अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन आईटीआई दाड़लाघाट में प्रमाण पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में एसडीएम अर्की केशव राम कोहली ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। प्रमाण पत्र वितरण समारोह अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन आईटीआई में चलने वाले इंडस्ट्रियल टेलरिंग, असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन तथा एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम कोर्स के लिए आयोजित की गई थी। तीनों कोर्स के 85 प्रशिक्षित एलुमनाई प्रशिक्षु शामिल हुए। मुख्यअतिथि द्वारा उन्हें प्रमाण पत्र और टूलकिट देकर सम्मानित किया गया। अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन से प्रशिक्षण ले चुके यह सभी प्रशिक्षु अपना रोजगार हासिल करने में सक्षम हुए हैं तथा विभिन्न उद्योगों में कार्यरत हैं और कुछ प्रशिक्षु अपना खुद का व्यवसाय कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि एसडीएम अर्की केशव राम कोहली ने प्रशिक्षुओं को स्वाबलंबी बनने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि वे अपने तथा अपने परिवार के जीवन स्तर में सुधार ला सके। इस कार्यक्रम के दौरान अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट के प्रोग्राम मैनेजर भूपेंद्र गांधी ने संस्थान की नीव से लेकर के वर्तमान समय तक की गई उन्नति पर प्रकाश डाला। भूपेंद्र गांधी ने अवगत करवाया कि यह संस्थान 2 कोर्सों के साथ 2007 में शुरू किया गया था तथा वर्तमान समय में यहां पर 9 कोर्सों में युवा प्रशिक्षण लेकर अपने लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित कर रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय सलाहकार समिति के सदस्य वेद प्रकाश शुक्ला, संत राम कौंडल, अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट के कार्यक्रम प्रबंधक भूपेंद्र गांधी, संस्थान के प्रशिक्षक दिलीप कुमार, संदीप, राजकुमार गुप्ता, सोनू देवी, चंद्रकांता, नंदलाल वर्मा उपस्थित रहे।
राजकीय संस्कृत महाविद्यालय फागली और हिमाचल संस्कृत अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आज शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में संस्कृत पर एक नाटक ‘भारत विजयम’ का मंचन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेे। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में विनोद शर्मा द्वारा निर्देशित कथाकार मथुरा प्रसाद दीक्षित के नाटक का मंचन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल में संस्कृत को राज्य की दूसरी राजभाषा का दर्जा देकर प्रदेश सरकार ने बहुत ही सराहनीय पहल की है और अब हम सबको मिलकर संस्कृत को आगे बढ़ाना है। राज्यपाल ने कहा कि संस्कृत के प्रयोग और प्रसार के लिए आम लोगों को संभाषण शिविरों में भाग लेने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि राजभवन में भी संभाषण शिविर के माध्यम से संस्कृत का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्कृत एक बहुत ही समृद्ध भाषा है और इसके शब्द देश के हर राज्य में बोली जाने वाली भाषाओं और बोलियों में पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भारत के संसाधनों के साथ-साथ यहां की समृद्ध संस्कृति पर भी एक सुनियोजित ढंग से प्रहार किया था और इससे देश की एकता टूट गई। संस्कृत भाषा पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ा। भारत में ब्रिटिश शासन से पहले भारत की आर्थिक समृद्धि और साक्षरता के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि हम हर तरह से संपन्न और समृद्ध थे। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता के लिए संस्कृत के उद्भव पर बल दिया। इससे पहले, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा ने राज्यपाल को सम्मानित करते हुए कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर शिक्षा विभाग द्वारा अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि विद्यार्थियों को अपने गौरवशाली इतिहास की जानकारी मिल सके। उन्होंने संस्कृत को श्रुति से आगे ले जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं और हाल ही में प्रदेश में दो नए संस्कृत महाविद्यालयों को अधिसूचित किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शीघ्र ही प्रदेश का अपना संस्कृत विश्वविद्यालय भी होगा। हिमाचल प्रदेश संस्कृत अकादमी के सचिव डॉ. केशवानंद कौशल ने राज्यपाल का स्वागत किया। इस अवसर पर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के पूर्व कुलपति पद्मश्री प्रो.अभिराज राजेंद्र मिश्र, सारस्वत अतिथि प्रो.केशव राम शर्मा, राजकीय संस्कृत महाविद्यालय फागली के प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी जिले के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के दौरान सिद्धपुर और चोलथरा में लगभग 980 करोड़ रुपये की 92 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण तथा शिलान्यास किए। सिद्धपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश में डबल इंजन की सरकारें हिमाचल को तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेसी नेता विकास के नाम पर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। वे दस गारंटी का झांसा देकर राज्य के मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। जय राम ठाकुर नेे कहा कि कांग्रेस पार्टी की अपनी कोई गारंटी नहीं है और वह लोगों को दस गारंटी दे रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने वर्ष 2014 के आम चुनावों में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनावों भी भारी जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2019 के आम चुनावों में भी नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने वर्ष 2014 में मिली 282 सीटों के मुकाबले 303 सीटें जीतकर दोबारा प्रचंड बहुमत हासिल किया था। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और मणिपुर में भी विधानसभा चुनावों में दोबारा बहुमत हासिल करके ‘मिशन रिपीट’ सुनिश्चित किया है और अब हिमाचल प्रदेश की बारी है। दोबारा सत्ता में न आने के रिवाज को तोड़ने की बारी अब हिमाचल की है। धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 32 वर्षों से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व एक ऐसे नेता कर रहे हैं जो सदैव विकास और जनकल्याण को समर्पित रहते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने धर्मपुर में विद्युत बोर्ड का वृत्त कार्यालय, सिविल जज न्यायालय, अग्निशमन केंद्र और कामगार कल्याण बोर्ड का उप-कार्यालय खोलने की घोषणा की। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरी में विज्ञान और वाणिज्य की कक्षाएं शुरू करने तथा फीहड़, चौकी और छेज ग्वाला में स्वास्थ्य उप केंद्र खोलने की घोषणा भी की। इससे पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत कमलाह और मंडप क्षेत्र के लिए 147.13 करोड़ रुपये की पेयजल योजना, 6.86 करोड़ रुपये की लागत से सिद्धपुर क्षेत्र की प्राकृतिक आपदा प्रभावित विभिन्न पेयजल योजनाओं के कार्य, ग्राम पंचायत बिंगा, समौड़ और सकलाणा के लिए उठाऊ सिंचाई योजना 16.30 करोड़ रुपये, चनेहड़ बैरी उठाऊ पेयजल योजना का उन्नयन 82 लाख रुपये, उत्कृष्टता केंद्र भवन सिद्धपुर 12.55 करोड़ रुपये, सिद्धपुर में राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भवन 7.39 करोड़ रुपये, हाईड्रोलॉजी प्रशिक्षण केंद्र सिद्धपुर 3.03 करोड़ रुपये, टौरखोला और अन्य गांवों के लिए 109.66 करोड़ रुपये की पेयजल योजना और जल शक्ति उपमंडल टीहरा के अंतर्गत 15.58 करोड़ रुपये की लागत से सुदृढ़ की गई विभिन्न पेयजल योजनाओं के लोकार्पण भी किए।
देव भूमि हिमाचल की बेटी वंशिका परमार मिस अर्थ इंडिया का खिताब जीतने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिलीपींस में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। वंशिका हमीरपुर जिला के नादौन उपमंडल के तुन्ही गांव की रहने वाली है। वंशिका के पिता सुशील कुमार भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन के रूप में कार्यरत हैं जबकि उनकी मां धर्मशाला में एक सोशल वर्कर के रूप में कार्य कर रही हैं। हाल ही में दिल्ली में हिमाचल प्रदेश की बेटी वंशिका परमार ने मिस अर्थ इंडिया 2022 का प्रतिष्ठित ताज जीतकर हिमाचल का नाम चमकाया है। इस प्रतियोगिता का आयोजन मिस डिवाइन ब्यूटी द्वारा किया गया है। प्रतियोगिता का फाइनल जेएलएन स्टेडियम, नई दिल्ली में हुआ था। अब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिलीपिंस में होने वाली प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। बता दें कि मिस अर्थ के ताज के लिए दुनिया भर के नब्बे से ज्यादा देशों की सुंदरियां फिलीपींस में होने वाले आयोजन में हिस्सा लेंगी। वर्तमान भी वंशिका दिल्ली से ही मिरांडा हाउस यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रही हैं। वंशिका के दादा शक्ति चंद परमार भारतीय सेना से कर्नल पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
नीट का रिजल्ट घोषित हो गया है। इस परीक्षा में राजस्थान की तनिष्का ने 715 अंक हासिल कर पूरे देश में टॉप किया है। दिल्ली के वत्स आशीष बत्रा ने दूसरा और कर्नाटक के ऋषिकेश नागभूषण ने तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं शिमला की भावना चोपड़ा ने भी नीट की परीक्षा पास की है। भावना ने 720 में से 600 मार्क्स लेकर माँ बाप का नाम रोशन किया है। 20599 में से भावना ने 8647 रैंक हासिल किया है। भावना की इस सफलता से उनके पिता प्रकाश चोपड़ा व माता मीरा चोपड़ा काफ़ी खुश हैं।
जिला शिमला के कोटखाई के समीप बागड़ा नामक स्थान पर वीरवार को मिक्सचर ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। जानकारी के मुताबिक ट्रक में तीन लोग सवार थे। हादसे में तीनों लोग घायल हो गए हैं। घायलों में ड्राइवर उम्र 21 साल निवासी सहारनपुर बताया जा रहा है। जबकि कार्तिक व शुभम करनाल का रहने वाले बताए जा रहा है। इन्हे प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी कोटखाई भेज दिया गया है।
उपमण्डल देहरा के अन्तर्गत पड़ते निचली बड्डल के निवासी साहिल कुमार की बाइक दुर्घटना में मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक देर शाम उक्त युवक अपनी बाइक पर सवार होकर बढ़ल की ओर जा रहा था कि अचानक वह एक पहाड़ी से टकरा गया। प्राथमिक उपचार के लिए युवक को देहरा सिविल अस्पताल ले जाया गया, उसके बाद युवक को टांडा अस्पताल रेफर किया गया। युवक की हालत गम्भीर होने के चलते उसे पीजीआई रेफर कर दिया, जहां इसकी रास्ते में ही मौत हो गयी है। मिली जानकारी के मुताबिक साहिल के माता पिता नहीं है तथा यह अपने नाना विधि चन्द गांव निचली बढल घर में ही रहता था। मामले की पुष्टि करते हुए एसएचओ देहरा कुलदीप सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जाँच कर रही है ।
एनआईटी हमीरपुर में कार्यरत महिला आउटसोर्स कर्मी ने जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या कर ली है। मामले में सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर आगामी छानबीन शुरू कर दी है। विवाहिता महिला रूचि जिला मुख्यालय से सटे पक्को भरो क्षेत्र की रहने वाली है। बताया जा रहा है कि बुधवार दोपहर को महिला ने जहरीला पदार्थ निगल लिया और उसके बाद तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे अस्पताल में पहुंचाया। यहां पर महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेडिकल काॅलेज टांडा के लिए रेफर कर दिया गया। टांडा में उपचार के दौरान बुधवार आधी रात को महिला ने दम तोड़ दिया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला ने किन कारणों के चलते आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया है। महिला के पिता भी एनआईटी हमीरपुर में ही नौकरी करते है। जानकारी के मुताबिक रूचि की उम्र महज 30 वर्ष थी। रूचि एक छोटा बेटा और बेटी है जिन्हे वह अपने पीछे छोड़ गई है। मामले में सदर थाना पुलिस आगामी छानबीन में जुट गई है। वहीं मामले की पुष्टि करते हुए सदर थाना हमीरपुर के प्रभारी संजीव गौतम ने कहा कि मामले में पुलिस छानबीन कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
हिमाचल ताइक्वांडो अकैडमी खुडिंया की 2 ल़डकियों ने जिला स्तरीय खेलों में सिल्वर औऱ कांस्य पदक जीतकर साबित कर दिया कि आज के समय में लड़कियां लड़कों से कम नहीं हैl हिमाचल ताइक्वांडो अकैडमी खुडिंया की 2 ल़डकियों शाईना और वंशिका राणा ने हिमाचल प्रदेश पठियार में 4 से 7 सितंबर तक आयोजित जिला स्तरीय खेलों में भाग लेकर पूरे हिमाचल और अपनी ताइक्वांडो अकैडमी का नाम रोशन किया, जिसमें वंशिका राणा ने सिल्वर और शाईना ने कांस्य पदक जीता। अकैडमी के संचालक सुनील कुमार और मीना कुमारी का कहना है कि हमारी अकैडमी की लड़कियां आने वाले समय में अपनी जीत से पूरे भारत में चार चांद लगा देगीl उनका कहना है कि कृपया सब लोग अपने बच्चों को फोन से दूर रखें। उन्हें किसी ना किसी खेल में जरूर डालें अन्यथा वो दिन दूर नहीं जब आपके बच्चे इस फोन जैसी बीमारी की चपेट में आ जाएं और उनका भविष्य खराब हो जाएl आज के समय में स्पोर्ट्स की वैल्यू बहुत ज्यादा है l
