कोविड-19 के दृष्टिगत जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण सोलन ने आमजन की सुविधा के लिए हेल्पलाईन नंबर जारी किए हैं। यह जानकारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश सोलन तथा जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष भूपेश शर्मा ने दी। भूपेश शर्मा ने कहा कि जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने जिला व उपमण्डल स्तर पर गठित विधिक सेवाएं प्राधिकरण के दूरभाष नंबरों को हेल्पलाइन के रूप में जारी किया है। उन्होंने कहा कि इन हेल्पलाइन नंबरों का लाभ उठाने के लिए सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण सोलन से दूरभाष नंबर 01792-220713 पर सम्पर्क किया जा सकता है। उपमंडलीय विधिक सेवाएं समिति सोलन के अध्यक्ष से हेल्पलाईन नंबर 01792-220553, उपमंडलीय विधिक सेवाएं समिति अर्की के अध्यक्ष से हेल्पलाईन नंबर 01796-220619, उपमंडलीय विधिक सेवाएं समिति कंडाघाट के अध्यक्ष से हेल्पलाइन नंबर 01792-256256 पर, उपमंडलीय विधिक सेवाएं समिति नालागढ़ के अध्यक्ष से हेल्पलाईन नंबर 01795-221197 तथा उपमंडलीय विधिक सेवाएं समिति कसौली के अध्यक्ष से हेल्पलाइन नंबर 01792-273711 पर सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन सभी हेल्पलाइन नंबरों पर किसी भी कार्य दिवस पर प्रातः 10.00 बजे से सांय 5.00 बजे के मध्य सम्पर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। भूपेश शर्मा ने कहा कि इन हेल्पलाइन नम्बरों पर समस्या की जानकारी मिलने के उपरांत विधिक सेवाएं प्राधिकरण की टीम शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान करने का प्रयास करेगी।
कुनिहार में अटल आदर्श विद्यालय खोलने की अधिसूचना जारी करने पर कुनिहार व्यापार मंडल ने प्रदेश सरकार का आभार जताया है।कुनिहार व्यापार मंडल के प्रधान सुमित मित्तल ने कहा कि 2019 में पूर्ण राजयत्व दिवस के अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छात्र कुनिहार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इस विद्यालय को अटल आदर्श विद्या केंद्र बनाने की जो घोषणा प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की थी, उस घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए 23 मई 2020 को अधिसूचना जारी कर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को नायाब तोहफा दिया है, उसके लिए कुनिहार व्यापार मंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री राजीव सहजल व प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रत्तन सिंह पाल का दिल की गहराइयों से आभार व्यक्त करते है। सुमित मित्तल प्रधान व्यापार मंडल कुनिहार नीरज ठाकुर, रुमित सिंह, हरजिंद्र ठाकुर, अनिल गर्ग, देवराज, विशाल कंवर, पंकज अटल, अमन मल्होत्रा, देश राज झांजी ने कहा कि कुनिहार व्यापार मंडल के सदस्य जल्द ही शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिल कर उनका आभार व्यक्त करने जाएंगे।
श्रमिकों को जिस दिन का इंतजार था वो आखिर आ ही गया। अपने घर जाने को तरस रहे श्रमिकों के चेहरे पर आखिर मुस्कान आ ही गई। कुछ एक के चेहरे पर स्वजनों से मिलने की खुशी थी तो कुछ एक लोग हिमाचल में बिताए समय को याद कर भावुक दिखे। मौका था, श्रमिक स्पेशल ट्रैन से अपने घर को रवाना होने का। कालका रेलवे स्टेशन पर सभी श्रमिको के चेहरे भावना- कल्पना से परिपूर्ण थे। श्रमिकों की माने तो उनके कई सपनें इस बीमारी के चपेट में पीस गए। बच्चों को अच्छी शिक्षा, अपने गांव में पक्का मकान बनाने व परिवार के भविष्य के लिए दो पैसे बचाने की उम्मीद से मजदूरी करने आए सभी अधूरे सपनों के साथ वापिस लौटे। छोटे बच्चें जिन्हें खेल के अलावा शायद किसी और चीज़ का ज्ञान भी न था वो भी सोशल डिस्टनेसिंग, मास्क और सैनिटाइजर की महत्त्वता को समझ कर अपने माता पिता के साथ खड़े थे। बता दें,आज कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत हरियाणा के कालका से सोमवार को हिमाचल के सोलन जिला से झारखण्ड राज्य के निवासियों को विशेष श्रमिक रेलगाड़ी के माध्यम से वापिस उनके प्रदेश भेजा गया। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन विवेक चन्देल की अगुवाई में झारखण्ड के कुल 829 व्यक्तियों को कालका रेलवे स्टेशन से धनबाद के लिए रेलगाड़ी के द्वारा भेजा गया। इन 829 व्यक्तियों में 780 व्यक्ति बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र से, 28 व्यक्ति परवाणु से, 13 व्यक्ति सोलन से तथा 08 व्यक्ति कण्डाघाट से धनबाद के लिए रवाना किए गए। इस दौरान जिला प्रशासन की टीम ने पूर्ण व्यवस्था के साथ श्रमिकों को विदा किया और आशा जताई कि सभी सकुशल अपने घर पहुँचेंगे। एसडीएम सोलन रोहित राठौर, एसडीएम नालागढ़ प्रशान्त देष्टा, सहायक आयुक्त परवाणु विक्रम नेगी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुरेश सिंघा, हिमाचल प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी संकल्प गौतम, जिला खनन अधिकारी कुलभूषण सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी इस दौरान मौजूद थे। नियमो की पालना कर पहुंचाया कालका.... - 26 व 28 मई को भी श्रमिक ट्रेन होगी रवाना सभी यात्रियों को प्रदेश पथ परिवहन निगम की बसों द्वारा सोशल डिस्टेन्सिग सहित अन्य नियमों की पालना करते हुए कालका पंहुचाया गया। कोविड-19 के दृष्टिगत जिला प्रशासन यह सुनिश्चित बना रहा है कि लोग बिना किसी परेशानी एवं भय के अपने घर तक सुरक्षित पहुंचें। कालका से ही 26 मई, 2020 को उत्तर प्रदेश के मऊ तथा 28 मई, 2020 को फैजाबाद के लिए श्रमिक ट्रेन रवाना होगी। इन रेलगाड़ियों में जाने के लिए प्रदेश स्तर पर सम्बन्धित नोडल अधिकरियों के माध्यम से पंजीकरण करवाया जा सकता है। - विवेक चन्देल अतिरिक्त उपायुक्त
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राकेश शर्मा (बबली) ने मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की घोषणा की जिसमे अर्की विधान सभा क्षेत्र से दलीप पाल को जँहा किसान मोर्चे का प्रदेश सचिव तो वन्ही रमेश ठाकुर को जिला सोलन का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। इनकी नियुक्ति से अर्की मण्डल अध्यक्ष देवेंद्र उपाध्याय, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जयनन्द शर्मा, प्रदेश कार्यकारणी सदस्य ओमप्रकाश गांधी, जिला उपाध्याय राजेश महाजन, उपाध्यक्ष कला ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सन्तराम ठाकुर, जोगिन्द्रा बैंक उपाध्यक्ष किशन चन्द शर्मा, कोषाध्यक्ष भाजपा अर्की मण्डल पुरुषोत्तम ठाकुर, जिला सचिव राकेश गौतम, पूर्व महामन्त्री मस्त राम शर्मा, पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष राम चन्द पाल, मण्डल सचिव अनूप चौहान, रूपराम शर्मा, प्रभा भारद्वाज, युवा मोर्चा अध्यक्ष योगेश गौतम, सोनू सोनी, मण्डल सचिव विनोद सोनी, राजीव शर्मा, अनिल गर्ग, गोपाल शर्मा, ओमप्रकाश( दिउ),सन्तराम कौंडल, कौशल्या कंवर, आशा परिहार, विनोद ठाकुर, सन्तराम भारद्वाज, कमल ठाकुर,एपीएम सदस्य सन्तोष शुक्ला,सुरेंद्र ठाकुर,मस्तराम महाजन व कुलदीप आदि ने दलीप पाल व रमेश ठाकुर को इस नियुक्ति पर बधाई दी है व दलीप पाल व रमेश ठाकुर सहित उपरोक्त सभी लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ राजीव बिन्दल, प्रदेश संग़ठन मंत्री पवन राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया, रतन सिंह पाल, प्रदेश किसान मोर्चा डॉ राकेश शर्मा (बबली), कार्यकारी अधिकारी शिशु भाई धर्मा व जिला अध्यक्ष आशुतोष वैद्य का इस नियुक्ति के लिए आभार व्यक्त किया है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने औद्योगिक इकाईयों के कर्मियों, कामगारों, वरिष्ठ अधिकारियों, प्रोत्साहकों, व्यवसायियों, सेवा प्रदाताओं, कच्चे माल के आपूर्तिकर्ताओं, निरीक्षण प्राधिकरणों तथा विभिन्न केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के संगठनों के कर्मचारियों, केन्द्र एवं राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों और बैकों के कर्मियों के लिए सोलन जिला में स्थित कार्यस्थलों तक अन्तरराजयीय आवागमन के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया सम्बन्धी आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार जारी मानक परिचालन प्रक्रिया के तहत जो औद्योगिक इकाईयां अपने कामगारों एवं कर्मियों को जिला सोलन के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन), परवाणु तथा अन्य क्षेत्रों में दैनिक आधार पर लाना चाहती हैं, उन्हें व्यक्तिगत रूप से वन टाईम अनुमति के लिए यात्रा योजना की हार्ड कापी के साथ आवेदन करना होगा। बीबीएन क्षेत्र में स्थापित उद्योगों के लिए यह आवेदन उप निदेशक उद्योग बद्दी तथा जिला के अन्य क्षेत्रों में स्थापित उद्योंगों के लिए यह आवेदन महा प्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र सोलन को किया जाएगा। आवेदन के साथ निर्धारित प्रपत्र पर कर्मियों एवं कामगारों की विस्तृत जानकारी संलग्न करनी होगी। इकाई के प्राधिकृत अधिकारी को मानक परिचालन प्रक्रिया अनुपालन के विषय में लिखित में प्रस्तु करना होगा। सक्षम प्राधिकरण आवेदन प्राप्त होने के उपरान्त जांच कर अनुमति के सम्बन्ध में सम्बन्धित इकाई को सूचित करेगा। तदोपरान्त सम्बन्धित औद्योगिक इकाई द्वारा अनुमति की प्रति क्षेत्रानुसार पुलिस अधीक्षक बद्दी अथवा उप पुलिस अधीक्षक परवाणु को प्रस्तुत की जाएगी। कार्यस्थल के तीन किलोमीटर के दायरे में रहने वाले कर्मी एवं कामगार अपने आवास से कार्यस्थल तक सम्बन्धित पथकर बैरियर अथवा निर्धारित मार्ग से पहचान पत्र दिखाकर पैदल आवागमन कर सकेंगे। कन्टेनमेंट जोन के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों से आने वाले उद्योग मालिक तथा वरिष्ठ प्रबन्धन अधिकारी प्रत्येक दूसरे दिवस पर अपने अथवा उद्योग द्वारा प्रदत्त वाहन में आवागमन कर सकेंगे। उद्योग कर्मियों को उद्योग के सैनिटाईज वाहन में आवास से उद्योग तक लाया-जे-जाया जाएगा। पांच सीट वाले वाहन में कुल तीन तथा सात सीट वाले वाहन में कुल चार व्यक्ति आवागमन कर सकेंगे। बस में गृह मन्त्रालय के निर्देशानुसार आवागमन होगा। सभी कर्मियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। सैनिटाईजर वाहन में उपलब्ध करवाया जाएगा। वाहन में चढ़ने से पूर्व प्रत्येक कर्मी के तापमान की जांच होगी तथा उनसे बीमारी के सम्बन्ध में लक्षण इत्यादि पूछकर उद्योग द्वारा इसका रिकार्ड रखा जाएगा। वाहन में कर्मी सोशल डिस्टेन्सिग नियम सहित गृह मन्त्रालय के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएंगे। हिमाचल प्रदेश में प्रवेश के उपरान्त यह वाहन कार्यस्थल पर जाकर ही रूकेंगे। रास्ते में किसी कर्मी को उतरने की अनुमति नहीं होगी। उद्योग मे प्रवेश के उपरान्त मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन करना होगा तथा कार्य समय में यह कर्मी उद्योग परिसर के बाहर नहीं जा सकेंगे। कार्य करते समय एवं भोजनावकाश में भी मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन करना होगा। कार्य उपरान्त वापिस जाने से पूर्व भी प्रत्येक कर्मी के तापमान की जांच होगी। विभिन्न केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के संगठनों के कर्मचारियों, केन्द्र एवं राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों और बैकों के कर्मियों, वरिष्ठ अधिकारियों, प्रोत्साहकों, व्यवसायियों, सेवा प्रदाताओं, कच्चे माल के आपूर्तिकर्ताओं निरीक्षण प्राधिकरणों के लिए भी मानक परिचालन प्रक्रिया सम्बन्धी आदेश जारी किए हैं। विभिन्न केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के संगठनों के कर्मचारियों, केन्द्र एवं राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों और बैकों के कर्मियों, वरिष्ठ अधिकारियों, प्रोत्साहकों, व्यवसायियों, सेवा प्रदाताओं, कच्चे माल के आपूर्तिकर्ताओं, निरीक्षण प्राधिकरण, जो अन्य राज्योे से सोलन जिला में आवागमन करना चाहते हैं, को मार्ग योजना के साथ ई-मेल अथवा अन्य ईलैक्ट्रानिक माध्यमों से आवेदन करना होगा। बीबीएन क्षेत्र में स्थापित संस्थानों के लिए यह आवेदन पुलिस अधीक्षक बद्दी तथा जिला के अन्य क्षेत्रों में स्थापित संस्थानों के लिए यह आवेदन उप पुलिस अधीक्षक परवाणु को किया जाएगा। सक्षम प्राधिकरण आवेदन प्राप्त होने के उपरान्त जांच कर अनुमति के सम्बन्ध में सम्बन्धित आवेदनकर्ता को सूचित करेगा। कन्टेनमेंट जोन के अतिरिक्त अन्य बाहरी क्षेत्रों से आने वाले अनुमति प्राप्त व्यक्ति पहचान पत्र एवं अनुमति दिखाकर अपने अथवा संस्थान के वाहन में आवागमन कर सकेंगे। वाहनों को उचित रूप से सैनिटाईज करना होगा तथा सोशल डिस्टेन्सिग सहित गृह मन्त्रालय द्वारा जारी अन्य निर्देशों का पालन करना होगा। हिमाचल प्रदेश में प्रवेश के उपरान्त यह वाहन कार्यस्थल पर जाकर ही रूकेंगे। रास्ते में किसी को उतरने की अनुमति नहीं होगी। संस्थान में प्रवेश के उपरान्त मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन करना होगा। सभी के लिए मास्क पहनना तथा गृह मन्त्रालय द्वारा जारी अन्य निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। संस्थान के आस-पास के क्षेत्र में रहने वाले कर्मी अपने आवास से कार्यस्थल तक सम्बन्धित पथकर बैरियर अथवा निर्धारित मार्ग से पहचान पत्र एवं अनुमति दिखाकर पैदल आवागमन कर सकेंगे। इन आदेशों के अनुसार उपरोक्त मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुरूप वन टाईम अनुमति समुचित है तथा प्रत्येक आवागमन के लिए अन्य किसी पास इत्यादि की आवश्यकता नहीं है। यह आदेश 26 मई, 2020 से प्रभावी होंगे तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
जैव विविधता दिवस के अवसर पर चिन्मया विद्यालय नौणी (सोलन ) की हरित वसून्धरा इको क्लब द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों द्वारा जैव विविधता के संरक्षण के महत्व पर चित्रकला, नारा लेखन और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं के द्वारा प्रतिभा का प्रदर्शन किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता में माध्यमिक वर्ग में वसुधा और रचित प्रथम, मोक्ष द्वितीय और पलक तृतीय स्थान पर रहे। उच्च वर्ग में पीयूष प्रथम, राधिका द्वितीय और दिया तृतीय रहे।वरिष्ठ वर्ग में सरस्वती और विदुषी प्रथम भावना द्वितीय और श्वेता तृतीय स्थान पर रहे। नारा लेखन प्रतियोगिता में ऐंजल, दिया और सान्या अपने-अपने वर्ग में प्रथम, प्राची और रित्विका द्वितीय तथा स्पर्श और भावना तृतीय स्थान पर रहे। निबंध लेखन में भावना, सरस्वती और सान्या ने क्रमशः प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी प्रतियोगिताएं आन लाइन आयोजित की गईं यह जानकारी देते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य शुभोजीत घोष ने कहा कि विद्यालय खुलने पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी छात्र -छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा ।प्रतियोगिताओं का आयोजन और संचालन इको क्लब प्रभारी ममता शर्मा द्वारा किया गया।
