Dr. YS Parmar University of Horticulture and Forestry, Nauni signed a Memorandum of Understanding (MoU) with a Shimla based food processing company for the production of apple cider vinegar, based on the technology developed by the scientists of the University's Department of Food Science and Technology (FST) under a DST project. Dr. Ravinder Sharma, Director of Research signed the agreement on behalf of the university. Nanda Chhajta and Yashwant Chhajta, proprietors of RUHILL Food Processing Unit, Shimla were present on the occasion. The agreement was signed in the presence of Vice-Chancellor Dr. Parvinder Kaushal. Dr. Anju K Dhiman, Dean College of Horticulture; Dr. KD Sharma, Professor and Head, Department of FST and Dr. Rakesh Sharma, who is one of the scientists who helped develop this technology, were also present on the occasion. This is the second startup that has signed a non-exclusive license agreement with the university for the transfer of this technology by paying Rs 40,000 as technology fee. Under this agreement, the company will use the university’s tech to manufacture and sell the cider vinegar and will also acknowledge it on the product label. Explaining the technology, Dr. KD Sharma, said that the university technology is an alternative to the traditional methods of making apple cider vinegar and can also be taken as an alternative approach for complete utilization of culled apples along with improving the farm income. He complimented the entrepreneurs for putting faith in the university technology and apprised them of the several other technologies and processes developed by the university, which can be beneficial to the enterprise. Congratulating the entrepreneurs and the scientists, Dr. Parvinder Kaushal said that it is great to see entrepreneurs coming forward and showing intent in developing their products on the university technologies. He said that the demand for apple cider vinegar has increased manifold in the past few years due to its several health benefits. “A large quality of low-grade size and deformed apples go waste each year mainly due to the lack of appropriate processing technology in the production area. This technology can help to address the issue. The technology has optimized various factors involved in the production of vinegar as well as base wine and overcomes the problems of the traditional methods, which are slow and result in poor quality vinegar,” said Dr. Kaushal. He suggested that the company must explore the production and development of multi-products from apples so that the complete utilization of the fruit can be done.
दाड़लाघाट की दावटी पंचायत के शिवनगर में 12 ज्योतिर्लिंगों की स्थापना विधि-विधान के साथ शुक्रवार को संपन्न हो गई। इसी हफ्ते सोमवार से इन ज्योतिर्लिंगों की स्थापना के लिए महापाठ का आयोजन चल रहा था। दावटी पंचायत के शिवनगर के लिए धार्मिक दृष्टि से हमेशा के लिए यादगार रहेगा। इस अवसर पर अर्की विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा भी विशेष रूप से मौजूद रहे। यह महा आयोजन घनागुघाट पंचायत के तीन बार प्रधान रहे, समाज सेवी व एक उद्यमी हरिराम कौंडल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। बता दे कि इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए हरिराम कौंडल का विशेष योगदान रहा है। इस क्षेत्र में आज से 30-35 साल पहले लोग जहां दिन के समय आने जाने में भी कतराते थे, अब यहां रात को भी लोग घूमते हुए देखे जा सकते हैं। शिवनगर आज इतना प्रसिद्ध हो गया है की यहां पर लोगों की दिनभर काफी संख्या में आवाजाही रहती है। इसके अलावा शिवनगर में एक व्यवसायिक परिसर, पशु औषधालय और सरस्वती विद्या मंदिर प्राथमिक विद्यालय मौजूद है। 12 ज्योर्तिलिंगों की स्थापना के साथ इस क्षेत्र का धार्मिक दृष्टि से कितना महत्व बढ़ गया है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां पर श्री बजरंगबली का मंदिर होने के साथ शनिदेव का मंदिर भी है। मंगलवार व शनिवार के दिन यहां पर काफी भीड़ रहती है।अब ज्योर्तिलिंगों के स्थापित होने से सोमवार को भी शिवनगर में काफी भीड़ एकत्रित होगी। इसका पूरा श्रेय दावटी पंचायत की जनता ने हरिराम कौंडल और मंदिर कमेटी सदस्यों को दिया है। इस अवसर पर पूर्व विधायक गोबिंद राम शर्मा, हरिराम कौंडल, बाबूराम ठाकुर, धर्मपाल शर्मा, दावटी पंचायत की प्रधान इंदिरा शर्मा, उपप्रधान हीरा कौंडल व सभी वार्डों के सदस्यों सहित दावटी पंचायत के गणमान्य व प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे।
कुनिहार के प्रसिद्ध व्यापारी व समाज सेवी स्व लाला सुशिल मित्तल की 14 वी पुण्यतिथि पर उनके पुत्रों अमित मित्तल व सुमित मित्तल ने कुनिहार पँचायत कार्यलय के लिए एक वाटर कूलर भेंट किया तथा एक बड़ा वाटर कूलर दिगल बस स्टैंड पर स्थापित करवाया जंहा लोगों को हर समय शुद्ध व शीतल पेयजल मिलेगा। गौर रहे कि कुनिहार बाजार के प्रसिद्ध व्यापारी व समाज सेवी मित्तल परिवार हमेशा समाज सेवा में आगे रहता है। दशकों से यह परिवार समाज सेवा से जुड़ा हुआ है। अपने पिता स्व सुशील मित्तल के नक्शे कदम पर चलते हुए अपनी कड़ी मेहनत की नेक कमाई से अमित मित्तल व सुमित मित्तल समाज सेवा में हर समय आगे रहते है। कोरोना काल मे गरीबों को राशन व जरूरत का सामान भेंट करना हो या किसी सार्वजनिक सामाजिक व धार्मिक स्थान को सामग्री उपलब्ध करवाने सहित कई अन्य पुनीत कार्यों मे मित्तल परिवार हमेशा निस्वार्थ भाव से आगे रहता है। इस पुनीत कार्य के लिए दिगल पँचायत प्रधान पवन कुमार ,व्यापार मण्डल दिगल, कुनिहार पँचायत प्रधान राकेश ठाकुर व स्थानीय लोगों ने मित्तल परिवार का धन्यवाद किया है।
होम्योपैथिक कॉलेज सोलन में डॉक्टर्स डे मनाया गया। इसके साथ ही कोरोना काल में जान गवाने वाले डॉक्टर्स को भी याद किया गया। गौरतलब है कि कोरोना काल में अपनी जान की परवाह किए बिना डॉक्टर दिन-रात देश सेवा में लगे है। अपनी जान को हथेली पर रख कर डॉक्टर निरन्तर कोरोना मरीज़ों की सेवा में जुटे है। इस मौके पर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ एनपी सिंह ने सभी को डॉक्टर्स डे की बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सभी डॉक्टर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस मौके पर उन्होंने कोरोना काल सेवाएं दे रहे सभी डॉक्टर्स की प्रशंसा की और कोरोना काल में जान गवाने वाले डॉक्टर्स को श्रधंजलि दी गई।
डॉ वाई एस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के सिल्वीकल्चर एंड एग्रोफोरेस्ट्री विभाग ने गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में वन महोत्सव मनाया। यह कार्यक्रम भारतीय स्टेट बैंक द्वारा बैंक की 66वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रायोजित किया गया था। इस अवसर पर बांस, कचनार और बियूल के 500 से अधिक पौधे लगाए गए। आने वाले सप्ताह में इस मुहिम के तहत विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के 1,600 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। सभा को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. परविंदर कौशल ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हम वृक्षारोपण अभियान के दौरान स्थान-विशिष्ट वृक्ष किस्मों का चयन करें ताकि वे अपने स्थानीय वातावरण में ठीक से विकसित हो सकें। डॉ. कौशल ने कहा कि हिमाचल जैसे राज्य में यह जरूरी है कि हम बरसात के मौसम के साथ-साथ सर्दियों के महीनों में भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करें। उन्होंने कहा कि सर्दियों के महीनों में कई फलों के पेड़ लगाए जाते हैं और इस तरह की गतिविधियों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने वनों में स्थानीय जंगली प्रजातियों के फलों के बड़े पैमाने पर रोपण को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया ताकि जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में भोजन उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विभिन्न मौसमों के लिए पौधारोपण कार्यक्रम विकसित करेगा ताकि विश्वविद्यालय के हरित आवरण को बढ़ाया जा सके। इस अवसर पर डॉ. कौशल ने भारतीय स्टेट बैंक के स्थापना दिवस पर बैंक को बधाई दी। एसबीआई सोलन के क्षेत्रीय प्रबंधक जवाहर कौल ने कहा कि यह एक महान अवसर हैं क्योंकि अपने अपने क्षेत्रों के दो महान संस्थान पर्यावरण को हरा-भरा करने में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंक अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के तहत इस तरह की और गतिविधियों में योगदान देगा। इससे पहले निदेशक अनुसंधान डॉ. रविंदर शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और गतिविधि को प्रायोजित करने के लिए एसबीआई का धन्यवाद दिया। सिल्वीकल्चर एंड एग्रोफोरेस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विमल चौहान ने वन महोत्सव और इस पहल के तहत विभाग द्वारा की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. देवेंद्र गुप्ता, छात्र कल्याण अधिकारी डॉ. जेके दुबे; कुलपति के ओएसडी डॉ एम के ब्रह्मी, एसबीआई से मुख्य प्रबंधक सुधीर कुमार झा, रजनीश कंवर, नौणी शाखा प्रबंधक राजीव गर्ग; वैज्ञानिक, स्टाफ और छात्रों ने इस अवसर पर वृक्षारोपण किया।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 02 जुलाई, 2021 को 33 केवी सराहन फीडर को स्थानांतरित करने एवं रखरखाव कार्य के दृष्टिगत 33/11 केवी ओच्छघाट विद्युत उपकेन्द्र की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अभियन्ता दिनेश ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत ओच्छघाट, नौणी, धारों की धार, धरजा, कालाघाट, जटोली, कोठों, टटूल, डमरोग, अप्पर सूर्य विहार, बलाना व इसके आस-पास के क्षेत्रों में 02 जुलाई, 2021 को दोपहर 01.