हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया 15 अगस्त, 2024 को सोलन के प्रवास पर रहेंगे। कुलदीप सिंह पठानिया 15 अगस्त, 2024 को सोलन के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में आयोजित होने वाले ज़िला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यातिथि होंगे। प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष 15 अगस्त, 2024 को प्रातः 10.40 बजे शहीद स्मारक पर कृतज्ञ प्रदेशवासियों की ओर से देश के लिए अपने सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीरों को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। कुलदीप सिंह पठानिया तदोपरांत प्रातः 11.00 बजे ठोडो मैदान में ज़िला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर ध्वजारोहण करेंगे। वह तदोपरांत परेड का निरीक्षण करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष इस अवसर पर संदेश के उपरांत उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों एवं अन्य को सम्मानित भी करेंगे। कुलदीप सिंह पठानिया तत्पश्चात सायं 03.00 बजे कसौली विधानसभा क्षेत्र की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कण्डा में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।
शिमला जिले के समेज में आपदा के 14वें दिन आज भी सर्च ऑपरेशन जारी है। अब तक त्रासदी के बाद 16 शव बरामद हो चुके हैं, जिनमें से 7 शवों की पहचान कर ली गई है, जिनमें से एक शव चार साल के आद्विक का है, जो अपनी मां कल्पना और अपनी बहन के साथ बाढ़ में बहने के बाद लापता हो गया था वहीं, बाकी बचे लापता लोगों के लिए सर्च ऑपरेशन आज भी जारी हैं। गौरतलब है कि 31 जुलाई की रात को समेज की पहाड़ियों पर बादल फटने के कारण आई बाढ़ में पूरा गांव बह गया, जिसमें 36 लोग बाढ़ में बहकर लापता हो गए, जिनमें से 7 लोगों के शव रेस्क्यू टीम ने बरामद कर लिए हैं, जबकि 29 लोगों की खोज अभी भी जारी है।
हिमाचल प्रदेश में आगामी कुछ दिनों के लिए मौसम खराब रहने वाला है। मौसम विभाग ने आगामी 6 दिनों के लिए प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई है। 14 अगस्त से 20 अगस्त तक प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा मौसम विभाग ने 15 अगस्त के दिन प्रदेश में फ्लैश फ्लड को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। खासकर सिरमौर जिले में आगामी कल बाढ़ आने का खतरा बना रहेगा। वहीं, मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेशभर में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। आज भी हिमाचल के विभिन्न जगहों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
पेंशनर्स एसोसिएशन कुनिहार के अध्यक्ष विनोद जोशी ने कार्यकारिणी के पदाधिकारियों से विचार-विमर्श करने के बाद एसोसिएशन की कार्यकारिणी का विस्तार किया, जिसमें धनीराम तनवर को एसोसिएशन का संरक्षक, दलीप सिंह, पीसी पंवर, जगदीश सिंह को सलाहकार, कृष्ण लाल तनवर को वरिष्ठ उप प्रधान, विजय सिंह, दीप राम ठाकुर, राम स्वरूप को उप प्रधान, डीएन परिहार को संगठन सचिव, गोबिन्द राम को कार्यालय सचिव, ज्ञान चंद पंवर को प्रेस सचिव, ज्ञान चंद ठाकुर को लेखा कार (परीक्षक) तथा जिला डेलिगेट्स जगदीश पंवर, सूर्यकान्त जोशी, मनसा राम पाठक, गोपाल पंवर, भाग मल तनवर को बनाया गया। इसके अलावा दिला राम पंवर,ओम प्रकाश,दिनेश तनवर, राजेन्द्र कुमार,श्याम लाल परिहार, कृष्ण लाल, श्याम लाल ठाकुर, जगदीश गर्ग आदि को कार्यकारिणी के सदस्य बनाए गए। अध्यक्ष विनोद जोशी ने सीएम सुक्खू से मांग की है कि 15 अगस्त को पेंशनरों का डीए एक मुस्त दिया जाए, तथा लंबित मेडिकल बिलों का भुगतान भी सरकार जल्द से जल्द करें।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) में हिमाचल प्रदेश में अब 100 आबादी वाले गांव सड़क सुविधा से जुड़ेंगे। चरण 1, 2 और 3 में हिमाचल में अधिकांश ढाई सौ से एक हजार की आबादी वाले गांव सड़क से जुड़ गए हैं। अब चरण-4 में छोटे गांव में सड़कें पहुंचाई जानी हैं। इससे हिमाचल में ढाई सौ के करीब गांव को फायदा होगा। प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग को सड़कों के प्रोजेक्ट को तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि चरण-4 में सड़कों की लंबाई 900 किलोमीटर के करीब है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़कों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है। जिन ठेकेदारों को सड़कें बनाने के काम आवंटित किए गए हैं। उन्हें पांच साल तक सड़कों की रिपेयर करनी होगी। वह स्वयं सड़कों का निरीक्षण कर रहे हैं। चंबा दौरे के बाद अब मंडी में सड़कों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसमें जूनियर इंजीनियर से लेकर चीफ इंजीनियर मौके पर मौजूद रहेंगे। इसके अलावा लोगों से भी सड़कों के बारे में बात की जाएगी। दौरे के बाद सचिवालय में अधिकारियों के साथ रिव्यू बैठक होनी है। इसमें अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण कार्यों में कोताही बरतने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी। समय समय पर विभाग की ओर से कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश जारी किए जा रहे हैं। तीन बार नोटिस जारी होने के बाद इन्हें ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग के क्वालिटी कंट्रोल विंग को मजबूत किया गया है। विंग को जगह-जगह पर चल रहे निर्माण कार्यों की निरंतर गुणवत्ता जांचने के लिए नमूने लेने के निर्देश दिए गए हैं ताकि गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जा सके।
हिमाचल प्रदेश के 68 विधानसभा क्षेत्रों के आठ-आठ स्कूलों में रीडिंग रूम बनेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की बजट घोषणा पढ़ो हिमाचल अभियान लागू करने में शिक्षा विभाग जुट गया है। स्थानीय युवा इन रीडिंग रूम का प्रयोग कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। बुर्जुर्गों सहित अन्य लोगों को पढ़ने के लिए यहां समाचार पत्र व अन्य पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाएंगी। अभियान को सफलतापूर्वक चलाने और जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्टाफ सदस्यों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों की एक समिति भी बनाई जाएगी। प्रदेश में पढ़ने-पढ़ाने की संस्कृति के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने वर्ष 2024-25 के बजट भाषण में पढ़ो हिमाचल नाम से एक व्यापक जन अभियान प्रारंभ करने का ऐलान किया है। इस अभियान में विद्यालयों के साथ-साथ ग्रामीण एवं शहरी जन समुदाय को जोड़ा जाना है। अभियान के तहत प्रदेश के 500 शिक्षण संस्थानों में सामान्य पाठकों और विशेष रूप से युवाओं के लिए रीडिंग रूम बनाए जाएंगे। इन्हीं शिक्षण संस्थानों के पुस्तकालयों को चलाने में आम जन की भागीदारी को भी सुनिश्चित किया जाएगा। मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को योजना को लागू करने के पत्र जारी किए हैं। शिक्षा निदेशालय ने बताया कि प्रदेश के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में आठ-आठ स्कूलों का चयन किया जाना है। ऐसे स्कूलों को चयनित करने को कहा गया है जहां पहले से ही वाचनालय की सुविधा है। स्कूल प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि चयनित स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दें कि वे छात्रों, स्थानीय ग्रामीणों और ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं के लिए पठन-पाठन की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्था करें। सुनिश्चित करें कि प्रत्येक स्कूल पुस्तकालय के संचालन की देखरेख करने तथा आम जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्टाफ सदस्यों तथा स्थानीय समुदाय के सदस्यों की एक समिति बनाए।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से हिमाचल नौ राज्यों में एनएसयूआई के राज्य अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद इनकी नियुक्ति की गई है। अभिनंदन ठाकुर को हिमाचल प्रदेश एनएसयूआई का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस संबंध में कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जानकारी दी गई।
बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार ने खंड सतरीय अंडर-14 अप्पर जोन छात्र खेलकूद प्रतियोगिता में बैडमिंटन में विजेता ट्राफी का ख़िताब जीता। जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि इस खंड सतरीय छात्र खेल-कूद प्रतियोगिता का आयोजन इश्वार्मा पब्लिक स्कूल दाडलाघाट में 11 अगस्त से 13 अगस्त तक किया गया था, लगभग 305 छात्रों ने इस खेल कूद प्रतियोगिता में भाग लिया I विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि विद्यालय से 5 बच्चों ईशान ठाकुर, आयुष, कुशल, नैतिक और कार्तिक ने बैडमिंटन प्रतियोगिता में भाग लिया था I इस खेल कूद प्रतियोगिता में लगभग 18 स्कूलों ने बैडमिंटन में भाग लिया, जिसमे उन्होंने अंतिम मुकाबले में सुल्तानपुर स्कूल को परास्त कर विजेता ट्राफी अपने नाम की I शारीरिक शिक्षक अमर देव ने बताया कि इन बच्चो का चयन जिला सतरीय खेल कूद प्रतियोगिता के लिए हुआ है I बीएल स्कूल लगातार कई सालों से बैडमिंटन ट्राफी का वर्चस्व कायम रखे हुए है I खेल कूद सपर्धा के समापन समारोह के उपरान्त सभी विजेताओं और उप-विजेताओं को अर्की विधानसभा एम्एलए व CPS संजय अवस्थी द्वारा पारितोषिक देकर सम्मानित कियाI विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष तथा अध्यापक अभिभावक संघ के सभी सदस्यों ने भी बच्चों व उनके अभिभावकों के साथ-साथ शारीरिक शिक्षक अमर देव को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है व उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है I इस खेल कूद स्पर्धा के दौरान प्रारम्भिक खेल अधिकारी जिला सोलन महेंदर सिंह ठाकुर, खेल प्रभारी सीस राम और अन्य कोच आदि भी मौजूद रहे I विद्यालय प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल, मुख्यध्यापिका सुषमा शर्मा और समस्त अध्यापक वर्ग ने उनकी उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई दी I विद्यालय प्रधानाचार्य ने बताया कि बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि खेल कूद के क्षेत्र में भी विद्यालय और कुनिहार का नाम रोशन करते हैं I