मन मे लगन हो और कुछ करने का इरादा तो किसी भी कार्य को मुमकिन किया जा सकता है। ऐसा ही कार्य कर दिखाया है ठाकुर हरिदास मैमोरियल गऊ सेवा समिति कुनिहार ने जो पिछले 21 वर्षों से इस पुनीत कार्य को निरन्तर करती चली आ रही है। जी हां हम बात कर रहे हैं कुनिहार पँचायत के बझोल घाटी के गौशाला की जिसकी शुरूआत 1999 में सड़कों पर बेसहारा छोड़ी 5 गायों के पालन पोषण से राजेन्द्र ठाकुर द्वारा की गई थी व आज इस गौशाला में 100 से ऊपर बेसहारा गौवंश समिति की देख रेख में पल रहा है। लोग इधर उधर से रात के अंधेरे में गौवंश को छोडजाते थे व यह गौवंश सड़को पर बेसहारा घूमता रहता था जो लोगों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाता था तो कई बार लोगों पर हमला भी कर देता था। लोगों की यह समस्या गौशाला की वजह से दूर हो गई है। समिति द्वारा जँहा इस बेसहारा गौवंश को छत दी गई है तो वंही इनके खाने पीने, नहाने व स्वास्थ्य की देखभाल भी समिति द्वारा बखूबी की जा रही है। इनकी सेवा व देखरेख के लिए समिति द्वारा 6 लोग रखे गए है जो दिनरात इनकी देखभाल कर रहे हैं। समिति अध्यक्ष राजेन्द्र ठाकुर द्वारा किए इस कार्य की क्षेत्र के लोग खूब सराहना करते हैं। लोगों का कहना है कि इस बेसहारा छोड़े गौवंश को गौशाला मिलने से हमारी फसलें भी सुरक्षित हो गई है व इधर उधर सड़को पर घूमता गौवंश कई बार लोगों पर हमला भी कर देता था जिससे लोग निडर होकर बाजार आ जा सकते हैं। समिति सदस्य अमरीश ठाकुर ने बताया कि गौशाला में साफ सफाई की उचित व्यवस्था के साथ साथ गौवंश के खाने पीने व स्वास्थ्य जांच का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। हफ्ते में दो बार लगभग डेढ़ किवंटल दलिया पकाकर गौवंश को परोसा जाता है। उन्होंने बताया कि लोगों का सहयोग भी समय समय पर इस पुनीत कार्य में मिलता रहता है।
कुनिहार से करीब 12 किलो मीटर दूर सायरी घाट के एक छोटे से गांव बशोल में वर्षों पुराने सूखे पीपल के तल से शिला स्वरुप भगवन नरसिंह, माता जगतम्बा व दो अन्य छोटी छोटी शिला रूपी विष्णु व् हनुमान की प्रतिमाएं निकली है। इन प्रतिमाओं पर ग्रामीणों की काफी आस्था देखी जा रही है। इतना ही नहीं जिस स्थान पर उक्त शिलाएं निकली है उस स्थान पर वर्षों से ग्रामीण भगवान नरसिंह के स्थान से पूजा अर्चना करते आए हैं। लेकिन देश में जारी लॉक डाउन के चलते अभी उक्त स्थान पर कोई बड़ा अनुष्ठान नहीं किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार सायरीघाट से महज तीन किलोमीटर दूर बशोल गांव में पुरातन ठाकुर द्वारा मंदिर भी स्थापित है व् इस मंदिर में भी कई वर्षों पुराने शिला स्वरुप दो हनुमान की मूर्तियां स्थापित है व् ग्रामीणों की मान्यता है कि यह शिला स्वरुप हनुमान की मूर्तियां भी इसी स्थान से खुदाई के दौरान सामने आई थी। कुछ महीने पहले मंदिर में पूजा अर्चना एवं प्रशाद हेतु सुखी लकडियों की आवश्यकता थी जिसके लिए मंदिर के समीप ही वर्षों पुराने सुख चुके पीपल के पेड़ को गिराने लगे तो पेड़ के तल के अंदर खोल में एक बड़ी पत्थर की शिला सामने निकल आई व् कुछ माह पूर्व भी गांव में आए देव गुर ने भी उक्त शिला स्वरुप को भगवान नरसिंह जी का स्वरुप बताया है। तत्पश्चात उक्त पत्थर के आस पास की झाडियों आदि की सफाई की गई व् शिला स्वरुप भगवान नरसिंह माता भगवती भगवान विष्णु व् हनुमान की शिलाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई। पंडित कृष्ण लाल अर्चुत ने बताया कि वर्षो पुराना पीपल का वृक्ष सुख चूका था कुछ माह पहले हवन यग्य प्रशाद हेतु लकडियों के लिए सूखे पीपल को गिराने लगे तो तल से एक बड़ी शिला स्वरुप भगवान नरसिंह जी का प्राकट्य हुआ। थोड़ी गहरी खुदाई के बाद दो अन्य हनुमान व् विष्णु के स्वरुप की शिलाए भी निकली है। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर यह शिलाएं निकली है उस स्थान पर ग्रामीण वर्षों से भगवान नरसिंह के स्थान से पूजा अर्चना करते चले आ रहे है। प्राचीन ठाकुर द्वरा मंदिर में स्थापित हनुमान की प्रतिमाऐं भी इसी स्थान में कई वर्षों पहले खुदाई के दौरान निकली थी।
करोना संक्रमण के चलते लॉक डाउन के कारण धुंदन पंचायत के गांव चमाकड़ी के किसान धनीराम शर्मा लाखों रुपए के फूलों की तैयार फसल की कंपोस्ट खाद बनाने के लिए मजबूर हैं। लाॅकडाउन के चलते फूलों की खपत वाली सभी गतिविधियां बंद पड़ी हैं जिस कारण वह ग्रीन हाउस पर तैयार की गई फूलों की फसल बाजार में नहीं भेज पा रहे हैं। धनीराम ने फूलों की खेती के लिए बैंक से 11लाख रुपए का ऋण लिया था। उन्होंने लिलियम प्रजाति के बीज बेंगलुरु से मंगवाए जिस पर उनका लगभग ₹4 लाख खर्च आया। इसके अतिरिक्त पैकिंग खाद उत्पादन में प्रयोग होने वाले अन्य अन्य उपकरणों पर लगभग ₹5 लाख का निवेश किया लेकिन दुर्भाग्यवश लॉक डाउन के चलते फूलों की तैयार फसल को बाजार तक नहीं पहुंचाया जा रहा है। उनका कहना है कि आमदनी न होने की वजह से बैंक के खाते भी एनपीए हो गए हैं। धनीराम कहते हैं कि इस साल फसल तो अच्छी थी लेकिन बाजार में न भेजने के कारण अब उन्हें उसकी कंपोस्ट खाद ही बनानी पड़ रही है।क्योंकि इस प्रजाति के फूलों का बीज तैयार करना भी उनके बूते में नहीं है और उन पौधों को पशुओं को भी नहीं खिलाया जा सकता क्योंकि उस पर दवाइयां तथा अनेक प्रकार का छिड़काव किया गया है। लिहाजा उन्होंने उन पौधों से कंपोस्ट तैयार करना ही उचित समझा। धनीराम ने कहा कि मेरे जैसे छोटे किसानों के लिए यह कुदरत की एक बहुत बड़ी चपत है अब यदि सरकार हम लोगों को कुछ मुआवजा देकर सहारा दे दे तो हम भविष्य में इस प्रकार की फसल उगाने में सक्षम हो पाएंगे अन्यथा इस भारी-भरकम नुकसान से उबर पाना उनके वश की बात नहीं है। सोलन उद्यान विभाग के उपनिदेशक राजेंद्र कुमार का इस विषय में कहना है कि फिलहाल अभी तक सरकार की ओर से उन्हें कोई गाइडलाइन जारी नहीं हुई है लेकिन उन्होंने अपने स्तर पर जिला भर में पुष्प उत्पादकों के नुकसान की रिपोर्ट बनाकर उद्यान विभाग निदेशालय को भेज दी है।
22 मई 2020 को अंबुजा सीमेंट वर्कर्स यूनियन दाड़लाघाट(सम्बंधित सीटू) ने प्रदेश व केन्द्र सरकारों द्वारा श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी परिवर्तनों के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में उचित सामाजिक दूरी का पालन करतें हूऐ भाग लिया। देश का मजदूर वर्ग कोरोना महामारी के कारण भारी मुसीबत में है। इसी दौरान 14 करोड़ लोगों की नौकरी चली गई है। कारखानों में मजदूरों की छंटनी हो रही है। मजदूरों को पूंजीपतियों द्वारा मार्च और अप्रैल का वेतन तक नहीं दिया गया है। लाखों मजदूर मजबूरी में बच्चों को कंधों पर उठाकर तपती धूप में, नंगे पांव, भूखे प्यासे अपने घर जाने के लिए पैदल चलने पर मजबूर कर दिए गए हैं। स्थिति इतनी भयंकर है कि कई गर्भवती महिलायें प्रसव पीड़ा से कराहते हुए सड़कों पर ही बच्चों को जन्म दे रही हैं। प्रवासी मजदूर भूख से तड़प रहे हैं और सरकारें कुम्भकर्ण की नींद सोई हुई हैं। वे पूंजीपतियों के साथ मिलकर श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव को अमलीजामा पहना रही हैं। लाचार मजदूरों पर सरकार द्वारा पूंजीपतियों के साथ मिलकर यह हमला किया जा रहा है। इन हमलों में श्रम कानूनों में 8 घंटे के बजाय 12 घंटे काम लेना, मनरेगा मजदूरों को काम न देना, जब चाहे छंटनी कर देना व ई.पी.एफ. सुविधा छीनना आदि शामिल है। कोरोना महामारी के कारण प्रदेश की तमाम जनता एक तरफ महामारी के गम्भीर खतरे से त्रस्त है वहीं दूसरी ओर इस महामारी से उत्पन्न आर्थिक व सामाजिक संकट ने जनता का सुख चैन छीन लिया है। लोग आर्थिक व सामाजिक रूप से भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। इस से सबसे बुरी तरह से मजदूर वर्ग प्रभावित व पीड़ित हुआ है। इसके फलस्वरूप लागू हुए लॉक डाउन व कर्फ्यू से भारी संख्या में मजदूरों की छंटनी हो गयी है। उद्योगों में कार्यरत मजदूरों के बड़े हिस्से को मार्च-अप्रैल 2020 के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। असंगठित क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले श्रमिक वर्ग का बहुत बड़ा हिस्सा इस महामारी से आर्थिक तौर पर बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मजदूर वर्ग पर आई इस विपदा के दौर में उसे आर्थिक-सामाजिक मदद की दरकार थी। उसे प्रदेश सरकार की सहानुभूति की ज़रूरत थी ताकि वह इस संकट काल से बाहर निकल कर अपना गुज़र बसर कर पाता। परन्तु अफसोस कि उसे सहानुभूति व आर्थिक मदद के बजाए और विपदाओं में धकेला जा रहा है। हिमाचल प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में संशोधन व परिवर्तन की प्रक्रिया इसी कड़ी का एक हिस्सा है। प्रदेश सरकार ने देश की मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियनों से इन श्रम कानूनों के संशोधन के संदर्भ में बात तक करना जरूरी नहीं समझा। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह सब कुछ पूंजीपतियों,कारखानेदारों व उद्योगपतियों के मुनाफों को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। पूंजीपतियों के मुनाफे को बढ़ाने के लिए मजदूरों द्वारा पिछले सौ वर्षों में हासिल किए गए अधिकारों को छीना जा रहा है। कामकाजी जनता के बहुतायत को देश में पिछले 59 दिनों की तालाबंदी की प्रक्रिया में नौकरियों की बंदी, वेतन की हानि, निवास से बेदखली आदि अमानवीय कष्टों में झोंक दिया गया है। इन लोगों को मुनाफे के भूखे नियोक्ता वर्ग द्वारा भूखी अस्तित्व विहीन वस्तुओं में घटाकर रख दिया गया है। इस पर वर्तमान सरकार ने, इन कामकाजी लोगों को वास्तव में गुलामी के स्तर पर लाने के लिए, इन पर अपने फनों और पंजों के साथ हमला कर दिया है। केंद्र सरकार ने इस क्रूर कवायद को शुरू करने के लिए अपनी आज्ञाकारी राज्य सरकारों को खुला छोड़ देने की रणनीति बनाई है। भाजपा नेतृत्व की गुजरात सरकार ने अगुआई करते हुए एकतरफा रूप से फैक्टरी एक्ट के अनुसार वैध मुआवजे के बगैर दैनिक कामकाज का समय 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया। हरियाणा और मध्य प्रदेश की सरकारों ने भी इसी ओर कदम बढ़ाए हैं। इसके बाद पंजाब और राजस्थान में राज्य सरकारों की ओर से भी इसी तरह दैनिक कामकाज का समय 12 घंटे तक बढ़ाने की अधिसूचना जारी करने की सूचना मिली है, जो जाहिर है कि कॉर्पोरेट वर्ग के निर्देशों पर है। अब महाराष्ट्र व त्रिपुरा की सरकारें भी कथित तौर पर उसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इस दिशा में सबसे नए हैं उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अधिक आक्रामक कदम, जो अपने कॉर्पोरेट आकाओं के हुक्म पर लगभग सभी श्रम कानूनों के दायरे से कॉर्पोरेट नियोक्ताओं को दायित्वों से मुक्त करने के लिए लाए गए हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने 1000 दिन, यानी तीन साल के लिए फैक्ट्री अधिनियम, मध्य प्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम, औद्योगिक विवाद अधिनियम, ठेका श्रम अधिनियम आदि जैसे विभिन्न श्रम कानूनों के तहत नियोक्ताओं को उनके मूल दायित्वों से मुक्त करने के लिए प्रशासनिक आदेश/अध्यादेश के जरिये परिवर्तन के निर्णय की घोषणा की है। इसके चलते नियोक्ताओं को "अपनी सुविधानुसार" श्रमिकों को काम पर रखने या निकाल बाहर करने(लगाओ व भगाओ-हायर एंड फायर) के लिए सशक्त बनाया गया है; और उक्त अवधि के दौरान प्रतिष्ठानों में श्रम विभाग का हस्तक्षेप नहीं होगा। इतना ही नहीं, नियोक्ताओं को मध्य प्रदेश श्रम कल्याण बोर्ड को प्रति श्रमिक 80 / - रुपये के भुगतान से भी छूट दी गई है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश सरकार ने 6 मई 2020 को आयोजित अपनी मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के सभी प्रतिष्ठानों को तीन साल की अवधि के लिए सभी श्रम कानूनों से छूट देने का फैसला किया है, जिसे अध्यादेश के माध्यम से अधिसूचित किया जाएगा। यह भी जानकारी है कि त्रिपुरा में भाजपा सरकार ने दैनिक कामकाज के समय को 12 घंटे तक बढ़ाने का प्रस्ताव किया है और साथ ही 300 कर्मचारियों तक को रोजगार देने वाले सभी प्रतिष्ठानों में नियोक्ताओं की सुविधा के अनुसार श्रमिकों को काम पर रखने और निकालने (लगाओ व भगाओ-हायर एंड फायर) की अनुमति दी है। यह आशंका है,कि अधिकांश अन्य राज्य सरकारें, विशेष रूप से वे जो भाजपा और उसके सहयोगियों द्वारा शासित हैं, विकास के नाम पर दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और अपनी अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार की संदिग्ध दलील पर राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए इसी रास्ते का अनुसरण करेंगे। वास्तव में, कामकाजी जनता पर यह अमानवीय अपराध किया जा रहा है। पूंजीपतियों द्वारा मजदूरों के शोषण को तेज करने की इस कड़ी में अब हिमाचल प्रदेश भी जुड़ गया है जहाँ की सरकार ने 21 अप्रैल 2020 की अधिसूचना के ज़रिए कारखाना अधिनियम के तहत काम के घण्टों को आठ से बारह करने पर मुहर लगा दी है। इस सरकार ने 13 मई 2020 की कैबिनेट बैठक में कारखाना, ठेका मजदूरी व औद्योगिक विवाद अधिनियम में मजदूर विरोधी संशोधन किए 1. हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब व त्रिपुरा जैसे राज्यों में श्रम कानूनों में किए गए अथवा प्रस्तावित मजदूर विरोधी संशोधनों को तुरन्त वापिस लिया जाए। 2. फैक्टरी एक्ट, कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट, इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट में बदलाव व 8 घण्टे की डयूटी को 12 घण्टे करने का निर्णय मजदूरों के अधिकारों पर कठोर प्रहार है। प्रदेश सरकार ने 21 अप्रैल 2020 को अधिसूचना जारी करके कारखाना अधिनियम(फैक्ट्रीज एक्ट)1948 की धारा 51, धारा 54, धारा 55 व धारा 56 में बदलाव करके साप्ताहिक व दैनिक काम के घण्टों, विश्राम की अवधि व स्प्रैड आवर्ज़ में बदलाव कर दिया है। काम के घण्टों की अवधि को आठ से बढ़ाकर बारह घण्टे कर दिया है। इस से न केवल मजदूरों की छंटनी होगी अपितु कार्यरत मजदूरों की बंधुआ मजदूरों जैसी स्थिति हो जाएगी इसलिए इस निर्णय को वापिस लिया जाए। 3. सरकार ने 13 मई 2020 को हुई कैबिनेट की बैठक में संविदा श्रमिक अधिनियम(कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट) 1970 की धारा 1(4)में संशोधन कर दिया है। इस तरह कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट में श्रम क़ानूनों को लागू करने के लिए किसी भी स्थापना में बीस ठेका मजदूरों की शर्त को बढ़ाकर तीस कर दिया है। इस तरह ठेका कर्मियों की भारी संख्या को श्रम कानून के दायरे से बाहर कर दिया है। 