वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लोग इससे बचने व जागरूक करने के लिए अपने अपने स्तर पर कार्य कर रहे है। इसी क्रम में उपमंडल से सेवड़ा चण्डी के निवासी व सामाजिक कार्यकर्ता सुशील ठाकुर ने पुलिस थाना दाड़लाघाट, ग्राम पंचायत नवगांव, सन्याडी मोड़, चाखड़, बुघार में मास्क वितरित किए। प्रदेश कांग्रेस सेवादल के उपाध्यक्ष सुशील ठाकुर ने बताया कि पुलिस थाना दाड़लाघाट प्रशासन व ग्राम पंचायत नवगांव, सन्याडी मोड़, चाखड़, बुघार के पंचायत प्रतिनिधियों सहित जरूरतमंद लोगों को उन्होंने मास्क वितरित किए। सुशील ठाकुर ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में लोगों को निःशुल्क 30 हज़ार मास्क वितरण करने का प्रण लिया है। जिसको लेकर वह अब तक 25 हज़ार मास्क लोगों को वितरित भी कर चुके है। उन्होंने कहा कि मास्क बनाने के लिए कच्चा माल व जरूरतमन्द तक मास्क वितरण करने का कार्य वे खुद कर रहे हैं। सुशील ठाकुर ने मास्क बनाने के लिए कई पंचायतों के महिला मंडल की महिलाओं को इस कार्य को करने के लिए प्रोत्साहित किया है जिसको लेकर वह उन्हें रोजगार भी मुहैया करवा रहे है। सुशील ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी से बचने के लिए सभी को सकारात्मक सोच रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से लड़ने के लिए लोग प्रशासन द्वारा दी गयी हिदायतों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सभी सामाजिक दूरी बनाकर रखे व अफवाहों पर ध्यान न दे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की पूर्ण जानकारी रखने, उनमें कोविड-19 के लक्षणों का ब्यौरा, मानक के अनुसार परीक्षण तथा उनकी क्वारनेटाइन अवधि के विषय में प्रदेश सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला के टीटीआर परवाणू तथा बद्दी में स्थापित चेकपोस्ट राज्य में बाहरी राज्यों से होने वाले आवागमन के दृष्टिगत क्रियाशील रहेंगे। पुलिस अधीक्षक सोलन तथा पुलिस अधीक्षक बद्दी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि राज्य में बाहरी राज्यों से होने वाला आवागमन आदेशों के अनुरूप केवल प्रवेश पत्र/अनुमति पत्र के माध्यम से ही हो। अंतररराज्यीय चेकपोस्ट पर भीड़ एकत्र न होने देने के लिए इन व्यक्तियों के प्रवेश समय को क्रमबद्ध किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित बनाएंगे कि उपरोक्त चेकपोस्ट के माध्यम से प्रदेश में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को ऐसे सूचनाप्रद पैम्फलेट उपलब्ध करवाए जाएं जिनमें होम क्वारेनटाइन की आवश्यकता एवं तरीके के बारे में विवरण दिया हो। पुलिस विभाग इन अंतरराज्यीय नाकों पर ‘कोविड-19 ई-पास सत्यापन’ एप्लीकेशन का प्रयोग कर यह सुनिश्चित बनाएगा कि ई-पास पर दर्शाए गए क्यूआर कोड को स्केन कर जानकारी सर्वर को प्रदान की जाए। यदि किसी कारणवश क्यूआर कोड स्केन नहीं हो पा रहा है तो प्रवेश पत्र की संख्या मैनुअली दर्ज की जाए तथा अन्य सभी जानकारियां प्रक्रिया अनुसार प्रस्तुत की जाएं। सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अथवा नगर पंचायत के सचिव सम्बन्धित पंचायत, नगर परिषद अथवा नगर पंचायत के माध्यम से यह सुनिश्चित बनाएंगे कि अंतरराज्यीय नाकों से प्रवेश करने वाले जिलावासी निर्धारित स्थान तक पहुंचे। यदि जिला से सम्बन्धित कोई व्यक्ति ई-पास में दर्शाए गए सोलन जिला के निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंच पाता है तो उसे अपने क्षेत्राधिकार में सक्रिय रूप से तलाशा जाए अथवा निगरानी में रखा जाए। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंचता है तो उसके विरूद्ध हिमाचल प्रदेश महामारी रोग (कोविड-19), नियमन 2020 एवं अन्य उपयुक्त अधिनियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। सोलन जिला से चिकित्सा, व्यापार अथवा अन्य आधिकारिक कार्य के लिए राज्य से 48 घण्टे से कम की अवधि के लिए अनुमति प्राप्त कर बाहर जाने वाले ऐसे व्यक्तियों को क्वारेनटाइन नहीं किया जाएगा जिनमें कोविड-19 का कोई लक्षण नहीं है। बीमारी के लक्षण वाले व्यक्तियों की निगरानी की जाएगी तथा सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित बनाएंगे कि उनका कोविड-19 के लिए परीक्षण किया जाए। सम्बन्धित पुलिस अधीक्षक, जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित करेंगे कि बाहरी राज्यों से आने वाले सभी व्यक्ति अनिवार्य रूप से 14 दिन के लिए क्वारेनटाइन में रहें। फ्लू तथा इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षणों वाले व्यक्तियों को 14 दिन की अतिरिक्त निगरानी में रहना होगा। सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अथवा नगर पंचायत के सचिव यह सुनिश्चित बनाएंगे कि बाहरी राज्यों से आने वाले ऐसे सभी यात्रियों को 14 दिन के लिए होम क्वारेनटाइन किया जाए जो 48 घण्टे से अधिक की अवधि के लिए प्रदेश से बाहर रहे हों और जो ऐसे शहरों से न आ रहे हों जिन्हें कोविड-19 संक्रमण के लिए उच्च श्रेणी स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। इन सभी व्यक्तियों को 14 दिन की अतिरिक्त निगरानी में रहना होगा। यदि इन व्यक्तियों में फ्लू अथवा इन्फ्लुएंजा के लक्षण पाए जाते हैं तो यह व्यक्ति या तो निगरानी कर्मी को सूचित करेंगे अथवा टोल फ्री नम्बर 104 पर सूचना देंगे। सम्बन्धित पुलिस अधीक्षक, जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित बनाएंगे कि कोविड-19 संक्रमण के लिए उच्च श्रेणी स्थल के रूप में चिन्हित शहरों से यात्रा करने वाले सभी अंतरराज्यीय यात्रियों को संस्थागत क्वारेनटाइन किया जाए और इस सम्बन्ध में स्वास्थ्य मानकों का पूर्ण पालन किया जाए। कोविड-19 संक्रमण के लिए मुम्बई, चेन्नई, अहमदाबाद, थाने, पूना, हैदराबाद, थिरूवल्लूर, कोलकाता अथवा हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जोधपुर, चेंगलपट्टू तथा दिल्ली राज्य (नई दिल्ली, शाहदरा, दक्षिण दिल्ली, उत्तर-पूर्वी एवं दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली जिलों के अतिरिक्त) को उच्च श्रेणी स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित उच्च कोविड-19 संक्रमित शहरों को इस सूची में जोड़ा जाएगा। जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी एवं खण्ड चिकित्सा अधिकारी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि संस्थागत क्वारेनटाइन केन्द्र से होम क्वारेनटाइन के लिए तब तक किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा जब तक प्रयोगशाला अथवा स्वास्थ्य विभाग से इस सम्बन्ध में लिखित पुष्टि प्राप्त नहीं हो जाती। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित करेंगे कि यदि किसी व्यक्ति में क्वारेनटाइन अथवा निगरानी अवधि में कोविड-19 जैसे लक्षण पाए जाते हैं तो उसके रक्त नमूने एकत्र कर परीक्षण किया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित बनाएंगे कि अंतरराज्यीय यात्रा करने वाले बिना लक्षण वाले यात्रियों विशेषकर आयु एवं रोग के अनुसार अति संवेदनशील जनसंख्या का क्रमरहित (रेन्डम) परीक्षण किया जाए ताकि समय पर बीमारी का पता लगाकर इन्हें आईसोलेट किया जा सके और बीमारी को फैलने से रोका जा सके। जिला दण्डाधिकारी ने आदेश दिए हैं कि बाहरी राज्यों से आने वाला कोई भी यात्री 28 दिन की निगरानी अवधि में घर पर या बाहर 60 वर्ष से अधिक आयु के किसी व्यक्ति अथवा मधुमेह, उच्च रक्तचाप, दमा, गुर्दा रोग से पीड़ित या अन्य रोगियों से नहीं मिलेगा। यदि किसी व्यक्ति का कोविड-19 संक्रमण के लिए परीक्षण पाॅजिटिव पाया जाता है तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन मानक अनुसार इस सम्बन्ध में कार्रवाई अमल में लाएंगे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घनागुघाट में पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को बच्चों के घर पर पौधारोपण का कार्यक्रम आयोजित करेगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन व्हाट्सएप के माध्यम से पर्यावरण दिवस के मनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस दिन विद्यार्थी मास्क पहने हुए उचित दूरी का पालन कर अपने घरों के आसपास साफ सफाई के साथ साथ पौधारोपण करने तथा अपने परिवार व गांव के अन्य लोगों को स्वच्छता व पर्यावरण के बारे में जागरूक करेंगे। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण विषय पर आधारित नारा लेखन, चित्रकला व भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी व्हाट्सएप ग्रुप के व ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा तथा सभी विद्यार्थियों को पर्यावरण शपथ भी भेजी जाएगी। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रकाश शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एनएसएस इकाई के स्वयंसेवक व कार्यक्रम अधिकारी देशराज गिल, किंगफिशर इको क्लब प्रभारी दीपक ठाकुर व समस्त छात्र मुख्य रूप से भाग लेंगे। विजय चंदेल, देवेंद्र कौंडल, अशोक कुमार, रामलाल, कार्यालय अधीक्षक सहायक ज्वाला दास, मदन ठाकुर, शांति देवी सहित समस्त स्टाफ विद्यालय में उपस्थित रहकर छात्रों का ऑनलाइन मार्गदर्शन करेंगे।
डॉ॰ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए अपने स्नातक, एमएससी और एमबीए एग्रीबिजनेस कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। विश्वविद्यालय ने यह निर्णय कोरोना वाइरस के कारण छात्रों और अभिभावकों को हुई कठिनाइयों को देखते हुए लिया है। विश्वविद्यालय अपने चार घटक कॉलेजों- मुख्य परिसर में कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर और कॉलेज ऑफ फॉरेस्ट्री, हमीरपुर के नेरी में कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री और मंडी जिला के थुनाग में बागवानी महाविद्यालय में बीएससी बागवानी और बीएससी वानिकी कार्यक्रमों में डिग्री प्रदान करता है। इसके अलावा छात्र नेरी महाविद्यालय में बी टेक जैव प्रौद्योगिकी कार्यक्रम के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। स्नातक कार्यक्रमों में सामान्य सीटों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई तक बढ़ाई जा चुकी है। स्व-वित्तपोषण सीटों के लिए 31 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, एमएससी और एमबीए (एग्रीबिजनेस) कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि भी 15 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। विश्वविद्यालय मुख्य परिसर और नेरी महाविद्यालय में एमएससी की डिग्री प्रदान करता है। औद्यानिकी में एंटोमोलॉजी, फ्लोरिकल्चर और लैंडस्केप आर्किटेक्चर, फूड टेक्नोलॉजी, फ्रूट साइंस, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी, प्लांट पैथोलॉजी, सीड साइंस एंड टेक्नोलॉजी, स्पाइस, प्लांटेशन और ऍरोमैटिक प्लांट्स और सब्जी विज्ञान जैसे विषयों में एमएससी की जा सकती हैं। वानिकी में छात्र कृषि अर्थशास्त्र, एग्रोफोरेस्ट्री, पर्यावरण विज्ञान, पर्यावरण प्रबंधन, वन आनुवंशिक संसाधन, औषधीय और सुगंधित पौधे, माइक्रोबायोलॉजी, सिल्विकल्चर, मिट्टी विज्ञान, सांख्यिकी और लकड़ी विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एमएससी के लिए आवेदन कर सकते हैं। स्नातक, एमएससी और एमबीए एग्रीबिजनेस के लिए प्रवेश परीक्षा की तिथि की अधिसूचना बाद में जारी की जाएगी। एमबीए और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन करने की तिथि अपरिवर्तित रहेगी। एमबीए और पीएचडी के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि क्रमशः 17 जुलाई और 15 जुलाई है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है और इच्छुक छात्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.yspuniversity.ac.in पर लॉगइन करके आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक कार्यक्रम के लिए कुल सीटों के साथ विस्तृत प्रवेश सूचना वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस पेंशनर्स वेलफेयर एसोशियेशन कुनिहार के अध्यक्ष धनीराम तनवर, गुरदयाल सिंह चोधरी, जगदीश चौहान,आशा ठाकुर, पुष्पा सूद, जगदीश गर्ग, लेखराम कायथ, कंवर शमशेर सिंह,संतराम चंदेल, राजेन्द्र शर्मा, केदार ठाकुर पतराम पंवर, मुनिलाल चोहान, बीना देवी,दिपराम ठाकुर, रूपराम ठाकुर, रतिराम शर्मा सहित अन्य सदस्यों ने संजय कुंडू (आईपीएस) के प्रदेश पुलिस महानिदेशक बनने पर उन्हें बधाई संदेश भेजा है। एसोशियेशन ने कहा कि जब केन्द्र से वापिस हिमाचल प्रदेश आये व् प्रदेश मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के पद पर आसीन हुए थे तब भी प्रदेश पुलिस पेंशनर्स ने एक वरिष्ठ आई पी एस आफिसर होने के नाते शुभकामनाए दी थी। एसोशियेशन द्वारा प्रदेश पुलिस महानिदेशक को दिए बधाई संदेश पत्र में कहा है, कि एसोशियेशन आपसे पूरी आशा करती है कि हम सभी जिन्होंने 35 से 40 वर्ष विभिन्न पदों पर रहते हुवे प्रदेश की सेवा की है व् आप अपने पुलिस परिवार की तरह एसोशियेशन की समस्याओं का निवारण करेंगे जैसा कि पिछले कई वर्षों से एसोशियेशन के आग्रह पर पूर्व डी जी पी मिन्हास महदोय ने प्रदेश के सभी पुलिस अधिक्षको को आदेश दिए थे कि जब भी पुलिस पेंशनर्स किसी भी कार्य के लिए थाना चौकी में आए तो उनको सम्मान पूर्वक सुना जाए व् पेंशनर्स के साथ वर्ष में दो बार पुलिस लाइन में बैठक रखी जाये व उनके अनुभवों का लाभ उठाकर समस्याओ को हल करे। इसी प्रकार पूर्व डी जी पी अश्वनी कुमार जो अपनी योग्यता से सी बी ई चीफ व् गवर्नर के पद पर रहे जब वह बतोर डी जी पी किसी भी थाना का निरीक्षण करने आते थे तो सबसे पहले उस थाना के सभी पुलिस पेंशनर्स को आमंत्रित करके उनकी समस्याओ बारे चर्चा करते थे। हिमाचल प्रदेश पुलिस पेंशनर्स वेलफेयर एसोशियेशन ने कहा कि यह भी एक सच्चाई है कि हर अधिकारी को एक न एक दिन अपने पद से सेवानिवृत होना है। हालत सामान्य होने के उपरान्त एसोशियेशन के सभी सदस्य आपसे मुलाक़ात करेंगे।