पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा लोक सेवा आयोग करवाएगा | आज सुक्खू कैबिनेट में इसको लेकर मजूरी दी गई है| हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक गुरुवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। करीब पांच घंटे चली मंत्रिमंडल की बैठक में 36 एजेंडों पर विस्तृत चर्चा हुई| पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा लोक सेवा आयोग के माध्यम से करने के निर्णय को भी मंजूरी दी है| ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व सरकार द्धारा फ्री पानी का निर्णय खत्म वित्तीय संकट से जूझ रही सुक्खू सरकार ने आज़ बिजली के बाद अब पानी की रियायत को भी खत्म कर दिया है। शिमला सचिवालय में हुई मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कैबिनेट बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व सरकार द्धारा फ्री पानी देने के निर्णय को खत्म करते हुए पानी के कनेक्शन पर 100 रुपए महीना फिक्स तय किया है। इसके पीछे जल शक्ति विभाग में घाटे का हवाला दिया गया है। जबकि 50 हजार से कम आय वाले लोगों, विकलांगो, एकल महिला को मुफ्त पानी मिलता रहेगा। आपदा प्रभावित 89 परिवारों का सारा खर्चा तीन महीने तक उठाएगी सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में 1 अगस्त को कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में हुए बादल फटने में अपनी जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की। दुखी परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए आपदा प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जिनके घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं उन्हें क्रमशः 10,000 और 5,000 रुपये प्रति माह किराए पर देने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा 1 अगस्त, 2024 से 31 अक्टूबर, 2024 तक तीन महीने की अवधि के लिए मुफ्त राशन, एलपीजी री-फिल, बर्तन और बिस्तर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, बादल फटने से प्रभावित परिवारों को 50,000 रुपये की तत्काल वित्तीय राहत वितरित की जाएगी एचआरटीसी की बसों में पुलिस जवानों को सरकारी कार्य के लिए ही मिलेगी मुफ्त सेवा वहीं एचआरटीसी की बसों में पुलिस जवानों को केवल सरकारी कार्य के लिए मुफ्त सेवा मिलेगी अन्यथा उसको सेवा का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा कैबिनेट ने आबकारी एवम काराधान विभाग दो विंग में विभाजित करने को मंजूरी दी है। जिसमें एक विंग जीएसटी और दूसरा काराधन विभाग होगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल 09 अगस्त, 2024 को सोलन के प्रवास पर रहेंगे। डॉ. शांडिल 09 अगस्त को प्रातः 11.00 बजे उपायुक्त कार्यालय सोलन में ज़िला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश सोलन अरविंद मल्होत्रा ने आज ज़िला न्यायालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण में सभी से अपनी भूमिका निभाने का आग्रह किया। ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस अवसर पर सोलन के अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अन्य न्यायिक दण्डाधिकारियों, ज़िला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव, ज़िला बॉर एसोसिएशन, ज़िला अधिवक्ता एवं वन विभाग के अधिकारियों के साथ न्यायालय परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी का दायित्व है और पौधरोपण कर पृथ्वी को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि रोपित पौधों की सुरक्षा आवश्यक है ताकि रोपित पौधें वृक्ष बनकर जीवन को सुरक्षित रख सकें। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि पौधरोपण में भागीदार बनें और भावी पीढ़ियों के सुखद भविष्य में सहयोग दें। इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के लगभग 25 पौधे रोपित किए गए। अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश सोलन पंकज, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी सोलन रमणीक शर्मा, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी सोलन शर्मा, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी आर. मेहुल शर्मा, ज़िला बॉर एसोसिएशन के अध्यक्ष आलोक भारद्वाज, ज़िला अधिवक्ता संजय पंडित, वनमण्डलाधिकारी एच.के. गुप्ता सहित ज़िला न्यायालय के अधिकारी, कर्मचारी तथा वन विभाग के कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
** विद्यालय में 8 से 17 अगस्त तक मनाया जाएगा शिक्षा सप्ताह शिक्षा विभाग के आदेशानुसार प्रदेश के हर विद्यालय में 8 अगस्त से 17 अगस्त तक शिक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है, इसी कड़ी में आज छात्र विद्यालय कुनिहार में भी शिक्षा सप्ताह का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर हाटकोट पंचायत प्रधान जगदीश अत्री मुख्य अतिथि तथा उप प्रधान रोहित जोशी व एस एम सी अध्यक्ष रंजीत ठाकुर विशेष तौर पर मौजूद रहे। विद्यालय के कार्यकारी प्रधानाचार्य भूपेंद्र कौशिक ने बताया कि नई शिक्षा नीति की चौथी वर्षगांठ पर यह शिक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य मुख्य रूप से बच्चों के अभिभावकों व आम जनता को नई शिक्षा नीति के तहत जो नए परिवर्तन व नए सुधार सुझाए गए है बारे जानकारी देकर उन्हें जागरूक करना है। तथा इस नीति को सभी के सहयोग से जमीनी स्तर पर लागू करना है । उन्होंने ने बताया कि पूरे सप्ताह प्रत्येक दिन किसी विशेष थीम को मध्य नजर रखते हुए मनाया जाएगा जिससे विद्यार्थियों का कौशल विकास,खेल खेल में सीखना,शिक्षा को विद्यार्थियों के लिए सरल व रोचक बनाना,डिजिटल टेक्नोलॉजी से जोड़ना, जिससे बच्चो का सर्वांगीण विकास हो सके ,उनमें उत्तरदायित्व की भावना जागृत हो सके और वे अच्छे नागरिक बनकर राष्ट्र की सेवा कर सके। मुख्य अतिथि व विशेष अतिथियों ने आज बच्चों द्वारा अलग अलग विषय पर पोस्टरों पर लिखे स्लोगनो व बनाए गए मॉडलों को देखकर खूब सराहना की। मुख्य अतिथि जगदीश अत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति में किए गए परिवर्तन व दिए गए सुझावों से बच्चो को पढ़ने में रुचि बढ़ेगी। इस अवसर पर प्रधान ग्राम पंचायत हाटकोट जगदीश अत्री,उप प्रधान रोहित जोशी, कार्यकारी प्रधानाचार्य भूपेंद्र कौशिक, एस एम सी अध्यक्ष रंजीत ठाकुर, सतीश शर्मा, रक्षा शर्मा, संजू देवी, माला देवी,दुर्गानंद शास्त्री,कमलेश ,सुधीर गर्ग, लीला शंकर, सुरेश कुमार, आदि मौजूद रहे।
राजकीय उच्च विद्यालय खरड़हट्टी समिति में वर्ष 2024-2027 के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति के कार्यकारिणी गठन हेतु आम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से हेमराज पाल को एस एम सी का अध्यक्ष चुना गया। अभिभावक माया देवी ने अध्यक्ष पद के लिए हेमराज पाल के नाम का प्रस्ताव रखा और अभिभावक तृप्ता देवी ने इसका अनुमोदन किया। समिति के अन्य सदस्यों में शान्ति देवी सलाहकार, तृप्ता देवी, भूमा देवी, पुष्पा देवी, माया देवी, बिमला देवी, रेशमा देवी, हर्मिला देवी, कल्पना देवी, चन्द्रकान्ता, गीता देवी, संगीता देवी, धनीराम सदस्य व मंजू शर्मा वार्ड सदस्य को कार्यकारिणी में शामिल किया गया। मुख्याध्यापक मनोज कुमार ठाकुर को सचिव चुना गया। इस अवसर पर प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष ईश्वर दास शर्मा, विद्यालय की अध्यापिका अनीता ठाकुर, मोनिका ठाकुर, रंजना कुमारी, मनोज कुमार शर्मा, सत्यपाल, हेमंत कुमार, विकास कुमार, प्रेम देवी, कमलेश देवी भी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश की कुछ जगहों पर आज मौसम विभाग ने भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया हैं। शिमला शहर में भारी बारिश से पेड़ गिरने से गाडिय़ों को नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में भूस्खलन का खतरा मंडरा गया है। सांगटी, कृष्णानगर व संजौली में बहुमंजिला भवन खतरे की जद में हैं। वहीं, जोगिंद्रनगर उपमंडल में बुधवार को भारी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। भूस्खलन के कारण सियुरी से छपरोट सडक़ बंद हो गई है। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच हिमाचल प्रदेश के कई भागों में भारी बारिश दर्ज की गई है। करसोग उपमंडल में भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। कई मार्गों पर आवाजाही ठप है। खराब मौसम के कारण विभिन्न स्थानों पर उत्पन्न स्थितियों और बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत उपमंडल के सभी सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों में गुरुवार को एक दिन की छुट्टी घोषित की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में दस अगस्त तक बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आठ और नौ तथा 11 से 13 अगस्त के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है। प्रदेश भर में बीते 24 घंटे के दौरान हुई बारिश में 748 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। इनमें पीडब्ल्यूडी को 312 करोड़ रुपए का नुकसान दर्ज हुआ है।
