नव वर्ष के मौके पर शनिवार को भारत और पाकिस्तान के सैनिकों ने एलओसी पर एक दूसरे को बधाइयां दी और मिठाई का आदान-प्रदान किया। एलओसी के कम से कम चार मीटिंग-पॉइंट पर ये आदान प्रदान हुआ। शुक्रवार को ही रक्षा मंत्रालय ने अपनी सालाना रिपोर्ट में डीजीएमओ स्तर पर हुए शांति समझौते को दोनों देशों के लिए फायदेमंद बताया था। भारतीय सेना के मुताबिक लाइन ऑफ कंट्रोल यानि एलओसीके जिन चार मीटिंग पॉइंट पर भारत और पाकिस्तान के स्थानीय कमांडर्स ने मुलाकात की, वे हैं चिलवाल-टिथवाल क्रॉसिंग, चकोटी-उरी क्रॉसिंग, पूंछ-रावलकोट और मेंढर-हॉट-स्प्रिंग क्रॉसिंग है। इस दौरान सभी जगह दोनों देशों के सैनिकों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और मिठाई सहित दूसरे उपहारों का आदान-प्रदान कियान। इस दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया और सभी ने मास्क लगाया हुआ था और हाथों में ग्लब्स पहन रखे थे।
एलएसी पर चीन से चल रहे विवाद के बीच भारत ने कहा है कि जिन सीमावर्ती इलाकों में डिसइंगेजमेंट नहीं हुआ है वहां सेना की तैनाती बढ़ा दी गई है। साथ ही एलएसी के दूसरी तरफ चीन के जबरदस्त इंफ्रास्ट्रक्चर और पीएलए की बढ़ी हुई संख्या को देखते हुए भारतीय सेना ने पुनर्गठन के साथ-साथ अपने सैन्य ढांचे में जरूरी बदलाव भी किए हैं। इस बात का खुलासा खुद रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में हुआ है। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, "एलएसी पर एक से अधिक क्षेत्रों में चीन द्वारा बल के प्रयोग पर स्टेट्स-क्यो यानि यथास्थिति को बदलने के लिए एकतरफा और उत्तेजक कार्रवाइयों का पर्याप्त रूप से जवाब दिया गया है।" रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों की सेनाएं विभिन्न स्तरों पर बातचीत में लगी हुई हैं। निरंतर संयुक्त प्रयासों के बाद, कई स्थानों पर डिसइंगेजमेंट नहीं हुआ है। ऐसे में उन क्षेत्रों में जहां डिसइंगेजमेंट नहीं हुआ है वहां पर्याप्त रूप से सैनिकों की संख्या बढ़ाई गई है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एलएसी पर अपने दावों को मजबूत करने के लिए भारतीय सैनिक पूरी दृढ़ता लेकिन शांति-पूर्वक सीमा पर चीन के खिलाफ डटे हुए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि एलएसी पर भारत भी सड़क, ब्रिज और दूसरी मूलभूत सुविधाओं के साथ अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में जुटा है। रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में पिछले एक साल के दौरान देश की रक्षा का पूरा लेखा जोखा है। इसमें थलसेना की चीन और पाकिस्तान के खिलाफ कारवाई और शांति समझौतों से लेकर वायुसेना और नौसेना की तैयारियों और आधुनिकिकरण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच साल के दौरान पाकिस्तान से सटी एलओसी पर बेहद तनाव के बाद इस साल फरवरी में दोनों देशों के डीजीएमओ ने शांति समझौता किया। ये समझौते दोनों देशों के लिए फायदे का सौदा था और इससे लंबे समय तक सीमा पर शांति कायम रह सकती है।
जम्मू-कश्मीर में नए साल के मौके पर माता वैष्णो देवी भवन में भगदड़ मच गई। इस हादसे में अबतक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालो में दो महिलाएं भी शामिल हैं। वहीं, 20 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है। भगदड़ की घटना के बाद कटरा में माता वैष्णो देवी भवन में रजिस्ट्रेशन फिर से शुरू हो गया है। केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा है कि वह माता वैष्णो देवी तीर्थ पर त्रासदी से उत्पन्न स्थिति का जायज़ा लेने के लिए कटरा जाएंगे। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि मरने वाले लोग यूपी और हरियाणा के रहने वाले हैं।
महानिदेशक विरेंद्र सिंह पठानिया ने भारतीय तटरक्षक बल के 24वें प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया। वीएस पठानिया फ्लैग अफसर डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन और नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं। वीएस पठानिया मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा और सामरिक अध्ययन में परास्नातक हैं। उन्होंने यूएस कोस्ट गार्ड से खोज एवं बचाव और बंदरगाह संचालन में विशेष ट्रेनिंग ली है। वीएस पठानिया एक योग्य हेलीकॉप्टर पायलट हैं। अपने 36 वर्षों से अधिक के करियर में फ्लैग अफसर वीएस पठानिया ने पोतों एवं स्थापनाओं में कई महत्वपूर्ण पद संभाले हैं। इनमें कमांडर तट रक्षक क्षेत्र गांधी नगर, कमांडर तटरक्षक क्षेत्र मुंबई, उप-महानिदेशक और उप-महानिदेशक तटरक्षक मुख्यालय, नई दिल्ली शामिल हैं। फ्लैग अफसर ने सभी श्रेणियों के तटरक्षक पोतों की कमान भी संभाली हैं, जिनमें उपतटीय गश्ती पोत 'रानीजिंदन', अपतटीय गश्ती पोत 'विग्रह' और उन्नत अपतटीय गश्ती पोत 'सारंग' शामिल हैं।
मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में ओमिक्रोन और कोरोना के दूसरे वेरिएंट को लेकर खतरे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। महाराष्ट्र के कई मंत्री और विधायक कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। राज्य के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने जानकारी देते हुए कहा है कि राज्य के 10 मंत्री और 20 विधायक कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। मुंबई में कोरोना संक्रमण की रफ्तार 50 हजार से 1 लाख तक होने की आशंका जताई जा रही है। लोगों को संक्रमण से रोकने के लिए टास्क फोर्स के साथ बैठकें हो रही हैं। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य सचिव प्रदीप व्यास ने डिविजनल कमिश्नर और कलेक्टर को लिखे पत्र में कोरोना की तीसरी लहर को हल्के में ना लेने की सलाह दी है। स्वास्थ्य सचिव ने अपने पत्र में आगाह करते हुए कहा है कि कोविड-19 मामलों की Genomic Sequencing की जा रही है। उसमें से 70 फ़ीसदी मामलों में डेल्टा वेरिएंट होने की बात सामने आई है, जो घातक है। स्वास्थ सचिव ने कोविड-19 तीसरी वेव काफी बड़ी होने की आशंका जताई है। पत्र में उन्होंने कहा है कि अगर कोविड की तीसरी लहर में 80 लाख मामले सामने आते हैं तो 1 % मृत्यु दर को भी अनुमानित किया जाए तो करीब 80 हजार मौतें हो सकती हैं। राज्य में मंत्री और विधायकों के संक्रमित होने से सरकार की चिंता और बढ़ गई है।
कोरोना महामारी के बीच नए साल 2022 का स्वागत किया जा रहा है। नए साल के मौके पर कई बदलाव भी हुए जिसमें से कुछ बदलाव सीधे तौर पर आम आदमी की जेब पर असर डालेंगे। 1 जनवरी 2022 से ATM से पैसे निकालना महंगा हो गया है। इसके साथ ही GST को लेकर भी कुछ बदलाव किए गए। जूते चप्पल भी महंगे हो गए। देश के ग्राहकों के लिए ATM से ट्रांजैक्शन करना अब महंगा हो गया है। RBI ने एटीएम से फ्री ट्रांजैक्शन के बाद कैश निकासी पर लगने वाले चार्ज को बढ़ाने की मंजूरी दी थी। बैंक 1 जनवरी 2022 से पहले तक ग्राहकों से 20 रुपए प्रति ट्रांजैक्शन का चार्ज वसूल कर रहे थे। RBI के मुताबिक, बैंक अब फ्री ट्रांजैक्शन के बाद अपने ग्राहकों से हर ट्रांजैक्शन पर 20 की जगह 21 रुपए चार्ज ले सकेंगे। वंही, नए साल पर लोग शौक से गाड़ी खरीदते हैं लेकिन इस बार ग्राहकों को गाड़ी खरीदना महंगा पड़ेगा। देश की कई ऑटो कंपनियां कारों के अलग-अलग मॉडलों के दामों में इजाफा करने जा रही है। मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki), फोक्सवैगन और वोल्वो की गाड़ियां 1 जनवरी से महंगी हो गई हैं। जूते और चप्पल पर अब 5 फीसदी के बदले अब 12 फीसदी जीएसटी लगेगा। जूतों के साथ-साथ कपड़ों पर भी जीएसटी बढ़ाने की योजना थी लेकिन जीएसटी काउंसिल ने इस बढ़ोतरी को फिलहाल टाल दिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस पर फैसला लिया गया। अगर कोई पेमेंट करने के लिए ज्यादातर डेबिट या फिर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करता है तो आज से इसके नियम बदल गए हैं। रिजर्व बैंक ने ये नियम ऑनलाइन पेमेंट को और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए लागू किए हैं। अब ऑनलाइन पेमेंट करते वक्त डेबिट या क्रेडिट कार्ड का पूरा नंबर हर बार डालना होगा। कोई भी वेबसाइट, ऑनलाइन शॉपिंग या मोबाइल एप कार्ड डिटेल सेव नहीं कर सकेंगे।
भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। इस बीच ओमिक्रोन के मामले भी रोज रिकॉर्ड बना रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट के अनुसार देश में ओमिक्रोन के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1,431 हो गई है। वहीं महाराष्ट्र और दिल्ली में ओमिक्रोन के सबसे ज़्यादा 454 और 351 मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि 1,431 मरीज़ों में से 488 मरीज़ रिकवर भी हो गए हैं। राज्यों की बात करें तो देश में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 454 मामले सामने आए हैं। इसके बाद राजधानी दिल्ली में आज 351 मामले दर्ज किए गए। तीसरे नंबर पर सबसे ज्यादा ओमिक्रोन संक्रमित लोग तमिलनाडु में आए हैं। यहां ओमिक्रोन के कुल 118 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा गुजरात में 115, केरल में 109, राजस्थान में 69, तेलंगाना में 62, हरयाणा में 37, कर्नाटर में 34 मामले सामने आए हैं। इस बीच, केंद्र ने सभी राज्यों को चिट्ठी लिखकर कहा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कोरोना की जांच में तेजी लाएं। राज्यों से कहा गया है कि वो RTPCR के अलावा रैपिड एंटीजन टेस्ट का इस्तेमाल करें। साथ ही ICMR से मंजूरी पाने वाली होम टेस्टिंग किट का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका फायदा ये होगा कि कोरोना के पॉजिटिव केस की जांच समय पर हो सकेगी और वक्त रहते पॉजिटिव मरीजों को आइसोलेट किया जा सकेगा।
तीन जनवरी से शुरू होने वाले बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए आज से रजिस्ट्रेशन की शुरुआत हो रही है। अभी टीका 15 से 18 साल के बच्चों को लगेगा। आज से करीब एक हफ्ते पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीनेशन का ऐलान किया था। बच्चों के लिए फिलहाल वैक्सीन का सिर्फ एक विकल्प होगा, जो 'कोवैक्सीन' होगा। सबसे पहले gov.in वेबसाइट पर जाएं। अगर कोविन पर रजिस्टर्ड नहीं हैं तो पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा, यहां आपको बच्चे का नाम, उम्र जैसी कुछ जानकारियां देनी होगी। इसके बाद रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद मोबाइल पर कन्फर्मेशन मैसेज आएगा। फिर अपने इलाके का पिन कोड डालें। इसके बाद वैक्सीनेशन सेंटर की लिस्ट आ जाएगी, फिर तारीख और समय के साथ अपना वैक्सीनेशन स्लॉट बुक करें। ये सबकुछ करने के बाद आप वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर अपने बच्चे को कोरोना का टीका लगवा सकेंगे। वैक्सीनेशन सेंटर पर जाने से पहले आपको आइडेंटिटी प्रूफ और सीक्रेट कोड की जानकारी देनी होगी, जो रजिस्ट्रेशन करने पर मिलती है। बच्चों का कोरोना वैक्सीनेशन सरकारी सेंटर पर होगा। साथ ही निजी अस्पताल में भी बच्चे को वैक्सीन लगवा सकते हैं। सरकारी वैक्सीनेशन सेंटर पर बच्चों को मुफ्त वैक्सीन लगेगी। जबकि निजी अस्पतालों में वैक्सीन की कीमत चुकानी होगी। बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए तमाम राज्यों ने कमर कस ली है. इसके लिए तमाम तैयारियां भी जोरों पर चल रही हैं। बच्चों का वैक्सीनेशन इस वक्त वक्त की मांग है और इसीलिए ये बेहद जरूरी है। देश में 15 से 18 साल की उम्र के करीब 8 करोड़ बच्चे हैं। वैक्सीनेशन का फायदा इन तमाम बच्चों को मिलेगा और कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हमारे बच्चे मजबूत होंगे।