देर रात बारिश के कारण महल गांव में स्लेटनुमा कच्चा मकान गिर गया। गनीमत ये रही की इस दौरान परिवार घर में नहीं था नहीं तो जानी नुकसान हो सकता था। पीडि़त ओम प्रकाश ने बताया कि पिछले दिनों भारी बारिश के कारण घर की पिछली दीवार टूट गई थी उसके बाद भारी बारिश होने के कारण पूरा मकान गिर गया जिससे पीडि़त परिवार को काफी नुक्सान हुआ है। ओम प्रकाश ने सरकार व प्रशासन से गुहार लगाई हैं की उसकी मद्द की जाए। पंचायत प्रधान सुरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि जैसे ही उन्हें इस घटना की जानकारी मिली तो वे तुरंत अपने साथियों सहित मौके पर पहुँचे। आस पास क़े लोगों की मदद से सामान को बाहर निकाला गया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि परिवार को काफी नुकसान हुआ है। उधर, पटवार वृत्त महल की राजस्व अधिकारी सपना शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि मैंने कुछ दिन पहले मौके का दौरा किया था तो उस समय पिछली दीवार गिरी थी। अब पीडि़त परिवार से जानकारी मिली है कि पूरा मकान गिर गया है जिससे पीडि़त ओम प्रकाश को काफी नुकसान हुआ है।
दूरदराज क्षेत्र हरसंगधार का एक संगीन मामला वहां के निवासी जीत राम शर्मा व उनकी पीड़िता बेटी ने सामने लाया है। इस मामले को पिता व बेटी ने हरसंगधार में एक पत्रकार वार्ता कर उजागर किया है। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि शत प्रतिशत दृष्टिहीन कमलेश पुत्री जीत राम शर्मा गांव हरसंगधार के साथ उसके पति व सास-ससुर ने जब उसकी आंखों का ऑपरेशन हुआ था तथा वह गर्भावस्था में थी उस समय मारपीट की व अमानवीय अत्याचार किया। कमलेश ने बताया कि उसकी शादी मंढोड़घाट के एक परिवार में हुई थी। वह मुश्किल 2 महीने अपने पति के साथ रही, उसके अनुसार विवाह के समय उसकी आंखों का विजन कुछ कम था जिसके बारे में उसने पहले ही ससुराल पक्ष को सब कुछ बता रखा था। उसने बताया जैसे ही उसने गर्भ धारण किया ठीक उसके बाद उसका पति तथा सास-ससुर उसका उत्पीड़न करने लगे। उसके ऊपर अनेक लांछन लगाने लगे और मारपीट करने लगे, कमलेश ने बताया कि एक दिन तो उन्होंने सारी हदें पार कर दी जब मारपीट के बाद उसे धक्का दिया और उसका सिर दीवार से जा टकराया, जिसके कारण उसकी आंखों की पूरी रोशनी चली गई और उसकी आंखें खून से लाल हो गई। उसने बताया कि उसके बाद वह अपने मायके चली आई जहां उसने एक बेटी को जन्म दिया और अपने पति को सूचना भेजी लेकिन इतने महीने बीत जाने के बाद भी ना तो उसका पति ना उसके सास ससुर उसे मिलने आए और ना ही दूरभाष पर उससे कोई बातचीत की। कमलेश को अंदेशा है कि उसका फायदा उठाकर उसके ससुराल वाले उसको मार भी सकते हैं। इसलिए उसमें सरकार से गुहार लगाई है कि उसे न्याय दिलाया जाए और उसके पति तथा सास-ससुर को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। पीड़िता कमलेश ने यह भी बताया कि आंखों की रोशनी चले जाने के बाद कहीं उसे कोई उम्मीद की किरण नजर नहीं आई तो उसने सुंदर नगर के मुख्य समाजसेवी तथा दिव्यांग जनों के कानूनी सलाहकार कुशल कुमार सकलानी से 8 जून 2022 को इस बारे में न्याय की गुहार लगाई। कुशल कुमार ने त्वरित इस पर संज्ञान लेते हुए 10 अगस्त को मढोड़घाट के थाना प्रभारी (सुन्नी स्थित) को ऑनलाइन शिकायत भेजी और कमलेश के ससुराल वालों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की। जब सुनी में थाना प्रभारी करमचंद से इस बारे में जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने बताया कि इस मामले को संबंधित विभाग (दिव्यांगजन विभाग) को अग्रिम कार्रवाई करने हेतु भेज दिया है और शीघ्र ही इस पर कार्रवाई हो जाएगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज यहां से प्रदेश के विभिन्न भागों के लिए 30 नई एम्बुलेंस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और एम्बुलेंस की निरन्तर आवश्यकता के दृष्टिगत यह सुविधा मरीजों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के दूरदराज और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में लोगों के घरद्वार के निकट बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि मरीजों को अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि 25 दिसम्बर, 2010 को राज्य में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत यह राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई थी। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 में 46, वर्ष 2020 में 100 और वर्ष 2022 में 50 एम्बुलेंस जनता को समर्पित की है। इस प्रकार प्रदेश के लोगों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा 108 के अन्तर्गत 196 एम्बुलेंस प्रदान की गई हैं। इसके अतिरिक्त जन कल्याण के लिए वर्ष 2020 में 10 जीवनधारा स्वास्थ्य एम्बुलेंस भी समर्पित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मुख्यमंत्री मोबाइल क्लीनिक योजना के अन्तर्गत 10 वाहन उपलब्ध करवाए गए हैं और अभी तक जन कल्याण के लिए कुल 25 मुख्यमंत्री मोबाइल क्लीनिक वाहन प्रदान किए जा चुके हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा 108 ने अब तक प्रदेश के 18,25,695 लाभार्थियों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 248 एम्बुलेंस के माध्यम से सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। प्रधान सचिव स्वास्थ्य सुभासीष पन्डा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक हेमराज बैरवा, निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग डॉ. अनीता महाजन भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।
उपमण्डल देहरा के अंतर्गत पड़ते नेहरन पुखर के समीपवर्ती पड़ते कस्बे में 80 वर्षीय बुजुर्ग को एक गाड़ी चालक ने गाड़ी की साइड से टक्कर मारने का मामला प्रकाश में आया है। शिकायतकर्ता कोमल कांत पुत्र जगदीश राम निवासी ढलियारा ने पुलिस को अपना व्यान कलमबंद करवाया है कि कस्बा मे गाड़ी नंबर HP36E7454 ने साईड से इन्हे टक्कर मार दी है। वहीं इस संदर्भ में देहरा थाना में गाड़ी चालक रोहित कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की पुष्टि थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने की है।
आज बड़सर विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि भाजपा सरकार सरकारी कार्यक्रमों के बहाने भाजपा की रैलियां कर रही है और इन रैलियों में सिर्फ भाजपा का प्रचार किया जा रहा है। ये कैसी सरकार है जो लोगों को परेशान करके अपनी रैलियों में जबरदस्ती बुला रही है। अपनी रैलियों को सफल बनाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को सरकार का खौफ दिखाकर लोगों को बुलाने के लिए बोला जा रहा है। हिमाचल पथ परिवहन निगम हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए यातायात का एकमात्र सरकारी साधन है। अधिकतर लोग HRTC की बस से अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करते हैं। स्कूल और कॉलेज के छात्रों ने इन बसों में जाने के लिए बस पास बनवाए हैं क्योंकि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा के चुनाव जल्दी ही आने वाले हैं, इसलिए प्रदेश की सत्ता में बैठी भाजपा की सरकार अपनी रैलियों और जनसभाओं को कामयाब करने के लिए HRTC की बसों का दुरुपयोग कर रही है। इन रैलियों के माध्यम से सिर्फ़ भाजपा का प्रचार किया जा रहा है। सरकारी कार्यक्रम के बहाने सरकार को भाजपा द्धारा लूटा जा रहा है जो की अति निंदनीय है। ये कैसे सरकारी कार्यक्रम हैं जिसमें केवल भाजपा के ही लोगों को बुलाया जा रहा है। इसको कामयाब करने के लिए तमाम क्षेत्रों से लोगों की भीड़ इकट्ठी करने के लिए HRTC की बसों को भेजा जा रहा है। बहुत से क्षेत्रों में बसें तो भेजी जा रही हैं, मगर उनमें बैठने के लिए लोग नहीं आ रहे हैं। पिछले 3-4 दिनों से स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को या तो किसी से लिफ्ट लेकर जाना पड़ रहा या फिर किसी और बस का इंतजार करते हुए लोग अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए लेट हो रहे हैं। छात्रों और कर्मचारियों के साथ-साथ आम जनता को भी इस वजह से बहुत मुश्किल झेलनी पड रही। कोई समय से अस्पताल नहीं पहुंच पा रहा तो किसी को अपनी दुकान खोलने में देर हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इसलिए चुनी जाती है कि जनता की समस्याओं का निवारण किया जा सके, परंतु यहां तो सरकार ही जनता के लिए समस्या खड़ी कर रही है। HRTC की तमाम बसों को उनके रूट पर न भेजकर, जनसभा में लोगों को इकट्ठा करने के लिए भेजना सरकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। आए दिन अखबारों के माध्यम से बताया जाता है कि HRTC घाटे में चल रही है लेकिन अपनी पार्टी की रैलियों और जनसभाओं के समय यह घाटा किसी को दिखाई नहीं देता। अगर अपनी पार्टी की रैलियां और जनसभाएं करनी ही हैं तो अपनी पार्टी के फंड से पैसा लगाकर की जाएं। इसके लिए जनता के पैसे का दुरुपयोग क्यों किया जा रहा है। आखिर क्यों जनता को लगातार कर्ज़ के बोझ तले दबाया जा रहा है? जनता को लूटने का यह काम कब तक यूं ही चलता रहेगा? एक हफ्ते से बसों के उनके रूट पर न जाने से जो घाटा होगा उसकी भरपाई कौन करेगा? क्या भाजपा के लोग चंदा देकर इस घाटे को पूरा करेंगे? क्या सरकारी खजाने से इस घाटे को पूरा किया जाएगा? क्या सरकारी अफसरशाही या भाजपा के नेता अपनी जेब से इसकी भरपाई करेंगे? इस घाटे को कैसे पूरा जाएगा? सरकार का लोगों के प्रति यह रवैया ठीक नहीं है। आने वाले समय में जनता द्वारा इसका जबाव जरूर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बुधवार को प्रदेश के विभिन्न भागों के लिए 30 नई एम्बुलेंस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और एम्बुलेंस की निरन्तर आवश्यकता के दृष्टिगत यह सुविधा मरीजों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के दूरदराज और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में लोगों के घरद्वार के निकट बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि मरीजों को अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि 25 दिसम्बर, 2010 को राज्य में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत यह राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई थी। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 में 46, वर्ष 2020 में 100 और वर्ष 2022 में 50 एम्बुलेंस जनता को समर्पित की है। इस प्रकार प्रदेश के लोगों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा 108 के अन्तर्गत 196 एम्बुलेंस प्रदान की गई हैं। इसके अतिरिक्त जन कल्याण के लिए वर्ष 2020 में 10 जीवनधारा स्वास्थ्य एम्बुलेंस भी समर्पित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मुख्यमंत्री मोबाइल क्लीनिक योजना के अन्तर्गत 10 वाहन उपलब्ध करवाए गए हैं और अभी तक जन कल्याण के लिए कुल 25 मुख्यमंत्री मोबाइल क्लीनिक वाहन प्रदान किए जा चुके हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा 108 ने अब तक प्रदेश के 18,25,695 लाभार्थियों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 248 एम्बुलेंस के माध्यम से सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
कुरुक्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने कुरुक्षेत्र पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई थी कि रोहतक का रहने वाला एक युवक उसे बहला फुसला कर मनाली ले गया था। जहां युवक ने बहला फुसलाकर उसके साथ दुषकर्म किया। घटना हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में मनाली पुलिस थाना के क्षेत्राधिकार में होने के कारण कुरुक्षेत्र पुलिस द्वारा पुलिस थाना मनाली भेजी गई। मनाली पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी। आरोपित युवक जिला रोहतक का रहने वाला है जो फरार हो चुका था। वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक गुरदेव शर्मा के दिशा निर्देशों से पुलिस थाना मनाली और साइबर सैल कुल्लू की एक संयुक्त टीम आरोपित को गिरफ्तार करके लिए संगठित की गई और हरियाणा का रवाना किया गया। टीम में एएसआई दलीप सिंह, पुलिस थाना मनाली, इंद्र देव, मोहन, शामिल थे। टीम ने आरोपित युवक को सफिडान जिला जिन्द से गिरफ्तार करके मनाली लाया गया। मामले की पुष्टि पुलिस अधीक्षक कुल्लू गुरुदेव शर्मा ने की है। उन्होंने बताया कि दुष्कर्म का आरोपी मनाली से फरार हो गया था जिसे पुलिस टीम ने हरियाणा से गिरफ्तार कर मनाली लाया। आरोपित को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
जवाली विधानसभा क्षेत्र के अधीन पंचायत बनोली के बाशिंदे आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी पक्की सड़क सुविधा से महरूम हैं। बनोली पंचायत के लोगों का कहना है कि वर्ष 2003 में तत्कालीन मंत्री डॉ राजन सुशांत द्वारा गांव के लिए बनोली से भाटी-डुगलु-बासा-कोठा-हरनेरा सड़क निकाली गई थी, लेकिन आजतक इसको पक्का नहीं किया गया। इस मार्ग को बनाने के लिए लोगों ने अपनी जमीनें भी विभाग को दे दी हैं, लेकिन इसके बाद भी मार्ग पक्का नहीं हुआ है। इस मार्ग की स्थिति इतनी दयनीय है कि काफी सालों से यह सड़क टूटी हुई है और बरसात में तो इस स्थिति काफी दयनीय हो गई है। इस मार्ग पर गाड़ियां लेकर गुजरना तो दूर, पैदल चलना भी दुश्वार हो गया है। पक्की सड़क न होने के कारण मरीज को पालकी में डालकर या कन्धों पर उठाकर करीबन 9 किलोमीटर लाना पड़ता है तब जाकर एंबुलेंस की सुविधा नसीब हो पाती है। कई बार तो मरीज पक्की सड़क तक पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देता है। लोगों का कहना है कि कांग्रेस राज में भी अनदेखी होती रही और अब भाजपा राज में भी अनदेखी हो रही है। स्थानीय विधायक अर्जुन सिंह को भी इस समस्या के बारे में अवगत करवाया गया लेकिन उनसे भी केवल आश्वासन ही मिलते रहे। गांववासियों ने कहा कि अगर सड़क को एक माह में पक्का नहीं किया गया तो इस बार चुनावों का बहिष्कार किया जायेगा। इस बारे में लोक निर्माण विभाग जवाली के अधिशाषी अभियंता जगतार सिंह ने कहा कि इस मार्ग को जल्द ही पक्का किया जाएगा।
