हिमाचल प्रदेश में एक सप्ताह तक मौसम साफ रहने के आसार हैं। ऐसे में धूप खिलने से मैदानी व कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गर्मी का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 16 जून तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। 12 से 14 जून तक मैदानी व कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हीटवेव चलने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। वहीं आज राजधानी शिमला व आसपास भागों में हल्के बादलों के साथ धूप खिली हुई है।
तीन दिवसीय चायल मेले के दौरान जाइका वानिकी परियोजना से जुड़े स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की खुशबू महक उठी। रविवार यानी 9 जून से 11 जून तक चलने वाले इस मेले में कोटी रेंज के तहत जाइका के कई स्वयं सहायता समूहों ने स्टॉल लगाए। आचार, जूस, चटनी, जैम, शहद और बैग समेत अन्य उत्पाद खरीदने के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी रही। सशक्त महिला स्वयं सहायता समूह कोट और दुर्गा स्वयं सहायता समूह डवारों द्वारा निर्मित उत्पादों के दाम बाजार से कम और पूरी तरह से ऑग्रेनिक हैं। इसे देखते हुए मेले का लुत्फ उठाने पहुंचे लोगों की निगाहें जाइका वानिकी परियोजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल पर पड़ रही हैं और अच्छी-खासी बिक्री भी होने लगी है। जाइका के मुख्य परियोजना निदेशक समीर रस्तोगी ने मेहनकश स्वयं सहायता समूहों के सभी सदस्यों की सराहना की। मेले के अवसर पर एसएमएस योशा सोलंकी, मशोबरा फोरेस्ट रेंज की एफटीयू कॉ-ऑर्डिनेटर पूजा और तारादेवी फोरेस्ट रेंज की कॉ-ऑर्डिनेटर प्रतिभा शर्मा मौजूद रहीं।
शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे। दिल्ली से जारी वक्तव्य में उन्होंने कहा कि वह दिन आ गया है जिसका हर भारतवासी इंतज़ार कर रहा था। भारतीय के प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले रहे हैं। आधिकारिक रूप में मोदी 3.0 की शुरुआत हो रही है। देशवासियों द्वारा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और भाजपा को दिया गया स्नेह और समर्थन अद्वितीय है। इसके लिए सभी का मैं के प्रति आभार प्रकट करता हूँ। उन्होंने समस्त देशवासियों को इस अवसर की बधाई देते हुए कहा कि यह समय बहुत महत्वपूर्ण है। बड़े-बड़े लक्ष्यों के हासिल करने के लिए जीतोड़ मेहनत करनी है। सरकार के गठन के साथ ही देश के विकास के लक्ष्यों में जुट जाना है। हर भारतीय नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र निर्माण के मिशन में जी जान से जुटने को तत्पर है। पूरा देश चाहता था कि नरेन्द्र मोदी फिर से केंद्रीय सरकार का नेतृत्व करें। उनके तीसरे कार्यकाल के शुभारंभ का साक्षी होना सौभाग्य की बात है। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले कार्यकाल से ही देश के विकास के लक्ष्य निर्धारित किए और निर्धारित समय में योजनाएं पूरा करके देशवासियों की सेवा में समर्पित की। एक से बढ़ाकर एक देश हितैषी योजनाएं देश के लोगों के विकास के लिए चलाई। सबका साथ-सबके विकास के लक्ष्य के साथ काम करते हुए देश के आख़िरी आदमी तक सरकार पहुंचाई। सरकार लोगों के जीवन में बदलाव ला सके ऐसे-ऐसे काम किए, दूसरे कार्यकाल में सरकार की योजनाओं को और व्यापक बनाया, कोविड महामारी जैसी चुनौतियों के बाद भी देश के विकास की गति को रुकने नहीं दिया। देश की विकास यात्रा को नया आयाम देने के साथ-साथ दुनिया में भारत के क़द को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। अब तीसरे कार्यकाल में देश के लोगों और सरकार के सहयोगी नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं। प्रधानमंत्री ने पहले ही कह दिया है कि यह कार्यकाल बड़े फ़ैसलों के लिए जाना जाएगा तो देश को यक़ीन हैं कि मोदी 3.0 का कार्यकाल विकास की दृष्टि से ऐतिहासिक होने वाला है।
शिमला में पर्यटकों की आवाजाही में बढ़ोतरी हुई है। मैदानी भागों में बढ़ती गर्मी से राहत पाने के लिए पर्यटक शिमला का रुख कर रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक शिमला में बाहरी राज्यों से रोज आठ से 10 हजार गाड़ियां पहुंच रही हैं। शिमला में वीकेंड के अलावा सप्ताह के अन्य दिनों में भी पर्यटकों की आवाजाही में बढ़ोतरी हुई है। होटल एसोसिएशन के अनुसार शहर में 70 फीसदी से अधिक ऑक्यूपेंसी चल रही है। शिमला के अतिरिक्त मनाली, कुल्लू, डलहौजी और मैक्लोडगंज का भी सैलानी रुख कर रहे हैं। शिमला में दिल्ली, पंजाब और हरियाणा, उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा पर्यटक पहुंच रहे हैं। इन क्षेत्रों से शिमला की दूरी दूसरे हिल स्टेशनों से कम होना और बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से पर्यटकों के लिए शिमला एक बेहतर विकल्प है। आज एचपीटीडीसी लिफ्ट में 3:00 बजे के बाद पर्यटकों की लाइनें लगनी शुरू हो गई थीं। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने लिफ्ट का इस्तेमाल किया। शाम के समय लिफ्ट में सबसे ज्यादा भीड़ रही। पार्किंग प्रबंधक सतीश के मुताबिक वीकेंड पर बढ़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे हैं। चुनाव के बाद शिमला में पर्यटकों की आवाजाही में बढ़ोतरी पर्यटन कारोबार बेहतरीन स्थिति में है। इस समय शिमला के होटलों की बुकिंग 70 प्रतिशत से अधिक है। वीकेंड पर सबसे अधिक पर्यटक शिमला का रुख करते हैं। शहर में पार्किंग की बेहतर सुविधा नहीं होने से पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश के सभी जिलों में 14 जून को होने जा रही आठवीं मॉकड्रिल को लेकर शिमला में आज राज्य आपदा प्रबंधन के निदेशक व विशेष सचिव डी.सी. राणा की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि व सभी जिलों के उपायुक्त शामिल हुए। प्रदेश भर के सभी जिलों में 12 जून को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा टेबल टॉप अभ्यास किया जाएगा। टेबल टॉप अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में जमीनी स्तर पर की गई तैयारियों का मूल्याकंन करना है। 14 जून को बाढ़, भू-स्खलन, हिम-स्खलन और औद्योगिक आपदा से निपटने के लिए सभी जिलों में मॉकड्रिल की जाएगी, जिसमें विशेषकर स्कूलों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में आपदा में फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने को लेकर अभ्यास किया जाएगा। डी.सी. राणा ने कहा कि मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य जीवन और संपत्ति के नुकसान को कम करना और आपदा से निपटने के लिए सभी विभागों के प्रतिनिधियों, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, केन्द्रीय सशस्त्र बलों, पुलिस, होमगार्ड आदि में समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि मॉकड्रिल के दौरान शैक्षणिक संस्थानों में राहत कैंप न बनाए जाए जिससे कि शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि नदियों, झीलों और ग्लेशियर के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को समय से पहले ही मॉकड्रिल को लेकर की जा रही तैयारी की जानकारी दी जाए ताकि मौके पर अभ्यास के दौरान लोगों में भय का माहौल न उत्पन्न हो। उन्होंने कहा कि मॉकड्रिल के लिए गैर सरकारी संगठनों के साथ भी समन्वय स्थापित कर कार्य योजना बनाई जाए। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में भी बेहद संवेदनशील स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। ऐसे स्थानों में त्रासदी से पूर्व घटना के संबंध में जानकारी मिले इसके लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। खतरनाक झीलों के किनारे रह रही आबादी के लिए विशेष कार्य योजना तैयार करने पर भी बल दिया जाए। आपात स्थिति में किसी भी त्रासदी की जानकारी मिलने पर मौके पर जमीनी स्तर पर अपनी कार्य योजना को भी लागू करने के लिए विकल्प रखें। उन्होंने कहा कि इस मॉकड्रिल में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और जिला प्रशासन का त्रिस्तरीय समन्वय होगा। डी.सी. राणा ने बताया कि इस बार मॉकड्रिल में संचार सुविधा बाधित हो जाने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास भी किया जाएगा। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का विशेष तौर पर नेतृत्व कर रहे सेवानिवृत्त मेजर जनरल सुधीर बहल ने आपदा से निपटने के लिए विशेष योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
शिमला: आज जिला सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र के हाटी समिति की हि. प्र. विश्विद्यालय इकाई का गठन हुआ है। इस संबंध में विश्विद्यालय में विशेष बैठक हुई। इसमें हाटी छात्र संगठन की कमान अनिल चौहान जी को सौंपी गई। उन्हें सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया। समीर ठाकुर को महासचिव का जिम्मा दिया गया,जबकि रवींद्र चौहान कोषाध्यक्ष होंगे। यह बनी नई कार्यकारिणी.. अध्यक्ष अनिल चौहान, उपाध्यक्ष बलदेव साम्याल और नेहा ठाकुर, महासचिव समीर ठाकुर, संयुक्त सचिव सचिन तोमर , कोषाध्यक्ष रवींद्र चौहान,कानूनी सलाहकार कुलवीर ठाकुर और ऋषब नेगी। मुख्य सलाहकार प्रदीप सिंगटा, काकू ठाकुर ,वीरेंद्र चौहान,कपिल कपूर बने। मुख्य प्रवक्ता कृष्ण प्रताप, मीडिया प्रभारी प्रवीण ठाकुर को बनाया गया। नवगठित समिति ने भरोसा जताया है कि ये समिति हाटी समुदाय के विद्यार्थियों के लिए हर तरह से कार्य करेगी और न्यायलय में लंबित हाटी मुद्दे के लिए भी लड़ाई लड़ेगी। इस बैठक में रवींद्र चौहान ,शिवम पुंडीर,प्रतिभा पुंडीर,शालू ,प्रेमलता,तनुजा नेगी,काजल,पिंकी,विनय पुंडीर,विवेक तोमर,प्रवीण ठाकुर,सुभाष,रवींद्र सिंह ,पूजा चौहान ,अंबिका कंवर ,डिम्पल ,साक्षी कंवर, राहुल ठाकुर ,रिंकु चौहान ,बँटी ,दिशांत, सचिन ,रोहन ,सृष्टि, धीरज ,राकेश ,मयंक ,रोनिक ,निखिल ,राकेश सिंगटा ,अनुज ,योगेन्द्र, पीयूष ,निशांत ,प्रणकुर, नेहा ,मानसी ,अंकिता ,कृष्ण प्रताप ,राजेश ,अभिषेक ,दीपक ,सचिन ,अनिल ,संजय नेगी ,अमन चौहान उपस्थित रहे।
**अनिरूद्ध सिंह बोले, भाजपा सरकार बनाने की तारीख पर तारीख दे रहे जयराम ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान कांग्रेस सरकार अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर मुंगेरी लाल के सपने देख रहे हैं और भाजपा सरकार बनाने की तारीख पर तारीख दे रहे हैं। अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि प्रदेश के मतदाताओं ने कांग्रेस को पांच साल तक हिमाचल प्रदेश में सरकार चलाने का जनादेश दिया है और कांग्रेस सरकार पूरी तरह से मजबूत है। उपचुनाव की चार सीटें जीतने के बाद विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 34 से बढ़कर 38 हो गई है और प्रदेश के मतदाताओं ने खरीद-फरोख्त की राजनीति को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी जहां भाजपा ने धनबल से चुनी हुई सरकार को गिराने का प्रयास किया, वहां भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि देशभर में भाजपा की खरीद-फरोख्त की राजनीति मतदाताओं को रास नहीं आई है और भाजपा को इससे सबक सीखना चाहिए। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने कहा कि 4 जून को दो सरकारें बनाने के जय राम ठाकुर के दावे धरे के धरे रह गए और अब भाजपा नेताओं ने जयराम ठाकुर के फैसलों पर खुले मंच से सवाल उठाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि जय राम ठाकुर कांग्रेस सरकार की चिंता छोड़कर अपनी कुर्सी की चिंता करें। उन्होंने कहा कि भाजपा का 400 पार का नारा भी फेल हो गया, जिससे साबित होता है कि भाजपा से देश की जनता का मोहभंग हो गया है।
हिमाचल प्रदेश में नए विधायक चुनने के बाद अब विधायकों का सिटिंग प्लान बदलेगा। उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते सुधीर शर्मा और इंद्रदत्त लखनपाल अब विपक्ष के साथ बैठेंगे, विधानसभा में इस बार तीन नए चेहरे भी शामिल होने जा रहे हैं। 11 या 12 जून को शपथ हो सकती है। इसमें कुटलैहड़ से कांग्रेस पार्टी के विजयी उम्मीदवार विवेक, लाहौल-स्पीति से अनुराधा राणा और सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विजयी प्रत्याशी रणजीत राणा शामिल है। आगामी मानसून सत्र में यह व्यवस्था देखने को मिलेगी। विधानसभा में अब दो महिला विधायक होंगी। इससे पहले पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से रीना कश्यप अकेली महिला विधायक थी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में कहा हैं कि विधानसभा में एक ही महिला सदस्य है। उनकी मांगों को गंभीरता से लिया गया है। अब भाजपा के साथ कांग्रेस पार्टी की भी एक महिला लाहौल स्पीति से विधानसभा उपचुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंची है। ऐसे में अब सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से एक-एक महिला विधायक सदन में नजर आएगी। विधानसभा सचिवालय की ओर से नए सदस्यों के लिए आवास में आवंटित किए जाना है। शपथ समारोह के बाद विधानसभा सचिवालय प्रशासन इसकी व्यवस्था करेगा। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में दो बार चुने गए सदस्यों को अब दो आवास सेट आवंटित किए जा सकेंगे। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के आदेश पर सचिव ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा सदस्य (एमएलए हॉस्टल एवं विश्राम गृह आवास आवंटन) नियम 2002 के नियम 3 में संशोधन करते हुए सामान्य तौर पर हर सदस्य को केवल एक ही सेट दिया जाता है, मगर अगर आवास की उपलब्धता हो तो उन्हें दूसरा सेट भी दिया जा सकेगा। हिमाचल विधानसभा सचिवालय नए विधायकों के शपथ समारोह की तैयारियों में जुट गया है। बताया जा रहा है कि विधानसभा में यह शपथ समारोह 11 या फिर 12 जून को होगा।
