राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने बुधवार को जिला किन्नौर के निगुलसेरी के निकट हुई भारी भू-स्खलन की घटना पर शोक व्यक्त किया है, जिसमें कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार मलबे में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बचाने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है तथा सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और भारतीय-तिब्बत सीमा बल की टीमें घटना स्थल पर बचाव अभियान चला रही हैं। उन्होंने कहा कि इस आपदा की घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है और उन्हें हर सम्भव सहायता प्रदान की जाएगी। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की है कि मलबे में फंसे हुए सभी लोगों को शीघ्र सुरक्षित निकाल दिया जाएगा।
हिमाचल स्वच्छ सप्ताह के चलते मनाली के साथ लगती पंचायत चचोगा मैं बुधवार को सफाई अभियान चलाया गया। चचोगा पंचायत की प्रधान रक्षा ने बताया की ग्राम पंचायत के सदस्यों, महिला मंडल और राज्य प्रदूषण बोर्ड कुल्लू द्वारा चचोग पंचायत में सफाई अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि हिमाचल स्वच्छ सप्ताह के चलते पूरी पंचायत मैं स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) की राज्य कमेटी किन्नौर के निगुलसरी में राष्ट्रीय उच्चमार्ग में भूस्खलन से हुए नुकसान पर दुख व्यक्त करती है तथा इस हादसे में मृतको के शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती है। यह हादसा बुधवार को दोपहर 12 बजे के करीब हुआ है और इसमे एक पथ परिवहन की बस जो किन्नौर के मूरँग से हरिद्वार जा रही थी दब गई है तथा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई व इसमें जो यात्री सफर कर रहे थे इनमें से अभी भी कई लापता हैं । इसके अतिरिक्त एक ट्रक व अन्य वाहन भी इसकी चपेट में आए हैं। अभी तक जो राहत कार्य किया गया है उसमें 10 शव बरामद किए गए हैं और 13 घायल लोगो को इससे निकाला गया है। अभी भी कई लोग मलबे में दबे हुए हैं। सीपीएम मांग करती है कि सरकार द्वारा राहत कार्य में और तेजी लाई जाए। घटना स्थल पर राहत कार्य दोनो ओर से चलाया जाए। इस घटना में मृतकों के परिवारों व घायलों को तुरन्त राहत प्रदान व मुआवजा दिया जाए। किन्नौर व प्रदेश में भूस्खलन की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए इसको रोकने के लिए वैज्ञानिक आधार पर उचित कदम उठाये जाए। प्रदेश में चल रही विभिन्न पनविद्युत व अन्य परियोजनाओं के जो कार्य किये जा रहे हैं उनके निर्माण में सुरक्षा व इससे पर्यावरण के संरक्षण के लिए भी ठोस कदम उठाए जाए ताकि भविष्य इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जाए।
रोटरी क्लब कुल्लू ने आईटीआई शमशी में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जिसमें 50 से ज़्यादा छात्रों ने रक्तदान किया। रोटरी क्लब कुल्लू की ओर से रोटेरीयन अनुज मालिक ,रोटेरीयन मोहित चावला, रोटेरीयन राजेश सूद व क्लब सेक्रेटेरी अंशुल पराशर ने रक्तदान किया l रोटरी क्लब कुल्लू के प्रेसिडेंट अमन भल्ला ने बताया कि आने वाले समय में क्लब विभिन्न पंचायतों में जाकर रक्तदान शिविरों का आयोजन करेगा साथ ही उन्होंने आईटीआई शमशी के डिप्टी डायरेक्टर एवं प्रिन्सिपल सुनील शर्मा व उनकी टीम, ब्लड बैंक की ओर से डॉक्टर हीरालाल व उनकी टीम का विशेष सहयोग के लिए धन्यवाद किया l इस मौक़े पर रोटरी कुल्लू के फ़ाउंडर मेम्बर रोटेरीयन डॉक्टर पी डी लाल ,रोटेरीयन बाल कृशन कपूर, रोटरीयन इंदीवर मेहता, रोटेरीयन पूजा मालिक विशेष रूप से उपस्थित रहे, सभी ने इस पुनीत कार्य के लिए छात्रों का मनोबल बढ़ाया व उनके साथ दोपहर का भोजन किया l
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी रक्षा बंधन त्यौहार के मद्देनजर उपायुक्त कार्यालय परिसर में जिला के तीन विकास खण्डों से स्वयं सहायता समूह द्वारा राखियों का स्टाॅल लगाकर बिक्री की जा रही है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूह पुष्प जोत, जय माता कृष्णा एवं प्रगति टुटू विकास खण्ड एवं शिव शक्ति, जय मां लक्ष्मी एवं जय डुम देवता विकास खण्ड बसन्तपुर से तथा उज्जवला स्वयं सहायता समूह विकास खण्ड मशोबरा ने भाग लिया है। इसमें लगभग 20 महिलाओं ने अपने उत्पादों की बिक्री की। उन्होंने बताया कि स्टाॅल में राखियों के अलावा मास्क, शिरा एवं अन्य हस्त शिल्प सामग्रियों की भी बिक्री की जा रही है। यह बिक्री केन्द्र 11 से 18 अगस्त, 2021 तक लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह द्वारा इस तरह की पहल आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर है। स्वयं सहायता समूह ललिता शर्मा, मीना, शशी, रंजिता, रीता, मनोरमा, मिनाक्षी, पुष्मा आदि शामिल है।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने बुधवार को शिमला के समीप क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र क्रेगनेनो मशोबरा का दौरा किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह केन्द्र डाॅ. वाई.एस.परमार बागवानी एवं वाणिकी विश्वविद्यालय नौणी का एक महत्वपूर्ण संस्थान है, जहां सेब की विभिन्न किस्मों पर शोध कार्य किए जा रहे हैं, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने विज्ञानियों को इस संस्थान में सेब की अधिक पैदावार वाली उत्तम किस्मों के विकास पर कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र शीतोष्ण बागवानी में शोध और तकनीक को स्थानांतरित करने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्यपाल ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रदेश में विशेषकर सेब उत्पादित क्षेत्रों में फल उत्पादकों को विभिन्न किस्मों की शोध का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च घनत्व, उच्च उत्पादन और रोग प्रतिरोधक सेब की किस्मों पर शोध कार्य किया जाना चाहिए ताकि प्रदेश की सेब आधारित आर्थिकी को मज़बूती मिले। उन्होंने सेब के लिए 276, नाशपाती की 79 और चैरी की 46 किस्मों वाले जर्मप्लाजमा केन्द्र पर सन्तोष व्यक्त करते हुए कहा कि बागवानी के सम्बन्ध में प्रशिक्षक, किसान, प्रशिक्षण और क्षेत्रों के दौरे से तकनीक को प्रयोगशाला से निकाल कर जमीनी स्तर पर स्थानांतरित करने पर विशेष बल दिया जाना चाहिए। आर्लेकर ने केन्द्र में स्थापित सेब बागीचे का दौरा किया और बागीचे में सेब की अच्छी पैदावार के लिए अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया और संस्थान के उचित रख-रखाव के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों को सराहा। उन्होंने सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती के अन्तर्गत लगाए गए सेब बागीचे और केन्द्र द्वारा लगाई गई फूलों की विभिन्न किस्मों का भी अवलोकन किया तथा विभिन्न पहल और शोध कार्यों की सराहना की। राज्यपाल ने केन्द्र परिसर में हिमालयन हाइपैरिकम के पौधे भी रोपित किए। इससे पूर्व, कुलपति डाॅ. परविन्दर कौशल ने राज्यपाल का स्वागत किया और पाॅवर प्वांइट प्रस्तुति के माध्यम से बागवानी विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान हिमाचल को भारत के सेब राज्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। फल उत्पादक इस केन्द्र के परमर्श और अन्य सलाह सेवाओं पर भरोसा कर बागवानी कार्यों में इनका उपयोग कर रहे हैं। क्षेत्रीय बागवानी शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के सह-निदेशक डाॅ. पंकज गुप्ता ने केन्द्र के शोध कार्य और अन्य गतिविधियों का ब्यौरा दिया। निदेशक, शोध डाॅ. रविन्द्र शर्मा, वैज्ञानिक और अन्य शोधार्थी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से फोन पर बात की है और किन्नौर हादसे की जानकारी ली है, पीएम मोदी की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से इस हादसे को लेकर बात की है, गृह मंत्री ने ITBP के डीजी से बात कर तुरंत मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। भजापा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा की हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में भूस्खलन बेहद परेशान करने वाला है क्योंकि कई लोगों के फंसे होने की दुःखद खबर प्राप्त हुई है। बचाव कार्य के लिए ITBP की टीमों को लगाया गया है। जगत प्रकाश नड्डा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया कि प्रभावित क्षेत्रों में हर संभव मदद करें, उन्होंने लोगों की भलाई के लिए प्रार्थना भी की । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि किन्नौर जिले के निगुलसेरी में भूस्खलन होने से मलबे में बस व अन्य वाहन दबने का समाचार सुनकर मन व्यथित है। उन्होंने कहा मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। समस्त यात्रियों एवं स्थानीय निवासियों के सकुशल एवं सुरक्षित होने की ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ। भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन, महामंत्री त्रिलोक कपूर, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल, मुख्य प्रवक्ता एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बोर्ड के उपाध्यक्ष रणधीर शर्मा ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया।
