प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं नाहन के विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने जिला प्रशासन को कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत पांव द्वारा संचालित 11 हस्त प्रक्षालन मशीनें (फुट ऑपरेटिड हैण्ड वॉश मशीन) भेंट की। डॉ. राजीव बिंदल ने इस अवसर पर कहा कि कोविड-19 के खतरे से निपटने के लिए जन-जन को दीर्घावधि के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि इस खतरे से निपटने के लिए हम सभी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सुझाए मार्ग एवं दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करना होगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 के दृष्टिगत घर से बाहर एवं सार्वजनिक स्थानों पर 02 व्यक्तियों के माध्यम कम से कम 02 गज़ की दूरी रखें और सदैव फेस मास्क पहने। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए अपने हाथ सेनेटाइज करें या साबुन से अच्छी तरह धोएं। डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि यह पांव द्वारा संचालित हस्त प्रक्षालन मशीनें कोविड-19 से बचाव के लिए सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि इनके माध्यम से सभी के लिए यही संदेश है कि नियमों का पालन करें, स्वयं भी सुरक्षित रहें और सभी की सुरक्षा में अपना योगदान भी दें। उन्होंने कहा कि इन मशीनों को बघाट बैंक के निदेशक पवन गुप्ता के सुपुत्र द्वारा तैयार किया गया है। डॉ. राजीव बिंदल ने आशा जताई कि जिला प्रशासन सोलन कोविड-19 के खतरे से निपटने के लिए विभिन्न आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कर आम जन को राहत देने के लिए तत्पर रहेगा। इस अवसर पर प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया, बघाट बैंक के अध्यक्ष पवन गुप्ता, सोलन से विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार रहे डॉ. राजेश कश्यप, जोगिंद्रा बैंक के अध्यक्ष विजय ठाकुर, दुग्ध पशु सुधार सभा के अध्यक्ष रविंद्र परिहार, जिला भाजपा महामंत्री नंदलाल कश्यप, भाजपा मंडल सोलन के अध्यक्ष मदन ठाकुर, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र ठाकुर, महामंत्री भरत साहनी, सचिव संजीव मोहन, व्यापार मंडल सोलन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, उपायुक्त सोलन केसी चमन, अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चंदेल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष रत्न सिंह पाल द्वारा अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत दाड़ला के विभिन्न गांव के विकास हेतु धन उपलब्ध करवाने के लिए दाड़ला पंचायत के प्रधान सुरेंद्र शुक्ला व उपप्रधान लेखराज चंदेल ने उनका आभार व्यक्त किया है। कुछ समय पूर्व शमेली, बरायली और स्यार के लोग गांव की समस्याओं को लेकर अपने लोकप्रिय नेता रत्न सिंह पाल से मिले थे जिसमें शमेली गांव के लोगों ने दाड़लाघाट से स्तोटी शिव नगर रोड़ व डवारु से शमेली गांव को लिंक रोड के लिए धन उपलब्ध करवाने की मांग की थी। उस संपर्क मार्ग हेतु 2,50,000 रुपये रत्न सिंह पाल ने सरकार से स्वीकृत करा लिया है और बरायली के लोगों ने दाड़लाघाट से स्तोटी शिव नगर रोड से बरायली प्रायमरी स्कूल तक लिंक रोड को धन उपलब्ध कराने की डिमांड की थी। इस संपर्क सड़क हेतु भी रत्न सिंह पाल ने 100,000 सरकार से स्वीकृत करवा लिया है। स्यार काटली जावी के लोग स्यार से जावी तक रोड़ को पक्का करने बारे मांग की गई थी तो अभी प्रथम चरण में स्यार से एसवीएम स्कूल तक रौड को पक्का करने के लिए 400,000 रुपये रत्न सिंह पाल ने सरकार से इस लिंक रोड को स्वीकृत करा लिया है। एसवीएम स्कूल तक पक्का होने के बाद दूसरे चरण में एसवीएम से जावी को भी पक्का करने के लिए धन उपलब्ध कराने को भी रत्न सिंह पाल ने आश्वासन दिया है। दाड़लाघाट पंचायत के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष 7,50,000 रुपये की डिमांड की गई थी इन लिंक रोड की मांगों को भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रत्न सिंह पाल ने पूरा किया है। इसके लिए दाड़लाघाट से पंचायत प्रधान सुरेंद्र शुक्ला, उप प्रधान लेख राज चंदेल, पंचायत सदस्य नरेंद्र चोधरी, पंचायत सदस्य अरुण गौतम, पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र, बालक राम शर्मा, नरेश गौतम, राकेश गौतम, जगदीश शुक्ला, बंटू शुक्ला,बिंदु शर्मा, अनिल, पवन, ओम प्रकाश, हेम राज, पवन शर्मा, राजेश गौतम, गोरी शंकर, भगत राम, तारा चंद, बालक राम, पवन, मुनीश, नरेश, वीरेंद्र कुमार, धनी राम भटी, नरेश शर्मा ओर दाड़लाघाट पंचायत के समस्त लोगों की तरफ से रत्न सिंह पाल का बहुत बहुत धन्यवाद व आभार व्यक्त किया है।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से तैयार उत्पादों को देश के विभिन्न भागों में समय पर पहुंचाने के उद्देश्य से सेवा प्रदाताओं के आवागमन की सुविधा एवं नियमन के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया(एसओपी) के संबंध में आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार सभी सेवा प्रदाताओं एवं निरीक्षण प्राधिकरणों को इस संबंध में लिखित में प्रस्तुत करना होगा। जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र के लिए उपनिदेशक उद्योग बद्दी को वेबसाइट पर तथा सोलन जिला के शेष क्षेत्रों के लिए जिला उद्योग केंद्र सोलन के महा प्रबंधक को वेबसाइट पर लिखित में प्रस्तुत करना होगा। आदेशों के अनुसार जब भी सेवा प्रदाता अथवा निरीक्षण प्राधिकरण औद्योगिक इकाई में आएंगे तो प्रत्येक ऐसे दौरे की मार्ग योजना (रूट प्लान) संबंधित पुलिस अधिकारी को प्रस्तुत करनी होगी। बीबीएन क्षेत्र के लिए पुलिस अधीक्षक बद्दी तथा अन्य क्षेत्रों के लिए पुलिस उपाधीक्षक परवाणू को दौरे की तिथि से एक दिन पूर्व इस संबंध में सूचित करना होगा। यह एसओपी केवल जिला के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत औद्योगिक इकाईयों में आने वाले सेवा प्रदाताओं एवं निरीक्षण प्राधिकरणों के लिए है। सेवा प्रदाता तथा निरीक्षण प्राधिकरण औद्योगिक इकाई में केवल औद्योगिक मशीनरी की मुरम्मत एवं रखरखाव तथा गुणवत्ता नियंत्रण इत्यादि के लिए ही आ पाएंगे। इस विषय में जिला के संबंधित उद्योग द्वारा निर्धारित प्रपत्र पर लिखित में प्रस्तुत किया जाएगा। संबंधित उद्योग द्वारा आने वाले व्यक्तियों की विस्तृत जानकारी भी निर्धारित प्रपत्र पर दी जाएगी। संबंधित औद्योगिक इकाई में उक्त कार्य के लिए अपने कर्मी भेजने वाली संस्था भी निर्धारित प्रपत्र पर लिखित में प्रस्तुत करेगी। औद्योगिक इकाई का प्रबंधन यह सुनिश्चित बनाएगा कि बाहर से आने वाला सेवा प्रदाता इकाई में कार्यरत कामगारों एवं कर्मियों के साथ मेलजोल न करें। इन सेवा प्रदाताओं को राज्य में आने की अनुमति निर्धारित शर्तों पर प्रदान की जाएगी। इसके अनुसार इन सेवा प्रदाताओं का कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्तियों के साथ कोई संबंध एवं ऐसे क्षेत्रों की यात्रा का इतिहास नहीं होना चाहिए। इन सेवा प्रदाताओं के प्रवेश का नियमन प्रवेश स्थल के अनुसार बीबीएन क्षेत्र के लिए बरोटीवाला बैरियर तथा परवाणू के लिए पुराना बैरियर होगा। बैरियर पर ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा इनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। संबंधित व्यक्ति को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करनी होगी और दैनिक आधार पर अपनी सूचना अद्यतन करनी होगी। संबंधित पुलिस अधिकारी द्वारा स्वीकृत मार्ग योजना का पूर्ण पालन करना होगा। इस संबंध में मार्ग योजना का पालन न करने एवं बिना आवश्यक अनुमति के पाए जाने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। सभी को सोशल डिस्टेन्सिग एवं सेनेटाइजेशन सहित प्रदेश सरकार एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए है तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत सोलन जिला में बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की पूरी जानकारी अद्यतन एवं त्रुटिरहित रखने एवं होम क्वारेनटाइन किए गए व्यक्तियों के विषय में उचित जानकारी के उद्देश्य से एक सॉफ्टवेयर आरंभ करने के विषय में संबंधित अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण सत्र की अध्यक्षता उपायुक्त सोलन केसी चमन ने की। केसी चमन ने इस अवसर पर कहा कि यह सॉफ्टवेयर सोलन जिला में बाहरी राज्यों से प्रवेश करने वाले होम क्वारेनटाइन किए गए व्यक्तियों की पूरी जानकारी रखने के विषय में तैयार किया गया है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से सोलन जिला में बाहरी राज्यों से प्रवेश किए उन व्यक्तियों की जानकारी प्रशासन, पुलिस तथा संबंधित थाने के पास पहुंच जाएगी जो होम क्वारेनटाइन हैं। सॉफ्टवेयर पर यह जानकारी एक ऐप के माध्यम से पहुंचेगी। इस ऐप को सभी संबंधित अधिकारियों एवं होम क्वारेनटाइन किए गए व्यक्तियों को अपने मोबाइल फोन पर डाउनलोड करना होगा। उन्होंने कहा कि इस मोबाइल ऐप को बवअपकबवदजतवसण्पद के माध्यम से केवल गूगल क्रोम से डाउनलोड किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐप के माध्यम से क्वारेनटाइन किए गए व्यक्तियों की सूचना जीपीएस लोकेशन के द्वारा सॉफ्टवेयर तक पहुंच जाएगी। वास्तविक डाटा पुलिस व प्रशासन के पास हर समय उपलब्ध रहेगा। केसी चमन ने कहा कि इस सॉफ्टवेयर एवं ऐप का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि होम क्वारेनटाइन तोड़ने अथवा क्वारेनटाइन क्षेत्र से बाहर जाने वाले व्यक्ति की सूचना तुरंत संबंधित पुलिस थाने व प्रशासन को जिओ फेन्स तकनीक के माध्यम से मिल जाएगी। इससे ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित कर संस्थागत क्वारेनटाइन करने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित समय अवधि में होम क्वारेनटाइन किए गए व्यक्ति को निर्धारित अंतराल पर अपनी सेल्फी आवास के बाहर इस संबंध में प्रदर्शित पोस्टर के साथ खींचकर अपलोड करनी होगी। उपायुक्त ने कहा कि कोविड-19 के खतरे से निपटने के लिए सभी को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने सभी ग्राम पंचायत प्रधानों, जिला की सभी नगर परिषदों के अध्यक्षों एवं पार्षदोें, सभी उपमंडलाधिकारियों, तहसीलदारों, खंड विकास अधिकारियों तथा अन्य संबंद्ध अधिकारियों से आग्रह किया कि अपने-अपने क्षेत्र में होम क्वारेनटाइन किए गए व्यक्तियों की पूरी जानकारी रखें। बैठक में पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चंदेल, भारतीय प्रशासनिक सेवा की परिवीक्षाधीन अधिकारी डॉ. निधि पटेल एवं रितिका, उपमंडलाधिकारी सोलन रोहित राठौर, उपमंडलाधिकारी कंडाघाट डॉ. संजीव धीमान, उपमंडलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला, विभिन्न खंड विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
होम्योपैथिक कॉलेज कुमारहट्टी ने सोलन व्यापार मंडल के साथ मिलकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए तकरीबन 500 लोगों को मुफ्त दवाई का वितरण किया। काॅलेज के डॉक्टर अंकित दुबे, डॉ मनीष तिवारी व डॉ अवनीश ने व्यापार मंडल सोलन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता के सहयोग से माल रोड़ और अप्पर बाजार की दुकानों पर इस Arsenicum Album 30 दवा को बांटकर दुकानदारों को कोरोना महामारी से बचने के लिए व दवाई के इस्तेमाल और फायदे के बारे मे जागृत किया, वहीं डॉक्टरों की टीम ने पंजाब नेशनल बैंक सोलन के पूरे स्टाफ को भी दवाई का वितरण किया। इस टीम ने पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर का सहयोग के लिए धन्यवाद किया। कुमारहटी होम्योपैथिक के डॉक्टरों की टीम ने व्यापार मंडल अध्यक्ष मुकेश गुप्ता को बताया की उनका लक्ष्य हर व्यापारी तक इस दवा को निशुल्क पहुंचाना है क्योंकि व्यापारी हर रोज बहुत से ग्राहकों से मिलता है तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता सुदृढ़ होनी चाहिए। मुकेश गुप्ता ने डाक्टरों की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने व्यापारी वर्ग के बारे में सकारात्मक सोच रखते हुए हमारे व्यापारी भाईयों को कोरोना से लड़ने के लिए मुफ्त में दवा उपलब्ध करवाई। मुकेश गुप्ता ने इसके लिए होम्योपैथिक कॉलेज कुमारहट्टी के प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। इस समय पूरा देश व विश्व करोना जैसी महाविनाशक बीमारी से जंग लड़ रहा है। इस बीमारी में सरकार को विभिन्न संस्थाएं सहयोग कर रही है, ताकि हम करोना को हरा सकें और आमजन को इस महाविनाशक बीमारी से बचा सकें। इस समय आयुष मंत्रालय हर आमजन की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार की दिशा निर्देश जारी कर रहा है, इसके लिए चाहे आयुर्वेदिक काढ़ा हो या होम्योपैथिक दवाई हो साथ ही इस बीमारी से बचने के लिए आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करने की सलाह भी दी जा रही है। इसी क्रम में होम्योपैथिक काॅलेज कुमारहट्टी ने आमजन को मुफ्त दवा वितरण का अभियान शुरू किया है।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोरोना वायरस संक्रमण के दृष्टिगत जिला में बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियो की निगरानी के संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार बाहरी राज्यों के रेड जोन से आ रहे सभी परिवारों एवं व्यक्तियों को सोलन जिला में स्थित अंतरराज्यीय बैरियर पर संस्थागत क्वारेनटाइन किया जाएगा। इन सभी व्यक्तियों को 14 दिन की सक्रिय निगरानी में रखा जाएगा। ओरेंज जोन तथा ग्रीन जोन से आ रहे सभी परिवारों एवं व्यक्तियों को 14 दिन के लिए होम क्वारेनटाइन किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में जैसे कि गर्भवती स्त्रियां, नवजात शिशुओं की माताएं तथा गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को होम क्वारेनटाइन किया जाएगा। आदेशों के अनुसार होम क्वारेनटाइन की निगरानी के लिए जिला दंडाधिकारी सोलन द्वारा जारी 07 स्तरीय प्रणाली एवं इससे संबंधित दिशा-निर्देशों का अनिवार्य पालन सुनिश्चित बनाया जाएगा। जो व्यक्ति होम क्वारेनटाइन नियम का उल्लंघन करेगा उसे ग्राम पंचायत में स्थित संस्थागत क्वारेनटाइन में भेज दिया जाएगा और उसके विरूद्ध महामारी अधिनियम, 1897 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आदेशों के अनुसार यदि किसी मामले में संशय उत्पन्न होता है तो उक्त व्यक्ति ऐसे मामले में संबंधित उपमंडलाधिकारी से आगामी दिशा-निर्देश प्राप्त करेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
