बस अड्डा सरवरी में शनिवार सुबह एचआरटीसी का बस चालक करंट लगने से झुलस गया है। बस को पीछे करते समय यह बिजली की तार से लग गई। इसके बाद चालक करंट लगने से काफी झुलस गया। चालक को उपचार के लिए कुल्लू अस्पताल लाया गया है। तारों से बस के टायर में लगी आग को बुझाने के लिए दमकल की टीम भी मौके पर पहुंची। मिली जानकारी के अनुसार चालक नरेश कुमार सुबह करीब दस बजे अपनी बस को एक तरफ लगाने के लिए पीछे कर रहा था। इस बीच बस बिजली की तार से छू गई। जिसके बाद चालक को जोरदार झटका लगा। जिसके बाद यहां पर लोगों का जमावड़ा लग गया। घायल चालक नरेश कुमार को अन्य कर्मचारियों ने अस्पताल लाया। एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने कहा कि चालक बिजली का करंट लगने से झुलसा है। एसपी गुरदेव शर्मा ने कहा कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज को शनिवार प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष मनी लांड्रिंग से जुड़े एक मामले में पेश होना था, लेकिन वो पूछताछ के लिए दिल्ली में हाजिर नहीं हुईं। यह लगातार दूसरी बार है, जब वो ईडी के नोटिस के बावजूद पूछताछ में शामिल नहीं हुई हैं। हालांकि जैकलीन किसी शूटिंग की व्यस्तता की वजह से दिल्ली नहीं आईं या कोई और वजह थी, इस पर अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। यह मामला तिहाड़ जेल में 200 करोड़ की रंगदारी से जुड़ा है। इसका मास्टरमाइंड सुकेश चंद्रशेखर तिहाड़ जेल के भीतर से पूरा रैकेट चला रहा था। बता दें कि सुकेश चंद्रशेखर को पुलिस ने इसी साल यानी कि 2021 में गिरफ्तार किया है। जहां सुकेश पर आरोप है कि उन्होंने जेल के अंदर ही बैठकर 200 करोड़ रुपए की वसूली का बड़ा रैकेट चलाया। सुकेश ने जेल से एक नामी बिजनेसमैन की पत्नी से 50 करोड़ की रंगदारी मांगी थी। पुलिस ने जब इस केस को समझते हुए जेल में रेड किया तो सुकेश के सेल से उन्हें 2 मोबाइल फोन भी मिले थे। सुकेश चंद्रशेखर पर पहले भी ऐसे कई मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लग चुके हैं. इसके पहले लीना के साथ मिलकर सुकेश ने 2013 में कैनेरा बैंक के साथ फ्रौड किया था। जिसके बाद इस जोड़ी को मुंबई पुलिस ने 2015 में फ्रौड के चक्कर में गिरफ्तार किया था।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी अमेरिकी दौरे पर हैं, जिसको देख केंद्र के तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे राकेश टिकैत ने ट्वीट करके कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने किसान आंदोलन पर बात करें। राकेश टिकैत ने अमेरिकी राष्ट्रपति के ट्विटर हैंडल को टैग करते हुए लिखा है, ‘’हम भारतीय किसान मोदी सरकार द्वारा लाए गए किन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। पिछले 11 महीनों के अंदर विरोध प्रदर्शन में 700 किसानों की मौत हो चुकी है। हमें बचाने के लिए इन काले कानूनों को निरस्त किया जाना चाहिए। कृपया पीएम मोदी से मिलते समय हमारी चिंता पर ध्यान दें’’ बता दें कि केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के किसान पिछले साल नवंबर से आंदोलन कर रहे हैं। पिछले 11 महीनों से किसान राजधानी दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं। सरकार के साथ किसान संगठनों की बातचीत विफल रही है, किसान हर हाल में तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच सीबीआई करेगी। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सीबीआई जांच की सिफारिश किए जाने के बाद एक्टिव मोड पर आई सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। जानकारी के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच सीबीआई विशेष क्राइम यूनिट और छह सदस्यीय जांच टीम करेगी। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई मुख्यालय से जांच टीम प्रयागराज पहुंच चुकी है। सीबीआई की टीम अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में हत्या या आत्महत्या के बीच उलझी गुत्थी सुलझाएगी। यूपी पुलिस की एसआईटी टीम बाघंबरी गद्दी पहुंची है। महंत नरेंद्र गिरि की हत्या के मामले की जांच अब तक यूपी पुलिस कर रही थी। बताया जाता है कि 6 सितंबर को नरेंद्र गिरि ने पुलिस को शिकायत दी थी कि किसी ने उनके नाम पर ट्विटर अकाउंट बनाया है। नरेंद्र गिरि ने पुलिस से इस मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की थी। इन सबके बीच प्रयागराज की एक अदालत ने पुलिस से नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में सभी अभियुक्तों को सुरक्षा देने के लिए कहा है। महंत नरेंद्र गिरि की हत्या के मामले में गिरफ्तार आनंद गिरि और आद्या तिवारी ने कोर्ट में याचिका दायर कर ये कहा था कि नैनी जेल में और जेल से पेशी के लिए कोर्ट ले जाते समय उनकी जान को खतरा है। कोर्ट ने इनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए जेल अधिकारियों को जेल में सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कोर्ट ने आरोपियों को वर्चुअली ही पेश करने के लिए भी कहा है। नरेंद्र गिरि ने 6 सितंबर को पुलिस से अपने नाम से फर्जी ट्विटर हैंडल को लेकर लिखित शिकायत की थी। इस शिकायत पर उन्होंने हस्ताक्षर भी किए थे। सुसाइड नोट पर भी उनके हस्ताक्षर हैं।
देश के नए राइजिंग स्टार पवनदीप राजन अब किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। इंडियन आइडल 12 में अपनी सिंगिग का कमाल दिखाकर सबका दिल जीतने वाले पवनदीप ने सिर्फ इंडियन आइडल की ट्रॉफी ही नहीं जीती बल्कि खूब पैसा भी कमाया है। उन्होंने साबित कर दिया है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। अपनी मेहनत के दम पर कुछ भी हासिल किया जा सकता है। खिताब जीतने के बाद भी पवनदीप अपने सफर को जारी रखे हुए हैं। उत्तराखंड से आने वाले पवन ने पहाड़ी गाने से सिंगिंग में डेब्यू कर लिया है। उनकी सुरीली आवाज में गाना लोगों को काफी पसंद आ रहा है। सिंगर होने के साथ-साथ पवन कई म्यूजिक यंत्र भी बजा सकते हैं, उनका ये हुनर इंडियन आइडल के मंच पर भी देखने को मिला। इंडियन आइडल की ट्रॉफी उठाने से पहले पवनदीप 'द वॉयस ऑफ इंडिया' के भी विनर रह चुके हैं। उनकी आवाज का रुहानीपन हर किसी के दिल में उतर जाता है। इनकी कुल संपत्ति की बात करें तो Yehaiindia वेबसाइट के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 7 करोड़ रुपए हैं। इसके अलावा वो कुछ लोकल ब्रांड भी एंडोर्स करते हैं जिससे उनकी अच्छी कमाई होती है।
पटनाः बिहार मद्य निषेध और उत्पाद नियमावली 2021 को राज्य सरकार की कैबिनेट ने बुधवार को स्वीकृति दे दी है। इसमें मद्य निषेध से जुड़े कई नियमों को स्पष्ट किया गया है। अब अगर किसी परिसर में शराब का निर्माण, भंडारण, बोतल बंदी, बिक्री या आयात-निर्यात होता है, तो वैसे पूरे परिसर को सीलबंद कर दिया जाएगा। हालांकि आवासीय परिसरों का चिह्नित भाग ही सीलबंद किया जाएगा न कि संपूर्ण परिसर या पूरा आवास सीलबंद होगा। छावनी क्षेत्र और मिलिट्री स्टेशन को शराब भंडारित करने की अनुमति होगी। छावनी क्षेत्र से बाहर किसी भी कार्यरत या सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी को शराब रखने या उपभोग करने की अनुमति नहीं होगी। अधिहरण का प्रस्ताव मिलने पर कलेक्टर सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए प्रभावी पक्षकार की उपस्थिति के 90 दिनों के अंदर अधिहरण का आदेश पारित करेंगे। आदेशानुसार प्रथम अपराध के लिए जमानत के लिए धारा 436 के प्रावधान लागू होंगे। कलक्टर के आदेश के विरुद्ध अपील दायर की जा सकेगी, जिस पर आयुक्त उत्पाद को 30 दिनों के अंदर आदेश पारित करना होगा। अपील एवं पुनरीक्षण का कार्यवाही में अपीलार्थी अथवा उसका अधिवक्ता सुनवाई की निर्धारित तिथि को उपस्थित नहीं होने की स्थिति में उपलब्ध अभिलेख के आधार पर पीठासीन पदाधिकारी द्वारा एकपक्षीय निर्णय लिया जाएगा। वहीं इथनॉल उत्पादित करने वाली अनाज आधारित डिस्टलरी की गतिविधि 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में संचालित होगी। मादक द्रव्य से लदे वाहनों को राज्य सीमा में घोषित चेकपोस्ट से ही आने-जाने की अनुमति होगी। ऐसे वाहनों को हर हाल में 24 घंटे के अंदर राज्य की सीमा से बाहर निकलना अनिवार्य होगा। निर्धारित रूट पर जैसे ही शराब लदी गाड़ी राज्य की सीमा में प्रवेश करेगी इसमें डिजिटल लॉक लग जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट के बीच बुधवार को कुल्लू की रघुपुर घाटी में बादल फटने से सड़कों और फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जिले के तीन गांवों के पैदल रास्ते टूट गए हैं। बादल फटने से क्षेत्र में मटर की फसल तबाह हो गई है। रास्ते टूटने से फनौटी पंचायत में 1000 सेब की पेटियां फंस गई हैं। वंही जिला में बुधवार को तीसरे दिन भी बारिश के साथ पहाड़ों में बर्फ के फाहे गिरे। बता दें कि प्रदेश भर में 22 सड़कों पर यातायात बंद रहा। 11 सड़कें सिरमौर, 5 मंडी, 3 कुल्लू, 2 शिमला और एक बिलासपुर जिले में बंद रही। प्रदेश में बुधवार को 41 बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहे। इनमें 27 सिरमौर और 14 कुल्लू जिला में हैं। इसके अलावा बीस मकान और 10 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। राजधानी शिमला सहित कई जिलों में बुधवार को बादल छाए रहे। कुछ क्षेत्रों में बारिश भी हुई। हिमाचल में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। 26 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने गुरुवार को शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान धुंध छाए रहने और भूस्खलन के आसार हैं। लोगों से नदी और नालों से दूर रहने की अपील की गई है।
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने गत सायं नई दिल्ली में केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण, युवा कार्य एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर से भेंट की। उन्होंने प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में युवाओं और खेल से सम्बन्धित मामलों पर चर्चा की।सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में युवाओं के लिए सुविधाएं सृजित करना उनकी प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्री ने राज्य को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।