पीएम मोदी ने ओमीक्रोन के खतरे के बीच देश में 3 जनवरी से 15 से 18 वर्ष के बच्चों को वैक्सीन की डोज़ देने का ऐलान किया था। इसी के चलते हिमाचल प्रदेश में 15 से 18 वर्ष आयु के विद्यार्थियों के वैक्सीनेशन ड्राइव के लिए छुट्टियों के दौरान भी स्कूलों में बुलाए जाएंगे। गौरतलब है कि प्रदेश के शीतकालीन स्कूलों में एक जनवरी और ग्रीष्मकालीन स्कूलों में 3 जनवरी से सर्दियों की छुट्टियां घोषित की गई हैं। बता दें कि वैक्सीनेशन ड्राइव को सफल बनाने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बुधवार को सभी जिला उप निदेशकों को पत्र जारी कर 15 से 18 वर्ष की आयु के विद्यार्थियों को टीका लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर शेड्यूल तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा निदेशक ने बताया कि शेड्यूल के मुताबिक विद्यार्थियों को छुट्टियों के दौरान नजदीकी स्कूलों में बुलाया जाएगा। ऐसे में सभी स्कूल और कॉलेज प्रिंसिपल को निर्देश दिए गए हैं कि इन आयु वर्ग के विद्यार्थियों को चिह्नित कर कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगाई जाए।
नए साल पर भारी संख्या में प्रदेश में आ रहे सैलानियों के प्रबंधन को लेकर पुलिस ने कमर कस ली है। सभी जिला, टीटीआर और एचपी पुलिस के फेसबुक और सोशल मीडिया अकाउंटों के जरिये मौसम के पूर्वानुमान के अलावा ट्रैफिक डायवर्जन और अतिरिक्त पार्किंग जैसे विषयों पर जानकारी देने को कहा है। न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए वीरवार को बड़ी संख्या में सैलानी शिमला पहुंच गए। शहर के होटलों में ऑक्यूपेंसी करीब सौ फीसदी पहुंच गई है। प्रशासन कोरोना गाइडलाइंस को सख्ती से लागू करवाएगा। पर्यटन विकास निगम के होटल हॉलिडे होम सहित निजी होटलों में सैलानियों के लिए न्यू ईयर पार्टी को लेकर खास तैयारियां हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। 31 दिसंबर और एक जनवरी के लिए बसों में अधिकतर सीटें एडवांस बुक हैं।
हिमाचल प्रदेश में न्यू ईयर का जश्न मनाने के लिए हज़ारों की संख्या में पर्यटक प्रदेश का रुख कर रहे है। इसी के चलते प्रशासन ने कुछ सख्त इंतज़ाम किए है। शिमला में 5000 वाहनों की एंट्री के बाद अन्य वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। शहर की पार्र्किंग फुल होने के बाद प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन पार्क करवाए जाएंगे। टूटीकंडी क्रॉसिंग पर तैनात पुलिस कर्मी बाहरी क्षेत्रों से आने वाले सैलानियों को कनलोग बाईपास पर डायवर्ट कर देंगे। कुफरी, नारकंडा, मशोबरा और नालदेहरा की ओर जाने वाले वाहनों को भी बाईपास से रवाना किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश नए साल के जश्न के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रदेश में सैलानी पहुंचने लगे हैं। शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी, कसौली में सैलानियों की आवभगत के लिए होटल कारोबारी तैयार हैं। इस दौरान पुलिस की भी हुड़दंगियों पर कड़ी नजर रहेगी। प्रदेश में इस बार रिकॉर्ड भीड़ आने की उम्मीद है। मनाली में पर्यटकों का आना शुरू हो गया है। कारोबारियों ने होटलों, रेस्तरां और होम स्टे को नया स्वरूप दिया है। नए साल को खास बनाने के लिए पर्यटन विकास निगम मनाली के क्लब हाउस में न्यू ईयर क्वीन का चयन करेगा। कपल डांस, लेमन डांस समेत बच्चों के लिए कई प्रतियोगिताएं होंगी। सैलानियों का कुल्लवी परंपरा तथा वेलकम ड्रिंक्स से स्वागत होगा। नए साल के स्वागत के लिए शिमला भी तैयार है।
मध्य प्रदेश में नये साल से पहले कड़ाके की ठंड पड़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने राज्य में शीतलहर के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी अलर्ट में घना कोहरा छाये रहने और ओस पड़ने की संभावना जतायी गई है। आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलनी पहले ही शुरू हो चुकी है क्योंकि गुरुवार सुबह चार जिलों-रायसेन, धार, ग्वालियर और गुना में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग ने कहा कि शुक्रवार सुबह से शुरू होने वाले अगले दो दिनों में ग्वालियर, रायसेन, सिवनी और सागर सहित आठ जिलों के अलग-अलग स्थानों पर शीतलहर चलने की संभावना है. शुक्रवार सुबह से शुरू होने वाले अगले दो दिनों में भोपाल, जबलपुर, रायसेन, दतिया और मंडला सहित 23 जिलों के अलग-अलग स्थानों पर कड़ाके की ठंड पड़ने का एक और येलो अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस रायसेन, धार, ग्वालियर एवं गुना में दर्ज किया गया है। वहीं वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के बाद ठिठुरन बढ़ी है। बता दें कि पहाड़ों पर बर्फबारी का असर पूरे देश पर पड़ा है और दिल्ली से लेकर पंजाब तक एक बार फिर शीतलहर के चपेट में है।
भारत में कोरोना के बढ़ते मामले ने केंद्र की चिंता बढ़ा दी है। वहीं कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के मामले भी रोज रिकॉर्ड बना रहे हैं। रिपोर्ट की माने तो देश भर में अब तक ओमिक्रोन से 1188 लोग संक्रमित हो चुके हैं हालांकि इसमें से 320 लोग ठीक भी हो चुके हैं। वहीं यह वायरस देश के 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पैर पसार चुका है। ओमिक्रोन से संक्रमित मरीजों वाले राज्यों में सबसे पहले पायदान पर महाराष्ट्र है। दरअसल महाराष्ट्र में कोरोना के 450 मामले सामने आ चुके हैं। दूसरे स्थान पर दिल्ली को जगह मिली है। मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ के अनुसार राजधानी दिल्ली में भी इन दिनों कोरोना के मामले में उछाल देखा गया है। यहां अब तक ओमिक्रोन के 320 मामले सामने आ चुके हैं और तीसरे नंबर पर सबसे ज्यादा ओमिक्रोन केरल में आए हैं। यहां ओमिक्रोन के कुल 109 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा गुजरात में 97, राजस्थान में 69, तेलंगाना में 62, तमिलनाडु में 46, कर्नाटक में 34, आंध्र प्रदेश में 16 मामले सामने आए हैं।
जम्मू-कश्मीर में बुधवार को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच शुरू हुई मुठभेड़ में दो पाकिस्तानी नागरिक समेत 9 आतंकी मारे गए हैं। सेना, सीआरपीएफ और कश्मीर पुलिस ने मिलकर पिछले 24 घंटे में तीन अलग-अलग जगह पर मुठभेड़ में इन आतंकियों का सफाया किया है। वहीं, इस मुठभेड़ में 3 पुलिसकर्मी और एक CPRF का जवान घायल हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, ये आतंकी अनंतनाग, कुलगाम और पंथ चौक इलाके में मुठभेड़ के दौरान मारे गए। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने मामले के बारे मे बताते हुए कहा कि, आतंकियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया सूचना मिली थी जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए कुलगाम जिले के मीरहमा क्षेत्र में सुरक्षाबलों द्वारा घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस दौरान आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई। अधिकारी ने कहा कि तलाशी अभियान के दौरान छिपे हुए आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। वहीं इससे पूर्व मारे गए आतंकियों के पास से एक एम-4 जबकि दो एके-47 राइफलें भी बरामद की गई। सुरक्षाबलों के लिए यह एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। इस मुठभेड़ में जैश के आतंकी को मार दिया गया है। वहीं मारे गए आतंकियों के बारे में टिप्पणी करते हुए कश्मीर के आईजीपी ने कहा है कि इन आतंकियों का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता है।
देश में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन से मौत का पहला मामला सामने आ गया है। हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने मौत की वजह को कोरोना नहीं माना लेकिन उसकी मौत के बाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की जो रिपोर्ट आई उसमें पता चला है कि वो ओमिक्रोन संक्रमित था। ये शख्स हाल ही में नाइजीरिया से लौटा था। 52 साल के इस शख्स की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। पिंपरी चिंचवाड में इस शख्स का इलाज चल रहा था। म्यूनिसिपल कॉरपोर्रेशन के अस्पताल में इलाज किया जा रहा था। ये शख्स करीब 13 साल से डायबिटीज से पीड़ित था। दरअसल, महाराष्ट्र में एक बार फिर हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। राज्य में 24 घंटे में सबसे ज्यादा 5 हजार 368 केस सामने आए है। कोरोना की चपेट में महाराष्ट्र के मंत्री बालासाहेब थोराट भी आ गए हैं। गुरुवार को कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमिक्रोन के 198 नए मामले सामने आए, जिनमें से 190 मामले अकेले मुंबई में दर्ज किए गए। राज्य में सामने आए ओमिक्रोन के 198 नए मामलों में से केवल 30 ने हाल में विदेश यात्रा की थी। ठाणे शहर में ओमिक्रोन के चार मामले जबकि सतारा, नांदेड़, पुणे और पिंपरी चिंचवाड नगर निगम क्षेत्रों से एक-एक मामला सामने आया है।
दिल्ली में बढ़ते कोरोना खतरे के बीच रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल खत्म करने का एलान कर दिया है। दोपहर 12 बजे के बाद हड़ताल पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। दिल्ली डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर मनीष ने कहा है कि मंत्री जी से मुलाकात के बात उन्हें आश्वासन मिला और उसके बाद हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया गया। बता दें कि NEET काउंसलिंग में हो रही देरी को लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों के प्रदर्शन ने सोमवार को उस वक्त तूल पकड़ लिया जब दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के बीच झड़प हो गई, जिसमें कई लोग घायल हुए है। मामला ज्यादा तूल पकड़ा तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को डॉक्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। हालांकि बैठक के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कुछ रेजिडेंट डॉक्टरों से मुलाकात कर पुलिस की अभद्रता के लिए खेद जताया था, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार इतना काफी नहीं है।
मुंबई में बीते रात दिन दहाड़े दो अज्ञात बदमाशों ने बैंक में घुसकर लूट की वारदात को अंजाम दिया है। इस पूरे मामले में एक बैंक कर्मचारी की मौत भी हो गई है। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बैंक में लूट की घटना को अंजाम देने आए दो शख्स ने लोगों को डराने के लिए एक राउंड फायरिंग की गई जिसमें एक बैंक कर्मचारी की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच के लिए 8 टीमों का गठन किया और मामले में शामिल दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। दरअसल मामला दहिसर इलाके का है जहां दो अज्ञात लोग दोपहर करीब 3.30 बजे एसबीआई बैंक में घुसे और एक राउंड फायरिंग कर कई लाख रुपये लेकर फरार हो गए। बता दें की घटना की पूरी वारदात बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
