भाजपा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सरकार के अब तक लिए गए फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि पूर्व कैबिनेट के फैसलों को प्रशासनिक आदेश से निरस्त नहीं किया जा सकता है। भाजपा ने चुनौती दी है की जनहित में लिए गए ये फैंसले वापिस नहीं लिए गए तो सड़को पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी। भाजपा उपाध्यक्ष संजीव कटवाल ने आज प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि भाजपा सरकार ने जनता के हित में संस्थान खोले थे उन्हें बंद करना गलत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मंत्रिमंडल का गठन तक नहीं कर पाई है लेकिन जनता विरोधी फैसले लिए जा रहे हैं। कैबिनेट के फैसलों को कैबिनेट के निर्णय से ही निरस्त किया जा सकता है। बीजेपी कोर्ट में जनता के हक की लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2 बड़े सीमेंट उद्योग बंद हो गए हैं लेकिन सरकार इन्हें खुलवाने में अभी तक नाकाम रही है जनता के मुद्दों को दरकिनार कर जनता के हित में लिए गए फैसलों को बदला जा रहा है। सीमेंट उद्योग बंद होने से हजारों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया हैं। सरकार को जल्द अडानी से बात कर मामला सुलझाना चाहिए।
दुनियाभर में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए भारत सरकार ने भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। चीन, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान सहित कई देशों में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार (5 जनवरी) को कोविड-19 के 188 नए मामले दर्ज किए गए है। इसके साथ ही अब सक्रिय मामलों की संख्या 2,554 हो गई है। भारत में पिछले 24 घंटों में 201 लोग ठीक हुए हैं। जिसके बाद कुल ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 4,41,46,055 हो गई है। इसके साथ ही ठीक होने की दर वर्तमान में 98.8% है और सक्रिय मामले 0.01% हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि डेली पॉजिटिविटी रेट 0.10 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 0.12 प्रतिशत है। मिली जानकारी के अनुसार, देश में कुल 91.15 करोड़ टेस्ट किए गए हैं। वहीं, पिछले 24 घंटों में 1,93,051 टेस्ट किए गए हैं।
राजधानी शिमला के रामपुर कस्बे में गानवी ज्यूरी लिंक रोड पर पुलिस ने बुधवार देर शाम एक युवक को चिट्टे सहित गिरफ्तार किया। पुलिस ने मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, HC मनोज कुमार गानवी ज्यूरी सड़क पर गश्त पर थे और जैसे ही कटोलु पुल के पास पहुंचे तो शिव सिंह निवासी किन्नौर पुलिस को देख कर घबरा गया। जब शक के आधार पर पुलिस ने तलाशी ली तो उससे 1.12 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
हिमाचल प्रदेश में ठंड का प्रकोप जारी है। बुधवार को भी आधा हिमाचल धुंध की आगोश में रहा है। वहीं मैदानी इलाकों में धुंध छाए रहने से विजिबिलिटी कम हो गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। वीरवार और शुक्रवार को प्रदेश में मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। सात-आठ जनवरी को कई क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का पूर्वानुमान है। वीरवार को प्रदेश में ठंडी हवाएं चलने का येलो अलर्ट भी जारी हुआ है। वहीं बुधवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। मैदानी इलाकों में ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा सहित मंडी और सोलन के कुछ क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय धुंध छाई रही।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के इंदिरा गाँधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के एक छात्र के फ़र्ज़ी एडमिशन का मामला सामने आया है I मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने आरोपी छात्र को कॉलेज से निष्कासित कर दिया है, साथ ही शिमला के लक्कड़ बाजार पुलिस चौकी में शिकायत भी दर्ज करवा दी गई हैI मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी छात्र ने एनटीए यानि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा एक छात्रा का सर्टिफिकेट डाउनलोड किया और फिर उससे छेड़छाड़ करते हुए नाम फोटो के साथ दूसरी जानकारी बदल दी I इसी सर्टिफिकेट के आधार पर वह अटल मेडिकल विश्वविद्यालय नेरचौक मंडी में आयोजित काउंसिलिंग में शामिल हुआ था। इस दौरान झूठे दस्तावेज के आधार पर उसका दाखिला आईजीएमसी शिमला में हो गया। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसने कॉलेज में एडमिशन ली और नियमित कक्षाएं भी लगाना शुरू कर दिया, लेकिन बाद में दस्वावेजों के सत्यापन के दौरान आरोपी का भंडा फूट गया और उसकी एडमिशन फर्जी निकली। मामले की जानकारी देते हुए एएसपी शिमला सुनील नेगी ने बताया कि मेडिकल कॉलजे की तरफ से शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है। कॉलेज से छात्र का रिकॉर्ड मांगा गया है। बता दें कि आईजीएमसी शिमला प्रदेश के अन्य सभी मेडिकल कॉलेजों में श्रेष्ठ कॉलेज हैI
हिमाचल प्रदेश में पिछले 10 वर्षों बाद सर्दी के मौसम में इस बार सबसे कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश के केवल ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ही बर्फबारी हुई है। गौरतलब है कि पिछले लगभग 3 महीने से प्रदेश में बारिश नहीं हुई है, जिससे प्रदेश सूखे की मार झेल रहा है। हालांकि प्रदेश में हाथ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है और अगले 3 से 4 दिन लोगों को ठंड और सताने वाली है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने अगले 3 दिन तक प्रदेश में शीतलहर और धुंध को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। जबकि 7 जनवरी से हिमाचल में पश्चमी विक्षोभ सक्रिय होने से ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर शुरू होगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि 6 जनवरी तक हिमाचल प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप रहेगा। तापमान सामान्य से नीचे चल रहा हैं जिससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। 7 जनवरी से हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विभाग सक्रिय होने वाला है, जिससे प्रदेशभर में 7 से लेकर 9 जनवरी तक बर्फबारी होने की संभावना है। विभाग ने कुल्लू, चम्बा, शिमला, किन्नौर और लाहौल स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान लगाया है, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश और धुंध को लेकर चेतावनी जारी की है। बता दें है कि बारिश और बर्फबारी न होने से प्रदेश में सूखी ठंड पड़ रही है, जिससे बचने के लिए लोग गर्म कपड़े और आग का सहारा ले रहे हैं। शिमला, चम्बा, कुल्लू, लाहौल स्पीति और किन्नौर जिला के कुछ इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चल रहा है।
हिमाचल प्रदेश सोलन जिले में पिछले 15 दिन में लंपी के इक्का-दुक्का मामला सामने आया है। इसके बावजूद पशुपालन विभाग एहतियात के तौर पर जिले के सभी गोवंश की वैक्सीनेशन करवा रहा है। विभाग का टारगेट है कि 10 जनवरी तक जिला के सभी 1 लाख गोवंश की वैक्सीनेशन का काम पूरा कर लिया जाए ताकि लंपी वायरस जड़ से खत्म हो सके। पशुपालन विभाग ने पहले चरण में पंजाब और हरियाणा बॉर्डर एरिया में सभी पशुओं की कारपेट वैक्सीन का काम पूरा कर लिया है। अब तक जिले में करीब 30 हजार पशुओं की वैक्सीनेशन कर ली गई है। जिले में अब तक लंपी से 1643 पशुओं की जान गई है, लेकिन अब वायरस का प्रकोप कम हुआ है। विभाग ने इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए सभी पशुओं को वैक्सीन लगाने की योजना बनाई है। वहीं पशुपालन विभाग सोलन के डिप्टी डायरेक्टर डॉ बीबी गुप्ता ने जानकारी दी कि पिछले साल अगस्त माह में लंपी वायरस के मामले सामने आना शुरू हुए थे। उसके बाद से ही विभाग ने टीमें बनाकर एहतियात बरतनी शुरू कर दी थी।
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा 30 जनवरी को श्रीनगर में खत्म होगी। इस बीच कांग्रेस ने अपने नेता राहुल गांधी की सोच को जनता तक पहुंचाने के लिए हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा की रणनीति बनाना शुरू कर दी है। इस यात्रा के तहत राहुल गांधी की सोच को जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर पर ले जाने के लिए कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता काम करेंगे। हिमाचल प्रदेश में हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। वहीं हिमाचल में यात्रा को सफल बनाने की जिम्मेदारी सह प्रभारी संजय दत्त को सौंपी गई है। हिमाचल कांग्रेस के सह प्रभारी संजय दत्त ने यात्रा को सफल बनाने के लिए अलग-अलग जिलों में जाकर बैठक करना भी शुरू कर दी है। वहीं हिमाचल कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने कहा कि राहुल गांधी ने देश को एक सूत्र में पिरोने के लिए इस यात्रा की शुरुआत की गई है। इस यात्रा के जरिए देश में नफरत छोड़ने का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा के जरिए जनता तक राहुल गांधी की सोच पहुंचाने का काम किया जाएगा। साथ उन्होंने कहा कि इसे लेकर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे और हिमाचल कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला के साथ बैठक में तैयार कर ली गई है। इसी दौरान हिमाचल कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने बताया कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा अब अपने आखिरी चरण में पहुंच चुकी है। हरियाणा उत्तर प्रदेश होते हुए यह यात्रा हिमाचल प्रदेश के पठानकोट में पहुंचेगी। 19 जनवरी को यात्रा हिमाचल के पठानकोट पहुंचेगी। इस यात्रा में हिमाचल कांग्रेस के सभी विधायकों के साथ नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार आठ साल में नाकाम रही है। कांग्रेस कार्यकर्ता बीजेपी सरकार की नाकामी को जनता तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता भी भारत जोड़ो यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। ऐसे में जब यह यात्रा 19 जनवरी को पठानकोट पहुंचेगी, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आम जनता में भी उत्साह देखने के लिए मिलेगा।