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुल्हारी ने कोविड-19 महामारी की वर्तमान स्थिति के दृष्टिगत जिला के सभी धार्मिक स्थलों को खोलने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश प्रदेश के भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुरूप जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार सोलन जिला में सभी धार्मिक स्थल प्रदेश के भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना के अनुसार ही खुलेंगे। इसके अतिरिक्त सोलन जिला के सभी धार्मिक स्थानों पर किसी प्रकार के लंगर एवं सामुदायिक भोजन की अनुमति नहीं होगी। धार्मिक स्थलों में बार-बार स्पर्श करने वाले स्थानों को एक प्रतिशत सोडियम हाईपोक्लोराईट घोल के साथ साफ करना होगा। धार्मिक स्थलों में स्थापित घण्टियों को या तो हटाया जाएगा अथवा कपड़े से ढक दिया जाएगा ताकि श्रद्धालु इन्हें हाथ न लगाएं। श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों में गर्भ गृह में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। देव मूर्ति के समक्ष किसी को भी एक मिनट से अधिक खड़े नहीं होने दिया जाएगा। 65 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के व्यक्ति, गंभीर रोगी, गर्भवती महिलाओं तथा 10 वर्ष से कम आयुवर्ग के बच्चों को धार्मिक स्थानों में प्रवेश की अनुमति नहीं है। पूजा हाॅल एवं परिसर में आवागमन की अनुमति नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर पूजा परिसर में न्यूनतम उपस्थिति रखी जाएगी। यदि सम्भव हुआ तो विभिन्न स्थानों पर लाईव दर्शन के लिए एलईडी स्क्रीन स्थापित की जाएंगी। धार्मिक स्थल के समीप लक्षणयुक्त रोगियों को आईसोलेट करने के लिए आईसोलेशन कक्ष स्थापित किए जाएगा। इस कक्ष में लक्षणयुक्त रोगियों को रखने के उपरान्त सम्बन्धित चिकित्सक को सम्पर्क कर सैम्पलिंग एवं अन्य कार्य किए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य संस्थान के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों के आपाताकाल में कोविड परीक्षण के लिए प्रबन्ध करेंगे। पूजारी अथवा अन्य किसी व्यक्ति द्वारा ऐसी कोई पूजा नहीं सम्पन्न करवाई जाएगी जिसमें श्रद्धालु का स्पर्श करना हो। धार्मिक स्थल परिसर में भजन-कीर्तन करने, विवाह अथवा मुंडन संस्कार की अनुमति नहीं होगी। आवश्यकतानुसार विभिन्न स्थानों पर स्क्रीनिंग काउन्टर स्थापित किए जाएंगे। धार्मिक परिसरों में रात्रि ठहराव की अनुमति नहीं है। धार्मिक स्थलों में यदि सम्भव हो तो श्रद्धालुओं के अनुश्रवण के लिए सीसीटीवी कैमरा स्थापित किए जाएंगे। दिव्यांग जनों के देव दर्शन के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे। धार्मिक स्थल के भीतर हवन अथवा अधिक लोगों के एकत्र होने की अनुमति नहीं है। कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत धार्मिक स्थलों के प्रवेश द्वार एवं अन्य मुख्य स्थानों पर हाथ धोने की सुविधा एवं टच फ्री सोप डिस्पेन्सर स्थापित करने की सम्भावनाएं तलाशी जाएंगी। प्रवेश एवं निकासी द्वार पर हैण्ड सेनिटाइजर डिस्पेन्सर स्थापित किए जाएंगे। मूर्ति एवं पवित्र पुस्तकों को छूने की अनुमति नहीं होगी। प्रसाद चढ़ाने, पवित्र जल के छिड़काव की अनुमति भी नहीं होगी। श्रद्धालुओं अथवा न्यास कर्मियों द्वारा उपयोग के उपरान्त छोड़े गए मास्क, फेस कवर, दस्तानों इत्यादि का समुचित निपटान सुनिश्चित बनाना होगा। जिला दण्डाधिकारी ने इस सम्बन्ध में जिला के सभी उपमण्डलाधिकारियों को आदेश जारी कर मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए हैं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की दाड़लाघाट शाखा ने अपना 66वां स्टेट बैंक दिवस मनाया। एसबीआई के प्रबंधक गोवर्धन शर्मा ने बताया कि इन 66 वर्षों में भारतीय स्टेट बैंक ने अपने ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कई आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने इस पावन दिवस पर अपने सहयोगियों तथा अपने ग्राहकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी। इस दिवस को यादगार बनाने के लिए एसबीआई के स्टाफ ने वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दाड़लाघाट के प्रधानाचार्य राजीव गौतम को विद्यालय परिसर में देवदार के पौधे लगाने हेतु प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने बताया की एसबीआई बैंक ने अपने ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं देते हुए वीडियो केवाईसी की सुविधा प्रदान की है, अब ग्राहकों को बैंक शाखा में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। ग्राहक घर बैठे ही अपने खाते खोल सकेंगे। एसबीआई बैंक ने एक कवच योजना भी लागू की है जिसके अंतर्गत कोविड संक्रमित हुए ग्राहकों को सहायतार्थ कम ब्याज पर लोन सुविधा दी जा रही है।
दूरदराज की ग्राम पंचायत मांगल, बागा (करोग) के छोटे एवं सीमांत किसानों को राज्य परियोजना कार्यान्वन्यन इकाई द्वारा एक ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पदमश्री सुभाष पालेकर जीरो बजट प्राकृतिक खेती के जनक एवं कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर आदि ने ऑनलाइन के माध्यम से प्रांत के किसानों व बागवानों को प्राकृतिक विधि से खेती-बाड़ी करने के लिए प्रेरित किया।मांगल व बागा (करोग) पंचायतों में मास्टर ट्रेनर मस्तराम, मांगल पंचायत प्रधान उर्मिला देवी, उपप्रधान सीताराम, बागा करोग की प्रधान सुरेंद्रा देवी, उप प्रधान श्यामलाल चौहान, बीडीसी सदस्य वनिता देवी व दोनों पंचायतों के लगभग 20-20 किसानों ने प्राकृतिक खेती के बारे में ऑनलाइन संगोष्ठी में भाग लिया।
पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू की बाहरवीं कक्षा की छात्रा इप्सिता थापा ने उपनिर्देशक उच्च शिक्षा विभाग सोलन द्वारा आयोजित काँगड़ा भूकंप के उपलक्ष पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले भर में पाइन ग्रोव स्कूल का नाम रोशन किया है। गौरतलब है कि प्रदेश के काँगड़ा जिला में 1905 में भयानक भूकंप आया था इस भूकंप के आने से काँगड़ा जिला में तभी मच गयी थी। स्कूल में प्रथम आने के बाद इप्सिता का चयन विभिन निजी, आवासीय और राज्य द्वारा संचालित पब्लिक स्कूल एवं सरकारी के लिए आयोजित प्रतियोगिता के लिए हुआ था, जिसमे इप्सिता ने प्रथम स्थान हासिल किया है। उनकी कलात्मक प्रतिभा के लिए उन्हें 1100 रुपए की नगद राशि पुरुस्कार के रूप में दी गयी है। इप्सिता थापा की इस कामयाबी से उनके माता-पिता और पूरा स्कूल बेहद खुश है।
अटल शिक्षा कुञ्ज, कालूझिंडा स्थित आईईसी यूनिवर्सिटी में "उच्च शिक्षण संस्थानों में टीचिंग, लर्निंग और रिसर्च पर्सपेक्टिव्स" विषय पर एक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य विभिन्न विषयों के शिक्षकों और शोधकर्ताओं के भीतर पेशेवर गुणों का विकास करना और उन्हें आधुनिक समय के बदलावों के लिए तैयार करना है। दो सप्ताह तक चलने वाले इस कार्यक्रम में अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विद्वान अपना ज्ञान और अनुभव साझा करने के लिए ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध रहेंगे। कार्यक्रम के लिए अभी तक 200 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण करवा लिया है। इस क्रम में अभी तक डॉ० प्रभजीत सिंह नरूला, मनोचिकित्सा और परामर्श विशेषज्ञ, नई दिल्ली, प्रो० (डॉ०) पी० मल्याद्री, आईसीएसएसआर सीनियर फेलो, प्रो० (डॉ०) गीतिका सूद, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, प्रो० (डॉ०) के० वी० ठक्कर, डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स, मुंबई यूनिवर्सिटी, प्रो० (डॉ०) ओपी अग्रवाल, पूर्व कुलपति, जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर, प्रो० (डॉ०) अम्पू हरिकृष्णन, वाइस चांसलर हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय उत्तराखंड, प्रो० (डॉ०) अभय कुमार, वाइस चांसलर प्रताप यूनिवर्सिटी जयपुर ने वर्चुअल माध्यम से अपने विषय प्रस्तुत किये। आईईसी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो० (डॉ०) जितेंद्र सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम शिक्षाविदों व सोधार्थिओं के लिए आवश्यक विभिन्न रिसर्च और डिजिटल टूल्ज के बारे में जानने का एक सुनहरा अवसर है। कार्यक्रम के आयोजन सचिव प्रो० (डॉ०) आशीष कुमार शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम रिसर्च पेपर राइटिंग, रिसर्च प्रपोजल राइटिंग जैसे विषयों पर अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा। रिपोर्ट राइटिंग, अनुसंधान पद्धति, साइबर क्राइम, साहित्यिक चोरी को कम करना, स्ट्रेस मैनेजमेंट, राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020, प्रश्नावली का महत्व और इसकी रूपरेखा और अन्य विषयों को समझने के लिए बहुत लाभकारी होगा।
आज जब पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है तो इस संकट की घड़ी में चिकित्सक अपने जीवन की परवाह किए बिना पहली पंक्ति में खड़े होकर मानव सेवा में जुटे हैं। उनके इसी महत्वपूर्ण योगदान के लिए आज इनरव्हील क्लब मिडटाउन सोलन द्वारा चिकित्सक दिवस पर उन्हें सम्मानित किया गया। इस मौक़े पर सोलन मिडटाउन ने सोलन अस्पताल के CMO डॉक्टर राज उप्पल और उनकी टीम की सहयोगी डॉक्टर मुक्ता व आयुर्वेदिक हॉस्पिटल के डॉक्टर हितेश, डॉक्टर मनीष मित्तल और अन्य 27 डॉक्टरों को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया । क्लब सदस्यों ने डॉक्टरों को सम्मान के रूप में पौधे, कैंडल और सम्मान पत्र भेंट किए। कार्यक्रम के दौरान क्लब के सदस्यों ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया। इस मौक़े पर क्लब की ओर से CCC ऊषा ठाकुर, सविता भला, मनजीत, ज्योति, अनीता और ऑडिटर दीपाली ठाकुर मौजूद रही।
