पेंशनर संगठन कुनिहार इकाई की मासिक बैठक जो हर माह 7 तारीख को आयोजित होती थी इस बार यह बैठक 14 अक्तूबर को निश्चित की गई हैं। इकाई के प्रधान विनोद जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी सदस्यों को मीडिया के माध्यम से सूचित किया है कि इकाई की जो मासिक बैठक हर माह की 7 तारीख को प्रस्तावित होती थी व नवरात्रों दशहरा पर्व तथा इस दौरान अधिक शादियों की वजह से 14 अक्तूबर को रखी गई है ,यह निर्णय कार्यकारिणी के ज्यादातर सदस्यों के आग्रह पर लिया गया है। उन्होंने कार्यकारिणी के सभी सदस्यों से आग्रह किया है कि वह इस माह 14 अक्टूबर 2024 सोमवार को मासिक बैठक में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने की कृपा करें।
** कुनिहार बाजार में निकाली भव्य कलश यात्रा मंदिर परिसर तालाब कुनिहार में राधे श्याम परिवार संस्था के सौजन्य से 7 दिवसीय भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। प्रसिद्ध आचार्य व कथा वाचक विश्व मंगलम सेवा धाम के प्रमुख संस्थापक हरिजी महाराज तथा भागवत ग्रंथ का फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया गया और संस्था तथा क्षेत्र की महिलाओ ने कलश यात्रा में भाग लिया। कलश यात्रा पूरे बाजार से पुराना बस अड्डा होते हुए कथा स्थल तालाब मंदिर पहुंची तथा मंत्रोचारण के साथ विधिवत रूप से कलश स्थापना की गई। उसके उपरांत कथा वाचक हरिजी महाराज ने अपनी मधुर वाणी से कथा का शुभारंभ किया। उन्होंने सबसे पहले सभी क्षेत्र वासियों व सनातन प्रेमियों को शरद नवरात्रों की बधाई दी। उसके उपरांत उन्होंने अपने प्रसंग में कहा कि देवी नारी शक्ति को समर्पित है। देवी के नौ रूप है मां के पहले रूप को शैल पुत्री कहा जाता है, जिसे पहाड़ों की पुत्री भी कहा जाता है क्योंकि उनके पिता पर्वत राज हिमालय थे। मां का दूसरा रूप ब्रहम चारणी है। मां पार्वती ने ब्रहम चारणी रूप में भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की और भगवान शिव पार्वती की घोर तपस्या देखकर अति प्रसन्न हुए और पार्वती से विवाह कर लिया। इसके अलावा कथा के अनेक प्रसंग कथा व्यास ने भक्तो को सुनाए। राधे श्याम परिवार की प्रधान कृष्णा पंवर तथा महा सचिव इंदिरा शांडिल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह सात दिवसीय कथा 10 अक्तूबर तक चलेगी तथा कथा का समय प्रतिदिन 1 से 4 बजे तक रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन शाम 7 बजे से 9 बजे तक पंडाल में भजन कीर्तन किया जाएगा। इस अवसर पर गोदावरी आर्या, अनिता कश्यप, नीलम गर्ग, लता कश्यप, श्यामा नन्द शांडिल, जगदीश पंवर, कृष्णा पंवर, इंदिरा शांडिल तथा डी डी कश्यप मीडिया प्रभारी विश्व मंगलम सेवा धाम आदि उपस्थित रहे।
** हर गलत जवाब पर कटेंगे अंक हिमाचल में शुरू होने जा रही विशेष पुलिस कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा में निगेटिव मार्किंग होगी, ऐसे में हर गलत जवाब पर 0.25 अंक कटेंगे। किसी प्रश्न का उत्तर न देने पर भी निगेटिव मार्किंग होगी। अगर चार उपलब्ध उत्तरों में से कोई भी सही नहीं लगता है तो पांचवें विकल्प पर निशान लगाना होगा। इससे अंक नहीं कटेंगे। 90 अंकों की लिखित परीक्षा दो घंटे की होगी। फिजिकल ग्राउंड टेस्ट पास करने वाले अभ्यर्थियों को ही लिखित परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा। अभ्यर्थियों को शारीरिक लंबाई के आधार पर एक से छह और एनसीसी सर्टिफिकेट के आधार पर 4 अंक मिलेंगे। लिखित परीक्षा लोकसेवा आयोग और फिजिकल टेस्ट पुलिस विभाग करवाएगा। चयनित पुलिस कांस्टेबलों को पीटीसी डरोह में 9 माह का विशेष कमांडो कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण और कमांडो कोर्स पास न करने वाले अभ्यर्थी भर्ती से बाहर होंगे। आयाेग की ओर से शुक्रवार को कांस्टेबल भर्ती को लेकर दिशा निर्देश जारी किए गए। दसवीं और बारहवीं कक्षा पास करने वाले या मूल रूप से हिमाचली युवा भर्ती में शामिल हो सकेंंगे। दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थी अपात्र होंगे। सामान्य श्रेणी के पुरुष आवेदकों को 600 और आरक्षित वर्ग के पुरुषों को 150 रुपये फीस चुकानी होगी। वहीं, एनसीसी सी सर्टिफिकेट पर 4, बी पर 2 और ए सर्टिफिकेट पर एक अंक अभ्यर्थियों को दिया जाएगा। पुरुषों को लंबाई के आधार पर 0 से छह अंक दिए जाएंगे। 5 फीट 7 इंच शारीरिक लंबाई तक एक, 5 फीट 8 इंच तक दो अंक, 5.9 फीट पर तीन, 5.10 फीट पर चार, 5.11 फीट पर 5 और 6 फीट या इससे अधिक लंबाई पर छह अंक मिलेंगे। महिलाओं की भर्ती में 5 फीट 3 इंच शारीरिक लंबाई पर एक अंक, 5.4 फीट पर दो, 5.5 फीट पर तीन, 5.6 फीट पर चार, 5.7 फीट पर पांच और 5 फीट 8 इंच या इससे अधिक लंबाई पर छह अंक मिलेंगे। फिजिकल टेस्ट के तहत पुरुषों को 5 मिनट 30 सेकेंड में 1500 मीटर दौड़ पूरी करनी होगी। वहीं, ऊंची कूद 1.35 मीटर की करनी होगी। 100 मीटर रेस 14 सेकेंड में पूरी करनी होगी। ब्राड जंप 4 मीटर तय है। महिलाओं को 800 मीटर रेस 3 मिनट 45 सेकेंड में पूरी करनी होगी। हाई जंप 1.10 मीटर, ब्राड जंप 3 मीटर तय है। 100 मीटर रेस 17 सेकेंड में पूरी करनी होगी। सभी मानकों को पूरा करने वाले अभ्यर्थी ही लिखित परीक्षा में बैठने के लिए पात्र होंगे। जो मानक पूरा नहीं करेगा, वह बाहर रहेगा।
**डम्पिंग साइट से कूड़ा न उठाने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का एक्शन सोलन नगर निगम पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 9.90 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। सलोगड़ा डम्पिंग साइट से कूड़े का पहाड़ कम न करने पर निगम पर ये जुर्माना लगाया गया है। देशभर में 2 अक्टूबर तक स्वच्छता पखवाड़ा चलाया जा रहा था, जिसके तहत नगर निगम सोलन भी स्वच्छता पखवाड़े को धूमधाम से मना रही थी लेकिन स्वच्छता पखवाड़े के खत्म होते ही नगर निगम को अस्वच्छता फैलाने के लिए भारी भरकम जुर्माना लग गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निगम को कचरे के पहाड़ को उठाने के लिए कई बार निर्देश दिए गए, लेकिन निगम ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसी लेटलतीफी के कारण अब नगर निगम को 9.90 लाख का भारी भरकम जुर्माना भरना पड़ेगा। बोर्ड की मानें तो बरसात में वहां से हजारों टन कचरा पानी के साथ बह गया है। इसके कारण आस -पास के जल स्रोत भी दूषित हो गए। अब देखना ये होगा कि निगम इस जुर्माने को कैसे भरेगी। जनवरी में जारी हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में भी ठोस कचरा प्रबंधन सयंत्र सलोगड़ा को जीरो नम्बर मिले थे लेकिन शायद निगम ने इससे भी कोई सबक नहीं लिया।
सोलन के शूलिनी मंदिर में घटस्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना के लिए उमड़ा आस्था का जनसैलाब
सोलन/सन्नी गौतम: शारदीय नवरात्रि के आज पहले दिन ही मां शूलिनी के दर पर सुबह से ही भक्तो का तांता लगना शुरू हो गया है। शूलिनी मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु मां का आशीष लेने पहुंचे। सुबह चार बजे से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आगमन होने लगा और भजन कीर्तन कर सभी ने मां का आशीष लिया। बता दें कि नवरात्रि का हर दिन माता दुर्गा के एक खास अवतार/ स्वरूप को समर्पित होता है। माता के भक्त हर दिन के हिसाब से विशिष्ट रंग का पोशाक पहनते हैं। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। नवरात्रि उत्सव के दौरान घटस्थापना सबसे प्रमुख व अति महत्वपूर्ण अंग है। नवरात्रि के प्रथम दिवस पर वैदिक मंत्रोचारण के बीच घटस्थापना कर देवी माता का आवाहन किया जाता है। इसके बाद नवरात्रि का पूजन व व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि शैलपुत्री की पूजा से चंद्र ग्रह से जुड़े नकरात्मक प्रभावों से मां रक्षा करती हैं। चमेली का फूल देवी शैलपुत्री को काफी प्रिय है। देवी माता के शैलपुत्री रूप में उन्हें दो भुजाओं के साथ देखा जा सकता है। उनके एक हाथ (दाहिने) में त्रिशूल होता है। वहीं दूसरे (बायें) हाथ में उन्हें कमल पुष्प के साथ देख सकते हैं। माना जाता है कि सौभाग्य प्रदान करने वाले चंद्रमा, माता शैलपुत्री के द्वारा शासित हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार देवी सती के रूप में आत्मदाह करने के बाद, माता पार्वती ने हिमालय (पर्वतराज) की पुत्री के रूप में जन्म लिया। संस्कृत में शैल का शाब्दिक अर्थ पर्वत होता है। माता के प्रथम स्वरूप यानि पर्वत की पुत्री को शैलपुत्री के नाम से जाना जाता है। बैल, देवी शैलपुत्री का वाहन है। इस कारण उन्हें वृषारूढ़ा भी कहा जाता है। माता के शैलपुत्री रूप की विशेषता के कारण नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की प्रथा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूर्व जन्म में देवी सती की तरह माता शैलपुत्री का विवाह भी प्रभु शिव के साथ हुआ था।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को बीएड की खाली 1,369 सीटों को भरने के लिए विवि ने भले ही फाइनल मॉप अप राउंड करने का फैसला लिया है, लेकिन शैक्षणिक सत्र 2024-26 में भी विवि से संबद्ध निजी बीएड कॉलेजों की सभी सीटें भर पाएगी ऐसा नहीं लग रहा है। इस बार भी विवि प्रशासन और बीएड एडमिशन एंड काउंसलिंग कमेटी को प्रवेश परीक्षा में सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित 53 अंक और आरक्षित वर्ग को 45 फीसदी अंकों की शर्त को समाप्त करनी पड़ सकती है। निजी बीएड कॉलेज प्रबंधकों ने खाली सीटों को भरने के लिए शर्त में छूट देने के लिए प्रशासन को मांग पत्र सौंपा है। इस फाइनल मॉप अप काउंसलिंग राउंड में कितने विद्यार्थी काउंसलिंग के लिए आवेदन करते हैं और इनमें से कितने काउंसलिंग में भाग लेते हैं, इसकी संख्या पर ही पात्रता शर्त में छूट देने का विवि का फैसला होगा। इस बार एचपीयू से संबद्ध सरकारी और निजी बीएड संस्थानों की 5,650 सीटों के लिए परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों में से 10,003 यानी दोगुने विद्यार्थियों ने न्यूनतम अंक अर्जित किए थे। इसके बावजूद चार काउंसलिंग के राउंड के लिए या तो आवेदन ही नहीं किया, या काउंसलिंग में अपीयर नहीं हुए। पांच हजार से अधिक छात्र पात्र होने के बावजूद सीटें नहीं भरीं। विवि को छात्र नहीं मिलते हैं तो सीटें खाली रह जाएंगी। इसके बाद विवि के पास न्यूनतम अंकों की शर्त को हटाकर सिर्फ बीएड में प्रवेश लेने वालों को प्रवेश का मौका देना पड़ सकता है। ऐसा लगातार होता भी रहा है। पात्रता की शर्तों को हटाने के बन चुकी इस रिवायत के जारी रहने से विवि प्रवेश परीक्षा के लिए इतनी कसरत करने, समय से परिणाम घोषित करने काउंसलिंग करवाने की पूरी कसरत का कोई मायने नहीं रह जाता है। विवि से संबद्ध निजी बीएड कॉलेजों की दस फीसदी मैनेजमेंट कोटा की सीटों को आवंटित करने को अभी प्रक्रिया शुरू होनी है। इसका शेड्यूल विवि की एडमिशन काउंसलिंग कमेटी अलग से जारी करेगी। कोटा की 10 फीसदी सीटों में करीब 560 सीटें भरी जानी हैं। इसके लिए एडमिशन और काउंसलिंग कमेटी की डीएस प्रो. बीके शिवराम की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में फैसला होना है।शैक्षणिक सत्र 2023-25 में बीएड को लेकर छात्रों का रुझान और रुचि इस बार की तुलना में अधिक रही थी। इसके चलते प्रवेश परीक्षा में सामान्य वर्ग में 53 और आरक्षित में 45 अंक लेने वाले छात्रों में से ही बीएड की सभी सीटें भर गई थी। इस बार 1300 से अधिक सीटें चार राउंड, स्पॉट काउंसलिंग के राउंड होने के बावजूद खाली हैं।
मानसून की विदाई के साथ अब हिमाचल प्रदेश में विकास कार्य गति पकड़ेंगे। एक महीने में जिन शहरों में सड़कों की टारिंग नहीं हुई है, उन्हें पूरा करने का लोक निर्माण विभाग ने लक्ष्य रखा है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में रात को भी टारिंग की जाएगी। बरसात के कारण जिन सड़कों के किनारे डंगे ढह गए थे उनका काम भी निर्धारित समय में निपटाया जा सकेगा। लोक निर्माण विभाग ने मानसून के चलते फील्ड में भेजे कर्मचारियों को वापस अपने-अपने कार्यालय बुला लिया है। निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों की टारिंग, भवनों व पार्किंग के निर्माण के दौरान इंजीनियर का मौके पर होना अनिवार्य है ताकि विकास कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे। ठेकेदारों को भी निर्धारित समय में काम निपटाने को कहा गया है। उधर, जलशक्ति विभाग ने भी पानी के स्रोतों को सुधारने के निर्देश जारी किए हैं। मानसून के चलते जिन स्रोतों को नुकसान हुआ है, उन्हें दुरुस्त करने को कहा है। जो स्रोत आपदा से ढह गए हैं उन्हें नए सिरे से बनाने के लिए टेंडर आमंत्रित करने को कहा है। पेयजल कनेक्शनों पर लगी रोक को भी प्रदेश सरकार जल्द हटा सकती है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल में 27 जून को मानसून ने दस्तक दी थी। इसी बीच शिमला, कुल्लू, मंडी में मानसून ने तबाही मचाई थी। कई भवन व स्कूल बाढ़ में बह गए। विभागों को भारी नुकसान हुआ था। प्रदेश में 4 अक्तूबर तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। 5 से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मध्य और उच्च पर्वतीय आठ जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 8 अक्तूबर तक माैसम खराब बना रह सकता है। मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगडा में मौसम साफ रहेगा। प्रदेश में मानसून के चलते राज्य सरकार को 1,360 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। बागवानी, जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग को इस सीजन में भारी क्षति हुइ। कुल्लू, मंडी और जिला शिमला में बाढ़ से ज्यादा नुकसान हुआ। बादल फटने, बारिश, बाढ़, वाहन दुर्घटना और गिरने से 342 लोगों की मृत्यु हुई है, 535 घायल हुए और 28 लोगों का पता नहीं चल पाया है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश में 81 पक्के मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 122 कच्चे मकान बाढ़ से ढह गए। वहीं 537 पशुशालाएं ध्वस्त हो गईं। कृषि विभाग को 132.64 लाख, बागवानी को 1,39,985.835 लाख, लोक निर्माण विभाग को 63,321.41, जेएसवी - 54,088.04 लाख, बिजली बोर्ड को 98.91 लाख, मत्स्य पालन विभाग को 87 लाख और पशुपालन विभाग को 3.25 लाख का नुकसान हुआ था।
