कुनिहार क्षेत्र से सम्बंध रखने वाले पूर्व मंत्री स्व हरिदास ठाकुर के बड़े बेटे इंद्रसिंह ठाकुर का बुधवार सुबह चंडीगढ़ के 33सी लैंडमार्क निजी अस्पताल में देहान्त हो गया। एकाएक उनके मृत्यु की सूचना मिलते ही सम्पूर्ण कुनिहार क्षेत्र शोकाकुल हो गया। इंद्र सिंह ठाकुर कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे जिनका पहले आई जी एम सी शिमला में ईलाज चला उसके बाद स्वास्थ्य में सुधार न होने के कारण उनके परिजन उन्हें चंडीगढ़ के निजी अस्पताल में ले गए लेकिन बुधवार सुबह वह अपनी जिंदगी की जंग हार गए। उनके पैतृक गांव खाड़ी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। प्रदेश की राजनैतिक गलियारों में भी इंद्रसिंह ठाकुर का बहुत बड़ा नाम है। क्योकि वह युवा अवस्था मे ही कई युवा संगठनों के साथ मिलकर सक्रिय हो गए थे। वर्तमान में वह कांग्रेस पार्टी के कई बड़े बड़े पदों का दायित्व सम्भाले हुए थे । अधिकतर समय शिमला में रहने के बावजूद भी उन्होंने अर्की विधान सभा क्षेत्र के विकास कार्यो में अहम भूमिका निभाई है।
वीरवार 17 जून को सिविल अस्पताल कुनिहार में दिव्यांग लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। गणपति एजुकेशन सोसायटी के समन्वयक रोशन लाल शर्मा व हैल्थ सुपरवाइजर कृष्ण चन्द वर्मा ने कुनिहार के आसपास सभी पंचायतों के दिव्यांग लोगों को इस स्पेशल कैम्प में वेक्सिनेशन का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि 18 साल से ऊपर हर दिव्यांग को अपने साथ आधार कार्ड,दिव्यांग प्रमाण पत्र या यु डी आईडी साथ लानी होगी। रोशन लाल शर्मा ने बताया कि सोसायटी की ओर से हर दिव्यांग को मास्क व सैनिटाइजर वितरित किए जाएंगे व इनके जलपान की व्यवस्था भी सोसायटी की तरफ से की जाएगी।
कुनिहार में मोबाइल विक्रेता द्वारा एक युवती के साथ अश्लील बात करना मँहगा पड़ गया। इसको लेकर युवती के परिजनों ने पुलिस थाना कुनिहार में मोबाइल विक्रेता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी है। जानकारी के अनुसार कुनिहार क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वाली एक युवती मोबाइल खरीदने के लिये पुराने बस स्टैंड पर मोबाइल की दुकान पर गई थी । युवती ने मोबाइल विक्रेता से कोई सेकंड हैंड मोबाइल दिखाने को कहा। जिस पर मोबाइल विक्रेता ने कहा कि सेकंड हैंड फोन 1800 रुपये का है। युवती ने कहा कि उसके पास सिर्फ 1500 रुपये ही है इसमे कोई कीपैड वाला ही फ़ोन दे दो। मोबाइल विक्रेता ने कहा कि वह 800 रुपये में आ जायेगा अगर तुम्हें टच वाला ही फ़ोन चाहिए तो तुम्हे एक रात मेरे साथ गुजारनी होगी । इसके बदले टच वाला फ़ोन केवल 1000 में दे दूंगा। युवती यह सब बातें सुनकर काफी घबरा गई व रोते रोते वँहा से भागकर तुरन्त सारी बात अपनी माता को बताई। उस समय युवती के पिता कहीं काम से बाहर गये थे। पिता काम से वापिस घर आये तो युवती कि माता ने उनको सारी बात बताई । युवती के परिजनों ने स्थानीय पुलिस थाना में मोबाइल विक्रेता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी ।मामले की पुष्टि करते हुवे ड़ी एस पी सोलन रमेश शर्मा ने बताया कि कुनिहार में एक मोबाइल विक्रेता के खिलाफ शिकायत आई है। जिसको लेकर मामला दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है।
कुनिहार : कुनिहार क्षेत्र में समाज सेवा का जाना माना चेहरा हाटकोट पंचायत की पूर्व प्रधान रही नर्वदा कंवर का देहांत हो गया। तीन चार महीनों से अस्वस्थ चल रही कंवर ने मंगलवार शाम को कुल्लू में अपनी बेटी के घर पर अंतिम सांस ली। कुल्लू से उनके दामाद व बेटी ने कंवर की पार्थिव देह को पैतृक गावँ मुकराड़ी कुनिहार पहुँचाया।इनका अंतिम संस्कार वीरवार को इनके बेटे के अमेरिका से आने के बाद गावं के श्मशान घाट पर किया जाएगा । 1952 में जन्मी नर्वदा कंवर को कुनिहार क्षेत्र में सामाजिक क्षेत्र में अग्रणी भूमिका के लिए जाना जाता है। विकलांग,विधवा व बुजुर्गों के लिए पेंशन का हक दिलवाने,गरीब लड़कियों की शादी के लिये सरकार से आर्थिक योगदान हो या फिर किसी गरीब के लिए स्वास्थ्य सुविधा के लिये हमेशा आगे रहती थी। वर्ष 2000 से 2005 तक हाटकोट पंचायत के प्रधान पद पर रहते उन्होंने कई विकासात्मक कार्य किए है। प्राचीन शिव तांडव गुफा के सौन्दर्यकरण के लिए विभिन्न विभागों से आर्थिक योगदान दिलवाकर गुफा को विश्व मानचित्र पर स्थान दिलवाने के लिए नर्वदा कंवर की उल्लेखनीय भूमिका को भी हमेशा याद किया जायेगा। उनके निधन की खबर सुनते ही पूरा क्षेत्र शोकाकुल हो गया। विभिन्न सामाजिक,राजनीतिक व धार्मिक संगठनों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
दाड़लाघाट : विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर विख्यात पर्वतारोही और एवरेस्ट समूह की दुर्गम पुमोरी चोटी फतह करने वाली पहली भारतीय महिला बलजीत कौर ने सुरजपुर पंचायत में स्वयं खून दान कर रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया।शिविर में 45 लोगों ने रक्तदान किया।जिसमें ग्राम पंचायत की तीन महिलाएं भी शामिल थीं।फाउंडेशन के ट्रस्टी एवं शिविर के संयोजक संजीव शर्मा ने बताया कि सुरजपुर पंचायत के गांव पथेड़ में पंचायत के साथ मिलकर यह शिविर लगाया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता अर्की के एसडीएम विकास शुक्ला ने की।उच्च रक्तचाप होने की वजह से एसडीएम रक्तदान नही कर पाए।बलजीत कौर और विकास शुक्ला ने रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया।उमंग फाउंडेशन ने बलजीत कौर को सम्मानित भी किया।सूरजपुर पंचायत के प्रधान ओमप्रकाश शर्मा ने 37 वीं बार रक्तदान किया।वे और सायरी पंचायत की प्रधान अंजू राठौड़ कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि थे।नेपाल तिब्बत सीमा पर दुर्गम चोटी पुमोरी फतेह कर सोलन जिले में अपने घर लौटी बलजीत कौर ने कहा कि नियमित तौर पर रक्तदान करती हैं। उन्होंने कहा कि युवा रक्तदान को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।इससे वे बेबस मरीजों का जीवन बचाएंगे और स्वस्थ रहने के साथ-साथ नशे की बुराई से भी बचेंगे।संजीव शर्मा ने बताया कि उमंग फाउंडेशन की ओर से ट्रस्टी विनोद योगाचार्य,सवीना जहां,नीलम कंवर,डॉ. पूनम नेगी और गोपाल दास ने शिविर में सहयोग दिया।सूरजपुर पंचायत की ओर से प्रधान ओम प्रकाश शर्मा,उप प्रधान कामेश्वर,नरेश,कर्म सिंह कंवर,कानू राम,विमला देवी और कान्ता ठाकुर ने शिविर में भागीदारी की।आईजीएमसी ब्लड बैंक की टीम ने रक्त संग्रह किया।पंचायत प्रधान ओमओम प्रकाश शर्मा और उनकी टीम ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला पथेड़ के स्टाफ का भी शिविर में योगदान के लिए।
सोलन जिला में कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए 17 जून, 2021 को दिव्यांग जन के टीकाकरण के लिए विशेष अभियान कार्यान्वित किया जाएगा। यह जानकारी आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल ने दी। डाॅ. उप्पल ने कहा कि इस विशेष अभियान के तहत 17 जून, 2021 को जिला के 06 कोविड-19 टीकाकरण केंद्रों पर दिव्यांगजनों का कोविड से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान में जिला के 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लगभग 3300 दिव्यांगजन का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 17 जून को आयोजित किए जा रहे विशेष टीकाकरण शिविर में जिला के अर्की, चण्डी, धर्मपुर, नालागढ़ चिकित्सा खण्ड मुख्यालय व सायरी चिकित्सा खण्ड के मुख्यालय कण्डाघाट स्थित स्वास्थ्य संस्थानों में दिव्यांगजनों का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में भी 17 जून को ही दिव्यांग जन के लिए विशेष टीकाकरण शिविर आयोजित होगा। उन्होंने 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी दिव्यांगों से आग्रह किया है कि इस विशेष टीकाकरण शिविर में अपना यूडीआईडी (यूनीक आईडी फाॅर पर्सन्ज विद डिस्ऐबिलीटिज) साथ लाएं। यूडीआईडी के आधार पर शिविर में ही उनका पंजीकरण के उपरान्त टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूडीआईडी उपलब्ध न होने की स्थिति में दिव्यांग जन चिकित्सा प्रमाण पत्र एवं आधार नम्बर साथ लाना अनिवार्य है। उन्होंने सभी दिव्यांग जन से टीकाकरण के लिए आधार नम्बर साथ रखने का आग्रह किया। डाॅ. उप्प्ल ने जिला के 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सभी दिव्यांगजन से इस शिविर में टीकाकरण करवाने का आग्रह किया।
कुनिहार क्षेत्र के साथ लगते शलाह, मयाणा- जाबल, शिव शंकरगढ़ व् सूरठा गाँव सम्पर्क सड़क की खस्ता पड़ी हालत के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क कच्ची एवं पथरीली होने के कारण जगह जगह ल्हासे पड़े हुए है । जानकारी के अनुसार कंडाघाट उपमंडल के अंतर्गत आने वाली सड़क कुनिहार ममलीग मार्ग के शलाह से लगभग 7 किलो मीटर दूर केंची मोड जाबल जमरोट तक सम्पर्क सड़क है उक्त सड़क का निर्माण लगभग 4 वर्ष पूर्व किया गया था। सड़क कच्ची होने के कारण इसके रखरखाव का कार्य ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। ग्रामीणों ने रोष व्याप्त करते हुए कहा कि सरकार एवं लोक निर्माण विभाग उक्त सम्पर्क सड़क की और कोई ध्यान नही दे रहे है। जबकि इस सड़क से कई छोटे बड़े गाँव की जीवन रेखा जुड़ी है । ग्रामीणों में संतराम, तुलसीराम, कुमार चंद, धर्मदास, ओमप्रकाश ,प्यारेलाल ,मेदराम ,स्वरुप, बिशनदास ,गीताराम ,देविंदर कुमार, रूपचंद ,दीप राम के अतिरिक्त पूर्व पंचायत समिति सदस्य डी डी कश्यप आदि ने कहा कि 4 वर्ष पूर्व कुनिहार ममलीग मुख्यमार्ग के शलाह से जाबल जमरोट तक लगभग 7 किलो मीटर एक सम्पर्क सड़क का निर्माण किया गया था। लेकिन कच्ची सड़क निर्माण कार्य के पश्चात किसी ने इसकी सुध नहीं ली। बरसात होने के कारण जगह जगह मलवा एवं पेड़ो की टहनियाँ सड़क में गिरी हुई है विभाग इस और ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि उक्त सड़क सलाह, मयाणा ,शिव शंकरगढ़,जाबल ,सड़क नाला ,सूरठा आदि गाँव को जोड़ती है। सड़क की खस्ता हालत के चलते ग्रामीण अपनी नगदी फसलों को उठाकर कई किलोमीटर मुख्य मार्ग तक लाने को मजबूर हो गए है ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग उप मंडल कंडाघाट से आग्रह किया है कि सड़क ही हालत में शीघ्र सुधार किया जाए ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो।
प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग बद्धों की शिक्षा को लेकर कितनी चिंतित है। इसका उदाहरण शास्त्री की बैच वाइज भर्ती को देखकर लगाया जा सकता है। बार-बार ज्ञापन देने व प्रार्थना के बावजूद अभी तक शास्त्री भर्ती का परिणाम घोषित नहीं किया है, जबकि भर्ती से संबंधित सारी औपचारिकताएं फरवरी माह में पूरी कर दी गई थी| बेरोजगार शास्त्री संघ हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष लेखराज शर्मा व सचिव मदन शर्मा तथा आचार्य रविंद्र कुमार ने बताया कि वे इस विषय में कई बार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिल चुके हैं, परंतु उन्हें मात्र आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। इसी विषय पर संघ के पदाधिकारियों ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बृहस्पतिवार को मिलने का निर्णय लिया है। बेरोजगार अभ्यर्थियों का कहना है कि कई लोगों की आयु 45 वर्ष से ऊपर हो चुकी है उनके लंबे इंतजार में विराम कब लगेगा? अतः बेरोजगार संघ सरकार व शिक्षा विभाग से मांग करता है, कि साक्षात्कार के नतीजे शीघ्र घोषित करें। उन्होंने बताया कि अगर एक सप्ताह के अंदर उनकी मांग नहीं मानी गई तो अगले सप्ताह सभी शास्त्री मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री को अपनी शास्त्री की उपाधियां सौंप देंगे तथा अनशन करने पर मजबूर हो जाएंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग की होगी| प्रदेश के सभी पदाधिकारी वीरवार को सुबह 12 बजे सचिवालय व शिक्षा निदेशालय में अपना मांग पत्र सौंपेंगे।
