प्रथम इंडियन एक्रो एंड एकुरेसी प्रतियोगिता का शुभारम्भ वन,परिवहन तथा युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री हिमाचल प्रदेश गोविंद सिंह ठाकुर ने जिला बिलासपुर के बंदलाधार में किया। इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि साहसिक खेलों का शौक रखने वाले लोगों के लिए पैराग्लाडिंग एक अच्छा खेल है। उन्होंने कहा कि पैराग्लाइडर पायलट पैराग्लाडिंग करते समय अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। पर्यटकों को भी अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेलों के विकास कार्यों में धन राशि आडे नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला की गोविंदसागर झील और कोलडैम में वाटर स्पोर्टस की सम्भावनाएं तलाशी जा रही है क्योंकि यहां जल, थल और नभ तीनों प्रकार की खेलों की आपार सम्भावनाएं है। उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए प्रयास किए जा रहे है ताकि बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को बिलासपुर में ही सभी प्रकार की पर्यटन सुविधाएं मिल सकेंगीं और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के साधन सृजित होंगें। जिला में पैराग्लाडिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने पैराग्लाडिंग एसोशिएसन को 5 लाख रूपए का चैक दिया। उन्होंने कहा कि पैराग्लाडिंग खेल को और बेहतरीन ढंग से विकसित करने के लिए 10 लाख रूपए की अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध करवाई जाएगी और गोविंदसागर झील में जैटी बनाने के लिए भी सहायता प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर सदर के विधायक सुभाष ठाकुर ने कहा कि जिला के बंदला क्षेत्र से पैराग्लाडिंग प्रतियोगिताओं को शुरू करने के लिए जो सपना देखा था वो साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि जो पर्यटक मनाली जाते है वे अब इस जिला की ओर भी आकर्षित होगें और युवाओं के लिए रोजगार के साधन भी बढेगें। उन्होंने कहा कि 20 वर्षों के उपरांत पैराग्लाडिंग के लिए तकनीकी अनुमति मिली है। उन्होंने कहा कि गोविंद सागर झील को भी पर्यटकों के लिए विकसित करने के साथ-साथ गोविंद सागर और कोलडैम में वाटर ट्रांसपोर्ट, वाटर टूरिजम शुरू करने के प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने खेल मंत्री से बेहतर वाटर बोट उपलब्ध करवाने का भी आग्रह किया ताकि यहां के युवाओं को रोजगार के साधन पैदा हो सके। उन्होंने कहा कि देश में बिलासपुर ही एक जिला है जहां एक्रोवेटिक और एक्यूरेसी की खेलें हो सकती है। उन्होंने कहा कि पैराग्लाडिंग सीखने के इच्छुक स्थानीय युवाओं को निशुल्क पैराग्लाडिंग प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। हिमाचल पैराग्लाडिंग एशोसिएसन के सचिव मनोज शर्मा ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। तीन दिन तक चलने वाले इस इवेंट में हिमाचल, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, असम, सिक्किम, लेह-लद्दाख व उत्तराखंड के साथ नेपाल, टर्की व आस्ट्रेलिया के कुल 57 अनुभवी पैराग्लाइडिंग पायलट भाग ले रहे हैं। एक्रो कंपिटिशन में पायलट बंदला से टेक आफ करने के बाद हवा में सैट, लूप, टंबल, स्पायरल डाईव व हेलिको जैसे हैरतअंगेज करतब दिखाकर गोविंद सागर के किनारे लैंडिंग कर रहे हैं। वहीं, लुहणू मैदान पर बनाए गए स्पाॅट के साथ ही गोविंद सागर के बीचोंबीच तैयार की गई जैटी पर लैंडिंग करके वे एकुरेसी का प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर मण्डलाध्यक्ष हंस राज ठाकुर, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष आशीष ढिल्लों, बीडीसी सदस्य कमलेश शर्मा, प्रधान सिहडा ग्राम पंचायत भूरी देवी, हिमाचल पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के प्रधान संजय शर्मा, वरिष्ठउपाध्यक्ष अरविंद सरीन, उपाध्यक्ष विशाल जस्सल तथा महासचिव अतुल खजूरिया के साथ ही अन्य सदस्य और स्थानीय पैराग्लाइडिंग पायलट के अतिरिक्त डीएफओ. सरोजभाई पटेल, आरएम. पवन शर्मा, कमलेश ठाकुर उपस्थित रहे।
राफेल मुद्दे पर भाजपा द्वारा किए जा रहे धरनों पर सुजानपुर के विधायक राजेन्द्र राणा ने कहा है कि राफेल विमान मामले पर माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए मामले का कांग्रेस पार्टी सम्मान करती है लेकिन भाजपा द्वारा इस मुद्दे पर धरना-प्रदर्शन कर बेवजह तूल दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पर जनता का पूरा विश्वास है तथा यही संस्था निष्पक्षता की कसौटी पर भी पूरी दुनिया में अलग स्थान रखती है लेकिन भाजपा माननीय न्यायालय के निर्णयों पर अपना हक जताकर अपनी वाहवाही लूटने में लगी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी व राहुल गांधी ने राफेल मामले में इसकी कीमत पर सवाल उठाए थे क्योंकि 500 करोड़ की कीमत वाले राफेल विमान को सरकार ने 1600 करोड़ रूपए में खरीदा था लेकिन माननीय न्यायालय में इस मामले में पक्ष कुछ और हैं जिन पर फैसला आया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश के जनहित मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है तथा केंद्रीय एजेंसियों को अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ इस तरह इस्तेमाल कर रही है कि जैसे प्रतिद्वंद्वी न होकर भाजपा के दुश्मन हों, लेकिन दबाव की इस राजनीति के परिणाम आने वाले समय में देश को भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि देश की अर्थव्यवस्था को किसने बिगाड़ा। किसकी गलत नीतियों से उद्योगधंधे बंद हो रहे हैं और करोड़ों लोग बेरोजगार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को इन मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन देने चाहिए, ताकि उनकी सरकारें बेवजह की बातों में न उलझकर जनहित के कार्यों के लिए सड़कों पर उतरे जिससे जनता का विश्वास लोकतंत्र पर बना रहे।
पोक्सो एक्ट 2012 के मुकदमे में अहम फैसला देते हुए दोषी को कठोर कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई है। मुकदमे की जानकारी देते हुए जिला न्याय वादी एवं विशेष लोक अभियोजक विनोद भारद्वाज जिन्होंने इस मुकदमे को विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 12 अगस्त 2018 को काल्पनिक नाम श्याम लाल की शिकायत पर थाना कोट कहलूर में मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके तथ्य इस प्रकार है कि वादी के दो बच्चे हैं तथा छोटा बच्चा जिसकी उम्र 10 वर्ष की थी जिसकी आंख पर गिल्टी/चैरहिया हुआ था जिसे इलाज के लिए देसी हकीम अमर सिंह पुत्र माडू राम गांव गुरु का लाहौर डाकघर बस्सी तहसील श्री नैना देवी जी जो अपने मंदिर में इस तरह की बीमारियों का इलाज करता है के पास अपने रिश्तेदार के साथ भेजा। इस पर बच्चा व उसका रिश्तेदार अमर सिंह दोषी के घर/मंदिर पहुंचे जो दोषी ने बच्चे को देखने के बाद बताया कि या बीमारी झाड़ते समय किसी और को भी लग सकती है तथा उसके रिश्तेदार को बणा की झाड़ियां लाने तथा मंदिर से बाहर बैठने के लिए कहा। इस पर उसका रिश्तेदार बणा की टहनियां लेकर मंदिर आया तथा दोषी के हवाले टैहनियां की। दोषी ने उसके बाद उस रिश्तेदार को मंदिर के बाहर बैठा दिया तथा चैरहिया झाड़ने के बाद दोषी के साथ अभद्र व्यवहार किया उसके उपरांत बच्ची अपने रिश्तेदार के साथ घर आ गई। जो जाते ही डरी सहमी होते हुए अपनी माता की गोद में बैठ गई तथा सारी आपबीती अपनी माता तथा रिश्तेदारों को बताई जिस पर लोगों ने दोषी को उसके कृत्य के बारे में पूछा और उसने मना कर दिया उसके उपरांत थाना में मुकदमा दर्ज करवाया गया तथा साक्ष्य इकट्ठा करने के बाद इस मुकदमे का चालान माननीय विशेष न्यायालय में पेश किया गया। इसमें 12 नवम्बर 2018 को दोषी के खिलाफ माननीय अदालत ने चार्ज लगाया। जिला न्याय वादी विनोद भारद्वाज ने 20 गवाह अपने मुकदमे में पेश किए तथा बचाव पक्ष ने अपने बचाव के लिए दो गवाह पेश किए जिला न्याय वादी के तर्कों को सही मानते हुए व बचाव पक्ष की दलीलों को नकारते हुए विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त अमर सिंह को दोषी करार देते हुए धारा 10 पोक्सो एक्ट में 5 साल का कठोर कारावास व 5 हजार रूपए जुर्माने की सजा सुनाई व जुर्माना न देने की सूरत में अतिरिक्त 6 महीने के कारावास की सजा सुनाई।
राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस में नन्हें वैज्ञानिकों के माॅडलों को देखकर शिक्षा मंत्री ने बच्चों के माॅडलों की प्रसंशा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कोने-कोने से आए स्कूली बच्चों ने विज्ञान विषय से सम्बन्धित एक से बढ़कर एक प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाया, जोकि सराहनीय है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एंव पर्यावरण परिषद (हिमकोस्ट) द्वारा शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय विज्ञान विकास उद्योग परिषद और विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार के सहयोग से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या में आयोजित 27वें राज्य स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में वैज्ञानिक चिंतन के साथ-साथ बौद्धिक एंव मानसिक विकास भी होता है तथा बच्चों में विज्ञान के प्रति नयी सोच के साथ जागरूकता पैदा होती है। उन्होंने कहा कि बाल विकास कांग्रेस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य कोने-कोने से वैज्ञानिक प्रतिभाओं को खोज कर उनमें वैज्ञानिक चेतना का विकास करना है। उन्होंने बाल वैज्ञानिकों के साथ-साथ अध्यापकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने कढ़ी मेहनत से विज्ञान के माॅडल तैयार कर उपमण्डल स्तर से राज्य स्तर के आयोजन तक चयनित होकर आए है जाकि अपने आप में ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश विज्ञान के क्षेत्र में निरंतर अग्रसर होकर नित नए विकास के आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत वैज्ञानिक सोच के साथ आगे बढ़कर आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने कहा कि अभी इसरो द्वारा चन्द्रयान-2 को भेजा गया, जिसके प्रयास के लिए विश्व भारत का लोहा मान रहा है क्योंकि चन्द्रयान चन्द्रमा के जिस क्षेत्र में उतारा जाना था वहां पर आज दिन तक कोई भी देश नहीं पहुंच सका है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैज्ञानिकों की प्रसंशा करते हुए जय जवान जय किसान जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान का नारा दिया है। उन्होंने कहा कि देश में हर बच्चा, हर व्यक्ति वैज्ञानिक है और हर दिन नई सोच के साथ कुछ न कुछ नया अविष्कार करने का दम रखता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच के साथ नए अविष्कारों/प्रयोगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने पुरस्कार देने का भी प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों से ही बच्चों को नई सोच के साथ नई खोज करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा पर विशेष बल दिया जा रहा है, जिसका प्रतिफल है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों के पंजीकरण में वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अभी तक 7 हजार 500 नए अध्यापकों की भर्तियां की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के हर स्कूल को स्मार्ट स्कूल बनाने का प्रयास किया जा रहा है, स्कूलों में आईटी लैब भी स्थापित की जा रही है तथा खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए करोडों रूपए की धन राशि व्यय की जा रही है। उन्होंने अध्यापकों व अभिभावकों से आहवान करते हुए कहा कि वे बच्चों को संस्कारयुक्त, व्यवहारिक और नैतिक कार्यों की शिक्षा देकर शिक्षित करें। उन्होंने कहा कि संस्कारों के अभाव से आज का युवा नशे की गिरफत में फंसता जा रहा है। नशे का खात्मा करने के लिए प्रदेश में नशा निवारण अभियान चलाया जा रहा है जिसमें प्रत्येक विभाग को दायित्व सौपें गए है। उन्होंने आम नागरिकों, शिक्षकों तथा राजनेताओं से भी आग्रह किया कि वे भी इस बुराई को समाज से दूर करने के लिए अपना बहुमुल्य सहयोग प्रदान करें ताकि स्वस्थ और सुन्दर प्रदेश की कल्पना को साकार किया जा सके। इस अवसर पर सदर विधायक सुभाष ठाकुर और विधायक घुमारवीं राजेन्द्र गर्ग ने भी कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बाल वैज्ञानिकों को अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का एक उचित मंच मिलता हैं और यही बाल वैज्ञानिक भविष्य में महान वैज्ञानिक बन कर उभरते हैं। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एंव पर्यावरण के सदस्य सचिव डीसी राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों को अपने आईडिया माॅडल को पेटैंट करवाने की भी सलाह दी। उपनिदेशक प्रारम्भिक शिक्षा सुदर्शन कुमार ने मुख्यातिथि तथा अन्य अतिथियों का स्वागत किया तथा राष्ट्रीय शैक्षणिक समिति के डा ललित कुमार शर्मा ने भी अपने विचार रखे तथा संयुक्त सदस्य सचिव सन्नी शर्मा ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर उपनिदेशक उच्च शिक्षा अमर सिंह ठाकुर, अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ अजय शर्मा, महासचिव अमृत महाजन के अतिरिक्त प्रदेश भर से आए विज्ञान पर्यवेक्षक के अतिरिक्त अध्यापक व अभिभावक उपस्थित रहे। बाॅक्स - साईस एक्टिविटी काॅर्नर:- फिजिक्स, कैमिस्ट्री, मैथ, बायोलोजी, आरीगामी, मीडिया और आईटी में बेस्ट थ्री परफॉर्मेंस के लिए। सीनियर सेकेंडरी ग्रुप में रिया गौतम हिम अकैडमी हमीरपुर, भारत भूषण गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल चैलचैक मंडी, शिखर सेंट लूकेस सोलन, सीनियर अर्बन ग्रुप में नौवीं और दसवीं क्लास से चिराग डीएवी चंबा,अनमोल स्कॉलर होम पौंटा साहिब, श्रण्या ग्लोरी पब्लिक स्कूल बिलासपुर, सीनियर ग्रुप रूरल में नवमीं और दसवी कक्षा से दीक्षा अल्पाइन पब्लिक स्कूल नालागढ़, काव्या ग्रीन फील्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल कांगड़ा, अर्जून एलएम स्कूल कुल्लू जूनियर अर्बन ग्रुप छठी से आठवीं कक्षा तक मृदुल आनन्द स्कूल सोलन, गुरसिमर स्कॉलर होम पौंटा साहिब, रिधी सेंट पब्लिक स्कूल संतोषगढ, जूनियर रूरल ग्रुप छठी से आठवीं कक्षा तक ऋषभ पुरी इंडस गलोबल स्कूल मण्डी, अक्षिता जिन्दल विद्या मंदिर किन्नौर, प्राजिकता डीएवी सरस्वती ने बेस्ट परफॉर्मेंस दी।
सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने कहा है कि वर्तमान प्रदेश सरकार का 2 साल का अब तक का कार्यकाल निराशाजनक रहा है, लेकिन भाजपा की ओर से प्रदेश के 2-2 बार मुख्यमंत्री रहे प्रेम कुमार धूमल व शांता कुमार सरकार की नाकामियों पर खामोशी की चादर क्यों ओढ़े हुए है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता शांता कुमार को तो उनकी बेबाक टिप्पणियों के लिए जाना जाता है तथा उनसे सच व झूठ की परख कर तल्ख टिप्पणी करने की जनता को भी आस रहती है लेकिन ताजुब्ब है कि वे कोई भी बात रखने से परहेज कर रहे है। यही हाल पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का है, जोकि सरकार की कार्यप्रणाली पर कुछ नहीं बोल रहे है। उन्होंने कहा कि अब तक प्रदेश सरकार 2 साल में विकास कार्यों को दरकिनार कर इन्वेस्टर मीट का ढिंढोरा पीटती रही है। सरकार का रिपोर्ट कार्ड शून्य है। इन्वेस्टर मीट के जरिए युवाओं को रोजगार दिलाने के सपने दिखाने वाली सरकार गैर हिमाचलियों की सरकार बनकर रह गई है, इन्हें सरकारी नौकरियां रेवडिय़ों की तरह बांटी जा रही है। अब तक ऐसा कोई प्रोजैक्ट शुरू नहीं कर पाई है जोकि इस सरकार की उपलब्धियों में शुमार किया जाए। केवल मात्र सरकार अब तक पूर्व वीरभद्र सरकार के समय शुरू हुए कार्यों पर ही इतरा रही है तथा उनमें भी द्वेष की भावना से कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार हर क्षेत्र में फेल होकर रह गई है। फिर भी 2 वरिष्ठ नेता व 2 पूर्व मुख्यमंत्री जनहित के मद्देनजर प्रदेश सरकार को न सलाह-मशविरा दे रहे है और न ही अपनी तजुर्बे से सोई सरकार को जगा रहे है। उन्होंने कहा कि इस सरकार को देखकर यही लग रहा है कि अभी तजुर्बा हासिल कर रही सरकार अगले 3 साल भी सरकार को चलाने के ताने-बाने में ही गुजार देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में केवल मंडी जिला विशेषकर सिराज विधानसभा क्षेत्र में ही कार्य हो रहे है लेकिन जनता सब देख रही है और आने वाले समय में प्रदेश सरकार को इसका खमियाजा भुगतने को भी तैयार रहना होगा।
मीडिया समाज को नई दिशा देता है तथा सभी के बीच में रहकर आमजन को समाज की वस्तुतास्थिति से अवगत करवाने में अहम भूमिका निभाता है। यह बात उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने बचत भवन में आयोजित राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय प्रेस दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रथम पे्रस आयोग ने भारत में प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा एंव पत्रकारिता में उच्च आदर्श कायम करने के उदे्श्य से एक प्रेस परिषद की कल्पना की थी। परिणाम स्वरूप चार जुलाई 1966 को भारत में प्रेस परिषद की स्थापना की गई। इसने 16 नवम्बर 1966 से अपना विधिवत कार्य शुरू किया। उन्होंने बताया कि तब से लेकर प्रतिवर्ष 16 नवम्बर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में विश्वसनीयता और सुरक्षा मीडिया के लिए एक बडी चुनौती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सोशल मीडिया, वाहट्अप इत्यादि पर अविश्वसनीय खबरें, फोटों वायरल होते है उनके दुष्प्रभाव से बचना मीडिया के समक्ष बडी चुनौती उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में डिजीटल युग है और डिजीटल युग में पत्रकारिता में चुनौतियां तो है लेकिन समय के साथ-साथ इसका महत्व भी बढ़ रहा है। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार जय कुमार ने कहा कि पत्रकारिता में आधारनीति के साथ कार्य करना अनिवार्य है ताकि पाठकों को बेहतर समाचार मिल सके। पत्रकार प्रविन्द्र शर्मा ने चर्चा करते हुए कहा कि डिजीटल युग बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। डिजीटल युग में चुनौतियां तो है लेकिन समय के साथ चलना भी जरूरी है। पत्रकार अजय उपाध्याय, राजेश्वर ठाकुर, राजेन्द्र गौतम, ए डी रीतू, विशाल ठाकुर, सरोज पाठक, सीमा राव, कश्मीर ठाकुर के अतिरिक्त उपस्थित सभी पत्रकारों ने भी अपने-अपने बहुमूल्य विचार सांझा किए। इससे पूर्व जिला लोक सम्पर्क अधिकारी केहर सिंह ठाकुर ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और राष्ट्रीय पे्रस दिवस के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर सभी प्रिंट तथा इलैकट्रोनिक मीडिया के सभी पत्रकारजन उपस्थित रहे।
युवा कांग्रेस बिलासपुर ने मांग की है कि जल्द से जल्द गांधी परिवार की सुरक्षा बहाल की जाए अन्यथा युवा कांग्रेस एक बहुत बड़ा आंदोलन चलाएगी। यह निर्णय युवा कांग्रेस की बैठक में लिया गया जिसकी अध्यक्षता प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने की। बैठक में मुख्य रूप से अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस मनीष ठाकुर एवम सचिव हिमाचल प्रदेश कांग्रेस विवेक कुमार ने उपस्थिति दी। बैठक में युवा कांग्रेस को मजबूती देने के लिए विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के तुरंत पश्चात युवा कांग्रेस के कार्यकर्तायों ने जिलाधीश कार्यालय के बाहर केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की उसके बाद युवा कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष मनीष ठाकुर की अगुवाई में जिलाधीश महोदय राजेश्वर गोयल से मिला और उनके माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में युवा कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार द्वेष की भावना से राजनीति कर रही है। युवा कांग्रेस ने मांग की है कि गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा तुरन्त प्रभाव से बहाल की जाए। गांधी परिवार का देश हित के लिए बहुत बड़ा बलिदान रहा है। देश हित के लिए इस परिवार ने अपने दो लोगों की शहादत दी है। युवा कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया कि एसपीजी सुरक्षा हटाने का मामला पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। युवा कांग्रेस ने कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री का यह निर्णय पूरी तरह से राजनीति प्रतिशोध की भावना प्रेरित है। कांग्रेस ने राष्ट्रपति से निवेदन किया है कि इस मौके पर लोकसभा हमीरपुर अध्यक्ष मनिंदर डिम्पल कटोच, प्रदेश महासचिव चन्दन राणा, प्रेम डोगरा, बिट्टू, प्रदेश सचिव पवन ठाकुर, अखिल अग्निहोत्री, आलोद चौहान, लोकसभा उपाध्यक्ष रजनीश मेहता, अब्दुल खालिद, कुलदीप ठाकुर, लोकसभा सचिव ज्वाला चौहान, लोकसभा मीडिया सयोंजक प्रिश्रुत शर्मा, प्रदेश सचिव एनएसयूआई रोहित शर्मा, विजय कुमार, सदर अध्यक्ष गौरव शर्मा, जुखाला अध्यक्ष कुलदीप भड़ोल, झंडूता अध्यक्ष सुरेश नेगी, उपाध्यक्ष अनुपम वर्मा, सदर मीडिया सयोंजक नरेश ठाकुर, सदर उपाध्यक्ष तिलक शर्मा, दिनेश, कुलवीर भड़ोल, शाहिद, ईशान ठाकुर, अधिवक्ता सन्दीप कुमार, सीता राम व अन्य युवा उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बिलासपुर इकाई ने शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि बिलासपुर महाविद्यालय मे अध्यापक द्वारा छात्रा के साथ हुए उत्पीड़न मामले में जल्द से जल्द कठोर निर्णय लिया जाए। मंत्री से बात करते हुए बिलासपुर इकाई के अध्यक्ष प्रशांत ठाकुर ने कहा कि आरोपी शिक्षक को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी उक्त अध्यापक के खिलाफ इस तरह का मामला दर्ज हुआ था लेकिन कोई सख्त कार्यवाही नहीं की गई। उसी के परिणामस्वरुप इस शिक्षक ने इस तरह की घटना को फिर से अंजाम दिया है। इसके कारण पूरा बिलासपुर महाविद्यालय और शिक्षक समुदाय शर्मसार हुआ है। उन्होंने कहा अगर इस मुद्दे पर प्रशासन के द्वारा अध्यापक को बर्खास्त और कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती तो विद्यार्थी परिषद सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेगी, अगर आवश्यकता पड़ी तो परिषद चक्का जाम भी करेगी इसके लिए संपूर्ण प्रशासन जिम्मेदार होगा। इस तरह के मामले समाज व पूरे शिक्षा विभाग को शर्मसार करते है। इसमें इकाई सचिव अनमोल ने बताया कि इस तरह के मामले इस संगीत के शिक्षक के ऊपर पहले भी बहुत लगे है और प्रशासन पहले भी इस शिक्षक के खिलाफ कोई कदम उठाने में नाकामयाब हुआ है।
सुभाष ठाकुर ने कहा कि जिला बिलासपुर को खेलों का हब बनाने के लिए विभिन्न खेल गतिविधियों पर करोड़ों रूपए व्यय किए जा रहें है ताकि नई उभरती खेल प्रतिभाओं को खेल के लिए उचित मंच मिल सके और वे राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा का जौहर दिखा सकें। उन्होंने कहा कि लूहणू मैदान में करोड़ों रूपए की लागत से सिंथैटिक ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ-साथ यहां पर क्रिकेट स्टेडियम क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक उचित मंच है। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में यहां पर राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय स्तर की खेल स्पर्धाओं के आयोजन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिला में जल, थल व नभ खेलों को खेलने की आपार सम्भावनाएं है। खेलों के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए बंदलाधार पर पैराग्लाईडिंग स्पाट विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 17, 18 व 19 नवम्बर को नैश्नल पैराग्लाडिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया जाएगा। निदेशक सतपाल मैहता ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश में एंग्लिंग को पर्यटन के साथ जोडने के भी प्रयास किए जा रहे है। इससे जहां एंग्लिंग के शौकीन लोगों को लाभ मिलेगा वहीं पर्यटन को भी बढावा मिलेगा।
बिलासपुर में इनरव्हील क्लब द्वारा बाल दिवस झुगी झोंपड़ी के गरीब बच्चों के साथ मिल कर बनाया गया। इस अवसर पर बच्चों को बिस्कुट और चिप्स के पैकेट वितरित किये गए। बच्चों को दस्ताने और जुराबें भी दी गई। इस अवसर पर इनरव्हील क्लब बिलासपुर की प्रधान शालिनी शर्मा ने बच्चों को बताया कि साफ और स्वच्छ कैसे रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य है और आने वाले दिनों में इनमें से ही कई देश को नई राह दिखाएंगे। इसके बाद जरूरत मन्द लोगों में गर्म कपड़ों का वितरण भी किया गया। गर्म कपड़ों में कंबल, स्वेटर, शाल, जनाना मर्दाना सूट, जैकेट ब अन्य सामग्री का वितरण किया गया। क्लब की आईएसओ अंजना शुक्ला ने बताया कि आने वाले दिनों में इस बर्ष के थीम मिशन ममता कार्यक्रम के तहत बिलासपुर के ही किसी एक अनाथालय में जाकर एक-एक बच्चे को एक-एक सदस्य गोद लेकर उन्हें हर जरूरत का सामान उपलब्ध करवाएगा। इसके अलावा बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार सामग्री का वितरण किया जाएगा। इस अवसर पर क्लब के पदाधिकारियों में आईएसओ अंजना शुक्ला, एडिटर शीला सिंह, ट्रेजरार सुमन डोगरा व कार्यकारिणी सदस्य महक गुप्ता भी उपस्थित रहे।
सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने इन्वेस्टर मीट पर वाहवाही लूट रही प्रदेश सरकार से पूछा है कि 2 साल से एक धेले का काम नहीं करने वाली सरकार बताए कि इन्वेस्टर मीट में कितने एम.ओ.यू. साइन हुए और किस-किस क्षेत्र में निवेश किया जा रहा है। राणा ने कहा कि सत्ता में आने के बाद 2 साल से इस इन्वेस्टर का ढोल पीट रही सरकार बताए कि कितना निवेश धरातल पर होगा और सरकारी खजाने से इस इवेन्ट पर कितना खर्च किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब तक केंद्र व प्रदेश सरकार की बातें कोरे ढकोसले ही साबित हुए हैं। नई रेल लाइन बिछाने या फिर पुरानी रेल लाइनों के विस्तारीकरण से केंद्र सरकार ने हाथ पीछे खींच लिए हैं, तो 69 एन.एच. पर प्रदेश को पीठ दिखा दी है। केंद्र सरकार प्रदेश की कोई मदद नहीं कर रही है और अब तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश को अपने संसाधनों से ही काम चलाना होगा। उन्होंने कहा कि जनता का अब सरकार से विश्वास उठ रहा है। इन्वेस्टर मीट व बड़े नेताओं को खुश करने के लिए सरकार ने इस इवेन्ट पर करोड़ों रुपए फूंक दिए जबकि यह पैसा जनता का था। उन्होंने कहा कि हिमाचल से गहरा नाता होने का ढोंग बताकर केंद्रीय मंत्री भी लच्छेदार भाषण देकर हाथ झाडक़र चले जाते हैं जबकि प्रदेश के लिए फूटी कोडी तक देकर नहीं जाते हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार को याद दिलाया कि भाषणों से न तो पेट भरता है और न ही विकास होता है। उन्होंने कहा कि सरकार का 2 साल के विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड शून्य है। उन्होंने कहा कि सरकार का आधे से थोड़ा ज्यादा समय रह गया है जिस पर सरकार अपने विकास कार्यों पर श्वेत पत्र जारी करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इन्वेस्टर मीट के खिलाफ नहीं है लेकिन प्रदेश के संसाधनों को बेचने नहीं दिया जाएगा। राजेंद्र राणा ने कहा कि सरकार अपने बही-खातों को चुस्त-दुरूस्त कर ले, क्योंकि कांग्रेस पार्टी विपक्ष की सजग भूमिका निभा रही है तथा इन्वेस्टर मीट सहित सरकार से विकास कार्यों का हिसाब लेकर रहेगी।