प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री डॉ राजीव सहजल आज निजी दौरे पर कुनिहार पहुंचे। जंहा उन्होंने भाजपा अर्की मण्डल अध्यक्ष देवेंद्र उपाध्याय के बेटे की नई मैडिकल शॉप का रिबन काटकर शुभारम्भ किया। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल विशेष रूप से मौजूद रहे। कुनिहार पहुंचने पर लोगों ने फूलमालाओं के साथ डॉ सहजल व अन्य अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान पत्रकारों द्वारा सिविल अस्पताल कुनिहार की खामियों के बारे सवाल पूछने पर डॉ सहजल ने कहा कि सिविल अस्पताल कुनिहार की जरूरतों को जल्द पूरा किया जाएगा व 108 एम्बुलेंस भी अस्पताल को जल्द ही मुहैया करवाई जाएगी। इसके बाद मन्त्री ने सिविल अस्पताल कुनिहार का निरक्षण भी किया व अस्पताल इंचार्ज डॉ सिद्धार्थ से पूरी जानकारी ली। उन्होने अस्पताल में व्यवस्था जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मंत्री सहजल ने अस्पताल में चल रहे कोविड वैक्सीनेशन सेंटर का निरक्षण कर वैक्सीन लगवाने आए लोगों से भी बातचीत की। इस मौके पर मार्किट कमेटी के चेयरमैन संजीव कश्यप, दलीप सिंह पाल, जय नन्द शर्मा, अमर सिंह परिहार, अनिल गर्ग, सुरेश कुमार जोशी, रघुवीर कंवर, रूपराम शर्मा, जगदीश अत्रि, रोहित जोशी, प्रतिभा कंवर, किरण कौंडल, कौशल्या कंवर, शिप्रा जोशी, सीमा महंत आदि उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 02 जुलाई, 2021 को सोलन के सपरून स्थित 132/33 केवी विद्युत उप केन्द्र की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी आज यहां विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियन्ता विकास गुप्ता ने दी। विकास गुप्ता ने कहा कि इस कारण 02 जुलाई, 2021 को सोलन शहर के विभिन्न हिस्सों, चम्बाघाट, बड़ोग तथा कण्डाघाट में प्रातः 09.30 बजे से सांय 06.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि 02 जुलाई, 2021 को सोलन शहर के माल रोड, अप्पर बाजार, पुराना उपायुक्त कार्यालय, आनंद काॅम्पलेक्स, न्यायालय परिसर, पीडब्लयूडी कालोनी, कलीन, सेर कलीन, सन्नी साईड, विवान्ता माल, मैसर्ज पैरागान, चिल्ड्रन पार्क, पुस्तकालय, मैसर्ज हिमानी, जौणाजी, शिल्ली, अश्वनी खड्ड, दामकड़ी, फशकना, फ्लाई, हरट, ब्रूरी, सलोगड़ा, मनसार, गलोथ, गण की सेर, कोधारी, कोठी, कथोग, बजरोल, नडोह, शामती, डमरोग, आॅफीसर काॅलोनी, कोटलानाला, कथेड़, मिनी सचिवालय एवं आस-पास के क्षेत्रों में प्रातः 09.30 बजे से सांय 06.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। चम्बाघाट क्षेत्र में 02 जुलाई, 2021 को चम्बाघाट चैक, फाॅरेस्ट कालोनी, फ्रेंडस कालोनी, करोल विहार, एनआरसीएम, बेर खास, बेर गांव तथा आस-पास के क्षेत्रों में प्रातः 09.30 बजे से सांय 06.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि बड़ोग में 02 जुलाई, 2021 को बड़ोग, आंजी, शमलेच, नगाली, कोरांे कैंथड़ी, लगहेचघाट, बाड़ा, कलोल, देहूंघाट, रबौण, तार फैक्ट्री, कायलर, लवीघाट, घट्टी, हाऊसिंग बोर्ड तथा आस-पास के क्षेत्रों में प्रातः 09.30 बजे से सांय 06.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। विकास गुप्ता ने कहा कि कण्डाघाट क्षेत्र में 02 जुलाई, 2021 को डेढघराट, परोथा, शिवालिक बाई मेटल, मही, डोलक, चायल रोड (कण्डाघाट), डुमैहर, कोठी बारा, कून, कोट कदौर, बोधन, हिन्नर, कुरगल, टिक्करी, टणांजी, कन्नौडी, घेवा, हुक्कल तथा आस-पास के क्षेत्रों में प्रातः 09.30 बजे से सांय 06.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने उक्त क्षेत्रों के निवासियों से उक्त अवधि में सहयोग की अपील की है।
उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद ने पर्यटन एवं पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि उपमण्डल के साधुपुल क्षेत्र में अश्विनी खड्ड के आस-पास नियमित औचक निरीक्षण किए जाएं आर क्षेत्र में धारा 144 के उल्लघंन पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए। डाॅ. सूद आज साधुपुल क्षेत्र में अश्विनी खड्ड के आस-पास क्षेत्र का निरीक्षण करने के उपरान्त स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों, होटल मालिकों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डाॅ. सूद ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए कि समूचे क्षेत्र में बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र के कार्य कर रहे होटलों के विरूद्ध सख्त कार्रवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि सभी होटलों में सीसीसटीवी कैमरे स्थापित होने चाहिएं। उन्होंने होटल मालिकों को निर्देश दिए कि अपने फेसबुक पेज एवं व्हाट्सएप ग्रुप में इस क्षेत्र में लागू धारा 144 तथा नदी क्षेत्र में जाने की मनाही के विषय में जानकारी दी जाए। उन्होंने होटल में भी पर्यटकों को इस विषय में जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि क्षेत्र में अश्विनी खड्ड के किनारे ऐसे स्थानों पर बाड़बन्दी की जाए जहां से पर्यटक एवं वाहन नदी में जाते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मुख्य स्थानों पर धारा 144 के सम्बन्ध में सूचना पट्ट स्थापित किए जाएंगे ताकि पर्यटकों को आवश्यक जानकरी मिल सके। उपमण्डलाधिकारी ने कहा कि अमूल्य पेयजल को दूषित होने से बचाने के लिए नियम पालन में कोई कोताही सहन नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहन कर रखें। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि मास्क न पहनने वालों तथा धारा 144 का उल्लघंन करने पर विधि सम्मत कार्रवाही अमल में लाई जाए। डाॅ. सूद ने कह कि जल को दूषित होने से बचाने के लिए प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड द्वारा पानी के नियमित सैम्पल लिए जाएंगे। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने आग्रह किया कि क्षेत्र में पुलिस की नियमित गश्त सुनिश्चित बनाई जाए। इस अवसर पर ग्राम पचंायत सकोड़ी के प्रधान सुरेश कुमार, उप प्रधान राजेन्द्र, ग्राम पंचायत तुन्दल की प्रधान चित्ररेखा, स्थानीय ग्रामीण, तहसीलदार कण्डाघाट अमन राणा, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ शुभम, सहायक पर्यटन विकास अधिकारी सोलन करतार चन्द, थाना कण्डाघाट के प्रभारी ब्रिज लाल, रिवर ऐसोसियशन साधुपूल के प्रधान पवन ठाकुर, सदस्य सन्दीप नेगी, रमेश शर्मा, नीरज ठाकुर तथा रजनीश शर्मा एवं अन्य उपस्थित थे।
कंडाघाट स्थित कृषि विज्ञान केंद्र सोलन के वैज्ञानिक दल ने विगत सप्ताह सोलन एवं कंडाघाट खण्डों के विभिन्न गाँवों का नैदानिक दौरा किया। वैज्ञानिकों के इस दल ने डॉ जितेंदर चौहान की अगुवाई में करोल पहाड़ी पर स्थित गाँवों का दौरा किया। डॉ आरती शुक्ला एवं डॉ अनुराग शर्मा ने किसानों को टमाटर में लगने वाले रोगों एवं कीटों के निदान के उपाय सुझाए तथा किसानों के खेतों का निरीक्षण भी किया।इस वैज्ञानिक दल ने जदारी, पलहेच एवं सलुमणा गाँवों का दौरा भी किया जहां किसानों ने इस वर्ष सेब के नए बगीचे लगाए हैं। जदारी गाँव के किसान प्रदीप, पलहेच गाँव के सुरेश कुमार एवं सलुमणा के परमानंद शर्मा के आग्रह पर केंद्र के प्रभारी डॉ जितेंदर चौहान ने इन सभी बागवानों के बगीचों में जाकर समर प्रूनिंग के गुर सिखाए। वैज्ञानिकों ने खेतों के निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर शिमला मिर्च में पता झुलसा, जीवाणु धब्बा तथा मुरझान रोग व टमाटर की फसल में बॅक आई फल सड़न (काली टिक्की) जीवाणु धब्बा, फल छेदक कीट एवं सफ़ेद मक्खी रोग से ग्रसित पाया।वैज्ञानिकों ने किसानों को इन रोगों व कीटों के नियंत्रण के उपाय सुझाए। इसके अतिरिक्त अनार एवं कीवी फल से संबधित समस्याओं का भी निवारण किया गया। केंद्र के वैज्ञानिक ने धारों की धार गाँव का दौरा किया जहां के अधिकतर किसान अब सेब की खेती से जुड़े हैं। यहाँ के प्रगतिशील किसान करण सिंह ठाकुर ने बताया की क्षेत्र के बागवानों को रूट बोरर एवं जड़ सड़न की समस्या आ रही है जिसके मद्देनजर वैज्ञानिकों ने यहाँ सेब के कीट एवं रोग नियंत्रण विषय पर एक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया व किसानों को इन समस्याओं से निजात पाने के तरीके बताए। रूट बोरर के नियंत्रण के लिए दवा के अतिरिक्त सौर ट्रैप तथा मैटाराइजियम एनीसोल्पी नामक फुफंद के इस्तेमाल की सलाह दी।
सोलन जिला में जुलाई माह के लिए वाहनों की फिटनेस, पासिंग व ड्राईविंग टैस्ट की तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। यह जानकारी आज यहां क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोलन हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने दी। हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि सोलन में वाहनों की फिटनेस एवं पासिंग 12 जुलाई एवं 22 जुलाई, 2021 तथा ड्राईविंग टैस्ट 13 व 23 जुलाई, 2021 को आयोजित किए जाएंगे। चालक लाईसंेस जारी करने के लिए ड्राईविंग टैस्ट बसाल स्थित हेलीपैड में आयोजित किए जाएंगे। वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की सोलन स्थित कर्यशाला के समीप मार्ग पर वाहनों की फिटनेस जांची जाएगी। उन्होंने कहा कि कण्डघाट में वाहनों की फिटनेस एवं पासिंग 05 जुलाई, 2021 को दिन में 02.00 बजे से 05.00 बजे तक तथा ड्राईविंग टैस्ट इसी दिन प्रातः 10.00 बजे से दिन में 01.00 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। ड्राईविंग टैस्ट काॅलेज मैदान में तथा वाहनों की फिटनेस एवं पासिंग पैट्रोल पम्प के समीप जांची जाएगी। हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि परवाणु में ड्राईविंग टैस्ट प्रथम जुलाई, 2021 को प्रातः 10..00 बजे से दिन में 01.00 बजे तक तथा वाहनों कर फिटनेस एवं पासिंग इसी दिन 02.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक होगी। परवाणु में ड्राईविंग टैस्ट तथा फिटनेस एवं पासिंग के लिए सेब मण्डी निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि जिला के कसौली में ड्राईविंग टैस्ट 19 जुलाई, 2021 को प्रातः 10..00 बजे से दिन में 01.00 बजे तक तथा वाहनों की फिटनेस एवं पासिंग इसी दिन 02.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक की जाएगी। कसौली में ड्राईविंग टैस्ट तथा फिटनेस एवं पासिंग के लिए गढ़खल के समीप स्थान निर्धरित किया गया है।