जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा जोखिम प्रतिरोधी भवन निर्माण करने के लिए राजमिस्त्री, बढई और बारवाईंडरों को प्रशिक्षित करने के लिए जिला परिषद भवन में तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ एडीएम विनय धीमान ने किया। इस अवसर पर उन्होने कहा कि जिला बिलासपुर भूकम्प की दृष्टि से अत्यन्त संवेदनशील क्षेत्र है तथा यह क्षेत्र जोन 4 व 5 में आता है। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण कार्य इस प्रकार से होना चाहिए कि भूकम्प के आने पर किसी भी प्रकार की जानमाल को हानि न पंहुचे और भवन भी सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि भूकम्प या अन्य किसी भी प्रकार की आपदा का कोई भी समय नहीं होता यह किसी भी समय आ सकती है। उन्होंने कहा कि इसे रोका तो नहीं जा सकता, लेकिन जागरूकता के कारण इससे होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होने कहा कि भवन निर्माण करने वाला कारीगर सही मायने में एक कुशल इंजीनियर है। लेकिन समय के साथ-साथ भवन निर्माण में कुछ नई-नई तकनीकियों की जानकारियां होना भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण के लिए नई-नई तकनीकियों की जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है और इन कार्यशालाओं में विशेषज्ञ इंजीनियरों द्वारा राजमिस्त्री, बढई और बारवाईंडरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि वे भवन निर्माण करवाने वाले मालिकों को भी भूकम्प रोधी भवन निर्माण करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि भूकम्प रोधी मकान बनाने के लिए केवल 5 प्रतिशत लागत बढती है। इसलिए जब भी भवन निर्माण करवाएं तो भवन निर्माण करवाने वाले को आवश्य भूकम्प रोधी निर्माण कार्य की जानकारी दें ताकि आने वाले समय में पूर्ण रूप से सुरक्षित भवन का निर्माण किया जा सके। इस अवसर पर जवाहरलाल नेहरू राजकीय इंजीनियरिंग काॅलेज सुन्दरनगर से प्रोफेसर डा. एसपी. गुलेरिया ने खतरों की गम्भीरता और इमारतों पर भूकम्प के होने वाले प्रभाव तथा क्षेत्र में आवास निर्माण कार्य में कारीगरों का योगदान और भूमिका के बारे, जवाहरलाल नेहरू राजकीय इंजीनियरिंग काॅलेज सुन्दरनगर से सहायक प्रो. कपिल देव ने भवन निर्माण में उपयुक्त होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की जांच तथा जोखिम प्रतिरोधी निर्माण के सिद्धांतों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
पूर्व विधायक एवं कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिला प्रधान बंबर ठाकुर ने बिलासपुर के बड़े भाजपा नेताओं और जयराम ठाकुर सरकार को सतर्क करते हुए कहा है कि उन्हें यह सुनिश्चित बनाना चाहिए कि नये बिलासपुर नगर में बसे किसी भी भाखड़ा विस्थापित को कथित अतिक्रमण के नाम पर उनके घर –घरौंदों को तोड़ फोड़ कर किसी भी सूरत में दोबारा उजाड़ा नहीं जाना चाहिए। उन्होने कहा कि यदि आने वाले समय में ऐसा कुछ हुआ और पुराने शहर से जबरदस्ती उजाड़ कर नए शहर में बसाए गए विस्थापितों को दूसरी बार उजाड़े जाने का जनविरोधी कृत्य किया गया तो इससे बढ़ कर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और उसकी सरकार के लिए कोई दूसरी बढ़ी अथवा शर्मनाक बात नहीं हो सकती। यहाँ पत्रकारों से बातचीत करते हुए बंबर ठाकुर ने कहा कि सरकार को यह कतई नहीं भूलना चाहिए कि पड़ोसी राज्यों की खुशहाली और देश के विकास –प्रगति के लिए बिलासपुर नगर सहित सारे जिला भर के लाखों भाखड़ा विस्थापितों ने इस गोबिन्द सागर को बनाने के लिए बिना किसी लिखित समझौते के उनकी पुश्तैनी भूमि व घर – बार जबरदस्ती छीन लिए गए थे। उनसे जुबानी वादे करके उन्हें भूमि के बदले भूमि नहीं दी गई जबकि उन्हें मात्र झूठे झांसे देकर भाजपा सरकार सत्ता प्राप्त करने के बाद अब उन्हें उजाड़ने पर उतारू हो गई है। बंबर ठाकुर ने कहा कि वीरभद्र सिंह की पूर्व कांग्रेस सरकार ने भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं को सुलझाने के दर्जनों कदम उठा कर उन्हें राहत पहुंचाई जबकि भाजपा नेता अब सत्ता में आने पर उन्हें बर्बाद करने पर तुली हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया कि वे कथित चापलूसों की झूठी शिकायतों पर विश्वास न करके इस सारे मामले में स्वयं हस्ताक्षेप करें और बिलासपुर नगर सहित सारे जिला के भाखड़ा विस्थापित क्षेत्रों का मिनी सेटलमेंट करने के आदेश दें और तब तक जिलाधीश या राजस्व विभाग द्वारा की जा रही समस्त कार्यवाही को रोका जाये तथा विस्थापित नेताओं से बातचीत करके समस्या का हल किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया कि विधान सभा में उनके द्वारा की गई घोषणा पर अमल करते हुए प्रधान सचिव राजस्व की अध्यक्षता में कमेटी का गठन करके विस्थापितों की समस्याओं का अध्ययन करके उन्हें राहत पहुंचाई जाए।
जिला बिलासपुर मुख़्यालय पर चल रही दो दिवसीय जिला स्तरीय वरिष्ठ महिला व पुरुषों की बास्केटबॉल प्रतियोगिता का सोमवार को समापन हो गया। जिसमें संयुक्त व्यापार मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष व पार्षद नरेंद्र पंडित ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। बास्केटबॉल स्टेडियम रौड़ा सेक्टर में हुई इस प्रतियोगिता में महिला वर्ग का फाइनल मैच विवेकानंद कॉलेज घुमारवीं व बरमाणा क्लब के बीच खेला गया। रोमांचकारी इस मैच में 47-44 अंक के साथ विवेकानंद कॉलेज विजेता बना। वहीं, पुरुष वर्ग का फाइनल मुकाबला बाबा नाहर सिंह क्लब व ब्लू स्टार क्लब के बीच खेला गया। जिसमें 76-67 अंक से ब्लू स्टार टीम विजेता बनी। विजेता व उपविजेता टीमों को मुख्य अतिथि द्वारा स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया। सोमवार को दूसरे दिन सुबह प्रतियोगिता के दोनों वर्गों में क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबले हुए। पुरुष वर्ग में हुए क्वार्टर फाइनल में भराड़ी क्लब ने शिवा कॉलेज व बाबा नाहर सिंह क्लब ने घुमारवीं क्लब को हराया। वहीं, सेमीफाइनल मुकाबले में बाबा नाहर सिंह क्लब ने भराड़ी क्लब को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। दूसरे सेमीफाइनल में ब्लू स्टार क्लब ने दधोल क्लब को हराकर फाइनल में प्रवेश पाया। दोपहर बाद हुए मुकाबलों के दौरान उपायुक्त बिलासपुर राजेश्वर गोयल ने विशेष अतिथि के रुप में शिरकत की और खिलाड़ियों को आशीर्वाद दिया। इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए जिला बास्केटबॉल संघ के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण रणौट व महासचिव राजकुमार राणा ने सभी पदाधिकारियों ,विशेषज्ञों, खिलाड़ियों व आम खेल प्रेमियों का धन्यवाद आभार प्रकट किया। 2 दिनों तक चली इस प्रतियोगिता के दौरान अधिवक्ता तेजस्वी शर्मा ने बेहतरीन अंदाज के साथ मंच संचालन किया। इस मौके पर एसडीएम घुमारवीं शशिपाल शर्मा, उपनिदेशक युवा सेवाएं एवं खेल विभाग योगेश धीमान, जिला खेल अधिकारी श्याम कौंडल, अध्यक्ष जिला बास्केट बॉल संघ डॉ. प्रवीण रनोट, सुशील पुंडीर, योधराज शर्मा, सत्येंद्र, मदन, नंदलाल राही, कोषाध्यक्ष अभिषेक टेसू, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, तेजस्वी शर्मा, तकनीकी चेयरमैन सुरेश कौंडल के साथ साथ सुरेश नड्डा, अनिल चंदेल, प्रकाश शर्मा, नीलम रनोट, राकेश ठाकुर, राज कुमार, अविनाश कपूर, अभिषेक सोनी, प्रवेश राणा, अश्वनी कुमार, राज कुमार राठौर, कुलवंत, राजेश कुमार, सुशील कुमार, प्रेम, मिथिला, पवन कुमार, संजीव कुमार आदि गणमान्य व्यक्तित्व व अधिकारी उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बिलासपुर इकाई ने हैदराबाद में हुए सामूहिक बलात्कार और नृशंस हत्या को लेकर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित किया गया। इसमें सदर थाना महिला एसएचओ अति देेवी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन के दौरान लड़कियों को विपरीत परिस्थितियों का सामना करने के लिए विचार रखे। उन्होंने अनेक प्रकार के क्राइम को लेकर लड़कियों को जागरूक किया उन्होंने कहा कि आज के समय में लड़कियों को अपने मूलभूत अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए ताकि वे आने वाले समय में किसी भी कानून से परिचित रह सके। विद्यार्थी परिषद बिलासपुर इकाई के अध्यक्ष प्रशांत ठाकुर ने कहा कि जब एक रात में नोटबंदी हो सकती है एक रात में सरकार परिवर्तित हो सकती है तो 1 दिन में हत्यारों को फांसी क्यों नहीं। बलात्कारी को तारीख की जगह फांसी नहीं दे सकते तो बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ का नाटक बंद करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा की अगर आवाज नहीं उठा सकते तो आवाज उठाने वालों की ताकत बनो ताकि बलात्कारियों को और हत्यारों को सजा मिल सके। इस कार्यक्रम में विद्यार्थी परिषद छात्रा प्रमुख कंचन ,रोहित, राहुल, श्वेता, यामिनी, महिमा, शालिनी के अलावा अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
जिला बिलासपुर में मातृ वंदना सप्ताह 2 दिसंबर से 8 दिसंबर तक मनाया जा रहा है। यह जानकारी उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने मातृ वंदना सप्ताह मनाने के बारे में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने बताया कि सप्ताह के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए जिला भर में मीडिया प्रचार गाड़ी के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मातृ वंदना योजना सप्ताह के दौरान जिला में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होने बताया कि मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती व धात्री महिलाओं को औसतन 6 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना को लोगों तक पहुंचाने के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पंर उन्होंने प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उचित मार्गदर्शन एंव प्रशिक्षण के साथ दिव्यांग किसी भी क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते है। दिव्यांगजनों को सहानुभूति की नहीं अपितु उन्हें प्यार और उत्साहवर्धन की आवश्यकता होती है। यह बात उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने रावमापा छात्र के खेल मैदान में दो दिवसीय राज्य स्तरीय दिव्यांग प्रतिभा खोज खेल प्रतियोगिता-2019 का विधिवत शुभारम्भ करने के उपरांत कही। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि दिव्यांग जनों को अपना भरपूर सहयोग प्रदान करें तथा उनके साथ आमजन की तरह व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई प्रतिभा छुपी होती है, आवश्यकता होती है उसके गुण को पहचानकर उसे तराशने की। उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर खेलों का हब है। उन्होंने बिलासपुर में दिव्यांगजनों की राज्य स्तरीय दिव्यांग प्रतिभा खोज खेल प्रतियोगिता की मेजबानी करने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को पहली बार सिंथैटिक ट्रैक पर दौडने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि बच्चे जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं से चयनित होकर राज्य स्तर तक पहुंचे है, यहां पर वे अपनी बेहतर खेल प्रतिभा का परिचय देगें और राष्ट्र स्तर के लिए चयनित होकर जाएगें तथा आगे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा के जौहर दिखाकर देश, प्रदेश व जिला का नाम रोशन करेगें। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न अंग है तथा हम सभी को दिव्यांगजनों के सामाजिक व आर्थिक उत्थान के लिए समर्पण भावना से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में दिव्यांगजनों की भागीदारी सुनिश्चित बनाने के लिए प्रदेश सरकार हरसम्भव प्रयास कर रही है ताकि दिव्यांगजनों के मन में सहजता सें समाज की मुख्य धारा से जुडने की भावना पैदा हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याणार्थ विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोडा जा सके। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए बस में सफर करने के लिए बस पास की सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि जिला मे अब तक 5 हजार 939 कार्ड बनाए गए है। उन्होंने बताया कि दिव्यांग विवाह अनुदान योजना के तहत 8 दिव्यांगजनों को 2 लाख 4 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि दिव्यांग छात्रवृति योजना के अंतर्गत चालू वित वर्ष में 93 लाभार्थियों को 9 लाख 85 हजार 875 रूपए की राशि वितरित की गई। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों के लिए सरकार द्वारा यूडीआईडी बनाने की सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि जिला में अपंग राहत भत्ता के तहत 3 करोड 84 लाख 90 हजार रूपए की राशि व्ययकर 3 हजार 746 लाभार्थिंयों को लाभान्वित किया गया। उपनिदेशक खेल विभाग सुदेश धीमान ने आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए जानकारी दी कि राज्यस्तरीय दिव्यांग प्रतिभा खोज खेल प्रतियोगिता-२०१९ में प्रदेश के 10 जिलों के लगभग 5 सौ खिलाडी भाग ले रहें है। उन्होने बताया कि दो दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान बच्चों का पूर्णरूप से ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के आने व जाने का पूरा खर्च विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी अमरजीत डोगरा, जिला खेल अधिकारी श्यामलाल कौंडल, रविशंकर के अतिरिक्त तेजस्वी शर्मा, सुरेश नड्डा, मीना वर्मा, विभिन्न जिलों के कोच व अभिभावक उपस्थित रहे।
