राज्य के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 2555 एसएमसी शिक्षकों को स्थायी नीति बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। दो दिसंबर को मुख्य सचिव राम सुभग सिंह की अध्यक्षता में होने वाली हाई पावर कमेटी की बैठक में इस मसले पर चर्चा की जाएगी । विभाग की ओर से बैठक के लिए तैयार किए गए एजेंडे में इस मामले को शामिल किया गया है। बैठक से ठीक पहले पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने निदेशक उच्चतर व प्रारंभिक शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा स्कूलों में एसएमसी शिक्षक पिछले आठ व इससे ज्यादा समय से विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा इनके लिए स्थायी पालिसी बनाई जाए। धूमल जब प्रदेश के मुख्यमंत्री थे उस वक्त इनकी नियुक्तियां की गई थी। एसएमसी शिक्षकों के मसले पर चर्चा के लिए विभाग ने इसके लिए पूरी कसरत कर दी है। विभाग ने विधि विभाग से भी राय ले ली है। वर्ष 2012 से एक-एक साल का सेवा विस्तार देकर दुर्गम क्षेत्रों में एसएमसी शिक्षकों की सेवाएं ली जा रही हैं। एसएमसी के तहत पीजीटी, डीपीई, टीजीटी, सीएंडवी और जेबीटी लगाए गए हैं। शिक्षकों की लंबी सेवाओं को देखते हुए सरकार ने अब इस बाबत सकारात्मक रुख अपनाते हुए आगामी फैसला लेने की कवायद शुरू की है। बीते अप्रैल में हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षकों के मामले मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सुलझाने के लिए 11 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त, कार्मिक, विधि और शिक्षा सचिव को सदस्य बनाया है। उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक इसके सदस्य सचिव बनाए गए हैं। कमेटी में विशेष/अतिरिक्त और संयुक्त सचिव स्तर के वित्त और शिक्षा विभाग की ए, बी और सी शाखा के अधिकारी भी सदस्य बनाए गए हैं। शिक्षकों से जुड़े पदोन्नति, तबादलों, नियुक्तियों और नियमितीकरण से संबंधित मामलों की सुनवाई इस कमेटी में होनी है। कमेटी की सिफारिश पर ही कैबिनेट मंजूरी को मामले भेजे जाएंगे
सोमवार को शहरी विकास मंत्री द्वारा हिपा में नगर निगमों के महापौरों और उप महापौरों, प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण से क्षमता निर्माण में मदद मिलेगी। उन्होंने लंबे समय से स्थापित रूढि़यों को संशोधित करने के लिए निर्वाचित सदस्यों के बीच पूरी तरह से व्यवहार और व्यवहार परिवर्तन की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। उन्होेंने सभी सदस्यों को शहरी स्थानीय निकायों के प्रभावी कामकाज के लिए अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में सक्षम बनाने के लिए कौशल प्रदान करने और ज्ञान बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। सुरेश भरद्वाज ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के सतारूढ़ होने पर पूर्व में शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया था। वर्तमान में इन निकायों में 50 प्रतिशत से अधिक महिला प्रतिनिधि चुनी जाती हैं। यह बदलाव का संकेत है और हमें इसे सुशासन सुनिश्चित करने के लिए एक अवसर में बदलना होगा। उन्होंने बेहतर प्रशासन के लिए शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों से अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का आग्रह किया और कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि सरकारी परियोजनाओं, योजनाओं, नियमों की जानकारी प्राप्त करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने शहरी जीवन को बदलने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि शहरीकरण अपने आप में एक चुनौती है और अब समय आ गया है कि इसे एक अवसर के रूप में लिया जाए। इसके लिए बेघरों के लिए घर, बेरोजगारों के लिए नौकरी, चैबीसों घंटे जलापूर्ति, स्वच्छता, शहरी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा सरकार की प्राथमिकताओं में हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में हिमाचल ने अच्छा प्रदर्शन किया और स्वच्छ सर्वेक्षण (स्वच्छता सर्वेक्षण) में शीर्ष पांच राज्यों में जगह बनाई। नवाचार और प्रभावी प्रशासन के माध्यम से इसमें और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि नीति आयोग ने पहली बार शहरी भारत के लिए एसडीजी इंडेक्स शुरू किया है और शिमला शहर इसमें शीर्ष पर है। प्रशिक्षण कार्यक्रम शहरी विकास विभाग द्वारा तैयार किया गया है। इस अवसर पर निदेशक शहरी विकास मनमोहन शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग सर्दियों में सड़कों पर ठिठुरने को मजबूर बेसहारा लोगों की सुध लेगा। आयोग के सदस्य डॉ. अजय भंडारी ने मानवाधिकार जागरूकता पर उमंग फाउंडेशन के सप्ताहिक वेबिनार में कहा कि इस मामले में सरकार को निर्देश जारी किए जाएंगे। उनका कहना था कि आयोग स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से मानवाधिकार जागरूकता का अभियान भी चलाएगा। कार्यक्रम में लगभग 70 युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के संयोजक और उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी और दिल्ली विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉ. सुरेन्दर कुमार ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज़ादी के अमृत महोत्सव और हिमाचल के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष में उमंग फाउंडेशन द्वारा शुरू किए गए साप्ताहिक वेबीनार की श्रृंखला के 11वें कार्यक्रम में "मानवाधिकार संरक्षण में राज्य मानवाधिकार आयोग की भूमिका" पर आयोग के सदस्य डॉ. अजय भंडारी मुख्य वक्ता थे। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष और मानवाधिकार कार्यकर्ता प्रो.अजय श्रीवास्तव ने प्रदेश में मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं पर प्रकाश डाला।
हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रोबेशन अवधि को कम ना करने के सरकार के फ़ैसले का हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया है । युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी और मुख्य प्रवक्ता डॉ चंदन राणा ने जारी प्रेस विज्ञापन में बताया कि 27 नवम्बर को हिमाचल प्रदेश सरकार ने JCC मीटिंग के दौरान कई अहम फैसले लिए जिनसे कर्मचारी वर्ग में काफ़ी रोष है। प्रदेश सरकार द्वारा JCC की बैठक में लिए गए फ़ैसले जयराम सरकार की प्रशासनिक विफलता का जीता जागता सबूत है। इसमें सबसे ज़्यादा नाराज़गी पुलिस विभाग के कर्मचारियों में है। पुलिस कर्मियों की लम्बे समय से ये माँग रही है कि उनके प्रोबेशन अवधि जोकि अभी तक 8 वर्ष है, उसे भी अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह कम किया जाए। जहाँ सभी विभागों का अनुबंध कार्यकाल 3 वर्ष से घटा कर 2 वर्ष किया गया वहीं पुलिस का प्रोबेशन पीरियड अभी भी 8 वर्ष ही रखा गया। अभी पिछले 2 दिन से विभिन्न जगहों और बटालियनों में तैनात 2000 से ज़्यादा पुलिसकर्मी मेस के खाने का बहिष्कार कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी ने बताया कि JCC बैठक के फ़ैसले केवल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अनुभवहीनता को दर्शाते हैं और चारों सीटें हारने के बाद भौखलाहट में लिये गये निर्णय लगते हैं। आने वाले विधानसभा के सेशन में युवा कांग्रेस विधानसभा का घेराव करके अन्य माँगों के साथ पुलिसकर्मियों को न्याय दिलवाने की माँग को ज़ोर, जोश और शोर के साथ उठाएगी ।
उपचुनाव में मिली शानदार जीत के बाद प्रदेश कांग्रेस में नई ऊर्जा दिख रही है। निसंदेह कांग्रेस का मनोबल बढ़ा है और पार्टी पहले से ज्यादा मजबूत और संगठित दिखने लगी है। इस जीत के साथ ही बदली राजनैतिक फिजा में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर के सियासी वजन में भी इजाफा हुआ है। उपचुनाव के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में आये है तो राठौर को भी जीत का क्रेडिट मिलना जायज है। कुलदीप सिंह राठौर पार्टी की बड़ी ताकत बनकर उभरे है, दरअसल उनका किसी गुट में न होना पार्टी को एकजुट रखने में कारगर सिद्ध हुआ है। उपचुनाव में मिली जीत, संगठन को लेकर आगे की रणनीति, 2022 में खुद चुनाव लड़ने जैसे कई अहम मसलों पर फर्स्ट वर्डिक्ट ने राठौर से विशेष बातचीत की। राठौर ने तमाम विषयों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। पेश है बातचीत के मुख्य अंश सवाल : सत्ता के सेमीफाइनल में कांग्रेस ने चारों सीटों पर जीत दर्ज की है। ऐसे में आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर क्या रणनीति रहने वाली है ? जवाब : हाल ही में जो प्रदेश में उपचुनाव हुए है वो बेहद ही महत्त्वपूर्ण चुनाव थे। हमारी लड़ाई न केवल केंद्र व प्रदेश सरकार से थी बल्कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों से भी थी। सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हमने और हमारे संगठन ने लगातार प्रदर्शन किए, आंदोलन किए। हम हमेशा लोगों के साथ खड़े रहे और यही कारण है कि हमें चुनाव के दौरान जनता का भरपूर समर्थन मिला। चुनाव की जीत कभी भी एक दिन में तय नहीं होती है, संगठन को हमेशा सक्रिय रहना पड़ता है और पिछले 3 वर्षों से हमारा संगठन लगातार सक्रिय रहा है। उपचुनाव के बाद अब हमारा लक्ष्य उन सभी विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करना है जहाँ कांग्रेस की स्तिथि सहज नहीं है। हमारी क्या कमियां रही है और क्या सुधार किया जा सकता है, इन सभी चीज़ों पर विचार किया जा रहा है। उपचुनाव में कांग्रेस को मिली जीत का असर पूरे हिंदुस्तान में हुआ है। हमारी पार्टी ने सेमीफाइनल जीता है और हम उत्साहित भी है, लेकिन अति उत्साहित नहीं। संगठन को किस तरह से और मजबूत किया जाए इस पर हम लगातार मंथन कर रहे है। सवाल : मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जारी एक ब्यान में कहा है कि कांग्रेस श्रद्धांजलि से चुनाव जीती है, इस पर आपका क्या विचार है ? जवाब : इस ब्यान पर तो मैं ये ही कहूंगा ये मुख्यमंत्री का विरोधाभास है। एक तरफ तो उनका कहना है कि चुनाव में हार उनके आंतरिक कारणों की वजह से हुई है और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कहते है कि कांग्रेस को श्रद्धांजलि के वोट मिले है। सबसे पहले तो मुख्यमंत्री खुद ही स्पष्ट करें कि आखिर उपचुनाव में वो क्यों हारे है। मुख्यमंत्री खुद हार के कारण को ढूंढ़ने में उलझ गए और वास्तविकता तक नहीं पहुँच पाए। मैं उन्हें ये बताना चाहता हूँ कि भाजपा इसलिए चुनाव हारी है क्योंकि पिछले चार वर्षों में प्रदेश में कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। प्रदेश में लगातार महंगाई व बेरोज़गारी बढ़ी है, कानून व्यवस्था भी ठीक नहीं है और ऐसे कई कारण रहे जिनकी वजह से भाजपा को हार का सामना करना पड़ा और इन सभी मुद्दों को जनता तक पहुंचाने में हम सफल रहे। मुझे लगता नहीं है कि मुख्यमंत्री को इस हार से कुछ सबक मिला है। वही श्रृद्धांजलि की बात करे तो मुख्यमंत्री क्या कहना चाहते है। किसकी श्रद्धांजलि की बात वो कर रहे है वीरभद्र सिंह जी ने प्रदेश के लिए काम