18 प्लस आयु वर्ग के युवाओं में कोविड वेक्सीन लगवाने को लेकर उत्साह नजर आ रहा है। यही कारण है कि जिला कांगड़ा की भटोली फकोरियां डिस्पेंसरी के बाहर सुबह से ही भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। कोविड वेक्सीन लगवाने आए युवाओं युवा एक-दूसरे को कोविड से बचाव के प्रति जागरूक करते भी नजर आए। वेक्सीन लगवाने आए युवाओं ने मास्क पहने हुए थे। लाइन लंबी होने के चलते कुछ युवा डिस्पेंसरी के बाहर पेड़ की छाया में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। जिस तरह से कोरोना का दौर चल रहा है, कोई वेक्सीन लगवाकर खुद को सुरक्षित करना चाहता है। यही वजह है कि 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोग भी इसमें आगे आ रहे हैं।
कुनिहार :भारतीय राज्य पेंशनर्ज महासंघ हिमाचल प्रदेश महामंत्री इंद्र पाल शर्मा व कर्मचारी महा संघ के पुर्व अध्यक्ष गोपाल दास वर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल शिमला के पीटर हाफ में केंद्रीय वित राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ,पुर्व मुख्यमन्त्री प्रेम कुमार धुमल ,संगठन मन्त्री पवन राणा व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप से मिला। महासंघ के प्रदेश महा मन्त्री इन्दर पाल शर्मा ने बताया की पैशनरो की लम्बे समय से चली आ रही प्रमुख मांगो के बारे में इन नेताओं को अवगत कराया तथा सरकार से इन मांगो को पुरा करवाये जाने के लिये सरकार से बात करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महासंघ ने सरकार से इन प्रमुख मांगो को प्रदेश में होने वाले उप चुनाव से पहले पुरा करने की मांग की है। इसे लेकर पैन्शनरो में भारी रोष है। इस अवसर पर महासंघ जिला सोलन के महामन्त्री स्यामानन्द शांडिल, वित्त सचिव ओमप्रकाश गर्ग, चैतराम आदि उपस्थित रहे।
सोलन :परवाणू से लेकर चम्बाघाट तक एनएच में आई ज़मीन के मालिकों को एनएचएआई ने मुआवज़ा देकर खाली करवाया था। इसके बावजूद कई मकान ऐसे थे जिनके मालिकों ने मुआवज़ा लेने के बाद भी मकान खाली नहीं किये और टूटे हुए घरों में दोबारा निर्माण कार्य करवाना शुरू कर दिया था। 350 के करीब ऐसे भवन हैं जिनको तोड़ा जाना था जिनके बिजली पानी के कनेक्शन पहले ही काट दिए गए थे। लेकिन इनमे से 75 मकान मालिकों ने इन्हें खाली नहीं किया और इनमे ही रहना जारी रखा। साथ ही पुनर्निर्माण शुरू कर दिया था। उच्च न्यायालय ने भी कार्रवाई करते हुए सम्बंधित अधिकारियों और एनएचएआइ को लताड़ लगाईं और इन्हें खाली करवाने के आदेश दिए। जिसके बाद प्रशासन ने आज इन पर कार्रवाई की है और इन मकानों को तोड़ा जा रहा है।
दाड़लाघाट :ग्राम पंचायत बरायली की बनिया देवी महिला मंडल बुडम की प्रधान रेणु ठाकुर की अध्यक्षता में सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान बनिया देवी महिला मंडल की प्रधान रेणु ठाकुर ने बनिया देवी महिला मंडल की सदस्यों को जागरूक किया। इस मौके पर बनिया देवी महिला मंडल द्वारा जलस्रोत तथा आसपास की सफाई की और कचरे को एकत्र कर उसका निष्पादन किया। इस अवसर पर महिला मंडल की प्रधान रेणु ठाकुर, उपप्रधान उर्मिला, कोषाध्यक्ष मोनू, प्रेमलता, लीलावती, सीता चंदेल, लता चंदेल, मीरा चंदेल, गोदावरी, हेमा, सत्या, सुनीता, धनवंती, रीना ठाकुर सहित अन्य महिलाएं मौजूद रही।
कुनिहार : शिव ताण्डव गुफा विकास समिति कुनिहार के अध्यक्ष रामरतन तनवर के पिता राम दयाल तनवर का रविवार शाम देहान्त हो गया। अपने ग्रह क्षेत्र गांव कोठी में उन्होंने अंतिम सांस ली।वे कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके देहान्त पर सम्भव चैरिटबल सोसायटी की संयोजिका प्रतिभा कंवर,गुफा विकास समिति के उपाध्यक्ष अमरीश ठाकुर,सचिव गोपाल कृष्ण शर्मा,गुमान,साहिल,हरिकृष्ण,चमन लाल मल्होत्रा,अमन मल्होत्रा,दीपक अरोड़ा,राम सिंह,विनोद सहित सभी समिति सदस्यों ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति व पीड़ित परिवार को इस दुख को सहन करने की भगवान से प्रार्थना की है।
शिमला: कोरोना संकट से विश्व भर में कोई भी अछूता नहीं है, इसके चलते इस बार फिर सोलन जिला के अर्की उपमंडल के बाड़ी धार में होने वाला "बाड़ी मेला" नही होगा। कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते मेलों के आयोजन को रद्द कर दिया गया है। बता दें कि बाड़ा देव पांच पांडव अर्की उपमंडल के ही नही अपितु पूरे प्रदेश और देश के आराध्य देव माने जाते है और इन्हें पाँच पाण्डव बाड़ादेव के नाम से पूरे प्रदेश में जाना जाता है। इस वार्षिक मेले के साथ प्रदेश के लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है और हर वर्ष इन मेलों में लोगों का भारी हुजूम उमड़ता है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने जो दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उसके तहत ऐसे किसी भी आयोजन को नहीं किया जा सकता जहां पर बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठी होनी हो। कोरोना वैश्विक महामारी के चलते हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के बंद रखने के दृष्टिगत बाड़ादेव पाँच पाण्डव मंदिर समिति सरयांज बाड़ीधार व ग्राम पंचायत सरयांज के संयुक्त तत्वाविधान में यह निर्णय लिया गया है कि इस वर्ष दिनांक 15 जून , 2021 को बाड़ीधार में होने वाले धार्मिक मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा। यह निर्णय कोरोना महामारी के दृष्टिगत हिमाचल सरकार के दिशा - निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। बाड़ादेव पांच पाण्डव मन्दिर समिति ने लिखित में प्रशासन को दिया है कि कोरोना महामारी के चलते इस बार मेला आयोजित नहीं होगा। बाड़ादेव मन्दिर समिति प्रदेश के सभी श्रद्धालुओं से अपील करती है कि सभी अपने घरों में ही रहे एवं घर से ही पूजा - अर्चना करें व सरकार के दिशा - निर्देशों का पालन करें।
दाड़लाघाट :विकास खंड कुनिहार की दूरदराज क्षेत्र की ग्राम पंचायत मांगल में आसमान से बरसी आफत के कारण कंधर-बैरल मार्ग की कटिंग का फेंका मलबे से वहां के वाशिंदो को भारी नुकसान हुआ है। नुकसान के कारण गांव दवारलू की बावड़ी भी नुकसान की वजह से क्षतिग्रस्त हो गई। पंचायत मांगल के गांव दवारलू,नानिहास,डंगोयल धार,बानधार के लोग पिछले 7 दिनों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। इसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जल शक्ति विभाग से पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है। गांव के लालमन, बाबूराम, देवीराम, राजकुमार, गोविंद राम, संत राम, नीम चंद ने बताया कि पिछले दिनों बारिश के पानी से कंधर-बेरल रोड़ की कटिंग का फैंके हुए मलबे से दवारलू गांव की बावड़ी क्षतिग्रस्त होने से पंचायत प्रतिनिधियो ने पीने का पानी दवारलू को निजी वाहन के माध्यम से पानी मुहैया कराया। स्थानीय लोगों ने कहा पिछले सात दिनों से पेयजल की किल्लत चल रही है। मवेशियों के लिए भी पानी मुहैया करवाना मुश्किल हो रहा है।जबकि गृहिणियों को रसोई सहित अन्य दिनचर्या के कार्यों को निपटाने में असुविधा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी प्रबंधन ने पंचायत प्रतिनिधियों की लोगों को पानी उपलब्ध कराने में मदद करने से इनकार किया। कंपनी प्रबंधन के मनाही से स्थानीय जनता में भारी रोष है। लोगों ने कहा कि जल शक्ति विभाग से आग्रह है कि बावड़ी के जलस्त्रोत को बचाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर करेट वायर लगवाएं व तुरन्त क्षतिग्रस्त बावड़ी का कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने विभाग से मांग की है कि जल्द पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। उधर,जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता ओमप्रकाश ने बताया कि मोटर खराब व बिजली ना होने की वजह से पानी की आपूर्ति नही हुई,लेकिन लोगों को अब परेशानी का सामना नही करनापड़ेगा। पेयजल की आपूर्ति सुचारू रूप से करके स्थानीय लोगों को पेयजल आपूर्ति की समस्या से निजात मिल जाएगी।
दाड़लाघाट :विकास खंड कुनिहार की दूरदराज क्षेत्र की ग्राम पंचायत मांगल में आसमान से बरसी आफत के कारण कंधर-बैरल मार्ग की कटिंग का फेंका मलबे से वहां के वाशिंदो को भारी नुकसान हुआ है। नुकसान के कारण गांव दवारलू की बावड़ी भी नुकसान की वजह से क्षतिग्रस्त हो गई। पंचायत मांगल के गांव दवारलू,नानिहास,डंगोयल धार,बानधार के लोग पिछले 7 दिनों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। इसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जल शक्ति विभाग से पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है। गांव के लालमन, बाबूराम, देवीराम, राजकुमार, गोविंद राम, संत राम, नीम चंद ने बताया कि पिछले दिनों बारिश के पानी से कंधर-बेरल रोड़ की कटिंग का फैंके हुए मलबे से दवारलू गांव की बावड़ी क्षतिग्रस्त होने से पंचायत प्रतिनिधियो ने पीने का पानी दवारलू को निजी वाहन के माध्यम से पानी मुहैया कराया। स्थानीय लोगों ने कहा पिछले सात दिनों से पेयजल की किल्लत चल रही है। मवेशियों के लिए भी पानी मुहैया करवाना मुश्किल हो रहा है।जबकि गृहिणियों को रसोई सहित अन्य दिनचर्या के कार्यों को निपटाने में असुविधा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी प्रबंधन ने पंचायत प्रतिनिधियों की लोगों को पानी उपलब्ध कराने में मदद करने से इनकार किया। कंपनी प्रबंधन के मनाही से स्थानीय जनता में भारी रोष है। लोगों ने कहा कि जल शक्ति विभाग से आग्रह है कि बावड़ी के जलस्त्रोत को बचाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर करेट वायर लगवाएं व तुरन्त क्षतिग्रस्त बावड़ी का कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने विभाग से मांग की है कि जल्द पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। उधर,जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता ओमप्रकाश ने बताया कि मोटर खराब व बिजली ना होने की वजह से पानी की आपूर्ति नही हुई,लेकिन लोगों को अब परेशानी का सामना नही करनापड़ेगा। पेयजल की आपूर्ति सुचारू रूप से करके स्थानीय लोगों को पेयजल आपूर्ति की समस्या से निजात मिल जाएगी।
दाड़लाघाट :अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन प्राइवेट आईटीआई दाड़लाघाट के सौजन्य से कोविड-19 जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।सत्र का उद्देश्य आईटीआई के प्रशिक्षुओं के अभिभावकों की ओर से कोविड-19 से संबंधित संशयों को दूर करना था।संस्थान की ओर से प्रशिक्षुओ के परिवार वालों का कुशलक्षेम जानने के लिए कॉल की गई थी।उस दौरान अभिभावकों ने कोविड से संबंधित संशयो को दूर करने तथा जागरूकता सत्र के लिए निवेदन किया था।जिसकी पूर्ति के लिए अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन के स्वास्थ्य समन्वयक अजीत सिंह को आमंत्रित किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के प्रधानाचार्य राजेश शर्मा ने छात्रों तथा अभिभावकों का कुशलक्षेम जानकर स्वागत भाषण के साथ किया।इसके पश्चात अजीत सिंह ने कोविड तथा वैक्सीनेशन को लेकर विस्तृत जानकारी अभिभावकों के साथ साझा की।इस दौरान कोविड से प्रभावित अभिभावकों और छात्रों को मानसिक तौर पर सुदृढ़ रहने के लिए प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम का समापन प्रशिक्षक मोनिका ने सभी अभिभावकों छात्रों स्वास्थ्य समन्वयक तथा समस्त श्रोताओं का आभार व्यक्त करके किया।