सोने के दाम में पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरावट हो रही थी हालांकि सोने के दाम में बुधवार को थोड़ी तेज़ी आई है और इसके दाम में इज़ाफ़ा हुआ है। हालाँकि, पिछले रेट्स की तुलना में सोने के दाम में 200 रुपये की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। बुधवार को भारत में 24 कैरेट सोने के दाम की कीमत 46,330 रुपये प्रति दस ग्राम दर्ज किए गए। एक तरफ सोने के रेट्स ऊपर की ओर बढ़ें हैं तो वहीं चांदी के भाव में कमी आई है। चांदी के रेट में मंगलवार के दाम से 200 रुपये की कमी आई है और यह 59,800 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई है। दुनिया में धातुओं के दूसरे सबसे बड़े ग्राहक भारत में उत्पाद शुल्क, राज्य करों और मेकिंग चार्ज के कारण सोने के गहनों की कीमत पूरे भारत में भिन्न होती है। पिछले तीन दिनों में चाँदी के दामों में 1,200 रुपये प्रति 10 ग्राम नीचे गिरा है। वहीं पिछले सत्र में चांदी 3.5 फीसदी कमी के साथ 2,150 रुपये लुढ़क गई है, वैश्विक बाजार में सोने की कीमत में कमी आने के बाद हाजिर सोने की कीमत 1,754.86 डॉलर प्रति औंस थी।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हिमाचल हाईकोर्ट से दो जजों के तबादले की सिफारिश की है। वहीं, राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश का तबादला हिमाचल हाईकोर्ट में किया है। हिमाचल हाईकोर्ट के न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर व न्यायाधीश अनूप चिटकारा को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की सिफारिश की गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश सबीना का तबादला हिमाचल हाईकोर्ट में करने की सिफारिश की है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायधीश होंगे। सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने इससे पूर्व इन्हें मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से हिमाचल हाईकोर्ट स्थानांतरित करने की सिफारिश की है। हिमाचल हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने का फैसला भी लिया गया है।
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के नजदीक देवरचिक्कन्हल्ली के एक प्राइवेट अपार्टमेंट में मंगलवार को आग लगने की वजह से 2 लोगों की मौत हो गई है। आग लगने का कारण घरेलू गैस लीकेज बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक यह घटना शाम 4 बजकर 35 मिनट से 4 बजकर 40 मिनट पर हुई और करीब 4 बजकर 55 मिनट पर दमकल की तीन गाड़ियां पहुंची। पूरे अपार्टमेंट कॉम्प्लैक्स को खाली करा लिया गया। फायर सर्विस के अधिकारियों ने कहा कि 42 वर्षीय महिला की झुलसने से मौत हो गई. इसके साथ ही, पांच अन्य लोग भी आग में घायल हुए हैं, जिनमें से गंभीर रूप से घायलों को अस्पताल ले जाया गया है बता दें कि बेगलुरु के देवरचिक्कन्हल्ली के बेन्नरगट्टा रोड पर एक अपार्टमेंट में दोपहर बाद आग लग गई थी। आग की लपटें तीन फ्लैट्स में फैल चुकी थी, इस पर बाद में नियंत्रण पा लिया गया। लेकिन जिस वक्त वीडियो बनाया गया, बालकनी में फंसी हुई महिला को मदद करने का कोई प्रयास नहीं दिखा।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिये राष्ट्रीय लोकदल और शिवपाल यादव की पार्टी सहित कई छोटी पार्टियों के साथ सपा का गठबंधन होगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही कृषि क्षेत्र में लायें गये तीनों कानूनों को उत्तर प्रदेश में लागू नहीं किया जायेगा व इसके अलावा मंडी नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा।अखिलेश यादव ने कहा, आरएलडी और समाजवादी पार्टी का लोकसभा चुनाव में भी गठबंधन था। आने वाले विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियां साथ लडेंगी। इसके साथ-साथ और भी दल हैं जैसे महान दल हैं, संजय चौहान का दल हैं व और भी दलों से बातचीत हो रही है। वे भी सपा के साथ आयेंगे और हम सब मिलकर लडेंगे। सीटों के बारे में भी बातचीत हो गयी है लेकिन अभी उसका खुलासा नहीं करेंगे। सपा अध्यक्ष ने गठबंधन की रणनीति के बारे में कुछ भी खुलासा करने से इंकार कर दिया है। अखिलेश ने अपने चाचा शिवपाल यादव के साथ गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उनके साथ भी होगा। कुछ चीजें हम लोगों पर छोड़ दीजिये। आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन के बारे में पूछने पर अखिलेश ने कहा कि उन्होंने 403 सीटों पर या कुछ एलान किया है। उन्होंने अपनी कुछ सूची भी जारी कर दी है.'' कांग्रेस पार्टी के साथ किसी गठबंधन के सवाल को उन्होंने टालते हुये कहा कि समाजवादी पार्टी केवल छोटे दलों के साथ गठबंधन कर आगामी विधानसभा चुनाव लडे़गी। 2022 का चुनाव प्रदेश को नयी सरकार मिलने का चुनाव होगा, साढ़े चार साल में यूपी ने देखा है कि किस तरीके से राज्य को पीछे ले जाया गया है।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में शराब और बीयर का सेवन करने वाले लोगों को एक अक्टूबर से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। राज्य सरकार की नई आबकारी नीति के तहत 1 अक्टूबर से निजी शराब की दुकानें बंद हो जाएंगी। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि 17 नवंबर से दिल्ली में शराब की बिक्री फिर शुरू की जाएगी। केजरीवाल सरकार के आदेश के मुताबिक, एक अक्टूबर से 16 नवंबर के बीच प्राइवेट शराब की दुकानें बंद रहेंगी। ताकि नई आबकारी व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू किया जा सके। सरकार के इस फैसले के बाद निजी शराब की दुकानें अब शराब का नया स्टॉक नहीं मांग रही हैं। बचा हुआ स्टॉक भी अब तेजी से खत्म हो रहा है।
भुवनेश्वर: ओडिशा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो हज़ार किलोग्राम से अधिक गांजे के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों के साथ-साथ एक ट्रक को भी जब्त कर लिया है जिसके जरिए गांजे का खेप ले जाया जा रहा था। पुलिस को सूचना मिली की ट्रक के जरिए गांजे का स्मगलिंग हो रहा है। जैसी सूचना मिली पुलिस की टीम ने नाकेबंदी कर गाड़ियों की सघन जांच शुरू कर दी। पुलिस ने इस दौरान कोयले से लदे ट्रक की जांच की। जांच के दौरान पुलिस को कोयले के अंदर से बोरियों में भरा गांजा मिला। बरामद गांजे की कीमत करीब 2.25 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है और कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये खेप अवैध रूप से कहां भेजा जा रहा था और कौन इसे भेज रहा था व सम्गलिंग के केस में कौन-कौन लोग शामिल है। मलकानगिरी पुलिस के मुताबिक गांजे से भरे 94 पैकेट ट्रक के बीच कोयले के नीचे रखे गए थे। पुलिस ने ट्रक को ट्रक को चित्रकोंडा के नजदीक रोक कर चेकिंग की चेकिंग के दौरान ट्रक सवार लोगों को व्यहार थोड़ा अजीब लगा जिसके बाद ट्रक की पूरी पड़ताल की गई।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के अलर्ट के बीच भारी बारिश से काफी नुकसान हुआ है। जिला सिरमौर की नाहन तहसील के एक गांव में सोमवार देर रात बादल फटने से पानी के तेज बहाव में जमीन बह गई हैं। भारी बारिश के चलते फसलें भी तबाह हो गई हैं। मनाली के पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी से घाटी के मौसम में ठंडक बढ़ गई है। कुल्लू के बुरुआ गांव में नाले में बाढ़ आने से सेब के बगीचों को भारी नुकसान हुआ है। वंही प्रदेश के कई क्षेत्रों में सोमवार रात से लगातार बारिश जारी है। प्रदेश में भूस्खलन से छोटी-बड़ी दर्जनों सड़कें बंद हो गई हैं। खराब मौसम की वजह से सूबे में पानी और बिजली सप्लाई प्रभावित हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने मंगलवार को प्रदेश के मध्य पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा सहित कांगड़ा के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वंही प्रदेश में 26 सितंबर तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है।
ठियोग उपमंडल की क्यारटू पंचायत में एक 4 साल की बच्ची के साथ दुराचार का मामला प्रकाश में आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बच्ची के साथ उसी के पड़ोस में रहने वाले एक 30 वर्षीय युवक ने यह दुष्कर्म किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार क्यारटू पंचायत में बच्ची के माता-पिता जो नेपाली मूल के हैं मेहनत मजदूरी का काम करते हैं और उन्हीं के पड़ोस में रहने वाले 30 वर्षीय युवक जोकि छपरा बिहार का बताया जा रहा है ने इस दुष्कर्म को अंजाम दिया है। बच्ची की माता की शिकायत के अनुसार ठियोग थाना में मामला दर्ज किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि बच्ची अपने आंगन में खेल रही थी, उसी दौरान पड़ोस का युवक उसे बहला-फुसलाकर ले गया और इस घटना को अंजाम दिया। जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्ची का मेडिकल करवाया गया और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। डीएसपी ठियोग लखबीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसे मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
कोलकाता: कोलकाता में सोमवार को इतनी बारिश हुई जितनी पिछले 14 साल में सितंबर के महीने में नहीं हुई थी। बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण से शुरू हुई भारी बारिश ने रविवार रात से कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों को काफी प्रभावित किया। सोमवार को शहर के बड़े हिस्से में पानी भर गया, जिस वजह से सर्कुलर रेल संचालन को निलंबित कर दिया गया व कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को अलग कर दिया गया। सड़क यातायात में बाधित हो गया। हालांकि, नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों ने कहा कि उड़ान सेवाएं प्रभावित नहीं हुई हैं। कई जिले जलमग्न हो गए, एक हजार से अधिक लोगों के साथ 577 राहत शिविर बनाए गए हैं और कुल 1 लाख 41 हज़ार लोगों को निकाला गया है। इस स्थिति में आपदा से निपटने के लिए हर जिला अधिकारी को आपातकालीन राशि दी गई है और नियंत्रण कक्ष 24 घंटे तैयार किया जा रहा है। क्षतिग्रस्त क्षेत्रों को 6,000 कैनवस दिए गए हैं। गौरतलब है कि दीवारों और बिजली के करंट की चपेट में आने से 14 लोगों की मौत हो गई। साथ ही महीने की 14 से 18 तारीख के बीच इनमें से 6 की दीवार की चपेट में आने से मौत हो गई और आठ की डूबने से मौत हो गई। बाढ़ के कारण 3 लाख से ज़्यादा लोग बेघर हो गए हैं। बता दें कि अब तक 47 ब्लॉक और आठ नगर पालिकाएं जलमग्न हो चुकी हैं। कुल 13 लाख 14 हजार 328 लोग पानी में कैद हैं। नबन्ना आपदा प्रबंधन कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार 1 लाख घर क्षतिग्रस्त हुए हैं. कोलकाता में पिछले 14 सालों में सितंबर की सबसे भारी बारिश इस साल हो रही है।