किया है और यदि हम उनके द्वारा किये गए कार्यों का ज़िक्र करते भी है तो वो हमारा अधिकार है। कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल को बनाया है और निश्चित तौर पर जब हम चुनाव प्रचार करेंगे तो अपनी पार्टी की बड़ी हस्तियों का उल्लेख जरूर करेंगे। सवाल : मुख्यमंत्री का ये भी कहना है कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री के16 चेहरे हैं, इस बात को आप किस तरह देखते है ? जवाब : देखिये मुख्यमंत्री जी अपना क्रोध शांत करने के लिए कुछ भी कह सकते हैं। अब कौन से वो 16 चेहरे है वो ही बताएं। मुख्यमंत्री जी अगर बोल रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री के 16 चेहरे है तो इसका मतलब ये है कि कांग्रेस पार्टी इतनी सक्षम है कि हमारे पास इतने मुख्यमंत्री के चेहरे है। मुख्यमंत्री का चेहरा तो वही होगा जो सक्षम होगा। अगर कोई मुख्यमंत्री का दावेदार है भी तो इसमें कोई बुराई नहीं है। अगर कोई भी संगठन में काम कर रहा है तो उसका पूरा हक़ बनता है लेकिन लक्ष्मण रेखा के अंदर रह कर। यदि कोई सोचता है कि उसे आगे बढ़ना है तो इसमें क्या गलत है। बाकी जो मुख्यमंत्री कहते हैं मैं उनकी बातों पर अधिक गौर करना जरूरी नहीं समझता हूँ। सवाल : आपकी लीडरशिप में कांग्रेस ने जीत हासिल की है और लोगो के मन में ये सवाल है कि क्या कुलदीप राठौर आगामी चुनाव लड़ेंगे ? जवाब : देखिये अभी फ़िलहाल तो मैं चुनाव लड़वा रहा हूँ और प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते मेरा ये फ़र्ज़ है कि मैं पार्टी के हर उम्मीदवार के साथ खड़ा रहूं। मुझे इस बात की ख़ुशी है की पार्टी का जो जिम्मा मुझे दिया है मैं उसे पूर्ण रूप से निभाने का प्रयास भी कर रहा हूँ और निश्चित तौर पर मैं सफल भी रहा हूँ। रही बात चुनाव लड़ने की तो निश्चित तौर पर मेरे गृह क्षेत्र के लोग मुझे हमेशा क्षेत्र का दौरा करने व चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित करते आएं है। लेकिन मेरा मानना है कि जिस पद पर मैं अभी हूँ मेरा पहला दायित्व संगठन को मजबूत करना है, बाकी सभी बाते सेकेंडरी है। मेरे निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को मुझसे अपेक्षा है और मैं पूरा प्रयास करूंगा की उनकी उम्मीदों पर खरा उतरूं। सवाल : प्रदेशवासियों के लिए क्या सन्देश देना चाहेंगे ? जवाब : मैं यही कहना चाहता हूँ कि पक्ष हो या विपक्ष हो हमें देश के विकास के लिए ही कार्य करना है। मैं प्रदेश की जनता को भी यही कहना चाहता हूँ कि अपना नेता वही चुने जो आपकी सभी तकलीफों को समझे और आपके लिए दिन रात खड़ा रहे।
हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रयास से भारतीय खाद्य निगम ने धान खरीद को लेकर दो लाख क्विंटल का आंकड़ा पार कर लिया है। प्रदेश में एफसीआई द्वारा 9 खरीद केंद्रों पर कृषि उपज विपणन समिति के माध्यम से किसानों का धान खरीदा जा रहा है। विशेष बात यह है कि प्रदेश के किसानों से खरीदे गए धान का भुगतान भी 24 घंटे के भीतर ही करवाया जा रहा है। प्रदेश के करीब चार हजार किसानों को सीधे-सीधे लाभ पहुंचाते हुए उनके खातों में लगभग 38 करोड़ रुपए से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। बता दें कि 15 अक्तूबर, 2021 से धान खरीद का कार्य सिरमौर, ऊना, कांगड़ा और सोलन जिला के विभिन्न खरीद केंद्रों पर प्रारंभ किया गया है। सिरमौर जिला में हरिपुर-टोहाना, काला अंब व पीपलीवाला, ऊना जिला में टकराला मंडी और टाहलीवाल, कांगड़ा जिला में फतेहपुर मंडी व इंदौरा स्थित त्योराह तथा सोलन जिला में नालागढ़ मंडी और मालपुर में यह खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से 24 नवम्बर, 2021 तक लगभग 2,14,311.95 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है और इससे लगभग 4,474 किसानों को लाभ पहुंचा है। आंकड़ों के अनुसार सिरमौर जिला में अभी तक लगभग 1,01,808.78 क्विंटल, ऊना जिला में लगभग 19,612.16 क्विंटल, कांगड़ा जिला में लगभग 51,685.50 क्विंटल और सोलन जिला में लगभग 41205.52 क्विंटल धान की खरीद की गई है।
पिछले छह वर्ष से गुर्दे की बीमारी से पीड़ित अमनदीप, अपने इलाज व डायलिसिस के खर्च के लिए हमेशा चिंतित रहते थे। छोटी सी दुकान चलाने वाले अमनदीप के घर में इलाज का खर्च हमेशा चर्चा विषय बनता था क्योंकि प्राइवेट अस्पताल का खर्च जेब पर भारी पड़ता था। इसी पशोपेश के बीच दो साल पहले अमनदीप को हिमाचल प्रदेश सरकार की हिमकेयर योजना की जानकारी मिली। आसानी से उन्होंने अपने परिवार का कार्ड बनाया और अब वह क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में आकर फ्री डायलिसिस करवा रहे हैं। अमनदीप ने कहा कि हम गरीबों के लिए हिमकेयर जैसी योजना सही मायनों में संजीवनी का काम कर रही है, जिसमें इलाज का खर्च सरकार देती है। हिमकेयर का कार्ड बनवाकर इलाज के लिए पैसों की चिंता खत्म हो गई है। अब हफ्ते में दो बार डायलिसिस फ्री में होता है और दवाई भी निशुल्क मिलती है। अमनदीप की ही तरह जिला ऊना में हजारों गरीब परिवारों के लिए हिमकेयर योजना वरदान बन गई है। बीपीएल परिवारों के लिए कोई प्रीमियम नहीं हिमकेयर योजना के बारे में उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती होने पर 5 लाख रूपए के निःशुल्क इलाज की सुविधा का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत प्रीमियम की दरें विभिन्न श्रेणियों के आधार पर तय की गई है। उन्होंने बताया कि गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) और पंजीकृत रेहड़ी फड़ी वालों से प्रीमियम नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त एकल नारी, 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग, 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिकाएं, आशा कार्यकर्ता, मिड डे-मील वर्कर, दिहाड़ीदार (सरकारी, स्वायत संस्थानों, सोसाइटी, बोर्ड एवं निगम के कर्मचारी), अंशकालिक कार्यकर्ता (सरकारी, स्वायत संस्थानों, सोसाइटी, बोर्ड एवं निगम के कर्मचारी) संस्थानों, एवं अनुबंध कर्मचारी से केवल 365 रूपए और इनके अतिरिक्त जो व्यक्ति नियमित सरकारी कर्मचारी या सेवानिवृत कर्मचारी नहीं हैं, वे 1000 रूपए देकर योजना के अंतर्गत कार्ड बनवा सकते हैं। योजना में सभी तरह की आम बीमारियों को शामिल किया गया है, जिसमें लगभग 1800 उपचार प्रक्रियाएं हैं, जिसकी शुरुआत 1 जनवरी 2019 को हुई थी। एक जनवरी 2022 से फिर शुरू होगा पंजीकरण सीएमओ ऊना डॉ. रमण कुमार शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की हेल्थ केयर योजना हिमकेयर के कार्ड का पंजीकरण पहली जनवरी, 2022 से दोबारा शुरू होने जा रहा है, जो 31 मार्च तक चलेगा। उन्होंने सभी से इस योजना के लाभ उठाने की अपील की है। सीएमओ ने कहा कि लाभार्थी विभाग की वेबसाइट पर जाकर भी स्वयं पंजीकरण-नवीनीकरण कर सकते हैं। 13,897 मरीजों को मिला नया जीवन योजना के बारे में छठे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने बताया कि हिमकेयर योजना के तहत जिला ऊना में अब तक 38,831 परिवारों का पंजीकरण किया गया है। इनमें से 13,897 मरीजों का इलाज सरकार ने अपने खर्च पर कर उन्हें नया जीवन दिया है, जिस पर 7.86 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं। सत्ती ने बताया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमकेयर योजना के माध्यम से गरीब व बीमार व्यक्ति को निशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की है, ताकि धन के अभाव को कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे। इस योजना से न सिर्फ जिला ऊना के बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के मरीज़ लाभ उठाकर अपना फ्री इलाज करा रहे हैं।
प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ी से चल रहा है। प्रदेश के हर नेता बेबाकी से अपना विचार व्यक्त कर रहे है। ऐसे में शिमला ग्रामीण विधायक विक्रमादित्य सिंह भी लगातार सरकर को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। हाल ही में विधायक विक्रमादित्य सिंह ने उपचुनाव में बीजेपी की हुई हार को लेकर सरकार पर तंज कसा है। विक्रमादित्य सिंह का कहना है कि प्रदेश में उपचुनाव के बाद सरकार की आंख और कान खुलने शुरू हो गए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश में भाजपा सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है और अगले साल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। विक्रमादित्य सिंह का कहना है कि उपचुनाव परिणाम से साफ है कि प्रदेश में लोग भाजपा की नीतियों से परेशान हैं। बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी चिंता की बात है। सरकार ने किसी भी वर्ग के लिए कोई भी राहत नहीं दी है। विक्रमादित्य सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार ने किसानों के संघर्ष के बाद मजबूरी में कृषि कानून वापस लेने का निर्णय लिया है। यह जीत किसानों की है।
मंडी लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लगातार प्रचार में जुटे हुए थे। अब उपचुनाव में मिली हार की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने सिर ले ली है। सीएम का कहना है कि मंडी उपचुनाव में जीत-हार का अब तक का सबसे कम एक प्रतिशत का अंतर रहा है। ज्यादा दुख इस बात का है कि मंजिल तक पहुंचकर हार हो गई। विकास के जो काम बड़े स्तर पर मंडी संसदीय क्षेत्र के हर विधानसभा क्षेत्र में किए गए थे, उस पर ज्यादा फोकस नहीं हो पाया। मंडी हमारी है हमारी रहेगी को लेकर उनका मत पूरे संसदीय क्षेत्र से था, इसका कांग्रेस ने गलत प्रचार किया। सीएम का कहना है कि मंडी चुनाव सहानुभूति के कारण हारा है। कांग्रेस ने श्रद्धांजलि के नाम पर वोट मांगे, मगर हर बार श्रद्धांजलि का कार्ड नहीं चलेगा। साथ ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि सराज में अपेक्षा से कम वोट मिले हैं। नोटा, कम वोटिंग और वामपंथियों का 25 हजार वोट एक मुश्त कांग्रेस को चला जाना भी बड़ा कारण बना। महंगाई भी बड़ा कारण रहा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि यह परिणाम किसी भी सूरत में विधानसभा चुनाव 2022 को प्रभावित नहीं करेगा। आगामी 2022 को लेकर अभी हमारे पास समय है और निश्चित तौर पर 2022 में हम सरकार बनाने के उस आंकड़े को फिर से पार करेंगे।
