एमसीएक्स पर गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में इजाफा हुआ है। सोने की कीमत में आज 0.08 फीसदी बढ़ गई है। इस तेजी के साथ दस ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 47,848 रुपये पर आ गई है। इसके साथ ही चांदी की कीमत में भी तेजी आई है। चांदी का दाम 0.12 फीसदी बढ़कर 61,931 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। आभूषण बनाने के लिए ज्यादातर 22 कैरेट का ही इस्तेमाल होता है। कुछ लोग 18 कैरेट सोने का भी इस्तेमाल करते हैं। आभूषण पर कैरेट के हिसाब से हॉल मार्क बना होता है। 24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999 लिखा होता है, जबकि 23 कैरेट पर 958, 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है।
कड़ाके की ठंड के बीच उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने बुधवार सुबह बारिश की चेतावनी जारी की है। इस बारिश के कारण इन राज्यों में और भी ठिठुरन बढ़ेगी। वहीं मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में शीतलहर के आसार जताए गए हैं। ओडिशा में चक्रवाती परिसंचरण की वजह से बुधवार को जमकर बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान और भी अधिक बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग ने आज सुबह ट्वीट कर जानकारी देते हुए बताया कि अगले दो घंटों के दौरान हरियाणा के कुरुक्षेत्र और करनाल के अलावा उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, देवबंद, मुजफ्फरनगर और शामली के आसपास क्षेत्रों में हल्की से मध्यम तीव्रता की बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने यूपी के मेरठ में भी बारिश की संभावना जताई थी। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तरी राजस्थान, मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में शीतलहर के आसार हैं। उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आएगी। 13 से 15 जनवरी के बीच पंजाब, उत्तरी राजस्थान, हरियाणा और चंडीगढ़ में अलग-अलग इलाकों में शीत लहर रह सकती है।
भारत में कोरोना वायरस के मामलों में अचानक आए उछाल के बीच उसके नए वैरिएंट के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में पिछले 24 घंटों में ओमिक्रॉन के 620 नए केस दर्ज किए गए हैं। नए मामलों के आने के साथ देश में ओमिक्रॉन के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 5,488 पहुंच गई है। इससे पहले, बुधवार को 407, मंगलवार को 428 और सोमवार को 410 नए मामले दर्ज किए गए थे। हालांकि, राहत की बात यह है कि ओमिक्रॉन के कुल संक्रमितों में से 2,162 मरीज़ ठीक हो चुके हैं। ओमिक्रॉन से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली शीर्ष पर हैं। महाराष्ट्र में अब तक सबसे ज्यादा 1,367 ओमिक्रॉन के मरीज सामने आए हैं। इनमें से 734 मरीज ठीक हो चुके हैं। दूसरे नंबर पर राजस्थान में 792 और दिल्ली में 549 मामले (तीसरे पायदान पर) अब तक सामने आए हैं। वंही अन्य राज्यों की बात करें तो केरल में 486, कर्नाटक में 479, पश्चिम बंगाल में 294, उत्तर प्रदेश में 275, तेलंगाना में 260, गुजरात में 236, तमिलनाडु में 185, ओडिशा में 169, हरियाणा में 162, आंध्र प्रदेश में 61, मेघालय में 31, बिहार में 27, पंजाब में 27, जम्मू-कश्मीर में 23, गोवा में 21, मध्य प्रदेश में 10, असम में 9, उत्तराखंड में 8, छत्तीसगढ़ में 5, अंडमान एंड निकोबार में 3, चंडीगढ़ में 3, लद्दाख में 2, पुद्दुचेरी में 2, हिमाचल प्रदेश में 1 और मणिपुर में 1 मामला दर्ज किया गया है।
एमसीएक्स पर बुधवार को सोने की चमक कमजोर हुई, तो दूसरी ओर चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। अगर आप आभूषण खरीदने का मन बना रहे हैं तो आज आपके लिए बेहतर मौका है। इससे पहले सोने और चांदी का ताजा भाव जानना आपके लिए फायदेमंद होगा। सोने की कीमत में आज 0.11 फीसदी की कमी आई है। इस गिरावट के साथ दस ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत कम होकर 47,635 रुपये पर आ गया है। इसके साथ ही चांदी की कीमत भी टूटी है। चांदी का दाम 0.15 फीसदी गिरकर 61,014 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। आभूषण बनाने के लिए ज्यादातर 22 कैरेट का ही इस्तेमाल होता है। कुछ लोग 18 कैरेट सोने का भी इस्तेमाल करते हैं। आभूषण पर कैरेट के हिसाब से हॉल मार्क बना होता है। 24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999 लिखा होता है, जबकि 23 कैरेट पर 958, 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है।
देश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। इस बीच दिल्ली की स्थिति भी कोरोना संक्रमण के मामले में काफी खराब है। बीजेपी ऑफिस में कोरोना बम फूटा है। चुनावी मौसम के बीच बीजेपी दफ्तर में एक साथ 30 से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय में कोविड-19 जांच में पार्टी प्रवक्ता समेत 30 से ज्यादा लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। बीजेपी ऑफिस में पार्टी प्रवक्ता के अलावा ऑफिस में काम करने वाले, कई कैंटीन कर्मचारी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। चुनावी मौसम में बैठकों का दौर शुरू होने के बीच पार्टी की ओर से सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों का मंगलवार को कोरोना टेस्ट करवाया गया था। जांच रिपोर्ट में बीजेपी ऑफिस के 30 से ज्यादा लोग कोविड-19 वायरस से संक्रमित मिले। इसके अलावा बीजेपी के कई दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री भी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बाद अब केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब नए शैक्षणिक सत्र से पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को योग और संगीत विषय पढ़ाया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को इस बाबत आदेश जारी हो गए हैं। प्राथमिक स्तर के शिक्षकों को दोनों विषयों को पढ़ाने की जिम्मेवारी सौंपी गई है। शीतकालीन स्कूलों में फरवरी और ग्रीष्मकालीन स्कूलों में अप्रैल से यह दोनों नये विषय पढ़ाए जाएंगे। विद्यार्थियों को शारीरिक तौर पर चुस्त दुरुस्त रखने के लिए सरकार ने योग विषय को शुरू करने का फैसला लिया है। सरकारी स्कूलों में योग को विषय के तौर पर शुरू करने के लिए चुनावी दृष्टि पत्र में घोषणा की गई थी। इसमें अब योग के साथ संगीत विषय को भी जोड़ दिया गया है। योग और संगीत का पाठ्यक्रम एससीईआरटी सोलन ने तैयार कर लिया है।
जिला चंबा में एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। दरअसल चंबा जिले में ब्रंगाल-मंगलेरा सड़क मार्ग पर द्रबला के पास एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई जबकि तीन घायल हैं। मिली जानकारी के अनुसार कार अनियंत्रित होकर 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी है। कार को खाई में गिरता देख ग्रामीण घटनास्थल की ओर भागे और पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। डीएसपी मयंक चौधरी ने बताया कि हादसे के कारणों की छानबीन की जा रही है।
देशभर में आज राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा की काउंसलिग शुरू हो जाएगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने भी पिछले दिनों इस बात की पुष्टी की थी। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने सात जनवरी को अपने अंतरिम आदेश में 2021-22 के लिए नीट-पीजी दाखिले के लिए मेडिकल काउंसलिंग करने की अनुमति दे दी थी। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था कि सभी रेजिडेंट डॉक्टर्स को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दिए आश्वासन के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद MCC द्वारा NEET-PG काउन्सलिंग 12 जनवरी 2022 से शुरू की जा रही है। इससे कोरोना से लड़ाई में देश को और मज़बूती मिलेगी। न्यायालय ने अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को 27 प्रतिशत तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए दस प्रतिशत आरक्षण की वैधता पर मुहर लगाते हुए सरकार को जल्द से जल्द कांउसलिंग कराने का निर्देश दे दिया था। उल्लेखनीय है कि देश में नीट-पीजी परीक्षाएं 11 सितंबर 2021 को शुरू हुईं थी। इससे पहले जनवरी और अप्रैल में दो बार परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव किया गया था।
पंजाब में विधानसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान के बाद आज चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि इतने सालों से बादल परिवार और कांग्रेस दोनों मिलकर पंजाब को लूट रहे थे, ये सिलसिला अब बंद होगा। पंजाब में कांग्रेस सरकार के दौरान बेअदबी कांड, बम ब्लास्ट और प्रधानमंत्री तक की सुरक्षा में चूक हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। जिसे चन्नी सरकार संभाल नहीं पा रही है। वहीं केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के लिए मुख्यमंत्री के चेहरे का ऐलान अगले हफ़्ते तक कर दिया जाएगा।
आज सुबह केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय का ट्विटर अकाउंट हैक हो गया। इस दौरान हैकर्स ने बिटकॉइन का एक लिंक शेयर किया, जिसपर टेस्ला के सीइओ एलन मस्क की फोटो लगी थी। हैकर्स ने लिंक के साथ कैप्शन में लिखा- 'Something Amazing'। हालांकि अब मंत्रालय ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि अकाउंट को फिर से ठीक कर दिया गया है। हैकर्स ने जो लिंक पोस्ट किया था, उसके रिप्लाई में ग्रेट जॉब भी लिखा था। अब ये अकाउंट फिर से रिस्टोर कर लिया गया है। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय के ट्विटर पर 1.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं। बता दें कि पिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्विटर अकाउंट भी हैक किया गया था। उस दौरान भी हैकर्स ने बिटकॉइन को लेकर ट्वीट किए थे। हैकर्स ने पीएम मोदी के अकाउंट से ट्वीट कर बिटकॉइन को कानूनी मान्यता दिए जाने की बात कही गई थी। हालांकि हैक होने के बाद अकाउंट को कुछ ही मिनटों में रिस्टोर कर दिया गया था।
देशभर में मौसम सर्द होता जा रहा है। बारिश, बर्फबारी और शीतलहर से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उत्तर भारत में ठंडी हवाएं चल रही हैं। कई पहाड़ी प्रदेशों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश से मौसम में बदलाव नजर आ रहा है। जम्मू-कश्मीर से लेकर राजस्थान तक सर्दी का सितम बढ़ गया है। बिहार के कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड और वेस्ट बंगाल के लिए 11 जनवरी से 13 जनवरी तक येलो अलर्ट जारी किया है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बादलों का प्रभाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण पूर्वी भारत के कई हिस्सों में जोरदार बारिश होगी। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश, गुजरात के क्षेत्र ठंडी हवाओं की गिरफ्त में हैं, जिसकी वजह से तापमान में गिरावट आई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जनवरी को मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में वह देश के राज्यों में कोरोना और ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में ओमिक्रोन से रोकथाम के लिए चर्चा की जाएगी। गौरतलब है कि इस समय देश में कोविड ओमिक्रोन के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने भी कोविड के इस नए वेरिएंट को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की थी। उस बैठक में ओमिक्रोन की रोकथाम और प्रबंधन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया उपायों, दवाओं की उपलब्धता सहित स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की समीक्षा की गई थी। इस दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर, पीएसए संयंत्र, आईसीयू, ऑक्सीजन बेड, मानव संसाधन, आईटी हस्तक्षेप और टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा की गई थी। अधिकारियों ने उच्च टीकाकरण कवरेज और ओमिक्रोन वेरिएंट की उपस्थिति वाले देशों में मामलों में वृद्धि के अवलोकन के साथ नए वेरिएंट को लेकर विश्व स्तर पर उभरते हालात के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानकारी दी थी।
