शुक्रवार को दिल्ली कान्वेंट स्कूल सुनहेत में आयोजित 2 दिवसीय एनुअल स्पोर्ट्स मीट का आयोजन बड़ी धूम- धाम से आयोजित हुआ, जिसमें क्षेत्र की लगभग 10 टीम ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे। डीएसपी देहरा अनिल कुमार ठाकुर ने वहां उपस्थित सभी खिलाड़ियों की खूब होंसला अफजाई की। इसके अतिरिक्त स्कूल द्वारा आयोजित अंडर 19 बॉयज कबड्डी प्रतियोगिता में गवर्नमेंट उत्कृष्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल चनोर विजेता व उप विजेता गवर्नमेंट उत्कृष्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बढ़ल ठोर रहा। विजेता को 11,000 व उप विजेता को 5100 व ट्रॉफी देकर आयोजकों द्वारा सम्मानित किया गया। यही नहीं दिल्ली कान्वेंट स्कूल द्वारा आयोजित इस एनुअल स्पोर्ट्स मीट में प्रधानाचार्य गुंजन परमार ने आए हुए अतिथियों का स्वागत भी किया। यही नहीं इस दौरान पंजाब आनंदपुर साहिब से आए हुए विश्वप्रसिद्ध एंकर रोक्की मंगेवाल ने भी अपने सम्बोधन से खूब समां बांधा। कार्यक्रम में विशेष रूप से प्रधान लोअर सुनहेत आशा डडवाल ,एनआरआई डडवाल उपस्थित रहें वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीएसपी अनिल ठाकुर ने वहां उपस्थित छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आजकल के युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल आयोजन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं । डीसीएस द्वारा आयोजित इस खेल प्रतियोगिता में जहां प्राइवेट स्कूल ने भाग लिया वहीं सरकारी स्कूल की टीम ने भी बढ़-चढ़ कर भागीदारी सुनिश्चित की है। इस दौरान समस्त स्कूल स्टाफ सहित विभिन्न स्कूल्स से आए डीपी,स्पोर्ट्स टीचर उपस्थित रहे।
**रेस्क्यू के लिए मंगवाया हेलीकॉप्टर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के बीड़ बिलिंग से उड़े तीन विदेशी पैराग्लाइडर कुल्लू जिला की ऊंची पहाड़ियों में फंसे गए हैं, जिनको रेस्क्यू करने के लिए कुल्लू जिला प्रशासन द्वारा सरकार से हेलीकॉप्टर की मांग की गई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए कल्लू के एसडीएम विकास शुक्ला ने बताया कि बीड़ बिलिंग से तीन विदेशी पैराग्लाइडरों ने उड़ान भरी थी। जो दिशा भटक कर कुल्लू जिला में फोजल की ऊंची पहाड़ियों के बीच में फंस गए हैं, जिनमें एक पैराग्लाइडर यूके दूसरा न्यूजीलैंड तथा तीसरा ऑस्ट्रेलिया का बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इनमें उड़ान भरने वाला एक पैराग्लाइडर चालक घायल हो गया है। बताया कि तीनों विदेशी पैराग्लाइडर जिला की लगभग 4 से 5000 फीट की ऊंचाई पर फोजल की पहाड़ियों के बीच में फंसे हुए हैं, जिनको रेस्क्यू करने के लिए गई टीम ने हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू करने का आग्रह किया है। विकास शुक्ला के मुताबिक प्रशासन द्वारा तीनो पेराग्लाइडरों को रेस्क्यू करने के लिए हेलीकॉप्टर मंगवाया गया है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
**निर्माण कार्य को समयबद्ध पूर्ण करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वीरवार सांय नई दिल्ली के द्वारका में निर्माणाधीन हिमाचल निकेतन का दौरा कर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को इसका निर्माण कार्य समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल निकेतन के निर्माण से हिमाचलवासियों को विभिन्न कार्यों के लिए राजधानी में ठहरने की सुविधा मिलेगी। इसकेे बनने से विशेषकर विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। इस पांच मंजिला भवन का निर्माण 57.72 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
शिमला: पुलिस भर्ती की इच्छुक लड़कियां हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की वेबसाइट पर जाकर जल्द से जल्द ऑनलाइन आवेदन करें।आयोग की वेबसाइट पर ये आवेदन 31 अक्टूबर रात 11.59 बजे तक किया जा सकेगा। उसके बाद आवेदन की प्रक्रिया क्लोज कर दी जाएगी। इस तरह हिमाचल की बेटियों के पास अब सिर्फ छह दिन का समय बचा है। पुलिस में लड़कियों के 380 पद भरे जाने हैं । ये नियमित भर्ती है और इसमें लेवल-3 का पे-बैंड मिलेगा। यानी पे-स्केल 20200-64000 होगा। बड़ी बात है कि लड़कियों से आवेदन शुल्क नहीं लिया जा रहा है। ये भर्ती नशे के खिलाफ विशेष कमांडो फोर्स के रूप में होगी। यदि किसी बेटी ने स्कूल में या कॉलेज में एनसीसी लिया होगा तो उसे चार अंक मिलेंगे। इसके अलावा हाइट के अंक भी मिलेंगे। इनमें से सामान्य वर्ग के लिए अनारक्षित 104 पद, स्वतंत्रता सेनानी परिवार वर्ग के 9, एक्स सर्विसमैन परिवार के लिए 31, होमगार्ड के 24 पद होंगे । इसके अलावा एससी वर्ग के लिए अनारक्षित पद 46, इसी वर्ग के स्वतंत्रता सेनानी परिवार के सदस्यों के लिए 5, बीपीएल के लिए 10, इसी वर्ग में एक्स सर्विस मैन वर्ग के लिए 11 पद हैं कुल पद 168 बनते हैं. एससी वर्ग में होम गार्ड के लिए 13 पद रखे गए हैं । इसमें कुल पद 85 बनते हैं । इसी तरह एसटी वर्ग के लिए अनारक्षित पद 13, इसी वर्ग के बीपीएल के लिए 3, वार्ड ऑफ एक्ससर्विस मैन कैटेगरी में 4 पदों को मिलाकर कुल 20 पद भरे जाने हैं । आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों के लिए अनारक्षित पद 32 हैं । इसके अलावा तीन पद होम गार्ड के लिए हैं । ओबीसी में अनारक्षित वर्ग के लिए 38, वार्ड ऑफ फ्रीडम फाइटर्स के लिए 5, बीपीएल के लिए 11, व वार्ड ऑफ एक्स सर्विसमैन के लिए 7 पद रखे गए हैं । सभी वर्गों में ये कुल 380 पद बनते हैं ।
दिवाली से पहले हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने राज्य के डॉक्टरों को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू के निर्देशों पर राज्य सरकार ने पीजी कोर्स, सीनियर रेजीडेंसी (एसआरशिप) या डीएम स्तर की पढ़ाई करने वाले चिकित्सकों को अध्ययन अवकाश के दायरे से बाहर करने का निर्णय लिया है। इससे पहले मंत्रिमंडल के एक निर्णय में अध्ययन अवकाश पर जाने वालों का वेतन 40 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया था। इससे आगे की पढ़ाई करने वाले चिकित्सकों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। प्रदेश सरकार के इस निर्णय से अब पीजी कोर्स करने वाले चिकित्सकों को उनका पूरा वेतन मिलेगा और उनकी पढ़ाई को ऑन ड्यूटी माना जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्नातकोत्तर चिकित्सा प्रशिक्षुओं को अब अपने कोर्स के दौरान पूरा वेतन मिलेगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सक अपनी शैक्षणिक प्रतिबद्धताओं के साथ मरीजों की स्वास्थ्य देखभाल संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन भी करते हैं। चिकित्सा क्षेत्र में उनके व्यावसायिक विकास और राज्य की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के लिए दोनों के मध्य सामंजस्य महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार की ओर से चिकित्सकों को पूरा वेतन प्रदान करने का उद्देश्य उनके समर्पण भाव को प्रोत्साहित करने के साथ उनके प्रशिक्षण तथा लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि करना है। इससे मरीजों के लिए बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित होगी और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली सुदृढ़ होगी, जिससे प्रदेश के लोग लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने चिकित्सा अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हाल ही में हुई बैठक में इनसे संबंधित मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर त्वरित निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संबंधित मामलों का निवारण करने के निर्देश दिए थे जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने अब पीजी पाठ्यक्रम करने वाले चिकित्सकों के लिए पूर्ण वेतन देने को स्वीकृति प्रदान की है। हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम करने वाले चिकित्सकों को पूर्ण वेतन प्रदान करने के राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजेश ने कहा कि प्रदेश सरकार के इस निर्णय से चिकित्सकों की एक बड़ी चिंता का समाधान हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता के साथ मामले पर विचार-विमर्श किया और चिकित्सकों के हित में त्वरित समाधान किया है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय के लिए चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया।इस निर्णय से चिकित्सकों का मनोबल और अधिक बढ़ा है। यह निर्णय मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को सुदृढ़ करने के दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है, जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होगी। इसके अतिरिक्त यह निर्णय राज्य भर में मजबूत स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में योगदान देगा क्योंकि चिकित्सक अपनी पीजी पढ़ाई पूरी करने के बाद राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर प्रदेश के समग्र स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करेंगे।
दिवाली पर शिमला से प्रदेश भर के रूटों पर 37 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। शिमला आईएसबीटी स्थित एचआरटीसी कंट्रोल रूम में आई डिमांड के आधार पर 29 और 30 अक्तूबर को अतिरिक्त बसें चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। मंडलीय प्रबंधक एचआरटीसी शिमला की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार 29 और 30 अक्तूबर को शिमला से रिकांगपिओ के लिए 2, शिमला से कांगड़ा 3, शिमला से रामपुर 3, शिमला से रोहड़ू 3, शिमला से कुल्लू 3, शिमला से मंडी 2, शिमला से सरकाघाट 2, शिमला से पालमपुर 2, शिमला से धर्मशाला 3, शिमला से चंंडीगढ़ 5, शिमला से दिल्ली 4 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। निगम प्रबंधन ने अतिरिक्त बसें उपलब्ध करवाने का जिम्मा रिकांगपिओ, तारादेवी, रामपुर, रोहड़ू, शिमला ग्रामीण, शिमला लोकल, सोलन और करसोग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधकों को सौंपा गया है। 30 अक्तूबर के लिए निगम को गुरुवार दोपहर तक मिली बसों की अतिरिक्त डिमांड के चलते शिमला से चौपाल रूट पर 1, शिमला से हमीरपुर के लिए 2 और शिमला से मंडी के लिए 2 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। दिवाली पर्व के मद्देनजर लोगों को आवाजाही में किसी प्रकार की परेशानी न झेलनी पड़े, इसके लिए एचआरटीसी अतिरिक्त बसों का संचालन कर रहा है। शिमला से प्रदेश के विभिन्न जिलों और शिमला जिले के अलग अलग क्षेत्रों के लिए बसों की डिमांड के चलते 37 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। यदि बसों की और अधिक मांग आती है तो उसे भी पूरा किया जाएगा।