विनायक ठाकुर । डाडासीबा डाडासीबा तहसील के अंतर्गत पंचायत लंडियारा के गांव चटवाल में इन दिनों दिन-दहाडे़ बेखोफ घूम रहा खुखांर तेन्दूए ने स्थानीय तमाम लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है। वहीं, बीते सोमवार मध्य रात्रि उक्त तेंदुएं ने जहां गांव चटवाल में कृष्णा कुमारी पत्नी, मगर सिंह की गौशाला के भीतर बंधी करीब दो महीने की बछड़ी को घायल कर दिया, तो वही ऐसे में क्षेत्र भर में दहशत का महौल बना हुआ है। पीड़ित कृष्णा कुमारी ने बताया गाय की दो महीने की बछड़ी व अन्य पशुओं को हर रोज की तरह पशुशाला में बांधा हुआ था। वहीं, इस दौरान उक्त तेंदुआ गाए की दो महीने की बछडी़ को पशुशाला में ही घायल करके छोड़ गया। वहीं, पीड़ित कृष्णा देवी का कहना है कि यहां दिन-दिहाडे़ घूम रहा यह तेन्दूए का आंतक इतना बढ़ चुका है कि मवेशियों के साथ कही किसी ग्रामीण पर भी यह जानलेबा हमला बोल सकता है। वहीं, स्थानीय लोगों का अरोप है कि इससे पहले भी उक्त तेन्दूआ यहां गांव चटवाल में घूमता पाया गया। इस उन्होंने वन विभाग से अनुरोध किया है कि इस तेंदुए को पकड़ कर कहीं भेजा जाए। तेंदुए की वजह से इन दिनों लोग अपने मवेशियों को चराने के लिए परेशान हो रहे हैं। लोगों ने बताया कि घरों से बाहर आने-जाने वाले लोगों व उनके बच्चों को भी तेंदुए से काफी खतरा है, क्योंकि अधिकतर रास्ता जंगल से होकर गुजरता है। तेंदुए की वजह से लोगों को अपने पशुुओं को बाहर खेतों मे चराने के लिए डरने लगे हैं। तेंदुआ हमेशा जंगल में घात लगाकर हमेशा शिकार की फिराक में रहता है। उधर, इस संबंध में पंचायत उप प्रधान राकेश पठानिया से बात की गई, तो उन्होंने बताया क्षेत्र में इन दिनों तेंदुआ रिहायशी क्षेत्राें में घूम रहा है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है वन विभाग से अनुरोध है कि यथाशीघ्र इस तेंदुए को पकड़ा जाए, ताकि लोग दहशत के माहौल से निकल सके। इस संबंध में रेंजर अधिकारी नरेंद्र सिंह डाडासीबा से बात की गई, तो उन्हाेंने बताया मुझे सूचना मिली है मौके पर पीड़ित परिवार के घर पर गार्ड को भेजा जाएगा, तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा।
अनूप। सुजानपुर सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र की पंचायत पनोह के चमयोला गांव से संबंधित दर्जनों परिवार के सदस्यों ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। कांग्रेस पार्टी एवं सुजानपुर विधायक को अलविदा कहते हुए तमाम लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल निवास स्थान समीरपुर में पहुंचकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। जानकारी देते हुए सुजानपुर भाजपा मंडल मीडिया प्रभारी विनोद ठाकुर ने बताया वार्ड सदस्य अनिता देवी के साथ-साथ कमला देवी, मीना देवी, कमला देवी, सुनीता देवी, शकुंतला एवं परिवारिक सदस्यों ने भाजपा ज्वाइन कर ली है। तमाम सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि वह देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के 2 बार के सफलतम मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल हो रहे हैं। आने वाले विधानसभा चुनावों में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के पक्ष में मतदान करके उन्हें भारी बहुमत से विजय बनाएंगे। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने भाजपा में शामिल हुए तमाम परिवार के लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा परिवार में शामिल होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। घुमारवीं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोठी के विद्यार्थियों का जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन रहने पर 6 सितंबर 2022 को पाठशाला प्रधानाचार्य, समस्त स्टाफ, स्कूल प्रबंधन समिति बच्चों के अभिभावकों द्वारा भव्य स्वागत व अभिनंदन किया गया। 19 वर्ष से कम आयु वर्ग में लड़कियों की जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या बिलासपुर में संपन्न हुई, जिसमें पाठशाला की खिलाड़ी छात्राओं ने बॉक्सिंग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक तथा चार रजत पदक जीतकर बॉक्सिंग की ट्रॉफी पर कब्जा किया तथा जूडो में दो स्वर्ण तीन रजत पदक तथा दो कांस्य पदक जीतकर रनर-अप ट्रॉफी जीती तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए बॉक्सिंग में दो तथा जूडो में दो छात्राओं का चयन हुआ। इसके साथ ही 14 वर्ष से कम आयु वर्ग की छात्राओं की जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता जो कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या घुमारवीं में संपन्न हुई, उसमें भी पाठशाला की खिलाड़ी छात्राओं ने जूडो में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक तथा तीन रजत पदक जीतकर पाठशाला के के लिए ट्रॉफी जीती, जिसमें दो छात्राएं राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हुई। इसके साथ ही 14 वर्ष से कम आयु वर्ग के लड़कों की खेलकूद प्रतियोगिता जो कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हटवाड़ में संपन्न हुई, उसमें भी पाठशाला के खिलाड़ियों ने जूडो तथा बॉक्सिंग में बेहतरीन प्रदर्शन किया बॉक्सिंग में एक गोल्ड चार रजत तथा दो कांस्य पदक जीते व जूडो में तीन रजत मेडल जीते बॉक्सिंग में एक खिलाड़ी का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हुआ। इसके अंडर-19 लड़कों की जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल बिलासपुर में संपन्न हुई, जिसमें पाठशाला के खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पाठशाला के लिए ट्रॉफी जीती खिलाड़ियों के स्वागत समारोह में प्रधानाचार्य नीलम वर्मा ने बच्चों का मार्गदर्शन किया तथा पाठशाला के डीपीई सुरजीत परमार तथा पीईटी मुकेश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि दोनों अध्यापकों ने गर्मी की छुट्टियां भी पाठशाला में लगाई और बच्चों से को खूब मेहनत करवाई। इसके परिणाम स्वरूप खेलों में बच्चों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीते तथा पाठशाला के लिए ट्रोफियां जीती साथ ही समस्त स्टाफ का और एसएमसी प्रधान तथा सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पाठ शाला प्रबंधन समिति की प्रधान मोनिका, सदस्य विजेंद्र शर्मा, डीपीई सुरजीत परमार, पीईटी मुकेश कुमार, अजय कुमार, अमीं चंद विजय कुमार, पवन संख्यान, देवदत, दिनेश संख्यान, सुनीता देवी, शालिनी शर्मा, शर्मिला चंदेल, अनीता देवी, भावना, सुमन शर्मा, संजीव कुमार, राजकुमार, वर्षा महाजन, सुशीला, सुरेंद्र कुमार, राजेंद्र ठाकुर व कशमीरा देवी आदि उपस्थित रहे।
नगरोटा बगवां में लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह और चंगर क्षेत्र में अग्निशमन केंद्र की घोषणा की फर्स्ट वर्डिक्ट। नगरोटा बगवां मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ‘प्रगतिशील हिमाचल: स्थापना के 75 वर्ष’ समारोहों की कड़ी में आज कांगड़ा जिला के नगरोटा बगवां में विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र में लगभग 335 करोड़ रुपए लागत की 55 विकासात्मक योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास किए। उन्होंने नगरोटा बगवां की 6 पंचायतों के क्लस्टर के लिए 15.32 करोड़ रुपए की ग्रामीण जलापूर्ति योजना, पठियार पंचायत के लिए 5.45 करोड़ रुपए की प्रवाह सिंचाई योजना, राजीव गांधी इंजीनियरिंग कालेज नगरोटा बगवां में 6.80 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ब्लॉक, 3.89 करोड़ के बाथू खड्ड पुल, 4.80 करोड़ रुपए लागत के नकेड खड्ड पुल और 51 करोड़ की लागत से बनी बड़ोह-जंदराह-लगडू-खुडियां सड़क तथा 3.69 करोड़ की सीपनपट-खरात कहास सड़क का लोकार्पण किया। उन्होंने डॉ. राजेंद्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में 27 करोड़ रुपए से निर्मित मानसिक स्वास्थ्य उत्कृटता केंद्र, नर्सिंग स्कूल भवन 13.71 करोड़ रुपए, कन्या छात्रावास 12.50 करोड़, लड़कों के छात्रावास 7.55 करोड़ और 7.45 करोड़ की लागत से निर्मित स्नातकोतर कन्या छात्रावास का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने 24.85 करोड़ रुपए से बनी मस्सल-सरोत्री डबल लेन सड़क और फार्मेसी कॉलेज में 3.50 करोड़ की लागत से निर्मित लड़कियों के छात्रावास का उद्घाटन भी किया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 16.96 करोड़ की लागत से नगरोटा बगवां तहसील के विभिन्न गांवों की जलापूर्ति योजना के सुदृढ़ीकरण कार्य, 34.70 करोड़ रुपए लागत की मालनू-नेरा-ठंबा-बड़ोह एवं टोरू की जलापूर्ति योजना के उन्नयन कार्य, 3.27 करोड़ की उठाऊ जलापूर्ति योजना लुहुनु-मंगरेला और 4.23 करोड़ की जलापूर्ति योजना सुनेहड़-मुंडला-सदरपुर रजिआना थानपुरी का शिलान्यास किया। उन्होंने 7.80 करोड़ की लागत से टांडा मेडिकल कॉलेज की पेयजल योजना के उन्नयन कार्य, 5.67 करोड़ रुपए की मलां-गुजरेड़ा सड़क, टांडा मेडिकल कॉलेज में 12.55 करोड़ की लागत से टाइप-5 आवासों के निर्माण और इसी परिसर में 3.70 करोड़ से बनने वाले टाइप-4 आवासों की आधारशिला भी रखी। इस अवसर पर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने वर्ष 1948 में गठन के बाद विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास किया है। प्रदेश में सड़क सुविधा, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, ग्रामीण विकास, पर्यटन, कृषि और बागवानी जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश के गठन के समय वर्ष 1948 में केवल 88 स्वास्थ्य संस्थान थे और वर्तमान में प्रदेश मेें 4320 स्वास्थ्य संस्थान हैं। प्रदेश के गांवों के शत-प्रतिशत विद्युतीकरण के अलावा राज्य में 39354 किलोमीटर सड़कों का जाल बिछा है, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कारण सम्भव हो पाया है। इसका सारा श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गई इस महत्वकांक्षी योजना को जाता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार नेे चार वर्ष और आठ माह से अधिक के कार्यकाल के दौरान राज्य के गरीब और जरूरतमंद वर्गों का समग्र विकास सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने जरूरतमंद लोगों को सामाजिक सुरक्षा पंेशन के रूप में 1300 करोड़ के वार्षिक वित्तीय लाभ प्रदान किए हैं, जबकि पिछली प्रदेश सरकार ने इसके लिए केवल चार सौ करोड़ व्यय किए थे। यह गरीब वर्गों के कल्याण के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रदेश सरकार की हिमकेयर, सहारा योजना, मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना और मुख्यमंत्री शगुन जैसी अनेक योजनाएं गरीब और जरूरतमंदों को राहत प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर रही है। वर्ष 2018 में शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत अब तक 721 करोड़ का निवेश और 4377 परियोजनाओं को पूरा किया गया है। योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों को 200 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया गया है और अब तक 11674 बेरोजगार लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी विगत लगभग 50 वर्षों से प्रदेश और देश में सत्तासीन रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकटकाल के दौरान प्रदेश सरकार ने देश के विभिन्न भागों में फंसे 2.50 लाख हिमाचलवासियों को सुरक्षित घर वापिस लाया था। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने संवेदनशील मुद्दों का भी राजनीतिकरण किया और टीकाकरण के मामले पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मशाला से नारी को नमन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसके अंतर्गत महिलाओं को हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में बस किराए में 50 प्रतिशत छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बस किराए में छूट देना एक राजनीतिक कदम नहीं, बल्कि महिलाओं का कल्याण और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने की दिशा में लिया गया एक सकारात्मक प्रयास है। मुख्यमंत्री ने नगरोटा बगवां के चंगर क्षेत्र में नया अग्निशमन उपकेंद्र खोलने की घोषणा भी की। विधायक अरूण कुमार की नगरोटा बगवां में लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह की सुविधा की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरोटा बगवां में एक नया विश्राम गृह निर्मित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगरोटा बगवां के उपमंडलाधिकारी सप्ताह में दो दिन बड़ोह कार्यालय में उपस्थित रहेंगे, ताकि चंगर क्षेत्र के लोगों को सुविधा प्राप्त हो। उन्होंने नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत दुर्गम क्षेत्रों में संपर्क मार्ग निर्मित करने के लिए एक करोड़ रुपए की घोषणा की। चंगर क्षेत्र के लिए अलग उपमंडल और बड़ोह पुलिस चाैकी के स्तरोन्नयन की मांग पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना के अंतर्गत नगरोटा बगवां, कांगड़ा और बड़ोह विकास खंडों के महिला मंडलों को 48.30 लाख की प्रोत्साहन राशि वितरित की। इस अवसर पर स्थानीय विधायक अरुण कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के पौने पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र का चहुंमुखी विकास हुआ है और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सशक्त एवं गतिशील नेतृत्व में राज्य सरकार ने क्षेत्र की प्रगति को प्राथमिकता दी है। उन्होंने क्षेत्र की 55 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि पहली बार इतने बड़े पैमाने पर विकास कार्यों के उदघाटन और शिलान्यास हुए हैं। इस अवसर पर विधायक विशाल नेहरिया और पवन काजल, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष अशोक शर्मा, पूर्व विधायक राम चंद भाटिया, जिला परिषद अध्यक्ष रमेश बराड़, भाजपा मंडल अध्यक्ष विनय चौधरी, उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