सोलन : जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत छूट तथा प्रतिबन्धों के सम्बन्ध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश प्रदेश के मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष द्वारा 11 जून, 2021 को जारी आदेशों की अनुपालना में जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला में ‘मास्क नहीं तो सेवा नहीं’ (नो मास्क-नो सर्विस) की नीति की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित बनाई जाएगी। जिला के सभी बाजार एवं दुकानें सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 09.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक (08 घण्टे के लिए) खुले रहेंगे। सभी बाजार एवं दुकानें शनिवार एवं रविवार को बन्द रहेंगी। सब्जी, दूध, दुग्ध उत्पाद, मीट, मछली, अण्डों एवं रोज़मर्रा की ज़रूरतों की दुकानें शनिवार तथा रविवार को भी प्रातः 09.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक खुली रहेंगी। फार्मेसी एवं दवा की दुकानें सामान्य कार्य समय के अनुसार खुली रहेंगी। दुकानदारों एवं विक्रेताओं को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी कोविड-19 सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी।राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थापित सभी ढाबे, खान-पान स्थल, वाहन मुरम्मत एवं कलपुर्जों की दुकानें पूर्व में जारी आदेशों के अनुसार खुली रहेंगी। जिला में उचित मूल्य की दुकानें 20 मई, 2021 को जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार कार्यशील रहेंगी। आगामी आदेशों तक 04 कर्मियों तक की संख्या वाले सभी कार्यालय पूर्ण संख्या के साथ कार्य करेंगे। सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्थानीय निकायों एवं स्वायत्त संस्थाओं के अन्य कार्यालय आगामी आदेशों तक 50 प्रतिशत कर्मियों के साथ कार्यशील रहेंगे। विभागाध्यक्ष अथवा कार्यालयाध्यक्ष क्रमवार उपस्थिति के सम्बन्ध में आवश्यकतानुसार निर्णय ले सकेगें। सभी कार्यालयों में कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाएगा। दिव्यांग, गर्भवती एवं धातृ महिलाओं को कार्यालय आने से छूट रहेगी और ऐसे कर्मचारी अपने घर से कार्य कर सकेंगे। अपने घर से कार्य कर रहे सभी कर्मियों को आवश्यकता पड़ने पर कार्यालयाध्यक्ष द्वारा तुरन्त कार्यालय बुलाया जा सकेगा। जिला प्रशासन कार्यालय 06 मई, 2021 को जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार कार्यशील रहेगा। चिकित्सा महाविद्यालय, आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं दन्त चिकित्सा महाविद्यालयों को 23 जून, 2021 से पुनः खोलने की अनुमति होगी। नर्सिंग एवं फार्मेसी महाविद्यालयों को 28 जून, 2021 से पुनः खोलने की अनुमति होगी। इस सम्बन्ध मंे विस्तृत दिशा-निर्देश तथा मानक परिचालन प्रक्रिया स्वास्थ्य एवं परिवार कल्यण विभाग द्वारा जारी की जाएगी। अन्य सभी शिक्षण, प्रशिक्षण एवं कोचिंग संस्थान आगामी आदेशों तक बन्द रहेंगे। सभी प्रकार के सामाजिक, अकादमिक, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं अन्य समागम आगामी आदेशों तक प्रतिबन्धित रहेंगे। विवाह एवं अन्तिम संस्कार में अधिकतम 20 व्यक्तियों के सम्मिलित होने की अनुमति होगी। पर्यटन इकाइयों को पर्यटन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार आरम्भ किया जा सकेगा। ऐसे सभी स्थानों पर कोविड-19 सुरक्षा मानकों की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी। इन आदेशों के अुनसार सभी सिनेमा हाॅल, व्यायामशालाएं, खेल परिसर, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर एवं सभागार तथा ऐसे अन्य स्थल आगामी आदेशों तक बन्द रहेंगे। हेयर कटिंग सेलून, ब्यूटी पार्लर को कोविड-19 सुरक्षा मानकों की पूर्ण अनुपालना तथा जिला दण्डाधिकारी द्वारा पूर्व में जारी मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार खोला जा सकेगा। धार्मिक स्थल आम जन के लिए बन्द रहेंगे किन्तु यहां परम्परा अनुसार दैनिक पूजा की अनुमति होगी। सार्वजनिक तथा अनुबन्धित परिवहन सेवा एवं स्टेज कैरियेज का अन्तर राज्यीय परिवहन प्रतिबन्धित रहेगा। जिला सोलन में सभी प्रकार के अन्तर राज्यीय आवागमन का अनुश्रवण कोविड ई-पास साॅफ्टवेयर (http://covid19epass.hp.gov.in) पर पंजीकरण के माध्यम से किया जाएगा। इसका उद्देश्य संगरोध आवश्यकता का अनुश्रवण तथा कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के मामले में उनके सम्पर्क में आए व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करना है। सोलन जिला में आने के इच्छुक सभी व्यक्तियों को उपरोक्त आॅनलाईन साॅफ्टवेयर पर अपना विवरण अंकित करना होगा। सोलन जिला में प्रवेश पर यह जानकारी सम्बन्धित व्यक्तियों के साथ साझा की जाएगी। आरटीपीसीआर परीक्षण की पूर्व नेगेटिव रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं होगी। अन्तर जिला एवं सोलन जिला से प्रदेश के अन्य जिलों के लिए सार्वजनिक परिवहन बस सेवा, स्टेज एवं अनुबन्धित कैरियेज की आवाजाही के लिए कुल सीट क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ अनुमति प्रदान की गई है। परिवहन विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाना होगा। निजी वाहन, ऑटो रिक्शा, टैक्सी को पंजीकृत सीट क्षमता एवं कोविड-19 सुरक्षा मानकों की अनुपालना के साथ आवागमन की अनुमति होगी। आदेशों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों, कार्यस्थलों एवं सार्वजनिक परिवहन में उचित प्रकार से मास्क पहनना अनिवार्य है। सार्वजनिक स्थानों पर दो व्यक्तियों के मध्य कम से कम 06 फीट की दूरी रखनी आवश्यक है। सार्वजनिक स्थानों में थूकने पर नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर पान, गुटका, तम्बाकू एवं अन्य सामान उत्पादों का सेवन प्रतिबन्धित है। 65 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के व्यक्ति, गम्भीर रोगी, गर्भवती एवं धातृ महिलाओं तथा 10 वर्ष से कम आयुवर्ग के बच्चों को स्वास्थ्य एवं आवश्यक कारणों के अतिरिक्त घर से बाहर आवाजाही न करने का परामर्श दिया गया है। इन आदेशों की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधानों, आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 तथा हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 के अनुरूप कार्रवाही की जाएगी। यह आदेश 14 जून, 2021 की प्रातः 06.00 बजे से प्रभावी माने जाएंगे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन के एनएसएस यूनिट ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर स्वयंसेवकों ने विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया। इस दौरान चित्रकला,निबंध लेखन तथा कविता पाठ के माध्यम से बालकों का शिक्षा पर अधिकार पर अपने भाव प्रकट किए। हिमानी भगत ने सुंदर कविता पाठ से सभी को भावविभोर कर दिया। हिमानी कौशल ने सुंदर निबंध लिखकर बाल श्रम के विरुद्ध प्रहार किया। नितेश गुप्ता,दिव्यांशु,प्रवीण कुमार,श्रुति तथा रोहित कौशल ने चित्रकला के माध्यम से प्रतियोगिता के रूप में भाग लिया। यह सारे आयोजन कोविड-19 के कारण ऑनलाइन ही आयोजित हुए।कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू व डॉक्टर करुणा ने बालकों को उनके कर्तव्य और प्राकृतिक अधिकारों के बारे में बताया कि विश्व में बाल श्रम एक बहुत बड़ी गंभीर समस्या है,जिससे समाज का भविष्य धूमिल हो जाता है।प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने सभी की रचनाओं को देखकर उनकी सराहना की तथा बाल श्रम के विरुद्ध स्वयंसेवकों को अपनी भूमिका एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में निभाने का अनुरोध किया। इस कार्यक्रम में लगभग 50 स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्पल ने जिला में 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सभी व्यक्तियों, हेल्थ केयर वर्कर, फ्रन्ट लाइन वर्कर एवं अन्य प्राथमिकता समूहों से आग्रह किया है कि वे कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए अपना प्रथम टीकाकरण 19 जून, 2021 तक करवा लें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि उक्त सभी समूहों के लिए टीकाकरण की प्रथम खुराक 19 जून, 2021 तक ही दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस समूह के लिए टीकाकरण 19 जून, 2021 तक मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार एवं शनिवार को किया जाएगा। डाॅ. उप्पल ने कहा कि 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लिए टीकाकरण सोमवार तथा बृहस्पतिवार को किया जाएगा। इसके लिए 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लाभार्थियों को कोविन पोर्टल अथवा आरोग्य सेतु ऐप पर पंजीकरण करवाना होगा। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के उपरान्त कोविन पोर्टल अथवा आरोग्य सेतु ऐप पर टीकाकरण तिथि पर जाकर तिथि व स्थान चुनें। तदोपरान्त ओटीपी के साथ जो सन्देश आएगा, को अपने पहचान पत्र के साथ टीकाकरण स्थल पर लाना होगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के टीकाकरण के लिए पंजीकरण, टीका लगने से 02 दिन पूर्व किया जाएगा। सोमवार के टीकाकरण के लिए पंजीकरण शनिवार को तथा बृहस्पतिवार के टीकाकरण के लिए पंजीकरण मंगलवार को किया जाएगा। यह पंजीकरण निर्धारित दिवस पर दिन में 2.00 बजे से 2.30 के मध्य किया जाएगा। डाॅ. उप्पल ने कहा कि जिला में सभी टीकाकरण स्थलों पर कोविड-19 के लिए जारी एसओपी का पालन सुनिश्चित बनाया जा रहा है। उन्होंने सभी समूहों से आग्रह किया कि निर्धारित तिथियों पर अपना टीकाकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण कोविड-19 महामारी के विरूद्ध कारगर सुरक्षा कवच है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि टीकाकरण के उपरान्त भी बचाव नियमों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर नाक से ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनें, उचित सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करंे और बार-बार अपने हाथ अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहलयुक्त सेनिटाइजर से धोते रहें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि कोविड-19 के बारे में सहायता के लिए हेल्पलाइन नम्बर 1077 पर सम्पर्क करें। सोलन में दूरभाष नम्बर 01792-220049, 01792-221234 तथा 01792-220882 पर कोविड-19 से सम्बन्धित समस्या का निवारण प्राप्त किया जा सकता है।
दवा गुणवत्ता के लिए विस्तृत मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन आवश्यक : राज्य दवा नियन्त्रक नवनीत मारवाह
