मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज कहा कि जिला मंडी के बल्ह में एनडीआरएफ बटालियन के मुख्यालय की स्थापना के लिए भूमि चिन्हित करने और हस्तांतरित करने सम्बन्धी सभी आवश्यक औपचारिकताओं में तेजी लाई जाएगी, ताकि बटालियन सुचारू रूप से कार्य कर सके। जय राम ठाकुर ने एनडीआरएफ के कमांडेंट बलजिन्दर सिंह और प्रदेश सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग को इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाने और वन विभाग को एफसीए स्वीकृति शीघ्र प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और आपदाओं के प्रति संवदेनशीलता को ध्यान में रखते हुए राज्य के लिए नई एनडीआरएफ 14वीं बटालियन को मंजूरी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि यह प्राकृतिक आपदाओं के समय त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में लगभग छः स्थानों पर एनडीआरएफ क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केन्द्र्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के रासायनिक खतरे से निपटने के लिए बद्दी में एक कम्पनी स्थापित की जाएगी, क्योंकि इस क्षेत्र में अधिकांश औद्योगिक कारखाने हैं। कमांडेंट बलजिन्दर सिंह ने मुख्यमंत्री को फोर्स की विभिन्न गतिविधियों से अवगत करवाया। मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व आर.डी. धीमान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, विशेष सचिव राजस्व सुदेश मोक्टा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
एनएच 205 स्यार के समीप सड़क के किनारे निकास नाली में गंदगी के अंबार के कारण लोगों को समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। विभाग की लापरवाही के कारण अभी तक इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों में नीरज कपिला, हरीश कुमार, सुमन गौतम, पंकज, डीडी कपिल, मनसा राम, बॉबी, अभिनव ने बताया कि नेशनल हाइवे 205 के अंतर्गत स्यार में सड़क किनारे की नालियां गंदे पानी से भर गई है, यह पानी कुछ रिहायशी घरों से, तो कुछ पिछले दिनों हुई बारिश के इकट्ठा होने से ये नालियां जाम हो गई है, परन्तु फिर भी विभाग की नजर इस पर नही पड़ रही है। वहीं ऐसे में सड़क के किनारे खुली नालियों में गंदा पानी व कूड़ा-कर्कट के चलते गंदगी होने से बीमारियां फैलने का भी खतरा बना रहता है। नालियों में मिट्टी जमा होने से व इधर-उधर का कूड़ा इकट्ठा हो रहा है। लोगों का कहना है कि गाड़ियों के आवागमन पर जब गाड़ियां आपस में ओवर टेक करती हैं तो गाड़ी के नाली में गिरने का भी खतरा बना रहता है, लेकिन विभाग दुर्घटना के इंतजार में है। स्थानीय लोगों ने विभाग से आग्रह किया है कि नालियों में पड़ी गंदगी की सफाई करवाकर व खुली नालियों को ढकने का उचित प्रबंध किया जाए, ताकि स्वच्छ भारत मिशन के सपने को सफल बनाया जा सके। गौर रहे कि आजकल लोगों में कोरोना व बर्ड फ्लू से जैसी बीमारी का लोगो मे भय का माहौल है। वहीं लोगों में आशंका है कि अगर यह पानी ज्यादा दिन अगर खड़ा रहता है, तो लोगों मे जलजनित रोग होने की संभावनाएं बढ़ जाएगी।
शिमला। छराबड़ा में बीते 6 जनवरी के रात बर्फ में फंसे पर्यटको को बचाने गई क्यूआरटी टीम की गाड़ी गिरने मामले में एक गंभीर रूप से घायल पुलिस जवान कि मौत हो गई है। गाड़ी के स्किट हो कर सड़क से नीचे गिरने में पुलिस के 6 जवान घायल हो गए थे जिसमे विरेन्द्र को गम्भीर चोट आई थी। वीरेंद्र को आईजीएसमी में दाखिल करवाया गया था लेकिन वीरेंद्र सोमवार सुबह जिंदगी की जंग हार गया और उसकी मौत हो गई । गोरतलब है कि 6 जनवरी रात को कुफरी छराबड़ा में पर्यटको को सुरक्षा प्रदान करने गई पुलिस की गाड़ी के स्किट हो कर सड़क से नीचे गिर गई थी जिसमे 6 पुलिस जवान घायल हो गए थे। इस दुर्घटना में वीरेन्द्र को गंभीर चोट आई थी।
कोरोना का कहर अभी ख़तम नहीं हुआ था की देश भर में अब बर्ड फ्लू लगातार पैर पसार रहा है। यह अब देश के 9 राज्यों में फैल चुका है। केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में कहर मचाने के बाद अब दिल्ली और महाराष्ट्र में भी बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। दिल्ली में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। पशुपालन विभाग के मुताबिक जालंधर भेजे गए 8 सैम्पल पॉजिटिव पाए गए। पुष्टि होने से पहले ही दिल्ली में बर्ड फ्लू के डर ने हड़कंप मचा दिया था। इसके मद्देनजर दिल्ली सरकार ने गाजीपुर मुर्गा मंडी को 10 दिनों के लिए बंद कर दिया था। महाराष्ट्र में भी इस वायरस की पुष्टि हो गई है। इसे देखते हुए अब सभी राज्यों ने सतर्कता बढ़ा दी है। देश में बर्ड फ्लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार भी हरकत में आ गई है। विदेश मामलों की संसदीय समिति आज इस पर बैठक करेगी। यह समिति देश में पशु टीका की उपलब्धता और पशु चिकित्सा सेवाओं की स्थिति पर चर्चा करेगी। हिमाचल प्रदेश में 200 से ज्यादा प्रवासी पक्षी मिले मृत हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में रविवार को पोंग बांध वन्यजीव अभयारण्य में 215 प्रवासी पक्षी मृत पाए गए। प्रदेश में बर्ड फ्लू से मरने वाले पक्षियों की संख्या अब बढ़कर 4,235 हो गई है। इसके अलावा नाहन, बिलासपुर और मंडी से भी जंगली पक्षियों की असामान्य मौत की खबरें आई हैं और नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिए गए हैं।
सोलन जिला की नगर परिषद नालागढ़ के 08 वार्डों के चुनाव परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। यह जानकारी नगर परिषद नालागढ़ के निर्वाचन अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ महेन्द्र पाल गुर्जर ने दी। महेन्द्र पाल गुर्जर ने कहा कि नगर परिषद नालागढ़ के वार्ड नम्बर 01 में कुल 689 मत पड़े। इनमें से शालिनी शर्मा को 353 तथा शहनाज़ बेगम को 330 मत प्राप्त हुए। नोटा को 06 मत दिए गए। वार्ड नम्बर 01 से शालिनी शर्मा को निर्वाचित घोषित किया गया। वार्ड नम्बर 02 में कुल 664 मत पड़े। इनमें से प्रेम लता को 216, मीना कुमारी को 33, वंदना बंसल को 254 तथा सुनीता देवी को 157 मत प्राप्त हुए। नोटा को 04 मत दिए गए। वार्ड नम्बर 02 से वंदना बंसल को निर्वाचित घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि नगर परिषद नालागढ़ के वार्ड नम्बर 03 में कुल 929 मत पड़े। इनमें से रीना देवी को 558, विमला को 159 तथा शशि बाला को 203 मत प्राप्त हुए। नोटा को 09 मत दिए गए। वार्ड नम्बर 03 से रीना देवी को निर्वाचित घोषित किया गया। महेन्द्र पाल गुर्जर ने कहा कि वार्ड नम्बर 04 में कुल 573 मत पड़े। इनमें से अफ्जद खान 73, जगजीवन वर्मा को 19, प्रियवर्त शर्मा को 80, मनोज कुमार वर्मा को 118, संजीव कुमार सुपुत्र कृष्ण कुमार को 226 तथा संजीव कुमार सुपुत्र गंगादास को 55 मत प्राप्त हुए। नोटा को 02 मत दिए गए। वार्ड नम्बर 04 से संजीव कुमार सुपुत्र कृष्ण कुमार को निर्वाचित घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि वार्ड नम्बर 05 में कुल 602 मत पड़े। इनमें से अतुल शर्मा को 243, अलका वर्मा को 272 तथा सौरभ जैन को 86 मत प्राप्त हुए। नोटा को 01 मत दिया गया। वार्ड नम्बर 05 से अलका वर्मा को निर्वाचित घोषित किया गया। महेन्द्र पाल गुर्जर ने कहा कि वार्ड नम्बर 06 में कुल 560 मत पड़े। इनमें से नित्यानंद शर्मा को 243 तथा महेश कुमार गौतम को 311 मत पड़े। नोटा को 06 मत दिए गए। वार्ड नम्बर 06 से महेश कुमार गौतम को निर्वाचित घोषित किया गया। वार्ड नम्बर 07 में कुल 773 मत पड़े। इनमें से अमरेंदर सिंह भिंडर को 318, गुरदयाल सिंह को 11, गुरविन्द्र कुमार 213, राकेश गौतम को 105 तथा रजत शर्मा को 125 मत प्राप्त हुए। नोटा को 01 मत दिया गया। वार्ड नम्बर 07 से अमरेंद्र सिंह भिंडर को निर्वाचित घोषित किया गया। वार्ड नम्बर 08 में कुल 660 मत पड़े। इनमें से बलदेव मल्होत्रा को 281, राजीव कुमार को 18, ललित कुमार को 53 तथा सहर शर्मा को 304 मत प्राप्त हुए। नोटा को 04 मत दिए गए। वार्ड नम्बर 08 से सहर शर्मा को निर्वाचित घोषित किया गया। वार्ड नम्बर 09 से तारा अवस्थी को पहले ही निर्विरोध चुन लिया गया है।
सोलन जिला की नगर परिषद अर्की के सभी 07 वार्डों का चुनाव परिणाम घोषित कर दिया गया है। यह जानकारी नगर पंचायत अर्की के निर्वाचन अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला ने दी। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत अर्की के वार्ड नम्बर 01 में कुल 248 मत पड़े। इनमें से कांता देवी को 120 तथा निर्मला देवी को 128 मत प्राप्त हुए। वार्ड नम्बर 01 से निर्मला देवी निर्वाचित घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि वार्ड नम्बर 02 में कुल 316 मत पड़े। इनमें से गौरव ठाकुर को 56, दीवान चंद को 68, लक्ष्मी सिंह को 16 तथा सुरेंद्र कुमार को 173 मत प्राप्त हुए। वार्ड नम्बर 02 में नोटा को भी 03 मत दिए गए। इस वार्ड से सुरेंद्र कुमार को निर्वाचित घोषित किया गया। विकास शुक्ला ने कहा कि वार्ड नम्बर 03 में कुल 242 मत पड़े। इनमें से भारती वर्मा को 136 तथा श्यामा को 103 मत प्राप्त हुए। यहां नोटा को 03 मत दिए गए। वार्ड नम्बर 03 से भारती वर्मा को निर्वाचित घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि वार्ड नम्बर 04 में कुल 183 मत पड़े। इनमें से अनुज गुप्ता को 86 तथा नरेंद्र कुमार को 82 तथा राजीव कुमार को 15 मत प्राप्त हुए। वार्ड नम्बर 04 से अनुज गुप्ता को निर्वाचित घोषित किया गया। निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि वार्ड नम्बर 05 में कुल 173 मत पड़े। इनमें से कमलेश गुप्ता को 70 तथा हेमेन्द्र कुमार को 103 मत प्राप्त हुए। वार्ड नम्बर 05 से हेमेन्द्र कुमार को निर्वाचित घोषित किया गया। विकास शुक्ला ने कहा कि वार्ड नम्बर 06 में कुल 168 मत पड़े। इनमें से अंकुश शर्मा को 36, गौरव गुप्ता को 49 तथा धर्मपाल को 82 मत प्राप्त हुए। यहां नोटा को 01 मत दिया गया। वार्ड नम्बर 06 से धर्मपाल को निर्वाचित घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि वार्ड नम्बर 07 में कुल 366 मत पड़े। इनमें से भावना को 113, रूचिका गुप्ता को 141, संतोष को 108 मत प्राप्त हुए। नोटा को 04 मत दिए गए। वार्ड नम्बर 07 से रूचिका गुप्ता को निर्वाचित घोषित किया गया।
प्रदेश विश्वविद्यालय में लगातार घट रही शर्मनाक घटनाओं और शिक्षक भर्तियों में प्रशासन पर लगातार लगाए जा रहे धांधलियों के आरोपों के बीच अब युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष निगम भंडारी ने इसे बहुत बड़ा भ्रष्टाचार बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। निगम भंडारी ने विश्वविद्यालय द्वारा बीएड की अधिसूचना एबीवीपी के लेटर पैड पर जारी करने पर भी गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसे प्रशासन द्वारा आरएसएस और भगवाकरण की विचारधारा की एडवरटाइजमेंट करने का आरोप लगाया है। निगम भंडारी ने विवि द्वारा शिक्षक भर्ती मामले में भी प्रशासन पर धांधली करने का आरोप लगाते हुए कहा कि योग्यता को दरकिनार रखते हुए आरएसएस व बीजेपी से संबंधित लोगों को नियुक्तियां दी जा रही है। युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि इन भर्तियों में आरक्षण रोस्टर के साथ भी छेड़छाड़ की गई है जिससे एससी, एसटी व अन्य आरक्षित वर्गों के कई योग्य उम्मीदवारों को नियुक्तियों से वंचित रखा गया है। उच्च न्यायालय द्वारा विवि के बिना प्रवेश परीक्षा पीजी कोर्सों में छात्रों को दाखिला देने को गैरकानूनी बताए जाने के फैसले का युवा कांग्रेस ने स्वागत किया है और इससे संबंधित विवि प्रशासन के अधिकारियों को तत्काल पदों से हटाए जाने की मांग की है। निगम भंडारी ने प्रदेश की भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि युवा कोंग्रेस देश प्रदेश के योग्य उम्मीदवारों और बेरोज़गार युवाओं के साथ इस प्रकार का भ्रष्टाचार कभी नहीं होने देगी और उच्च शिक्षण संस्थानों सहित अन्य सरकारी संस्थानों के भगवाकरण के खिलाफ प्रदेशभर में मोर्चा खोलेगी।
