-विभिन्न खेल गतिविधियों में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा -प्राथमिक वर्ग की मनोरंजक खेलें रहीं पहले दिन का आकर्षण एसवीएन स्कूल कुनिहार में प्रधानाचार्य पद्मनाभम की अध्यक्षता में दो दिवसीय स्पोर्ट्स मीट का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ गर्ल्स स्कूल उच्चा गांव की प्रिंसिपल दीपिका शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि किया। मीट के पहले दिन का आकर्षण प्राथमिक वर्ग की मनोरंजक खेलें रहीं, जिनमें जलेबी रेस, बनाना रेस, हुला-हुप, कलेक्ट द बॉल, स्मार्ट स्प्रिंग प्रमुख थीं। इन सभी खेलों में विद्यार्थियों ने बड़े ही उत्साह के साथ भाग लिया। वहीं, स्कूल चेयरमैन टीसी गर्ग ने बताया कि हर विद्यार्थी के जीवन में जितना महत्व शिक्षा का होता है, उतना ही खेलों का भी है। खेलों से विद्यार्थियों का शारीरिक व मानसिक दोनों तरह का विकास होता है, इसलिए हर विद्यार्थी को खेलों में भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसवीएन स्कूल शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों की सेहत के लिए हमेशा अग्रसर रहता है और इस तरह के आयोजन करवाता रहता है।
हिमाचल को पर्यटन राज्य बनाने के लिए साहसिक गतिविधियों पर दिया जा रहा ध्यान आधुनिक जरूरतों के अनुरूप पर्यटन गतिविधियों के विकास को दिया जा रहा बढ़ावा 'पर्यटक ग्राम' जहां हिमाचली संस्कृति से रू-ब-रू होंगे सैलानी हिमाचल प्रदेश की वर्तमान सरकार हिमाचल को पर्यटन राज्य के रूप में विकसित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है, ताकि युवाओं के लिए रोजगार तथा स्थानीय लोगों की आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सके। इसके दृष्टिगत ट्रैकिंग, कंैपिंग, पैराग्लाइडिंग तथा रिवर राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों को विशेष तौर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार के प्रयास अब हकीकत में भी नज़र आने लगे हैं। हाल ही में हमीरपुर जिला के नादौन में ब्यास नदी में तीन दिवसीय एशियन राफ्टिंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। इसमें नेपाल, भूटान और कजाकिस्तान जैसे देशों से प्रतिभागियों ने भाग लिया। कुल्लू-मनाली के उपरान्त नादौन ब्यास नदी पर राफ्टिंग का नया केंद्र बनकर उभरा है। नादौन क्षेत्र में पर्यटन विकास के दृष्टिगत एशियन विकास बैंक की मदद से 2500 करोड़ रुपये की परियोजना भी प्रस्तावित है। इससे पूर्व बिलासपुर जिला में स्थित गोविन्द सागर झील में भी जल क्रीड़ा से संबंधित गतिविधियां आयोजित की गईं। मण्डी जिला के ततापानी में कोल बांध झील में भी जल क्रीड़ा पर आधारित साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। कांगड़ा जिला के पौंग डैम में वाटर स्पोर्ट्स, शिकारा, क्रूज़ तथा यॉट इत्यादि की भी व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश सरकार पारम्परिक पर्यटन के साथ-साथ आधुनिक जरूरतों के अनुरूप पर्यटन गतिविधियों के विकास को बढ़ावा दे रही है। पर्यटन राजधानी कांगड़ा में अंतरराष्ट्रीय स्तर के गोल्फ कोर्स का निर्माण प्रस्तावित है। बनखण्डी में 300 करोड़ रुपये की लागत से चिड़िया घर का निर्माण किया जा रहा है। सरकार ने अपने प्रथम बजट में ही 60 करोड़ रुपये का प्रावधान इसके पहले चरण के निर्माण के लिए किया है। स्थानीय कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए 'पर्यटक ग्रामÓ की स्थापना भी की जा रही है। इसमें स्थानीय कला, संस्कृति, हस्तकला, संगीत इत्यादि को प्रसारित करते हुए स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। पर्यटन क्षेत्र को नए आयाम देते हुए वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'ओल्ड एज होमÓ विकसित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त एशियन विकास बैंक की सहायता से 1311 करोड़ रुपये की एक व्यापक पर्यटन विकास योजना की घोषणा सरकार ने इस वर्ष के बजट में की है। इसके अंतर्गत कांगड़ा जिला में 390 करोड़ रुपये, हमीरपुर जिला में 257 करोड़ रुपये, कुल्लू जिला में 229 करोड़ रुपये, शिमला जिला में 123 करोड़ रुपये तथा मण्डी जिला में 138 करोड़ रुपये व अन्य स्थानों पर 174 करोड़ रुपये पर्यटन विकास पर व्यय किए जाएंगे। इसके तहत पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं, इलैक्ट्रिक बसें, जल क्रीड़ा, थीम पार्क, सड़क किनारे प्रसाधन सहित अन्य सुविधाएं, उच्च स्तरीय फूड कोर्ट, विरासत स्थलों के सौन्दर्यकरण और ईको टूरिज्म के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है। ग्रीष्म एवं शीतकालीन खेलों का सुचारू आयोजन सुनिश्चित करने के दृष्टिगत शिमला आईस स्केटिंग रिंक का उन्नयन करने के साथ ही मनाली में आईस स्केटिंग तथा रोलर स्केटिंग का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का मानना है कि स्थानीय युवाओं को पर्यटन के साथ जोड़कर रोजगार के स्थायी अवसर सृजित किए जा सकते हैं। इससे पर्यटन विकास सुनिश्चित होगा और प्रदेश के राजस्व में भी बढ़ौत्तरी हो सकेगी। पर्यटन तथा आतिथ्य क्षेत्रों में क्षमता निर्माण से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान कर युवाओं को पर्यटन क्षेत्र की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने पर भी विशेष ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है।
राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र, गाजियाबाद द्वारा वित्त पोषित कार्यक्रम के अंतर्गत सोलन के कृषि विज्ञान केंद्र ने जिला के कृषि अधिकारियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया, जिसमें 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समन्वयक डॉ. सीमा ठाकुर ने बताया कि राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र गाजियाबाद से डॉ. रूचि सोनी तथा रवि ने इस कार्यक्रम में अधिकारियों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा केंद्र द्वारा चलाई जा रही परियोजनाओं के बारे में अवगत करवाया। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. जितेंद्र चौहान ने अधिकारियों से आह्वान किया कि किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित करें। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ सीमा ठाकुर, डॉ राजेश ठाकुर, डॉ. अनुराग शर्मा तथा डॉ मीरा ने अधिकारियों को प्राकृतिक खेती में उपयुक्त आदानों को बनाने की प्रक्रिया का विस्तृत रूप से प्रदर्शन किया। डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी से सब्जी विज्ञान विभाग में प्रधान वैज्ञानिक डॉ. कुलदीप ठाकुर ने अधिकारियों को प्राकृतिक खेती तथा जैविक खेती पर प्रशिक्षण देते हुए कहा कि जैविक खेती को अपनाने की प्रेरणा देने के साथ-साथ अधिकारियों को जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में भी किसानों को ज्ञान देने की आवश्यकता है। उन्होंने प्राकृतिक खेती पर जोर देते हुए अधिकारियों से किसानों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस सोलन मुख्यालय व सोलन जिला के सभी उपमंडलों में मनाया जाएगा। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन आकांक्षा डोगरा ने दी। उन्होंने कहा कि इस दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य उचित निष्पक्ष और न्याय प्रक्रिया के बारे सभी नागरिकों को जागरूक करना है। आकांक्षा डोगरा ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस की शुरूआत वर्ष 1995 में सर्वोच्च न्यायलय द्वारा समाज के गरीब और कमज़ोर वर्गों को सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिए की गई थी। उन्होंने कहा कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को कानून के बारे में जागरूक करना है। सभी लोगों तक न्याय पहुंचाने के लिए आरम्भ की गई विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाना है।
जिला दंंडाधिकारी सोलन मनमोहन शर्मा ने दीपावली पर्व के दृष्टिगत सभी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पटाखों की बिक्री और प्रयोग के संबंध में एहतियाती उपायों के विषय में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। ये आदेश आपराधिक दंड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार नगर निगम सोलन की परिधि में लोअर बाजार सोलन, चौक बाजार, अप्पर बाजार, लक्कड़ बाजार, गंज बाजार, माल रोड और पुराना बस अड्डा सोलन में पटाखों के भंडारण, बिक्री और प्रदर्शनी पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध 14 नवंबर तक लागू रहेगा। इन आदेशों के अनुसार नगर निगम सोलन की परिधि में ठोडो मैदान, बाई पास सोलन पर सब्जी मंडी के सामने खुला स्थान, सपरुन सोलन में पुराना नगर नियोजन कार्यालय के समीप बड़ोग बाई पास मार्ग के आरंभ में खुला स्थान, चंबाघाट में वर्षा शालिका के समीप और ब्रूरी में मोहन मीकिन फैक्ट्री के गेट के सामने खुले स्थान पर ही पटाखों की खुदरा बिक्री की जा सकेगी। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि दीपावली त्योहार के समय पटाखों की खुदरा बिक्री के लिए अस्थाई लाइसेंस अथवा परमिट, संबंधित लाइसेंस प्राधिकरण द्वारा जारी किए जाएंगे। इस उद्देश्य के लिए स्थान अथवा स्टॉल नगर निगम सोलन के आयुक्त द्वारा उपमंडलाधिकारी सोलन के परामर्श से पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध करवाए जाएंगे। समक्ष प्राधिकरण द्वारा जारी लाइसेंस धारक को ही पटाखों की बिक्री भंडारण की अनुमति होगी। आदेशों के अनुसार रॉकेट एवं उड़ने वाले पटाखों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। बाजार, सरकारी कार्यालयों एवं भवनों, रसोई गैस संयंत्र के समीप, पेट्रोल पंप, विरासत भवनों एवं आवासों के समीप पटाखों का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। आदेशों के अनुसार माननीय सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा पटाखों के संबंध में दिशा-निर्देश तथा हिमाचल प्रदेश सरकार के पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी निर्देशों का अक्ष:रश पालन सुनिश्चित बनाना होगा। आदेशों के अनुसार केवल पर्यावरण हितैषी पटाखे चलाने की ही अनुमति होगी। दीपावली त्यौहार के दिवस पर पटाखे चलाने के लिए रात्रि 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। आदेशों एवं प्रचलित निर्देशों के उल्लंघन पर विधिसम्मत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2024 के दौरान 27 अक्तूबर से 09 दिसम्बर, 2023 तक पुनरीक्षण की गतिविधियों के पर्यवेक्षण के लिए आज मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मनीष गर्ग ने कांगड़ा, शिमला व मण्डी के मण्डलायुक्तों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी प्रक्षेकों को पुनरीक्षण अभियान के दौरान विभिन्न गतिविधियों के संदर्भ में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह इस विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2024 के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप मतदाता सूची प्रेक्षक, प्राप्त हो रहे दावे व आक्षेपों के निपटारे की गुणवत्ता, मतदाता सूचियों में लिंग अनुपात, जनसंख्या अनुपात व आयु वर्गवार पंजीकरण में अंतर को कम करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों का प्रेक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण अवधि के दौरान प्रेक्षक 3 बार क्षेत्रीय दौरे करना सुनिश्चित करें। पहले दौरे में विद्यमान सांसदों/ विधायकों/राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी करेंगे और प्रत्येक दौरे के पश्चात मुख्य निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से आयोग को रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनैतिक दल अथवा सर्वसाधारण को विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2024 में यदि कोई विषय प्रस्तुत करना हो तो वे मतदाता सूची प्रेक्षकों से दूरभाष पर सम्पर्क कर सकते हैं। इसके लिए मण्डलायुक्त कांगड़ा से दूरभाष नंबर 94970-34035, मंडलायुक्त शिमला से 94180-39998 और मंडलायुक्त मंडी से 94180-88701 पर संपर्क किया जा सकता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों और आम लोगों से मतदाता सूचियों के इस विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2024 का लाभ प्राप्त करने के लिए सभी पात्र नागरिकों को 9 दिसम्बर, 2023 से पहले अपने नाम संबंधित मतदाता सूची में सम्मिलित करवाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया है, ताकि वे देश के लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