हिमाचल प्रदेश में निर्मित की जा रही दवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने एवं दवाओं के नशीले पदार्थों के रूप में दुरूपयोग को रोकने के लिए विस्तृत मानक परिचालन प्रक्रिया तैयार की गई है। प्रदेश के दवा निर्माताओं के लिए इस मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना आवश्यक है। यह जानकारी राज्य दवा नियन्त्रक नवनीत मारवाह ने दी। नवनीत मारवाह ने कहा कि प्रदेश मेें दवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने एवं इनके दुरूपयोग को रोकने के लिए दवा उत्पादन एवं इनके विक्रय के समय पर विस्तृत पग उठाए जा रहे हैं। इनके माध्यम से यह सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि राज्य में उत्पादित की जा रही दवाओं की गुणवत्ता विश्व स्तरीय हो और किसी भी स्तर पर इनका दुरूपयोग न हो सके। राज्य दवा नियन्त्रक ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस सम्बन्ध में जारी अधिसूचना के अनुरूप विस्तृत मानक परिचालन प्रक्रिया तैयार की गई है। इस एसओपी के अनुसार उत्पाद लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय दवा निर्माता को लाइसेंस प्राधिकारी के समक्ष दवा विक्रेता के साथ किया गया समझौता एवं दवा लाईसेंस प्रस्तुत करना अनिवार्य है। उद्योग स्थल से दवाओं को भेजते समय दवा निर्माता को स्थानीय दवा निरीक्षक, सम्बन्धित पुलिस अधीक्षक एवं उस राज्य के दवा नियन्त्रक को ईमेल के माध्यम से सूचित करना जरूरी है जहां दवाओं का विक्रय किया जाना है। इससे सूचना के आदान-प्रदान में सहायता मिलती है एवं निरीक्षण व्यवस्था सुदृढ़ होती है। उन्होंने कहा कि मानक परिचालन प्रक्रिया के सम्बन्ध में दवा निर्माताओं को उचित जानकारी प्रदान की गई है ताकि अनुपालना में कोई कोताही न हो। नवनीत मारवाह ने कहा कि दवाओं के सम्बन्ध में उत्पादकों को प्रदान की जा रही अनुमतियों की नियमित समीक्षा की जाएगी और यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि दवाओं का दुरूपयोग न हो। उन्होंने कहा कि औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम की अनुपालना भी सुनिश्चित बनाई जा रही है। राज्य दवा नियन्त्रक ने कहा कि मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना के साथ-साथ नियमित निरीक्षण भी किए जा रहे हैं। प्रदेश में औचक एवं नियमित निरीक्षण के लिए दवा निरीक्षकों द्वारा कार्य किया जा रहा है। इस कार्य में आवश्यकतानुसार पुलिस की सहायता ली जा रही है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तायुक्त दवा उत्पादन सुनिश्चित बनाने एवं दवा संयोजन का नशीली दवा के रूप में दुरूपयोग रोकने के लिए ऐसे दवा निर्माताओं की जानकारी पुलिस के साथ साझा की जाती है। उन्होंने कहा कि दवा गुणवत्ता एवं दवा संयोजन के नशीली दवाओं के रूप में दुरूपयोग को रोकने के लिए मार्च 2019 से राज्य में प्रदेश एवं जिला स्तर पर संयुक्त कार्यबल गठित किया गया है। इस कार्यबल में प्रदेश पुलिस, नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो तथा प्रदेश दवा नियन्त्रण प्रशासन के अधिकारियों को सम्मिलत किया गया है। यह कार्यबल ऐसे सभी दवा निर्माता स्थलों का निरीक्षण सुनिश्चित बना रहा है जहां दवा संयोजन का दुरूपयोग हो सकता है। प्रदेश में दवा नियन्त्रक द्वारा औचक निरीक्षण के लिए 05 टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों ने सोलन, ऊना, सिरमौर और कांगड़ा जिलों में गत एक सप्ताह में 53 दवा निर्माता इकाईयों का निरीक्षण किया। 43 मामलों में किसी भी तरह का दुरूपयोग नहीं पाया गया। उन्होंने कहा कि 10 मामलों में जांच जारी है। इनमें से 02 मामलों में दवा निर्माण रोकने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। अन्य 02 मामलों में भण्डार सील कर दिया गया है तथा 06 अन्य मामलों में रिकाॅर्ड दिखाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। नवनीत मारवाह ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को सर्वश्रेष्ठ दवा निर्माता हब बनाने के लिए कृतसंकल्प है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए दवा नियंत्रक के माध्यम से आवश्यक पग उठाए जा रहे हैं।
अर्की उपमंडल के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सरयांज के दूरदराज के गांव में अभी तक इंटरनेट का सिग्नल ही नहीं पंहुच पाया है। जिसके कारण स्कूली बच्चो को अपनी ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण करने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बच्चों को अपने गांव से दूर पहाडियों पर जाकर सिग्नल तलाशना पड़ता है। जिसके कारण बच्चो की शिक्षा पर तो असर पड ही रहा है, वंहा उनके परिजनों को भी जंगली जानवरों खतरा सत्ता रहा है। बता दें कि ग्राम पंचायत सरयांज के अंतर्गत आने वाले गाँव गरुड़ नाग, चुडावली, नलिलान क्वालंग डोलरी, मनोल आदि गाँव अभी भी इनटर्नेट सुविधाओं से वंचित है। उक्त गाँव के ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चो को भारी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। प्रीति, दीपक, रोहित गौतम, कविता गौतम, पूनम गौतम, ध्रुव, जोगिन्द्र, कमलेश, नीलम, ललिता, उप प्रधान प्रकाश गौतम आदि ने कहा कि पंचायत के अधिकतर गांव में इंटरनेट सुविधा नही है। जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। वंही प्रधान रमेश ठाकुर का कहना है कियश विषय उनके संज्ञान में है। इससे सम्बंधित विभाग से बात हुई है जिसके चलते शीघ्र ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महा सचिव संजय अवस्थी ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अर्की से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी द्वारा कोविड किट बांटने का कार्यक्रम सिर्फ राजनीति से प्रेरित है। पूरा समाज कोविड महामारी से त्रस्त है और ऐसे समय में स्थानीय भाजपा नेता द्वारा इस तरह की राजनीति करना स्वीकार्य नही है। यदि वे जनता के सच्चे हितैषी है तो सर्वप्रथम अर्की विधानसभा क्षेत्र में जो विकास कार्य ठप्प पड़े है ,उन्हें शुरू करवाएं। लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाएं। उन्होंने कहा कि आज दाड़लाघाट के सीएचसी का भवन सफेद हाथी बना हुआ है। दाड़लाघाट व जयनगर के डिग्री कॉलेज भवन का निर्माण शुरू नहीं किया गया है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बने करीब चार साल हो गए है, मगर अर्की क्षेत्र के लिए यह नेता एक भी नई योजना जनहित में नही ला पाए है।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने आयुष विभाग को निर्देश दिए है कि 21 जून को आयोजित होने वाले अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के सम्बन्ध में लोगों को जागरूक किया जाए ताकि लोग योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। केसी चमन आज यहां अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। केसी चमन ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत इस वर्ष भी अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया जाएगा। इसके लिए आयुष निदेशालय द्वारा वर्चुअल लिंक प्रेषित किया जाएगा। अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर वर्चुअल कार्यक्रम प्रातः 7.00 बजे से 7.45 बजे तक आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 19 तथा 20 जून 2021 को जिला आयुष विभाग द्वारा प्रातः 8.00 बजे से 8.45 बजे तक वर्चुअल माध्यम से पूर्व योग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से आयुष विभाग के योग प्रशिक्षक विभिन्न योग आसनों एवं स्वस्थ जीवनशैली की जानकारी प्रदान करेंगे। आयुष विभाग द्वारा जूम, फेसबुक तथा यू-टयूब जैसे सोशल मीडिया माध्यमों के लिंक द्वारा यह गतिविधियां करवाई जाएंगी। उपायुक्त ने जिला के सभी कार्यालय प्रमखों को निर्देश दिए कि वे इस लिंक को अपने कर्मचारियों के साथ-साथ विभागीय व्हट्सऐप एवं फेसबुक समूहों के साथ साझा करें ताकि अधिक से अधिक लोग योग दिवस के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हो सकें। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग द्वारा विभिन्न विभागों के व्हट्सऐप समूह तैयार किए जाएंगे ताकि सभी योग से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि विभिन्न विश्वविद्यालयों के उप कुलपति तथा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों से आग्रह किया जाएगा कि अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़ने के लिए प्रदान किए गए लिंक को अपने आधिकारिक समूह एवं छात्रों के साथ साझा करें। केसी चमन ने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा आशा कार्यकर्ताओं का सहयोग भी लिया जाएगा। इन्होंने स्वास्थ्य सम्बन्धी विभिन्न जानकारी के लिए पहले ही व्हट्सऐप समूह तैयार किए हैं। इनके माध्यम से ग्रामीण स्तर तक लोगों को योग गतिविधियों से जोड़ा जा सकेगा। रोटरी क्लब, लाॅयन क्लब, इन्नर व्हील क्लब एवं अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं की सेवाएं भी इस कार्य के लिए प्राप्त की जाएंगी। उपायुक्त ने कहा कि आयुष विभाग द्वारा कोविड-19 पाॅजिटिव होम आईसोलेटिड रोगियों के लिए 02 जून से ‘आयुष घर द्वार’ कार्यक्रम के तहत योग गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। आयुष घर द्वार कार्यक्रम के तहत जिला सोलन में होम आईसोलेशन रोगियों को 79 व्ह्टसऐप समूहों के माध्यम से योग के माध्यम से स्वस्थ रहने के विषय में जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि इन व्हट्सऐप समूहों में अन्य श्रेणियां भी जोड़ी जाएं ताकि प्रत्येक समूह में 100 सहभागी हों। आयुष विभाग की ओर से बैठक में जानकारी दी गई कि विभाग 21 जून, 2021 को सांयकाल में एक आदान-प्रदान सत्र आयोजित करने की रूपरेखा तैयार कर रहा है। इस सत्र में हमारे शरीर पर प्राणायाम के प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष रमेश ठाकुर, उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ महेन्द्र पाल गुर्जर, वन मण्डल अधिकारी नालागढ़ यशुदीप सिंह, समादेशक गृह रक्षा डाॅ. शिव कुमार शर्मा, उपण्डलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला, उपमण्डलाधिकारी कसौली डाॅ. संजीव धीमान, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डाॅ. राजेन्द्र शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्दी नरेंद्र कुमार, उप पुलिस अधीक्षक सोलन योगेश दत्त जोशी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक नरेंद्र धीमान, जिला पंचायत अधिकारी मोती लाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पायुक्त सोलन केसी चमन ने जिला के सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मानसून सीजन के दृष्टिगत सभी विभागों के मध्य उचित समन्वय स्थापित करें ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में टीम भावना के साथ कार्य करते हुए नुकसान को कम किया जा सके। उपायुक्त आज यहां दक्षिण-पश्चिम मानसून की तैयारियों के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। केसी चमन ने कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत सभी तैयारियों को पूर्ण रखें और यह सुनिश्चित बनाएं कि कोविड-19 प्रोटोकोल की अनुपालना में कोई कोताही न हो। उन्होंने सम्भावित आपात स्थिति से पूरी सजगता के साथ निपटने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उपमण्डल स्तर पर मानसून सीजन के दृष्टिगत आवश्यक कदम उठाएं और यह सुनिश्चित बनाएं कि आवश्यकता के समय प्रभवित क्षेत्र में राहत पहुंचाने में विलम्ब न हो। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, नगर निगम सोलन, अन्य शहरी निकायों तथा पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में वर्षा काल की तैयारियों के लिए गतिविधियों को शीघ्र पूर्ण करें। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक जल स्त्रोतों तथा जल भण्डारण टैंकों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी जल स्त्रोतांे की समुचित क्लोरिनेशन करने के निर्देश भी दिए। उन्हांेने माह में कम से कम 02 बार पेयजल नमूनों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल के योग्य न रहे जल स्त्रोेतों के समीप ‘न पीने योग्य पानी’ का बोर्ड स्थापित करने के आदेश भी दिए। नगर निगम सोलन तथा अन्य शहरी निकाय व पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वर्षा जल के समुचित निकासी के लिए नालियों तथा बड़े नालों में अवरोधों को हटाया जाए क्योंकि अवरोध के कारण एकत्र हुआ जल आपदा का बड़ा कारण बन सकता है। केसी चमन ने कहा कि जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण तथा पंचायती राज विभाग के अधिकारी मौसम विभाग तथा केन्द्रीय जल आयोग द्वारा समय-समय पर जारी चेतावनियों एवं परामर्श का उचित प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। यह सुनिश्चित बनाया जाए कि इस सम्बन्ध में जारी चेतावनी लोगों तक शीघ्र पहुंचे। इसके लिए आकाशवाणी, दूरदर्शन तथा सोशल मीडिया का उचित उपयोग किया जाए। उपायुक्त ने राजस्व, लोक निर्माण, जल शक्ति विभाग तथा हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटिड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर स्थानीय लोगों को इस सम्बन्ध में जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मार्ग, जलापूर्ति योजनाएं विद्युत लाईनें एवं क्षेत्र जो कि भूस्खलन अथवा बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं को चिन्हित किया जाए। उपायुक्त ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल जनित रोगों के उपचार के लिए आवश्यक दवाइयों का भण्डारण समुचित मात्रा में रखें। उन्होंने समुचित मात्रा में क्लोरिन पाउडर तथा गोलियों का भण्डारण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए कि स्क्रब टाइफस एवं डेंगू जैसी बीमारियों से निपटने के लिए भी पूरी तैयार रखें और इस सम्बन्ध में लोगों को जागरूक बनाएं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग आवश्यक खाद्य वस्तुओं की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धतता सुनिश्चित करे। नगर निगम सोलन, नगर परिषद नालागढ़, नगर परिषद बद्दी, नगर परिषद परवाणू, नगर पंचायत अर्की तथा नगर पंचायत कण्डाघाट के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे पेड़ों को चिन्हित करें जिनके गिरने की संभावना है ताकि समय रहते इस दिशा में उचित कार्यवाही की जा सके। केसी चमन ने जिला के सभी उपमण्डलों में उचित स्थानों पर आपदा के समय प्रभावित व्यक्तियों के आश्रय के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष रमेश ठाकुर, उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ महेन्द्र पाल गुर्जर, वन मण्डल अधिकारी नालागढ़ यशुदीप सिंह, समादेशक गृह रक्षा डाॅ. शिव कुमार शर्मा, उपण्डलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला, उपमण्डलाधिकारी कसौली डाॅ. संजीव धीमान, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्दी नरेंद्र कुमार, उप पुलिस अधीक्षक सोलन योगेश दत्त जोशी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक नरेंद्र धीमान, जिला पंचायत अधिकारी मोती लाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सोलन में पेयजल की गुणवत्ता जांचने के लिए जल शक्ति विभाग द्वारा एक मुहीम चलाई जा रही है। विभाग द्वारा क्षेत्र के सभी स्त्रोतों की जल-जाँच संबंधी अभियान चलाया जा रहा है। जल शक्ति विभाग मंडल अधिशासी अभियंता सोलन के दिशा निर्देशों अनुसार समस्त स्कूलों, आंगनबाड़ियों केंद्रों व शहर के जल स्त्रोतों की टेस्टिंग की जा रही है। कोरोना काल में स्वछता को ध्यान में रखते हुए यह मुहीम चलाई गई है। पानी की टेस्टिंग से उसकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी। जिसके चलते लोगों तक साफ जल पहुंचेगा। विभाग द्वारा कोरोना संकट में यह सहरानीय कदम उठाया गया है। बता दें कि बीआरसी जय देव व उनकी टीम के द्वारा क्षेत्र के हर गांव व पंचायत में जाकर यह जल जाँच की जा रही है।
कोट बेजा : सोलन जिला के धर्मपुर विकास खंड की ग्राम पंचायतों में पिछले वर्ष मनरेगा योजना के तहत हुए विकास कार्यों का निर्माण सामग्री का करीब 2 करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान मैटीरियल सप्लायरों का नहीं हो पा रहा है। साथ ही पिछ्ले वर्ष से मनरेगा योजना के तहत हुए विकास कार्यों में लगे मिस्त्रीयो की दिहाड़ी मजदूरी का पैसा भी उन्हे नहीं मिल पा रहा है। और विभिन्न पंचायतों के मैटीरियल सप्लायरों का अपना कार्य चलाना मुश्किल हो गया है वहीं मिस्त्रियो का पैसा ना मिलने से वह अपने को ठगा सा महसूस कर रहै है। चंडी पंचायत के प्रधान बलवंत ठाकुर ने बताया कि पंचायत कार्यों के निर्माण के लिए मैटीरियल सप्लायरों द्वारा निर्माण सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। जिसमे जनरल फंड का पैसा शीघ्र आ जाता है तथा मनरेगा के मैटीरियल का पैसा चार पांच माह में आता रहा है। लेकिन इस बार बहुत लंबे अरसे से मनरेगा मैटीरियल का पैसा नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया है कि मनरेगा में मिस्त्री को मैटीरियल की श्रेणी में रखा गया है। जिसमे मात्र 267 रुपए मिस्त्री की दिहाड़ी लगाने वाले को पिछले वर्ष से अदायगी नहीं हो पा रही है। जिस कारण वश इस महंगाई के इस दोर में मिस्रियों को अपने परिवार के पालन पोषण कि चिंता सता रही है उन्होंने बताया कि एक ओर सरकार प्रशाशन मनरेगा में कार्यों का टारगेट देती रही है वहीं दूसरी ओर सरकार समय पर भुगतान नहीं कर रही है । बलवंत ठाकुर ने बताया कि कई बार इस मुद्दे को लेकर प्रशाशन के समक्ष उठा चुके है। उन्होंने बताया कि पिछले आठ माह से लंभित पडे कार्यों का सीमेंट भी उपलब्ध नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर एवं पंचायती राज मंत्री श्री विरेन्द्र कंवर से मांग कि है कि पिछले वर्ष के लंबित पैसों का भुगतान किया जाए.उधर इस विषय में विकास खंड अधिकारी धर्मपुर सुभाष अत्री ने बताया कि मनरेगा मैटीरियल , मिस्रियों की पेमेंट नहीं हुई है जैसे ही हमारे पास पैसा आता है खातों में डाल दिया जाएगा
सोलन : डॉ यशवंत सिंह औदयानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में पिछले दिनों, चार नए वैधानिक अधिकारियों ने कार्यभार संभाला। इसमें निदेशक अनुसंधान, विस्तार शिक्षा निदेशक, छात्र कल्याण अधिकारी और लाइब्रेरियन शामिल है। अर्थशास्त्री डॉ रविंदर शर्मा ने विश्वविद्यालय के निदेशक अनुसंधान के पद का कार्यभार संभाला। इससे पूर्व डॉ शर्मा विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक के पद पर कार्य कर रहे थे। उनके स्थान पर कीट वैज्ञानिक डॉ दिवेन्द्र गुप्ता ने विवि के विस्तार शिक्षा निदेशालय में निदेशक के पदभार संभाला है। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के सत्यानन्द स्टोक्स पुस्तकालय में सब्जी विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ हेम राज शर्मा ने लाइब्रेरियन के पद पर जॉइन किया। किट वीज्ञान विभाग के डॉ जेके डूबे ने विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण संगठन में स्टूडेंट वेलफ़ैरऑफिसर के रूप में जॉइन किया है।
दाड़लाघाट: पोंटा साहिब से ट्रांसफर होकर आए नायब तहसीलदार इंदर कुमार ने सब उपमंडल दाड़लाघाट की उप तहसील में पहुंचकर बतौर नायब तहसीलदार अपना कार्यभार संभाल लिया है। दाड़लाघाट में इससे पहले नायब तहसीलदार का कार्यभार बंसत लाल राजटा देख रहे थे, जिनकी सेवानिवृत्त होने के बाद इंदर कुमार को नियुक्त किया गया है। कार्यभार संभालने के बाद नायब तहसीलदार इंदर कुमार ने कहा कि सभी कर्मचारी व अधिकारी अपने काम में पारदर्शिता बरतें और समय पर काम निपटाएं, ताकि उप तहसील में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि इलाके के लोगों के कामकाज पूरी लगन मेहनत के साथ पहल के आधार पर किए जाएंगे। यदि फिर भी किसी व्यक्ति को कोई परेशानी आती है,तो उनसे सीधा संपर्क कर सकते है। नायब तहसीलदार इंदर कुमार ममलीग के गांव शारडाघाट के रहने वाले हैं। इंदर कुमार ने कहा कि राजस्व विभाग में सेवाएं चुनौतीपूर्ण काम होता है, लेकिन बावजूद इसके पूरी लग्न व निष्ठा से स्थानीय लोगों को राजस्व संबंधी अपनी सेवाएं देंगे। उप तहसील दाड़लाघाट में नए नायब तहसीलदार के कार्यभार संभालने के बाद जहां उपतहसील कार्यो को निपटाने में गति मिलेगी, वहीं लोगों को भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी विकासात्मक योजनाओं को जनता तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाड़ीधार व कांगरी धार में पर्यटन की दृष्टि से बढ़ावा व दाड़लाघाट क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाने की बात कही तथा लोगों से अपील भी की कि वह नियमों का पालन करें तथा बिना वजह घरों से बाहर न निकले।
नालागढ़ : सोलन जिला के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) में औद्योगिकीकरण की गति के साथ-साथ पर्यावरण को स्वच्छ एवं आबोहवा को शुद्ध रखने के लिए वन विभाग निरंतर प्रयासरत है। इस दिशा में नालागढ़ वन मण्डल द्वारा योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। नालागढ़ वन मण्डल द्वारा बीबीएन क्षेत्र में गत 02 वर्षों में यह सुनिश्चित बनाया गया है कि एक ओर जहां वन भूमि से अवैध अतिक्रमण को हटाया जाए वहीं दूसरी ओर हरित आवरण में भी वृद्धि की जाए। गत 02 वर्षों में वन मण्डल नालागढ़ के अन्तर्गत 67 हैक्टेयर (889 बीघा) वन भूमि से अतिक्रमण हटाया गया है। वर्ष 2019-20 में वन परिक्षेत्र अधिकारी नालागढ़ तथा वन खण्ड अधिकारी सैनीमाजरा में अपनी टीम के साथ क्षेत्र के मगनपुरा, बीड प्लासी एवं सैनीमाजरा क्षेत्रों में अतिक्रमण के 29 मामलों में कार्यवाही कर 46 हेक्टेयर वन भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करवाया गया है। वर्ष 2020-21 में ढेरोवाल क्षेत्र में अतिक्रमण के 17 मामलों का निपटारा किया गया और 21 हैक्टेयर वन भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करवाया गया। वन भूमि की सुरक्षा के लिए मुक्त करवाई गई भूमि की चेन लिंक फेन्सिग करवाई गई है। नालागढ़ वन मण्डल द्वारा अवैध कब्जे से मुक्त करवाई गई 46 हैक्टेयर वन भूमि पर पौधरोपण किया गया और 34 हजार 600 पौधे रोपित किए गए। शेष 21 हैक्टेयर वन भूमि पर इस वर्ष पौध रोपण किया जाएगा। अतिक्रमण के 06 अन्य मामले नालागढ़ वन मण्डल के वन मण्डलाधिकारी के समक्ष लम्बित हैं। इनमें भी शीघ्र ही निष्कासन आदेश जारी कर अतिक्रमण हटाने के सम्बन्ध में कार्यवाही की जाएगी। वन मण्डलाधिकारी नालागढ़ यशुदीप सिंह ने इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी देते हुए कहा कि अपने अधिकार क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाना और वन भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त करना विभाग का मुख्य दायित्व है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए औचक निरीक्षण के साथ-साथ नियमित गश्त सुनिश्चित बनाई जाती है। बीबीएन क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए यह आवश्यक है कि क्षेत्र के पर्यावरण को स्वच्छ रखा जाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को साफ-सुथरी आबोहवा के लिए जाना जाता है और वन विभाग इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वन भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त करवाने के लिए वन खण्ड अधिकारी सैनीमाजरा सोमनाथ एवं वन रक्षक बीड प्लासी तरसेम लाल को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। यशुदीप सिंह ने लोगों से आग्रह किया कि वन भूमि पर अवैध कब्जे के सम्बन्ध में सम्बन्धित क्षेत्र के वन अधिकारी सूचित करें ताकि इस दिशा में त्वरित कार्यवाही अमल में लाई जा सके।