शिमला: भारतीय सेना की अग्निवीर योजना की लिखित परीक्षा पास करने वाले युवाओं को शिमला भर्ती कार्यालय की ओर से फिजिकल टेस्ट के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर जिलों के युवा www.joinindianarmy.nic.in वेबसाइट पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। फिजिकल टेस्ट प्रिथी मिलिट्री स्टेशन, अवेरीपट्टी, रामपुर बुशहर में 3 सितम्बर से 9 सितम्बर 2024 के बीच होंगे। युवाओं को अग्निवीर बनने के लिए 1600 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। कम से कम छह और अधिकतम 10 चिनअप, 9 फीट गड्डे को पार करने के साथ जिग जैग बैलेंस दिखाना होगा। सेना भर्ती कार्यालय शिमला की भर्ती निदेशक कर्नल पुष्विंदर कौर ने बताया कि, 'उम्मीदवार अपने साथ दसवीं एवं बारहवीं पास की मार्कशीट, मूल निवास स्थाई प्रमाणपत्र (Bonafide / Himachali Cert), डोगरा/ माइनॉरिटी प्रमाणपत्र (Dogra Class/ Minority Cert.), जाति प्रमाणपत्र (Caste Cert.), चरित्र प्रमाणपत्र (Character Cert.) केवल नायब तहसीलदार/ तहसीलदार कार्यालय से क्यूआर कोड के साथ ऑनलाइन जारी किया हुआ ही मान्य होगा। उम्मीदवारों को ऐफिडेविट (भर्ती नोटिफिकेशन के अनुसार), 20 रंगीन पासपोर्ट साइज़ फोटो, जिसका बैकग्राउंड नेवी ब्लू हो और अविवाहित होने का प्रमाणपत्र लाना होगा, जिन उम्मीदवारों के पास टेक्निकल शिक्षा प्रमाणपत्र (NIELIT/ITI), एनसीसी और वैध खेल कूद प्रमाणपत्र हो तो उसे अपने साथ जरुर लेकर आएं। उम्मीदवारों के पिताजी सेवानिवृत या सेवारत हैं उन्हें उम्मीदवार ‘रिलेशनशिप सर्टिफिकेट’ एवं साथ में 'डिस्चार्ज बुक' की कॉपी लेकर भर्ती के लिए आना होगा। भर्ती निदेशक कर्नल पुष्विंदर कौर ने युवाओं से आह्वान किया है कि एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में कोई भी दिक्कत होने से भर्ती कार्यालय शिमला में संपर्क करें। भर्ती कार्यालय शिमला ऐसे में हरसंभव मदद करेगा। साथ ही उन्होंने अभ्यर्थियों को दलालों से भी सावधान रहने की सलाह दी है। बता दें कि शिमला भर्ती कार्यालय की ओर से शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर के युवाओं की ऑनलाइन लिखित परीक्षा विभिन्न केंद्रों पर 22 अप्रैल को आयोजित की गई थी।
** मुकेश अग्निहोत्री ने साझा की जानकारी लंबे अरसे से लंबित पड़ी फ़ीना सिंह सिंचाई योजना को केंद्र सरकार ने मंज़ूरी दी। क़रीब 300 करोड़ राज्य कोष से खर्च करने के बाद एक दशक से लटकी थी यह परियोजना। अब बाक़ी राशी केन्द्र उपलब्ध करबायगा। यह राशी भी क़रीब 300 करोड़ के आसपास रहेगी। यह योजना कांगडा ज़िले के लिए वरदान रहेगी। हिमाचल में सरकार बनने के बाद से इसे लगातार हम केन्द्र से उठा रहे थे। इस मंज़ूरी के लिए केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल का आभार एवं राज्य के जल शक्ति विभाग ब सहयोगी अफ़सरों को बधाई। याद रहे यह हिमाचल के पानी विभाग का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिस के लिए लम्बा संघर्ष हुआ।
** प्रतियोगिता में 12 स्कूलों के 172 छात्रों ने लिया भाग राजकीय वरिष्ठ माद्यमिक विद्यालय कोट बेजा में शिक्षा खंड पट्टा के तहत आने वाले बारह स्कूलों के 172 छात्रों की खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में स्कूली छात्रों द्वारा कबड्डी, बैडमिंटन, बॉलीवॉल ,खो खो, मार्च पास्ट,आदि प्रतियोगिता करवाई गई। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर जिला परिषद सदस्य रीना चौहान ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। मुख्य अतिथि का स्कूल परिसर में पहुचने पर प्रिंसिपल, विद्यालय स्टाफ,अभिभावको और स्थानीय लोगो ने स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चो को बधाई देते हुए कहा कि मानव जीवन मे खेलो का बड़ा महत्व है तथा खेल हमे जीवन मे आगे बढ़ने की प्रेरणा देते है उन्होंने बच्चों से आवाहन किया कि वे जीवन मे हमेशा नशे से दूर रहें व परीक्षा में अच्छे अंक लेकर अपने अभिभावको,व गुरूजनों का नाम रोशन करें। मुख्य अतिथि ने खेल प्रतियोगिता में विजेता,उपविजेता टीमो को ट्राफी देकर समानित किया। स्कूल प्रसाशन की ओर से स्कूल की प्रिंसिपल निरुपमा अग्निहोत्री ने मुख्य अतिथि के सामने स्कूल के खेल मैदान के लिए धनराशि की मांग की, जिस पर जिला परिषद सदस्य ने एक लाख रुपए देने की घोषणा की तथा साथ ही स्कूली बच्चों के लिये 5100 रुपए भी प्रदान किए । इस अवसर पर पंचयात प्रधान किरण ठाकुर, राजेन्द्र शर्मा, नरेश कुमार सहित अन्य लोग उपस्तिथ रहे।
हिमाचल में सुक्खू सरकार ने बड़ा फेरबदल करते हुए 27 तहसीलदारों का तबादला किया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने इस बारे में आदेश जारी कर दिए है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। सरकार की तरफ से जारी आदेशों के मुताबिक नीलम कुमारी को चंबा से बदलकर टेंपल ऑफिसर ब्रजेश्वरी जिला कांगड़ा लगाया गया है। नीलक्ष शर्मा तहसील ऑफिस ननखडी से ट्रांसफर करके अब तहसीदाद रिकवरी डीसी ऑफिस सिरमौर का जिम्मा देखेंगे। अपूर्व शर्मा तहसील कांगड़ा भेजा गया है। बालकृष्ण को तहसील ऑफिस की जिम्मेवारी सौंपी गई हैं। डॉ आशीष शर्मा को तहसील ऑफिस भोरंज जिला हमीरपुर का दायित्व सौंपा गया है। रजत सेठी को तहसील थुनाग जिला मंडी में तहसीलदार लगाया गया है। संजीव गुप्ता को तहसील ऑफिस शिमला रूरल का जिम्मा देखेंगे। ऋषभ शर्मा को तहसील ऑफिस पांवटा साहिब में अपनी नई जिम्मेवारी संभालेंगे। वहीं, सुनील चौहान को हिमुडा शिमला में तहसीलदार लगाया गया है। परीक्षित कुमार को तहसील रामपुर जिला शिमला में अपना कार्यभार संभालेंगे। इसके अतिरिक्त हीरालाल घेजटा को तहसीलदार तहसील अर्बन होंगे। विक्रम जीत सिंह तहसील थुरल जिला कांगड़ा में अपना नया पदभार संभालेंगे। सुमेध शर्मा टीसीपी शिमला एक्स कैडर पोस्ट लगाया गया है। वहीं, जय सिंह की ट्रांसफर तहसील डडाहु जिला सिरमौर के लिए की गई है। इसी तरह से कुलताज को बदल कर तहसील नगरोटा सुरियां जिला कांगड़ा भेजा गया है। शिखा कुमारी की तहसील घनारी जिला ऊना में तहसीलदार का जिम्मा सौंपा गया है। अजय कुमार की ट्रांसफर तहसील ज्वाली जिला कांगड़ा के लिए की गई है। विनोद कुमार को तहसील होली जिला में तहसीलदार लगाया गया है। नितेश ठाकुर की तहसील भुंतर जिला कुल्लू के लिए ट्रांसफर की गई है। वहीं, प्रवीण कुमार को तहसील धर्मशाला जिला कांगड़ा के लिए भेजा गया है। इसके अतिरिक्त गिरि राज को स्टैंप सेल हिमाचल प्रदेश सचिवालय में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभिषेक चौहान अब तहसील कुपवी जिला शिमला में नई जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, राजीव रांटा को एससी/एसटी कॉर्पोरेशन सोलन भेजा गया है। इसके अलावा मनोहर लाल को टेंपल ऑफिसर ज्वाला जी लगाया गया है। राहुल कुमार की ट्रांसफर तहसील ज्वालामुखी जिला कांगड़ा के लिए की गई है। कैलाश कौंडल की बदली सेटलमेंट अर्की जिला सोलन के लिए की गई है। इसी तरह से वरुण गुलाटी की ट्रांसफर तहसील करसोग जिला मंडी के लिए की गई है।
बागवानों की फसल का पैसा न चुकाने के बाद बाहरी राज्यों की मंडियों में पलायन करने वाले डिफाल्टर आढ़तियों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। सरकार ने कृषि उपज विपणन बोर्ड को ऐसे आढ़तियों के खिलाफ हुई शिकायतों का रिकाॅर्ड खंगालने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश की मंडियों में काम करने वाले कुछ डिफाल्टर आढ़तियों ने लाइसेंस का नवीनीकरण न होने के बाद हरियाणा की मंडियों में काम शुरू कर दिया है। सरकार ने बागवानों से भी पंजीकृत आढ़तियों को ही फसल देने का आग्रह किया है। बागवानों से ठगी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। अब तक एसआईटी कुल 3,451 में से 3,076 शिकायतों का निपटारा कर चुकी है और बागवानों को करोड़ों रुपये की पेमेंट भी करवाई गई है। बाहरी राज्यों में पलायन करने वाले डिफाल्टर आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई का जिम्मा भी एसआईटी को सौंपने की तैयारी है। राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक हेमिस नेगी ने बताया कि बागवानों से आग्रह है कि अपनी फसल मंडियों में पंजीकृत आढ़तियों को ही बेचें ताकि फसल का पैसा न देने वाले आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने लोगों से आह्वान किया है कि वे प्रदेश भर में ठप पड़ी या खराब हालत की सडक़ों के बारे में जानकारी भेजें। विक्रमादित्य सिंह के इस आह्वान के बाद सडक़ों को लेकर सवाल उठाने वालों ने कुछ ही समय में हज़ारो कमेंट कर दिए, जिसमे लोगो ने अपने क्षेत्र की सड़को की जानकारी दे दी। अब पीडब्ल्यूडी मंत्री इस जानकारी के बाद आगामी कौन सा कदम उठाएंगे या सबसे पहले किस सडक़ का मुआयना करने जाएंगे, इस पर सभी प्रदेशवासियों की नजरें टिकी हुई हैं। विक्रमादित्य सिंह ने पिछले साल सडक़ ठप होने की जानकारी दूरभाष पर देने की सलाह दी थी। इसके लिए विभाग ने एक नंबर भी जारी किया था और इस नंबर पर रोजाना अनेक फोन विभाग के पास आ रहे थे। अब यह दूसरी बार है, जब मंत्री लोगों के साथ संपर्क साधकर प्रदेश की खराब सडक़ों को सुधारने का प्रयास कर रहे है और इसको लेकर अब लोगो में काफी उत्सुकता देखी जा रही हैं।
