उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने आज सुलह विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गिरथोली के वार्ड नंबर 5 में बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान अध्यक्ष राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक संजय चौहान,एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री, एसडीएम पालमपुर डॉ. अमित गुलेरिया, बीडीओ सुलह योगिंदर कुमार, तहसीलदार पालमपुर सार्थक शर्मा, लोक निर्माण, जल शक्ति विभाग के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि व गांववासी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा की नवगठित विधायक संघ के अध्यक्ष एवं शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया और नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने केंद्र सरकार से प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के कारण हुई भारी जान-माल की क्षति के दृष्टिगत इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। पिछले 56 दिनों के दौरान भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की इस त्रासदी में प्रदेश में अब तक 330 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई हैं, इसके अलावा 38 लोग अभी भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 113 भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं और प्रदेश को लगभग 10 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक की क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि ऑडिट आपत्तियों के कारण पिछले कुछ वर्षों से केंद्र सरकार के पास लंबित 315 करोड़ रुपये की राहत राशि में से केंद्र ने 189 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त राज्य आपदा राहत निधि (एसडीआरएफ) के तहत राज्य को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रति वर्ष दो किस्तों में कुल 360 करोड़ रुपये की राशि जारी की जाती है। केंद्र सरकार ने इसमें से 180 करोड़ रुपये की पहली किस्त जून माह में तथा दिसंबर माह में मिलने वाली 180 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त राज्य को अग्रिम रूप से जारी कर दी है। इस 360 करोड़ रुपये की राशि पर हिमाचल प्रदेश का हक है, जो सभी राज्यों को प्रदान की जाती है और इसके अलावा केंद्र की ओर से अलग से कोई वित्तीय सहायता जारी नहीं की गई है। इस प्रकार राज्य को अब तक 549 करोड़ रुपये की राशि के रूप में केंद्र सरकार के पास लंबित राज्य का उचित हिस्सा मिला है। भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं पर कटाक्ष करते हुए विधायकों ने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेता हिमाचल को अपना दूसरा घर कहते नहीं थकते हैं बाजवूद इसके प्रदेश के सौतेला व्यहार कहां तक सही है। उन्होंने कहा कि यह नेता अपने संबोधनों में हिमाचल के व्यंजनों का 'सेपू बड़ी, चंबा का 'मदराÓ, सिड्डू का जिक्र करते थे पर जब प्रदेश पर विपदा की स्थिति आई तो मदद के लिए हाथ बढ़ाने के बजाए ये नेता ओछी राजनीति कर रहे हैं। राज्य में आपदा को 'राष्ट्रीय आपदाÓ घोषित करने में हो रहे विलंब से प्रदेश के लोगों की पीड़ा और अधिक बढ़ रही है। विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लोगों का दुख-दर्द साझा करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं तथा आर्थिक तंगी के बावजूद प्रभावित परिवारों को हरसंभव राहत राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर जीवन और सार्वजनिक तथा निजी संपत्ति दोनों को हुए भारी नुकसान के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है, लेकिन भाजपा का ढुलमुल रुख सामने आया है। नेताओं ने राज्य के लोगों को असहाय स्थिति में छोड़ दिया है। पठानिया और सोलंकी दोनों ने टिप्पणी की, कि राज्य के भाजपा नेता भी जरूरत की इस घड़ी में सहयोग करने के बजाय सकारात्मक छाप छोड़ने में विफल रहे। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग 2024 में लोकसभा चुनाव से काफी पहले उनकी शरारतों को समझने के लिए काफी समझदार थे। इसके बजाय उन्हें राज्य के सर्वोत्तम हित में मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली जाना चाहिए था और अपने केंद्रीय नेतृत्व से विशेष राहत पैकेज की मांग करनी चाहिए थी।
पूर्व आर्मी एसोसिएशन खुडियां के 100 पदाधिकारियों, जिनमें प्रमुख कर्नल एमएस राणा, कैप्टन कर्म सिंह, कैप्टन ओम प्रकाश, कैप्टन कश्मीर सिंह, केप्टन रमेश राणा, सब मेजर माधोराम, सूबेदार अमर सिंह, कैप्टन ध्यान सिंह, हवलदार रणजीत सिंह, हवलदार सुनील कुमार आदि ने प्रदेश में हो रही भयंकर आपदा को देखते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष में 60, 300 रुपये की राशि तहसीलदार खुडियां सुभाष कुमार के द्वारा चेक के माध्यम से इस राहत कोष में दी। इन सभी का कहना है कि पूर्व आर्मी एसोसिएशन खुडियां आपदा की इस घड़ी में प्रशासन तथा सरकार के बिल्कुल साथ खड़ी है तथा समाज सेवा व पीड़ित परिवार की सेवा में तत्परता से कार्य कर रही है तथा आगे भी सहयोग करती रहेगी।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-3 के तहत केंद्र सरकार ने हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों की 254 सड़कों के उन्नयन को 2643.01 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इन सड़कों में जसवां-परागपुर के जिला परिषद वार्ड बणी की सत्तर के दशक में बनी दो सड़कें भी शामिल हैं। योजना के तहत चामुखा (कामलू) से बंगाणा (तुतड़ु) को 9 करोड़ चौदह लाख व कलोहा से लोहारी निचली (सलेटी) सड़क को 8 करोड़ छतीस लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। इन सड़कों के उन्नयन के लिए राशि मंजूर करने के लिए जिला अध्यक्ष अश्वनी ठाकुर, बीडीसी सदस्य सुदर्शन ठाकुर, परवीन धीमान, पिंकी प्रधान ग्राम पंचायत कोलापुर विपन कुमार, पीर सलुही संजीव कुमार, शांतला राहुल कुमार, पुननी जगत राम, अलोह निशा रानी, सरड रूप कुमार, कलोहा सुमन कुमारी, दोदूं राजपूता मुकेश कुमार उप प्रधान कूड़ना रणजीत सिंह पार्टी प्रमुख अरविंद परभाकर, राज कपूर, शशि शर्मा, भाग सिंह, तिलक राज,यश पाल, तीर्थ राम इत्यादि नेजसवां-परागपुर के विधायक बिक्रम सिंह व केंद्र के शीर्ष नेतृत्व का आभार प्रकट किया है।
पर्यटन के ऑफ सीजन में जुलाई माह से बंद धर्मशाला-चंडीगढ़ हवाई सेवा पहली सितंबर से फिर शुरू होने जा रही है। इस फ्लाइट के शुरू होने से चंडीगढ़ और धर्मशाला के बीच हवाई सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। इस फ्लाइट को एलायंस एयर विमानन कंपनी शुरू करेगी। सुबह 9.45 बजे गगल तो 10.55 बजे चंडीगढ़ से यह विमान उड़ान भरेगा। जानकारी के अनुसार धर्मशाला-चंडीगढ़ हवाई रूट पर एकमात्र सीधी उड़ान को जुलाई में बंद करने से इस रूट पर हवाई सफर करने वाले यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
उपमंडल देहरा के अंतर्गत नकेड़ खड्ड में पुलिस थाना देहरा की टीम ने गश्त के दौरान एक आल्टो कार नंबर एचपी 39 7176 से 84 बोतल देसी शराब की बोतल बरामद की है। गाड़ी में दो व्यक्ति बैठे थे, जिनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपितों की पहचान भूपेंद्र सिंह पुत्र भगवान दास गांव चकुंडी डाकघर पाइसा, हिमांशु पुत्र चंद्रकांत गांव व डाकघर देहरियां, तहसील ज्वालामुखी के रूप में हुई। मामले की पुष्टि करते हुए थाना प्रभारी देहरा संदीप पठानिया ने बताया पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
तीन दिन में 2074 लोगों को सुरक्षित निकाला बाहर जिला कांगड़ा के इंदोरा और फतेहपुर उपमंडल में चल रहा राहत एवं बचाव कार्य आज तीसरे दिन भी जारी रहा। जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य में लगी भारतीय सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों ने आज तीसरे दिन कुल 309 लोगों को सकुशल बाढ़ग्रस्त क्षेत्र से निकाला। उन्होंने बताया कि आज 228 लोगों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से और 81 लोगों को बोट के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उपायुक्त ने बताया सेना और अन्य बचाव दलों ने तीन दिन में 2074 लोगों की जान को बचाते हुए, उन्हें इंदोरा और फतेहपुर के जलमग्न क्षेत्रों से रेस्क्यू किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान 967 लोगों को एयरफोर्स के चॉपर से, 897 लोगों को बोट से और 210 लोगों को अन्य माध्यमों से बाहर निकाला गया। इंदोरा से 1652 और फतेहपुर से किए 422 लोग रेस्क्यू डीसी ने बताया कि इंदोरा उपमंडल से सर्वाधिक 1652 फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जिनमें 792 लोगों को एयरलिफ्ट और 860 लोगों को बोट से निकाला गया। उन्होंने बताया कि इंदोरा में पहले दिन 493, दूसरे दिन 851 और आज तीसरे दिन 308 लोगों को रेस्क्यू किया गया। वहीं फतेहपुर उपमंडल में तीन दिन में 422 लोगों को रेस्क्यू किया गया। उन्होंने बताया कि फतेहपुर में रेस्क्यू किए गए लोगों में 175 को एयरलिफ्ट किया गया, जबकि 37 को बोट और 210 को अन्य माध्यमों से सुरक्षित निकाला गया। फतेहपुर में पहले दिन 273, दूसरे दिन 148 और आज तीसरे दिन बोट से एक व्यक्ति को रेस्क्यू किया। राहत शिविरों में रह रहे 325 लोग डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि प्रशासन द्वारा इंदोरा और फतेहपुर में स्थापित पांच राहत शिविरों में आज वीरवार को 325 लोगों ने आश्रय लिया है। उन्होंने बताया कि फतेपुर उपमंडल के बढूखर राहत शिविर में 214 और फतेहपुर रिलीफ कैंप में 19 लोग रह रहे हैं। वहीं इंदोरा के शेखपुरा में 64 और नूरपुर के लदरोड़ी में स्थापित रिलीफ कैंप में 28 लोगों ने शरण ली है। जबकि डमटाल के राम गोपाल मंदिर में फिलहाल कोई नहीं है। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू किए गए लोगों को एचआरटीसी की बसों के माध्यम से सीधा राहत शिविरों में ही ही लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यहां प्राथमिक चिकित्सा जांच और भोजन प्राप्त करके अधिकतम लोग अपने सगे संबंधियों के पास रहने चले जा रहे हैं। रिलीफ कैंप में रूटीन टीकाकरण उपायुक्त ने बताया कि राहत शिविरों में रह रहे रेस्क्यू किए गए लोगों में बहुत सी गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि फतेहपुर के बढूखर में राधा स्वामी सत्संग भवन में चल रहे राहत शिविर में इनके लिए आज रूटीन टीकाकरण सेशन आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने दो गर्भवती महिलाओं और पांच शिशुओं का टीकाकरण किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू गत दिवस को इंदौरा एवं फतेहपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने आए थे। इस दौरान प्राचीन शिव मंदिर सुधार सभा काठगढ़, इंदौरा ने प्रधान ओम प्रकाश कटोच की अध्यक्षता में राधा स्वामी सत्संग भवन कंदरोड़ी में सीएम को मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख की राशि का चैक भेंट किया। इसके अलावा एक सप्ताह से प्रभावित मंड क्षेत्र के लोगों के बचाव कार्य में लगे एनडीआरएफ के लगभग 150 जवानों को रहने व खाने इत्यादि की व्यवस्था भी सभा द्वारा की जा रही है। स्मरण रहे कि सभा सामाजिक, धार्मिक व आपदा की घड़ी में जन कल्याण के कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती आ रही है।