भारत में बच्चों के लिए कोवोवैक्स को आपात मंजूरी दे दी गई है। कोवोवैक्स के सीडीएल से बीते दिनों तीन बैच पास किए जा चुके हैं। बताया जा रहा है कि तीन बैच में 97 लाख से अधिक डोज शामिल हैं। यह परीक्षण में खरी उतरी हैं। इनका कंपनी की ओर से पहले निर्यात किया जाएगा। भारत में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के साथ कोवोवैक्स को भी हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन की मंजूरी के बाद केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन भी हरी झंडी दी है। ई-बायोलॉजिकल लिमिटेड कंपनी की स्वदेशी कोर्बोवैक्स को सीडीएससीओ से आपात मंजूरी मिली है। दोनों कंपनियां अब सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी (सीडीएल) कसौली में जांच के लिए बैच भेजेंगी। यहां से ग्रीन टिक मिलने के बाद बैच को भारतीय बाजार में उतारा जाएगा।देश में किसी भी आयात, निर्यात और वैक्सीन को बाजार में उतारने से पहले सीडीएल कसौली से अनुमति लेना जरूरी होता है। वैक्सीन की गुणवत्ता जांचने के लिए बैच सीडीएल में भेजे जाते हैं। इससे पहले भी कोविशील्ड, कोवैक्सीन, स्पूतनिक-वी, जयकॉव-डी, जॉनसन एंड जॉनसन की कोविड वैक्सीन को बाजार में उतारने आए पहले सीडीएल ने ग्रीन टिक दिया था।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले दो दिनों से हो रहे बर्फबारी और बारिश के कारण कई राज्यों में एक बार फिर शीतलहर लौट सकती है। वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के आस-पास के इलाकों पर बने वेस्टर्न डिस्टर्बेंस पूर्वोत्तर राजस्थान में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। एक तरफ जहां उत्तराखंड और उत्तरी कश्मीर के कई क्षेत्रों में बर्फबारी होने ने तापमान शून्य के नीचे दर्ज किया गया है वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के बाद ठिठुरन बढ़ी है। बता दें कि पहाड़ों पर बर्फबारी का असर पूरे देश पर पड़ा है और दिल्ली से लेकर पंजाब तक एक बार पिर शीतलहर के चपेट में है। मौसम विभाग के अनुसार आज यानी 30 दिसंबर को पूर्वी यूपी के भागों में मौसम साफ हो जाएगा। लेकिन, अन्य पूर्वी राज्यों में मौसमी हलचल अभी जारी रहेगी। इसके अलावा उत्तरखंड के पूर्वी इलाकों में बारिश होने की संभावना है लेकिन मैदानी इलाकों जैसे पंजाब हरियाणा और राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्र, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम साफ और शुष्क रहेगा।
जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में हुए एनकाउंटर में एक पाकिस्तानी समेत जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी ढेर हो गए है हालांकि, ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना का एक जवान भी शहीद गया। इसके साथ ही, 2 और जवान घायल हुए हैं। कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने गुरुवार को बताया-अनंतनाग एनकाउंटर के दौरान 3 जवान घायल हुए थे, जिनमें से बाद में एक जवान शहीद हो गए। हालांकि, बाकियों की हालत स्थिर है। कुल दो पाकिस्तान आतंकी और चार स्थानीय आतंकी मारे गए हैं। उनके पास से दो एम-4 रायफल्स, चार एके-47 भी बरामद हुई है। आईजी विजय कुमार ने बताया कि कुलगाम में तीन आतंकी मारे गए हैं। इनमें से एक पाकिस्तानी आतंकी और 2 स्थानीय थे। इस तरह कुल दो पाकिस्तानी आतंकी मारे गए और चार लश्कर आतंकियों को ढेर किया गया।
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान करने वाले कालीचरण महाराज को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रायपुर पुलिस की तीन अलग-अलग टीमें कालीचरण की तलाश में भेजी गयीं थी। इसमें महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और दिल्ली में टीमें भेजी गयीं थी। गुरुवार सुबह 4 बजे पुलिस की 7 सदस्यीय टीम ने रायपुर में बागेश्वर धाम के पास कालीचरण का दबोचा लिया। आरोप है कि कालीचरण ने 26 दिसंबर की शाम रायपुर की धर्म संसद में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान किया। इसके बाद रात में ही कालीचरण ट्रेन से छत्तीसगढ़ से फरार हो गए। अगले दिन कालीचरण ने एक वीडियो जारी किया और अपनी गलती पर अडिग रहे। इसी वीडियो के बाद पुलिस की सायबर सेल टीम वीडियो को ट्रेस किया। बता दें कि रायपुर टिकरापारा थाने में कालीचरण के खिलाफ अपराध पंजीकृत किया गया है धर्म संसद के दौरान कालीचरण का व्याखायन वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अन्य धाराएं भी जोड़ी गई। इसमें समाज में शत्रुता फैलाने वाली धाराएं जोड़ी गई है। वीडियो फुटेज जब्त कर लिए गए। रायपुर एएसपी ने बताया कि कालीचरण पर धारा-153(a), 153 (b) भी जोड़ दी गई. इसके अलावा शुरुआत में धारा- 294 और 505 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
कोरोना बढ़ते मामलों के बीच मुंबई नगर महापालिका ने 24 दिसंबर को जारी अपने नियमों में संशोधन करते हुए संयुक्त अरब अमीरात और दुबई से आने वाले सभी यात्रियों का सात दिन का होम क्वारंटीन अनिवार्य कर दिया है। बुधवार देर रात जारी आदेश में मुंबई नगर महापालिका द्वारा कहा गया है कि इन देशों से आने वाले सभी यात्रियों का एयरपोर्ट पर ही कोविड RT-PCR टेस्ट अनिवार्य होगा। बता दें कि राज्य में 7 जनवरी तक धारा-144 लागू कर दी गई है। वंही दिल्ली सरकार ने राजधानी में 27 दिसंबर से नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया है। नाइट कर्फ्यू रात 11 बजे से शुरू होकर सुबह 5 बजे तक चलता ह। हालांकि आवश्यक कामों से जुड़े और कुछ अन्य मामलों में लोगों को छूट दी गई है। इसके अलावा दिल्ली में मॉल सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक ही खुले रहेंगे। मॉल और दुकानें ऑड-ईवन की तर्ज पर खुलेंगे। मेट्रो और बसे 50 प्रतिशत सीट क्षमता के साथ ही चलेंगी। इसके साथ ऑटो, ई-रिक्शा, टैक्सी में सिर्फ 2 यात्री सफर करेंगे। दिल्ली में रेस्टोरेंट पर भी पाबंदी लगाई गई है। यह केवल 50 प्रतिशत क्षमता तक ही लोगों को बिठा सकेंगे। इसके साथ ही यह सुबह 8 बजे से 10 बजे तक खुले रहेंगे। यूपी सरकार ने भी एहतियात के तौर पर पूरे राज्य में नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया है। रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ़्यू 25 दिसंबर से लागू है। इसके अलावा सरकार ने एक अभियान चलाया है, जिसमें मास्क नहीं तो सामान नहीं के सिद्धांत पर लोगों को जागरुक करने की कोशिश की जा रही है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश में दी गई कोविड-19 रोधी टीकों की खुराक की संख्या बुधवार को 143.75 करोड़ से अधिक हो गई है। मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को शाम सात बजे तक टीकों की 57,03,410 खुराक दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि देर रात तक अंतिम रिपोर्ट के संकलन के साथ दैनिक टीकाकरण संख्या बढ़ने की उम्मीद है। देशभर में टीकाकरण अभियान 16 जनवरी को शुरू किया गया था जिसमें पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया गया था। अग्रिम मोर्चा के कर्मियों का टीकाकरण दो फरवरी से शुरू हुआ था। कोविड-19 टीकाकरण का अगला चरण एक मार्च से 60 वर्ष से अधिक और 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के गंभीर रोगों से लोगों के लिये शुरू हुआ। देश ने एक अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया। सरकार ने एक मई से 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों के टीकाकरण की अनुमति दी है।
रात में उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ओमिक्रोन से संक्रमित मरीजों की संख्या 950 के करीब पहुंच गई है। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु व तेलंगाना में इस स्वरूप के अधिकांश नए मामले सामने आए हैं। महाराष्ट्र में स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 85 और मरीजों के ओमिक्रोन स्वरूप से संक्रमित पाए जाने के बाद प्रदेश में इस स्वरूप से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 252 हो गई है। दिल्ली और गुजरात में बुधवार को कोविड-19 के नए मामलों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है जबकि पंजाब में ओमिक्रोन स्वरूप का पहला मामला सामने आया है। वहीं देशभर में वायरस के इस नए स्वरूप से संक्रमित लोगों की कुल संख्या 950 से ज्यादा हो गई है। केंद्र और राज्यों के आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 मामलों की कुल संख्या एक महीने से थोड़ा अधिक समय बाद 10,000 को पार कर गई है। 26 नवंबर को कोविड-19 के कुल 10,549 मरीज मिले थे। पंजाब में कोरोना वायरस के ओमिक्रोन स्वरूप से संक्रमण का पहला मामला सामने आया है. इस महीने 36 वर्षीय एक व्यक्ति स्पेन से राज्य में आया था जिसके नमूने की जांच में वायरस के इस स्वरूप की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही वायरस के इस नए स्वरूप से प्रभावित राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या 22 हो गई है।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश स्वर्ण जयंती (विरासत मामले समाधान) योजना, 2021 को मंजूरी प्रदान की है और यह अधिसूचित कर दी गई है। यह योजना विभिन्न फोरम में लंबित सभी विरासत मामलों के समाधान और बकाया राशि की वसूली करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्वर्ण जयंती (विरासत मामले समाधान) योजना-2021 एक महत्वकांक्षी योजना है और जीएसटी पूर्व करदाताओं के लिए कर देयता और विवादों को हल करने के लिए लाई गई है। इस योजना के तहत, करदाता बकाया कर राशि का भुगतान कर सकते हैं और कानून के तहत किसी भी अन्य परिणाम से मुक्त हो सकते हैं। इससे करदाताओं को संतोषजनक राहत मिलेगी क्योंकि उन्हें ब्याज और जुर्माने के बदले केवल निपटान शुल्क देना होगा। करदाताओं को दस्तावेजों को संकलित करने, लंबित वैधानिक प्रपत्रों को एकत्र करने और आकलन को पूरा करने के लिए समाधान तैयार करने में काफी मेहनत करनी पड़ती है। जीएसटी लागू होने के उपरांत भी विभिन्न कंपनियों, उद्योग और डीलरों के पहले के विवाद लम्बित हैं। यह योजना हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में योजना के प्रकाशन से छह महीने की अवधि के लिए वैध होगी। योजना के दो चरण होंगे। पहले चरण के चार महीनों में डीलर को 10 प्रतिशत की दर से निपटान शुल्क के साथ देय कर का भुगतान करना होगा और दूसरे चरण के दो महीनों में पहले चरण में लागू निपटान शुल्क का एक सौ पचास प्रतिशत कर (अर्थात 150 प्रतिशत) देय राशि के साथ अदा करना होगा। हितधारक या डीलर विभाग के संबंधित सर्कल या जिला कार्यालयों में जाकर योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में 3 जनवरी से देश में 15-18 साल के बच्चों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया जाएगा तो वंही 10 जनवरी से 60 साल से अधिक उम्र के ऐसे बुजुर्गों को बूस्टर डोज दी जाएगी जो दूसरी गंभीर बीमारियों से भी पीड़ित हैं। इस बीच आधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि बच्चों के लिए अभी देश में सिर्फ भारत बायोटेक और आईसीएमआर की ओर से निर्मित कोवैक्सीन ही उपलब्ध होगी। इसके अलावा, हेल्थकेयर, फ्रंटलाइन वर्कर्स और को-मॉरबिडिटी वाले बुजुर्गों को वह बूस्टर डोज के तौर पर वही टीका लगाया जाएगा, जिसकी दो खुराक वह पहले ले चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन में घोषणा की कि 15-18 साल के बच्चों को 3 जनवरी से करोना का टीका दिया जाएगा। वहीं, हेल्थकेयर वर्कर्स के साथ को-मॉरबिडिटी वाले वरिष्ठ नागरिकों को एहतियाती खुराक दी जाएगी। पीएम मोदी ने कहा है कि बुजुर्गों के लिए यह खुराक उनके डॉक्टरों के परामर्श पर उपलब्ध होगी। सरकार ने यह फैसला देश में ओमिक्रॉन वेरिएंट के प्रसार के बीच लिया है। सरकारी सूत्र का कहना है कि कोविन एप में उन लोगों का डाटा अपने आप अपडेट होकर दिखने लगेगा, जो तीसरी डोज के पात्र होंगे। उनका कहना है कि इस संबंध में सरकार पात्र लोगों की संख्या तैयार कर रही है। इस पर जल्द ही घोषणा हो सकती है। बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि 60 वर्ष से ऊपर की आयु के अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित नागरिकों के लिए, उनके डॉक्टर की सलाह पर वैक्सीन की प्रीकॉशन खुराक का विकल्प उनके लिए भी उपलब्ध होगा। ये भी 10 जनवरी से उपलब्ध होगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडविया का NEET-PG 2021 की काउंसलिंग जल्द कराने के आश्वासन के बाद अब दिल्ली एम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने अपनी हड़ताल वापस लेने का फैसला कर लिया है। एम्स दिल्ली के डॉक्टर्स अपनी हड़ताल खत्म कर देंगे। उनकी तरफ से जारी बयान में कहा गया कि अस्पताल में सभी सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। वहीं FORDA की हड़ताल अभी भी जारी रहेगी। दरअसल, बीते सोमवार दिल्ली में NEET-PG काउंसलिंग की मांग को लेकर निकाले गए पैदल मार्च के दौरान रेजिडेंट डॉक्टर और पुलिस के बीच झड़प होते दिखी थी। जिसमें कई पुलिसकर्मी समेत डॉक्टर्स घायल हुए थे। वहीं, मार्च में शामिल कई डॉक्टर्स को पुलिस ने हिरासत में भी लिया था जिस पर दिल्ली एम्स ने नाराजगी जताई थी। नाराजगी जताते हुए RDA AIIMS ने प्रदर्शन कर रहे रेजिडेंट डॉक्टर्स को अपना समर्थन दिया और आज के लिए सभी नॉन इमरजेंसी सर्विस को छोड़कर स्ट्राइक का एलान किया था। स्वास्थ मंत्री ने रेजिडेंट डॉक्टर्स से मुलाकात कर पुलिस की तरफ से की गई कार्रवाई की निंदा की और नीट-पीजी काउंसलिंग डेट पर भी आश्वासन दिया है। जिसके बाद AIIMS RDA की तरफ से आज होने वाली स्ट्राइक को नहीं करने का फैसला किया.। बताते चले, रेजिडेंट डॉक्टर्स पिछले कुछ दिनों से अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश सर्व अनुबंध कर्मचारी महासंघ ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, एनजीओ फेडरेशन के अध्यक्ष अश्विनी ठाकुर,महासचिव राजेश शर्मा का अनुबंध कार्यकाल को 3 वर्ष से घटाकर 2 वर्ष करने व इसकी अधिसूचना जारी करने के लिए आभार जताया है। हिमाचल प्रदेश सर्व अनुबंध कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार नड्डा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय पटियाल, कार्यकारी महासचिव सुनील कुमार शर्मा, वित्त सचिव अविनाश कुमार सैनी, मीडिया सचिव राकेश ठाकुर, सोशल मीडिया प्रभारी रिपन कुमार, जिला मंडी के अध्यक्ष गिरधारीलाल चौहान, जिला हमीरपुर के अध्यक्ष मनु देव शर्मा, जिला चंबा के अध्यक्ष बलबीर सिंह बल्ली, जिला सोलन के अध्यक्ष रमेश कन्याल, जिला शिमला के अध्यक्ष पंकज तिल्टा, जिला सिरमौर के अध्यक्ष सुधीर शर्मा और जिला ऊना के अध्यक्ष राजेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार ने अधिसूचना जारी करके अपना वादा पूरा किया है। उन्होंने हिमाचल सरकार व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का अधिसूचना जारी करने के लिए धन्यवाद किया है।
हिमाचल प्रदेश ने पानी की गुणवत्ता के मामले में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। नई दिल्ली के गुजरात भवन में यूनिसेफ-जल जीवन मिशन की ओर से आयोजित कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बात सामने आई है। हिमालयी राज्यों में वर्ष 2025-26 तक उत्तराखंड को ही सर्वाधिक 1344 करोड़ का बजट मिलेगा। जल शक्ति मंत्रालय ने घरों में सप्लाई होने वाले पेयजल की गुणवत्ता पर देशभर में अध्ययन किया। इस आधार पर पाया गया कि सर्वाधिक 98 प्रतिशत गुणवत्तायुक्त पेयजल हिमाचल प्रदेश में, 95 प्रतिशत गुणवत्ता वाला जल मणिपुर में और 92 प्रतिशत गुणवत्ता वाला पेयजल उत्तराखंड में उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा देश में पांच राज्यों के 11 क्षेत्रों में सेंसर आधारित स्मार्ट वाटर सप्लाई मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इनमें उत्तराखंड के टिहरी जिले में किथ, चूरेदार, कोट कुलोगी और देहरादून का दूधली शामिल है।
देश में कोरोना का खतरनाक वेरिएंटओमीक्रोन तेज़ी से बढ़ रह है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में भी ओमीक्रोन का एक मामला सामने आया है। इसी के चलते कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की जांच के लिए प्रदेश की राजधानी शिमला, मंडी और कांगड़ा में अब जीनोम सीक्वेंसिंग लैब खोली जाएंगी। केंद्र सरकार ने राज्य के आईजीएमसी, मंडी और टांडा अस्पताल में में लैब खोलने का प्रस्ताव भेजा है। हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि यह लैब कब तक खुलेंगी। इस लैब को खोलने में दो से तीन महीने का वक्त लग सकता है। देश भर में ओमिक्रॉन संक्रमण ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। हिमाचल में यह सुविधा नहीं है। यहां सैंपल लेने के बाद जांच के लिए केंद्र की नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) लैब दिल्ली भेजे जा रहे हैं। वहां से रिपोर्ट आने में समय लग रहा है। ऐसे में अगर प्रदेश में यह लैब खुल जाती है तो इससे काफी लाभ होगा। निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश पठानिया ने बताया कि लैब खुलने से टेस्ट रिपोर्ट जल्द मिल पाएगी।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नगर निगम चुनाव से पहले निगम बड़ा बदवाल करने की तैयारी कर रहा है। निगम शहर में वार्डों की संख्या 34 से बढ़ाकर 37 करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए कई बड़े वार्डों को तोड़कर दो भागों में बांटने पर चर्चा चल रही है। इसके लिए इन वार्डों की आबादी और क्षेत्र के आकार से जुड़ा रिकॉर्ड तैयार कर लिया है। निगम प्रशासन के अनुसार शहर में अभी तीन वार्ड ऐसे हैं जिनकी जनसंख्या बाकी वार्डों से लगभग दोगुना है। साल 2011 की जनगणना के अनुसार आबादी के लिहाज से विकासनगर शहर का सबसे बड़ा वार्ड है जहां जनसंख्या 9200 थीं। खलीनी में तो दो वार्ड बनाने की मांग भी उठ चुकी है। इसी तरह कृष्णानगर की भी आबादी बढ़ी है। शहर के बाकी सभी वार्डों की आबादी सात हजार से कम है। ऐसे में तीनों वार्डों को दो भागों में तोड़ा जा सकता है। शहर से सटे पंचायती इलाके यदि निगम में मर्ज होते हैं, तो उन्हें साथ लगते वार्डों में ही मर्ज किया जाएगा।
कांग्रेस पार्टी आज देशभर में अपना 137वां स्थापना दिवस मना रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का ये आयोजन संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया है। स्थापना दिवस के तहत सुबह करीब 9:30 बजे नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसी कड़ी में आज मुंबई कांग्रेस की ओर से भी कांग्रेस पार्टी का 137 वां स्थापना दिवस मनाए जाने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। स्थापना दिवस कार्यक्रम में महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले, भाई जगताप, चरणसिंग सप्रा बाळासाहेब थोरात, अशोक चव्हाण, वर्षा गायकवाड अस्लम शेख सहित अन्य पार्टी नेता मौजूद रहेंगें। कार्यक्रम सुबह अगस्त क्रांति मैदान में 11 बजे शुरू होगा।
देश की राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में बीते रविवार तेज बारिश देखने को मिली है। वहीं अब भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कई राज्यों के लिए भीषण बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग के मुताबिक 29 दिसंबर को कुछ उत्तरी राज्यों में बारिश समेत बर्फबारी होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख समेत हिमाचल प्रदेश में आज बारिश के साथ बर्फबारी देखने को मिल सकती है। केंद्रीय मौसम पूर्वानुमान एजेंसी के ताजा अपडेट को देखें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली समेत राजस्थान में आज बारिश होने की पूरी संभावना बनी हुई है। मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना है। जबकि पूर्वी हिस्से यानि कि बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में आज से 30 तारीख तक तेज बारिश के होने के अनुमान हैं। राजस्थान की राजधानी जयपुर में बीते दिन 24 घंटे बारिश देखने को मिली है। कोहरे और ठंडी हवाओं के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक, आज भी राजस्थान के कई जिलों में बारिश के होने की पूरी संभावना है।
नीट-पीजी 2021 काउंसलिंग में देरी को लेकर दिल्ली में बड़ी संख्या में रेजिडेंट डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया और इसी दौरान सड़कों पर पुलिस और डॉक्टरों के बीच झड़प हो गयी। दोनों पक्षों का दावा है कि उनकी ओर के कई लोग घायल हुए हैं। रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपना आंदोलन तेज करते हुए सोमवार को सांकेतिक रूप से 'अपने लैब कोट लौटा दिए' और सड़कों पर मार्च निकाला। डॉक्टरों का आंदोलन जारी रहने से केंद्र द्वारा संचालित तीन अस्पतालों-सफदरजंग, आरएमएल और लेडी हार्डिंग अस्पतालों के साथ ही दिल्ली सरकार के कुछ अस्पतालों में मरीजों का इलाज प्रभवित हुआ है। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष ने दावा किया कि बड़ी संख्या में प्रमुख अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने सोमवार को विरोध स्वरूप प्रतीकात्मक तौर पर अपना एप्रन वापस कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कक्षा 9 से 12वीं के छात्रों की वार्षिक परीक्षाओं से पहले परीक्षा पे चर्चा करेंगे। इसके लिए आज से रजिस्ट्रेशन शुरू होने जा रहा है। परीक्षा पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी पहले की तरह छात्रों को संबोधित करते हुए उनका बनोबल बढ़ाएंगे। पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा 2022 का ऐलान अपने इस साल के आखिरी 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम में किया था। पीएम मोदी ने कहा था कि परीक्षा 2022 में पैरेंट्स और टीचर्स के लिए भी एक ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। मन की बात कार्यक्रम में उन्होंने इस बात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'इस साल भी परीक्षाओं से पहले मैं छात्रों के साथ चर्चा करने की प्लानिंग कर रहा हूं। इस कार्यक्रम के लिए 28 दिसंबर से रजिस्ट्रेशन भी शुरू होने जा रहे हैं। परीक्षा पे चर्चा में अपने सुझाव देने के लिए छात्र, पैरेंट्स और टीचर्स 28 दिसंबर से 20 जनवरी 2022 तक अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। ' पीएम मोदी ने आगे कहा कि हर साल की तरह अगले साल की शरुआत में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
देश में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। देशभर में अब तक ओमिक्रॉन के 653 मामले सामने आ चुके हैं। सोमवार को यह आंकड़ा 578 पर था। पिछले 24 घंटे में 75 नए मामले दर्ज किए गए हैं। ओमिक्रॉन से सर्वाधिक प्रभावित महाराष्ट्र और दिल्ली हैं। महाराष्ट्र में अब तक सबसे ज्यादा 167 मामले जबकि दिल्ली में 165 केस रिपोर्ट हुए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि कुल मामलों में 186 मरीज संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। बता दें कि देश के 21 राज्यों में ओमिक्रॉन फैल चुका है। ओमिक्रॉन के राज्यवार आंकड़ों की बात करें तो सबसे ज्यादा 167 मामले महाराष्ट्र में सामने आए हैं, दूसरे नंबर पर 165 मामलों के साथ दिल्ली है। वहीं, केरल में 57, तेलंगाना में 55, गुजरात में 49, राजस्थान में 46, तमिलनाडु में 34, कर्नाटक में 31 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा, मध्य प्रदेश में कुल 9, ओडिशा में 8, आंध्र प्रदेश में 6, पश्चिम बंगाल में 6, हरियाणा में 4, उत्तराखंड में 4, चंडीगढ़ में 3, जम्मू-कस्मीर में 3, उत्तर प्रदेश में 2, गोवा में 1, हिमाचल प्रदेश में 1, लद्दाख में 1 और मणिपुर में 1 मामला दर्ज किया गया है।