** संस्था ने लगभग 50 पौधे किए रोपित कुनिहार के गांव नगर सिहांवा के जंगल में संभव चेरिटेबल संस्था की अध्यक्षा प्रतिभा कंवर के नेतृत्व में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया गया, जिसमे संस्था की महिलाओ ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। इस पौधरोपण मुहिम के तहत संस्था ने लगभग 50 से ज्यादा पौधे रोपित किए। गौर रहे कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर संस्था हर वर्ष जहां पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित करती है तो वहीं अन्य सामाजिक गतिविधियों में भी संस्था का पूरा साल भरपूर योगदान रहता है। संस्था की अध्यक्षा प्रतिभा कंवर ने बताया कि एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए संस्था ने पौधरोपण किया, जिसमे 50 के करीब औषधीय व फलदार पौधो को रोपित किया गया। तथा संस्था ने इन पौधो के सरंक्षण का भी जिम्मा लिया। उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि "एक पेड़ मां के नाम" अभियान आक्सीजन की मात्रा बढ़ाने, धरती का तापमान कम करने, भूजल स्तर को ऊपर लाने और प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण योगदान करने में समर्थ होगा। प्रतिभा कंवर ने इस अभियान के तहत फलदार पौधा लगाकर एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम को सफल बनाने का आग्रह किया। इस अवसर पर वन विभाग से आर ओ साहिल चंदेल, वन रक्षक रीता दास, संजीव कुमार सहित कांता जोशी, कौशल्या कंवर, संतोष,मीना गर्ग, मीरा, कुसुम, विजयलक्ष्मी, लता, ओजस्विनी ठाकुर ,लोकेंद्र कंवर सहित अन्य मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बैचवाइज आधार पर नियुक्त जेबीटी शिक्षकों के स्कूलों में फिर से विद्यार्थियों की संख्या जांची जाएगी। 1,100 शिक्षकों की नियुक्तियाें के एक साथ आदेश होने के चलते कुछ कमियां रह जाने की प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को शिकायतें मिली हैं। बताया जा रहा है कि कुछ ऐसे स्कूलों में भी शिक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं जिन्हें बंद या मर्ज किया जाना है। ऐसे में निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों से दोबारा से नियुक्तियों को जांचने के लिए कहा है।शिक्षा निदेशालय से जिला उपनिदेशकों को जारी पत्र में कहा गया है कि प्रतिनियुक्तियों के सहारे चल रहे स्कूलों को नियुक्तियों में पहली प्राथमिकता दी जाए। देखा जाए कि इन स्कूलों में पांच से अधिक विद्यार्थी होने चाहिए। इसके अलावा सिर्फ एक शिक्षक के सहारे चल रहे 20 से अधिक विद्यार्थियाें की संख्या और बहुत अधिक नामांकन वाले स्कूलों में ही जेबीटी शिक्षकों को नियुक्त किया जाए। राज्य सरकार ने बीते दिनों ही विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 108 और पांच व पांच कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 451 स्कूलों को दो से तीन किलोमीटर के दायरे में स्थित स्कूलों में मर्ज करने का फैसला लिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 1,100 शिक्षकों की नियुक्तियों के एकसाथ आदेश जारी होने से कुछ कमियां सामने आई हैं। इन कमियों को ठीक करने के लिए जिला अधिकारियों से दोबारा से नवनियुक्त शिक्षकों वाले स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या को जांचने को कहा गया है।
हिमाचल प्रदेश में स्कूलों की तर्ज पर अब सरकारी महाविद्यालयों में भी शिक्षकों के युक्तिकरण की तैयारी हो गई है। जिन महाविद्यालयों में सरप्लस शिक्षक हैं, वहां से उन्हें अन्यत्र महाविद्यालयों में भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार ने उच्चतर शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रदेश के सभी महाविद्यालयों से इस बारे में डाटा मांगा है। युक्तिकरण को लेकर कॉलेज प्रधानाचार्यों से मांगी जानकारी के बाद कॉलेज शिक्षकों में हड़कंप है क्योंकि व्यवस्था परिवर्तन का नारा लेकर सत्ता में आई प्रदेश कांग्रेस सरकार कम संख्या वाले स्कूलों को बंद करने और शिक्षकों की युक्तिकरण को लेकर पहले ही आगे बढ़ चुकी है। अब इस कड़ी में सरकारी महाविद्यालयों की बारी है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के माध्यम से जानकारी एकत्रित कर प्रदेश सरकार को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। महाविद्यालयों में माइनर में तो विद्यार्थियों की संख्या सही होती है लेकिन मेजर विषय में बहुत कम विद्यार्थी हैं, जबकि मेजर विषयों के शिक्षकों की संख्या अधिक है। दरअसल प्रदेश में कई ऐसे महाविद्यालय हैं, जहां पर विद्यार्थियों की संख्या नाममात्र है, लेकिन संबंधित विषय के शिक्षकों की संख्या अधिक है। विद्यार्थियों की कम संख्या के बावजूद कई शिक्षक सालों से गृह जिले में डटे हुए हैं जबकि कुछ ऐसे महाविद्यालय भी हैं, जहां पर विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, लेकिन वहां शिक्षकों की कमी है। जिन महाविद्यालयों में स्टाफ की कमी है वहां पर विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं सरकार के खजाने पर भी अतिरिक्त भार पड़ रहा है। बीए प्रथम वर्ष, बीए द्वितीय वर्ष, बीए तृतीय वर्ष, बीएससी प्रथम वर्ष, बीएससी द्वितीय वर्ष, बीएससी तृतीय वर्ष, बीकॉम प्रथम वर्ष, बीकॉम द्वितीय वर्ष, बीकॉम तृतीय वर्ष, एमए, एमकॉम और एमएससी में विद्यार्थियों की दाखिला संख्या, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर की संख्या, शिक्षकों पर कार्यभार कितना इसकी स्वीकृत परफार्मा पर जानकारी मांगी गई है। नियमानुसार 40 विद्यार्थियों की कक्षा पर एक शिक्षक होना अनिवार्य है, लेकिन कई जगह 4 से 5 शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। खास बात यह है कि विद्यार्थियों की संख्या का संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष बारीकी से अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करेंगे, ताकि गलत आंकड़े की गुंजाइश बिलकुल न रहे। प्रदेश सरकार के आदेश पर शिक्षकों के युक्तिकरण को लेकर प्रदेश के महाविद्यालयों से जानकारी जुटाई जा रही है ताकि महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या और शिक्षकों की संख्या की वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
चिकित्सा क्षेत्र में डॉक्टरों और सहायक कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी) शिमला और अटल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी चमियाना (एआईएमएसएस) चमियाना में विभिन्न श्रेणियों के 489 नए पदों का सृजन कर भरने की मंजूरी दी है। इस पहल से जरूरतमंद लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होंगी। इन पदों में सामान्य चिकित्सा में 10 पद, बाल रोग में तीन, आर्थोपेडिक्स, आपातकालीन चिकित्सा और नेत्र विज्ञान में दो-दो पद और त्वचा विज्ञान और ईएनटी में एक-एक पद शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में इस स्टाफ की तैनाती से लोग विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं से लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी चमियाना को यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, एंडोक्राइनोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में एक-एक नए पद भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ देखभाल में विस्तार इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रोगियों को विशेष स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने को प्राथमिकता दे रही है। आईजीएमसी शिमला के अलावा, सरकार डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में भी विभिन्न श्रेणियों के 462 पदों को भर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा पर्याप्त पैरामेडिकल और अन्य सहायक कर्मचारियों को भरने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इन पदों में 400 स्टाफ नर्स, 43 ऑपरेशन थियेटर सहायक, 11 नर्सिंग ऑर्डरली-सह-ड्रेसर, दो आहार विशेषज्ञ, एक फिजियोथेरेपिस्ट और चार डेटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं।
कुनिहार: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुफ़टू में डायरिया जागरूकता प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या स्मृति नेस्टा ने किया। प्रतियोगिता में कक्षा दसवी के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिसमें उपासना, केतन और दिग्विजय की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। निकिता, भौतिक और जीवेश की टीम ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि अंजलि शर्मा, रूद्र और अंकुश की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निशा कौंडल ने जल जनित रोगों पर विस्तृत जानकारी दी। क्विज मास्टर की भूमिका निशा कौंडल व कमलेश चंदेल ने बहुत ही प्रभावी ढंग से निभाई। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विद्यालय की प्रधानाचार्या ने सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों की सराहना और प्रशंसा की।