4. इसी केबिनेट बैठक में कारखाना अधिनियम(फैक्ट्रीज़ एक्ट) 1948 की धारा 2(m)(i), 2(m)(ii), 65(3)(iv) व 85(1)(i) में मजदूर विरोधी परिवर्तन किये गए हैं तथा कारखाना की परिभाषा को पूरी तरह बदल कर रख दिया गया है। इसके अनुसार ऊर्जा संचालित कारखाना की सीमा को दस से बढ़ाकर बीस मजदूर व बगैर ऊर्जा के संचालित कारखाना की सीमा को बीस से बढ़ाकर चालीस मजदूर करके मज़दूरों की भारी संख्या को कारखाना अधिनियम के दायरे से बाहर कर दिया गया है। इसी अधिनियम की धारा 65(3) में संशोधन करके ओवरटाइम कार्य के घण्टों को 75 से बढ़ाकर 115 कर दिया गया है। इस अधिनियम में धारा 106(b) जोड़ कर उद्योगपतियों को कानून की अवहेलना पर दी जाने वाली सज़ा व कठोर कार्रवाई में बिना शर्त छूट दी गयी है। ये निर्णय मजदूर विरोधी हैं। कारखाना अधिनियम में बदलाव व श्रम कानूनों के निलंबन से मजदूर एम्प्लॉईज़ कंपनसेशन एक्ट 1923, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, इंडस्ट्रियल एम्प्लॉयमेंट(स्टैंडिंग ऑर्डरज़) एक्ट 1946,फैक्ट्रीज एक्ट 1948, न्यूनतम वेतन कानून 1948, ईएसआई एक्ट 1948,ईपीएफ एक्ट 1952, मेटरनिटी बेनेफिट एक्ट 1961, बोनस एक्ट 1965, इकुअल रयुमनरेशन एक्ट 1976, इंटर स्टेट माइग्रेंट वर्कमैन एक्ट 1979 आदि चौदह तरह के श्रम कानूनों के दायरे से मजदूर बाहर हो जाएंगे। 5. प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक में औद्योगिक विवाद अधिनियम(इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट) 1947 की धारा 22(1),25(F)(b) व 25(K) में बदलाव के लिए उचित कदम उठाने की सिफारिश की बात की है। यह पूर्णतः मजदूर विरोधी है। सरकार के इन कदमों ने मजदूरों पर कई प्रकार के हमलों का दरवाजा खोल दिया है। धारा 22(1) में बदलाव से मजदूरों के हड़ताल करने के अधिकार पर कटौती होगी। धारा 25(F)(b) में बदलाव से छंटनी व छंटनी भत्ता की पक्रिया पूरी तरह उद्योगपतियों के पक्ष में हो जाएगी। धारा 25(K) में बदलाव से छंटनी,ले ऑफ व तालाबंदी के विशेष प्रावधानों के लिए मजदूरों की संख्या को एक सौ से बढ़ाकर तीन सौ करने की सिफारिश की गई है जिस से प्रदेश के दो-तिहाई उद्योगों के हज़ारों मजदूरों को भारी नुकसान होगा। 6. केंद्र सरकार ने ईपीएफ हिस्सेदारी को 12 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने की घोषणा की है। यह कदम मजदूर विरोधी है व लंबे समय के लिए उद्योगतियों को फायदा पहुंचाने वाला है। आशा है कि प्रदेश व केन्द्र सरकार सभी मजदूर विरोधी संशोधनों को अविलम्ब रद्द करेंगे। सीटू मजदूर ने इस संदर्भ में उचित सकारात्मक पहलकदमी की उम्मीद की हैं
प्रधान भवन एवं सड़क निर्माण यूनियन सोलन इकाई संबंधित सीटू की बैठक जोगिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया गया। बैठक में सरकार द्वारा श्रम कानूनों में लाए गए बदलावों के बारे में चर्चा की गई। उन्होंने श्रम कानूनों को सस्पेंड करने की नीति व श्रम कानूनों में बदलाव का विरोध जताया। उन्होंने कुल 15 बिंदुओं पर चर्चा की और अपनी मांगे सामने रखी। उनकी मांगे कुछ इस प्रकर से है : 1. 8 घण्टे की डयूटी को बढ़ाकर 12 घण्टे करने का निर्णय वापिस लो 2. श्रम कानूनों को सस्पेंड करने की नीति नहीं चलेगी, श्रम कानूनों में बदलाव नहीं चलेगा 3. मजदूरों की छंटनी नहीं चलेगी, मजदूरों को समय पर वेतन दो व वेतन कटौती नहीं चलेगी 4. दिल्ली सरकार की तर्ज पर मजदूरों को 15006 रुपये न्यूनतम वेतन दो 5. मनरेगा में प्रत्येक मजदूर को 120 दिन का कार्य दो व उन्हें न्यूनतम वेतन दो 6. आयकर सीमा से बाहर सभी मजदूरों को मुफ्त राशन व 7500 रुपये की मासिक मदद दो 7. निर्माण मजदूरों को 2000 रु की घोषित मासिक मदद तुरन्त दो 8. 2000 रु की मदद गैर पंजीकृत निर्माण मजदूरों को भी दो 9. फैक्ट्रीज़, कॉन्ट्रैक्ट लेबर व इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट में बदलाव नहीं चलेगा 10. मजदूरों को मार्च-अप्रैल का वेतन दो 11.फूल देना व हेलीकॉप्टरों से फूल बरसाना बंद करो 12. कोरोना वॉरियरज़ को शारीरिक व सामाजिक सुरक्षा दो कोरोना कार्य में लगे सभी कर्मियों को बीमा सुविधा दो 13. कोरोना फ्रंटलाइन वर्करज को 50 लाख रुपये का बीमा कवर दो 14. जन स्वास्थ्य के लिए व्यापक पैकेज की घोषणा करो 15. श्रम कानूनों को सस्पेंड करने की नीति नहीं चलेगी, श्रम कानूनों में बदलाव नहीं चलेगा।
हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में कांग्रेस कमेटी द्वारा सीमाओं पर तैनात करोना योद्धाओं को फूल मालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने विशेष कर के पुलिस कर्मचारियों को, जोकि दिन रात अपनी जान को जोखिम में डालकर सेवाएं देते हैं, यह लोग 12 -12 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहते हैं, को सम्मानी किया गया। ज्ञात रहे कि पूरे विश्व में कारोना का कहर अपनी जड़े फैलाए बैठा है, इससे निबटने के लिए सभी प्रदेश वासी अपना अपना योगदान दे रहे हैं। शनिवार को नगर परिषद के प्रांगण से कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रमेश चौहान, नगर परिषद के अध्यक्ष ठाकुर दास शर्मा, नगर परिषद के मनोनीत पूरब पार्षद संदीप चौहान, हरीश शर्मा, श्री शिर्डी साईं संगठन प्रदेश अध्यक्ष सतीश बेरी, नगर पार्षद संजय यादव, कांग्रेस की कंचन मेहरा इन सभी लोगों ने करोना योद्धाओं को सम्मानित किया। रमेश चौहान ने नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों को होम्योपैथिक की दवाई जिसका नाम और सैनिक एलाऊ 30 आयुष कंपनी द्वारा मान्यता प्राप्त होम्योपैथिक दवाई वितरित की गई। इस दवाई के सेवन से इन लोगों को काम करने की क्षमता बढ़ती नजर आएगी। यह लोग दिन रात अपनी सेवाएं प्रदेश को देते हैं।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर अतिरिक्त उपायुक्त सोलन विवेक चन्देल की देखरेख में कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत हरियाणा के कालका से हिमाचल के सोलन जिला में उत्तर प्रदेश के रहने वाले अथवा कार्यरत लोगों को रेलगाड़ी के माध्यम से वापिस उनके प्रदेश भेजा गया। शुक्रवार को कुल 674 व्यक्तियों को कालका रेलवे स्टेशन से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के लिए रेलगाड़ी के द्वारा भेजा गया। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन विवेक चन्देल ने इस सम्बन्ध में कहा कि शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया एवं कुशीनगर के 674 व्यक्तियों को भेजा गया। उन्होंने कहा कि कालका से ही 24 मई, 2020 को एक रेलगाड़ी उत्तर प्रदेश के बरेली, 26 मई, 2020 को मऊ तथा 28 मई, 2020 को फैजाबाद के लिए रवाना होगी। इन रेलगाड़ियों में जाने के लिए प्रदेश स्तर पर सम्बन्धित नोडल अधिकरियों के माध्यम से पंजीकरण करवाना होगा। उन्होेंने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन सोलन ने श्रमिक रेलगाड़ियों के माध्यम से यात्रियों को भेजने के पूर्ण प्रबन्ध सुनिश्चित किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी व्यक्तियों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप जांच के उपरान्त भेजा जा रहा है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि उत्तर प्रदेश जाने वाले इन व्यक्तियों को प्रदेश पथ परिवहन निगम की 24 बसों के माध्यम से कालका पंहुचाया गया। इनमें से 22 बसें बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र से, एक 1 बस परवाणु से तथा एक बस सोलन से यात्रियों को लेकर पंहुची। रेलवे स्टेशन पर सभी यात्रियों के लिए भोजन, जल इत्यादि की पूर्ण व्यवस्था की गई थी। विवेक चन्देल ने कहा कि जिला प्रशासन सोलन द्वारा इस सम्बन्ध में पंचकूला प्रशासन के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित किया गया है ताकि आवागमन करने वाले किसी व्यक्ति को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि जिला के सभी उपमण्डलों में इन रेलगाड़ियों की समय सारिणी तथा इनमंे जाने के लिए पंजीकरण के विषय में जानकारी दी जा रही है ताकि आवागमन करने वाले सभी व्यक्ति इनका लाभ उठा सकें। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत जिला प्रशासन सभी एहतियाती उपाय सुनिश्चित बना रहा हैै। पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सोलन डाॅ. शिव कुमार शर्मा, उपमण्डलाधिकारी सोलन रोहित राठौर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुरेश सिंघा, जिला खनन अधिकारी कुलभूषण सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
पंचायती राज सूचना क्रांति व आईटी के जनक एवम आधुनिक भारत के निर्माता भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 29वी पुण्यतीथि पर आदर्श महिला मंडल बागा ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सर्वप्रथम उपस्थित महिलाओं ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की प्रतिमा पर फूलमालाएं अर्पित किए। तदुपरांत बागा वार्ड 2 की पंचायत सदस्य एवं महिला मंडल की सदस्य सुरेंद्रा पंवर ने सभी महिलाओं से आह्वान किया कि राजीव गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम स्वर्गीय राजीव गांधी के सपनों को साकार करेंगे। उन्होंने कहा पूर्व प्रधानमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग व इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जो नीतियां क्रियान्वित की थी उनका लाभ आज पूरा भारत वर्ष प्राप्त कर रहा है। पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण दिया गया व महिला सशक्तिकरण के लिए अहम कदम उठाए गए। संविधान में संशोधन करके 18 वर्ष के युवाओं को वोट का अधिकार दिया गया, नवोदय स्कूलों की स्थापना की, इंदिरा गांधी नेशनल ओपन विश्वविद्यालय खोलें, सीमेंट उद्योग प्राइवेट सेक्टर के लिए ओपन किया, सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया, जिसमें आज भारतवर्ष विश्व के अग्रणी देशों में शुमार है। इस मौके पर आदर्श महिला मंडल की उपाध्यक्ष लता चौहान, सचिव सरला चौहान, कोषाध्यक्ष सुमित्रा चौहान, रीना पंवर और बागा वार्ड 2 की पंचायत सदस्य एवं महिला मंडल की सबसे एक्टिव सदस्य सुरेंद्रा पंवर ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सोशल मीडिया पर गलत बयानबाजी को लेकर बागा थाने में मामला दर्ज हुआ है। पुलिस को दी गई शिकायत में अजीत सेन व प्रेमलाल ने कहा है कि सोशल मीडिया पर गलत बयानबाजी बारे निवेदन इस प्रकार है कि हेमचन्द सुपुत्र परस राम गांव गन्देवटा डा हनुमान बडोग व अनिल कुमार गांव मान ने 17 मई 2020 को सोशल मीडिया पर स्थानीय नेता रत्न सिंह पाल के खिलाफ काफी समय से भ्रामक व झुठा प्रचार कर रहा है। स्थानीय नेता को इसने बदनाम करने की कोशिश भी की है। हेमचन्द की झुठी ब्यानबाजी की वजह से रत्न सिंह पाल को राजनेतिक तौर व व्यक्तिगत रुप से नुकसान हुआ है। जिस पर पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए बागा थाने में आईपीसी की धारा 505(2) 34 के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। मामले की पुष्टि डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर ने करते हुए बताया कि गलत बयानबाजी करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कारवाई की जा रही है।
वैश्विक महामारी कोरोना का असर सदियों से चले आ रहे मेलों और कुश्तियों के आयोजनों पर भी पड़ा है। कुनिहार क्षेत्र के बणिया देवी में लगभग 200 सालों से मनाए जाने वाला कुश्ती मेला प्रशासन के दिशा निर्देशो के कारण रद कर दिया गया। मेला कमेटी के प्रधान धनीराम तनवर ने बताया कि कर्फ़्यू छूट के दौरान मन्दिर के पुजारी व गांव के 5 सदस्यों द्वारा समाजिक दूरी बना कर लॉक डाउन नियमों का पालन करते हुए पूजा पाठ कर माँ बनियादेवी से क्षेत्र की सम्रद्धि व खुशहाली की कामना की व दलिया का प्रशाद बना कर माँ से आशीर्वाद लिया। वहीं गांव के 94 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक मास्टर जगत राम वैश ने बताया कि यह मेला लगभग 250 सालों से रियासत समय से लगातार मनाया जाता रहा है। लेकिन हमारे समय में यह पहला मौका है कि विश्व भर में फैल रही महामारी के कारण ये मेला नही हो पाया। पूजन के इस मौके पर मास्टर जगत राम वैश, रमेश कुमार, अशोक, दीपराम, रघुवीर,संजय ने भाग लिया व देवी माँ से सबको निरोग रखने की प्रार्थना की।
प्रदेश सरकार द्वारा कुनिहार में अटल आदर्श विद्यालय खोलने की अधिसूचना जारी कर सभी अटकलों पर विराम लग गया व अधिसूचना की सूचना मिलते ही पूरे कुनिहार क्षेत्र में खुशी का माहौल हो गया। शुक्रवार को जैसे ही यह अधिसूचना जारी होने की सूचना कुनिहार जनपद में पता लगी तो क्षेत्र के सभी लोग एक दूसरे को बधाई देने लगे व साथ ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कुनिहार के लिए दी इस सौगात के लिए धन्यवाद करते नजर आये। सोशल मीडिया पर भी बधाइयों का सिलसिला चल पड़ा। गौर रहे कि 25 जनवरी 2019 को राजत्व दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कुनिहार के रावमापा छात्र कुनिहार को अटल आदर्श विद्यालय बनाने की घोषणा की थी, लेकिन लगभग डेढ़ वर्ष पहले की गई इस घोषणा की अभी तक किसी कारण वश अधिसूचना जारी नही हुई थी। मुख्यमंत्री द्वारा की गई इस घोषणा बारे कई अटकलें क्षेत्र में फैल रही थी, लेकिन अब इस विद्यालय की अधिसूचना जारी होते ही सभी अटकलों पर विराम लग गया व कुनिहार जनपद की सभी सामाजिक संस्थाओं ने प्रदेश सरकार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री राजीव सैजल व प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रत्तन सिंह पाल का इस अमूल्य सौगात के लिए दिल की गहराइयों से आभार प्रकट किया। देवेंद्र कुमार शर्मा मण्डल अध्यक्ष,इंद्रपाल शर्मा, राजेन्द्र ठाकुर अध्यक्ष सर्व एकता मंच, कौशल्या कंवर अध्यक्ष सम्भव चेरिटेबल सोसायटी, प्रतिभा कंवर, कुलदीप सिंह कंवरअध्यक्ष नव चेतना संस्था, धनी राम तनवर अध्यक्ष कुनिहार विकास समिति सहित क्षेत्र के लोगो ने आभर व्यक्त करते हुए कहा है कि जल्द ही एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री द्वारा दी गई इस नायाब सौगात के लिए शिमला में धन्यवाद करने जाएगा।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मन्त्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि कोरोना वायरस जैसे संक्रमण से बचाव के लिए जन-जन को अनुशासित होकर नियमों का पालन करना होगा और एक व्यक्ति को कम से कम 10 व्यक्तियों को इस दिशा में प्रेरित करना होगा। डाॅ. सैजल ने गत सांय सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मशीवर तथा जौणाजी में मास्क वितरित किए, कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया तथा पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से इस विषय में विचार विमर्श किया। उन्होंने ग्राम पंचायत मशीवर तथा जौणाजी में 400 मास्क वितरित किए तथा कोराना योद्धाओं को सम्मानित किया। डाॅ. सैजल ने कहा कि दण्डात्मक कार्यवाही भी जनसहयोग के बिना पूर्ण नियम अनुपालना नहीं करवा सकती। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना और कम से कम एक मीटर की दूरी के साथ सोशल डिस्टेन्सिग बनाए रखने के लिए स्वंय लोगों को पहल करनी होगी। यदि लोग बिना मास्क पहनने वालों तथा सोशल डिस्टेन्सिग का पालन न करने वालों को विनम्रतापूर्वक इस दिशा में समझाएं तो अवश्य ही शत-प्रतिशत अनुपालना सुनिश्चित होगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मन्त्री ने कहा कि इस सम्बन्ध में लोगों को भी समझना होगा। मास्क पहनना, सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करना तथा बार-बार हाथ धोने जैसे मूलभूत नियमों को मानकर वे स्वंय भी सुरक्षित रहेंगे और समाज की सुरक्षा में भी अपनी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में केन्द्र तथा प्रदेश सरकार द्वारा लोगों की सहायता के लिए विशेष कार्य किया जा रहा है। इन प्र्रयासों से समाज का प्रत्येक वर्ग लाभान्वित हो रहा है। डाॅ. सैजल ने आग्रह किया कि सभी स्तरों पर महिला शक्ति न केवल अपने परिजनों के लिए मास्क बनाएं अपितु कुछ संख्या में इन्हें अन्य को भी बांटे ताकि कोई भी मास्क के बिना न रहे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने व्यापक स्तर पर मास्क तैयार करने तथा अन्य कार्यों को तत्परता के साथ पूरा करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं अन्य का आभार व्यक्त किया। उन्होंने जन समस्याएं भी सुनीं और लोगों को विश्वास दिलाया कि चरणबद्ध आधार पर इनका निराकरण किया जाएगा। विधानसभा चुनावों में सोलन से भाजपा उम्मीदवार रहे डाॅ. राजेश कश्यप ने सभी से आग्रह किया कि सही सूचना ही साझा करें और सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाएं। जिला कार्यक्रम अधिकारी वंदना चैहान ने घर मास्क तैयार करने के बारे में जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य शीला, एपीएमसी सोलन के अध्यक्ष संजीव कश्यप, दुग्ध पशु सुधार सभा सोलन के अध्यक्ष रविंद्र परिहार, जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष विजय ठाकुर, जिला भाजपा महामंत्री नंदलाल कश्यप, भाजपा मण्डल सोलन के कोषाध्यक्ष लक्ष्मी ठाकुर, ग्राम पंचायत मशीवर की प्रधान किरण शर्मा, ग्राम पंचायत जौणाजी की प्रधान वनिता, भाजपा कार्यकर्ता नरेन्द्र ठाकुर, ग्राम पंचायत मशीवर के उप प्रधान कुलदीप ठाकुर, बीडीसी सदस्य संध्या सहित विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि, तहसीलदार सोलन गुरमीत नेगी, सीडीपीओ पदम देव शर्मा सहित ग्रामवासी उपस्थित थे।
कुनिहार विकास सभा के प्रधान धनीराम तनवर, गोपाल पंवर, विनोद जोशी, भागमल तनवर, ज्ञान ठाकुर, बलबीर चौधरी, दीपराम ठाकुर, बाबूराम तनवर, प्रेम राज चौधरी, कंवर राजेंद्र सिंह ने अपने संयुक्त ब्यान में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि आप द्वारा 25 जनवरी 2019 को राजत्व दिवस पर कुनिहार में रावमापा छात्र कुनिहार को अटल आदर्श विद्यालय बनाए जाने की घोषणा को पूरा कर क्षेत्र वासियों को इस तौफे से नवाजे। उन्होंने कहा कि अब इस विद्यालय के खुलने के बीच आ रही अड़चन को कैबिनेट द्वारा नियमो में संसोधन कर हटा दिया गया है तो अब इसे पूरा करने का सही समय आ गया है जिससे कुनिहार व आसपास की दर्जनों पंचायतों के लोगो को इसका लाभ प्राप्त होगा व सदा जनता आपकी आभारी रहेगी। सभा सदस्यों ने कहा है कि कुनिहार विकास सभा को कुछ समय पहले लिखित आस्वासन दिया गया था कि कुनिहार की कोठी घाटी में जो जमीन 29 बीघा 4 बिस्वा 55 सालों से शिक्षा विभाग के नाम से दर्ज है वन्ही पर इस विद्यालय का निर्माण करने पर विचार हो रहा है तो अब समय आ गया है कि जो भूमि पहले ही शिक्षा विभाग के नाम दर्ज है व कुनिहार -सुबाथू मुख्य मार्ग पर मौजूद है और इसमें कोई कानूनी अड़चन भी नही है। इस घोषणा के पूरी होने से जनता में प्रदेश सरकार की कथनी व करनी पर विशवास बना रहेगा। कुनिहार विकास सभा ने शीघ्र अति शीघ्र मुख्यमंत्री से इस घोषणा को अमलीजामा पहनाने की मांग की है।
एक जुटता व मन मे जज्बे के कारण ही समाज मे कई मिसाले कायम होती है। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला में कुनिहार से लगती जाडली पंचायत का रायकोट बोकरा गांव, कोरोना लॉक डाउन के दौरान सामुदायिक सहभागिता की ऐसी ही एक अनूठी मिसाल कायम करते हुए गांव तथा गांव के आस पास की प्रगति के लिए अनेक कार्य कर रहा है। गौरतलब है की कोरोना संकट के बाद गांव के जो युवा क्षेत्र के बाहर कार्य में लगे थे वो सभी गांव में समय रहते वापस आ गए थे तथा सभी ने मिलकर सामाजिक दूरी के साथ साथ सरकार द्वारा बताए नियमों का पालन करते हुए गांव में प्रगति कार्य जैसे गांव तथा गांव के आस पास की सफाई, जल के प्राकृतिक स्त्रोत की सफाई, कोरोना संकट में जरूरतमंदों को राशन सप्लाई, खेतों में ट्रेक्टर ले जाने के लिए सड़क इत्यादि को अंजाम दे रहे हैं। लम्बे समय से गांव की बड़ी समस्या खेतों में ट्रेक्टर ले जाने की थी तथा जहाँ देश इस वक़्त कोरोना की मार झेल रहा है वहीँ गांव में सभी ने मिलकर पैसे इकट्ठे कर स्वयं भी श्रम दान किया तथा हर खेत तक ट्रेक्टर की सुविधा को अंजाम दिया। इस कार्य में श्रमदान के साथ लगभग 50000 रूपए गांव वालो ने लगाए। गांव का कहना है की अगर जिला प्रशासन की तरफ से कोई सहायता मिलती है तो चल रहे कार्यों में मजबूती आएगी तथा बरसात में होने वाले नुक्सान से बचा जा सकेगाI भविष्य में भी बोकरा गांव सामाजिक कार्य, जरूतमंदो की सहायता, रक्त दान, श्रम दान इत्यादि के लिए दृढ़ संकल्पित है। गावं वालो ने इस कार्य में सहयोग के लिये साथ ही लगते इशुआ गावं के रोशन शर्मा का आभार व्यक्त कियाI
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने सोलन जिला की वर्ष 2020-21 की 3630.22 करोड़ रुपए की वार्षिक ऋण योजना का विमोचन किया। यह वार्षिक योजना राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण बैंक की संभाव्यता आधारित योजना के अनुरूप जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक द्वारा तैयार की गई है। के.सी. चमन ने इस अवसर पर कहा कि वर्ष 2020-21 में सोलन जिला में बैंकों के लिए कुल 3630.22 करोड रुपए के ऋण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के लिए 971.63 करोड़ रुपए, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग क्षेत्र के लिए 1526.20 करोड़ रुपए, अन्य प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों के लिए 532.39 करोड़ रुपए तथा अप्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों के लिए 600 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गत वर्ष सोलन जिला के लिए 3143 करोड़ रुपये की वार्षिक ऋण योजना जारी की गई थी। उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में ऋण के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला में कार्यरत विभिन्न बैंकों को सभी ग्राम पंचायतों एवं गांव तक बैंकों की पहुंच सुनिश्चित बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को बैंकों द्वारा ऋण प्रदान करने के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही वित्तीय योजनाओं से सभी को लाभान्वित किया जा सकता है। के.सी. चमन ने जिला के विभिन्न बैंकों से आग्रह किया कि कृषि क्षेत्र तथा अन्य प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों के लिए बैंक अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध करवाएं। इससे जहां इन क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा वहीं बैंक अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सफल रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में सोलन जिला ने सर्वप्रथम वार्षिक ऋण योजना जारी की है तथा सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने एवं लोगों को लाभान्वित करने में भी सोलन जिला अग्रणी रहना चाहिए। यूको बैंक के जिला प्रबन्धक बी.डी. सांख्यान ने इस अवसर पर कहा कि ऋण योजना को भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार नाबार्ड द्वारा तैयार की गई संभावना आधारित योजना (पीएलपी) को आधार मानकर तैयार किया गया है। डीडीएम नाबार्ड अशोक चैहान, जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के महाप्रबन्धक टशी सन्डूप, यूको बैंक के मुख्य प्रबन्धक वी.के राजदान तथा भारतीय स्टेट बैंक के ऋण प्रबन्धक पवन कुमार सौंखला इस अवसर पर उपस्थित थे।
कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत प्रदेश का जल शक्ति विभाग एक ओर जहां सभी को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवा रहा है वहीं यह भी सुनिश्चित बना रहा है कि किसानों को आवश्यकतानुसार सिंचाई योग्य जल प्राप्त हो। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जल शक्ति विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। सभी घरों तक स्वच्छ जल तथा खेतों को सिंचाई योग्य पानी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ विभाग अपनी विभिन्न योजनाओं के मुरम्मत इत्यादि कार्य पूर्ण करने, जल भण्डारण टैंकों की सफाई सुनिश्चित बनाने, सभी पेयजल योजनाओं में विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार क्लोरिनेशन करने तथा ग्रीष्म ऋतु के इस काल में लोगों को स्वच्छ जल के विषय में लोगों को जागरूक करने के कार्य पूर्ण कर रहा है। सोलन जिला में वर्तमान में कुल 795 जलापूर्ति योजनाएं कार्यरत हैं। इनमें से 318 योजनाएं सोलन मंडल, 227 योजनाएं नालागढ़ मंडल तथा 250 योजनाएं अर्की मंडल में लोगों को स्वच्छ जल तथा सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवा रही हैं। कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत जलशक्ति वृत सोलन ने सर्वप्रथम अपने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रदेश सरकार द्वारा जारी विभिन्न नियमों से अवगत करवाया और उन्हें सोशल डिस्टेन्सिग नियम की अनुपालना के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तर तक सेनेटाइजेशन एवं लगातार हाथ धोने के बारे में जागरूक किया। इसका उद्देश्य सभी कर्मियों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित बनाना था। विभाग के सोलन, नालागढ़ तथा अर्की मंडलों ने सर्वप्रथम विभिन्न पेयजल एवं जलापूर्ति योजनाओं के मुरम्मत एवं रखरखाव कार्यों को पूर्ण किया ताकि लोगों को दीर्घ अवधि में कोई समस्या न आए। सभी योजनाओं का भौतिक निरीक्षण किया गया। विभाग द्वारा तदोपरान्त जलापूर्ति के लिए निर्मित भण्डारण टैंकों की सफाई सुनिश्चित बनाई गई। जिला में कुल 1586 जल भण्डारण टैंक हैं। पेयजल के लिए निर्मित टैंकों की मानक अनुसार क्लोरिनेशन की गई। विभाग ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में हैण्डपम्पों की मुरम्मत भी की ताकि ऐसी बस्तियों में पेयजल की कमी न हो जहां जलापूर्ति का मुख्य साधन हैण्डपम्प है। जल शक्ति वृत सोलन ने इन कार्यों के साथ-साथ निर्माण गतिविधियां भी आरम्भ कीं। आवश्यक कार्यों के साथ-साथ निर्माणाधीन 33 योजनाओं का कार्य आरम्भ किया गया। इन निर्माण कार्यों के माध्यम से अभी तक कुल 240 श्रमिकों को लाभान्वित किया गया है। सभी निर्माण कार्यों में सरकार द्वारा जारी आदेशों एवं सोशल डिस्टेन्सिग इत्यादि का पूर्ण ध्यान रखा गया है। सोलन मंडल में 04 निर्माणाधीन योजनाओं के माध्यम से 27, अर्की मण्डल में 15 निर्माणाधीन योजनाओं के अन्तर्गत 81 तथा नालागढ़ जल शक्ति मंडल में 14 निर्माणाधीन योजनाओं के तहत 132 श्रमिकों को लाभान्वित किया गया है। जल शक्ति विभाग ने निर्माण कार्यों के अन्तर्गत इस संकट काल में भी अनुमति मिलते ही सत्त रूप से निर्माण करते हुए नालागढ़ उपमण्डल के बद्दी शहर की 34 करोड़ रुपये की मल निकासी योजना का कार्य पूर्ण कर लिया है। जबकि नालागढ़ शहर की 17 करोड़ रुपये लागत की मल निकासी योजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा किया गया है। विभाग अपने इन मूलभूत कार्यों के साथ-साथ लोगों को ग्रीष्म ऋतु में होने वाले जलजनित रोगों के विषय में नियमित रूप से जागरूक कर रहा है। सभी को स्वच्छ पेयजल का महत्व और बीमारियों से बचाव के विषय में बताया जा रहा है। विभाग लोगों को जल की एक-एक बूंद को संरक्षित करने के सम्बन्ध में भी जागरूक बना रहा है।
बी एल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार के मुकुल संदल ने कनिष्ट वर्ग में ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया हैI जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की जिला सोलन में राष्ट्रीय विज्ञानं दिवस के मौके पर प्रारम्भिक उप- शिक्षा विभाग सोलन ने जिला स्तरीय ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया था जिसमे विभिन्न विद्यालयों के छात्र- छात्राओं ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया थाI प्रारम्भिक शिक्षा विभाग सोलन के ओर से इस प्रतियोगिता के ऑनलाइन परिणाम घोषित कर दिए गए है जिसमे जिला सोलन के निजी विद्यालयों में हमारे विद्यालय से छात्र मुकुल संदल ने कनिष्ट वर्ग में पहला स्थान प्राप्त किया हैI विद्यालय अध्यक्ष ने यह भी बताया की इस उपलब्धि पर मुकुल को शिक्षा विभाग से एक हजार की राशि इनाम के रूप में ऑनलाइन दी जाएगीI विद्यालय अध्यक्ष ने इस उपलब्धि पर छात्र मुकुल संदल और उसके अभिभावकों को भी बधाई दी है I विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की COVID -19 के चलते इस प्रतियोगिता का आयोजन ऑनलाइन घर पर ही करवाया गया था जिसमे अद्यापकों का बहुत योगदान रहा हैI उन्होंने इस उपलब्धि पर विज्ञान अध्यापिका ज्योति नेगी और कला अध्यापिका भानुप्रिया को भी बधाई दी हैी विद्यालय अध्यक्ष ने इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन करने के लिए प्रारम्भिक उप-शिक्षा निदेशक सोलन व् जिला साइंस सुपरवाइसर अमरीश शर्मा का धन्यवाद व्यक्त किया हैI विद्यालय अध्यापक अभिभावक संघ के अध्यक्ष रतन तंवर, विद्यालय के प्रधानाचार्य, उप-प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापिका अन्य सभी अध्यापक वर्ग ने इस उप्ब्लाब्धि पर मुकुल को और उसके अभिभावकों को बधाई दी हैI
