगातें इस क्षेत्र के लिए दी है। यहां के क्षेत्र की सभी मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य ने कहा, इस क्षेत्र में सिंथेटिक ड्रग काफी फैलता जा रहा है। युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र के सभी लोगों से अपने बच्चों को इन नशों से दूर रखने की अपील की है। शिमला पुलिस नशे के खिलाफ विशेष मुहिम चला रही है, लेकिन जब तक जन सहयोग नहीं मिलेगा नशे को जड़ से खत्म करना सरकार और प्रशासन के लिए चुनौती है। लोक निर्माण विभाग के मंत्री ने कहा कि पंडार गांव के लिए सड़क की सुविधा नहीं है। यहां के लोगों की मांग को ध्यान में रखते है और आगामी कुछ महीनों में सड़क निर्माण की सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगली बार जब वह इस क्षेत्र में आएंगे तो सिर्फ पंडार गांव में ही रुकेंगे। तब तक सड़क गांव तक पहुंच चुकी होगी। विक्रमादित्य ने कहा, चांशल क्षेत्र टूरिज्म की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। हमारी सरकार की प्राथमिकता इस क्षेत्र को टूरिज्म साइट के तौर पर विकसित करने की है। ताकि इस क्षेत्र के लोगों के लिए घर द्वार पर ही रोजगार के साधन विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि जब ईको टूरिज्म साइट बनेगी तो यहां पर संतुलित विकास होगा। यहां के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन गलत तरीके से न हो। वहीं, इस क्षेत्र को साल भर खुला रखने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों को ओबीसी का दर्जा देना हमारी प्राथमिकता है। वह मुख्यमंत्री के समक्ष इस मांग को प्रमुखता से रखेंगे। इस मांग को अगर केंद्र सरकार के समक्ष रखना भी पड़ा तो भी वह केंद्र सरकार तक क्षेत्र की आवाज रखने के लिए जाएगें। यहां के लोग कई महीनों तक प्रदेश के अन्य हिस्सों से कट जाते है। यहां की भौगोलिक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण रहती है। ऐसे में यहां के लोगों को विशेष सुविधाएं देना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। वहीं, कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मंदिर के लिए जो सराय बनना प्रस्तावित है, उसके लिए जल्द ही बजट मुहैया करवाया जाएगा। गांव में एंबुलेंस मार्ग के लिए एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। गांव में बेहतर सुविधाएं देने के लिए हमारी सरकार प्रयास कर रही हैं। प्रदेश की महिलाओं को ₹1500 मासिक इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि दी जा रही है। इसी तरह से प्रदेश सरकार ने चार हजार बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्जा दिया है। 2027 तक आत्मनिर्भर हिमाचल बनने के लिए प्रदेश सरकार कार्य कर रही है।
हिमाचल में महंगाई एक बड़ा मुद्दा बन गई है। आम जनता इसके बोझ से परेशान है। आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ गया है। ऐसे राहत की खबर ये है कि प्रदेश सरकार ने दिसंबर महीने के लिए राशन का आवंटन कर दिया है, जिसमें प्रदेश भर में 4500 से अधिक डिपुओं के माध्यम से एपीएल परिवारों को अगले महीने दिए जाने वाले सस्ते राशन के कोटे में इस बार भी कट नहीं लगा है। इस तरह से APL परिवारों को अगले महीने भी 14 किलो आटा और 6 किलो चावल कोटा प्रति राशन कार्ड दिया जाएगा। बता दें कि प्रदेश में अगस्त 2023 से एपीएल परिवारों को डिपुओं में मिलने वाले आटे और चावल के कोटे में कोई कट नहीं लगा है। वहीं, हिमाचल में पहले हर दो से तीन महीने में सस्ते राशन के कोटे को घटाया और फिर से बढ़ाया जाता रहा है, लेकिन 15 महीनों से APL परिवारों को दिए जाने वाले आटा और चावल की मात्रा में कोई फेरबदल नहीं हुआ है। इससे भी महंगाई के इस मुश्किल समय में लाखों माध्यम परिवारों को कुछ राहत मिली है। केंद्र से राशन का आवंटन होने के बाद सरकार ने भी प्रदेश के सभी 12 जिलों को आटा और चावल की मात्रा निर्धारित कर दी है। एपीएल परिवारों को जिलों में आबादी के आधार पर 20,410 मीट्रिक टन राशन का आवंटन किया गया है, जिसमें 14,387 मीट्रिक टन गेहूं और 6,023 मीट्रिक टन चावल की मात्रा शामिल है। इस बारे में सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, अब तय की गई मात्रा के हिसाब से डिपो धारकों को 29 अक्टूबर से सस्ते राशन के परमिट जारी किए जाएंगे। ताकि डिपुओं में एक दिसंबर से सस्ता राशन उपलब्ध हो सके। प्रदेश में कुल राशन कार्ड धारकों की संख्या 19,65,589 हैं। इसमें कुल एपीएल कार्डधारकों की