सिरमौर जिला के नाहन विधानसभा क्षेत्र के कोलावलाभुड में दो युवकों की रुण नदी में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है यह दोनों युवक नदी में तैरने उतरे थे। मगर पानी अधिक होने की वजह से दोनों युवक पानी के भावडर में जा फंसे जिसके कारण इन दोनों युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय लोगो की मदद से दोनों युवक को पानी से बाहर निकाला गया। मगर तब तक दोनों युवकों की मौत हो गई थी। मिली जानकारी के अनुसार दोनों युवको में से एक युवक कालाअम्ब तो दूसरा हरिद्वार का बताया जा रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि दोनों युवक अपने रिश्तेदार के साथ कालाअंब में रह रहे थे। दोनों युवकों को पानी से बाहर निकाल कर पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। गौर हो कि इसी क्षेत्र में कुछ समय पहलें करीब एक दर्जन गाय भी डूब चुकी है।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने किन्नौर के निगुलसरी के पास दर्दनाक सड़क हादसे व पहाड़ दड़कने में चपेट में आये कुछ वाहनों, टिप्पर व एचआरटीसी की बस दबने पर दुःख प्रकट करते हुए इसमें दबे लोगों के सकुशल होने की भगवान से कामना की है। राठौर ने इस हादसे पर दुःख प्रकट करते प्रशासन से प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद देने की गुहार लगाई है।
मंडी जिले की उप-तहसील पांगणा के मुख्यालय से लगभग 11 किलोमीटर दूर पश्चिम दिशा की ओर सरही गांव पहाड़ी टीले पर स्थित है। सुकेत संस्कृति साहित्य एवं जन कल्याण मंच पांगणा के अध्यक्ष डाक्टर हिमेन्द्र बाली हिम का कहना है कि सुकेत रियासत के पहले शासक राजा वीर सेन ने सन् 765 में ज्यूरी के पास सतलुज नदी को पार कर यहाँ के राजपूत और ठाकुरों की छोटी-छोटी रियासतों को जीतकर अपने अधीन कर लिया था। इस दौरान सरही गांव के ठाकुरो के अधीन पड़ने वाले बहुत बड़े भू-भाग पर अपना वर्चस्व स्थापित कर पागणा को सुकेत की पहली राजधानी बनाया। सरही यानी गींहनाग जी की तपोस्थली, नाग देवता जी यहाँ गेहूं के भण्डार में एक बड़े नाग के रूप में प्रकट हुए थे। सदियों से गींहनाग जी अपनी अलग-अलग मान्यताओं और परंपराओं की वजह से भक्तों की अटूट आस्था का केन्द्र बने हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रचनात्मक गतिविधियों के लिए जिला युवा पुरस्कार से सम्मानित सरही निवासी ओम प्रकाश ठाकुर का कहना है कि गींहनाग मंदिर सरही में तीन दिवसीय शणचा / शणचा मेला धूम-धाम से मनाया गया। प्राचीन काल से मनाया जाने वाला यह मेला आज भी लोगों को पुरानी देव संस्कृति और परंपराओं से जोड़े हुए है। वहीं -सरही, सूईं-कुफरीधार, पांगणा, जाच्छ-काण्ढा, झुंगी, गलयोग-सीणी, कटवाची, मशोगल पंचायत क्षेत्र के अराध्य देवता गींहनाग जी के मंदिर में आयोजित शणचा / शणाच मेले में हजारों लोगों ने शिरकत की। वहीं-सरही निवासी साहित्यकार किशोरी लाल शर्मा का कहना है कि खेतों से काम से मुक्त होकर सावन महीने में लोग मेलों का आगाज़ करते हैं। पारंपरिक पोशाकों में सज-धज कर मेलों का खूब आनंद उठाते हैं। सरही का शणचा/ शणाच मेला संभवतः गीहनाग जी के जन्म/ प्रकटोत्सव से जुड़ा है। मेले के पहले दिन गींहनाग जी के देवरथ का देवकोठी में श्रृंगार कर दैविक शक्ति से गींहनाग जी और नागदेव के गणों का आवाहन किया गया। गुरो के माध्यम से नाग देवता जी ने भक्तों को अपना आशीर्वाद दिया। फिर देव वाद्यो व मधुरी धुनों के साथ नाग देव की कोठी से/ गींहनाग देओरे/ मंदिर की ओर शोभा यात्रा का प्रस्थान हुआ। इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाकर वातावरण को भक्ति बना दिया। नाग देवता जी के देओरे के ऊपरी भाग पर बने मैदान /सौह में पहुंचकर देवरथ नृत्य के साथ श्रद्धालुओं ने पारंपरिक सुकेती नाटी नृत्य किया। लगभग एक-डेढ़ घण्टे के नृत्य के बाद देवरथ को देवधुनो के साथ देओरे को लाया गया। यहाँ पुनः देव नृत्य के बाद संध्या आरती की गई। गींहनाग जी की हार के सभी लोगों ने सामुहिक रात्रि भोज के बाद भजन संकीर्तन "देव बेड़",देव शयन के बाद पुनःश्रद्धालुओं सुकेती नाटी का अर्धरात्रि तक खूब आनंद लिया। अगले दिन देवता को प्रातः चार बजे देव जागृत करने के साथ सुबह की वेड़, स्नान, श्रृगार /"कड़या"-भोग"छैड़ी" गायन होता है। जिसमें कुंडली जागरण के तुल्य पाताल से स्वर्ग तक की गाथाओं का गायन होता है। फिर "झाड़े" में देवगूरो व देव गणों के गूरो ने दैविक शक्तियों से भक्तों की समस्याओं का समाधान किया तथा भक्तों को आशीर्वाद दिया। "नवाके" के झाड़े,"छेवापूरा" (चिल्हड़े-रोट-हलवा) देव गणो को अर्पित किया गया। फिर देवनृत्य के बाद दिन के सामुहिक भोज का आयोजन किया गया। इसी तरह तीन दिनों तक गींहनाग जी की शणचा/ शणाच देव परंपराओं का निर्वहन कर देवगूरो ने "द्वारपाड़ा" कर अपने "सत्त" के "साते-पाणे"(आशीर्वाद) दिया। इसी के साथ रथ यात्रा ने भयाणा गढ़ के लिए प्रस्थान किया। गींहनाग समिति सरही के प्रधान सुंदर सिंह ठाकुर, महता चेतराम ठाकुर, कुठियाला धर्मसिह ठाकुर, चार किरदारों का कहना है कि सदियों से हमारी देव सांस्कृतिक भावधारा में शणचा / शणाच का गींहनाग देवता जी के जन्म व देव हार(प्रजा) की भावनात्मक एकता से काफी महत्व रहा है। हमारी देव संस्कृति सहकारिता, प्रेम, सदभाव, एकता और भाईचारे को कायम रखती है। गींहनाग जी की सच्चे मन से पूजा और आराधना वंश वृद्धि, रोक-शोक, भूत-प्रेत ग्रहादि निवारक, चारों पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम मोक्ष देने वाली है। संस्कृति मर्मज्ञ डाक्टर जगदीश शर्मा का कहना है कि गींहनाग जी की सरही क्षेत्र में शैव, शाक्त, नाग परंपरा के संयोजन से यह प्रमाणित होता है कि लोक और देव संस्कृति किसी देश की सही तस्वीर जानने का आधार है।सरही क्षेत्र में आर्येतर और वैदिक काल से सास्कृतिक जीवन उन्नत और प्रख्यात है। फिलहाल तीन वर्षों बाद होने वाला यह शणचा/ शणाच मेला हर आयुवर्ग के लिए आकर्षण का केन्द्र बना रहा।
इनरव्हील क्लब पालमपुर ने गत दिवस अपना पद स्थापना समारोह मनाया गया। इस अवसर पर क्लब की अध्यक्षा नीतिका जमवाल को पुनःक्लब की अध्यक्ष बनाया गया। पालमपुर के होटल द ब्लिस में आयोजित एक समारोह में मुख्य अतिथि शर्मिला परमार तथा इनरव्हील एसोसिएशन काउंसिल मेंबर सोनीका गुप्ता की उपस्थिति में नीतिका जमवाल को यह ज़िम्मेदारी अगले वर्ष के लिए भी सौंपी गई। इस अवसर पर क्लब के PDC चंद्रकँवलजीत और PDC रजनी नेगी भी उपस्थित थे। इस मौके पर PDC रजनी नेगी ने पिछले वर्ष हुए कामों की सराहना की औऱ इस वर्ष भी नए प्रोजेक्ट्स औऱ समाज सेवा का आहवान क्लब के सदस्यों से किया। इस अवसर पर बोलते हुए नीतिका जमवाल ने क्लब की पिछले वर्ष की गतिविधियों तथा उपलब्धियों के बारे में भी उपस्थित लोगों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि क्लब ने पिछले वर्ष कोरोना महामारी के चलते विभिन्न प्रकल्पों को लिया तथा उन्हें पूरा किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी समाज के विभिन्न वर्गों की विभिन्न आवश्यकताओं को देखते हुए महिलाओं और बुजुर्गों तथा बच्चों के लिए विभिन्न सेवा कार्य किए जाएंगे। इस वर्ष शमा साहनी को सचिव, पुष्पा महाजन को उपाध्यक्ष, आभा पीटर को कोषाध्यक्ष, विपिना शर्मा को एडिटर सरिता कोरला को ISO, नीहारिका कालिया को अतिरिक्त सचिव घोषित किया गया । चार नए सदस्य ममता जमवाल, दीपा सूद, शशि शर्मा और अंजना राणा को क्लब की सदस्यता दी गयी। पंजाब के कपूरथला से पालमपुर पधारी सोनीका गुप्ता ने क्लब की गतिविधियों की भूरि भूरि प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि क्लब की सदस्य योगिता सेठी की गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर इ- बुलेटिन में भी स्थान और सराहना मिली है। उन्होंने क्लब की अध्यक्षा को आउटस्टैंडिंग प्रेसिडेंट घोषित किया तथा क्लब को डिस्ट्रिक्ट स्तर पर दो रनिंगट्रॉफ़ीज से भी सम्मानित किया। मुख्यातिथि शर्मिला परमार ने कहा कि क्लब बहुत ही अच्छा कार्य कर रहा है तथा उन्होंने भविष्य में क्लब को हर प्रकार की मदद देने का आश्वासन भी दिया। इस अवसर पर क्लब के पूर्व अध्यक्ष तथा क्लब की सलाहकार सीमा शर्मा पूर्व अध्यक्ष अनीता कपूर सहित क्लब के अनेक सदस्य उपस्थित थे । अंत में क्लब की पूर्व अध्यक्ष सीमा शर्मा ने मुख्य अतिथि शर्मिला परमार, सोनिका गुप्ता, क्लब के सदस्यों, रोटरी क्लब के सदस्यों तथा उपस्थित पत्रकारों का कार्यक्रम में पधारने पर आभार जताया।
कुल्लू महाविद्यालय में स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत एन एस एस संव्यसेवकों द्वारा बुधवार को कॉलेज कैंपस की सफाई की गयी। जिसमें 60 से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। इसमें नेहा, सपना, राजेशबरी, विपाशा, ऋजुल, विशाल, संदीप, मुकुल, भूपेंद्र, दीपिका, शालू, साक्षी, रवीना, सोनम डोलमा, अंजली, हर्षिता, पेमा युरोन, रेखा, स्वाति, रविंदर राणा,आकांशा, संतोष, सुमित, सोनम नंदिनी, जीवन ठाकुर, हरि राम, मीना कुमारी, वंशिका आदि ने भाग लिया। तथा कार्यक्रम अधिकारी डा. खेम चंद ठाकुर और डा. अनुपमा कटोच ने नेतृत्व किया। इसमें सभी स्वयंसेवकों द्वारा मिलकर स्टेज, नालियों, ग्राउंड और क्यारियों की सफाई की गयी। आस पास लगी झाड़ियों तथा घास को भी काटा गया। इन कार्यो के लिए संव्यसेवकों को तीन भागों में बाँटा गया था। सभी ग्रुप में 20-20 छात्र थे। उनमें से कुछ के पास दराट् तथा कुछ झाड़ू लेकर स्टेज के सारे जाले साफ़ किये और कुछ ने नालियां साफ की। एक ग्रुप ने जाकर प्रिंसिपल कार्यलय के समीप बगीचे की सफाई की वहां की सारी घास हटाई। छात्रों ने मिलकर पूरे कॉलेज में झाड़ू लगाया। सफाई के दौरान सभी ने अपनी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा। सभी ने मास्क लगाकर सारे कार्य पूर्ण किये।