जनवरी : प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में सफलता मिलेगी। आपका समाज में मान सम्मान बढ़ेगा। नौकरी में जो मौके पर ढूंढ रहे थे वो अब आपको मिलने वाले है। ये माह आपके स्वास्थ्य के लिए अनुकूल नहीं है। मौसमी बीमारी से बचना होगा और किसी को भी धन उधार नहीं दे वरना धन हानि सम्भव है। फरवरी : ये माह आपके लिए सुखदायक रहने वाला है। इस समय आपको संतान पक्ष से अच्छी खबर मिलेगी । अपनी पत्नी के साथ काफी अच्छा समय बिताने का मौका मिलने वाला है। इस समय किसी महिला मित्र के साथ साझेदारी में काम शुरू कर सकते है। मार्च : आपको टीम लीड करने का मौका मिलेगा। पैतृक संपत्ति का अगर कोई विवाद है तो वो इस माह सुलझ सकता है। कोर्ट केस का निर्णय आपके पक्ष में होगा। अप्रैल: आपको आकस्मिक धन हानि भी हो सकती है। वाणी पर संयम रखे अन्यथा आपके परिवार में ये कलह का कारण बन सकता है। आपकी पत्नी इस समय आपकी सहायक सिद्ध होगी। मई : मई का माह आपको बेहद परेशान करने वाला है। इस समय जीवन उतार चढ़ाव से भरा हुआ रहने वाला है। आपको अपनी नौकरी में भी कई दिक्क्तों का सामना करना पड़ सकता है। इस समय वाहन सावधानी से चलाये। जून : अगर आप विदेशी कारोबार से जुड़े है तो लेन देन में बेहद सावधानी रखने का समय है। इस समय आपके खिलाफ गुप्त रूप से कोई साजिश भी की जा सकती है। कोई गुप्त मदद मिल सकती है। जुलाई: इस समय सरकारी नौकरी कर रहे जातक अपनी बुद्धि के प्रभाव से किसी बड़े लक्ष्य की प्राप्ति करने में सफल होंगे। संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त होगा जिससे मन प्रसन्न रहेगा। अगस्त : इस समय आपको किसी के द्वारा गुप्त मदद मिल सकती है। आपको इस माह अहंकार और घमंड से बचना होगा। इस समय जो जातक सौंदर्य प्रसाधन के कारोबार से जुड़े है उन्हें लाभ होगा। आपके प्रेम संबंध इस समय बेहतर होने की उम्मीद की जा सकती है। सितम्बर : सितंबर माह में आपका आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ रहने वाला है। जो जातक अपने शोध के काम के लिए देश से बाहर जाना चाह रहे थे अब उन्हें सहयोग मिलने वाला है। किसी बड़े लक्ष्य को सम्पादित कर सकते है। इस समय पिता के साथ आपके मतभेद बढ़ सकते है। अक्टूबर : इस समय प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे जातकों को बेहद शुभ परिणाम मिलने की उम्मीद है।माह मध्य में आप अपने खर्चों को लेकर थोड़ा परेशान हो सकते है। आपको अपने व्यापार में नुकसान उठाना पड़ सकता है। नवंबर : इस समय स्त्री जातकों को अपनी सेहत को लेकर बेहद सावधान रहना होगा। मधुमेह के रोगी स्वास्थ्य को लेकर अधिक परेशान रहने वाले है। भाइयों से सहयोग पाकर आपका मन प्रसन्न होगा। दिसम्बर : परिवार में किसी मांगलिक कार्य का आयोजन होने के योग दिखाई दे रहे है वहीं इस समय आपको नया काम शुरू करने के लिए मदद भी मिलेगी। दिसंबर माह में आपको अपने व्यापार में अच्छा लाभ होने की उम्मीद है।
साल 2022 वो साल था जब करीब दशकों बाद कांग्रेस की सरकार बनने पर मुख्यमंत्री का पद होली लॉज से छिन गया। साल 1985 से जब भी कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी मुख्यमंत्री पद होली लॉज को ही मिला, मगर साल 2022 में ऐसा नहीं हो पाया। चुनाव के बाद प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार तो बनी मगर मुख्यमंत्री होली लॉज से नहीं बल्कि नादौन से मिला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में लगभग 6 दशक तक हॉली लॉज का खूब जलवा रहा। प्रदेश में 6 बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह के समय राज्य की सरकार एक तरह से हॉली लॉज से ही चला करती थी, लेकिन उनके निधन के बाद हॉली लॉज को प्रदेश अध्यक्ष का पद तो मिला पर मुख्यमंत्री का नहीं। वीरभद्र सिंह के निधन के बाद बाद उनकी धर्म पत्नी प्रतिभा सिंह ने लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीता भी। इसके बाद प्रतिभा सिंह को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके बाद प्रतिभा सिंह मुख्यमंत्री की रेस में भी थी। लगातार उनके समर्थक उन्हें सीएम प्रोजेक्ट करते रहे मगर प्रतिभा सीएम पद से चूक गई।
साल 2022 ने हिमाचल प्रदेश को एक और बड़ी राजनीतिक सौगात दी है, जो इतिहास में दर्ज होगी। इस साल प्रदेश को पहला उपमुख्यमंत्री भी मिला। छोटे पहाड़ी राज्य हिमाचल में 2022 से पहले कभी कोई उपमुख्यमंत्री नहीं बना था। दरअसल कांग्रेस के सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री पद के लिए मची खलबली के कारण प्रदेश में उपमुख्यमंत्री पद सृजित किया गया। संभावित अंतर्कलह को साधने के लिए कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री का फार्मूला अपनाया और पूर्व नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री प्रदेश के पहले डिप्टी सीएम बने। पत्रकारिता से राजनीति में आए मुकेश अग्निहोत्री को हिमाचल प्रदेश के पहले उपमुख्यमंत्री बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। मुकेश एक कुशल राजनीतिज्ञ भी है और जबरदस्त वक्ता भी। 20 सालों की लम्बी सियासी पारी के बाद मुकेश अब इस मुकाम पर पहुंचे है। मुकेश उन नेताओं में शामिल रहें है जिनका नाम मुख्यमंत्री पद की रेस में भी शामिल था। मुख्यमंत्री न सही पर प्रदेश के पहले उप मुख्यमंत्री होने का गौरव मुकेश अग्निहोत्री को प्राप्त हुआ है। 2017 में वीरभद्र सिंह ने कांग्रेस विधायक दल के नेतृत्व के लिए मुकेश अग्निहोत्री पर भरोसा किया और मुकेश उस भरोसे पर खरे भी उतरे। बतौर नेता प्रतिपक्षपांच साल सदन में मुकेश अग्निहोत्री ने दमदार तरीके से न सिर्फ कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया बल्कि हर मुमकिन मौके पर जयराम सरकार को भी जमकर घेरा। इसी तपस्या का फल मुकेश को मिला और वे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बने।
साल 2022 में प्रदेश की राजनीति में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। इस साल प्रदेश की सत्ता बदली और प्रदेश को नए मुख्यमंत्री मिले। कांग्रेस ने सुखविंदर सिंह सुक्खू को प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री चुना। ये पहली दफा है जब कांग्रेस ने निचले हिमाचल से किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाया। कांग्रेस के छात्र संगठन से राजनीति की शुरुआत करने वाले सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश के सबसे दमदार चेहरों में से एक है। विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें प्रचार समिति की कमान देकर उन पर अपना भरोसा जताया था और अब उन्हें प्रदेश के मख्यमंत्री के तौर पर चुना गया है। छात्र राजनीति से अपने सफर की शुरुआत करने वाले सुखविंदर सिंह सुक्खू आज प्रदेश की सत्ता के शिखर तक पहुंचे। चार दशकों से उन्होंने कांग्रेस के एक सच्चे सिपाही की तरह पार्टी के लिए खून-पसीना एक किया और इसका सिला उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी के तौर पर मिला है। एक साधारण परिवार में जन्मे, पले बढे सुक्खू ने सियासत में बगैर किसी गॉडफादर के फर्श से अर्श तक का शानदार सफर तय किया है। बतौर एनएसयूआई कार्यकर्ता नारे लगाने से लेकर प्रदेश का मुखिया बनने तक सुक्खू ने कई उतार चढ़ाव देखे है और निरंतर खुद को साबित किया है।
साल 2022 में रिवाज़ बरकरार रहा और कांग्रेस पार्टी सत्तासीन हुई। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में न सिर्फ सत्ता परिवर्तन हुआ बल्कि हिमाचल में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत भी हुई। इस चुनाव ने प्रदेश की सियासत की तस्वीर भी बदली और कई दिग्गजों को आईना भी दिखा दिया। एक लम्बे समय बाद प्रदेश के दो दिग्गज नेता 2022 के चुनावी मैदान में नहीं थे। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद जहाँ कांग्रेस करीब 37 साल बाद बिना वीरभद्र सिंह के चुनावी मैदान में उतरी तो वहीं भाजपा के दिग्गज नेता पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल भी चुनावी मैदान में नहीं उतरे। हालांकि कांग्रेस का चुनाव प्रचार वीरभद्र सिंह के इर्द गिर्द ही घूमता दिखाई दिया, जिसका लाभ कांग्रेस को मिला। डबल इंजन की सरकार कई दावों के बावजूद भी रिपीट नहीं कर पाई। हिमाचल प्रदेश भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का गृह राज्य है, इसके बावजूद यहाँ भाजपा सत्ता से बाहर हुई। कांग्रेस ने 40 सीटों पर जीत हासिल की तो वहीं भाजपा 25 सीटों पर सिमट गई। इस चुनाव में जहां भारतीय जनता पार्टी के 8 मंत्री चुनाव हार गए तो वहीँ कांग्रेस में सीएम की रेस में शामिल 3 बड़े नेता कौल सिंह ठाकुर, आशा कुमारी और रामलाल ठाकुर भी चुनाव नहीं जीत सके। इस चुनाव की एक और ख़ास बात ये रही की सिर्फ एक महिला ही चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंची। इस बार कांग्रेस की तरफ से तीन महिला प्रत्याशी मैदान में थी तो वहीँ भाजपा की तरफ से 6 महिला प्रत्याशी मैदान में उतरी थी, मगर जीत सिर्फ पच्छाद से भाजपा प्रत्याशी रीना कश्यप की हुई। हिमाचल प्रदेश में चार लोकसभा क्षेत्र है, और दिलचस्प बात ये है कि इन चार के चार लोकसभा क्षेत्रों के सांसद अपने अपने क्षेत्रों में अपनी पार्टी को लीड नहीं दिला पाए है। चारो सांसदों के क्षेत्रों में उनकी पार्टी पिछड़ी है। हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर, कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद किशन कपूर और शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप अपने क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी को बढ़त नहीं दिला पाए और सांसद प्रतिभा सिंह के मंडी संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस पिछड़ गई। इस चुनाव में सांसदों की परफॉर्मेंस के बाद चुनाव में इनका प्रभाव विश्लेषण का विषय बन गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार दशहरा हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में मनाया। उन्होंने यहां भगवान रघुनाथजी की रथयात्रा देखी और उनके दर्शन किए। अटल सदन के प्रांगण से मोदी ने देवी-देवताओं का आशीर्वाद लिया। इस दौरान पीएम मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर रघुनाथ जी के रथ तक पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। मोदी कुल्लू दशहरा उत्सव में शामिल होने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं। कुल्लू में 47 मिनट रुकने के बाद मोदी दिल्ली लौट गए।