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को आदेश जारी करते हुआ कहा कि सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय में समय के दौरान अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री चन्नी ने उन्हें सुबह 9 बजे तक कार्यालय पहुंचने और शाम को कार्यालय समय तक जनता के लिए उपलब्ध रहने का निर्देश दिया। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में अनुशासन लाना हैं। सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री ने शपथ ली और राज्यपाल ने उन्हें शपथ दिलाई। सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता लाने की आवश्यकता पर बल देते हुए सीएम चन्नी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लोगों की शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने का निर्देश दिया हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की आधिकारिक घंटों के दौरान कार्यालयों में उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, प्रशासनिक सचिवों और विभाग प्रमुखों को सप्ताह में दो बार औचक निरीक्षण करना चाहिए। ताकि उनके अधीन काम करने वाले कर्मचारियों पर नजर रखी जा सके। इस बीच, दिन में चमकौर साहिब में गुरुद्वारा श्री कटलगढ़ साहिब में मत्था टेकने के बाद, सीएम चन्नी ने कहा कि 2015 की बेअदबी की घटनाओं में जल्द ही न्याय किया जाएगा। एक आधिकारिक बयान में, मुख्यमंत्री ने चमकौर साहिब निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये की घोषणा की, जिसका वह वर्तमान में विधानसभा में प्रतिनिधित्व करते हैं। सीएम चन्नी के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने सोमवार को सस्ती दरों पर रेत उपलब्ध कराने, अनुसूचित जाति, पिछड़ वर्ग और गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को 100 और बिजली यूनिट निशुल्क देने और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति निशुल्क करने पर चर्चा हुई। शाम को यहां सीएम चन्नी की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक हुई। करीब तीन घंटे तक चली बैठक में उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओपी सोनी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉक्टरों के रिटायरमेंट की उम्र 5 साल बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। हालांकि, इस फैसले को लेकर डॉक्टरों के बीच कहीं खुशी कहीं गम जैसा माहौल है। डॉक्टरों का एक वर्ग इसका विरोध कर रहा है तो एक वर्ग इससे उत्साहित भी है। डॉक्टरों के रिटायरमेंट की उम्र फिलहाल 65 साल है। मुख्यमंत्री ने इसे 5 साल बढ़ाकर 70 साल करने का फैसला लिया है। इस फैसले के पीछे कोरोना काल में डॉक्टरों की संख्या में कमी को बड़ी वजह माना जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि डॉक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ने से उनके अनुभव का ज़्यादा से ज़्यादा लाभ लिया जा सकेगा। वहीं, इस फैसले का विरोध करते हुए फोरम के सदस्यों का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ ही कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याएं शुरू हो जाती हैं। ज्यादा उम्र के डॉक्टर मरीजों का बेहतर इलाज नहीं कर पाएंगे व इससे मरीज़ों का फायदा होने के बजाय नुकसान ही होगा। इसके अलावा अगर यह फैसला लागू होता है तो नए छात्रों के लिए फैकल्टी मेंबर की सीटें भी नहीं बढ़ पाएंगी जिससे नए डॉक्टरों को मौका नहीं मिल पाएगा।
पंजाब: मुख्यमंत्री की कमान संभालने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में चरणजीत सिंह चन्नी ने कई बड़े एलान किए हैं। चन्नी ने किसानों के पानी और बिजली के बिल माफ करने का एलान किया एवं रेत माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का निवेदन किया है। सीएम ने कांग्रेस आलाकमान का शुक्रिया अदा किया और कैप्टन अमरिंदर सिंह की तारीफ भी की। शपथ ग्रहण करने के बाद चन्नी ने सबसे पहले कांग्रेस आलाकमान का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने एक आम आदमी को पंजाब का सीएम बनाया है। जहां हम पैदा हुए थे, वहां छत नहीं थी। कांग्रेस पार्टी ने एक गरीब को मौका दिया है। उन्होंने कहा, 'ये किसानों की सरकार है, किसानों पर कोई आंच आएगी, तो मैं अपना गला काट कर दे दूंगा' अगर किसान डूबा, तो देश डूब जाएगा, अर्थव्यवस्था डूब जाएगी, अगर किसानी खुशहाल होगी तो ही पंजाब खुशहाल होगा। किसानों के लिए बिजली और पानी मुफ्त होना चाहिए। हमारी सरकार किसानों के बड़े बिजली के बिल माफ किए जाएंगे। अगर किसी की बिजली कटी है तो हम उसके घर बिजली बहाल करेंगे, ये पंजाब के आम लोगों की सरकार है। हम भरोसा दिलाते हैं कि किसी के साथ कुछ गलत नहीं होगा।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद आज चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली हैं। उनके साथ सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओम प्रकाश सोनी ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली हैं। चन्नी पंजाब में अनुसूचित जाति के पहले मुख्यमंत्री है। इसे कांग्रेस का मास्टस्ट्रोक माना जा रहा हैं। चमकौर साहिब से विधायक चन्नी पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री हैं। वह रामदसिया समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। उनकी नियुक्ति के साथ, कांग्रेस मार्च 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले 32 प्रतिशत दलित मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रही है। वह रूपनगर जिले के चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं ,इस क्षेत्र से साल 2007 में पहली बार विधायक बने और इसके बाद लगातार जीत दर्ज की। वह शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन के शासनकाल के दौरान साल 2015-16 में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी थे। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री पद से यह कहकर इस्तीफा दे दिया था कि वह 'अपमानित' महसूस कर रहे हैं। इससे पहले दिन में, कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा का नाम अगले मुख्यमंत्री के लिए सामने आया था ,लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में नहीं चुने जाने से नाराज रंधावा ने मीडिया से कहा, "यह आलाकमान का फैसला है, मैं इसका स्वागत करता हूं। चन्नी मेरे छोटे भाई की तरह हैं, मैं बिल्कुल भी निराश नहीं हूं।
2022 में देश के सात राज्यों में चुनाव होने है। ये राज्य है गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात। चुनावी अखाड़े में एक दूसरे को पटखनी देने के लिए राजनीतिक दलों ने अभी से कमर कस ली है। कहां किन राज्यों में किस पार्टी से हाथ मिलाना है, किन पुराने दुश्मनों को दोस्त बनाना है और किसे आखिरी वक्त पर झटका देना है, इन सारे मुद्दों पर पर्दे के पीछे खेल शुरू हो गया है। फिलहाल इन 7 में से 6 राज्यों में भाजपा की सरकार है। स्पष्ट है कि ये दबदबा कायम रखने के लिए बीजेपी हर संभव प्रयास करेगी। या यूँ कहे कि प्रयास और परिश्रम दोनों शुरू हो चुके है। दिलचस्प बात ये है कि हालहीं में इनमें से दो राज्यों में तो पार्टी मुख्यमंत्री बदल चुकी है। लग रहा है मानों एंटी इंकम्बैंसी ख़त्म करने के लिए चेहरे बदलने की रणनीति पर पार्टी आगे बढ़ने का मन बना चुकी है। हिमाचल प्रदेश : उपचुनाव पर टिकी सबकी नज़र हिमाचल में भी 2022 में विधानसभा चुनाव होने है। बीते 2017 के विधानसभा चुनाव में जनता ने भाजपा को जीतवा दिया लेकिन सीएम फेस प्रो प्रेमकुमार धूमल को हराकर नेतर्त्व परिवर्तन की राह प्रशस्त कर दी। इसके पश्चात मुख्यमंत्री के तौर पर एंट्री हुई जयराम ठाकुर की। अब तक के अपने कार्यकाल में जयराम ठाकुर हर चुनौती का पूरी ताकत से सामना करते आए है। पहले मंत्रिमंडल और फिर धीरे धीरे संगठन पर भी मुख्यमंत्री ने नियंत्रण बना लिया। जो धूमल समर्थक मंत्री बनने का सपना देख रहे थे वो या तो कम में सेटलमेंट को राज़ी गए, या साइडलाइन कर दिए गए। कुछ समय पहले तक सब ठीक लग रहा था परन्तु अब प्रदेश में लगातार बढ़ रही धूमल की सक्रियता और केंद्र की सियासत में बढ़ रहे धूमल पुत्र अनुराग ठाकुर के कद ने समीकरण कुछ बदले जरूर है। भाजपाइयों की निष्ठा दो तबकों में बंटती नज़र आ रही है। पर ख़ास बात ये है कि विधानसभा चुनाव से पहले हिमाचल में उपचुनाव होने है, जिस पर सबकी नज़र है। उत्तर प्रदेश : यहाँ लगातार दूसरी बार कोई सीएम नहीं बना देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में आगामी फरवरी-मार्च में चुनाव संभावित है। 