दाड़लाघाट : उप तहसील दाड़लाघाट के अंर्तगत आने वाली बरायली, दाड़लाघाट, रौडी पंचायत के लगते गांव डवारु, शमेली, ककेड, बुडमो, गवाह, मझेड, नौणी, स्यार, खाता, रौडी, बटेड,पछिवर में भाजपा नेता व हिमको फेडरेशन के चेयरमैन रत्न सिंह पाल ने एक दिवसीय दौरे के दौरान कोरोना पीड़ित मरीजों को होम आइसोलेशन किटें प्रदान कीं साथ ही उनका हाल चाल भी जाना। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाया कि सरकार और प्रशासन उनकी हर सम्भव मदद के लिए हर समय तैयार है। उन्होंने कहा कि इस आपदा की स्थिति में लोगो की सहायता के लिए आगे आयें, इस विषय को राजनैतिक दृष्टिकों से न देखें। इस दौरान बरायली पंचायत की प्रधान रीता शर्मा, उपप्रधान कृष्ण चंद भट्टी, रौडी पंचायत की प्रधान रीना शर्मा, दाड़लाघाट पंचायत के प्रधान बंसी राम भाटिया, उपप्रधान हेमराज, स्नेहलता, सरोज गौतम, बसंत लाल, हीरा देई, पवन कुमार, जगदीश्वर शुक्ला, बालकराम शर्मा, पवन गौतम, मदन शर्मा, नरेश शर्मा सहित तीनों पंचायत के वार्ड सदस्य मौजूद रहे।
दाड़लाघाट : दाड़लाघाट क्षेत्र के व्यस्त रहने वाले एनएच 205 अम्बुजा चौक पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगा। दाड़लाघाट अम्बुजा चौक पर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने चार सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए हैं।इसका कंट्रोल रूम पुलिस थाना दाड़लाघाट में बनाया गया है। पुलिस थाने की देखरेख में कंट्रोल रूम का संचालन होगा। यहां से अम्बुजा चोक, बिलासपुर व शिमला हाईवे में आने जाने वालों की पुलिस की सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से नजर रहेगी। अम्बुजा चोक सहित बस स्टैंड व एसबीआई बैंक की तरफ से घूमने वाले हर वाहन व हर आने-जाने वाला सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रहेगा। हाई क्वालिटी के कैमरे में 50 मीटर तक दायरे में हर वस्तु स्पष्ट नजर आएगी।नियंत्रण कक्ष में कैमरे में कैद हर गतिविधि का रिकार्ड रहेगा।इससे अपराधिक मामलों को तुरंत सुलझाने में सहूलियत मिलेगी।इसके साथ ही दाड़लाघाट में आए दिन बढ़ रही सड़क दुर्घटना,चोरी,तस्करी आदि की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। यहां स्थापित किए जाएंगे सीसीटीवी:- एक कैमरा शालाघाट स्थित शिमला बिलासपुर मार्ग पर लगाया जायेगा।इस कैमरे से विभिन्न रूटों से आने जाने वाले वाहनों पर पैनी नजर रहेगी। इसके अलावा एक कैमरा कुनिहार के बीच लगाया जाएगा। मनचलों पर कसेगा शिकंजा:- पुलिस ने ये कैमरे अम्बुजा चौक के बिल्कुल मध्य में जहां पर लोगों की ज्यादा आवाजाही रहती है वहां पर स्थापित किए हैं।इससे छात्राओं, युवतियों व महिलाओं को आने जाने में किसी भी तरह की कोई परेशानी नही होगी। दाड़लाघाट में अम्बुजा चौक में चार सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए है। जबकि शालाघाट व कुनिहार में भी तीसरी आंख की नजर रहेगी। इसकी प्रक्रिया दाड़लाघाट से शुरू हो गई है और कंट्रोल रूम दाड़लाघाट थाना में बनाया गया है।
कुनिहार :अर्की उपमंडल के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सरयांज के दूरदराज के गांव में अभी तक इंटरनेट का सिग्नल ही नहीं पंहुच पाया है। जिसके कारण स्कूली बच्चो को अपनी आनलाइन शिक्षा ग्रहण करने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बच्चो को अपने गांव से दूर पहाड़ियों पर जाकर सिग्नल तलाशना पड़ता है। जिसके कारण बच्चो की शिक्षा पर तो असर पड़ ही रहा है लेकिन बच्चो के अभिवाको को इस बात का डर हमेशा रहता है कि बच्चे जंगल में जाकर शिक्षा ग्रहण कर तो रहे है लेकिन वंहा जंगली जानवरों का भी हमेशा खतरा बना रहता है। इसलिए गांव के कुछ लोग बच्चो के साथ रहते है। गाँव में इंटरनेट सुविधा न होने की वजह से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि गाँव में कोई बीमार पड़ जाए तो दूरभाष पर सम्पर्क करना मुश्किल हो जाता है। इसके अतिरिक्त किसी परिजन से भी बात करनी हो तो बड़ी ही मशक्कत के बाद फोन का सिग्नल तलाशना पड़ता है। जानकारी के अनुसार वर्ष 1985 86 में विकास खंड कुनिहार की ग्राम पंचायत सूरजपुर से कुछ क्षेत्र काटकर ग्राम पंचायत सरयांज बनाई गई थी। ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2005 -6 में सरयांज में एक निजी कम्पनी का टावर लगा दिया गया। लेकिन अभी भी उक्त टावर का सिग्नल बहुत से गाँव तक नही पंहुच पा रहा है। ग्राम पंचायत सरयांज के अंतर्गत आने वाले गाँव गरुड़ नाग, चुडावली ,नलिलान क्वालंग डोलरी ,मनोल आदि गाँव अभी भी इनटर्नेट सुविधाओं से वंचित है। जिस कारण उक्त गाँव के ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चो को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रीति, दीपक, रोहित गौतम, कविता गौतम,पूनम गौतम, ध्रुव ,जोगिन्द्र, कमलेश ,नीलम ,ललिता ,उप प्रधान प्रकाश गौतम आदि ने कहा कि पंचायत के अधिकतर गांव में इंटरनेट सुविधा नही है। बच्चो कि शिक्षा प्रभावित हो रही है सिग्नल न होने के कारण बच्चे जंगलो में जाकर पढ़ाई करते है। सरकार गांव कि इस समस्या के बारे में सुध ले व् शीघ्र इंटरनेट टावर लगाये। प्रधान रमेश ठाकुर ने कहा कि यह विषय मेरे संज्ञान में है व् सम्बंधित विभाग से इस बारे में बात हुई है। इस बाबत मुझे आश्वासन दिया गया है कि शीघ्र ही समस्या का समाधान होगा ।
दाड़लाघाट :वन खंड अधिकारी दानोघाट व वन परिक्षेत्र दाड़लाघाट के कर्मचारियों ने वन मंडल अधिकारी कुनिहार एचके गुप्ता के निर्देशानुसार पंचायत सेवड़ा चंडी के गांव बड़ोग में लोगों को तेंदुए के आतंक से सावधानियां बरतने की हिदायत दी है। ज्ञात रहे कि इन दिनों गांव बड़ोग में तेंदुए के आतंक से लोग सहमे हुए हैं। वन खंड अधिकारी सत्य देव शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव बड़ोग तथा आस पास आजकल ग्रामवासियों ने कई बार तेंदुए को घूमते हुए देखा है। शिकायत मिलने पर वन विभाग के कर्मचारियों ने गांव बड़ोग के ग्रामीणों से अपील की है कि ग्रामीण सावधानीपूर्वक अपना कार्य करें,ताकि जंगली जानवरों से किसी भी प्रकार के जान माल का नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि बच्चों व बजुर्गों को घर से बाहर अकेले मत भेजें, वहीं खेतों में कार्य करने के लिए व घासनी में घास काटने के लिए समूहों में बाहर निकलें व शोर मचाते हुए ही बाहर जाएँ, हो सके तो कुछ दिनों तक रात के समय घर से बाहर न निकलें। उन्होंने कहा कि ज्यादातर रात को पटाखे व ढोलक का उपयोग करें, ताकि शोर सुनकर जंगली जानवर अन्य स्थान के लिए भाग जाए। सत्य देव शुक्ला ने कहा कि अगर रात के समय घर से बाहर जाना ही पड़े, तो उपलों व जलती हुई लकड़ी का उपयोग करें, अगर किसी को भी जंगली जानवर दिखता है तो न ही उसे मारे व न ही उससे किसी भी प्रकार की शरारत करें,क्योंकि ऐसा करने पर जंगली जानवर नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारी के निर्देशानुसार गांव बड़ोग के लोगों को सावधानियां बरतने की हिदायत दी गई। इस मौके पर वन खंड अधिकारी दानोघाट सत्य देव शुक्ला,वन रक्षक चंडी बीट संजय कुमार,पूनम कुमारी,वन कर्मी टेक चंद मौजूद रहे।
जिला युवा सेवा एवं खेल विभाग सोलन द्वारा वर्ष 2020-21 में एक वर्ष के निःशुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह जानकारी जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी सुदेश धीमान ने आज दी। सुदेश धीमान ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 02 युवाओं को प्रवेश दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश राज्य युवा बोर्ड द्वारा आयोजित करवाया जाएगा। इस प्रशिक्षण के लिए इच्छुक युवा 25 जून, 2021 तक जिला युवा सेवा एवं खेल विभाग सोलन में आवश्यक प्रमाण पत्रों सहित आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कम्प्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्रीय इलेक्ट्राॅनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी, भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। सुदेश धीमान ने कहा कि कम्प्यूटर प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षणार्थी की आयु 18 से 35 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। प्रशिक्षणार्थी की शैक्षणिक योग्यता जमा दो होनी अनिवार्य है। तथा उसके घर से कोई भी व्यक्ति सरकारी या अर्धसरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए। प्रशिक्षणार्थी के घर की वार्षिक आय 02 लाख से कम होनी चाहिए। ग्रामीण युवाओं को प्राथमिकता दी जायेगी। प्रशिक्षणार्थी जिला सोलन का स्थायी निवासी होना चाहिए। जिन प्रशिक्षणार्थियों ने पहले कम्पयूटर प्रशिक्षण प्राप्त किया हो वह इस प्रशिक्षण शिविर के लिए आवेदन न करें। उन्होंने कहा कि उक्त शर्तों को पूरा करने वाले सभी इच्छुक युवा दिनांक 25 जून, 2021 तक जिला युवा सेवा एवं खेल विभाग सोलन में उक्त प्रमाण पत्रों सहित आवेदन कर सकते हैं। इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नम्बर 01792-223462 पर किसी भी कार्यदिवस पर सम्पर्क किया जा सकता है।
कोविड-19 महामारी के संकटकाल में विशेष रूप से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) गरीब एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को आर्थिक संबल प्रदान करने का सशक्त आधार बनकर उभरा है। प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित बना रही है कि मनरेगा के माध्यम से न केवल विकास कार्यों को गति मिले अपितु समय पर भुगतान भी सुनिश्चित हो ताकि संकट के इस समय में जरूरतमंद व्यक्तियों की समय पर सहायता हो सके। जिला प्रशासन सोलन ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रयास कर रहा है कि मनरेगा के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद व्यक्तियों का आर्थिक सहारा बना जाए। मनरेगा विकासात्मक गतिविधियों को गति प्रदान करने का माध्यम भी बन रहा है। वित्त वर्ष 2020-21 में मनरेगा के माध्यम से सोलन जिला में विभिन्न विकास कार्यों पर लगभग 28 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इस अवधि में जिला के पांचों विकास खण्डों में 09 लाख 98 हजार 111 श्रम दिवस अर्जित कर 1310 विकासात्मक कार्य पूर्ण किए गए हैं। 5803 विकास कार्य निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। जिला में ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत भूमि विकास, व्यक्तिगत डंगों इत्यादि एवं जल संरक्षण निर्माण कार्यों की अनुमति दी गई है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सभी 05 विकास खण्डों में मनरेगा के तहत कार्य कार्यान्वित किए जा रहे हैं। निर्माण कार्यों में न केवल गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है अपितु निर्माण सामग्री की उपलब्धतता भी समय पर सुनिश्चित बनाई जा रही है। जिला के धर्मपुर विकास खण्ड में वित्त वर्ष 2020-21 में मनरेगा के तहत 234 निर्माण कार्य पूर्ण किए गए जबकि 1312 विकास कार्यों का निर्माण प्रगति पर है। इन कार्यों पर लगभग 07 करोड़ रुपए व्यय किए गए। धर्मपुर विकास खण्ड में इस अवधि में 256240 श्रम दिवस अर्जित कर अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। कण्डाघाट विकास खण्ड में लगभग 02 करोड़ 99 लाख रुपए खर्च कर 184 विकास कार्य पूर्ण किए गए। विकास खण्ड में 732 विकास कार्य निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। कण्डाघाट विकास खण्ड में 120703 श्रम दिवस अर्जित किए गए। कुनिहार विकास खण्ड में इस समय अवधि में मनरेगा के तहत 236 निर्माण कार्य पूरे किए गए जबकि 1165 कार्यों का निर्माण प्रगति पर है। इस अवधि में कुनिहार विकास खण्ड में 179401 श्रम दिवस अर्जित किए गए और लगभग 05 करोड़ 13 लाख रुपए का भुगतान किया गया। नालागढ़ विकास खण्ड में मनरेगा के तहत किए जा रहे कार्यों पर वित्त वर्ष 2020-21 में 7.39 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इस अवधि में नालागढ़ विकास खण्ड में 257476 श्रम दिवस अर्जित कर 447 विकास कार्यों को पूर्ण किया गया। 