कुल्लू जिला की सैंज घाटी 4 जुलाई 2022 की सुबह चीख पुकारों से दहल गयी थी। सैंज घाटी के शैंशर क्षेत्र से अंजलि सूत नाम की निजी बस जंगला के पास 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई। हादसे के दौरान इस बस में 15 लोग सवार थे, जिसमें से 13 लोगों की मौत हो गई। दरअसल बरसात के मौसम में बारिश के चलते मार्ग पर मलबा गिरा हुआ था। इससे पहले सरकारी और एक निजी बस इस मार्ग से निकल चुकी थी। जब यह बस यहां से गुजरी तो चालक ने बस के टायर को सफेद लाइन से बाहर कच्ची सड़क पर निकाल दिया। जिसकी वजह से वह पलटकर खाई में गिर गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू दल मौके पर पहुंचा। इस हादसे के बाद पुरे क्षेत्र में मातम पसर गया था।
चुनावी साल में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के तीन लाख से अधिक लोगों को बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 14 सितम्बर 2022 को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में गिरिपार के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने का निर्णय लिया गया। सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र में रहने वाले हाटी समुदाय के लोग बीते पांच दशक से एसटी का दर्जा मांग रहे थे। दरअसल गिरिपार क्षेत्र के लोगों जैसी संस्कृति, परंपराओं और परस्पर संबंधों वाले उत्तराखंड के जौनसार बावर क्षेत्र के लोगों को 1967 में ही यह दर्जा दे दिया गया था, पर हिमाचल में ऐसा नहीं हुआ था। अब आखिरकार इन लोगों का दशकों का संघर्ष रंग लाया। गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय दर्जा देने का मसला सीधे 154 पंचायतों से जुड़ा है और इसके दायरे में चार विधानसभा क्षेत्र आते है। चार विधानसभा क्षेत्रों में सीधा असर इस फैसले से पच्छाद की 33 पंचायतों और एक नगर पंचायत के 141 गांवों के कुल 27,261 लोगों को लाभ होगा। यहां एससी के 21,594 लोग एसटी में नहीं होंगे। रेणुका जी में 44 पंचायतों के 122 गांवों के 40,317 संबंधित लोगों को लाभ होगा। यहां एससी के 29,990 लोग बाहर होंगे। शिलाई विधानसभा क्षेत्र में 58 पंचायतों के 95 गांवों के 66,775 लोग इसमें शामिल होंगे। 30,450 एससी के लोग इससे बाहर रहेेंगे। शिलाई में 58 पंचायतों के 95 गांवों के 66,775 लोगों को यह लाभ मिलेगा। एससी के 30,450 लोग यहां एसटी में नहीं होंगे। पांवटा में 18 पंचायतों के 31 गांवों के 25,323 लोग शामिल होंगे। यहां एससी के 9,406 लोग एसटी के दायरे से बाहर रहेंगे।
इस साल अर्जुन अवार्ड के लिए देशभर से 25 नामी खिलाडिय़ों का चयन किया गया था। जिसमें वेटलिफ्टिंग में अर्जुन अवार्ड हासिल करने वालों में विकास ठाकुर देश के एकमात्र खिलाड़ी हैं। करीब आठ साल के बाद वेटलिफ्टिंग में इस बार अर्जुन अवार्ड मिला है। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला के पटनौण के रहने वाले 29 वर्षीय विकास ठाकुर की इस उपलब्धि ने प्रदेश के साथ-साथ देश का माथा भी गर्व से ऊंचा किया। हमीरपुर जिला के पटनौण निवासी विकास ठाकुर ने लगातार तीसरे कामनवेल्थ गेम्स में पदक जीता। भारोत्तोलक विकास ने 96 किलोग्राम भारवर्ग में कुल 346 किलोग्राम भार उठाकर रजत हासिल किया। इससे पहले 2018 में गोल्ड कोस्ट कामनवेल्थ में कांस्य पदक जीता था, जबकि 2014 के ग्लास्गो में हुई कामनवेल्थ गेम्स में भारत को रजत पदक दिला चुके हैं। विकास मौजूदा समय में लुधियाना में रहते हैं। लेकिन उनका पैतृक गांव हमीरपुर जिला के टौणी देवी में स्थित है। विकास ठाकुर भारतीय वायु सेना में सेवारत हैं। वायुसेना में नौकरी के साथ वह देश के लिए खेलते भी हैं।
पिता का सपना पूरा करने के लिए गांव के मैदान में कभी लड़कों के साथ क्रिकेट खेलने वाली प्रदेश के रोहड़ू की रेणुका सिंह ठाकुर ने राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। रेणुका ठाकुर ने भी बर्मिंघम में अपनी इनस्विंग गेंदबाजी का ऐसा जादू चलाया कि विपक्षी टीमों के बल्लेबाज धराशायी होते चले गए। रेणुका ने सबसे ज्यादा 11 विकेट लेने वाली गेंदबाज बनी। उनकी गेंदबाजी के बूते ही भारत रजत जीत पाया। अंतर्राष्ट्रीय टी-20 में सात अक्तूबर 2021 को आस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू मैच खेला था। बारिश के कारण यह मैच पूरा नहीं हो पाया था। जबकि 22 फरवरी 2022 को क्यूनस्टन में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। जिसमें रेणुका ने दस ओवरों में 59 रन देकर एक विकेट हासिल किया था।
साल 2022 में हिमाचल को AIIMS की सौगात मिली। PM मोदी ने 5 अक्टूबर 2022 को हिमाचल के बिलासपुर जिले में बने AIIMS का उद्घाटन किया था । अक्टूबर 2017 में PM मोदी ने इसका शिलान्यास किया था, तब बिलासपुर के जेपी नड्डा स्वास्थ्य मंत्री थे। बिलासपुर आज शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों में अव्वल है। पहले हिमाचल में एक विश्वविद्यालय से गुजारा होता था। गंभीर बीमारियों, शिक्षा या रोजगार के लिए चंडीगढ़ और दिल्ली जाना हिमाचल के लिए मजबूरी बन गया था। आज हिमाचल में आईआईटी भी है और एम्स भी। इन सुविधाओं से लैस है बिलापुर एम्स बिलासपुर एम्स 1470 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ है। इस अत्याधुनिक अस्पताल में 18 स्पेशिएलिटी और 17 सुपर स्पेशिएलिटी विभाग, 18 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 64 आईसीयू बेड के साथ 750 बेड शामिल हैं। यह अस्पताल 247 एकड़ में फैला है। यहां 24 घंटे आपातकालीन और डायलिसिस सुविधाओं, अल्ट्रासोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एमआरआई आदि जैसी आधुनिक डायग्नोस्टिक मशीनों, अमृत फार्मेसी व जन औषधि केंद्र और 30 बिस्तरों वाले आयुष ब्लॉक बनाए गए है। अस्पताल ने हिमाचल प्रदेश के जनजातीय और दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए डिजिटल स्वास्थ्य केंद्र भी स्थापित किया है। साथ ही, काजा, सलूनी और केलांग जैसे दुर्गम जनजातीय और अधिक ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से अस्पताल द्वारा विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इस अस्पताल में हर साल एमबीबीएस कोर्स के लिए 100 छात्रों और नर्सिंग कोर्स के लिए 60 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। -हर साल 1,200 विद्यार्थी करेंगे डॉक्टरी की पढ़ाई करेंगे हिमाचल प्रदेश में अब हर साल 1,200 विद्यार्थी डॉक्टरी की पढ़ाई करेंगे। वर्ष 2014 तक हिमाचल में केवल तीन मेडिकल कॉलेज थे और दो सरकारी थे। पिछले आठ साल में हिमाचल प्रदेश में पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेज बने हैं। 2014 तक अंडर ग्रेजुएट और पीजी विद्यार्थियों में सिर्फ 500 विद्यार्थी पढ़ सकते थे और आज यह संख्या 1,200 से अधिक हो चुकी है। यह दोगुने से भी ज्यादा है। एम्स में हर साल अनेक नए डॉक्टर बनेंगे। नर्सिंग से जुडे़ युवा भी प्रशिक्षण पाएंगे। इलाज भी बेहतर मिले और दूर तक जाना भी न पड़े, इसलिए एम्स, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों में क्रिटिकल केयर सुविधाओं और गांवों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाने पर काम किया जा रहा है।
हिमाचल की सियासत के चाणक्य पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री पंडित सुखराम ने 11 मई 2022 को दुनिया को अलविदा कह दिया। पंडित सुखराम का इस दुनिया से रुक्सत होना हिमाचल के सियासत के एक अध्याय का खत्म होना है। पंडित जी सिर्फ सियासत के चाणक्य ही नहीं बल्कि किंग मेकर भी कहलाए जाते थे। वो पंडित सुखराम ही थे जिनकी बदौलत 1998 में वीरभद्र दूसरी बार सरकार रिपीट करने में असफल हुए और प्रो प्रेम कुमार धूमल पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। पंडित सुखराम प्रदेश के वो एकमात्र नेता थे जिन्होंने अपने दम पर प्रदेश में तीसरी पार्टी बनाकर भाजपा और कांग्रेस जैसे बड़े राजनैतिक दलों को दिन में तारे दिखाए। बतौर केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम ने जो काम हिमाचल के विकास या खास तौर पर मंडी के लिए किये, उन्हें भुलाया नहीं जा सकता। पंडित सुखराम का जन्म 27 जुलाई 1927 को हिमाचल के कोटली गांव में रहने वाले एक गरीब परिवार में हुआ था। पंडित जी ने दिल्ली लॉ स्कूल से वकालत की और फिर अपने करियर की शुरूआत बतौर सरकारी कर्मचारी की। उन्होंने 1953 में नगर पालिका मंडी में बतौर सचिव अपनी सेवाएं दी। इसके बाद 1962 में मंडी सदर से निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीते। 1967 में इन्हें कांग्रेस पार्टी का टिकट मिला और फिर से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद पंडित सुखराम ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। पंडित सुखराम के परिवार ने मंडी सदर विधानसभा क्षेत्र से 13 बार चुनाव लड़ा और हर बार जीत हासिल की। केंद्र की सियासत में भी था रसूख केंद्र की सियासत में भी पंडित सुखराम बड़ा नाम थे। सांसद रहते उन्होंने केंद्र में विभिन्न मंत्रालयों का कार्यभार संभाल। 1984 में सुखराम ने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर पहला लोकसभा चुनाव लड़ा और प्रचंड जीत के साथ संसद पहुंचे। 1989 के लोकसभा चुनावों में उन्हें भाजपा के महेश्वर सिंह से हार का सामना करना पड़ा। 1991 के लोकसभा चुनावों में सुखराम ने महेश्वर सिंह को हराकर फिर से संसद में कदम रखा। 1996 में सुखराम फिर से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे। उन्होंने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। सुखराम पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में टेलीकॉम मिनिस्टर भी रहे। उन्हें भारत में संचार क्रांति का जनक भी कहा जाता है।