**इकाई अध्यक्ष डीडी कश्यप ने पुरानी कार्यकारिणी को भंग करते हुए अपने पद से दिया इस्तीफा **डीडी कश्यप ने जगदीश शर्मा को इकाई अध्यक्ष किया नियुक्त पैंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ पट्टाबरावरी-हरिपुर इकाई का जनरल हाउस (अधिवेशन) पट्टाबरावरी के पंचायत भवन के सभागार में आयोजित हुआ। इसमें नई कार्यकारिणी के गठन पर सभी उपस्थित सदस्यों ने विस्तार से चर्चा की और अपने विचार रखे। इस अवसर पर डीडी कश्यप ने अपने 19 वर्ष के लंबे कार्यकाल में संघ और पेंशनरों के हित में किए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। डीडी कश्यप ने पुरानी कार्यकारिणी को भंग करते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया और नए सिरे से कार्यकारिणी का गठन करने की घोषणा की। इसके पश्चात चुनाव अधिकारी के तौर पर डीडी कश्यप ने जगदीश शर्मा को नियुक्त किया, जोकि पेंशनर्ज संघ पट्टा बरावरी हरिपुर यूनिट के मुख्य कानूनी सलाहकार के पद पर कार्यरत थे। सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया। इसमें प्रधान पद पर जयदेव गर्ग को निर्विरोध चुना गया। वरिष्ठ उपप्रधान पद पर केश्वा राम, महासचिव भरत राम, प्रेमचंद कश्यप कोषाध्यक्ष के रूप में चुने गए, जबकि रोशन लाल कौंडल को प्रेस सचिव का दायित्व सौंपा गया। इसके बाद जगदीश शर्मा ने चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने पर नई कार्यकारिणी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। निवर्तमान प्रधान डीडी कश्यप ने नई कार्यकारिणी के दायित्व संभालने पर बधाई दी और भविष्य में संगठन को और बेहतरीन तरीके से संचालित करने की उम्मीद जताई। डीडी कश्यप ने पेंशनरों के हित और क्षेत्र की जनता के हित में सरकार और प्रशासन के साथ लड़ाई लड़ी है। गर्ग ने कहा कि परिस्थितियां जैसी भी रही होंगी, लेकिन डीडी कश्यप ने इस क्षेत्र के सभी पैंशनरों को एक सूत्र में पिरोए रखा। उन्होंने कहा कि डीडी कश्यप भविष्य में भी हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। पट्टाबरावरी-हरिपुर यूनिट में बतौर मुख्य संरक्षक के पद पर रहेंगे। रोशन लाल कौंडल मुख्य सलाहकार ने मंच का संचालन किया। केश्वा राम वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जगदीश शर्मा कानूनी सलाहकार, नेकराम कौंडल, मनीराम, किशन कौंडल, ख्यालीराम, रोशन लाल प्रेस सचिव, प्रेमचंद कश्यप, भरत राम, दुनीचंद ठाकुर ने अपने विचार रखे।
** 31 मार्च तक वर्तमान कार्यकारणी ही करेगी कार्य आज छात्र विद्यालय कुनिहार की एस एम सी की बैठक समिति अध्यक्ष रंजीत ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य एजेंडा वर्तमान एस एम सी का तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर नई एस एम सी का चुनाव करवाना था, लेकिन अभिभावकों की संख्या कम होनें की वजह से चुनाव प्रक्रिया के लिए कोरम पूरा नही हो सका इसलिए मौजूद अभिभावकों ने प्रधान रंजीत ठाकुर सहित वर्तमान कार्यकारणी को ही 31 मार्च 2025 तक एस एम सी का कार्यभार संभालने का प्रस्ताव पारित किया। इस मौके पर विद्यालय के कार्यकारी प्रधानाचार्य भूपेंद्र कौशिक, एस एम सी अध्यक्ष रंजीत ठाकुर, गोपाल चंद, सतीश शर्मा, संजीव कुमार, वीना ,रक्षा शर्मा, राजेश शर्मा, दुर्गानंद शास्त्री, लीला शंकर सहित विद्यालय स्टाफ व अभिभावक मौजूद रहे।
** विद्यालय प्रधानाचार्य ने बच्चों को दी बधाई बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार के छात्र -छात्राओं ने 4th इन्टर स्कूल मार्शल आर्ट्स प्रतियोगिता में गोल्ड मैडल हासिल किए हैं I विद्यालय प्रधानाचार्य बोले, 4th इन्टर स्कूल मार्शल आर्ट्स प्रतियोगिता का आयोजन लीजेंड्स मार्शल एकेडमी बद्दी द्वारा 11 अगस्त को इंडोर स्टेडियम बी बी एन बद्दी में किया गया था, जिसमे लगभग 8 स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया था I उन्होंने बताया कि विद्यालय से 37 छात्र -छात्रा प्रतिभागियों ने मार्शल आर्ट्स कोच समुअल संगमा की देख रेख में प्रतियोगिता में भाग लिया, जिसमें 15 बच्चों ने गोल्ड मैडल, 8 बच्चों ने सिल्वर मैडल और 14 बच्चों ने ब्रोंज मैडल हासिल किए I विद्यालय प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापिका ने भी सभी बच्चों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी I इसके साथ ही विद्यालय अध्यक्ष ने इस उपलब्धि के लिए सभी बच्चों और मार्शल आर्ट्स कोच समुअल संगमा को बधाई दी I विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन से बच्चों का मनौत्साह बढता हैं और उनका सर्वंगीण विकास होता है I
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। बीते दिन ऊना और सिरमौर जिले में बारिश ने कहर बरसाया है। वहीं, मौसम विभाग ने एक बार फिर से चंबा, किन्नौर, मंडी, सिरमौर और शिमला जिले में फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की आशंका को देखते लोगों से एहतियात बरतने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिक संदीप ने कहा, "हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान अधिकतर हिस्सों में बारिश हुई है। अलगे चार दिनों तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा और कई हिस्सों में तेज बारिश होने की भी संभावना है। खासकर कुल्लू, बिलासपुर, शिमला, मंडी और कांगड़ा में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिक संदीप के अनुसार इस दौरान प्रदेश में नदी-नाले उफान पर रह सकते हैं। लोगों को नदी-दलों से दूर रहने की सलाह दी गई है। फ्लैश फ्लड को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। चंबा, किन्नौर, मंडी, सिरमौर और शिमला जिले में फ्लैश फ्लड को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। अगले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम खराब रहेगा। हालांकि इस दौरान भारी बारिश से थोड़ी राहत मिलेगी। पहले जहां बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। वहीं, अब चार दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया।
** ट्रैफिक वन वे होने से बढ़ी परेशानी हिमाचल प्रदेश में चंडीगढ़-मनाली फोरलेन हाईवे की दशा सुधरने के बजाय और खस्ता होती जा रही है। शनिवार की रात से हो रही बारिश के कारण हाईवे पर कैंची मोड़ से ऊपर यह रोड एक बार फिर धंसना शुरू हो गया है, जिसके बाद यहां से अब ट्रैफिक को भी एकतरफा भेजा जा रहा है। मंडी जिला के पंडोह के कैंची मोड़ से लेकर दयोड़ तक यह हालात है। करीब ढेड़ किलोमीटर के इस पैच में सड़क जगह-जगह से धंस गई है, जिसका एक कारण फोरलेन निर्माणाधीन कंपनी के द्वारा सही से निकासी नालियां न बना पाना भी माना जा रहा है। कैंचीमोड़ से डयोड़ तक बने इस पैच में बीते शनिवार रात को जगह-जगह लैंडस्लाइड हुआ, जिस कारण भी यह हाईवे जगह-जगह से खराब हो गया है। हालांकि फोरलेन निर्माणाधीन कंपनी द्वारा मशीन लगाकर मलबे को हटाया जा रहा है, लेकिन हाईवे की मेंटेनेंस सही से नहीं हो पा रही है। कैंची मोड़ की पहाड़ी से बरसात का सारा पानी हाईवे पर बहता है, जिससे कुछ महीने पहले 40 करोड़ की लागत से लगाए गए डंगे के साथ सड़क को भी खतरा पैदा हो गया है। हाईवे पर पानी बहने के कारण इस डंगे के साथ सड़क में भी जगह जगह दरारें पड़ना भी शुरू हो गई है। बता दें कि पिछली बरसात के दौरान भी कैंची मोड़ से लेकर दयोड़ तक यह फोरलेन जगह-जगह से कई फीट तक धंस गया था, जिसके बाद निर्माणाधीन कंपनी द्वारा इस फोरलेन को दुरूस्त करने के लिए मात्र लीपापोती ही गई है। अब इस बरसात में भी यह हाईवे एक बार फिर से धंसना शुरू हो गया है। यहां से अब एकतरफा ट्रैफिक ही गुजर रहा है, जिससे हाईवे पर जाम की स्थिति भी पैदा हो रही है।
हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष पिछले साल की तुलना में 50 लाख सेब के डिब्बे की मांग बढ़ी है। पहले टेलीस्कोपिक डिब्बे तैयार होते थे, लेकिन इस बार यूनिवर्सल डिब्बे बनाए जा रहे हैं। वहीं, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पांच रुपये डिब्बे के दाम भी सस्ते हुए हैं। प्रदेश में 250 के करीब गत्ता उद्योग हैं। इसमें 100 से अधिक उद्योग सेब के डिब्बे ही तैयार करते हैं। पहले टेलीस्कोपिक डिब्बे बनते थे जिसमें 28 से 30 किलो तक सेब आ जाता था, लेकिन इस बार यूनिवर्सल डिब्बे ही बागवानों को भेजे जा रहे हैं। इस डिब्बे में 20 किलो ही सेब आता है। ऐसे पिछले वर्ष जहां पर ढाई करोड़ सेब के डिब्बे लगे थे वहीं, इस बार यह पचास लाख बढ़ कर तीन करोड़ तक पहुंच गए हैं। जिन उद्यमियों के पास पुराने टेलीस्कोपिक डिब्बे पड़े हुए थे, उन्होंने यह डिब्बे नाशपाती और आडू आदि के लिए सप्लाई कर दिए हैं। सेब के लिए सभी उत्पादकों ने नए सिरे से डिब्बे तैयार कर अच्छी गुणवत्ता के सप्लाई किए जा रहे हैं, जिसमें एक माह तक सेब खराब नहीं होगा। यही नहीं यूनिवर्सल डिब्बे के दाम भी पांच रुपये कम हैं। जीएसटी कम होने से सेब के डिब्बे के दाम भी कम हुए है और सेब उत्पादकों को 60 रुपये तक डिब्बे पहुंच रहा है। गत्ता उद्योग संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरीश सरदाना ने बताया कि इस बार प्रदेश से तीन करोड़ तक गत्ते के डिब्बे तैयार होगे। कालाअंब, बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ में गत्ता संचालक सेब के डिब्बे तैयार करते हैं। गत्ता उद्योग संघ के पूर्व राज्य अध्यक्ष मुकेश जैन, वर्तमान अध्यक्ष आदित्य सूद ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार पांच रुपये की सेब के डिब्बे सस्ते हुए हैं। जीएसटी कम होने से रेट में कमी आई है। वहीं अब एक डिब्बे में 20 किलो सेब आने से डिब्बे की संख्या बढ़ गई है। गत्ता संचालकों को काम मिला है वहीं सेब उत्पादकों को भी कम दाम में डिब्बे मिल रहे है। वहीं यूनिवर्सल डिब्बे में सेब खराब होने का खतरा भी कम हो गया है।
सिरमौर: जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिरमौर हंसराज की अदालत ने आरोपी सुनील कुमार पुत्र बाबूराम निवासी मोतीपुर, जिला लखीमपुर (उत्तर प्रदेश) को पत्नी की मौत के मामले में दोषी करार दिया है। अदालत ने आईपीसी की धारा 306 के तहत दोषी को 5 साल की साधारण कैद और 20,000 रुपए का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को 4 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत ने दोषी को आईपीसी की धारा 201 के तहत 1 साल की साधारण कैद व 5,000 रुपये का जुर्माना और आईपीसी की धारा 498 के तहत भी 1 साल की साधारण कैद व 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अदालत में मामले की पैरवी जिला न्यायवादी चंपा सुरील ने की। मामले की जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी चंबा सुरील ने देते हुए बताया कि आरोपी सुनील कुमार अपनी पत्नी के साथ जिला सिरमौर के पुरुवाला में किराए का कमरा लेकर रहता था। 4 मार्च 2021 को पुलिस को सूचना मिली कि सुनील कुमार ने अपनी पत्नी के साथ कुछ गलत किया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके कमरे का दरवाजा खुलवाया। कमरे में एक लोहे का बक्सा मिला, जिसमें उसकी पत्नी का शव था। पुलिस जांच में पता चला कि सुनील कुमार अपनी पत्नी पर शक करता था और अकसर उसके साथ लड़ता था। 2 मार्च 2021 को सुनील कुमार ने अपनी पत्नी के साथ लड़ाई की और उसकी पत्नी ने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आरोपी ने शव को लोहे के बक्से में छिपा दिया था। इस मामले में अदालत ने 27 गवाहों और तमाम साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया और दोषी पति को उपरोक्त सजा सुनाई।
