** 6 से 10 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हिमाचल प्रदेश के कई भागों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इससे कई जगह भूस्खलन व मलबा आने से सड़कों पर आवाजाही भी प्रभावित हुई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार सुबह 10:00 बजे तक राज्य में 115 सड़कों पर आवाजाही ठप थी। सबसे ज्यादा सड़कें मंडी जिले में बाधित हैं। इसके अतिरिक्त राज्य में 212 बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित हैं। गाद आने से 17 जल आपूर्ति योजनाएं भी ठप हो गई हैं। बीती रात को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अन्य भागों में झमाझम बारिश हुई। मंडी जिले के सुंदरनगर में देर रात से हो रही बारिश के कारण कुछ सड़क मार्ग पूरी तरह से बंद हो गए हैं। इसे लेकर उपमंडल अधिकारी ने इन सड़क मार्ग से सफर नहीं करने की अपील की है। उपमंडल अधिकारी नागरिक सुंदरनगर गिरीश समरा ने कहा कि सलापड़-सेराकोठी मार्ग, पंडार-तातापानी मार्ग, मलोह-कटेरु मार्ग, खुराहाल-कंदार मार्ग, कटेरू-सलापड़-पोड़ाकोठी मार्ग, करंगल-किंदर मार्ग, सलापड़-तातापानी मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। उपमंडल अधिकारी ने कहा कि भारी बरसात से मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में सफर करने से परहेज करें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में जिला प्रशासन सहित उपमंडल प्रशासन के दिए गए नंबर 01907-266001 पर संपर्क करें। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के कई भागों में गुरुवार व शुक्रवार के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 6 से 10 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट है। आज भी शिमला व आसपास भागों में मौसम खराब बना हुआ है। बीती रात से गुरुवार सुबह तक हुई भारी बारिश से शिमला के विकासनगर में मलबा आने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं, हिमलैंड के समीप एक पेड़ गिरा है। शिमला-चक्कर-बिलासपुर मार्ग पर बारिश होने के कारण काफी ज्यादा मलबा आ गया। सड़क पर मलबा आने से वाहनों की आवाजाही दोनों तरफ रुक गई। हालांकि, अब मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है।
जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी पोस्ट कोड 817 का नतीजा 20 जुलाई से पहले घोषित कर दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब चयनित अभ्यर्थियों को मेरिट और उनकी प्राथमिकताओं के आधार पर पसंदीदा विभागों के आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। हिमाचल में पोस्ट कोड 817 के तहत 74 विभागों, बोर्ड और निगमों में करीब 1,867 पद भरे जाने हैं, लेकिन पेपर लीक प्रकरण और कर्मचारी चयन आयोग के भंग होने से 12 पदों पर फिलहाल भर्ती नहीं होगी। भंग आयोग के पांच पद फिलहाल रिक्त रखे जाएंगे, जबकि सात पदों पर पेपर लीक प्रकरण की वजह से नतीजा घोषित नहीं होगा। दस्तावेजों की मूल्यांकन प्रक्रिया को पिछले माह पूरा कर लिया गया है। इस काम के लिए राज्य चयन आयोग हमीरपुर ने चार टीमें गठित की है। इसमें शिक्षा विभाग और बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को शामिल किया गया है ताकि जल्द से जल्द कार्य को पूरा किया जा सके। चार-चार टीमों में काम करते हुए 20 कर्मियों ने अंतिम परिणाम तैयार कर दिया है। आयोग के करीब 12 कर्मचारी अब मेरिट और प्राथमिकता के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों के विभागों का आवंटन कर रहे हैं। अभ्यर्थी सालों से चयन की उम्मीद लगाए हैं। दरअसल पोस्ट कोड 817 के तहत पहले 1,388 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया हुई। इसके लिए चार हजार के करीब विद्यार्थियों को मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए चयनित किया गया। इस बीच मामला कोर्ट में पहुंच गया। इसके बाद पोस्ट कोड में 479 और पद जोड़े गए। अब सभी अभ्यर्थियों का एक साथ अंतिम परिणाम विभागों के आवंटन के साथ घोषित किया जाएगा। 73 विभागों, बोर्ड, निगमों में लिपिकीय स्टाफ की कमी परीक्षा परिणाम के घोषित होने से कुछ हद तक पूरी होगी। पोस्ट कोड के तहत शिक्षा विभाग और बिजली बोर्ड में सबसे अधिक पद भरे जाएंगे। प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया चर्चित रही है जिसमें एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने अपना भविष्य आजमाया था। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग ने 21 सितंबर 2020 में जेओए पदों के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। 21 अक्तूबर 2020 और 22 जनवरी 2021 को विभिन्न पदों से आ रही मांग के अनुसार 1,867 पदों पर भर्ती शुरू की थी। अब 479 पदों के लिए ली लिखित परीक्षा और टाइपिंग परीक्षा के आधार पर 1,375 अभ्यर्थियों को मूल्यांकन परीक्षा के लिए चयनित किया है। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर के प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र सांजटा ने बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर परिणाम तैयार कर लिया गया है। मेरिट और चयनित अभ्यर्थियों की प्राथमिकता के आधार पर विभागों का आवंटन किया जा रहा है। विभागों का आवंटन मेरिट के आधार पर होगा। मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान सभी अभ्यर्थियों से विभागों को लेकर प्राथमिकता वैकल्पिक रूप से लिखित तौर पर ली गई है। अब मेरिट के आधार पर विभाग आवंटित किए जा रहे हैं। एक विभाग में पद भर जाने पर अभ्यर्थी की अन्य प्राथमिकताओं पर विभाग आवंटित होंगे।
हिमाचल प्रदेश अपनी खूबसूरत प्राकृतिक वादियों के लिए पूरे विश्व भर में खासा पहचान रखता है। यही वजह है कि हर साल यहां के हसीन वादियों को देखने के लिए देश-विदेश से लाखों सैलानी खींचे चले आते हैं। वहीं, इस साल देश के मैदानी राज्यों में पड़ी भीषण गर्मी की वजह से बड़ी संख्या में पर्यटकों ने हिमालय की गोद में बसे पहाड़ी राज्य हिमाचल का रुख किया, जिसकी वजह से महज 6 महीनों में ही प्रदेश आने वाले पर्यटकों की संख्या 1 करोड़ के पार जा पहुंची। देश के मैदानी राज्यों में इस साल भीषण गर्मी पड़ी। इस साल पड़ी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने से हिमाचल का पर्यटन कारोबार गुलजार हो गया। बीते 6 माह की बात करें तो हिमाचल में जनवरी से लेकर जून माह तक एक करोड़ से अधिक सैलानियों ने प्रदेश के विभिन्न इलाकों का रुख किया है, जिससे यहां का पर्यटन कारोबार अपने चरम पर रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार को इस बात की भी उम्मीद है कि साल के अंत तक यह आंकड़ा 2 करोड़ पार कर जाएगा। पर्यटन विभाग लगातार पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की सुविधा का ख्याल रख रहा है। हिमाचल प्रदेश की अगर बात करें तो जनवरी से लेकर मई माह तक जिला कुल्लू में 14 लाख 94 हजार 104 देसी सैलानी पहुंचे थे और 3 हजार 819 विदेशी सैलानियों ने भी कुल्लू जिला का रुख किया। वहीं, प्रदेश में दूसरे नंबर पर शिमला जिला रहा। यहां पर मई माह तक 9 लाख 86 हजार 467 देसी सैलानी पहुंचे और 12 हजार 598 विदेशी सैलानियों ने शिमला की वादियों का रुख किया था। ऐसे में जून माह में भी 25,000 से अधिक पर्यटकों की गाड़ियां हिमाचल में रोजाना आते रहे और जून माह में भी लाखों सैलानी प्रदेश के विभिन्न इलाकों में पहुंचे थे। हिमाचल प्रदेश में पर्यटन कारोबार की अगर बात करें तो साल 2019 में सबसे अधिक 1 करोड़ 72 लाख 12 हजार 107 सैलानी आये थे. साल 2020 में यह आंकड़ा 32 लाख 13 हजार 379 रहा था। साल 2021 में 56 लाख 37 हजार 102 सैलानी आए थे। साल 2022 में यह आंकड़ा 1 करोड़ 51 लाख 227 रहा था और साल 2023 में यह आंकड़ा 1 करोड़ 60 लाख 4 हजार 924 तक पहुंचा था। पर्यटन नगरी मनाली के होटल कारोबारी चमन कपूर और जसवंत ठाकुर का कहना है कि हिमाचल के पर्यटन स्थल इस साल सैलानियों से गुलजार रहे। हर साल लाखों सैलानी बर्फबारी को देखने के लिए भी विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पहुंचते हैं। होटल कारोबारी भी सैलानियों की सुविधा का खास ख्याल रखते हैं और सरकार द्वारा भी पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है। ऐसे में सैलानियों की लगातार बढ़ रही संख्या एक अच्छा संकेत है। क्योंकि इससे प्रदेश के लाखों लोगों को भी घर द्वार पर रोजगार मिल रहा है। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग की निदेशक मानसी सहाय ने बताया कि प्रदेश में इस साल सैलानी काफी संख्या में आए है और बरसात के बाद भी सैलानी प्रदेश के विभिन्न इलाकों का रुख करते है। विभाग को उम्मीद है कि इस साल यह आंकड़ा 2 करोड़ पार कर जाएगा।
हिमाचल में दूध के साथ-साथ अब घी,पनीर,बटर भी महंगा हो गया हैं। मिल्क फेडरेशन की ओर से दूध के दामों में की गई बढ़ोतरी के बाद कीमतों में ये उछाल देखने को मिला है। फरवरी माह में दूध के दामों में 2 रुपए की बढ़ोतरी करने के बाद अब मिल्क फेडरेशन ने मिल्क प्रोडक्ट्स के भी दाम बढ़ा दिए हैं। दाम बढ़ने से लोगों को अब अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ेगी। वहीं, घी के दामों में 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। घी की कीमत पहले 620 रुपये थी, नई कीमत पर अब घी 670 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलेगा। वहीं, पनीर 360 रूपए प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है। पहले पनीर 340 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलता था। इसमें भी 20 रुपये का इजाफा किया गया है। इसके साथ ही बटर 580 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलना शुरू हो गया है। पहले इसकी कीमत 540 रुपये प्रति किलो थी। बटर की कीमतों में भी 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बढ़ोतरी की गई है। कीमतें 20 जून से लागू कर दी गई हैं। हिमाचल में मिल्क फेडरेशन के छह प्लांट हैं। मुख्य प्लांट शिमला के दतनगर में स्थित है। इस प्लांट में चिलिंग सेंटर से दूध एकत्रित किया जाता है। यहां से प्रतिदिन दूध, घी , पनीर और बटर प्रोसेस कर लोगों को उपलब्ध करवाया जाता है। वहीं, अब दूध, घी, पनीर,बटर के दामों में बढ़ोतरी से आम लोगों की जेब पर महंगाई की मार जरूर पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि 'फेडरेशन ने पिछले वर्ष मार्च माह में दूध के दाम बढ़ाए थे, लेकिन इस बार तो फरवरी माह में ही दूध के दामों में वृद्धि कर दी थी। अब घी,पनीर, बटर के दाम भी बढ़ा दिए हैं। दाम के साथ दूध की गुणवत्ता को भी बढ़ाना चाहिए।
** प्रदेश में अब प्री प्राइमरी टीचर के भरे जाएंगे 6297 पद हिमाचल में सरकारी स्कूलों में नौकरियों का पिटारा खुलने जा रहा है। प्रदेश में दो साल की नर्सरी टीचर की ट्रेनिंग (NTT) का डिप्लोमा करने वालों को सरकारी स्कूलों में नौकरी पाने का सुनहरा अवसर मिलने वाला है। प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी टीचरों के 6,297 पद भरने जा रही है। ये भर्ती राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन के माध्यम से की जाएगी। इस बारे में सरकार की तरफ से प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को पत्र जारी किया जा चुका हैं। ऐसे में अब जल्द ही जरूरी प्रक्रिया को पूरी कर प्री प्राइमरी टीचरों की भर्ती की जाएगी। हिमाचल में अब नर्सरी टीचर की ट्रेनिंग करने वालों का इंतजार खत्म होने वाला है। प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में करीब 60 हजार विद्यार्थी रजिस्टर हैं, लेकिन अभी तक प्री प्राइमरी स्कूलों में टीचर नहीं है। पिछले करीब डेढ़ सप्ताह पहले संपन्न हुई कैबिनेट मीटिंग में प्री प्राइमरी स्कूलों में भर्ती को हरी झंडी दी गई थी, जिसके बाद अब शिक्षा विभाग ने भी इनकी भर्ती को लेकर आदेश जारी कर दिए है। सरकारी स्कूलों में भर्ती होने वाले प्री प्राइमरी टीचरों को 10 हजार रुपए मासिक मानदेय मिलेगा। इसमें एजेंसी चार्जेज, जीएसटी, अन्य खर्च शामिल है। इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन वर्तमान में 5 फीसदी एजेंसी चार्ज लेता है। वहीं, 10 फीसदी की कटौती ईपीएफ के लिए होती है। आउटसोर्स भर्ती पर जीएसटी 18 फीसदी है। ऐसे में प्री प्राइमरी टीचरों को हर महीने करीब 7 हजार कैश इन हैंड मिलेगा। बता दें कि प्रदेश में दो सालों से प्री प्राइमरी टीचरों की भर्ती लटकी हुई थी। प्रदेश में अधिकतर युवाओं ने एनटीटी का एक साल का डिप्लोमा किया है, लेकिन नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन के मुताबिक एनटीटी के लिए 2 साल का डिप्लोमा जरूरी है।