** प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षा बोर्ड को लिखा पत्र माचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में भर्ती किए जाने वाले 245 स्पेशल एजुकेटर का टीचर एलीजिबिलिटी टेस्ट (टेट) होगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने टेट करवाने के लिए शिक्षा बोर्ड को पत्र लिख दिया है। परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम भी स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ही तैयार करेगा। टेट पास को ही भर्ती में शामिल किया जाएगा। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए यह शिक्षक नियुक्त किए जाए रहे हैं। 21 वर्ष बाद इस श्रेणी में नियमित भर्ती होने जा रही है। शिक्षा विभाग में स्पेशल एजुकेटर के 245 पद भरे जाएंगे। शिक्षा विभाग ने भर्ती से संबंधित नियम अधिसूचित कर दिए हैं। प्राइमरी में 138 और अपर प्राइमरी में 107 एजुकेटर रखे जाएंगे। राज्य चयन आयोग हमीरपुर भर्ती करेगा। 18 से 45 वर्ष की आयु वाले भर्ती के लिए पात्र होंगे। हिमाचल में वर्ष 2003 के बाद पहली बार तृतीय श्रेणी यानी ग्रुप-सी के पदों पर नियमित आधार पर भर्ती होने जा रही है। 21 साल से आयोग के माध्यम से अनुबंध पर ही भर्तियां हो रही हैं। अब सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद होने जा रही स्पेशल एजुकेटर की भर्ती में पुरानी व्यवस्था बदल दी गई है। भविष्य में भर्ती नियमों में अनुबंध आधार पर नियुक्तियां करने का प्रावधान रखा गया है। पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चों को पढ़ाने वाले 138 स्पेशल एजुकेटरों के लिए 12वीं कक्षा में 50 फीसदी अंक की शैक्षणिक योग्यता रखी गई है। स्पेशल एजुकेटर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने का काम करेंगे। हिमाचल में विशेष आवश्यकता वाले 5,000 से ज्यादा बच्चे पंजीकृत हैं। इन्हें स्पेशल एजुकेटर न होने के कारण सामान्य स्कूलों में ही पढ़ाना पड़ रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की तरफ से इनके लिए अलग से सुंदरनगर में एक सेंटर बनाया गया है।
हिमाचल प्रदेश में बनीं हार्ट अटैक, ब्लड शुगर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों समेत कुल 23 दवाएं मानकों पर सही नहीं पाई गई हैं, जबकि देशभर में कुल 67 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और स्टेट ड्रग कंट्रोलर की ओर से दवाओं के सैंपल लिए गए थे। सीडीएससीओ के 49 में से 20 और ड्रग कंट्रोलर के 18 में से 3 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। 23 में से 12 सोलन, 10 सिरमौर और एक दवा कांगड़ा में बनी हैं। दवाएं मानकों पर सही न पाए जाने पर ड्रग कंट्रोलर की ओर से कंपनियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही इन दवाओं को बनाने के लाइसेंस भी रद्द कर दिए हैं। ड्रग कंट्रोलर ने कंपनियों को दवाओं का स्टॉक भी वापस मंगवाने के निर्देश दिए हैं। सितंबर के ड्रग अलर्ट में दवाओं के सैंपल फेल होने का खुलासा हुआ है। सिरमौर की पुष्कर फार्मा कंपनी की प्रसव में काम आने वाली ऑक्सीटोसिन और बद्दी की मर्टिन एवं ब्राउन कंपनी में बनी हार्ट अटैक की दवा कैल्शियम ग्लूकोनेट, पांवटा साहिब की जी लेबोट्री कंपनी में बनी निमोनिया की सेफ्ट्रिएक्सोन, संक्रमण की जेंटामाइसिन और ब्लड शुगर की दवा जेनरिकार्ट के सैंपल फेल हुए हैं। झाड़माजरी की इनोवो केपटेप कंपनी की निमेसुलाइड, सेलीब्रेटी बायोटेक कंपनी की सिप्रोविन, मखून माजरा की ऐरिसो फार्मास्युटिकल कंपनी की मोटोसेप के दो सैंपल फेल हुए हैं। कालाअंब के नितिन लाइफ साइंस की प्रोमेथाजिन, क्वालिटी फार्मास्युटिकल कंपनी की कैंसर की दवा इफोस्फामाईड, कालाअंब की डिजिटल विजन कंपनी की बुप्रोन एसआर, बद्दी की सेफोपेराजोन, पाइपेरासिलिन के सैंपल फेल हुए हैं। साइसरोज रेमडीज कंपनी की विटामिन-बी की न्यूरोपाइन दवा, सोलन स्थित जेएम लैब की ब्लड प्रेशर की दवा टोर्सेमि, बद्दी स्थित क्लस्टा फार्मास्युटिकल कंपनी में मधुमेह की दवा न्यूरोकेम, झाड़माजरी वेडस्प फार्मास्युटिकल कंपनी की संक्रमण की दवा इंडक्लेव और बद्दी की ट्रिविजन हेल्थ केयर कंपनी का दर्द की दवा स्टे हैप्पी ट्रिपसिन भी मानकों पर सही नहीं पाई गई है।
प्रदेश में 23 दिनों से बारिश नहीं हो रही है बारिश पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश से बादल और बारिश इन दिनों गायब नजर आ रहे हैं। लंबे वक्त से बारिश न होने की वजह से मौसम शुष्क बना हुआ है । राज्य में रेनफॉल एक्टिविटी में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव के मुताबिक, दो अक्टूबर मानसून के विदाई के साथ ही राज्य में रेनफॉल एक्टिविटी में जमी आई है। इसकी वजह से राज्य में ड्राई स्पेल देखा जा रहा है. ने वाले दिनों में भी मौसम साफ बने रहने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश में अक्टूबर महीने के अंत तक मौसम साफ रहेगा। प्रदेश भर में दोपहर के बाद धूप खिल रही है, लेकिन सुबह और शाम के वक्त ठंड महसूस की जा रही है । हिमाचल प्रदेश के छह जिले ऐसे हैं, जहां 100 फ़ीसदी तक कम बारिश हुई. यहां बीते 23 दिनों में शून्य मिलीमीटर बारिश हुई है । राज्य के बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कुल्लू, सिरमौर और सोलन जिला में शून्य मिलीमीटर बारिश हुई है। बात अगर अन्य छह जिलों की करें, तो बीते 23 दिनों में कांगड़ा में 1.5, किन्नौर में 0.4, लाहौल स्पीति में 0.1, मंडी में 3.4, शिमला में 0.2 और ऊना में 8.6 मिलीमीटर ही बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव के मुताबिक, अक्टूबर महीने में अमूमन कम ही बारिश होती है। राज्य में सामान्य तौर पर 22.3 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार अक्टूबर महीने में सिर्फ 0.7 मिलीमीटर ही बारिश हुई. आने वाले दिनों में भी मौसम साफ बने रहने का ही अनुमान है ।
वी ऍम आर टी कैप्टेन सौरभ कलिआ मेमोरियल नर्सिंग कॉलेज पालमपुर में बी एस सी नर्सिंग प्रथम वर्ष की छात्राओं के लिए फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शांता कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश एवं सुमन बोध, प्रिंसिपल नर्सिंग अफसर (राजेंद्र प्रशाद गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज टांडा) बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। द्वीप प्रज्जवलित एवं गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस मौके पर विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। फ्रेशर्स पार्टी में मिस राधीना ने मिस फ्रेशर , मिस सिमरन कौर ने मिस पर्सनॅलिटी एवं मिस पीहू सूद ने मिस ब्यूटीफुल का ख़िताब जीता। प्रिंसिपल रिया सूद एवं समस्त स्टाफ ने प्रथम वर्ष की छात्राओं का स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में शांता कुमार ने छात्राओं को नर्सिंग जैसे उत्कृष्ट प्रोफेशन का चयन करने पर बधाई दी एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कॉलेज के दूसरे बैच में शत प्रतिशत एडमिशन के लिए कॉलेज के स्टाफ को बधाई दी और हिमाचल की जनता के प्यार और विश्वास के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में कॉलेज एवं विवेकानंद हॉस्पिटल का सारा स्टाफ मौजूद रहा ।
हिमाचल प्रदेश में अब नदी में आपदा के समय रात के समय भी रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा सकेगा। रिवर राफ्टिंग के माध्यम से युवा रात के समय रेस्क्यू कर सकेंगे और नदी में कोई शख्स फंस गया होगा तो उसे भी बचाया जा सकेगा । इसी विषय को लेकर जिला कुल्लू के मुख्यालय के साथ लगते पीरडी में अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान 18 युवाओं को रिवर राफ्टिंग गाइड का कोर्स करवाया जा रहा है। इसमें नाइट रेस्क्यू का विषय भी विशेष रूप से शामिल है। नाइट रेस्क्यू के तहत युवाओं को इस बात का प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि नदी में किस तरह से रात के समय आपदा में बचाव कार्य किया जा सके और किस तरह से रात को रेस्क्यू करने में उन्हें आसानी हो सके। रिवर राफ्टिंग गाइड कोर्स के इंस्ट्रक्टर विक्की ने बताया "राफ्टिंग सेंटर पीरडी कुल्लू में अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान के माध्यम से एडवांस राफ्टिंग गाइड कोर्स कुल्लू घाटी के स्थानीय रिवर गाइड्स के लिए चलाया जा रहा है। इनको राफ्ट रेस्क्यू, नाइट नेविगेशन मार्च, कैजुअल्टी, इवैक्यूएशन आदि ड्रिल्स सिखाई जा रही है। इसी विषय के तहत प्रतिभागियों को आधी रात को ब्यास नदी में उतारा गया, जिसके चलते नदी में पूरी रात यह प्रतिभागी नाइट सर्च ऑपरेशन करते रहे । इंस्ट्रक्टर विक्की ने कहा एडवांस कोर्स में सर्वाइवल नाइट और नाइट सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन इस कोर्स का पार्ट है जो हर एक गाइड को करना अनिवार्य है । इसके अलावा रिवर राफ्टिंग के माध्यम से युवा अपने लिए रोजगार भी स्थापित कर रहे हैं और पर्यटक भी ब्यास नदी में रिवर राफ्टिंग का मजा ले रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में अब उच्च पदों पर युक्तिकरण होगा। जरूरत के हिसाब से अधिकारियों की नियुक्तियां की जाएंगी। सचिवालय में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया। पड़ोसी राज्यों से भी अधिक प्रदेश की सप्लाई कॉस्ट को भी कम करने के लिए योजना बनाने पर सहमति बनी। कमेटी ने विभिन्न कर्मचारी यूनियनों से भी चर्चा की। अगली बैठक में कैबिनेट को सौंपने के लिए रिपोर्ट तैयार हो सकती है। बोर्ड को आर्थिक तौर पर मजबूती के लिए मंत्री धर्माणी की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी बनाई गई है। मीडिया से मंत्री धर्माणी ने कहा कि बोर्ड के 261 अफसर पावर कॉरपोरेशन व ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन में सेवाएं दे रहे हैं। इन पदों की पदोन्नितयां बिना पद सृजित कर दी गईं। इसका असर फील्ड स्टाफ पर पड़ा। इसे चलाए रखने के लिए मेंटनेंस गैंग और आउटसोर्स पर भर्तियां करनी पड़ीं। काॅस्ट कटिंग के लिए फील्ड स्टाफ पर कट लगा। अब उच्च पदों पर युक्तिकरण का फैसला लिया गया है। विद्युत विनियामक आयोग ने बोर्ड को वित्तीय स्थिति में सुधार, कर्मचारी लागत कम करने के निर्देश दिए हैं। आयोग विद्युत क्षेत्र में सुधार और विद्युत दरें निर्धारित करता है। वर्तमान में बिजली की खरीद लागत 3.50 रुपये प्रति यूनिट है, जबकि आपूर्ति की वास्तविक लागत 6.79 रुपये प्रति यूनिट हैै। देश में सबसे कम खरीद लागत के बावजूद उच्च कर्मी लागत के कारण उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली नहीं मिलती। जो सुधार के कदम उठाए जा रहे हैं, उनका असर पांच-छह वर्ष बाद दिखेगा। पूर्व सरकार की नीतियों के चलते बोर्ड में 11,500 पद रिक्त हैं।
रा व मा पा चन्नौर में प्रधानाचार्य विजयपाल सिंह की अध्यक्षता में स्टाफ सदस्य के द्वारा हाल ही में 21 से 22 अक्टूबर को रा व मा पा प्रागपुर में संपन्न हुई 32वीं दोनों स्तरीय चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए जोरदार स्वागत किया। इस प्रतियोगिता में इन्नोवेटिव साइंस मॉडल के सीनियर सेकेंडरी वर्ग में वरुण ठाकुर ने जॉन स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। वहीं सीनियर सेकेंडरी क्विज प्रतियोगिता में गौरव ठाकुर व रोहित ठाकुर ने द्वितीय स्थान प्राप्त करके विद्यालय के गौरव को बढ़ाया । प्रधानाचार्य ने सभी विद्यार्थियों को इन से प्रेरणा लेकर आर्थिक परिश्रम करने को प्रोत्साहित किया, ताकि भविष्य में न केवल इलाके का बल्कि पूरे देश का नाम रोशन करें । प्रधानाचार्य ने विज्ञान प्रवक्ताओं सुशील चौहान, स्वाति राजपूत व विवेक गुलरिया का विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने के लिए विशेष रूप से उल्लेख किया।