सोलन/ सन्नी गौतम: ठोडो मैदान की सीढ़ियों के पास अचेतावस्था में पड़े मिले एक व्यक्ति ने चिकित्सालय में पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। मृतक की शिनाख्त कोटलानाला के जेबीटी रोड स्थित आफिसर्स कालोनी निवास इंद्रजीत सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि 22 सितंबर के बाद इंद्रजीत अपने घर नहीं गया था तब से ही उसके परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। इंद्रजीत शराब का आदी बताया गया है।सोलन के एसपी गौरव सिंह के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार कल पुलिस चौकी शहर सोलन को क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से सूचना मिली की एक व्यक्ति को ठोडो ग्राउंड से उसके परिजन उपचार हेतू क्षेत्रिय अस्पताल लाए हैं, जिसे प्राथमिक जांच के दौरान चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया है। इस जानकारी पर सिटी चौकी की टीम अस्पताल पहुंची और आपातकालीन कक्ष में रखे गए मृत शरीर को कब्जे में लेकर उसका पंचनामा करवाया। मृतक के परिजन उसके साथ ही थे, इसलिए उसकी शिनाख्त करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। उसकी शिनाख्त सोलन के कोटलानाला में जेबीटी रोड स्थित ऑफिसर्ज कालोनी में रहने वाले 34 वर्षीय इंद्रीजत सिंह के रूप में हुई। उसके शरीर पर किसी प्रकार की चोट का कोई निशान नहीं पाया गया। उसके परिजनों ने बताया कि इंद्रजीत शराब का आदि हो गया था, जिसके लिए उसे उसके परिवार के लोग भी बहुत समझाते थे, परन्तु इन्द्रजीत सिंह किसी की बात नहीं सुनता था। इन्द्रजीत सिंह कई दिनों तक घर से गायब रहता था। 22 सितंबर से ही वह घर वापस नहीं लौटा था। 2/3 दिनों से इन्द्रजीत सिंह के परिवार के लोग उसे तलाश कर रहे थे, परन्तु इन्द्रजीत सिंह का कोई पता न चल रहा था। कल उसके परिजनों को इंद्रजीत बेहाशी की हालत में ठोडो ग्राउंड के पास सीढियों के समीप मिला, जिस पर वे लोग उसे उपचार हेतू क्षेत्रिय अस्पताल सोलन ले गये थे, परन्तु चिकित्सकों ने उसे जाँच के दौरान मृत घोषित कर दिया । फिलहाल परिजनों ने उसकी मौत को स्वाभाविक ही करार दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सोलन /सन्नी गौतम: हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन और सिरमौर जिले की सीमा के साथ लगते गांव सनोरा के समीप देर रात एक ट्रक छोटे पुल पर फंस गया, जिसके कारण सिरमौर की सीमा पर कई किलोमीटर का जाम लगा हुआ है। सुबह तीन बजे से यहां भीषण जाम की स्थिति बनी हुई है। दोनों तरफ करीब 10 किलोमीटर तक जाम लगा हुआ है। सुबह तीन बजे से ही सभी वाहन चालक भूखे प्यासे जाम खुलने के इंतजार में लगे है।जानकारी के अनुसार यह ट्रक हिमाचल से उड़ीसा सेब लेकर जा रहा था। लेकिन रात को अचानक ड्राइव ट्रक पर नियंत्रण नहीं रख पाया और पुल के बीचो बीच फंस गया। गनीमत यह रही कि यह ट्रक सड़क पर पलटने से बच गया। अगर यह पलट जाता तो यह एक बड़ी घटना हो सकती थी। इस क्षेत्र में हायड्रा या बड़ी क्रेन का प्रबंध नहीं हो पा रहा है, जिसकी वजह से यह जाम बढ़ता जा रहा है और कब खुल पाएगा यह कहना संभव नहीं है। लोग रात से भूखे प्यासे जाम में फंसे है। जाम में फंसे लोगों से जब बात की उन्होंने बताया की सुबह 3 बजे से ही हम जाम में फंसे हुए है। अभी तक ना तो इस ट्रक को यहां से हटाया गया और ना ही जाम को क्लियर करवाया गया। हम भूखे प्यासे बस इंतजार कर रहे है। हमारा पुलिस प्रशासन से निवेदन है कि जल्द से जल्द इस ट्रक को यहां से हटा कर जाम क्लियर करवाया जाए। ताकि हम अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच सके।
सोलन/सन्नी गौतम: जगदंबा रामलीला मंडल द्वारा हर वर्ष होने वाली रामलीला का बीतीरात शुभारंभ हो गया है। नगर निगम सोलन की मेयर, डिप्टी मेयर और पूर्व मेयर ने पहले दिन की रामलीला का शुभारंभ किया। प्रथम दिन की रामलीला में मनु व देवी सतरूपा का भगवान विष्णु से वरदान मांगना और प्रसन्न होकर विष्णु द्वारा त्रेता युग में उनके ही घर पर अवतरित होने का आशीर्वाद देने की लीला का मंचन किया गया। बाद में अंधे माता पिता के लिए पानी लेने गए श्रवण कुमार पर राजा दशरथ के शब्दभेदी वाण से हमला करना और श्रवण कुमार की मृत्यु के बाद उनके माता पिता द्वारा दशरथ को श्राप देने तक की लीला का मंचन किया गया। रामलीला के निर्देशक हरीश मरवाह ने बताया कि प्रथम दिन की रामलीला में नगर निगम की मेयर ऊषा शर्मा, डिप्टी मेयर मीरा आनंद, और पूर्व मेयर पूनम ग्रोवर बतौर मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि उपस्थित हुई। रामलीला मंडल के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद आरती के साथ प्रथम दिन की रामलीला का मंचन शुरू किया गया। रामलीला मंचन के दौरान पृथ्वी लोक के पहले पुरुष व स्त्री के रूप में पहचाने जाने वाले मनु व देवी सतरूपा ने भगवान विष्णु की आराधना करके उन्हें प्रसन्न किया और फिर उन्हें अपने पुत्र के रूप में जन्म लेने के लिए आशीर्वाद देने के लिए आग्रह किया। तब भगवान विष्णु ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि त्रेत्रा युग में वे उन्हीं की पत्नी देवी सतरूपा के गर्भ से जन्म लेकर पृथ्वी लोक से पाप का विनाश करेंगे। यहीं मनु और सतरूपा बाद में दशरथ और देवी कौशल्या के रूप में जन्मे और भगवान विष्णु ने राम के रूप में कौशल्या माता के पेट से जन्म लिया। रात की रामलीला में मनु और सतरूपा की तपस्या और भगवान विष्णु द्वारा उन्हें दिया गया आशीर्वाद और उसके बाद दशरथ के हाथों अन्जाने में श्रवण कुमार की हत्या तक की लीला का मंचन किया गया। देर रात तक रामलीला जारी रही। मंगलवार की रात के रामलीला मंचन में रामलीला मंडल के अध्यक्ष धमेंद्र ठाकुर, निर्देशक हरीश मरवाह, महासचिव सुमित खन्ना, सह कोषाध्यक्ष मनोज गुप्ता,कार्यकारिणी के सभी सदस्य उपस्थित थे।आज की रामलीला में इंद्र दरबार, व नारद मोह की लीलाओं का मंचन किया जाएगा। इनमें नीरज को इंद्र, बाबूजी को कामदेव, अमित को नारद और भूपेंद्र चौहान को भगवान विष्णु के रूप में देख सकेंगे। मरवाह ने बताया कि इस बार की राललीला की खासियत है कि रामलीला के तमाम स्त्री पात्रों को महिला कलाकारों द्वारा ही अभिनीत किया जाएगा।
** सरे आम खुल्ले में फेंका जा रहा है इंडस्ट्रियल वेस्टइंजेक्शन की सीरिंज नालागढ़/सन्नी गौतम: बद्दी में इन दिनों नामी कंपनियों द्वारा नियमों की सरे आम धजियाँ उड़ाई जा रही है हाउसिंग बोर्ड को जाने वाली सड़क के किनारे ख़ाली ज़मीन पर कुछ कंपनियों द्वारा खुल्लें में सरे आम इंडस्ट्रियल वेस्ट फेंका जा रहा है कंपनियों द्वारा बड़े बड़े बोरों व खुल्ला वेस्ट सड़क के किनारे फेंका जा रहा है, जिसमे इंजेक्शन की सिरिंजे ख़ाली बॉटल व यहाँ तक भरे हुए इंजेक्शन भारी मात्रा में फेंके हुए है, जबकि नियमानुसार फार्मा कंपनी को इंजेक्शन की सिरींजे व रिजेक्टेड इंजेक्शन व अन्य प्रकार के इंडस्ट्रियल वेस्ट को डिस्पोज करना होता है। कंपनी इंडस्ट्रियल वेस्ट को दूसरे कचरे के साथ नहीं फेंक सकती परंतु कुछ कंपनियाँ थोड़े से पैसे बचाने के चक्कर में खुल्लें में व अन्य कचरे के साथ मिलकर सड़कों के किनारे फेंक कर इंसानों और जानवरों की ज़िंदगियों से खेल रही है। हिमपरिवेश संस्था के सदस्य गुरदयाल ने बताया की वह किसी काम से सन्डोली जा रहा था तो हाउसिंग बोर्ड जाने वाली सड़क के किनारे ख़ाली पड़ी ज़मीन पर ढेर सारा कचरा गिरा देखा ध्यान से देखने पर पता चला की कचरे में इंजेक्शन की सिरिंजे भरे हुए इंजेक्शन व बोतले काफ़ी मात्रा में बोरों में भर कर फेंकी हुई है। गुरदयाल ने कहा की अगर इस कचरे को पशु खा जाते है तो सोच कर देखे की पशुओं की क्या हालत हो जाएगी। पशु इसको खाकर मर भी सकते है और छोटे छोटे बचे कचरा चुनने आते है और इंजेक्शन की वजह से उनको गंभीर बीमारी भी हो सकती है या कोई बड़ा हादसा हो सकता है उन्होंने कहा की मौक़े पर पोल्युशन बोर्ड की टीम को बुलाया है। भरे हुए इंजेक्शनों पर कंपनी के लेवल लगे हुए है जिससे पता चलता है की इंडस्ट्रियल वेस्ट किस कंपनी का है ऐसे उद्योगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्यवाही होनी चाहिए। वहीं ज़मीन के मालिक का कहना है की मेरी ख़ाली पड़ी एग्रीकल्चर ज़मीन पर कंपनियों द्वारा कचरा फेंका जा रहा है मैं चाहता हूँ कि प्रशासन उनपर सख़्त कार्यवाही करे और कंपनियाँ मेरी जगह की सफ़ाई करवाए।
सोलन के राजगढ़ रोड स्थित शूलिनी होमियो क्लीनिक के चिकित्सक डा.अमित डबास को मुंबई के रिद्धी सिद्धी विनायक संस्था द्वारा बेस्ट होमियोपैथिक फिजिशियन इन हिमाचल प्रदेश अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह अवार्ड उन्हें 13 नवंबर को मुंबई में आयोजित इंडिया हेल्थ केयर एक्सीलेंसी अवार्ड 2024 सम्मान समारोह में सिने तारिका माधुरी दीक्षित के हाथों प्रदान किया जाएगा। बता दे कि इससे पहले भी उन्हें इंटरनेशनल अवार्ड— 2020, प्राइड आफ सोलन 2024, राष्ट्रीय समाज सेवा रत्न 2020, जीवन रक्षक अवार्ड 2019 और सोशल हीरो अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। डा. अमित डबास ने इस घोषणा के बाद खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि वे पिछले लगभग 14 साल से हिमाचल के सोलन में मरीजों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 13 नवंबर को फिल्म स्टार माधुरी दीक्षित के हाथों सम्मानित होने के प्रस्ताव से उन्हें नई ऊर्जा मिली है। वे प्रयास करेंगे कि इस कार्यक्रम में शामिल हों। उन्होंने बताया कि संस्था काफी समय से उनके कामों पर नजर बनाए हुए थी और संस्था ने अवार्ड घोषित करने से पहले उनके कामों को कई मानकों पर तौल कर उनके नाम की घोषणा की हैं ।
शिव मंदिर परिसर तालाब कुनिहार में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 4 से 10 अक्तूबर तक राधे श्याम परिवार कुनिहार की तरफ से किया जाएगा। इसमें प्रसिद्ध कथा वाचक एवं बांके बिहारी विश्व मंगलम सेवाधाम के प्रमुख संस्थापक हरिजी महराज अपनी मधुर वाणी से श्रोताओं में ज्ञान यज्ञ की गंगा प्रवाहित करेंगे। यह जानकारी राधे श्याम परिवार संस्था की प्रधान कृष्णा पंवर तथा महासचिव इंदिरा शांडिल ने प्रेस को जारी संयुक्त बयान में दी है। उन्होंने बताया 4 अक्तूबर को लगभग तीन बजे शिव मंदिर के मुख्यद्वार पर समस्त राधे श्याम परिवार व संस्था से जुड़ी महिलाएं कथा व्यास हरीजी महाराज व पुराण ग्रंथ का स्वागत करेंगी तथा कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके उपरांत हरिजी महाराज द्वारा पंडाल में विधिवत रूप से कलश की स्थापना की जाएगी। पूजा अर्चना के उपरांत श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ होगा। राधे श्याम परिवार संस्था के मुख्य सलाहकार तथा कथा के प्रमुख आयोजक श्यामानंद शांडिल और मुख्य ऑडिट ऑफिसर जगदीश पंवर ने कहा कि मूल पाठ का समय प्रातः 5 बजे से होगा तथा कथा प्रवचन का समय प्रतिदिन 1 बजे से सायं 4 बजे तक रहेगा। रोजाना कथा पंडाल में सायं 7 से 9 बजे तक आरती व भजन कीर्तन होगा। श्यामानंद शांडिल ने बताया कि 10 अक्तूबर, 2024 को प्रातः 11 बजे पूर्णाहुति के समय श्रीमद्भावगत कथा विश्राम की ओर अग्रसर होगी। उन्होंने कहा कि 10 अक्तूबर को कथा प्रवचन का समय 12 बजे दोपहर से 2 बजे तक होगा। इसके बाद क्षेत्रवासियों में भंडारे का भोग वितरित किया जाएगा। राधे श्याम परिवार संस्था की प्रधान कृष्णा पंवर, सलाहकार नीलम कौंडल, हेमलता कश्यप, मीडिया प्रभारी एवं कोषाध्यक्ष अंजना कश्यप, महासचिव इंदिरा शांडिल, सहसचिव गोदावरी देवी ने इस नवरात्र पर्व पर धार्मिक स्थल शिव मंदिर परिसर तालाब में श्रीमद्भागवत कथा आयोजित करने का बीड़ा उठाया है। इस संस्था के साथ क्षेत्र की बहुत सी महिलाएं जुड़ी हैं, जिनके प्रयासों से इस कथा का सफलतापूर्वक आयोजन किया जाएगा। संस्था की उक्त सभी पदाधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से आह्वान किया है कि वे श्रीमद्भावगत कथा में बढ़ चढ़कर भाग लें और अपने जीवन को सफल बनाएं। यह जानकारी विश्व मंगलम सेवाधाम के मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने प्रेस को जारी बयान में दी है। कश्यप ने कहा कि कथा के सफल आयोजन के लिए तैयारियां जोरों पर चली हुई है। उन्होंने क्षेत्र के सभी प्रबुद्धजनों से आह्वान किया है कि वे श्रीमद्भागवत कथा में बढ़ चढ़कर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें।