** मंडी-कुल्लू-शिमला में बाढ़ में बहे लोगों की तलाश में सर्च आपरेशन जारी बादल फटने की घटना के सात दिन बाद शिमला के सुन्नी में दो शव बरामद हुए हैं। अब तक तीनों जिलों में 21 शव बरामद किए जा चुके हैं। बुधवार को शिमला में मिले दोनों शव महिलाओं के हैं और दोनों की पहचान रितिका और रचना के रूप में हुई है। यह दोनों शव सुन्नी डैम से बरामद किए गए हैं। शिमला में अब तक बरामद शवों की संख्या 11 हो गई है। हालांकि इनमें से अब तक चार की ही पहचान हो सकी है। अन्य बरामद शवों को पहचान के लिए आईजीएमसी शिमला में रखा गया है, जबकि परिजनों के डीएनए सैंपल लैब में भेजे गए हैं। इसके अलावा शिमला में ही बरामद दो शवों का बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया। रेस्क्यू अभियान में मिले शवों को शिनाख्त के बाद परिजनों को सौंप दिया था। इनकी पहचान रचना उम्र 23 वर्ष गांव सूगा नजदीक सरपारा और दूसरे शव की पहना प्रीतिका पुत्री राजकुमार पांडे झारखंड निवासी के तौर पर हुई थी। उधर, कुल्लू और मंडी में बुधवार को चलाए गए सर्च अभियान के दौरान कोई भी शव नहीं मिल पाया है। यहां सर्च अभियान को जारी रखने का फैसला किया गया है। मंडी में अब भी एक और कुल्लू में दस लोग लापता हैं। कुल्लू के तीन लोग शिमला की तरफ बहे हैं। इनकी पहचान के लिए परिजनों के डीएनए सैंपल लिए गए हैं। समेज त्रासदी को लेकर चल रहे सर्च अभियान में अभी तक दस शवों को बरामद किया जा चुका है। सभी शवों का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। सर्च आपरेशन के दौरान बरामद शवों को पोस्टमार्टम करवाने के बाद आईजीएमसी शिमला के शव गृह में रखा जा रहा है। जिन शवों की पहचान नहीं हो पा रही है उनके डीएनए मैच किए जा रहें। शिमला में मंगलवार को मिले एक युवक के शव को लेकर दोबारा संशय बन गया है। इस शव को पहले कांगड़ा के युवक का बताया जा रहा था। हालांकि युवक के अभिभावकों ने शव को पहचानने से इनकार कर दिया है। इसके बाद युवक का शव परिजनों को नहीं सौंपा है। हालांकि पहचान के लिए युवक के परिजनों का डीएनए सैंपल लिया गया है। इसके मिलान के बाद ही पहचान हो पाएगी। गौरतलब है कि शिमला से 33 लोग लापता हो गए थे। इनमें से ज्यादातर बेहद खराब हालत में बरामद हो रहे हैं। इन शवों को पहचानने के लिए डीएनए की मदद ली जा रही है। अब गुरुवार को नौंवे दिन भी शिमला, मंडी और कुल्लू से लापता लोगों की तलाश की जाएगी।
**दिखाने होंगे ये ज़रूरी दस्तावेज, तभी होगा बदलाव ! अब आधार कार्ड में जन्मतिथि और नाम बदलवाना आसान नहीं रहा। अब पहले की तरह आधार कार्ड में डेट ऑफ़ बर्थ या नाम नहीं बदला जाएगा। अब UIDAI यानी यूनीक आईडेंटिटीफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अब नियमो में कई बलाव किए है। अब आधार कार्ड में डेट ऑफ़ बर्थ चेंज करवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र और हाई स्कूल की मार्कशीट दिखाना ज़रूरी हो गया है। बिना जन्म प्रमाणपत्र के आधार कार्ड में डेट ऑफ़ बर्थ और नाम में कोई भी बदलाव नहीं किए जा सकेंगे। इसके साथ ही जन्मतिथि में बदलाव करने के लिए एक व नाम में कोई बदलाव करने के लिए सिर्फ दो बार ही मौका दिया जाएगा। वही हाईस्कूल पास न करने वाली महिलाएं व पुरुषों के लिए जन्म प्रमाण पत्र दिखाना जरूरी है तभी आपके आधार कार्ड में डेट ऑफ़ बर्थ और नाम में बदलाव किया जा सकेगा।
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक आज मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में होगी। इस बैठक में कई अहम फैसले होंगे। विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरने की कैबिनेट में मंजूरी मिल सकती है। इसमें मानसून के दौरान बादल फटने से हुई घटनाओं के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों से संबंधित चर्चा भी हो सकती है। आपदा में हुए नुकसान को लेकर राहत पैकेज पर सरकार निर्णय ले सकती है।पिछले साल आई आपदा के बाद एक तय अवधि के लिए सरकार ने अपने स्तर पर विशेष पैकेज दिया था। इस बार भी पीड़ितों को आवास सुविधा देने जैसे निर्णय हो सकते हैं। इसके अलावा हिमकेयर योजना में पाई गई अनियमितताओं पर चर्चा और स्वास्थ्य विभाग में ऐसी योजनाओं में विभिन्न सुधारों के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति की रिपोर्ट भी राज्य कैबिनेट की बैठक में रखी जा सकती है।
कुनिहार:- 1अगस्त से 7अगस्त तक हर वर्ष मनाए जाने वाला विश्व स्तनपान दिवस वृत कुनिहार में भी बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया।स्वास्थ्य परवेक्षिका अरुणा शर्मा ने महिलाओ को शिशु को स्तनपान करवाने के लाभ से अवगत करवाया।उन्होंने बताया कि हर मां को 6 माह तक शिशु को केवल स्तनपान ही करवाना चाहिए। स्तनपान से बच्चा हुष्टपुष्ट व निरोगी रहता है। मां के दूध में किसी भी रोग से लडने की ताकत होती है। इसलिए कम से कम पहले 6 महीने शिशु को केवल अपना दूध ही पिलाएं। इसके अलावा महिलाओ को पौष्टिक आहार बारे भी जानकारी प्रदान की गई। इस शिविर में स्वास्थ्य कर्मचारी मीना राठौर,वृत की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता,दूध पिलाने वाली माताओं व अन्य ग्रामीण महिलाओ ने भाग लिया।
सोलन पब्लिक स्कूल द्वारा 3 अगस्त को समन्वय अंतर विद्यालय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सोलन जिला के लगभग 22 विद्यालयों के 250 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में सुर संगम, क्रिएटिव स्पार्क, ग्रेट डिबेटर ,डायनेस्टी ऑफ़ डांस जैसी प्रतियोगिताएं शामिल थी। इस प्रतियोगिता में डगशाई पब्लिक स्कूल असाधारण प्रदर्शन के साथ खड़ा रहा तथा अलग-अलग श्रेणियों में टाइनी फैशनिस्टा, सुर संगम (जूनियर्स), सुर संगम (सीनियर), द ग्रेट डिबेटर्स, डायनेस्टी ऑफ डांस (जूनियर कैटेगरी) में पहला स्थान हासिल किया। डगशाई पब्लिक स्कूल को समन्वय 2024 का ओवरऑल विजेता घोषित किया गया। समन्वय कार्यक्रम में डगशाई पब्लिक स्कूल की यह लगातार पांचवीं जीत है। विद्यालय के प्रिंसिपल सरदार तेजिंदर जीत ने इस उपलब्धि को छात्रों और शिक्षकों की कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रमाण बताया तथा उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए उन्हें हार्दिक बधाई दी।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा में सुधार वर्तमान राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हिमाचल प्रदेश की साक्षरता दर सात से 83 प्रतिशत पहुंच गई है। प्रदेश के अस्तित्व में आने के समय लगभग 300 शिक्षण संस्थान थे, जो आज बढ़कर 16 हजार से ज्यादा हो गए हैं। सरकार मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसको लेकर शिक्षा विभाग में 7,000 खाली पद भरे जा रहे हैं। राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में मंगलवार को अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में आधारभूत ढांचा मजबूत किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिले। इसके लिए शिक्षा में क्लस्टर सिस्टम लागू किया है। इससे स्कूलों की तस्वीर बदल रही है। बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ी है। संसाधनों का उचित उपयोग हो रहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में भी बेहतर शिक्षा के लिए प्रयास कर रही है। वर्तमान सरकार ने अध्यापकों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रमण कराया है। विदेशों की अच्छी शिक्षा प्रणाली समझकर प्रदेश में लागू करने के प्रयास हो रहे हैं। शिक्षा ढांचा मजबूत करने के लिए विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 99 स्कूल बंद करने का फैसला लिया है। पांच और पांच से कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूल मर्ज कर रहे हैं। दो से तीन किलोमीटर के दायरे में स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई को आधी रात में आई त्रासदी को 5 दिन बीत गए हैं। मगर इस तबाही में लापता हुई जिंदगियों की तलाश अभी भी जारी है। मंडी के तेरंग से लेकर रामपुर के समेज तक, आज 6ठे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। समेज गांव में 5 दिन बीत जाने के बाद भी लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिला है। समेज में लापता लोगों के परिजनों के डीएनए सैंपल लिए गए हैं, ताकि शव मिलने पर उसकी पहचान की जा सके। वहीं, मंडी के तेरंग में भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। यहां लापता 10 लोगों में से 8 के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि बाकि 2 की तलाश जारी है। मंडी के चौहार घाटी राजबन गांव में सर्च ऑपरेशन के छठे दिन 9वां शव बरामद हुआ है। गौरतलब है कि 31 जुलाई की रात को पद्धर उपमंडल के इस इलाके में बादल फटने के बाद तबाही मच गई थी, जिसमें 10 लोग लापता हो गए थे। मंगलवार को 46 साल की खुडी देवी का शव बरामद हुआ है जबकि 30 वर्षीय हरदेव की तलाश जारी है। सर्च ऑपरेशन में एनडीआरएफ से लेकर एसडीआरएफ, पुलिस और होमगार्ड के 100 जवान लगे हुए हैं। सर्च ऑपरेशन के लिए मशीन भी पहुंच गई है। कुल्लू, रामपुर और मंडी में बादल फटने और फ्लैश फ्लड के बाद मची तबाही के बाद ऑपरेशन लगातार जारी है। छठे दिन भी राहत और बचाव टीमें तीनों स्थानों पर लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। मानसून के सीजन में हिमाचल में बारिश हर साल तबाही मचाती है जिसमें जान और माल का काफी नुकसान होता है। हिमाचल प्रदेश में 27 जून से शुरू हुए मानसून में अब तक 37 बादल फटने या फिर फ्लैश फ्लड की घटनाएं हुई हैं, जिसमें 11 लोगों की मौत हुई हैं जबकि 46 लोग लापता हैं। ये सभी लोग 31 जुलाई की रात और एक अगस्त की सुबह कुल्लू, मंडी और शिमला के रामपुर में बादल फटने के बाद से लापता हैं। अब तक के मानसून सीजन में 83 मकान, 14 दुकान और 23 गौशालाएं तबाह हो गई हैं। वहीं 38 घरों को नुकसान पहुंचा है और 56 मवेशियों की भी मौत हुई है। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक इस बार के मानसून सीजन में 18 लैंडस्लाइड की घटनाएं हुई हैं।
**स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल होंगे मुख्यातिथि पैंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ इकाई सायरी अपना 19वां स्थापना दिवस समारोह 8 अगस्त, 2024 को प्रातःग्यारह बजे सायरी बस स्टैंड के समीप राठौर निवास में धूमधाम आयोजित करेगा। यह जानकारी देते हुए संघ के जिला मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने बताया कि समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल मुख्यातिथि के रूप में भाग लेंगे। जबकि समारोह की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश पैंशनर्ज कल्याण संघ के राज्याध्यक्ष आत्माराम शर्मा करेंगे। इसके अतिरिक्त अखिल भारतीय सेवानिवृत अर्ध सैनिक बल के अध्यक्ष बीके शर्मा समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लेंगे। पैंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ इकाई सायरी के अध्यक्ष बेलीराम राठौर व जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष जीआर भारद्वाज ने संयुक्त बयान में कहा है कि इस बार इकाई 19वां स्थापना दिवस समारोह मना रही है। इकाई के उपरोक्त पदाधिकारियों ने बताया कि जिला पैंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के जिलाध्यक्ष केडी शर्मा को भी विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। बेलीराम राठौर व जीआर भारद्वाज ने जिला कार्यकारिणी के तमाम पदाधिकारियों तथा जिला की सभी यूनिटों के कार्यकारिणी सदस्यों से आह्वान किया है कि वह 8 अगस्त की प्रातः ग्यारह बजे सायरी यूनिट के 19वें स्थापना दिवस समारोह में बढ़ चढ़कर भाग लें।
**पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी भेजा समेज त्रासदी के बाद से चल रहे सर्च ऑपरेशन के छठे दिन आज सुबह सुन्नी डैम के करीब डोगरी में एक शव बरामद हुआ है। यह शव पुरुष का है। यह जानकारी अतिरित उपायुक्त अभिषेक वर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि पुरुष का शव सही हालात में है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सी एच सी सुन्नी के लिए भेज दिया गया है। कुल्लू प्रशासन को भी इसके बारे में सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा सर्च ऑपरेशन तीव्र गति से चला हुआ है। अभी तक छह शव सर्च ऑपरेशन के दौरान बरामद किए जा चुके है।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया करेंगे समारोह की अध्यक्षता ज़िला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह हर वर्ष की भान्ति इस वर्ष भी सोलन के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी आज उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने इस संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ज़िला स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करेंगे। मुख्य संसदीय सचिव (ग्राम एवं नगर नियोजन, उद्योग एवं राजस्व विभाग) एवं दून विधानसभा क्षेेत्र के विधायक राम कुमार चौधरी तथा मुख्य संसदीय सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) एवं अर्की विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय अवस्थी समारोह में विशिष्ट अतिथि होंगे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि मुख्यातिथि सर्वप्रथम कारगिल शहीद स्मारक पर कृतज्ञ प्रदेशवासियों एवं ज़िलावासियों की ओर से स्वतंत्रता सेनानियों तथा शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। मुख्यातिथि द्वारा प्रातः 11.00 बजे ठोडो मैदान में ध्वजारोहण किया जाएगा। पुलिस, होमगार्ड्स तथा विभिन्न स्कूलों की एन.सी.सी. तथा स्काउटस एण्ड गाइड्स की टुकड़ियो द्वारा मार्चपास्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों एवं अन्य को सम्मानित भी किया जाएगा। उत्कृष्ट कर्मचारियों को सूची सभी विभागों को उपायुक्त कार्यालय सोलन को 10 अगस्त, 2024 तक उपलब्ध करवानी होगी। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे जिसकी रिहर्सल 12 अगस्त, 2024 को प्रातः 11.00 बजे ठोडो मैदान में होगी। उपायुक्त ने विभिन्न विभागों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए निर्धारित उत्तरदायित्वों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि बारिश के दृष्टिगत मैदान को कार्यक्रम के लिए तैयार रखा जाए ताकि सभी कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हों। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण, जल शक्ति, पुलिस, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग तथा नगर निगम सोलन को कार्यक्रम के विषय में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। मनमोहन शर्मा ने सभी विभागों एवं विद्यालयों से आग्रह किया कि इस कार्यक्रम में उपस्थिति सुनिश्चित बनाएं। सहायक आयुक्त विवेक शर्मा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार चंदेल, नगर निगम की संयुक्त आयुक्त डॉ. प्रियंका चन्द्रा, उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
विद्युत उपमंडल कुनिहार के अंतर्गत आने वाले सभी उपभोक्ताओं को सूचित किया जाता है। 220 केवी कुनिहार (जाब्बल जमरोट) से निकलने वाले 33 केवी सायरी फीडर के नियमित रखरखाव एवं मरम्मत तथा 33 केवी सबस्टेशन सायरी, 11 केवी यार्ड, 33 केवी यार्ड के रखरखाव तथा 33 केवी जाबल जमरोट से सायरी लाइन पर आने वाले पेड़ों/झाड़ियों टहनियों की कटाई-छंटाई के कारण 8अगस्त गुरुवार को प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। यह जानकारी इंजीनियर मोहिंदर सिंह चौधरी सहायक अभियंता विद्युत उपमंडल एचपीएसईबीएल कुनिहार ने दी उन्होंने बताया कि खंड सायरी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों शारडाघाट, बांजणी, कुम्हेली, प्लास्टा, शलाह, काकड़ा, सतरोल, ममलीग, जाखड़िया बशील, बकेशु, बेहली,चनौर, चपला, सेरीघाट, खनोल, टिक्कर, कल्हा, सायरी ,कांशीपट्टा, लल्याणा, कुफ्टू कनेअर, सेरैर , रुगडा खजरी, बनगढ़, कुफ्टू आदि क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यदि किसी कारणवश शटडाउन के दिन कार्य नहीं हो पाता है तो अगले दिन ही कार्य किया जाएगा। उन्होंने प्रभावित उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत चलाई जा रही मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन कुनिहार पंचायत हॉल में किया गया। इस शिविर में तीनो पंचायतों कुनिहार, हाटकोट व कोठी की महिला मण्डल प्रधान,स्वयं सहायता समूह की महिलाएं,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व अन्य ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया। जिला समन्वयक रेनू शर्मा व शीतल मेहता ने इस 100दिनों के विशेष जागरूकता अभियान के बारे जानकारी देते हुए बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के घटते लिंगानुपात में कमी लाना तथा समाज में बालिकाओं व महिला अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं व महिलाओं को अपने कर्तव्यों के साथ अपने अधिकारों का ज्ञान होना भी जरूरी है तभी वो समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकती है। इस शिविर के माध्यम से महिलाओ ने अपने अधिकारों के साथ साथ अन्य सुविधाओं बारे भी जानकारी हासिल की। वन स्टॉप सेंटर में पीड़ित महिलाओ को दी जाने वाली सुविधा के बारे जानकारी के साथ महिला सहायता नंबर 181 बारे भी महिलाओं को जागरूक किया गया। इस शिविर में स्वास्थ्य कर्मचारी मीना राठौर,अरुणा शर्मा सहित लगभग 90 महिलाओ ने भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश में कई दिनों की भारी बारिश के कारण जल प्रलय की स्थिति पैदा हो गई है। प्रदेश में जगह-जगह अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के चलते मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और 87 अन्य सड़कें बंद हो गई हैं। हिमाचल पुलिस ने बताया कि भारी बारिश के चलते चंद्रभाग नदी का जल स्तर बढ़ गया है। लाहौल और स्पीति जिले में दो जगहों पर अचानक बाढ़ आ गई और जिंग जिंगबार के पास मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग 3 पर पानी और मलबा आ गया। वहीं, अगले तीन दिन मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है और मौसम विभाग ने सात और आठ अगस्त के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तराखंड में केदारनाथ धाम और उसके रास्ते में फंसे लोगों को मौसम साफ होने के बाद सुरक्षित निकालने के काम में तेजी आई है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बताया कि भारी बारिश के चलते चंद्रभाग नदी का जल स्तर बढ़ गया है। लाहौल और स्पीति जिले में दो जगहों पर अचानक बाढ़ आ गई और जिंग जिंगबार के पास मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग 3 पर पानी और मलबा आ गया। इसके चलते दारचा और सरचू पुलिस चेक पोस्ट पर अगले आदेश तक यातायात रोक दिया गया। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) राजमार्ग से मलबा हटाने में जुटा है। मौसम विभाग ने पूर प्रदेश, विशेषतौर पर कांगड़ा, हमीरपुर और चांबा जिलों में भारी बारिश के चेतावनी दी है और खराब मौसम को लेकर दो दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के अन्य भागों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर अतिवृष्टि के बाद अलग-अलग स्थानों पर फंसे यात्रियों और स्थानीय लोगों का रेस्क्यू पांचवें दिन भी जारी रहा। सोमवार को 1,401 लोगों का रेस्क्यू किया गया। एमआई-17, चिनूक सहित अन्य हेलिकॉप्टर से 645, पैदल मार्ग से 584, भीमबली-लिनचोली-चौमासी मार्ग से 172 यात्री व स्थानीय लोगों को निकाला गया। पांच दिन में 11,775 यात्रियों का रेस्क्यू किया जा चुका है।
सोलन: सोने के दाम लगातार बढ़ रहे है और स्वर्णकारों ने अनुसार दीपावली तक सोने के दामों में और इजाफा हो सकता है। बढ़ते दामों के देखते हुए इन दिनों ग्राहक खूब सोने के खरीददारी कर रहे है। वही सोलन के प्रसिद्ध भूषण ज्वेलर्स में भी इन दिनों ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। ग्राहकों की मांग और पसंद को देखते हुए शोरूम प्रबंधन द्वारा इस वर्ष आभूषणों की विशेष रेंज तैयार करवाई गई है। हर वर्ग और तबके के ग्राहकों का ख्याल रखते हुए इन आभूषणों को तैयार करवाया गया है, जिन्हें ग्राहक खूब पसंद कर रहे हैं। भूषण जेवेलर्स में चाहे स्वर्ण आभूषण हो, हीरे के आभूषण या चांदी के आभूषण व अन्य वस्तुएं, भूषण ज्वेलर्स में बेहतरीन रेंज उचित दाम पर उपलब्ध है। इसमें एंटीक, कुंदन, टेंपल, पारंपरिक पहाड़ी ज्वेलरी की पूरी रेंज आकर्षक डिजाइन के साथ शोरूम में उपलब्ध है, जो ग्राहकों को खूब भा रही है। इसके अतिरिक्त चांदी के आभूषणों में बैंकॉक की ज्वेलरी, टरकियन, इटालियन चेन की विभिन्न किस्में भी ग्राहकों के लिए उपलब्ध है।
शिमला: प्रदेश में फिलहाल मानसून सामान्य चल रहा है आने वाले 7 और 8 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है शिमला मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश के तीन जिला चंबा, कांगड़ा और मंडी में कुछ चुनिंदा इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. वहीं बीते 24 घंटों में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मॉनसून सामान्य रहा है| बीते 24 घंटे के दौरान हिमाचल प्रदेश में सामान्य बारिश रिकार्ड की गई है | इस दौरान बारिश का प्रभाव प्रदेश के उत्तर क्षेत्र में अधिक देखने को मिला है. खास तौर पर लाहौल स्पीति, किन्नौर और कल्लू ज़िला के ऊंचाई वाले इलाकों में अधिक बारिश दर्ज की गई है| उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में भी प्रदेश कि ज्यादातर हिस्सों में सामान्य बारिश होने का अनुमान है. मगर 7 और 8 अगस्त की रात प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है| इस दौरान जिला चंबा, कांगड़ा और मंडी के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है|