403 सीट वाली उत्तर प्रदेश विधानसभा में साल 2017 के चुनाव में बीजेपी ने एकतरफा जीत दर्ज की थी। तब बीजेपी को 312 सीटों पर जीत मिली थी। हालांकि तब सत्तारूढ़ सपा और कांग्रेस में गठबंधन हुआ था पर जनता ने उस गठबंधन को तारे दिखा दिए थे। चुनाव के बाद भाजपा से योगी आदित्यनाथ के अलावा दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्य भी सीएम पद के दावेदार थे, लेकिन आलाकमान का आशीर्वाद मिला योगी आदित्यनाथ को। अब योगी के चेहरे पर ही भाजपा फिर मैदान में है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को चुनाव प्रभारी की कमान सौंपी गई है। इनके आलावा राज्य में सात सह प्रभारी नियुक्त किए गए है, जिसमें केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर भी शामिल है। उत्तर प्रदेश के चुनावी इतिहास में कोई भी मुख्यमंत्री लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री नहीं चुना गया है। हालाँकि योगी लगातार दावा कर रहे है की वो ही दूसरी बार मुख्यमंत्री चुने जाएंगे। पर उनकी राह आसान नहीं होनी। उत्तर प्रदेश में कई ऐसे कारण है जो योगी की मुश्किल बढ़ा सकते है, पहला है पार्टी के भीतर से उठ रहे विरोध के स्वर। हालांकि बाहरी तौर पर योगी आदित्यनाथ इन्हें साधने में कामयाब जरूर दिख रहे है पर जगजाहिर है की कुछ माह पूर्व तक उत्तर प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन तक के कयास लग रहे थे। ब्राह्मण समुदाय की तथाकथित नाराज़गी भी उत्तर प्रदेश में एक प्रभावी फैक्टर हो सकता है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बहुजन समाज पार्टी ने भी चुनाव अभियान की शुरुआत में ब्राह्मण समुदाय को साधने के लिए 'प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान में विचार गोष्ठी' नामक आयोजन किया है। वहीं अन्य पार्टियां भी पीछे नहीं है। समाजवादी पार्टी अभी से मुस्लिम -यादव वोट को एकजुट रखने का प्रयास करती दिख रही है और यदि ऐसा हो पाया तो भाजपा की चुनौती जरूर बढ़ेगी। हालांकि ओवैसी अगर मुस्लिम वोट में सेंध लगा पाए तो भाजपा को इसका लाभ होना लाज़मी होगा। ऐसे में मुस्लिम वोट बंटता है या एकजुट रहेगा, इस पर सभी विश्लेषकों की नज़र रहेगी। किसान आंदोलन भी भाजपा के सामने बड़ी चुनौती है। किसान वर्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 60 से अधिक सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाता है। भाजपा अभी से किसान और जाट वोट को साधने को प्रयासरत दिख रही है। बहरहाल दिल्ली की गद्दी का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर जाता है। ऐसे में भाजपा उत्तर प्रदेश में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी। गोवा : चुनाव सिर पर हैं और पार्टी सचेत गोवा में भी अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। छोटा राज्य होने के बावजूद गोवा में राजनीतिक उठापटक ज्यादा होती है। गोवा में बीजेपी के मौजूदा मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के साथ-साथ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे भी 2022 के सीएम पद के दावेदार के तौर पर अपने आपको पेश कर रहे हैं। कोरोना प्रबंधन को लेकर दोनों ही नेताओं के बीच खींचतान की खबरें भी आई थी। विश्वजीत राणे पूर्व मुख्यमंत्री प्रताप सिंह राणे के पुत्र हैं और कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी यहां बहुमत से दूर हो गई थी, लेकिन नंबर गेम के जरिए वो सरकार बनाने में सफल रही। बहरहाल गोवा में चुनाव सिर पर हैं और पार्टी सचेत। पिछले दिनों बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सियासी अनुमान लेने के लिए गोवा का दौरा भी किया था। उन्होंने दोनों नेताओं के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया था। प्रमोद सावंत के कोरोना प्रबंधन को लेकर खूब सवाल उठे थे। गोवा के अस्पतालों से जैसी तस्वीरें सामने आईं वैसी बीजेपी शासित किसी दूसरे राज्य में नहीं दिखीं। माहिर मानते है कि पार्टी आलाकमान सुनिश्चित करना चाहेगा कि इसका खामियाजा विधानसभा चुनाव में न भुगतना पड़े। पंजाब : थोड़ी ही सही मौजूदगी तो हो पंजाब में फिलहाल कांग्रेस की सरकार है। पिछली बार यहां बीजेपी गठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस को 77 सीटों पर जीत मिली थी। जबकि दूसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी रही थी। बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल गठबंधन को सिर्फ 15 सीटों पर जीत मिली थी। इस बार बीजेपी और अकाली दल का गठबंधन टूट गया है। पंजाब में लंबे समय से अकाली दल के साथ छोटे भाई की भूमिका में रहने के चलते भाजपा अपना राज्य में विस्तार नहीं कर पाई है। अब जबकि अगले साल राज्य में चुनाव होने हैं तो अकाली दल से अलग होने के बाद उसके सामने अपने अस्तित्व का संकट खड़ा है। कोई भी नेता विश्वास के साथ यह नहीं कह सकता है कि भावी पंजाब विधानसभा में उनकी उपस्थिति कितनी होगी? पंजाब में भाजपा अब हरियाणा की तर्ज पर खुद को मजबूत करने की तैयारी में हैं, हालांकि इस काम में उसे बहुत लम्बा समय लगेगा। कोई बड़ा प्रयोग भी पंजाब में भाजपा की नैया पार करवाता नहीं दिख रहा। फिलवक्त पंजाब में भाजपा की और से गजेंद्र सिंह शेखावत को चुनाव प्रभारी बनने का मौका मिला है। यहां तीन सह प्रभारी भी बनाए गए हैं। इनमें हरदीप सिंह पुरी, मीनाक्षी लेखी और विनोद चावड़ा का नाम शामिल है। भाजपा की कोशिश शायद ये ही रहेगी कि थोड़ी ही सही विधानसभा में उनकी मौजूदगी तो रहे। उत्तराखंड : प्रदेश इसी साल में देख चूका है तीन सीएम उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले दूसरी बार प्रचंड बहुमत पाकर सत्ता में वापसी का दावा करने वाली बीजेपी के भीतर शह मात का खेल शुरू हो गया है। पार्टी दो धड़ों में विभाजित नज़र आ रही है। एक धड़ा जो कांग्रेस से आये लोगों का है तो दूसरा पुराना भाजपाइयों का। ऐसे में आपसी कलह फिर सामने आ रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष हर महीने उत्तराखंड का दौरा कर रहे हैं, मगर स्थिति नियंत्रण में आती नहीं दिख रही है। गौरतलब है की उत्तराखंड में बीजेपी ने कुछ ही महीने के भीतर दो बार मुख्यमंत्री को बदला है। सबसे पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटाकर उनकी जगह तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया। बीजेपी को लगा था कि त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में पार्टी अपना जनाधार खो देगी इसलिए नए सीएम के तौर पर तीरथ सिंह को सामने लाया गया था। पर तीरथ सिंह रावत मुश्किल से चार महीने ही कुर्सी पर रह पाए थे कि एक बार फिर केंद्रीय नेतृत्व के फरमान ने उनकी सीएम की कुर्सी ले ली। कारण चाहे संवैधानिक संकट बताया गया हो पर शायद पार्टी को लगा हो कि तीरथ सिंह को सीएम बनाने का फैसला गलत था। इसके बाद मार्च में कुर्सी संभालने वाले तीरथ जुलाई की शुरुआत में ही अपना पद खो बैठे। आलाकमान ने उनकी जगह पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड की कमान सौंप दी। मगर पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भी भाजपा में अंतर्कलह कम होती नहीं दिखाई दे रही। धामी के लिए पार्टी को सत्ता में लाना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा। गुजरात : पटेल वोट और एंटी इंकम्बेंसी, दोनों साधने की कवायद बीजेपी ने गुजरात विधानसभा चुनाव से ठीक एक साल पहले ना सिर्फ सरकार का कप्तान बदला बल्कि पूरी टीम ही बदल डाली। गुजरात में बीजेपी ने फिर राजनीतिक प्रयोग की इबारत लिखते हुए मंत्रिमंडल के सिर्फ चेहरे ही नहीं बदले गए बल्कि जातिगत और क्षेत्रीय बैलेंस का भी बखूबी ख्याल रखा। पटेल मुख्यमंत्री ही नहीं बल्कि कैबिनेट में भी पटेल समुदाय को खूब जगह दी गई है। पटेल वोट का असर पार्टी 2017 के विधानसभा चुनाव में खूब देख चुकी है जहाँ कांग्रेस ने उसे कड़ी टक्कर दी थी। वहीँ कंप्लीट मेक ओवर करके पार्टी शायद संभावित सत्ता विरोधी लहर को भी समाप्त करना चाहती है। पार्टी का ये प्रयोग निकाय चुनाव में सफल भी रहा था। बेशक भाजपा पटेल समुदाय को तवज्जो देकर उनका दिल जीतना चाहती हो लेकिन बड़ा सवाल ये भी है कि कहीं ऐसा कर भाजपा अन्य की नाराज़गी तो मोल नहीं ले रही ? दूसरा, मुख्यमंत्री सहित जिन मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है कहीं उनकी नाराज़गी पार्टी को भारी तो नहीं पड़ेगी ? बहरहाल गुजरात खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गढ़ है, सियासत के चाणक्य अमित शाह का गृह राज्य है, और शायद ये ही कारण है कि भाजपा ने इतना बड़ा प्रयोग करने का जोखिम उठाया है। भाजपा के लिए मोदी है तो मुमकिन है। मणिपुर : यहाँ भी मिशन रिपीट आसान नहीं मणिपुर विधानसभा की 60 सीटों के लिए 2022 में चुनाव होने है। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को मणिपुर का प्रभारी बनाया है। मणिपुर में भाजपा की सरकार है और एन बिरेन मुख्यमंत्री है । 2017 के चुनाव में भाजपा को 21 कांग्रेस को 19, एनपीपी को चार सीटें और एनपीएफ को 4 सीटें मिली थी। एनपीपी के सभी चार विधायकों ने भाजपा का समर्थन किया। बीरेन ने बारी-बारी से उन सभी को कैबिनेट मंत्री भी बनाया। हालांकि, नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के चार विधायक जिन्होंने बीरेन को समर्थन दिया था, वे इस बात से खुश नहीं है क्योंकि उनमें से सिर्फ दो को मंत्री बनाया गया था। बाद के घटनाक्रम में, एनपीपी के सभी चार विधायकों को हटा दिया गया और दो को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। परन्तु अब एनपीपी गठबंधन के मूड में नहीं दिख रहा। एनपीपी का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री एल जयंतकुमार ने कहा है कि किसी भी पार्टी के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं होगा। इसके अलावा हाल ही में मणिपुर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गोविंददास कोंथौजैम भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं जो भाजपा के लिए अच्छी खबर है।