पैतृक गांव सिद्धपुर में सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, बेटे ने दी मुखाग्नि बीएसएफ सेे सेवानिवृत्त सहायक कमांडेंट एसएस पठानिया का गुरुवार को उनके पैतृक गांव सिद्धपुर में अंतिम संस्कार कर दिया गया। पठानिया काफी समय से बीमार चल रहे थे। वे अपने पीछे पत्नी अभिलाषा और बेटी रुचि पठानिया व बेटे राहुल पठानिया को छोड़ गए हंै। 24 बटालियन बीएसएफ बनोई द्वारा इंस्पेक्टर जितेंद्र यादव के नेतृत्व में टुकड़ी ने सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी व श्रद्धांजलि दी। उन्हें बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल की तरफ से पुष्प चक्कर अर्पित किया गया। पठानिया के पार्थिव शरीर को उनके बेटे ने मुखाग्नि दी। प्रदेश प्रवक्ता मनवीर चंद कटोच ने कहा कि पठानिया 7 जनवरी, 1979 को बीएसएफ में भर्ती हुए थे और देश की सरहदों में सेवा देते हुए 31 जनवरी 2017 को फ्रंटियर हेडक्वार्टर जम्मू से सेवानिवृत्त हुए थे । हमने संगठन के बहुत ही कर्मठ पैरामिलिट्री परिवार के सदस्य को खोया हैं जिसकी पूर्ति होना बहुत मुश्किल है। अंतिम यात्रा में सेवानिवृत्त निजी सचिव मदन शर्मा, सेवानिवृत्त मेजर आशीष शर्मा, सेवानिवृत्त कमांडर (नेवी) ओपी मन्हास, सेवानिवृत्त बीडीओ डीआर अवस्थी और नजदीक सैकड़ों गांव वासी पैरामिलिट्री एवं सेना के सेवानिवृत्त सदस्य में शामिल हुए और भावभीनी श्रद्धांजलि दी और दिवंगत आत्मा को शांति की कामना की और शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रदेश में स्वचालित मौसम केंद्र ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) की संख्या बढ़ाने के लिए उपयुक्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। वह बुधवार सायं यहां आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एडब्ल्यूएस स्थापित करने से मौसम से संबंधित अद्यतन (रियल टाइम) डाटा उपलब्ध होगा, जिससे मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में समय पर उचित कदम उठाने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रदेश में ऑब्जर्वेटरी सेंटर स्थापित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने राज्य में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को और सशक्त बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को भी कहा। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ को आपात स्थिति से निपटने के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। इन उपकरणों से गिरे हुए लेंटर व स्लैब उठाने और भारी स्टील की कटिंग सुविधा उपलब्ध होने से आपदा की स्थिति में बचाव कार्यों में अत्यधिक मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी बारिश के कारण प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में काफी संख्या में पेड़ गिरे हैं। इन पेड़ों की कटाई व निपटान वैज्ञानिक तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गिरे हुए पेड़ों के स्थान पर पौधरोपण करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं ।उन्होंने अधिकारियों को कहा कि कुल्लू जिला में सड़कें बाधित होने के दृष्टिगत गंभीर मरीजों को आपात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए अतिरिक्त (स्टैंड बाई) हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्रदेश के विभिन्न भागों में चलाए जा रहे राहत व बचाव कार्य की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने आपदा प्रभावितों को हर संभव मदद प्रदान करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, प्रधान सचिव, सचिव व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
उप मंडल फतेहपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत बाड़ी के गांव बाड़ी का संपर्क अन्य क्षेत्रों से कट गया है। गांववासियों को करीब 6 किलोमीटर तक लंबा सफर तय कर मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ रहा है। मुख्य मार्ग जसूर तलवाड़ा पर स्थित कस्बा धमेटा के समीप कैलबड़-बाड़ी मार्ग भूस्खलन के चलते ध्वस्त हो गया है, जिसका मुख्य मार्ग से पहुंचने के लिए करीब 6 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा। भारी आपदा जो इस बरसात में हुई है। वहीं फतेहपुर के मंड क्षेत्र में पौंग बांध से छोडे जा रहे पानी से हालात वैसे ही खराब है। विधायक ने कहा कि वह लगातार प्रशासन से संपर्क कर रहे हैं, लोगों को हर प्रकार की मदद की जा रही है, राहत व बचाव कार्य लगातार जारी है। उसी के चलते आज फतेहपुर की पंचायत बाड़ी का दौरा किया। लोगों की समस्याओं को जाना व जल्द सम्सया से निजात दिलाने का आश्वासन दिया। बाड़ी पंचायत के लोगों के लिए जल्द सड़क मार्ग शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस चौकी डाडा सीबा के तहत आरा चौक के करीब तीखे मोड़ पर एक पिकअप ट्राला पलटने का मामला सामने आया है । जानकारी के अनुसार ठेकेदार की लेबर इंदौरा से बाया जौड़बड से देहरा की तरफ जा रही थी और यह पिकअप ट्राला गांव आरा चौक के करीब तीखे मोड़ पर पलट गया ट्राले में लगभग 17 से 18 लोग सवार थे और ट्राले में एक जनरेटर भी रखा था । ट्राला पलटने से लगभग 15 लोग घायल हुए हैं जिनमें 10 गम्भीर रूप से चोटिल हुए हैं जिन्हें टांडा अस्पताल रेफर कर दिया गया है। लोग घायल हुए हैं दुर्घटना होने से चीखो पुकार मच गई । सभी चोटिल घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से सिविल हॉस्पिटल डाडा सीबा पहुंचाया गया । अस्पताल के डॉक्टर नितिन शर्मा,डॉक्टर शशांक शर्मा,डॉक्टर नवतेज सिंह के अनुसार इस हादसे में 3 मरीज की नाजुक हालत है। इस हादसे में अनिल कुमार(40) पुत्र नथनी राम , अदित कुमार (8) पुत्र राकेश कुमार, विजय(45) सुपुत्र दास राम, चिंटू(8) पुत्र रमेश कुमार, कुंदन(15) पुत्र अजय कुमार, संजय राम (47) जीतेंद्र राम, रमेश(39) पुत्र नथनी राम, बृज मोहन (45) पुत्र पाशु राम, आशीष(10) पुत्र राकेश कुमार, गोलू (15) पुत्र रमेश चंद गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह सभी गांव रंजीतपुर सीतामणी बिहार के निवासी हंै। वहीं इनमें पिकअप ट्राला चालक श्याम सुंदर (26) पुत्र अवतार सिंह निवासी छोटा दौलतपुर तहसील हरोली ऊना को हल्की चोट आई है। चालक के अनुसार उतराई में पिकअप ट्राले की ब्रेक फेल होने की वजह से यह हादसा हुआ है। वहीं, डाडा सीबा पुलिस चौकी प्रभारी किशोर चंद ने बताया पुलिस मौके पर पहुंची है। मामला दर्ज करके छानबीन की जा रही है।
इंदौरा और फतेहपुर में जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन प्रशासन सहित सेना और एनडीआरएफ मौके पर तैनात जिला कांगड़ा के इंदौरा और फतेहपुर उपमंडल में पौंग झील के बहाव क्षेत्र के साथ लगते गावों से अभी तक 1731 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। जिलाधीश कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार दोपहर से जारी इस रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना, एयरफोर्स, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर बड़ी संख्या में लोगों की जान बचायी है। उन्होंने बताया कि अभी तक हेलीकॉप्टर के मदद से कुल 739, बोट के द्वारा 780 और अन्य माध्यमों से 212 लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए हैं। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन अभी जारी है और वे इसे स्वयं मौके पर रहकर मॉनिटर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी आज यहां पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और प्रशासन को बेहतर आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। दो एमआई-17 हेलिकॉपटर के साथ सेना के 60 और एनडीआरएफ के 182 जवानों ने किया रेस्क्यू डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि पोंग बांध से अत्याधिक जल छोड़े जाने के कारण साथ लगते फतेहपुर और इंदौरा क्षेत्र में कईं लोगों के फंसे होने की जानकारी प्रशासन को मिली थी। उन्होंने बताया कि स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से भारतीय सेना और वायुसेना से संपर्क साधा। उन्होंने बताया कि सेना ने त्वरित प्रभाव से अपने दो फ्लड रिलीफ कॉलम को मौके पर भेजा। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन में सेना के कुल 60 जवान शामिल रहे। वहीं लोगों को एयरलिफ्ट करने के लिए भारतीय वायु सेना के दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की सात टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में दिन रात तैनात हैं, जिसमें 182 जवानों शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त एसडीआरएफ की टीमें और पुलिस के जवान भी बचाव कार्य में लगे रहे। शासन-प्रशासन डटा रहा मौके पर डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य शुरू होते ही आर्मी, एयरफोर्स, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के अलावा शासन और प्रशासन भी निरंतर मौके पर डटा रहा। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लगातार फीडबैक लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इंदोरा के विधायक मलेंद्र राजन और विधायक फतेहपुर भवानी पठानिया ने भी स्पॉट पर रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन को लीड किया। उन्होंने बताया कि प्रशासन से वे स्वयं, एसपी नूरपुर अशोक रतन, एसडीएम फतेहपुर विश्रुत भारती, एसडीएम इंदोरा डॉ. सुरिंद्र ठाकुर, एसडीएम नूरपुर गुरसिमर सिंह, तहसीलदार इंदोरा शिखा, तहसीलदार फतेहपुर पवन सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी हर समय मौके पर ही रहे। उपायुक्त ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य अभी जारी है। सरकार और प्रशासन का जताया आभार इंदौरा और फतेहपुर में चले रिलीफ ऑपरेशन में सुरक्षित निकाले गए लोगों ने भारतीय सेना, प्रदेश सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उनके जीवन में कभी ऐसी स्थिति उत्पन्न होगी ऐसा कभी सोचा नहीं था। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सेना, सरकार और प्रशासन ने उनके प्राणों की रक्षा कर उनको सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, इसके लिए वे सदा आभारी रहेंगे।
