राजकीय दंत महाविद्यालय एवं चिकित्साल्य में 21 जून को कॉलेज का तीसरा अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया, जिसमें आयुष हेल्थ सेंटर के प्रशिक्षक मनीषा द्वारा एक घंटे का योग सेशन किया गया ,जो कि सुबह 7:३० से 8 :30 बजे तक हुआ। इस सेशन में कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ.आशु गुप्ता, डॉ.आशीष, डॉ. पुष्पलता, डॉ.अर्चना, डॉ. मनीष, डॉ.पारुल और लगभग 50 छात्रों ने भाग लिया। सेशन के दौरान सभी ने शांति और सकारात्मकता का अहसास किया अतः अंत में प्रधानाचार्या द्वारा योग प्रशिक्षक मनीषा को सम्मानित किया गया अथवा सभी भागियों को जलपान और टी शर्ट्स बांटी गई। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन अटल मैडिकल रिसर्च यूनिवर्सिटी नेर चौक मंडी द्वारा किया गया।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज जिला शिमला के जुब्बल क्षेत्र के कुड्डू के समीप चौड़ी कैंची में हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस दुर्घटना में चार लोगों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। यह बस कुड्डू से गिलटाड़ी जा रही थी। इस दुर्घटना में तीन अन्य लोग गम्भीर रूप से घायल हुए हैं। राज्यपाल ने घटना पर दुख व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को तत्काल फौरी राहत प्रदान करने और नागरिक अस्पताल रोहड़ू में उपचाराधीन घायलों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घटना में मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की है। उप-मुख्यमंत्री ने बस हादसे पर शोक व्यक्त किया और घटना में मृत*कों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति और इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज रिज पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में योग क्रियाएं की। आयुर्वेद विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अन्य व्यक्तियों ने भी योग में भाग लिया। इस अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह गर्व की बात है कि आज पूरा विश्व योगमय हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है और सम्पूर्ण विश्व इसे अपना रहा है। योग हमें प्राचीन संस्कृति, परम्परा और अध्यात्म से जोड़ता है। यह व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है। वर्तमान में अधिकांश बीमारियां मानसिक स्वास्थ्य से संबन्धित होती है और मन को दृढ़ करने के लिए व्यक्ति को जीवन में योगाभ्यास अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग जीवन जीने की पद्धति है और लोगों को योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। यह हमारे जीवन की नकारात्मकता को दूर करने में भी मदद करता है। योग हमें प्रकृति के भी करीब लाता है, जिससे हम शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहते हैं। इस अवसर पर विधायक जे.आर. कटवाल, वरिष्ठ अधिकारी, स्कूल के विद्यार्थी और लोगों ने यौगिक क्रियाएं की। इससे पहले, राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश के योगाध्ययन विभाग के डॉ. सत्य प्रकाश पाठक द्वारा राजभवन में आयोजित किए गए योग और ध्यान कार्यक्रम में भाग लिया। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा और स्टाफ के अन्य सदस्यों ने भी योगासन किए।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले की जुब्बल तहसील के तहत कुडडू से गिल्टाड़ी की ओर जा रही हिमाचल पथ परिवहन निगम रोहडू डिपो की बस के दुर्घनाग्रस्त होने से चालक, परिचालक सहित चार लोगों की मौ*त हो गई। हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घाय*ल हुए हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से दुर्घटना स्थल पर पहुंच कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, परिवहन निगम की बस सुबह करीब छह बजे कुडडू से गिल्टाड़ी गांव के लिए रवाना हुई। बस में चालक-परिचालक सहित सात लोग सवार थे। करीब चार किलोमीटर चलने के बाद बस पहाड़ी में ऊपर वाली सड़क से लुढक कर नीचे की सड़क पर रूकी है। इस हादसे में दो लोगों की मौके पर मौ*त हो गई, दो ने अस्पताल पहुंचने से पहले दंम तोड़ा है। तीन लोगों को उपचार के लिए रोहडू अस्पताल पहुंचा दिया है। मृत*कों में चालक व परिचालक बताए जा रहे है। एसडीएम रोहडू ने मौके पर पहुंचे। हादसे के कारण का पता नहीं चला है। एसडीएम जुब्बल राजीव सांख्यान ने हादसे की पुष्टि की है।
निदेशक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राम कुमार गौतम ने बताया कि प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को ओटीपी के माध्यम से राशन वितरित करने के लिए 20 जून से 30 जून, 2024 तक ट्रायल रन करवाएगी। इसके अंतर्गत उचित मूल्य दुकानधारकों द्वारा राशन कार्ड में दर्ज सदस्यों में से किसी एक सदस्य के आधार से जुड़े मोबाईल नम्बर पर ओटीपी भेजा जाएगा तथा उनसे मोबाईल पर सम्पर्क करके ओटीपी की जानकारी ली जाएगी। प्रदेश में वर्तमान में कुल 1960467 राशन कार्ड धारक हैं जिनकी संख्या 7299045 है। इनमें से 99.84 प्रतिशत लोगों के आधार तथा 94.40 प्रतिशत का मोबाईल नम्बर दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को ओटीपी प्राप्त होने के बारे में जानकारी हां या न में देनी होगी तथा ओटीपी किसी भी उचित मूल्य दुकानदार या अन्य किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना है। उन्होंने कहा कि इस ट्रायल का उद्देश्य भविष्य में बायोमेट्रिक सेल में किसी प्रकार की समस्या आने पर ओटीपी के माध्यम से राशन वितरित करने की सम्भावना को तलाशना है ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सभी दुकानदार, प्रत्येक राशनकार्ड में दर्ज किसी एक व्यक्ति के मोबाईल पर ओटीपी भेज कर उस व्यक्ति से फोन पर सम्पर्क करके ओटीपी प्राप्त होने की पुष्टि करेंगे। यदि ओटीपी उपभोक्ता को प्राप्त होता है तो वे उस सदस्य की प्रविष्ट अपने पास दर्ज कर लेंगे ताकि भविष्य में राशन लेने के लिए उसके मोबाईल पर ओटीपी भेजा जा सके। यदि उस व्यक्ति के मोबाईल पर ओटीपी नहीं आता है तो उचित मूल्य दुकानधारक उसी राशन कार्ड में दर्ज किसी अन्य व्यक्ति के मोबाईल पर ओटीपी भेजेगा और ओटीपी प्राप्ति की पुष्टि होने के बाद सम्बंधित व्यक्ति का रिकार्ड अपने पास दर्ज कर लेगा। उन्होंने कहा कि सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे केवल ओटीपी प्राप्त होने या न होने के बारे में जानकारी उचित मूल्य दुकानधारक के साथ साझा करें और किसी भी सूरत में ओटीपी उचित मूल्य दुकानधारक या किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें। जब कोई व्यक्ति स्वेच्छा से ओटीपी के माध्यम से राशन लेना चाहेगा उस स्थिति में ही राशन कार्ड ओटीपी उचित मूल्य दुकानधारक के साथ साझा करेगा।
हर महीने की तरह इस बार भी हिमाचल में बनीं सात दवाओं समेत देशभर की 50 दवाएं मानकों पर सही नहीं उतरी हैं। मई माह में ड्रग अलर्ट में इसका खुलासा हुआ है। प्रदेश में संक्रमण, उच्च रक्तचाप, मांसपेशियों की कमजोरी, बुखार, अल्सर और खांसी की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। सोलन जिले की चार, सिरमौर जिले की दो व ऊना के एक दवा केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन ने देशभर के दवा उद्योगों से सैंपल लिए थे। इनमें हिमाचल के सात सैंपल सही नहीं पाए गए। हिमाचल में औद्योगिक क्षेत्र झाड़माजरी की अमेस्टर लैब कंपनी की संक्रमण की दवा सेफिक्सीम, सिरमौर के कालाअंब स्थित विद्याशय फार्मास्युटिकल कंपनी की उच्च रक्तचाप की दवा कार्वेडिलोल, बद्दी के संडोली स्थित हेल्थ बायोटेक कंपनी की मांसपेशियों की कमजोरी की दवा नियोस्टिग्माइन मिथाईल, सिरमौर के कालाअंब स्थित कासपेन फार्मास्युटिकल कंपनी की बुखार की दवा डाईफेंहाइड्रमिन, बद्दी के मानपुरा स्थित वीआईपी फार्मास्युटिकल कंपनी की अल्सर की दवा रेबिप्रोजोल, ऊना जिले की स्विश गेम्स बायोटेक कंपनी की उच्च रक्तचाप की दवा टेलमीसार्टन, साई रोड़ बद्दी स्थित एमडीसी फार्मास्युटिकल कंपनी की खांसी की दवा एसिटाइलसिस्टी एब्रोक्सोल दवा के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए। राज्य ड्रग नियंत्रक मनीष कपूर ने सैंपल फेल होने की पुष्टि करते हुए बताया कि विभाग ने जिन उद्योगों के सैंपल फेल हुए है ,उन्हें नोटिस जारी कर दिए हैं। इन उद्योगों को बाजार से स्टॉक वापस मंगवाने को कहा गया है। विभाग की ओर से अपने स्तर पर इन दवाओं के सैंपल भी लिए जाएंगे
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक में पुलिस विभाग में आरक्षी (कांस्टेबल) के 1226 पदों पर भर्ती के लिए उम्मीदवारों की अधिकतमत आयु सीमा में एक वर्ष की छूट देने को स्वीकृति प्रदान की गई। इस छूट के साथ अब सामान्य वर्ग के उम्मीदवार 18 से 26 वर्ष की आयु तक, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, गोरखा, प्रतिष्ठित खिलाड़ी 18 से 28 वर्ष तक और होमगार्ड 20 से 29 वर्ष की आयु तक पुलिस विभाग में कांस्टेबल पद की भर्ती के लिए पात्र होंगे। मंत्रिमण्डल ने नौनिहालों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षा विभाग में 6297 प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षकों की नियुक्ति सहित विभिन्न सरकारी विभागों में 6630 से अधिक पद सृजित कर इन्हें भरने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में चिकित्सा अधिकारियों के 200 पद सृजित करने और भरने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, मंत्रिमण्डल ने राज्य के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रोफेसर, एसोशिएट प्रोफेसर तथा सहायक प्रोफेसर के 22 पद भरने को मंजूरी प्रदान की। लोगों को घर-द्वार के निकट बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नाहन में प्रोफेसर के तीन तथा एसोशिएट प्रोफेसर के दो पद, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नैरचौक, मंडी में प्रोफेसर के दो तथा एसोशिएट प्रोफेसर का एक पद, पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चंबा में विभिन्न विभागों में प्रोफेसर के चार तथा एसोशिएट एवं सहायक प्रोफेसर के पांच-पांच पद भरे जाएंगे। इसके अतिरिक्त टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में आपाकालीन चिकित्सा अधिकारी के आठ पद सृजित कर भरने तथा चंबा चिकित्सा महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के पांच पद सृजित कर भरने सहित दोनों चिकित्सा महाविद्यालयों में ट्रॉमा सेंटर क्रियाशील बनाने के लिए स्टाफ नर्स, ऑपरेशन थियेटर सहायक, तकनीशियन, मल्टी टास्क वर्कर इत्यादि सहायक स्टाफ को नियुक्त करने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में विभिन्न श्रेणियों के 84 पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया। बैठक में राज्य में नवगठित फोर लेन नियोजन क्षेत्रों के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 13 पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की गई। युवा सेवाएं एवं खेल विभाग में युवा आयोजकों के चार पद भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य सरकार और राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बोर्डों, निगमों, स्थानीय निकायों के अंतर्गत ग्रुप सी के पदों की सीधी भर्ती को हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के तहत लाने का निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल ने जिला कांगड़ा के देहरा में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियन्ता कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय खोलने को स्वीकृति प्रदान की। हालांकि देहरा विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण इस संबंध में अधिसूचना बाद में जारी की जाएगी। बैठक में जिला ऊना के हरोली में विद्युत बोर्ड का मण्डलीय कार्यालय खोलने को भी मंजूरी प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने प्रदेश में पर्यटन को प्रोत्साहन प्रदान करने और होम-स्टे का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में एक मंत्रिमण्डलीय उप-समिति भी गठित करने का निर्णय लिया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी इस समिति के सदस्य होंगे। इसके अलावा संसाधनों के सृजन के लिए सुझाव देने के उद्देश्य से उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमण्डलीय उप-समिति को स्वीकृति प्रदान की गई। कृषि मंत्री चंद्र कुमार, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी इस उप-समिति के सदस्य होंगे। मंत्रिमण्डल ने प्रदेश में वनों की आग, सूखे की स्थिति, जल संकट और मानसून की स्थिति की भी समीक्षा की।