बंजार के बठाहड़ में पुलिस ने दो लोगों को चरस के साथ गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार बंजार पुलिस की एक टीम बठाहड चौक पर गश्त पर थी इस दौरान पुलिस ने एक आल्टो कार एचपी 01 बी 0830 की चैकिंग की और कार में बैठे दो व्यक्ति के पास से इस दौरान पुलिस ने चरस बरामद की है। एसपी कुल्लू गुरदेव शर्मा ने बताया कि पुलिस ने चरस के साथ बिलासुपर जिला के रहने वाले अक्षय कुमार पुत्र दीनानाथ गांव जमथली घाट डाकघर हवाण तहसील व थाना घुमारवीं जिला बिलासपुर व 34 वर्षीय रविन्द्र कुमार पुत्र सदा राम गांव कहू डॉकघर मझावहड तहसील व जिला बिलासपुर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि इस दौरान दोनों व्यक्तियों के पास से 1 किलो 107 ग्राम चरस बरामद की गई है।
अर्की विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उप चुनाव से पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का दौरा होने के संकेत है। जिसको लेकर लोगों द्वारा कई घोषणाएं होने की उम्मीद है। इसी को देखते हुए अर्की विधानसभा क्षेत्र की करीब 32 पंचायतों के केन्द्र बिन्दु दाड़लाघाट में नए विकासखंड को खोलने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इन पंचायतों के पंचायत प्रतिनिधियों व लोगों का कहना है कि अगर दाड़लाघाट में विकासखंड खुलता है तो उन्हें कुनिहार विकासखंड में आने जाने वाले समय से बचत होगी वहीं नजदीक होने से काम भी जल्द होंगे। पंचायत समिति अध्यक्ष सोमा कौंडल, पूर्व बीडीसी उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर, पंचायत प्रधान बागा सुरेन्द्रा, पारनु प्रधान केशवराम, चाखड़ प्रधान गुरदेई, सन्याडी मोड़ प्रधान शंकरलाल का कहना है कि दाड़लाघाट के आसपास करीब 32 पंचायतें आती है। जिनमें से मांगल, बेरल, बागा व सारमा सहित अन्य ऐसी पंचायतें है जो वर्तमान में अगर विकासखंड कुनिहार में पंचायत के कार्य से वहाँ जाती है तो पूरे दिन की भागदौड़ के बाद भी अगर काम न हो तो इन्हें निराशा हाथ लगती है। लोगों का कहना है दाड़लाघाट ही एक ऐसा उपयुक्त स्थान है जहाँ पर विकासखंड खुलने से लोगों को ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। लोगों ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अर्की विधानसभा क्षेत्र का दौरा करते है तो उनकी इस मांग को पूरा किया जाए ताकि लोगों को नए विकासखंड के बनने से पंचायत सम्बंधित कार्यो का निपटारा जल्द हो सके।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में भावानगर उपमंडल में बड़ा हादसा हुआ है। इसमें ज्यूरी रोड पर निगोसारी और चौरा के बीच में अचानक एक बड़ा पहाड़ दरक गया है। जिसमें एक एचआरटीसी की बस और कुछ ट्रक तथा हल्के वाहन दब गए हैं जिनमें कई लोग सवार थे ऐसे में बड़े पैमाने पर जान हानि होने का अनुमान लगाया जा रहा है। एसडीएम भावानगर मनमोहन सिंह ने बताया कि उन्हें जैसे ही घटना की सूचना मिली है तो मौके के लिए बस राहत एवं बचाव कार्य की एक टीम रवाना कर दी गई है। उन्होंने बताया कि बसों में भी कई लोगों के सवार होने की सूचना है जिन सभी के लैंडस्लाइड में दबे जाने की खबर आ रही है जो कि बेहद दुखद है उन्होंने बताया कि अभी तक मौके पर पत्थर लगातार गिर रहे हैं जिससे कि राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने में भी प्रशासन एवं पुलिस को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
मनाली विधानसभा कांग्रेस अध्यक्ष हरी चंद शर्मा ने कहा कि पतलीकुहल, पनगां शांगचर लिंक रोड में डंगे के ढहने से पनगां, रियाडा, बड़ाग्रां, और ब्राण के हजारों बाशिंदों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मनाली विधानसभा कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस क्षेत्र में सेब, नाशपाती का सीजन जोर पकड़ रहा है, परंतु सड़क बंद होने की वजह से ट्रक इन क्षेत्रो में नहीं आ पा रहे। जिस वजह से लोगों को छोटी गाड़ियों में भरकर सेब पतलीकुहल ले जाना पड रहा है। जिससे स्थानीय बाशिंदों की जेब पर और भी अधिक बोझ पड़ रहा है। क्षेत्रवासी सेब के सीजन से जो आय की आस लगाए बैठे हैं उनको सेब के ढलान के लिए अलग से खर्च करना पड़ रहा है। परंतु दुख की बात यह है कि डंगे का काम 2 हफ्ते से ज्यादा हो जाने के बाद भी कच्छुआ चाल से चला हुआ है। कुछ ही दिनों बाद बड़ाग्रां और शांगचर में मनाली क्षेत्र के कुछ बड़े मेलों में से बड़ाग्रां शांउण और शांगचर शाउण का आयोजन होने जा रहा है ऐसे में अगर सड़क बंद होगी तो मेले के आयोजन में भी स्थानीय लोगों को मुश्किलात का सामना करना पड़ेगा। हरी चंद शर्मा ने प्रशासन से आग्रह किया कि लोगों की समस्या पर प्रशासन ध्यान दें और डंगे के निर्माण कार्य में तेजी लाएं।
कांगड़ा: नई पेंशन स्कीम कर्मचारी एसोसिएशन के कांगड़ा जिला प्रधान राजिन्दर मन्हास ने कहा की सरकार की लगातार अनदेखी से हिमाचल के एक लाख एनपीएस कर्मचारी काफी खफा हैं। मुख्यमंत्री लगातार चार साल से 2009 की अधिसूचना को लेकर एक ही डायलॉग एनपीएस कर्मचारियों से बोल रहे हैं कि मामला सरकार के ध्यान में है जल्द निर्णय लिया जाएगा परन्तु चार साल से 2009 की अधिसूचना हिमाचल में लागु नही हो पाई है, जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है। जिला प्रधान ने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि एनपीएस एक राज्य को छोड़ पूरे भारत में सम्मान रूप से लागू है परन्तु 2009 की अधिसूचना जिसके तहत सेवा के दौरान कर्मचारी की मौत पर पेंशन का परिवार को प्रावधान है इस अधिसूचना को 8 राज्य लागू कर चुके हैं तो ऐसे में प्रदेश सरकार को इसे लागू करने में भी ऐतराज ह। जिला प्रधान ने कहा कि पिछले माह जिला कांगड़ा के 7 विधायकों से एसोसिएशन इस अधिसूचना को लागू करवाने को मिली पर दुख यह रहा कि यह 7 विधायक भी विधानसभा में इस मांग पर चुप्पी साध बैठे रहे। जिला प्रधान ने कहा कि अब कर्मचारी बहुत याचना कर चुके हैं और अब याचना नही होगी। जिला प्रधान ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उपचुनाव से पहले 2009 की अधिसूचना जारी नही हुई तो उपचुनावों के नतीजे सरकार के सारे दावों की हवा निकाल सकते हैं। जिला प्रधान ने कहा कि हर विधानसभा में 1500 परिवार एनपीएस कर्मचारियों के है जो किसी भी पार्टी के आंकड़े खराब करने को काफी है। उन्होनें एक बार फिर मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि 15 अगस्त को यह अधिसूचना तत्काल लागू की जाए।
कर्मचारियों से सौतेला व्यवहार क्यों? अनुबंध नियमित कर्मचारी संगठन ने सरकार पर लगाए भेदभाव के आरोप हिमाचल अनुबंध नियमित कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मुनीष गर्ग, प्रदेश महासचिव अनिल सेन, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय कुमार, संरक्षक राजेश सिंह पुरिया, सलाहकार राजेश वर्मा, प्रदेश प्रवक्ता विजय राणा, सचिव सुशील चंदेल, मोहन ठाकुर, प्रेस सचिव राकेश चौहान, प्रेमपाल पठानिया, आईटी सेल हेड संदीप चंदेल, जिला कांगड़ा अध्यक्ष सुनील पराशर, हमीरपुर जिलाध्यक्ष डॉ सुरेश कुमार, शिमला जिलाध्यक्ष नंद लाल, चम्बा जिलाध्यक्ष राजेंदर पॉल, मंडी जिला अध्यक्ष कृष्ण यादव, ऊना जिलाध्यक्ष संजीव बग्गा ने सामूहिक बयान में कहा कि संगठन अनुबंध और अनुबंध से नियमित कर्मचारियों की नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता पर मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में दिए गए जबाब पर नाराजगी जताई है। विधानसभा में कांगड़ा के विधायक पवन काजल द्वारा अनुबंध कर्मचारियों को नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता दिए जाने के प्रश्न के जबाब में मुख्यमंत्री ने लिखित रूप में अनुबन्धकाल से वरिष्ठता देने से मना किया है। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए जबाब में कहा गया कि अनुबन्धकाल से वरिष्ठता देने का कोई प्रावधान नहीं है। कर्मचारियों का कहना ही कि पूर्व में विभिन्न कर्मचारियों को लाभ देने के लिए सरकार द्वारा कई बार नियम बदले हैं तो अनुबंध कर्मचारियों को वरिष्ठता क्यों नही दी जा सकती? 2008 में प्रदेश में पहली बार भाजपा सरकार ने बैच और कमीशन आधार पर चयनित कर्मचारियों को 8 साल के अनुबंध पर नियुक्ति दी। इससे पहले बैच और कमीशन पास कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति दी जाती थी। अब यह कर्मचारी केवल नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता की मांग कर रहें है जिसे सरकार बार बार नियमों का हवाला देकर टाल रही है जोकि गलत है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर पूर्व सरकारों में कोई निर्णय असमानता आधरित लिया गया हो तो वर्तमान सरकार का दायित्व है कि कर्मचारी हित में ऐसे निर्णयों को बदले नाकि नियमों का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़े। अगर नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता देने का सरकार विचार नहीं रखती तो बार बार कर्मचारियों को आश्वासन क्यों दिए जाते हैं? आखिर पिछले 3 सालों से ऐसी कोन सी तकनीकी बाधाएं हैं जो दूर नहीं हो रहीं। नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता ना मिलने से जूनियर कर्मचारी सीनियर होते जा रहे हैं। सरकार द्वारा दिए गए अनुबंध की अवधि भी अलग अलग होने के कारण कर्मचारियों के नियमितीकरण में भी अंतर पैदा हुआ है। संगठन के पदाधिकारी अपनी प्रमुख मांग नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता व अनुबंध काल को कुल सेवाकाल में जोड़ने के संदर्भ में पिछले लगभग साढ़े तीन सालों में सैकड़ों ज्ञापन स्वयं और विभिन्न माध्यमों से मुख्यमंत्री को प्रेषित कर चुका है l लगभग सभी विधायकों व प्रदेश सरकार के मंत्री प्रदेश में जहां भी जाते थे उनसे वरिष्ठता से संबंधित ज्ञापन सौंपे गए हैं । 