कुनिहार :- थाना कुनिहार में अंकुश डोगरा ने नए थाना प्रभारी(एस एच ओ) के रूप में पदभार संभाला है। कुनिहार प्रेस क्लब के सदस्यों ने शिनवार को उनसे शिष्टाचार भेंट कर उनका स्वागत कर उन्हें बधाई दी। भेंट के दौरान क्षेत्र के कई विषयों पर चर्चा हुई व कुछ समस्याओं से क्लब के सदस्यों ने थाना प्रभारी को रूबरू करवाया। थाना प्रभारी ने कहा कि कानून व्यवस्था को सही रखना व समाज मे बढ़ रहे नशे पर लगाम लगाना पहली प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने सभी क्षेत्र वासियों से अपील की है कि अगर किसी भी तरह की कोई जानकारी अगर किसी के पास हो तो उसे जरूर पुलिस को बताएं। सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा। भेंट के दौरान क्लब की संरक्षिका प्रतिभा कंवर,अक्षरेश शर्मा,चंद्रप्रकाश नेगी,रणजीत ठाकुर,लोकेंद्र कंवर व हरजिंदर ठाकुर मौजूद रहे।
बीएल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार छात्रा नैंसी ठाकुर को ITBP विभाग ने पैंतीस हजार की स्कॉलरशिप प्रदान की है I जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि विद्यालय में बारहवीं कक्षा में पढ़ रही छात्रा नैंसी ठाकुर को ITBP पुलिस विभाग से पैंतीस हजार की स्कॉलरशिप मिली है I उन्होंने बताया कि नैंसी ठाकुर ने दसवीं कक्षा में 95.8 फीसदी अंक लिए थे, जिसके कारण नैंसी ठाकुर का ITBP पुलिस विभाग द्वारा इस स्कॉलरशिप के लिए चयन हुआ था। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने छात्रा नैंसी ठाकुर व् उसकी माता रेखा ठाकुर को इस उपलब्धि के लिए बहुत बधाई दी है I उन्होंने नैंसी ठाकुर की विद्यालय के वार्षिक गतिविधियों में सराहनीय कार्य करने एवं शैक्षिणिक स्तर में अव्वल रहने के लिए प्रशंसा की है I विद्यलय अभिभावक संघ के अध्यक्ष रतन तंवर, विद्यालय प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल, मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा, उप- प्रधानाचार्य किरण लेखा, विद्यालय समन्वयक रामेश्वर कुमार और विद्यालय के सभी अध्यापक वर्ग ने इस उपलब्धि के लिए छात्रा नैंसी ठाकुर और उसके अभिभावकों को बधाई दी। विद्यालय प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय के बच्चें हर क्षेत्र उब्लाधियाँ हासिल कर विद्यालय व इलाके का नाम रोशन कर रहे हैं I
सोलन जिले के सभी दिव्यांगों को सूचित किया जाता है कि ऐसे सभी लोग अपना यूनीक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) बनवा लें ताकि उनको एक स्मार्ट कार्ड मिल जाए जिसमें दिव्यांगों से संबंधित सारी जानकारी होगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजन उप्पल ने सोलन जिले के सभी दिव्यांगों से आग्रह किया है कि सभी अपना यूनीक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड (UDID) बनवा लें यह जानकारी ऑनलाइन रहेगी वह दिव्यांगों को कोई भी प्रमाण पत्र लेकर नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें सभी सुविधाएं एक ही स्मार्ट कार्ड से मिल जाएगी। यदि यूनीक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) बनवाने से संबंधित कोई जानकारी चाहिए तो कृपया स्थानीय आशा वर्कर या स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं। वह नजदीकी लोक मित्र केंद्र में जाकर अपना (UDID) बनवा सकते हैं अतः सभी दिव्यांगों को सूचित किया जाता है कि सभी अपना यूनीक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड बनवा ले।
कोविड-19 टीकाकरण अभियान के अंतर्गत सोलन जिला के विदेश जाने वाले सभी लाभार्थियों को सूचित किया जाता है कि 18 साल से ऊपर के विदेश जाने वाले सभी लोगों को विशेष सुविधा के लिए बुधवार 30 तारीख को कविड का टीका क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में लगाया जाएगा। यह जानकारी डीआईओ (स्वास्थ्य) डॉ गगनदीप ने देते हुए बताया कि विदेश जाने वाले लाभार्थियों को पहला टीके लगे हुए 28 दिन हो चुके हैं और वह बुधवार को दूसरा टीका अवश्य लगवा ले। विदेश जाने वाले ऐसे सभी लोग अपने साथ पासपोर्ट, पहले टिक्के का सर्टिफिकेट, पढ़ाई और नौकरी का दस्तावेज साथ में अवश्य लाएं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजन उप्पल ने ये जानकारी साझा करते हुए बताया कि कुछ समय के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट सिर्फ ठोडो ग्राउंड सोलन में ही किया जाएगा इसके अतिरिक्त आयुर्वेदिक अस्पताल रबौण में आरटीपीसीआर टेस्ट कुछ दिनों के लिए बंद किए गए हैं।
राज्य स्तरीय शूलिनी मेला शुक्रवार को विधिवत पूजा अर्चना के साथ आरम्भ हुआ। कोविड़-19 के संकट के कारण मेला सुक्ष्म पूजा अर्चना के साथ आरम्भ हुआ। सभी की सुरक्षा के दृष्टिगत इस वर्ष भी मेले में किसी भी प्रकार का आयोजन नहीं किया जा रहा है। परम्परा के अनुरूप सोलन की अधिष्टात्री देवी माॅ शूलिनी अपनी बहन से मिलने गंज बाजार स्थित प्राचीन मंदिर पहूंची। यहां उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने विधिवत रूप से सम्पूर्ण जनता की और से माता शूलिनी का स्वागत किया। कृतिका कुल्हारी ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि एवं स्वास्थ्य की कामना की। उन्होने आशा जताई की माॅ शूलिनी के आर्शिवाद से समुचा विश्व, देश एवं प्रदेश कोरोना महामारी से मुक्त होगा। इससे पूर्व आज प्रातः पूजा अर्चना के साथ माता की यात्रा की तैयारियां आरम्भ हुई। उपमण्ड़लाधिकारी सोलन अजय यादव ने यात्रा से पूर्व आयोजित हवन में भाग लिया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सोलन अभिशेक यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वर्मा, तहसीलदार गुरमीत सिंह नेगी सहित मंदिन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
ग्राम पंचायत कुँहर व जघून में जिला परिषद सदस्य भुवनेश्वरी शर्मा, ग्राम पंचायत कुँहर की प्रधान निशा व सरयांज पंचायत के प्रधान रमेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा भेजी गई होमआइसोलेशन किट लोगों के घर जाकर वितरित की। इस आइसोलेशन किट में रोगियों के लिए निर्देशिका, थर्मामीटर, च्यवनप्राश, काढ़ा, सैनिटाइजर, मास्क, मल्टी विटामिन, विटामिन-सी तथा जिक की गोलियां,आयुर्वेदिक दवाई कुदनीर, मुख्यमंत्री का पत्र, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ संदेश कार्ड आदि सभी वस्तुओं की सूची शामिल है। इस अवसर पर कुंहर पंचायत की प्रधान निशा ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार कोरोना महामारी को लेकर गम्भीर है व कोरोना से जंग लड़ने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पूरा विश्व इस महामारी की चपेट में है ऐसे में हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में कोरोना महामारी से जंग लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जल्द कोरोना मुक्त होगा व पहले की तरह जीवन सामान्य हो जाएगा।
डॉक्टर श्याम प्रसाद मुखर्जी की पुण्य तिथि पर पंचायत मांगू (संघोई) में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार बबली ने पहला पौधा लगा कर वृक्षारोपण कार्यक्रम की शरुआत की। भाजपा मंडल अर्की के सचिव नागेंद्र कौशल ने जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले समय में दो पंचयतों के दस गांवों में लगभग एक हजार नेटिव पेड़ पौधे रोपित कर बड़े होने तक उनकी देखरेख करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में पंचायत प्रधान बलदेव ठाकुर और उपाध्यक्ष जिला किसान मोर्चा ओम प्रकाश,लीला धर,रमेश,भीम प्रकाश,कर्म चन ठाकुर, नरेश कुमार,कमल शर्मा सहित पार्टी के विभिन्न कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पुलिस थाना दाड़लाघाट में एक अज्ञात वाहन चालक द्वारा एक व्यक्ति को घायल कर फरार होने का मामला दर्ज हुआ है। जिया लाल पुत्र क्याला राम निवासी गांव गानणा भराड़ीघाट ने ब्यान किया है कि 23 जून 2021 की रात को उसे गांव के एक व्यक्ति ने फोन पर सूचना दी कि उसके पिता क्याला राम नलाग के पास घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़े हैं। इस सूचना पर वह और उसकी माता नलाग पंहुचे जहां पर उसने अपने पिता को सड़क की बांई ओर घायल अवस्था में पड़े हुए देखा। उसके पिता को किसी अज्ञात वाहन चालक द्वारा लापरवाही से वाहन चलाते हुए चोट पंहुचाई गई है और वह चालक मौका से बिना रुके फरार हो गया है। जिस सन्दर्भ में पुलिस थाना दाड़लाघाट में अभियोग धारा 279,337 भारतीय दण्ड संहिता,187 मोटर वाहन अधिनियम में पंजीकृत किया गया।डीएसपी प्रताप सिंह ठाकुर ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आगामी कार्यवाही अम्ल में लाई जा रही है।
पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन कुनिहार के प्रधान धनीराम तंनवर एवं कार्यकारिणी पदाधिकारी सदस्यों गुरुदयाल चौधरी ,केदार ठाकुर, मुनीलाल चौहान, वीना चौहान, आशा राणा, पुष्पा सूद, जगदीश चौहान, श्यामलाल ठाकुर, सतपाल सिंह, लेख राम काईथ, रतिराम शर्मा, संतराम चंदेल, शमशेर सिंह, रूपराम ठाकुर, पतराम पंवर, दीप राम ठाकुर ,नागेद्र ठाकुर ,श्यामलाल भाटिया ,राजेंद्र शर्मा इत्यादि ने अपने संयुक्त बयान में कहा है कि कुल्लू के भुंतर में जो घटना पुलिस अफसर व पुलिस कर्मचारियों द्वारा वीआईपी ड्यूटी के दौरान पेश की गई उसकी पुलिस पेंशनर एसोसिएशन कड़े शब्दों में निंदा करती है। ऐसी घटना हिमाचल प्रदेश में शायद ही पहले कभी हुई हो। यह तो जांच में ही पता चलेगा की पहल किसने की, मगर यहां बहुत ही शर्मसार घटना हुई है। हमने अपने लंबे कार्यकाल के दौरान कभी भी इस प्रकार की घटना होते हुए नहीं देखी जिसके कारण पूरे पुलिस विभाग पर आम लोगो का भरोसा उठ गया है। जिला के एसपी आईपीएस अफसर के खिलाफ यह कारनामा सही नहीं था। यह घटना आम लोगों में मजाक बनकर रह गई। पुलिस पेंशनर एसोसिएशन मांग करती है कि इसमें दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुल्हारी ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत छूट तथा प्रतिबन्धों के सम्बन्ध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश प्रदेश के मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष द्वारा 22 जून, 2021 को जारी आदेशों की अनुपालना में जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला के सभी बाजार, माॅल एवं दुकानें रात्रि 08.00 बजे तक खुली रहेंगी। फार्मेसी एवं दवा की दुकानों का समय प्रतिबन्धित नहीं है तथा यह दुकानें सामान्य कार्य समय के अनुसार खुली रहेंगी। दुकानदारों एवं विक्रेताओं को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी कोविड-19 सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी। रेस्तरां, ढाबे, खान-पान स्थल एवं बार रात्रि 10.00 बजे तक खुले रह सकेंगे। इन सभी स्थलों पर कोविड-19 सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी। प्रथम जुलाई, 2021 प्रातः से सभी सरकारी, सार्वजनिक उपक्रम, स्थानीय निकाय एवं स्वायत्त संस्थाओं के कार्यालय शत-प्रतिशत उपस्थिति के साथ कार्य करेंगे। सभी अधिकारी कार्यस्थल पर कोविड-19 बवाच एवं सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएंगे। सभी प्रकार