द एसवीएन स्कूल बडोर घाटी में महात्मा गांधी की 155 वीं पुण्य तिथि के अवसर पर सभी विद्यार्थियो द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर विद्यार्थियों के लिए नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने देशभक्ति के भाव प्रकट करते हुए और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हुए सुन्दर व आकर्षक नारों का निर्माण किया। इस प्रतियोगिता में सभी विद्यार्थियों ने बढ़- चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल प्रिंसिपल सागरिका बक्शी ने की। दूसरी ओर 'स्वभाव स्वच्छता - संस्कार स्वच्छता' विषय के अंतर्गत विद्यालय में स्वच्छता की भागीदारी के लिए स्कूल के सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। स्कूल निदेशक लूपिन गर्ग ने सभी कर्मचारियों को सम्मान पत्र व उपहार भेंट किए । कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी विद्यार्थियों को इन कर्मचारियों के काम की महत्ता बताते हुए धन्यवाद दिया कि विद्यालय को स्वच्छ व सुंदर बनाने में उनकी बहुत बड़ी भागीदारी है। साथ ही स्वच्छ भारत अभियान के तहत विद्यार्थियों से अपील की कि अपने घर व स्कूल में सफाई बनाए रखें और स्वस्थ रहें।
राष्ट्र के विकास के योगदान में युवाओं की भागीदारी पर वाद विवाद प्रोतियोगिता में विभिन्न स्कूल, जिनमे एस.वी.एन कुनिहार, बद्दी इंटरनेशनल स्कूल, चिन्मय विद्यालय, बाल भारती पब्लिक स्कूल और द गुड शैपर्ड स्कूल धर्जा शामिल थे। ये प्रतियोगिता हब ऑफ लर्निंग सीबीएसई सोलन द्वारा अयोजित की गई, जिसके मुख्य अतिथि सचिन - हब ऑफ लर्निंग के मुख्य समन्वयक, सोनिया कंवर नोडल अधिकारी और अंजू वर्मा एनेंट्स कॉर्डिनेटर भी शामिल थे। गुड शैपर्ड स्कूल की प्रिंसिपल लोरेटा एलिस और वाइस प्रिंसिपलपेटुला कोरैया ने इस कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागतम नृत्य और प्रतिभागियों के स्वागत में एक गीत के साथ हुई। बच्चों ने दृढ़ विश्वास के साथ प्रस्ताव के पक्ष और विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किए। इस प्रतियोगिता में "फॉर द मोशन" के विजेताओं में चिन्मय विद्यालय की ओजस्वी प्रथम, गुड शैपर्ड स्कूल धर्जा की समृद्धि ठाकुर, द्वितीय स्थान पर और बाल भारती पब्लिक स्कूल के रुद्रांश तृतीय स्थान पर रहे। विरुद्ध प्रस्ताव' से विजेता - प्रथम बाल भारती पब्लिक स्कूल - आरवी ठाकुर, द्वितीय - चिन्मय विद्यालय तोमर, तृतीय गुड शैपर्ड स्कूल, धर्जा - देव्यांशी ठाकुर। सर्वश्रेष्ठ इंटरजेक्टर का पुरस्कार बद्दी इंटरनेशनल स्कूल को मिला। सर्वश्रेष्ठ टीम चिन्मय स्कूल को मिली। प्रिंसिपल लोरेटा एलिस ने विजेताओं और प्रतिभागियों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी। श्रीम ने भी छात्रों को बधाई दी और कार्यक्रम को बहुत अच्छे से संचालित करने के प्रयासों के लिए गुड शैपर्ड की सराहना की।
बीएल सेंट्रल पब्लिक स्कूल सोलन शामती का वार्षिक सम्मेलन 29/9/24 रविवार को कला केंद्र ऑडिटोरियम कोठो, राजगढ़ रोड सोलन में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य विषय था हम साथ साथ उन्नति करें (राइस टुगेदर)। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला भाषा अधिकारी सोलन की अधिकारी आदरणीय ममता वर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित कर के किया गया, जिनके साथ MIS डाइट सोलन के इंचार्ज गोविंद ठाकुर, गुड शेफर्ड स्कूल दर्जे की प्रिंसिपल लोरेटा एलिस, बी एल शिक्षा समिति के संस्थापक की धर्मपत्नी, साई बिलाइट इंटरनेशनल स्कूल की अध्यक्षता वीना बक्शी, हेमा शर्मा, सुरेश शर्मा, मोनिका शर्मा इस अवसर पर सब उपस्थित रहें। समारोह की शुरुआत स्वागत गीत से की गई। इसके बाद बच्चों द्वारा की गई सांस्कृतिक गतिविधियां, जिसमें दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इसके साथ ही बच्चों ने लघु नाटिका द्वारा नारी के प्रति बढ़ते अपराधों को रोकने व उसके प्रति सम्मान बढ़ाने पर नाटक प्रस्तुत किया। इसके साथ ही क्लासिकल और पंजाबी डांस ने भी अभिभावकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर स्कूल के अध्यक्ष अशोक शर्मा, संस्था के प्रबंधक अमित शर्मा, निदेशक जसवीर सिंह मान ने भी बच्चों के अद्भुत कार्यक्रमों को सराहा। इसके साथ शिक्षा के क्षेत्र के मेधावी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। अंत में प्रधानाचार्य कमलप्रीत कौर ने समारोह को सफल बनाने के लिए छात्रों, अध्यापकों अभिभावकों की उपस्थिति को सराहा व सभी का धन्यवाद किया और छात्रों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
कसौली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, सनवारा के छात्रों ने 29 सितंबर, 2024 को भारत विकास परिषद हिमाचल प्रदेश (पूर्व) द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय 'भारत को जानो' प्रश्नोत्री प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मान्या सिंगला, कक्षा 10 की छात्रा और देवांश मान, कक्षा 9 के छात्र ने सीनियर कैटेगरी में डी ए वी स्कूल, शिमला को 145/108 के स्कोर से पराजित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया और उत्तर क्षेत्रीय स्तर के लिए क्वालीफाई किया, जबकि गीतांश गुलाटी और आरव वर्मा, कक्षा 8 के छात्रों ने जूनियर कैटेगरी में तृतीय स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि पर प्रबंध निदेशक हीरा ठाकुर, प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद और उप प्रधानाचार्या पूनम ठाकुर ने छात्रों को उनकी शानदार सफलता के लिए बधाई दी।
शिमला: इस बार सरकारी कर्मचारियों को वेतन के लिए 5 तारीख का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस बार कर्मचारियों के खाते में पहले की तरह ही एक तारीख को ही खाते में सैलरी आएगी। बीते महीने एक तारीख को सरकारी कर्मचारियों को सैलरी न मिलने पर सरकार को आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा था। सरकार ने इस बार निर्णय लिया है कि सरकारी कर्मचारियों को सितम्बर माह का वेतन 1 अक्तूबर और पेंशन का भुगतान 9 अक्तूबर, 2024 को किया जाएगा। वित्त विभाग ने सरकारी कोषागार में होने वाले ‘फ्लो ऑफ मनी’ की समीक्षा के बाद निर्णय लिया है कि सरकारी कर्मचारियों को सितम्बर माह के वेतन भुगतान 1 अक्तूबर और पेंशन 9 अक्तूबर, 2024 को दी जाएगी। पिछले माह प्रदेश के कर्मचारियों को वेतन 5 सिंतबर और पेंशनरों को 10 सितम्बर 2024 को पेंशन का भुगतान किया गया था। इसके पीछे सरकार का तर्क था कि वित्तीय संसाधनों का सही तरीकों से उपयोग करने की दिशा में यह निर्णय लिया गया था। इस दिशा में राज्य सरकार को होने वाली प्राप्तियों और खर्चे में बैलेंस को कम करके यह प्रयास किया जा रहा है कि कर्ज राशि सही समय पर ली जाए, इससे ऋण पर दिए जाने वाले ब्याज पर कम से कम खर्च हो। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ये कह चुके हैं कि वेतन और पेंशन की अदायगी के लिए सरकार के पास पर्याप्त पैसा न होने के कारण लोन लेना पड़ता है। महीने के आरंभ में ही लोन लेने पर ब्याज के रूप में महीने में 2.80 करोड़ रुपए का बोझ पड़ता है। इस पैसे को बचाने के लिए वेतन पांच तारीख को दिया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री ने विधानसभा के मानसून सत्र में साफ किया था कि सितम्बर महीने के वेतन के लिए वित्तीय स्थिति का आकलन करने के बाद 28 या 29 सितम्बर को इस पर फिर से निर्णय लिया जाएगा क्योंकि कई कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने बैंकों से ऋण लिया है तथा मासिक किश्त पहली तारीख को अदा करनी पड़ती है।
सोलन: राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार के एनएसएस स्वयंसेवकों ने एनएसएस प्रभारी मोनिका व लीला शंकर की अगुवाई में विद्यालय परिसर के आसपास बिखरा पड़ा कूड़ा-कचरा एक जगह इकट्ठा किया तथा एक स्वच्छता रैली निकालकर बैनर व नारों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। प्रभारी लीला शंकर ने बताया कि समय-समय पर स्वयं सेवकों द्वारा स्वच्छता, पर्यावरण, नशे के दुष्प्रभाव आदि पर रैली व अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाता रहता है, जिसमे सभी स्वयं सेवक बढ़चढ़ भाग लेते है। आज स्वयंसेवकों ने स्वच्छता को लेकर लोगो को जागरूक किया।
नगर निकायों के रविवार को हुए उपचुनाव में सोलन नगर निगम के वार्ड-5 से अमरदीप पांजा 283 मतों से जीत हासिल कर पार्षद बने। नगर परिषद (नप) सुजानपुर से नीरजा ठाकुर और नगर परिषद नेरचौक से गीता देवी पार्षद बनीं। पंचायती राज संस्थाओं के लिए 51.08% और नगर पालिकाओं के लिए हुए उपचुनाव में 68.75% मतदान हुआ है। सोलन नगर निगम वार्ड 5 के उपचुनाव में अमरदीप को 523 वोट, जबकि पुनीत नारंग को 240 वोट मिले। अमरदीप सोलन भाजपा मंडल के सचिव भी हैं। नगर परिषद सुजानपुर से नीरजा नीरजा को 276 वोट मिले, जबकि प्रतिद्वंदी सुमन को 183 वोटों पड़े। श्रवण को महज एक वोट मिला। नगर परिषद नेरचौक से गीता देवी को 414, भावना को 351 वोट पड़े। पंचायतीराज संस्थाओं के लिए सिरमौर जिला में सबसे अधिक 80.06% और हमीरपुर जिले में सबसे कम 44.63% मतदान हुआ। सुजानपुर में सबसे अधिक 72.68, नगर परिषद नेरचौक में 68.38, जबकि नगर निगम सोलन में 66.93% मतदान हुआ। शिमला जिले में एक उपप्रधान और 13 वार्ड सदस्यों को निर्विरोध चुन लिया था। जिला परिषद की दो सीटों पर भी रविवार को उपचुनाव हुआ। इनके नतीजे सोमवार यानि आज घोषित होंगे। इनमें लाहौल-स्पीति के वार्ड-6 सिस्सू और सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र का बगेड़ा वार्ड शामिल है। बिलासपुर की पंजगाईं पंचायत में प्रधान के उपचुनाव के बाद दो बार मतगणना हुई। इसमें दोनों प्रत्याशियों हेमराज और नत्थू राम को 461-461 मत मिले। इसके बाद टॉस के आधार पर हेमराज को प्रधान चुना गया। भोरंज की भकेड़ा पंचायत में प्रधान पद पर कर्णवीर सिंह, बिलासपुर की मलांगण पंचायत में ज्ञान चंद, पलासला में संदेश शर्मा को जीत मिली। मंडी जिले की रियूर पंचायत में दुष्यंत, तुमन में ख्याल चंद और खलवाहन में शिव प्रधान बने। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि उपचुनाव में भाजपा की जीत हुई है, जो सरकार की झूठी गारंटियों का करारा जवाब है। वहीं कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष संजय अवस्थी ने कहा कि ज्यादातर प्रत्याशी कांग्रेस से जीते हैं। वहीं, सीएम के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि सोलन में पार्षद के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत हुई है। कांग्रेस आकलन करेगी कि कहां चूक हुई है। अन्य सीटों पर भाजपा जीत के कोरे दावे कर रही है। विधानसभा चुनाव लड़ चुके सुरेंद्र सिंह दूसरी बार बने वार्ड पंच जोगिंद्रनगर हलके से विधानसभा चुनाव लड़ चुके लांगणा क्षेत्र से एडवोकेट सुरेंद्र सिंह खडियार पंचायत के गदियाड़ा वार्ड से वार्ड पंच चुने गए हैं। वह तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इससे पहले वह दो बार पंचायत प्रधान और एक बार वार्ड पंच रह चुके हैं। अब एक बार फिर जनता ने उन्हें पंचायतीराज संस्था में काम करने का मौका दिया है। 65 वर्षीय अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने कहा कि वह धरातल स्तर पर जनता के लिए काम करेंगे। आमजन के कार्यों के लिए उपलब्ध रहेंगे।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार में अंडर -14 छात्राओं की एथेलेटिक्स एवम सांस्कृतिक कार्यक्रम की जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ l शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में खण्ड विकास अधिकारी कुनिहार तन्मय सिंह कंवर उपस्थित रहे। तो वन्हीं विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत कुनिहार के प्रधान राकेश ठाकुर मौजूद रहे। प्रधानाचार्या दीपिका शर्मा एवम एसएमसी प्रधान कृष्ण चंद तथा अध्यापकों ने मुख्य अतिथि का जोरदार स्वागत कर शॉल,टोपी व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया । मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विद्यालय छात्राओं द्वारा स्वागत गीत व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।अपने संबोधन में मुख्यातिथि ने खेलकूद प्रतियोगिता में आए हुए खिलाड़ियों को बेहतरीन प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी। तथा बच्चो से अपील की कि समाज में फैल रहे जानलेवा नशे से दूर रहकर अपने भविष्य बारे गंभीर रहे तथा अपने माता पिता व अभिभावकों का कहना मानकर आगे बढ़े। मुख्य अतिथि तन्मय सिंह कंवर ने इस मौके पर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार को गोद लेने की भी घोषणा की । इसके लिए प्रधानाचार्य दीपिका शर्मा एवम एसएमसी ने तन्मय सिंह कंवर का आभार प्रकट किया lइस प्रतियोगिता में सोलन जिला के 36 विद्यालयों की लगभग 300 छात्राएं भाग ले रही है।
मां शूलिनी सेवा ट्रस्ट ने रविवार को सफाई अभियान का आयोजन किया। सफाई अभियान की शुरुआत मां शूलिनी मंदिर से की गई। इसके बाद अस्पताल रोड में सफाई अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया गया। वहीं लोगों को भी साफ-सफाई रखने का आग्रह किया गया। इस दौरान पॉलिथीन के रैपर भी एकत्र किए गए। इस अभियान में ट्रस्ट के सभी सदस्यों ने भाग लिया और एनएसएस के स्वसेवको ने जोनल हॉस्पिटल सोलन के आस पास साफ़ सफ़ाई की। स्वच्छता अभियान के दौरान नागरिकों को शहर और देवभूमि को स्वच्छ रखने के लिए इस प्रकार की गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। मां शूलिनी सेवा ट्रस्ट पहले भी इस तरह का सफ़ाई अभियान कर चुका है। अभियान में मां शूलिनी सेवा ट्रस्ट के संस्थापक सूरज शानू और डॉक्टर घनशाम (एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी) साथ ही ट्रस्ट और एनएसएस के 50-60 स्वयसेवक मौजूद रहे और स्वच्छता ही सेवा हैं यह संदेश लोगों को दिया।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज बताया कि वित्त विभाग द्वारा सरकारी कोषागार में होने वाले ‘नकदी के प्रवाह’ की समीक्षा करने के पश्चात् निर्णय लिया गया है कि सरकारी कर्मचारियों को सितम्बर माह का वेतन 1 अक्तूबर तथा पेंशन का भुगतान 9 अक्तूबर, 2024 को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले माह प्रदेश के कर्मचारियों को वेतन 5 सिंतबर व पेंशनरों को 10 सितम्बर 2024 को पेंशन का भुगतान किया गया था। प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा वित्तीय संसाधनों का विवेकपूर्ण तरीकों से उपयोग करने की दिशा में यह कदम उठाया गया था। इस दिशा में राज्य सरकार को होने वाली प्राप्तियों और खर्चे में असंतुलन को कम करके यह प्रयास किया जा रहा है कि ऋण राशि सही समय पर ली जाए, जिससे ऋण पर दिये जाने वाले ब्याज पर कम से कम खर्च हो। प्रवक्ता ने कहा कि 4 सितम्बर, 2024 को मुख्यमंत्री ने विधानसभा में स्पष्ट किया था कि सितम्बर महीने के वेतन के लिए वित्तीय स्थिति का आकलन करने के बाद 28 या 29 सितम्बर को इस पर फिर से निर्णय लिया जाएगा क्योंकि कई कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने बैंकों से ऋण लिया है तथा मासिक किश्त पहली तारीख को अदा करनी पड़ती है।