दिल्ली में नई पाबंदियों के बावजूद कोरोना की रफ्तार बेकाबू है। इसकी वजह के डीडीएमए ने मंगलवार को नई गाइडलाइन जारी करते हुए कुछ और प्रतिबंधों को सख्त कर दिया है। डीडीएम की तरफ से मंगलवार की जारी नई गाइडलाइन में कहा गया है कि जरूरी सेवाओं जुड़े दफ्तरों को छोड़कर सभी प्राइवेट ऑफिस किए जाएंगे।सभी रेस्टुरेंट्स और बार बंद होंगे सिर्फ टेकवे की सुविधा ही रहेगी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बीते सोमवार को कोविड संक्रमितों के 19,166 नए दर्ज किए गए। राजधानी में कोविड के कुल 65,806 एक्टिव मरीज हैं। इन अंडरट्रीटमेंट लोगों में से 44,028 लोग होम आइसोलेशन में अपना इलाज करवा रहे हैं जबकि 1912 अस्पताल में भर्ती हैं। दिल्ली की जेलों में बंद 66 कैदी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। वहीं 48 जेल स्टाफ भी कोविड पॉजिटिव मिले हैं। दिल्ली में सोमवार को कोरोना संक्रमण की दर बढ़कर करीब 25 फीसदी तक पहुंच गई है। राजधानी दिल्ली की तिहाड़ जेल, मंडोली जेल और रोहिणी जेल में कैदियों और स्टाफ को मिलाकर कुल 114 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। उन्हें आइसोलेट किया जा रहा है।
हमारे देश में नए साल के आगाज के साथ ही कई त्यौहार आते है। बैसाखी, मकर सक्रांति, पोंगल इसके कई उदाहरण हैं। इसी बीच एक और त्योहार है जो अपने रंग, रुप और कला से भारतीय संस्कृति को कई सालों से समृद्ध करती हुई आ रही है। इस अनोखे फेस्टिवल को ‘लोसर’ कहा जाता है। वैसे तो लोसर तिब्बती न्यू ईयर के रुप में मनाया जाता है और इसका मतलब तिब्ब्ती भाषा में नया साल ही होता है, लेकिन यह त्यौहार भारत के भी कई हिस्सों में मनाया जाता है। भारत के वो इलाके जहां तिब्बती मूल के लोग रहते हैं, वहां इस त्यौहार को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस विशेष पर्व को मनाने का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक संस्कृति को संजोए रखने के साथ-साथ आपसी भाईचारे और रिश्तों को मजबूत बनाना और नववर्ष का स्वागत करना है। समृद्धि का पर्याय है लोसर लोसर वैसे तो मुख्य रुप से तिब्ब्ती न्यू ईयर का त्यौहार है, लेकिन इस त्यौहार को बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों के अलावा देश के कई हिस्सो में रहने वाले भारतीय और तिब्बती लोग भी मनाते हैं।। हिमाचल के कुछ इलाकों में इस त्यौहार का हिन्दु रुपांतरण भी देखने को मिलता है। तीन दिनों के इस त्यौहार में लोग बौद्ध पंचाग के अनुसार अपना घर सजाते हैं। लोसर के पहले दिन सूर्योदय से पहले घर का सबसे बड़ा सदस्य घर की छत पर "दारछोत" यानी झंडा लगाते है। इसके बाद घर के चूल्हे में "शुर्कू" यानी पहाड़ी जड़ी बूटी से निर्मित हवन सामग्री डाला जाता है। इसके बाद सत्तू, घी, रत्न ज्योत के मिश्रण से त्रिकोणीय प्रतिमा बनाया जाता है जिसे ब्रयंगस कहा जाता है और इसे एक बड़े परात में रखा जाता है इसके अलावा आटे से बकरी भेड़ का स्कल्पचर बना कर ब्रयंगस के चारो और इसे रखा जाता है, जिसमें सेब, खुमानी, चिलगोज़ा सहित सभी फसल को रखा जाता है। ब्रयंगस के ऊपर घी का तिलक लगाया जाता है और ड्राई फ्रूट नट्स की माला बना कर प्रतिमा को पहनाया जाता है, इस माला को "दिरमा" कहा जाता है। इसके बाद घर में सबसे कम उम्र की औरत या बेटी इसकी पूजा कर सुख समृद्धि की कामना करती है । इस विधि के दौरान घर के सभी सदस्य का शामिल होना अनिवार्य होता है। लोसर के पहले दिन हॉर्स रेस आकर्षण का केंद्र रहता है। लोसर के दूसरे दिन किसी प्राचीन मैदान या खेत में सुबह से ही नाच गाने का दौर शुरू होता है इस दौरान सभी लोग स्थानीय वेशभूषा में शामिल होते है। लोसर के अंतिम दिन ब्रयंगस खंडित किया जाता है और इसे प्रसाद के रूप में सभी को वितरित किया जाता है। लोसर का इतिहास लोसर की उत्पत्ति बौद्ध-पूर्व काल में तिब्बत में हुई थी। इतिहास पर अगर गौर करें तो लोसर फैस्टिवल की जड़े हमें यहां के पुराने बॉर्न धर्म से जुड़ी हुई मिलती हैं, जिसमें ठंड के दिनों में धूप जलाने का रिवाज हुआ करता था। बताया जाता है कि नौवें तिब्बती राजा, पुड गुंग्याल के शासनकाल के दौरान इसी रिवाज़ को वार्षिक त्यौहार बनाने के लिए इसे एक फसल त्यौहार के साथ मिला दिया गया। बैशाखी, पोंगल आदि की तरह ही लोसर में भी फसल के लिए आभार व्यक्त किया जाता है। लोसार का बाद में तिब्बत में आई बौद्ध परंपरा की ओर झुकाव हो गया। ऐसा माना जाता है कि, पुड गुंग्याल के शासनकाल के दौरान बेल्मा नाम की एक बूढ़ी औरत हुआ करती थी, जो लोगों को चंद्रमा के आधार पर समय की गणना करना सिखाती थी। उस विश्वास के साथ, कुछ स्थानीय लोग लोसर को बाल ग्याल लो के रूप में संदर्भित करते हैं। लोसर को मनाने की तिथि हर साल बदलती है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में होती है लोसर की धूम भारत देश में लोसर का ये पर्व लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में मनाया जाता है। यह त्योहार इन जगहों पर रहने वाली तिब्बती और बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों के लिए नए साल की शुरूआत है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, लाहौल, स्पीति और कांगड़ा में इस त्योहार की धूम दिखती है। वहीं अरुणाचल प्रदेश में मोनपा जनजातियों द्वारा तवांग, मेम्बा और मेचुखा घाटी में इसे मनाया जाता है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले योलमो, शेरपा, तमांग, गुरुंग और भूटिया समुदाय भी लोसार के उत्सव में भाग लेते हैं। हिमाचल में ऐसे मनाया जाता है लोसर मेला जिला किन्नौर के ऊपरी क्षेत्र रोपा घाटी में नव वर्ष का लोसर मेला हर वर्ष शकसंवत के पौष माह के पहले दिन से शुरू होता है, जो कई दिनों तक चलता है। ग्रामवासी इस मेले की तैयारी कई दिन पूर्व से ही करते हैं। खास कर भोटी (स्थानीय जनजाति) इस मेले को लेकर खासे उत्सुक रहते है। वे लोग इस दिन एक-दूसरे को मिलते हैं, किन्नौरी सूखे मेवे चिलगोजा, बादाम से बनी माला एक-दूसरे के गले मे पहनाकर नव वर्ष की बधाई लोसमा टाशी (नव वर्ष शुभ हो) कह कर देते हैं। खास बात यह भी है कि इस दिन जो भी घर का सदस्य बाहर रहता हो या घर से बाहर गया हो, उसका घर में आना जरूरी है नहीं तो इसका महत्व नहीं रहता है। नव वर्ष के अवसर पर सभी को नए वस्त्र पहनना अनिवार्य है वह भी किन्नौरी वेशभूषा न कि आधुनिक परिधान। पूह क्षेत्र में लोसर- बौद्ध अनुयायियों नव वर्ष का त्योहार है। दिसंबर के अंत में मनाए जाने वाले इस त्योहार को लामा लोग ही मानते हैं। इसमें गृह देवता के पास दीपक जलाया जाता है, आटे की कई प्रतिमाएँ बनाई जाती हैं। लोग दोपहर के पहले घर से नहीं निकलते। लामा और जोमो अर्थात भिक्षुणी दोनों मेले में नाचते हैं। इस दिन प्रत्येक व्यक्ति की इच्छा होती है कि वह शुभ शकुन देखे। इसलिए लोग उसी व्यक्ति, जानवर व पक्षी को देखने का प्रयास करता है, जिसके साथ शुभ जुड़ा हो। अरुणाचल में दिसंबर से ही शुरू होती है लोसर की तैयारियां अरुणाचल प्रदेश में मोनपा लोग लोसर की तैयारियाँ दिसंबर से ही शुरू कर देते है। जैसे घर की साफ़ -सफाई करवाते है, नए कपड़े खरीदे जाते है, खाने पीने का सामान इकठ्ठा किया जाता है। यहाँ पहले दिन लोग अपने घरवालों के साथ ही इसे मानते है और घर में ही खाते पीते और विभिन्न तरह के खेल खेलते है। दूसरे दिन लोग एक-दूसरे के घर जाते है और नए साल की बधाई देते है और तीसरे दिन प्रार्थना के झंडे लगाए जाते है। ईटानगर के थप्टेन ग्यात्सेलिंग मठ में यह उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। सबसे पहले मठ के बाहर भगवान बुद्ध की प्रतिमा को एक पेड़ के नीचे स्थापित किया जाता है और उसके सामने दिया जलाया जाता है। उसके बाद प्रार्थना झंडों को बाँधा जाता है। इसके बाद नृत्य संगीत का कार्यक्रम होता है। इनका संगीत बहुत ही मधुर होता है और नृत्य की शैली अत्यंत मधुर और मंद सी होती है। नर्तक जो टोपी पहनते है वह याक के बालों से बनाई जाती है और ये मोनपा जनजाति की बहुत ही पारंपरिक टोपी होती है। उत्तराखंड में होली खेल कर मनाया जाता है लोसर उत्तराखंड राज्य के पर्वतीय इलाको में रहने वाले लोग लोसर मनाकर अपनी परम्पराओं को जीवित रखे हुए हैं। इस प्रांत के डुण्डा ब्लाक में भूटिया जनजाति के लोग तीन दिन तक इस त्योहार की मस्ती में डूबे रहते हैं। सभी बच्चे, बूढ़े और महिला एक दूसरे के साथ होली खेलते हैं, ये लोग गुलाल से होली नहीं खेलते बल्कि एक दूसरे पर रंग की तरह सूखा आटा लगाकर खुशी प्रकट करते हैं। भूटियो के साथ ही तिब्बती भी भगवान बुद्ध की पूजा अर्चना कर इस त्योहार में भाग लेते हैं। बौद्ध मंदिरों में बड़े बड़े रंगबिरंगे झंडे लगाए जाते हैं और त्योहार की मिठाई बाँटी जाती है। बौद्धनाथ स्तूप में होती है रौनक नेपाल में लोसर बहुत ही अलग तरीके से मनाया जाता है। जो लोग बौद्ध नहीं हैं वे भी अपने बौद्ध मित्रों से इस उत्सव में शामिल होने जाते हैं। मंदिरों और स्तूपों में पारंपरिक नृत्य और गायन चलता रहता है। काठमांडू के बौद्धनाथ स्तूप पूजा के लिये आने वाले परिवारों द्वारा जलाई गई मोमबत्तियों की रोशनी और झंडियाँ से सभी परिवेश को एक रंगीन स्वर्गिक दृश्य में बदल देती हैं। लाल वस्त्र धारण किये हुए हजारों बौद्ध भिक्षुओं की उपस्थिति इस स्तूप भी लोसर उत्सव में अद्भुत बना देती है। लो शोमा टाशी के साथ यह उत्सव पूरा होता है और सब अपने अपने घर लौटते हैं। लो शोमा टाशी का अर्थ है नव वर्ष मंगलमय रहे। इसी प्रकार नेपाल में टाशी या टासी दोनो प्रकार के रूप इस वाक्य में प्रयुक्त होते हैं। लद्दाख में ख़ास फेस्टिवल्स में से एक है लोसर लद्दाख का लोसर फेस्टिवल यहां मनाए जाने वाले खास फेस्टिवल्स में से एक है जिसे दिसंबर महीने में मनाया जाता है। फेस्टिवल में लद्दाखी बौद्धजन घरेलू धार्मिक स्थलों पर या गोम्पा यानी की मोनास्ट्री में अपने देवताओं को धार्मिक चढ़ावा चढ़ाकर खुश करते हैं। इसके अलावा इस महोत्सव में अलग-अलग तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक प्रदर्शनी और पुराने रीति-रिवाजों का भी प्रदर्शन किया जाता है। पुरानी परंपरा के अनुसार लदाख में लोग अपने परिवार के सदस्यों की छोक्तेन पर जाते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। इस फेस्टिवल में नृत्य और संगीत की खूबसूरत जुगलबंदी से आम लोग भी आकर्षित होते है। लद्दाख में लोसर के पहले तीन दिन बेहद ख़ास देश के विभिन्न प्रांतों में मनाये जाने वाले लोसर का ये पर्व दस से पंद्रह दिन तक चलता है। इस त्यौहार की शुरूआत घरो और मंदिरों में रोशनी के साथ होती है। चारों ओर रोशनी से देश का हर वो