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में हर घर तक महासंपर्क अभियान चलाने का फैसला भी लिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार ने कई काम किए हैं। इन्हें जनता तक पहुंचाने का काम कार्यकर्ता का था, लेकिन इसमें ही सफलता नहीं मिल सकी है। अब इसके लिए हर घर में दस्तक देने की मुहिम चलाई जाएगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा है कि उपचुनाव हारने का कारण अति आत्मविश्वास व कांग्रेस का संवेदनाओं का सहारा लेना रहा है। किन्तु उपचुनाव का नतीजा भाजपा के लिए आंखें खोलने वाला है।इससे हमें लाभ हुआ है, और इस हार से सीखकर अब पार्टी 2022 की तैयारी करेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पन्ना कमेटी बनाई जा रही है जिसका 80 फीसद काम पूरा हो चुका है, दिसंबर तक इसका 100 फीसद काम पूरा कर लिया जाएगा। सुरेश कश्यप ने कहा कि 27 दिसंबर को प्रदेश सरकार के चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हिमाचल आ सकते हैं। उनका दौरा तय होने के बाद स्थान तय किया जाएगा। सुरेश कश्यप ने कहा कि सरकार व संगठन दोनों ही समन्वय के साथ काम करते रहेंगे। संगठन को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने की दृष्टि से भाजपा ने प्रदेश में विस्तारक योजना चलाकर कार्यकर्ताओं के डाटा को डिजिटल किया जा रहा है। पार्टी अपनी कमियों को दूर कर मिशन रिपीट के लिए प्रतिबद्ध है। सुरेश कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं। कई संस्थान प्रदेश में खुले हैं। गृहिणी सुविधा योजना के तहत महिलाओं को धुएं से निजात दिलाई है। जनमंच कार्यक्रम के तहत लोगों की अधिकतर समस्याओं का मौके पर निपटारा कर कार्यालयों के चक्कर काटने में राहत प्रदान की है। पार्टी के कार्यकर्ता अब घर -घर जाकर सरकार की उपलब्धियों से आमजन को अवगत करवाएंगे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से हिमालच प्रदेश शिक्षक महासंघ के एक प्रतिनिधिमण्डल ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेन्द्र कपूर की अध्यक्षता में भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमण्डल ने शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर से भी भेंट की।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए आज जीवनशैली में बदलाव आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन में बहुत से गंभीर रोग जीवन शैली की विकृति के कारण हो रहे हैं, जिनसे सही जीवनशैली व खान-पान के जरिए ही बचा जा सकता है। यह बात राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज ऊना में आयोजित आरोग्य भारती संस्था के प्रांत अधिवेशन में कही। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पाए जाने वाले औषधीय पौधों का दस्तावेजीकरण आवश्यक है, ताकि लोगों को उन औषधीय पौधों के उपयोग के बारे में जानकारी मिल सके और यह ज्ञान घर-घर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि बच्चों के ज्ञानवर्धन के लिए स्कूलों में औषधीय पौधों की वाटिकाओं का निर्माण होना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ी भी इन सेे अवगत हो सके। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने ऐसे अनेक पौधे प्रदान किए हैं, जिनकी उपचार में उपयोगिता होती है। औषधीय पौधों की वाटिकाओं से आने वाली पीढ़ी को इन पौधों के बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी। इन सभी कार्यों से आयुर्वेद तथा औषधीय पौधों के प्रति समाज के नजरिये में बदलाव आएगा। आरोग्य भारती के कार्यों की सराहना करते हुए राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उम्मीद जताई की संस्था के प्रांत अधिवेशन में मनुष्य की दीर्घ आयु के साथ-साथ स्वस्थ जीवन पर सकारात्मक चर्चा होगी, जिसके निष्कर्ष समाज को लाभान्वित करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ बने इसके लिए भी सभी को प्रयास करने चाहिए क्योंकि यह देश के भविष्य का सवाल है तथा देश का भविष्य वर्तमान पर निर्भर करता है। राज्यपाल ने कहा कि बीमारी के इलाज से अधिक बचाव पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक उपायों को अपनाकर बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद लोगों में आयुर्वेद व योग के प्रति रूचि बढ़ी है। कार्यक्रम में आरोग्य भारती संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. राकेश पंडित ने आरोग्य भारती संस्था के कार्यों की जानकारी प्रस्तुत करते हुए कहा कि मनुष्य के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को बेहतर बनाना ही आरोग्य भारती के गठन का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, एलोपेथी, होम्योपेथी जैसी सभी चिकित्सा पद्धतियों को एक साथ लाकर एक नई चिकित्सा प्रणाली शुरू करने की आवश्यकता है, ताकि मनुष्य को आवश्यकतानुसार उपचार प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस दिशा में आगे बढ़कर काम कर रही है। केंद्र सरकार वर्ष 2030 तक नीति आयोग के माध्यम से नया हेल्थकेयर सिस्टम लाने के लिए प्रयास कर रही है, जिस पर बढ़-चढ़ कर कार्य किया जा रहा है। इससे पूर्व आरोग्य भारती अध्यक्ष ऊना डाॅ. रितेश सोनी ने राज्यपाल का कार्यक्रम में स्वागत किया। प्रांत अधिवेशन में विभिन्न चिकित्सा पद्धति पर विभिन्न वक्ताओं ने अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की शुरुआत राज्यपाल ने अग्निहोत्र यज्ञ के साथ की। इस अवसर पर राज्यपाल ने पपरोला आयुर्वेदिक काॅलेज की प्रोफेसर डाॅ. सोनी कपिल की किताब आयुर्वेद प्रसूति तंत्र का विमोचन भी किया। छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. अमित कुमार शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्य सरकार प्रदेश के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। हिमाचल के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं लागू की गई हैं। राज्य सरकार द्वारा 12वीं कक्षा के पश्चात राष्ट्र स्तरीय प्रतिस्पर्धा परीक्षाओं के लिए कोचिंग उपलब्ध करवाने हेतू मेधावी विद्यार्थियों के लिए मेधा प्रोत्साहन योजना क्रियान्वित की जा रही है। इसी क्रम में छोटी उम्र में प्रतिभा को चिन्हित कर उभारने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा राजकीय पाठशाला के विद्यार्थियों के लिए एक नई हिमाचल प्रदेश स्वर्ण जयंती मिडल मेरिट छात्रवृत्ति योजना लागू की जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत राजकीय विद्यालय के छठी से आठवीं कक्षा के मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति उपलब्ध करवाई जा रही है। इस योजना के तहत लाभार्थियों का चयन एससीईआरटी सोलन द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को कक्षा छठी में चार हजार रुपये प्रतिमाह, कक्षा सातवीं में पांच हजार रुपये प्रतिमाह तथा कक्षा आठवीं में छः हजार रुपये प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा में राज्य भर में अधिकतम अंक प्राप्त करने वाले शीर्ष 100 विद्यार्थियों को, विभिन्न जिलों की औसत छात्र के आधार पर जिलावार आधार पर छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। योजना के तहत जिला बिलासपुर के पांच लाभार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, जिला चम्बा के 12 विद्यार्थियों, जिला हमीरपुर के पांच विद्यार्थियों, जिला कांगड़ा के 14 विद्यार्थियों, जिला किन्नौर के एक विद्यार्थी, जिला कुल्लू के आठ विद्यार्थियों, जिला लाहौल-स्पीति के एक विद्यार्थी, जिला मंडी के 14 विद्यार्थियों, जिला ऊना के सात विद्यार्थियों तथा जिला शिमला, सिरमौर व सोलन प्रत्येक के 11-11 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए चयनित विद्यार्थी को निरंतर तीन वर्षों तक कक्षा आठवीं तक सरकारी पाठशाला में ही अध्ययनरत रहना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त संबंधित शैक्षणिक स्तर में उसे पाठशाला में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति भी सुनिश्चित करनी होगी। केवल गंभीर चिकित्सीय कारणों की स्थिति में ही इस शर्त में छूट प्रदान की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश वित्त और लेखा सेवा ने अपना स्वर्ण जयंती समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर सचिव वित्त एवं योजना अक्षय सूद, विशेष सचिव वित्त राकेश कंवर और निदेशक कोष लेखा एवं लाॅटरीज विभाग अमरजीत सिंह भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्य के विकास और प्रगति में इस सेवा के अधिकारियों के योगदान और विशेष रूप से संबंधित विभागों में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने में उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वित्त एवं लेखा सेवा के अधिकारी विभिन्न कार्यों में पारदर्शिता लाने के साथ-साथ प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अधिकारियों से और दृढ़ता और समर्पण भाव से कार्य करने का आग्रह किया। वित्त और लेखा सेवाएं वर्ष 1971 में अस्तित्व में आईं और राज्य में अपनी सेवाओं के योगदान के माध्यम से अपनी शानदार यात्रा के 50 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण किए। संघ के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लेने के लिए अपना बहुमूल्य समय देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ने वित्त एवं लेखा सेवा के वर्ष 2020-2021 के सेवानिवृत्त अधिकारियों को सम्मानित किया गया। सेवानिवृत्त अधिकारियों संवर्ग में सेवा करते हुए अपने अनुभव भी सांझा किए। स्वर्ण जयंती समारोह के बाद एसोसिएशन की वार्षिक आम बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी चुनी गई। राजेश शर्मा नियंत्रक को अध्यक्ष, श्रवण कुमार नेगी उप नियंत्रक को मुख्य सलाहकार, बलबीर कुमार उप नियंत्रक को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राकेश कुमार सिंह उपनियंत्रक को उपाध्यक्ष मुख्यालय, प्रवीण शर्मा उप नियंत्रक को उपाध्यक्ष , भारत भूषण, सहायक नियंत्रक को महासचिव, कर्म चंद वर्मा सहायक नियंत्रक को संयुक्त सचिव-1, नरेश कुमार सहायक नियंत्रक को संयुक्त सचिव-2, विनोद कुमार गौतम अनुभाग अधिकारी को कोषाध्यक्ष, राकेश वर्मा अनुभाग अधिकारी को सहायक कोषाध्यक्ष, प्रणव नेगी सहायक नियंत्रक को आयोजन सचिव, संदीप शर्मा सहायक नियंत्रक को प्रेस सचिव, रमन कुमार सांजटा अनुभाग अधिकारी को कार्यकारी सदस्य और विनोद शर्मा अनुभाग अधिकारी को कार्यकारी सदस्य चुना गया।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता चिंतपूर्णी मंदिर में माथा टेका और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर माता चिंतपूर्णी की संध्या आरती में भी शामिल हुए और मां का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि माता चिंतपूर्णी मंदिर में करोड़ों भक्तों की आस्था है तथा यहां विश्व भर से श्रद्धालु मां के दर्शन करने के लिए आते हैं। राज्यपाल ने श्रद्धालुओं को प्रदान की जा रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि प्रदेश सरकार चिंतपूर्णी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का निरंतर विस्तार कर रही है। अतिरिक्त उपायुक्त ऊना डाॅ.अमित कुमार शर्मा ने इस अवसर पर राज्यपाल को माता चिंतपूर्णी की चुनरी तथा स्मृति चिन्ह भेंट किया। इससे पूर्व राज्यपाल ने चिंतपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और यहां ट्रेन से मां चिंतपूर्णी के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को प्रदान की जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। राज्यपाल ने कहा कि चिंतपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं के लिए अच्छी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं तथा प्रदेश सरकार सुविधाएं बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि चिंतपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन से चिंतपूर्णी मंदिर के लिए एक सड़क का निर्माण प्रस्तावित है, जिस पर कुछ कार्य होना बाकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस सड़क के निर्माण के लिए प्रयासरत है, जिससे चिंतपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन से चिंतपूर्णी मंदिर की दूरी 12 किमी रह जाएगी। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि बहुत जल्द इस प्रस्तावित सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, जिससे श्रद्धालु लाभान्वित होंगे। राज्यपाल ने चिंतपूर्णी में अपने पारिवारिक मित्र मलकीयत सिंह से भी घर जाकर मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। इस अवसर पर विधायक चिंतपूर्णी बलबीर सिंह, उप-मंडलाधिकारी मनेश कुमार यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज अन्तरराष्ट्रीय फि ल्म फेस्टिवल, शिमला के पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भाषा, कला एवं संस्कृति के संरक्षण पर निरन्तर बल दे रही है और इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए फिल्में श्रेष्ठ विकल्पों में एक हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में फिल्मों की शूटिंग को प्रोत्साहित करने के लिए अपनी फिल्म नीति तैयार की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश में फिल्म सिटी स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन तैयार किया है ताकि फिल्म निर्माताओं को उनकी फिल्म शूटिंग के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके। फिल्म सिटी की स्थापना से देश व विश्व के फिल्म निर्माता प्रदेश में ही पूरी फिल्म की शूटिंग तथा निर्माण कर सकेंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के खूबसूरत स्थानों तथा प्राकृतिक सौन्दर्य के फलस्वरूप देश तथा विदेश के अनेक फिल्म निर्माताओं ने हिमाचल प्रदेश में अपनी फिल्मों की शूटिंग की है लेकिन हिमाचल प्रदेश अपना फिल्म उद्योग विकसित नहीं कर पाया। उन्होंने आशा जताई कि ऐसे फिल्म फेस्टिवल प्रदेश के फिल्म निर्माताओं को फिल्म निर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ने में अवश्य प्रेरित करंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला फिल्म फेस्टिवल जैसे आयेाजन प्रदेश में फिल्म निर्माण से संबंधित सकारात्मक वातावरण सृजित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रदेश सरकार ऐसे आयोजनों को आयोजित करने के लिए सम्पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने हर्ष व्यक्त किया कि फिल्म फेस्टिवल के दौरान माॅडल सेन्ट्रल जेल कंडा के बंदियों के लिए भी एक विशेष फिल्म प्रदर्शित की गई। जयराम ठाकुर ने फिल्म फेस्टिवल के प्रतिभागियों, आयोजक हिमालयन विलोसिटी, भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग, फिल्म निर्देशकों, निर्माताओं तथा कलाकारों को अन्तरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के सातवें संस्करण को सफल बनाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में फिल्मों की शूटिंग के लिए निर्माताओं को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस अवसर पर श्रेष्ठ फिल्मों, लघु फिल्मों तथा वृत्तचित्र को पुरस्कार भी प्रदान किए। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शिमला शहर भारतीय सिनेमा के आरम्भ से फिल्म निर्माताओं की प्रथम पंसद है। भारतीय सिनेमा देश के समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को सुदृढ़ करने के लिए श्रेष्ठ विकल्पों में से एक है। भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डाॅ. पंकज ललित ने कहा कि इस तीन दिवसीय फिल्म फेस्टिवल के दौरान 16 देशों की फिल्में प्रदर्शित की जाएगी। प्रसिद्ध फिल्म निर्माता एवं निर्देशक विजय ने कहा कि फिल्म निर्माताओं के लिए हिमाचल प्रदेश हमेशा ही पसंदीदा गंतव्य रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण फिल्म उद्योग पर विपरीत प्रभाव पड़ा था और अब सिनेमा जगत ने पुनः कार्य आरम्भ कर दिया है। भारतीय सिनेमा अब पुनः गतिविधियों का केन्द्र बन रहा है। 7वें शिमला अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के फेस्टिवल निर्देशक पुष्प राज ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि तीन दिवसीय फेस्टिवल के दौरान अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर की 58 फिल्में प्रदर्शित की गईं, जिसमें से 6 फिल्में हिमाचल प्रदेश से थीं। नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल, सचिव भाषा कला एवं संस्कृति अकादमी डाॅ. कर्म सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला के चौपाल की तहसील कुपवी के दुरदराज पंचायत घारचांदना के गांव शराड में चार मकान जलकर राख हो गए है। सूचना के अनुसार इस आगजनी से कोई भी जानी नुकसान नही हुआ है। जानकारी के अनुसार रात करीब 8 बजे के करीब पहले दुला राम के मकान में आग लगनी शुरू हुई थी, जिसके चलते साथ में बने अन्य मकान भी आग की चपेट में आ गए। सभी मकान काफी पुराने बताए जा रहें हैं। पुलिस व अग्निशमन दल रात को ही मौके पर पहुंच गए थे। लेकिन जब तक चौपाल से अग्निशमन दल घारचांदना पहुंचा तब तक सभी मकान लगभग जल कर नष्ट हो गए थे। इस आगजनी की घटना में लाखों रूपयों का नुक़सान हुआ है। फिलहाल आग लगने का कारण शॉट सर्किट बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश के मध्यम और अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में एक दिसंबर को बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। प्रदेश के अन्य भागों में 30 नवंबर तक मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। उधर, रविवार को केलांग का न्यूनतम तापमान-4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान शून्य तक पहुंच गया है। इससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लाहौल-स्पीति जिले में पानी के स्रोत जमने लगे हैं। वहीं, रविवार को राजधानी शिमला और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटकों की भीड़ उमड़ी रही।
शिमला :प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के साथ हुई संयुक्त सलाहकार समिति जेसीसी की बैठक में प्रदेश के कर्मचारिओं व पेंशनरों को कोविड जैसी महामारी से प्रदेश की आर्थिक स्थिति को ध्वस्त होने के बावजूद 7500करोड़ रुपये के वित्तिय लाभ देकर प्रदेश की सरकार ने इतिहास रच दिया। प्रदेश के कर्मचारिओं व पेंशनरों को इस सौगात के लिए जिला सोलन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करता है। जिला शिमला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष गोपाल झीलटl, जिला महासचिव विनोद शर्मा ने संयुक्त ब्यान में कहा है कि 1 जनवारी 2016 से दिए पंजाब के छटे वेतन आयोग को प्रदेश में 1 जनवरी 2022 से लागू करना, अनुबंध कार्यकाल 3वर्ष से घटा कर 2 वर्ष करने, केंद्र की 2009 कि न्यू पेंशन योजना के अंतर्गत अपंगता व पारिवारिक पेंशन को लागू करना, दैनिक वेतन भगीयो का एक वर्ष का कार्यकाल कम करना, चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए 10 करोड़ की राशि जारी एनपीएस कर्मचारी की पेंशन निधि चुनने की स्वतंत्रता और भी कई लाभ इस जेसीसी में दिए प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने घोषणाएं की है। हालांकि बहुत सी मांगो पर कमेटी गठन की घोषणा की गई है कुछ अन्य मांगो पर विभागीय स्तर पर कार्य जारी है जिसका निपटारा शीघ्र किया जायेगा। राजधानी भत्ता, सीए, एचआरए पर नए वेतनमान लागू होने पर निर्णय लिया जायेगा इसके लिए अभी इंतजार करना होगा। गोपाल झीलटl और विनोद शर्मा ने कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री कर्मचारी हितैषी है इसका अंदाजा जेसीसी बैठक में कोविड काल मे फ्रंटलाइन वर्कर व कोविड में जुटे कर्मचारिओं व जेसीसी बैठक अपरिहार्य कारणों से बिलम्भ से होने पर कर्मचारिओं ने धैर्य रखा व सहयोग के लिए प्रदेश के कर्मचारिओं का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा है कि सत्ता परिवर्तन पर कर्मचारिओं को स्थान्तरण कर प्रताड़ित किया जाता रहा है किंतु वर्तमान सरकार ने किसी भी कर्मचारी नेता को प्रताड़ित नही किया ।
जुब्बल-नावर-कोटखाई में विकास के ठप्प पड़े कार्य को गति दी जाएगी। यह बात जुब्बल-नावर-कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर ने नावर की खारला, धराड़ा और पुजारली न० 4 पंचायतों में आयोजित जन आभार कार्यक्रम के दौरान जनसम्बोधन में कही। रोहित ठाकुर ने कहा कि जुब्बल-नावर-कोटखाई की प्रबुद्ध जनता परिपक्वता के लिए पूरे हिमाचल में अलग पहचान रखती हैं। उन्होंने खारला, धराड़ा और पुजारली न० 4 की जनता का उप चुनाव में आशीर्वाद देने के लिए धन्यवाद किया। रोहित ठाकुर ने कहा कि पूर्व कांग्रेस कार्यकाल में नावर क्षेत्र की हर पंचायत में बाग़वानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है।उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल (2012-17) में नावर क्षेत्र के पुजारली नं 4 मे 22 KVA विद्युत नियंत्रण केंद्र, सिंचाई योजनाओं के लिए लगभग ₹20 करोड़ और विभिन्न सड़कों के निर्माण के लिए ₹52 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया। उन्होंने कहा कि टुटूपानी में ₹6.69 करोड़ की लागत से सेब ग्रेडिंग व पैकेजिंग केंद्र का निर्माण पूर्व कांग्रेस कार्यकाल में विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित ₹1134 करोड़ के बाग़वानी विकास प्रोजेक्ट के तहत हो रहा हैं जिसके निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी । उन्होंने कहा कि कांग्रेस समग्र और एक समान दृष्टिकोण के साथ विकास करवाने के लिए वचनबद्ध हैं। सड़कों के निर्माण के लिए गत्त चार वर्षों से लम्बित पड़ी डीपीआर को स्वीकृति प्रदान करने और कछुआ चाल से चले हुए सड़को के कार्य को गति प्रदान की जाएगी। रोहित ठाकुर ने कहा सेमीफ़ाइनल में जनता ने भाजपा को कड़ी शिकस्त देकर साफ़ संदेश दे दिया हैं कि 2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापिसी करेंगी। रोहित ठाकुर ने आभार व्यक्त करते हुए कांग्रेस पार्टी की जीत को सभी कार्यकर्ता के संघर्ष और परिश्रम फल बताया। विधायक रोहित ठाकुर ने जनता की सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत सहित अनेक समस्याओं को सुना और सम्बंधित विभाग के चर्चा कर जल्द ही सुलझाने का आश्वासन दिया। जन आभार कार्यक्रम के दौरान खारला पंचायत के प्रधान बलबीर द्रागटा, उप प्रधान राजीव धारटा, धराड़ा पंचायत की प्रधान गीता जरेट, उप प्रधान सतीश राठौर, पुजारली न०4 से बीडीसी सदस्या ज्ञानपति भी मौजूद रहीं।