बिलासपुर में फोरलेन निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों ने उनकी बकाया राशि का भुगतान न किए जाने को लेकर संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। इस मामले में पत्रकारों से बात करते हुए जितेंद्र चंदेल, दिनेश नड्डा, गुरुदेव ठाकुर, नीति राज तथा अरुण गौतम ने बताया कि उनके अलावा अन्य कई ठेकेदारों की लगभग कि लगभग 50 करोड रुपए की राशि बकाया लेने को पड़ी है और जबकि पिछले 2 वर्षों से फोरलेन का काम बंद हो गया है। जितेंद्र चंदेल ने कहा कि इस समय ठेकेदारों के भूखे मरने की नौबत आ गई है और उनके कई वाहनों को बैंक तथा फाइनेंस कंपनियां उठाकर ले गई हैं क्योंकि किस्तों का सही तरीके से भुगतान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि आई एल एफ एस कंपनी ने यह कार्य आई टी एन एल को सबलेट किया था और आईटीएनएल ठेकेदारों की बकाया राशि का भुगतान नहीं कर पाई है। उन्होंने बताया कि 20 जून 2017 से कार्य बंद है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में वह जिला उपायुक्त से लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सांसद मंत्री अनुराग ठाकुर व भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से भी मिलकर अपना दुखड़ा रो चुके हैं लेकिन ने कहीं से भी राहत नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि अब किसी भी सीगल नामक कंपनी को किरतपुर से कैंची मोड तथा टनल 5 से नेरचौक तक कार्य एनएचएआई ने अवार्ड कर दिया है। उन्होंने बताया कि यह निर्णय 13 अगस्त की बैठक में लिया गया है। चंदेल ने कहा कि जब तक एनएचएआई उनके बकाया भुगतान का प्रबंध नहीं करती तब तक किसी भी नई कंपनी को कार्य नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में सभी प्रभावित तथा विस्थापित 21 नवंबर को बिलासपुर में एकत्र हो रहे है तथा उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर बकाया राशि के भुगतान की मांग करेंगे। उन्होंने यह जानकारी भी दी कि आई टी एन एल ने एनएचएआई को यह ऑफर दी है कि जब तक इन दोनों का आपसी फैसला नहीं हो जाता तब तक एनएचएआई ठेकेदारों की राशि का भुगतान कर दे और बाद में जब आई टी एन एल को राशि देनी हो तो उसमें से काट लें लेकिन इस सुझाव पर भी गौर नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अगर ठेकेदारों की पेमेंट नहीं हुई तो संघर्ष को तेज करते हुए सरकार के खिलाफ बिगुल बजा दिया जाएगा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बिलासपुर ने कॉलेज के सभी विद्यार्थियों को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्राध्यापक द्वारा छात्रा के उत्पीड़न मामले में महाविद्यालय में धरना दिया और डारेक्टर हायर एजुकेशन और प्रदेश सरकार से तुरंत उक्त अध्यापक को बर्खास्त करने की मांग की। इकाई अध्यक्ष प्रशांत ठाकुर ने कहा कि कॉलेज प्रशासन ने जिस दिन घटना हुई थी उस दिन से ही जांच शुरू क्यों नहीं की। घटना के 2 दिन बाद जब विद्यार्थी परिषद ने इसको आंदोलन का रूप दिया तभी प्रशासन ने इसके ऊपर जांच करना शुरू किया। विद्यार्थी परिषद ने प्रशासन से यह मांग की कि इस तरह की मानसिकता वाले अध्यापक को कॉलेज में प्रवेश न दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस घटना ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का नाम पूरे हिमाचल प्रदेश में शर्मसार किया है। विद्यार्थी परिषद बिलासपुर इकाई के अध्यक्ष प्रशांत ठाकुर ने कड़े शब्दों में कहा कि जो रिपोर्ट कॉलेज प्रशासन ने डायरेक्टर ऑफ हायर एजुकेशन को भेजी है, अगर उस पर कोई एक्शन नहीं होता तो विद्यार्थी परिषद् डारेक्टर हायर एजुकेशन का भी घेराव करेगी। विद्यार्थी परिषद बिलासपुर सरकार से भी यह मांग करती है कि इस घटना की निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए। यदि छात्रहित में निर्णय नहीं लिया गया तो विद्यार्थी परिषद सरकार के खिलाफ भी आन्दोलन करेगी। उन्होंने कहा की शिक्षण संस्थानों में इस तरह के कुकृत्य करने वाले अध्यापक को शिक्षण संस्थान में पांव रखने न दिया जाए। इस घटना से अध्यापक समुदाय भी शर्मसार हुआ है विद्यार्थी परिषद छात्रहित के लिए काम करने वाला छात्र संगठन है जो इस तरह की घटनाओं के विरुद्ध आवाज उठाने में पीछे नहीं हटता न ही हटेगा।
हिमाचल प्रदेश को पूर्ण रूप से नशा मुक्त करने के लिए उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने उपायुक्त कार्यालय से प्रभातफेरी निकालकर जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रभातफेरी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल में संपन्न हुई। इसके उपरांत उपायुक्त ने बाल पाठशाला में नशे को जड़ से खत्म करने के लिए स्कूली बच्चों तथा आम नागरिकों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर डा। प्रवीण शर्मा ने उपस्थित सभी प्रबुद्ध नागरिकों और बच्चों को योग क्रियाएं करवाकर नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। इसमें नशे से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरित प्रभाव को नुक्कड़ नाटकों, काउंसलिंग, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं तथा कार्यशालाओं के माध्यम से इसका व्यापक प्रचार और प्रसार करके आमजन को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान के सफल संचालन हेतु जिला प्रशासन ने पूरे माह की रूपरेखा तैयार की है जिसमें सभी अधिकारियों को विभाग से संबंधित कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि नशे का खात्मा हमारे लिए चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसे चुनौती के रूप में स्वीकार कर इसे पूर्ण रूप से जड से उखाडने के लिए सभी वर्गों का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने आमजन से आग्रह करते हुए कहा कि अपने मित्रों व परिवार के सदस्यों को नशा न करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि नशे के सेवन से न केवल आत्मा और शरीर का विनाश होता है अपितु इसके दुष्प्रभाव से परिवार, समाज व राष्ट्र निर्माण पर विपरित असर पडता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को नशा मुक्त करने के लिए सभी वर्ग सत्य, निष्ठा व समर्पित भाव से कार्य करें। उन्होंने कहा कि हमारे मात्र एक कदम उठाने से पूरे प्रदेश को नशा मुक्त करने में बल मिलेगा। इस अवसर पर एडीएम विनय धीमान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा प्रकाश दडोच, पीओ डीआरडीए संजीत सिंह, जिला कल्याण अधिकारी अमरजीत डोगरा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी जयगोपाल शर्मा, निदेशक पशुपालन डा विनोद कुन्दी, गायत्री शक्तिपीठ परिवार से कुलवंत, रमेश चंद्र, लाडली फांउडेशन जिला अध्यक्ष अनीता शर्मा, हिंदू मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजक इंजिनियर सत्यादेव शर्मा, रेनबो स्टार क्लब के अध्यक्ष ईशान अख्तर के अतिरिक्त विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता तथा स्कूली छात्र, छात्राएं, स्पोर्टस होस्टल के खिलाडियों ने भाग लिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश दडोच ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरु कुल सोसाइटी ऑफ एजुकेशन बिलासपुर में विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य जन जागरूकता के माध्यम से रोकथाम व उपचार के कदम उठाकर रोग के फैलाव में कमी लाना है। उन्होंने बताया कि हर साल 14 नवंबर को यह दिवस पूरे विश्व में 1991 से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सतीश शर्मा ने मधुमेह के लक्षणों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा भाषण तथा नारा लेखन प्रतियोगिता करवाई गई भाषण प्रतियोगिता में 6 प्रतिभागियों ने भाग लिया पलवी चंदेल, स्नेहा आसना ने प्रथम, द्वितीय, तृतीय ,स्थान तथा नारा लेखन में 5 प्रतिभागियों ने भाग लिया साहिबा राधिका इसरत ने क्रमशः प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त किया सभी प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि डॉ प्रकाश दडोच तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर सतीश शर्मा ने संयुक्त रूप से नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया द्वारा नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया इस अवसर पर संस्थान के प्रबंधक राजेश वर्मा प्रशिक्षु अध्यापकों स्वास्थ्य शिक्षक परवीन शर्मा तथा आशा कार्यकर्ता सहित जागरूकता शिविर में लगभग 110 प्रशिक्षु तथा प्रशिक्षकों ने भाग लिया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की इकाई बिलासपुर द्वारा एसपी साक्षी वर्मा जी को बिलासपुर महाविद्यालय मे अध्यापक द्वारा छात्रा के उत्पीड़न मामले को लेकर ज्ञापन सौंपा। जानकारी देते हुए विद्यार्थी परिषद के हमीरपुर विभाग के संयोजक सौरव गौतम ने कहा की इस मामले को कॉलेज प्रशासन के समक्ष आज 4 दिन हो गए लेकिन अभी तक कॉलेज प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार का कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन जल्द से जल्द इस मामले में कड़ा फैसला नहीं सुनाता है तो आने वाले समय में विद्यार्थी परिषद जागरूक छात्र संगठन होने के नाते विद्यार्थी परिषद इस तरह की घटना को बिल्कुल भी सहन नहीं करेगी। गुरु शिष्य परंपरा को लज्जित करने वाले प्राध्यापक को कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बिलासपुर इकाई मांग करती है की तुरंत प्रभाव से अध्यापक को बर्खास्त किया जाना चाहिए। इस तरह की मानसिकता रखने वाले अध्यापक को तो महाविद्यालय के अंदर भी प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा की विद्यार्थी परिषद हमेशा छात्रों के हितों के लिए हमेशा आवाज उठाएगी विद्यार्थी परिषद इसको लेकर कड़ा आंदोलन करेगी तथा अध्यापक को महाविदद्यालय के अंदर प्रवेश करने भी नहीं देगी। इस मौके पर हमीरपुर विभाग के संयोजक सौरव गौतम जी ने कहा कि यदि प्रशासन दुर्व्यवहार के मामले में उचित तथा कड़ा फैसला नहीं सुनाता है तो विद्यार्थी परिषद इसका कड़ा विरोध करेगी तथा आने वाले समय में उग्र आंदोलन करने से नहीं चूके जी और इसका जिम्मेदार सिर्फ केवल प्रशासन होगा।
बाल दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पोषण अभियान तथा बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान के तहत पूर्णम माॅल में एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता सदर विधायक सुभाष ठाकुर ने की। इस अवसर पर आंगनबाडी केन्द्रों के बच्चों द्वारा फैंसी ड्रैस, चम्मच दौड़, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अपने अंदर छुपी हुई रचनात्मक प्रतिभा को बडे ही सुन्दर ढंग से प्रस्तुत किया। विधायक ने सभी बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए उन्होंने बच्चों द्वारा प्रस्तुत बेहतरीन कलात्मक व रचनात्मक गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं व बच्चों के कल्याणार्थ चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं को पात्र परिवारों तक पहुंचाने तथा उनको लाभान्वित करने के लिए सामाजिक न्याय एंव अधिकारिता विभाग बेहतरीन कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा इस प्रकार के शिविरों का आयोजन करके विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार बेहतरीन ढंग से करके आमजन को जागरूक कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत जिला ने बेहतर कार्य करके उत्तरी क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार प्राप्त किया है। उन्होने बताया कि इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं एंव स्तनपान करवाने वाली माताओं को तीन किस्तों में 5 हजार रूपए नकद लाभ प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पोषण अभियान तथा बेटी बचाओ बेटी पढाओ जैसी अनेकों योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को मिले इसके लिए हम सभी का दायित्व है कि आमजन तक इनकी जानकारी पंहुचाएं। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान एक महत्वपूर्ण अभियान है लेकिन यह अभियान तभी सफल होगा जब हम बेटी की महता को समझेगें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण तथा बच्चों के शारिरीक व बौद्धिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बेटियों की शिक्षा और उनके व्यक्तित्व विकास के लिए अनेक प्रोत्साहन योजनाएं चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए भी अनेक अभिनव योजनाएं चलाई गई है। उन्होंने आहवान करते हुए कहा कि बेटियों को बेटों के बराबर शिक्षित करें क्योंकि बेटी को पढाने से दो परिवार शिक्षित होते है। उन्होेने कहा कि समाज में पनप रही बुराईयों को पूर्ण रूप से समाप्त करने के लिए प्रदेश सरकार कृत संकल्प है। उन्होने कहा कि सरकार और प्रशासन पूरजोर से सामाजिक बुराईयों के साथ-साथ नशे के खात्मे के लिए भरसक प्रयास कर रही है, लेकिन यह तभी सम्भव होगा जब आमजन जिम्मेदारी समझकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगें। उन्होने बाल दिवस के मौके पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न प्रस्तुतियों की सराहना की तथा उपस्थित अभिभावकों से कहा कि बच्चों को बेहतर पोषण दें ताकि वे स्वस्थ रहें। उन्होने कहा कि बच्चे स्वस्थ होगें तो देश खुशहाल होगा। उन्होंने बच्चों को अच्छे संस्कार देने का भी आहवान किया। इस अवसर पर सीडीपीओ. नीलम टाडू ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चे समाज में हर माहौल को खुशनुमा बना देते है। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि वे बच्चों में द्वेष व भेदभाव की भावना पैदा न होने दें। बच्चों में अच्छे संस्कारों का सृजन करें ताकि वे आगे चलकर अच्छे नागरिक बन सके। उन्होंने कहा कि आंगनबाडी केन्द्रों में भी बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा तथा संस्कार का ज्ञान प्रदान किया जा रहा है। पर्यवेक्षक प्रवीण ने भी विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इस मौके पर पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष आशीष ढिल्लों, महामंत्री पवन ठाकुर, प्यारेलाल चौधरी, पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष रतन ठाकुर, मीडिया प्रभारी विनोद ठाकुर, युवा मोर्चा सचिव सोनू ठाकुर के अतिरिक्त पवन ठाकुर, रूपलाल वर्मा, दीपचन्द, अंजूल शर्मा, आंगनबाडी कार्यकर्ता सहित सम्बन्धित विभागों के अतिरिक्त अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने 15 नवम्बर से 15 दिसम्बर तक आयोजित किए जाने वाले मादक पदार्थो के सेवन एंव मद्यता की प्रवृति की रोकथाम (नशा निवारण) पर विशेष कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान के दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिला में इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है तथा उपमण्डल स्तर पर एसडीएम नोडल अधिकारी होंगें। उपायुक्त ने कहा कि नशा निवारण से सम्बन्धित काॅउसलिंग तथा अन्य गतिविधियों के माध्यम से लोगों को नशे से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में पुलिस विभाग, होमगार्ड, स्वास्थ्य विभाग, जिला रैडक्रास सोसायटी तथा अन्य सरकारी एंव गैर सरकारी संस्थाओं के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला में नशा निवारण अभियान के तहत 15 नवंबर को प्रातः 6ः30 बजे उपायुक्त कार्यालय से प्रभातफेरी निकाली जाएगी जो कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल में संपन्न होगी। उन्होंने बताया कि इसके उपरांत 7ः30 बजे योग क्रियाएं आयुर्वेद विभाग द्वारा करवाई जाएंगी तथा नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके उपरांत राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वाद संवाद प्रतियोगिता, खेल गतिविधियां डीएडिक्शन द्वारा काउंसलिंग तथा पुर्णम माल में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने तथा इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 16 नवंबर से 15 दिसंबर तक जिला के विभिन्न स्थानों पर काउंसलिंग तथा अन्य विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को नशे से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिला में इंतकाल तथा निशानदेही से सम्बंधित लंबित मामलों का निपटारा विशेष अभियान चलाकर करना सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने यह निर्देश जिला के समस्त एसडीएम तथा राजस्व अधिकारियों की राजस्व मामलों की प्रगति समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे तौर पर लोगों के साथ जुड़ा हुआ विभाग है। राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने कार्यों में दक्षता लाते हुए लोगों को बेहतरीन सेवाएं प्रदान कर उनकी समस्याओं का तुरंत निपटारा सुनिश्चित करना चाहिए ताकि लोगों को तुरन्त लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी अपनी सेवाओं में गुणवत्ता लाते हुए लोगों को समयबद्ध व प्राथमिकता के आधार पर त्वरित सेवाएं उपलब्ध करवाएं ताकि लोगों को राजस्व सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर न काटने पड़े। उन्होने समस्त एसडीएम को निर्देश दिए कि जिला में अवैध कब्जों पर कडी नजर रखें तथा इन कब्जों के निपटारे हेतु प्राथमिकता से विशेष कदम उठाएं। उन्होने सभी अधिकारियों को मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हैल्प लाईन से सम्बंधित शिकायतों का समयबद्ध निपटारे के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों को राजस्व कार्याें को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना चाहिए ताकि लोगों को त्वरित न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि इससे जहां उनकी कार्यकुशलता बढ़ेगी, वहीं कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी आएगीं। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को वसूली मामलों में तेजी लाने, जमाबंदी, सीमांकन, इंतकाल आदि मामलों को समयबद्ध निपटाने के भी निर्देश दिए। इस मौके पर विभिन्न राजस्व मामलों को तेजी से निपटाने पर भी विचार विमर्श किया गया। उन्होंने समस्त राजस्व अधिकारियों से कहा कि लंबित पड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने-अपने कार्यालय, पटवार तथा कानून सर्कल का समय-समय पर निरीक्षण करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर सहायक आयुक्त सिद्धार्थ आचार्य, एसडीएम घुमारवीं शशिपाल शर्मा, एसडीएम झंडूता विकास शर्मा, एसडीएम स्वारघाट सुभाष गौतम, जिला राजस्व अधिकारी देवी राम, समस्त तहसीलदार के अतिरिक्त अन्य राजस्व विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
नेहरू युवा केंद्र बिलासपुर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत नेहरू युवा केंद्र स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन जिला मुख्यालय में किया गया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त ज्वाइंट डायरेक्टर एवं हिंदू मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रांतीय ब्रांड एंबेसडर सुशील पुंडीर ने शिरकत की। जबकि विशेष अतिथि के रूप में लाडली फाउंडेशन की उपाध्यक्ष शालिनी शर्मा ने शिरकत की। युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सुशील पुंडीर ने कहा कि नेहरू युवा केंद्रों की स्थापना वर्ष 1972 में ग्रामीण युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में भाग लेने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व और कौशल के विकास के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। 1987-88 में, नेहरू युवा केंद्र संगठन को इन केन्द्रों के कामकाज की निगरानी के लिए भारत सरकार, युवा मामलों और खेल मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संगठन के रूप में स्थापित किया गया था। वर्तमान में, देश के 623 जिलों में नेहरू युवा केंद्र कार्यरत है। इसके अलावा, 623 जिला आधारित नेहरू युवा केंद्रों को प्रबंधित करने, चलाने और चलाने के लिए, भारत के 29 राज्यों में क्षेत्रीय कार्यालयों की स्थापना नेहरू युवा केंद्र संगठन द्वारा की गई है। लाडली फाउंडेशन की उपाध्यक्ष एवं इंटरनेशनल इनरव्हील क्लब की जिलाध्यक्ष शालिनी शर्मा ने कहा कि एनवाईकेएस दुनिया में अपनी तरह का एक सबसे बड़ा जमीनी स्तर का युवा संगठन है। यह स्वैच्छिकता, आत्म-सहायता और सामुदायिक भागीदारी के सिद्धांतों पर युवाओं की शक्ति को नियंत्रित करता है। उन्होंने बताया कि नेहरू युवा केंद्र संगठन युवा मामलों के मंत्रालय के विभिन्न युवा कार्यक्रमों और अन्य मंत्रालयों के समन्वय और सहयोग में कुछ विशेष कार्यक्रमों के साथ युवा विकास के विभिन्न मोर्चों में काम कर रहा है। मुख्य ध्यान अच्छी नागरिकता के विकास मूल्य, धर्मनिरपेक्ष तरीकों से सोचने और व्यवहार करने, कौशल विकास और युवाओं को उत्पादक और संगठित व्यवहार को अपनाने में मदद करने पर किया गया है। युवाओं को संबोधित करते हुए आदर्श डिफेंस एकेडमी के प्रबंधक एवं समाजिक कार्यकर्ता मेजर सूबेदार ज्ञान चंद ठाकुर ने कहा कि नेहरू युवा केंद्र संगठन के मुख्य उद्देश्य राष्ट्र निर्माण गतिविधियों में ग्रामीण युवाओं को शामिल करना है तथा उन में ऐसे कौशल और मूल्यों को विकसित करने के लिए जिनके साथ वे आधुनिक, धर्मनिरपेक्ष और तकनीकी राष्ट्र के जिम्मेदार और उत्पादक नागरिक बन जाते है। इस मौके पर रेनबो स्टार क्लब के अध्यक्ष ईशान अख्तर, राजीव गांधी अक्षय ऊर्जा युवा क्लब के प्रधान लखन पाल, वासुदेव, नीतीश, नीलम सूद, हिमांशी मेहता, साइना, भारती ठाकुर, अंकित शर्मा, अनिल कुमार, अजय कुमार, शिवानी, चंद्रकांत, कल्पना देवी, पूनम, भारती, प्रीति, सुरेश ठाकुर, शालू इत्यादि युवा मौजूद रहे।
वर्ष 2019 में वैश्विक भुखमरी के आंकड़ों में स्थिति सुधारने में बुरी तरह पिछड़े भारत की तसवीर पर सुजानपुर के कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि वैश्विक भुखमरी के आंकड़ों में 117 देशों की सूची में हमारा देश 102वें स्थान पर पहुंच गया है, जोकि मोदी सरकार की 6 सालों की उपलब्धि है। अंधभक्त इस पर क्या कहेंगे, जब देश गरीबी उन्मूलन में इस कद्र पिछड़ गया है, इसमें पड़ोसी देशों को भी पछाड़ दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में तत्कालीन मनमोहन सरकार के समय देश 55वें स्थान पर पहुंच गया था लेकिन केंद्र में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद भुखमरी में दोगुना उछाल सरकार की गलत नीतियों की ओर इशारा कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमसे बेहतर तो पड़ोसी मुल्क है, इनमें श्रीलंका 66वें, नेपाल 73वें व बाग्लादेश 88वें स्थान पर है। कर्ज में डूबे पाकिस्तान भी 94वें स्थान पथ हमसे बेहतर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में भी देश 103वें स्थान पर था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में हमारा देश 95वें नंबर पर था लेकिन तत्कालीन मनमोहन सरकार ने मनरेगा जैसी स्कीम शुरू कर गांवों में ही रोजगार सृजित कर गरीबी उन्मूलन में बड़ी कामयाबी हासिल की थी तथा देश 55वें नंबर पर पहुंच गया था। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के 6 माह के भीतर ही सरकार ने 1 लाख 76 हजार करोड़ रूपए का कर्ज आरबीआई से ले लिया है तथा चंद उद्योगपतियों के कर्जे माफ किए जा रहे है। बैंक बंद हो रहे है। अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गई है तथा उद्योग बंद होने करोड़ों लोगों को नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है। सरकार इस पर अपनी स्थिति सपष्ट करते हुए श्वेत पत्र जारी करे। उन्होंने कहा कि जिस सरकार के राज में गरीबी उन्मूलन में देश फिसल गया है तथा पड़ोसी देश भी बेहतर स्थिति में है, ऐसी सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। ऐसी सरकार को अपनी खराब नीतियों के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए तथा पड़ोसी मुल्कों से स्थिति सुधारने की सीख लेनी चाहिए।
नन्हें बाल वैज्ञानिक कड़ी मेहनत करेंगे तभी आगे चलकरबेहतर वैज्ञानिक बनेंगे। यह बात उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या बिलासपुर में राज्य स्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2019 का शुभारंभ करने के उपरांत प्रदेश के विभिन्न जिलों से एकत्रित नन्हें वैज्ञानिकों को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है जिसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में बाल वैज्ञानिक भाग लेते है। उन्होंने कहा कि बाल विज्ञान कांग्रेस बाल वैज्ञानिकों को अपने वैज्ञानिक और नवीन कौशल को दिखाने और सांझा करने के लिए तथा बाल वैज्ञानिकों के बीच वैज्ञानिक स्वभाव और दृष्टिकोण को बनाने और विकसित करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि बाल विज्ञान कांग्रेस 10 से 17 वर्ष के आयु वर्ग के बाल वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि बाल वैज्ञानिक महत्वपूर्ण सामाजिक समस्याओं और उनके कारणों का अध्ययन करें और उसके उपरांत वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का उपयोग करके उन्हें हल करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि बाल विज्ञान कांग्रेस विज्ञान की खोज की भावना को प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा हमारे आसपास हर जगह विज्ञान है विज्ञान की शिक्षा उत्सुकता से ईंधन देती है और बच्चों को मूल्यवान विचार, कौशल और भविष्य के संभावित कैरियर को बनाने के लिए विकल्प प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल कठिन परिभाषाएं और सूत्र नहीं है बल्कि यह समस्याओं, घटनाओं और वस्तुओं को गहनता से और अलग ढंग से व्याख्या करने और सौहार्दपूर्ण ढंग से समाधान खोजने के लिए एक दृष्टिकोण है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चा भविष्य का वैज्ञानिक है और प्रत्येक वस्तु एक वैज्ञानिक उपकरण है बच्चों को ऐसी शिक्षा प्रदान करने और उनकी बुद्धि को प्रोत्साहित करने के साथ उनके आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस का विषय ’’क्लीन ग्रीन और हेल्दी नेशन के लिए विज्ञान, प्रोद्यौगिक और नवाचार है। उन्होंने कहा कि एचपी काउंसिल फॉर साइंस टेक्नोलॉजी एंड एनवायरमेंट हिमकोस्ट 1996 से राज्य में स्कूली बच्चों के बीच वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा दे रहा है ताकि कम उम्र के बच्चों के लिए 6 गतिविधियों जिसमें विज्ञान गतिविधि कार्नर, वैज्ञानिक परियोजना रिपोर्ट, इनोवेटिव सांईस माॅडल, विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, गणितीय ओलम्पियाड, विज्ञान स्किट इत्यादि का आयोजन करके युवा मन में छिपी प्रतिभा को बाहर लाया जा सके। उन्होंने कहा कि विज्ञान में बच्चों को मात्र फार्मूले सीखाना नहीं अपितु उन्हें अपने परिवेश में प्रतिदिन होने वाली छोटी-छोटी गतिविधियों के व्यवहारिक रूप में अध्ययन बारे भी प्रेरित कर उसमें रूचि पैदा करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा तैयार किए गए छोटे-छोटे मॉडल दूसरे बच्चों को भी विज्ञान कौशल के रोमांच से विज्ञान रूचि की ओर आकर्षित करते हैं। उन्होंने तकनीकी दक्षता व विज्ञान के प्रति रूचि पैदा करने के लिए अध्यापकों द्वारा प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देकर बच्चों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों का अवलोकन किया तथा बाल वैज्ञानिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण शिक्षा के लिये कम लागत से तैयार मॉडल खोज विज्ञान की प्रारम्भिक सीढ़ी है इसलिए अध्यापक बच्चों में पढ़ाई के साथ विज्ञान के प्रति भी सोच पैदा करें। उन्होंने अध्यापकों से आग्रह किया कि बच्चों को अध्यात्मिकता के बारे में जागरूक करते रहें। उन्होंने अभिभावकों से भी आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों की प्रतिदिन की दिनचर्या पर ध्यान रखें और नैतिक मूल्यों, कर्तव्य पालन और अनुशासन का पाठ पढ़ाएं। उपनिदेशक प्रारम्भिक सुदर्शन कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए बताया कि 13 से 16 नवम्बर तक आयोजित किए जा रहे चार दिवसीय राज्य स्तरीय विज्ञान सम्मेलन में प्रदेश भर के 700 बाल वैज्ञाानिक विभिन्न गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाल विज्ञान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं विज्ञान के प्रति रूची पैदा करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभाओं को जानने हेतू यह सम्मेलन बहुत लाभकारी है। उन्होंने कहा कि विज्ञान का प्रचार-प्रसार समाज से अंधविश्वास दूर कर बच्चों को विज्ञान के रहस्य बताकर उनके अन्दर आत्मविश्वास पैदा करता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को खोज विज्ञान के साथ जोडने के लिये स्कूल स्तर पर रोजमर्रा की घटनाओं को विज्ञान के साथ जोड़ कर इसे और सरल बना कर वैज्ञाानिक गतिविधियों से व्यवहारिक बनाया जा रहा है। इस मौके पर राष्ट्रीय शैक्षणिक समिति के सदस्य जेएम शर्मा, विज्ञान,प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण की राज्य स्तरीय समन्वयक प्रनीता ठाकुर, उपनिदेशक उच्च शिक्षा अमर सिंह ठाकुर, विज्ञान अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय शर्मा, महासचिव अमृत महाजन के अतिरिक्त अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब के अध्यक्ष एवं ऑपरेशन मुक्ति नशा निवारण अभियान के राज्य समन्वयक ईशान अख्तर की अगुवाई में लाडली फाउंडेशन हिंदू मुस्लिम राष्ट्रीय मंच तथा अर्धनारीश्वर सामाजिक संस्था के संयुक्त तत्वाधान में चिट्टा सरगना नशा माफियाओं की शव यात्रा पूरे बिलासपुर शहर में निकाली गई। चिट्टा सरगना की विशाल शव यात्रा गुरुद्वारा चौक से मेन मार्केट होते हुए,सब्जी मंडी मीट मार्केट वार्ड नंबर 8 से लक्ष्मी नारायण मंदिर से डियारा सेक्टर भ्रमण करते हुए बस स्टैंड पहुंच पहुंची। इसके उपरांत विशाल शव यात्रा बस स्टैंड से होते हुए राष्ट्रीय उच्च मार्ग के रास्ते चंपा पार्क मेन मार्केट से गुजरते हुए टाडू चेतना चौक पर हजारों युवा और समाजसेवियों ने विशाल शव यात्रा का दहन किया । गायत्री परिवार से परिव्राजक कुलवंत सुमन तथा हिंदू मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रांत संयोजक इंजीनियर सत्यदेव शर्मा ने पूरे रीति-रिवाजों के साथ परिक्रमा करते हुए शव का दहन किया। ईशान अख्तर ने बताया कि शव यात्रा को लाल कपड़े में लपेट कर घसीटते हुए हजारों युवाओं ने चिट्ठा सरगना पर कड़ा प्रहार किया। इसके उपरांत ऑपरेशन मुक्ति नशा निवारण अभियान के बैनर तले उपायुक्त कार्यालय परिसर में जनसभा का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भाग मल ठाकुर ने शिरकत की रेनबो स्टार क्लब के संरक्षक शीला सिंह ने हिमाचली टोपी देकर मुख्य अतिथि भागवत ठाकुर का स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा युवा देश का भविष्य है देश की उन्नति के लिए सभी युवा कटिबद्ध हो जाएं और नशे से दूर रहें। इस मौके पर बिजली महंत ,केस पठानिया ऑपरेशन मुक्ति नशा निवारण अभियान जनसभा के उपरांत उपायुक्त बिलासपुर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत में नशीले पदार्थों पर रोक लगाने हेतु ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में मांग की गई कि भारत की सीमाओं पर कड़ी चौकसी बरती जाए ताकि अफगानिस्तान, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश इत्यादि देशों से ड्रग्स भारत में प्रवेश न हो तथा राष्ट्रीय स्तर पर एंटी ड्रग्स टास्क फोर्स कमेटी का गठन किया जाए । इस दौरान मुनीर अख्तर लाली , रमेश टंडन, प्रेम लाल, निर्मला राजपूत ,सुशील पुंडीर, शीला सिंह, अगस्त्य शर्मा, शीतल ठाकुर, पवन कुमार शर्मा, राजेश कुमार, शालू, शिल्पा ,ज्योति ,आरती ,आशीष शर्मा ,मेजर सूबेदार ज्ञान चंद ठाकुर, प्रोफेसर अरुण कुमार, लेफ्टिनेंट आर्मी विंग जय चंद महलवाल ,वासुदेव ,नीतीश ,सुधा हंस ,रेखा शर्मा परवेज खान मुन्ना,रफी मोहम्मद, अरशद शेख ,नंदलाल राही प्रोफेसर नीरज वर्मा, तनुज सोनी, स्कूली संस्थानों, बुद्धिजीवियों ने भाग लिया ।
बिलासपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बिलासपुर इकाई ने महाविद्यालय की छात्रा के साथ शिक्षक के द्वारा उत्पीड़न को लेकर कॉलेज के अध्यापक के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करके रोष प्रकट किया। विद्यार्थी परिषद बिलासपुर इकाई के अध्यक्ष प्रशांत ठाकुर ने कड़े शब्दों में कहा कि अध्यापक समाज और राष्ट्र निर्माता के रूप में कार्य करता है परंतु इस घटना ने अध्यापक वर्ग को शर्मसार किया है। इस अध्यापक के खिलाफ पहले भी इस तरह का मामल ध्यान में आ चुका है। प्रशांत ठाकुर ने कहा कि अध्यापक वह दीपक है जो एक बच्चे के खाली दिमाग को बौद्धिक रूप से विकसित करता है और उसके भविष्य के निर्माण हेतु अपनी अग्रणी भूमिका निभाता है। विद्यार्थी परिषद ने बुधवार को आंदोलन के माध्यम से प्रशासन व सरकार से यह मांग करती है कि तुरंत प्रभाव से इस तरह का व्यव्हार करने वाले अध्यापक को बर्खास्त किया जाए। विद्यार्थी परिषद बिलासपुर इकाई अध्यक्ष प्रशांत ठाकुर ने कड़े शब्दों में प्रशासन व सरकार को चेताया कि अगर अध्यापक के ऊपर किसी प्रकार की कठोर कार्यवाही नहीं होती है तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करने में पीछे नहीं हटेगी। एक जागरुक छात्र संगठन होने के नाते विद्यार्थी परिषद इस घटना को बिलकुल भी सहन नहीं करेगी। परिषद ने गुरु शिष्य परंपरा को लज्जित करने वाले प्राध्यापक को बर्खास्त करने की मांग भी की।
प्रतिस्पर्धा के लिए कोई उम्र नही होती और जब इंसान भीड़ का हिस्सा न बनकर भीड़ की वजह बनने का सोच लेता है तो किसी भी उम्र में प्रतिस्पर्धा उसके कदम चुम लेती है। यह बात मास्टरज गेम एशोसिएशन द्वारा बिलासपुर लुहनु मैदान में आयोजित खेल प्रतियोगिता में विभिन्न खेलो में 5 मैडल जीतने वाली प्रतिभागी खिलाड़ी 45 वर्षीय भारती दास न कही। उन्होंने बताया कि विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर प्रथम व द्वितीय स्थान हासिल किया जो स्वयम में ही एक आश्चर्यजनक विषय है। स्कूल व कॉलेज के समय मे वह विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती थी परंतु विवाह के बाद वह अपने परिवार की देख रेख में पूरी तरह व्यस्त हो चुकी थी उसके वावजूद भी इतने समय के अंतराल बाद उनके पति दिनेश पॉल उर्फ मुन्ना के सहयोग व प्रोतसाहित करने पर जिला बिलासपुर के लुहनु मैदान में आयोजित तीसरी राज्य स्तरीय मास्टरज खेल प्रतियोगिता में भाग लिया और जीत हासिल कर 5 मैडल जीते जोकि उन्हें व उनके परिवार के लिए गर्व का विषय बना है। उन्होंने कहा कि खेलों में टैलेंट किसी भी उम्र का मोहताज नहीं होती है। प्रतिस्पर्धा किसी भी उम्र में हो सकती है बस सिर्फ जुनून होना जरूरी है। विशेषकर उन महिलाओं के लिए जो घर के काम काज व परिवार में यह भूल जाती है कि वह भीड़ का हिस्सा नही है बल्कि उन्हें भी कुछ अलग कार्य कर दिखा कर स्वयं की पहचान बनानी चाहिए व अपने वजूद को जिंदा रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि यदि सरकार प्रत्येक उम्र की महिलाओं के लिए इस तरह की खेल प्रतियोगिताओ का आयोजन करती रहे तो हमारे समाज की बहुत सी महिलाओं को एक ऐसा मौका मिलेगा जो जीवन मे कुछ अलग करना चाहती है। वह रोजमर्रा जिंदगी में चल रहे तनाव से बाहर निकलेगी इसके साथ ही शारीरिक रोगों से भी मुक्ति मिलेगी।
समाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब के संरक्षक शीला सिंह,अर्धनारीश्वर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष बिजली महात ,लाडली फाउंडेशन के राज्य अध्यक्ष शालू और हिंदू मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रांत संयोजक इंजीनियर सत्यदेव शर्मा ने कहां की चिट्टा सरगना नशा माफियाओं की वजह से दर्जनों युवा मौत के घाट उतर रहे हैं। 13 नवंबर को चिटा सरगना नशा माफियाओं की शव यात्रा पूरे बिलासपुर शहर में निकाली जाएगी। उन्होंने बताया कि चिट्टा सरगना की शव यात्रा 13 तारीख को दो चरणों में निकाली जाएगी। प्रथम चरण में 10:00 बजे गुरुद्वारा चौक से मेन मार्केट होते हुए ,यह रैली लक्ष्मी नारायण मंदिर पहुंचेगी। दूसरे चरण में 11:00 बजे लक्ष्मी नारायण मंदिर से होते हुए डियारा सेक्टर भ्रमण करते हुए बिलासपुर के मेन मार्केट में शव यात्रा का दहन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शव यात्रा को लाल कपड़े में लपेट कर घसीटते हुए सैकड़ों युवा चिट्ठा सरगना पर कड़ा प्रहार करेंगे। रैली के बाद जनसभा का आयोजन किया जाएगा जिसका मंच संचालन इंटरनेशनल वुमन इनरव्हील क्लब की अध्यक्षा शालिनी शर्मा करेंगे। ऑपरेशन मुक्ति नशा निवारण अभियान के राज्य समन्वयक एवं क्लब के अध्यक्ष ईशान अख्तर ने कहा रैली को निकलने के लिए सफलतापूर्वक कमेटियों का निर्माण कर दिया गया है। इसमें अनुशासन समिति, जलपान कमेटी ,शव यात्रा कमेटी ,कानून एवं व्यवस्था समिति ,मंच कमेटी का गठन किया है।
त्युंन सरयून धार किसान एवम श्रमिक कल्याण सभा के अध्यक्ष आशीष ठाकुर ने हिमाचल सरकार पर धार के लोगों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हवाण,सरयून चलेहली पंचायत की तरफ से एक भी हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस नहीं चल रही है। इसकी वजह से कॉलेज,आईटीआई व सरकारी विभागों में कार्यरत लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बस न होने की वजह से कॉलेज व आईटीआई में पड़ने वाले बच्चे जिन्होंने बस पास बनवा रखे हैं उनका कोई उपयोग नहीं है। साथ में उन्होंने कहा कि जाहु चंडीगढ़ रूट के लिए परिवहन विभाग ने एक बस स्वीकृत की है, पर प्रदेश सरकार की नाकामी की वजह से पिछले 6 महीने से अभी तक वह बस रूट पर नहीं चली है,इससे लोगों में भारी रोष है। आशीष ठाकुर ने कहा कि जल्द से जल्द अगर उक्त बसें रूट पर नहीं चली तो ग्रामीणों के साथ मिलकर सभा एक बड़े आंदोलन की रूप रेखा तैयार करेगी।
बिलासपुर में आयोजित मास्टर्ज़ गेम्स की तीसरी राज्य स्तरीय स्पर्धा के समापन में वन पर्यावरण एवं खेल मंत्री गोविंद ठाकुर ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि खेलों को खेलने से हर कोई स्वस्थ रहता है। उन्होंने परिवहन नियमो की पालना करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण भी आज की आवश्यकता है। इन्वेस्टर मीट के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सराहना की। उन्होंने विधायक सुभाष ठाकुर की मांग पर पैरा ग्लाइडिंग को बढ़ावा देने के लिए 15 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने मास्टर गेम्स असोसिएशन को भी 2 लाख देने की घोषणा की। इसके अलावा कहलूर स्पोर्ट्स परिसर में बकाया रहे कार्यों के लिए और धन राशि देने का कहा। इस अवसर पर मास्टर फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव व राज्य अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि इस प्रकार का आयोजन पूरे भारत में करवाए जा रहे है। इससे खिलाड़ी नेशनल के लिए तैयार होंगे जो बड़ौदा में फरवरी 2020 में होंगे। उन्होंने मास्टर्ज़ गेम्स की ओर से मंत्री महोदय को एक मांग पत्र भी सौंपा। इसमें मास्टर्स गेम्स एसोसिएशन को मान्यता प्रदान करने मुख्य मांग रखी गई और मास्टर्स गेम्स की प्रतियोगिताओं के दौरान के सभी कर्मचारी खिलाड़ियों को छुट्टियों का प्राबधान करने की मांग की गई। इससे पहले राजय महासचिव व आयोजन सचिव तेजस्वी शर्मा ने मुख्यातिथि महोदय का समारोह में पहुंचने पर पुष्प गुच्छ प्रदान करके अभिनंदन किया। उन्होंने अपने संबोधन में मास्टर्स गेम्स के आयोजन के लिए सभी सहयोगियो का आभार व्यक्त किया। तेजस्वी शर्मा ने जिला प्रशासन और खेल विभाग का भी सहयोग के लिए विशेष आभार जताया। विधायक सुभाष ठाकुर भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। ओवरआल ट्रॉफी बिलासपुर को इस प्रतियोगिता में ओवरआल ट्रॉफी बिलासपुर 55 गोल्ड मेडल्स के साथ मिली व सोलन 30 गोल्ड व दूसरे नंबर व हमीरपुर 22 गोल्ड के साथ तीसरे नंबर पर रहा। हॉकी में 40 प्लस वोमेन में बिलासपुर ने सोलन को हराकर विजेता का खिताब जीता, हॉकी 50 प्लस में सोलन 1 ने सोलन 2 को हराया, सोलन ही विजेता रहा। हॉकी मेन्स में 40 प्लस में बिलासपुर प्रथम हमीरपुर द्वितीय। हॉकी मेन्स 50 प्लस सिरमौर प्रथम और बिलासपुर द्वितीय रहा।
हिमाचल प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिम्कोष्ट) के सदस्य सचिव डीसी राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि 13 से 16 नवंबर तक 27वें राज्य स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन का आयोजन शिक्षा विभाग हिमाचल प्रदेश और राष्ट्रीय विज्ञान विकास उद्योग परिषद और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी.) भारत सरकार नई दिल्ली के सहयोग से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या बिलासपुर में आयोजित कर रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त राजेश्वर गोयल द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर राष्ट्रीय शैक्षणिक समिति के सदस्य (एनएसी.) डॉ जयंत शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सुदर्शन कुमार, एसपीडी आशीष कोहली, एसएसए/आरएमएस से उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि हिम्कोष्ट की ओर से संयुक्त सदस्य सचिव सनी शर्मा कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि बाल विज्ञान कांग्रेस 2019 का मुख्य विषय ‘‘स्वच्छ, हरित और स्वस्थ राष्ट्र के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार’’ है। उन्होने बताया कि 4 दिनों के कार्यक्रम में कांग्रेस के दौरान वैज्ञानिक परियोजना रिपोर्ट, विज्ञान प्रश्नोत्तरी, गतिविधि कॉर्नर, विज्ञानिक स्किट एंड प्ले, गणितीय ओलंपियाड और विज्ञान मॉडल जैसी के प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। राज्य भर के 700 से अधिक छात्र और शिक्षक इन 4 दिनों के दौरान भाग लेने के लिए आ रहे है। उन्होंने बताया कि 27वीं राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य आकर्षण आगस्टा इंटरनेशनल फाउंडेशन, बंगलौर और सैंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट द्वारा प्रदर्शनी होगी। उन्होंने बताया कि फाॅर्मस्टा इंटरनैश्नल फाउंडेशन, बंगलौर की टीम द्वारा बिलासपुर के 100 छात्रों को वैज्ञानिक तौर-तरीकों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा और शिमला जिले 50 छात्र जिन्हें सैंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट द्वारा माह सितम्बर में प्रशिक्षित किया गया था। ‘‘नवीकरणीय ऊर्जा (सौर छत) और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन‘‘ पर मॉडल प्रदर्शित करेंगे। उन्होने बताया कि इस अवसर पर विश्व विद्यालयों औश्र अन्य सरकारी विभाग की एंजैसिंयां राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस के दौरान प्रतिभागी छात्रों और शिक्षकों के लाभ के लिए लगभग 20 स्टाॅलों में वैज्ञानिकों नवाचारों और विकास को प्रदर्शित करेंगे। उन्होने बताया कि हिम्कोष्ट ने राज्य भर के छात्रों के प्रतिभागियों के लिए तारामंडल शो और नाइट स्काई वाचिंग आयोजित करने की योजना बनाई है। राष्ट्रीय स्तर के संगठनों के वैज्ञानिक, भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक परियोजना रिपोर्ट में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 16 छात्रों का समूह 27 से 31 दिसम्बर 2019 के दौरान केरल के तिरुवंतपुरम में राष्ट्रीय स्तर के बाल विज्ञान कांग्रेस में भाग लेगा।