हवाई सर्वेक्षण के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का लिया जायजा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज हवाई सर्वेक्षण के माध्यम से जिला कांगड़ा के फतेहपुर और इंदौरा विधानसभा के क्षेत्रों में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने पौंग जलाश्य से आगे की तरफ बाढ़ के कारण फंसे लोगों को निकालने के लिए चलाए गए राहत अभियान का जायजा भी लिया। इसके पश्चात वह डमटाल और शेखपुरा पहुंचे जहां जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों का निरीक्षण किया और लोगों से बातचीत की। उन्होंने खाद्य पदार्थों, चिकित्सा सुविधा, अन्य आवश्यक दवाओं सहित एंटी-वेनम दवाई पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राधा स्वामी सत्संग भवन शेखपुरा में स्थापित राहत शिविर में प्रभावितों के साथ भोजन किया। मुख्यमंत्री ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए कहा कि पौंग जलाशय के बहाव क्षेत्र में बाढ़ के कारण इंदौरा और फतेहपुर क्षेत्र की 27 पंचायतें प्रभावित हुई हैं, जिनमें से 22 पंचायतें अधिक प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों से अब तक लगभग 1150 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना, सेना, राष्ट्रीय एवं राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, पुलिस और होमगार्ड को बचाव अभियान में लगाया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन प्रभावित लोगों के लिए मुफ्त आवास और भोजन के अलावा चिकित्सा सहायता की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों में यह राज्य की सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदा है और इससे घरों और फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत और मुआवजे के तौर पर इन क्षेत्रों के लिए एक विशेष पैकेज प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस आपदा के समय प्रभावितों के लिए मुआवजा राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है और इसके तहत इस क्षेत्र के बाढ़ प्रभावितों को भी बढ़ा हुआ मुआवजा प्रदान किया जाएगा। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी और मकानों के पुनर्निर्माण के लिए भी हरसंभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जिन छात्रों की पढ़ाई प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित हुई है उनके लिए अतिरिक्त कक्षाओं की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री स्थानीय हेलीपैड पर भी गए और आपदा से सुरक्षित निकाले गए प्रवासी मज़दूरों से भेंट कर उन्हें विश्वास दिलाया कि प्रदेश सरकार उनकी सहायता के लिए सभी व्यवस्थाएं करेगी और यदि वे अपने राज्य वापस जाना चाहते हैं तो उसके अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने प्रशासन को इन सभी प्रवासी मज़दूरों को रोज़मर्रा का सामान उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए। विधानसभा मानसून सत्र के मुद्दे पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश भर में इस आपदा के समय सरकार की प्राथमिकता बचाव और राहत उपाय कर स्थिति को सामान्य करना है। उन्होंने कहा कि यदि इस समय सत्र बुलाया जाता है तो बचाव और राहत अभियान में लगे सुरक्षाकर्मियों को विधानसभा से संबंधित कर्त्तव्यों के लिए तैनात करना होगा, जिससे राहत प्रक्रिया में बाधा आएगी। काठगढ़ शिव मंदिर समिति के अध्यक्ष ओपी कटोच ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए एक लाख रुपये का चेक भेंट किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री चंद्र कुमार, विधायक भवानी सिंह पठानिया और मलेंदर राजन, राज्य औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अजय महाजन, उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल, पुलिस जिला नूरपुर के पुलिस अधीक्षक अशोक रतन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
युद्ध स्तर पर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि इंदौरा और फतेहपुर में रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर चल रहा है। उन्होंने बताया कि यहां राहत व बचाव कार्य के लिए के लिए एयरफोर्स के कुल दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस के जवान भी बचाव कार्य में लगे हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान दोनों क्षेत्रों से अभी तक कुल 766 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। जिनमें 213 को चॉपर, 422 लोगों को बोट तथा 131 लोगों को अन्य माध्यमों से निकाला गया है। इंदौरा में 493 लोग किए रेस्क्यू डीसी ने बताया कि इंदौरा उपमंडल में अभी 493 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। इनमें से हेलीकॉप्टर की 3 उड़ानों के माध्यम से 71 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया तथा बोट के द्वारा 422 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। रेस्क्यू किए गए लोगों में मंड घंडरा से 25, अरनी विश्वविद्यालय से 30, बडाला से 16, बेला इंदोरा से 72, मंड भोगरवां से 45, मंड मियानी से 181, उलैड़ियां से 102, धमेटा से 9 तथा हलेर से 13 लोग सुरक्षित निकाले गए हैं। उन्होंने बताया कि इंदोरा में वायुसेना के हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट किए गए 71 लोगों में से पिछले 10 महीने से ब्रेन हेमरेज से बीमार मंड घंडरा की 68 वर्षीय श्रोती देवी को रेस्क्यू किया गया, 1 माह की बच्ची मनुश्री को उसकी मां आशा रानी के साथ निकाला गया। जबकि पराल की ज्योति देवी को उनके 8 दिन के बेटे लवयांश तथा 8 माह की गर्भवती गीता को एयरलिफ्ट किया गया। फतेहपुर से 273 लोग निकाले जिलाधीश ने बताया कि फतेहपुर उपमंडल में अभी तक कुल 273 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। उन्होंने बताया कि इनमें से 142 लोगों को एयरफोर्स के चॉपर की 6 उड़ानों के माध्यम से एयरलिफ्ट किया गया वहीं 131 लोगों को अन्य माध्यमों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। रिलीफ कैंपों में ठहरे 271 लोग डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि इंदोरा और फतेहपुर उपमंडल में रेस्क्यू किए गए लोगों के लिए प्रशासन द्वारा रिलीफ कैंप लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि हेलीपैड से एचआरटीसी की बसों के माध्यम से लोगों को राहत शिविरों में भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों उपमंडलों में कुल 271 लोगों ने आज राहत शिविरों में आश्रय लिया है। उन्होंने बताया कि फतेहपुर उपमंडल में प्रशासन द्वारा स्थापित राहत शिविरों में 266 लोग रह रहें हैं, जिनमें फतेहपुर रिलीफ कैंप में 96 तथा बढूखर में 170 लोगों ने पनाह ली है। वहीं 7 लोग अपने रिश्तेदारों के पास ठहरे हैं। वहीं इंदोरा में रेस्क्यू किए गए लोगों में से केवल पांच लोग ही राहत शिविर में ठहरे हैं तथा बाकि सभी ने अपने सगे संबंधियों के पास रह रहे हैं। अभी जारी है रेस्क्यू
लॉरेट फार्मेसी शिक्षण संस्थान कथोग को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद ने ए ग्रेड से प्रमाणित किया है। लॉरेट संस्थान के निरीक्षण में हुए मूल्यांकन के आधार पर संस्थान को यह ग्रेड मिला है। फार्मेसी संस्थान के प्रबंधक एवं, निर्देशक डॉ रण सिंह और प्राचार्य एवं निर्देशक डॉ एमएस आशावत ने बताया कि वर्ष 2022 में संस्थान ने प्रथम चरण के नेक मूल्यांकन हेतु आवेदन किया था। 25 -26 जुलाई को तीन सदस्यीय टीम ने संस्थान का निरीक्षण किया था इसके बाद नेक कार्यालय ने लॉरेट फार्मेसी शिक्षण की ग्रेड शीट जारी करते हुए महाविद्यालय को सभी मापदंडों में उत्कृष्ट पाते हुए ए ग्रेड प्रदान किया। संस्थान के प्राचार्य एवं निर्देशक डॉ एमएस आशावत ने कहा कि हमारी इस सफलता में संस्थान के शिक्षक, गैरशिक्षक, विद्यार्थी, संस्थान के पूर्व विद्यार्थी व अभिभावकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने उसके लिए सभी को बधाई दी है।
डीसी बोले- हेलीपैड से बसों के माध्यम से राहत शिविरों तक पहुंचाए लोग डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि इंदौरा और फतेहपुर उपमंडल में रेस्क्यू किए गए लोगों के लिए प्रशासन द्वारा रिलीफ कैंप लगा गए हैं। उन्होंने बताया कि हेलीपैड से एचआरटीसी की बसों के माध्यम से लोगों को राहत शिविरों में भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों उपमंडलों में कुल 271 लोगों ने आज राहत शिविरों में आश्रय लिया है। उन्होंने बताया कि फतेहपुर उपमंडल में प्रशासन द्वारा स्थापित राहत शिविरों में 266 लोग रह रहे हैं, जिनमें फतेहपुर रिलीफ कैंप में 96 तथा बढूखर में 170 लोगों ने पनाह ली है। वहीं 7 लोग अपने रिश्तेदारों के पास ठहरे हैं। वहीं इंदौरा में रेस्क्यू किए गए लोगों में से केवल पांच लोग ही राहत शिविर में ठहरे हैं तथा बाकी सभी अपने सगे-संबंधियों के पास रह रहे हैं।