के सामाजिक, अकादमिक, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं अन्य समागमों में कुल क्षमता के 50 प्रतिशत तक की उपस्थिति की अनुमति होगी। इण्डोर एवं बन्द स्थानों में यह अनुमति अधिकतम 50 व्यक्तियों तक की होगी। खुले स्थानोें पर होने वाले आयोजनों में अधिकतम 100 व्यक्तियों के सम्मिलित होने की अनुमति होगी। सभी स्थानों पर कोविड-19 सुरक्षा मानकों की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी। कोविड-19 सुरक्षा मानकों की पूर्ण अनुपालना के साथ अन्तिम संस्कार में 50 व्यक्तियों के सम्मिलित होने की अनुमति होगी। इन आदेशों के अुनसार सभी सिनेमा हाॅल, मनोरंजन पार्क, थियेटर एवं सभागार, समागम स्थल, क्लब हाऊस, गोल्फ कोर्स तथा व्यायामशालाओं को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ रात्रि 10.00 बजे तक खुला रहने की अनुमति है। इन सभी स्थलों पर कोविड-19 सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी। खेल परिसरों को आऊटडोर खेल गतिविधियों सहित अन्य खेल गतिविधियों के लिए खोला जा सकता है। अनुबन्ध खेल की अनुमति नहीं है। दर्शकों को आने की अनुमति नहीं है। इन सभी स्थलों पर कोविड-19 सुरक्षा मानकों तथा प्रदेश युवा सेवाएं एवं खेल विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी। चिकित्सा महाविद्यालय, आयुर्वेदिक महाविद्यालय, दन्त चिकित्सा महाविद्यालयों, नर्सिंग एवं फार्मेसी महाविद्यालयों को इस कार्यालय द्वारा 13 जून, 2021 को जारी आदेशों के अनुरूप पुनः खोलने की अनुमति होगी। इजींनियरिंग महाविद्यालयों, पालीटैक्निक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को प्रथम जुलाई, 2021 से खोलने की अनुमति है। इस सम्बन्ध विस्तृत दिशा-निर्देश तथा मानक परिचालन प्रक्रिया तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी की जाएगी। अन्य सभी शिक्षण, प्रशिक्षण एवं कोचिंग संस्थान आगामी आदेशों तक बन्द रहेंगे। धार्मिक स्थलों को केवल दर्शन के लिए प्रथम जुलाई, 2021 से खोलने की अनुमति होगी। सभी धार्मिक स्थलों पर कोविड-19 से बचाव के लिए नियम अनुपालना तथा भाषा, कला एवं संसकृति विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी। कीर्तन, भजन, जगराता इत्यादि की अनुमति नही है। प्रथम जुलाई, 2021 से अन्तरराज्जीय सार्वजनिक परिवहन बस सेवा, स्टेज एवं अनुबन्धित कैरियेज की आवाजाही की अनुमति कुल सीट क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ प्रदान की गई है। परिवहन विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाना होगा। जिला में प्रवेश के लिए ई-पास की आवश्यकता नहीं है। आदेशों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों, शाॅपिंग क्षेत्र, दुकानों, बाजार, माॅल, कार्यस्थलों एवं सार्वजनिक तथा निजी परिवहन में उचित प्रकार से मास्क पहनना अनिवार्य है। मास्क नहीं तो सेवा नहीं (नो मास्क नो सर्विस) की नीति की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित बनाई जाएगी। उचित प्रकार से मास्क न पहनने पर दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर दो व्यक्तियों के मध्य कम से कम 06 फीट की दूरी रखनी आवश्यक है। सार्वजनिक स्थानों में थूकने पर नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर पान, गुटका, तम्बाकू एवं अन्य सामान उत्पादों का सेवन प्रतिबन्धित है। इन आदेशों की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधानों, आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 तथा हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 के अनुरूप कार्रवाही की जाएगी। यह आदेश निर्धारित स्थानों पर तिथि निर्धारण के अतिरिक्त तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं।
जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुल्हारी ने कोविड-19 के दृष्टिगत 25 जून से 27 जून, 2021 को सोलन की अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी के मन्दिर में पारम्परिक पूजा-अर्चना तथा बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र होने से रोकने, कोविड-19 के दृष्टिगत सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार 25 जून, 2021 को प्रातः 10.00 बजे से सांय 03.00 बजे तक तथा 27 जून, 2021 को दिन में 03.00 बजे से 06.00 बजे तक लोक निर्माण विभाग विश्रााम गृह, सोलन से पुराना उपायुक्त कार्यालय सोलन तक, पुराना उपायुक्त कार्यालय सोलन से कोटलानाला चौक से शिल्ली मार्ग पर जौणाजी मार्ग सम्पर्क बिन्दु तक तथा लोअर बाजार, गंज बाजार, लक्कड़ बाजार, सर्कलुर रोड़, अप्पर बाजार से ओल्ड कोर्ट रोड तक वाहनों तथा लोगों की आवाजाही पर पूर्ण रोक रहेगी। इन क्षेत्रों में 25 जून को प्रातः 10.00 बजे से सांय 03.00 बजे तक तथा 27 जून, 2021 को दिन में 03.00 बजे से सांय 06.00 बजे तक सभी दुकानें भी बन्द रहेंगी। इस अवधि में क्षेेत्रीय अस्पताल सोलन के समीप स्थित दवा की दुकानें खुली रह सकेंगी यह प्रतिबन्ध रोगी वाहन, अग्निशमन वाहन, कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के निए प्रयुक्त वाहन तथा मां शूलिनी मेला की परम्परा निभाने के लिए नियुक्त व्यक्तियों पर लागू नहीं होंगे। जिला दण्डाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक सोलन को निर्देश दिए हैं कि उक्त क्षेत्रों में तथा मन्दिर के आसपास 25 जून प्रातः 06.00 बजे से 27 जून, 2021 की सांय 07.00 बजे तक समुचित संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाए। आदेशों की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाही की जाएगी। यह आदेश 25 जून को प्रातः 10.00 बजे से सांय 03.00 बजे तक तथा 27 जून, 2021 को दिन में 03.00 बजे से सांय 06.00 बजे तक प्रभावी रहेंगे।
हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना के प्रबंधित परागण घटक के तहत राज्य के मधुमक्खी पालकों के लिए 'मधुमक्खी प्रजनन' पर 21 दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण का संचालन कीट विज्ञान विभाग, डॉ वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी द्वारा किया जा रहा है। ऑनलाइन प्रशिक्षण में राज्य के विभिन्न जिलों के 36 मधुमक्खी पालक भाग ले रहे हैं। डॉ. बलराज सिंह मधुमक्खी और परागणकों पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (ए आई सी आर पी) के परियोजना समन्वयक उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि रहे। डॉ. हरीश कुमार शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक और कार्यक्रम के समन्वयक ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य राज्य के मौजूदा मधुमक्खी पालकों की क्षमता को बढ़ाना है ताकि वे गुणवत्ता वाली रानी मधुमक्खी का उत्पादन और आपूर्ति कर सकें और अपनी मधुमक्खी कॉलोनी का वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन कर सकें जिससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल में प्रशिक्षित मधुमक्खी पालकों द्वारा परागण सेवाओं के लिए 18,000 से अधिक मधुमक्खी कॉलोनी को उपलब्ध करवाया जा रहा है। अपने सम्बोधन में डॉ. बलराज सिंह ने कॉलोनी चयन, रानी पालन और कॉलोनी रखरखाव की नवीनतम ज्ञान के साथ राज्य के मधुमक्खी पालकों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए विश्वविद्यालय और कीट विज्ञान विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जैसे कृषि और बागवानी की तरह, अच्छा उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री सबसे महत्वपूर्ण है। उसी तरह एक अच्छी कॉलोनी के लिए एक अच्छी गुणवत्ता वाली रानी मधुमक्खी की आवश्यकता होती है। उनका विचार था कि वैज्ञानिकों और मधुमक्खी पालकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शहद उत्पादन को और बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि राज्य का एक बड़ा क्षेत्र इसके लिए उपयुक्त है। 2016 और 2019 में देश में सर्वश्रेष्ठ केंद्र का पुरस्कार प्राप्त करने के लिए विश्वविध्यालय की सराहना की। विस्तार शिक्षा निदेशक और कीट विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिवेंद्र गुप्ता ने अपने संबोधन में मधुमक्खी पालकों के लिए रानी पालन की आवश्यकता और महत्व पर जोर दिया और रानी उत्पादन उद्यम के विकास के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि सेब के बगीचे में प्रबंधित परागण की भूमिका को लेकर विभाग द्वारा 2018 से अब तक कई प्रदर्शन, जागरूकता शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। डॉ. गुप्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय ने कोरोना के कारण किसानों तक अपनी पहुंच को प्रभावित नहीं होने दिया है और तकनीकी फिल्मों के माध्यम से वैज्ञानिक सूचनाओं के प्रसार और ऑनलाइन प्रशिक्षण और ऑनलाइन किसान मेलों जैसी कई पहल शुरू की गई हैं। कीट विज्ञान विभाग ने मधुमक्खी प्रजनन पर दो ऑनलाइन 21-दिवसीय संस्थागत प्रशिक्षण और प्रशिक्षित मधुमक्खी प्रजनकों के लिए पांच दिनों के दो रिफ्रेशर पाठ्यक्रम आयोजित किए हैं ताकि उन्हें रानी पालन के तकनीकी ज्ञान से लैस किया जा सके। हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना के तहत प्रबंधित परागण घटक में हिमाचल में परागणकों और परागण के महत्व को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य परागण के लिए मधुमक्खियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उद्यमशीलता विकास मॉडल स्थापित करना था। परागण घाटे के कारण फसल की विफलता को कम करने के लिए कुछ फसलों पर मधुमक्खियों के विकल्प के रूप में भँवरे जैसे अन्य परागणकों का उपयोग करने के लिए प्रौद्योगिकी विकसित करना है। सेब के बागों में प्रबंधित परागण के कार्यान्वयन से फ्रूट सेट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और राज्य के बागवानों की बेहतर उपज हुई है। राज्य बागवानी मधुमक्खी प्रजनक योजना के तहत एचपी-एचडीपी के प्रबंधित परागण घटक के तहत प्रशिक्षित 62 प्रगतिशील मधुमक्खी पालकों को बागवानी विभाग में मधुमक्खी प्रजनक के रूप में पंजीकृत किया गया है, जबकि सात प्रशिक्षुओं को लघु स्तर पर रानी पालन शुरू करने के लिए प्रत्येक को 3 लाख रुपये का वित्त पोषण मिला है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा की वर्ष 2013 बैच की अधिकारी कृतिका कुल्हारी ने आज उपायुक्त सोलन के रूप में कार्यभार सम्भाला। कृतिका कुल्हारी ने पदभार सम्भालने के उपरान्त जिला के अधिकारियों से बैठक कर विकासात्मक कार्योें एवं कोविड-19 स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के तीव्रतम गति से विकसित हो रहे सोलन जिला में निर्धरित मानकों के अनुरूप विकास कार्यां में आशातीत वृद्धि करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए नियमों की अनुपालना एवं शत-प्रतिशत कोविड टीकाकारण की शीघ्र प्राप्ति के लिए वे कार्यरत रहेंगी। कृतिका कुल्हारी ने बिरला इंस्टीटयूट ऑफ साईस एण्ड टैक्नोलाॅजी पिलानी से बीटैक किया है। उन्होंने अपनी परिवीक्षाधीन अवधि जिला बिलासपुर एवं सिरमौर में पूर्ण की। वे हमीरपुर एवं नाहन में उपमण्डलाधिकारी के पद पर कार्यरत रहीं। जिला सोलन के उपायुक्त का कार्यभार सम्भालने से पूर्व कृतिका कुल्हारी ऊना जिला के अतिरिक्त उपायुक्त, हिमऊर्जा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा निदेशक महिला एवं बाल विकास के पद पर कार्य कर चुकी हैं।