प्रदेश में 27 जनवरी से 10वीं व् 12वीं कक्षाओं के स्कूल खुल सकते हैं। प्रदेश में स्कूल खोलने की शुरुआत ग्रीषमकालीन पाठशालाओं से की जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रस्ताव बनाकर राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजने की तैयारी कर ली है। शीतकालीन जिलों के स्कूलों को फरवरी के पहले सप्ताह में मौसम की स्थिति को देखकर खोलने का फैसला लिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने पड़ोसी राज्यों की एसओपी को स्टडी करने के बाद 27 जनवरी से नियमित पढ़ाई करवाने का फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि 21 जनवरी तक पंचायत चुनाव में शिक्षक व्यस्त रहेंगे। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्कूलों को सैनिटाइज किया जाएगा। 27 जनवरी से ग्रीष्मकालीन जिलों में बोर्ड कक्षाओं की पढ़ाई शुरू करवाई जा सकती है।
विद्युत उपमंडल दाड़लाघाट के अंतर्गत 11 केवी नवगांव फीडर में 11 जनवरी 2021 को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। सहायक अभियंता दाड़लाघाट मनमोहन सिंह चंदेल ने बताया कि 132 केवी सब स्टेशन चमाकडी पुल के आवश्यक रख रखाव व मुरम्मत हेतु प्रातः 10 बजे से 3 तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने सभी संबंधित लोगों से असुविधा हेतु सहयोग की अपील की है।
पुष्पेन्द्र कौशिक को उत्कृष्ट शिक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार एजुकेशन एक्सलेंस अवॉर्ड 2020 के लिए चयनित किया गया है। यह पुरस्कार शिक्षा प्रणाली में सुधार व नवाचारों के सफल प्रयोग व कार्यान्वयन हेतु उनके असाधारण व उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया है। बातल गांव से सम्बन्ध रखने वाले पुष्पेन्द्र कौशिक वर्तमान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घनागुघाट में अंग्रेजी के प्रवक्ता के रूप में कार्य कर रहे है। शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार का आयोजन शिक्षा के विकास के लिए कार्य करने वाली अन्तराष्ट्रीय संस्था काइट्स क्राफ्ट प्रोडक्शन द्वारा उन शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए किया जाता है, जिन्होंने छात्रों के लिए असाधारण समर्पण का प्रदर्शन करते हुए और शिक्षा क्षेत्र के सुधार में योगदान दिया है। इस पुरस्कार का उद्देश्य आज के शिक्षा के बदलते परिदृश्य में शिक्षा के पहलुओं व नवाचार के माध्यम से शिक्षण करने वाले शिक्षकों व संस्थाओ को सम्मानित करना है। एजुकेशन एक्सीलेंस अवार्ड्स अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित जूरी द्वारा किए गए कड़े प्रयासों का एक परिणाम है जिसमें शिक्षकों के चयन के लिए विभिन्न मापदंडों के आधार पर नामांकन, गहन शोध व नवाचारों को शामिल किया जाता है।
GNA University, Phagwara organised two days Virtual International Conference on “Contemporary Issues in Engineering and Technology” (CIET-2021) on January 08-09, 2021. The researchers, presenters, delegates from all over the globe participated and shared their research work in CIET-2021. In this two-day International Conference, the world renowned speakers from Romania, Singapore, Japan, Spain presented their Keynote and Plenary addresses. On the first day, January 8, 2021, Dr Manoj Gupta, Professor, National University of Singapore and Dr. Ioan-Cosmin MIHAI, Cyber Training Officer, European Union Agency for Law Enforcement Training, Romania addressed the delegates from across the globe. Dr. Gupta, in his address mentioned how Magnesium is an abundant element in our planet and in our body and its non-toxicity and lightness (33% lighter then aluminum) makes it eligible for perhaps a trillion-dollar market in engineering and biomedical applications. Dr. Gupta also said, “I am thankful to GNA University for holding up the CIET 2021 in such a wonderful and organised way.” Dr. Cosmin discussed the main types of malware (ransomware, banking trojans, crypto jacking, botnet malware) and the main cyber attacks vectors. He added, So far, 2020 has been a challenging year for everyone. COVID-19 and the push for a more remote workforce have left many organizations vulnerable to the risk of a cyber-attack. Dr. Cosmin in his address felt indebted to GNA University for making striving endeavours in holding up the Conference in the virtual mode. On day 1, presenters discussed various emerging trends like Cyber Security, Cloud Computing, Data Analytics, IoT etc. during technical Sessions. The Technical sessions were wonderfully chaired by all the stalwarts from the Engineering background. Dr. Monika Hanspal, Dean Academics delivered the Inaugural address and fully apprised the august gathering about CIET2021. Dr. Disha Khanna, Deputy Dean Faculty of Liberal Arts in the capacity of the Master of the Ceremony wonderfully upheld the 2 days International Conference, CIET2021. On January 9, 2021, the second day, Dr. Hiroyuki KAMEDA from Tokyo University of Technology, Japan, Dr. Carlos J. Ochoa Fernández from Spain and Mr. Nitin Malvadkar Director, Siemens Digital Industries Software, Singapore delivered their talks. Dr. Kameda discussed the role of Natural Language Processing and deep learning in engineering applications. Dr. Fernández in his address said, “Opportunities are available for enterprises when the 4th Industrial Revolution begins to take shape basically are increasing productivity and efficiency, improved customer quality service, faster access to data and value information in real-time and massive improvements in an enterprise.” Mr. Nitin Malvadkar discussed various products available in the market which can enhance learning and industrial experiences and how Siemens is extending assistance to both the faculty and the zealous students. More than 50 researchers presented their work in five different technical sessions during two days and shared their findings. The sessions witnessed research acumen from the interdisciplinary fields as well. S. Gurdeep Singh Sihra, the Pro-Chancellor and the Chief Guest, GNA University said, “This International Conference was a long-awaited event. He added, “This will be our annual event from now onwards.” Dr. VK Rattan, the Vice-Chancellor, GNA University congratulated the organizing Team for organizing such a mega event during the unprecedented times. Dr. Vikrant Sharma, Dean Faculty of Engineering cum one of the Conveners of the Conference offered his Vote of Thanks and passed his in depth gratitude to everyone associated with the Conference in the most desired way. The 2 days Conference was well planned and organised by the co-conveners, Dr. Anurag Sharma and Mr. CR Tripathi. The whole Team of Engineering along with the other Deans and the Heads attended the Conference and every participant and delegate passed their gratitude in hope of CIET2022 the next year.
उपायुक्त सोलन के.सी. चमन ने वर्ष 2021के लिए सोलन जिला के अर्की, कण्डाघाट तथा नालागढ़ उपमण्डल के स्थानीय अवकाश के सम्बन्ध में आदेश जारी कर दिए हैं। अर्की उपमण्डल में दानोघाट मेले के अवसर पर 28 मई, 2021 को तथा सायर मेला के उपलक्ष्य पर 16 सितम्बर, 2021 को स्थानीय अवकाश रहेगा। कण्डाघाट उपमण्डल में मेला सिद्ध बाबा, चायल के अवसर पर 14 जून, 2021 को तथा मेला गुगामाड़ी, कण्डाघाट के अवसर पर 31 अगस्त, 2021 को स्थानीय अवकाश रहेगा। नालागढ़ उपमण्डल में मेला पीर स्थान के अवसर पर 13 जनवरी, 2021 को तथा मेला शीतला माता के अवसर पर प्रथम जून, 2021 को स्थानीय अवकाश रहेगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मन्त्री डाॅ. राजीव सैजल ने सोलन जिला के नालागढ़ उपमण्डल के सैनिक कुलदीप सिंह की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। 41 वर्षीय सैनिक कुलदीप सिंह केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख के चिशमोले में आपरेशन स्नो लैपर्ड के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए। हवलदार कुलदीप सिंह नालागढ़ उपमण्डल के जगतपुर के जोघों गांव के निवासी थे। डाॅ.सैजल ने कहा कि हवलदार कुलदीप ने शौर्य और बलिदान की उच्च परम्पराओं का निर्वहन किया है और उनका बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। आयुष मन्त्री ने परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। उप निदेशक सैनिक कल्याण, सोलन से प्राप्त सूचना के अनुसार हवलदार कुलदीप सिंह का पार्थिव शरीर रविवार प्रातः चण्डीगढ़ लाया जाएगा। तदोपरान्त पूरे राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ जोघों में उनकी अन्तेयष्टि की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले एक बड़ा हदसा पेश आया है। कुल्लू जिला की पार्वती घाटी के तहत आने वाले शाट स्कूल के समीप शनिवार सुबह एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे जा गिरी। हादसे में कार चालक पुलिस जवान की मौके पर ही मौत हो गई है। मृतक पुलिस जवान मनाली में डयूटी के लिए जा रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुट गई है। मिली जानकारी के अनुसार कांस्टेबल वेद राज जो थर्ड बटालियन पंडोह में तैनात था उसकी मनाली में अस्थायी तौर पर डयूटी लगाई गई थी। शनिवार सुबह जैसे वह अपनी कार में शाट स्कूल के पास मोड़ पर पहुंचा तो कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे लुढ़क गई। सड़क से काफी नीचे लुढ़कने के चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। एसपी गौरव सिंह ने कहा कि कार हादसे में कांस्टेबल की मौत हो गई है। हादसा सुबह करीब साढ़े सात बजे हुआ है।