कनिष्ठ अभियंता (दूरसंचार) उत्तर रेलवे शिमला हरिहर थमसोए ने कहा कि उत्तर रेलवे के सोलन-सलोगड़ा खण्ड में रेलवे द्वारा नए क्वाड केबल डालने का कार्य चल रहा है। इस दौरान राष्ट्रीय उच्च मार्ग 05 तथा सोलन-शिमला हाईवे पर रेलवे क्रॉसिंग संख्या 5ए (चम्बाघाट) के पास रेलवे चारदीवारी के भीतर इस केबल को डालने के लिए रोड कटिंग होनी है जिससे यह केबल सड़क को क्रॉस कर के जा सके। कनिष्ठ अभियंता ने कहा कि 18-19 जून, 2024 को मध्यरात्रि उपरांत तड़के 02.00 बजे से 02.45 बजे तक रेलवे फाटक आंशिक रूप से बंद रहेगा।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि प्रदेश में सूखे की स्थिति के मद्देनज़र लोगों को पेयजल के साथ-साथ अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्राकृतिक स्त्रोतों में पेयजल की कमी, पेयजल आपूर्ति, पेयजल वितरण व पेयजल योजनाओं को हुए नुकसान की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इस गंभीर स्थिति से निपटने और लोगों को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि हालात सामान्य होने तक जल शक्ति विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। विभाग द्वारा सख्त दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालयों में उपस्थित रहेंगे। यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी छुट्टी पर है तो वह तुरंत अपने तैनाती कार्यालय में रिपोर्ट करें। उन्होंने कहा कि विभाग के प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंताओं को पेयजल आपूर्ति की कमी से संबंधित समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि राज्य की जनता को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर कदम उठाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवाओं को स्वावलम्बी बनने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश में 364 तकनीकी एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा प्रदान कर उनका कौशल संवर्धन किया जा रहा है। इन संस्थानों में सुचारू रूप से बच्चों को प्रशिक्षण मिले, इसलिए तकनीकी शिक्षा विभाग में युक्तिकरण प्रक्रिया को शुरू किया गया है। विभाग द्वारा विभिन्न श्रेणियों के लगभग 80 कर्मचारियों का युक्तिकरण किया गया है। इस कदम से व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षु लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही तकनीकी संस्थानों को सुदृढ़ बनाने के लिए पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के दृष्टिगत आधुनिक शैक्षणिक पाठ्यक्रम आरम्भ किए गए हैं। युवाओं को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान दिया जा रहा है। इंजीनियरिंग महाविद्यालयों और बहुतकनीकी संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग जैसे नवीन पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं। विभाग द्वारा युवाओं के लिए बेहतर प्लेसमेंट के अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं।
**ठहरने के लिए कम पड़ रही सराय **बहुत ज़रूरी होने पर ही करे यात्रा, चुड़ेश्वर सेवा समिति ने की अपील सिरमौर व शिमला जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चूड़धार में इन दिनों श्रद्धालुओ का भारी तांता लगा हुआ है। मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ने के कारण इन दिनों चूड़धार जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है। खासकर विकेंट में शनिवार व रविवार को 7 से 8 हजार श्रद्धालु चूड़धार पहुंच रहे है। बता दे की हजारों की संख्या में जुट रही श्रद्धालुओ की अप्रत्याशित भीड़ को देखकर प्रशासन व चुड़ेश्वर सेवा समिति भी हैरान व प्रशासन है। इन दिनों क्षमता से चार गुना अधिक श्रद्धालु चूड़धार पहुंच रहे है। चूड़धार में चुड़ेश्वर सेवा समिति की सराय व मंदिर कमेटी की सराय में लगभग 3000 हजार श्रद्धालुओ के ठहरने की व्यवस्था है। हैरान करने वाली बात यह है कि रोजाना सात हजार से आठ हजार श्रद्धालु चूड़धार पहुंच रहे है। ऐसे में चुड़ेश्वर सेवा समिति व मंदिर कमेटी को श्रद्धालुओ को ठहराने और उनके लिए खाने की व्यवस्था करने में मुश्किल पैदा हो रही है। नतीजन अधिकतर श्रद्धालु को बाहर खुले आसमान के नीचे रातें गुज़ारनी पड़ रही हैं।समिति ने अपील की है कि चूड़धार यात्रा तभी करें यदि बहुत आवश्यक हों वरना अगले कुछ समय बाद ही यात्रा का कार्यक्रम बनायें। वहाँ पर सुविधाएँ सीमित होने के कारण बहुत कष्ट उठाना पड़ सकता है।
**प्रदेश सरकार आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी जिला चम्बा के डलहौजी के खजियार में एनआरआई दम्पति पर हमले से सम्बंधित मामले में अमृतसर में दम्पति द्वारा जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मामले की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस को इस मामले में विस्तृत जांच कर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। खजियार में गत दिनों एक स्पैनिश-पंजाबी दम्पति पर कुछ लोगों ने हमला किया था। इस मामले में प्रदेश पुलिस, अमृतसर पुलिस स्टेशन से आने वाली जानकारी के आधार पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग अपनी सादगी और सौम्य स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। हिमाचल में प्रत्येक वर्ष देश-विदेश के विभिन्न कोनों से पर्यटक घूमने आते हैं। प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटकों को सुरक्षित माहौल प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग अतिथि देवो भवः की भावना से पर्यटकों का आतिथ्य सत्कार करते हैं। यह घटना 11 जून, 2024 को पर्यटन नगरी डलहौजी की पार्किंग में हुई थी, जहां दो पक्षों के बीच हुई कहा-सुनी ने झगड़े का रूप ले लिया था। इस मामले में स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई। स्थानीय पुलिस द्वारा पर्यटक दम्पति को हर प्रकार से सहयोग प्रदान किया गया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर पर्यटकों को प्राथमिक उपचार के लिए चम्बा हॉस्पिटल पहुंचाया। दम्पति ने चिकित्सा जांच व मामला दर्ज करवाने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस की उपस्थिति में दोनों पक्षों द्वारा समझौता किया गया।
**सिर्फ़ मित्रों के भले के लिए काम कर रही है सुक्खू सरकार शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी प्रेस वक्तव्य में कहा कि सुक्खू सरकार की स्टार्टअप योजना का क्या हुआ? इस योजना का लाभ कब से प्रदेश के युवाओं को मिलना शुरू होगा। चुनाव के समय कांग्रेस ने गारंटी दी थी कि सरकार बनने पर हर विधानसभा क्षेत्र के युवाओं के लिए 10 करोड़ के हिसाब से 680 करोड़ रुपए के स्टार्टअप फण्ड का प्रबंध करेगी, जिससे युवा अपने लिए रोज़गार के साधन जुटाए और अन्य लोगों को रोज़गार भी देंगे। कांग्रेस के कई नेताओं ने इसके लिए चुनाव से पूर्व ही युवाओं से फॉर्म भी भरवा लिए थे। चुनाव के एक साल तक सरकार इस फण्ड के नाम पर ख़ामोश रही। गत नवंबर माह में सरकार ने इस योजना के प्रथम चरण की शुरुआत की विधिवत घोषणा की अख़बारों में बड़े-बड़े इश्तेहार छपे, सड़कों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगे। सरकार ने इस योजना के तहत उत्पादन इकाई लगाने के बजाय, इलेक्ट्रिक व्हीकल की ख़रीद में सब्सिडी देने की बात की। हज़ारों की संख्या में प्रदेश के युवाओं ने आवेदन भी किया। लेकिन योजना की घोषणा हुए आठ महीनें का समय बीत गया लेकिन अभी तक एक भी युवा को इस योजना का लाभ नहीं मिला। एक भी टैक्सी इस योजना के तहत अभी तक ख़रीदी नहीं जा सकी। जयराम ठाकुर ने कहा कि क्या इलेक्ट्रिक टैक्सी ख़रीदने में इतना समय लगता है। इस सरकार की मंशा ही नहीं है कि वह प्रदेश के लोगों का काम करे। यह स्टार्टअप के लिए आर्थिक सहायता का इंतज़ार कर रहे प्रदेश के युवाओं के साथ धोखा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने भाजपा की सरकार द्वार शुरू की स्वावलंबन योजना को भी बंद कर दिया। बंद करने के पहले स्वीकृत हुई योजनाओं का बजट भी नहीं जारी किया है। कुछ ऐसे भी युवा है जिन्हें कुछ किश्तें मिली है लेकिन बाक़ी की किश्तें नहीं दी जा रही हैं। ऐसे में युवाओं को सरकार ने जानबूझकर अधर में लटका दिया है। सरकार युवाओं को लाखों की संख्या में रोज़गार देने का वादा करके सत्ता में आई थी लेकिन सरकार न ख़ुद ही लोगों को रोज़गार दे रही है न ही उद्यमशील युवाओं को लोगों को नौकरी देने दे रही है। पूर्व सरकार में स्वावलंबन योजना के तहत प्रदेश में कुल 721 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। सरकार की ओर से इस योजना के तहत 200 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई। इसमें कुल 4377 ईकाइयां मंज़ूर हुई। जिनसे 11 हजार 674 लोगों को रोजगार मिला। यदि इस योजना राजनीतिक द्वेष की वजह से बंद नहीं किया गया होता तो प्रदेश में रोज़गार के हज़ारों साधन और राजस्व पैदा होता। लेकिन सूक्खू सरकार की अदूर्रशिता और बदले की भावना से काम करने की वजह से प्रदेश के युवाओं को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस समय मुख्यमंत्री सिर्फ़ और सिर्फ़ मित्रों के भले के लिए काम कर रहे हैं। सिर्फ़ मित्रों के हितों की रक्षा करने के लिए काम कर रहे हैं। प्रदेश के युवाओं को रोज़गार देने की बजाय वह कैबिनेट रैंक देने और अपनी सरकार बचाने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि झूठे वादे बहुत हो गए, इधर-उधर की बातें बहुत हो गई। अब सरकार बने डेढ़ साल से ज़्यादा का समय हो गया है। अब सुक्खू सरकार जल्दी से जल्दी स्टार्टअप फंड का बजट जारी करे।
हिमाचल प्रदेश उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने दो विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। हिमाचल की हमीरपुर सीट के लिए कांग्रेस ने पुष्पेंद्र वर्मा को टिकट दिया है तो वहीं नालागढ़ के लिए हरदीप सिंह बावा को कैंडिडेट बनाया है। फिलहाल, देहरा विधानसभा के लिए कांग्रेस ने अभी प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की है। हमीरपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा विधानसभा 2022 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। त्रिकोणीय मुकाबले में वह दूसरे नंबर पर रहे थे, जबकि भाजपा के प्रत्याशी तीसरे नंबर पर। उस वक़्त इंडिपेंडेंट कैंडिडेट आशीष शर्मा ने जीत हासिल की थी। अब इस बार दूसरी बार पुष्पेंदर वर्मा और आशीष शर्मा आमने सामने है। उधर, नालागढ़ सीट से हरदीप सिंह बावा भी पहले कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। 2022 के आम चुनावों में कांग्रेस की ओर से हरदीप सिंह बावा कांग्रेस, लखविंद्र राणा बीजेपी और केएल ठाकुर ने आजाद प्रत्याशी के तौर पर लड़ा था।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार सोलन जिले के कण्डाघाट में दिव्यांगजनों के लिए उत्कृष्ट शिक्षा केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित करने जा रही है। विशिष्ट सुविधाओं से सुसज्जित इस केंद्र में 27 वर्ष की आयु तक के विशेष रूप से सक्षम बच्चों के लिए आवासीय सुविधाएं, खेल मैदान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सहित व्यापक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए परियोजना को समयबद्ध पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना को दो वर्ष के भीतर पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और इसके लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया जाएगा। सोलन के कण्डाघाट क्षेत्र के टिक्करी गांव में 45 बीघा सरकारी भूमि को चिन्ह्ति कर, इस परियोजना को स्थापित करने के लिए भूमि का स्वामित्व सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग को दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग को कंटूर मैपिंग करने तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि डीपीआर तैयार होने के पश्चात निविदा प्रक्रिया आरम्भ की जा सके। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस केंद्र के माध्यम से 300 दिव्यांग विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। विभाग ने इस परियोजना को तैयार करने के लिए प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए विभाग ने विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों का अध्ययन किया है तथा दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रमों की पहचान की है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र की रूपरेखा तैयार करने के लिए दृष्टि एवं श्रवण बाधित विशेषज्ञों तथा समग्र क्षेत्रीय केंद्र सुंदरनगर के प्रतिनिधियों की एक समिति गठित की गई है। परियोजना को और बेहतर बनाने के लिए चेन्नई में ‘दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण संस्थान’ का दौरा करने की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य संस्थान के उत्कृष्ट मॉडल का अध्ययन करना है ताकि कण्डाघाट केंद्र में सर्वश्रेष्ठ सुविधाओं को शामिल किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में प्रदेश सरकार ने समाज के वंचित वर्गों के कल्याण एवं उत्थान के लिए अनेक नवोन्मेषी कदम उठाए हैं।