हिमाचल पुलिस बैंड ने वो कमाल कर दिखाया है जिसकी "खाकी' से उम्मीद नहीं की जा सकती। कलर्स चैनल के हुनरबाज टेलेंट शो में हारमनी ऑफ द पाइन्स हिमाचल पुलिस आरकेस्ट्रा ने देश के बेहतरीन-4 में जगह बनाकर इतिहास रच डाला है। वोट के आधार हुनरबाज देश की शान-2022 की ट्रॉफी बेशक आकाश सिंह ने अपने नाम की है, लेकिन पुलिस बैंड ने सबके दिल में अपनी जगह बनाई है। हिमाचल पुलिस ने पूरे देशभर में "खाकी' का मान बढ़ाया है। देश में आज तक किसी भी राज्य का पुलिस बैंड ऐसा कारनामा नहीं कर पाया है। वर्ष 1996 में शुरू हुए हिमाचल पुलिस के इस आरर्केस्ट्रा बैंड के पास कभी अपने वाद्ययंत्र नहीं होते थे। आज यह बैंड देशभर में खाकी का मान बढ़ा रहा है। हिमाचल पुलिस का आरर्केस्ट्रा देश का पहला ऐसा बैंड बन गया है, जिसे सरकार ने भी मान्यता दे दी है। यह बैंड पहले भी कई बड़े-बड़े मचों पर प्रस्तुति देता रहा है, लेकिन इस मर्तबा बैंड ने निजी चैनल के शो में हिस्सा लेकर ऊंची छलांग लगाई है।
आजाद हिंदुस्तान के पहले वोटर, 106 साल के श्याम सरन नेगी दुनिया को अलविदा कह गए। श्याम सरन नेगी को भारतीय लोकतंत्र का लीविंग लीजेंड भी कहा जाता था। 2022 के लिए श्याम सरन नेगी ने पोलिंग बूथ पर जाकर वोट डालने की इच्छा जताई थी, लेकिन तबियत खराब होने के कारण उन्होंने घर से ही पोस्टल बैलट पेपर से मतदान किया था। मतदान के बाद श्याम सरन नेगी ने कहा था कि मतदान लोकतंत्र का महापर्व होता है और हम सभी को मताधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। श्याम सरन नेगी का जन्म 1 जुलाई 1917 को हिमाचल प्रदेश के कल्पा में हुआ। वह एक रिटायर्ड स्कूल मास्टर थे। उन्होंने पहली बार जब वोट किया था, तब वह 33 साल के थे। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के कल्पा गांव निवासी स्कूल टीचर श्याम शरन नेगी को अपने गांव से अलग प्रशासन द्वारा मतदान केंद्र प्रभारी बनाया गया था। नेगी एक वोट के मूल्य को समझते थे। वे मतदान शुरू होने से एक घंटे पहले यानि सुबह 6:00 बजे ही अपने गांव के प्राथमिक विद्यालय के मतदान केंद्र पर पहुंच गए। वहां उन्होंने अधिकारियों को बताया की उन्हें जल्द अपने स्कूल भी पहुंचना है। तैनात अधिकारी ने उन्हें 6:30 बजे मतपत्र दिया और नेगी पहले मतदाता बन गए। श्याम सरन नेगी ने 1951 के बाद से हर आम चुनाव में मतदान किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर में अपनी मां हीराबेन मोदी का अपना भाइयों के साथ अंतिम संस्कार किया। प्रधानमंत्री और उनके बड़े भाई सोमाभाई मोदी ने श्मशान घाट में अपनी मां की चिता को मुखाग्नि देते। इस दौरान उनके परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी श्मशान घाट पर मौजूद थे। पीएम मोदी ने अपनी मां को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट करते हुए कहा, "शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम... मां में मैंने हमेशा उस त्रिमूर्ति की अनुभूति की है, जिसमें एक तपस्वी की यात्रा, निष्काम कर्मयोगी का प्रतीक और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध जीवन समाहित रहा है।" गौरतलब है कि मां हीराबेन मोदी को तबीयत बिगड़ने के बाद बुधवार (28 दिसंबर) को अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हीराबेन इसी साल 18 जून 2022 में 100 साल की हुई थीं। उनकी तबीयत मंगलवार रात (27 दिसंबर) में बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार (29 दिसंबर) को अस्पताल की ओर से बयान जारी कर बताया गया था कि उनकी तबीयत में सुधार है, लेकिन शुक्रवार (30 दिसंबर) सुबह उनका निधन हो गया। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार (28 दिसंबर) दोपहर दिल्ली से सीधे अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल मां से मिलने गए थे।
बुधवार को राज्य सचिवालय में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी संघ के साथ बैठक की। इस बैठक में ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली को लेकर चर्चा हुई दोनों पक्षों ने अपनी बातें दूसरे के सामने रखी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार मंत्रिमण्डल की पहली बैठक में प्रदेश के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में सम्पन्न आम विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणापत्र में राज्य के लोगों को 10 गारंटियां दी हैं। राज्य सरकार प्रदेश में इन सभी गारंटियों को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने अनावश्यक व्यय किया और अपने कार्यकाल के अंत में 900 से अधिक संस्थान खोले। इससे वार्षिक 5000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपने कार्यकाल के दौरान अनावश्यक व्यय किया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पेंशन धारकों को नियमित और सम्मानजनक पेंशन मिले, इसके लिए रूप रेखा तैयार करनी होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भारत सरकार को पत्र लिखकर एनपीएस अंशदान के तहत संग्रह की गई राशि का भुगतान करने को कहा है। एनपीएस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य में ओपीएस लागू करने के प्रदेश सरकार के निर्णय के लिए कर्मचारी कृतज्ञ रहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) को प्रतिवर्ष 1632 करोड़ रुपये का योगदान दे रहे हैं जो कि एक बहुत बड़ी राशि है। इस अवसर पर कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष सुरेन्द्र मनकोटिया ने भी अपने सुझाव दिये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, विधायक संजय अवस्थी, अनिरुद्ध सिंह एवं अजय सोलंकी, मुख्य सचिव आर.डी धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना तथा एनपीएस कर्मचारियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर के निर्देश अनुसार प्रयास संस्था द्वारा सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की टीम ने अस्पताल हर घर, हर द्वार कार्यक्रम के तहत जिला बिलासपुर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अपनी सेवाएं प्रदान की। विधानसभा क्षेत्र श्री नैना देवी, घुमारवीं एवं बिलासपुर सदर में बजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच की गई। सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा टीम ने बिलासपुर सदर के इंडस्ट्रियल एरिया, वार्ड नम्बर 1 में 57 लोगों के स्वास्थ्य की जांच एवं 40 लोगों की रक्त जांच की गई। वहीं मोबाईल स्वास्थ्य सेवा टीम श्री नैना देवी ने विधानसभा क्षेत्र के राजकीय महाविद्यालय में डॉ कानव के नेतृत्व मे 66 छात्रों के स्वास्थ्य की जांच की। स्वास्थ्य जांच मे 4 छात्र त्वचा रोग से ग्रसित पाए गए जबकि 62 छात्र अन्य बिभिन रोगों से ग्रसित पाए गए । बच्चों को उचित उपचार एवं नि:शुल्क दवाईयों का वितरण भी किया गया। सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की घुमारवीं टीम ने गांव कुरसवाई, ग्राम पंचायत बरोटा में जनता के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया । इस दौरान 42 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई।
नए साल के जश्न को लेकर बाहरी राज्यों से काफी तादाद पर्यटक शिमला समेत अन्य पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे है। शिमला, कुल्लू, मनाली,व डलहौज़ी समेत प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों के होटलों की एडवांस बुकिंग चल रही है। पर्यटक बर्फबारी की उम्मीद लेकर हिमाचल का रुख कर रहे है।लेकिन फिलहाल अभी मौसम साफ बना हुआ है। मौसम विभाग ने 29 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई है, ऐसे में नए साल पर बर्फबारी की उम्मीद है। यदि बर्फबारी होती है तो प्रदेश में काफी तादात में पर्यटक पहुचेंगे। वहीं राजधानी शिमला का रिज मैदान पर्यटकों से गुलज़ार हो गया है। 31 दिसंबर के लिए राजधानी शिमला के सभी होटल पूरी तरह से पैक हो गए हैं, अधिकतर पर्यटकों ने ऑनलाइन ही बुकिंग करवाई है। शिमला टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन पाल ने कहा कि बर्फबारी की उम्मीद लेकर पर्यटक शिमला आ रहे हैं और 25 दिसंबर क्रिसमस पर शिमला के सभी होटल पूरी तरह से पैक थे और नए साल पर भी वीकेंड होने के चलते काफी तादाद में पर्यटक शिमला आने की उम्मीद है 31 दिसंबर के लिए भी एडवांस बुकिंग हुई है । वही पर्यटकों की आमद बढ़ने से राजधानी शिमला में जाम की समस्या बढ़ गई है। शहर में वाहनों को घंटो जाम में फसना पड़ रहा है। वही पर्यटकों की बढ़ती आमद को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग भी सतर्क हो गया है। खासकर रिज मैदान पर खासकर अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती की गई है और हर वक्त गश्त करते पुलिस जवान रिज पर घूमते नजर आ रहे हैं। एसपी शिमला रमेश शर्मा ने कहा कि नए साल को देखते हुए शिमला के रिज मैदान और माल रोड पर खासकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और यहां पर जवान हर समय तैनात किए गए हैं, इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे से भी नजर रखी जा रही है। वहीं पर्यटन सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर 24 घंटे रेस्टोरेंट्स खाने-पीने के ढाबे खोलने की अनुमति दे दी है प्रदेश में 2 जनवरी तक 24 घंटे ढाबे और रेस्टोरेंट खुले रखने की छूट रहेगी यही नहीं मुख्यमंत्री ने सभी जिला प्रशासन को पर्यटकों को तंग न करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने को भी कहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नए साल का जश्न मनाने के लिए बाहरी राज्यों से काफी तादाद में पर्यटक हिमाचल आते हैं ऐसे में पर्यटकों को तंग ना करें और कानून व्यवस्था बनाए रखें उन्होंने कहा कि पर्यटकों को खाने-पीने के लिए भटकना न पड़े इसके लिए सभी रेस्टोरेंट और खाने-पीने के ढाबों को 24 घंटे खुला रखने की अनुमति दी है, इसके अलावा कोविड-19 मामलों को देखते हुए कोविड नियमो का पालन करने को भी कहा गया है।