सड़कें पहाड़ की भाग्य रेखाएं हैं। हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश में जन-जन तक विकास के लाभ सड़कों के माध्यम से ही पहुंचते हैं। सड़कें ही किसानों तथा बागवानों की उपज को मंडियों तक तथा उद्योगों से उत्पादों को लोगों तक पहुंचाती हैं। लोक निर्माण विभाग प्रदेश में सड़क निर्माण एवं रखरखाव के साथ-साथ अन्य विकास संबंधी निर्माण गतिविधियों का प्रमुख अभिकरण है। विभाग अपने इन कार्यों के माध्यम से प्रदेश के विकास को गति प्रदान कर रहा है। कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश सरकार से कार्य आरंभ करने की अनुमति मिलते ही एक साथ करोड़ों रुपये के कार्य आरंभ कर न केवल विकास की नींव को मज़बूत करना आरंभ किया है अपितु प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति भी प्रदान की है। प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के खतरे के मध्य विभिन्न विभाागों को सभी एहतियाती उपाय अपनाते हुए विभिन्न विकास कार्य आरंभ करने की अनुमति प्रदान की। इसका उद्देश्य जहां विकास कार्यों को समयबद्ध पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ना है वहीं ज़रूरतमंद एवं गरीब व्यक्तियों को श्रम के माध्यम से लाभ पहुंचाना भी है। सोलन जिला में लोक निर्माण विभाग ने इस दिशा में ठोस कार्य आरंभ किया है। जिला में 11 मई, 2020 तक लोक निर्माण विभाग द्वारा अनुमति मिलने के उपरांत लगभग 63 करोड़ रुपये की लागत से 80 निर्माण कार्य आरंभ किए गए हैं। इनके माध्यम से 786 श्रमिकों को लाभान्वित किया गया है। जिला में कोविड-19 के दृष्टिगत अनुमति मिलने के उपरांत 55 सड़क निर्माण कार्य, 05 पुल निर्माण कार्य तथा 20 भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। सड़क निर्माण कार्यों में 553, पुल निर्माण कार्य में 44 तथा भवन निर्माण कार्य में 189 कामगार लाभान्वित हो रहे हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा सोलन शहर की यातायात संबंधी अनेक समस्याआंे को दूर करने वाले तथा शिमला, सोलन एवं सिरमौर के किसानों एवं बागवानों की उपज को सुगमता से मंडियों तक पहुंचाने वाले शामती बाईपास के रूके हुए निर्माण कार्य को भी आरंभ कर दिया गया है। इस पर लगभग 16 करोड़ रुपये व्यय होंगे। शहर के साथ लगती ग्राम पंचायत कोठों में लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे बहुद्देशीय सभागार का निर्माण कार्य भी आरंभ हो गया है। यह सभागार विभिन्न कलाओं के मंचन एवं अन्य गतिविधियों के लिए बहुपयोगी सिद्ध होगा। जिला में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 15 करोड़ रुपये के 12 विभिन्न कार्य तथा नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित लगभग 12 करोड़ रुपये के 10 आवश्यक निर्माण कार्य भी आरंभ कर दिए गए हैं। सोलन में 08 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए जा रहे परिधि गृह का कार्य भी आरंभ हो गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा सोलन मंडल में 13 सड़कों के निर्माण कार्य में 110 श्रमिकों, 01 पुल के निर्माण कार्य में 03 श्रमिकों तथा 05 भवनों के निर्माण कार्य में 65 श्रमिकों को लाभान्वित किया जा रहा है। कसौली मंडल में 22 सड़कों के निर्माण कार्य में 208 श्रमिक, 02 पुलों के निर्माण कार्य में 11 श्रमिक तथा 06 भवनों के निर्माण कार्य में 42 श्रमिक लाभान्वित हो रहे हैं। जिला के अर्की मंडल में 04 सड़क निर्माण कार्यों में 42 श्रमिक तथा 01 भवन निर्माण कार्य में 05 श्रमिकों को लाभान्वित किया जा रहा है। नालागढ़ मंडल में 16 सड़क निर्माण कार्यों से 183, 02 पुल निर्माण कार्यो से 30 तथा 08 भवन निर्माण कार्यों से 77 कामगारों को लाभ मिल रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता कैप्टन एसपी जगोता ने कहा कि प्रदेश सरकार से अनुमति मिलने के उपरांत विभिन्न निर्माण कार्य आरंभ किए गए हैं। सभी निर्माण कार्यों में कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत सोशल डिस्टेन्सिग सहित अन्य नियमों का पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग के 290 श्रमिक जिला में सड़कों के रखरखाव के कार्य में भी संलग्न हैं। विभाग के 60 श्रमिक प्रशासन को ज़रूरतमंद व्यक्तियों को खाद्य सामग्री प्रदान करने में भी सहायता पहुंचा रहे हैं।
अर्की भाजपा मंडल की बैठक वीडियो कांफ्रैंसिंग के माध्यम से हुई । बैठक की अध्यक्षता अर्की भाजपा के मंडलाध्यक्ष देवेंद्र उपाध्याय ने की। महामंत्री यशपाल कश्यप ने बताया कि इस बैठक में मंडल, जिला,प्रदेश कार्यकारीणी के पदाधिकारयों व सदस्यों ने भाग लिया। शिमला संसदीय क्षेत्र के प्रभारी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल,प्रदेश सचिव पायल वैद्य ने भी कांफ्रैस के माध्यम से बैठक में भाग लिया । मंडलाध्यक्ष उपाध्याय ने बताया कि अर्की भाजपा मंडल की यह दसवीं वीडियो कांफ्रैस थी जिसमें बूथ स्तर हो रही गतिविधियों पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर पीएम केयर फंड,सीएम केयर फंड,राशन देने बारे तथा कोरोना पर चर्चा की गई। इसके साथ ही पन्ना प्रमुखों के साथ अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई।
ग्राम पंचायत धुन्दन के पसल वाला में सोमवार को प्रकाश चंद की गोशाला में अचानक आग भड़क गई। आग की वजह से गोशाला में रखा चारा और इमारती लकड़ी जलकर राख हो गए है। गनीमत रही कि गोशाला में बंधे मवेशियों को समय रहते बचा लिया गया। हालांकि आग की लपटों से एक गाए और भैंस आंशिक रूप से झुलस गए है। शार्ट सर्केट को आग लगने की वजह बताया जा रहा है। घटना में लगभग काफी नुकसान हुआ है। गांव के अन्य लोगों ने गोशाला से धुआं उठते देखा और इसकी सूचना गोशाला के मालिक को दी। फायर चौकी अर्की को घटना की सूचना दी गई।लगभग तीस मिनटों में दमकल की गाड़ी मैके पर पहुँच गयी। अग्निशामक टीम प्रभारी धर्म सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी टीम में मदन लाल, कर्म चंद, राम गोपाल शामिल थे। उन्होंने लगभग 45 मिनटों की मुश्कत के बाद आग पर काबू पा लिया और गोशाला से सटे दो मकानों को आग की भेंट चढ़ने से बचा लिया गया। आग की वजह से किसान का लगभग तीन लाख का नुकसान हुआ है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल ने खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिला के सभी स्वास्थ्य खण्डों में कोविड-19 के संभावित रोगियों के क्वारेनटाइन, उनके रक्त नमूने एकत्र करने वाली टीमों तथा कोविड-19 देखभाल केंद्र के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। डॉ. राजन उप्पल मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जिला में कोविड-19 के दृष्टिगत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनके गुप्ता ने कोरोना वायरस संक्रमण, रक्त नमूने लेने एवं अन्य सुरक्षा मानकों के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की। बैठक में सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएं। बैठक में मलेरिया व डेंगू रोकथाम विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अजय सिंह ने कहा कि मलेरिया तथा डेंगू से बचाव के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जन जागरण अभियान चलाया जाना चाहिए। बैठक में मलेरिया तथा डेंगू संबंधी जागरूकता पोस्टर एवं बैनर मुख्य स्थानों पर लगाने के निर्देश भी दिए गए। डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने बैठक में क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम, एचआईवी एड्स व स्वैच्छिक रक्तदान आदि के विषय में जानकारी दी। बैठक में सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों ने कोरोना वायरस संक्रमण एवं जिला में कार्यान्वित किए जा रहे अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी दी।
कृषि उत्पादन विपणन समिति (एपीएमसी) सोलन में अपनी उपज विक्रय करने के लिए आने वाले तथा देश की विभिन्न मंडियों से सब्जी एवं फल इत्यादि लेकर पहुंच रहे चालकों की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक उपाय किए गए हैं। यह सभी उपाय कोरोना वायरस के खतरे से सफलतापूर्वक निपटने के लिए सुनिश्चित बनाए गए हैं। यह जानकारी एपीएमसी सोलन के सचिव डॉ. रविंद्र कुमार शर्मा ने दी। रविंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि एपीएमसी में किसानों-बागवानों एवं अन्य की सुविधा के लिए इन्फ्रारेड थर्मल स्केनर स्थापित कर दिया गया है। इसके माध्यम से एपीएमसी सोलन में आने वाले सभी व्यक्तियों का तापमान मापा जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिगत एपीएमसी सोलन में कांच का एक कैबिन स्थापित किया गया है। तापमान की जांच के लिए व्यक्ति इस कैबिन के अंदर बैठेगा जबकि जांच के लिए व्यक्ति कैबिन के बाहर खड़ा होगा। इन्फ्रारेड तरंग के माध्यम से तापमान मापा जाएगा। उन्होंने कहा कि सब्जी मंडी में सभी आने वाले व्यक्तियों की प्रविष्टि दर्ज की जाएगी। इसमें व्यक्ति का नाम, पता और तापमान अंकित रहेगा। यह जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ साझा की जाएगी ताकि संक्रमण की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। रविंद्र शर्मा ने कहा कि कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत एपीएमसी सोलन में पांव द्वारा संचालित हस्त प्रक्षालन प्रणाली (फुट ऑपरेटिड हैण्ड वॉश सिस्टम) भी स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के माध्यम से हाथ धोने के लिए पांव से बटन दबाना होगा। हाथ धोने के उपरांत ही व्यक्ति का तापमान मापा जाएगा। इसके माध्यम से सब्जी मंडी में स्वच्छता सुनिश्चित बनाने एवं विभिन्न संक्रमण से बचाव में सहायता मिलेगी। एपीएमसी के सचिव ने कहा कि कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत सब्जी मंडी में सुरक्षा उपाय अपनाने के साथ-साथ किसानों को समयबद्ध लाभ पहुंचाने की दिशा में भी सकारात्मक कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोलन जिला के किसानों द्वारा उगाई जा रही ब्रॉकली एवं अन्य एक्सोटिक किस्मों की सब्जियों को बेहतर मूल्य पर विक्रय करने का प्रबंध सुनिश्चित बनाया गया है। इसके लिए रिलायंस फ्रेश तथा बिग बास्केट की सहायता ली गई है। किसान रिलायंस फ्रेश के साथ जिला के जनेड़घाट में तथा बिग बास्केट के साथ सलोगड़ा स्थित एकत्रिकरण केंद्र से सपंर्क स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एपीएमसी सोलन द्वारा अभी तक लगभग 9.50 करोड़ रुपये मूल्य का 42 हजार क्विंटल मटर विक्रय किया गया है। सभी किसानों को ऑनलाइन भुगतान सुनिश्चित बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह गत वर्ष की तुलना में लगभग 15 हजार क्विंटल अधिक है। रविंद्र शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशानुसार एपीएमसी सोलन किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलवाने एवं बेहतर विक्रय सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प हैं। उन्होंने किसानों एवं बागवानों से आग्रह किया कि उचित जानकारी एवं लाभप्रद मूल्य अर्जित करने के लिए एपीएमसी सोलन से संपर्क करें।
वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लगभग पिछले 50 दिनों से जँहा सभी लोग लॉक डाउन है। तो वन्ही एक ऐसा वर्ग भी है जो इस दौरान अपने स्वास्थ्य की परवाह किए बगैर लगातार कोरोना की इस लड़ाई में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। जी हां हम बात कर रहे हैं उन सफाई कर्मचारियों की जो सुबह से शाम तक क्षेत्र की साफ सफाई में जुटे रहते है। सोमवार इन्ही योद्धाओं के सम्मान के लिए क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने कुनिहार में एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें नायब तहसीलदार दौलत राम चौधरी के हाथों इन सफाई कर्मचारियों को हैंडटावल, साबुन, सेनेटाइजर, मास्क व ग्लब्ज देकर सम्मानित करवाया गया। नायब तहसीलदार व संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने इन सफाई कर्मचारियों के कार्य की खूब प्रशंसा कर इनके स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर सर्व एकता मंच कुनिहार के अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, नव चेतना संस्था के प्रधान कुलदीप कंवर, एहसास कल्याण समिति के अध्यक्ष रुमित ठाकुर, हरजिंदर ठाकुर, प्रदीप चौधरी, सुभाष ठाकुर आदि मौजूद रहे।
कर्फ्यू ढील के दौरान आड इवन फार्मूले की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालको के खिलाफ पुलिस प्रशासन सख्त हो गया है जिसके चलते कुनिहार पुलिस सोलन मार्ग कोठी चोंक में नाका लगाकर उन वाहनों के चलान काटती नजर आई जो बिना वजह अपनी निजी गाडियों को सडको पर घुमा रहे थे। चलान से बचने के लिए कई वाहन चालक तरह तरह के बहाने बनाते भी नजर आये कोई अपने वाहन में हवा भरवाने का बहाना बनाता दिखाई दिया तो कुछ किसी जरूरत मंद साथी को छोड़कर आने का बहाना बनाते दिखाई दिए। गौर है कि कुनिहार क्षेत्र अर्की उपमंडल का सबसे बड़ा व्यपारिक क्षेत्र है व् यंहा दूरदराज के अधिकतर लोग अपनी अपनी निजी गाडियों में खरीदारी करने यंहा पंहुच रहे हैं कर्फ्यू ढील के दौरान उक्त क्षेत्र में अक्सर वाहनों की आवाजाही भी अधिक हो जाती है। जिला सोलन में कर्फ्यू में ढील के दौरान वाहनों की आवाजाही के लिए प्रशासन की ओर से ऑड-ईवन फार्मूला शुरू किया गया है। गत एक सप्ताह से उक्त योजना पर कार्य भी शुरू हो गया है। हालांकि अभी भी अधिकतर ग्रामीण लोगों को ऑड-ईवन के बारे में अधिक जानकारी नहीं है, पहले एक दो दिन पुलिस प्रशासन की ओर से भी कुनिहार क्षेत्र में वाहन चालको को इसके बारे में जागरूक किया गया था। कुनिहार थाना प्रभारी जीत सिंह ने कहा कि कुनिहार क्षेत्र में कर्फ्यू ढील के दौरान बेवजह अपनी निजी गाडियों को सडको पर उतारने वाले वाहन चालको के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा निजी वाहनों के लिए आड इवन का फार्मूला लागु किया गया है इसके बावजूद भी कई वाहन चालक तरह तरह के बहाने बनाकार सडको पर अपने वाहन इधर उधर घुमा रहे हैं पुलिस द्वारा नाका लगाकर ऐसे वाहनों के चलान काटे गए हैं व कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने लोगो से अपील की है कि सरकार व जिला प्रसासन के दिशा निर्देशों का पालन कर कोरोना की लड़ाई में सहयोग करें।
किसानों की तैयार गेंहू की फसल जिसका कटाई व गहाई का काम जोरो पर चल रहा है पर कुदरत की मार पड़ रही है। वीरवार रात को जँहा आंधी, बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की गेंहू व नगदी फसलों को नुकसान पहुंचाया तो वन्ही रविवार सुबह भारी आंधी तूफान व बारिश से क्षेत्र में किसानों की फसल को नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि तैयार व कटी फसल को बेवक्त हो रही इस आंधी तूफान व बारिश से काफी नुकसान हो रहा है। अगर ऐसे ही बारिश होती रही तो हमारी सारी फसल नष्ट हो जाएगी व अधिकतर किसानो की कृषि ही रोजी रोटी है। जो किसान कृषि पर ही निर्भर है उन्हें अपने परिवार के पालन पोषण की चिंता सता रही है। रविवार सुबह तूफान व बारिश से फसलों को जँहा भारी नुकसान हुआ तो वन्ही कई जगह तूफान की वजह से बड़े बड़े पेड़ भी टूट गए जिसकी वजह से क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति पर भी असर पड़ा व विभाग द्वारा कई घण्टो की मशक्कत के बाद विद्युत आपूर्ति को दरुस्त किया गया।
लॉकडाउन के कारण जेएनवी कुनिहार के 9वीं कक्षा के माइग्रेट विद्यार्थी रविवार जेएनवी पुणे महाराष्ट्रा से कुनिहार पहुंच ही गए। 7 मई को हिमाचल के प्रवेश द्वार परवाणू पहुंचे इन 21 विद्यार्थियों को जिला प्रशासन ने होटल शिवालिक में रखा, जंहा इन सभी विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। 9 मई की शाम को सीआरआई कसौली से इन सभी की स्वास्थ्य चिकित्सा रिपोर्ट नेगटिव निकली। रविवार को विद्यालय के अध्यापक कमलेश कुमार व सचिता मेडम के साथ परवाणू से यह बच्चे घर की ओर रवाना हुए। जिन्हें प्रशासन की सहमति से होम क्वारन्टीन किया गया। बच्चो के कुछ अभिवावक अपने अपने बच्चो को परवाणू, धर्मपुर से अपने साथ घर ले गए। इनमें से 6 विद्यार्थी करीब 2 बजे कुनिहार के कोठी चौकपहुंचे जँहा पहले से ही इनके अभिभावक बच्चों को रिसीव करने पहुंचे हुए थे। एक दूसरे को देखकर अभिभावक व बच्चे काफी खुश थे। लेकिन कोरोना के चलते प्रसासन के दिशा निर्देशों के अनुसार सोसल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दूर से ही एक दूसरे को निहारते रहे। यंहा से इन बच्चो के अभिवावक इन्हें घर ले कर गए। कोठी चोक पर एसएचओ कुनिहार जीत सिंह ने सभी बच्चो व अभिवावकों को प्रशासन की ओर से जरूरी हिदायते दी।इस दौरान क्वारन्टाइन अवधि में घर से बाहर न निकलने को कहा। वन्ही विद्यालय की ओर से अध्यापक कमलेश कुमार ने उपायुक्त सोलन का धन्यवाद किया कि परवाणू में बच्चो के रहने व खान पान की बहुत ही अच्छी व्यवस्था की गई थी। अति सवेदनशील क्षेत्र से आने के कारण सभी बच्चो की करोना सम्बन्धी जांच की गई जोकि नेगटिव आई व बच्चो को प्रशासन की ओर से जरूरी हिदायते देकर होम क्वारन्टीन किया गया।
अम्बुजा सीमेंट कंपनी में कार्यरत ट्रक आपरेटर माल भाड़े की अदायगी समय पर करने की मांग कर रहे है। यूनियनों ने समय पर पेमेंट न करने की सूरत में ढुलाई कार्य बंद करने की चेतावनी दी है। हालांकि कंपनी द्वारा कुछ पेमेंट तो कर दी गई है लेकिन अभी भी करोड़ों रुपये कंपनी की तरफ बकाया है। एसडीटीओ ट्रक ऑपरेटर यूनियन द्वारा कम्पनी को माल भाड़े की अदायगी समय पर करने का नोटिस भेजा है। एसडीटीओ के प्रधान रत्न मिश्रा ने बताया कि उन्होंने कंपनी को नोटिस के माध्यम से समय पर पेमेंट करने को कहा है। नोटिस में स्पष्ट किया है कि कंपनी पहले की तरह वीकली पेमेंट का सिस्टम लागू नही करती तो ढुलाई कार्य बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कंपनी पर उनकी सोसायटी का लगभग पांच करोड़ रुपये का बकाया है जिसमें से एक करोड़ की पेमेंट हुई है। पेमेंट न होने की सूरत में ऑपरेटरों द्वारा ढुलाई कार्य को सुचारु रखना संभव नही है। लॉक डाउन के दौरान सभाओं द्वारा एफडीयां तुड़वाकर आर्थिक संकट से जूझ रहे ऑपरेटरों को पेमेंट की गई है। उन्होंने बताया कि सभी यूनियनों की मैनजमेंट से बात हो चुकी है। सभी ऑपरेटर वीकली पेमेंट की मांग कर रहे है और ऐसा न होने पर ढुलाई कार्य बंद करने के पक्ष में है। एडीकेएम यूनियन के प्रधान बालक राम का कहना था कि तीन करोड़ 65 लाख भाड़े की राशि पेंडिंग थी जिसमें से दो करोड़ 98 लाख की पेमेंट कम्पनी द्वारा कर दी गयी है 70 लाख अभी भी बकाया है।उन्होंने कम्पनी प्रबन्धन से वीकली माल भाड़े की अदायगी के सिस्टम को लागू करने की मांग की है। उधर कंपनी प्रबंधन इस बारे में कोई टिप्पणी करने से बच रहा है। कंपनी का पक्ष जानने के लिए फोन पर सम्पर्क किया गया तो कंपनी के अधिकारियों ने फोन नही उठाया।
कोरोना वायरस के चलते लाॅकडाउन की वजह से ग्राम पंचायत घणागुघाट के शेरपुर में उत्तर प्रदेश मुरादाबाद से आए 7 मजदूर अपने घर जाना चाह रहे हैं, लेकिन पैसा न होने की वजह से 2 महीने से वहीं फंसे हुए हैं। मजदूर प्रदीप ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश गांव जगनिया डाकखाना सिरसी तहसील बिलारी जिला मुरादाबाद से 17 मार्च को घर से चले थे और 19 मार्च को शेरपुर पहुंचे थे। उन्हें शेरपुर से मोहल गांव तक सड़क संपर्क सड़क मार्ग पर गटका तथा रोड़ी बिछाने के लिए बुलाया गया था लेकिन उनके आने के 2 दिन बाद ही लाॅकडाउन शुरू हो गया जिस कारण वे कोई भी काम नहीं कर पाए। उनका ठेकेदार उन्हें यह कहकर चला गया कि वह जल्दी आकर उन्हें खर्चा के लिए पैसे देगा लेकिन लाॅकडाउन हो जाने के कारण दो महीने व्यतीत हो जाने पर भी अभी तक ठेकेदार ने की सहायता नहीं की है। मजदूरों ने कहा कि उनके साथ दो महिलाएं भी हैं जिनमें एक ९ महीने से गर्भवती है। मजदूरों ने कहा कि वे एक कमरा किराए पर लेकर उसी में रह रहे हैं खाने को राशन नहीं है। अब तक कुछ राशन पंचायत प्रधान द्वारा दिया गया था अब उनके पास न कुछ खाने को है न जेब में पैसा है उनका कहना है कि उन्हें यदि सरकार किसी भी तरह उन्हें घर भेज देती है तो वह किसी भी सूरत में घर जाना चाह रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि वे इस संदर्भ में एसडीएम अर्की को भी अवगत करवा चुके है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि उन्हें जल्द से जल्द घर भेजे। पंचायत प्रधान धनीराम रघुवंशी ने कहा कि वह 2 महीने से इनकी हर संभव सहायता कर रहे हैं लेकिन अब ये घर जाना चाह रहे हैं, जिसका प्रबंध सरकार को करना चाहिए।
कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र (बीबीएन) में बाहर से आए व्यक्तियों को होम क्वारेनटाईन करने के सम्बन्ध में पुलिस बल पूर्ण तत्परता के साथ कार्यरत है। यह जानकारी पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी ने दी। उन्होंने कहा कि इन व्यक्तियों का होम क्वारेनटाईन सुनिश्ख्ति बनाने एवं इन्हें इस विषय में जागरूक करने के लिए पुलिस बल जहां बाहर से आए सभी व्यक्तियों का भौतिक सत्यापन कर रहा है वहीं पंचायत एवं वार्ड स्तर पर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। रोहित मालपानी ने कहा कि 26 अप्रैल, 2020 से 09 मई, 2020 की प्रातः 08.00 बजे तक पुलिस जिला बद्दी में बाहर से आए कुल 576 व्यक्तियों को होम क्वारेनटाईन किया गया है। पुलिस इन सभी का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित बना रही है ताकि किसी भी व्यक्ति द्वारा इस नियम की अनुपालना में कोताही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि 09 मई, प्रातः 8.00 बजे से 10 मई, 2020 प्रातः 8.00 बजे तक पुलिस जिला बद्दी से 349 वाहनों में कुल 723 व्यक्तियों ने आवागमन किया। उन्होंने कहा कि इनमें से बिलासपुर जिला के लिए 57 वाहनों में 104 व्यक्ति, चंबा जिला के लिए 19 वाहनों में 64 व्यक्ति, हमीरपुर जिला के लिए 34 वाहनों में 64 व्यक्ति, कांगड़ा जिला के लिए 43 वाहनों में 103 व्यक्ति, कुल्लू जिला के लिए 06 वाहनों में 12 व्यक्ति, मंडी जिला के लिए 59 वाहनों में 124 व्यक्ति, पुलिस जिला बद्दी के लिए 81 वाहनों में 153 व्यक्ति, शिमला जिला के लिए 01 वाहन में 01 व्यक्ति, सिरमौर जिला के लिए 02 वाहनों में 08 व्यक्ति, सोलन जिला के लिए 21 वाहनों में 34 व्यक्ति तथा ऊना जिला के लिए 26 वाहनों में 56 व्यक्तियों ने आवागमन किया। उन्होंने क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों के प्रधानों, सचिवों तथा नगर परिषद नालागढ़ एवं बद्दी के अध्यक्ष एवं पार्षदों से आग्रह किया कि बाहर से आए व्यक्तियों के होम क्वारेनटाइन के संबंध में पूरी जानकारी रखें और उपमंडल प्रशासन को भी अवगत करवाएं। उन्होंने कहा कि होम क्वारेनटाईन का नियम कोरोना वायरस की श्रंखला को तोड़ने में अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल इस दिशा में सतत कार्यरत है तथा सभी निर्देशों की अनुपालना के साथ-साथ जांच एवं स्क्रीनिंग के कार्य को सुनिश्चित बनाया जा रहा है।
कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने शिमला में कोरोना संक्रमित मंडी जिला के एक व्यक्ति के देर रात किए गए अंतिम संस्कार को अति दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा है कि उक्त व्यक्ति की मृत देह का घोर अपमान हुआ है। इसके लिए सरकार भी पूरी तरह दोषी है। विक्रमादित्य सिंह ने इस धटना पर गहरा क्षोव व्यक्त करते हुए कहा है कि वह इस पूरे मामले को सुन कर अति व्यथित है। एक ऐसा नोजवान व्यक्ति जिस का भरा पूरा परिवार हो और एक गंभीर बीमारी का शिकार हो गया हो, उसकी मृत देह से इस प्रकार का कृत्य की उसे रात को ही बगैर उसके परिवार के लावारिस की तरह अग्नि के समर्पित कर दिया जाए और वह भी डीज़ल या मिट्टी तेल से जला दिया जाए, कही न कही सरकार की सम्वेदनहीनता को साफ दर्शाता है। विक्रमादित्य सिंह ने इस मुद्दे पर लोगों के गुस्से को जायज ठहराते हुए कहा है कि जिस परिवार का यह व्यक्ति गंभीर बीमारी का शिकार बना और अंतिम संस्कार में वह परिवार उसका मुंह तक न देख सका और न ही उसका कोई कर्म धर्म कर सका उस परिवार, उसके माता पिता पर क्या गुज़र रही होगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। यह सरकार इतनी संवेदनहीन होगी, उन्होंने कभी इसकी कल्पना भी नहीं कि थी। विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि उक्त व्यक्ति के मृत शरीर का अपमान तो हुआ ही साथ ही देश के हिन्दू धर्म व कानून का भी उल्लंघन हुआ है। उन्होंने कहा है कि सरकार को इस पूरे मसले पर प्रभावित परिवार से माफी मांगते हुए उसके परिवार को मुआवजा देना होगा।