संख्या 12,24,448 है. विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इसमें एपीएल टैक्स पेयर कार्डधारकों की कुल संख्या 72,445 है। वहीं, 11,52,003 नॉन टैक्स पेयर एपीएल कार्ड धारक हैं। हिमाचल में एपीएल कार्ड धारकों की कुल आबादी 44,19,312 बनती है, जिसमें नॉन टैक्स पेयर एपीएल परिवारों की आबादी 41,26,583 है। वहीं, टैक्स पेयर की आबादी 2,92,729 है, जिन्हें अगले महीने डिपुओं के माध्यम से 14 किलो आटा और 6 किलो चावल प्रति राशन कार्ड मिलेगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक राम कुमार गौतम ने कहा, दिसंबर महीने के लिए राशन का आवंटन किया गया है। डिपुओं में अगले महीने एपीएल परिवारों को दिए जाने वाले राशन को मात्रा नहीं घटाई गई है। उपभोक्ताओं को समय पर राशन मिले, इसके लिए भी जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर की पहली पायलट कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा (सीबीटी) का परिणाम जल्द घोषित होने वाला है। ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट (ओटीए) पोस्टकोड 1073 के 162 पदों के लिए यह परीक्षा 30 मार्च 2024 को एडसिल एजेंसी के माध्यम से करवाई गई थी। चार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। एडसिल एजेंसी ने परीक्षा का परिणाम काफी पहले तैयार कर लिया था, लेकिन 95 फीसदी भुगतान न होने के कारण इसे रोक दिया गया। आयोग ने अब एजेंसी को करीब 33 लाख रुपये का 95 फीसदी भुगतान कर दिया है, जबकि शेष पांच फीसदी राशि परिणाम जारी होने के बाद दी जाएगी। यह भर्ती पहले 2022 में तत्कालीन कर्मचारी चयन आयोग की ओर से विज्ञापित की गई। पेपर लीक मामले के कारण आयोग भंग हो गया और भर्ती प्रक्रिया अटक गई। नवगठित राज्य चयन आयोग ने मार्च 2024 में एडसिल एजेंसी के माध्यम से पहली पायलट भर्ती परीक्षा करवाई गई। भुगतान से जुड़ी कानूनी पेचिदगियों के चलते परिणाम अटका रहा। कोष विभाग से नवगठित आयोग के नामित कर्मचारी को ट्रेजरी कोड मिलने के बाद एडसिल एजेंसी को 33 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है। अब एजेंसी की ओर से राज्य चयन आयोग को अभ्यर्थियों का सीबीटी परिणाम सौंपा जाएगा। इसके बाद इसे आयोग की बेवसाइट पर घोषित कर दस्तावेजों के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। बता दें कि पहले पदों के विज्ञापित होने के लगभग डेढ़ साल तक अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए इंतजार करना पड़ा और उसके बाद सात महीने तक सीबीटी का परिणाम। अब जल्द इंतजार खत्म होने की उम्मीद है। एजेंसी को सीबीटी के आयोजन के बाद मिले बिल के अनुसार 95 फीसदी राशि का भुगतान कर दिया गया है। पांच फीसदी राशि का भुगतान परिणाम घोषित होने के बाद जारी होगा। उम्मीद है कि एक दो दिन के भीतर में एजेंसी परिणाम आयोग को सौंप देगी।
शिमला: प्रदेश के विंटर वैकेशन स्कूलों में नॉन बोर्ड कक्षाओं की परीक्षाएं 10 दिसम्बर से शुरू होंगी। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने सोमवार को इसकी डेटशीट जारी कर दी है। यह परीक्षाएं 21 दिसम्बर तक चलेंगी। इस दौरान विभाग की ओर से पहली, दूसरी, चौथी, छठीं और सातवीं कक्षा की डेटशीट जारी की गई है। इस दौरान 10 दिसम्बर को पहली व दूसरी कक्षा का गणित, चौथी कक्षा का हिंदी विषय का पेपर लिया जाएगा। 13 दिसम्बर को पहली व दूसरी कक्षा का हिंदी, चौथी कक्षा का गणित, 16 दिसम्बर को तीनों कक्षाओं का अंग्रेजी का पेपर लिया जाएगा। वहीं 18 दिसम्बर को चौथी कक्षा का ईवीएस का पेपर लिया जाएगा। 10 दिसम्बर को छठी कक्षा का संस्कृत का पेपर होगा, जबकि सातवीं कक्षा का हिंदी का पेपर लिया जाएगा। 12 दिसम्बर को छठी कक्षा का गणित और सातवीं कक्षा का विज्ञान, 13 दिसम्बर को छठी कक्षा का हिमाचल लोक संस्कृति और सातवीं कक्षा का सोशल साइंस का पेपर लिया जाएगा। 16 दिसम्बर को छठी कक्षा का विज्ञान, सातवीं कक्षा का गणित, 17 दिसम्बर को छठी कक्षा का अंग्रेजी और सातवीं कक्षा का हिमाचल लोक संस्कृति, 18 दिसम्बर को छठी व सातवीं कक्षा का ऑप्शनल विषयों का पेपर होगा। 20 दिसम्बर को छठी कक्षा का हिंदी और सातवीं कक्षा का अंग्रेजी व 21 दिसम्बर को छठी कक्षा का सोशल साइंस और सातवीं कक्षा का संस्कृत का पेपर लिया जाएगा। इस दौरान ऑप्शनल विषयों के प्रश्न पत्र स्कूलों द्वारा तैयार किए जाएंगे, जबकि मुख्य विषयों के पेपर समग्र शिक्षा द्वारा तैयार किए गए हैं।


















