हिमचाल में बर्ड फ्लू के बढ़ते कहर ने चिकन के व्यवसाय को बड़ा झटका दिया है। प्रदेश पहले से ही कोरोना संकट से जूझ रहा है और अब बर्ड फ्लू की दस्तक ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बर्ड फ्लू के खौफ से हिमाचल प्रदेश में चिकन और अंडों की डिमांड तेजी से घट रही है। प्रदेश में चिकन की मांग में करीब 50 से 70 फीसदी कमी आई है। इस कारण चिकन के दामों में भरी गिरावट देखने को मिल रही है। उधर, दामों में भारी गिरावट के बावजूद लोग चिकन और अंडों का सेवन करने से फिलहाल परहेज कर रहे हैं। पोल्ट्री का कारोबार करने वाले व्यापारियों के व्यवसाय पर इसका असर साफ दिख रहा है। प्रदेश के शिमला, सोलन, मंडी व कांगड़ा जिलों में चिकन-अंडों की मांग में भरी गिरावट देखी गई। शिमला शहर में चिकन-अंडों की मांग 15 से 20 फीसदी तक घट गई है। मंडी जिले में बर्ड फ्लू की आशंका से अंडे, चिकन और मछली के कारोबार में 50 प्रतिशत की गिरावट आई है। मांग कम हो गई है और दाम भी करीब 30 से 40 फीसदी तक गिर गए हैं। जबकि, कांगड़ा जिला में चिकन के दाम में 70 से 80 रुपये तक कम हुए हैं। मौजूदा समय में मुर्गे का मीट अब 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुका है। बावजूद इसके लोग चिकन खरीदने से परहेज कर रहे हैं। कई क्षेत्रों में थोक में मुर्गा 60 रुपये प्रति किलो के नीचे आ गया है। सोलन जिला में लोगों ने अंडे और चिकन की खरीद कम कर दी है। कारोबार 70 फीसदी कम हो गया है। चंबा व हमीरपुर में भी दो दिनों के भीतर ही चिकन और अंडे की मांग काफी कम हो गई है। वहीँ, इन सभी जिलों में पनीर, खोया और मटर की डिमांड बढ़ गई है।
सोलन जिला के नालागढ़, जगतपुर पंचायत के गांव जगराला के, 41 वर्षीय बटालियन हवलदार मेजर कुलदीप सिंह, द्रास में शहीद हो गए हैं। कुलदीप सिंह ने ऑप्रेशन स्नो लैपर्ड के तहत शहादत पाई है। शहीद कुलदीप सिंह के दादा दौला सिंह भी स्वतंत्रता सेनानी थे। कुलदीप सिंह की शहादत पर नालागढ़ क्षेत्र में गम का माहौल है। जानकारी अनुसार 10 जुलाई, 1999 को सेना में भर्ती हुए कुलदीप सिंह में बचपन से ही देश सेवा का जज्बा था। उनके बड़े भाई सुरेंद्र सिंह बीएसएफ से सेवानिवृत्त हुए हैं। इसके अलावा चचेरे भाई भी सेना में तैनात हैं। 79 मीडियम आर्टिलरी रैजीमैंट में तैनात कुलदीप सिंह की पार्थिव देह आज पैतृक गांव पहुंचने की उम्मीद है।
दाड़लाघाट पुलिस ने कराड़ाघाट में एक दुकान से अवैध देसी शराब की 15 बोतलें बरामद की। प्राप्त जानकारी के अनुसार एचएचओ जीत सिंह अपनी टीम के मुख्य आरक्षी सुनील, आरक्षी पवन कुमार, गृह रक्षक मनोहर लाल और चालक गृह रक्षक चेतन के साथ कराड़ाघाट में एक दुकान से गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा और दुकान के नीचे बने स्टोर की तलाशी लेने पर वहां पर छुपाई बंद गत्ता पेटी से 12 बोतल देसी शराब और एक अन्य खुली गत्ता पेटी से 3 बोतलें मार्का संतरा देसी शराब बरामद की। पुलिस ने दुकानदार के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज कर दिया है। मामले की पुष्टि डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर ने की है।
बाघल विकास परिषद् के प्रधान परस राम की अध्यक्षता में गांव ग्याणा में एक आम बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधान परस राम ने बताया कि डीसी सोलन को एक ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें मांग की गई है कि 1992 में सरकार और अंबुजा के बीच जो लिखित समझौते हुए हैं उनको निष्पक्ष रूप से लागू किया जाए। उन्होंने बताया कि हमारी इन सभी बातों को उपायुक्त सोलन ने ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि शीघ्र ही आपकी समस्याओं का निपटारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इस बारे एसडीएम को कहा जाएगा कि अंबुजा सीमेंट कम्पनी के साथ बैठक करे और सभी समस्याओं का समाधान करके उसकी प्रतिलिपि उपायुक्त कार्यालय सोलन को भेजी जाए। उन्होंने कहा कि अंबुजा में लैंड लूजर व प्रभावित परिवारों को रोजगार, अंबुजा माइनिंग में कॉन्ट्रैक्ट वर्क लैंड लूजर परिवारों को देने,लैंड लूजर व प्रभावित परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा और शिक्षा व पीने योग्य पानी जो कि यह सभी शर्ते अंबुजा सीमेंट कंपनी 1992 में लिखित रूप से मानी थी। बाघल विकास परिषद के प्रधान ने कहा कि उपायुक्त सोलन से बात करके उन्हें अपनी समस्याओं का हल निकलने की उम्मीद बंधी है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार बर्ड फ्लू से निपटने के लिए पूरी तरह से सजग तथा सतर्क है। इसके लिए पौंग बांध के आसपास के क्षेत्रों की पूरी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है तथा त्वरित प्रतिक्रिया दल भी गठित कर दिए हैं। धर्मशाला के केबिनेट सभागार में शुक्रवार को मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बर्ड फ्लू की रोकथाम की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जिला प्रशासन, पशुपालन विभाग तथा वन्य प्राणी विभाग आपसी समन्वय के साथ बर्ड फ्लू के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए तत्परता के साथ कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पौंग बांध क्षेत्र में अभी तक बर्ड फ्लू से 3410 प्रवासी पक्षियों की मौत हुई है तथा इन पक्षियों को पूरे प्रोटोकाॅल के साथ दफनाया जा रहा है, ताकि किसी भी स्तर पर संक्रमण का खतरा नहीं रहे। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग तथा वन्य प्राणी विभाग की 65 टीमें पौंग बांध के आसपास के क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बर्ड फ्लू की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग द्वारा पोल्ट्री के सेंपल भी आरडीडीएल जालंधर को जांच के लिए भेजे गए हैं। उन्होंनेे कहा कि बर्ड फ्लू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है तथा इसके लिए भी विभागीय अधिकारी आवश्यक कदम उठाएं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिला में कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के 1200 के करीब पाॅजिटिव मामले हैं, जिसमें कांगड़ा जिला के तीन सौ पाॅजिटिव मामले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 15 दिसंबर के बाद कोरोना पाॅजिटिव मामले कम होना शुरू हुए हैं, लेकिन अभी भी सभी लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 को लेकर सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के लिए टीकाकरण अभियान की तैयारियां भी प्रदेश में पूर्ण कर ली गई हैं तथा निर्धारित निर्देशों के अनुसार ही टीकाकरण अभियान को सफल बनाया जाएगा। जय राम ठाकुर ने जोनल अस्पताल धर्मशाला में टीकाकरण के पूर्वाभ्यास का जायजा भी लिया। इससे पहले उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कांगड़ा जिला के पौंग बांध में बर्ड फ्लू से निपटने की तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर पशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. विक्रम सिंह, वन्य प्राणी विभाग की अरण्यपाल उपासना पटियाल ने बर्ड फ्लू से बचाव पर आधारित पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. गुरदर्शन ने कोविड-19 की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस बैठक में विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, विधायक अर्जुन ठाकुर, विधायक विशाल नैहरिया, विधायक रीता धीमान, विधायक रविंद्र धीमान, पुलिस अधीक्षक विमुक्त रंजन और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
अल्ट्राटेक कम्युनिटी फाउंडेशन द्वारा संगिनी महिला मंडल के सहयोग से संचालित सिलाई प्रशिक्षण, डिटर्जन पाउडर, फिनाइल मल्टीपरपज लिक्विड सोप के प्रशिक्षण शिविर का आज समापन हो गया। इस समापन अवसर पर प्रमाण पत्र एवं पारितोषिक वितरण का आयोजन बागा सीमेंट प्लांट परिसर में किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में पूनम गुप्ता ने शिरकत की। कार्यक्रम में संगिनी महिला मंडल की अध्यक्षा मुकुल चौहान एवं सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के प्रभारी कुलीन देशमुख विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस मौके पर सिलाई प्रशिक्षण, डिटर्जेंट प्रशिक्षण पाने वाली 48 महिलाओं को प्रमाण पत्र एवं पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। महिलाओं द्वारा की जा रही आय संवर्धन गतिविधियों जैसे दुग्ध संग्रहण, डिटर्जेंट पाउडर सिलाई कार्य को लेकर संतोष व्यक्त किया गया। आने वाले समय में अधिक स्वयं सहायता समूह बनाकर आए संवर्धन की अनेकों गतिविधियों को अपने क्षेत्र में करने के लिए अथक प्रयास किए जाएंगे जिससे गांव का पैसा गांव में ही लगा रहेगा। संगिनी रीना शर्मा द्वारा दुग्ध संग्रहण एवं वितरण, राजलक्ष्मी द्वारा सिलाई प्रशिक्षण एवं सुखदेई चौहान द्वारा डिटर्जेंट पाउडर बनाने की प्रक्रिया, मार्केटिंग विषयों पर अपने अनुभवों का आदान-प्रदान किया गया। संभागीयों द्वारा आने वाले समय में ब्यूटी पार्लर, बुनाई कार्य, इंग्लिश स्पोकन क्लास का आयोजन भी किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन अल्ट्राटेक फाउंडेशन की रिचा ठाकुर द्वारा किया गया और सिलाई कार्य के साथ-साथ महिलाओं के उत्थान हेतु और क्या मुख्य गतिविधियां हो सकती है, उनको मंच के माध्यम से भी साझा किया गया।
हिमाचल सरकार द्वारा 15 मई 2003 से 18 सितंबर 2017 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के लिए ग्रेजुएटी की अधिसूचना जारी की है l जिसके लिए नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ ने सरकार का आभार जताया l संघ के राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि 2003 से 2017 के बीच के कर्मचारियों के लिए सरकार ने पिछले बजट सत्र के दौरान घोषणा की थी कि इन कर्मचारियों को भी ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाएगा जबकि इसके बाद के कर्मचारियों को ग्रेजुएटी पहले से ही मिल गई थीI इससे लगभग 7000 से कर्मचारियों को राहत मिलेगी l संगठन के मुख्य संस्थापक नरेश ठाकुर, महासचिव भरत शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरभ वैद, महिला विंग अध्यक्ष सुनेश शर्मा, कोषाध्यक्ष शशि पाल शर्मा, संविधान पर्यवेक्षक श्याम लाल गौतम, महिला विंग वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनीता चौहान इत्यादि ने सामूहिक बयान में कहा है कि सरकार का यह बहुत ही सराहनीय फैसला है क्योंकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए यह बहुत बड़ी राहत है सभी ने सामूहिक बयान में कहा कि नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश में लगातार पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रयासरत है l अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संगठन द्वारा लगातार सरकार के साथ वार्ता का क्रम भी जारी रखा है तथा संघर्ष का रास्ता भी अपनाया है l संघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि पिछले वर्ष 4 मार्च को संगठन का प्रतिनिधिमंडल विधानसभा सत्र के दौरान माननीय मुख्यमंत्री महोदय से अपनी मांगों को लेकर मिला था तथा उन्होंने 6 मार्च को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान ग्रेजुएटी की घोषणा की थी l कोविड-19 के समय संगठन द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष मे 24 लाख दिए थे जब संघ द्वारा यह चेक मुख्यमंत्री महोदय को दिया था उस समय भी मुख्यमंत्री महोदय ने ग्रेजुएटी की अधिसूचना को जल्द हिमाचल प्रदेश में लागू करने बारे आश्वासन दिया था lआज हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों की ग्रेजुएटी प्रदान कर मुख्यमंत्री महोदय ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी राहत दी है जिसमें संगठन उनका व सरकार का तह दिल से धन्यवाद करता हैl उन्होंने कहा कि संगठन अपनी मुख्य मांग पुरानी पेंशन बहाली के लिए लगातार प्रयासरत है और अपनी मांग पूरी होने तक यह प्रयास लगातार जारी रखेगा l संगठन ने केंद्र सरकार की 2009 की मृत्यु और अपंगता पर पुरानी पेंशन संबंधित अधिसूचना को भी जल्द लागू करने बारे आग्रह किया है l उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है यह अधिसूचना भी हिमाचल प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा जल्द लागू की जाएगी। संगठन के मुख्य प्रवक्ता सुभाष शर्मा, कानूनी सलाहकार अरुण धीमान, पंकज शर्मा, उपाध्यक्ष नित्यानंद, सुनील तोमर, भिंदर सिंह अजय राणा बलदेव बिष्ट मोनिका राणा मुख्य सलाहकार अश्वनी राणा, जावेद इकबाल, संदीप चंदेल, शैल चौहान, घनश्याम, जिला कांगड़ा के अध्यक्ष रजिंदर मिन्हास जिला चंबा के अध्यक्ष सुनील जी जरियाल जिला उन्ना के अध्यक्ष कमल महासचिव नीरज सैनी, हमीरपुर के अध्यक्ष राकेश कुमार मंडी के अध्यक्ष लेखराज कुल्लू के अध्यक्ष विनोद डोगरा, बिलासपुर के अध्यक्ष राजेंद्र वर्धन, सोलन के अध्यक्ष अशोक ठाकुर, सिरमौर के अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर, किन्नौर के अध्यक्ष वीरेंद्र जिंटू, लाहौल के अध्यक्ष प्रताप कटोच वीरेंद्र ठाकुर देशराज पूर्व उपाध्यक्ष कपिल राघव तथा समस्त पेंशन विहीन कर्मचारियों ने सरकार का आभार व्यक्त किया है l