इस वर्ष 32वां चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस सबडिवीजन लेवल ज्वालामुखी विधानसभा के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल कथोग में आयोजित हुआ इसमें लॉरेंट स्कूल कथोग ज्वालामुखी के विद्यार्थियों ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। जूनियर वर्ग साइंस प्रश्नोत्तरी में अक्षज आठवीं व अग्रिमा सातवीं में प्रथम स्थान प्राप्त किया। सीनियर साइंस प्रश्नोत्तरी में सुभाय 10वीं व दिव्यांश धीमान नवमी कक्षा ने भी प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त गणित ओलंपियाड जूनियर वर्ग में अविग्ना सातवीं कक्षा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, इन सभी विद्यार्थियों का चयन जिला स्तर के लिए हो गया है। अभय नौवीं कक्षा का भी गणित ओलंपियाड सीनियर वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर स्कूल प्रबंधन, स्कूल प्रिंसिपल और सभी अध्यापकों ने उन्हें बधाई दी है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सन्दर्भ में "शैक्षणिक पुस्तकालयों का पुनरुत्थान: संभावनाएं एवं चुनौतियां" विषय पर केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, वेदव्यास परिसर के पुस्तकालय और आई. क्यू. ए. सी. के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कुलपति प्रो. श्रीनिवास बरखेड़ी के संरक्षण में किया गया, जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्विद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. विक्रम कुमार शर्मा, सारस्वत अतिथि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, देवप्रयाग परिसर के निदेशक प्रो. पी.वी.बी सुब्रह्मण्यम, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्विद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विभाग के अध्यक्ष डॉ. शिवराम राव के., विशिष्ट अतिथि के रूप मे उपस्थित रहे। इसके साथ मुख्य वक्ता के तौर पर गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विभाग के सहायक आचार्य डॉ. हरिश चंद्र, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, देवप्रयाग परिसर के सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ नवीन डोबरियाल उपस्थिति रहे। आयोजन सचिव एवं सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष विक्रमजीत ने दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्देश्यों एवं रुप रेखा के बारे में सभी को अवगत करवाया। इसके पश्चात संयोजक एवं विश्विद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. पी एम गुप्ता ने आए हुए मुख्य अतिथियों का स्वागत किया ।इसके पश्चात् मुख्य अतिथि डॉ. विक्रम कुमार शर्मा ने, आपने उद्बोधन में वर्तमान समय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार हम शैक्षणिक पुस्तकालयों को किस प्रकार से पुनरुत्थान कर सकते हैं । इसके बाद हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्विद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विभाग के अध्यक्ष डॉ. शिवराम राव के. ने पुस्तकालय की भूमिका पर अपना उद्बोधन दिया फिर देवप्रयाग परिसर के निदेशक प्रो. पी.वी.बी सुब्रह्मण्यम ने अपना उद्बोधन दिया। उक्त कार्यक्रम परिसर की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी की अध्यक्षता में हुआ। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए हुए पुस्तकालय प्रोफेशनल, शोधार्थी, आचार्यों, सहायकाचार्यों छात्र एवं छात्राओं ने भाग लिया।
दीपावली त्यौहार पर कोई ऐसी अनहोनी न हो इसके लिए डाडा सीबा अग्नि शमन विभाग ने आग से निपटने के लिए बुधबार को एक आपात बैठक का आयोजन किया। फायर चौकी प्रभारी अजय कुमार की अध्यक्षता मे आयोजित हुई इस बैठक मे एहम रणनीति तैयार की गई। फायर चौकी प्रभारी अजय कुमार ने कहा, दीपावली के महापर्व को मध्यनजर रखते अग्निशमन विभाग डाडा सीवा के कर्मचारियों ने आगजनी से निपटने के लिए तैयारी कर ली है। इन्होने कहा कि 25 अक्टूबर से दीपावली तक 14 कर्मचारी लगातार अपनी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। इन्होंने बताया कि वाहनों के लिए पानी की व्यवस्था ठीक कर ली गई है। जल शक्ति विभाग डाडा सीबा द्वारा एक वैकलपिक पानी का हाईड्रेन्ट बाबा राड़ा मन्दिर के साथ लगा दिया गया है , जिसमें पानी 24 घण्टे ठीक प्रैशर के साथ अमरजैन्सी में लिया जा सकता है। फायर चौकी प्रभारी अजय कुमार ने लोगो से अपील की है कि दीपावली खुशियों का त्यौहार है। इसलिए इसे दीये जलाकर ही संपन्न करे। अगर पटाखे आदि चलाने है तो ग्रीम पटाखो का प्रयोग करे, अगर कहि कहीं भी आगजनी होती है तो लोकल फोन नंबर 01970-289011, 101, 100, नम्बर पर सूचना और पता सही-सही दे ताकि समय की बचत करके आगजनी से निपटा जा सके।
डाडा सीबा ब्लॉक के अन्तर्गत उप मंडल भर मे स्वास्थय केन्द्रो का जिम्मा सभांलने बाले चिकित्सा खंड अधिकारी का गत करीब ढाई वर्षो से लगातार खाली चल रहे पद को आखिरकार 23 अक्टूबर को सरकार ने भर ही दिया । वहीं इसके लिए स्थानिय ग्रामीणों ने प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया व प्रदेश सरकार का तहेदिल से आभार व्यक्त किया है। वहीं बुधवार को डाडा सीबा मे नए खंड चिकित्सा अधिकारी सतीश कुमार ने कार्यभार संभाला है। कार्यभार संभालते ही डॉक्टर पंकज कौडल व डॉक्टर नवतेज सिंह ने फूलों का गुलदस्ता देखकर उनका स्वागत किया । बीएमओ सतीश कुमार इससे पहले फतेहपुर अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे । डाडा सीबा ब्लाक खंड के अधीन दो सिविल हॉस्पिटल, तीन सीएससी अस्पताल, 4 पीएससी हॉस्पिटल इसके अलावा 46 सब सेंटर इस ब्लाक खंड के अधीन है। बीएमओ का पद पिछले ढाई सालों से रिक्त था बुधवार को बीएमओ का कारोबार संभालने पर स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ठाकुर सुरेंद्र सिंह मनकोटिया का तहे दिल से धन्यवाद किया है।
पालमपुर/आशुतोष: दिवाली के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पटाखों की बिक्री निर्धारित स्थानों पर ही कि जा सकेगी। उप मंडल मजिस्ट्रेट पालमपुर, नेत्रा मेती ने उप , धारा 163 बीएनएसएस के तहत निहित शक्तियों प्रयोग कर निर्दिष्ट क्षेत्रों में सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे पटाखों की विक्री के लिए आदेश जारी किए हैं। आदेशों के अनुसार इसके लिए विक्रेताओं को अनुमति लेनी होगी और सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। मुख्य बाजार पालमपुर और आसपास के क्षेत्र के लिए शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा मैदान निर्धारित किया गया है। मारण्ड़ा तथा आसपास के क्षेत्र के लिए नजदीक ट्रक यूनियन के समीप खुले स्थान निर्धारित किया गया है। पंचरुखी बाजार तथा आसपास के क्षेत्र के लिए बीडीओ कार्यालय के समीप मैदान निर्धारित किया गया है। भवारना बाजार और उसके आसपास के क्षेत्र के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भवारना का मैदान स्कूल बंद होने के पश्चात निर्धारित किया गया है। पहाड़ा बाजार के लिए बास्केट बॉल ग्राउंड पहाड़ा परौर बाजार के लिए नजदीक मैदान परौर बाजार, डाढ बाजार और आसपास के लिये नजदीक डाढ मैदान, नगरी बाजार और आसपास के लिए टैक्सी स्टैंड के नजदीक मैदान, सुलाह बाजार तथा आसपास के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के नजदीक मैदान सुलाह। डरोह बाजार एवं आसपास क्षेत्र के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के नजदीक मैदान छुट्टी होने के पश्चात, आर्मी कैंट होल्टा पालमपुर के लिए खुला स्थान नजदीक होल्टा, जबकि खैरा के लिए माता सुंयारी मंदिर के नजदीक मैदान निर्धारित किया गया है। आदेशों के मुताबिक नियम 31 अक्टूबर 2024 तक लागू रहेगा और अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। लोगों की सुरक्षा के चलते पंचायत क्षेत्र में आने वाले अन्य बाजारों में भी खुले स्थान पर ही पटाखे बेचे जा सकेंगे। आदेशों के मुताबिक पटाखे बेचने के लिए एसडीएम पालमपुर के कार्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में भारतीय ज्ञान परंपरा और हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन कर दिया गया। इस अवसर पर देश भर से आए प्रख्यात विद्वानों और शोधार्थियों ने अपने विचार और शोध निष्कर्ष साझा किए, जिससे यह आयोजन ज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य वक्ता प्रो. मदन मोहन झा (केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली) के ऑनलाइन माध्यम से व्याख्यान के साथ हुआ। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा की समकालीन प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि के रूप में आचार्य डॉ. रतनलाल (श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली) और डॉ. राकेश जी (सरदार पटेल विश्वविद्यालय) ने भी ऑनलाइन माध्यम से अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. चेतराम (निदेशक, इतिहास और संस्थान नेरी) ने की, जिन्होंने अपने अनुभवों से कार्यक्रम को समृद्ध किया। संगोष्ठी में प्रस्तुत किए गए शोध पत्रों ने हिमाचल प्रदेश की विविध सांस्कृतिक और भाषाई परंपराओं पर गहन दृष्टि डाली।"भारतीय ज्ञान परंपरा में महर्षि मनु का योगदान" विषय पर प्रस्तुत शोध ने प्राचीन भारतीय विचारधारा की वर्तमान संदर्भ में प्रासंगिकता को रेखांकित किया। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध मेलों और उनके महत्व पर केंद्रित प्रस्तुति ने राज्य की जीवंत लोक संस्कृति को उजागर किया। इस अवसर पर वेदव्यास परिसर के शिक्षक,कर्मचारी एवं छात्र छात्राएं मौजूद रहे।