हिमाचल प्रदेश में बन रहीं कथित अवैध मस्जिदों और मजारों के निर्माण पर रोक की मांग को लेकर शनिवार को देवभूमि संघर्ष समिति शिमला सीटीओ चौक पर प्रदर्शन किया। समिति ने प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में भी प्रदर्शन किए। शिमला में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इसके बाद शेरे पंजाब तक रैली भी निकाली गई और बाद में जिला प्रशासन को ज्ञापन साैंपा। प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए । मंडी में मस्जिद के पास पुलिस बल तैनात किया गया। मंडी शहर के सेरी चानणी परिसर में एकत्रित होकर हिंदू संगठनों ने हिंदू एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। इसके बाद शहर में रैली के माध्यम से हिंदुओं को अपनी संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया । देवभूमि संघर्ष समिति, महामंडलेश्वर और नागा साधुओं के नेतृत्व में शहर में नगर परिक्रमा की गई। शहर व गलियों का भ्रमण कर भजन-कीर्तन किया। देवभूमि संघर्ष समिति की ओर से केंद्र सरकार से वक्फ बोर्ड को समाप्त करने और प्रदेश में अवैध रूप से आने वाले लोगों को रोकने के लिए प्रशासन को ज्ञापन भी साैंपे गए। इसके अलावा संजौली समेत प्रदेशभर में हुए प्रदर्शन के दौरान लोगों पर दर्ज एफआईआर को वापस लेने की मांग की गई। समिति ने 2 अक्तूबर को होने वाले ग्रामसभाओं में पंचायतों में बाहर से आने वाले लोगों के दस्तावेजों की जांच को लेकर प्रस्ताव पास करने की मांग की है। समिति का कहना है कि प्रदेश सरकार संजौली मसले पर टालमटोल कर रही है और मुस्लिम पक्ष को इसे गिराने की अनुमति नहीं दे रही है। कुनिहार में क्षेत्रीय हिंदु संगठन की ओर से प्रवासियों के पंजीकरण को लेकर प्रदर्शन किया। इस दाैरान संगठन ने प्रदेश सरकार समेत प्रशासन से प्रवासियों के पंजीकरण की मांग की इसके तहत कुनिहार का पूरा बाजार भी बंद रखा गया। संगठन ने कुनिहार के नायब तहसीलदार कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन कर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद तहसीलदार के माध्यम से प्रदेश सरकार को एक मांग पत्र भी भेजा है। देव संघर्ष समिति हमीरपुर नाम शनिवार को वाटर चौक से लेकर गांधी चौक तक रैली का आयोजन किया। इस दाैरान सदस्यों ने वक्फ बोर्ड को भंग करने की मांग की। देव संघर्ष समिति के जिला संयोजक सुजीत कुमार ने कहा कि वक्फ बोर्ड को भंग किया जाना चाहिए तथा अवैध रूप से हो रहे निर्माण को भी बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
सोलन जिला डीपीई संघ के चुनाव राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुठाड़ के प्रधानाचार्य नरेंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुए। इस चुनाव में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डुमैहर (अर्की) के डीपीई राज कुमार पाल को सर्वसम्मति से संघ का प्रधान चुना गया। अन्य पदों पर जसपाल सिंह को महासचिव, महेंद्र राठौर को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, रामकृष्ण को कोषाध्यक्ष, सुभाष चंद को मुख्य सलाहकार, और विकास सकलानी को संयुक्त सचिव चुना गया। इसके अतिरिक्त, राकेश ठाकुर, धनीराम, लज्जाराम, और सुनीता ग्रोवर को राज्य कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में जिला की ओर से नामित किया गया। लच्छमन दास, राज कुमार सैनी, विनोद कुमार, और संगत सिंह को जिला कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में चुना गया। साथ ही भोपाल ठाकुर, विनीत कुमार, जोगिंद्र सिंह, बलिराम, अशोक कुमार, धर्मदत्त, राजेंद्र पेज़टा, और नरेश कंवर को पदेन सदस्य नियुक्त किया गया। चुनाव के दौरान कुठाड़ विद्यालय के कार्यकारी प्रधानाचार्य मनोज शर्मा (प्रवक्ता कॉमर्स) की उपस्थिति भी रही। इस अवसर पर नवनियुक्त प्रधान राज कुमार पाल ने सभी डीपीई का आभार व्यक्त किया और संघ की प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि संघ की प्रमुख मांग "समान कार्य के लिए समान वेतन" है, जिसे लेकर संघ के सदस्य मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से पहले ही मिल चुके हैं। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि इस मांग को जल्द ही पूरा किया जाएगा।आगे की योजना के अनुसार, सोलन जिला डीपीई संघ अपनी मांगों को प्रदेश कार्यकारिणी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के समक्ष फिर से प्रस्तुत करेगा।
सोलन: बाहरा यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रैगिंग मामले में अब हास्टल वार्डन पर कानून का चाबुक चला है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पाया गया बाहरा यूनिवर्सिटी के हास्टल नंबर एक के वार्डन ने अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती। वार्डन के खिलाफ हिमाचल शिक्षण संस्थान (रैगिंग निषेध) एक्ट 2009 की धारा 4 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया है। विदित रहे कि कुछ दिन पूर्व सोलन के वाकनाघाट स्थित बाहरा यूनिवर्सिटी में एक छात्र से रक्गिंग का मामला सामने आया था। इस रैगिंग प्रकरण का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें कुछ युवक हास्टल के एक मकरे में युवक की पिटाई करते हुए दिख रहे थे। उसे शराब पीने के लिए भी दवाब में लिया जा रहा था। इसके बाद पीड़ित छात्र पुलिस के पास पहुंचा और पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद मामले की जंच पड़ताल शुरू की। इस प्रकरण में अब तक पांच आरोपी युवक गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब पुलिस ने इस मामले की जांच आगे बढ़ाई तो एक और बढ़ा नाम समाने आया है। दरअसल पुलिस को जांच में पता चला कि यह मारपीटका वीडियो यूनिवर्सिटी के हास्टल नंबर एक में शूट हुआ था। जहां पीड़ित के साथ मारपीट की गई थी। पता चला कि उस दिन इस हास्टल के वार्डन अर्की के धुंधन गांव निवासी 56 वर्षीय पूर्ण चंद की ड्यूटी थी। जांच में पाया गया कि पूर्ण चंद ने अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरती और इस बात का ध्यान नहीं रखा कि हास्टल में रहने वाले छात्रों के कमरे में हो क्या रहा है। उन्होंने छात्रावास में रहने वाले छात्रों की गतिविधियों पर भी कोई नजर नहीं रखी। नतीजतन हास्टल के एक कमरे में छात्र खुलकर शराब पार्टी व रैगिंग का आनंद लेते रहे। सोलन के एसपी गौरव सिंह ने बताया कि इस मामले में वार्डन पूर्णचंद के खिलाफ हिमाचल शिक्षण संस्थान (रैगिंग निषेध) एक्ट 2009 की धारा 4 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35.3 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच आगे भी जारी है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भाजपा के राज्यसभा सदस्य हर्ष महाजन के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। नोटिस के अनुसार महाजन ने चंबा की अपनी हालिया यात्रा के दौरान कुछ व्यक्तिगत टिप्पणियां की थीं। पठानिया ने कहा है कि महाजन ने उन पर झूठे आरोप और आक्षेप लगाए गए, जो अध्यक्ष और सदन के सदस्य की गरिमा के खिलाफ हैं। पठानिया ने कहा कि वह अपनी सांविधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए उन्हें विशेषाधिकार नोटिस जारी कर रहे हैं। पठानिया ने कहा कि महाजन को सबूतों के साथ आरोपों को साबित करना चाहिए और स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि वह किस पठानिया का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने किस संदर्भ में अपमानजनक टिप्पणी की और वह आरोपों को साबित करें, क्योंकि यह विशेषाधिकार हनन के बराबर है। सांसद को सवालों का जवाब देना चाहिए।
सोलन के यूरो किड्स प्ले स्कूल (कोटलानाला) में " टेबल- मैनर्स " पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसके तहत आज सभी बच्चों को डाइनिंग टेबल में प्रयोग की जाने वाली वस्तुओं के प्रयोग की जानकारी दी जैसे छुरी, कांटा, चम्मच इत्यादि। स्कूल की प्रिंसिपल मिसेज सीमा बहल ने बताया कि इस तरह के महत्वपूर्ण आयोजन से बच्चों को समाज में एक अच्छे व सभ्य नागरिक बनने में सहायता मिलती है और सीखने को मिलता है एवम आत्म विश्वास भी आता है। ऐसे आयोजनों से बच्चों का अनुशासन और मनोबल भी बढ़ता है, इस आयोजन में सभी बच्चो ने उत्साह से बढ़चढ़ कर भाग लिया। स्कूल की प्रिंसिपल मिसेज सीमा बहल ने बताया कि यूरो किड्स में इस तरह के आयोजन, जिससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता हैंआगे भी होते रहेंगे।
बाल विकास परियोजना कुनिहार के तहत ग्राम पंचायत हाटकोट के वार्ड नं तीन के आंगन वाडी में पोषण माह धूमधाम से मनाया गया। इस उपलक्ष्य में एक दिवसीय जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पांरपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी भी सजाई। प्रदर्शनी के माध्यम से महिलाओं ने सही और संतुलित पोषण का संदेश दिया। शिविर की अध्यक्षता निशा ठाकुर सुपरवाइजर ने की। कार्यक्रम में कांता जोशी, शांता शर्मा व पंचायत वार्ड सदस्य विमला शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। सुपरवाइजर निशा ठाकुर ने शिविर में मौजूद महिलाओं को विभिन्न पोषक तत्वों के बारे में जानकारी देकर कहा कि मोटे अनाजों में पोषक तत्वों की भरमार होती हैं इसलिए हमे अधिक से अधिक मोटे अनाज का सेवन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य महिलाओं ने इस उपलक्ष्य पर विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई, जिसको सबने सराहा। कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक व्यंजनों को परोसा और मोटे अनाजों के संरक्षण का संदेश भी दिया। इस मौके पर आसपास की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में भर्ती किए जाने वाले प्रशिक्षकों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये वेतन मिलेगा। साल में दस माह के लिए ही वेतन दिया जाएगा। दो माह की छुट्टियों की अदायगी नहीं की जाएगी। बुधवार को शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने 6297 प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षकों के भर्ती नियम अधिसूचित किए। 21 से 45 वर्ष की आयु के बारहवीं कक्षा में 50 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले हिमाचली भर्ती के लिए पात्र होंगे। प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा कार्यक्रम में दो वर्ष का डिप्लोमा या नर्सरी में बीएड होना अनिवार्य रहेगा। एक साल का डिप्लोमा करने वाले भर्ती के लिए पात्र नहीं होंगे। आउटसोर्स आधार पर इनकी भर्तियां की जाएंगी। प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षकों (ईसीसीईटी) की नियुक्ति के लिए नियम एवं शर्तें, उनके रोजगार, पारिश्रमिक, योग्यता और जिम्मेदारियों के लिए जारी दिशा-निर्देश में बताया गया कि इन्हें चयनित सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त किया जाएगा। विद्यालयवार रिक्तियां प्रारंभिक शिक्षा निदेशक निर्धारित करेंगे। करों और सेवा प्रदाता शुल्क सहित 10 हजार का मासिक पारिश्रमिक मिलेगा। भुगतान केवल 10 महीनों के लिए किया जाएगा, जिसमें स्कूल की छुट्टियों की अवधि शामिल नहीं है। प्रत्येक जिले में प्राथमिक शिक्षा के उप निदेशक के समग्र नियंत्रण में रहते हुए प्रशिक्षक स्कूल के सबसे वरिष्ठ शिक्षक की देखरेख में काम करेंगे। राज्य सरकार की मंजूरी के बिना किसी भी प्रशिक्षक को वियोजन से मुक्त नहीं किया जा सकेगा। नामांकन भिन्नता या प्रशासनिक कारणों से प्राथमिक शिक्षा निदेशक के परामर्श से स्थानांतरण हो सकेंगे। मान्यता प्राप्त संस्थान से नर्सरी शिक्षक शिक्षा, प्री-स्कूल शिक्षा, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा कार्यक्रम (कम से कम दो वर्ष का) में डिप्लोमा या बीएड (नर्सरी) होना चाहिए। एससी/एसटी/ओबीसी/पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए योग्यता अंकों में 5 प्रतिशत की छूट रहेगी। हिमाचल प्रदेश के बाहर के संस्थानों से बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को वास्तविक हिमाचली होना आवश्यक रहेगा। धोखाधड़ी को रोकने के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसी उम्मीदवारों की उचित स्क्रीनिंग करेगी। डिप्लोमा प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता के लिए सत्यापन किया जाएगा। एनसीटीई-मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिप्लोमा वाले उम्मीदवारों पर ही विचार किया जाएगा। किसी प्रशिक्षक के जाने की स्थिति में आउटसोर्स एजेंसी को 14 दिनों के भीतर उपयुक्त प्रतिस्थापन प्रदान करना होगा।