अब इसे लेकर स्पष्टीकरण मिलने के बाद प्री प्राइमरी टीचरों की भर्ती में अटका रोड़ा हट गया है।
हिमाचल में इन दिनों नशा तस्करी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। नशा हिमाचल प्रदेश के लिए एक गंभीर समस्या बन चुका है। अब महिलाएं भी इस काले कारोबार में उतर गई हैं। राजधानी में शिमला पुलिस ने नशा तस्करों पर लगाम लगाने के लिए मुस्तैदी से काम कर रही है, लेकिन पुलिस और सरकार के ये प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। ताजा मामले में शिमला पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने क्रॉसिंग के पास एक गाड़ी को रोका। जांच के दौरान गाड़ी में सवार अजय कुमार और महिला कुमारी अचला के कब्जे से 12.24 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ है। पुलिस ने इन दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को पहले ही गुप्त सूचना मिल गई थी कि क्रॉसिंग के समीप एक गाड़ी में एक महिला और पुरुष चिट्टा तस्करी कर रहे हैं। पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने टूटीकंडी क्रॉसिंग के पास गाड़ी सवार दोनों को चिट्टे के साथ पकड़ा। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है कि वह चिट्टा कहां से लाए थे और किसे सप्लाई करने जा रहे थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उन्होंने अब तक कितने लोगों को चिट्टा सप्लाई किया है और कौन-कौन लोग उनके साथ इस नशा तस्करी के धंधे में शामिल हैं। शिमला के एसपी संजीव गांधी के अनुसार नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई कर रही है। नशा तस्करों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम में पुलिस को कई मामलों में सफलता मिली है। किसी भी नशा तस्कर को पुलिस बख्शेगी नहीं। पुलिस ऐसे मामलों को लेकर हर समय चौकसी बरत रही है।
**एक हफ्ते तक भारी बारिश की दी चेतावनी **लोगों को नदी-नालों के किनारे ना जाने की दी हिदायत **शिमला, सोलन और अन्य इलाकों में बीती रात से ही बारिश का दौर जारी हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग केंद्र शिमला की ओर से जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के तहत प्रदेश में 8 जुलाई तक भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर, चंबा, कुल्लू, मंडी व शिमला के लिए बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की भी संभावना है। बारिश की संभावना के चलते पर्यटकों सहित आम लोगों को नदी-नालों के किनारे ना जाने की हिदायत दी गई है। बारिश के बाद जगह-जगह लैंडस्लाइड हो रहे हैं तो वहीं बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप है। इसके अलावा शिमला सहित सोलन और अन्य इलाकों में बीती रात से ही बारिश का दौर जारी है।
**राज्य सरकार ने मेधावियों को पुरस्कृत करने की योजना में किया बदलाव हिमाचल प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों के 10,000 मेधावी इस बार अपनी पसंद का कोई भी एक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले सकेंगे। दसवीं, बारहवीं और कॉलेजों के मेधावियों को पुरस्कृत करने की योजना में राज्य सरकार बदलाव करने जा रही है। चयनित दुकानों से 15 से 18 हजार रुपये तक के पसंदीदा गैजेट लेने को मेधावियों को कूपन दिए जाएंगे। कौन-कौन से गैजेट योजना में शामिल होंगे, इस पर उच्च शिक्षा निदेशालय विचार कर रहा है। राज्य इलेक्ट्राॅनिक्स काॅरपोरेशन के माध्यम से गैजेट्स की कॉन्फ़िगरेशन तय करवाई जाएगी। योजना के तहत टैबलेट, स्मार्टफोन, आईपैड और किंडल देने का अभी प्रारंभिक स्तर पर विचार चल रहा है। एक माह के भीतर योजना तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। स्कूल शिक्षा बोर्ड के नतीजों में अव्वल रहने वाले दसवीं और बारहवीं कक्षा तक और कॉलेजों में फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड ईयर के 10 हजार विद्यार्थियों को सरकार हर साल पुरस्कृत करती है। वर्ष 2007 में तत्कालीन धूमल सरकार के समय में लैपटॉप देने के साथ इस योजना को शुरू किया गया था। 2012 में वीरभद्र सरकार ने इस योजना को जारी रखते हुए विद्यार्थियों की संख्या का दायरा इस योजना में बढ़ाया। 2017 में जयराम सरकार योजना को बंद करने और जारी रखने की पसोपेश में फंसी रही। बाद में सरकार ने योजना जारी रखते हुए लैपटॉप दिए। बाद में टैबलेट दिए गए। अब सुक्खू सरकार योजना में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इलेक्ट्राॅनिक्स गैजेट्स की एक बास्केट तैयार करने का फैसला लिया गया है। इस बास्केट के तहत कई गैजेट्स शामिल किए जाएंगे। मेधावी विद्यार्थियों को सरकार सम्मानित करते हुए एक कूपन देगी। इस कूपन के माध्यम से मेधावी अपनी पसंद की कंपनी का गैजेट ले सकेंगे। इसके तहत कंपनियों और दुकानों को चयनित किया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय इन दिनों गैजेट्स की बास्केट में शामिल करने वाली चीजों को चुनने में जुटी है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा और इलेक्टानिक्स कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल ने बताया कि जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर सरकार की मंजूरी को भेजा जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 15 से 18 हजार की कीमत के गैजेट्स देने पर विचार चल रहा है। क्या राशि तय होगी, इसको लेकर मंथन जारी है। अगर कोई मेधावी तय राशि से अधिक कीमत का गैजेट लेना चाहेगा तो इसकी मंजूरी मिलेगी। कूपन के तहत तय राशि के अलावा शेष राशि मेधावी को स्वयं दुकानदार को देनी होगी।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और कोयला मंत्रालय में सदस्य डॉ. रीता सिंह ने आज यहां राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मंदिरों में पुरानी लिपियों और साहित्य के उन्नयन और संरक्षण के संदर्भ में राज्यपाल से विचार-विमर्श किया। उन्होंने राज्यपाल को ‘साहित्य का धर्म’ पुस्तक भी भेंट की।
शिमला की मंडियों में सेब ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। अर्ली वैरायटी का मंडी में पहुंचना शुरू हो गया है । मंगलवार को रेड जून और टाइडमैन सेब लेकर बागवान भट्टाकुफर फल मंडी पहुंचे। हालांकि सेब कच्चा होने के चलते बागवानों को सेब के अच्छे दाम नही मिल रहे है। मंडी में आठ बॉक्स सेब के पहुचे जहां हाफ बॉक्स 350 रुपए में बिका। इसके अलावा नाशपाती सहित अन्य स्टोन फ्रूट भी मंडी में आ रहे है जिसके अच्छे दाम बागवानों को मिल रहे है। आने वाले दिनों में सेब सीजन रफ्तार पकड़ेगा। 15 जुलाई के बाद ही सेब सीजन पूरी तरह से शुरू होता है। और इस साल से सरकार द्वारा इस बार यूनिवर्सल कार्टन में सेब बेचने के निर्देश जारी किए है और अन्य किसी बॉक्स में बागवान सेब नही बेच पाए है। लेकिन अभी तक बागवानों को यूनिवर्सल कार्टन बाजार में नही पहुंचा है ओर न ही सरकार इसको लेकर कोई व्यवस्था कर पाई है। ऐसे में बागवान परेशान हो रहे है। अभी बागवान टेलीस्कोपी कार्टन में ही सेब मंडियों में लेकर आ रहे है। भट्टाकुफर फल मंडी के आढ़ती ज्ञान चन्द ने कहा कि नाशपाती और सेब ने मंडी में दस्तक देना शुरू कर दिया और आज मतियाणा से बागवान सेब लाकर पहुंचे हैं लेकिन बागवानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर प्रदेश सरकार द्वारा यूनिवर्सल कॉटन में सेब बेचने की व्यवस्था करने के फरमान तो जारी कर दिए लेकिन यूनिवर्सल कार्टन अभी फिलहाल बागवानों को नहीं मिल रहे हैं। बागवान फ्रूट अभी टेलीस्कोपी कार्टन में ही ला रहे है। जिला में एक दो दुकानों पर ही यूनिवर्सल कार्टन का दाम तय नही किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द यूनिवर्सल कार्टन बागवानों को उपलब्ध करवाया जाए और इसके दाम तय करवाए जाएं ताकि बागवानों को परेशान ना होना पड़े। बागवानों ने यूनिवर्सल कार्टन के सरकार के फैसले का स्वागत को तो किया लेकिन अभी मार्किट में यूनिवर्सल कार्टन न मिलने से बागवान निराश है। बागवानों का कहना है कि सरकार का ये फैसला अच्छा है लेकिन बाजार में कही ये कार्टन नही मिल रहा है। जिसके चलते उन्हें पुराने कार्टन में ही नाशपाती, सेब लेकर आना पड़ रहा है। बागवानों ने सरकार से जल्द यूनिवर्सल कार्टन की व्यवस्था करने की मांग सरकार से की।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज यहां शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों एवं क्षेत्र की लम्बित मांगों के दृष्टिगत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित करना उनकी प्रतिबद्धता है तथा अधिकारियों को सभी लम्बित कार्य को तय समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं पर कार्य पूर्ण होने के करीब हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो ठेकेदार कार्यों को समयबद्ध पूर्ण करने में असमर्थ हैं या जिनके कार्यों की गुणवत्ता तय मानकों से कम पाई गई है, उन्हें विभाग द्वारा ब्लैक लिस्ट में डाला जाए तथा तब तक पुनः कार्य आवंटित न किया जाए जब तक वे कार्य की गुणवत्ता में आशातीत सुधार नहीं लाते। उन्होंने शिमला ग्रामीण क्षेत्र में निर्माणाधीन विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की। इनमें मुख्य तौर पर प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत कार्य, सम्पर्क मार्ग, स्कूल भवन, विज्ञान प्रयोगशाला, आयुर्वेदिक डिस्पैंसरी, पॉलिटेक्निक कॉलेज, पुस्तकालय भवन, विभिन्न सड़कों का निर्माण एवं टारिंग, प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थान, सामुदायिक स्वास्थ्य संस्थान सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं। लोक निर्माण मंत्री ने क्षेत्र में जलशक्ति विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण क्षेत्रों में पानी छोड़ने की समयसारिणी से उन्हें अवगत करवाया जाए। उन्होंने जलशक्ति विभाग की उठाऊ पेयजल योजनाओं, सिंचाई योजनाओं, कूहलों के निर्माण एवं रखरखाव व वर्षा जल संग्रहण बांध के सम्बन्ध में भी चर्चा की। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों से चर्चा के दौरान शिमला ग्रामीण के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दर्शाई। उन्होंने शिमला ग्रामीण के विभिन्न क्षेत्रों में हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवाएं आरम्भ करने, बसों के मौजूदा रूटों का दायरा बढ़ाने, सुन्नी बस अड्डे को नई बसें प्रदान करने, धामी बस अड्डे के नए भवन के निर्माण आदि को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की। विक्रमादित्य सिंह ने नगर निगम शिमला के तहत आने वाले शिमला ग्रामीण विधानसभा के क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों एवं मांगों को लेकर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक में सीवरेज पाईप बिछाने, पार्किंग एवं एम्बुलेंस सड़क के निर्माण आदि कार्यों पर भी चर्चा की। बैठक में नगर निगम शिमला के आयुक्त भूपेन्द्र अत्री और लोक निर्माण विभाग, जलशक्ति विभाग, परिवहन विभाग, नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
भारतीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (आईआईआरएफ) की ओर से जारी देश की टॉप-50 केंद्रीय विश्वविद्यालयों की रैकिंग में वर्ष 2023 की अपेक्षा 2024 में ए++ ग्रेड प्राप्त हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय का स्तर सात पायदान नीचे खिसक गया है। हालांकि बीते साल के मुकाबले अंक ज्यादा हासिल किए हैं। वर्ष 2023 में रैंकिंग में 42वां स्थान था, जबकि इस वर्ष जारी रैकिंग में सात पायदान नीचे लुढ़क कर सीयू 49वें नंबर पर पहुंच गई है। भारतीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (आईआईआरएफ) ने देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग जारी की है। आईआईआरएफ ने यह रैंकिंग सात विभिन्न मानदंडों को आधार बना कर दी है। टॉप पर रहने वाले दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के ओवरआल 989.28 अंक हैं, जबकि 49वें स्थान पर रहने वाले केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश को 894.36 अंक प्राप्त हुए हैं। इसी संस्था की ओर से वर्ष 2023 में किए सर्वे के अनुसार हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय को 876.51 अंक प्राप्त हुए थे और उसे टॉप-50 में से 42वें स्थान मिला था। वहीं जेएनयू 983.12 अंकों के साथ पहले स्थान पर रही थी। आईआईआरएफ ने यह सर्वे सात विभिन्न मानकों को आधार बना कर किया था। इसमें यूनिवर्सिटी का प्लेसमेंट परफॉरमेंस, टीचिंग लर्निंग रिसोर्सेस एंड पेडागोजी, रिसर्च, इंडस्ट्री इनकम एंड इंटीग्रेशन, प्लेसमेंट स्ट्रैटेजी एंड सपोर्ट, फ्यूचर ओरिएंटेशन और एक्सटर्नल परसेप्शन एंड इंटरनेशनल आउटलुक शामिल था। प्लेसमेंट परफॉरमेंस में 217.3, टीचिंग लर्निंग रिसोर्सेस एंड पेडागोजी में 199.2, रिसर्च में 179.9, इंडस्ट्री इनकम एंड इंटीग्रेशन में 142.2, प्लेसमेंट स्ट्रैटेजी एंड सपोर्ट 62, फ्यूचर ओरिएंटेशन में 54.8 और एक्सटर्नल परसेप्शन एंड इंटरनेशनल आउटलुक में 37.9 अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि सीयूएचपी को ओवरऑल 894.36 अंक प्राप्त हुए हैं।