बीसीसीआई अध्यक्ष और पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। सौरव गांगुली को कोलकाता के वुडलैंड अस्पताल में भर्ती कराया गया है, डॉक्टर लगातार उनपर निगरानी रखे हुए हैं कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते संकट के बीच ये खबर चिंता बढ़ानेवाली है। बता दें कि इससे पहले साल की शुरुआत में भी खराब तबीयत होने के कारण सौरव गांगुली को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। जनवरी, 2021 में सौरव गांगुली को हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उन्हें कुछ दिनों तक अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था जनवरी, 2021 में सौरव गांगुली को हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उन्हें कुछ दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था। सौरव गांगुली को तब एक महीने में दो एंजियोप्लास्टी करवानी पड़ी थी। हालांकि, उसके बाद वह ठीक हो गए थे और लगातार काम कर रहे थे। सौरव गांगुली के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर आने के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर फैंस द्वारा चिंता व्यक्त की गई। बता दें कि हाल ही में सौरव गांगुली लगातार सुर्खियों में बने रहे हैं, जब टीम इंडिया में कप्तानी को लेकर विवाद चल रहा था।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मण्डी में हिमाचल प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्ज़ मीट की दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की भी अध्यक्षता की। इस आयोजन में 28,197 करोड़ रुपये लागत की 287 निवेश योग्य परियोजनाओं को धरातल पर उतारा गया। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति प्रदान करने के साथ-साथ लगभग एक लाख रोजगार के अवसर सृजित होने की सम्भावना है। मेगा परियोजनाओं में एसजेवीएनएल द्वारा 7000 करोड़ रुपये की लागत की रेणुकाजी बांध परियोजना, मैसर्ज़ एसएमपीपी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 2,000 करोड़ रुपये लागत का राज्य का पहला डिफेंस पार्क, मैसजऱ् किनवन प्राइवेट लिमिटिड द्वारा 850 करोड़ रुपये लागत की एपीआई इकाई, मैसजऱ् इंडो फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड द्वारा 510 करोड़ रुपये लागत से राज्य का पहला डिफेंस पार्क शामिल हैं। इसके अलावा, उद्योग और ऊर्जा के साथ-साथ पर्यटन, स्वास्थ्य, आयुर्वेद आदि क्षेत्रों से सम्बन्धित परियोजनाएं भी धरातल पर उतारी गईं। उन्होंने इस अवसर पर राज्य की स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति का अनावरण भी किया। प्रधानमंत्री ने वर्तमान राज्य सरकार की चार वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित ‘सेवा और सिद्धि के, 4 साल समृद्धि के’ काॅफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। यह काॅफी टेबल बुक सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा तैयार की गई है। इस अवसर पर वर्तमान राज्य सरकार की विभिन्न उपलब्धियों पर आधारित विभाग द्वारा निर्मित वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने शाॅल, हिमाचली टोपी और त्रिशूल भेंट कर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने छोटी काशी मण्डी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश का सौभाग्य है कि हमें प्रधानमंत्री का विशेष स्नेह प्राप्त है और वह राज्य की विकासात्मक मांगों के प्रति सदैव संवेदनशील रहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का भी प्रधानमंत्री के साथ विशेष नाता है और यह राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस छोटी काशी को धार्मिक पर्यटन के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि मंडी के कंगनीधार में 183 करोड़ रुपये की लागत से शिवधाम का निर्माण किया जा रहा है। इस दौरान केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा युवा कार्य एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रदेश तथा प्रदेशवासियों के लिए विशेष स्नेह रखते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एम्स, ऊना में पीजीआई का सेटेलाइट केंद्र, चार मेडिकल काॅलेज, विभिन्न मेगा परियोजनाएं प्रधानमंत्री के आशीर्वाद के कारण ही सम्भव हो पाई हैं। उन्होेंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आज कई वर्षो तक लम्बित रेणुका जी परियोजना तथा धौलासिद्ध परियोजना का शिलान्यास किया गया जो केवल प्रधानमंत्री के प्रयासों से ही सम्भव हो पाया है। उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को देश में सफल बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल एवं मजबूत नेतृत्व को जाता है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, सांसद कांगड़ा संसदीय क्षेत्र किशन कपूर, सदस्य राज्यसभा इन्दु गोस्वामी प्रधानमंत्री के साथ मंच पर उपस्थित थे जबकि हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, विभिन्न बोर्ड तथा निगमों के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्तमान राज्य सरकार के चार साल के कार्यकाल के पूरा होने के अवसर पर आज मण्डी के ऐतिहासिक पड्डल मैदान से राज्य के लिए लगभग 11,581 करोड़ रुपये लागत की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। प्रधानमंत्री ने मण्डी से वर्चुअल माध्यम से हिमाचल प्रदेश पावर काॅरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) द्वारा 2082 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 111 मेगावाट क्षमता की सावड़ा कुड्डू जल विद्युत परियोजना का लोकार्पण किया। शिमला जिले में पब्बर नदी पर प्रसिद्ध हाटकोटी मंदिर के समीप निर्मित इस परियोजना से प्रतिवर्ष 386 करोड़ यूनिट विद्युत उत्पादन होगा और एचपीपीसीएल के माध्यम से राज्य को लगभग 120 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने सिरमौर जिले में गिरी नदी पर 7000 करोड़ रुपये के रेणुका जी बांध और हमीरपुर व कांगड़ा जिले में ब्यास नदी पर बनने वाले भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम 66 मेगावाट क्षमता की धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना की आधारशिला भी रखी। सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित की जा रही इस परियोजना को 688 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने शिमला और कुल्लू जिलों में सतलुज नदी पर 1811 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली 210 मेगावाट क्षमता की लुहरी स्टेज-1 जल विद्युत परियोजना का शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ उनके भावनात्मक संबंध हैं। उन्होंने राज्य सरकार को चार साल का महत्वपूर्ण कार्यकाल पूर्ण करने के लिए भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस डबल इंजन सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि महामारी के दौरान भी विकास की गति निर्बाध रूप से चलती रहे। उन्होंने कोविड-19 महामारी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में शत-प्रतिशत पात्र आबादी का टीकाकरण राज्य सरकार के समर्पित और प्रतिबद्ध प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य को वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एम्स, अटल टनल और चार चिकित्सा महाविद्यालय प्राप्त हुए हैं। प्रधानमंत्री ने नए भारत की बदली हुई कार्यशैली को दोहराया। पर्यावरण लक्ष्यों से जुड़े कार्यों की रफ्तार पर बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने 2016 में ये लक्ष्य रखा था कि वो साल 2030 तक, अपनी कुल स्थापित बिजली क्षमता का 40 प्रतिशत, गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों से पूरा करेगा। आज हर भारतीय को इसका गर्व होगा कि भारत ने अपना ये लक्ष्य, इस साल नवंबर में ही प्राप्त कर लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा देश जिस प्रकार से पर्यावरण को बचाते हुए विकास को गति दे रहा है, उसकी विश्वभर में प्रशंसा हो रही है। सोलर पावर से लेकर हाइड्रो पावर तक, पवन ऊर्जा से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन तक, देश रिन्यूएबल एनर्जी के हर संसाधन को पूरी तरह इस्तेमाल करने के लिए निरंतर काम कर रहा है। राज्य के शानदार प्रदर्शन के बारे में चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल ने अपनी पूरी वयस्क जनसंख्या को वैक्सीन देने में सबसे बाजी मार ली। यहां जो सरकार में हैं, वो राजनीतिक स्वार्थ में डूबे नहीं बल्कि उन्होंने पूरा ध्यान, हिमाचल के एक-एक नागरिक को वैक्सीन कैसे मिले, इसमें लगाया है। इससे पूर्व, प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी स्थल का दौरा किया और प्रदर्शनी में गहरी रूची दिखाई।
हिमाचल प्रदेश औषधियों एवं अन्य उपयोगी पौधों, जड़ी बूटियों व फलों का समृद्ध भंडार है। प्रदेश की जलवायु में विविधता के कारण यहां विभिन्न प्रकार के औषधीय पेड़ पौधे है, जो कई तरह की बिमारियों व रोगों के उपचार के लिए लाभदायक है। ऐसे ही औषधीय गुणों से परिपूर्ण है हिमाचल के ऊपरी क्षेत्र में पाए जाने वाली चुल्ली। चुल्ली को आम भाषा में जंगली खुबानी भी कहा जाता है। यूँ तो ये फल खुद में भी काफी उपयोगी है मगर इसके बीज का तेल असली कमाल करता है। हिमाचल में जंगली खुबानी से बनाए जाने वाले चुल्ली के इस तेल में कई लाभकारी गुण है। जंगली खुबानी का फल जिस तरह से स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है, उसी प्रकार से इसके तेल के भी कई फायदे होते हैं। ख़ास बात तो ये है की चुल्ली का तेल हिमाचल से जीआई टैग प्राप्त करने वाले उत्पादों में भी शामिल है। चुल्ली को वाइल्ड एप्रिकोट भी कहा जाता है। चुल्ली का तेल खुबानी के बीजों से बनता है। इसके बीजों या गिरी को दबाकर या पतला कर के तेल निकाला जाता है। ये तेल गंधहीन होता है। ये तेल स्वास्थ्य के लिए तो रामबाण है ही, जनजातीय क्षेत्रों में लोगों की आर्थिक मजबूत करने में भी बड़ी भूमिका निभा सकता है। पौष्टिक तत्वों से भरपूर है चुल्ली का तेल चुल्ली का तेल पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है। इस तेल में विटामिन ई, सैचुरेटेड और अनसैचुरेटेड फैटी एसिड, ओलिक एसिड, लिनोलेनिक एसिड, पामिटिक एसिड, स्टीयरिक एसिड और एराचिडिक एसिड होते हैं। कहाँ पाई जाती है जंगली खुबानी खुबानी को भारत और पश्चिमी चीन का देशज माना जाता है। खेती के साथ साथ हिमालय के जंगलों में भी जंगली तौर पर खुबानी उगती है, खासकर कश्मीर और हिमाचल के किन्नौर में तो यह जंगल का एक अंश बन गया है। जंगली खुबानी विशेष तौर पर भारतीय मूल की मानी जाती है। यह शीतोष्ण क्षेत्रों में पाई जाती है और जंगली खुबानी के वृक्ष, या स्थानीय क्षेत्रों में चुल्ली नाम से जाने वाले वृक्ष उत्तरी-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में, विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश के कुल्लू एवं शिमला के क्षेत्र तथा उत्तराखंड के गढ़वाल की पहाड़ियों में भी पाये जाते हैं। कैसे की जाती है चुल्ली की खेती हिमालय की पहाड़ियों में जंगली खुबानी की कई प्रकार की किस्में पाई जाती हैं। ऊँचाइयों वाले हिमालय के पर्वतीय भाग इसके अच्छे उत्पादक क्षेत्र माने जाते है। इसकी खेती के लिए समशीतोष्ण और शीतोष्ण जलवायु वाली जगह अच्छी होती है। इसके पौधे अधिक गर्मी के मौसम में विकास नहीं कर पाते हैं। जबकि सर्दी के मौसम में आसानी से विकास कर लेते हैं। इसके पौधों को अधिक बारिश की जरूरत नही होती। फूल खिलते वक्त बारिश या अधिक ठंड का होना इसके लिए उपयुक्त नहीं होता। इसकी खेती के लिए भूमि का पी.