हिस्सा जगमगा उठता है जहां लोसर की धूम रहती है। पुरानी परंपराओं की मानें तो कई जगह इस दिन परिवार के लोग अपने घरों के मृत लोगों के छोक्तेन पर जाते हैं। यूँ तो इस त्यौहार के सभी पंद्रह दिन हर्षोउल्लास के साथ मनाये जाते है, लेकिन लोसर के पहले तीन दिन बेहद ही ख़ास माने जाते है। पहला दिन - इस त्योहार के पहले दिन को पिछले वर्ष की हर तरह की बुराइयों और बुरी आत्माओं को दूर करने के लिए घरों की अच्छी तरह से लोग साफ-सफाई करते हैं। इस दिन को ‘गुटुक’ नाम का एक अनोखा व्यंजन बनाया जाता है। वहीं विशेष आटे के गोले बनाए जाते हैं जिनमें विभिन्न सामग्रियों को भरा जाता है। आटे के गोले को खाते समय जिस व्यक्ति के खाने में जो सामग्री निकलती है वो उस आदमी के चरित्र के विशिष्ट लक्षणों के रुप में देखा जाता है। ऐसा सिर्फ हंसी मजाक के तौर पर लोग आपस में करते हैं। दूसरा दिन - दूसरे दिन लोग स्थानीय ‘मठों’ पर पहुंचते हैं और अपना ट्रिब्यूट देते हैं। मठो पर जाने से पहले बाजारों, सड़कों और गलियों से लोग एक जुलूस निकालते हैं जिसमें वे अपने माथे पर ‘मेथी’ नाम की एक चीज ढ़ोते हैं। इस दौरान लोग ज्वलंत मशालें लेकर नारे लगाते हुए मठों की ओर जाते हैं। कहा जाता है कि, यह जुलूस शहर से बुरी आत्माओं या शक्तियों की विदाई के लिए निकाली जाती है। इस दिन लोग मठो पर दुआ मांगते हैं और अपनी इच्छा अनुसार मठो के भिक्षुओं को उपहार भेंट करते हैं। तीसरा दिन - यह दिन लोसर महोत्सव के मुख्य समारोहों का अंतिम दिन होता है। इस दिन लोग एक री-यूनियन भोज का आयोजन करते है, वो आपस में मिलते हैं और एक खास तरह का केक जिसे काप्स कहते है, उसका सेवन चांग नामक एक मादक पेय का सेवन करते हैं। पारंपरिक नृत्य बनता है आकर्षण का केन्द्र यूँ तो लोसर के त्यौहार में कई प्रकार की पारम्परिक चीज़े लोगो को आकर्षित करती है, लेकिन इस त्योहार का सबसे मुख्य आकर्षण होता हैं पारंपरिक नृत्य, जो लोग इस त्यौहार के दौरान करते हैं। इसमें डांस करने वाले लोग कुछ खास किस्म के रंगीन और चमकीले कपड़े पहनते हैं और अपने चेहरे पर दानव या किसी पशु का मुखौटा पहनते है। यह डांस दुनियाभर के लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनता हैं। लोसर पर खान-पान भी विशिष्ट लोसर पर्व के पहले दिन गांव में घरों की छतों पर बौद्धमंत्रों के साथ बौद्ध झंडे लगाकर सुख-शांति, अमन और नए साल का स्वागत करते हुए लोसर मेले का आगाज किया जाता है। इस दौरान गांव के प्रत्येक घर में बाड़ी दु, ओगला और फाफरे के पारंपरिक व्यंजन बनाए और सब्जियों के साथ परोसे जाते है। इसके बाद ग्रामीण जुटे और तोषिम कार्यक्रम किया जाता है। इस दौरान किन्नौरी नाटी यानी कायंग का दौर चलता है व् तीन दिन इस पर्व की धूम रहती है।
दौर- ए- कोरोना में सियासत के सलीके तो बदले ही थे अब चुनाव प्रचार के तौर तरीके भी बदल गए है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। बढ़ते कोरोना के आंकड़ों के बीच ऐलान-ए-चुनाव तो हो गया पर बंदिशों के साथ। पदयात्रा और रोड शो पर पाबंदी है, साइकिल और बाइक रैली पर भी रोक है, रात आठ बजे के बाद चुनाव प्रचार भी संभव नहीं होगा, नुक्कड़ सभाओं और रैलियों पर भी रोक रहेगी, घर-घर प्रचार में भी 5 लोग ही शामिल होंगे। फिलहाल चुनाव आयोग का ये फरमान 15 जनवरी तक के लिए है और उसके बाद स्तिथि की समीक्षा कर बंदिशे बढ़ाई -घटाई जा सकती है। पर जिस तरह देशभर में कोरोना के मामले बढ़ रहे है, ऐसे में मुमकिन है कि ये चुनाव पूरी तरह डिजिटल प्लेटफार्म पर लड़े जाएं। चुनाव आयोग का कहना है कि राजनैतिक पार्टियां डिजिटल, वर्चुअल तरीके से चुनाव प्रचार करे। पर सवाल ये है कि क्या छोटी और क्षेत्रीय पार्टियों के लिए भी वर्चुअल माध्यम का पर्याप्त इस्तेमाल करना मुमकिन है? वर्चुअल या डिजिटल आयोजनों के लिए जिस आधारभूत ढांचे की जरूरत होती है या जिन संसाधनों की आवश्यकता होती है, क्या छोटे दल या निर्दलीय प्रत्याशी उसका वहन कर सकते है? ये वो सवाल है जो चुनाव की घोषणा के बाद से कई नेता उठा रहे है। बहरहाल, पांच राज्यों के ये विधानसभा चुनाव किस तरह लड़े जायेंगे, ये राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले हर व्यक्ति के लिए जिज्ञासा का विषय बन चुका है। ये नए युग के नए चुनाव है, कोरोना महामारी की मार चुनाव पर इस कदर पड़ी है कि सदियों से चला आ रहा चुनावों का तरीका ही बदल गया। पांच राज्यों में कोविड सेफ इलेक्शन होने जा रहे है। स्पष्ट है कि सोशल मीडिया और आईटी सेल की असल महत्वता सभी राजनीतिक दलों को समझ आने वाली है। स्पष्ट ये भी है कि जिस पार्टी की जड़ें सोशल मीडिया और आईटी के पायदान पर मज़बूत होगी उनके लिए ये चुनाव कम कठिन होंगे। देश की सियासत में जब आईटी या सोशल मीडिया का जिक्र होता है तो बिना एक क्षण गवाएं भारतीय जनता पार्टी का नाम जुबां पर आ जाता है। ये अन्य पार्टियों के लिए फ़िक्र का विषय जरूर है। देश की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा का सबसे बड़ा आईटी सेल है। वर्चुअल रैलियां और डिजिटल कैंपेन पार्टी के लिए कोई नई बात नहीं है। पार्टी कोरोना की पहली और दूसरी लहर में अपने कार्यकर्ताओं और जनता के बीच वर्चुअल और वेबिनार के माध्यम से अपनी बात नीचे तक पहुंचाती रही है। माना जाता है कि भाजपा के पास आईटी और सोशल मीडिया की पूरी प्रशिक्षित टीम है। पार्टी के पास प्रदेश से लेकर जिले तक वर्चुअल बैठक और मल्टीपल कॉन्फ्रेंस के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार है। ई-रैली के लिए खास तरह का सॉफ्टवेयर बनाया गया है, जिससे कुछ मिनटों में ही बड़े से लेकर छोटा कार्यकर्ता एक ही प्लेटफार्म पर जोड़ा जा सकता है। पार्टी के पास वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एक हजार लोग और वेबिनार के माध्यम से करीब 50 हजार लोगों को जोड़ने का इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। सियासत के वर्चुअल दौर में निसंदेह भाजपा को इसका लाभ मिल सकता है। क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के लिए तो ये चुनाव कठिन होंगे ही पर कांग्रेस भी वर्चुअल राजनैतिक आयोजनों में भाजपा की बनिस्पत कमतर ही दिखती आ रही है। हालांकि कोशिश बदस्तूर जारी है। कांग्रेस अपना डिजिटल कैंपेन शुरू कर चुकी है। उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी फेसबुक लाइव के माध्यम से भी लोगों से रूबरू हो रही है। बाकि दल भी डिजिटल रैलियों करने का खाका तैयार कर रहे है। परन्तु क्या इतने कम समय में ये भाजपा की सालों की मेहनत का मुकाबला कर पाएंगे। सच तो ये है कि अब तक कई बड़े नेताओं के ट्विटर और फेसबुक अकाउंट भी वेरिफाइड नहीं है। जाहिर है ऐसे में इनके लिए डगर मुश्किल होगी। इन चुनावों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे की फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम अहम भूमिका में रहेंगे। वर्तमान में पार्टी के आधिकारिक पेज पर कितने लोगों की मौजूदगी है, ये आंकड़े बता रहे है। पार्टी ट्विटर पर फोल्लोवर फेसबुक पेज पर लाइक ( लगभग ) (लगभग ) भारतीय जनता पार्टी 17.3 M 15 M आम आदमी पार्टी 5.8 M 4.3 M कांग्रेस 8.4 M 5.7M बहुजन समाज पार्टी 24.2K 90 K समाजवादी पार्टी 2.8M 2.8M तृणमूल कांग्रेस 544.3K 1.4M रोड शो, रैली, पदयात्रा पर 15 तक रोक चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक रोड शो, रैली, साइकिल रैली पद यात्रा तक रोक पूर्ण रूप से रोक लगा दी है।इसके अलावा रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक कोई प्रचार, जन संपर्क राजनीतिक पार्टियां नहीं कर सकेगी। विजय जुलूस भी नहीं निकाला जा सकेगा। 15 जनवरी के बाद पर इस पर विचार किया जाएगा। 690 विधानसभा में चुनाव 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव हो जा रहे है और इन पांच राज्यों में कुल 690 विधानसभा क्षेत्र है। इन पांच राज्यों में कुल 43 राज्य सभा सीटें है। ऐसे में राष्ट्रीय राजनैतिक परिदृश्य के लिहाज से भी ये चुनाव महत्वपूर्ण है। कुल 18.34 करोड़ मतदाता पांच राज्यों के चुनाव में कुल 18.34 करोड़ मतदाता हैं, इनमें सर्विस मतदाता भी शामिल हैं। इनमें से 8.55 करोड़ महिला मतदाता हैं। कुल 24.9 लाख मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। इनमें से 11.4 लाख लड़कियां पहली बार वोटर बनीं हैं। चुनाव आयोग की तीन प्राथमिकता चुनाव आयोग ने 3 लक्ष्यों पर काम किया है। ये लक्ष्य हैं कोविड सेफ इलेक्शन, सरल इलेक्शन, और मतदाताओं की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी। सभी बूथ ग्राउंड फ्लोर पर होंगे, ताकि लोगों को सुविधा हो। बूथ पर सैनिटाइजर, मास्क उपलब्ध होगा। 90 फीसद से ज्यादा मतदान करवाना इस बार चुनाव आयोग का लक्ष्य है। एक घंटे बढ़ाया मतदान का समय पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में इस बार मतदान के लिए समय को एक घंटा बढ़ा दिया गया है। ऐसा कोरोना की वजह से किया गया है। संवेदनशील बूथों पर होगी वीडियोग्राफी संवेदनशील बूथों पर पूरे दिन वीडियोग्राफी होगी। पांचों राज्यों में एक लाख से ज्यादा बूथों पर लाइव वेबकास्ट होगा। ऑब्जर्वर भी ज्यादा संख्या में तैनात होंगे। ये डालेंगे बैलेट पेपर से वोट सभी बूथ पर पुरुष और महिला सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे। दिव्यांगों के लिए हर बूथ पर विशेष इंतजाम होंगे और व्हील चेयर भी उपलब्ध होगी। कोविड संक्रमित या कोविड संदिग्ध के घर वीडियो टीम के साथ आयोग की टीम विशेष वैन से जाएगी और वोट डलवा कर आएगी। इन्हें बैलेट पेपर से वोट डालने का अधिकार मिलेगा। ज्यादा संख्या में मतदान केंद्र कोविड की स्थिति को देखते हुए मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। चुनाव आयुक्त के अनुसार इस बार 1250 मतदाताओं पर एक बूथ बनाया गया है। पिछले चुनाव की तुलना में 16 फीसदी बूथ बढ़ गए हैं। चुनाव आयोग ने लांच की दो नई ऐप कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए चुनाव आयोग सुविधा ऐप्लिकेशन लॉन्च की है, इसके जरिए कोई भी उम्मीदवार ऑनलाइन नॉमिनेशन फाइल कर सकेगा। इस तरह की सुविधा भी आयोग द्वारा पहली बार दी जाएगी। इसी तरह चुनाव के दौरान किसी भी गलत गतिविधि के लिए CVIGIL ऐप्लिकेशन पर शिकायत दर्ज की जाएगी। जाने किस दिन कहाँ होगा मतदान उत्तर प्रदेश : 10 फरवरी से सात फेज में वोटिंग, 10 मार्च को मतगणना पहला फेज- 10 फरवरी को होगा दूसरा फेज-14 फरवरी तीसरा फेज- 20 फरवरी चौथा फेज- 23 फरवरी पांचवां फेज- 27 फरवरी छठा पेज- 3 मार्च सातवां फेज- 7 मार्च मणिपुर: 27 फरवरी और 3 मार्च को वोटिंग, 10 मार्च को मतगणना पंजाब : 14 फरवरी को वोटिंग, 10 मार्च को काउंटिंग गोवा: 14 फरवरी को वोटिंग, 10 मार्च को मतगणना उत्तराखंड : 14 फरवरी को वोटिंग, 10 मार्च को मतगणना