** मार्केट यार्ड, कोल्ड स्टोर निर्माण के लिए विश्व बैंक से चार माह बढ़ी मियाद हिमाचल प्रदेश में 1,134 करोड़ के बागवानी विकास प्रोजेक्ट को चार माह का विस्तार मिल गया है। विश्व बैंक की ओर से विस्तार को मंजूरी से संबंधित पत्र प्रदेश सरकार को मिला गया है। अब यह प्रोटेक्ट अक्तूबर में पूरा होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में 7 नए कोल्ड स्टोर का निर्माण और 8 कोल्ड स्टोर के उन्नयन किया गया है। प्रोजेक्ट के विस्तार से महेंदली में मार्केट यार्ड का काम पूरा होगा और जरोल टिक्कर में बनाए जा रहे कोल्ड स्टोर का निर्माण कार्य भी पूरा होगा। इसके अलावा करोेड़ों की सिंचाई योजनाओं का काम भी पूरा होगा। दो महीने पहले प्रोजेक्ट की समीक्षा के लिए विश्व बैंक की टीम हिमाचल आई थी। प्रदेश सरकार ने प्रोजेक्ट की मियाद आगे बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे विश्व बैंक ने स्वीकृति दे दी है। प्रोजेक्ट के तहत अब तक विदेशों से उन्नत किस्म के करीब 30 लाख सेब, नाशपाती, चेरी, प्लम, बादाम व आड़ू के पौधे और रूट स्टॉक आयात किए जा चुके हैं। 500 विभागीय अधिकारियों और 5000 से अधिक किसानों-बागवानों को विशेषज्ञों की ओर से प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा 70 विभागीय अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।
देशभर में आज रात 12 बजे से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं। 51 साल पुराने सीआरपीसी की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) लेगी। भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय अधिनियम (BNS) लेगा और इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रावधान लागू होंगे। महिलाओं से जुड़े ज्यादातर अपराधों में पहले से ज्यादा सजा मिलेगी। इलेक्ट्रॉनिक सूचना से भी FIR दर्ज हो सकेगी। एक जुलाई से पहले दर्ज हुए मामलों में नए कानून का असर नहीं होगा। यानी जो केस 1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज हुए हैं, उनकी जांच से लेकर ट्रायल तक पुराने कानून का हिस्सा होगी। एक जुलाई से नए कानून के तहत एफआईआर दर्ज हो रही है और इसी के अनुसार जांच से लेकर ट्रायल पूरा होगा। BNSS में कुल 531 धाराएं हैं। इसके 177 प्रावधानों में संशोधन किया गया है, जबकि 14 धाराओं को हटा दिया गया है। 9 नई धाराएं और 39 उप धाराएं जोड़ी गई हैं। पहले CrPC में 484 धाराएं थीं। भारतीय न्याय संहिता में कुल 357 धाराएं हैं। अब तक आईपीसी में 511 धाराएं थीं। इसी तरह भारतीय साक्ष्य अधिनियम में कुल 170 धाराएं हैं। नए कानून में 6 धाराओं को हटाया गया है। 2 नई धाराएं और 6 उप धाराएं जोड़ी गई हैं। पहले इंडियन एविडेंस एक्ट में कुल 167 धाराएं थीं। नए कानून में ऑडियो-वीडियो यानी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पर जोर दिया गया है। फॉरेंसिक जांच को अहमियत दी गई है। कोई भी नागरिक अपराध के सिलसिले में कहीं भी जीरो FIR दर्ज करा सकेगा। जांच के लिए मामले को संबंधित थाने में भेजा जाएगा। अगर जीरो एफआईआर ऐसे अपराध से जुड़ी है, जिसमें तीन से सात साल तक सजा का प्रावधान है तो फॉरेंसिक टीम से साक्ष्यों की जांच करवानी होगी। अब ई-सूचना से भी एफआईआर दर्ज हो सकेगी। गंभीर धाराओं में भी ई-एफआईआर हो सकेगी। वॉइस रिकॉर्डिंग से भी पुलिस को सूचना दे सकेंगे। E-FIR के मामले में फरियादी को तीन दिन के भीतर थाने पहुंचकर एफआईआर की कॉपी पर साइन करना जरूरी होंगे। फरियादी को एफआईआर, बयान से जुड़े दस्तावेज भी दिए जाने का प्रावधान किया गया है। फरियादी चाहे तो पुलिस द्वारा आरोपी से हुई पूछताछ के बिंदु भी ले सकता है। FIR के 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी जरूरी होगी। चार्जशीट दाखिल होने के 60 दिनों के भीतर कोर्ट को आरो तय करने होंगे। मामले की सुनवाई पूरी होने के 30 दिन के भीतर जजमेंट यानी फैसला देना होगा। जजमेंट दिए जाने के बाद 7 दिनों के भीतर उसकी कॉपी मुहैया करानी होगी। पुलिस को हिरासत में लिए गए शख्स के बारे में उसके परिवार को लिखित में बताना होगा। ऑफलाइन और ऑनलाइन भी सूचना देनी होगी। महिलाओं-बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को BNS में कुल 36 धाराओं में प्रावधान किया गया है। रेप का केस धारा 63 के तहत दर्ज होगा। धारा 64 में अपराधी को अधिकतम आजीवन कारावास और न्यूनतम 10 वर्ष कैद की सजा का प्रावधान है। धारा 65 के तहत 16 साल से कम आयु की पीड़ित से दुष्कर्म किए जाने पर 20 साल का कठोर कारावास, उम्रकैद और जुर्माने का प्रावधान है। गैंगरेप में पीड़िता यदि वयस्क है तो अपराधी को आजीवन कारावास का प्रावधान है। 12 साल से कम उम्र की पीड़िता के साथ रेप पर अपराधी को न्यूनतम 20 साल की सजा, आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान है। शादी का झांसा देकर संबंध बनाने वाले अपराध को रेप से अलग अपराध माना गया है। यानी उसे रेप की परिभाषा में नहीं रखा गया है। पीड़ित को उसके केस से जुड़े हर अपडेट की जानकारी हर स्तर पर उसके मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए दी जाएगी। अपडेट देने की समय-सीमा 90 दिन निर्धारित की गई है। राज्य सरकारें अब राजनीतिक केस (पार्टी वर्कर्स के धरना-प्रदर्शन और आंदोलन) से जुड़े केस एकतरफा बंद नहीं कर सकेंगी। धरना- प्रदर्शन, उपद्रव में यदि फरियादी आम नागरिक है तो उसकी मंजूरी लेनी होगी। गवाहों की सुरक्षा के लिए भी प्रावधान है। तमाम इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी कागजी रिकॉर्ड की तरह कोर्ट में मान्य होंगे। मॉब लिंचिंग भी अपराध के दायरे में आ गया है। शरीर पर चोट पहुंचाने वाले अपराधों को धारा 100-146 तक बताया गया है। हत्या के मामले में धारा 103 के तहत केस दर्ज होगा। धारा 111 में संगठित अपराध के लिए सजा का प्रावधान है। धारा 113 में टेरर एक्ट बताया गया है। मॉब लिंचिंग के मामले में 7 साल की कैद या उम्रकैद या फांसी की सजा का प्रावधान है। चुनावी अपराध को धारा 169-177 तक रखा गया है। संपत्ति को नुकसान, चोरी, लूट और डकैती आदि मामले को धारा 303-334 तक रखा गया है। मानहानि का जिक्र धारा 356 में किया गया है। दहेज हत्या धारा 79 में और दहेज प्रताड़ना थारा 84 में बताई गई है।
हिमाचल में पिछली साल हुई भारी बरसात से सबक लेते हुए लोक निर्माण विभाग ने कर्मचारियों की छुट्टियां मानसून सीजन समाप्त होने तक रद्द कर दी है। ताकि भारी बरसात में भूस्खलन और डंगे गिरने से बाधित होने वाली सड़कों को जल्द से जल्द खोला जा सके। लोक निर्माण विभाग में केवल विशेष परिस्थितियों में ही कर्मचारी छुट्टी के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को भी अलर्ट रहने को कहा गया है। मानसून सीजन में अधिकारियों को नियमित तौर पर फील्ड में सड़कों और पुलों का निरीक्षण कर इसकी रोजाना सरकार को रोजाना रिपोर्ट देनी होगी। मानसून सीजन में लोक निर्माण मंत्री भी नियमित तौर पर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। ताकि भारी बारिश से आने वाली प्राकृतिक आपदा से बंद होने वाली सड़कों को जल्द से जल्द खोला जा सके। हिमाचल में इस महीने सेब का सीजन भी शुरू होने वाला है। ऐसे में मंडियों में सेब समय पर पहुंचकर बिक सके। इसके लिए सड़कों को जल्द खोलने के लिए विशेष तौर पर दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान होने वाली मूसलाधार बारिश हर बार अपने साथ तबाही लाती है। प्रदेश भर में भारी बारिश से होने वाले भूस्खलन और फ्लैश फ्लड से पैदा होने वाले हालातों से निपटने के लोक निर्माण विभाग ने मैन पावर और मशीनरी की तैनाती कर दी है। लोक निर्माण विभाग के डिवीजनों के तहत विभिन्न क्षेत्रों में 206 जेसीबी, 110 बुल्डोजर, 28 रोबो मशीन, 17 बेली ब्रिज और 13 हजार से अधिक श्रम शक्ति को तैनात कर दिया है। ताकि मानसून सीजन के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति में बहाली एवं राहत कार्य तुरंत प्रभाव से सुनिश्चित किए जा सके। हिमाचल में पिछली भारी बरसात में 400 से अधिक लोगों का बहुमूल्य जीवन समाप्त हो गया था। वहीं 10 हजार करोड़ की संपत्ति आपदा की भेंट चढ़ गई थी। नदी नालों में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से 2545 मकान पूरी तरह और 10,853 मकान आंशिक रूप क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसी तरह से 317 दुकानें और ढाबे नष्ट हुए थे। प्रदेश में भारी बरसात से 10,140 पशु मारे गए थे। हिमाचल में लगातार सबसे अधिक बारिश 8 से 11 जुलाई, 13 से 15 अगस्त और 23 और 24 अगस्त को हुई थी। ऐसे लगातार कई घंटों तक बारिश का क्रम जारी रहने से सबसे अधिक तबाही मची थी। राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा के मुताबिक सरकार मानसून सीजन से निपटने को तैयार है। सभी अधिकारियों को डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत अपनी जिम्मेवारी निभाने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछली बरसात से सबक लेते हुए पहले की विभिन्न स्थानों पर मैन पावर और मशीनरी तैनात की जा चुकी है।
हिमाचल प्रदेश में रविवार को मानसून कमजोर पड़ गया। खराब माैसम के ऑरेंज अलर्ट में भी धूप खिली रही। 1 और 2 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 3 से 6 जुलाई तक यलो अलर्ट है। इस दौरान गर्जना के साथ बारिश और कई जगह बिजली गिर सकती है। हिमाचल प्रदेश में मानसून के प्रवेश के बाद से कुछ स्थानों पर ही हल्की बारिश हो रही है। ऊना का पारा रविवार को भी 36 डिग्री सेल्सियस के पार रहा।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में राशन कार्डों की eKYC करवाने की अन्तिम तिथि 31 जुलाई, 2024 तक बढ़ा दी गई है। यह सुविधा देश के सभी लोकमित्र केन्द्रों में उपलब्ध है। उन्होंने बाहरी राज्यों में रहने वाले हिमाचल प्रदेश के सभी राशन कार्ड उपभोक्ताओं से भी आग्रह किया है कि वह अपने निकटतम लोक मित्र केन्द्र में जाकर eKYC करवाना सुनिश्चित करें।
हिमाचल में मानसून रविवार से फिर रफ्तार पकड़ेगा। 30 जून से 2 जुलाई तक प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज, 3 से 5 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी हुआ है। शनिवार को मंडी और शिमला में बूंदाबांदी हुई। अन्य क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहने के साथ धूप खिली। अधिकतम तापमान में सामान्य से दो डिग्री की बढ़ोतरी हुई। ऊना में अधिकतम तापमान 37 और बिलासपुर में 36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार से फिर मानसून के सक्रिय होने की संभावना जताई है। निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि दो दिन के दाैरान प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मानसून का प्रवेश हो जाएगा। पहाड़ी राज्यों में जहां बारिश के चलते भूस्खलन से सड़कें बंद हैं, वहीं मैदानी राज्यों में सड़कों पर पानी भर गया है। अरुणाचल प्रदेश में टेलीफोन की लाइनें टूट गई हैं। मौसम विभाग ने दिल्ली समेत उत्तर पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अगले चार दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने बताया कि उत्तर-पूर्व राजस्थान, पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी यूपी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति बनी हुई है।