एच. मान सामान्य होना चाहिए। खुबानी का पेड़ 5 वर्ष की आयु से फल देना आरम्भ करता है और 35 वर्ष की आयु तक देता रहता है। जंगली खुबानी के पेड़ों में अत्यधिक फूल आने के कारण फलों की संख्या भी अधिक होती है। खुबानी के प्रति पेड़ से लगभग 30-40 किलोग्राम फल प्रति वर्ष प्राप्त हो जाते हैं। चुल्ली से तेल निकालने की पारंपरिक विधि तेल निकालने के लिए बीजों को हाथ से तोड़ा जाता है ताकि ये छिटककर दूर न चले जाएँ। इसके बाद भीमल के तार का लूप बनाया जाता है, जिसके अंदर बीजों को डालकर नदी के किनारे पाये जाने वाले छोटे, गोलाकार पत्थरों से इन्हें तोड़ा जाता है। इससे बाहर निकली गिरियों को धुप में सुखाया जाता है फिर इसे ‘ओखली’ के अंदर चूर किया जाता है। इसके बाद इसका पेस्ट बनाया जाता है और पानी मिलाकर धुप में इस पेस्ट को हाथ से फेंटने से तेल निकलने लगता है। इस पेस्ट को खासकर तेल निकालने के उद्देश्य से तैयार किए गए लकड़ी के बर्तन में रखा जाता है, लेकिन हाल में कुछ समय में किसानों द्वारा व्यवसाय के दृष्टिकोण से शक्तिचालित तेल निष्कर्षक इकाइयाँ सड़कों के आस पास संस्थापित की गई है। परंतु इससे केवल आस–पास के लगभग 1 से 3 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले किसानों को ही फायदा मिल सका, जबकि पहाड़ी क्षेत्र के गांव के किसानों के पास तेल निकालने का एक मात्र विकल्प इसे खुद अपने हाथों से कूटना ही रहता है। जंगली खुबानी के उपयोग जंगली खुबानी यानी चुल्ली के तेल के अलावा भी इसको कई तरह से उपयोग में लाया जा सकता है। इसमें फलों को सुखाकर उस समय प्रयोग किया जा सकता है जब इन फलों का मौसम न हो। खुबानी को नेक्टर, शराब तथा जैम बनाने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में इसकी गुठलियों की गिरी से तेल निकालकर खाने के काम में लाया जाता है। अधिक अम्ल तथा कम चीनी विद्यमान होने के कारण जंगली खुबानी सामान्य उपयोग के लायक नहीं रहता है। इससे चटनी आदि बनाने के उत्साहवर्द्धक परिणाम प्राप्त हुए हैं। यह फल बड़ी तेजी से नष्ट होता है परंतु इसे कई रूपों में संरक्षित कर रखा जा सकता है। इसके डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ व पेस्ट तैयार किये जा सकते हैं। इसके फलों को पकाया जाता है और इनके गूदों की एक पतली सतह किसी साफ कपड़े पर बिछाई जाती है जिसे पसारकर सुखाया जाता है और तैयार मीठे पापड़ (एक प्रकार की सूखी मिठाई) को महत्वपूर्ण भोज्य पदार्थ के रूप में उपयोग में लाया जाता है। खुबानी से कई तरह के उत्पाद तैयार किए जाते हैं। हिमाचल प्रदेश में सामान्य कृष्य खुबानी के साथ जंगली खुबानी के फलों को मिश्रित कर जैम, मकरंद व पापड़ जैसे कई प्रकार के उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इसके गुदों से तैयार किए गए बच्चों के आहार काफी पौष्टिक होते हैं जो की कैल्शियम, फास्फोरस व लौह तत्व के अच्छे स्रोत होते हैं। इसके बीजों के तेल को खाने एवं खली को जैविक खाद के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। चुल्ली के तेल के है कई फायदे हृदय को स्वस्थ रखने में है उपयोगी हृदय को स्वस्थ रखने और इससे संबंधित समस्याओं को ठीक करने में खुबानी का तेल लाभकारी साबित हो सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर पब्लिश एक रिसर्च के मुताबिक, खुबानी के तेल में शक्तिशाली कार्डियो प्रोटेक्टिव प्रभाव होता है। यह दिल के दौरे से बचाव में मदद कर सकता है। इसी वजह से इसे हृदय स्वास्थ्य के लिए जरूरी बताया जाता है। इंफ्लेमेशन के लिए इंफ्लेमेशन और उससे जुड़ी समस्या से राहत पाने के लिए खुबानी के तेल का उपयोग किया जा सकता है। इस संबंध में प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, खुबानी के अर्क में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो पेट से संबंधित इंफ्लेमेशन की समस्या को कम कर सकता है। इसके अलावा, इस तेल में मौजूद लिनोलिक पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड भी इंफ्लेमेशन से राहत दिला सकते है। ऐसे में खुबानी के तेल के फायदे में इन्फ्लेमेशन को काम करना भी गिना जा सकता है। आंखों के लिए खुबानी के तेल का उपयोग करके आंखों को स्वस्थ रखा जा सकता है। इससे संबंधित एक मेडिकल रिसर्च के अनुसार, खुबानी के बीज का अर्क ड्राई आई सिंड्रोम (शुष्क आंखों) से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड को ड्राई आई डिजीज के लिए लाभकारी माना गया है। इसी वजह से खुबानी के तेल को आंखों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना गया है। कैंसर से बचने के लिए कैंसर एक ऐसी समस्या है, जिससे हर कोई बचे रहने की कामना करता है। ऐसे में खुबानी का तेल इस समस्या को दूर रखने में सहायक साबित हो सकता है। इस संबंध में पब्लिश एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, खुबानी बीज में साइनोजेनिक ग्लाइकोसाइड होता है। यह एक तरह का कंपाउंड है, जिसे कैंसर से बचाव के लिए अच्छा माना जाता है (5)। हालांकि, यह कैंसर का इलाज नहीं हो सकता है। कैंसर जैसी गंभीर समस्या के लिए डॉक्टरी इलाज जरूरी है। डार्क सर्कल के लिए डार्क सर्कल की समस्या त्वचा में नमी की कमी की वजह से भी हो सकती है। ऐसे में इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए खुबानी के तेल का उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, खुबानी के तेल में मॉइस्चराइजिंग प्रभाव होता है, जो त्वचा में नमी बनाए रखने का काम कर सकता है। इससे डार्क सर्कल में कुछ हद तक सुधार नजर आ सकता है। बालों को करता है मज़बूत चूली के तेल में विटामिन के होता है जो कि स्कैल्प को पोषण देकर बालों को झड़ने से रोकता है। इससे बालों के रोमछिद्र मजबूत होते हैं। इसमें मौजूद विटामिन ए डैंड्रफ के साथ-साथ त्वचा रोगों जैसे कि सोरायसिस और एक्जिमा के इलाज में मदद करता है। वहीं विटामिन ए फ्री रेडिकल्स और यूवी किरणों से होने वाले खतरे को भी कम करते है। चुल्ली की कई प्रकार की किस्में भारत में पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली खुबानी यानि चुल्ली की खेती के लिए कई प्रकार की किस्में है। इसमें शीघ्र तैयार होने वाली किस्म कैशा, शिपलेज अर्ली, न्यू लार्ज अर्ली, चौबटिया मधु, डुन्स्टान और मास्काट आदि होती है। मध्यम अवधि में तैयार होने वाली किस्म शक्करपारा, हरकोट, ऐमा, सफेदा, केशा, मोरपार्क, टर्की, चारमग्ज और क्लूथा गोल्ड होती है। इसके अलावा देर से पकने वाली किस्में रायल, सेंट एम्ब्रियोज, एलेक्स और वुल्कान आदि शामिल है। सुखाकर मेवे के रुप में प्रयोग होने वाली किस्में चारमग्ज, नाटी, पैरा पैरोला, सफेदा, शक्करपारा और केशा आदि शामिल है। मीठी गिरी वाली किस्में जिसमें सफेदा, पैराचिनार, चारमग्ज, नगेट, नरी और शक्करपारा आदि शामिल है। तराई और शीतल मैदानी क्षेत्रों वाली किस्में- समुद्रतल से 1000 मीटर की ऊँचाई पर सिपलेज अर्ली और कैशा आदि किस्में उगाई जा सकती हैं और इनके साथ पालमपुर स्पेशल, आस्ट्रेलियन और सफेदा किस्में भी उपयुक्त पाई गई हैं। जीआई टैग प्राप्त है चुल्ली का तेल प्रदेश में चुल्ली के तेल को सदियों से बेचा जा रहा है, लेकिन मार्केट में चुल्ली के तेल की ज्यादा कीमत नहीं मिलती थी। इसे देखते हुए हिमाचल प्रदेश पेटेंट सूचना केंद्र विज्ञान एवं पर्यावरण परिषद ने जीआई एक्ट 1999 के तहत रजिस्ट्रार जीआई में सफलतापूर्वक पेटेंट करवाया है। हिमाचली चुल्ली तेल को सर्टीफिकेट नंबर 337 और जीआई रजिस्ट्रेशन नंबर 467 के तहत पेटेंट किया गया। इस पेटेंट से अब हिमाचली चुल्ली के तेल को अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिली है और निर्माताओं को बाजार कीमत। इसके साथ-साथ देश के रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट्स सहित सभी प्रमुख बस अड्डों पर इन्हें बेचने की भी मंजूरी मिली है। हिमाचल में चुल्ली का तेल जिला किन्नौर सहित जिला शिमला और कुल्लू के कई क्षेत्रों में पाया जाता हैं। कुछ समय पहले की बात करे तो चुल्ली के तेल को ज्यादा तवज्जो नहीं दी जाती थी, लेकिन चुल्ली के तेल के पेटैंट के बाद बाजार में इसकी कीमत में इज़ाफ़ा तो हुआ ही है और लोगों का रुझान चुल्ली की ओर बढऩे भी लगा है। अब लोग फिर से चुल्ली यानी वाइल्ड एप्रीकॉट के पेड़ लगाकर इसे आर्थिक साधन के तौर पर भी देखने लगे हैं। जीआई टैग मिलने के बाद चुल्ली का तेल अब आसानी से अमेज़न जैसी अन्य ऑनलाइन साइट्स पर भी उपलब्ध है। बीते दो-तीन साल में बढ़ी मांग रामपुर के रहने वाले मूरत सिंह चौहान का कहना है कि चुल्ली का तेल काफी औषधीय गुणों से संपूर्ण है और काफी वर्षों से इसका सेवन न केवल किन्नौर वासी बल्कि जितने भी पर्वतीय क्षेत्र है वहां के लोग सर्दियों में खासकर इसका उपयोग करते हैं। पहले चुल्ली के तेल को बुजुर्ग ज्यादा उपयोग में लाते थे लेकिन जैसे-जैसे औषधीय गुणों का पता चल रहा है वैसे ही युवाओं में भी इसके प्रति रुझान बढ़ रहा है। पहले मशीन नहीं होती थी तो ऐसे में पत्थर जिसे कोल्हू कहा जाता है उसे उपयोग में लाकर चुल्ली का तेल निकाला जाता था जो काफी जटिल होता था, लेकिन आधुनिकरण के दौर में काफी तकनीक आ गई है। मशीनों के जरिए तेल को निकाला जाता है हालांकि ऐसे प्रक्रिया से गुजर कर गुणवत्ता थोड़ी कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि बीते दो-तीन साल में चुल्ली के तेल के प्रति लोगों का रुझान काफी ज्यादा बढ़ने लगा है। किन्नौर क्षेत्र की अगर बात की जाए तो यहां पर देश के विभिन्न कोने से पर्यटक आते हैं तो ऐसे में पर्यटक चुल्ली के तेल की इंक्वायरी करते हैं जो काफी अच्छी बात भी है। -मूरत सिंह चौहान व्यापार मंडल अध्यक्ष, झाकड़ी पेट सम्बंधित रोगों के लिए रामबाण किन्नौर के कल्पा की रहने वाली नीता शोठा का कहना है कि चुल्ली के तल में अनसैचुरेटेड फैटी एसिड,विटामिन ई, विटामिन के, मैग्नीशियम,कॉपर,पाेटैशियम सहित कई विटामिन्स मौजूद है, इसलिए ये ना केवल त्वचा के लिए बल्कि हर एक रोग खासकर पेट से सम्बंधित रोगों के लिए रामबाण है। हालांकि चुली के गुट्टी का प्रयोग नवजात के मालिश में प्रयोग किया जाता है। स्वाद में कड़वा होने की वजह से लोग इसे ज्यादा पसंद नही करते किंतु जो इसके गुणों से परिचित होते है वो चुली के तेल की एहमियत समझते है। -नीता शोठा, कल्पा ब्लॉक ऑइल यूनिट स्थपित कर हो सकती है अच्छी आमदनी निचार ब्लॉक के सुखदेव नेगी ने बताया कि हाल ही में चूली के तेल को जी.आई. यानी जियोग्राफिकल इंडिकेशन ऑफ गुड्स एक्ट में शामिल किया गया जो खुशी की बात है। उम्मीद है कि इससे क्षेत्र में पाए जाने वाले उत्पाद की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान होगी। बाजार में वाजिब दाम मिलेंगे। मुझे लगता है कि चुली की खेती युवाओं के लिए कारगर सिद्ध हो सकती है क्योंकि इसमें मेहनत ज्यादा नहीं है, और ऑइल यूनिट स्थपित कर के भी अच्छी आमदनी हो सकती है। -सुखदेव नेगी, निचार ब्लॉक जीआई टैग से मिली अंतराष्ट्रीय पहचान पूह ब्लॉक के चंद्र प्रकाश ने कहा आज तो कई हाईटेक मशीने आ गयी है, इस तेल के गुणों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पहले पूर्वज ओखली समान पत्थर में चुली के बीजों को डालते थे और डंडे के सहारे उसे कूट कर तेल रिफाइन किया जाता था। क्योंकि बुजुर्ग भी इसे औषधीय के रूप में इस्तेमाल करते थे। घी की भांति इसका सेवन किया जाता था। आज मशीने आ गयी है और अब यह प्रक्रिया सरल है। खुशी इस बात की है कि जीआई टैग मिलने से चुली के तेल को अंतराष्ट्रीय लेवल पर अलग पहचान मिलेगी। -चंद्र प्रकाश, पूह ब्लॉक