कांग्रेस को शिमला लोकसभा सीट से लगातार चौथी बार हार का सामना करना पड़ा। शिमला लोकसभा सीट के सभी 17 में से 13 हलकों पर तो कांग्रेस का कब्ज़ा है। पांच कैबिनेट मंत्री, तीन सीपीएस, चार ओएसडी सहित 50 से ज्यादा पदाधिकारी के बावजूद भी कांग्रेस प्रत्याशी विनोद सुल्तानपुरी, सुरेश कश्यप से 90548 मतों से हार गए। 2019 के लोकसभा चुनावों में सुरेश कश्यप की जीत का अंतर 3,27,515 था, जो 2024 में 91,451 रह गया। 2014 में जीते भाजपा के उम्मीदवार वीरेंद्र कश्यप की जीत का अंतर 84,187 था। इस बार कम हुए जीत के अंतर से साफ है कि अबकी बार बीते चुनावों के मुकाबले कांग्रेस और भाजपा में कड़ी प्रतिस्पर्धा रही। 2009 और 2014 में भाजपा से वीरेंद्र कश्यप इस सीट पर लगातार दो बार विजयी रहे। 2009 में हुए चुनाव में भाजपा के वीरेंद्र कश्यप और कांग्रेस के मोहन लाल ब्राकटा के बीच हुए चुनावों में जीत का अंतर 27,327 मत रहा। कांग्रेस प्रत्याशी रहे कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी के पिता कृष्ण दत्त सुल्तानपुरी लगातार छह बार इस सीट से जीते थे। वह 1980 से 1998 तक सांसद रहे। सिरमौर जिला के प्रताप सिंह दो बार सांसद चुने गए थे। सोलन जिला के कर्नल धनी राम शांडिल ने भी इस सीट से दो बार लोकसभा का चुनाव जीता। 1977 में शिमला के बालक राम कश्यप भी इस सीट से सांसद चुने गए थे। उनका कार्यकाल ढाई साल रहा। इन चुनावों में कांग्रेस के उम्मीदवार विनोद सुल्तानपुरी अपने ही विधानसभा क्षेत्र से लीड बनाने में नाकामयाब रहे। किसी समय कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली इस सीट पर भाजपा ने लगातार चौथी बार जीत हासल कर अपने किले को और मजबूत कर लिया है। विधायकों के 13 हलकों में भी कांग्रेस को सिर्फ 2 हलकों से ही लीड मिली है, 11 हलकों में तो भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप पर जनता ने फिर से विश्वास जता कर कश्यप को संसद तक भेजने का फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज वनों को आग से बचाने के उपायों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। वनों में आग लगने की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को आग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल सख्त कदम उठाने के साथ-साथ दीर्घकालिक उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन प्रयासों में जन भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल देते हुए कहा कि लोगों के सहयोग से वनों में आग लगने की घटनाओं में धीरे-धीरे कमी आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अब तक वनों में 1318 आग की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन घटनाओं से 2789 हेक्टेयर हरित क्षेत्र सहित 12718 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है जिससे 4.61 करोड़ रुपये का प्रारंभिक वित्तीय नुकसान आंका गया है। उन्होंने कहा कि वनों में आग लगने की घटनाओं को नियंत्रित करने और इससे होने वाले नुकसान को कम करने के लिए राज्य सरकार अग्निशमन के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित एनडीआरएफ की एक समर्पित बटालियन गठित करने पर विचार कर रही है। कहा कि 374 वन बीट आग लगने की घटनाओं के लिए अत्यधिक संवेदनशील हैं तथा इन क्षेत्रों में अग्निशमन सेवाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाना चाहिए। सीएम सुक्खू ने वनों में विशिष्ट प्रजातियों के पौधों के साथ-साथ शंकुधारी पौधों के क्षेत्रों में विविध प्रजाती के पौधे लगानेे पर बल दिया ताकि इनसे वनों में नमी बनी रहे और आग की घटनाओं में कमी लाई जा सके। उन्होंने वन विभाग को आग की घटनाओं के कारणों की जांच करने और आवश्यक कार्यवाही की सिफारिश करने के लिए सरकारी एजेंसी से अध्ययन करवाने के निर्देश भी दिए। बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव वन डॉ. अमनदीप गर्ग, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन) राजीव कुमार और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
**अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता में 16वें वित्त आयोग ने किया पहली बैठक का आयोजन **हिमाचल प्रदेश से होगी राज्यों के दौरे की शुरुआत भारत सरकार का 16वां वित्त आयोग इस बार हिमाचल प्रदेश से देश के सभी राज्यों के दौरे की शुरुआत कर रहा है और 24 और 25 जून, 2024 को हिमाचल के दौरे पर रहेगा। वित्त आयोग की टीम इन दो दिनों में शिमला में राज्य सरकार के साथ बैठक करेगी और प्रदेश का दौरा भी करेगी। इससे पहले जून के पहले सप्ताह में ही राज्य सरकार को अपना मेमोरेंडम तैयार कर वित्त आयोग के पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इस दौरे की तैयारी के लिए मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना में दो दिन पहले ही अपने अफसरों की टीम के साथ बैठक की है। केंद्र सरकार ने नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढिय़ा की अध्यक्षता में 16वें वित्त आयोग का गठन किया है। इसमें चार अन्य सदस्य नियुक्त किए गए हैं, जिनमें से तीन फुल टाइम मेंबर हैं। 16वें वित्त आयोग को 31 अक्तूबर, 2025 तक अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को देनी हैं, जो पहली अप्रैल, 2026 से सभी राज्यों पर लागू होंगी। हिमाचल के लिए 16वें वित्त आयोग का यह दौरा काफी अहम रहने वाला है। हिमाचल को केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान यानी रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट मिलती है, जो 15वें वित्त आयोग ने 37,199 करोड़ दी थी। हालांकि यह अनुदान हर साल कम हो रहा है, इसीलिए 16वें वित्त आयोग के पीरियड में इस अनुदान को बचाए रखना हिमाचल के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। भाजपा की जयराम ठाकुर सरकार के समय 15वें वित्त आयोग ने पांच साल की अवधि के लिए हिमाचल को 81977 करोड़ रेकमंड किए थे। इनमें 37199 करोड़ रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट, 3049 करोड़ स्थानीय निकायों के लिए और 2258 करोड़ डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए थे। वित्त आयोग की सिफारिश में प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत 2222 करोड़ भी दिए थे। इसी वित्त आयोग ने मंडी में प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए 1000 करोड़ की सिफारिश भी की थी, जिसे भारत सरकार ने बाद में लागू नहीं किया। वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार ही केंद्र राज्यों के बीच आर्थिक संसाधनों का बंटवारा करता है।
हिमाचल के लोगों को जल्द भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे पहाड़ों पर अगले 5 दिन बारिश के आसार है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने कल से अगले चार दिन तक कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान का भी अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के अधिक ऊंचे व मध्यम उंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में आज भी बारिश हो सकती है। मगर मैदानी जिले ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिला के निचले इलाकों में आज भी हीटवेव चल सकती है। इन जिलों में आज हीटवेव को लेकर येलो अलर्ट दिया गया है। मैदानी इलाकों के लोग बीते 20 दिन से गर्मी से बेहाल है। हमीरपुर के नेरी का तापमान सर्वाधिक 43.9 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। ऊना का तापमान 43.6 डिग्री, बिलासपुर का 40.4 डिग्री, हमीरपुर 39.8 डिग्री, चंबा 38.8 डिग्री, धौलाकुंआ 39.8 डिग्री, बरठी 38.7 डिग्री, नाहन 37.7 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों का पारा नॉर्मल से 5 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा चल रहा है। नॉर्मल की तुलना में सबसे ज्यादा 4.9 डिग्री का उछाल ऊना के तापमान में आया है। शिमला का पारा नॉर्मल से 2.3 डिग्री, सुंदनरगर 4.2 डिग्री, ऊना 4.9 डिग्री, नाहन 3.8 डिग्री, सोलन 1.9 डिग्री, बिलासपुर 3.1 डिग्री और हमीरपुर में सामान्य से 3.5 डिग्री तापमान अधिक चल रहा है। परन्तुं जल्द प्रेदशवासियों को इस भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। पहाड़ों पर अगले 5 दिन बारिश के आसार है।
हिमाचल प्रदेश के जंगलों में आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। रोजाना प्रदेश के हर कोने से आग लगने के मामले सामने आ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में जंगलों में आग लगने की 29 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 177.11 हेक्टेयर जंगल राख हुए हैं। इस फायर सीजन में जंगल में आग लगने के मामले 1302 हो गए हैं, जिनमें 12,431 हेक्टेयर में वन संपदा राख हुई है। आग से जंगलों में अभी तक करीब 3 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। शनिवार शाम से रविवार शाम तक हमीरपुर सर्किल में जंगलों में आग लगने की 13 घटनाएं, ग्रेट हिमालय नेशनल पार्क में एक, मंडी में छह, नाहन में सात, शिमला एक और सोलन में एक मामला दर्ज हुआ है। हमीरपुर में 111 हेक्टेयर, मंडी 46. 5, नाहन में 103.51 हेक्टेयर, शिमला में पांच और सोलन में 13.5 हेक्टेयर भूमि पर वन संपदा राख हुई है। आग की घटनाओं से लोग भी परेशान हैं। जंगल की आग घरों तक पहुंच रही है, जिससे कई बार दहशत का माहौल भी बन जाता है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस बार की घटनाओं ने बीते चार सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 681, वर्ष 2022-23 में 860 और 2021-22 में 33 घटनाएं जंगलों में आग लगने की दर्ज हुई थी। शनिवार को मंडी जिले में जंगलों की आग नियंत्रित हो गई थी, मगर रविवार को कांगणीधार, सुकेत के जैदेवी, सरकाघाट और जोगिंद्रनगर में एक के बाद एक जंगलों में आग लगने की चार घटनाएं सामने आईं। इससे कई हेक्टेयर क्षेत्र में वन संपदा राख हो गई है। वहीं वन मंडल चंबा के दायरे में आने वाले आधा दर्जन जंगल शनिवार की पूरी रात आग से दहकते रहे। वन विभाग के कर्मचारी जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए मौके पर डटे रहे, लेकिन तेज हवाओं से आग और फैलती गई। इसके चलते कर्मचारी काफी परेशान भी हुए। आग बुझने तक ये कर्मचारी अपने-अपने जंगलों में आग को बुझाने में डटे रहे।
**कल से प्रदेश में बारिश के आसार, चिलचिलाती गर्मी से मिलेगी राहत **अगले 4 दिन बारिश के आसार, कुछ जगहों पर आंधी-तूफान की संभावना हिमाचल प्रदेश में आज रात से पश्विमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे अगले चार दिन तक पहाड़ों में बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग द्वारा 4 से 6 जून को ज्यादा बारिश के आसार हैं। प्रदेशवासियों को गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने तीन दिन तक कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान का भी अलर्ट जारी किया है। वहीं आज अधिक ऊंचे क्षेत्रों को छोड़कर अन्य स्थानों पर मौसम साफ रहेगा। इससे कुछ स्थानों पर हीट वेव भी चल रही है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिला के निचले इलाकों में हीटवेव का येलो अलर्ट दिया गया है। कल से प्रदेशवासियों को गर्मी से राहत मिलेगी। हमीरपुर में तापमान 45 डिग्री पार प्रदेश में बीते 18 दिनों के दौरान 16 दिन हीट वेव महसूस की गई है। अगले कल से किसी भी जिला में हीट वेव का अलर्ट नहीं है। प्रदेशवासियों के लिए यह राहत की बात है। अभी प्रदेश के छह शहरों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक चल रहा हैं। प्रदेश के ज्यादातर शहरों का पारा नॉर्मल से 6 डिग्री तक अधिक चल रहा है। नॉर्मल की तुलना में सबसे ज्यादा 6.2 डिग्री का उछाल मंडी के तापमान में आया है। इसी तरह शिमला का पारा नॉर्मल से 4.3 डिग्री, सुंदनर 5.4 डिग्री, ऊना 5.5 डिग्री, नाहन 4.5 डिग्री, सोलन 5.1 डिग्री, बिलासपुर 4.8 डिग्री और हमीरपुर में सामान्य से 5.7 डिग्री तापमान अधिक चल रहा है। परन्तुं कल से इस चिलचिलाती गर्मी से हिमाचल के लोगों को राहत मिलने वाली हैं।
प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिला की 6303 मीटर ऊंची चोटी चौ-चौ-कांग नील्डा फतेह करने वाले पर्वतारोहियों ने आज राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। पर्वतारोहियों के इस दल में जिला शिमला के राहुल, निकिता ठाकुर और इशानी तथा जिला मंडी के शुभम बिष्ट मौजूद रहे। युवा पर्वतारोहियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि पर्वतारोहण के यह साहसिक प्रयास सराहनीय हैं और यह अन्य लोगों को भी पर्यटन गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कई चोटियां पर्यटन की दृष्टि से अनछुई हैं। दुनियाभर के पर्वतारोही पर्वतारोहण के लिए नेपाल और अन्य देशों की ओर रूख करते हैं। हिमाचल की खूबसूरत चोटियों को पर्वतारोहण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल एक प्रसिद्ध पर्यटन गंतव्य है। पर्वतारोहण जैसी साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा प्रदान कर प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा प्रदान करने के साथ-साथ इस क्षेत्र में सुविधाएं और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी अत्यन्त आवश्यक है। इन गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। इस अवसर पर युवा पर्वतारोहियों ने राज्यपाल के साथ अपने अनुभव भी साझा किए। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला के थाना चौपाल क्षेत्र में सिरमौर और शिमला की सीमा पर धारटूखाड़ी के पास प्राइवेट बस भगनाल कोच एचपी 64 c8197 दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें चालक कपिल पुत्र लोक बहादुर गांव थनोगा चुखाधार राजगढ़ की मौ*त हो गई,जबकि परिचालक महेश कुमार पुत्र बलदेव सिंह निवासी गांव भरहटी शिरगांव जिला सिरमौर जख्मी हो गए, उन्हें उपचार के लिए सोलन पहुंचाया गया। हादसे के वक्त इसमें चालक और परिचालक ही सवार थे। पुलिस इस मामले में हादसे के कारणों की जांच कर रही हैं।