धर्मशाला के खेल परिसर में बुधवार को 38वें राज्य स्तरीय युवा उत्सव का शुभारंभ हुआ। 28 से 30 दिसम्बर तक चलने वाले युवा उत्सव की विधिवत शुरुआत करते हुए, उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने प्रदेश से आये लगभग 500 कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। युवा उत्सव के उद्घाटन के अवसर पर बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए उपायुक्त कांगड़ा ने उपस्थित युवाओं से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संजोए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोक नृत्य, लोक गीत और अपनी संस्कृति से जुड़ी कलाओं से ही हमारी पहचान है तथा यह बड़े हर्ष का विषय है कि प्रदेश का युवा इस लोक विरासत को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि लोक परम्पराओं कों आगे बढ़ाने के साथ राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सबसे अधिक युवाओं के कंधो पर है। उपायुक्त ने कहा कि युवाओं को अपने जीवन में उच्च आदर्श स्थापित करते हुए देश के उज्जवल भविष्य के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा अतीत से सबक ले, वर्तमान में जिए और भविषय का निर्माण करें। उन्होंने प्रदेश भर से आये युवा कलाकारों को पूरी तन्मयता से राज्य युवा उत्सव में होने वाली प्रतियोगिताओं में अपनी फनकारी का प्रदर्शन करने की बात कही। इस अवसर पर जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी एन.पी गुलेरिया ने आये हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए राज्य युवा उत्सव के बारे में जानकारी दी। इन प्रतिस्पर्धाओं का होगा आयोजन तीन दिन चलने वाले राज्य युवा उत्सव में पूरे राज्य से आए लगभग 500 युवा प्रतिभागी 11 विधाओं में अपनी कलाओं का प्रदर्शन करेंगे। इनमें लोक नृत्य, लोक गीत, एकांकी (वन एक्ट प्ले), शास्त्रीय गायन, तबला वादन, बांसुरी वादन, सितार वादन, हारमोनियम वादन, कत्थक नृत्य, वाग्मिता (आशु भाषण) और पारंपरिक/लोक वाद्य यंत्र प्रतिस्पर्धाओं में युवा कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर के कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग ने आईटीआई जोगिंद्रनगर के लिए आवश्यक सॉफ्ट कौशल पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में प्रो.अनूप ने बतौर मुख्यातिथि शिरक्त की। समापन समारोह के दौरान, कई प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम पर अपने विचार साझा किए। आईटीआई जोगिंद्रनगर से आई प्रतिभागी पायल ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उसने कई महत्वपूर्ण व्यक्तित्व विकास कौशल सीखे हैं। एक अन्य प्रतिभागी अक्षित ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के बाद उन्हें संचार कौशल के महत्व के बारे में पता चला। एक अन्य प्रतिभागी तनीषा ने कहा कि उन्होंने अपने दैनिक पेशेवर जीवन में बुनियादी कंप्यूटर कौशल के उपयोग के बारे में बहुत सारी जानकारी प्राप्त की है। छात्रों ने अनुरोध किया कि भविष्य में इस तरह के और कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। प्रतिभागियों की सीखने की क्षमता का आंकलन करने के लिए एक समीक्षा प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। जिसमें तनीषा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और विशाल कुमार ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के दूरदराज क्षेत्र गिरिपार के शिलाई गांव में किसान परिवार में जन्मे कपिल कुमार का चयन बतौर असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ जेल के रूप में हुआ है। कपिल कुमार इस पद पर पहुँचने वाले सबसे कम उम्र के युवा अधिकारी है। कपिल कुमार के पिता कल्याण सिंह व माता रुकमी देवी खेतीबाड़ी का कार्य करते है। कपिल कुमार की दो बहने कौशल्या व सुनीता वर्तमान में भाषा अध्यापक पद पर शिक्षा विभाग में सेवारत है, तथा छोटा भाई अमित कुमार प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी में जुटा है। कपिल कुमार की स्कूली शिक्षा सरकारी स्कूल शिलाई से हुई है। उन्होंने साइंस स्ट्रीम में 12वी की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उतीर्ण की, तत्पश्चात स्नातक की डिग्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस गवर्नमेंट कॉलेज संजोली से प्रथम श्रेणी में प्राप्त की। कॉलेज से पास आउट होने के तुरंत बाद कड़ी लग्न के साथ जून 2016 में ही कपिल कुमार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। बिना कोचिंग लिए स्वयं अध्ययन से कड़ी मेहनत व संघर्ष कर वह दो बार राज्य सहकारी बैंक के लिपिक पद भर्ती के साक्षात्कार तक पहुँचे, परन्तु अंतिम चयन नही हुआ। वर्ष 2017 में पुलिस विभाग में बतौर सिपाही कपिल कुमार भर्ती हुए। सिपाही पद पर कार्य करते हुए उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी और वर्ष 2018 में कर्मचारी चयन आयोग के लिपिक पोस्ट कोड 484 में उनका चयन हुआ, परंतु उन्होंने जॉइन नहीं किया। कपिल कुमार ने दो बार एलाइड सर्विसेज की प्रारंभिक परीक्षा पास की, परंतु मुख्य परीक्षा में सफलता प्राप्त करने से वह चूक गए। यही नहीं उन्होंने सब-इंस्पेक्टर पद की प्रारंभिक परीक्षा भी पास की। वर्ष 2019 में भाषा एवं संस्कृति विभाग में बतौर प्रिजर्वेशन अस्सिस्टेंट पद पर अंतिम चयन से बाहर हुए। वर्ष 2020 में मैट्रोलोजी इंस्पेक्टर पद के अंतिम चयन तक पहुँचे किंतु सफलता से चूक गए। लंबे संघर्ष व मेहनत के उपरांत वर्ष 2022 में बतौर असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ जेल/वेलफेयर ऑफिसर पद पर उनका अंतिम चयन हुआ तथा अब वह जिला कारागार ऊना में अपनी सेवाएं दे रहे है। कपिल कुमार द्वारा प्राप्त इस उपलब्धि से जहाँ माता पिता व परिवार गर्व महसूस कर रहे, वही सम्पूर्ण क्षेत्र में खुशी की लहर है। कपिल कुमार का कहना है कि सिर्फ और सिर्फ कड़ी मेहनत व लग्न से मुकाम हासिल किया जा सकता। हमे असफलताओं से निराश नही होना चाहिए क्योंकि असफलता ही सफलता की कुंजी है।
देशभर में एक बार फिर से कोविड-19 की लहर डराने लगी है। इस बीच देश के कई राज्यों ने कोविड-19 को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। हिमाचल प्रदेश में भी मास्क लगाना, उचित दूरी का पालन करने सहित अन्य प्रोटोकॉल का पालन करने की एडवाइजरी जारी की है। इसी बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। सीएम सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को राज्य में कोरोना के मामलों पर कड़ी निगरानी रखने और इसमें किसी भी तरह की संभावित वृद्धि की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कार्यबल और मशीनरी को तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पॉजिटिव केस सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग को भी मजबूत करना सुनिश्चित किया जाए। सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य में आंगतुकों को कोविड-19 के उचित व्यवहार के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ इससे संबंधित उचित निगरानी भी रखी जानी चाहिए। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि फ्लू जैसे लक्षण वाले लोगों की कोविड-19 की जांच भी अवश्य करवाई जाए ताकि उनका शीघ्र इलाज शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं, हिमाचल प्रदेश में प्रिकॉशन डोज की कमी को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जल्द ही वैक्सीन की कमी को पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर वैक्सीनेशन की कमी है, वहां वैक्सीनेशन की कमी को पूरा किया जाएगा. वहीं प्रधान सचिव स्वास्थ्य सुभासीष पन्डा ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि प्रदेश में 2526 ऑक्सीजन युक्त समर्पित बिस्तर तथा 2046 कोविड समर्पित बिस्तर हैं। उन्होंने कहा कि कोविड टीकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे।
देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस आज अपना 138वां स्थापना दिवस मना रही है। साल 1885 में आज ही के दिन यानी 28 दिसंबर को कांग्रेस की स्थापना हुई थी। हिमाचल प्रदेश की राजधानी में स्थित राजीव भवन में भी कांग्रेस ने अपना स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और अध्यक्ष प्रतिभा सिंह मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने देश की आजादी से लेकर देश को विकास की राह पर आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस की योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस देश में सुई बनाने से लेकर मंगलयान बनाने तक का काम कांग्रेस सरकार ने पूरा किया है। पार्टी स्थापना दिवस के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने संगठन से लेकर सरकार तक के सफर को याद किया। मुख्यमंत्री सीएम सुक्खू ने कहा कि एनएसयूआई से चुनाव लड़ कर क्लास रिप्रेजेंटेटिव बनने के बाद वे मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे है। उन्होंने कहा कि ऐसा सिर्फ कांग्रेस पार्टी में ही संभव है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छोटे से छोटे कार्यकर्ता को सम्मान देना जानती है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे सरकार को सेटल होने के लिए 2 से 3 महीने का समय दें। साथ ही उन्होंने सभी लोगों से कार्यकर्ताओं से पार्टी की विचारधारा के साथ आगे बढ़ने का भी आह्वान किया। वहीं, हिमाचल प्रदेश में प्रिकॉशन डोज की कमी को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जल्द ही वैक्सीन की कमी को पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर वैक्सीनेशन की कमी है, वहां वैक्सीनेशन की कमी को पूरा किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्यटन स्थलों में ढाबों और चाय की दुकानों को 24 घंटे खुले रखने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश आने वाले पर्यटकों को किसी तरह की कोई समस्या न हो, इसके लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