शिमलाः मैदानी राज्यों में गर्मी की मार इस कदर पड़ रही है कि अब कूलर-एसी भी काम कर नहीं रहा है। इस बीच लोग पहाड़ी राज्यों की तरफ निकल रहे हैं। ऐसे में हिमाचल और उत्तराखंड से सटे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और यूपी के लोग लाखों की संख्या में पहुंच रहे हैं। पहाड़ों पर लोगों की भीड़ का आलम यह है कि ट्रैफिक जाम के साथ-साथ होटलों की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक पर्यटकों की भारी आमद के कारण पिछले दो हफ्तों में राज्य की राजधानी और देश के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक शिमला को पांच लाख से अधिक वाहन पार कर चुके हैं। इसमें सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट से शहर में एंट्री करने और बाहर निकलने वाले सभी प्रकार के वाहन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार तक 13 दिनों में शहर में 5,12,345 वाहन आए, जो शहर की कुल क्षमता की तुलना में बहुत बड़ी संख्या है। प्रतिदिन औसतन 25,000 से अधिक वाहन शहर में प्रवेश कर रहे हैं और बाहर निकल रहे हैं। शिमला के पुलिस अधीक्षक (एसपी) संजीव गांधी ने कहा कि शहर में पिछले दो हफ्तों में रिकॉर्ड संख्या में वाहनों की आमद देखी गई है। भारत के विभिन्न राज्यों में बढ़ती गर्मी हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों के लिए वरदान साबित हो रही है। भारी गर्मी से बचने के लिए सैलानी लगातार पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। ऐसे में हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू की बात करें तो यहां पर मनाली, बंजारा, मणिकर्ण सहित अन्य पर्यटन स्थल इन दिनों सैलानियों से गुलजार है।
गर्मी से झुलस रहे हिमाचल के लिए बड़ी खुशखबरी है। अगर मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही रहा तो हिमाचल में 18 जून से मौसम बदलना शुरू हो जाएगा। मौसम के करवट बदलते ही 19 से 21 जून के बीच हिमाचल के कई हिस्से राहत की रिमझिम से रू-ब-रू होंगे। मौसम विभाग की मानें तो 19 जून से हिमाचल में प्री मानसून की बारिश शुरू हो जाएगी और उसके बाद 21 जून तक इसका असर रहेगा। फिर 22 जून को ड्राई मौसम का अनुमान है, जबकि इसके बाद फिर मानसून शुरू हो जाएगा। मौसम में संभावित परिवर्तन की बावजूद 17 और 18 जून को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में हीटवेव का असर देखने को मिलेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 40 डिग्री के आसपास रह सकता है। पिछले 24 घंटे में भी मौसम विभाग के अनुसार राज्य के सिरमौर और मंडी में गंभीर हीट वेव देखने को मिली है, जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, शिमला, सोलन, कांगड़ा और कुल्लू में भी गर्मी का असर देखा गया है। यदि तापमान की बात करें तो सबसे ज्यादा तापमान कांगड़ा के देहरा गोपीपुर में 40 डिग्री दर्ज किया गया है, जबकि सबसे कम लाहुल -स्पीति के कुकुमसेरी में 7.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया है। पिछले 24 घंटे में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई अंतर नहीं आया है। मौसम विभाग के अनुसार एक नया पश्चिम विक्षोभ तैयार हो रहा है, जिसका असर दो दिन के बाद से देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गत सायं ऐतिहासिक रिज मैदान के पदम कम्पलैक्स में ‘इंदिराज हिमाचल-टूवर्ड्ज़ न्यू फ्रंटियर्ज’ प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस प्रदर्शनी के माध्यम से भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के योगदान को प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का राष्ट्र निर्माण में असाधारण योगदान रहा है। उनकी कूटनीति से देश को विश्व भर में एक विशेष पहचान मिली। यह प्रदर्शनी आमजन से उनके लगाव, उनके जीवन संघर्ष, हिमाचल एवं प्रदेश के लोगों के प्रति लगाव एवं उनकी विरासत को नए परिप्रेक्ष्य में दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी भारत की पहली प्रधानमंत्री थीं, जिन्होंने देश की सेवा करते हुए अपना जीवन बलिदान किया। प्रदर्शनी में दर्शाए गए अधिकतर छायाचित्र इंदिरा गांधी मैमोरियल ट्रस्ट नई दिल्ली की आरकाईव का हिस्सा हैं। यह प्रदर्शनी छायाचित्र के माध्यम से उनकी सामाजिक और राजनीतिक जीवन यात्रा को दर्शाती है जब वह पहली बार प्रधानमंत्री बनीं। इसके अलावा यह प्रदर्शनी उनके 1966-71, 1971-77 और 1980-84 के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल तथा 1977-80 के उनके विपक्ष के नेता के कार्यकाल पर प्रकाश डालती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी का हिमाचल प्रदेश के प्रति गहरा लगाव था और यहां के विकास लिए उनके दूरदर्शी प्रयासों को हिमाचलवासी सदैव याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के नेतृत्व में 25 जनवरी, 1971 को हिमाचल प्रदेश को आधिकारिक रूप से पूर्ण राज्यत्व का दर्जा मिला और यह देश का 18वां राज्य बना। उस पल कोे हिमाचल प्रदेश की विकास गाथा का एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी पूर्ण राज्यत्व प्राप्ति दिवस पर भारी बर्फबारी के बावजूद शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित समारोह में शामिल हुईं, जो उनके प्रदेश के प्रति गहरे लगाव को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी की विकास संबंधी पहलों से प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उनके प्रयासों से कृषि एवं बागवानी उत्पादकता के बढ़ने से यहां के मेहनतकश लोगों को खाद्य सुरक्षा एवं आर्थिक सुदृढ़ता सुनिश्चित हुई है और किसानों एवं बागवानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने प्रदेश के बुनियादी संपर्क के ढांचे के सुदृढ़ीकरण के अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में प्रतिष्ठित अकादमिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं अन्य संस्थान स्थापित हुए। यह संस्थान आज प्रदेश के विकास में उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के साथ इंदिरा गांधी का आत्मिक जुड़ाव भी रहा है। राजनीतिक जीवन त्यागने के उपरांत इंदिरा गांधी की मशोबरा की पहाड़ियों में बसने की चाह तथा राजीव गांधी द्वारा हिमालय पर उनकी अस्थियों को विसर्जित करने की इच्छा इस क्षेत्र के लिए उनके एवं उनके परिवार के गहरे प्रेम को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने इस आकर्षक प्रदर्शनी के लिए ईका आरकाईविंग सर्विसिज के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छायाचित्रों के उल्लेखनीय संग्रह वाली यह प्रदर्शनी हिमाचल की प्रगति और समृद्धि के लिए इंदिरा गांधी की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है और उनकी ‘‘हिमालय की बेटी’’ की छवि को स्थापित करती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, उपायुक्त अनुपम कश्यप सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मण्डी मध्यस्थता योजना के तहत सभी लंबित देनदारियों के निपटारे के लिए 153 करोड़ रुपये जारी: मुख्यमंत्री
**हाटू मंदिर तक रोपवे स्थापित करने की संभावनाएं तलाश रही सरकार: मुख्यमंत्री **मुख्यमंत्री ने हाटू माता मंदिर में की पूजा-अर्चना मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला जिला के ठियोग विधानसभा क्षेत्र के नारकण्डा का दौरा किया और स्थानीय लोगों से भेंट कर जन समस्याएं सुनीं। उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न प्रतिनिधिमण्डलों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार प्रदेश सरकार ने मण्डी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत सेब उत्पादकों की सभी देनदारियों का भुगतान किया है। राज्य सरकार ने पिछली भाजपा सरकार की 90 करोड़ रुपये की देनदारी सहित सभी देनदारियों को निपटाने के लिए 153 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों और बागवानों को सेब कीटनाशकों और उर्वरकों इत्यादि पर मिलने वाली सब्सिडी को पिछली भाजपा सरकार ने बंद कर दिया था लेकिन वर्तमान राज्य सरकार ने इसे बहाल कर दिया है। किसानों को अब गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राज्य सरकार ने सेब के समर्थन मूल्य में 1.50 रुपये प्रति किलोग्राम की ऐतिहासिक वृद्धि की है, जिससे सेब का समर्थन मूल्य अब 12 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। गत वर्ष प्रदेश सरकार ने प्रति किलोग्राम के आधार पर सेब की बिक्री सुनिश्चित की थी तथा इस वर्ष यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष बरसात में आपदा के दौरान राज्य सरकार ने क्षतिग्रस्त सड़कों को बहाल करने के लिए पंचायतों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाई। किसानों को वित्तीय हानि से बचाने के लिए राज्य सरकार ने सेब को मंडियों तक पहुंचाने की सुविधा प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के तहत नारकण्डा क्षेत्र की 173 लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में तीन महीने की सम्मान निधि के रूप में 4500 रुपये हस्तांतरित किए हैं और शेष आवेदनों की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत शिमला जिला में 2569 महिलाओं को 4500 रुपये प्रति महिला प्रदान किए गए हैं, जिसपर कुल 1.15 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला जिला के ऊपरी क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नारकण्डा में आइस स्केटिंग रिंक स्थापित करने के लिए 5 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं और यहां एक बहुउद्देशीय खेल हॉल भी निर्मित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए ढली से नारकंडा सड़क को फोर लेन राजमार्ग के रूप में स्तरोन्नत करने और सुरंगों की सुविधा प्रदान करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ शीघ्र ही इस परियोजना पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार हाटू मंदिर तक रोपवे स्थापित करने पर भी विचार कर रही है और पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए हाटू मंदिर सड़क को चौड़ा करने की योजना पर कार्य कर रही है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने हाटू माता मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश के लोगों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने नारकण्डा परिधि में एक पौधा भी रोपित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर, विधायक कुलदीप राठौर, राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेन्द्र श्याम, पूर्व विधायक राकेश सिंघा, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित थे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने शनिवार सायं ऐतिहासिक रिज मैदान पर चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल भी उपस्थित रहीं। राज्यपाल ने कहा कि इस तरह के आयोजन हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मोत्सव में आयोजित किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय लोगों और पर्यटकों को हिमाचल की लोक कला के विविध रंगों से अवगत करवाते हैं। शिमला के उपायुक्त एवं शिमला ग्रीष्मोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष अनुपम कश्यप ने राज्यपाल का स्वागत किया और उन्हें हिमाचली टोपी, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने इस अवसर पर लेडी गवर्नर, लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह और स्थानीय विधायक हरीश जनारथा को भी सम्मानित किया। राज्यपाल ने सांस्कृतिक संध्या का भी आनंद उठाया। ‘नाटी किंग’ कुलदीप शर्मा की प्रस्तुति सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण रही। इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी और जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते रोज़ प्रदेश के आठ जिलों ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला, मंडी और सिरमौर में लू चली। नौ क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से ज्यादा रिकॉर्ड हुआ। लगातार बढ़ रही गर्मी ने जनजीवन बेहाल कर दिया है। न्यूनतम पारा चढ़ने से रात को भी राहत नहीं मिल रही है। 