रौड़ी पंचायत के अन्तर्गत रौड़ी गांव के पूर्व पंचायत सदस्य जगदीश शर्मा ने रौड़ी गांव की ओर जाने वाले मुख्य सड़क मार्ग को दुरुस्त करवाया। जगदीश शर्मा ने कहा कि उस सड़क पर रोजाना सेंकडों लोग पैदल चलते हैं व सैंकड़ो छोटी बड़ी गाड़ियाँ रोजाना इस मार्ग से गुजरती हैं,इस मार्ग के किनारे बनी बरसात के पानी की निकास नालियां पिछले एक साल से पानी के साथ बहकर आई मिट्टी से बुरी तरह बन्द पड़ी थी। जिस कारण बरसात का बहता पानी और मिट्टी बीच सड़क में जमा हो रही थी।जिस कारण पैदल चलने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था।जब कई दिनों तक इस मार्ग की सुध किसी ने नहीं ली तो उन्होंने अम्बुजा सीमेंट कम्पनी के अधिकारियों को इस बारे में अवगत करवाया। अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन के आधिकारियों ने तुरंत कम्पनी की लेबर भेजकर इन बन्द पड़ी नालियों को दुरुस्त किया और यहां पड़ी लगभग दो टिप्पर मिट्टी और कचरा उठवाया। ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो।
21 जून को पुरे विश्व भर में योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में भी इसे बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। सभी ने अपने स्तर पर योग किया और कई जगहों पर ऑनलाइन माध्यम से भी योग किया गया। योग दिवस पर सोलन होम्योपैथिक कॉलेज में भी ऑनलाइन माध्यम से योग दिवस को मनाया गया। सभी स्टाफ मेंबर्स और विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से एक दूसरे से जुड़ कर योग दिवस को मनाया। वही सोलन होमेओपेथी कॉलेज के प्रधानाचार्य ने बताया की कॉलेज के सभी स्टाफ मेंबर्स और विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से योग दिवस को मनाया और सभी ने इसमें बढ़ चढ़ कर भाग लिया। उन्होंने कहा की योग को हमे अपने दिन चर्या में शामिल करने से सभी लोग स्वस्थ रहे सकते है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में कार्यरत है और इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जुलाई माह में सोलन में आधुनिक अस्पताल, मातृ एवं शिशु अस्पताल तथा ट्रामा सैंटर की आधारशिला रखी जाएगी। डाॅ. सैजल आज इस सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने कहा कि सोलन में अत्य आधुनिक अस्पताल, मातृ एवं शिशु अस्पताल तथा ट्रामा सैंटर के निर्माण के लिए लगभग 79 बाीघा भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने कहा कि शिलान्यास के उपरान्त अस्पताल का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाएगा। निर्मित होने पर यह अस्पताल सोलन, शिमला एवं सिरमौर के वासियों सहित पर्यटकों के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल के प्रथम चरण के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस अस्पताल के निर्माण के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अस्पताल निर्धारित समय में निर्मित हो ताकि लोगों को इसका यथोचित लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सोलन शहर के मध्य में स्थापित अस्पताल पूर्व की भान्ति कार्यरत रहेगा। डाॅ. सैजल ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि अस्पताल के गुणवत्तायुक्त एवं समयबद्ध निर्माण के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी स्तरों पर विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं को स्तरोन्नत कर रही है ताकि लोगों को क्षेत्रीय स्तर पर ही अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण के मध्य सभी जिलों में मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत बनाया जा रहा है तथा ऑक्सीजन आपूर्ति सहित आवश्यक जीवनदायिनी दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में कोविड-19 रोगियों की सहायता के लिए वृहद स्तर का ऑक्सीजन संयन्त्र स्थापित किया गया है। इस सयन्त्र में 1000 लीटर प्रति मिनट की दर से जीवनदायिनी ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में कोविड स्पेशल आईसीयू वार्ड में 06 वैंटिलेटर स्थापित कर दिए गए हैं। अस्पताल में एक्स-रे सयन्त्र भी आरम्भ कर दिया गया है। आयुष मंत्री ने कहा कि कोविड रोगियों को पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करने के लिए आरम्भ किया गया ‘आयुष घर द्वार’ कार्यक्रम सफलता के नवीन सोपान स्थापित कर रहा है। डाॅ. सैजल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन को निर्देश दिए कि कोविड-19 से बचाव के लिए सभी वर्गों के टीकाकरण कार्य में और तेजी लाई जाए ताकि कोई भी टीकाकरण से छूटने न पाए। उन्होंने इस अवसर पर शामती बाईपास सहित जिला के अन्य विकासात्मक कार्यों की समीक्षा की और विभिन्न निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर पूर्व परिवहन मंत्री एम.एन. सोफत तथा प्रदेश भापजा कार्यकारिणी सदस्य डाॅ. राजेश कश्यप ने अस्पताल निर्माण के सम्बन्ध में बहुमूल्य सुझाव दिए। डाॅ. सैजल ने तदोपरान्त आधुनिक तकनीक युक्त अस्पताल, मातृ एवं शिशु अस्पताल तथा ट्रामा सैंटर के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया तथा आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने इस अवसर पर जन समस्याएं भी सुनीं और इनके निवारण के लिए निर्देश जारी किए। एपीएमसी सोलन के अध्यक्ष संजीव कश्यप, भाजपा मण्डल सोलन के अध्यक्ष मदन ठाकुर, भाजपा के नन्द राम कश्यप, धर्म चन्द गुलेरिया, भरत साहनी, चन्द्रमोहन शर्मा, उपायुक्त सोलन के.सी.चमन, उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियन्ता एस.पी. जगोता, तहसीलदार सोलन गुरमीत नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एस.एल वर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियन्ता अरविन्द शर्मा, भाजपा के अन्य नेता एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कुनिहार : जिला पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के जिला अध्यक्ष के डी शर्मा ,महासचिव जगदीश पंवर व प्रेस सचिव डी डी कश्यप ने एक प्रेस नोट रिलीज करते हिमाचल सरकार से आग्रह किया है कि प्रदेश सरकार सेवा निवृत्त कर्मचारियों को पंजाब के तर्ज पर छटे वेतन आयोग की सिफारिशों को शीघ्र लागू करें। उन्होंने कहा कि संगठन सरकार से यह भी आग्रह करता है कि सेवा निवृत्त कर्मचारियों के 65,70 व 75 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर दिए जाने वाले 5,10 व 15 प्रतिशत भत्ते मुल पेंशन में पंजाब सरकार के तर्ज पर जोड़ने के आदेश पारित करें। यह पेंशनरों की बहुत पुरानी मांग है जिसे सरकार को जल्द पूरा करना चाहिए।
बीएल स्कूल ने योग दिवस के उपलक्ष पर वर्चुअल माध्यम से विद्यार्थियों को योग करवाया। बच्चों को इस अवसर पर जानकारी देते हुए बताया गया कि योग करने से कोई भी व्यक्ति रोगी नहीं बन सकता, अगर कोई रोग आ भी जाए तो दोबारा से निरोगी बन जाता है। योग एक साधना पद्धति के साथ-साथ चिकित्सा पद्धति है। योग को जीवन शैली का अनिवार्य अंग बनाना चाहिए। मैनेजर वीना बक्शी ने बताया कि योग करने से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से तंदुरुस्त रहता है। प्रधानाचार्या रुचिका बक्शी ने रोग को समाप्त करने के लिए कहा कि विद्यार्थियों को प्रतिदिन प्रातः काल योग करना चाहिए। चेयरमैन अशोक ने बताया कि योग हमें नकारात्मकता से सकारात्मकता का रास्ता बनाने में सहायता करता है। इसलिए हम सब को प्रातः काल योग करना चाहिए।
अटल शिक्षा कुञ्ज, कालूझिंडा स्थित आईईसी यूनिवर्सिटी में सोमवार, 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया गया। जिसमें विश्वविद्यालय के पदाधिकारिओं, शिक्षकों व गैर-शिक्षक कर्मचारिओं सहित सभी छात्रों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर प्रमाणित योग प्रशिक्षक डॉ० रणधीर कदम ने सभी को वर्चुअल माध्यम से वज्र आसन, गऊमुख आसन, भुजंग आसन, नौकासन, सहित अनुलोम, विलोम, कपालभाती और प्राणायाम द्वारा आधुनिक युग के तनाव को झेलने और आत्मविश्वास बढ़ाने के गुर सिखाये। उन्होंने अच्छे स्वास्थ्य के लिए योग-आसन, फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने के लिए सांस लेने की तकनीक और समग्र स्वास्थ्य और कल्याण के लिए ध्यान लगाना भी सिखाया। योग गुरु ने इस अवसर पर आईईसी विश्वविद्यालय के छात्रों और कर्मचारियों के उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रसन्नता व्यक्त की और भविष्य में भी मिलकर काम करने की बात कही। इस अवसर पर आईईसी विश्वविद्यालय के कुलपति भी उपस्थिति रहे। उन्होंने योग को आज के दिन के लिए सीमित न रखते हुए इसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।
सप्तम अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज डाक विभाग सोलन मण्डल द्वारा अपने मुख्य डाकघरों सोलन व नाहन में विशेष कैंसिलेशन जारी किया गया। यह जानकारी अधीक्षक डाकघर सोलन मण्डल ने दी। उन्होंने कहा कि सोलन व नाहन स्थित मुख्य डाकघरों में आज आरक्षित होने वाली एवं वितरित की जाने वाली सभी डाक वस्तुओं को इस कैंसिलेशन से छापा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्य डाकघरों की सम्पूर्ण डाक इस कैंसिलेशन से छपने के कारण यह कैंसिलेशन व सन्देश घर-घर पक पंहुचेगा। उन्होंने कहा कि गत एक सप्ताह से सोलन मण्डल के सभी डाकघरों द्वारा डाक को एक अन्य सन्देश ‘बी विद योग, बी एट होम’ से भी छापा जा रहा है ताकि सभी लोग योग दिवस को कोविड-19 के दृष्टिगत घर पर ही मनाएं।
प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन सोलन के निर्देशानुसार आज कण्डााघाट उपमण्डल की ग्राम पंचायत सिरीनगर के पंचायत भवन का कब्जा नगर पंचायत कण्डाघाट के सचिव को दिलाया गया। इसके अतिरिक्त नगर पंचायत कण्डाघाट क्षेत्र में ग्राम पंचायत सिरीनगर की मौजूद सभी परिसम्पतियां व देनदारियां ग्राम पंचायत से नगर पंचायत को स्थानातंरित की गई। यह जानकारी उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद ने दी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत सिरीनगर के पास वर्तमान में स्थाई भवन उपलब्ध न होने के कारण इस भवन के उपरी तल को एक माह के लिए ग्राम पंचायत सिरीनगर को अस्थाई रूप से दिया गया है। यह निर्णय उपायुक्त सोलन के निर्देशानुसार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस भवन के धरातल का कब्जा नगर पंचायत सचिव के पास रहेगा। डाॅ. सूद ने कहा कि यह कार्यवाही नगर पंचायत कण्डाघाट एवं ग्राम पंचायत सिरीनगर के प्रतिनिधियों की सहमति से जनहित में अमल में लाई गई। इस अवसर पर तहसीलदार कण्डाघाट अमन राणा, खण्ड विकास अधिकारी एच.सी. शर्मा, नायब तहाीलदार सत्यव्रत शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