शिमला: मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रबन्धन के संबंध में राज्य स्तरीय विशेष कार्य बल की चौथी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। मुख्य सचिव ने कहा कि वर्तमान में प्लास्टिक हानिकारक प्रदूषक कारकों में से प्रमुख है। प्लास्टिक धरती, वायु और पानी को प्रदूषित करता है। गैर-जैवनिम्नीकरणीय (गैर-बायोडिग्रेडेबल) होने के कारण इससे उत्पन्न होने वाली प्रदूषण की समस्या विकट है। प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, विशेषकर प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर गंभीरता से कार्य किए जा रहे हैं ताकि प्लास्टिक कचरे के निपटान के लिए अधिक पर्यावरण अनुकूल और वैज्ञानिक विकल्प तैयार किए जा सकें। उन्होंने कहा कि पॉलिथीन से होने वाले खतरों के दृष्टिगत राज्य में गैर-बायोडिग्रेडेबल सामग्री से बने पॉलिथीन या प्लास्टिक कैरी-बैग के उपयोग, बिक्री और निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। राज्य में सभी प्रकार की वस्तुओं के व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं और विक्रेताओं पर गैर-बायोडिग्रेडेबल सामग्री से बने कैरी बैग का उपयोग करने पर प्रतिबंध लगाया है। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में प्लास्टिक अपशिष्ट के संग्रहण के लिए अनेक महत्वाकांक्षी पहल की हैं। प्लास्टिक कचरे के समुचित प्रबन्धन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनेक अभियान क्रियान्वित किए जा रहे हैं। पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और शहरी स्थानीय निकाय जैसे सभी हितधारकों के साथ राज्य ने प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने सभी उपायुक्तों को प्रत्येक शनिवार को सिंगल यूज प्लास्टिक के समुचित प्रबन्धन की प्रगति का आकलन करने के लिए समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘बाय बैक नीति’ के अनुसार नॉन रिसाइकेबल और सिंगल यूज प्लास्टिक अपशिष्ट को प्रदेश में पंजीकृत कूड़ा बीनने वालों और व्यक्तिगत परिवारों के माध्यम से 75 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जा रहा है। नीति के तहत ब्रेड, केक, बिस्किट, कुकीज, नमकीन, कुरकुरे, चिप्स या वेफर्स, कैंडीज, पनीर पफ्स, आइसक्रीम, आइसक्रीम कैंडीज, नूडल्स, चीनी कोटिड मिष्ठान वस्तुएं, साफ और सूखी पैकेजिंग, दूध, तेल, शैम्पू, हाथ धोने, तरल साबुन, दही, छाछ, जूस आदि जैसे तरल पदार्थों के पाउच या पैकेट, अनाज या कॉर्नफ्लेक्स या नाश्ता अनाज जैसी सभी प्रकार की पैकेजिंग के प्लास्टिक कचरे को हटा दिया जाएगा। निदेशक पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी डी.सी. राणा ने जिला स्तर की पहल को शामिल करते हुए पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कार्यान्वित किए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ‘बाय बैक नीति’ के तहत एकत्र लगभग 1300 टन प्लास्टिक को लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के निर्माण के लिए और राज्य में सीमेंट कारखानों में उपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग को ऐसे प्लास्टिक का उपयोग करके 200 किलोमीटर सड़क बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सिंगल यूज प्लास्टिक के बारे में पूरे राज्य में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। प्रधान सचिव शहरी विकास, नगर एवं ग्राम नियोजन देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में जंगलों की आग ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अब तक पिछले साल की तुलना में 38 घटनाएं ज्यादा दर्ज हो चुकी हैं। प्रदेश में इस साल 1 अप्रैल से अब तक जंगल में आग लगने की कुल 712 घटनाएं वन विभाग ने दर्ज की हैं। जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में 674 घटनाएं हुई थीं, जिससे 10,784 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ था। इस वित्तीय वर्ष में हुई 712 घटनाओं में 7,027 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित हो चुका है। प्रदेश में आग की घटनाओं में कई दिनों बाद गिरावट दर्ज की गई है। बीते बुधवार शाम से वीरवार शाम तक जंगलों में आग की केवल 15 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 195 हेक्टेयर भूमि पर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। जंगलों में आग की घटनाएं कम होने का कारण कई जगहों पर हुई बारिश है। वन विभाग ने भी इससे राहत की सांस ली है। करीब एक सप्ताह तक प्रदेश के जंगलों में हर रोज 50 से अधिक स्थानों पर आग लग रही थी। वन विभाग ने बुधवार शाम से वीरवार शाम तक बिलासपुर में एक, चंबा में दो, हमीरपुर में आठ, मंडी में दो, रामपुर में एक और डब्ल्यूएल नॉर्थ में आग लगने की एक घटना दर्ज की है।
**महिलाओं की 1500 रूपये की पैंशन को रूकवाने को दिल्ली से डाला जा रहा दवाब हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं विधायक चन्द्रशेखर ने कहा है कि नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर जनता की ताकत को सार्वजनिक मंचों से बार बार चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जय राम ठाकुर और भाजपा नेता 4 जून को लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई कांग्रेस सरकार को गिराने की बातें कर रहे हैं जोकि जनमत का अपमान है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता अपने धनबल के अंहकार में जनता की ताकत को भी कुछ नहीं समझते। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों ने पूरे पांच साल के लिए कांग्रेस को सरकार बनाने का जनादेश दिया है लेकिन भाजपा जनादेश का अपमान करने पर तूली है। उन्होंने कहा कि भाजपा जितने भी षडयंत्र कर ले लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार अपने पांच वर्ष का कार्यकाल अवश्य पूरा करेगी। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि जय राम ठाकुर ने पहले कर्मचारियों को चुनौती देते हुए कहा कि चुनाव लड़ो तभी पैंशन मिलेगी, लेकिन कांग्रेस ने सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट में कर्मचारियों को पुरानी पैंशन प्रदान की। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता अब गुमराह करने के लिए कर्मचारियों को पुरानी पैंशन देने की बातें कर रहे हैं जबकि राजस्थान में भाजपा की सरकार बनते ही पुरानी पैंशन को खत्म कर दिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता बताएं कि राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों की पैंशन बंद क्यों हुई? चन्द्रशेखर ने कहा कि साल भर भाजपा नेता महिलाओं को 1500 रूपये पैंशन देने के बारे में सवाल पूछते रहे लेकिन जब कांग्रेस सरकार ने महिलाओं को प्रति माह 1500 रूपये देने की योजना शुरू की तो बार बार चुनाव आयोग के पास जाकर इसे रूकवाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल भाजपा के नेता दिल्ली से चुनाव आयोग पर दवाब डलवाकर महिलाओं को मिलने वाली पैंशन में अडं़गे लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जून माह में महिलाओं को एक साथ दो महीने के 3000 रूपये प्रदान किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं भाजपा को माफ नहीं करने वाली हैं और एक जून को उन्हें सबक सिखाने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मतदाता लोकसभा की सभी चारों सीटें और विधानसभा उपचुनाव की सभी 6 सीटें कांग्रेस के खाते में डालेगी और तब भाजपा नेताओं के पैंरों के नीचे से जमीन खिसक जाएगी।
**केन्द्र ने एमआईएस में अपना 50 प्रतिशत हिस्सा खत्म कियाः रोहित शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सेब बागवानों के लिए मण्डी मध्यस्थता योजना के तहत 153 करोड़ जारी करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इतिहास में ऐसा पहली बार है कि राज्य सरकार ने मण्डी मध्यस्थता योजना के तहत सेब बागवानों की सभी देनदारियां चुका दी हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 2023 के 63 करोड़ रूपये और भाजपा सरकार के कार्यकाल के 90 करोड़ रूपये राज्य सरकार ने जारी कर दिए हैं और कई वर्षों की लम्बित देनदारियों को चुका दिया गया है। रोहित ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने मण्डी मध्यस्थता योजना के तहत सभी देनदारियां अपने संसाधनों से चुकाई हैं। उन्होंने कहा कि पहले इस योजना के तहत 50ः50 के अनुपात में केन्द्र और राज्य सरकार खर्च वहन करते थे, लेकिन वर्ष 2023 में केन्द्र सरकार ने अपना हिस्सा देना बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि सेब बागवानों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने योजना का पूरा खर्च अपने संसाधनों से उठाने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार किसान व बागवान हितैषी सरकार है तथा इस सेब सीजन में यूनिवर्सल कार्टन को लागू कर दिया गया है, जबकि पिछले वर्ष सेब की खरीद प्रति किलो के हिसाब से सुनिश्चित की गई है, जिससे प्रदेश के सेब बागवानों को काफी फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सेब बागवानों के हितों को देखते हुए प्रदेश में सीए स्टोर का आधारभूत ढांचा मजबूत करने के लिए भी प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सेब बागवानों के लिए कीटनाशकों और खाद पर मिलने वाली सबसिडी को पुनः बहाल किया है, जिसे पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के सेब बागवानों के साथ केवल छल करती आई है और उनके विरूद्ध ही फैसले लिए हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि चुनाव आते ही भाजपा नेता जुमले इस्तेमाल करके प्रदेश के बागवानों को ठगने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहले तो सेब पर आयात शुल्क तीन गुणा बढ़ाने की बात करते थे परन्तु अब आयात शुल्क को घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया है, जिससे प्रदेश में सेब बागवानी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि अब तो कोल्ड स्टोर में रखे सेब के उचित दाम भी सेब बागवानों को नहीं मिल रहे हैं और उन्हें प्रति पेटी 800 रूपये से 1200 रूपये नुक्सान उठाना पड़ रहा है, जिसके लिए केन्द्र सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्र में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने का वायदा किया है। इसके साथ ही किसानों और बागवानांे के कल्याण के लिए भी अपना विजन रखा है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में डॉ. भरत बरोवालिया द्वारा लिखित पुस्तक ‘बैलेंसिंग द स्केल्स: प्रोपोर्शनलिटी आफ सेंटेंसिंग फार नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज आफेंसेज’ का विमोचन किया। यह पुस्तक नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों के मामलों में अदालतों द्वारा अपराधियों को सजा देने के बारे में केंद्रित है। इस पुस्तक में सर्वोच्च न्यायालय और हिमाचल प्रदेश, पंजाब तथा हरियाणा के उच्च न्यायालयों के मामलों का विश्लेषण किया गया है कि कौन से कारक दोषी और अभियुक्त को दी गई कारावास या सजा की अवधि के लिए जिम्मेदार हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह पुस्तक कानूनविदों, नीति निर्माताओं और विभिन्न कार्यकर्ताओं के लिए जानकारी का महत्वपूर्ण स्रोत सिद्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में एनडीपीएस अधिनियम के ऐतिहासिक संदर्भ और कानूनी पहलुओं तथा इस अधिनियम और इसमें होने वाले संशोधनों के कारणों को विस्तारपूर्वक बताया गया है। उन्होंने कहा कि डॉ. भरत बरोवालिया ने इस पुस्तक में भारत में ड्रग कानूनों को लागू करने वाले अंतर्निहित सिद्धांतों और नीतिगत उद्देश्यों के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान की है। उन्होंने लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक कानून से जुड़े व्यक्तियों और शोधार्थियों के लिए लाभकारी साबित होगी। इस पुस्तक में नशीली दवाओं से सम्बंधित जटिल कानूनों का सरल विवरण किया गया है जिसका कानूनी पेशेवर और शिक्षाविद् आसानी से उपयोग कर सकते हैं। डॉ. बरोवालिया ने इस पुस्तक में अनुसंधान के माध्यम से नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों को नियंत्रित करने वाले कानूनी ढांचे और एनडीपीएस अधिनियम के तहत निर्धारित सजा और दिशानिर्देशों का गहन विश्लेषण किया गया है। डॉ. भरत बरोवालिया वर्तमान में हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, शिमला में सहायक प्रोफेसर (विधि) हैं और हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी शिमला में भी रिसोर्स पर्सन के रूप में अपनी बहुमूल्य सेवाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक का उद्देश्य लोगों को नशीली दवाओं और इससे सम्बंधित कानूनी जटिलताओं से अवगत करवाना है। यह पुस्तक नशीली दवाओं से सम्बंधित अपराधों के प्रति समाज को जानकारी प्रदान करेगी और सार्थक सुधारों के लिए प्रेरित करेगी। इस अवसर पर लोकायुक्त, हिमाचल प्रदेश न्यायमूर्ति सी.बी. बरोवालिया, सचिव राज्यपाल राजेश शर्मा, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला विधि विभाग के डीन एवं अध्यक्ष संजय संधू भी उपस्थित थे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान के अंतर्गत 40 दिनों तक शिमला जिला के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस अवसर पर राज्यपाल ने ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र, पंथाघाटी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह केंद्र प्रतिबद्धता के साथ नशामुक्ति के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में नशामुक्ति अभियान चलाए जा रहे हैं। नशा व्यक्ति और परिवार के साथ-साथ समाज के लिए हानिकारक है। उन्होंने सिंथेटिक दवाओं के बढ़ते प्रचलन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं को इनसे दूर रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी द्वारा नशामुक्ति पर तैयार किए गए वीडियो को स्कूलों और कॉलेजों में दिखाया जाना चाहिए। इस अवसर पर राज्यपाल ने विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहन का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा भी उपस्थित थे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने भारतीय कला परिषद् द्वारा शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में आयोजित एकादश कला प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया। पांच दिवसीय इस कला प्रदर्शनी में देश के विभिन्न राज्यों के 11 कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि कला एक सार्वभौमिक भाषा है, जो सीमाओं के बंधन को नहीं मानती और हम में एकात्मकता की भावना पैदा करती है। उन्होंने कहा कि कला हमारे विचारों, भावनाओं और हमारे आस-पास की दुनिया का प्रतिबिंब है। राज्यपाल ने कहा, ‘‘यहां प्रदर्शित चित्र केवल कलाकृतियाँ नहीं हैं, ये कलाकारों के मन के प्रतिबिंब हैं, जिनमें से प्रत्येक एक अनोखी कहानी कहती है और कई तरह की भावनाएं पैदा करती है।’’श्री शुक्ल ने कहा कि यहां प्रदर्शित प्रत्येक चित्र कलाकार की कड़ी मेहनत और जीवन की सुंदरता और जटिलता को कैनवास पर उतारने की उनकी क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कलाकारों से कहा कि हमारे सांस्कृतिक परिदृश्य को समृद्ध बनाने और भावी कलाकारों को प्रेरित करने में उनका अमूल्य योगदान है। उन्होंने कहा कि शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर विभिन्न कलाओं के प्रदर्शन के लिए देश का उत्कृष्ट कला का केंद्र बनकर उभरा है। इस अवसर पर भारतीय कला परिषद् के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. चन्द्रशेखर काले ने राज्यपाल का स्वागत किया। कार्यक्रम के संयोजक प्रवीण पण्डित ने राज्यपाल को उनके द्वारा बनाई गई राज्यपाल की तस्वीर भेंट की। इस अवसर पर अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति शिमला में आज मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित करने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला आरम्भ हुई। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए समिति के परियोजना निदेशक राजीव कुमार ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश में कार्यरत हेल्थ एजुकेटर, हेल्थ सुपरवाइजर और बी.सी. कॉर्डिनेटर को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित करना है। कार्यशाला में सभी जिलों के 60 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। कार्यशाला में प्रतिभागियों को सरकार द्वारा एचआईवी, एड्स, यौन रोगों से ग्रसित लोगों के लिए कार्यान्वित किए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। यह मास्टर ट्रेनर प्रदेश के विभिन्न भागों में लोगों को एड्स व एचआईवी से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जागरूक करेंगे। कार्यशाला में प्रतिभागियों को इस वित्त वर्ष में चलाए जाने वाले जागरूकता कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाने तथा एचआईवी को विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी विषयों के साथ सम्मिलित करने की जानकारी भी प्रदान की जाएगी।
* सुक्खू की फिल्म अभी बाकी, 2027 में आएगा पार्ट-टूः सीएम *हम ब्रीफकेस वाले नहीं, जनबल वालेः मुख्यमंत्री शिमला संसदीय सीट से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी विनोद सुल्तानपुरी ने आज शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की उपस्थिति में नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके बाद चौड़ा मैदान में एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भाजपा और दागियों पर ताबड़तोड़ हमले किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के छह दागी नेता धनबल से बिक गए और पार्टी के खिलाफ बगावत की। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि बजट 2024-25 प्रस्तुत करने के बाद सभी दागी नेता सरकार की प्रशंसा कर रहे थे, लेकिन जब भरे हुए अटैची नजर आए तो राजनीतिक मंडी में बिक गए और दूसरी किश्त पाने के लिए पंचकूला भाग गए। उन्होंने कहा कि हम अटैची वाले नहीं हैं, बल्कि जनबल वाले हैं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सरकार या मुख्यमंत्री पद को बचाने की नहीं है, बल्कि जन भावनाओं की खरीद-फरोख्त करने वालों को सबक सीखने की है। भाजपा नेताओं ने धनबल के माध्यम से सरकार गिराने का षड्यंत्र रचा था और यह चुनाव भविष्य की राजनीति को तय करेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता इन चुनावों में भाजपा को हराकर पूरे देश के सामने एक उदाहरण पेश कर खरीद-फरोख्त की राजनीति को करारा जवाब देगी। भाजपा ने राज्यसभा की एक सीट को चुराया है, लेकिन प्रदेश की जनता लोकसभा की चारों सीटें कांग्रेस को देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुक्खू सरकार की फिल्म अभी साढ़े तीन साल और चलेगी। इसके बाद वर्ष 2027 में इसका पार्ट-टू भी आएगा। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर ने विधानसभा में खड़े होकर भगवान को चुनौती दी और कहा कि इस सरकार को भगवान भी नहीं बचा सकता। लेकिन लोकतंत्र में जनता ही भगवान होती है और जनता ने ही इस सरकार को बचाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रदेश की संस्कृति को कलंकित करने का गुनाह किया है, जिसकी सजा उसे मिलकर रहेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार नशा माफिया, भू-माफिया और खनन माफिया के विरुद्ध लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बिना किसी राजनीतिक लाभ के मंशा के सरकारी कर्मचारियों को पहली ही कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन दी, ताकि वह स्वाभिमान के साथ अपना बुढ़ापा जी सकें। जबकि जयराम ठाकुर ने पुरानी पेंशन माँगने पर कर्मचारियों को विधायक का चुनाव लड़ने की चुनौती दी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने पिछले साल आई आपदा को एक युद्ध के रुप में लड़ा, लेकिन जयराम ठाकुर बार-बार विधानसभा सत्र बुलाने की मांग करते रहे। तीन दिन तक चर्चा के बावजूद भाजपा के विधायकों ने हिमाचल प्रदेश को विशेष आर्थिक पैकेज प्रदान करने के प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया और आपदा प्रभावित 22 हजार परिवारों के साथ खड़े नहीं हुए। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए अपने सीमित संसाधनों से 4500 करोड़ रुपए का विशेष राहत पैकेज दिया। उन्होंने कहा कि मैंने तो सिर पर ईंटे ढोई हैं, इसलिए आम आदमी के दर्द को बेहतर ढंग से समझता हूँ। उन्होंने कहा कि अकेले शिमला जिला में आपदा प्रभावितों को 62 करोड़ रुपए दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब आपदा आई तो सेब का सीजन चरम पर था और राज्य सरकार ने रिकॉर्ड समय में सड़कें खुलवाईं, तथा सेब को समय पर मंडियों तक पहुँचाया गया। एक भी बागवान को नुकसान नहीं उठाना पड़ा। सेब बागबानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को 10.50 रुपए से बढ़ाकर 12 रुपए किया। किलो के हिसाब से सेब की बिक्री सुनिश्चित की और आने वाले सेब सीजन से यूनिवर्सल कार्टून सिस्टम लागू करने जा रहे हैं। सेब बागबानों के लिए एमआईएस में 60 करोड़ तुरंत प्रभाव से रिलीज किए गए। यह संवदेनशील सरकार की किसानों एवं बागवानों के प्रति संवेदनशीलता का उदाहरण है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि बीजेपी के सांसद सुरेश कश्यप ने आपदा पर संसद में एक भी सवाल नहीं पूछा। उन्होंने न ही प्रधानमंत्री और न ही गृह मंत्री को इस बारे में कोई चिट्ठी लिखी। संसद की कार्यवाही में भी शामिल नहीं हुए। उन्होंने कहा कि विनोद सुल्तानपुरी जमीन से जुड़े नेता हैं। शिमला संसदीय सीट के मतदाता उन्हें वोट दें और वह जनसेवा में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद कर वर्तमान राज्य सरकार ने पंद्रह महीने में 2200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व कमाया। इस राजस्व से विधवाओं और एकल नारी के बच्चों की शिक्षा का राज्य सरकार उठा रही है और उन्हें घर बनाने के लिए तीन लाख रुपए की मदद दे रहे हैं। मनरेगा की दिहाड़ी को 240 रूपये से बढ़ाकर 300 रूपये किया। 70 वर्ष से अधिक बुजुर्गों को इलाज सरकार उठा रही है। सरकार द्वारा भैंस का दूध 55 रुपए तथा गाय का दूध 45 रुपए प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। इस अवसर पर शिमला संसदीय सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार विनोद सुल्तानपुरी, कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मंत्री और विधायक सहित पार्टी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
*आनंद शर्मा का इंडी गठबंधन सरकार में मंत्री पद तयः सीएम *मुख्यमंत्री ने ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में आनंद शर्मा के लिए किया प्रचार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज कांगड़ा लोकसभा सीट से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी आनंद शर्मा के पक्ष में ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में प्रचार किया। खुंडिया में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश के दिग्गज नेता आनंद शर्मा को कांग्रेस पार्टी ने कांगड़ा लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में मंत्री पर रहते हुए आनंद शर्मा से जब भी हम हिमाचल के लिए कुछ माँगने जाते थे, तो एक फ़ोन पर काम होता था। काँगड़ा में फेशन टेक्नोलोजी इंस्टीट्यूट, प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार, शिमला में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, नादौन में स्पाइस पार्क तथा शिमला-मटौर फ़ोरलेन आनंद शर्मा की सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि काँगड़ा को ऐसे सांसद की ज़रूरत है, जिसका आवाज पूरा देश सुने। उन्होंने कहा कि जब लोकसभा चुनाव में आनंद शर्मा जीत कर जाएँगे, तो इंडी गठबंधन सरकार में उनका मंत्री पद तय है। भाजपा पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने नोट के दम पर सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचा और मेरे इस्तीफ़े की अफ़वाहें फैलाई। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा में भगवान को चुनौती देते हुए कहा कि इस सरकार को भगवान भी नहीं बचा सकते हैं। लेकिन व्हिप का उल्लंघन करने के लिए कांग्रेस के छह विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा जब जनता के वोट से सरकार नहीं बना सकी और नोट के दम से कुर्सी को हथियाने का असफल प्रयास किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार को कोई ख़तरा नहीं है और कार्यकाल पूरा करेगी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि दागी कह रहे हैं कि उन्हें सम्मान नहीं मिला। उनके चुनाव क्षेत्रों के सारे फैसले, सारे अफ़सर उनकी मर्ज़ी से दिए। कांग्रेस पार्टी ने उन्हें विधायक बनाकर सम्मान दिया, पार्टी में महत्वपूर्ण पदों पर बिठाया, क्या वह सम्मान नहीं। उन्होंने कहा कि सत्य यह है कि दागी सम्मान नहीं, बल्कि सामान के भूख थे। जो सामान भाजपा के ब्रीफ़केस में रखा था वह काफी भारी था। उसी के प्रभाव में आकर उन्होंने अपना ईमान बेच दिया। उन्होंने कहा कि हमारे साथ भगवान हैं, क्योंकि भगवान सत्य का साथ देता है और जयराम ठाकुर का कोट सिला-सिलाया रह जाएगा क्योंकि उन्हीं कुर्सी के पीछे उन्हीं की पार्टी के विधायक पड़ जाएँगे। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र को बचाने का चुनाव है, जिसे सरकार अकेले नहीं लड़ सकती है। लेकिन जनबल के सहारे कांग्रेस पार्टी धनबल को जवाब देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के पड़ोसी क्षेत्र नादौन से आज विधायक मुख्यमंत्री है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी होने के नाते विधायक संजय रत्न ने जो कुछ माँगा, इस क्षेत्र को दिया है। यह तो शुरूआत है, आने वाले समय में चंगर क्षेत्र, चंगर नहीं रहेगा और यहां विकास की गंगा बहा देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बिना किसी राजनीतिक लाभ के मंशा के सरकारी कर्मचारियों को पहली ही कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन दी, ताकि वह स्वाभिमान के साथ अपना जीवन जी सकें। जबकि जयराम ठाकुर ने पुरानी पेंशन माँगने पर कर्मचारियों को विधायक का चुनाव लड़ने की चुनौती दी और उनपर अत्याचार किए। अब भाजपा नेता एनपीएस के 9000 करोड़ रुपए रुकवाने में लगे हैं। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने पिछले साल आई आपदा को एक युद्ध के रुप में लड़ा, लेकिन जयराम ठाकुर बार-बार विधानसभा सत्र बुलाने की मांग करते रहे। तीन दिन तक चर्चा के बावजूद भाजपा के विधायकों ने हिमाचल प्रदेश को विशेष आर्थिक पैकेज प्रदान करने के प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया और आपदा प्रभावित 22 हजार परिवारों के साथ खड़े नहीं हुए। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए अपने सीमित संसाधनों से 4500 करोड़ रुपए का विशेष राहत पैकेज दिया। उन्होंने कहा कि वह एक आम परिवार से आते हैं, इसलिए आम आदमी के दर्द को बेहतर ढंग से समझता हूँ। लोगों की तकलीफ़ों को समझते हुए राज्य सरकार ने राजस्व के लंबित मामलों के जल्द निपटारे के लिए राजस्व क़ानूनों में बदलाव किया और राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से एक लाख इंतकाल और साढ़े सात हजार से अधिक तकसीम के मामले निपटाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के चोर दरवाज़ों को बंद कर वर्तमान राज्य सरकार ने पंद्रह महीने में 2200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व कमाया। इस राजस्व से विधवाओं और एकल नारी के बच्चों की शिक्षा का राज्य सरकार उठा रही है और उन्हें घर बनाने के लिए तीन लाख रुपए की मदद दे रहे हैं। मनरेगा की दिहाड़ी 60 रुपए बढ़ाकर 300 की, 70 वर्ष से अधिक बुजुर्गों को इलाज सरकार उठा रही है, भैंस का दूध 55 रुपए तथा गाय का दूध 45 रुपए प्रति लीटर की दर से ख़रीदा जा रहा है। इस अवसर पर काँगड़ा सीट से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी आनंद शर्मा, विधायक संजय रतन सहित पार्टी के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
शिमला लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप के नामांकन के पूर्व दिन शिमला के चैड़ा मैदान में जनसभा को सम्बोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर राजीव बिन्दल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी नेता विहीन, नीति विहीन, विचार विहीन होने के कारण लगातार नीचे की ओर जा रही है। 450 सांसदों वाली पार्टी आज 50 सांसदों पर पहुंच गई है और 4 जून को आने वाले चुनाव परिणामों में यह पार्टी 40 से नीचे पहुंच जाएगी। 28 राज्यों में सत्ता चलाने वाली कांग्रेस आज 2-3 राज्यों में सिमट गई है इसलिए कांग्रेस ने उन लोगों के साथ समझौते किए हैं जो राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त है, इसलिए कांग्रेस का पतन निश्चित है। डॉक्टर बिन्दल ने कहा कि कांग्रेस रंग भेद, नसल भेद, जाति भेद, धर्म भेद करके एक बार फिर देश को विभाजन के कगार पर ले जा रही है। गांधी परिवार के गुरू सैम पित्रोदा ने भारत के देशवासियों का अपमान किया। कुछ को मंगोलियन कहा, कुछ को अरेबियन कहा, कुछ को हब्शियों के साथ मिलाया। राहुल गांधी पूरे देश मे अल्पसंख्यक आरक्षण देने की जोर-शोर से वकालत कर रहे हैं और बहुसंख्यकवाद अर्थात हिन्दुत्व इस देश में नहीं चलेगा, यह कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र का प्रमुख हिस्सा है। इस प्रकार देश को विभाजन की ओर धकेलने का पाप कांग्रेस पार्टी कर रही है। देश की जनता यह स्पष्ट रूप से जानती है कि केवल नरेन्द्र भाई मोदी देश को आगे ले जा सकते हैं इसलिए देश ने मन बनाया है कि मोदी जी को तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनाना है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के विकास पर भी यही बात लागू होती है। हिमाचल का विशेष श्रेणी का दर्जा कांग्रेस ने छीना और मोदी जी ने दिया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत प्रदेश की आधी से ज्यादा ग्रामीण सड़के बनाई र्गइं जो श्रद्धेय अटल जी व मोदी जी की देन है। प्रदेश में बन रहे फोनलेन हाईवे हिमाचल प्रदेश के तीव्र विकास का आधार बन रहे हैं। पठानकोट-मण्डी, कांगड़ा-शिमला, कालका-शिमला, शिमला-ढली, पिंजौर-नालागढ़, कीरतपुर-मनाली, जालंधर-मण्डी, मनाली-रोहतांग टनल, केलांग-लद्दाख टनल ये कुछ ऐसे महत्वपूर्ण मार्ग है जिन पर लगभग एक लाख करोड़ रू0 व्यय हो रहा है और हिमाचल का कायाकल्प हो रहा है। कांग्रेस के राज में एक भी फोरलेन हाईवे दिखाई नहीं देता था और आज 10-10 टनल के साथ, बड़े-बड़े पुलों के साथ हिमाचल के विकास की तस्वीर खींचते हुए हाईवे नरेन्द्र मोदी की देन हैं। बद्दी-बरोटीवाला रेल लाईन, ऊना-अम्ब-अंदौरा रेल लाईन, बिलासपुर रेल लाईन, एम्स, तीन-तीन मैडिकल काॅलेज, आई0आई0एम, हाईड्रो इंजीनियरिंग काॅलेज, पीजीआई सैटेलाईट हाॅस्पिटल, सैन्ट्रल युनिविर्सिटी के अरबों रू के भवन, 8 लाख घरों में पानी के कनेक्शन, 21 हजार गरीबों के पक्के मकान, 11 लाख गरीबों को आयुष्मान भारत के माध्यम से मुफ्त इलाज, 20 लाख लोगों को मुफ्त राशन, रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए स्वनिधि योजना, कामगारों के लिए विश्वकर्मा योजना जैसी गरीब कल्याण की योजनाओं ने हिमाचल को द्रुत गति से आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के बयान से सहमति जताते हुए बिन्दल ने कहा कि बेईमानों का हिमाचल की जनता साथ नहीं देगी। कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल की महिलाओं के साथ, युवाओं के साथ बेईमानी की। महिलाओं को 1500 रू महीना देने की गांरटी दी लेकिन दी फूटी कौड़ी भी नहीं। इसी तरह युवाओं को सालाना एक लाख सरकारी नौकरियां देने की गारंटी दी लेकिन एक भी युवक को रोजगार नहीं दिया। 20 लाख किसानों के साथ बेईमानी की है। 100 रू0 लीटर दूध और 2 रू0 किलो गोबर खरीदने की गारंटी दी थी, कुछ नहीं किया। बिजली उपभोक्ताओं को 300 यूनिट बिजली फ्री देने की गारंटी दी थी, अभी तक कुछ नहीं किया, हिमाचल के साथ बेईमानी की, हजारों करोड़ का कर्ज लेकर भी हिमाचल के विकास को बंद कर दिया। इसलिए हिमाचल प्रदेश की जनता नरेन्द्र मोदी जी के साथ चलेगी।