- जीएसटी एक्ट के तहत 5,03,175 रुपये जुर्माना वसूला सोलन जिले में गत दिवस चेकिंग के दौरान एक फॉर्चुनर गाड़ी से 83,86,235 रुपये के सोने के आभूषण बरामद किए गए। इस पर जीएसटी एक्ट 2017 के अनुसार 5,03,175 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जो कि मौके पर ही सरकारी कोष में जमा करवा दिया गया है। निरीक्षण के दौरान उप आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी, जिला सोलन के साथ तुलसीराम राणा व रजनीश डोगरा सहायक आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी और पंकज कुमार, सहायक राज्य कर एवं आबकारी मौजूद रहे। उपायुक्त ने कहा कि त्योहारों के दिनों में चेंंकिग पर विशेष बल दिया जा रहा है।
-कहा, पंचायत घरों के निर्माण के लिए दिए जा रहे 1.14 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत जाबली में शीघ्र ही एक आदर्श पंचायत घर का निर्माण किया जाएगा। अनिरुद्ध सिंह आज सोलन के कसौली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत जाबली में सामुदायिक पंचायत केन्द्र की आधारशिला रखने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा अब पंचायत घरों के निर्माण के लिए 1.14 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की जा रही है ताकि पंचायत घरों का बहुआयामी उपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि पूर्व में पंचायत घरों के निर्माण के लिए 33 लाख रुपए ही स्वीकृत किए जाते थे। जाबली में पंचायत घर निर्माण के प्रथम चरण के लिए 35 लाख रुपए स्वीकृत किए गए है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सामुदायिक पंचायत केंद्रों का निर्माण कार्य समयबद्ध किया जाएगा, ताकि लोग इनसे लाभान्वित हो सकें। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि जाबली में स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद विक्रय के लिए स्टॉल निर्माण का प्रस्ताव उच्च स्तर पर प्रेषित किया जाएगा। यहां ग्रामीण विकास विभाग के पास अपनी भूमि उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण आर्थिकी को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है और स्टॉल निर्मित होने से स्वयं सहायता समूहों की आमदनी में आशातीत वृद्धि होगी। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि इस वर्ष हिमाचल प्रदेश को भारी वर्षा के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा है। सरकार प्रभावितों को बेहतर राहत देने के लिए कार्य कर रही है। इस कार्य के लिए घोषित राहत आपदा पैकेज के अंतर्गत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को दी जाने वाली राशि को बढ़ाकर 7 लाख रुपये तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह प्रयास है कि प्रभावितों का उचित पुनर्वास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि इस कार्य को समयबद्ध पूर्ण किया जाए। कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने जाबली में आदर्श पंचायत घर के शिलान्यास के लिए ग्रामीण विकास मंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष राहुल ठाकुर, ग्राम पंचायत जाबली की प्रधान कल्पना गर्ग, उप प्रधान विनय अत्री, नगर परिषद परवाणू की पूर्व अध्यक्ष निशा शर्मा, ज़िला परिषद सदस्य राजिंद्र ठाकुर, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी कसौली गौरव महाजन, ज़िला पंचायत अधिकारी सोलन जोगिंद्र राणा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि अपनी समृद्ध संस्कृति को संजोए रखने और परम्पराओं से जन-जन को परिचित करवाने के लिए मेले और उत्सवों के आयोजन में युवाओं को जोड़ा जाना आवश्यक है। डॉ. शांडिल गत देर सांय सोलन के कण्डाघाट उपमण्डल के साधुपुल में दो दिवसीय मेले के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर स्थानीय प्राचीन मंदिर में पूजा-अर्चना की और सभी के सुखी जीवन की कामना की। डॉ. शांडिल ने कहा कि मेले हमारी समृद्ध संस्कृति के परिचायक हैं। मेले में लोगों को सुख-दु:ख बांटने के अतिरिक्त प्रदेश की संस्कृति को जानने का अवसर भी मिलता है। प्रदेश सरकार द्वारा मेलों के संरक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है ताकि भावी पीढ़ी अपनी संस्कृति को आत्मसात कर सके। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी का यह दायित्व है कि वो अपनी धरोहर को संजोए रखे। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्मरण रखना होगा कि अपनी परम्पराओं, संस्कृति और हस्तशिल्प को संरक्षित रख ही विकास के मार्ग पर सशक्त कदम बढ़ाए जा सकते हैं। डॉ. शांडिल ने कहा कि ऐसे आयोजनों में कुश्ती और कबड्डी जैसे पारम्परिक खेलों का आयोजन भी किया जाता है। इन पारम्परिक खेलों के माध्यम से आज युवा विश्व में देश की प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि अपने पारम्परिक खेलों के लिए समय दें। उन्होंने इस अवसर पर कबड्डी प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित भी किया।उन्होंने साधुपुल मंदिर के मंच निर्माण के लिए 2 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने दुर्गा माता मंदिर साधुपुल के सामुदायिक भवन के लिए 3 लाख देने की घोषणा की। उन्होंने मेला समिति को अपनी ऐच्छिक निधि से 11 हजार देने की घोषणा की। इस अवसर पर जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, प्रदेश कांग्रेस के महासचिव रमेश ठाकुर, ज़िला कांग्रेस के अध्यक्ष शिव कुमार, खंड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ग्राम पंचायत सकोड़ी के प्रधान सुरेश ठाकुर, ग्राम पचंायत तुंदल की प्रधान चित्रलेखा, नगर निगम सोलन के मनोनीत पार्षद रजत थापा, बीडीसी सदस्य राधा, मेला समिति के प्रधान पवन ठाकुर, उपमंडलाधिकारी कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सोलन पुलिस की स्पेशल टीम द्वारा शिक्षण संस्थानों में चिट्टा तस्करों पर रखी जा रही कड़ी निगरानी के चलते टीम को एक तस्करी के नेटवर्क का पता लगा, जिसमें पंजाब का एक मुख्य चिट्टा तस्कर जिला के संस्थानों में पढ़ रहे युवाओं को पिछले 3 साल से चिट्टा सप्लाई कर रहा है। गत 2 नवंबर को पुलिस की स्पेशल टीम ने ओछघाट में सुल्तानपुर सड़क के साथ की बिल्डिंग में दो आरोपी, जिसमें गौरव सिंह पुत्रकुबेर सिंह निवासी बल्ह मंडी उम्र 23 साल और राहुल गुलेरिया पुत्र शमी गुलेरिया निवासी सरकाघाट मंडी उम्र 21 साल को मादक पदार्थ की अवैध तरीके से खरीद फरोख्त करते पकड़ा गया और इनके कब्जे से करीब 6 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। उपरोक्त दोनो आरोपियों को अभियोग में गिरफ्तार किया गया और इनसे पूछताछ के दौरान पता चला कि यह उसी दिन 7 ग्राम चिट्टा 30000 रुपये में मोहाली से लेकर आये थे और इनके साथ आरोपी अनिकेत ठाकुर पुत्र रजिंदर ठाकुर निवासी जुब्बल शिमला उम्र 23 साल भी साथ में था, जिसको भी गिरफ़्तार किया गया है। अभियोग में आगामी जांच अमल में लाई गई और इन छात्रों को चिट्टा सप्लाई करने वाला मुख्य तस्कर बलजीत सिंह उर्फ बराड़ पुत्र काका सिंह निवासी मुक्तसर साहिब, पंजाब हाल निवासी सेक्टर 87 मोहाली को स्पेशल टीम द्वारा मोहाली से गिरफ़्तार कर लिया गया है और इसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर अभियोग में आगामी अन्वेषण जारी है। सोलन पुलिस द्वारा अभी तक बाहरी राज्यों के 50 सप्लायरों जो दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, असम, महाराष्ट्र आदि राज्यों से हैं, को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें 4 अफ्रीकी मूल के नाइजीरियन नागरिक भी शामिल हैं। इन बाहरी राज्यों के तस्करों द्वारा हिमाचल प्रदेश में चलाये जा रहे चिट्टा तस्करी के 7 बड़े नेटवर्कों को ध्वस्त कर दिया गया है, जिससे हजारों युवाओं को चिट्टा की आपूर्ति बंद हुई है।
-7 को सुबाथू और 8 व 9 को धर्मपुर में होगा कार्यक्रम -9 को मुख्यमंत्री सुक्खू बतौर मुख्य अतिथि करेंगे शिरकत पाइनग्रोव स्कूल द्वारा 7 से लेकर 9 नवंबर तक अपनी दोनों शाखाओं, धर्मपुर और सुबाथू का 32वां वार्षिक उत्सव मनाया जा रहा है। यह उत्सव 7 नवंबर की प्रात: सुबाथू में, 8 नवंबर की प्रात: और शाम तथा 9 नवंबर की प्रात: दो दिनों के लिए धर्मपुर शाखा में मनाया जाएगा। 32वें वार्षिक उत्सवमें प्रस्तुत किए जानें वाले मंचीय एवम मैदान के सभी, प्रात:-शाम के कार्यक्रमों की तैयारियां लगभग पंद्रह दिनों पूर्व प्रारंभ की जा चुकी हैं। पाइनग्रोव स्कूल के हैड ऑफ कल्चरल अफेयर्स मिस्टर विशाल गौरी से मिली जानकारी अनुसार प्रस्तुत किए जानें वाले कार्यक्रमों में सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा, स्कूल प्ले, भारतीय संगीत, नृत्य नाटक,स्टार्लिट बोनांज़ा, रॉक बैंड, पाइपबैंड, ब्रास बैंड, जिमनास्टिक्स और पर्कशन 8 नवंबर की प्रात: एवं शाम को प्रस्तुत किए जाएंगे जबकि पारंपरिक हिमाचली नाटी, स्कूल परेड और जिमनास्टिक्स की एक अन्य, नवीन प्रस्तुति 9 नवंबर की प्रात: दृष्टिगोचर होंगी। उपरोक्त विस्तृत कार्यक्रमों की झड़ी के साथ-साथ विद्यालय की सत्र 2023 की गर्व से ओतप्रोत उपलब्धियां एवं वर्क एक्स, आर्ट, रोबोटिक्स आदि प्रदर्शनियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पाइनग्रोव स्कूल में कल्चरल ब्रिजिज-2023 स्टूडेंट्सएक्सचेंज प्रोग्राम के तहत यूएसए के सैली बी हॉवर्ड स्कूल,नॉर्थ कैरोलाइना से आए विद्यार्थियों क्रमश: एना बारबोस, तिलाया लीऑन्जा और ऑनद्रेज़ की प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम को चार चांद लगाने वाली हैं। 9 नवंबर के प्रात: कालीन शो में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का सानिध्य प्राप्त होगा। पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू में 7 नवंबर के उत्सव में श्री राम कुमार, मुख्य संसदीय सचिव एवं हिमाचल प्रदेश विधानसभा सदस्य मुख्य अतिथि रहेंगे। पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर में 8 नवंबर के प्रात: कालीन शो में विनोद सुल्तानपुरी, हिमाचल प्रदेश विधानसभा सदस्य, एवं सायं कालीन शो में विनय कुमार विधान सभा सदस्य मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। कार्यक्रम में सम्मानित अतिथियों के रूप में यूएसए के नॉर्थ कैरोलाइना में स्थित सैली बी हॉवर्ड स्कूल कार्यकारी निदेशक डॉ. जॉन वुडर्ड, सांता क्लैरिटाकैलिफोर्नियासिटि हॉल काउंसिल, मेयर कार्यालय सदर्न कैलिफोर्निया बोर्ड के प्रोजेक्ट मैनेजर मिस्टर विलियम और मिसिज़ एलिना गालवेज भी शिरकत करेंगे। 4 नवंबर तक पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निदेशक कैप्टन एजे सिंह, धर्मपुर एवम सुबाथू की सभी व्यवस्थाओं एवम प्रस्तुतियों का निरीक्षण ले चुके हैं। उन्होंने सभी को इस भव्य महोत्सव की सफलता और अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं।
-प्रतियोगिता में 50 से ज्यादा बच्चों ने लिया भाग सुबाथू में कर्ण कुमार द्वारा बैडमिंटन टूर्नामेंट का आयोजन किया गया, जो कि युवाओं को नशे से दूर रखने व खेल में युवाओं की रुचि बढ़ाने के लिए एक सराहनीय कदम रहा। इस प्रतियोगिता में 50 से ज्यादा बच्चों ने भाग लिया। इस टूर्नामेंट में मुख्य अतिथि के तौर पर कांग्रेस पाटी के कसौली विधानसभा के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा और सोलन जिला महासचिव नरेंद्र चौहन, कांग्रेस प्रदेश को-ऑर्डिनेटर दीपक तंवर के अलावा बरोग के प्रधान हुकुम चंद, सुल्तानपुर के उप प्रधान जीत राम ठाकुर उपस्थित रहे।
-स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल रहे मुख्य अतिथि साई इंटरनेशनल स्कूल द्वारा भाषा व संस्कृति विभाग कोठों में आज वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल रहे। अन्य विशेष अतिथियों में मुकेश शर्मा, चेयरमैन जोगिंद्रा कॉपरेटिव बैंक, शिव कुमार जी डिस्ट्रिक्ट कांग्रेस प्रेसिडेंट,अंकुश सूद, सिटी प्रेसिडेंट, डॉक्टर संजय अग्रवाल, चेयरमैन सांई संजीवनी सोसाइटी,मिस मासूम सिंघा, प्रिंसिपल एम आरए डीएवी स्कूल आदि रहे। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद माननीय मुख्य अतिथि और अन्य सम्मानित अतिथियों का बुके व शाल वा मोमेंटो से स्वागत किया गया। स्कूल की वार्षिक पुस्तिका ओरियन का विमोचन भी आदरणीय मुख्य अतिथि द्वारा किया गया। कक्षा प्री नर्सरी से कक्षा आठवीं के शिक्षार्थियों द्वारा सुंदर नृत्य प्रस्तुतियों जैसे कि नाटी, भांगड़ा, मराठी, कश्मीरी आदि से माता-पिता का मनोरंजन किया गया। शिक्षार्थियों ने सुंदर नृत्य प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, क्योंकि बच्चों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। बच्चों द्वारा कराटे पर्दशन भी किया गया जिसमें बच्चों ने टाइल्स तोड़ कर बल व शौर्य का पर्दशन किया, पिरामिड बनाए और विभिन्न प्रकार के कराटे मूव्स का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि और गेस्ट विनोद गुप्ता,डॉक्टर रवि कांत सूद ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम शोभा बढ़ाई। स्कूल की वार्षिक पुस्तिका ओरियन का विमोचन भी मुख्य अतिथि के कर कमलों द्वारा किया गया। इस शुभ अवसर पर स्कूल के सभी स्टाफ के साथ मीडिया पार्टनर को भी सम्मानित किया गया। कक्षा नर्सरी से 8वीं तक के सभी शिक्षार्थियों द्वारा एक प्रदर्शनी भी प्रदर्शित की गई जिसमें विभिन्न विषयों के मॉडल तैयार किए गए। विद्यालय द्वारा वर्ष भर आयोजित की जाने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए भी शिक्षार्थियों को मोमेंटो द्वारा सम्मानित किया गया। इसमें प्रणवी, अभिमन्यु, जानवी, मन्नत, चित्राक्षी, परिण, आरुषि, पार्थ, पुष्कर, आइशी, प्रभास,दीक्षा, आदि को विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