17 जून तक प्रदेश में लू चलने के आसार हैं। 18 जून से प्रदेश में प्री मानसून की बौछारें पड़ने से कुछ राहत मिलने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में 18 से 21 जून तक बारिश के आसार हैं। जून के अंत तक प्रदेश में मानसून के प्रवेश करने का पूर्वानुमान है। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में शनिवार को चटक धूप खिली। मैदानी जिलों के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी सूरज की तपिश बढ़ी है। प्रदेश के अधिकांश पर्यटन स्थल इन दिनों सैलानियों से गुलजार हो गए हैं। मैदानी राज्यों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत लेने के लिए सैलानी पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में इन दिनों अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री चल रहा है। मैदानी राज्यों में पारा 40 से 45 डिग्री के बीच पहुंच गया है। राजधानी शिमला, मनाली, डलहौजी, कसौली और धर्मशाला के अधिकांश होटलों में इन दिनों सैलानियों की ऑक्यूपेंसी फुल चल रही है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार और सोमवार को भी अधिकांश क्षेत्रों में लू चलने का येलो अलर्ट जारी किया है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की बेटी आस्था अग्निहोत्री ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में सहायक आचार्य का पदभार संभाला। विवि के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज यूआईएलए में आस्था की सहायक आचार्य के पद पर नियुक्ति हुई है। बीते शुक्रवार को हुई कार्यकारिणी परिषद की बैठक में विधि विभाग के दो, मैनेजमेंट के तीन, सहायक आचार्य पदों के लिफाफे खोले गए थे। इसमें उपमुख्यमंत्री की बेटी आस्था अग्निहोत्री भी शामिल थीं। शनिवार को पदभार संभालने के बाद डा. आस्था अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी सांझा की।
**योजनाओं की समयबद्ध समीक्षा और समुचित निगरानी के निर्देश दिए कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने बीते रोज़ कृषि विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। कृषि मंत्री ने विभागीय गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को लाभान्वित करने के लिए अधिकारियों को फील्ड स्तर पर जाकर कार्य सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी फील्ड में जाकर किसानों की समस्याएं सुनें और उनका निराकरण करने के लिए हर सम्भव प्रयास करें। उन्होंने कृषि क्षेत्र में नवाचारों को शामिल करने पर विशेष अधिमान देते हुए कहा कि वे नए सुझावों और वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित कार्यशैली अपनाएं। उन्होंने भू-संरक्षण और सिंचाई योजनाओं के कार्यान्वयन पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कृषि को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार अनेक योजनाएं कार्यान्वित कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें। कृषि क्षेत्र में सुदृढ़ होने से प्रदेश की आर्थिकी को संबल मिलेगा, साथ ही मुख्यमंत्री की आत्मनिर्भर हिमाचल की परिकल्पना को साकार करने में भी मदद मिलेगी। प्रो. चन्द्र कुमार ने आपसी समन्वय से कार्य करने तथा नई योजनाओं के बारे में सुझाव देने को भी कहा। उन्होंने योजनाओं की प्रगति की समयबद्ध समीक्षा करने और उनकी निरंतर निगरानी करने के निर्देश भी दिए। कृषि निदेशक कुमुद सिंह ने विभागीय गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा प्रदेश सरकार की योजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए समयबद्ध कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर अधिकारियों ने विभिन्न सुझाव दिए। बैठक में विभाग के सभी अधिकारी उपस्थित थे।
**आईजीएमसी में इंडोर टेस्ट बंद होने की खबरों पर बोले नेता प्रतिपक्ष शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से वक्तव्य जारी कर कहा कि सरकार ने पहले संस्थानों पर तालाबाज़ी की और अब आम लोगों को मिल रही सुविधाओं पर तालाबाज़ी कर रही है। जिससे प्रदेश के लोग परेशान हों। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों के माध्यम से पता चल रहा है कि आईजीएमसी में अब इंडोर टेस्ट बंद होने वाले हैं क्योंकि अस्पताल प्रशासन ने जांच में प्रयुक्त होने वाले रीजेंट्स का परचेज़ ऑर्डर ही नहीं दिया है। जिससे अस्पताल में भर्ती मरीज़ों की सामान्य से सामान्य जाँच नहीं हो पाएगी। अस्पताल में भर्ती मरीज़ों और उनके परिजनों को अब निजी लैब से यह जांच करवाने के लिए भटकना पड़ेगा। अस्पताल में भर्ती अस्वस्थ्य व्यक्ति के लिए यह किसी आफ़त से कम नहीं है। इस तरह से बीमारी के समय में भी सुक्खू सरकार प्रदेश के लोगों को परेशान करने का प्रयास कर रही है। जिससे यह साफ़ है कि सुक्खू सरकार को प्रदेश के लोगों के सुख-दुःख से कोई मतलब नहीं हैं। यह सरकार पूरी तरह संवेदनहीन सरकार है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता सम्भालने के बाद से ही प्रदेश सरकार का प्रदेश के लोगों से कोई लेना देना नहीं हैं। प्रदेश सरकार का हर फ़ैसला जनविरोधी और प्रदेश के लोगों को परेशानी देने वाला रहा। सत्ता में आते ही डीज़ल के दाम बढ़ा देने से लेकर संस्थान बंद करने के फ़ैसले से सुक्खू सरकार की जनविरोधी मंशा साफ़ दिखी। सरकार ने प्रदेश के अस्पतालों को भी नहीं बख्शा। पूर्व सरकार की जनहित योजनाओं को भी बंद करने या उनके बजट रोकने का भी काम किया। सुक्खू सरकार के निशाने पर स्वास्थ्य व्यवस्था भी रही। सत्ता में आने के बाद से लाखों लोगों के लिए लाइफ लाइन बनी हिमकेयर योजना का पैसा रोक दिया। जिससे लोगों का इलाज रुक गया। शेड्यूल हुए ऑपरेशन रुक गये। लोगों की डायलिसिस रुक गई। इसके बाद सरकार ने अस्पतालों में निःशुल्क जाँच करने वाली कंपनियों का पैसा रोक दिया । बार-बार पेमेंट का रिमाइंडर देने के बाद कंपनियों ने अस्पतालों में जांच भी बंद कर दी, तब भी सुक्खू सरकार तमाशाई बनी रही। अब अस्पताल में बेड पर लेटे हज़ारों मरीज़ों की इंडोर जांचे बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य व्यवस्था की जो उपेक्षा की जा रही है, वह दुःखद है। जब कोई भी व्यक्ति बीमार होता है उस समय उसे सहारे की सबसे ज़्यादा जरूरत होती है लेकिन वर्तमान सुक्खू सरकार उन्हें भी परेशान करने से बाज़ नहीं आ रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस तरह से काम नहीं चलेगा, सरकार हर ज़रूरतमंद का सहारा होती है इसलिए वह लोगों की मदद करे उन्हें परेशान नहीं। भाजपा सुक्खू सरकार के जनविरोधी और मनमानी वाले फ़ैसलों का डटकर विरोध करेगी।
**विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों के मैत्री कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के पूर्व विद्यार्थियों के दो दिवसीय ‘मैत्री’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने ‘मैत्री’ के इंटरनेशनल चैप्टर का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के साथ ही उन्हें बाहरी राज्यों से आने वाले विद्यार्थियों की संस्कृृति को समझने का अवसर भी मिला। उन्होंने कहा कि अनुभव से परिपक्वता और जीवन में आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में रहकर ही राजनीतिक संघर्ष सीखा है। विश्वविद्यालय में बिताए लम्हों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी कई अविस्मरणीय स्मृतियों को भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश विश्वविद्यालय में एससीए चुनाव करवाने की संभावनाएं तलाशेगी क्योंकि ये चुनाव विद्यार्थियों को समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्बंध में अधिकारियों से चर्चा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को लोभ और मोह से बचना चाहिए और समाज की निस्वार्थ सेवा करने की भावना आत्मसात करनी चाहिए। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत है। राज्य सरकार शिक्षा में सुधार के लिए भी कई अहम कदम उठा रही है। पहली कक्षा से ही सरकारी स्कूलों में इंग्लिश मीडियम पढ़ाई शुरू कर दी गई है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल बनाए जा रहे हैं ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों से भी जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा में बदलाव लाने जा रही है, ताकि नई तकनीक पर आधारित नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संसाधनों का सदुपयोग सुनिश्चित कर प्रदेश को देश का सबसे सम्पन्न राज्य बनाना चाहती है। प्रदेश की आय बढ़ाने के लिए कई क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है और वर्तमान सरकार वर्ष 2032 तक राज्य को सबसे समृद्ध राज्य बनाने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने 4000 अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाया है और 27 वर्ष तक उनकी शिक्षा और देख-रेख का दायित्व अब राज्य सरकार का है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित युवाओं का डाटा तैयार किया जा रहा है। जिला सोलन में कण्डाघाट क्षेत्र के टिक्करी में लगभग 300 दिव्यांगजनो को शिक्षा प्रदान करने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पूर्व छात्र एसोसिएशन के भवन के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपए देने की घोषणा भी की। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस अवसर पर तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार संजीव शर्मा की पुस्तक ‘जूनी’ पुस्तक का विमोचन किया जिसमें एक प्रेम कहानी के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के अनछुए पर्यटन स्थलों का विशिष्ट रूप से उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री ने जेपी शेखपुरा की ‘मैं और मेरी एचपी यूनिवर्सिटी’ और ‘यादें बुरांस की’ पुस्तक का विमोचन भी किया। यादें बुरांस की पुस्तक में 450 लेखकों ने अपना योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सक्षम चार विद्यार्थियों को एसोसिएशन का आजीवन फ्री मेम्बरशिप सर्टिफिकेट भी प्रदान किया। विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने छात्र जीवन के दिनों को याद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू विश्वविद्यालय के उनके पुराने साथी हैं। उस समय विश्वविद्यालय का माहौल बहुत अच्छा था और सभी एक-दूसरे की सहायता करते थे। विश्वविद्यालय में आनेवाले छात्रों को हर संभव मदद प्रदान की जाती थी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के लगभग 25 छात्र नेता वर्तमान हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में तीन विचारधाराओं का संगम होता है और यह संघर्ष की भूमि है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा सहित हजारों पूर्व विद्यार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इससे पहले, पूर्व छात्र एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. चंद्रमोहन परशीरा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कहा कि एसोसिएशन जिला शिमला के नेरी क्षेत्र को गोद लेकर उसमें अधोसंरचना विकास करेगी। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव सुन्दर सिंह ठाकुर, विधायक केवल सिंह पठानिया, उपायुक्त अनुपम कश्यप और देश-विदेश से आए विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थी भी शामिल हुए।
वीडियो वायरल होने के बाद सिरमौर जिला के कालाअंब पुलिस थाना में तैनात लापता हैड कांस्टेबल को हरियाणा के नारायणगढ़ क्षेत्र से ढूंढ निकाला है। इस खबर की पुष्टि मामले की जांच कर रहे क्राइम डिपार्टमेंट के स्टेट सीआईडी के डीआईजी डीके चौधरी ने की है। डीके चौधरी ने बताया कि देर शाम नारायणगढ़ क्षेत्र से हैड कांस्टेबल जसवीर को ढूंढ निकाला गया है। मामले में पूरी जानकारी एसपी सिरमौर की तरफ से सांझा की जाएगी। हैड कांस्टेबल जसवीर पूरी तरह से स्वस्थ है, जिसका मेडिकल करवाया जा रहा है। सूचना देने के बाद परिजन भी पहुंच गए हैं। मामले से जुड़ी अधिक जानकारी शनिवार को पत्रकारवार्ता में ही दी जाएगी।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से आज प्रदेश के सभी जिलों में 85 स्थलों पर मेगा मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। राज्य सचिवालय शिमला में इसके लिए कमांड सेंटर स्थापित किया गया था। कमांड सेंटर में विभिन्न जिलों में की जा गई मॉकड्रिल की निगरानी की गई। इस दौरान कमांड सेंटर शिमला में राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने उपायुक्तों से वर्चुअल माधम से बातचीत की और धरातल पर किए जा रहे अभ्यास के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि संचार स्थापित करने और प्रतिक्रिया में लगने वाले समय को न्यूनतम किया जाए ताकि जान-माल का जोखिम कम से कम हो। जगत सिंह नेगी ने कहा कि आपदा के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कम से कम समय में बिजली, पानी, चिकित्सा सुविधा लोगों तक पहुंचे। उन्होंने मनाली, कुल्लू, मंडी और लाहौल जैसे आपदा संभावित क्षेत्रों में आपातकालीन स्थिति में सैटेलाइट फोन के माध्यम से संचार स्थापित करने पर भी बल दिया। बागवानी मंत्री ने कहा कि रेडियो आधारित संचार आपात स्थित में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान संयुक्त सचेतक प्रणाली (सीएपी) की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस प्रणाली से आपदा से पूर्व ही लोगों को मोबाइल पर संदेश भेजकर दूसरी जगह स्थानांरित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के लिए इस तरह के कार्यक्रम समय समय पर आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंनेे कहा कि आगामी समय में कई जगहों पर वेदर स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे जिससे आपदा का जोखिम कम करने में सहायता मिलेगी। जगत सिंह नेगी ने हिमस्खलन से संभावित खतरे को लेकर सेंसर तकनीक का इस्तेमाल करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भी बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने आपदा के प्रति जागरुकता सामग्री का विमोचन किया। नेगी ने आपातकालीन ऑपरेशन केंद्र (ईओसी) का भी दौरा किया। विशेष सचिव आपदा प्रबंधन डीसी राणा ने जगत सिंह नेगी को आपदा के दौरान सचेत, आरएमएस रिलीफ, समर्थ, मेघदूत, दामिनी, मौसम और ड्रोन मैपिंग एप्पीलीकेशन के महत्व के बारे में जानकारी दी। एनडीआरएफ के वरिष्ठ सलाहकार मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) सुधीर बहल ने सभी जिलों से मॉकड्रिल के दौरान पेश आई चुनौतियों के बारे में जानकारी ली और समस्याओं के समाधान के सुझाव भी लिए।विशेष सचिव आपदा प्रबंधन डीसी राणा ने सभी जिलों को शीघ्र मॉकड्रिल की रिपोर्ट बनाकर प्रेषित करने का आग्रह किया। इस दौरान एनडीआरएफ 14वीं बटालियन के कमाडेंट बलजिंद्र सिंह, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अभिषेक त्रिवेदी, एसडीआरएफ के एसपी अर्जित सेना ठाकुर और सभी विभागों से वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा उपचुनावों के लिए भाजपा ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। पार्टी ने देहरा विधानसभा सीट से भाजपा ने होशियार सिंह चंबयाल, हमीरपुर से आशीष शर्मा और नालागढ़ विधानसभा सीट से भाजपा ने कृष्ण लाल ठाकुर को टिकट दिया है। अब कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों की लिस्ट जारी होने का इंतज़ार है।
**कहा, आम आदमी के जान की सरकार को नहीं परवाह, अधिकारी कर रहे मनमानी शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था पूरी तरह से तबाह हो गई है। अपराधियों का हर तरफ़ बोलबाला नज़र आ रहा है। एक के बाद एक जघन्य हत्याकांड हो रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री सिर्फ़ और सिर्फ़ अपनी कुर्सी बचाने में व्यस्त हैं और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। प्रदेश में क़ानून व्यवस्था मज़बूत नहीं रहेगी तो इससे प्रदेश का नुक़सान होगा। सरकार को आम आदमी के जान की परवाह ही नहीं हैं। आए दिन होने वाले हत्याकांड से प्रदेश के छवि धूमिल हुई है। सरकार को अपराधियों के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कदम उठाने की आवश्यकता है। पुलिस अराजक तत्वों पर अपनी निगरानी बढ़ाए और अपराध पर लगाम लगाए। प्रदेश में अपराधी का नहीं क़ानून का राज होना चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि सिरमौर में एक पुलिस के मुख्य आरक्षी द्वारा एसएसपी पर दबाव बनाने का आरोप लगाया गया। उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। जिसके चलते उसे सोशल मीडिया में आकर अपनी बात कहनी पड़ी। इस सब के बीच पुलिस का मुख्य आरक्षी ही लापता हो गया है। उसके परिवार और परिचित लोग उसकी तलाश कर रहे हैं। स्थानीय लोग उसके तालश की माँग को लेकर धरना दें रहे हैं। परिजन ग़ायब होने पर तरह-तरह की आशंका जता रहे हैं। इस तरह से एक पुलिस कर्मी के लापता होने की बात आश्चर्यजनक है। क्या इसी तरह के व्यवस्था परिवर्तन की बात सरकार द्वारा की गई थी कि पुलिस के कर्मचारी को ही अपने अधिकारियों के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलना पड़े। इस मामले में अभी तक मुख्यमंत्री ने क्या किया? इस मामले का पूरा सच सामने आना चाहिए और पुलिस अपने लापता कर्मचारी को चाहे जैसे खोज कर निकाले, सरकार उसके सुरक्षा की गारंटी लें। इस देवभूमि में इस तरह की मनमानी नहीं चलने देंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री की नाकामी की वजह से प्रदेश के अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं और प्रदेश के लोगों की सुविधाओं से उनका कोई लेना देना नहीं रह गया है। सरकार क़ानून व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए पुख़्ता कदम उठाए हर दिन हो रहे अपराध को रोके। इसके लिए विपक्ष सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है और हर सहयोग करने को तैयार है।
शिमला: बी.बी.एन. स्थित विश्व स्तरीय दवा निर्माण में जुटी क्योरटेक ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित सिंगला, युवा उद्योगपति, को दवा निर्माण के क्षेत्र में शानदार उपलब्धियों के साथ साथ सामाजिक सेवा में अग्रिम पंक्तियों में रहने पर वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड यू के द्वारा इंटरनेशनल एक्सीलेंस अवार्ड 2024 से ब्रिटेन की संसद में 18 जुलाई को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध लोक गायक और नाटी किंग कुलदीप शर्मा को भी सम्मानित किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश की दो विभूतियों को यह प्रतिष्ठित अवार्ड विश्व भर के विभिन्न देशों के लोगों के समक्ष मिलना राज्य और देश के लिए एक अति सम्मानजनक प्राप्ति है। इसी के साथ हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ क्षेत्र के औद्योगिक वर्ग में भी यह हर्ष की बात है। इस सन्दर्भ में वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड यू के, इंडियन प्रेजिडेंट व सी.ई.ओ. संतोष शुक्ल ने बताया कि ब्रिटिश पार्लियामेंट के पैलेस ऑफ़ वेस्ट मिनिस्टर लंदन यू के के चर्चिल रूम (हाउस ऑफ़ कॉमन्स) में 18 जुलाई को होने जा रहे एक भव्य समारोह जिसमें ब्रिटिश सांसदों के अतिरिक्त यू के व विश्व भर से आए व्यक्ति व बुद्धिजीवी हिस्सा लेंगे। इस समारोह के दौरान सुमित सिंगला और उनकी धर्मपत्नी रेशु सिंगला जोकि बी.बी.एन. में एकमात्र महिला उद्यमी हैं और ऑय.बी.एन. हर्बल्स की चेयरपर्सन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर हैं भी उपस्थित होंगी और साथ में सम्मान प्राप्त करेंगी। गौरतलब है कि इस समारोह के दौरान विश्व भर की विश्व धरोहरों, साइट्स को चिन्हित किया जाता है और उनका चयन करके उनका नाम ब्रिटिश जर्नल व मैगज़ीन में प्रकाशित किया जाता है। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध लोक गायक और नाटी किंग कुलदीप शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोक गायक को ब्रिटेन में अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड मिलना उनके लिए एक स्वप्न से कम नहीं और इसके लिए उन्होंने प्रसिद्ध उद्योगपति सुमित सिंगला का आभार जताया। इस अवसर पर दवा निर्माण और समाज सेवा में जुटे हुए सुमित सिंगला ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की लोक गायकी को बॉलीवुड में प्रवेश करवाने के लिए वह भरसक प्रयास करेंगे। इस अवसर पर क्योरटेक ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित सिंगला ने बताया कि उनके बड़े भाई स्व.अमित सिंगला द्वारा लगाया गया वृक्ष आज 2 दशकों से अधिक समय से मलटी नेशनल कम्पनयों के लिए गुणवत्ता दवाओं के निर्माण में अग्रसर है और ग्रुप में 1000 से अधिक लोगों को रोज़गार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापार में उतार चढ़ाव आना ग्रोथ की निशानी है और इस प्रकार के मामलों में न घबराते हुए उद्योगपतियो व इंसान को अपना लक्ष्य निर्धारित करते हुए ही कार्य करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्योरटेक ग्रुप भविष्य में भी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वैश्विक फार्मा मानकों के अनुरूप दवाओं के निर्माण में जुटा रहेगा ताकि ग्रुप का नाम विश्व स्तर पर अग्रिम पंक्तियों में आ सके। उन्होंने कहा कि ग्रुप स्व.अमित सिंगला के सपनों जिसमें मल्टी नेशनल कंपनियों के ब्रांड की दवा निर्माण के साथ-साथ अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग भी शुरू करने के कार्य शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। सुमित सिंगला को देश विदेशों के लगभग 1700 संगठनों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा सामाजिक क्षेत्रों में सुमित सिंगला को सम्मानित किया जा चुका है। सुमित सिंगला को विश्व स्तर पर कई संस्थाओं द्वारा मानद डॉक्टरेट की डिग्री से सम्मानित किया जा चुका है परन्तु हाल ही में तुर्की के इस्तांबुल स्थित अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय में डॉक्टरेट की डिग्री प्रदान की गई है जो उनकी सामाजिक सेवाओं और दवा निर्माण के क्षेत्र में शानदार उपलब्धियों को देखते हुए दी गई।बद्दी के युवा उद्योगपति सुमित सिंगला और हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध लोक गायक नाटी किंग कुलदीप शर्मा जिन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड यू के द्वारा इंटरनेशनल एक्सीलेंस अवार्ड 2024 से ब्रिटेन की संसद में 18 जुलाई को सम्मानित किया जाएगा।