'अब बदला, तब बदला, कब बदला, समझो बदल ही गया ' जयराम विरोधी हिमाचल में ये ही गाना गा रहे है और मुख्यमंत्री हर बार दमखम के साथ पलटवार करते आ रहे है। अटकलों पर विराम भी लगा रहे है और कयासों को खारिज भी कर रह है। 'मैं था, मैं हूँ और मैं ही रहूँगा' ये कहते हुए मुख्यमंत्री विपक्ष को नसीहत भी दे रहे है और विरोधियों को सन्देश भी। पर सवाल ये है कि आखिर हंगामा बरपा क्यों है ? ऐसा क्या हो गया कि अचानक हिमाचल की राजनीति में ये नया शगूफा छिड़ गया। दरअसल, मिशन रिपीट के लिए सियासत की गुजरात प्रयोगशाला में भाजपा ने बड़ा प्रयोग किया है। सीएम तो बदला ही, विधानसभा स्पीकर सहित पूरी कैबिनेट बदल दी गई। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने इसी वर्ष हुए निकाय चुनाव का ये ट्राइड एंड टेस्टेड फार्मूला अपनाया है, ताकि संभावित सत्ता विरोधी लहर को साधा जा सके। इससे पहले कर्नाटक में मुख्यमंत्री को बदल दिया गया था और उत्तराखंड तो इसी वर्ष में तीन मुख्यमंत्री देख चूका है। असम में भी भाजपा बिना सीएम फेस के विधानसभा चुनाव में उतरी, पर प्रचार के दौरान ही हेमंत बिस्वा सरमा को मिल रही तवज्जो ने संकेत दे दिए थे कि परिणाम के बाद बदलाव मुमकिन है, और हुआ भी ऐसा ही। भाजपा आलाकमान का सन्देश स्पष्ट है, मिशन रिपीट के लिए कुछ भी किया जायेगा। जो सत्ता वापसी की गारंटी नहीं दे सकता वो चेहरा बदल दिया जायेगा। भाजपा के इस ट्रेंड ने ही हिमाचल के सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। सरकार विद्रोही हो या समर्थक सभी की धुकधुकी बढ़ गई है। कुछ चुप बैठे तमाशे का इंतज़ार कर रहे है तो कुछ ने नसीहतें बांटना शुरू कर दिया है। इसपर प्रदेश में प्रो. प्रेम कुमार धूमल की बढ़ती सक्रियता और केंद्र की सियासत में अनुराग के बढ़ते कद ने भी हिमाचल की सियासत में नए समीकरण पैदा कर दिए है। बहरहाल, राग कोई भी गाया जाए पर एक बात तय है, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की स्वच्छ छवि और सरल स्वभाव ने हमेशा ही सरकार की खामियों को छुपाने के लिए ढाल का काम किया है। इसे जयराम ठाकुर का तिलिस्म ही कहेंगे कि जब कोरोना काल में स्वास्थ्य घोटाला हुआ तब भी सीएम की स्वच्छ और ईमानदार छवि पर कोई दाग नहीं लगा, जबकि तब स्वास्थ्य महकमा खुद सीएम जयराम ठाकुर देख रहे थे। इसी तरह बेशक भाजपा में हावी होती गुटबाज़ी ने हमेशा उन्हें कुछ असहज रखा हो लेकिन हर मौके पर जयराम चौका मारते रहे, संगठन में भी उनकी दखल और पकड़ इसे साबित करते है। आज सरकार और संगठन को एक भी कहा जाए तो गलत नहीं होगा। किन्तु मंत्रियों द्वारा दिए गए ऊल जलूल ब्यान और सरकार के निर्णय बदलने की छवि जरूर जयराम ठाकुर के सामने बड़ी चुनौती है। इसमें कोई संशय नहीं है कि कई बयानवीरों ने आम जनता के बीच सरकार की छवि खराब की है, वहीँ बैठे बिठाए विपक्ष को भी हल्ला बोलने के मौके दिए है। विशेषकर पिछले कुछ समय में निरंतर इस तरह के घटनाक्रम ने उपचुनाव से पहले सरकार की मुश्किलें बढ़ाई है। अगर वक्त रहते डैमेज कंट्रोल नहीं हुआ तो जाहिर है नतीजे प्रतिकूल हो सकते है। उपचुनाव हुए नहीं, शोर अभी से मचा है 2022 विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में उपचुनाव होने है, जिन्हें सत्ता के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है। उपचुनाव में अच्छा परफॉर्म करने का प्रेशर भी जयराम सरकार पर है। उपचुनाव में यदि पार्टी अच्छा परफॉर्म करती है तो स्थिति 'सब चंगा', पर यदि भाजपा ने उपचुनाव में अच्छा नहीं किया तो आगे क्या होगा, इसे लेकर अभी से शोर मचा है। सियासी माहिर मानते है कि पार्टी तैयारियों को लेकर कितने ही दावे कर ले उपचुनाव भाजपा का कड़ा इम्तिहान लेंगे। कहीं मज़बूत प्रतिद्वंदी तो कहीं अपने ही पार्टी को डूबा सकते है। मंडी लोकसभा हो या जुब्बल कोटखाई, अर्की, और फतेहपुर विधानसभा हर निर्वाचन क्षेत्र भाजपा के टिकट को लेकर होड़ मची हुई है। हर जगह पार्टी गुटों में विभाजित नज़र आ रही है जो पार्टी को भारी पड़ सकता है। इस अंतर्कलह को साधने की कवायद बोर्ड और निगम में अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के प्रस्ताव से की जा रही है, पर कुछ ठीक होता नज़र नहीं आ रहा। अंतर्कलह से इतर मंडी लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस की तरफ से यदि प्रतिभा सिंह मैदान में उतरती है तो भाजपा की कठिनाइयां बढ़ने के आसार है। जाहिर है पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद सहानुभूति लहर कांग्रेस को फायदा दे सकती है। ऐसे में भाजपा को मजबूत प्रत्याशी देना होगा और कोई कैबिनेट मंत्री भी चेहरा हो सकता है। वहीं जुब्बल कोटखाई में सेब के गिरते दाम से माहौल कुछ खराब है। इस पर पार्टी के भीतर से परिवारवाद के खिलाफ आवाज भी उठ रही है। बात फतेहपुर की करें तो यहां भाजपा के सामने दोहरी चुनौती होगी, एक तरफ कांग्रेस प्रत्याशी तो दूसरी तरफ हमारी पार्टी हिमाचल पार्टी के संस्थापक और 5 बार के विधायक राजन सुशांत भी मैदान में हो सकते है। इस पर अबकी बार चक्की पार का नारा भी भाजपा की बेचैनी बढ़ा रहा होगा। अर्की में भी फिलवक्त भाजपा के लिए अंतर्कलह सबसे बड़ी चुनौती होगी।
कैप्टन अमरिंद सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। शाम 5 बजे पंजाब में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी है, लेकिन उससे पहले अमरिंदर सिंह ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित को अपना इस्ताफा सौंप दिया है। इस्तीफा देने से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने खेमे के पार्टी विधायकों के साथ चंडीगढ़ में अपने आवास पर बैठक की। बैठक के बाद राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने के लिए राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले नाराज़ अमरिंदर सिंह ने फोन पर कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से भी बातचीत की। सीएम अमरिंदर ने बिना रायशुमारी के विधायक दल की बैठक बुलाए जाने को अपमानजनक बताया था।
पंजाब कांग्रेस में फिर घमासान शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ 40 विधायकों के मोर्चा खोलने के बाद पार्टी ने शनिवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है। यह बैठक शाम 5 बजे होनी है ।कैप्टन अमरिंदर सिंह विधायक दल की बैठक में नहीं शामिल होंगे। बैठक से पहले शाम 4.30 बजे कैप्टन अमरिंदर सिंह राजयपाल से मुलाकात करने राजभवन पहुंचे हैं और कुछ देर में पद से इस्तीफा दे देंगे। राजभवन से ही वह प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित करेंगे।
यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। विरोधी दल एक-दूसरे दलों के नेताओं पर जमकर हमला कर रहे हैं। कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी भी लगातार योगी सरकार पर हमलावर है। प्रियंका ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट का हवाला भी दिया है। प्रियंका ने शनिवार को एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने अपराध के मुद्दे पर बीजेपी सरकार पर प्रहार किया। प्रियंका ने ट्वीट कर कहा, "एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार महिलाओं व दलितों के खिलाफ अपराध, हत्या व अपहरण के मामलों में और हिंसक अपराधों के मामले में उप्र टॉप पर है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, 2020 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में से 28,046 रेप की घटनाएं थी, जिनमें 28,153 पीड़िताएं हैं। पिछले साल कोविड-19 के कारण लॉकडाउन लगाया गया था। उसने बताया कि कुल पीड़िताओं में से 25,498 वयस्क और 2,655 नाबालिग हैं। एनसीआरबी के गत वर्षों के आंकड़ों के मुताबिक, 2019 में रेप के 32,033, 2018 में 33,356, 2017 में 32,559 और 2016 में 38,947 मामले थे। पिछले साल रेप के सबसे ज्यादा 5,310 मामले राजस्थान में दर्ज किए गए। इसके बाद 2,769 मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए थे।
बेंगलुरू: राजधानी बेंगलुरू से शनिवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बेंगलुरू के ब्यादरहल्ली इलाके में एक ही परिवार के पांच लोग मृत पाए गए हैं। इनमें से चार लोग फंदे से लटके मिले, जबकि एक नौ महीने के बच्चे का शव बेड पर पड़ा हुआ मिला। शुरूआती जांच में ये मामला आत्महत्या का लग रहा था। बताया जा रहा है कि पांचों शवों के साथ घर में पांच दिन से एक ढाई साल की बच्ची रह रही थी, जिसे बाहर निकाल लिया गया है। वह लगभग अचेत अवस्था में मिली, पुलिस ने कहा है कि लोगों की मौत कैसे हुई, इसका पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। पुलिस को लड़की उसी कमरे में मिली, जहां मधुसागर को फांसी के फंदे पर लटका हुआ पाया गया। फिलहाल बच्ची को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सौमेंदु मुखर्जी ने कहा कि हमें घर से डेथ नोट नहीं मिला। घर के बड़े बुजुर्ग और बच्ची के दादा मधुसागर शंकर सदमे की स्थिति में है। शंकर ने कहा है कि उनकी बेटियां अपने पतियों से झगड़ कर घर आ गईं थी। इस मुद्दे को सुलझाने और उन्हें उनके पतियों के पास वापस भेजने के बजाय, उनकी पत्नी भारती ने उन्हें वापस रहने के लिए प्रोत्साहित किया। शंकर ने कहा, "मैंने अपनी बेटियों सिनचना और सिंधुरानी को शिक्षित करने के लिए कड़ी मेहनत की। बेटा मधुसागर भी एक इंजीनियरिंग स्नातक था और एक निजी कंपनी में काम करता था। उन्होंने छोटे मुद्दों पर यह घातक कदम उठाया."पुलिस ने कहा कि पड़ोसियों ने उन्हें सूचित किया है कि, शंकर और उसके बेटे मधुसागर के बीच लड़ाई हुई थी। मारपीट के बाद शंकर घर से बाहर चला गया था। इस घटना के बाद रविवार को ही परिवार ने आत्महत्या कर ली थी।
जयपुर: राजस्थान में शादियों के अनिवार्य पंजीकरण के लिए संशोधन विधेयक आज विधानसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। बिल पारित होने को लेकर राज्य में नया विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी ने कहा है कि इस विधेयक के बाद बाल विवाह वैध हो जाएगा। वहीं, सत्ताधारी कांग्रेस ने कहा है कि बीजेपी मुद्दे को तोड़ मरोड़कर कर पेश कर रही है। विपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौर और बीजेपी विधायक अशोक लाहोटी ने संशोधन विधेयक को ‘‘काला कानून’’ बताया। उन्होंने कहा कि विधेयक बाल विवाह की अनुमति देता है। विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के करीब पहुंच गए। लेकिन ध्वनिमत से विधेयक पारित कर दिया गया। मत विभाजन की मांग स्वीकार नहीं किए जाने पर भाजपा सदस्यों ने बहिर्गमन किया और इसे ‘‘काला कानून’’ करार दिया। सदन में राजस्थान अनिवार्य विवाह पंजीकरण विधेयक, 2021 का बचाव करते हुए संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि प्रस्तावित कानून विवाह के पंजीकरण की अनुमति देता है, लेकिन कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि ऐसी शादियां अंततः वैध हो जाएंगी। मंत्री ने कहा कि यदि यह वास्तव में बाल विवाह है तो जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारी परिवारों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई कर सकेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गोवा में स्वास्थ्य कर्मचारियों और कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम के लाभार्थियों से संवाद किया है। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कल मेरा जन्मदिन था, लेकिन आप सभी ने इस दिन को खास बना दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि देश में कल रिकार्ड टीकाकरण हुआ है। जन्मदिन तो आएंगे और जाएंगे, लेकिन कल के दिन ने मेरे दिल को छू लिया है। कल देश में वैक्सीन की रिकॉर्ड 2.5 करोड़ से ज्यादा डोज़ दी गईं। पीएम मोदी ने कहा, ‘’मैं देश के सभी डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, प्रशासन से जुड़े लोगों की भी सराहना करना चाहता हूं। आप सभी के प्रयासों से कल भारत ने एक ही दिन में ढाई करोड़ से भी अधिक लोगों को वैक्सीन देने का रिकॉर्ड बनाया है। जन्मदिन तो बहुत आए और बहुत गए, लेकिन मैं मन से हमेशा इन चीजों से अलिप्त रहा हूं। इन चीजों से मैं दूर रहा हूं। लेकिन मेरी इतनी आयु में कल का दिन मेरे लिए बहुत भावुक कर देने वाला था।’’ बता दें कि देश में कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर टीकाकरण अभियान को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए टीके की 2.50 करोड़ से ज्यादा खुराक देकर एक रिकॉर्ड बनाया है। देश में अब तक दी गई कुल खुराक मध्यरात्रि 12 बजे 79.33 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई। इससे पहले दैनिक खुराक का रिकॉर्ड चीन ने बनाया था, जहां जून में 2.47 करोड़ टीके लगाए गए थे।
