-सोलन की 21 व सिरमौर की तीन दवा कंपनियों के सैंपल ठीक नहीं निकले -बाजार से स्टॉक को वापस लाने के निर्देश अक्तूबर के ड्रग अलर्ट में देशभर में 61 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इसमें सबसे ज्यादा हिमाचल में सैंपल फेल हुए हैं। प्रदेश में बनी 24 दवाएं मानकों पर सही नहीं पाई गई हैं। सोलन की 21 और सिरमौर जिले की तीन दवा कंपनियों के सैंपल ठीक नहीं निकले हैं। बद्दी एफी पेरेंटल कंपनी के छह, समयन कंपनी के तीन व हिल्लर कंपनी के दो सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। बैक्टीरियल संक्रमण, फंगल इंफेक्शन, एंटीबायोटिक्स, कैंसर, बुखार, विटामिन डी, बीपी, पोषक तत्व की कमी की दवा, इंफेक्शन, बलगम, एंटी फंगल, दर्द निवारक व अल्सर की दवाई के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं। अक्तूबर में केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन ने 1,105 दवाओं के सैंपल लिए थे, जिनमें 1044 सैंपल पास हुए हैं। सोलन के वाकनाघाट स्थित कंपनी सॉफ्ट टच, किशनपुरा की बनसाई फार्मा, एफी पेरेंटल, उपकार फार्मास्युटिकल, एलवी लाइफ साइंस, हिल्लर लैब, हेल्थ बायोटेक, मेडीलाइफ हेल्थ साइंस, समयन हेल्थ केयर, सिंबोसिस फार्मास्युटिकल, डीएम फार्मा, सार बायोटेक, स्कोटो एडिल फार्मा, फार्मास्युटिकल हेल्थ केयर, एरियोन हेल्थ केयर, मकेस्टार बायोजेनेटिक, एस्पो फार्मास्युटिकल कंपनी के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं। राज्य ड्रग नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया कि जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए विभाग ने उनके लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। बाजार से स्टॉक को वापस लाने के लिए कहा है।
-कई आरोपी विदेश भाग चुके, कई भागने की फिराक में हिमाचल में करोड़ों रुपये के क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड में एसआईटी ने 19 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की है। हालांकि 2500 करोड़ की ठगी के इस मामले में 19 करोड़ की संपत्ति बहुत कम है। वहीं, एसआईटी आरोपियों की संपत्ति का पता लगा रही है, लेकिन धीमी कार्रवाई के चलते कई आरोपी विदेश भागने की फिराक में हैं। क्रिप्टो करेंसी ठगी मामले से जुड़े कई आरोपी विदेश भाग चुके हैं। ठगी मामले में पंजाब और हिमाचल प्रदेश पुलिस की टीमें कार्रवाई कर रही है। करोड़ों के इस क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने पैसा लगाया है। बताया जा रहा है कि इस रैकेट के सरगनाओं ने सबसे पहले नेताओं और बड़े अधिकारियों को ही जाल में फंसाया। उसके बाद धीरे-धीरे ठगों की चेन बढ़ती गई। करोड़ों के इस ठगी मामले में कई पुलिस कर्मी भी शामिल बताए जा रहे है। शातिरों ने प्रदेश में करीब एक लाख से अधिक लोगों को ठगा है। एसआईटी की कार्रवाई के बाद प्रदेश में क्रिप्टो करंसी ठगी की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही है। ठगी मामले की राशि का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। क्रिप्टो रैकेट में शातिरों ने करीब अढ़ाई लाख आईडी बनाकर क्रिप्टो करेंसी के नाम पर प्रदेश की जनता को करोड़ों का चूना लगाया है। क्रिप्टो करेंसी ठगी मामले में एसआईटी ने अभी तक चार पुलिस कर्मियों सहित 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। ठगों ने हिमाचल के अलावा बाहरी राज्यों में भी बनाई संपत्ति क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी के इस स्कैम में करीब एक लाख लोग शामिल बताए जा रहे हंै। बताया जा रहा है कि अब तक की जांच में करीब 2500 करोड़ की ट्रांजेक्शन मिली है। बताया जा रहा है कि लोगों से करोड़ों रुपए ठगने वाले शातिरों ने हिमाचल के अलावा बाहरी राज्यों में भी संपत्ति बनाई है। ठगी मामले में कई अहम साक्षय एसआईटी के हाथ लगे है। फर्जी वेबसाइट से बनाया शिकार शातिरों ने वेबसाइट बनाकर लोगों को फर्जी कॉईन के नाम पर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया है। शातिरों ने कोर्वियो कॉइन, डीजीटी कॉइन, फिश टोकन हाइपनेक्सट, बिटपेड एक, बिटवेड दो और एडड फाइनांस कॉइन के झांसे में फंसाकर लोगों को ठगा है। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में पंजाब और हिमाचल प्रदेश पुलिस की टीमें कार्रवाई कर रही हैं। करोड़ों के इस क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने पैसा लगाया है। एसआईटी क्रिप्टो करेंसी के सभी मास्टरमाइंड की प्रॉपर्टी की मैपिंग कर रही है।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 नवंबर को आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत कथेड़ के कुछ इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड सोलन के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता राहुल वर्मा ने दी। राहुल वर्मा ने कहा कि 21 नवंबर को प्रात: 11बजे से प्रात: 11.15 बजे तक तथा सायं 4 बजे से सायं 4.15 बजे तक दलोग, परोंथा, मही, शन्हेच, माथिया, बेल, मेला मैदान, सलोगड़ा, बरड बस्ती, कथोग, पडग, बंडल, हरठ, नेरी, गण की सेर, मनसार, जोखड़ी, हॉट मिक्स के आस पास के क्षेत्र, ग्राणी, सलोगड़ा के आस-पास के क्षेत्र, बु्ररी, तरन-तारन, दधोग, विनसम होटल, डांगरी, चंबाघाट, गुरुद्वारा चंबाघाट, कोणार्क होटल, बेर की सेर, कोणार्क, जरश एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति तथा अन्य कारणों से उपरोक्त तिथि एवं समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
कसौली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल (किप्स) सनवारा में सीबीएसई की पांच दिवसीय अंडर 19 गर्ल्स नेशनल वालीबॉल प्रतियोगिता का आज समापन हो गया। अंतिम दिन खेले गए सेमीफाइनल मैचों में विबग्योर इंटरनेशनल स्कूल पिलखुवा, उत्तरप्रदेश ने निसान अकादमी मुक्तसर को 3-1 से पराजित करके फ़ाइनल में प्रवेश किया। अन्य सेमीफ़ाइनल मैच में मिलेनियम नेशनल स्कूल पुणे ने सेंट्रल एकेडमी एसएस स्कूल राजस्थान को 3-0 हराकर फाइनल में प्रवेश किया। फाइनल मैच विबग्योर इंटरनेशनल स्कूल पिलखुवा, उत्तरप्रदेश और मिलेनियम नेशनल स्कूल पुणे, महाराष्ट्र के बीच खेला गया, जिसमें मिलेनियम नेशनल स्कूल पुणे ने विबग्योर इंटरनेशनल स्कूल पिलखुवा, उत्तरप्रदेश को 3-0 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस प्रतियोगिता के समापन समारोह में भू-वैज्ञानिक और लेखक के. सिद्धार्थ बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। मुख्यातिथि ने खेलों का आनंद उठाया तथा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित भी किया। अंत में विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी देकर पुरस्कृत किया गया तथा द्वितीय रनर-अप रही टीमों सेंट्रल एकेडमी एसएस स्कूल, राजस्थान और निसान अकादमी मुक्तसर, पंजाब को भी मेडल आदि वितरित किए गए। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक हीरा ठाकुर, प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद व उप-प्रधानाचार्या पूनम ठाकुर ने प्रतियोगिता के सुचारु और सफल आयोजन में सहयोग करने वाले विद्यालय के सभी कर्मचारियों, अध्यापकों, रैफरियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित किया तथा सभी दर्शकों और अतिथियों का धन्यवाद किया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि शास्त्रों के अनुसार गौ माता में सभी देवी-देवताओं का वास है तथा इनका संरक्षण करना हम सभी का कर्तव्य है। डॉ. शांडिल आज गोपाष्टमी के शुभ अवसर पर आश्रय गौ सदन में गौ माता की पूजा-अर्चना तथा हवन कर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि शास्त्रों के अनुसार गाय को मां का दर्जा दिया गया है। गौ माता के गोबर व गोमूत्र को औषधी के रूप में सदियों से प्रयोग में लाया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि गौ माता के दर्शन से मानसिक तनाव में भी कमी आती है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सोलन स्थित आश्रय गौ-सदन में लगभग 130 गोवंश को आश्रय दिया गया हैं। कभी सड़क हादसों का शिकार होने वाले गोवंश के लिए आश्रय गौ-सदन संरक्षक की भूमिका निभा रहा हैं। उन्होंने आम जन से आग्रह किया कि गोवंश के संरक्षण के लिए सभी अपने सामर्थ्य के अनुसार सेवा करें। उन्होंने कहा कि गौ-सदन में गाय के गोमूत्र व गोबर से जैविक खाद तैयार की जा रही है। बाजार में जैविक खाद को बेचकर प्राप्त होने वाली राशि को बेसहारा पशुओं के संरक्षण के लिए व्यय किया जा रहा है। उन्होंने सड़कों पर पशुओं को लावारिस छोड़ने पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि गौ सेवकों का कार्य तभी सफल हो पाएगा जब सभी गोवंश के संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करेंगे। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर गोवंश को आश्रय देने वाले नागरिकों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों की सेवा भावना से गोवंश को सहारा मिल रहा है। उन्होंने आश्रय गौ-सदन के विकास के लिए आवश्यकतानुसार राशि देने का आश्वासन दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर लोगों की समस्याएं सुनी और इनके शीघ्र निपटारे के अधिकारियों को निर्देश। इस अवसर खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, उषा शर्मा, रजनी तथा शेलेन्द्र गुप्ता, समाज सेवक तरसेम भारती, आश्रय गौ-सदन के प्रधान अविनाश शर्मा, सचिव विशन सिंह, उप प्रधान विवेक मोदगिल, गौ आश्रय के सदस्य गुरदीप साहनी, प्रबंधक अशोक टंडन, उपमंडलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, ज़िला चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रंजन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा विभिन्न मंदिरों के संत उपस्थित थे।
प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल 21 नवंबर को सोलन के प्रवास पर आ रहे हैं। शिव प्रताप शुक्ल 21 नवंबर को प्रात: 10.45 बजे उपायुक्त कार्यालय सोलन में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
हिमाचल प्रदेश यूनियन आफ जर्नलिस्टस का राज्य स्तरीय दो दिवसीय अधिवेशन सोलन के निकट औद्योगिक नगरी परवाणु में संपन्न हुआ। समापन सत्र में नेशनल यूनियन आफ जर्नलिटस(इंडिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत की वहीं कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने मुख्य अतिथि के रुप में शिरकत की। विशिष्टि अतिथि के तौर पर हिमाचल प्रदेश दवा निर्माता उद्योग संघ के चेयरमैन सतीश सिंघल व लघु उद्योग संघ के प्रदेश संयोजक विचित्र सिंह पटियाल, नगर परिषद उपाध्यक्ष लखविंद्र सिंह व समाज सेवी ठाकुर दास शर्मा ने शिरकत की। सिर्फ हिमाचल में पेंशन नहीं-राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने संबोधन में नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्टस (इंडिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने संगठन के इतिहास पर प्रकाश डाला और कहा कि यह भारत का सबसे बड़ा संगठन है जो कि पत्रकारों के हितों के लिए लड़ता है। उन्होने विधायक विनोद सुल्तानपुरी को बताया कि हमारे प्रयासों से भारत के अधिकांश राज्यों में पत्रकारों के लिए पेंशन का प्रावधान है पर हिमाचल इससे अछुता है। उन्होने कहा कि पत्रकारों को सामाजिक सुरक्षा व स्वास्थ्य बीमा की चिंता राज्य सरकारों को करनी चाहिए। विधानसभा में उठाऊंगा पत्रकारों की मांगो को- विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश यूनियन आफ जर्नलिस्टस की अधिकांश मांगे जायज है और वह सारे मुददे सीएम के समक्ष उठाएंगे। उन्होने कहा कि पत्रकार कल्याण बोर्ड का गठन होना चाहिए वहीं अगर अन्य राज्यों में पेंशन है तो हिमाचल के पत्रकारों को भी मिलनी चाहिए। विनोद ने आगे कहा कि डैमोक्रेसी को जिंदा रखने में मीडिया का अहम रोल है और इनकी सामाजिक सुरक्षा भी जरुरी है।