थाना कुनिहार में एक युवती के शिकायत पत्र के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर युवती के पति को गिरफ्तार किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार झारखण्ड निवासी युवती करमेला ने पुलिस थाना कुनिहार में अपने पति मुकेश के खिलाफ लिखित शिकायत दी कि हम काफी समय से कुनिहार में लेबर का काम करते है। हमारी शादी को 3 साल हो गए है व हमारे एक 18 माह की बेटी भी है। करमेला ने कहा है कि उसका पति मुकेश हर रोज शराब पीकर मारपीट करता है। पिछले कल भी मेरे पति ने मेरे साथ मारपीट की व जान से मारने की धमकी देते हुए खुद भी फांसी लगाकर खुदखुशी की बात कर रहा था। इस बारे थाना प्रभारी जीत सिंह ने बताया कि मुकेश पर मामला दर्ज कर इसका मैडिकल करवा कर इसे गिरफ्तार कर हवालात में डाल दिया गया है ताकि यह कोई बड़ा अपराध न कर दे। बुधवार को इसे एस डी एम अर्की के सामने पेश कर अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ तथा परवाणू क्षेत्र में आवश्यक एवं गैर जरूरी वस्तुओं के सेवा प्रदाताओं, प्राधिकृत थोक विक्रेताओं, वितरकों तथा बैकिंग सेवाएं प्रदान करने वाले बैंकर की सुविधा के लिए कोविड-19 के दृष्टिगत आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार प्रदेश से बाहर से आवश्यक एवं गैर जरूरी वस्तुओं के सेवा प्रदाताओं, प्राधिकृत थोक विक्रेताओं, वितरकों तथा बैकिंग सेवाएं प्रदान करने वाले बैंकर को बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ तथा परवाणू क्षेत्र में अपने कार्य के लिए आने के लिए वन टाइम प्रवेश अनुमति प्राप्त करनी होगी। इसके लिए शर्तें निर्धारित की गई है। इसके अनुसार बाहर से आने वाले इन सभी व्यक्तियों को प्रदेश के सोलन जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में आने के लिए निर्धारित प्रपत्र पर ई-मेल के माध्यम से पुलिस अधीक्षक बद्दी को तथा परवाणू क्षेत्र के लिए पुलिस थाना परवाणू को आवागमन से पूर्व सूचना देनी होगी। इन्हें आधिकारिक लेटर हेड पर पुलिस अधीक्षक बद्दी अथवा पुलिस थाना परवाणू को आवागमन से पूर्व लिखित में सूचित करना होगा। यह सूचना ई-मेल के माध्यम से उपरोक्त ई-मेल पतों पर दी जा सकती है। आदेशों के अनुसार इन्हें पूर्व चिन्हित क्वारेनटाईन सुविधाओं में रहना होगा। इन्हें अपना कार्य इन पूर्व चिन्हित क्वारेनटाईन सुविधाओं से ही करना होगा। वे 14 दिनों की अनिवार्य क्वारेनटाइन अवधि पूरा होने तक उपलब्ध कर्मियों के माध्यम से अपना कार्य एवं लेखा प्रबन्धन सुनिश्चित बनाएंगे। इस संबंध में पुलिस द्वारा प्रति जांच की जाएगी। यह व्यक्ति स्थानीय जनता एवं पूर्व से रह रहे कर्मियों के साथ मेलजोल नहीं रखेंगे। सोशल डिस्टेन्सिग सहित अन्य नियमों का पालन सुनिश्चित बनाएंगे। आदेशों की अवहेलना पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोविड-19 के दृष्टिगत सोलन जिला में सैलून तथा बार्बर की दुकानों को पुनः खोलने के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों का पालन सभी सैलून मालिकों तथा बार्बर के लिए अनिवार्य होगा। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार सैलून तथा बार्बर की दुकानों के प्रवेश द्वार पर एवं भीतर 70 प्रतिशत एल्कोहल आधारित सेनिटाइजर उपलब्ध होना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को इनमें प्रवेश से पूर्व अपने हाथों को सेनिटाइज करना अनिवार्य होगा। बार्बर की दुकान एवं सैलून में प्रत्येक ग्राहक का पंजीकरण किया जाएगा। ग्राहकों को ऑनलाइन या फोन पर कार्य के लिए समय लेना होगा। उन्हें सीधा दुकान अथवा सैलून पर आकर कार्य करवाने से बचना होगा। इसका उद्देश्य यही है कि एक समय पर दुकान अथवा सैलून में ग्राहक एकत्र न हों। ग्राहकों के मध्य कम से कम 02 मीटर की दूरी बनाए रखने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखनी होगी। प्रत्येक ग्राहक के जाने के उपरांत कुर्सी को एक प्रतिशत सोडियम होइपोक्लोराइड घोल से स्वच्छ किया जाना आवश्यक है। ऐसे ग्राहकों को कार्यस्थल अथवा सैलून में सेवा देने पर प्रतिबंध होगा जो खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, बहती नाक या गले में खराश जैसे लक्षणों का सामना कर रहे हों। बार्बर शॉप एवं सैलून में शैविंग व थ्रैडिंग की अनुमति नहीं होगी। ग्राहक का मास्क पहनना अनिवार्य होगा। कार्य करने वाले व्यक्ति को मास्क, टोपी एवं दस्ताने पहनना अनिवार्य होगा। केवल डिस्पोजेबल दस्ताने, तोलिया तथा गाउन का प्रयोग ही किया जा सकेगा। कंघी, ब्रश, रोलरर्स, स्ट्रीकिंग कैप, क्लिपर्स, गार्ड और कैंची इत्यादि को साफ करके सूखी स्थिति में रखना होगा। सभी उपकरणों को पहले साबुन और पानी से धोना होगा एवं तदोपरांत एल्कोहल अथवा स्पीरिट से उपचारित करना होगा। बिना साफ किए गए उपकरणों का प्रयोग नहीं किया जा सकता। दुकान अथवा सैलून के प्रतीक्षा क्षेत्र में कोई पत्रिका एवं खाने का सामान नहीं रखा जाना चाहिए। दुकान के दरवाजों के हैंडल, रैलिंग, कुर्सियां, ग्राहक काउंटर और भुगतान उपकरण जैसी बार-बार स्पर्श होने वाली सतहों को साफ और कीटाणूरहित रखना होगा। प्रत्येक सुबह एवं सांय परिसर व दुकान में 01 प्रतिशत सोडियम होईपोक्लोराइड के साथ पोछा लगाना और सभी सतहों को छिड़काव से कीटाणूरहित बनाना आवश्यक है। स्टाइलिस्ट कर्मी को लिखित में यह प्रस्तुत करना होगा कि उन्हें फ्लू जैसा कोई लक्षण नहीं है और वे पिछले 14 दिनों से न तो राज्य से बाहर गए हैं और न ही किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं। सभी बार्बर एवं सैलून संचालक इन दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करेंगे तथा संबंधित उपमंडलाधिकारी इसकी नियमित निगरानी करेंगे। वे इस संबंध में जिला दंडाधिकारी कार्यालय सोलन को प्रतिदिन रिपोर्ट प्रेषित करना भी सुनिश्चित करेंगे। उपरोक्त निर्देशों की अवहेलना पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रदेश सरकार जन सहयोग से राज्य में कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत विभिन्न नियमों का पालन करवाने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि जन-जन के सहयोग से ही कोरोना वायरस संक्रमण का स्थायी हल निकाला जा सकेगा। डॉ. सैजल सोलन विधानसभा क्षेत्र के तहत कण्डाघाट उपमण्डल की विभिन्न ग्राम पंचायतों में 1200 से अधिक मास्क वितरित करने के उपरान्त पंचायती राज प्रतिनिधियों एवं स्थानीय निवासियों से विचार-विमर्श कर रहे थे। डॉ. सैजल ने क्षेत्र में दाउंटी, सायरी, ममलीग, सतड़ोल, कुफ्टू तथा कनैर में मास्क वितरित किए, लोगों की समस्याएं सुनीं और कोविड-19 से बचाव के विषय में जागरूक किया। डॉ. सैजल ने कहा कि वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए एहतियाती उपाय अपनाने आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि सभी को सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना चाहिए, सोशल डिस्टेन्सिग नियम के तहत 02 व्यक्तियों के मध्य कम से कम 02 गज की दूरी रखनी चाहिए और बार-बार अपने हाथ सेनेटाइज करने चाहिए अथवा साबुन से धोने चाहिएं। उन्होंने कहा कि सभी इन नियमों से परिचित हैं और कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक है कि जन-जन इनका पालन करें। उन्होंने आग्रह किया कि इस सम्बन्ध में अपने परिचितों एवं आसपास के लोगों को भी अवगत करवाएं ताकि कोरोना संक्रमण के चक्र को तोड़ा जा सके। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा सही समय पर देशभर में लॉकडाउन करने और तदोपरान्त केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने से कोरोना वायरस के विरूद्ध युद्ध में व्यापक लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अगुवाई में न केवल विभिन्न नियमों के विषय में लोगों को जागरूक किया गया अपितु समाज के सभी वर्गों को राहत पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य भी किया गया। डॉ. सैजल ने कहा कि उन्होंने स्वयं सोलन जिला में किसानों की उपज को सही समय पर मंडियों तक पहुंचाने और पशु चारे की कमी न होने के विषय में जिला प्रशासन को निर्देश दिए। इसका इन वर्गों को समय पर लाभ मिला। उन्होंने कहा कि इस महामारी से सफलतापूर्वक लड़ने के लिए जहां सरकार, प्रशासन एवं लोगों का समन्वय आवश्यक है वहीं पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने आग्रह किया कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में इस विषय में लोगों को जागरूक बनाएं। डॉ. सैजल ने कहा कि मास्क कोरोना के विरूद्ध लड़ाई में प्रथम हथियार एवं सुरक्षा चक्र है। सभी को दीर्घ अवधि में मास्क पहनने के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में जाने का एक उद्देश्य यह भी है कि लोगों को घर पर ही सूती कपड़े से मास्क बनाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने आग्रह किया कि सभी स्तरों पर महिला शक्ति न केवल अपने परिजनों के लिए मास्क बनाएं अपितु कुछ संख्या में इन्हें अन्य को भी बांटे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने व्यापक स्तर पर मास्क तैयार करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं अन्य का आभार व्यक्त किया। उन्होंने संकट काल में विभिन्न आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने तथा अपने कार्य के द्वारा लोगों को राहत पहुंचाने एवं सफाई कर्मियों सहित अन्य सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने सभी स्थानों पर जन समस्याएं सुनीं और लोगों को विश्वास दिलाया कि चरणबद्ध आधार पर इनका निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुफ्टू में जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक की शाखा खोली जाएगी। उन्होंने ‘पीएम केयर्ज फण्ड’ में 28 हजार रुपये तथा मुख्यमंत्री सोलिडेरिटी फण्ड में अंशदान करने के लिए ग्राम पंचायत ममलीग का आभार व्यक्त किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी वंदना चौहान ने घर मास्क तैयार करने के बारे में जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर दुग्ध पशु सुधार सभा सोलन के अध्यक्ष रविंद्र परिहार, जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष विजय ठाकुर, भाजपा मंडल सोलन के अध्यक्ष मदन ठाकुर, जिला भाजपा महामंत्री नंदलाल कश्यप, ग्राम पंचायत काहला की प्रधान नारायणी देवी, ग्राम पंचायत ममलीग की प्रधान द्रोपती देवी, ग्राम पंचायत सायरी की प्रधान अंजू राठौर, ग्राम पंचायत कनैर की प्रधान कमलेश शर्मा, ग्राम पंचायत काहला के उप प्रधान ललित कुमार, वार्ड सदस्य पार्वती एवं लालचंद, पूर्व प्रधान रामस्वरूप, उपमंडलाधिकारी कण्डाघाट डॉ. संजीव धीमान, सीडीपीओ पवन गुप्ता सहित अन्य प्रतिनिध एवं ग्रामवासी उपस्थित थे।
वैश्विक महामारी कोविड-19 के दृष्टिगत देश भर में घोषित लॉकडाउन के कारण अपने परिजनों से दूर सोलन के उन 41 व्यक्तियों ने उस समय ईश्वर का आभार व्यक्त किया जब 02 माह के अन्तराल के उपरान्त वे अपने प्रदेश पहुंचे। महाराष्ट्र से विशेष रेलगाड़ी के माध्यम से ऊना पहुंचे 605 हिमाचलियों ने रेलवे स्टेशन पर कदम रखते ही राहत की सांस ली। इन 605 व्यक्तियों में 41 व्यक्ति जिला सोलन के हैं। इनमें 35 पुरूष तथा 06 महिलाएं हैं। इन सभी 41 व्यक्तियों को प्रदेश पथ परिवहन निगम की बसों के माध्यम से नालागढ़ पहुंचाया गया। यहां इन सभी का पूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इन सभी को संस्थागत क्वारेनटाइन किया गया है। महाराष्ट्र के मुम्बई में काम करने वाले सोलन जिला के कसौली के गढ़खल के रहने वाले कपिल अत्री ने इस संकट काल में घर से इतनी दूर कार्यरत हिमाचल वासियों को राज्य तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश सरकार तथा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे जीवन भर प्रदेश सरकार के आभारी रहेंगे। सोलन के शिल्ली के रहने वाले अग्रज शर्मा ने कोविड-19 के कारण उत्पन्न खतरे के दृष्टिगत उन्हें अपने घर तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार तक आग्रह पहुंचाने के बाद न केवल उन्हें पहले बस के द्वारा समीप के रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया गया और फिर विशेष रेलगाड़ी के माध्यम से हिमाचल तक। नालागढ़ के मितियां के रहने वाले राजेंद्र महाराष्ट्र में मजदूरी कर अपना और अपने परिजनों का जीवनयापन कर रहे हैं। लॉकडाउन के कारण उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। उन्होंने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न केवल उनकी पुकार सुनी गई अपितु उन्हें अपने घर तक भी पहुंचाया गया। अन्य सभी प्रदेशवासियों ने भी इस आपातकाल में सही समय पर सहायता करने के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विवेक चंदेल ने इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर देश के विभिन्न राज्यों से विशेष रेलगाडि़यों के माध्यम से सोलन जिला के निवासियों को निर्धारित संस्थागत क्वारेनटाइन स्थलों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक देश के अलग-अलग राज्यों से 156 सोलन वासियों को वापिस लाया गया है। उन्होंने कहा कि इन सभी व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशानुसार इन्हें क्वारेनटाइन सुविधा में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रदेश सरकार के निर्देश पर विभिन्न राज्यों से आने वाले सोलन वासियों की सुविधा के लिए कृतसंकल्प है। इस दिशा में सभी एहतियाती प्रबंध सुनिश्चित बनाए गए हैं।
कुनिहार क्षेत्रवासियों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योकि क्षेत्र के एक गांव में मिला जंगली जानवर का शावक कोई तेंदुए का नहीं अपितु जंगली बिल्ली का बच्चा था जो अपनी मादा बिल्ली से बिछड कर किसी की मलकियत में आ गया होगा। यह बात वन मंडलाधिकारी कुनिहार सतीश नेगी ने कही है उन्होंने कहा कि सम्भवतः वन में कई प्रकार के वन्य प्राणी विचरकर रिहायशी इलाको तक पंहुच जाते हैं। उन्होंने कहा कि कुनिहार के खनोल गांव में किसी ग्रामीण को मिला जंगली शावक कोई तेंदुए का बच्चा नहीं है अपितु एक जंगली बिल्ली का शावक था जिसे रेस्क्यू करके उसी स्थान के वन परिक्षेत्र में छोडकर करीब दो दिनों तक उसकी मोनिटरिंग की गई। उन्होंने कहा कि वन्य प्राणी विभाग शिमला को भी उक्त शावक की फोटो वीडियो सहित कुछ डिटेल भेजी गई थी, जिसमे उन्होंने भी स्पष्ट किया कि यह कोई तेंदुए का शावक नहीं अपितु जंगली बिल्ली का बच्चा है जो कुनिहार वन परिक्षेत्र में बहुत कम पाया जाता है। सतीश नेगी ने कहा कि कुनिहार क्षेत्र वासियों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं हैं। उन्होंने सभी लोगो से अपील करते हुए कहा कि वन परिक्षेत्र में अकेले न जाए। अगर किसी की मलकियत में कोई जंगली जानवर दिखाई दे तो उसकी सुचना तुरंत विभाग को दे। गौर रहे कि कुनिहार पँचायत के खनोल गाँव के एक ग्रामीण के आंगन में 14 मई की रात को जंगली बिल्ली का एक बच्चा पहुंच गया जिसे ग्रामीणों ने तेंदुए का बच्चा समझ लिया और क्षेत्र में तेंदुए के होने का भय हो गया। लेकिन 15 मई को जब ग्रामीणों ने इसे वन विभाग को सौंपा तो वन विभाग ने वन्य प्राणी विभाग से सम्पर्क कर इसका जंगली बिल्ली का बच्चा होने की पुष्टि की और विभाग ने इसे उसी जंगल मे छोड़ दिया ताकि बच्चा अपने परिवार से मिल सके।
