शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार में कैबिनेट रैंक प्राप्त विधायक रघुवीर सिंह बाली का विक्रमादित्य सिंह को लेकर बयान चर्चा में है। बाली ने विक्रमादित्य को अपना छोटा भाई बताते हुए उनके साथ खड़े रहने को अपना फर्ज बताया है। रघुवीर सिंह बाली कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हैं। उन्हें जनवरी 2023 में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड का उपाध्यक्ष और हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के निदेशक मंडल का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इस नियुक्ति के साथ उन्हें कैबिनेट रैंक दिया गया था। विक्रमादित्य से रिश्तों पर पहले भी हुई है चर्चा लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और रघुवीर सिंह बाली के संबंध पहले भी चर्चा में रहे हैं। मई 2023 में अमर उजाला को दिए एक साक्षात्कार में विक्रमादित्य सिंह ने रघुवीर बाली को अपना बड़ा भाई और सम्मानित नेता बताया था। अब बाली के बयान में विक्रमादित्य को छोटा भाई बताने और उनके साथ खड़े रहने की बात सामने आई है। इस बयान को दोनों नेताओं के आपसी संबंधों के संदर्भ में देखा जा रहा है। कांग्रेस की राजनीति में दोनों नेताओं की भूमिका रघुवीर सिंह बाली पूर्व मंत्री जीएस बाली के बेटे हैं, जबकि विक्रमादित्य सिंह पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे हैं। दोनों कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश इकाई के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में शामिल हैं।
शिमला। हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक तिवारी ने कहा है कि चिट्टे के खिलाफ लड़ाई पुलिस अकेले नहीं जीत सकती। प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए हर घर, स्कूल, अभिभावक और शिक्षक की भागीदारी जरूरी है। डीजीपी अशोक तिवारी ने शनिवार को शिमला के चेल्सी स्थित कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल के वार्षिक समारोह में विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने सभी से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चल रहे ‘एंटी-चिट्टा जन आंदोलन’ में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। डीजीपी ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने की शुरुआत घर और स्कूल से होनी चाहिए। बच्चों के साथ खुलकर बातचीत करना, उनके व्यवहार में बदलाव पर ध्यान देना और समय रहते जरूरी कदम उठाना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ समय बिताने, उनकी समस्याओं को समझने और ऐसा माहौल बनाने की अपील की, जिसमें बच्चे बिना किसी झिझक के अपनी परेशानियां साझा कर सकें। अशोक तिवारी ने विद्यार्थियों से नकारात्मक दबाव से दूर रहने और सही फैसले लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि असफलताओं को अपने भविष्य पर हावी न होने दें और जीवन में साहस, संवेदनशीलता तथा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘एंटी-चिट्टा जन आंदोलन’ केवल नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने की सामूहिक मुहिम है इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पुलिस की ओर से आपातकालीन सेवा ईआरएसएस-112 के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए स्कूल परिसर में स्टॉल भी लगाया गया। विद्यार्थियों और अभिभावकों को आपात स्थिति में हेल्पलाइन के इस्तेमाल तथा उपलब्ध सहायता सुविधाओं की जानकारी दी गई। डीजीपी ने संदेश दिया कि चिट्टे के खिलाफ लड़ाई में पुलिस अपनी कार्रवाई जारी रखेगी, लेकिन इस मुहिम को सफल बनाने के लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग जरूरी है।
नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘चिट्टा मुक्त नूरपुर, नशा मुक्त नूरपुर’ अभियान ने भड़वार पंचायत के साथ अपनी 19वीं पंचायत का पड़ाव पूरा किया। आइडिया ऑफ भारत फाउंडेशन के 60 दिवसीय अभियान के अंतर्गत गांव और बाजार में स्थानीय लोगों से मुलाकात कर नशे के विरुद्ध जागरूकता का संदेश दिया गया। अभियान के दौरान लोगों से सीधे संवाद करते हुए इस बात पर जोर दिया गया कि नशे की समस्या से निपटने के लिए समाज को केवल चिंता व्यक्त करने तक सीमित न रहकर सक्रिय भूमिका निभानी होगी। परिवारों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय के सहयोग से ही युवाओं के लिए सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा सकता है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रधान पिंकी शर्मा और उपप्रधान जनक राज ने सहभागिता निभाई।आइडिया ऑफ भारत फाउंडेशन के अध्यक्ष राहुल शर्मा ने कहा कि अभियान का प्रत्येक पड़ाव समाज के साथ जुड़ने और नशे के खिलाफ सामूहिक जिम्मेदारी को मजबूत करने का अवसर है। गांवों से लेकर बाजारों तक लोगों से संपर्क करने का उद्देश्य इस विषय पर खुलकर संवाद को प्रोत्साहित करना और समाज को समाधान की दिशा में एकजुट करना है।उन्होंने कहा कि नशामुक्त नूरपुर का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब हर नागरिक इस मुहिम को अपनी जिम्मेदारी समझकर आगे बढ़ेगा।19 पंचायतों तक पहुँचा जागरूकता का संदेश—अब हर घर और हर युवा तक पहुँचने का संकल्प।
शिमला। जिला शिमला में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ठियोग पुलिस ने छैला क्षेत्र में एक युवक को चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 9 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, 16 अक्टूबर को ठियोग पुलिस की टीम ने छैला क्षेत्र में संदेह के आधार पर एक युवक को रोका। स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में उसकी तलाशी ली गई। इस दौरान युवक के कब्जे से करीब 9 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। आरोपी की पहचान निक्षित चौहान पुत्र विजय चौहान, निवासी तहसील कोटखाई, जिला शिमला के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले की जांच जारी है। शिमला पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। नशा तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में रबी सीजन की गेहूं बिजाई की तैयारियों के बीच किसानों के लिए अहम खबर है। प्रदेश सरकार ने गेहूं के बीज पर सब्सिडी की दर तय कर दी है। इस बार किसानों को गेहूं का बीज पिछले साल के मुकाबले 3 रुपये महंगा मिलेगा। सरकार के नए निर्णय के अनुसार किसानों को सब्सिडी वाला गेहूं बीज 33 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। पिछले साल यही बीज किसानों को 30 रुपये प्रति किलो मिला था। दरअसल, दो दिन पहले गेहूं के बीज की कीमत 41.50 रुपये प्रति किलो तय की गई थी, लेकिन सब्सिडी की दर तय न होने के कारण किसानों को बीज वितरण शुरू नहीं हो पाया था। अब सरकार ने सब्सिडी तय कर दी है और सभी जिलों में गेहूं के बीज की खेप भेजी जा रही है। कुल्लू जिले में 450 क्विंटल गेहूं का बीज पहुंच चुका है, जबकि आने वाले दो-तीन दिनों में करीब 600 क्विंटल और बीज पहुंचने की उम्मीद है। यहां किसानों को एचडी-3226 किस्म का बीज उपलब्ध करवाया जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार प्रदेश में बड़ी संख्या में किसान रबी सीजन में गेहूं की खेती करते हैं। ऐसे में सब्सिडी की दर तय होने से किसानों को अब समय पर बीज मिलने और बिजाई शुरू करने में राहत मिलेगी।
मिलेट्स के नाम पर ‘अनहेल्दी’ फूड! IGMC शोध में चौंकाने वाला खुलासा शिमला के आईजीएमसी के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के शोध में मिलेट्स से तैयार किए जा रहे रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों को लेकर अहम खुलासा हुआ है। शोध के अनुसार बाजार में मिलेट्स के नाम पर बिक रहे कुरकुरे, चिप्स, बिस्कुट, नूडल्स और सूप को कई प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है, जिससे इनमें मौजूद जरूरी पोषक तत्व कम हो सकते हैं। शोध के मुताबिक मिलेट्स को अल्ट्रा-प्रोसेस करने के दौरान पॉलिशिंग, अधिक तापमान और मशीनरी प्रक्रिया के साथ कई उत्पादों में पाम ऑयल और आर्टिफिशियल फ्लेवर का इस्तेमाल किया जाता है। इससे प्राकृतिक फाइबर, मिनरल्स, विटामिन और अन्य माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स की मात्रा घट सकती है। शोध में यह भी बताया गया है कि मोटे अनाज से आटा तैयार करते समय अगर उसकी बाहरी परत, चोकर और अंकुर हटा दिए जाएं तो प्राकृतिक फाइबर और सूक्ष्म पोषक तत्वों का नुकसान होता है। ऐसे में सिर्फ ‘मिलेट्स’ नाम देखकर पैकेटबंद या अत्यधिक प्रोसेस्ड उत्पादों को हेल्दी मानना सही नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार बाजरा, रागी, ज्वार, कंगनी और अन्य मोटे अनाज को प्राकृतिक रूप में या कम से कम प्रोसेसिंग के साथ खाना ज्यादा बेहतर विकल्प है। आईजीएमसी के डॉ. अमित सचदेवा ने भी बाजार में मिलेट्स के नाम पर बिक रहे महंगे और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड उत्पादों से सावधानी बरतने की सलाह दी है।