हिमाचल में प्री और पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना के तहत 2022-23 और 2023-24 की राशि रोकी गई है। बैंक खाते से आधार नंबर नहीं जोड़ने पर 11,024 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति जारी करने पर रोक लगा दी गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने राशि जारी करवाने के लिए आधार नंबर को बैंक खातों से जुड़वाने के लिए अंतिम मौका देते हुए तीन माह की माेहलत दी है। विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज प्रिंसिपलोंं और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजे गए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डाॅ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन बैंक खातों को आधार से नहीं जोड़ा गया है, ऐसे खातों में छात्रवृत्ति की राशि न जोड़ा जाए। छात्रवृत्ति आवंटन में फर्जीवाडा रोकने के लिए केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है। इसी कड़ी में उच्च शिक्षा निदेशालय ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 और 2023-24 के लिए प्री मैट्रिक और पाेस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना के लंबित मामलों में धनराशि जारी नहीं की है। निदेशक ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में बचत खाते खोलने के लिए विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए कहा है। भारतीय डाक भुगतान बैंक के पास ग्रामीण, दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में विशाल नेटवर्क क्षमता है। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक द्वारा सभी खाते आधार नंबर से जोड़ने के बाद ही खोले जाते हैं। उच्च शिक्षा निदेशक ने स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों से विद्यार्थियों को जागरूक करने के साथ उनके अभिभावकों या संरक्षकों से भी संपर्क करने को कहा है। निदेशक ने कहा कि अगर किसी विद्यार्थी ने तीन माह के बाद भी आधार नंबर को बैंक खातों से नहीं जुड़वाया तो ऐसे मामलों में छात्रवृत्ति जारी नहीं होगी।प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना में 6,549 विद्यार्थियों की राशि रुकी है। शैक्षणिक सत्र 2022-23 के तहत 19,813 पात्र पाए गए। 16,408 को राशि दी गई जबकि बैंक खाते से आधार नहीं जुड़वाने पर 3,405 की राशि को रोका गया है। इसी तरह शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए 19,523 विद्यार्थी पात्र थे। 16,311 को पैसा दिया गया और 3,144 की राशि रोकी गई। पोस्ट मैट्रिक योजना में 4,475 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिली है। शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए 23,450 विद्यार्थी पात्र पाए गए। 20,742 को राशि जारी हुई जबकि 2,708 को पैसा नहीं दिया गया है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए 23,435 पात्र विद्यार्थी थे। 21,668 को राशि दी गई। बैंक खाते से आधार नहीं जुड़वाने पर 1,767 की छात्रवृत्ति रोका है।
शिमला: जस्टिस राजीव शकधर हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं। आज सुबह करीब 11 बजे हिमाचल राजभवन में हुए एक कार्यक्रम में जस्टिस राजीव शकधर ने हिमाचल हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली। राज्यपाल राजीव प्रताप शुक्ल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस कार्यक्रम में हिमाचल सरकार के मंत्री, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल, हाइकोर्ट के जज और आला अधिकारी मौजूद थे। हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में राजीव शकधर का कार्यकाल एक महीने से भी कम का होगा, क्योंकि जस्टिस राजीव शकधर 18 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्र राव को झारखंड हाईकोर्ट का सीजे नियुक्त किया गया है। हिमाचल हाईकोर्ट के सीजे का कार्यभार संभालने वाले न्यायमूर्ति राजीव शकधर फिलहाल दिल्ली हाइकोर्ट के जस्टिस थे। दिल्ली के ही सेंट कोलंबस स्कूल से उन्होंने आरंभिक शिक्षा हासिल की हैं। उन्होंने 1984 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी-कॉम (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की थी। फिर साल 1987 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। वो नवंबर 1987 में वकील के तौर पर नामित हुए। इसी साल उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से CA की पढ़ाई पूरी की थी। साल 1994 में उन्होंने लंदन यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज से लॉ का एडवांस कोर्स पूरा किया। 8 दिसंबर 2005 को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित हुए थे। न्यायमूर्ति राजीव शकधर को 11 अप्रैल 2008 को दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश बनाया गया था। फिर 17 अक्टूबर, 2011 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति की पुष्टि की गई। उन्हें 11 अप्रैल 2016 को मद्रास हाईकोर्ट में स्थानांतरित किया गया, लेकिन फिर 15 जनवरी, 2018 को उन्हें वापस दिल्ली हाईकोर्ट में ही स्थानांतरित किया गया। मद्रास उच्च न्यायालय में सूचना और प्रौद्योगिकी समिति की अध्यक्षता की है और दिल्ली उच्च न्यायालय में भी इसी पद पर हैं। उन्हें सिविल मुकद्दमे, संवैधानिक कानून, वाणिज्यिक मुकद्दमे, कॉर्पोरेट और कराधान कानूनों पर महारात हासिल है। उल्लेखनीय है कि 18 अक्तूबर को इनकी सेवानिवृति के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर मोस्ट जज न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया को हिमाचल हाईकोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश भी सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पहले ही कर दी थी। उनकी नियुक्ति न्यायमूर्ति शकधर की रिटायरमेंट के बाद होगी।
हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन दिनों से मौसम शुष्क बना रहा, जिसके कारण तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि मौसम विभाग शिमला ने आज बुधवार के लिए शिमला, सोलन और सिरमौर जिले में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग ने बुधवार और गुरुवार को प्रदेश के 12 में से 6 जिलों में अलग-अलग स्थान पर गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग शिमला ने बताया कि 1 जून से 24 सितंबर तक चालू मानसून सीजन में बारिश की 21 फीसदी कमी दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश में सामान्य 723.1 मिमी के मुकाबले 573.7 मिमी बारिश हुई है। लाहौल-स्पीति में सबसे ज्यादा 69% बारिश की कमी दर्ज की गई है। इसके बाद ऊना में 35%, चंबा में 34%, हमीरपुर में 31%, सोलन में 21%, किन्नौर में 20%, कांगड़ा और सिरमौर में 9% और मंडी में 4% बारिश की कमी दर्ज की गई, जबकि शिमला प्रदेश में एकमात्र ऐसा जिला रहा, जहां 15% अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं, हिमाचल में अधिकतम तापमान में भी खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले कुछ दिनों से मौसम शुष्क रहने से तापमान सामान्य से 3 से 8 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के केलांग में अधिकतम तापमान 25.9 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7.9 डिग्री ज्यादा रहा, जबकि जनजातीय जिला किन्नौर के कल्पा में दिन का तापमान 25.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.9 डिग्री ज्यादा रहा। प्रदेश में सबसे गर्म ऊना रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.7 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। इसके अलावा सोलन में पारा सामान्य से 5.6 डिग्री ज्यादा, भुंतर में सामान्य से 5.8 डिग्री ज्यादा, धर्मशाला में सामान्य से 5.2 डिग्री ज्यादा और शिमला में सामान्य से 5.7 डिग्री ज्यादा रह। वहीं, प्रदेश में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 2 से 5 डिग्री अधिक रहा।
हिमाचल में मस्जिद के अवैध निर्माण से बाहरी लोगों को लेकर उपजे विवाद के बाद सरकार एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश सरकार ने सबसे पहले नगर निगम शिमला की परिधि के तहत स्ट्रीट वेंडर को रेगुलेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके तहत शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शिमला शहर के विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम मेयर सुरेंद्र चौहान, शिमला व्यापार मंडल व शहर की स्ट्रीट वेंडर्स एसोसिएशन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें विक्रमादित्य सिंह ने नगर निगम को तहबाजारियों की पहचान करके, शहर में स्ट्रीट वेंडर जोन चिन्हित व स्ट्रीट वेंडर्स के लिए ब्लू लाइन लगाने के निर्देश दिए हैं। जहां पर वेंडिंग होगी, जिसके लिए तहबाजारियों को परमिट जारी किए जाएंगे, जिसका हर तीन साल में कमेटी की ओर से रिव्यू किया जाएगा। शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वेंडिंग के लिए जोनिंग और ब्लू लाइन का कार्य पूरा करने के लिए नगर निगम आयुक्त को 30 दिसंबर की डेडलाइन दी गई है, जिसमें विकलांग, विधवा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति को प्राथमिकता दी जाएग। इसकी बकायदा नियमित तौर पर मॉनिटरिंग भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी स्ट्रीट वेंडर को अपने लाइसेंस फोटो के साथ दुकान के आगे लगाने होंगे। बिना लाइसेंस वालों को शहर में नहीं बैठने दिया जाएगा। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नगर निगम शिमला ने अभी तक शहर में 1060 तक स्ट्रीट वेंडर की पहचान की है, जिनमें से 540 नए तहबाजारी और जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कुछ त्रुटियां भी रह गई हैं। शहर में कई ऐसे वेंडर भी हैं, जिनकी वैरिफिकेशन हो चुकी है, लेकिन ऐसे लोग अब मौके पर नहीं बैठ रहे हैं। इनकी भी पहचान करने के लिए कहा गया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि स्ट्रीट वेंडरों के लिए विभाग ने नगर निगम को किराया तय करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि लोअर बाजार, लक्कड़ बाहर और मिडल बाजार आदि भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में अधिक रेट और बाकी जगहों पर कम किराया रखने के लिए कहा गया है, ताकि व्यापारी व स्ट्रीट वेंडर को कोई नुकसान नहीं हो। व्यापारियों की शिकायत है कि शिमला में रविवार को संडे मार्केट सजती है, जिसमें बाहरी राज्यों से भी लोग दुकानें सजाते हैं, लेकिन उनकी ना तो कोई पहचान होती है, ना ही नगर निगम को आय होती है। ऐसे में नगर निगम आयुक्त को इन्हें रेगुलेट किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट वेंडिंग में हिमाचल के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड मार्च 2025 में होने वाली बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं में 32 नंबर के आसान आर 20 नंबर के कठिन प्रश्न विद्यार्थियों से पूछेगा। इसके अलावा सामान्य स्तर के 28 नंबर के प्रश्न पूछे जाएंगे। इस दौरान प्रश्नपत्र के 40 फीसदी प्रश्न आसान, 35 फीसदी सामान्य और 25 फीसदी कठिन प्रश्न पूछे जाएंगे। मार्च में नए पैटर्न में आने वाले प्रश्नपत्रों के शिक्षा बोर्ड ने मॉडल पेपर तैयार किए हैं, जिन्हें बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। बोर्ड की ओर से प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव करने का मुख्य उद्देश्य शिक्षा बोर्ड से परीक्षा पास करने वाले परीक्षार्थियों को आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। एमसीक्यू प्रश्नों को हल करने के लिए ओएमआर सीट भी दी जाएगी। यह बदलाव तीसरी, पांचवीं, आठवीं, नौवीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के प्रश्नपत्रों में देखने को मिलेगा। बोर्ड के नए पैटर्न के अनुसार स्कूल शिक्षा बोर्ड एक नंबर के 16 प्रश्न पूछेगा। इनमें नौ प्रश्न आसान, चार सामान्य और तीन का स्तर कठिन रहेगा। इसके अलावा दो नंबर के नौ प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें पांच आसान और दो-दो प्रश्न सामान्य और कठिन श्रेणी से रहेंगे। वहीं, तीन नंबर के छह प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसमें आसान तीन, सामान्य दो और कठिन स्तर का एक कठिन स्तर का प्रश्न पूछेगा, जबकि चार नंबर के तीन प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसमें आसान स्तर का एक और सामान्य स्तर के दो प्रश्न रहेंगे। इसके अलावा पांच नंबर के दो प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनका स्तर कठिन श्रेणी का रहेगा। वहीं छह नंबर एक ही प्रश्न पूछा जाएगा, जो कि सामान्य श्रेणी से आएगा। शिक्षा बोर्ड आसान स्तर के 18, सामान्य स्तर के 11 और कठिन स्तर के आठ प्रश्न परीक्षा के दौरान पूछेगा। परीक्षाओं के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं के आधुनिक तकनीक के आदर्श प्रश्नपत्र, अंक विभाजन और चरणबद्ध अंक योजना तैयार की गई है। प्रदेश के छात्रों और अध्यापकों की सुविधा के लिए इन आदर्श प्रश्नपत्रों और अंक विभाजन को कक्षावार और विषयवार बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने जुलाई 2024 सत्र के लिए सभी पाठ्यक्रमों सेमेस्टर और सर्टिफिकेट कार्यक्रमों के अतिरिक्त नए प्रवेश और पुन: पंजीकरण की अंतिम तिथि को तीस सितंबर तक बढ़ाया है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्र इस बढ़ाई गई आवेदन की अंतिम तिथि तक प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। ऑनलाइन प्रवेश के लिए इग्नू के सीधे लींक ignou.samarth.ac.in और इग्नू की वेबसाइट ignou.ac.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। प्रवेश से संबंधित अधिक जानकारी के लिए छात्र इग्नू के क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र शिमला के दूरभाष नंबर 0177-262412 पर संपर्क कर सकते हैं। विश्वविद्यालय की ओर से यूजी डिग्री कोर्स बीए, बीएससी, बी कॉम और 2021-22 बैच बैच को प्रथम वर्ष की परीक्षा पास करने को दिए परीक्षा के अतिरिक्त गोल्डन चांस के लिए 29 सितंबर तक ऑनलाइन फार्म भरने का मौका दिया है। विवि के परीक्षा नियंत्रक डाॅ. श्याम लाल कौशल ने कहा कि परीक्षा अक्तूबर में होगी। इसके लिए विवि के nexams.hpushimla.in के माध्यम से परीक्षा फार्म भर सकते हैं। यूजी डिग्री को तय पांच साल की अविधि में पूरा करने के लिए दिए गए इस मौके में बीए, बीएससी, बीकॉम और शास्त्री डिग्री के 2021-22 बैच के वो छात्र पात्र होंगे, जिनकी प्रथम वर्ष में कंपार्टमेंट है।