ऊना में वन विभाग को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। वन विभाग की टीम ने अम्ब में एक खैर की लकड़ियों से भरा ट्रैक्टर बरामद किया है। हालांकि, कार्रवाई के दौरान तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने ट्रैक्टर जब्त कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार को देर रात ऊना में लम्बासैल के जंगल में वन विभाग के कर्मचारी गश्त पर मौजूद थे। गश्त के दौरान वन विभाग ने जंगल से खैर की लकड़ियों से भरा ट्रैक्टर बरामद किया है। अँधेरे का फयदा उठा कर ट्रैक्टर चालक और अन्य सवार घटना स्थल से फरार हो गए। वन विभाग ने ट्रैक्टर को कब्ज़े में लेकर आगामी कारवाही शुरू कर दी है। घटना स्थल पर ट्रैक्टर से खैर के 20 मौछे बरामद हुए है, जिसकी कीमत करीब 70 हज़ार रुपए आंकी गई है। वन विभाग के कर्मचारी जंगल में हो रहे अवैध कटान की जाँच कर रही है। पता लगया जा रहा है की कटान सरकारी ज़मीन से हुआ या निजी जमीन से, फिलहाल के लिए मामले को पुलिस थाना अम्ब में दर्ज कर दिया गया है।
करीब 7 माह के लम्बे इंतज़ार के बाद हिमाचल में एक बार फिर कोचिंग संस्थानों को खोलने के आदेश जारी हो गए हैं। आज हिमाचल में सभी कोचिंग संसथान खोले जा सकेंगे। हिमाचल सरकार ने संस्थान खोलने के लिए एसओपी जारी कर दी है। एसओपी के मुताबिक विद्यार्थियों को अभिभावकों के सहमति पत्र पर ही कोचिंग संस्थान में प्रवेश मिलेगा। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। कोचिंग संस्थान के कमरे की क्षमता के 50 प्रतिशत विद्यार्थी ही संचालक बिठा सकेंगे। वहीं, छात्रों शिक्षकों व अभिभावकों के लिए फेस मास्क पहनना अनिवार्य रहेगा। इसके अलावा सैनिटाइजेशन का भी नियमित तौर पर बंदोबस्त करना होगा। संस्थान में सैनिटाइजर और हैंड वॉश/साबुन भी उपलब्ध करवाने होंगे। बता दें, बीते वर्ष दो नवंबर से सरकार ने कोचिंग संस्थान खोलने को मंजूरी दी थी। इस दौरान शिक्षण संस्थानों में कोरोना संक्रमण के कई मामले सामने आने के बाद 11 नवंबर को दोबारा से संस्थान बंद कर दिए गए थे। अब हिमाचल मंत्रिमंडल ने प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे विद्यार्थियों के लिए दोबारा से कोचिंग संस्थान खोल दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश देवी देवताओं की भूमि है। वेदों के अनुसार यहां अनेकों देवी देवता विराजमान है। भगवान् शंकर को भी यहां अलग अलग रूप में पूजा जाता है। भोलेनाथ के इन्ही अनेक रूपों में से एक है बाबा भूतनाथ। हिमाचल के मंडी जिले में स्थित है बाबा भूतनाथ को समर्पित एक ऐसा आलोकिक मंदिर जहां हर छोटे-बड़े भक्त की आस्था बस्ती है। भूतनाथ मंदिर पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। इस मंदिर को 1527 ईस्वी मैं राजा अज्वैर सेन ने बनवाया था। इस मंदिर को उस काल में बनवाया गया था जब राज्य की राजधानी को मंडी से भिउली में स्थानांतरित कर दिया गया था। मान्यता के अनुसार तत्कालीन राजा को सूचना मिली की जंगल में एक सुनसान जगह पर हर रोज गाय के थनों से खुद ही दूध बहता है। थोड़े दिनों में यह खबर लोगों में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते यह सुचना राजा तक भी पहुंच गई। इसी दौरान राजा अज्वैर सेन के सपने में भगवान शिव ने दर्शन दिए और उसे बताया कि जिस स्थान पर गाय के थनों से दूध बहता है। वहां शिवलिंग स्थापित है। उन्होंने राजा को कहा कि यहां पर एक भव्य मंदिर बनवाकर इसे भूतनाथ का नाम दिया जाए। भगवान के निर्देशानुसार जब राजा ने मौके का मुआयना करवाया तो यह बात सच्ची हुई। जमीन में भविष्यवाणी के अनुसार शिवलिंग स्थापित था और गाय शिवलिंग को प्रभु कृपा से हर रोज दूध चढ़ाती थी। राजा ने भगवान के कहे अनुसार उस स्थान पर भगवान भोले नाथ के भव्य भूतनाथ मंदिर का निर्माण करवाया। इस तरह भगवान भोले नाथ भूतनाथ बने और तभी से आजतक भगवान भूतनाथ की यहां पूरी श्रद्धा से पूजा की जाती है। देश विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यह मंदिर आकर्षण का केंद्र है। बाबा भूतनाथ मन्दिर मैं शिवरात्रि का त्यौहार यहां पर हर वर्ष पूरे एक सप्ताह तक मनाया जाता है। यहां शिवरात्रि से पहले से ही भक्तो के ताँता लगना शुरू हो जाता है।
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शिमला महानगर इकाई की वर्ष 2020-2021 की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमे सूरज जमालटा को शिमला महानगर अध्यक्ष व रितिक पालसरा को शिमला महानगर मंत्री चुना गया। महानगर कार्यकारिणी गठन समारोह में संजय शर्मा ( शिमला विभाग प्रमुख) विशेष रूप से उपस्थित रहे। संजय शर्मा ने संगठनात्मक जानकारी देते हुए बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् वर्ष 1949 से छात्र व राष्ट्र हित में कार्य करती आई है व छात्रों में राष्ट्र पुर्ननिर्माण की भावना प्रवाहित करती आई है। पूर्व शिमला महानगर मंत्री निखिल ठाकुर ने विद्यार्थी परिषद द्वारा साल भर में किए गए कार्यों का ब्योरा देते हुए बताया कि विद्यार्थी परिषद ने पिछले वर्ष से शिमला महानगर इकाई में बहुत सी गतिविधियां की जैसे छात्र मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन, कोविड काल में पीएम केयर फंड में सहायता राशि दान कि, पर्यावरण संरक्षण हेतु पौधारोपण कार्यक्रम किया तथा इस तरह के बहुत से कार्य साल भर में किए। इसके साथ साथ निखिल ने पुरानी नगर कार्यकारिणी भंग करने की घोषणा की। नव नियुक्त शिमला महानगर अध्यक्ष सूरज ने दायित्व ग्रहण करते हुए आश्वासन दिया कि विद्यार्थी परिषद आने वाले समय में भी पहले कि तरह छात्रों कि मांगो के लिए संघर्षरत रहेगी और छात्र व समाज हित में हमेशा कार्यशील रहेगी। इसके साथ साथ शिमला महानगर मंत्री रितिक पालसरा जी ने आश्वासन दिया कि वे परिषद् के कार्य को बखुबी निभाएंगे।
हिमाचल प्रदेश के समीप के राज्यों में पक्षियों की असमान्य मृत्यु तथा प्रदेश के कांगड़ा जिला में पौंग वेट लैण्ड में वर्ड फ्लू की पुष्टि के उपरान्त सोलन जिला में इस दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। यह जानकारी पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डाॅ. बीबी गुप्ता ने दी। डाॅ. गुप्ता ने कहा कि किसी भी सम्भावित खतरे से निपटने के लिए जिला सोलन में कार्य करने वाली सभी पांच रेपिड रिस्पाॅन्स टीमें अधिसूचित कर दी गई हैं। जिला में 01 रेपिड रिस्पाॅन्स टीम जिला स्तर पर तथा 04 रेपिड रिस्पाॅन्स टीमें उपमण्डल स्तर पर कार्यरत रहेंगी। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय रेपिड रिस्पाॅन्स टीम में डाॅ. अनीश कुमार (मोबाईल नम्बर-70184-09620), डाॅ. लोवित (मोबाईल नम्बर-89881-17987), डाॅ. वरूण पुरी (मोबाईल नम्बर-94186-44534), सत्य देव (मोबाईल नम्बर-98161-46211), अमित वर्मा (मोबाईल नम्बर-89880-62407) तथा जोगिन्द्र कार्यरत रहेंगे। डाॅ. गुप्ता ने कहा कि सोलन उपमण्डल तथा धर्मपुर में उपमण्डलीय रेपिड रिस्पाॅन्स टीम में डाॅ. उपेन्द्र भारद्वाज (मोबाईल नम्बर-94181-27244), डाॅ. नीरज (मोबाईल नम्बर-94184-82260), डाॅ. जयराम (मोबाईल नम्बर-94180-55446), अमर देव (मोबाईल नम्बर-98051-26496), प्रवीण (मोबाईल नम्बर-94181-49669) तथा राजेन्द्र कार्यरत रहेंगे। उन्होंने कहा कि कण्डाघाट उपमण्डल में उपमण्डलीय रेपिड रिस्पाॅन्स टीम में डाॅ. विजय पाठक (मोबाईल नम्बर-94184-51065), डाॅ. नितिन सहगल (मोबाईल नम्बर-94184-59840), अनिल (मोबाईल नम्बर-94183-23533) तथा सतपाल कार्यरत रहेंगे। उपनिदेशक ने कहा कि नालागढ़ उपमण्डल में उपमण्डलीय रेपिड रिस्पाॅन्स टीम में डाॅ. बीबी करकरा (मोबाईल नम्बर-94181-63577), डाॅ. सन्दीप (मोबाईल नम्बर-94181-74222), सुरेश (मोबाईल नम्बर-82191-95625), जयपाल (मोबाईल नम्बर-94180-33130) तथा राजकुमार कार्यरत रहेंगे। उन्होंने कहा कि अर्की उपमण्डल में उपमण्डलीय रेपिड रिस्पाॅन्स टीम में डाॅ. जोगिन्द्र वर्मा (मोबाईल नम्बर-94180-91632), डाॅ. मानवी चैधरी (मोबाईल नम्बर-70186-89506), सीताराम (मोबाईल नम्बर-94180-96043), दिनेश (मोबाईल नम्बर-94183-83419) तथा सुन्दर कार्यरत रहेंगे। डाॅ. गुप्ता ने कहा कि सभी टीमें अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में पक्षियों की अप्राकृतिक मौत के मामलों का अनुश्रवण करेंगी ताकि समयबद्ध उपाय किए जा सकें। सभी टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में वैज्ञानिक पद्धति से पक्षियों की सैम्पलिंग करें। उन्होंने कहा कि जिला में कार्यरत सभी वरिष्ठ पशु चिकित्सकों, पशु चिकित्सकों तथा क्षेत्रीय कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में बाजारों में तथा क्षेत्र में आने वाले प्रवासी पक्षियों की असामान्य मृत्यु का नियमित अनुश्रवण करें। इस सम्बन्ध में नियमित रिपोर्ट उचित स्तर पर प्रेषित की जाए ताकि सम्भावित बर्ड फ्लू के खतरे से सफलतापूर्वक निपटा जा सके। उपनिदेशक ने कहा कि जिला के सभी वरिष्ठ पशु चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि सीमांत क्षेत्रों, जल स्त्रोतों के समीप उपस्थित कुक्कुट, जंगली पक्षियों के निवास स्थान तथा पक्षी अभरयाण्यों में पक्षियों की निगरानी, योजना अनुसार करें। उन्होंने कहा कि सभी पशु चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी विशेष कुक्कुट इकाई अथवा गांव में सैम्पलिंग निर्धारित योजना के अनुसार ही की जाए। वरिष्ठ पशु चिकित्सकांे को पक्षियों के सीरम नमूने भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। डाॅ. गुप्ता ने कहा कि रेपिड रिस्पाॅन्स टीमों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देशानुसार पशुपालन विभाग बर्ड फ्लू के सम्भावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और इस दिशा में हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है।