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने दाड़लाघाट सब उपमंडल के अंतर्गत ईएसआई अस्तपाल, तहसील कार्यालय, नवनिर्मित सीएचसी के भवन और अम्बुजा सीमेंट कंपनी दाड़लाघाट में अपनी टीम के साथ औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त सोलन केसी चमन के साथ, सीएमओ सोलन, उपमंडलाधिकारी अर्की, बीएमओ अर्की, तहसीलदार अर्की, नायब तहसीलदार दाड़लाघाट व अन्य विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। उपायुक्त सोलन केसी चमन ने आला अधिकारियों से कोविड-19 के चलते दाड़लाघाट क्षेत्र में विभिन्न विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने ईएसआई अस्तपाल में जाकर वहां के स्टाफ से स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को मुहैया करवाने के आदेश दिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि तहसील कार्यालय में लोगों को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े और लोगों की जरूरत वाले जरूरी दस्तावेज उन्हें समय पर मिलना चाहिए, ऐसे आदेश कर्मचारियों और अधिकारियों को दिए। उधर सीएचसी के नवनिर्मित अस्तपाल को चालू करने के साथ साथ कोविड-19 डेडिकेटेड अस्तपाल की तैयारी व उचित व्यवस्था को लेकर सीएमओ सोलन, उपमंडलाधिकारी अर्की व बीएमओ अर्की को जल्द से जल्द इसे पूर्ण रूप से तैयार करने के लिए आदेश दिए। इसके साथ ही बखालग में कोविड केअर सेंटर की व्यवस्था को लेकर उक्त अधिकारियों से उन्होंने जानकारी जुटाई। इस दौरान दाड़लाघाट क्षेत्र में स्थापित अम्बुजा सीमेंट कंपनी में चल रही गतिविधियों को लेकर वहां के उच्च प्रबंधन को निर्देश व हिदायत दी कि कोविड 19 के मद्देनजर उद्योग परिसर में सरकार द्वारा दी गई सभी गाइडलाइंस का पालन करे।इस मौके पर उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत समाज के सभी वर्गों के हित के दृष्टिगत घोषित कर्फ्यु में चरणबद्ध ढील दी जा रही है ताकि सामाजिक-आर्थिक विकास सुनिश्चित बनाकर जन-जन को कोरोना वायरस के विरूद्ध सजग रहने के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे सदैव सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें व सार्वजनिक क्षेत्र में दूरी बनाकर रखें और नियमित अंतराल पर अपने हाथ साबुन अथवा सेनिटाइजर से साफ करते रहें। उन्होंने कहा कि सावधानी अपनाकर ही कोविड-19 को हराया जा सकता है।इस अवसर पर उपायुक्त सोलन केसी चमन, सीएमओ सोलन डॉ राजन उप्पल, उपमंडलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला, बीएमओ अर्की राधा शर्मा, तहसीलदार अर्की संत राम शर्मा, नायब तहसीलदार दाड़लाघाट बसंत लाल राजटा, सब तहसील दाड़लाघाट में वरिष्ठ सहायक राजेन्द्र सिंह ठाकुर, पूर्व उपप्रधान दाड़लाघाट राजेश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
नवयुग सेरा ग्राम देवता सुधार समिति की कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के प्रधान अमर चंद शर्मा ने की बैठक में एक प्रस्ताव पास कर आपत्ति व्यक्त की गई कि गांव सेरा के जंगलों में जो पेड़ों का कटान पिछले 5 से 7 वर्षों में किया गया है तथा गत दिनों ग्राम पंचायत पारनु के गांव कनोह में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की गई है उसका सुधार समिति पुरजोर विरोध करती है। प्रस्ताव में कहा गया है कि जंगलों के खत्म होने से ग्राम पंचायत कश्लोग के गांव सेरा में पहले ही पानी के स्त्रोत खत्म होने की कगार पर है तथा विभाग ने भी पिछले 25 से 30 वर्षों में कोई भी पेड़ सेरा के जंगलों में नहीं लगाया है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है। वहीं वर्तमान में ग्राम पंचायत पारनू के गांव कनोह में जो जंगलों की अंधाधुंध कटाई चल रही है, उससे ग्रामीणों में अधिक रोष व्याप्त है। एक जून को एक लाइव वीडियो वायरल हुआ था जिसमें पेड़ों की कटाई दिखाई गई थी, जिसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने नवयुग सेरा ग्राम देवता सुधार समिति गांव सेरा के प्रधान अमर चंद शर्मा से संपर्क किया और आश्वासन दिया है कि आने वाली बरसात में ग्राम सेरा, कनोह में देवदार, बान आदि के बूटे लगाए जाएंगे तथा इसके बाबत एक प्रस्ताव पत्र विभाग ने मांगा है। सेरा गांव के ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रस्ताव पत्र विभाग को भेजने पर रजामंदी जाहिर की तथा यदि आश्वासन को विभाग पूरा करेगा तो सभी ग्रामीण विभाग के आभारी रहेंगे तथा आश्वासन पूरा न होने पर आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
सोलन शहर के लिए यह बहुत खुशी की खबर है की सोलन के स्थानिय निवासी डॉ आर एन बत्ता (आईएएस) अपनी सेवा-निवृत्ति के बाद हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय मे सलाहकार पद के साथ साथ प्रधान निजी सचिव की भी ज़िम्मेदारी समभालेंगे। इस समाचार से सोलन क्षेत्र मे एक खुशी की लहर है। बत्ता, राजकीय स्नातकोत्तर महाविध्यालय सोलन के छात्र रह चुके है और सोलन के लोगो मे एक आशा की किरण जाग्रत हुई है की इनकी नियुक्ति से सोलन के विकास की गतिशीलता भी बड़ेगी। कुल राकेश पंत (पूर्व अध्यक्ष, नगर परिषद सोलन), मुकेश गुप्ता (अध्यक्ष, व्यापार मण्डल सोलन ), मनोज गुप्ता (महासचिव, व्यापार मण्डल सोलन ), पुनीत शर्मा (पार्षद ) विश्व किर्ति सूद, आशीष शर्मा, जतिन साहनी, प्रोफेसर आर के पठानिया, engg L.C.Gupta, चन्द्र कांता सूद, किरण कश्यप, राजीव ठाकुर(पूर्व पार्षद), किशन ग्रोवर, हरिमोहन शर्मा, जगमोहन मल्होत्रा आदि ने उन्हें बधाई दी है व उनके उज्वल भविष्य की कामना की है।
भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर द्वारा भारतीय भाषाओं में भाषा शिक्षा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के लिए आवेदन की अंतिम तिथ 15 जुलाई, 2020 तक बढ़ाई गई है। यह जानकारी उर्दू शिक्षण तथा अनुसंधान केंद्र सोलन के प्राचार्य प्रभारी तारिक़ खान ने दी। तारिक़ खान ने कहा कि इस पाठ्यक्रम की अवधि 10 माह है और पाठ्यक्रम में केंद्र सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 07 क्षेत्रीय भाषा केंद्रों में उपलब्ध करवाया जा रहा है। इनमें से एक उर्दू शिक्षण तथा अनुसंधान केंद्र, सपरून, सोलन भी है। इस संस्थान में वर्ष में 10 माह का उर्दूू भाषा में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के लिए शैक्षणिक योग्यता स्नातक उपाधि तथा आयु 45 वर्ष है। आवेदक ने संस्थान के किसी भी क्षेत्रीय भाषा केंद्र से पूर्व में प्रशिक्षण प्राप्त न किया हो। आवेदक उस भाषा के लिए आवेदन न करें जिसे वे पहले से जानते हों। उन्होंने कहा कि सभी पद ऐसे अध्यापकों के लिए आरक्षित हैं जो सरकारी विद्यालय अथवा सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में छठी से दसवीं कक्षा तक पढ़ाते हों और कम से कम 03 वर्ष तक पढ़ाने का अनुभव रखते हों। उन्होंने कहा कि अंतिम वेतन प्रमाण पत्र के आधार पर प्रतिमाह वेतन प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही 800 रुपये प्रतिमाह वृद्धि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि बीएड, एमएड अभ्यर्थी भी प्रशिक्षण में प्रवेश के लिए पात्र हैं। इन्हें 5000 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। स्नातक उपाधि प्राप्त आवेदक भी प्रशिक्षण के लिए पात्र होंगे। उन्हें प्रतिमाह 800 रुपये वृत्ति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी भारतीय भाषा संस्थान मैसूर की वैबसाइट www.ciil.org पर प्राप्त की जा सकती है। आवेदन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जुलाई, 2020 की गई है। अधिक जानकारी के लिए क्षेत्रीय भाषा केंद्र एकक, भारतीय भाषा संस्थान मैसूर से दूरभाष नंबर 0821-23451-56 तथा सोलन स्थित केंद्र से दूरभाष नंबर 01792-223424 पर संपर्क किया जा सकता है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना में औद्योगिक कामगारों एवं कर्मियों के आवागमन के लिए स्टेज कैरियेज वाहनों (बसों) में कुल क्षमता के 60 प्रतिशत यात्री लाने-ले जाने के सम्बन्ध में संशोधित आदेश जारी किए हैं। यह संशोधित आदेश केन्द्रीय गृह मन्त्रालय तथा हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप किए गए हैं। आदेशों में यह संशोधन प्रदेश सरकार द्वारा 31 मई, 2020 को जारी उन निर्देशों के अनुरूप किया गया है जिनमें स्टेज कैरियेज, सार्वजनिक परिवहन (हिमाचल पथ परिवहन निगम एवं निजी बसों) में कुल क्षमता के 60 प्रतिशत यात्रियों के साथ परिवहन की अनुमति दी गई है। संशोधित आदेशों के अनुसार कामगारों एवं कर्मियों को लाने-ले जाने के लिए प्रयुक्त वाहन को इनके वाहन में चढ़ने से पूर्व सेनिटाइज करना आवश्यक होगा। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं और आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने सोलन जिला के अर्की उपमण्डल के बखालग के समीप बाहवां में कोविड-19 के दृष्टिगत स्थापित किए जा रहे अस्थाई अस्पताल का निरीक्षण कर सम्बन्धित अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश जारी किए। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि विभिन्न स्थानों पर ऐसे अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जाएं ताकि कोविड-19 के खतरे को न्यून किया जा सके। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों से इस विषय में पूर्ण जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्थापित किए जा रहे कोविड-19 अस्पताल के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया तथा रोगियों के लिए शौचालय इत्यादि की व्यवस्था को भी जांचा। उपमंडलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला ने कहा कि इस अस्थायी अस्पताल में लगभग 150 बैड लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यहां योग एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा परामर्श भी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत बात्तल के कार्यालय के समीप चिकित्सको तथा अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। यह चिकित्सक 14 दिन अपनी डयूटी देने के उपरांत 07 दिन क्वारेनटाइन रहेंगे। इस अवसर पर अर्की के पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल, भाजपा मंडल अर्की के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार उपाध्याय, जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष रमेश ठाकुर, भाजपा किसान मोर्चा के दलीप पाल, अन्य पदाधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी अर्की डाॅ. राधा शर्मा, पंचायत प्रतिनिधि एवं अन्य उपस्थित थे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत समाज के सभी वर्गों के हित के दृष्टिगत प्रदेश में घोषित कफ्र्यू में चरणबद्ध ढील दी जा रही है ताकि सामाजिक-आर्थिक विकास सुनिश्चित बनाकर जन-जन को कोरोना वायरस के विरूद्ध सजग रहने के लिए प्रेरित किया जा सके। डाॅ. सैजल आज सोलन जिला के अर्की विधानसभा क्षेत्र में अग्रिम कोरोना योद्धाओं को सम्मानित करने के उपरांत उपस्थित पंचायती राज प्रतिनिधियों एवं अन्य से विचार-विमर्श कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर अर्की में जल शक्ति विभाग, पुलिस, प्रशासन, राजस्व एवं सफाई कर्मियों को ‘कोरोना योद्धा अवार्ड ऑफ़ एक्सीलेंट सर्विसिज-2020’ से सम्मानित किया। उन्हांेने कोविड-19 के दृष्टिगत विभिन्न विभागों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करने के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि महामारी के इस समय में जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी सजग रहकर समाज के व्यापक हित के लिए कार्यरत हैं वहीं अनेक स्वयंसेवी संस्थाएं एवं व्यक्ति प्रदेश सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि सभी के लिए आय के साधन सृजित करने और आर्थिक विकास को गति प्रदान करने के लिए कफ्र्यू में चरणबद्ध ढील दिया जाना आवश्यक है। इसके माध्यम से विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों को अपनी आजीविका के लिए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे में जहां विभिन्न विभागों का दायित्व अधिक बढ़ गया है वहीं आम लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस सहित विभिन्न संक्रमणों से बचाव के लिए जन-जन को केन्द्र एवं प्रदेश सरकार को सहयोग देना होगा। डाॅ. सैजल ने लोगों से आग्रह किया कि वे सदैव सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें, दो व्यक्तियों के मध्य कम से कम 6 फीट अर्थात 02 गज की दूरी बनाकर रखें और नियमित अंतराल पर अपने हाथ साबुन अथवा सेनिटाइजर से साफ करते रहें। उन्होंने कहा कि सावधानी अपनाकर ही कोविड-19 को हराया जा सकता है। उन्होंने सभी से ‘एस’ अर्थात सेनिटाइजर, ‘एम’ अर्थात मास्क तथा ‘एस’ अर्थात सोशल डिस्टेन्सिग (एसएमएस) स्मरण कर जीवन में उतारने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आपदा के इस समय में केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों की सहायता के लिए अनेक प्रयास किए गए हैं। जन धन खातों के माध्यम से जहां वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई गई है वहीं मनरेगा के तहत ग्राम स्तर तक विकास सुनिश्चित बनाने के साथ लोगांे की आर्थिक रूप से सहायता भी की जा रही है। डाॅ. सैजल ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सुयोग्य नेतृत्व में प्रदेश सरकार कोविड-19 के विरूद्ध योजनाबद्ध कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री स्वयं दैनिक आधार पर सभी जिला उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों से नियमित जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। इसी के आधार पर प्रदेश सरकार दैनिक योजना बनाकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण भारतीय जनता पार्टी द्वारा भी सघन प्रयास किए जा रहे हैं। पार्टी के सदस्यों द्वारा राष्ट्रीय तथा प्रदेश स्तर पर स्थापित कोविड राहत कोष में 10.50 करोड़ रुपये भेंट किए गए हैं। महिला मोर्चा द्वारा राज्य में 20 लाख मास्क बांटे गए हैं। इस अवसर पर अर्की के पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल, भाजपा मंडल अर्की के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार उपाध्याय, जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष रमेश ठाकुर, भाजपा किसान मोर्चा के दलीप पाल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य ओपी गांधी एवं जयनंद शर्मा, भाजपा महिला मोर्चा की अर्की मंडल की अध्यक्ष विनती मुकुल, सचिव प्रभा भारद्वाज, पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आशा परिहार, नगर पंचायत अर्की के पार्षद, पूर्व पार्षद, उपमंडलाणिकारी अर्की विकास शुक्ला, जल शक्ति विभाग की अधिशाषी अभियंता कंचन शर्मा, एसडीओ कुलदीप गुप्ता, खंड चिकित्सा अधिकारी अर्की डाॅ. राधा शर्मा, पंचायत प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
देश सरकार व जिला प्रसासन द्वारा कर्फ्यू में 14 घण्टे की ढील व व्यापार में भी सुबह 6 से शाम 8 बजे तक के समय के लिए आम लोगों सहित व्यापारी वर्ग में खुशी का माहौल है। व्यापार मण्डल कुनिहार के प्रधान सुमित मित्तल ने सभी व्यापारी भाइयों की ऒर से प्रदेश के मुख्य मंत्री जयराम ठाकुर व उपायुक्त जिला सोलन के सी चमन का इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया है। सुमित मित्तल ने कहा है कि कोरोना के चलते लगे कर्फ्यू से व्यापारी वर्ग को काफी नुकसान उठाना पड़ा है लेकिन व्यापारी वर्ग ने इस संकट की घड़ी में सरकार व प्रसासन के दिशा निर्देशों का पूरा पालन किया और आगे भी करता रहेगा। उन्होंने कहा कि अब लगता है कि धीरे धीरे व्यापार पहले की तरह पटरी पर आ जाएगा। उन्होंने सरकार व प्रसासन से मांग की है कि सभी रूटों की सरकारी व निजी बसों को सुचारू रूप से चलाएं ताकि दूर दराज के गांवों व कस्बो से लोग खरीदारी करने बाजार पहुंच सके।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोविड-19 के दृष्टिगत उनके कार्यालय, पुलिस अधीक्षक सोलन, पुलिस अधीक्षक बद्दी कार्यालय तथा जिला के सभी उपमंडलाधिकारियों द्वारा कर्मचारियों, आवश्यक एवं गैर जरूरी सेवाओं के लिए प्रयुक्त किए जा रहे वाहनों, प्रिन्ट तथा इलैक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रत्यायित पत्रकारों एवं अन्य को 31 मई, 2020 तक जारी किए गए अनुमति पत्रों एवं कफ्र्यू पास की अवधि को बढ़ाकर 30 जून 2020 की अर्धरात्रि तक कर दिया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 132/33 केवी विद्युत उपकेन्द्र गौड़ा की विद्युत आपूर्ति विद्युत उपकरणों के परीक्षण एवं रखरखाव के दृष्टिगत 03 जून, 2020 को बाधित की जाएगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता केएल शर्मा ने आज यहां दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत 33 केवी विद्युत उपकेन्द्र राजगढ़ तथा उठाऊ जलापूर्ति योजना गौड़ा की विद्युत आपूर्ति प्रातः 10.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक बाधित रहेगी। उन्होंने लोगों से इस अवधि के दौरान सहयोग की अपील की है।
वैश्विक महामारी कोरोना के चलते अखिल भारतीय मजदूर महासंघ की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। इसमें भारत के 19 राज्यों के 54 सीमेंट प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस बैठक का संचालन भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय संगठन बी सुरेंद्रन ने किया तथा विभिन्न विषयों पर विचार सागर मंथन ओर चिंतन किया गया। इस बैठक में भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री व्रजेश उपाध्याय, राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी. सुरेंद्रन, सीमेंट प्रभारी के.सी.मिश्रा, एस. मलेशम और अखिल भारतीय सीमेंट मज़दूर महासंघ के अध्यक्ष कादिर भाई मझोटी (गुजरात),महामंत्री महेंद्र जैन (राजस्थान),ओमप्रकाश शर्मा (हिमाचल),संगठन मंत्री घीसुलाल कलाल(गुजरात), उपप्रधान सुनील यादव(पंजाब),शंकर सुलेगांव (कर्नाटक) अनेक पदाधिकारियों ने भाग लिया और अपने अपने सीमेंट उधोग का पूरा ब्यौरा रखा। राष्ट्रीय महामंत्री विरजेश उपाध्यक्ष ने कहा कि श्रम कानूनों में बदलाव,वेतन कटौती ओर श्रमिकों की छंटनी संघ कभी भी सहन नहीं करेगा इसलिए सरकार को एक पक्षीय निर्णय नहीं लेना चाहिए क्योंकि इससे भारत मे स्थान स्थान पर अशांति फैलेगी । इसलिए राज्यों की सरकार को संगठन से बातचीत करके निर्णय लेना चाहिए अन्यथा राष्ट्र निर्माण की प्रगति पर बहुत ही दुप्रभाव पडेगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी ने अपने विचार रखे तथा आगे की रणनीति पर तैयार की गई। राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी सुरेंद्रन ने कहा कि अपने राज्यों में जिला में प्रवास करें और श्रमिकों के प्रति जो षड़यंत्र रचने की तैयारी जो सरकार और कॉरपरेट मिलकर कर रही है। इसका प्रचार प्रसार करें और सभी को जागरूक करें क्यूंकि शीघ्र ही देश व्यापी आंदोलन की तैयारी भारतीय ज़दूर संघ कर रहा है। सबका साथ सबका विकास तभी संभव होगा जब भारत का मज़दूर खुशहाल होगा।इस बैठक में सीमेंट उधोग में जो काम 50% श्रमिकों से चलाया जा रहा है विशेष मुद्दा रहा क्योंकि आने वाला समय श्रमिकों के लिए ठीक नहीं है इसलिए 50% में 50% ही काम करें अन्यथा बहुत श्रमिकों का रोजगार जा सकता है तथा स्वास्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से यह उचित नहीं है।इस नीति से सुरक्षा की भी सीमेंट प्लांट में धज्जियां उड़ाई जा रही। इस समय सीमेंट उद्योग के कर्मचारियों की दुर्दशा बहुत दयनीय है क्योंकि बहुत अधिक काम का दबाव हो रहा है।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने सोलन के मालरोड पर वाहनों की आवाजाही के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश मोटर वाहर अधिनियम, 1988 की धारा-115 एवं 117, सड़क नियमन के नियम, 1999 की धारा 15 एवं 17 तथा हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन नियम, 1999 के नियम 184 तथा 196 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार सोलन के मालरोड पर अब सांय 5.30 बजे से रात्रि 8.00 बजे तक वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबन्ध रहेगा। इस सम्बन्ध में 27 जून, 2006 को जारी आदेशों के तहत अन्य शर्तें यथावत रहेंगी। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं।
प्रधानमंत्री जन कल्याणकारी योजना प्रचार प्रसार अभियान हिमाचल प्रदेश की राष्ट्रीय सेवा भारती द्वारा अर्की युवा मोर्चा मंडल कार्यकारिणी का नियुक्तिकरण किया गया। कार्यकारणी का विस्तार युवा मोर्चा मंडल अर्की के अध्यक्ष हेमराज ठाकुर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई । कार्यकारिणी में हेमराज ठाकुर को अध्यक्ष युवा मोर्चा अर्की की कमान सौंपी गई। इस के साथ अनिल वर्मा,शिवम शर्मा,अरुण,तरुण ठाकुर,संजीव ठाकुर,रजनीश,अजय ठाकुर,नवीन शर्मा,दिनेश गौतम को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेवारी दी गई। कार्यकारणी में प्रकाश ठाकुर को महामंत्री और राहुल ठाकुर, नितिन ठाकुर, करण, अजय, गोपाल, राहुल पटियाल को अर्की मंडल से युवा मोर्चा सचिव बनाया गया। वही, अर्की युवा मोर्चा मंडल से मीडिया प्रभारी के लिए कुशांत,प्रभात,मनोज को नियुक्त किया गया।सह सोशल मीडिया प्रभारी के लिए लक्ष्य व दिनेश शर्मा को नियुक्त किया गया।कार्तिक शर्मा को आईटी संयोजक व नवनीत शर्मा को प्रवक्ता युवा मोर्चा। प्रबल ठाकुर को सलाहकार व नरेंद्र ठाकुर को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। युवा मोर्चा मंडल अर्की के अध्यक्ष हेमराज ठाकुर ने कहा कि वह इस अभियान में प्रसार अभियान द्वारा कार्यकारिणी को पूर्ण विश्वास निष्ठा ईमानदारी के साथ अपना दायित्व निभाने पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे तथा क्षेत्र में प्रधानमंत्री की योजनाओं का प्रचार प्रसार प्रभावी तरीके से करेंगे। उन्होंने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को इस पुनीत कार्य करने के लिए शुभकामनाएं दी।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोविड-19 के दृष्टिगत दुकान एवं अन्य व्यापारिक संस्थान खोलने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। इन आदशों के अनुसार जिला सोलन में नगर परिषद क्षेत्र अथवा ग्रामीण क्षेत्र या कैन्ट बोर्ड क्षेत्र में सभी दुकानें एवं व्यापारिक संस्थान हिमाचल प्रदेश दुकान एवं व्यापारिक संस्थान अधिनियम-1969 के अनुरूप अपने सामान्य समय पर खुले रहेंगे। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि ऐसी दुकानें एवं व्यापारिक संस्थान पूर्व प्रचलन के अनुसार सप्ताह में एक दिन बंद रहेंगे। व्यायामशालाएं, पूल टेबल, खेल परिसर, तरणताल, सिनेमा हाॅल, मनोरंजन पार्क, सम्मेलन कक्ष एवं अन्य ऐसे स्थान पूर्व की भांति बंद रहेंगे। मन्दिर तथ पूजा स्थल के सम्बन्ध में आदेश भाषा एवं कला संस्कृति विभाग से मानक परिचालन प्रक्रिया मिलने के उपरान्त जारी किए जाएंगे। रेस्तरां तथा होटलों में बैठकर भोजन करने की सुविधा के सम्बन्ध में आदेश पर्यटन विभाग से मानक परिचालक प्रक्रिया मिलने के उपरान्त जारी किए जाएंगे। इन आदेशों में कोविड-19 प्रबन्धन के तहत राष्ट्रीय स्तर पर जारी निर्देशों की जानकारी भी दी गई है। राष्ट्रीय निर्देशों के अनुसार कार्य स्थल, सार्वजनिक स्थानों एवं परिवहन के दौरान मास्क पहनना अनिवार्य है। सार्वजनिक स्थानों पर 02 व्यक्तियों के मध्य 06 फुट अर्थात 02 गज की दूरी होनी चाहिए। बड़ी जनसभाएं एवं समारोह प्रतिबन्धित हैं। विवाह समारोह में 50 तथा अन्तिम यात्रा में 20 से अधिक व्यक्ति नहीं होने चाहिएं। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर नियमानुसार जुर्माना वसूला जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा पान करना, पान, गुटखा एवं तम्बाकू का सेवन प्रतिबन्धित हैं। सभी कार्यालयों एवं व्यापारिक संस्थानों के प्रवेश एवं निकासी द्वार तथा आम स्थानों पर थर्मल स्कैनिंग, हैंडवाॅश तथा सेनिटाइजर की व्यवस्था की जाएगी। कार्यस्थलों, सामान्य सुविधाओं एवं नियमित स्पर्श में आने वाले स्थानों को निर्धारित अंतराल पर सेनिटाइज किया जाएगा। कार्यस्थलों पर कर्मियों एवं कामगारों के मध्य सोशल डिस्टेन्सिग की अनुपालना की जाएगी। जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी, कार्यकारी दण्डाधिकारी तथा पुलिस कर्मी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि प्रत्येक व्यक्ति ने सार्वजनिक स्थान, कार्यस्थल पर मास्क पहना हो, सोशल डिस्टेन्सिग का पालन किया जा रहा हो और कोविड-19 प्रबन्धन के दृष्टिगत स्थापित अन्य नियमो की पालना हो। इन आदेशो की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 एवं अन्य उपयुक्त नियमों के अनुरूप कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह आदेश प्रथम जून 2020 से प्रभावी हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोविड-19 के दृष्टिगत सार्वजनिक परिवहन एवं वाहनों की आवाजाही के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार टैक्सी के अन्तरराज्यीय आवागमन के लिए जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी ऑनलाइन वैध प्रवेश पत्र अथवा ई-कोविड पास अनिवार्य होगा। सार्वजनिक परिवहन के तहत बसों,निजी वाहनों, टैक्सी तथा ऑटो,रिक्शा की प्रदेश के भीतर अन्तर जिला आवाजाही के लिए प्रवेश पत्र की आवश्यकता नहीं होगी। इसके लिए आवश्यक शर्तों की अनुपालना अनिवार्य होगी। प्रदेश पथ परिवहन निगम तथा निजी बसों, स्टेज कैरियेज वाहनों में कुल क्षमता के 60 प्रतिशत यात्री ही बिठाए जा सकेंगे। सार्वजनिक परिवहन, टैक्सी तथा निजी वाहनों को प्रातः 6.00 बजे से रात्रि 8.00 बजे तक आवागमन की अनुमति होगी। उपरोक्त सभी वाहनों में सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करना होगा और निर्धारित क्षमता ही यात्री बिठाए जा सकेंगे। सभी यात्रियों को वाहन में चढ़ने से लेकर उतरने तक मास्क पहनना अनिवार्य होगा। फ्लू जैसी बीमारी के लक्षणों के सम्बन्ध में चालक एवं अन्य यात्री स्वयं अनुश्रवण करेंगे और लक्षण पाए जाने पर समीप के स्वास्थ्य संस्थान को सूचित करेंगे। सभी वाहनों एवं अन्य आवश्यक स्थानों को नियमित सेनिटाइज करना होगा। चालक एवं यात्रियों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी सुरक्षा मानकों को मानना होगा। यात्रियों को वाहन पूल करने अथवा शेयर करने की अनुमति नहीं होगी। वाहनों में चालक तथा यात्रियों के लिए हैण्ड सेनिटाइजर उपलब्ध करवाना अनिवार्य होगा। कुल 04 की क्षमता वाले ऑटो रिक्शा तथा ई-रिक्शा में चालक के अतिरिक्त 02 यात्री, कुल 05 की क्षमता वाले ऑटो, रिक्शा तथा ई-रिक्शा में चालक के अतिरिक्त 02 यात्री, कुल 05 की क्षमता वाली टैक्सी में चालक के अतिरिक्त 03 यात्री, कुल 07 की क्षमता वाली मोटर कैब में चालक के अतिरिक्त 04 यात्री, कुल 08 की क्षमता वाली मैक्सी कैब में चालक के अतिरिक्त 05 यात्री, कुल 10 की क्षमता वाली मैक्सी कैब में चालक के अतिरिक्त 06 यात्री तथा कुल 13 की क्षमता वाली मैक्सी कैब में चालक के अतिरिक्त 07 यात्री बिठाने की अनुमति प्रदान की गई है। यह आदेश पूरे सोलन जिला में लागू होंगे। आदेशों की अवहेलना पर राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005, मोटर वाहन अधिनियम 1988 के सम्बन्धित प्रावधानों तथा अन्य नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। ऑटो रिक्शा में पिछली सीट को एक्रिलिक शीट अथवा अन्य माध्यम से 02 भागों में बांटना आवश्यक होगा ताकि यात्रियों के मध्यम सोशल डिस्टेन्सिग बनी रहे। जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी, कार्यकारी दण्डाधिकारी तथा पुलिस कर्मी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि प्रत्येक व्यक्ति ने सार्वजनिक स्थान, कार्यस्थल पर मास्क पहना हों, सोशल डिस्टेन्सिग का पालन किया जा रहा हो और कोविड-19 प्रबन्धन के दृष्टिगत स्थापित अन्य नियमो की पालना हो। यह आदेश प्रथम जून 2020 से प्रभावी हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन द्वारा कोविड-19 के दृष्टिगत जारी आदेशों के अनुसार सोलन जिला में आपराधिक दण्ड संहिता 144 की धारा के प्रावधान (कफ्र्यू) लागू रहेंगे। इन आदेशों के अनुसार जिला में आवश्यक गतिविधियों को छोड़कर रात्रि 8.00 बजे से प्रातः 6.00 बजे तक व्यक्तियों एवं वाहनों का आवागमन प्रतिबन्धित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन से लोगों का आवागमन केवल चिकित्सकीय आपातकाल के लिए हो सकेगा। कन्टेनमेंट जोन के लिए आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति पूर्व की भांति नियंत्रित रहेगी। सोलन जिला के लिए पूर्व आदेशों द्वारा छूट प्राप्त श्रेणियों के अतिरिक्त अन्य सभी के अन्तरराज्यीय आवागमन के लिए वैध पास अथवा प्रवेश पत्र अनिवार्य होगा। अन्य राज्यों से सोलन जिला के लिए आवागमन आवश्यकता के आधार पर ही होगा। अन्तरराज्यीय बैरियरों के माध्यम से दैनिक अथवा सप्ताहांत के आधार पर आवागमन करने वाले व्यक्ति वैध प्रवेश पत्र के साथ ही आ-जा सकेंगे। इन्हें क्वारेनटाइन करने की आवश्यकता नहीं होगी। किन्तु फ्लु अथवा इन्फ्लुएंजा बीमारी के लक्षण होने की स्थिति में स्वास्थ्य केन्द्र को सूचित करना इन व्यक्तियों का उत्तरदायित्व होगा। सोलन जिला के निवासी बिना किसी प्रवेश पत्र के जिला की सीमा छोड़ अन्य राज्य जा सकते हैं। किन्तु यदि वे चिकित्सा, व्यापार अथवा कार्यालय उद्देश्य के लिए अन्य राज्य कम समय के लिए जाना चाहते हैं और 48 घण्टे के भीतर जिला में वापिस आने के इच्छुक हैं तो वे प्रवेश पत्र के साथ आवागमन कर सकते हैं। इन व्यक्तियोें को उस स्थिति में क्वारेनटाइन होने की आवश्यकता नहीं होगी यदि उनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं पाए जाते हैं। कन्टेनमेंट जोन के अतिरिक्त अन्य स्थानों से अन्तरराज्यीय आवागमन करने वाले उद्योग मालिक, वरिष्ठ प्रबन्धन अधिकारी, कामगार एवं कर्मचारियों को दैनिक आधार पर अपने अथवा कम्पनी के वाहन में आने-जाने की अनुमति होगी। इस सम्बन्ध में अन्य मानक परिचालन प्रक्रिया 24 मई, 2020 को जारी आदेशों के अनुसार ही रहेगी। चिकित्सा व्यवसायियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, रोगी वाहनों तथा स्वच्छता कर्मियों की अन्तरराज्यीय आवाजाही निर्बाध जारी रहेगी। जिला के भीतर एवं प्रदेश में जिलों के मध्य आवागमन बिना किसी प्रवेश पत्र के हो सकेगा। कन्टेनमेंट जोन तथा रेड जोन से आने वाले सभी व्यक्तियों को संस्थागत क्वारेनटाइन किया जाएगा। अन्य राज्यों एवं शहरों से आने वाले ऐसे सभी व्यक्तियों को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुरूप घर पर ही क्वारेनटाइन किया जाएगा जिनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं है। विदेश से आने वाले सभी व्यक्तियों को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार क्वारेनटाइन किया जाएगा। बीमारी के लक्षणों वाले एवं इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के लक्षणों वाले सभी व्यक्तियों को संस्थागत क्वारेनटाइन सुविधाओं में रखा जाएगा। होम क्वारेनटाइन का नियम तोड़ने वाले सभी व्यक्तियों को संस्थागत क्वारेनटाइन किया जाएगा। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि बागवान, कृषक, ठेकेदार अथवा परियोजना कार्य करने वाले व्यक्ति अन्य राज्यों से जिला में लाए गए श्रमिकों के लिए क्वारेनटाइन सुविधाओं का प्रबंध करेंगे। आदेशों में 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, रोगी, गर्भवती महिलाओं तथा 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को आवश्यक एवं स्वास्थ्य कारणों के अतिरिक्त घर पर ही रहने का परामर्श दिया गया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे उपयुक्त मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करें और इस पर अपना स्वास्थ्य स्थिति नियमित रूप से अपडेट करते रहें। जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी, कार्यकारी दण्डाधिकारी तथा पुलिस कर्मी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि प्रत्येक व्यक्ति ने सार्वजनिक स्थान, कार्यस्थल पर मास्क पहना हो, सोशल डिस्टेन्सिग का पालन किया जा रहा हो और कोविड-19 प्रबन्धन के दृष्टिगत स्थापित अन्य नियमो की पालना हो। इन आदेशों की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 एवं अन्य उपयुक्त नियमों के अनुरूप कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह आदेश प्रथम जून 2020 से प्रभावी हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।
जागृति महिला किसान समिति पपलोटा (डुमेहर)भी कोरोना महामारी के दौर में अपनी अहम भूमिका निभा रही है। समिति की अध्यक्ष व समाजसेविका किरण कौंडल ने 30 मई को अपने पति प्रेम चन्द कौंडल की बीएसएनएल विभाग शिमला से हुई सेवानिवृत्ति के एक साधारण समारोह के अवसर पर भाजपा अर्की मण्डल अध्यक्ष व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल को स्वयं निर्मित लगभग 250 मास्क वितरण हेतु भेंट किए। किरण कौंडल ने बताया कि देश मे कोरोना महामारी का दौर आरम्भ होने पर समिति ने निर्णय लिया कि इस विकट स्थिति में समिति मास्क बनाने का काम करेगी। समिति क्षेत्र के विभिन्न अस्पतालों, पुलिस चौकियों, थानों व अन्य विभागों के कर्मचारियों जो कोरोना की लड़ाई में अहम भूमिका निभा रहे है व गरीब लोगों को लगभग 5 हजार मास्क मुफ्त बाँट चुकी है। समिति सदस्य घर घर जाकर लोगों को मास्क व सेनिटाइजर देकर लोगों को इस बीमारी से कैसे अपनी सुरक्षा करनी है के बारे जागरूक कर रही है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा समिति द्वारा विभिन्न संस्थाओं व लोगों के ऑर्डर पर अभी तक समिति बढिया कपड़े के लगभग 50 हजार मास्क तैयार कर चुकी है और यह कार्य निरन्तर चल रहा है।