करीब डेढ़ साल के शोध के बाद कहलूर बायो साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर घुमारवीं को कॉर्डिसेप्स मशरूम से ग्रीन टी तैयार करने में कामयाबी मिली है। चाय तैयार करने में कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और इंग्लैंड की हेमकिशी लिमिटेड का सहयोग केंद्र को मिला है। अब यह ग्रीन टी यूरोपीय देशों में बिकने को तैयार है, जिसके लिए एक कंपनी के साथ करार भी हो गया है। इस चाय को बनाने के लिए कहलूर बायो साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के बनाए कॉर्डिसेप्स मिलिटरिस मशरूम और कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की आर्गेनिक ग्रीन टी का इस्तेमाल किया गया है। इस चाय में कई एंटी ऑक्सिडेंट्स और हेल्थी बायो मेटाबॉलिट्स है, जो कि हेल्थ के लिए लाभकारी है। सेंटर के डॉक्टर अमित ठाकुर ने बताया कि औषधीय मशरूम कॉर्डिसेप्स पारंपरिक चिकित्सा के मूल्यवान स्रोत हैं। कॉर्डिसेप्स मशरूम से बनी ग्रीन टी थकान मिटाती है और सहनशक्ति बढ़ाती है। अध्ययन के अनुसार यह कोरोना वायरस खत्म करने में भी लाभदायक होगी। यह मांसपेशियों की शक्ति को बढ़ाती है। मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड के स्तर को भी कम करती है। यह मांसपेशियों में ग्लूकोज के अलावा रक्त और यकृत ग्लाइकोजन स्तरों में इंसुलिन की उपलब्धता को बढ़ाती है। रक्त प्रवाह और टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाकर व्यायाम के दौरान हृदय की कार्यक्षमता को बढ़ाती है। कॉर्डिसेप्स मशरूम से बनी चाय कैंसर के से बचाव में भी लाभदायक है। कॉर्डिसेप्स में पाया जाने वाला कॉर्डिसेपिन कई तरीकों से एक मजबूत एंटी कैंसर एजेंट के रूप में सामने आया है। कॉर्डिसेपिन मानव कैंसर कोशिकाओं के एपोप्टोसिस को प्रेरित करता है। रिसर्च सेंटर ने मशरूम के ऊपर रिसर्च को भी अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित किया है। यह चाय कंपनी के ऑनलाइन स्टोर, कॉरसेप स्टोर और अमेजन ऑनलाइन स्टोर पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। भारत में इसकी मार्केटिंग अतिशा ट्रेडर्स मुरादाबाद द्वारा की जा रही है। एक डिब्बे में बीस टी बैग हैं, जिनकी कीमत आठ सौ रुपये है जो अभी बाजार में उतारी जाएगी। प्रोफेसर जय देव हेड डिपार्टमेंट ऑफ टी हसबेंडरी कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर चौधरी सरवन कुमार हिमाचल कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर द्वारा इसे जल्द ही लांच किया जाएगा।
प्रदेश के चार हजार सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती को आरएंडपी नियम बनाने का काम शुरू हो गया है। प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वालों को 70 फीसदी और आंगनबाड़ी वर्करों को 30 फीसदी पद दिए जाएंगे। शिक्षा सचिव राजीव शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य सचिवालय में शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक हुई। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में चलाई जा रही नर्सरी और केजी की कक्षाओं के लिए भर्ती किए जाने वाले शिक्षकों में एनटीटी कोटे के 70 फीसदी पदों में से 35 फीसदी पद बैचवाइज और 35 फीसदी पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। एनसीटीई के नियमों के तहत भर्ती की जाएगी। शिक्षा विभाग इस बाबत प्रस्ताव बनाकर राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए लेकर जाएगा। मंत्रिमंडल शिक्षक भर्ती के कोटे में बदलाव भी कर सकता है। एनटीटी कर चुकी महिलाएं बीते लंबे समय से इन स्कूलों में नियुक्ति देने की मांग कर रही हैं। उधर, आंगनबाड़ी वर्कर भी नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। दोनों ही संगठनों की ओर से विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदर्शन भी किए गए थे। ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वालों के साथ आंगनबाड़ी वर्करों को भी भर्ती में शामिल करने का फैसला लिया है।
हिमाचल प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में नियुक्त नए कुलपतियों के भी दस्तावेज जांचे जाएंगे। निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने सभी विवि प्रबंधनों से नई नियुक्तियों का रिकॉर्ड तलब किया है। आठ विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को जांच के बाद आयोग ने इसी वर्ष अयोग्य करार दिया था। इनके स्थान पर अब निजी विश्वविद्यालयों ने नए कुलपति नियुक्त किए गए हैं। इस वर्ष जनवरी में आठ निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को अयोग्य करार दिया गया था। इनके पद छोड़ने के बाद नए कुलपतियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए थे। आयोग ने ऐसे विश्वविद्यालयों के चांसलरों को पत्र जारी कर सभी नियम पूरा करने वालों को कुलपति नियुक्त करने के लिए कहा था। अब नए कुलपतियों के सभी दस्तावेज भी आयोग में जमा करवाने के लिए कहा गया है। निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की जांच शुरू होने के समय ही कुछ कुलपतियों ने इस्तीफे देकर अपने पद छोड़ दिए थे। कुछ कुलपति जांच पूरी होने के बाद अपने पदों से हटे। कई माह तक कुछ विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नई नियुक्ति भी लटकी रही। अब सभी निजी विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्तियां हो गई हैं। ऐसे में विनियामक आयोग ने निजी विश्वविद्यालयों के प्रबंधनों को पत्र जारी कर सभी नई नियुक्तियों से संबंधित दस्तावेज देने को कहा है। इन दस्तावेजों को देखकर पता लगाया जाएगा कि यूजीसी के नियमानुसार कुलपति बनने के लिए सभी शर्तें पूरी की गई हैं या नहीं। कुलपति पद पर नियुक्त होने वालों की शैक्षणिक योग्यता भी जांची जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 71 वें जन्मदिन पर अलग-अलग जगहों से मिलने वाले उपहारों की नीलामी शुरू हो गई है। इन उपहारों में हाल ही में खत्म हुए ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के किट और उपकरण भी शामिल हैं। आज से शुरू हुई नीलामी 7 अक्टूबर तक चलेगी। पैरालंपिक खेलों में सिल्वर मेडल जीतने वाले और नोएडा के डीएम एल वाई सुहास अभी तक की नीलामी में बाजी मारते दिख रहे हैं। कुछ दिनों पहले 12 पैरालंपिक खिलाड़ियों के साथ प्रधानमंत्री की मुलाकात के दौरान सुहास ने जो बैडमिंटन रैकेट प्रधानमंत्री को उपहार स्वरूप दिया था, नीलामी में उसका बेस प्राइस 50 लाख रुपए रखा गया था। लेकिन नीलामी शुरू हुए चंद घंटे ही हुए हैं और सुहाग के बैडमिंटन रैकेट की बोली 10 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। ओलंपिक खेलों में जैकलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचने वाले नीरज चोपड़ा के जैवलिन का बेस प्राइस एक करोड़ रुपए रखा गया था, लेकीन अभी तक की नीलामी में चोपड़ा के उस जैवलिन की कीमत 1.20 करोड़ तक पहुंची है। वहीं पैरालंपिक खेलों में जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीतने वाले सुनील अंतिल के जैवलिन का भी बेस प्राइस एक करोड़ रुपए ही रखा गया है।ओलंपिक खेलों के महिला हॉकी खेल में सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रचने वाली महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल की हॉकी स्टिक का बेस प्राइस 80 लाख रुपया रखा गया है। इस हॉकी स्टिक पर हॉकी टीम की सभी खिलाड़ियों के हस्ताक्षर भी हैं। हॉकी स्टिक की कीमत बोली अभी तक 1 करोड़ रुपए तक पहुंची है। नीलामी से प्राप्त होने वाली राशि को नमामि गंगे प्रोजेक्ट के लिए प्रयोग किया जाएगा।
राजधानी शिमला को निचले हिमाचल से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-205 घणाहट्टी के पास अवरुद्ध होने से अब दोनों वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों की आवाजाही वन-वे रहेगी। शिमला की ओर आने वाले वाहन वाया बंगोरा-कालीहट्टी -घणाहट्टी होकर आएंगे। शिमला पहुंचने के लिए इन्हें 15 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा था, लेकिन अब 11 किमी अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा। शिमला से मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा की ओर जाने वाले वाहन वाया घणाहट्टी -कोहबाग-गलोग रवाना होंगे।
चौरा पुल के साथ पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरने से बंद एनएच-5 तीसरे दिन वीरवार को भी बहाल नहीं हो पाया। इस कारण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। एनएच-5 बंद होने से किन्नौर सहित लाहौल-स्पीति के लोगों का देश-दुनिया से संपर्क कट गया है। मंगलवार रात को करीब 9 बजे चौरा के पास पहाड़ी से चट्टानें गिरने के कारण एनएच-5 बंद हो गया था। वाहनों में लदी बागवानों की नकदी फसलें रास्ते में फंस गई हैं।
हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मनाली के साथ लगते नेहरू कुंड के पास बुधवार रात हुए भारी भूस्खलन से मनाली-लेह हाईवे-3 पूरा दिन ठप रहा। मार्ग पर रात से सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन फंसे हुए हैं। लेह की तरफ जाने और आने वाले पेट्रोल-डीजल के टैंकरों के अलावा पर्यटक वाहन और सेब-सब्जियों से लदे ट्रक भी हाईवे बंद होने से रास्ते में फंस गए हैं। लाहौल की तरफ जाने वाली परिवहन निगम के कुल्लू डिपो की करीब 14 और केलांग डिपो की छह बसों के पहिये भी थम गए हैं। छोटे वाहन क्लब हाउस मनाली से वाया बुरूआ और शनाग होकर आर-पार हुए। हालांकि, सुबह तक नेहरू कुंड में जाम नहीं था, लेकिन दिन के समय दोनों ओर से लंबा जाम लगा रहा। लाहौल से आ रहे मटर व सब्जियों से लदे वाहन भी कुल्लू की मंडियों तक नहीं पहुंच पाए। भारी भूस्खलन और विशालकाय चट्टानें मार्ग पर आने से रात के समय बीआरओ के लिए हाईवे बहाल करना आसान नहीं था। वीरवार सुबह बीआरओ की एक टीम मशीनरी के साथ मलबा हटाने में जुटी रही, लेकिन चट्टानें होने से हाईवे बहाल करने में परेशानी हो रही है। बीआरओ के कमांडर उमा शंकर ने बताया कि चट्टानें ब्लास्ट कर तोड़ी जा रही हैं।
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 71 वें जन्मदिन पर शिवसेना ने भी पीएम मोदी को बधाई दी ,लेकिन साथ ही तंज भी कसा है। शिवसेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सासंद संजय राउत ने कहा है कि हम यह भी देखना चाहते हैं कि पीएम मोदी देश में महंगाई कम करने वाला केक कब काटेंगे। संजय राउत ने पीएम मोदी को बधाई संदेश देते हुए कहा, नरेंद्र मोदी बहुत ही लोकप्रिया नेता है। बीजेपी को शिखर पर लाने का काम अटल जी के बाद नरेंद्र मोदी ने ही किया है। उनके कार्यकाल में बीजेपी को बहुमत मिला है। इससे पहले तो बीजेपी ने सिर्फ गठबंधन की सरकार बनाई थी। ये मोदी की लीडरशिप का ही कमाल है। राउत ने आगे कहा, पीएम मोदी के कद का नेता अभी देश में नहीं है। राजनीति में बीजेपी से मतभेद को लेकर संजय राउत ने कहा कि पीएम मोदी से हमारे मतभेद हो सकते हैं, लेकिन ये बात सच है कि पीएम मोदी देश में दूसरे नहीं हो सकते। देश में बढ़ रही महंगाई को ले कर पेट्रोल और डीजल के दामों को याद करते हुए कहा कि अब देखना ये है कि पीएम मोदी सभी को जन्मदिन का रिटर्न गिफ्ट क्या देने वाले हैं।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हिमाचल विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित किया। सत्र को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश ने शत-प्रतिशत आबादी को कोविड वैक्सीन की पहली डोज लगाने का कीर्तिमान स्थापित किया है। कोरोना की लड़ाई में प्रदेश चैंपियन बनकर सामने आया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सदन में आह्वान किया कि हिमाचल एक दिन देश का सिरमौर बने। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि यशवंत सिंह परमार, पंडित पदम देव जैसी शख्सियतों ने प्रदेश की आजादी के संघर्ष को मुकाम तक पहुंचाया। प्रथम मतदाता श्याम सरण नेगी का भी जिक्र किया। राष्ट्रपति ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों यशवतं सिंह परमार, ठाकुर राम लाल, शांता कुमार, वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल ने प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा, कारगिल शहीद कैप्टन ब्रिकम बतरा को भी याद किया। वहीं अटल टनल रोहतांग का जिक्र करते हुए महामहिम कोविंद ने कहा कि इससे मनाली-लेह की दूरी कम हुई है। वहीं सेना को सालभर बॉर्डर तक रसद ले जाने में अब दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ रहा। अटल टनल के बनने से लाहौल के लोगों का जीवन भी आसान हो गया है। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने सदन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति का प्रदेश में आने के लिए आभार जताया। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भी सदन को संबोधित किया। विशेष सत्र के दौरान खासकर हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार को याद किया गया। हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व का दर्जा हासिल करने में जिन-जिन लोगों का योगदान रहा है, यह सत्र पूरी तरह से उनको समर्पित रहा। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2 करोड़ वैक्सीन डोज़ का लक्ष्य रखा है। लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कोविन ऐप पर बाक़ायदा काउंटर भी चलाया जाएगा। यह डिजिटल काउंटर हर पल अपडेट होगा। इस डिजिटल काउंटर के ज़रिए आप जान सकेंगे कि देश में हर सेकेंड कितनी वैक्सीन लगाई जा रही हैं। दोपहर एक बजे तक 1 करोड़ वैक्सीन का लक्ष्य रखा गया है और देर शाम तक 2 करोड़ वैक्सीन का लक्ष्य हासिल करने की कोशिश होगी। बता दें कि अभी तक देश में अब तक 77 करोड़ 15 लाख 38 हज़ार 837 डोज़ लग चुकी हैं, इसमें से पहली डोज़ 58 करोड़ 29 लाख 86 हज़ार हैं और दूसरी डोज़ 18 करोड़ 85 लाख 52 हज़ार लगाई जा चुकी है। अब तक दो बार ऐसा हुआ है जब भारत में एक दिन में तक़रीबन एक करोड़ के आसपास डोज़ लगाई गयी है। दो करोड़ वैक्सिन के लक्ष्य को छूना दुनिया के लिए चौंकाने वाला लक्ष्य होगा। भारत ने वैक्सीन के मामले में दुनिया के 18 देशो को पीछे छोड़ दिया हैं, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन,फ़्रांस कनाडा, रूस, जापान सहित 18 देश रोज़ाना सिर्फ़ 8.17 मिलियन डोज़ लगा रहे हैं जबकि भारत अकेले इन सब पर भारी है और रोज़ाना 8.54 मिलियन वैक्सीन की डोज़ रोज़ दी जा रही है। स्वस्थ क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर दो करोड़ वैक्सीन का लक्ष्य भारत जैसे विशाल आबादी वाले देश के लिए सोने पर सुहागा जैसा कहा जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य पर 17 सितंबर को होने वाले विशेष सत्र के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी है। ज़्यादातर अथिति शिमला आ चुके हैं। मेहमानों के बैठने की व्यवस्था सिटिंग प्लान के अनुसार की गई हैं। वीरवार को तैयारियों का जायजा लेने के लिए विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने उपाध्यक्ष डॉ. हंसराज और सरकारी मुख्य सचेतक बिक्रम सिंह जरयाल के साथ परिसर का दौरा किया। बता दें, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 17 सितंबर को सुबह 11 बजे विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्रियों शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल समेत कुल 93 पूर्व विधायकों ने सत्र में आने की पुष्टि की है। हालांकि, शांता स्वास्थ्य कारणों के चलते कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। वहीं, 12 सांसद व पूर्व सांसद भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। सत्र के दौरान खासकर हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार को याद किया जाएगा। हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व का दर्जा हासिल करने में जिन-जिन लोगों का योगदान रहा है, यह सत्र पूरी तरह से उनको समर्पित होगा। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी भी शामिल हैं। विशेष सत्र के दौरान कोरोना एसओपी का कड़ाई से पालन किया जाएगा। राज्यपाल, मंत्रिमंडल के सदस्यों के अलावा राष्ट्रपति के संपर्क में आने वाले सभी अधिकारियों कर्मचारियों का आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जा चुका है।
मुंबई: साकिनाका में हुए महिला के साथ बलात्कार और हत्या मामले के बाद मुंबई पुलिस और भी सतर्क हो गई है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई स्कीम को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी विषय पर मुंबई पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) विश्वास नागरे पाटिल ने बात की और बताया की निर्भया स्क्वाड में जिन महिला अधिकारी और टीम को नियुक्त किया है उन्हें विशेष तौर पर ट्रेनिंग दी जा रही है । पाटिल के मुताबिक, विशेष पुलिस बल, हर रीजन में नोडल अधिकारी, विशेष वाहन की तैनाती के साथ-साथ खुफिया कैमरे के इस्तेमाल की ट्रेनिंग भी शामिल है। मुंबई के सभी पुलिस थानों में 'वूमेन सेफ्टी सेल' बनाए गए एवं प्रत्येक थाने में तैनात किए गए मोबाइल वैन में से एक मोबाइल वैन कार निर्भया पथक के लिए तैनात की जाएगी। जिस-जिस पुलिस स्टेशन के इलाके में बाल गृह, अनाथालय या महिला PG मौजूद है वहाँ पर पेट्रोलिंग करके गोपनीय जानकारी इकट्ठा करने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग लेने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को ख़ुफ़िया कैमरा हैंडल करने की ट्रेनिंग दिया जाए ताकि महिलाओं को घूरने या पीछा करने जैसे मामलों में सबूत इकट्ठा किया जा सके। इसी के साथ रोज़ाना जो कैमरे में रिकॉर्ड किया जाएगा व सब जानकारी को पुलिस स्टेशन कंप्यूटर में सेफ किया जाएगा। वंही, निर्भया पथक को आदेश दिए है कि जितने भी स्कूल, कॉलेज, महिलाओ के PG हो वहां जाकर महिलाओं को उनकी सुरक्षा को लेकर ट्रेनिंग दी जाए इसके अलावा हर जगह पर निर्भया पेटी रखी जाए जिसमे महिलाएं अपनी शिकायतें पेटी में डाल सके। जो भी पेट्रोलिंग के लिए जाएगा उसे उस पेटी को चेक करना होगाऔर शिकायत पर कारवाई भी करनी होगी।
नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से हर कोई परेशान है। लोकल सर्कल के सर्वे में 50 फीसदी लोगों ने महंगे पेट्रोल-डीजल की वजह से खर्च में कटौती की बात कही है। वहीं 77 फीसदी नागरिक चाहते हैं कि सरकार पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाए, क्योंकि इससे नागरिकों के जीवन यापन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यहां तक कि 28 फीसदी जीएसटी दर पर पेट्रोल की कीमत लगभग 75 रुपये प्रति लीटर और डीजल 70 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। सर्वे के मुताबिक, 2021 में पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतों की वजह से 2 में से 1 परिवार ने खर्च में कटौती की है। बता दें कि शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक होनी है। अगर लोगों की राय पर काउंसिल की मुहर लग जाती है तो लोगों को बढ़ते रेट से राहत मिल सकती है। जीएसटी का अधिकतम स्लैब 28 फीसदी है और फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर करीब 55 फीसदी टैक्स लगता है।