प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर एक सप्ताह के भीतर बिलासपुर के क्षेत्रीय अस्पताल में रिक्त पड़े डॉक्टरों के पदों को न भरा गया तथा कम से कम तीन मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं करवाई गई तो बिलासपुर युवा कांग्रेस एक उग्र आंदोलन चलाएगी ओर आंदोलन की जिमेवारी प्रदेश सरकार एवम जिला प्रशासन की होगी। ठाकुर बिलासपुर में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग के ऊपर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार व विभाग को जनता की कोई फिक्र नहीं है। इस समय जिला बिलासपुर का क्षेत्रीय अस्पताल मात्र एक डिस्पेंसरी बनकर रह गया है। एक के बाद एक चिकित्सक स्थानांतरित होते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में चार चिकित्सक यंहा से अन्य जिलों में स्थानांतरित हो गए है। क्षेत्रीय अस्पताल में मात्र एक मेडिसिन स्पेशलिस्ट अपनी सेवाएं दे रहे थे वह भी पिछले कल यंहा से रिलीव हो गए। आशीष ठाकुर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिला बिलासपुर की आबादी चार लाख से ज्यादा होने के बाबजूद यंहा लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दर -दर की ठोकरें खा रहे है। सबसे बड़ी शर्म की बात है कि पूर्व में रहे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवम वर्तमान कार्यकारी भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष भी इसी जिला से सम्बंधित है साथ में केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री भी इसी लोकसभा से सम्बंधित है। साथ के साथ पूरे जिले में 3 विधायक भाजपा के है ओर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार व ओएसडी भी इसी जिला से सम्बंधित हों। उन्होंने कहा कि इतने बड़े बड़े पदों पर आसीन होने के बाबजूद इन नेताओं को आम लोगों की कोई चिंता नही है। आशीष ठाकुर ने कहा कि की भाजपा मात्र वोट बैंक के लिए लोगों को छलती है इनकी कथनी और करनी में भी ज़मीन आसमान का फर्क है। चिकित्सक न होने का मुख्य असर गरीब लोगों को पड़ता है जो स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए क्षेत्रीय अस्पताल का रुख करते हैं। ठाकुर ने कहा कि जिला बिलासपुर में सुचारु रूप से स्वास्थ्य सुविधाएं चलाने के लिए कम से कम तीन मेडिसिन स्पेशलिस्ट होने चाहिए जो रात दिन लोगों को अपनी सेवाएं दे सकें। देखने मे ऐसा आता है कि रात्रि सेवा में मेडिसिन स्पेसलिस्ट न होने की वजह से मरीजों को दूसरे जिला के अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है इससे गरीब लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बिलासपुर जिला में मुख्यतः कृषक परिवार है जिनकी स्थिति आर्थिक रूप से बहुत सुदृढ़ नहीं है।
संयुक्त व्यापार मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र पंडित ने कहा है कि एक जनवरी से बिलासपुर के क्षेत्रीय अस्पताल में गरीब एवं असहाय लोगों की सहायता के लिए संयुक्त व्यापार मंडल की ओर से एक व्यक्ति की तैनाती की जा रही है जो अस्पताल में आने वाले असहाय लोगों की हर प्रकार से सहायता करेगा वही कम पढ़े लिखे लोगों को भी विभिन्न प्रकार की जानकारी उपलब्ध करवाएगा। नरेंद्र पंडित कार्यभार संभालने के बाद बिलासपुर में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले पूर्व अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान ने कहा कि उन्होंने स्वेच्छा से इस पद को छोड़ा है क्योंकि उन्हें भारतीय जनता पार्टी ने जिला अध्यक्ष की जिम्मेवारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि संयुक्त व्यापार मंडल सभी दलों और व्यक्तियों के संयुक्त संस्था है और वह नहीं चाहते कि इसमें किसी भी तरह का राजनीतिक दखल हो। उन्होंने बताया कि व्यापार मंडल के सभी सदस्य उन्हें अपने साथ चलने के लिए मजबूर करते रहे लेकिन उन्होंने इस आग्रह को स्वीकार नहीं किया क्योंकि वह इससे व्यापार मंडल पर किसी प्रकार की राजनीतिक दृष्टि नहीं पड़ने देना चाहते। उन्होंने कहा कि 2 साल पहले संयुक्त व्यापार मंडल का गठन बिलासपुर में हुआ था और विभिन्न प्रकार की उपलब्धियां संयुक्त व्यापार मंडल की रही है। उन्होंने बताया कि लगभग सभी विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए व्यापारियों के लिए कार्य शालाओं का आयोजन भी किया गया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त व्यापार मंडल का गठन व्यापारियों को जोड़ने के लिए हुआ है अगर सभी एकजुट हो तो किसी भी प्रकार की समस्या व्यापारियों के लिए नहीं आ सकती। उन्होंने सभी व्यापारियों से आग्रह किया कि वह आधुनिकता को अपनाते हुए अपने आप को अपडेट करें। इससे पहले व्यापार मंडल के महासचिव हुसैन अली ने उपरोक्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शनिवार को संयुक्त व्यापार मंडल की बैठक सागर व्यू होटल में आयोजित की गई थी, इसमें सर्वसम्मति से कार्यकारी अध्यक्ष के लिए नरेंद्र पंडित का नाम प्रस्तावित किया और सब ने इसे पारित किया। इस अवसर पर संगठन सचिव नगीन चंद्र, संदीप नड्डा, रशिम महाजन सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश वन विभाग परियोजना कर्मचारी महासंघ ने सोसाइटी के उच्च अधिकारियों के ऊपर कुछ शरारती तत्वों के द्वारा की गई झूठी शिकायतों की कडे शब्दों में निंदा की है। उन्होंने प्रदेश सरकार व उच्च अधिकारियों के द्वारा सोसाइटी के कर्मचारियों के लिए स्थाई व ठोस नीति बनाये जाने का आग्रह किया है। यह बैठक बिलासपुर में रविवार को आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता महासंघ की प्रधान सुषमा यादव ने की। इस बैठक में बिलासपुर के अलावा कूल्लू, धर्मशाला, हमीरपुर, नुरपूर, बिलासपुर व मण्डी के सभी सदस्यों ने भाग लिया। इस बैठक में कार्यकारिणी की सचिव कल्पना ने अपना सचिव पद से इस्तीफा दिया और सर्व सहमति से अमर जीत सिंह सन्धू को राज्य स्तरीय महासंघ का सचिव नियुक्त किया गया। वैठक में अगामी रणनीति के वारे में विचार विमर्श किया गया। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने 19 अप्रैल, 2017 में बनाई गई पॉलिसी के आधार पर जो वेतन वृद्धि होनी थी, उसके बारे में हिमाचल प्रदेश सरकार व वन विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। इसमें उन्हें प्रदेश सरकार व वन विभाग के उच्च अधिकारियो की ओर से आश्वासन दिया गया कि जल्द ही महासंघ की लंबित पड़ी मागों को योजनाबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा जिसके लिए कर्मचारी महासंघ के सदस्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर व वन मंंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर के अभारी रहेगें। राज्य स्तरीय महासंघ के प्रधान सुषमा यादव ने प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर व वनमंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर से कर्मचारियों के हर संभव सहायता की उम्मीद की है।
मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की महिला खिलाड़ियों ने एक और उपलब्धि हासिल कर ली है। इसी कड़ी में अब एक बार फिर इस मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की 6 महिला खिलाड़ी भारतीय महिला हैंडबॉल टीम में जगह बनाने में सफल हुई है। यह जानकारी मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी की संचालिका कोच स्नेहलता ने दी। उन्होंने बताया कि भारतीय हैंडबॉल संघ के महासचिव आनंदेश्वर पांडे द्वारा जारी लिस्ट में आगामी 1 से 10 दिसंबर तक नेपाल के काठमांडू में आयोजित होने वाली 13 वी साउथ एशियन गेम्स की हैंडबॉल स्पर्धा में भाग लेने वाली 16 सदस्यीय भारतीय महिला टीम में मोरसिंघी की 6 खिलाड़ियों का चयन हुआ है । नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान पटियाला में लगे भारतीय महिला हैंडबाल टीम के प्रशिक्षण शिविर में 23 महिला खिलाड़ियों में 8 खिलाड़ी मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की थी। प्रशिक्षण शिविर में शानदार खेल प्रदर्शन के दम पर 6 खिलाड़ियों का चयन अब भारतीय टीम में हुआ है। हैंडबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया व नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान पटियाला के चीफ कोच मोहिंदर पाल, हैंडबाल कोच सचिन चौधरी व सोना दुबे से इन खिलाड़ियों ने हैंडबॉल की बारीकियां सीखी। जिसके दम पर इनका चयन भारतीय टीम में हुआ है। स्नेहलता ने बताया कि भारतीय महिला हैंडबॉल टीम में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निधि शर्मा, दीक्षा ठाकुर, मेनिका पाल,प्रियंका ठाकुर , दीपशिखा व शालिनी ठाकुर को जगह मिली है। बता दें कि निधि शर्मा, दीक्षा ठाकुर व प्रियंका ठाकुर गत वर्ष अगस्त में जकार्ता के इंडोनेशिया में हुई एशियन गेम्ज़ में भारतीय महिला टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। इसके अलावा प्रियंका ठाकुर हाल ही लखनऊ में हुई सब जूनियर एशियन गेम्ज़ में भारतीय टीम की कप्तान रह चुकी है। शालिनी ठाकुर तथा दीपशिखा एशियन गेम्ज़ के प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी है। इसके अलावा मेनिका पाल जूनियर भारतीय महिला टीम की कप्तान रह चुकी है। मेनिका की कप्तानी में टीम ने स्वर्ण पदक जीता था। मोरसिंघी पंचायत प्रधान जगदीश ठाकुर, आई आर शर्मा, बी आर शर्मा, शहजाद, बाबूराम, बी डी शर्मा, राहुल चौहान, पवन कुमार व मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी की खिलाड़ियों ने हैंडबॉल संघ के राज्य अध्यक्ष भरत साहनी, महासचिव नन्द किशोर शर्मा व कोषाध्यक्ष आशीष ढिल्लो को इन 6 खिलाड़ियों के भारतीय टीम में चयन पर बधाई दी है। साथ ही इन सभी के टीम में चयन पर खुशी व्यक्त की है तथा उम्मीद जताई है कि ये सभी 6 खिलाड़ी पहले की तरफ शानदार खेल का प्रदर्शन कर अपनी कोच स्नेहलता व मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी जिला व राज्य का नाम रौशन करेगी।
देवभूमि व्यासपुर समाजसेवी संस्था में मांग की है कि कंदरौर पुल के ऊपर उखड़ी सड़क की टायरिंग को शीघ्र ठीक किया जाए। यह निर्णय संस्था की बैठक में लिया गया। संस्था के प्रधान अजय ठाकुर ने बताया कि संस्था ने पहले 6 नवम्बर को भी टायरिंग ठीक करने के लिए जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अभी तक तकरीबन एक महीने का समय होने को आ गया है और कोई भी कार्यवाही नही हुई है। प्रधान अजय ठाकुर ने कहा कि संस्था ने फैसला लिया है कि सोमवार को फिर जिलाधीश और सदर एमएलए को ज्ञापन सौपकर समस्या से अवगत कराया जाएगा। प्रधान ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर 15 दिनों के अंदर पुल की सड़क टायरिंग का काम शुरू नही किया गया तो आंदोलन भी किया जा सकता है। गौरतलब है कि कंदरौर पुल के पास सड़क इतनी टूट चुकी है कि वाहनों को बिल्कुल आहिस्ता चलना पड़ता है और दोपहिया वाहनों के लिए हमेशा हादसे का डर बना रहता है इस मौके पर संस्था के उपाध्यक्ष सतेंद्र कुमार मीडिया सलाहकार देशराज शर्मा सचिव जितेन्द्र ठाकुर के साथ सतीश ठाकुर नन्दलाल, ऋषि शर्मा विपुल ठाकुर नरेश ठाकुर भी मौजूद रहे।
जिला बिलासपुर मुख़्यालय में दो दिवसीय जिला स्तरीय वरिष्ठ महिला व पुरुषों की बास्केटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ बास्केटबॉल स्टेडियम रौडा में माननीय विधायक सदर सुभाष ठाकुर ने किया। इस प्रतियोगिता मेँ पुरुष 14 व महिला वर्ग की 6 कुल 20 टीमो के 170 महिला पुरुष खिलाडियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्यतिथि का स्वागत करते हुए बास्केट बॉल संघ के महामंत्री राजकुमार राणा ने बास्केटबॉल मैदान में हाइड्रोलिक डंकन रिंग्स लगवाने व ग्राउंड के अंदर पशुओं की आवाजाही रोकने हेतु फैंसिंग लगवाने की मांग रखी जिसे सदर विधायक सुभाष ठाकुर ने स्वीकार करते हुये दो सेट हाइड्रोलिक रिंग्स प्रदान किये जिसे 7 दिनों के भीतर उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। साथ ही ग्राउंड फैंसिंग का एस्टीमेट जल्द तैयार करने के निर्देश उपस्थित जिला युवा सेवाएं व खेल अधिकारी श्याम कौंडल को दिए। प्रतियोगिता आयोजन हेतु बास्केटबॉल संघ को 5000/रुपए अपनी एच्छिक निधि से देने की घोषणा भी उन्होनें की। इस अवसर पर मार्चपास्ट के अलावा वेदांती दबडॉ का कथ्यक नृत्य विशेष आकर्षण रहा। इस मौके पर जिला खेल अधिकारी श्याम कौंडल, अध्यक्ष जिला बास्केट बॉल संघ डॉ. प्रवीण रनोट, कोषाध्यक्ष अभषेक टेसू, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, तेजस्वी शर्मा, तकनीकी चेयरमैन सुरेश कौंडल के साथ साथ सुरेश नड्डा, अनिल चंदेल, प्रकाश शर्मा, नीलम रनोट, राकेश ठाकुर, भुवनेश्वरी लुम्बा, नंद लाल ठाकुर, राज कुमार, अविनाश कपूर, अभषेक सोनी, प्रवेश राणा, अश्वनी कुमार, राज कुमार राठौर, कुलवंत, राजेश कुमार, सुशील कुमार, प्रेम, मिथिला, पवन कुमार, संजीव कुमार आदि गणमान्य व्यक्तित्व व अधिकारी उपस्थित रहे। इस प्रतियोगिता में महिला पुरुष टीमों का चयन राज्य प्रतियोगिता हेतु किया जाएगा। महिला वर्ग में बरमाणा क्लब ने घुमारवीं सीनियर को 34-16 से हराया, पुरुषों में भराड़ी ने बैरी को 32-18, डिग्री कॉलेज घुमारवीं ने हटवाड़ को 38- 19, डंगार ने दधोल को 42- 32 व नाहरसिंग क्लब ने जॉर्डन क्लब को 58-28 से हरा कर अगले दौर में प्रवेश किया।
जिला युवा सेवा एवं खेल विभाग हि0प्र0 द्वारा इस वर्ष राज्य स्तरीय प्रतिभा खोज दिव्यांग प्रतियोगिता का आयोजन कहलूर खेल परिसर लुहणू जिला बिलासपुर मे 2 व 3 दिसम्बर को आयोजित करवाया जा रहा है। यह जानकारी जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी श्याम लाल कौडल ने दी। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय प्रतिभा खोज दिव्यांग प्रतियोगिता का शुभारम्भ उपायुक्त राजेश्वर गोयल द्वारा 2 दिसम्बर को प्रातः 10ः30 बजे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (द्दात्र) मैदान जिला बिलासपुर में किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में दस जिलोे से लगभग 5 सौ प्रतिभागी भाग लेगे। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता का समापन समारोह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (द्दात्र) मैदान में 3 दिसम्बर को दोपहर बाद 2ः30 बजे होगा। इसकी अध्यक्षता विधायक (सदर ) सुभाष ठाकुर करेंगें। उन्होंने समस्त नगर वासियों से कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आग्रह किया है।