-सौरभ शर्मा को मिला मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार रविवार को डीसी इलवेन सोलन व प्रेस क्लब सोलन के बीच मैत्री मैच खेला गया। दुर्गा पब्लिक स्कूल के ग्राउंड में आयोजित इस बेहद ही रोमांचकारी मैच में प्रेस क्लब सोलन ने डीसी इलेवन को एक रन से मात दी। मैच के अंतिम ओवर में बेहतरीन गेंदबाजी करने के लिए सौरभ शर्मा को मैन आफ द मैच के खिताब से नवाजा गया। प्रेस क्लब सोलन ने टॉस जीतकर डीसी इलवेन के कप्तान अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव को गेंदबाजी करने के लिए कहा। प्रेस क्लब के दोनों ओपनर विजय कश्यप व विशाल वर्मा ने अच्छी शुरुआत की और स्कोर बोर्ड को आगे बढ़ाया। इसके बाद डीसी इलेवन के गेंदबाजों ने सधी हुई गेंदबाजी की और प्रेस क्लब के विकेट छोटे-छोटे अंतराल में गिरते रहे, लेकिन विजय के 17, विशाल के 20, मनोज के 18, भूपेंद्र के 21, मनीष के 17 व शुभम के 9 रनों की बदौलत प्रेस क्लब ने 7 विकेट खोकर निर्धारित 15 ओवरों में 124 रन का स्कोर खड़ा किया। वहीं, डीसी इलेवन की ओर से हितेश ने 4 व राजेश ने 2 विकेट झटके। 125 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी डीसी इलेवन की टीम के सलामी बल्लेबाजों ने अच्छी शुरूआत की और टीम के स्कोर को 40 रन के पार पहुंचा दिया। इसके बाद उनकी विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया और देखते ही देखते उनके 6 बल्लेबाज पैवेलियन लौट गए। दोनों की टीमें मैच को अपनी झोली में डालने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही थी, नतीजतन मैच अंतिम ओवर तक खींच गया। अंतिम ओवर में डीसी इलेवन को जीत के लिए 5 रनों की आवश्यकता थी, लेकिन प्रेस क्लब के गेंदबाज सौरभ शर्मा की सधी हुई गेंदबाजी के चलते डीसी इलेवन 6 गेंदों में केवल 3 रन ही जोड़ पाई। अंतिम बॉल पर भी डीसी इलेवन को 3 रन जीतने के लिए चाहिए थे, लेकिन वह एक ही रन बना पाए। प्रेस क्लब सोलन ने यह बेहद रोमांचकारी मैच 1 रन से अपने नाम कर लिया। प्रेस क्लब के लिए विशाल ने 2, दुलीचंद ने 1 व सौरभ शर्मा ने एक विकेट लिया। अंतिम ओवर में बेहतरीन गेंदबाजी के लिए सौरभ शर्मा को मैन ऑफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने गत देर सायं सोलन ज़िला के कण्डाघाट में जिला प्रशासन तथा राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग के फोर-लेन कार्य सहित अन्य विषयों पर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बैठक में कहा कि चंबाघाट से कैथलीघाट तक लगभग 23 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाया जा रहा है। इस कार्य पर लगभग 598 करोड़ रुपए व्यय होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्य को समयबद्ध पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। डॉ. शांडिल ने कहा कि चंबाघाट से केथलीघाट तक फोरलेन में 18 पुल व 1 सुरंग निर्मित की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि कंडाघाट में फोरलेन कार्य के दृष्टिगत निर्मित की जा रही सुरंग के कार्य को भी शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरंग का कार्य अटल टनल की तर्ज पर किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण करते समय पानी का छिड़काव समय-समय पर करते रहें ताकि स्थानीय निवासियों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार ग्रामीणों की सुविधा के लिए छोटे रास्तों का निर्माण भी सुनिश्चित बनाया जाए। डॉ. शांडिल ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और निर्माणाधीन कम्पनी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फोरलेन निर्माण कार्य में पानी से कृषि योग्य भूमि व प्राकृतिक जल स्रोतों को होने वाले नुकसान से बचाया जाए। उन्होंने कहा कि सोलन से केथलीघाट तक लोगों की सुविधा के लिए 5 पैदल पथ भी निर्मित किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कण्डाघाट में बाबा भलकू गेट के शीघ्र निर्माण के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी यथाशीघ्र गेट के निर्माण की सभी औपचारिकताएं पूर्ण करना सुनिश्चित बनाएं। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, खंड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, पूर्व बीडीसी सदस्य अजय वर्मा, उपमंडलाधिकारी कण्डाघाट सिद्धार्थ आचार्य, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों सहित फोरलेन निर्माण कार्य के कम्पनी के अधिकारी भी उपस्थित थे।
हेमेंद्र कंवर/कोटबेजा। ग्रामीण क्षेत्रों में बरसात के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने मनरेगा योजना के तहत भले ही अलग से स्पेशल मनरेगा शेल्फ मंजूर किया हो, लेकिन पिछले डेढ़ वर्ष से पंचायतों में केवल 20 कार्य के ही होने की शर्त आड़े आ रही है। ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत बरसात के दौरान सार्वजनिक रास्ते, संपर्क मार्ग, कुहले बुरी तरह नष्ट हो गए है तथा इन्हें मनरेगा योजना के तहत करवाने के लिये पंचायतों से सेल्फ तैयार कर प्रशासन को भेजा था। प्रशासन से सेल्फ मंजूर होकर तो आ गया है, लेकिन अब ग्रामीणों को कहा जा रहा है कि एक समय में केवल 20 कार्य ही चेलेगें। ऐसे में पंचयात प्रतिनिधि अमंजस में है कि किसका काम करे तथा इसका काम छोड़े। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीणों की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। अधिकतर पंचायतों का क्षेत्रफल बहुत बड़ा है फलस्वरूप ऐसी पंचायतों में बरसात के दौरान हुये नुकसान को समय से पूरा करना किसी चुनोती से कम नहीं है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू,पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह से मांग की है कि पंचायतों से मनरेगा योजना के तहत केवल 20 वर्क ही होने की शर्त को हटाया जाए, ताकि बरसात में भारी वर्षा के दौरान क्षतिग्रस्त हुये रास्तों, कुहले, संपर्क मार्ग को बहाल किया जाए। खड़ कार्यलय के कंप्यूटर आपरेटर गगन सहगल ने बताया कि मनरेगा में एक पंचयात में 20 वर्क ही चल सकते है। अगर पंचयात में ज्यादा वर्क है तो परमिशन का प्रस्ताव प्रशासन को भेज सकते हंै। वहीं दूसरी ओर खंड विकास कार्यालय के तकनीकी सहायक राकेश कुमार ने बताया कि पंचायतो ंमें 20 वर्क के चलने की शर्त हैं। जो पंचायतें बहुत बड़ी हैं व इस बारे में प्रशासन को लिख सकती हैं। वहीं इस बारे में प्रधान परिषद धर्मपुर के अध्यक्ष बलवंत ठाकुर ने बताया कि मनरेगा योजना के कार्यों की टाइम से पेमंट न होने से पेंडेंसी रहती है जिस कारण ऑनलाइन वर्क पेंडिंग दिखते हैं, जबकि साइड पर वर्क पूरे होते हैं। उन्होंने बताया कि मनरेगा में बीस कार्य होने की कोई गाइड लाइन नहीं है। जनता को गुमराह किया जा रहा है। प्रशासन को इस बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उधर, इस विषय में खंड विकास अधिकारी धर्मपुर को फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
सैनिकों के लिए घर में छुट्टी के दौरान सेल्फी प्वाइंटों पर जाकर सरकार की योजनाओं का प्रचार करने के फैसले की पूर्व सैनिक लीग कुनिहार ने कड़े शब्दों में निंदा की है। लीग का कहना है कि केंद्र सरकार सेना के प्रति कुछ ऐसे निर्णय ले रही है, जिससे सेना का मनोबल गिर रहा है। पूर्व सैनिक लीग कुनिहार यूनिट के अध्यक्ष कैप्टन रणधीर सिंह व अन्य सदस्यों ने कहा कि लगातार सैनिको का मनोबल गिराया जा रहा है। ओल्ड रैंक ओल्ड पेंशन का अधूरा मसला हो या फिर अग्निवीर की भर्ती, वन्ही अब छुट्टी के दौरान सरकार की योजनाओं के प्रचार के लिए सेल्फी प्वाइंट खोलना। उन्होंने कहा कि सेना के जवान को साल में 56 दिन की छुट्टी मिलती है जिसका इंतजार घर वाले करते रहते हैं और वह सोचकर घर आता है कि छुट्टी के दौरान क्या क्या कार्य करने हैं, लेकिन अब सरकार के नए फरमान के अनुसार घर आकर भी सैनिक को सेल्फी प्वाइंट पर जाकर सरकार की योजनाओं का प्रचार करना पड़ेगा जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। कैप्टन रणधीर सिंह ने कहा कि सेना को राजनीति से दूर रखना चाहिए। यह मुद्दा 29 अक्तूबर को पूर्व सैनिक लीग की जिला कार्यकारणी की बैठक सायरी में भी जोर शोर से गुंजा और सभी ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की। इस दौरान सरकार से आग्रह किया गया कि इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए और भविष्य में भी सेना के प्रति ऐसे फैसलें लेने से सरकार गुरेज करे।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग जिला सोलन के माध्यम से शास्त्री अध्यापक के 31 पदों पर बैचवाइज अनुबंध आधार पर भर्ती की जानी है। यह जानकारी उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोलन संजीव कुमार ने दी। संजीव कुमार ने कहा कि इन पदों के लिए काउन्सलिंग 17 नवंबर को प्रात: 11.00 बजे ज़िला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सोलन (डाईट) के कार्यालय में होगी। उप निदेशक ने कहा कि 31 दिसंबर, 2022 तक बैच के उत्तीर्ण उम्मीदवारों के लिए 31 पदों पर शास्त्री अध्यापक के लिए काउंसलिंग की जानी है। कुल पद में से 12 पद अनारक्षित, 7 पद अनुसूचित जाति, 1 पद अनुसूचित जनजाति, 4 पद अन्य पिछड़ा वर्ग, 4 पद आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग, 1 पद अनुसूचित जाति (बीपीएल), 1 पद अन्य पिछड़ा वर्ग (बीपीएल) तथा 1 पद अनुसूचित जनजाति (बीपीएल) का भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस चयन प्रक्रिया में वही उम्मीदवार भाग ले पाएंगे जो भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 2017 तथा अब तक राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद द्वारा जारी अधिसूचनाओं के तहत निर्धारित योग्यता पूर्ण करते हों। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा पारित फैसले के अनुसार हर एक उम्मीदवार जो निर्धारित मापदण्डों को पूर्ण करता है वह 12 ज़िलों में से किसी भी ज़िला में से किसी भी ज़िला में आवेदन करने के लिए पात्र है। इच्छुक उम्मीदवार काउंसलिंग में भाग लेने के लिए 17 नवंबर को प्रात: 11.00 बजे डाईट सोलन में उपस्थित हो सकते हैं। संजीव ठाकुर ने कहा कि उम्मीदवार अपने गृह ज़िला में ही काउंसलिंग के लिए उपस्थित हो सकते है, अन्य किसी भी ज़िलो का कोई भी उम्मीदवार काउंसलिंग में भाग नहीं ले सकता है। उम्मीदवारों को अपने गृह ज़िला में ही काउंसलिंग के लिए उपस्थित होना है। उन्हें अपने गृह ज़िला में ही सभी 12 ज़िलों की प्राथमिकता दे दी है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार का गृह ज़िला उसके द्वारा प्रस्तुत हिमाचली प्रमाण पत्र के अनुसार मान्य होगा। उन्होंने कहा कि अंतिम मेरिट सूची निदेशालय स्तर पर बी.एड के बैच आधार पर तैयार की जाएगी तथा चयनित उम्मीदवारों को मैरिट एवं उनके द्वारा ही गई प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति के लिए ज़िला का निर्धारण किया जाएगा। उम्मीदवारों को विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध बायोडाटा फार्म भरकर देना होगा। इस फार्म को काउंसलिंग वाले दिन भी प्राप्त किया जा सकता है। उप निदेशक ने कहा कि इस चयन प्रक्रिया में वही उम्मीदवार भाग ले पाएंगे जो भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 2017 तथा अब तक राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद द्वारा जारी अधिसूचनाओं के तहत निर्धारित योग्यता पूर्ण करते हों। उन्होंने कहा कि काउंसलिंग से सम्बन्धित विस्तृत जानकारी के लिए निदेशालय प्रारंभिक शिक्षा व समस्त ज़िला के उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय की वैबसाईट पर उपलब्ध है।