विद्युत उपमंडल दाड़लाघाट के पूरे स्टाफ को एहतियातन शक के आधार पर होम क्वारंटाइन किया गया है। विभाग के एसडीओ, जेई, लाइन मैन व अन्य सभी स्टाफ कर्मियों को होम क्वारंटाइन किया गया है। हुआ यूं कि विद्युत विभाग में कार्यरत छकोह निवासी लिपिक पिछले हफ्ते अपने किसी रिश्तेदार के यहां बिलासपुर शादी में गया था उस शादी को अटेंड करने के बाद वो अपनी ड्यूटी करने दाड़लाघाट विद्युत कार्यालय आने के बाद दो दिनों से वो अपनी ड्यूटी में नही आ रहा था।वहीं जब इस बारे क्षेत्र के लोगो को पिछले कल यानी शनिवार को पता लगा तो लोगों ने अपने अपने सम्पर्क में एक दूसरे से इस बात को जानने के लिए छानबीन की और देखते ही देखते बाजार में बात फैल गयी कि दाड़लाघाट में विद्युत विभाग का कर्मचारी कोरोना की चपेट में आ गया है। इसके बाद दाड़लाघाट में यह अफवाह जंगल की आग की भांति फैल गई। इसे अफवाह कहा जाए या सच्चाई बस सभी को चिंता सताने लगी कि अब दाड़लाघाट में भी कोरोना वायरस ने अपना पांव पसार लिया है। लेकिन यदि विद्युत विभाग में कार्यरत कर्मचारी की बात की जाए तो उक्त कर्मी का सैंपल अभी जांच के लिए नही गया है। अतः अभी इस बारे कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन इस व्यक्ति के कारण विद्युत विभाग के समस्त स्टाफ व दाड़लाघाट क्षेत्र में हड़कंप सा मच गया है। शनिवार शाम से ही विद्युत विभाग के समस्त स्टाफ व उक्त कर्मी को फिलहाल घर पर ही होम क्वारंटाइन किया गया है। बताया जा रहा है कि विद्युत विभाग में कार्यरत क्लर्क पिछले दो दिनों से ड्यूटी तो आ नहीं रहा है लेकिन इस व्यक्ति में कोरोना लक्षण होने की सोशल मीडिया में खूब दहशत से हो गयी है लेकिन इस व्यक्ति जांच के लिए सेंपल जाने के बाद व रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। लोगों को फिलहाल सुनी सुनाई बातों से व बिना पुष्टि के, अफवाहों से सावधान रहा चाहिए। वहीं प्रशासन द्वारा समस्त स्टाफ को इसके चलते एहतियात के तौर पर शक के आधार पर एहतियातन होम क्वारंटाइन कर दिया है।इसके अलावा विद्युत विभाग के कार्यालय को भी सैनिटाइज़ कर दिया गया है। उधर, विद्युत विभाग के एसडीओ ओमप्रकाश ने बताया कि कार्यालय में कार्यरत लिपिक को संक्रमण की पुष्टि न होने के बाद भी फिलहाल समस्त स्टाफ को होम क्वारंटाइन किया गया है। सहायक अभियंता विद्युत ने कहा कि वह खुद होम क्वारंटाइन है। यद्यपि उक्त कर्मी की सैंपल रिपोर्ट अभी जानी बाकि है जैसे ही उसकी रिपोर्ट आती है तो आगे की स्थिति के अनुसार कार्य किया जाएगा। फिलहाल दूसरे सेक्शन से 2 कर्मचारियों को कार्य देखने के लिए बुला दिया है। बीएमओ अर्की राधा शर्मा ने बताया की विद्युत कार्यालय दाड़लाघाट में कार्यरत समस्त स्टाफ को होम क्वारंटाइन रहने के आदेश दे दिए है क्योंकि बिलासपुर प्रशासन ने बताया था कि दाड़लाघाट में कार्यरत कर्मी बिलासपुर में किसी शादी समोरह के लिए गया था जिस कारण शक के आधार पर समस्त स्टाफ को होम क्वारंटाइन किया गया है। जो उक्त कर्मचारी है उसे बिलासपुर में होम क्वारंटाइन किया है। वही उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि अफवाह जैसी खबरों से दूर रहे और इस तरह की किसी संदेश को न फैलाए व बिना पुष्टि किए किसी संदेश को न भेजे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने हरियाणा के पंचकूला जिला के प्रशासन द्वारा घोषित कन्टेनमेंट जोन से हिमाचल के लिए अन्तर राज्यीय आवागमन पर आगामी आदेशों तक पूर्ण रोक लगा दी है। इन आदेशों के अनुसार पंचकूला जिला में घोषित कन्टेनमेंट जोन से प्रदेश में आने वाले कर्मचारियों, कामगारों, वरिष्ठ अधिकारियों, प्रोत्साहकों, व्यावसायियों, सेवा प्रदाताओं, कच्चे माल के आपूर्तिकर्ताओं तथा विभिन्न उद्योगों के निरीक्षण प्राधिकरणों के आवागमन पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। यह निर्णय केन्द्रीय गृह मन्त्रालय के 30 मई, 2020 को जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। इन आदेशों में कहा गया है कि कोविड-19 संक्रमण के मामले सामने आने के उपरान्त जिला प्रशासन पंचकूला ने कालका हाईट्स, समीप कालका नर्सिंग होम, अपोजिट बस स्टेंड कालका के क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है। उपरोक्त के दृष्टिगत इस क्षेत्र से अन्तरराज्यीय आवागमन पर पूर्ण रोक लगाई गई है। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि 24 मई, 2020 को जारी आदेश के अनुरूप कन्टेनमेंट जोन के दायरे से बाहर से आने वाले व्यक्तियों का आवागमन जारी रहेगा। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
रविवार को पंजाबी महासभा सोलन डॉ राजीव बिंदल के समर्थन में सड़क पर उतरे। इस दौरान सभा के सदस्यों ने कहा कि डॉ राजीव बिंदल पाक दिल और नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण व्यक्ति है और कुछ लोग उनकी राजनैतिक छवि को खराब करने के काम मे लगे हुए हैं। महासभा के सदस्यों ने कहा कि डाक्टर राजीव बिंदल का परिवार सोलन का प्रतिष्ठित परिवार है कहीं न कहीं यह लोग उनके परिवार को भी बदनाम करने मे लगे हैं। डाक्टर बिंदल ने चिकित्सा के अपने पेशे के दौरान सोलन के हर घर मे अपनी चिकित्सा सेवाएँ दी है। राजनीति में भी डॉ बिंदल सेवा भाव से गए। डाक्टर राजीव बिदंल जी द्वारा किए गए कार्यों के हजारों उदाहरण है। पंजाबी महासभा ने कहा कि बिंदल न केवल राजनीति में बेहतरीन कार्य कर चुके है बल्कि डॉ बिंदल कई मर्तबा इंसानियत की मिसाल पेश कर चुके है। पंजाबी महासभा के सदस्यों ने यह भी कहा कि वो डॉ बिंदल के समर्थन मे एक दिन के लिए अपनी दुकानें भी बंद रखेंगे और उन पर लगाए गए छींटाकशी का विरोध करेंगे। इस मौके पर प्रेम मल्होत्रा, मुनीश, रोहित भसीन, अमित आनंद, विकास जेठी, गौरव साहनी, साहिल सूरी सहित अन्य सदस्य मौजुद रहे।
कुनिहार जनपद में कोठी चौक से लेकर उच्चा गॉंव व तालाब तक बहुतायत संख्या में सफेदा व पॉपुलर के बड़े बड़े पेड़ हादसों को न्यौता दे रहे है। चाहे राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हो या लोक निर्माण विभाग का विश्राम गृह या फिर चिकित्सा विभाग के आवासीय परिसर हो करीब 100 फिट से भी ऊंचे ये पेड़ हर वक्त हादसों को दावत देते नजर आते है। थोड़े से आंधी तूफान से इन विशाल पेड़ो के कारण लोगो के मकानो व वाहनो को अक्सर नुकसान तो उठाना ही पड़ता है, साथ ही विद्युत् विभाग की विद्युत् सप्लाई की तारे भी पेड़ों की टहनियों के टूटने की वजह से सड़क पर गिर जाती है,जिससे हर वक्त किसी अनहोनी घटना का डर लोगो में बना रहता है। क्षेत्र की सामाजिक संस्थाएं इन विकराल रूप ले चुके पेड़ों की समस्या को जनमंच व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी उठा चुके है। नव चेतना संस्था के अध्य्क्ष कुलदीप कंवर, सर्व एकता जनमंच के अध्यक्ष राजेन्द्र ठाकुर, शेरसिंह, हरजिंद्र, सतीश ठाकुर, रुमित सिंह ठाकुर, आदि ने वन विभाग से कुनिहार जनपद में ऊँचे व विराट पेड़ो के समाधान की मांग की है ताकि किसी भी अनहोनी घटना से बचा जा सके। जब वन मण्डल कुनिहार के वन मण्डल अधिकारी सतीश नेगी से इस समस्या बारे बात की गई तो इन्होंने भी माना कि कुनिहार क्षेत्र में कई जगह पेड़ विकराल रूप ले चुके है, और इस समस्या के हल की मांग लोग जनमंच व मुख्यमंत्री हेल्प लाइन पर भी कर चुके है। इस बारे विभाग जल्द ही लोक निर्माण विभाग के साथ मिलकर सयुंक्त कमेटी गठित करके खतरनाक हो चुके पेड़ो को कटवाएगा। विभाग इन पेड़ों की जगह जैविक पौधों को लगवाएगा, ताकि पर्यावरण के संतुलन के साथ शहर की सुंदरता भी बनी रहे। जल्द ही क्षेत्र वासियों की इस समस्या का हल कर दिया जाएगा।
हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच हिमाचल प्रदेश के सह सचिव व जिला सोलन मंच के अध्यक्ष भूप चंद अत्रि का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। कल्याण मंच के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भूप चन्द अत्रि की अकस्मात मृत्यु पर गहरा दुख प्रकट किया व प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजलाल ठाकुर ने दुख प्रकट करते हुए कहा की मंच ने एक जुझारू कार्यकर्ता को खो दिया, जिसकी कमी मंच को हमेशा महसूस होती रहेगी। परिवहन कल्याण मंच के अधिकांश सदस्य भूपचंद अत्रि जी की अंतिम यात्रा में शामिल हुए व उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की व परिवार के लोगों को इस अकस्मात हुई क्षति के प्रति संवेदना प्रकट की।
विधानसभा युवा कांग्रेस अर्की के द्वारा हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले पीपीई किट एवं कोरोना सम्बंधित स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद में हुए घोटाले को लेकर राज्यपाल हिमाचल प्रदेश को तहसीलदार दाड़लाघाट के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया। इस ज्ञापन के माध्यम से युवा कांग्रेस अर्की ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की तथा देवभूमि हिमाचल प्रदेश को पूरे देश और प्रदेश में शर्मसार करने वाले इस घोटाले की किसी वर्तमान न्यायाधीश के द्वारा जांच करने की मांग की गई। सभी पदाधिकारियों ने राज्यपाल से निवेदन किया कि इस भयंकर महामारी के दौरे में भी सत्तारूढ़ पार्टी के नेता घोटाले को अंजाम देकर देवभूमि का नाम शर्मसार कर रहे हैं जो कि निंदनीय है। प्रदेश सरकार जनता से धोखा कर रही है। मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में अर्की युवा कांग्रेस के अध्यक्ष किशोरी शर्मा, युंका अर्की के उपाध्यक्ष हरीश भारद्वाज, युवा महासचिव चिंता लाल शर्मा, सचिव चमन ठाकुर, सेवादल महासचिव दीपक गजपति व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शनिवार, अग्रवाल सभा सोलन की एक विशेष बैठक प्रधान मायाराम अग्रवाल की अध्यक्षता मे हुई जिसमें समाज के कद्दावर सदस्यों के साथ साथ युवा भी शामिल हुए। बैठक में उप प्रधान सतीश बंसल, महासचिव नवीन गर्ग, व्यपार मंडल अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, बघाट बैक के निर्देशक राकेश अग्रवाल, कार्यकारीणी सदस्य मदन गर्ग, सुशील बंसल, भूपेन्दर बंसल, ऱाधे शयाम गोयल, युवा सदस्य राहुल गोयल, निसांत गोयल, रादन अग्रवाल, सजींव गर्ग, दीपक गर्ग, वितीन संगल, चीराग बंसल ने भाग लिया। इस बैठक मे इस बात पर रोष व्यक्त किया गया कि हिमाचल मे चल रहे स्वास्थ्य विभाग के एक घोटाले मे विधायक डाक्टर राजीव बिंदल को कुछ लोगों ने एक साजिश के तहत बदनाम करने की नाकाम कोशिश की और सोशल मीडिया व मीडिया के अन्य साधनों का इस्तेमाल करते हुए उनकी सामाजिक व राजनैतिक छवि को खराब करने के काम मे लगे हुए हैं। इस मामले मे जांच अभी जारी है फिर भी उनको बदनाम करने वाले हल्की मानसिकता के लोग जो अपना स्वार्थ साधना चाहते हैं खुद ही न्यायाधीश बने हुए हैं। डाक्टर राजीव बिंदल का परिवार सोलन का प्रतिष्ठित परिवार है कहीं न कहीं यह लोग उनके परिवार को भी बदनाम करने मे लगे हैं। डाक्टर बिंदल ने चिकित्सा के अपने पेशे के दौरान सोलन के हर घर मे रातों को जा-जा कर सेवा की है। वह कभी भी किसी को आधी रात को भी मना नही करते थे। हिमगीरी कल्याण आश्रम शिल्ली जैसे आश्रम की नींव सेवाभाव से रखी। आज हजारों बच्चे उसका फायदा उठा कर बड़े बड़े पदों पर कार्य कर रहे हैं। सेवा करना उनका पहला धर्म रहा है। राजनीति में भी सेवा भाव से गए डाक्टर राजीव बिदंल द्वारा किए गए कार्यों के हजारों उदाहरण है। अग्रवाल समाज ऐसे लोगों को चेतावनी देता है अगर वो अपनी इन जालसाजियों से डाक्टर बिंदल की छवि खराब करने से नही हटे तो उनका राजनीतिक बहिष्कार के साथ साथ सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा। डाक्टर बिंदल सोलन के बाद नाहन गए और वहाँ जाकर भी उन्होंने लोगों की बहुत सेवा की। सेवा कार्य में जुटे डाक्टर बिंदल ने अपने अथक प्रयासों से नाहन क्षेत्र का नक्शा ही बदल दिया। स्वास्थ्य घोटाले में उच्च नैतिक मूल्यों के आधार पर इस्तीफा दे कर डाक्टर बिंदल ने राजनीति में उच्च आदर्शों को स्थापित किया है। अग्रवाल सभा सोलन डाक्टर बिंदल के इस साहसिक फैसले का स्वागत करती है और आशा करती है कि जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। बैठक मे उपस्थित अग्रवाल सभा सोलन के वरिष्ठ उप प्रधान दिनेश गर्ग ने कहा हमे डॉक्टर राजीव बिंदल पर गर्व है जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज एवम देश के लिए समर्पित कर रखा है। कर्मठ आदमी के ऊपर धूल उड़ाने वाले लोग होते है और मौका देखते ही धूल उड़ाते है। सबसे बड़ी बात यह है कि वे सब लोग अपने ही होते है पर डॉक्टर राजीव बिंदल जैसी सक्षियत इन सब की परवाह ना करते हुए अपनी मंजिल की तरफ बढ़ती रहती है और धूल को झाड़ते हुए चलते चले जाते है साथ ही धूल को उड़ाने वालो को ही धूल खानी पड़ती है। सोलन अग्रवाल सभा को पूर्ण विश्वास है डॉक्टर साहब का कद और निखर कर आएगा एवं ऊंचाइयों को छुएगा।