हिमाचल प्रदेश यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्टस का वार्षिक सम्मेलन और राज्य स्तरीय प्रेस दिवस कसौली विधानसभा क्षेत्र की औद्योगिक नगरी परवाणु में 19 नवंबर को रखा गया है। यह जानकारी प्रदेश संगठन मंत्री एच.पी.यू.जे गोपाल दत्त शर्मा और प्रदेश के उपाध्यक्ष सुमित शर्मा ने दी। इन्होने बताया कि हर साल होने वाले संगठन के राज्य स्तरीय अधिवेशन के लिए इस बार परवाणु को चुना गया है। सम्मेलन में नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्टस इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी व महासचिव प्रदीप तिवारी विशेष तौर पर शिरकत करेंगे। वहीं प्रदेश महामंत्री हिमाचल प्रदेश यूनियन आफ जर्नलिस्टस (रजि.) के प्रदेश महामंत्री डा. रुप किशोर ने बताया कि राज्य स्तरीय समारोह में अलग-अलग श्रेणियों जिसमें वरिष्ठ, युवा, महिला, इलैक्ट्रानिक्स, प्रेस फोटोग्राफर, वैव चैनल और प्रिंट मिडिया के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले संवाददाताओं को हिमाचल गौरव अवार्ड से विभूषित किया जाएगा।
**क्या मेयर पद पर सहमति बना पायेगा कांग्रेस आलाकमान ? **कांग्रेस की रार में, भाजपा मौके की तलाश में ! **संतुलन बनाने के लिए एक गुट से मेयर तो दूसरे से डिप्टी मेयर सम्भव किसी को 'सरदार' के तौर पर 'सरदार' मंजूर नहीं, तो कोई सरदार पर ही अड़ा है। ये ही सोलन नगर निगम में कांग्रेस की सियासत का मौजूदा हाल है। दो गुटों में बंटे पार्षद आमने सामने है और इनको एक पाले में लाना आलाकमान के लिए पापड़ बेलने से कम नहीं। सरदार सिंह को मेयर बनाने का जो वादा 2021 में नगर निगम चुनाव नतीजों के बाद हुआ था वो पूरा होगा, या पार्टी मेयर -डिप्टी मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा, ये सवाल बना हुआ है। कांग्रेस के पास कुल नौ पार्षद है और नगर निगम पर कब्ज़ा बरकरार रखने के लिए इतने ही उसे चाहिए, न एक कम न एक ज्यादा। पर ये होगा कैसे, यहीं पेंच अटका है। पार्टी के बड़े नेताओं को क्रॉस वोटिंग का डर खाये जा रहा है और भाजपा मौके की तलाश में है। 17 वार्डों वाली सोलन नगर निगम में 9 पार्षद कांग्रेस के है, 7 भाजपा के और एक निर्दलीय। 2021 में चुनाव के बाद कांग्रेस के मेयर और डिप्टी मेयर बने थे। कहते है तब ढाई साल के लिए पूनम ग्रोवर मेयर बनी तो अगले ढाई साल का वादा सरदार सिंह से हुआ। वहीँ डिप्टी मेयर पद के लिए चार लोगों में 15 -15 महीने का कार्यकाल बांटने की बात हुई। पहला नंबर राजीव कोड़ा का था और अब तक पुरे ढाई साल वो ही डिप्टी मेयर रहे। कहते है इसी बात को लेकर कुछ पार्षदों में नाराजगी थी। ऐसे ही चार पार्षद 2022 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा पार्षदों के साथ मिलकर अविश्वास प्रस्ताव ले आएं। इनमे सरदार सिंह, ईशा, संगीता और पूजा शामिल है। तब कांग्रेस के इन चार और भाजपा के पार्षदों के बीच तय हुआ था कि पूजा मेयर बनेगी और भाजपा के कुलभूषण गुप्ता डिप्टी मेयर। पर तकीनीकी कारणों से इनका अविश्वास प्रस्ताव गिर गया और सारे अरमान धरे रह गए। इसके बाद पूनम ग्रोवर और राजीव कोड़ा अपने पदों पर बने रहे। पर कांग्रेस के पार्षदों के बीच की तल्खियों की झलक अक्सर जनरल हाउस में दिखती रही। अब अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले उन्हीं चार में से एक पार्षद सरदार सिंह मेयर पद के दावेदार है। अविश्वास प्रस्ताव में शामिल होने के चलते लाजमी है उनके नाम पर कुछ लोगों को अप्पत्ति हो। वहीँ वार्ड 12 पार्षद उषा शर्मा का नाम भी चर्चा में है। बहरहाल आलाकमान के सामने सभी नौ पार्षदों को एक नाम पर राजी करने की चुनौती है। माना जा रहा है कि संतुलन सुनिश्चित करने के लिए मेयर और डिप्टी मेयर अलग अलग गुट से हो सकते है। सियासत में जो दीखता है, जरूरी नहीं वैसा ही हो। 9 पार्षद होने के बाद भी मेयर डिप्टी मेयर कांग्रेस के हो, ऐसा जरूरी नहीं है। हालांकि कांग्रेस की ही तरह भाजपा भी दो गुटो में बंटी हुई है, लेकिन निर्दलीय को जोड़ लिया जाएँ तो कांग्रेस से संख्या में सिर्फ एक कम है। अगर भाजपा ने कैंडिडेट दिया तो कुलभूषण गुप्ता पार्टी उम्मीदवार हो सकते है। 6 बार की पार्षद मीरा आनंद भी रेस में है। पर क्रॉस वोटिंग की सम्भावना तो यहाँ भी है। हालांकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल सोलन नगर परिषद् के अध्यक्ष रह चुके है और यहाँ की हर सियासी नब्ज से वाकिफ भी। ऐसे में बिंदल के रहते भीतरखाते बहुत कुछ पक सकता है। बहरहाल कांग्रेस के नौ पार्षद क्या किसी एक नाम पर साथ आएंगे या नहीं, इसी पर निगाह टिकी है।
**कब मिलेंगे चार नगर निगमों को मेयर और डिप्टी मेयर ? **भाजपा का आरोप, जानबूझकर विलम्ब कर रही सरकार **क्या सोलन की वजह से बाकी चुनावों में भी हो रहा विलम्ब ? एक माह से ज्यादा वक्त बीत गया पर प्रदेश के चार नगर निगमों को मेयर और डिप्टी मेयर नहीं मिल पाए है। नगर निगम मंडी, पालमपुर, सोलन और धर्मशाला में न मेयर है और न डिप्टी मेयर। जाहिर है इससे कार्य प्रभावित हो रहे है। उधर भाजपा इसे लेकर सरकार पर हमलावर है। अभी तक चुनाव की नोटिफिकेशन नहीं आई है और ऐसे में अब सरकार की देरी पर सवाल उठना तो लाजमी है। आखिर क्यों हो रहा है ये विलम्ब, इसे लेकर कयासबाजी जारी है। आपको बता दें कि नगर निगम पालमपुर और सोलन में जहाँ कांग्रेस का कब्ज़ा है तो वहीँ मंडी और धर्मशाला में भाजपा के पास संखयाबल है। यूँ तो ये चुनाव पार्टी सिंबल पर हुए थे पर हिमाचल प्रदेश के स्थानीय निकायों में एंटी डिफेक्शन कानून लागू नहीं होता, ऐसे में क्रॉस वोटिंग से इंकार नहीं किया जा सकता। पेंच दरअसल यहीं फंसा है। माना जा रहा है कि मंडी में भाजपा और पालमपुर में कांग्रेस के मेयर डिप्टी मेयर तो लगभग तय है, पर धर्मशाला और सोलन में ट्विस्ट मुमकिन है। धर्मशाला में कांग्रेस जहाँ सम्भावना तलाश रही है तो सोलन में कांग्रेस को डर होना लाजमी है। सोलन में कांग्रेस के ही पार्षद अपने मेयर डिप्टी मेयर के खिलाफ 2022 में विश्वास प्रस्ताव ला चुके है और यहाँ पार्षदों में मतभेद नहीं बल्कि मनभेद की स्थिति दिखती है। इसी में भाजपा को संभावना दिख रही है। ऐसे में कांग्रेस फूंक फूंक कर कदम बढ़ाना चाहती है। सोलन से विधायक कर्नल धनीराम शांडिल कैबिनेट मंत्री है, सीपीएस संजय अवस्थी कभी इसी निकाय में पार्षद थे, ऐसे में यहाँ चूक हुई तो इन दिग्गजों पर भी सवाल उठेगा। बहरहाल चर्चा आम है कि सोलन में कांग्रेस अपने पार्षदों को एकसाथ लाने में अब तक कामयाब नहीं हुई है। पार्टी को क्रॉस वोटिंग का डर है और ये ही कारण है की मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव को लम्बा खींचा जा रहा है। वहीँ धर्मशाला में पार्टी जोड़ तोड़ कर सभावना देख रही है। इसी के चलते अन्य दो नगर निगमों में भी विलम्ब हुआ है। हालांकि आपको बता दें कि मेयर डिप्टी मेयर चुनाव में विधायक के वोट को लेकर पहले स्थिति स्पष्ट नहीं थी, जो विलम्ब का एक कारण बना है। उधर भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस सरकार इसे जानबूझकर खींच रही है। अब विधायकों के वोटों को लेकर स्थिति साफ हो गई है, फिर भी सरकार ये चुनाव नहीं करा रही है। आपदा के दौर में मेयर डिप्टी मेयर न होने से विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए है। बहरहाल सियासी वार पलटवार के बीच सियासी जोड़ तोड़ भी जारी है। कांग्रेस सत्ता में है और यदि पार्टी कहीं भी चुकी तो सवाल तो उठेंगे ही। वहीँ 2021 के उपचुनावों से हिमाचल में लगातार हार का सामना कर रही भाजपा भी मुफीद मौके की तलाश में है। अगर भाजपा मेयर-डिप्टी मेयर चुनाव में कांग्रेस को पटकनी दे पाई तो लोकसभा चुनाव से पहले ये पार्टी के लिए बूस्टर डोज होगा।
-बीबीएन के 8 और सिरमौर के 2 उद्योग शामिल -मानकों के अनुसार सब स्टैंडर्ड निकलीं दवाइयां स्टेट ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी द्वारा हिमाचल प्रदेश में घटिया क्वालिटी की दवाइयां बनाने वाली कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। ऑथोरिटी ने गुणवत्ता के मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले 10 उद्योगों में दवा बनाने पर रोक लगा दी है। स्टेट ड्रग कंट्रोलर की इस बड़ी कार्रवाई से दवा निर्माताओं में हड़कंप मच गया है। अथॉरिटी ने यह कार्रवाई लेबोरेटरी में दवाइयों का टेस्ट करने के बाद की है। इनमें बद्दी-बरोटीवाला व नालागढ़ के 8 और सिरमौर के 2 उद्योग शामिल हैं। जानकरी के अनुसार स्टेट ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी ने रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन के तीसरे चरण में अलग-अलग क्षेत्रों में स्थापित दवा उद्योगों में बहुत सी अनियमितताएं पाई हैं। इस दौरान दवाएं सब स्टैंडर्ड निकली। सीडीएससीओ और स्टेट ड्रग कंट्रोलर अथॉरिटी दवा निर्माता कंपनियों का तीसरे चरण का रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन कर रही है। पहले दो चरण में भी कई उद्योगों में बनी दवाइयां घटिया पाई गई थीं। क्या कहते हैं स्टेट ड्रग कंट्रोलर... इस बारे में स्टेट ड्रग कंट्रोलर नवनीत मारवाह ने कहा कि क्वालिटी पर खरा नहीं उतरने की वजह से यह कार्रवाई की गई है। इस तरह की कार्रवाई आगामी दिनों में भी जारी रहेगी। मारवाह ने कंपनियों को मानकों के अनुसार ही दवाएं बनाने के निर्देश दिए हैं।
-20 नवंबर तक चलेगी प्रतियोगिता, देश-विदेश की 36 टीमें ले रही भाग -विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने दीप प्रज्वलन कर की शुरुआत कसौली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल सनवारा (किप्स) में आज सीबीएसई की अंडर-19 गर्ल्स नेशनल वॉलीबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता की शुरुआत मुख्यातिथि विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने दीप प्रज्वलन तथा ध्वजारोहण के साथ की। यह प्रतियोगिता 20 नवंबर तक चलेगी। इसमें देश-विदेश की कुल 36 टीमें भाग ले रही हैं। आज खेले गए मैचों में से एक में मेजबान किप्स ने डीपीएस मॉर्डन स्कूल कतर को 2-1 से पराजित किया। वहीं, मुख्यातिथि ने विद्यालय द्वारा खेल और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और सीबीएसई से सेवानिवृत्त डायरेक्टर पुष्कर वोहरा ने सभी खिलाड़ियों को खेल की भावना के साथ खेलने के लिए प्रेरित किया तथा उनका मनोबल बढ़ाया। अंत में विद्यालय के प्रबंध निदेशक हीरा ठाकुर, प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद व उप प्रधानाचार्य पूनम ठाकुर ने सभी टीमों, अतिथियों और दर्शकों का अभिनंदन और धन्यवाद किया।
हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर द्वारा एमबीए द्वितीय सेमेस्टर का परिणाम घोषित किया गया, जिसमें एलआर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के विद्यार्थियों ने फिर से विश्वविद्यालय रैंकिंग में तीन स्थान हासिल किए हैं। इसमें रुचिका शर्मा ने 7.92 एसजीपीए के साथ छठी रैंक, मनीष और निशा ने एसजीपीए 7.58 के साथ दसवां स्थान हासिल किया। वहीं, एमबीए की छात्रा किरण को 8.80 सीजीपीए के साथ गोल्ड मेडलिस्ट घोषित किया गया। एलआर ग्रुप के प्रबंध निदेशक डॉ. आरके गुप्ता ने इस सफलता के लिए सभी विद्यार्थियों को और प्रबंधन विभाग के सभी शिक्षकों को बधाई दी। विभागाध्यक्ष श्वेता गुप्ता ने भी विद्यार्थियों पर गर्व महसूस किया और उन्हें खूब बधाई दी और उनके भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया। एलआर संस्थान ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस किया और उनके आगामी भविष्य के लिए उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। बता दें कि एलआर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की स्थापना 2006 में हुई थी, जो एआईसीटीई नई दिल्ली द्वारा अनुमोदित है और एचपीटीयू हमीरपुर से संबद्ध है।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी (डब्ल्यूएसयू), ऑस्ट्रेलिया के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। दोनों विश्वविद्यालय छात्रों की रोजगार क्षमता, कौशल, अनुभव और प्रौद्योगिकी-आधारित बागवानी, वानिकी, जैव प्रौद्योगिकी और खाद्य प्रौद्योगिकी की समझ को बढ़ाने के लिए मिलकर बीएससी, एमएससी और डॉक्टरेट कार्यक्रमों शुरू करेगें। नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल और वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर बार्नी ग्लोवर के बीच आज ऑस्ट्रेलिया में इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी में दोनों विश्वविद्यालय सहयोगी अनुसंधान परियोजनाओं; सम्मेलन, संगोष्ठी और व्याख्यान जैसी संयुक्त गतिविधियाँ; संयुक्त प्रकाशन और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां; संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम और संयुक्त पाठ्यक्रम और शैक्षणिक स्टाफ और छात्र के एक्स्चेंज आदि के लिए अवसर तलाशने के लिए मिलकर काम करेंगे। प्रोफेसर चंदेल के नेतृत्व में नौणी विश्वविद्यालय का दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इन दिनों ऑस्ट्रेलिया के रिचमंड, न्यू साउथ वेल्स में वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के हॉकसबरी परिसर में चल रही बैठक में हिस्सा ले रहे है। प्रोफेसर चंदेल के साथ एनएएचईपी आईडीपी के प्रधान अन्वेषक प्रोफेसर केके रैना भी इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे है। इसी विजिट के दौरान समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह दौरा उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल बैठक का हिस्सा है जिसमें नाबार्ड के अध्यक्ष के वी शाजी सहित वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अधिकारी, कई राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारी और सरकारी प्रतिनिधि भी शामिल हैं। इस दौरे में भारत और ऑस्ट्रेलिया में जलवायु-स्मार्ट और हाई-टेक कृषि में अनुसंधान, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण को आगे बढ़ाने पर चर्चा शामिल थी। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर केंद्रित बैठक सटीक कृषि, कम उत्सर्जन कार्बन खेती, कृषि में बिग डेटा और डेटा विश्लेषण में महत्वपूर्ण पहल की पहचान करने के लिए उपयोगी होगी। प्रतिनिधिमंडल ने जलवायु-स्मार्ट कृषि, कार्बन खेती पर एक कार्यक्षाल में भाग लिया जिसमें डेटा एनालिटिक्स आदि में अनुसंधान प्राथमिकताओं को संरेखित करने वाले अनुसंधान कार्यक्रमों पर वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा चर्चा और प्रस्तुतियां शामिल रहीं। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए नवीन और व्यवहार्य परियोजनाओं को बढ़ावा देने के अवसरों और कार्यक्रमों पर भी इस कार्यक्रम में चर्चा हुई। रिचमंड परिसर में सतत विकास लक्ष्यों और कार्बन क्रेडिट लेखांकन के क्षेत्र का दौरा, डब्ल्यूएसयू लॉन्च पैड और डब्ल्यूएसयू वित्त और व्यापार प्रयोगशाला का दौरा इस यात्रा का एक हिस्सा रहे। लचीली कृषि प्रणाली और उद्यमशीलता सुनिश्चित करने के लिए जलवायु-स्मार्ट और हाई-टेक कृषि, कम उत्सर्जन कार्बन खेती जैसे क्षेत्रों में नाबार्ड के साथ साझेदारी करने के लिए डब्ल्यूएसयू और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के संभावित अवसरों पर चर्चा भी इस कार्यक्रम में होगी।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने मीडिया कर्मियों का आह्वान किया है कि वे कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के लाभ अपनाकर भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करें। मनमोहन शर्मा आज यहां राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। मनामोहन शर्मा ने कहा कि तकनीक के आने से कार्यप्रणाली में बदलाव आना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग से जानकारी के आदान-प्रदान में सुलभता आई है और भविष्य में इस तकनीक का प्रयोग मीडिया जगत के समक्ष चुनौतियों से अधिक अवसर प्रस्तुत करेगा। उपायुक्त ने कहा कि प्रौद्योगिकी में हो रहे बदलाव आज सभी क्षेत्रों को प्रभावित कर रहे हैं। मीडिया में कृत्रिम मेधा के प्रयोग से क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ दृष्टिगोचर भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक तकनीक के दो पक्ष होते हैं। तकनीक के प्रयोग के समय अनेक बार आरंभिक समय में हानि दृष्टिगोचर होती है और कार्यप्रणाली स्थापित होने पर लाभ सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि 80 के दशक में टेलीविज़न पर लाईव प्रसारण आश्चर्य से कम नहीं था किंतु आज टेलीविजन के साथ सोशल मीडिया पर लाईव प्रसारण एक आम बात है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि तकनीक का अधिक प्रयोग हमारे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि हमारी स्मृति का धीरे-धीरे क्षीण होना इसका सर्वोत्तम उदाहरण है। उपायुक्त ने कहा कि कृत्रिम मेधा के उपयोग के समय भी मानवीय सृजनात्मकता का मूल्य कम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सृजनात्मकता ही तकनीक के प्रयोग को संतुलित कर सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार सदैव यह सुनिश्चित बनाती है कि तकनीक का दुरुपयोग न हो और इस दिशा में समय-समय पर आवश्यक अधिनियम एवं नियम लागू किए जाते हैं। मनमोहन शर्मा ने मीडिया से आग्रह किया कि तकनीक का प्रयोग करते समय संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और लोगों के कल्याण को सर्वोपरि रखें। उन्होंने आशा जताई कि मीडिया भविष्य में कृत्रिम मेधा के प्रयोग के साथ संतुलन बनाकर कार्य करेगा। वरिष्ठ पत्रकार सुशील शर्मा ने इस अवसर पर मीडिया की कार्यप्रणाली में आए बदलावों पर सारगर्भित जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी मनुष्य का सृजन है और इसके उपयोग की सीमा भी मनुष्य को ही तय करनी होगा। उन्होंने कहा कि मानवीय मस्तिष्क की शक्ति अनंत है और सभी क्षेत्रों में सफलता के लिए हमे अपने उपर विश्वास करना सीखना होगा। पत्रकार यशपाल कपूर ने कहा कि तकनीक वरदान भी है और अभिशाप भी। उन्होंने कहा कि आज का मीडिया तार से होकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक पहुंच गया है। इसके सदुपयोग की दिशा में सचेत रहना होगा। पत्रकार पवन ठाकुर ने कहा कि कृत्रिम मेधा एक नवीन अवधारणा है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा पत्रकारों की संवेदनशीलता का स्थान नहीं ले सकती। उन्होंने आशा जताई कि यह तकनीक पत्रकारों के कौशल विकास का माध्यम बनेगी। पत्रकार अमित डोभाल ने कहा कि कोविड के समय में तकनीक के प्रयोग ने लोगों तक समय पर जानकारी पहुंचाने और उनके जीवन को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पत्रकार अनुराग शर्मा ने कहा कि कृत्रिम मेधा के प्रयोग से पत्रकार अपनी लेखनी को और सशक्त बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में कृत्रिम मेधा का प्रयोग अवसर और चुनौतियों का मिश्रण है। पत्रकार र्कीति कौशल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सदुपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए बड़ी चुनौती है। पत्रकार मोहन चौहान ने कहा कि मीडिया को सकारात्मक रूप में कृत्रिम मेधा को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रयोग से बचा नहीं जा सकता। पत्रकार सुखदर्शन ठाकुर ने कहा कि कृत्रिम मेधा के लाभ और हानि इसके प्रयोग पर निर्भर करते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार का ज्ञान सदैव सर्वोपरि रहेगा। पत्रकार हेमंत अत्री ने कहा कि तकनीक के वर्तमान समय में सक्षम ही चुनौती का सामना कर पाएगा। उन्होंने 'आईनाÓ नाम कविता से अपनी बात सबके सामने रखी। पत्रकार दीपक ने कहा कि तकनीक का उपयोग कर ही भविष्य को सुरक्षित रखा जा सकता है।
- राज्य स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने पर राष्ट्रीय स्पर्धा के लिए हुआ चयन -विद्यालय पहुंचने पर फूल मालाओं से हुआ स्वागत, मिला सम्मान बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कुनिहार की छात्रा गुंजन ठाकुर ने राज्य स्तरीय शॉट पुट व डिस्कस थ्रो स्पर्धा में पहला स्थान प्राप्त किया है। जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि धर्मशाला में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बीएल स्कूल की गुंजन और दिशिता ने शॉट पुट व डिस्कस थ्रो में भाग लिया था, जिसमें गुंजन ने सोलन जिले के लिए दो गोल्ड मेडल हासिल किए। राज्य स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने पर गुंजन का चयन राष्ट्र स्तरीय स्पर्धा के लिए हुआ है। वहीं, विद्यालय पहुंचने पर गुंजन व दिशिता शर्मा का फूल मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि गुंजन ठाकुर का राष्ट्र स्तर पर चयन होना विद्यालय के लिए बड़े ही हर्ष की बात है। उन्होंने बताया कि गुंजन ठाकुर एक बहुत उम्दा खिलाड़ी है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए जिला खेल शिक्षा अधिकारी सोलन महेंदर, उच्च उप शिक्षा निदेशक सोलन जगदीश नेगी, प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक सोलन का धन्यवाद व्यक्त किया है और कहा कि उनके मार्गदर्शन से गुंजन हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करेगी।
आज कुनिहार में एक व्यक्ति को बारबर की दुकान में गिरने के कारण गम्भीर चोट लग गई। प्राप्त जानकारी अनुसार ललित कुमार उम्र 30 वर्ष गांव चढ़ाव डैल कुनिहार नये बस अड्डे पर एक सैलून में बाल कटवाने के बाद जैसे ही कुर्सी से उतर कर दुकान से बाहर निकलने लगा तो अचानक में गिरने से दुकान के दरवाजे में लगे शीशे से उसकी टक्कर हो गई। इस दौरान कांच का हिस्सा ललित के गले मे लग गया। वहां पर दुकानदारों ने उसे तुरंत सिविल अस्पताल कुनिहार पहुंचाया और डॉक्टर्स ने चोट की गम्भीरता के कारण उसे आईजीएमसी रैफर कर दिया। मुख्य चिकित्सक सिविल अस्पताल कुनिहार डॉ अरुण शर्मा ने बताया कि इस व्यक्ति के गले के पास चोट लगी है जिसे प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला को रैफर कर दिया व स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई थी।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी की गरिमामयी उपस्थिति में आज उपमंडलाधिकारी अर्की यादविंदर पाल ने नगर पंचायत अर्की के वार्ड नंबर 2 के नवनिर्वाचित पार्षद पदम देव को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। संजय अवस्थी ने इस अवसर पर वार्ड नंबर 2 के नवनिर्वाचित पार्षद पदम देव को बधाई दी। उन्होंने आशा जताई कि पार्षद अपने क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण के लिए सदैव प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने कहा कि पार्षद का पद महत्वपूर्ण होता है और स्थानीय स्तर पर विकास कार्य में पार्षद की भूमिका विशिष्ट रहती है। उन्होंने आशा जताई कि नवनिर्वाचित पार्षद अपने कर्तव्यों के निर्वहन के माध्यम से लोगों की आशाओं पर खरा उतरेगें। संजय अवस्थी ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पार्षद के रूप में की। उन्होंने कहा कि पार्षद अपने क्षेत्र के निवासियों के सबसे समीप रहकर कार्य करता है। नगर पंचायत अर्की के वार्ड नंबर 2 से नवनिर्वाचित पार्षद पदम देव उप निर्वाचन में विजय प्राप्त की है। संजय अवस्थी ने इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग अर्की के विश्राम गृह में जन समस्याएं सुनी और अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। इस अवसर पर खंड कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप, खण्ड कांग्रेस समिति अर्की के कोषाध्यक्ष रोशन वर्मा, समस्त पार्षदगण, व्यापार मण्डल अर्की के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, तहसीलदार अर्की रमन ठाकुर सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कहा कि हमारे त्योहार हमारे जीवन प्रबंधन का आधार हैं और हम सभी को अपने उत्सवों एवं त्यौहारों के आयोजन में बढ़-चढ़ कर भाग लेना चाहिए। संजय अवस्थी आज सोलन के अर्की विधानसभा क्षेत्र के शालाघाट में श्री भगवान विश्वकर्मा दिवस के अवसर पर आयोजित वार्षिक उत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्य संसदीय सचिव ने भगवान विश्वकर्मा मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। संजय अवस्थी ने कहा कि सनातन संस्कृति में भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के शिल्पकार की पदवी से विभूषित किया गया है। उन्हें वर्तमान में पहले अभियंता के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा से हमें अपने जीवन में रचनात्मकता और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने का संदेश मिलता है। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से हमारी समृद्ध संस्कृति के शिल्पकारों से युवा पीढ़ी को परिचित होने का अवसर मिलता है। भारतीय संस्कृति सभी को सही राह पर आगे बढ़ना सिखाती है और युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति के इस दर्शन को आत्मसात करना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में युवा पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी से हमारी परम्पराएं आगे बढ़ती हैं। ऐसे आयोजन वर्तमान में लोगों के मध्य सद्भावना, भाईचारे और एकजुटता की भावना को बढ़ाने में अहम हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा के समय में संवेदनशीलता के साथ राज्य का नेतृत्व कर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री स्वयं प्रभावितों के पुर्नवास के लिए प्रदेश के विभिन्न ज़िलों में पहुंचकर राहत पैकेज की घोषणा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित बना रहे हैं कि आपदा प्रभावितों को समय पर राहत मिले। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व और प्रदेशवासियों के सहयोग तथा अधिकारियों, कर्मचारियों की कर्मठता से आज प्रदेश इस आपदा से उभर रहा है। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा अधोसरंचना को सुदृढ़ बनाकर युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। अर्की विधानसभा क्षेत्र में भी आधारभूत शिक्षा अधोसरंचना को मज़बूत बनाया जा रहा है और उच्च स्तर पर छात्रों को उनके घर-द्वार के समीप बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। राजकीय महाविद्यालय अर्की में एमए इतिहास और अंग्रेजी की कक्षाएं आरम्भ की गई हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अत्याधुनिक शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए अर्की विधानसभा क्षेत्र में भी राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किया जा रहा है। जलाणा में 20 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित होने वाले इस विद्यालय के लिए 50 बीघा भूमि भी चिन्हित की गई है। संजय अवस्थी ने कहा कि ज़िला खनिज निधि के माध्यम से अर्की विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए लोक निर्माण, जल शक्ति तथा अन्य विभागों को लगभग 18 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने अर्की विधानसभा क्षेत्र को आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाने का हर सम्भव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र सहित जन-जन की आस्था के केंद्र बाड़ीधार को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का कार्य प्रगति पर है। इस धार्मिक स्थल को रज्जू मार्ग से जोड़ने के लिए 200 करोड़ रुपए की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाड़ीधार में पर्यटन परियोजना के लिए 103 बीघा भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा मंदिर के सम्पर्क मार्ग के निर्माण के प्रारम्भिक कार्य के लिए एक लाख रुपए तथा डंगे के निर्माण के प्रारम्भिक कार्य के लिए एक लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने मंदिर समिति को अपनी ऐच्छिक निधि से 11 हजार रुपए देने की घोषणा भी की। उन्होंने इस अवसर पर जन समस्याएं सुनी और इनके उचित निपटारे के निर्देश दिए।
शिमला। एसआईटी ने करोड़ों रुपये के क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने आरोपियों की सात गाड़ियां जब्त की हैं। गौर रहे कि मामले में एसआईटी ने अब तक चार पुलिस कर्मियों समेत 18 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। इसके आलावा एसआईटी ने अब तक 12 करोड़ की प्रॉपटी भी फ्रीज की है, जिसमें क्रिप्टो करंसी ठगी मामले के मास्टरमाइंड सुभाष शर्मा की तीन करोड़ प्रॉपटी मंडी और जीरकपुर में फ्रीज की गई है। जानकारी देते हुए डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि करोड़ों की इस ठगी में कई सरकारी कर्मचारी और पुलिस कर्मी शामिल हैं। एसआईटी की जांच में पता चला है कि पुलिस कर्मी पहले इन्वेस्टर बने और फिर एजेंट बन गए। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी सुनील स्याल भी इस ठगी का किंग पिन है। एसआईटी ने क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में वेबसाइट डीकोट कर ली है, जिसमें कई ट्रांजेक्शन मिले हैं।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी 14 नवंबर को अर्की के प्रवास पर आ रहे हैं। संजय अवस्थी 14 नवंबर को प्रात: 11 बजे अर्की विधानसभा क्षेत्र के शालाघाट में श्री भगवान विश्वकर्मा दिवस वार्षिक उत्सव में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहेंगे।मुख्य संसदीय सचिव तदोपरांत दोपहर 1 बजे लोक निर्माण भवन अर्की में लोगों की समस्याएं सुनेंगे। अवस्थी सायं 3 बजे अर्की के मांजू में बाल दिवस मेले के अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
-सुबाथू से कुनिहार की ओर आ रहा था वाहन -वाहन में सवार दो लोग आईजीएमसी शिमला रेफर दीपावली की रात सुबाथू से कुनिहार की ओर आ रहा एक टिप्पर बडोरघाटी में एक मकान के ऊपर जा गिरा। जानकारी के अनुसार रात्रि जय देव शर्मा अपने परिवार के साथ मकान में सो रहे थे तो अचानक एक धमाका हुआ। जब उन्होंने बाहर आकर देखा तो एक टिप्पर सड़क से उनके मकान के लैंटर पर गिरने के बाद गौशाला के शेड को तोड़ता हुआ करीब 150 से 200 फुट नीचे खेतों में जा पहुंच था। गनीमत यह रही कि किसी भी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। सड़क से गिरते ही लैंटर में हालांकि एक बहुत बड़ा छेद हो गया। जहां छेद हुआ ठीक उसी जगह जयदेव का बेटा सो रहा था, मलबा उसके बेड के पास गिरा, जिस कारण उसे कोई चोट नहीं पहुंची। वहीं, टिप्पर में सवार दोनों घायल व्यक्तियों को स्थानीय लोगों की मदद से सिविल हॉस्पिटल कुनिहार पहुंचाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार देने के बाद आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया। वहीं, पुलिस घटना स्थल पर पहुंच कर मामले में छानबीन शुरू कर दी थी।
शूलिनी विश्वविद्यालय परिसर में दिवाली उत्सव का उद्घाटन चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला, सरोज खोसला, प्रो. चांसलर विशाल आनंद और कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला द्वारा किया गया। उन्होंने उत्सव का माहौल बनाने के लिए पारंपरिक दीये जलाए। भोजन स्टालों के साथ-साथ विभिन्न गायन और नृत्य गतिविधियों ने उत्सव के माहौल को और बढ़ा दिया। एक फैशन शो में संकाय सदस्यों और छात्रों ने पारम्परिक पोशाकें पहनीं और एक जीवंत प्रदर्शन के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सहायक प्रोफेसर पंकज चौहान और सहायक प्रोफेसर कृतिका राणा दिवाली फैशन शो के विजेता बने। इस कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी, जिसमें सैकड़ों छात्र और शिक्षक शामिल हुए, जिससे विश्वविद्यालय समुदाय के भीतर एकता और उत्सव की भावना का प्रदर्शन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन टीम डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर द्वारा किया गया।
-वापिस लौटने पर शिमला में कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आज दिल्ली से वापिस शिमला लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने होटल मरीना से लेकर ओक ओवर तक मुख्यमंत्री पर पुष्प वर्षा की और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि हिमाचल प्रदेश के देवी-देवताओं और जनता की दुआओं से वह स्वस्थ होकर वापस लौटे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों ने कुछ दिनों तक उन्हें आराम करने और समय पर खाना खाने की सलाह दी है, लेकिन वह सरकार की जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि चार वर्षों में हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और अगले 10 वर्षों में देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है और वर्तमान राज्य सरकार इसी दिशा में प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि 18 नवंबर को मंत्रिमंडल की बैठक भी रखी गई है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी कुछ दिन की अनुपस्थिति के दौरान मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों और अधिकारियों ने अपने दायित्व को बखूबी निभाया है, जिसके लिए वह उनके धन्यवादी हैं। एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पांच राज्यों के चुनाव प्रचार में नहीं जाएंगे, लेकिन इन चुनावों में कांग्रेस की जीत निश्चित है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को दीपावाली की शुभकामनाएं दी और प्रदेश में सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि अब सभी मिलकर दोबारा से विकास कार्यों में जुटेंगे और हिमाचल प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे लेकर जाएंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव चौधरी राम कुमार, संजय अवस्थी, आशीष बुटेल, विधायक, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना सहित वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न बोर्डों एवं निगमों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, कांग्रेस के पदाधिकारियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
-परिवार के साथ शिमला में मनाएंगे दिवाली प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पूरी तरह स्वस्थ होकर दिल्ली से शिमला लौट रहे हैं। एम्स दिल्ली से उन्हें छुट्टी मिल चुकी है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर बाद राजधानी शिमला पहुंच जाएंगे। यहां वे परिवार सहित प्रकाश का उत्सव दिवाली मनाएंगे। उच्च अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिनों के लिए लोगों से मिलने-जुलने और सफर नहीं करने की सलाह दी है। शिमला पहुंचने पर भी मुख्यमंत्री कुछ दिन अपने सरकारी आवास ओकओवर शिमला में आराम करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिमाचल प्रदेश मुनीष गर्ग ने आज सोलन ज़िला के विधानसभा क्षेत्र 54-कसौली के अंतर्गत विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। मुनीष गर्ग ने फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का 27 अक्तूबर से 9 दिसंबर तक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदान से संबंधित कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी बूथ स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्यक्रम के तहत 18 से 19 आयु वर्ग के सभी मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज करने के लिए विशेष प्रयास करें। उन्होंने बूथ स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि घर-घर जाकर मतदाताओं के सत्यापन कार्यक्रम के दौरान पंजीकरण से वंचित अन्य सभी पात्र नागरिकों के नाम भी मतदाता सूची में जोड़ना सुनिश्चित करें। उन्होंने मतदाता सूची में मृत, स्थानांतरित और दोहरे पंजीकृत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने 18 व 19 नवंबर को विशेष अभियान दिवसों पर अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को जोड़ने के बूथ स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय कुमार यादव, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी कसौली गौरव महाजन, तहसीलदार निर्वाचन सोलन राजेश शर्मा उपस्थित थे।