1695 विकास कार्य निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। सोलन विकास खण्ड में वित्त वर्ष 2020-21 में मनरेगा के तहत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 184291 श्रम दिवस अर्जित किए गए। यहां 209 विकास कार्य पूर्ण किए गए जबकि 899 विकास कार्यों का निर्माण प्रगति पर है। यहां इस अवधि में लगभग 05 करोड़ 05 लाख रुपए व्यय किए गए। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन एवं जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक अनुराग चन्द्र शर्मा ने इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी देते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के समय में जिला प्रशासन मनरेगा के माध्यम से विकास कार्यों को गति प्रदान करने एवं ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कह कि वित्त वर्ष 2020-21 में सोलन जिला में 2344 परिवारों ने 100 दिन का रोजगार पूर्ण किया है। जिला में इस अवधि में 20156 आवासों के 28523 व्यक्तियों को मनरेगा के तहत रोजगार प्रदान किया गया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम जहां ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार वं स्वरोजगार के विभिन्न अवसर सृजित करने में सहायक बन रहा है वहीं कोविड-19 महामारी के संकट समय में ग्रामीणों के लिए आशा की किरण भी बनकर उभरा है।
कुनिहार :पुलिस पेंशनर एसोसिएशन ने सरकार व पुलिस महानिदेशक से मुख्य मांगो पर विचार करने का किया आग्रह
कुनिहार :मंगलवार को पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन कुनिहार ने त्रैमासिक वर्चुअल मीटिंग प्रधान धनीराम तंनवर की अध्यक्षता में कार्यकारणी पदाधिकारी गुरदयाल चौधरी ,जगदीश चौहान ,पुष्पा सूद ,आशा राणा ,संतराम चंदेल, केदार ठाकुर, श्यामलाल ठाकुर ,लेख राम काईथ, राजेंद्र शर्मा ,मुनि लाल चौहान ,दीप राम ठाकुर ,श्यामलाल भाटिया ,पतराम पंवर, रुप राम ठाकुर, रती राम शर्मा इत्यादि ने अपनी मुख्य मांगों पर सरकार व पुलिस महानिदेशक से गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। मुख्य मांगों में पुलिस कैंटीन को फौजी तर्ज पर मोबाइल कैंटीन के तौर पर हर थाना क्षेत्र में तारीख फिक्स करके सस्ता सामान उपलब्ध करवाना क्योंकि बहुत से पेंशनर इस हालत में नहीं है कि वह जिला की पुलिस लाइन से सामान प्राप्त करें। पुलिस पेंशनर व कर्मचारियों के बच्चों के लिए फौजी तर्ज पर पुलिस भर्ती में कुछ स्थान आरक्षित करना। पुलिस विभाग में काफी समय से हवलदार के पद पर 14,15 साल रहना पड़ता है तब कहीं जाकर उसको अगले पद के कोर्स करने के लिए भेजा जाता है जिसके कारण उसे उचित समय पर प्रमोशन नहीं मिलती क्योंकि इस समस्या से अपने कार्यकाल के दौरान हम में से भी बहुत से लोगों ने इसे झेला है। क्योंकि विभाग ने सीधी भर्ती बहुत ज्यादा शुरू कर रखी है। कुछ महीने पहले एसोसिएशन ने मीडिया के सहयोग से आशा रानी की शिकायत पर पुलिस के उच्च अधिकारियों से आग्रह किया था कि बहुत ही दुख की बात है कि इनके पति स्वर्गीय राजकुमार जो पुलिस कार्यालय सोलन में कार्यरत थे उनकी बीमारी के कारण डेढ़ साल पहले निधन हुआ मगर आज तक इस विधवा गरीब महिला को अपने पति के आर्थिक लाभ नहीं मिले किसी भी प्रकार की पेंशन जीपीएफ ग्रेचटी एक पैसा नहीं मिला जिसकी फाइल सोलन और शिमला के दफ्तरों में अब भी चक्कर काट रही है। यह अपने पति के पूरे अधिकारों से वंचित है। इसके 2 बच्चे हैं जिनकी पढ़ाई भी बंद हो चुकी है व इसे सरकारी क्वार्टर से भी निकाल दिया गया। अब यह महिला अपने बच्चों के साथ दर-दर भटक रही है मगर पुलिस विभाग इसके केस को गंभीरता से नहीं सुलझा रहा है। बैठक में कहा गया कि अगर इसके केस का फैसला 15 दिन के अंदर नहीं होता है तो एसोसिएशन मजबूर होकर मुख्य न्यायालय में याचिका दायर करेगी।
डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में आज कोरोना महामारी से बचाव के लिए चलाए गए कोविड 19 टीकाकरण अभियान के तहत 220 कर्मचारियों को टीका लगाया गया। विश्वविद्यालय द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से यह टीकाकरण अभियान चलाया गया। विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों और स्टाफ एवं छात्र कल्याण संगठन ने साथ मिलकर इस अभियान को चलाया। विश्वविद्यालय के 18-44 आयु वर्ग के फ्रंट लाइन वर्कर्स और 45 वर्ष के आयु से ऊपर के कर्मचारियों और अन्य लोगों को टीका लगाया गया जिसमें 87 वर्षीय श्रीमती चंचल भी शामिल थी। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी कर्मचारियों को टीकाकरण अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 12 जून को विश्वविद्यालय के शेष बचे कर्मचारियों के लिए एक बार फिर से टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।
सन्त निरंकारी मिशन सोलन की विभिन्न शाखाओं कुम्हारहट्टी, सोलन, दधोग, कण्डाघाट व नौणी के सहयोग से सन्त निरंकारी सत्संग भवन सोलन में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 67 युनिट रक्त एकत्रित किया गया। इस शिविर का शुभारम्भ उपायुक्त सोलन केसी चमन ने किया। केसी चमन ने कहा कि रक्तदान महादान है तथा कोविड-19 के इस दौर में सभी को इस पुनीत कार्य में आगे आकर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण उत्पन्न राष्ट्रीय आपदा जैसी स्थिति मे मानवता की सेवा में धार्मिक संस्थाएं अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। समाज सेवा के कार्य में सन्त निरंकारी मिशन का विशेष योगदान है। उन्होंने इस पुनीत कार्य के लिए सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोविड का खतरा अभी टला नहीं है और सभी को चाहिए कि वे कोरोना वायरस से बचाव के लिए सभी निर्धारित नियमों का पालन करें। सन्त निरंकारी मिशन सोलन के संयोजक विवेक कालिया ने कहा कि मिशन द्वारा गत 21 फरवरी 2021 को भी 76 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया था। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा में लगातार प्रयासरत सन्त निरंकारी मिशन सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज की अनुकम्पा से दिल्ली के बुराड़ी रोड़ में 1000 बिस्तरों वाला कोविड 19 ट्रिटमैंट सैंटर सुचारू रूप से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सोलन जिला के नालागढ़, कांगड़ा जिला के कछयारी और मण्डी व हमीरपुर जिला के अंतर्गत धरेटी में 25-25 बिस्तरों वाले कोविड उपचार केन्द्र सुचारू रूप से सरकार के सहयोग से कार्यरत हैं। इन कोविड उपचार केन्द्रों पर प्रत्येक बिस्तर के साथ ऑक्सीजन कन्सट्रेटर की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले रोगियों को तीनों समय के भोजन सहित मिशन के सेवादारों द्वारा अन्य सुविधएं भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इस अवसर पर मिशन के शिमला क्षेत्र के क्षेत्राीय संचालक नरेन्द्र कश्यप ने विशेष रूप से शिरकत की तथा उपायुक्त से भविष्य में मिशन की ओर से हर सम्भव सेवायें प्रदान करने की पेशकश भी की।
नौणी : डॉ. एम के ब्रह्मी, डॉ वाईएस परमार बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के पर्यावरण विज्ञान विभाग में कार्यरत संकाय ने कुलपति डॉ. परविंदर कौशल के ओएसडी के रूप में कार्यभार संभाला है। डॉ. ब्रह्मी ने नौणी विवि से बीएससी और एमएससी (वानिकी) की डिग्री प्राप्त करने के बाद वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने 2003 में एनएईबी के क्षेत्रीय केंद्र में एक शोध सहयोगी के रूप में विश्वविद्यालय से जुड़े और 2010 में पर्यावरण विज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्त हुए। डॉ. ब्रह्मी ओएसडी के रूप में कार्य करने के अलावा, कुलपति सचिवालय के योजना एवं कार्यान्वयन प्रकोष्ठ के प्रभारी के रूप में भी काम करेंगे। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. कौशल का नई ज़िम्मेदारी देने के लिए आभार व्यक्त किया। विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने डॉ ब्रह्मी को बधाई दी।
सोलन :जिला युवा सेवा एवं खेल विभाग सोलन द्वारा नोडल युवा क्लब योजना के अन्तर्गत वर्ष 2021-23 के लिए नोडल क्लब तथा युवा स्वयंसेवी का चयन किया जाना है। यह चयन सोलन जिला के पांचों विकास खण्डों के लिए किया जाएगा। यह जानकारी जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी सुदेश धीमान ने आज दी। सुदेश धीमान ने कहा कि नोडल क्लब तथा युवा स्वयंसेवी के चयन के लिए आवेदन 20 जून, 2021 तक भेजे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि नोडल योजना के अन्तर्गत चयनित युवा मण्डल को 35 हजार रुपए की सांस्कृतिक एवं खेल सामग्री तथा स्वयंसेवी को प्रतिमाह 03 हजार रुपये मानदेय प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नोडल क्लब का चयन युवा क्लब द्वारा गत 3 वर्षो की गतिविधियों के आधार पर किया जाएगा। नोडल क्लब के चयन के लिए पंजीकृत युवा मण्डल को अपनी 03 वर्षों की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। सुदेश धीमान ने कहा कि युवा स्वयंसेवी के चयन के लिए सम्बन्धित युवक मण्डल से 3-4 सक्रिय युवाओं के नाम, बायोडाटा तथा मोबाईल नम्बर विभाग के सोलन कार्यालय को प्रेषित करने होंगे। इन युवाओं की आयु 28 वर्ष से कम होनी चाहिए तथा शैक्षणिक योग्यता कम से कम 12वीं होनी चाहिए। ऐवे युवा समाज सेवा के कार्य में रूचि रखने वाले होने चाहिएं। उन्होंने कहा कि उक्त सभी शर्तों को पूर्ण करने वाले युवक मण्डल तथा युवा अपना आवेदन पत्र दिनांक 20 जून, 2021 तक जिला युवा सेवा एवं खेल कार्यालय, समीप पुराना उपायुक्त कार्यालय सोलन में स्वयं अथवा डाक के माध्यम से प्रेषित कर सकते हैं। आवेदन प्रपत्र कार्यालय के ईमेल पते sportsofficesolan@gmail.com पर भी भेजा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नम्बर 01792-223462 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग सोलन द्वारा आज जिला के अर्की उपमंडल के शालाघाट एवं अन्य स्थानों पर लोगों को लघु नुक्कड़ नाटिका के माध्यम से भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूरी बनाने और नियम पालन के सम्बन्ध में समझाया गया। विभाग से सम्बंधित शिव शक्ति कलामंच के कलाकारों ने आज शालाघाट एवं आसपास के क्षेत्रों में कोरोना वायरस बनकर लोगों को सीख दी। कलाकारों ने जब ‘मेरा नाम कोरोना है और मैं भीड़-भाड़ वाले स्थानों तथा सामाजिक समारोहों में अत्यधिक निवास करता हूं। ऐसे स्थानों पर जो भी व्यक्ति मुझे बिना मास्क के सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करते हुए मिलता है तो उसे में रोग ग्रस्त कर देता हूं’ कहा तो सभी दृश्य जीवंत हो गए। कलाकारों ने शालाघाट चैक पर जहां नाटकीय अंदाज में लोगों को कोविड-19 से बचाव के लिए विभिन्न उपायों की जानकारी दी वहीं प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन द्वारा कोविड-19 के दृष्टिगत जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का भी आग्रह किया। लोगों को सामाजिक समारोहों में कम से कम संख्या में उपस्थित होने के लिए जागरूक किया गया। लोगों को बताया गया कि कोविड-19 जैसा भयावह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इससे बचने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का नियमित प्रयोग, उचित सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन तथा समय-समय पर हाथों को साबुन या एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से साफ करते रहना आवश्यक है। कलाकारों ने लोगों को संदेश दिया कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। ऐसे स्थानों में जाने से कोरोना वायरस के फैलने का खतरा अधिक है तथा इससे पूरे परिवार तथा आसपास के लोगों के कोविड-19 से संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। यदि ऐसी जगह जाना भी पड़े तो मास्क एवं सेनिटाइजर का प्रयोग जरूर करें। लोगों को जानकारी दी गई कि कोरोना वायरस का खतरा अभी बना हुआ है। लोगों को बताया गया कि कोरोना बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन कोविड-19 महामारी से बचाव में अत्यंत कारगर है। लोगों से आग्रह किया गया कि कोविड-19 बीमारी के लक्षणों को छुपाएं नहीं और तुरंत चिकित्सक की सलाह अवश्य लें। लोगों से आग्रह किया गया कि खांसी, बुखार तथा जुखाम जैसे लक्षण होने पर बिना किसी संकोच के अपनी कोविड जांच अवश्य करवाएं।