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में अगले साल से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी माध्यम लागू होगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है। नए सत्र के लिए अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों की छपाई शुरू हो गई है। वर्ष 2024-25 से पहली-दूसरी कक्षा में अंग्रेजी माध्यम शुरू हो गया है। अब तीसरी से पांचवीं कक्षा में इसे लागू किया जा रहा है। तीसरी से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी भाषा में गणित और पर्यावरण विषय पढ़ाए जाएंगे। प्रदेश के 10,300 प्राथमिक स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 से नई व्यवस्था के लागू होने के बाद हिंदी माध्यम में पढ़ाई बंद हो जाएगी। निजी स्कूलों का मुकाबला करने और सरकारी स्कूलों से विद्यार्थियों का पलायन रोकने को सरकार ने पहली से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाने का फैसला लिया है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से करवाए गए सर्वेक्षण से पता चला कि सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई न होने के चलते ही अभिभावक निजी स्कूलों को अधिक तवज्जो दे रहे हैं। मौजूदा शैक्षणिक सत्र में सरकार ने पहली और दूसरी कक्षा में अंग्रेजी माध्यम लागू किया है। पहली और दूसरी कक्षा में हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषय पढ़ाए जाते हैं। इन कक्षाओं में गणित को अंग्रेजी में पढ़ाया जाता है। तीसरी से पांचवीं कक्षा में गणित, पर्यावरण, हिंदी और अंग्रेजी विषय पढ़ाए जाते हैं। नए सत्र से गणित और पर्यावरण विषय अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाए जाएंगे। नए शैक्षणिक सत्र से प्रदेश में लागू होने वाली नई व्यवस्था को सफलतापूर्वक चलाने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने 20 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दे दिया है। ये अध्यापक पहली से पांचवीं तक के बच्चों को पढ़ाएंगे। बीते दिनों ही जिला और ब्लाॅक स्तर पर प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। राज्य सरकार ने नई व्यवस्था को शुरू करने की अनुमति दे दी है। राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड को अंग्रेजी माध्यम की किताबें छापने को कह दिया है। नए शिक्षा सत्र से सभी प्राइमरी स्कूलों की कक्षाएं इंग्लिश मीडियम पर चलेंगी। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से एनरोलमेंट भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार की महत्त्वकांक्षी इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना महिलाओं के सामाजिक आर्थिक उत्थान में सहायक सिद्ध हो रही है। योजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार की 18 वर्ष और इससे अधिक आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत जिला ऊना के हरोली में 7,280 महिलाओं को 3.27 करोड़ रुपये से लाभान्वित किया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश की 48,000 महिलाओं को तीन महीने की सम्मान निधि के रूप में 4500 रुपये प्रति महिला वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। प्रदेश सरकार द्वारा महिला उत्थान और कल्याण की दृष्टि से शुरू की गई इस अभिनव योजना के अंतर्गत 23 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इस योजना से महिलाएं वित्तीय रूप से स्वावलंबी बन रही है और सम्मानजनक तरीके से जीवन व्यतीत कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ग्रामीण आर्थिकी को सुदृढ़ करने और महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में निरन्तर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस योजना के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। यह योजना लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए किए जा रहे सरकार के प्रयासों को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि तमाम वित्तीय चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ करने और समाज के चहुंमुखी विकास सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से 30 जून को हिमाचल प्रशासनिक सेवा (HAS) का एग्जाम होगा। सभी अभ्यर्थियों को एग्जाम शुरू होने से एक घंटे पहले पहुंचना होगा। सुबह और शाम को दो सत्र में ये एग्जाम होगा। इस बार आयोग की ओर से अभ्यर्थियों को ये भी निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा में केवल काले या नीले रंग के पेन का ही प्रयोग करना होगा। एचएएस एग्जाम के लिए अभ्यर्थी अधिकारिक वेबसाइट www.hppsc.hp.gov.in से ई-एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा एग्जाम सेंटर में फोन और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने पर पूरी तरह से मनाही है। इसके साथ ही एग्जाम सुबह 10 बजे से शुरू होगा। वहीं, शाम के सत्र की परीक्षा 2 बजे से शुरू होगी। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HAS) की प्रीलिमिनरी परीक्षा में 32,371 उम्मीदवार बैठेंगे। इस परीक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने लाहौल-स्पीति को छोड़कर सभी जिलों में एग्जाम सेंटर स्थापित किए हैं। एचएएस एग्जाम के लिए कुल 119 एग्जाम सेंटर स्थापित किए हैं। इन परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए जाएंगे, इसके लिए लोक सेवा आयोग ने तैयारियां कर ली है। वहीं, एग्जाम सेंटर में जैमर लगाए जाएंगे। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी एग्जाम सेंटरों पर नजर रखी जाएगी. इस दौरान सीसीटीवी फुटेज को मॉनिटर किया जाएगा, ताकि एग्जाम के दौरान कोई गड़बड़ी न हो। एग्जाम सेंटर उन्हीं स्कूलों में बनाए गए हैं, जहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। आयोग की ओर से एचएएस की प्रीलिमिनरी एग्जाम के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. एग्जाम सेंटरों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
**पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी हिमाचल प्रदेश में बरसात के चलते साहसिक खेल गतिविधियों पर 15 जुलाई से दो माह के लिए रोक लग जाएगी। प्रदेश के कुल्लू-मनाली, बीड़ बिलिंग, धर्मशाला, बिलासपुर, डलहौजी के खज्जियार और अन्य क्षेत्रों में साहसिक खेल गतिविधियों पर 15 जुलाई से 15 सितंबर तक प्रतिबंध रहेगा। दो माह न तो पैराग्लाइडिंग कर सकेंगे और न ही नदियों में रिवर राफ्टिंग का लुत्फ सैलानी उठा पाएंगे। सैलानियों को पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग के लिए दो माह तक इंतजार करना पड़ेगा। बरसात में बारिश और भूस्खलन, बाढ़ आदि को ध्यान में रखते हुए दो माह के लिए साहसिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाती है। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ पर्यटन विभाग की ओर कार्रवाई की जाती है। विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़-बिलिंग, धर्मशाला के इंद्रूनाग, कुल्लू-मनाली सहित अन्य पर्यटन स्थलों में सैलानियों को साहसिक गतिविधियों का आनंद लेने के लिए 2 माह का इंतजार करना होगा। अगर 15 जुलाई से पहले ही भारी बरसात होती है तो इन साहसिक गतिविधियों पर पहले भी रोक लगाई जा सकती है। उधर, जिला पर्यटन अधिकारी जिला कांगड़ा विनय धीमान ने बताया कि बरसात के मौसम में दो माह के लिए साहसिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। 15 जुलाई से 15 सितंबर तक प्रदेशभर में पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग सहित अन्य गतिविधियां पूरी तरह से प्रतिबंधित रहती हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की बीएड की रेगुलर कॉलेज छात्रों की दूसरे और चौथे सेमैस्टर और इक्डोल की वार्षिक प्रणाली के तहत परीक्षाएं 16 जुलाई से शुरू होंगी, जो 18 अगस्त तक चलेंगी। विवि ने बीएड की इन परीक्षाओं के शेड्यूल को जारी कर दिया है। जिसे विवि की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। छात्र इसे वेबसाइट पर देख और डाउनलोड कर सकते है। ये परीक्षाएं दोपहर बाद के सत्र में दो बजे से आयोजित की जाएगी। वहीं विवि ने एमएड की की परीक्षाओं की डेटशीट भी जारी कर दी है। सेमेस्टर सिस्टम के तहत होने वाली इन परीक्षाओं का शेड्यूल वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। ये परीक्षाएं 16 जुलाई से लेकर 26 जुलाई तक आयोजित की जाएगी। विवि के इस सेल्फ फाइनांसिंग इंजीनियरिंग संस्थान में विभिन्न श्रेणी की सीटों का आवंटन तय किए गए रोस्टर के अनुसार दिया जाएगा। इसमें हर कोर्स में छह और पांचों कोर्स में 30 ऐसी सीटें है, जिनमें ट्यूशन फीस माफ रहती है। इसके अलावा कुछ सीटों को श्रेणी विशेष के लिए आरक्षित रख कर भरा जाता है। इसमें विवि कर्मचारियों के बच्चों जैसी अलग अलग श्रेणी की सीटें शामिल है। प्रवेश और आरक्षित सीटों से संबंधित नियम और शर्तें संस्थान की वेबसाइट पर अपलोड किए गए प्रोस्पेक्ट्स में उपलब्ध है। इसमें प्रवेश और काउंसलिंग से संबंधित दिशा निर्देश भी उपलब्ध है।
शिमला: हिमाचल में मौसम की बेरुखी का असर फसलों की पैदावार पर पड़ा है, जिससे मांग अधिक होने से बाजार में खाने पीने की वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। इन दिनों खाद्य वस्तुओं सहित सब्जियां भी बहुत अधिक महंगी हो गई हैं। ऐसे में प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए उचित मूल्य की दुकानें ही सस्ते राशन खरीदने के लिए एकमात्र सहारा बची है, जिसके तहत सरकार ने जुलाई महीने के लिए सस्ते राशन का आवंटन कर दिया है। हिमाचल प्रदेश के पांच लाख से अधिक डिपुओं में एपीएल परिवारों को अगले महीने 14 किलो आटा और 6 किलो चावल कोटा प्रति राशन कार्ड मिलेगा। सरकार ने अगस्त 2023 से एपीएल परिवारों दिए जाने वाले आटे और चावल के कोटे में कोई कट नहीं लगाया है। उससे पहले हर दो तीन महीने में राशन के कोटे को घटाया और फिर से बढ़ाया जाता रहा है, लेकिन अब करीब एक साल से आटे और चावल की मात्रा से कोई फेरबदल नहीं किया गया है। हालांकि अधिक सदस्यों वाले परिवारों के लिए राशन की मात्रा अभी कम है। ऐसे उपभोक्ता राशन का कोटा बढ़ाए जाने की भी लंबे समय से मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने जुलाई माह के लिए राशन कोटे का आवंटन कर दिया हैं। इस बारे में सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, उचित मूल्यों की दुकानों में उपभोक्ताओं को समय पर सस्ता राशन उपलब्ध कराने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। जुलाई महीने के लिए एपीएल परिवारों के लिए 25 हजार मीट्रिक टन से अधिक चावल और आटे के कोटे का आवंटन हुआ है। अब तय की गई मात्रा के हिसाब से डिपो धारकों को परमिट जारी होंगे। ऐसे में लाखों उपभोक्ताओं को डिपुओं में एक जुलाई से सस्ता राशन मिलना शुरू हो जाएगा।डिपो में समय पर सस्ता राशन उपलब्ध हो, इसके लिए सरकार ने पहले ही जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में राशन धारकों को आटे की तर्ज पर फोर्टिफाइड चावल दिया जा रहा है। इस चावल में आयरन के साथ विटामिन 12, फोलिक एसिड समेत शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्व मिलाए गए हैं। प्रदेश में एपीएल परिवारों की संख्या 12,24,448 है। इसमें एपीएल कार्ड धारकों की संख्या 11,52,003 है। वहीं, एपीएल टैक्स पेयर की संख्या 72,445 है. इसमें एपीएल कार्ड धारकों की कुल आबादी 44,19,312 है, जिसमें एपीएल आबादी 41,26,583 है। वहीं, टैक्स पेयर की आबादी 2,92,729 है, जिन्हें अगले महीने 14 किलो आटा और 6 किलो चावल प्रति राशन कार्ड के दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के 3 जिलों में आज भारी बारिश का अनुमान है। मानसून के साथ पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता को देखते हुए मौसम विभाग ने शनिवार के लिए तीन और रविवार को चार जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों के लिए आज के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कल के लिए मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले 48 घंटों के दौरान इन जिलों के कुछ इलाकों में एक-दो बार भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने का आग्रह किया है। लोगों को ऊंचाई वाले, भूस्खलन वाले इलाकों और नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी गई है। आईएमडी के मुताबिक अगले छह दिन यानी 4 जुलाई तक राज्य में लगातार बारिश की संभावना है। प्रदेश के ऊना, शिमला और सोलन जिला में मानसून ने धमाकेदार एंट्री की है। अन्य जिलों में हल्की बारिश हुई है। बारिश के बाद प्रदेशभर में लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल ने बताया, इस बार मई माह में 'रेमल' चक्रवात के कारण थोड़ी देरी हुई है। उन्होंने बताया कि हिंद महासागर और अरब सागर से चलने वाली हवाओं का दबाव नहीं बन पाया। इस कारण मानसून बीच में ही रुक गया था।