जयराम सरकार अपने चार वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुकी है। यूँ तो सत्ता में आने के बाद से ही इस सरकार का सफर कठिन रहा है, मगर इस पांचवे और इस कार्यकाल के आखरी वर्ष में सरकार को कई चुनौतियों का सामना करना होगा। ख़ास बात ये है की इस वर्ष चूक की कोई गुंजाइश नहीं है। ये आखिरी साल तय करेगा कि प्रदेश में मिशन रिपीट सफल होगा या मिशन डिलीट। इस पांचवे साल में जयराम सरकार के सामने पांच बड़ी चुनौतियां है, जिनसे पार पाकर ही मिशन रिपीट का स्वप्न साकार हो सकता है... 1. बढ़ता कर्ज, बिगड़ती अर्थव्यवस्था सत्ता में आने से पहले भाजपा ने अपने स्वर्णिम दृष्टि पत्र में कई वादें किये थे जिसमें से काफी अधूरे है। कुछ पूरे हुए ज़रूर मगर उन्हें पूरा करने के लिए सरकार एक के बाद एक लगातार क़र्ज़ ले रही है। आकड़ों के अनुसार साल 2020 तक सरकार 62 हज़ार करोड़ का क़र्ज़ ले चुकी है और ये सिलसिला अब भी जारी है। प्रदेश के विकास के लिए कर्ज़ लेना गलत नहीं है मगर असल बात ये है की अब तक प्रदेश की आय के साधन बढ़ाने में सरकार मोटे तौर पर नाकाम रही है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए जयराम सरकार ने इन्वेस्टर मीट की पहल जरूर की, लेकिन धरातल पर इसके व्यापक परिणाम अब तक नहीं दिखे है। ऐसे में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना और बढ़ते कर्ज को थामना सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। यहाँ ये देखना भी रोचक होगा कि क्या चुनावी वर्ष में जयराम सरकार केंद्र से कोई बड़ा राहत पैकेज लाने में कामयाब होगी। 2. कर्मचारी वर्ग साधने की चुनौती कर्मचारी वोट ही हिमाचल प्रदेश में सत्ता की राह प्रशस्त करता है। ऐसे में कर्मचारियों को खुश रखना भी जयराम सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। एक के बाद एक कर्मचारियों को कई सौगातें दी जा रही है मगर इन राहतों के लिए धन राशि एकत्र करना पहले से क़र्ज़ में डूबी सरकार के लिए कठिन होने वाला है। इस पर जिन कर्मचारी वर्गों की मांगे पूरी नहीं हो रही वो खुलकर मुखालफत करते दिख रहे है। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भाजपा विचारधारा से इत्तेफ़ाक़ रखने वाला भारतीय मजदूर संघ भी सरकार के खिलाफ मुखर होता दिखा है। 3. एंटी इंकम्बैंसी से निबटना बड़ा टास्क एंटी इंकम्बैंसी से निपटना अंतिम वर्ष में जयराम सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी। अक्सर कहा जाता है कि जयराम सरकार की नौकरशाही पर पकड़ नहीं है। सरकार को अंतिम वर्ष में इस टैग से छुटकारा पाना होगा और ये सुनिश्चित करना होगा कि आम वोटर के बीच में जयराम सरकार की छवि एक मजबूत सरकार की हो। अक्सर निर्णय लेने की क्षमता को लेकर भी जयराम सरकार पर सवाल उठते रहे है, सो अंतिम वर्ष में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार को कुछ तेवर जरूर दिखाने होंगे। यहाँ महंगाई जैसे मसलों पर भी सरकार को कुछ लचीला रुख रखना होगा और आमजन को राहत भी देनी होगी। प्रदेश सरकार को किसानों बागवानों के मुआवजे को लेकर भी बड़ा दिल दिखाना होगा। 4. मंत्रियों को करना होगा परफॉर्म जयराम सरकार के सामने एक और बड़ी चुनौती है, अपने मंत्रियों और नेताओं को संभालना और उनसे अच्छा करवाना। कई मंत्री अपने बयानों से सरकार की परेशानी बढ़ाते रहे है, तो कुछ अपनी कार्यशैली को लेकर विवादों में रहते है। अंतिम वर्ष में सरकार को मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड भी बनाना होगा और जरुरत पड़ने पर आवश्यक बदलाव भी करना होगा। सरकार को सुनिश्चित करना होगा कि जिन्हें पद और कद से नवाजा गया है वे आमजन के बीच सरकार की लोकप्रियता बढ़ाए, न कि सत्ता विरोधी लहर के सूत्रधार बने। सत्ता और संगठन के बीच का तालमेल भी सरकार को सुनिश्चित करना होगा, ताकि कम से कम पार्टी काडर में असंतोष की स्थिति न उत्पन्न हो। अक्सर जयराम ठाकुर को मंडी का मुख्यमंत्री कहा जाता है। निसंदेह मुख्यमंत्री ने मंडी को दिल खोल कर दिया है, लेकिन अन्य क्षेत्रों में भी काम हुए है। बावजूद इसके मंडी के मुख्यमंत्री का टैग पार्टी के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। सरकार को सुनिश्चित करना होगा कि प्रदेश के हर क्षेत्र, हर वर्ग को भरोसा दिलाया जाए कि सरकार ने बिना भेदभाव के काम किया है। 5. अधूरी विकासात्मक योजनाओं को देनी होगी गति चुनावी घोषणा पत्र में किये गए भाजपा के कई वादे जयराम सरकार ने पुरे किये है तो काफी अधूरे है। करीब दस माह के वक्त में अब जयराम सरकार के सामने अधिकांश वादे पुरे करने की चुनौती है। सरकार के पास कोरोना का बहाना जरूर है, लेकिन जनता के दरबार में अक्सर बहाने नहीं चलते। सरकार को हर निर्वाचन क्षेत्र में किये गए वादों को पूरा करने का प्रयास करना होगा। इसके साथ ही कई ऐसी घोषणाएं है जो जयराम सरकार ने सत्ता में आने के बाद कि है लेकिन जमीनी स्तर पर काम न के बराबर हुआ है। ऐसी विकासात्मक योजनाओं को गति देना भी सरकार के सामने चुनौती है।
ये निर्विवाद तथ्य है कि देश में इस वक्त भाजपा सबसे मजबूत राजनैतिक दल है और उसे टक्कर देने में मोटे तौर पर कांग्रेस विफल रही है। बीते कुछ वर्षों में जहां कांग्रेस लगातार कमजोर होती दिखी है, वहीं कुछ छोटे और क्षेत्रीय राजनैतिक दल प्रभावशाली साबित हुए है। इनमें दो नाम प्रमुख है, आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस। दिल्ली में कामयाबी से अपनी सरकार चलाने के बाद आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के विस्तार में जुटी है। पंजाब में वह पहले ही प्रमुख विपक्षी दल की भूमिका में है और अब बाकी राज्यों में भी पूरी कोशिश की जा रही है। आगामी दो -तीन माह में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है जिनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर शामिल है। इनमें से चार राज्यों में आम आदमी पार्टी मैदान में है , विशेषकर पंजाब, गोवा और उत्तराखंड में पार्टी दमखम के साथ मैदान में है। खास बात ये है कि देश के दो बड़े राजनीतिक दल, यानी भाजपा और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी एक मात्र ऐसी पार्टी है जो चार राज्यों में चुनाव लड़ रही है। माहिर मान रहे है कि इन चुनावों के नतीजे यदि सकारात्मक आये तो आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय राजनीति के पटल पर लम्बी छलांग लगा सकती है। पंजाब की बात करें तो दिल्ली के अलावा पंजाब ही वो राज्य है जहां आप को वोटर्स का अच्छा प्यार मिला है। 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद आप ने पंजाब की चार सीटों पर जीत दर्ज की थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में आप ने 20 सीटों पर जीत दर्ज कि थी और वो पंजाब की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी। विपक्ष में रहते पार्टी लगातार पांच साल सक्रिय रही और पार्टी को उम्मीद है कि पंजाब में वह इस बार सत्ता हासिल करने में सफल होगी। पर यहाँ चेहरा न होना पार्टी के लिए समस्या का सबब है। बावजूद इसके जानकार पंजाब में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और आप के बीच ही मानकर चल रहे है। आम आदमी पार्टी गोवा में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। कोरोना काल में पार्टी लगातार गोवा में सक्रिय रही है और कमजोर कांग्रेस ने भी उसकी राह आसान की है। सत्तारूढ़ भाजपा को लेकर राज्य में कुछ एंटी इंकम्बैंसी जरूर है और आप की नजर इसी सत्ता विरोधी वोट पर है। पार्टी यहाँ चेहरा देने की बात भी कर रही है। पर समस्या ये है कि राज्य में बेशक कांग्रेस कमजोर हो लेकिन उसका काडर वोट नकारा नहीं जा सकता। दूसरा तृणमूल कांग्रेस भी गोवा में पूरी ताकत झोंक रही है। ऐसे में यदि सत्ता विरोधी वोट बंटता है तो आप की राह मुश्किल होगी। बहरहाल आप गोवा में बेहतर करने का दावा कर रही है और निसंदेह जमीनी हकीकत ये ही है कि आप आगामी विधानसभा चुनाव में दमदार उपस्थिति दर्ज करवा सकती है। उत्तराखंड में मिल सकती है कामयाबी उत्तराखंड में पार्टी भले ही सत्ता पर काबिज़ न हो पाए लेकिन उत्तराखंड में इस बार आप अपनी उपस्तिथि दर्ज करवाने में कामयाब रह सकती है। उत्तराखंड में तो पार्टी सीएम फेस भी घोषित कर चुकी है और दिल्ली की सियासी प्रयोगशाला का कामयाब फार्मूला यहाँ दोहरा रही है। उत्तराखंड में आप को कितना समर्थन मिलता है ये देखना दिलचस्प होगा। वहीँ उत्तरप्रदेश में भी पार्टी अपनी मौजूदगी दर्ज करवाने की जद्दोजहद में है। उत्तर प्रदेश में पार्टी गठबंधन कि राह पर भी आगे बढ़ सकती है और खासतौर से एनसीआर व साथ लगते क्षेत्रों में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद में है। हिमाचल में दिशा तय करेंगे ये नतीजे ! चार राज्यों में आम आदमी का प्रदर्शन यदि बेहतर रहा तो पार्टी का मजबूती से हिमाचल के सियासी दंगल में भी उतरना तय है। हालांकि पार्टी अभी से सभी 68 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है लेकिन ये रण नगर निगम चुनाव की भांति महज औपचारिक होगा या दमखम से लड़ाई होगी, ये पंजाब, गोवा और उत्तराखंड के नतीजे तय करेंगे। ऐसे में प्रदेश के सियासतगरों की नजर भी आप पर जरूर रहेगी।
सत्ता विरह झेल रही कांग्रेस में पद और कद की जंग शुरू हो चुकी है। अलबत्ता, अभी विधानसभा चुनाव में एक वर्ष का वक्त शेष है लेकिन किसके हाथ में क्या है और कितना है, इसका गुणा-भाग पार्टी की अंदरूनी राजनीति के लिहाज से बेहद जरूरी है। सो चाहवान हिसाब-किताब भी बराबर रख रहे है और जरूरत के लिहाज से शक्ति की नुमाईश भी हो रही है। इस बीच भाजपा सरकार की टांग खिंचाई भी बदस्तूर जारी है। बुजुर्ग पार्टी में नया अपडेट ये है कि नेताओं को आजकल दिल्ली खूब भा रही है। दिल्ली में लगातार मुलाकातों का सिलसिला चला हुआ है, और माहिर इन मुलाकातों में संभावित सियासी मुक्का-लातों को अभी से देखने लगे है। दरअसल पार्टी का एक तबका प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन चाह रहा है। इसलिए आलाकमान के दरबार में हाज़री भर दरख्वास्त के साथ-साथ सियासी बल भी दिखाया जा रहा है, ताकि आलाकमान संतुलन सुनिश्चित करें। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समर्थक अभी से उन्हें बतौर भावी मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट कर आगे बढ़ रहे है। पार्टी के 22 विधायकों में से अगर सुक्खू समर्थकों की तादाद देखी जाए तो भी सुक्खू को दरकिनार करना पार्टी के लिए आसान नहीं है। उपचुनाव में जीत कर आए तीन विधायकों में से भी दो सुक्खू गुट के है। इसमें भी कोई संदेह नहीं है कि सुक्खू की जमीनी संगठन पर अच्छी पकड़ है और वो उन गिने चुने नेताओं में से है जिनके समर्थक अमूमन प्रदेश के हर निर्वाचन क्षेत्र में है। ऐसे में जाहिर है सुक्खू को न तो नज़रअंदाज किया जा सकता है और न ही चुनावी बेला में उन्हें किसी महत्वपूर्ण पद से वंचित रखा जाना आसान है। समर्थक प्रदेश अध्यक्ष पद या नेता प्रतिपक्ष के पद पर उनकी तैनाती चाहते है, लेकिन मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर की अगुवाई में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन के बाद राठौर को हटाना न तो आसान है और न ही जायज। दूसरा होली लॉज से दूरी सुखविंदर सिंह सुक्खू के लिए हमेशा चुनौती रही है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह उन्हें ख़ास पसंद नहीं करते थे और माना जाता है ये ही सुक्खू के अपदस्थ होने का मुख्य कारण भी रहा। अब वीरभद्र सिंह के निधन के बाद समीकरण कुछ बदले जरूर है, लेकिन ये जहन में रखना होगा कि होली लॉज का जलवा भी बरकरार है। राठौर के अलावा नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री को भी पद से हटाना तर्कसंगत नहीं लगता। अग्निहोत्री भी उन नेताओं में से है जिन्हें सत्ता वापसी की स्थिति में मुख्यमंत्री पद का दावेदार माना जा रहा है। बतौर नेता प्रतिपक्ष अग्निहोत्री खुद को साबित करने में सफल रहे है। सरकार को कब, कहाँ और कितना घेरना है, ये भी अग्निहोत्री बखूबी जानते है। अग्निहोत्री की राह इसलिए भी आसान रही है क्यूंकि उन्हें होलीलॉज का आशीर्वाद मिलता रहा है। संभवतः आगे भी होली लॉज का समर्थन उनके साथ ही रहे। ऐसी स्थिति में उन्हें उनके पद से हटाने का फैसला कांग्रेस लेगी, ऐसा नहीं लगता। किसी गुट में नहीं, इसीलिए राठौर मजबूत कांग्रेस हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर के नेतृत्व में चार उपचुनाव जीती है। इससे पूर्व भले ही राठौर के नेतृत्व पर सवाल खड़े होते रहे हो, मगर उपचुनाव के बाद उनके निष्पक्ष स्वभाव और काम करने के तरीके की खूब तारीफ हुई है। राठौर एक ऐसे नेता है जो किसी गुट विशेष के करीबी नहीं माने जाते और ये ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। राठौर को हटाकर यदि किसी गुट विशेष के हाथ में संगठन की कमान जाती है तो जाहिर है असंतोष बढ़ सकता है। पर ये भी जहन में रखना होगा कि उपचुनाव में वीरभद्र सिंह के लिए उमड़ी सहानुभूति लहर और बढ़ती महंगाई कांग्रेस को मिली जीत के बड़े कारण थे। रही-सही कसर भाजपा की अंतर्कलह और भीतरघात ने पूरी कर दी। सो इस बात को भी नहीं नकारा जा सकता कि जमीनी स्तर पर पार्टी के संगठन को धार देने की सख्त जरूरत है। होलीलॉज का भी दावा कयास थे की पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद होली लॉज का तिलिस्म ध्वस्त हो जाएगा। वीरभद्र परिवार के वर्चस्व पर एक बड़ा और गहरा संकट खड़ा हो जाएगा, मगर हुआ उलट। मंडी संसदीय उपचुनाव में जीत दर्ज कर प्रतिभा सिंह ने साबित कर दिया कि प्रदेश की सियासत में होल्ली लॉज का जलवा बरकरार है। साथ ही जिस तरह का जनसमर्थन अब तक विक्रमादित्य सिंह को मिला है, वो साबित करता है कि वीरभद्र कैंप का सियासी रसूख बरकरार रहने वाला है। सम्भवतः इस वक्त विक्रमादित्य सिंह कांग्रेस के सबसे बड़े क्राउड कैचर है। ऐसे में होली लॉज समर्थक मंडी सांसद प्रतिभा सिंह का नाम न सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष के लिए बल्कि मुख्यमंत्री पद के लिए आगे बढ़ा रहे है। युवा कांग्रेस का फार्मूला बनेगा समाधान बीते वर्ष युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुए और इस चुनाव में वीरभद्र गुट और सुक्खू गुट, दोनों के उम्मीदवार मैदान में थे। बाजी सुक्खू के समर्थक निगम भंडारी मार ले गए लेकिन संतुलन बनाये रखने के लिए कार्यकारी अध्यक्ष का पद वीरभद्र गुट के यदुपति ठाकुर को दिया गया। ऐसे में सवाल ये है कि क्या प्रदेश के मुख्य संगठन में भी कार्यकारी अध्यक्ष का पद सृजित किया जा सकता है ताकि संतुलन बना रहे। कुलदीप राठौर को हटाए बगैर पार्टी सुक्खू गुट से किसी नेता को कार्यकारी अध्यक्ष पद का कार्यभार देने पर विचार कर सकती है। एक से अधिक कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाये जा सकते है और ऐसे में क्षेत्रीय समीकरण साधने, विशेषकर कांगड़ा को प्रतिनिधित्व भी दिया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश में भी कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की एंट्री हो गई है। प्रदेश में सबसे पहला मामला जिला मंडी में पाया गया है। कनाडा से मंडी पहुंची एक महिला ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित पाई गई है। पुरे देश में कोरोना का नया वेरिएंट तेज़ी से पैर पसार रहा है और अब हिमाचल में भी ओमीक्रॉन की एंट्री से हड़कंप मच गया है। ऐसे में बढ़ते ओमीक्रॉन के खतरे के बीच प्रदेश में कई पाबंदिया लागू होने के भी आसार लग रहे है। ओमीक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित पायी गई महिला की उम्र 45 साल है। 3 दिसंबर को महिला कनाडा से मंडी लौटी थी। जानकारी के मुताबिक महिला को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। महिला को वैक्सीन की दूसरी डोज 25 अप्रैल 2021 को लगी थी। 18 दिसंबर को महिला के सैंपल दिल्ली भेजे गए थे। 26 दिसंबर को आई रिपोर्ट में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनसीडीसी (नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल) नई दिल्ली को जीनोम अनुक्रमण के लिए कोविड-19 पॉजिटिव के 7 नमूने भेजे गए थे। इनमें कनाडा से मंडी आई महिला की कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। रविवार तक हिमाचल समेत देश के 19 राज्यों में कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन के मामले सामने आये है। ब्रिटेन में जहां कोरोना वायरस के नए स्वरूप ने तहलका मचा दिया है वहीं भारत में भी अब ओमिक्रॉन संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन का दावा है कि तेजी से फैलने वाले वेरिएंट ओमिक्रोन की वजह से देश में कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि यह वेरिएंट कम घातक है और लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत कम ही पड़ती है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका में यह वायरस हावी हो गया है और डेल्टा से तेज रफ्तार से फैल रहा है। हालांकि देखा यह गया है कि जो लोग भी ओमिक्रोन से संक्रमित हैं, उनमें हल्के लक्षण देखे जाते हैं और अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत बहुत कम पड़ती है। मामले बढ़े तो बढ़ेगी पाबंदियां कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मामले आने के बाद देश के कई राज्य नाईट कर्फ्यू सहित कई पाबंदियां लगा चुके है। ऐसे में जरुरत पड़ने पर हिमाचल प्रदेश में भी नाईट कर्फ्यू सहित अन्य पाबंदियां लगाई जा सकती है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयन्ती के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री के गांव प्रीणी और जिला कुल्लू के नग्गर, कुल्लू और बंजार विकास खण्डों की दस ग्राम पंचायतों में जिला प्रशासन की पहल ग्राम पंचायत ज्ञान केन्द्र का शुभारम्भ किया। ग्राम पंचायत ग्राम केन्द्रों के प्रधानों से वर्चुअल माध्यम से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन की यह सराहनीय पहल है, जिससे इन पंचायतों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को न केवल घर के निकट चैबीस घंटे पुस्तकालय बल्कि इंटरनेट और वाई-फाई की सुविधा भी प्राप्त होगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह पहल अटल बिहारी वाजपेयी की जयन्ती के अवसर पर की गई है, इसलिए पूर्व प्रधानमंत्री के सम्मान स्वरूप इन केन्द्रों का नाम अटल ज्ञान केन्द्र होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पहल को सशक्त करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने ज्ञान केन्द्रों को पुस्तकें प्रदान करने के लिए नेशनल बुक ट्रस्ट का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने लोगों से भी इन केन्द्रों के लिए पुस्तकें दान देने का आग्रह किया। उन्होंने जिला कुल्लू और प्रदेश की अन्य पंचायतों से भी इस पहल को अपनाने का आग्रह किया। इस अवसर पर प्रीणी पंचायत की प्रधान कल्पना आचार्य ने शाॅल व टाॅपी भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।mकुल्लू के उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने मुख्यमंत्री को जिला प्रशासन की इस पहल के बारे में जानकारी प्रदान की। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर, बंजार के विधायक सुरेन्द्र शौरी और नेशनल बुक ट्रस्ट के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने शनिवार को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कैंसर निवारण कार्यक्रम के तहत ग्लोबल कैंसर कंसर्न इंडिया (जीसीसीआई) मोबाइल यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस कार्यक्रम में एसजेवीएन ने सहयोग प्रदान किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कैंसर के लक्षणों के बारे में लोगों में जागरूकता लाना और इसका शीघ्र पता लगाना मोबाइल कैंसर रोकथाम कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और इसका शीघ्र पता लगने से कीमती मानव जीवन को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मोबाइल यूनिट स्क्रीनिंग के माध्यम से गांवों में जांच शिविर लगाए जाएंगे। डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि सरकार और गैर सरकारी संगठनों को कैंसर देखभाल प्रबंधन के क्षेत्र में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर सीएमओ जिला शिमला डाॅ सुरेखा, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जीसीसीआई के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे, जबकि जीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ. हरविंदर सिंह बख्शी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को सरकारी कैलेंडर-2022 जारी किया। इस कैलेंडर का प्रकाशन हिमाचल प्रदेश मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग द्वारा किया गया है। मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग की नियंत्रक प्रभा राजीव, सहायक नियंत्रक ऊमा शंकर, ईश्वर दास, कुलदीप चन्द और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश आरोग्य भारती द्वारा शिमला के उपनगर कुसुम्पटी में तुलसी पूजा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने गरीब लोगों को राज्य रेडक्रॉस द्वारा उपलब्ध करवाए गए कंबल वितरित किये। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि तुलसी का पौधा हर घर में बांटे जाने के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने चाहिए। तुलसी का पूजन हमारी संस्कृति की उच्च परम्परा हैं और यह पौधा स्वास्थ्य की दृष्टि से भी जीवनदायनी माना गया है। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस हमेशा से गरीब और पीड़ित मानवता की सेवा में तत्पर रहता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल देवभूमि है और यहां रहने वाले लोग देव स्वरूप मानव हैं। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों ने मुझे अल्पावधि में ही बहुत स्नेह दिया और यह उन्हें अधिक कार्य करने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि वह लोगों के सहयोग से समाज सेवा के कार्यों को और बढ़ाने का प्रयास करेंगे। इससे पूर्व, राज्यपाल ने लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। इस अवसर पर आरोग्य भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश पंडित ने राज्यपाल को सम्मानित किया तथा कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। आरोग्य भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अनिल मेहता ने राज्यपाल का स्वागत किया। शिमला नगर निगम के पार्षद एवं पूर्व उप महापौर राकेश शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। मंदिर कमेटी, कुसुम्पटी के अध्यक्ष कमल शर्मा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर प्रसिद्ध लेखक और कवि डाॅ. इंद्र सिंह ठाकुर द्वारा विचार अटल के आर-पार शीर्षक से सम्पादित अंतरराष्ट्रीय शोध की अर्धवार्षिक पत्रिका शिखर सामयिक के विशेषांक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस पत्रिका में लोगों को महान राजनीतिज्ञ, नेता, विचारक, कवि और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन की झलक मिलेगी। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन मूल्यों से प्रेरणा पाकर लोग प्रगति के पथ पर अग्रसर होंगे।


















