ऊँचा परमाणु स्थित तालाब में परवाणू के दमकल विभाग द्वारा आज फिर मछलियों को बचाने के लिए अपनी सेवाएं प्रदान की। साथ ही कसौली से उपमंडल अधिकारी नागरिक द्वारा भी मौके का निरीक्षण किया गया व मछलियों के संरक्षण एवं तालाब की सुंदरता को बनाये रखने के लिए नगर परिषद अध्यक्ष के साथ मौके पर चर्चा की। उन्होंने बताया की हमें बड़ी खुशी है कि हमारी दी गई सलाह से नगर परिषद अध्यक्ष बहुत खुश हुए और इस पर सकारात्मक कदम उठाने के लिए हमें आश्वासन दिया। हम आभारी हैं दमकल विभाग के जो लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं तथा निशा शर्मा के जिन्होंने अपने फर्ज को समझते हुए इस कार्य में अपने को पूरी तरह से समर्पित कर दिया।
कुनिहार के साथ लगती जाबल झमरोट पँचायत के गाँव जाबल व झमरोट के अधिकतर ग्रामवासियों को काफी लंबे समय से पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इन गांवों में अधिकतर परिवारों को पानी नही पहुंच पाता है। कुछ लोग गांव मे टुलू पम्प का प्रयोग भी कर रहे है इसके अलावा पानी छोड़ने की अवधि भी बहुत कम है। इसी मुद्दे को लेकर इन ग्रामवासियों ने पँचायत प्रधान सीमा सहगल की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया व पेयजल आपूर्ति की समस्या का सही व सुचारू ढंग से कैसे समाधान हो के बारे में विस्तृत चर्चा भी की। कई सुझावों पर सहमति के बाद अधिशासी अभियंता अर्की को मांग पत्र के माध्यम से सभी कनेक्शन चैम्बर बनाकर दिए जाएं,पाइप लाइन में पानी छोड़ने का समय कम से कम 3 घण्टे हो, पानी का वितरण सभी को समान रूप से हो इसके लिए विभागीय कर्मचारी निगरानी रखे और डारेक्ट लाइन से टुलूपम्प का इस्तेमाल करने वालों पर नियमानुसार विभागीय कार्यवाही हो व प्रति परिवार एक ही कनेक्शन दिया जाए आदि सुझाव मांग पत्र में दिए गए है। ग्रामवासियों ने आई पी एच अर्की अधिशासी अभियंता से पानी की समस्या को जल्द हल करने की मांग की है। इस बैठक में बीडीसी सदस्य अमर सिंह परिहार, संजीव परिहार, दयानन्द परिहार, श्री राम परिहार, देवेंद्र वर्मा, अक्षय कुमार, अंशुल ठाकुर, देवीसरन, कृष्ण लाल, जितेंद्र, मनोज, जियालाल, ज्ञान चन्द, सीसराम, जियालाल, राम प्यारी, हरदेई ,पुष्पा पाल, नीलम आदि उपस्थित रहे।
शारदा पब्लिक स्कूल कश्लोग के बच्चों ने पर्यावरण दिवस मनाया। इस अवसर पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता व प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता को लेकर बच्चों में खुशी की लहर थी। इन प्रतियोगिताओं का आयोजन स्कूल के अध्यापकों द्वारा किया गया। इस मौके पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में तीन टीमें थी, जिसमे पहली टीम पानी, दूसरी टीम पौधे, तीसरी टीम पृथ्वी थी। इस प्रतियोगिता में दूसरी टीम विजेता रही।गूगल मीट के माध्यम से इन प्रतियोगिताओं को किया गया। इस अवसर पर बच्चों ने अपने घरों में पौधे लगाए। इन गतिविधियों की मदद से छात्रों ने हमारे जीवन में पौधों के महत्व को सीखा और पर्यावरण सरंक्षण के बारे में जागरूकता फैलाई। स्कूल की मुख्याध्यापिका शिवानी ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल के अध्यापकों द्वारा यह आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण आज पूरा देश इस महामारी से जूझ रहा है, बहुत जल्दी यह समस्या ठीक हो जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि घर पर रहे सुरक्षित रहे और सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करें।
अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन प्राइवेट आईटीआई दाडलाघाट में पर्यावरण दिवस को वर्चुअल मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पर्यावरण विषय के प्रोफेसर डॉ पवन कुमार अत्री रहे। कार्यक्रम की शुरूआत सोनू शर्मा ने मुख्यातिथि के स्वागत शब्दों के साथ की। इस दौरान छात्रों के बीच प्रश्नोतरी का आयोजन किया गया। जिसमें 15 छात्रों ने भाग लिया। इसमें उत्साह टीम प्रथम रही। जबकि पोस्टर मेकिंग में भी छात्रों ने बढ-चढ़ कर भाग लिया। जिसमें दिव्या एसएमओ ट्रेड की छात्रा प्रथम रही। इस मौके पर मौजूद कार्यक्रम में सभी ने अपने विचार भी साझा किए। कुछ छात्रों ने यह शपथ ली की यह एक वृक्ष को अपनाएंगे व उसकी देख भाल करेंगे। उन्होंने पर्यावरण को बचाने के लिए इस समय क्या जरूरत है व एक जिम्मेवार नागरिक होने के नाते हमारा इस समय क्या क्या कर्तव्य है इसके ऊपर अपने विचार सांझा किए। डॉ पवन वर्तमान में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पर्यावरण विषय के प्रोफेसर है। जिन्होंने प्रदेश, देश व अंतर्राष्ट्रीय मंचो पर पर्यावरण के मुद्दों पर अपना कर्तव्य दिया है। इस कार्यक्रम में लगभग 170 छात्रों सहित अध्यापक वर्ग ने भाग लिया।
दूरदराज के क्षेत्र राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल मांगल में काफी दिनों से रिक्त चल रहे फार्मासिस्ट के पद पर शशि पाल ने पदभार संभाल लिया है। इस पद को भरने के लिए मांगल, बागा (करोग) व बैरल तीनों पंचायत की जनता ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, स्वास्थ्य मंत्री राजीव सहजल, बीजेपी नेता व हिमकोफेड के चेयरमैन रत्न सिंह पाल का आभार जताया है। जनता की मांग पर हिमकोफेड के चेयरमैन रत्न सिंह पाल के प्रयासों से यह कार्य पूर्ण हो सका है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शीघ्र पीएचसी व जीएएच मांगल में डॉक्टर, नर्स, उप स्वास्थ्य केंद्र हवानी में एमपीडब्ल्यू, बैरल में एमपीडब्ल्यू व स्कोर में उप स्वास्थ्य केंद्र में खाली चल रहे पदों को भी जल्द से जल्द भरा जाए। लोगों ने परगना मांगल की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एंबुलेंस की भी मांग की है। स्थानीय लोगों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मांगल में हिंदी और इतिहास के प्रवक्ता के पद भरने पर भी धन्यवाद किया है। वहीं बैरल में एएनएम की नियुक्ति हेतु भी धन्यवाद किया है। इस दौरान भाजपा मंडल सचिव धनीराम चौहान, किसान मोर्चा अर्की मंडल उपाध्यक्ष अजीत सेन, कार्यकारिणी सदस्य हुकमचंद, चंपा चौहान, मछुआर संघ के प्रधान दीतू राम ठाकुर, बीजेपी जिला सदस्य लालमन चौहान, बीजेपी वरिष्ठ नेता बृज लाल चौहान, दयानंद शर्मा, भगत राम चौहान, प्रेम लाल चौहान, चुन्नीलाल चौहान, सोसायटी प्रधान मुंशी राम चौहान, ग्राम पंचायत मांगल की प्रधान उर्मिला रघुवंशी, उपप्रधान सीताराम ठाकुर, प्रधान ग्राम पंचायत बेरल ललिता व समस्त जनता ने सरकार का खाली चल रहे पदों को भरने के लिए धन्यवाद किया है।
हिमाचल प्रदेश के सोलन की बेटी बलजीत कौर ने माउंट एवरेस्ट समूह की पुमोरी चोटी पर फतह हासिल की है। अपने इस पर्वतारोहण अभियान के बाद बलजीत कौर रविवार को सोलन पहुंचेंगी। बलजीत और उनकी साथी पर्वतारोही राजस्थान की गुणबाला शर्मा 7161 मीटर ऊंची चोटी पुमोरी पर विजय हासिल करने वाली पहली भारतीय महिलाएं बन गई हैं। 12 मई की सुबह 8.40 पर पहले बलजीत कौर पुमोरी चोटी पर पंहुची और उसके कुछ ही देर बाद गुणबाला शर्मा भी शिखर पर पहुंचीं। बलजीत के साथ नूरी शेरपा और गुणबाला के साथ गेलू शेरपा ने इस अभियान को पूरा किया। पुमोरी चोटी एवरेस्ट पर्वत श्रृंखला की कठिन चोटी है और सोलन की बलजीत ने इस पर विजय हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला होने का गौरव हासिल किया है। इससे पहले 10 मई को दो भारतीय पुरुषों कुल्लू के हेमराज और स्तेंजिन नोरबो ने भी पहले भारतीय युगल के रूप में पुमोरी को फतह किया था।
आज 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर राजकीय महाविद्यालय सोलन के एनसीसी कैडेट्स द्वारा पौधारोपण किया गया। लोगो को पोस्टर और वीडियो के माध्यम से बदलते पर्यावरण के प्रति जागरूक किया। महाविद्यालय के एनो लेफ्टिनेंट सोहन सिंह नेगी ने बताया कि सीनियर अंडर ऑफिसर नीरज रावत और अन्य सभी केडेट्स एक हफ्ते से विश्व पर्यावरण दिवस की तयारी कर रहे थे। सभी कैडेट्स द्वारा कोविड 19 के दिशा निर्देशों के तहत अपने घरों के आस पास पौधे लगाए गए और भविष्य में उन पौधों को एक पेड़ में विकसित होने तक उनकी देखरेख की प्रतिज्ञा ली।
The Department of Environmental Science, Dr. YS Parmar University of Horticulture and Forestry, Nauni celebrated World Environment Day-2021 through virtual mode. The theme of the event was ‘Ecosystem Restoration’ with the slogan ‘Recreation, Re-imagination and Restoration of Ecosystem’. This year, World Environment Day is special and will kick start the UN Decade on Ecosystem Restoration programme for 2021-2030 period. Speaking at the event, Professor S K Bhardwaj, Head, Department of Environmental Science gave a brief background on World Environment Day. He said that by celebrating this day, we all can show our gratitude to mother nature for everything it has blessed us with. He added that nature gives us signals to mend our ways and work towards the protection and conservation of the environment. He pointed out that COVID pandemic has proved that the unbalanced use of natural resources by humans has caused irreversible changes in nature. He said that the time is right to take action at the individual level to prevent, halt and reverse the degradation of the ecosystem so that the balance is restored and this planet can be saved for future generations. More than 65 undergraduate and postgraduate students and faculty of the university attended the online event. Various competitions like slogan writing, painting, photography, short video and quiz were organized virtually. Kanchan, Neha Awasthi, Sakshi Verma secured first prizes in slogan writing, painting and nature photography competitions respectively. Amita Sharma, a first year PhD student stood first in the online quiz competition. The short video competition was won by Ashima Raina. Students along with faculty members took a pledge to conserve and restore natural ecosystems on an individual basis. Vote of thanks was proposed by Dr. Pratima Vaidya.


















