शिमला। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना व मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा करते हुए बताया कि योजना के तहत जिला उद्योग केन्द्र, खादी ग्रामोद्योग आयोग व खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा वित्त वर्ष 2020-21 में 19 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जिस पर लगभग 34 लाख रुपये की सब्सिडी के रूप में लाभार्थियों को प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि योजना के कार्यान्वयन से संबंधित आ रही विभिन्न समस्याओं का सभी अधिकारी समन्वय स्थापित कर निष्पादन करें ताकि योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ प्रदान किया जा सके। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2020-21 में 132 परियोजनाआंे को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि योजना से संबंधित बैंकों में लंबित मामलों का जल्द से जल्द निपटारा करें ताकि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना से लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया जा सके। इस अवसर पर सदस्य सचिव जीएमडीआईसी योगेश गुप्ता, विभिन्न बैंकों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय इकाई ने पुस्कालय प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी ने जानकारी देते हुए बताया है कि बीते एक साल से पूरे विश्व मे कोरोना महामारी के चलते जहाँ एक तरफ जीवन अस्त व्यस्त है। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में भी सबसे ज्यादा परेशानी वर्तमान के छात्रों को हो रही है। सकलानी ने बताया की प्रदेश विश्विद्यालय के शोधर्थियों के लिए पुस्तकालयों को शारीरिक दूरी के साथ खोला जाएं जिससे वे अपने शोध कार्य पूर्ण कर सकें और उनकी पढ़ाई में किसी भी प्रकार की कोई भी समस्याएं न आए। साथ ही हम देखते है कि इस वर्ष का सत्र भी प्राम्भ हो गया है परंतु अभी तक भी आम छात्रों को प्रदेश विश्विद्यालय के पुस्तकाल से किताबों को जारी नहीं किया जा रहा है जिससे आम छात्रों को बहुत समस्या का सामना करना पड़ रहा है अतः विश्विद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द छात्रों के लिए किताबे जारी करने का प्रावधान करें। साथ ही पुस्तकालय की सारी किताबों का डिजिटलाइजेशन किया जाए। पुस्तकालय का सारा पुराना फर्नीचर बदल कर उसके स्थान पर नए फर्नीचर की व्यवस्था भी की जाए। अतः विद्यार्थी परिषद आशा करती है कि जिस प्रकार देश के अन्य विश्विद्यालय खोले गए है, उस ही तरह प्रदेश विश्विद्यालय के पुस्तकालय को भी खोला जाए।
हिमाचल प्रदेश के सेब विश्व विख्यात हैं। हिमाचल की वादियों में मिलने वाले सेब की डिमांड कभी कम नहीं होती। बरसों पहले हिमाचल में आया सेब का पहला पौधा यहां के लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जा सकता। सेब ही वो कारण है की यहां के बागवानों के पास पैसे की कोई कमी नहीं। प्रदेश के लाखों परिवार सेब बागवानी से अच्छी कमाई कर लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते है की हिमाचल के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाले इस सेब को हिमाचल लाने की सोच किसी हिमाचल के व्यक्ति कि नहीं बल्कि एक अंग्रेज़ की थी। इस सेब ने हिमाचल पहुँचने तक एक लम्बा सफर तय किया है। आज इस कहानी के माध्यम से हम आपको रूबरू करवाएंगे उस सफर से जिसने हिमाचल की छवि बदल कर रख दी। कहानी उस अंग्रेज़ की जो सैम्युल से सदानंद बन गया, कहानी उस रॉयल वैरायटी कि जिसने हिमाचल के बागवानों की किस्मत खोल दी। जब फेल हुई थी सेब की फसल हिमाचल में सेब कि खेती सबसे पहले मेजर लार्ड विलियम ने की थी। उस समय भारत अंग्रेज़ों के अधीन था और मेजर लार्ड विलियम कुल्लू के उपायुक्त थे। मेजर को कुल्लू की आबो हवा बेहत पसंद थी, साथ ही उन्हें लगा की यहां का वातावरण सेब की खेती के लिए पर्याप्त है। उन्होंने अपने साथियों को घाटी में सेब के उत्पादन के लिए प्रेरित किया और तब हिमाचल में सेब का पहला पौधा आया। ये बात सन 1870 की है। मेजर की इसी सोच को मुकाम तक पहचाने के लिए लार्ड विलियम के दोस्त कैप्टन आर सी ली ने कुल्लू से 5 किलो मीटर आगे बंदरोल में 38 एकड़ जमींन खरीदी और इंग्लैंड से अपने पिता से सेब की किस्में भारत मंगवाई। 1915 तक कुल्लू घाटी में 10 अंग्रेज़ सेब बागान बन चुके थे। इन बागानों में तैयार होने वाला सेब शिमला और जोगिंदर नगर भेजे जाने लगा। यातायात की सुविधा न होने की कारण सेब कुलियों द्वारा ढुलवाकर भेजा जाता था। हिमाचल में सेब की खेती शुरू तो हो गई थी मगर न तो ये सेब देखने में अच्छे थे और न ही इनका स्वाद अच्छा था। शायद इसीलिए हिमाचल में सेब लाने का श्रेय कैप्टन आर सी ली को नहीं बल्कि सैमुएल इवांस स्टोक्स को जाता है। कौन थे सैमुएल इवांस स्टोक्स सैमुएल इवांस स्टोक्स एक अमरीकी पुरुष थे, जो फिलाडेल्फ़िया के समृद्ध खानदान से थे। वह सन 1904 में भारत आए थे। स्टोक्स एक ईसाई मिशनरी थे व् ईसाई धर्म के प्रचार प्रसार में व्यस्त रहते थे। स्टोक्स हमेशा गरीब व बीमार लोगों की सेवा करते रहते थे। 1912 में उन्होंने यहीं की एक स्थानीय राजपूत-ईसाई लड़की से शादी कर अपनी बाकी ज़िंदगी यहीं गुज़ारने का फैसला किया। सैमुएल स्टोक्स से बने सत्यानंद स्टोक्स वह भारतीय संस्कृति तथा गुलामी के चलते भारतीयों पर हो रहे शोषण से इतने प्रभावित हुए कि आजादी की लड़ाई में कुद पड़े। वह खुद को हिन्दुस्तानी मान कर देश की सेवा में जुट गए और अपना नाम बदल कर सत्यानंद सटोक्स और पत्नी का नाम प्रिया देवी रख लिया। यंहा के लोगोँ की गरीबी देख कर उन्होंने सोचा की सिर्फ अनाज उगकर लोगोँ की गरीबी कम नहीं होगी। काफी शोध के बाद उन्होंने ने अमेरिका के स्टोक्स ब्रदर्स से सेब कि अच्छी किस्म मंगवाई। 1928 में स्टॉक्स के सेब के बगीचे के सेब तैयार हुए वो देखने में काफी सुंदर और स्वाद में भी काफी अच्छे थे। लोगों तक कैसे पहुंचा सेब स्टोक्स के बगीचे को देख कर स्थानीय लोग बेहद प्रभावित हुए। लोग उनके बागीचे में लगे सेब की कलमे चुरा कर अपने खेतो में लगाने लगे और इसी तरह सेब की यह किस्म किन्नौर, कुमारसेन और नारकंडा तक पहुँच गई। 1940 में पहली बार उनका सेब शिमला के बाजार में 50 व् 80 रुपये पेटी बिका जिसे देख स्टोक्स बेहद खुश हुए। उन्होंने सेब की खेती का प्रचार करना शुरू कर दिया, जिससे हिमाचल में सेब के बागानों का विस्तार होता गया। हिमाचल प्रदेश से स्टोक्स के बगीचे की 15 हजार पेटी सेब 1954 में दिल्ली की मार्किट में पहली बार पंहुचा, जो हिमाचल प्रदेश के लिए एक बड़े गर्व की बात थी। आज भी स्टोक्स के नक्शे कदमों पर चलते हुए बड़े बेटे स्वर्गीय प्रेम चंद के बेटे डा. विजय कुमार अपनी पुश्तैनी बगीचे पर नई किस्मों को ईजाद करने में जुटे हुए हैं। यहां प्रदेश का सबसे बड़ा सेब की नई किस्मों को तैयार करने वाला शोध केन्द्र बन गया है, जो हिमाचल प्रदेश के बागवानों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं।
हिमाचल प्रदेश में बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट जारी है। पौंग डैम में हज़ारों प्रवासी पक्षी मृत मिलने के बाद अब बिलासपुर में भी 18 से 20 मृत कौवे मिले हैं। यह कौवे कोलबांध से सटे जमथल गांव में एक नाले में मरे हुए पाए गए। इससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल पैदा हो गया है। इसकी सूचना तुरंत ही सम्बंधित विभाग को दी गई जिसके बाद विभाग ने मौके पर पर पहुंच कर सैंपल जांच के लिए भेजे। मरे हुए कौवों को दफना दिया गया है। वहीं, ग्रामीणों के अनुसार मरे हुए कौवों की चोंच से झाग निकल रहा था। हालांकि, विभाग द्वारा इसकी पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल, विभाग ने इनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए है। इन कौवों की मौत का कारन तो रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।
देश के कई राज्यों में स्कूल खोलने के बाद अब हिमाचल प्रदेश सरकार भी स्कूल खोलने को लेकर विचार कर रही है। बुधवार को प्रदेश के मुखयमंत्री जयराम ठाकुर ने विद्यार्थियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की, जिस दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से जल्द से जल्द स्कूल खोलने की मांग के साथ वार्षिक परीक्षाओं को स्कूलों में ही आयोजित करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारीयों को स्कूल खोलने की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश दिए है। सबसे पहले बोर्ड की परीक्षाओं को स्कूल में आयोजित करवाने की संभावनाओं को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसी के साथ ऐसे विद्यार्थी जो ऑनलइन पढाई शुरू होने के समय किन्हीं कारणों से सिलेबस कवर नहीं कर पाए, उनके लिए रिवीजन करवाने के लिए भी योजना बनाई जा रही है। एक सप्ताह के भीतर रिवीजन शुरू हो सकती है। विद्यार्थियों के साथ हुए संवाद के बाद शंकाएं दूर करने के लिए सप्ताह में एक दिन विशेष ऑनलाइन सत्र शुरू करने की भी तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश में बीते साल दो नवंबर से स्कूलों को खोला गया था, लेकिन कोरोना संक्रमण के मामले अधिक आने के चलते इन्हें बंद करना पड़ा था। अब कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आई है। ऐसे में स्कूलों को खोला जा सकता है। अभी प्रदेश में 12 फरवरी तक छुट्टियां घोषित की गई है। संभावित है की जनवरी के अंत या फरवरी के पहले सप्ताह में स्कूल खोल दिए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना महामारी के बाद अब बर्ड फ्लू ने दस्तक दी है। इसको लेकर अब प्रदेश भर में अलर्ट जारी है। इसी बीच बुधवार को कालका-शिमला राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर चक्की मोड़ के पास 300 से ज्यादा मरे हुए मुर्गे-मुर्गियां मिले हैं। आशंका जताई जा रही है की किसी अज्ञात व्यक्ति ने इन्हे मंगलवार की देर रात यहाँ फेंका होगा। जब अगली सुबह लोगों ने इन्हे यहाँ देखा तो आस पास इलाके में हड़कंप मचा गया। इसके बाद तुरंत प्रशासन को सूचित किया गया। इन मर पक्षियों के सैंपल लेकर जांच के लिए जालंधर भेज दिए गए हैं। मरे हुए मुर्गे-मुर्गियों को गड्ढे में दबा दिया गया है। अब रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी कि इनकी मौत फ्लू से हुई है या किसी अन्य वजह से। वहीं पुलिस ने चक्की मोड़ के पास मरे हुए मुर्गे-मुर्गियां फेंकने वाले की तलाश शुरू करदी है। बता दें, हाईवे में यह पहला मामला नहीं है कि किसी ने मरे हुए मुर्गे-मुर्गियां फेंके हों। कोरोना के शुरुआती दौर में भी चक्की मोड़ से दत्यार के बीच काफी संख्या में मरे हुए मुर्गे फेंके गए थे। उधर, कांगड़ा के पौंग डैम में मृत प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़कर 3,055 हो गई है। बुधवार को भी यहाँ 300 और प्रवासी पक्षी मृत पाए गए। इन्हें गड्ढे में डालकर दबा दिया गया है। वन्यप्राणी विंग लगातार यहाँ दौरा कर रही है। वही, देहरादून से आई पक्षी विशेषज्ञों की टीम ने बुधवार को धमेटा व गुगलाडा के पास बांध क्षेत्र का दौरा किया। आज नगरोटा सूरियां में स्थिति का जायजा लिया जाएगा।