शूलिनी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मीडिया एंड कम्युनिकेशंस के छात्रों ने शुक्रवार को चंडीगढ़ के पास लांडरां स्थित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में आयोजित 7वें मीडिया फेस्ट में ओवरऑल ट्रॉफी जीती है। टीम ने लघु फिल्म श्रेणी में प्रथम पुरस्कार जीता, और एड मैड, रील मेकिंग और फोटोग्राफी में दूसरा स्थान हासिल किया। टीम ने रेडियो जॉकी में तीसरा स्थान और ऑनलाइन फोटोग्राफी श्रेणियों में दूसरा स्थान प्राप्त किया। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित मीडिया फेस्ट में पूरे भारत के विश्वविद्यालयों से लगभग 40 विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों ने भाग लिया जिसमे सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, पंजाबी यूनिवर्सिटी, चितकारा यूनिवर्सिटी, हरिदेव जोशी यूनिवर्सिटी ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, गवर्नमेंट साइंस कॉलेज , क्राइस्ट यूनिवर्सिटी यशवंतपुर, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी, जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी दिल्ली, माता गुजरी कॉलेज और मेजबान संस्थान, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी शामिल थे । 7वें मीडिया फेस्ट की प्रतियोगिता में डॉक्यूमेंट्री मेकिंग, लाइव रिपोर्टिंग, रेडियो जॉकी, फोटोग्राफी, कविता, नुक्कड़ नाटक, एड मैड, डबिंग और ऑनलाइन फोटोग्राफी शामिल थी। शूलिनी विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ मीडिया एंड कम्युनिकेशंस के निदेशक प्रोफेसर विपिन पब्बी ने छात्रों को हार्दिक बधाई दी और कहा कि उन्हें उन पर गर्व है। ट्रस्टी और निदेशक निष्ठा आनंद ने कहा कि यह छात्रों की एक उल्लेखनीय उपलब्धि है जिन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मीडिया फेस्ट में ओवर-ऑल ट्रॉफी जीती है। टीम के साथ आई स्कूल ऑफ मीडिया एंड कम्युनिकेशंस की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रंजना ठाकुर ने कहा कि यह एक बहुप्रतीक्षित सपना सच होने जैसा था। सहायक प्रोफेसर इंदु नेगी ने कहा कि छात्रों ने भारी उत्साह के साथ प्रतियोगतानो में भाग लिया और उन्हें जीत मिली।
उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोलन द्वारा 14 नवंबर को प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक कला वर्ग ( आर्ट्स ) के 420, नॉन मेडिकल के 306 तथा मेडिकल विषय के 172 पदों को अनुबंध आधार पर भरने के लिए काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। यह जानकारी उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोलन संजीव ठाकुर ने दी। कहा कि यह काउंसलिंग 14 नवंबर को ज़िला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सोलन (डाईट) के कार्यालय में प्रात: 10.30 बजे से आरंभ होगी। उन्होंने कहा कि टीजीटी आर्ट्स में अनारक्षित वर्ग के 154, आर्थिंक रूप से कमज़ोर वर्ग के 52, अनारक्षित वर्ग (स्वतत्रंता सेनानियों के आश्रित) के 5, अन्य पिछड़ा वर्ग (अनारक्षित) के 67, अन्य पिछड़ा वर्ग (बीपीएल) के 16, अन्य पिछड़ा वर्ग (स्वतत्रंता सेनानियों के आश्रित) के 3, अनुसूचित जाति वर्ग (अनारक्षित) के 81, अनुसूचति जाति वर्ग (बीपीएल) के 16, अनुसूचित जाति (स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रित) के 4 पद, अनुसूचित जनजाति वर्ग (अनारक्षित) के 17 पद तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग (बीपीएल) के 5 पद भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि टीजीटी नॉन मेडिकल में अनारक्षित वर्ग के 108, आर्थिंक रूप से कमज़ोर वर्ग के 39, अनारक्षित वर्ग (स्वतत्रंता सेनानियों के आश्रित) के 4, अन्य पिछड़ा वर्ग (अनारक्षित) के 49, अन्य पिछड़ा वर्ग (बीपीएल) के 12, अन्य पिछड़ा वर्ग (स्वतत्रंता सेनानियों के आश्रित) के 03, अनुसूचित जाति वर्ग (अनारक्षित) के 60, अनुसूचति जाति वर्ग (बीपीएल) के 12, अनुसूचित जाति (स्वतत्रंता सेनानियों के आश्रित) के 04 पद, अनुसूचित जनजाति वर्ग (अनारक्षित) के 11 पद तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग (बीपीएल) के 04 पद भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि टीजीटी मेडिकल में अनारक्षित वर्ग के 62, आर्थिंक रूप से कमज़ोर वर्ग के 21, अनारक्षित वर्ग (स्वतत्रंता सेनानियों के आश्रित) के 2, अन्य पिछड़ा वर्ग (अनारक्षित) के 28, अन्य पिछड़ा वर्ग (बीपीएल) के 6, अन्य पिछड़ा वर्ग (स्वतत्रंता सेनानियों के आश्रित) के 01, अनुसूचित जाति वर्ग (अनारक्षित) के 34, अनुसूचति जाति वर्ग (बीपीएल) के 06, अनुसूचित जाति (स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रित) के 04 पद, अनुसूचित जनजाति वर्ग (अनारक्षित) के 06 पद तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग (बीपीएल) के 02 पद भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि उक्त काउंसलिंग में श्रेणी वाइज, बैच, सत्र वाइज उर्त्तीण उम्मीदवार तथा उक्त काउंसलिंग में भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को पूरा करते करने वाली उम्मीदवार ही काउंसलिंग में भाग ले पाएंगे। उन्होंने कहा कि अभ्यार्थियों को काउंसलिंग के समय 10वीं, 12वीं, स्नातक या इसके समकक्ष योग्यता प्रमाणपत्र, बी.एड प्रमाणपत्र, टीजीटी (टेट) प्रमाण पत्र, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा अधिकृत सक्षम अधिकारी द्वारा जारी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र, हिमाचली प्रमाणपत्र, नवीनतम पासपोर्ट फोटोग्राफ, रोज़गार कार्यालय का पंजीकृत पत्र, चरित्र प्रमाणपत्र, आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग का नवीनतम प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिन अभ्यर्थियों को काउंसलिंग पत्र प्राप्त नहीं हुए है वह अपना नाम व बायोडाटा कार्यालय की वेबसाइट 222.स्रस्रद्गद्गह्यशद्यड्डठ्ठ.द्बठ्ठ से प्राप्त कर सकते हैं।
-एनसीसी से प्रेरणा लेकर मन में पाला देशभक्ति का जज्बा -अग्निवीर आरएसएस के तहत भारतीय नौसेना में हुआ चयन -ओडिशा के छिलका में पूरी करेंगी चार माह की ट्रेनिंग मंजिलें उन्हें ही मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। उक्त पंक्तियों को चरितार्थ किया है जिला सोलन के कुनिहार पंचायत के उच्चा गांव की बेटी आयुषा पंवर ने। आयुषी पंवर इंडियन नेवी में अपने सपनों को उड़ान देगी। बीएल पब्लिक स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा पाने के बाद आयुषी ने सेंट बिड्स कॉलेज शिमला में ग्रेजुएशन में दाखिला लिया। इस दौरान एनसीसी में शामिल होकर मन में देश सेवा की भावना जागृति हुई। अब आयुषी पंवर का अग्निवीर आरएसएस के तहत इंडियन नेवी में चयन हुआ है। आयुषी के दादा दुनी चंद पंवर सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हुए हंै, पिता चंद्रमोहन एक व्यवसायी हैं तो माता तारा पंवर शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रही हैं। आयुषी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि उसने जुलाई में शिमला में रिटन टेस्ट क्लियर किया था। अगस्त को दिल्ली में ग्राउंड, मेडिकल व एक और रिटन टेस्ट दिया, जिसका परिणाम 27 अक्टूबर को निकला। ईश्वर व अभिवावकों के आशीर्वाद से उसका देश भक्ति का यह सपना इंडियन नेवी में जाकर पूरा होगा। आयुषी 19 नवंबर को आईएनएस छिलका, ओडिशा में रिपोर्ट करेंगी, जहां उसकी चार माह की ट्रेनिंग शुरू होगी।
-यही हाल रहा तो एक साल में 12000 करोड़ हो जाएगा आंकड़ा -न गारंटियां पूरी की, न कोई विकास कार्य भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि कारण नंदा द्वारा लगाई आरटीआई में जानकारी मिली है कि 10 महीने में प्रदेश सरकार द्वारा 10300 करोड़ का कर्ज लिया गया है। इसके अलावा 1000 करोड़ का अन्य लोन है, जो नाबार्ड और अन्य संस्थाओं से लिया है। यदि ऐसा ही रहा तो 12 महीनों में यह लोन 12000 करोड़ का हो जाएंगे अर्थात प्रतिमाह 1000 करोड़ का लोन लिया जा रहा है, जिससे 5 वर्षों में यह लोन 60 हजार करोड़ हो जाएगा। हैरानी की बात यह है कि इस लोन से प्रदेश में कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है, न कोई संस्थान खोला गया और न ही कोई अन्य कार्य हुआ है। बिना किसी नए कार्य के यह लोन प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया है। लगभग 1500 संस्थानों को सरकार द्वारा बंद कर दिया गया, जिसमें स्कूल है, पटवार सर्कल, पीएचसी, सीएचसी और अन्य संस्थान भी शामिल है। सरकार द्वारा संस्थानों को बंद करने के लिए लोन लिया जा रहा है, कोई भी विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। बिंदल ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने के लिए बहुत सारी लुभावनी गारंटियां दीं, जैसे 1500 रुपये महिलाओं को प्रतिमाह जिससे यह 18 हजार रुपये प्रति वर्ष बनता है। यह सारा पैसा 5 वर्षों में कुल 20 हजार करोड़ बनता है। जब 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार आई तब लोन था 49 हजार करोड़ और11 हजार करोड़ की देनदारियां उसके ऊपर थी, लेकिन सरकार ने नए संस्थान खोले और कई विकास कार्य भी किए, और आखिर में जब भाजपा की सरकार सत्ता छोड़ कर गई तब प्रदेश पर 76 हजार करोड़ कर्ज था।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में 30 अक्टूबर से 6 नवंबर तक निगम की सभी परियोजनाओं एवं कार्यालयों में सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इस वर्ष के सतर्कता जागरूकता सप्ताह की थीम 'भ्रष्टाचार का विरोध करें; राष्ट्र के प्रति समर्पित' रहे है। टीएचडीसीआईएल में सतत आजीविका एवं सामुदायिक विकास केंद्र, ऋषिकेश के तक्षशिला हॉल में एसजेवीएन एवं टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए क्षमता-निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने इस कार्यक्रम के आयोजन पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दंी और कहा कि यह कार्यक्रम सतर्क और जवाबदेह भविष्य के लिए टीएचडीसी और एसजेवीएन की प्रतिबद्धताओं को दर्शाता है। विश्नोई ने कहा कि टीएचडीसीआईएल ने सरकार द्वारा दिए गए लक्ष्यों को पूरा करने का भरसक प्रयास किया है और भारत में सभी को चौबीस घंटे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने हेतु लक्ष्य में हमेशा ईमानदारी और पारदर्शिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। कार्यक्रम का उद्घाटन उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों श्री अशोक कुमार, मुख्य तकनीकी परीक्षक (इलेक्ट्रिकल विंग), सीवीसी, नई दिल्ली, श्री शैलेन्द्र सिंह, निदेशक (कार्मिक), टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड एवं श्री प्रेम प्रकाश (आईओएफएस), सीवीओ, टीएचडीआईएल एवं एसजेवीएन के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अपने अभिभाषण के दौरान अशोक कुमार, मुख्य तकनीकी परीक्षक (इलेक्ट्रिकल विंग) ने सार्वजनिक खरीद के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में बताया। उन्होंने खरीदारी करने वाले अधिकारियों की अनिवार्य जिम्मेदारियों, सार्वजनिक खरीद में जोखिम प्रबंधन रणनीतियों और व्यापक निविदा प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला। कुमार ने सार्वजनिक खरीद की जटिलताओं, खरीद अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका और जोखिम कम करने के उपायों को उजागर किया। उन्होंने खरीद के क्षेत्र में इसके महत्व को रेखांकित करते हुए व्यापक निविदा प्रक्रिया में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की। शैलंद्र सिंह, निदेशक (कार्मिक) ने अपने संबोधन में खरीद प्रक्रिया में सतर्कता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सतर्कता जागरूकता सप्ताह भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही लड़ाई और नैतिकता और सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की सामूहिक जिम्मेदारी है। सिंह ने कहा कि बढ़ती जटिलता और परस्पर वैश्विक निर्भरता के युग में, खरीदारी का कार्य संगठनों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, चाहे वह सार्वजनिक या निजी क्षेत्र में हो। यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि यह प्रक्रिया नैतिकता और सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों का पालन करते हुए अत्यंत परिश्रम से संचालित की जाए। टीएचडीआईएल एवं एसजेवीएन के सीवीओ प्रेम प्रकाश (आईओएफएस) ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए खरीद में सत्यनिष्ठा और जवाबदेही के उपायों को कायम रखने के सर्वोपरि महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये मूल सिद्धांत न केवल पारदर्शिता और विश्वास सुनिश्चित करते हैं बल्कि सार्वजनिक संसाधनों के जिम्मेदारी पूर्ण आवंटन में भी योगदान देते हैं, जिससे ऐसी खरीद प्रक्रिया को बढ़ावा मिलता है जो शासन और नैतिक आचरण के उच्चतम मानकों के अनुरूप होती है।