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन में आज 8वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस आयोजित किया गया। यह जानकारी आज यहां जिला आयुष अधिकारी सोलन डॉ. प्रवीन शर्मा ने दी। भगवान धन्वंतरि जयंती के अवसर पर आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन में पूजा-अर्चना व यज्ञ का आयोजन किया गया। डॉ. प्रवीन शर्मा कहा कि भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद के जनक माने जाते हैं। व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने में आयुर्वेद एक अहम भूमिका निभा सकता है। इस उद्देश्य से धन्वंतरि जयंती को आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद दिवस के अवसर पर पूर्व तीन सप्ताह से जिला में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे। इन कार्यक्रमों में आयुर्वेद से व्यक्ति के जीवन में होने वाले सकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों के माध्यम से ज़िला में लगभग 16,500 लोग लाभान्वित हुए। इस अवसर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी, ज़िला आयुर्वेदिक अस्पताल के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
नशामुक्त भारत अभियान के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजन का समन्वय आवश्यक है। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय कुमार यादव आज यहां नशा मुक्ति के लिए संयुक्त कार्य योजना के तहत आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। अजय कुमार यादव ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य युवाओं में नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाली शारीरिक समस्याओं, समाज में इस कारण फैलने वाली कुरीतियों व इससे होने वाली आकस्मिक मौतों के बारे में जागरूकता लाना है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि संयुक्त समिति जिला नशामुक्त अभियान के कार्यान्वयन को सफल बनाएगी। समिति ज़िला के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में छात्रों, अध्यापकों और अभिभावकों के लिए नशा निवारण के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि 20 नवंबर से 10 दिसंबर तक बाल एवं किशोर श्रमिकों का बचाव एवं पुनर्वास अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम एवं गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के उद्देश से विभिन्न स्वैच्छिक संगठनों और अन्य पात्र एजेंसियों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना होगा ताकि युवाओं में नशे के प्रचलन को बढ़ने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि संगठन एवं पात्र एजेंसियां मदिरा व अन्य मादक द्रव्यों के सेवन की रोकथाम के लिए नशे के आदी लोगों की पहचान करें तथा परामर्श के माध्यम से उनका उपचार और पुनर्वास के लिए कार्य करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर उपमण्डलाधिकारी कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य, उपमंडलाधिकारी अर्की यादविंदर पाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्दी रमेश शर्मा, उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा डॉ. जगदीश नेगी, सीडीपीओ सोलन कविता गौतम, जिला कल्याण अधिकारी सोलन गावा नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
-पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन ने की मांग पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान धनीराम तनवर एवं समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने खुशी जताई है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपना इलाज करवाने के बाद स्वस्थ होकर वापस शिमला लौट रहे हैं। वहीं, एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि पेंशनरों के वित्तीय लाभ जिसमें, 8 प्रतिशत डीए जो पहले से पेंडिंग हैं और अब केंद्र सरकार की ओर घोषित 4 प्रतिशत डीए की किस्त को बढ़े हुए वेतन के साथ दिवाली से पहले देने की घोषणा करे। प्रधान धनीराम तनवर ने कहा कि बहुत से पेंशनर्स उम्रदराज हो चुके हैं, जो कि अपने वित्तीय लाभ का इंतजार कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मेधा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत सत्र 2023-24 के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इच्छुक एवं पात्र विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठाने के लिए 25 नवम्बर, 2023 तक आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दृष्टिगत बारहवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राएं अपना आवेदन संबंधित जिला के उच्चतर शिक्षा उप-निदेशक के पास डाक द्वारा अथवा ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। स्नातक स्तर के छात्र-छात्राएं अपना आवेदन पत्र अतिरिक्त/संयुक्त निदेशक (कॉलेज), शिक्षा निदेशालय के पास डाक अथवा ई-मेल medha.protsahan@gov.in के माध्यम से भेज सकते हैं। आवेदन जमा करवाने की अन्तिम तिथि 25 नवंबर निर्धारित की गई है और इसके उपरांत कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक ई-मेल से केवल एक ही आवेदन पत्र स्वीकार किया जाएगा। योजना से संबधित पूर्ण जानकारी उच्चत्तर शिक्षा निदेशक की वैबसाईट www.education.hp.gov.in पर उपलब्ध है। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि योजना के तहत कोचिंग संस्थानों को उच्चतर शिक्षा विभाग को एक लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा करवानी अनिवार्य है। यदि अभी तक किसी संस्थान द्वारा यह राशि जमा नहीं की होगी तो उन्हें यह तुरन्त प्रभाव से यह जमा करवानी होगी और तभी वह कोचिंग संस्थान इस उद्देश्य के लिए पात्र होगा।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में दिवाली की रात 8 से 10 बजे के बीच ही ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर आदेशों को सख्ती से लागू करवाने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड के सदस्य सचिव अनिल जोशी ने बताया कि एनजीटी की ओर से वायु प्रदूषण के लिहाज से अति संवेदनशील शहरों में पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है। जबकि मॉडरेट और सामान्य श्रेणी में आने वाले शहरों में सिर्फ ग्रीन पटाखे दो घंटे चलाने की छूट दी गई है।
-स्कूल में आयोजित दो दिवसीय स्पोर्ट्स मीट का समापन -मुख्य अतिथि ने पुरस्कृत किए विभिन्न खेलों के विजेता एसवीएन स्कूल कुनिहार में आयोजित दो दिवसीय स्पोर्ट्स मीट का समापन बहुत ही धूमधाम के साथ हुआ। कार्यक्रम में राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार के प्रधानाचार्य भूपेंद्र ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। दीप प्रज्ज्वलित कर व बंदे मातरम गीत से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, वहीं एसवीएन परिवार ने फूल मालाओं के साथ मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मुख्य अतिथि द्वारा वॉलीबाल, कबड्डी, बैडमिंटन और अन्य मनोरंजक खेलों के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी खेलों में प्रदर्शन के आधार पर बेस्ट हाउस और बेस्ट प्लेयर घोषित कर ट्रॉफी प्रदान की गई। पूरे वर्ष की गतिविधियों के आधार पर टैगोर हाउस ने बेस्ट हाउस की ट्रॉफी पर कब्जा किया। विद्यार्थियों ने सदनानुसार, स्काउट-गाइड व कबज-बुलबुल समूह में मार्च पास्ट करके खेलों को विराम दिया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा विद्यालय में इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के मनोबल को बढ़ाते हैं व बच्चों में खेल के प्रति भी रुचि उत्पन्न करते हैं। उन्होंने बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए भी प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह विद्यालय जिला स्तर पर ही नहीं, अपितु प्रदेश में भी अपने नाम का परचम लहरा चुका है, जिसके लिए विद्यालय के सभी अध्यापक व अभिभावक बधाई के पात्र हंै। इस मौके पर एसवीएन चेयरमैन टीसी गर्ग, पुष्पा गर्ग, लूपिन गर्ग, प्रधानाचार्य पद्मनाभम, गुरप्रीत सिंह, राकेश, दीक्षा, कुसुम, पूजा व योगेश सहित विद्यालय के सभी अध्यापक, छात्र व अभिभावक गण मौजूद रहे।
कृषि सचिव सी पालरासू ने बताया कि प्रदेश में गेहूं के बीज का उत्पादन बढ़ाने के दृष्टिगत विभाग द्वारा इस वर्ष 800 क्विंटल प्रजनक बीज राज्य के विभिन्न जिलों में आबंटित किया जा रहा है। इस वर्ष गेहूं के प्रजनक बीज का मूल्य 7050 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जिसे विभाग के अपने फार्मों व पंजीकृत किसानों को वितरित किया जा रहा है। इसके अलावा गेहूं के प्रमाणित बीज पर राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष 1500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जा रहा हैै। राज्य में किसानों की आर्थिकी को देखते हुए इस वर्ष लगभग 600 क्विंटल प्रजनक बीज किसानों में वितरित किया जा रहा है, प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं के प्रजनक बीजों पर 3000 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान देने का फैसला लिया है, जिसे सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इसके अलावा 200 क्विंटल प्रजनक बीज जिलों में स्थित विभागीय फार्मों में उपलब्ध करवाया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से किसानों में बीज उत्पादन के प्रति और ज्यादा जागरूकता आएगी व इससे प्रदेश में बीज उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। कृषि निदेशक कुमद सिंह ने बताया कि प्रदेश में अधिकतर किसान लघु एवं सीमांत है। कृषि व्यवसाय की सफलता व पैदावार बहुत कुछ उच्च गुणवता बीजों की उपलब्धता पर निर्भर करती है। प्रदेश में उत्तम बीजों की मांग बढ़ती जा रही है क्योंकि कोरोना महामारी के बाद अधिकतर नौजवान कृषि से जुड़े है। विभाग खाद्यान्नों आदि के बीजों को प्रदेश में ही उत्पादित कर किसानों को वितरित करने की ओर आत्मनिर्भर हो रहा है।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई के दूरदर्शी मार्गदर्शन के तहत टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा कर्नाटक राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए 9 नवंबर को बैंगलोर में केपीसीएल (कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) और केआरईडीएल (कर्नाटक नवीकरणीय ऊर्जा विकास लिमिटेड) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इन सहयोगात्मक प्रयासों में विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं का विकास शामिल है, जिसमें भूमि पर मांउट करके स्थापित की जाने वाली, फ्लोटिंग सौर परियोजनाएं और पंप स्टोरेज परियोजनाओं सहित हाइब्रिड परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी संचयी क्षमता लगभग 3270 मेगावाट हैं। कर्नाटक सरकार ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज अपनी गरिमामयी उपस्थिति के साथ समारोह की शोभा बढ़ाई। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने कहा कि यह रणनीतिक गठबंधन न केवल स्वच्छ ऊर्जा के प्रति टीएचडीसीआईएल की प्रतिबद्धता दर्शाता है, बल्कि कर्नाटक की अग्रणी विद्युत संस्थाओं के सहयोग से इस क्षेत्र के विद्युत परिदृश्य के लिए एक आशाजनक प्रगतिगामी मार्ग भी प्रशस्त करता है। केपीसीएल का प्रतिनिधित्व करते हुए, अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा एवं केपीसीएल के प्रबंध निदेशक गौरव गुप्ता एवं और केआरईडीएल की ओर से केपी रुद्रप्पैया, प्रबंध निदेशक, केआरईडीएल द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की ओर से भूपेंद्र गुप्ता, निदेशक (तकनीकी) द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर विजय कुमार, विशेष अधिकारी समन्वय, संदीप सिंघल, सीजीएम (एनसीआर) और मल्लिकार्जुन, डीजीएम भी उपस्थित थे। टीएचडीसीआईएल 1587 मेगावाट की संस्थापित क्षमता के साथ देश के प्रमुख बिजली उत्पादकों में से एक है, जिसका श्रेय इसकी प्रचालनाधीन परियोजनाओं को जाता है जिनमें उत्तराखंड में टिहरी बांध और एचपीपी (1000 मेगावाट), कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट), गुजरात के पाटन और द्वारका में क्रमश: 50 मेगावाट और 63 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाएं और उत्तर प्रदेश के झांसी में 24 मेगावाट की ढुकवां लघु जल विद्युत परियोजना तथा केरल के कासरगोड में 50 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना शामिल हैं।