आईजीएमसी शिमला में एक शर्मनाक मामला सामने आया है। शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में एक सफाई कर्मचारी ने कपड़े बदल रही एक महिला स्वास्थ्य कर्मी का वीडियो बना लिया। महिला कर्मी की शिकायत पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए आरोपी सफाई कर्मी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह घटना बीते कल की है। पुलिस के मुताबिक महिला स्वास्थ्य कर्मी आईजीएमसी के एक विभाग में तैनात है। आईजीएमसी पहुंचने के बाद ड्यूटी के लिए वह चेंजिंग रूम में जाकर अपनी ड्रेस बदल रही थी। इसी बीच महिला कर्मी ने पाया कि चेंजिंग रूम के बगल वाले कमरे की दीवार के ऊपर एक मोबाइल के जरिये उसका वीडियो बनाया जा रहा है। इस पर घबराई महिला कर्मी चेंजिंग रूम से बाहर निकली तो देखा कि अस्पताल का सफाई कर्मी मोबाइल को ऊपर कर उसका वीडियो बना रहा है। महिला कर्मी ने तुरंत लक्कड़ बाजार पुलिस चौकी को सूचित किया और आरोपी के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई। लक्कड़ बाजार पुलिस चौकी की टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपित को गिरफ्तार किया और मोबाइल भी कब्ज़े में लिया है। डीएसपी हेड क्वार्टर कमल वर्मा ने इस मामले की पुष्टि की है।
झारखंड में बुधवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया है , जिसमें बस और कार में जबरदस्त टक्कर हुई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस में आग लग गई। आग की लपटें कार तक जा पहुंची, जिससे कार में सवार सभी पांच लोगो की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि हादसा रामगढ़ के पास रजरप्पा थाना क्षेत्र में हुआ। यहां बस और कार में आमने-सामने से टक्कर हो गई। ये दर्दनाक सडक हादसा मुरबंदा लारी के पास हुआ, जहां सामने से आ रही वैगन आर कार बस से टकरा गई। टक्कर इतनी जरबरदस्त थी कि दोनों वाहनो में आग की लपटें उठनें लगीं , इससे पांच लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद कई लोगों के वाहनों में भी फंसने की आशंका है, जिससे मौतों का आंकड़ा बढ़ने का भी डर है। वहीं, हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य कर दिया गया है।
हिमाचल के कुल्लू जिला में एक सड़क हादसा पेश आया है। कुल्लू जिले के उपमंडल बंजार के चेत्थर में मंगलवार रात एक पिकअप सड़क से करीब 100 मीटर नीचे लुढ़क गई। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। जबकि एक युवक घायल हुआ है। दरअसल जीप बंजार से चेत्थर की तरफ जा रही थी। इस दौरान रास्ते में गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे जा गिरी। जिसमें दो युवक घायल हो गए और उन्हें उपचार के लिए बंजार लाया जहां से एक युवक को प्राथमिक उपचार के बाद कुल्लू अस्पताल रेफर किया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान 27 वर्षीय तेज प्रकाश पुत्र मोहर सिंह निवासी बलाड बंजार के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक कुल्लू गुरदेव शर्मा ने कहा कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो साल बाद पहली बार विदेश यात्रा के लिए निकलेंगे। वह अमेरिका में पहले क्वाड देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और फिर संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे। इस दौरान उनका मकसद चीन की लगातार बढ़ रही मुखरता और दूसरी तरफ अफगानिस्तान में तख्तापलट के बाद आतंकवाद के प्रसार के बढ़े हुए खतरे की तरफ वैश्विक जनसमुदाय का ध्यान खींचना होगा। भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के क्वाड समूह का शिखर सम्मेलन 24 सितंबर को होगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की मेजबानी वाले इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के पीएम योशीहिदे सुगा वाशिंगटन पहुंचेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि व्हाइट हाउस में इस सम्मेलन में भाग लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद जांएगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस सम्मेलन में हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मुक्त एवं खुला तथा समावेशी सुनिश्चित करने के रास्तों सहित समसामयिक वैश्विक चुनौतियों पर आपस में मंथन करने की संभावना है। इस दौरान जहां अफगानिस्तान के हालात और वहां चीन की बढ़ती दिलचस्पी पर भी चर्चा होने की संभावना है, वहीं ये नेता 12 मार्च को ऑनलाइन हुए शिखर सम्मेलन के बाद साझा हितों की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 25 सितंबर को न्यूयॉर्क में यूएनजीए के 76वें सत्र में भी शिरकत करेंगे, जहां वे सत्र के एक उच्च स्तरीय खंड को संबोधित करेंगे। यूएनजीए की वार्षिक सभा में 100 से ज्यादा देशों और सरकार के प्रमुख नेता व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहेंगे।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में पति पत्नी पर कातिलाना हमले के मामले में घायल पति ने पीजीआई चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया है। घायल परस राम का 17 दिन से पीजीआई में इलाज चल रहा था। सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। मामले में अब पुलिस हत्या की धारा जोड़ेगी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी भाजपा के नेता केवल राम के अलावा, कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, कायस की पूर्व प्रधान युमा देवी तथा उसके पति परसराम पर 25 अगस्त 2021 को कुल्लू में रात को कातिलाना हमला हुआ था। घायल परसराम पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन था। जबकि उसकी पत्नी मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भर्ती थी। सोमवार को परस राम की मृत्यु के बाद पीजीआई से सूचना मिलने पर थाना कुल्लू से टीम भेज दी गई है। मंगलवार को पीजीआई में परस राम के शव का पोस्टमार्टम होगा।
दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए छह आतंकियों को लेकर बड़ा खुलासा, भारत में त्योहार पर धमाके की थी योजना
दिल्ली पुलिस कि गिरफ्त में आए छह आतंकियों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पाकिस्तान से ट्रेनिंग करके लौटे दोनों आतंकियों को टारगेट सेलेक्ट करके धमाके करने थे। इसके लिए मुंबई धमाके की तर्ज पर डी कंपनी अपने पुराने और विश्वसनीय साथियों का इस साजिश में इस्तेमाल करना चाह रही थी। दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए समीर पहले भी डी कंपनी के लिए काम कर चुका है। गिरफ्तार समीर ने ही रायबरेली के मूलचंद उर्फ लाला को हायर किया था। मूलचंद को विस्फोटक और हथियार इधर से उधर ले जाने के लिए रखा गया था। इससे पहले ये आतंकी किसी घटना को अंजाम देते सतर्क दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि करीब अट्ठाइस साल बाद देश में एक बार फिर धमाके की साजिश के तार अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम से जुड़ रहा है। भारत में त्योहार पर धमाके के लिए दाऊद के भाई अनीस के पास फंडिंग और हथियार सप्लाई की जिम्मेदारी दी गई थी। गिरफ्तार आतंकियों ने पाकिस्तानी कनेक्शन का भी राज खोल दिया है। आतंकियों ने बताया कि पाकिस्तान की सेना में तैनात लेफ्टिनेंट रैंक के अधिकारी ने उन्हें ट्रेनिंग दी थी। दोनों आतंकियों ने पाकिस्तान जाकर ट्रेनिंग ली थी। बता दें कि दो आतंकी दिल्ली से मस्कट गए। उसके बाद मस्कट से बोट से जरिए पाकिस्तान पहुंचे. पाकिस्तान में 15 दिनों की ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों ने ओसामा और जीशान को ट्रेनिंग दी। ट्रेनिंग के दौरान गाजी में 2 जूनियर अधिकारी भी मौजूद थे। ओसामा, जीशान को ग्वादर पोर्ट के पास जियोनी गांव ले जाया गया। दोनों को पाकिस्तान के थट्टा में फॉर्महाउस पर ठहराया गया था।
पीएम मोदी ने कहा कि यूपी के लोग भूल नहीं सकते कि पहले यहां किस तरह के घोटाले होते थे, किस तरह राज-काज को भ्रष्टाचारियों के हवाले कर दिया गया था। आज योगी की सरकार पूरी ईमानदारी से यूपी के विकास में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि एक गंभीर दौर था, जब यहां शासन-प्रशासन, गुंडों और माफियाओं की मनमानी से चलता था। लेकिन अब वसूली करने वाले, माफियाराज चलाने वाले सलाखों के पीछे हैं। मोदी ने कहा कि मुझे आज ये देखकर बहुत खुशी होती है कि जिस यूपी को देश के विकास में एक रुकावट के रूप में देखा जाता था, वही यूपी आज देश के बड़े अभियानों का नेतृत्व कर रहा है। समाज में विकास के अवसरों से जिन्हें दूर रखा गया, ऐसे हर समाज को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में अवसर दिए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश की चर्चा बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और बड़े फैसलों के लिए होती है। पीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के हर छोटे-बड़े निवेशक के लिए बहुत आकर्षक स्थान बनता जा रहा है। ये तब होता है जब निवेश के लिए जरूरी माहौल बनता है एवं जरूरी सुविधाएं मिलती हैं। गौरतलब है कि यूपी डबल इंजन सरकार के डबल लाभ का एक बहुत बड़ा उदाहरण बन रहा है। कल तक जो अलीगढ़ तालों के जरिए घरों, दुकानों की रक्षा करता था, वो 21वीं सदी में हिंदुस्तान की सीमाओं की रक्षा करने का काम करेगा। वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट के माध्यम से यूपी सरकार ने अलीगढ़ के तालों और हार्डवेयर को एक नई पहचान दिलाने का काम किया है।
सावन के बाद झमाझम बरसते भादो ने देश भर में बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। जिसके चलते देश के कई हिस्सों में हर तरफ जल ही जल दिखाई दे रहा है। जिसके बाद ऐसा लग रहा है मानो कि सड़कों पर गाड़ियां नाव के माफिक तैर रही हैं। दुर्भाग्यवश इस कारण लोगों को बाहर निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रिकॉर्डतोड़ बारिश के कारण कई गांवों के बीच का संपर्क टूट गया तो कहीं घरों में पानी घुसने के कारण लोगों ने मजबूरी में छतों का सहारा लिया। तत्पश्चात लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ के साथ-साथ एयरफोर्स की टीम तैनात की गई है। घरों में फंसे लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीम लगातार काम कर रही है। गौरतलब है कि वह लोगों को निकालने के लिए टेंपरेरी पुल का निर्माण कर रहे हैं और रस्सियों के सहारे अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों को घरों से बाहर निकाल रहे हैं।


















