एसआईएस कंपनी ने युवाओं के लिए सिक्योरिटी गार्ड के 150 पद अधिसूचित किए हैं। इच्छुक आवेदक अपने मूल शैक्षणिक और अन्य प्रमाणपत्रों के साथ पासपोर्ट साइज के दो फोटोग्राफ सहित उप रोजगार कार्यालय थुनाग में 15 जून को सुबह 10:30 बजे से नियोक्ता के समक्ष साक्षात्कार में शामिल हो सकते हैं। रोजगार की तलाश कर रहे बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरी का सुनहरा मौका है। इस बारे जानकारी देते हुए मोहन सिंह, प्रभारी उप-रोजगार कार्यालय थुनाग ने बताया कि सिक्योरिटी गार्ड के इन पदों के लिए इच्छुक आवेदक निर्धारित तिथि व स्थान पर उपस्थित होकर साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। सिक्योरिटी गार्ड के इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं रखी गई है। आवेदक की न्यूनतम लम्बाई 168cm वजन 55 किलोग्राम एवं आयु 19 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है। चयनित होने के उपरांत आवेदक को रोजाना 8 घंटे ड्यूटी के लिए प्रतिमाह 15 से 16 हजार रुपये वेतन दिया जाएगा, जबकि 12 घण्टे के लिए प्रतिमाह 17 से 22 हज़ार रुपये वेतन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इच्छुक आवेदक अपने मूल शैक्षणिक और अन्य प्रमाणपत्रों के साथ पासपोर्ट साइज के दो फोटोग्राफ सहित उप रोजगार कार्यालय थुनाग में 15 जून को सुबह 10:30 बजे से नियोक्ता के समक्ष साक्षात्कार में शामिल हो सकते हैं। इच्छुक आवेदक ऑनलाइन माध्यम से https://eemis.hp.nic.in पर जाकर Candidate Login से भी आवेदन कर सकते हैं। साक्षात्कार में भाग लेने पर किसी भी प्रकार का दैनिक और यात्रा भता नहीं दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश साईंस मास्टर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा विभाग ने काफी समय से मुख्याध्यापक और प्रधानाचार्य की पदोन्नति सूची जारी नहीं की है। शिक्षा विभाग द्वारा पिछले वर्ष (2023) जुलाई माह में मुख्याध्यापकों की एक पदोन्नति सूची निकाली गई थी उसके बाद मुख्याध्यापक पदोन्नति दिसम्बर माह में सम्भावित थी और विद्यालयों से पात्र अध्यापकों क नाम भी मंगवा लिए थे परन्तु बाद में बिना किसी कारण के विभाग ने नाम भिजवाने की तिथि 20/01/2024 कर दी थी। तत्पश्चात 20/01/2024 से लेकर आजतक सूची निकालने के लिए कोई भी कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई जोकि 26000 प्रशिक्षित स्नातक अध्यापकों के साथ नायनसाफ़ी है। प्रदेश में लगभग मुख्याध्यापकों के 350 पद फिर से रिक्त हो गये हैं। पदोन्नति के लिए प्रशिक्षित स्नातकों व पदोन्नत प्राध्यापकों से नाम विद्यालयों से मंगवाए जाते हैं। संघ की हमेशा से यह मांग भी रही है कि किसी भी वर्ग में जैसे ही पद रिक्त होता है उसे तुरन्त भरा जाना चाहिए या पदोन्नति सूचियां साल में दो बार निकलनी ही चाहिए। यह बात हिमाचल प्रदेश साइंस मास्टर एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान चंद्र केश धीमान, प्रदेश महासचिव भीम सिंह, वरिष्ठ उपप्रधान यशपाल, प्रदेश वित्त सचिव संजीव कुमार सलाहकार हरीश गुप्ता, ओम प्रकाश धीमान,अमित गुप्ता निशिकांत ने संयुक्त बयान में कही। उन्होंने कहा कि मुखियों के बिना स्कूल प्रशासन से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे हैं तथा मुख्याध्यापक बनने में देरी टीजीटी अध्यापकों को प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति से भी वंचित रह जाते है। हिमाचल प्रदेश साइंस मास्टर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री माननीय सुखीविंदर सिंह सुक्खू जी व शिक्षा मंत्री माननीय रोहित ठाकुर जी से मांग करता है कि मामले में स्वयं हस्तक्षेप कर मुख्याध्यापकों की पदोन्नति सूचि 15 जुलाई से पहले पहले निकाल दी जाए क्योंकि हर माह अनेक अध्यापक 20-25 वर्ष सेवा कर बिना पदोन्नति के विना ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं और जिन्हें इतने वर्ष के सेवा काल के उपरांत एक भी पदोन्नति नहीं मिल पाती है और संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि संघ को आशा है कि इस माह में होने वाली कैबिनेट बैठक में माननीय मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू जी मुख्याध्यापको और प्रधानाचार्य की पदोन्नति सूची जारी करने के लिए इस बैठक में लिया जाएगा 2. प्रशिक्षित शिक्षकों से प्रवक्ता स्कूल न्यू की सूची जारी जल्द जारी की जाना 3. शिक्षा निदेशक कार्यालय से अनुबंध आधार 2009 से नियुक्त अध्यापकों को नियुक्ति की तिथि से वित्तय लाभ प्रदान करवाने बारे 4. मुख्याध्यापक से प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति के लिए कोटे को 50% से बढ़ा कर 75% किया जाए क्योंकि इसके फीडिंग कैडर 36000 से अधिक का है जिसमे प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक पदोन्नत होकर मुख्याध्यापक बनते है 5. प्रदेश में पुनः नियुक्ति की प्रथा को पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाए क्योंकि यह बेरोजगारों के साथ-साथ पदोन्नति की लम्बे समय से राह देख रहे कर्मचारियों के साथ बहुत बड़ा कुठाराघात है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिहं सुक्खू ने आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा में छह नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विधायक राकेश कालिया, विवेक शर्मा, कैप्टन (सेवानिवृत्त) रंजीत राणा, अनुराधा राणा, सुधीर शर्मा और इंद्रदत्त लखनपाल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण करने के उपरांत अब सदन में कांग्रेस पार्टी के विधायकों की संख्या 34 से बढ़कर 38 हो गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नवनिर्वाचित विधायकों को बधाई व शुभकामनाएं दीं। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार, मंत्रिमंडल के सदस्य और विधायकगण भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने मीडियाकर्मियों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि भाजपा का प्रदेश में सरकार बनाने का दावा विफल हो गया है क्योंकि प्रदेश के लोगों ने उपचुनावों में कांग्रेस के चार विधायकों को चुना है। उन्होंने कहा कि उपचुनाव के बाद सदन मंे विधायकों की संख्या 38 होने के साथ ही प्रदेश में कांग्रेस सरकार और मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को जारी रखेगी और इस दिशा में सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि उपचुनावों में चार विधायकों को हराकर राज्य के लोगों ने खरीद-फरोख्त की राजनीति को नकारा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार तीन विधानसभा क्षेत्रों में होने जा रहे उपचुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार है, जिसके लिए शीघ्र ही उम्मीदवार घोषित किए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड डे मिल की गुणवत्ता पर हमेशा से सवाल उठते है लेकिन अब बच्चों के अभिभावक भी स्कूल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच कर सकेगें| जी हां अब हिमाचल के सरकारी स्कूलों में बच्चों को दोपहर का भोजन उनके माता-पिता प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्री नर्सरी से आठवीं कक्षा तक बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब भोजन बच्चों को उनके माता-पिता या एसएमसी सदस्य से चखाने के बाद परोसा जाएगा। प्रदेश भर में प्री नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के 5.34 लाख बच्चों को दोपहर का भोजन दिया जा रहा है। पहले जैसा भी खाना बनाया जाता था, उसे सीधे बच्चों को बांट दिया जाता था। इसकी वजह से बच्चों को कई बार खराब खाना मिल जाता था। लेकिन अब इस नए निर्देश के बाद अभिभावक या फिर एमडीएम प्रभारी को पहले खाने की टेस्टिंग करनी होगी।हर दिन किसी न किसी बच्चे के अभिभावकों को स्कूल आकर खाना टेस्ट करना होगा। खाने का स्वाद, गुणवत्ता को लेकर भी उन्हें बताना होगा। इसके लिए उनके हस्ताक्षर भी लिए जाएंगे
उत्तर भारत की सबसे कठितम धार्मिक यात्रा श्रीखंड महादेव यात्रा है जो जुलाई महीने में शुरू होने वाली है। अभी यात्रा की आधिकारिक तिथियों की घोषणा नहीं हुई है| निरमंड प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं कि आधिकारिक तिथियों की घोषणा से पहले कोई भी व्यक्ति अथवा यात्री अनाधिकृत तरीके से यात्रा न करें। अगर कोई अनाधिकृत तरीके से उपरोक्त यात्रा में जाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी उपरोक्त यात्रा मार्ग में काफी बर्फ है और रास्ते भी खराब हैं, जिसकी मरम्मत प्रशासन द्वारा अभी की जानी है। प्रशासन ने स्थानीय टैंट मालिकों तथा पर्यटक गाइड से भी अनुरोध किया है कि वे अनाधिकृत तरीके से श्रद्धालुओं को यात्रा में जाने के लिए प्रोत्साहित न करें। एसडीएम मनमोहन सिंह ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जुलाई माह में जब भी प्रशासन द्वारा यात्रा का संचालन किया जाएगा। केवल उसी समय श्रीखंड महादेव यात्रा करें।
**विधायक दल की बैठक में शामिल हुए नेता प्रतिपक्ष, विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा शिमला: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी वक्तव्य में कहा कि अब प्रदेश से आचार संहिता हटी गई है। इसलिए सरकार द्वारा करवाए जाने वाले किसी भी प्रकार के विकास कार्य करने पर किसी भी तरह की रोक भी नहीं है। अतः अब सरकार डेढ़ साल से बंद पड़े विकास कार्यों की शुरुआत करे। जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से विकास के सारे काम रूके हुए हैं। अस्पताल से लेकर स्कूल के चलते हुए काम बंद हैं। सड़कों से लेकर पुलों के काम रूके हुए हैं। आपदा के बाद से सड़कों पर पड़ा मलबा नहीं उठाया जा सका है। जिससे लोगों की बहुत असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब सरकार जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से काम करे। अपनी चुनावी गारंटियों को पूरा करे। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश भर में जल संकट गहरा रहा है। समाचारों में हर दिन पानी की आपूर्ति बाधित होने की खबरें आ रही हैं। जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को जलापूर्ति नियमित रूप से होती रहे इसके लिए सरकार गंभीरता से काम करते हुए प्रभावी कदम उठाए। जिससे प्रदेश में जलापूर्ति बाधित न होने पाए। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर शिमला में भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल हुए। बैठक शाम सात बजे प्रारंभ हुई। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल भी उनके साथ रहे। बैठक में हाल में संपन्न हुए लोकसभा आम चुनाव और विधानसभा उपचुनाव पर चर्चा हुई। इसके साथ बुधवार को होने नव निर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण और आगामी विधानसभा उपचुनाव पर भी चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से बात कर स्वास्थ्य तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में कार्यभार सम्भालने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उनका वर्तमान कार्यकाल पिछले कार्यकाल की तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करेगा।
देशभर के सैलानियों का इंतजार खत्म हो गया है। हिमाचल पथ परिवहन निगम की बहुचर्चित बस सेवा का आगाज हो गया है। 1,026 किलोमीटर लंबे लेह-दिल्ली रूट पर एचआरटीसी की बस आज सुबह लेह के लिए रवाना हुई। एसडीएम केलांग रजनीश शर्मा ने केलांग बस अड्डा से बस को लेह के लिए रवाना किया। उन्होंने बस में सफर करने वाले 23 यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर लेह की ओर रवाना करते हुए शुभकामनाएं दीं। इस बस से यात्री बर्फ से ढके चार दर्रों को पार कर अपने सफर को यादगार बना सकेंगे। लेह-दिल्ली बस का सफर यात्री 1,740 रुपये में पूरा होगा। 30 घंटे के रूट में यात्री दिल्ली, हरियाणा, पंजाब से होते हुए हिमाचल और लेह-लद्दाख की वादियों का आनंद उठा सकेंगे। पहाड़ी और बर्फीली वादियों से होकर गुजरने वाली सड़क पर सैलानी और आम लोग खूब लुत्फ उठा सकेंगे। हिमाचल पथ परिवहन निगम के केलांग डिपो की बस करीब 9 महीने बाद शुरू हुई है। इस साल से रूट में बदलाव किया है। अब दिल्ली से आने वाली यह बस रात में जिला मुख्यालय केलांग में नहीं रुकेगी। मात्र सुबह के समय 30 मिनट के लिए बस अड्डा में खड़ी होगी। एचआरटीसी केलांग डिपो का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे उमेश शर्मा ने कहा कि बस सुबह 5:00 बजे केलांग से सरचू होते हुए लेह रवाना होगी। यात्री 16,500 फीट ऊंचे बारालाचा, 15,547 फीट नकिल्ला, 17,480 फीट तंगलांगला और 16,616 फीट ऊंचे लाचुंग दर्रे के नजारों से भी रुबरू होंगे। नई समयसारिणी के अनुसार बस दिल्ली से दोपहर 12:15 बजे चलेगी। चंडीगढ़ से शाम को 6:10 बजे रवाना होगी और सुबह 5:00 बजे तक केलांग बस अड्डा पहुंचेगी और 5:30 पर लेह के लिए चलेगी।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित प्रारंभिक उप शिक्षा निदेशक कार्यालय पर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्लयूडी) ने ताला जड़ दिया है। पुलिस की मौजूदगी में सीपीडब्लयूडी कार्यालय में ताला जड़ा गया। जिला अदालत में शिक्षा विभाग की याचिका खारिज होने के बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई। इसको लेकर कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कर्मचारी कार्यालय के बाहर दिनभर बैठे रहे। लोकसभा चुनावों को लेकर लगी आचार संहिता हटने के बाद कार्यालय में काम का बोझ काफी ज्यादा है। शिक्षक व गैर शिक्षकों के नियमितिकरण, पद्दोन्नति से लेकर जेबीटी की बैच वाइज नियुक्तियों की प्रक्रिया उप निदेशक कार्यालय से की जानी है और कार्यालय को सील करने के चलते यह सारे काम ठप पड़ गए। कार्यालय सील होने के बाद इसके भीतर कर्मचारियों से जुड़ा सारा रिकार्ड, कंप्यूटर, व विभाग का अन्य सामान मौजूद है। यह भवन केंद्रीय लोक निर्माण विभाग का है और इसमें ऊपरी मंजिल पर केंद्रिय श्रम एवं रोजगार विभाग का कार्यालय है, जबकि एक फ्लोर में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उप निदेशक कार्यालय है। वर्ष 1970 से पहले से यह ऑफिस यहां चल रहा है।