भारत के अग्रणी अनुसंधान-केंद्रित विश्वविद्यालय, शूलिनी यूनिवर्सिटी ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट साइंसेज को क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग द्वारा प्रति पेपर उद्धरण में देश का नंबर एक विश्वविद्यालय और एशिया का नंबर पांचवां विश्वविद्यालय घोषित किया गया है। शूलिनी विश्वविद्यालय भी भारत के सबसे उल्लेखनीय रूप से बेहतर संस्थान के रूप में उभरा है, जिसने वैश्विक रैंकिंग में 213 वां स्थान हासिल करने के लिए प्रभावशाली 38 स्थान हासिल किए हैं। शोधकर्ताओं और संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए, प्रोफेसर अतुल खोसला, कुलपति, शूलिनी विश्वविद्यालय ने कहा, अनुसंधान में हमारे प्रयास शूलिनी विश्वविद्यालय में अनुसंधान और नवाचार की गुणवत्ता के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए फल-फूल रहे हैं। कल रात जारी रैंकिंग के अनुसार, शूलिनी विश्वविद्यालय ने भारत में निजी विश्वविद्यालयों के बीच नियोक्ता प्रतिष्ठा में छठा स्थान हासिल किया है, जो ऐसे स्नातक तैयार करने में इसकी सफलता को दर्शाता है जिन्हें नियोक्ताओं द्वारा अत्यधिक सम्मान दिया जाता है। शूलिनी विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय संकाय के मामले में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और भारत में 7वें स्थान पर है। शूलिनी यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला ने कहा कि प्रति पेपर उद्धरण में हमारी सफलता उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान के उत्पादन के प्रति हमारे समर्पण को दर्शाती है जो वैश्विक ज्ञान पूल में योगदान देती है। हम अनुसंधान उत्कृष्टता और नवाचार में निवेश करना जारी रखेंगे। प्रो. चांसलर विशाल आनंद ने सभी संकाय और कर्मचारियों को बधाई दी और कहा कि रैंकिंग हमारे संकाय और छात्रों की कड़ी मेहनत का प्रमाण है। डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रोफेसर सौरभ कुलश्रेष्ठ ने कहा, यह उपलब्धि उत्कृष्टता की दिशा में एक कदम आगे है। हम भविष्य में और भी बड़े मील के पत्थर हासिल करने के लिए एक विश्वविद्यालय समुदाय के रूप में मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
जिला सोलन के विकास खंड धर्मपुर की ग्राम पंचायत गड़खल सनावर के पंचायत घर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन एवं एलआर संस्थान ओच्छघाट के संयुक्त तत्वावधान से आज राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस का आयोजन किया गया। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव आकांक्षा डोगरा ने दी। उन्होंने कहा कि इस दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य उचित निष्पक्ष और न्याय प्रक्रिया के बारे सभी नागरिकों को जागरूक करना है। आकांक्षा डोगरा ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस की शुरूआत वर्ष 1995 में सर्वोच्च न्यायलय द्वारा समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिए की गई थी। उन्होंने कहा कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को कानून के बारे में जागरूक करना है। सभी लोगों तक न्याय पहुंचाने के लिए आरम्भ की गई विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाना है। एल.आर संस्थान ओच्छघाट के वरिष्ठ प्रोफेसर टीडी वर्मा ने इस अवसर लोक अदालत तथा साइबर क्राइम के बारे में उपस्थित लोगों को विस्तृत जानकारी दी। थाना प्रभारी कसौली यशपाल शर्मा ने इस अवसर पर सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी उपस्थित लोगों को प्रदान की। इस अवसर पर ग्राम पंचायत गड़खल की प्रधान मोना चंचल, एलआर संस्थान की सहायक प्रो. प्रियंका शर्मा, र्कीति बनाल, अनिता वर्मा सहित ग्रामीण उपस्थित थे।
शूलिनी विश्वविद्यालय के शोधकर्ता, स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज के प्रोफेसर डॉ. दीपक कुमार और उनके छात्र विवेक पंवार ने 40 के प्रभाव कारक वाले प्रतिष्ठित पत्रिका नेचर 'सिग्नल ट्रांसडक्शन एंड टारगेटेड थेरेपी' में एक शोध पत्र प्रकाशित किया। अध्ययन का उद्देश्य एमटीओआर (रैपामाइसिन का स्तनधारी लक्ष्य) सिग्नलिंग मार्ग और मानव स्वास्थ्य और बीमारी में इसकी कई भूमिकाओं के गहन रहस्यों को उजागर करना था, जिसमें कैंसर में इसके निहितार्थ पर विशेष ध्यान दिया गया था। इस पेपर में प्रस्तुत अंतर्दृष्टि कैंसर जीव विज्ञान में एमटीओआर की महत्वपूर्ण भूमिका, वर्तमान चुनौतियों का समाधान करने और चिकित्सीय हस्तक्षेप के लिए इसकी क्षमता की खोज पर प्रकाश डालती है। इस लेख में उम्र बढ़ने, उम्र से संबंधित तंत्रिका संबंधी विकारों, मधुमेह और मानव घातक बीमारियों में एमटीओआर के महत्व को दिखाया गया है। एमटीओआरसी1 सिग्नलिंग की खोज न केवल जीवन प्रत्याशा बढ़ाती है बल्कि प्रतिरक्षा को भी बढ़ावा देती है, जिससे स्तनधारियों और मनुष्यों में उम्र से संबंधित न्यूरोलॉजिकल विकार, कैंसर और चयापचय रोगों का खतरा कम हो जाता है। इस खोज पत्र में भारत के अन्य सहयोगी लेखक थे ऐश्वर्या सिंह, मानिनी भट्ट, डॉ. राजीव टोंक, डॉ. आगा साकिब रज़ा, डॉ. शिंजिनी सेनगुप्ता, एमिटी यूनिवर्सिटी से डॉ. मनोज गर्ग। इस खोज अध्ययन में कैंसर के उपचार के परिदृश्य को बदलने और अधिक प्रभावी और कम विषाक्त उपचारों का मार्ग प्रशस्त करने की क्षमता है। वैज्ञानिक समुदाय उत्सुकता से अनुवर्ती अनुसंधान और नैदानिक परीक्षणों का इंतजार कर रहा है जो निस्संदेह इस उल्लेखनीय सफलता से प्रेरित होंगे।
कुनिहार: संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक नहीं बुलाई तो डीसी ऑफिस का घेराव करेंगे पेंशनर्स : केडी शर्मा
जिला पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के जिलाध्यक्ष एवं राज्य कार्यकारिणी के मुख्य सलाहकार केडी शर्मा ने उपायुक्त सोलन से अपील की है कि पेंशनरों की जिला स्तरीय बैठक पहली दिसंबर तक बुलाई जाए। अगर पहली दिसंबर तक बैठक नहीं बुलाई तो 4 दिसंबर को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष संकेतिक धरना प्रदर्शन व रोष रैली का आयोजन किया जाएगा। केडी शर्मा ने यह बात बरोटीवाला में आयोजित पेंशनरों की जिला स्तरीय आपात बैठक में पेंशनरो को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि 27 मई को पेंशनरों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त सोलन से संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक बुलाने बारे मिला था, जिसमें उपायुक्त सोलन ने प्रतिनिधिमंडल को विश्वास दिलवाया था कि शीघ्र ही संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक बुलाई जाएगी। लेकिन साढ़े 5 महीने बीत जाने पर भी अभी तक बैठक नहीं बुलाई गई। केडी शर्मा ने जिले के तमाम पेंशनर्सर् सब यूनिटों से आग्रह किया है कि हर यूनिट से 10-15 सक्रिय पेंशनरों को 4 दिसंबर को होने वाले धरना प्रदर्शन व रोष रैली में उपायुक्त कार्यालय के समीप पहुंचना सुनिश्चित करें। इस आपात बैठक में 17 दिसंबर को होने वाले राज्य स्तरीय अखिल भारतीय पेंशन दिवस समारोह मनाने बारे विशेष रूप से चर्चा की गई और सभी के सुझाव के उपरांत केडी शर्मा ने कहा कि इस बार इस राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन जिला सोलन में किया जाएगा जिसका वेन्यू जल्द ही तय किया जाएगा। इसके अलावा बैठक में पेंशनरों ने अपनी विभिन्न मांगों को जल्द पूरा करने की सरकार से मांग की। इस अवसर पर जगदीश पंवर, मनसा राम पाठक, राम लाल शर्मा, दलीप राणा, अंजना शर्मा, डीडी कश्यप, जिया लाल ठाकुर, नरेश घई, कृष्ण सिंह चौहान, जगदीश सिंह, बेलीराम राठौर, रोशन लाल, सूर्यकांत जोशी, ईश्वर दत्त शर्मा, चैतराम भारद्वाज, कैलास राणा, लेखराम शर्मा, राजेश शर्मा आदि पेंशनर्स मौजूद रहे।
दिवाली से ठीक एक दिन पहले छोटी दिवाली का पर्व मनाया जाता है। दिवाली से पहले छोटी दिवाली इसलिए मनाई जाती है क्योंकि, इस दिन हनुमान ज्यंति भी होती है और इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर नामक असुर का वध किया था। इसलिए इसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। इस दिन दिवाली से कम मात्रा में दीप आदि प्रज्वलित किए जाते हैं। इस दिन सौंदर्य व्रत भी रखा जाता है। आइए जानते हैं छोटी दिवाली कब मनाई जाएगी... 11 या 12 नवंबर कब मनाई जाएगी छोटी दिवाली? छोटी दिवाली पर नरक चतुर्दशी के दिन मनाई जाती है। 11 नवंबर को 1 बजकर 59 मिनट से चतुर्दशी तिथि आरंभ हो रही है और अगले दिन 12 नवंबर को दोपहर के 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगी। छोटी दिवाली 11 नवंबर शनिवार 2023 को मनाई जाएगी।
-रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नहीं चला सकेंगे पटाखे राज्य के सरकारी स्कूलों के बच्चे ग्रीन दिवाली मनाने का संदेश देंगे। अपने परिवार व आसपास के लोगों को जागरूक करेंगे। पटाखों से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के बारे में बताएंगे ताकि सभी लोग ग्रीन दिवाली मनाएं। निदेशक शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में स्कूलों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसमें स्कूलों को कहा गया है कि वह बच्चों को जागरूक करें व उन्हें बताए कि पटाखों से प्रदूषण फैलता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार प्रदेश में दिवाली की रात 10 बजे के बाद सुबह 6 बजे तक पटाखे चलाने पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। इसके बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाए। पहले से एक परंपरा विकसित हुई है जिसमें दीपोत्सव के दिन तेज आवाज के पटाखे चलाए जाते हैं। ये पर्यावरण को क्षति पहुंचाती है। ध्वनि व वायु प्रदूषण बहुत तेजी से फैलता है। वायु की गुणवत्ता असंतुलित हो जाती है। इस बार स्वयं बच्चे ही जागरूकता की बेहतरीन मिसाल पेश करेंगे।