बढ़ती महंगाई व गिरती अर्थव्यवस्था को लेकर कांग्रेस पार्टी के धरना-प्रदर्शनों पर भाजपा नेताओं द्वारा की जा रही बयानबाजी पर सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता हकीकत से भाग रहे हैं जिन्हें देश के हालात ठीक लग रहे है जबकि महंगाई बेरोजगारी, भ्रष्टाचार व गिरती अर्थव्यवस्था से पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं की सच्चाई के आइने को हमेशा झुठलाने की आदत रही है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा सजग विपक्ष की भूमिका निभाते हुए जनता की समस्याओं को धरना-प्रदर्शनों के माध्यम से सरकार के समक्ष रखा जा रहा है लेकिन उससे भी भाजपा नेताओं को घबराहट हो रही है। उन्होंने कहा कि होना तो यह चाहिए था कि जिस जनता ने भाजपा पर विश्वास जताते हुए उन्हें सत्ता के गलियारे दिखाए, उस जनता की समस्याओं का सरकार को समाधान करना चाहिए था, क्योंकि भाजपा के राज में सब चौपट हो गया है। उद्योग धंधे तेजी से बंद हो रहे हैं। करोड़ों लोग बेरोजगार हो चुके हैं जिसे देखते हुए कांग्रेस ने जन आंदोलन छेडक़र सरकार को जगाने का काम कर रही है। अब यह सब भी भाजपा नेताओं को अखर रहा है तो भाजपा नेता बताएं कि क्या कांग्रेस पार्टी मूकदर्शक बनकर उनकी तरह हाथ पर हाथ धरे बैठी रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा जनता के साथ चलने में विश्वास रखती है तथा देश की वर्तमान बिगड़ी परिस्थितियोंं पर भी एक जिम्मेवार एवं सजग विपक्ष की भूमिका निभाते हुए सरकार को सच से अवगत करवा रही है लेकिन सरकार उस पर अमल करने के बजाये अपनी धुन में मस्त है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार व भाजपा नेताओं को देश में बेरोजगारी अच्छी लग रही है। क्या रेंगती अर्थव्यवस्था व उद्योगों का बंद होना भाजपा सरकारों की नाकामी नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में हालात ऐसे बन चुके है कि ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार नित्त नए-नए हथकंडे अपनाती रहती है, ताकि सच्चाई दफन रहे तथा जनता को अच्छा-अच्छा ही दिखे लेकिन जनता भी हकीकत जानने लगी है और भाजपा की जनविरोधी नीतियों से पर्दा उठना शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा जनता के हक-हकूकों की लड़ाई लड़ती आई है तथा पार्टी का इतिहास रहा है कि जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था, तब भी कांग्रेस ने बलिदान देते हुए देश को आजाद करवाने की लड़ाई लड़ी थी। अब दोबारा आजादी से पहले वाले हालात वर्तमान केंद्र सरकार की नीतियों से बन गए है, इनसे निपटने व देश को गुलामी की ओर धकेल रही ऐसी शक्तियों से बचाने के लिए कांग्रेस बीच में खड़ी हो गई है।
मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी में आई बंगलादेश हैंडबाल फेडरेशन की महिला व पुरुष टीमों का दूसरा मैच मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की सब जूनियर महिला व वरिष्ठ पुरुष टीमों के साथ हुआ। इसमें पुरुष वर्ग में बंगलादेश व महिला वर्ग में मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी ने जीत दर्ज की। इनमें पुरुष वर्ग में एक बार फिर बंगलादेश व महिला वर्ग में मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की सब जूनियर टीम ने जीत हासिल की। जबकि महिला वर्ग का तीसरा व अंतिम मैच बंगलादेश व मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की वरिष्ठ टीम के मध्य हुआ। पुरुष वर्ग में बंगलादेश की टीम ने मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की टीम को 37-29 से पराजित किया। वहीं महिला वर्ग में मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की सब जूनियर टीम ने बंगलादेश की टीम को 20-16 से पराजित किया। महिला वर्ग के अंतिम मैच में मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की वरिष्ठ टीम ने बंगलादेश की टीम को 31-15 से पराजित किया। मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की तरफ से भावना ने 9, प्रीति ने 4, प्रियंका ने 2, दीपशिखा ने 4, महिमा ने 2, रिंपल व पायल ने 1-1 , निधि शर्मा ने 3, शैलजा ने 2 गोल किये। यह जानकारी मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की कोच स्नेहलता ने दी। उन्होंने बताया कि पुरुषों के मैच में हिमाचल प्रदेश हैंडबाल संघ के सी ई ओ डॉक्टर प्रवेश शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। वहीं महिला वर्ग में अंतरराष्ट्रीय पहलवान जगदीश कुमार ने मुख्यतिथि के तौर में शिरकत की। वहीं राजेश मेहता अंतरराष्ट्रीय हैंडबाल खिलाड़ी ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की।
मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की महिला खिलाड़ी लगातार एक के बाद एक उपलब्धिया हासिल कर रही है। चाहे वो राज्य, राष्ट्रीय या फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो, मोरसिंघी की खिलाड़ियों ने अपने खेल का लोहा मनवाया है। हर क्षेत्र में यहां की खिलाड़ियों की बदौलत हिमाचल ने हर वर्ग में मेडल जीते है। इसी कड़ी में अब एक बार फिर इस मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की 8 महिला खिलाड़ी भारतीय महिला हैंडबॉल टीम के प्रशिक्षण शिविर में चयनित हुई है। इनके चयन से जहां खेल जगत में खुशी का माहौल है वहीं नर्सरी की सभी खिलाड़ी भी खुश है। यह जानकारी मोरसिंघी पंचायत के प्रधान जगदीश ठाकुर व कीच स्नेहलता ठाकुर ने दी। उन्होंने बताया कि आगामी 1 से 10 दिसंबर तक नेपाल के काठमांडू में आयोजित होने वाली 13 वी साउथ एशियन गेम्स की हैंडबॉल स्पर्धा में भाग लेने वाली भारतीय महिला टीम के संभावित 25 खिलाड़ियों की सूची भारतीय हैंडबॉल संघ के महासचिव आनंदेश्वर पांडे ने जारी कर दी है । भारतीय प्रशिक्षण शिविर में चयनित 25 संभावित खिलाड़ियों की सूची में प्रदेश के मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की 8 खिलाड़ी है। गत वर्ष अगस्त में जकार्ता के इंडोनेशिया में हुई एशियन गेम्ज़ में भारतीय महिला टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी निधि शर्मा, दीक्षा ठाकुर व प्रियंका ठाकुर को भी इस प्रशिक्षण शिविर में शामिल किया गया। प्रियंका ठाकुर हाल ही लखनऊ में हुई सब जूनियर एशियन गेम्ज़ में भारतीय टीम की कप्तान थी। शैलजा शर्मा इसी वर्ष में लखनऊ में ही सम्पन्न हुई साऊथ ऐशियन गेम्ज़ में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। शालिनी ठाकुर तथा दीपशिखा, दीपा ठाकुर एशियन गेम्ज़ के प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी है। इसके अलावा मेनिका पाल जूनियर भारतीय महिला टीम की कप्तान रह चुकी है। मेनिका की कप्तानी में टीम ने स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने बताया कि भारतीय महिला टीम के संभावित खिलाड़ियों का प्रशिक्षण शिविर 10 नवंबर से नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान पटियाला में लगेगा। जहां पर यह सभी 25 महिला खिलाड़ी मुख्य राष्ट्रीय हैंडबाल प्रशिक्षक मोहिंदर पाल तथा सचिन चौधरी एवम सोना दुबे के मार्गदर्शन में हैंडबाल की बारीकियां सीखेंगे । उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी 8 खिलाड़ियों के अब तक के शानदार प्रदर्शन के चलते इस प्रशिक्षण शिविर से चयनित 16 सदस्यीय भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल होंगी।
बिलासपुर में चल रही तीसरी राज्य स्तरीय मास्टर गेम्स में दूसरे दिन बिलासपुर के नैना देवी क्षेत्र से विधायक व पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर ने शिरकत की। उन्होंने मास्टर गेम्स में भाग ले रहे सभी खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं दी और भविष्य में हिमाचल का नाम भारतवर्ष में चमकाने का आह्वान किया। रामलाल ठाकुर ने कहा बिलासपुर जिला में तीन तरह की खेलों से संबंधित सभी सुविधाएं मौजूद हैं जिन्हें आने वाले समय में और ज्यादा सुसज्जित किया जाएगा। उन्होंने प्रदेशभर से आए खिलाड़ियों से आह्वान किया कि अपना दमखम दिखाने में कोई कमी ना रखें जिससे कि आने वाली युवा पीढ़ी को एक नई प्रेरणा और दिशा मिल सके। उन्होंने कहा कि हमारा युवा इस समय बुरी तरह से नशे की चपेट में जकड़ता जा रहा है जिसके लिए मास्टर गेम एक प्रेरणा स्त्रोत बन सकती है। उन्होंने अपने समय के खेलों के बारे में भी अपने अनुभव सभी खिलाड़ियों से सांझा किऐ। रामलाल ठाकुर ने कहा कि बिलासपुर में लुहनु स्पोर्ट्स परिसर में जितनी भी खेल सुविधाएं हैं, वह सब पूर्व कांग्रेसी सरकारों की देन है और उनके व्यक्तिगत प्रयासों से इतने बड़े खेल मैदान बिलासपुर को मिल पाए हैं। उन्होंने लुहनु क्रिकेट मैदान पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि जिस मैदान को बिलासपुर जिले के बच्चों के लिए तैयार किया गया था, उस पर आज एक कंपनी के लोगों ने अपना कब्जा करके रखा है। इसे अपनी कमाई का जरिया बना कर रखा हुआ है। यदि आज यह मैदान राज्य सरकार के पास होता तो मास्टर गेम के खिलाड़ी क्रिकेट का भी आनंद ले पाते। उन्होंने कहा खेलों में राजनीति भावना की सोच रखना बहुत ही शर्मनाक है, लिहाजा खेलों में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर खेलों को प्रोत्साहित करना चाहिए। रामलाल ठाकुर ने इस दौरान हॉकी के मैच का भी आनन्द उठाया और प्रतियोगिता में विजेता, उपविजेता खिलाड़ियों को मैडल पहनाकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर मास्टर्स गेम्स फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव व राज्य अध्यक्ष विनोद कुमार और आयोजन सचिव व राजय महासचिव तेजस्वी शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने उन्हें टोपी और शाल पहना कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अतुलयम होम्स ग्रुप के प्रतिनिधि राजेश चौधरी, पूर्व नगर पार्षद संतोष मिश्रा, पूर्व हॉकी संघ के राजसचिव सुरेंद्र पाल दास जिला युवा सेवाएं एवम खेल अधिकारी श्याम कौंडल , सहित नगर के लोग उपस्थित रहे।
तीसरी राज्य स्तरीय मास्टर गेम्स का शुभारंभ बिलासपुर के लुहणु स्पोर्ट्स कंपलेक्स में विधिवत किया गया। शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बिलासपुर सदर के विधायक सुभाष ठाकुर उपस्थित हुए । इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर के 500 से अधिक मास्टर्स खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इनमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी शामिल है। प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण 60 वर्ष से ऊपर महिलाओं की विभिन्न टीमें है। वहीं 70 वर्ष से ऊपर के धावक भी खेल मैदानों में दिखेंगे। वहीं, मुख्यातिथि सुभाष ठाकुर ने इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को बधाई संदेश दिया, साथ ही अनुशासन बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने बताया कि बिलासपुर में जल और थल सभी तरह की प्रतियोगिताएं करवाने के लिए सभी साधन उपलब्ध हैं। लेकिन जो अभी कमियां बनी हुई हैं, उनके लिए आने वाले समय में प्रयास किए जाएंगे। सुभाष ठाकुर ने बताया कि बिलासपुर जिला में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया इन्वेस्टर मीट के दौरान बिलासपुर जिला को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए कई अन्य मेगा प्रोजेक्ट भी लाए जा रहे हैं, जिनकी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। ठाकुर ने बताया कि मास्टर गेम्स के लिए आने वाले समय में सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी ताकि प्रदेशभर से आने वाले खिलाड़ियों के लिए कोई असुविधा न हो। इस अवसर पर मास्टर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव विनोद कुमार ने मुख्यतिथि का स्वागत किया और इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया की मास्टर्स गेम्स का मुख्य उद्देश्य लोगों को तंदरूस्त और स्वस्थ रखना है ताकि उम्र के पड़ाव में लोंगो को मंच मिल सके। इव अवसर पर राज्य सचिव व आयोजक सचिव तेजस्वी शर्मा ने बताया कि बिलासपुर जिला ने मास्टर्स गेम्स की जो जिम्मेवारी ली है, उसे वह निभाने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन का खेल विभाग का व अन्य सहयोगियों के आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रदेश भर के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी शामिल रहे।