कांगड़ा में 6, शिमला में 2 और मंडी व सिरमौर में 1-1 टीम कर रही बचाव कार्य हिमाचल प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में बादल फटने और लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़, भूस्खलन और इमारत ढहने की घटनाएं हो रही हैं। इस आपदा की घड़ी में मानसून सीजन के शुरुआत से ही 14 वाहिनी एनडीआरएफ की टीमें दिन-रात हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग स्थान पर राहत एवं बचाव कार्य कर रही हैं। पिछले 3 दिनों से हो रही लगातार बारिश से ब्यास नदी का जलस्तर भी बहुत बढ़ गया है, जिसके कारण पौंंग डैम का पानी खतरे के निशान पर पहुंच गया है तथा पौंग डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है पौंंग डैम से पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बन गया है। लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एनडीआरएफ की 6 टीमें बलजिंदर सिंह, सेनानी के मार्गदर्शन में कांगड़ा जिले के विभिन्न स्थानों पर दिन-रात राहत एवं बचाव कार्य कर रही हैं। कांगड़ा जिले में 3 टीमें इंदौरा, 1 टीम ज्वालामुखी और 2 टीमें फतेहपुर में, जबकि जिला शिमला में समर हिल में 2 टीमें, सिरमौर जिला के काला कालाअंब में 1 और जिला मंडी के धर्मपुर में 1 टीम राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई है। एनडीआरएफ द्वारा अभी तक ज्वालामुखी क्षेत्र से 67 लोगों को, इंदौरा से 138 लोगों को एवं फतेहपुर से 7 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है और वाहिनी की 2 अन्य टीमों द्वारा समर हिल शिमला से भूस्खलन रेस्क्यू ऑपस के दौरान अभी तक 4 मृत देह को मलबे से बाहर निकाला गया है। ऑप्स के दौरान सभी रेसस्क्यूर्स का मोराल बहुत उच्च दर्जे का है और सभी रेसस्क्यूर्स पूरे जोश के साथ रेस्क्यू ऑप्स में तैनात हैं। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।
हिमाचल प्रदेश में बीते कुछ दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है, जिसके कारण प्रदेश में बहुत नुक्सान हुआ है। बरसात के इस कहर से प्रदेश का कोई भी इलाका अछूता नहीं है। 13 और 14 अगस्त को बहुत भारी बरसात से प्रदेश और जिला कांगड़ा के बहुत से रास्ते बंद है। विकास धीमान प्रदेश प्रवक्ता आम आदमी पार्टी ने कहा कि बहुत से स्कूलों के भवन अच्छी स्थिति में नहीं है और ऐसी परिस्थिति में बच्चों को स्कूलों में भेजना खतरनाक हो सकता है। बहुत से रास्ते गिर चुके है और आवाजाही के लिए सुरक्षित नहीं है। विकास धीमान ने जिला अधीक्षक को ऑनलाइन ज्ञापन भेज कर अनुरोध किया है कि भी शैक्षणिक संस्थानों में 2 दिन का अवकाश दिया जाए।
प्राचीन शिव मंदिर काठगढ़ की सुधार सभा की ओर से स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर सभा के प्रधान ओम प्रकाश कटोच व अन्य पदाधिकारियों द्वारा ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद आचार्य सतीश शास्त्री जी पठानकोट वालों द्वारा प्राचीन शिव मंदिर काठगढ़ में आयोजित श्रावण मास महोत्सव के अंतर्गत प्रवचन देते हुए कहा कि महादेव भगवान शिव जी का संपूर्ण परिवार विषमता के लिए है फिर भी वैर विरोध छोड़कर परस्पर आनंदपूर्वक रहते हंै। गृहस्थ जीवन में जीने वालों को शिव परिवार की ओर से यह सबसे बड़ी शिक्षा है। शिव संसार में अतिशीघ्र प्रसन्न होने वाले तथा भक्तों को सर्वश न्योछावर करने वाले देव हंै। यह सस्ता सम्मान लेकर भक्तों को मालामाल कर देते हैं। महादेव सदा सर्वदा प्राप्त होने वाले देव हैं। वे हर पल हर घड़ी व कन कन में भक्तों को मिलने वाले तथा भक्तों के कष्ट निवारण करने वाले हंै। उन्होंने कहा कि शिव और राम में कोई भेद नहीं है। शिव मस्तिक पर श्री राम के धनुष चिन्ह को धारण करते हैं तथा भगवान राम शिव जी के त्रिशूल का चिन्ह तिलक के रूप में अपने मस्तिक पर धारण करते हैं। परमात्मा सृष्टि के कण कण में व्याप्त होने से उसकी किसी भी बनाई गई वस्तु का विरोध नहीं करना चाहिए, चाहे वो साकार है या निराकार है। निराकार हवाई यात्रा जैसा उड़ान है, लेकिन युक्ति का सौंदर्य नहीं, साकार भूमि पर चलने वाले किसी वाहन की तरह है जो पग पग पर प्राकृतिक सौंदर्य दिखाता हुआ जन जन के मन को मोहित करता हुआ प्यारा लोभावना देव है। सभा के प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि आज सोलह अगस्त को श्रावण मास महोत्सव के आगाज पर शुरू किए गए श्रीरामचरितमानस व महाशिवपुराण मासिक पाठ का भोग डाला जाएगा, जिससे श्रावण मास महोत्सव का समापन होगा।
सेना और वायु सेना ने संभाला रेस्क्यू ऑपरेशन पौंग डैम के साथ लगते फतेहपुर और इंदौरा में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ के साथ-साथ अब भारतीय सेना और वायु सेना ने भी मोर्चा संभाल लिया है। उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल स्वयं मौके पर जाकर राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पोंग बांध से अत्याधिक जल छोड़े जाने के कारण साथ लगते फतेहपुर और इंदौरा क्षेत्र में कईं लोगों के फंसे होने की जानकारी प्रशासन को मिली थी। उन्होंने बताया कि पानी का स्तर ज्यादा होने के कारण बोट के माध्यम से लोगों को निकालना संभव नहीं हो पा रहा था। उन्होंने बताया कि स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से भारतीय सेना और वायु सेना से संपर्क साधा। उन्होंने बताया कि सेना ने त्वरित प्रभाव से ममून कैंट से इंदौरा के लिए और योल कैंट से फतेहपुर के लिए टीमें मौके पर भेजीं। वहीं लोगों को एयरलिफ्ट करने के लिए भारतीय वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर तैनात कर दिए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि अब सेना, वायु सेना और एनडीआरएफ की मदद से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि लोगों को एयरलिफ्ट करने के लिए फतेहपुर के वजीर राम सिंह पठानिया स्टेडियम और ढमटाल में अस्थायी हेलीपैड बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि चॉपर के माध्यम से एयरलिफ्ट किए जा रहे लोगों के लिए वहीं पास में ही रिलीफ कैंप स्थापित किए गए हैं। वहीं बोट के माध्यम से रेस्क्यू किए जा रहे लोगों के लिए बढुखर में राहत शिविर प्रशासन द्वारा स्थापित किया गया है। उपायुक्त ने बताया कि पोंग में जलस्तर के बढ़ने की संभावना को देखते हुए पहले से ही एनडीआरएफ की एक टीम को काठगढ़ मंदिर में तैनात किया गया था। उन्होंने बताया कि इस टीम को भी तुरंत प्रभाव से इंदोरा के लिए भेजा गया तथा फतेहपुर के लिए एनडीआरएफ की एक अन्य टूकड़ी रवाना की गई। उपायुक्त ने बताया कि दोनों क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है तथा हर व्यक्ति को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन प्रयासरत है।
कहा-युवाओं को रोजगार के नजरिये से 500 परमिट किए जाएंगे जारी उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने धर्मशाला में उपायुक्त कार्यालय परिसर में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित जिला स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण किया तथा मार्च पास्ट की सलामी भी ली। इससे पहले शहीद स्मारक में शहीदों को श्रद्वांजलि भी अर्पित की गई। इसके उपरांत अपने संबोधन में हिमाचल प्रदेश देवभूमि के साथ साथ वीरभूमि भी है। प्रदेश के वीर जवान अपने अदम्य साहस, पराक्रम एवं बलिदान के लिए जाने जाते हैं। याद रहे कि प्रदेश का पहला परमवीर चक्र राज्य के वीर सपूत मेजर सोमनाथ ने हासिल किया था, कैप्टन विक्रम बतरा, कर्नल डीएस थापा व मेजर संजय सिंह ने अद्भूत पराक्रम दिखाकर परमवीर चक्र की श्रेणी में नाम दर्ज किया। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हरित राज्य बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है और प्राइवेट आपरेटर्स द्वारा इलेक्ट्रिक बस, इलेक्ट्रिक टैक्सी व इलेक्ट्रिक ऑटो खरीद पर पचास फीसद की दर पर 50 लाख तक अनुदान देने का फैसला लिया है और राज्य में छह इलेक्ट्रिक कोरिडोर घोषित किए हैं। इसी प्रयास के तहत धर्मशाला में 15 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की गई हैं और 126 स्थानों पर 5 चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। प्रदेश के वाहनों के टैक्स जमा करवाने के लिए पैनल्टी एवं ब्याज माफ करने के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया गया है। राज्य के युवाओं को रोजगार के नजरिये से 500 परमिट जारी करने का फैसला हुआ है और ई-वाहन खरीदने वाले युवाओं को प्रदेश सरकार 4 साल तक गाड़ी हायर करने की योजना पर काम कर रही है। जल मिशन का अधूरा कार्य 31 मार्च 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा जिसके तहत जिले में 1027 करोड़ खर्च हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हिमाचल प्रदेश का अहम जिला है जहां पर जल एवं सिंचाई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए निर्णायक प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नूरपुर क्षेत्र की फिन्ना सिंह मध्यम सिंचाई योजना अरसे से लटकी थी और अब तक तीन सौ करोड़ इस पर खर्चे जा चुके थे, लेकिन अब प्रदेश सरकार के प्रयासों से अब इसकी केंद्र से इनवस्टमेंट क्लीयरेंस मिली है, परियोजना की लागत 643 करोड़ तक पहुंच गई है। ज्वाली क्षेत्र की सुखाहार योजना भी ठंडे बस्ते में थी अब सरकार ने इसे केंद्र को प्रेषित करने की इजाजत दी है। इस पर भी 223 करोड़ व्यय होंगे। ज्वालामुखी क्षेत्र की मध्यम सिंचाई योजना 367 करोड़ की है इसको भी राज्य की कमेटी से मंजूर कर केंद्र को भेजा जा रहा है। पालमपुर की सिवरेज योजना पर 350 करोड़ खर्च किया जा रहा है। एशियन विकास बैंक द्वारा 120 करोड़ पेयजल योजनाओं के लिए प्रस्तावित हैं। प्रदेश की नदियां लगातार उफान पर हैं और बादल फटन की घटनाओं ने राज्य को हिलाकर रख दिया है, मोटे अनुमान के मुताबिक आठ हजार करोड़ का नुक्सान एवं 300 से अधिक लोग इस मानसून का शिकार होकर जान गंवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि संघीय ढांचे की मूल भावना का निर्वहन करते हुए केंद्र इस त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दो हजार करोड़ की मदद राशि जारी करे। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल, विधायक केवल सिंह पठानिया, विधायक मलेंद्र राजन, डीआईजी अभिषेक दुल्लर, सकोह बटालियन के कमांडेंट खुशहाल शर्मा, उपायुक्त डा निपुण जिंदल, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे। जल शक्ति विभाग में करूणामूलक आधार पर 25 युवाओं को दिए नियुक्ति पत्र: स्वतंत्रता दिवस समारोह के समापन अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जल शक्ति विभाग में करूणामूलक आधार पर 25 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए। इंद्रूनाग मंदिर में टेका माथा: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को इंद्रूनाग मंदिर में शीश नवाया तथा हिमाचल की खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि बरसात में हिमाचल में काफी जान और माल का नुक्सान हुआ है। उन्होंने कहा कि हिमाचल देवभूमि है तथा इंद्र नाग देव की बारिश के देवता के रूप मेें लोगों की काफी आस्था है जिसके चलते ही आज इंद्र नाग मंदिर में माथा टेककर हिमाचल को बारिश से राहत दिलाने की कामना की गई है।