शिमला में खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग ने त्योहारी सीजन के बीच मिठाई की दुकानों पर कार्रवाई तेज कर दी है। बालूगंज में मिठाइयों में कॉकरोच मिलने के बाद विभाग ने दो प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए। दोनों दुकानदारों को ऑनलाइन नोटिस भी जारी किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान एक मिठाई प्रतिष्ठान में गुलाब जामुन और रसगुल्लों की चाशनी में कॉकरोच पाए गए। खाद्य सुरक्षा के लिहाज से मिठाइयों को अनुपयुक्त मानते हुए करीब दो क्विंटल मिठाई मौके पर ही नष्ट करवाई गई विभाग की टीम ने अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया और अलग-अलग खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। अधिकारियों ने दुकानदारों को साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता से समझौता करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के जनजातीय उपमंडल पांगी की ग्राम पंचायत करयूनी-कोठी के सेरी गांव में शनिवार सुबह भीषण अग्निकांड हुआ। आग लगने से देवी सिंह पुत्र फत्तु राम का दो मंजिला मकान पूरी तरह जलकर राख हो गया। हादसे में करीब 20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। जानकारी के अनुसार, मकान में अचानक आग भड़क उठी। आग की लपटें देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए। सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। ग्रामीणों, पुलिस और अग्निशमन कर्मियों की मदद से आग पर काबू पाया गया, जिससे आग को आसपास के मकानों तक फैलने से रोका जा सका। अग्निकांड में मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने की कार्रवाई की जा रही है। विधायक डॉ. जनक राज ने भी प्रशासन को परिवार की मदद के निर्देश दिए हैं। मकान जलने के बाद परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। ठंड के बीच परिवार को सिर छिपाने के लिए सुरक्षित ठिकाने की जरूरत है।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के भराड़ी थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है। बरोटा पंचायत के बरोटा गांव में बिजली बोर्ड में फोरमैन के पद पर कार्यरत 28 वर्षीय शुभम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव शुक्रवार रात करीब आठ बजे घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। जानकारी के अनुसार, शुभम शुक्रवार शाम घर पर मौजूद थे। रात करीब आठ बजे उनकी मां और पत्नी कमरे में पहुंचीं तो उन्हें फंदे से लटका देखकर घबरा गईं। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे। परिजनों और ग्रामीणों ने शुभम को नीचे उतारा और तुरंत घुमारवीं अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। अभी तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान आई आपदा से जुड़े मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारी के उपस्थित न होने पर NGT ने नाराजगी जताई और मुख्य सचिव को आवश्यक निर्देश दिए। ट्रिब्यूनल ने मामले से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित रिकॉर्ड और जानकारी पेश करने को कहा है। सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि आपदा से जुड़े मामलों में विभागों को गंभीरता से कार्रवाई करनी होगी और मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध करानी होगी। अधिकारी की गैरहाजिरी को लेकर NGT ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि मामले में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब अगली सुनवाई में संबंधित विभाग की ओर से रिकॉर्ड और जवाब पेश किया जाना है।
हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों की तालाबंदी का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। स्कूल बंद होने के बाद कुछ लोग अब स्कूल के लिए दान की गई जमीन वापस मांग रहे हैं। मामले को लेकर विवाद बढ़ने पर शिक्षा विभाग ने संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है। बताया जा रहा है कि सरकारी स्कूलों को बंद या मर्ज किए जाने के फैसले के बाद दानदाताओं की ओर से जमीन वापस लेने की मांग उठाई गई है। उनका तर्क है कि जमीन स्कूल के संचालन के उद्देश्य से दी गई थी और अब जब स्कूल ही बंद हो रहे हैं तो जमीन का क्या होगा, यह स्पष्ट किया जाए। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने भी संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी मांगी है। शिक्षा विभाग अब स्कूलों की जमीन, दान से जुड़े दस्तावेज और स्कूल बंद करने से संबंधित रिकॉर्ड जुटा रहा है। अब पूरे मामले में यह तय होना है कि स्कूल बंद होने की स्थिति में दान की गई जमीन पर किसका अधिकार रहेगा और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा सकता है। विभागीय रिकॉर्ड और कानूनी पहलुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
हिमाचल प्रदेश में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ गई है। लाहौल-स्पीति के केलांग में न्यूनतम तापमान माइनस 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं कुकुमसेरी में भी पारा माइनस 1.2 डिग्री तक पहुंच गया। बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी दर्ज की गई। केलांग में करीब 7 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई। कुल्लू के कोठी में सबसे अधिक 26.2 मिलीमीटर बारिश, जबकि मनाली में 17 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश-बर्फबारी के कारण प्रदेश के अधिकांश मौसम केंद्रों में अधिकतम तापमान में 5 से 15 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। मनाली में न्यूनतम तापमान 5.9, कल्पा में 3.8 और शिमला में 11 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार 17 से 22 अक्तूबर तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान कम रहने से ठंड का असर जारी रहेगा। जिला: लाहौल-स्पीति (मुख्य रूप से केलांग), लेकिन खबर पूरे हिमाचल के मौसम से जुड़ी है।
हिमाचल का विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव इस बार और भी भव्य होने जा रहा है। सात दिवसीय उत्सव 21 से 27 अक्टूबर तक आयोजित होगा। इस बार उत्सव का मुख्य आकर्षण ग्लोबल डांस रहेगा, जिसमें विदेशी कलाकारों के साथ हिमाचल के लोक कलाकार भी एक मंच पर प्रस्तुति देंगे। आयोजन समिति के अनुसार, अब तक 12 देशों ने अपनी भागीदारी की पुष्टि की है, जबकि कुल 24 देशों के शामिल होने की उम्मीद है। अमेरिका, थाईलैंड, मिस्र, रूस, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान सहित कई देशों के कलाकार उत्सव में अपनी संस्कृति की झलक दिखाएंगे। ग्लोबल डांस के लिए ढालपुर मैदान में अलग मंच तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा उत्सव में ड्रोन और लेजर शो भी आकर्षण का केंद्र होंगे। करीब 500 ड्रोन के जरिए आसमान में भव्य प्रस्तुति देने की तैयारी है। उत्सव की शुरुआत 21 अक्टूबर को भगवान रघुनाथ की रथयात्रा के साथ होगी, जबकि 27 अक्टूबर को समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान 346 स्थानीय देवी-देवताओं को भी आमंत्रित किया गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ स्थानीय खेल प्रतियोगिताएं और नशामुक्ति अभियान भी उत्सव का हिस्सा होंगे।
त्योहारी सीजन को देखते हुए हिमाचल में खाद्य सुरक्षा विभाग ने दूध और दूध से बने उत्पादों की जांच तेज कर दी है। विभाग की टीमें बाजारों में खुले के साथ पैकेट बंद दूध के भी सैंपल लेंगी। दूध, पनीर, घी और मिठाइयों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। हाल ही में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए दूध और मिठाइयों के सैंपल लिए हैं। सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजा जा रहा है। मानकों पर खरा न उतरने वाले खाद्य पदार्थों के मामले में संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। घर बैठे ऐसे कर सकते हैं प्राथमिक दूध में पानी की मिलावट का अंदाजा लगाने के लिए कांच की साफ ढलान वाली सतह पर दूध की एक बूंद डालकर देखें। शुद्ध दूध धीरे-धीरे नीचे की ओर बहते हुए सफेद निशान छोड़ सकता है, जबकि ज्यादा पानी मिला दूध तेजी से बह सकता है। हालांकि, यह सिर्फ प्राथमिक घरेलू जांच है और इससे मिलावट की पक्की पुष्टि नहीं होती। रासायनिक मिलावट की सही पहचान के लिए लैब टेस्ट जरूरी है। त्योहारों के दौरान दूध और दूध से बने उत्पादों की मांग बढ़ने के कारण मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाना है।