शिक्षण संस्थानों के माध्यम से बच्चों का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित होता है। अध्यापक कर्तव्य निष्ठा के साथ विद्यार्थियों को गुणात्मक तथा संस्कार युक्त शिक्षा प्रदान करें। यह बात विधायक सुभाष ठाकुर ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ग्वालमुठानी के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता करने के उपरांत अपने सम्बोधन में कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूलों में बच्चों को गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए आधारभूत ढांचा उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने अध्यापकों से आहवान करते हुए कहा कि वह पूरी लग्न व कर्तव्य निष्ठा के साथ बच्चों को बेहतरीन शिक्षा उपलब्ध करवाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वह जीवन में आगे बढने के लिए लक्ष्य निर्धारित करें तथा लक्ष्य प्राप्ति के लिए अभी से ही कडी मेहनत करना शुरू कर दें। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वर्तमान समय में नशा एक गंभीर समस्या बन गई है जो कि समाज में तेज़ी से फैल रही है इसलिए समय की जरूरत है कि युवाओं का सही प्रकार से मार्ग दर्शन किया जाए और उनकी दिनचर्या पर नज़र रखी जाए ताकि युवा पीढ़ी को इस लत से बचाया जा सके। उन्होंने वार्षिक गतिविधियों में उत्कृष्ठ स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी इस वर्ष पुरस्कार लेने से वंचित रह गए है वे अभी से ही कड़ी मेहनत करना शुरू कर दें ताकि आगामी वर्ष वे भी पुरस्कार लेने के हकदार बन सकें। उन्होंने स्कूल की विभिन्न वार्षिक गतिविधियों में विजेता रहे विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने स्कूल की वार्षिक पत्रिका स्मृति का भी विमोचन किया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। उन्होंने स्कूल में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपनी ऐेच्छिक निधि से 5 हजार रूपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्कूल में लगभग 10 लाख रूपए की लागत से भव्य स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। प्रधानाचार्य सुखलाल ठाकुर ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए स्कूल की वार्षिक गतिविधियों की रिपोर्ट पढ़ी। इस मौके पर पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष आशीष ढिल्लों, स्कूल प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष सुरेश गौतम के अतिरिक्त ग्राम पंचायत प्रधान मेहर चन्द, उप प्रधान दिला राम, बीडीसी सदस्य ज्ञान चंद, मस्तराम, रीनादेवी, पवन ठाकुर के अतिरिक्त अविभावक व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
जिला भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए नशा निवारण अभियान के तहत प्रदेश सिख समुदाय संस्था के संयुक्त तत्वावधान में कल्लर रपैड़ गुरूद्वारा में स्कूली बच्चों की जिला स्तरीय चित्रकला, निबंध लेखन तथा नारा लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया गया। इन प्रतियोगिताओं में 6 विद्यालयों के 30 बच्चों ने भाग लिया। इन प्रतियोगिताओं में विजय राज उपाध्याय, सुशील पुंडीर, अमरनाथ धीमान, जीतराम सुमन,जसवंत सिंह चंदेल ने निर्णायक की भूमिका निभाई। इस दौरान आयोजित हुई चित्रकला प्रतियोगिता में सिमर कुमार, जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा प्रथम स्थान, कुमारी अनुष्का, जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा द्वितीय, हरिओंम रा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छात्र घुमारवीं तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध लेखन में रंजना कुमारी, जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा प्रथम, राजश्री, जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा द्वितीय, प्रज्ञा शर्मा, सरस्वती विद्या मंदिर ऋ षिकेश तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं नारा लेखन में रमा शर्मा, सरस्वती विद्या मंदिर ऋ षिकेश प्रथम, यासिर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऋषिकेश द्वितीय, राहुल भारद्वाज, वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऋषिकेश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा नशा निवारण अभियान पूरे प्रदेश्श में चलाया जा रहा है। इसी संदर्भ में भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा नुक्कड नाटकों का आयोजन करवाया जा रहा है। कार्यक्रम में नशा से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी भी दी गईं। वर्तमान में नशा एक विकराल समस्या बनती जा रहा है जिससे हमारी युवा पीढी का भविष्य अन्धकारमय हो रहा है। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश सिख समुदाय के प्रदेश अध्यक्ष राजीव रूप्पल, जिला प्रधान आन्नद सिंह, सचिव तारा सिंह, मंडी जिला के प्रधान लखनपाल सिंह, स्थानीय पंचायत प्रधान भृख्मों देवी तथा काफी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
सुजानपुर से कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार को अरसे बाद सरकारी स्कूलों के बच्चों को वर्दी देने की याद तो जरूर आई, लेकिन इसमें भी माल बटोरने की खुली छूट दे दी है।बच्चों द्वारा पहनने के बाद पहली बार वर्दी धोने से ही रंग निकल रहा है या फिर धब्बे बन रहे है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि घटिया क्वालिटी की वर्दी खरीदकर सरकार स्कूलों को भी भ्रष्टाचार का अड्डा बना रही है। उन्होंने वर्दी खरीद में बड़े घपले का आरोप लगाते हुए कहा कि इस बड़े गोलमाल में कौन संलिप्त है, उन सबके नाम उजागर किए जाएं। सरकार यह भी स्पष्ट करे कि अब तक क्या कार्यवाही की।सरकार के नाक तले इतना बड़ा घपला कैसे हो गया। उन्होंने चिंता जताई कि स्कूलों में ही इस तरह के मामले सामने आने से बच्चों में क्या संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा सत्र में इस मामले को कांग्रेस पार्टी जोर-शोर से उठाएगी। उन्होंने कहा कि इससे पहले हिमुडा में जमीन खरीद मामले में सरकार की किरकिरी हो चुकी है। सरकार उस मामले को भी दबा रही है जबकि करोड़ों का गोलमाल हुआ है। आयुर्वेद विभाग में दवा खरीद घोटाला उजागर हो चुका है। सरकार के 2 साल खरीद फरोख्त के बड़े घपलों में बीत गया है तथा अब इन मामलों को दबाया जा रहा है।उन्होंने सवाल किया कि आखिर इन लोगों को सरकार अपनी शह क्यों दे रही है। कहीं ऐसा तो नहीं है कि सरकार में बैठे लोगों की इसमें संलिप्तता है जिस कारण अपनों को मलाई खाता देखकर सरकार ने आंखें मूंद ली है। उन्होंने कहा कि सरकार को इन मामलों में जनता की अदालत में जबाव देना ही होगा तथा कांग्रेस पार्टी जनहित के इन मुद्दों पर चुप नहीं बैठेगी।
शुक्रवार को कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा के निवास स्थान पटलांदर में सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व सैनिकों की बैठक आयोजित की गई। इसमें सैंकड़ों पूर्व सैनिकों ने भाग लिया। बैठक में सर्वप्रथम सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि पूर्व सैनिक लीग व सर्वकल्याणकारी संस्था के सौजन्य से सुजानपुर में 15 जनवरी को सेना दिवस के सुअवसर पर पूर्व सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। बैठक में सम्मेलन के एजेंडे के बारे चर्चा करते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वर्ष 1962, 1965 व 1971 की लड़ाई में देश की सुरक्षा में जिन लोगों ने भाग लेकर अपना शौर्य दिखाया तथा अभी जीवित है, उन जांबाज सूरमाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए उन पूर्व सैनिकों की सूची तैयार की जा रही है। बैठक में कहा गया कि पूर्व सैनिकों के देश के प्रति जज्बे को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। बता दें कि इससे पहले वर्ष 2002 में संस्था की ओर से कारगिल युद्ध में शहादत का जाम पीने वाले जवानों के परिवारों को भी सम्मानित किया जा चुका है। जबकि वर्ष 2010 में सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के 2360 सेवारत सैनिक परिवारों व वर्ष 2011 में सुजानपुर विस क्षेत्र के साढ़े 3 हजार पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया जा चुका है। बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया कि मध्यप्रदेश से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नथू राम गोडसे को देशभक्त जैसा वकतव्य देना अशोभनीय व निंदनीय है। इसकी पूर्व सैनिक निंदा करने के साथ मांग करते है कि सांसद प्रज्ञा ठाकुर की सदस्यता रद्द की जाए, क्योंकि ऐसे लोगों को संसद में बैठने का कोई अधिकार नहीं है।
जिला युवा सेवा एवं खेल विभाग बिलासपुर के तत्वावधान में शुक्रवार को इंडोर स्टेडियम लुहणू में खंड स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन किया गया। इसमें सदर की विभिन्न टीमों ने भाग लिया। इसमें शास्त्रीय संगीत, हारमोनियम वादन, तबला वादन, लोक गीत व लोक नृत्य आदि प्रतियोगिताएं करवाई गई। लोक गीत प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घागस की टीम ने बेडिय़ा रे ठेकेदारा.., राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या बिलासपुर ने मैला रे हेठिया.. व भैरवी ग्रुप ने छातिया च तीर लगदा.. लोक गीत की मनमोहक प्रस्तुति दी। वहीं, लोक नृत्य प्रतियोगिता में इन टीमों ने मनमोहक वेशभूषा व लोक गीतों के साथ सजे नृत्य पर खूब तालियां बटोरी। शास्त्रीय गायन में भैरवी ग्रुप की अंजना व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छात्र बिलासपुर के उत्कर्ष शर्मा, हारमोनियम वादन में लक्की, प्रत्युष शर्मा व मुस्कान तथा तबला वादन में अभिषेक कुमार ने प्रस्तुति दी। शास्त्रीय गायन में उत्कर्ष शर्मा ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि अंजना द्वितीय रहीं। हारमोनियम वादन में लक्की ने प्रथम, प्रत्युष शर्मा ने द्वितीय व मुस्कान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, लोक गीत व लोक नृत्य में भैरवी ग्रुप ने पहला, कन्या स्कूल बिलासपुर ने दूसरा व घागस स्कूल ने तीसरा स्थान अर्जित किया। तबला वादन में अभिषेक कुमार प्रथम रहे। निर्णायक मंडल में शामिल प्रो. मीना वर्मा, प्रो. रेखा गुप्ता व अभिषेक सोनी ने प्रतिभागियों की प्रतिभा को परखा। युवा उत्सव के समापन अवसर पर सेवानिवृत प्रो. नीरज वर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। विजेता टीमों व प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान मंच संचालन मनोज ठाकुर ने किया। खेल विभाग बिलासपुर में कार्यरत अधीक्षक हीरा लाल ने बताया कि खंड स्तरीय प्रतियोगिता में विजेता रही टीमें व प्रतिभागी अब जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। दिसंबर माह में जिला स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर संगीत प्रवक्ता अनूप शर्मा, राजेश भारद्वाज, सुभाष, नीलम, प्रवीण कालिया, इशान अख्तर व अमित कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा घोषित बीएड कोर्स के चौथे सेमेस्टर के परिणाम में प्रथम दस मैरिट धारकों में घुमारवीं स्थित शिवा बीएड काॅलेज की छात्रा स्वाति गौतम ने छठे स्थान पर कब्जा किया है। काॅलेज का परिणाम पिछले वर्षो की भांति इस बार भी शत-प्रतिशत रहा। कॉलेज प्राचार्य डाॅ. सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि स्वाति गौतम कॉलेज मे भी प्रथम रही है, द्वितीय स्थान अर्पणा व तृतीय स्थान सम्मिलित रुप से नेहा, पल्लवी व अंकिता ने हासिल किया है। प्राचार्य ने इसका श्रेय कालेज के शिक्षकों व विद्यार्थियों की कडी़ मेहनत को दिया है। गौरतलब है कि पिछले वर्षो में भी इस कालेज के छात्र छात्राओं ने विश्वविद्यालय मैरिट में स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। शिवा शिक्षा समिति के अध्यक्ष बी आरशर्मा, जिला पार्षद व शिवा ग्रुप के प्रबंध निदेशक ईंo पुरूषोतम शर्मा व सदस्य मधु शर्मा ने इस अवसर पर मैरिट में स्थान हासिल करने वाली छात्रा, शिवा परिवार के सदस्यों, प्राचार्य शिक्षकों व विद्याथियों को बधाई दी व एक साथ मिलकर शिक्षा गुणवता बनाए रखने का प्रण किया।
बिलासपुर जिला में अब सभी छोटे बड़े वाहनों की प्रदूषण जांच बीडीटीएस (दि बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर सोसाईटी) के परिसर बरमाणा में होगी। बीडीटीएस की ओर से जिला का पहला और प्रदेश का तीसरा हाईटैक टेक्रोलॉजी आधारित प्रदूषण जांच केंद्र शुरू कर दिया है। यहां से जारी पॉल्यूशन सर्टिफिकेट को देश में कहीं भी ऑनलाईन चैक किया जा सकेगा। इसका विधिवत उदघाटन एसीसी प्लांट हैड अमिताभ सिंह के कर कमलों से किया गया। अभी तक पेट्रोल पंपों पर खोले गए प्रदूषण जांच केंद्रों में ट्रक ऑपरेटर व फोर व्हीलर चालक अपने वाहनों की जांच करवाते है और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट प्राप्त करते है। लेकिन यह सुविधा ऑफलाईन है, जबकि बरमाणा में ऑनलाईन सुविधा वाला प्रदूषण जांच केंद्र खोला गया है। प्रदेश में कांगड़ा और मंडी के बाद बरमाणा में खुला सेंटर तीसरा होगा। यहां ट्रकों के अलावा कोई भी वाहन चालक पॉल्यूशन सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे। बीडीटीएस के महासचिव रजनीश ठाकुर ने बताया कि सभा परिसर में प्रदूषण मापक यंत्र का विधिवत शुभारंभ एसीसी प्लांट हैड से करवाया गया है। अभी तक बरमाणा में यह सुविधा नहीं थी जिस कारण ट्रक ऑपरेटरों को पेट्रोल पंपों पर पॉल्यूशन सर्टिफिकेट प्राप्त करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि प्रदूषण जांच केंद्र खोलने को लेकर बीडीटीएस ने निर्णय लिया था और अब इसे क्रियाविंत कर दिया गया है। इसकी सहूलियत बीडीटीएस व पूर्व सैनिक निगम से संबद्ध लगभग 4500 ट्रक ऑपरेटरों को मिलेगी। न केवल ट्रक ऑपरेटर, बल्कि प्रदेश भर से कोई भी व्यक्ति यहां आकर अपने वाहन लाकर ऑनलाईन सुविधा का लाभ उठा सकेगा। रजनीश ठाकुर के अनुसार उदघाटन समारोह में सभा के प्रधान जीतराम गौतम, चेयरमैन गंगा सिंह ठाकुर, उपप्रधान जय सिंह ठाकुर, कोषाध्यक्ष राकेश ठाकुर, मुख्य संरक्षक हरविंद्र सिंह, रामकुमार, संतोष कुमार, राजेश ठाकुर, रोशन ठाकुर, कश्मीर सिंह, स्वदेश ठाकुर मैनेजर प्रेमलाल ठाकुर कार्यालय सचिव और राजेश ठाकुर और एसीसी प्लांट की ओर से प्लांट हैड के अतिरिक्त लॉजिस्टिक हैड राजेश विजयवर्गीय, सत्यवीर, नवनीत और गरचा इत्यादि ने उपस्थिति दर्ज करवाई।