-छात्रा ने राज्य स्तर पर हासिल किया प्रथम स्थान -अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ चयन बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कुनिहार की छात्रा वंशिका ठाकुर का शॉट पुट में राज्य स्तर में पहला स्थान प्राप्त करने एवं राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा में चयन होने पर विद्यालय में सम्मानित किया गया। साथ ही राज्य सतरीय अन्य खेलों में भाग लेने वाले सभी खिलाडियों अनन्या, नव्या, काव्या, अर्निका को भी माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया गया। विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि यह बड़े गर्व की बात है कि वंशिका ठाकुर ने राज्य स्तरीय अंडर-१४ छात्रा खेल प्रतियोगिता के शॉट पुट मुकाबले में पहला स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल जीतकर सोलन जिला व विद्यालय का नाम रोशन किया है। अब वंशिका ठाकुर का चयन राष्ट्र स्तर की खेलकूद प्रतियोगिता के लिए हुआ है। वहींश् विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने इस उपलब्धि के लिए जिला उच्च खेल शिक्षा अधिकारी महेंद्र, जिला प्रारंभिक खेल शिक्षा अधिकारी, उच्च शिक्षा उप निदेशक जगदीश नेगी व प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक सोलन का धन्यवाद किया और वंशिका ठाकुर को राष्ट्रीय स्तर पर उम्दा प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।
सेंटर फॉर साइंस, लर्निंग एंड क्रिएटिविटी (सीएसएलसी) साइंस म्यूजियम, शिमला द्वारा सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल (जीएमएसएसएस) खलग के 37 छात्रों के एक समूह की मेजबानी की गई, जिसमें तीन स्कूल शिक्षक भी शामिल थे। इस अवसर पर सीएसएलसी विज्ञान संग्रहालय, शिमला के निदेशक, रविकांत ठाकुर द्वारा व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और उनके लाभों पर एक व्याख्यान दिया गया। यह आयोजन व्यावसायिक शिक्षा के व्यापक परिचय के साथ शुरू हुआ, जिसमें सीखने के लिए व्यावहारिक और कौशल-आधारित दृष्टिकोण पर जोर दिया गया। ठाकुर ने छात्रों को व्यावहारिक कौशल के महत्व पर प्रकाश डाला जो उन्हें वास्तविक दुनिया के लिए तैयार करेगा। उन्होंने आगे कहा कि व्यावसायिक शिक्षा अकादमिक ज्ञान और वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोग के बीच अंतर को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ठाकुर ने व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने के अनेक लाभों पर भी चर्चा की। इनमें नौकरी बाजार में शीघ्र प्रवेश, पारंपरिक डिग्री की तुलना में कम वित्तीय बोझ और किसी के जुनून और प्रतिभा का पता लगाने का अवसर शामिल है। यह आयोजन न केवल ज्ञानवर्धक था बल्कि छात्रों और शिक्षकों के लिए समान रूप से प्रेरणादायक भी था। सीएसएलसी-विज्ञान संग्रहालय शिमला में सीखने की यात्रा जारी है, जहां हमारा लक्ष्य युवा दिमागों में ज्ञान को विकसित करना और उन्हें एक उज्जवल भविष्य की ओर मार्गदर्शन करना है, सीएसएलसी के निदेशक ठाकुर ने कहा।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग जिला सोलन के माध्यम से जेबीटी के 108 पदों पर बैचवाइज एवं अनुबंध आधार पर भर्ती की जाएगी। यह जानकारी उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा सोलन संजीव कुमार ने दी। संजीव कुमार ने कहा कि इन पदों के लिए काउंसलिंग 22 नवंबर को प्रात: 10.30 बजे जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सोलन (डाईट) के कार्यालय में होगी। उप निदेशक ने कहा कि इस चयन प्रक्रिया में वही उम्मीदवार भाग ले पाएंगे जो जेबीटी भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 2017 तथा अब तक राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद द्वारा जारी अधिसूचनाओं के तहत निर्धारित योग्यता पूर्ण करते हों। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार जेबीटी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण होने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस काउंसलिंग प्रक्रिया में ज़िला सोलन से संबंधित उम्मीदवार भाग ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार को हिमाचली प्रमाण पत्र के स्थाई पते के अनुसार ही चयन प्रक्रिया उस ज़िला में मान्यता दी जाएगी। उम्मीदवार में अपने गृह जिला में भाग लेकर अन्य किसी भी ज़िला के लिए प्राथमिकता दे सकता है। उन्होंने कहा कि अन्य ज़िलों से सोलन ज़िला में काउंसलिंग में भाग लेने वाले उम्मीदवारों पर विचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस काउंसलिंग में कुल 108 पद बैचवाइज भर्ती के माध्यम से अनुबंध आधार पर भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर, 2016 तक के बैच से अनारक्षित श्रेणी के 37 और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के 13 पद भरे जाएंगे। 31 दिसम्बर, 2020 तक के बैच से सामान्य (स्वतत्रंता सेनानियों के आश्रित) वर्ग से 1 तथा अन्य पिछड़ा वर्ग (स्वतत्रंता सेनानियों के आश्रित) वर्ग से 1 पद भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि 31 दिसम्बर, 2016 तक के बैच से अनुसूचित जाति (अनारक्षित) वर्ग के 21, अनुसूचित जाति (बीपीएल) वर्ग से 5, अनुसूचित जनजाति (अनारक्षित) वर्ग से 5, अनुसूचित जनजाति (बीपीएल) वर्ग से 2, अन्य पिछड़ा वर्ग (अनारक्षित) से 17 तथा अन्य पिछड़ा वर्ग (बीपीएल) से 5 पद भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर, 2021 तक के बैच से अनुसूचित जाति (स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रित) वर्ग से 1 पद भरा जाएगा। संजीव कुमार ने कहा कि काउंसलिंग के लिए उम्मीदवार 10वीं एवं 12वीं या इसके समकक्ष योग्यता प्रमाणपत्र, आवश्यक योग्यता प्रमाण पत्र, जे.बी.टी टेट प्रमाण पत्र, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा अधिकृत सक्षम अधिकारी से जारी जाति प्रमाण पत्र, हिमाचली प्रमाण पत्र एवं चरित्र प्रमाण पत्र, नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटा (1), रोज़गार कार्यालय का पंजीकरण पत्र तथा खण्ड विकास अधिकारी द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित बी.पी.एल प्रमाण पत्र अपने साथ लाएं। उम्मीदवार अपने साथ शैक्षणिक एवं व्यावसायिक प्रमाण पत्र भी लाएं।
सोलन ज़िला में 9 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। यह जानकारी आज यहां जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव आकांक्षा डोगरा ने दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत ज़िला एवं सत्र न्यायालय सोलन परिसर सहित कंडाघाट, अर्की, कसौली और नालागढ़ न्यायालय परिसर में 9 दिसंबरको आयोजित की जाएगी। आकांक्षा डोगरा ने कहा कि लोक अदालत में विभिन्न मामलों का निपटारा समझौते के आधार पर किया जाएगा। लोक अदालत में आपराधिक कंपाउंडेबल अपराध, चेक बाऊंस मामले, मोटर व्हीकल चालान के मामले, धन वसूली के मामले इत्यादि पर सुनवाई कर निपटारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त लोक अदालत में सड़क दुर्घटना क्लेम के मामले, श्रम विवाद के मामले, बिजली और पानी के बिल, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण के मामले, वेतन और भत्तों और सेवानिवृति से सम्बन्धित मामलों की सुनवाई कर निपटारा होगा। ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव ने कहा कि जो मामले अब तक न्यायालय में दायर नहीं हुए है, का भी लोक अदालत में निपटारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में समय व धन की बचत होती है। लोक अदालत में न्यायालय शुल्क नहीं लगता और पुराने मुकद्मे का न्यायालय शुल्क वापिस हो जाता है। लोक अदालत में किसी पक्ष को सजा नहीं होती। उन्होंने कहा कि कोई भी इच्छुक व्यक्ति अपने मामलों के निपटारे के लिए 9 दिसंबर से पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय सोलन व ज़िला के सभी न्यायालयों में सादे कागज़ पर आवेदन कर सकता है। जिस अदालत में मामला विचारधीन है उस अदालत में भी आवेदन दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर 01792-220713 पर संपर्क किया जा सकता है।
जिला सांस्कृतिक परिषद की बैठक आज यहां कोठों स्थित कला केंद्र में आयोजित की गई। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय कुमार यादव ने बैठक की अध्यक्षता की। अजय कुमार यादव ने कहा कि सांस्कृतिक परिषद का मुख्य उद्देश्य साहित्यिक, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा संस्कृत, हिन्दी, उर्दू भाषा और पहाड़ी बोली के संरक्षण एवं संवर्द्धन की दिशा में कार्य करना है। उन्होंने कहा कि परिषद इस दिशा में सतत् कार्यशील है और सोलन ज़िला की विशिष्टताओं को उभारने के लिए योजनाबद्ध कार्य किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त ने सोलन की जनता से आग्रह किया कि प्राचीन पुस्तकें जिसमें सोलन ज़िला से सम्बन्धित लेख छपे हों अथवा कोई भी प्राचीन सांस्कृतिक महत्व की वस्तु कला केन्द्र कोठों में भेंट की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं एतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इन वस्तुओं, दस्तावेज़ों इत्यादि को संग्रहालय में संगृहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भेंट कर्ता का नाम संगृहित वस्तुओं के साथ अंकित किया जाएगा। अजय यादव ने कहा कि कला केंंद्र कोठों में स्थापित होने वाली कला दीर्घा तथा संग्रहालय में स्वतंत्रता सेनानियों के छायाचित्र, पारंपरिक वेशभूषा के छायाचित्र, वास्तविक वेशभूषा एवं पारंपरिक वाद्य यंत्र रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि ज़िला प्रशासन स्थानीय कला को विकसित करने के लिए सदैव प्रयासरत रहा है। उन्होंने कहा कि ज़िला प्रशासन का यह प्रयास रहेगा कि अगले वर्ष आयोजित होने वाले राष्ट्रीय शूलिनी मेले में तीन दिन पहाड़ी कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले। बैठक में निर्णय लिया गया कि ज़िला सोलन से सम्बन्धित प्राचीन पुस्तकों को पुन: प्रकाशित किया जाएगा। इसके लिए परिषद के सदस्यों के बहुमूल्य सुझाव अपेक्षित रहेंगे। सोलन ज़िला के प्रसिद्ध लोक नृत्य पड़ुआ और करयाला के संरक्षण पर भी विशेष बल दिया जाएगा। बैठक में नगर निगम सोलन के मनोनीत पार्षद रजत थापा, पुनीत नारंग, विजय ठाकुर, पुलिस उप अधीक्षक सोलन भीष्म ठाकुर, ज़िला भाषा अधिकारी सोलन ममता वर्मा सहित परिषद के अन्य सरकारी व गैर सरकारी सदस्यों ने भाग लिया।
राज्य विद्युत बोर्ड पेंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन की कुनिहार उप इकाई की मासिक बैठक इकाई प्रधान ई. रत्न तनवर की अध्यक्षता में आज कुनिहार में संपन्न हुई। इसमें करीब 45 सदस्यों ने भाग लिया। सबसे पहले इकाई सदस्य स्व . सुंदर सिंह की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया गया तथा 2 मिनट का मौन रख कर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की गई। उसके उपरांत इकाई में नए शामिल हुए सदस्यों का हार पहनाकर स्वागत किया गया । बैठक में इकाई प्रधान ने सभा की केंद्रीय कार्यकारिणी द्वारा समय समय पर पेंशनर्ज हित में उठाए गए कदमों की जानकारी हाउस को प्रदान की, जिसका सभी ने तालिया बजा कर स्वागत किया। बैठक में बोर्ड से मांग की गई कि पेंशनर्ज का बकाया संशोधित वेतन का एरियर तथा मंहगाई भत्ते को 8 प्रतिशत बकाया दो किस्तों का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने बोर्ड से आग्रह किया कि हमारी स्टेट बॉडी के साथ जल्द बैठक करके अन्य मांगों को जल्दी माना जाए। बैठक में सभी पैन्शनर्ज से वर्ष 2023-24 केलिए जीवन प्रमाण सर्टीफीकेट भी भरवाए गए जो कि इसी माह में बोर्ड कार्यालय में जमा करवा दिए जाएगे । बैठक में प्रधान के अलावा आरएन कश्यप, रुपेेेंद्र कौशल, दलबीर सिंह, संतराम कश्यप, सुरेश शर्मा, हेमचंद, देवी सिंह, आरपी तनवर, राम प्रकाश ठाकुर, बाल चंद्र शर्मा रामदास तनवर, सोहन लाल, देवी चंद, गोपाल गर्ग, ओम प्रकाश, ललित सेन, परमानंद, भूपेेंद्र पाठक, सुनील कुमार, राजेश कुमार, रोशन लाल, राजेंद्र कुमार, शीश राम, रूपरामपाल, कृष्ण चंद आदि सदस्यों ने भाग लिया।
जिला सोलन पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन की आपात बैठक 8 नवंबर प्रात: 11 बजे बरोटीवाला में पतराम की आरा मशीन के समीप बैठक हॉल में रखी गई है। संगठन के जिला मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने बताया कि संगठन के जिला अध्यक्ष केडी शर्मा तथा जिला महासचिव जगदीश पंवर ने जिला कार्यकारिणी के तमाम पदाधिकारियों व जिला की सभी यूनिटों के प्रधान, महासचिव और अन्य कार्यकारणी सदस्यों से अपील की है कि इस आपात बैठक में सभी अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें। बैठक में पेंशनरों के कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा व विचार-विमर्श कर अगली रणनीति तैयार की जाएगी।