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने जिला के सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में स्थानीय व्यापार मण्डलों के सहयोग से बाजार एवं भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में कोविड-19 संक्रमण की जांच के लिए परीक्षण किए जाएं ताकि महामारी की व्यापक स्तर पर रोकथाम में सहायता मिल सके। कृतिका कुल्हारी आज यहां कोविड-19 की सम्भावित तृतीय लहर के लिए तैयारी एवं सैम्पलिंग बढ़ाने और टीकाकरण के सम्बन्ध में जिला कार्य बल की बैठक की अध्यक्षता कर रहीं थीं। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि वर्तमान में विभिन्न गतिविधियों के आरम्भ होने से बाजारों इत्यादि में भीड़ बढ़ रही है और ऐसी परिस्थिति में कोरोना संक्रमण पर नियन्त्रण के लिए सैम्पलिंग बढ़ाया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय व्यापार मण्डलों के साथ समन्वय स्थापित कर बाजारों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों में परीक्षण के लिए शिविर लगाए जाएं अथवा मोबाईल परीक्षण वाहन का प्रयोग किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि इस दिशा में उपमण्डलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य पूर्ण करें। उपायुक्त ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि कोरोना पोजिटिव व्यक्तियों के प्राथमिक सम्पर्कों की पहचान एवं सैम्पिलिंग पर पूर्ण ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी निकायों के चुने हुए प्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाना आवश्यक है। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि कोविड का खतरा अभी टला नहीं है और ऐसी परिस्थिति में सभी के लिए कोरोना से बचाव के नियमों का पालन आवश्यक है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक सोलन को निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने वालों के नियमित चालान काटे जाएं। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि कोरोना संक्रमण की सम्भावित तृतीय लहर से बचाव के लिए सभी स्तरों पर तैयारी एवं नियम पालन आवश्यक है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन को निर्देश दिए कि जिला में विभिन्न स्तरों पर कोविड-19 से बचाव के लिए बच्चों के लिए भी आवश्यक उपकरण एवं दवाओं का भण्डारण करें। उन्होंने अधिक से अधिक व्यक्तियों का टीकाकरण सुनिश्चित बनाने के निर्देश भी दिए। बैठक में अवगत करवाया गया कि सोलन जिला में वर्तमान में समर्पित कोविड केयर केन्द्रों में आॅक्सीजन सुविधा युक्त 378 बिस्तर उपलब्ध हैं। जिला में 305 आॅक्सीजन कन्सेनट्रेटर तथा 1336 आॅक्सीजन सिलेंडर एवं 46 वैंटिलेटर उपलब्ध हैं। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में 1000 एलपीएम (लीटर पर मिनट), नागरिक अस्पताल अर्की में 1000 एलपीएम तथा मेकशिफ्ट अस्पताल नालागढ़ में 200 एलपीएम क्षमता के पीएसए ऑक्सीजन सयन्त्र निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि सोलन जिला में अभी तक कोविड-19 जांच के लिए कुल 213444 परीक्षण किए गए हैं। इनमें 22203 व्यक्ति कोरोना पोजिटिव पाए गए। जिला में 21820 व्यक्ति कोरोना संक्रमण से ठीक हुए जबकि 311 व्यक्तियों की दुःखद मृत्यु हुई। 29 जून, 2021 तक सोलन जिला में 72 कोरोना पोजिटिव रोगी हैं। इनमें से 70 रोगियों को होम आईसोलेशल में रखा गया है जबकि 02 रोगी अस्पताल में उपचराधीन हैं। जिला में कोरोना की प्रथम लहर में अधिकतम मामले सितम्बर, 2020 में 129 जबकि द्वितीय लहर में मई, 2021 में 669 पाए गए। प्रथम लहर में सबसे अधिक 22 व्यक्तियों की मृत्यु सितम्बर 2020 में जबकि द्वितीय लहर में सबसे अधिक 173 व्यक्तियों की दुःखद मुत्यु मई, 2021 मंे हुई। जिला में कोविड-19 से बचाव के लिए अभी तक 305095 व्यक्तियों को टीके की पहली खुराक दी गई है। जिला में टीकाकरण की गति को सत्त रूप से बढ़ाया जा रहा है तथा 29 जून, 2021 को सोलन जिला में 18,000 व्यक्तियों का टीकाकरण किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी सोलन डाॅ. मुक्ता रस्तोगी ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्रदान की। बैठक में पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, उमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, उमण्डलाधिकारी नालागढ़ महेन्द्र पाल गुर्जर, उमण्डलाधिकारी अर्की विकास श्ुाक्ला, उमण्डलाधिकारी कसौली डाॅ. संजीव धीमान, उमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डाॅ. राजेन्द्र शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. गगनदीप राजहंस, डाॅ. वी.के. गोयल, सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
अल्ट्राटेक कम्यूनिटी वेलफेयर फाउंडेशन बागा द्वारा स्वास्थ्य विभाग बिलासपुर के सहयोग से ओएचएस सेंटर सराई घाट में कोविड-19 का टीकाकरण 18 से 45 वर्ष आयु समूह एवं 45 से अधिक आयु वर्ग का टीकाकरण का कार्य 4 अप्रैल 2021 से निरन्तर किया जा रहा है।अल्ट्राटेक सीमेंट के ईकाइ प्रमुख विवेक माथुर के मार्गदर्शन में कोविड-19 का टीकाकरण का कार्य ओएचएस सेंटर में किया जा रहा है जिसमे अभी तक 1148 का टीकाकरण किया जा चुका है। अल्ट्राटेक कम्यूनिटी वेलफेयर फाउंडेशन के ग्रामीण विकास प्रभारी कुलीन देशमुख ने बताया कि धार टटोह स्वास्थ्य केन्द्र से निशा शर्मा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लाल देई और यासीन द्वारा टीकाकरण का कार्य किया गया जिसमें ओएचएस सेंटर प्रभारी डाक्टर राकेश शर्मा, कपिल एवं सीएसआर रीचा ठाकुर के साथ साथ समुदाय में टीकाकरण के प्रति जागरूकता लाने मे सीएसआर टीम महिला मंडल,स्वयं सहायता समूह एवं ग्राम पंचायत मांगल, बागा, धारटटोह का सराहनीय सहयोग रहा।
बुधवार को भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा विभिन्न पंचायतों में सुभाष पालेकर जैविक खेती के बारे में वर्चुअल माध्यम से जानकारी दी गई जिसमें किसानों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया व जैविक खेती के बारे में विभिन्न जानकारियां हासिल की। विकासखण्ड खण्ड कुनिहार की कोठी पँचायत के गाँव शाकली व कुनिहार के नजदीक जाबल झमरोट पँचायत में प्रधान सीमा सहगल के नेतृत्व में किसानों ने एक जगह इकटठे होकर वर्चुअल माध्यम से मानव जीवन पर जैविक खेती के लाभ व रासायनिक खेती के नुकसान के बारे में विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी हासिल की। प्रधान सीमा सहगल ने उपस्थित सभी किसानों को रासायनिक खेती छोड़कर जैविक खेती करने बारे प्रेरित किया।
हिमाचल प्रदेश विद्युत परिषद सेवानिवृत्त वेलफेयर एसोसिएशन दाड़लाघाट व नम्होल यूनिट के अध्यक्ष सुखराम नड्डा व महासचिव प्रेम केशव ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के लिए अजय कोचर के चुन्ने जाने पर बधाई दी। महासचिव प्रेम केशव ने बताया कि अजय कोचर गरीब लोगों के अलावा कर्मचारी हितैषी रहे हैं, उन्होंने गरीबों व कर्मचारियों के हितों के लिए जिला न्यायालय से उच्च न्यायालय तक पैरवी करके लोगों को उचित न्याय दिलाया। एसोसिएशन के अन्य सदस्यों में गीता राम, प्रेम केशव, नंद लाल शर्मा, कपलास, शांता, संतराम, रविदत्त, मदनलाल, परसराम, गोरखु राम, फुल राम, जगन्नाथ शर्मा, तुलसीराम सहित अन्य सदस्यों ने अजय कोचर को अध्यक्ष बनने पर बधाई दी।
बुधवार को भारत सरकार के कृषि मन्त्रालय द्वारा विभिन्न पंचायतों में सुभाष पालेकर जैविक खेती बारे वर्चुअल माध्यम से जानकारी दी गई जिसमें किसानों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया व जैविक खेती बारे विभिन्न जानकारियां हासिल की। विकासखण्ड खण्ड कुनिहार की कोठी पँचायत के गाँव शाकली व कुनिहार के नजदीक जाबल झमरोट पँचायत में प्रधान सीमा सहगल के नेतृत्व में किसानों ने एक जगह इकटठे होकर वर्चुअल माध्यम से मानव जीवन पर जैविक खेती के लाभ व रासायनिक खेती के नुकसान बारे विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी हासिल की। प्रधान सीमा सहगल ने उपस्थित सभी किसानों को रासायनिक खेती छोड़कर जैविक खेती करने बारे प्रेरित किया।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने गत सांय यहां सोलन जिला की वर्ष 2021-22 की 3985 करोड़ रुपए की वार्षिक ऋण योजना का विमोचन किया। यह वार्षिक योजना राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण बैंक की संभाव्यता आधारित योजना के अनुरूप जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक द्वारा तैयार की गई है। कृतिका कुल्हारी ने इस अवसर पर कहा कि वर्ष 2021-21 में सोलन जिला में बैंकों के लिए कुल 3985 करोड रुपए के ऋण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के लिए 972.95 करोड़ रुपए, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग क्षेत्र के लिए 1609.55 करोड़ रुपए, अन्य प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों के लिए 562.50 करोड़ रुपए तथा गैर प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों के लिए 840 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गत वर्ष सोलन जिला के लिए 3630.22 करोड़ रुपये की वार्षिक ऋण योजना जारी की गई थी। उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में ऋण के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला में कार्यरत विभिन्न बैंकों को जिला की सभी 240 ग्राम पंचायतों एवं प्रत्येक गांव तक बैंकों की पहुंच सुनिश्चित बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही वित्तीय योजनाओं से सभी को लाभान्वित किया जा सकता है। कृतिका कुल्हारी ने जिला के विभिन्न बैंकों से आग्रह किया कि कृषि क्षेत्र तथा अन्य प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों के लिए अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध करवाएं। इससे जहां इन क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा वहीं बैंक अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सफल रहेंगे। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में विकास की अपार सम्भावनाएं हैं और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में बैंकों को अधिक सक्रियता के साथ कार्य करने पर बल देना चाहिए। जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक के प्रबन्धक केके जसवाल ने इस अवसर पर कहा कि ऋण योजना को भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार नाबार्ड द्वारा तैयार की गई संभावना आधारित योजना (पीएलपी) को आधार मानकर तैयार किया गया है। इस अवसर पर जिला उद्योग केन्द्र के महा प्रबन्धक राजीव कुमार, जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक के प्रबन्धक केके जसवाल, डीडीएम नाबार्ड अशोक चैहान, यूको आरसेटी के निदेशक रोहित कश्यप सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न बैंको के प्रबंधक तथा प्रतिनिधि उपस्थित थे।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने कहा कि यूको बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (यूको आरसेटी) को ग्रामीण स्तर पर उपलब्ध कच्चे माल के आधार पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्यान्वित करने चाहिएं जो अधिक से अधिक लोगों को रोज़गार प्रदान करने में सक्षम हों। कृतिका कुल्हारी गत दिवस यहां यूको आरसेटी सलाहकार समिति की 36वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (यूको आरसेटी) द्वारा प्रदान किए जा रहे स्वरोज़गार परक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का महत्व पहले की तुलना में अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि संस्थान को विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार सुनिश्चित करना चाहिए ताकि अधिक से अधिक पात्र इनसे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने संस्थान को प्रशिक्षण कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक रोहित कश्यप ने इस अवसर पर संस्थान की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा अप्रैल, 2020 से मार्च 2021 तक 14 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अन्तर्गत 363 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि युवाओं को मश्रूम उत्पादन, मोमबत्ती बनाने, वूमेल टेलर, पापड़, आचार तथा मसाला पाउडर बनाने की विधि, ब्यूटी पार्लर प्रबन्धन, जूट से निर्मित उत्पादों तथा साॅफ्ट ट्वाॅय मेकिंग का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि यूको आरसेटी द्वारा मशरूम खेती, जूट उत्पाद, डेयरी फार्मिंग एवं केंचुआ खाद बनाना और रेशम कोष उत्पादन के सम्बन्ध में भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इस अवसर पर जिला अग्रणी बैंक यूको बैंक के प्रबन्धक केके जसवाल, डीडीएम नाबार्ड अशोक चैहान सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न बैंको के प्रबंधक तथा प्रतिनिधि उपस्थित थे।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने सोलन जिला में कार्यरत विभिन्न बैंकों को निर्देश दिए हैं कि विभिन्न वर्गों के सामाजिक एवं आर्थिक स्तर में सुधार के लिए कार्यान्वित की जा रही योजनाओं का सरल शब्दों में व्यापक प्रचार-प्रसार करें। कृतिका कुल्हारी गत दिवस यहां जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक द्वारा निर्धारित जिला सलाहकार समीति की 163वीं त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहीं थी। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि वित्तीय योजनाओं के प्रसार के लिए सोशल मीडिया का समुचित उपयोग सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि लोगों को योजनाओं की औपचारिकताओं के विषय में अवगत करवाया जाए ताकि लोग समय पर योजनाओं से लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि इस दिशा में बैंकों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है ताकि ग्रामीण स्तर तक योजनाओं की सही जानकारी पंहुचे। उपायुक्त ने कहा कि कोविड-19 संकट के कारण वर्तमान में युवाओं को रोज़गार एवं स्वरोज़गार के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत शीघ्र ऋण स्वीकृत करने पर बल दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमन्त्री मुद्रा योजना का गांव-गांव तक प्रयार एवं प्रसार करने के लिए बैंकों को योजनाबद्ध कार्य करना होगा। बैठक में जानकारी दी गई कि जिला में 31 मार्च 2021 तक प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 223218 खाते खोले गए हैं। 31 दिसम्बर, 2020 तक इस योजना के तहत 211444 खाते खोले गए थे। 31 मार्च, 2021 तक इन खातों में 8683.42 लाख रुपए जमा किए गए हैं। लगभग 64 प्रतिशत खाता धारकों को रूपे कार्ड जारी कर दिए गए हैं जबकि 88.20 प्रतिशत खातों को आधार संख्या से जोड़ा गया है। इस अवधि तक प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से 273963 लाभार्थियों को जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से 143196 तथा अटल पैंशन योजना से 44741 लाभार्थी जुड़ चुके हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सोलन जिला में मार्च 2021 तक 20107 खाते खोले गए हैं। योजना की शिशु श्रेणी के तहत 7998 लाभार्थियों को लगभग 3447 लाख रुपए, किशोर श्रेणी में 8635 व्यक्तियों को लगभग 21875 लाख रुपये तथा तरूण श्रेणी के तहत 3474 लाभार्थियों को लगभग 24622 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बैठक में अवगत करवाया गया कि मौन पालन, कुक्कुट पालन सहित कृषि व्यापार केन्द्र एवं कृषि प्रसंस्करण जैसी आय सृजन करने वाली गतिविधियां प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पात्र हैं। जिला में मार्च, 2021 तक 30424 किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं। इस अवधि में जिला में 1010 स्वंय सहायता समूह कार्य कर रहे हैं। प्रधानमन्त्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत सोलन जिला में जिला उद्योग केन्द्र द्वारा 230 मामले स्वीकृत किए गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबन्धक स्वर ग्रोवर ने बैंकों को समय-समय पर जारी होने वाले दिशा-निर्देशों की जानकारी दी तथा इनकी अनुपालना का आग्रह करते हुए सभी बैंक अधिकारियों से खंड स्तरीय बैंकर्ज समिति की प्रत्येक कार्यशाला में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला उद्योग केन्द्र के महा प्रबन्धक राजीव कुमार, जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक के प्रबन्धक केके जसवाल, डीडीएम नाबार्ड अशोक चैहान, यूको आरसेटी के निदेशक रोहित कश्यप सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न बैंको के प्रबंधक तथा प्रतिनिधि उपस्थित थे।
Chancellor Bahra University Sh.Gurvinder singh Bahra welcome Dr. B S Nagendra Parashar on joining as VC Bahra University. Dr.Parashr is Doctorate from National institute of engineering Bengluru. He has experience of more than 30 years in Education. Dr. Parashar has written two text books on (Elements of manufacturing process and cellular manufacturing systems as integrated approach) along with 50 research papers published in reputed international and national journals.Dr Parashar has served with top educational institutions of country like BITS Pilani, PES University Bengluru, Presidency University Bengluru, KL University Guntur Andhra Pradesh, GMR Foundation. Parashar has a expertise in Academics, industrial tie-ups and designing various programmes. He added that he feels lucky to serve in Himachal The land of gods and dieties and serve the people of state.along he stressed on to make sure with all his past experience to take Bahra University to next- gen level so that students specially from Himachal can get world class education at their door steps with high class infrastructure and affordability. PRO Bahra University Gaurav Bali added that University is lucky enough to serve under such a dynamic leader. On this ocassion Registrar Vineet Kumar, Director admissions and marketing Bahra University Anurag Avasthi, were present along with University staff.
सोलन के वाकनाघाट स्थित बाहरा विश्वविद्यालय के नए वाइस चांसलर डॉ बीएस नागेंद्र पराशर ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। डॉक्टर पराशर द्वारा कई किताबें लिखी जा चुकी है और उनके 50 से अधिक रिसर्च पेपर भी छप चुके हैं। बाहरा विश्वविद्यालय के चेयरमैन गुरविंदर सिंह बाहरा की उपस्थिति में नए वाइस चांसलर ने अपना कार्यभार संभाला। इस मौके पर उन्होंने आश्वासन दिया कि वे गुणात्मक शिक्षा पर बल देंगे और विश्वविद्यालय वह यहां पर शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं के बेहतर भविष्य को तैयार करने के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सफल होती है जब शिक्षा ग्रहण करने के बाद इंसान अपनी योग्यता से अपना अच्छा कैरियर बनाने में कामयाब होता है। डॉ पराशर इससे पहले सीसीएस यूनिवर्सिटी बेंगलुरू में बतौर प्रो वाइस चांसलर वर्ष 2019 से लेकर सेवाएं दे रहे थे। इससे पहले वर्ष 2015 से 2018 तक 3 साल के लिए वे प्रेसीडेंसी विश्विद्यालय में बतौर वाइस चांसलर कार्यत रहे हैं। वर्ष 2012 से 2015 तक आंध्र प्रदेश की जीएमआर वारालक्ष्मी फॉउंडेशन में डायरेक्टर (एजुकेशन), वर्ष 2009 से 2012 तक केएल विश्वविद्यालय गुंटुर में प्रो वाइस चांसलर व डीन एकेडमिक्स के तौर पर कार्य कर चुके हैं। डॉ पराशर ने 11 साल 1998 से लेकर 2009 तक असिस्टेंट डीन के तौर पर बीटीएस पिलानी में अपनी सेवाएं दी थी। बाहरा विश्वविद्यालय के नए वाईस चांसलर के कार्यभार संभालने के बाद विश्वविद्यालय के चेयरमैन गुरविंदर सिंह बाहरा ने उम्मीद जताई कि डॉ पराशर का अनुभव विश्वविद्यालय के स्टाफ व छात्र छात्राओं को मिलेगा और आगामी समय में इसके सार्थक परिणाम सामने आएंगे।