प्रदेश में सुक्खू सरकार एक के बाद एक दमदार फैसले ले रही है। अब प्रदेश सरकार का एक और नया फैसला सामने आया है। प्रदेश सरकार ने राज्य में आने वाले सैलानियों की सुविधा के दृष्टिगत रेस्तरां, ढाबे, चाय तथा खान-पान की अन्य दुकानें इत्यादि को 2 जनवरी, 2023 तक दिन-रात खुले रखने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से दिन-रात होटल और ढाबे खुले रखने का आग्रह शिमला से विधायक हरीश जनारथा, मनाली से विधायक भुवनेश्वर गौड़ और कसौली से विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने किया था। इन तीनों ही विधायकों के क्षेत्र में पर्यटन कारोबार अधिक है। दरअसल प्रदेश में इस वक्त पर्यटकों की आमद बढ़ रही है जिससे प्रदेश के पर्यटन कारोबारियों को खासा लाभ हो रहा है। कोरोना काल में प्रदेश के पर्यटन कारोबारियों को बड़ा झटका लगा था, जिससे वे अब तक नहीं उभर पाए थे। मगर अब पर्यटकों के आने से परिस्थितियां बदल रही है। इस निर्णय के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा यह निर्णय इस पर्यटन सीजन में प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार के इस निर्णय से पर्यटन व्यवसायियों ने राहत की सांस ली है। इससे सैलानियों को भी भोजन के लिए ईधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए हैं कि सैलानियों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री कहा कि राज्य सरकार इन प्रबन्धों को आगे भी जारी रखने पर विचार कर सकती है, हालांकि इसमें सम्बन्धित संस्थानों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करना होगा। गौरतलब है कि शिमला के होटलों में नए साल के जश्न की तैयारियां हो गई हैं। शिमला के पर्यटन विकास निगम और निजी होटलों में 31 दिसंबर की रात न्यू ईयर पार्टियां होंगी। राजधानी शिमला के होटल होलीडे होम में 31 दिसंबर को गाला डिनर का इंतज़ाम किया गया है। फूड फेस्टिवल के तहत सैलानियों को हिमाचली व्यंजन परोसे जाएंगे। डीजे म्यूजिक के साथ डाइन एंड डांस की भी व्यवस्था भी होगी। मुख्यमंत्री ने पर्यटन सीजन के दौरान सड़कों को बहाल रखने को कहा है, क्योंकि सैलानियों के अधिक संख्या में आने से खासकर कसौली, शिमला, धर्मशाला और कुल्लू में न्यू ईयर पर ट्रैफिक जाम लोगों को परेशान करता है। मुख्यमंत्री ने ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए पुलिस को अभी से इंतजाम रखने को कहा है। कोविड प्रोटोकॉल अपनाने की एडवाइजरी वहीं सीएम सुक्खू ने पड़ोसी देशों में कोविड-19 की बिगड़ती स्थिति को ध्यान में रखते हुए यहां आने वाले सैलानियों से कोविड-19 से सम्बन्धित सभी सावधानियों के अनुपालन का भी आग्रह किया है । मुख्यमंत्री ने कहा कि चीन समेत कुछ अन्य देशों में कोविड-19 के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इसे देखते हुए उन्होंने हिमाचल आने वाले पर्यटकों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह किया है। बता दें कि नए साल से पहले हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा है। सैलानियों की भारी आमद के चलते राज्य के तमाम पर्यटन स्थलों में ट्रैकिक जाम की समस्या देखने को मिल रही है। आलम ये है कि पिछले 48 घंटों में अटल टनल से 30 हजार वाहनों की आवाजाही हुई है। हिमाचल के अधिकांश पर्यटन स्थलों पर 90 फीसदी से ज्यादा की ऑक्युपेंसी चल रही है। न्यू ईयर पर इसके शत प्रतिशत होने की संभावना है।
पहाड़ी इलाकों में लगातार बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। वहीं राजधानी दिल्ली का न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। मिली जानकारी के अनुसार मौसम विभाग ने 31 दिसंबर तक कोहरे और ठंड में और इजाफा होने का अनुमान जताया है। दिल्ली में बुधवार को न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। वहीं हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश बर्फ़बारी के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश के कई भागों में दो दिन बारिश-बर्फबारी के साथ 28 दिसंबर तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 29 और 30 दिसंबर को शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और किन्नौर के ऊंचाई वाले भागों में बर्फबारी की संभावना है। ऐसे में नववर्ष पर हिमाचल आने का प्लान बना रहे सैलानियों को बर्फ के दीदार हो सकते हैं। प्रदेश के मध्य पर्वतीय व मैदानी भागों में बारिश होने की संभावना है। विभाग ने निचले व मैदानी कुछ इलाकों में शीतलहर चलने और सुबह-शाम धुंध छाए रहने का येलो अलर्ट जारी किया है। 31 दिसंबर से सभी क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। वहीं मैदानी जिलों में धुंध पड़ने का सिलसिला जारी है। इससे यातायात प्रभावित हो रहा है। प्रदेश के अधिकतर भागों में शीतलहर बढ़ गई है। मंगलवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहने के साथ धूप खिली। न्यूनतम तापमान शिमला में न्यूनतम तापमान 4.5, सुंदरनगर माइनस 0.3, भुंतर माइनस 0.4, कल्पा माइनस 3.6, धर्मशाला 6.2, ऊना 3.0, नाहन 8.5, केलांग माइनस 7.9, पालमपुर 3.5, सोलन 2.3, मनाली माइनस 0.6, कांगड़ा 4.2, मंडी 0.3, बिलासपुर 5.0, हमीरपुर 2.2, चंबा 2.3, डलहौजी 4.4, जुब्बड़हट्टी 5.4, कुफरी 2.5, कुकुमसेरी माइनस 5.0, नारकंडा माइनस 0.2, रिकांगपिओ माइनस 0.9, सियोबाग मानइस 0.5, धौलाकुआं 4.5, बरठीं 3.9, पांवटा साहिब 7.0 और सराहन में 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है।
हिमाचल प्रदेश में 29 दिसंबर से मौसम करवट बदलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र ने 29 दिसंबर को शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, लाहौल स्पीति और किन्नौर के ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है, वहीं प्रदेश के अन्य भागों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। 30 दिसंबर को अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्का हिमपात हो सकता है, जबकि नववर्ष के दिन मौसम साफ होने का पूर्वानुमान है। हिमाचल प्रदेश में लोग 2 महीने से ड्राइ स्पेल की मार झेल रहे हैं। वहीं 12 में से 11 जिलों में पानी की बूंद तक नहीं गिरी हैं, केवल लाहौल स्पीति में हल्का हिमपात हुआ है। बारिश बर्फ़बारी न होने से सूखी ठंड ने किसानों और आम जनता की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। इस बीच मौसम विभाग ने आज और कल के लिए निचले इलाकों में घनी धुंध छाने और शीत लहर चलने की चेतावनी जताई है। प्रदेश के क्षेत्रों के तापमान की बात करें तो केलोंग का न्यूनतम तापमान माइनस 7.9 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। कुकुमसेरी का माइनस 5 डिग्री, कल्पा का माइन 3.6 डिग्री, मनाली का माइनस 0.6 डिग्री, नारकंडा का माइनस 0.2 डिग्री, शिमला का 4.5 डिग्री, धर्मशाला का 6.2 डिग्री, ऊना का 3 डिग्री, हमीरपुर का 2.2 डिग्री, मंडी का 0.3 डिग्री, चंबा का 2.3 डिग्री और सोलन का 2.3 डिग्री तक न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया है।
हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में पेपर बेचने के आरोप में हिरासत में लिए गए आरोपियों को विजिलेंस की टीम ने शनिवार को कोर्ट में पेश किया है। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपियों को 28 दिसंबर तक रिमांड पर भेज दिया है। अब विजिलेंस की टीम इस पूरे मामले की छानबीन करने के लिए अगले चार दिनों तक आरोपियों से गहनता से पूछताछ करेगी। 29 दिसंबर को फिर सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। ज्ञात रहे कि हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में शुक्रवार को जेओए आईटी के पेपर लीक मामले में विजिलेंस ने एक महिला कर्मचारी व चार युवकों को गिरफ्तार किया था। आरोपी महिला कर्मचारी हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग में कार्यरत है। महिला चयन आयोग की सीक्रेसी ब्रांच के उच्च पद पर तैनात है। महिला अधिकारी को अढ़ाई लाख रुपए के साथ विजिलेंस की टीम ने रंगे हाथों दबोचा है। इसके साथ संजीव कुमार व अन्य दो लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। इन चारों को हिरासत में लेने के बाद हुए खुलासे के बाद विजिलेंस की टीम ने एक अन्य महिला व युवक को गिरफ्तार किया है। इस सभी 6 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है। जिसमें पहले 4 युवकों को शनिवार शाम 4 बजे के करीब कोर्ट में पेश किया गया, वहीं दोनों आरोपी महिलाओं को शाम 6 बजे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 4 दिन के रिमांड पर भेज दिया है। अब विजिलेंस की टीम सभी आरोपियों से अगले 4 दिनों तक पूछताछ करेगी और इस मामले में संलिप्त गिरोह का पर्दाफाश करेगी। बता दें कि आरोपी महिला कर्मचारी इससे पूर्व भी इस तरह के मामले में विवादों में रही है। आरोपियों में महिला कर्मचारी के दो बेटे भी शामिल हैं। जिन्हें अब कोर्ट ने रिमांड पर भेज दिया है।
नई नवेली सरकार के शुरुआती फैसलों को लेकर प्रदेश भाजपा तल्ख हो उठी है। अभी प्रदेश में कैबिनेट का भी गठन नहीं हो पाया है कि भाजपा ने सड़कों पर उतरने का ऐलान कर दिया है। दरअसल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की सरकार ने पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा चुनाव से कुछ अरसा पहले खोले गए विद्युत विभाग के डिवीजन और सब डिविजन को बंद करने का ऐलान कर दिया है। साथ ही तत्कालीन सरकार द्वारा जिन अस्पतालों का दर्जे बढ़ाए गए थे, उन अस्पतालों के दर्जे घटाने का फरमान जारी कर दिया है। इस पर पूर्व ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने मौजूदा सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर बदले की भावना से काम करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार गलत मानसिकता के चलते पूर्व सरकार द्वारा शुरू किए अस्पतालों और विभिन्न कार्यालयों को बंद कर रही है। बदले की भावना से लिए इन फैसलों से जनता को नुकसान होगा। पूर्व ऊर्जा मंत्री ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार तुगलकी फरमान वापस लें अन्यथा भाजपा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी और जरूरत पड़ी, तो न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।
देश के कई हिस्सों में जबरदस्त कड़ाके की ठंड पड़नी शुरू हो गई है। उत्तर और पूर्वी राज्यों में सुबह के वक्त कोहरा के कारण सड़कों पर गाड़ियां चलाने में लोगों को काफी दिक्कत आ रही है। इस हफ्ते की शुरुआत से ही ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। देश के कई हिस्सों में बारिश के भी आसार देखने को मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर में भी घना कोहरा होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के आखिरी हफ्ते से पहले उत्तर भारत में 23 तारीख से शीतलहर का असर देखने को मिल सकता है। आगामी पांच दिनों कि बात करें तो दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और बिहार में शीतलहर का प्रकोप दिख सकता है। इस दौरान दिन में हवाएं तेज चल सकती हैं। वहीं गुरुवार को अंडमान निकोबार में कई जगहों पर मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के साथ महाराष्ट्र में गर्जना के साथ बारिश होने की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है। बिहार और उत्तर प्रदेश में हल्के से मध्यम कोहरे के रहने का पूर्वानुमान लगाया गया है।