आंगनबाड़ी वर्करज़ एवम हैल्परज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू अखिल भारतीय आह्वान के तहत 24 फरवरी 2022 को हिमाचल प्रदेश में पूर्ण हड़ताल करेगी। इस दौरान प्रदेश के लगभग अठारह हज़ार आंगनबाड़ी केंद्र बन्द रहेंगे व लगभग सेंतीस हज़ार आंगनबाड़ी योजनकर्मी प्रदेशव्यापी हड़ताल करेंगे। अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के हज़ारों आंगनबाड़ी कर्मी शिमला में विधानसभा पर जबरदस्त प्रदर्शन करेंगे। यह निर्णय शिमला में सम्पन्न हुई यूनियन की राज्य कमेटी की बैठक में हुआ। यूनियन अध्यक्ष नीलम जसवाल व महासचिव वीना शर्मा ने कहा है कि आंगनबाड़ी कर्मी प्री प्राइमरी में सौ प्रतिशत नियुक्ति, इस नियुक्ति में 45 वर्ष की शर्त खत्म करने, सुपरवाइजर नियुक्ति के लिए भारतवर्ष के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्विद्यालय की डिग्री को मान्य करने, वरिष्ठता के आधार पर मेट्रिक व ग्रेजुएशन पास की सुपरवाइजर में तुरन्त भर्ती करने, सरकारी कर्मचारी के दर्जे, हरियाणा की तर्ज़ पर वेतन देने, रिटायरमेंट की आयु 65 वर्ष करने की मांग तथा नन्द घर बनाने की आड़ में आईसीडीएस को वेदांता कम्पनी के हवाले करके निजीकरण की साज़िश तथा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, पोषण ट्रैकर ऐप व तीस प्रतिशत बजट कटौती के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आईसीडीएस का निजीकरण किया गया व आंगनबाड़ी वर्करज़ को नियमित कर्मचारी घोषित न किया गया तो आंदोलन और तेज़ होगा। उन्होंने नई शिक्षा नीति को वापिस लेने की मांग की है क्योंकि यह आइसीडीएस विरोधी है। नई शिक्षा नीति में वास्तव में आइसीडीएस के निजीकरण का छिपा हुआ एजेंडा है। आईसीडीएस को वेदांता कम्पनी के हवाले करने के लिए नंद घर की आड़ में निजीकरण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस से भविष्य में कर्मियों को रोज़गार से हाथ धोना पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से वर्ष 2013 में हुए पेंतालिसवें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश अनुसार आंगनबाड़ी कर्मियों को नियमित करने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि आंगनबाड़ी कर्मियों को हरियाणा की तर्ज़ पर वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाएं। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए पेंशन, ग्रेच्युटी, मेडिकल व छुट्टियों की सुविधा लागू करने की मांग की है। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों को वर्ष 2013 का नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत बकाया राशि का भुगतान तुरन्त करने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि प्री प्राइमरी कक्षाओं व नई शिक्षा नीति के तहत छोटे बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा आंगनबाड़ी वर्करज़ को दिया जाए क्योंकि वे काफी प्रशिक्षित कर्मी हैं। इसकी एवज़ में उनका वेतन बढाया जाए व उन्हें नियमित किया जाए।
देश की राजधानी दिल्ली में स्थित संसद के करीब 400 कर्मचारी औचक टेस्ट के दौरान कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में नए मामलों के अचानक बढ़ने के मद्देनजर 6-7 जनवरी को औचक परीक्षण किया गया था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्यसभा सचिवालय के 65, लोकसभा सचिवालय के करीब 200 और संसद में काम करने वाले अन्य 133 लोग 4 से 8 जनवरी के दौरान कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्यसभा के चेयरमैन वेंकैया नायडू (Venkaiya Naidu) ने दिशानिर्देश जारी किए हैं। कर्मचारियों की उपस्थिति पर प्रतिबंध:- राज्यसभा सचिवालय (Rajya Sabha Secretariat) ने अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति पर प्रतिबंध लगा दिया है। नवीनतम निर्देशों के अनुसार, अवर सचिव/कार्यकारी अधिकारी के पद से नीचे के 50 फीसदी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस महीने के अंत तक घर से ही काम करना होगा। वे कुल कर्मचारियों का लगभग 65 फीसदी हैं। विकलांग और गर्भवती महिलाओं को कार्यालय में उपस्थित होने से छूट दी गई है। सभी आधिकारिक बैठकें वर्चुअली होंगी। राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने निर्देश दिया कि सभी 1300 अधिकारियों और कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट किया जाए। उनका संक्रमण ठीक होने पर कड़ी निगरानी रखी जाए और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती होने और इलाज में मदद की जाए। वहीं शनिवार की शाम को राष्ट्रीय राजधानी में 20,181 नए कोविड मामले दर्ज किए गए, जो पिछले आठ महीनों में सबसे अधिक हैं। नए मामलों ने शहर में संक्रमण की संख्या को 15 लाख 26 हजार 979 तक पहुंचा दिया है। सात और मौतें दर्ज होने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 25,143 हो गई है।
दिल्ली में कोविड-19 संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस बीच कोरोना से ठीकर होकर काम पर लौटे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि आज शाम जो बुलेटिन आएगा उसमें करीब 22 हजार कोरोना के नए केस सामने आएंगे। दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामले पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लॉकडाउन लगाने की कोई मंशा नहीं है। एलजी और वह पूरे हालात पर नजर रखे हुए हैं। कल डीडीएमए (DDMA) की बैठक है जिसमें हालातों की समीक्षा करेंगे. केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार से वो लगातार संपर्क में हैं और केंद्र का पूरा सहयोग दिल्ली सरकार को मिल रहा है। कोरोना से घबराने की जरुरत नहीं- केजरीवाल, ''लॉकडाउन की कोई मंशा नहीं'' : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा आप लोगों ने खूब दुआएं दी इसके लिए शुक्रिया। मुझे दो दिन बुखार रहा लेकिन कोविड प्रोटोकॉल के हिसाब से 7-8 दिन आइसोलेशन (Isolation) में रहा। इस दौरान सभी अधिकारियों के सम्पर्क में था और कोरोना संक्रमण को लेकर स्थिति पर नजर बनाई हुई थी। उन्होंने कहा कि रविवार शाम को जो बुलेटिन जारी होगा उसमें लगभग 22 हजार कोरोना के नए केस आ सकते हैं लेकिन घबराने की ज़रूरत नहीं है। शनिवार को 20 हजार केस आये थे इससे पहले 7 मई को इतने ही मामले सामने आए थे तब 341 लोगों की मौत हुई थी। शनिवार को इतने ही मामलों में 7 लोगों की जान गई है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में पिछले साल मई में 20 हजार बेड भर गये थे लेकिन अभी डेढ़ हजार के आसपास बेड ही भरे हैं। हालांकि उन्होंने सावधानी बरतने और मास्क अनिवार्य रूप से पहनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कई लोग लॉकडाउन को लेकर पूछते हैं. हम लॉकडाउन नहीं लगाना चाहते हैं। लॉकडाउन लगाने की हमारी कोई मंशा नहीं है. कम से कम पाबंदियां लगाना चाहते हैं. पिछली बार की लहर से हमने पार पा लिया और इस बार पर हम जरूर इससे पार पा लेंगे. जिन्होंने वैक्सीन नही लगायी है वो जरूर वैक्सीन लगा लें। जिनको कोरोना हुआ है उनको घबराने की जरूरत नहीं है। ये माइल्ड कोरोना है। इसमें जान का खतरा नहीं होगा, अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब में सुरक्षा चूक पर हिमाचल के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, सरकार में मंत्रि सुरेश भारद्वाज, राम लाल मार्कण्डेय, राजीव सैजल, महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, महापौर सत्या कौंडल, मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, सचिव प्यार सिंह कंवर, ज़िला अध्यक्ष रवि मेहता, मंडल अध्यक्ष राजेश शारदा, दिनेश ठाकुर की उपस्थिति में ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि भारत के इतिहास में पंजाब की पुण्य भूमि पर कांग्रेस के खूनी इरादे नाकाम रहे, जो लोग कांग्रेस में प्रधानमंत्री से घृणा करते हैं, वो आज उनकी सुरक्षा को नाकाम करने के लिए प्रयासरत थे। कश्यप ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह फेल करार दिया और कहा कि सुरक्षा में कमी को जानते हुए भी पंजाब पुलिस मूकदर्शक बनी रही। कश्यप ने कहा कि जानबूझकर प्रधानमंत्री मोदी के सुरक्षा दस्ते को झूठ बोल गया? जिन लोगों ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा को भंग किया, उन लोगों को प्रधानमंत्री की गाड़ी के पास तक किसने और कैसे पहुंचाया? वहीं, उन्होंने पूछा कि राज्य सरकार की ओर से सुरक्षा का नेतृत्व करने वालों ने पीएम को सुरक्षित करने के किसी भी आह्वान या प्रयासों का जवाब क्यों नहीं दिया? इस पूरे मामले पर सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पंजाब के फिरोजपुर में एक जनसभा को सम्बोधित करना था परन्तु वे सभा स्थल तक नहीं पहुंच सके, क्योंकि रास्ते में पंजाब सरकार द्वारा संरक्षित उपद्रवियों एवं तथाकथित किसान संगठनो ने सुनियोजित ढंग से रास्ते को अवरूद्ध किया हुआ था जिसके कारण प्रधानमंत्री को लगभग 20 मिनट तक एक फ्लाईओवर पर रूकना पड़ा जोकि उनकी सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक एवं उनके खिलाफ सोची समझी साजिश का स्पष्ट प्रमाण है। देश के इतिहास में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक अब से पहले कहीं पर भी और कभी भी नहीं देखी गई है। पंजाब राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार है और ऐसे में प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान उनकी सम्पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार की थी परन्तु पंजाब राज्य की कांग्रेस सरकार प्रधानमंत्री की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने में पूरी तरह नाकाम रही जिसके कारण प्रधानमंत्री की जान जोखिम में पड़ गई। कई महत्वपूर्ण तथ्यों एवं दस्तावेजों से यह बात सामने आई है कि यह कांग्रेस सरकार की घोर लापरवाही है जोकि उनके केन्द्रीय नेतृत्व के ईशारे पर हुई है। इससे पूर्व भी भारत ने दो पूर्व प्रधानमंत्री सुरक्षा व्यवस्था में चूक के कारण खोए हैं और पंजाब की कांग्रेस सरकार की जानबूझकर की गई इस लापरवाही के कारण एक बार फिर देश के प्रधानमंत्री की जान को खतरा पैदा हो गया था। कांग्रेस सरकार की इस घोर लापरवाही की पूरे राष्ट्र में पूरजोर निंदा हो रही है और लोगों में आक्रोश है कि कैसे कोई सरकार प्रधानमंत्री की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कर सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा यह दिन इतिहास में काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा जब कांग्रेस के खूनी मंसूबे पंजाब की पवित्र भूमि पर विफल हो गए। देश ने आज तक न तो आतंकवाद के सबसे बुरे दौर में और न ही आतंक प्रभावित क्षेत्रो में ऐसी स्थिति का सामना किया है। भारत के इतिहास में किसी भी राज्य के पुलिस बल को प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को पटरी से उतारने के निर्देश नहीं दिए गए थे और न ही किसी राज्य सरकार ने देश के प्रधानमंत्री को चोट पहुंचाने की साजिश रची थी। यह जो कुछ भी हुआ सोची समझी साजिश के तहत हुआ है। प्रधानमंत्री के काफिले के रूट की पूरी सुरक्षा व्यवस्था पंजाब पुलिस द्वारा की गई थी और प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार भी थी। पंजाब पुलिस ने प्रधानमंत्री के सुरक्षा अधिकारियों को भी आश्वस्त किया था कि मार्ग पूरी तरह से सुरक्षित है लेकिन फिर पंजाब पुलिस के डी0जी0पी0 ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा टीम को रास्ते के बारे में झूठी जानकारी एवं आश्वासन क्यों दिया और किसके कहने पर दिया, यह अपने आप में बहुत बड़ा सवाल है। जयराम ठाकुर ने कहा हम सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए एक सैट प्रोटोकाॅल होता है जिसके तहत प्रत्येक राज्य सरकार सुरक्षा के इंतजाम करती है परन्तु पंजाब सरकार ने प्रधानमंत्री के सुरक्षा प्रोटोकाॅल के साथ मजाक किया है। प्रोटोकाॅल के तहत मुख्यमंत्री, सरकार के मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक को प्रधानमंत्री जी की अगुवानी के लिए ऐयरपोर्ट पर उपस्थित रहना था, परन्तु ऐसा नहीं हुआ। जब प्रधानमंत्री का काफिला बठिंडा ऐयरपोर्ट से सभा स्थल की ओर रवाना हुआ तो उनके तय रूट पर सरकार के संरक्षण में चल रहे धरना-प्रदर्शन के कारण एक फ्लाईओवर पर उनका काफिला रोकना पड़ा। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई इस भारी चूक को लेकर जब प्रधानमंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने इस बारे पंजाब सरकार में उच्च अधिकारियों से सम्पर्क करना चाहा तो पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय ने बात ही नहीं की, जिससे साबित होता है कि इस पूरे घटनाक्रम में पंजाब सरकार की मिलीभगत थी। गौरतलब है कि जिस जगह प्रधानमंत्री का काफिला रूका था वह क्षेत्र पाकिस्तान की फायरिंग रेंज में आता है। पंजाब की बेहद अक्षम और गैर जिम्मेदाराना सरकार की लापरवाही के कारण प्रधानमंत्री की जान खतरे में पड़ गई। यह तो देश के करोड़ो देशवासियों की दुआएं हैं कि आज देश के प्रधानमंत्री हम सबके बीच सही सलामत हैं अन्यथा देश किसी भयंकर मुसीबत में आ सकता था। इससे अधिक शर्मनाक और निंदनीय बात क्या हो सकती है कि कांग्रेस पार्टी के नेता अपनी सरकार की लापरवाही को नजरअंदाज कर रहे हैं और इस घटना पर अमर्यादित टिप्पणियां एवं गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। जयराम ने कहा पंजाब में अराजकता का माहौल है। पंजाब में हर साजिश की जड़ में कांग्रेस का हाथ है, आतंकवाद और अलगाववाद की जन्मदाता भी कांग्रेस ही है। ऐसी अक्षम, लापरवाह, गैर जिम्मेदार और अकर्मण्य सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। ऐसी सरकार राष्ट्र एवं राज्य के लिए घातक हो सकती है इसलिए इस ज्ञापन के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश आपसे आग्रह करती है कि पंजाब सरकार के इस कृत्य की उच्च स्तरीय जांच की जाए तथा दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्यवाही की जाए और वहां राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए ताकि राज्य में कानून व्यवस्था बनी रहे और भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की ना हो सके।
उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। उत्तर प्रदेश में 403 सीटों के लिए 7 चरणों में चुनाव होंगे। उत्तराखंड की सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए 1 चरण में चुनाव होंगे। पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर 1 चरण में मतदान होगा। गोवा में 40 विधानसभा सीटों के लिए भी 1 चरण में ही वोटिंग होगी। मणिपुर में 60 सीटों पर 2 चरण में चुनाव संपन्न होंगे। यूपी में पहला चरण 10 फरवरी, दूसरा चरण 14 फरवरी, तीसरा चरण 20 फरवरी, चौथा चरण 23 फरवरी, पांचवा चरण 27 फरवरी, छठा चरण 3 मार्च, सातवां चरण 7 मार्च को होगा। इसके अलावा 14 फरवरी को यूपी के साथ ही पंजाब, गोवा और उत्तराखंड में वोटिंग होगी। इन तीन राज्यों में एक ही चरण में वोटिंग होगी। मणिपुर में 27 फरवरी और 3 मार्च को दो चरणों में वोटिंग होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि 15 जनवरी तक किसी भी तरह के रोड शो, पदयात्रा, साइकिल या बाइक रैली या फिर जुलूस की इजाजत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि 15 जनवरी के बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी और नए आदेश जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा, 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, विकलांग व्यक्ति और कोविड-19 रोगी डाक मतपत्र से मतदान कर सकते हैं।
राजधानी शिमला में सुबह से ही बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। लंबे इंतजार के बाद शिमला शहर में पर्यटकों को बर्फ देखने को मिली है जिससे पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं। पर्यटक बर्फबारी में खूब आनंद ले रहे हैं व बर्फबारी में अठखेलियाँ कर रहे हैं। वंही मौसम विभाग ने 8 व 9 जनवरी को प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिसका असर सुबह से ही देखने को मिल रहा है। शिमला घूमने आए पर्यटकों का कहना है कि यह उनके लिए किसी जन्नत से कम नही है। वह बर्फबारी की उम्मीद से शिमला आए थे जो पूरी हो गयी है।
तमाम उठापटक और जोरदार हंगामे के बीच चंडीगढ़ में नगर निगम का मेयर चुनाव बीजेपी ने जीत लिया है। बीजेपी की सरबजीत कौर चंडीगढ़ की नई मेयर होंगी। सरबजीत कौर को 14 वोट मिले हैं, जबकि आम आदमी पार्टी के हिस्से में 13 वोट आए है। आम आदमी पार्टी का एक वोट वैलेट पेपर फटा होंगे के कारण रद्द हो गया था, जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त हंगामा किया। कांग्रेस और अकाली दल वोटिंग में शामिल नहीं हुआ। मेयर के चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी ने मेयर की कुर्सी और आसपास हंगामा किया। इस दौरान जमकर नारेबाज़ी भी की गई। हंगामा इतना बढ़ गया कि पुलिस भी बुलानी पड़ी। इस दौरान आप पार्षद मेयर की कुर्सी के पास धरने पर भी बैठ गए। आप पार्षद एक वोट रद्द होने से नाराज़ थे।
राजधानी दिल्ली में बढ़ते कोरोना वायरस के बाद आज से वीकेंड कर्फ्यू की शुरुआत हो चुकी है। वीकेंड कर्फ्यू सोमवार सुबह 5 बजे तक जारी रहेगा। दिल्ली में कोरोना के पिछले 24 घंटे में 17 हजार 335 नए केस सामने आए हैं। इसके साथ ही दिल्ली में कोरोना के एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 39 हजार के पार पहुंच गया है और संक्रमण दर 17.73 फीसद है। कर्फ्यू के दौरान दिल्ली में बस और मेट्रो 100 फीसदी क्षमता के साथ चलेंगी, लेकिन सिर्फ उन्हीं लोगों को यात्रा की इजाजत मिलेगी जो जरूरी सेवाओं से जुड़े हैं। जांच के दौरान ऐसे लोगों को आईकार्ड भी दिखाना होगा।
हिमाचल प्रदेश में शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी चिट्टे व अन्य सिंथेटिक ड्रग माफियों ने कब्जा जमा लिया है। लगभग रोजाना ही पुलिस चिट्टे के साथ युवकों को दबोच रही है, लेकिन फिर भी इनके हौसले बुलंद हैं। पुलिस छोटे-छोटे पेडलरों या उपभोक्ताओं को तो पकड़ रही है, लेकिन बड़ी मछलियां उनके हाथों से कोसो दूर है। ताज़ा मामले में पुलिस ने जिला शिमला के तारादेवी में दो व झाखडी में दो अलग-अलग स्थानों से नशे की खेप के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चारों मामलों में एनडी एंडपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार गत शुक्रवार शाम पेट्रोलिंग के दौरान हैड कांस्टेबल ललित ने कर्मचारियों के साथ गश्त के दौरान तारादेवी-टुटू बाईफरकेशन के पास सोलन से शिमला की ओर आ रही एक एचआरटीसी बस संख्या एचपी 63ए-4062 को चेकिंग के लिए रोका तो उसमें सवार राहुल सलोत्रा निवासी सेट नं.10 बालूगंज से 9.02 ग्राम चिट्टा बरामद किया। एचसी हरीश मामले की जांच कर रहे हैं। वंही दूसरा मामला भी तारादेवी से ही सामने आया है। एचआरटीसी कार्यशाला तारादेवी के पास एएसआई अम्बी लाल ने कर्मचारियों के साथ गश्त के दौरान एक एचआरटीसी बस संख्या एचपी 30-5146 को चेकिंग के लिए रोका तो उसमें सवार मनोज कुमार निवासी वीपीओ जांगला तहसील चिड़गाव के कब्जे से 23.80 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। एलएचसी रेखा मामले की जांच कर रही है। दोनों मामलों में पुलिस थाना बालूगंज में मामला दर्ज किया गया है। इसी तरह झाकड़ी के रतनपुर में एचसी संजीव कुमार ने अन्य जवानों के साथ गश्त के दौरान शुक्रवार शाम 7 बजे योगेश उर्फ गोल्डी निवासी गसोह पीओ झाकड़ी के कब्जे से 94.77 ग्राम चरस बरामद किया। एचसी संजीव कुमार मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं आज सुबह 5 बजे एनएच-05 झाकड़ी में गश्त के दौरान एचसी चंद्र मोहन व उनके सहयोगी जवानों ने कृष्ण देव निवासी ग्राम ग्रेंज पीओ और तहसील निचार जिला किन्नौर के कब्जे से 4.32 ग्राम चिट्टा बरामद की। एचसी चंद्र मोहन मामले की जांच कर रहे हैं। इन दोनों मामलों में पुलिस स्टेशन झाखडी में मामला दर्ज किया गया है।
पांच राज्यों की विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग आज दोपहर 3.30 बजे करेगा। इस साल उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान ऐसे समय पर किया जा रहा है, जब देश में कोरोना अपना प्रचंड रूप दिखा रहा है। उत्तर प्रदेश में जहां 403 सीटों पर मतदान होगा। वहीं गोवा में 40 विधानसभा सीटों के लिए सभी पार्टियां जान झोंके हुए हैं। पंजाब में 117 सीटों पर विधानसभा चुनाव होंगे। उत्तराखंड में 70 विधानसभा सीट है। जबकि मणिपुर में 60 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा। इन तारीखों के ऐलान के साथ ही इन सभी राज्यों में चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी। बताया जा रहा है कि यूपी में 7-8 चरणों में चुनाव हो सकते हैं। जबकि उत्तराखंड में 2 चरणों में चुनाव कराए जा सकते हैं। मणिपुर और गोवा में एक चरण में चुनाव हो सकता है। पंजाब में 2-3 चरणों में चुनाव हो सकते है।
देश में जानलेवा कोरोना वायरस महामारी की रफ्तार बेकाबू हो रही है। साथ ही कोरोना के सबसे खतरनाक वेरिएंट ओमिक्रोन के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के एक लाख 41 हजार 986 नए केस सामने आए हैं। वहीं, 285 लोगों की मौत हो गई। देश में अबतक कोरोना के ओमिक्रोन वेरिएंट के 3071 मामले सामने आ चुके हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 4 लाख 72 हजार 169 हो गई है। वहीं, इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 लाख 83 हजार 463 हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक, कल 40 हजार 485 लोग ठीक हुए, जिसके बाद अभी तक 3 करोड़ 44 लाख 12 हजार 740 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को अपना 57वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया। उनके जन्मदिन के असवर पर पूरे प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जगह-जगह पर केक काटे गए। खुद मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी निवास ओक ओवर के परिसर में इस मौके पर सराजी नाटी डाली। मुख्यमंत्री के साथ धर्मपत्नी डॉ. साधना ठाकुर ने भी लोकनृत्य किया। इससे पहले सुबह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने जन्मदिवस पर पूजा-अर्चना की। इस दौरान सीएम के सरकारी आवास ओकओवर में बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों आदि ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना मामलों के बीच केंद्र सरकार ने कोरोना टीकाकरण के तहत 15-18 वर्ष के बीच के बच्चों के लिए टीकाकरण की मंजूरी दी थी। जिसके बाद भारत बायोटेक ने बुधवार को जानकारी देते हुए कहा है कि उसकी COVID-19 वैक्सीन कोवाक्सिन का डोज दिए जाने के बाद किसी भी दर्द निवारक या पेरासिटामोल दवा को दिए जाने सिफारिश नहीं की जाती है। भारत बायोटेक का यह बयान उस समय आया है जब उसे फीडबैक मिला कि कुछ टीकाकरण केंद्र बच्चों के लिए कोवैक्सीन के साथ तीन पैरासिटामोल 500mg टैबलेट लेने की सिफारिश कर रहे हैं। इस पर कंपनी ने साफ करते हुए कहा है कि इस तरह के कदम उठाए जाने की आवश्यकता नहीं थी। भारत बायोटेक का कहना है कि कुछ अन्य COVID-19 वैक्सीन लगाए जाने पर बुखार की शिकायत होने पर पैरासिटामोल दिए जाने की बात कही गई है। वहीं कोवाक्सिन के डोज के बाद किसी तरह के पैरासिटामोल या दर्द निवारक को रिकमेंड नहीं किया गया है। कंपनी का कहना है कि 30 हजार लोगों पर किए गए उनके क्लिनिकल टेस्ट में लगभग 10 से 20 प्रतिशत पर ही साइड इफेक्ट्स देखने को मिला, इनमें से अधिकतर काफी हल्के सिम्पटम दिखाई दिए, जो 1-2 दिन में ठीक हो गए, जिन्हें किसी तरह की दवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। बता दें कि पिछले महीने ही भारत के औषधि महानियंत्रक ने कुछ शर्तों के साथ 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए स्वदेशी रूप से विकसित भारत बायोटेक के कोवाक्सिन को इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दी थी।
हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर संघ की बैठक नए वेतन आयोग को लेकर आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राजेश राणा ने की। संघ के महासचिव डॉ पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर संघ वेतन आयोग की सिफारिशों से खासा नाखुश उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हमें वादा किया था कि हमारे नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस को पंजाब की तर्ज पर कम नहीं किया जाएगा। लेकिन उसे अब उसी तर्ज पर 25% से कम कर कर 20% कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के चिकित्सकों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है। संघ के महासचिव डॉ पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि बरसों तक हमारे चिकित्सकों की कोई तरक्की समय अनुसार नहीं हो रही है। बहुत से ब्लॉक में बीएमओ के पद खाली पड़े हुए हैं, बरसों से चिकित्सक अपनी तरक्की की राह देख रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने महामारी के समय चिकित्सकों को इंसेंटिव भत्ता देने की बात भी कही थी लेकिन आज तक किसी भी तरह का कोविड भत्ता मेडिकल ऑफिसर्स को नहीं दिया गया। संघ का कहना है कि यदि समय रहते उनकी मांगो को नहीं माना गया तो मज़बूरन उन्हें संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ चांदनी राठौर, कांगड़ा के महासचिव डॉ सनी धीमान, मंडी के महासचिव डॉ विकास ठाकुर, प्रदेश संयुक्त सचिव डॉ निशांत ठाकुर, मंडी महासचिव डॉ विजय राय, आरडीए नेरचौक प्रधान डॉ विशाल जमवाल, आरडीए महासचिव टांडा डॉ मनोज ठाकुर, डॉक्टर जयंत ठाकुर हमीरपुर सचिव, डॉ मोहित डोगरा शिमला, डॉक्टर घनश्याम वर्मा प्रदेश कोषाध्यक्ष, डॉ प्रवीण चौहान व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
देश में बढ़ते कोविड मामलो की रफ्तार को देखते हुए सीमा सुरक्षा बल ने अटारी में भारत-पाकिस्तान सीमा पर फ्लैग रिट्रीट सेरेमनी के समारोह में सार्वजनिक प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। गौरतलब है कि सितंबर 2021 में ही इस सेरेमनी को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए एक बार फिर से खोला गया था। दरअसल कोरोना महामारी के चलते मार्च 2020 में दुनियाभर में चर्चित अपनी तरह की इस सेरेमनी को दोनो ही देशों ने बंद कर दिया था। बीएसएफ के मुताबिक 15 सितंबर से एक बार फिर भारत और पाकिस्तान ने ज्वॉइंट बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी शुरु कर दी थी। दोनों ही देशों के लोग इस समारोह को देखने पहुंच रहे थे। लेकिन एक बार फिर से कोरोना महामारी के चलते लोगों के यहां आने पर रोक लगा दी गई है। आपको बता दें कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर पंजाब के अमृतसर सेक्टर के अटारी-वाघा बॉर्डर पर बीएसएफ और पाक रेंजर्स की तरफ से बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी होती है। हर रोज दिन ढलते ही दोनों देशों के जवान अपने-अपने फ्लैग को उतारने के लिए एक ड्रिल करते हैं। इस ड्रिल के दौरान दोनों देश के जवान शक्ति-प्रदर्शन करते भी नजर आते हैं।
गुजरात से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सूरत में केमिकल से भरे एक टैंकर के लीक होने की वजह से पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है जबकि 25 से ज्यादा गंभीर बताए जा रहे है। इन सभी का फिलहाल अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। सूरत के सचिन जीआईडीसी विस्तार इलाके में केमिकल लीक होने के चलते यह हादसा हुआ है। सचिन जीआईडीसी औद्योगिक इलाका है। बताया जा रहा है कि केमिकल के हवा में फैलने की बाद लोग बेहोश हुए। टैंकर से जहरीला केमेकल लीकेज हुआ है। सभी मजदूरों को अस्पताल में दाखिल करा दिया गया है। बताया जा रहा है कि सूरत के जीआईडीसी इलाके की एक फैक्ट्री में केमिकल से भरा यह टैंकर पहुंचा था। लेकिन, केमिकल निकालते वक्त इसका रिसाव हो गया है यह कैमिकल हवा के संपर्क में आया, इसके बाद यह बड़ा हादसा हुआ है। इन सभी का इलाज सूरत के सिविल अस्पताल में किया जा रहा है। फिलहाल किस वजह से यह हादसा हुआ इसकी जांच की जा रही है।
देश की राजधानी दिल्ली में आज मशहूर चांदनी चौक की लाजपत राय मार्केट में भीषण आग लग गई। आग कैसे लगी, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आग की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। फिलहाल मौके पर दमकल की करीब 12 गाड़ियां आग बुझाने की कोशिश में जुटी हुई हैं। दमकल विभाग ने बताया है कि उन्हें सुबह करीब पौने पांच बजे आग लगने की सूचना मिली थी। माना जा रहा है कि आग की चपेट में करीब 60 दुकानें आई हैं। हादसे में करोड़ों रुपए के नुकसान की संभावना है। बता दें कि चांदनी चौक मार्किट पूरे देश में मशहूर है। यहां इलेक्ट्रॉनिक सामान के अलावा बड़ी तादाद में कपड़े की दुकानें भी हैं। इस मार्किट में हर दिन लाखों की संख्या में लोग खरीददारी करने आते हैं। चांदनी चौक पराठे वाली गली और संकरी गलियों को लिए भी मशहूर है।
राजधानी दिल्ली में आज का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस वहीं अधिकतम 20 डिग्री सेल्सियस आंका गया है। राहत की बात ये कि इस दौरान हल्की बारिश के कारण विजिबिल्टी बेहतर बनी हुई है। हालांकि लगातार हो रही हल्की बारिश का अनुमान इस पूरे हफ्ते जताया गया है। वहीं हवा के भी इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की दर से चलने का अंदेशा जताया जा रहा है। 11 जनवरी तक न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है और गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस तक होने का अनुमान है। बारिश के कारण दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाके के AQI में सुधार देखा जा सकता है। आनंद विहार की हवा की गुणवत्ता करीब 15 दिन बाद पहले की तुलना में बेहतर दिखाई दे रही है और AQI मीटर के अनुसार 249 आंकड़ा पहुंच गया है जो कुछ दिनों पहले तक 350 के आसपास बना हुआ था।
लगातार तीसरे दिन सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। सोना 304 रुपये की गिरावट के बाद 47,853 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी में भी आज गिरावट देखने को मिली है। चांदी 61,447 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा इंटरनेशनल मार्केट की बात करें तो सोने के भाव यहां पर 1,804 डॉलर प्रति औंस के लेवल पर था। वहीं, चांदी 23.83 डॉलर प्रति औंस पर थी। यहां पर सोने-चांदी की कीमतों में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला है।
हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में नए पद भरे जाएंगे। जल्द ही एक हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे। बोर्ड के निदेशक मंडल की अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा आरडी धीमान की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई बैठक में नई भर्ती को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री बीते वर्ष इन पदों को भरने की घोषणा कर चुके हैं। नई भर्ती में तकनीकी कर्मियों के 650, चालकों के 100, सहायक अभियंता इलेक्ट्रिकल के 80, कनिष्ठ अभियंता से हेल्पर तक 150 और स्टेनो-क्लर्क के 70 पद भरने का फैसला लिया गया। इसके अलावा तीन साल में जूनियर टी मेट को टी मेट बनाने को भी हरी झंडी दी गई।
हिमाचल प्रदेश में नई शिक्षा नीति में पाठ्यक्रमों में कई तरह के बदलाव देखने को मिले हैं। स्कूलों में टर्म प्रणाली शुरू हुई है। वहीं 2023 तक एससीआरटी चार पैटर्न में पाठ्यक्रम को तैयार कर रहा है। यह चार पैटर्न प्री प्राइमरी जिसमें प्री-कक्षाएं शामिल होंगी। हिमाचल प्रदेश में नई शिक्षा नीति के तहत प्रौढ़ शिक्षा को शामिल किया जाएगा। इसके लिए अलग से पाठ्यक्रम बनेगा। चार पैटर्न में बनाए जा रहे इस पाठ्यक्रम को वर्ष 2023 तक तैयार किया जाएगा। इसके लिए एससीआरटी काम कर रही है। वहीं स्कूल एजूकेशन में पहली से 12वीं तक की कक्षाओं को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा टीचर एजूकेशन, जिसमें अध्यापकों को ट्रेनिंग करवाने से संबंधित कार्य होगा, जबकि चौथा पैटर्न अडल्ट शिक्षा पाठ्यक्रम होगा। एससीआरटी वर्ष 2023 तक पाठ्यक्रम तैयार कर देगी। प्रौढ़ शिक्षा का पाठ्यक्रम तैयार कर इस पंचायत स्तर पर शुरू किया जाएगा। इस दौरान उन लोगों शामिल किया जाएगा, जोकि अक्षर ज्ञान से पूरी तरह से अनभिज्ञ हैं। ऐसे लोगों को शिक्षित करने के लिए प्रौढ़ पाठ्यक्रम को तैयार कर उन्हें शिक्षित किया जाएगा। इस दौरान स्कूल के अध्यापकों सहित पंचायत प्रतिनिधि भी अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में 15 मार्च को होने वाले भारत-श्रीलंका के मैच से एक माह पूर्व मैदान को तैयार कर दिया जाएगा। इसके लिए 15 फरवरी तक मैदान की पिच सहित आउट फील्ड को तैयार करने को टारगेट रखा गया है। पिच क्यूरेटर सुनील चौहान ने अपने ग्राउंड स्टाफ को मैदान की पिच और आउटफील्ड को तैयार करने के लिए विशेष सुझाव दिए हैं। इसके लिए मैदान कोपवेलियन साइड से पूरी तरह से बंद कर दिया ताकि वहां से फील्ड में कोई प्रवेश न सके। अंतर जिला क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन पर बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष और एचपीसीए के निदेशक अरुण धूमल ने भी अंतरराष्ट्रीय मैच की तैयारियों के चलते पिच क्यूरेटर को मैदान की पिच और आउटफील्ड को तैयार करने के लिए कहा था। बता दें की धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में कुल नौ पिच है। मैदान में पिच और आउटफील्ड के अलावा सभी स्टैंडों में कुर्सियों की मरम्मत के साथ मैच से पहले पेंट काम को करवाएगा। इसके अलावा फ्लड लाइट की भी जांच की जाएगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत में 9 जनवरी तक बारिश होगी और उत्तर भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान शीतलहर की संभावना नहीं है। वहीं बुधवार को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की-मध्यम वारिश या बर्फबारी होने की संभावना है और 6 जनवरी को छिटपुट बारिश या बर्फबारी हो सकती है। IMD ने कहा कि 6 जनवरी तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तरी राजस्थान और पश्चिम उत्तर प्रदेश में छिटपुट रूप से, कहीं हल्की या मध्यम बारिश होने की संभावना है। 