** कार्यक्रम में रोपे गए लगभग 80 फलदार वृक्ष कुमारहट्टी के निरंकारी मिशन के अनुयायियों और संत निरंकारी मिशन की ब्रांच धर्मपुर कसौली ने टीवी सेंटोरियन धर्मपुर में पौधरोपण किया। इस पौधरोपण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रेंज ऑफिसर केवल राम पंडित, डॉक्टर भूपेंद्र सह मोनिका और सारिका, संत निरंकारी मिशन के मुखी गौरी दत और मुखी जगत राम शर्मा एवं कसौली धर्मपुर और कुमारहट्टी संत निरंकारी मिशन सेवा दल के भाई-बहनों ने मिलकर इस टीवी सेंटोरियन के परिक्षेत्र में पौधरोपण किया। इस कार्यक्रम में लगभग 80 फलदार वृक्ष रोपे गए। और पिछले वर्ष लगाए गए पौधों की देखने की गई और इसके साथ ही परिक्षेत्र को साफ-सुथरा किया गया।
हिमाचल प्रदेश में नशे का खात्मा करने के इरादे से प्रदेश की सुक्खू सरकार जिला सिरमौर में राज्य स्तरीय नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र खोलेगी। रविवार को प्रदेश सरकार ने यह नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का ऐलान किया है। ये केंद्र सिरमौर जिला के पच्छाद उपमंडल के कोटला बड़ोग में स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र के स्थापित होने से मादक पदार्थों की लत से जूझ रहे लोगों की सहायता की जाएगी और उन्हें नशीली दवाओं पर अपनी निर्भरता से उबरने और आत्मनिर्भरता के साथ समाज में फिर से एक खुशहाल और स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को नशे से निपटने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए कहा कि, 'राज्य सरकार ने युवाओं को मादक पदार्थों के खतरे के बारे में जागरूक करने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। इसका उद्देश्य उन्हें नशे की लत से बचाना है। इसी के चलते कोटला बड़ोग में सरकार राज्य स्तरीय नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र को स्थापित करेगी। आज के दौर में युवाओं को नशे से दूर रखना सबसे बड़ी चुनौती है। समाज को भी नशे की लत से जूझ रहे लोगों का मनोबल बढ़ाना चाहिए, ताकि वो दृढ़ इच्छाशक्ति से मादक पदार्थों का सेवन छोड़ सकें। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सिंथेटिक मादक पदार्थों के सेवन को खत्म करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है। नशा मुक्ति केंद्र का उद्देश्य एक ही परिसर में सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करके इसेे संकट से उत्पन्न गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य मुद्दों से निपटना है। नशा मुक्ति केंद्र में कमरे, शौचालय, भोजन की व्यवस्था, मनोरंजन स्थल, पुस्तकालय, व्यायामशाला, खेल, ध्यान और योग की सुविधाएं भी दी जाएंगी। इसके अतिरिक्त केंद्र में कौशल विकास व व्यावसायिक प्रशिक्षण और इन-हाउस उपचार, भोजन, कपड़े और लॉन्डरी जैसी अनिवार्य सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस समग्र दृष्टिकोण का उद्देश्य नशे की लत से जूझ लहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण सहायता और पुनर्वास सेवाओं का मानकीकरण करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे से जूझ रहे पुरुष और महिलाओं के लिए इस केंद्र में 100 बिस्तरों की सुविधा होगी। इस केंद्र का उद्देश्य राज्य के युवाओं को नशे से दूर रखना और समाज में सकारात्मक योगदान सुनिश्चित करना हैं। नशा मुक्ति केंद्र के लिए चयनित स्थल 157 बीघा और 07 बिस्वां में फैला हुआ है। यहां मौजूदा इमारतों को मामूली मरम्मत के साथ फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं अतिरिक्त बुनियादी ढांचे की योजना भी तैयार की गई है। लोक निर्माण विभाग को कार्य को आगे बढ़ाने के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि इस केंद्र की स्थापना मादक पदार्थों के दुरुपयोग से निपटने और ऐसे लोगों को मुख्यधारा में लाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप दिए जाने के बाद, राज्य सरकार आदर्श नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि मुहैया कराएगी। इसके अतिरिक्त केंद्र में नशे की लत से जूझ रहे व्यक्तियों की उचित देखभाल के लिए पर्याप्त स्टाफ भी सुनिश्चित किया जाएगा। बता दें कि सिरमौर जिला तीन राज्यों के साथ सटा है। 225 किलोमीटर में से 223 किलोमीटर की सीमा हरियाणा और उत्तराखंड को छूती है, जबकि दो किलोमीटर का एरिया यूपी के साथ भी लगता है। ऐसे में यहां राज्य स्तरीय नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित करना सरकार का सराहनीय प्रयास है। इससे काफी हद तक नशे की लत में जा चुके लोगों को लाभ मिल सकेगा।
**समेज क्षेत्र में बिजली और पेयजल आपूर्ति हुई बहाल समेज त्रासदी में लापता लोगों को परिजनों से मिलाने के लिए पुलिस की डीएनए मिलान तकनीक मददगार साबित हो रही है।अभी तक पहचान न हुए शवों में से दो शवों की पहचान डीएनए के माध्यम से हो चुकी है। इनमें संतोष कुमारी पत्नी सूरत राम गांव कनराढ़ डाकघर सुघा तहसील रामपुर उम्र 54 वर्ष की पहचान इनके पुत्र राजेश कुमार के डीएनए से हुई है। इसके साथ ही रूप सिंह सुपुत्र सुखराम डाकघर सरपारा तहसील रामपुर उम्र 52 वर्ष की पहचान इनके पुत्र साहिल के डीएनए मिलान करके हुई है। पुलिस ने 37 के करीब डीएनए सैंपल लिए हुए है। इन्ही के आधार पर डीएनए मिलान हो रहा है।उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि कई शव क्षत-विक्षत हालात में मिले है, जिनकी पहचान करना सबसे बड़ी चुनौती है। लेकिन हमने ऐसे लापता लोगों के परिजनों के डीएनए सैंपल लिए है। फिर शवों के डीएनए सैंपल से मिलान करवा रहे है। इनमें से दो शवों के डीएनए मिलान कर लिए गए है। यह दोनों व्यक्ति शिमला जिला के क्षेत्र में रहते थे।पुलिस ने डीएनए सैंपलिंग बहुत शानदार तरीके से की हुई थी। इसी की वजह से शवों की पहचान हो पाई है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि सर्च आपरेशन के दौरान मिलने वाले हर शव की पहचान हो। इसी कड़ी में हमने वैज्ञानिक तकनीक का सहारा लिया है। पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से जांच को प्रभावी बनाया जाता है। डीएनए मिलान से ही परिजनों को शव मिल पा रहे है। क्योंकि कई शवों की पहचान बिना डीएनए के संभव ही नहीं थी। हमने पूरी योजना से डीएनए सैंपल प्रोफाईलिंग की है। इसी तरह अन्य शवों की पहचान करने में लगे है। समेज त्रासदी से प्रभावित क्षेत्र में बिजली एवं पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी गई है। करीब दस दिन बिजली और पेयजल आपूर्ति को बहाल करने में लग गए। कई जगह से पाईपें, बिजली के खंबे एवं तारें पूरी तरह गायब हो गई थी। ऐसे में संबधित विभागों ने नई तारें, खंबे और पानी की पाईपें बिछाई है। एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ने बताया कि समेज में बिजली और पेयजल की आपूर्ति बहाल कर दी गई है। दोनों विभागों ने दिन रात मेहनत करके कार्य को तीव्र गति से अंजाम दिया है।
हिमाचल पथ परिवहन सेवा निवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच अर्की इकाई की अति आवश्यक बैठक वीरवार 15 अगस्त को पेंशनर्ज कार्यालय तालाब कुनिहार में इकाई अध्यक्ष बलबीर सिंह चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है। बलबीर सिंह चौधरी ने अर्की इकाई के सभी सदस्यों से इस अति आवश्यक बैठक में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने सभी पेंशनरों से आग्रह किया है कि इस बार की बैठक में हिमाचल पथ परिवहन सेवा निवृत्त कर्मचारीयो की रोष रैली 20 जुलाई से हर जिले में शुरु हो चुकी है, जिसके लिए जिला की आगामी रणनीति बनाई जाएगी, जिसके लिए 15 अगस्त को ठीक 11 बजे पेंशनर कार्यालय तालाब कुनिहार में पहुंचे तथा पेंशनरो की समस्या व आगामी रणनीति के बारे चर्चा में बढ़चढ़ कर भाग लें।
हिमाचल प्रदेश में आगामी कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके अलावा मौसम विभाग ने आंधी तुफान को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग शिमला ने प्रदेश भर में 16 अगस्त तक भारी बारिश के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है। शनिवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई और लैंडस्लाइड और बाढ़ के कारण प्रदेशभर में 135 सड़कें बंद रहीं। मौसम विभाग ने आज रविवार को भी चंबा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और शिमला जिलों के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के साथ हल्के से मध्यम स्तर की बाढ़ के खतरे की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में तेज हवाओं और जलभराव के कारण बागानों, फसलों, कमजोर संरचनाओं और कच्चे घरों को नुकसान को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। लाहौल-स्पीति, चंबा और सिरमौर जिले में भारी बारिश, लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड के कारण भारी नुकसान हुआ है। हालांकि गनीमत रही की इन घटनाओं में कोई भी हताहत नहीं हुआ है। लाहौल-स्पीति पुलिस ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को ज्यादा सावधानी बरतने और नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी है। जिले में तेजी से नदी-नालों में पानी का स्तर बढ़ रहा है। बीते कुछ दिनों में प्रदेश भर में भारी बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार शाम से सबसे ज्यादा 168.3 मिमी बारिश सिरमौर के नाहन में दर्ज की गई। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, सिरमौर में 42, कुल्लू में 37, मंडी में 29, शिमला में 17, कांगड़ा में पांच, किन्नौर में 4, लाहौल और स्पीति जिले में एक सड़क बंद है। प्रदेशभर में 135 सड़कें बंद हैं, जबकि बारिश के कारण 24 बिजली और 56 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं।