अर्की पुलिस ने एक महिला के खिलाफ होम क्वारंटाइन के दौरान प्रोटोकाल पूरी तरह से न अपनाने पर मामला दर्ज किया है। आरोप है कि होम क्वारंटाइन की गई महिला अपने परिवार के सदस्यों व पंचायत प्रतिनिधि के साथ सीधे अस्पताल की ओपीडी में पहुंच गई। जिसके कारण क्वारंटाइन प्रोटोकाल की अनदेखी की गई। इस संबंध में बीएमओ अर्की ने इसकी शिकायत एसडीएम अर्की विकास शुक्ला से की और फिर मामला पुलिस में दर्ज करवाया गया। शिकायत में कहा गया है कि महिला को होम क्वारटाइन में रखा गया था। सोमवार को इस महिला को इसका पिता व एक अन्य व्यक्ति अर्की अस्पताल लाए तथा इन्होंने कोविड प्रोटोकोल का पालन प्रौपर तौर पर नहीं किया तथा उलंघन करते हुए सीधे ओपीडी व एमरजैसी वार्ड में आ गए। डीएसपी अर्की प्रताप सिंह ठाकुर ने मामला दर्ज किए जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जा रही हैं।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों के अनुरूप सोलन जिला में कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत घोषित कर्फ्यू के संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश सोमवार से आगामी आदेशों तक जारी रहेंगे। यह आदेश केन्द्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों तथा हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष द्वारा जारी आदेशों के अनुरूप किए गए हैं। जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार सोलन जिला में कर्फ्यू ढील का समय पूर्व की भांति प्रातः 8.00 बजे से सांय 3.00 बजे तक निर्धारित किया गया है। अनावश्यक गतिविधियों के लिए सांय 7.00 बजे से प्रातः 7.00 बजे तक व्यक्तियों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इन आदेशों के अनुसार विद्यालय, महाविद्यालय, शिक्षण, प्रशिक्षण एवं कोचिंग संस्थान इत्यादि पूर्व की भांति बंद रहेंगे। ऑनलाइन तथा दूरवर्ती शिक्षण प्रणाली की अनुमति है और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। स्वास्थ्य, पुलिस, सरकारी कर्मियों, स्वास्थ्य सुरक्षा कर्मियों तथा पर्यटकों सहित कर्फ्यू के कारण फंसे व्यक्तियों के लिए क्वारेनटाईन सुविधा के रूप में प्रयोग में लाए जा रहे होटलों, रेस्तरां तथा अन्य आतिथ्य सेवाओं के अतिरिक्त सभी होटल, रेस्तरां एवं आतिथ्य सेवाएं बंद रहेंगी। रेस्तरां से भोज्य पदार्थ लेकर जाने और खाद्य वस्तुओं की होम डिलीवरी के लिए रसोई कार्यशील रहेगी। सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, व्यायाम शालाएं, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार एवं सभागार, सम्मेलन हॉल तथा अन्य समान स्थान बंद रहेंगे। सभी सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक, धार्मिक समारोहों, अन्य सभाओं एवं बड़े आयोजनों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इन आदेशों के अनुसार चिकित्सा व्यावसासियों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मियों, स्वच्छता कर्मियों तथा रोगी वाहनों के अंतरराज्यीय एवं राज्य के भीतर निर्बाधित आवागमन की अनुमति दी गई है। बाजार परिसरों के संबंध में आदेश दिए गए हैं कि इन परिसरों में स्थापित ऐसी दुकानें 03 मई, 2020 को निर्धारित दैनिक सारिणी के अनुसार खोली जा सकेंगी जिनका प्रवेश एवं निकासी द्वार पृथक एवं स्वतन्त्र है। दुकानें खोलने का क्रम 03 मई, 2020 को जारी आदेशों के अनुरूप रहेगा। रविवार को किराना, दवा तथा ऑप्टिशियन जैसी आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्त अन्य सभी दुकानें बंद रहेंगी। रविवार, बुधवार तथा शुक्रवार को प्रातः 8.00 बजे से सांय 3.00 बजे के मध्य बार्बर शॉप तथा ब्यूटी पार्लर खोले जा सकेंगे। इन सेवा प्रदाताओं के लिए दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। पूर्व निर्धारित क्वारेनटाइन सुविधाओं से औद्योगिक कामगारों को जिला के भीतर कार्यस्थल तक आने-जाने की अनुमति होगी। इसके लिए यह आवश्यक होगा कि इन कामगारों ने ऐसे स्थानों पर 14 दिन का समय पूरा कर लिया हो। दोपहिया वाहनों पर केवल एक कर्मी तथा औद्योगिक कामगार को आवागमन की अनुमति होगी। राष्ट्रीय निर्देशों के अनुरूप 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, अस्वस्थ व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं तथा 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे केवल आवश्यक जरूरत एवं स्वास्थ्य उद्देश्य को छोड़कर अपने आवास से बाहर नहीं जाएंगे। सभी सरकारी एवं निजी कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों को अपने उपयुक्त मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड कर इस पर नियमित रूप से अपनी स्वास्थ्य स्थिति अपडेट करनी होगी। सार्वजनिक स्थानों पर निर्धारित मानक परिचालन प्रक्रिया अपनानी होगी। औद्योगिक संस्थानों तथा व्यक्तियों के आवागमन के लिए पूर्व में जारी निर्धारित परिचालन प्रक्रिया लागू रहेगी। सरकारी कार्यालयों के कार्य के सम्बन्ध में आदेश हिमाचल प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा अलग से जारी किए जाएंगे। आदेशों के उल्लंघन पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 51 से 60, भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा अन्य विधिक नियमनों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
थाना कुनिहार के अंतर्गत होम क्वारंटाइन व्यक्ति अब अपने घर से दूर नहीं जा पायेगा क्योकि पुलिस प्रशासन ने कोविड 19 कंट्रोल एप जारी कर उसे उन सभी लोगो के फोन में डाऊनलोड कर रही ह। उक्त एप की यह खासियत होगी कि जिस किसी के फोन में यह एप होगी वह अपने घर से करीब 50 मीटर की दुरी तक जाने पर उसकी सुचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। यदि बात पुलिस थाना कुनिहार की करे तो थाना क्षेत्र में लगभग 111 लोग बाहरी राज्यों से अपने अपने घर क्वारंटाइन किए गए हैं जिनमे से कुछ लोगो के होम क्वारंटाइन के दिवस पूर्ण व् स्वास्थ्य सम्बन्धित जाँच की जा चुकी है व् वर्तमान में लगभग 88 लोग होम क्वारंटाइन रह गए है। गत वीरवार से ही पुलिस प्रशासन द्वारा कोविड 19 कंट्रोल एप डाउनलोड करवाना शुरू कर दिया ह। इसके लिए पुलिस थाना कुनिहार में कोविड 19 एक्टिव कंट्रोल रूम के साथ साथ एक नोडल अधिकारी भी बनाया गया है जो उक्त एप पर 24 घंटे नजर बनाए रखेग। यदि बात कोविड 19 कंट्रोल एप की करे तो उक्त एप होम क्वारंटाइन व्यक्ति के मोबाईल में डाऊनलोड होगी यदि क्वारंटाइन व्यक्ति अपने घर से महज 50 मीटर की दूर तक चला जाए तो एप तुरंत एक्टिव होकर उसकी सुचना पुलिस थाना में बनाए कंट्रोल रूम को दे देगी जिसके चलते पुलिस तुरंत उक्त व्यक्ति को पकड़कर कानूनी कार्यवाही के साथ साथ प्रशासनिक क्वारंटाइन सेंटर में भी डाल सकती ह। अभी तक पुलिस लगभग 55 से अधिक होम क्वारंटाइन व्यक्तियों के फोन में उक्त एप को डाउनलोड करवा चुकी है व् अन्य व्यक्तियों के फोन में भी एप को डाउनलोड करवाए जाने की प्रक्रिया जारी है। इसी विषय बारे जब थाना प्रभारी कुनिहार जीतसिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशानुसार सभी होम क्वारंटाइन व्यक्तियों के फोन में कोविड 19 कंट्रोल एप डाउनलोड करवाया जा रहा ह। गत दो दिनों के अंदर ही करीब 55 होम क्वारंटाइन व्यक्तियों के फोन में एप को डाउनलोड करवाया जा चूका है। उन्होंने बताया कि एप का कंट्रोल रूम पुलिस थाना में बनाया गया है कोई भी होम क्वारंटाइन व्यक्ति अपने घर से अगर 50 मीटर की दुरी तक चला जाये तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को मिल जायेगी नियमों की अवहेलना करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही अम्ल में लाई जायेगी। उन्होंने सभी क्वारंटाइन लोगो से अपील की है कि प्रसासन के दिशा निर्देशों का पालन कर इस वैश्विक महामारी से लड़ने में अपना योगदान दें।
स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत विकास खण्ड कुनिहार की कोठी, हाटकोट व कुनिहार पंचायत के सफाई कर्मचारियों को लॉकडाउन के दौरान कुनिहार जनपद में स्वच्छता अभियान को निरंतर जारी रखने के लिए सम्मानित किया गया। खण्ड विकास अधिकारी कुनिहार विवेक पॉल द्वारा प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन द्वारा घोषित पहले लॉकडाउन से तीसरे लॉकडाउन तक कुनिहार शहर में उक्त तीनों पंचायत के सफाई कर्मियों को शहर में सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सोमवार को इन्हें स्वच्छ भारत मिशन के तहत मास्क, हैंड सेनेटाइजर व ग्लब्ज देकर सम्मानित किया गया। खण्ड विकास अधिकारी विवेक पॉल ने बताया, कि इस विकट समय मे इन सफाई कर्मचारियों द्वारा कुनिहार में साफ सफाई का पूरा कार्य पूरी लगन व शिद्दत से करते हुए एक करोंना योद्धा की तरह अपना फर्ज निभाया है। इनके द्वारा शहर की सफाई व्यवस्था बनाये रखने के लिए खण्ड विकास कार्यालय परिसर में आज स्वच्छ भारत अभियान के तहत सम्मानित किया गया। इस दौरान विवेक पॉल खण्ड विकास अधिकारी, संजय वर्मा एसबीपीओ, बलविंदर कौर एलएसईओ,नीलम पंचायत सब इंस्पेक्टर,अनिल सहित कुनिहार विकास खण्ड के कर्मचारी मौजूद रहे।
खंड विकास अधिकारी कुनिहार द्वारा ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के कोविड-19 के योद्धा सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया। खंड विकास अधिकारी विवेक पाल ने ग्राम पंचायत भवन के हॉल में कोविड-19 के योद्धा सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया। विवेक पाल ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में हमारे समाज के कुछ वर्ग बहुत बड़ा जोखिम उठाकर कोरोना महामारी से लड़ रहे हैं और सरकार द्वारा दी गई हिदायतों का पालन करते हुए, समाज की सेवा कर रहे है। उन योद्धाओं को सम्मान देकर उनका उत्साह बढ़ाना हमारा दायित्व बन जाता है। उन्होंने करुणा के इन योद्धाओं को मास्क, गलब्स और सैनिटाइजर भी प्रदान किया। पंचायत प्रधान सुरेंद्र शुक्ला ने इस अवसर पर कहा कि इन कर्मचारियों ने बिना किसी ब्रेक के निरंतर सफाई करने की जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है अतः यह लोग वास्तविक रूप से इस सम्मान की पात्र हैं। उन्होंने लोगों से विनम्र आग्रह किया की इस महामारी की जंग को जीतने के लिए सभी लोग सफाई का विशेष ध्यान रखें और सरकार द्वारा दी गई हिदायतों का ईमानदारी से पालन करें। इस अवसर पर पंचायत प्रधान सुरेंद्र शुक्ला, उपप्रधान लेखराज चंदेल, पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र, पवन कुमार, सिलाई अध्यापिका मीरा देवी तथा अन्य लोग उपस्थित रहे।
Gurukul International Senior Secondary School में लॉक डाउन के चलते छात्रों के सर्वागीण विकास के लिए विद्यालय की प्रधानाचार्य गुरप्रीत माथुर के निर्देशानुसार कक्षा तृतीय से कक्षा बारहवीं तक के छात्रों से विभिन्न प्रकार की गतिविधियां करवाई जा रही है ताकि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के क्रियाकलापों में व्यस्त रह कर कुछ नया सीख समय का सदुपयोग कर सकें। इन गतिविधियों के तहत क्ले मॉडलिंग, पेपर फ्लावर मेकिंग, शगुन के लिफाफे तथा कठपुतली के माध्यम से शिक्षाप्रद कहानियां सुनाना जैसी प्रतियोगिताएं कराई गई। निर्णायक मंडल ने अपने निर्णय से प्रथम द्वितीय तथा तृतीय स्थान निकाला। मातृ दिवस के अवसर पर प्रत्येक छात्र से अपनी माता के लिए कुछ विशेष उपहार व्यंजन आदि बनाने को कहा गया ताकि वह सीमित साधनों में अपनी जननी को अमूल्य उपहार भेंट कर सकें। लॉक डाउन के दौरान समय-समय पर प्रधानाध्यापिका द्वारा अभिभावकों से वीडियो कॉलिंग द्वारा बातचीत भी की जा रही है। उनकी समस्याएं-सुझावों पर ध्यान भी दिया जा रहा है। प्रतियोगिता परिणाम कक्षा-तृतीय-क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता प्रथम द्वितीय तृतीया 3 (A ) अनन्या गगत ध्वनि बंसल रिद्विका शर्मा 3 (B ) अभय कश्यप अनवि उद्धव कक्षा-चार-पेपर फ्लावर मेकिंग 4 (A ) राजवीर इंदरवीर लक्षित 4 (B ) हान्या शर्मा स्वस्तिक वर्मा दैविक कक्षा-पांच-शगुन कार्ड मेकिंग 5 (A ) आहना आनंद जतिन कश्यप अन्विता दुबे, सेजल शर्मा 5 (B ) अभिराज साहा सानवी धनतियान कासनी कठपुतली प्रतियोगिता परिणाम कक्षा- छह से आठवीं मुस्कान वर्मा 8 (A ) नित्य गुप्ता 8 (B ) हिमांशी शर्मा 6 (A ), अर्पिता पुंडीर 7 (A ) सांत्वना पुरस्कार : संस्कृति ठाकुर कक्षा- नवी से बारहवीं रितिका बस्ता 10 (A ) टिया ठाकुर 10 (A ) ट्विंकल शर्मा 9 (A ) सूर्यांश टंगरा 9 (A ) सांत्वना पुरस्कार : राशि वर्मा 12 (कॉमर्स)
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि कोविड-19 जैसी महामारी से निपटने के लिए हम सभी को विभिन्न दिशा-निर्देशों का दीर्घावधि में पालन सुनिश्चित बनाने के लिए संकल्पित होना होगा। डाॅ. सैजल सोेलन जिला के कण्डाघाट उपमण्डल की ग्राम पंचायत चायल, झाझा तथा सकोड़ी में 1000 से अधिक मास्क वितरित करने के उपरान्त पंचायती राज प्रतिनिधियों एवं स्थानीय निवासियों से विचार-विमर्श कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित फेस मास्क वितरित किए और कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर कहा कि कोविड-19 पर विजय प्राप्त करने के सरकारी प्रयास जन सहयोग के बिना सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि जब तक लोग स्वेच्छा से सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करने, घर से बाहर सदैव मास्क पहन कर जाने और नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने का संकल्प नहीं लेंगे तब तक कोरोना वायरस संक्रमण से बचा नहीं जा सकेगा। उन्होेंने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि स्वस्थ एवं सुरक्षित रहने के यह तीन नियम कोविड-19 के विरूद्ध श्रेष्ठ सुरक्षा चक्र हैं और इन्हें न मानकर लोग अपने परिवार एवं पूरे समाज को खतरे में डाल देंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि इस दिशा में लोगों को स्वंय जागरूक होना होगा। लोग न केवल स्वंय इन तीन नियमों का पालन करें अपितु अन्य से भी इनकी अनुपालना करवाएं। उन्होेंने कहा कि यदि लोग बिना मास्क के आने-जाने वाले तथा सोशल डिस्टेन्सिग न करने वाले लोगों से इनके पालन का आग्रह करें तो ही नियमों की शत-प्रतिशत अनुपालना सुनिश्चित होगी। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्राम वासियों से आग्रह किया कि अपने क्षेत्र में बाहरी राज्यों से आए व्यक्तियों की सूचना स्थानीय प्रशासन को दें और ऐसे व्यक्तियों का होम क्वारेनटाईन पूरा करवाएं। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर स्थानीय निवासियोे की विभिन्न समस्याओं को सुना और इनके निपटारे का विश्वास दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्र में पुष्पों की बिक्री न होने के कारण हुए नुक्सान से परिचित है और इस दिशा में हर सम्भव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि क्षेेत्र से टमाटर की फसल को समय पर मण्डियों तक पंहुचाने के लिए प्रशासन द्वारा उचित प्रबन्ध किए जाएंगे। सहकारिता मंत्री ने इस अवसर पर सफाई कर्मियों को सम्मनित भी किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी वन्दना चैहान ने इस अवसर पर महिलाओं को घर पर ही मास्क बनाने की विधि की व्यवहारिक जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर भाजपा मण्डल सोलन के अध्यक्ष मदन ठाकुर, अन्य पदाधिकारी, विभिन्न ग्राम पंचायतोें के प्रधान, उप प्रधान अन्य प्रतिनिधि, सीडीपीओ कण्डाघाट पवन गुप्ता सहित ग्रामवासी उपस्थित थे।