5 और 6 जनवरी को दक्षिण राजस्थान, गुजरात, पश्चिम मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छिटपुट वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने यह भी कहा कि 5 जनवरी यानी आज पंजाब के अलग अलग क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है, बुधवार को पंजाब और हरियाणा और चंडीगढ़ में और 6 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि के साथ अलग-अलग गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। आईएमडी के अनुसार 7 से 9 जनवरी के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में व्यापक रूप से बर्फबारी बर्फबारी होने की संभावना है हालांकि उसके बाद इन क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी में कमी आएगी। इसी समय के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और फिर 8 और 9 जनवरी को हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी होने के अनुमान भी लगाए गए हैं। वहीं मौसम विभाग की माने तो पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश और राजस्थान में 7 जनवरी को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 और 8 जनवरी को ओलावृष्टि हो सकती है। इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्र में गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मुंंबई महानगरपालिका ने मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए रैपिड आरटी-पीसीआर जांच अनिवार्य कर दी है। संशोधित दिशा निर्देशों से यह जानकारी मिली है. बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले हफ्ते जारी किए गए दिशा निर्देश सोमवार से लागू हो गए हैं। संशोधित आदेश में कहा गया है कि रैपिड आरटी-पीसीआर जांच में संक्रमित पाए जाने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को हवाई अड्डे पर ही नियमित आरटी-पीसीआर जांच करानी होगी। अगर वे उसमें भी संक्रमित पाए जाते हैं तो नमूने को तुरंत जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जाएगा और यात्री को संस्थागत क्वारंटीन में भेजा जाएगा। गौरतलब है कि मुंबई में बढ़ते हुए कोविड केसों के बीच मुंबई महानगर पालिका मुंबईवासियों को एक और कोविड लहर से बचाने के लिए अलग-अलग निर्णय ले रहा है। इसी क्रम में उसने इससे पहले कोविड समस्या से निपटने के लिए BMC ने आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का सात दिन का अपने घर में क्वारंटीन अनिवार्य कर दिया था।
कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। बुधवार को ओमिक्रॉन के कुल मरीजों की संख्या 2 हजार पार हो चुकी है. देश के 24 राज्यों में अब तक कुल 2,135 मामलें दर्ज किए गए हैं। मंगलवार को यह आंकड़ा 1,892 था। वहीं, 828 लोग अब तक ओमिक्रॉन को मात देकर ठीक हो चुके हैं। सबसे ज्यादा मामले अभी भी महाराष्ट्र में बने हुए हैं। महाराष्ट्र में कुल 653 और दूसरे नंबर पर दिल्ली में 464 मामले हैं। भारत में ओमिक्रॉन केसों का आंकड़ा 2,000 के पार, कुल 2,135 मामलों में से 828 ठीक हुए है। महाराष्ट्र और दिल्ली के अलावा अभी तक केरल में 185, राजस्थान में 174, गुजरात में 154, तमिलनाडु में 121, तेलंगाना में 84, कर्नाटक में 77, हरियाणा में 71, ओडिशा में 37, उत्तर प्रदेश में 31, आंध्र प्रदेश में 24, पश्चिम बंगाल में 20, मध्य प्रदेश में 9, उत्तराखंड में 9, गोवा में 5, मेघालय में 5, चंडीगढ़ में 3, जम्मू-कश्मीर में 3, अंडमान एंड निकोबार में 2, पंजाब में 2, हिमाचल प्रदेश में 1, लद्दाख में 1, मणिपुर में 1 एक मामले सामने आए हैं।
जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षबलों ने मुठभेड़ के दौरान एक पाकिस्तानी समेत तीन आतंकियों को बुधवार की सुबह मार गिराया है। मारे गए तीनों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य थे। इनके पास से हथियार और विस्फोटक बरामद किया गया है। कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने बताया कि पुलवामा के चांदगाम में मुठभेड़ के दौरान जैश के तीन आतंकियों को ढेर कर दिया गया है। इनमें से एक पाकिस्तान का नागरिक था। इनके पास से 2 एम-4 कार्बाइन्स, एक एके-47 रायफल और अन्य विस्फोटक बरामद किए गए हैं। इससे पहले, कश्मीर जोन पुलिस ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सुरक्षाबलों ने चांदगाम गांव में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया है। आतंकियों को सरेंडर करने के लिए कहा था लेकिन उनके नहीं मानने पर मुठभेड़ शुरू हुई। जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को खत्म करने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा शुरू किए गए इस ऑपरेशन में कल ही एक बड़ी कामयाबी अपने नाम की थी। दरअसल, सुरक्षाबलों ने कल श्रीनगर में दो अलग-अलग मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मार गिराया था।
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप का केंद्र चंबा रहा है। मंगलवार रात को सूबे के चंबा जिले में भूकंप आया और यह मंडी, कुल्लू और मनाली सहित कई इलाकों में महसूस किया गया। शिमला के मौसम विज्ञान केंद्र ने भूकंप की पुष्टि की है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 मापी गई है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात को 10 बजकर 47 मिनट पर यह भूकंप आया है। चंबा इसका केंद्र था। 4.3 रिक्टर स्कैल पर इसकी तीव्रता मापी गई है। हालांकि, जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लोग डर गए और घरों से बाहर निकल आए।
नया साल है और नई चुनौतियां। राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से वर्ष 2022 बेहद महत्वपूर्ण है, सत्ता पक्ष के लिए भी और विपक्ष के लिए भी। साल 2022 देश के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है। दरअसल,ये साल अपने साथ सात राज्यों के चुनाव लेकर आया है। इन 7 राज्यों में लोकसभा की 132 सीट हैं। एक हजार से अधिक नए विधायक चुने जाएंगे जो 2022 में होने वाले राष्ट्रपति के चुनाव और राज्यसभा का शक्ति संतुलन तय करेंगे। नए साल के पहले 3 महीनों में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर विधानसभा के चुनाव होंगे, वहीं साल के अंत में हिमाचल प्रदेश और गुजरात में चुनाव होने है। इनके अलावा आठवें केंद्र शासित राज्य जम्मू-कश्मीर के चुनाव भी 2022 में हो सकते है। हालांकि परिसीमन की रिपोर्ट लंबित होने के चलते अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। राज्य विधानसभाओं के लिए सदस्यों के चुनाव और स्थानीय सरकारों के गठन के अलावा इन चुनावों का राष्ट्रीय राजनीति पर महत्वपूर्ण असर पड़ेगा। वर्तमान में इन 7 राज्यों में से 6 राज्यों मे भाजपा की सरकारें हैं। इन राज्यों में सत्ता पर काबिज़ रहने के लिए भाजपा को निसंदेह कड़ी मेहनत करनी होगी, साथ ही केंद्र की सियासत में अपने पैर जमाए रखने के लिए भी इन चुनावों में जीतना भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बाकि विपक्षी दलों के लिए भी ये साल सियासी ज़मीन गहरी करने का अवसर है। स्पष्ट है कि साल 2022 में पक्ष और विपक्ष को न सिर्फ बड़े मौके मिलने हैं, बल्कि बड़ी चुनौतियां भी मिलने जा रही हैं, बस देखना है कि कौन इसमें क्या कमाल करता है। सत्तारूढ़ भाजपा की बात करें तो 2014 के बाद कुछ सालों तक गवर्नेंस के स्तर पर भले ही चुनौतियां आती रही हैं, लेकिन राजनीतिक जमीन पर पार्टी धुंआधार बैटिंग करती रही। हालाँकि पिछले कुछ समय से राज्यों में पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। 2019 आम चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी को चुनावी अभियान में तमाम राज्यों में उनकी सरकार होने का लाभ मिला था। मगर 2019 के बाद से बीजेपी महाराष्ट्र, झारखंड जैसे राज्यों में सत्ता गंवा चुकी है। हरियाणा में भले पार्टी ने सरकार बनाई, लेकिन बहुमत से दूर रही। पश्चिम बंगाल चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन अपेक्षा अनुसार नहीं रहा। ऐसे में सात राज्यों के चुनाव पार्टी के मिशन 2024 के लिहाज से भी जरूरी है। दूसरी तरफ अगर देश की सबसे बुज़ुर्ग पार्टी कांग्रेस की बात करें तो सत्ता में वापसी तो दूर बतौर विपक्ष भी पार्टी अपना वजूद लगातार खो रही है। सात राज्यों में कांग्रेस का प्रदर्शन ये तय करेगा कि वो देश में विपक्ष का नेतृत्व करने योग्य भी रही है या नहीं। ममता बनर्जी जहाँ देशभर में एक नए गठबंधन की रूपरेखा बनाने में जुटी है तो निरंतर बेहतर होती आम आदमी पार्टी भी कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है। ममता की पार्टी जहाँ गोवा में दमदार तरीके से चुनाव लड़ रही है, वहीं आम आदमी पार्टी पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में पूरी ताकत झोंके हुए है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में भी आम आदमी पार्टी मैदान में है। आप का प्रदर्शन बेहतर रहा तो जाहिर है पार्टी इस साल के अंत में होने वाले हिमाचल और गुजरात विधानसभा चुनाव में भी मैदान में होंगी। ऐसे में कांग्रेस के सामने अपने पुराने और पारंपरिक वोट को दोबारा हासिल करने की बड़ी चुनौती है। अंदरूनी उथल-पुथल के दौर से गुजर रही बुजुर्ग पार्टी अगर बेहतर न कर पाई तो सत्ता सुख तो दूर, शायद विपक्ष का मुख्य चेहरा होने की प्रतिष्ठता भी खो देगी। नड्डा को भी करना होगा खुद को साबित 2022 में चुनाव वाले राज्यों में अगर बीजेपी की पकड़ कमजोर हुई तो पार्टी और केंद्र सरकार के लिए आगे की राह बेहद कठिन हो सकती है। पार्टी के साथ- साथ आगामी वर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के लिए भी चुनौतियों से भरपूर होने वाला। जनवरी 2020 में नड्डा निर्विरोध पार्टी के अध्यक्ष बने थे। तब से लेकर अब तक भाजपा के सितारे उभरते नज़र नहीं आए है। यहां तक कि पार्टी नड्डा के गृहक्षेत्र हिमाचल में भी चार उपचुनाव हार गई। ये साल बतौर अध्यक्ष नड्डा के कार्यकाल का अंतिम वर्ष है और उनके लिए खुद को साबित करने का अंतिम मौका भी है। आगामी तीन माह में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव होने है और यदि यहाँ पार्टी बेहतर नहीं कर पाती है तो सवाल उठना तो लाजमी है। उत्तर प्रदेश केंद्र की सियासत का रस्ता उत्तर प्रदेश से होकर निकलता है, इसीलिए ये सियासी लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण चुनाव है। यहां सत्ता की रेस में मुख्य रूप से बीजेपी और समाजवादी पार्टी दिख रहे है। कांग्रेस के साथ मायावती की बहुजन समाज पार्टी सहित अन्य कई दल भी मैदान में हैं। योगी आदित्यनाथ बीजेपी के पहले नेता है, जिन्होंने उत्तर प्रदेश में पांच साल का कार्यकाल पूरा किया और पार्टी ने उन्हीं के चेहरे को आगे कर चुनाव लड़ रही है। ऐसे में यह उनके लिए भी ये चुनाव अग्नि परीक्षा है। पंजाब कांग्रेस के लिए पंजाब में सरकार बचाने की चुनौती है, तो आम आदमी पार्टी उसकी जमीन हड़पने के भरपूर प्रयास कर रही है। आम आदमी पार्टी के लिए भी यह साल तय करेगा कि वह राष्ट्रीय स्तर पर पांव पसारने के लिए किस हद तक तैयार है। हाल ही में हुए चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में भी आप ने कांग्रेस को पटकनी दी है। वहीं, अकाली दल ने बसपा के साथ हाथ मिला रखा है तो बीजेपी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की नवगठित पंजाब लोक कांग्रेस और सुखदेव सिंह ढींडसा के शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) पार्टी के साथ गठबंधन किया है। उत्तराखंड उत्तराखंड में कांग्रेस और बीजेपी के साथ आम आदमी पार्टी, बसपा और कई अन्य दल मैदान में है। उत्तराखंड में 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 57 सीट जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई जबकि विपक्षी दल कांग्रेस को 11 सीटें मिली थी। त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन चार साल के बाद उन्हें हटाकर बीजेपी ने तीरथ सिंह रावत को सत्ता की कमान सौंपी और महज कुछ ही महीने में रावत की जगह पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया। उत्तराखंड में भी हिमाचल की ही तरह हर 5 वर्ष बाद सत्ता परिवर्तन का रिवाज़ है। गोवा गोवा का आगामी विधानसभा चुनाव क्षेत्रीय दलों की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा के लिए टेस्टिंग लैब बनता जा रहा है। यूं तो इस राज्य में क्षेत्रीय और स्थानीय राजनीतिक दलों की बहुलता रही है, लेकिन इस बार चुनाव मैदान में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के भी आ जाने से चुनावी माहौल में नया रंग आ गया है। ये दोनों ही पार्टियां गोवा की जमीन से अपनी राष्ट्रीय छवि सुधारने की कोशिश में नज़र आ रहीं है। उधर, बरसों सत्ता में रही कांग्रेस अपने ‘गौरवशाली अतीत’ के भरोसे है तो सत्तारूढ़ भाजपा भी कोई कसर नहीं छोड़ रही। मणिपुर पूर्वोत्तर मणिपुर में विधानसभा की 60 सीटों पर चुनाव होंगे। 