प्रदेश में भारी बारिश के चलते कई इलाकों में हालत बदतर बने हुए हैं। नदी-नाले उफान पर है। पौंग बांध से लगातार पानी छोड़ने से इंदौरा के मंड एरिया में पानी भर गया और सैकड़ों लोग यहां फंसे हुए हैं। बेला लुधियाडच, बेला ठाकरान, बेली जट्टां में करीब 80 लोग पानी में फंस गए थे। एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंच कर बेला लुधियाडच से सात लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। इन में दो महिलाएं व एक बच्चा है। अन्य लोगों को निकालने के प्रयास जारी है। उधर इंदौरा ब्लाक के अहत 20 गांवों के 600 लोग अभी फंसे हुए हैं, जिन्हें रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ,सेना का अभियंता विंग व वायु सेना का चौपर रेस्क्यू में जुटे हुए हैं। जिनमें कुछ गर्भवती महिलाएं भी हैं। जाहिर है बांध से पानी अधिक छोड़ने और रास्ता बदलने से इन इलाकों में पहली बार जलप्रलय हुआ है। इंदौरा विस क्षेत्र के मंड के गयी गांव में भी जलभराव हुआ है। फतेहपुर विधानसभा के विधायक भवानी सिंह पठानिया ने यहां पर लोगों को निकालने के लिए मदद की मांग की थी जिसके बाद यहां पर एनडीआरएफ की टीम पहुंची।
कांगड़ा जिले में लगातार हो रही बारिश ने तबाही मचा दी है। जिले में तीन लोगों की मौत हो गई है और करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों के घर ही जमींदोज हो गए हैं। अलग-अलग स्थानों से करीब चार दर्जन से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर बचाया गया है। नेटवर्क न होने के चलते लोग एक दूसरे से संपर्क भी नहीं कर पा रहे थे। जिला कांगड़ा में पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक 273 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। उपायुक्त डा. निपुण जिंदल ने बताया कि बाथू पुल के पास हुए भू-स्खलन से उना के प्रवीण कुमार नामक जीप चालक की मृत्यु हुई तथा फतेहपुर की ठेहड़ पंचायत में पानी के तेज बहाव में बह जाने से एक 11 वर्षीय बालक का देहावसान हो गया। उन्होंने बताया कि बारिश के चलते जिले में 43 कच्चे और पांच पक्के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि 59 कच्चे और 10 पक्के मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 78 गोशालाएं और एक दुकान भी क्षतिग्रस्त हुई है। इस दौरान तीन मवेशियों की जान भी गई है। डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि जिले में कल शाम से हुई भारी बारिश में कुल 172 सडक़े अवरुद्ध हुईं थी, जिनमें से 111 को बहाल कर दिया गया है। जिले में जलशक्ति विभाग की कुल 660 सकीमों में से 287 भारी बरसात के चलते प्रभावित हो गई थीं, जिनमें से 155 को रिस्टोर कर दिया गया है। उपायुक्त ने बताया कि जिले में भारी बारिश के चलते बिजली बोर्ड के कुल दो हजार ट्रांस्फॉर्मर क्षतिग्रस्त हुए थे। उन्होंने बताया कि इनमें से 1300 के लगभग ठीक कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि शेष 703 को भी पुन: संचालित करने के लिए बिजली बोर्ड के कर्मी कार्यरत हैं। काठगढ़ में एनडीआरएफ की टीम तैनात डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि ब्यास बेसिन में अत्याधिक बारिश का रेड अलर्ट होने के चलते अगले 24 घंटों में पंडोह और पौंग डैम से पानी छोड़ा जा सकता है। इस दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ की एक अतिरिक्त टीम को पहले से ही इंदौरा के काठगड़ मंदिर में तैनात कर दिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि ब्यास और पौंग के बहाव क्षेत्र से दूर रहे। इन क्षेत्रों में स्थापित किए रिलीफ कैंप डीसी कांगड़ा ने बताया कि बारिश और आपदा की स्थिति को दुखते हुए जिले में विभिन्न स्थानों पर प्रभावितों के लिए रिलीफ कैंप प्रशासन द्वारा स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नूरपुर के लदोरी, मिंज ग्रां में दो स्थानों पर राहत शिविर लगाए गए हैं। इंदौरा के माला, बेला इंदौरा और बड़ूखर में, धीरा के पनापर, बचवाल और गरदेहड़ में, जयसिंहपुर के कुड़ाना, देहरु और कोसरी में, ज्वालामुखी के अधवानी और खुंडियां तथा जवाली के भरमाड़, चचियां, अनूही तथा धार कोटला में राहत शिविर लगाए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में 72 घंटों से लगातार जारी भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। सावन के सोमवार को भारी बारिश के रेड अलर्ट के बीच राज्य में जगह-जगह बादल फटने और भूस्खलन से 51 लोगों की मौत गई। करीब 30 लोग मलबे में दबने और बहने से लापता हैं। मंडी जिले में 18, राजधानी शिमला में 14, सोलन में 11, कांगड़ा-हमीरपुर में 3-3, चंबा और सिरमौर में 1-1 लोगों की जान गई है। शिमला, सोलन, कांगड़ा में एक-एक और मंडी में दो जगह बादल फटे हैं। शिमला में 15, मंडी में 3, हमीरपुर में दो और सिरमौर में एक व्यक्ति लापता है। मंडी में छह लोग घायल हुए हैं। प्रदेश सरकार ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर होने वाले सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। केवल रस्मी तौर पर ही तिरंगा फहराया जाएगा। प्रदेश में रविवार रात को सामान्य से 357 फीसदी ज्यादा बारिश हुई। सूबे में आठ नेशनल हाईवे और 621 सड़कें बंद हो गईं हैं। मंडी के पराशर रोड पर 250 पर्यटक फंसे हैं। इन्हें सुरक्षित निकालना चुनौती बन गया है। शिमला में भी पर्यटक होटलों में ही कैद हैं।
उपमंडल देहरा के अंतर्गत पड़ते रसूही में ऐएनटीएफ एवं एफ्यू कांगड़ा की यूनिट ने गुप्त सूत्रों के आधार 32 वर्षीय गुरजीत सिंह पुत्र इंद्रजीत सिंह हाउस नंबर 1169 गुरु नानक एनक्लेव एसएस नगर मोहाली, 37 वर्षीय ताजेद्र सिंह, पुत्र सरदार लाल सिंह हाउस नंबर 33 शिवालिक सिटी खराड़, 29 वर्षीय साहिल कुमार पुत्र राजेश कुमार गांव रामपुरा फूल डाकघर वैंक बिहार जिला बठिंडा, 18 वर्षीय करण सिंह पुत्र यादविंदर सिंह गांव रामपुरा फूल डाकघर बैंक बिहार तहसील फूल जिला बठिंडा के पास 25.34 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ है। पुलिस द्वारा आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
विधानसभा जयसिंहपुर क्षेत्र में भारी बारिश के होने से उपमंडल के क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। इसमें उप मंडल की सड़क पालमपुर से जयसिंहपुर वाया चड़ियार, तीनबड़ कोसरी, रोपड़ी वाया हरोट सुजानपुर जयसिंहपुर बंद रहे जगह जगह लहासे गिरने से यातायात बाधित रहा। उप मंडल में जिला कांगड़ा और हमीरपुर को जोड़ने वाला ब्यास नदी में पुल का डंगा टूटने के कारण पुल पर यातायात व आवाजाही पूर्ण रूप से बंद रही। वहीं, चंबी पंचायत में मिलखी राम धीमान की गौशाला, कोसरी अपर ठेहडू में राम सिंह की गौशाला में ल्हासा गिरने से पांच बकरियां व एक भैंस घायल हो गई। जयसिंहपुर बीजापुर के नेत्री गांव के धर्म चंद के घर पर भारी मालवा घर में घुसा, भुआना के प्रकाश चंद के घर का एक हिस्सा गिर गया। जयसिंहपुर और आलमपुर की लाइफ लाइन कह जाने वाली सड़क सिविल अस्पताल जयसिंहपुर के साथ हनुमान मंदिर के साथ सड़क एक तरफ से टूट कर गिर गई जिसके साथ ही जयसिंहपुर बाजार के लिए वाई पास सड़क का कार्य अभी निर्माणाधीन है । वही लंबागांव का पटवार घर और पूरा बाजार जल मग्न हो गया। ब्यास नदी का जल स्तर बड़ने से सोमा स्टोन क्रशर पूरी तरह ब्यास नदी में डूबता हुआ नजर आया। लोक निर्माण विभाग के अधिक्षण अभियंता विजय वर्मा ने बारिश से ही नुकसान का करीब 4 करोड़ से अधिक हुआ है और कहा कि विभाग अवरुद्ध हुए मार्गों के बहाली के दिन रात कार्य कर रहा है।
कांगड़ा जिले में भारी बारिश से काफी जानमाल का नुकसान हो रहा है। जिले के उप मंडल जवाली की तहसील कोटला की पंचायत डोल के वार्ड 5 में भूस्खलन के कारण करतार चंद पुत्र माहलो राम के दो मकानों को खतरा बना हुआ है। 11 अगस्त को उनके मकानों के पास भारी भूस्खलन हुआ था। मकानों के साथ लगती जमीन धीरे-धीरे खिसक रही है, जिस कारण ये मकान कभी भी गिर सकते हैं या फिर क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। इस बाबत मकान मालिक ने पंचायत प्रधान को सूचित कर दिया था, जिन्होंने मौके पर आकर मकान के पास हो रहे भूस्खलन को देखा था। उन्होंने गुहार लगाई है कि इससे पहले उनके आशियाने जमींदोज हो जाएं, सरकार व स्थानीय प्रशासन उनके लिए राहत व बचाव का इंतजाम कर दे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि प्रदेश में भारी बारिश तथा बाढ़ के कारण हुए भारी नुकसान के दृष्टिगत १५ अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में किसी प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह समारोह केवल सेरेमोनियल होगें। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण प्रदेश में जानमाल की भारी क्षति हुई है। प्रदेश सरकार आपदा की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ है। मुख्यमंत्री ने आज इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला का दौरा भी किया तथा शिमला शहर के विभिन्न स्थानों में भूस्खलन से घायल हुए लोगों का कुशलक्षेम पूछा तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
पवित्र सावन मास के पांचवें सोमवार को प्राचीन एवं ऐतिहासिक शिव मंदिर काठगढ़ (इंदौरा) में रविवार रात तीन बजे मंदिर के कपाट खोले और विभिन्न प्रकार के शनान इत्यादि करवाकर स्वयं भू प्रकट आद शिवलिंग का अद्धभुत श्रृंगार करवाने के साथ ही श्रद्धालु भक्तों का आगमन शुरू हो गया। जय भोले के उद्घोष के साथ प्रभु प्रेमियों ने शिवलिंग पर विल्वपत्री इत्यादि अर्पित करते हुए भोलेशंकर के आगे शीश नवाजा। उसके बाद श्रद्धालु भक्तों द्वारा व सभा द्वारा लगवाए गए लंगर का भी आनंद लिया। यह प्रक्रिया शाम 4-5 बजे तक चलता रहा। हज़ारों की तादाद में शिव भक्तों ने दर्शन किए। सभा द्वारा मनाए जा रहे श्रावण मास महोतस्व में आज साध्वी सुश्री प्रियंका बाबा घ्याला (पंजाब) वाले जी ने अपनी मधुर वाणी से संगीतमय बनाते हुए सत्संग व प्रभु का गुणगान किया जिसे हज़ारो श्रद्धालुओं ने श्रवण किया। सुधार सभा के प्रधान ओम प्रकाश कटोच व प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि कल स्वंतत्रता दिवस के अवसर पर सभा द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके साथ ही आध्यात्मिक गुरु आचार्य सतीश शास्त्री पठानकोट वालों जी द्वारा दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक शिव चर्चा के साथ साथ प्रभु की लीलाओं के बारे में प्रवचन दिए जाएंगे। इकसे साथ में कल मंदिर सुधार सभा के समस्त पदधिकारोयों की तरफ से भक्तों व क्षेत्रवासियों के लिए लंगर की व्यवस्था भी की जाएगी।