इंदौरा, 15 अक्तूबर। विधायक मलेंद्र राजन ने आज वन विश्राम गृह इंदौरा में ग्राम पंचायत भपू और डाहकुलाड़ा के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान पंचायतों में आवश्यक विकास कार्यों, सड़क निर्माण तथा स्थानीय समस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विकास संबंधी आवश्यकताओं और विभिन्न समस्याओं से विधायक को अवगत करवाया। विधायक ने संबंधित विषयों पर चर्चा करते हुए विकास कार्यों को गति देने तथा स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्राथमिकताएं निर्धारित करने पर बल दिया। मलेंद्र राजन ने कहा कि खाड़ी युद्ध के चलते कोलतार के दामों में अचानक हुई बढ़ोतरी से सड़क निर्माण कार्य प्रभावित हुए हैं। अब इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों के निर्माण एवं सुधार कार्य करवाए जाएंगे, जिससे क्षेत्र के सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क सुविधा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सड़कों की स्थिति में सुधार होने से लोगों को आवागमन के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंचने में भी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों के सुझावों और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जा रहा है। विधायक ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं और जरूरतों से सीधे जुड़े होते हैं। उनके साथ संवाद से विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने तथा आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता देने में सहायता मिलती है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को क्षेत्र की विकास संबंधी जरूरतों और जनसमस्याओं को निरंतर सामने लाने का आग्रह किया, ताकि इनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। बैठक में ग्राम पंचायत भपू के प्रधान प्रताप सिंह, उपप्रधान धर्मेंद्र, संदन शर्मा, प्रेम कुमार, ग्राम पंचायत डाहकुलाड़ा की प्रधान सोनिया, उपप्रधान देवेंद्र, जोगिंदर, सुभाष कालरा, चंद्रमोहन तथा युद्धवीर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में दो अलग-अलग मामलों में SSB जवान और एक युवक के लापता होने से परिजनों की चिंता बढ़ गई है। दोनों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार, SSB का एक जवान ट्रेनिंग के लिए रवाना हुआ था, लेकिन इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस को सूचित किया गया। वहीं, दूसरा युवक रामलीला देखने के लिए घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने आसपास और संभावित स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस में गुमशुदगी की सूचना दी गई। पुलिस दोनों मामलों में अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है और लापता लोगों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों के साथ-साथ अन्य माध्यमों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल दोनों के बारे में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने खनन गतिविधियों के बेहतर प्रबंधन, निगरानी और नियंत्रण के लिए उद्योग विभाग के तहत अलग खनन निदेशालय स्थापित करने की अधिसूचना जारी कर दी है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी। नए निदेशालय की कमान IAS कैडर के अधिकारी को दी जाएगी। इसके लिए ग्रुप-ए स्तर पर निदेशक (खनन) का पद सृजित किया गया है। निदेशक ही निदेशालय के विभागाध्यक्ष होंगे, जबकि इसका समग्र प्रशासनिक नियंत्रण उद्योग विभाग के पास रहेगा। निदेशालय के संचालन के लिए उद्योग विभाग से 8 पद स्थानांतरित किए गए हैं। इनमें संयुक्त निदेशक, सहायक नियंत्रक (वित्त एवं लेखा), अधीक्षक ग्रेड-1, वरिष्ठ सहायक, तीन जूनियर ऑफिस असिस्टेंट और एक चपरासी शामिल हैं। इसके अलावा 4 मल्टी टास्क वर्कर आउटसोर्स आधार पर रखने की मंजूरी दी गई है। सरकार जल्द ही संबंधित वैधानिक नियमों में संशोधन करेगी, ताकि निदेशक को खनन गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक अधिकार और जिम्मेदारियां दी जा सकें। अलग निदेशालय बनने से अवैध खनन पर निगरानी, खनिज संसाधनों के प्रबंधन और राजस्व बढ़ाने के प्रयासों को बेहतर तरीके से संचालित करने की उम्मीद है।
शिमला: राजधानी शिमला में नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना ईस्ट की टीम ने पंथाघाटी में 505 ग्राम चरस के साथ 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, 14 अक्तूबर को टीम पंथाघाटी स्थित हेतविक सुपर मार्ट के पास जांच कर रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति की तलाशी ली गई, जिसमें उसके कब्जे से 505 ग्राम चरस बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विजय बाथा मगर (22) निवासी जिला सल्यान, नेपाल के रूप में हुई है। वर्तमान में वह शिमला जिले की चिड़गांव तहसील में रह रहा था। पुलिस थाना ईस्ट शिमला में 15 अक्तूबर को एफआईआर संख्या 96/2026 दर्ज की गई है। मामला एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत दर्ज हुआ है। आरोपी को आगामी कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास चरस कहां से पहुंची और क्या इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति या नशा तस्करी का नेटवर्क भी जुड़ा हुआ है। मामले की जांच जारी है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में नए जिलों के गठन और प्रशासनिक ढांचे में बदलाव को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के लिए चार सदस्यीय आयोग का गठन किया है। हिमाचल हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति धर्म चंद चौधरी आयोग के अध्यक्ष होंगे। आयोग में अधिवक्ता विशाल पंवार और सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी राजेश शर्मा को सदस्य बनाया गया है, जबकि निदेशक भू-अभिलेख विभाग आयोग के सदस्य सचिव होंगे। आयोग का मुख्यालय शिमला में रहेगा। जिलों से लेकर विकास खंडों तक की होगी समीक्षा आयोग प्रदेश के मौजूदा जिलों, उपमंडलों, तहसीलों, उपतहसीलों और विकास खंडों की व्यवस्था की समीक्षा करेगा। जरूरत के अनुसार नई प्रशासनिक इकाइयों के गठन, मौजूदा इकाइयों के विलय, विभाजन या पुनर्गठन को लेकर सरकार को सिफारिशें दी जाएंगी। इस दौरान जनसंख्या, भौगोलिक परिस्थितियां, आवागमन की सुविधा, प्रशासनिक दक्षता और आम लोगों की सुविधा को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। आयोग जनप्रतिनिधियों, संबंधित विभागों और अन्य हितधारकों से भी सुझाव लेगा। छह महीने में देनी होगी रिपोर्ट सरकार ने आयोग को छह महीने के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपने का समय दिया है। आयोग नई प्रशासनिक इकाइयां बनाने के लिए जरूरी भवन, कर्मचारियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर होने वाले खर्च का भी आकलन करेगा। हिमाचल में फिलहाल 12 जिले हैं। लंबे समय से नूरपुर, देहरा, पालमपुर, सुंदरनगर, रामपुर और बद्दी जैसे क्षेत्रों को जिला बनाने की मांग और चर्चा होती रही है। हालांकि, अभी किसी नए जिले के गठन का अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अंतिम तस्वीर आयोग की रिपोर्ट और उसके बाद सरकार के निर्णय से साफ होगी।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्रों पांगी और भरमौर में मौसम ने करवट ली है। ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी के बाद पहाड़ बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं। चोटियों पर करीब तीन इंच तक हिमपात दर्ज किया गया है। वहीं, पांगी की सुराल घाटी में भी बर्फबारी शुरू होने की सूचना है। बर्फबारी के साथ ही जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ गई है। वहीं, निचले क्षेत्रों में बारिश होने से तापमान में गिरावट आई है और सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ गई है। बर्फबारी के बीच दिखे दो स्नो लेपर्ड चंबा की पहाड़ियों में बर्फबारी के बीच दो स्नो लेपर्ड नजर आने की सूचना भी सामने आई है। बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच स्नो लेपर्ड दिखाई देने से क्षेत्र में वन्यजीव प्रेमियों की दिलचस्पी भी बढ़ गई है। हालांकि, दोनों स्नो लेपर्ड किस सटीक स्थान पर देखे गए, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। मौसम में आए बदलाव के चलते ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बारिश और बर्फबारी के कारण ऊंचाई वाले मार्गों पर फिसलन बढ़ सकती है, इसलिए यात्रियों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही सफर करने की सलाह है। मौसम विभाग ने भी हिमाचल में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है।