नीट 2024 के रिजल्ट में धांधली को लेकर छात्र काफी नाराज चल रहे हैं। अब नीट के प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जिस पर आज सुनवाई हो रही है। नीट यूजी प्रश्नपत्र लीक होने की खबरों के बीच अभ्यर्थियों के एक समूह ने नए सिरे से एनईईटी-यूजी 2024 परीक्षा कराने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कोर्ट में याचिका दाखिल की है कि नीट यूजी 2024 रिजल्ट को वापस लिया जाए और फिर से परीक्षा कराई जाए। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट से छात्रों को झटका लगा है। अदालत ने परीक्षा रद्द करने और काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। वहीं, परीक्षा की मांग करने वाली याचिकाओं पर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को नोटिस जारी किया। अदालत ने कहा कि परीक्षा की शुचिता प्रभावित हुई है, इसलिए एनटीए को जवाब देने की जरूरत है। रिजल्ट आने के बाद से ही कई दिनों से छात्र देश के कोनों-कोनों में प्रदर्शन हो रहे हैं। इस याचिका में रिजल्ट वापस लेने और दोबारा परीक्षा की मांग की गई है। वहीं, परीक्षा के रिजल्ट में धांधली की जांच की मांग की गई है। आगे कहा गया कि एनटीए ने मनमानी ग्रेस मार्क दिया है। याचिकाकर्ता ने आशंका जताते हुए कहा कि यह तथ्य सामने आया है कि एक सेंटर विशेष पर एग्जाम दे रहे 67 स्टूडेंट्स को फुल मार्क्स 720 तक दिए गए हैं। याचिका में आगे कहा गया कि नीट परीक्षा 5 मई को हुई और तभी से कई शिकायतें सामने आई जिसमें पेपर लीक की बातें कही गईं। ये याचिका सुप्रीम कोर्ट में तेलंगाना व आंध्र प्रदेश के रहने वाले अब्दुल्लाह मोहम्मद फैज और शैंक रोशन मोहिद्दीन ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि छात्रों के हितों की खातिर यह याचिका दायर की गई है और सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि इस मामले में जब तक जांच होती है तब तक नीट यूजी 2024 की काउंसलिंग पर रोक लगाई जाए। जानकारी दे दें कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही दो याचिका पेंडिंग है और पेपर लीक के ग्राउंड पर एग्जाम रद्द कराने की गुहार लगाई जा चुकी है। गौरतलब है कि कोर्ट ने पहली याचिका पर सुनवाई करते हुए एनटीए को नोटिस भी जारी किया था, हालांकि रिजल्ट पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया था।
हिमाचल प्रदेश में अनुबंध अवधि के कारण जिन कर्मचारियों की दस साल की नियमित सेवा पूरी न हुई हो, उन्हें अब ओपीएस का लाभ मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब राज्य सरकार के वित्त विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार ने इस पर एक कार्यालय आदेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार हालांकि केवल उन्हीं अनुबंध कर्मचारियों को पेंशन का लाभ मिलेगा जिनका चयन हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग या कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से अनुबंध नीति में हुआ हो। जिन कर्मचारियों ने ओपीएस के बजाय एनपीएस का विकल्प लिया है, वे अनुबंध सेवा की पेंशन गणना करने के पात्र नहीं होंगे। अनुबंध और नियमित सेवा के बीच कोई ब्रेक न हो। ऐसे सभी कर्मचारियों को अपने विभागाध्यक्ष के माध्यम से 30 दिन में विकल्प देना होगा। नियमित हुए बगैर अनुबंध अवधि में ही मृत्यु हो गई है, तो पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। राज्य सरकार ने मई 2003 से हिमाचल में एनपीएस को लागू किया था। 31 मार्च 2023 को फिर से ओल्ड पेंशन शुरू की गई। सुप्रीम कोर्ट से आयुर्वेद विभाग की शीला देवी केस में एक फैसले के बाद 10 जून को वित्त विभाग ने कार्यालय आदेश जारी किए हैं। इससे अनुबंध अवधि पेंशन देने के लिए कंसीडर होगी। जिन्हें अब ऐसे कर्मचारियों या पेंशनरों की 10 साल की नियमित सेवा अनुबंध अवधि के कारण पूरी नहीं हुई, यह लाभ उन्हें मिलेगा। आयुर्वेद विभाग से शीला देवी केस में 7 अगस्त 2023 को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार राज्य सरकार को ऐसे कर्मचारियों की अनुबंध अवधि पेंशन के लिए गिनना होगी, जो अनुबंध से सीधे नियमित हुए। इस फैसले को कुछ शर्तों के साथ लागू करने का निर्णय लिया है। हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते की 4 फीसदी महंगाई भत्ते की किस्त जारी की गई है। बिजली बोर्ड के कार्यकारी निदेशक मनोज कुमार ने इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को 4 फीसदी महंगाई भत्ता पहले ही दिया जा चुका है। यानी इसे अब बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और पेंशनरों को भी 34 से बढ़ाकर 38 प्रतिशत किया गया है। इसे बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और पेंशनरों को एक अप्रैल से दिया जाएगा। अप्रैल 2024 से लेकर जून 2024 के बीच अतिरिक्त महंगाई भत्ता दिया जाएगा। कर्मचारियों को इसे जून महीने के वेतन और पेंशनरों को पेंशन में दिया जाएगा। जबकि एक जुलाई 2022 से लेकर 31 मार्च 2024 के बीच का एरियर देने के लिए अलग से आदेश निकाले जाएंगे। प्रदेश सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को नौतोड़ भूमि उपलब्ध करवाने के लिए एक बार फिर राज्यपाल से हिमाचल में लागू वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) से छूट देने का आग्रह किया है। जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में नौतोड़ अधिनियम को लागू करने का फैसला किया था जो कि 2018 तक लागू रहा। साल 2017 में जब भाजपा सरकार सत्ता में आई उस समय 2018 में मात्र एक ही केस नौतोड़ का मंजूर किया गया। हिमाचल प्रदेश नौतोड़ भूमि नियम 1968 में 20 बीघा से कम भूमि वाले पात्र लाभार्थियों को 20 बीघा सरकारी भूमि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत जनजातीय लोगोें को लाभान्वित किया गया है। जगत सिंह नेगी ने बताया कि गत शुक्रवार को पुनः राज्यपाल से निवेदन कर जनजातीय लोगों की इस मांग को प्रस्तुत किया गया ताकि पात्र लाभार्थियों को नौतोड़ भूमि प्रदान की जा सके।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अनियमितता के आरोपों को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। नीट परीक्षा आयोजित होने के समय से ही विवादों के घेरे में आ गई थी। मामले ने तूल तब पकड़ा जब रिजल्ट जारी हुआ। देशभर से छात्रों, राजनेताओं द्वारा रिजल्ट में अनियमितता के आरोप लगाए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में नीट यूजी को रद्द करने और फिर से आयोजित कराने की गुहार के साथ एक याचिका दायर की गई थी। यह याचिका डॉ. विवेक पाण्डेय के साथ-साथ शिवांगी मिश्रा और अन्य छात्रों द्वारा दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि बिहार पुलिस द्वारा नीट परीक्षा के पेपर लीक के आरोपों की जांच पहले से ही की जा रही है। नीट परीक्षा के खिलाफ दाखिल इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई की जाएगी। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति एहसानुद्दीन अमानुल्लाह की वेकेशन बेंच द्वारा इस याचिका पर सुनवाई की जानी है। वहीं, दूसरी और अभ्यर्थियों को ग्रेस मार्क्स देने के एनटीए के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका भी दायर की गई थी। इसमें आरोप लगाया गया है कि रिजल्ट में ग्रेस मार्क्स देना एनटीए का मनमाना फैसला है। संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका आंध्र प्रदेश के NEET UG आवेदक जरीपते कार्तिक द्वारा दायर की गई है। नीट यूजी परीक्षा का आयोजन 5 मई को देशभर के 571 और विदेश के 14 शहरों में किया गया था। वहीं, इस परीक्षा का रिजल्ट निर्धारित समय से 10 दिन पहले यानी 14 जून की जगह 4 जून को जारी किया गया। इस वर्ष नीट यूजी में रिकॉर्ड 67 उम्मीदवारों ने AIR-1 हासिल की है, जिसमें से 6 उम्मीदवार हरियाणा के एक ही केंद्र से हैं। वहीं, कुछ छात्रों ने 720 में से 718 और 719 अंक हासिल किए है, जिसे परीक्षा की प्रकृति को देखते हुए असंभव बताया जा रहा है। ऐसे में नीट यूजी को लेकर तरह तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। नीट यूजी के खिलाफ दर्ज याचिका पर आज सुनवाई होनी है, ऐसे में आज सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर होंगी।
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने हिमाचल प्रदेश बागवानी उपज विपणन एवं विधायन निगम (एच.पी.एम.सी.) की स्वर्ण जयंती के अवसर पर सेब बागवानी में एच.पी.एम.सी. के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। जगत सिंह नेगी ने कहा कि एच.पी.एम.सी. की स्थापना 10 जून, 1974 को शिमला में की गई थी, जिसका उद्देश्य सेब एवं अन्य फल बागवानों के हितों की रक्षा, विपणन सुविधाएं, फल प्रसंस्करण एवं पोस्ट हार्वेस्ट सुविधाएं प्रदान करना था। गत 50 वर्षों में एच.पी.एम.सी. ने सेब बागवानी की उन्नति में उत्प्रेरक का काम किया है। उन्होने कहा कि एच.पी.एम.सी. फल प्रसंस्करण एवं पोस्ट हार्वेस्ट तकनीक के क्षेत्र में देश भर में पिछले 5 दशक से अग्रणी संस्थान है। बागवानी मंत्री ने कहा कि निगम ने वर्ष 1980 में परवाणू में देश का पहला एप्पल जूस कंसंट्रेट संयंत्र स्थापित किया था। एच.पी.एम.सी. ने 1970 एवं 1980 के दशक में दिल्ली, मुंबई एवं चेन्नई में शीत गृहों तथा प्रदेश में 4 शीत गृहों का निर्माण किया। इसके अतिरिक्त एच.पी.एम.सी. ने देश में पहली बार बोतलबंद जूस का उत्पादन एवं विपणन प्रारंभ किया। जगत सिंह नेगी ने कहा कि एच.पी.एम.सी. प्रतिवर्ष प्रदेश के लगभग 30,000 सेब बागवानों से मंडी मध्यस्थता योजना के अंतर्गत सी ग्रेड सेब की सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर खरीद कर परवाणू, पराला एवं जड़ोल (सुंदरनगर) स्थित अपने फल प्रसंस्करण संयंत्रों में एप्पल जूस कंसंट्रेट का उत्पादन करता है। इसके अतिरिक्त एच.पी.एम.सी. टेट्रा पैक जूस, जैम, स्क्वैश, एप्पल साइडर विनेगर एवं अचार आदि का उत्पादन भी करता है। बागवानी मंत्री ने कहा कि एच.पी.एम.सी. सेब बागवानों को विश्वस्तरीय पोस्ट हार्वेस्ट तकनीक से लैस 10 ग्रेडिंग पैकिंग हाउस एवं 5 सी.ए. स्टोर की सुविधा उचित दरों पर उपलब्ध करवा रहा है। बागवानी मंत्री ने एच.पी.एम.सी. के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर एच.पी.एम.सी. के प्रबन्ध निदेशक सुदेश मोखटा तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि निगम राज्य के लोगों को परिवहन सुविधाएं प्रदान करने में सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने निगम के संचालन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए निगम द्वारा 25 नई वॉल्वों बसें तथा 50 टैम्पों ट्रैवलर खरीदे जाएंगे। इसके अतिरिक्त निगम के बेडे़ में इलैक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी, जिनके प्रापण के लिए प्रक्रिया जारी है। वर्तमान वित्त वर्ष में इलैक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 327 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। प्रदेश में सीमित हवाई तथा रेल नेटवर्क के दृष्टिगत निगम की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों को श्रेष्ठ सुविधाएं प्रदान करने के लिए निगम के संचालन को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निगम को 63 प्रतिमाह करोड़ रुपये प्रदान करेगी। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बैठक के दौरान कहा कि प्रदेश में परिवहन सुविधा को सुदृढ़ करने के साथ ही पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में इलैक्ट्रिक बसों की विशेष भूमिका रहेगी।बैठक में प्रधान सचिव परिवहन आर.डी. नज़ीम, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर तथा मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा भी उपस्थित थे।
जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां शिमला से जारी प्रेस वक्तव्य के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों में पात्र लोगों को नौतोड़ भूमि प्रदान करने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में हिमाचल प्रदेश नौतोड़ भूमि नियम 1968 के तहत 20 बीघा से कम भूमि वाले पात्र लाभार्थियों को 20 बीघा सरकारी भूमि प्रदान करने का प्रावधान किया गया था। इसके तहत जनजातीय लोगोें को लाभान्वित किया गया है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम-1980 के फलस्वरूप प्रदेश में प्रार्थियों को नौतोड़ भूमि आबंटित नहीं की जा सकी। लोगों की मांग को देखते हुए वर्ष 2014 में कांग्रेस सरकार ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद-5 के तहत वन संरक्षण अधिनियम 1980 को निलंबित किया जो वर्ष 2016 तक तथा उसके पश्चात वर्ष 2016 से 2018 तक जारी रहा। इस दौरान पात्र लाभार्थियों को नौतोड़ भूमि प्रदान की गई। दिसम्बर, 2017 में सरकार बदलने पर इस प्रावधान के तहत केवल एक लाभार्थी को नौतोड़ भूमि आबंटित की गई जबकि वर्ष 2018 तक नौतोड़ भूमि प्रदान की जा सकती थी। नौतोड़ के कई मामले अभी भी लम्बित पड़े हैं। जनजातीय विकास मंत्री ने बताया कि वर्ष 2020 में जन आंदोलन के कारण भाजपा सरकार को प्रदेश में एक साल के लिए नौतोड़ का प्रावधान लागू करना पड़ा लेकिन इस दौरान किसी भी व्यक्ति को लाभ प्रदान नहीं किया गया। वर्ष 2023 में कांग्रेस सरकार ने नौतोड़ भूमि प्रदान करने के लिए राज्यपाल से वन संरक्षण अधिनियम 1980 को जनजातीय क्षेत्रों से हटाने का आग्रह किया। गत शुक्रवार को पुनः राज्यपाल से निवेदन कर जनजातीय लोगों की इस मांग को पुनः प्रस्तुत किया गया ताकि पात्र लाभार्थियों को नौतोड़ भूमि प्रदान की जा सके।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार दिल्ली सरकार के साथ किए गए समझौते के अनुसार दिल्ली को पानी देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने तीन विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनावों के बारे में कहा कि इन क्षेत्रों में मतदाओं द्वारा निर्दलीय विधायक चुने गए थे जो विधानसभा में विभिन्न मुद्दों पर प्रदेश सरकार या विपक्ष का साथ दे सकते थे। इसके बावजूद उन्होंने अपनी सदस्यता को त्यागने का निर्णय किस आधार पर लिया है, यह बात उन्हें जनता के सामने रखनी चाहिए। यह बात स्पष्ट है कि उन्होंने अपनी सदस्यता को निजी लाभों के लिए दांव पर लगाया है। यह भी देखना होगा कि क्या भाजपा इन पूर्व तीन निर्दलीय विधायकों को अपना उम्मीदवार घोषित करती है या नहीं। उन्होंने कहा कि इन तीन विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता इन पूर्व विधायकों से यह प्रश्न करेंगे कि जब उन्हें पांच वर्षों के लिए अपने क्षेत्र का नेतृत्व करने के लिए चुना गया था तो फिर उन्होंने किन कारणों के चलते राज्य पर उपचुनाव का बोझ डाला गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में तीर्थ यात्रियों से भरी बस पर हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की। इस हमले में अब तक 9 लोगों की मृत्यु हुई है।
**प्रदेश में क़ानून व्यवस्था गर्त में, सरकार ने लोगों का जीवन भगवान भरोसे छोड़ा शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी प्रेस वक्तव्य में कहा कि नरेन्द्र मोदी की सरकार देश के किसानों, युवाओं, ग़रीबों और महिलाओं के कल्याण के लिए समर्पित है। प्रधानमंत्री ने अपने तीसरे कार्यकाल के पहले फ़ैसले में किसानों को सम्मान निधि की 17वीं किश्त जारी की। यह हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने "पीएम किसान सम्मान निधि" की 17वीं किस्त के रूप में लगभग रुपये 20 हजार करोड़ से अधिक की राशि से 9 करोड़ से अधिक किसानों के देने के निर्णय की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री का आभार जताया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मोदी 3.0 की सरकार इसी तरह से देश के लोगों के विकास के काम करती रहेगी। आने वाले समय में और बड़े फ़ैसले तथा जनहितकारी योजनाएं ज़मीन पर उतरती दिखाई देंगी। जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर हमला करते हुए कहा कि प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। ऐसी-ऐसी घटनाएं देखने को मिल रही है जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। एक दिन में तीन -तीन लोगों की बेरहमी से हत्या हो रही है। सरकार, पुलिस और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। सुक्खू सरकार ने हिमाचल के लोगों कि जीवन को भगवान के भरोसे छोड़ दिया है। जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तभी से अपराधियों के हौसलें बुलंद हैं। एक अपराध पर कार्रवाई न करने से ही अपराधियों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं। कहा कि सरकार जिस तरह से आँख मूँदकर बैठी है, ऐसे काम नहीं चलेगा। सरकार को सरकार की तरह काम करना होगा। आम आदमी की ज़िंदगी के साथ खिलवाड़ हो यह भारतीय जनता पार्टी सहन नहीं करेगी। उन्होंने से मुख्यमंत्री से हाल में हुई आपराधिक घटनाओं पर सख़्त से सख़्त कदम उठाने की माँग की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव ख़त्म हो गए, आचार संहिता हट गई लेकिन सरकार अभी अपने नींद से नहीं जागी। विकास के काम जस के तस पड़े हैं। बस अख़बारों के माध्यम से सरकार के क़र्ज़ पर क़र्ज़ लेने का पता चलता है। इस महीनें फिर से सरकार ने 1200 करोड़ का क़र्ज़ लिया है। इसी वित्तीय वर्ष में सरकार 2900 करोड़ का क़र्ज़ लें चुकी है। जबकि दिसंबर तक क़र्ज़ की लिमिट 6200 करोड़ रुपए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या क़र्ज़ लेकर ही सरकार चलेगी। कहा कि सत्ता में आने के पहले कांग्रेस के नेताओं द्वारा कहा जाता था कि हम आय नए साधन बनायेंगे। लेकिन सत्ता में आने के बाद से रिकॉर्ड स्तर पर क़र्ज़ ले रहे हैं। जबकि न तो सरकार ने अपने चुनावी वादे पूरे किए हैं और न ही विकास के कार्य कर रही है। ऐसे में यह क़र्ज़ किस काम के लिए लिया जा रहा है सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।
**गुरु अर्जुन देव जी की शिक्षाओं को अपनाने का किया आह्वान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सिक्ख धर्म के पांचवें गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर शिमला के कॉर्ट रोड स्थित गुरुद्वारा साहिब, गुरु सिंह सभा में माथा टेका। इस मौके पर उन्होंने गुरूद्वारा साहिब में शब्द कीर्तन श्रवण किया और समाज से गुरु अर्जुन देव की शिक्षाओं से प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव ने सच्चाई, अहिंसा और करूणा से समाज को सशक्त बनाने का प्रयास किया। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मुख्यमंत्री को सिरोपा और तलवार भेंट कर सम्मानित किया। शिमला शहरी के विधायक हरीश जनारथा, भोरंज के विधायक सुरेश कुमार, उपायुक्त अनुपम कश्यप और अन्य अधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित थे।
उत्तरी भारत में एक बार फिर से गर्मी बढ़ने लगी है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश में सैलानियों का तांता लगा हुआ है। गर्मी से राहत पाने के लिए सैलानी लगातार हिमाचल का रुख कर रहे हैं। शिमला, मनाली, मंडी, कुल्लू और धर्मशाला सहित अन्य इलाकों में सैलानियों की आवाजाही बढ़ी है। हालांकि, ये सभी इलाके जाम से भी बेहाल हैं। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर वीकएंड और रविवार शाम को भी जाम लगा। वहीं, कुल्लू के बंजार और जीभी में वाहन चालक जाम से बेहाल रहे। वहीं, मंडी से सुंदरनगर तक भी जाम से काफी परेशानी हुई और यहां पर चार किमी के लिए चार घंटे तक का वक्त लग रहा है। प्रदेश में बीते एक सप्ताह में रुक रुक कर बारिश होती रही। ऐसे में टूरिस्ट भी राहत पाने के लिए हिमाचल पहुंच रहे हैं। मनाली में करीब 90 फीसदी होटल बुक हुए हैं। शिमला में भी 70-80 फीसदी होटलों में ऑक्युपेंसी रही है। रोहतांग पास भी गाड़ियों का जमावड़ा देखने को मिला है। यहां परमिट पर रोजाना 1200 गाड़ियां जा रही हैं। शिमला में वन मिनट ट्रैफिक प्लान फिलहाल बंद किया गया और ऐसे में शोघी से शिमला तक जाम का सामना करना पड़ रहा है। मनाली शहर से अटल-टनल तक 30 किमी के सफर के लिए रविवार को छह घंटे लगे हैं। सोशल मीडिया पर यजूर्स नें अपनी परेशानी जाहिर की। सुबह चार बजे ही टूरिस्ट की गाड़ियां रोहतांग पास के लिए निकल रही हैं। हिमाचल प्रदेश में मॉनसून से पहले कमोबेश ऐसा ही हाल रहने वाला है। प्रदेश में 20 जून के बाद मॉनसून की एंंट्री होगी।
हिमाचल की राजधानी शिमला स्थिति डिप्टी डायरेक्टर एलिमेंटरी एजुकेशन दफ्तर को सील कर दिया गया है। रेलवे बोर्ड ने आज सुबह यह कार्रवाई की है। शिमला के चक्कर स्थित सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद रेलवे प्रबंधन ने यह कार्रवाई की है। इससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। दरअसल, शिमला के चौड़ा मैदान में रेलवे बोर्ड की बिल्डिंग में पांच दशक से भी ज्यादा समय से डिप्टी डायरेक्टर एलिमेंटरी एजुकेशन दफ्तर चल रहा था। साल 2014 से इस पर रेलवे बोर्ड और शिक्षा विभाग के बीच कब्जे को लेकर कोर्ट में लड़ाई चल रही थी। बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग कब्जे को लेकर कोर्ट में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। इस वजह से कोर्ट ने रेलवे बोर्ड के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट की जजमेंट के बाद रेलवे प्रबंधन ने डिप्टी डायेरक्टर दफ्तर पर कब्जा कर लिया है। इसके बाद शिक्षा विभाग के कर्मचारी सड़कों पर आ गए है।अब शिक्षा महकमा इस मामले में कोर्ट के आदेशों को अपेक्स कोर्ट में चुनौती देने पर विचार कर रहा है और लीगल ऑपिनियन ली जा रही है।
** देहरा, हमीरपुर और नालागढ़ में उपचुनाव **आज से तीन जिलों में आदर्श आचार संहिता लागू **13 जुलाई को होगी मतगणना... लोकसभा चुनाव व विधानसभा की छह सीटों के उपचुनाव के नतीजे घोषित होते ही अब हिमाचल में तीन विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होंगे। निर्वाचन आयोग ने इसका शेड्यूल जारी कर दिया है। प्रदेश में निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे से खाली हुई देहरा, नालागढ़ और हमीरपुर विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव होने हैं। चुनाव आयोग के शेड्यूल के अनुसार 10 जुलाई को इन सीटों के लिए मतदान होगा। 13 जुलाई को मतगणना व नतीजे घोषित होंगे। 15 जुलाई से पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उपचुनाव के लिए 14 जून को राजपत्र में अधिसूचना जारी होगी। 21 जून नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथ तय की गई है।


















