नयना देवी जी से विधायक राम लाल ठाकुर शनिवार ko ग्राम पंचायत सोलधा के गांव बाग फुगलाटा में पहुंचे। पिछली रात गांव में शार्ट सर्किट के कारण आगजनी की घटना में चार परिवारों के मकान पूरी तरह से जल गए। विधायक ने घटना का त्वरित संज्ञान लेते हुए घटना स्थल का दौरा किया और प्रशासन को पीडित परिवारों को तुरंत राहत प्रदान करने के लिए कहा। पीडित परिवारों चैतराम, रामपाल, कृष्नू राम, व चुनीलाल को पांच पांच हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की। राम लाल ठाकुर ने अपनी ऐच्छिकि निधि से पीडित परिवारों को पांच पांच हजार रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की। पीडित परिवार की अपाहिज बेटी को भी अपनी ऐच्छिक निधि से पांच हजार रुपये एवं आग बुझाने का प्रयास करते हुए घायल गांव के एक युवक को भी इलाज हेतु पांच हजार रुपये की सहायता राशि दी। विधायक ने मौके पर आए राजस्व विभाग के अधिकारियों को शीघ्रताशीघ्र नुकसान की आंकलन रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा। विधायक ने पीडित परिवारों को हरसंभव सहायता करने का भरोसा दिलाया। गौरतलब है कि अपने विधानसभा क्षेत्र के कार्यक्रम बीच में छोड़कर विधायक ने पीड़ित परिवारों के दुख दर्द में शामिल होने को तरजीह दी, जिसकी लोगों ने भूरी भूरी प्रशंसा की। मौके पर राजस्व विभाग के अधिकारी, बीडीसी चेयरमैन ओमप्रकाश गौतम, कांग्रेस पार्टी के जुखाला ब्लाक के सचिव बृज लाल ठाकुर, राजीव महाजन, सुरेन्द्र ठाकुर, परसराम ठाकुर, बाबू राम, इत्यादि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे ।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के अंतर्गत नेहरू युवा केन्द्र बिलासपुर द्वारा ज़िला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर में किया गया। यह जानकारी ज़िला युवा समन्वयक नेहरू युवा केन्द्र बिलासपुर यंगचेन लामो ने दी। इस प्रतियोगिता में बिलासपुर ज़िले के विभिन्न विकास खण्डों के महाविद्यालयों से प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। प्रतिभागियों ने चन्द्र शेखर आज़ाद, भगत सिंह जैसे शूरवीरों का उदाहरण देकर युवाओं को प्रोत्साहित किया व अपने राष्ट्र के लिये एक सच्चा देशभक्त बनने का आह्ववान किया। इस कार्यक्रम में प्राचार्या, राजकीय स्नातकोतर महाविद्यालय बिलासुपर राम कृष्ण भारती ने मुख्यातिथि के रूप मेें शिरकत की जबकि विशेष अतिथि के रूप में प्रोफेसर मीना वर्मा मौजूद रही। मुख्यातिथि ने अपने सम्बोधन में युवाओं को सन्देश दिया कि आज के युवा वर्ग बहुत तेज़ी से नशे की चपेट में आ रहे हैं । उन्होंने कहा कि हमें युवाओं को इस दलदल से समय रहते निकालना होगा, इसके लिए समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को जागरूक करना चाहिए। इस मौके पर उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वह अपने देश में रोजगार का साधन अपनाये ताकि भारत देश विकासशील देशों में गिना जा सके। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर अतुल जरयाल, द्वितीय वंदना व वेशाली तृतीय स्थान पर रही। सभी विजेता प्रतिभागियों को प्रथम 5 हजार रूपए द्वितीय 2 हजार रूपए तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेता प्रतिभागी को 1 हजार रूपए की राशि नकद व प्रशस्ति पत्र तथा समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रहे प्रतिभागी को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता हेतू भेजा जायेगा। । इस अवसर पर सेवानिवृत उपनिदेशक (शिक्षा) सुशील पुण्डीर, साहित्यकार कुलदीप चन्देल, एसीसटेन्ट प्रोफेसर अन्जू शर्मा, एसीसटेन्ट प्रोफेसर अपर्णा शर्मा, सह प्रध्यापक अर्चना व हेमा देवी के अतिरिक्त काॅलेज के छात्र व छात्राएं उपस्थित रहे।
शताब्दियों से चले आ रहे संघर्ष, अनेक युद्ध और असंख्य बलिदानों के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने न्याय और सत्य को आज उदघोषित किया है। यह बात अयोध्या निर्णय पर विश्व हिंदू परिषद कार्याध्यक्ष एडवोकेट आलोक कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि 40 दिन की तथा 200 घंटे से अधिक की मैराथन सुनवाई के बाद और सब प्रकार की बाधाओं से विचलित हुए बिना दिया गया यह निर्णय विश्व के महानतम निर्णयों में से एक है। हिन्दू समाज लगभग 70 वर्षों के न्यायिक संघर्ष के बाद इस निर्णय की अधीरता से प्रतीक्षा कर रहा था। अन्ततः वह प्रतीक्षा पूर्ण हुई और न्याय की विजय हुई। उन्होंने कहा कि परिषद सुप्रीम कोर्ट के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करती है। स्वाभाविक ही विश्व भर में हिन्दू समाज में अपार प्रसन्नता है। यह भी निश्चित है कि हिन्दू का मर्यादा में रहने का स्वभाव है, इसलिए यह प्रसन्नता आक्रामक नहीं होनी चाहिए। इसमें कोई पराजित नहीं हुआ है। किसी को अपमानित करने वाली बात नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज का सौहार्द बना रहे इसका सब को प्रयत्न करना चाहिये। उन्होंने कहा कि आज कृतज्ञता का भी दिन है। सबसे पहली कृतज्ञता उन ज्ञात और अज्ञात राम भक्तों के लिए जिन्होंने इन संघर्षों में भाग लिया, कष्ट सहे और अनेकों ने बलिदान दिए। भारत का पुरातत्व विभाग, जिनके अनथक प्रयासों और अविवादित तकनीकी विशेषज्ञता के कारण माननीय न्यायाधीश इस महत्वपूर्ण निर्णय पर पहुँच सके, विशेषतौर पर अभिनन्दन के पात्र है। वे सभी इतिहासज्ञ, अन्य विशेषज्ञ जिनके अकाट्य साक्ष्य इस निर्णय के आधार बने के प्रति हम आभार व्यक्त करते है। सभी वरिष्ठ न्यायविद एवं अधिवक्ता जिनके अनथक परिश्रम के कारण हिन्दू समाज को न्याय मिला है,उन का भी अभिनन्दन है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से यह अपेक्षा है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार वह आगामी कदम यथाशीघ्र उठाए। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण निर्णय भव्य राम मंदिर के निर्माण में एक महत्वपूर्ण एवं निर्णायक कदम है। विश्वास है कि भगवान राम के भव्य मंदिर का यथाशीघ्र निर्माण होगा। यह निश्चित है कि जैसे-जैसे यह मंदिर बनेगा, समाज में मर्यादाएं, समरसता, संगठन, हिन्दू जीवन जीने का प्रयत्न बढ़ेगा और एक सबल, संगठित, संस्कारित हिन्दू समाज विश्व में शांति और समन्वय स्थापित करने के अपने दायित्व को पूरा कर सकेगा।
मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी में आई बंगलादेश हैंडबाल फेडरेशन की महिला व पुरुष टीमों का पहला मैच मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की महिला व पुरुष टीमों के साथ हुआ। इसमें पुरुष वर्ग में बंगलादेश व महिला वर्ग में मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी ने जीत दर्ज की। यह जानकारी मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की कोच स्नेहलता ने दी। उन्होंने बताया कि पहले मैच में बिलासपुर ट्रक यूनियन बरमाणा के महासचिव रजनीश ठाकुर व दूसरे मैच में बतौर मुख्यातिथि व विशेष अतिथि के रूप में हिमाचल प्रदेश हैंडबाल संघ के महासचिव नन्द किशोर शर्मा ने शिरकत की । मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी के मैदान में पहुंचने पर मुख्यतिथि व विशेष अतिथि का स्थानीय प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। उन्होंने बताया कि पुरूष वर्ग में बंगलादेश ने मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी को 36 के मुकाबले 30 गोलों से पराजित किया। वहीं महिला वर्ग में मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी ने बंगलादेश को एकतरफा मुकाबले में 37 के मुकाबले 17 गोलों से पराजित किया। मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की तरफ से अंतरराष्ट्रीय हैंडबाल खिलाड़ी निधि शर्मा ने 12 गोल किये। भावना शर्मा ने 7, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी प्रियंका ने 8, दीपशिखा ने 3, प्रीति ने 2 वही शैलजा न 1 गोल किया। दूसरे दिन सुबह के सत्र में बंगलादेश महिला टीम व मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की सब जूनियर टीम के मध्य मैच खेला गया। जिसमें मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की सब जूनियर टीम ने बंगलादेश की टीम को 20-14 से पराजित किया। इस अवसर पर एस एम सचिन चौधरी, स्नेहलता, गंगा सिंह चैयरमैन ट्रक यूनियन बरमाणा , राकेश रोक्की कोषाध्यक्ष, जय सिंह ठाकुर उपप्रधान, हरविंदर सिंह संरक्षक, संतोष कुमार, सलाहकार, स्वदेश ठाकुर मीडिया प्रभारी , कुलदीप ठाकुर कानूनी सलाहकार, खहलीकुजमान शपन सह सचिव, मोहम्मद नासिरुल्लाह लाबलु हेड कोच महिला,मोहम्मद कम्बरलइस्लाम कीरोन कोच पुरुष, मिर्ख़य्येजमान सह कोच पुरुष, पंचायत प्रधान जगदीश ठाकुर, आई आर शर्मा, बी आर शर्मा, शहजाद बाबूराम, बी डी शर्मा, राहुल चौहान, पवन कुमार, घुमारवीं हस्पताल से डॉक्टर अंकिता चन्देल, मधु बालाआदि गणमान्य लोग मौजूद रहे।
पूर्व सैनिक कल्याण समिति हिमाचल प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष सूबेदार प्रकाश चंद शर्मा का शनिवार को प्रातः काल एक सड़क दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सूबेदार प्रकाश चंद अपने निवास स्थान से घुमारवीं की ओर कार में आ रहे थे। नियंत्रण खो जाने के कारण कार साथ लगती सीरखड्ड में लुढ़कती हुई करीब दो सौ मीटर नीचे जा गिरी। जिससे हादसे में उनकी मौत हो गई। सुबेदार प्रकाश चंद का पूर्व सैनिकों को उनके अधिकारपूर्ण अधिकारों को सरकार से दिलवाने में अहम योगदान रहा है। वन-रैंक वन पेंशन के लिए दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए पूर्व सैनिकों के आंदोलन में सूबेदार प्रकाश चंद ने अहम भूमिका निभाई थी। सूबेदार प्रकाश चंद के आकस्मिक निधन से बिलासपुर में शोक की लहर छा गई है।
बिलासपुर में तीन दिनों तक प्रदेश के सभी जिलों से अपने समय के चैंपियन रह चुके 60 वर्ष से ऊपर के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी अपना जौहर दिखाएंगे। यह जानकारी राज्य मास्टर गेम्स असोसिएशन के महासचिव तेजस्वी शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि इन खेलों का उद्देश्य न केवल व्यक्ति को तंदुरुस्त रखना है बल्कि युवा वर्ग में युवा समय में खेली गई उन यादों को ताजा करना है, जिन्हें अब पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि इस तीसरे राज्य स्तरीय खेलों में प्रमुख आकर्षण महिला हॉकी टीम का रहेगा,जिसमें सभी खिलाड़ी 60 वर्ष की आयु से ऊपर की है। फेडरेशन के अखिल भारतीय महासचिव व प्रदेश के अध्यक्ष विनोद कुमार कहा कि इन खेलों का शुभारंभ सदर के विधायक सुभाष ठाकुर कर रहे हैं,जबकि समापन प्रदेश के खेल मंत्री गोविंद ठाकुर द्वारा किया जाएगा। यह सभी खेल बिलासपुर के कैहलूर स्टेडियम में आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में बैडमिटन, हॉकी, शूटिग, टेबल टेनिस, वालीबॉल, हैंडबॉल, वेट लिफ्टिग, फुटबॉल व बास्केटबॉल की प्रतियोगिताएं होंगी।
बिलासपुर विश्व विख्यात शक्ति पीठ श्री नैना देवी में एक श्रद्धालु के द्वारा 1 किलो 10 ग्राम के दो सोने के छत्र गुप्त दान के रूप में माँ के चरणों में अर्पित किये गए जिनकी बाज़ारू कीमत लगभग 40 लाख रुपए हैं। श्रद्धालु के द्वारा दो छत्र सोने के चढ़ाये गए हैं ।उन्हें माता जी की पिंडीयों के ऊपर स्थापित किया गया है हालांकि पहले माता जी की पिंडीयों के ऊपर चांदी के छत्र थे जिन्हें हटाकर अब वहां पर सोने के छत्र स्थापित किए गए हैं इसके अलावा मंदिर न्यास के द्वारा श्रद्धालु को इन छत्रों की रसीद भी दी गई है। मंदिर अधिकारी हुसन चंद चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि मंदिर न्यास श्री नैना देवी में समय-समय पर श्रद्धालुओं के द्वारा सोना चांदी माता के चरणों में अर्पित किया जाता है और एक श्रद्धाल के द्वारा गुप्त दान के रूप में 1 किलो 10 ग्राम सोने के दो छतर चढ़ाए गए हैं जिन्हें विधिवत रूप से माता जी की पिंडीयों के ऊपर स्थापित किया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है माता जी के कार्तिक मास में ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु मां के दर्शनों के लिए आए और माता जी के दर्शन का लाभ उठाएं । इस मौके पर उनके साथ मंदिर न्यास अधीक्षक रामकृष्ण शर्मा ,लंगर इंचार्ज अनिल शर्मा जीतराम पुनीत भी मौजूद थे।
पूर्व मंत्री व विधायक नयना देवी विधानसभा क्षेत्र राम लाल ठाकुर ने प्रदेश सरकार को एक बार फिर कटघरे में खड़े करते हुए कहा कि इन्वेस्टर मीट का सारा खर्चा सार्वजनिक किया जाना चाहिए। इससे पहले ठाकुर ने ग्राम पंचायत दलेत, रोड जामन, नागें ठाकर, झिड़ियाँ व बैहल में जनसमस्याएं सुनी व वर्कर मीटिंग की। इसके साथ राम लाल ठाकुर ने भाखड़ा विस्थापितों का मसला एक बार फिर से उठाया कि उन्होंने कहा कि भाखड़ा विस्थापितों के लिए जो भी नीति बने उसमें बिलासपुर नगर के साथ ग्रामीण भाखड़ा विस्थापितों को भी शामिल किया जाना चाहिये। वर्ष 1985-86 में जब वह राज्य मंत्री थे तब इसका एक बार मिनी सेटेलमेंट राजा वीरभद्र की कांग्रेस सरकार से इन्होंने ही करवाया था, अब समय आ गया है कि बिलासपुर शहर के साथ- साथ इस योजना में ग्रामीण बिलासपुर वासियों को भी जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के दिन ही बिलासपुर जलमग्न हुआ था तो तब से लेकर अभी तक भाखड़ा विस्थापितों के जख्म भरे नहीं गए है। राम लाल ठाकुर ने यह भी कहा आज भी जो विस्थापितों के हक की बात करता है या जो-जो संस्थाएं भाखड़ा विस्थापितों के हक के लिए संघर्षरत हैं वह और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़े हैं। इसके साथ ही राम लाल ठाकुर ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा व केंद्र सरकार में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर से कहा कि आप दोनों ही हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से हो, तो बिलासपुर के भाखड़ा विस्थापितों के घावों को तो भर ही सकते हो। राम लाल ठाकुर ने झिड़ियाँ गांव में विधायक निधि युवाओं के लिए खेल मैदान के लिए एक लाख रुपये, बैहल के किकरिवाली गांव में साढ़े पांच लाख रुपये बड़ा बोरबेल लगाने के लिये, खलनी गांव में जिन घरों में पानी नहीं पहुँच रहा है वहां के लिए बड़ी पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू करवा दिया है। इस मौके पर प्रधान चंचलो देवी, राम दास, सुरजीत राणा, प्यारे लाल सदस्य पंचायत समिति, अवतार कृष्ण, बुध राम, व बब्बी अन्य लोग मौजूद थे।
सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने कहा है कि इन्वेस्टर मीट के बहाने प्रदेश की जनता ने केंद्र सरकार से उम्मीद लगाई थी कि कोई आर्थिक पैकेज भी मिलेगा लेकिन शाबाशी के सिवाये एक धेले की मदद भी नहीं मिली। उन्होंने पूछा कि अब डबल इंजन कहां गया। केंद्र का इंजन क्यों रंग बदल रहा है। उन्होंने कहा कि निवेश की बात सरकार कर रही है लेकिन लैंड बैंक का कोई अता-पता नहीं है। उद्योगपति निवेश के लिए तैयार हो रहे हैं लेकिन सरकार की अव्यवस्थाओं को देखकर हाथ पीछे खींच रहे हैं। रेलवे लाइन विस्तारीकरण पर खुद पैसे खर्च करने की बात कहकर केंद्र सरकार पल्ला झाड़ चुकी हैं और अब करोड़ों के निवेश के बीच फिर इस पहाड़ी राज्य को उसके सहारे ही छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि राइजिंग हिमाचल का नारा दिया जा रहा है लेकिन 52,000 करोड़ रुपए के बोझ तले हिमाचल में यह सपना साकार करने के लिए केंद्र सरकार का दायित्व था कि हवाई बातें व लच्छेदार भाषण की जगह कोई राहत भी प्रदान करते। उन्होंने कहा कि सडक़ों का बुरा हाल हो चुका है। रेलवे नैटवर्क कमजोर है और हवाई सेवाएं भी उतनी उन्नत नहीं हो पाई है। फिर खड्डों में तब्दील हो चुकी सडक़ों के दम पर करोड़ों के निवेश की बात करना बेमानी लगता है। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले खुद को मजबूती प्रदान करनी होगी लेकिन सरकार के नेता व मंत्री ही खफा-खफा दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में मीठी-मीठी बातों की बजाये केंद्र सरकार ने सकारात्मकता दिखाते हुए कोई आर्थिक राहत की पहल की होती तो प्रदेश हित में होता और उद्योगपति भी दिलचस्पी दिखाते। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारें हर मुद्दे में काम करने की बजाये अपनी ब्रांडिंग में ही लगी रहती है
सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब के संरक्षक शीला सिंह एवं प्रधान ईशान अख्तर की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मंडल उपयुक्त बिलासपुर से राजेश्वर गोयल से शिष्टाचार भेंट की। सभी पदाधिकारियों ने बिलासपुर में खोले जाने वाले नशा मुक्ति केंद्र के लिए उपयुक्त गोयल को बधाई दी। क्लब के संरक्षक शीला सिंह ने ने बताया कि पिछले कई वर्षों से रेनबो स्टार क्लब नशा मुक्ति केंद्र खोलने की मांग करता आ रहा था। इसके चलते मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी को भी नशा मुक्ति केंद्र खोलने के लिए ज्ञापन सौंपा गया था। नशा मुक्ति केंद्र नशा मुक्ति केंद्र खोलने से जो युवा नशे के दलदल में फंस कर अपने जीवन को अंधकार की तरफ ले जा चुके थे। अब उन्हें एक सही रास्ता मिल पाएगा और वह नशे के चंगुल से बच सकेंगे इसके अलावा सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफस से रेनबो स्टार क्लब के 12 सदस्यों ने एंटी ड्रग्स ट्रेनिंग हासिल करने के बाद राजेश्वर गोयल को पत्र सौंपा की वह सभी सदस्य नशा मुक्ति केंद्र में निशुल्क अपनी सेवाएं देंगे। इस मौके पर हिंदू मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के पदाधिकारी इंजीनियर सत्यदेव शर्मा,निर्मला राजपूत, सुशील पुंडीर, आरती, शेफाली, शालू, रश्मिगौतम, ज्योति, निशा देवी, अगस्त्य शर्मा इत्यादि युवा मौजूद थे।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दतात्रेय 9 नवम्बर को प्रातः 10 बजकर 10 मिनट पर बिलासपुर के प्रसिद्ध मंदिर में बाबा नाहर सिंह जी के दर्शन करेंगें। उसके उपरांत जिला में निर्माणाधीन हाईड्रो ईंजिनियरिंग काॅलेज बंदला का दौरा करेगें। इसके पश्चात दाडलाघाट के लिए प्रस्थान करेंगें। यह जानकारी सरकारी प्रवक्ता ने दी।
बंगलादेश हैंडबाल फ़ेडरेशन की महिला व पुरुष हैंडबॉल टीमों को लेकर शुक्रवार सुबह मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी में पहुंचे। जहां पर बंगलादेश व मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की महिला व पुरुष टीमें 3-3 मैच खेलेंगी। शुक्रवार को सुबह 11 बजे उदघाटन किया गया इसमें वरिष्ठ समाजसेवी सुन्दर राम ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि आज मोरसिंघी में इस हैंडबॉल मैदान में जो बंगलादेश की महिला व पुरुष हैंडबाल टीमें आई है इसका सारा श्रेय कोच स्नेहलता व उनके पति अंतरराष्ट्रीय हैंडबॉल खिलाड़ी सचिन चौधरी को जाता है। ये जो हैंडबॉल के लिए कर रहे है, नि:शुल्क खिलाड़ियों को होस्टल, प्रशिक्षण व खाना दे रहे है वह काबिलेतारीफ है तथा मेरे पास इनकी तारीफ के लिए शब्द नहीं है। इन्होंने अपना सब कुछ इसी नर्सरी व इन बच्चों को दे दिया है। उन्होंने कहा कि इस मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की अचीवमेंट जहां मेडल पर मेडल लाना वहीं यहां पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली दो खिलाड़ी रेलवे, एक पुलिस में भर्ती हो गए है। मोहम्मद नुरुल इस्लाम उपप्रधान बंगलादेश हैंडबाल फेडरेशन ने कहा कि हम सचिन व स्नेहलता का हमें यहां बुलाने पर धन्यवाद करते है। वह यहां पर बहुत अच्छी हैंडबाल अकेडमी चला रहे है। काफी समय से हम चाह रहे थे कि हम यहाँ आकर मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी में मैच खेलना चाहते थे। इस अवसर पर एस एम खहलीकुजमान शपन सह सचिव, मोहम्मद नासिरुल्लाह लाबलु हेड कोच महिला,मोहम्मद कम्बरलइस्लाम कीरोन कोच पुरुष, मिर्ख़य्येजमान सह कोच पुरुष, कश्मीर सिंह, राजकुमार चन्देल, सुभाष ठाकुर, डॉक्टर मनीष शर्मा, मधुबाला, गौरव शर्मा, सुखदेव ठाकुर, रविन्द्र सिंह ठाकुर, पवन कुमार आदि मौजूद रहे।
उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने बचत भवन में जिला क्षयरोग अनुमुलन समिति तथा जिला टीवी. फोरम बैठक की अध्यक्षता करते हुए जानकारी दी कि जिला में क्षय रोग को जड से खत्म करने के लिए जिला स्तर पर अलग-अलग कमेटियां गठित की गई है। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए विभिन्न विभागों के सहयोग के माध्यम से जिला में स्वास्थ्य विभाग, आशावर्कर, आंगनबाडी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता तथा अन्य संस्थाओं के माध्यम से क्षय रोगियों की पहचान की जाएगी और कांउसलिंग व मरीजों को नियमित रूप से दवाई देने के साथ-साथ उन पर निगरानी भी रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षय रोग के मरीजों के लिए 6 माह का दवा सेवन का कोर्स है यदि रोगी नियमित रूप से दवाई लेता है तो 6 माह में इस रोग से मुक्ति मिल जाती है। उन्होंने कहा कि क्षय रोग मुक्त हिमाचल अभियान में एक्टिव केस फाईंडिंग एक प्रमुख गतिविधि है जिसके माध्यम से क्षय रोग के रोगियों की आसानी से पहचान की जा सकती है। उन्होंने कहा कि क्षय रोगियों की पहचान करने के लिए 16 नवम्बर से 30 नवम्बर तक एक्टिव केस र्फाइंडिंग एक्टिविटी राउंड-2 कार्यक्रम चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों के घर-घर जाकर क्षय रोगियों की पहचान करेगी ताकि उनका शीघ्र ईलाज आरम्भ किया जा सके। उन्होंने बताया कि क्षय रोग का ईलाज पूर्णरूप से सम्भव है इसकी जांच व ईलाज सरकार द्वारा मुफ्त किया जाता है। उन्होंने बताया कि निक्षय पोषण योजना के तहत क्षय रोगियों को 5 सौ रूपए प्रतिमाह खानपान के लिए रोगियों के खाते में डाले जाते है ताकि वे दवाईयों के साथ-साथ पौष्टिक आहार भी ले सके। उन्होंने बताया कि संदिग्ध व क्षय रोग से ग्रस्त लोगों के बलगम के नमूने डीएमसी. केन्द्र में सीवीनैट. जांच के लिए भेजे जाते है ताकि शीघ्र क्षय रोगियों की पहचान हो सके तथा उनका ईलाज आरम्भ किया जा सके और हिमाचल प्रदेश को क्षय रोग मुक्त किया जा सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रकाश दडोच ने क्षय रोग अनूमुलन के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में विस्तार से बताया। बैठक का संचालन जिला क्षय रोग कार्यक्रम अधिकारी डा. प्रवीण कुमार ने किया और क्षय रोग अनूमुलन को लेकर प्रैजेंटेशन भी दी। इस अवसर पर एसडीएम स्वारघाट सुभाष गौतम, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी के अतिरिक्त सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला के 275 बूथों में पिलाई जाएगी पोलियो की दवाई। यह जानकारी उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने पल्स पोलियो अभियान तथा रूटीन टीकाकरण एवं जिला टास्क फोर्स को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि जिला बिलासपुर में 19 जनवरी को शुन्य से पांच वर्ष तक के 31 हजार 62 बच्चों को पोलियो की दवाई पिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा आंगनबाडी कार्यकर्ता, आशावर्कर, अध्यापक व आयुर्वेदिक विभाग के 11 सौ से भी अधिक कार्यकर्ता अपनी भूमिकाओं का निर्वहन करेगें। उन्होंने बताया कि सम्भावित क्षेत्रों विशेषतया झुन्गी-झोपडियां, प्रवासियों की रिहाइसी क्षेत्रों इत्यादि पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि कोई भी बच्चा पोलियों की दवाई पीने से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि 19 जनवरी को जिला के क्षेत्रीय चिकित्सालय के अतिरिक्त सिविल अस्पताल घुमारवीं, बरठीं व घवाण्डल और 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केंन्द्रों व 38 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और 121 उप स्वास्थ्य केन्द्रों में यह दवाई पिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि 19 जनवरी को विभिन्न स्थलों पर शिविरों का भी आयोजन किया जाएगा तथा सफर करने वाले 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए बस अड्डों अथवा बस ठहराव स्थलों पर भी दवाई पिलाने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों में 5 वर्ष, 10 वर्ष, 16 वर्ष की आयुवर्ग तक के बच्चों को टीकाकरण करवाना सुनिश्चित करें ताकि जिला में स्कूली टीकाकरण का शतप्रतिशत परिणाम प्राप्त किए जा सके। इस अवसर पर एसडीएम. स्वारघाट सुभाष गौतम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रकाश दडोच, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परविंद्र सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी अंजूबाला के अतिरिक्त सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थिित रहे।
देवभूमि ब्लड डोनर्स के अध्यक्ष आशीष मेहता ने जानकारी देते हुए बताया कि देवभूमि ब्लड डोनर्स द्वारा 10 नवंबर को प्रातः 9 बजे विकास खंड घुमारवीं की ग्राम पंचायत कुठेड़ा के मसौर गांव में पांचवें वार्षिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर जिला स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन कर रहा है। इसमें लगभग 27 संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा, इसमें देवभूमि ब्लड डोनर्स की टीम द्वारा इन सभी संस्थाओं के साथ-साथ ग्राम पंचायत कोठी, दाबला, मोरसिंघी, कुठेडा, तलवाड़ा, पटेर, लद्दा, मैहरीकाथला, भलसंवाएं और तल्याणा के सभी युवक, महिला मंडल और आशा वर्कर्स को भी सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके साथ पहली बार जिला बिलासपुर में थैलेसीमिया पर भी जागरूकता शिविर लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिसमें महावीर अंतरराष्ट्रीय संस्था के सौजन्य से बिलासपुर, हमीरपुर और शिमला से आ रहे थैलेसीमिया से ग्रस्त बच्चों के निशुल्क टेस्ट किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि शिविर में प्रबंधक निदेशक, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक डॉ पंकज ललित बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगें। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉक्टर प्रकाश दरोज एवं उपनिदेशक एसबीटीसी डॉ राजेश ठाकुर गेस्ट ऑफ ऑनर शिरकत करेंगे। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर महावीर अंतरराष्ट्रीय सस्ंथा के निदेशक थैलेसीमिया पर सभी को जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि रक्तदान शिविर का आयोजन क्लीन ब्लड डोनर बैंक के अंतर्गत किया जा रहा है ताकि मरीजों के परिजनों को रक्त आसानी से उपलब्ध हो सके और थैलेसीमिया से ग्रस्त बच्चों को यह ब्लड अस्पताल में हर समय मिल सके। उन्होंने इच्छुक रक्तदाताओं और युवाओं से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस रक्तदान शिविर में भाग लेकर इस पुनीत कार्य के लिए अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करें।
बिलासपुर के कहलूर खेल परिसर में आगामी 9 नवंबर से आयोजित होने वाली तीसरी राज्यस्तरीय मास्टर्स गेम्स की तैयारियां इन दिनों जोरों पर है। राज्य भर से आने वाले करीब एक हजार खिलाड़ियों की खातिर दारी करने के लिए जहाँ मेजबान बिलासपुर अपनी पलकें बिछाए बैठा है वहीं बिलासपुर में इन खेलों को लेकर भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। बिलासपुर नगर के सभी खेल मैदानों को इन खेलों के लिये तैयार किया जा रहा है। वहीं आयोजन कमेटी के सदस्यों के लूहनु खेल परिसर में अपनी बैठक का आटोजन किया। इसमें मास्टर्स गेम्स को लेकर जिम्मवारिया तय की गई। इन खेलों की मेजबानी करने का मौका पहली बार बिलासपुर जिला को मिला है लिहाज बिलासपुर के सभी खेल संगठन, सामाजिक संगठन, व्यापारी वर्ग व सरकारी तंत्र भी अपना पूरा सहयोग प्रदान कर है। तीन दिनों तक बिलासपुर।में चलने वाले इन खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए खाने पीने के बेहतर व्यवस्थाएं की जा रही है। बता दे कि इन मास्टर्स गेम्स में एथलेटिक्स, बैडमिंटन, हाकी, शूटिंग, टेबल टेनिस, वॉलीबाल, हैंडबॉल, वेटलिफ्टिंग , फुटबॉल, बास्केटबॉल की प्रतियोगिताएं होगी। प्रदेश के सभी जिलों से अपने समय के चैंपियन रह चुके राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी इन खेलों में भाग लेंगे। वहीं, इन खेलो में 30 वर्ष से ऊपर की आयु के इच्छुक खिलाड़ी भाग ले सकते है। इसके लिए फेसबुक और वट्सअप ग्रुप्स के अलावा 8894067742 , 8894040655, 94180 94150 पर जानकारी प्राप्त की का सकती है।


















