शुक्रवार रात, चोर हाटकोट शनि मंदिर के ताले तोड़ कर चढ़ावे पर हाथ साफ कर गए। मंदिर के पुजारी पुष्पेंद्र शर्मा ने चोरी की वारदात की शिकायत पुलिस थाना कुनिहार में की। करोंना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए पुलिस विभाग इन दिनों जँहा प्रशासन के दिशा निर्देशो के अनुसार अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। तो वहीँ क्षेत्र में चोर सक्रिय होकर मंदिरों को अपना निशाना बना रहे है। शुक्रवार की रात्रि जंहा चोर शनि मंदिर के दोनों दानपात्रों को उठा कर ले गए तो वहीँ क्षेत्र में चर्चा है कि दो चार दिन पहले राधा कृष्ण मंदिर हाटकोट व घोडीदेवी मंदिर के दानपात्रों को तोड़ कर चोर उसकी नगदी पर हाथ साफ कर चुके है। शनि मंदिर के दोनों दानपात्र मंदिर से शिव गुफा को जाने वाली सड़क के साथ खेतो में टूटे हुए मिले। दोनों दान पात्रों में से चोर चढ़ावे को निकाल कर रफूचक्कर हो गए। कोरोना वायरस के चलते जँहा सभी लोग घरों के अंदर लॉक डाउन है तो वन्ही क्षेत्र में चोरी की वारदात पुलिस के लिए एक चुनौती से कम नही है। अब देखना यह है कि पुलिस कितनी जल्दी इन चोरों तक पहुंच पाती है। इस विषय बारे में जब थाना प्रभारी कुनिहार जीतसिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शनिमंदिर हाटकोट से चुराए गए दानपत्रो की वारदात को अंजाम देने वाले अज्ञात व्यक्ति तक पुलिस बहुत शीघ्र पंहुच जाएगी। इसके लिए क्षेत्र की दुकानों के बाहर लगे सी. सी. टी वी. की फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। इसके अतिरिक्त कुछ सन्दिग्ध व्यक्तियों से भी पूछताछ शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मंदिरों में सी. सी. टी. वी. कैमरों के अतिरिक्त चौकीदार होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मंदिरों में चढावे की रकम को भी प्रतिदिन सांयकाल को मंदिर समिति द्वारा निकाल लेना चाहिए।
कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र (बीबीएन) में होम क्वारेनटाईन नियम का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाया जा रहा है। इसके लिए पुलिस बल द्वारा बाहर से आए सभी व्यक्तियों की भौतिक जांच की जा रही है। यह जानकारी पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी ने दी। रोहित मालपानी ने कहा कि 08 मई, 2020 को क्षेत्र में कुल 545 व्यक्ति बाहर से पंहुचे। पुलिस द्वारा इन सभी का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है और इनके होम क्वारेनटाईन में रहने की जांच की जा रही है। इन 545 व्यक्तियों में से 63 व्यक्ति बरोटीवाला, 195 व्यक्ति बद्दी, 125 व्यक्ति नालागढ़, 63 व्यक्ति रामशहर, 29 व्यक्ति दभोटा तथा 70 व्यक्ति जोघों क्षेत्र में आए है। उन्होंने कहा कि 08 मई, प्रातः 8.00 बजे से 09 मई, 2020 प्रातः 8.00 बजे तक पुलिस जिला बद्दी से 394 वाहनों में कुल 886 व्यक्तियों ने आवागमन किया। उन्होंने कहा कि इनमें से बिलासपुर जिला के लिए 54 वाहनों में 106 व्यक्ति, चंबा जिला के लिए 16 वाहनों में 55 व्यक्ति, हमीरपुर जिला के लिए 29 वाहनों में 75 व्यक्ति, कांगड़ा जिला के लिए 56 वाहनों में 158 व्यक्ति, किन्नौर जिला के लिए एक वाहन में 04 व्यक्ति, कुल्लू जिला के लिए 05 वाहनों में 07 व्यक्ति, मंडी जिला के लिए 72 वाहनों में 179 व्यक्ति, पुलिस जिला बद्दी के लिए 55 वाहनों में 98 व्यक्ति, शिमला जिला के लिए 04 वाहनों में 08 व्यक्ति, सिरमौर जिला के लिए 02 वाहनों में 04 व्यक्ति, सोलन जिला के लिए 68 वाहनों में 133 व्यक्ति तथा ऊना जिला के लिए 32 वाहनों में 59 व्यक्तियों ने आवागमन किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि 09 मई, 2020 तक बरोटीवाला यातायात बैरियर से बीबीएन क्षेत्र में विभिन्न उद्योगों के 220 कर्मी भी पंहुचे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा क्षेत्र के ट्रक यूनियन कार्यालय में भी जवानों की तैनाती की गई है ताकि कार्य के समय सोशल डिस्टेन्सिग सहित अन्य नियमों का पालन पूर्ण रूप से हो। उन्होंने क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों के प्रधानों, सचिवों तथा नगर परिषद नालागढ़ एवं बद्दी के अध्यक्ष एवं पार्षदों से आग्रह किया कि बाहर से आए व्यक्तियों के होम क्वारेनटाइन के संबंध में पूरी जानकारी रखें और उपमंडल प्रशासन को भी अवगत करवाएं। उन्होंने कहा कि पुलिस बल इस दिशा में पूर्ण रूप से सजग है तथा सभी निर्देशों की अनुपालना के साथ-साथ जांच एवं स्क्रीनिंग के कार्य को सुनिश्चित बनाया जा रहा है।
कोरोना वायरस के खतरे से दीर्घावधि में सफलतापूर्वक निपटने के लिए जिला पुलिस बद्दी द्वारा बहुआयामी रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है। यह जानकारी पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी ने दी। रोहित मालपानी ने कहा कि पुलिस बल जहां बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में व्यक्तियों एवं वाहनों की आवाजाही को केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत सुनिश्चित बना रहा है वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायती राज संस्थाओं के चुने हुए प्रतिनिधियों को जागरूक भी किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इसी कड़ी में पुलिस ने क्षेेत्र की ग्राम पंचायत भुड, लेही, गुल्लरवाला, भटोलीकलां तथा ढेला में ग्राम पंचायत प्रधानों एवं वार्ड सदस्यों के साथ बैठक आयोजित कर उन्हें कोरोना वायरस के खतरे से निपटने और होम क्वारेनटाईन के विषय में जागरूक किया। इन ग्राम पंचायतों में बताया गया कि कोविड-19 से सफलतापूर्वक निपटने के लिए न केवल स्वंय सचेत रहना होगा अपितु आपने आस-पाास के परिवेश पर भी ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी से आग्रह किया गया कि अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में ग्राम वासियोें को कोविड-19 एवं इससे निपटने के लिए अपनाई जाने वाली सावधानियों के विषय में बताएं। कोरोना वायरस के बारे में लोगों की शंकाओं का समाधान करें। बाहर से आने वाले व्यक्तियों की सूचना तुरन्त प्रशासन एवं पुलिस को प्रदान करें। उन्होंने कहा कि कोरेाना वायरस संक्रमण की श्रंखला को तोड़ने के लिए बाहर से आने वाले लोगों को होम क्वारेनटाईन किया जाना आवश्यक है। होम क्वारेनटाईन का सख्ती से पालन करवाना सम्बन्धित ग्राम पंचायत अथवा नगर परिषद वार्ड के नुमाईदों का भी कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सभी को सजग रहना होगा। होम क्वारेनटाईन हुए व्यक्तियों को ग्राम स्तर पर यह बताया जाना आवश्यक है कि होम क्वारेनटाईन नियम को तोड़ने पर विभिन्न अधिनियमों के तहत सख्त कार्रवाही की जाएगी। रोहित मालपानी ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि गावों में लोगों को जागरूक करने और डर तथा भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए समय-समय पर सकारात्मक प्रचार करें। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस अवसर पर प्रधानों तथा वार्ड सदस्यों की इस सम्बन्ध में शंकाओं और समस्याओं का समाधान भी किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस अन्य ग्राम पचांयतों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी। रोहित मालपानी ने कहा कि क्षेत्र में आने वाले वाहनों एवं व्यक्तियों की आवाजाही को सरल बनाने के लिए भी पुलिस बल कार्यरत हैं। एक और जहां क्षेत्र के विभिन्न यातायात बैरियरों पर पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमें यह सुनिश्चित बना रही हैं कि वाहनों के यात्रियों को कोई परेशानी न हो वहीं सरल आवाजाही के लिए योजनाबद्ध कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने यातायात बैरियर बरोटीवाला पर समर्पित लेन प्रणाली लागू की है। प्रथम लेन अर्थात बायीं लेन बसों, कर्मचारियों के हल्के वाहनों के लिए है जबकि बायीं से दूसरी लेन विभिन्न उद्योगों के दैनिक आधार पर आने-जाने वाले प्रबन्ध निदेशकों, निदेशकों एवं वरिष्ठ प्रबन्धन के लिए है। इस प्रणाली से यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में सहायता मिलेगी। पुलिस अधीक्षक ने सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 से निपटने के लिए प्रशासन तथा पुलिस को सहयोग दें और नियमों का पालन सुनिश्चित बनाएं।
अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस दिवस पर जिला रेडक्रॉस समिति सोलन द्वारा क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में रक्त शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में अतिरिक्त उपायुक्त सोलन विवेक चंदेल ने 34वीं बार रक्तदान किया। अतिरिक्त उपायुक्त ने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान महादान है तथा सभी को इस पुनीत कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित बनानी चाहिए। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि रक्तदान जैसे परोपकार के कार्य में बढ़चढ़ कर भाग लें क्योंकि उनके द्वारा दिया गया रक्त अमूल्य मानव जीवन को बचाने में सहायक हो सकता है। विवेक चंदेल ने कहा कि जिला रेडक्रॉस समिति सोलन अपनी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पीडि़त व ज़रूरतमंदों को सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के खतरे के कारण घोषित कर्फ्यू अवधि में यह आवश्यक है कि युवा स्वेच्छा से रक्तदान करें ताकि आवश्यकता पड़ने पर अस्पतालों में रक्त की कमी न हो।
अम्बुजा सीमेंट कंपनी द्वारा पिछ्ले डेढ़ माह से रोक कर रखे ट्रक आपरेटरों के भाड़े का करोड़ो रुपऐ का भुगतान शुक्रवार को कर दिया गया है। इस से सैंकड़ों ट्रक आपरेटरों ने राहत की सांस ली है तथा सभी ट्रक आपरेटरों ने इसके लिए प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया है। दी बाघल लैंड लूजर परिवहन सहकारी सभा के पूर्व उपाध्यक्ष एवं सदस्य जगदीश शर्मा सहित सभा के अध्यक्ष सदस्य विशाल शर्मा, धनीराम ठाकुर, जगरनाथ, बाबूराम शर्मा, वीरेन्द्र शर्मा, सतीश शर्मा, ललित शर्मा, सुनील कुमार, राजकुमार, श्यामलाल, बालकराम, कमल कुमार, प्रकाश महाजन आदि सभी सदस्यों ने प्रेस को जारी ब्यान में कहा है कि सैंकड़ो ट्रांसपोटरों द्वारा 21 मार्च से पहले अम्बुजा कंपनी का सीमेंट व क्लींकर का ढुलाई कार्य किया था जिसका करोडों रुपऐ कंपनी द्वारा लॉकडाऊन की आड़ में पिछले डेढ़ माह से दबा कर रखा गया था और बहाना यह बनाया जा रहा था कि कंपनी का हैड ऑफिस महाराष्ट्र में है जो लॉकडाउन की वजह से बन्द पड़ा है। जबकी इसके बावजूद भी कंपनी द्वारा अपने कामगारों को कई करोड़ रुपए वेतन के रुप में भुगतान किया गया। कंपनी के इस रवैये से सैकड़ो ट्रांसपोटरों को लॉकडाउन के चलते भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। दी बाघल लैंड लूजर परिवहन सहकारी सभा के उपरोक्त सभी सदस्यों ने प्रदेश सरकार से ओपरेटरों के करोड़ों रुपयों के भुगतान को कंपनी द्वारा करवाने बारे सरकार से अपना हस्तक्षेप करने के लिए लिखित में मांग की थी जिसके बाद प्रदेश सरकार के हस्तक्षेप से आज सभी ट्रांसपोटरों के भाड़े का करोड़ों रुपयों का भूगतान कंपनी द्वारा कर दिया गया है। जिसमें दी बाघल लैंड लूजर परिवहन सहकारी सभा का लगभग ढाई करोड़ रुपये का भुगतान शामिल है। इस हेतु उपरोक्त सभी ट्रक ओपरेटरों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का धन्यवाद किया है।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर कोविड-19 से बचाव के लिए अग्रिम पंक्ति में तैनात विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मियों को आयुर्वेद विभाग द्वारा रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि के लिए तैयार किया गया विशेष काढ़ा प्रदान करना आरंभ कर दिया गया है। यह जानकारी जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. राजेंद्र शर्मा ने दी। डॉ. राजेंद्र शर्मा ने कहा कि आयुर्वेदिक विभाग द्वारा विशेष रूप से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मधुयष्टियादि कषाय (काढ़ा) तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह काढ़ा सर्वप्रथम कोरोना संक्रमण के विरूद्ध आवश्यक सेवाओं के लिए तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का सबसे अधिक प्रभाव व्यक्ति के श्वसन तंत्र पर होता है। यह काढ़ा व्यक्ति श्वसन तंत्र को मज़बूत बनाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, आयुर्वेद विभाग, पुलिस, समेकित बाल विकास परियोजना, सफाई कर्मी, कोविड-19 के पॉजिटिव मामलों तथा आवश्यक सेवाओं में कार्यरत विभागों को यह काढ़ा उपलब्ध करवाना आरंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को इस काढ़े के लाभ और सेवन के विषय में जानकारी प्रदान की जा रही है। डॉ. राजेंद्र शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद में वर्णित दिनचर्या, योग और व्यायाम के माध्यम से व्यक्ति विभिन्न बीमारियों से अपना बचाव कर सकता है। इस दिशा में आयुष मंत्रालय द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन सभी के अनिवार्य है।
अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर स्वर्ण एजुकेशनल एण्ड वैलफेयर ट्रस्ट (सेवा) के सौजन्य से सोलन शहर में वृद्ध महिलाओं की देखभाल के लिए चलाए जा रहे डे केयर सेंटर ‘खुशी’ की सदस्य शशि प्रभा गुप्ता ने यहा उपायुक्त सोलन केसी चमन को राज्य रेडक्रॉस समिति में अंशदान स्वरूप 50 हजार रुपये का चैक भेंट किया। डे केयर सेंटर खुशी की सभी महिलाओं द्वारा एकत्र की गई 16 हजार रुपये की राशि का चैक भी इस अवसर पर सेंटर की वरिष्ठतम सदस्य तृप्ता चौधरी द्वारा उपायुक्त को जिला कोविड-19 फंड के लिए भेंट किया गया। केसी चमन ने राज्य रेडक्रॉस समिति तथा जिला कोविड-19 फंड में उदारतापूर्वक अंशदान करने के लिए खुशी डे केयर सेंटर की सभी सदस्यों तथा शशि प्रभा गुप्ता का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस समिति द्वारा हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में ज़रूरमंद एवं गरीब व्यक्तियों की सहायता के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक शशि प्रभा गुप्ता द्वारा राज्य रेडक्रॉस समिति को दिया गया अंशदान पूरे समाज के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। एक बुजुर्ग महिला की इस दिशा में सोच एवं समाज के प्रति कर्तव्य भावना सभी को रेडक्रॉस के लिए उदारतापूर्वक अंशदान करने और समिति के माध्यम से पीडि़त मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करेगी। केसी चमन ने कहा कि खुशी डे केयर सेंटर की सभी बुजुर्ग महिलाओं द्वारा कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत जिला कोविड-19 फंड को अंशदान करना सभी नागरिकों को राह दिखाएगा। उन्होंने कहा कि अपने पूरे जीवन के अनुभवों को समेटे इन बुजुर्ग महिलाओं द्वारा किया गया अंशदान वास्तविक अर्थों में सर्वोच्च है। उन्होंने आशा जताई कि समाज की धरोहर इन बुजुर्ग महिलाओं द्वारा किए गए अंशदान से समाज के सभी वर्ग इस दिशा में बढ़चढ़ कर कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे। केसी चमन ने डे केयर सेंटर खुशी के माध्यम से जिला की सभी बुजुर्ग महिलाओं से आग्रह किया कि वे संकट की इस घड़ी में अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें और अपना समय घर पर ही बिताएं। डे केयर सेंटर खुशी ऐसा पहला केंद्र है जो पूर्ण रूप से बुजुर्ग महिलाओं को समर्पित है। गत 05 वर्षों में इस केंद्र से सोलन की अनेक बुजुर्ग महिलाएं किसी न किसी रूप में जुड़ी रही हैं और यह केंद्र वरिष्ठ महिलाओं की समस्याओं को सुलझाने का मंच बनकर भी उभरा है।
उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ प्रशान्त देष्टा ने कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत नालागढ़ उपमण्डल में उपमण्डलाधिकारी कार्यालय एवं विभिन्न तहसील कार्यालयों में सभी प्रकार की अनुमति एवं पास बनवाने के लिए वट्स एप नम्बर जारी किए हैं ताकि लोगों को इन कार्यों के लिए किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशान्त देष्टा ने इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी देते हुए कहा कि यह व्हाट्सएप नंबर नम्बर जन सुविधा के दृष्टिगत जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उपमण्डलाधिकारी कार्यालय नालागढ़ में अनुमति एवं पास बनवाने के लिए व्हाट्सएप नंबर 70187-21698 एवं 94180-07833, वाहन पास के लिए 98160-10888, निर्माण कार्य के लिए 93185-00689 तथा विवाह एवं अन्य कार्य के लिए 82639-89872 पर आवेदन किया जा सकता है। प्रशान्त देष्टा ने कहा कि तहसील कार्यालय बद्दी में विभिन्न पास बनवाने के लिए व्हाट्सएप नंबर 94180-55038 तथा 98827-17116 पर आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि तहसील कार्यालय रामशहर में विभिन्न पास बनवाने के लिए व्हाट्सएप नंबर 96251-35979, 94183-23129 तथा 70185-02670 पर आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पंजैहरा में विभिन्न पास बनवाने के लिए व्हाट्सएप नंबर 98163-05813, 94186-28526 तथा 82197-00045 पर आवेदन किया जा सकता है। प्रशान्त देष्टा ने कहा कि तहसील कार्यालय नालागढ़ में विभिन्न पास बनवाने के लिए व्हाट्सएप नंबर 98051-19444, 94592-73443, 98826-45544 तथा 94189-15873 पर आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि विभिन्न पास बनवाने एवं अनुमतियां प्राप्त करने के लिए उपरोक्त व्हाट्सएप नंबर नम्बरों का प्रयोग करें।
सोलन जिला में 06 मई, 2020 को प्रवेश हुए सभी 1067 व्यक्तियों की निर्देशानुसार भौतिक जांच पुलिस द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। यह जानकारी उप पुलिस अधीक्षक सोलन रमेश शर्मा ने दी। रमेश शर्मा ने कहा कि इन सभी 1067 व्यक्तियों को पुलिस द्वारा सम्पर्क कर सभी दिशा-निर्देशों की अनुपालना करने और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के नियमानुसार होम क्वारेनटाइन में रहने के निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी को आरोग्य सेतु ऐप अनिवार्य रूप से डाउनलोड करने के लिए भी कहा गया है। उप पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इन 1067 व्यक्तियों में से 357 व्यक्तियों को सोलन क्षेत्र में, 108 व्यक्तियों कंडाघाट क्षेत्र में, 156 व्यक्तियों को धर्मपुर क्षेत्र में, 78 व्यक्तियों को कसौली क्षेत्र में, 45 व्यक्तियों को परवाणू क्षेत्र में, 179 व्यक्तियों को अर्की क्षेत्र में, 107 व्यक्तियों को दाड़लाघाट क्षेत्र में तथा 17 व्यक्तियों को बागा क्षेत्र में होम क्वारेनटाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि यूटीसीएल कम्पनी बागा में कार्यरत 06 कर्मचारियों को वहीं पर होम क्वारेनटाईन किया गया है। कुनिहार चैकी क्षेत्र में 20 लोगों को होम क्वारेनटाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस नियंत्रण कक्ष सोलन द्वारा भी ऐसे 136 व्यक्तियों से संपर्क साधा जा रहा है जो होम क्वारेनटाइन हैं। रमेश शर्मा ने कहा कि पुलिस सभी व्यक्तियों को होम क्वारेनटाइन किए जाने का कारण एवं होम क्वारेनटाइन की अवधि में पालन किए जाने वाले निर्देशों की जानकारी दे रही है। सभी को बताया जा रहा है कि आदेशों की अनुपालना न करने पर नियमानुसार विधि सम्मत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उप पुलिस अधीक्षक ने जिला की सभी ग्राम पंचायतों के प्रधानों, सचिवों, नगर परिषद सोलन, नगर परिषद परवाणू के अध्यक्षों, पार्षदों एवं कार्यकारी अधिकारियों तथा नगर पंचायत अर्की के पार्षदों एवं सचिव सहित विभिन्न कैंट बोर्डों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से आग्रह किया है कि अपने क्षेत्र में बाहर से आने वाले व्यक्तियों की जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाएं ताकि कोविड-19 के खतरे को समाप्त किया जा सके। उन्होंने बाहर से जिला में आए व्यक्तियोें से भी आग्रह किया है कि विभिन्न निर्देशों का पालन करें तथा पूरी तरह होम क्वारेनटाईन ही रहें।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने लोगों से आग्रह किया है कि दीर्घावधि में कोरोना वायरस के खतरे से निपटने के लिए सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करें और घर से बाहर मास्क पहन कर ही जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन तथा जन-जन के सहयोग से इस महामारी को सफलतापूर्वक हराया जाएगा। डाॅ. सैजल सोलन जिला के अर्की उपमण्डल में नगर पंचायत अर्की और कुनिहार क्षेत्र में 2000 से अधिक मास्क वितरित करने के उपरान्त पंचायती राज प्रतिनिधियों एवं स्थानीय निवासियों से विचार-विमर्श कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने कहा कि कोविड-19 जैसे संक्रामक रोगों से बचाव के लिए जहां हमें अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव लाने आवश्यक हैं वहीं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देंशों का पालन करना भी ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के दिनचर्या सम्बन्धी नियम रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करने में सहायक हैं। उन्होंने कहा कि योग एवं प्राणायाम तथा नियमित व्यायाम सभी के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मन्त्री ने कहा कि सोशल डिस्टेन्सिग का पालन कोराना वायरस संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने में विशेष रूप से सहायक सिद्ध हुआ है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि दो व्यक्तियों के मध्य कम से कम एक मीटर की सामाजिक दूरी बनाए रखने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनकर जाना भी आवश्यक है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे अपने घर पर ही कपड़े से मास्क तैयार करें और नियमित रूप से मास्क का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संकट को समाप्त करने के लिए केन्द्र एवं प्रदेश सरकार को जन-जन का सहयोग अपेक्षित है। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर उपस्थित पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि अपने क्षेत्र में बाहर से आने वाले लोगों को होम क्वारेनटाईन में रखने के नियम का पालन सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने इस अवसर पर अर्की उपमण्डल में होम क्वारेनटाईन किए गए व्यक्तियों के विषय में पूर्ण जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। डाॅ. सैजल ने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से क्षेत्र में कफ्र्यू के कारण उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न समस्याओं का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित बनाया जा रहा है। सहकारिता मंत्री ने इस अवसर पर उपमण्डल में खाद्यान्न भण्डार, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य आवश्यक सेवाओं की जानकारी भी प्राप्त की। उपमण्डलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला ने इस अवसर पर उपमण्डल में कफ्र्यू अवधि में किए गए उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि अर्की उपमण्डल में 850 व्यक्ति होम क्वारेनटाईन की अवधि पूर्ण कर चुुके हंै। वर्तमान में 278 व्यक्तियों को होम क्वारेनटाईन किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी वन्दना चैहान ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल के मार्गदर्शन में सोलन जिला में अभी तक 16,000 से अधिक मास्क वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन मास्क को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं कुछ स्वंय सेवी संस्थाओं द्वारा तैयार किया गया है। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रत्न सिंह पाल, भाजपा मण्डल अर्की के अध्यक्ष डी.के. उपाध्याय, एपीएमसी सोलन के सदस्य दिलीप सिंह पाल सहित जिला परिषद सदस्य, बीडीसी सदस्य एवं पंचायती राज संस्थाओं के अन्य प्रतिनिधि तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और स्थानीय निवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भारत सरकार कोरोना रूपी महामारी से लाखों लोगों का जीवन बचाने में सफल रही है। इसके लिए हम प्रधानमंत्री की हार्दिक प्रशंसा करते हैं। यह बात हिमाचल प्रदेश सेवानिवृत कर्मचारी कल्याण मंच के मीडिया प्रभारी भूप चंद अत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष बृज लाल ठाकुर द्वारा, प्रदेश अध्यक्ष बलराम पूरी के दिशा निर्देशों द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही गई। उन्होंने कहा कि देश एवं प्रदेश भारी आर्थिक संकट में गुजर रहा है लेकिन इसके उपरांत भी भारत सरकार की उदार आर्थिक सहयोग में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एवं परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर के सफल प्रयासों द्वारा हिमाचल परिवहन निगम से सेवानिवृत हुए 6500 कर्मचारियों के लिए मार्च माह की पैंशन जारी कर दी है। इसके लिए हिमाचल परिवहन सेवानिवृत कल्याण मंच प्रदेश के मुख्यमंत्री का धन्यवाद करता है तथा कल्याण मंच आशा करता है कि भविष्य में भी प्रदेश सरकार सेवानिवृत कर्मचारियों के लंबित पड़े समस्त भुगतानों को प्रदान करने के लिए सफल प्रयास करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उन्हें एक न एक दिन पूरे जीवन के खून पसीने की कमाई अवश्य मिलेगी तथा सेवानिवृत कर्मचारी परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर के नेतृत्व में एक दिन की पेंशन लगभग 35 लाख रूपये मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदान करेंगे ।
बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में विद्यालय के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर और स्कूलों में महामारी के कारण आई हुई आर्थिक गिरावट को मध्य नजर रखते हुए विद्यालय प्रबंधन समिति में अभिभावकों को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है जिसने सत्र 2020 2021 में कोई भी annnual fund, admission fees नहीं ली जाएगी। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने बताया कि सरकार के अगले निर्देश जारी होने पर ही इस सत्र मैं सिर्फ महीने की ट्यूशन फीस व रजिस्ट्रेशन फीस ही ली जाएगी। मां सरस्वती की असीम अनुकंपा से इस विद्यालय में पहले से 50 बच्चे फ्री एजुकेशन प्राप्त कर रहे हैं वह 200 से अधिक बच्चे आधी फीस देकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यह सुविधा इस सत्र में भी जारी रहेगी। विद्यालय प्रबंधन समिति के इस निर्णय से सभी अभिभावकों को राहत मिलेगी। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने सभी अभिभावकों को यह संदेश दिया है कि आज पूरा संसार को कोरोना नामक वैश्विक महामारी से जूझ रहा है, हम इस मुश्किल की घड़ी में आपके साथ हैं। इस मुश्किल घड़ी में आप अपना व अपने परिवार पूर्ण रूप से ध्यान रखें। इस मुश्किल समय में हम नहीं चाहते कि हमारे बच्चे पढ़ाई व अन्य गतिविधियों से वंचित रहे इसके लिए हमारे विद्यालय प्रबंधन समिति ने ऑनलाइन अध्ययन शुरू किया है जिसके माध्यम से बच्चे पढ़ाई व अन्य गतिविधियों पर निरंतर ध्यान दे रहे हैं। इस नवीन अध्ययन के लिए हम अपने अध्यापक वर्ग का भी दिल की गहराई से धन्यवाद करते हैं। हमारे शिक्षण संस्थान का मुख्य उद्देश्य है कि बच्चों का सर्वागीण विकास हो सके। आप सभी के निरंतर सहयोग से बी एल सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने 25 वर्ष इस साल सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं। आप सभी अभिभावकों ने 25 वर्ष इसे अपना संस्था की तरफ प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से सहयोग दिया है वह पूरी तरह से सराहनीय है। इन 25 सालों में जिसने भी इस विद्यालय का सहयोग दिया है हम उनके सहयोग का धन्यवाद करते हैं। अब यह हमारा नैतिक कर्तव्य बनता है कि आज इस मुश्किल की घड़ी में हम आपके साथ खड़े रहे। इस महामारी की वजह से जो पूरे देश की आर्थिक स्थिति में जो गिरावट आई है उसे हम भी भलीभांति समझते हैं इस मुश्किल घड़ी में आप सभी को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। विद्यालय अध्यापक अभिभावक संघ के अध्यक्ष ने भी विद्यालय पर अभिभावकों की तरफ से विद्यालय द्वारा दी गई राहत की प्रशंसा की है।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के धमोग गांव में दिन-दहाड़े तेंदुए ने एक गाय को नोच कर अपना शिकार बनाया है। इन दिनों दाड़लाघाट तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए ने आतंक का माहौल बना रखा है। अभी 10 दिन पहले गांव धुंदन में तेंदुए ने 2-3 गोवंशों उनको अपना शिकार बनाया था और अब वीरवार के दिन धमोग गांव के नेकराम ने जब अपनी गउओं को बाघल होटल के पास चराने छोड़ा था तो दिन के 11:00 बजे ही घात लगाए बैठे तेंदुए ने उसकी गाय पर झपटा मारकर उसे नोच डाला। नेकराम ने बताया कि यह तेंदुआ उसी क्षेत्र में कई दिनों से देखा जा रहा है, जिसकी सूचना वन विभाग को दे दी गई थी। वन विभाग ने नेक राम को जल्दी ही उस क्षेत्र में पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया है, क्योंकि वन विभाग के पास एक ही पिंजरा है जो अभी धुंदन के स्यारी गांव में लगाया गया है जहां कुछ दिन पहले तेंदुए ने कई गोवंशों को अपना शिकार बनाया था। वन परिक्षेत्र अधिकारी गुरुदेव शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि नेकराम को इस नुकसान का मुआवजा दिलवाया जाएगा और शीघ्र ही इस क्षेत्र में पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ा जाएगा।उन्होंने लोगों को भी हिदायत दी कि लोग रात के समय घर से बाहर न निकलें।
जयराम कैबिनेट की अहम बैठक शुक्रवार को होने जा रही है। यह बैठक राज्य सचिवालय की जगह अब पीटर हॉफ में होगी। कोरोना के संकट से जूझ रही जनता को राहत देने के लिए जयराम कैबिनेट की बैठक में कई अहम निर्णय हो सकते है। वंही बैठक में दूसरे कई राज्यों की तर्ज पर हिमाचल में भी शराब पर कोरोना सेस लगाने पर विचार किया जा सकता है। माना जा रहा है कि शराब के दाम में भी कुछ फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। बैठक में कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिशों पर मंथन की संभावना है। इसके अलावा बैठक में लॉकडाउन में आम लोगों को हो रही परेशानियों को कम करने के लिए और रियायत देने पर भी निर्णय हो सकता है। बता दे ये बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी।
कोरोना वायरस से निपटने के लिए प्रदेश सरकार व प्रसासन पूरी गम्भीरता से दिन रात जुटा हुआ है , हर मन्त्री, विधायक, पार्टी अधिकारी इससे लड़ाई लड़ रहे हैं। इसी कड़ी में वीरवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ राजीव सहजल व प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल कुनिहार पहुंचे। कुनिहार विकास खण्ड कार्यालय सभागार में उन्होंने आंगनवाड़ी, आशा वर्कर, पंचायत प्रतिनिधियों, बीडीसी सदस्यों के साथ कोरोना को लेकर प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशों को सांझा किया। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यो से हिमाचल के लोग अपने घर वापिस आ रहे है। पंचायत स्तर पर ऐसे बाहरी राज्यो से आने वाले लोगो के बारे में सूचना प्रशासन तक पहुंचाए, ताकि उन्हें घरों में करोंटाइन करके कोरोना के वायरस को फैलने से बचाया जा सके। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से अपनी, अपने परिवार व समाज की सुरक्षा की अपील की। इस दौरान विभाग द्वारा बनाए गए मास्क भी मौजूद लोगों में बांटे गए। इस दौरान मंत्री महोदय ने लॉकडाउन से लोगो को आ रही समस्याओं को जाना और कहा कि वायरस से बचने के लिए एहतियात के तौर पर जो उपाय करने है,उन्हें अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाये। राहत के तौर पर जो कार्य सरकार के द्वारा किए जा रहे है उन पर भी इस बैठक में चर्चा की गई। इस दौरान प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रत्तन सिंह पाल, मंडल अध्यक्ष देवेंद्र कुमार शर्मा, खण्ड विकास अधिकारी विवेक पॉल, एसबीपीओ संजय वर्मा, सीडीपीओ विनोद गौत्तम, डीपीओ वंदना चौहान, जिला परिषद सदस्य कंचन माला, बीडीसी सदस्य सीमा महंत, गीता ठाकुर, दलीप पाल, राजेश शर्मा सहित कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कोरोना वायरस के खतरे के कारण घोषित क्फ्र्यू और 10वीं तथा 12वीं कक्षा की अगले वर्ष होने वाली बोर्ड की परीक्षाओं ने छात्रों को यह सोचने पर विवश कर दिया था कि उनका बहुमूल्य एक वर्ष अब कैसे बच पाएगा। संकट के इस समय में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की तकनीक के प्रयोग के साथ प्रदेश की युवा पीढ़ी को घर बैठे शिक्षा प्रदान करने की सोच ने सभी को आस बंधाई। मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने राज्य के कोने-कोने में सुलभ दूरदर्शन चैनल के माध्यम से ‘हिमाचल में ज्ञानशाला-हर घर पाठशाला’ आरंभ की। हिमाचल दूरदर्शन ज्ञानशाला ने आरंभ होते ही प्रदेश के 10वीं तथा 12वीं कक्षा के छात्रों को न केवल पाठ्यक्रम के अनुरूप जानकारी प्रदान करने का सूत्रपात किया अपितु उन्हें तकनीक के माध्यम से अपने घर पर ही शिक्षा प्राप्त करने के मूलमंत्र से अवगत भी करवाया। सोलन जिला के नालागढ़ उपमंडल के कोहू गांव की 10वीं कक्षा की छात्रा हिमा देवी ने दूरदर्शन के माध्यम से आरंभ की गई ज्ञानशाला के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ज्ञानशाला ने उनकी शिक्षा की सबसे बड़ी चिंता और चुनौती को दूर कर दिया है। अब वे प्रतिदिन प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक अत्यन्त ही सरल पद्धति से अपने पाठ्यक्रम को सीख पा रही हैं। जिला की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लोहारघाट के 12वीं कक्षा के छात्र लखविन्द्र सिंह का कहना है कि सूचना प्रौद्योगिकी के युग में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ज्ञानशाला के माध्यम से न केवल उनका एक वर्ष बर्बाद होने से बचा लिया अपितु कोरोना संकट के समय में बेहतर शिक्षा भी उपलब्ध करवाई। कोहू गांव की 10वीं कक्षा की छात्रा अंजना देवी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लौहारघाट की 12वीं कक्षा की कमलेश कुमारी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दिग्गल की 10वीं कक्षा की छात्रा पायल धीमान, इसी विद्यालय की 12वीं कक्षा की छात्रा अनु सहित जिला के अनेक छात्र प्रदेश सरकार की इस पहल से गदगद हैं। सोलन जिला के अर्की उपमंडल के गांव बथालंग की 12वीं कक्षा में पढ़ रही रूचिका, गांव मांडला की 10वीं कक्षा की वैशाली भी दूरदर्शन के हिमाचल चैनल पर प्रतिदिन कक्षा लगा रही हैं। इन छात्राओं का कहना है कि ज्ञानशाला के माध्यम से हम दैनिक कक्षा की तरह ही गणित, अंग्रेजी एवं विज्ञान जैसे विषयों की बारीकियों को आसानी से समझ पा रहे हैं। ई-लर्निंग एवं शिक्षण अर्थात हिमाचल दूरदर्शन ज्ञानशाला के माध्यम से 10वीं तथा 12वीं कक्षा के छात्र प्रतिदिन अपने घर पर ही शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। शिक्षा विभाग द्वारा इन कक्षाओं के लिए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम के अनुसार यह कार्यक्रम तैयार किया गया है। छात्रों की सुविधा के लिए अध्यापकों ने विद्यालयवार व्हट्सऐप ग्रुप बनाए हैं। इन ग्रुप के माध्यम से छात्रों को दैनिक गृह कार्य प्रदान किया जाता है और उनकी शंकाओं का निवारण किया जाता है। सोलन जिला में सोलन, अर्की, कुनिहार, कण्डाघाट तथा दाड़लाघाट क्षेत्र में छात्र सिटी चैनल के माध्यम से चैनल संख्या 804 पर हिमाचल दूरदर्शन ज्ञानशाला का लाभ उठा रहे हैं। कसौली, परवाणु, धर्मपुर, सोलन, बरोटीवाला तथा नालागढ़ में फास्टवे के माध्यम से चैनल संख्या 95 पर हिमाचल दूरदर्शन ज्ञानशाला का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सुबाथु एवं साथ लगते क्षेत्रों में परवाणु सैटेलाईट सर्विसिज द्वारा चैनल संख्या 33 पर हिमाचल दूरदर्शन ज्ञानशाला का प्रसारण नियमित रूप से किया जा रहा है। छात्र http://www.education.hp.gov.in तथा https://cut.ly/hargharpathshala के माध्यम से घर पर ही आॅनलाईन वीडियो एवं वर्कशीट भी देख सकते हैं। युवा पीढ़ी को सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से ज्ञानवान बनाने की प्रदेश सरकार की यह पहल वास्तविक अर्थों में छात्रों के लिए संजीवनी बनकर उभरी है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि अपनी जान जोखिम में डालकर देश के विभिन्न राज्यों में फंसे हिमाचलियों को वापिस लाने के कार्य में लगे हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के चालकों व परिचालकों की मृत्यु होने पर उनके परिवार को सरकार ने 50 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने का निर्णय लिया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार कोविड-19 से निपटने में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण जैसे मास्क, दस्ताने इत्यादि उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दृष्टिगत राजस्थान के कोटा, दिल्ली, चण्डीगढ़ ट्राई सिटी-मोहाली, पंचकूला व चण्डीगढ़ सहित देश के अन्य हिस्सों में भारी संख्या में फंसे हिमाचली विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश वापिस लाने में एचआरटीसी के चालकों व परिचालकों के योगदान की सराहना की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी वाराणसी के विभिन्न शिक्षा संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हिमाचल प्रदेश के 22 विद्यार्थियों को सुरक्षित वापिस भेजने के प्रबन्धों के लिए आभार व्यक्त किया। इन विद्यार्थियों के वीरवार तक वापिस पहुंचने की संभावना है।