कोरोना वायरस के कारन ठप पड़ी परिवहन सेवा धीरे-धीरे अब पूरी तरह सुचारु होने लगी है। आज हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम (HRTC) ने 10 माह के लम्बे अंतराल के बाद लग्जरी बस सेवा शुरू कर दी है। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत पहले दिन ट्रायल के तौर पर चंडीगढ़ और दिल्ली रूट पर 7 बसों का संचालन किया जा रहा है। सुबह के समय शिमला से 9 बजे दिल्ली के लिए लग्जरी बस रवाना हुई। धर्मशाला से चंडीगढ़ और मनाली से चंडीगढ़ के लिए भी सुबह के समय लग्जरी चलाई गई। रात्रि सेवा के तहत शिमला से दिल्ली, बीड़-बैजनाथ-दिल्ली, धर्मशाला-दिल्ली और मनाली-दिल्ली रूट पर गुरुवार को वोल्वो बसें रवाना की गईं। प्रदेश सरकार की ओर से 100 फीसदी ऑक्युपेंसी पर बसें चलाने के निर्णय के बाद लग्जरी बसों का संचालन भी सौ फीसदी ऑक्युपेंसी पर हो रहा है। बस को रूटों पर भेजने से पहले कोरोना के सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। बसों को रूट पर भेजने से पहले सैनिटाइज किया जाएगा। सभी यात्रियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। अस्वस्थ यात्रियों को यात्रा की अनुमति नहीं होगी। चालक और परिचालकों को कोरोना से बचाव के लिए सभी आवश्यक एहतियात का पालन करना होगा। जैसे-जैसे रूटों पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, लग्जरी बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
आज हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शिमला द्वारा साहित्य कला संवाद का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रदेश की प्रख्यात लेखिका कथाकार कवियत्री उपन्यासकार बाल साहित्य की सुप्रसिद्ध रचयिता स्व संतोष शैल्जा को श्रद्धासुमन एवं श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय मंत्री शांता कुमार ने चण्डीगढ़ के फोर्टिज अस्पताल से संवाद कायम किया। इस दौरान उन्होंने विरह और दृढ़ता के मिश्रित भाव से जीवन संगिनी के साथ बिताए समय को सांझा किया। उन्होंने कहा कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में, राजनीतिक जिम्मेदारी, प्रदेश व पार्टी के प्रति जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाने में शैल्जा के सहयोग के बिना सफल नहीं हो सकता था। आपातकाल के समय में जेल जाना और शासन के आगे न झुकना केवल संतोष की दृढ़ता से ही संभव हो सका। उन्होंने संतोष को याद करते हुए पंक्ति दोहराई ‘‘तुम्हारे होंठ भी थे बंद और मैं भी चुप था, फिर वो क्या था जो इतनी देर बोलता रहा, वो प्यार का एहसास था, वो प्यार का एहसास था।’’ उन्होंने ओशो के शब्द दोहराते हुए कहा कि ‘‘मौन के भी शब्द होते हैं और सन्नाटे का भी संगीत होता है।’’ उन्होंने कहा कि मृत्यु उपरांत संतोष का माथा स्निग्ध और चेहरा जीवन की पूर्णतया के आश्वासन का एहसास दिला रहा था। उन्होंने लोगों से निवेदन किया कि वे अपना प्यार उन्हें देते रहे। उन्होंने कहा कि मैंने हिम्मत से जीने का निर्णय किया है। हिम्मत प्रभु देंगे, प्यार आप देना और उन्होंने महामारी की इस काल में सभी के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की कामना की, सभी को अपने-अपने घर पर नियमों का पालन करने का सलाह दी।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की उपस्थिति में सिक्स सिगमा हेल्थ केयर के साथ जिला शिमला और चूड़धार क्षेत्र में एशिया का प्रथम पर्वतीय संस्थान स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये के निवेश के लिए आज एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया। सिक्स सिगमा हेल्थ केयर विशेषज्ञ पर्वतीय स्वास्थ्य टीम है, जिन्हें भारतीय सशस्त्र सेना द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। सिक्स सिगमा वर्ष 2009 से अधिक ऊंचाई वाली धार्मिक यात्रा जैसे अमरनाथ, कैलाश मानसरोवर, केदारनाथ, मणिमहेश और उत्तराखंड बाढ़ व नेपाल भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही है। बैठक में सिक्स सिगमा के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी डाॅ. प्रदीप भारद्वाज और सदस्यों मेजर जनरल अतुल कौशिक व शौविक चन्द्र दत्ता ने इस संस्थान को स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए कहा कि राज्य सरकार शिमला और सिरमौर जिलों में इस संस्थान को स्थापित करने के लिए भूमि खरीद के लिए सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कैलाश मणिमहेश यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए सिक्स सिगमा स्वास्थ्य देखभाल की टीम के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्वतीय क्षेत्रों और धार्मिक यात्राओं में गुणवत्ता सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। डाॅ. प्रदीप भारद्वाज ने कहा कि इस संस्थान के क्रियाशील होने के उपरांत 727 युवाआंे को रोजगार उपलब्ध होगा। संस्थान का उद्देश्य अधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में ऐलोपेथी, होम्योपैथी, आयुर्वेद, न्यूरोपैथी, योग में सभी प्रकार के शोध विकसित करना और पर्वतीय चिकित्सा के क्षेत्र में विशेषज्ञों को शिक्षित करना है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डाॅ. आरएन बत्ता, सिक्स सिगमा बोर्ड के सदस्य मेजर जनरल अतुल कौशिक भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश के समीप के राज्यों में पक्षियों की असमान्य मृत्यु तथा प्रदेश के कांगड़ा जिला में पौंग वेट लैण्ड में वर्ड फ्लू की पुष्टि के उपरान्त सोलन जिला में इस दिशा में सभी एहतियाती पग उठाए जा रहे हैं। यह जानकारी पशुपालन विभाग के उप निदेशक डाॅ. बीबी गुप्ता ने दी। डाॅ. गुप्ता ने कहा कि उपायुक्त सोलन केसी चमन ने इस मामले में प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उपनिदेशक ने कहा कि सोलन जिला में उपरोक्त के दृष्टिगत 01 जिला स्तरीय तथा 04 उपमण्डल स्तरीय रेपिड रिस्पाॅन्स टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने कहा कि यह टीमें पक्षियों की असमान्य मृत्यु होने पर तुरन्त नमूने एकत्रित कर बर्ड फ्लू की पुष्टि के लिए इन्हें क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला जालन्धर भेजेंगी। उन्होंने कहा कि जिला के सभी पशु चिकित्सकों को सिरों-सर्वेक्षण की आवृति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सोलन जिला की अन्तराज्यीय सीमा पर बीमार तथा मृत पक्षियों को ला रहे वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए पशुपालन परिचारकों की टीम 24/7 तैनात रहेगी। डाॅ. गुप्ता ने कहा कि 06 जनवरी, 2021 को सोलन के परवाणू के समीप चक्की मोड़ पर लगभग 500 मृत पक्षी फैंके हुए पाए गए थे। बर्ड फ्लू की सम्भावना के दृष्टिगत मौके पर जिला स्तरीय रेपिड रिस्पाॅन्स टीम को भेजा गया। इस टीम ने निरीक्षण कर मृत पक्षियों के नमूने सम्भावित बर्ड फ्लू की पुष्टि के लिए क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला जालन्धर भेजे तथा मृत पक्षियों को स्थापित नियमावली के अनुसार दबा दिया। उन्होंने कहा कि जिला के पशु पालन विभाग की टीम किसी भी सम्भावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज इन्दिरा गांधी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में 18 बिस्तरों वाले प्रीफैब्रिकेटिड कोविड अस्पताल का विधिवत शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आईजीएमसी में कार्यरत सुरक्षा कर्मचारी, वार्ड अटैंडेंट, चीफ सुरक्षा अधिकारी भीम सिंह गुलेरिया व आउटसोर्स कर्मचारी संघ की देखरेख में रक्तदान शिविर का भी शुभारम्भ किया। इस दौरान 75 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने जन्म दिवस के अवसर पर सभी रक्तदाताओं का गर्म स्वैटर भेंट कर धन्यवाद किया। उसके उपरान्त लोक कल्याण समिति के इंचार्ज राजेश सरस्वती व उनके सहयोगियों को कोरोना काल के दौरान कोविड ग्रसित मृतक लोगों के दाह संस्कार के लिए अपनी सेवाएं देने के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने ई. क्लीनिक, ई. कोर्ट एविडैंस, वीडियो काॅफ्रेंसिंग व टैलीमैडिसिन की सुविधा को प्रदेश की जनता के लिए समर्पित किया। इस अवसर पर किसान मोर्चा शिमला द्वारा भी रक्तदान शिविर में हिस्सा लिया गया और मुख्यमंत्री द्वारा सफाई कर्मचारियों को कंबल वितरित किए गए। लोक कल्याण समिति और समस्त कर्मचारियों द्वारा वहां उपस्थित सभी लोगों व उनके तामीरदारों को खिचड़ी व हलवा वितरित किया गया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल का भी दौरा किया और नोफल चेरिटेबल संस्था द्वारा प्रदान की गई रोटी बनाने की मशीन का शुभारंभ किया। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज व सांसद सुरेश कश्यप, स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान डाॅ. रवि चन्द शर्मा, प्रधानाचार्य डाॅ. रजनीश पठानिया, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. जनकराज व प्रशासनिक अधिकारी डाॅ. राहुल गुप्ता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
तीन साल की नाकामी और कुप्रबंधन के बाद अब सरकार प्रशासनिक अम्ले को अपने पक्ष में वोट डलवाने के लिए सरकार तबादलों का खौफ दिखाने लगी है। यह बात राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं सुजानपुर विधायक राजेंद्र राणा ने कही है। राणा ने कहा कि प्रदेशभर से मिली अधिकारियों को व कर्मचारियों की हजारों शिकायतों से यह खुलासा हुआ है कि सत्ता से जुड़े लोग पंचायती राज चुनावों में बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों को वोट करवाने का भारी दबाव बनाने लगे हैं। ऐसे में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर संकट खड़ा हो सकता है। राणा ने प्रदेश के तमाम चुनाव करवा रहे अधिकारियों व कर्मचारियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा है कि अधिकारी व कर्मचारी किसी भी दबाव में न आएं क्योंकि यह सरकार अब जाने वाली है और कांग्रेस सरकार आने वाली है। पंचायती चुनावों से पहले सरकार के जर्द चेहरे का दर्द बता रहा है कि अब यह सरकार टिकने वाली नहीं है। इस खौफ से सहमी सरकार अब सरकारी अम्ले पर दबाव बनाने लगी है। राणा ने जनता से अपील करते हुए कहा है कि बीजेपी सरकार के कुशासन और कुप्रबंधन ने जनता को बड़े आर्थिक संकट में धकेला है जिसका करारा जवाब देने का समय अब आया है। राणा ने कहा कि लोग न सरकार के दबाव में आएं न डरें बल्कि निष्पक्ष वोट का प्रयोग करके निकमे लोगों को सत्ता से बाहर करने में अपना योगदान दें क्योंकि निष्पक्ष मत प्रदेश को फिर से विकास की मुख्य धारा में लाएगा। आज सरहदों पर सेना नायक सरकार की जिद्द के कारण संकट में हैं क्योंकि वह सड़कों पर हाल-बेहाल हो रहे अपने किसान परिवारों की चिंता में गहरे तनाव में हैं। किसान सड़कों पर हाल-बेहाल हैं और जवान सरहदों पर परिवारों के लिए चिंतित होने के बावजूद अपनी शहादतें देने को मजबूर हैं लेकिन बेदर्द सरकार अपनी जिद्द पर रहती हुई देश को विचित्र संकट में धकेल रही है। सरकार की जिद्द से स्पष्ट हो गया है कि सरकार आम जनता के बजाए कार्पोरेटर के हितों के लिए सत्तासीन हुई है। राणा ने कहा कि बेशक हिमाचल में बड़े किसान नहीं हैं लेकिन सरकार की नीति और नीयत को देखते हुए यह स्पष्ट है कि अब किसानों के बाद प्रदेश के बागवानों पर सरकार की हठधर्मिता के कारण संकट आने वाला है। इन सब संकटों से बचने का एक ही मूलमंत्र है कि तानाशाहों की सरकार को मत से मात देकर बाहर का रास्ता दिखाएं।