मिनी सचिवालय सोलन में फोटोस्टेट मशीन स्थापित करने के लिए 08 जुलाई को नीलामी आयोजित की जाएगी। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अनुराग चन्द्र शर्मा ने दी। अनुराग चन्द्र शर्मा ने कहा कि यह नीलामी 08 जुलाई को प्रातः 11.00 बजे आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्तियों को धरोहर राशि के रूप में 15,000 रुपए का ड्राफ्ट अथवा चैक उपायुक्त सोलन के नाम पर बनाकर प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न करना होगा। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए अतिरिक्त उपायुक्त सोलन के कार्यालय में सम्पर्क किया जा सकता है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रतिनिधिमंडल आज हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय की समस्याओं को लेकर तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ राम लाल मारकंडा से उनके कार्यालय में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने तकनीकी शिक्षा मंत्री को विश्वविद्यालय की समस्याओं से अवगत करवाया तथा ज्ञापन सौंपा। प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लगभग पिछले 3 वर्षों से हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के अंदर चल रही विभिन्न समस्याओं के लिए आंदोलनरत है। परंतु प्रशासन और सरकार की नाकामियों की वजह से तकनीकी विश्वविद्यालय की समस्या तस से मस बनी हुई है। हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय में वर्ष 2018 से 8 पाठ्यक्रमों को शुरू किया गया है जिसमें लगभग 450 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। परंतु बहुत दुर्भाग्य की बात है की इन 8 पाठ्यक्रमों में शिक्षा देने के लिए गेस्ट फैकेल्टी का सहारा लिया जा रहा है और इन विभिन्न विषयों में एक भी नियमित शिक्षक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। तकनीकी विश्वविद्यालय में 42 शिक्षकों के पद आज भी खाली है। इसी के साथ विश्वविद्यालय में गैर शिक्षक पदों की भारी कमी है जिसकी वजह से अनेकों समस्याएं उत्पन्न हो रही है। विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि तकनीकी विश्वविद्यालय में शिक्षकों और गैर शिक्षक पदों पर नियमित भर्तियां शीघ्र की जाए। हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय में अगर फीस की बात की जाए तो वहां पर निजी विश्वविद्यालय से भी ज्यादा भारी भरकम फीस छात्रों से लूटी जा रही है। न ही विश्वविद्यालय में सब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज सीटों का प्रावधान है। भारी भरकम फीस होने की वजह से बहुत सारे गरीब छात्र उच्च शिक्षा अर्जित नहीं कर पाते हैं। 2010 में स्थापित हुआ हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय आज भी आधारभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। 2019 में माननीय मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा विश्वविद्यालय के लिए 10 करोड की आवर्ती अनुदान की घोषणा की जाती है लेकिन विश्वविद्यालय को यह राशी नियमित रूप से नहीं मिल रही है। तकनीकी शिक्षा मंत्री द्वारा शीघ्र इन मांगों को पूरा करने हेतु आश्वासन दिया गया है। यदि शीघ्र इन मांगों को पूरा नहीं किया जाता है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आने वाले समय में अपने आंदोलन को और तेज करेगी। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा, प्रदेश जनसंपर्क प्रमुख आशीष शर्मा, प्रदेश सहमंत्री शिल्पा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कोमल वेकटा, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी मौजूद रहे।
अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन हर वर्ष गांव में बच्चों, उनके अभिभावकों, महिलाओं, और जन समुदाय के साथ 21 जून को योग दिवस मनाता आ रहा है। आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में कंपनी के इकाई प्रमुख मनोज श्रीवास्तव ने सभी को बधाई दी। एसीएफ द्वारा विभिन्न विद्यालय के बच्चों अभिभावक वर्ग एसएमसी के सदस्य और जन समुदाय के लिए आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से वर्चुअल सेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में कार्यक्रम प्रबंधक भूपेंद्र गांधी ने योगा दिवस पर अपने विचार रखे। इसके पश्चात योगाचार्य अभिषेक सरोज और स्वाति शुक्ला ने बच्चों को सूर्य नमस्कार, भ्रामरी प्राणायाम, अनुलोम विलोम और अन्य योग संबंधित गतिविधियां करवाई। साथ ही बच्चों को यह भी बताया कि योग का हमारे जीवन में क्या महत्व है और हमें इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। इस मौके पर शिक्षा खंड अर्की और धुंदन के बच्चों सहित लगभग 210 लोगों ने भाग लिया।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के स्यार गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1 दिन का कोविड स्क्रीनिंग कैंप लगाया गया। यह कैंप दाड़लाघाट के प्रधान बंसी राम भाटिया तथा उपप्रधान हेमराज की देखरेख में लगाया गया। पंचायत प्रधान ने बताया कि इस स्क्रीनिंग कैंप में सभी लोगों के आरटी-पीटीसीआर परीक्षण किए गए। उन्होंने बताया कि गांव के लोगों में कोविड-19 के आरटीपीसीआर टेस्ट करवाने के लिए काफी उत्साह देखा गया। युवाओं , महिलाओं, बुजुर्गों ने इस टेस्ट को करवाने में काफी रूचि दिखाई और बिना किसी संकोच के बढ़-चढ़कर इस कैंप में भाग लिया। इस गांव के कुल 103 लोगों के आरटीपीसीआर टैस्ट परीक्षण किए गए। पंचायत प्रधान ने यह भी बताया कि आरटीपीसीआर टेस्ट में जो लोग पॉजिटिव आएंगे बाद में उन लोगों के परिवार के सदस्यों के टेस्ट भी करवाए जाएंगे। इस स्क्रीनिंग कैंप में पंचायत प्रधान बंसी राम भाटिया और प्रधान हेमराज, स्यार वार्ड से पंचायत सदस्य अमर देई तथा गांव के गणमान्य लोग शामिल रहे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन की एनएसएस इकाई ने सात दिवसीय योग शिविर के समापन तथा अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के शुभअवसर पर विशेष यौगिक क्रियाएं कर लोगों को योग के प्रति जागरूक किया। यह शिविर 15 जून से लेकर 21 जून तक चला। जिसमें एनएसएस के लगभग 30 स्वयंसेवकों ने अपने परिवारजनों सहित रोज भाग लिया। योग कक्षा सुबह 5:30 से 7:00 बजे तक आयोजित की जाती रही। इस आयोजन में स्वयंसेवियों ने अपने घरों में रह कर अपने परिजनों के साथ वर्चुअल योग किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू ने अपने परिवार सहित घर से ऑनलाइन आसन, प्राणायाम व ध्यान की जानकारी लोगों को दी। कार्यक्रम अधिकारी के नेतृत्व में छात्रों ने सर्वांग आसन, वृक्ष आसन, शीर्ष आसन, शव आसन तथा सूर्य नमस्कार आदि किए। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने सभी को योग दिवस की बधाई देते हुए हिमानी भगत, प्रवीण कुमार, हिमानी कौशल, चेतन, पुष्पेंद्र, श्रुति, निधि सहित नीतिका के प्रयासों की सराहना की।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 जून को सोलन जिला के कण्डाघाट उपमण्डल में 132 के.वी विद्युत उप केन्द्र में आवश्यक रख-रखाव कार्य के दृष्टिगत इस केन्द्र के अधीन आने वाले विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत अपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अभियन्ता रमेश शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि इस के दृष्टिगत कण्डाघाट क्षेत्र के वाकनाघाट, छावशा, चामल, दोची व आस-पास के क्षेत्रों में प्रातः 09.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
सप्तम अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज सोलन जिला के 25,000 से अधिक लोगों ने वर्चउल माध्यम से मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर की उपस्थिति में योग के माध्यम से निरोग रहने के सूत्रों को आत्मसात किया। सोलन में जिला स्तरीय कार्यक्रम पण्डित दीन दयाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आयोजित किया गया। सप्तम अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस कोविड-19 प्रोटोकोल के अन्तर्गत सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आयोजित किया गया। प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में भारत आज पुनः विश्व का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व को योग भारत की देन है तथा वर्तमान में पुनः सभी योग के सूत्रों से स्वस्थ रहने एवं बेहतर जीवनशैली अपनाने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन योग के नियमित अभ्यास एवं आहार-विहार के नियमों को अपनाकर न केवल निरोग रहा जा सकता है अपितु असाध्य रोगों से मुक्ति भी प्राप्त की जा सकती है। पुरूषोत्तम गुलेरिया ने कहा कि आयुष घर-द्वार कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश सरकार ने कोविड-19 पोजिटिव रोगियों को स्वस्थ रखने के लिए जहां आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के सहयोग से नियमित योग अभ्यास कार्यक्रम आरम्भ किया है वहीं योग को घर-घर तक पंहुचाने के लिए ऑनलाइन समूह बनाकर लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि योग कोे जीवन का अभिन्न अंग बनाएं और अपनी दिनचर्या को आयुर्वेद के नियमों के अनुरूप व्यवस्थित करें। प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य डाॅ. राजेश कश्यप ने कहा कि रोग निवारण में योग की महत्ता सर्वविदित है। उन्होंने कहा कि हम सभी का यह कत्र्वय है कि जन-जन को प्रतिदिन योगाभ्यास के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से विभिन्न रोगों से बचा जा सकता है।उपायुक्त सोलन के.सी. चमन ने सभी से आग्रह किया कि अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि के लिए नियमित योगभ्यास करें। उन्होंने कहा कि योग न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है अपितु स्वस्थ जीवन शैली अपनाने में सहायक भी बनता है। के.सी. चमन ने कहा कि वर्तमान के भाग-दौड़ के समय में मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि योग दिवस का आयोजन एवं आयुष घर-द्वार कार्यक्रम के माध्यम से लोग, योग के लाभों से व्यवहारिक रूप से परिचित हो रहे हैं। इस अवसर पर प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया, प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य डाॅ. राजेश कश्यप, योग भारती के राष्ट्रीय संयोजक श्रीनिवास मूर्ति, उपायुक्त सोलन के.सी. चमन, उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, उपपुलिस अधीक्षक रमेश शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डाॅ. राजेन्द्र शर्मा सहित, अन्य गणमान्य व्यक्ति, अन्य चिकित्सक एवं पैरा मेडीकल कर्मी उपस्थित थे।
बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार ने 21 जून को ऑनलाइन के माध्यम से अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनायाI इस ऑनलाइन अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन पर डीआर भट्टी समन्वयक एनएसएस जिला सोलन व एनएसएस प्रभारी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चामियां ने ऑनलाइन माध्यम से बतौर मुख्यातिथि एवं विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकित कीI इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि विद्यालय अध्यक्ष ने बच्चों को योग दिवस की बधाई दी और बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि योग न केवल हमारे शारीर को ही ठीक रखता है, अपितु हमारे मानसिक दिमाग को भी ताज़ा करता है। योग करने से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। मुख्यातिथि ने अपने सम्बोधन में विद्यालय के सभी बच्चों को और अध्यापकों को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस की बधाई दी I उन्होंने एनएसएस स्वंयसेवकों को उनकी गतिविधियों, कर्तव्यों, सेवायों और एनएसएस के इतिहास के बारे जानकारी दीI उन्होंने विद्यालय द्वारा इस कोरोना काल के चलते भी ऑनलाइन प्रबंध करते हुए योग दिवस को मनाया इसके लिए विद्यालय प्रबंधन, अध्यापकों, विद्यालय की एनएसएस प्रभारी पूनम शर्मा की सराहना कीI अंत मे विद्यालय समन्वयक रामेश्वर ठाकुर, मुखायाध्यपिका सुषमा शर्मा, किरण लेखा जोशी, सुमन शर्मा, मीरा कौशल, रजनी सूद ने भी ऑनलाइन संबोधित करते हुए सभी बच्चों को योग दिवस की बधाई दी और योग के महत्व पर प्रकाश डालाI इस ऑनलाइन अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर विद्यालय के प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल, उप प्रधानाचार्य किरण जोशी, मुख्याधिपिका सुषमा शर्मा, एनएस एस प्रभारी पूनम शर्मा, एनसीसी प्रभारी अमर देव, शारीरिक शिक्षिका अरुणा शर्मा, लायन एको क्लब प्रभारी ज्योतिका शर्मा, मीरा कौशल, सुमन शर्मा, गाइड कप्तान रजनी सून, सभी इक्कैयों के बच्चे, अन्य अध्यापक वर्ग भी मौजूद रहे।
इग्नू अध्ययन केंद्र कुनिहार द्वारा केंद्र समन्वयक रोशन लाल शर्मा की अध्यक्षता में ऑनलाइन परिचय सभा का आयोजन किया गया। रोशन लाल शर्मा ने विद्यार्थियों को इग्नू की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने ई-कंटेंट, ई- मोबाईल एप, क्षेत्रीय इग्नू केंद्र की फेसबुक पर डिजिटल सामग्री के उपयोग बारे विस्तृत जानकारी साझा की। शर्मा ने अध्ययन केंद्र कुनिहार की गतिविधियों के विषय मे अवगत करवाते हुए कहा कि जुलाई 2021 सत्र के लिए ऑनलाइन माध्यम से नई एडमिशन 10 जून से शुरू होगी। इसके अलावा विद्यार्थियों को सत्रीय कार्य परीक्षा फार्म, पुनः पंजीकरण की जानकारी भी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से मास्क, सैनिटाइजर का उपयोग व दो गज की सामाजिक दूरी रखने की अपील की। इस परिचय सभा मे अध्ययन केंद्र के काउंसलर डॉ मनोज, वीना कुमारी व 50 विद्यार्थियों ने भाग लिया। रोशन लाल शर्मा ने सभी का परिचय सभा में भाग लेने के लिए धन्यवाद किया।
हिमाचल प्रदेश अपने धार्मिक स्थानों और देवी-देवताओ के मंदिरों के लिए पुरे देश भर में जाना जाता है। ऐसा ही एक मंदिर हिमाचल के सोलन जिले में शूलिनी माता मंदिर के नाम से विख्यात है। यह लोकप्रिय शूलिनी मंदिर देवी शूलिनी को समर्पित है, यह मंदिर इस क्षेत्र के सबसे पुराने और पवित्र मंदिरों में से एक माना जाता है। हर साल इस मंदिर में जून के महीने में राज्यस्तरीय मेले का आयोजन किया जाता है। जिसे बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। सोलन के लोगों में इस देवी के प्रति गहरी आस्था व विश्वास रखते है। देवी भागवत पुराण में माँ दुर्गा के बहुत से नामों के बारे में बताया गया है, जिसमें शूलिनी नाम भी मौजूद है। ऐसी मान्यता है कि दशम गोबिंद सिंह जी ने माँ शूलिनी की स्तुति करके आशीर्वाद प्राप्त किया था. माँ शूलिनी के प्रकट होने की कथा भी बहुत ही रोचक और दिलचस्प है। पौराणिक कथा के अनुसार माँ शूलिनी सात बहनों में से एक थी। बाकि की बहनें ज्वाला जी, हिंगलाज देवी, नैना देवी, लुगासना देवी और तारा देवी के नाम से जानी जाती हैं. माता शूलिनी साक्षात देवी मां दुर्गा का स्वरूप है। शूलिनी देवी को भगवान शिव की शक्ति माना जाता है। कहते हैं जब दैत्य महिषासुर के अत्याचारों से सभी देवता और ऋषि- मुनि तंग हो गए थे, तो वे भगवान शिव और विष्णु जी के पास गए और उनसे सहायता मांगी थी। तो भगवान शिव और विष्णु के तेज से भगवती दुर्गा प्रकट हुई थी। जिससे सभी देवता खुश हो गए थे और अपने अस्त्र-शस्त्र भेंट करके दुर्गा मां का सम्मान किया था। इसके बाद भगवान शिव ने त्रिशूल से एक शूल देवी मां को भेंट किया था, जिसकी वजह से देवी दुर्गा मां का नाम शूलिनी पड़ा था। ये वही त्रिशूल है, जिससे मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था। ख़ास बात यह है की माता शूलिनी देवी के नाम से सोलन शहर का नामकरण हुआ था। बघाट रियासत की राजधानी हुआ करता सोलन नगर सोलन नगर बघाट रियासत की राजधानी हुआ करता था। इस रियासत की नींव राजा बिजली देव ने रखी थी। बारह घाटों से मिलकर बनने वाली बघाट रियासत का क्षेत्रफल 36 वर्ग मील में फैला हुआ था। इस रियासत की प्रारंभ में राजधानी जौणाजी इसके बाद कोटी और बाद में सोलन बनी। राजा दुर्गा सिंह इस रियासत के अंतिम शासक थे। रियासत के विभिन्न शासकों के काल से ही माता शूलिनी देवी का मेला लगता आ रहा है। जानकारों के अनुसार बघाट रियासत के शासक अपनी कुलश्रेष्ठा की प्रसन्नता के लिए मेले का आयोजन करते थे। बदलते समय के दौरान यह मेला आज भी अपनी पुरानी परंपरा के अनुसार चल रहा है। माता शूलिनी के इस मंदिर का पुराना इतिहास बघाट रियासत से जुड़ा हुआ है। बघाट रियासत के लोग माता शूलिनी को अपनी कुलदेवी के रूप में मानते थे, तभी से माता शूलिनी बघाट रियासत के शासकों के लिए उनकी कुलदेवी के रूप में पूजी जाती है। मंदिर का इतिहास मंदिर के पुजारी से मिली जानकारी के अनुसार माँ शूलिनी का इतिहास बघाट रियासत से जुड़ा हुआ है. कहते हैं सदियों पहले बघाट रियासत की राजधानी जौणाजी हुआ करती थी, ये उस समय की बात है जब इस प्रदेश में राजाओं का राज हुआ करता था । बताया जाता है की इस दौरान राजा को एक सपना आया और सपने में माँ शूलिनी देवी ने उनको दर्शन दिए, जिसमें देवी माँ ने कहा कि मैं जौणाजी में रहती हूँ और वहां धरती के नीचे से मेरी मूर्तियों को निकाला जाए. इसके बाद ही राजा ने जौणाजी में खुदाई शुरू करवा दी और वहां से माँ शूलिनी देवी की और दो अन्य देवताओं की मूर्तियाँ निकलीं। इसके बाद तत्काल ही राजा ने इन मूर्तियों को सोलनी गाँव में स्थापित कर दिया। जिसके बाद यहाँ पर राजा द्वारा मंदिर का निर्माण किया गया। मंदिर बनने के बाद लोगों से इस देवी को अपनी कुलदेवी माना। मेले के दौरान निकाली जाती है भव्य शोभा यात्रा शूलिनी माता मेला हर वर्ष जून माह में मनाया जाता है, इस दौरान माता पुरे शहर के भ्रमण पर निकलती है। माता की पालकी को फूलों से सजाया जाता है, इसके बाद माता के जयकारों के बीच शूलिनी मंदिर से यह शोभा यात्रा निकलती है। माता की पालकी को प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा भी उठाया जाता है व माता का आशीर्वाद लेकर शोभा यात्रा को शुरू किया जाता है। यदि मुख्यमंत्री किसी कारणवश मेले में नहीं पहुंच पाते है तो जिला उपायुक्त इसकी सभी रस्मे निभाते है। मंदिर से निकलने के बाद शहर में जगह -जगहों पर शूलिनी माता की पालकी का लोगों द्वारा भव्य स्वागत किया जाता है। इस दौरान सोलन शहर में लोगों का सैलाब उमड़ जाता है। शहर का भ्रमण करने के बाद माता गंज बाजार स्थित अपनी बहन से मिलने पहुंचती है और वहां पर दो दिनों तक माता की झांकी को रखा जाता है। मां प्रसन्न हो तो दूर होते हैं प्रकोप मान्यता है कि माता शूलिनी के प्रसन्न होने पर क्षेत्र में किसी प्रकार की प्राकृतिक आपदा या महामारी का प्रकोप नहीं होता है, बल्कि सुख-समृद्धि व खुशहाली आती है। मेले की यह परंपरा आज भी कायम है। कालांतर में यह मेला केवल एक दिन ही अर्थात् आषाढ़ मास के दूसरे रविवार को शूलिनी माता के मंदिर के समीप खेतों में मनाया जाता था। सोलन जिला के अस्तित्व में आने के पश्चात् इसका सांस्कृतिक महत्व बनाए रखने तथा इसे और आकर्षक बनाने के अलावा पर्यटन की दृष्टि से बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय मेले का दर्जा प्रदान किया गया और इसे तीन दिवसीय उत्सव का दर्जा प्रदान किया गया है। मौजूदा समय में यह मेला जहां जनमानस की भावनाओं से जुड़ा है, वहीं पर विशेषकर ग्रामीण लोगों को मेले में आपसी मिलने-जुलने का अवसर मिलता है जिससे लोगों में आपसी भाईचारा तथा राष्ट्र की एकता व अखंडता की भावना पैदा होती है। जगह- जगह भंडारों का आयोजन इस राज्य स्तरीय मेले के दौरान खास बात यह रहती है की स्थानीय लोगों द्वारा शहर में जगह-जगह लंगर दिए जाते है। तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में प्रतिदिन शहर व आसपास के क्षत्रों में लोगों द्वारा लंगर लगाए जाते है। बता दें की हिमाचल में किसी भी मेले में तीन दिनों तक लगातार लंगर आयोजित नहीं किये जाते है। मेले के दौरान लोग माँ शुलिनी का प्रसाद समझकर इन लंगरों को ग्रहण करते है। शूलिनी मेले के दौरान शहर में काफी भीड़ लोगों की देखने को मिलती है। कोरोना की वजह से इस वर्ष भी सूक्ष्म तरीके से मनाया जाएगा मेला कोरोना के चलते सरकार ने कई बंदिशे प्रदेश में लगाई है, इसी के चलते बीते वर्ष शूलिनी मेले को सूक्ष्म तरीके से मनाया गया। मंदिर में सभी रस्मे व पूजा -पाठ कर माता की शोभायात्रा कोरोना नियमों के तहत निकाली गई। इस यात्रा में मंदिर के पुजारी सहित माता के कारगार व प्रशासन के कुछ अधिकारी मौजूद रहे थे। इसके साथ ही कोरोना के चलते कोई भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किये गए। इस बार भी मेले को सूक्ष्म तरीके से प्रशासन द्वारा आयोजित किया जाएगा। मेला 25 से 27 जून तक मनाया जाएगा जिसको लेकर प्रशासन ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। सोलन शहर में बना हुआ भव्य मंदिर माता शूलिनी का भव्य मंदिर सोलन शहर के दक्षिण दिशा में बना हुआ है। इस मंदिर के अंदर माता शूलिनी के अलावा अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा होती है जिसमे शिरगुल देवता,माली देवता इत्यादि की मूर्तियां विद्यमान हैं। कहते हैं कि मेले के जरिये मां शूलिनी शहर के भ्रमण पर निकलती हैं और जब वापस आती हैं, तो अपनी बहन के पास दो दिन के लिए रुकती हैं। यही वजह है कि मेले का आयोजन किया जाता है।