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में बीते रोज हिमाचल पथ परिवहन निगम के निदेशक मंडल की 156वीं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम ने अपने बेड़े में पुरानी बसों के स्थान पर 250 नई डीजल बसें और 50 टेम्पो ट्रैवलर खरीदने का निर्णय लिया है, जिस पर लगभग 105 करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित है। इसके अतिरिक्त, निगम इस वर्ष अपने बेड़े में 24 नई सुपर लग्जरी बसें एवं 50 टेम्पो ट्रैवलर शामिल करेगा। ये 50 टेम्पो ट्रैवलर प्रदेश के दूर-दराज एवं जनजातीय क्षेत्रों में पुरानी बसों के स्थान पर चलाए जाएंगे। इन बसों की खरीद निगम द्वारा अपने संसाधनों से की जाएगी। इसके अतिरिक्त, निगम अपने संसाधनों से लगभग 25 करोड़ रुपए की इलेक्ट्रिक बसों की खरीद भी करेगा। उप-मुख्यमंत्री नेे कहा कि निगम द्वारा टाइप-1 327 बसें और टाइप-3 विद्युत चलित बसों की खरीद के लिए 15 जून 2024 को निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि बसों में यात्रियों द्वारा कैशलेस माध्यम से किराए का भुगतान करने के लिए परिचालकों को प्रोत्साहित करने के लिए त्रैमासिक आधार पर मंडलीय स्तर पर तीन परिचालकों को पारितोषिक देने का निर्णय लिया गया है। यह योजना 31 दिसंबर 2024 तक लागू रहेगी। उन्होंने कहा कि 350 बस चालकों की रूकी हुई भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाएगा। निगम में चालकों के 600 पद रिक्त हैं और आने वाले दो वर्षों में लगभग 800 चालक सेवानिवृत हो रहे हैं, इसलिए चालकों की भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम के कर्मियों को 18 जनवरी 2024 के बाद देय चिकित्सा प्रतिपूति, वेतन भोगियों तथा पेंशन भोगियों को 55.36 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। अग्निहोत्री ने कहा कि निगम के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में रिसोर्स मोबिलाइजेशन समिति का गठन किया गया है। यह समिति निगम को हो रहे घाटे के कारणों का पता लगाकर अपनी रिपोर्ट बोर्ड को प्रस्तुत करेगी। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में परिवहन के सीमित साधन हैं और लोग परिवहन सुविधा के लिए एचआरटीसी पर निर्भर करते हैं। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा महिलाओं तथा विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों को रियायती दरों पर सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त निगम की बसें परिवहन सेवा से वंचित क्षेत्रो में भी सेवाएं दी रही हैं। उन्होंने बताया कि निगम सेवा भाव से कार्य करते हुए रोजाना लगभग 5 लाख यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने निगम की बसों की बेहतरीन तस्वीरें और वीडियो बना कर भेजे थे उन्हें सम्मानित किया गया है। इसी प्रकार जो कर्मचारी अपने रूट पर अच्छी आमदनी करेंगे उन्हें भी निगम द्वारा सम्मानित किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि निगम द्वारा सभी कर्मचारियों की वार्षिक चिकित्सा जांच करवाई जाएगी। साथ ही प्रदेश में बस अड्डों की स्थिति का जायजा लिया और उनमें सुधार करने को लेकर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि धर्मशाला में बन रहे बस अड्डे के लंबित कार्य के दृष्टिगत प्रबंध निदेशक को कार्य कर रही एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी उन्हें अगली बैठक में उपस्थित होने के निर्देश जारी किए जाएं। इसी तरह मैक्लोडगंज और शिमला के बस अड्डों से संबंधित मामलों पर भी बैठक में चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि बद्दी और फतेहपुर में बस अड्डा प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि निगम की लंबित राशि को जल्द जारी किया जाए ताकि निगम के कर्मचारियों के हित में और बेहतर निर्णय लिए जा सकें। बैठक का संचालन प्रबंध निदेशक हिमाचल पथ परिवहन निगम रोहन चंद ठाकुर ने किया और उप-मुख्यमंत्री तथा गैर-सरकारी सदस्यों को निगम द्वारा आगे भी बेहतर कार्य करने का आश्वासन दिया।
**लोक निर्माण मंत्री ने नितिन गडकरी से सड़क परियोजनाओं पर चर्चा की लोक निर्माण निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नई दिल्ली में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर आगामी बरसात के दृष्टिगत प्रदेश की विभिन्न सड़क परियोजनाओं के बारे में विचार-विमर्श किया। केन्द्रीय मंत्री ने लोक निर्माण मंत्री के आग्रह पर जिला शिमला में केन्द्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के अंतर्गत खमाड़ी-टिक्कर सड़क के लिए 50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। लोक निर्माण मंत्री ने यह धनराशि स्वीकृत करने के लिए गडकरी का आभार व्यक्त किया। विक्रमादित्य सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने वाली लोक निर्माण विभाग की सड़कों की मरम्मत के लिए केन्द्रीय मंत्री द्वारा पूर्व में घोषित 150 करोड़ रुपये जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मानसून को ध्यान में रखते हुए यह धन राशि महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने मंडी जिले में कमांद-कटौला और चैलचौक-पंडोह सड़कों के रखरखाव एवं मरम्मत के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को पहले से प्रस्तुत 30 करोड़ रुपये के अनुमानों को भी शीघ्र स्वीकृत करने का आग्रह किया क्योंकि यह वैकल्पिक सड़क मार्ग ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने में काफी सहायक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में यह सड़कें महत्त्वपूर्ण हैं और लोगों और पर्यटकों की सुविधा एवं कुल्लू-मनाली ट्रैफिक समस्या के समाधान में इन सड़कों का रख-रखाव महत्त्वपूर्ण है। लोक निर्माण मंत्री ने अवगत करवाया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केन्द्रीय मंत्री के साथ शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग को टू-लेन की बजाय फोर-लेन के रूप में निर्मित करने का मामला पहले ही उठाया है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों को एक समान उन्नयन के लिए एनएचएआई की संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए कई महत्त्वपूर्ण परियोजनाएं वार्षिक मसौदा योजना (ड्राफ्ट एन्नुअल प्लान) से हटा दी गई हैं। उन्होंने इन परियोजनाओं को वार्षिक योजना 2024-2025 में शामिल करने का अनुरोध किया। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 के एक हिस्से के सुधार के लिए केन्द्रीय मंत्रालय की प्रस्तुत 70 करोड़ रुपये की अनुमाति राशि भी लंबित है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से आगामी अगस्त माह में मणिमहेश यात्रा के दृष्टिगत इसे शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। केन्द्रीय मंत्री ने प्रदेश को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। प्रमुख अभियंता एनपी सिंह, मुख्य अभियंता सुरेश कपूर बैठक में उपस्थित थे।
सीएम बोले- कुछ कम्युनिकेशन गैप था, उसे दूर किया मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर राज्यपाल की नाराजगी को दूर किया। राज्यपाल से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में सीएम सुक्खू ने कहा यह एक शिष्टाचार भेंट थी। करीब चार महीनों बाद मुलाकात हुई। चुनाव की व्यस्तता के चलते राज्यपाल से मुलाकात नहीं हो पाई थी। सुक्खू ने कहा कि राज्यपाल ने कुछ मुद्दों पर नाराजगी जताई है। योगा डे पर सरकारी कार्यक्रम को लेकर उनकी नाराजगी सही थी। उस दिन शहर के मेयर की भी अनुपस्थिति रही और कुछ कम्युनिकेशन गैप था, उसे दूर कर दिया गया है। सीएम ने कहा कि कुलपति नियुक्ति वाली फाइल तीन-चार महीने पहले राज्यपाल ने वापस सरकार को भेज दी थी और यह सचिव विधि के पास पड़ी रह गई। भविष्य में इन सब बातों का ध्यान रखा जाएगा। सीएम ने कहा कि राज्यपाल चाहते हैं सभी विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्त हो और वहां शिक्षा का माहौल बना रहे। इस संबंध में सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। निश्चित तौर पर राज्यपाल ने जो विषय उठाए हैं, उस पर सरकार पूरा गौर करेगी। बिलासपुर गोलीकांड पर सुक्खू ने कहा कि कानून के तहत कार्रवाई होगी। ऐसी घटनाओं की सरकार निंदा भी करती है। चाहे वे किसी भी पार्टी से जुड़े कोई लोग क्यों न हो। गलत बात गलत है। हम इस तरह की वारदातों को हिमाचल प्रदेश में सहन नहीं करेंगे।
**वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हिमाचल प्रदेश में दक्षिण पश्चिम मानसून ने प्रवेश करते ही तबाही मचाई है। इस बार पिछले साल के मुकाबले देरी से पहुंचे मानसून की पहली ही बारिश से शिमला में जगह-जगह भूस्खलन, मलबा आने से व्यापक नुकसान हुआ है। करीब आठ गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। शहर के मल्याणा, चमियाणा, भट्ठाकुफर, मिनी कुफ्टाधार सहित अन्य स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। चमियाना में सड़क किनारे पार्क तीन गाड़ियां मलबे में दब गईं। वहीं मल्याणा में पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क किनारे पार्क चार गाड़ियों पर गिर गईं। इससे दो गाड़ियां चकनाचूर हो गईं। भट्टाकुफर में भूस्खलन से सड़क किनारे पार्क एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मिनी कुफ्ताधार का रास्ता मलबा आने से नाले में तब्दील हो गया। शहर की ईदगाह कॉलोनी में भी नुकसान हुआ है। डंगा गिरने से रास्ता बंद हो गया है। पगोग सड़क पर आए पत्थर और मलबा आने से आवाजाही प्रभावित रही। वहीं, जुन्गा रोड पर बारिश का पानी घरों में घुस गया। खलीनी में भी भूस्खलन हुआ है।
**राज्यपाल ने प्रदान किए 18 व्यक्तियों को ‘हिमाचल के प्रहरी’ सम्मान **नशे के खिलाफ लड़ाई में किया असाधारण प्रतिबद्धता का प्रदर्शन राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बीते कल राजभवन में आयोजित ‘हिमाचल के प्रहरी’ सम्मान समारोह में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामलों का पता लगाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 18 व्यक्तियों को सम्मानित किया। यह कार्यक्रम पुलिस विभाग द्वारा आयोजित किया गया था। इस अवसर पर, राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल के इन प्रहरियों ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई में असाधारण प्रतिबद्धता और बहादुरी का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग एक गंभीर खतरा है, जो सीमाओं और जनसांख्यिकी से परे है। यह परिवारों को बाधित करता है, सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालता है और आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने समुदायों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के अभिशाप से बचाने के लिए सतर्क और सक्रिय होना चाहिए। इस खतरे का मुकाबला करने के प्रयासों के लिए एक ठोस और बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें कानून प्रवर्तन, सामुदायिक जुड़ाव, शिक्षा और पुनर्वास शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के तौर पर उन्होंने अपने 16 माह के कार्यकाल में देवभूमि में नशे के खिलाफ अपने आपको सक्रिय तौर पर जोड़ा है। उन्होंने बढ़ते नशे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज गांव-गांव तक नशा पहुंच रहा है और अब लड़कियां तक ड्रग पैडलर बन रही हैं। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस अधिनियम नशीली दवाओं की तस्करी और दुरुपयोग से निपटने के लिए हमारे शस्त्रागार में एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इस कानून की प्रभावशीलता न केवल अधिकारियों पर बल्कि जनता की सतर्कता और सहयोग पर भी निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि हम देवभूमि के उन प्रहरियों का सम्मान कर रहे हैं जिन्होंने अपने नागरिक कर्तव्यों से परे जाकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सहायता करने में अनुकरणीय साहस और समर्पण दिखाया है। उनके प्रयासों ने न केवल अवैध गतिविधियों का पता लगाने और उन पर अंकुश लगाने में मदद की है, बल्कि नशा मुक्त समाज के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने में भी मदद की है। उन्होंने कहा कि प्रहरियों की जिम्मेदारी की भावना ने दूसरों के लिए अनुसरण करने के लिए एक मानक स्थापित किया है। इससे पूर्व, पुलिस महानिदेशक अतुल वर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश पुलिस प्रदेश द्वारा लोगों के सामूहिक प्रयासों को सम्मानित करने के लिए एक समारोह आयोजित किया गया, जो नशे के खिलाफ हमारी लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह सम्मान समारोह हमारे जागरूक नागरिकों की सक्रिय भूमिका को मान्यता देने और उनके योगदान का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया गया है, जो सहयोग की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग हिमाचल प्रदेश में एक महत्त्वपूर्ण चुनौती पेश करता है और इसे प्रभावी ढंग से संबोधित करने के लिए शिक्षा, रोकथाम, उपचार और पुनर्वास शामिल करने वाला एक बहु-विषयक दृष्टिकोण आवश्यक है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पारंपरिक प्रवर्तन उपाय अकेले नशीली दवाओं के दुरुपयोग के मूल कारणों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते। समस्या को उत्पन्न करने वाले सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य से संबंधित कारणों को संबोधित करने के लिए व्यापक रणनीति की आवश्यकता को पहचानते हुए, हिमाचल प्रदेश के राज्य गुप्तचर विभाग ने एक बहुआयामी एंटी-ड्रग रणनीति का प्रस्ताव रखा है। यह रणनीति विभिन्न हितधारकों और संसाधनों को एकीकृत करती है ताकि इस संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके और निकट भविष्य में हिमाचल प्रदेश में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के संकट से मुक्त वातावरण बनाया जा सके। इस अवसर पर, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पुलिस अधीक्षक अरविंद नेगी ने प्रदेश में नशीली दवाओं के दुरुपयोग से संबंधित मामलों पर एक प्रस्तुतिकरण भी दिया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अभिषेक त्रिवेदी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। शिमला नगर निगम के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल त्रिवेदी, राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा तथा राज्यपाल के सचिव का कार्यभार देख रहे सी.पी. वर्मा तथा पुलिस प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर.एस. बाली ने कहा कि राज्य सरकार निजी क्षेत्र के सहयोग से सार्वजनिक निजी साझेदारी प्रणाली के तहत पर्यटन अधोसंरचना के सतत विकास के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। पर्यटन और नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा प्रदेश में व्यवसाय के अवसरों पर चंडीगढ़ में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल एक शांतिप्रिय और बेहतर कानून व्यवस्था वाला राज्य है जहां पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार इन संभावनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में अग्रसर है। सरकार पर्यटन क्षेत्र के माध्यम से राज्य की आर्थिकी को मज़बूत बनाने के साथ-साथ युवाओं को इस क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं एवं अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने के लिए एशियन विकास बैंक के अंतर्गत तैयार की जा रही परियोजनाओं के विकास, प्रबन्धन एवं संचालन में निजी क्षेत्र की साझेदारी सुनिश्चित करना है। हिमाचल प्रदेश में निजी क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए भविष्य में देश के अन्य स्थानों में भी इस तरह के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों ने डिजाइन, साझेदारी संरचना और एडीबी की उप-परियोजनाओं आदि के अंतर्गत विभिन पहलुओं पर बहुमूल्य सुझाव और प्रतिक्रियाएं प्रस्तुत कीं। प्रस्तुति के दौरान निजी निवेशकों ने सार्वजनिक निजी भागीदारी के लिए उपलब्ध सम्पत्तियों में विशेष रूचि दिखाई। प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार, निदेशक पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मानसी सहाय ठाकुर, ताज, आईटीसी, महिन्द्रा, ओबरॉय, सरोवर आदि जैसे प्रमुख होटल समूहों के प्रतिनिधियों और निजी क्षेत्रों से डिलॉयट व पीडब्ल्यूसी परामर्श एजेंसी ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया। इसके अलावा, मनीला और नई दिल्ली से एशिया विकास बैंक के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
**75 प्रतिशत पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा पूरा लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बीते कल विभाग द्वारा प्रदेशभर में निर्माणाधीन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से संबंधित अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों आदि भवनों एवं अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन निर्माणाधीन परियोजनाओं का 75 प्रतिशत या उससे अधिक कार्य सम्पन्न हो चुका है, उन्हें पूरा करने को प्राथमिकता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार 75 प्रतिशत या उससे अधिक पूरे हो चुके निर्माणाधीन कार्यों के लिए उचित निधि सुनिश्चित कर उन्हें तय समय सीमा के भीतर पूर्ण कर जन कल्याण के लिए अतिशीघ्र समर्पित किया जाए। उन्होंने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न विभागों की परियोजनाओं की सूची तैयार करने के भी निर्देश दिए, उन परियोजनाओं का कार्य पूरा करने पर विशेष अधिमान दिया जाए जो विधानसभा क्षेत्र की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की तर्ज पर जिन ठेकेदारों के दो कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाते हैं, उन्हें भविष्य में तब तक नए कार्य आवंटित नहीं किए जाने चाहिए, जब तक वह अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं लाते। उन्होंने कहा कि जो ठेकेदार गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हैं एवं समय सीमा का उल्लंघन नहीं करते, उन्हें काम के आधार पर नई निर्माण परियोजना का कार्य प्रदान करने के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की लागत वृद्धि को बढ़ने से रोकने के लिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पर्याप्त बजट प्रावधान होने पर ही निर्माण कार्य आरम्भ किया जाए। इसके उपरांत विक्रमादित्य सिंह ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि लोक निर्माण विभाग आगामी बरसात के मौसम के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 206 जेसीबी, 110 बुल्डोज़र, 28 रोबो मशीन, 17 बेली ब्रिज और 13,000 श्रमशक्ति को प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बहाली एवं राहत कार्य सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर और अधिक श्रमशक्ति एवं मशीनरी की तुरंत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पिछले वर्ष बरसात के दौरान उपजी स्थितियों कोे ध्यान में रखते हुए प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के दृष्टिगत कार्य प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश में कल से अगले छह दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट खास तौर पर 29 और 30 जून के लिए जारी किया गया है। ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर को छोड़कर नौ जिलों में आज और कल के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, जब खतरा कम होता है तो येलो अलर्ट जारी किया जाता है। जब सावधानी की जरूरत होती है और खतरा ज्यादा होता है तो ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है और जब खतरा बहुत ज्यादा होता है तो रेड अलर्ट जारी किया जाता है। इस दौरान बारिश के साथ-साथ कुछ जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इस सीजन में मौसम विभाग ने पहली बार बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया है। इसे देखते हुए प्रदेशवासियों को सावधानी बरतनी होगी। स्थानीय लोगों सहित पर्यटकों को भी अधिक ऊंचाई वाले, लैंड स्लाइड संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास नहीं जाना चाहिए। प्रदेश के कई क्षेत्रों में प्री-मानसून की बारिश बीते तीन दिन से हो रही है। इससे प्रदेशवासियों ने भीषम गर्मी से राहत की सांस जरूर ली है। मगर ऊना सहित दूसरे शहरों का तापमान अभी भी नॉर्मल से ज्यादा चल रहा है।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बैचवाइज आधार पर नियुक्त होने वाले जेबीटी और टीजीटी को स्कूल जाने से पहले पढ़ाई करवाने के तरीकों का 15 दिन तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कई वर्षों से नौकरी का इंतजार कर रहे इन शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने यह फैसला लिया है। जुलाई में 1,100 जेबीटी और 1,023 टीजीटी की बैचवाइज आधार पर स्कूलों में नियुक्तियां होनी हैं। लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव के चलते आदर्श चुनाव आचार संहिता लगने से टीजीटी और जेबीटी की भर्तियां लटक गई हैं। चुनावों की घोषणा से पहले शिक्षा विभाग ने 1023 टीजीटी का बैचवाइज भर्ती के माध्यम से चयन कर लिया था। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के चलते इन शिक्षकों को नियुक्तियां नहीं दी जा सकी थीं। शिक्षा मंत्री ने नियुक्तियों से संबंधित सभी औपचारिकताओं को इस माह पूरा करने को कहा है। इसके अलावा करीब 1,100 पदों पर जेबीटी की बैचवाइज भर्ती भी पूरी कर ली गई है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने 13 मार्च 2024 को अक्तूबर-नवंबर 2023 के दौरान हुई बैचवाइज काउंसलिंग का परिणाम घोषित किया है। इसमें टीजीटी आर्ट्स में 496, नॉन मेडिकल में 333 और मेडिकल में 194 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। शिक्षा विभाग ने जेबीटी शिक्षकों के बैचवाइज 1,161 पद भरने के लिए हाईकोर्ट से मंजूरी मांगी थी। कोर्ट ने कुछ भर्तियों के परिणाम नहीं निकालने के आदेश देते हुए करीब 1,100 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने को हरी झंडी दे दी है। अब इन शिक्षकों को नियुक्तियां देने से पहले निदेशालय ने प्रशिक्षित करने का फैसला लिया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि बैचवाइज भर्ती होने वालों को स्कूलों में पढ़ाने के नए तरीकों से अवगत करवाना आवश्यक है। चयनित होने वाले कई शिक्षक बीते कुछ वर्षों में शिक्षण के अलावा अन्य काम भी कर रहे होंगे। ऐसे में इन्हें 15 दिन का प्रशिक्षण देने का फैसला लिया गया है।
जीएसटी छह फीसदी कम होने के बाद बागवानों को अब सेब कार्टन तीन रुपये तक सस्ता मिलेगा। सेब कार्टन पर पहले जीएसटी 18 फीसदी था। कुछ दिन पहले दिल्ली में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में कार्टन पर जीएसटी छह फीसदी कम कर 18 से 12 फीसदी किया गया। इस बार प्रदेश में सेब की ढाई से तीन करोड़ पेटियों के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। उद्योगपतियों ने यूनिवर्सल कार्टन बनाना शुरू कर दिया है। इस बार सेब यूनिवर्सल कार्टन में ही बिकेगा। प्रदेश सरकार की ओर से इसको लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। यूनिवर्सल कार्टन के अलावा अन्य कार्टन में बागवान सेब नहीं बेच सकेंगे। जीएसटी कम होने से गत्ता उत्पादकों को भी इसका फायदा होगा। अगले माह से सेब सीजन शुरू होने वाला है। तीन रुपये बॉक्स सस्ता होने से सेब उत्पादकों को फायदा होगा। कई बागवानों के 2 से 3 हजार तक बॉक्स प्रतिवर्ष सेब के लगते हैं। ऐसे में उन्हें 6 से 9 हजार रुपये तक का फायदा मिलेगा। गत्ता उद्योग संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मुकेश जैन ने बताया कि इस बार उत्पादकों ने यूनिवर्सल कार्टन बनाना शुरू कर दिया है। इस कार्टन की क्वालिटी काफी बेहतर होगी। यह कार्टन विदेशों से आयात होने वाले सामान के कार्टन की तरह होगा। इसमें एक महीने तक कार्टन खराब नहीं होगा। गत्ता उद्योग संघ के प्रदेशाध्यक्ष आदित्य सूद ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होती है तो गत्ता उत्पादक कार्टन के दाम कर देंगे। सेब का सीजन शुरू होने वाला है और गत्ता उत्पादकों ने कार्टन बनाना शुरू कर दिया है। इस बार यूनिवर्सल कार्टन ही बनाए जाएंगे। इस बार गर्मी अधिक होने से सेब की फसल कम बताई जा रही है लेकिन उसके बावजूद भी ढाई से तीन करोड़ कार्टन तैयार किए जा रहे हैं।