धनतेरस दिवाली के दो दिन पूर्व मनाया जाने वाला त्योहार है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था। इसलिए इसे धनतेरस के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है। इस दिन धन्वंतरि देव के साथ मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन बर्तन के अलावा कोई भी सामान खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि धनतेरस का त्योहार क्यों मनाया जाता है और इसकी शुरुआत कैसे हुई... भगवान धन्वंतरि का हुआ था जन्म मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। ऐसी मान्यता है कि सृष्टि में चिकित्सा विज्ञान के विस्तार के लिए ही भगवान विष्णु ने धन्वंतरि का अवतार में जन्म लिया था। शास्त्रों के अनुसार भगवान धनवंतरी देवताओं के वैद्य हैं। इनकी पूजा से आरोग्य सुख यानी स्वास्थ्य लाभ मिलता है। धन्वंतरि के प्रकट होने के उपलक्ष्य में ही हर साल कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। वहीं कहा जाता है कि भगवान धन्वंतरि के उत्पन्न होने के दो दिनों बाद देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थीं, इसलिए धनतेरस के दो दिन बाद दीपावली का पर्व मनाया जाता है। श्री हरि विष्णु के वामन अवतार से भी है संबंध धनतेरस से जुड़ी एक और मान्यता के अनुसार, देवताओं को राजा बलि के भय से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया और राजा बलि के यज्ञ स्थल पर पहुंच गए। शुक्राचार्य ने वामन रूप में भी भगवान विष्णु को पहचान लिया और राजा बलि से आग्रह किया कि वामन कुछ भी मांगे उन्हें इंकार कर देना। लेकिन बलि ने शुक्राचार्य की बात नहीं मानी। वामन भगवान द्वारा मांगी गई तीन पग भूमि, दान करने के लिए कमंडल से जल लेकर संकल्प लेने लगे। बलि को दान करने से रोकने के लिए शुक्राचार्य राजा बलि के कमंडल में लघु रूप धारण करके प्रवेश कर गए। इसकी वजह से कमंडल से जल निकलने का मार्ग बंद हो गया। वामन अवतार में भगवान विष्णु शुक्राचार्य की चाल को समझ गए। भगवान वामन ने अपने हाथ में रखे हुए कुशा को कमंडल में ऐसे रखा कि शुक्राचार्य की एक आंख फूट गयी। शुक्राचार्य छटपटाकर कमण्डल से निकल आये। बलि ने संकल्प लेकर तीन पग भूमि दान कर दिया। इसके बाद भगवान वामन ने अपने एक पैर से संपूर्ण पृथ्वी को नाप लिया और दूसरे पैर से अंतरिक्ष को। तीसरा पग रखने के लिए कोई स्थान नहीं होने पर बलि ने अपना सिर वामन भगवान के चरणों में रख दिया। बलि दान में अपना सब कुछ गंवा बैठा। इस तरह बलि के भय से देवताओं को मुक्ति मिली और बलि ने जो धन-संपत्ति देवताओं से छीन ली थी उससे कई गुणा धन-संपत्ति देवताओं को मिल गई। इस उपलक्ष्य में भी धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है।
दीपावली भारत का एक प्रमुख त्योहार है। 5 दिवसीय इस त्योहार को बड़ी ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार को अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई, अज्ञानता पर ज्ञान की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घरों को सजाते हैं, विशेष अनुष्ठान और लक्ष्मी पूजा करते हैं, व्यंजन तैयार करते हैं, पटाखे फोड़ते हैं। पांच दिवसीय उत्सव धनतेरस से शुरू होता है और भाई दूज के साथ समाप्त होता है। दिवाली न सिर्फ भारत के अलग-अलग राज्यों में, बल्कि विदेश में भी मनाया जाता है। भारत के अलावा दिवाली को करीब 11 देशों में राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाया जाता है। इनमें गुयाना, फिजी, नेपाल, सिंगापुर, मॉरीशस, म्यांमार, श्रीलंका, सूरीनाम, मलेशिया, त्रिनिदाद और टोबैगो शामिल हैं। ये हैं दिवाली से जुड़ी कुछ रोचक बातें -दिवाली हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है, लेकिन सिख, जैन सहित अन्य धर्मों के लोग भी पूरे उत्साह के साथ इस त्योहार को मनाते हैं। -भगवान राम 14 साल का वनवास काटकर जब अयोध्या वापस लौटे थे, उसके बाद समस्त अयोध्या वासियों ने दीप जलाकर भगवान राम का स्वागत किया था। तभी से दीपावली का त्योहार मनाया जा रहा है। - कार्तिक मास की अमावस्या को मां लक्ष्मी समुंद्र मंथन के बाद धरती पर प्रकट हुई थीं। दीपावली के त्योहार को मनाने का सबसे खास कारण यही है। इस पर्व को मां लक्ष्मी के स्वागत के रूप में मनाते हैं। -प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर की नींव दिवाली के दिन रखी गई थी। -भारत के बाहर यूके के लीसेस्टर शहर में सबसे बड़ा दिवाली समारोह आयोजित होता है। इस समारोह में हजारों लोग भाग लेते हैं। -दिवाली का त्योहार अलग-अलग देशों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। नेपाल में लोग दिवाली के त्योहार को तिहाड़ या स्वंती के रूप में मनाते हैं। मलेशिया में लोग अस्वायुजा महीने में दिवाली को हरि दिवाली के रूप में मनाते हैं। थाईलैंड में लोग दिवाली के त्योहार को लम क्रियाओंघ के रूप में मनाते हैं, वे पटाखे फोड़ने से बचते हैं और इसके बजाय केले के पत्तों से बने दीपक जलाते हैं। -भारत के अलग-अलग राज्यों में भी दिवाली को अलग-अलग रूप में मनाया जाता है। गोवा में दिवाली को राक्षस नरकासुर पर भगवान कृष्ण की जीत के रूप में मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल के लोग इस त्योहारों को काली पूजा के रूप में मनाते हैं। -कुछ लोग दीपावली को एक नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के रूप में भी मानते हैं। -दिवाली के दिन मिट्टी के दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। मिट्टी का दीपक पंचतत्वों से मिलकर बनाता है जो घर और आसपास के वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। ऋग्वेद के अनुसार दीपक में देवताओं का तेज रहता है, इसकी रोशनी से यश और प्रसिद्धि प्राप्त होती है। सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
इस साल 12 नवंबर को दीपावली है। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह की अमावस्या तिथि पर पूरे देशभर में दिवाली का पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व होता है। दिवाली की तैयारियां कई दिनों पहले से होने लगती है। दिवाली पर पूरे घर को दीयों और रंगबिरंगी लाइटों से सजाया जाता है। हर वर्ष दीपोत्सव का पर्व 5 दिनों तक मनाया जाता है। धनतरेस से दिवाली का त्योहार शुरू हो जाता है और फिर इसके बाद नरक चतुर्दशी जिसे छोटी दिवाली भी कहते हैं मनाया जाता है। इसके बाद दिवाली फिर अगले दिन गोवर्धन पूजा और आखिरी दिन भाई दूज का त्योहार आता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक इस साल दीपावली बहुत ही खास रहेगी, क्योंकि कई दशकों के बाद दिवाली पर एक साथ कई शुभ योग और राजयोग का निर्माण हुआ है। दिवाली का त्योहार कार्तिक माह के अमावस्या तिथि पर मनाने का विधान होता है। दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन का काफी महत्व होता है। दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के लिए प्रदोष काल का समय सबसे अच्छा माना जाता है। दिवाली पर अमावस्या तिथि 12 नवंबर को दोपहर करीब 2 बजकर 30 मिनट पर शुरू हो जाएगी। वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक दिवाली की शाम के समय जब लक्ष्मी पूजा होगी उसी दौरान 5 राजयोग का निर्माण भी होगा। इसके अलावा आयुष्मान, सौभाग्य और महालक्ष्मी योग भी बनेगा। इस तरह से दिवाली 8 शुभ योगों में मनाई जाएगी।ज्योतिषाचार्यो का मनाना है कि दीपावली पर इस तरह का शुभ योग कई दशकों के बाद बना है। ऐसे में इस शुभ योग में दिवाली सभी के लिए सुख-समृद्धि और मंगलकामना साबित होगी। इस साल दिवाली पर एक साथ 5 राजयोग देखने को मिलेगा। ये 5 राजयोग गजकेसरी, हर्ष, उभयचरी, काहल और दुर्धरा नाम के होंगे। इन राजयोगों का निर्माण शुक्र, बुध, चंद्रमा और गुरु ग्रह स्थितियों के कारण बनेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गजकेसरी योग को बहुत ही शुभ माना जाता है। यह योग मान-सम्मान और लाभ देने वाला साबित होता है। वहीं हर्ष योग धन में वृद्धि और यश दिलाता है। जबकि बाकी काहल ,उभयचरी और दुर्धरा योग शुभता और शांति दिलाता है। वहीं कई सालों बाद दिवाली पर दुर्लभ संयोग भी देखने को मिलेगा जब शनि अपनी स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान होकर शश महापुरुष राजयोग का निर्माण करेंगे। इसके अलावा दिवाली पर आयुष्मान और सौभाग्य योग का निर्माण भी होगा। इस वर्ष छोटी और बड़ी दिवाली दोनों ही एक दिन यानी 12 नवंबर को ही मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार 12 नवंबर को सुबह तक रूप चौदस रहेगी फिर दोपहर ढाई बजे के बाद कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी। शास्त्रों के अनुसार दिवाली पर लक्ष्मी पूजन हमेशा अमावस्या की रात को होती है। इस वजह से दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा 12 नवंबर को रात को होगी। अमावस्या तिथि 13 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक ही रहेगी। कार्तिक माह की अमावस्या तिथि पर दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। इस बार कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि 12 और 13 नवंबर दोनों ही दिन रहेगी, लेकिन दिवाली का त्योहार 12 नवंबर को ही मनाया जाएगा। 12 नवंबर को दोपहर अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी ऐसे में रविवार की रात को ही लक्ष्मी पूजन के साथ दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। दरअसल हिंदू धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि दिवाली पर लक्ष्मी पूजा हमेशा ही अमावस्या तिथि और प्रदोष काल के संयोग में ही करना चाहिए। इस कारण से 12 नवंबर को ही शुभ दीपावली मनाई जाएगी।
-इस समय पूजा करने से होगी धन की वर्षा पंच-पर्व दीपावली का पहला पर्व धनतेरस इस बार पराक्रम योग के साथ 10 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन शुक्र प्रदोष भी रहेगा, जिस कारण से शुक्र प्रदोष और धन त्रयोदशी का महासंयोग बन रहा है। साथ ही विष कुंभ योग भी है। त्रयोदशी तिथि 10 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 36 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 11 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 58 तक रहेगी। यदि प्रदोष काल, स्थिर लग्न यानि वृषभ लग्न के दौरान धनतेरस पूजा की जाये तो लक्ष्मीजी घर में ठहर जाती है। यह है धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त इस दिन प्रदोष काल- शाम 5 बजकर 46 मिनट से रात 8 बजकर 25 मिनट तक है। वहीं वृषभ लग्न का मुहूर्त- शाम 6 बजकर 8 मिनट से रात्रि 8 बजकर 5 मिनट तक है। दीपदान के लिए मुहूर्त सांय 5 बजकर 46 मिनट से लेकर रात्रि 8 बजकर 26 मिनट तक का समय शुभ है। कब करें खरीदारी इस बार खरीददारी के लिए धनतेरस पर दोपहर से शाम तक शुभ समय रहेगा। विशेषकर दोपहर 12 बजकर 56 मिनट से 2 बजकर 6 मिनट तक और फिर शाम 4 बजकर 16 मिनट से 5 बजकर 26 मिनट तक श्रेष्ठ समय रहेगा। धनतेरस के दिन जरूर करें ये काम मान्यता है कि आज के दिन समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए, इसलिए आज के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा चली आ रही है। बर्तन खरीदारी के बाद यदि दुकानदार आपके खरीदे हुए बर्तनों में 1, 2 या 5 का सिक्का अपनी ओर से भेंट स्वरूप डाले दें तो उसका चमत्कारिक असर होता है। जब आप धनतेरस के दिन बर्तन खरीद लें और उस बर्तन का पैसा चुकाने के बाद दुकानदार को कहें कि अपनी ओर से जितनी उसकी इच्छा हो एक सिक्का उस बर्तन में भेंट स्वरूप रख दें। यह सिक्का दुकानदार से आप हाथ में नहीं लें, बल्कि स्वयं दुकानदार ही आपके खरीदे गए बर्तन में डाले। फिर इस बर्तन को घर ले आएं और घर लाकर इस बर्तन में खीर अथवा मिठाई रखकर सबसे पहले भगवान कुबेर को अर्पित कर दीजिए। यह उपाय किस्मत बदलने और सभी दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलने का काम करता है। यमराज के लिए करें दीपदान धनतेरस पर यमराज के निमित्त दीपदान किया जाता है। यमराज के निमित दीपदान करने से अकाल मृत्यु नहीं होती। इसके लिए संध्याकाल के समय आप आटे का चौमुखी तेल का दीपक बनाकर उसे अपने घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की तरफ लगाये, साथ ही उसमें थोड़ी सरसों, कालीमिर्च और लौंग डाल दें. इसी के साथ ही आप दीपदान अवष्य करें। इसके लिए आप 13 ही दीपक घर के अंदर प्रज्जवलित कर सजाएं। इस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दीपक, रूई, तेल, माचिस दान देते हैं तो यम देवता प्रसन्न होंगे और आपके जीवन से अकाल मृत्यु का भय भी समाप्त हो जाएगा और मां लक्ष्मी की कृपा आप पर सदैव बनी रहेगी। यह एक जरूरी काम करना ना भूलें लक्ष्मी प्राप्ति कल्पों में से एक बहुत ही जरूरी सामग्री है झाड़ू। धनतेरस तथा दीपावली के दिन झाडू खरीदने की परंपरा सदियों पुरानी है। इस दिन नई झाड़ू को खरीदकर उसका पूजन करें और इसे खरीदते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि यह विषम संख्या में खरीदा जाएं यानि 1, 3, 5 और 7 इस तरीके से झाड़ू खरीदना सौभाग्यदायक माना जाता है। दीपावली की रात्रि में लक्ष्मी पूजन के बाद कुमकुमम तथा चावल से इस झाड़ू का भी पूजन करें और उस पर पांच बार मोली लपेट दें और किसी स्वच्छ स्थान पर रख दें। फिर अगले दिन से उसे उपयोग में लें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा के साथ-साथ घर की सारी नेगेटिव एनर्जी भी दूर हो जाएगी।