जलवायु परिवर्तन के चलते हिमालयी क्षेत्रों में स्नो लाइन की तरह अब कई प्रजातियों के पेड़ भी ऊपर की तरफ खिसक रहे हैं। बढ़ते तापमान के कारण कई प्रजातियां निचले क्षेत्रों में खत्म हो रही हैं। कई पेड़ अब ऊंचे क्षेत्रों में ही दिख रहे हैं। हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान शिमला के हालिया अध्ययनों में सामने आया है कि कई पेड़ अब पहले के बजाय 100 से 300 और कुछ 1000 मीटर तक ऊंचाई की ओर बढ़ गए हैं। देवदार जो पहले 1,500 से 2,500 मीटर की ऊंचाई पर पाया जाता था अब 3,000 मीटर के करीब ही देखा जा रहा है। हर दशक में पेड़ औसतन 20 से 25 मीटर ऊपर खिसक रहे हैं। अध्ययनों से पता चला है कि समग्र वृक्ष रेखा विशेष रूप से अल्पाइन क्षेत्रों में हर दशक में औसतन 20 से 25 मीटर ऊपर खिसक रही है। कम ऊंचाई की प्रजातियां जैसे बान ओक और चीड़ मध्य ऊंचाई के जंगलों में प्रवेश कर रही हैं। ऊंचाई की प्रजातियां सीमित होती जा रही अल्पाइन क्षेत्रों में सिमट रही हैं। हालांकि, बदलाव समान रूप से नहीं हो रहा है। कुछ प्रजातियां तेजी से प्रतिक्रिया कर रही हैं। अन्य धीमी गति से ऊपर बढ़ रही हैं। हिमालयी फर करीब 200–250 मीटर तक ऊपर खिसक चुका है। बर्च पहले से ही वृक्ष रेखा के निकट था, इसमें करीब 100–150 मीटर तक का बदलाव दिखा है। हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक विनीत जिस्टू ने माना कि जलवायु परिवर्तन से लगातार वनस्पति की ऊंचाई में बढ़ोतरी हो रही है। कुछ प्रजातियों पर बहुत बुरा असर हो रहा है और वे विलुप्त होने के कगार पर हैं। जलवायु परिवर्तन से वनस्पति पर हो रहे बदलाव को समझने के लिए वन विभाग और हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान वर्ष 2010 से शोध कर रहा है। शोध में कल्पा के चौरा कंडा, किन्नौर के नरदा कंडा और ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में उग रही वनस्पति की ऊंचाई को दर्ज किया जा रहा है। शोध के प्रारंभिक नतीजों में भी प्रजातियों की ऊंचाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सनातन धर्म के अनुसार इस साल 29 अक्टूबर को धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा । यह त्योहार भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और यक्षराज कुबेर की कृपा पाने के लिए मनाया जाता है और इस दिन खरीदारी करने का भी शास्त्रों में विधान लिखा गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन जो खरीदारी की जाती है, उसका तीन गुना अधिक फल मिलता है । धनतेरस के साथ दीवाली त्योहार का भी शुभारंभ हो जाता है। आचार्य विजय कुमार ने कहा, "कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि को समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि भी अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, जिस कारण इस तिथि को धनतेरस या धनत्रयोदशी तिथि के नाम से जाना जाता है। इस साल त्रयोदशी तिथि 29 अक्टूबर सुबह 10 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 30 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर होगा । इसके अलावा इस दिन गोधूलि काल शाम 6 बजकर 31 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 31 मिनट तक रहेगा. ऐसे में भक्तों के लिए धनतेरस की पूजा के लिए 1 घंटा 42 मिनट का समय मिलेगा । आचार्य विजय कुमार ने कहा, "धनतेरस की पूजा हमेशा प्रदोष काल में की जाती है और इसी भगवान धन्वंतरि की पूजा करने के साथ साथ दीपदान भी किया जाता है। भक्त अपने घर के मेन गेट, या पानी के पास एक एक दीपक भी जलाए । शास्त्रों में मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। आचार्य विजय कुमार ने बताया कि धनतेरस के दिन त्रिपुष्कर योग बन रहा है । इस योग में खरीदारी करना बहुत शुभ होता है। यह योग सुबह 6 बजकर 31 मिनट से लेकर अगले दिन तक 10 बजकर 31 मिनट पर रहेगा. इस योग में की गई खरीदारी करने से चीजों में तीन गुणा वृद्धि होती है । धनतेरस के दिन अभिजीत मुहूर्त बन रहा है। इस योग में खरीदारी करने से शुभ फल की प्राप्ति होगी । 29 अक्टूबर के दिन 11 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट के बीच लोग जरूर खरीदारी करें। धनतेरस के दिन सुबह भक्त स्नान करने के बाद भगवान गणेश, लक्ष्मी और कुबेर देव की स्थापना करें। उसके बाद इन सभी देवी देवताओं को मोली अर्पित करें । फिर पूजा में रोली अक्षत, पान का पत्ता, मिठाई, फल, फूल आदि चीजें भी अर्पित करें। साथ ही कुबेर देव को अपनी श्रद्धा के अनुसार चीजें अर्पित करें। इसके बाद भगवान धन्वंतरि और लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें और घी के दीपक से आरती उतारें। पूजा के बाद प्रसाद को सभी में बांट दें और रात्रि जागरण भी करें। शाम के समय मेन गेट और आंगन में दीपक भी जलाएं। क्योंकि दीपावली के पर्व की शुरुआत होती है ।
प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग का गठन किया है। अंबोटा ऊना के कुलदीप कुमार धीमान को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। कुलदीप कुमार पूर्व में उद्योग मंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। वह विधानसभा उपाध्यक्ष व अध्यक्ष वित्त आयोग भी रहे। वहीं जवाली कांगड़ा के दिग्विजय मल्होत्रा को आयोग का सदस्य बनाया गया है। इस संबंध में सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।
** संयुक्त मोर्चा ने किया विरोध हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में आउटसोर्स से लगे 81 चालकों की सेवाएं समाप्त करने की तैयारी है। इसका हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त मोर्चा ने विरोध किया है। संयोजक लोकेश ठाकुर और सह संयोजक हीरालाल वर्मा ने कहा कि संयुक्त मोर्चा इस विषय को सरकार के समक्ष उठाएगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस बारे बोर्ड की ओर से जारी किए गए निर्देश को तुरंत वापस लिया जाए। नेताओं ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि जिन आउटसोर्स कर्मियों ने 10-12 वर्ष बिजली बोर्ड में अपने उज्ज्वल भविष्य का सपना देखकर कम वेतन पर लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं और आज उनकी सेवाएं समाप्त करना दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं, बल्कि उनके साथ बहुत बड़ा धोखा है। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुखद है कि प्रदेश सरकार यदि आउटसोर्स कर्मियों के हित मे कोई नीति नहीं बना सकती है तो कम से कम उनको नौकरी से तो नहीं निकाला जाना चाहिए। यह लोकतांत्रिक सरकार की सामाजिक उत्थान की जिम्मेवारियों के अनुरूप नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस महंगाई के दौर मे यह कर्मी जहां मुश्किल से अपना गुजारा कर रहे हैं, वहीं अपनी अगली पीढ़ी को बेहतर स्वास्थ्य व शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं। मोर्चा ने बिजली बोर्ड मैनेजमेंट से आग्रह किया कि छंटनी के इन आदेशों को तुरंत रद्द किया जाए और आउटसोर्स कर्मियों को स्थायी नीति बनाई जाए। फ्रंट ने मांग की है कि बिजली बोर्ड में समाप्त किए गए 51 पदों को तुरंत बहाल किया जाए। आउटसोर्स पर रखे गए यह चालक बिजली बोर्ड के नहीं, बल्कि कंपनी के थे। बोर्ड इनकी सेवाएं ले रहा था। अब बिजली बोर्ड में स्क्रैप पॉलिसी में वाहनों को हटा दिया गया है तो अब इनसे काम नहीं लिया जा रहा था। इन्हें कंपनी ने ही वापस बुलाया है।
** सोलन डाइट ने की पहल जेबीटी प्रशिक्षुओं को निजी शिक्षण संस्थानों में भी नौकरी मिल सकेगी। इसके लिए डाइट सोलन ने पहल की है। इसमें डाइट की ओर से निजी शिक्षण संस्थानों के लिए कैंपस इंटरव्यू आयोजित कर प्रशिक्षुओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। अब तक प्रशिक्षु जेबीटी करने के बाद कई वर्षों तक सरकारी नौकरी को लेकर घर पर बैठ जाते थे। अब उनके इस इंतजार के बीच में उन्हें रोजगार से भी जोड़ा जा रहा है। हाल में डाइट सोलन के आठ प्रशिक्षुओं का चयन सोलन समेत शिमला के निजी शिक्षण संस्थानों के लिए हुआ है। इसमें कुछ प्रशिक्षुओं को आउटऑफ स्कूल के लिए एक निजी संस्था ने चयनित किया है। इसमें उन्हें संस्था और विभाग की ओर से भी अच्छा पैकेज दिया गया है। डाइट सोलन के प्रिसिंपल डॉ. शिव कुमार शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षु अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी पाने के लिए बारी के इंतजार में कई वर्ष घर पर ही लगा देते हैं। इस बीच न तो उनकी पाठन प्रक्रिया का विकास होता है, और नहीं उनके पास कोई अपना अनुभव रहता है। नई मुहिम के तहत वह कैंपस इंटरव्यू में भाग लेकर निजी शिक्षण संस्थानों में भी बच्चों को पढ़ा सकते हैं। इससे उनका अनुभव भी बढ़ेगा। हाल ही में डाइट सोलन के आठ प्रशिक्षुओं का चयन निजी शिक्षण संस्थानों के लिए हुआ है।
डाडा सीबा तहसील के अंतर्गत आने वाले गाँव गुराला में बाबा भरथरी दंगल का 27 अक्टूबर को आगाज होगा। इस दंगल में देश के नामी पहलवान अखाड़े में अपनी कुश्तियों के जौहर दिखाएंगे। इस दंगल के लिए कमेटी ने भी तैयारियां मुक्कमल कर ली हैं। बाबा भरथरी दंगल कमेटी गुराला के प्रधान बलविंदर सिंह (बिटू) ने बताया 27 अक्टूबर को दंगल का आयोजन किया जा रहा है। इस कुश्ती प्रतियोगिता में हिमाचल पंजाब और हरियाणा के पहलवानों के बीच जोर अजामाइश होगी। इस कुश्ती प्रतियोगिता का गांव ब आस पास के लोगों बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने ने बताया पहलवानों की दंगल में 1:00 बजे से लेकर 3:00 बजे तक ही एंट्री की जाएगी 3:00 बजे के बाद आने वाले पहलबानो को कोई भी कुश्ती नहीं दी जाएगी। इस मौके पर उन्होंने पंजाब और देश भर के कुश्ती प्रेमियों सहित सभी स्थानीय निवासियों से इस कुश्ती में ज्यादा से ज्यादा हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने बताया फाइनल मुकाबले में दोनों पहलवानों को 21000 रुपए की राशि दी जाएगी।
सुक्खू सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों को दिवाली से पहले कई तोहफे दिए हैं। सरकार ने 75 साल से अधिक उम्र के पेंशनरों को नए संशोधित वेतनमान के बाद पेंशन का बकाया 22.50 प्रतिशत बचा एरियर देने के आदेश जारी किए हैं। कुल 45 प्रतिशत एरियर में से आधा यानी कि 22.50 फीसदी सरकार 9 अक्तूबर को पेंशन के साथ दे चुकी है। सरकार ने 75 साल से अधिक उम्र के करीब तीस हजार पेंशनरों को एक माह के अंदर ही पूरा एरियर दे दिया है। बताया जा रहा है कि 22.50 प्रतिशत एरियर पेंशनरों को 28 अक्तूबर को पेंशन के साथ ही जारी किया जा सकता है। सरकार ने हिमाचल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी नए वेतनमान का एरियर जारी करने के आदेश दिए हैं। इनकी संख्या करीब 25 हजार के आसपास बताई जा रही है। ग्रुप डी यानी चतुर्थ श्रेणी के हर कर्मी को नए वेतनमान के बकाया एरियर के 20 हजार रुपये जारी करने के सरकार के आदेश हैं। कर्मचारियों को एरियर अक्तूबर में ही देने के आदेश दिए गए हैं। एक जनवरी 2016 से नया वेतनमान लागू होने के बाद से इनका एरियर देय है। प्रधान सचिव वित्त ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, हिमाचल हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, मंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में एक चिट्ठी भेजी है। बता दें कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एरियर देने की घोषणा पहले ही की थी। एरियर हिमाचल प्रदेश सिविल सर्विसेज संशोधित वेतनमान नियम 2022 के तहत देय होगा। इससे पहले चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को 60-60 हजार दिए गए थे और अब 20-20 हजार रुपये और दिए जाएंगे। हिमाचल सरकार के वित्त विभाग ने राज्य के करीब पौने दो लाख पेंशनरों को चार फीसदी महंगाई भत्ता जारी करने के भी आदेश जारी किए हैं। इसी माह पेंशन के साथ भत्ता दिया जाएगा। डीए की किस्त एक अक्तूबर 2024 से 38 से बढ़ाकर 42 प्रतिशत की गई है। एक जनवरी 2023 से लेकर 30 सितंबर 2024 तक के डीए के एरियर का भुगतान अलग आदेश के तहत किया जाएगा।
इंदौरा/मनीष ठाकुर: मिनर्वा कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन इंदौरा के प्रांगण में करवाचौथ के उपलक्ष्य पर नए सत्र की छात्राओं के लिए मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का आयोजन सी.सी.ए कमेटी के द्वारा किया गया। इस प्रतियोगिता में बी.एड की सभी छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, मेहंदी प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों में सौंदर्यात्मक मूल्यों का विकास करना है। इस प्रतियोगिता में वंशिका ने प्रथम स्थान व अंकिता ने द्वितीय स्थान तथा तन्वी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। इस अवसर पर प्रतियोगिता के न्यायाधीश जगजीत कौर और दीक्षा रही । उन्होंने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ प्रशांत कुमार ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया और इस उपलक्ष्य पर सभी अध्यापक वर्ग वहां उपस्थित रहे।