भारत-पाकिस्तान विभाजन स्मृति दिवस के रूप में सोमवार को धर्मशाला में विभाजन विभीषिका कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान विभाजन के समय विस्थापित होकर जिला कांगड़ा में बसे लोगों एवं परिवारों के सदस्यों को सम्मानित किया गया। वहीं विस्थापित लोगों ने उस समय से लेकर अब तक अपनी स्थिति एवं अनुभवों को साझा किया। मुख्यातिथि जयराम ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम हर विधानसभा क्षेत्र में हो रहा है। भारत पाकिस्तान का विभाजन सबसे बड़ा विभाजन था। उस समय अनगिनत लोग बेघर हुए थे। इसके अलावा लाखों लोगों की जानें भी गईं थी। सिर्फ हमें ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी विभाजन विभीषिका को याद रखना चाहिए। विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा विस्थापन का दंश झेल चुके परिवारों को प्रति सहानुभूति रखती है। इस मौके पर पूर्व मंत्री सरवीन चौधरी, विधायक पवन काजल, पूर्व विधायक विशाल नैहरिया, प्रदेश महामंत्री त्रिलोक कपूर, जिलाध्यक्ष कांगड़ा सचिन शर्मा, सचिव विशाल चौहान, मेयर ओंकार नेहरिया, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता राकेश शर्मा, प्रदेश भाजपा मीडिया सह-प्रभारी संजय शर्मा, विश्व चक्षु, भाजपा नेता राकेश चौधरी, डॉ. विजय शर्मा, चंद्र भूषण नाग, तपन मिन्हास, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष रंजू रस्तोगी गायत्री कपूर, सुनीता शर्मा, प्रेरणा शर्मा, मधु शर्मा, बीना थापा, ललिता वशिष्ठ, रीना शर्मा, शक्ति चड्डा, कांता सोनी, सहित अन्य मौजूद रहे।
इंदौरा की पूर्व विधायक रीता धीमान ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को राजनीतिक मंच नहीं बनने दिया जाएगा। अर्नी विश्वविद्यालय में बीते दिन हुई गुंडागर्दी और दहशत का माहौल पैदा किया गया है, जिसके कारण पड़ने वाले छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर गहरा असर हुआ है। इसकी भाजपा इंदौरा कड़े शब्दों में निंदा करती है। उन्होंन कहा यदि क्षेत्र में किसी तरह से तनावपूर्ण माहौल पैदा हुआ तो भाजपा जिला प्रशासन और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेगी। पूर्व विधायक इंदौरा के गांव डाह कुलहाड़ा में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में पहुंची, जहां पर प्रेसवार्ता करते हुए कहा कि इंदौरा में अर्नी विश्वविद्यालय प्रबंधन का चल रहा विवाद न्यायालय में विचाराधीन है, जिस पर अभी फैसला आना बाकी है। लेकिन इस मुद्दे को कुछ राजनेताओं ने अपने निजी स्वार्थ के कारण यूनिवर्सिटी को राजनीति का मंच बना कर रख दिया है, जिसके चलते यूनिवर्सिटी में गुंडागर्दी का खुला खेल खेला गया। इस कारण यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को गहरा असर हुआ है। अर्नी विवाद और उसने चल रही राजनीति के कारण यूनिवर्सिटी में पड़ने वाले छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। जिला प्रशासन द्वारा अपनाया जा रहा उदासीन रवैया क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा क्षेत्र में किसी प्रकार का तनावपूर्ण माहौल को सहन नहंीं करगी। बाहरी राज्यों से आए लोगों द्वारा क्षेत्र में शांति भंग की जा रही है जिसपर जिला प्रशासन को कड़ा रुख अख्तियार करना होगा। इस अवसर पर इंदौरा भाजपा मंडलाध्यक्ष बलवान सिंह उपाध्यक्ष जिला मोती लाल जोशी, रणवीर सिंह महामंत्री हरदीप सिंह, मीडिया प्रभारी दीपक स्लारिया, पारीक कटोच, अश्वनी शर्मा, ग्राम केंद्र अध्यक्ष पुष्प अरुण सहित अन्य भाजपा कार्यकारणी उपस्थित रहे।
जिले हो रही लगातार बारिश के चलते नदियां, नालें और खड्डें उफान पर हैं। उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निुपण जिंदल ने बताया कि भारी बारिश के चलते पौंग जलाशय के जल स्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि परिणामस्वरूप बीबीएमबी प्रशासन द्वारा 14 अगस्त को सुबह 8 बजे से पौंग डैम से निरंतर पानी छोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया इस दौरान 14 अगस्त को सुबह 8 बजे से 25 हज़ार क्यूसेक, 10 बजे के बाद 40 हज़ार क्यूसेक तथा दोपहर 12 बजे बाद से 50 हज़ार क्यूसेक पानी पोंग डैम से छोड़ा जाएगा। उन्होंने पौंग के बहाव क्षेत्र (डाउनस्ट्रीम एरिया) के साथ लगती पंचायतों के लोगों से अपील की है कि वे दरिया के नजदीक न जाएं। उन्होंने कहा कि पौंग के बहाव क्षेत्र के पास यदि कोई व्यक्ति या मवेशी हैं तो उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए प्रशासन का सहयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या आपदा से निपटने के लिए लोग प्रशासन से सीधा संपर्क करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और डर पैदा करने वाली ऐसी किसी बात को बिना उसकी सत्यता जाने आगे साझा न करें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा स्थिति में लोग स्थानीय पंचायत प्रधान, सचिव, पटवारी को तुरंत सूचित करें या जिला आपदा प्रबंधन उपायुक्त कांगड़ा के नंबर 1077 तथा मोबाइल नंबर 7650991077 पर संपर्क करें।
ग्राम पंचायत कोटला बेहड़ के गांव जखूणी की 14 वर्षीय लड़की की सांप के काटने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार लड़की जब घर में रात को सो रही थी तो उसके बिस्तर पर बैठे जहरीले सांप ने रात करीब दो बजे लड़की को काट लिया। एक बार काटने पर लड़की ने जब देखा कि किसी जानवर ने काटा है तभी थोड़ी देर बाद सांप ने दोबारा लड़की को काट लिया, जिसपर उसने सांप द्वारा काटने की बात परिजनों को बताई। जब परिजनों ने देखा तो लड़की के बिस्तर पर एक सांप बैठा हुआ था तो उन्होंने आनन फानन में लड़की को दौलतपुर सरकारी अस्पताल पहुंचाया जहां से उसे होशियारपुर पंजाब के अस्पताल रैफर किया गया, जहां डाक्टरों ने लड़की को मृत घोषित कर दिया। ग्राम पंचायत कोटला बेहड़ के प्रधान सुखविंदर कौर ने बताया कि प्रियंका के पिता मजदूरी करते हैं व एक बहन प्रियंका से छोटी व एक बड़ी बहन है। उन्होंने प्रशासन से परिवार की हरसंभव सहयोग की मांग की है। वहीं, इसकी सूचना संसारपुर टैरस पुलिस को दी गई व एएसआई संजीव कुमार व टीम ने लड़की का देहरा में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।
प्राचीन एवं ऐतिहासिक स्वयं भू प्रकट आद शिवलिंग काठगढ़ इंदौरा में मना जो रहे श्रावण महोत्सव में आज भक्तों ने भारी संख्या में बाबा भोलेनाथ के दर्शन किये। हिमाचल प्रदेश सरकार में ॥क्कस्ढ्ढष्ठष्ट के उपाध्यक्ष विशाल चंब्याल ने परिवार सहित पूजा अर्चना की व दर्शन किये। और उनके साथ विजय कुमार काठगढ़ निवासी भी उपस्थित रहे। इसके साथ श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का समपन्न भी पिछले कल हुआ। जिसमें हज़ारो की संख्या में प्रभु प्रेमियों ने कथा को श्रवण किया तथा भगवान के भजनों पर नाचते गाते हुए अपनी हाज़िरी लगवाई। इसके साथ सभा के प्रधान ओम प्रकाश कटोच व प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि पंद्रह अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर मन्दिर परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा और उसी दिन मंदिर सुधार सभा के समस्त पदाधिकारियों द्वारा भक्तों के लिए अपनी ओर से लंगर भी लगाया जाएगा।
भारी बारिश के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर लिया निर्णय सभी जिलों के डीसी से फोन पर बात कर बारिश से हुए नुकसान का लिया फीडबैक हिमाचल प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थान (स्कूल, कॉलेज) 14 अगस्त को बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारी बारिश के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के आदेश पर शिक्षा सचिव ने सभी सरकारी, निजी स्कूलों, कॉलेजों को १४ अगस्त को बंद रखने की अधिसूचना जारी कर दी है। मुख्यमंत्री ने जिलों में भारी बारिश से हो रहे नुकसान की फीडबैक सभी डीसी से ली। उन्होंने सड़क मार्गों के बंद होने की जानकारी भी हासिल की। भूस्खलन और मकानों के क्षतिग्रस्त के कारण हुए नुकसान के बारे में भी उन्होंने जाना। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, गृह सचिव के साथ ही सभी डीसी को निर्देश दिए हैं कि भारी बरसात के कारण बने हालात पर पूरी नजर बनाए रखें। प्रशासनिक अमला मुस्तैद रहे और सड़क मार्ग, बिजली, पानी की व्यवस्था सुचारू बनाए रखें।
भारतीय जनता पार्टी के जिला परिषद सदस्यों का प्रदेश स्तरीय दो दिन के प्रशिक्षण वर्ग के समापन में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने एक बार फिर प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा आज तक हिमाचल के इतिहास में पहली बार ऐसी सरकार नहीं आयी जो मात्र आठ महीनों में जनता में अलोकप्रिय हो गयी हो। झूठे वादे और दस गारंटियों के दम पर सरकार तो बन गयी लेकिन एक भी गारंटी लागू नहीं कर पाई है। आज हिमाचल में कानून व्यवस्था चौपट हो गई है, निर्दोष लोगों की हत्याओं के सिलसिला जारी है। पूर्व सरकार की योजनाओं को बंद किया जा रहा है। अब 1050 से ज्यादा संस्थान बंद किये जा चुके हैं और ये सिलसिला जारी है। हर महीने एक लाख युवाओं को रोजगार के वादे हवा हो गए हैं। उन्होंने उपस्थित जन प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाएं और जनहित के मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएं। प्रथम सत्र को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मोदी देश के लिये क्यों जरूरी है विषय पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने जानकारी दी कि किस प्रकार 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आज भारत दुनिया की पांचवीं अर्थव्यवस्था बना। देश के विकास के लिये एक से एक कड़े फैसले लिये और एक सुस्त अर्थव्यवस्था से आज देश को विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश ने यह तय कर लिया है कि 2024 में भी मोदी जी को वे आशीर्वाद देंगे और वे तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे।