कुनिहार की शिव ताण्डव गुफा में कल 12 अगस्त सावन के अंतिम सोमवार को भी गुफा विकास समिति व शंभू परिवार के सौजन्य से विशाल भंडारा व अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समिति अध्यक्ष राम रतन तनवर ने जानकारी देते हुए बताया कि आज रविवार से गुफा में दो दिवसीय अखंड राम चरित मानस कथा पाठ का शुभारंभ हुआ, जिसे कल सोमवार को हवन व पूर्णाहुति के साथ विराम दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोपहर 1 बजे से विशाल भंडारा क्षेत्र वासियों के लिए आरंभ कर दिया जाएगा। गुफा परिसर में भजन कीर्तन भी निरंतर चलता रहेगा। समिति व शंभू परिवार ने सभी शिव भक्तों से गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन करने तथा भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है। साथ ही सभी भक्तो से अपील की गई है कि गुफा के अंदर कोई भी धूप न जलाए और शांति पूर्वक कतार बध होकर गुफा में प्रवेश करे।
हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए हिमुडा प्रदेश में पहला ऊर्जा दक्षता आधुनिक व्यवसायिक परिसर बनाएगा। शिमला के विकासनगर में करीब 100 करोड़ की लागत से व्यवसायिक परिसर बनाया जाएगा। इस भवन में ऊर्जा की खपत घटाने के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के सहयोग से आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा। नगर नियोजन, आवास और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने दिल्ली में स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। धर्माणी ने बताया कि तीन महीने के भीतर भवन का नक्शा तैयार कर इसी साल निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य है। अगले दो साल के भीतर आधुनिक व्यवसायिक परिसर बनकर तैयार हो जाएगा। भवन में कार्यालय, रिटेल चेन, मल्टीपर्पज हॉल, बैंक्वेट हॉल, फूड कोर्ट सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। भवन की पूरी बिजली सोलर सिस्टम से उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट सरकार के लक्ष्यों के अनुरूप हाई बिल्डिंग रैंकिंग हासिल करने में महत्वपूर्ण साबित होगा। इस अवसर पर राजीव गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज नगरोटा जिला कांगड़ा के वास्तुकला विभाग और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के बीच तकनीकी ज्ञान साझा करने के लिए भी समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया। उन्होंने प्रदेश में हिल आर्किटेक्चर में विशेषज्ञ पाठ्यक्रम शुरू करने को लेकर भी चर्चा की। स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर दिल्ली के निदेशक प्रो. वीके पॉल ने एमओयू हस्ताक्षरण कार्यक्रम की कार्यवाही का संचालन किया।इस मौके पर हिमुडा के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
कसौली उपमंडल में बोरिंग को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। सरकार और प्रशासन की रोक टोक के बाद भी कसौली उपमंडल में कई लोगों द्वारा कमर्शियल बोरवेल किए जा रहे हैं। ताजा मामला सामने आया है जहां पिछले कल शाम के समय घसान गांव के करीब एक निजी होटल द्वारा बोर किया जा रहा था, जिसका विरोध स्थानीय लोगों ने किया कि यहां बोर नहीं कराया जा सकता क्योंकि इसके साथ शुद्ध पानी कि बावड़ी तथा उसके कुछ दूरी पर IPH की लिफ्टिंग स्कीम है, जिससे गांव गड़खल तथा किमुघाट घसान के लोगो को पेयजल की सुविधा दी जाती है । ग्रामीणों ने बताया कि जहां बोरिंग हो रही है वहां उनके जल स्रोतों को पानी जाता है तो जिससे उनके जल स्रोत दूषित हो सकते हैं। जब ग्रामीणों को इस बोरिंग का पता चला। इस कार्य को रोकने के लिए स्थानीय लोगो के साथ कसौली गड़खल के प्रधान राम सिंह उनके साथ गड़खल सनावर के प्रधान मोना चंचल, पूर्व प्रधान राजिंद्र शर्मा, गड़खल गांव कमेटी के प्रधान उर्वी दत्त, अत्री योगराज अत्री, युवा कांग्रेस से साहिल अत्री, पियूष अत्री, उदयन अत्री, मोंटी, जैलदार मोहित अत्री, सभी युवा साथी ग्रामीण लोगो के साथ मौके पर पहुंचे। IPH विभाग के एसडीओ धर्मपुर भानु ने बताया कि इस होटल के पास बोरिंग करने के लिए कोई भी परमिशन नहीं ली गई है।
विकास सभा व पेंशनर एसोसिएशन कुनिहार द्वारा संयुक्त रूप से गौशाला कुनिहार में गौवंश के चारे के लिए दो गाड़ी हरे घास की भेंट की गई। विकास सभा के महासचिव संजय राघव ने जानकारी देते हुए बताया कि विकास सभा व पेंशनर एसोसिएशन ने निर्णय किया है कि भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्यों में दोनो संस्थाएं बढ़चढ़ कर भाग लेती रहेगी। जल्द ही पौधरोपण कार्यक्रम भी संस्थाओं द्वारा आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर पेंशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद जोशी, कुनिहार विकास सभा के कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल सिंह पंवर, दीप राम ठाकुर, संजय राघव, ओम प्रकाश ठाकुर आदि मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में आवश्यकता से अधिक कार्यरत शिक्षकों को अब जनजातीय क्षेत्रों में नियुक्त किया जाएगा। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का युक्तिकरण करने को लेकर शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उच्च और प्रारंभिक शिक्षा के जिला उपनिदेशकों को जारी पत्र में जनजातीय क्षेत्रों में रिक्त पड़े पदों को प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरने के आदेश दिए गए हैं। विद्यार्थियों की अधिक संख्या वाले स्कूलों को शिक्षकों की तैनाती करने में प्राथमिकता देने को कहा गया है। बदले जाने वाले शिक्षकों की हर माह 5 तारीख तक उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशकों को सूचना देना भी अनिवार्य कर दिया गया है। शैक्षणिक दक्षता बढ़ाने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि उच्च और प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उप निदेशक अब स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर जनजातीय जिलों में शिक्षकों की तैनाती की निगरानी करेंगे। प्रत्येक उप निदेशक को छात्र नामांकन संख्या पर विचार करना होगा और प्रत्येक महीने की 5 तारीख तक विभागाध्यक्ष को स्कूल-वार प्रतिनियुक्तियों का विवरण देते हुए मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। निदेशक पर्याप्त स्टाफिंग सुनिश्चित करने के लिए इन रिपोर्टों की समीक्षा करेंगे। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश जिला मुख्यालय और उपमंडल मुख्यालयों में स्थित स्कूलों में सरप्लस शिक्षक कार्यरत हैं। एक ही विषय के कई स्कूलों में दो से तीन शिक्षक कार्यरत हैं। विद्यार्थियों की संख्या कम होने के बावजूद शिक्षकों की कई स्कूलों में आवश्यकता से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। इसी कड़ी में अब शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने शिक्षकों की सभी श्रेणियों जेबीटी, टीजीटी, सीएंडवी, प्रवक्ता स्कूल न्यू का युक्तिकरण करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में सरप्लस शिक्षकों को अब जनजातीय क्षेत्रों के ऐसे स्कूलों में भेजा जाएगा जहां शिक्षकों की भारी कमी है। प्रतिनियुक्ति के आधार पर इन शिक्षकों को जनजातीय क्षेत्रों के स्कूलों में भेजा जाएगा। शिक्षा सचिव ने विभगाीय अधिकारियों से सरप्लस शिक्षकों और कमी से जूझ रहे स्कूलों की सूची तैयार करने के निर्देंश दिए हैं। शिक्षक उपलब्धता, छात्र नामांकन का उपायुक्त भी करेंगे आकलन प्रदेश के सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा माहौल बनाने के लिए अब जिला उपायुक्तों का सहयोग भी लिया जाएगा। इसके तहत उपायुक्त नियमित रूप से शिक्षक उपलब्धता और छात्र नामांकन का आकलन करेंगे और आवश्यक निर्देश प्रदान करेंगे। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्रीय शैक्षिक मांगों के साथ शिक्षण संसाधनों को बेहतर ढंग से संरेखित करना है।
हिमाचल प्रदेश सरकार HRTC को घाटे से उभारने के लिए कई अहम फैसले लेने की तैयारी में है और खबर ये भी है कि महिलाओ को HRTC बसों में मिलने वाली 50 % छूट को घटाकर 25 % किया जा सकता है। इसके अलावा प्रदेश के सरकारी स्कूल के बच्चो के लिए HRTC बसों में फ्री सफर को बंद किया जा सकता है और बच्चो के लिए कम से कम और निर्धारित किराया तय करने पर भी सरकार विचार कर रही है। हाल में ही हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने पुलिस कर्मियों को निगम की बसों में निशुल्क सफर बंद करने का फैसला लिया है। हालांकि इसके बाद पुलिस कर्मियों में रोष भी देखने को मिला है। पुलिस कर्मियों का कहना था कि उन्हें कभी भी फ्री सफर की सुविधा नहीं मिली। दरसल पुलिस कर्मियों को महीने के 250 रुपए देकर HRTC बसों में सफर करने की सुविधा मिलती थी। इससे पहले HRTC निदेशक मंडल की बैठक में निजी स्कूलों के बस पास की दरें दोगुना करने और कार्ड वैधता अवधि दो साल से घटा कर एक साल करने का निर्णय लिया जा चुका है। हालांकि बीते कुछ समय से निगम प्रबंधन द्वारा लिए गए फैसलों से HRTC की आय में बढ़ोतरी होनी शुरू हुई है। बीते सालों के मुकबले इस साल निगम की आय बढ़ी है और कर्मचारियों को भी वेतन महीने की पहली तारीख को मिला है। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कुछ दिनों पहले कहा था कि HRTC को घाटे से उभारने के लिए सरकार अभी कई अहम फैसले लेगी। सरकार के इन फैसलों से बेशख लोगो को अपनी जेब थोड़ी ढीली करनी पड़े लेकिन निगम को घाटे से उभारने के लिए कुछ फैसले लेना तो ज़रूरी है।