इंदौरा/मनीष ठाकुर: मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन इंदौरा में बी.एड के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ रन्जना ने किया, इसमें उन्होंने प्रथम सेमेस्टर के छात्र अपनी नियमित कक्षाएं शुरू करने से पहले कार्यक्रम का विकास शिक्षण प्रक्रिया के एक भाग के रूप में मूल्य वर्धित पाठ्यक्रमों में शुरू हुआ। इस कार्यक्रम में आगामी सेमेस्टर के लिए संबंधित विषय प्रभारियों द्वारा पीएलओ और सीएलओ की चर्चा भी शामिल थी। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजन से हुई। इसके पश्चात विद्यार्थियों को कॉलेज के नियमों की जानकारी दी गई और पिछली उपलब्धियों को विद्यार्थियों के समक्ष बतलाया गया। साथ ही स्कोप परिसर में होने वाले दूसरे पाठ्यक्रमों की भी जानकारी दी।mसभी शिक्षकों ने विद्याथियों को अपने-अपने विषय के पाठ्क्रम से अवगत कराया और सम्पूर्ण कोर्स की विस्तृत रूप से जानकारी दी। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी को समय की पाबंदी और अनुशासन का हमेशा ध्यान रखना चाहिए और अपनी आंतरिक क्षमताओं का विकास करते हुए सार्थक जीवन की ओर अग्रसर होना चाहिए। इस अवसर पर विद्याथियों को बी.एड पाठ्क्रम के प्रथम सेमेस्टर में होने वाली गतिविधियों की जानकारी दी । कॉलेज प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष जरनैल सिंह पटियाल ने सभी विधार्थियों को प्रोत्साहित किया और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
हिमाचल प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि राज्य सरकार पौंग विस्थापितों के लंबित मामलों को निपटाने के लिए तत्परता के साथ काम कर रही है। इसको लेकर अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। पौंग बांध विस्थापित, राहत एवं पुनर्वास समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि जिन पौंग विस्थापितों को अब तक राजस्थान में जमीन उपलब्ध नहीं करवाई गई है, उनके मामलों को सचिव जल संसाधन मंत्रालय की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी के सामने रखा गया है। दूसरे चरण में मुरब्बों से वंचित विस्थापितों को नियमों के तहत राजस्थान में जमीन उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए जल्द ही राज्य के अधिकारियों का एक दल भूमि निरीक्षण और अन्य लंबित मामलों को लेकर बीकानेर में दौरा करेगा । राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए भी सरकार विस्थापितों की मदद करेगी, ताकि पौंग विस्थापितों को उनके हक दिलाए जा सके। पौंग विस्थापितों के लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने के लिए हर महीने राजस्थान के राजस्व अधिकारियों के साथ बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही पौंग विस्थापितों की समस्याओं के निपटने के लिए सब कमेटी भी गठित की जाएगी, ताकि ये कमेटी नियमित तौर पर मामलों की समीक्षा कर सकें । कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पारदर्शिता के लिए पौंग विस्थापितों का रिकॉर्ड गूगल शीट पर भी तैयार किया गया है , जिसमें विस्थापितों को डिटेल में जानकारी प्राप्त हो सकती है। यह गूगल शीट राजस्थान सरकार के साथ भी शेयर की गई है । राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि बीबीएमबी को मुहैया करवाई गई जमीन उपयोग में नहीं लाई जा रही है, उसका भी डाटा तैयार किया जाए, ताकि इस जमीन का इस्तेमाल विस्थापित कर सकें । इस मौके पर उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि पौंग विस्थापितों की समस्याओं से निपटने के लिए वर्तमान सरकार गंभीर है ।इसे लेकर राजस्थान सरकार के साथ भी पौंग विस्थापितों की समस्याओं को उठाया गया है । विधायक मलेंद्र राजन ने भी पौंग बांध में पिछले साल अधिक जल निकासी का मामला उठाते हुए कहा कि डैम एक्ट के तहत बाढ़ प्रभावितों को उचित राहत दिलवाई जाए और पौंग विस्थापितों को राजस्थान में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए कारगर कदम उठाए जाएं । वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने कहा कि पौंग डैम बनने से कांगड़ा जिले के विभिन्न उपमंडलों में 20722 परिवार प्रभावित हुए थे, जिनमें से 16352 प्रभावित परिवारों को जमीन मुहैया करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी और राजस्थान में 9616 प्रभावित परिवारों को खेती योग्य जमीन उपलब्ध करवाई जा चुकी है , जबकि 6736 प्रभावित परिवारों को जमीन मुहैया करवाने के मामले अभी तक लंबित हैं । इन मामलों के त्वरित निपटारे के लिए उपयुक्त कदम उठाए जा रहे हैं ।
** लाखों परिवारों की दिवाली में घुलेगी मिठास हिमाचल में फेस्टिव सीजन में महंगाई के बढ़ते बोझ ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। दिवाली के पहले ही बाजार में महंगाई ने एक तरह से आग लगा दी है। प्रदेश भर के बाजारों में रोज़मर्रा की ज़रूरतों की चीजों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो रही है। त्योहारी सीजन में प्याज के दाम बढ़कर 60 रुपए तक पहुंच गए हैं। टमाटर पहले ही 100 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। वहीं, खाद्य तेल की कीमतें 200 प्रति लीटर तक के आंकड़े को छू रही हैं। आटा-दाल चावल और चीनी के भाव भी सातवें आसमान पर हैं इससे त्योहारी सीजन में बाजार से राशन खरीदना लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है ।खासकर आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने से गरीब और निम्न वर्ग के लोगों को जीवन यापन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए राहत की खबर ये है कि डिपुओं के जरिए सरकार 100 ग्राम प्रति व्यक्ति अतिरिक्त चीनी का फेस्टिवल कोटा दे सकती है । इसके लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने एक प्रस्ताव सरकार को भेजा है। यहां से मंजूरी मिलते ही 19 लाख से अधिक राशन कार्ड धारकों को चीनी का फेस्टिवल कोटा जारी किया जाएगा। त्योहारी सीजन में मिठाइयों की अधिक डिमांड रहती है, जिससे इन दिनों बाजारों में चीनी की खपत भी ज्यादा रहती है। ऐसे में चीनी का रिटेल भाव भी 48 रुपए किलो तक पहुंच गया है। वहीं, डिपुओं के जरिए लोगों को यही चीनी बाजार से सस्ते रेट पर उपलब्ध कराई जाती है। प्रदेश में 5200 से अधिक डिपुओं के माध्यम से बीपीएल परिवारों को 13 रुपये प्रति किलो के हिसाब से चीनी दी जा रही है। इसी तरह से नॉन टैक्स पेयर एपीएल परिवारों को यही चीनी 33 रुपए प्रति किलो के हिसाब से उपलब्ध हो रही है। वहीं, टैक्स पेयर उपभोक्ताओं को डिपुओं में चीनी प्रति किलो के हिसाब से 44 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं। उचित मूल्य की दुकानों के जरिए सरकार प्रति व्यक्ति 500 ग्राम चीनी का कोटा देती है, लेकिन फेस्टिवल सीजन में 100 ग्राम अतिरिक्त चीनी का कोटा मिलने से प्रति व्यक्ति 600 ग्राम चीनी मिलेगी ।
कांगड़ा जिले में पुलिस ने नशा तस्करों से चिट्टे की बड़ी खेप जब्त करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने नशा तस्कर पति-पत्नी को धर-दबोचा है। आरोपी दंपति से पुलिस ने 109.52 ग्राम चिट्टे की बड़ी खेप बरामद की है। दोनों पति पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस द्वारा मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है। नूरपुर के एसपी अशोक रत्न ने बताया कि पुलिस ने कंडवाल में नाकाबंदी की हुई थी, जिस दौरान एक गाड़ी में सवार दंपति से बड़ी मात्रा में चिट्टा बरामद किया गया। आरोपी दंपति की पहचान रवि कुमार और उसकी पत्नी शिल्पा के तौर पर हुई है। आरोपी दंपति फतेहपुर के झाझवा गांव के निवासी हैं. पुलिस ने दंपति के कब्जे से 109 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। दोनों पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा अब आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। एसपी नूरपुर अशोक रत्न ने कहा कि भविष्य में भी नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जिला पुलिस का अभियान जारी रहेगा। उन्होंने युवाओं से भी अपील करते हुए कहा कि युवा भी इस नशे से दूर रहे और अपना ध्यान खेलों की तरफ आकर्षित करें। उन्होंने कहा कि नूरपुर पुलिस समय-समय पर इस तरह के नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई करती रहती है। इन नशे के सौदागरों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।गौरतलब है कि प्रदेश में आए दिन नशा तस्कर पुलिस के हत्थे चढ़ रहे हैं। बीते सितंबर महीने में शिमला पुलिस ने भी प्रदेश में सबसे बड़ी चिट्टे की खेप बरामद की थी, जिसमें शिमला पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के एक व्यक्ति को चिट्टा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था और उससे 468 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। इसके बाद पुलिस ने इसके सरगना को भी गिरफ्तार कर लिया था, जो कि शिमला जिले का ही निवासी था और ऊपरी शिमला में नशे का कारोबार चलाता था।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में 17 तारीख से दो दिवसीय पुस्तकालय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। जानकारी देते हुए केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेद व्यास परिसर की निदेशक प्रो सत्यम कुमारी व पुस्तकालय अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह ने बताया कि एन ई पी 2020 के संदर्भ में "शैक्षणिक पुस्तकालयों का पुनरुद्धार: संभावनाएँ और चुनौतियाँ" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में देश भर के विशेषज्ञ, पुस्तकालयाध्यक्ष, शिक्षाविद् और शोधार्थी भाग लेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ 17 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे होगा। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. विक्रम कुमार शर्मा (पुस्तकालयाध्यक्ष, केन्द्रीय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय धर्मशाला) और विशिष्ट अतिथि डॉ. शिवराम राव के. (पुस्तकालय विभागाध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला) शामिल होंगे। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. हरीश चन्द्र (जी एन डी यू अमृतसर) व नवीन डोबरियाल (सी एस यू देवप्रयाग) रहेंगे। इस समस्त कार्यक्रम के संयोजक डॉ. पूरण माल गुप्ता (विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली) होंगे। कार्यक्रम संरक्षक प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी (कुलपति, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली) व कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. सत्यम कुमारी (निदेशक, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, वेदव्यास परिसर, बलाहर) होंगे। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन एन ई पी 2020 एवं भारतीय ज्ञान प्रणाली के तहत शैक्षणिक पुस्तकालयों की भूमिका पर विचार करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राज्य प्रवक्ता एवं पूर्व कर्मचारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष ठाकुर सुरिंदर सिंह मनकोटिया ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कर्मचारियों तथा पेंशनरों को 4% महंगाई भते की किस्त देने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया है। मनकोटिया ने कहा कि 4 प्रतिशत महँगाई भते की किस्त जारी करने से प्रदेश के 1.80 कर्मचारी और 1.70 पेंशनर लाभान्वित होंगे। ये पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने दिवाली के अवसर पर, इतिहास में पहली बार कर्मचारियों और पेंशनरों को पहली की वजाय 28 अक्तूबर को वेतन व पेंशन की अदायगी करने की ठानी है। इस सौगात को कर्मचारी, अधिकारी, पेंशनर कभी भूलेंगे नहीं। इसी के साथ चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए 10 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान करके सभी लम्बित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के निपटान के आदेश जो मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिए हैं, उससे वर्तमान कर्मचारियों व सेवानिवृत कर्मचारियों को एक बहुत बड़ी राहत मिलेगी। 75 वर्ष या इससे अधिक आयु के पेंशनरों का पूरा बकाया एरियर देने के आदेश से, तथा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को 20 हजार रुपये वेतन एरियर देने के आदेश जो सरकार ने दिए हैं उससे पता चलता है कि सरकार कर्मचारी व सेवानिवृत कर्मचारी हितेषी सरकार है। और ये उनके मुँह पर तमाचा है जो कर्मचारियों के ड्यूज न देने का डिंडोरा पीट रहे थे। इतना ही नहीं बल्कि इससे भी आगे बढ़कर मुख्यमंत्री ने एक और इतिहासिक फैसला लेते हुए बोर्डो व निगमों के 1 लाख कर्मचारियों व सेवानिवृत कर्मचारियों को भी मालामाल कर दिया। उनके आदेशानुसार बोर्डो व निगमों के कर्मचारियों व पेंशनरों को भी पहली नवंबर की वजाय दीपावली से पूर्व , 28 अक्टूबर को वेतन व पेंशन मिलेगी। पिछली सरकार से देय हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों व पेंशनरों का ओवरटाइम, जो 55 माह से देय था और जो करीब 90 करोड़ बनता है, उसे दिसम्बर तक देकर चुकता कर दिया जायगा। और तो और सरकार ने निगम के कर्मचारियों व पेंशनरों के मेडिकल बिलों की आपूर्ति के लिए 9 करोड़ देगी जिससे 2 महीने में लंबित बिल चुकता कर दिए जाएंगे। मनकोटिया ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर अपने कार्यकाल में वेतन आयोग के न एरियर दे पाए न मेडिकल बिलों की अदायगी कर पाए, न ओवरटाइम की पेमेंट की, न कोई 5 साल भता बढ़ाया और न दिवाली से पहले कभी वेतन व पेंशन दी। अनुराग ठाकुर, जयराम ठाकुर, बिक्रम ठाकुर ये वो तीन ठाकुर हैं जो पहले दिल्ली की केंद्र सरकार के पास जाकर हिमाचल के ड्यूज यानी हक के पैसे, हिमाचल के शेयर के पैसे रुकवाते हैं और फिर दूसरे राज्यों में जाकर, हिमाचल प्रदेश और यहाँ के भोले-भाले लोगों को बदनाम करते हैं। क्या ये तीन ठाकुरों की तिकड़ी भूल गई कि एक लाख 35 हजार कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम जिस पेन से मुख्यमंत्री ने दी है उसकी अभी सिहाई भी नहीं सूखी। बदनाम करने की वजाय ये तिकड़ी ये बताएं कि इतनी बड़ी आपदा आने पर इन्होंने केंद्र से क्या दिलाया? स्टेट शेयर और जीऐसटी का पैसा तो हर माह, हर स्टेट को आता है ये तो केंद्र तथा राज्यों का रूटीन का मैटर है। हम मुख्यमंत्री और समस्त कैबिनेट का आभार व्यक्त करते हैं कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, उन्होंने कर्मचारियों व पेंशनरों को दिवाली से पहले 1 तारीख के वजाय 28 को वेतन, पेंशन, डी ए देने का साहस जुटाया।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत मझीण क्षेत्र जहाँ तीन बैंक हैं पर एक भी एटीएम आज दिन तक स्थापित नहीं है। मझीण में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, काँगड़ा कोऑपरेटिव बैंक और हिमाचल ग्रामीण बैंक को मिला कर कुल तीन बैंक है पर एटीएम की सुविधा किसी बैंक की भी नहीं है। विकास धीमान ने बताया कि क्षेत्र ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के मुख्य व्यापारिक केंद्रों में से एक है। यहां खरीदारी के लिए बहुत बड़ी मार्किट है लेकिन एटीएम का न होना यहाँ के स्थानीय लोगों और व्यापारियों के लिए बहुत बड़ी मुश्किल बन गया है । नकदी के लिए या तो हमें बैंक या फिर एटीएम के लिए नादौन जाना पड़ता है। विकास धीमान ने बताया कि नकदी निकालने गए लोग नादौन में ही अपना सामान खरीद लेते हैं जिसके फल स्वरूप यहाँ के व्यापारी को नुक्सान होता है। विकास धीमान ने बताया कि आज की तारिक में हर किसी का खता बैंक में है और बैंक एटीएम कार्ड मेंटिनेंस के नाम पर वार्षिक फीस भी लेता है लेकिन एटीएम की सुविधा उपलब्ध नहीं करवा रहा । विकास धीमान ने सवाल उठाया है कि जब तक एटीएम नहीं लग जाता मझीण के खाता धारकों से एटीएम कार्ड फीस नहीं ली जानी चाहिए। विकास धीमान ने स्थानीय बैंक प्रतिनिधियों से भी अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द यहां एटीएम स्थापित किए जाए ताकी स्थानीय जनता को कुछ राहत मिले।
जयसिंहपुर/नरेंदर डोगरा: कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में दिनांक 18-10-2024 को अभिभावक-अध्यापक संघ (PTA) की आम सभा महाविद्यालय परिसर में 11 बजे रखी गई है। महाविद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं के अभिभावक इस आम सभा में सादर आमंत्रित हैं। आम सभा की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य महोदय प्रोफ़ेसर उपेन्द्र शर्मा करेंगे। इस आम सभा में पीटीए की नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा तथा महाविद्यालय के वार्षिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
डीएवी भड़ोली स्कूल में सैलड मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरजीत कुमार राणा ने बताया कि बच्चों को ऐसी प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़ भाग लेना चाहिए, इससे उनके अंदर छिपी हुई कला बाहर आती है और उन में आत्मविश्वास बढ़ता है। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सैलड को बहुत खूबसूरती से सजाया। इस प्रतियोगिता में 9वीं और 11वीं के बच्चों ने अपने-अपने सदन की ओर से हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का परिणाम सदन स्तर के आधार पर निकाला गया। बच्चों ने खीरा, मूली, टमाटर आदि सब्जियों से सुंदर-सुंदर कलाकृतियों से सजी हुई सलाद बनाई सलाद में मयूर आकृति के अलावा अन्य विभिन्न आकृतियां आकर्षण का केंद्र रही। इस प्रतियोगिता में पहला स्थान गांधी सदन के प्रतिभागियों में अनामिका, सचित ,सिमरन ,शुभांशु ,आदि ने प्राप्त किया । दूसरा स्थान सुभाष सदन के प्रतिभागियों में आईना दत्ता, अनन्या शर्मा ,जतिन, आरव सूद, अर्णव गौतम ने प्राप्त किया। प्रधानाचार्य ने विजेता रहे बच्चों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया और बच्चों व अध्यापकों को बधाई दी।
कांगड़ा: विधानसभा नूरपुर के कस्बा जसूर में मंगलवार को हिमाचल परिवहन निगम की बस के नीचे आ जाने से एक बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की उम्र डेढ़ साल बताई जा रही है। हादसे में बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा बेहद दर्दनाक था। बच्ची का शरीर सड़क पर ही चिपक गया। बच्ची की शिनाख्त करना ही मुश्किल हो गया था। मिली जानकारी के मुताबिक पंजाब निवासी निहाल की डेढ़ साल की बच्ची निहारिका जसूर सब्जी मंडी के पीछे खेल रही थी। यहां पास में ही एचआरटीसी वर्कशॉप भी है। वर्कशॉप के साथ ही खड्ड किनारे प्रवासी लोगों की झुग्गी झोपड़ियां हैं। एचआरटीसी चालक वीरेंद्र कुमार पुत्र नसीब सिंह निवासी नूरपुर टायर पंक्चर लगवाने गया था। इसी दौरान बच्ची बस के नीचे खेल रही थी, जैसे ही चालक ने गाड़ी को रिवर्स किया टायर के नीचे आ जाने से उसकी मौत हो गई। बच्ची का पिता पंजाब के लुधियाना का रहना वाला है और परिवार सहित जसूर में झुग्गी झोपड़ी में रहता है। वहीं इस मामले की पुष्टि करते हुए नूरपुर के एसपी अशोक रत्न ने बताया कि, पुलिस ने इस मामले को लेकर केस दर्ज कर लिया है और मामले की छानबीन की जा रही है। पुलिस ने मौके से सबूत भी जुटाए हैं और बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बस चालक द्वारा जब बस को रिवर्स किया जा रहा था उस समय बस की पिछले टायर की नीचे आने से बच्ची को मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पोस्टमार्टम होने के उपरांत शव परिजनों के सपुर्द कर दिया जाएगा।
** अगले महीने समीक्षा करेंगे सीएम हिमाचल में राजस्व से संबंधित लंबित मामलों का अब जल्द ही निपटारा होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी लंबित राजस्व मामलों का निपटारा करने के लिए विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से लंबित मामलों का निपटारा किया जा रहा है। इसमें और तेजी लाई जाने की आवश्यकता हैं। लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से छुटकारा मिलना चाहिए, जिस पर राजस्व अधिकारियों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को घर द्वार पर सुविधाएं देने के लिए वचनबद्ध है और लंबित राजस्व मामलों का निपटारा करना अति आवश्यक है।उन्होंने सभी मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को दुरूस्ती से सभी लंबित मामलों का 31 अक्टूबर, 2024 तक निपटारा करने के निर्देश दिए हैं, जिसकी समीक्षा नवंबर महीने में की जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सभी उपायुक्त लंबित राजस्व मामलों की समीक्षा के लिए अपने जिलों में एक-एक नोडल अधिकारी की तैनाती करें। इसकी सूचना डीसी को सरकार को भेजनी होगी, ताकि लंबित मामलों को समय सीमा के भीतर निपटाया जा सके। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों के निपटारे के लिए उपायुक्तों को नायब तहसीलदार तक खाली पड़े पदों को भरने की शक्तियां प्रदान की गई हैं। इसके लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह नवंबर माह में इस मामले की दोबारा समीक्षा करेंगे। सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने आपदा प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज के रूप में 4500 करोड़ रुपए जारी किए हैं। इस धनराशि से प्रभावित परिवारों की सहायता करने को कहा गया है, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर छत नसीब हो सके। बता दें कि पिछले साल मानसून सीजन में 500 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा 10 करोड़ रुपए की सार्वजनिक और निजी संपत्ति का नुकसान हुआ था। पिछली बरसात में 23 हजार परिवार प्रभावित हुए थे, जिनके पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार ने 4,500 करोड़ रुपए का आपदा राहत पैकेज लागू किया है। इस पैकेज के तहत पूरी तरह से नष्ट हो चुके घरों के लिए मुआवजे की राशि 1.30 लाख रुपए से बढ़ाकर 7 लाख रुपए किया गया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार की युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के अवसर प्रदान करने की पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। आज इस योजना के अंतर्गत पांच युवाओं का पहला बैच अपनी नई भूमिका शुरू करने के लिए सऊदी अरब पहुंच गया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इन युवाओं को 31 अगस्त, 2024 को शिमला में नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे। इन युवाओं में ऊना जिला के रजत कुमार, सुनील कुमार, जसप्रीत सिंह और अभिनव तथा जिला हमीरपुर के दिनेश शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश में रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने यूएई स्थित दुबई में ईएफएस फैसिलिटीज़ सर्विसिज ग्रुप लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया है। दिसम्बर, 2023 में मुख्यमंत्री की दुबई यात्रा के उपरांत इएफएस ने विदेश भर्ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हिमाचल से 15-20 प्रतिशत भर्तियां करने का लक्ष्य रखा है। इसके अंतर्गत आतिथ्य, तकनीकी सेवाओं, हाउस कीपिंग, खाद्य व पेय पदार्थ और कार्यालय सहायक जैसे क्षेत्रों में प्रदेश से प्रतिवर्ष लगभग 1000 उम्मीदवारों को दुबई में रोजगार दिया जाएगा। इसके अलावा, श्रम एवं रोजगार विभाग को विदेश में कार्य कर रहे युवाओं का कुशलक्षेम सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रदेश सरकार की विदेश में राज्य के युवाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने सिर्फ 20 माह के अपने कार्यकाल के दौरान सरकारी क्षेत्र में 31000 पद सृजित किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को विदेश में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए भी सकारात्मक दृष्टिकोण से कार्य कर रही है ताकि भविष्य में अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के लिए विदेश में और अवसर प्राप्त हो। इस पहल से राज्य के युवा ऐजेंटों के शोषण से बचेगें और विदेश में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वरोजगार को और अधिक बढ़ावा देने के लिए राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना भी आरम्भ की है। इस योजना से राज्य के युवा स्वयं के उद्यम और स्थायी आजीविका अर्जन के लिए प्रेरित होंगे और आत्मनिर्भर बनेंगे।
हिमाचल प्रदेश में सिरमौर पुलिस ने लाखों रुपए की ऑनलाइन ठगी के मामले में एक आरोपी को धर दबोचा है।आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने एजेंसी दिलाने के नाम पर पीड़ित से 30.87 लाख रुपए की ठगी की थी। आरोपी के खाते में ठगी के लाखों रुपए की ट्रांजेक्शन भी हुई है। मामले में गठित एसआईटी इस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है। मामला सदर पुलिस थाना नाहन से जुड़ा है। एएसपी सिरमौर योगेश रोल्टा ने बताया कि गत 23 सितंबर को नाहन पुलिस थाने में पीयूष गुप्ता निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी नाहन ने इस मामले में शिकायत दर्ज करवाई थीं। शिकायत के मुताबिक पीयूष गुप्ता के साथ ‘कीया’ की एजेंसी दिलाने के नाम पर 30.87 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी हुई। इस पर पुलिस ने केस दर्ज किया। मामले की जांच के लिए नाहन शहर की गुन्नूघाट पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई सुरेश मेहता के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने जांच के दौरान इस मामले में आरोपी अनुराग गौतम निवासी बेगूसराय, बिहार को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी के खाते में ठगी के करीब 26.65 लाख रुपए की ट्रांसजेक्शन हुई है। अब एसआईटी इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पूछताछ के बाद सामने आएगा कि शातिर किस तरह से ऑनलाइन ठगी को अंजाम देते थे और कौन-कौन इस गिरोह में शामिल हैं।
हिमाचल के पालमपुर में मुख्य एसडीआरएफ प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण आपदा की घटनाओं में वृद्धि हुई है। इसलिए आपदाओं का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित कर हमें इन चुनौतियों के साथ जीना सीखना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्याप्त धनराशि व्यय कर लोगों को आपदा से निपटने की तैयारियों के बारे में जागरूक कर रही है और आपदा से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए कई उपाय अपनाए जा रहे हैं। आपदा की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्राधिकरण को सदैव तैयार रहना चाहिए। इस दिशा में फ्रांस की एजेंसी एएफडी के सहयोग से 800 करोड़ रुपये की परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है और मिटीगेशन फंड से 500 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पालमपुर में एक मुख्य एसडीआरएफ प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की घोषणा भी की है। सीएम सुक्खू ने कहा कि पिछले साल मानसून के दौरान प्रदेश के लोगों ने तबाही का मंजर देखा, जिसमें 500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और 10 हजार करोड़ रुपये की सार्वजनिक और निजी संपत्ति का नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से किसी प्रकार की वित्तीय सहायता न मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने 23 हजार प्रभावित परिवारों का पुनर्वास किया और 4,500 करोड़ रुपये का आपदा राहत पैकेज लागू किया है। इस पैकेज के तहत पूरी तरह से नष्ट हो चुके घरों के लिए मुआवजे की राशि 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर सात लाख रुपए की गई है। मुख्यमंत्री ने आपदा राहत प्रयासों में राजनीतिक हस्तक्षेप की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश को अभी तक आपदा उपरांत आवश्यकता आकलन (पीडीएनए) के 10 हजार करोड़ रुपये नहीं मिले हैं। विपक्ष की ओर से खड़ी की गई हर बाधाओं के बावजूद उनके निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप इस दिशा में कुछ प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मामलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए और प्रभावित लोगों को पूरी सहायता प्रदान की जानी चाहिए। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 72 घंटे तक उन्होंने स्वयं आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर बचाव व राहत कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से राज्य से 75 हजार पर्यटकों और 15 हजार वाहनों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया। सीएम ने कहा कि इतनी बड़ी प्राकृतिक आपदा के बावजूद 48 घंटों के भीतर, बिजली, पानी और संचार जैसी आवश्यक सेवाओं को अस्थायी रूप से बहाल किया गया. जिससे राहत कार्यों को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिली। राज्य सरकार ने किसानों, विशेष रूप से सेब उत्पादकों की उपज को सुरक्षित रूप से मंडियों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की, ताकि उन्हें अपने उत्पादों के बेहतर दाम मिले। विश्व बैंक, नीति आयोग और पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने राज्य के प्रभावी आपदा प्रबंधन कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने आपदा के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी की अगुवाई में प्रदेश सरकार ने लाहौल-स्पीति जिले के चंद्रताल से 303 फंसे पर्यटकों को सफलतापूर्वक बचाया और सभी पर्यटकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई।
हिमाचल प्रदेश में फेस्टिव सीजन में सुक्खू सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को 4 फीसदी डीए देने के साथ पेंडिंग मेडिकल बिलों के भुगतान का ऐलान किया है। वहीं, कर्मचारियों और पेंशनर्स को अगले महीने यानी नवंबर में दी जाने वाली सैलरी और पेंशन को भी एडवांस में दिवाली से पहले 28 अक्टूबर को देने की घोषणा की गई है। ऐसे में त्योहारी सीजन में कई सौगातें एक साथ मिलने पर लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की नाराजगी सरकार के प्रति कुछ हद तक दूर हो गई है। फेस्टिवल सीजन में 4 फीसदी डीए की किश्त देने, पेंडिंग मेडिकल बिलों के भुगतान और अगले महीने की सैलरी और पेंशन एडवांस में 28 अक्टूबर को डाले जाने के ऐलान से कर्मचारी और पेंशनर्स खुश हैं, लेकिन इसके साथ ही कुछ लंबित मांगों को लेकर सचिवालय कर्मचारियों का आज दोपहर बाद 1.30 जनरल हाउस होने जा रहा है, जिसमें सीएम सुक्खू की सरकार की ओर से कर्मचारी डीए की 4 फीसदी किश्त देने सहित एडवांस सैलरी और पेंशन सहित मेडिकल बिलों के बिलों के भुगतान करने के फैसले पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद करेंगे।इसके साथ ही कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगे भी सरकार के ध्यान में लाई जाएंगी। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं परिसंघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कर्मचारियों और पेंशनर्स को 4 फीसदी डीए सहित मेडिकल बिलों के भुगतान और अगले महीने की सैलरी और पेंशन एडवांस में 28 अक्टूबर को डाले जाने के ऐलान को लेकर मुख्यमंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा "जहां तक जनरल हाउस की बात है तो ये पहले से ही प्रस्तावित है। हमने कहा था कि 15 अक्टूबर को जनरल हाउस करेंगे। इस बीच सरकार कुछ देती है तो हम धन्यवाद करेंगे, वरना आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। संजीव शर्मा का कहना है कि जनरल हाउस में कर्मचारियों को 2016 से 2022 के बीच का एरियर के भुगतान, साल में अनुबंध कर्मचारियों को दो बार नियमित करने और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने की मांग रखी जाएगी। उनका कहना है कि जनरल हाउस में प्रिविलेज मोशन को वापस लेने की भी मांग रखी जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर की आरटीओ यानी रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर सोना चंदेल ने पंजाब रोडवेज के अमृतसर डिपो-2 के जीएम को नोटिस जारी किया है। इतना ही नहीं संबंधित डिपो की पांवटा साहिब-अमृतसर रूट पर बिना परमिट के चलने वाली एक बस पर 10,000 रुपए का चालान भी किया गया है। आरटीओ की ओर से जीएम को जारी नोटिस में संबंधित बस के ड्राइवर-कंडक्टर को आरटीओ कार्यालय नाहन में तलब किया गया है। आरटीओ ने यह कार्रवाई नाहन निवासी एक यात्री के. टांक की शिकायत पर अमल में लाई है। दरअसल के. टांक ने 18 सितंबर 2024 को इस बाबत आरटीओ सिरमौर को ई-मेल के जरिए पांवटा साहिब-अमृतसर रूट पर पंजाब रोडवेज बस की शिकायत भेजी थी। अमृतसर डिपो-2 की यह बस पांवटा साहिब से शाम 6:25 पर चलती है, जो शाम करीब साढ़े 7 बजे नाहन से 3 किलोमीटर दूर दोसड़का पहुंचती है। टांक ने बताया कि वह प्रतिदिन पांवटा साहिब से नाहन तक सफर करते हैं। आरटीओ को शिकायत करने से कुछ दिन पहले वह इसी बस में पांवटा साहिब से नाहन आ रहे था। बस का रूट पांवटा साहिब-नाहन-अमृतसर था, जैसे ही बस दोसड़का पर पहुंची, तो नाहन आने वाली सवारियों को दोसड़का पर ही उतार दिया गया, जिसमें वह भी शामिल थे. जबकि टिकट की एवज में पैसे पूरे नाहन तक के लिए गए। टांक ने बताया कि इसको लेकर बस के ड्राइवर-कंडक्टर देरी का बहाना बनाकर नाहन न आकर दोसड़का से ही बस लेकर अपने निर्धारित गंतव्य की तरफ निकल गए। यही नहीं 100 रुपए पूरा किराया वसूलने के बाद जो टिकट उन्हें दिया गया, उस पर भी बस का रूट पांवटा साहिब-नाहन दर्शाया गया है। इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत आरटीओ नाहन कार्यालय से की। शिकायत पर आरटीओ सिरमौर ने न केवल बिना परमिट पर संबंधित बस का 10,000 रुपए का चालान किया, बल्कि गत 7 अक्टूबर 2024 को पंजाब रोडवेज अमृतसर-2 के जीएम को भी कें. टांक की शिकायत के साथ एक नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया है कि इस शिकायत के अलावा टेलीफोन पर भी इस बारे में काफी शिकायतें मिल रही हैं। वहीं, अमृतसर डिपो की बसों के नाहन-दोसड़का से रूट बदलने की सूचनाएं भी बार-बार मिल रही हैं। इसके चलते यात्रियों खासकर बुजुर्गों, बच्चों व महिलाओं को सामान सहित दोसड़का में उतारा जा रहा है, जबकि उनसे नाहन तक का किराया पूरा वसूल किया जा रहा है। नोटिस में जीएम से कहा गया कि पंजाब रोडवेज बस के ड्राइवर-कंडक्टर को 16 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे आरटीओ कार्यालय नाहन में उपस्थित होने और इस लापरवाही के कारणों को बताने का निर्देश दें। साथ ही यह भी कहा गया कि संबंधित बसों को नाहन के जरिए अपने निर्धारित मार्ग पर बस चलाने के लिए भी निर्देशित करें। ऐसा न होने की सूरत में आरटीओ कार्यालय एमवी एक्ट 1998 के प्रावधानों और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा।