स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने घुमारवीं विधान सभा क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भराडी में लगभग 69 लाख रूपए की लागत से निर्मित ओपीडी भवन का लोकापर्ण तथा 30 से 50 बिस्तरों की सुविधा स्वास्थ्य केन्द्र को प्रदान की उसके उपरांत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र दधोल लगभग 52 लाख रूपए की लागत से निर्मित भवन का भी लोकापर्ण किया। उन्होंने मुंडखर में 26 लाख 7 हजार रूपए की राशि से निर्मित स्वास्थ्य उपकेन्द्र मुंडखर भवन का लोकापर्ण के पश्चात घुमारवीं अस्पताल में 50 बिस्तर की सुविधा को 100 बिस्तरों में स्तरोन्नत कर शुभारम्भ भी किया। इस अवसर पर जनसभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को आधुनिक स्वास्थ सेवाएं प्रदान करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है प्रदेश को स्वास्थय की दृष्टि से और अधिक मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए 2 वर्षों में 800 मेडिकल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है तथा 264 नर्सों की बैच वाईज भर्ती की गई है तथा रेडियोग्राफर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पद भरे जा रहें है। उन्होंने दधोल पीएचसी को 10 बिस्तरों का अस्पताल और एक डॉक्टर का पद सृजित करने का आश्वासन दिया तथा चैंखणा धार में पीएससी खोलने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भराड़ी स्वास्थ्य केन्द्र में डाक्टरों के 2 नए पद तथा एक लैब टेक्नीशियन का पद सृजित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुंडखर स्वास्थ्य उपकेंद्र को वैलनेस सेंटर में तबदील कर दिया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र मुंडखर में चार दीवारी के लिए 5 लाख रूपए स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि घुमारवीं अस्पताल को 100 बिस्तरों पर स्तरोन्नत करने पर अब 5 डाक्टरों के स्थान पर 10 डाक्टर अपनी सेवाएं देंगे और अन्य पैरामैडिकल स्टाफ भी उपलब्ध करवाया जाएगा। विधायक राजेन्द्र गर्ग ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रकाश दडोच, जिला भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र संख्यान, एसडीएम घुमारवीं शशिपाल शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी जयगोपाल शर्मा के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी व स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रदेश सरकार स्कूलों में बच्चों को बेहतरीन गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है ताकि स्कूलों में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा के लिए बच्चों को बेहतरीन वातावरण भी उपलब्ध करवाया जा सके। यह बात विधायक सुभाष ठाकुर ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हवाण के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में आगे निकलने के लिए बच्चों को पढ़ाई तथा खेलकूद में तालमेल बिठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य को संवारने के लिए जितनी पढ़ाई अनिवार्य है उतना ही खेल जैसी अन्य गतिविधियों में भाग लेना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भविष्य किसी भी क्षेत्र में बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण स्तर पर खेल कूद गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने अध्यापकों से आहवान किया कि विद्यार्थियों को गुणात्मक एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करें। उन्होंने अध्यापकों से कहा कि वे बच्चों को उनकी रूची के अनुसार उनका लक्ष्य निर्धारित करने के लिए सहयोग प्रदान करें तथा लक्ष्य प्राप्ति के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं पर ही निर्भर करता है तथा युवाओं की उर्जा के कारण ही समाज व देश आगे बढ़ सकता है। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखने के लिए उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ अन्य सामाजिक गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रेरित करें ताकि वे अपनी उर्जा को साकारात्मक गतिविधियों में लगाकर देश तथा सामाजिक निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा सकें। इस मौके पर उन्होंने विभिन्न वार्षिक गतिविधियों में विजेता रहे विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया तथा स्कूली बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्ततु किया। इस अवसर पर स्कूल की प्रधानाचार्या राजकुमारी शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट पढी। इस मौके पर ग्राम पंचायत प्रधान सुनीता देवी, एसएमसी प्रधानन क्षमा देवी के अतिरिक्त स्कूल के अध्यापक व छात्र तथा छात्राएं उपस्थित रहीं।
सुजानपुर से कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा द्वारा गत माह प्रदेश सरकार पर हिमुडा द्वारा खरीदी जा रही जमीनों में भारी अनियमितताओं के आरोप लगाने के बाद अब उन्होंने संदेह जताया है कि आज तक इस मामले में जांच न होने के पीछे प्रदेश भाजपा सरकार की कहीं न कहीं शह प्राप्त है। उन्होंने कहा कि ऊना जिला के दुर्गम क्षेत्र छेत्रा में खरीदी गई करीब 29 करोड़ रूपए की लगभग 630 कनाल जमीन का शेष भुगतान गुपचुप तरीके से हिमुडा करने जा रहा है, जबकि इस भूमि की कीमत 50 हजार रूपए प्रति कनाल है और हिमुडा ने इसे भारी दामों पर 4.11 लाख रूपए प्रति कनाल की दर से खरीदा है। उन्होंने कहा कि कीक बैक की चर्चाएं पूरे प्रदेश में हो रही है कि सरकार इतने बड़े लैंड स्कैंडल पर चुप्पी साध कर बैठी हुई है तथा सरकार के इशारे पर सारा खेल खेला जा रहा है, लेकिन विपक्ष इस पर चुप नहीं रहेगा और विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी इस विषय को उठाया जाएगा। राजेंद्र राणा ने कहा कि पहले से 100 करोड़ रूपए के कर्ज का ब्याज चुकाना हिमुडा के लिए मुश्किल है लेकिन सरकार ने पूरा दबाव डाल रखा है कि छेत्रा की जमीन की बकाया राशि का भुगतान करने के लिए और कर्ज लिया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि पिछले दो सालों में हिमुडा द्वारा खरीदी गई जमीनों पर आगे कोई भी काम नहीं हो पाया है। धर्मशाला और देहरा में भी हिमुडा ने बैंक से भारी कर्जे उठाकर जमीनें खरीद रखी है। लेकिन इनके उपयोग की कोई भी कार्य योजना अभी तक नहीं बनी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इस मसले की जांच क्यों नहीं करवा रहे है। क्यों सीबीआई जांच करवाने से सरकार डर रही है। कहीं उनको डर है कि इसमें शामिल लोगों के नाम सार्वजनिक हो जाएंगे। आखिर यह कैसी ईमानदार सरकार है जिसकी नाक के नीचे भ्रष्टाचार चरम पर फैल रहा है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे किसी के बहकावे व दबाव में आकर गलत काम न करें, अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए भी तैयार रहें।
डिआरा इस्लामिया कमेटी की बैठक आयोजन प्रधान परवेज खान की अध्यक्षता में किया गया। इसमें सैकड़ों मुस्लिमों ने भाग लिया। जिसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कब्रिस्तान विकास एवं सौंदर्य करण कमेटी जिला बिलासपुर का गठन किया गया। इसमें सभी मुस्लिम वर्ग की सहमति से प्रदेश के वरिष्ठ मुस्लिम नेता मुनीर अख्तर लाली को कब्रिस्तान विकास एवं सौंदर्यीकरण कमेटी का अध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा इमरान अख्तर उपाध्यक्ष, ईशान अख्तर महासचिव, आसिफ मोहम्मद कोषाध्यक्ष, केश पठानिया मुख्य सलाहकार, तथा कार्यकारिणी सदस्यों में रफी हुसैन, मोहम्मद मुस्ताक, आकिब हुसैन, परवेज को लिया गया। इस मौके पर नवनियुक्त मुस्लिम नेता एवं दयारा कब्रिस्तान विकास एवं सौंदर्यीकरण कमेटी जिला बिलासपुर के प्रधान मुनीर अख्तर लाली ने कहा कि जो मुस्लिम वर्ग ने मुझे ज़िम्मेदारी सौंपी है उससे मैं बखूबी निभाने की कोशिश करूंगा। जल्द ही जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार के साथ कमेटी का एक शिष्टाचार मंडल मुलाकात करेगा।
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में हर क्षेत्र का विकास प्राथमिकता के आधार पर तीव्रता से किया जा रहा है ताकि गांव, शहरों में आम जनता को सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं मिल सके। यह बात विधायक राजेंद्र गर्ग ने लगभग 18.50 लाख रूपए की लागत से निर्मित 500 मीटर लम्बी पनौल-कंगर-हड़सर संपर्क सड़क का विधिवत् लोकापर्ण करने के उपरांत कंगर में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह करते हुए कहा कि यदि निजी भूमि विभाग के नाम कर दें तो इस संपर्क मार्ग को गांव पुआई होते हुए विधानसभा क्षेत्र घुमारवीं मुख्यालय से जोड़ दिया जाएगा, जिससे कि इस क्षेत्र के लोगों को घुमारवीं जाने के लिए 15 किलोमीटर का सफर कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़केे ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की भाग्य रेखाएं होती है तथा जिस पंचायत तथा गांव तक सड़क पहुंच जाती है वहां विकास की गति और तेज हो जाती है। उन्होंने कहा कि हर गांव को सड़क से जोड़ने का संकल्प किया गया है ताकि ग्रामीण विकास के साथ लोगों की आर्थिकी भी सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए धन की कोई कमी नहीं है तथा हर गांव को सड़क से जोड़ा जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से सम्पर्क सड़कों के निर्माण हेतु विभाग के तय मानकों के अनुसार स्वेच्छा से भूमि दान करने का आग्रह किया ताकि ज्यादा से ज्यादा गांव को सम्पर्क सड़कों से जोड़ा जा सके और हर पंचायत क्षेत्र में बेहतरीन यातायात सुविधा मुहैया करवाकर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव को मुख्य सड़क से जोडा जा सके। उन्होंने बताया कि 80 लाख रूपए की राशि व्यय कर घुमारवीं की 8 किलोमीटर लंबी सड़कों को पक्का किया गया है इससे लोगों को गुणवत्तायुक्त बेहतरीन सड़के प्राप्त हुई और छोटे-बड़े वाहन चालकों सहित आम लोगों को आरामदायक यातायात सुविधा मुहैया हुई है। उन्होंने कहा कि अमरपुर पंचायत आस-पास के क्षेत्र की बिजली की समस्या के समाधान के लिए 22 लाख 73 हजार रुपए की लागत से 63 केवीए का विद्युत उपकेंद्र स्वीकृत किया गया है जिसका टेंडर जल्द ही कर दिया जाएगा तथा उप केंद्र का निर्माण कंगर गांव में ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेयजल की समस्या के स्थाई समाधान के लिए पनौल - अमरपुर पेयजल योजना का निर्माण अब जल जीवन मिशन के तहत किया जाएगा जिस पर 7.50 करोड रुपए की राशि व्यय की जायेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए अब मेला मैदान घुमारवीं के पास से पानी उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंचायत के 3 गांव सुकड़ी, दखेतर,डिन्गू को पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए 43 लाख रुपए की लागत से पेयजल योजना सुकड़ी-दखैतर का निर्माण पूरा कर लिया गया है और गांव वासियों को शुद्ध व स्वच्छ पेयजल का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अमरपुर पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के लिए गत वर्ष लगभग 15 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने गांव कंगर में जंज घर के निर्माण की मांग पर कहा कि जमीन विभाग के नाम पर करवाएं और निर्माण हेतु आवश्यक धनराशि स्वीकृत कर दी जाएगी। इस अवसर पर मण्डलाध्यक्ष सुरेश ठाकुर, सहायक अभियन्ता लोक निर्माण विभाग घुमारवीं मनोहर लाल शर्मा, कनिष्ठ अभियंता लोक निर्माण विभाग दिनेश कुमार, सहायक अभियन्ता जल शक्ति विभाग यशपाल शर्मा, जिला आई टी सैल संयोजक राजेश शर्मा, स्थानीय पंचायत प्रधान विकास राव, उप प्रधान कर्म चंद, रमेश वर्मा, मान सिंह, अनिता कुमारी, लालू दयोड, प्यार चंद, प्रीतम, कनिष्ठ अभियंता विद्युत रविंद्र कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार स्कूलों में बच्चों को गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए आधारभूत ढांचा उपलब्ध करवा रही है, ताकि शिक्षण संस्थानों के माध्यम से बच्चों का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित बनाया जा सके। यह बात विधायक सुभाष ठाकुर ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तल्याणा के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता करने के उपरांत सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में विशेष प्रयास कर रही है सभी शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे है व शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया नियमित रूप से की जा रही है। उन्होंने बताया कि गत दो वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश सरकार द्वारा 10 हजार शिक्षकों के पद भरे जा चुके है। उन्होंने अध्यापकों से आहवान करते हुए कहा कि वह पूरी लग्न व कर्तव्य निष्ठा के साथ बच्चों को बेहतरीन शिक्षा उपलब्ध करवाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वह जीवन में आगे बढने के लिए लक्ष्य निर्धारित करें तथा लक्ष्य प्राप्ति के लिए अभी से ही कडी मेहनत करना शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश का भविष्य है इसके लिए युवाओं का स्वस्थ रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नशा एक बहुत बडा सामाजिक अभिशाप है, बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखना बहुत आवश्यक है। उन्होंने अविभावकों से आग्रह किया कि वे केवल घर पर ही बच्चों की दिनचर्या पर ध्यान दें, अपितु स्कूल में जाकर भी बच्चों के क्रियाक्लापों के बारे में फीडबैक लें। उन्होंने कहा कि वार्षिक पारितोषिक वतरण कार्यक्रम विद्यालय के छात्रों के लिए वर्ष भर अर्जित की गई उपलब्धियों को आंकने का बेहतरीन मंच है। उन्होंने वार्षिक गतिविधियों में उत्कृष्ठ स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी इस वर्ष पुरस्कार लेने से वंचित रह गए है वे अभी से ही कड़ी मेहनत करना शुरू कर दें ताकि आगामी वर्ष वे भी पुरस्कार लेने के हकदार बन सकें। उन्होंने स्कूल के परीक्षा भवन का प्राकलन तैयार करने के लिए प्रधानाचार्य को निर्देश दिए। मुख्यातिथि द्वारा स्कूल की विभिन्न वार्षिक गतिविधियों में विजेता रहे विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने स्कूल में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपनी ऐेच्छिक निधि से 5 हजार रूपए देने की घोषणा की। इस अवसर पर स्कूली बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य कुलदीप शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए स्कूल की वार्षिक गतिविधियों की रिपोर्ट पढ़ी। इस मौके पर पंचायत प्रधान भलस्वाय प्रेम सिंह, उपप्रधान रमेश, राकेश, स्कूल प्रबन्धन समिति के प्रधान पवन चन्देल, बूथ अध्यक्ष अजय कुमार के अतिरिक्त अन्य गणमान्य व्यक्ति व अविभावक उपस्थित रहे।