** फल राज्य में अनुमान से भी कम उत्पादन रहने के आसार मौसम की मार से देश की मंडियों में इस बार हिमाचली सेब की महक फीकी पड़ने लगी है। देशभर में फल राज्य के नाम से विख्यात हिमाचल में पहले सर्दियों के मौसम में अच्छी बारिश और बर्फबारी न होने से सेब के लिए जरूरी चिलिंग आवर्स पूरे नहीं हुए थे। इसके बाद सेब में फ्लावरिंग के समय मौसम खराब रहने से और तापमान में आए उतार और चढ़ाव से फ्रूट सेटिंग कम हुई है। गर्मियों के मौसम में समय पर बारिश न होने से इस बार सेब के साइज पर भी असर पड़ा है, जिससे सेब की क्वालिटी पर प्रभाव पड़ा है। ऐसे में बागवानी विभाग ने पहले ही सेब उत्पादन कम रहने के आसार जताए थे, लेकिन अब मानसून सीजन में भी सेब को खासा नुकसान पहुंचा है, जिस कारण इस बार सेब उत्पादन अनुमान से भी कम रहने के आसार नजर आ रहे हैं। हिमाचल में इस बार सेब की पेटियों का उत्पादन 3 करोड़ पेटियों से कम रहने का अनुमान लगाया गया है।
** चालक व परिचालक सहित सभी सवारियां सुरक्षित कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर चक्कीमोड़ के समीप तंबू मोड़ में हरियाणा रोडवेज की बस अनियंत्रित होकर सड़क से बाहर निकल गई। हादसे में किसी को चोट नहीं आई है। चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से टल गया। सभी सवारियां सुरक्षित बताई जा रही हैं। हादसे के बाद कई यात्री दूसरी बसों में अपने गंतव्य की ओर निकल गए।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में पीजी कोर्स की करीब 248 सीटें अभी भी खाली हैं। 22 विभागों में खाली पड़ी इनसब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज्ड सीटों को भरने के लिए 16 अगस्त तक आवेदन मांगे गए हैं। किस विभाग में कितनी सीटें खाली हैं, इसकी पूरी जानकारी विवि की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने बताया कि खाली सीटों पर क्वालीफाइंग एग्जाम की मेरिट आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। खाली सीटों के लिए विद्यार्थी 16 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। खाली सीटों की श्रेणी को बदलकर भरे जाने की प्रक्रिया विवरणिका में दिए नियमों के तहत की जाएगी। सीटों को भरने की प्रक्रिया के तहत प्रवेश पाने वाले विद्यार्थी छात्रावास सुविधा के लिए पात्र नहीं होंगे। एचपीयू की ओर से जारी ब्योरे के मुताबिक नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी में अधिक सीटें खाली हैं। एमएफए पहाड़ी मिनिएचर पेंटिंग में 12, एमए ग्रामीण विकास में 9, एमसीए में 2 (पीडब्लूडी), एफवाईआईसीटीटीएम में 20, पीजी डिप्लोमा इन पापुलेशन स्टडीज में 3, एमए सोशल वर्क 3 (सामान्य श्रेणी), एमएससी एनवायरमेंटल साइंस में 2 सीटें खाली हैं। एमए एजुकेशन में 10, एमए विजुअल आर्ट में 4, एमएबी ग्रामीण विकास 14, एमएफए पहाड़ी मिनिएचर पेंटिंग में 15, एमए ग्रामीण विकास में 3, एमए डिफेंस एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज में 11, एमए पापुलेशन में 15, एमसीए में 2 जनरल, 10 एससी व 2 पीडब्ल्यूडी, एमएससी डाटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एचपीयू जरनल 13, एसटी एक, एससी तीन, पीडब्ल्यूडी की एक सीट है। इसके अलावा एमए जेएमसी में एक नॉन, बीएचएम में 22, एफवाईआईसीटीटीएम में 10, एमटीटीएम में 10, पीजी डिप्लोमा इन पापुलेशन स्टडीज में 5, बेचलर इन लाइब्रेरी साइंस में 8, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी में 3, एमए आर्कियोलॉजी एंड एनिशिएंट हिस्ट्री में 10, एमए योग स्टडीज में 1, डिप्लोमा इन योग स्टडीज में 5, पीजीडीडीडीएम में 6 और एमएससी एनवायरमेंटल साइंस में 3 सीटें खाली हैं।
मुकेश अग्निहोत्री ने सोनिया गांधी को सरकार और संगठन की गतिविधियों से अवगत कराया। जलशक्ति और परिवहन विभाग की योजनाओं की जानकारी भी दी। प्रदेश में बारिश से हुए नुकसान से भी अवगत कराया। वहीं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता और ठियोग से विधायक कुलदीप राठौर ने शुक्रवार को नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल, महासचिव मुकुल वासनिक, प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ल, फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की सदस्य व सांसद रजनी पाटिल से मुलाकात की। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के दौरान राठौर ने सरकार और संगठन की गतिविधियों से अवगत कराया। मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में हो रहे नुकसान की भी जानकारी दी। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर के दिल्ली दौरे से प्रदेश संगठन में बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। चुनावों के दौरान निष्क्रिय रहे पदाधिकारियों की संगठन से जल्द छुट्टी हो सकती है। बीते दिनों मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। इसी कड़ी में अब राठौर की मुलाकात के राजनीतिक गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं। ऐसे में आसार हैं कि आने वाले दिनों में संगठन में बड़ा फेरबदल हो सकता है।
एनएच के साथ लगतीं जिलों की सड़कों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग ने केंद्र से पैसा जारी करने के लिए रिमाइंडर भेजा है। सड़कों को दुरुस्त करने के लिए 52 करोड़ रुपये मांगे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से इस मामले को उठा चुके हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी गडकरी से यह मामला उठाया है। बीते साल बरसात में आई प्राकृतिक आपदा के चलते हिमाचल में कई नेशनल हाईवे बंद हो गए थे। ऐसे में जिला सड़कों से वाहनों की आवाजाही हुई। उस दौरान केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हिमाचल दौरे के दौरान केंद्र को प्रस्ताव भेजने की बात कही थी। हिमाचल में आपदा के चलते 17 पुल ढह गए। अकेले लोक निर्माण विभाग को 2913.05 करोड़ का नुकसान हुआ है। अन्य विभागों की अपेक्षा यह बहुत ज्यादा है। इन सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है। सड़कों पर गड्ढे पड़े हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि एनएच बंद होने से वाहनों की आवाजाही जिला सड़कं और संपर्क मार्ग सहारा बने थे। केंद्र सरकार ने सड़कों को ठीक करने के लिए पैसा देने की हामी भरी थी, अभी यह पैसा नहीं मिला है।
** ज़िला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक आयोजित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि शिकायत निवारण और सुशासन एक दूसरे के पूरक हैं और प्रदेश सरकार शिकायतों के त्वरित एवं उचित समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। डॉ. शांडिल आज यहां ज़िला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ज़िला प्रशासन की संवेदशीलता आमजन को समय पर सहायता पहुंचाने और उनके समस्याओं के निवारण में महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय बनाए रखें और समस्याओं को निर्धारित समयावधि में सुलझाएं। डॉ. शांडिल ने कहा कि समस्या निवारण के साथ-साथ विकास कार्यों को गति प्रदान करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को समय पर पूर्ण करने से जहां धन की बचत होती है वहीं नागरिकों को समय पर सेवाएं मिलती हैं। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों को समय पर पूरा करें। उन्होंने कहा कि जन-जन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, गुणावत्तायुक्त शिक्षा, अच्छी सड़कें और सामाजिक सेवाएं प्रदान करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में उपस्थित सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्यों से आग्रह किया कि नशे की सर्वव्यापी समस्या के समाधान के लिए एकजुट होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि नशे पर नियंत्रण पाने के लिए हम सभी को सामुहिक रूप से आत्मचिंतन कर युवाओं को सही राह दिखानी होगी। इस दिशा में राज्य सरकार जहां रोज़गार एवं स्वरोज़गार बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है वहीं नशा निवारण केन्द्रों को आवश्यकताओं के अनुरूप मज़बूत बनाया जा रहा है। उन्होंने सभी से पौधरोपण कार्यक्रमों में बढ़-चढ़ कर भाग लेने और पौधों की देखभाल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सहित ज़िला के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल कर्मियों की कमी को दूर करने के लिए पद भरने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सुबाथू, डगशाई व कसौली सिविल क्षेत्र को छावनी क्षेत्र से बाहर करने के लिए जन भावनाओं का सम्मान हो। उन्होंने ज़िला में फोरलेन निर्माण वाले क्षेत्रों में प्राकृतिक जल स्त्रोतों के जीर्णोद्धार और विभिन्न स्थानों पर सम्पर्क मार्ग निर्माण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश देने के लिए कहा। उन्होंने नौणी में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन के निर्माण के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं राजस्व विभाग को समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्यारी-खिन्ना मार्ग के निर्माण कार्य की समस्या को एक माह की अवधि में सुलझाने के निर्देश भी दिए। डॉ. शांडिल ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरूद्ध प्रदेश सरकार की नीति ज़ीरो टॉलरेंस की है और इस दिशा में नियमित कार्य किया जा रहा है। बैठक में कुल 108 मदों पर सारगर्भित चर्चा कर अधिकांश का निपटारा सुनिश्चित बनाया गया। बैठक में अवगत करवाया गया कि गत वर्ष आई आपदा के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए राहत राशि प्रदान की गई है और प्रदेश सरकार द्वारा घोषित विशेष पैकेज के तहत भी सहायता प्रदान की जा रही है। नालागढ़ शहर में पेयजल समस्या के निदान के लिए लगभग 22 करोड़ रुपए की योजना निर्माणाधीन है। बैठक में जानकारी दी गई कि सुबाथू क्षेत्र के ग्राम खालटू में वोल्टेज की समस्या के निदान के लिए शीघ्र ही नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा। धर्मपुर क्षेत्र में जल समस्या सुलझाने के लिए पुरानी योजना का संर्वद्धन और नई योजना बनाई जा रही है। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने विश्वास दिलाया कि ज़िला शिकयत निवारण समिति की बैठक में प्रस्तुत विभिन्न शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित बनाया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय कुमार यादव ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष शिव कुमार, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ज़िला कांग्रेस समिति की उपाध्यक्ष संधीरा दुल्टा, कांग्रेस महासचिव संजय भण्डारी, समिति के गैर सरकारी सदस्य, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार चंदेल, नगर निगम सोलन की आयुक्त एकता काप्टा, विभिन्न उपमण्डलाधिकारी एवं विभिन्न विभागो के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
समेज त्रासदी के बाद आज नोगली में एक महिला का शव बरामद हुआ है। शव की पहचान कल्पना केदारटा पत्नी जयसिंह के तौर पर हुई है, जो कि ग्रीनको हाइड्रो प्रोजेक्ट में कार्यरत थी। रेस्क्यू टीम द्वारा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामपुर अस्पताल भेजा जा रहा है। ये जानकारी एसडीएम निशांत तोमर ने दी। समेज में आज रेस्क्यू ऑपरेशन का नौवां दिन है। त्रासदी के बाद अब तक 15 शव बरामद किए गए हैं, जिनमें से 4 शवों की शिनाख्त कर ली गई है।