हिमाचल प्रदेश में एक कांस्टेबल को नौकरी से निकालने के मामले में पूर्व डीजीपी संजय कुंडू, दो रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर, 3 एसपी समेत 10 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। सक्षम अदालत के आदेश पर आईजी साउथ रेंज ने शिमला सदर पुलिस स्टेशन को केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व डीजीपी संजय कुंडू समेत अन्य 10 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक्ट की धारा 3(1)(P), एससी-एसटी एक्ट 1989 के तहत मुकदमा रजिस्टर हुआ है। नौकरी से निकाले गए कांस्टेबल धर्म सुख नेगी की पत्नी मीना नेगी की शिकायत के आधार पर ये एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें महिला ने पूर्व डीजीपी संजय कुंडू, पूर्व आईपीएस समेत अन्य पुलिस अधिकारियों पर उसके पति के उत्पीड़न का आरोप लगाया था। कांस्टेबल और उसकी पत्नी जनजातीय जिला किन्नौर के रहने वाले हैं। ये मामला पूर्व भाजपा के कार्यकाल का हैं। जब संजय कुंडू हिमाचल पुलिस के मुखिया थे। महिला ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज शिकायत में बताया कि पुलिस के उच्च अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसके पति धर्म सुख नेगी को नौकरी से निकाला है। महिला ने बताया है कि पुलिस अधिकारियों ने पहले उसके पति पर झूठे व मनगढ़ंत आरोप लगाए और फिर विभागीय जांच बैठा कर 9 जुलाई 2020 को जबरन बेइज्जत करके नौकरी से निकाल दिया, जबकि कांस्टेबल के तौर पर उसके पति का 8 वर्षों का सेवाकाल बचा हुआ था। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके पति को पुलिस हेडक्वार्टर से आवंटित सरकारी आवास का बिना वर्क आउट के 1 लाख 43 हजार 424 रुपए का रेंट वसूलने के आदेश दिए। इसके अलावा 2020 से अब तक उनकी ग्रेच्युटी, डीसीआरजी और अन्य लाखों रुपयों का रिटायरमेंट बेनिफिट्स को रोक कर रखा गया है। महिला ने बताया कि उसके पति को सरकारी आवास को खाली करने को लेकर कई बार तत्कालीन डीजीपी संजय कुंडू और एसपी वेलफेयर ने उन्हें जलील किया है। इसके लिए तत्कालीन डीजीपी और एसपी वेलफेयर द्वारा पुलिस आवासीय कॉलोनी भराड़ी व उनके पैतृक गांव रामनी, किन्नौर में बार-बार नोटिस भेजकर उनके परिवार को समाज में जलील किया गया। महिला ने शिकायत में बताया कि नवंबर 2023 को उन्होंने कोर्ट, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, मुख्य सचिव, गृह सचिव और एसपी शिमला को प्रार्थना पत्र देकर उनके परिवार पर हुए अत्याचार और अमानवीय व्यवहार की जानकारी भी दी गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूर्व डीजीपी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसके पति व परिवार को सामाजिक, आर्थिक व मानसिक तौर पर पीड़ा पहुंचाई है, जिससे आज उसका परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। महिला द्वारा पूर्व डीजीपी संजय कुंडू, रिटायर आईपीएस हिमांशु मिश्रा और अरविंदर शारदा, एसपी शालिनी अग्निहोत्री, दिवाकर दत्त शर्मा, अंजू आरा खान, भगत सिंह ठाकुर, पंकज शर्मा, मीनाक्षी और डीएसपी बलदेव शर्मा शामिल हैं। मामले में शिमला पुलिस ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक्ट की धारा 3(1)(P) के तहत एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
शिमला: हिमाचल में जिला शिमला के तहत लोक 16 मील धामी में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की 262 वीं शाखा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान लोगों की मांग पर अब तक 22 ब्रांचों को खोलने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। राज्य सहकारी बैंक आम-जनमानस के साथ-साथ किसानों- बागवानों वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है, जिससे सहकारी बैंक की आमदनी में भी बढ़ौतरी हो रही है। मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सहकारी बैंक की ओर से विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ-साथ गरीब परिवारों के उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई गई है, जिसके जरिए लोगों को बहुत कम दरों पर ऋण दिया जा रहा है। इस दौरान अगर कोई भी संस्था या व्यक्ति नियमित रूप से ऋण की अदायगी करता है तो उनके ऋण ब्याज में और कमी का प्रावधान भी है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सहकारी बैंक के राजस्व में काफी अधिक बढ़ोतरी हुई है, जिसमें अब तक 26 हाजर करोड़ रुपए का टर्नओवर शामिल है, जिस कारण ये बैंक अच्छे काम के कारण देश के सभी सहकारी बैकों की सूचि में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हर घर को सड़क सुविधा से जोड़ना हमारा दायित्व है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में करीब 70 करोड़ की राशि खर्च की जा रही है। सरकार अब चौथे चरण का कार्य शुरू करने जा रही है। जिसमें सभी गावों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि टुटु के पास नई सब्जी मंडी बनकर तैयार है, जिसका जल्द ही शुभारंभ किया जाएगा, जाठिया में हिमालयन काॅलोनी नाम से एक बड़ा शहर बनाने के लिए केन्द्र सरकार से शीघ्र परियोजना स्वीकृत करने का आग्रह किया गया हैं। उन्होंने बताया कि शिमला-कांगड़ा फोरलेन को तारादेवी-बडैहरी-रैहल होते हुए घनाहटी के लिए जोड़ने के लिए एलाइनमेंट का काम जारी है। अगर किसी की मलकीयती जमीन सड़क में आती है तो उसके लिए उचित मुआवजे का प्रावधान किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि हीरानगर के पास करीब 5.50 करोड़ की लागत से खंड विकास अधिकारी कार्यालय का नया भवन बनाया जाएगा, जिसके लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस मौके पर राज्य सहकारी बैंक देवेंद्र श्याम ने कहा कि सहाकारी बैंक की इस नई शाखा में 9 करोड़ रुपए का डिपोजिट है, जिसे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक की ओर से 11 हजार किसानों-बागवानों को केसीसी बैंक ऋण प्रदान किए गए हैं।
देश के कई हिस्सों से मानसून विदा होने लगा है लेकिन हिमाचल प्रदेश में फिलहाल मानसून से राहत नहीं मिलने वाली है। हिमाचल में 25 सितंबर से लेकर 27 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। इसको लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। इस दौरान कई हिस्सों में ओलावृष्टि और गर्जन के साथ बारिश भी हो सकती है। सोमवार को शिमला सहित प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मौसम साफ बना हुआ है पिछले दो-तीन दिनों से बारिश न होने के चलते तापमान में भी काफी ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है खासकर राजधानी शिमला में तापमान 28 डिग्री तक पहुंच गया है जो कि इससे सीजन का सबसे ज्यादा तापमान रिकार्ड किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी हुई है और राजस्थान, गुजरात में भी 24 घंटे में मानसून विदा हो सकता है। हिमाचल प्रदेश की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में फिलहाल अभी मानसून जारी रहेगा और 25 सितंबर से फिर से बारिश होने की संभावना है। प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम खराब बना रहेगा और इस दौरान ओलावृष्टि गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है और इसको लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीते तीन-चार दिनों से मौसम साफ बने रहने से तापमान में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है दो दिन पहले शिमला में तापमान 26 डिग्री तक पहुंच गया आज मौसम साफ बना रहेगा तो 28 डिग्री तक अधिकतम तापमान पहुंच जाएगा जो की सीजन का सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया जाएगा।
** कहा, हम आपदा फंड देते हैं, तो यह सीएम राहत कोष में नहीं, सोनिया गांधी के खाते में जाता है मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने मनाली के शलीन गांव में रविवार को आयोजित भाजपा के सदस्यता अभियान कार्यक्रम में आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश सरकार कर्ज लेती है और इसे कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को देती है, जिससे राज्य का खजाना खाली हो रहा है। सुक्खू सरकार पर हमला करते हुए कहा, आपदाओं और कांग्रेस सरकार ने राज्य को दशकों पीछे धकेल दिया है। उन्होंने कहा, अगर हम आपदा निधि देते हैं तो वह मुख्यमंत्री राहत कोष में जानी चाहिए, लेकिन सभी जानते हैं कि वह सोनिया राहत कोष में जाती है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह पर कटाक्ष करते हुए कंगना ने कहा, मेरे खिलाफ चुनाव लड़ने वाले राजा के बेटे की हरकतें सभी को पता हैं। लोग सड़कों पर गड्ढों से तंग आ चुके हैं। उन्होंने कहा, मैं अपने क्षेत्र के लिए जितना संभव होगा, उतना करूंगी, लेकिन पीडब्ल्यूडी मंत्री को भी कुछ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक युगपुरुष हैं और वे बेहद सुलझे हुए ढंग से समस्याओं से निपटते हैं। कंगना ने भाजपा के सदस्यता अभियान की शुरुआत करने के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित किया कि हर कोई जानता है कि भ्रष्टाचार व्याप्त है और कांग्रेस शासित राज्य सरकारों ने अपने-अपने राज्यों को खोखला कर दिया है। उन्होंने आश्चर्य जताया कि कांग्रेस चुनावों पर इतना अधिक खर्च कैसे करती है। कंगना ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्राथमिक स्कूलों की खेलों को बंद करने का जो फैसला लिया है, वह गलत है। युवाओं को खेलों में आगे लाने के लिए वह जल्द ही मंडी संसदीय क्षेत्र में एक भव्य खेल ऑडिटोरियम का निर्माण भी करवाएंगी। जनसभा में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिस तरह से प्राथमिक स्कूलों में खेलों को बंद किया है, वह गलत है। प्रदेश सरकार एक और तो कर्ज पर कर्ज ले रही है और दूसरी ओर कर्मचारियों को वेतन और पेंशन समय पर नहीं दे पा रही।
हिमाचल प्रदेश सरकार के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि या तो सांसद कंगना यह साबित करें कि प्रदेश सरकार की ओर से सोनिया गांधी को पैसा दिया जा रहा है, अन्यथा उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड ने कंगना की फिल्म को बैन किया हुआ है, इसका दुख मनाने सांसद आजकल हिमाचल में आई हुई हैं। कहा कि कंगना का बयान दर्शाता है कि उनका मानसिक दिवालियापन हो चुका है। उन्होंने कहा कि कंगना ज्यादा शिक्षित नहीं है। इसलिए वह बार-बार ऐसे बयान देती रही हैं। कंगना ने बीते कल कहा था कि केंद्र से जो मदद आ रही है, वह सोनिया गांधी को दी जा रही है। इस पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कंगना या तो इसके प्रमाण दें, ऐसा नहीं किया तो सोनिया गांधी की छवि खराब करने के लिए मानहानि को तैयार रहें। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इससे मूर्खतापूर्ण कोई बयान नहीं हो सकता है। केंद्र से जो बजट मिलता है, उसका खर्च लाइन ऑफ क्रेडिट(एलओसी) के आधार पर होता है। उन्होंने कंगना को चैलेंज किया कि कंगना एक रुपये की हेराफेरी साबित करके दिखाए। उन्होंने कहा कि ये वही सांसद है, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी का हाईकमान फटकार लगा चुका है कि संवेदनशील मुद्दों पर ऐसी बयानबाजी न करें। समय के साथ वक्फ बोर्ड सहित हर संगठन, ट्रस्ट व धार्मिक संस्था में बदलाव व सुधार होना चाहिए। विक्रमादित्य ने कहा कि जिस तरीके का एक माहाैल हिमाचल में बना हुआ है। हम सब चाहते हैं कि सब लोग शांति के साथ रहे, भाईचारे व प्रेम के साथ रहे। प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखना यह सरकार की जिम्मेदारी है। लेकिन जिस तरीके के सवाल जमीन आवंटन को लेकर उठ रहे हैं, उसको देखते हुए समय के साथ हर संगठन, ट्रस्ट व धार्मिक संस्था में बदलाव व सुधार होना चाहिए। विक्रमादित्य ने कहा कि भीमाकाली मंदिर भी पहले उनकी निजी संपत्ति थी, लेकिन पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने इसे सरकार के अधीन लाया ताकि इसमें पारदर्शिता आए। इसलिए वक्फ बोर्ड सहित अन्य संगठनों में भी पारदर्शिता आनी चाहिए। हिमाचल के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर ने सांसद कंगना रणाैत पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कंगना रणाैत की बातें अनपढ़ जैसी होती हैं कि उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जा सकता। कांग्रेस की बैठक में भाग लेने पहुंचे कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि चुनाव से पहले और चुनाव के बाद जनता से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करना चाहिए, लेकिन वे तो लापता हैं, सिर्फ एक बार अपने इलाके की जनता से मिलीं और उसके बाद उनका कोई पता नहीं है। उन्होंने कहा कि आपदा के वक्त कंगना कहीं नजर नहीं आईं, सिर्फ एक दौरा किया। इस बीच हिमाचल प्रदेश सरकार आपदा प्रभावितों के बीच में रही। हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि सांसद कंगना बिना तथ्य के बयानबाजी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई कैसे सोच सकता है कि केंद्र से आ रही सहायता और राज्य के लिए लिया जा रहा कर्ज सोनिया गांधी के खाते में जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा बयान उनकी मानसिकता को दर्शाता है। इस तरह का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