विकासखण्ड सोलन की पट्टाबरावरी पँचायत के पँचायत कार्यालय में मंगलवार को 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को सपॉट बुकिंग के तहत वैक्सीन लगाई गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टाबरावरी की चिकित्सा अधिकारी डॉ कृतिका गांधी ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को टीकाकरण अभियान में पटाबरावरी व आसपास के गांवों से आए 120 पुरुषों व महिलाओं को वेक्सीन लगाई गई। उन्होंने क्षेत्रवासियों से वैक्सीन लगाने व मास्क, सैनिटाइजर, सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील की। तथा समय समय पर सरकार व प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करने की भी लोगों से अपील की ताकि हम व हमारा समाज कोरोना से बचा रहे। इस टीकाकरण शिविर को सफल बनाने में हैल्थ वर्कर करूणा तनवर, डाटा ऑपरेटर चंचल, आशा वर्कर दिब्या व गीतादेवी का सहयोग रहा। शिविर की यह जानकारी पूर्व बीडीसी सदस्य एवं अध्यक्ष पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टाबरावरी - हरिपुर डी डी कश्यप ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।
चिकित्सको की पेन डाउन स्ट्राइक आज तीसरे दिन भी जारी रही। पंजाब में कल से लागू हो रहे छठे पे कमीशन को प्रदेश में भी जारी करने की मांग पर चिकित्सक दो घण्टे की पेन डाउन स्ट्राइक पर है। कुनिहार नागरिक चिकित्सालय में भी इस का असर देखने को मिल रहा है। रूटीन की ओपीडी बन्द है व सिर्फ आपातकाल सेवाएं ही जारी है। इस दो घण्टे की स्टाइक के कारण मरीजो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हॉस्पिटल में मरीज व तीमारदारों की काफी भीड़ इकठा होने के कारण 11.30 पर ओपीडी खुलने पर कोविड काल मे सामाजिक दूरी बना पाना जटिल समस्या बन सकती है। सिविल हॉस्पिटल कुनिहार के इंचार्ज डॉ सिद्धार्थ ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कल से पंजाब में छठा पे कमीशन लागू हो रहा है व प्रदेश के चिकित्सको की यही मांग है कि प्रदेश सरकार पंजाब की तर्ज पर छठे पे कमीशन को जल्द लागू करे।स्वास्थ्य सुविधाओं पर उन्होंने बताया कि जनरल ओपीडी दो घण्टे तक बन्द है व सिर्फ आपातकाल सेवाएं ही दी जा रही है।
जैसे जैसे लॉक डाउन खुल रहा है वैसे वैसे क्षेत्र में चोर भी सक्रिय होने शुरू हो गए हैं। चोरों ने मन्दिरो को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। शिव गुफा के समीप विश्वकर्मा मन्दिर व वहीं नव निर्मित शिव मंदिर के ताले तोड़कर उसमे रखी कुछ नगदी ले जाने में चोर कामयाब रहे। जानकारी के अनुसार रविवार रात्री चोर कई मंदिरों की रैकी करते रहे। उनका प्रमुख निशाना यहां की प्रसिद्ध शिव तांडव गुफा का दानपात्र व अन्य कीमती स्थान था। विश्वकर्मा मंदिर का ताला तोड़कर जब चोर शिव गुफा परिसर में प्रवेश कर गए तो वहां पर सोए सेवादार जाग गए उनके ललकारने पर चोरी करने आए दो युवक वहां से अंधेरे में झाडिय़ों में भाग गए। पुलिस सोमवार को मौके पर पहुंची तथा वहां से साक्ष्य एकत्रित किए। थाना प्रभारी कुनिहार इंसपेक्टर अंकुश डोगरा ने कहा कि शक के आधार पर कुछ लोगो से पूछताछ की जा रही है तथा भविष्य में ऐसी वारदातों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस गश्त को बढ़ाया जाएगा।
राजस्व जिला सोलन के टोल नाका परवाणु व शेष बचे आबकारी ठेकों का वर्ष 2021-22 के लिए आबंटन ऑक्शन कम टैंडर के माध्यम से आज किया गया। यह आवंटन उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव की अध्यक्षता में किया गया। यह जानकारी आज यहां उप आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी सोलन हिमांशु पंवर ने दी। हिमांशु पंवर ने कहा कि सोलन जिला की एक आबकारी इकाई (देहूंघाट व जाबली परवाणु) की ऑक्शन कम टैंडर के माध्यम से अधिकतम निविदा मै. राजेश एण्ड कम्पनी द्वारा मु. 8,51,00,000 रुपए दी गई। परवाणु टोल नाका के लिए अधिकतम निविदा मु. 9,41,54,940 रुपए जो कि आरक्षित मूल्य से 21 प्रतिशत अधिक है, जितेन्द्र सिंह पार्टनर ऑफ मै. जितेन्द्रा एसोसिएटस द्वारा दी गई। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर विनोद कश्यप, समाहर्ता संयुक्त आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी (मुख्यालय), पर्यवेक्षक वसुन्धरा उप आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी (मुख्यालय), वे स्वंय तथा विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय,नौणी के विस्तार शिक्षा निदेशालय ने राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंध संस्थान (मैनेज) हैदराबाद के सहयोग से जलवायु परिवर्तन और अनुकूलन पर तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण का आयोजन किया। प्रशिक्षण में 111 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिसमें विश्वविद्यालय के 54 संकाय और 10 छात्रों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 25 वैज्ञानिक, 12 विषय विशेषज्ञ और 10 छात्र जो अंडमान, जम्मू-कश्मीर, असम, उड़ीसा, तमिलनाडु, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों से संबंधित थे। कुलपति डॉ. परविंदर कौशल समापन समारोह के मुख्य अतिथि रहे, जबकि डॉ. पी चंद्रशेखर, डायरेक्टर मैनेज गेस्ट ऑफ ऑनर रहे। डॉ. दिवेंद्र गुप्ता, निदेशक विस्तार शिक्षा, डॉ. एनबालासुब्रमण्यम, पाठ्यक्रम निदेशक; डॉ. सी.एल. ठाकुर, संयुक्त निदेशक (प्रशिक्षण) और डॉ. परमिंदर कौर बावेजा ने भाग लिया। डॉ. बवेजा ने मुख्य अतिथि, गेस्ट ऑफ ऑनर और प्रतिभागियों का स्वागत किया। प्रशिक्षण के बारे में डॉ. सी.एल. ठाकुर ने बताया कि प्रशिक्षण में मौसम संबंधी डेटाबेस और प्रबंधन के विकास की बुनियादी अवधारणाओं, पश्चिमी हिमालय पर जलवायु परिवर्तन परिदृश्य और इसके परिणाम, तापमान और वर्षा पैटर्न, और बदलती जलवायु के तहत मौसम संबंधी उपकरणों की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा हुई। कुछ अन्य विषयों में वायु, मिट्टी, पानी की गुणवत्ता और बागवानी फसलों के कवक और वायरल रोगों पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव शामिल रहा। इसके अलावा प्रतिभागियों को COVID-19 महामारी में हिमालयी इलाकों में बदलती जलवायु परिस्थितियों, जलवायु परिवर्तन और कीट प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन परिदृश्य और बागवानी व्यवसाय के लिए बागवानी फसलों की भेद्यता और अनुकूलन क्षमता के बारे में भी अवगत करवाया गया। प्रशिक्षण के दौरान जलवायु-स्मार्ट कृषि को बढ़ावा देने के लिए विस्तार रणनीतियों पर भी कई व्याख्यान शामिल रहे। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डॉ कौशल ने कहा कि एक ऐसी ट्रेनिंग जिसमें कृषि, बागवानी से संबंधित अत्यधिक महत्व के विषयों को शामिल किया गया जिसमे देश भर से लाइन विभाग के पेशेवरों, वैज्ञानिकों और छात्रों की इतनी विविध सभा का भाग लेने से नई तकनीक और पर्यावरण से संबंधित ज्ञान सभी तक पहुंचेगा। उन्होंने पारिस्थितिक तंत्रों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए जलवायु स्मार्ट कृषि प्रौद्योगिकियों और अनुकूलन रणनीतियों को तैयार करने पर जोर दिया। डॉ. कौशल ने कहा कि विश्वविद्यालय मैनेज द्वारा चलाए जा रहे ऐसे प्रशिक्षणों और कार्यक्रमों में भविष्य में भी सहयोग करना चाहेगा। जलवायु-स्मार्ट कृषि प्रौद्योगिकियों के बारे में बोलते हुए डॉ. पी. चंद्रशेखर ने कहा कि सभी जलवायु प्रौद्योगिकियों को पैकेज का एक हिस्सा बनना चाहिए ताकि विस्तार कर्मियों द्वारा इसका प्रसार कर सके। डॉ. दिवेंद्र गुप्ता ने संसाधन व्यक्तियों और शोध छात्रों के प्रशिक्षण के महत्व और विश्वविद्यालय द्वारा की जा रही विभिन्न विस्तार गतिविधियों के बारे में बताया।
जिला एवं सत्र न्यायालय सोलन, कण्डाघाट, अर्की, कसौली एवं नालागढ़ न्यायालय परिसर में 10 जुलाई, 2021 को लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव गुरमीत कौर ने दी। गुरमीत कौर ने कहा कि लोक अदालत में विभिन्न मामलों का निपटारा समझौते के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में आपराधिक कम्पांऊडेबल, अपराध, एनआई अधिनियम, धन वसूली इत्यादि के मामलों की सुनवाई कर निपटारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में सड़क दुर्घटना मुआवजा, श्रम विवाद, बिजली एवं पानी के बिल, तलाक के अतिरिक्त वैवाहिक विवाद, भूूमि अधिग्रहण के मामले, वेतन एवं भत्तों तथा सेवानिवृत्ति से सम्बन्धित मामलों की सुनवाई कर निपटारा भी किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव ने कहा कि लोक अदालत में ऐसे मामलों का निपटारा भी होगा जो न्यायालय में अभी तक दायर नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में अपने मामलों का निपटारा करने के इच्छुक व्यक्ति 10 जुलाई, 2021 से पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन के कार्यालय में सादे कागज़ पर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई मामला अदालत में विचाराधीन है तो उसी अदालत में भी आवेदन किया जा सकता है। गुरमीत कौर ने कहा कि समझौते का प्रयास करने के लिए प्री लोक अदालत बैठक (प्री लो अदालत सिटिंग) भी करवाई जाएगी। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर 01792-220713 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