बुधवार को बिग बी के प्रशसंकों का ठिकाना न रहा जब उन्हें पता चला कि उनके हीरो अमिताभ बच्चन बिलासपुर में आये हैं। दरअसल अमिताभ बच्चन फिल्म ब्रह्मास्त्र की शूटिंग के सिलसिले में मनाली जा रहे थे। चंडीगढ़ में खराब मौसम होने के कारण उनकी फ्लाइट रद्द हो गयी और वो सड़क मार्ग से बिलासपुर पहुंचे। बिग बी का यहाँ पहुंचने पर डीसी बिलासपुर राजेश्वर गोयल व एसपी साक्षी वर्मा ने उनका स्वागत किया। वहीं बिलासपुर पुलिस ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। बिग बी सर्किट हाउस में आधा घंटा रुके और पल भर में ही यहाँ उनके चहेतों का जमावड़ा लग गया। बिग बी ने लोगों के साथ फोटो भी खिंचवाए। अमिताभ बच्चन यहाँ कुछ देर रुकने के बाद मनाली के लिए रवाना हो गए।
जिला न्यायालय परिसर बिलासपुर में संविधान दिवस के मौके में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राकेश कुमार चौधरी ने की। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिवक्तागण व कोर्ट परिसर के कर्मचारियों को संविधान की शपथ दिलाई व भारत के संविधान की प्रस्तावना को पढ़ने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के सिद्धांत, मौलिक कर्तव्यों, मौलिक अधिकारों की जानकारी दी। इस अवसर पर विशेष रूप से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश घुमारवीं कैंप ऐट बिलासपुर अमन सूद, सीनियर सिविल जज बिलासपुर हितेंद्र शर्मा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर साक्षी शर्मा, जेएमआईसी निकिता ताहिम, जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज, जिला न्यायवादी कार्यालय के समस्त कर्मचारी तथा प्रधान बार एसोसिएशन चमन ठाकुर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 230 लोगों ने भाग लिया।
घुमारवीं उपमण्डल के विभिन्न स्थानों पर चल रहे विकासात्मक कार्यों का एसडीएम शशी पाल शर्मा ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत पट्टा में विकास कार्याें के लिए स्वीकृत किए गए धन द्वारा किए गए कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत पट्टा में 5 कार्यों के लिए धन स्वीकृत किया गया था जिसमें से ग्रामपंचायत द्वारा अभी तक दो कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने शेष ३ कार्यों को आरम्भ कर शीघ्र पूर्ण करने का आदेश दिए। उन्होंने विकासात्मककार्यों को गुणवत्ता के साथ-साथ समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि उपायुक्त द्वारा अन्य पंचायतों में भी विकास कार्य हेतु जारी किए बजट से किए जा रहे विकास कार्यों का शीघ्र निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने ग्राम पंचायत पट्टा के परिसर में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र नगरांव का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने उपमंडल घुमारवीं में हरित आवरण (पटटी)की बढ़ोतरी हेतु चलाए गए विशेष पौधारोपण अभियान के तहत पट्टा पंचायत परिसर में रोपित किए गए पौधों का भी निरीक्षण किया और पंचायत प्रधान व अन्य उपस्थित स्टाफ को इन पौधों का सरंक्षण करने तथा विशेष ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने पंचायत सचिव से पंचायत में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत चल रहे विकास कार्यों की भी जानकारी ली।
देश के प्रत्येक नागरिक के मौलिक अधिकारों की रक्षा भारतीय संविधान के द्वारा की जाती है, हम सभी का भी दायित्व है कि भारतीय संविधान का आदर सम्मान करें। उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने संविधान दिवस पर बचत भवन में आयोजित शपथ समारोह में अधिकारियों व कर्मचारियों को भारत के संविधान की प्रस्तावना के अनुरूप कार्य करने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर एसडीएम सदर रामेश्वर, सहायक आयुक्त सिद्धार्थ आचार्य, जिला राजस्व अधिकारी देवीराम के अतिरिक्त सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला के सभी उपमण्डलों में भी संविधान दिवस पर संविधान की अनुपालना के लिए शपथ दिलाई गई।
समस्त सीडीपीओ खण्ड स्तर पर जागरूकता शिविरों का आयोजन करवाना सुनिश्चित कर ताकि अनाथ व बेसहारा बच्चों के कल्याणार्थ के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों तक पंहुच सके और कोई भी पात्र बच्चा सरकार की इन योजनाओं का लाभ लेने से वंचित न रह सके। यह बात उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने जिला स्तरीय बाल संरक्षण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर में जिला स्तरीय बाल संरक्षण समिति तथा ग्राम स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि जिला आश्रम कल्याण समिति के अधिक से अधिक लोग सदस्य बनकर अनाथ बच्चों के भविष्य को सवारनें के लिए अपना योगदान दें ताकि यह बच्चे भी समाज की मुख्यधारा से जुड़कर अपनी प्रतिभा व क्षमता का सही प्रदर्शन करके समाज की बेहतरी में कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि 5 सौ, 10 हजार रूपए व 20 हजार रूपए देकर जिला आश्रम कल्याण समिति की सदस्यता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि जिला में चाईल्ड हेल्प लाईन पूर्ण रूप से कार्य कर रही है। अव्यस्क बच्चों के बारे में किसी भी आपातकालीन स्थिति में चाईल्ड हेल्प लाईन टोल फ्री नम्बर 1098 व 1515 पर डायल कर सकते है। उन्होंने बताया कि बाल-बालिका संरक्षण योजना के तहत जिला में 154 अनाथ बच्चों को सर्वेक्षित किया गया है जिसमें से 100 बच्चों को इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जा रहा है तथा शेष बच्चों को इस योजना के तहत लाभान्वित करने की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। उन्होंने बताया कि अनाथ बच्चों को गोद लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करवाए जाते है। उन्होंने बताया कि अब तक जिला में 17 दम्पतियों को पंजीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि अनाथ बच्चों की भूमि/सम्पति उनके नाम करवाने के लिए वर्तमान में जिला के 18 वर्ष से कम आयु के 154 अनाथ बच्चे पहचान में लाए गए है। उन्होंने बताया कि 42 अनाथ बच्चों के नाम भूमि/सम्पति दर्ज करवाई जा चुकी है। उन्होंने ऐसे बच्चें जिनके दादा-दादी अभी जीवित है, भूमि/सम्पति बच्चों के नाम नहीं हो पाई है, उनके लिए राजस्व विभाग व तहसीलदार को उनकी भूमि/सम्पति के अधिकारों को सुरक्षित करवाने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि शिक्षा का समान अधिकार के तहत बाल मजदूरी व भीख मांगने वाले या अपराधिकता से पीड़ित बच्चों को शिक्षित करने के लिए रैडक्रास द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के शोषण को रोकने के लिए एडीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है जो कि समय-समय पर जिला के सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थानों का औचक निरीक्षण करेगी तथा किसी भी प्रकार का अपराधिक मामला पाए जाने पर कानूनी कार्यवाही को अमल में लाए जाने के लिए रिपोर्ट तैयार करेगी। इस अवसर पर जिला परिषद भवन में बाल संरक्षण सेवाओं से जुड़े हुए हितधारकों के संवेदीकरण हेतु जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न विभागों से आए अधिकारियों ने किशोर न्याय अधिनियम 2015, पोक्सो एक्ट 2012, बाल श्रम अधिनियम 1986, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006, बाल भिक्षावृति निवारण अधिनियम 1979 के बारें में उपस्थित लोगों को विस्तार से जानकारी उपलब्ध करवाई। जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने भी अपने विभाग के माध्यम से बाल विकास योजनाओं को प्रभावशाली तरीके से क्रियान्वित करने पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। इसके अतिरिक्त बाल संरक्षण योजना, केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन अभिकरण, वन स्टाॅप सैंटर योजना, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, सूचना शिक्षा एंव सम्प्रेशन शिविर, शिशु पालना स्वागत केन्द्र, परामर्श सुविधा, लैंगिक शोषण रोकथाम, किशोर न्याय अधिनियम, वित्तीय प्रबन्धन इत्यादि बीस से भी अधिक मुद्दों पर विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष अमरजीत सिंह बंग्गा, एएसपी. भागमल ठाकुर, डीआरओ. देवी राम, जिला कार्यक्रम अधिकारी अंजू बाला, जिला बाल विकास परियोजना अधिकारी रमेश सांख्यान, जिला श्रम अधिकारी प्यारेलाल साहू, जुविनायल जस्टिस बोर्ड के सदस्य नीरज, सेवानिवृत संयुक्त निदेशक महिला एंव बाल विकास विभाग आरएस गुलेरिया,समस्त सीडीपीओ, स्वयं सेवी संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश से सम्बन्ध रखने वाले वाईल्डलाईफ फोटोग्राफर प्रकाश बादल की तस्वीरों को एक बार फिर अंतर्राष्टीय मंच पर स्थान मिला है | प्रकाश के चित्र आगामी दिसंबर और जनवरी माह में दो अलग-अलग अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों में नज़र आएँगे | पहली प्रदर्शनी बौंग फोटोग्राफी द्वारा आयोजित ‘बौंग अंतर्राष्ट्रीय फोटो फैस्टिवल’ के अवसर पर 6 से 8 दिसंबर 2019 तक कोलकाता के गैलरी गोल्ड 11 अब्दुल रसल एवेन्यू में आयोजित की जाएगी | इस प्रदर्शनी में प्रकाश सहित विश्व भर के लगभग 200 फोटोग्राफरों के चित्रों को शामिल किया गया है| दूसरी प्रदर्शनी 16 से 20 जनवरी 2020 को एकेडमी ऑफ़ फाईन आर्टस कोलकाता में आयोजित की जाएगी | फोटोग्राफी क्लब ऑफ़ इंडिया द्वारा आयोजित की जा रही इस चौथी अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी और प्रतियोगिता में पूरे विश्व से आए जाने-माने फोटोग्राफरों के चित्रों के साथ प्रकाश बादल के चित्र भी शामिल होंगे | यही नहीं इन्ही प्रदर्शनियों में बादल को सम्मानित भी किया जाएगा | प्रकाश बादल को बोंग फोटोग्राफी और फोटोग्राफी क्लब ऑफ़ इंडिया की ओर से इसकी आधिकारिक सूचना प्राप्त हुई है | इससे पहले भी प्रकाश बादल अपनी वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफी के कारण देश भर के मानचित्र पर उभर कर सामने आए हैं | प्रकाश के चित्रों की सराहना देश के विभिन्न राज्यों में हुई हैं | हिमाचल प्रदेश सरकार के वन विभाग में कार्यरत प्रकाश बादल की वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफी के हुनर ने हिमाचल प्रदेश का नाम रौशन किया है| प्रकाश अपनी अद्भुत वाइल्ड लाईफ फोटोग्राफी के कारण पिछले कुछ वर्षों से समाचार पत्रों की सुर्ख़ियों में आते रहे हैं | हाल ही में प्रकाश को कोलकाता में ही बियोंड विज़न सस्था द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है और उनके चित्रों को अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी में सराहनीय स्थान मिला है |
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरोटा में सोमवार को नशा मुक्त अभियान को लेकर जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली में एनएसएस के स्वयंसेवियों व स्कूल के विद्यार्थियों ने बढ़-चढकर हिस्सा लिया। स्कूल प्रधानाचार्य अनीता रॉव ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नशा मुक्ति रैली स्कूल से शुरू होकर बरोटा बाजार व गांव से होते हुए पंचायत घर से वापस स्कूल पहुंची। रैली में बच्चों ने नारां के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों को लेकर लोगों को जागरूक किया। प्रधानाचार्य अनीता रॉव ने नशे को लेकर विद्यार्थियों को जागरूक करने बारे आग्रह किया। युवा पीढ़ी को नशे जैसी कुरितियों में फंसने से बजाए अपना ध्यान रखते हुए अपना ध्यान पढ़ाई पर लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशा हमारे स्वास्थ्य व जीवन को नष्ट कर देता है। अत: युवाओं को अपना ध्यान पढ़ाई, खेलकूद व अन्य प्रतियोगी गतिविधियों में लगाना चाहिए। इस अवसर पर एसएमसी कमेटी के पदाधिकारी, स्कूल अध्यापक, स्टाफ तथा विद्यार्थी मौजूद रहे।
भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष पद पर पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता स्वतंत्र सांख्यान की सर्वसम्मति से नियुक्ति हुई है। यह घोषणा सोमवार को धौलरा विश्राम गृह में जिला चुनावों के लिए नियुक्त किए गए प्रभारी नादौन के पूर्व विधायक विजय अगिनहोत्री ने की। स्वतंत्र सांख्यान को सर्वसम्मति से जिला का अध्यक्ष चुना गया है। संघ परिवार से संबंध रखने वाले स्वतंत्र सांख्यान ने अपने राजनीतिक सफर में पार्टी के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और उस समय भारतीय जनता पार्टी की पताका को सुरक्षित रखा जब भाजपा अल्पमत में होती थी। स्वतंत्र सांख्यान लंबे समय तक जिला भाजपा के महामंत्री भी रहे। इसके अलावा बिलासपुर में होने वाले विभिन्न मंडल स्तर से लेकर राष्ट्रीय कार्यक्रमों को सफल बनाने में स्वतंत्र सांख्यान की महत्वपूर्ण भूमिका रहती थी। गौर रहे कि बिलासपुर कॉलेज का गठन होने के बाद इसकी प्रथम छात्र परिषद के अध्यक्ष भी स्वतंत्र सांख्यान ही बने थे और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का झंडा बुलंद किया था। स्वतंत्र सांख्यान के नाम पर सर्वसम्मति का होना यह संकेत भी देता है कि कोई भी कार्यकर्ता किसी भी महत्वपूर्ण पद पर पहुंच सकता है वर्तमान में स्वतंत्र सांख्यान जिला व्यापार मंडल के अध्यक्ष भी है। उन्हें भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा का भी खास माना जाता है।