शिमला: सीटू से सबन्धित हिमाचल प्रदेश मनरेगा व निर्माण मज़दूर फेडरेशन अपनी मांगों को लेकर दो दिसम्बर को प्रदेशव्यापी हड़ताल करेगी। इस दिन प्रदेशभर में निर्माणाधीन बिजली परियोजनाओं, फोरलेन, दीपक प्रोजेक्ट,मनरेगा व निर्माण क्षेत्र के हज़ारों मजदूर हड़ताल करके काम ठप्प करेंगे। इस दौरान यूनियन शिमला में श्रमिक कल्याण बोर्ड कार्यालय खलीनी में विशाल रैली करेगी जिसमें प्रदेशभर से हज़ारों मनरेगा व निर्माण कर्मी भाग लेंगे। सीटू ने चेताया है कि अगर प्रदेश सरकार व श्रमिक कल्याण बोर्ड ने मजदूरों की मांगों को पूर्ण न किया तो आंदोलन तेज होगा। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम, यूनियन अध्यक्ष जोगिंदर कुमार व महासचिव भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि केंद्र व प्रदेश सरकारें लगातार मज़दूर विरोधी नीतियां लागू कर रही हैं। मजदूर विरोधी चार लेबर कोडों को निरस्त करना भी इसी का एक हिस्सा है। चार लेबर कोडों में निरस्त किये जाने वाले कानूनों में वर्ष 1996 में बना भवन एवम अन्य सन्निर्माण कामगार कानून भी शामिल है। इस कानून के खत्म होने से देश के करोड़ों मनरेगा व निर्माण मजदूर सामाजिक सुरक्षा के दायरे से बाहर हो जाएंगे व श्रमिक कल्याण बोर्डों के अस्तित्व पर खतरा मंडराएगा। केंद्र व प्रदेश सरकार पहले ही मार्च 2021 में श्रमिक कल्याण बोर्डों के तहत मनरेगा व निर्माण मजदूरों को मिलने वाली सुविधाओं में भारी कटौती कर दी गयी है। इसमें वाशिंग मशीन,सोलर लैम्प,इंडक्शन चूल्हा,टिफिन इत्यादि शामिल है। श्रमिक कल्याण बोर्डों की धनराशि को प्रधानमंत्री कोष में शिफ्ट करने की साज़िश चल रही है जिसका दुरुपयोग होना तय है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सरकार की लापरवाही के कारण मनरेगा व निर्माण मजदूरों सहित लगभग इक्कीस लाख असंगठित व प्रवासी मजदूरों का माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश पर ई श्रम पोर्टल में पंजीकरण भी अधर में लटका हुआ है। इस से ही स्पष्ट है कि सरकार मजदूरों के प्रति संवेदनहीन है। मनरेगा मजदूरों को प्रदेश सरकार द्वारा तय तीन सौ रुपये न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा है व यह कई राज्यों के मुकाबले में बेहद कम है। उनके वेतन का भुगतान तय समय पर नहीं किया जा रहा है। उन्हें निर्धारित एक सौ बीस दिन का काम भी नहीं दिया जा रहा है। महंगाई चरम पर है जिसके कारण मज़दूरों को और ज़्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तथा उन्हें अपना दैनिक खर्चा करना बहुत मुशिकल हो गया है। इस प्रकार सरकार मनरेगा मजदूरों के साथ घोर अन्याय व भेदभाव कर रही है। हिमाचल प्रदेश राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड पंजीकृत मजदूरों के लाभ समय पर जारी नहीं कर रहा है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश श्रमिक कल्याण बोर्ड पर मजदूरों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी तीन सौ रुपये करने,एक सौ बीस दिन का काम सुनिश्चित करने,मजदूरों का पंजीकरण सरल व एक समान करने,मजदूरों को स्वीकृत सामग्री तुरन्त जारी करने,बोर्ड से मिलने वाली सहायता सामग्री बहाल करने, शिक्षण छात्रवृत्ति, विवाह, चिकित्सा इत्यादि की लंबित सहायता राशि जारी करने, मजदूरों की पेंशन दो हज़ार रुपये करने, जिलों में मजदूरों के पंजीकरण हेतु अतिरिक्त स्टाफ व श्रम कल्याण अधिकारी नियुक्त करने व लॉक डाउन अवधि की राशि सभी को तुरन्त जारी करने की मांग की।
शिमला में घने कोहरे के चलते व फिसलन से रविवार को दो स्थानों पर कई गाड़ियों में आमने सामने टक्कर हो गई। इन हादसों में कई लोगों को चोटे आई हैं और कई वाहनों को नुकसान हुआ है। राजधानी शिमला के निकट फागू और कुफरी के निकट होटल एप्पल ब्लॉसम के पास घने कोहरे के चलते सात गाड़ियों में टक्कर हो गई। इन में बस, ट्रक व कई छोटे वाहन शामिल है। इस हादसे में कई लोगों को चोटें भी आई है और गाड़ियों को खासा नुकसान हुआ है। उधर शिमला जिला के खड़ा पत्थर में दो गाड़ियों में टक्कर हो गई। इस टक्कर का कारण भी कोहरा बताया जा रहा है। हादसों के चलते रविवार सुबह दोनों तरफ जाम लगा हुआ है। गनीमत यह रही कि रविवार को अवकाश होने के कारण शिमला ठियोग मार्ग पर वाहनों की आवाजाही थोड़ी कम थी।
शिमला :हिमाचल प्रदेश में जेसीसी बैठक में सरकार द्वारा नए वेतनमान देने की घोषणा के साथ अनुबंध काल को 3 वर्ष से घटाकर 2 वर्ष करने, दैनिक भोगी कर्मचारियों को 5 वर्ष की जगह 4 वर्ष में नियमित करने के साथ अन्य मांगों को जल्द पूरा करने के आश्वासन के लिए राज्य कार्यकारिणी ने सरकार का आभार व्यक्त किया है। यह जानकारी शिक्षक महासंघ के प्रांत मीडिया प्रभारी दर्शन लाल ने दी। इसके साथ उन्होंने बताया कि लंबे समय से कर्मचारियों से जुड़ी बहुत सी मांगों को सरकार द्वारा पूरा कर दिया गया है जबकि इसी कड़ी में शामिल बहुत सी मांगों को औपचारिकताएं पूरी करके पूरा करने का आश्वासन दिया है जिसे लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय सचिव पवन मिश्रा, शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर,महामंत्री विनोद सूद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयशंकर, कोषाध्यक्ष तीर्थ आनंद शर्मा ,अतिरिक्त महामंत्री सुधीर गौतम, मंडी के अध्यक्ष भगत चंदेल, सोलन अध्यक्ष नरेंद्र कपिला, किन्नौर के अध्यक्ष बलवीर नेगी, कुल्लू के अध्यक्ष चतर सिंह, कांगड़ा के अध्यक्ष जोगिंदर शर्मा, हमीरपुर के अध्यक्ष नरेश कुमार, बिलासपुर के अध्यक्ष ललित मोहन, सिरमौर के अध्यक्ष सुशील मल्होत्रा, उना के अध्यक्ष सुधीर गौतम, शिमला के अध्यक्ष बलबीर भगत, चंबा के अध्यक्ष बलदेव मिन्हास समेत सभी पदाधिकारियों ने सरकार का आभार व्यक्त किया। शनिवार को हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और शिक्षामंत्री गोविंद ठाकुर के साथ बैठक की, जिसमे अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय सचिव व प्रान्त संगठन मंत्री पवन मिश्रा, प्रान्त अध्यक्ष पवन कुमार, प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर और प्रान्त महामंत्री विनोद सूद मौजूद रहे। बैठक में संगठन द्वारा 2 दिसम्बर को होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में शिक्षको की मांगों को हल करने का आग्रह किया गया।
शिमला :मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शनिवार को एक सफल और प्रख्यात हिंदी लेखक राजेंद्र राजन द्वारा रचित पुस्तक ‘अनसंग कम्पोजर ऑफ़ आईएनए कैप्टन राम सिंह ठाकुर जन गण धुन के जनक’ का विमोचन किया। इस पुस्तक में आईएनए सोल्जर के क्रमबद्ध इतिहास को प्रस्तुत किया गया है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्र के लिए राम सिंह के उल्लेखनीय और ऐतिहासिक योगदान को प्रकाश में लाने के लिए लेखक के प्रयासों की सराहना की। कैप्टन राम सिंह एक स्वतंत्रता सेनानी और आईएनए तथा प्रोविंशियल आम्र्ड कांस्टेबुलरी, लखनऊ के प्रसिद्ध संगीत निर्देशक थे।राजेंद्र राजन हिंदी के एक प्रख्यात लेखक हैं और अब तक उनकी 12 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। पंचायत समिति संगड़ाह के अध्यक्ष मेला राम शर्मा और हिमाचल के प्रसिद्ध लेखक डाॅ. हेम राज कौशिक इस अवसर पर उपस्थित थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को शांता कुमार पर लिखित ‘साहित्यसेवी राजनेता शांता कुमार’ नामक पुस्तक भी भेंट की।
शिमला के सरस्वती नगर वार्ड से जिला परिषद सदस्य व हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता टीम में पैनलिस्ट कौशल मुंगटा ने भाजपा सरकार को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की रिज पर प्रस्तावित प्रतिमा को जल्द से जल्द स्थापित करने की माँग की है उनका कहना है कि स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश की शान थे और उन्होंने आधुनिक हिमाचल की नींव रखी है तथा रिकार्ड छः बार प्रदेश की कमान थामी है उनके इस योगदान को हिमाचल सदैव दिलों में रखे हुए है तथा उनके यादों में रिज पर शिमला में एक मूर्ति का होना उनके प्रति हमारे सम्मान की निशानी होगा जो की हर हाल में होना ही चाहिए। मुंगटा का कहना है की अगर इस पर टाल मटोल किया गया तो वो शिमला में धरने पर बैठ कर अपना रोष प्रकट करेंगे और वादा खिलाफी करने वाली भाजपा को पर्दाफाश करने का काम करेंगे। कौशल मुंगटा ने कहा की वीरभद्र सिंह हिमाचलवासियों के दिलों में बसते हैं भाजपा जितना प्रयास कर ले उनकी छाप नहीं मिटा सकती और बात केवल एक प्रतिमा की नहीं है बल्कि वीरभद्र सिंह के प्रति लोगों के प्यार व सम्मान की है।
हिमाचल प्रदेश कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज में भी नंबर वन पर आ गया है। गोवा को पीछे छोड़ते हुए हिमाचल प्रदेश ने कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज़ का लक्ष्य हासिल का लिया है। हालांकि प्रदेश में अभी 90 फीसदी लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगी है। 10 फीसदी लोगों को टीका लगना बाकी है। ऐसे में दोनों राज्यों में यह अभियान तेजी से चल रहा है। बताया जा रहा है कि गोवा सिर्फ हिमाचल से एक फीसदी पीछे हुआ है। इससे पहले यह राज्य करीब 10 दिनों से आगे चल रहा था। इधर, प्रदेश सरकार ने संपूर्ण वैक्सीनेशन कार्यक्रम के चलते 5 दिसंबर को बिलासपुर में कार्यक्रम फाइनल कर दिया है। इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा मौजूद रहेंगे। प्रदेश में लोगों को घर-घर वैक्सीन लगाने के कार्यक्रम को केंद्र सरकार ने सराहा है। प्रदेश में 49 लाख लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लग चुकी है। केंद्र सरकार ने 4 दिसंबर तक 55.23 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का टारगेट दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने टारगेट पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के तीन हजार कर्मचारियों को फील्ड में उतारा है। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीन लगाने के लिए अतिरिक्त स्टाफ मुहैया कराया गया है। शुक्रवार को आयोजित ग्रामसभाओं में 100 फीसदी वैक्सीनेशन का प्रस्ताव पारित किया गया। इन सभाओं में भी उपस्थित लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई गई।
हिमाचल प्रदेश का कर्मचारी वर्ग लम्बे समय से जेसीसी की बैठक का इंतज़ार कर रहा था। इसी के चलते शनिवार यानि आज हिमाचल प्रदेश के ढाई लाख कर्मचारियों के लंबित मसले सुलझाने के लिए पीटरहॉफ शिमला में संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक आयोजित हुई। बता दें कि करीब 6 साल बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में यह जेसीसी बैठक आयोजित हुई है। बैठक में मुख्य सचिव, सभी सचिव और विभागाध्यक्ष सहित हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी मौजूद हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश ने कर्मचारियों के सहयोग से विकास के आयाम छूए हैं। हिमाचल में कर्मचारियों की संख्या अन्य राज्यों से ज्यादा है। कोरोना से प्रदेश की आर्थिकी सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कोविड से निपटना प्राथमिकता है। जमीनी स्तर पर योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई। इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने घोषणा करते हुए कहा कि 1 जनवरी से 2016 से प्रदेश के कर्मचारियों को नए वेतनमान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के छठे वेतन आयोग के लागू होने के बाद कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए करीब 50 फीसदी बजट खर्च होगा, अभी तक 42 प्रतिशत बजट खर्च होता है। साथ ही समन जयराम ने कहा कि एनपीएस कर्मचारियों को अन्य पेंशन लाभ में निवेश की छूट दी है। विभाग में 27 हजार पदों को भरने की अनुमति दी है। बैठक में कर्मचारियों का अनुबंध कार्यकाल घटाकर दो साल कर दिया गया है। अनुबंध कर्मचारी लंबे समय से यह मांग सरकार से उठा रहे हैं। साथ ही सीएम जयराम ने 15-5-2003 फेमिली पेंशन का भी एलान किया है। साथ ही सीएम जयराम ने दैनिक वेतन भोगी को रेगुलर करने के लिए एक साल कम किया है। सुप्रीटेंडेंट ग्रेड वन के लिए विचार करने कि भी सीएम जयराम ने जेसीसी की बैठक में घोषणा की। साथ ही उन्होंने पेंशनरों को भी देय लाभ देने की घोषणा की। इसी के साथ सीएम जयराम ने कहा कि कर्मचारियों की अन्य मांगों पर विचार करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जायगा। करुणामूलक आधार पर नौकरी के मसलों को सुलझाने के लिए पहले ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है। उसकी रिपोर्ट अगली कैबिनेट में तैयार की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि स्टेनो टाइपिस्ट को 10 से सात साल में रेगुलर करने को आरएंडपी रूल में संशोधन किया जायगा। साथ ही सीएम ने कहा कि जनजातीय कर्मचारियों को लाभ देने पर विचार किया जाएगा। जनजातीय क्षेत्रों में दिहाड़ीदारों को जनजातीय भत्ते देने पर भी विचार किया जाएगा।