2017 में मणिपुर विधानसभा चुनाव में बीजेपी 24 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप उभरी थी और कांग्रेस 17 विधायकों के साथ विपक्षी दल बनी थी। बीजेपी ने एनपीपी, एलजेपी और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई और एन बीरेंद्र सिंह मुख्यमंत्री बने थे। अब बीजेपी ने एक बार फिर से मणिपुर की सत्ता बचाए रखने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, तो वहीं कांग्रेस भी सत्ता में वापसी के लिए बेताब है। गुजरात गुजरात को बीजेपी की सियासी प्रयोगशाला कहा जाता है। पिछले ढाई दशक से बीजेपी यहां सत्ता पर काबिज है। पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह दोनों ही गुजरात से हैं, जिसके चलते बीजेपी के लिए गुजरात सियासी तौर पर काफी अहम माना जाता है। गुजरात में कांग्रेस ने पिछली बार कांटे की टक्कर दी थी और इस बार फिर से ओबीसी-दलित-पटेल-मुस्लिम समीकरण बनाकर अपने सत्ता के वनवास को तोड़ने की जुगत में है। इस बार आम आदमी पार्टी भी गुजरात में किस्मत आजमाने की तैयारी में है। 2017 की जीत के बाद बीजेपी ने विजय रूपाणी के नेतृत्व में सरकार बनाई थी। सितंबर में बीजेपी ने पूरी रुपाणी सरकार को हटाकर भूपेंद्र भाई पटेल की अगुवाई में कैबिनेट गठित की थी। अपने सियासी प्रयोग से पार्टी ने सत्ता विरोधी लहर से निपटने का फॉर्मूला निकाला है। पार्टी कामयाब होती है या नहीं ये तो आने वाला चुनाव ही बताएगा। हिमाचल प्रदेश हिमाचल में भाजपा हाल ही में 4 उपचुनाव हारी है। इस हार से पार्टी की छवि तो खराब हुई ही है साथ ही चार सालों से सुस्त पड़ी कांग्रेस के मनोबल में भी वृद्धि हुई है। यहां भाजपा के लिए गुटबाज़ी साधना कठिन होगा वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस में भी अभी से अंतर्कलह के संकेत उभरते दिखाई दे रहे है। पार्टी का एक तबका मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष के कार्य से संतुष्ट नहीं है और पूर्व अध्यक्ष को दोबारा पार्टी की कमान सौंपने की इच्छा जता रहा है। यहां जो भी पार्टी अंतर्कलह को साधने में कामयाब रहती है, उसके लिए चुनाव जीतना आसान होगा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज जानकारी दी है वह कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। हालांकि उन्होंने बताया कि उनमें अभी इसके हल्के लक्षण हैं। केजरीवाल ने ट्विटर पर कहा, "मैं कोरोना से संक्रमित पाया गया हूं। मुझमें इसके हल्के लक्षण हैं। मैंने खुद को घर में आइसोलेट कर लिया है, जो लोग पिछले कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आए, कृपया खुद को आइसोलेट करें और अपना टेस्ट करवाएं।" दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 4099 नए मामले सामने आए जबकि एक की मौत हुई है। इसी के साथ कुल मामलों की संख्या बढ़कर 14,58,220 हो गई है। कोरोना संक्रमण दर बढ़कर 6.46 प्रतिशत हो गया है, जो पिछले सात महीनों में सबसे ज्यादा है।
कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन का कहर तेजी से फैल रहा है। इस बीच ओमिक्रोन का पता लगाने वाली पहली किट ओमिस्योर को मंजूरी मिल गई है।ओमिस्योर किट से ओमिक्रोन संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। इसे टाटा मेडिकल ने तैयार किया है। ICMR ने ये मंजूरी दी है। भारत के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ओमिक्रोन के अबतक 1892 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 766 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं या विदेश चले गए हैं। ओमिक्रोन के महाराष्ट्र में सबसे अधिक 568 मामले सामने आए और इसके बाद दिल्ली में 382, केरल में 185, राजस्थान में 174, गुजरात में 152, और तमिलनाडु में 121 मामले सामने आए हैं।
प्रदेश में मौसम बदल गया है। कड़ाके की ठंड के बाद आज सुबह से ही राजधानी शिमला में बारिश शुरू हो गई। हिमाचल प्रदेश में आगामी 5 से 6 दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 5 व 6 जनवरी को प्रदेश के ऊंचाई वाले हिस्सों में भारी बर्फबारी की संभावना जताई है। इसके लिए अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि प्रदेश में 4 जनवरी से मौसम करवट लेगा। जिसके बाद 5 व 6 जनवरी को शिमला, किनौर, लाहुल स्पीति, व अन्य जिलों के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी व बारिश हो सकती है। इसके लिए अलर्ट भी जारी किया गया है। इसके बाद भी पश्चिमी विक्षोभ 9 जनवरी तक सक्रिय रहेगा जिससे मध्यम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
चुनाव आयोग ने चुनाव वाले 5 राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा है कि वो कोविड टीकाकरण में तेजी लाएं। आयोग ने मणिपुर को लेकर खासतौर पर चिंता जताई है। राज्य में पहली खुराक के कम प्रतिशत पर इलेक्शन कमीशन खुश नहीं है। ऐसे में आयोग ने तेजी से लोगों को टीका देने के लिए लिखा है। उत्तराखंड और गोवा में करीब सभी को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है। बाकी तीन राज्यों, उत्तर प्रदेश, पंजाब और मणिपुर में कोरोना वायरस टीके की पहली खुराक लेने वालों का प्रतिशत कम है। बता दें कि पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और मणिपुर में इस साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं। माना जा रहा है कि इसी महीने आयोग इन पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। हाल ही में कोरोना वायरस के मामले देश में तेजी से बढ़े हैं। ऐसे में चुनाव टालने की बातें भी कुछ लोगों की ओर से कही जा रही थी। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि चुनाव टाले नहीं जाएंगे। बीचे हफ्ते मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने लखनऊ में अपने प्रेस वार्ता में कहा था कि उत्तर प्रदेश के सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हमसे मुलाकात की है। सभी दल कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए समय पर चुनाव कराए जाने के पक्ष में हैं। किसी भी दल ने चुनाव टालने की मांग नहीं की है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप के नेतृव में केंद्रीय हाटी समिति के पदाधिकारियों का एक शिष्ट मण्डल महापंजीयक भारत सरकार से मिला और गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने संबंधी सभी तकनीकी पहलुओं तथा एथनोग्राफिक सर्वे के बारे में विस्तार से चर्चा की। सुरेश कश्यप ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल द्वारा आर.जी.आई को पहले की रिपोर्ट में लगाई गई सभी आपत्तियों के बारे में तथ्यों के साथ स्पष्टीकरण दिया गया जिसका समाधान हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 18 सितम्बर 2021 को जनजातीय मंत्रालय भारत सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई एथनोग्राफिक रिपोर्ट में भी किया गया है । आर.जी.आई ने अश्वस्त किया कि वह तकनीकि विशेषज्ञों के साथ हाटी समुदाय की एथनोग्राफिक रिपोर्ट पर चर्चा करेंगे और उसके बाद रिपोर्ट जनजातीय मंत्रालय को भेजी जाएगी। कश्यप ने कहा कि बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई और केंद्रीय अधिकारियों ने पूरे प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। यह बैठक काफी फायदेमंद रही। कश्यप ने कहा कि हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। चर्चा में महापंजीयक भारत सरकार, डिप्टी रजिस्ट्रारजर्नल, सांसद सुरेश कश्यप, हाटी समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष डा. अमीचन्द कमल, महासचिव कुन्दन सिंह शास्त्री तथा कोषाध्यक्ष अंतरसिंह नेगी ने भाग लिया
देश में कोरोना वायरस की रफ्तार तेज हो गई है। पिछले छह दिनों में कोरोना संक्रमण के 1,23,191 नए मामले दर्ज किए गए हैं। 28 दिसंबर को 9,195 मामले, 29 दिसंबर को 13,154 मामले, 30 दिसंबर को 16,764 मामले, 31 दिसंबर को 22,775 मामले, 1 जनवरी को 27,553 और 2 जनवरी को 33750 नए मामले दर्ज किए गए हैं। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट 'ओमिक्रॉन' के मामले भी काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। पूरे देश में अब तक 1700 मामले सामने चुके हैं। हालांकि, इनमें से 639 लोग संक्रमण मुक्त भी हो गए हैं या अन्य स्थानों पर चले गए हैं। ओमिक्रॉन के महाराष्ट्र में सबसे अधिक 510 मामले सामने आए और इसके बाद दिल्ली में 351, केरल में 156, गुजरात में 136, तमिलनाडु में 121 और राजस्थान में 120 मामले सामने आए।
केंद्र की उज्ज्वला और प्रदेश सरकार की गृहिणी सुविधा योजना की बदौलत दिसम्बर 2019 में हिमाचल देश का पहला एलपीजी युक्त और धुआं मुक्त राज्य बना है। धुएं से होने वाली बीमारियों से महिलाओं को निजात दिलाने के लिए केंद्र ने उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। इसके साथ ही हिमाचल सरकार ने भी योजना के तहत अधिक से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए गृहिणी सुविधा योजना की शुरुआत की। केंद्र सरकार की ओर से उज्ज्वला योजना के तहत 21.81 करोड़ रुपये की लागत से हिमाचल में 1.36 लाख निःशुल्क घरेलू कनेक्शन दिए गए, जबकि हिमाचल सरकार की गृहिणी सुविधा योजना के तहत करीब 120 करोड़ रुपये खर्च कर 3.23 लाख गृहिणियों को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए गए। मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना की शुरुआत 26 मई, 2018 को हुई। केंद्र और प्रदेश सरकार के कारण आज प्रदेश की महिलाओं को खाना बनाते समय चूल्हे के धुएं से छुटकारा मिला है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित की जा रही इस योजना के तहत गैस कनेक्शन रहित परिवारों को एलपीजी कनेक्शन निःशुल्क वितरित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना को शुरू करने का उद्देश्य उन परिवारों को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान करना था, जो केंद्र की उज्ज्वला योजना के दायरे में नहीं आए थे। उज्ज्वला योजना के तर्ज पर ही प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना शुरू की। केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही उज्ज्वला योजना और प्रदेश की सरकार की मुख्यमंत्री गृहिणी योजना हिमाचल की महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना के फलस्वरूप ईंधन के लिए लकड़ी पर निर्भरता कम हुई है। साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य पर धुंए से पड़ने वाले विपरित प्रभाव से भी मुक्ति मिली है। इन योजनाओं की वजह से महिलाओं का जीवन स्तर भी बेहतर हुआ है।


















