हिमाचल प्रदेश में रंगमंच और निर्देशन की दुनिया में अभिषेक डोगरा आज एक जाना पहचाना नाम बन चुका है। जिला बिलासपुर के अभिषेक ने एक अभिनेता के रूप में शुरुआत की और आज एक सफल निर्देशक के रूप में पहचान बनाने में सफल हुए है। वह कई नाटकों में अभिनय करने के साथ-साथ विभिन्न नाटकों और वीडियो का सफल निर्देशन कर चुके है। वैसे उन्होंने निर्देशन की कोई विशेष तालीम नहीं ली है, लेकिन विभिन्न निर्देशकों की साथ काम करते हुए उन्होंने निर्देशन की बारीकियां सीखी। अभिषेक डोगरा अभी तक "मोहणा", "खालिद की खाला" व "खोल दो" आदि नाटकों का सफल निर्देशन करने के साथ "अंधेरी नगरी चौपट राजा", "ले चल", "युद्ध और बुद्ध", "आह में, वाह में", "गुड़िया", "बिल्लियां बतयाती हैं", "खालिद की खाला", "मासूम जिंदगी की सच्चाई", "मोहणा", "शहीद", "मासूमियत", "फाइट ऑफ इनोसेंस" और "धर्मक्षेत्र, कुरुक्षेत्र" आदि नाटकों में अभिनय कर चुके हैं। इसके अलावा पहाड़ी गीत "गोरिया रा दिल", हिंदी गीत "पापा", भजन "सांवरा", "उड़ देया पंछिया" व "माता रानी तू है बड़ी प्यारी" का वीडियो निर्देशन भी उन्होंने किया है। वहीं, अभिषेक डोगरा बॉलीवुड फिल्म "तमाशा", स्टार प्लस के टीवी सीरियल "जाना न दिल से दूर" और हिमाचली फिल्म "नठ-पज्ज" में भी काम कर चुके है। बचपन से ही उन्हें अभिनय की दुनिया में काम करने का शौक था, इसके चलते जब वह पहली कक्षा में थे, तो उन्होंने बिलासपुर में एक एक्टिंग की वर्कशॉप में भाग लिया। उसके बाद स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लेते हुए खूब वाहवाही लूटी। 11वीं और 12वीं कक्षा में उन्होंने संगीत की शिक्षा भी हासिल की। बिलासपुर के दयानंद पब्लिक स्कूल से 10वीं तक की पढ़ाई करने के बाद सरकारी बॉयज स्कूल से 11वीं व 12वीं, फिर बिलासपुर डिग्री कॉलेज और उसके बाद हिमाचल विश्वविद्यालय से टूरिजम विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन की। वर्तमान में अभिषेक डोगरा जिला बिलासपुर के बन्दला में सरकारी स्कूल में पर्यटन शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे है। अभिषेक डोगरा के पिता अरुण डोगरा वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार है तथा माता सुमन डोगरा वैसे तो गृहणी है, लेकिन बावजूद इसके सामजिक और धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेती है। अभिषेक के छोटे भाई शिवांश डोगरा शिमला में एक बैंक में कार्यरत है। हाल ही में अभिषेक डोगरा द्वारा निर्देशित "खोल दो" नाटक को इंटर कॉलेज युवा उत्सव में प्रथम पुरस्कार मिला है। इस नाटक के डायलॉग अभिषेक ने अपने आप लिखे हैं। यह कहानी सुप्रसिद्व लेखक सआदत हसन मंटो की लिखी हुई है। यह नाटक उन्होंने बिलासपुर कॉलेज के छात्रों को तैयार करवाया था। खास बात यह है कि आज से 10 साल पहले अभिषेक डोगरा ने एक अभिनेता के रूप में इसी कॉलेज से काम किया था और बेस्ट एक्टर का अवार्ड भी जीता था। आज इसी कॉलेज से एक निर्देशक के रूप में काम किया और पुरस्कार भी जीता। बताते चलें कि अभिषेक डोगरा बिलासपुर में उड़ान थियेटर ग्रुप के साथ जुड़े हुए है।
हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के अंतर्गत बिलासपुर स्थित टीके सिस्टम के ट्रेनिंग सेंटर में नशा निवारण अभियान कार्यक्रम का आयोजन जिला मुख्यालय में किया गया। इसमें पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। टीके सिस्टम के डायरेक्टर विशि विशेष रूप से मौजूद रहे। सेंटर के मैनेजर पवन कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा को तथा विशेष अतिथि डायरेक्टर विश को हिमाचली टोपी तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। युवाओं को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा ने कहा कि युवा देश निर्माण में आगे आएं, आज का युवा देश का भविष्य है। युवा नशे के जाल में फंसकर अपने भविष्य को खराब ना करे। युवा देश का भविष्य है देश की उन्नति के लिए सभी युवा कटिबद्ध हो जाएं और नशे से दूर रहें। इस मौके पर टीके सिस्टम के डायरेक्टर विश मैडम ने कहा कि इस तरह के प्रोग्रामों से युवाओं को नशे से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है। इस मौके पर ऑपरेशन मुक्ति नशा निवारण अभियान के राज्य समन्वयक एवं रेनबो स्टार क्लब के अध्यक्ष ईशान अख्तर, एनआईएसडी से सर्टिफाइड ट्रेनर इंजीनियर सत्यदेव शर्मा, हिंदू मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के ब्रांड एंबेसडर सुशील पुंडीर, रेनबो स्टार क्लब के संरक्षक एवं रेड क्रॉस अवॉर्डी शीला सिंह ने भी नशे के दुष्प्रभाव के में संदर्भ में युवाओं को जागरूक किया। इस मौके पर प्रशिक्षुओं द्वारा नशे के विषय पर एकांकी भी प्रस्तुत की गई तथा युवाओं इशरत खान, पल्लवी, आशना शर्मा, दीक्षा शर्मा ने भी नशे के प्रति अपने विचार भी रखे। इस मौके पर स्टाफ नीलम कुमारी, राजेश कुमार, इत्यादि रेनबो स्टार क्लब के पदाधिकारी नीतीश, वासुदेव, अगस्त शर्मा, आशीष ठाकुर, अजय कुमार व युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के उपरांत पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा ने नशा निवारण अभियान को गति देने हेतु ऑपरेशन मुक्ति नशा निवारण अभियान के बैनर तले रैली को हरी झंडी देकर रवाना किया। यह रैली पूरे शहर में परिक्रमा कर नशे के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करते हुए शहर में घूमे इस मौके पर सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया।
बिलासपुर में आयोजित किए गए 270 राज्य स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन में सभी का अद्वितिय सहयोग रहा है और इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने में सभी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह बात जिला विज्ञान पर्यवेक्षक अमृत महाजन ने बिलासपुर में पत्रकारों को सम्मानित करने के उपरांत कही। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने में पत्रकारों का अधिकांश योगदान है क्योंकि अपेक्षा से कहीं अधिक कवरेज इस पूरे कार्यक्रम को देते हुए प्रदेश के घर-घर तक इस कार्यक्रम को पहुंचाया। उन्होंने बताया कि अभी तक भी पूरे प्रदेश भर से इस कार्यक्रम की सफलता को लेकर लोग चर्चा कर रहे है और यह सिर्फ संभव हो पाया है तो बेहतर प्रेस कवरेज से। उन्होंने कहा कि उन सभी अतिथियों का वह आभार प्रकट करते है इन्होंने समय-समय पर आकर इस कार्यक्रम को सफल घोषित किया। इसमें शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, विधायक सदर सुभाष ठाकुर, घुमारवीं के विधायक राजेंद्र गर्ग, उपायुक्त राजेश्वर गोयल तथा उनकी पूरी टीम, विवेकानंद विचार मंच के प्रांत संयोजक किस्मत कुमार तथा स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश सोनी प्रमुख है। उन्होंने अपनी टीम का भी आभार प्रकट करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में जिस भी सदस्य को जो कार्य सौंपा गया था वह उसने बखूबी निभाया। महाजन ने इस कार्यक्रम को आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक बनाने के लिए अगस्तया इंटरनेशनल फाउंडेशन बंगलुरु, विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र नई दिल्ली, पनोरमा एवं विज्ञान केंद्र कुरुक्षेत्र, हिमाचल प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद द्वारा आयोजित पर्यावरण एवं वन्यजीवों पर आधारित फिल्म फेस्टिवल करवाने का भी आभार प्रकट किया। इस अवसर पर जिला मुख्यालय पर स्थित पत्रकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य अश्विनी गुप्ता व रवि भी उपस्थित रहे।
पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने अपने सााथियो के सााथ सोनिया गांधी , राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा वापस लेने के मुद्दे को लेकर बिलासपुर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान पीएम का पुतला जलाया गया। बंबर ठाकुर ने कहा कि यह धरना युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास और एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन के पक्ष में किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तानाशाह रवैया अपना कर कांग्रेस पार्टी के नेताओं को आंदोलन करने से रोकने के लिए डंडों का और पुलिस बल का प्रयोग कर रही है। ठाकुर ने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के मकसद से मोदी सरकार ने पुलिस बल का प्रयोग करके आंदोलन कारियों को कुचलने का प्रयास किया और युवा कांग्रेस के क्रांतिकारी नेता श्रीनिवास तथा एनएसयूआई के प्रधान कुंदन को सरेआम सड़कों पर पीटा और श्रीनिवास के कपड़े तक फाड़ दिए गए और उनको सड़कों पर नंगा घुमाया जो कि लोकतंत्र की हत्या का सीधा सीधा प्रमाण देश के इतिहास में देखने को मिला। ठाकुर ने कहा कि भारतवर्ष में कांग्रेस पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता भाजपा के ऐसी तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाने के लिए तैयार बैठा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का प्रमाण हिटलर शाही से कम नहीं है इसका कांग्रेस पार्टी हर क्षेत्र में विरोध करेगी और मोदी का असली चेहरा जनता के सामने सामने लाएगी।
सदर बिलासपुर विधान सभा क्षेत्र को आर्दश विधान सभा क्षेत्र बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे है। विधानसभा क्षेत्र की समस्त पंचायतों में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है ताकि लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। यह बात सदर विधायक सुभाष ठाकुर ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत लगभग 9.50 करोड़ रूपए की लागत से कंदरौर-बगड़ी-सलणू-बरमाणा सड़क के विस्तारीकरण (उन्नयन कार्य) कार्य का विधिवत् भूमि पूजन करने के उपरांत निचली भटेड़ में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि सड़केे ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की भाग्य रेखाएं होती है तथा प्रधान मंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़को का व्यापक विस्तार सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर गांव को सड़क से जोड़ने का संकल्प किया गया है ताकि ग्रामीण विकास के साथ लोगों की आर्थिकी भी सुदृढ़ हो सके। उन्होंने बताया कि विधान सभा क्षेत्र में लगभग 90 करोड़ रूपए से अधिक धनराशि सड़कों के विस्तारीकरण तथा मुरम्मत पर व्यय की जा रही है। इससे लोगों को गुणवत्तायुक्त बेहतरीन स़ड़के प्रदान की जा सकें ताकि छोटे-बड़े वाहन चालकों, आम लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि लोगों को बेहतर सड़क सुविधा प्रदान करने के लिए लगभग 40 लाख रूपए व्यय करके देलग-चलामा सड़क को पक्का किया गया है और 3 करोड़ 37 लाख रूपए की लागत से निर्मित होने वाली जंगल-झलेडा सड़क का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि हवाण तथा बंदला सड़क के विस्तारीकरण की भी डीपीआर तैयार कर दी गई है। उन्होंने बताया कि लोगों को बेहतर आवाजाही की सुविधा प्रदान करने के लिए मल्यावर-ननावां सड़क के मध्य फुटब्रिज बनाया जाएगा। इसके लिए 30 लाख रूप्ए का प्रावधान कर दिया गया है तथा 6 करोड़ 70 लाख रूपए की डीपीआर तैयार करके उच्च स्तर पर भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि सुचारू पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए कोलडेम बांध से 66 करोड़ रूपए की पेयजल योजना पूरी करवाकर प्रत्येक गांव के लिए समुचित पानी की व्यवस्था संभव की गई है। उन्होंने बताया कि कम वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए गत् वर्ष विधान सभा क्षेत्र में 40 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए। उन्होंने कहा कि बेहतर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध करवाने के लिए जहां पर भी संभव होगा पुरानी तारे और बिजली के पोल बदलकर नए पोल और बिजली की तारें बिछाई जाएंगी। उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने अधिकारियों से भी आहवान किया कि गृहिणि सुविधा योजना, वृद्धावस्था पैशंन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधी योजना तथा अन्य लाभकारी योजनाओं का पात्र व्यक्तियों को लाभ पहुचाने में सहयोग प्रदान करें। स्थानीय गाांव की मांगों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पानी की सुचारू व्यवस्था के लिए पर्याप्त मात्रा में पेयजल पाईपें उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सराएं, टयाले के निर्माण के लिए प्राकलन तैयार करें धनराशि उपलब्ध करवा दी जाएगी। उन्होंने मन्दिर में शैड निर्माण के लिए 2 लाख रूपए स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने महिला मंडल को 11 हजार रूपए देने की घोषणा की तथा महिला मंडल भवन निर्माण के लिए भी भूमि चयनित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर मंडलाध्यक्ष हंसराज ठाकुर, जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष लेखराम, ग्राम पंचायत प्रधान मीना कुमारी, उप प्रधान बाबू राम, पूर्व प्रधान सीमा धीमान, प्रेम लाल धीमान, महासचिव पवन कुमार, डा0 गोपाल दास, एक्सियन लोक निर्माण ई0वीएन पराशर के अतिरिक्त अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कीरतपुर नेरचौक फोरलेन ठेकेदार यूनियन की बैठक एनएचएआई और आईटीएनल के अधिकारियों के साथ डीसी बिलासपुर राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में हुई। इसमें जित्तेंद्र चंदेल ने ठेकेदारों की आवाज को उठाते हुए कहा कि जो दो साल से उनको उनके काम की अदायगी नहीं की गई है। इस वजह से उनके घरों तक के कुर्की के आदेश बैंकों के द्वारा दिए जा चुके है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द इनके पैसों का भुगतान किया जाए। इस पर डीसी बिलासपुर ने एनएचएआई और आईटीएनएल के उच्च अधिकारीयों को 15 के भीतर बैठक करने के आदेश दिए और कहा कि बैठक में अपनी योजना का खाका तैयार करके लाएं और बताए कि कब इन ठेकेदारों का पैसे का भुगतान करेंगे और कैसे करेंगे। सभी ठेकदारों ने एक स्वर में कहा कि अगर पैसे का भुगतान नहीं हुआ तो फोरलेन की सड़क का काम शुरू नहीं होने देंगे। चाहे उस के किसी भी स्तर का आंदोलन क्यों ना करना पड़ा। इस अवसर पर एसपी बिलासपुर साक्षी वर्मा, एडीएम विनय धीमान, पूर्व एपीएमसी चेयरमैन विवेक कुमार, नितिन महाजन, रवि कपूर, राकेश जसवाल, मान सिंह, रोहित शर्मा, दिनेश सैनी प्रेमलाल राव आदि उपस्थित रहे।