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार के सरल जीवन से प्रेरणा लेकर हम सभी को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने चाहिएं। डॉ. शांडिल गत सायं सिरमौर कल्याण मंच सोलन द्वारा डॉ. यशवंत सिंह परमार की 118वीं जयंती पर आयोजित समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार के कुशल नेतृत्व में किए गए संघर्ष के कारण ही आज हम सभी गर्व से हिमाचली कहलाते है। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार का व्यक्तित्व निश्चल एवं अपनत्व से परिपूर्ण था और वह सदैव निस्वार्थ भावना से कार्य करते थे। उनके प्रयासों ने न केवल हिमाचल को पहाड़ी राज्य के रूप में पहचान मिली बल्कि उनके द्वारा प्रदेश के विकास की सुदृढ़ नींव भी रखी गई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉ. परमार ने पहाड़ के विकास के लिए अथक प्रयास किए और उनके द्वारा विकास की दिखाई गई राह पर चलकर आज हिमाचल देश में अन्य राज्यों के लिए विकास का आदर्श बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में डॉ. परमार के विकसित प्रदेश के लक्ष्य को पूरा करने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को स्वरोज़गार के पथ पर अग्रसर करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं आरम्भ की गई हैं ताकि डॉ. परमार के दिखाए गए मार्ग के अनुरूप हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। डॉ. शांडिल ने कहा कि स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार का मानना था सड़कंे विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्र के विकास की भाग्य रेखाएं होती हैं और सड़क निर्माण पहाड़ को विकसित बनाने में महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत को पक्की सड़क से जोड़ा जा रहा है ताकि ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति और मज़बूत हो सके। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर तुलसी राम चौहान को डॉ. यशवंत सिंह परमार सम्मान और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित ‘श्रीहाट’ को सिरमौर सम्मान से सम्मानित किया। उन्होंने इससे पूर्व स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार को कृतज्ञ प्रदेशवासियों की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस अवसर पर सिरमौर कल्याण समिति को 05 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। इस अवसर पर चूडेश्वर सांस्कृतिक दल द्वारा रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। सिरमौर कल्याण मंच के अध्यक्ष प्रदीप ममगई ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और विभिन्न मांगंे प्रस्तुत कीं।स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार के पौत्र आनन्द परमार इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
**साहित्य और संस्कृति एक दूसरे पूरक: मनमोहन शर्मा उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि साहित्य और संस्कृति एक दूसरे के पूरक है तथा साहित्य के माध्यम से संस्कृति जन-जन तक पहुंचती हैं। मनमोहन शर्मा आज यहां सिरमौर कल्याण मंच सोलन द्वारा हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार की 118वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय विचार गोष्ठी एवं कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे थे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि राजनीति के साथ-साथ साहित्य की विभिन्न धाराएं संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। उन्होंने कहा कि साहित्य ज्ञान का बड़ा स्रोत है। साहित्य के माध्यम से विभिन्न विषयों को समाज के सामने प्रस्तुत किया जाता है, और समाज बेहतर दिशा की ओर अग्रसर हो सकता है। उन्होंने कहा कि साहित्यकारों ने सदैव ही आम लोगों की समस्याओं को उजागर करते हुए समाधान के लिए लोगों को प्रेरित किया है। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार ने हिमाचल के विकास को दिशा देने के साथ-साथ पहाड़ की संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार पहाड़ की संस्कृति से विशिष्ट लगाव रखते थे और उनका सदा यह प्रयास रहा कि पहाड़ की संस्कृति, लोक परम्पराओं और हस्तशिल्प को विश्व में पहचान दी जाए। उन्होंने अपने सरल जीवन के माध्यम से हिमाचली संस्कृति की जानकारी लोगों तक पहुंचाई। उपायुक्त ने इस अवसर पर के.आर. कश्यप द्वारा लिखित ‘सोलन जन-पद की लोक कथाएं’ पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया। जिसमें 60 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। उन्होंने इससे पूर्व डॉ. वाई.एस. परमार की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष शिव कुमार, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, सिरमौर कल्याण मंच सोलन के अध्यक्ष प्रदीप, महासचिव यशपाल कपूर, उपाध्यक्ष एस.एस. परमार, बलदेव चौहान, गगन चौहान, सतपाल ठाकुर, वीरेन्द्र कंवर, रमेश शर्मा, नरेन्द्र चौहान, राजेन्द्र थापा, रीचा शर्मा सहित अन्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
** मानसिक तनाव दूर करने में खेल महत्वपूर्ण: डॉ. शांडिल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि ब्रिज जैसे खेल हमारे मानसिक तनाव को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ. शांडिल आज यहां 8वीं ऑल ओवर इंडिया हिमाचल ओपन ब्रिज प्रतियोगिता के समापन समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि वर्तमान समय की व्यस्तता में ऐसी प्रतियोगिताएं लोगों में मेले-जोल बढ़ाने तथा उन्हें मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में अहम हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को किसी न किसी खेल में भाग लेना चाहिए ताकि वह शारीरिक तौर पर स्वस्थ और मानसिक तौर पर एकाग्र बन सकें। उन्होंने कहा कि खेल सभी की ऊर्जा का बेहतर उपयोग करने में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने युवा पीढ़ी का आह्वान किया कि नशे से दूर रहें और ऐसे खेलों में ध्यान केन्द्रित करें ताकि उनके मानसिक विकास को मज़बूती प्रदान हो सके। उन्होंने इस अवसर पर 8वीं ऑल ओवर इंडिया हिमाचल ओपन ब्रिज प्रतियोगिता की स्मारिका का विमोचन भी किया। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर हिमाचल ब्रिज एसोसिएशन को अपनी ऐच्छिक निधि से 02 लाख रुपए देने की घोषणा की। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर 8वीं ऑल ओवर इंडिया हिमाचल ओपन ब्रिज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रही मोनिका जाजू टीम, द्वितीय स्थान पर रही वैदिक टीम तथा तृतीय स्थान पर रही लेक माई लव टीम को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस प्रतियोगिता में देश की 23 टीमों के लगभग 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर जोगिन्द्र सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव सुरेन्द्र सेठी, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ज़िला कांग्रेस समिति की उपाध्यक्ष संधारा दुल्टा, उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, पुलिस उपाधीक्षक अनिल धौलटा, हिमाचल प्रदेश प्रथम गर्ल बटालियन एन.सी.सी. सोलन के आदेशक कर्नल संजय शांडिल, हिमाचल प्रदेश ब्रिज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, सचिव हतिन्द्र सिंह, संयुक्त सचिव धीरज सूद, ब्रिज फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रसाद बी.कैनी, अरुण सेन, रोहित शर्मा, पूर्व पुलिस महानिदेशक हिमाचल प्रदेश पृथ्वी राज सहित अन्य व्यक्ति तथा प्रतिभागी उपस्थित थे।
कुनिहार: पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टा बरावरी-हरिपुर के अध्यक्ष डीडी कश्यप व महासचिव जगदेव गर्ग ने प्रेस को जारी ब्यान में कहा कि पट्टा बरावरी- हरिपुर पेंशनर इकाई का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है और नई कार्यकारिणी के चुनाव के लिए 11 अगस्त को ठीक 11 बजे पट्टा बरावरी पंचायत के समुदाय भवन के नजदीक प्राचीन दुर्गा माता मंदिर परिसर में जरनल हाउस का आयोजन रखा गया है। उन्होेंने कहा कि जाड़ली पंचायत, हरिपुर पंचायत, जाबल झमरोट तथा पट्टाबरावरी पंचायत के सभी पेंशनर सदस्यों से अनुरोध किया है, कि नई कार्यकारिणी के गठन के लिए अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करे। उन्होंने पुरानी कार्यकारिणी के पदाधिकारियों से भी आग्रह किया कि 11अगस्त को ठीक 11 बजे पट्टाबरावरी के दुर्गामाता मंदिर परिसर में पहुंच कर नई कार्यकारिणी के गठन में अपना सहयोग करे।
शिमला: सुन्नी के डैम क्षेत्र में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान रविवार सुबह एक शव बरामद किया गया है। सुबह सात बजे स्थानीय लोगों को डैम के एक किनारे पर एक शव दिखाई था। इसकी सूचना सर्च ऑपरेशन में लगी टीम को दी गई। इसके बाद टीम ने शव को पानी से बाहर निकाला। शव एक महिला का है, जिसकी उम्र 20 से 25 वर्ष के करीब है। महिला की एक टांग शरीर के हिस्से के साथ नहीं थी। इसके साथ ही सिर का ऊपरी हिस्सा भी नहीं है। चेहरे पर काफी चोटें लगी हैं। महिला के कानों में टॉप्स है। रेस्क्यू टीम ने शव को सीएचसी सुन्नी में पोस्टमाटर्म के लिए भेज दिया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि एक शव सुन्नी में चल रहे सर्च अभियान में बरामद हुआ है। अभी इसकी पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन प्रथम दृष्टया से यह शव हाल ही का लगता है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। शव की पहचान का काम तीव्र गति से चला हुआ है। इसके साथ ही कुल्लू प्रशासन को भी शव की पहचान के लिए सूचित कर दिया गया है। गौरतलब है कि रामपुर में 31 जुलाई को बादल फटने के बाद 36 लोग लापता हैं उनका अभी तक कोई पता नहीं चला है। बता दें कि समेज गांव में बादल फटने की घटना के बाद कुछ लोगों सतलुज नदी में बहने की संभावना है। ऐसे में इनकी तलाश के लिए समेज से करीब 120 किलोमीटर दूर सुन्नी-तत्तापानी में सर्च ऑपरेशन चलाया गया है, क्योंकि बादल फटने और बाढ़ आने से जैसी घटना होने पर 90 फीसदी शव कोल डैम साइट में शिमला-मंडी जिले की सीमा पर स्थित दोगरी गांव के आसपास ही मिलते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए गुरुवार दोपहर से पुलिस और प्रशासन की टीमें यहां सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 15 अगस्त को देहरा में राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। उनके अलावा जिलास्तरीय कार्यक्रमों में भी मंत्रियों की ड्यूटी तय की गई है। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में राज्य विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया सोलन, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शिमला, कर्नल धनीराम शांडिल हमीरपुर, चंद्र कुमार ऊना, हर्षवर्धन चौहान लाहौल स्पीति के केलांग, जगत सिंह नेगी किन्नौर के रिकांगपिओ, रोहित ठाकुर चंबा, अनिरुद्ध सिंह नाहन, विक्रमादित्य सिंह कुल्लू, राजेश धर्माणी मंडी और यादविंद्र गोमा बिलासपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। उधर, उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि 15 अगस्त को सुबह 11 बजे देहरा के शहीद भुवनेश डोगरा स्टेडियम में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत होगी। इस दौरान मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल और किशोरी लाल भी समारोह में शिरकत करेंगे। समारोह के लिए पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग, जलशक्ति विभाग, भाषा विभाग, नगर परिषद देहरा सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी भूमिका से अवगत करवा दिया गया है। राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर देहरा में एसडीएम शिल्पी बेक्टा की अध्यक्षता में बैठक हुई। उपमंडल स्तर के अधिकारियों और नगर परिषद के प्रतिनिधियों के साथ हुई इस बैठक में एसडीएम ने व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के लिए सबको जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि देहरा में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए परेड का पूर्वाभ्यास 12, 13, 14 अगस्त को किया जाएगा।
जवाली विधानसभा क्षेत्र की पंचायत ढोल के दुराना गांव के शुभम धीमान 26 साल की उम्र में शहीद हो गए हैं। शुभम धीमान पुत्र स्वर्गीय रूमाल सिंह जो कि 14 डोगरा रेजीमेंट में थे व वर्तमान में लेह में अपनी सेवाएं दे रहे थे वह शुक्रवार शाम को लेह में अपनी ड्यूटी करते हुए गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण शहीद हो गए। शुभम धीमान अभी अविवाहित थे। वह अपने पीछे माता संतोष देवी उम्र 53 साल और बड़ा भाई पंकज कुमार को छोड़ गए हैं। शुभम धीमान का बड़ा भाई पंकज धीमान लखनऊ में प्राईवेट नौकरी करता है। शुभम धीमान के पिता भी आर्मी से रिटार्यड हुए थे व डेढ़ साल पहले ही उनका देहांत हुआ है। इस परिवार के ज्यादातर सदस्य आर्मी की पृष्ठभूमि से संबंधित रहे हैं। शुभम धीमान डेढ़ महिना पहले ही छुट्टी काट कर गया था। उसके चाचा कैप्टन सतीश धीमान व दूसरे चाचा सूबेदार मेजर रिटायर्ड जोगिंद्र धीमान ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले कल रात को सेना की तरफ से दुर्घटना के बारे जानकारी दी थी, लेकिन शनिवार सुबह बेटे के शहीद होने की सूचना दी गई। सेना की तरफ से बताया है कि पार्थिव शरीर रविवार को दोपहर 2 बजे तक गांव में पहुंच जाएगा। वहीं, पंचायत प्रधान शालू, मेजर पीसी आजाद, उपप्रधान साधू राम राणा, कैप्टन दूनी सिंह, सूबेदार मेजर अवतार सिंह पठानिया, रक्षपाल शास्त्री, कैप्टन पवन सिंह, कैप्टन हरवंस सिंह राणा, कैप्टन जगदीश राणा, कैप्टन बलदेव सिंह राणा सहित दुराना गांव के लोगों ने छोटी उम्र में वीर जवान शुभम के इस तरह से जाने पर गहरा दुख प्रकट किया।
रामपुर: शिमला जिले के उपमंडल रामपुर में समेज त्रासदी के तीसरे दिन सर्च ऑपरेशन खत्म होने के बाद देर रात को डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने बड़ी समीक्षा बैठक बुलाई। ये बैठक मोनाल कॉन्फ्रेंस हॉल एसजेवीएनएल रामपुर में आयोजित की गई, जिसमें ये फैसला लिया गया कि रविवार यानी आज से समेज में सर्च ऑपरेशन के लिए 6 एलएनटी मशीनों की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही तैनात रेस्क्यू टीम में भी वृद्धि की जाएगी। डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि लोक निर्माण विभाग को प्रभावित सभी सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। जल शक्ति विभाग को सभी प्रभावित पेयजल आपूर्ति की लाइनें जल्द बिछाने के निर्देश दिए हैं। विद्युत विभाग को तीन दिनों में प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग को 37 प्रभावित परिवारों को एक महीने का मुफ्त राशन मुहैया करवाने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग को टीडी नियमों के मुताबिक प्रभावितों को लकड़ी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। डीसी शिमला ने बताया कि समेज में सर्च ऑपरेशन के दौरान एक मेडिकल टीम नियुक्ति की जाएगी। रविवार से रेस्क्यू और मेडिकल टीम सुबह से लेकर शाम तक घटनास्थल पर ही सक्रिय रहेगी। बैठक के दौरान अभी तक के सर्च ऑपरेशन और रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। एसपी शिमला संजीव गांधी ने बैठक को संबोधित किया। इस दौरान आर्मी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, सीआईएसएफ, अग्निशमन के अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों के बारे में चर्चा की। बैठक में सर्च ऑपरेशन को लेकर आगामी रणनीति भी तैयार की गई। गौरतलब है कि 31 जुलाई की रात को रामपुर में भारी बारिश हुई और समेज गांव की पहाड़ियों में बादल फट गया। जिसके चलते गांव के साथ बहते नाले में बाढ़ आ गई। बादल फटने के चलते फ्लैश फ्लड आया, जिसमें भारी मात्रा में मलबा और बड़ी-बड़ी चट्टानें थी। लोग घरों में सो रहे थे जब ये सैलाब आया और सबको बहा ले गया। 1 अगस्त की सुबह तक समेज गांव का अस्तित्व ही मिट गया। जहां कभी एक भरा-पूरा गांव हुआ करता था, अब वहां हर ओर सिर्फ मलबा ही मलबा है। इस त्रासदी में 36 लोग लापता हैं, जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। आज समेज में रेस्क्यू ऑपरेशन का चौथा दिन है, लेकिन किसी का कोई नामोनिशान नहीं है।
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में पीटीए, पीरियड, एसएमसी और वर्क लोड आधार पर शिक्षकों और गैर शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है। इस बाबत उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी कर दिए हैं। पत्र में स्पष्ट किया है कि ऐसी नियुक्तियों के लिए सरकार से वित्तीय मदद नहीं दी जाएगी। भविष्य में कानूनी अड़चनें पड़ने पर संबंधित शिक्षण संस्थान प्रमुख ही जिम्मेवार होंगे। ऐसे मामले सामने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार के पास लगातार इस प्रकार की नियुक्तियां किए जाने की शिकायतें आई हैं। ऐसी नियुक्तियां होने के बाद संबंधित शिक्षक या गैर शिक्षक की ओर से स्थायी तौर पर रखने को लेकर कोर्ट की शरण ली जा रही है। ऐसे में सरकार ने इस बाबत सख्ती बरतते हुए स्कूल स्तर पर इस प्रकार की नियुक्तियां नहीं करने के आदेश जारी किए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि स्कूलों में अस्थायी तौर पर किसी भी शिक्षक या गैर शिक्षक को नियुक्त नहीं किया जा सकता है। जिन स्कूलों में इस प्रकार की नियुक्तियां दी गई हैं, वहां की रिपोर्ट तलब की गई है। सरकार की ओर से इन नियुक्तियों के लिए वित्तीय मदद नहीं दी जाएगी।
कुनिहार उप इकाई की मासिक बैठक स्थानीय रेस्टोरेन्ट में ई० रत्न तनवार की अध्यक्षता मे आयोजित की गई । बैठक में सदस्यों को बोर्ड की विभिन्न गतिविधियो से अवगत करवाते हुए सभा अध्यक्ष से लोगों को आगामी चुनौतियों से सावधान रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जो बोर्ड के लिए मन्त्रिमण्डलीय उप समिति मंत्री राजेश धर्माणी की अध्यक्षता में गठित की गई है उसकी सिफारिशो पर ही विद्युत बोर्ड का भविष्य निर्धारित होगा । यदि सिफारिशे बोर्ड व कर्मचारी विरोधी होंगी तो उससे विद्युत पैन्शनर वर्ग भी अछूता नहीं रहेगा । इसलिए समय की यही मांग है कि सभी कर्मचारी व पैन्शनर्ज अपनी एकता को अभी से मजबुत बनाए रखे तथा भविष्य के लिए अपनी रणनीति तैयार कर ले । ई तनवर ने हिमाचल प्रदेश सरकार व विद्युत बोर्ड प्रबन्धन वर्ग से मांग की है कि जैसे हरियाणा सरकार ने पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय के विभिन्न मुकदमों की अपीले स्वीकार करने के बाद सभी पैशनर्ज जिन्हे लगभग 11 वर्ष या ज्यादा सेवानिवृति के हो चुके हैं उनकी कम्युटेशन रिकवरी को स्थगित करने के आदेश जारी किए है उसी आधार पर हिमाचल के पेन्शनर्ज की कम्युटेशन रिकवरी को 10 वर्ष 8 महिने पूरे होने पर स्थगित कर दिया जाए । धरातल में विद्युत सप्लाई का ढ़ाचा पूरी तरह से चरमरा चुका है इसलिए सैक्शन लेवल तक फिल्ड कर्मचारियो की भर्ती करके इस नामवर आर्गेनाईजेशन का अस्तित्व बचाया जाए । कर्मचारियो को ओपीएस तुरन्त लागू किया जाए। पेंशनर्ज को ग्रेच्यूटी 'लीव एनकैशमेंट ' कम्युटेशन तथा अन्य सभी रोके गए देयलाभ तुरन्त जारी किए जाए । बहुत से पैन्शनर्ज तो इन लाभों का स्वाद चखे बिना ही परलोक सिधार चुके हैं जो कि इस बोर्ड को बहुत ही शर्ममाक बात है। बहुत से पैन्शनर्ज की 7- 8 बर्षो बाद भी पे फिक्शेषन नहीं हो पाई है जिसे अकाऊंटस ऑफिसर पेंशनर्ज को संज्ञान लेते हुए जांच कर तुरन्त पैन्शनर्ज को नए पे स्केल मे फिक्स किया जाए । यह भी संगठन के संज्ञान में आया है कि 65-70 व 75 वर्ष की आयु पुर्ण कर चुके पेंशनर्ज की आवश्यक पैन्शन आलाऊंस नही दिया जा रहा है उसे भी जल्दी पैन्शन के साथ एरियर सहित दिया जाए। हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग की गई कि जल्द से जल्द 12% डीए जारी किया जाए ताकि पैन्शनर्ज व कर्मचारी इस भयानक मंहगाई के दौर से बाहर निकल सके । सभा में बोर्ड द्वारा मुख्य लेखा अधिकारी से केन्द्रीय कार्यकारिणी के मांग पत्र पर बातचीत के लिए कार्यकारिणी को आमंत्रित किए जाने की भी भत्सर्ना की गई कि इतने शार्ट टर्म नोटिस पर खराब मौसम के दौरान दो दिनों के अन्दर पुरे प्रदेश से सदस्यों का शिमला पहुंचना असम्भव है तथा हमारे मांग पत्र के सभी विषय केवल मुख्य लेखा अधिकारी के अधिकारक्षेत्र में नहीं आते उनमें से बहुत से विषय बोर्ड प्रबन्धन व बोर्ड सैक्रिटेरिएट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं अतः बोर्ड से केन्द्रीय कार्यकारिणी ने इसी लिए इस मिटिंग को स्थगित कर आगामी दिनों में आयोजित करने का आग्रह 2-8-2024 को लिखे पत्र द्वारा कर दिया है । बैठक में बहुत दूर दराज के क्षेत्रो से पधारे लगभग 60 सम्मानीय सदस्यो ने भाग लिया तथा पांच नए सदस्यो ने एसोसिएशन की सदस्यता ग्रहण की ।
** चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रदान की जाएंगी विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज डॉ. राजेंद्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, जिला कांगड़ा तथा इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों को सशक्त करने के लिए साधन और संसाधनों को व्यापक स्तर पर सृजित और सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और पर्याप्त स्टाफ की समुचित तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों को भविष्य की जरूरतों और तकनीक के आधार पर सुदृढ़ करने तथा संसाधन सृजन पर बल दिया। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर विषयों की सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कमियों को चिन्हित कर उनका उचित समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणात्मक चिकित्सा देखभाल के लिए छह मरीजों के अनुपात पर एक स्टाफ नर्स तैनात की जाएगी। मुख्यमंत्री ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि अस्पताल में चिकित्सकों से परामर्श के लिए प्रतीक्षा अवधि कम की जाएगी और परामर्श अवधि बढ़ाई जाएगी, जिसके लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सक तैनात किए जाएंगे। मरीजों के पंजीकरण के लिए पंजीकरण कांउटर की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि लोगों को चिकित्सक से परामर्श के लिए अधिक इंतजार न करना पड़े। बैठक में बताया गया कि टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में वर्ष 2023 में मेडिसिन विभाग में 72,069 मरीजों, ऑर्थोपेडिक्स में 56,124, जनरल सर्जरी में 25,856 मरीजों सहित सभी विभागों में कुुल 6,05,489 मरीजों ने चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाया। मुख्यमंत्री ने टांडा महाविद्यालय में विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण कार्य की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में 100 बिस्तर क्षमता का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ विकसित किया जा रहा है जिसे शीघ्र ही कार्यशील कर दिया जाएगा तथा बीएससी नर्सिंग कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों, पैरा मेडिकल तथा अन्य श्रेणियों के विभिन्न पदों को भरने की स्वीकृति भी दी। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला की समीक्षा करते हुए इसमें विभिन्न श्रेणियों के पदों के सृजन और लोगों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों से संबंधित सभी निर्णय व्यापक स्तर पर जन कल्याण भावना के दृष्टिकोण से लिए जाएं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में विभिन्न भवनों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023 में इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के मेडिसिन विभाग में 1,43,291 मरीजों, आर्थोपेडिक्स विभाग में 85,161, जनरल सर्जरी विभाग में 77,012 मरीजों सहित सभी विभागों में 8,72,829 मरीजों ने चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाया। सुक्खू ने कहा कि अटल सुपर स्पेशिएलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाणा को भी निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, उपाध्यक्ष राज्य योजना बोर्ड भवानी सिंह पठानिया, विधायक संजय रतन, मलेंद्र राजन व हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, टांडा व शिमला चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य व चिकित्सा अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आज सोलन ज़िला की ग्राम पंचायत भोजनगर के कालथ वन क्षेत्र में पौधरोपण अभियान एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव एवं सीनियर सिविल जज आकांक्षा डोगरा ने की। आकांक्षा डोगरा ने बाण का पौधा रोपित कर पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अभियान में तेजी लाने, व आमजन की भागीदारी सुनिश्चित बनाने का भी आह्वान किया ताकि बदलते जलवायु परिवर्तन से पर्यावरण को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण के संरक्षण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण हम सभी का दायित्व है। वर्तमान में पर्यावरण की सुरक्षा ही भविष्य को हरा-भरा बना कर रख सकती है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से आग्रह किया कि वे इस अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधारोपण करें ताकि भविष्य में यह पौधे, पेड़ बनकर सभी के लिए लाभदायक बन सकें। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भोजनगर के विद्यार्थियों ने इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के लगभग 80 पौधे रोपित किए। कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी धर्मपुर केवल राम पुंडीर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भोजनगर की प्रधानाचार्य सोनिया कौर, पुलिस विभाग के अधिकारी सहित विद्यार्थियों व अध्यापकों ने भाग लिया।
सोलन: पुलिस थाना परवाणू की टीम ने सोलन जिला के युवाओं को चिट्टे की सप्लाई करने आए हरियाणा के 2 तस्करों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। इनमें एक युवती भी शामिल है। जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली की हरियाणा के युवक-युवती एक स्कूटी (पीबी 10एफआर-1183) पर सवार होकर चिट्टे की तस्करी करने सोलन की तरफ आ रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने टीटीआर परवाणू के नजदीक नाका लगा दिया। जब उक्त युवक-युवती स्कूटी लेकर वहां पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 10 ग्राम से अधिक चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने चिट्टे को कब्जे में लेकर आरोपी 35 वर्षीय मनदीप व 22 वर्षीय युवती सविता निवासी चंडी मन्दिर जिला पंचकूला हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया तथा उनके खिलाफ पुलिस थाना परवाणू में धारा 21,29 एनडी एंड पीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की स्कूटी को भी जब्त कर लिया है। पुलिस को जांच के दौरान पता चला है कि आरोपी मनदीप पहले भी नशा तस्करी के मामले में संलिप्त रह चुका है और इसके खिलाफ चंडी मंदिर थाने में एक मामला भी दर्ज है, जिसमें वह जमानत पर रिहा हुआ है। एसपी सोलन गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री ने किया समेज घटनास्थल का निरीक्षण लोक निर्माण एंव शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शनिवार को समेज घटना स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रभावित लोगों और पीड़ितों से भी मिले। घटना स्थल पर स्थानीय लोगों ने घटना के बारे में कैबिनेट मंत्री को बताया।कैबिनेट मंत्री ने कहा कि समेज गांव में दो वैली ब्रिज स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए शिमला से वैली ब्रिज का सामान मंगवा लिया गया है। कुछ ही दिनों में वैली ब्रिज सुचारू हो जाएंगे ताकि स्थानीय लोगों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि यहां पर अतिरिक्त मशीनरी की तैनाती की जा रही है ताकि खोज एवं बचाव कार्य को और तीव्रता मिल सके। इस बारे में संबंधित विभाग को निर्देश दे दिए गए है। कैबिनेट ने कहा कि यह त्रासदी झकझोरने वाली है। हम पूरी तरह लोगों के साथ खड़े है। प्रदेश सरकार हर संभव सहायता कर रही है। इस हादसे में लापता लोगों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चला हुआ है। लेकिन भारी मलबा होना के कारण सर्च ऑपरेशन में कई चुनौतियां पेश आ रही है। उन्होंने कहा कि 85 किलोमीटर के क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आर्मी, पैरा मिलिट्री फोर्स, पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन विभाग के सदस्य रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गत दिवस समेज दौरे के दौरान आपदा प्रभावितों को 50 हजार रुपए की फौरी राहत राशि और किराए पर मकान के लिए 5000 रुपये देने की घोषणा की है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश को आपदा से निपटने के लिए दिल खोल कर आर्थिक सहायता प्रदान करने का भी आग्रह किया। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने इस दौरान कैबिनेट मंत्री को खोज एवं बचाव कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान 7वें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं विधायक रामपुर नंद लाल, पूर्व सांसद एवं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष चंद्र प्रभा नेगी, पुलिस अधीक्षक शिमला संजीव कुमार गांधी, उपमंडल दण्डाधिकारी रामपुर निशांत तोमर सहित कई विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश विवि (एचपीयू) ने स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स की खाली सीटों को भरने के लिए इस बार प्रवेश प्रक्रिया में ही बदलाव कर दिया है। पहली बार बदली प्रवेश प्रक्रिया के तहत एचपीयू पीजी की खाली सीटों को भरने के लिए कुछ शर्तें लगाकर छात्र-छात्राओं को आवेदन का मौका देने वाला है। इतना ही नहीं, एचपीयू सब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी की सीटें भरने को प्रवेश परीक्षा आधारित कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 700, मेरिट आधारित कोर्स के लिए 500 रुपये फीस भी वसूल करेगा। फिर चाहे छात्र ने एडमिशन के लिए पहले ही आवेदन फीस चुका ली हो। हालांकि, यह परोक्षरूप से छात्र-छात्राओं पर अतिरिक्त फीस थोपी गई है। एचपीयू के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने सभी शैक्षणिक विभागों को कार्यालय आदेश जारी किए हैं। आदेशों में तय प्रक्रिया के अनुसार ही विभाग खाली सीटों के लिए फिर से आवेदन आमंत्रित करेंगे। अधिष्ठाता अध्ययन ने विभागों से तीन अगस्त तक खाली सीटों का ब्योरा और सीट भरने के लिए आवेदन मंगवाने से संबंधित जानकारी मांगी है। इसी के आधार पर एचपीयू पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन करने को एडमिशन पोर्टल खोलेगा। बता दें कि यह पहला मौका होगा जब विवि खाली सीटें भरने के लिए फीस की वसूली करेगा। पहले खाली सीटों पर वीसी की मंजूरी पर प्रवेश दिया जाता था। डीएस कार्यालय के सर्कुलर के मुताबिक प्रवेश, आवेदन और सीट आवंटन के लिए तीन नियमों के अनुसार सीटें भरी जानी हैं।