जिला पुलिस बद्दी द्वारा बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत बाहर से आए व्यक्तियों के होम क्वारेनटाइन का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है ताकि इस महामारी को सफलतापूर्वक रोका जा सके। यह जानकारी बद्दी के पुलिस अधीक्षक रोहित मालपानी ने दी। रोहित मालपानी ने कहा कि अभी तक 415 व्यक्ति क्षेत्र में बाहर से आए हैं। इनमें 36 व्यक्ति बरोटीवाला, 140 व्यक्ति बद्दी, 93 व्यक्ति नालागढ़, 49 व्यक्ति रामशहर, 25 व्यक्ति दभोटा तथा 72 व्यक्ति जोघों क्षेत्र में आए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से 371 व्यक्तियों की पुलिस द्वारा होम क्वारेनटाइन के संबंध में भौतिक जांच सुनिश्चित की गई है जबकि शेष की जांच की जा रही है। उन्होंने क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों के प्रधानों, सचिवों तथा नगर परिषद नालागढ़ एवं बद्दी के अध्यक्ष एवं पार्षदों से आग्रह किया कि बाहर से आए व्यक्तियों के होम क्वारेनटाइन के संबंध में पूरी जानकारी रखें और उपमंडल प्रशासन को भी अवगत करवाएं। रोहित मालपानी ने कहा कि पुलिस होम क्वारेनटाइन किए गए व्यक्तियों का भौतिक सत्यापन करने के साथ-साथ यातायात नाकों पर पूर्ण जांच भी सुनिश्चित बना रही है। इन नाकों से गुजरने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी एकत्र की जा रही है और इनकी स्क्रीनिंग भी सुनिश्चित बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि 05 मई, प्रातः 8.00 बजे से 06 मई, 2020 प्रातः 8.00 बजे तक पुलिस जिला बद्दी से 620 वाहनों में कुल 1462 व्यक्तियों ने आवागमन किया। उन्होंने कहा कि इनमें से बिलासपुर जिला के लिए 109 वाहनों में 260 व्यक्ति, चंबा जिला के लिए 34 वाहनों में 125 व्यक्ति, हमीरपुर जिला के लिए 60 वाहनों में 130 व्यक्ति, कांगड़ा जिला के लिए 68 वाहनों में 180 व्यक्ति, कुल्लू जिला के लिए 06 वाहनों में 12 व्यक्ति, मंडी जिला के लिए 152 वाहनों में 384 व्यक्ति, पुलिस जिला बद्दी के लिए 118 वाहनों में 193 व्यक्ति, शिमला जिला के लिए 04 वाहनों में 13 व्यक्ति, सिरमौर जिला के लिए 02 वाहनों में 05 व्यक्ति, सोलन जिला के लिए 29 वाहनों में 72 व्यक्ति तथा ऊना जिला के लिए 38 वाहनों में 88 व्यक्तियों ने आवागमन किया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल इस दिशा में पूर्ण रूप से सजग है तथा सभी निर्देशों की अनुपालना के साथ-साथ जांच एवं स्क्रीनिंग के कार्य को सुनिश्चित बनाया जा रहा है।
अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन प्राइवेट आईटीआई दाड़लाघाट ने एक नई शुरुआत करते हुए कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन को एक अवसर के रूप में लेते हुए समस्त आईटीआई प्रशिक्षुओं को नई तकनीक के माध्यम से घर बैठे पढ़ाई करवाना शुरू किया है। प्रशिक्षण केंद्र के प्रधानाचार्य राजेश शर्मा ने कहा है कि प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षुओं को जूम एप व गूगल शीट, यूट्यूब, व्हाट्सएप व कॉन्फ्रेंस कॉल के माध्यम से अध्ययन करवाया जा रहा है जिसके लिए ट्रेड अनुसार समय सारणी बनाई गई है। प्रतिदिन 4 से 5 घंटे तक की पढ़ाई करवाई जा रही है। समस्त प्रशिक्षक व स्टाफ अपने घरों से कार्य करते हुए इन प्रशिक्षुओं के भविष्य को संवारने में लगे हैं। अभी थ्योरी व साफ्ट स्किल का कार्य करवाया जा रहा है। इन प्रशिक्षुओं की ऑनलाइन हाजिरी भी लगाई जाती है व घर के लिए काम भी प्रतिदिन दिया जा रहा है जिसको प्रशिक्षु करके व्हाट्सएप व जूम कॉल के जरिए बता रहे हैं। इसके साथ आईटीआई इस सप्ताह को मातृ सप्ताह के रूप में भी मना रही है। ऑनलाइन ही बच्चों की पेरेंट्स मीटिंग का आयोजन किया जा रहा है जिसमें केवल माताओं को ही जोड़ा जाता है। वही दूरदराज के क्षेत्रों की महिलाएं भी नई तकनीक का प्रयोग करते हुए बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई में अपना योगदान दे रहे हैं। प्रशिक्षुओ की उपस्थिति 80 से 100% तक रह रही है, इसका लाभ बच्चों की माताओं द्वारा पेरेंट्स मीटिंग में बताया गया कि प्रतिदिन बच्चे व्यस्त रहते हैं अन्यथा इस लॉकडाउन में घरों में खाली ही रहते थे। जैसा कि कहा गया है खाली दिमाग शैतान का घर अब कम से कम इनकी एनर्जी सकारात्मक कार्य में लग रही है। हर संकट एक अवसर भी लाता है और इस अवसर को सकारात्मक पहल के साथ अंबुजा आईटीआई ने यह शुरुआत की है। वर्तमान में 180 प्रशिक्षु इसका लाभ ले रहे हैं। वही इस समय सात ट्रेड आईटीआई में चल रहे हैं जिसमें इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, ऑटोमोबाइल, कंप्यूटर टैली, सिलाई व सहायक इलेक्ट्रीशियन आदि ट्रेड है।
पुलिस थाना दाडलाघाट में अंबुजा सीमेंट उद्योग के मेन गेट पर ट्रक रोकने तथा सुरक्षाकर्मियों को धमकाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार अबुजा कंपनी के सुरक्षा अधिकारी नवीन सिंह बिष्ट पुत्र स्वर्गीय बीएस बिष्ट गांव रामगढ़ तालो, डाकखाना एसएनएस आश्रम, जिला नैनीताल उत्तराखंड ने पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई है कि जब वह कंपनी गेट पर अपनी ड्यूटी पर तैनात था तो कुछ लोग कंपनी के गेट पर नशे की हालत में इकट्ठे हुए तथा कंपनी के सभी ट्रकों का आवागमन रोकने की कोशिश की। उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को ट्रकों में लोडिंग अनलोडिंग बंद करने की धमकियां दी और इसी संदर्भ में सुरक्षाकर्मियों से भी हाथापाई करने की कोशिश करने लगे।पुलिस द्वारा उन लोगों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 34,188,341,506, के अधीन मामला दर्ज किया गया है। डीएसपी दाड़ला प्रताप सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है और छानबीन की जा रही है।
आखिर जेएनवी कुनिहार के 9वीं कक्षा के माइग्रेट विद्यार्थियों का जेएनवी पुणे महाराष्ट्र से घर वापिसी की सूचना पाकर अभिवावकों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ पड़ी। 31 मार्च के बाद वापिस आने वाले यह विद्यार्थी पहले लॉकडाउन के बाद रेल व बसों के न चलने से फंस गए थे। तीसरे लॉक डाउन में इनका घर वापसी का रास्ता साफ हुआ। जेएनवी कुनिहार से 5 मई 2020 को जेएनवी पुणे के 6 गर्ल्स व 7 बॉयज विद्यार्थियों को प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन की अनुमति से प्रधानाचार्य डीएस रावत द्वारा रवाना किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को जूस पानी, ब्रेड बटर, जैम, फ्रूट व खाना देकर व बस को सेनेटाइज करके पूना के लिए रवाना किया गया तो वन्ही पुणे जेएनवी से कुनिहार जेएनवी के 8 गर्ल्स व 13 बॉयज विद्यार्थियों को हिमाचल के लिए रवाना किया गया जिसका पूरा खर्चा नवोदय विद्यालय समिति ने वहन किया। 6 मई को हिमाचल व महाराष्ट्रा से लेकर चली यह बसे जेएनवी रतलाम मध्य प्रदेश पहुंची व यंहा से यह बसे वापिस अपने अपने प्रदेश के विद्यार्थियों को लेकर अपने गंतव्य की ओर निकलेगी व 7 मई को हिमाचल के जिला सोलन के जेएनवी कुनिहार के यह विद्यार्थी प्रदेश के परवाणू पहुंचेंगे।जंहा पर उक्त विद्यार्थियों के स्वास्थ्य जांच (स्क्रीनिंग) होकर होम क़वारनटाइन होगी या जिला प्रशासन द्वारा तय स्थान पर रखा जाएगा पहुंचने पर ही ज्ञात होगा। चायल, बद्दी, दिगल डुमेंहर, अर्की के इन विद्यार्थियों के अभिवावक परवाणू या धर्मपुर पहुंच कर अपने बच्चो को जिला प्रशासन के दिशानिर्देश के अनुसार अपने घर ले जा सकते है। उक्त जानकारी विद्यालय के बहुत ही जुझारू व कर्मठ प्रधानाचार्य डीएस रावत ने दी। उन्होंने डीसी सोलन सहित पूरे जिला प्रसासन का बच्चों को अपने अपने राज्य में पहुंचाने के लिए दिए सहयोग के लिए आभार प्रकट किया।
कोरोना वायरस के खतरे के कारण 24 मार्च, 2020 से प्रदेश में घोषित कर्फ्यू के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने जहां आम व्यक्ति के जीवन को सरल बनाने के लिए विशिष्ट प्रयास किए वहीं किसानों को विभिन्न माध्यमों से सुविधाएं प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रदेश सरकार के इन निर्णयों से एक ओर आम जनता को घरद्वार के समीप सुविधाएं प्राप्त हुई वहीं दूसरी ओर किसानों को व्यापक लाभ भी मिला। सोलन जिला में प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों को जिला प्रशासन द्वारा पूर्ण तत्परता के साथ लागू किया गया। इससे कृषक अपनी उपज समय पर मंडियों तक पहुंचा पाए और कृषि योग्य भूमि में आवश्यक फसलें समय पर उगा पाए। कर्फ्यू घोषित होने एवं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के थमने पर कृषक वर्ग को अपनी उपज के खेत में ही बर्बाद होने और समय पर बीज न मिलने का खतरा सताने लगा था। ऐसे में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने कृषक वर्ग की चिंताओं के दृष्टिगत त्वरित एवं दूरगामी निर्णय लिए। प्रदेश सरकार के निर्णय के अनुरूप सोलन जिला में कार्यरत सभी 22 कृषि विक्रय केन्द्रों को तुरंत खोला गया। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कोविड-19 कर्फ्यू पास जारी किए गए। कृषि विभाग ने कर्फ्यू के दृष्टिगत किसानों को उनके घर पर ही विशेषज्ञ सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जिला में तैनात विभाग के 15 अधिकारियों के मोबाईल एवं दूरभाष नम्बर जारी किए। किसानों को इन मोबाइल एवं दूरभाष नम्बरों की जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। किसानों को दूरभाष के माध्यम से सभी प्रकार की जानकारियां उपलब्ध करवाई गई। कृषि विभाग ने रबी मौसम में तैयार होने वाली फसलों की कटाई के लिए कार्य योजना तैयार की और विषयवाद विशेषज्ञ और कृषि प्रसार अधिकारियों के माध्यम से इस विषय में किसानों को जानकारी दी गई। सोलन जिला को बेमौसमी सब्जियों के उत्पादन में अग्रणी जिला माना जाता है। कृषि विभाग ने जिला में उगाई जाने वाली मटर, गोभी, टमाटर, शिमला मिर्च इत्यादि की फसल को न केवल मण्डियों तक पहुंचाया अपितु कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) सोलन के माध्यम से यह भी सुनिश्चित बनाया कि बेमौसमी एवं नकदी फसलों को खेत से ही क्रय किया जाए। सभी किसानों को सम्बन्धित उपमंडलाधिकारियों द्वारा कृषि उत्पाद विपणन समिति तक अपनी उपज पहुंचाने के लिए समयबद्ध कर्फ्यू पास जारी किए गए। इससे विशेष रूप से सोलन जिला के वह किसान लाभान्वित हुए जो नकदी फसलों, बेमौसमी सब्जियों और गेहूं इत्यादि की फसल से सम्बद्ध हैं। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे के मध्य सुरक्षित तरीके से लाभान्वित करने के लिए किए गए प्रयास पूर्ण रूप से सफल भी रहे हैं। एपीएमसी सोलन द्वारा 24 मार्च, 2020 से 06 मई 2020 तक 09.20 करोड़ रुपये व्यय कर 4000 मीट्रिक टन मटर का क्रय किया गया। एपीएमसी सोलन ने न केवल जिला सोलन अपितु जिला सिरमौर और जिला शिमला के साथ-साथ जिला मंडी के करसोग से भी मटर क्रय किया। इस अवधि में कृषि विभाग ने सोलन जिला में 15180 हैक्टेयर पर गेहूं की फसल की कटाई भी सुनिश्चित बनाई। इसमें 700 हैक्टेयर सोलन, 400 हैक्टेयर कंडाघाट, 3640 हैक्टेयर धर्मपुर, 1800 हैक्टेयर कुनिहार तथा 8640 हैक्टेयर क्षेत्र में नालागढ़ खंड में गेहूं की फसल की कटाई की गई। विभाग ने गेहूं की फसल की कटाई, गहाई व बीज भराई के उपरांत नालागढ़ के मंझोली में गेहूं बीज का भंडारण करवाया तथा भारतीय खाद्य निगम के पंजाब राज्य के भरतगढ़ तथा घनोली एवं अनाज मंडी चंडीगढ़ में गेहूं का भंडारण करवाया। कृषि विभाग ने इस अवधि में जिला के 645 हैक्टेयर क्षेत्र पर जौ, 1200 हैक्टेयर क्षेत्र पर जौ, 40 हैक्टेयर क्षेत्र पर चना तथा 2090 हैक्टेयर क्षेत्र पर मटर की तैयार फसल का उचित निपटारा भी सुनिश्चित बनाया। कृषि विभाग ने इस अवधि में किसानो को निर्देशानुसार बीज, कीटानाशक दवाईयां एवं औज़ार उपलब्ध करवाए। किसानों को सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करने के विषय में समझाया गया और फसल कटाई तथा अन्य कार्यों में संलग्न किसानों को मास्क तथा सेनेटाइजर भी प्रदान किए गए। जिला के अर्की उपमंडल की ग्राम पंचायत बखालग के बणिया देवी के भगतराम शर्मा, देवीचंद, मेहरचंद तथा गांव बथालंग के सागरचंद सहित अनेक अन्य किसानों का कहना है कि प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन सोलन के प्रयासों से न केवल जिला की बेशकीमती उपज मंडियों तक पहुंची है अपतिु किसानों को उचित मूल्य भी मिला है। सभी किसानों ने संकट के इस समय में प्रदान की गई सहायता के लिए मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया है।
भारत स्काउट्स एवम गाइड्स हिमाचल प्रदेश द्वारा स्काउट फाइट अगेंस्ट कोरोना नाम से एक प्रोजेक्ट राज्य स्तर पर चलाया जा रहा है, इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत ज़ूम वीडियो कॉल के माध्यम से रोवर्स व रेंजर्स को स्टेज प्रदान किया जा रहा है जिसमे वह लॉक डाउन के समय मे विभिन्न प्रकार की जानकारियां प्राप्त कर एक दूसरे से साझा कर रहे हैं। साथ ही में अनेक रिसोर्स पर्सन्स के साथ मिलने व विचार साझा करने का मौका रोवर्स व रेंजर्स को दिया जा रहा है। इसी कड़ी में अमर छेत्री सह आयुक्त बॉय प्रोग्राम भारत स्काउट्स एवम गाइड्स राष्ट्रीय मुख्यालय दिल्ली व मीनाक्षी सूद सह राज्य सचिव भारत स्काउट्स एंव गाइड्स हिमाचल प्रदेश ने रोवर्स व रेंजर्स के साथ अपने विचार साझा किए। जिसमे अमर छेत्री द्वारा वर्चुअल स्काउटिंग को बढ़ावा देने को कहा गया जबकि मीनाक्षी सूद द्वारा घर मे रह कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का संदेश दिया गया साथ ही में अपनी रुचि के अनुसार कौशल विकास को बढ़ावा देने को कहा गया। भारत स्काउट्स एवम गाइड्स हिमाचल प्रदेश द्वारा यह बाहरवीं डिजिटल मीटिंग थी जबकि अब तक कि ग्यारह मीटिंग्स में अलग अलग स्त्रोत व्यक्तिवत द्वारा रोवर रेंजर्स को विभिन्न प्रकार के सन्देश दिए जा चुके हैं।