हिमाचल ही नहीं बल्कि पूरा देश जिस बेसब्री से केबीसी में अरुणोदय की झलक को देखने का इंतजार कर रहा था। आखिरकार वो लम्हा आ ही गया। अरुणोदय स्टेज पर हिमाचली नाटी करते हुए आये और 'कोशिश करने वालों की हार नहीं होती’ पंक्तियों के बाद अपना परिचय दिया। मात्र नौ वर्ष का अरुणोदय सही मायनों में सूर्योदय से पहले की ऊर्जा से सम्पूर्ण लालिमा है। शो के दौरान अमिताभ बच्चन बच्चों के साथ खूब मस्ती करते नजर आए। एक बच्ची ने बिग बी के जूते पर प्रतिक्रिया जाहिर की, तो एक ने चश्मे पर। इसी बीच ब्रेक पर जाने से पहले अरुणोदय ने कहां कि बिग बी जवानी की तुलना में इस समय बेहतरीन लगते हैं। शो के दौरान जब बच्चन ने अरुणोदय से भविष्य के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके सपने बदलते रहते हैं। अरुणोदय ने एक परिपक़्व व्यक्ति की तरह जवाब दिया कि वे डॉक्टर व पॉलिटिशन तो कतई नहीं बनना चाहते, इसके पीछे उनका क्या तर्क है ये उन्होंने नहीं बताया। अरुणोदय ने कहा कि उनका बचपन से ही बुजुर्गों व जानवर से खास लगाव रहा हैं। शो के दौरान बिग बी ने भी दर्शकों से पूछा कि क्या उन्हें विश्वास है कि अरुणोदय 9 साल के है। इस पर भी अरुणोदय ने जमकर हाजिर जवाबी दिखाई। साथ ही इससे पहले उन्होंने बिग बी को बताया कि उन्हें पुराने गीत पसंद है। अरुणोदय ने जहां चार यार मिल जाएं गीत भी सुनाया, साथ ही यह भी बताया कि यह उनकी फिल्म “शराबी “का गीत है। अरुणोदय रोलओवर के उम्मीदवार हैं, शो का प्रसारण 29 नवंबर को भी किया जाएगा।
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं क्षेत्रीय प्रभारी सौदान सिंह ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जन संघ का निर्माण देश और समाज की सेवा के लिए खड़ा किया था। हमने 1980 में भाजपा की स्थापना की थी और आज हमारी पार्टी का इतना बड़ा स्वरूप है यह सभी कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है। हमें देश और समाज की सेवा करनी है यह हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की प्रथा है एक बार कांग्रेस, एक बार भाजपा को इस बार तोड़ना है और 2022 में फिर भाजपा की सरकार बनानी है। सौदान सिंह ने कहा कि 5 साल में नहीं, ज़्यादा सालों में बदलाव आता है, बात आने वाले 5 साल नहीं पर 25 साल के लिए सरकार बनाने की बात कर रहे है तब प्रदेश में परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की ताकत बड़ी है, कांग्रेस के पास कोई ताकत नहीं है, कांग्रेस के पास कोई संगठन एवं सामाजिक संगठन नहीं पर भाजपा के पास हर क्षेत्र में संगठन है यह हमारी ताकत है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश और प्रदेश में एक सिस्टम खड़ा किया है और हिमाचल में भजापा पन्ना समितियों तक पहुंच गई है यह बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि भाजपा सभी स्तरों पर ताल मेल और समन्वय के साथ आगे बढ़ेगी और नए जोश के साथ काम करेगी। हम सब कार्यकर्ताओं की मन की बात सुनेंगे और भाजपा के नेता हर बूथ पर जाएंगे कार्यकर्ताओं से संपर्क करेगे।
भाजपा कार्यसमिति में उपस्थित पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मिशन 2022 को रिपीट करने के लिए कमर कसकर तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि हिमाचल भाजपा ने कई उतार चढ़ाव से होते हुए न सिर्फ प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश मे भी अपनी अग्रणी भूमिका स्थापित की है। जयराम ठाकुर ने प्रदेश कार्यसमिति की इस बैठक में सँगठनकर्त्ता आधारित पार्टी में कार्यकर्त्ता की सक्रिय भूमिका पर बल देने की बात कही। उन्होंने कहा जहां देश भर में हिमाचल भाजपा के संगठन मॉडल को देश में प्रतिस्थापित किया जा रहा है उसके लिए संगठन महामंत्री की प्रंशसा की। वहीं मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को सरकार के विकास कार्यों को आमजन तक पहुंचाने में अपनी सक्रिय भूमिका को अदा करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन 2022 में जीत के लिए आने वाला समय चुनोतियों से भरा होगा। लेकिन संगठन व कार्यकर्ताओं के बल पर इन चुनौतियों को पार पाने में सफल होंगे। उन्होंने बताया कि विपक्ष तथ्यरहित मुद्दो के साथ समाज को गुमराह कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा के भाजपा वर्ष 2022 में सरकार के विकास कार्यों व संगठन व कार्यकर्ताओं के दम पर मिशन रिपीट करने में सफल होगी। उन्होंने प्रदेश कार्यसमिति के उदघाटन सत्र में जेपी नड्डा के सम्बोधन से कार्यकर्त्ता में सकारात्मक माहौल बनेगा उसके किये उनका भी आभार प्रकट किया। साथ ही सौदान सिंह, अविनाशराय खन्ना और संजय टण्डन का भी उपस्थित कार्यकर्त्ताओं का मार्गदर्शन करने के किये आभार व्यक्त किया।
जुब्बल-नावर-कोटखाई में बाग़वानी, पर्यटन और विकास के रुकें पड़े कार्य को गति दी जाएगी। यह बात नव निर्वाचित कांग्रेस विधायक रोहित ठाकुर ने जुब्बल के ऐतिहासिक स्टेडियम में आयोजित जन आभार कार्यक्रम के दौरान जुब्बल क्षेत्र की जनता को सम्बोधित करते हुए कहीं। रोहित ठाकुर ने कहा कि दो युग पुरुषों पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर रामलाल और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र ने प्रदेश का नेतृत्व करते हुए जुब्बल-नावर-कांग्रेस को सींचा है। उन्होंने कहा कि जुब्बल-नावर-कोटखाई में बाग़वानी और पर्यटन की दृष्टि से सड़कों की विशेष महत्वता को देखते हुए सड़को को प्राथमिकता दी जाएगी। रोहित ठाकुर ने कहा कि ठियोग-हाटकोटी सड़क योजना के कार्य में गति आई हैं और जल्द ही सड़क के शेष निर्माण कार्य को पूरा किया जाएगा। रोहित ठाकुर ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थो के मूल्य में कटौती तथा 3 कृषि कानूनों की वापसी का श्रेय जनता को जाता हैं। जिन्होंने उप-चुनाव में सत्ताधारी पार्टी द्वारा लिए गए जनविरोधी निर्णय के चलते चौतरफ़ा पटकनी दी। प्रदेश में भाजपा को उप चुनाव में 4-0 से मिली शिकस्त से जनता ने साफ़ संकेत दे दिया है कि भाजपा सरकार की 2022 में विदाई तय है और काँग्रेस पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापिसी करेंगी। रोहित ठाकुर ने काँग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उप चुनाव में कांग्रेस पार्टी को मिली जीत कार्यकर्ताओं के परिश्रम और मेहनत का फल हैं। कमल किशोर निवासी ग्राम पंचायत मान्दल भाजपा छोड़ कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा ने जन आभार कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उप चुनाव में मिली जीत पर कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल ने एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि भाजपा जो कार्यक्रम तय करेगी उनको धरातल तक ले जाना है, सरकार की जन कल्याण योजनाओं को घर घर तक पहुंचना है जिससे भाजपा और मज़बूत होगी। उन्होंने कहा कि हम सब कार्यकर्ताओं की सुनेंगे और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर 2022 में फिर सरकार बनाएंगे। धूमल ने कहा कि भाजपा ने कई वर्षों से मेहनत की है, जिससे भाजपा का इतना बड़ा स्वरूप है। उन्होंने कहा कि हमें कोई भी कमी लगती है तो नेतृत्व से बात करनी है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और प्रदेश के लिए बहुत काम किया है। हम सभी को पार्टी के हित मे सोचना है, कार्यकर्ताओं के बारे में सोचना है और सकारात्मक दिशा में काम करना है। हिमाचल में एक बार फिर कमल खिलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में सुख भोगने नहीं आती है अपितु गरीब जनता की सेवा करने आती है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद फागली इकाई द्वारा बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें शिमला जिला विस्तारक अनिल शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक में आगामी आने होने वाले आन्दोलनों पर चर्चा की गई। अनिल शर्मा ने कार्यकर्ताओं को जानकारी देते हुए बताया कि विद्यार्थी परिषद स्थापना काल से ही निरंतर राष्ट्र के पुनर्निर्माण के लिए कार्य करता आ रहा है और निरंतर ऐसे ही काम करता रहेगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि विद्यार्थी परिषद एकमात्र ऐसा संगठन है जो ना केवल विद्यार्थियों के बीच ही काम करता है। परन्तु समाज के उत्थान एवं सहायता के लिए सदैव तत्पर रहता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब covid-19 महामारी के चलते सरकार, संस्थाएं एवं अन्य संगठन जब समाज की सहायता नहीं कर पा रहे थे। तो विद्यार्थी परिषद ने समाज के हर वर्ग की सहायता की। जरूरतमंद व्यक्तियों तक राशन, स्वास्थ्य सामग्री पहुंचाई गई और अस्पतालों में रक्त की कमी के चलते रक्तदान शिविर लगाए गए। इकाई सचिव ने जानकारी देते हुए बताया कि अभाविप सदैव छात्र हित्त के लिए तत्पर है। फागली इकाई समय समय पर छात्रों की मांगो को लेकर आवाज़ उठाती आई है। विद्यार्थी परिषद आम छात्रों की समस्याओं को हमेशा उठाया है। चाहे वो कैंटीन में भोजन की गुणवत्ता की समस्या हो या परिसर में पार्किंग की समस्या हो, हमेशा विद्यार्थी परिषद ने हर समस्या को प्रशासन के समक्ष रखा है। आने वाले समय में भी इसी तरह आम छात्र की हर माँग को लेकर आवाज़ उठाएगी।