**अपनी सत्ता बचाने के लिए पूरे देश को जेल बना देना लोकतंत्र का काला अध्याय शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला द्वारा आपातकाल पर निंदा प्रस्ताव की जमकर सराहना करते हुए उनका आभार जताया। कहा कि अपनी सरकार और ख़ुद को बचाने के लिए इंदिरा गांधी ने देश के डेढ़ लाख से ज़्यादा लोगों को जेल में डाल दिया। आंतरिक सुरक्षा के नाम पर ऐसी तानाशाही की गई कि लोगों से कोर्ट जाने के भी अधिकार छीन लिये गये। आपातकाल देश के लोकतंत्र और एक काला धब्बा है, जिसकी जिम्मेदारी कांग्रेस पर है। कांग्रेस के तानाशाही सोच का यह काला दाग कभी मिटेगा भी नहीं। दुःख की बात यह है कि आज भी कांग्रेस है तानाशाही के साथ काम कर रही है। प्रदेश में सरकार की कार्यप्रणाली से भी इसका आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है। यह निंदा प्रस्ताव यह बताता है कि देश में संविधान के ऊपर कुछ भी नहीं है ल। आज लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देने वाली कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को यह बताना चाहिए कि कांग्रेस संविधान और संवैधानिक मूल्यों का किस कदर गला घोंटा। आज ज्यादातर जो लोग इंडी एलायंस के साथ हैं उनकी पार्टियों के नेताओं को आपातकाल में जेलों में ठूंस कर किस प्रकार की यातनाएं दी गई हैं, उन नेताओं को भी देश के लोगों को बताना चाहिए। कांग्रेस के सहयोगी दलों को आपातकाल के बारे में देश को बताना चाहिए कि किस तरह से एक नेता देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के ऊपर होकर विपक्षी पार्टी के नेताओं को जेलों में भरकर प्रताड़ित कर रहा था। किस तरह राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को भी अपने परिजनों के अंतिम संस्कार में भी शामिल होने से रोका गया। देश के लोगों को यह जानना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ियां इसकी भयावहता से वाक़िफ़ हो सकें। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के लोगों द्वारा कांग्रेस को पूरी तरह नकार देने के कारण हताशा में हैं इसलिए वह अनर्गल बातें कर रहे हैं। यह सरकार पूरी तरह से नाकाम हो गई है। लोगों सिर्फ़ परेशान करने के अलावा कोई काम नहीं कर रही है। आज प्रदेश में हर व्यक्ति सरकार से निराश हैं। रोजगार से लेकर विकास के मामले में यह सरकार पिछली सरकार के कामों को एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा पाई है। एक भी युवा को रोज़गार नहीं दे पाई है यह सरकार सिर्फ़ मित्रों के लिए समर्पित सरकार है। जिसका आम आदमी के हितों से कोई लेना देना नहीं है। इस बार के उपचुनाव में भी प्रदेश के लोग इस सरकार को सबक़ सिखाने के लिए तैयार बैठे हैं।
जेपी आंदोलन के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मंगलवार देर सांय इंडिया इंटरनेशनल सेंटर नई दिल्ली में सम्पूर्ण क्रांति आन्दोलन महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव का शुभारम्भ करते हुए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने जयप्रकाश नारायण को भारत के नव निर्माण का महान नायक बताया। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों के फलस्वरूप आज देश में लोकतन्त्र को नई दिशा मिली है। देश के नव निर्माण आन्दोलन में उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। देश की स्वतन्त्रता संघर्ष और देश के निर्माण में उनका योगदान स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। राज्यपाल ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण यथार्थवादी थे और उन्होंने सपनों को हकीकत में बदला। हम सभी को उनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि लोक नायक जय प्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केन्द्र द्वारा लोक नायक जयप्रकाश नारायण की स्मृति में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम प्रशंसनीय हैं और इनके माध्यम से उनकी स्मृतियों को संजोकर रखा जा रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल ने सम्पूर्ण क्रांति आन्दोलन में महत्त्वपूर्ण योगदान के लिए 12 लोगों को जेपी सेनानी सम्मान से सम्मानित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय तिब्बत प्रशासन के पूर्व प्रधानमंत्री प्रो. प्रो.समधोंग रिनपोछे, पूर्व केन्द्रीय मंत्री बीके त्रिपाठी, शोधार्थी, विचारक और समाज सेवी उपस्थित रहे।
रामपुर: शिमला जिले के रामपुर उपमंडल में बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें एक बोलेरो कैंपर गहरी खाई में गिर गई। इस सड़क दुर्घटना में गाड़ी सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौ*त हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका खनेरी अस्पताल में इलाज चल रहा है। रामपुर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक हादसे के प्रत्यक्षदर्शी बगड़ू राम ने बताया कि राम लाल (उम्र 48 साल), राम लाला की पत्नी राधा देवी (उम्र 42 साल) और अजुन टोल्टा (उम्र 34 साल) सभी मोलागी गांव के निवासी हैं। जो की सभी शिमला से गाड़ी में सवार होकर अपने गांव मोलागी जा रहे थे। उनकी बोलेरो कैंपर (नंबर HP 25A 1850) रेत से भरी हुई थी, जिसे अर्जुन टोल्टा चला रहा था. जब उनकी गाड़ी गानवी के पास पहुंची तो खड़ी चढ़ाई होने के कारण चढ़ नहीं पा रही थी। इस बीच गाड़ी अचानक अनियंत्रित हो गई और तेजी से पीछे की ओर होते हुए सड़क से करीब 70 मीटर नीचे गानवी खड्ड में जा गिरी। इस दुर्घटना में राम लाला की मौके पर ही मौ*त हो गई। जबकि राधा देवी और अर्जुन टोल्टा घायल हो गए। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से मृतक और घायलों को खड्ड से बाहर निकाला। श*व को पोस्टमार्टम के लिए और घायलों को इलाज के लिए खनेरी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां घायलों का इलाज जारी है। प्रत्यदर्शियों के मुताबिक हादसा ड्राइवर के तेज गति और लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण हुआ है। हादसे की पुष्टि डीएसपी रामपुर नरेश शर्मा ने की है। उन्होंने बताया कि गानवी खड्ड में गाड़ी गिरने से एक की मौ*त हो गई है, जबकि दो लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। मामले में पुलिस आगामी कार्रवाई कर रही है।
हिमाचल में नर्सिंग कोर्स के लिए सरकार ने मेडिकल कॉलेज और मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों के लिए सीटों का आवंटन कर दिया है। वर्ष 2024-25 के लिए हिमाचल मेडिकल कॉलेजों में 160 और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 80 सीटों का आवंटन किया गया है। जनरल नर्सिंग और मिड वाइफ के लिए यह तीन साल का कोर्स होगा। हिमाचल प्रदेश में आईजीएमसी, टांडा, नेरचौक, चंबा, हमीरपुर और नाहन छह मेडिकल काॅलेज हैं। इनमें यह कोर्स कराए जाते हैं, निजी संस्थानों को भी सरकार ने कोर्स कराने की मान्यता दी है। हिमाचल प्रदेश में 50 से ज्यादा सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थान है। सरकार की ओर से नर्सिंग स्कूल और कॉलेज खोलने के नियम बनाए गए हैं। इसमें नर्सिंग संस्थानों में आधारभूत ढांचा, अध्यापन स्टाफ, उपकरण और अन्य व्यवस्थाओं को अनिवार्य किया गया है। सरकार की ओर से जिन संस्थानों को कोर्स कराने की मान्यता दी गई है। शिक्षा स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से इनका आधारभूत ढांचा और अन्य सुविधाओं को जांचा जाएगा। नियमों के अनुसार नर्सिंग संस्थान खोलने की अनुमति से पहले भवन सहित आधारभूत ढांचा होना अनिवार्य किया है। इसी के हिसाब से सीटें निर्धारित की जाएंगी। अभ्यर्थियों को प्रैक्टिकल करने के लिए प्रयोगशाला सहित कैंपस का होना जरूरी है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल में कई नर्सिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली पर अंगुलियां उठती रही हैं। स्वास्थ्य शिक्षा निदेशालय की ओर से समय-समय पर निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आती रही हैं। बाकायदा इसको लेकर निदेशालय से नोटिस तक जारी भी हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि हिमाचल में ऐसी नर्सें तैयार हों, जो हिमाचल के स्वास्थ्य संस्थानों के अलावा विदेशों में भी बेहतर काम कर सकें।
मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले 3-4 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है। प्रदेश में मानसून की दस्तक झमाझम बारिश के साथ होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में तीन दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राज्य में 28 जून से 2 जुलाई तक लगातार बारिश का पूर्वानुमान है। इस दौरान अंधड़ चलने का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। वहीं 28 से 30 जून तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। वहीं आज राजधानी शिमला में बादल छाए रहने के साथ हल्की धूप खिली है। प्रदेश में मानसून के चलते लोक निर्माण विभाग तैयारियों में जुट गया है। बीते साल प्राकृतिक आपदा से सबक लेते हुए विभाग में इंतजामों को लेकर अधिकारियों की बैठकें हो रही हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग को डोजर, जेसीबी और रोबोट सहित अपनी तैयारियां पूरी रखने को कहा है। विभाग को अलर्ट किया गया है। भूस्खलन और आपदा संबंधित शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने को कहा है ताकि सड़कें अवरुद्ध होने की समय रहते जानकारी मिलती रहे। उन्होंने कहा कि हिमाचल में इन दिनों सड़कों की टारिंग और मेटलिंग का काम चल रहा है। बीते साल प्राकृतिक आपदा के चलते सड़कें खराब हो गई थी। जगह-जगह डंगे गिर गए। उन्हें ठीक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश में सड़कें खराब न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ नरेंद्र पॉल सिंह ने बताया कि बरसात के चलते जोन के चीफ इंजीनियर, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता को इंतजाम करने को कहा गया है। फील्ड में तैनात इंजीनियरों से लगातार ऑनलाइन बैठकें की जा रही हैं। समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानसून से निपटने के लिए विभाग ने इंतजाम कर लिए हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र में एक अगस्त से यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) की कोचिंग कक्षाओं का इस सत्र से बैच बैठाया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षण केंद्र ने 11 जुलाई तक इच्छुक युवाओं से आवेदन आमंत्रित किए हैं। बैच को बैठाने के लिए 17 जुलाई को प्रवेश परीक्षा करवाई जाएगी। मेरिट के आधार पर ही प्रवेश मिलेगा। सीट आवंटन के लिए आरक्षण रोस्टर लागू होगा। यूपीएससी के इस बैच की एक अगस्त से 31 मार्च तक कुल 800 घंटे की कोचिंग कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इसमें आरक्षित वर्ग के चयनित अभ्यर्थियों को चार हजार और सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आठ हजार फीस दो किस्तों में केंद्र को देनी होगी। विवि ने बैच को बैठाने की तैयारियां पूरी कर दी हैं और इसके लिए पूरा शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। विवि का यह पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र इस बार नए सिरे से यूपीएससी की कोचिंग देने में दक्ष और अनुभवी संस्थाओं के साथ करार करेगा और उन्हें काम सौंपा जाएगा। इसके लिए केंद्र ने 17 जुलाई तक इच्छुक संस्थाओं से निविदाएं आमंत्रित की हैं। बुधवार से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। संस्थान के निदेशक प्रो. जोगिंद्र धीमान ने कहा कि एक साल के अंतराल के बाद फिर से यूपीएससी की कोचिंग कक्षाएं शुरू की जा रही हैं। बीते वर्ष कोचिंग देने वाली संस्था के साथ करार की समय सीमा समाप्त होने के कारण बैच नहीं बैठाया जा सका था। प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन करने को 26 जून से पोर्टल खुल जाएगा, जिसके माध्यम से छात्र 11 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे। 17 जुलाई को इसकी प्रवेश परीक्षा करवाई जाएगी। एक अगस्त से यूपीएससी की कोचिंग शुरू हो जाएगी।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने आज बताया कि प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्रों देहरा, हमीरपुर और नालागढ़ में उपचुनाव के लिए मतदान के मद्देनजर इन क्षेत्रों के पंजीकृत मतदाताओं के लिए सरकार के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 10 जुलाई, 2024 को राजपत्रित अवकाश घोषित किया गया है। इस दिन इन क्षेत्रों के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी सवैतनिक अवकाश मिलेगा। उन्होंने बताया कि पंजाब के जालंधर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के चलते ऊना, कांगड़ा, चंबा और सोलन जिलों में सेवाएं दे रहे पंजाब के पंजीकृत मतदाताओं और उत्तराखंड के बद्रीनाथ और मंगलौर विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के चलते सिरमौर और शिमला में सेवाएं दे रहे उत्तराखंड के पंजीकृत मतदाताओं के लिए भी 10 जुलाई को विशेष सवैतनिक अवकाश घोषित किया गया है। इन राज्यों में पंजीकृत मतदाता जो सरकारी, अर्ध-सरकारी और औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत हैं, उनके लिए भी विशेष सवैतनिक अवकाश घोषित किया गया है। इसके अलावा इन विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता जो अन्य स्थानों में काम कर कर रहे हैं, उनके लिए भी विशेष आकस्मिक अवकाश का प्रावधान है।