सोलन जिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंडी में आज आयुष्मान भव: स्वास्थ्य मेला आयोजित किया गया। यह जानकारी खंड चिकित्सा अधिकारी चंडी डॉ. उदित कुमार ने दी। डॉ. उदित कुमार ने कहा कि आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंडी में इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल शिमला द्वारा आयुष्मान भव: अभियान के तहत बहु विशेषज्ञ स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि इस स्वास्थ्य मेले में 186 लाभार्थियों का पंजीकरण हुआ। इनमें 37 लाभार्थियों ने सामान्य व 149 लाभार्थियों ने बहु विशेषज्ञ चिकित्सकीय सुविधाओं का लाभ उठाया। डॉ. उदित कुमार ने कहा कि इस मेले में शल्य चिकित्सा सुविधा का लाभ 5, औषधी चिकित्सा का लाभ 45, नेत्र रोग चिकित्सा का लाभ 15, शिशु रोग चिकित्सा का लाभ 20, मनोचिकित्सा का लाभ 2, हड्डी रोग चिकित्सा का लाभ 17, महिला रोग चिकित्सा का लाभ 20, चमरी रोग चिकित्सा विभाग की सुविधा 10, दंत चिकित्सा का लाभ 13 और सामान्य ओपीडी का लाभ 37 लाभार्थियों ने उठाया। उन्होंने कहा कि 23 लाभार्थियों ने सूक्ष्म शल्य चिकित्सकीय सुविधाओं, 166 लाभार्थियों ने परिवार नियोजन व प्रसव, प्रसूति और शिशु स्वास्थ्य सुविधाओं सहित जागरूकता का लाभ उठाया। उन्होंने कहा कि 907 व्यक्तियों की रक्त जांच की गई। मोतियाबिंद के 14 रोगी जांच उपरांत शल्य निदान के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर किए गए। उन्होंने कहा कि मुख्य शल्य चिकित्सकीय जांच के लिए 06, सूक्ष्म शल्य चिकित्सकीय सुविधा के लिए 1 और 14 लाभार्थियों को विभिन्न रोगों की जांच उपरांत आईजीएमसी शिमला में निदान के लिए रेफर किया गया। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल शिमला के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनमोल गुप्ता और सहायक प्राचार्य व विशेषज्ञ डॉ. अंजलि महाजन के मार्ग दर्शन में मेला सफल रहा। स्वास्थ्य मेला आयोजन के लिए रजिस्ट्रार डॉ. राजू कटोच, शिशु रोग विभाग, आईजीएमसी शिमला, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हितेषी, आईजीएमसी शिमला, औषधि चिकित्सा विशेषज्ञ आईजीएमसी शिमला डॉ. रवि, मनोचिकित्सा विशेषज्ञ और रजिस्ट्रार आईजीएमसी शिमला, डॉ. कुशल, शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ और रजिस्ट्रार आईजीएमसी शिमला, डॉ. रमेश, रजिस्ट्रार हड्डी रोग विशेषज्ञ और रजिस्ट्रार आईजीएमसी शिमला, डॉ. हरि मोहन शर्मा, महिला रोग विशेषज्ञ और रजिस्टार आईजीएमसी शिमला, डॉ. शालिनी और चमड़ी रोग विशेषज्ञ आईजीएमसी शिमला डॉ. अश्वनी राणा ने इस अवसर पर लाभार्थियों की जांच की।
शूलिनी विश्वविद्यालय की मूट कोर्ट सोसाइटी, कानूनी विज्ञान संकाय ने हाल ही में अपनी पहली इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया, जो तीन दिनों तक चली। प्रतियोगिता बीए एलएलबी और एलएलबी छात्रों के लिए डिजाइन की गई थी। इस कार्यक्रम में दस टीमों ने भाग लिया। विवादास्पद प्रस्ताव का केंद्रीय विषय एक काल्पनिक कानूनी मामले के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसमें दो प्रमुख पक्ष शामिल हैं, अर्थात संगीत संकल्प फाउंडेशन और इंद्रपुरा राज्य। मामले ने भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए शिक्षा के अधिकार से जुड़े विवादास्पद मुद्दों को संबोधित किया, जिससे छात्रों को जटिल कानूनी तर्क और समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया गया। इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता ने छात्रों के लिए अपने वकालत कौशल को निखारने के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया। शूलिनी विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉ. मोनिका ठाकुर ने छात्रों की सक्रिय और उत्साही भागीदारी की सराहना की। उन्होंने वकालत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपनी कानूनी यात्रा शुरू करने के लिए छात्रों के प्रयासों की सराहना की। धन्यवाद ज्ञापन मूट कोर्ट सोसाइटी की संकाय समन्वयक डॉ. कुसुम वर्मा द्वारा किया गया, उन्होंने सभी प्रतिभागियों को कानूनी क्षेत्र में अच्छा कार्य करने क लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिता के विजेताओं जिसमें अनामिका शर्मा, तनु सुराणा और शिवांशु लवानिया की टीम आईएमसीसी-१०५ ने शीर्ष स्थान हासिल किया। उपविजेता टीम आईएमसीसी-१०४ रही, जिसमें सलोनी ठाकुर, ममता तिवारी और उपासना सिंह शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल का पुरस्कार आईएमसीसी-१०३ को मिला, जिसमें नितिन जॉय, अंश शर्मा और राजदीप मान को प्रशंसा मिली। राजदीप मान को सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता के रूप में मान्यता दी गई, जबकि अनामिका शर्मा को सर्वश्रेष्ठ वक्ता नामित किया गया। प्रारंभिक दौर में सभी दस टीमों ने भाग लिया, जिन्होंने इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता में बहुत साहस और पूर्ण भागीदारी का प्रदर्शन किया। वकील सहित कानूनी पेशेवर एडवोकेट विवेक मेहता, एडवोकेट वकील वंदना मेहता, एडवोकेट अभिषेक दुल्टा, एडवोकेट अजय सिपाहिया, और एडवोकेट ईशान कश्यप एवं अधिवक्ता एवं निर्णायक थे। उन्होंने न केवल टीमों का मूल्यांकन किया बल्कि छात्रों को कानून के व्यावहारिक पहलुओं और वास्तविक जीवन के मामलों के साथ निर्णय कैसे संबंधित हैं, इस पर मूल्यवान मार्गदर्शन भी प्रदान किया। प्रारंभिक दौर के बाद, सेमीफाइनल दौर में जाने के लिए चार टीमों का चयन किया गया, जहां उन्हें न्यायाधीशों के एक नए पैनल का सामना करना पड़ा, जिसमें एडवोकेट भी शामिल थे। एडवोकेट तेजस्वी शर्मा, एडवोकेट नितिन ठाकुर, डॉ. कनु शर्मा, एडवोकेट दीक्षित सहोत्रा, और एडवोकेट पंकज। इन कानूनी विशेषज्ञों ने प्रतिस्पर्धा को अपने अनुभव से समृद्ध करते हुए अपनी अंतर्दृष्टि और विशेषज्ञता की पेशकश की। एसोसिएट डीन प्रो. नंदन शर्मा ने सभी निर्णायकों का आभार व्यक्त किया और छात्रों को ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मूट कोर्ट सोसाइटी का गठन छात्रों के वकालत कौशल को विकसित करने और कानून के छात्रों के बीच तर्कसंगत सोच को बढ़ावा देने के प्राथमिक लक्ष्य के साथ किया गया था। सहायक प्रोफेसर पलक शर्मा ने प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा की और पहली इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता का औपचारिक समापन किया। विजेताओं को ट्रॉफी वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह के करीबी जितेंद्र राणा उर्फ जुग्ना और संदीप सांख्यान को हिमाचल पथ परिवहन निगम में जिम्मेवारी सौंपी गई है। उन्हें प्रदेश हिमाचल पथ परिवहन निगम की महत्वपूर्ण स्टोर परचेज कमेटी का गैर सरकारी सदस्य बनाया गया है। पथ परिवहन निगम में सरकार द्वारा गैर सरकारी सदस्य बनाने पर जितेंद्र राणा ओर संदीप ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि जो महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री ने सौंपी है उसे पूरी कर्तव्य निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे और इस पद की गरिमा को बढ़ाएंगे। संदीप सांख्यान व जितेंद्र राणा कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ता रहे हैं। जितेंद्र राणा शिमला जिला से संबंध रखते है ओर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह के करीबी माने जाते है। जितेंद्र राणा ज़िला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी के सचिव व महासचिव पद पर भी कार्य कर चुके है ओर वर्तमान में कांग्रेस सेवा दल शिमला के अध्यक्ष है । वहीं, संदीप सांख्यान हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के वरिष्ठ प्रवक्ता हंै और सदर विधानसभा क्षेत्र से टिकट के दावेदारी में अग्रिम पंक्ति में रहे हैं संदीप सांख्यान वाणिज्य (आनर्स) में स्नातक स्नाकोत्तर और एमबीए (अंतरास्ट्रीय मार्केटिंग व व्यवसाय) व अधिवक्ता भी है। संदीप सांख्यान व जितेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री का हर फैसला दूरदर्शिता पूर्ण होता है। मुख्यमंत्री खुद एक लंबे संघर्षों और छात्र राजनीति से निकल कर समाज के हर वर्ग का दर्द जानते हैं और सामाजिक संवेदनाओं को बखूबी समझते है। उनके नेतृत्व में प्रदेश नई दिशाओं की तरफ अग्रसर हो रहा है। भगवान से प्रार्थना करते हुए संदीप सांख्यान व जितेंद्र राणा ने उनके स्वास्थ्य लाभ को लेकर भी प्रार्थना की है की वह जल्द स्वस्थ होकर प्रदेश में विकास की गति बढ़ाएंगे।
-बोले, प्राकृतिक खेती योजना को बंद करने का निर्णय राजनीतिक से प्रेरित वर्तमान कांग्रेस की सरकार, पूर्व भाजपा सरकार द्वारा लिए गए सभी अच्छे निर्णयों को राजनीतिक द्वेष की भावना से बदल रही है, जिसका बड़ा दुष्परिणाम हिमाचल प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है यह बात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. बिंदल कही। उन्होंने कहा कि स्कूलों को बंद करना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को बंद करना, पटवार सर्कल, तहसील ऑफिस, पीडब्ल्यूडी, आईपीएच, बिजली बोर्ड के दफ्तर, एसडीएम के दफ्तर और कॉलेज इत्यादि को बंद करना केवल और केवल राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से लिए गए अदूरदर्शी निर्णय है। बिंदल ने कहा कि इसी कड़ी में कांग्रेस सरकार ने प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना को बंद करने का निर्णय लिया है जो कि पूरी तरह से राजनैतिक प्रतिद्वंदिता के आधार पर लिया गया निर्णय है। हिमाचल प्रदेश को ऑर्गेनिक फारमिंग का बहुत बड़ा केंद्र बनाने के उदेश्य से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना की शुरूआत की गई और हजारों किसानो ने प्रदेशभर में इसका प्रशिक्षण लिया और प्राकृतिक खेती करनी शुरू की जिसके अच्छे परिणाम हिमाचल में आये। किसान को समृद्ध बनाने वाली इस योजना को जहां जयराम ठाकुर सरकार ने शुरू किया, वहीं तत्कालीन राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी का बड़ा योगदान रहा और तो और हिमाचल प्रदेश के कार्यों से प्रभावित होकर राष्ट्रीय स्तर पर माननीय संसद सदस्यों को आचार्य देवव्रत जी ने सम्बोधित किया। इस तकनीक से बनाई गई खाद का उपयोग कई देशों के विभिन्न हिस्सों में कामयाबी से किया जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस सरकार द्वारा इस महत्वकांक्षी योजना को बंद करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और भारतीय जनता पार्टी इस निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा करती है। बिंदल ने कहा कि गोबर, गौ मूत्र और गुड़ से निर्मित खाद सदैव ही गुणकारक रहेगी और इस प्रकार तैयार की गई फसलें मनुष्य शरीर को स्वस्थ रखने में अपना योगदान देंगी।
-एसआईटी के पास पहुंचा ढाई लाख निवेशकों का रिकॉर्ड -घोटाले में संलिप्त आरोपियों का जल्द होगा पर्दाफाश क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का लालच देकर बनाई गई ढाई लाख निवेशकों की आईडी का पूरा रिकॉर्ड एसआईटी ने जुटा लिया है। ढाई लाख आईडी में नेता, डॉक्टर, अधिकारी, पुलिस, ठेकेदार और किसान शामिल हैं। अब यह देखा जा रहा है कि किस व्यक्ति ने डबल रिटर्न के लालच में कितने का निवेश किया है। किसके खाते में कितनी राशि आई है। इस रिकॉर्ड से एसआईटी जल्द ही घोटाले में संलिप्त आरोपियों का पर्दाफाश करेगी। इस मामले में और गिरफ्तारियां होनी हैं। 2000 करोड़ रुपये का घोटाला जांच में सामने आया है कि क्रिप्टोकरेंसी घोटाला में ढाई लाख के करीब लोगों की आईडी बनी और करीब 2,300 करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन सामने आई है। इसमें 2000 करोड़ का घोटाला है। आरोपियों ने साल दर साल धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए नए-नए नाम से कंपनियां बनाईं। अब तक की जांच में पूरे फ्रॉड का मास्टरमाइंड सुभाष और अभिषेक को माना जा रहा है। इसके साथ ही घोटाले में संलिप्त कुछ अन्य आरोपियों को भी विभिन्न कपंनियों के एमएलएम से जुड़े बिजनेस में काम करने का अनुभव था। ऐसे में घोटाले से जुड़ी गैंग के सदस्यों को मालूम था किस तरह से लोगों को लालच देकर में जल्द से जल्द चेन को आगे बढ़ाना है। यही कारण रहा कि चंद सालों में करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम देने में आरोपी सफल रहे। इसी बीच जब आरोपियों को पूरे खेल का भंडाफोड़ होने का अंदेशा हुआ तो मास्टर माइंड सुभाष पुलिस का शिकंजा कसने से पहले ही विदेश फरार हो गया। कई आरोपी भूमिगत हो गए। पुलिस एसआईटी घोटाले में अब तक साढ़े 9 करोड़ की संपत्तियों को सीज किया जा चुका है। एसआईटी की ओर से इन दिनों आरोपियों की संपत्तियों को सीज करने का सिलसिला जारी है।