भाजपा पिछले दो दिनों से उपचुनावों में मिली करारी हार पर मंथन शिमला में कर रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शुक्रवार को बैठक को सम्बोधित किया। भाजपा का कहना है कि मंथन के बाद कमियों को दूर किया जाएगा और 2022 में पुनः प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनेगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि शुक्रवार को भी कार्यसमिति की बैठक दिन भर चलेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने वर्चुअल बैठक को सम्बोधित किया व कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा। उन्होंने प्रदेश सरकार के चार साल के कार्यकाल की योजनाओं के लिए सरकार की पीठ थपथपाई। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल का अनुसरण देश भर में हो रहा है। विस्तारक व ई विस्तारक योजना का जिक्र इस दौरान किया गया। कश्यप ने कहा कि संगठन को नई ऊर्जा व जोश देने का काम अध्यक्ष ने किया जिसका लाभ पार्टी को आगामी समय में मिलेगा। चुनावी वर्ष में संगठन कैसे आगे बढ़ेगा, उसकी योजना दो दिन में बनाई गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में योजनाओं के लाभार्थीयों के सम्मेलन किये जायेगे। इसके अलावा पंच परमेश्वर सम्मेलन भी प्रदेश में किए जायेंगे। कश्यप ने बताया कि 27 दिसम्बर प्रदेश सरकार के चार साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर एक बड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए प्रधानमंत्री के आने का कार्यक्रम सम्भावित है। यह उनका तीसरा दौरा होगा। उन्होंने कहा कि उपचुनाव में नतीजे बीजेपी के अनुरूप नहीं रहे। पार्टी ने हार की जिम्मेदारी ली है। 2014 से अभी तक पार्टी लगातार जीतती आई है। अति आत्मविश्वास हार का कारण बना। कमियों को दूर कर पार्टी दोबारा सत्ता में आएगी।
हिमाचल प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य डॉ. अजय भंडारी उमंग फाउंडेशन के सप्ताहिक वेबीनार में 28 नवंबर को मुख्य वक्ता होंगे। उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी विनोद योगाचार्य ने बताया कि डॉ. भंडारी का व्याखान "मानवाधिकार संरक्षण में राज्य मानवाधिकार आयोग की भूमिका विषय पर होगा। वह युवा प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी देंगे। योगाचार्य के अनुसार युवा वर्ग में मानवाधिकार संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। गूगल मीट पर हर रविवार को होने वाले इस आयोजन में अभी तक सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा मनोरोगी, विकलांगजन, महिलाएं, बच्चे, ट्रांसजेंडर एवं अन्य कमजोर वर्गों के मानवाधिकारों पर 10 साप्ताहिक वेबीनार हो चुके हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी, दिल्ली विश्वविद्यालय और हिमाचल के महाविद्यालयों के विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं।
जुब्बल-नावर-कोटखाई क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य संस्थानों के भवन निर्माण को गति दी जाएगी। यह बात जुब्बल-नावर-कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर ने उबादेश क्षेत्र की रावलाक्यार, रामनगर, नगान और क्यारवी पंचायतों में जन आभार कार्यक्रम के दौरान जनता को सम्बोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद दूरवर्ती ग्रामीण इलाक़ो में जन-जन तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाने के लिए पूरे प्रदेश भर में सर्वाधिक 10 पीएचसी, 2 उप स्वास्थ्य केंद्र व एक सीएचसी संस्थान पूर्व काँग्रेस कार्यकाल (2012-17) में जुब्बल-नावर-कोटखाई में खोलें गए थे। उन्होंने कहा कि यहीं स्वास्थ्य संस्थान कोरोना काल में लोगों के लिए वरदान साबित हुए। रोहित ठाकुर ने कहा कि पूरी औपचारिकता, बजट का प्रावधान व आवश्यक पद सृजित होने के बावजूद भी पिछले चार वर्षो में वर्तमान भाजपा सरकार स्वीकृत स्वास्थ्य संस्थानों के भवन निर्माण का कार्य शुरू करने में नाक़ाम रही। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाक़ो के स्वास्थ्य संस्थानों के भवन निर्माण को गति दी जाएगी। रोहित ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी समग्र और एक समान दृष्टिकोण के साथ विकास करवाने के लिए वचनबद्ध हैं। जिसे आगे भी ज़ारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में सम्पन्न हुए उप चुनाव में भाजपा को 4-0 से मिली शिकस्त से जनता ने जनता ने साफ़ संकेत दे दिया है कि 2022 में भाजपा की विदाई तय है और काँग्रेस पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल करेंगी। जन आभार कार्यक्रम में मोतीलाल डेरटा, अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल-नावर-कोटखाई, रावलाक्यार पंचायत की प्रधान बबिता चौहान, उप प्रधान अतिश चौहान, बीडीसी सदस्य महावीर काल्टा, कांता दीपटा, प्रधान ग्राम पंचायत क्यारवी मंतीश चौहान, उप- प्रधान विकास रपटा, उप-प्रधान चौगान- कुल्टी भी मौजूद रहें।
कृषि विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रयास से भारतीय खाद्य निगम ने धान खरीद को लेकर दो लाख क्विंटल का आंकड़ा पार कर लिया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एफसीआई द्वारा 9 खरीद केंद्रों पर कृषि उपज विपणन समिति के माध्यम से किसानों का धान खरीदा जा रहा है। विशेष बात यह है कि प्रदेश के किसानों से खरीदे गए धान का भुगतान भी 24 घंटे के भीतर ही करवाया जा रहा है। प्रदेश के करीब चार हजार किसानों को सीधे-सीधे लाभ पहुंचाते हुए उनके खातों में लगभग 38 करोड़ रुपए से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि गत 15 अक्तूबर से धान खरीद का कार्य सिरमौर, ऊना, कांगड़ा और सोलन जिला के विभिन्न खरीद केंद्रों पर प्रारंभ किया गया है। सिरमौर जिला में हरिपुर-टोहाना, काला अंब व पीपलीवाला, ऊना जिला में टकराला मंडी और टाहलीवाल, कांगड़ा जिला में फतेहपुर मंडी व इंदौरा स्थित त्योराह तथा सोलन जिला में नालागढ़ मंडी और मालपुर में यह खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से 24 नवम्बर तक लगभग 2,14,311.95 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है और इससे लगभग 4,474 किसानों को लाभ पहुंचा है। आंकड़ों के अनुसार सिरमौर जिला में अभी तक लगभग 1,01,808.78 क्विंटल, ऊना जिला में लगभग 19,612.16 क्विंटल, कांगड़ा जिला में लगभग 51,685.50 क्विंटल और सोलन जिला में लगभग 41205.52 क्विंटल धान की खरीद की गई है। प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार व कृषि मंत्री के निर्देशों के अनुरूप कृषि उपज विपणन समिति ने खरीद प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए किसानों की उपज की खरीद और उन्हें समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया है।
निदेशालय सूचना एवं जन सम्पर्क द्वारा प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों व नीतियों को फोक मीडया कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से फोक मीडिया पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ परिमहल शिमला में किया गया। कार्यशाला के प्रथम दिन अतिरिक्त निदेशक आरती गुप्ता मुख्य अतिथि तथा संयुक्त निदेशक प्रदीप कंवर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। आरती गुप्ता ने कहा कि आज समाज में बहुत बदलाव आए हैं, अनेक चुनौतियां हैं। हमें इन चुनौतियों को अवसर में बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि फोक मीडिया जन-मन से जुड़ने का सशक्त माध्यम है। इस माध्यम से विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी घर-घर, गांव-गांव तक पहुंचाएं, दर्शकों से सुमधुर सम्पर्क व सम्बन्ध बनाएं ताकि आम जन न केवल योजनाओं के विषय में जानें बल्कि योजना विशेष के पात्र लाभार्थी अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आगे आ सकें। इसके उपरांत, प्रदीप कंवर ने कहा कि हमारी नाटक की शैली लोक शैली पर आधारित हो तो लोग शीघ्र ही सरकार की योजनाओं को आसानी से समझ सकते हैं। उन्होंने कहा कि जन-जन तक सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के लिए हमें स्वयं योजनाओं के बारे में सही जानकारी होनी चाहिए। योजनाओं की सही जानकारी प्राप्त करने के लिए सांस्कृतिक दल विभाग से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। कार्यशाला के दौरान राज्य नाट्य दल व जिला नाट्य दल के कलाकारों ने नैमित्तिक कलाकारों के सहयोग से प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, नीतियों व कार्यक्रमों पर तैयार किया गया समूह गान, नाटक व नशा निवारण पर आधारित समूह गीत भी प्रस्तुत किया। लोक नाट्य कार्यशाला में विभाग द्वारा प्रदेश भर के अनुमोदित 62 दलों के मुखिया तथा विभिन्न जिलों में नियुक्त नाट्य निरीक्षक भाग ले रहे हैं।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने एक प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया है की 27 नवंबर को होने वाली जीसीसी की बैठक के लिए स्थान सचिवालय से पिटर हाफ परिवर्तित कर दिया गया है। क्यूकी सचिवालय में बैठने के लिए जगह का अभाव है और एक बड़ी बैठक की तैयारियां की जा रही है उसके मध्यनजर संघ को लगता है कि माननीय मुख्यमंत्री ने अवश्य ही शिक्षकों को भी जेसीसी में बुलाने का मन बना दिया है ल चौहान ने कहा कि हम 90000 शिक्षकों के लिए लंबे समय से जेसीसी बैठक में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार से प्रयासरत है। हर मंच के माध्यम से सरकार के ऊपर शिक्षकों की जेसीसी में भागीदारी के लिए दबाव बनाया जा रहा है। चौहान ने कहा के जेसीसी बैठक में कुछ ऐसे मुद्दों को जोड़ा गया है, जो मुद्दे हमारे हक के रूप में है। छठा वेतन आयोग जो 2016 से दे बनता है उसी तरह डीए की 5% की किस्त जो सरकार के द्वारा कर्मचारियों को अभी तक नहीं दी गई है। शिक्षकों एवं कर्मचारियों को दो विशेष वेतन वृद्धि देना सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए कैशलेस हेल्थ स्कीम जारी करना, प्रदेश के कर्मचारियों के लिए एलटीसी सुविधा फिर से बहाल करना, इसके साथ-साथ हिमाचल प्रदेश में अनगिनत मुद्दे शिक्षकों और अन्य कर्मचारी वर्ग के हैं। जिसकी कर्मचारी बड़े लंबे समय से आस लगाए बैठे हैं l इसलिए अध्यापक संघ सरकार से उम्मीद रखता है कि उपरोक्त मुद्दों के ऊपर सरकार फैसला लेकर कर्मचारी हितैषी होने के अपने दावे को सही साबित करेगी। साथ ही चौहान ने यह भी कहा कि यदि सरकार इन मांगों पर जेसीसी की बैठक में निर्णय लेती है और इसकी औपचारिक घोषणा करती हैं। तो संघ मुख्यमंत्री को जल्दी एक कार्यक्रम के माध्यम से चांदी के सिक्कों से तौल कर सम्मानित भी करेगा। भले ही उन्हें किसी बैठक में ही क्यों ना बुलाए l लेकिन यदि उपरोक्त इन मुद्दों पर सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया और कर्मचारियों को गुमराह करने का प्रयास किया गया तो आने वाले दिनों में हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगा और निदेशालय से लेकर सचिवालय तक सरकार का घेराव करेगा जिससे सरकार के 2022 की मिशन रिपीट की अटकलों पर विराम लग जाएगा l
भारतीय क्षत्रिय ग्रित बहाती चांग महासभा नादौन ने सरकार से यह निवेदन किया है की मिनी सचिवालय में स्वर्गीय नारायण चंद पराशर की प्रतिमा बनाई जाए। इस मांग को सरकार तक पहुंचाने में अध्यक्ष शैंकी ठुकराल, उपाध्यक्ष अजय चौधरी, जनरल सेक्रेटरी विनीत चौधरी व युवा मंडल अध्यक्ष विनीत चौधरी ने अहम् भूमिका निभाई।
हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों और आम जनता के लिए एक ख़ुशी की खबर है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बीते लंबे समय से प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने में जुटे थे और अब 30 नवंबर से उनका यह ड्रीम प्रोजेक्ट पूरा होने वाला है। दो-तीन दिन के भीतर शिमला के संजौली हेलीपोर्ट के अलावा चार हेलीपोर्ट से हेली टैक्सी का शेड्यूल जारी होने जा रहा है। पर्यटन विभाग इसकी तैयारियों में जुटा है। इन क्षेत्रों के लिए हवाई सेवा का लाभ उठाने का किराया भी तय किया जा रहा है। राजधानी शिमला के संजौली हेलीपोर्ट सहित रामपुर, बद्दी, मनाली और मंडी के कंगनीधार हेलीपोर्ट से हेली टैक्सी सेवा शुरू होने वाली है। चंडीगढ़ और धर्मशाला से लोग हवाई मार्ग से इन क्षेत्रों में पहुंच सकेंगे। राजधानी शिमला से सटे उपनगर संजौली में हेलीपोर्ट शुरू होने से लोगों को जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट तक नहीं जाना पड़ेगा। इसी सप्ताह इसकी घोषणा हो सकती है। मनाली में सासे हेलीपोर्ट को हेली टैक्सी के लिए इस्तेमाल में लाया जाएगा। इन हेलीपोर्ट के शुरू होने से प्रदेश में घूमने आने वाले सैलानियों को बड़ी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने नीति आयोग द्वारा हाल ही में जारी शहरी विकास लक्ष्य सूचकांक 2021-22 में शिमला शहर को देश में शीर्ष स्थान प्राप्त करने पर राज्य के लोगों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की है। इस उपलब्धि पर प्रदेश के लोगों को बधाई देते हुए जय राम ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार के नीति आयोग ने देश के 56 शहरों को इसमें शामिल किया था, जिनमें 10 लाख से अधिक आबादी वाले 44 शहर और 10 लाख से कम आबादी वाली 12 राज्यों की राजधानियां शामिल थीं। उन्होंने कहा कि यह सूची गरीबी, स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, सस्ती और सुलभ ऊर्जा और जलवायु जैसे मापदण्डों के तहत शहरों के प्रदर्शन को ध्यान में रख कर तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इस सूची के मूल्यांकन के लिए 46 लक्ष्य और 77 संकेतक निर्धारित किए गए थे और शिमला शहर को 100 में से 75.50 अंकों के साथ सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त हुआ है। जय राम ठाकुर ने कहा कि हमारे देश की अधिकतर जनसंख्या गांवों में वास करती है, परन्तु देश के विकास में शहर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए नीति आयोग ने इंडो-जर्मन विकास निगम के अन्तर्गत जीआईजैड और बीएमजैड के सहयोग से सतत विकास लक्ष्य शहरी सूचकांक से संबंधी नवीनतम जानकारी के लिए एक डैश बोर्ड विकसित किया है।
उपचानवो में हुई भाजपा की हार पर शिमला में पार्टी की कार्यसमिति की बैठक में विचार विमर्श किया गया। प्रदेश भाजपा नेताओं ने पार्टी प्रभारी अविनाश राय खन्ना और सह प्रभारी संजय टंडन के सामने हार के कई कारण गिनाए। दोपहर बाद करीब 4 बजे शुरू हुई बैठक रात करीब 10 बजे तक चली। पार्टी सूत्रों के अनुसार बैठक में मंडी जिले से भाजपा का अच्छा प्रदर्शन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गृह क्षेत्र होने के नाते माना गया, मगर यहां भी भाजपा के कुछ नेताओं के भितरघात की बातें सामने आईं। कुल्लू जिले में मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के कमजोर प्रदर्शन पर भी चिंता जताई गई। लाहौल-स्पीति से मंत्री रामलाल मारकंडा के भी लीड न दिला पाने पर अफसोस जताया गया। वरिष्ठ मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर कहां चूके और उनके उपचुनाव से पहले आए विवादित बयानों के घाटे-नफे क्या रहे, इस पर भी विचार-विमर्श हुआ। ब्रिगेडियर कुशाल चंद के बजाय अगर अन्य उम्मीदवार होता तो जीत के कितने करीब होते, इस बारे में भी चर्चा हुई। पूर्व मंत्री दिवंगत सुजान सिंह पठानिया के अपने प्रभाव और उनके बेटे भवानी पठानिया के चुनाव लड़ने को भी भाजपा की हार की वजह माना गया। जुब्बल-कोटखाई में कमजोर प्रत्याशी को टिकट देना और भाजपा की बड़े स्तर पर बगावत हार की वजह बनी। यह भी बात उठी कि यहां पूर्व मंत्री दिवंगत नरेंद्र बरागटा ने भाजपा को खड़ा किया था, उनके बेटे चेतन बरागटा की उपेक्षा करना भाजपाइयों को नाराज कर गया। भाजपा की इस बैठक में उपचुनावों में हुई हार के हर पहलू पर विचार विमर्श किया गया। अब देखना यह है की इस बैठक के बाद आगे की क्या रणनीति होगी।
बाग़वानी और पर्यटन की दृष्टि से ग्रामीण पहाड़ी क्षेत्रों में सड़को की विशेष महत्वत्ता हैं। यह बात जुब्बल-नावर-कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर ने गुम्मा, पनोग और क्यारी पंचायत में जन आभार कार्यक्रम के दौरान जनता को संबोधित करते हुए कही। रोहित ठाकुर ने कहा कि बाग़वानी के लिए सड़कों की महत्वत्ता को देखते हुए। पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में केंद्रीय सड़क निधि के तहत कोटखाई क्षेत्र के लिए ही 30 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे। जिसमें इसी योजना के तहत कोटखाई-खनेटी सड़क सम्पर्क मार्ग का स्तरोन्नत कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र से CRF के तहत प्रदेश सरकार को सड़को के निर्माण के लिए 941 करोड़ मिलें। इसमें मंडी जिला के धर्मपुर और सिराज को 509 करोड़ आबंटित किए गए। जबकि जुब्बल-नावर-कोटखाई को इस योजना से वंचित रखा गया। रोहित ठाकुर ने कहा कि पेयजल की समस्या को देखते हुए क्यारी और बगाहर पंचायतों के लिए विशेष घटक योजना के तहत कुपड़ी नाला से उठाऊ पेयजल योजना के लिए पूर्व काँग्रेस सरकार के कार्यकाल में 1 करोड़ 7 लाख रुपए का बजट प्रावधान कर शिलान्यास किया गया था। जिसका लाभ जनता को मिलना शुरू हो गया है। इसी प्रकार गुम्मा और साथ लगती पंचायतों के लिए NRDWP के तहत 49 लाख रुपये से निर्मित गिरी खड्ड से उठाऊ पेयजल योजना का बजट व शिलान्यास भी पूर्व काँग्रेस सरकार के कार्यकाल में किया गया था। रोहित ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस समग्र और एक समान दृष्टिकोण के साथ विकास करवाने के लिए वचनबद्ध हैं। जिसे आगे भी ज़ारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा आम चुनाव-2022 से पहले भाजपा के खिलाफ़ सेमीफ़ाइनल में जनता ने भाजपा को 4-0 से शिकस्त देकर संकेत दे दिया है कि 2022 में भाजपा की विदाई होगी और भारी बहुमत के साथ काँग्रेस पार्टी सत्ता में वापिसी करेंगी। उन्होंने गुम्मा, घयाल क्षेत्र की पनोग, क्यारी और बगाहर पंचायतों की जनता का उप चुनाव में आशीर्वाद देने के लिए धन्यवाद किया और क्षेत्र की समस्याओं को चरणबद्ध तऱीके से समाधान करने बारें आश्वासन दिया। रोहित ठाकुर ने काँग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उप चुनाव में कांग्रेस पार्टी को मिली जीत कार्यकर्ताओं के परिश्रम और मेहनत का फल हैं।
तेंदुएं द्वारा राजधानी में दो मासूमों की जान लेने के बाद से दहशत है। इसी बीच शिमला के लोअर कैथू में लैपर्ड कैट का शव मिला है। शावक के शव को देखकर लग रहा है कि शव काफ़ी दिन पहले का है। शिमला में कई तेंदुएं देखे गए। जिनमें एक तेंदुएं को वन विभाग की टीम ने पकड़ा भी है। माना जा रहा है कि पकड़ा गया तेंदुआ आदमख़ोर था।
भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना एवं सह प्रभारी संजय टंडन का शिमला पहुंचने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, महामंत्री त्रिलोक कापूर, राकेश जम्वाल, त्रिलोक जम्वाल, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं द्वारा पीटरहॉफ में स्वागत किया गया। भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने मीडिया से बात चीत करते हुए कहा कि भाजपा कार्यसमिति बैठक हर तीन महीने में एक बार होती है। उन्होंने कहा कि कोर ग्रुप में हम इन उपचुनावों पर समीक्षा करेंगे और जो भी कमियां रही है उनको दूर करने का हर संभव प्रयास करगे, भाजपा आने वाले नगर निगम शिमला और 2022 के विधानसभा चुनावो के लिए भी तैयारियां करेगी। भाजपा का कार्यकर्ता हर बूथ पर कार्यरत है और भाजपा को मजबूत बनाने का काम कर रहा है, हमारी सरकार ने प्रदेश में अच्छे एवं जन सेवा के कार्य किये है। जिसके परिणामस्वरूप हम 2022 में भाजपा की सरकार को रिपीट करने जा रहे है। उन्होंने कहा की कुछ इस्तीफे सोशल मीडिया पर चल रहे है पर पार्टी तो अभी किसी भी व्यक्ति का इस्तीफा नही मिला है, हमारे कार्यकर्ताओं ने पद छोड़ा है पार्टी नहीं। उन्होंने कहा की पद तो समय के साथ आते जाते रहते है। उन्होंने कहा कि चुनावों में जीत हार तो एक प्रक्रिया है और भाजपा हर चुनाव के लिए तैयार है।
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक पीटरहॉफ शिमला में शुरू होगी। तीन दिन तक चलने वाली इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह प्रदेश के सभी प्रमुख भाजपा नेताओं से जवाब तलब करेगे। बैठक के बाद इस संबंध में रिपोर्ट तैयार की जाएगी तथा यह रिपोर्ट भाजपा हाईकमान को दी जाएगी, उसी पर विचार कर केंद्रीय नेतृत्व अगली करवाई करेगा। हाल ही में मंडी लोकसभा सीट के अलावा अर्की, फतेहपुर और जुब्बल-कोटखाई विधानसभा सीटों के उपचुनाव में भाजपा की करारी हार पर इस बैठक में मंथन शुरू होगा। कुछ मंत्रियों की कुर्सियां भी संकट में मानी जा रही हैं। कयास लगाया जा रहा है कि सरकार और संगठन के स्तर पर बड़े बदलाव हो सकते हैं। दोनों स्तर पर कई चेहरों को बदला जा सकता है। इस बैठक में प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना और सह प्रभारी संजय टंडन भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल भी उपस्थित रहेंगे। भाजपा के संगठन महामंत्री पवन राणा और अन्य भाजपा पदाधिकारी भी मौजूद होंगे। बैठक में पूर्व सीएम शांता कुमार को भी बुलाया गया था पर वह शामिल नहीं हो पाएंगे।
ग्राम पंचायत सतलाई ज़िला शिमला का एक प्रतिनिधिमंडल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप से उनके निजी निवास पर मिला। इस प्रतिनिधिमंडल कि अध्यक्षता महेंद्र कमल ने की, सभी ने प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप से ग्राम कटेया, मझार खड़ में पुल निर्माण हेतु धन राशि, ग्राम जुगर में सब्जी मंडी खोलने और पुस्तकालय हेतु पुस्तके और फर्नीचर की मांग आदि शामिल है। इस पुस्तकालय के निर्माण से इस क्षेत्र के बच्चों को बड़ी सुविधा मिलेगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि जल्द ही इस क्षेत्र की सभी समस्याओं का समाधान किया जाएंगे।
रामपुर से जिला परिषद सदस्य कविता कॉन्टू ने शिमला में आत्महत्या कर ली है। जानकारी के अनुसार कविता ने समहरहिल सांगटी के जंगलों में दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या की है। कविता की उम्र करीब 28 वर्ष है। अभी आत्महत्या के मुख्य कारण का पत्ता नहीं चला है। पुलिस मौके पर मौजूद है और आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
ठियोग संधू व खाची के बीच भारी भूस्खलन के चलते सड़क बन्द हो गई है। मौसम साफ़ होने के बाद भी हुए इस लैंड स्लाइड से NH-5 में यातायात बाधित है। NH खुलने में अभी थोड़ा वक्त लग सकता है। नारकंडा से शिमला आने जाने वाले सभी वाहनो को संधू से वाया मझोली सरीवन अथवा संधू से वाया जदेवग होते हुए ठियोग भेजा जा रहा है। बता दे कि सड़क को खोलने के लिए मशीनरी भेज दी गई है।


















