6 फरवरी 2020 को जिला मंडी सरोआ में जनमंच के दौरान भी मुख्यमंत्री ने संगठन के पदाधिकारियों को इस मांग को जल्द ही पूरा करने का आश्वासन दिया था l संगठन के पदाधिकारियों को मात्र आश्वासन ही मिलते आए हैं, जिससे प्रदेश के लगभग 60000 अनुबंध व अनुबंध से नियमित कर्मचारी अपने आपको ठगा हुआ सा महसूस कर रहे हैं l प्रदेश अध्यक्ष मुनीष गर्ग और महासचिव अनिल सेन ने कहा कि प्रदेश सरकार यह बताएं कि कर्मचारी अपनी जायज मांगों को सरकार से पूरा करवाने के लिए और कौन सा तरीका अपनाएं जिससे कि यह मांग पूरी हो सके l संगठन के प्रदेश महासचिव अनिल सेन ने कहा कि सरकार ने हर कर्मचारी वर्ग की मांगों का ध्यान रखा लेकिन सिर्फ पुरानी पेंशन और नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता की मांग को यूं ही छोड़ दिया गया है जिससे इस प्रदेश के हर विभाग में कार्यरत अनुबंध व अनुबंध से नियमित कर्मचारियों में प्रदेश सरकार के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है l प्रदेश सरकार यह बताए कि 60000 अनुबंध और अनुबंध से नियमित कर्मचारियों के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों? उन्होंने कहा कि जल्द ही उनका एक प्रतिनिधिमंडल इस मांग के संदर्भ में मुख्यमंत्री से शिमला में मिलेगा l प्रदेश महासचिव अनिल सेन ने कहा कि सरकार की वित्तीय हालत को देखते हुए उन्हें यह वरिष्ठता बिना किसी वित्तीय लाभ के चाहिए जिसके लिए कर्मचारी एफिडेविट तक देने को तैयार हैं l संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका संगठन सिर्फ और सिर्फ प्रदेश के विभिन्न विभागों में R&P नियमों अर्थात कमीशन और बैच वाइज आधार पर भर्ती अनुबंध और अनुबंध से नियमित कर्मचारियों के लिए ही नियुक्ति की तिथि से मांग करता आ रहा है l उन्होंने कमीशन पास करके कोई गुनाह किया है क्या? यदि गुनाह किया है तो सरकार को हिमाचल लोक सेवा आयोग व हिमाचल प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड बंद कर देने चाहिए।
लाहौल के मयाड़ घाटी जैसे दुर्गम इलाके में सरकारी स्कूल में पढ़ाई करके सोनम अंगमो ने देश की प्रतिष्ठित जेईई मेंस की परीक्षा में 98.2 अंक हासिल कर सबको चोंका दिया है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव के बीच यह कामयाबी बच्चों के लिए किसी प्रेरणा से कम नही है। माता पदमा देचीन व पिता नोरबू अपनी बेटी की कामयाबी से बहुत खुश हैं। बेटी ने लाहौल का नाम देशभर में ऊंचा किया है। मयाड़ के छालिंग गांव की इस बेटी की कामयाबी से समस्त लाहौल में खुशी का माहौल है। इससे पहले आईआईटी मेंस की परीक्षा में लाहौल के गौशाल गांव का तरुण भी कमाल दिखा चुका है। माता लीना कुमारी व पिता राजेश कुमार अपने बेटे की कामयाबी से खुश हैं। अखिल भारतीय जेईई मेन्स परीक्षा में तरुण ने 97.90 प्रतिशत अंक प्राप्त किया है। लाहौल के इन दोनों विद्यार्थियों सोनम आँगमो और तरुण कुमार ने अक्टूबर 2021 के दौरान आयोजित होने वाली जेईई एडवांस परीक्षा के लिए जगह बना ली है। जेईई मुख्य परीक्षा में रैंकिंग के अनुसार, एनआईआईटी या अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा। तरुण कुमार ने नारायण पब्लिक स्कूल कोलकाता से 10वीं और पैरामाउंट कॉन्वेंट स्कूल, नारायणगढ़, हरियाणा से 12वीं की है। जबकि मयाड़ घाटी की बेटी दुर्गम इलाके में सरकारी स्कूल में पढ़ी है।
कर्मचारी चयन आयोग ने चार पोस्ट कोड के तहत ली जाने वाली लिखित परीक्षाओं की समयसारिणी में बदलाव किया है। पोस्ट कोड 891 स्टेनो टाइपिस्ट की परीक्षा 26 सितंबर की बजाएं 5 सितंबर को सुबह के सत्र में करने का फैसला लिया है। वंही, पोस्ट कोड 906 जेई सिविल की परीक्षा भी 26 की बजाय 5 सितंबर को शाम के सत्र में, आयोजित होगी। पोस्ट कोड 839 लिपिक की परीक्षा पांच सितंबर की बजाय 17 अक्तूबर को सुबह और पोस्ट कोड 833 सहायक प्रबंधक की परीक्षा 17 अक्तूबर शाम के सत्र में आयोजित होगी। आयोग के सचिव डॉ.जितेंद्र कंवर ने बताया कि इन परीक्षाओं की तिथियों में बदलाव किया गया है। अब नई तिथियों अनुसार परीक्षा होगी। वहीं, कर्मचारी चयन आयोग ने अधीक्षक ग्रेड-2 स्टोर के पद को भरने के लिए ली गई लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस पद के लिए लिखित परीक्षा में 302 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। इनमें से चार अभ्यर्थियों जिनमें रोल नंबर 879000199, 879000537, 879000939 और 879001560 को मूल्यांकन परीक्षा के लिए चयनित किया गया है। आयोग के सचिव डा. जितेंद्र कंवर ने कहा कि 15 अंकों की मूल्यांकन परीक्षा 31 अगस्त को आयोग के कार्यालय में होगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कशयप ने कहा केंद्र सरकार ने 127वां संविंधान संशोधन बिल के तहत कानून बनने के बाद राज्य सरकारों को ओबीसी लिस्ट तैयार करने का अधिकार दे दिया है। इसका फायदा उन राज्यों की उन जातियों को होगा, जो लंबे समय से ओबीसी में शामिल होने की मांग कर रहीं हैं। इससे ओबीसी वर्ग को हर राज्य में बड़ा फायदा होगा। इससे पूर्व भी मोदी सरकार ने ओबीसी से अपनी कैबिनेट में 27 ओबीसी मंत्रियों को स्थान देकर उनका मान बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने अनेको योजनाओं को बनाकर ओबीसी वर्ग का विशेष ख्याल रखा। उन्होंने कहा कि जिस तरह सदन ने बिल का समर्थन किया वो स्वागत योग्य है, कश्यप ने कहा कि बीजेपी की नीति और नीयत साफ है। कांग्रेस हमेशा पिछड़ों का वोट लेती रही लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया। ओबीसी समुदाय से जुड़ी लिस्ट तैयार करने के लिए राज्यों को अधिकार देने वाला संविधान संशोधन बिल लोकसभा में पारित किया गया, हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट ने इसपर मुहर लगाई थी। 127वां संविधान संशोधन बिल के द्वारा आर्टिकल 342 A (3) लागू किया गया, जिसके जरिए राज्य सरकारों को ये अधिकार होगा कि वह अपने हिसाब से ओबीसी समुदाय की लिस्ट तैयार कर सकें, संशोधित बिल के पारित होने के बाद राज्यों को इसके लिए केंद्र पर निर्भर नहीं रहना होगा। उन्होंने कहा इस बिल में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी धयान रखा गया है। इस बिल को 15 विपक्षी दलों का साथ मिला है और यह बिल राज्य सभा मे भी पारित को जाएगा।
उपायुक्त लाहौल- स्पिति नीरज कुमार ने मंगलवार को बाढ़ और भारी बारिश से प्रभावित उदयपुर क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात भी की और उनकी समस्याओं को सुना। उपायुक्त चोखंग, नैनगार, छोगजिंग भी गए और उन्होंने ना केवल नुकसान का जायजा लिया बल्कि भारी बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान के बाद की बनी परिस्थितियों से भी रूबरू हुए। उपायुक्त ने कहा कि चांगुट और करपट में रेस्क्यू शेल्टर का निर्माण किया जाएगा ताकि इस तरह की प्राकृतिक आपदा के समय लोगों को सुरक्षित शरण्य स्थल उपलब्ध हो सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि इस दिशा में जल्द कदम उठाए जाएं। उपायुक्त ग्राम पंचायत तिंगरिट के तहत चांगुट और चिमरिट ग्राम पंचायत के करपट भी गए। उपायुक्त ने प्रभावित परिवारों को भरोसा देते हुए कहा कि जिला प्रशासन उनकी हर संभव मदद करने के लिए तत्पर है। लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, कृषि विभाग और बागवानी विभाग के अलावा बिजली बोर्ड को भी सभी आवश्यक दिशा- निर्देश इस संबंध में दिए जा चुके हैं। उपायुक्त ने मड़ग्रां, जाहलमा और शांशा में सड़क बहाली के कार्य की प्रगति का भी जायजा लिया। इस मौके पर उनके साथ एसडीएम उदयपुर राजकुमार ठाकुर के अलावा अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
जसवां परागपुर ब्लाक काग्रेस ब्लॉक की अध्यक्षा अनुराधा ठाकुर व कार्यकारी अध्यक्षा अजना शर्मा ने संयुक्त ब्यान में बताया कि हिमाचल प्रदेश कॉंग्रेस कमेटी(महिला) के आह्वान पर अगामी 13 अगस्त को जसवां परागपुर महिला कॉंग्रेस द्वारा बढ़ते गैस, खाद्य तेल, पैट्रोल, डीज़ल, दाल, सब्जियों के दामों, बढ़ती मंहगाई, किसानों, बागवानों व आम जनता की अनदेखी, बेरोजगारी के ख़िलाफ़ महिला आक्रोश प्रदर्शन किया जाएगा व रैली निकाली जाएगी। महिला अध्यक्ष अनुराधा ठाकुर व अंजना शर्मा ने बताया कि न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल मे महगाईं भ्रष्टाचारी चरम सीमा तक जा पहुचीं है। दैनिक जीवन का हर सामान दिन प्रति दिन महँगा होता जा रहा है, परन्तु वर्तमान डबल ईंजन सरकारों से मंहगाई कंट्रोल नहीं हो रही है। बेरोजगारी चरम सीमा पर है, युवा दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, कोरोना में यह बिल्कुल फेल हुए हैं, इन सबसे ध्यान बंटाने के लिए यह पार्टी नया शिगूफा छोड़ते हैं। बड़े-बड़े इंडस्ट्रीयलिस्ट देश चला रहे हैं, यह इनके आगे पंगु बने हुए हैं। जयराम ठाकुर और बिक्रम ठाकुर से सवाल किया कि ऐसी कौन सी मजबूरी है और ऐसा क्या काम किया कि खुद सरकार होते हुए, इंडस्ट्रीयलिस्ट को बोल नहींं पा रहे हैं।
मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने बल्ह ब्लॉक की बैठक में नेर चौक में भाग लिया जिसमे तमाम कार्यकर्ताओ सहित नेतागणो ने एक स्वर में इस बात पर बल दिया कि लोक सभा चुनावों में जिस भी उम्मीदवार को कांग्रेस हाईकमान टिकट सौंपेगा सब उसके साथ चलेंगे और जीत सुनिश्चित करेंगे। बल्ह में जोरशोर से एक ही बात उठी की लोक सभा चुनावों में कांग्रेस इस बार हर हाल में मंडी लोक सभा सीट पर जीत दर्ज करेगी। प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कार्यकर्ताओं को कहा की आज कांग्रेस का जनाधार बढ़ चुका है भाजपा से लोगो का अब मोह भंग हो चुका है। पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने प्रकाश चौधरी को बल्ह का नायाब रत्न बताया और कहा कि बल्ह ने उनकी जीत सुनिश्चित है और उन्होंने सरकार को बेरोजगारी, भ्र्ष्टाचार, पर घेरा है। उन्होंने कहा कि कुलदीप राठौर की अध्यक्षता में कांग्रेस पूरे हिमाचल में अच्छा काम कर रही है। बल्ह ब्लाक कांग्रेस की आयोजित बैठक में कौल सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री व अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी के प्रकाश चौधरी, चेतराम ठाकुर प्रदेश महासचिव प्रदेश कांग्रेस कमेटी, राजीव किमटा प्रदेश सचिव, पूर्व प्रत्याशी लोकसभा आश्रय शर्मा व महासचिव प्रदेश कांग्रेस कमेटी मौजूद रहे। नगर निगम के प्रवक्ता रजनीश सोनी, योगेश सैनी, बल्ह कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप ठाकुर, रवि सिंह चन्देल, जगतपाल, रणजीत मंडयाल, संजीव गुलेरिया, रिंकू चंदेल अध्यक्ष जिला महिला कांग्रेस कमेटी मंडी, प्रदीप शर्मा जिला महासचिव, दिनेश रावत बल्ह महिला अध्यक्ष, तारा तुंगला, सुमन चौधरी भूपिंदर गुलेरिया, नवीन राणा, ओम प्रकाश सैनी और फ्रंटल ऑर्गेनाइजेशन के महिला कांग्रेस युवा कांग्रेस सेवादल, युवा कांग्रेस, इंटक, सभी मौजूद रहे ।
मंगलवार को केंद्रीय विद्यालय नलेटी में कक्षा ग्यारहवीं में प्रवेश चाहने वाले विद्यार्थियों के लिए ओरियंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों को विषय चुनने के बारे में जानकारी देना है। केन्द्रीय विद्यालय नलेटी में विज्ञान और वाणिज्य संकाय है। इस उद्देश्य से बच्चों को विज्ञान में वाणिज्य विषयों के बारे में विस्तार से बतलाया गया तथा भविष्य में उनके सुनहरे अवसरों से भी अवगत करवाया गया। इस विषय में सर्वप्रथम जीव विज्ञान शिक्षिका शशि कला कटोच ने साइंस बायोलॉजी के बारे में विस्तार से बताया। संगणक शिक्षिका शिखा ने संगणक विषय की महत्ता पर प्रकाश तथा गणित अध्यापक अमित ने साइंस मैथ के बारे में विस्तृत जानकारी दी। तत्पश्चात वाणिज्य शिक्षक राजेश कुमार ने व्यवसायिक व लेखांकन विषय पर अपने व्याख्यान दिए और भविष्य में इनसे मिलने वाले रोजगार के बारे में बतलाया। अर्थशास्त्र के शिक्षक संजीव कुमार ने अर्थ शास्त्र विषय की महत्ता व आवश्यकता पर प्रकाश डाला। अंत में विद्यालय प्राचार्या स्वाति अग्रवाल ने ग्यारहवीं के सभी विद्यार्थियों को कक्षा दस में सफल होने पर बधाई दी तथा उनके सुनहरे भविष्य के लिए उचित विषय चुनने हेतु बच्चों को विभिन्न क्षेत्रों से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि कक्षा ग्यारहवीं शिक्षार्थियों के लिए जीवन का दूसरा चरण है, इस दूसरे चरण में बच्चों को अपने रुचि के विषयों को चुनने की छूट होती है। अत: पूर्ण जानकारी व अपनी रुचि के विषय का चयन कर इस नए पथ पर उन्नति के नये आयाम बनाओ।
राजकीय महाविद्यालय रक्कड़ में मंगलवार को "आजादी का अमृत महोत्सव" थीम के तहत कॉलेज परिसर में एन. एस. एस स्वयंसेवियों और प्राचार्य डॉ अनिल डोगरा द्वारा पौधरोपण किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य ने बच्चों को ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि जितने अधिक पौधे लगेगें मनुष्य का स्वास्थ्य उतना ही स्वस्थ रहेगा। वहीं इस मौके पर एन. एस. एस प्रभारी मीना कुमारी ने प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में और अपने प्रत्येक जन्मदिन पर पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया। इस अभियान में महाविद्यालय के अन्य प्रध्यापक वर्ग में प्रोफेसर रजनीश शर्मा, प्रोफेसर नमिता और एन. एस. एस के स्वयंसेवियों ने भाग लिया।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने सामान्य उद्योग निगम की ओर से प्रदेश सरकार को लाभांश के रूप में 37,79,796 रुपये का चैक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भेंट किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को सामान्य उद्योग निगम की ओर से मुख्यमंत्री कोविड फंड के लिए भी 8,82,000 रुपये का एक अन्य चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए सामान्य उद्योग निगम का आभार व्यक्त किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग आर.डी. धीमान, निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
निकटवर्ती पंचायत भरोली-जदीद में मंगलवार को पंचायत प्रधान अनीश धीमान की अध्यक्षता में स्वच्छता अभियान कार्यक्रम चलाया गया | इस दौरान रास्तों की साफ-सफाई कर उन्हें संवारने के अतिरिक्त घरों व रास्तों के इर्द-गिर्द उगे हुए घास व झाड़ियों को काटा गया | पंचायत प्रधान अनीश धीमान ने बताया कि गांव को स्वच्छ बनाने के लिए पंचायत द्वारा आगामी एक सप्ताह तक सफाई अभियान चलाया जाएगा| उन्होंने गांव के युवाओं से सरकार द्वारा चलाए गए स्वच्छ भारत मिशन अभियान में सहयोग करते हुए गांव को स्वच्छ रखने में पंचायत का सहयोग करने की अपील की | इस अभियान में प्रधान अनीश धीमान, उपप्रधान सुरेंद्र शर्मा सहित वार्ड सदस्य व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे |
जसवां-पारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पड़ते रक्कड़ थाना के तहत पड़ते कलोहा के समीप एनएच पर मंगलवार को बाइक और एक गाड़ी में आपसी भिड़ंत हो गई जिसमें बाइक चालक पिंकू उम्र 35 सुपुत्र शमशेर सिंह निवासी कुहना तहसील रक्कड़ को हल्की चोटें आई हैं । बताया जा रहा है कि गाड़ी नंबर एचपी 53बी 5109 जोकि हरिद्वार से बैजनाथ की तरफ जा रही थी वही रकड़ की ओर से बाइक नंबर पीबी10 एचपी 1648 आ रही थी जो कि कलोहा के समीप आपस में टकरा गई। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों में आपसी समझौता होने के कारण कोई भी पुलिस मामला दर्ज नहीं किया गया है। बरहाल बाइक चालक पिंकू को उपचार हेतु देहरा अस्पताल जाया गया है इस संदर्भ में थाना प्रभारी रक्कड़ चिरंजी लाल शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस बाबत कोई भी मामला थाने में दर्ज नहीं हुआ है ।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर जो राज्य रेडक्राॅस सोसायटी के अध्यक्ष भी हैं, ने मंगलवार को राजभवन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को स्वास्थ्य उपकरण भेंट किए। राज्य रेडक्राॅस अस्पताल कल्याण अनुभाग की अध्यक्षा डाॅ. साधना ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थी। स्वास्थ्य उपकरणों में 15 वेंटिलेटर्स, 40 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 640 पीपीई किट्स, मास्क इत्यादि शामिल हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि रेड क्राॅस ने कोविड महामारी के दौरान महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि रेडक्राॅस के माध्यम से समय-समय पर राहत सामग्री, स्वास्थ्य उपकरण और अन्य किट उपलब्ध करवाए गए हैं। इसके अतिरिक्त रेडक्राॅस द्वारा रक्तदान शिविर और जागरूकता अभियान आयोजित करवाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा का यह क्रम और अधिक दृढ़ता के साथ चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेडक्राॅस के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी को और अधिक बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध करवाए गए स्वास्थ्य उपकरणों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि पात्र लोगों को इनका लाभ मिल सके। डाॅ. साधना ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान विशेष रूप से गरीब लोगों को भोजन और स्वास्थ्य किट आदि उपलब्ध करवाकर राहत प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि रेडक्राॅस द्वारा चिकित्सकों के माध्यम से शुरू की गई परामर्श सेवा की भी सराहना की गई है। राज्यपाल के सचिव प्रियतु मंडल, निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डाॅ. अनिता महाजन और उप-निदेशक डाॅ. रमेश चन्द भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
कांग्रेस प्रवक्ता किरण धांटा ने मंडी में मुख्यमंत्री द्वारा दिये गए बयान की 50 साल सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने कुछ नहीं किया पर कहा की मुख्यमंत्री को पिछले 50 सालों का अध्यन करना चाहिये। आज देश शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, विज्ञान, संचार, औद्योगिक विकास तथा गाँव की कनेक्टिविटी में जहां पहुंचा है पिछले 50 सालों की मेहनत का ही परिणाम है। आज देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है क्योंकि पिछले 50 सालों में इन क्षेत्रों में विकास की द्रष्टि से काम किया गया है। प्रवक्ता ने कहा की जिस तरह से भाजपा सरकार पिछले 7 सालों से सरकारी संस्थाओं का दुर उपयोग कर रही है और लोगों की भावनाओं के साथ जो गंदा खेल खेल रही है ऐसा कांग्रेस ने कभी भी 50 सालों में नहीं किया। आज देश के अन्न दाता को अपने हक के लिए सड़कों पर बैठना पड़ रहा है, सरकारी संस्थानों का दुर उपयोग हो रहा है, अवार्ड्स के नाम बदले जा रहे है, सरकारी सम्पति को कॉर्पोरेट घरानों को बेचा जा रहा है, कोरोना काल में स्वास्थ्य सुविधाओं में भ्रष्टाचार हो रहा है, पेट्रोल -डीज़ल की कीमतें हर दिन बढ़ रही है और महंगाई आम आदमी की कमर तोड़ रही है। प्रवक्ता ने कहा की जो हालात भाजपा ने 7 सालों में किये है निश्चित तोर पर कांग्रेस ने नहीं किये है और न ही करेगी। भाजपा प्रतिशोध और नफ़रत की राजनीति करती है। प्रवक्ता ने कहा की कांग्रेस ने हमेशा लोगों को जोड़ने की तथा उन की भावनाओं को आदर देने की राजनीति की है। भाजपा कभी भी देश की दूसरी पार्टियों के योगदान की कदर नहीं करती है और हमेशा दूसरों को तुच्छ बताने में कोई कसर भी नहीं छोड़ती। प्रवक्ता ने कहा की आज भाजपा के नेताओं को इतिहास पढ़ना चाहिये और उस की अहमियत को समझना चाहिये। उन्होने कहा की आने वाले चुनावों में भाजपा जरूर अपने अहंकार को चूर चूर होते देखेगी।