समेज त्रासदी के बाद से चल रहे सर्च ऑपरेशन के नौवें दिन आज सुबह सुन्नी डैम के नजदीक दोघरी क्षेत्र में चार शव बरामद हुए है। प्रथम दृष्टया में दो शव पुरुषों के हैं और एक लड़की का शव है, जिसकी उम्र 14 से 15 साल बताई जा रही है। इसके साथ ही एक अन्य शव क्षत-विक्षत हालत में मिला है। यह भी प्रथम दृष्टया में महिला का बताया जा रहा है। यह जानकारी उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने दी। उन्होंने कहा कि शव क्षत-विक्षत है। शवों को रेस्क्यू किया जा रहा है, जिसके बाद इन्हे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में भेज दिया जाएगा। इसके साथ ही जिला प्रशासन कुल्लू को भी इसके बारे में सूचना दे दी गई है।
हिमाचल में मानसून सीजन में भारी बारिश से मचने वाली तबाही को रोकने के लिए सरकार ने अब सख्त कदम उठाए हैं। बरसात में भारी बारिश से नालों और नदियों में जलस्तर बढ़ने से साथ लगते भवन बाढ़ की चपेट में आने से हर साल जान और माल का काफी अधिक नुकसान हो रहा है। वहीं, इस साल 31 जुलाई की आधी रात को भी तीन जिलों शिमला, कुल्लू और मंडी में भी बादल फटने की घटना से नालों और खड्डों में बाढ़ आ गई, जिसमें 53 लोग लापता हुए थे। इसी तरह से कई घर बाढ़ की चपेट में आने से जमींदोज हो गए। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने नालों और नदियों के साथ भवन बनाने के लिए नियम और शर्तों को सख्त बना दिया है। हिमाचल प्रदेश में अब लोगों को नालों और नदियों के साथ भवन निर्माण के समय नियमों की पालना करनी होगी। अब उचित दूरी के बाद ही मकान बनाने की अनुमति होगी, जिसके लिए सरकार ने नियम तय कर दिए हैं। इन नियमों के मुताबिक नालों से 5 मीटर और नदी से 7 मीटर छोड़कर ही भवन निर्माण करना होगा। इन नियमों को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है। इसके लिए जनता से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी गई थी, जिसके बाद अब सरकार ने नियमों को लागू कर दिया है। इससे पहले नालों से 3 और नदियों से 5 मीटर की दूरी पर भवनों का निर्माण किया जाता था, लेकिन प्रदेश में पिछले साल मानसून सीजन में आई प्राकृतिक आपदा की वजह से नालों और नदी के किनारे बने भवनों को सबसे अधिक नुकसान हुआ था। इस साल भी तीन जिलों में बादल फटने की घटना हुई है, जिससे नालों में बाढ़ आने की वजह से कई घर इसकी चपेट में आ गए और 53 लोग पानी के तेज बहाव में बह गए, जिनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस दौरान कई शव भी बरामद हुए हैं। ऐसे में सरकार ने नालों और नदियों के साथ भवन निर्माण को लेकर तय नियमों में बदलाव किया है, ताकि प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान को रोका जा सके। ये नियम सूख चुकी खड्डों और नालों के किनारे बनने वाले भवनों पर भी लागू होंगे।
कुंडी में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी नव युवक मंडल कुंडी द्वारा जन्माष्टमी के उपलक्ष पर खेल-कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें इस बार विक्रम शर्मा क्रिकेट मेमोरियल कप का भी आयोजन किया जाएगा, जो 12 अगस्त से 26 अगस्त तक आयोजित होगा। इसमें इच्छुक टीमें 11 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन करवा सकती है। सभी टीमों को रजिस्ट्रेशन के लिए 2100 रुपए फीस रखी गई हैं, जिसमें विजेता टीम को 51000 व उपविजेता टीम को 11000 रुपए की नकद राशि दी जाएगी।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स डिप्लोमा इन एलिमेंटरी एजुकेशन (डीएलएड) की स्पोर्ट्स काउंसलिंग में दस्तावेज न दिखा पाने अभ्यर्थियों को मुख्य श्रेणी में शामिल करेगा। इन अभ्यर्थियों को उनके पासिंग क्राइटेरिया के अनुसार आगे होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेने का अवसर दिया जाएगा। उनकी स्पोर्ट्स कोटे की पात्रता को रद्द कर उन्हें जल्द ही आगे होने वाली मुख्य काउंसलिंग में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से डीएलएड-2024-26 के लिए जून में प्रदेश भर में 107 परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा करवाई थी। इस दौरान 17,646 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था, जिनमें से शिक्षा बोर्ड ने 5,579 अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया था। इसके बाद शिक्षा बोर्ड ने स्पोर्ट्स कोटे की सीटें भरने को पहली और दो अगस्त को काउंसलिंग प्रक्रिया हुई। इसमें 116 अभ्यर्थियों को शार्टलिस्ट किया गया। इसमें सामान्य, एससी, एसटी और ओबीसी स्पाेर्ट्स श्रेणी में सर्टिफिकेटों की जांच पड़ताल पहली और दो अगस्त को बोर्ड मुख्यालय में की। दो दिन चली इस काउंसलिंग प्रक्रिया में कुल 62 अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। बोर्ड प्रबंधन की ओर से की गई दस्तावेजों की वेरिफकेशन के बाद अब 52 अभ्यर्थियों के दस्तावेज संबंधित कोटे की सीटें भरने के लिए सही पाए गए हैं, जबकि अन्य अभ्यर्थियों की स्पोर्ट्स कोटे की श्रेणी को रद्द कर दिया गया है। खेल श्रेणी के अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के दौरान खेलकूद प्रमाण पत्रों के आधार पर अंक प्रदान करने के लिए पात्र नहीं माना गया है। जिन्होंने अपने प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं करवाए हैं। उनकी खेल श्रेणी को रद्द कर उन्हें मुख्य श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके अलावा जो अभ्यर्थी काउंसलिंग के दौरान अनपुस्थित रहे हैं, उन्हें भी मुख्य श्रेणी में शामिल किया गया है। अब यह अभ्यर्थी आगे होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे।
स्कूली बच्चों के लर्निंग लेवल का मूल्यांकन करने के लिए हिमाचल में परख सर्वेक्षण-2024 नवंबर में होगा। समग्र शिक्षा निदेशालय, उच्च शिक्षा निदेशालय और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। सर्वेक्षण की तैयारियों को लेकर वीरवार को समग्र शिक्षा निदेशालय शिमला में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक डा. अमरजीत शर्मा, अतिरिक्त उच्च शिक्षा निदेशक संजीव सूद, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, अतिरिक्त प्रारंभिक शिक्षा निदेशक बीआर शर्मा सहित जिलों के उप शिक्षा निदेशक, डीपीओ और समग्र निदेशालय में तैनात नोडल अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सर्वेक्षण के लिए बच्चों को तैयार करने की मकसद से सभी स्कूलों में जीरो पीरियड ( जीरो आवर) लगाने के निर्देश दिए गए। इनमें उन कक्षाओं के बच्चों की तैयारियां कराई जाएंगी जिनका सर्वेक्षण होना है। इस अवसर पर समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-24 में बेहतर प्रदर्शन को लेकर बेहद गंभीर है। साल 2021 में कराए गए नेशनल अचीवमेंट सर्वे में हिमाचल का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। ऐसे में इस सर्वे से पहले हिमाचल के स्कूलों में स्टेट लेवल अचीवमेंट सर्वे कराया गया था, जिससे कि बच्चों के सीखने के स्तर का आकलन किया जा सके। हालांकि इस सर्वे हम कुछ में बेहतर नहीं कर पाए हैं। ऐसे में परख सर्वेक्षण के लिए कड़ी मेहनत करने की जरूरत है।
हिमाचल में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए सुक्खू सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए स्टडी लीव के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। स्टडी लीव पर जाने वाले अधिकारी-कर्मचारी को पूरा नहीं, अब सिर्फ 40 फीसदी वेतन ही मिलेगा। वहीं, 24 महीने तक के अध्ययन अवकाश के लिए प्रशासनिक की जगह अब वित्त विभाग अनुमति देगा। प्रशासनिक विभाग से शक्तियां वापस ले ली गई हैं। इसके लिए केंद्रीय सिविल सेवाएं अवकाश नियम -1972 को बदला गया है। नए नियम को केंद्रीय सिविल सेवाएं अवकाश हिमाचल प्रदेश नियम -2024 नाम दिया गया है। वर्ष 1986 से लेकर प्रशासनिक विभाग ही 24 महीने तक की स्टडी लीव के लिए अनुमति देता आया है। अब वित्त विभाग ही तय करेगा कि किसी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश पर भेजना है या नहीं। हर साल बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी स्टडी लीव पर जाते हैं। अध्ययन अवकाश के दौरान उन्हें सरकार की ओर से पूरा वेतन दिया जाता है। स्टडी लीव पर अधिक कर्मचारियों-अधिकारियों के रहने से जहां विभागों में प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होता रहा है, वहीं सरकारी कोष को भी बड़ा नुकसान होता रहा है। अब देश या देश से बाहर ली गई अध्ययन छुट्टी के दौरान सरकारी कर्मचारी-अधिकारी को 40 प्रतिशत वेतन मिलेगा। इसके अलावा महंगाई भत्ता और मकान किराया भी मिलेगा। अवकाश वेतन का भुगतान सरकारी कर्मचारी की ओर से यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के बाद होगा कि वह किसी अंशकालिक रोजगार के संबंध में किसी भी छात्रवृत्ति, वजीफे या पारिश्रमिक की प्राप्ति नहीं कर रहा है।


















