किन्नौर: जिले के निगुलसरी में बुधवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में चौपाल के एक युवक की मौत हो गई। हादसा निगुलसरी के ओल्ड ब्लॉक पॉइंट के पास हुआ, जहां एक पिकअप वाहन सड़क से लुढ़ककर करीब 500 से 600 फीट गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में वाहन चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान अभय रांटा, पुत्र सुरेश, निवासी रोशल, चौपाल, जिला शिमला के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त पिकअप का नंबर HP-63C-6811 बताया गया है। हादसे की सूचना बुधवार सुबह करीब 9 बजे भावानगर पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही एएसआई हेमराज के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। गहरी और दुर्गम खाई होने के कारण शव को बाहर निकालना रेस्क्यू टीम के लिए बड़ी चुनौती बना रहा। पुलिस जवानों के साथ होमगार्ड और अन्य रेस्क्यू टीम ने करीब आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अभय रांटा के शव को खाई से बाहर निकाला। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भावानगर पहुंचाया गया। हादसे की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन भी चौपाल से किन्नौर पहुंचे। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त पिकअप को मंगलवार देर शाम चौरा से रामपुर की ओर जाते हुए देखा गया था। वाहन किस दिशा में जाते समय हादसे का शिकार हुआ, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। एसपी किन्नौर सुशील कुमार ने हादसे की पुष्टि की है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। प्रशासन की ओर से मृतक के परिवार को 25 हजार रुपये की फौरी राहत भी प्रदान की गई है। हादसे के वास्तविक कारणों की पुलिस जांच कर रही है।
ऊना: ऊना रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह रेल स्विच पॉइंट से छेड़छाड़ के चलते दौलतपुर चौक से नई दिल्ली जा रही जनशताब्दी एक्सप्रेस निर्धारित प्लेटफॉर्म के बजाय दूसरे ट्रैक पर पहुंच गई। अचानक प्लेटफॉर्म बदलने से स्टेशन पर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। यात्री प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे और अनाउंसमेंट भी इसी प्लेटफॉर्म पर ट्रेन आने की हो रही थी। इसी बीच ट्रेन मुख्य लाइन से प्लेटफॉर्म-1 की जगह प्लेटफॉर्म-2 की लूप लाइन की ओर चली गई। इसके बाद यात्रियों को फुटओवर ब्रिज के जरिए दूसरे प्लेटफॉर्म की ओर भागना पड़ा। इस दौरान कुछ यात्री ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में पटरी पार करते हुए भी नजर आए। छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रही महिलाओं और भारी सामान वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। रेल स्विच पॉइंट से छेड़छाड़ ऊना के स्टेशन अधीक्षक विक्रम के अनुसार, असामाजिक तत्वों द्वारा रेल स्विच पॉइंट से छेड़छाड़ की गई थी। इसी वजह से ट्रेन को तत्काल दूसरे प्लेटफॉर्म की दिशा में डायवर्ट करना पड़ा। उनका कहना है कि समय रहते ट्रेन को दूसरे ट्रैक की ओर नहीं मोड़ा जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऊना स्टेशन से रोजाना वंदे भारत समेत कई महत्वपूर्ण ट्रेनों की आवाजाही होती है। ऐसे में रेल ट्रैक और स्विच पॉइंट जैसे संवेदनशील हिस्सों से छेड़छाड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने युवाओं की भूमिका और उनकी आवाज को लेकर चिंता जताई। एनआईटी हमीरपुर में आयोजित शिक्षा महाकुंभ 6.0 में उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में लगाना जरूरी है और राष्ट्र निर्माण में उनकी अहम भूमिका है। राज्यपाल ने युवाओं से शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, शोध और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज तकनीक तेजी से दुनिया को बदल रही है, ऐसे में युवाओं को अपनी क्षमता का इस्तेमाल देश के विकास के लिए करना चाहिए। इससे पहले भी राज्यपाल युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कह चुके हैं कि युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय हित की दिशा में लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि भटके हुए युवाओं को सही मार्गदर्शन और सकारात्मक प्रेरणा की जरूरत है। राज्यपाल ने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शिक्षा, कौशल, तकनीक और राष्ट्र निर्माण को साथ लेकर आगे बढ़ने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
हिमाचल प्रदेश में अक्टूबर के महीने में ही मौसम ने करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। रोहतांग, कुंजम, बारालाचा और शिंकुला दर्रे की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार 11 अक्टूबर को हिमाचल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं अगले कुछ दिनों तक भी मौसम खराब रह सकता है। 13 और 14 अक्टूबर को कुछ क्षेत्रों में अंधड़ को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान बारिश और ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना है। बारिश और बर्फबारी के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। जनजातीय और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रातें काफी ठंडी होने लगी हैं। कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि केलांग में 4.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। उधर, खराब मौसम का असर पहाड़ी मार्गों पर भी पड़ा है। शिंकुला और बारालाचा दर्रे में बर्फबारी के बाद वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और पुलिस ने फंसे पर्यटकों व वाहनों को रेस्क्यू किया। लोगों को खराब मौसम के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी की सूचना पर जांच करने पहुंची पुलिस टीम पर कुत्ता छोड़ने का मामला सामने आया है। कार्रवाई के दौरान एक हेड कॉन्स्टेबल को कुत्ते ने पेट में काट लिया, जिससे वह घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम नशा तस्करी से जुड़ी सूचना की जांच के लिए मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों ने पुलिस टीम को रोकने के लिए कुत्ता छोड़ दिया। कुत्ते ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया और हेड कॉन्स्टेबल के पेट में काट लिया। घटना के बाद घायल पुलिसकर्मी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नशा तस्करी से जुड़े पहलुओं के साथ पुलिस टीम पर हमले की भी कार्रवाई की जा रही है
शिमला-मटौर फोरलेन पर टोल शुल्क बढ़ाए जाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। टोल की दर 25 रुपये से बढ़ाकर 65 रुपये किए जाने के फैसले का स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि टोल में इतनी बढ़ोतरी से रोजाना इस मार्ग पर आने-जाने वाले स्थानीय लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। टोल बढ़ोतरी के विरोध में उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी आंदोलन का ऐलान करते हुए धरना देने की तैयारी की है। लोगों का कहना है कि वे टोल वृद्धि को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे और जरूरत पड़ने पर विरोध को और तेज किया जाएगा। स्थानीय लोगों ने सरकार और संबंधित विभाग से टोल शुल्क की बढ़ी हुई दरों पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि फोरलेन का इस्तेमाल करने वाले स्थानीय लोगों के लिए उचित राहत या अलग व्यवस्था की जानी चाहिए। विवाद बढ़ने के बाद अब इस मामले में प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के रुख पर नजर है।
शिमला। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर हिमाचल प्रदेश में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश में हर दिन करीब 1000 से 1200 मरीज मनोरोग संबंधी उपचार के लिए अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों का रुख कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार मानसिक तनाव, चिंता, अवसाद और अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों की संख्या लगातार सामने आ रही है। बड़ी संख्या में लोग इलाज और परामर्श के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि काम का दबाव, पारिवारिक समस्याएं, आर्थिक तनाव, नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और बदलती जीवनशैली मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारणों में शामिल हैं। मानसिक परेशानी को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य भी लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और मानसिक बीमारियों को लेकर समाज में मौजूद झिझक व भेदभाव को कम करना है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि मानसिक परेशानी होने पर इसे छिपाने के बजाय परिवार के सदस्यों से बात करें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय मदद लें।
हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम करवट लेता नजर आएगा। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है। मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और बिजली चमकने को लेकर भी चेतावनी जारी की है। 13 अक्टूबर को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर के कुछ हिस्सों में आंधी और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। प्रदेश में मौसम बदलने का कारण सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ बताया जा रहा है। इसके प्रभाव से पहाड़ी इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर देखने को मिल सकता है। वहीं, अगले 3-4 दिनों में कई हिस्सों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी भी हो सकती है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। आंधी और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने और पहाड़ी क्षेत्रों में सफर से पहले मौसम की स्थिति जांचने की अपील की गई है।
11 अक्टूबर को सोलन में होंगे ऑडिशन, हिमाचल की युवा प्रतिभाओं के लिए खुलेंगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवसरों के द्वार। सोलन, 9 अक्टूबर 2026: Novanta Studios Private Limited ने मॉडलिंग, फैशन और व्यक्तित्व विकास पर आधारित मंच Mr & Miss Inde Global Supermodel – Season 1 की घोषणा की है। इस मंच का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश और उत्तर भारत की नई प्रतिभाओं को तलाशकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और अंतरराष्ट्रीय फैशन रैंप तक पहुँचने के अवसर प्रदान करना है। चयनित प्रतिभागियों को वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। सोलन ऑडिशन सोलन में ऑडिशन 11 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक होटल हिमानी, सोलन में आयोजित किए जाएंगे। 18 से 26 वर्ष की आयु के युवक एवं युवतियाँ इसमें भाग ले सकते हैं। इच्छुक प्रतिभागियों के लिए कार्यक्रम स्थल पर ही पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध होगी। ऑडिशन के लिए निर्धारित शुल्क लागू होगा। करियर को नई उड़ान देने वाले पुरस्कार प्रतियोगिता के प्रथम दो विजेताओं को विदेश यात्रा का अवसर मिलेगा, जबकि तीसरे विजेता को एक खूबसूरत पर्यटन स्थल की यात्रा प्रदान की जाएगी। टाइटल विजेताओं को नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे। शीर्ष पाँच प्रतिभागियों को इंडस्ट्री के मानकों के अनुरूप प्रोफेशनल पोर्टफोलियो शूट निःशुल्क मिलेगा, जबकि शीर्ष दस प्रतिभागियों को Novanta Studios के आगामी म्यूजिक वीडियो और सीरियल में कास्ट होकर स्क्रीन डेब्यू करने का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को फैशन असाइनमेंट्स, फिल्मों और मनोरंजन जगत की विभिन्न परियोजनाओं से जुड़ने के अवसर भी प्राप्त होंगे। सीज़न 1 का सफर प्रतियोगिता के ऑडिशन अक्टूबर में सोलन से शुरू होंगे। इसके बाद अक्टूबर और नवंबर में शिमला तथा नवंबर में चंडीगढ़ में ऑडिशन आयोजित किए जाएंगे। चयनित प्रतिभागियों के लिए एक विशेष सेमीफाइनल गाला डिनर आयोजित किया जाएगा, जिसमें हिमाचल प्रदेश की प्रमुख हस्तियाँ और उद्योग जगत के प्रतिष्ठित लोग शामिल होंगे। प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले दिसंबर 2026 में आयोजित किया जाएगा। इसमें विभिन्न ऑडिशन शहरों से चयनित प्रतिभागी Mr & Miss Inde Global Supermodel के प्रतिष्ठित खिताबों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। सीज़न 1 के प्रमुख चेहरे इस आयोजन का प्रतिनिधित्व रवितन्या शर्मा (Miss Universe India Punjab, Miss Himachal) और अक्षरा चौहान (Miss North India Supermodel Winner, Miss Himachal 2026) कर रही हैं। सितारों से सजेगा ग्रैंड फिनाले प्रतियोगिता के ग्रैंड फिनाले में पंजाबी गायक, भारतीय खेल जगत की हस्तियाँ, बॉलीवुड गायक, टीवी कलाकार और पहाड़ी लोक गायक अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएँगे। Novanta Studios Private Limited हिमाचल प्रदेश स्थित एक 360-डिग्री मीडिया एवं एंटरटेनमेंट कंपनी है। कंपनी फिल्म एवं म्यूजिक प्रोडक्शन, इवेंट मैनेजमेंट, पब्लिक रिलेशंस (PR), इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग और आर्टिस्ट मैनेजमेंट के माध्यम से प्रतिभाओं, ब्रांड्स और रचनात्मक अनुभवों को एक मंच पर लाने का कार्य करती है।कंपनी ने हिमाचली फिल्म खूंटा (Khoonta) के इवेंट मैनेजमेंट और डिजिटल प्रमोशन का कार्य किया है। यह फिल्म कान्स फिल्म फेस्टिवल मार्केट में प्रदर्शित हुई, लंदन इंडिपेंडेंट फिल्म अवॉर्ड्स में Best Foreign Film का पुरस्कार जीता और 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई। Mr & Miss Inde Global Supermodel – Season 1 के माध्यम से Novanta Studios का लक्ष्य उभरती प्रतिभाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहाँ से वे अपने सपनों को नई उड़ान देकर फैशन और मनोरंजन जगत में अपनी पहचान स्थापित कर सकें।
कांगड़ा: पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को 6.24 ग्राम चिट्टे (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नशीला पदार्थ बरामद करने के साथ ही स्कूटी भी जब्त की है। पुलिस के अनुसार, टीम ने गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधि के आधार पर दोनों आरोपियों की जांच की। तलाशी लेने पर उनके पास से 6.24 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया और नशे की सप्लाई में इस्तेमाल की जा रही स्कूटी को भी कब्जे में लिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर चिट्टे की सप्लाई के स्रोत और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
शिमला के बाद अब धर्मशाला में भी प्रीपेड टैक्सी सुविधा शुरू करने की तैयारी है। इस व्यवस्था के लागू होने से यात्रियों को सफर शुरू करने से पहले ही किराया पता चल सकेगा और टैक्सी चालकों की ओर से मनमाना किराया वसूलने पर रोक लगेगी। धर्मशाला पहुंचने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अक्सर टैक्सी किराए को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर पर्यटन सीजन के दौरान मनमाने किराए की शिकायतें सामने आती रहती हैं। प्रीपेड व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को निर्धारित किराया देकर ही टैक्सी सेवा मिल सकेगी। इस सुविधा के तहत यात्री पहले किराया जमा करेंगे और उसके बाद उन्हें टैक्सी उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे किराए को लेकर यात्रियों और टैक्सी ऑपरेटरों के बीच होने वाले विवाद भी कम होने की उम्मीद है। धर्मशाला प्रदेश का प्रमुख पर्यटन केंद्र है और यहां सालभर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में प्रीपेड टैक्सी सुविधा शुरू होने से पर्यटकों को सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था मिलने की उम्मीद है। प्रशासन की ओर से व्यवस्था को लागू करने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
शिमला: नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के तहत शिमला पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े आरोपी के अवैध कब्जे पर कार्रवाई करवाई है। पुलिस के मुताबिक, अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण कई बार नशा तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं। पुलिस के अनुसार, FIR नंबर 166, धारा 18 ND&PS Act के तहत आरोपी अर्जुन पाल पुत्र विजय सिंह, निवासी कुरुक्षेत्र, हरियाणा, हाल निवासी रोहड़ू, को 108 ग्राम अफीम रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी से संबंधित राजस्व रिकॉर्ड की जांच की। इसमें सामने आया कि पटसारी क्षेत्र में PWD की सरकारी भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर अस्थायी ढाबा/रेस्टोरेंट बनाया गया था। पुलिस ने इस संबंध में उपमंडलाधिकारी, जुब्बल के माध्यम से संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्राचार किया। इसके बाद PWD विभाग ने पुलिस बल की मौजूदगी में उक्त अवैध ढाबे को ध्वस्त कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करवाया। शिमला पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के मामलों में कार्रवाई केवल गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगी। तस्करी से जुड़े आरोपियों के अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माणों को भी चिन्हित कर संबंधित विभागों के साथ मिलकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शिमला में एनएचएआई के फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत बन रही ट्विन टनल को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। संजौली, शांतिविहार, भट्टाकुफर, ढली