बाघल विकास परिषद ग्याणा का एक प्रतिनिधिमंडल माइनिंग एरिया के लोगों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भी सौपा। प्रतिनिधिमंडल ने अंबुजा कंपनी द्वारा की जा रही अवैज्ञानिक तरीके से माइनिंग-ब्लास्टिंग ओर माइनिंग एरिया के लोगों के हितों की रक्षा व वर्ष 1992 में जो लिखित समझौतों को निष्पक्ष रूप से लागू करने के बारे में अवगत करवाया। ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि माइनिंग एरिया के लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार की अनदेखी के बारे में सरकार को अवगत करवाया गया। बाघल विकास परिषद के अध्यक्ष परसराम ने बताया कि वर्ष 1992 में लिखित समझौते के अनुसार लैंड लूजर व प्रभावित परिवारों को अंबुजा सीमेंट कंपनी द्वारा आजतक 30 साल से उनको उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है। जिसका मुख्य उदाहरण दाड़लाघाट में ट्रांसपोर्ट सेक्टर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दाड़लाघाट में 7 सोसायटियां कार्यरत हैं। जिनमें 2868 सदस्य हैं और उनमें से माइनिंग एरिया की 5 पंचायतों के मात्र 601 सदस्य हैं। परस राम ने बताया कि 1992 के कुछ एक महत्वपूर्ण तथ्य है जो लोगों को आजतक भी पता नहीं हैं। जैसे लैंड लूजर व प्रभावित परिवारों को अंबुजा के शेयर में लैंड लूजर परिवारों को अंबुजा शेयर का प्रावधान, लैंड लूजर व प्रभावित कर्मचारी को उनकी योग्यता व अनुभव के आधार पर वेतन व पदभार, सामाजिक स्वास्थ्य सुविधा, जैसे शिक्षा, पेयजल आपूर्ति, 246 / 2002 भूमि अधिग्रहण टेम्परिंग मामला, 1325 बीघा भूमि अधिग्रहण रेवन्यू स्कैम करोड़ों का घोटाला आदि। बाघल विकास परिषद के अध्यक्ष परसराम ने बताया कि उपरोक्त तथ्यों पर सौहार्दपूर्ण वार्तालाप के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कड़ा संज्ञान लेते हुए आश्वासन दिया कि अगर इस तरह की अनदेखी हो रही हैं तो जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाएगा ताकि लैंड लूजर परिवारों के लोगों के हितों की रक्षा की जा सके। इस मौके पर दया राम, रूप राम, नंद लाल, हुकुम चंद भी मौजूद रहे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुंदन की एनएसएस इकाई ने कोरोना महामारी के चलते शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रतिभा उत्सव मनाया। इस आयोजन में विद्यालय की एनएसएस इकाई योग सप्ताह मना रही है। इस श्रृंखला मे प्रतिभा उत्सव के अंतर्गत विशेष आसन छात्रों ने किए। कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू ने बताया कि इस उत्सव में एनएसएस के लगभग 25 स्वयं सेवकों ने भाग लिया। पीसी बट्टू ने आभासी कक्ष से सूक्ष्म व्यायाम, आसन, प्राणायाम, मुद्राओं व एक्यूप्रेशर की जानकारी दी। स्वयंसेवियो ने शीर्षासन, सर्वांगासन, वृक्षासन, पश्चिमोत्तानासन, धनुरासन आदि कई आसनों को स्वयं करके स्वस्थ रहने का जागरूकता अभियान चलाया। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने स्वयं सेवियों के इस जागरूकता अभियान की सराहना की।
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मन्त्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार रोज़गारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करने पर बल दे रही है तथा इस दिशा में शूलिनी विश्वविद्यालय सोलन द्वारा स्थापित ‘सैंटर ऑफ एक्सीलेंस फाॅर डायरेक्ट सैलिंग इन एकेडमिक्स’ विशेष रूप से लाभदायक सिद्ध होगा। गोविन्द सिंह ठाकुर आज सोलन के शूलिनी विश्वविद्यालय में ‘सैंटर ऑफ एक्सीलेंस फाॅर डायरेक्ट सैलिंग इन एकेडमिक्स (सीईडीएसए)’ के शुभारम्भ अवसर पर उपस्थित शिक्षाविदों एवं अन्य को सम्बोधित कर रहे थे। प्रदेश के शिक्षा मन्त्री गोविन्द सिंह ठाकुर तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मन्त्री राजिन्द्र गर्ग ने शूलिनी विश्वविद्यालय सोलन में नव स्थापित इस ‘सैंटर ऑफ एक्सीलेंस फाॅर डायरेक्ट सैलिंग इन एकेडमिक्स’ का विधिवत शुभारम्भ किया। गोविन्द सिंह ठाकुर शुभारम्भ के अवसर पर वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े रहे जबकि राजिन्द्र गर्ग इस अवसर पर विश्वविद्यालय में उपस्थित रहे। ‘सैंटर ऑफ एक्सीलेंस फाॅर डायरेक्ट सैलिंग इन एकेडमिक्स (सीईडीएसए)’ द्वारा इसी वर्ष से डायरेक्ट सैलिंग में पीजी डिप्लोमा करवाया जाएगा। सीईडीएसए विश्व का दूसरा तथा भारत का पहला ऐसा केन्द्र होगा तथा यह केन्द्र डायरेक्ट सैलिंग के क्षेत्र में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने में सहायक बनेगा। ‘सैंटर ऑफ एक्सीलेंस फाॅर डायरेक्ट सैलिंग इन एकेडमिक्स (सीईडीएसए)’ इण्डियन डायरेक्ट सैलिंग ऐसोसिएशन (आईडीएसए) तथा शूलिनी विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आरम्भ किया गया है। शिक्षा मन्त्री ने कहा कि वर्तमान संकटकाल ने हम सभी को शिक्षा तथा आय के ऐसे साधन अपनाने के लिए प्रेरित किया है जो इस समय से पूर्व कम प्रचलन में थे। उन्होंने कहा कि संकट के इस काल ने यह भी समझाया है कि अच्छी आय के लिए हमें तकनीक का बेहतर उपयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सैंटर ऑफ एक्सीलेंस फाॅर डायरेक्ट सैलिंग इन एकेडमिक्स के माध्यम से नवीन सम्भावनाएं तलाशने में सहायता मिलेगी। वंही,शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीके खोसला ने पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रदान की। विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रो. अतुल खोसला ने कहा कि इस प्रयास के माध्यम से उद्योग तथा शिक्षा क्षेत्र को एक साथ लाकर रोज़गार के अधिक अवसर सृजित करने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर शूलिनी विश्वविद्यालय के संस्थापक विशाल आनंद, आईडीएसए की अध्यक्ष रिनी सान्याल ने भी अपने विचार रखे। पंजाब सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अतिरिक्त निदेशक सिमरजोत कौर ने भी इस अवसर पर ऑनलाइन अपने विचार रखे। इस अवसर शूलिनी विश्वविद्यालय की सरोज खोसला, पूनम नंदा, आईडीएसए के उपाध्यक्ष रजत बैनर्जी सहित अनके गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह का हिमाचल प्रदेश से भी गहरा नाता रहा है। उनका सोलन के कसौली में अपना बंगला है, जहां वह अकसर आया करते थे। यहां के ऐतिहासिक कसौली क्लब के भी वह सदस्य थे। मिल्खा सिंह गर्मियों में खासकर इन दिनों कसौली क्लब में होने वाले कसौली वीक में भाग लेने आते थे। लेकिन देश मे कोरोना फैलने के बाद वह यहां नहीं आ पाए। मिल्खा सिंह व उनकी पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह दोनों ही कसौली में आम मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे। आज दोनों के ही दुनिया से रुख्सत होने से कसौली स्थित उनका घर भी वीरान हो गया है, जहां उनको अक्सर देखा जाता था। वंही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि यह खेल जगत के लिए यह अपूर्णीय क्षति है। उनका जीवन खिलाड़ी वर्ग के लिए सदैव प्रेरणादायक रहेगा।
दाड़लाघाट में पारनु लिंक रोड पर ग्रामीण लोग सोलन से कंधर जाने वाले बस का इंतज़ार के रहे थे, लेकिन बस अपने पुराने रुट से न जाकर दाड़लामोड़ होकर कंधर जा रही थी। जिसके चलते ग्रमीणों ने इसका विरोध किया। स्थानीय लोगों को जैसे इस बात की सुचना मिली उन्होंने बस को बीच रस्ते में ही रोक लिया। और बस चालक से उसे अपने पुराने गंतव्य पर चलने के लिए कहा। लेकिन बस चालक ने उन्हें बताया की बस अब अपने पुराने रुट पर नहीं चलेगी, जिसके बाद स्थनीय लोगों खासा रोष देखने को मिला। इसके बाद चालक को आरएम सोलन बात करनी पड़ी। सोलन आरएम ने बस को उसके पुराने रुट से चलने के निर्देश दिए। इन लोगों में पारनु पंचायत के प्रधान केशव राम, उपप्रधान खेमराज, बुघार पंचायत के उप प्रधान मंसाराम, पूर्व प्रधान विद्यासागर व पूर्व उप प्रधान मनी राम भी जनता के साथ मौजूद रहे।
ग्राम पंचायत घणागुघाट के ध्यानपुर गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1 दिन का कोविड स्क्रीनिंग कैंप लगाया गया। यह कैंप घणागुघाट की प्रधान मधुबाला तथा उपप्रधान प्रवीण कुमार की देखरेख में लगाया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घणागुघाट की एमओ इंचार्ज डॉ कविता ने बताया कि इस स्क्रीनिंग कैंप में लोगों के रैपिड और आरटीपीटीसीआर दोनों प्रकार के परीक्षण किए गए। जो लोग शूगर जैसे रोगों से पहले ही ग्रस्त है उनके आरटीपीसीआर टेस्ट किए जा रहे हैं। वंही युवाओं व् जिन्हें इस प्रकार का कोई रोग नहीं है उनके रैपिड टेस्ट किए जा रहे हैं। आज इस गांव के कुल 51 लोगों के टैस्ट परीक्षण किए गए। जिनमें से 10 लोगों के आरटी पीसीआर तथा 41 लोगों के रैपिड टेस्ट लिए गए। डॉ कविता ने बताया कि जिन 41 लोगों के रैपिड टेस्ट द्वारा जांच की गई वे सभी नेगेटिव पाए गए है।आरटीपीसीआर टेस्ट में जो लोग पॉजिटिव आएंगे उन लोगों के परिवार के सदस्यों के टेस्ट भी किए जाएंगे। इस स्क्रीनिंग कैंप में पूर्व प्रधान धनीराम रघुवंशी सीएमओ प्रगति, तिलक राज, आशा वर्कर हीरा, गीता, राजकुमार इत्यादि ने भाग लिया।
डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में आईसीएआर एनएएचईपी की संस्थागत विकास योजना के तहत 'कृषि अनुसंधान सेवाओं की तैयारी और एग्रोफोरेस्ट्री में नेट पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया था। यह व्याख्यान डॉ.अरुण कुमार हांडा, प्रधान वैज्ञानिक सह नोडल अधिकारी-आईसीएआर केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान, झांसी द्वारा दिया गया। व्याख्यान वर्चुअल माध्यम से दिया गया था। यह वेबिनार विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व छात्रों द्वारा दिये जा रहे लैक्चर की श्रृंखला के तहत आयोजित किए जा रहे कई वेबिनार का हिस्सा है। वेबिनार में ऑनलाइन माध्यम से 100 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। डॉ हांडा ने केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान के बारे में बताया। अपने व्याख्यान में डॉ हांडा ने कृषि अनुसंधान सेवाओं के महत्व, पात्रता, पाठ्यक्रम, परीक्षा के लिए पैटर्न और आईसीएआर में कृषि वानिकी के महत्व जैसे विषयों पर चर्चा की। उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी टिप्स भी छात्रों से साझा किए। उन्होंने छात्रों से स्मार्ट वर्क करने का आग्रह किया और निर्धारित समय सारिणी के भीतर लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए टाइम टेबल का पालन करने के कई उदाहरण दिए। उम्मीदवारों द्वारा की गई गलतियों और पुराने वर्षों के प्रश्न पत्रों पर भी चर्चा की गई। वार्ता का संचालन एक्टिविटी इंचार्ज डॉ.एच पी संख्यान ने किया और आईडीपी टीम ने उनका सहयोग दिया। आईडीपी के प्रधान अन्वेषक डॉ केके रैना ने एआरएस परीक्षा पर प्रकाश डालने और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में छात्र कैसे सफल हो सकते हैं, इस पर प्रकाश डालने के लिए डॉ हांडा का धन्यवाद दिया।
कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए 21 जून से 30 जून तक किए जाने वाले कोविड-19 टीकाकरण के लिए दो श्रेणियां बनाई गई हैं तथा फ्रंट लाईन वर्करों की सूची में कुछ और श्रेणियां सम्मिलित की गई हैं। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ.राजन उप्पल ने आज यहां एक प्रेस वार्ता में दी। डाॅ.उप्पल ने कहा कि 21 जून से 30 जून तक किए जाने वाले कोविड-19 टीकाकरण के लिए प्रथम श्रेणी ‘ए’ में 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग तथा स्वास्थ्य कर्मचारी एवं अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता सम्मिलित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी श्रेणी ‘बी’ में 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग को शामिल किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि प्रथम श्रेणी में सम्मिलित व्यक्तियों का टीकाकरण बृहस्पतिवार, शुक्रवार तथा शनिवार एवं द्वितीय श्रेणी वालों का टीकाकरण सोमवार, मंगलवार तथा बुधवार को किया जाएगा। इन दिवसों पर सार्वजनिक अवकाश होने पर भी टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रविवार को टीकाकरण नहीं किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में रहने वाले 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग को टीकाकरण के लिए पूर्व की भान्ति ऑनलइन स्लाॅट बुकिंग करवानी होगी। यह बुकिंग टीकाकरण से एक दिन पूर्व दिन में 12.00 बजे से 01.00 बजे तक की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग की टीकाकरण के लिए टीकाकरण स्थल पर ही बुकिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि ट्रक चालकों, ट्रक क्लीनरों, निजी बस ऑपरेटरों, चालकों, परिचालकों, टैक्सी यूनियन आपरेटरों, चालकों तथा होटलों में कार्यरत सभी कर्मचारियों को अब टीकाकरण के लिए फ्रंट लाईन वर्करों की सूची में सम्मिलित किया गया है। इन सभी को टीकाकरण के लिए प्रमाण पत्र उनके मालिकों अथवा नियोक्ता द्वारा प्रदान किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में प्रतिदिन 200, नागरिक अस्पतालों में 150 तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 100 व्यक्तियों का टीकाकरण किया जाएगा। सोलन जिला में अब तक लगभग 32 प्रतिशत जनसंख्या का टीकाकरण किया गया है। जिला में लगभग 02 लाख 24,000 लोगों का कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण किया गया है। जिला में कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होने की दर में सत्त वृद्धि हो रही है तथा वर्तमान में सोलन जिला में कोविड-19 से ठीक होने की दर 97 प्रतिशत हो गई है। डाॅ.उप्पल ने सभी से आग्रह किया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए नियमों का पालन करें तथा सार्वजनिक स्थानों पर नाक से ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनें, सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें और बार-बार अपने हाथ साफ करते रहें। उन्होंने कहा कि खांसी, जुखाम अथवा बुखार होने की स्थिति में शीघ्र अपना आरटीपीसीआर परीक्षण करवाएं। उन्होंने कहा कि समस्या की स्थिति में हेल्पलाइन नम्बर 1077 पर बात कर सकते हैं अथवा सोलन में दूरभाष नम्बर 01792-220049, 01792-221234 तथा 01792-220882 पर भी अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं।
योग के माध्यम से जन-जन को निरोग रखने एवं स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की दिशा में सभी को प्रेरित करने के लिए आयुर्वेद विभाग सोलन द्वारा आज से वर्चउल माध्यम से पूर्व योग दिवस गतिविधियां आरम्भ की गई। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डाॅ. राजेन्द्र शर्मा ने वर्चउल माध्यम से आरम्भ की गई गतिविधियों का विधिवत शुभारम्भ किया। डाॅ.राजेन्द्र शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि आयुर्वेद विभाग सोलन द्वारा सप्तम अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूर्व योग दिवस गतिविधियां आरम्भ की गई हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण जन-जन को योगाभ्यास में पारंगत बनाने और दिनचर्या को व्यवस्थित बनाने के लिए यह गतिविधियां जूम और फेसबुक जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया पर आॅनलाईन आरम्भ की गई हैं। उन्होंने कहा कि यह गतिविधियां 19 एवं 20 जून, 2021 को भी आॅनलाईन आयोजित की जाएंगी। जूम और फेसबुक पर लाईव प्रसारित की जा रही इन गतिविधियों के माध्यम से नियमित योगाभ्यास के द्वारा स्वस्थ रहने के सूत्र से अधिक से अधिक लोगों को अवगत करवाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ने कहा कि 21 जून को आयोजित किए जा रहे सप्तम अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर भी ऑनलाइन व्यवहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि आज आयोजित योगाभ्यास में डाॅ. पूनम जरेट, डाॅ.सीमा, डाॅ.जयपाल गर्ग, डाॅ. प्रवीण शर्मा और डाॅ. शोभा ने ऑनलाइन प्रतिभागियों को ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, पादहस्तासन, दण्डासन, भद्रासन, वक्रासन, उष्टासन, शंशाकासन, मकरासन, मण्डूकासन, भुंजगासन, शलासन, सेतबन्धु आसन, पवनमुक्तासन, शवासन जैसे बहुपयोगी आसनों सहित कपालभाति, अनुलोम, विलोम, भ्रामरी जैसे प्राणायाम की जानकारी दी गई और समुचित अभ्यास करवाया गया। डाॅ.आशा मधानिया द्वारा इस अवसर पर कोविड-19 से बचाव में योग की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। डाॅ. शर्मा ने कहा कि यह सभी योगासन विभिन्न रोगों को दूर करने एवं जीवन शैली को सुधारने में अत्यन्त कारगर हैं। उन्होंने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग के प्रचार-प्रसार के लिए आयुर्वेद विभाग सोलन द्वारा अभी तक 211 व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ‘आयुष घर द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से कोविड-19 रोगियों को पूर्ण स्वास्थ्य प्राप्त करने में सहायता करने के साथ-साथ अधिक से अधिक लोगों को कार्यक्रम के साथ जोड़ा जा रहा है। ‘आयुष घर द्वार’ कार्यक्रम के अन्तर्गत सोलन जिला में 79 व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। इन समूहों को भी अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के साथ जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक जिला में योग के प्रचार-प्रसार के लिए कुल 290 व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर 20,345 लोगों को इनमें जोड़ा जा चुका है। nउन्होंने कहा उपायुक्त सोलन के.सी. चमन के निर्देश पर जिला में लाईव योगाभ्यास गतिविधियों को जन-जन तक पंहुचाने के लिए विभाग प्रयासरत है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वर्चउल माध्यम से आयोजित की जा रही पूर्व योग दिवस गतिविधियों का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि लोग विभाग के फेसबुक पेज Facebook.com/ayurvedsolan से जुड़ कर लाभान्वित हो सकते हैं।
गत दिनों कोरोना से पॉजिटिव हुई पंचायत मांगल के गांव सहनाली में ग्रामीण लोगो को होम आइसोलेशन किट प्रदान की गयी। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने कोरोना पीड़ित मरीज़ों का हाल चाल भी जाना। ग्राम पंचायत मांगल की प्रधान उर्मिला रघुवंशी व उपप्रधान सीता राम ठाकुर ने लोगों से अपील कि है की कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखने पर सभी होना कोरोना टेस्ट करवाएं समय से करवाए ताकि संक्रमण की रोकथाम समय पर हो सके। उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी बनाए रखे व मास्क का प्रयोग करें तथा सभी लोग कोविड-19 की रोकथाम हेतु टीकाकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाया कि सरकार और प्रशासन उनकी हर सम्भव मदद के लिए हर समय तैयार है। इस मौके पर पंचायत प्रधान मांगल उर्मिला रघुवंशी, उप प्रधान सीताराम ठाकुर, भाजपा मंडल सचिव व समाजसेवी धनीराम चौहान, वार्ड मेंबर किरण वर्मा, शेर सिंह, नरपत राम मौजूद रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नगर इकाई सोलन के कार्यकर्ताओं ने झुग्गी झोम्पडी रहने वाले 25 गरीब परिवारों को राशन बांटा। नगर इकाई अध्यक्ष डॉ० राजेश ने कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर बहुत भयानक रूप ले चुकी है। ऐसे में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कोविड-19 के इस दौर में भी लगातार लोगों के प्रति जागरूकता एवं सेवा कार्य में लगी हुई है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से ही लगातार छात्र हित व समाज हित में कार्य करती आ रही है। इस महामारी के दौर में भी विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता पूरे देश भर में लोगों के प्रति जागरूकता एवं सेवा कार्य करने में लगी है। इसी दौरान विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रान्त द्वारा "मिशन रक्षक" अभियान 15 से 25 जून तक चलाया जायेगा। जिसके दौरान नगर इकाई सोलन ने चामुण्डा कालोनी में रहने वाले 25 परिवारों को राशन बांटा गया। ऐसे में पूरे जिला सोलन में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक करेंगे। इस अभियान के तहत सभी कार्यकर्ता गांव के पंचायतों के प्रधान से सम्पर्क करेंगे। साथ में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता अस्पताल में जाकर वैक्सीनेशन के दौरान अपनी निःस्वार्थ सेवाएं भी प्रदान करेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र सोलन के वैज्ञानिकों द्वारा कुनिहार क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा किया गया। याग दौरा 20 हैक्टेयर क्षेत्र में दलहनी व तिलहनी फसलों पर फ्रंट लाइन प्रदर्शन लगने के उदेश्य से किया गया है। केन्द्र के प्रभारी डॉ जितेन्द्र चौहान ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र को सोलन जिले में दलहनी व तिलहनी फसलों के कम उत्पादन को देखते हुए, अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन द्वारा जिले में इन फसलों के अंतर्गत क्षेत्रफल बढ़ाने का कार्य दिया गया है। इस कार्यक्रम की संयोजक डॉ भारती शुक्ला ने बताया कि सोलन जिले के 10 हैक्टेयर क्षेत्र में दलहनी व 10 हैक्टेयर क्षेत्र में तिलहनी फसलों पर प्रदर्शन लगाए जाएंगे। इसके मद्देनज़र कुनिहार विकास खंड के जयालंग, जाबल, भूमति, डाडल आदि गावों में किसानों को माश व सोयाबीन की उन्नत किस्मों के बीज वितरित किए गए। इस कार्य के क्रियान्वयन में कुनिहार खंड के विषय वाद विशेषज्ञ मनोज शर्मा ने पूर्ण सहयोग दिया। डॉ चौहान ने बताया कि विगत वर्षों में कुनिहार क्षेत्र में मक्की की फसल को फॉल आर्मी वर्म कीट से काफी नुकसान पहुंचा था। इस वर्ष कीट के नियंत्रण के लिए कुनिहार खंड के घनागुघाट, डूमैहर एवं डाडल गावों में प्रदर्शन लगाए जाएगें। केन्द्र के कीट वैज्ञानिक डॉ अनुराग शर्मा ने बताया कि रसायनों के इस्तेमाल के अलावा सौर ऊर्जा द्वारा चलित लाईट ट्रेन इस कीट के नियंत्रण में बहुत कारगर है जिनका प्रदर्शन किसानों के खेत में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वैज्ञानिक दल ने किसानों के खेतों का भ्रमण किया और सब्जियों में लगने वाले रोग एवं कीटों का त्वरित समाधान दिया।
आईसीएआर राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना की संस्थागत विकास योजना के तहत खरीदी गई 697 पुस्तकों को डॉ.वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति डॉ परविंदर कौशल ने छात्रों और कर्मचारियों को समर्पित की। ये नवीनतम प्रकाशन बागवानी, वानिकी, प्रबंधन और संबद्ध विषयों पर आधारित हैं। यह पुस्तकें लगभग 10 लाख रुपये की लागत से खरीदी गई हैं और विश्वविद्यालय के सत्यानंद स्टोक्स पुस्तकालय में रखी गई हैं। इन पुस्तकों के अलावा छात्रों को उनके संबंधित विषयों में नवीनतम साहित्य से लैस करने के लिए परियोजना के तहत 5 लाख रुपये के अन्य प्रकाशन भी खरीदे जा रहें है। इस अवसर पर डॉ परविंदर कौशल ने आईडीपी के सभी सदस्यों को छात्र सुविधाओं में सुधार के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय किसी भी छात्र के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है और इसलिए इसे सभी आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ लिंक करने का हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। डॉ. कौशल ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों को सभी पुस्तकालय सेवाओं के बारे में अवगत किया जाना चाहिए ताकि वह इनका पूरा इस्तेमाल कर सकें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों के लिए एक वन-स्टॉप सॉफ्टवेयर समाधान खरीदेगा जिससे छात्र आईसीएआर की सभी ई-सेवाओं के लिए एक जगह पर ही लॉगिन क्र सकेंगे। डॉ. कौशल ने शिक्षकों से कहा कि वे छात्रों को कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे खुद को वायरस से सुरक्षित रख सकें।