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने हिमकेयर योजना को संशोधित किया है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सभी सरकारी सेवारत, सेवानिवृत्त अधिकारियों/कर्मचारियों को मुख्यमंत्री हिमाचल स्वास्थ्य देखभाल योजना (हिमकेयर) से तत्काल प्रभाव से बाहर कर दिया है। इसके साथ ही निजी अस्पतालों का इंपेनलमेंट 1 सितंबर 2024 से वापस लेने का निर्णय लिया गया है। अब इन अस्पतालों में हिमकेयर योजना के तहत इलाज नहीं होगा। इस संबंध में सचिव स्वास्थ्य एम सुधा देवी की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। बीते दिनों स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने सोलन में कहा था कि बहुत से लोग निजी अस्पतालों में इलाज करवाने के लिए जाते हैं। जहां पर इलाज काफी महंगा है। जिस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रहता। कुछ निजी अस्पताल मनमर्जी के रेट भी मरीजों को लगाते हैं। बताया जा रहा है कि इसी के चलते निजी अस्पतालों में हिमकेयर योजना के तहत इलाज की सुविधा को बंद करने का फैसला लिया गया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार 5 अगस्त से तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद केवल सरकारी कर्मचारियों के तबादलों के ऐसे प्रस्तावों पर कार्रवाई और कार्यान्वयन किया जाएगा, जो व्यापक मार्गदर्शक सिद्धांत-2013 के पैरा 8 के तहत विशेष रूप से प्रदान की गई परिस्थितियों के अनुरूप होंगे। इस संबंध में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों, विभाध्यक्षों, मंडलायुक्तों व उपायुक्तों को इन निर्देशों की कड़ाई से अनुपालन के लिए सभी संबंधितों के ध्यान में लाने को कहा है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने 1 मार्च, 2024 को जारी पत्र के जरिये बताया था कि 1 अप्रैल, 2024 से या आदर्श आचार संहिता लागू होने की तारीख से जो भी पहले हो, कर्मचारियों के सामान्य तबादलों पर प्रतिबंध फिर से प्रभावी हो जाएगा। इसी के तहत अब तबादलों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के चलते पर्यटन कारोबार को बड़ा झटका लगा है। पर्यटन स्थल सूने हैं। हिमाचल में अब तक ढाई हजार सैलानियों ने बुकिंग रद्द या होल्ड कर दी है। इसके अलावा ट्रैकिंग ट्रिप पर जाने का कार्यक्रम भी सैलानियों ने स्थगित कर दिया है। हालांकि बरसात के चलते हिमाचल में इन दिनों ऑफ सीजन चल रहा है, लेकिन इन दिनों में भी होटलों में 30 से 40 फीसदी तक एक्यूपेंसी रहती है। लेकिन प्राकृतिक आपदा के आपदा वीकेंड पर भी ऑक्यूपेंसी 10 फीसदी से कम है। हिमाचल की राजधानी शिमला के अलावा मनाली, धर्मशाला, मैक्लोडगंज, चंबा और डलहौजी में होटलों के कमरे खाली चल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में बीते साल 2023 में प्राकृतिक आपदा के चलते पर्यटन कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हुआ था। उस समय कारोबारियों को करोड़ों की चपत लगी थी। आपदा के चलते कुल्लू-मंडी और मनाली में तबाही के डर से सैलानी पर्यटन नगरी धर्मशाला-मैक्लोडंगज आने से भी कतरा रहे हैं। वीकेंड पर एक आध कमरे की ही बुकिंग हो रही है। धर्मशाला का पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज और भागसूनाग भी वीकेंड पर सूना है। हालांकि पर्यटन कारोबारियों को 15 अगस्त की छुट्टियों के दौरान तीन-चार दिन के लिए अच्छे कारोबार की उम्मीद है। होटल एसोसिएशन धर्मशाला के अध्यक्ष अश्विनी बांबा का कहना है कि बरसात में होटलों में एक-दो कमरे ही लग पा रहे हैं। ऑफ सीजन में सैलानियों को होटलों में 30 फीसदी तक छूट भी दी जा रही है, लेकिन फिर भी वीकेंड पर ऑक्यूपेंसी 15 फीसदी भी नहीं पहुंच रही। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के एजीएम नवदीप थापा ने बताया कि बरसात के मौसम में प्रदेश में हो रही तबाही के कारण सैलानियों में डर का माहौल है। पर्यटन कारोबार काफी कम हो गया है। निगम के होटलों में सैलानी बुकिंग रद्द करवा रहे हैं। सैलानी हिमाचल आने से डर रहे हैं। टूरिस्टों ने ट्रैकिंग ट्रिप होल्ड कर दिए हैं। अगर भारी बारिश का क्रम थम जाता है तो करीब 15 दिन बाद स्थिति सुधरने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने कहर बरपाया है। बादल फटने से नालों में आई बाढ़ से कई लोग लापता हुए हैं। वहीं, भारी बारिश के साथ आए तेज तूफान ने किसानों और बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। प्रदेश में सेब की फसल तैयार है। इस बीच तेज तूफान के कारण पेड़ों से झड़ कर सेब के खेतों में ढेर लग गए हैं। ऐसे में सरकार ने बागवानों की पीड़ा को समझते हुए उन्हें राहत पहुंचाने का फैसला लिया है। इसके लिए एपीएमसी ने निर्धारित समय से पहले झड़े हुए सेब को खरीदने का फैसला लिया है, ताकि बागवानों का नुकसान होने से बचाया जा सके। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि दो दिन पहले मौसम बिगड़ने की वजह से सेब की फसल को नुकसान हुआ है। ऐसे में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में एचपीएमसी को बागवानों से सेब की खरीद करने को कहा गया है, जिसके लिए बागवानी को एचपीएमसी के केंद्र प्रभारियों से लिखित में आवेदन करना होगा। एचपीएमसी ने शुरुआती तौर पर अभी 20 केंद्रों पर सेब की खरीद शुरू कर दी है। इसके अलावा अगले कुछ दिनों में आपदा प्रभावित क्षेत्रों सहित कम ऊंचाई वाले सेब बहुल क्षेत्रों में 40 के करीब क्षेत्रों में सेब खरीद शुरू हो जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों में बादल फटने से आई बाढ़ के बाद लापता हुए 45 से अधिक लोगों का पता लगाने के लिए बचावकर्मियों ने ड्रोन तैनात किये हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी शुक्रवार को दी। बुधवार रात तीन जिलों- कुल्लू, मंडी और शिमला में बादल फटने से अचानक बाढ़ आने के बाद मंडी के राजबन गांव से दो शव और कुल्लू के निरमंड से एक शव बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार तीन शवों की बरामदगी के साथ, कुल्लू, मंडी पधर और शिमला के रामपुर उपमंडल के निरमंड, सैंज और मलाणा क्षेत्रों में अचानक आई बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या आठ हो गई है। 45 लोग अभी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने शिमला और कुल्लू जिले की सीमा पर स्थित समेज जाकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि लापता लोगों में 17-18 महिलाएं और 8-9 बच्चे शामिल हैं। उन्होंने पीड़ितों के लिए 50 हजार रुपये की तत्काल राहत और अगले तीन महीने तक 5,000 रुपये प्रति माह किराया देने की भी घोषणा की। इसके अलावा, गैस, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक सामग्री भी मुहैया कराई जाएगी।
बादल फटने और बाढ़ आने से प्रदेश में 17 पुल ढहे और क्षतिग्रस्त हुए है। प्रदेश सरकार ने जरूरत के मुताबिक इन जगहों पर बेली ब्रिज लगाने के निर्देश दिए हैं। सेब बहुल क्षेत्रों की सड़कें दुरुस्त करने को कहा है। जिन सड़कों को ज्यादा नुकसान हुआ है और समय रहते ठीक नहीं हो सकती हैं, उन क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों के लिए डोजर और जेसीबी लगाए गए हैं। प्रदेश सरकार ने विभाग से प्रतिदिन रिपोर्ट मांगी है। बीते साल आई आपदा से सबक लेते हुए सरकार ने पहले ही बेली ब्रिज खरीद रखे थे। जोन स्तर पर इन ब्रिजों को रखा गया था। अब इन वेली ब्रिज को जिला शिमला, मंडी, कुल्लू के लिए भेजा जाएगा। हालांकि इससे पहले लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर क्षतिग्रस्त पुलों का निरीक्षण करेंगे। अगर कोई पुल रिपेयर करने योग्य होगा तो उसकी मरम्मत होगी। जो पुल ढह गया है, वहां तुरंत बेली ब्रिज लगाने का काम शुरू हो जाएगा। लोक निर्माण विभाग का दावा है कि जिला कुल्लू के निरमंड में सबसे ज्यादा 9 पुल ढहे व क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के चलते 455 सड़कें यातायात के लिए प्रभावित हुई हैं। कई सड़कें ऐसी हैं, जिनका नामोनिशान मिट गया है। हालांकि विभाग का दावा है कि 100 से ज्यादा सड़कें यातायात के लिए बहाल की गई हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ नरेंद्र पॉल ने कहा कि विभाग का हर कर्मचारी मुस्तैदी के साथ सड़कों को बहाल करने में डटा है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के चलते विभाग को अब तक 300 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। सड़कें और पुुल टूटने से लोगों की परेशानी बढ़ी है। ऐसे में जहां जहां पुल ढह गए हैं, वहां बेली ब्रिज लगाए जाएंगे।
कुनिहार:-आज शिव कुमार (उप निदेशक प्राथमिक शिक्षा, सोलन) की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न प्रखंडों के बीईईओ ने भाग लिया। प्राचार्य केके यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। प्राचार्य केके यादव ने जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा की प्रवेश प्रक्रिया समझाते हुए इसमें आने वाली समस्याओं का जिक्र किया और उसका समाधान भी बताया। प्राचार्य केके यादव ने आए हुए बीईईओ से प्रवेश प्रक्रिया पर खुलकर चर्चा की और सहयोग की अपील की। उपनिदेशक शिव कुमार ने उनकी टीम को हरसंभव सहयोग देने का वादा किया। अंत में अतिथियों को सम्मानित किया गया।
हिमाचल प्रदेश में बारिश के बाद आई भारी तबाही ने सभी को चौंका कर रख दिया। गुरूवार देर रात आई बारिश ने किसी को आपनो से दूर किया तो किसी के आशियानों की उजाड़ कर रख दिया लेकिन बारिश का ये कर्म अभी यही नहीं रखने वाला। मौसम विभाग केंद्र शिमला ने आगामी पांच दिनों के लिए भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 2 से 7 अगस्त तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना ज़ाहिर की है। जिसमें मंडी , शिमला , सिरमौर ,कांगड़ा, बिलासपुर और हमीरपुर शामिल है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी नालो से दूर रहने की भी अपील की है। मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के बाद प्रदेश के लोगों डर भी बैठ गया है। अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही प्रदेशभर से ऐसी ऐसी खबरे सामने आई कि लोग अभी भी डरे और सहमे हुए है।