अर्की जल शक्ति मंडल के दाड़ला सब डिवीजन की अंतिम व दूरस्थ व दुरुह बैकवर्ड एरिया मांगल उठाऊ पेयजल योजना की तीनों स्टेजिज़ का अधिशाषी अभियंता कंचन शर्मा ने अपनी टीम के साथ निरीक्षण किया। कंचन शर्मा अपनी टीम के साथ लगातार 8 घंटों की पैदल चढ़ाई व उतराई पार करते हुए तृतीया व द्वितीय चरण का निरीक्षण करते हुए पहाड़ की तलहटी में स्थित योजना के प्रथम चरण पर पहुंची जहां उन्होंने स्कीम के कार्यों का निरीक्षण, अपने जलकर्मियों की कोविड के दौरान रहन सहन व जल स्रोत का निरीक्षण किया। प्रथम चरण पर पहुंचकर कंचन वहां कार्यरत अपने जल कर्मियों के लिए भावुक हो गईं। जहां आज हम कोविड के समय में अपनी ड्यूटी पर तैनात होकर गर्वित हो रहे हैं, वहीं ये जलकर्मी ताउम्र इन कठिन परिस्थितियों में बिना कोई सम्मान की चाहना से, बिना कोई डिमांड के चुपचाप काम कर रहे हैं। हालांकि इस योजना का प्रथम चरण आटोमेटिड है पर यहां स्त्रोत के रखरखाव व सफाई के लिए पहुंचना ही पड़ता है। सैंचुरी एरिया में स्थित इस योजना में बाघ, भालू, जंगली सुअर व अन्य जंगली जानवरों से दो चार होना ये अलग बात है।1989 में कमीशनड इस स्कीम का जीर्णोद्धार करने को है जिसके लिए कंचन शर्मा ने आदेश दे दिए हैं। इसके साथ ही द्वितिय व तृतीय चरण की आटोमेशन के लिए भी एस्टिमेट बनाने के आदेश दे दिए हैं।जल्द ही इस स्कीम को पूर्ण रुप से आटोमेटिड कर दिया जाएगा। कंचन शर्मा ने जनमानस से अनुरोध किया है कि कृपया वो जल कर्मियों का सम्मान करें। जल कर्मी बड़ी कठिन व भयानक परिस्थितियों में भी बहुत बार जान को जोखिम में डालकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं तो केवल इसलिए कि हमें घर बैठकर पानी पीने को मिले। जहां एक बार भी पहुंचकर वापिस आना कठिन है वहां ये लोग रोज् जाते हैं। कंचन शर्मा ने यह भी बताया कि तृतिय चरण का बिजली विभाग का ट्रांसफोर्मर बहुत पुराना हो चुका है जो बार बार खराब होकर हमारी स्कीम को बाधित करता है। इसका नवीनीकरण करवाया जाए। उन्होंने बिजली विभाग से अनुरोध किया है कि वे वहां पर इलेक्ट्रिक पोल लगवा दिए जाएं तो सर्दी व बरसात में जल कर्मियों को आने जाने की दिक्कत न हो। कंचन शर्मा के साथ कनिष्ठ अभियंता ओम प्रकाश, जितेंद्र, स्कीम पर कार्यरत जल कर्मी व कांट्रैक्टर भी थे जो वहां पहले भी कार्य कर चुके हैं।
प्रशासन द्वारा प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले नागरिकों को होम क्वारंटाइन तो किया जा रहा है, इसके बावजूद अभी भी कुछ लोग कोरोना वैश्विक महामारी को गंभीरता से नही ले रहे हैं व होम क्वारंटाइन नियमो की अवेहलना करते साफ दिखाई दे रहे हैं। कुछ ऐसा ही एक मामला अर्की निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुनिहार क्षेत्र में सामने आया है। जब क्षेत्र में होम क्वारंटाइन व्यक्तियों की स्वास्थ्य सम्बंधित जांच की जा रही थी तो एक व्यक्ति मौके पर मौजूद ही नहीं था जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस प्रशासन भी सकते में आ गया व सूचना के करीब तीन घण्टो के भीतर ही पुलिस ने उक्त व्यक्ति को जिला सोलन के कंडाघाट में दबोच लिया। जानकारी के अनुसार गत शनिवार को नागरिक चिकित्सालय कुनिहार में क्षेत्र के उन लोगो को अपनी स्वास्थ्य सम्बंधित जांच हेतु बुलाया गया था, जिनके अपने घर मे होम क्वारंटाइन के 7 से 14 दिन पूरे होने वाले थे। स्वास्थ्य जांच में आए व्यक्तियों में से कुनिहार पंचायत के उच्चा गांव के एक व्यक्ति के न आने के कारण उसे दूरभाष पर सम्पर्क किया गया तो वह कोई संतोषजनक उत्तर न देने की वजह से आशा वर्कर व एक स्वास्थ्य कर्मी उक्त व्यक्ति के घर गए जँहा उन्होंने पाया कि होम क्वारंटाइन व्यक्ति अपने घर मे नही है व उन्होंने इसकी जानकारी तुरन्त स्थानीय थाना को दे दी। जिसके पश्चात थाना प्रभारी जीत सिंह ने तुरंत कार्यवाही करते हुए उक्त व्यक्ति के फोन की लोकेशन को ट्रेस आउट किया व पाया कि वह व्यक्ति कुनिहार से करीब 60 किलो मीटर दूर कंडाघाट में है। पुलिस टीम ने उसे तुरंत अपनी हिरासत में लेकर कुनिहार लाया जंहा उसे प्रशासनिक होम शेल्टर राधा स्वामी सत्संग भवन कुनिहार सेंटर में रखा गया। इस बारे में डीएसपी सोलन रमेश शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि उक्त युवक के खिलाफ आपीसी की धारा 188,269,271 के तहत मामला दर्ज करके आगामी कार्यवाही की जा रही है व इस व्यक्ति को प्रशासनिक होम सेंटर में आगामी 14 दिनों के लिए क्वारन्टीन किया गया है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने जिला सोलन से बाहर जाने वाले तथा जिला में बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों के सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह नियुक्तियां आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 की धारा 34 तथा हिमाचल प्रदेश महामारी रोग (कोविड-19) संशोधन नियमन 2020 की धारा 03 के तहत प्रदत्त शक्तियोें का प्रयोग करते हुए की गई हैं। यह सभी नोडल अधिकारी अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला नोडल अधिकारी विवेक चन्देल की पूर्ण देख-रेख में कार्य करेंगे। इन आदेशों के अनुसार क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोलन सुरेश सिंघा को बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखण्ड तथा उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन राज्यों के व्यक्तियों के सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए इनसे मोबाईल नम्बर 82198-91321 पर सम्पर्क किया जा सकता है। खनन अधिकारी सोलन कुलभूषण शर्मा को उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, पंजाब, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर तथा दिल्ली के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन राज्यों के व्यक्तियों के सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए इनसे मोबाईल नम्बर 82628-20001 पर सम्पर्क किया जा सकता है। प्रदेश विद्युत बोर्ड के एसडीओ सन्नी कुमार जगोता कोे महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात तथा गोआ के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन राज्यों के व्यक्तियों के सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए इनसे मोबाईल नम्बर 94591-75377 पर सम्पर्क किया जा सकता है। जिला योजना अधिकारी नरेश शर्मा को देश के अन्य शेष राज्यों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन राज्यों के व्यक्तियों के सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए इनसे मोबाईल नम्बर 70182-12114 पर सम्पर्क किया जा सकता है। जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में इस सम्बन्ध में समग्र प्रबन्धन का कार्य हिमाचल प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी शुभकरण सिंह देखेंगे। वे उक्त क्षेत्र में सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए पुलिस अधीक्षक बद्दी, उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ एवं बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ सम्न्वय स्थापित कर कार्य करेंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्प्ल ने कहा कि सोलन जिला के डेंगू सम्भावित क्षेत्रों में विभिन्न नगर परिषदों एवं ग्राम पंचायतों के सहयोग से मच्छर नाशक स्प्रे एंव फोगिंग इत्यादि सुनिश्चिति बनाई जाएगी ताकि डेंगू एवं मच्छरों के कारण होने वाली वाली अन्य बीमारियों से बचाव हो सके। डाॅ. उप्पल आज यहां राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे। डाॅ. उप्पल ने कहा कि सभी क्षेत्रों में लोगों से आग्रह किया जाएगा कि अपने घरों में मच्छर नाशक स्प्रे करें और यहां-वहां पानी एकत्र न होने दें। उन्होंने कहा कि लोगों को डेंगू सहित मच्छरों के कारण होने वाली वाली विभिन्न बीमारियों के विषय में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में रक्तदाताओं की डेंगू के लिए जांच को बढ़ाया जाएगा ताकि संक्रमण को न्यून किया जा सके। उन्होंने कहा कि आवश्यक सावधानियों से डेंगू सहित मलेरिया एवं चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है। इस दिशा में सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। डाॅ. उप्पल ने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 के खतरे के साथ-साथ गर्मी के मौसम में होने वाली अन्य बीमारियों ये लोगों को बचाने और इस दिशा में जागरूक किया जाना जरूरी है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के इस सम्बन्ध में जारी निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि डेंगू जैसे रोग से बचाव के लिए और लोगों को जागरूक करने के लिए हर वर्ष स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस आयोजित किया जाता है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन.के. गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. अजय सिंह, सूचना एवं जन शिक्षण अधिकारी सुरेश शर्मा, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के पर्यवेक्षक देवरत्न शर्मा, सरोजना शर्मा, शशि गुलेरिया, स्मृति गौतम व स्वास्थ्य शिक्षिका सुषमा शर्मा सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे। इस अवसर पर स्वास्थ्य खण्ड सायरी सहित अन्य स्वास्थ्य खण्डों में भी राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर कार्यक्रम आयेाजित किए गए।
पूरा देश वैश्विक आपदा कोरोना से जूझ रहा है। लॉकडाउन में सभी लोग घर में हैं। इस आपदा में भी अपनी जान की परवाह किए बिना आम जनता की बेहतरी के लिए जो लोग रात दिन डटे हैं उनके उत्साह वर्धन के क्रम में समाज का भी कुछ दायित्व बनता है। ग्राम पंचायत धुन्दन के गांव टुयरु के ग्रामीणों द्वारा ऐसे कोरोना महावीरों का सम्मान किया गया। शुक्रवार को ग्राम पंचायत धुन्दन के प्रधान प्रेम लाल, उपप्रधान त्रिलोक ठाकुर व महिला मंडल की सदस्यों, स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस थाना दाड़लाघाट के एसएचओ मोती सिंह, ट्रैफिक इंचार्ज कमला वर्मा, कॉन्स्टेबल राकेश, मंजीत, दिनेश राणा, हेड कॉन्स्टेबल बृजमोहन, एचएसजी बालक राम सहित दसेरन नाके में डयूटी कर रहे पुलिस थाना के सदस्यों को सम्मानित किया गया। पंचायत धुन्दन के ग्रामीणों में पंचायत प्रधान प्रेम लाल, उपप्रधान त्रिलोक ठाकुर, आशा वर्कर गीता देवी, पूर्ण चंद, गोपाल, सुनीता, बबली, महिला मंडल की सदस्यों व स्थानीय ग्रामीणों ने कोरोना वायरस को फूल मालाओं से सम्मानित किया।
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दौरान श्रमिक संगठनों से चर्चा किए बिना श्रम कानूनों में किए गए बदलाव में आपत्ति जताते हुए अखिल भारतीय सीमेंट मज़दूर महासंघ के राष्ट्रीय उप महासचिव ओमप्रकाश शर्मा ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश औद्योगीकरण एवम आर्थिक विकास के पक्ष में है किंतु श्रमिकों, कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती। जैसे कि वर्तमान में श्रम कानूनों में बदलाव हेतु संगठनों से विचार विमर्श भी करना चाहिए, किंतु श्रम कानूनो में बदलाव के संदर्भ में ऐसा नहीं किया रहा है जो पूर्णतः अनुचित एवम एक पक्षीय है। इसी संदर्भ में अम्बुजा सीमेंट कर्मचारी संघ (भारतीय मजदूर संघ) ने एक पत्रक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को दिया है। इस पत्र में कहा गया है कि यदि हिमाचल में इस प्रकार का मज़दूर विरोधी श्रम कानून लागू होगा तो इससे उद्योग में अशांति का वातावरण होगा जिससे ओधोगिक शांति प्रभावित होगी क्योंकि मजबूरन श्रमिकों को आंदोलन करने के लिए विविश होना पड़ेगा तथा इसी संदर्भ में 20 मई को विरोध दिवस मनाया जाएगा। जिन जिन राज्यों में श्रम विरोधी कानून लागू किया है, भारतीय मजदूर संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने पुरजोर विरोध किया है। 8 घण्टे से बढ़ाकर 12 घण्टे ड्यूटी करना और इसकी योजना बनाना ऐसा कभी नहीं हुआ। यहां तक कि गैर लोकतांत्रित देशों में भी ऐसा नहीं किया गया, लेकिन वर्तमान सरकार ने साबित कर दिया कि यह सरकार पूर्णतया मज़दूर विरोधी है। इसका जवाब मज़दूर चुनाव के समय अवश्य देंगे क्योंकि मज़दूर विरोधी नीति मज़दूर कभी सहन नहीं करेगा। सीमेंट उद्योगों के लिए सरकार ने अभी तक कोई नीति नहीं बनाई है। यहां पर श्रमिक 25 सालों से कार्य कर रहें हैं लेकिन पक्के होने की नीति सरकार ने लागू नहीं की है। संगठन से वार्तालाप करके कुछ श्रमिकों को पक्का किया गया है। सरकार यह भी अनदेखी कर रही है, इसलिए सरकार इस विषय चिंतन करें अन्यथा भविष्य में केवल विरोध होगा, मज़दूर विरोधी श्रम कानून के लिए आंदोलन होगा। अन्यथा मज़दूर विरोधी श्रम क़ानून को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाएं।