** होटलों और होमस्टे में एडवांस बुकिंग दुर्गा पूजा टूरिस्ट सीजन के लिए किन्नौर और लाहौल-स्पीति सैलानियों की पहली पसंद बन गए हैं। 5 अक्तूबर के बाद किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बजट होटल 50 फीसदी एडवांस बुक हो गए हैं, अन्य होटलों में भी 30 फीसदी कमरे बुक हैं। शहरों के शोर-शराबे से दूर साफ-सुथरी आबोहवा सैलानियों को आकर्षित कर रही है। किन्नौर में बर्फ से लकदक पहाड़ और सेब से लदे बगीचे सैलानियों को अपनी ओर खींच रहे हैं।दुर्गा पूजा टूरिस्ट सीजन के लिए इस साल शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी के मुकाबले किन्नौर और स्पीति के लिए सैलानियों का अधिक रुझान देखने को मिल रहा है। सैलानी सराहन, सांगला, छितकुल, कल्पा, ताबो, काजा और केलांग के होटलों में बुकिंग करवा रहे हैं। किन्नौर के निचले इलाकों में सेब सीजन शुरू हो गया है। बगीचों में पौधे सेब से लदे हैं और चोटियों पर बर्फ है। साल दर साल किन्नौर और लाहौल-स्पीति में सैलानियों की संख्या बढ़ रही है। किन्नौर के होटल कारोबारी मोहन प्रकाश नेगी का कहना है कि मौजूदा समय में ट्रैकिंग के लिए टूरिस्ट किन्नौर पहुंच रहे हैं। दुर्गा पूजा टूरिस्ट सीजन के लिए कमरों की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है। सैलानी किन्नौर की प्राकृतिक खूबसूरती का लुत्फ उठाना चाहते हैं लेकिन सड़क की खराब स्थिति के कारण समस्या पेश आ रही है। हिमाचल के अन्य पर्यटन स्थलों के मुकाबले सैलानी किन्नौर और लाहौल-स्पीति जाना अधिक पसंद कर रहे हैं। शहरों से दूर साफ-सुथरी आबोहवा सैलानियों को आकर्षित कर रही है। किन्नौर और स्पीति के बजट होटलों में 50 फीसदी कमरे एडवांस बुक हो गए हैं हिल्सक्वीन शिमला में बंगाली सैलानियों की चहलपहल बढ़नी शुरू हो गई है। दुर्गा पूजा की छुट्टियां शुरू होने से पहले ही बंगाल के कारोबारी अपने परिवारों के साथ शिमला पहुंच रहे हैं। इन दिनों शिमला के कालीबाड़ी मंदिर में बड़ी संख्या में बंगाल के टूरिस्ट पूजा अर्चना करते देखे जा सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश में विभिन्न विभागों की करीब 70 योजनाओं के टेंडर रद्द किए गए हैं। निविदा की राशि का सही आकलन नहीं करने पर अलग-अलग विभागों ने इस संबंध में फैसले लिए हैं तो कुछ मामलों में दस्तावेजों के पूरा न होने और अकेले बोलीदाता के आने पर भी इन्हें रद्द किया गया है। राज्य सरकार की सख्ती के बाद सभी प्रशासनिक सचिवों ने विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी किए हैं कि विभिन्न योजनाओं के टेंडर लगाते वक्त इस बात का ध्यान रखा जाए कि फिजूलखर्ची न हो। अच्छी स्पर्धा करवाकर ही टेंडर लगाए जाएं। ऐसे में कई टेंडर दस्तावेजों में अनियमितताएं और अधूरापन पाए जाने पर उन्हें रद्द किया गया है। कुछ टेंडरों में दस्तावेज पूरे न होने की वजह से भी इन्हें खारिज किया गया है और औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद इन्हें दोबारा लगाया जाएगा। बस स्टैंड से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जुब्बल के लिए बस स्टैंड से रास्ता बनाने, जिला बिलासपुर की तहसील सदर में सोलग जुरासी से धार टटोह के लिए लिफ्ट इरिगेशन वाटर सप्लाई स्कीम, ज्वालामुखी में विभिन्न खड्डों में वर्षा जल संग्रहण ढांचे बनाना, तहसील घुमारवीं में नए स्रोत मनी खड्ड से जलापूर्ति योजना मालयोर, देवनगर से मूलबारी सड़क के लिए लिंक रोड में मेटलिंग और टारिंग, पॉलिटेक्निक कॉलेज हमीरपुर में मेकेनिकल इंजीनियरिंग ब्लॉक का निर्माण, राजकीय डिग्री कॉलेज सलूणी में बैडमिंटन कोर्ट और वॉलीबाल कोर्ट निर्माण, सुमन फाइलिंग स्टेशन रामपुर में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन का निर्माण, धर्मशाला में सिद्धपुर मोहाली फेज-दो में हाउसिंग कॉलोनी का निर्माण, ज्वाली में कम्युनिटी हेल्थ सेंटर बनाने, देहरा में न्यायिक कोर्ट परिसर का निर्माण, भावानगर में गानवी खड्ड से सिल्ट हटाने, नादौन के रैल में पीएचसी निर्माण, टांडा कॉलेज में न्यूरो सर्जरी के लिए उपकरण खरीद, नूरपुर में सामुदायिक भवन निर्माण, सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा में हॉस्टल निर्माण सहित कई कामों के टेंडर रद्द किए गए हैं।
**तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिता सम्पन्न स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि खेल-कूद गतिविधियां युवाओं को नशे से दूर रखने में महत्वपूर्ण हैं। डॉ. शांडिल आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कण्डाघाट में आयोजित 19 वर्ष से कम आयु वर्ग की छात्राओं की तीन दिवसीय ज़िला स्तरीय खेल प्रतियोगिता के समापन समारोह को समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। तीन दिवसीय इस खेल-कूद प्रतियोगिता में सोलन ज़िला के 46 स्कूलों की 543 छात्राएं वालीबॉल, कबड्डी, खो-खो, बैडमिंटन, योग तथा शतरंज प्रतियोगिताओ का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश एवं प्रदेश के विकास में युवा शक्ति महत्वपूर्ण है और युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखने के लिए हम सभी को एकजुट होकर प्रयास करने चाहिएं। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही नशे की चुनौती से निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अभिभावक, अध्यापक, मित्र और समाज की एकजुटता ही नशे को हरा सकती है। डॉ. शांडिल ने कहा कि छात्रों को अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए नियमित प्रयास करने चाहिएं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को अपनी दिनचर्या में जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है और खेल शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण स्त्रोत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए कारगर कदम उठा रही है तथा सभी विद्यालयों में खेल गतिविधियों के लिए आधारभूत संरचना को विकसित किया जा रहा है ताकि प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि चरणबद्व तरीके से पंचायत स्तर पर खेल मैदानों का निर्माण किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न खेलों के विजेताओं को सम्मानित किया। वालीबॉल प्रतियोगिता में राजकीय छात्रा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सोलन विजेता तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कण्डाघाट उप विजेता रहे। कबड्डी प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दभोटा विजेता, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घनागुघाट उप विजेता तथा गुरू नानक पब्लिक स्कूल जगातखाना ज़िला विजेता रहे। खो-खो प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छावशा विजेता तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देलगी उप विजेता रहे। बैडमिंटन प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुफटु विजेता तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दानोघाट उप विजेता रहे। योग प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चामियां विजेता तथा राजकीय छात्रा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सोलन उप विजेता रहे। शतरंज प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चायल विजेता रहे। डॉ. शांडिल ने कण्डाघाट खेल मैदान के निर्माण के लिए अनुसूचित जाति घटक योजना के तहत 50 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि देने की घोषणा दी। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को 21 हजार रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने खेल मैदान के समीप सम्पर्क मार्ग के निर्माण के लिए 10 लाख रुपए की टोकन मनी देने की घोषणा भी की। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, ज़िला कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष नारायण सिंह ठाकुर, ग्राम पंचायत सैंज के प्रधान देविन्द्र ठाकुर, ग्राम पंचायत सिरीनगर के उप प्रधान प्रद्युम्न ठाकुर, ग्राम पंचायत बाजंणी के पूर्व प्रधान प्रेम कश्यप, ग्राम पंचायत मही के पूर्व प्रधान महेश कश्यप, बीडीसी सदस्य सत्या, पूर्व बीडीसी सदस्य अजय वर्मा, नगर पंचायत कण्डाघाट के मनोनीत पार्षद इन्द्र ठाकुर तथा बाबू राम, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट सिद्धार्थ आचार्य, कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) के अध्यक्ष सुरेन्द्र ठाकुर, प्रधानाचार्य (निरीक्षण) देश राज शारदा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कण्डाघाट के प्रधानाचार्य कुलदीप सूर्या, सहायक ज़िला शारीरिक शिक्षा अधिकारी अशोक बासु, अध्यापक, अभिभावक तथा खिलाड़ी इस अवसर पर उपस्थित थे।
पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश कार्यकारिणी के मुख्य सलाहकार धनीराम तनवर ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि प्रदेश के सभी विभागों के पेंशनरों ने अपने वित्तीय लाभ कई सालों से न मिलने के कारण सरकार के प्रति 20 सितंबर को हर जिला के मुख्यालय पर रोष प्रकट करके सरकार के प्रति धरना प्रदर्शन किया और मांग की हैं कि उनकी बढ़ती उम्र को देखते हुए सरकार को चाहिए कि उनके जितने भी सालों से वित्तीय लाभ सरकार नहीं दे रही है उन्हें जल्दी दिया जाए, ना ही कई सालों से मेडिकल बिलों का भुगतान हो रहा है इस बारे प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय पर अपने-अपने जिला के डीसी साहब को ज्ञापन देकर पूरे जोर से यह मांग उठाई है। अगर फिर भी सरकार नहीं सुनती है तो अगला कोई कठोर कदम लेने के लिए पेंशनर मजबूर होंगे उन्होंने कहा कि इस धरना प्रदर्शन में प्रदेश के हर जिला में पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में इनका बढ़-चढ़ कर समर्थन किया और पूरा साथ देने का वादा किया कि अगर ऐसी हालत रही तो हम आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर कोई भी ठोस कदम उठाने के लिए हरदम साथ है।
शिमला: कई अभ्यर्थी हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के तहत भर्तियों और पूर्व में ली गई परीक्षाओं के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। राज्य चयन आयोग कब तक भर्तियां शुरू करेगा इसका जवाब सरकार ने विधानसभा में दिया है। धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा सरकार से सवाल पूछा था कि, हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के अन्तर्गत भर्तियां कब तक शुरू करेगी। सरकार पिछले डेढ़ साल से 31.07.2024 तक नई भर्ती प्रणाली के अन्तर्गत लम्बित पोस्ट कोड्स के परिणाम कब तक घोषित करने का विचार रखती है। सरकार कब तक कला अध्यापक पोस्ट कोड -980 का परीक्षा परिणाम घोषित करेगी। यह सत्य है कि सरकार ने गठित अधिकारियों की कमेटी ने पोस्ट कोड -980 की परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया है। यदि हां, तो कारण बताएं? सरकार ने अपने जवाब में कहा कि, ' हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने पोस्ट कोड 817 (जेओए आईटी) का परिणाम दिनांक 09-08-2024 को घोषित कर दिया था। इसके अतिरिक्त, ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट (OTA) के 162 पदों के लिए 30–03–2024 को (CBT) कम्प्यूटर आधारित टेस्ट लिया जा चुका है। तकनीकी शिक्षा विभाग से प्राप्त रिक्यूजिशन के अनुसार 12 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इससे साफ होता है कि आयोग ने भर्तियों का काम शुरू कर दिया है। लंबित पोस्ट के परिणाम पर सरकार ने जवाब दिया कि 31-07-2024 तक लम्बित पोस्ट कोड्स में से 24 विभिन्न पोस्ट कोड्स का परिणाम घोषित करने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग को निर्देश दे दिये गए थे। इनमें पोस्ट कोड 1000, 999,997,1001,1002,1004,1006 समेत अन्य शामिल हैं। कला अध्यापक पोस्ट कोड -980 के संबंध में अगली कार्रवाई मन्त्रिमंडलीय उप समिति, जोकि 20-02-2024 को गठित की गई है, की संस्तुति और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के अनुसार की जाएगी। सरकार ने 08-11-2023 को गठित कमेटी ने 06-12-2023 को आयोजित बैठक में यह सर्वसम्मत विचार दिया कि पोस्ट कोड -980 (कला अध्यापक - शिक्षा) के प्रश्न पत्र लीक हो गए थे। दागी प्रतिभागियों को बेदाग प्रतिभागियों से अलग करना मुश्किल है और इस तरह, चयन प्रक्रिया के परिणाम की वैधता खो गई है।