और चलौंठी क्षेत्र के लोगों ने टनल निर्माण से अपने घरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। प्रभावितों का कहना है कि निर्माण के बाद कई मकानों में दरारें आई हैं और आगे काम बढ़ने पर सैकड़ों घरों पर खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर उनके घरों और जान-माल की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। प्रभावित परिवारों ने आरोप लगाया कि टनल निर्माण से पहले उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई और कई परिवारों को नुकसान के बावजूद अभी तक उचित मुआवजा नहीं मिला है। कुछ प्रभावितों के अनुसार, कई लोग करीब डेढ़ साल से अपने घरों से बाहर रहने को मजबूर हैं। मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने ट्विन टनल संघर्ष समिति का गठन किया है। समिति प्रभावित परिवारों की समस्याओं और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को उठा रही है। लोगों की मांग है कि निर्माण कार्य आगे बढ़ाने से पहले घरों की सुरक्षा को लेकर ठोस तकनीकी जांच कराई जाए और नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जाए। हाल ही में सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी ने शांति विहार क्षेत्र में पहुंचकर प्रभावित मकानों का निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों ने कमेटी को बताया कि अब तक दस से अधिक मकानों में दरारें आ चुकी हैं और टनल का निर्माण आगे बढ़ने पर 300 से ज्यादा मकानों को खतरा हो सकता है। इससे पहले शिकायतों के बाद प्रशासन ने टनल निर्माण का काम रुकवाया था। दरारों के कारण की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीमों ने भी क्षेत्र का जायजा लिया है। वहीं, एनएचएआई ने प्रभावित स्थल पर ब्लास्टिंग किए जाने के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि संबंधित हिस्से में ब्लास्टिंग नवंबर 2025 से बंद है। दरारों का वास्तविक कारण अभी जांच का विषय है। प्रभावितों का साफ कहना है कि उन्हें सड़क और टनल जैसी विकास परियोजनाओं से आपत्ति नहीं है, लेकिन पहले घरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो, फिर निर्माण आगे बढ़ाया जाए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार को हिमाचल प्रदेश के दौरे के दौरान अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल पहुंचीं। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और करीब 600 पुलिस जवानों की तैनाती की गई। नॉर्थ पोर्टल पर राष्ट्रपति का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। यहां उन्होंने कुछ समय रुककर लाहौल की प्राकृतिक वादियों का नजारा भी देखा। इसके बाद राष्ट्रपति अटल टनल के साउथ पोर्टल की ओर रवाना हुईं, जहां बीआरओ अधिकारियों ने उन्हें टनल और इसकी सामरिक महत्ता से जुड़ी जानकारी दी। Jराष्ट्रपति के दौरे के चलते मनाली से अटल टनल तक कई स्थानों पर पुलिस नाके लगाए गए और यातायात को जरूरत के अनुसार नियंत्रित किया गया। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की थी। राष्ट्रपति के दौरे के दौरान अटल टनल क्षेत्र में बर्फबारी के बीच ठंड भी बढ़ी हुई थी। राष्ट्रपति ने टनल का जायजा लेने के साथ बीआरओ अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद राष्ट्रपति के हिडिंबा मंदिर जाने का कार्यक्रम है। उनका हिमाचल दौरा 6 से 8 अक्तूबर तक
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में अणु कॉलेज की 19 वर्षीय द्वितीय वर्ष की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। छात्रा का शव हमीरपुर के सदर थाना क्षेत्र के अणु में स्थित किराये के कमरे से बरामद हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर भेज दिया। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। मामले की पुष्टि हमीरपुर के एसपी बलवीर सिंह ने की है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और छात्रा की मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
*शिमला, 5 अक्टूबर* नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शिमला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। दो अलग-अलग NDPS मामलों में बैकवर्ड लिंकेज विकसित कर पुलिस ने दो अंतरराज्यीय नशा सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए दो मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। *पहला मामला - थाना बालूगंज* 27 सितंबर को शोघी क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने क्षितिज वर्मा (26), निवासी निथर, कुल्लू को 6 ग्राम चिट्टा के साथ पकड़ा था। आरोपी के मोबाइल की जांच में मनीमाजरा, चंडीगढ़ निवासी रोहित उर्फ राहुल के साथ WhatsApp चैट मिली। CDR और IPDR विश्लेषण से दोनों के बीच संपर्क और मुलाकात की पुष्टि हुई। इस आधार पर विशेष टीम ने 4 अक्टूबर को चंडीगढ़ में दबिश देकर रोहित उर्फ राहुल को गिरफ्तार कर लिया। *दूसरा मामला - थाना चिड़गांव* इसी दिन 27 सितंबर को बडियारा में गश्त के दौरान अमित चौहान (30), निवासी चिड़गांव से 7 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। जांच में सामने आया कि चिट्टा बलौंगी, मोहाली में वीरेंद्र नामक व्यक्ति से लाया गया था। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदीप (41), गांव थाना, चिड़गांव की भूमिका सामने आई। पुलिस ने 30 सितंबर को मोहाली के बलौंगी से उसे गिरफ्तार किया। *शिमला पुलिस की नई रणनीति* पुलिस अब केवल बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि सप्लाई चेन के मुख्य सप्लायर तक पहुंच रही है। इस वर्ष 2026 में अब तक 80 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार कर 61 नेटवर्क तोड़े गए हैं, जबकि 2024 में 8 और 2025 में 14 सप्लायर ही पकड़े गए थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हिमाचल दौरे को लेकर कुल्लू-मनाली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 6 अक्टूबर रात 8 बजे से 7 अक्टूबर दोपहर 12 बजे तक अटल टनल की ओर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी ! इसके अलावा 7 अक्टूबर को पलचान से अटल टनल रोहतांग तक सभी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने के दौरान अन्य वाहनों को भी कुछ समय के लिए रोका या डायवर्ट किया जा सकता है। प्रशासन ने 6 से 8 अक्टूबर तक रामबाग से हिडिंबा मंदिर और ओल्ड मनाली की ओर भारी वाहनों पर भी रोक लगाने के आदेश दिए हैं। आपातकालीन सेवाओं, एंबुलेंस, अग्निशमन, पुलिस और सुरक्षा वाहनों को प्रतिबंध से छूट रहेगी ! राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 6 से 8 अक्टूबर तक हिमाचल दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह बिलासपुर एम्स के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के बाद मनाली जाएंगी और 7 अक्टूबर को हिडिंबा मंदिर व अटल टनल का दौरा प्रस्तावित है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे इन प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
हिमाचल प्रदेश के चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में कुलपति नियुक्ति का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। राज्य सरकार ने हिमाचल हाईकोर्ट के 27 अगस्त के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने की पुष्टि कृषि सचिव सी. पालरासू ने की है। दरअसल, हाईकोर्ट ने अगस्त में दोनों विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति से जुड़े राज्य सरकार के संशोधित प्रावधानों को निरस्त कर दिया था। अदालत ने यूजीसी के 2018 नियमों के अनुसार नए सिरे से चयन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। साथ ही सर्च-कम-सेलेक्शन कमेटी में यूजीसी के नामित सदस्य को शामिल करने को भी जरूरी माना था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद लोकभवन ने पुरानी चयन समितियों को भंग कर नई प्रक्रिया शुरू कर दी थी। अब सरकार के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से इस नई चयन प्रक्रिया पर भी असमंजस की स्थिति बन गई है। दोनों विश्वविद्यालयों में स्थायी कुलपतियों की नियुक्ति अब सुप्रीम कोर्ट के रुख पर निर्भर कर सकती है। इस पूरे विवाद की शुरुआत कुलपति नियुक्ति में राज्य सरकार की भूमिका बढ़ाने वाले संशोधित प्रावधानों को लेकर हुई थी। हाईकोर्ट ने इन प्रावधानों को यूजीसी नियमों से टकराव वाला मानते हुए रद्द कर दिया था।
सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए आज बाजार से मिली-जुली खबर सामने आई है। 5 अक्टूबर 2026 को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी के भाव में तेजी देखने को मिली। घरेलू बाजार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा। ऑल इंडिया बुलियन बेंचमार्क में 24 कैरेट सोना ₹1,49,743 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं 22 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1,37,165 प्रति 10 ग्राम रहा। दूसरी ओर, चांदी की कीमत में तेजी देखी गई। 999 शुद्धता वाली चांदी का बेंचमार्क भाव करीब ₹2,26,543 प्रति किलोग्राम रहा। यानी सोने में नरमी के बावजूद चांदी की चमक बढ़ी है। बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव पर डॉलर की चाल, अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीद, अंतरराष्ट्रीय बाजार और मांग-आपूर्ति जैसे कारकों का असर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोमवार को सोने और चांदी दोनों में मजबूती देखने को मिली। खरीदारी करने वालों के लिए जरूरी बात: ज्वेलरी का अंतिम बिल केवल सोने के बेस रेट से तय नहीं होता। इसमें मेकिंग चार्ज, वेस्टेज और 3% GST भी जुड़ सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से उस समय का अंतिम रेट जरूर जांच लें।
हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस में धर्मपुर से शोघी के बीच सफर करने वाले यात्रियों से टोल टैक्स वसूले जाने का मामला सामने आया है। यात्रियों का आरोप है कि बस ने टोल प्लाजा से होकर सफर नहीं किया, इसके बावजूद उनसे किराये में टोल टैक्स के नाम पर अतिरिक्त राशि ली गई। यात्रियों ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब बस टोल प्लाजा से होकर गुजरी ही नहीं, तो यात्रियों से टोल टैक्स किस आधार पर वसूला गया। इसको लेकर यात्रियों में नाराजगी है और उन्होंने HRTC से मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। यात्रियों का कहना है कि बस किराये में शामिल अतिरिक्त शुल्क की जानकारी भी स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि उन्हें पता चल सके कि उनसे किस मद में कितनी राशि ली जा रही है। अब यात्रियों की नजर निगम के जवाब पर है कि धर्मपुर-शोघी रूट पर यह शुल्क किस नियम के तहत वसूला जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, बादल फटने और अचानक बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए मौसम निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। प्रदेश के 116 संवेदनशील स्थानों पर स्वचालित मौसम स्टेशन (AWS) स्थापित किए जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 53 करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आई है। इन AWS के जरिए स्थानीय स्तर पर बारिश, तापमान और मौसम में होने वाले अचानक बदलावों का रियल टाइम डेटा जुटाने में मदद मिलेगी। इससे मौसम की स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को समय रहते अलर्ट जारी करने तथा संवेदनशील इलाकों में जरूरी कदम उठाने में मदद मिल सकेगी। जिलावार देखें तो शिमला में सबसे अधिक 24 AWS लगाए जाएंगे। इसके बाद सिरमौर में 18, चंबा और मंडी में 14-14, सोलन में 10, कांगड़ा में 9, किन्नौर में 7, बिलासपुर में 6, ऊना में 5, कुल्लू में 4, हमीरपुर में 3 और लाहौल-स्पीति में 2 स्वचालित मौसम स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। मानसून के दौरान हिमाचल में कई इलाकों में भारी बारिश, भूस्खलन, बादल फटने और फ्लैश फ्लड का खतरा रहता है। ऐसे में इन स्टेशनों से मिलने वाला स्थानीय मौसम डेटा चेतावनी व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है। फिलहाल हिमाचल में IMD के नेटवर्क के तहत 24 AWS और 66 Automatic Rain Gauge Stations भी संचालित हैं। नए 116 स्टेशन जुड़ने से प्रदेश में मौसम की स्थानीय निगरानी का दायरा और बढ़ेगा।
हिमाचल प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। प्रदेश में अब तक 10,29,926 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। बिजली बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में सोलन सर्किल सबसे आगे है, जबकि कई अन्य सर्किलों में भी चरणबद्ध तरीके से काम जारी है। आंकड़ों के मुताबिक सोलन सर्किल में 2,78,071, शिमला सर्किल में 2,30,453 और रामपुर सर्किल में 1,61,961 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। वहीं नाहन सर्किल में 1,35,292 और रोहड़ू सर्किल में 72,312 स्मार्ट मीटर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा कांगड़ा सर्किल में 48,477, मंडी में 21,742, ऊना में 19,622 और हमीरपुर में 16,766 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। बोर्ड के बाकी सर्किलों में भी स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है। स्मार्ट मीटर लगाने की यह मुहिम केंद्र सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के तहत चल रही है। इसका उद्देश्य बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाना है। स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत की वास्तविक समय में निगरानी और वास्तविक खपत के आधार पर बिलिंग में मदद मिलती है। केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक हिमाचल में RDSS के तहत 7,02,046 उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके थे। इसके अलावा ट्रांसफार्मर और फीडर मीटर भी स्थापित किए गए थे l नोट: आपके दिए विषय के लिए उपलब्ध नवीनतम विस्तृत सर्किल-वार आंकड़े जून 2026 के हैं; इसलिए ऊपर के आंकड़े उसी आधार पर दिए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में शनिवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हुआ। मनाली से पठानकोट जा रही HRTC की बस पुलिस लाइन बाशिंग के पास करीब सुबह 6 बजे सड़क पर पलट गई। हादसे के समय बस में चालक-परिचालक समेत कुल छह लोग सवार थे। हादसे में चार यात्रियों, चालक और परिचालक समेत सभी छह लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू पहुंचाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार सभी की हालत सामान्य बताई जा रही है। घायलों की पहचान श्याम लाल (45), कृष्ण थापा (42), छाया देवी (25), राकेश कुमार (31), बस चालक मनमोहन सिंह (42) और परिचालक प्रवीण सिंह (46) के रूप में हुई है। ये लोग कुल्लू, पठानकोट और कांगड़ा क्षेत्र से संबंधित हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। बस नंबर HP-38-9738 मनाली से पठानकोट रूट पर जा रही थी। हादसे के कारणों की पुलिस जांच कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्टों में बस के अनियंत्रित होकर पलटने की बात सामने आई है, जबकि एक रिपोर्ट में ब्रेक फेल होने की आशंका बताई गई है; वास्तविक कारण जांच के बाद स्पष्ट होगा।
शिमला के दुर्गम काशापाट क्षेत्र में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का पारंपरिक अंदाज में खास स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर काशा और पाट गांव के ग्रामीणों में खासा उत्साह रहा। ग्रामीणों ने स्थानीय रीति-रिवाजों के साथ उनके स्वागत की तैयारियां कीं और उन्हें पहाड़ी संस्कृति व खानपान से रूबरू करवाया। मुख्यमंत्री ने काशा गांव में लंच और डिनर किया। इसके बाद वह पाट गांव में ग्रामीण सुपन दास के घर रात्रि विश्राम के लिए पहुंचे। मुख्यमंत्री के लिए स्थानीय अनाज और पारंपरिक खाद्य सामग्री से तैयार व्यंजन परोसे गए। तीन अक्टूबर की सुबह मुख्यमंत्री को नाश्ते में ओगले और फाफड़े का चिल्टू, कोदा व तुलसी की रोटी, गेहूं व झालरे की मोड़ी, स्थानीय मक्खन-लस्सी, भिथू और गुच्छी की सब्जी समेत कई पारंपरिक व्यंजन परोसे जाने की तैयारी थी। इन व्यंजनों को तैयार करने की जिम्मेदारी क्षेत्र के सात महिला मंडलों को दी गई थी। मुख्यमंत्री के गांव में रात्रि प्रवास को ग्रामीणों ने खास अवसर बताया। इस दौरान सुक्खू ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं और मांगें भी जानेंगे। प्रशासन की ओर से भी दौरे को लेकर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। मुख्यमंत्री का यह दौरा रोहड़ू, चिड़गांव, रामपुर और आसपास के क्षेत्रों के तीन दिवसीय कार्यक्रम का हिस्सा था। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन-शिलान्यास करने के साथ ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से संवाद किया।