हिमाचल में उप चुनावों में हुई कांग्रेस की हार के बाद कांग्रेस हाईकमान सीरियस हो गया है। हरियाणा में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन के बाद अब हिमाचल पर नजर पैनी कर दी गई है। वैसे भी पंजाब में कांग्रेस की सरकार है और हिमाचल में भी इस बारे में कांग्रेस सचेत हो गई है। सूत्र बताते हैं कि हाई कमान ने इस बार कोई प्रयोग न करके संगठन के अनुभव और नेतृत्व क्षमता के आधार पर प्रदेश नेतृत्व तय करने का निर्णय लिया है। बिलासपुर से सम्बंध रखने वाले ठाकुर राम लाल वर्तमान में कांग्रेस विधायकों में वीरभद्र सिंह के बाद सबसे अनुभवी व वरिष्ठ नेता है। वही पार्टी व कार्यकर्ताओं में उनकी दमदार छवि है। राम लाल ठाकुर बिलासपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र श्री नैना देवी से पांचवीं बार विधायक बने, ठाकुर पूर्व में कई विभागों के मंत्री रहे है। इस भी विभाग के वो मंत्री रहे उसमे उन्होंने नए आयाम स्थापित किये हैं। ताजा घटना क्रम के चलते पिछले कल हिमाचल के अध्यक्ष कुलदीप राठौर के अलावा सभी पदों को निरस्त कर दिया है व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली उनको दिल्ली बुला लिया है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि रामलाल ठाकुर का नाम प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए तय किया जा चुका है। अब ओपचारिक घोषणा होनी बाकी है। इसी तरह से नेता विपक्ष के लिए आशा कुमारी का नाम सामने आया है जो पंजाब के साथ छत्तीसगढ़ की प्रभारी भी रही है और प्रदेश कांग्रेस के साथ राष्ट्रीय पटल पर भी अग्रणी महिला नेताओं में गिनी जाती है। वो वर्तमान में चंबा के डलहौजी से विधायक है व प्रदेश कांग्रेस में इकलौती महिला विधायक है। जहाँ गत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के बड़े बड़े दिग्गज मंत्री चुनाव हार गए थे वही बीजेपी की प्रचंड लहर में भी उपरोक्त दोनों नेता कड़ी टक्कर में जीत कर विधानसभा पहुंचे थे। हिमाचल के कांग्रेस समर्थक नए कप्तान के नाम की घोषणा का इंतजार कर रहे है लेकिन बिलासपुर वासी इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे है। कांग्रेस के नेतृत्व में ये बदलाव कांग्रेस की वापसी करवाने में कितना सफल होता है ये तो भविष्य के गर्भ में है लेकिन इन नेताओं के नाम सामने के बाद दो साल से विपक्ष के कमजोर नेतृत्व का फायदा लेकर आराम से सरकार चलाने वाले मुख्य मंत्री जय राम ठाकुर को भी विपक्ष के घेरने लिए नए सिरे से रणनीति बनानी पड़ेगी।
वीरवार को फोरलेन विस्थापितों ने उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया और एनएच ए आई के खिलाफ नारेबाजी की। इस प्रदर्शन का नेतृत्व जितेंद्र चंदेल ने किया। इसमें सभी दलों के लोग शामिल थे। अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंंपते हुए चंदेल ने कहा कि आज ही उपायुक्त एनएचएआई से बैठक नहीं करवाते और उन्हें नहीं बताते हैं तो नेशनल हाईवे जाम कर दिया जाएगा और चक्का जाम भी हो जाएगा। इसकी सारी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी। उन्होंने कड़े शब्दो में चेतावनी देते हुए कहा कि आज तक फोरलेन ठेकेदार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से भी कई बार मिले लेकिन उनकी समस्या का समाधान अभी तक नहीं हो पाया है। ठेकेदारों ने कहा कि अगर इस बार समस्या हल न हुई तो आंदोलन और उग्र हो जाएगा।
गैर हिमाचलियों को सरकारी नौकरी की भर्ती प्रक्रिया में कड़ी शर्त जोडऩे पर सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी के पुरजोर विरोध के बाद 2 साल से सोई प्रदेश सरकार जागी तो है तथा नियमों में बदलाव भी किया है लेकिन सरकार अभी भी आधी नींद में है तथा अधिकारियों के इशारे पर काम कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि हिमाचली बोनाफाइड होने के बावजूद प्रदेश के बाहर सरकारी व निजी क्षेत्र में जॉब कर रहे लोगों के बच्चों को हिमाचल में डाक्टरी की पढ़ाई में पेंच क्यों फंसा रखा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई लोग रोजी-रोटी की तलाश में बाहरी राज्यों में अपने परिवार के साथ रह रहे है। देश की सेवा में लगे हजारों सैनिक भी परिवार सहित विभिन्न राज्यों में रहकर आजीविका कमा रहे हैं लेकिन उनके बच्चों को हिमाचल में एम.बी.बी.एस. की पढ़ाई करने में बाहरी माना जाता है, क्योंकि उनकी प्रांरभिक शिक्षा बाहरी राज्यों की होती है। उन्होंने कहा कि ऐसा भेदभाव व पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है जबकि ऐसे परिवारों के बच्चों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए लेकिन सरकार उन्हें बेगाना समझती है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि बाहरी राज्यों में रह रहे हिमाचली लोगों के बच्चों को डाक्टरी की पढ़ाई में प्रारंभिक शिक्षा प्रदेश से करने की बजाये बोनाफाइड हिमाचली को केवल अनिवार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी सरकार इस मुद्दे पर जागी तो लेकिन पूरी तरह से नहीं। एन.आई.टी. हमीरपुर में बाहरी राज्यों के लोगों को भर्ती करने की बात हो या फिर सचिवालय में रेवडिय़ों की तरह भर्ती करने की, ये ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सरकार नहीं जागी है। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर भटक रही है जिसके लिए सरकारी की अफसरशाही भी जिम्मेवार है, क्योंकि 2 साल के बाद भी नईनवेली इस सरकार को तर्जुबा नहीं है तथा अपनी मनमर्जी से अधिकारी सरकार को चला रहे है। जिस कारण कांग्रेस पार्टी को विपक्ष में सजग भूमिका निभाकर सरकार को जगाना पड़ रहा है, ताकि प्रदेश की जनता के साथ कोई अन्याय न हो।
भाषा एवं संस्कृति विभाग कार्यालय बिलासपुर संस्कृति भवन के बैठक कक्ष में नशा निवारण पर कवि संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम भाषा विभाग के प्रतिनिधि इन्द्र सिंह चन्देल द्वारा संगोष्ठी में आए सभी साहित्यकारों का धन्यवाद किया। इसके साथ ही संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार नरैणू राम हितैषी ने की तथा मंच का संचालन साहित्यकार एवं पत्रकार ए डी रीतू द्वारा किया गया। इस संगोष्ठी में नशे से होने वाले दुष्प्रभावों पर साहित्यकारों द्वारा अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। सर्वप्रथम साहित्यकारों द्वारा मां सरस्वती की ज्योति प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम के आरम्भ में सभी साहित्यकारों द्वारा हाल ही में रामलाल पुण्डीर के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रधांजली अर्पित की। इसके उपरान्त सन्देश शर्मा द्वारा सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की। जीतराम सुमन ने ‘‘ नसेयां मुक्कवाणे गबरू म्हारे शीर्षक से रचना प्रस्तुत की। बुद्धि सिंहं चन्देल ने , छडी देवा लोको इस नशे वाले टबडे.. । कविता सिसोदिया ने तन मन हो जब धीरे -ंधीरे आने लगी आपकी। गोबिन्द घोष ने निदा फाज़ली की गज़ल सुनाई , पंक्तियां थीं सफर में धूप तो होगी, जो चल सको तो चलो। रामपाल डोगरा ने -यादें जो मुझे अक्सर हिजोडे जाती है। सुरेेन्द्र मिन्हास ने दपैरां तकर धुई, कम्म रोकदी मुंई, हत्थ रख काहला, आई ग्या स्याला। अमरनाथ धीमान ने पहाड़ी रचना ‘‘बन्दले रीए धारे मुईए तूने मांह इक गल गलाणी, हरी-हरी चिल्लां होर खजूरी ने भरूरी तेरिया गोद्धा ते बगदा पाणी ,। रविन्द्र चन्देल ने ‘‘ वीरों की इस पावन धरा पर, हर पग आगे हूं। नरैणु राम हितैषी ने ‘‘बैहरे बन बैठे हैं हुक्कमरान। अरूण डोगरा रीतू ने कलियुग का रावण शीर्षक से रचना प्रस्तुत की। प्रदीप गुप्ता ने - खुदा ने जो दिया लाजबाब दिया, चलो शुक्रिया उसका बार-बार करते है‘‘। रविन्द्र शर्मा ने - सुन ओ मेरी सरकार, हऊं आ इक बेरोजगार, मिन्जो नौकरी देईदे, हऊं आं बड़ा भारी लाचार, । डॉ0 अनेक राम सांख्यान ने आई गई ठण्डी-ठण्डी रूत सयाले री। सोनू देवी ने बचपन है ऐसा खजाना, आता है ना दोबारा मुशिकल है इसको भूल पाना,। सन्देश शर्मा की रचना की पंक्तियां थीं- कुछ फैसलों से फासले ब-सते गए ऐसे, महफिल में साथ-साथ थे पर मिल नहीं पाए। शिवपाल गर्ग ने - जाणे क्या ग्लाया, शीर्षक से रचना प्रस्तुत की। लश्करी राम ने - म्हाचला रे माणुआं री बखरी नुवार ऐ, ठण्डा-ठण्डा पानी कन्नें बड़ा करे प्यार ए। पूनम शर्मा ने कहा आखिर क्यूं चुप.रहता है समाज। इस अवसर पर विभागीय कर्मचारी इन्द्र सिंह चन्देल, रविन्द्र कुमार दुर्वासा, अमर सिंह भी श्रोताओं के रूप में उपस्थित रहे। अन्त में कार्यक्रम के अध्यक्ष नरैणू राम हितैषी ने सभी कवियों एवं साहित्यकारों द्वारा नशे के ऊपर तथा सम सामयिक रचनाएं संगोष्ठी में प्रस्तुत करने के लिए आभार व्यक्त किया। भाषा एवं संस्कृति विभाग कार्यालय बिलासपुर संस्कृति भवन के बैठक कक्ष में नशा निवारण पर कवि संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम भाषा विभाग के प्रतिनिधि इन्द्र सिंह चन्देल द्वारा संगोष्ठी में आए सभी साहित्यकारों का धन्यवाद किया। इसके साथ ही संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार नरैणू राम हितैषी ने की तथा मंच का संचालन साहित्यकार एवं पत्रकार ए डी रीतू द्वारा किया गया। इस संगोष्ठी में नशे से होने वाले दुष्प्रभावों पर साहित्यकारों द्वारा अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। सर्वप्रथम साहित्यकारों द्वारा मां सरस्वती की ज्योति प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम के आरम्भ में सभी साहित्यकारों द्वारा हाल ही में रामलाल पुण्डीर के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रधांजली अर्पित की। इसके उपरान्त सन्देश शर्मा द्वारा सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की। जीतराम सुमन ने ‘‘ नसेयां मुक्कवाणे गबरू म्हारे शीर्षक से रचना प्रस्तुत की। बुद्धि सिंहं चन्देल ने , छडी देवा लोको इस नशे वाले टबडे.. । कविता सिसोदिया ने तन मन हो जब धीरे -ंधीरे आने लगी आपकी। गोबिन्द घोष ने निदा फाज़ली की गज़ल सुनाई , पंक्तियां थीं सफर में धूप तो होगी, जो चल सको तो चलो। रामपाल डोगरा ने -यादें जो मुझे अक्सर हिजोडे जाती है। सुरेेन्द्र मिन्हास ने दपैरां तकर धुई, कम्म रोकदी मुंई, हत्थ रख काहला, आई ग्या स्याला। अमरनाथ धीमान ने पहाड़ी रचना ‘‘बन्दले रीए धारे मुईए तूने मांह इक गल गलाणी, हरी-हरी चिल्लां होर खजूरी ने भरूरी तेरिया गोद्धा ते बगदा पाणी ,। रविन्द्र चन्देल ने ‘‘ वीरों की इस पावन धरा पर, हर पग आगे हूं। नरैणु राम हितैषी ने ‘‘बैहरे बन बैठे हैं हुक्कमरान। अरूण डोगरा रीतू ने कलियुग का रावण शीर्षक से रचना प्रस्तुत की। प्रदीप गुप्ता ने - खुदा ने जो दिया लाजबाब दिया, चलो शुक्रिया उसका बार-बार करते है‘‘। रविन्द्र शर्मा ने - सुन ओ मेरी सरकार, हऊं आ इक बेरोजगार, मिन्जो नौकरी देईदे, हऊं आं बड़ा भारी लाचार, । डॉ0 अनेक राम सांख्यान ने आई गई ठण्डी-ठण्डी रूत सयाले री। सोनू देवी ने बचपन है ऐसा खजाना, आता है ना दोबारा मुशिकल है इसको भूल पाना,। सन्देश शर्मा की रचना की पंक्तियां थीं- कुछ फैसलों से फासले ब-सते गए ऐसे, महफिल में साथ-साथ थे पर मिल नहीं पाए। शिवपाल गर्ग ने - जाणे क्या ग्लाया, शीर्षक से रचना प्रस्तुत की। लश्करी राम ने - म्हाचला रे माणुआं री बखरी नुवार ऐ, ठण्डा-ठण्डा पानी कन्नें बड़ा करे प्यार ए। पूनम शर्मा ने कहा आखिर क्यूं चुप.रहता है समाज। इस अवसर पर विभागीय कर्मचारी इन्द्र सिंह चन्देल, रविन्द्र कुमार दुर्वासा, अमर सिंह भी श्रोताओं के रूप में उपस्थित रहे। अन्त में कार्यक्रम के अध्यक्ष नरैणू राम हितैषी ने सभी कवियों एवं साहित्यकारों द्वारा नशे के ऊपर तथा सम सामयिक रचनाएं संगोष्ठी में प्रस्तुत करने के लिए आभार व्यक्त किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉक्टर प्रकाश दरोच ने जानकारी देते हुए बताया कि मादक पदार्थों नशीली दवा दुरुपयोग एवं शराब के विरुद्ध 15 नवम्बर से 15 दिसम्बर तक चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बिलासपुर में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता प्रधानाचार्य अजेश शर्मा ने की। इस अवसर पर छात्रों को जागरूक करते हुए स्वास्थ्य शिक्षक प्रवीण शर्मा तथा विजय शर्मा ने बताया की नशा एक गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है तथा इसका अवैध धंधा हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रहा है। जिसके कारण न केवल किशोर, युवा बल्कि समाज के सभी वर्गों के लोग इसकी चपेट में आ रहे है। उन्होंने बताया कि नशे का प्रभाव गर्भवती महिलाओं के भ्रुण पर भी पड़ रहा है इसके कारण गर्भ में पल रहे बच्चे भी विकलांगता का शिकार हो रहे है। नशे को रोकने के लिए समाज के सभी वर्गों के सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने छात्रों को बताया कि नशा शरीर और मन दोनों का नाश करता है यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर करता है। इस से तपेदिक, हृदय रोग, फेफड़े का कैंसर, शारीरिक विकलांगता, एचआईवी एड्स तथा डिप्रेशन इत्यादि हो सकता है। उन्होंने कहा कि नशे से छुटकारा पाने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है इससे कई प्रकार की शारीरिक तथा मानसिक बीमारियां तथा मृत्यु तक हो सकती है। उन्होंने बताया कि नशे का आदि होना आसान है लेकिन छुटकारा पाना बहुत मुश्किल है इसके सेवन से मानसिक क्रियाओं में परिवर्तन आते है जिनके प्रभाव से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है तथा शरीर कई प्रकार की बीमारियों से ग्रसित हो जाता है। उन्होंने बताया कि नशे के पदार्थों में मुख्यतः गांजा, अफीम, तम्बाकू, स्मैक ब्राउन शुगर तथा शराब आदि शामिल है। उन्होंने बताया कि ड्रग को लेने वाला व्यक्ति इसे मुंह द्वारा सुईयों के द्वारा तथा सूंघने से ग्रहण करता है। उन्होंने बताया कि नशे का प्रमुख कारण माता- पिता का बच्चों पर नियंत्रण ना होना। परिवार इकाई, पड़ोसी राज्यों से नशे की पूर्ति, बेरोजगारी तथा इंटरनेट का दुरुपयोग, उत्सुकता, झूठे आनंद की अनुभूति, भावनात्मक रूप से अलगाव, दोस्तों का दबाव, शौक, जिज्ञासा, माता पिता या भाई बहनों द्वारा नशे का सेवन करना इत्यादि हैं। उन्होंने बताया कि नशे से बचने के लिए नशे को न कहना सीखें, नशा करने वालों से दूर रहें, रचनात्मक कार्यों व खेलकूद में भाग ले, बच्चों के साथ पर्याप्त समय बताएं, बच्चों की भावनाओं का कद्र करें तथा घर के पास नशाखोरी करने वाले असामाजिक तत्वों की सूचना पुलिस को अवश्य दें। उन्होंने बताया कि दृढ़ इच्छाशक्ति तथा संकल्प योग और ध्यान द्वारा नशे से पीड़ित व्यक्तियों का उपचार किया जाता है तथा क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में नशा मुक्ति के लिए केंद्रों की स्थापना की गई है, जहां नशे से पीड़ित व्यक्तियों का उपचार किया जाता है तथा नशा छोड़ने के लिए परामर्श किया जाता है। इस अभियान के अंतर्गत पूरे जिला में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी प्रतिदिन पाठशाला तथा शिक्षण संस्थानों में बच्चों को नशे से होने वाले दुष्प्रभाव तथा लक्ष्ण के बारे में जागरूक कर रहे है नशे से ग्रसित बच्चे की पहचान कर उनके लिए इस अभियान के दौरान क्षेत्रीय चिकित्सालय बिलासपुर में प्रत्येक रविवार को विशेष ओपीडी भी लगाई जा रही है इसमें क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में कार्यरत मनोचिकित्सक डॉक्टर नीरज भारती द्वारा उपचार एवं परामर्श दिया जा रहा है। उन्होंने अपील की कि अगर कोई व्यक्ति नशीले पदार्थ छोड़ना चाहता है तो इसकी जानकारी स्वास्थ्य कर्मी को दें अधिक जानकारी के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार की ड्रग फ्री ऐप व टोल फ्री नंबर से इसकी सूचना प्राप्त की जा सकती है। नशा मुक्ति के लिए क्षेत्रीय चिकित्सालय बिलासपुर के नशा मुक्ति केंद्र द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ उठा सकते है।