प्रदेश सरकार ने अनूप कुमार रतन को हिमाचल प्रदेश का नया महाधिवक्ता नियुक्त कर दिया है। एडवोकेट अनूप कुमार रतन को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का करीबी माना जाता है। छोटा शिमला के स्ट्रॉबेरी हिल निवासी अनूप कुमार रतन मूल रूप से जिला ऊना के अंब से संबंध रखते हैं। पूर्व की कांग्रेस सरकार के समय अनूप कुमार रतन अतिरिक्त महाधिवक्ता के पद पर नियुक्त थे। अनूप कुमार रतन को प्रदेश सरकार की ओर से हाईकोर्ट के समक्ष मामलों की पैरवी करने के लिए एडवोकेट जनरल नियुक्त किया गया है। बुधवार को अनूप रत्न ने हाईकोर्ट में महाधिवक्ता का कार्यभार सम्भाला। इस दौरान अधिवक्ता सहित अन्य कांग्रेस के नेता उन्हें बधाई देने पहुचे। महाधिवक्ता नियुक्ति होने पर अनूप रत्न ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह का आभार जताया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार के जितने भी मामले कोर्ट में लंबित पड़े हैं, उन्हें जल्द से जल्द निपटाया जाएगा। अनूप रतन ने कहा कि सरकार ने जो जिम्मेदारी उन्हें दी है, उस पर वह खरा उतरने की कोशिश करेंगे।
हिमाचल की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के एक्शन मोड में आने से प्रदेश में हड़कंप मच गया है। प्रदेश सरकार ने आज लगभग 180 हेल्थ इंस्टीट्यूट (PHC, CHC, अपग्रेडिड अस्पताल), 74 तहसील, सब तहसील, कानूनगो सर्किल, पटवार सर्किल और 1 फोरेस्ट डिवीजन को भी डिनोटिफाई कर कर दिया गया है। प्रधान सचिव स्वास्थ्य सुभाशीष पांडा ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। आदेशों में यह स्पष्ट किया गया है कि हिमाचल प्रदेश में 1 अप्रैल 2022 के बाद खोले गए नए स्वास्थ्य संस्थान और अपग्रेड किए गए स्वास्थ्य संस्थान डिनोटीफाई किए जाते हैं। इससे एक दिन पहले मंगलवार को सुक्खू सरकार ने बिजली बोर्ड के 12 विद्युत मंडल, 17 उपमंडल और तीन ऑपरेशन सर्किल बंद कर दिए थे। बोर्ड प्रबंधन ने मंगलवार को 32 कार्यालयों को डिनोटिफाई किया था। चीफ इंजीनियरों से इन नए कार्यालयों को खोलने पर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। अब स्थानीय स्तर पर जरूरतों को देखते हुए सरकार इन सभी कार्यालयों की समीक्षा करेगी।
शेयर बाजार की क्लोजिंग में आज सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा टूटकर बंद हुआ है। कारोबार खत्म होते समय बीएसई का सेंसेक्स 635.05 अंक यानी 1.03 फीसदी की गिरावट के साथ 61,067.24 के लेवल पर क्लोज हुआ। एनएसई का निफ्टी 186.20 अंक यानी 1.01 फीसदी की गिरावट के साथ 18,199.10 पर जाकर बंद हुआ है। सबसे अधिक गिरावट मिडकैप शेयरों में दिखी और ये शेयर 1.58 फीसदी तक टूटे। हालांकि बाजार में फार्मा, हेल्थकेयर और आईटी इंडेक्स में मजबूती दिखी। फार्मा इंडेक्स में 2.39 फीसदी, हेल्थकेयर इंडेक्स में 2.67 फीसदी और आईटी इंडेक्स में 0.53 प्रतिशत की तेजी रही। बुधवार के कारोबारी सेशन में बाजार में सनफार्मा, एचसीएल, टीसीएस, टेक महिंद्रा और नेस्ले इंडिया टॉप गेनर्स रहे, जबकि इंडसइंड बैंक, मारुति सुजुकी और अल्ट्राटेक सीमेंट में सबसे ज्यादा गिरावट दिखी।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे के भाजपा नेताओं का देश की आजादी में कोई योगदान न होने के बयान का कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप राठौर ने समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का देश की आजादी में कोई भी योगदान नहीं है। कांग्रेस ने देश को आजाद करवाया और देश के लिए कांग्रेस नेताओं ने अपने प्राणों की आहुति दी है। राठौर ने आगे कहा उस समय भाजपा के नेता अंग्रेजों के साथ खड़े थे। उनके नेताओं ने उस समय स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ कोर्ट में जाकर गवाही तक दी थी। भाजपा नेताओं के पूर्वजो का देश की आजादी या स्वतंत्रता संग्राम में कोई भी योगदान नहीं रहा है, जबकि कांग्रेस नेताओं ने देश को आजाद ही नहीं करवाया बल्कि देश की एकता अखंडता के लिए अपने प्राण भी न्योछावर किए है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हो, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी या राजीव गांधी हो उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी है। उन्होंने कहा कि जो बयान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दिया है, वह उसका समर्थन करते है। वही कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर केंद्र सरकार द्वारा राहुल गांधी को भारत जोड़ो यात्रा रोकने को लेकर लिखे पत्र पर राठौर ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा में देशभर में राहुल गांधी के साथ लोग काफी तादाद में जुड़ रहे और यह यात्रा काफी सफल हो रही है जिससे भाजपा घबरा गई है। इस यात्रा को रोकने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि जब राज्यों में चुनाव हुए तो उस समय कोरोना नजर नहीं आया और जब राहुल गांधी देश को जोड़ने के लिए यात्रा कर रहे हैं तो कोरोना के मामले बढ़ते नजर आ रहे है। ये केंद्र सरकार द्वारा भारत जोड़ो यात्रा को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रदेश में इस बार नए साल की शुरुआत बर्फबारी के साथ होगी। हिमाचल प्रदेश में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, पहला पश्चिमी विक्षोभ 25 दिसंबर से 27 दिसंबर तक जबकि दूसरा पश्चिमी विक्षोभ 28 से 31 दिसंबर तक सक्रिय होगा। ऐसे में मौसम विभाग ने 25 दिसंबर को कुछ स्थानों पर बारिश-बर्फबारी की संभावना जताई है। इस दौरान किन्नौर, लाहौल स्पीति, चंबा, कुल्लू के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। हालांकि यह पश्चिमी विक्षोभ उतना ज्यादा प्रभावी नहीं होगा, लेकिन 28 दिसंबर से सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ काफी प्रभावशाली रहेगा। इस दौरान शिमला, मंडी, कुल्लू, चम्बा, कांगड़ा के अधिकतर हिस्सों में बर्फबारी होने की संभावना है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से कम चल रहें हैं, जिससे ठण्ड काफ़ी बढ़ गई हैं। प्रदेश के कई जिले शीतलहर की चपेट में हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सुरेंद्र पाल का कहना है कि प्रदेश में 25 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं। इस दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होगी, जबकि निचले क्षेत्रों में मौसम के साफ रहने की संभावना हैं। लेकिन दिसंबर माह के आखिरी दिनों में कई हिस्सों में बर्फबारी की संभावना है। 28 दिसम्बर से दूसरा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे नए साल पर प्रदेश में बर्फबारी की संभावना हैं। प्रदेश में तापमान सामान्य से कम चल रहे जिससे ठण्ड काफ़ी बढ गई हैं। प्रदेश के निचले जिलों में इस दौरान मंडी, हमीरपुर, कांगड़ा, ऊना में धुंध छाई रहेगी, जिसको लेकर अलर्ट जारी किया गया हैं।
देशभर में अब तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। राजधानी दिल्ली भी कोहरे की चादर में लिपटी हुई है। सुबह के समय घने कोहरे के कारण यहां लोगों को खराब विजिबिलिटी के कारण यातायात में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के कारण निचले इलाकों में भी इसका खूब असर दिख रहा है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि अगले 4 से 5 दिनों के दौरान हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 20 दिसंबर और 21 दिसंबर के दौरान बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग इलाकों में घना कोहरा छाने की संभावना है। वहीं हिमाचल प्रदेश कि बात करे तो हिमाचल में बीते सप्ताह तक रिकॉर्ड गर्मी के बाद अब सर्दी का सितम देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने अगले 4 दिनों में मैदानी व निचले इलाकों में शीतलहर चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही दोपहर में ऊंचाई वालों क्षेत्रों व मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी दी गई है जिससे विजिबिलिटी 50 मीटर तक कम होगी। ऐसे में वाहन चालकों को गाड़ी चलाते वक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं शीतलहर के येलो अलर्ट के बीच प्रदेश के अधिकतर शहरों का न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु के आसपास पहुंच गया है। प्रदेश में बीते 3 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस और 24 घंटे में 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है। प्रदेश के ऊंचे क्षेत्रों से ज्यादा ठंड मैदानी इलाकों में पड़ रही है। बीती रात में शिमला का न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस तो मंडी का 1.1 डिग्री, मनाली का 0.2 डिग्री, हमीरपुर का 2.8 डिग्री, सोलन 1.9 डिग्री, पालमपुर 4 डिग्री, भुंतर 0.4 डिग्री, सुंदरनगर 0.6 डिग्री, सोलन 1.9 डिग्री, चंबा का 3.7 डिग्री, ऊना का 4.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार, सामान्य की तुलना में मंडी के न्यूनतम तापमान में सबसे ज्यादा 2.9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