जयसिंहपुर/नरेंदर डोगरा: थाना लंबागांव के अंतर्गत आते प्राथमिक स्कूल भटवारा व आंगनबाड़ी केंद्र में अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। चोरी का पता सोमवार सुबह उस समय चला जब स्कूल में कार्यरत मल्टी टास्क वर्कर सपना स्कूल पहुंची। उसने देखा कि स्कूल के किचन सहित सभी कमरों के ताले टूटे पड़े हैं व दरवाजे खुले पड़े हैं। मल्टी टास्क वर्कर ने इस बात की सूचना मुख्याध्यापक किरण सूद को दी।सूचना मिलते ही मुख्याध्यापक किरण सूद भी स्कूल पहुंचे और कमरों की जांच करने पर पाया कि एक कमरे में लगी एलईडी, वायरलैस स्पीकर सहित रसोई घर में रखे गैस सिलैंडर, चूल्हा, 2 कुक्कर, दरियां व राशन आदि गायब हैं। उधर, स्कूल के साथ लगते आंगनबाड़ी केंद्र का ताला तोड़कर अंदर रखे कुक्कर, बर्तन व रिफाइंड तेल सहित दलिए के पैकेट भी चोर चुरा कर ले गए हैं। दोनों ही मामलों की सूचना लंबागांव पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची व मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। थाना प्रभारी अशोक कुमार ने मामले की पुष्टि की है।
इंदौरा/ मनीष ठाकुर: मिनर्वा कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन इंदौरा के प्रांगण में मंगलवार को बी.एड के नए सत्र संगम 2024 का आगाज हवन आहुतियों व मंत्र उच्चारण के साथ हुआ। कार्यक्रम में काॅलेज प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष जरनैल सिंह पटियाल और कवि नरेश कुमार निर्गुण ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। काॅलेज के प्राचार्य डॉ प्रशांत कुमार ने नए विधार्थियों को महाविद्यालय के अनुशासन प्रणाली से अवगत कराया और काॅलेज प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष जे.एस पटियाल और कवि नरेश कुमार निर्गुण और निदेशक ए.के.खजुरिया, फार्मेसी प्राचार्य डॉ कपिल कुमार वर्मा को सम्मानित किया और उन्होंने बी.एड नए सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। इस कार्यक्रम में बी.एड व अन्य कोर्सों के सभी अध्यापक वर्ग और अभिभावक वहां उपस्थित रहे ।
राजकीय महाविद्यालय देहरा में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए केंद्रीय छात्र परिषद संघ का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इसमें नवनिर्वाचित छात्र परिषद संघ के प्रतिनिधियों को शपथ दिलाई गई। इस समारोह में प्राचार्य डॉ. सतीश सोनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। प्रधान पद पर छवि राणा ,उपप्रधान पद पर हर्षिता बी. कॉम तृतीय वर्ष से, सचिव पद पर प्रियांशु बी.ए द्वितीय वर्ष से तथा उपसचिव पद पर शिखा प्रथम वर्ष से चुने गए। इसी के साथ कक्षा प्रतिनिधि पद पर पलक, नेहा, साक्षी, अंशुल व सेजल चुने गए। इसके इलावा विभिन्न क्लब के प्रतिनिधियों को भी शपथ ग्रहण करवाई गई। सांस्कृतिक पद पर पायल व मुस्कान, रेड रिबन क्लब पद पर वैशाली व अंकित, रोड सेफ्टी क्लब पद पर पलक व शुभम, रेंजर पद पर अमीषा व रोवर पद पर अंश धीमान, राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रतिनिधि के रूप में शिखा व अंशुल तथा स्पोर्ट्स के प्रतिनिधि के रूप में यश व श्रुति ने शपथ ली। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रो मोनिका शर्मा, प्रो. निशा, डॉ. परवीन, प्रो शिवानी गुप्ता, श्रीमती ब्रिज वाला अशोक कुमार, मुनीश, रामदयाल ,जीवन, सुदर्शना, सावित्री व कश्मीर उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने दिवाली से पहले जल शक्ति विभाग में 12 साल का सेवाकाल पूरा कर चुके कर्मचारियों को तोहफा दिया है। प्रदेश सरकार ने 184 जल रक्षकों को अब पंप अटेंडेंट बनाया है। जल शक्ति विभाग ने अनुबंध अवधि पूरी किए जाने के बाद इन्हें पंप अटेंडेंट बनाने का फैसला लिया है। ऐसे में अब दो साल की अनुबंध अवधि पूरी करने के बाद ये सभी कर्मचारी विभाग में रेगुलर किए जाएंगे, जिससे इन्हें राज्य सरकार की ओर से तय वेतन और भत्तों का लाभ मिलेगा। इस तरह से इन कर्मचारियों की अब दिवाली रोशन होने वाली है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने जल रक्षकों के लिए 12 साल की अनुबंध अवधि तय की है, जिन्हें 5400 रुपए मासिक मानदेय दिया जाता है। प्रदेश भर में 184 कर्मचारियों ने 12 साल की तय अवधि को पूरा कर लिया है। इस लिए इन्हें पंप अटेंडेंट बनाया गया है। प्रदेश में इस समय छह हजार जल रक्षक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन जल रक्षक को 60 फीसदी भुगतान जल शक्ति विभाग के माध्यम से मिल रहा है, वहीं 40 फीसदी भुगतान पंचायत करती हैं। हिमाचल प्रदेश में अब भी करीब 700 कर्मचारी ऐसे हैं, जो इस अवधि को पूरा कर रहे हैं और इसी साल दिसंबर तक इनका 12 साल का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। ऐसे में जल शक्ति विभाग को दिसंबर में इन कर्मचारियों को लेकर भी फैसला करना होगा। वहीं, जल रक्षक इस 60-40 के कोटे को खत्म कर खुद को पूरी तरह से जल शक्ति विभाग के अधीन किए जाने की मांग कर रहे हैं। जल रक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रूप लाल ने 184 कर्मचारियों को नियमित करने के फैसले का स्वागत किया है। लेकिन अभी भी जल रक्षकों को 12 साल की अवधि पूरी होने के बाद ही नियमित किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पंप अटेंडेंट बनने वाले सभी कर्मचारियों को बधाई दी है। डिप्टी सीएम ने कहा, "अब कठिन समय पूरा करने वाले सभी कर्मचारियों का भविष्य उज्जवल होगा। राज्य सरकार ने कर्मचारियों को नियमित करने के लिए दो साल की समयावधि तय की है। अब कर्मचारी दो साल के बाद नियमित हो जाएंगे।
जयसिंहपुर/नरेंदर डोगरा: उपमंडल जयसिंहपुर के जालग में रविवार को शहीद हवलदार मस्तराम मेमोरियल वॉलीबॉल प्रतियोगिता का समापन हो गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि सेवानिवृत पुलिस अधीक्षक राजेंद्र भाटिया और सेवानिवृत्त तकनीकी उपनिदेशक मोहिंद्र सिंह उपस्थित रहे। इस वॉलीबॉल प्रतियोगिता में लगभग 8 तीनों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का फाइनल मुक़ाबला टीम दीनानगर और पठानकोट के बीच हुआ जिसमें दीनानगर की टीम ने तीन शून्य के साथ फाइनल मुक़ाबला जीता। विजेता टीम को 25 हजार रुपए नकद और ट्रॉफी उपविजेता को 15 हजार रूपये ट्रॉफी मुख्य अतिथि ने देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि सेवानिवृत पुलिस अधीक्षक ने अपनी तरफ से 25 हजार समान निधि वॉलीबॉल प्रतियोगिता आयोजकों को दी। गौरतलव है कि शहीद हवलदार मस्तराम भारतीय सेना में चार महा रेजिमेंट तैनात थे 22 फरवरी 1980 को जम्मू में बम ब्लास्ट में पुलिस जबानों के साथ शहीद हो गए थे। इस अवसर पर एएसआई पंचरुखी यसपाल, ओम प्रकाश धीमान, रिटायर्ड सिरमौर सिंह, रिटायर्ड इंस्पेक्टर रतन चंद, ओम प्रकाश, अरुण पटियाल, मिलाप, रंगीला राम, बाबू राम, रवि, अनुज भाटिया, राम सिंह, के साथ अन्य वरिष्ठ लोग भी उपस्थित रहे।
केन्द्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की योजना के अनुसार हिमाचल के कांगड़ा जिले में परागपुर का निकटवर्ती गांव मसोट"संस्कृत ग्राम" के रूप में विकसित किया जाएगा। इस क्रम में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में दो दिनों तक कार्यशाला में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।शनिवार-रविवार को आयोजित कार्यशाला में हिमाचल के विभिन्न जिलों से 62 कार्यकर्त्ताओं ने भाग लिया। स्वयंसेवी संगठन संस्कृतभारती के उत्तरक्षेत्रीय प्रशिक्षणप्रमुख संजीव कुमार ने कहा कि संस्कृतग्राम बनाने में संस्कृतभारती संगठन अपना पूर्ण योगदान प्रदान करेगा। रविवार प्रातः कार्यशाला के संयोजक डॉ. पुरुषोत्तम ने प्रसिद्ध संस्कृत प्रचारक प्रताप सिंह व संस्कृतभारती के डॉ. ओंकार को मसोट गांव का भ्रमण करवाया एवं ग्रामवासियों से मिलवाया। इस कार्य से ग्रामवासी काफी उत्साहित हैं कि हमारा मसोट गांव भारत के मानचित्र पर संस्कृत गांव के रूप में दिखेगा। कार्यशाला का आयोजन कुलपति प्रो. वरखेड़ी एवं परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यशाला के दौरान समस्त कार्यक्रम का संचालन बी एड विभाग के शिक्षक डॉ. सत्यदेव ने किया।
** जयसिंहपुर में बनेगा नया बस अड्डा, जल शक्ति का विश्राम गृह बनाने की घोषणा **कला तथा संस्कृति के संरक्षण को उठाए जाएंगे कारगर कदम जयसिंहपुर/ नरेंदर डोगरा: उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जयसिंहपुर में राज्य स्तरीय दशहरा उत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 300 करोड़ रुपए पेयजल की विभिन्न परियोजनाओं पर खर्च कर रहे हैं । उन्होने कहा अभी पिछले दिनों पंचरुखी में पानी की योजना के लिए 36 करोड रुपए दिया है इसके इलावा सिंचाई की दो नई योजनाएं लगभग 8-8 करोड रुपए की भी स्वीकृत किया है ताकि किसानों को खेतीबाड़ी के लिए प्रचुर मात्रा में पानी उपलब्ध हो सके। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जयसिंहपुर में जल शक्ति विभाग का विश्राम गृह भी निर्मित किया जाएगा इस के लिए भी विभागीय अधिकारियों को औपचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जयसिंहपुर में नया बस अड्डा का निर्माण किया जाएगा ताकि इस के लिए दो करोड़ की राशि व्यय की जाएगी तथा बस अड्डे निर्माण तीव्र गति से किया जाएगा ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जयसिंहपुर से वोल्वो बस सेवा भी आरंभ की जाएगी। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल में कला तथा संस्कृति के संवर्धन तथा संरक्षण के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं तथा हिमाचली कलाकारों को उत्सवों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर मंच उपलब्ध करवाया जाएगा इस के लिए साथ पुरातन कला को संरक्षित करने के लिए भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस अवसर पर आयुष मंत्री यादविंदर गोमा, डॉ आस्था अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष महेश्वर चैहान, ट्रांसपोर्ट बीओडी के सदस्य धर्मवीर धामी व एसडीएम संजीव ठाकुर सहित विभिन्न लोग उपस्थित थे।


















