मंगलवार को एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति व विश्वविद्यालय में भर्तियों की न्यायिक जांच की मांग तथा RUSA छात्रों की परेशानियों के बारे में अवगत करवाया गया। प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा कि कुलपति 2016-18 तक भाजपा मोर्चा के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत रहे उनकी इन सेवाओं के लिए उन्हे कुलपति बनाकर अधिनियम 35.20 को भंग किया है। इससे पूर्व इस अधिनियम के साथ छेड़छाड़ करने वाले प्रोफेसर को नौकरी से निष्कासित किया गया था, यदि कुलपति को नहीं हटाया गया तो NSUI इस मामले में चुनाव आयोग के पास जाकर केस दर्ज करवाएगी, इसके इलावा भर्ती में घोटाला हुआ है इसकी भी न्यायिक जांच की मांग की है। इसके इलावा पूरे प्रदेश में न्यू-रूसा बैच के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। RUSA छात्रों को लगभग 6 वर्षों से डिग्री नहीं मिली है जिसका ज़िम्मेवार विवि प्रशासन व ERP सिस्टम की ख़ामियां है। प्रदेश अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर ने कहा कि यदि RUSA छात्रों के भविष्य को देखते हुए री-असेसमेंट पोर्टल खोला जाना चाहिए व डिग्री पास करने का एक मौक़ा दिया जाना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर विश्वविद्यालय कुलपति की नियुक्ति रद्द व रूसा छात्रों के लिए कोई नीति नहीं बनाई तो NSUI उग्र आंदोलन के लिए तैयार रहेगी, इस प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश अध्यक्ष के अलावा परिसर अध्यक्ष प्रवीण मिनहास, अभय ठाकुर व महेश ठाकुर मौजूद रहे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दाड़लाघाट में 12 अगस्त को स्कूल प्रबंधन समिति का पुनर्गठन होने जा रहा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव गौतम ने विद्यालय में पढ़ रहे सभी छात्रों के अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे उक्त तारीख को 11:00 बजे पूर्वाह्न विद्यालय में पहुंचकर स्कूल प्रबंधन समिति के पुनर्गठन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। ताकि नई कार्यकारिणी स्कूल की विकासात्मक गतिविधियों की रूपरेखा तैयार कर सके और विद्यार्थियों की पढ़ाई को सुचारू रूप से चलाने के लिए रणनीति तैयार कर सके। प्रधानाचार्य ने कक्षा 6 से 12वीं तक पढ़ रहे विद्यार्थियों के सभी अभिभावकों से विद्यालय में ठीक 11:00 बजे पहुंचने का आग्रह किया है।
मजदूर किसान आम जनता विरोधी एवं महंगाई बढ़ाने वाली नीतियों के खिलाफ जिला एवं ब्लाक मुख्यालय में होने वाले प्रदर्शनों में लाल झंडा सीमेंट वर्कर यूनियन बागा ने भाग लिया। इस दौरान यूनियन ने कार्यालय से लेकर बाजार व पुलिस थाना बागा तक रैली का आयोजन किया। यह रैली विरोध प्रदर्शन के रूप में कृषि कानूनों को रद्द करने एवं श्रम कानूनों को बदलकर चार श्रम कानूनों में बदलने के खिलाफ तथा बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई के खिलाफ की गई। रैली को संबोधित करते हुए यूनियन अध्यक्ष बलबीर ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कोरोना की आड़ में लाखों लोग बेरोजगार हुए तथा महंगाई अपने चरम सीमा पर पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों को बदल दिया गया तथा किसानों के ऊपर 3 काले कानून थोप दिए गए। यूनियन ने थाना प्रभारी बागा के माध्यम से एक ज्ञापन प्रधानमंत्री भारत सरकार एवं प्रदेश मुख्यमंत्री हिमाचल सरकार को भेजा। इसमें अपील की है कि उपरोक्त मांगों की पूर्ति हेतु उचित कदम उठाकर कर्मचारियों व किसानों को राहत पहुंचाएं।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट द्वारा पंचायत बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री से राजकीय महाविद्यालय दाड़लाघाट में प्रवक्ताओं व अन्य स्टाफ के खाली चल रहे पदों को भरने की मांग की है। गौर रहे कि दाड़लाघाट राजकीय महाविद्यालय दाड़लाघाट में बिना टीचिंग स्टाफ व बिना समुचित इंफ्रास्ट्रक्चर के युवाओं की शिक्षा का स्तर हांफने लगा है। महाविद्यालय में न तो पर्याप्त टीचिंग स्टाफ है और न ही उनकी पढ़ाई हेतु कोई भी अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर। जिस कारण बच्चे महाविद्यालय से या तो दूसरे महाविद्यालयों को पलायन कर रहे हैं या इस विद्यालय में प्रवेश ही नहीं ले रहे हैं। टीचिंग स्टाफ की बात करें तो 1 वर्ष से अंग्रेजी के प्रोफेसर का पद रिक्त पड़ा है, लगभग 4 माह से हिंदी प्रोफेसर का पद रिक्त पड़ा है और 8 माह से इकोनॉमिक्स के प्रोफ़ेसर का पद रिक्त है। इसी प्रकार 1 वर्ष से कॉमर्स के प्रोफेसर का पद रिक्त पड़ा है। यही नहीं नॉन टीचिंग स्टाफ में एक पद लिपिक व जूनियर ऑफिस असिस्टेंट और एक लाइब्रेरियन का पद भी रिक्त पड़ा है। इसी प्रकार कॉलेज की अपनी बिल्डिंग न होने के कारण पढ़ाई सड़क के किनारे किराए पर लिए एक मकान में करवाई जा रही है। जहां निरंतर यातायात के शोर-शराबे में पढ़ाई होने का जायजा सहज ही लगाया जा सकता है। यद्यपि कॉलेज खुलने के समय तत्कालीन सरकार ने महाविद्यालय के भवन हेतु 5 करोड रुपए के बजट का प्रावधान किया था और एक करोड़ 71 लाख रुपए की राशि भी लोक निर्माण विभाग को इस भवन हेतु जारी कर दी थी लेकिन लोक निर्माण विभाग के नॉर्म्स के अनुसार कम से कम 30% की राशि खाते में जमा होने पर ही कार्य शुरू किया जा सकता है जिसके प्रति 4 वर्ष बीत जाने पर भी सरकार का रवैया बिल्कुल उदासीन लग रहा है। इस कारण क्षेत्र की लगभग 20 पंचायतों के लोगों में इस बाबत अत्यधिक गुस्सा पनप रहा है। ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के प्रधान व सभी प्रतिनिधियों ने बताया कि इस बाबत लोगों में सरकार के उदासीन रवैया के प्रति अत्यधिक आक्रोश है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द इस विद्यालय में टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ प्रतिनियुक्त करने की मांग की है, ताकि हमारे बच्चों को पढ़ाई करने इधर उधर न भटकना पड़े।
ग्राम पंचायत बरायली में चल रहे स्वच्छता पखवाड़े के अवसर पर पंचायत सदस्य हिरादेई के नेतृत्व में सफाई अभियान चलाया गया। यह जानकारी देते हुए तकनीकी सहायक कर्मचंद कौशल ने बताया कि इस मौके पर गांव पथरागल व धमोग में सफाई की गई व गांव के लोगों को स्वच्छता पर विस्तार से बताया गया। इस अवसर पर पंचायत सदस्य हिरादेई,पंचायत तकनीकी सहायक कर्म चंद कौशल,पवन कुमार,अक्षित शर्मा,आंगनवाड़ी कार्यकर्ता विद्या देवी, पंकज शर्मा, महेश गौतम, दिवान चंद, पंकज भार्गव, महेश, मोनू, महेश गौतम व स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
बीते दिनों प्रकृति ने मणिकरण घाटी में प्रचंड रूप दिखाया है जिसमें कई परिवारों ने अपने प्रिय जनों को खो दिया है। ऐसे दुखों का पहाड़ जब किसी परिवार के ऊपर गिरता है तब उस परिवार के दुख को अपना दुख समझ कर उस परिवार के साथ खड़े होना हम सब का सामाजिक दायित्व बनता है। ऐसे ही नेक भाव के साथ भाजपा के जिला प्रवक्ता आदित्य गौतम ने मणिकरण के ब्रह्म गंगा में स्थित उन सब बाढ़ पीड़ित परिवारों के घर जाकर उनके दुख में शामिल हुए। भाजपा प्रवक्ता आदित्य की आंखें आंसुओं से भर आई जब उन्होंने गर्भवती मीना और उनके बूढ़े पिता से मुलाकात की जिन्होंने अपने जवान पति और बेटे को खो दिया है। इसके पश्चात आदित्य ने रोशन लाल के परिवार से मुलाकात की जिसने अपनी बहू और उनके 4 वर्ष के पुत्र को अपने सामने असहाय होकर प्रकृति में समाते हुए देखा है। ऐसी दुखद घटनाओं से जूझते परिवारों से मुलाकात करने के पश्चात आदित्य अपनी भावनाओं को नियंत्रण में नहीं रख सके और शोक ग्रस्त हो गए। इसके पश्चात आदित्य ने इन दोनों परिवारों को राधे कृष्णा चैरिटेबल सोसायटी के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जिसे आदित्य ने अपने जन्मदिन के अवसर पर विशेष रूप से जरूरतमंदों की सहायता करने के लिए स्थापित किया है। आदित्य ने बताया कि भविष्य में राधे कृष्णा चैरिटेबल सोसायटी के माध्यम से अब वह खुलकर जरूरतमंदों की हर प्रकार से हर संभव मदद करेंगे आदित्य ने विशेष रुप से प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राहुल सोलंकी, मंडल अध्यक्ष ठाकर चंद, ग्राम केंद्र अध्यक्ष सुनील दत्त, युवा मोर्चा अध्यक्ष रूपेंद्र ठाकुर और बूथ अध्यक्ष पूर्ण का आभार जताया जिन्होंने इस कार्य को सफल बनाने के लिए राधे कृष्णा चैरिटेबल सोसाइटी में अपना आर्थिक योगदान प्रदान किया।
मंगलवार को अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी ठाकुर की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को विधानसभा सत्र के मध्य में महासंघ का 26 सूत्रीय मांग पत्र सोंपा l अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री महोदय से जल्द से जल्द JCC की मीटिंग बुलाने का आग्रह किया और मुख्यमंत्री ने भी JCC की बैठक जल्द बुलाने का आश्वासन दिया है l