कहा, कसुम्पटी क्षेत्र में भी बदल देंगे रिवाज मंडल नेतृत्व व संचालन समिति का जताया आभार फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला कसुम्पटी मंडल भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष सुलेखा कश्यप ने मंडल भाजपा महिला मोर्चा के कुफरी में हुए सफल सम्मेलन के लिए कसुम्पटी मंडल भाजपा नेतृत्व व महिला शक्ति का सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि गत वर्षों में महिला मोर्चा को लगातार मंडल में सक्रिय किया गया है। महिला शक्ति को हर बूथ पर जोड़ने का काम किया गया है और प्रदेश की सरकार ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में महिला शक्ति के स्वावलंबन, आर्थिक उत्थान व सामाजिक सुरक्षा के लिए नीतियों का निर्माण किया है, इसका विशेष प्रभाव महिला वर्ग पर देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि कसुम्पटी मंडल भाजपा महिला मोर्चा का कुफरी में हुआ सम्मेलन जोश से परिपूर्ण रहा है। महिला मोर्चा की राज्य अध्यक्षा व पर्यटन निगम के उपाध्यक्ष रशीदधर सूद ने महिला कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम किया है। सरकार की हर नीति को घर घर पहुंचाने का जो संदेश दिया है, उस पर काम करते हुए महिला मोर्चा आगामी चुनावों में घर-घर जाकर सरकार की उपलब्धियों को बताएगा। सुलेखा कश्यप ने कहा कि इस सम्मेलन के लिए कसुम्पटी मंडल भाजपा के नेतृत्व व महिला मोर्चा के संचालन समिति कार्यकर्ताओं का आभार है, जिन्होंने इस सम्मेलन में सक्रिय योगदान दिया और सम्मेलन को सफल बनाने में व्यवस्थाएं की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत व टीम वर्क का परिणाम है कि यह सम्मेलन महासम्मेलन में तबदील हुआ, जो ऐतिहासिक है, जो कसुम्पटी में भी रिवाज बदलने में अहम भूमिका अदा करेगा।
मीनाक्षी साेनी। हमीरपुर जिस कांग्रेस पार्टी की पूरे देश में कोई गारंटी नहीं है, जो खुद एक्सपायरी डेट पर चल रही है, वह पार्टी आजकल प्रदेश की जनता को गारंटी दे रही है। हिमाचल विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस पार्टी की जमानत जप्त होगी और हिमाचल कांग्रेस मुक्त होगा। यह बात सुजानपुर भाजपा मंडल मीडिया प्रभारी विनोद ठाकुर ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कांग्रेस पार्टी द्वारा दी जा रही गारंटियों के ऊपर तंज कसते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह वही कांग्रेस हैं, जो गोमूत्र और गौ माता के विरोध में राजनीति करती आई है और आज गोबर के नाम पर प्रदेश की जनता को गारंटी दे रही है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में कांग्रेस एक्सपायरी डेट पर चली है और यह एक्सपायरी डेट भी कुछ महीनों की ही बची है। विनोद ठाकुर ने सुजानपुर विधायक के ऊपर भी तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस विधायक आजकल जनता को भ्रमित करने के लिए खुद को कभी मंत्री चेहरा बनाकर जनता को बरगला रहे हैं, जबकि पिछले 5 वर्षाें में कांग्रेस ने उन्हें अपनाया तक नहीं है। आज भी पूरी कांग्रेस उन्हें तिरछी निगाहों से देखती है। विधायक पहले अपना स्थान कांग्रेस में बनाएं उसके बाद जनता के समक्ष मुंगेरी लाल के शगूफे छोड़े। विनोद ठाकुर ने कहा कि हिमाचल की जनता कांग्रेस की कथनी और करनी से पूरी तरह वाकिफ है यही कारण है कि उनकी गारंटीया दस हो या फिर सौ हो किसी भी ग्रंटी पर प्रदेश की जनता को रति पर भरोसा नहीं है। उन्होंने विधायक पर तंज कसते हुए कहा कि सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र से उनका पतन निश्चित है। इसलिए जितनी मर्जी झूठ की राजनीति फैला ले जो मर्जी हथकंडे अपना ले इस बार उनकी हार निश्चित है और यह होकर ही रहेगी। नारी शक्ति ने हुंकार भरते हुए उनकी चंडीगढ़ वापसी का इशारा कर दिया है और अब आने वाले दिनों में प्रदेश का युवा भी प्रदेश से कांग्रेस को कांग्रेस मुक्त बनाने वाला है।
धीरा में खंड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय आरंभ विधानसभा अध्यक्ष ने नवाजे नौरा के होनहार ] प्रतिमा राणा। पालमपुर विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने उपमंडल धीरा की ग्राम पंचायत लाहड़ में खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय धीरा का शुभारंभ किया। इसके उपरांत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नौरा में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। विधानसभा अध्यक्ष ने छात्रों को विद्यालय के वार्षिक उत्सव की बधाई दी। उन्होंने कहा कि वार्षिक उत्सव आत्मवलोकन का अवसर होता है, जिसमें वर्ष भर में प्राप्त उपलब्धियों और खामियों का पता लगता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में उत्कृष्ठ छात्रों के पुरस्कृत होने से प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ-साथ एक दूसरे से प्रेरणा भी प्राप्त होती है। परमार ने कहा कि सुलाह निर्वाचन क्षेत्र में भी शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया गया है, ताकि विद्यार्थियों को घर के नज़दीक सुगमता से उच्च के साथ साथ व्यवसायिक तथा तकनीकी शिक्षा भी प्राप्त हो सके। उन्होंने अध्यापकों से छात्रों को किताबी ज्ञान के अतिरिक देश के प्रति उनके कर्तव्यों, समाज के प्रति नैतिकता का भी ज्ञान देने को अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों को महापुरुषों, स्वतंत्रता सेनानियों की जानकारी और समाज के प्रति ऐसी महान विभूतियों के योगदान की जानकारी सांझा करने का आह्वान किया, ताकि छात्रों को भी प्रेरणा मिले। इस अवसर पर स्थानीय स्कूल के बच्चों द्वारा आकर्षक संस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विधानसभा अध्यक्ष ने इस अवसर पर 6 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री राहत कोष और ऐच्छिक निधि से 44 हजार से अधिक राशि की सहायता वितरित की। उन्होंने विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए 21 हजार रूपए देने की घोषणा की। इसके उपरांत विधानसभा अध्यक्ष ग्राम पंचायत बच्छवाई के घडेला में जन संवाद कार्यक्रम मे उपस्थित हुए और लोगों से रू-ब-रू हुए। इससे पहले विद्यालय के प्रधानाचार्य मिलाप चंद भाटिया ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम में मण्डल अध्यक्ष देश राज शर्मा, प्रधान लाहड़ बिंदु बाला, प्रधान धीरा कविता धरवाल, नौरा के प्रधान विकास धीमान, प्रधान बच्छवाई देश राज, बीड़ीसी सदस्य संसार चन्द, शांति प्रकाश, उप प्रधान लाहड़ राकेश मैहता, बूथ अध्यक्ष पूर्ण राणा, बूथ महामंत्री विनोद, महिला जोंन प्रभारी सुषमा राणा, बीडीसी उपाध्यक्ष राजेश मेहता, एसएमसी प्रधान रेनु शर्मा, प्रिंसिपल क्यारवां 2 बलबंत राणा, उप प्रधान कुहांना राकेश मेहता, पूर्ण चंद, बीडीसी सदस्य लता डोगरा, एसडीओ अनुप सूद, विभिन्न विभागों के अधिकारी, प्राध्यापक, छात्र एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मनाेज शर्मा। अर्की राजकीय सी एंड वी खंड धुन्दन की कार्यकारिणी का एक प्रतिनिधिमंडल जिला अध्यक्ष कृष्ण चंद गौतम की अध्यक्षता में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सोलन दीवान चंदेल से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सोलन को एक मांग पत्र भी सौंपा। मांग पत्र के माध्यम से मांग की कि कला विषय के साथ व्यवसायिक विषय को न जोड़ा जाए, माध्यमिक पाठशाला में स्थानांतरण के लिए 100 बच्चों की शर्त को हटाया जाए व प्रति वर्ष कला विषय के लिए विशेष नीधि उपलब्ध करवाई जाए। कला विषय के पाठ्यक्रम में बदलाव बारे बात रखें। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सी एंड वी सोलन कमल चंद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जीत रघुवंशी, अध्यक्ष खंड धुंदन कृष्णकांत गौतम, सचिव रतनलाल ल कोषाध्यक्ष चंद्रप्रकाश शामिल रहे।
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट ग्राम पंचायत रौडी व अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में महर्षि मारकंडेश्वर अस्तपाल सोलन के सहयोग से अंबुजा सभागार रौड़ी में निःशुल्क चिकित्सा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों का निशुल्क स्वास्थ्य जांचा गया। जांच में महर्षि मारकंडेश्वर मेडिकल कॉलेज की पूरी टीम द्वारा लोगों की जांच की गई। जिसमें 210 से अधिक लोगों ने जांच करवाई। शिविर में पंचायत प्रधान रौड़ी रीना शर्मा व पंचायत सदस्य मनु शर्मा व रजनी गौतम विशेष रूप से मौजूद रहे। शिविर में रोगों की जांच हेतु हड्डी रोग, नेत्र रोग, प्रसूति एवं स्त्री रोग, शिशु रोग, कान, नाक, गला रोग, त्वचा रोग, शिशु, आंख की जांच और आंतरिक चिकित्सा के विशेषज्ञ ने अपनी सेवाएं दी।वहीं रक्त संबंधी एवं अन्य रोगों संबंधी जांच तथा निःशुल्क जरूरी दवाएं भी लोगों को वितरित की गईं। महर्षि मारकंडेश्वर अस्तपाल डॉ. मनप्रीत सिंह नंदा ने शिविर में लोगों की अधिकतम भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया और आश्वस्त किया कि शिविर में आए हुए गंभीर और रेफ़रल मरीजों को महर्षि मारकंडेश्वर अस्तपाल मे न्यूनतम शुल्क पर व्यस्था करने की योजना है। इकाई प्रमुख अंबुजा सीमेंट लिमिटेड दाड़लाघाट दीपक जसूजा ने स्वास्थ्य शिविर में आए हुए समुदाय के लोगों से वार्ता किया और स्वास्थ्य शिविर में अधिक से अधिक लोग लाभ ले इसके लिए गांव रौडी, खाता, सुल्ली, बटेड, बागा, तेलि (दाड़ला) और दाड़लाघाट को आश्वस्त किया कि ऐसे ही स्वास्थ्य शिविर समय समय पर संचालित किए जाएंगे। कार्यक्रम प्रबंधक अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन भूपेंद्र गांधी ने कहा कि शिविर में लोगों की भागीदारी नियमित बनी रहे। इसके लिए अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन सतत प्रयासरत रहेगा। कार्यक्रम समन्वयक सामुदायिक स्वास्थ्य एसीएफ अजीत कुमार सिंह ने कहा कि जल्द ही ऐसा एक शिविर करने की योजना है। शिविर में आए हुए सभी लोगों को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर पंचायत प्रधान रीना शर्मा, पंचायत सदस्य मनु शर्मा, रजनी गौतम, अनिता शर्मा, सुनीता शर्मा, रजनी देवी, बिमला देवी व हर्षा देवी सहित अन्य मौजूद रहे।
रंजीत ठाकुर। कुनिहार प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में पानी की समस्या के हाल बेहाल कुनिहार के समीप झमरोट गांव के दर्जनों ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद को तरस रहे हैं। जिला सहित पूरे प्रदेश में हो रही बारिश के बावजूद भी आईपीएच विभाग द्वारा इस गांव के लोगों को पानी मुहैया नहीं कराया जा रहा है। इससे दर्जनों ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनमें विभाग के प्रति रोष भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने सरकार व विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द पानी की समस्या को दुरूस्त किया जाए। इस गांव में पेयजल समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। इस मौसम में भी ग्रामीणों को विभाग द्वारा पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है। ऐसे में उन्हें दूरदराज स्थित प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आईपीएच विभाग द्वारा पिछले एक माह से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है और नल सूखे पड़े हैं। घर के कामकाज सहित मवेशियों के लिए पानी की आपूर्ति करना उनके लिए काफी मुश्किल होता जा रहा है। ग्रामीणों में ज्ञानचंद, रामदेव डीएन परिहार, कामना, शीशराम, विमला देवी, कृष्ण लाल परिहार, हेमराज ठाकुर, विकल परिहार, सुषमा देवी व प्रेमलाल आदि बताया की हमारे गांव में पेयजल का संकट पिछले कई वर्षों से लगातार चलता आ रहा है। कुछ परिवार ऐसे हैं, जिन्हें लंबे समय से जल शक्ति विभाग द्वारा सप्लाई किए जाने वाले पानी की एक बूंद भी उपलब्ध नहीं हुई है। यह लोग गांव के साथ लगते जंगल में नेचुरल सोर्स से पानी इकट्ठा करके एक टूटे हुए टैंक में भरते हैं और उससे पाइप द्वारा गांव के घरों तक पहुंचाते हैं। प्रतिदिन दो से तीन व्यक्तियों को इसी काम के लिए जाना पड़ता है। विभाग द्वारा सप्लाई किए जाने वाला पानी भी जाबल स्थित टैंक से ही सप्लाई किया जाता है। जिसका वितरण इस प्रकार किया जा रहा है कि 10 परिवारों तक वह पानी नही पहुंचता। यही नहीं वितरण करने वाला कर्मचारी कहता है कि मेरा काम चाबी खोलना है पानी किसके नल में नहीं आया यह देखना नहीं है। जेईई कुनिहार एसडीओ सूबाथू एक्सयिन अर्की द्वारा कभी भी ग्राम वासियों की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 पर सभी ने बार-बार शिकायत दर्ज करवाई जिसे 2 महीने बाद बंद कर दिया जाता है जब बंद करने का कारण पूछा जाता है तो बताते हैं कि जेई कुनिहार ने सूचित किया है कि समाधान कर दिया है। वहीं, जब नरेश कुमार एसडीओ आईपीएच सुबाथू से बात की गई, तो उन्होंने बताया की इस समस्या के बारे मुझे पता लगा है। झमरोट गांव की समस्या के लिए विभाग के लोगो को भेजा है सम्स्या का पता करने। समस्या के कारणों का निपटारा करके गांव के सभी परिवारों को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति जल्द से जल्द की जाएगी।