दाड़लाघाट में वर्षों से आयोजित होने वाला मेला कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कारण इस वर्ष भी नहीं लग सका। लेकिन इस बार कोरोना कर्फ्यू व सरकार द्वारा ऐसे आयोजनों पर रोक के चलते इस मेले की केवल रस्में ही निभाई गई। सब उपमंडल के अंर्तगत धुन्दन दंगल के अगले दिन ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में आयोजित होने वाला दंगल कोरोना महामारी के चलते दूसरे वर्ष भी अखाडा पूजन कर मनाया गया। पंचायत प्रधान दाड़लाघाट बंसी राम भाटिया ने बताया कि कोरोना की भेंट चढ़ा दाड़लाघाट के दंगल कुश्ती में हिमाचल प्रदेश के अलावा दिल्ली, पंजाब, हरियाणा,उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर के पहलवान भाग लेते है। परंतु कोविड-19 के चलते दो वर्षों से कुश्ती न आयोजित करके केवल कुश्ती की प्रक्रिया पूरी कर परम्पराओ को निभाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी विधिवत रूप से झंडा व पूजन अर्चना कर परम्पराओं को निभाया गया। वहीं ईश्वर से प्रार्थना की गई कि जल्द से जल्द कोरोना महामारी पर काबू पाया जा सके व लोग खुशहाल जीवन व्यतीत कर सके। इस मौके पर पंचायत प्रधान बंसी राम भाटिया, उपप्रधान हेमराज, श्याम सिंह चौधरी, मोहन सिंह ठाकुर, कमल कौंडल, ललित कुमार गौतम, उमेश कुमार, महेश कुमार, मस्त राम, नेम चंद, पवन शर्मा, धनीराम, शारदा ,पिंकी, विमला, हेमलता, कांता सहित अन्य मौजूद रहे।
कोरोना महामारी के इस दौर में सभी समाजिक संस्थाऐं मदद के लिए आगे आ रही हैं। इसी के चलते अर्की के लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत एक बेलदार भी अपनी खून पसीने की कमाई का एक हिस्सा कोविड फंड के लिए दान कर समाज में एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। अर्की के गांव बातल से संबंध रखने वाले सेवानिवृत बेलदार दिनेश चंद ने आज एसडीएम अर्की विकास शुक्ला को कोविड फंड हेतू दो हजार रूपये दान दिए। एसडीएम शुक्ला ने बताया कि यह सज्जन इससे पूर्व भी कई बार दान कर चुके हैं तथा इनके द्वारा दान की गई राशि का अब तक कुल छब्बीस हजार रूपये हो चुका है। शुक्ला का कहना था कि दिनेश चंद की सामाहिक दायित्वों के प्रति जिम्मेदारी प्रशंसा और समर्पण की भावना काबिले तारीफ व समाज के सभी वर्गाें के लिए एक उदाहरण है।
सोलन में वाहनों की फिटनेस एवं चालक लाईसेंस जारी करने के लिए कार्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है। यह जानकारी आज यहां क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने प्रदान की। हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोलन में चालक लाईसंेस जारी करने के लिए ड्राईविंग टैस्ट 22 तथा 23 जून को अयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह टेस्ट बसाल स्थित हेलीपैड में आयोजित किए जाएंगे। वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने के लिए 25 जून की तिथि निर्धारित की गई है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने कहा कि 22 जून को केवल उन्हीं व्यक्तियों के लिए ड्राईविंग टैस्ट आयोजित किया जाएगा जिनके लर्निंग लाइसेंस क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोलन द्वारा जारी किए गए हैं। 23 जून को केवल उन्हीं व्यक्तियों के लिए ड्राईविंग टैस्ट आयोजित किया जाएगा जिनके लर्निंग लाइसेंस पंजीकरण एवं लाईसेंस प्राधिकरण सोलन (उपमण्डलाधिकारी सोलन) द्वारा जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ड्राईविंग टेस्ट के बेहतर प्रबन्धन के लिए टोकन व्यवस्था आरम्भ की गई है। उन्होंने सभी लर्नर लाईसेंस धारकों से आग्रह किया कि ड्राईविंग टेस्ट के लिए निर्धारित तिथि से पूर्व सोलन में अपना टोकन वहां से प्राप्त करें जहां से उनका लर्नर लाईसेंस बना है। उन्होंने कहा कि टोकन के बिना ड्राईविंग टेस्ट में भाग नहीं लिया जा सकेगा। हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने के लिए 25 जून को हिमाचल पथ परिवहन निगम की सोलन स्थित कर्यशाला के समीप मार्ग पर वाहनों की फिटनेस जांची जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी को कोविड-19 प्रोटोकोल का पालन करना होगा। उन्होंने आग्रह किया कि ड्राईविंग टेस्ट तथा फिटनेस के लिए सभी उचित प्रकार से मास्क पहन कर आएं तथा सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें।
सोलन में आज पूर्व गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम (पीएनडीटी अधिनियम) की जिला सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.राजन उप्पल ने की। डाॅ.राजन उप्पल ने कहा कि सोलन जिला में वर्तमान में कोविड-19 महामारी पर नियन्त्रण के साथ-साथ लिंगानुपात में समानता लाने के लिए विभिन्न स्तरों पर योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के सफल कार्यान्वयन के लिए विभाग को आमजन के सत्त सहयोग की आवश्यकता है। गर्भ में पल रहे शिशु की लिंग जांच अपराध है। इस दिशा में विभाग द्वारा अल्ट्रासाऊंड क्लिीनिकों की नियमित जांच की जाती है तथा अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाही अमल में लाई जाती है। डाॅ.उप्पल ने कहा कि ज़िला में कुल 33 अल्ट्रासाऊंड क्लीनीक पंजीकृत हैं और वर्ष 2020-21 में जिला में पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के अन्तर्गत कुल 95 निरीक्षण किए गए हैं। जिला प्रशासन के सहयोग से कार्यान्वित किए जा रहे, इन प्रयासों के सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला में ग्रामीण स्तर तक आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं द्वारा लोगों को लिंग जांच न करवाने तथा लड़का-लड़की में समानता के विषय में जागरूक करने के सकारात्मक परिणाम दृष्टिगोचर हो रहे हैं। प्रदेश में पूर्व गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के तहत अल्ट्रासोनोग्राफी क्लीनिक एवं अल्ट्रासाऊंड मशीनों का पंजीकरण ऑनलाइन किया जा सकता है। बैठक में पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के बारे में में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। जानकारी दी गई कि पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के तहत जन्म से पूर्व शिशु लिंग की जांच पर पाबंदी है तथा ऐसे में अल्ट्रासांऊड करवाने वाले व्यक्तियों या करने वाले चिकित्सक, लैब कर्मी को सजा और जुर्माने का भी प्रावधान है। बैठक में नागरिक अस्पताल कण्डाघाट के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन क्रय करने को स्वीकृति प्रदान की गई। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन की पुरानी अल्ट्रासाउंड मशीन को जैविक कचरे के रूप में निपटान को भी बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई। समिति के सदस्यों की उपस्थिति में ही इस मशीन का निपटारा किया गया। जिला न्यायवादी एम.के.शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मुक्ता रस्तोगी, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ.एस.एल.वर्मा, रेडियोलाॅजिस्ट डाॅ. सन्दीप जैन, स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. मनीष मित्तल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. धर्मेन्द्र बैठक में उपस्थित थे।
कुनिहार में पट्टाबरावरी पँचायत के पँचायत कार्यालय में बुधवार को 18 से 44 आयु वर्ग के 70 महिला व पुरषों ने स्लॉट बुकिंग करवाने के बाद वैक्सीन लगवाई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पटाबरावरी की चिकित्सा अधिकारी कृतिका गांधी ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना महामारी के बचाव हेतु यह टीकाकरण मुफ्त किया जा रहा है। उन्होंने लोगो से इस टीकाकरण अभियान में बढ़चढ़ कर आगे आने की अपील की है। ताकि सरकार द्वारा कोरोना से लड़ाई का अभियान जल्द पूरा हो व इस बीमारी से प्रदेश व देश मुक्त हो सके। उन्होंने बताया कि इस टीकाकरण शिविर को सफल बनाने में फार्मासिस्ट निशा, हैल्थ वर्कर करुणा तनवर, निधि, दिव्या, गीता देवी आदि ने अहम भूमिका निभाई। यह जानकारी एक प्रैस विज्ञप्ति के माध्यम से पूर्व पँचायत समिति सदस्य डीडी कश्यप ने दी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सरकार व प्रशासन के द्वारा जारी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करते रहे।
उपमण्डलाधिकारी कण्डघाट डाॅ. विकास सूद ने उपमण्डल स्तर पर कार्यरत विभिन्न विभागों को मानसून सीजन के दृष्टिगत तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। डाॅ. सूद कण्डाघाट उपमण्डल में आगामी माॅनसून सीजन की तैयरियों के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डाॅ. सूद ने कहा कि वर्षा के मौसम में एहतियात बरतने एवं क्षेत्रीय स्तर तक तैयारियां पूरी रखने से सम्भावित आपदा से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों को जानो-माल की क्षति को न्यून करने के लिए टीम भावना के के साथ कार्य करना होगा। उपमण्डलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि क्षेत्र की स्थिति के अनुसार विभिन्न सम्पर्क मार्गों को खुला रखें और ऐसे सभी क्षेत्र चिन्हित करें जहां भूस्खलन हो सकता है अथवा मार्ग धंसने की सम्भावना है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे स्थानों पर सूचना पट्ट लगाए जाएं ताकि लोग सचेत रहें। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि विद्यालयों के जल भण्डारण टैंकों की शीघ्र सफाई सुनिश्चित बनाएं और इस सम्बन्ध में 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि प्राकृतिक जल स्त्रोतों तथा जल भण्डारण टैंकों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी जल स्त्रोतांे की समुचित क्लोरिनेशन करने के निर्देश भी दिए। उन्हांेने विभिन्न जल स्त्रातों से एकत्र पेयजल नमूनों की जांच करने के निर्देश भी दिए। डाॅ. सूद ने नगर पंचायत व पंचायती राज संस्थाओं को निर्देश दिए कि वर्षा जल की समुचित निकासी के लिए नालियों तथा बड़े नालों से अवरोधों को हटाया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को विभिन्न जल जनित रोगों से बचाव के लिए समुचित मात्रा में दवा का भण्डारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि विभिन्न कार्य समयबद्ध पूरे किए जाएं और कोविड नियमों की अनुपालना सुनिश्चित हो। उन्होंने आवश्यक साजो-सामान तैयर रखने के निर्देश भी दिए। नगर पंचायत कण्डाघाट के उपाध्यक्ष मुनीष सूद, तहसीलदार कण्डाघाट अमन राणा, खण्ड विकास अधिकारी एच.सी. शर्मा, नायब तहसीलदार सत्यव्रत शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।


















