सोलन जिला में पंचायती राज संस्थाओं के 17, 19 तथा 21 जनवरी, 2021 को होने वाले निर्वाचन के दृष्टिगत जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त सोलन द्वारा नियमानुसार निर्धारित अवधि के लिए ‘ड्राई डे’ घोषित करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला के पंचायती राज संस्थाओं के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में मतदान समाप्त होने के लिए निर्धारित समय से 48 घण्टे पूर्व से किसी होटल, खान-पान के स्थान, मदिरालय, दुकान अथवा किसी सार्वजनिक या निजी स्थान पर किसी भी प्रकार के मादक द्रव्यों तथा मदिरा एवं अन्य नशीले पदार्थों का वितरण एवं विक्रय नहीं किया जा सकेगा। यह निर्देश निर्वाचन समाप्ति से 48 घंटे पूर्व से प्रभावी माने जाएंगे। 22 जनवरी, 2021 को पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्यों के लिए होने वाली मतगणना के दिवस को भी ‘ड्राई डे’ घोषित किया गया है। जिले में पंचायती राज संस्थाओं के लिए तीन चरणों में 17 जनवरी, 19 जनवरी तथा 21 जनवरी, 2021 को प्रातः 08.00 बजे से सांय 04.00 बजे तक मतदान होगा। इन आदेशों की अवहेलना पर दोषी व्यक्ति को 06 माह तक की सज़ा अथवा जुर्माना हो सकता है। यह जुर्माना 02 हजार रुपए तक बढ़ाया जा सकता है। दोनों सजाएं एक साथ भी हो सकती हैं। यह आदेश हिमाचल प्रदेश पंचायती राज नियम 1994 की धारा 158 (आर) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं।
सोलन जिला के कुनिहार विकास खण्ड की 19 ग्राम पंचायतों के पूर्व में अधिसूचित मतगणना स्थलों में परिवर्तन के सम्बन्ध में अधिसूचना जारी की गई है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ने द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि ग्राम पंचायतों के मतगणना स्थल पूर्व में ग्राम पंचायत मुख्यालय (पंचायत घर) निर्धारित किए गए थे। इनमें अब परिवर्तन किया गया है। यह बदलाव कोविड-19 के अन्तर्गत जारी दिशा-निर्देशों के दृष्टिगत किए गए हैं। अधिसूचना के अनुसार अब ग्राम पंचायत बेरल की मतगणना राजकीय प्राथमिक पाठशाला सिहारली में होगी। ग्राम पंचायत बखालग की मतगणना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बखालग, ग्राम पंचायत बलेरा की मतगणना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बलेरा, ग्राम पंचायत हनुमान बड़ोग की मतगणना राजकीय उच्च पाठशाला हनुमान बड़ोग, ग्राम पंचायत बसन्तपुर की मतगणना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसन्तपुर, ग्राम पंचायत भूमति की मतगणना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भूमति, ग्राम पंचायत चाखड़ की मतगणना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बुघार, ग्राम पंचायत चम्यावल की मतगणना राजकीय माध्यमिक पाठशाला चम्यावल में की जाएगी। इसी प्रकार ग्राम पंचायत देवरा की मतगणना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मंज्याट, ग्राम पंचायत कशलोग की मतगणना राजकीय प्राथमिक पाठशाला कशलोग, ग्राम पंचायत कुनिहार की मतगणना राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार, ग्राम पंचायत मटेरनी की मतगणना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बनी, मटेरनी, ग्राम पंचायत पारनू की मतगणना राजकीय प्राथमिक पाठशाला पारनू, ग्राम पंचायत सानन की मतगणना राजकीय प्राथमिक पाठशाला सानन, ग्राम पंचायत संघोई की मतगणना राजकीय उच्च पाठशाला पकोटी (बांजन), ग्राम पंचायत सन्याड़ी मोड़ की मतगणना राजकीय उच्च पाठशाला छामला, ग्राम पंचायत सरयांज की मतगणना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरयांज, ग्राम पंचायत शहरोल की मतगणना राजकीय उच्च पाठशाला शहरोल तथा ग्राम पंचायत सूरजपुर की मतगणना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सूरजपुर में की जाएगी।
बी.एल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार से बारहवीं कक्षा विज्ञान संकाय के टॉपर छात्र मनीष शर्मा का एमबीबीएस (MBBS) राजकीय मेडिकल महाविद्यालय नाहन में चयन हो गया है। जानकारी देते हुए विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने बताया की विद्यालय के लिए बड़े गर्व की बात है की इस वर्ष विद्यालय से विज्ञान संकाय के टॉपर छात्र मनीष शर्मा का एमबीबीएस में चयन हुआ है। उन्होंने कहा की मनीष शर्मा बहुत ही मेहनती छात्र है। उसी की कड़ी मेहनत, अध्यापकों के मार्ग दर्शन व् माता पिता के आशीर्वाद से उसका चयन हुआ है। विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की इस विद्यालय कई छात्रों का एमबीबीएस चयन हुआ है I विद्यालय अध्यक्ष ने इस उपलब्धि के लिए छात्र मनीष शर्मा तथा उसके पिता संतोष शर्मा व् माता सुषमा देवी, अध्यापक वर्ग और विद्यालय प्रधानाचार्य को बधाई दी। विद्यालय मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा ने मनीष शर्मा को एमबीबीएस में चयन होने पर मिठाई खिलाकर और बूके देकर सम्मानित किया और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा की मनीष शर्मा ने विद्यालय का, माता-पिता का, अपने गुरुओं का और इलाके का नाम रोशन किया है। विद्यालय अध्यापक अभिभावक संघ के अध्यक्ष रतन तनवर और सभी सदस्यों ने मनीष शर्मा के एमबीबीएस में चयन होने पर मनीष शर्मा और उसके अभिभावकों इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। विद्यालय अध्यापक अभिभावक संघ के अध्यक्ष ने बताया की विद्यालय के लिए बड़े गर्व की बात की छात्र शिक्षा जगत के हर क्षेत्र में विद्यालय का और इलाके का नाम रौशन कर रहे है।
बीते कल नारकण्डा में एक बेहत दुखद घटना पेश आई है। नारकण्डा से हाटु की ओर जा रहे हरियाणा के पर्यटकों की कार दुर्घटना के शिकार हो गई। कार में सवार 4 पर्यटकों में से 2 ने मौके पार ही दम तोड़ जबकि अन्य 2 गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक हरियाणा से आए पर्यटक भारी बर्फ़बारी के बीच हाटु की और बढ़ रहे थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें सावधान भी किया पर उन्होंने एक न सुनी। वह हाटु की ओर शाम को 6:00 बजे रवाना हो गए। कुछ ही दूर चलने के बाद उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिस से दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना की जानकारी SDM कुमारसैन ने अपने सोशल मीडिया पर दी है। उन्होंने इस घटना पर दुख जताया है। SDM ने अपने पोस्ट में लिखा, "कल एक बहुत दुखद घटना नारकंडा में घटी हरियाणा से आए 4 पर्यटक मना करने के बावजूद भी हाटु की ओर शाम को 6:00 बजे रवाना हो गए कुछ ही दूर चलने के बाद उनकी गाड़ी फिसल गई जिस से दो युवकों की जान मौके पर ही चली गई।" साथ ही उन्होंने बताया है कि प्रशासन ऐतिहातन तौर पर हाटु की तरफ बढ़ रही सड़क को आज से वाहनों कि आवाजाही के लिए बंद कर दिया है। उन्होंने चेतावनी भी दी है यदि कोई शरारती तत्व पर्यटन के नाम पर पर्यटकों को हाटु तक ले जाने कि व्यवस्था करते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लिखा, "प्रशासन ऐतिहातन तौर पर हाटु की तरफ बढ़ रही सड़क को आज से वाहनों के लिए बंद करने का आदेश देती है। पर अगर तब भी कुछ शरारती तत्व पर्यटन के नाम पर पर्यटकों को हाटु तक ले जाने का कोई भी व्यवस्था करते हैं तो उन पर उचित कार्रवाई जरूर होगी।" उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि आपकी सुरक्षा आपके अपने हाथ है इसलिए प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने दूसरे पर्यटकों को भी सचेत करने का आग्रह किया है। "व्यवसाय जरूरी है पर जान उससे भी ज्यादा कीमती है। मेरा आप सभी से आग्रह हैं अगर आप किसी पर्यटक को Hatu की तरफ जाते देखें तो अगर मौका लगे तो उनको जरूर सचेत करें कि आगे की राह उनके लिए सुरक्षित नहीं है। यह न केवल उन पर्यटकों के लिए लाभदायक होगा परंतु हमारे प्रशासन, पुलिस, डॉक्टर एवं स्थानीय वालंटियर जिन्होंने कल पूरी रात काम करके एक शव को नीचे से निकालने में मदद की उनकी जान के लिए भी राहत की बात होगी।" उन्हें लिखा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप भाजपा पदाधिकारियों सहित मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ आईजीएमसी एवं दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जयराम सरकार के 3 वर्ष उपलब्धि भरे रहे हैं और यह पहली बार हुआ है कि किसी मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में हर वर्ग का ख्याल रखा है। उन्होंने कहा की राज्य सरकार का अगला 1 वर्ष समावेशी विकास का रहेगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ेगा। और ऊर्जावान, समर्पित, दृढ़ निश्चय एवं सरल स्वभाव वाले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएं। आपके कुशल नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश उन्नति एवं समृद्धि के पथ पर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। ईश्वर से प्रार्थना है कि आप सदैव स्वस्थ एवं आनंदित रहें। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के शासनकाल में‘जन-जन को स्वस्थ बनाना है, हिमाचल को आगे बढ़ाना है। इस संकल्प के साथ हिमाचल सरकार द्वारा ''हिमकेयर योजना'' के अंतर्गत अब तक चार लाख इकसठ हजार से अधिक को पंजीकृत किया जा चुका है और एक लाख पच्चीस हजार से अधिक मरीजों को लाभ दिया जा चुका है और हिमाचल देश का पहला धुआंमुक्त राज्य बना है। यह सब हिमाचल सरकार द्वारा शुरू की गई ‘‘मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा’’ योजना के प्रभावी कार्यान्वयन से संभव हुआ है। राज्य सरकार ने इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में दो लाख नब्बे हजार से अधिक गैस कनेक्शन वितरित किए हैं। इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना एवं सह प्रभारी संजय टंडन ने भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को उनके जन्मदिवस पर शुभकामनाएं दी। प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जयराम ठाकुर के नेतृत्व में सुशासन वाली सरकार चल रही है, और आने वाले समय में भी हिमाचल प्रदेश में विकास कार्य उत्तम गति से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा राज्य सरकार प्रदेशवासियों के घर पर जाकर समस्याओं का समाधान कर रही है। इसी दृष्टि से प्रदेश सरकार ने राज्य में "जनमंच" कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से चलाया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के हजारों परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। जनमंच का पूर्ण श्रेय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को दिया जाता है।
GNA University held a Webinar on Blockchain and Hands-on Ethereum. Dr. Mayank Aggarwal, Associate Professor & HoD CSE, Gurukul Kangri University, Haridwar was the Resource person for the Webinar. The main objective of the Webinar was to motivate the students to upgrade themselves with the latest technologies. Dr. Aggarwal, the Resource person introduced Blockchain to the students in a very interactive way. He explained about cryptocurrency and smart contracts that are being used globally. He even emphasized on learning this latest technology as it has started gaining pace in the industry and has a lot of scope to research or work upon. He demonstrated the concepts with the help of various live examples and also demonstrated some practicals on Ethereum Blockchain to the students. S. Gurdeep Singh Sihra, the Pro-Chancellor, GNA University remarked, “Despite the on-going unprecedented times, learning at GNA University has never taken a pause. I am happy to see the zeal of students to imbibe new and upgraded technologies.” Dr. Vikrant Sharma, Dean, FEDA-Engineering, GNA University, also participated in the session and thanked Dr. Aggarwal for the interactive session. He motivated the students to learn the latest technologies as it will help them gain a better place in the IT industry.