**चौपाल विधानसभा क्षेत्र के कुपवी में कांग्रेस उम्मीदवार विनोद सुल्तानपुरी के लिए वोट की अपील की शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि देवभूमि हिमाचल की जनता बेईमानों का कभी साथ नहीं देती। हिमाचल देवी देवताओं की भूमि है, यहां के लोग ईमानदार हैं। वर्तमान चुनाव यह तय करेगा कि ईमानदारी जीतनी और बेईमानी हारनी चाहिए। कांग्रेस के छह पूर्व व तीन आजाद विधायकों ने खुद को भाजपा की राजनीतिक मंडी में बेचा है, इसलिए उन्हें जनता सबक सिखाएगी। यह चुनाव मुख्यमंत्री की कुर्सी या सरकार बचाने का नहीं, लोकतंत्र को बचाने का है। जनता का वोट 1 जून को यह तय करेगा कि लोकतंत्र की ताकत जनबल है या धनबल है। मुख्यमंत्री ने चौपाल विधानसभा क्षेत्र के कुपवी में लोकसभा उम्मीदवार विनोद सुल्तानपुरी के लिए वोट की अपील करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कि यह साधारण चुनाव नहीं है। इस चुनाव से भविष्य की राजनीति की दशा और दिशा तय होगी। हिमाचल से 1 जून को धनबल की राजनीति करने वालों के खिलाफ पूरे देश में संदेश जाना चाहिए। नोटतंत्र के आगे जनबल जीतना चाहिए। अगर हिमाचल प्रदेश पूरे देश को लोकतंत्र बचाने के लिए दिशा दिखा सकता है तो 1 जून का समय बिल्कुल सही है। जनता के वोट से चुनकर आये विधायकों को दिल्ली में बैठी सरकार नोट के दम पर खरीद ले तो वोट का क्या मूल्य है। चुने हुए विधायकों को खरीदना जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। यह चुनाव सत्य व असत्य के बीच है। झूठ बार-बार सच के साथ टकराता है, लेकिन अंत में जीत सच की होती है। इस समय सवाल किसी पार्टी का नहीं, उनको सबक सिखाने का है, जिन्होंने जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। सरकारें आती-जाती रहेंगी, इस बार नोट से वोट खरीदने वालों को सबक सिखाना है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सत्ता के भूखे होने के साथ ही प्रदेश के कर्मचारियों और महिलाओं के विरोधी भी हैं। कर्मचारियों के ओपीएस मांगने पर लाठियां बरसाई व वाटर कैनन चलवाईं। कर्मचारियों को चुनाव लड़ने के लिए कहा और जब कांग्रेस सरकार ने ओल्ड पेंशन दे दी तो सरकार व कर्मचारियों के एनपीएस अंशदान के 9000 करोड़ रुपये रुकवाने के लिए दिल्ली पहुंच गए। केंद्र सरकार ने ओपीएस देने पर हिमाचल सरकार की कर्ज सीमा में कटौती कर दी और एनपीएस अंशदान की राशि भी नहीं दे रहे। अब सरकार ने आचार संहिता लागू होने से पहले 18 साल से ऊपर की बेटियों व महिलाओं को 1500 रुपये पेंशन प्रति माह देने की योजना लागू की तो जयराम ठाकुर उसे रुकवाने चुनाव आयोग के पास पहुंच गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के 1500 रुपये भाजपा व जयराम नहीं रुकवा सकते। सरकार ने चुनाव आयोग से अप्रैल महीने की 1500 रुपये पेंशन जारी करने की अनुमति चुनाव आयोग से मांगी है। अगर आयोग भाजपा के दबाव के कारण अनुमति नहीं देता है तो जून महीने में महिलाओं को अप्रैल व मई माह के 3000 रुपये एकमुश्त दिए जाएंगे। ठाकुर सुखविंदर सिंह ने कहा कि विनोद सुल्तानपुरी पढ़े-लिखे हैं, इन्हें सांसद बनाईये। यह आपकी दुख- तकलीफ समझते हैं। सरकार का साढ़े तीन साल का कार्यकाल शेष है, कुपवी में विकास कार्यों की कमी नहीं छोड़ी जाएगी। जून महीने के अंत में वह एक दिन व एक रात के लिए कुपवी आएंगे व यहां के लोगों की सारी मांगें पूरी करेंगे। भाजपा सांसद न तो आपदा में लोगों के साथ खड़े हुए न ही उनकी मांगों को संसद में उठाया। वह इतनी हिम्मत भी नहीं जुटा पाए कि देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को आपदा से निपटने के लिए विशेष राहत पैकेज देने की चिट्ठी लिख सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने आपदा में लोगों का दुख दर्द बांटा और 22 हजार प्रभावित परिवारों को फिर से बसाया। आर्थिक संकट के बावजूद 4500 करोड़ रुपये का पैकेज दिया। सरकार अनाथ बच्चों के लिए सुख आश्रय योजना लाई, विधवा महिलाओं के बच्चों को 27 साल की आयु तक मुफ्त शिक्षा देने जा रहे हैं। 70 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों का पूरा इलाज मुफ्त हो रहा है। दूध पर एमएसपी देने वाला हिमाचल पहला राज्य है। किसानों व बागवानों के लिए अनेक योजनाएं लाई गई हैं। मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी 60 रुपये बढ़ाई गई, जो आज तक के इतिहास में सर्वाधिक है। भाजपा व जयराम को जनहितैषी कार्य रास नहीं आ रहे, इसलिए सरकार गिराने की साजिश रची गई। इस दौरान कांग्रेस के महासचिव संगठन रजनीश किमटा इत्यादि उपस्थित रहे।
1500 रुपए पेंशन में अड़ंगा डालने पर माफ़ी मांगे भाजपा शिमला: डिप्टी चीफ व्हीप केवल सिंह पठानिया ने कहा है कि 1500 रुपए प्रति माह पेंशन के अड़ंगे लगाने पर भाजपा नेताओं को प्रदेश की मातृशक्ति से माफ़ी माँगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने तीन मार्च 2024 को प्रदेश मंत्रिमंडल से मंज़ूरी मिलने के बाद 13 मार्च 2024 को चुनाव आचार संहिता लगने के पहले इस योजना की अधिसूचना जारी कर दी गई थी। लेकिन भाजपा नेता इस योजना के लाभ से महिलाओं को वंचित करने के लिए दो-दो बार चुनाव आयोग के पास गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के विरोध के बाद चुनाव आयोग ने इस योजन के फ़ॉर्म भरने को अनुमति प्रदान कर दी है। लेकिन अब भाजपा नेताओं का महिला विरोधी चेहरा सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता जितना मर्ज़ी ज़ोर लगा लें, लेकिन प्रदेश की महिलाओं को 1500 रुपए पेंशन हर हाल में दी जाएगी। केवल सिंह पठानिया ने कहा है कि कांग्रेस सरकार ने अपना चुनावी वादा निभाते हुए 15 मई 2023 को लाहौल-स्पीती जिला के काज़ा क्षेत्र से इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना लागू की गई थी और क्षेत्र की सभी महिलाओं को 1500 रुपए प्रति माह पेंशन मिलना शुरू हुई। जबकि एक फ़रवरी 2024 को इसे पूरे लाहौल-स्पीती जिला में लागू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि 16 मार्च 2024 को आचार संहिता लागू होने से पहले इस योजना के लिए प्रदेश से लगभग 50 हजार महिलाओं ने आवेदन किया है और सभी पात्र महिलाओं को पेंशन प्रदान की जाएगी। डिप्टी चीफ व्हीप ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार ने महिलाओं, विधवाओं एवं एकल नारियों के कल्याण के लिए अनेकों योजनाएँ आरंभ की, जिनका लाभ मिलना उन्हें शुरू हो गया है। समाज के उपेक्षित वर्ग के कल्याण के लिए आने वाले समय में और योजनाएँ धरातल पर लागू की जाएगी।
शिमला: उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा है कि छह दागी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस लेकर अपने गुनाह को क़ुबूल कर लिया है। उन्होंने कहा कि अयोग्य घोषित होने के बाद सभी छह दागियों ने विधानसभा स्पीकर के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन दागियों ने अदालत में अपनी याचिका को वापस ले लिया है, जिसका सीधा मतलब यह है कि स्पीकर का फ़ैसला सही था और नियमों के अनुसार लिया गया था। उन्हें पता चल चुका था कि वह क़ानूनी लड़ाई हार चुके हैं और कोर्ट से फैसला उनके विरुद्ध ही आएगा। उन्होंने कहा कि सभी छह दागियों को अपनी याचिका वापस लेने का कारण सार्वजनिक करना चाहिए। उनका असली चेहरा सामने आ गया है और उन्हें प्रदेश की जनता से माफ़ी माँगनी चाहिए। उद्योग मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से हारने के बाद अब दागियों का फ़ैसला जनता की अदालत में होगा, लेकिन वहाँ भी उनकी हार तय है। आज हालत यह हो गई है कि दागी अपने चुनाव क्षेत्र में लोगों का सामना नहीं कर पा रहे। लोग सवाल पूछ रहे हैं और वह जवाब देने में नाकाम है। सभी छह दागियों के खिलाफ पूरे प्रदेश में एक लहर बन गई है, जो एक जून को क़हर बनकर उनपर टूट पड़ेगी। जनता ने उपचुनाव में दागियों को हराने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के धनबल को जनबल जवाब देगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मतदाता लोकसभा की सभी चार सीटें और विधानसभा की छह सीटों के लिए हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस के सभी प्रत्याशियों को बहुत बड़े अंतर से विजयी बनाएँगे और भविष्य में ख़रीद-फरोख्त की राजनीति पर पूर्ण विराम लगाएँ। उन्होंने कहा कि दागियों को जनता की सज़ा मिलने के बाद भविष्य में प्रदेश का कोई विधायक बिकने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि दागियों ने कांग्रेस पार्टी ही नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के साथ धोखा किया और अपने चुनाव क्षेत्र की जनभावनाओं का अपमान किया। भाजपा के धनबल के प्रभाव में आकर उन्होंने अपने ईमान का सौदा किया और सरकार गिराने का षड्यंत्र रचा। लेकिन भाजपा और बाग़ियों का मिशन फेल हो चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार अपने पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेगी।
**4 जून को भाजपा को लगेगा बड़ा सदमा होगी बड़ी हार **प्रदेश में भारी बहुमतों से जीत हासिल करेगी कांग्रेस: रोहित ठाकुर शिमला-09 मई 2024 : लोकसभा चुनाव के लिए अब तक हुए तीन चरणों के चुनाव में भाजपा की हवा निकल गई है। भाजपा इस बार 200 का आंकड़ा भी नहीं छू पाएगी। यह बात शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिमला में पत्रकारों से रूबरू होते हुए कही। उन्होंने कहा कि भाजपा जुमलों की सरकार है। जो बड़े- बड़े वायदे करती है लेकिन जमीन पर ध्रुवीकरण की राजनीति कर सत्ता हथियाना चाहते हैं। इस बाद देश मे बड़ा बदलाव होने वाला है जहां भाजपा 2004 की तरह इंडिया शाइनिंग की तरह धराशाही होने वाली है। 4 जून को भाजपा को बड़ा सदमा बड़ी हार के साथ लगने वाला है। रोहित ठाकुर ने कहा कि भाजपा 2014 में किए गए वायदों की बात दस साल तक सत्ता में रहने के बाद भी नहीं करती है। पीएम मोदी से लेकर भाजपा के शीर्ष नेता सिर्फ ध्रुवीकरण की बात करते हैं। भाजपा न तो आज बेरोजगारी, महंगाई और किसानों- बागवानों की बात करते हैं न महिलाओं की सुरक्षा की बात। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने 2014 में देश के युवाओं को प्रतिवर्ष 2 करोड़ नौकरी देने की बात कही थी लेकिन आज देश ने बेरोजगारी की दर में 45 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। देश विश्व में बेरोजगारी की दर में सबसे टॉप पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि देश का युवा आज पकौड़े तलने पर मजबूर है देश मे महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहा है। महंगाई सातवें आसमान पर है और किसान- बागवान आत्महत्या करने को मजबूर है। पिछले दस वर्षों में देश का किसान-बागवान अपनी मांगों को लेकर धरना- प्रदर्शन करते रहे लेकिन अहंकारी सरकार को अंततः तीन काले कृषि कानूनों को वापिस लेना पड़ा। उसी तरह देश में युवाओं के लिए सेना में भर्ती होने का सपना भी चकनाचूर कर अग्निवीर योजना लाई है जिससे युवा वर्ग परेशान हो गया है। रोहित ठाकुर ने शिमला संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी व पूर्व सांसद सुरेश कश्यप को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सुरेश कश्यप पिछले पांच साल में भूमिगत रहे। न तो जनता के बीच दिखाई दिए और न ही जनता की समस्याओं को सुलझा पाए। उन्होंने कहा कि MPLAD फंड में भी सांसद ने भाई भतीजावाद को बढ़ावा दिया। पांच साल पहले सोलन के नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र की 46 पंचायतों से भाजपा प्रत्याशी को 41 हजार की लीड मिली थी लेकिन पांच साल में उसी विधानसभा की 27 पंचायतों को अनदेखा कर एक भी पैसा नहीं मिला जिसका जवाब अब यहां की जनता देगी। उसी तरह सिरमौर और शिमला जिला की पंचायतों को भी अनदेखा किया गया है जहां MPLAD का फंड बांटने में भाई भतीजावाद किया गया। रोहित ठाकुर ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस भारी बहुमतों से जीत हासिल कर रही है। 4 जून को देवतुल्य प्रदेश में जनता के आशीर्वाद से कांग्रेस के सभी प्रत्याशी बड़ी जीत हासिल करने वाले हैं।
हिमाचल प्रदेश के पांच दिवसीय प्रवास के उपरांत आज राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को मशोबरा स्थित कल्याणी हेलीपैड में गरिमापूर्ण विदाई दी गई। इस अवसर पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू भी उपस्थित थे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, पुलिस महानिदेशक डॉ. अतुल वर्मा और प्रशासनिक, पुलिस व सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राजभवन में आज विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी और हिमाचल प्रदेश रेडक्रॉस अस्पताल कल्याण अनुभाग के सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने राज्यपाल एवं हिमाचल प्रदेश रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष शिव प्रताप शुक्ल तथा लेडी गवर्नर एवं प्रदेश रेडक्रॉस अस्पताल कल्याण अनुभाग की अध्यक्षा जानकी शुक्ल को रेडक्रॉस फ्लैग लगाए। इस वर्ष विश्व रेडक्रॉस दिवस का विषय ‘मानवता को जीवित रखना’ है। राज्यपाल ने रेडक्रॉस सोसाइटी के लिए अंशदान भी किया। राज्यपाल ने भारत रेडक्रॉस सोसाइटी हिमाचल प्रदेश के सभी सदस्यों और स्वयंसेवकों की प्रदेश में रेडक्रॉस आंदोलन को मजबूत करने के लिए किए जा रहे अथक प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पोर्टमोर और तिब्बती स्कूल छोटा शिमला के विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की सहायता के लिए रेडक्रॉस स्वयंसेवकों द्वारा किए गए कार्योें को प्रदर्शित करता एक लघु नाटक भी प्रस्तुत किया। बच्चों ने राज्यपाल और लेडी गवर्नर को रेडक्रॉस फ्लैग भी लगाया। राज्यपाल और लेडी गवर्नर ने विद्यार्थियों को मिठाईयां भी बांटी। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने आमजन में रेडक्रॉस के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए रैली भी निकाली। राज्यपाल के सचिव तथा राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव राजेश शर्मा, हिमाचल प्रदेश रेडक्रॉस सोसाइटी, रेडक्रॉस अस्पताल कल्याण अनुभाग के सदस्य और राजभवन के अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला: मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मनीष गर्ग ने आज ‘मैसेज टू वोट’ वाली साइक्लिंग जर्सी जारी की। उन्होंने कहा कि निर्वाचन विभाग ने मंडी निवासी जसप्रीत पॉल को उनके साइक्लिंग जुनून के लिए 8 अप्रैल, 2024 को स्टेट इलेक्शन आइकॉन के रूप में चुना है।अनेक साइक्लिंग अभियानों में भाग लेने वाले जसप्रीत पॉल इन लोकसभा चुनावों के दौरान राज्य के विभिन्न भागों के साथ-साथ लौहल-स्पिति में स्थित विश्व के सबसे ऊंचे मतदान केन्द्र टाशिगंग (15,256 फीट) के लिए शिमला से साइक्लिंग कर इस जागरूकता अभियान को गति देंगे और मतदाओं को वोट का महत्व बताएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जसप्रीत पॉल को स्टेट इलेक्शन आइकॉन नियुक्त करने का मुख्य उद्देश्य युवाओं को मताधिकार के प्रति जागरूक करने और लोकतंत्र के उत्सव में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी दलीप नेगी, नीलम दुल्टा और ओएसडी (स्वीप) नीरज शर्मा भी उपस्थित थे।
नाम, स्कूल, जिला 1. रिधिमा शर्मा, राजकीय छात्रा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नादौन, हमीरपुर। 2. कृतिका शर्मा, न्युगल माडल पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल भवारना, कांगड़ा। 3. शिवम शर्मा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बेरथिन, बिलासपुर। 3. ध्रीति टेग्टा, ग्लोरी इंटरनेशनल स्कूल रोहडू, शिमला। 3. रुशील सूद, भारती विद्यापीठ पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल बैजनाथ, कांगड़ा। 4. इरा शर्मा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बहानवीन, हमीरपुर। 4. प्राची शर्मा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला थुरल, कांगड़ा। 4. पुन्या ठाकुर, लारेंस पब्लिक स्कूल चुवाई, कुल्लू। 4. तितिक्षा ठाकुर, सनौर वैली पब्लिक स्कूल बजौरा, कुल्लू। 4. पराजंलि, एनओपीएस पब्लिक स्कूल घुमारवीं, बिलासपुर। 4. शराविका कश्यप, सनौर वैली पब्लिक स्कूल बजौरा, कुल्लू। 5. श्रुति धरवाल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला उरला, मंडी। 5. नीतिका, सनराइज पब्लिक स्कूल भरारी, मंडी। 5. दीपांशिका शर्मा, जागृति पब्लिक स्कूल कोटली, मंडी। 5. अक्षित शर्मा, एसवीएनएम पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल कंदरौर, बिलासपुर। 5. अनमोल सूद, हिम एकैडमी पब्लिक स्कूल हीरा नगर, हमीरपुर। 5. रिया कपूर, भारती विद्यापीठ पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल बैजनाथ, कांगड़ा। 6. प्राकृति शर्मा, माडल पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल स्वारघाट, सोलन। 6. काव्याजंलि ठाकुर, आर्यन पब्लिक स्कूल अझू, मंडी। 6. दिव्यांशु राणा, एसवीएनएम पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल कंदरौर, बिलासपुर। 6. साइसा सूद, भारती विद्यापीठ पब्लिक सीनिसर सकेंडरी स्कूल बैजनाथ, कांगड़ा। 6. अदिति शर्मा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बेरथिन, बिलासपुर। 6. शौर्या भारद्वाज, गुरुकुल पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल पक्का परोह अंब, ऊना। 6. तान्या शर्मा, राजकीय उच्च पाठशाला पलवीन, हमीरपुर। 6. उदय कुमार, ऐम एकैडमी सीनियर सकेंडरी स्कूल भकूलजन, कांगड़ा। 6. कशिश, मिनर्वा सीनियर सकेंडरी स्कूल घुमारवीं, बिलासपुर। 6. मृदुल ठाकुर, सनौर वैली पब्लिक स्कूल बजौरा, कुल्लू। 7. अर्जुन ठाकुर, एसवीएनएम पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल कंदरौर, बिलासपुर। 7. तमन्ना चौधरी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मैरा, कांगड़ा। 7. निहारिका, सनौर वैली पब्लिक स्कूल बजौरा, कुल्लू। 7. कशिश ठाकुर, इंदिरा मेमोरियल पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल इंदौरा, कांगड़ा। 7. सुहानी, सनौर वैली पब्लिक स्कूल बजौरा, कुल्लू। 7. आदित्य, एकेएम पब्लिक हाई स्कूल ददादू, सिरमौर। 7. सूर्यांश, हिम एकैडमी पब्लिक स्कूल हीरानगर, हमीरपुर। 8. अपूर्वा, ऐम एकैडमी सीनियर सकेंडरी स्कूल बलूकजन, कांगड़ा। 8. संचिता धीमान, गुरुकुल सीनियर सकेंडरी स्कूल पक्का परोह अंब, ऊना। 8. मुस्कान, लोटस कान्वेंट पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल सरकाघाट, मंडी। 8. महक, राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दरंग, मंडी। 8. दीपांशी, लिटल एंजल पब्लिक स्कूल मैरे, हमीरपुर। 8. श्रिया, परमाउंट पब्लिक स्कूल अप्पर पाइसा, कांगड़ा। 8. अवनीशा ठाकुर, सीनिसर सकेंडरी माडल इंस्टीटयूट आफ एजुकेशन देवधार टीहरा, मंडी। 8. कशी शर्मा, आर्यन पब्लिक स्कूल झांडी, हमीरपुर। 8. नितिन कुमार, एविएम सीनियर सकेंडरी स्कूल पाहड़ा, कांगड़ा। 8. अपूर्वी, आरके सीनियर सकेंडरी पब्लिक स्कूल घडालवीन, बिलासपुर। 8. अनीशा अत्री, गुरुकुल सीनियर सकेंडरी स्कूल पक्का परोह अंब, ऊना। 8. दासिल ठाकुर, मिनर्वा सीनियर सकेंडरी स्कूल घुमारवीं, बिलासपुर। 8. हिमन व्यास, हिमालयन कोनीफर पब्लिक स्कूल बरूआ मनाली, कुल्लू। 8. अरब शर्मा, मिनर्वा सीनियर सकेंडरी स्कूल घुमारवीं, बिलासपुर। 8. रिधिमा ठाकुर, राजकीय आदर्श छात्रा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जोगेंद्रनगर, मंडी। 8. पूर्णिमा, एसवीएनएम पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल कंदरौर, बिलासपुर। 8. सिमरत, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खैरियां, कांगड़ा। 8. रबनीत कौर, एशिएंट पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल ब्रिजमंडी जोगेंद्रनगर, मंडी। 8. प्रीति, हिम एकैडमी सीनिसर सकेंडरी स्कूल बलूकजन, कांगड़ा। 8. सैजल ठाकुर, राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुंधला, ऊना। 9. कनिष्का, सुरेंद्रा पब्लिक स्कूल नालागढ़, सोलन। 9. तमनप्रीत भुल्लर, शहीद भगत सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल सोहरी, ऊना। 9. आयुषी, राजकीय छात्रा आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जोगेंद्रनगर, मंडी। 9. आकर्ष कुमार, रेड स्टार पब्लिक स्कूल चैरियां दि धार, हमीरपुर। 9. शिवम, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हटली, चंबा। 9. अक्ष शर्मा, न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल गोपालनगर, हमीरपुर। 9. राशि, सनौर वैली पब्लिक स्कूल बजौर, कुल्लू। 9. प्रियाल, मिनर्वा सीनियर सकेंडरी स्कूल घुमारवीं, बिलासपुर। 9. शिवानगी शर्मा, आर्यन पब्लिक स्कूल झांडी, हमीरपुर। 9. रिधिमा शर्मा, हिम एकैडमी पब्लिक स्कूल हीरानगर, हमीरपुर। 9. अंशिका, पब्लिक माडल सीनियर सकेंडरी स्कूल भमलोह, हमीरपुर। 9. कृतिका, सनौर वैली पब्लिक स्कूल बजौरा, कुल्लू। 9. रिजवाल सांख्यान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरठी, बिलासपुर। 9. संजना, सर्वोदय इंटरनेशनल स्कूल अलाग, मंडी। 9. अंशिका, माउंट एवरेस्ट सीनियर सकेंडरी स्कूल कुठरकलां, ऊना। 9. अनन्या, राजकीय छात्रा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नादौन, हमीरपुर। 9. रिधिमा ठाकुर, न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल गोपालनगर, हमीरपुर। 9. आदित्य शर्मा, एसवीएनएम पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल कंदरौर, बिलासपुर। 9. शगुन चंदेल, द न्यू ईरा स्कूल आफ साइंसिस छतड़ी, कांगड़ा। 9. खुशी शर्मा, एनएवी भारत पब्लिक स्कूल बिझारी कोटला, हमीरपुर। 9. आर्यन शर्मा, गीताजंलि पब्लिक स्कूल झलोल धनेटा, हमीरपुर। 9. साईं हैदया ठाकुर, किटस कैंप पब्लिक स्कूल चुवाड़ी, चंबा। 10. अंशिका राणा, राजकीय उच्च पाठशाला टिप्प, कांगड़ा। 10. महक, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुगलेहड़, ऊना। 10. स्मृद्धि ठाकुर, राजकीय आदर्श छात्रा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जोगेंद्रनगर, मंडी। 10. पायल, राजकीय उच्च पाठशाला संधोआ, शिमला। 10. अक्षरा धीमान, माउंट एवरेस्ट सीनियर सकेंडरी स्कूल कुटरकलां, ऊना। 10. सृष्टि ठाकुर, एसटी एफएक्स कान्वेंट स्कूल ढोंडी, मंडी। 10. रुचिका, सनौर वैली पब्लिक स्कूल बजौरा, कुल्लू। 10. शीतल कुमारी, पब्लिक माडल सीनियर सकेंडरी स्कूल भम्लोह, हमीरपुर। 10. जानवी राणा, गुरुकुल पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल पक्का परोह अंब, ऊना। 10. नमिता ठाकुर, लिल्ली लिटल फ्लावर एसएसएस बाड़ी रंगस, हमीरपुर। 10. मन्नत, राजकीय छात्रा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नादौन, हमीरपुर। 10. रिद्धि वर्मा, राजकीय आदर्श छात्रा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जागेंद्रनगर, मंडी। 10. आयुषी वर्मा, कोटेश्वर पब्लिक स्कूल कुमारसेन, शिमला। 10. वंशिका चंदेल, अलफा पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल बरठीं, बिलासपुर। 10. दिव्यांशी, करसोग वैली हाई स्कूल करसोग, मंडी। 10. पायल देवी, शिवालिक पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल बीहडू, ऊना।
उच्च शिक्षा निदेशालय ,हिमाचल प्रदेश के आदेश अनुसार आज राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय ,चौड़ा मैदान, शिमला में ब्रह्माकुमारी संस्था के अंतर्गत राजयोग फाउंडेशन, मानेसर, गुड़गांव द्वारा आध्यात्मिक चेतना जागृत करने पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। राजयोग फाउंडेशन की ओर से भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्ति कैप्टन शिव कुमार गोयल ने ब्रह्मकुमारी संस्था और राजयोग फाउंडेशन के विषय में विस्तृत जानकारी सांझा की और महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान का आभार भी प्रकट किया। इसके उपरांत संस्था की ओर से बहन ख्याति ने अपने वक्तव्य में आपातकाल में धैर्य एवं शांति बनाए रखने की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने मानवीय मस्तिष्क में आने वाले विभिन्न प्रकार के नकारात्मक, व्यर्थ के विचारों को नियंत्रित करते हुए उनसे दूर कैसे रहे, उसके लिए विभिन्न तरीके बताए। मानव चेतना जागृत करने के लिए कई तरह की क्रियाएं भी करवाई गई। बहन अनीता ने आत्मा का मन के साथ सामंजस्य बिठाने पर जो़र दिया। इसी कड़ी में उन्होंने सभी प्रतिभागियों से योग क्रिया भी कार्रवाई। राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय, चौड़ा मैदान के प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान ने ब्रह्मकुमारी संस्था और राजयोग फाउंडेशन से आए कैप्टन शिव कुमार गोयल,बहन ख्याति, बहन अनीता और बहन अदिति का हार्दिक धन्यवाद करते हुए कहा कि नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर जाने के लिए यह सभी योगिक क्रियाएं एवं विचार बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षिक सत्र शुरू होने पर फिर से ऐसा कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अवश्य आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के शैक्षि ,गैर- शैक्षणिक तथा अन्य कर्मचारी भारी संख्या में मौजूद रहे।
**मोदी सरकार ने सेब पर आयात शुल्क 75 से घटाकर 50 प्रतिशत किया ---- नरेश चौहान हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने भाजपा नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा कि अपनी तथ्यहीन बयानबाजी भाजपा नेता हिमाचल प्रदेश को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर सेब बागवानों को 50 रूपये प्रति किलो समर्थन मूल्य देने का दावा कर रहे हैं जोकि पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने सेब समर्थन मूल्य में डेढ़ रूपये की ऐतिहासिक वृद्धि कर इसे साढ़े 10 रूपये से बढ़ाकर 12 रूपये किया है। वहीं भाजपा की नेता मीनाक्षी लेखी कांग्रेस पर आयात शुल्क घटाने के झूठ आरोप लगा रही है क्योंकि सेब पर आयात शुल्क 75 प्रतिशत से घटाकर मोदी सरकार ने 50 प्रतिशत किया है। उन्होंने कहा कि सेब बागवान इस आयात शुल्क को 100 फीसदी करने की मांग कर रहे हैं। सेब पर आयात शुल्क घटने से प्रदेश से सेब बागवानों को बहुत बड़ा नुक्सान पड़ रहा है और कोल्डस्टोर में रखे सेब की प्रति पेटी पर 800 से 1200 रूपये घाटा हो रहा है। नरेश चौहान ने कहा कि बिना डयूटी का सेब अफगानिस्तान और ईरान से भारत आ रहा है जिसके कारण प्रदेश की सेब बागवानी संकट में है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने सेब पर समर्थन मूल्य बढ़ाने के साथ साथ पिछले सीजन में प्रति किलो के हिसाब से सेब की बिक्री सुनिश्चित की जिससे उन्हें फायदा हुआ। अगले सेब सीजन से राज्य सरकार युनिवर्सल कार्टन को लागू करने जा रही है। इसके साथ साथ कोल्डस्टोर का इंफ्रास्टक्चर मजबूत किया जा रहा है और सेब बागवानों को लाभ देने के लिए शिमला जिला के पराला में फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की गई है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष ने कहा कि मीनाक्षी लेखी को तथ्यों की जानकारी नहीं है क्योंकि उन्होंने कहा कि मोदी ने नालदेहरा, कुफरी और छराबड़ा में बिजली पहुंचाई जबकि हिमाचल प्रदेश मंे सभी गांवों का शतप्रतिशत विद्युतीकरण दशकों पहले हो चुका है। आज जनजातीय क्षेत्रों में भी ऐसा कोई गांव नहीं है जहां बिजली व्यवस्था न हो। नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा ने एक चुनी हुई सरकार को गिराने की कोशिश की है। भाजपा ने विधायक खरीदे और सरकार के खिलाफ षडयंत्र रचा। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सांसदों से प्रदेश की जनता नाराज है क्योंकि उन्होंने संसद में हिमाचल के मुद्दों को नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि शिमला से भाजपा सांसद सुरेश कश्यप प्रदेश की जनता को बताएं कि उन्होंने कितने सवाल संसद में पूछे।
**ऑपरेशन लोट्स फेल होने से बौखलाई भाजपाः रोहित ठाकुर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा है कि भाजपा नेता हिमाचल प्रदेश में ऑपरेशन लोट्स फेल होने से पूरी तरह से बौखला गए हैं। धनबल का इस्तेमाल कर राजनीति मंडी से विधायकों को खरीदा लेकिन भाजपाईयों के मुख्यमंत्री व मंत्री बनने के मंसूबे धरे के धरे रह गए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू दुख का सबसे बड़ा कारण है क्योंकि वर्तमान राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के सभी दरवाजों को बंद कर दिया है और उनकी लूट की दुकान बंद कर दी है। रोहित ठाकुर ने कहा कि ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू हिमाचल प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं और एक साधारण परिवार से निकलकर मुख्यमंत्री के पद पर पहुंचे हैं। इसीलिए वे आम आदमी के दर्द से भली.भांति परिचित हैं और समाज के अन्तिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए योजनाएं बनाकर उन्हें धरातल पर लागू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मात्र सवा साल के छोटे से कार्यकाल में अनाथ बच्चों के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना बनाई और अब उनकी देखभाल का जिम्मा कानूनी रूप से सरकार का है। यही नहीं दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना। साथ ही मनरेगा की दिहाड़ी में ऐतिहासिक 60 रूपये की वृद्धि की, दिहाड़ीदारों की न्यूनतम दिहाड़ी बढ़ाकर 400 रूपये की विधवाओं के 27 साल तक के बच्चों की शिक्षा का खर्च राज्य सरकार उठा रही है और विधवाओं को घर बनाने के लिए तीन लाख रूपये की मदद प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने अपने दूसरे बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं तथा बागवानों की वर्षों पुरानी मांगों को पूरा किया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पुरानी पैंशन और महिलाओं को 1500 रूपये पैंशन सहित अपनी 10 में से पांच चुनावी गारंटियों को पूरा कर दिया है। उन्होंने कहा कि सवा साल के कार्यकाल का हिसाब मांगने वाले भाजपा नेता अपने पांच साल का हिसाब जनता को दें। भाजपा ने केवल मात्र कर्ज के सहारे पांच साल सरकार चलाई और आर्थिक संसाधन जुटाने पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण हिमाचल प्रदेश आर्थिक रूप से बदहाल बना। अपनी मौजमस्ती और चुनावी लाभ के दृष्टिगत भाजपा ने अपने कार्यकाल के अंतिम साल में 16000 करोड़ रूपये से अधिक धन का दुरूपयोग किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने सत्ता संभालते ही आर्थिक संसाधन जुटाने की दिशा में अनेक कदम बढ़ाये जिनके परिणामस्वरूप एक साल में ही हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 20 प्रतिशत तक का सुधार आया है और एक ही वर्ष में 2200 करोड़ रूपये का राजस्व अर्जित किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक रूप से उगाए हुए गेहूं का समर्थन मूल्य 40 रूपये तथा मक्की के लिए 30 रूपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है। रोहित ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी राज्य सरकार की सवा साल की उपलब्धियों को लेकर चुनाव में जा रही है और अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के समक्ष रख रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता झूठ और खरीद फरोख्त की राजनीति को चुनाव में करारा जवाब देगी और कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों को लोकसभा व विधानसभा उपचुनावों में भारी मतों से विजयी बनाएगी।
**झूठ बोलने के सारे रिकॉर्ड तोड़ रहे जयराम ठाकुर शिमला: बाग़वानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने नेता विपक्ष जयराम ठाकुर पर पलटवार करते हुए कहा है कि वह बताएँ किस सेब बाग़वान को भाजपा ने 50 रुपए का समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर झूठ बोलने के सारे रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जब भी चुनाव में हिमाचल आते हैं, तो सेब पर आयात शुल्क को दोगुना करने का जुमला बोल कर जाते हैं, लेकिन वास्तव में केंद्र सरकार ने आयात शुल्क को घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया है और हिमाचल प्रदेश के सेब बाग़बानों की कमर तोड़ दी है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि केंद्र सरकार ने एमआईएस के तहत मात्र एक लाख रुपए का टोकन बजट रखा है और जयराम ठाकुर सेब बाग़बानों को 50 रुपए न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेब बाग़बानों के साथ दग़ाबाज़ी करने के लिए भाजपा को सेब बाग़बानों को श्राप लगेगा। जयराम ठाकुर और भाजपा के गुनाहों को जनता कभी माफ़ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के आयात शुल्क घटाने से अफ़ग़ानिस्तान, ईरान से सेब देश में आ रहे हैं और आज कोल्ड स्टोर में रखे सेब के उचित दाम भी बाग़बानों को नहीं मिल रहे। उन्होंने कहा कि आज कोल्ड स्टोर में रखी सेब की पेट्टी पर बाग़बानों को 800-1200 रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसका श्रेय भाजपा की केंद्र सरकार को जाता है। आयात शुल्क घटने से हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश के सेब बाग़बान अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर पांच साल तक हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे लेकिन एक भी नया प्रोजेक्ट सेब बाग़बानों के लिए नहीं लाए। जयराम ठाकुर प्रदेश की जनता को बताएँ कि वह कौन सा प्रोजेक्ट सेब बाग़बानों के लिए पांच साल में लेकर आए। बाग़वानी मंत्री ने कहा कि सेब बाग़बानों के हितों को देखते हुए वर्तमान प्रदेश सरकार ने अनेकों कदम उठाए हैं। किलो के हिसाब से सेब की बिक्री का काम जो पिछले कई वर्षों से नहीं हो पाया, वह काम मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार ने किया है। यही नहीं, सेब बागवानों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए राज्य सरकार ने यूनिवर्सल कार्टन लागू कर दिया है। सेब की खाद और कीटनाशकों पर मिलने वाली सब्सिडी को भाजपा सरकार ने बंद कर दिया था, जबकि वर्तमान राज्य सरकार ने फिर से सब्सिडी शुरू कर दी है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि जयराम ठाकुर प्रदेश की जनता को गुमराह करने के लिए रोज़ नया झूठ बोल रहे हैं। जिससे साफ़ पता लगता है कि भाजपा चुनाव में अपने हथियार डाल चुकी है। भाजपा का ख़रीद-फरोख्त करने वाला चेहरा जनता के सामने आ चुका है और भाजपा नेताओं को हार डर सताने लगा है।
शिमला: तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने अनेक सवाल दागने के साथ भाजपा को आइना भी दिखाया है। उन्होंने पूछा, भाजपा बताए वर्तमान सांसद व गद्दी नेता किशन कपूर का टिकट कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से क्यों काटा गया। बीते लोकसभा चुनाव में वह सबसे अधिक मतों से जीते थे। इतना अधिक मतदान उनके पक्ष में होने के बावजूद गद्दी नेता का टिकट काटना कांगड़ा संसदीय क्षेत्र की जनता को अखर रहा है। भाजपा ने कांग्रेस के एक बिकाऊ विधायक को विधानसभा उपचुनाव में टिकट दे दिया, जबकि गद्दी नेता किशन कपूर हाशिये पर धकेल दिए। धर्माणी ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा कांग्रेस के सशक्त उम्मीदवार हैं। उन्होंने देश-विदेश में हिमाचल प्रदेश का नाम चमकाया है। वह केंद्रीय मंत्री रहते प्रदेश व कांगड़ा जिला को अनेक सौगातें दे चुके हैं। उन्होंने कांगड़ा जिला के इंदौरा में डेढ़ सौ करोड़ रुपये की सौगात देकर इंडस्ट्रियल पार्क खुलवाया। चाय बागवानों के लिए नेशनल टी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय मंजूर करवाया। कांगड़ा जिला के पालमपुर में वह सेरीकल्चर विस्तार केंद्र भी खुलवा चुके हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश को पासपोर्ट कार्यालय की सौगात भी दी है। इससे पहले प्रदेश के लोगों को पासपोर्ट बनाने के लिए चंडीगढ़ या अन्य जगह जाना पड़ता था। शिमला में कार्यालय खुलने के बाद से लाखों पासपोर्ट बन चुके हैं। आनंद शर्मा की यह प्रदेश को बड़ी देन है। उन्होंने पूरे राज्य में सड़क निर्माण, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं अन्य विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की राशि सांसद निधि से प्रदान की है। आईआईटी मंडी का नींव पत्थर उन्होंने रखा है। आनंद शर्मा ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज नेरचौक व आईआईआईटी ऊना जिला को दिलाने में मदद की। केंद्रीय मंत्री रहते चंबा, नाहन व हमीरपुर मेडिकल कॉलेज दिलाने में भी उनका सहयोग रहा है। धर्माणी ने कहा, आनंद शर्मा ने यह विकास कार्य इसलिए नहीं किए कि उन्हें चुनाव लड़ना था। आनंद जी ने प्रदेश में विकास को और गति देने के लिए यह काम किए। उन्होंने अपनी राज्यसभा की सांसद निधि पूरे प्रदेश में वितरित की है। भाजपा के सांसद हिमाचल का विकास करवाने में पूरी तरह विफल रहे। आपदा में उन्होंने जनता का साथ नहीं दिया, न ही प्रधानमंत्री से विशेष राहत पैकेज मांगने की हिम्मत जुटा पाए। आनंद शर्मा जिस भी मंत्रालय में यूपीए सरकार में मंत्री रहे, उसमें सराहनीय कार्य किया। हिमाचल के जितने भी मंत्री केंद्र में रहे हैं, उनमें सबसे अधिक व बेहतरीन काम आनंद शर्मा ने किया है। भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री तो राजनीतिक रोटियां सेंकने में ही व्यस्त रहते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आज शिमला पहुंचने पर मशोबरा स्थित कल्याणी हेलीपैड पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल तथा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वागत किया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, राष्ट्रपति के दौरे के लिए मिनिस्टर-इन-वेटिंग स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, पुलिस महानिदेशक डॉ. अतुल वर्मा, प्रधान सचिव सामान्य प्रशासन देवेश कुमार तथा प्रदेश सरकार एवं सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
शिमला: भाजपा की वरिष्ठ नेता, केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा एवं पर्यटन अजय भट्ट ने कसुम्पटी पन्ना प्रमुख सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल देश की नहीं बल्कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता है और जब से वह प्रधानमंत्री बने हैं तब से देश का मान पूरे विश्व के मानचित्र बड़ा है। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 तक विनाशकाल और 2014 से 2024 तक अमृतकाल रहा। जब देश में कांग्रेस की सरकार सत्ता में थी तब देश पीछे की ओर ही बढ़ा और जब से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने हैं तब से देश तेज गति से आगे बढ़ा है। कांग्रेस सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल (2004-14) में देश की अर्थव्यवस्था से लेकर सड़क, रेल और विदेशी प्रयत्क्ष निवेश तक खस्ताहाल था, जबिक 2014 के बाद मोदी सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल में भारत, दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने से लेकर हर क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित किया। कांग्रेस सरकार में स्टार्टअप की संख्या मात्र 350 थी, जबकि मोदी सरकार में स्टार्टअप की संख्या बढ़कर 1,17,257 हो गई। कांग्रेस सरकार में भारतीय अर्थव्यवस्था की गिनती फ्रेजाइल-5 में होती थी, जबकि मोदी सरकार में भारत, दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। उन्होंने कहा कि प्रगति के मामले में हिमाचल भी अछूता नहीं रहा। हिमाचल प्रदेश को एम्स, हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज, आईआईएम, पीजीआई सैटलाइट सेंटर, बल्क ड्रग पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, फोरलेन नेशनल हाईवे, रेणुका हाइड्रो प्रोजेक्ट, सुन्नी हाइड्रो प्रोजेक्ट और आईआईटी जैसे अनेकों सौगात मिली। हिमाचल प्रदेश में आपदा आई और उसके तुरंत बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के दो दौरे किए। इस दौरान हिमाचल प्रदेश को 1782 करोड रुपए आपदा राहत राशि के रूप में मिले पर इस राशि का भी हिमाचल की सरकार ने सदुपयोग नहीं किया आज तक इस राशि को भी पूर्ण रूप से खर्च नहीं गया है। आपदा राशि में भी भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद को बढ़ावा दिया गया, आज तक कभी भी हिमाचल प्रदेश में ऐसा नहीं हुआ। हिमाचल प्रदेश में यह पहली सरकार है जो कुप्रबंधन के लिए जानी जाएगी। इस अवसर पर भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप, प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, महामंत्री बिहारी लाल शर्मा, राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, रूप दास कश्यप, जिला अध्यक्ष प्रेम ठाकुर, पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप, बलबीर वर्मा उपस्थित रहे।