मनोज कुमार। कांगड़ा भारत स्काउट एंड गाइड हिमाचल प्रदेश जिला मुख्यालय के तत्वाधान से रोवर्स एंड रेंजर्स राज्यस्तरीय निपुण परीक्षण शिविर को 31 अगस्त से 4 सितंबर 2022 तक रिवालसर (जिला मंडी) में लगाया गया, जिसमें हिमाचल प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों से आए हुए रोवर्स एंड रेंजर्स ने भाग लिया। अटल बिहारी बाजपेयी राजकीय महाविद्यालय तकीपुर से चार रोवर्स (अंकित राणा, रिशु,विशाल, अक्षय) और चार रेंजर्स (वनिता भाटिया, सविता चौधरी, स्नेहा, सिमरन) ने इस परीक्षण शिविर में भाग लिया। महाविद्यालय के रोवर एंड रेंजर्स ने निपुन टेस्टिंग कैंप में अब्बल प्रदर्शन करते हुए निपुण परीक्षा को पास किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर के एस अत्री ने रोवर्स एंड रेंजर्स के प्रभारी डॉ. प्रीति वाला और प्रो. सतपाल व बच्चों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्काउट एंड गाइड हमारे अंदर देशभक्ति का जज्बा पैदा करता है। स्काउट गाइड का परीक्षण लेने पर युवाओं में अलग अलख जगती है। स्काउट एंड गाइड युवाओं में भाईचारे की भावना, अनुशासन, देशभक्ति एवं अपने कार्य को निष्ठा पूर्वक करने के प्रति जागरूक करती है। रोवर प्रभारी प्रो. सतपाल ने बताया कि इस शिविर में बच्चों को सुबह जल्दी उठाकर योगा एवं व्यायाम करवाया जाता था। सुबह के नाश्ते के पश्चात स्काउट एंड गाइड झंडा चढ़ाना, प्रार्थना, गीत, राष्ट्रीय गान एवं परेड करवाया जाता था। इसके पश्चात दिन में 4 सत्र लगाए जाते थे, जिसमें बच्चों को अवधारणा( थ्योरी) एवं प्रोगात्मक प्रैक्टिकल होता था, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को अलग-अलग गतिविधियां सिखाई जाती थी। रात्रि के भोजन के पश्चात कैंप फायर का कार्यक्रम किया जाता था, जिसमें विभिन्न महाविद्यालयों से आए हुए रोवर रेंजर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते थे। उन्होंने कहा कि यह शिविर बच्चों के लिए वरदान साबित हुआ है जिसमें बच्चों ने अपने जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण गतिविधियां सीखी है। अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर के एस अत्री ने महाविद्यालय की रोवर रेंजर इकाई को निपुण परीक्षा पास करने पर सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया।
मनाेज शर्मा। अर्की हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस, प्रदेश सचिव शशिकांत ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा आयोजित भारत जोड़ाें यात्रा में जुड़ने के लिए जनता से अपील की है। भारत देश की भूमि है कई आस्थाओं का धर्म, कई क्षेत्र, बहुत सी भाषाएं, कई परंपराएं, एक साथ एक राष्ट्र बनाता है। भारत में भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी, महंगाई, बलात्कार आदि इन सब मुद्दों पर हमारी सरकार मौन है, लेकिन देश का एकमात्र विकल्प भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इन सभी का विरोध करती है। हम सभी को कांग्रेस पार्टी का सहयोग करना चाहिए। आईये इन सभी मुद्दों की कमर तोड़े, भारत जोड़े। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व में कश्मीर से कन्याकुमारी 3,750 किलोमीटर की भारत जोड़ो यात्रा 07 सितंबर 2022 से शुरू की जाएगी। एक यात्रा महात्मा गांधी द्वारा शुरू की गई थी। आज कांग्रेस पार्टी द्वारा एक यात्रा शुरू की गई है। समस्त जनता 'भारत जोड़ो' यात्रा में भाग लेकर इसे सफल बनाएं।
मनीष ठाकुर । भरमौर भरमौर उपमंडल की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खणी में एसएमसी की बैठक हुई, जिसमें एसएमसी के सदस्य तथा विद्यालय के शिक्षकों ने भाग लिया। इस बैठक की अध्यक्षता एसएमसी के प्रघान अशोक कुमार ने की। बैठक में नई शिक्षा नीति के मुख्य उद्देश्य के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। एसएमसी के प्रधान अशोक कुमार ने बताया कि सितंबर माह में आयोजित होने वाली 9वीं से 12वीं तक की टर्म परीक्षा बारे सूचना तथा अभिवावकों को परिणामों को बेहतर करने बारे जागरूक किया गया। निपुण भारत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन व फिट इंडिया मूवमेंट बारे विस्तृत जानकारी मुहैया करवाई गई। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों को नशे के दुष्परिणामों तथा मोबाइल का बेहतर इस्तेमाल एवं उसके दुष्परिणामों पर मंथन किया गया। एसएमसी के प्रघान अशोक कुमार ने एसएमसी के सदस्यों तथा अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही विद्यालय में अनुशासन बनाने के संदर्भ में अभिभावकों से सहयोग देने की सलाह दी।
अनूठा इतिहास और अथाह खूबसूरती समेटे हुए है डलहौजी शहर देवभूमि हिमाचल प्रदेश पर्यटन की दृष्टि से तो ख़ूबसूरत है ही, यहां का इतिहास भी शानदार है। ब्रिटिश राज के समय हिमाचल के कई शहरों को अंग्रेज़ों ने विकसित किया था जहाँ आज भी उनकी छाप दिखाई देती है। खुद में अनूठा इतिहास समेटे ऐसा ही एक ख़ूबसूरत शहर है डलहौजी। हिमाचल का डलहौजी लोकप्रिय विश्व पर्यटन केंद्र है जो भारतीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहां स्कॉटिश और विक्टोरियन वास्तुकला की हवा की महक और परिवेश ब्रिटिश काल की याद दिलाते है। अंग्रेज यहां की प्राकृतिक सुंदरता को देखकर मंत्रमुग्ध हो उठे थे। डलहौजी हिल स्टेशन गर्मियों के समय अंग्रेजों के सबसे पसंदीदा स्थानों में से एक था, जिसकी वजह से इस क्षेत्र में राजसी विक्टोरियन शैली दिखाई देती है। डलहौजी देश के भीड़ वाले शहरों से दूर अपनी तरह का एक अद्भुत शहर है जो आपको प्रकृति की गोद में होने का अनुभव करवाता है और एक प्रदूषण मुक्त वातावरण प्रदान करता है। डलहौजी को हिमाचल प्रदेश की चम्बा घाटी का प्रवेश द्वार माना जाता है। अंग्रेजी हुकूमत के समय एक स्वास्थ्यवर्द्धक क्षेत्र के रूप में उभरा डलहौजी आज विश्वभर में एक सुप्रसिद्ध पर्यटक स्थल के रूप में जाना जाता है। यहां पंजपूला, सुभाष बावड़ी, सतधारा व कलातोप खजियार अभयारण्य आदि पर्यटक स्थल विद्यमान हैं। लार्ड डलहौजी के नाम पर हुआ शहर का नामकरण : डलहौजी 1854 में अस्तित्व में आया था जब ब्रिटिश शासन के दौरान पांच पहाड़ियों को चंबा के राजा से प्राप्त किया गया। बैलून, कथलग, पोटरियां, टिहरी और बकरोटा इन खूबसूरत पांच पहाड़ियों पर डलहौजी बसा है। सन 1854 में ब्रिटिश सेना के कर्नल नेपियर ने डलहौजी को ब्रिटिश सेना और अधिकारियों के लिए यहां की जलवायु को देखते हुए हेल्थ रिसोर्ट के रूप में चुना था। डलहौजी पहले पंजाब के गुरदासपुर के अंतर्गत आता था, लेकिन 1966 में हिमाचल प्रदेश के पुनर्गठन के समय हिमाचल के चंबा में शामिल हो गया। डलहौजी का नाम लार्ड मैकलियोड के कहने पर 1854 में भारत के तत्कालीन वायसराय लार्ड डलहौजी के नाम पर रखा गया, जबकि लार्ड डलहौजी कभी भी डलहौजी नहीं आए। 1863 में जीपीओ जिसे गांधी चौक के नाम से भी जाना जाता है, यहां पहले चर्च सेंट जॉन का निर्माण किया गया। 1870 में डलहौजी में बुलज हेड के नाम से पहला होटल बना जिसे अब होटल माउंट व्यू के नाम से जाना जाता है। 1873 में रविंद्र नाथ टैगोर डलहौजी आए और उन्हें गीतांजलि लिखने की प्रेरणा मिली। 1884 में रुडयार्ड किपलिंग डलहौजी आए। तभी से यह प्रसिद्ध पर्यटक स्थल के रूप में जाना जाने लगा। 1954 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू डलहौजी के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर होने वाले कार्यक्रम में भाग लेने डलहौजी आए। 1959 में तिब्बती शरणार्थी डलहौजी में बसे। सन 1962 ,1988 में दलाई लामा ने भी डलहौजी का दौरा किया। 1966 में जब से डलहौजी हिमाचल प्रदेश का एक हिस्सा बना है तब से यह दुनिया के एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल के रूप में जाना- जाने लगा है।1937 में सुभाष चंद्र बोस डलहौजी स्वास्थ्य लाभ के लिए आए थे। डलहौजी से नेताजी का रहा है खास नाता 1937 में जब अंग्रेजों की कैद में रहते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस को क्षय रोग हो गया था तब नेताजी डलहौजी आये थे। क्षय रोग होने के कारण अंग्रेजों ने उन्हें रिहा कर दिया था और रिहा होने के बाद वे डलहौजी आ गए थे। यहां रहकर उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ और उन्हें काफी राहत मिली। नेताजी यहां लगभग 5 महीने रुके थे और वे जिस होटल और कोठी में ठहरे थे, वह आज भी मौजूद हैं। उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए बेड, कुर्सी, टेबल और अन्य सामान भी संभालकर रखा गया है। नेताजी जिस कमरे में ठहरे थे, वहां अब लोगों का जाना वर्जित है। नेताजी डलहौजी के सबसे पुराने गांधी चौक पर स्थित होटल मेहर के कमरा नंबर 10 में रहे थे। इसी दौरान जैन धर्मवीर को नेताजी के डलहौजी का आने का पता चल गया और उन्होंने नेताजी से गांधी चौक के पास पंजपुला मार्ग पर स्थित कोठी कायनांस में रहने का आग्रह किया, जिसे नेताजी ने मान लिया। नेताजी होटल छोड़कर कोठी में रहने चले गए। जैन धर्मवीर, नेताजी के सहपाठी रहे कांग्रेस नेता डॉ. धर्मवीर की पत्नी थीं। कोठी जाते समय नेताजी का शहरवासियों ने भव्य स्वागत किया था। 5 महीने नेताजी डलहौजी में रहे और इस दौरान वे रोजाना करेलनू मार्ग पर सैर करते थे और बावड़ी का पानी ही पीते थे। बावड़ी के पास मौजूद जंगल में बैठकर प्रकृति से संवाद करते थे। नियमित सैर और बावड़ी का पानी पीकर नेताजी को काफी स्वास्थ्य लाभ हुआ। बावड़ी को आज भी सुभाष बावड़ी के नाम से जाना जाता है। शहर के एक चौक का नाम भी नेताजी के नाम पर सुभाष चौक रखा गया है। चौक पर नेताजी की विशाल प्रतिमा लगी हुई है। स्वस्थ होने पर नेताजी डलहौजी से लौट गए थे। ........................ डिस्कवर डलहौजी मोबाइल एप लांच हिमाचल प्रदेश में डलहौज़ी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए डलहौजी के युवाओं कुबेर खन्ना व अनहद शर्मा द्वारा एक एप भी तैयार की गई। इस मोबाइल एप में डिस्कवर डलहौजी को भी लांच किया गया। एप में डलहौजी में होटल बुकिग, पर्यटक स्थलों की जानकारी, ऐतिहासिक स्थानों की जानकारी, रेस्तरां की जानकारी, एडवेंचर गतिविधियों की जानकारी दी गई है। ऐप में पर्यटन व्यवसाय में प्रशिक्षित युवाओं हेतु जॉब पोर्टल भी शामिल किया गया है। ............................ सप्तधारा : कभी एक साथ बहती थी सात जलधाराएं सप्तधारा झरना ताज़े देवदार के पेड़ों के शानदार दृश्यों से घिरा हुआ और बर्फ से ढके पहाड़ों से घिरा हुआ हैं। सात खूबसूरत झरनों के जल के एक साथ मिलने के कारण इस झरने का नाम सतधारा रखा गया है। किसी समय तक यहां 7 जलधाराएं बहती थीं ,लेकिन अब केवल एक ही धारा बची है। बावजूद इसके, इस झरने का सौंदर्य बरकरार है। इन झरनों का पानी समुद्र से 2036 मीटर ऊपर एक बिंदु पर मिलता है। माना जाता है कि सप्तधारा का जल प्राकृतिक औषधीय गुणों से भरपूर और अनेक रोगों का निवारण करने की क्षमता रखता है। यहां पर ठंडा और साफ पानी आपकी आंखों में ठंडक पहुंचाता है। खूबसूरत फूलों की सुगंध मन मस्तिष्क को आनंद से भर देती है। यह घूमने के लिए एक बेहतर स्थान है। कलातोप अभयारण्य कलातोप वन्यजीव अभयारण्य डलहौजी के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। कलातोप नाम का अर्थ ‘काली टोपी’ है, जो अभयारण्य में सबसे ऊंची पहाड़ी पर घने काले वन को बताता है। कलातोप वनस्पति और जीवों में काफी समृद्ध है और इसकी प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को अपनी तरफ बेहद आकर्षित करती है। इस अभ्यारण तक पर्यटक ट्रैकिंग करते हुए भी पहुँचते है। इस जगह की अपनी अलग ही पहचान और ये जगह लोगों के बीच काफी लोकप्रिय भी है। यहां पर तीतर, सीरो और काला भालू सामान्य रूप से पाए जाने वाले जानवर है। यह अभयारण्य रावी नदी के रास्ते में स्थित है और शंकुधारी तथा ओक के जंगलों से घिरा हुआ है। यहां अन्य जानवरों में भालू, हिमालयन ब्लैक मार्टन, तेंदुआ, हिरण, बार्किंग गोरल, गिलहरी, सीरो, सियार, लंगूर आदि जानवर पाए जाते हैं। इसके अलावा कुछ दुर्लभ पक्षी भी यहां पाए जाते हैं, जैसे यूरेशियन जे, वाइटविंग ब्लैक बर्ड, ब्लैक हेडेड जे, चेस्टनट बिल्ड रॉक थ्रश, ब्लैकहेड् जे, ग्रे हेडेड कैनरी फ्लाईकैचर। पंचपुला के झरनो में पाएं जाते है औषधीय गुण पंचपुला एक बेहद प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहाँ पर बहने वाले पांच छोटे-छोटे झरनों की वजह से इस जगह को पंचपुला कहा जाता है। पंचपुला हरे देवदार के पेड़ों के आवरण से घिरा हुआ है, जो डलहौजी के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। ऐसा माना जाता है की पंचपुला में बहने वाले झरनों में औषधीय गुण पाये जाते है। इस कारण यहाँ स्नान करने पर अनेक प्रकार के त्वचा रोगों से छुटकारा मिलता है। एक प्राकृतिक रमणीय स्थल होने के साथ-साथ इस जगह पर भारत के स्वतन्त्रता सेनानी वीर भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह जी की समाधि भी बनी हुई है। पंचपुला डलहौजी और उसके आसपास के छोटे-बड़े गाँवो में पानी आपूर्ति का मुख्य स्त्रोत भी माना जाता है। यह जगह ट्रेकिंग और अपने खूबसूरत दृश्यों की वजह से जानी जाती है। मॉनसून के मौसम में इस जगह के प्राचीन पानी का सबसे अच्छा आनंद लिया जाता है। बकरोटा हिल्स में ठहरे थे गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर बकरोटा हिल्स डलहौजी के सबसे आकर्षक पर्यटन स्थलों में से एक है। बकरोटा हिल्स को “अपर बकरोटा” के नाम से भी जाना जाता है, यह डलहौज़ी का सबसे ऊँचा इलाका है और यह बकरोटा वॉक नाम की एक सड़क का सर्किल है, जो खजियार की ओर जाती है। पूरा क्षेत्र देवदार के पेड़ों से घिरा हुआ है। अंग्रेजों के समय बकरोटा में कई भव्य इमारतों का निर्माण हुआ था, जो करीब पौने दो सौ साल बाद भी भव्य शैली को कायम रखे हुए हैं। बकरोटा का संबंध रविंद्रनाथ टैगोर से भी रहा है। वह 1873 में 12 वर्ष की आयु में पिता महर्षि देवेंद्र नाथ टैगोर के साथ डलहौजी आए थे और स्नोडन नामक कोठी में ठहरे थे। बकरोटा हिल्स में लोग ट्रैकिंग करना पसंद करते हैं क्योंकि यह खूबसूरत नजारों से भरपूर है। सुभाष बावड़ी का जल पीकर स्वस्थ हुए थे नेताजी सुभाष बावड़ी डलहौजी में गांधी चौक से एक किमी दूर स्थित एक ऐसी जगह है जिसका नाम प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर रखा गया।