दाड़लाघाट व आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। गेहूं की फसल की कटाई तथा उसकी थ्रेशिंग करके निवृत्त हुए किसान अब ऐसी ही वर्षा का इंतजार कर रहे थे क्योंकि अब मक्की की फसल की बिजाई का उचित समय आ गया था। इस बारिश से तो ऐसा लगा मानो भगवान ने उनके मन की बात एकदम भांप ली हो। वैसे भी इस वर्षा से लोगों को भयंकर गर्मी से राहत मिली है। क्षेत्र में तापमान 30 डिग्री से ऊपर होने से जल स्त्रोतों का पानी भी सूखने लग गया था, वहीं जंगली जानवर भी प्यास के मारे जंगलों से गांवों की तरफ रुख करने लग गए थे। वैसे इस बार गर्मी का मौसम थोड़ी देर से शुरू हुआ परन्तु पिछले सप्ताह से इतनी जोरदार गर्मी पड़ रही थी कि दिन में लोगों का बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया था। इस महीने गेंहू की कटाई के बाद मक्की की बिजाई के लिए भी किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे ताकि अगली फसल की बिजाई कर सके। किसानों में, ईश्वर हेमराज महेंद्र, मंगल, योगेश मुकेश, उमेश, रूपराम, कामेश्वर जीतराम देवेंद्र निशांत, आदि का कहना है कि क्षेत्र में बारिश अगर अच्छी हो जाए तो उसे बाच कहा जाता है और खेतों में बाच होने से फसल की बुवाई मैं आसानी रहती है और बीज आसानी से अंकुरित हो जाते हैं। अब किसान जल्द ही मक्की की खेती करना शुरू कर देंगे। वहीं क्षेत्र में ऊंचाई वाले इलाके शिवनगर, फांजी, दाउटी, घनागुघाट आदि स्थानों पर अभी गेंहू पूरा कटान न होने किसानों को गेंहू को भीगने से बचाने के लिये मशक्त करनी पड़ी परन्तु उन्हें भी इस बारिश से ख़ुशी हुई कि अगली बुआई जल्द शुरू कर देंगे।
कुनिहार के विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी जो क्षेत्र में करोना महामारी से लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है का सम्मान भाजपा अर्की मण्डल की ओर से किया गया। मण्डल अध्यक्ष देवेंद्र कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रत्तन सिंह पाल विशेष रूप से उपस्तित रहे। इस दौरान विकास खण्ड कुनिहार, वन्य, स्वास्थ्य, पुलिस, विद्युत, लोक निर्माण विभाग, कृषि, सिंचाई एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को इस आपातकाल में बतौर करोना योद्धाओं के रूप में अपने विभागीय दायित्व के साथ साथ मानवता की मिसाल पेश करने के लिए मण्डल की ओर से स्मृति चिन्ह, पटका, हैंड सेनेटाइजर व मास्क देकर सम्मानित किया गया। कुनिहार क्षेत्र में सफाई कार्य के लिए सफाई कर्मचारीयो को भी सम्मानित किया गया। मण्डल अध्यक्ष ने सभी विभागीय अधिकारियों का स्वागत व धन्यवाद किया। तो वहीँ रत्तन सिंह पाल ने सभी अधिकारियों को प्रदेश सरकार के दिशानिर्देशनुसार व विभागीय आदेशो के तहत अपने फर्ज को बखूबी निभाने के लिए प्रशंसा करते हुए कहा कि करोंना की इस लड़ाई में सभी विभागों का सहयोग सराहनीय रहा है जिसे हमेशा याद रखा जायेगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से डॉ श्रुति व थाना कुनिहार एसएचओ जीत सिंह ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में सुरेश जोशी, इंद्रपाल शर्मा, दलीप पाल, विषय ठाकुर, चेत राम, आरपी जोशी, राजेन्द्र धीमान, कौशल्या कंवर, उषा शर्मा,सीमा महंत, राजीव शर्मा, राजेश शर्मा, दौलत राम चौधरी, सतीश नेगी, विवेक पॉल, विकास ठाकुर, महेंद्र चौधरी, राज कुमार शर्मा, पुनीत शर्मा, कृष्ण चन्द वर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।
क्षेत्र में किसानों की तैयार टमाटर की फसल को एकाएक बिमारी लगने की वजह से किसानो को अब अपनी रोजी रोटी की चिंता सताने लग गई है। कुनिहार क्षेत्र से करीब 4 किलो मीटर दूर कंडला, आऊन, शीत, सियारी आदि गांवों में टमाटर खीरा आदि फसल अचानक रोग ग्रस्त होना शुरू हो गई जिसके कारण किसानो की चिंताएं बढ़ना शुरू हो गई है। हैरानगी का विषय यह है कि जिन खेतों में तैयार टमाटर के पौधे सूखने लगे उन खेतों में सिंचाई की कोई कमी नहीं थी व् किसानो द्वारा समयानुसार कीटनाशक दवाइयों का भी छिडकाव किया गया। लेकिन किसानों द्वारा हजारों रुपए बीज ,कीटनाशक व अन्य सामान पर खर्च करने के बाद किसानों की तैयार फसलें खराब हो रही है। किसानों का कहना है कि उन्होंने लोन खेती के लिए लोन ले रखा है खेतीबाड़ी ही हमारी रोजी रोटी का साधन है अगर ऐसे ही फसलें खराब होती रही तो हमे रोजी रोटी के लाले पड़ जाएंगे व परिवार का पालन पोषण मुश्किल हो जाएगा। दूसरी समस्या देश में जारी लॉक डाउन के चलते किसान तैयार उत्पादों को भी सब्जी मंडी तक नहीं पंहुचा पा रहे हैं जैसे तैसे करके अगर फसल को मंडी तक भी पंहुचाया जा रहा है तो उसका पर्याप्त लाभ किसानो को नहीं मिल पा रहा है। किसान हिरा लाल नानक चंद नरोत्तम दास राजकुमार नरेश कुमार जट्टू राम आदि ने कहा कि टमाटर एवं अन्य तैयार मौसमी सब्जियां अचानक रोग ग्रस्त होने लग गई है व् किसानो को भारी मात्रा में आर्थिक नुक्सान झेलना पड़ा है। कुनिहार एवं आस पास के अधिकतर गांव में किसान टमाटर के साथ साथ अन्य मौसमी सब्जियों का भारी मात्रा में उत्पादन तैयार करते हैं । उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्र में ही तैयार टमाटर एवं अन्य मौसमी सब्जियों के लिए मंडी स्थापित होती तो किसानो को इधर उधर की मंडियों के चक्कर नहीं काटने पडेंगे। उन्होंने सरकार से मांग करते हुवे कहा कि किसानों को कुछ आर्थिक सहायता की जाए व कुनिहार क्षेत्र में तैयार उत्पादन की खपत हेतु सब्जी मंडी को खोला जाए। इसी विषय बारे जब सदस्य मार्किट कमेटी सोलन एवं प्रदेश सचिव किसान मोर्चा दलीप पाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि देश में जारी लॉक डाउन के चलते किसानो के तैयार उत्पादनों को मंडियों तक पंहुचना थोडा कठिन हो रहा है। कुनिहार क्षेत्र में सब्जी मंडी खोले जाने का विषय प्रदेश मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जा चूका है व् उन्होंने आश्वाशन दिया है कि क्षेत्र में किसानो की सुविधा के लिए भव्य सब्जी मंडी की इमारत बनाई जायेगी। इसी विषय बारे कृषि वाद विशेषज्ञ कृषि ब्लॉक कुनिहार मनोज शर्मा ने किसानो को सलाह दी कि एैसी स्थिति में टमाटर की फसल में कारब्रियो टाप 2 ग्राम दवाई एक लीटर पानी में घोल का स्प्रे कर सकते हैं। एक सप्ताह के पश्चात कर्जेट एम् 8 करीब ढाई ग्राम दवाई एक लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे । इसके अतिरिक्त खीरे में सट्रेपलोसाइकलिंन एक ग्राम दवाई 10 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव किया जा सकता है। एक सप्ताह पश्चात कापर आ1सी1लोराइड 3 ग्राम दवाई एक लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे। उन्होंने किसानो को सलाह दी कि टमाटर खीरा अथवा अन्य मौसमी सब्जियों के सूखे पत्तों को तोडकर खेत से दूर गढ्ढा बनाकर ठिकाने लगाए। अधिक जानकारी के लिए किसान कार्यलय में कार्य दिवस के दौरान सम्पर्क कर सकते हैं।
शिरडी साईं बाबा भगत संगठन एच पी जोन परवाणू द्वारा नगर परिषद के सफाई कर्मचारी करोना योद्धाओं को शुक्रवार को एक कार्यक्रम के माध्यम से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उन्हें तिलक लगा, हार पहना तथा आरती उतार कर की गई। तदोपरांत उनको खाकी रंग का वर्दी के सूट का कपड़ा भेंट किया गया। इस सम्मान को पाकर कोरोना योद्धा अत्यंत प्रसन्न हुए। उसके उपरांत उन्हें प्रसाद के रूप में हलवा काले छोले वितरित किए गए। शिर्डी साईं बाबा भगत संगठन द्वारा कोरोना योद्धाओं के लिए कैसे सिलवाने का भी पूर्ण प्रबंध किया गया था। संगठन ने दर्जी द्वारा उनकी पैमाइश भी करवाई। दर्ज़ी 10 दिन के अंदर उनको यूनिफार्म सील कर दे देंगे।
मन में यदि समाज के प्रति सच्ची सेवा का भाव हो तो पद, प्रतिष्ठा व सम्पन्नता महत्वहीन हो जाती है। ऐसी सोच रखने वाले ही समाज को एक नई राह दिखाकर संकट से सफलतापूर्वक लड़ने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसी भाव को चरितार्थ किया है सोलन जिला के अर्की उपमण्डल के बात्तल के रहने वाले दिनेश चंद ने। संकट की इस घड़ी में जहां लोग कोरोना वायरस के डर से सहमे हुए हैं वहीं ऐसे भी नागरिक हैं जो पीड़ित मानवता की सेवा के लिए अपना सर्वस्व योगदान देकर सहायता करने का प्रयास कर रहे हैं। दिनेश चंद ने आज उपमण्डलाधिकारी कार्यालय अर्की पहुंचकर उपमण्डलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला को जिला कोविड-19 फण्ड के लिए अपनी 02 माह की पैंशन भेंट की। उन्होंने इस फण्ड के लिए 24 हजार रुपये की नकद राशि भेंट की। दिनेश चंद प्रदेश के लोक निर्माण विभाग से मेट के पद से सेवानिवृत हुए हैं। उन्होंने कोरोना वायरस के खतरे के कारण उत्पन्न संकट के इस समय में सभी को उदारतापूर्वक जन-जन की सेवा का संदेश दिया। उम्र के इस पड़ाव पर भी कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत अपनी पैंशन की राशि को भेंट करना प्रशंसनीय है। उनके इस समर्पण और सेवा भाव को सभी द्वारा सराहा जा रहा है। उपमण्डलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि दिनेश चंद स्वयं यह राशि भेंट करने उनके कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के इस वरिष्ठ नागरिक ने समाज सेवा की दिशा में सभी को राह दिखाई है। एक पैंशनभोगी द्वारा अपनी 02 माह की पूरी पैंशन कोविड फण्ड में दान करना दिनेश चंद की उदारता, सहृदयता और समर्पण का परिचायक है। उन्होंने आशा जताई कि दिनेश चंद के इस सेवाभाव से समाज के समाज के सभी वर्ग प्रेरित होंगे। दिनेश चंद ने कहा कि संकट के इस समय में वे भी अपना योगदान करना चाहते थे। उन्होंने इस निमित्त 02 माह की अपनी पैंशन भेंट की है ताकि यह राशि पीड़ित मानवता के काम आए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न खतरे के समय में वे ईश्वर से सभी के स्वास्थ्य की कामना करते हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चंदेल ने आज कोविड-19 के दृष्टिगत सोलन जिला के नालागढ़ उपमण्डल में स्थापित विभिन्न क्वारेनटाईन केन्द्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांची और उचित दिशा-निर्देश जारी किए। विवेक चंदेल ने इस अवसर पर बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र के विभिन्न क्वारेनटाईन केन्द्रों में बाहर से आने वाले लोगों को ठहराने के लिए किए गए प्रबंधों, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता, पंजीकरण इत्यादि के विषय में पूर्ण जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विभिन्न केन्द्रों में इस संबंध में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए निर्देश जारी किए। उन्होंने क्वारेनटाईन केन्द्रांे में शौचालय सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया। अतिरिक्त उपायुक्त ने इस अवसर पर कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन यह सुनिश्चित बना रहा है कि प्रदेश में अन्य राज्यों से प्रवेश कर रहे लोग स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार निश्चित अवधि के लिए क्वारेनटाईन केन्द्रों में ही रूकें ताकि सम्भावित संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इन केन्द्रों में लोगों के रहने की उचित व्यवस्था की गई हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन नियमित रूप से इन केन्द्रों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहा है ताकि व्यवस्थाओं में अधिक से अधिक सुधार लाया जा सके। विवेक चंदेल ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों में स्थापित क्वारेनटाईन केन्द्रों को बंद कर दिया जाएगा। यहां रह रहे लोगों को अन्यत्र भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशानुसार क्वारेनटाईन केन्द्र में अवधि पूरी करने वाले स्वास्थ्य परीक्षण के उपरान्त उनके घर भेजा जा रहा है। उन्होंने क्वारेनटाईन केन्द्रों में नियुक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि यहां लोगों का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों में आवश्यकतानुसार चिकित्सक भी नियमित रूप से यहां रहने वालों का निरीक्षण करते रहें। उन्होंने क्वारेनटाईन केन्द्रों में रह रहे लोगों से बातचीत कर उनका कुशलक्षेम भी जाना। उन्होंने उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ प्रशांत देष्टा से इस सम्बन्ध में पूरी जानकारी प्राप्त की। पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी, कोविड-19 के दृष्टिगत बीबीएन क्षेत्र में तैनात हिमाचल प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी शुभकरण सिंह, बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर शर्मा, हिमाचल प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी संकल्प गौतम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश में फसलों को टिड्डी दल के हमले से बचाने के दृष्टिगत कृषि विभाग सोलन ने किसानों के लिए आवश्यक परामर्श जारी किया है। यह जानकारी उपनिदेशक कृषि डाॅ. पीसी सैनी ने दी। डाॅ. सैनी ने कहा कि यह टिड्डी दल हवा के साथ क्षेत्र विशेष में पहुंचता है। उन्होंने कहा कि जब यह टिड्डी दल किसी विशेष क्षेत्र में पहुंचता है तो तुरंत इसका उपचार रसायन इत्यादि के साथ किया जाना चाहिए। उपनिदेशक कृषि ने कहा कि टिड्डी दल का समूह एक दिन में 150 से 200 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। इनका समूह एक वर्ग किलोमीटर से कई सौ किलोमीटर तक का होता है। यह समूह दिन में उड़ता है तथा रात को किसी जगह बैठकर विश्राम करता है। उन्होंने कहा कि भारत में टिड्डी दल का समूह पाकिस्तान की तरफ से राजस्थान के रास्ते प्रवेश कर गया है। फसल को इनके कारण होने वाले व्यापक नुकसान के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश के कुछ जिलों में इस सम्बन्ध में चेतावनी जारी की गई है। उन्होंने कहा कि सोलन जिला के लिए भी यह चेतावनी जारी की गई है। डाॅ. पीसी सैनी ने कहा कि उचित प्रबंधन से किसान टिड्डी दल को खेतों से दूर रख सकते हैं। प्रभावित खेतों के आसपास कृषक ड्रम अथवा बर्तनों इत्यादि से तेज आवाज निकाल कर टिड्डी दल को फसल से दूर रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि टिड्डी दल के समूह पर कलोरपायरीफाॅस 20 ईसी (ईमल्सीफाईड कन्सनट्रेशन) का 2.5 मिलीलीटर प्रति लीटर जल में मिलाकर अथवा मेलाथियाॅन (यूएलबी) का 10 मिलीलीटर प्रति लीटर जल में मिलाकर या लैम्ब्डा सयलोथ्रिन 4.9 प्रतिशत सीएस का 10 मिलीलीटर प्रति लीटर जल में मिलाकर ट्रेक्टर माउंटेड स्प्रेयर अथवा रोकर स्प्रेयर से छिड़काव करें। यह छिड़काव शाम अथवा रात के समय करें क्योंकि टिड्डियां रात के समय बैठकर आराम करती हैं। उन्होंने कहा कि किसान खेत में फसल से दूर आग जला सकते हैं, जिसमें टिड्डी दल आकर्षित होकर जलकर समाप्त हो जाएगा। उन्होंने आग्रह किया कि किसान विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में जारी किए गए परामर्श का अनुसरण करें ताकि टिड्डी दल के हमले की सम्भावना में क्षति को न्यून किया जा सके।
सोलन जिला का हर वर्ष 28 व 29 मई को मनाया जाने वाला जिला स्तरीय माँ चण्डी मेला वैश्विक महामारी की वजह से नहीं हो सका। मेला कमेटी के प्रधान रमेश ठाकुर व मन्दिर समिति के प्रधान चन्द्र मोहन शर्मा ने बताया वैश्विक महामारी के चलते सरकार व प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए इस बार मेले को स्थगित किया गया। इस बार केवल सामाजिक दूरी का पालन करते हुए माँ चण्डी की विधिवत पूजा अर्चना कर माँ को झण्डा अर्पित किया गया व चण्डी माँ से सभी के स्वास्थ्य व खुशहाली की कामना की गई। इस मौके पर बलबन्त ठाकुर, हँसराज शर्मा, देवेंद्र डोगरा, हरिराम, धर्मेंद्र वर्मा, विनोद डोगरा बलबीर ठाकुर सहित सभी कमेटी सदस्य उपस्थित रहे।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन सोलन द्वारा 1586 व्यक्तियों को हरियाणा के कालका से विशेष श्रमिक रेलगाड़ी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के फैजाबाद एवं अन्य जिलों के लिए भेजा गया। । उपमण्डलाधिकारी सोलन रोहित राठौर की देख-रेख में यह सभी व्यक्ति अपने-आने गंतव्य स्थल की और रवाना हुए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन संवेदनशीलता के साथ इन व्यक्तियों को उनके घर पंहुचाने के लिए प्रयासरत है। अत्यन्त गर्मी एवं लू के कारण होने वाले निर्जलीकरण (डीहाईड्रेशन) के दृष्टिगत जिला प्रशासन सोलन द्वारा यात्रियों को ओ.आर.एस सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्हांेने कहा कि छोटे बच्चों के लिए दूध इत्यादि की भी पूर्ण व्यवस्था की गई है। यह सामान राधा स्वामी सत्संग ब्यास, सोलन, रोटरी क्लब सोलन, केमिस्ट एसोसिएशन सोलन, एस मार्ट सोलन द्वारा दिया गया है। रोहित राठौर ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश जाने वाले इन व्यक्तियों को प्रदेश पथ परिवहन निगम की 60 बसों के माध्यम से कालका पहंुचाया गया। रेलवे स्टेशन पर सभी यात्रियों के लिए भोजन, जल इत्यादि की पूर्ण व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि इन 1586 व्यक्तियों में सोलन जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ से 763, सोलन से 54, परवाणु से 157, शिमला जिला के रामपुर से 41, शिमला से 28, जिला सिरमौर से 115, जिला किन्नौर से 22, जिला ऊना से 222, जिला कांगड़ा से 63 तथा जिला बिलासपुर से 121 व्यक्ति उत्तर प्रदेश गए। भारतीय प्रशासनिक सेवा की परिवीक्षाधीन अधिकारी रितिका जिन्दल, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुरेश सिंघा, जिला खनन अधिकारी कुलभूषण सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
अखिल भारतीय सीमेंट मज़दूर महासंघ (भारतीय मजदूर संघ) के राष्ट्रीय उपमहासचिव ओमप्रकाश शर्मा ने कहा है कि श्रम कानून में संशोधन करने से श्रमिकों को भारी नुकसान है। 1862 कलकत्ता फेक्ट्री श्रमिकों ने 12 से 8 घण्टे कराने के लिए आंदोलन किया था। इसके बाद सभी राज्यों में आंदोलन हुए फिर 1948 में फेक्ट्री एक्ट बना। इसमें आठ घण्टे काम का प्रावधान किया गया और नियम लागू किए गए।आज कुछ प्रदेशों ने श्रम समय 8 से 12 घण्टे करने की योजना तैयार की है। सरकार द्वारा ट्रेड यूनियन एक्ट 1926 के अधिकार को समाप्त करने की तैयारी है जो पूर्णतया मज़दूर विरोधी हैं क्योंकि इससे 33 प्रतिशत श्रमिक बेरोजगार हो जाएगा। ओमप्रकाश शर्मा ने कहा है कि सरकार का नैतिक दायित्व बनता है कि बड़े शहरों से आए हुए प्रवासी श्रमिकों के लिए एक्ट-79 की पालना हो लेकिन नही की जा रही है। आपदा के समय श्रमिकों को सरकार किराया देकर उचित स्थान पर पहुंचाए लेकिन यह भी नहीं हो रहा है जो सरकार के ऊपर बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह है क्योंकि वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान सबसे अधिक परेशानी पीड़ा प्रवासी मज़दूरों ओर उनके परिवार जनों को हुईं हैं। इस संकट के समय सरकार का दायित्व बनता है कि श्रमिकों के जीवन यापन के लिए उचित योजना बनाई जाएं जिससे उनका पालन पोषण और राष्ट्र निर्माण का कार्य चल सकें। ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि कॉरपोरेट घराने के पक्ष में श्रम कानून को कमजोर किया जा रहा है इससे आने वाला समय श्रमिकों कठिन होगा। श्रम कानूनों में परिवर्तन श्रमिकों के हितों पर कुठाराघात है। लॉक डाउन के पूर्व भारत मे 44 श्रम कानून थे। केंद्र सरकार ने इसको चार कोड में लाने की प्रक्रिया पहले ही चालू कर दी थी दो कोड लॉक डाउन के पूर्व आ गए थे। इस समय वेतन कटौती ओर छंटनी रिकॉर्ड स्तर पर है इस समय इन कानूनों की श्रमिकों को सबसे ज्यादा जरूरत थी भाजपा शासित प्रदेशों में तेजी से श्रमिक विरोधी नीतियां लागू की जा रही है जिसका सीधा प्रभाव आने वाले चुनाव में अवश्य पड़ेगा क्योंकि श्रमिकों की पीड़ा, परेशानी और दर्द जो नहीं समझेगा उसे भारत की जनता जनार्धन कभी माफ नहीं करेगी।
खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक सुनील कुमार गुंटा ने दाड़लाघाट में दबिश दी। इस दौरान किराना और सब्जी की 10 दुकानों की पड़ताल की गई। इस कार्रवाई के दौरान 10 दुकानों पर जाकर रेट लिस्ट और दामों को जांचा गया। सब्जी की दुकानों पर कारोबारियों को लोगों से अधिक कीमत वसूलने पर कार्रवाई की गई। इस दौरान 440 किलो सब्जी को मौके पर जब्त किया गया और नियमों की अवहेलना नहीं करने की हिदायत भी दी गई। खाद्य आपूर्ति विभाग अर्की के निरीक्षक सुनील कुमार गुंटा ने बताया कि दाड़लाघाट में किराना और सब्जी की दुकानों पर दबिश दी गई। सब्जी कारोबारियों को अधिक कीमत वसूलने पर कारवाई कर 440 किलो सब्जी को जब्त किया गया।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 मई, 2020 को 11 केवी हिमाचल कण्डक्टर की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता दिनेश ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत 30 मई को, 2020 को प्रातः 11.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक नगाली, बड़ोग, चेवा, कोरों कैंथड़ी, बाड़ा, कायलर, देहूंघाट व आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
कोविड-19 के कारण घोषित कफ्र्यू अवधि में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) गरीब एवं जरूरतमंद व्यक्तियों के पुनर्वास का आधार बनकर उभरा है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन सोलन यह सुनिश्चित बना रहा है कि मनरेगा न केवल जरूरतमंद व्यक्तियों का आर्थिक सहारा बने अपितु इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक गतिविधियो को भी बल मिले। जिला प्रशासन सोलन ने 20 अप्रैल, 2020 से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कार्यों को अनुमति प्रदान कर आरंभ किया जो न केवल आर्थिक मजबूती के लिए आवश्यक हैं अपितु ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आजीविका का सम्बल भी हैं। जिला में ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत भूमि विकास, व्यक्तिगत डंगों इत्यादि एवं जल संरक्षण निर्माण कार्यों की अनुमति दी गई है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जिला प्रशासन ने सोलन जिला के सभी 05 विकास खण्डों में मनरेगा के तहत कार्य आरम्भ किए। 26 मई, 2020 तक सोलन जिला में मनरेगा के तहत 720 कार्य आरम्भ कर 4954 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया। इस अवधि में लगभग 08 करोड़ रुपये के कार्य आरम्भ किए गए। जिला के विकास खण्ड धर्मपुर में 1.93 करोड़ रुपये के 177 कार्य आरम्भ कर 1153 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया है। कण्डाघाट विकास खण्ड में 100 कार्य आरम्भ कर 720 व्यक्तियों को लाभ पहुंचाया गया है। इन कार्यों पर लगभग 67 लाख रुपये खर्च हुए हैं। विकास खण्ड कुनिहार में लगभग 02 करोड़ रुपये व्यय कर 191 कार्य आरम्भ किए गए हैं। इन कार्यों के माध्यम से 779 व्यक्ति लाभान्वित हुए हैं। नालागढ़ विकास खण्ड में 113 कार्य आरम्भ कर 1000 व्यक्तियों को निर्धारित अवधि का रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। इन कार्यों पर लगभग 98 लाख रुपये व्यय हुए हैं। सोलन विकास खण्ड में 02.43 करोड़ रुपये व्यय कर 1302 व्यक्तियों को लाभ प्रदान किया गया है। यहां 139 कार्य आरम्भ हुए हैं। कोविड-19 के दृष्टिगत सभी निर्माण कार्यों में सुरक्षा उपायों को अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत सभी व्यक्ति अपने-अपने वार्ड में ही कार्य कर रहे हैं। खंड विकास अधिकारी यह सुनिश्चित बना रहे हैं कि कार्य करने वाले सभी व्यक्ति कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत जारी निर्देशों से परिचत हों एवं इनकी अनुपालना सुनिश्चित बनाएं। सभी कामगारों को सोशल डिस्टेन्सिग का महत्व समझाया गया है। उन्हें बताया गया है कि कार्य करते समय कम से कम एक मीटर की दूरी बनाकर रखने से संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है। उपायुक्त सोलन केसी चमन ने इस सम्बन्ध में कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर सोलन जिला में मनरेगा के तहत कार्य आरम्भ कर अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला में मनरेगा के तहत लगभग 120 करोड़ रुपये के 18 हजार से अधिक निर्माण कार्यों की अनुमति प्रदान की गई है। चाहे जिला के धर्मपुर विकास खंड में गुशाण के रहने वाले ओम प्रकाश के डंगे का कार्य हो, ग्राम पंचायत भावगुड़ी के ताल गांव के रामचंद की गौशाला का काम हो, ग्राम पंचायत रौड़ी के दिहाड़ी के कल्याण चंद का भूमि विकास कार्य हो, ग्राम पंचायत बुघार कनैता के रामपुर के रोशन लाल तथा ग्राम पंचायत गुल्हाड़ी में घरयाणा गांव में भूमि विकास का कार्य हो, सभी सरकार द्वारा इन कामों की अनुमति दिए जाने से प्रसन्न हैं। विकास खंड नालागढ़ में ग्राम पंचायत क्यारकनैता में बिमला देवी द्वारा अनुमति मिलते ही भूमि विकास कार्य आरंभ कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त अनेक अन्य कार्य भी आरम्भ किए गए हैं। मनरेगा के तहत किए जा रहे विभिन्न कार्य जहां ग्राम स्तर पर विकास की नींव को मज़बूत कर रहे हैं वहीं कोरोना वायरस के खतरे के मध्य व्यक्तिगत स्तर पर लाभ पहुंचाकर लोगों की आजीविका को सुनिश्चित भी बना रहे हैं।