देश में बिलासपुर एकमात्र जिला है जहां पर जल, थल और वायु तीनों खेलें संभव है, फिश एंग्लिंग, क्रिकेट प्रतियोगिताएं और पैराग्लाइडिंग तीनों खेलों के सफल आयोजन करवाकर जिला बिलासपुर ने राष्ट्र स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। यह बात विधायक सुभाष ठाकुर ने बिलासपुर के बंदला धार में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की पैराग्लाईडिंग एक्यू व एक्युरेसी प्रतियोगिता के लुहणू में आयोजित समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जिला में खेलों के क्षेत्र में और अधिक विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जिला में पर्यटन की नई गतिविधियों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के लिए नए अवसर पैदा करने की आवश्यकता पर बल दिया जाएगा ताकि दूर-दूर से पर्यटक बंधला धार और झील के सौंर्दय को निहारने के लिए जिला का रूख करें। उन्होंने कहा कि आगामी बर्ष गोबिंद सागर झील में जल क्रीड़ाओं को आयोजित करवाने की भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि नए वाटर वोट और स्टीमर उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार, खेल मंत्री, जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग का धन्यावाद करते हुए कहा कि इनके बहुमुल्य सहयोग से ही राष्ट्र स्तर की पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता का जिला में सफल आयोजन किया गया। उन्होंने स्थानीय जनता तथा जिला टैक्सी यूनियन का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एक माह पूर्व ही पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता को आयोजित करवाने के लिए तकनीकी अनुमोदन प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान पैराग्लाइडिंग एशोसिएशन तथा पायलटों द्वारा पूरे नियमों का पालन सुनिश्चित किया गया।उन्होंने पैराग्लाईडरों से आहवान किया कि पैराग्लाईडिंग एक साहसिक और रोमांचक खेल है। पैराग्लाइडिंग करते समय पूर्ण रूप से तैयारी करें और इसके नियम और कानून की पूरी-पूरी जानकरी रखें, ताकि सुरक्षित पैराग्लाइडिंग करने में मदद मिल सके। इस अवसर पर एशोसिएशन के महासचिव अतुल खजूरिया ने मुख्यातिथि तथा अन्य अतिथियों का स्वागत किया तथा सचिव मनोज शर्मा ने तीन दिवसीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता की विस्तृत रूप से जानकारी उपलब्ध करवाईं। पूर्व महामंत्री स्वतंत्र सांख्यान तथा पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष आशीष ढिल्लों ने भी सम्बोधित किया। बिलासपुर में आयोजित इंडियन एक्रो एंड एकुरेसी चैंपियनशिप में हिमाचल समेत देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही नेपाल, टर्की व ऑस्ट्रेलिया के कुल 57 पैराग्लाइडिंग पायलटों ने जौहर दिखाए। तीन दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने बंदला टेक ऑफ प्वाइंट से 500 से अधिक उड़ानें भरकर हवा में हैरतअंगेज करतब दिखाते हुए लोगों का मनोरंजन किया। वहीं, पंजाब के मुक्तसर से आए सुखचरण सिंह बराड़ उर्फ निक्का ने पावर पैराग्लाइडर के माध्यम से लुहणू मैदान से उड़ानें भरते हुए शहर के ऊपर हवा में सैर की। इसके अलावा इकलौती महिला पायलट के रूप में गुजरात की सुरभि ने भी परिंदों की तरह उड़ान भरी।प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय स्तर के पैराग्लाइडिंग पायलटों महाराष्ट्र के तानाजी ताकवे तथा नेपाल के एलिस थापा व सुभाष थापा ने निर्णायक की भूमिका निभाई। उन्होंने हर प्रतिभागी के टेक ऑफ से लेकर एक्रो एक्टिविटी और एकुरेसी स्किल को बारीकी से परखा। एकुरेसी स्पर्धा में नेपाल के पैराग्लाइडिंग पायलटों का बोलबाला रहा। पहले तीनों स्थान नेपाल को मिले। विशाल थापा पहले, युबराज सनावर दूसरे और बिजय गौतम तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें स्मृति चिन्ह के साथ क्रमश 60 हजार, 40 हजार व 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। वहीं, एक्रो स्पर्धा में भी नेपाल के अमन थापा पहले स्थान पर रहे। इस स्पर्धा में हिमाचल के विक्की ठाकुर दूसरे, हिमाचल के ही ऋषिराज तीसरे, सिक्किम के सेन सुकरा बहादुर चैथे व हिमाचल के युद्धवीर ठाकुर पांचवें स्थान पर रहे। उन्हें स्मृति चिन्ह के साथ 60 हजार, 50 हजार, 35 हजार, 20 हजार व 15 हजार रुपये का पुरस्कार मिला। इस मौके पर एसडीएम रामेश्वर,चीफ इंजीनियर लोक निर्माण जेएस गुलेरिया, एसई लोक निर्माण अजय गुप्ता, जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी श्याम लाल कौंडल,हिमाचल प्रदेश पैराग्लाइडिंग एशोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा,. वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद सरीन, उपाध्यक्ष विशाल जस्सल, महामंत्री प्यारे लाल, पवन ठाकुर, जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष राकेश ठाकुर, पार्षद नरेद्र पण्डित, संतोष भारद्वाज, कृष्ण लाल उपाध्याय के अतिरिक्त अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने कहा है कि प्रदेश सरकार का अपने सरकारी महकमों से भी भरोसा उठ गया है। इन्वेस्टर मीट में भी अपने बड़े नेताओं को खुश करने के लिए निजी कंपनियों को करोड़ों रुपए देकर सरकार ने अपनी व इवेन्ट की ब्रांडिंग करवाई, इससे लगता है कि लोक संपर्क विभाग पर भी सरकार की विश्वास नाम की चीज नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हरेक वर्ग से वायदा खिलाफी करने वाली सरकार ने प्रदेश के मीडिया कर्मियों को भी ठगने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने के बाद बजट सत्र के दौरान सरकार से मान्यता प्राप्त मीडिया कर्मियों को लैपटॉप देने की घोषणा की थी जोकि अब तक पूरी नहीं हो पाई है। अब पता चला है कि सरकार ने लैपटॉप खरीद लिए हैं लेकिन अधिकारियों के कहने पर अब उन्हें भी अब तक मीडिया कर्मियों को नहीं दिया है। सरकार को इसके पीछे के वास्तविक कारणों से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। राजेंद्र राणा ने कहा कि ट्रिब्यूनल को बंद करने के फैसला का खमियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। अब तक ट्रिब्यूनल में लंबित मामलों को अन्यत्र शिफ्ट नहीं किया गया है इस कारण मामले लटके पड़े हैं। कर्मचारियों को यही समझ नहीं आ रहा है कि न्याय की आस में कहां जाएं। ट्रिब्यूनल में कार्यरत कर्मचारियों को भी अन्य किसी विभाग में मर्ज नहीं किया गया है, जोकि सरकार की असफल कार्यप्रणाली को साबित कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश तो पहले ही ऐसी सरकार में चंगुल में है, जिसका हर निर्णय जनता पर भारी पड़ा है लेकिन प्रदेश में भी उसी ढर्रे पर चलने वाली सरकार से जनता का पाला पड़ा है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता चुनावों के समय दावे करते थे कि केंद्र व प्रदेश में भाजपा सरकारें होने से डबल इंजन से विकास कार्यों को तेजी मिलेगी लेकिन डबल इंजन उसके विपरीत काम करते हुए देश व जनता की समस्याओं व उनकी दिक्कतों को बढ़ा रहा है।
सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब एवं हिंदू मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (सर्वधर्म समभाव) के बैनर तले जिला मुख्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता लाडली फाउंडेशन के जिला महासचिव पवन कुमार शर्मा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित करके किया गया। कार्यक्रम में गत दिनों राज्य स्तरीय मास्टर गेम में रेनबो स्टार क्लब के मुख्य सलाहकार निर्मला राजपूत को दो गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल मिलने पर तथा हिंदू मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के ब्रांड एंबेसडर सुशील पुंडीर को सिल्वर मेडल मिलने पर सम्मानित किया गया। लाडली फाउंडेशन के जिला महासचिव पवन कुमार शर्मा तथा रेनबो स्टार क्लब के अध्यक्ष ईशान अख्तर ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि निर्मला राजपूत और सुशील पुंडीर ने संस्था का नाम जिले में नहीं अपितु पूरे प्रदेश में रोशन किया है। इस मौके पर संस्था के पदाधिकारियों ने निर्मला राजपूत व सुशील पुंडीर को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। ईशान अख्तर ने बताया कि ग्राम पंचायत नोनी के प्रधान एवं रेनबो स्टार क्लब के मुख्य सलाहकार निर्मला राजपूत 22 नवंबर से 25 नवंबर तक आंध्र प्रदेश के तिरुपति में होने जा रही जूनियर एथलेटिक्स नेशनल चैंपियनशिप में बतौर मैनेजर भूमिका निभाएंगे। इस मौके पर हिंदू मुस्लिम राष्ट्रीय मंच प्रांत संयोजक इंजीनियर सत्यदेव शर्मा, तनवीर खान, नीतीश कुमार ,शीला सिंह, शालू, राजीव शर्मा, अनीता, शिवानी, प्रियंका ,शालिनी शर्मा इत्यादि संस्था के पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रदेश विधानसभा के 9 दिसम्बर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र पर कांग्रेस के विधायक राजेंद्र राणा ने सवाल उठाते हुए कहा है कि 2 साल के असफल कार्यकाल का तमगा लेने वाली प्रदेश सरकार चर्चा से भाग रही है। उन्होंने कहा कि तपोवन में 9 से 14 दिसम्बर तक 6 बैठकें होगी। प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा कि वर्ष में बैठकें भी पूरी नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष के दौरान लोकसभा चुनाव के कारण विधानसभा के बजट सत्र में 11 बैठकें ही हुई थीं, जिसके बाद मानसून सत्र के दौरान 12 बैठकें आयोजित हुई। ऐसे में इस बार सरकार को कम से कम 11 बैठकें आयोजित करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत में खोट लग रहा है, क्योंकि विकास में जीरो रही सरकार की इन्वेस्टर मीट से सरकार बेकफुट पर है और किसी भी मुद्दे के लिए दिमागी रूप से तैयार नहीं है। यही कारण 6 दिन में सत्र को निपटाकर सरकार चर्चा से भाग रही है। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर पीट चुकी है तथा सरकार से प्रदेश नहीं चलाया जा रहा है। केंद्र ने भी आर्थिक मदद देने से इंकार कर दिया है तथा सड़कों की हालत खराब हो गई है। गैर हिमाचलियों को सरकारी नौकरियां बांटी जा रही है जबकि प्रदेश के युवा सड़कों की खाक छान रहे हैं। ऐसे हालातों के लिए जिम्मेवार व जबावदेह होने की बजाये सरकार का चर्चा से भागना साबित करता है कि विपक्ष के हमलों से पहले ही सरकार ने घुटने टेक दिए हैं।
जिला अस्पताल बिलासपुर में टेढ़े मेढ़े (कलव फुट) पांव के लिए निशुल्क उपचार शुरू होने जा रहा है। इसमें बच्चों के जन्म के समय पैर टेढ़े मेढ़े के इलाज के लिए अब उन्हें बड़े शहरों तक नहीं जाना होगा। हर शुक्रवार को जिला अस्पताल में ही टेडे मेडे पाँव के लिए मरीजों की जांच के साथ इलाज भी किया जाएगा। इस स्पेशल निशुल्क ओपीडी तथा डिजिटल एक्स-रे और वेबसाइट का शुभारंभ सदर विधायक सुभाष ठाकुर ने जिला अस्पताल में किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रकाश दरोज ने जानकारी देते हुए बताया कि मेडिकल साइंस में इस तरह की बीमारी के सही कारण का पता नहीं लग पाता। इस बीमारी को लेकर विशेषज्ञों के अलग-अलग मत हैं। उन्होंने बताया कि कुछ का मानना है कि गर्भावस्था के समय गर्भस्थ शिशु की पोजीशन, गेस्चर सही नहीं होने के कारण बच्चों के पैर खराब हो जाते हैं, जबकि कुछ आधुनिक खान-पान को इस बीमारी की वजह मानते हैं। कुछ की राय है कि गर्भ में जुड़वा शिशु होने की दशा में इस बीमारी का खतरा सबसे ज्यादा रहता है । डॉक्टरों का कहना है कि गर्भ में अल्ट्रासाउंड द्वारा भी इस रोग का पता लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि क्लब फुट क्लीनिक में 2 साल तक के बच्चों का इलाज प्लास्टर के साथ या इससे अधिक उम्र के बच्चों का इलाज ऑपरेशन से किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत क्लब फुट क्लीनिक की शुरुआत की गई है इसमें मिरेकल फीट संस्था भी सहयोग कर रही है। इस संस्था की ओर से बच्चों को निशुल्क जूते भी उपलब्ध कराए जाएंगे तथा क्लीनिक और अन्य क्षेत्रों में भी भ्रमण कर लोगों की काउंसलिंग करने के लिए भी संस्था अपनी अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने बिलासपुर की जनता से ऐसे बच्चों को इस संस्था तक पहुंचाने का आग्रह किया है ताकि उनकी सहायता की जा सके। डॉ राजेश आहलूवालिया ने वेबसाइट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस वेबसाईट में अस्पताल से संबंधित समस्त जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगी । स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वेबसाइट में दिए गए लिंक पर कोई भी अपने आप को पंजीकृत करवा सकता है । उन्होंने बताया कि अस्पताल से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत व सुझाव को भी अस्पताल प्रशासन तक ऑनलाइन पहुंचाने की सुविधा इस वेबसाइट में प्रदान की गई है। इस अवसर पर बीएमओ डॉ सतीश शर्मा एवं अन्य लोग उपस्थित रहे ।


















