विद्युत उपमंडल दाड़लाघाट के अंतर्गत दाड़लाघाट,नवगांव,भराड़ीघाट के अनुभागों में 11 व 12 अगस्त 2021 को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी देते हुए सहायक अभियंता दाड़लाघाट मनमोहन सिंह चंदेल ने बताया कि बिजली के आवश्यक रखरखाव हेतु प्रात 10:00 बजे से 5:00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने सभी संबंधित लोगों से असुविधा हेतु सहयोग की अपील की है।
महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत-प्रधानमन्त्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र नागरिक 09 सितम्बर, तक अपना ‘गोल्डन कार्ड’ बनवा सकते हैं। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल ने आज यहां दी। डाॅ. राजन उप्पल ने शेष बचे लाभार्थी परिवारों से आग्रह किया है कि वे 9 सितम्बर से पूर्व अपना एवं अपने परिवार के सभी सदस्यों का गोल्डन कार्ड बनवा लें। उन्होंने कहा कि लाभार्थी परिवार अपनी पात्रता की जानकारी समीप के खण्ड चिकित्सा अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, सम्बन्धित नगर पंचायत तथा अपने क्षेत्र से सम्बन्धित आशा कार्यकर्ताओं से प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पंजीकृत अस्पतालों में उपचाराधीन होने पर 05 लाख रुपए तक के निःशुल्क उपचार का प्रावधान है। इसके लिए लाभार्थी के पास गोल्डन कार्ड होना अनिवार्य है।
परिधि गृह कुल्लू में मंगलवार को विधानसभा के विभिन्न गांवों से आए हुए लोगों ने अपनी समस्याएं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एचपीएमसी के उपाध्यक्ष राम सिंह के समक्ष रखीं। वहीं उपाध्यक्ष राम सिंह ने सभी लोगों की समस्याओं को सुना व साथ ही लोगों की अधिकतर समस्याओं का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। वहीं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एचपीएमसी के उपाध्यक्ष राम सिंह ने कहा कि लोगों की सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर हल हो रहा है । सरकार की योजनाओं का लाभ हर गांव तक पहुंचाना है, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कई बुलंदियों को छू रहा है। विभिन्न विभागों के अधिकारी लोगों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करें।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हरी ने जिला के विकास खण्ड धर्मपुर, सोलन, कण्डाघाट, कुनिहार तथा नालागढ़ की उन सभी ग्राम पंचायतों में जहां सामान्य निर्वाचन के बाद स्थान रिक्त हुआ है, की मतदाता सूचियों में नाम दर्ज करने के लिए मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण का कार्यक्रम अधिसूचित किया है। इस कार्यक्रम के अनुसार 31 जुलाई की अहर्ता तिथि के अनुसार उन ग्राम पंचायतों में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों में सम्मिलत किए जाएंगे जहां हाल ही में आयोजित पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचन के उपरान्त स्थान रिक्त हुए हैं। मतदाता सूचियों का प्रारूप 9 अगस्त को प्रकाशित किया गया है। पुनरीक्षण प्राधिकारी के समक्ष दावे एवं आक्षेप 16 अगस्त, 2021 तक प्रस्तुत किये जा सकेंगे। इन दावों एवं आक्षेपों का निपटारा 20 अगस्त, 2021 तक किया जाएगा। पुनरीक्षण प्राधिकारी क समक्ष अपील 23 अगस्त तक की जा सकती है। पुनरीक्षण प्राधिकारी द्वारा इन अपीलों का निपटारा 24 अगस्त तक किया जाएगा। मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 25 अगस्त को किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम-1994 के नियम 17 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला के सभी खण्ड विकास अधिकारियों को अपने-अपने खण्ड में दावों एवं आक्षेपों के निपटारे के लिए पुनरीक्षण प्राधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे इस सम्बन्ध में राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित बनाएं। सभी सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी एवं पंचायत सचिव सम्बन्धित ग्राम पंचायतों में इस सम्बन्ध में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करेंगे।
जिला खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग सोलन के सौजन्य से आज सोलन जिला के कण्डाघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत सैंज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिव शक्ति कलामंच के कलाकारों ने उपस्थित जनसमूह को उपभोक्ताओं के अधिकारों और कानूनी सहायता की जानकारी प्रदान की। कलाकारों ने समूह गान ‘जागो ग्राहक जागो’ तथा नुक्कड़ नाटक ‘लालच का खेल’ के माध्यम से जहां उपस्थित जनसमूह का मनोरंजन किया वहीं उपभोक्ता अधिकारों के बारे में भी विस्तार से बताया। लोगों को बताया गया कि ऐसी वस्तु के क्रय-विक्रय के विरूद्ध संरक्षण पाने का अधिकार है जो जीवन और सम्पत्ति के लिए हानिकारक है। लोगों को जानकारी दी गई कि ग्राहक के साथ अनुचित व्यापारिक व्यवहार अथवा उपभोक्ताओं के शोषण के विरूद्ध क्षतिपूर्ति का अधिकार प्रदान किया गया है। इन कार्यक्रमों में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019 के अन्तर्गत उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जानकारी प्रदान की गई। कलाकारों ने बताया कि लोगों को जागरूक उपभोक्ता बनना चाहिए तथा कोई भी सामान खरीदते समय हमेशा गुणवत्तायुक्त वस्तु एवं सेवा की ही मांग करनी चाहिए। उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापनों से सावधान रहना चाहिए। अधिकतम खुदरा मूल्य के सम्बन्ध में मोल भाव करने से संकोच नहीं करना चाहिए। लोगों को जानकारी दी गई कि खरीदे गए सामान के बदले किए गए भुगतान का कैश मैमो अवश्य प्राप्त करें। जब कभी उपभोक्ता को शिकायत हो तो उपभोक्ता मंच जाने से हिचकिचाए नहीं। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सैंज के प्रधान देविन्द्र कुमार, उप प्रधान विनोद कुमार तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राजस्व् मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश भू-जोत अधिकतम सीमा अधिनियम, 1972 (1973 का अधिनियम संख्यांक 19) का और संशोधन करने के लिए विधेयक को पुर:स्थापित करने के लिए पेश किया गया। जिसे हिमाचल प्रदेश भू-जोत अधिकतम सीमा(संशोधन) विधेयक, 2021 रखा गया। हालंकि अभी सदन में इस विधेयक पर चर्चा भी हाेनी है और उसके बाद इसे पारित किया जाएगा। ऐसे में बिल पारित हाेने के बाद भूखंडों में फैले हिमाचल प्रदेश के चाय बागान सरकार में निहित होंगे। इस कड़ी में धर्मशाला-पालमपुर से लेकर चौंतड़ा-जोगिंद्रनगर तक के टी-गार्डन सरकार के राडार में आ जाएंगे। यानी चाय बागान काे नहीं बेचा जा सकेगा। बताया गया कि धर्मशाला और पालमपुर में पांच से 10 हजार बीघा तक के टी गार्डन एक ही परिवार के राजस्व रिकार्ड में दर्ज हैं। इस संशोधित विधेयक के पारित हाेने से एचपी सीलिंग ऑफ लैंड होल्डिंग एक्ट 1972 की धारा-6ए व 6-7 को समाप्त कर दिया जाएगा। साफ है कि इस विधेयक के पारित होने के बाद चाय बागान सीलिंग एक्ट के दायरे में आ जाएंगे। इसके बाद लाखों बीघा चाय बागानों काे काेई भी नहीं बेच सकेंगे। यदि सरकार से अनुमति मिलती है ताे ही बेचने की मंजूरी दी जाएगी। धर्मशाला से जाेगिंद्रनगर तक फैला है चाय बागान हिमाचल में चाय बागानों के बड़े भूखंड धर्मशाला से लेकर जोगिंद्रनगर तक फैले हैं। इस फेहरिस्त में प्रदेश के दो प्रतिष्ठित परिवारों के पास हजारों बीघा टी-गार्डन की जमीनें हैं। इस विधेयक के लागू होने के बाद सरकार में निहित होने वाली टी-गार्डन की जमीनों के प्रयोग पर भी दिलचस्पी रहेगी। बता दें कि सीलिंग एक्ट से बाहर होने के बावजूद वर्तमान में चाय बागानों को बेचने व खरीदने की अनुमति नहीं है। इसके लिए बाकायदा राज्य सरकार से मंजूरी लेना आवश्यक है। प्रदेश सरकार के पास अब तक सैकड़ों बार चाय बागानों को बेचने व खरीदने के प्रस्ताव आ चुके हैं। क्या है लैंड सीलिंग एक्ट 1972 के इस एक्ट में एक व्यक्ति के नाम 151 बीघा यानी 302 कनाल से ज्यादा भूखंड नहीं हो सकता है। इससे ज्यादा जमीन को सरकार में निहित करने का प्रावधान है। चाय बागानों को इस कानून के दायरे में बाहर रख असंख्य भूखंड रखने का हक है। अब इसी में संशोधन किया जा रहा है। चाय बागानों की प्रति यूनिट 151 बीघा से अधिक जमीन को सरकार में निहित कर इसका प्रयोग कर सकती है। इस आधार पर टी गार्डन की जमीन पर कृषि-बागवानी से जुड़े अनुसंधान केंद्र या प्रदेश के बड़े संस्थान निर्मित हो सकते हैं।