कोरोना महामारी के दौरान औंधे मुँह गिरे हिमाचल के पर्यटन कारोबार को इस साल पंख लग गए हैं। मध्य दिसंबर तक होटलों में ऑक्यूपेंसी 75 फीसदी से अधिक है। साथ ही क्रिसमस और न्यू ईयर के जश्न के लिए अधिकतर होटलों में बुकिंग हो गई है। अब तक 50 फीसदी बुकिंग क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए हुई है, क्योंकि इस बार क्रिसमस और न्यू ईयर एक ही सप्ताह में आ रहे हैं, ऐसे में हिमाचल में रेकॉर्ड पर्यटक आने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश पर्यटन निगम के प्रबन्ध निदेशक अमित कश्यप ने बताया कि नवंबर माह तक करीब 1 करोड़ 40 लाख पर्यटक हिमाचल पहुँचा है । इसमें विदेशी पर्यटकों की मात्रा 26 हज़ार है। कोरोना के बाद विदेशी पर्यटकों की संख्या में कमी दर्ज की जा रही हैं। लेकिन घरेलू पर्यटकों की संख्या में काफी उछाल आया है। उम्मीद की जा रही है कि इस बार हिमाचल में पर्यटकों की संख्या पिछले सारे रेकॉर्ड तोड़ सकती है। पर्यटकों को लुभाने के लिए पर्यटन निगम कई आकर्षक विशेष पैकेज भी लाया है, जिसमें 24 हज़ार 900 रुपए में निगम के होटलों में 4 दिन व रात का विशेष पैकेज रखा गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहाड़ी राज्यों में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) को लागू करने में प्रथम स्थान हासिल करने और आईसीजेएस (इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) के क्रियान्वयन में तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने के लिए राज्य पुलिस को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को सुरक्षित और तनावमुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए जन मित्र पुलिस की आवश्यकता है। हिमाचल ने लगातार तीसरे वर्ष प्रतिष्ठित सीसीटीएनएस पुरस्कार जीता है। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने आज दिल्ली में मुख्यमंत्री से भेंट की और उन्हें राज्य द्वारा जीते गए पुरस्कारों से अवगत करवाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, रेरा प्रमुख डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) प्रबोध सक्सेना, डीआईजी, डीके चौधरी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने पहाड़ी राज्यों की श्रेणी में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) को लागू करने में प्रथम स्थान हासिल करने और आईसीजेएस (इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) के क्रियान्वयन में तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने के लिए राज्य पुलिस को बधाई दी। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने आज नई दिल्ली में राज्यपाल से भेंट की और उन्हें राज्य द्वारा जीते गए पुरस्कारों से अवगत कराया। राज्यपाल ने कहा कि सीसीटीएनएस पुलिस की कार्यप्रणाली की रीढ़ है और अपराध नियंत्रण के लिए आवश्यक है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू समेत कांग्रेस के 40 विधायकों ने राजस्थान में राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा के 100 वें दिन हिस्सा लिया। उनके साथ डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी नजर आईं। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि भारत जोड़ो देशभर में इतिहास रच रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर ने कहा कि हिमाचल में सरकार बनाना पार्टी के लिए उपलब्धि है। उन्होंने कहा हिमाचल हिमालय का ताज है और ताज अब कांग्रेस के पास है। प्रदेश की जनता ने जो विश्वास दिखाया है, पूरी पार्टी एक साथ मिलकर उसपर खरा उतरेगी। इस मोके पर प्रभारी राजीव शुक्ला भी यात्रा का हिस्सा बने। वहीं राहुल गांधी ने भी हिमाचल के नेताओं का सत्कार किया और प्रतिभा, सुक्खू और मुकेश का विजय हाथ उठाया। राहुल गांधी ने भी हिमाचल के नेताओं के साथ सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साँझा करते हुए लिखा- हम भारत जोड़ो यात्रा पर इसी विश्वास के साथ निकले थे कि राह कठिन होगी, मगर बदलाव मुमकिन है और 100 दिनों के सबके प्यार और सौहार्द से यह विश्वास और भी पुख्ता हो गया है। आज भारत जोड़ो यात्रा में हिमाचल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री और विधायक शामिल हुए। राज्य में उनकी मेहनत और तपस्या की सफलता इस बात का प्रतीक है कि हिमाचल ने नफरत की मानसिकता को ठुकरा कर प्रगति और प्रेम को गले लगाया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर निशाना साधा हैं। नरेश चौहान ने पूर्व सीएम को सब्र रखने की हिदायद दी हैं। दरअसल जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर हेलीकाप्टर के दुरपयोग को लेकर निशाना साधा था। मुख्यमंत्री के प्रधान मिडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि हैलीकॉप्टर उड़ानों को लेकर उनकी चिंता अब दिखी है, अगर पांच वर्ष पहले उनके मन में ऐसे विचार आ जाते तो प्रदेश तथा यहां की जनता का ज्यादा भला होता। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर सरकारी हेलिकॉप्टर का कतई उपयोग नहीं किया गया और इस दौरान यह अनाडेल में ही रहा। इसके विपरीत अति-विशिष्ट व्यक्तियों के लिए निजी हेलिकॉप्टर का उपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ने वाले पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा वित्तीय प्रबन्धन पर टिप्पणी करना हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि सरकार के गठन को अभी एकसप्ताह भी नहीं हुआ है जयराम ठाकुर अभी संयम रखें। उन्होंने कहा कि आर्थिक संसाधनों को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू के नेतृृत्व में प्रदेश सरकार प्रभावी कदम उठाएगी, विपक्ष को इस बारे में चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
बिलासपुर में वीरवार को एसीसी सीमेेंट कारखानों को कंपनी द्धारा अनिश्चितकालीन समय के लिए बंद करने के बाद जहां ट्रक आपरेटरों के सामने संकट पैदा हो गया हैं। वहीं इससे एसीसी में काम करने वाले कर्मचारियों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा होे गया है। इसी गतिरोध को कम करने के उददेश्य से जिला मुख्यालय पर उपायुक्त पंकज राय की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। जिसमेें एसीसी के प्लांट हैड अभिताव सिंह व बीडीटीएस की ओर से प्रधान जीत राम गौतम, ध्यान सिंह ठाकुर व बालक राम सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। लेकिन बैठक में किराए बढोतरी को लेकर बहरहाल दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बनी तथा 20 दिसंबर को फिर से उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में एसीसी सीमेंट प्रबंधन वर्ष 2005 में तय किराया छह रूपये प्रति विक्टल व बीडीटीएस प्रबंधन वर्तमान में मिल रहे किराया भाडा 11.40 पैसे पर अडा रहा। जिस कारण यह बैठक बेनतीजा रही। बैठक में मौजूद बीडीटीएस के प्रधान जीत राम गौतम व ध्यान सिंह ठाकुर ने कहा कि सीमेंट कारखाना प्रबंधन में जुलाई माह में किराया भाडा बढोतरी में 3.97 पैसे की बढोतरी की सहमति बनी थी। लेकिन यह बढोतरी आज तक नहीं मिली है। बल्कि अब एसीसी सीमेंट प्रबंधन वर्ष 2005 में तय किराया छह रूपये प्रति विक्टल के हिसाब से ढुलाई कार्य करने के लिए दवाब बनाने का प्रयास कर रहा है। जिससे ट्रक आपरेटरों के सामने आर्थिक संकट गहरा जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां पहले हर दिन 1200 -1300 गाडियों का डिस्पैच जाता था । वहां पर 300 गाडियों का डिस्पैच जा रहा था। उन्होंने कहा कि इस बैठक में दोनों पक्षों से उपायुक्त ने सुझाव मांगे है। उधर, इस बैठक को लेकर उपायुक्त पंकज राय ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से एसीसी मेें पैदा हुए संकट को लेकर एसीसी सीमेंट प्रबंधन व बीडीटीएस प्रबंधन की बैठक सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन हुई। बैठक में बीडीटीएस ने कुछ समय मांगा है ताकि इस मुददे को साधारण अधिवेशन मेें रखा जाएगा। अब यह बैठक 20 दिसंबर को बुलाई गई है। उन्हें उम्मीद है कि बीस दिसंबर को बैठक में यह मसले हल हो जाएंगेे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और सभी नव-निर्वाचित विधायकों के साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भेंट की। इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं हिमाचल प्रदेश के प्रभारी राजीव शुक्ला भी उपस्थित थे। मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्यमंत्री और सभी कांग्रेस विधायकों को विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज करने और राज्य में कांग्रेस को सत्तासीन होने पर बधाई दी। उन्होंने प्रतिभा सिंह, सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुकेश अग्निहोत्री और सभी पार्टी नेताओं की कड़ी मेहनत की सराहना की। उन्होंने राजीव शुक्ला को चुनाव अभियान की निगरानी करने के लिए बधाई दी। उन्होंने पार्टी के सभी नेताओं से एकजुट होकर राज्य के लोगों के लिए काम करने और घोषणा-पत्र में किए गए सभी वायदों को अक्षरशः लागू करने के लिए कहा ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति विकास कार्यों से लाभान्वित हो सके। राजीव शुक्ला ने सभी विधायकों का स्वागत करते हुए राज्य में कांग्रेस की सत्ता वापिसी पर बधाई दी। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को उनके मार्गदर्शन और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए राज्य सरकार मजबूती और स्थिरता से कार्य करेगी। वहीं मुख्यमंत्री ने पार्टी नेतृत्व को उनके मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया जिसके फलस्वरूप चुनावों में कांग्रेस पार्टी की जीत सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव जन कल्याण से संबंधित मुद्दों पर लड़े जाते हैं और कांग्रेस की विचारधारा का मुख्य केंद्रबिंदु जन कल्याण ही है। उन्होंने कहा कि सभी पार्टी नेताओं ने कड़ी मेहनत की और जन कल्याण की विचारधारा को जमीनी स्तर तक लोगों के बीच पहुंचाया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई सरकार किए गए वायदों को पूरा कर लोगों को बेहतर सेवा और शासन देने का पूरा प्रयास करेगी। इस दौरान उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का चुनावी अभियान में सहयोग प्रदान करने तथा उचित मार्गदर्शन कर जीत सुनिश्चित करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब नई सरकार प्रदेश की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का भरसक प्रयास करेगी। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने सभी विधायकों को उनकी जीत पर बधाई दी और विशेष तौर पर सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और राजीव शुक्ला का धन्यवाद किया जिन्होंने राज्य में कांग्रेस की जीत को संभव बनाया। उन्होंने कहा कि पार्टी के हर कार्यकर्ता ने प्रदेश में कांग्रेस की जीत के लिए कड़ी मेहनत की और यह गर्व की बात है कि पार्टी ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा।


















