दिवाली की धूम आपको घरों से लेकर बाजारों तक में दिखाई देने लगी है। लोगों ने अपने-अपने घरों को बेहद ही खूबसूरत तरह से सजा लिया है। इसके साथ ही हर कोई त्योहार के हिसाब से नए-नए कपड़े खरीदने में लगा है। दिवाली के इस महापर्व पर जिस तरह से नए-नए कपड़े खरीदने की परंपरा है, ठीक उसी तरह इस दिन घरों में तरह-तरह के पकवान बनते हैं। वैसे तो सभी के घरों में पूजी कचौड़ी और सब्जी बनती है, लेकिन अगर आप कुछ अलग बनाकर अपने परिवार को इंप्रेस करना चाह रहीं है तो ये लेख आपके लिए है। दरअसल, आज के लेख में हम आपको कुछ ऐसे पकवानों के बारे में बताएंगे, जिसे बच्चे से लेकर बड़े तक सभी मन से खाते हैं। हर कोई ये खाकर आपसे इंप्रेस होगा और दिवाली के दिन आपके घर में खुशियां ही खुशियां होंगी। छोले भटूरे यह एक ऐसा पकवान है, जो त्योहार के हिसाब से परफेक्ट है। इसके लिए आपको बस छोले पहले से बनाकर तैयार कर देने हैं और जब कोई खाना खाए उसे गर्मागर्म भटूरे बना कर देने हैं। इसके साथ सलाद जरूर परोसें। खस्ता सब्जी उत्तर भारत का ये बेहद ही प्रिय नाश्ता है। इसके लिए आपको कुछ ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं पड़ेगी। खस्ता को पहले से सेक कर रखना है और फिर बस गर्मागर्म सब्जी उसके ऊपर डालनी है। इडली सांभर अगर आपके घर वाले कुछ हल्का खाना चाहते हैं, तो इडली सांभर एक बेहतर ऑप्शन है। इडली को आप पहले से बनाकर तैयार करें। गर्म सांभर के साथ इसका स्वाद भी कई गुना बढ़ जाएगा। वेज बिरयानी अगर आप पहले से कुछ बनाकर तैयार करके रखना चाहती हैं तो वेज बिरयानी बनाकर आराम से तैयार करके रख लीजिए। इसे रायते के साथ परोस कर आप अपने घर वालों का दिल जीत सकती हैं। पकौड़े अगर आप चाहें तो घर पर ही मिक्स पकौड़े तैयार करा सकती हैं। ये खाने में भी काफी स्वादिष्ट लगते हैं। आप इसे चटनी के साथ परोस सकती हैं
जिला परिषद सोलन के प्रागंण में बनी कैंटीन को एक वर्ष की अवधि के लिए किराए पर देने के लिए संविदाएं आमंत्रित की गई है। यह जानकारी जिला परिषद सोलन के सचिव जोगिन्द्र प्रकाश राणा ने दी। उन्होंने कहा कि इच्छुक बोलीदाता 16 नवंबर को दोपहर 12.30 बजे जिला परिषद भवन सोलन के बैठक हाल में सार्वजनिक बोली के लिए आ सकते हैं। जोगिंद्र प्रकाश राणा ने कहा कि बोली 4,490 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से शुरू होगी। इच्छुक बोलीदाता को 14 नवंबर सायं 5.00 बजे तक जिला परिषद सोलन के कार्यालय में 15 हजार रुपए की राशि नकद या बैंक ड्राफ्ट के रूप में अमानत के तौर पर जमा करवानी होगी। उन्होंने कहा कि इच्छुक बोलीदाता किसी भी कार्य दिवस को प्रात: 11.00 बजे से शाम 5 तक उक्त कैंटीन का निरीक्षण कर सकते हंै। उन्होंने कहा कि निर्धारित तिथि के उपरांत कोई भी संविदाएं मान्य नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि बोली के समय समिति के निर्णय को अंतिम माना जाएगा।
दीवाली के सामान की शिक्षकों व छात्रों ने की जमकर खरीदारी -प्रिंसिपल ने विशेष बच्चों को आगे बढ़ने में किए डॉ. मल्लिका नड्डा के प्रयासों को सराहा दीपों का त्योहार दीपावली को जहां महज कुछ ही दिन बाकी है तो ऐसे में चेतना संस्था बिलासपुर से जुड़े दिव्यांग विशेष बच्चों द्वारा अपने हाथों से दीवाली का सामान बनाया गया है, जिसे चेतना संस्था के सदस्य स्कूलों में जाकर स्टॉल लगाते हैं और स्कूली छात्रों व अध्यापकों द्वारा इन्हें खरीदा जाता है। वोकल फ़ॉर लोकल के नारे को साकार करते हुए चेतना संस्था की संस्थापिका डॉक्टर मल्लिका नड्डा द्वारा विशेष बच्चों के हुनर को आगे लाने व दीवाली के शुभ अवसर पर इन विशेष बच्चों द्वारा दीये, मोमबत्ती व भगवान की मूर्तियों सहित कईं तरह के समान बनवाए जाते हैं, जिन्हें बनाने में चेतना संस्था के सदस्य पूरी मदद करते हैं और फिर इनकी स्कूलों में बिक्री की जाती है, ताकि इन विशेष बच्चों के हुनर को समाज तक पहुंचाया जाए और इनमें छिपी प्रतिभा को भी आगे लाया जाए। इसी के मद्देनजर बुधवार को चेतना संस्था बिलासपुर द्वारा मिनर्वा सीनियर सेकेंडरी स्कूल घुमारवीं में भी स्टॉल लगाया गया, जिसमें स्कूली छात्रों व अध्यापकों ने दीवाली के इन सामानों की जमकर खरीदारी की है। वहीं चेतना संस्था बिलासपुर की प्रिंसिपल पूजा कुमारी ने कहा कि त्योहारों के मौके पर इन विशेष बच्चों द्वारा विभिन्न तरह के समान बनाये जाते हैं, जिनकी बिलासपुर जिला के विभिन्न स्कूलों में स्टॉल लगाकर बिक्री की जाती है। आज उन्होंने मिनर्वा सीनियर सेकंडरी स्कूल घुमारवीं को चुना है, जहां स्कूली छात्रों ने बढ़चढ़ कर खरीददारी की है और इससे यह विशेष बच्चे भी काफी खुश हैं। वहीं मिनर्वा पब्लिक स्कूल घुमारवीं के प्रिंसिपल परवेश चंदेल ने कहा कि डॉक्टर मल्लिका नड्डा द्वारा विशेष बच्चों को आगे बढ़ने व उनमें छिपे हुनर को समाज के सामने लाने के जो प्रयास हैं वे काबिले तारीफ हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में भी डॉक्टर मल्लिका नड्डा व उनके पुत्र हरीश नड्डा इसी तरह विशेष बच्चों की सेवा करते रहेंगे और विभिन्न गतिविधियों के जरिये इन बच्चों को आगे बढ़ने का मौका देते रहेंगे।
पौधों में क्वारंटाइन के महत्व और स्वच्छ रोपण सामग्री की अवधारणा पर जागरूकता बढ़ाने के लिए डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के स्नातक कार्यक्रम के प्रायोगिक शिक्षण प्रोग्राम के छात्रों के लिए पोस्ट एंट्री क्वारंटाइन पर एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन बुधवार को आयोजित किया गया। शिविर का आयोजन एनएएचईपी आईडीपी के सहयोग से विश्वविद्यालय के पादप रोग विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष और आईडीपी के प्रधान अन्वेषक डॉ. केके रैना इस अवसर पर मुख्य अतिथि रहे। प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पादप रोग विज्ञान विभाग की प्रोफेसर और हैड डॉ. सुनीता चंदेल ने कहा कि पोस्ट एंट्री क्वारंटाइन का महत्व और अधिक बढ़ गया है क्योंकि हर साल बड़ी मात्रा में पौधों का आयात किया जा रहा है जिससे नए कीटों और वायरस के आने का खतरा हो सकता है। कार्यशाला के महत्व पर बोलते हुए डॉ. अनिल हांडा ने कहा कि पौधों के संगरोध में सबसे बड़ी चुनौती प्रवेश के बाद क्वारंटाइन है और इसलिए विश्वविद्यालय न केवल संबंधित विभागों के अधिकारियों बल्कि संकाय और विद्यार्थी के बीच भी इस विषय पर जागरूकता लाने का निरंतर प्रयास कर रहा है। छात्रों को संबोधित करते हुए डॉ. केके रैना ने विश्वविद्यालय के ईएलपी छात्रों के बीच प्लांट क्वारंटाइन और स्वच्छ रोपण सामग्री के बारे में जागरूकता बढ़ाने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि पोस्ट एंट्री क्वारंटाइन भविष्य में कृषि स्नातकों के लिए आकर्षक नौकरी और व्यवसाय के अवसर प्रदान कर सकता है। डॉ. रैना ने कहा कि पौधों से नई बीमारियां जैव सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हैं और आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए इसे प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए सख्त उपायों की आवश्यकता है। उन्होंने छात्रों से नए विचारों और अवधारणाओं के प्रति अनुकूलनशील बनने का आह्वान किया ताकि उन्हें सफल उद्यमों में परिवर्तित किया जा सकता है। उन्होंने आयोजकों से नेरी और थुनाग में विश्वविद्यालय के घटक कॉलेजों के छात्रों के लिए इसी तरह की कार्यशालाएं आयोजित करने का भी अनुरोध किया।
पाइनग्रोव स्कूल के वार्षिक समारोह-2023 के दूसरे दिन का आगाज सभागार 'द कलोजियम' में मुख्य अतिथि विधायक विनोद सुल्तानपुरी की गरिमामय उपस्थिति के साथ हुआ। सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा की पहली प्रस्तुति 'पाइरेट्स ऑफ द कैरेबियन सी' और 'माई हार्ट विल गो ऑन' दर्शकों को गहरे समुद्र की संगीतमय यात्रा पर ले गई। इसके पश्चात अनेक दर्शकों के पसंदीदा गायक बॉब डायलन के ' नॉकिंग ऑन हैवन्स डोर' गीत पर सभी की जुबां गुनगुनाने लगी। बॉब डायलन के ' नॉकिंग ऑन हैवन्स डोर' गीत के पश्चात अपनी नाट्य कला से सभी को अचंभित करते हुए कक्षा एक से पांच के छात्रों द्वारा रस्किन बॉन्ड की सुप्रसिद्ध कृति 'द ब्लू अंबरेला' को न्यायसंगत अभिनय के साथ प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं और सिद्ध कर दिया कि अभिनय उम्र के बंधनों से परे है। इस प्रस्तुति के पश्चात अहंकार एवम सत्ता के लालच को दर्शाता नृत्य नाटक 'भस्मासुर' प्रस्तुत किया गया, जिसमें दर्शक, मुख्य अतिथि, अभिभावक एवम अन्य दर्शक एकटक देखते रह गए कि नृत्य के रूप में किस कुशलता से एक कहानी को बखूबी दर्शकों के दिलों में उतारा गया। कार्यक्रम की अगली कड़ी भावुक थी जिसमें हिमाचल प्रदेश में हाल ही में आई बाढ़ त्रासदी के दुखद क्षण स्मरण हो आए। पाइनग्रोव स्कूल के विद्यार्थियों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों एवम कर्मचारियों द्वारा हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री राहत कोष में बाढ़ त्रासदी की क्षतिपूर्ति हेतु ग्यारह लाख धनराशी का चैक पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निदेशक कैप्टन एजे सिंह के कर कमलों द्वारा मुख्य अतिथि को सुपुर्द किया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि नें अपना सम्बोधन प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने पाइनग्रोव द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, समाज के प्रति उन्हें संवेदनशील बनाने एवम अद्भुत सुविधाओं के लिए खूब सराहा। विदित हो कि कोविडके समय भी पाइनग्रोव स्कूल द्वारा डीसी सोलन एवं मुख्यमंत्री राहत कोष में अलग-अलग बहुत बड़ी धनराशी का सहयोग दिया गया था। कार्यक्रम के पश्चात, भोजनोपरांत कक्षा 1-5 के विद्यार्थी आउट पास लेकर दिवाली अवकाश पर चले गए।
सहायक अभियंता विद्युत उपमंडल सांगला सुधीर नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 केवी करच्छम-रूकती फीडर में मरम्मत कार्य के चलते सांधला-3, केतरा, बारचो, रूकती, आजाद कश्मीर, सांगला-कण्डा उपकेंद्रों में 9 नवंबर को प्रात: 10 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि यदि खराब मौसम के कारण कार्य पूर्ण नहीं होता है तो अगले दिन भी विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने विद्युत आपूर्ति की असुविधा के चलते जनसाधारण से सहयोग की अपील की है।


















