सोलन जिला की उपायुक्त कृतिका कुल्हारी ने मीडिया से आग्रह किया है कि कोविड-19 से बचाव के लिए लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करें ताकि सोलन जिला शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त करे और जन-जन सुरक्षित रह कर विकास प्रक्रिया में अपना पूर्ण योगदान दे सके। कृतिका कुल्हारी ने आज प्रेस वार्ता को सम्बोधित किया। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण की दर एवं मामलों में कमी आ रही है किन्तु इस संकट से बचाव के लिए नियम पालन एवं सावधानी अपनाई जानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में लोकतंत्र के चैथे स्तम्भ माडिया की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि सार्वजनिक स्थानों पर नाक से ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनना, सोशल डिस्टेन्सिग नियम की पालना तथा बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से धोने के सम्बन्ध में जन-जन को जागरूक करने में सहायक बनें। उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में आवश्यकता पड़ने पर सक्रियता के साथ कोविड परीक्षण करवाना जरूरी है ताकि समय रहते उपचार कर हानि से बचा जा सके। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि खांसी, जुखाम, बुखार जैसे लक्ष्ण होने पर तुरन्त कोविड परीक्षण करवाएं और नियम पालन कर अपने परिवार और समाज को सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की सम्भावित तृतीय लहर से निपटने के लिए प्रशासन सभी स्तरों पर तैयारी कर रहा है और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को सभी उपकरण एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए गए है। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि सोलन जिला में महिला एवं बाल कल्याण गतिविधियों को सुदृढ़ करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन पूर्ण रूप से सजग है और जन-जन को राहत पंहुचाने के लिए जिला प्रशासन सदैव कार्यरत रहेगा।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुन्दन में 100 लोगों को कोविड-19 के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग द्वारा वेकसीन लगाई गई। Nपीएचसी धुन्दन की वैक्सीनेशन टीम ने आशा वर्कर्स के साथ मिलकर 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के 100 लोगों का टीकाकरण किया। स्कूल की एनएसएस इकाई के कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू ने इस अभियान मे पूर्णकालीन कार्य कर टीम का सहयोग किया। एनएसएस के स्वयं सेवियों ने अपने घरों से लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित कर सराहनीय सहयोग किया। कार्यक्रम अधिकारी सन्तोष बट्टू जो कि वर्तमान में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नम्होल में कार्यरत है, उन्होंने भी इस अवसर पर सेवाएं प्रदान की। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एनएसएस इकाई तथा नम्होल और धुन्दन के कार्यक्रम अधिकारियों का उचित प्रबंधन तथा सकारात्मक सहयोग के लिए सहर्ष धन्यवाद किया।
सोलन जिला की परिधि में अश्वनी खड्ड के भीतर एवं आस-पास के क्षेत्र में सभी अनाधिकृत पर्यटकों एवं व्यावसायिक गतिविधियों पर तुरन्त प्रभाव से प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुल्हारी ने आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस सम्बन्ध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार अश्वनी खड्ड के किनारे ऐसे स्थानों जहां जल के दूषित होने की सम्भावना है, वहां पर खान-पान स्टाल, कियोस्क, ढाबा, होटल इत्यादि चलाने एवं स्थापित करने पर भी प्रतिबन्ध रहेगा। नदी में नहाना एवं पिकनिक इत्यादि गतिविधियां आयोजित करने पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा। नदी के किनारों अथवा जल में किसी भी प्रकार का कचरा फैंकने की सख्त मनाही है। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि सोलन शहर तथा आस-पास के क्षेेत्रों के लिए पेयजल का स्त्रोत अश्वनी खड्ड है तथा पिकनिक जैसी गतिविधियां आयोजित कर जल स्त्रोत को दूषित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकार की गतिविधियां स्वास्थ्य के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं। नदी के जल स्तर में अचानक वृद्धि से ऐसी गतिविधियां जान-माल की बड़ी क्षति का कारण भी बन सकती हैं। इन आदेशों के उल्लंघन पर दोषियों के विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाही अमल में लाई जाएगी। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा आज से दो माह की अवधि तक प्रभावी रहेंगे।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा है कि हिमफैड के जिला सोलन के परवाणू में स्थापित कंट्री लिक्कर बाॅटलिंग संयंत्र को स्थानान्तरित नहीं किया जाएगा और इसका संचालन हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम द्वारा ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संयंत्र के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी। उन्होंने आज हिमफैड और हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए प्रयासरत है तथा निगमों और बोर्डों के कर्मचारियों व अधिकारियों के हितों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है। बैठक में हिमफैड के अध्यक्ष गणेश दत्त और निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंडी अर्की को ग्राम पंचायत कशलोग के पूर्व प्रधान ने 500 टाइलें दान की।कश्लोग पंचायत के पूर्व प्रधान वेद प्रकाश ने पाठशाला की सीढ़ियां बनाने के लिए 500 टाइले दान कर एक सराहनीय कार्य किया है।इससे पहले भी वह पाठशाला विकास में निरंतर योगदान देते रहे हैं।इस पुनीत कार्य के लिए स्कूल के प्रधानाचार्य भूपेंद्र गुप्ता,स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष टेकचंद एवं समस्त विद्यालय परिवार ने वेद प्रकाश का आभार व्यक्त किया है और आशा व्यक्त की है की वह भविष्य में भी इसी तरह अपना सहयोग पाठशाला के विकास में देते रहेंगे।
ग्राम पंचायत बरायली के जालपा युवक मंडल बस्याणा (छाम्ब) के युवाओं ने चल्यावन वार्ड से पंचायत सदस्य पवन कुमार की अध्यक्षता में शमशानघाट व आसपास के गांव की साफ सफाई की। जानकारी देते हुए पंचायत सदस्य पवन कुमार ने बताया कि बारिश होने की वजह से शमशान घाट के आस पास बहुत घास हो गई थी यहां एक पानी का स्रोत है जहां लोगो के पशु पानी पीने जाते थे, परन्तु अब पशुओं के ना जाने की वजह से उस में मिट्टी और घास हो गई थी उस तालाब को समस्त युवाओं ने मिलकर साफ किया। साफ सफाई के दौरान समस्त युवाओं ने कहा कि हम सभी मिलकर जीतने भी पीने के पानी के प्राकृतिक स्रोत है उनकी सफाई करेंगे ताकि बरसात में बीमारियों से बचाव हों सके।इस अभियान में धर्मचंद,बंटू,अनिल,धर्मपाल,कार्तिक,महेन्द्र,भूपेंद्र,विनोद कुमार,सारू सहित अन्य सदस्यों ने अपना सहयोग दिया।
देश को आजाद हुए सात दशक बीत चुके हैं। देश डिजिटल इंडिया की तरफ बढ़ रहा है। पर,कुछ क्षेत्र ऐसे हैं,जहां आज भी विकास की किरण नहीं पहुंची है। ऐसा ही हाल ब्लॉक कुनिहार के अंतर्गत ग्राम पंचायत बैरल के गांव मट्रेच का हैं। जहां आजादी के सात दशक बीतने के बाद भी आज तक गांव तक पहुंचने के लिए कोई भी सड़क नहीं बनी है और न ही इस गांव तक पहुंचने के लिए ढंग के रास्ते हैं। गांव में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है,जबकि इस गांव की दूरी बेरल सड़क व मलोखर सड़क से मात्र 4 किलोमीटर है।गांव में बीमार पड़ने पर लोग पीड़ित को चारपाई पर उठाकर अस्पताल ले जाते हैं। कई बार तो सड़क तक पहुंचने से पहले ही बीमार आदमी की मृत्यु हो जाती है, ऐसा यहाँ पर कई लोगों के साथ हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार चुनाव के समय नेताओं के द्वारा सड़क बनाने का आश्वासन दिया जाता है,लेकिन चुनावों के बाद कोई भी नेता गांव की तरफ नहीं देखता है। लोगों ने बताया कि जिलाधिकारी से लेकर कई नेताओं और मंत्रियों को भी गांव में सड़क निर्माण के लिए आवेदन दिया। लेकिन इसके बावजूद भी आज तक प्रशासन ने गांव में सड़क निर्माण के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। वहीं ग्रामीणों में नंद लाल,किशोरी लाल,धर्मपाल,केशव राम,जगदीश,लेखराम,परस राम,पूर्ण चंद,अनन्त राम,भगत राम,कांशी राम का कहना है कि इस गांव में एक भी सार्वजनिक शौचालय तक नहीं है और न ही सरकार द्वारा कोई जहमत इस बारे उठाई गई है,यहीं से पता लग जाता है कि यहां कितना विकास हुआ है। कई बार लड़कियों को इन रास्तों से अकेले ही आना और जाना पड़ता है और डर के मारे गांव में तकरीबन 80% बच्चे लड़के और लड़कियां ऐसे हैं जो आठवीं तक भी पढ़ नहीं पाए हैं। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत से लेकर स्थानीय विधायक तक फरियाद लगाई लेकिन आज तक कोई भी सुविधा इस गांव तक नहीं पहुंच पाई।वहीं जंगली रास्ता होने के चलते जंगली जानवरों के हमले का डर भी बना रहता है। पीडीएफ का राशन भी महिलाओं को सर पर ढोना पढ़ता है। जिसके चलते लोंगो में रोष है। उनकी सरकार से प्रार्थना है कि शीघ्र ही किसी भी स्रोत से उन्हें सड़क व पैदल मार्ग बनाए। गांव में सड़क नहीं होने से आने-जाने में लोगों को काफी परेशानी होती है। बीमारी की हालत में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। सड़क की समस्या को देखते हुए जिला परिषद बिलासपुर से इस विषय मे बात करके व जिला उपायुक्त सोलन से सड़क की समस्या को उठाया जाएगा, ताकि गांव मटरेच के लोगों को जल्द से जल्द सड़क सुविधा मिल सके।
प्रकृति ने मनुष्य जीवन के हित के लिए बहुत सी प्राकृतिक संपदाएं संजोई हुई है जिन से मनुष्य अपने जीवन में सुख भोग सके और अपने जीवन में आने वाली समस्याओं का समाधान कर सके। फलदार पौधे,सब्जियां,जड़ी-बूटियां,खनिज इत्यादि बहुत सी ऐसी प्राकृतिक संपदाएं हैं,जो मनुष्य के सामने सुलभ है लेकिन आवश्यकता है तो केवल कर्म करने की, कर्म करने पर मनुष्य अनहोनी को भी होनी में परिवर्तित कर सकता है,ऐसा ही कर्म करने वाले अर्की उपमण्डल के घनागुघाट पंचायत के ध्यानपुर गांव के बागवान राजेन्द्र ठाकुर ने 5800 फुट की ऊंचाई पर सेब उत्पादन कर एक मिसाल पेश की है।उन्होंने सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती से सेब का उत्पादन कर लोगों की सेहत का ख्याल रखा है।उन्होनें अपने बगीचे में तैयार सेब की पहली खेप 22 जून 2021 को उतर प्रदेश के एक निजी कम्पनी को भेजी है। इस कम्पनी ने 280 रुपये प्रति किलो के हिसाब से सेब की खरीद की है। वहीं अगली खेप भेजने की तैयारी है। राजेंद्र ठाकुर ने जहाँ पिछले वर्ष अन्ना, द्वारफसेट गोल्डन, हरीमन, रेडलम गाला, जेरोमाइन व स्कारलेट 2 सेब की किस्मों के पौधों से पैदावार लेकर सबको आश्चर्यचकित किया था। वहीं इस वर्ष के सीजन में अर्की से सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती से तैयार सेब की पहली खेप बाज़ार में भेजकर एक सभी को हैरान किया है। राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि उन्होंने एसपीएनएफ से तैयार किया सेब बाज़ार में भेज दिया है। यह सेब उतर प्रदेश की एक निजी कम्पनी को सीधे उनके बगीचे से बेचा गया है,जिसका दाम 280 रुपये प्रति किलो के हिसाब से गया है।उन्होनें कहा कि उनका इस वर्ष 3 टन सेब होने की उम्मीद है। राजेंद्र ठाकुर ने लॉकडाउन में अपनी नौकरी गवां चुके अर्की के युवाओं से कृषि व सेब बागवानी करने का आग्रह करते हुए कहा कि उनका वातावरण व जलवायु कृषि व सेब के लिए उपयुक्त है।बस जरूरत है मेहनत व लग्न की। उन्होंने कहा कि वे ऐसा कर आत्मनिर्भर बन सकते है। बता दे कि राजेंद्र ठाकुर ने अभी तक अपने बगीचे में करीब साढ़े आठ सौ सेब के पौधें विभिन्न प्रजातियों के लगाएं है जो अच्छी पैदावार दे रहे है।राजेंद्र ठाकुर का लक्ष्य है कि वह अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक सेब की पैदावार कर लोगों को इसके प्रति प्रेरित करे ताकि अर्की उपमण्डल के पहाड़ी क्षेत्र भी सेब उत्पादन में एक नाम कमा सके।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने तीन दिवसीय राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेला के सूक्ष्म रूप से सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया है। कृतिका कुल्हारी ने मेले के सफल आयोजन के लिए विशेष रूप से सोलन एवं आस-पास के क्षेत्रों के निवासियों, पुजारी वर्ग, कल्याणा वर्ग, व्यापारी वर्ग तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संकट के समय विभिन्न नियमों का पूर्ण पालन करते हुए मां शूलिनी की शोभा यात्रा सभी के सहयोग से ही निर्विघ्न सम्पन्न हुई है। उन्होंने आशा जताई कि मां शूलिनी की असीम कृपा से आने वाला समय सभी के लिए सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य एवं आशा की नई किरण लाएगा और जन-जन को कोरोना संक्रमण से मुक्ति प्राप्त होगी।