है। यह खूबसूरत स्थान डलहौजी में 6678 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और बर्फ से ढके पहाड़ों का खूबसूरत नजारा पेश करता है। सुभाष बावड़ी वो जगह है जहाँ पर सुभाष चंद्र बोस 1937 में स्वास्थ्य की खराबी के चलते आये थे और वो इस जगह पर 7 महीने तक रहे थे। इस जगह पर रह कर वे बिलकुल ठीक हो गए थे। माना जाता है कि सुभाष चंद्र बोस डलहौजी की यात्रा करते थे तो वह इस स्थान पर आते थे। यहाँ पर एक खूबसूरत झरना भी है जो हिमनदी धारा में बहता है। डलहौजी क्षेत्र की सबसे ऊंची चोटी है डैनकुंड पीक डैनकुंड चोटी, डलहौजी क्षेत्र की सबसे ऊंची चोटी है और साथ ही यह एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी है। डैनकुंड पीक को सिंगिंग हिल के नाम से भी जाना जाता है,। इस चोटी की ऊंचाई लगभग 2750 मीटर से भी अधिक है और डलहौजी में सबसे ऊंचा स्थान होने की वजह से घाटियों और पहाड़ों के अद्भुत दृश्य देखने को मिलते हैं। डैनकुंड अपनी खूबसूरत बर्फ से ढकी चोटियों और हरे-भरे वातावरण के लिए जाना जाता है। चमेरा झील में ले सकते है रिवर राफ्टिंग का आनंद चमेरा झील, हिमाचल प्रदेश के डलहौजी में चंबा जिले में स्थित है। यह झील मुख्य हिल स्टेशन से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 763 मीटर है। इसके पास ही चमेरा बांध बना हुआ है तथा यहां से रावी नदी बहती है। चमेरा एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है और प्रमुख आकर्षण है। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग के द्वारा यहां पर मोटर बोटिंग और रिवर राफ्टिंग जैसे खेलों की अनुमति प्रदान की गई है। इससे पर्यटक मोटरबोटिंग और रिवर राफ्टिंग का आनंद उठाते हैं।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला कोटशेरा महाविद्यालय के अंदर आज एबीवीपी और SFI कार्यकर्ताओ के बीच खुनी झड़प हो गई। SFI का आरोप है कि एसएफआई के कार्यकर्ताओं पर हथियारों से हमला किया गया, जिसमें की एसएफआई के बहुत से कार्यकर्ताओं को गंभीर चोट आईं हैं।
फर्स्ट वर्डिक्ट। राजगढ़ (बड़ू साहिब) डॉ. अजर नाथ यादव इटरनल यूनिवर्सिटी, बरू साहिब, हिमाचल प्रदेश में सहायक प्रोफेसर (वरिष्ठ स्केल) और सहायक परीक्षा नियंत्रक के पद पर कार्यरत हैं। वह बीआईटी मर्सा और आईएआरआई नई दिल्ली से माइक्रोबियल बायोटेक्नोलॉजी में पीएचडी करने के बाद पहली जनवरी, 2016 से डॉ. खेम सिंह गिल अकाल कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डॉ यादव को विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में चुना गया है। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में 300 प्रकाशन प्रकाशित किए हैं। यादव ने स्प्रिंगर-नेचर, एल्सेवियर, विली, टेलर और फ्रांसिस में 31 अंतरराष्ट्रीय पुस्तकें प्रकाशित कीं। डॉ. यादव को इटरनल यूनिवर्सिटी, बारू साहिब, हिमाचल प्रदेश द्वारा छठे वार्षिक दीक्षांत समारोह 2018 में 'उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार' प्राप्त हुआ। 2020 में 'बेसिलस थुरिंगिनेसिस एके 47 के उपन्यास तनाव के कीटनाशक निर्माण' पर एक पेटेंट प्रदान किया गया है। डॉ. यादव ने पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीईएसटी), शिमला से अनुदान प्राप्त किया और हियाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में उगने वाली फसलों के लिए 'माइक्रोबियल बायोफर्टिलाइजर' विकसित किए। विकसित माइक्रोबियल बायोफर्टिल्जर का उपयोग कृषि और पर्यावरणीय स्थिरता के लिए रासायनिक उर्वरकों को कम करने के लिए किया जा सकता है। कुलपति डॉ दविंदर सिंह, प्रो. वाइस चांसलर डॉ. एएस अहलूवालिया, डीन रिसर्च डॉ एनपी सिंह और डीन डीकेएसजीएसीए डॉ एसके शर्मा ने डॉ अजर नाथ यादव को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी।
रंजीत ठाकुर। कुनिहार बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में धूमधाम से अध्यापक दिवस मनाया गया। जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की विद्यालय में अध्यापक दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया, जिसमें पूर्व उप-प्रधानाचार्य किरण लेखा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मुख्यातिथि का एनसीसी बैंड की टुकड़ी ने मार्च पास्ट करते हुए भव्य स्वागत किया। मुख्यातिथि किरण लेखा के साथ उनके परिवार के सदस्यों विनोद कुमार जोशी, दीपेश जोशी, वंदना और कुशाग्रि का भी इस समारोह में आने के लिए स्वागत किया गया। मंच का संचालन करते हुए मीरा कौशल ने मुख्यातिथि व सभी अतिथियों का इस समारोह में आने पर स्वागत किया। मुख्यातिथि, विद्यालय अध्यक्ष व अध्यापक अभिभावक संघ के सदस्यों तथा विद्यालय स्टाफ ने मां सरस्वती के समक्ष ज्योति प्रज्वल्लित कर व डॉ सर्वपल्ली राधा कृष्णनन को फूल भेंट कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसमें सबसे पहले विद्यालय अध्यापिकाओं ने स्वागत गीत गाया और साथ ही अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। यह जानकारी देते हुए विद्यालय प्रधानाचार्य ने बताया की बच्चों ने लघु नाटिका, भजन, व भाषण के माध्यम से गुरु की महिमा का बखान किया और बताया की अध्यापक दिवस के उत्सव में विद्यालय में अन्य विभिन्न गतिविधियाँ भी करवाई गई I उन्होंने इस अवसर पर सभी बच्चों और अध्यापको को शिक्षक दिवस की बधाई दी। इस समारोह पर विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने मुख्यातिथि को शॉल , स्मृति चिन्ह व् भेंट देकर सम्मानित किया साथ ही उनके परिवार के सदस्यों को भी शॉल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विनोद कुमार जोशी ने 5100 की राशी , विद्यालय अध्यक्ष ने 2100 की राशी, उपाध्यक्ष ने 2100 की नकद राशी बच्चों के मिष्ठान के लिए प्रदान की। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य पुरषोतम गुलेरिया, पीटी ऐअध्यक्ष रतन तंवर, उपाध्यक्ष ज्ञान दास, पीटीए सदस्य रंजना, भीमा, कृष्णा, कुसुमलता और समस्त अध्यापक व गैर अध्यापक वर्ग भी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम को सुनियोजित ढंग से आयोजित करने में एन एस एस स्वयंसेवकों , स्काउट्स एंड गाइड्स व एनसीसी कैडेटों ने अहम योगदान दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने केहरवीं के चमुखा शिव मंदिर के नवनिर्मित सराय भवन का किया उद्घाटन मीनाक्षी साेनी। हमीरपुर हमारे धर्म को बचाकर रखने में हमारे समाज की नारी शक्ति महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हमारी संस्कृति ही हमारा धर्म है अगर ध्यान से देखें, तो आस पास हो रहे धार्मिक आयोजनों में नारी शक्ति की संख्या पुरुषों से अधिक होती है। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने भोरंज के केहरवीं में चमुखा शिव मंदिर के नव निर्मित सरायं भवन का उद्घाटन करने के पश्चात यह बात उपस्थित लोगों को संबाेधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि नारीशक्ति के सामर्थ्य को पहचानते हुए उन्होंने सरकार में रहते हुए पंचायत चुनावों में महिलाओं के 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की थी, लेकिन इसके साथ ही इस बात को भी न भूलना चाहिए कि जिस तरह शरीर के हर अंग का महत्व है उसके बिना मानव अधूरा है, उसी तरह महिला और पुरुष दोनों ही समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं और एक दूसरे के बिना अपूर्ण हैं। स्वयं भगवान शिव भी अर्द्धनारीश्वर स्वरूप हैं। इसलिए सबको मिलकर चलना होगा तभी समाज आगे बढ़ सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी का मतलब ही वास्तव में सांस्कृतिक जागरण है। हमारी संस्कृति ही हमारा इतिहास है। एक दौर ऐसा आया जब हमें हमारा इतिहास बुलाकर हमारी मानसिकता ही गुलामी वाली कर दी गई तब हम आगे नहीं बढ़ पाए। यह वह दौर था, जब आर्यों ने मुगलों ने और फिर अंग्रेजों ने हम पर शासन किया। हमारी सांस्कृतिक विरासत को हमारी मान्यताओं को हमारे विश्वास को विदेशियों ने दकियानूसी और अंधविश्वासी का नाम दे दिया, लेकिन आज पूरा विश्व धीरे-धीरे उन्हीं हमारी वर्षों पुरानी चले आ रही मान्यताओं को अपना रहा है। आज विश्व में पर्यावरण को वृक्षों को नदियों को बचाने की बातें हो रही हैं, हमारे बड़े बुजुर्ग जिनकी पूजा किया करते थे। हमें यह बात समझनी होगी कि हमारा इतिहास हमारी सांस्कृतिक विरासत गौरवशाली है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर महाराणा प्रताप जब भी रणभूमि में उतरते थे तो पहले चमुखा शिव महादेव की पूजा आराधना किया करते थे। उन्होंने कहा कि मंदिर और पूजा स्थल हमें यह बात सिखाते हैं कि हमें पूरे दिन भर में कम से कम कुछ समय तो ऐसा निकालना चाहिए, जब हम ध्यान में बैठे और इस बात का चिंतन करें कि आज हमने क्या भला काम किया किसी का दिल तो नहीं दुखाया। उन्होंने सरायं भवन के निर्माण में योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
सुलह स्कूल के बच्चों को पुरस्कार किए वितरित प्रतिमा राणा। पालमपुर भारत गुरु-शिष्य परंपरा का संवाहक है। हर एक सफल व्यक्ति के पीछे उसके शिक्षक का हाथ होता है। गुरू का हर किसी के जीवन बहुत ही महत्व होता है। यह उद्गार विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने सोमवार को राणा मान चन्द मेमोरियल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सुलह में शिक्षक दिवस व वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमारे देश के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर सन् 1888 को हुआ था और उन्हीं की याद में हर साल भारत में इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक शिक्षाविद भी थे, जिन्होंने भारत के शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए बहुत से कार्य किए। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक ही हमें वो सभी संस्कार देता है, जिससे कि हमें किसी भी जगह पर रूकावट नहीं आती और हर जगह पर बिना किसी स्वार्थ के लिए हमारी मदद के लिए खड़ा रहता है। परमार ने कहा कि सुलाह निर्वाचन क्षेत्र में भी शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किया गया है। शिक्षण संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं के साथ साथ छात्रों को घर के नजदीक गुणात्मक शिक्षा के अतिरिक्त तकनीकी एवं व्यसायिक शिक्षा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी संस्थान छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवा रहे हैं और सरकार भी उच्च शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। इन संस्थानों में अनुभवी अध्यापक बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिये कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को बैठने के बढ़िया भवन, साइंस ब्लॉक, कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी, मैदान, शौचालय इत्यादि उपलब्ध करवाने के लिए सुलह हलके में शिक्षण संस्थानों के भवनों पर 34 करोड़ 15 लाख रुपये व्यय किए जा रहे हैं। इससे पहले विद्यालय के प्रधानाचार्य नागेश्वर ठाकुर ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर उत्कृष्ट छात्रों को पुरस्कार भी वितरित किए। विधानसभा अध्यक्ष ने स्कूल टीन शेड के लिए 3 लाख, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को 21000 रूपए देने की घोषणा की। राणा मान चंद मेमोरियल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के शिक्षकों द्वारा 51000 रूपए मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए भी भेंट किए। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष कैप्टन देशराज शर्मा, शर्मिला परमार, प्रींसिपल सुलह नागेश्वर पठानिया, एसएमसी प्रधान विपिन कुमार, वीडीसी चेयरमैन अनीता चौधरी, जिला परिषद सदस्य रजनी देवी, प्रधान ककडै प्रवीण ठाकुर, उपप्रधान ककडै विजय पाधा, वीडीसी सदस्य प्रवीण कुमार, मंडल उपाध्यक्ष कश्मीर सिंह, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, विभिन्न स्कूलों के प्रीसीपल व बड़ी संख्या में युवाओं सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बीजेपी जिलाध्यक्ष ने ओपीएस पर सुखविंदर सिंह सुक्खू से पूछे सवाल मीनाक्षी साेनी। हमीरपुर पेंशन को लेकर कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू के बयान पर बीजेपी जिलाध्यक्ष बलदेव शर्मा ने सवाल खड़े किए हैं। बलदेव शर्मा ने कहा कि वैसे तो सुखविंदर सिंह सुक्खू हमेशा ही वीरभद्र सिंह की आलोचना करते रहे, लेकिन 2012 से 2017 के वीरभद्र सिंह के कार्यकाल में उन्हें ओपीएस की याद क्यों नहीं आई। ओपीएस पर उन्होंने कभी भी वीरभद्र सिंह के फैसले पर सवाल नहीं उठाए। ऐसे में अब वो क्या जताना चाह रहे हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि वैसे तो कांग्रेस वीरभद्र सिंह को हर वर्ग का मसीहा बताती है, लेकिन आज वही कांग्रेस यह कह रही है कि हिमाचल में एनपीएस को लागू करना वीरभद्र सिंह की गलती थी और इस गलती को उन्होंने 2012 से 2017 की सरकार में जारी रखा। यानी सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेसी नेता यह कहना चाह रहे हैं कि वीरभद्र सिंह कर्मचारियों का अहित चाहते थे। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ लेने के लिए कर्मचारियों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जयराम सरकार ने एनपीएस कर्मचारी की सर्विस के दौरान उनकी मृत्यु या विकलांगता पर पुरानी पारिवारिक पेंशन लागू करने का फैसला किया। कांग्रेस यदि कर्मचारियों की इतनी हितैशी है, तो उन्होंने पिछली सरकार में ऐसा क्यों नहीं किया। साथ ही आज हिमाचल में एनपीएस कर्मचारियों के पेंशन फंड में सरकार अपनी ओर 14 फीसदी हिस्सा दे रही है। वीरभद्र सरकार ने ऐसा क्यों नहीं किया। अब कांग्रेस एनपीएस के मुद्दे पर बस कर्मचारियों को गुमराह करने में लगी है। क्योंकि जब वीरभद्र सिंह ने एनपीएस का एग्रीमेंट किया था, तो उसमें तो नियम और शर्तें साफ-साफ लिखी गई थी। बलदेव शर्मा ने कहा कि वर्तमान जयराम सरकार को कांग्रेस सरकार की पिछली गलतियों को भी सुधार रही है, जो उन्होंने कर्मचारियों को लेकर की थी। इस बार में सुखविंदर सिंह सुक्खू और अन्य कांग्रेसी नेता क्यों कुछ नहीं बोलते। घोषणा के बाद भी क्यों ओपीएस नहीं दे रही कांग्रेस भाजपा जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस विधायक सुक्खू और अन्य नेताओं से सवाल किया कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान में घोषणा के इतने महीने बीत जाने के बाद भी क्यों ओपीएस नहीं दिया जा रही। उन्होंने कहा कि दोनों ही कांग्रेस शासित राज्यों में कर्मचारियों को केवल छला और चुनावी स्टंट के लिए ऐसा किया गया। हकीकत तो यह है कि वहां कि सरकारों के पास ओपीएस लागू करने का पैसा ही नहीं। वहां के कर्मचारी जान चुके हैं चुनावी लाभ लेने के लिए ये सब कुछ किया गया। यदि कांग्रेस छत्तीसगढ़ और राजस्थान में इतने महीनों बाद भी ओपीएस लागू नहीं हो रही तो हिमाचल में 10 दिन में ओपीएस लागू करने की बात कांग्रेस का एक चुनावी शिगूफा है। कर्मचारियों को जयराम सरकार ने दिए कई लाभ बलदेव शर्मा ने कहा कि प्रदेश की जयराम सरकार हर वर्ष एनपीएस पर 911 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। वर्ष 2018 में यह राशि महज 250 करोड़ थी। इसी तरह प्रदेश सरकार ने एनपीएस कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की सुविधा शुरू की है और अब तक 5612 कर्मचारियों को 110 करोड़ रुपए की ग्रेच्युटी दी जा चुकी है। इसी तरह परिवार पेंशन व इनवेलिड पेंशन का लाभ भी 2200 एनपीएस कर्मचारियों व उनके परिवारों को दिया जा रहा है। इस पर हर साल 250 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं।
राजेश कतनाेरिया। जवाली युवा शिव सेना की मीटिंग भरमाड़ में आज युवा सेना अध्यक्ष नरेश कुमार संजू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस मीटिंग में शिवसेना युवा विंग का विस्तार करते हुए लक्की को जवाली विधानसभा क्षेत्र का युवा सेना अध्यक्ष इंद्र, कुलदीप, नीतिश व विशाल को उपाध्यक्ष युवासेना जवाली व मुकेश राणा, विशाल को फतेहपुर का उपाध्यक्ष युवा सेना मनोनीत किया गया। इस मौके पर नरेश कुमार संजू ने कहा कि युवा सेना हिमाचल के हर जिला में शिव सैनिक तैयार करेगी और घर-घर जाकर शिवसेना का प्रचार किया जाएगा। इस मीटिंग में पुरानी कार्यकारिणी को रद्द कर नई कार्यकारिणी में मर्ज कर दिया गया है। संपूर्ण कार्यकारिणी की घोषणा जल्द कर दी जाएगी।
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट दी माइनिंग एरियाज लैंड लूजर एवं प्रभावित परिवहन सभा समिति ग्याना की तरफ से एसएचओ दाड़लाघाट को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें बाहरी व्यक्तियों द्वारा सभा के विरुद्ध कार्य करने बारे शिकायत की गई है। दी माइनिंग एरिया लैंड लूजर एवं प्रभावित परिवहन सभा समिति ग्याना की ओर से ज्ञापन में कहा गया है कि सभा के खिलाफ कई बार झूठे आरोप पत्र जो व्यक्ति बार-बार दायर कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए, क्योंकि उनकी सभा के खिलाफ जो षड्यंत्र उन व्यक्तियों द्वारा रचा जा रहा है, उस षड्यंत्र के कारण सभा की कार्यप्रणाली में निरंतर बाधा पड़ रही है और सभा का माहौल भी खराब हो रहा है। उन्होंने षड्यंत्र में शामिल व्यक्तियों में बद्री दास पुत्र प्रेम लाल गांव ग्याना, पूर्ण सिंह पुत्र दुर्गा ग्राम रुडाल, भारत भूषण पुत्र मंसाराम गांव बड़ोग, दयाराम पुत्र संवारु गांव ग्याना, कृष्ण चंद पुत्र लेखराम गांव मलोगड़ा व ग्याना के नाम बताकर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।
राजेश कतनौरिया । जवाली राजकीय उच्च विद्यालय लुधियाड़ स्कूल में मुख्य अध्यापक हरवंत सिंह की अध्यक्षता में शिक्षक दिवस मनाया गया। मुख्य अध्यापक हरवंत सिंह ने विधार्थियों को आह्वान करते हुए कहा कि भारत में गुरु और शिष्य परंपरा प्राचीन समय से चलती आ रही है, जहां गुरूओं का सम्मान करना शिष्य का दायित्व बनता है तथा इस उपलक्ष्य में शिक्षा- सवांद के माध्यम से अभिभावक गण एवं स्थानीय लोगों के सहयोग से शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े विभिन्न िबंदुओं पर चर्चा की गई तथा साथ-साथ विधालय में बने बहुआयामी गतिविधि कक्ष के लिए दान देने वाले सज्जनों को सम्मानित किया गया, जिसमें अमर सिंह, सेवानिवृत्त अध्यापक भगवान दास शर्मा, जसवंत सिंह, कैप्टन अशोक कुमार तथा विद्यालय प्रबन्धन समिति के सदस्य शामिल रहे। गौरतलब है कि विद्यालय में बने कक्ष में विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक सुविधाएं जैसे पुस्तकालय, प्रयोगशाला, संगीत व कम्प्यूटर आदि उपलब्ध रहेंगी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह मंत्री विक्रांत चौहान ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पिछले लगभग दस वर्षों से छात्रहित में इस मांग को लेकर आंदोलनरत है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे थे, जिसके परिणामस्वरूप आज यह निर्णय प्रदेश सरकार ने लिया है। इस योजना के माध्यम से गुणात्मक शोध हेतु प्रदेशभर में लगभग तीन हजार से अधिक शोधार्थी वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय पालमपुर और प्रदेश विश्वविद्यालय के शोधार्थी लाभान्वित होंगे। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि शोधार्थियों को सहायता राशि न मिलने के कारण समाजहित में गुणात्मक शोध करने में शोधार्थी असफल होते नजर आ रहे थे। शोधार्थी बढ़ती आयु के साथ-साथ रोजगार को लेकर चिंतित रहते थे और नौकरी की ओर उनका अध्ययन और आकर्षण रहता था, लेकिन आज प्रदेश सरकार ने छात्रहित और देशहित में एक सटीक और आवश्यक निर्णय लिया है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस निर्णय का सहर्ष स्वागत करती है। शोध के क्षेत्र में यह निर्णय मील का पत्थर साबित होगा और आने वाले समय में सरकार द्वारा दी जा रही। इस सहायता राशि से निश्चित रूप से शोध देश को नहीं ऊंचाई पर ले जाएगा और नए नए शोध से समाज को भी फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की नींव वंहा के युवा होते हैं, जो समाज में नया और सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करते हैं और मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना भी शोध के क्षेत्र में नया बदलाव लेकर आएगी, जो समाज और देश के लिए हितकारी साबित होगा।
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बुघार में शिक्षक दिवस बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। विद्यालय के छात्रों ने रंगारंग कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों के प्रति अपने भाव प्रकट किया। विद्यालय परिसर में शिक्षा संवाद का आयोजन किया गया। संवाद के दौरान विभिन्न विषय जिनमें छात्रों के परिणाम सभी कक्षाएं छठी से 8वीं तक 9वीं से 12वीं तक अविभावकों के समक्ष रखे। छात्रों की अनुपस्थिति के विषय पर चर्चा हुई। विद्यालय में चल रहे कार्यक्रम जैसे मध्यान पोषण तथा स्वच्छता पखवाड़ा में किए जा रहे प्रयासों को प्रधानाचार्य ने सभी लोगों को अवगत करवाया। विद्यालय प्रधानाचार्य रेखा राठौर ने सभी शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट सेवा भाव के लिए भेंट देकर सम्मानित किया। विद्यालय के सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को इसी प्रकार जारी रखने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर चाखड़ पंचायत प्रधान गुरुदेई, एसएमसी अध्यक्ष खेमराज, प्रधानाचार्य रेखा राठौर, पूर्व प्रधान, अध्यापक व बच्चों के अभिभावक मौजूद रहे।
अनूप। सुजानपुर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जंगल बैरी में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रीतम सिंह प्रधान ग्राम पंचायत बैरी एवं शिक्षा संवाद के कार्यक्रम में शकुंतला देवी प्रधान ग्राम पंचायत जंगल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस पावन अवसर पर सभी अध्यापकों ने गुणात्मक शिक्षा के लिए विचार-विमर्श किया। प्रधानाचार्य कमला ने सभी अभिभावकों से अपील की कि बच्चों में अच्छे संस्कार एवम पढ़ाई के प्रति प्रेरित करें, ताकि बच्चे अपना भविष्य सुनहरी बना सके। प्यार चंद प्रवक्ता भौतिक विज्ञान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जंगल बैरी जिला हमीरपुर को शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में शिक्षा के क्षेत्र, सामाजिक सेवा एवं सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय योगदान हेतु प्रधान ग्राम पंचायत जंगल शकुन्तला देवी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया एवं प्रधान ग्राम पंचायत जंगल प्रीतम सिंह ने प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। प्रधान शकुंतला देवी ने प्यार चंद द्वारा स्कूल एवं समाज हित मे किए गए कार्यों की प्रसंशा करते हुए कहा कि इन्होंने स्कूल में बच्चों की दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया, जिसके परिणाम स्वरूप स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ी, जिस दिन स्कूल में छुट्टी होती है, तो यह बच्चों की अतिरिक्त क्लास लगा कर बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करते हुए पढ़ाते हैं। इसके इलावा अनुशासन बनाए रखने के लिए भी हमेशा तत्पर रहते हैं, तीन बजे छुट्टी होने पर प्रवासी एवम स्थानीय लोगों के बच्चों की पढ़ाते हैं। प्रधान ग्राम पंचायत बैरी प्रीतम सिंह ने प्यार चंद की तारीफ करते हुए कहा किसी भी संस्था में अगर कोई भी कर्मचारी समाज हित में उत्कृष्ट कार्य करता है, तो बैरी पंचायत सम्मानित करती रहती हैं, ताकि अच्छे समाज और देश का निमार्ण हो सके। दूसरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करते हुए प्यार चंद ने समाज तथा स्कूल हित में सराहनीय योगदान दिया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। साेलन अटल शिक्षा नगर, कालूझंडा स्थित आईईसी यूनिवर्सिटी में 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म अवसर पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शिक्षकों के सराहनीय सहयोग और समर्पण के साथ काम करते रहने के लिए शिक्षक दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर नई शिक्षा निति के आधार पर भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शिक्षकों को जागरूक एवं प्रोत्साहित करने के मकसद से आईईसी यूनिवर्सिटी ने बरोटीवाला-बद्दी-नालागढ़ (बीबीएन) और कालका क्षेत्र में विशिष्ट गुणवत्ता युक्त शिक्षा दे रहे शिक्षकों को ‘प्रशंसा प्रमाण पत्र और ट्रॉफी’ देकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम की शुरुआत द्वीप-प्रज्वलित कर सरस्वती वंदना के साथ की गई, जिसमें छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें गुरु-शिष्य परंपरा की मोहक झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में जीएएएडी कॉलेज, कालका से प्रो. (डॉ.) सुशील कुमार, पॉलिटेक्निक पंचकुला के प्रिंसिपल दलजीत सिंह, ग्रीन एप्पल पब्लिक स्कूल, बद्दी की प्रधानाचार्य नवजीत कौर विशिष्ट अतिथि के रूप में और अन्य लगभग 25 अध्यापक उपस्थित रहे। आईईसी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. समीम अहमद ने इस कार्यक्रम में सभी को संबाेधित करते हुए भारत के पहले उप-राष्ट्रपति, दूसरे राष्ट्रपति, बेहतरीन शिक्षक और महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने इस कार्यक्रम में छात्रों को आईईसी विश्वविद्यालय द्वारा भविष्य में न केवल शिक्षा के संख्यात्मक बल्कि गुणात्मक मुद्दों पर विशेष ध्यान देने का आश्वासन भी दिया, जो कि नई शिक्षा नीति की बुनियाद भी है। उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सचिन बैंसल। बद्दी जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक की बद्दी शाखा के नए कार्यालय का दून के विधायक परमजीत सिंह पम्मी ने पूजा-अर्चना करने के बाद शुभारंभ किया गया। बैंक की शाखा कार्यालय काफी छोटा था, जिससे यहां पर आने वाले उपभोक्ताओं की काफी परेशानी हो रही थी। जोगिंद्रा बैंक के चैयरमेन योगेश कुमार ने कहा कि बद्दी में बैंक के उपभोक्ता लगातार बढ़ रहे थे, जो पहले से बैंक का कार्यालय था, वह काफी छोटा था। सबसे अधिक परेशानी उपभोक्ताओं काे पार्किंग की होती थी। इसलिए उपभोक्ताओं काे काफी दूर गाड़ी खड़ी करके पैदल ही बैंक तक आना पड़ता था। इस मौके पर बैंक के प्रंबध निदेशक एलआर वर्मा, वाईस चैयरमैन यशपाल ठाकुर, निदेशक संजीव कौशल, खजूरा सिंह सैणी, मोहन लाल, बुधराम ठाकुर, पूर्व अध्यक्ष विजय ठाकुर, राज कुमार नेगी, सहायक महाप्रंबधक कुलदीप सिंह, बद्दी शाखा के प्रंबधक जसविंद्र सिंह, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य डीआर चंदेल, पूर्व नप अध्यक्ष नरेंद्र सिंह दीपा, नप अध्यक्ष जस्सी चौधरी, नगर व्यापार मंडल वर्धमान के प्रधान जसवंत राय व विकास जमवाल समेत बैंक के ग्राहक भी उपस्थित रहे।