अभी कोरोना का खतरा पूरी टला नहीं की भारत में एक और बीमारी ने अपने पैर पसार लिए है, कोरोना महामारी के बीच अब भारत के कई राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में इस वायरस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। पोल्ट्री फार्म, जलाशयों और प्रवासी पक्षियों पर विशेष निगरानी रखने को भी कहा गया है। साथ ही संक्रमण वाली जगहों पर मांस बेचने पर भी प्रतिबंध लगाया जा रहा है। इस बर्ड फ्लू के आने के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। हिमाचल में सात दिन के भीतर मृतक परिंदों का आंकड़ा 2,403 पहुंच गया है। दिसंबर 2020 में जापान, साउथ कोरिया, वियतनाम और चार यूरोपीय देशों में बर्ड फ्लू के मामले आने शुरू हुए थे और अब ये भारत के कई हिस्सों में फैल चुका है। ये वायरस सिर्फ पक्षियों के लिए ही नहीं बल्कि इंसानों के लिए भी घातक साबित हो सकता है। WHO द्वारा जारी की गई वार्निंग में भी बर्ड फ्लू को इंसानों के लिए घातक बताया गया है? आइए जानते हैं कि आखिर बर्ड फ्लू होता क्या है और ये कैसे फैलता है? क्या होता है बर्ड फ्लू बर्ड फ्लू एक वायरल इंफेक्शन है जिसे एवियन इन्फ्लूएंजा (Avian Influenza) भी कहते हैं। ये एक पक्षी से दूसरे पक्षियों में फैलता है। बर्ड फ्लू का सबसे जानलेवा स्ट्रेन H5N1 होता है। H5N1 वायरस से संक्रमित पक्षियों की मौत भी हो सकती है। ये वायरस संक्रमित पक्षियों से अन्य जानवरों और इंसानों में भी फैल सकता है और इनमें भी ये वायरस इतना ही खतरनाक है। इंसानों में बर्ड फ्लू का पहला मामला 1997 में हॉन्ग कॉन्ग में आया था। उस समय इसके प्रकोप की वजह पोल्ट्री फार्म में संक्रमित मुर्गियों को बताया गया था। 1997 में बर्ड फ्लू से संक्रमित लगभग 60 फीसदी लोगों की मौत हो गई थी। ये बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह की लार या आंखों से निकलने वाली पानी के संपर्क में आने से होती है। H5N1 बर्ड फ्लू इंसानों में होने वाले आम फ्लू की तरह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से नहीं फैलता है। एक इंसान से दूसरे इंसान में तभी फैलता है जब दोनों के बीच बहुत करीबी संपर्क हो। जैसे कि संक्रमित बच्चे की देखभाल करने वाली मां या घर के किसी अन्य संक्रमित सदस्य का ख्याल रखने वाले लोग। किन पक्षियों में होता है बर्ड फ्लू बर्ड फ्लू प्रवासी जलीय पक्षियों खासतौर से जंगली बतख से प्राकृतिक रूप से फैलता है। इन जंगली पक्षियों से ये वायरस घरेलू मुर्गियों में फैल जाता है। जंगली पक्षियों से ये बीमारी सूअरों और गधों तक भी फैल जाती है। साल 2011 तक ये बीमारी बांग्लादेश, चीन, मिस्र, भारत, इंडोनेशिया और वियतनाम में फैल चुकी थी। इंसानों में कैसे फैलता है बर्ड फ्लू इंसानों में कैसे फैलता है बर्ड फ्लू- बर्ड फ्लू इंसानों में तभी फैलता है जब वो किसी संक्रमित पक्षी के संपर्क में आए हों। ये करीबी संपर्क कई मामलों में अलग-अलग हो सकता है। कुछ लोगों में ये संक्रमित पक्षियों की साफ-सफाई से फैल सकता है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में ये पक्षियों के बाजार से फैला था। संक्रमित पक्षियों से दूषित पानी में तैरने-नहाने या मुर्गों और पक्षियों की लड़ाई छुड़वाने वाले लोगों में भी बर्ड फ्लू का संक्रमण हो सकता है। इसके अलावा संक्रमित जगहों पर जाने वाले, कच्चा या अधपका मुर्गा-अंडा खाने वाले लोगों में भी बर्ड फ्लू फैलने का खतरा होता है। H5N1 में लंबे समय तक जीवित रहने की क्षमता होती है। संक्रमित पक्षियों के मल और लार में ये वायरस 10 दिनों तक जिंदा रहता है। बर्ड फ्लू के लक्षण बर्ड फ्लू के लक्षण- बर्ड फ्लू होने पर आपको कफ, डायरिया, बुखार, सांस से जुड़ी दिक्कत, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, नाक बहना और बेचैनी जैसी समस्या हो सकती है। अगर आपको लगता है कि आप बर्ड फ्लू की चपेट में आ गए हैं तो किसी और के संपर्क में आने से पहले डॉक्टर को दिखाएं। क्या है इलाज अलग-अलग तरह के बर्ड फ्लू का अलग-अलग तरीकों से इलाज किया जाता है लेकिन ज्यादातर मामलों में एंटीवायरल दवाओं से इसका इलाज किया जाता है। लक्षण दिखने के 48 घंटों के भीतर इसकी दवाएं लेनी जरूरी होती हैं। बर्ड फ्लू से संक्रमित व्यक्ति के अलावा, उसके संपर्क में आए घर के अन्य सदस्यों को भी ये दवाएं ली जाने की सलाह दी जाती है, भले ही उन लोगों में बीमारी के लक्षण ना हो। कैसे करें बचाव जो भी बचाव के तरीके हम कोरोना महामारी के लिए इस्तेमाल कर रहे है जैसे मास्क लगाना, संक्रमितों से दुरी बनाएं रखना, सांइटिज़ेर का इस्तेमाल करना, ये सभी आदतें हमें बर्ड फ्लू से बचा सकती है। इसके साथ ही हमें संक्रमण वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए, अधपक्के मास का सेवन नहीं करना चाहिए।
Avian Influenza (AI) viruses have been circulating worldwide for centuries with four known major outbreaks recorded in the last century. India notified the first outbreak of avian influenza in 2006. Infection in humans is not yet reported in India though the disease is zoonotic. There is no direct evidence that AI viruses can be transmitted to humans via the consumption of contaminated poultry products. Implementing management practices that incorporate bio security principles, personal hygiene, and cleaning and disinfection protocols, as well as cooking and processing standards, are effective means of controlling the spread of the AI viruses. In India, the disease spreads mainly by migratory birds coming into India during winter months i.e. from September – October to February – March. The secondary spread by human handling (through fomites) cannot be ruled out. Present outbreak After confirmation of positive samples from ICAR-NIHSAD, AI has been reported from the following States (at 12 epicentres) – Rajasthan(crow) - Baran, Kota, Jhalawar Madhya Pradesh(crow) - Mandsaur, Indore, Malwa Himachal Pradesh (migratory birds) - Kangra Kerala (poultry-duck) - Kottayam, Allapuzha (4 epicentres) Accordingly, an advisory has been issued each to the States of Rajasthan and MP on 1st January 2021, so as to avoid further spread of the infection. As per the information received from State of Madhya Pradesh and Rajasthan control measures is being taken as per the guidelines of National Action Plan of Avian Influenza. Another advisory has been issued on 5th January, 2021 to HP where the State has been advised to take measures so as to avoid further spread of disease to poultry. As per the report received, Kerala has already initiated control and containment operations from 05.01.20121 at epicentres and culling process is in operation. Department of Animal Husbandry & Dairying, Government of India has also set up a control room in New Delhi to keep watch on the situation and to take stock on daily basis of preventive and control measures undertaken by State authorities. The measures suggested to the affected States to contain the disease and prevent further spread as per the Action Plan on Avian Influenza include strengthening the bio security of poultry farms, disinfection of affected areas, proper disposal of dead birds/carcasses, timely collection and submission of samples for confirmation and further surveillance, intensification of surveillance plan as well as the general guidelines for prevention of disease spread from affected birds to poultry and human. Coordination with forest department for reporting any unusual mortality of birds was also suggested to the States. The other states were also requested to keep a vigil on any unusual mortality amongst birds and to report immediately to take necessary measures.
कोरोना महामारी के बाद अब प्रदेश में बर्ड फ्लू के घातक H5N1 वायरस के काले बादल मंडरा रहा है। इस घातक वायरस से पक्षी ही नहीं इंसान भी खतरे में हैं। इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के लिए प्रदेश सरकार से इंसानों में बर्ड फ्लू की टेस्टिंग के लिए अनुमति मांगी है। विभाग ने यह कदम इसलिए उठाए हैं ताकि बर्ड फ्लू के लक्षणों की समय पर जांच व उपचार हो सके। इसके अलावा फील्ड कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि फ्लू के लक्षण मिलने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें। मंगलवार को विभाग ने एच5 एन1 फ्लू को हराने के लिए कांगड़ा जिले में ब्लॉक स्तर पर दवाइयां पहुंचा दी हैं। आयुर्वेद विभाग लोगों को इम्युनिटी बढ़ाने के लिए घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक काढ़ा इस्तेमाल करने की सलाह दे रहा है। अधिकारियों का कहना है कि घर में भी लोग तुलसी, लौंग, काली मिर्च और आंवले का इस्तेमाल कर अपनी इम्युनिटी बढ़ा सकते हैं। उनका कहना है कि किसी भी फ्लू से बचने के लिए इम्युनिटी और विटामिन-सी लेना बेहद जरूरी है।
सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटिड ने आज राज भवन शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य रेडक्राॅस को एक एम्बूलेंस भेंट की। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने एसजेवीएनएल के अध्यक्ष और प्रबन्धन निदेशक नन्द लाल शर्मा द्वारा निगम की ओर से भेंट की गई एम्बूलेंस की चाबियां प्राप्त कीं। हिमाचल प्रदेश रेडक्राॅस कल्याण शाखा की अध्यक्षा डाॅ. साधना ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह एक पुनीत कार्य है। इसके माध्यम से आपात परिस्थितियों में मरीजों को सुविधा प्रदान करने और रेडक्राॅस की गतिविधियों को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। दत्तात्रेय ने सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन करने के लिए एसजेवीएनएल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इससे अन्य संस्थानों को भी प्रेरणा मिलेगी और वह समाज के गरीब व वंचित वर्गों के लोगों की निस्वार्थ भाव से सेवा के लिए कार्यरत राज्य रेडक्राॅस को उदारतापूर्वक अंशदान के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने प्रदेश में जल विद्युत क्षमता के दोहन के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन के लिए निगम के प्रयासों की सराहना की। डाॅ. साधना ठाकुर ने राज्यपाल को शाखा की गतिविधियों से भी अवगत करवाया और कहा कि आने वाले दिनों में रेडक्राॅस की गतिविधियों को और अधिक गति प्रदान की जाएगी। इसके उपरान्त, डाॅ. साधना ठाकुर ने मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास केन्द्र शिमला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. संजय पाठक को एम्बूलेंस की चाबियां सौंपी। नन्द लाल शर्मा ने एसजेवीएनएल द्वारा भारत के विभिन्न हिस्सों और विदेश में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न परियोजनाओं के बारे में राज्यपाल को अवगत करवाया। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर और राज्य रेडक्राॅस के महासचिव पी.एस. राणा, राज्य रेडक्राॅस के सचिव व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
An event on plant sale and planting advisory was organized today at the Dr.YS Parmar University of Horticulture and Forestry(UHF), Nauni. The event was organized to ensure that the farmers follow the correct scientific advisory while raising new fruit plantations. The event was held along with the University’s annual sale of temperate fruits planting material which began today at the University's main campus and Krishi Vigyan Kendra(KVK) Solan. The event was held in both online and offline mode. The farmers who had reached the university to buy plants attended the event at three different venues. Farmers and scientists from KVKs and research stations located in the different districts of the state along with the College of Horticulture and Forestry located at Thunag and Neri also joined the event virtually. UHF Vice-Chancellor Dr. Parvinder Kaushal was the chief guest on the occasion. Dr. PK Mahajan, Director of Extension Education while welcoming the chief guest and farmers said that the university has been continuously devising new methods to effectively reach the farmers. He said that this special event on planting advisory will be of immense help to the growers while raising new orchards and protecting them from insects, pests, and diseases. In his address, Dr. Kaushal said, “The farmers hold a lot of trust in the planting material prepared by the university, and thus there is a huge demand for it from throughout the country. The university too, on its part, has been continuously increasing the number of plants supplied to the farmers each, and efforts were underway to further add to this number in the coming years.” He added that good-quality planting material was a prerequisite for ensuring good returns in horticulture and therefore it was important that the farmers follow the scientific advisories for planting, crop production and protection. Videos on layout and planting of fruit crops, a natural farming system for fruit plants, varieties in apple and mango were also played during the event. The first technical session on crop production covered topics like nursery management, location-specific varieties, and kiwi fruit production were held. The second technical session was on crop protection and covered important diseases, insects and pests, and their management. The plant sale of the university was also conducted smoothly while ensuring strict compliance with COVID 19 guidelines. Only a limited number of farmers who had applied for plants by filling the online demand form within the stipulated date were called to the university. The allotment list for each day is being uploaded on the university website along with the number of allotted plants along with time and the name of the university nursery from where the plants can be collected.
दाड़लाघाट। पुलिस थाना दाड़लाघाट के अंतर्गत एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मामला दर्जकर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। सोमवार को जब दाड़ला पुलिस मुख्य आरक्षी सुनील कुमार की अगुवाई में छामला के समीप एनएच 205 पर यातायात की चैकिंग कर रही थी, तो पुलिस को कैलाश चंद पुत्र कन्हैया लाल निवासी कवांरला डाकघर नवगांव तहसील अर्की जिला सोलन की कार नंबर एचपी-11ए- 6725 से 80 ग्राम अफीम बरामद की। जिस पर आरोपी कैलाश चंद के खिलाफ पुलिस थाना दाड़लाघाट में एनडीपीएस एक्ट के अधीन मामला दर्ज कार उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। एसएचओ दाड़लाघाट जीत सिंह के अनुसार अभी कुछ रोज पूर्व नशामुक्ति पर एक ऐप डाऊनलोड की गई है जिसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी इसी प्रकार बदस्तूर जारी रहेगा। डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया।


















