निर्वाचन विभाग के एक प्रवक्ता ने आज बताया कि स्क्रूटनी के उपरान्त अब तीन विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उप-चुनावों में अब कुल 15 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। उन्होंने बताया कि उम्मीदवार 25 व 26 जून, 2024 को तीन बजे तक नामांकन वापस ले सकते हैं। प्रवक्ता ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि देहरा में अब कुल पांच, हमीरपुर में चार व नालागढ़ में छः प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। कांगड़ा जिला के देहरा विधानसभा क्षेत्र में कमलेश (53) इण्डियन नेशनल कांग्रेस, होशियार सिंह (57), भारतीय जनता पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशी सुलेखा देवी (59), अरूण अंकेश स्याल (34) तथा एडवोकेट संजय शर्मा (56) चुनावी मैदान में हैैं। विधानसभा क्षेत्र देहरा से दो कवरिंग प्रत्याशियों कांग्रेस के हरि ओम (66) तथा भाजपा के वीर सिंह (60) के नामांकन पत्र रद्द हुए। अब यहां से पांच प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र से आशीष शर्मा (37) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), डॉ. पुष्पिंदर वर्मा (48) इण्डियन नेशनल कांग्रेस तथा निर्दलीय प्रत्याशी प्रदीप कुमार (58) व नन्द लाल शर्मा (64) चुनावी मैदान में हैैं। विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर से कोई भी नामांकन रद्द नहीं हुआ। यहां से चार प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र से हरदीप सिंह बावा (44) इण्डियन नेशनल कांग्रेस, के.एल. ठाकुर (64) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), किशोरी लाल शर्मा (46) स्वाभिमान पार्टी तथा गुरनाम सिंह (48), हरप्रीत सिंह (36) व विजय सिंह (36) निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं । नालागढ़ क्षेत्र से एक निर्दलीय प्रत्याशी उदय कुमार सिंह (46) तथा कांग्रेस के कवरिंग प्रत्याशी परमिंदर कौर बावा (43) का नामांकन रद्द हुआ। यहां से अब छः प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।
**मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया का किया स्वागत 16वां वित्त आयोग 23 जून को प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर शिमला पहुंचा। शिमला पहुंचने पर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया का स्वागत किया। आयोग की आज (24 जून ) प्रदेश सरकार के साथ राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में महत्वपूर्ण बैठक होगी। आयोग आगामी पांच वर्षों के लिए आर्थिक मदद पर एक रिपोर्ट तैयार करेगा। 01 अप्रैल, 2026 से वित्त आयोग की सिफारिशें लागू होनी हैं। वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत ही राज्यों के लिए राजस्व का वितरण होता है। प्रदेश में अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया सहित वित्त आयोग की 13 सदस्यीय टीम आई है, जिसमें सदस्य डॉ. मनोज पांडा, सदस्य अजय नारायण झा, सदस्य एनी जॉर्ज मैथ्यू, सदस्य डॉ. सौम्या कांति घोष, सचिव रित्विक पांडे, संयुक्त सचिव राहुल जैन, संयुक्त निदेशक अमरूथा, उप-निदेशक मानस बाजपेयी, सहायक निदेशक कुलदीप सिंह मीणा, सहायक निदेशक आनन्द कुमार सिंह और निजी सचिव कुमार विवेक शामिल हैं।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की 23 जून को 90वें जयंती थी। साल 2021 में उनके देहांत के बाद यह उनका तीसरा जन्मदिन था। 23 जून,1934 को जन्मे वीरभद्र सिंह ने हिमाचल प्रदेश के राजनीति में अमिट छाप छोड़ी। वे छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। निधन के बाद भी हिमाचल प्रदेश की राजनीति में उनके नाम का खासा प्रभाव है। उनके निधन के बाद से ही लगातार उनकी प्रतिमा शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर स्थापित करने की मांग उठती रही है। रविवार को उनकी जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल कांग्रेस के राज्य कार्यालय राजीव भवन में श्रद्धांजलि देने पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर याद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वीरभद्र सिंह के साथ उन्हें करीब 22 साल काम करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह के काम को आगे बढ़ाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। यहां जब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिमा स्थापना को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में सरकार विचार कर रही ह। रिज पर राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की प्रतिमा स्थापित की गई है। हिमाचल प्रदेश सरकार रिज के आसपास के उपयुक्त स्थान का चयन करने में जुटी हुई है। निश्चित तौर पर वीरभद्र सिंह की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। बता दें कि इसी साल फरवरी महीने के अंत में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। विक्रमादित्य सिंह वीरभद्र सिंह के बेटे हैं। विक्रमादित्य ने विधानसभा सभा परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने पिता की अपमान की बात कही थी। इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में विक्रमादित्य सिंह की आंखों से आंसू भी छलक पड़े थे। हालांकि बाद में विक्रमादित्य सिंह का इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ और कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें मना लिया। इसके बाद मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव भी लड़े, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वीरभद्र सिंह के देहांत के करीब तीन साल बीत जाने के बाद भी उनकी प्रतिमा स्थापना की मांग पूरी नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की जयंती पर कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपना पूरा जीवन विकास और राज्य की जनता के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। प्रदेश को खुशहाल और आधुनिक राज्य बनाने के लिए उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। प्रदेश राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
हिमाचल प्रदेश में 28 जून को मानसून पहुंचने का पूर्वानुमान है। 26 जून से प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश का दौर शुरू होगा। रविवार को कई क्षेत्रों में मौसम खराब बना रहने के आसार हैं। 24 और 25 जून को धूप खिली रहने की संभावना है। शनिवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे। बारिश नहीं होने से मौसम में उमस बढ़ गई है। राजधानी शिमला में शनिवार को दिन भर बादल छाए रहे। प्रदेश के मैदानी जिलों में भी हल्के बादल छाए रहने के साथ धूप खिली। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि 26 जून से प्रदेश में बारिश शुरू होगी। 27 और 28 जून को अधिक बारिश होने के आसार हैं। 28 जून तक प्रदेश में मानसून के दस्तक देने की संभावना है। मानसून इस वर्ष सामान्य तारीख को ही हिमाचल में प्रवेश कर सकता है। उन्होंने बताया कि रविवार को कई जगह बादल बरसेंगे। 24 और 25 जून को मौसम साफ बना रहेगा।
**सरकार बनाने के सपने छोड़ दे जयराम! **अपने नौ विधायकों की करें चिंता आने वालो दिनों में बीजेपी के 9 विधायकों की सदस्यता जा सकती है। ये बयान प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज हमीपुर में दिया है। दरअसल सीएम सुक्खू आज हमीरपुर में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा के नामांकन में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी के नौ विधायकों ने बीते बजट सत्र के दौरान विधानसभा में गुंडागर्दी की थी, स्पीकर के सामने सदन पटल पर रखे कागजात को फाड़कर हवा में लहराया था। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की ओर से दी गई याचिका पर स्पीकर को फैसला लेना है और कांग्रेस विधायक दल ने इस मामले में जल्दी फैसला लेने का आग्रह किया है। अगर ये नौ विधायक अयोग्य घोषित हुए तो दोबारा चुनाव में एक-दो ही गलती से जीतकर आएंगे। इससे कांग्रेस विधायकों की संख्या 50 तक पहुंच सकती है। अब ऐसा होता है या नहीं ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन अगर ऐसा हुआ तो भारतीय जनता पार्टी की परेशानी बढ़ सकती है।
**महिलाओं को दे मुफ्त शौच सुविधा **कोर्ट ने दिए आदेश कोर्ट के आदेशों के बावजूद भी महिलाओं से शौच के लिए पांच रुपए का शुल्क लिया जा रहा है। प्रदेश हाई कोर्ट ने महिलाओं को मुफ्त शौचालय सुविधा सुनिश्चित करने हेतु नगर निगम शिमला व सुलभ इंटरनेशनल सोशल आर्गेनाइजेशन को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। अब यदि महिलाओं से शौच के लिए शुल्क वसूला गया तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। कोर्ट ने इस बाबत दो सप्ताह का समय दिया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के पश्चात नगर निगम शिमला को आदेश दिए कि महिलाओं को मुफ्त शौचालय सुविधा संबंधी जानकारी का प्रचार प्रसार सभी उपलब्ध माध्यमों से किया जाए। कोर्ट को बताया गया था कि कोर्ट के आदेशों के बावजूद शौच के लिए महिलाओं से पांच रुपए का शुल्क अभी भी लिया जा रहा है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए सुलभ इंटरनेशनल सोशल आर्गेनाइजेशन को निर्देश दिए कि अब यदि महिलाओं से शौच के लिए शुल्क वसूला गया तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा।
हिमाचल में बनी 22 दवाओं के सैंपल फेल हो गए हैं। हिमाचल समेत देश में निर्मित 52 दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतरी हैं। पांवटा साहिब की दवा कंपनी जी लेबोरेटरी के तीन और झाड़माजरी के डेक्सीन फार्मा के दो सैंपल एक साथ फेल हुए हैं। ड्रग कंट्रोलर मनीष कपूर ने बताया कि फेल होने वाली दवा उद्योगों को नोटिस जारी किए जाएंगे। बाजार से स्टॉक को वापस मंगवाया जाएगा। मई के ड्रग अलर्ट में यह सैंपल फेल हुए हैं। हिमाचल में दवा के सैंपल लेने का अनुपात अन्य राज्यों से 90 फीसदी अधिक है। केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन ने मई में देशभर में दवाओं के सैंपल लिए। इसमें देश में 52 दवाएं मानकों पर सही नहीं पाई गई। सिरमौर के पांच, ऊना का एक और 16 सैंपल सोलन जिले के फेल हुए हैं। इसमें गले का इंफेक्शन, उच्च रक्तचाप, कैंसर, दर्द, जीवाणु संक्रमण, अल्सर, खांसी, एलर्जी, वायरस संक्रमण, एसिडिटी, खुजली और बुखार की दवा के सैंपल सही नहीं पाए गए हैं। बरोटीवाला के झाड़माजरी के स्काटाडलि कंपनी की बीपी की मेट्रोप्रोजल, झाड़माजरी डेक्सीन फार्मा की गले के इंफेक्शन की सेफुरोक्साइम और संक्रमण की दवा सेफिक्सिम, बद्दी की विंगस बायोटेक की कैंसर की दवा प्रेडनिसोलोल, ऊना के टाहलीवाल स्थित न्यूरो पैथिक की अल्फा लिपोईक एसिड, लोदी माजरा की नवकार कंपनी की उच्च रक्तचाप, पांवटा साहिब के पेस बायोटक कंपनी की जीवाणु संक्रमण, बद्दी के बायो एटलस फार्मा की बीपी की दवा टेलमीसार्टन, बद्दी की हिल्लर लैब की अल्सर की दवा पेंटा प्रोजोल, बरोटीवाला की डब्लयूपीबी फार्मा की खांसी की दवा लेवोसाल, पांवटा की जी लेबोरेटरी की एलर्जी की दवा डेक्सामेथासोन इंजेक्शन, बद्दी के गल्फा लेबोट्री की दर्द की दवा डेक्लोफेनाक के सैंपल फेल हुए हैं। काठा स्थित एलियन बायोटेक कंपनी की एलर्जी की मोंटीलुकास्ट, पांवटा की जी लेबोरेटरी की बैक्टीरिया की सेफ्ट्रिएक्सोन, बरोटीवाला की फार्मा रूट्स हेल्थ केयर की उच्च रक्तचाप की दवा रेमीजोल, झाड़माजरी की केप टेप कंपनी की बैक्टीरिया की दवा सेफ्ट्रिएक्सोन, पांवटा साहिब की जी लेबोरेटरी की नेत्र संक्रमण की जेटामाईसीन, कालाअंब की इंटीग्रेटेड कंपनी की वायरस संक्रमण की दवा सेक्ट्राई एक्सन, बद्दी की विंग्स नोविटास हेल्थकेयर कंपनी की इंफेक्शन की दवा मोक्सीटेस, बद्दी के एलवी लाइफ साइंस की एसिडिटी की दवा रेबोप्रोजोल, नालागढ़ के मझोली की रेकिन केयर लाइफ कंपनी की दर्द और बुखार की दवा लेबोटेज, सोलन को बड़ोग के रोमा फार्मा की दर्द और बुखार की दवा एसिक्लोफेनाक दवा के सैंपल मानकों पर खरा नहीं उतरे हैं।


















