कोरोना वायरस संकट के दृष्टिगत अतिरिक्त उपायुक्त सोलन विवेक चंदेल ने इस जागरूकता एवं मार्गदर्शन सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोरोना वायरस संकट के कारण देश में लॉकडाउन एवं प्रदेश में घोषित कर्फ्यू के दिशा-निर्देशों से सभी भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि बार्बर का कार्य समाज के लिए बहुपयोगी है और इस दृष्टि से यह आवश्यक है कि न केवल बार्बर अपितु समाज के सभी वर्ग प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन को सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जब भी प्रदेश सरकार द्वारा बार्बर की दुकान एवं सैलून खोलने का निर्णय लिया जाएगा तो बार्बर एवं सैलून संचालकों को कुछ दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। इनका उद्देश्य सभी को कोरोना वायरस के खतरे से बचाना है। सत्र में भारतीय प्रशासनिक सेवा की परिवीक्षाधीन अधिकारी डॉ. निधि पटेल तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने बार्बर को आवश्यक दिशा-निर्देशों एवं सावधानियों के बारे में अवगत करवाया। बार्बर को बताया गया कि कार्य आरम्भ होने पर उन्हें ग्राहकों को ऑनलाइन या फोन पर समय लेने के लिए कहना होगा और सीधा दुकान अथवा सैलून पर आकर कार्य करवाने से बचना होगा। इसका उद्देश्य यही है कि एक समय पर दुकान अथवा सैलून में ग्राहक एकत्र न हों। उन्हें बताया गया कि ग्राहकों के मध्य कम से कम 02 मीटर की दूर बनाए रखने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखनी होगी। प्रत्येक ग्राहक के जाने के उपरांत कुर्सी को एक प्रतिशत सोडियम होइपोक्लोराइट घोल से स्वच्छ किया जाना आवश्यक है। उनसे आग्रह किया गया कि ऐसे ग्राहकों को कार्यस्थल अथवा सैलून में आने से मना करें जो खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, बहती नाक या गले में खराश जैसे लक्षणों का सामना कर रहे हों। बार्बर को बताया गया कि कार्य करने वाले व्यक्ति को मास्क, टोपी एवं दस्ताने पहनना अनिवार्य होगा। केवल डिस्पोजेबल दस्ताने, तोलिया तथा गाउन का प्रयोग ही किया जा सकेगा। कंघी, ब्रश, रोलरर्स, स्ट्रीकिंग कैप, क्लिपर्स, गार्ड और कैंची इत्यादि को साफ करके सूखी स्थिति में रखना होगा। सभी उपकरणों को पहले साबुन और पानी से धोना होगा एवं तदोपरांत एल्कोहल अथवा स्पीरिट से उपचारित करना होगा। सभी से आग्रह किया गया कि बिना साफ किए गए उपकरणों का प्रयोग न करें। सैलून संचालको एवं बार्बर को बताया गया कि दुकान अथवा सैलून के प्रतीक्षा क्षेत्र में कोई पत्रिका एवं खाने का सामान न रखें। दुकान के दरवाजों के हैंडल, रैलिंग, कुर्सियां, ग्राहक काउंटर और भुगतान उपकरण जैसे उच्च स्पर्श सतहों को साफ और कीटाणूरहित रखें। वॉशरूम को भी साफ और कीटाणूरहित रखें। सभी बार्बर एवं स्टाईलिस्ट कर्मी को लिखित में यह प्रस्तुत करना होगा कि उन्हें फ्लू जैसा कोई लक्षण नहीं है और वे पिछले 14 दिनों से न तो राज्य से बाहर गए हैं और न ही किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा की परिवीक्षाधीन अधिकारी रीतिका, सहायक आयुक्त भानु गुप्ता सहित शहर के बार्बर एवं सैलून संचालक सत्र में उपस्थित थे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्दी नरेश कुमार शर्मा ने बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) क्षेत्र में सभी से आग्रह किया है कि वे वैश्विक महामारी कोविड-19 के खतरे को कम करने एवं इस संकट से प्रभावी रूप से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस को सहयोग दें तथा क्षेत्र में चोरी-छिपे विभिन्न पंगडंडियों इत्यादि से प्रवेश करने वाले बाहरी व्यक्तियों की सूचना पुलिस को प्रदान करें। नरेश कुमार शर्मा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बरोटीवाला तथा भटोलीकलां में इस सम्बन्ध में ग्राम पंचायत प्रधानों एवं ग्रामीणों को जागरूक कर रहे थे। नरेश कुमार शर्मा ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार सभी एहतियाती उपाय अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में बाहरी राज्यों से अपने घर पहुंच रहे व्यक्तियों के विषय में स्थानीय स्तर पर जानकारी आवश्यक है। इसके लिए जरूरी है कि ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधानों एवं सचिवों तथा वार्ड स्तर पर पार्षदों को इन व्यक्तियों के आने एवं होम क्वारेनटाइन की सूचना हो। उन्होंने सभी ग्राम पंचायत प्रधानों से आग्रह किया इस दिशा में जागरूक रहें और पूरी जानकारी प्रशासन एवं पुलिस के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति होम क्वारेनटाइन नियम का उल्लंघन करता है तो इसकी सूचना पुलिस को दें। ऐसे व्यक्ति को संस्थागत क्वारेनटाइन किया जाएगा और उसके विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नरेश कुमार शर्मा ने कहा कि जिला पुलिस विभिन्न पगडंडियों एवं छिपे रास्तों से क्षेत्र में आने वाले व्यक्तियों को रोकने के लिए प्रयासरत हैं। इस दिशा में पूर्ण सफलता जन सहयोग से ही सम्भव है। उन्होंने आग्रह किया कि ऐसे छिपे रास्तों के बारे में पुलिस को भी जानकारी दें और स्वयं भी इनकी निगरानी करें ताकि ऐसा कोई भी व्यक्ति क्षेत्र में प्रवेश न पा सके जो कोरोना संक्रमित हो। उन्होंने इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को अन्य विभिन्न जानकारियां प्रदान की और उनकी शंकाओं का समाधान किया। इस अवसर पर पंचायत प्रधान, सचिव तथा ग्रामवासी उपस्थित थे।
गणपति एजुकेशनल सोसाइटी कुनिहार विशेष अध्ययन केंद्र इग्नू विश्वविद्यालय ने जनवरी 2020 सत्र के लिए प्रवेशित लर्नरो के लिए विशेष परिचय सभा का आयोजन किया। यह परिचय सभा विशेषत: टेलीफोन कॉल द्वारा पूरी की। यह कदम अध्ययन केंद्र द्वारा कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए लिया। केंद्र के समन्वयक रोशन लाल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिकतर विद्यार्थी ग्रामीण परिवेश से सम्बंधित है इसलिए परिचय सभा का माध्यम उनके साधनों के अनुरुप चुना गया। इस माध्यम से लर्नरो को इग्नू शिक्षा प्रणाली तथा अध्ययन काल में विद्यार्थी तथा केंद्र की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। मुख्यता काउंसलिंग की उपयोगिता असाइनमेंट प्रस्तुतिक़रण परीक्षा अनुसूची ऑनलाइन सुविधा पर प्रकाश डाला गया साथ ही विद्यर्थियों द्वारा पूछे प्रशनो के उत्तर भी दिए गए। समन्वयक रोशन लाल शर्मा ने बताया कि जून 2020 परीक्षा का स्थगन हुआ है तथा आगामी जानकारी हेतु विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट , अध्ययन केंद्र के सम्पर्क में रहे।
प्रदेश सरकार के सघन प्रयासों से वैश्विक महामारी कोविड-19 के खतरे के मध्य चेहरे पर संतोष का भाव लिए हुए 37 लोग बुधवार को गोवा से सोलन पहुंचे। यह सभी प्रदेश के उन 1473 व्यक्तियों में से हैं जिन्हें विशेष रेलगाड़ी द्वारा गोवा से ऊना लाया गया। ऊना से ये 37 लोग प्रदेश पथ परिवहन निगम की बसों में परवाणू पहुंचे जहां स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत इन सभी को संस्थागत क्वारेनटाइन किया गया है। इन 37 लोगों में 33 पुरूष व 04 महिलाएं हैं। गोवा में होटल व्यवसाय से जुड़े 28 वर्षीय युवा ललित शर्मा मूल रूप से सोलन तहसील के सेर बनेड़ा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंनेे परवाणू पहुंचने पर प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार अन्य राज्यों में रह रहे हिमाचलियों के लिए मसीहा बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में घर तक पहुंचाने के लिए वे राज्य सरकार का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में जहां प्रदेश सरकार का साथ मिला वहीं परवाणू तक पहुंचाने में विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूर्ण सहयोग प्रदान किया। गोवा में ही होटल व्यवसाय से जुड़ी 23 वर्षीय ऊषा कसौली तहसील की कुम्मारहट्टी के बाड़ा गांव की रहने वाली है। अपने प्रदेश पहुंचने पर उन्होंने राज्य सरकार का धन्यवाद किया। सोलन के रबौन के रहने वाले 24 वर्षीय शुभम शर्मा गोवा में एक दुकान में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में वे राज्य सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण ही अपने घर तक पहुंचे हैं। इससे पूर्व बैंगलूरू से एक विशेष रेलगाड़ी के माध्यम से भी हिमाचल के लोग ऊना तक पहुंचे थे। इनमें से सोलन जिला के विभिन्न स्थानों के रहने वाले 59 लोगों को इन्डोर स्टेडियम बद्दी में संस्थागत क्वारेनटाइन किया गया है। इन 59 लोगों में से नालागढ़ उपमंडल की रामशहर तहसील के रन्धाला गांव के रहने वाले रूपलाल, लूनस के रहने वाले वीर सिंह तथा नालागढ़ के रहने वाले कमल ने अपनी गृह जिला पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विवेक चंदेल ने इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार देश के अन्य राज्यों से विशेष रेलगाडि़यों के माध्यम से सोलन जिला के निवासियों को विशेष रूप से निर्धारित संस्थागत क्वारेनटाइन स्थलों तक पहुंचाया जा रहा है। अभी तक बैंगलूरू तथा गोवा से सोलन जिला से संबंधित 96 लोगों को लाया गया है। उन्होंने कहा कि इन सभी व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशानुसार इन्हें क्वारेनटाइन सुविधा में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए यह सुनिश्चित बना रहा है कि सोलन जिला में सभी एहतियाती उपाय पूर्ण हों और लोगों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
अंकुश गुप्ता व उनकी टीम ने समाज सेवा का कार्यों में अपना नाम दर्ज करवाया है। उन्होंने अपनी टीम के साथ एक मुहिम शुरू की है ताकि उनके आसपास कोई भी व्यक्ति भूखा ना रहे। वह 23 मार्च से लगातार इस मुहिम को चला रहे हैं। इस मुहिम के चलते वह 2500 से 3000 लोगों को संजय कॉलोनी में और 200 से 250 लोगों को पीजी सेक्टर 29 में भोजन बांटा रहे है। वह भोजन बनाते व वितरित करते समय social distancing बनाए रखने तथा मास्क व ग्लव्स का प्रयोग करने का पूरा ध्यान रखते हैं। खाने के साथ-साथ उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद के 10000 लोगों को मास्क वितरित किए जो कि sector-29b में बांटे गए। अंकुश गुप्ता की टीम में वार्ड नंबर 20 के पार्षद सत्य प्रकाश देवशालि, अध्यक्ष सतबीर सिंह दीपक शर्मा, सुशील पांडे, शिव राणा, ललित गाबा, गौरव ठाकुर, मनदीप, मनी, विशाल, सौरव, अमित, विराज, सुभाष, लकी व मुकेश शामिल है साथ ही उनके इस प्रयास में उनके मित्र जो ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं जिसमें मनोज गुप्ता, परमिंदर, अमन, स्पर्श, सुनील पुरी व कनाडा से सौरभ गुप्ता और रंजीत चौहान के साथ साथ रविंद्र सिंह और ऑफशोर अकाउंटेंट्स अपना योगदान दर्ज करवा रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष संजय टंडन, मेयर राज बाला मलिक तथा जिला प्रधान मनु भसीन का धन्यवाद किया है जिन्होंने समय-समय पर उनका साथ दिया है।
भारतीय जनता पार्टी अर्की की नगर इकाई की पन्ना प्रमुखों की बैठक वीडियो कांफ्रैंसिंग के माध्यम से हुई। बैठक की अध्यक्षता नगर इकाई के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने की। इस बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल व अर्की मंडल के अध्यक्ष डीके उपाध्याय विशेष रूप से शामिल रहे। नवीन गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में अर्की नगर भाजपा की ओर से लाॅकडाउन के दौरान पीएम केयर फंड व सीएम केयर फंड में राशि जमा करने, फेस मास्क वितरित करने तथा प्रवासी मजदूरों को राशन वितरित करने के बारे में चर्चा की गई। प्रदेश उपाध्यक्ष रतन पाल ने अर्की नगर के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होने कहा कि अर्की भाजपा मंडल द्वारा महिला मंडल को दिया गया मास्क बनाने का कार्य भी समय पर पूरा कर लिया गया जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। इस बैठक में प्रभा भारद्धाज, गौरव गुप्ता, मनोज कुमार, राजीव शर्मा, मनसाराम, कांता भाारद्धाज तथा केके भारद्धाज सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
उपमंडल की ग्राम पंचायत सरयांज के प्रमुख लोग प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल से मिले। इस अवसर पर लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पाल के समक्ष अपने क्षेत्र की समस्याओं को रखा। लोगों ने मूल रूप से उनके क्षेत्र में आ रही पेयजल समस्या को प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष के समक्ष रखा। उन्होने लोगों को आश्वस्त किया कि वे उनकी समस्या को अधिकारियों के समक्ष रखेंगे तथा शीघ्रातिशीघ्र उनका समाधान करवाएंगे। इस अवसर पर अर्की भाजपा के पूर्व मंडलाध्ष्क्ष रमेश ठाकुर, कमल कांत ठाकुर, सोहन लाल, राजेंद्र कुमार, बलदेव, हेतराम, देवी चंद, दयाराम, संवारू राम, मस्तराम, यतेंद्र कुमार व पवन कुमार मौजूद रहे।
लगभग डेढ़ साल से कुनिहार में अटल आदर्श विद्यालय खुलने में फंसा पेच आखिर निकल ही गया जिससे लम्बे समय से यह स्कूल खुलने की राह देख रहे कुनिहार वासियों को स्कूल खुलने की आस जग गई है। गौर रहे कि 25 जनवरी 2019 को पूर्ण राजत्व दिवस के मौके पर रावमापा छात्र कुनिहार के मैदान में स्वयं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कुनिहार में अटल आदर्श विद्यालय खोलने की घोषणा की थी जिससे कुनिहार क्षेत्र व साथ लगती दर्जनों पंचायतो के लोगों में भारी खुशी थी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा का स्थानीय जनता व सामाजिक संस्थाओं ने तहदिल से स्वागत करते हुए समाचार पत्रों व चैनलों के माध्यम से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया था लेकिन लोगों में तब निराशा छा गई जब पता चला कि नियमो के अनुसार जिस विकास खण्ड में नवोदय विद्यालय होंगे वँहा यह विद्यालय नही खुलेंगे। लेकिन अब खबरों के मुताबिक कैबिनेट द्वारा अटल आदर्श विद्यालय की गाइड लाइन में संसोधन किया गया है जिसमे अब नवोदय विद्यालय की कंडीशन को हटा दिया गया है। इस खबर से कुनिहार व आसपास के क्षेत्र में खुशी की लहर है। लोगों व सामाजिक संस्थाओं का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा को पूरा होने का समय आ गया है व अब जल्द ही कुनिहार में अटल आदर्श विद्यालय खोलने की अधिसूचना भी जारी होने की पूरी उमीद है। एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी के निदेशक तथा जिला मीडिया सह प्रभारी इंद्रपाल शर्मा सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं सर्व एकता मंच के राजेन्द्र कुमार ठाकुर,नव चेतना संस्था के कुलदीप कंवर, एहसास कल्याण समिति अध्यक्ष रुमित ठाकुर, विकास सभा कुनिहार के अध्यक्ष धनीराम तनवर,सम्भव चेरिटेबल सोसायटी की अध्यक्षा कौशल्या कंवर,हरजिंदर ठाकुर,कुलदीप पंवर सहित लोगों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि अब शीघ्रातिशीघ्र लम्बे समय से घोषित अटल आदर्श विद्यालय की आधार शिला रखकर क्षेत्र वासियों को इस सौगात से नवाजे जिससे सभी अटकलों को विराम लगे। क्षेत्र के लिए इस सौगात से क्षेत्र वासी आपके सदा आभारी रहेगें। रावमापा छात्र कुनिहार के एस एम सी अध्यक्ष रणजीत ठाकुर के अनुसार विद्यालय सम्बन्धी जमीन व अन्य औपचारिकताएं पूरी कर विभाग को पहले ही भेजी जा चुकी है। अगर अन्य कोई औपचारिकता होगी तो उसे पूरा कर दिया जाएगा। इस बारे जब भाजपा मण्डल अध्यक्ष अर्की देवेंद्र उपाध्याय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा अर्की विधान सभा क्षेत्र के कुनिहार में अटल आदर्श विद्यालय खोलने की घोषणा में आ रही दिक्कत लगभग खत्म हो चुकी है।व शीघ्र ही मुख्यमंत्री जी से आग्रह कर इस घोषणा को पूरा करवाया जाएगा।


















