हिमाचल प्रदेश सरकार की उचित मूल्यों की दुकान यानी राशन के डिपुओं पर मिलने वाले राशन के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। आटा-चावल के दामों में इसी महीने से बढ़ोतरी की गई है, जबकि तेल के दाम पिछले महीने से ही बढ़ा दिए गए थे। सुक्खू सरकार ने एपीएल के साथ-साथ बीपीएल कोटे के राशनकार्ड धारकों की दरों में भी बढ़ोतरी की है। वहीं, प्रदेश सरकार द्वारा डिपो के राशन में की गई इस बढ़ोतरी से मंडी की जनता खुश नजर नहीं आ रही है। मंडी शहर के उपभोक्ताओं का कहना है कि तेल के दामों में अत्यधिक बढ़ोतरी हो गई है। बाजार में भी इसी कीमत पर तेल उपलब्ध है। उपभोक्ताओं का कहना हैं कि सरकार राशन की गुणवत्ता पर ध्यान दे और निम्न वर्ग के लिए रियायतों को जारी रखे, ताकि सरकारी राशन से ऐसे परिवारों का गुजर-बसर सही ढंग से हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदेश के सभी लोगों के बारे में सोचना चाहिए। वहीं, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले जिला मंडी के नियंत्रक विजय सिंह हमलाल ने बताया कि तेल की नई दरें पिछले महीने से जबकि आटा और चावल की नई दरें इस महीने से लागू कर दी गई हैं। सरसों तेल पहले 113 रूपए प्रति लीटर की दर से मिलता था, जोकि पिछले महीने से 123 रूपए प्रति लीटर कर दिया गया है। तेल के दाम एपीएल और बीपीएल के लिए एक जैसे ही हैं। इसके अलावा एपीएल कोटे में पहले आटा 9 रूपए 30 पैसे प्रति किलो की दर से मिलता था, उसमें अब 2 रूपए 70 पैसे की बढ़ोतरी करके 12 रूपए प्रति किलो की दर से दिया जा रहा है। चावल पहले 10 रूपए में मिलता था, इसमें 3 रूपयों की बढ़ोतरी करके 13 रूपयों में दिया जा रहा है। बीपीएल श्रेणी को दिए जाने वाले एकस्ट्रा राशन की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है। निर्धारित कोटे की दरों में कोई बदवाल नहीं किया गया है, लेकिन एकस्ट्रा राशन लेने की जो लिमिट तय की गई है, उसकी दरों में इजाफा किया गया है। बीपीएल श्रेणी को आटा पहले 7 रूपए प्रति किलो की दर से मिलता था, जिसमें 2 रूपए 30 पैसे की बढ़ोतरी करके 9 रूपए 30 पैसे कर दिया गया है। इसी तरह से चावल पहले 6 रूपए 85 पैसे प्रति किलो की दर से मिलते थे, जिसमें अब 3 रूपए 15 पैसों की बढ़ोतरी करके 10 रूपए प्रति किलो की दर से दिया जा रहा है।
** मंडी में रोजाना बढ़ी 20 हजार लीटर खरीद हिमाचल प्रदेश सरकार ने मिल्क फेडरेशन के जरिए खरीदे जाने वाले दूध के दामों में बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद मंडी में पशुपालकों के चेहते खिल उठे हैं, जिससे मंडी में मिल्क फेडरेशन के द्वारा खरीदे जा रहे इस दूध में रोजाना 20 हजार लीटर की बढ़ोतरी हो गई है। बता दें कि इस साल सरकार ने दूध के दामों में 13.20 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। अब गाय के दूध को 45 रुपए जबकि भैंस के दूध को 55 रुपए प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। प्रदेशभर के स्थापित मिल्क फेडरेशन के 11 संयंत्रों पर दूध की खरीद सामान्य से अधिक हो गई है। हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन के मार्केटिंग मैनेजर संदीप ठाकुर ने बताया, "प्रदेश में जहां रोजाना 1.40 लाख लीटर दूध खरीदा जाता था। उसका आंकडा अब 1.90 लाख लीटर रोजाना तक पहुंच गया है। इसमें प्रदेश में 50 हजार लीटर प्रति दिन की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंडी जिले के चक्कर स्थित मिल्क प्लांट में पहले हर रोज 50 हजार लीटर दूध खरीदा जाता था, जिसमें 20 हजार की बढ़ोतरी होने के बाद अब यह आंकड़ा 70 हजार लीटर तक पहुंच गया है। संदीप ठाकुर ने बताया कि दूध की खरीद बढ़ने के साथ ही मिल्क फेड द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों में भी बढ़ोतरी हुई है। वहीं, पशुपालकों ने इसके लिए प्रदेश सरकार का आभार जताया है। पशुपालक पितांबर शर्मा, राजकुमार और दया राम ने बताया कि पहले वे अच्छे दामों के लिए दूध को मंडी शहर या फिर अन्य स्थानों पर बेचने के लिए ले जाते थे। उसके लिए इन्हें ज्यादा मेहनत करनी पड़ती थी, लेकिन जबसे प्रदेश सरकार ने दूध खरीद के दामों में बढ़ोतरी की है तभी से ही अब ये सारा दूध मिल्क फेडरेशन के सेंटर पर बेच रहे हैं। इन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार ने दूध के दामों में जो और बढ़ोतरी करने का वादा किया है उसे भी जल्द ही पूरा किया जाएगा। बता दें कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने चुनावों से पहले अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद गाय का दूध 80 रुपये और भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जाएगा। हालांकि अभी ये आंकड़ा कही गई बात के आधे तक ही पहुंच पाया है। पशुपालकों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में जल्द ही सरकार अपना वादा पूरा करके पशुपालकों को लाभांवित करेगी, लेकिन इतना जरूर है कि पहले के मुकाबले दामों में बढ़ोतरी हुई है और अब मिल्क फेडरेशन भी रोजाना 50 हजार लीटर अतिरिक्त दूध खरीद रहा है।
** ग्रामीणों को प्रति कनेक्शन चुकाने होंगे 100 रुपये हिमाचल में आर्थिक तंगी से उबरने के लिए सुक्खू सरकार ने लोगों का मुफ्त बिजली पानी बंद कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व की जयराम सरकार ने लोगों को जो फ्री पानी की सुविधा दी थी। सुक्खू सरकार ने इस सुविधा को वापस ले लिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को 1 अक्टूबर से पानी के प्रति कनेक्शन 100 रुपए चुकाने होंगे। अगर किसी ने पानी के अपने नाम दो कनेक्शन लिए हैं तो ऐसे उपभोक्ताओं को हर महीने पानी 200 रुपये पानी का बिल भरना होगा। सरकार ने पानी व सीवरेज का नया दाम तय कर दिया है। अब नई दरों पर लोगों को पानी मिलेगा। वहीं, कनेक्शन, मेंटेनेंस पर भी लोगों को अब पैसा देना होगा। इस बारे में जल शक्ति विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं, जो 1 अक्टूबर से लागू होंगे। प्रदेश सरकार ने पानी का टैरिफ रेट निर्धारित कर दिया है। अब 0 से 20 किलोलीटर पानी खर्च करने पर 19.30 रुपए, 20 से 30 किलोलीटर पर 33.28 रुपए, 30 किलोलीटर से अधिक पर 59.90 रुपए प्रति किलोलीटर की दर निर्धारित की गई हैं। पानी के कनेक्शन पर मिनिमम मेंटेनेंस चार्ज 110 रुपए प्रति माह लगेगा। मीटर खराब होने पर तीन महीने का एवरेज बिल आएगा और 444.07 रुपए प्रतिमाह की दर से वसूली होगी। यह सभी दरें ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं पर लागू होंगी। प्रदेश में बड़े होटलों के लिए नई दरें 0 से 30 किलोलीटर पर 106.30 रुपए, 30 किलो लीटर से 75 किलोलीटर तक 141.76 रुपए, 75 किलोलीटर से ऊपर 194.85 रुपए की दर से बिल वसूला जाएगा। इसी तरह से होटलों के लिए मिनिमम मेंटेनेंस चार्ज 220 रुपए प्रति महीना तय किया गया है। वहीं, खराब मीटर पर 7779.70 रुपए के हिसाब से पैसा वसूला जाएगा। नॉन डोमेस्टिक, नॉन कमर्शियल कनेक्शन के लिए दरें शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में 153.07 रुपए प्रति किलोलीटर तय की गई हैं। खराब मीटर में 7072.45 रुपए की दर से हर महीने वसूली होगी। इसी तरह से सीवरेज कनेक्शन के लिए भी नई दरें तय की हैं। सीवरेज का एडिशनल कनेक्शन लेने में दोगुनी राशि वसूल की जाएगी। डोमेस्टिक के लिए यह चार्ज 500 रुपए तय किया गया है। कॉमर्शियल के लिए 1 हजार रुपए और नॉन डोमेस्टिक नॉन कमर्शियल पर 2500 रुपए लिए जाएंगे। शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में सीवरेज पर वाटर चार्जिज का 30 फीसदी पैसा लिया जाएगा। शहरों में कुछ संस्थानों की ओर से अपने वाटर सोर्सेज का इस्तेमाल होता है उनसे सीवरेज का प्रति शीट 25 रुपए वसूलेंगे। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में वाटर सप्लाई में अतिरिक्त पेयजल कनेक्शन लेने के लिए घरेलू उपभोक्ताओं का रेट 200 रुपए होगा। कमर्शियल रेट 500 रुपए निर्धारित किया गया है। नॉन डोमेस्टिक नॉन कमर्शियल को यह दर 2500 रुपए तय की गई है। शहरों में डोमेस्टिक एडिशनल कनेक्शन 1 हजार रुपए में मिलेगा। कमर्शियल कनेक्शन को 1500 रुपए देने होंगे। वहीं, नॉन कमर्शियल नॉन डोमेस्टिक में 2500 रुपए रखे गए हैं। जल शक्ति विभाग ने कमर्शियल उपभोक्ताओं व संस्थाओं के लिए भी नई दरें तय की हैं। सरकारी संस्थानों, अस्पतालों, स्कूल, धर्मशाला, धार्मिक स्थलों, ढाबों, दुकानों, वॉशिंग सेंटरों, होम स्टे, प्राइवेट अस्पतालों, निजी स्कूलों, निजी कार्यालयों, रेस्तरां व अन्य सामान्य होटलों के लिए 0 से 20 किलोलीटर पानी 19.30 रुपए प्रति किलोलीटर, 20 से 30 किलोमीटर पानी पर 33.28 रुपए, 30 से 50 किलोलीटर पर 59.90 रुपए, 50 किलोलीटर से 100 किलोलीटर पर 106.30 और 100 किलोलीटर से अधिक पानी की खपत पर 150 रुपए प्रति किलोलीटर की दर तय की गई है। इनसे मिनीमम मेंटेनेंस चार्ज 110 रुपए फिक्स किए गए हैं। खराब मीटर पर 444.07 रुपए की दर से वसूली होगी। नगर निगम सोलन और पालमपुर के लिए बल्कि वाटर सप्लाई की दर 100 रुपए प्रति किलोलीटर निर्धारित की गई है। वहीं, सिंचाई योजनाओं पर 75 रुपए के हिसाब से रेट लिया जाएगा। सरकार ने शहरी निकायों व पंचायती राज संस्थाओं को कुछ इंसेंटिव भी तय किया है। उनके एरिया में वाटर चार्जिज की बेहतरीन कलेक्शन यानी यदि 75 फीसदी से 100 फीसदी तक राजस्व जुटाते हैं, तो उनको कुल कलेक्शन का 15 फीसदी पैसा दिया जाएगा। यही उनकी कलेक्शन 50 से 75 फीसदी तक रहती है, तो 10 फीसदी पैसा मिलेगा और यदि 50 फीसदी तक कलेक्शन रहती है, तो पांच फीसदी का इंसेंटिव इन संस्थाओं को दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश सरकार ने कुछ श्रेणियों के लिए फ्री पानी की सुविधा को जारी रखा है। इनमें विधवाओं, तलाकशुदा महिलाएं व दिव्यांगजन शामिल हैं। वहीं, जिन परिवारों की वार्षिक आय 50 हजार रुपए तक की है। उनसे मौजूदा पानी की दरों की 50 फीसदी राशि ही वसूल की जाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने आज सोलन ज़िला के कण्डाघाट में समग्र शिक्षा अभियान के तहत सोलन तथा कण्डाघाट शिक्षा खण्ड के शिक्षकों को 261 टेबलेट वितरित किए। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर शिक्षा खंड सोलन के शिक्षकों को 130 तथा कण्डाघाट खंड के प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को 131 टेबलेट वितरित किए गए। डॉ. शांडिल ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 17 हजार 510 प्राइमरी शिक्षकों को यह टैबलेट वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम स्कूलों में शिक्षण प्रक्रियाओं के डिजिटाइजेशन की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के इस कदम से शिक्षकों की शैक्षणिक डिजिटल संसाधनों तक बेहतर पहुंच बनेगी। उन्होंने कहा कि इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (यूडीआईएसई) डेटा अपलोड और अपडेट करने में शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने में भी सहायता मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस योजना से स्कूलों में शिक्षण कार्य में सुधार होगा और स्कूलों में शिक्षण सामग्री प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में शिक्षकों को मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन टेबलेट का इस्तेमाल कर शिक्षक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी भाग ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। इस दिशा में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि डे बोर्डिंग स्कूलों में प्रदेश के विद्यार्थी विश्व स्तरीय गुणात्मक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोज़गार प्रदान करने के उद्देश्य से व्यावसायिक व भविष्योन्मुखी पाठ्यक्रम आरम्भ किए जा रहे हैं। इस अवसर पर खण्ड कांग्रेस कमेटी सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट सिद्धार्थ आचार्य, कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) के अध्यक्ष सुरेन्द्र ठाकुर, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. शिव कुमार, शिक्षा खंड अधिकारी सोलन हरिराम चंदेल, शिक्षा खंड अधिकारी कंडाघाट संतोष कुमार, उप जिला शिक्षा अधिकारी राजकुमार पराशर सहित विभिन्न स्कूलों के अध्यापक उपस्थित थे।
** कहा, हिमाचली हैं बहुत अच्छे लोग लेकिन अपनी जमीन और बेटियों की रक्षा जरूरी शिमला: सांसद कंगना रनौत ने हिमाचल में बाहर से आने वाले लोगों को लेकर सवाल किया है। उन्होंने कहा "हिमाचली अच्छे लोग होते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि लोग अपनी जमीन की रक्षा ना करें। हमने देखा है कि भारत में बाहर से आने वाले लोगों की घुसपैठ हमेशा रही है। लोग यहां नकली नाम का प्रयोग कर दूसरे धर्म के नाम पर व्यवसाय चला रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में बाहर से आने आने वाले लोगों का मुद्दा यहां के स्थानीय लोगों ने उठाया है। इससे प्रदेश के लोगों की सुरक्षा को खतरा है जो एक बड़ा मुद्दा है। हमने अक्सर यह देखा है कि वोट बैंक के लिए यह सब किया जाता है, जबकि सरकार निकम्मी बैठी है। कश्मीर में भी 90 के दशक में क्या हुआ था। किस तरह से डेमोग्राफी को बदला गया था। जमीन और बेटियों की अगर कोई रक्षा नहीं कर पाए तो हमने इसका परिणाम देखा हुआ है। वहीं, कंगना रनौत ने सांसद राहुल गांधी पर भी जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा "राहुल गांधी विदेश में जाकर भारत के खिलाफ बातें करते हैं। वह अपनी सत्ता के लिए देश के टुकड़े करने से नहीं हिचकिचाते। उनकी देश के प्रति भावना सभी को पता है। कंगना रनौत ने कहा "इमरजेंसी बहुत बड़े बजट की फिल्म है। इसको लेकर हम सभी को नुकसान हो रहा है। सेंसर बोर्ड को अब दायित्व लेकर इस फिल्म को जल्द से जल्द रिलीज करवाना चाहिए। सांसद कंगना रनौत ने कहा, मैनें जिस तरह से ये फिल्म बनाई है मुझे फिल्म इंडस्ट्री का कोई साथ नहीं मिला।


















