सोलन जिला में वर्तमान में कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत 717 व्यक्तियों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा निगरानी में रखा गया है। यह जानकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन.के. गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि जिला में विदेश से आए 152 व्यक्ति ऐसे हैं जिन्होंने 28 दिन का होम क्वारेनटाईन पूर्ण कर लिया है। डाॅ. एन.के. गुप्ता ने कहा कि इनमें से 180 व्यक्तियों को उनके घरों में क्वारेनटाईन किया गया है जबकि 526 व्यक्तियों को संस्थागत क्वारेनटाईन किया गया है। 11 संक्रमित व्यक्ति इएसआई काठा, बद्दी में आईसोलेशन में हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के चिकित्सक एवं पैरा मेडिकल कर्मी इस दिशा में हर समय कार्यरत हैं तथा यह सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए निर्देशानुसार सभी सजग रहें। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि घर पर ही रहें और कफ्र्यू ढील के समय अति आवश्यक होने पर ही घर से निकलें। उन्होंने कहा कि खांसी, जुखाम, बुखार होने की स्थिति में तुरन्त समीप के स्वास्थ्य केन्द्र से सम्पर्क करें।
उपायुक्त सोलन के।सी। चमन को आज यहां जन कल्याण सेवा समिति, चैक बाजार सोलन द्वारा कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत चिकित्सकों, नर्सों एवं पैरा मेडिकल कर्मियों के उपयोग के लिए 100 व्यक्तिगत सुरक्षात्मक उपकरण (पीपीई) भेंट किए गए। केसी चमन ने इस पुनीत कार्य के लिए समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत जहां लोग एवं संस्थाएं कोविड-19 निधि में उदारतापूर्वक अंशदान कर रही हैं वहीं जन कल्याण सेवा समिति, चैक बाजार सोलन द्वारा कोरेाना वायरस के विरूद्ध लड़ाई के अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं के लिए प्रदत्त भेंट विशिष्ट है। पीपीई किट चिकित्सकों, नर्सों एवं पैरा मेडिकल कर्मियों को संक्रमण से बचाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज द्वारा इस दिशा में किया जा रहा अंशदान एवं कार्य सभी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। उन्होंने कहा कि ऐसे संकट समय में हम सभी को साथ मिलकर चलना आवश्यक है। उन्होंने समिति के सदस्यों से आग्रह किया कि लोगों को कोरोना संकट से निपटने के लिए केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे उपायों का पूर्ण पालन करने के लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि कफ्र्यू ढील के समय आवश्यक सामान इत्यादि क्रय करते समय लोग आपस में कम से कम एक मीटर की दूरी पर रहें तथा अति आवश्यकता के समय ही घर से बाहर निकलें। कोविड-19 के खतरे को सफलतापूर्वक समाप्त करने के लिए निर्देशों का पूर्ण पालन अनिवार्य है। केसी चमन ने कहा कि जिला में क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत कर्मयों की सुरक्षा के लिए पुनः प्रयोग की जा सकने वाली 700 पीपीई किट ला गई हैं। इसके अतिरिक्त संक्रमित रोगियों का परीक्षण एवं जांच करने वाले चिकित्सकों, नर्सों एवं पैरा मेडिकल कर्मियों के लिए एक बार प्रयोग की जा सकने वाली 1000 पीपीई किट ली गई हैं। उन्होंने तदोपरान्त उपस्थित माडिया कर्मियों से अनौपचारिक भेंट में जानकारी दी कि सोलन जिला में घर से बाहर आने-जाने पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। मास्क पहनकर न आने-जाने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध कार्रवाही की जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ राजन उप्पल, जन कल्याण सेवा समिति के प्रधान राकेश शर्मा, उपप्रधान जयपाल सूद, कोषाध्यक्ष राधेश्याम गोयल, प्रवक्ता सतीश बंसल, नरेन्द्र भसीन, बलराम जेठी, आसाराम गौतम, गुरशरण सिंह, रमेश, ग्रोवर, धर्मेंद्र ठाकुर, नरेश गर्ग, संतराम शर्मा सहित अनेक सदस्य इस अवसर पर उपस्थित थे।
मंगलवार 14 अप्रैल को भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज सभा धर्मपुर के समस्त सदस्यों के द्वारा बाबा भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के अवसर पर पंचायत धर्मपुर को सैनिटाइज किया गया जिसमें मुख्य तौर पर पंचायत घर, जीएसएसएस धर्मपुर, सुबाथू रोड, शिमला से सीआरपीएफ गेट तक, अजी माता रोड, रोड, मोती कोना रोड, गांव बटोल बाजार के लक्ष्मी नारायण मंदिर मोहाली, बिजली विभाग, आईपीएच् ऑफिस, बीएसएनल, ऑफिस, पीएचसी हस्पताल, टीबी सैनिटोरियम, रेलवे स्टेशन, पुलिस स्टेशन, पैट्रोल पंप, मसौढ़ी चौक, समस्त पांडव, सुखी जोहडी, समस्त बैंक, एटीएम, सरकारी डिपो, सब्जी राशन की दुकानें डेली नीड्स, पिए मैक्सीमर फैक्ट्री, PWD workshop, BDO office, BEEO Degree College, PWD rest house आदि को सैनिटाइज किया गया, जिसमें भावाद्घस के रामप्रकाश, राजू महंत, सुभाष कुमार, राकेश कुमार, संदीप कुमार, मनीष भगत, मनजीत, गिरि पाल, सुभाष दीपक, रितेश लकी ने सैनिटाइजेशन का कार्य किया। वार्ड नंबर 3 की पंच सुमिता रानी ने भी सेनिटाइज किया। इस कार्य को करने के लिए भावार्थ धर्मपुर को सुरेंद्र नैयर, दिनेश नैयर, ओपी पंवर, थाना धर्मपुर व समस्त ग्राम वासियों ने भरपूर सहयोग दिया और इनका दया धन्यवाद किया।
कोरोना वायरस महामारी से लड़ने में ग्रामीण महिलाओं ने भी अपनी सहभागिता दिखाई है। ग्राम पंचायत सरयांज की महिलाएं मास्क बना कर ग्रामीणों में निशुल्क बांटेगी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में 3 मई तक लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के घोषणा के बाद कोरोना महामारी से लड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों में ग्रामीण महिलाओं द्वारा भी अपना पूरा योगदान दिया जा रहा है। सब उपमंडल की सरयांज पंचायत की महिलाएं अपने खर्चे से मास्क बनाकर लोगों में वितरित करके इस महामारी से लड़ने के लिए अपना योगदान दे रहीं है। सरयांज के मनोल गांव की महिलाओं ने लॉक डाउन के पहले सत्र में अपने गांव के सभी लोगों को मास्क उपलब्ध करवाए, जबकि अब दूसरे लॉक डाउन के दौरान सरयांज की सरस्वती सहायता समूह एवम् पर्वतीय महिला मंडल सरयांज की महिलाओं ने अपने खर्चे से मास्क निर्मित करके लोगों में निशुल्क बांटने का निर्णय लिया है। अटल महिला मंडल मनोल द्वारा अपने गांव में निशुल्क मास्क बांटे जा चुके हैं। जबकि पर्वतीय महिला मंडल सरयांज व सरस्वती सहायता समूह द्वारा वीरवार 16 अप्रैल को सरयांज में निशुल्क मास्क बांटे जाएंगे। सरस्वती सहायता समूह की अध्यक्षा निर्मला पवार ने बताया कि गीता, सीता सहगल, राजकुमारी, प्रोमिला, रेनू,विद्या व कौशल्या सहित सभी महिलाओं के सहयोग से यह कार्य किया जा रहा है, उन्होंने महिलाओं से इस कार्य के लिए बढ़ चढ़ कर भाग लेने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि सरयांज में महामारी से लड़ने के लिए प्रशासन को भी यहां की महिलाओं का पूरा सहयोग रहेगा। निर्मला पवार ने सभी लोगों से अपील की है कि वह अपने घरों में सुरक्षित रहे और बाहर निकलना ही पड़े तो सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें और सोशल डिस्टेसिंग बना कर ही खेती-बाड़ी करें।
विकास खण्ड कुनिहार की ग्राम पंचायत कोठी के उप प्रधान बलवंत ठाकुर जो पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे रविवार शाम को उनका आईजीएमसी शिमला में देहांत हो गया था तथा सोमवार को उनके गाँव नमोल के शमशान घाट पर उनकी मृत देह का अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र कुनाल ठाकुर ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। बलवंत ठाकुर 46 वर्ष के थे। उनके देहांत पर विभिन्न पंचायतों कोठी, हाटकोट, कुनिहार, जाबल झमरोट, जाड़ली, पट्टाबरावरी के सभी पँचायत प्रतिनिधियों व कई सामाजिक संस्थाओं ने गहरा दुःख व्यक्त कर उनकी आत्मा शांति तथा भगवान से शोकाकुल परिवार को इतने बड़े दुःख को सहन करने की प्रार्थना की है।
कर्फ्यू के मध्यनजर प्रदेश के अधिकांश विद्यालयों में बच्चों व अभिभावकों के मोबाईल वाट्सएप ग्रुपो से जोड़कर ऑनलाइन पढ़ाई आरम्भ कर दी है। राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार ने भी कुछ दिनों पहले से यह ऑनलाइन पढ़ाई आरम्भ कर दी है व बच्चे इसमें खूब दिलचस्पी ले रहें है। रावमापा छात्र कुनिहार के प्रधानाचार्य भूपेंद्र ठाकुर ने बताया कि विद्यालय के कक्षा 6 व कक्षा 11 को छोड़कर सभी कक्षाओं की पढ़ाई ऑनलाइन शुरू हो गई है जिसमे सभी बच्चे व अध्यापक पूरी लगन व मेहनत से कार्य कर रहे हैं। प्रधानाचार्य ने कक्षा 6वीं में नियमित प्रवेश व कक्षा 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन हेतु सभी अभिभावकों व छात्र छात्राओं से आग्रह किया है कि वे मोबाईल नम्बर 9805762507 पर सम्पर्क कर अपना नाम, पता व मोबाईल नम्बर जिसपर वाट्सएप चलता हो भेजकर अपनी ऑनलाइन पढ़ाई आरम्भ करें। ताकि आपके समय का भी सही इस्तेमाल हो व आपकी पढ़ाई भी सुचारू रूप से चली रहे।
भाजपा अर्की मंडल की कुनिहार में सविधान निर्माता डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर की जयंती लॉक डॉन के कारण साधरण रुप से मनाई गई जिसमे प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल व मंडल अध्यक्ष देवेन्दर कुमार शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला मिडिया सह प्रभारी इन्दर पाल शर्मा, सचिव सुरेश जोशी, बीडीसी सदस्य सीमा महंत, कौशल्या कंवर, उषा शर्मा, राजीव शर्मा, हंसराज ठाकुर, राजेश शर्मा, आरपी जोशी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे व सभी ने सोशल डिस्टनसिंग का पालन करते हुए भीम राव अम्बेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। कार्यकर्ताओ को रतन सिंह पाल व देवेंद्र शर्मा ने सम्बोधित करते हुए भीम राव अम्बेडकर की जीवनी पर प्रकाश डाला तथा प्रदेश सरकार द्वारा जारी किये दिशा निर्देशो का पालन करने, समाजिक दुरी बनाने और अपने आस पास प्रवासी तथा अन्य ज़रूरतमंद लोगों को भोजन उप्लब्ध करवाने, मास्क बांटने, मुख्य मन्त्री राहत कोष में धन जमा करने और करवाने का आग्रह किया।
कांग्रेस के बरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि विश्वव्यापी कोरोना महामारी से लड़ने के लिए हम सबको एक होना होगा। उन्होंने समाज मे ऐसे कुछ तत्वों द्वारा नफ़रत और हिंसा फैलाने पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से ऐसे लोगों के विरुद्ध कड़ी कारवाई करने को कहा है। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि देश के सामने आज एक बहुत बड़ी चुनौती आन पड़ी है।यह एक संग्राम से कम नही है,इसलिए अगर कोई आपसी मतभेद भी है तो उन्हें भूला कर सभी को एकजुट होकर इसे हराना है। समाज मे किसी भी प्रकार का कोई भी मतभेद या द्वेष देश,प्रदेश के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने कहा है कि कोरोना से हमारी सुरक्षा में जुटे सभी लोगों डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ या सुरक्षा में जुटे सभी पुलिस कर्मियों को हमें पूरा सहयोग देना है, तभी हम इस महामारी पर अपनी जीत हासिल कर सकते हैं। वीरभद्र सिंह ने प्रदेश सरकार से कहा है कि लॉक डाउन की बजह से प्रदेश के उन लोगों,श्रमिकों और बच्चों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाएं जो पिछले 21 दिनों के लॉक डाउन में प्रदेश के भविन्न स्थानों में फंसे पड़े है। उन्होंने कहा है कि इन लोगों की स्वास्थ्य जांच के बाद इन्हें इनके घरों में पहुंचाने की पूरी व्यवस्था सरकार को निशुल्क करनी चाहिए। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि लॉक डाउन बढ़ने की स्थिति में प्रदेश सरकार को किसानों और बागवानों के लिए अपने काम के लिए विशेष अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि किसानों और बागवानों की पूरी आर्थिकी इन फेसलो पर ही निर्भर है, इसलिए भविष्य की चुनोतियो को देखते हुए कुछ निर्णय प्रदेशहित मे भी लेने से सरकार को कोई गुरेज नहीं करना चाहिए। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि देश के साथ साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर कोरोना का विपरीत असर पड़ा है। इसलिए वह फिर से दोहराना चाहते है कि होटल व्यबसाय से जुड़े लोगों, ट्रांसपोर्टरों, कारोबारियों को जिन्होंने बैंकों से लोन इत्यादि ले रखा है उन्हें इस अवधि का ब्याज माफ़ करते हुए उन्हें जो कमर्शियल रेट विजली पानी और अन्य कोई भी टेक्स देय होता है। उसे प्रदेश सरकार को निरस्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा है कि इस गम्भीर चुनौती से निपटने के लिए सरकार को जनहित में ऐसे किसी भी फैंसले से कोई गुरेज नहीं करना है जिससे लोगों का ब्यवसाय या जीवन पुनः पटरी पर आसानी से आ सकें। वीरभद्र सिंह ने देश व प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि इस विपदा के समय जिस प्रकार से उन्होंने संयम और एकजुटता का प्रमाण दिया है,यह हमारे देश की संस्कृति और आपसी एकता को ओर भी मजबूत करता है। उन्होंने इस संक्रमण से लोगों की सुरक्षा में जुटे सभी लोगों, डॉक्टरों, मेडिकल टीमों, आशावर्कर,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मीडिया कर्मी और पुलिस स्टाफ की प्रसंसा करते हुए सरकार से इन सभी के लिए कोई भी विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग का भी पूरा समर्थन किया है।


















