हिमाचल प्रदेश श्री गुरु रविदास महासभा पालमपुर जोन के प्रभारी रामकुमार भाटिया ने मीडिया को बयान जारी करते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश श्री गुरु रविदास महासभा बैजनाथ ब्लॉक का चुनाव चामुंडा हाल बैजनाथ में सर्वसम्मति से संपन्न हुआ। इस चुनाव में मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश श्री गुरु रविदास महासभा के प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉक्टर विजय विद्यार्थी चुनाव सर्वेक्षक रहे। भाटिया ने बताया कि बैजनाथ खंड इकाई का अध्यक्ष करतार सिंह को और महासचिव प्रमोद चंद को बनाया गया। मलकीत चंद मुख्य संरक्षक और रणजीत सिंह को कोषाध्यक्ष नियुक्त किए गए। अजय बौद्ध रमेश चंद गुरबख्श संजय भाटिया और स्वरूप सिंह को उपाध्यक्ष बनाया गया। सोनमल, विनोद कुमार, सुरेश कुमार, राकेश कुमार व सुरेश कुमार को सचिव की जिम्मेदारी दी गई। विजय कुमार, प्यार चंद, सुरेश कुमार, पूर्ण चंद और मिलाप चंद को सलाहकार नियुक्त किया गया।
उपमंडल देहरा के अंतर्गत पड़ते नैहरन पुखर के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रोहित चौहान ने सरकार से मांग की है कि चंबा के तीसा में लैंडस्लाइड के चपेट में आने से जिन 6 पुलिस कर्मचारियों की दुखद मौत हुई है। उन्हें सरकार जल्द से जल्द शहीद का दर्जा दें। रोहित चौहान ने कहा कि वह इस विषय को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रानी प्रतिभा सिंह, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह से बात करेंगे। कांग्रेसी नेता रोहित चौहान ने शोकाकुल परिवारों को फौरी राहत प्रदान करने की बात भी कही है उनका कहना है कि प्रशासन इस परिवार को फौरी राहत प्रदान के साथ हर संभव मदद करें, ताकि भविष्य में इनके परिवार को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े। रोहित ने कहा कि पुलिस जवानों की मृत्यु हम सब के लिए दुखदायी और पीड़ा दायक है, यह ऐसी क्षति है जो कभी पूरी नहीं हो सकती साथ ही उन्होंने दुर्घटना का शिकार हुए सभी पुलिस जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।
मंडी जिले के नाचन के चुनाहन में बादल फटा बल्ह घाटी में सबसे ज्यादा तबाही पहाड़ी राज्य हिमाचल में भारी बारिश का कहर जारी है। पिछले 35 घंटे से अधिक समय से भारी बारिश हो रही है। इससे 500 से ज्यादा सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए अवरुद्ध हो गई हैं। चंडीगढ़-मनाली, कालका-शिमला और शिमला-बिलासपुर नेशनल हाईवे जगह-जगह बंद पड़ा है। शनिवार रात से हो रही बारिश हसे मंडी जिले की बल्ह घाटी में सबसे ज्यादा तबाही हुई है। पूरी घाटी जलमग्न होने से 300 से ज्यादा घरों, 35 से ज्यादा गाड़ियों को नुक़सान पहुंचा है। किसानों की फसलें तबाह हुई हैं। मंडी जिले के नाचन के चुनाहन में भी बादल फटने से घर खेत और पशु बह गए। लोगों का कहना है कि पहली बार उन्होंने ऐसी तबाही देखी है। पंचायत घर, पशु चिकित्सालय, क्क॥ष्ट, हटगढ़ स्कूल जलमग्न है। सलवाहन का गोसदन भी खतरे में है। 75 पशु कभी भी बह सकते हैं। 8 जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी मौसम विभाग ने आज प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। इसे देखते हुए 8 जिलों शिमला, कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, कुल्लू और सोलन में फ्लैश फ्लैड की चेतावनी दी गई है। बिलासपुर के डीब में भारी नुकसान बिलासपुर जिला में डीब नामक स्थान पर बारिश से बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। यहां पर बारिश के कारण आई बाढ़ और मलबे में 2 ट्राले, एक कार, गाय भैंस और बकरियां बह गईं। गनीमत रही कि कोई जानी नुक़सान नहीं हुआ। यहां पर पहाड़ी में दरारें आ जाने से मकानों को खतरा पैदा हो गया है। लोगों घरों से बाहर निकल गए हैं।
बारिश ने हिमाचल में एक बार फिर भारी तबाही मचाई है। सोलन जिले में चक्की मोड़ के पास मलबा आने से कालका शिमला एनएच फिर बंद हो गया है। इसके अलावा शिमला शहर का सर्कुलर रोड और कई सड़कें पेड़ गिरने एवं भूस्खलन से बंद हो गई हैं। बिलासपुर में दगसेच के पास पहाड़ी धंसने से शिमला-धर्मशाला हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया है। शिमला से आने वाले वाहनों को नवगांव से बैरी वाली सड़क से सफर करना होगा। पहाड़ी धंसने से चार-पांच मकान भी जमींदोज हो गए हैं। सड़क समेत तीन-चार वाहन धंस गए हैं। शिमला में हिमलैंड होटल के पास भूस्खलन हिमलैंड होटल के पास भूस्खलन के कारण सड़क पूरी तरह से बंद कर दी गई है। भूस्खलन की वजह से खलीनी से टुटीकंडी मार्ग कनलोग के पास बंद हो गया है। हाईकोर्ट गेस्ट हाउस के पास पुलिस लाइन कैंथू रोड बंद हो गया है। शिमला में संस्कृत कॉलेज के पास सड़क धंस गई है। इसक वजह से फागली नाभा रोड यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। एनएच 205 हीरानगर ढाहड़ा के बीच भूस्खलन के कारण दोनों ओर से बंद कर दी गई है। ब्यूलिया रोड के पास शोघी मेहली बाईपास भूस्खलन के कारण दोनों ओर से बंद हो गया है। धर्मपुर में दुकानें और घर जलमग्न धर्मपुर में बारिश ने भारी तबाही मचाई है। दुकानों और घरों तक पानी पहुंच गया है। बिजली और मोबाइल सिग्नल की कनेक्टिविटी बंद है। धर्मपुर और सरकाघाट का अन्य जिला से संपर्क कट गया है। निर्माणाधीन एनएच जालंधर-मंडी वाया कोटली दर्जनों स्थानों पर पूरी तरह से बंद है।
विधायक केवल सिंह पठानिया ने लंजोत के बच्चों के अभिभावकों की फरियाद सुनकर तुरंत लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल के रास्ते में आने वाले नाले तुरंत फुटपाथ पुली का निर्माण करवाया जाए इस के लिए शीघ्र एस्टीमेट तैयार करो ताकि बच्चों को बारिश के दौरान स्कूल जाने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आए। शनिवार को बसनूर पंचायत के लंजोत की स्थानीय महिलाए रक्षा देवी, सुमना देवी,राज कुमारी, मंजू देवी, अंजू देवी, मोनिका, कृष्णा देवी, लजया देवी,मीना देवी, पुष्पा देवी, परवीन कुमारी,पूजा देवी,बिंदु बाला, सुमना देवी, कृष्णा देवी, बिनता देवी, रीता देवी, सारदा, उपमा कुमारी कुशमा देवजी ने विधायक केवल सिंह पठानिया से मिल कर एक गड़प्पा नाले में फुटपाथ पुली बनाने की मांग रखी। लंजोत की महिलाओं का कहना था कि भारी बारिश होने पर नाले में ज्यादा पानी आने से बच्चों को स्कूल में आने जाने बहुत परेशानी होती है। कई बार स्कूल न पहुँचने से पढ़ाई में बाधा होती है इसके साथ ही स्थानीय लोगों को भी आने जाने में बहुत परेशानी होती है। महिलाओं ने कहा कि कई बार इस पुली निर्माण के लिए विधायक मंत्रियों के आगे गुहार लगाई लेकिन इस मांग को पूरा नहीं किया। पठानिया ने लंजोत की महिलाओं को आश्वस्त किया कि जल्द से जल्द चंबी लंजोत को जोड़ने के लिए गड़पा खड्ड में लंजोत रास्ते की पुली को जल्द से जल्द बनाया जाएगा और इस पुली को बना कर लंजोत चंबी से जोड़कर स्थानीय लोगो की मांग को पूरा करके जनता को आने जाने में कोई परेशानी नही होगी। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा तथा स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए तत्परता के साथ कार्य किया जा रहा है तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित निदान भी सुनिश्चित करने पर बल दिया जा रहा है ताकि किसी भी स्तर पर लोगों को असुविधा नहीं हो।
चंबा के तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर हुई सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले हिमाचल प्रदेश पुलिस के वीर जवान लक्ष्य मोंगरा का अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने अंत्येष्टि में सम्मिलित हो, वीर जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने परिवार के लोगों से मिलकर ढांढस बांधा और अपनी दिली संवेदनाएं प्रकट की। पुलिस के अधिकारी, जवानों व क्षेत्र के लोगों ने दिवंगत जवान को श्रद्धासुमन अर्पित कर नम आंखों से विदाई दी। इंडियन रिजर्व बटालियन धर्मशाला सकोह के 21 वर्षीय जवान लक्ष्य मोंगरा जिला कांगड़ा के गांव इच्छी के रहने वाले थे। उपायुक्त ने कहा कि तीसा में हुए हृदयविदारक हादसे में हिमाचल प्रदेश पुलिस के जवानों की दु:खद मृत्यु से पूरा प्रदेश शोकग्रस्त है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस के जवान निर्भय, निष्पक्ष और सत्यनिष्ठ होने के साथ-साथ सेवा भाव के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने कहा तीसा में हुई दुर्घटना में जिला कांगड़ा के पांच पुलिस जवानों का जाना उन परिवारों के साथ पूरे जिले के लिए कष्टदायी है। शोक की इस घड़ी में उन्होंने सभी जवानों को अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। घायल जवान का जाना हाल इसके बाद जिलाधीश ने टांडा अस्पताल में जाकर तीसा सड़क दुर्घटना में घायल हुए जवान अक्षय चौधरी का कुशलक्षेम जाना। कांस्टबल अक्षय चौधरी जिला कांगड़ा की तहसील बैजनाथ के मझेरना के रहने वाले हैं। उपायुक्त ने पुलिस जवान के उपचार में लगी डाक्टर्स की टीम से उपचार संबंधी पूरी जानकारी प्राप्त की और घायल जवान के मनोबल को बढ़ाया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हितेश लखनपाल भी उपस्थित रहे। डॉ. निपुण जिंदल ने इस दौरान पिछले दिनों बड़ा भंगाल से एयरलिफ्ट किए हुकम सिंह से भेंट कर उनका हाल भी जाना।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद धर्मशाला महाविद्यालय इकाई द्वारा चंबा जिला के तीसा क्षेत्र में हुए शहीद पुलिसकर्मियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद धर्मशाला महाविद्यालय इकाई द्वारा चंबा जिला के तीसा क्षेत्र में हुए शहीद पुलिसकर्मियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।चंबा जिले में आज सुबह दर्दनाक हादसा हो गया है। चुराह उपमंडल के तीसा बैरागढ़ मार्ग पर तरवाई पुल के पास पहाड़ी से एक बड़ा पत्थर गाड़ी पर आ गिरा, जिसके कारण एक गाड़ी गहरे नाले में जा गिरी। इस हादसे में 1आरबीएन के 6 जवानों सहित 7 की मौत हो गई। जबकि 4 गंभीर है। धर्मशाला महाविद्यालय मैं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ईकाई धर्मशाला ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके समाज में दिए जाने वाले अतुलनीय योगदान को नम आंखों से याद किया और भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की और इस दुख की घड़ी में पूरी संवेदनाएं उनके साथ है। हिमाचल पुलिस हमेशा से ही लोगों की सेवा के लिए तत्पर रहती हैं ऐसे में उनकी मृत्यु न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि समस्त प्रदेश के लिए एक दुखद समाचार है दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए मौन रखा और श्रद्धांजलि अर्पित की।