सोलन में इनरव्हील क्लब मिडटाउन सोलन द्वारा करवा चौथ का त्यौहार धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने विधिवत उपवास रख कर अपने पति की दीर्घायु की कामना की। इस अवसर पर एक निजी होटल में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं ने एकजुट होकर करवा चौथ का त्यौहार मनाया । इस दौरान महिलाओं ने सज धजकर नाच गाकर इस दिन को खास बनाया। इस कार्यक्रम में महिलाओं के लिए कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई ।इस मौके पर महिलाओं ने करवा चैथ की कथा सुनी सामूहिक आरती की व अपने अपने पतियों की दीर्घायु की कामना की । इस दौरान क्लब की प्रधान ऊषा ठाकुर ने बताया कि करवा चौथ के त्यौहार का पूरे साल उन्हें बेसब्री से इंतजार रहता है उन्होंने कहा कि आज उन्हें निर्जला उपवास अपने सुहाग की खुशहाली एंव दीर्घायु के लिए रखा है।
अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती के लिए सोलन, शिमला, सिरमौर और किन्नौर ज़िलों के उन उम्मीदवारों को शारीरिक परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं जिन्होंने ऑनलाइन परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। यह जानकारी भर्ती कार्यालय शिमला की निदेशक कर्नल पुष्विन्दर कौर ने दी। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि इस भर्ती रैली का आयोजन शिमला ज़िला के रामपुर बुशहर स्थित प्रिथी मिलिट्री स्टेशन अवेरीपट्टी में 18 नवम्बर से 24 नवंबर के मध्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 18 नवंबरको इस रैली में सोलन ज़िला की अर्की तहसील और शिमला ज़िला की सभी तहसीलों के उम्मीदवार भाग ले सकेंगे। 19 नवंबर को सोलन ज़िला की बद्दी तहसील के अतिरिक्त अन्य सभी तहसीलों के उम्मीदवार भाग ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि 20 नवंबर को सोलन ज़िला की बद्दी तहसील के साथ सिरमौर ज़िला की हरिपुरधार, नारग, पझौता, माजरा, कमरउ, नाहन, नोहरा, रोनहाट तथा शिलाई तहसीलों के उम्मीदवार भाग ले सकेंगे। उन्हांने कहा कि 21 नवंबर को सिरमौर ज़िला की पांवटा साहिब, राजगढ़, रेणुका, पच्छाद और ददाहू तहसीलों के उम्मीदवारों की शारीरिक परीक्षा आयोजत की जाएगी। निदेशक भर्ती ने कहा कि 22 नवंबर को सोलन, शिमला और सिरमौर ज़िलों के अग्निवीर टैक्नीकल, अग्निवीर लिपिक, स्टोरकीपर टैक्नीकल और अग्निवीर ट्रेड्समैन तथा किन्नौर ज़िला के अग्निवीर जनरल डयूटी, अग्निवीर टैक्नीकल, अग्निवीर लिपिक, स्टोरकीपर टैक्नीकल और अग्निवीर ट्रेड्समैन पद के लिए उम्मीदवार भर्ती रैली में भाग लेंगे। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण उम्मीदवारों की अगले दिन चिकित्सा परीक्षा आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि शारीरिक परीक्षा के तहत युवाओ को 1.6 किलोमीटर की दौड़ लगानी होगी। कम से कम 6 और अधिकतम 10 पुलअप करने होंगे। 09 फीट गड्ढे को पार करना होगा और जिग ज़ैग बैलेंस दिखाना होगा। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि उम्मीदवारों को अपने साथ 10वीं, 12वीं पास अंकतालिका, मूल निवास स्थाई प्रमाण पत्र, डोगरा, अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण, चरित्र प्रमाण पत्र केवल नायब तहसीलदार अथवा तहसीलदार द्वारा ऑनलाइन जारी किया हुआ लाना होगा। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार को साथ में शपथ पत्र (भर्ती नोटिफिकेशन के अनुसार), 20 रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो और अविवाहित होने का प्रमाण पत्र भी लाना होगा। उन्होंने कहा कि जिन उम्मीदवारों के पास टेक्निकल शिक्षा प्रमाण पत्र, एनसीसी और वैध खेलकूद प्रमाण पत्र हों तो वह इन्हें अपने साथ जरूर लाएं। जिन उम्मीदवारों के पिता सेवानिवृत या सेवारत हैं वे उम्मीदवार रिलेशनशिप प्रमाण पत्र एवं साथ में डिस्चार्ज बुक की कॉपी लेकर आएं। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि भर्ती रैली के लिए प्रवेश पत्र रंगीन एवं हाई रिजोल्यूशन में प्रिंट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) डाउनलोड करने में समस्या होने पर युवा भर्ती कार्यालय शिमला में संपर्क कर सकते हैं। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि सेना में भर्ती नि:शुल्क है और यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं उम्मीदवार की काबिलियत पर निर्भर करती है। उन्होंने उम्मीदवारों से आग्रह किया कि भर्ती के लिए दलालों के बहकावे में न आएं।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के राशन कार्ड की ई-केवाईसी करवाने की तिथि 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। पहले यह 31 अक्तूबर तक निर्धारित की गई थी। उन्होंने कहा कि कुछ उपभोक्ता अपना व अपने परिवार के सदस्यों का ई-केवाईसी करवाने से वंचित रह गए थे। विभाग द्वारा ऐसे लोगों की सुविधा के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने की तिथि बढ़ाई गई है। विभाग द्वारा राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ई-केवाईसी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशन कार्ड में दर्ज व्यक्ति का नाम, जन्मतिथि तथा लिंग, आधार में दर्ज डाटा के अनुरूप हो, इसके दृष्टिगत प्रदेश भर में ई-केवाईसी की प्रक्रिया आरम्भ की गई है। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे ई-केवाईसी की प्रक्रिया को सयमबद्ध पूर्ण करने में सहयोग प्रदान करें। सरकार की
- हुआ जोरदार धमाका, दूर तक सुनाई दी आवाज -लोगों ने अग्निशमन विभाग को किया फोन -फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू सोलन में नरसिंह मंदिर के समीप शॉर्ट सर्किट होने से भयंकर आग लग गई। शॉर्ट सर्किट होने के कारण छत में लगी लकड़ी ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते कुछ मिनटों में ही आग ने भयंकर रूप ले लिया और तभी एक जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज दूर तक सुनाई दी। आस पास मौजूद लोगों ने बताया कि जब आग बहुत फैल गई तो उन्होंने इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी। मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद टीम ने आग पर काबू पाया। वहीं, तहसीलदार सोलन का कहना है कि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। घटना में एक महिला के पैर पर चोट लगी है। वहीं, प्रभावित परिवार को 15000 रुपये की फौरी राहत दी गई है। घटना में कोई सिलेंडर ब्लास्ट नहीं हुआ है शॉर्ट सर्किट की वजह से यह आग की घटना सामने आई है।
न्यूजीलैंड उच्चायोग और भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने उत्तर पश्चिमी और उत्तर पूर्वी हिमालय क्षेत्र में कीवी फल उत्पादन और संबंधित मूल्य शृंखला गतिविधियों के सुधार और विकास के लिए संभावित क्षेत्रों का पता लगाने के लिए डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी का एक चार सदस्यीय टीम ने दौरा किया। टीम में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण पूर्व एशिया के लिए विश्व बैंक सलाहकार डॉ. स्टेफनी मोंटगोमरी, न्यूजीलैंड के नॉर्थलैंड क्षेत्र के कीवीफ्रूट विशेषज्ञ डेनियल ब्लैक, भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय में सलाहकार एमआईडीएच चिराग भाटिया और शिवा रेड्डी शामिल थे। टीम ने अनुसंधान निदेशक डॉ. संजीव चौहान और विश्वविद्यालय के फल विज्ञान के विभागअध्यक्ष डॉ. डीपी शर्मा के साथ जिला सिरमौर के नारग और दाड़ों देवरिया क्षेत्रों और जिला सोलन के शामती में कीवी के बगीचों का दौरा किया। विदेशी विशेषज्ञों और मंत्रालय के सदस्यों ने किसानों के साथ उनके बगीचों में बातचीत की और न्यूजीलैंड में अपनाई जा रही प्रशिक्षण और छंटाई तकनीकों का भी किसानों को प्रदर्शन किया। टीम ने विश्वविद्यालय के फल विज्ञान विभाग के कीवीफल प्रायोगिक क्षेत्र का भी दौरा किया, जो 1985 में लगाया गया देश में कीवीफ्रूट का पहला व्यावसायिक कीवी उद्यान है। उन्होंने विश्वविद्यालय के नर्सरी क्षेत्र और प्रयोगशालाओं का भी दौरा किया। कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूरे हिमालय क्षेत्र की मध्य पहाड़ियों के लिए एक विविधकरण के लिए कीवी की व्यवहार्यता पर चर्चा की गई। बैठक में दोनों विशेषज्ञों द्वारा न्यूजीलैंड और भारत के बीच सहयोग की व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए प्रस्तुति दी गई। डॉ. डीपी शर्मा ने कीवी के पैकेज ऑफ प्रैक्टिस के मानकीकरण और वैज्ञानिक जनशक्ति के संबंध में विश्वविद्यालय की ताकत, प्रकाशित शोध पत्र, कीवीफ्रूट पर एमएससी और पीएचडी छात्रों द्वारा पूरे किए गए शोध, जलवायु डेटा, और भारत में कीवी फल की खेती के लिए पैकेज ऑफ प्रैक्टिस के मानकीकरण के लिए अग्रणी संस्थान होने के नाते क्षेत्र और प्रयोगशाला के बुनियादी ढांचे और नर्सरी उत्पादन में हुई प्रगति पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी।
-एचआरटीसी की बस में ले जा रहे थे नशे की खेप शिमला जिले के कोटखाई उप मंडल के अंतर्गत बाघी में पुलिस ने 107.93 ग्राम चिट्टे के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने चिट्टे की यह खेप पकड़ी है। इसे रोहड़ू नारकंडा बस में छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस द्वारा पकड़ी गई इस वर्ष की यह सबसे बड़ी खेप है। कोटखाई पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी रोहड़ू से नारकंडा जा रही बस एचपी 10 ए 9717 में बैठे थे। गुप्त सूचना के आधार पर एएसआई अंबी लाल के नेतृत्व में पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने कोटखाई के बाघी घाट में बस को रोककर तलाशी ली तो चार आरोपी बस में चिट्टे की खेप के साथ बैठे हुए थे। तलाशी के दौरान 107.93 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। आरोपियों की पहचान बलबीर सिंह पुत्र कौल राम गांव तपड़ोग (ननखड़ी), विपिन श्याम पुत्र जय सिंह गांव खुलीघाट (ननखड़ी), रमन पुत्र मोती राम गांव बनी (ननखड़ी), गणेश पुत्र मोहन लाल गांव शाना पोखरा नेपाल के रूप में हुई है। डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि पुलिस के स्पेशल सेल ने गुप्ता सूचना के आधार पर कार्रवाई। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
उप मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वाटर सेस पर हम केंद्र सरकार के सुझाव को नहीं मानेंगे। यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है और फैसला भी न्यायालय का ही लागू होगा। मंगलवार को मीडिया से बातचीत में अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बहने वाली नदियों पर कंपनियों ने बिजली प्रोजेक्ट लगाए हैं। पानी हमारा, बिजली हमारी और प्रोजेक्ट की जमीन भी हमारी है। इसलिए प्रदेश सरकार ने अपना राजस्व बढ़ाने के लिए इन कंपनियों पर वाटर सेस लगाने का निर्णय लिया है, वाटर सेस कमीशन स्थापित किया है, उसी की अनुशंसा पर कंपनियों पर सेस लगाया है। इससे सरकार को 1,842 करोड़ राजस्व आने की संभावना है। वाटर सेस न लगाने के संबंध में केंद्र सरकार का बार-बार पत्र लिखना अनुचित है। वाटर सेस लगाना प्रदेश के अधिकार क्षेत्र में आता है। केंद्र से पिछले दिनों प्रदेश सरकार को पत्र आया है, जिसमें वाटर सेस को अनुचित करार दिया गया है। मुकेश ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मियों और पेंशनरों को हर महीने वेतन और पेंशन दी जा रही है। उनका हड़ताल पर जाने की धमकियां देने का तरीका सही नहीं है। प्रदेश आपदा का सामना कर चुका है। मुख्यमंत्री अस्वस्थ हैं। कर्मचारी धैर्य रखें, अपनी समस्याएं निगम प्रबंध निदेशक को बताएं, उन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। सीएम के स्वास्थ्य में हो रहा सुधार, शीघ्र लौटेंगे हिमाचल मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू के स्वास्थ्य को लेकर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। टेस्ट रिपोर्ट ठीक आई है। मुख्यमंत्री स्वस्थ होकर जल्द हिमाचल हिमाचल आएंगे।