विश्वकर्मा ऑटो मार्किट कोठी कुनिहार में सीवरेज व्यवस्था अक्सर ब्लॉक हो जाने से व्यापारियों को परेशानियों से झूझना पड़ रहा है। सीवरेज की गंदगी भरा पानी दुकानों के आगे से बहने व बदबू की वजह से जंहा काम करना मुश्किल हो रहा है, तो वन्ही ग्राहक भी इस बदबू के कारण दुकानों का रुख नही कर रहा है। विश्वकर्मा मार्किट के कारोबारियों व वंहा रहने वाले स्थानीय लोगो ने विभाग से इस सीवरेज लाइन को दरुस्त करने की मांग की है, ताकि कारोबार प्रभावित न हो। इन दुकानों के साथ ही एक मकान के स्टोर रूम में करीब दो तीन फुट गन्दा पानी भर गया, जिसे पम्प के माध्यम से उठाया जा रहा था। विजय गर्ग, मोहिंदर शर्मा, अशोक कुमार, साहिल ठाकुर, संजय गर्ग, नवीन कुमार व जगदीश गर्ग ने पिछले एक वर्ष से अक्सर बंद होने वाली इस सीवरेज लाइन को दरुस्त करने की मांग करते हुए कहा है कि इस लाइन पर बने चेम्बर की दूरी करीब 25 से 30 फ़ीट है, जिसके कारण यह लाइन अक्सर बंद हो जाती है। कारोबारियों ने विभाग से इस जगह पर सीवरेज लाइन पर अतिरिक्त चेम्बर बनाने की मांग की है, ताकि सीवरेज लाइन के अक्सर बंद होने की समस्या से निजात मिल सके। वन्ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट कुनिहार के सुपरवाइजर अरविंद भारद्वाज ने बातचीत में बताया, कि करीब आठ दस दिन पहले इस लाइन को खोला गया था तो इसमें सेनेटरी पैड सहित खाली सीमेंट के बैग तक निकले थे, जिसकी वजह से सीवरेज लाइन बंद हो गई थी। भारद्वाज ने लोगो से सीवरेज लाइन में किसी भी तरह की वेस्ट वस्तुएं न फेंकने का आग्रह किया है, ताकि लाइन बंद न हो। उन्होंने बताया कि इस बंद पड़ी लाइन को दरुस्त करने के लिए सफाई कर्मी लगा दिया गया है।
विषय ठाकुर को भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चे का प्रदेश महामंत्री बनाए जाने पर कुनिहार के भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओ में खुशी की लहर है। पुर्व विधायक गोविंद राम शर्मा, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रत्तन सिंह पाल, मण्डल अध्यक्ष देविंदर उपाध्याय, खादी बोर्ड के पूर्व सचिव अमर सिंह ठाकुर ,जिला मिडिया सह प्रभारी इंद्रपाल शर्मा,सचिव सुरेश जोशी,जिला परिषद सदस्या कंचन माला, बीडीसी सदस्य सीमा महंत, हाटकोट पंचायत प्रधान सुनीता ठाकुर, उप प्रधान राजेश शर्मा, चेत राम तनवर, हीरा लाल चंदेल, श्यामानंद शांडिल, ओमप्रकाश भारद्वाज, कौशल्या कंवर, राजिंदर धीमान, ओम प्रकाश गर्ग, राजीव शर्मा, आरपी जोशी, चेत राम ठाकुर, सहित अन्य कार्यकर्ताओ ने उन्हे बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। वन्ही विषय ठाकुर ने अपनी नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर,प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिन्दल, संगठन महामन्त्री पवन राणा, कबीना मन्त्री राजीव सहजल, सह प्रभारी पुरषोतम गुलेरिया, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रत्तन सिंह पाल, युवा मोर्चा अध्यक्ष अमित ठाकुर, जिला अध्यक्ष आशुतोष वैद्य का आभार व्यक्त किय।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन सोलन सत्त रूप से यह सुनिश्चित बना रहा है कि जिला में कार्यरत अथवा रह रहे उन व्यक्तियों को सुरक्षित उनके राज्य पहुंचाया जाए जो कोविड-19 के खतरे के कारण अन्य राज्यों में स्थित अपने घर जाने के इच्छुक हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को उपायुक्त सोलन के.सी. चमन की देख-रेख में हरियाणा के कालका से विशेष श्रमिक रेलगाड़ी के माध्यम से 1526 व्यक्तियों को उत्तर प्रदेश के मऊ भेजा गया। के.सी. चमन ने इस विषय में अधिक जानकारी देते हुए कहा कि आज की विशेष श्रमिक रेलगाड़ी से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर, सीतापुर, गौंडा तथा मऊ जिलों के 1526 श्रमिकों को भेजा गया। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश का सोलन जिला औद्योगिक गतिविधियों के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। देश के अनेक राज्यों के व्यक्ति सोलन जिला में औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन संवेदनशीलता के साथ इन व्यक्तियों को उनके घर जाने के लिए सहायता कर रहा है। उन्हांेने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार के विभिन्न दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि सभी व्यक्ति स्वस्थ एवं सुरक्षित अपने घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि 28 मई, 2020 को उत्तर प्रदेश के फैजाबाद के लिए विशेष श्रमिक रेलगाड़ी रवाना होगी। पूर्व की भांति इस रेलगाड़ी में जाने के लिए भी प्रदेश स्तर पर सम्बन्धित नोडल अधिकारी के माध्यम से पंजीकरण करवाना होगा। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन विवेक चन्देल ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश जाने वाले इन व्यक्तियों को प्रदेश पथ परिवहन निगम की 57 बसों के माध्यम से कालका पहंुचाया गया। रेलवे स्टेशन पर सभी यात्रियों के लिए भोजन, जल इत्यादि की पूर्ण व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि इन 1526 व्यक्तियों में सोलन जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ से 946, परवाणु से 94, जिला सिरमौर से 202, जिला मण्डी से 72, जिला कांगड़ा से 76, जिला शिमला से 37, जिला ऊना से 82 तथा जिला बिलासपुर से 17 व्यक्ति उत्तर प्रदेश गए। विवेक चन्देल ने कहा कि जिला प्रशासन सोलन द्वारा इस सम्बन्ध में पंचकूला प्रशासन के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित किया गया है ताकि आवागमन करने वाले किसी व्यक्ति को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि जिला के सभी उपमण्डलों में इन रेलगाड़ियों की समय सारिणी तथा इनमंे जाने के लिए पंजीकरण के विषय में जानकारी दी जा रही है ताकि आवागमन करने वाले सभी व्यक्ति इनका लाभ उठा सकें। पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, अतिरिक्त उपमण्डलाधिकारी सोलन रोहित राठौर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुरेश सिंघा, जिला खनन अधिकारी कुलभूषण सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
कोरोना महामारी के दौरान जहां सारी दुनिया लॉकडाउन का पालन करते हुए अपने घरों में कैद होने को मजबूर है। वहीं दूसरी और डीएवी अंबुजा के छात्र ऑनलाइन कक्षाएं तो लगा ही रहे हैं साथ ही घर से अन्य गतिविधियों में भाग लेकर स्कूल का नाम रोशन कर रहे हैं। इसी कड़ी में छात्रों के लिए आयोजित "छात्र इन्नोवेशन चैलेंज 2020" में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली रायमा तथा आठवीं कक्षा की आस्था गांधी ने पहले 100 इन्नोवेटर की विजेता सूची में अपना स्थान हासिल करने में कामयाबी पाई है। इसके साथ ही सातवीं कक्षा की औजस्वी ठाकुर ने "स्माइल फाउंडेशन" के कोरोना जागरूकता अभियान में सहभागिता प्रमाण पत्र और विनायक मिशन फाउंडेशन से "कोवेड-19 कोम्बाटेंट" का प्रशंसा पत्र प्राप्त किया। अन्य गतिविधियों में पांचवी कक्षा के वैभव विशिष्ट ने कंववेस्ट आईक्यू ओलम्पियार्ड में पूरे देश में 10वीं पोजीशन हासिल कर अपने अभिभावकों तथा स्कूल का नाम रोशन किया। बच्चों की इन विशेष उपलब्धियों पर स्कूल प्रबंधन समिति के चेयरमैन अनुपम अग्रवाल तथा प्रधानाचार्य मुकेश ठाकुर ने उन्हें बधाई देते हुए अपने संदेश में कहा कि डीएवी अंबुजा के होनहार कोरोना के संकट काल में भी विभिन्न ऑनलाइन गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग ले कर स्कूल का नाम रोशन कर रहे हैं।
यदि इंसान कुछ कर गुजरने की ठान ले तो बंजर भूमि को भी उर्वरा बना सकता है। दाड़लाघाट पंचायत के जावी गांव के चार भाइयों डॉ योगराज शुक्ला, देवराज शुक्ला, धर्मपाल शुक्ला और डॉ मुकेश शुक्ला ने इस कथन को सत्य चरितार्थ किया है। ये सभी भाई अपनी सरकारी सेवा या अन्य दिनचर्या की व्यस्तता से बचे समय का सदुपयोग अपनी जमीन के कार्य में करते हैं और इन्होंने साढ़े तीन बीघा की जंगल नुमा भूमि को तैयार किया और उसमें विभिन्न प्रकार के फलों के पौधे तथा नीचे बनी क्यारियों में सब्जियां उगा रहे हैं। मजे की बात यह है कि इस जमीन के आस-पास सिंचाई करने के लिए पानी की कोई भी व्यवस्था नहीं थी लेकिन इन्होंने एक हार्वेस्टिंग टैंक बनवा कर उसमें किचन, बाथरूम का वेस्ट पानी तथा वर्षा होने पर छत का पानी इकट्ठा करने की व्यवस्था बनाई और उसी पानी से इनका हराभरा बगीचा लहलहा रहा है। इन्होंने इस बगीचे में विशेष रूप से कीवी के लगभग 400 पौधे लगाए हैं जिन की पौध इन्होंने स्वयं तैयार की है। कीवी फल की विशेषता बताते हुए धर्मपाल शुक्ला कहते हैं कि यह फल बिना रेफ्रिजरेटर के 6 महीने तक खराब नहीं होता न ही अपना स्वाद बदलता है। इसके अतिरिक्त सेब, आडू, जापानी फल, खुमानी अनार इत्यादि का बगीचा लगाया है लगभग सभी प्रजाति के पौधों ने फल देने शुरू कर दिए हैं। यही नहीं इन पौधों के नीचे बनी क्यारियों में इन्होंने टमाटर, मटर, बींस, हल्दी, अदरक, लहसुन, प्याज, धनिया, घीया, तोरी, खीरा, करेला इत्यादि सब्जियां पैदा कर रहे हैं। इनका कहना है कि उन्होंने गत वर्ष से बाजार से कोई भी सब्जी नहीं खरीदी है बाजार में सब्जियां बेचते जरूर हैं। प्रवक्ता धर्मपाल का कहना है कि यह सब प्रेरणा उन्हें अपने बड़े भाई प्रोफेसर योगराज शुक्ला से मिली। उन्होंने आगे कहा कि यदि आज का बेरोजगार युवा कुछ करना चाहे तो वह इस प्रकार की खेती कर अच्छी कमाई कर सकता है इसमें कोई संदेह नहीं।
असिस्टेंट कमिश्नर सोलन रितिका(आईएएस ऑफिसर) ने मंगलवार को कुनिहार का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कुनिहार पंचायत में होम क्वॉरेंटाइन लोगों के बारे में जानकारी ली। इसके पश्चात उन्होंने इंस्टीट्यूशनल क्वॉरेंटाइन सेंटर राधा स्वामी सत्संग भवन जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया व कवारेंटाइन किए गए लोगो के बारे में भी जाना। उन्होंने क्षेत्र में क्वॉरेंटाइन किए गए परिवारों को मोटिवेट किया और दो परिवार जो कोरेंटाइन पीरियड पूरा कर चुके थे उन्हें appreciation लेटर डीसी सोलन की तरफ से दिया। इस दौरान उन्होंने कुनिहार पंचायत की प्रधान अरुणा ठाकुर व उनकी टीम के कार्य प्रणाली की प्रंशसा की, तो वन्ही पुलिस थाना पहुंच कर कानून व्यवस्था व पुलिस कार्यप्रणाली का भी जायजा लिया। वैश्विक महामारी करोंना संकट में लॉकडाउन के दौरान कुनिहार थाना एसएचओ जीत सिंह की अगुवाई में उनकी टीम द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यो व कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए उठाए जा रहे कदमो की सराहना की। उन्होंने कुनिहार विकास खण्ड कार्यालय आकर कुनिहार विकास खण्ड के तहत पंचायतों के लॉकडाउन के दौरान पूरी व्यवस्थाओं को जांचा।इस दौरान पंचायत प्रधान अरुणा ठाकुर, उप प्रधान देवेंद्र ठाकुर, एसबीपीओ कुनिहार विकास खण्ड संजय वर्मा, पंचायत के सदस्य, आशा वर्कर, हेल्थ सुपरवाइजर कृष्ण चंद्र वर्मा भी मौजूद रहे।
उपायुक्त सोलन केसी चमन को कोविड-19 के दृष्टिगत भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा प्रोक्टर एण्ड गेम्बल लिमिटिड के सहयोग से 1350 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट तथा 01 लाख सेनिटरी नेपकिन भेंट किए गए। उपायुक्त ने सीआईआई तथा प्रोक्टर एण्ड गेम्बल लिमिटिड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान महामारी के समय में पीपीई किट कोरोना योद्धाओं के लिए अत्यंत सहायक हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत अनेक संस्थाएं, व्यक्ति एवं उद्योग सहायता के लिए उदारता पूर्वक अंशदान कर रहे हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कोरोना वायरस के लिए स्थापित फंड में उदारतापूर्वक अंशदान करें। सीआईआई हिमाचल प्रदेश के प्रमुख विवेक ठाकुर ने कहा कि परिसंघ पीड़ित मानवता की सहायता के लिए सदैव तत्पर है तथा भविष्य में भी प्रदेश सरकार तथा जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किया जाएगा।


















