विधानसभा देहरा में मंगलवार को देव भूमि क्षत्रिय संगठन देहरा द्वारा एसडीएम धनबीर सिंह ठाकुर को ज्ञापननुमा पत्र सौंपा गया जिसमें स्वर्ण आयोग गठन की मांग की गई है। देवभूमि क्षत्रिय संगठन देहरा के अध्यक्ष अंकुश राजपूत ने कहा कि देव भूमि क्षत्रीय संगठन हि० प्र० सरकार के समक्ष सवर्ण आयोग की मांग कर रहा है। वहीं उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अन्य जाति आयोग के तर्ज पर सवर्ण आयोग का गठन किया जाए। जिस प्रकार अन्य आयोग कार्यरत है उसी प्रकार से सवर्ण आयोग का गठन किया जाए अगर अन्य जाति, संस्थाओं के लिए भी आयोग बनाए गए वहीं आयोग भी कार्य कर रहे है तो सवर्ण के लिए बनाए जाने वाले इस आयोग के गठन में किसी प्राकर की देरी या विलम्भ क्यो? यह आयोग सिर्फ सवर्ण के अधिकारों की रक्षा को बनाए जाने वाला आयोग है और इस से किसी अन्य जाति वर्ग विशेष के अधिकारों का हनन नहीं हैं। अतः हमारा आपसे विनम्र अनुरोध है कि जल्द से जल्द इस आयोग का गठन कर सवर्णों की मांग को पुरा किया जाए। इस दौरान अध्यक्ष अंकुश स्पेहिया, रमन शर्मा, विनायक ठाकुर सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को ओक ओवर में हिमाचल प्रदेश माॅडल प्रीजन मैनुअल-2021 को जारी किया। उन्होंने कहा कि यह माॅडल प्रीजन मैनुअल कारागार बंदियों के सुधार और पुनर्वास में सहायता करेगा और जेल बंदी अपनी कारावास अवधि का सही उपयोेग कर नए व्यवसायिक कौशल सीखेंगे। इस प्रकार कारावास से रिहा होने के बाद वे आसानी से अपनी आजीविका अर्जित कर अपने परिवार की सहायता कर सकते हैं और फिर से अपराध की राह पर चलने के बजाय पुनर्वास के बाद समाज का हिस्सा बन आदर्श नागरिक के रूप में देश की सेवा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष-2020 में आयोजित डीजीपी/आईजीपी सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रत्येक राज्य को एक आदर्श राज्य जेल नियमावली बनाने का निर्देश दिया था, इसलिए राज्य पुलिस आदर्श जेल नियमावली का मसौदा तैयार करने और यथाशीघ्र लागू करने का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि मौजूदा हिमाचल प्रदेश जेल मैनुअल-2000 लगभग 21 साल पुराना है। उन्होंने कहा कि जेल मैनुअल में राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, खान-पान और जलवायु परिस्थितियों के अनुसार कुछ संशोधन किए गए हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के कारागारों में नई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की जाएंगी, जिसमें कैदियों को उनके कौशल, क्षमता और इच्छा के अनुसार आजीविका कमाने के लिए कार्य और प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता लाने के लिए सभी करागारों को कम्प्यूटरीकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी जेलों का प्रबंधन ई-प्रीजन साॅफ्टवेयर के माध्यम से किया जाएगा, जिन्हें आईसीजेएस प्रणाली के माध्यम से अदालतों, पुलिस और फाॅरेंसिक विज्ञान विभागों से जोड़ा जाएगा। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य की जेलों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए नई आधुनिक तकनीक और उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस कारागार एवं सुधार सेवाएं एन. वेणुगोपाल ने कहा कि कारागार कर्मचारियों को इस नई जेल नियमावली के प्रावधानों के सुचारू एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जेलों में कैदियों का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाएगा ताकि पैरोल, फरलो आदि के दौरान उन पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य में 14 जेल हैं, जिनमें 2 केंद्रीय जेल, 9 जिला जेल और 3 उप-जेल हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) मनोज कुमार, महानिरीक्षक दलजीत ठाकुर, उप महानिरीक्षक सुनील कुमार, वरिष्ठ महानिरीक्षक शेर चंद शर्मा, मुख्य कल्याण अधिकारी भानु प्रकाश शर्मा आदि उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत हनुमान बड़ोग में आज बीडीसी उपाध्यक्ष मनोहर लाल की अध्यक्षता में सफाई अभियान छेड़ा गया।इस सफाई अभियान में महिला मण्डल हनुमान बड़ोग, कोटला, रनोह खालसा, मनलोग बड़ोग, नावाँ, युवक मण्डल डमलाणा के सभी सदस्यों ने भाग लेते हुए अपने आस पास की साफ सफाई की व कूड़ा एकत्रित कर कुड़ेदान में डाला। बीडीसी उपाध्यक्ष मनोहर लाल ने कहा कि इन दिनों स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है जिसके अंतर्गत पंचायत के हर गांव में सफाई अभियान के तहत सफाई की जा रही है। उन्होने कहा कि इस अभियान को केवल अभियान तक ही सीमित न रखे बल्कि इसे अपने रोजाना की दिनचर्या में एक मुहिम की तरह अपनाए ताकि हमारा क्षेत्र व वातावरण साफ सुथरा रहे। इस मौके पर पंचायत प्रधान प्रेम चन्द, उप प्रधान कर्मचन्द व् अन्य लोग मौजूद रहे।
ग्राम पंचायत चाखड में प्रधान गुरुदेई की अध्यक्ष्ता में सफाई अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान पंचायत के हर वार्ड को साफ रखने की शपथ ली गई। प्रधान गुरदेई ने बताया कि इस मौके पर लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। इस अवसर पर पंचायत सचिव, वार्ड सदस्य और आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता भी मौजूद रहे।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में उपतहसील परिसर में सरकार के दिशानिर्देशनुसार स्वच्छ हिमाचल अभियान के तहत सफाई अभियान पखवाड़े का आयोजन किया गया। इन दौरान तहसील परिसर, पशु औषधालय परिसर व वन विभाग कार्यालय एवं रेस्ट हाउस परिसर में नायब तहसीलदार इंद्र कुमार की अगुवाई में स्वच्छता अभियान के तहत सभी जगह की सफाई की गई। इस मौके पर उन्होंने बताया कि यह अभियान 9 अगस्त से 15 अगस्त तक चलेगा। इस अभियान के तहत तहसील परिसर व अन्य क्षेत्रों में उगी घास और झाड़ियों को काटा गया और वहां पर फैले कूड़े को इकठ्ठा कर जलाया गया। इस अवसर पर नायब तहसीलदार इंद्र कुमार, कार्यालय वरिष्ठ सहायक राजेन्द्र ठाकुर,कानूनगो विजय कांत, कृष्ण चंद, पटवारी विजेंदर कुमार, कुलदीप, पूर्व पंचायत समिति उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर, नोटरी पब्लिक हंसराज भाटिया, अनुराधा, ममता, गोमती,जयदेई, नम्बरदार भीम सिंह चौहान व स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।
सोलन जिला में बाल विकास परियोजना धर्मपुर के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के 5 तथा सहायिकाओं के 4 रिक्त पदों को भरने के लिए साक्षात्कार 3 सितम्बर को आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उक्त पदों के लिए वाक-इन इन्ट्रव्यू 3 सितम्बर, 2021 को प्रातः 10.00 बजे बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मपुर के कार्यालय में आयोजित किया जाएगा। प्रवक्ता ने कहा कि आंगनबाड़ी वृत्त जाबली के अन्तर्गत ग्राम पंचायत कोटी नाम्भ के आंगनबाड़ी केन्द्र कोटी तथा ग्राम पंचायत मैहलो के आंगनबाड़ी केन्द्र टकरोटा, आंगनबाड़ी वृत्त कृष्णगढ़ के अन्तर्गत ग्राम पंचायत कोट के आंगनबाड़ी केन्द्र नौती तथा ग्राम पंचायत गांगुड़ी के आंगनबाड़ी केन्द्र गांगुड़ी एवं आंगनबाड़ी वृत्त पट्टा के अन्तर्गत ग्राम पंचायत भागुड़ी के आंगनबाड़ी केन्द्र भागुड़ी में आंगनबाड़ी कार्यकता का एक-एक पद भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वृत्त गोयला के अन्तर्गत ग्राम पंचायत घड़सी के आंगनबाड़ी केन्द्र च्यावणी बुगराहट, आंगनबाड़ी वृत्त कसौली के अन्तर्गत ग्राम पंचायत गनोल के आंगनबाड़ी केन्द्र चाबल, आंगनबाड़ी वृत्त परवाणू के अन्तर्गत ग्राम पंचायत नरायणी के आंगनबाड़ी केन्द्र जखरोडा तथा आंगनबाड़ी वृत्त कसौली के अन्तर्गत ग्राम पंचायत कसौली गढ़खल के आंगनबाड़ी केन्द्र कसौली गांव में आंगनबाड़ी सहायिक का एक-एक पद भरा जाएगा। इन पदों के लिए इच्छुक महिला उम्मीदवार निर्धारित प्रपत्र के साथ समस्त प्रमाण पत्रों की सत्यापित छाया प्रतियों सहित अपना आवेदन 3 सितम्बर प्रातः 10.00 बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मपुर के कार्यालय में प्रेषित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए वही महिला उम्मीदवार पात्र हैं जो सम्बन्धित आंगनवाड़ी केन्द्र के लाभान्वित क्षेत्र में प्रथम जनवरी 2021 को सामान्य रूप से रह रहे परिवार से सम्बन्ध रखती हो। उम्मीदवार की आयु 21 से 45 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दस जमा दो उत्तीर्ण होनी चाहिए। आंगनवाड़ी सहायिका के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आठवीं उत्तीर्ण होनी चाहिए। सहायिका पद के लिए आठवीं उत्तीर्ण शैक्षणिक योग्यता के उम्मीदवार उपलब्ध न होने की स्थिति में पांचवी पास न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता वाली उम्मीदवार भी मान्य होगी। इन पदों के लिए उम्मीदवार के परिवार की वार्षिक आय 35 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में उम्मीदवार को तहसीलदार, नायब तहसीलदार अथवा कार्यकारी दंडाधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि आवेदक के पास आयु, शैक्षणिक योग्यता, स्थायी निवासी प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, नर्सरी अध्यापक के कार्य अनुभव का प्रमाण पत्र व अन्य योग्यता प्रमाणपत्रों की प्रतियां होनी चाहिएं। उम्मीदवारों को पंचायत सचिव अथवा तहसीलदार से प्रतिहस्ताक्षरित स्थाई निवासी का प्रमाण पत्र लाना भी अनिवार्य है। आय प्रमाण पत्र तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार या इनसे अधिक स्तर के अधिकारी प्रतिहस्ताक्षरित होना चाहिए। नर्सरी अध्यापक कार्य अनुभव के अंक उसी प्रार्थी को देय होंगे जिनके पास नर्सरी ट्रेनिंग टीचर का मान्यता प्राप्त संस्थान से डिप्लोमा पाठ्यक्रम से सम्बन्धित प्रमाण पत्र होगा। यह प्रमाण पत्र शिक्षा विभाग के उप निदेशक अथवा जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रति हस्ताक्षरित होना चाहिए। प्रार्थी के पास सम्बन्धित ग्राम पंचायत के अन्तर्गत स्थित नर्सरी स्कूल में अध्यापन कार्य का अनुभव होना चाहिए। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार समीप के आंगनवाड़ी केन्द्र अथवा बाल विकास परियोजना धर्मपुर के कार्यालय दूरभाष नम्बर 01792-264037 पर सम्पर्क कर सकते हैं।


















