जिला चंबा के तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर शुक्रवार सुबह अचानक पुलिस कर्मियों की बोलेरो गाड़ी के लैंड स्लाइड होने से दु:खद मृत्यु की खबर आई है। जिसमें ब्लाक खंड परागपुर के अन्तर्गत ढलियारा गांव के सचिन सपुत्र महेंद्र सिंह राणा भी ड्यूटी पर थे। इस हादसे में उन सब के अकस्मात चले जाने से परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा है।मौत की खबर का पता चलते ही ढलियारा क्षेत्र मे ही नही बल्कि उप मन्डल देहरा भर के लोग सन रह गये। वही इस दुख की घडी मे पूर्व कामगार एवम कर्मचारी कल्याण बोर्ड के वाइस चैयरमैन सुरेन्द्र सिह मनकोटिया ने जहां मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की है तो वही घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य होने की कामना है सुरेेंद्र सिह मनकोटिया ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर बलाहर में महिला संस्कृत अध्ययन केंद्र 2023-2024 सत्र का शुभारंभ हेतु उद्घाटन कार्यक्रम किया गया। जनकारी प्रदान करते हुए परिसर निदेशक प्रो मदनमोहन पाठक ने बताया कि सन 2011 में इस महिला संस्कृत अध्ययन केंद्र्र की स्थापना हुई थी, लेकिन कोविड के समय करीब तीन वर्ष बंद रहने के बाद शुक्रवार को एक बार फिर से इसकी री ओपनिंग की गई।उन्होंने बताया कि इस केन्द्र का मुख्य उद्देश्य है कि महिलाओं को संस्कृत शिक्षण प्रदान करे, धार्मिक-साहित्यिक-आर्थिक आदि सर्वविध विकास हो, एवं उनके अधिकारों के संदर्भ में समाज को जागरूक किया जाएं। इन उद्देश्यों की संपूर्णता करने के लिए केंद्र्र के द्वारा संस्कृत शिक्षण वर्ग, श्रीमद्भगवद्गीता अध्ययन, अंग्रेजी संभाषण कक्षाएं, महिला केन्द्रित विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम, योग प्रशिक्षण आदि अनेक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में महिला संस्कृत अध्ययन केन्द्र की इन्हीं उद्देश्यों को तथा गतिविधियों का प्रस्तावना रूप से केंद्र की समन्वयिका डॉ के मनोज्ञा (वेदांत विभाग अध्यापिका) के द्वारा उपस्थापन किया गया था। कार्यालय अनुभाग अधिकारी अनुराधा गैर शैक्षणिक स्टाफ के पक्ष से अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ शीश राम (शिक्षा शास्त्र विभागाध्यक्ष) ने महिलाओं के अधिकारों के संदर्भ में सभी को जागरूक करते हुए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. मदन मोहन पाठक (निदेशक) ने महिलाओं के शिक्षण की आवश्यकता को प्रदर्शित करते हुए सभी को हार्दिक अभिनंदन दिया। अंत में केंद्र की संयोजिका डॉ ऋचा बिस्वाल (अंग्रेजी विभाग अध्यापिका) ने सभी को धन्यवाद ज्ञापन किया। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन प्राक शास्त्री द्वितीय वर्ष की छात्रा मानवी ने किया।
लॉरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी कथोग, ज्वालामुखी ने मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष के लिए शुक्रवार को पांच लाख रुपये प्रदान किए। इंस्टीट्यूट के एमडी डॉ. रण सिंह और प्रिंसिपल डॉ. मोहिंद्र सिंह आशावत ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को उनके सरकारी आवास ओक ओवर में यह चेक सौंपा। कांग्रेस मत्स्य पालन विभाग के चेयरमैन नरदेव कंवर की अगुवाई में इंस्टीट्यूट के एमडी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान विशाल डडवाल भी मौजूद रहे।
शुक्रवार को ग्राम पंचायत घंडरां में मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के तत्वावधान में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान आईटीबीपी की 22वीं वाहिनी के घंडरां गांव के अज्ञात हमलावरों का सामना करते हुए शहीद हुए सिपाही कर्म चंद के परिजन एवं 19वीं वाहिनी में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सिपाही सरवन कुमार की माता सावित्री देवी व पत्नी को पंचायत द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इससे पहले पंचायत सामुदायिक भवन के पास शहीदों के सम्मान में उनके नाम अंकित कर एक पट्ट स्थापित किया गया व दीप प्रज्वलित कर शहीदों को याद किया गया। इसके अतिरिक्त पंचायत द्वारा राजकीय उच्च विद्यालय घंडरां में शहीदों की याद में विभिन्न प्रजातियों के 75 पौधे रोपित किए गए। इस अवसर पर पंचायत प्रधान जुगल किशोर, उप प्रधान अजीज मोहम्मद, सचिव गगन सिंह, मुख्याध्यापक शशि भूषण, दविंद्र कुमार आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर पंचायत प्रधान जुगल किशोर, उप प्रधान अजीज मोहम्मद, सचिव गगन सिंह, मुख्याध्यापक शशि भूषण, दविंद्र कुमार आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे। ऊधर बी.डी.ओ. इंदौरा सुदर्शन सिंह ने बताया कि विकास खण्ड इंदौरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत डाह कुलाड़ा, पलाख, भोग्रवां, डमटाल, दीनी, भपू आदि में भी पौधारोपण किया गया है और विकास खण्ड के अंतर्गत लगभग 4 हजार पौधे रोपित किए जाने का लक्ष्य है, जिसमें से 50 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया गया है और आगामी दो दिनों में 2 हजार और पौधे विभिन्न पंचायतों में लगाए जाएंगे।
चंबा जिला के तीसा में एक गाड़ी हादसा गहरे जख्म दे गया है। हादसे में 6 पुलिस जवानों सहित 7 लोगों की जान गई है। साथ ही तीन पुलिस जवानों सहित चार लोग घायल हैं। मृतक पुलिस जवानों में से पांच कांगड़ा जिला से संबंधित हैं। एक पुलिस जवान चंबा जिला का है। हादसे में देहरा उपमंडल के तहत ढलियारा पंचायत के कांस्टेबल सचिन राणा पुत्र मोहिंद्र सिंह लंबर की भी जान चली गई है। बताते चलें कि गाड़ी में 9 इंडियन रिजर्व बटालियन के जवानों सहित 11 लोग सवार थे। आईआरबी जवान लॉन्ग रेंज पेट्रोलिंग से लौट रहे थे। यह गाड़ी बटालियन ने हायर की थी। आईआरबी जवान लॉन्ग रेंज पेट्रोलिंग के लिए निकले थे। गाड़ी में 9 पुलिस जवान थे, चालक और एक अन्य व्यक्ति था। गाड़ी मंगली से भंजराडू की तरफ आ रही थी । तीसा-बैरागढ़ सड़क मार्ग पर तरवाई पुल के पास पहाड़ी से गिरी चट्टान की चपेट में गाड़ी आ गई और अनियंत्रित होकर खाई में और नदी में जा पहुंची। बताते चलें कि सचिन राणा के पिता मोहिंद्र सिंह राणा अभी असम राइफल्स में बतौर सूबेदार शिलांग सेवाएं दे रहे हैं अभी थोड़े दिन पहले ही वह भी घर से छुट्टी काटकर अपनी ड्यूटी वापिस लौटे थे इसी बीच उनके बेटे की दुखद मृत्यु का मामला प्रकाश में आ गया। कॉन्स्टेबल सचिन राणा भी थोड़े दिन पहले अपने घर आया था। बीते डेढ़ साल पहले उसकी शादी हुई थी। सचिन की पत्नी चंडीगढ़ की एक कंपनी काम करती हैं और उसके घर पर उसकी बहन और माता ही रहती है। नवंबर महीने में उसकी बहन की शादी भी रखी गई थी इसी बीच सचिन की दुखद मौत के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर का इकलौता बेटा अब परिजनों के बीच नहीं रहा है। सूचना मिलते ही मौके पर उनके निवास स्थान पर ढलियारा पंचायत उप प्रधान वीरेंद्र मनकोटिया भी पहुंचे उन्होंने परिवार को संवेदनाएं व्यक्त की है इसके अतिरिक्त सरकार से इस परिवार को हर सम्भव सहायता देने की बात कही है साथ ही मौके पर जिला परिषद ढलियारा ईशान शर्मा भी सचिन के घर पर पहुंचे उन्होंने कहा कि सचिन राणा एक बहुत ही मिलनसार युवा थे इसके अतिरिक्त बहुत ही बेहतरीन खिलाड़ी भी थे उनका यू अचानक चले जाना बहुत ही पीड़ा दायक है।
प्रदेश की व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार को सत्ता में आए हुए अभी मात्र 7 माह ही हुए हैं, लेकिन सरकार की लचर व्यवस्था के चलते प्रदेश से औद्योगिक इकाइयां पलायन कर रही हैं। प्रदेश से औद्योगिक इकाइयों का पलायन होना दुर्भाग्यपूर्ण है। औद्योगिक कंपनियों के पलायन करने पर पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सुक्खू सरकार ने जब से प्रदेश में सत्ता संभाली है तब से प्रदेश पर आफत ही आफत आई है। एक ओर जहां प्राकृतिक आपदा ने प्रदेश को तहस नहस किया है तो दूसरी ओर सुक्खू सरकार की लचर व्यवस्था के चलते उद्योग कंपनियों ने भी मूंह फेरना शुरू कर दिया है। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी बरोटीवाला,कालाअंब, पांवटा से कंपनियां निवेश करने के बजाय कर्मचारियों से बीआरएस लेकर उन्हें जबरन रिटायर कर रही है । सरकार की बेरुखी के चलते कंपनी मालिक हिमाचल में निवेश नहीं करना चाह रहे हैं । लेकिन हम पूछना चाह रहे हैं कि आखिर व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार में ऐसा क्या हो रहा है जिससे कंपनी निवेश करने से कतरा रही है। नई कंपनियां तो दूर यहां तक कि जो पूर्व में यहां स्थापित थी वह भी बोरी बिस्तर बंद कर किसी और राज्यों में जाने को मजबूर हो रही हैं। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि पूर्व में जयराम ठाकुर की सरकार ने धर्मशाला में इनवेस्टर मीट के तहत सैंकड़ों कंपनियों के साथ रूह्र साइन कर औद्योगिक कंपनियों को प्रदेश में निवेश करने का न्यौता दिया था लेकिन वर्तमान की व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार की गलत नीतियों के चलते कंपनियां निवेश करने से डर रही हैं। लेकिन हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि प्रदेश में स्थापित कंपनियों का पलायन करना क्या यही व्यवस्था परिवर्तन है? बिक्रम ठाकुर ने कहा कि पूर्व की जयराम सरकार ने बद्दी में बल्क ड्रग पार्क के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी लाई थी लेकिन वर्तमान सरकार उसे भी अमलीजामा पहनाने में नाकाम रही है। इसके अलावा नालागढ़ में मेडिकल डिवाइस स्थापित करने की मंजूरी दी थी वह भी वर्तमान सरकार से स्थापित नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बड़े दुर्भाग्य की बात है कि प्रदेश सरकार सिर्फ अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए बड़ी -बड़ी विदेशी कंपनियों को पलायन करने का काम कर रही है। जिससे प्रदेश और यहां के लोगों को रोजगार से भी महरूम होना पड़ रहा है। कंपनियों के पलायन से हजारों लोगों को बेरोजगार होना पड़ रहा है। ऐसे में यदि प्रदेश सरकार कंपनियों को तंग करना बंद नहीं करती है तो वह दिन भी दूर नहीं जब अन्य औद्योगिक इकाइयों पर भी ताले लटक जाएंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार को चेताया कि प्रदेश में कंपनियों को निवेश करने के लिए औद्योगिक नीतियों में कुछ संशोधन कर सरल बनाएं ताकि कंपनियां नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर लोगों को रोजगार मुहैया करवा सके।


















