हिमाचल प्रदेश में अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ रहने के बाद अब फिर करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 5 अक्टूबर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जबकि 6 और 8 अक्टूबर को कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 2 से 4 अक्टूबर तक प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम में बदलाव आएगा। 5 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। वहीं 6 अक्टूबर को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में बारिश के आसार हैं। किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचे क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी हो सकती है। 6 अक्टूबर को कुछ जिलों में आंधी-बिजली का भी अलर्ट है। ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, शिमला और सिरमौर में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की संभावना है। वहीं 8 अक्टूबर को भी मौसम खराब रहने के संकेत हैं। कुछ स्थानों पर बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग ने किसानों और बागवानों को तैयार फसल को सुरक्षित रखने तथा आंधी-बिजली के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। फिलहाल प्रदेश में मौसम साफ बना हुआ है, लेकिन अगले कुछ दिनों में तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। अधिकतम तापमान में आगामी 3-4 दिनों के दौरान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का अनुमान है।
केलांग। देश के सबसे ऊंचे और चुनौतीपूर्ण बस रूटों में शामिल दिल्ली-केलांग-लेह बस सेवा ने इस सीजन में हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के केलांग डिपो की कमाई बढ़ाई है। केलांग-लेह-केलांग सेक्शन से निगम को करीब 45 लाख रुपये की आय हुई है। दिल्ली-केलांग-लेह के पूरे रूट की आय जोड़ने पर यह रकम और अधिक होने की संभावना है। इस साल 26 मई को बस सेवा शुरू हुई थी और मौसम की स्थिति को देखते हुए 17 सितंबर को इसे बंद कर दिया गया। करीब साढ़े तीन महीने चली इस सेवा में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए पर्यटकों और अन्य यात्रियों ने करीब 990 किलोमीटर लंबे सफर का आनंद लिया। दिल्ली से लेह के इस रूट पर बस को बारालाचा ला, नकी ला, लाचुंग ला और तंगलंग ला जैसे ऊंचे दर्रों से होकर गुजरना पड़ता है। केलांग से लेह की दूरी करीब 365 किलोमीटर है। ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद यह रूट यात्रियों के बीच खासा लोकप्रिय है। HRTC के केलांग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक अंशित शर्मा के अनुसार, इस सीजन में केलांग-लेह-केलांग रूट से करीब 45 लाख रुपये की आय हुई है। उन्होंने बताया कि मौसम और सड़क की स्थिति अनुकूल रहने पर अगले साल मई में बस सेवा दोबारा शुरू की जाएगी। गौरतलब है कि दिल्ली-लेह बस सेवा का किराया 1,839 रुपये निर्धारित किया गया था। सर्दियों में भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण यह सेवा हर साल बंद कर दी जाती है और मौसम खुलने के बाद दोबारा शुरू होती है।
बिलासपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 6 अक्तूबर को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर दौरे पर आएंगी। अपने दौरे के दौरान वह श्री नयना देवी मंदिर में दर्शन करेंगी और इसके बाद एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के मंदिर दौरे को देखते हुए 6 अक्तूबर को सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में दर्शन बंद रहेंगे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे उस दिन दर्शन करना चाहते हैं तो सुबह 7 बजे से पहले मंदिर पहुंच जाएं। दोपहर 1 बजे के बाद दर्शन सामान्य रूप से शुरू कर दिए जाएंगे। राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए 500 से अधिक पुलिसकर्मी, अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। नयना देवी मंदिर और एम्स परिसर को सुरक्षा के लिहाज से अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है। दोनों स्थानों को नो-ड्रोन जोन घोषित किया गया है। राष्ट्रपति आनंदपुर साहिब से सड़क मार्ग के जरिए श्री नयना देवी पहुंचेंगी। दर्शन के बाद वह एम्स बिलासपुर जाएंगी, जहां संस्थान के पहले दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। इसके बाद उनके मनाली रवाना होने का कार्यक्रम है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ प्रशासन ने यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और आपातकालीन सेवाओं के भी विशेष इंतजाम किए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीन एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी तैनात रखने की तैयारी है। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों की मरम्मत और अन्य व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासन और पुलिस की टीमें पूरे रूट की लगातार निगरानी कर रही हैं।
रोहड़ू। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को रोहड़ू में नशे के खिलाफ एंटी-चिट्टा रैली को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और खुद भी रैली में शामिल होकर मार्च किया। इस दौरान युवाओं को नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री के तीन दिवसीय रोहड़ू-रामपुर दौरे की शुरुआत 1 अक्टूबर से हुई है। रोहड़ू में विद्यार्थियों के साथ कार्यक्रम के बाद वह चिड़गांव पहुंचे, जहां विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के साथ जनसभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है। इसके बाद मुख्यमंत्री ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत दियूदी-मयला के भटवाड़ी गांव पहुंचेंगे। यहां वह ग्रामीणों, महिला मंडलों और युवक मंडलों के साथ संवाद कर स्थानीय समस्याओं को सुनेंगे। मुख्यमंत्री का रात में भटवाड़ी में रात्रि प्रवास भी निर्धारित है। 2 अक्टूबर को मुख्यमंत्री रामपुर क्षेत्र का दौरा करेंगे। शिंगला में विकास योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के बाद नोग वैली के लोगों से संवाद करेंगे। इसके बाद काशा गांव में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में ग्रामीणों से बातचीत करेंगे और रात में पाठ गांव में रुकने का कार्यक्रम है। 3 अक्टूबर को रामपुर में भी एंटी-चिट्टा रैली आयोजित होगी। मुख्यमंत्री विद्यार्थियों से संवाद करने के बाद रैली को हरी झंडी दिखाएंगे और इसमें शामिल होंगे। इसके बाद उनका शिमला लौटने का कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री के इस दौरे में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को सीधे सुनना और विकास योजनाओं की समीक्षा प्रमुख रूप से शामिल है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश के गरीब और अतिनिर्धन परिवारों को ₹1,500 मासिक आर्थिक सहायता और 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने वाली मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना की 2 अक्टूबर को होने वाली लॉन्चिंग टल गई है। पहले सरकार ने गांधी जयंती के दिन योजना शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन अब इसके लिए नई तारीख तय की जाएगी। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक सहायता देने और पात्र गरीब परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का प्रावधान है। सरकार की ओर से पहले 2 अक्टूबर से इसका लाभ देने की तैयारी की गई थी। जानकारी के अनुसार योजना की पात्रता में बदलाव किए गए हैं। सरकार ने मनरेगा में कम से कम एक दिन काम करने की अनिवार्य शर्त हटाने और परिवार की आय सीमा को ₹50 हजार से बढ़ाकर ₹75 हजार करने का फैसला किया है। इन बदलावों के बाद पात्र परिवारों के सर्वे और सत्यापन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है I पंचायत स्तर पर हुए सर्वे में करीब 1.80 लाख आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली के लिए चिह्नित किया गया है। वहीं करीब 2.50 लाख महिलाओं को ₹1,500 मासिक सहायता देने की तैयारी है। लाभार्थियों का सत्यापन और आंकड़ों के एकीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना लागू की जाएगी। सरकार के अनुसार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सहायता राशि सीधे भेजने और पात्र परिवारों को बिजली बिल में राहत देने की व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल नई लॉन्चिंग तारीख का इंतजार है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश के दौर के बाद अब मौसम में सुधार के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 30 सितंबर से 5 अक्तूबर तक प्रदेश में मौसम के मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकांश क्षेत्रों में बारिश से राहत मिलेगी और आसमान साफ रहने के साथ धूप खिल सकती है। हालांकि कुछ स्थानों पर स्थानीय मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। बारिश थमने के बाद तापमान में भी हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा सकता है। प्रदेश में बीते दिनों हुई बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ था, ऐसे में मौसम साफ होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।


















