** क्यू॰आर॰टी॰ बैठक में पुष्प उत्पादन पर दिया बल डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के पुष्प एवं भूदृश वास्तुकला विभाग’ में दो दिवसीय क्यू॰आर॰टी॰ की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें पुष्प कृषि अनुसंधान निदेशालय, पुणे के अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के तहत देश भर के 7 केंद्रों के पुष्प वैज्ञानिकों ने भाग लिया। बैठक के उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल मुख्य अतिथि रहे। प्रो चंदेल ने क्यू.आर.टी. के अध्यक्ष डॉ एस.के. चक्रवर्ती और सदस्यों डॉ प्रीतम कालिया, डॉ सी अस्वथ, डॉ रंजीत कुमार, डॉ व राममूर्ति और पुष्प अनुसंधान निदेशालय के निदेशक डॉ के.वे. प्रसाद का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रो. चंदेल ने कहा कि पुष्प उत्पादन का देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका है क्योंकि किसानों की आय को दो से तीन गुना बढ़ाने में यह बहुत मददगार हो सकती है। उन्होनें सभी वैज्ञानिकों को नई तकनीकों के विकास करने की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। बैठक के पहले दिन सभी विश्वविद्यालयों से आए वैज्ञानिकों ने अपने अपने केन्द्रों द्वारा वर्ष 2018-2023 के बीच किए गए अनुसंधान कार्यों पर प्रस्तुति दी, जिसकी समीक्षा की गई। दूसरे दिन पुष्प विज्ञान विभाग का क्षेत्र का भ्रमण किया, जिसमें अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के विभिन्न प्रयोगों का आकलन किया गया। क्यू.आर.टी. के सभी सदस्यों द्वारा नेटिव ओरनामेंटल्स पर किए गए कार्यों का सहराया गया। अध्यक्ष द्वारा विभाग द्वारा बनाए गए कारनेशन के म्यूटेंट्स, गुलदाउदी एवं एल्स्ट्रोमीरिया की ओपन पोलिनेटेड सिलेक्शन एवं ग्लैडिओलस के हाइब्रिड पर शोध कार्यों पर वैज्ञानिकों को बधाई दी। विभाग की ड्राई फ्लावर प्रयोगशाला का भी भ्रमण किया गया। इसके पश्चात हिमाचल प्रदेश के पुष्प उत्पादकों एवं वैज्ञानिकों की संवाद बैठक की गई, जिसमें कारनेशन उत्पादक सुरेश चंदेल, जिप्सोफिला एवं कारनेशन उत्पादक रवि दत्त शर्मा एवं व्यर्थ फूलों की अगरबत्ती बनाने वाली कंपनी युवान वेंडरज के प्रबंध निदेशक रविंद्र पराशर ने अपने-अपने अनुभव एवं समस्याओं का साझा किया। सभी किसानों ने उनके विकास में पुष्प विभाग के वैज्ञानिकों की भागीदारी की प्रशंसा की और संतोष जताया। धारों की धार में प्रगतिशील किसान कारण ठाकुर की कारनेशन के पॉलीहाउस का भ्रमण भी किया। इस बैठक में विभाग के हैड डॉ एस.आर. धीमान सहित सभी वैज्ञानिकों ने भाग लिया।
**डायरिया की रोकथाम के लिए 31 अगस्त तक आयोजित किया जा रहा जागरूकता अभियान **09 अगस्त को आयोजित होगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने वर्षा ऋतु में विभिन्न जनजनित रोगों की रोकथाम के लिए सभी सम्बन्धित विभागों को पूर्ण तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। मनमोहन शर्मा आज यहां जल जनित रोगों की रोकथाम के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि गर्मी एवं वर्षा ऋतु के समय जल जनित रोगों के साथ-साथ डेंगू जैसे रोग होने की सम्भावना अधिक होती है। ऐसे में यह आवश्यक है कि स्वच्छ पेयजल की उपलब्धतता पर ध्यान दिया जाए और किसी भी स्थान पर पानी न खड़ा होने दिया जाए। उन्होंने इस सम्बन्ध में स्वास्थ्य विभाग, जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं नगर परिषद परवाणू को संयुक्त टीमें गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह टीमें नियमित अंतराल पर प्रभावित क्षेत्रों में फोगिंग सुनिश्चित बनाएंगे, विभिन्न पेयजल आपूर्ति भण्डारण टैंको और पारम्परिक जल स्त्रोतों का निरीक्षण कर स्वच्छता सुनिश्चित करेंगी। उन्होंने कहा कि यह टीमें लोगों को जल जनित रोगों के विषय में जागरूक भी करेंगे। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को बरसात के मौसम में लोगों को दूषित पानी का उपयोग न करने के विषय में जागरूक करने तथा समय-समय पर प्राकृतिक जल स्त्रोतों की जांच करने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने कहा कि ज़िला में डायरिया रोग की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 31 अगस्त, 2024 तक जागरूकता अभियान आयोजित किया जा रहा है। जागरूकता अभियान के तहत लोगों को डायरिया रोग के लक्षणों एवं बचाव के विषय में जागरूक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ज़िला में 09 अगस्त, 2024 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस दिन स्कूलों बच्चों को कृमि मुक्त दवा एलबेंडाजोल और विटामिन ए की खुराक दी जाएगी। मनमोहन शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के समय में जल जनित रोगों से बचाव के साथ-साथ विभिन्न दुर्घटनाओं से निपटने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों का भण्डारण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार चंदेल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल, ज़िला चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रंजन, ज़िला पंचायत अधिकारी जोगिन्द्र राणा, विभिन्न खण्ड चिकित्सा अधिकारी सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश कोली समाज के राज्य कार्यकारी अध्यक्ष एवं पेंशनर कल्याण संघ कुनिहार यूनिट के प्रधान जगदीश सिंह ने अपना 79वां जन्म दिवस समारोह अपने पैतृक गांव ग्राम पंचायत पट्टाबरावरी के पन्याली में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया। इस अवसर पर पंचायत प्रधान हरीश कौशल सहित दर्जनों पेंशनरों ने यहां पहुंचकर जगदीश सिंह को जन्म दिवस की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की। पेंशनर यूनिट पट्टाबरावरी के प्रधान डी डी कश्यप ने बताया कि इस मौके पर जगदीश सिंह ने सभी के साथ मिलकर पट्टाबराबरी में निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर परिसर व सड़क के दोनो ओर जामुन, भेड़ा, आंवला, बांस, दाड़ू, अमरूद, शीशम आदि विभिन्न प्रजाति के 105 पौधे रोपित किए। पौधारोपण कार्यक्रम के बाद जगदीश सिंह ने पंचायत प्रधान सहित पेंशनरों को शॉल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर रूपेंद्र कौशल, राम नाथ कश्यप, परमानंद गर्ग, दौलत राम गर्ग, ख्याली राम कश्यप, रमेश कश्यप, जगदेव गर्ग, ख्याली राम, प्रेम चंद कश्यप, कन्हैया लाल, डी डी कश्यप, जी आर शेख आदि पेंशनर मौजूद रहे। अंत में जगदीश सिंह ने सभी को भोजन करवाया।
**प्रदेश में अभी जारी रहेगा बारिश का दौर हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में बारिश हुई है, जिसमें कुछ स्थानों पर भारी बारिश से तबाही का मंजर देखने को मिला है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कुछ भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के विज्ञानिक संदीप कुमार ने बताया कि बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश में अधिकांश क्षेत्रों में बारिश हुई है, कुछ जिलों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। चंबा, कांगड़ा, बिलासपुर हमीरपुर, सोलन शिमला में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई है। आज चंबा कांगड़ा कुल्लू मंडी में एक दो स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है। 2 से 6 अगस्त तक कुछ स्थानों में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। इस दौरान ऊना, बिलासपुर, सोलन, मंडी, सिरमौर, शिमला, चंबा, कांगड़ा में एक दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में लोगो को नदी नालों के नजदीक न जाने की सलाह है क्योंकि भारी बारिश के बाद फ्लैश फ्लड की स्थिति बन सकती है।
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान भारी बारिश से तबाही हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारी बारिश से हुई तबाही को लेकर सचिवालय में आपात बैठक की और सभी जिलों से नुकसान की रिपोर्ट लेने के साथ सभी संबंधित जिलों के उपायुक्तों को रेस्क्यू में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अभी तक की जानकारी के मुताबिक शिमला, कुल्लू और मंडी में 50 लोग बादल फटने की घटनाओं से लापता हैं, जबकि तीन लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं और 3 लोग सुरक्षित निकाले गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भारी बारिश से तीन जिलों ने नुकसान हुआ है। रामपुर के झाखड़ी समेज खड्ड में 36 लोग लापता हैं जिसमें दो लोगों के शव बरामद हो गए हैं, जबकि दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसी तरह मंडी पधर में 9 लोग लापता हैं एक शव बरामद हो गया है एक व्यक्ति को जख्मी हालत में बाहर निकाल लिया है। कुल्लू के मलाणा में पॉवर प्रॉजेक्ट के डैम को भी भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री ख़ुद मौके के लिए रवाना हो रहे हैं। मौके पर राहत बचाव कार्य के लिए NDRF,SDRF, ITBP सहित स्थानीय प्रशासन जुटा हुआ है और रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्मी को भी अलर्ट पर रहने को कहा गया है। केन्द्र सरकार में मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा से फोन पर बात हुई और हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है।
**फसलों की बर्बादी पर किसान अब मुआवजे की आस में कुनिहार क्षेत्र में लंबे समय बाद बुधवार रात भारी बारिश हुई, जिससे लोगो को गर्मीं से तो काफी राहत मिली लेकिन इस बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने किसानों की मक्की की फसल खेतो में ही बिछा दी। किसानों को भारी नुकसान हुआ है और किसान अपनी बर्बाद फसल को देखकर मायूस हो गए है। किसानों का कहना है कि पहले तो बारिश न होने की वजह से आधी से ज्यादा फसल वैसे ही बर्बाद हो चुकी थी और रही-सही कसर बुधवार रात हुई बारिश के साथ चली तेज हवा ने पूरी कर दी। गौर रहे कि क्षेत्र में अधिकतर किसान खेती बाड़ी करके अपना व अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं और फसल की अच्छी पैदावार के लिए बारिश पर ही निर्भर रहते है। गांव हरीपुर, सहबार, नमोल, हरडी, उच्चागांव, थावना आदि के किसानों वीरेंद्र, शंकर, मदन, जयपाल, राकेश, विक्रम, संतलाल, रोशन आदि ने बताया कि इस बार पहले बारिश हुई ही नहीं, जिससे आधी से ज्यादा मक्की सहित नगदी फसलें बर्बाद हों गई, लंबे समय बाद बुधवार रात जब अच्छी बारिश हुई तो लगा कि अब कुछ फसल आ जाएगी, लेकिन जब सुबह उठकर फसल को देखा तो मक्की की फसल खेतो में बिछी पड़ी थी। किसानों ने सरकार से इस बार मौसम के कारण बर्बाद हुई फसल का उचित मुआवजा देने की मांग की है।


















