अनूप। सुजानपुर डीएवी आलमपुर मेें अध्यापक दिवस मनाया गया। कक्षा एलकेजी से 12वीं तक के छात्रों ने अपने अध्यापक के प्रति अपनी कृतज्ञता का भाव जागृत करते हुए अपना आभार व्यक्त किया। छात्रों ने अपने अध्यापकों के लिए बहुत ही खूबसूरत कार्ड बनाए। छात्रों ने अपने मनोभावों को कविताओं व लेख के माध्यम से व्यक्त किया। साथ ही विद्यार्थियों ने गुरु व शिष्य के अनमोल रिश्ते को दर्शाते हुए अपने-अपने भाव लिखित व मौखिक रूप से उजागर किए। विद्यालय के प्रधानाचार्य बिक्रम सिंह ने अभिभावकों, अध्यापकों व छात्रों को अध्यापक दिवस की शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने छात्रों द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक अध्यापक ही राष्ट्र का निर्माता है तथा उसे विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास हेतु हमेशा अग्रसर रहना चाहिए।
प्रतिमा राणा। पालमपुर शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य पर रोटरी क्लब पालमपुर द्वारा 28 सेवारत व सेवानिवृत शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्यातिथि पूर्व सहायक निदेशक शिक्षा विभाग एवं शिक्षाविद भरत सूद, विशेष अतिथि रोटरी जिला 3070 के पूर्व गवर्नर सुनील नागपाल ने रोटरी अध्यक्ष विकास वासुदेवा, सचिव नितिका जम्वाल व अन्य रोटरी सदस्यों की उपस्थिति में रोटरी भवन पालमपुर में सभी 28 शिक्षको को स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र से सम्मानित किया। मुख्यातिथि भरत सूद ने कहा कि आज शिक्षक बच्चों का भविष्य संवारने में कोई कसर नहीं रखते पर आज बच्चों का भी मुख्य कर्तव्य है कि अपने शिक्षकों का पूरा आदर करें। सुनील नागपाल ने कहा कि शिक्षक हमारी हर पीढ़ी के प्रेरणास्त्रोत हैं। सम्मानित होने वाले शिक्षकों में प्रोमिला पाल, अनिल नाग, लतिका बाघला, सुरेश लता अवस्थी, ब्रिंदुला करोल, पम्मी शर्मा, प्रियंका चित्रा, शकुन संगराय, रीना कनोजिया, वृंदा शर्मा, डॉ अर्चना नागपाल, स्नेह जग्गी, राजीव जम्वाल, प्रियंका सूद, संगीता शर्मा, नीलम कटोच, प्रोमिला नारंग, कमलेश शर्मा, इंद्राणी शर्मा, सुमन शर्मा, अनिता सूद, सुकन्या शर्मा, अनुपम व्यास, विवेका कटोच, अंजू बाला व्यास, निर्मल सूद, कमलेश सूद व सारिका सिंह शामिल रहे। इस मौके पर अध्यक्ष रोटरी क्लब विकास वासुदेवा, सचिव नितिका जम्वाल रोटेरियन मनोज कंवर, डॉ. जतिंदर पाल, संजीव बाघला, वीसी अवस्थी, डॉ वीरेंदर पाल, प्रदीप करोल, डाक्टर सतीश चंद्र, डाक्टर अनिल सूद, सुरिंदर मोहन, डॉ. आदर्श कुमार, ऋषि संग्राय, कपिल सूद, सीमा चौधरी, अर्चना नागपाल, सुभाष जगोता, रजित चित्रा, अजय सूद, डॉ. अरुण व्यास, एसपी अवस्थी, तुषार शर्मा, साहिल चित्रा व रोहित जग्गी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में अनिल नाग और सीमा चौधरी को पिन अप करके नए सदस्य के रूप में जोड़ा गया।
पंकज सिंगटा। धर्मशाला पहली से 4 सितंबर तक आयोजित राज्य स्तरीय सीनियर एवं जूनियर बैडमिंटन प्रतियोगिता जो कि नाहन में हिमाचल प्रदेश बैडमिंटन संघ द्वारा आयोजित की गई थी, उसमें जिला कांगड़ा के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। अंडर-19 लड़कियों के एकल मुकाबले में कांगड़ा जिला की भारती शर्मा ने शिमला की पाखी को हराकर खिताब अपने नाम किया। वहीं, जिला कांगड़ा की सिमरन ने महिला एकल मुकाबले में सिरमौर की तेजस्विनी ठाकुर को हराकर खिताब अपने नाम किया। महिला युगल मुकाबले में कांगड़ा की सिमरन एवं रूबी की जोड़ी ने मंडी की दिव्य एवं साक्षी को हराकर खिताब अपने नाम किया। सीनियर वर्क के मिक्स मुकाबले में जिला कांगड़ा की सिमरन एवं हमीरपुर के हरजीव की जोड़ी ने जिला कांगड़ा की रूबी एवं बिलासपुर के प्रणब चंदेल को हराकर खिताब अपने नाम किया। कांगड़ा जिला बैडमिंटन संघ के महासचिव विलास हंस ने बताया कि इस वर्ष जिला कांगड़ा के खिलाड़ियों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में काफी शानदार प्रदर्शन रहा है और इस प्रदर्शन का श्रेय खिलाड़ियों के कोच को जाता है तथा यह सभी खिलाड़ी 8 सितंबर से आयोजित होने वाली नॉर्थ जोन इंटर स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप जम्मू में भाग लेंगे। आने वाले समय में जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ द्वारा कोचिंग कैंप का भी आयोजन किया जाएगा, ताकि जिला कांगड़ा के खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करें। खिलाड़ियों के कोच रविंद्र कपूर ने बताया कि यह सभी खिलाड़ी ज्वालामुखी में प्रशिक्षण ले रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
कुम्हारहट्टी में हुए जिला स्तरीय विज्ञान मेले में सरस्वती विद्या मंदिर उच्च विद्यालय बद्दी के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। जानकारी देते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य श्ल गणेश दत्त ने बताया कि सर्वहितकारी शिक्षा निकेतन कुमारहट्टी-सोलन में 4 सितंबर 2022 को संपन्न हुए "जिला स्तरीय विज्ञान मेले" में सरस्वती विद्या मंदिर बद्दी के विद्यार्थियों ने शिशु वर्ग, बाल वर्ग और किशोर वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए, राज्य स्तरीय विज्ञान मेले के लिए अपना चयन करा लिया है। प्रतिभागियों ने सभी वर्गों की वैदिक गणित प्रश्नोत्तरी शिशु वर्ग में सर्वजीत, उमेश और सिमरन, बाल वर्ग में सुनीता, रिया, केशव, और किशोर में अमन, खुशी और सिंटू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया संस्कृति बोध परियोजना के शिशु वर्ग ने अदिति शर्मा, आशिमा शर्मा, बनीता ने दिवितीय और बाल वर्ग में शिवम, रोशनी और हिना एवम किशोर वर्ग निशु यादव, कनक, मनीष ने प्रथम स्थान प्राप्त किया संस्कृत प्रश्नोतरी शिशु वर्ग ने आस्था, चांदनी, प्रिंस, बाल वर्ग में आदर्श, काजल, भावना एवम किशोर वर्ग अंजलि, दिव्यांशु और अनुराग ने प्रथम स्थान प्राप्त किया संगणक प्रश्नमंच में बाल वर्ग में छवि, रिहान और रिशव दिवितीय स्थान प्राप्त किया विज्ञान प्रश्नमंच के शिशु, बाल और किशोर में भूमिका, विक्की, प्रियांशु, अमन, सुधा, स्नेहल, शुभम, प्रिया और कनिका ने दिवितीय स्थान प्राप्त किया गणित और विज्ञान के प्रयोगों में शिशु, बाल और किशोर वर्ग में रूद्र, विद्या, अतुल नड्डा, सेजल, अंकित और रजनी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विज्ञान विषय से संबंधित मॉडल्स नवाचरित किशोर में नेहा और बाल में संवेदकों पर आधारित मॉडल्स में सुजल प्रथम स्थान हासिल करते हुए राज्य स्तरीय विज्ञान मेले में चयन करवाया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया। इस योजना के तहत शोधार्थियों को पंजीकरण की तिथि से तीन वर्षों तक 3000 रुपए मासिक फैलोशिप दी जाएगी। विभिन्न क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए युवाओं को प्रेरित करने के लिए यह योजना आरंभ की गई है। मंत्रिमंडल ने सीसीएस (अवकाश) नियम, 1972 के नियम 43-बी को अपनाते हुए बच्चा गोद लेने वाली राज्य सरकार की नियमित महिला कर्मचारियों को 180 दिनों का बाल दत्तक ग्रहण अवकाश प्रदान करने की मंजूरी प्रदान की। बैठक में सोलन जिला की कृष्णगढ़ उप तहसील के अंतर्गत मंडेसर और ढकरियाना में दो नए पटवार सर्किल खोलने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने ऊना जिला की उप तहसील हरोली के तहत लालड़ी में नया पटवार वृत्त खोलने का निर्णय लिया। बैठक में हमीरपुर जिला के नादौन विधानसभा क्षेत्र के हथोल तथा टयालू में नए पटवार वृत्त खोलने का निर्णय लिया गया। बैठक में बिलासपुर जिला के श्रीनैना देवीजी विधानसभा क्षेत्र के बस्सी में नया कानूनगो वृत्त खोलने को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला की इंदौरा तहसील के अंतर्गत थापकौर और नूरपुर तहसील के अंतर्गत कमनाला में नए पटवार वृत्त बनाने को सहमति प्रदान की। बैठक में सिरमौर जिले की नौहराधार तहसील में पटवार वृत्त चराना को विभाजित कर नया पटवार वृत्त सैल (चुनवी स्थित शायला) खोलने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने बिलासपुर जिला के झंडूता विधान सभा क्षेत्र के बल्हसीणा में नया डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया। इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 16 पद सृजित कर भरने के साथ-साथ 5 करोड़ रुपए की धनराशि का प्रावधान करने को भी मंजूरी दी। इसी प्रकार चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र के मसरूंड में भी नया डिग्री कॉलेज खोलने और इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 16 पदों के सृजन एवं भरने तथा पांच करोड़ रुपए की धनराशि का प्रावधान करने का निर्णय भी लिया गया। मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम नई दिल्ली के पक्ष में ब्लॉक सरकारी गारंटी 35 करोड़ से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपए करने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता कार्यालय के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 18 पदों को भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर के परिसर में पुलिस थाना बिलासपुर के अंतर्गत नई पुलिस चौकी स्थापित करने और इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 6 पदों के सृजन एवं भरने को सहमति प्रदान की। बैठक में राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के मानदेय में प्रथम सितंबर, 2022 से प्रतिमाह 900 रुपए वृद्धि करने का निर्णय लिया गया, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात लगभग 510 एसपीओ को लाभ प्राप्त होगा। मंत्रिमंडल ने सोलन नगर निगम क्षेत्र में बेतरतीब पार्किंग, वाहनों की भीड़ और ऑटोमोबाइल वर्कशॉप्स के कारण आने वाली विभिन्न समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए सोलन में ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित करने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के राजकीय उच्च विद्यालय खीणी, शाला निशार, शोध अधार और कांढा तथा बिलासपुर जिला के उच्च विद्यालय साई ब्राह्मणा, निहारखन वासला, भगेड़, पनेहड़ा और कल्लर तथा सोलन जिला के राजकीय उच्च विद्यालय भटोलीकलां को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया। इसके अतिरिक्त मंडी जिला के राजकीय माध्यमिक विद्यालय ज्वालापुर, थाड़ी, खलबूट और डोभा तथा बिलासपुर जिला के राजकीय माध्यमिक विद्यालय दिगथली, जामला, सवाना, सिदसूह, हरितल्यांगर, मंडयाली और भटेड़ तथा सोलन जिला के राजकीय माध्यमिक विद्यालय धर्मपुर को राजकीय उच्च विद्यालयों मेंस्तरोन्नत करने तथा इन नव स्तरोन्नत विद्यालयों में विभिन्न श्रेणियों के 84 पद सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के राजकीय माध्यमिक विद्यालय बैला और चूरढ़ को राजकीय उच्च विद्यालयों में स्तरोन्नत करने तथा इनके लिए 16 पदों कोसृजित कर भरने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने बिलासपुर जिला के राजकीय प्राथमिक विद्यालय अमरोआ को राजकीय माध्यमिक विद्यालय में स्तरोन्नत करने व इसके लिए तीन पद सृजित कर भरने की भी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के नूरपुर में इंडोर स्टेडियम, मंडी जिला के जंजैहली स्टेडियम तथा शिमला जिला के खेल छात्रावास दत्तनगर/इंडोर स्टेडियम रामपुर में नव निर्मित खेल अधोसंरचना के संचालन के लिए 12 पदों पर कर्मियों की सेवाएं लेने को भी स्वीकृति प्रदान की।


















