सोलन की अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी को समर्पित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेला आज विधिवत रूप से संपन्न हुआ। कोविड-19 नियमों के तहत सूक्ष्म पूजा अर्चना के उपरांत मां शूलिनी गंज बाजार स्थित प्राचीन मंदिर में अपनी बहन से मिलने के बाद वापिस अपने पीठ पधारी। जिला प्रशासन सोलन ने कोविड-19 संकट के मध्य सोलन में आस्था एवं नियमों के बीच सन्तुलन बनाते हुए मां शूलिनी की शोभा यात्रा को सूक्ष्म रूप से निर्विघ्न सम्पन्न करवाकर धार्मिक परम्पराओं के निर्वहन तथा आमजन के विश्वास को बनाए रखने का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत किया है। सोलन की नव नियुक्त उपायुक्त कृतिका कुल्हारी ने मां शूलिनी की शोभा यात्रा को कोविड-19 नियमों के तहत निर्विघ्न सम्पन्न करवाने के लिए यह सुनिश्चित किया कि शोभा यात्रा न केवल सूक्ष्म रूप से आयोजित हो अपितु कोविड-19 से सुरक्षा के लिए स्थापित नियमों का पूर्ण पालन भी हो। जिला दण्डाधिकारी ने कोरोना महामारी के मध्य आयोजन को सफल बनाने के लिए मां की शोभा यात्रा के आने-जाने के समय पर उन क्षेत्रों में कफ्र्यू लगाने के आदेश दिए जहां से सामान्य रूप से माता की शोभा यात्रा निकलती है। सोलन की जनता ने इन आदेशों का पूर्ण पालन किया। इससे न केवल शोभा यात्रा सफल रूप से आयोजित हुई आयोजित हुई अपितु लोगों की अटूट आस्था भी अक्षुण्ण रही। मां शूलिनी की वापिसी के समय आज उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वर्मा, उपपुलिस अधीक्षक सोलन योगेश दत्त जोशी, उपपुलिस अधीक्षक रमेश शर्मा, तहसीलदार गुरमीत नेगी, मन्दिर के पुजारी तथा कल्याणा वर्ग के नुर्माइंदे उपस्थित रहे।
शास्त्री बेरोजगार संघ का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक जिला सोलन रोशन जसवाल से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा उपनिदेशक को ज्ञापन भी सौपा। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि जिला सोलन में शास्त्री बैच वाइज भर्ती का साक्षात्कार 17/18 फरवरी 2021 को लिया गया था। लेकिन 5 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक शिक्षा विभाग द्वारा परिणाम घोषित नहीं किया गया। बेरोजगार संघ के सदस्यों ने कहा कि अगर जल्द परिणाम घोषित नहीं किया गया तो मजबूर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा,जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की होगी। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव मदन शर्मा,जिला अध्यक्ष मनोहर शर्मा, राहुल, शुभम, अंकुश, दिलीप, राकेश नड्डा उपस्थित रहे।
बरसात होते ही लोक निर्माण विभाग की सड़कें अपनी बदहाली के आँसू रोने पर मजबूर हो जाती है। ऐसी ही एक सड़क है ग्राम पंचायत कुंहर के अंतर्गत आने वाली घडियाच-बजोट-कुईरु सड़क। इस सड़क की हालत इन दिनों इतनी खराब है कि यहाँ से पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं है। वहीं इस सड़क मार्ग से रोजाना छोटे बड़े वाहन गुजरते है, लेकिन सड़क की खस्ताहालत होने से इन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय पंचायत के उपप्रधान विनोद ठाकुर, चैत राम, ब्रेस्तु राम, मदनलाल, मेहर चंद, कैलाश चंद का कहना है कि इस सड़क मार्ग से रोजाना दर्जनों वाहनों का आवगमन है। वहीं इस सड़क मार्ग से लोग अपनी आवश्यक वस्तुओं सहित सहकारी राशन डिपू के आते है,लेकिन इन दिनों सड़क की दयनीय हालत है। सड़क मार्ग पर ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा था, लेकिन 2 माह से यह भी बन्द पड़ा है। उन्होंने कहा कि सड़क के जगह-जगह टूटने के कारण बरसात का सारा पानी लोगों की जमीनों व खेतों में जा रहा है, जिससे उनका नुकसान हो रहा है। लोगों ने लोक निर्माण विभाग से गुहार लगाई है कि इस सड़क मार्ग की दशा में सुधार किया जाए ताकि लोगों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। जब इस बारे में सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग अर्की जगतपाल शर्मा से बात की तो उन्होंने बताया कि जेसीबी मशीन को भेजकर सड़क को दुरुस्त करवा दिया जाएगा।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में भांग उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन पुलिस थाना दाड़लाघाट के सौजन्य से किया गया। एसएचओ दाड़लाघाट जीत सिंह ने बताया कि भांग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत परिसर व साथ लगती निजी भूमि व सरकारी भूमि में भांग को उखाड़ा गया। इस क्षेत्र में साफ सफाई आदि की गई। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर स्थानीय लोगों व बच्चों को नशे की बुराइयों बारे में भी अवगत करवाया गया। इस अवसर पर एसएचओ दाड़लाघाट जीत सिंह, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, बृजमोहन, विक्रम सिंह, खेम सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुंदन की एनएसएस इकाई ने मादक द्रव्य निषेध दिवस पर एक जागरूकता अभियान चलाया।आभासी कक्ष के माध्यम से कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू ने स्वयंसेवियों को बताया कि नशीली दवाओं या नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों की संख्या दिन प्रति बढ़ते देख संयुक्त राष्ट्र संघ ने सन् 1987 से इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य जनता में इसके अवैध उत्पादन और सेवन के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना तथा इसकी अवैध तस्करी और इससे जुड़े खतरों के बारे में लोगों को अवगत करवाना है। इस दिवस पर जीवन में कभी भी नशा न करने के प्रति सभी स्वयंवियों को शपथ दिलाई गई।स्वयं सेवियों में हिमानी भगत, हिमानी कौशल, प्रवीण कुमार, रोहित आदि ने चित्रकला के माध्यम से नशा मुक्ति के लिए लोगों को जागरूक किया। एनएसएस इकाई के लगभग 32 स्वयंसेवियों ने निबंध लेखन गतिविधि में भाग लिया। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने बच्चों को नशीले पदार्थों का सेवन न करने का संकल्प लेने के लिए कहा।
जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुल्हारी ने 23 जून, 2021 को जारी आदेशों के सम्बन्ध में आवश्यक शुद्धिपत्र जारी किया है। इस शुद्धिपत्र के अनुसार जिला सोलन में सभी बाजारों, माॅल, दुकानों, रेस्तरां, ढाबा, खान-पान के अन्य स्थलों एवं बार इत्यादि को सप्ताहांत (वीकेण्डज) पर 23 जून, 2021 को जारी आदेशों में प्रदत्त समय के अनुसार खोलने की अनुमति रहेगी। सभी बाजार एवं दुकानों के लिए सप्ताह में अवकाश दिवस कोरोना कफ्र्यू लागू होने से पूर्व जारी परम्परा के अनुसार रहेगा। अन्य सभी छूट, शर्तें इत्यादि 23 जून, 2021 को जारी आदेशों के अनुसार रहेगीं।
अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन प्राइवेट आईटीआई दाड़लाघाट ने अंतराष्ट्रीय नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी दिवस का ऑनलाइन आयोजन किया। इस मौके पर कार्यक्रम का आगाज जीएसटी टैली के प्रशिक्षक राज कुमार गुप्ता ने किया।इस दौरान राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर अवैध नशीली दवाओं की तस्करी किस तरह से हो रही है और उनके लिए टारगेट ग्रुप सबसे पहले हमारे देश का नौजवान व युवा पीढ़ी है के बारे में विचार सांझा किए। इस मौके पर संस्थान के प्रशिक्षुओं ने भी अपने विचार साँझा किए। जिसमें रीना,हिमाशी,सुमित,सीमा वर्मा आदि ने वर्तमान समय में नशाखोरी के प्रभाव व उससे बचने के ऊपर अपना वक्तव्य रखा।इस दौरान विभिन्न ट्रेड के छात्रों ने चित्रकला प्रतिस्पर्धा में भी भाग लिया तथा इसके माध्यम से नशे से बचने के लिए संदेश दिया।संस्थान के प्रधानाचार्य राजेश शर्मा ने इस मौके पर सामुदायिक सहयोग व सामुदायिक भागेदारी को अहम बताते हुए इस लड़ाई से लड़ने के लिए सभी को आगे आने का आग्रह किया,क्योंकि नशा एक ऐसा खतरा है। जिससे अपराध,भ्रष्टाचार,आतंकबाद व गरीबी जैसी समस्याएं उत्पन्न होती है। नशीली दवा तस्करी के साथ-साथ,अवैध मानव तस्करी भी हमारे समाज के लिए एक बहुत बड़ी समस्या है,जिसको हम जागरूकता व एक शपथ लेते हुए की कम से कम अपनी जिंदगी में एक इन्सान को तो इस चंगुल से बचाएंगे। इस मौके पर संस्थान के प्रशिक्षकों सहित लगभग 115 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग के सौजन्य से 28 व 29 जून 2021 को कॉलेज विद्यार्थियों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। दाड़लाघाट महाविद्यालय के प्राचार्य जनेश कपूर ने बताया कि खण्ड चिकित्सा अधिकारी अर्की से प्राप्त सूचना के अनुसार 28 व 29 जून 2021 को राजकीय महाविद्यालय दाड़लाघाट में विशेष टीकाकरण केन्द्र संचालित किया जाएगा। जनेश कपूर ने सभी सम्बंधित विद्यार्थियों व कर्मचारियों से आग्रह किया है कि जिन्हें अभी तक वैक्सीन टीका नहीं लगा है वे सभी महाविद्यालय में पहुंच कर टीका लगवाना सुनिश्चित करें।


















