शिमला:- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के चार दिवसीय दौरे को लेकर आज मॉल रोड़ पर रिहरसल की गई। राष्ट्रपति निवास रिट्रीट से लेकर मॉल रोड़ तक गाड़ियों के काफ़िले के साथ रिहरसल की गई। राष्ट्रपति दौरे को लेकर शिमला शहर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। जहां से भी राष्ट्रपति का काफिला गुज़रेगा वह पर कड़ा सुरक्षा पहरा रहेगा। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए भारी संख्या में जवानों की तैनाती की गई है। वहीं केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने भी मोर्चों संभाल लिया है। रिज व मॉलरोड़ पर भी पहरा बढ़ा दिया गया है। 1200 पुलिस अधिकारी और जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए गए हैं। राष्ट्रपति 4 मई काे शिमला दौरे पर आएंगी और 8 मई को वापिस लौट जाएगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पांच मई को कैंचमेंट एरिया कुफरी का दौरान करेंगी। छह मई को केंद्रीय विवि धर्मशाला के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। 7 मई को सुबह संकट मोचन और तारादेवी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी। दोपहर बाद मॉलरोड और रिज मैदान में सैर करेंगी। शाम को गेयटी थियेटर में जाने का कार्यक्रम है। आठ मईको राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू दिल्ली लौटे जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में 2023 में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान अपनी जान जोखिम में डाल कर लोगो की जान बचाने वाले पुलिस जवानों और इस दौरान लोगों तक खबरें पहुंचाने वाले मीडिया कर्मियों को जय हिंद फाउंडेशन और जर्नालिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा सम्मान देकर उनके प्रोत्साहन को बढ़ावा देने पर हिमाचल प्रदेश के डीजीपी संजय कुंडू द्वारा तीनों सांगठनों के अध्यक्ष अर्शदीप सिँह समरको प्रशंसा पत्र प्रदान किया। 2023 में हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा का वह भयानक चेहरा कोई भी नहीं भूल पाया है। इस दौरान आपदा ने कई घरों को अपनी चपेट में लिया था जबकि कई घरों की चिराग हमेशा हमेशा के लिए बुझा दिए थे। इस बीच हिमाचल पुलिस के जवान और एसडीआरएफ ने अपनी जान जोखिम में डालकर कई लोगों की जान बचाई थी। इसके अलावा मीडिया कर्मियों ने भी मुश्किल से मुश्किल दौर में बेहतरीन रिपोर्टिंग कर कई मामले सरकार और आम जनता के ध्यान में लाए थे। इन तमाम बातों को मद्देनज़र रखते हुए जय हिंद फाउंडेशन ने उन योद्धाओं के लिए योद्धा सम्मान समारोह आयोजित किया था। इस समारोह का उद्देश्य जवानों में और अधिक उत्साह भरना और उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कामों को आम जनता तक पहुंचाना था। जय हिंद फाऊंडेशन समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। किसी को देखते हुए हिमाचल प्रदेश पुलिस प्रशासन ने जय हिंद फाऊंडेशन को प्रशंसा पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर जय हिंद फाउंडेशन के अध्यक्ष अर्शदीप सिँह समर ने राज्य के डीजीपी संजय कुंडू का आभार प्रकट किया। अर्शदीप समर ने कहा कि आपदा का वक्त बेहद मुश्किलों भरा रहा। इस मुश्किल दौर में भी पुलिस और मीडियाकर्मियों ने अपनी जान हथेली में रखकर लोगों तक खबरें पहुंचाने का बखूबी काम किया था। इससे न केवल आपदा में आए संकट को कम करने में मदद मिली, बल्कि कई लोगों की जान भी बचाई जा सकी। उन्होंने बताया कि आपदा के दौरान पुलिस एसडीआरफ के जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना काम किया था जिसको देखते हुए जय हिन्द फाउंडेशन ने ऐसे महान योद्धाओं को सम्मान देने के लिए गेयटी थिएटर में सम्मान समारोह का आयोजन किया था और ऐसे जवानों का हौसला अफजाई करने का प्रयास किया गया था। उन्होंने जनहित और देश हित लोगों को प्रोत्साहन दे दिया है और यह काम आगे भी जारी रहेगा। इस थेरे एनी इनफॉरमेशन के उपाध्यक्ष रितेश मोहिंद्रा, उपाध्यक्ष मोहित प्रेम शर्मा और महासचिव तपिन मल्होत्रा भी खास तौर पर मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) द्वारा राज्य, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संस्थान के सहयोग से प्राकृतिक आपदाओं और आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं में आपदा जोखिम प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए यहां पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने और संकट के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस करना है। कार्यशाला का शुभारम्भ करते हुए स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. गोपाल बेरी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में घायलों को बेहतर ईलाज की सुविधा प्रदान करने के लिए अस्पतालों में अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। उन्होंने आपदा प्रबंधन योजनाओं और तैयारियों को लागू करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने समस्त प्रतिभागी स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम के पूरा होने के बाद सुरक्षा संस्कृति का प्रचार करने का आग्रह किया। इसके अलावा, उन्होंने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से आपदा प्रबंधन को अस्पताल संचालन और पाठ्यक्रम में एकीकृत करने पर भी बल दिया। प्रतिभागियों में राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान और क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण केंद्र के संकाय सदस्य और अधिकारी, शिमला, सोलन और बिलासपुर जिलों के आपदा प्रबंधन के नोडल अधिकारी शामिल थे। कार्यशाला के दौरान उपस्थित लोग हेल्थकेयर सुविधा तैयारी योजना (एचडीएमपी), आपदा प्रबंधन में स्वास्थ्य देखभाल प्रशासकों की भूमिका, आपदा प्रबंधन योजनाओं (डीएमपी) की तैयारी, आपूर्ति श्रृंखला और रसद प्रबंधन, और स्वास्थ्य सुविधाओं पर ट्राइएज जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे। इसके बाद अग्निशमन और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के विशेषज्ञों द्वारा भूकंप, बाढ़ या आग के परिदृश्यों से जुड़े सिमुलेशन अभ्यास की सुविधा प्रदान की जाएगी। कार्यशाला के दौरान आपदा तैयारियों के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग पर भी प्रकाश डाला जाएगा जिसमें रोग निगरानी के लिए रिमोट सेंसिंग और जीआईएस तकनीक शामिल हैं। इसके अलावा आपात स्थिति के दौरान मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य और बाल स्वास्थ्य पर चर्चा विभिन्न संगठनों के विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी। 3 मई, 2024 को कार्यशाला का समापन आपदा और आपातकालीन स्थितियों में पोषण और जल स्वच्छता और स्वच्छता (डब्ल्यूएएसएच) पर सत्रों के साथ होगा। कार्यशाला का व्यापक लक्ष्य स्वास्थ्य देखभाल व्यवसायियों, आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है ताकि आपदाओं और आपातकालीन स्थितियों का प्रभावी ढंग से सामना करने और प्रतिक्रिया करने में सक्षम लचीली स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों का निर्माण किया जा सके। कार्यशाला के शुभारम्भ अवसर पर एसआईएच एंड एफडब्ल्यू के प्रिंसिपल डॉ. अजय कुमार दत्ता और पद्मश्री डॉ. ओमेश भारती सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
1. कामक्षी शर्मा, भारती विद्यापीठ पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल बैजनाथ, 494 1. छाया चौहान, सनोवर वैली पब्लिक स्कूल बजौरा, 494 2. श्रुति शर्मा, एसडी पब्लिक स्कूल हमीरपुर, 492 3. ऐंजल, मिनर्वा सीनियर सकेंडरी स्कूल घुमारवीं, 491 3. पियूष ठाकुर, हिम अकैडमी पब्लिक स्कूल हीरानगर हमीरपुर, 491 4. पलक ठाकुर, एसपीएस इंटरनेशनल स्कूल अनंत नगर टटाहर, 490 4. अर्षिता, डीएवी सीनियर सकेंडरी स्कूल ऊना, 490 4. अर्पिता राणा, एसटी डीआर पब्लिकक सीनियर सकेंडरी स्कूल गगरेट, 490 4. शाव्या, राजकीय सीनियर सकेंडरी स्कूल जसूर, 490 5. ध्रुव शर्मा, गुरुकुल पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल पक्का परोह बंब, 489 5. आरूही, सनौर वैली पब्लिक स्कूल बजौरा, 489 6. अदरिजा गौतम, हिमालयन पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल चुवाड़ी, 488 6. आदित महाजन, द न्यू हीरा स्कूल आफ साईंसिज छतड़ी, 488 6. श्रद्धा, स्वामी विवेकानंद सीनियर सकेंडरी स्कूल रामनगर, 488 6. गुरप्रीत कौर, राजकीय एसएम माडल सीनियर सकेंडरी स्कूल इंदौरा, 488 7. शिवानगी शर्मा, हिमालयन पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल पपरोला, 487 7. दिव्यांश अग्रवाल, आदर्श विद्या निकेतन पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल नाहन, 487 7. शिवम, हिम अकैडमी पब्लिक स्कूल हीरानगर हमीरपुर, 487 7. गीतांश शर्मा, राजकीय छात्र सीनियर सकेंडरी स्कूल चंबा, 487 7. ईशा ठाकुर, डीएवी सीनियर सकेंडरी स्कूल ऊना, 487 8. मनोरमा, सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सकेंडरी स्कूल महाजन बाजार मंडी, 486 8. शालिनी, राजकीय छात्रा सीनियर सकेंडरी स्कूल नादौन, 486 8. रिधम कटोच, भारती विद्यापीठ पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल बैजनाथ, 486 8. समृद्धि, सनौर वैली पब्लिक स्कूल बजौरा, 486 8. कार्तिक शर्मा, राजकीय माडल सीनियर सकेंडरी स्कूल मुबारिकपुर, 486 8. कोमल, अंश राजकीय सीनियर सकेंडरी स्कूल बधेरा राजपूतान, 486 9. वंशिका सोहल, एसटी डीआर पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल गगरेट, 485 9. अंशिका राय, द मैगनेट पब्लिक स्कूल हमीरपुर, 485 9. कल्पना राणा, न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल गोपालनगर, 485 9. तुषार ठाकुर, द न्यू ईरा स्कूल आफ साईसिंस छतड़ी, 485 9. कोमल कुमारी, सुपर मैगनेट सीनियर सकेंडरी स्कूल प्रतापनगर हमीरपुर, 485 9. वंशिता, राजकीय छात्रा सीनियर सकेंडरी स्कूल नादौन, 485 9. अनुप्रीति कटोच, सनौर वैली पब्लिक स्कूल बजौरा, 485 9. मृदुल आहलूवालिया, सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सकेंडरी स्कूल महाजन बाजार मंडी, 485 10. तनु, राजकीय सीनियर सकेंडरी स्कूल सनाही, 484 10. चिंतन, राजकीय सीनिसर सकेंडरी स्कूल शिला घराट, 484 10. आरूषि ठाकुर, एसटी डीआर पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल गगरेट, 484 10. भावना, राजकीय माडल सीनियर सकेंडरी स्कूल घनाहाटी, 484 10. ईशा शर्मा, भारती विद्यापीठ पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल बैजनाथ, 484 10. अमन कुमार, संचेतना पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल आवाहदेवी हमीरपुर, 484 10. वैशाली शर्मा, करियर अकैडमी सीनियर सकेंडरी स्कूल नाहन सिरमौर, 484
रोड सेफटी व उत्कृष्ट सेवाओं के लिए एसएचओ रक्कड गुरदेव सिंह को पुरस्कार से नवाजा गया है । थाना प्रभारी गुरदेव सिंह को यह पुरुस्कार शिमला में हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा आयोजित रोड़ सेफ्टी अवार्ड सेरेमनी में महामहिम राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। थाना प्रभारी गुरदेव सिंह ने वर्ष 2023 में प्रदेश में आई आपदा व अपने क्षेत्र मे रोड सेफटी व दुर्घटनाओं पर लगाम कसने पर बेहतरीन कार्य किया है ।
कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने कहा है कि पिछले दस वर्षों से केंद्र में भाजपा के नेतृत्व में जुमलों की सरकार चल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसानों से उनकी आय को दोगुना करने का वादा किया था लेकिन यह बात जुमला सिद्ध हो चुकी है। भाजपा ने किसानों की आय को दोगुना करना तो दूर, बल्कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क़ानून बनाने की मांग कर रहे किसानों की आवाज़ को बलपूर्वक कुचलने का प्रयास किया और आंदोलन कर रहे 50 से अधिक किसानों की हत्या की गई। चौधरी चंद्र कुमार ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार ने गाय के दूध में 13 रुपए की ऐतिहासिक वृद्धि करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य 45 रुपए कर दिया है, जबकि भैंस के दूध का ख़रीद मूल्य बढ़ाकर 55 रुपए प्रति लीटर किया गया है। उन्होंने कहा कि दूध की ख़रीद पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य बना है। इसके साथ ही मनरेगा मज़दूरी में 60 रुपए की ऐतिहासिक बढ़ौतरी की तथा प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 40 रुपए तथा मक्की का रेट 30 रुपए तय किया गया है। उन्होंने कहा कि पशु पालकों की आय को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार जिला कांगड़ा के ढगवार में 1 लाख 50 हजार लीटर प्रतिदिन की क्षमता का दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित कर रही है, जिसकी क्षमता 3 लाख लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाई जा सकती है। यह संयंत्र पूरी तरह से स्वचालित होगा जिस पर 226 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि बेसहारा पशुओं की समस्या को देखते हुए वर्तमान राज्य सरकार ने निजी गौ-सदनों में आश्रित गौवंश के लिए दिए जाने वाले अनुदान 700 रुपए को बढ़ाकर 1200 किया गया है। चौधरी चंद्र कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के निरंतर प्रयास कर रही है, क्योंकि गाँव को आत्मनिर्भर बनाकर ही प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह वर्तमान राज्य सरकार की इच्छाशक्ति का प्रतीक है कि कृषि को स्वरोज़गार के रूप में प्रोत्साहित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़कर किसानों की आय को बढ़ाना का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। कृषि मंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के यह सभी प्रयास किसान की आय को बढ़ाने व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होंगे।
**सीएम सुक्खू,प्रतिभा सिंह और संजय अवस्थी भी रहेंगे मौजूद शिमला संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी विनोद सुल्तानपुरी 13 मई को सुबह 11 बजे शिमला में नामांकन भरेंगे। उनके साथ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष संजय अवस्थी भी मौजूद रहेंगे। नामांकन के बाद चौड़ा मैदान में जनसभा भी करेंगे। विनोद सुल्तानपुरी शिमला संसदीय क्षेत्र के सोलन जिला के कसौली से विधायक हैं। वह पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं। शिमला लोकसभा सीट पर कांग्रेस का दबदबा पहले से ही रहा है हां ये बात भी है कि पिछले 10 वर्षों से यह सीट भाजपा के कब्जे में है। विनोद सुल्तानपुरी के पिता स्वर्गीय केडी सुल्तानपुरी ने इस लोकसभा सीट पर ऐसा दुर्ग बनाया जिसे उनके चुनाव मैदान में रहते कोई भेद नहीं पाया। वह लगातार छह बार यहां से विजयी रहे। उनके लगातार जीत के रिकार्ड को कोई नहीं तोड़ पाया है। इस बार कांग्रेस ने सुल्तानपुरी पर दांव खेला है। क्या इस बार विनोद सुल्तानपुरी अपने पिता की तरह यहाँ परफॉर्म कर पाते हैं या नहीं ये देखना रोचक होगा।
सेना भर्ती कार्यालय, शिमला से सोमवार को 69 नए भर्ती अग्निवीर ट्रेनिंग सेंटरों के लिए रवाना हो गए I छह महीने तक इन जवानों को कड़ी मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद वह भारतीय सेना के अग्निवीर कहलाए जायेंगे I सेना भर्ती कार्यालय, शिमला के भर्ती निदेशक, कर्नल पुष्विंदर कौर ने बताया कि 01 मई से पहले इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगाI 2 मई से सभी अग्निवीरों की ट्रेनिंग शुरू होगी I उन्होंने बताया कि इस साल भर्ती कार्यालय शिमला से 432 अग्निवीर चयनित हो चुके है और उन्हें निर्धारित अनुसूची अनुसार ट्रेनिंग के लिए रवाना किया जाएगा I भर्ती कार्यालय से विदाई करते वक्त उन्होंने अग्निवीरों इस उपलब्धी के लिए बधाई दी और सूचित किया की सभी अपना ट्रेनिंग पूरी निष्ठा तथा लगन से पूरा करेंगे और भविष्य में अपने माता पिता तथा अपने कौर का नाम अभिमान से ऊँचा करेंगे।


















