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज बताया कि जिला सोलन की नगर पंचायत अर्की के नगर परिषद वार्ड नंबर 2 मियांपुर और ज़िला शिमला की नगर पंचायत चौपाल के वार्ड नंबर 6 छावनीवीर हॉस्पिटल में होने वाले उप-चुनावों के दृष्टिगत 5 नवंबर को सवैतनिक अवकाश (मतदान होने की स्थिति में) घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि उप चुनाव वाले क्षेत्रों में उस दिन औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत इस दौरान सभी सरकारी कार्यालय, निगम, बोर्ड, शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक प्रतिष्ठान तथा दुकानें बंद रहेंगी। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1881 की धारा 25 के तहत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश देय होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष आकस्मिक अवकाश उन कर्मचारियों को दिया जा सकता है जो राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं और उन्हें संबंधित संस्थानों के उप-चुनाव में मतदान करना है। विशेष अवकाश लेने वाले कर्मचारियों को मतदान करने से संबंधित पीठासीन अधिकारी द्वारा ज़ारी प्रमाण-पत्र कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने 2024 के लिए प्रतिष्ठित टाइम्स हायर एजुकेशन सब्जेक्ट रैंकिंग में उल्लेखनीय रैंकिंग हासिल करके एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी योग्यता साबित की है। लगातार प्रगति और अकादमिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के ट्रैक रिकॉर्ड के साथ, शूलिनी विश्वविद्यालय ने भौतिक विज्ञान, जीवन विज्ञान और इंजीनियरिंग में शीर्ष स्तरीय स्थान हासिल किया है, जो एक अग्रणी संस्थान के रूप में अपनी स्थिति की पुष्टि करता है। नवीनतम विषय रैंकिंग में, शूलिनी विश्वविद्यालय विश्व स्तर पर भौतिक विज्ञान और जीवन विज्ञान दोनों में दूसरे सर्वश्रेष्ठ स्थान पर है, जिसने खुद को दुनिया भर में 301-400 की रेंज में रेटिंग वाले संस्थानों के प्रतिष्ठित बैंड में मजबूती से रखा है। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में, शूलिनी विश्वविद्यालय ने एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और 401-500 की वैश्विक सीमा के भीतर भारत में तीसरा सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल किया है। इसके अलावा, शूलिनी विश्वविद्यालय ने तीन महत्वपूर्ण विषयों: इंजीनियरिंग, भौतिक विज्ञान (एलपीयू के साथ संयुक्त रूप से), और जीवन विज्ञान में भारत में नंबर 1 निजी विश्वविद्यालय के रूप में स्थान पाने का प्रतिष्ठित गौरव प्राप्त किया है। शूलिनी यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रोफेसर पी के खोसला ने कहा कि हमें इस उपलब्धि पर बेहद गर्व है। शूलिनी यूनिवर्सिटी की विकास और समर्पण की यात्रा इन रैंकिंग का परिणाम है। शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रो चांसलर विशाल आनंद ने कहा कि िअत्याधुनिक अनुसंधान, विश्व स्तरीय संकाय और समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता पर हमारे फोकस के परिणामस्वरूप यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई है। यह मान्यता शिक्षा और अनुसंधान में नए मानक स्थापित करने के हमारे दृढ़ संकल्प को बढ़ावा देती है। शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला ने कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि शूलिनी विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के सामूहिक प्रयासों और समर्पण का परिणाम है। यह शिक्षा और अनुसंधान की दुनिया में नए मील के पत्थर स्थापित करने की संस्थान की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। पिछले वर्ष की रैंकिंग की तुलना में, शूलिनी विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है। 2023 में, संस्थान ने भौतिक विज्ञान और इंजीनियरिंग में तीसरा सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल किया, जिससे दोनों श्रेणियों में पर्याप्त सुधार हुआ। उन्होंने कहा कि 2024 टाइम्स हायर एजुकेशन विषय रैंकिंग ने शूलिनी विश्वविद्यालय को वैश्विक शैक्षणिक मानचित्र पर स्थान दिया है, जो अकादमिक उत्कृष्टता और नवीन अनुसंधान के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
-'मेरी माटी, मेरा देश' कार्यक्रम में हिमाचल की रही शानदार भागीदारी 'मेरी माटी, मेरा देश' कार्यक्रम के अंतर्गत वीरभूमि हिमाचल के गांवों की मिट्टी लेकर दिल्ली पहुंचे 143 युवाओं ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के साथ कर्तव्य पथ पर विशाल कलश में अर्पित की। इसी विशाल कलश की मिट्टी से कर्तव्य पथ पर अमृत उद्यान का निर्माण होगा। इस दौरान मीडिया कर्मियों से वार्तालाप करते हुए ठाकुर ने बताया कि हमारी वीरभूमि हिमाचाल वीरों की जननी है, वीरों की भूमि है। वीरभूमि हिमाचल प्रदेश बलिदानियों की भूमि है। यहां गांव के गांव हमारे वीरों के किस्सों से पटे पड़े हैं। मेरी माटी मेरा देश हमारे शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों को याद करने का उन्हें श्रद्धांजलि देने का प्रयास है। मेरी माटी, मेरा देश आजादी के अमृत महोत्सव का अंतिम कार्यक्रम है। पूरे देश ने पिछले दो वर्षों में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया। लाखों कार्यक्रम हुए, करोड़ों लोग इससे जुड़े। माननीय प्रधानमंत्री जी ने मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम की शुरुआत करने को कहा तो पूरे देश के 6 लाख से ज्यादा गांवो और 7500 ब्लॉक्स में अमृत कलश यात्राएं निकलीं और मिट्टी इक_ा की गई और हिमाचल प्रदेश ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे देश से इक_ी की गई इस मिट्टी से कर्तव्य पथ पर अमृत उद्यान बनेगा। आज विजय चौक से लेकर इंडिया गेट तक युवाओं का हुजूम देश की मिट्टी को नमन और वीरों का वंदन करने हेतु जमा है। केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम का विधिवत समापन कर देशवासियों को संबोधित करेंगे। आज कर्तव्य पथ पर आपकी विशाल कलश देख सकते हैं जिसमें पूरे देश के 6 लाख गांव से आई मिट्टी रखी गई है।तमिलनाडु से लेकर जम्मू कश्मीर तक और नागालैंड से लेकर गुजरात तक संपूर्ण देश के युवाओं में देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी है। आज तपती धूप में पूरे देश से युवा नई दिल्ली में एकत्रित हैं। हाथों में तिरंगा लिए युवाओं का जोश देखते ही बनता है।
-हरिपुर गांव के शिव व हनुमान मंदिर में दिखी अनोखी घटना कुनिहार के समीप कोठी पंचायत के गांव हरिपुर में शिव व हनुमान मंदिर में एक अनोखी घटना देखने को मिली। यहां एक बहुत पुराना भगवान शिव व हनुमान जी का मंदिर है। रविवार को मंदिर में पुजारी व पंडित पूजा पाठ कर रहे थे कि अचानक एक बड़ा सांप हनुमान मंदिर में स्थापित हनुमान जी की मूर्ति से लिपट गया। पूजा-पाठ कर रहे पुजारी इतना बड़ा सर्प देखकर भयभीत हो गए। सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के ग्रामीण इसे देखने के लिए मंदिर पहुंच गए और वहां भजन-कीर्तन व पूजा-अर्चना करने लगे। लोगों का कहना है कि मंदिर में नाग देवता के दर्शन किसी चमत्कार से कम नहीं है। कई घंटों मूर्ति से लिपटे रहने के बाद यह सांप जंगल की ओर चला गया।
बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में समग्र शिक्षा सोलन के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय कला उत्सव-2023 का आयोजन किया गया। इसकी शुरुआत जिला प्रोजेक्टर ऑफिसर कम प्रिंसिपल डाइट सोलन डॉ. शिव कुमार शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि की। उनके साथ समग्र शिक्षा सोलन की समन्वयक मधु ठाकुर भी मौजूद रहीं। मंच का संचालन करते हुए शिवानी शर्मा ने मुख्य अतिथि और कला उत्सव में पधारे सभी अध्यापकों, जजों, बच्चों व अन्य का स्वागत किया। इसके उपरांत मुख्य अतिथि ने सरस्वती मां के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विद्यालय के बच्चों ने वन्दे मातरम, सरस्वती वंदना की प्रस्तुति पेश की। उसके उपरांत विद्यालय अध्यक्ष ने मुख्य अतिथि को शॉल, टोपी एवं स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया। वहीं, मधु ठाकुर को विद्यालय प्रधानाचार्य व मुख्याध्यापिका द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मिनित किया गया। मधु ठाकुर ने इस जिला स्तरीय कला उत्सव और विभिन्न प्रकार के आयोजनों जैसे शास्त्रीय स्वर संगीत, पारंपरिक लोक स्वर संगीत, शास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य, मधुर वाद्य संगीत, तालवाद्य संगीत, दृश्य कला 2-डी, दृश्य कला 3-डी, स्वदेशी खिलौने और खेल, नाटक एकल अभिनय के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस समारोह के समापन पर बीडीओ कुनिहार आकृति ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। ये रहे विजेता व उप विजेता शास्त्रीय एवं पारंपरिक लोक संगीत में भास्कर कपिल, रिया, गौरव शर्मा व हीना वर्मा, शास्त्रीय नृत्य और लोक नृत्य में सार्थक धीमान व साक्षी नौटियाल, करन व कृति, वाद्य संगीत और तालवाद्य में यश व भूमिका और चिराग, दृश्य कला 2-डी और दृश्य कला 3-डी में दिवंशु व गजल और गौरव मौर्या व मानसी ठाकुर, स्वदेशी खिलौने और खेल में सुमित व इश्प्रीत कौर, एकल नाटक में हिमांशु मिश्र व अक्षिता ने प्रथम तीन स्थान प्राप्त किए। वहीं, प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे छात्र व छात्राओं को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कार व प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। अंत में बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार के अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने मुख्य अतिथि व सभी विद्यालयों से आए अध्यापकों और बच्चों का धन्यवाद किया और कहा कि बीएल पाठशाला कुनिहार के लिए यह गर्व की बात है कि यहां जिला स्तरीय कला उत्सव का आयोजन हुआ।
वीरेंद्र चौपड़ा निवासी कुम्हारहट्टी ने थाना धर्मपुर में 28 अक्तूबर को शिकायत दर्ज करवाई थी कि 23 और 24 अक्तूबर की रात्रि को कोई अज्ञात व्यक्ति उनके व पड़ोसी चरणजीत सिंह के घर की गैलरी के शीशे व जाली तोड़कर उनके घर में घुस गया था। घर में घुसने के उपरांत इस व्यक्ति ने इनके घरों के सारे नल चुराकर ले गया, जिनकी कीमत करीब 23,000 रुपये है। चोर उनके घर से 20 हजार की नकदी भी चुराकर ले गया। जिस पर 25 अक्तूबर को थाना धर्मपुर में चोरी की विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले में अन्वेषण के दौरान एक बाल अपचारी की संलिप्तता पाये जाने पर उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि इसने चुराये हुये नल सोलन में एक व्यक्ति को बेचे हैं। बाल अपचारी को रिमांड होम में भेजा गया है। उसकी निशानदेही पर 29 अक्तूबर को थाना धर्मपुर की एक टीम ने आरोपी नसीर अहमद तान्त्रे निवासी जम्मू को सोलन से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी को पिछले कल अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। चोरी की गई नकदी की बरामदगी की जा चुकी है। मामले में आगामी जांच जारी है।
एलआर इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज, सोलन के बीएएलएलबी (हॉन्स) के छात्रों ने 30 अक्टूबर को सोलन के शामती स्थित समुदायक रेडियो स्टेशन का दौरा किया। इस दौरे के दौरान छात्रों ने रेडियो स्टेशन की कार्यपर्णाली को समझा। इससे छात्रों की रेडियो की कार्यप्रणाली की समझ बढ़ी। इस विजिट के दौरान छात्रों ने रेडियो स्टेशन प्रस्तुतकर्ताओं के साथ बातचीत की और उनसे अपनी जिज्ञासा भरे सवालों के उत्तर प्राप्त किए। संस्थान के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डॉ. आरपी नेंटा व मेनेजिंग डायरेक्टर डॉ. आरके गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि संस्थान के सभी छात्रों के सर्वांगीण विकास लिए इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करते रहते हंै।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 31 अक्तूबर तथा प्रथम नवंबर को सोलन जिला के चायल फीडर के तहत आने वाले क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के अतिरिक्त अधीक्षण अभियन्ता राहुल वर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि 31 अक्तूबर तथा प्रथम नवंबर को टिक्कर, जेठना, जडयाल, घट्टी, नगाली आई पी एच, नेचर विला, चायल, ग्रीन वैली, मांजू प्राईम, एमराल्ड वैली, नंदना एस्टेट, डूबलू, हिन्नर, कुरगल, शकारग, कल्याणा, झाल, कनोरी, घेवा, टकराणा स्टेज वन एवं टू, कुरगल उठाऊ जलापूर्ति योजना, कानो, काली टिब्बा रिजोर्ट, सैनिक स्कूल चायल, एमईएस एवं आस-पास के क्षेत्रों में प्रात: 10.00 बजे सांय 5.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि खराब मौसम अथवा अन्य कारणों से उपरोक्त निर्धारित तिथि एवं समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।


















































